डीसी शिमला आदित्य नेगी ने आदेश जारी कर जानकारी देते हुए बताया कि एम्बुलेंस, दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमे अतिरिक्त उपायुक्त शिमला को प्रभारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला, परियोजना अधिकारी डीआरडीए शिमला, जिला पंचायत अधिकारी शिमला, सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी शिमला को सदस्य नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति दवा, ऑक्सीजन व एंबुलेंस संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए राज्य स्तरीय समिति से लगातार संपर्क में रहेगी। समिति निरंतर दवाओं, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा करेगी तथा समिति होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजो की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा आवश्यकता पड़ने पर होम आइसोलेशन में मरीजों के परिवहन की व्यवस्था भी प्रदान करेंगी और इस उद्देश्य के लिए समिति को मरीजों को शिफ्ट करने और छोड़ने के लिए स्वीकृत दर के अनुसार टैक्सी किराए पर लेने का भी अधिकार होगा।जिला आपातकालीन संचालन केंद्र शिमला (टोल फ्री नंबर 1077) दवाओं, ऑक्सीजन और एम्बुलेंस की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों को प्राप्त करने के लिए 24’7 नोडल कार्यालय के रूप में संचालित होगा। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के नोडल अधिकारी होंगे, जो संबंधित कार्य को संतोषजनक ढंग से निष्पादित करने के लिए कर्मचारियों का मार्गदर्शन करेंगे।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी शिमला संदीप ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के दौर में बेरोजगारी से जूझ रहे शिक्षित युवाओं के लिए टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा निशुल्क युवा रोजगार क्षमता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को डिजिटल माध्यम से स्किल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण की अवधि 45 से 50 दिन की होगी। उन्होंने बताया कि युवा रोजगार क्षमता कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए प्रार्थी की आयु 28 वर्ष से कम तथा वर्ष 2020 एवं 2021 में बीए, बीएससी, बीकॉम की डिग्री हासिल की हो एवं स्नातक कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्र पात्र होंगे। इस कार्यक्रम के तहत दिया जाने वाला कौशल प्रशिक्षण विशेष तौर पर कंप्यूटर स्किल एवं रिज्यूम लेखन सहित साक्षात्कार की तैयारी एवं तर्कशक्ति पर केंद्रित होगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र युवा प्रशिक्षण से संबंधित विस्तृत एवं अधिक जानकारी के लिए 70189 34656 एवं 86288 64445 पर संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर ज्यादा घातक है। प्रदेश में कोविड-19 का पहला मामला लगभग 15 माह पहले सामने आया था। राज्य सरकार द्वारा इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए समय पर उठाए गए कदमों के फलस्वरूप 23 फरवरी को राज्य में केवल 200 सक्रिय मामले रह गए थे। पहली लहर के दौरान राज्य में 58403 पाॅजिटिव मामले और 982 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई थीं। इसकी तुलना में अब तक दूसरी लहर के दौरान 125944 पाॅजिटिव मामले और 1935 लोगों की मृत्यु दर्ज हो चुकी हैं।प्रदेश सरकार द्वारा दूसरी लहर के दौरान आवश्यकता के अनुसार अधोसंरचना तथा विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में टेस्टिंग, आइसोलेशन तथा उपचार पर बल दिया जा रहा है। पहली लहर के दौरान कुल 10 लाख 63 हजार 922 टेस्ट के मुकाबले दूसरी लहर आने के बाद अब तक 8 लाख 895 टेस्ट किए जा चुके है। प्रदेश में इस संक्रमण से बचाव के लिए 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 18 लाख 77 हजार 950 लोगों को कोविशील्ड की पहली खुराक दी जा चुकी है। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या में वृद्धि की हैं। प्रदेश में 1 मार्च को 11 ऐसे संस्थान थे, जिनमें 440 बिस्तर तथा 32 आईसीयू बिस्तर उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में प्रदेश में 56 कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 3860 बिस्तर तथा 291 आईसीयू बिस्तरों की सुविधा प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में घर द्वार पर कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए 70 एम्बुलेंस कार्यशील स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में सरकारी क्षेत्र द्वारा घर द्वार पर कोविड-19 नमूनों की जांच के लिए 70 एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र द्वारा हाई रिस्क ग्रुप जैसे वृद्धजन और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीज जो अस्पताल नहीं पहुंच सकते हैं, उनके लिए घर में जांच की सुविधा सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में रैपिड एंटीजन टैस्ट की दरें अधिसूचित कर दी गई हैं। निजी अस्पतालों और उनके चिन्हित एकत्रित केन्द्रों में रैपिड एंटीजन टैस्ट के लिए 300 रुपये प्रति नमूना की अधिकतम दर तय की गई है और यदि घर से नमूना लिया जाता है तो इसके लिए अधिकतम 550 रुपये प्रति नमूने की दर रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संक्रामक महामारी से निपटने का मौलिक सिद्धांत शुरूआती चरण में संक्रमण का पता लगाना, आइसोलेट, उपचार, मामलों का प्रबन्धन और नए मामलों को रोकना है। ऐहतियात सबसे अच्छी रणनीति है, जो जांच पर निर्भर करती है।
उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर निगम के उपाध्यक्ष प्रो.राम कुमार भी उपस्थित थे। बिक्रम सिंह ने अधिकारियों को निगम द्वारा कार्यान्वित की जा रही सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश के साथ औद्योगिक विकास निगम को अपनी कार्यशैली में नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उद्योग मंत्री ने कहा कि जिन निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य शीघ्र पूर्ण होने वाला है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। यह प्रयास किए जाने चाहिए कि विकासात्मक कार्यों में देरी न हो ताकि लोगों को समय पर सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बिक्रम सिंह ने निगम के विपणन विंग को सशक्त करने तथा इसकी गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपणन के लिए नई क्रियाविधि विकसित की जानी चाहिए तथा उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार प्रभावी तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने ऊना जिला में विभिन्न स्थानों पर लैंड बैंक तैयार करने के बारे में भी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में 226 परियोजनाओं के कार्य की समीक्षा की गई। निगम के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2020-2021 में औद्योगिक विकास निगम का अनुमानित लाभ 7.48 करोड़ रुपये होने की संभावना है। इस अवसर पर निगम के प्रबन्ध निदेशक हंस राज चैहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशंवत छाजटा ने जारी बयान में यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है, प्रदेश में बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर दिया जबकि किसानों और बागवानों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। छाजटा ने कहा कि जब सरकार नुकसान का आंकलन कर चुकी है तो समय रहते मुआवजा भी प्रदान करे। उन्होंने कहा कि सरकार की करनी और कथनी में अंतर है। एक तरफ सरकार किसानों और बागवानों की हितैषी होने का दावा करती है जबकि दूसरी तरफ से उनकी अनदेखी की जा रही है। छाजटा ने कहा कि जो सरकार कोरेाना संकट काल में भी आम जनता और किसानों व बागवानों को राहत नहीं दे पाई,उससे क्या उम्मीदें लगाई जा सकती है, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। छाजटा ने कहा कि मुआवजे का सही ढग़ से आंकलन होना चाहिए ताकि किसानों और बागवानों को उनकी फसलों के हुए नुकसान का उचित मुआवजा मिल सके। सेब सीजन के लिए उठाए प्रभावी कदम छाजटा ने कहा कि सेब सीजन जल्द शुरु होने वाला है। ऐेसे में सरकार प्रभावी कदम उठाते हुए ग्रामीण सडक़ों को भी दुरस्त करे। इसके साथ ही पेटियों व अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डीजल और पैट्रोल के दामों में कटौती की जाए। इसकी सीधे मार किसानों और बागवानों पर भी पड़ेगी तथा अपनी फसलों पर मंडियों तक पहुंचाने के लिए अधिक दाम चुकाने पड़ेगें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने वीरभद्र सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रधानाचार्य आईजीएमसी डा. रजनीश पठानिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. जनक राज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में संक्रमण दर में भारी कमी आई है। हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू का असर दिखने लगा है। एक सप्ताह पहले संक्रमण की दर 27.47 थी, जो 25 मई को घटकर 15.83 फीसदी रह गई है। इस अंतराल के बीच करीब 11 फीसदी की कमी दर्ज की गई। अप्रैल और मई में प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा 5 जिले कोरोना से प्रभावित रहे। इनमें कांगड़ा, मंडी, शिमला, ऊना और जिला हमीरपुर शामिल हैं। अब इन जिलों में पहले की अपेक्षा कोरोना के कम मामले आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज इन्हीं जिलों में ठीक हो रहे हैं। प्रदेश में कोरोना के रिकवरी रेट में भी बड़ा सुधार आया है। यह दर 85 फीसदी से बढ़ गई है। इससे साफ है कि लोग तेजी से ठीक हो रहे हैं। दूसरी ओर, मृत्यु दर में कमी न होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। प्रतिदिन 60 से ज्यादा कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। मृत्यु दर 1.52 फीसदी है।
हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में राशनकार्ड उपभोक्ताओं को जून से रिफाइंड तेल नहीं मिलेगा। उपभोक्ताओं को रिफाइंड के बदले दो लीटर सरसों तेल ही दिया जाएगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने रिफाइंड तेल का टेंडर नहीं किया है। वंही उपभोक्ताओं को अगले माह से सरसों तेल 57 रुपये महंगा मिलेगा। विभाग ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी है। एपीएल उपभोक्ताओं को 160 और बीपीएल को 155 रुपये प्रतिलीटर तेल मिलेगा। हिमाचल में साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें 12.50 लाख एपीएल और 4.45 लाख बीपीएल उपभोक्ता हैं। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार उपभोक्ताओं को एक लीटर रिफाइंड और एक लीटर सरसों तेल उपलब्ध कराती है। बताया जा रहा है कि रिफाइंड तेल के दाम में भारी उछाल आया है। इसके चलते अगले महीने दो लीटर सरसों तेल ही देने का फैसला लिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मानना है कि कोरोना परिस्थिति के कारण टाली गयी 12वी की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन पर केंद्र एवं राज्य सरकार विद्यार्थियों के सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान रख कर निर्णय करे। परिस्थिति को ध्यान रखते हुये सरकार नवीन प्रयोगों जैसे कम समयावधि की परीक्षा, प्रमुख विषयों की परीक्षा, ओपन बुक परीक्षा आदि के माध्यम से परीक्षा का आयोजन शारीरिक दूरी का पालन कर आगामी जुलाई-अगस्त में हो सकता है, इसी दिशा में कुछ राज्य सरकारों ने भी निर्णय किये हैं। अभाविप का मत है कि केंद्र एवं राज्य सरकारें जल्दबाज़ी ना दिखाते हुये विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रख कर निर्णय करे। जिस तरह से कोरोना के मामले कम हो रहे हैं ऐसी स्थिति में निकट माह जुलाई/अगस्त में शारीरिक दूरी का पालन पर कम समयकाल में परीक्षाओं का आयोजन हो सकता है। महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विगत वर्ष की भाँति पाठ्यक्रम को कम करके अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का मूल्यांकन करना, प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित होने वाली एक दिवसीय प्रवेश परीक्षाओं को परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाकर जुलाई/अगस्त माह में आयोजित करना, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों परिसरों में टीकाकरण केंद्रो को बढ़ाना, मेडिकल एवं चिकित्सा पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाना, आगामी सत्र सितम्बर/अक्तूबर माह से प्रारंभ करना आदि सुझावों को शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में सम्मिलित किया है। अभाविप हिमाचल प्रदेश के मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से शिक्षा क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। निश्चित रूप से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है। 12वी की कक्षा के छात्र आगामी समय में उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में प्रवेश भी लेंगे। इसके निहित 12वी कक्षा के विद्यार्थियों का प्रशासन को पूर्व तैयारी कर उनके सुरक्षा के मापदंडों का ध्यान रखते हुए उनका किसी न किसी रूप में मूल्यांकन करवाना अति आवश्यक है। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “देश के अधिकतर विश्वविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में प्रवेश मेरिट लिस्ट के आधार पर होता है, ऐसे में 12वी कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। केंद्र एवं राज्य सरकारों को विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक भविष्य को ध्यान रख कर न्यायोचित निर्णय करना चाहिये जिससे भविष्य में किसी प्रकार की समस्या का सामना विद्यार्थियों को ना करना पड़े।”
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है ट्रस्ट ने हमेशा समाज हित में कार्य किया है ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ट्रस्ट समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है यदि बात सर्दी मौसम की करें तो ट्रस्ट ने गरीबों मजदूरों और जरूरतमंदों को समाज से वस्त्र एकत्रित करते हुए जरूरतमंदों को वस्त्र बैंक के माध्यम से वस्त्र वितरण किए हैं इसके अतिरिक्त असहाय छात्रों को निशुल्क शिक्षा देने का कार्य किया है। इसके अलावा अस्पतालों में रक्त की काफी कमी रहती है पिछले लॉकडाउन में भी ट्रस्ट ने पांच जगह शिमला के नजदीक रक्तदान शिविर का आयोजन किया है। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा की वर्तमान समय में कोरोना महामारी ने गंभीर रूप धारण किया है मनुष्य जाति आज संकट में है और प्रदेश सरकार महामारी से निजात पाने के लिए तत्पर है प्रदेश में 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण हो रहा है ट्रस्ट के सचिव ने कहा टीकाकरण के पश्चात कुछ दिन तक कोई भी व्यक्ति रक्त नहीं दे सकता है इसके चलते अस्पताल में काफी दिक्कत होने की संभावनाएं हैं वर्तमान में भी बंद के चलते अस्पताल में रक्त की भारी कमी है इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने 23 मई 2021 को रिज मैदान में रक्तदान शिविर को आयोजन करना तय किया है सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर के प्रत्येक जनमानस से आग्रह करती है कि मानव हित के लिए इंसानियत के लिए टीकाकरण से पूर्व अवश्य रक्तदान करें। सुरेंद्र शर्मा ने कहा रक्तदान सबसे बड़ा दान है जिससे किसी किसान से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए और इस पुनीत कार्य हेतु सभी आस-पड़ोस के व्यक्तियों को भी प्रेरित करना चाहिए अतः सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर के सभी युवा वर्ग से रक्तदान हेतु आग्रह करता है।
विदेशों से अब तक 17,755 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 16031 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 13,449 से अधिक वेंटिलेटर/बाई पैप, 6.9 लाख रेमडिसिविर की खुराकें मिलीं केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा की इस दूसरी लहर में पीएम केयर्स व पीएसयू के फंड से देश भर में 1500 ऑक्सीजन प्लांट लगने व हिमाचल प्रदेश में निर्बाध ऑक्सीजन वितरण सुनिश्चित कराने के लिए अपने निजी प्रयासों से 300 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,3 ऑक्सीजन प्लांट व 200 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा “कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपयोगिता को देखते हुए केंद्र सरकार देश भर युद्धस्तर पर ऑक्सीजन उपलब्ध करा रही है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम केयर्स व पीएसयू फंड से देश में 1500 ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चल रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के नजदीक ही कोविड सेंटर्स भी तैयार किए जाएँगे जिससे ऑक्सीजन की समस्या पर स्थाई रूप से काम किया जा सके। समय को कम करने के लिए सरकार वायुसेना व ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। पिछले दो सप्ताह से राज्यों को मांग के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है व किसी की मांग को अनदेखा नहीं किया जा रहा है। मोदी सरकार आपदा की इस घड़ी में युद्धस्तर पर कार्यवाही जारी रखे हुए है” अनुराग ठाकुर ने कहा “भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों / विभागों ने एक सुगम और व्यवस्थित तंत्र के जरिए विश्व समुदाय की ओर से आने वाली सहायता को राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को तेजी से वितरित करने के लिए निर्बाध रूप से सहयोग किया है।27 अप्रैल 2021 से लेकर अब तक कुल मिलाकर 17,755 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 16031 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 13,449 वेंटिलेटर/बाई पैप, 6.9 लाख रेमडिसिविर की खुराकें सड़क एवं हवाई मार्ग के जरिए वितरित/भेजी जा चुकी हैं। प्राप्तकर्ता राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों और संस्थानों को कारगर तत्काल आवंटन और सुव्यवस्थित वितरण का एक निरंतर अभियान जारी है” अनुराग ठाकुर ने कहा “हिमाचल प्रदेश विशेषकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की कोई कमी ना आने पाए इसलिए मैं अपने निजी प्रयासों से ऑक्सीजन बैंक बनाने की दिशा में प्रयासरत हूँ । 300 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,3 ऑक्सीजन प्लांट व 200 ऑक्सीजन सिलेंडरों को मिलाकर जल्द एक ऑक्सीजन बैंक जोकि 700 बेडों को निर्बाध रूप से O2 सप्लाई करने में सक्षम होगा की स्थापना का शुरू हो गया है। इस ऑक्सीजन बैंक की स्थापना होने से कोरोना के ख़िलाफ़ हमारी इस लड़ाई को मज़बूती मिलेगी” कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में जरूरतें बदली तो उनके हिसाब से प्राथमिकताएं भी बदलने पड़ी हैं। ऑक्सीजन से जुड़े उपकरणों की उपयोगिता को देखते हुए मैंने अपने निजी प्रयासों से प्रदेश के सभी ज़िलों में 6,000 ऑक्सीजन मास्क , 3,200 एनआरएम , 1,500 ऑक्सीजन रेगुलेटर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में 105 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया है। कोरोना के उपचार के दौरान हमीरपुर संसदीय में ऑक्सीजन की कोई समस्या ना आने पाए इसके लिए सभी ज़िला प्रशासन (काँगड़ा ,मंडी ,बिलासपुर ,हमीरपुर व ऊना) से बात करके तीन पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट ( 500 एलपीएम का एक व 140- 140 एलपीएम क़े दो) लगवाने का निर्णय लिया है जिससे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सभी पाँचों ज़िलों को लाभ पहुँचेगा” अनुराग ठाकुर ने कहा “दिल्ली में रह रहे प्रवासी हिमाचली भाई बहन को कोरोना महामारी के इस दौर में आपातक़ालीन स्थिति में ऑक्सीजन कमी ना हो इसलिए मैंने अपने निजी प्रयासों से 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर यहाँ पर विभिन्न हिमाचली कल्याणकारी संस्थाओं को उपलब्ध कराया है”
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को अपने विधानसभा चुनाव क्षेत्र सुन्नी का दौरा कर कोरोना महामारी व कर्फ़्यू के चलते लोगों का आ रही समस्याओं को सुना।उन्होंने लोगों को भरोसा दिया कि वह किसी भी समस्या के लिए दिन रात उनके साथ खड़े है।उन्होंने इस महामारी के प्रति लोगों को सचेत करते हुए कहा कि यह समय हमें एक दूसरे की मदद करने का है।उन्होंने कहा कि कोई भी संक्रमित व्यक्ति या परिवार की हर संभब सहायता की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति का मनोबल बढ़ाने के साथ हमें एक दूसरे का सहयोगी बनना है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह स्वम् भी इस महामारी का शिकार हुए है। इसी बजह से वह सीधे लोगों से नही मिल पाए।उन्होंने कहा कि सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हुए सामाजिक दूरी का भी पालन करना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोगों की पूरी मदद कर रही है,जबकि भाजपा कही भी नजर नही आ रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ता कोरोना संक्रमण चिंता की बात है।उन्होंने कहा कि यह समय कोई राजनीति करने का नही है।उन्होंने कहा कि सभी को एकजुटता के साथ इस महामारी को हराना है।उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस महामारी से निपटने में असफल साबित हुई है।अस्पतालों में बेड,ऑक्सीजन की कमी,वैक्सीन की कमी बहुत चिंता की बात है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह जल्द ही अपने इस निर्वाचन क्षेत्र का व्यापक दौरा करेंगे व कोरोना से प्रभावित लोगों के राहत कार्यो का स्वम् जायजा लेंगे। इस दौरान आज उन्होंने सिविल अस्पताल सुन्नी को एक एम्बुलेंस भी भेंट की।इसके अतिरिक्त पीपीई किट,ऑक्सीमीटर,थरमामीटर, सनेटीआज़र,मास्क भी वितरित किये।उन्होंने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सभी 22 सब सन्ट्रो,व सभी 6 पीएचसी को भी कोरोना से वचाब के लिए भी सामग्री भेजी। विक्रमादित्य सिंह ने श्री हरि गो सदन सुन्नी का दौरा कर वहां गऊ माता के चारे के लिए 50 हजार रुपये दान दिए। इस दौरान नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा उपाध्यक्ष श्यामा देवी,पार्षद निशा गुप्ता, रूप लाल,उम्माबत्ती हिमराल के अलावा ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा व भविन्न पंचायतों के प्रधान,उप प्रधान व सदस्य मौजूद थे।
बीमारी ग्रस्त लोगों की उभरती हुई सांसो को बचाने में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा है ऑक्सीजन बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह ऑक्सीजन बैंक एक-दो या सौ-दो सौ नहीं बल्कि पूरे 700 बेड के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित करने में सक्षम होगा। हमीरपुर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने यह बात कही है। उन्होंने ऑक्सीजन बैंक की सुविधा उपलब्ध करवाने जा रहे केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट अफेयर राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का जिला भाजपा व हमीरपुर जिला की जनता की तरफ से धन्यवाद व्यक्त किया है। जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दृष्टि से दूरदर्शी सोच रखते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कुछ वर्ष पूर्व सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा योजना का शुभारंभ किया था । इस योजना ने कोरोना से पहले भी और कोरोना के दौरान भी लोगों को राहत पहुंचाने में बेहतरीन कार्य किया है, जिसके लिए भी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री बधाई के पात्र हैं । उन्होंने कहा कि हमीरपुर स्वास्थ्य विभाग की आवश्यकता के अनुसार अनुराग सिंह ठाकुर ने ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन मास्क, ऑक्सीजन रेगुलेटर और ऑक्सीजन प्लांट जिला में उपलब्ध करवाए हैं । ऑक्सीजन प्लांट बड़ी जल्दी ही जरूरतमंद रोगियों को ऑक्सीजन की सप्लाई देना शुरू कर देगा, इसके लिए भी उन्होंने हमीरपुर की जनता की तरफ से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। अंकुश दत्त शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो बीजेपी का प्रत्येक कार्यकर्ता , सम्पूर्ण संगठन एवं प्रदेश व केंद्र की सरकारें कोरोना काल में जनमानस की सेवा के लिए, जीवन बचाने के लिए और प्रभावितों की मदद करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के लोग भाजपा को कोस कर जनता में हीरो बनने की नाकामयाब कोशिश कर रहे हैं । दुष्प्रचार कर व लोगों को भ्रमित कर जनता के हीरो बनने के मंसूबे में कांग्रेस पार्टी कभी कामयाब नहीं होगी , क्योंकि कांग्रेस का झूठा चरित्र जनता के सामने पहले ही बेनकाब है । वैक्सीनेशन का विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी आज वैक्सीनेशन की उपलब्धता का रोना रो रही है जबकि हकीकत तो यह है कि विश्व में सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान हमारे देश में चला हुआ है, प्रदेश में भी युवाओं व वृद्ध जनों को वैक्सीनेशन उपलब्ध करवाई जा रही है।
भाजपा प्रदेश स्तरीय बैठक बुधवार को वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने की, बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश संगठनमहामंत्री पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक कपूर, त्रिलोक जम्वाल व राकेश जम्वाल सहित सभी सांसदगण , प्रदेश पदाधिकारी , जिला अध्यक्ष, मोर्चों के अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा की 30 मई को केन्द्र सरकार के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 7 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं । भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए इस दिन एवं पूर्व के कुछ दिनों में ' सेवा ही संगठन भाग 2 ' के अंतर्गत गतिविधियां विनम्रता एवं समर्पणपूर्वक आयोजित करेंगे । ज्यादातर कार्यक्रम सेमि वर्चुअल माध्यम से किए जाएंगे। उन्होंने कहा 30 मई को भाजपा 7792 से अधिक बूथों पर विभिन्न प्रकार की सेवा गतिविधियां कर केंद्र सरकार के 7 वर्ष मनाएगी सभी कार्यकर्ता सामाजिक जागरूकता , मास्क - सेनिटाजर्स वितरण , रोग प्रतिरोधक क्षमता किट वितरण , मजदूरों को राशन किट वितरण , थर्मल स्कैनर और ऑक्सीमीटर के माध्यम से गांव में सभी की स्क्रीनिंग , गांव की स्वच्छता , वैक्सीन लगवाने के बारे में जागरूकता अभियान चलाएंगे। साथ ही हर बूथ पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम भी सुना जाएगा । उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सातों मोर्चा 28 , 29 एवं 30 मई को रक्त दान हेतु रक्तदान शिविर आयोजित करेंगे । महिला मोर्चा 30 मई को पूरे प्रदेश में मास्क वितरण का कार्यक्रम हर बूथ पर करेगी। सभी सांसद , विधायक एवं पदाधिकारि सक्रिय रूप से इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे और उस दिन घर घर जा कर कोरोना संक्रमितों का हाल पूछेगें। कार्यक्रम के चलते सभी कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
शिमला नागरिक सभा ने कोविड महामारी के चलते शिमला शहर में सेनीटाइज़ेशन अभियान शुरू किया। अभियान की शुरुआत संजौली उपनगर के चलोंठी क्षेत्र से की गई जहां पर घर-घर जाकर छिड़काव किया गया व क्षेत्र को अच्छी तरह से सेनीटाइज़ किया गया। अभियान के दौरान नागरिक सभा सचिव कपिल शर्मा,बलबीर पराशर,बाबू राम,संजीव खजुरिया,अनिल ठाकुर,गगन कुमार,नीतीश राजटा,तपन कुमार आदि मौजूद रहे। नागरिक सभा ने ऐलान किया है कि यह सेनीटाइज़ेशन अभियान शिमला शहर के सभी चौंतीस वार्डों में आयोजित किया जाएगा। नागरिक सभा अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, सचिव कपिल शर्मा, उपाध्यक्ष बलबीर पराशर, संजीव खजुरिया, सचिव बाबू राम व अनिल ठाकुर ने कहा है कि कोविड महामारी के मध्यनजर सेनीटाइज़ेशन अभियान हर रोज़ चलेगा व शिमला शहर के सभी चौंतीस वार्डों में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिक सभा के सदस्य कोविड पॉजिटिव नागरिकों के घर पर पहुंचकर उन्हें सैनिटाइजर,दस्ताने व विटामिन सी जैसे जरूरी सामान पहुंचाने की भी कोशिश करेंगे। अगर शहर में किसी कोविड पॉज़िटिव मृत व्यक्ति के दाह संस्कार में कोई भी दिक्कत आती है तो नागरिक सभा के सदस्य इस कार्य के लिए भी हर वक्त मौजूद रहेंगे। नागरिक सभा ने जिला व स्थानीय प्रशासन से भी आग्रह किया है कि वह नागरिक सभा के कार्यकर्ताओं की सेवाएं बेझिझक लेने के लिए कभी भी नागरिक सभा कार्यकर्ताओं से सम्पर्क करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र हैं व जब मर्ज़ी इस नेक कार्य में नागरिक सभा के साथियों को शामिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि शहर के नागरिकों की सुविधा हेतु एक दिन के भीतर शिमला नागरिक सभा के कार्यकर्ताओं की हेल्पलाइन जारी कर दी जाएगी। इस हेल्पलाइन के ज़रिए जरूरतमंद व्यक्ति नागरिक सभा कार्यकर्ताओं से सम्पर्क कर सकते हैं व जिस भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी,उसे नागरिक सभा कार्यकर्ता पहुंचाने का हर सम्भव प्रयास करेंगे। उन्होंने शिमला शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे नागरिक सभा के इस अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लें ताकि शिमला शहर में कोविड महामारी के दौर में कोई भी व्यक्ति बिना सहायता के न रहे व सभी की जान की हिफाज़त की जा सके।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कोरोना कर्फ्यू के बीच बेरोजगारों, छोटे मोटे कारोबारियों, होटल व्यवसाइयों ,टेक्सी ऑपरेटरों के हित मे कोई भी निर्णय नही ले रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार अपनी मंत्री मंडल की बैठक में इन लोगों के हित मे कोई निर्णय लेगी पर ऐसा कुछ नहीं हुआ, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आबकारी नीति से सरकार अपना खजाना तो भर रही है पर आम लोगों को कोई राहत मिले, उस बारे कुछ नही कर रही है। प्रदेश में कोरोना कर्फ़्यू के चलते उन छोटे कारोबारियों के जीवन पर व्यापक असर पड़ा है, जिनकी आय व रोजी रोटी का यही एकमात्र साधन है। विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर गम्भीर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार इस चुनौती से निपटने में बुरी तरह असफल साबित हुई है। कभी हा तो कभी ना के बीच समय रहते सरकार कोई स्पष्ट निर्णय नही ले पाई और आज प्रदेश में कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों व मृत्यों का आंकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ने से प्रदेश की चिंता बढ़ती ही जा रही है। वैक्सीन की भारी कमी, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। कोरोना संक्रमण गांव की तरफ बढ़ने पर भी अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि दूरदराज के क्षेत्रों में वेक्सिनेशन का कार्य तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को जल्द टीकाकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि सरकार को प्रदेश में वैक्सीन का पर्याप्त भंडार सुरक्षित करना चाहिए जिससे प्रदेश के बर्फबारी वाले दूरदराज के क्षेत्रों में सभी लोगों का वेक्सिनेशन कार्य पूरा हो सकें। विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री से अनावश्यक सरकारी खर्चों पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए प्रदेश में बढ़ती महंगाई और आम लोगों को राहत देने की भी मांग की है। उन्होंने सरकार से इस समय अपने सभी टेक्स वसूली को स्थागित करने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस के भीतर भड़की विरोध की चिंगारी पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोरोना महामारी पर जनता में भ्रम फैलाने में जुटी कांग्रेस अंतर्कलह में फंस चुकी है। पार्टी के बीच लंबे समय से चल रहा अंतर्द्वंद अब खुलकर सड़क पर आ गया है। शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से अपनी ही पार्टी के होर्डिंग फाड़ना और कांगड़ा में वरिष्ठ नेता के पोस्टर पर कालिख पोतने जैसी घटनाएं इसकी गवाह बन चुकी हैं। यह घटनाएं बताती हैं कि नकारात्मकता फैलाने वाली कांग्रेस के भीतर कितना असंतोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि होर्डिंग फाड़ना या पोस्टर पर कालिख पोता जाना यह बताता है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर बड़ी जंग चल रही है। खेमों में बंटी प्रदेश कांग्रेस जनता के बीच तो जनाधार खो ही चुकी है, अब पार्टी के भीतर भी अंसतोष प्रबल हो रहा है। कांग्रेस की यह पोस्टर वॉर बताती है कि प्रदेश के हर हिस्से में पार्टी नेतृत्व के लिए वर्चस्व की लड़ाई लड़ी जा रही है। इसी कारण प्रदेश कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में भी नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के समय जब वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को लोगों के बीच जाकर मदद करनी चाहिए, वे घरों में बैठ सिर्फ सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भाजपा सरकार के प्रयासों पर भ्रमित कर रहे हैं। लेकिन आज की जागरुक जनता इनके बहकावे में नहीं आ रही है। इसी कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जमीन खिसकती देख कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पोस्टर वॉर में उलझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस का आम कार्यकर्ता भी ऊहापोह की स्थिति में है। नतीजतन, पार्टी जनाधार से दूर होती जा रही है।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेेगी के आदेशों के अनुसार आज जिला खाद्य नियंत्रक एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया। जिला खाद्य नियंत्रक पूर्ण चंद ने बताया कि आज जिला के चैपाल, जुब्बल, ननखड़ी, रामपुर और शिमला के संजौली, समिट्री तथा अन्य क्षेत्रों में दुकानों का औचक निरीक्षण व जांच की गई। उन्होंने बताया कि निर्धारित मूल्य से अधिक लाभांश लेने और मूल्य सूची न प्रदर्शित करने वालों के प्रति कार्यवाही अमल में लाई गई। 3 विक्रेताओं के प्रति नियमों की अवहेलना के तहत कार्यवाही की गई। औचक निरीक्षण के दौरान 70 किलो फल और सब्जी जब्त की गई। उन्होंने विक्रेताओं से तय मूल्य से अधिक दाम न वसूलने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस सम्बद्ध में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में औचक निरीक्षण व जांच का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। इस प्रकार, वायरस श्रृंखला को तोड़ने के लिए, मंत्रिमंडल ने पूरे राज्य में 31 मई, 2021 तक समान प्रतिबंधों के साथ कोरोना कर्फ्यू को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। यह निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग राज्य के निजी अस्पतालों को अपने संस्थानों में टीकाकरण बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह महसूस किया गया कि विधायक संबंधित एसडीएम के साथ होम आइसोलेशन में कोविड रोगियों के कल्याण/उपचार की समीक्षा कर सकते हैं। मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति को अपनी मंजूरी दी जिसमें वर्ष के दौरान 1,829 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह की परिकल्पना की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 228 करोड़ अधिक है जिससे 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कोविड से उत्पन्न वर्तमान स्थिति को देखते हुए आबकारी वर्ष 2020-21 को एक माह के लिए 30 जून 2021 तक बढ़ा दिया गया है। नई आबकारी नीति 9 माह अर्थात 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। प्रदेश में खुदरा आबकारी ठेकों के नवीनीकरण हेतु वर्ष 2021-22 में इकाई/विक्रेता के मूल्य के 3 प्रतिशत के नवीनीकरण शुल्क पर सरकारी राजस्व में पर्याप्त वृद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से शराब के मूल्य में कमी एवं पड़ोसी राज्यों से इसकी तस्करी को रोकने के लिए। नई नीति के अनुसार, IMFL के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे क्योंकि लाइसेंस शुल्क और उत्पाद शुल्क कम कर दिया गया है, जिले और अंतर-जिला के भीतर कोटा के हस्तांतरण की सुविधा को मंजूरी दी गई है। नई आबकारी नीति में शराब निर्माताओं और बॉटलरों के लिए देशी शराब कोटे का 15 प्रतिशत खुदरा लाइसेंसधारियों को आपूर्ति करने की भी अनुमति है। शेष 85 प्रतिशत कोटा खुदरा लाइसेंसधारियों द्वारा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ताओं से उठाया जा सकता है। पहले यह 30 फीसदी था। इसमें लाइसेंस शुल्क में 5 प्रतिशत और कोटा में 3 प्रतिशत की वृद्धि की परिकल्पना की गई है। टेंट आवास में शराब परोसने के लिए नए लाइसेंस को मंजूरी दी गई है और वाइन निर्माण इकाइयों और वाइन टेस्टिंग फेस्टिवल में आगंतुक केंद्र के लिए नए लाइसेंस को मंजूरी दी गई है। इसी तरह, पेट्रोलियम कंपनियों को विशेष आपूर्ति के उद्देश्य से इथेनॉल के उत्पादन के लिए फॉर्म डी-2ई में नए लाइसेंस को मंजूरी दी गई है, लाइसेंस के माध्यम से डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब के कुछ हाई-एंड ब्रांड एल-10बीबी में लाइसेंस के अधीन अनुमोदित किया गया है। कुछ नियमों और शर्तों और होटलों से जुड़े बार के शराब कोटे में 50 प्रतिशत की कमी की गई है। सीएसडी कैंटीन के लिए लाइसेंस शुल्क कम कर दिया गया है और सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को एल-9 और एल-9ए में शराब कैंटीन लाइसेंस की सुविधा की अनुमति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने आबकारी एवं कराधान विभाग में आबकारी पुलिस को सैद्धान्तिक रूप से अनुमोदित कर दिया है ताकि शराब की अंतर्राज्यीय एवं अन्तर्राज्यीय तस्करी, अवैध व्यापार तथा शराब की अवैध बिक्री की जाँच की जा सके, जिससे सरकारी खजाने को आबकारी राजस्व का काफी नुकसान होता है। सब-वेंड जोड़ने की कीमत काफी कम कर दी गई है और अनलिफ्ट कोटे पर जुर्माने को युक्तिसंगत बनाया गया है, जबकि भंडारण और परिवहन के लिए थोक व्यापारी के लिए ब्रेकेज 0.5% से बढ़ाकर 0.6% कर दिया गया है। यह आशा की जाती है कि इस नीति में सभी हितधारकों को ध्यान में रखा गया है जिसमें सरकार, उपभोक्ता, खुदरा विक्रेता, थोक व्यापारी, बॉटलिंग प्लांट, डिस्टिलरी और होटल और बार शामिल हैं। विभाग द्वारा सभी वर्गों को फीडबैक लेने में लगाया गया था जिसके आधार पर ये निर्णय लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने चालू वर्ष के टोल पट्टों को एक महीने बढ़ाकर 30 जून, 2021 तक करने का भी निर्णय लिया, जिसकी बाद में नीलामी की जाएगी। वर्ष 2021-22 के लिए पट्टे 1 जुलाई, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक चालू रहेंगे। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार चारा विकास परियोजना के क्रियान्वयन हेतु नई योजना को बजट- 2021-22 में स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना में राज्य में बारहमासी उच्च उपज देने वाली घास प्रजातियों, चारे के पेड़ों के रोपण स्टॉक और किसानों के खेतों के साथ-साथ गौसदन में उनका प्रसार करने की परिकल्पना की गई है। मंत्रिमंडल ने इन निगमों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 33 पदों, नव निर्मित नगर निगमों, मंडी, सोलन और पालमपुर में 11-11 पदों को भी मंजूरी दी। मंत्रिमण्डल ने कृषि विभाग के सुचारू संचालन के लिए चालक के 20 पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला स्तरीय मेले में शिमला जिले में ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव, जुंगा घोषित करने की भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने कांगड़ा जिले की इन्दौरा तहसील के अंतर्गत ठाकुरद्वारा में आवश्यक पदों के सृजन के साथ-साथ चंबा जिले की तेलका में नई उप तहसील खोलने का निर्णय लिया और कांगड़ा जिले की उप तहसील नगरोटा सुरियान को स्तरोन्नत करने के साथ-साथ आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया। यार इस तहसील बैठक में श्री नैना देवी जी तहसील के टोबा सांगवां (कौनालावाला टोबा), सदर तहसील में खरसी और बिलासपुर जिले की झंडुता तहसील में बडोल और रोहाल में पटवारी के एक पद और भाग के एक पद के सृजन के साथ-साथ नए पटवार सर्कल बनाने को भी अपनी सहमति दी. इन क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक पटवार सर्कल के लिए टाइम वर्कर। इसने मेसर्स आर.के.वी के पक्ष में अनुमोदन प्रदान करने के लिए अपनी सहमति दी। स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड काला अंब, तहसील नालागढ़ जिला सोलन में अतिरिक्त न्यूट्रल अल्कोहल (शराब) पर आधारित डिस्टिलरी, ब्रेवरी और इथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए। मंत्रि-परिषद ने इन कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों के सृजन के साथ-साथ सिरमौर जिले के सराहन में और गगल शिकोर में उपमंडल के साथ-साथ सराहन-द्वितीय और गगल शिकोर में दो नए अनुभागों के साथ लोक निर्माण विभाग के नए प्रभाग को खोलने को मंजूरी दी। कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र में एक नया सरकारी फार्मेसी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया, साथ ही इस कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने डॉ. वाई.एस. में सहायक एवं सहायक प्राध्यापक के 34 रिक्त पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की। परमार शासकीय मेडिकल कॉलेज, नाहन, जिला सिरमौर, पं. जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चंबा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नेर चौक, जिला मंडी, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर, आईजीएमसी, शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, कांगड़ा जिले के सीधे माध्यम से इन मेडिकल कॉलेजों में विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए भर्ती। आईजीएमसी, शिमला में सामान्य चिकित्सा विभाग में रुमेटोलॉजी सेल में सहायक प्रोफेसर के एक पद को सृजित करने और भरने के लिए भी अपनी सहमति दी। इसने रोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईजीएमसी शिमला में नेफ्रोलॉजी विभाग और डॉ राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पांच रिक्त पदों को भरने की अनुमति दी. मंत्रि-परिषद ने कांगड़ा जिले के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा के लिए क्षेत्र के मरीजों की सुविधा के लिए 4.28 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन 128 स्लाइस मशीन खरीदने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ जमुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने को भी अपनी मंजूरी दी। सोलन जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा मेहलोग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया। कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में डॉक्टरों की संख्या मौजूदा 9 से बढ़ाकर 14 करने का भी निर्णय लिया गया ताकि इस क्षेत्र के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पांच नए पद सृजित किए जा सकें। मंत्रि-परिषद ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सोलन जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धरमपुर को छह बिस्तरों से बढ़ाकर 50 बिस्तरों वाला सीएचसी करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए मंडी जिले के स्वास्थ्य उप केंद्र तातापानी को सांविधर खंडेरी में स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी।
कोरोना महामारी ने समस्त वैश्विक मानव समाज को प्राण रक्षा हेतु मजबूर करके घरों के भीतर चाहे कैद कर दिया हो लेकिन आज भी कोई अगर समाज व राष्ट्र के लिए कार्य कर रहे है तो वो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी ही है चाहे सेवा कार्य हो या जागरूकता। हिमाचल प्रदेश राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ एचएल शर्मा जी व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय राज्य एनएसएस समन्वयक डॉ बी आर ठाकुर जी के मार्गदर्शन व सनिध्य में एनएसएस हिमाचल के स्वयंसेवी सेवा के क्षेत्र में अपना विशेष योगदान दे रहे है। इन एनएसएस के स्वयंसेवीयों के हौंसलो के आगे कोरोनावायरस भी फीका सा लगता है। इन्हीं हौसलों से अब स्वयंसेवी ज्ञान दान कर शिक्षा पर लगे लॉकडॉऊन को समाप्त करेंगे। एनएसएस हिमाचल प्रदेश के समस्त एनएसएस स्वयंसेवियों के सक्रिय व श्रेष्ठ क्रियाशील प्रयासों से स्वयंसेवी प्रदेश के छात्रों के मन पर लगे मानसिक लॉकडाउन को ज्ञान दान से समाप्त करने जा रहे हैं। रविवार संध्या को डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम से इस विशेष अभियान का राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता स्वयंसेवी सुमित ठाकुर जी की विशेष उपस्थिति में शुभारंभ हुआ। सुमित ठाकुर जी ने कहा कि ,"इस अभियान को हम समाज के जन-जन और मन-मन तक पहुंचाएंगे ताकि शिक्षा की ज्योति सदैव समाज में ज्वलित रहें।" इस विशेष अभियान के अन्तर्गत एनएसएस स्वयंसेवी शिक्षक अपनी विशेष पकड़ के विषय पर जमा एक (+1) व जमा दो(+2) के प्रदेश के छात्रों को डिजिटल माध्यम से कक्षाएं आयोजित करके शिक्षा पर लगे मानसिक लॉकडाउन को समाप्त करेंगे। ज्ञान दान के इस महाअभियान से एनएसएस स्वयंसेवी समाज में सेवा व जागरूकता कार्यों को अपने रचनात्मक कौशल से करके समाज में एक नई मिसाल पेश कर रहे है। पौधारोपण,स्वच्छता,सामाजिक जागरूकता,श्रमदान व रक्तदान के साथ-साथ अब एनएसएस हिमाचल के स्वयंसेवी "ज्ञानदान" में निभाएंगे अपनी विशेष स्वयंसेवी होने की भूमिका। "एनएसएस मेरी पाठशाला" अभियान में प्रदेश के स्कूली छात्र निशुल्क,नि:स्वार्थ गुणात्मक शिक्षण के लिए एनएसएस के साथ इस विशेष अभियान में आमंत्रित है। इस विशेष कार्यक्रम को संचालित करने के पीछे एनएसएस स्वयंसेवीयों का उद्देश्य छात्रों के मन पर लगे उदासी,चिंता व अज्ञानता के लॉकडॉऊन को समाप्त कर ज्ञान की कीर्ति जगाकर समाज के युवाओं को शिक्षा के साथ जोड़कर रखना है। इस विशेष अभियान के साथ जुड़ने के लिए प्रदेश के स्कूली छात्र, स्वयंसेवी गौरव जी (8837868540), सिद्धांत जी(98174 93827) व ठाकुर दीक्षित धलारिया जी (9805984896) से सम्पर्क कर सकते है। इस "एनएसएस मेरी पाठशाला" अभियान में कपिल जी,ललित जी ,सुधांशु जी,भार्गव तौमर जी व प्रत्येक जिला से जिला संयोजक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अभिनीत कर रहे है।
एसजेवीएन ने शिमला स्थित अपने कारपोरेट मुख्यालय तथा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार तथा पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान में स्थित अपने सभी परियोजना कार्यालयों में अपना 34वां स्थापना दिवस मनाया। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने निदेशक(कार्मिक), गीता कपूर, निदेशक (वित्त), ए.के.सिंह तथा निदेशक(विद्युत), सुशील कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में कंपनी का झंडा फहराया। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का ध्यान रखते हुए इस अवसर पर कर्मचारियों से संवाद किया। नन्द लाल शर्मा ने वर्चुअल प्लेटफार्म से कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा विश्व कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है और सरकारी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखते हुए इस साल एसजेवीएन किसी समारोह गतिविधि का आयोजन नहीं कर रहा है। नन्द लाल शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन वर्तमान में एक साथ दस प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है तथा इससे अबसभी स्तरों के कर्मचारियों की ज़िम्मेदारियाँ बढ़ गई हैं। इसलिए सभी को जवाबदेही और जिम्मेदारी दर्शाते हुए यह सुनिश्चित करना है कि इन प्रोजेक्ट्सको बिना किसी लागत वृद्धि के तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 रोगियों के लिए मेकशिफ्ट अस्पताल परौर का लोकार्पण किया मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से जिला कांगड़ा के पालमपुर उपमण्डल के परौर में कोविड-19 रोगियों के लिए मेकशिफ्ट अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में अस्पताल में 250 बिस्तर क्षमता होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस मेकशिफ्ट अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार को भूमि प्रदान करने के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास के स्वयंसेवी, रोगियों तथा उनके परिजनों को भोजन प्रदान करेंगे, जो कि मानवता की महान सेवा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के रोगियों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए इस मेकशिफ्ट अस्पताल के सभी बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन उपलब्ध करवाते है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार रोगियों को सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना में क्षमता निर्माण पर बल दे रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन किया है। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से इस कोटे में 10 मीट्रिक टन की वृद्धि करने का आग्रह किया है, जिसके लिए केन्द्र सरकार ने सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार ने डी-टाइप सिलेंडरों की संख्या भी 2500 से बढ़ाकर लगभग 6300 कर दी है, जिससे ऑक्सीजन की भंडारण क्षमता 25 मीट्रिक टन तक बढ़ गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर क्षमता को भी 1200 से बढ़ाकर लगभग 5000 कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 रोगियों का समय पर पता लगाने पर बल दे रही है ताकि उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जा सके। राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रोगियों को कोविड अस्पतालों और कोविड देखभाल केन्द्रों में उचित और समय पर उपचार मिले। उन्होंने कहा कि यह संतोषजनक है कि गत दिनों के दौरान कोविड के रोगियों की स्वास्थ्य लाभ दर 83 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों से लगातार सम्पर्क बनाया जाए ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जा सके और उनका उचित उपचार किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड रोगियों का शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार मरीजों को होम आइसोलेशन किट भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह किट कोविड रोगियों को शीघ्र उपलब्ध हो। उन्होंने प्रदेश को इस महामारी से निपटने के लिए प्रदान की गई सहायता के लिए केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने इस अवसर पर कहा कि परौर में निर्मित मेकशिफ्ट अस्पताल विशेषकर कांगड़ा के लोगों को बेहतर कोविड उपचार प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस परोपकारी कार्य के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास का आभार व्यक्त किया और प्रदेश को इस कठिन समय से बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की भी सराहना की। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश में कोविड से निपटने में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि परौर में मेकशिफ्ट अस्पताल रिकार्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे जबकि लोक सभा सांसद किशन कपूर व राज्य सभा सांसद इन्दु गोस्वामी इस अवसर पर परौर में उपस्थित थीं।
प्रदेश विधानसभा सदन में विपक्ष के विरोध और हल्ले का मूंह ताेड़ जवाब देने वाले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज पिछले एक साल से शहराें का विकास करवाने में कृतसंकल्प हैं। हालांकि जयराम सरकार के कार्यकाल के दाे साल तक उनके पास शिक्षा विभाग का दायित्व भी था, लेकिन पिछले साल मंत्रीमंडल विस्तार में उनसे शिक्षा विभाग लेकर उन्हें शहरी विकास विभाग थमा दिया गया। ऐसे में अब उनकी प्राथमिकता प्रदेश के शहराें काे विकसित करना है। फर्स्ट वर्डिक्ट के साथ विशेष बातचीत में सुरेश भारद्वाज कहते हैं कि स्मार्ट सिटी और AMRUT मिशन शहरीकरण में आने वाले चुनाैतियाें का सामना करने में सक्षम हैं। इसके साथ-साथ सुरेश भरद्वाज के साथ अन्य मसलाें पर हुई चर्चा के विशेष अंश... सवाल: बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियां क्या हैं और उनके समाधान क्या हैं ? जवाब: हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है और शहरीकरण के चलते रहने के लिए मकान, आने - जाने के लिए संसाधन (ट्रांसपोर्ट) व अन्य मूलभूत सुविधाएं जुटाना अन्य राज्यों से मुश्किल काम हैं। स्मार्ट सिटी और अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन मिशन ( AMRUT ) के माध्यम से इन चुनौतियों से पार पाने के प्रयास किये जा रहे हैं। शिमला शहर का कायाकल्प हो रहा है तथा दूसरी स्मार्ट सिटी धर्मशाला पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य योजनाओं के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है जिस से आने वाली चुनौतियों का सामना किया जा सके। देश में नरेंद्र मोदी और प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकारें इन चुनौतियों से निपटने के लिए काम कर रही है। सवाल: पूरे प्रदेश में ही निर्माण अव्यवस्थित सा है, उसे देखते हुए गावों से शहरों में बढ़ रही पलायन गतिविधियों को कैसे व्यवस्थित करेंगे ? जवाब: जैसे - जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है गाँव से शहर की और पलायन बढ़ रहा हैं। सभी चाहते है शहर या शहर के नज़दीक उनकी रिहाइश हो। ऐसी परिस्थिति में अव्यवस्थित निर्माण हुआ है। अब प्रयास यह है कि भविष्य में ऐसा न हो। जिन जगहों पर शहरीकरण हो रहा है, वो प्लानिंग एरिया के अधीन लाये जाते हैं ताकि सुव्यस्थित निर्माण सुनिश्चित कराया जा सके। दूसरी बात, अब गाँवों में भी पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध है। ऐसे में असुंतलन को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। सवाल: बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरी विकास विभाग का स्वरूप, शक्तियां और आम बजट में वित्तीय आवंटन क्या बढ़ेगा ? जवाब: बढ़ते शहरीकरण के साथ-साथ विभाग की ज़िम्मेदारियाँ भी बढ़ी है। जहाँ तक स्वरूप और शक्तियों की बात है, इनको बदलने या बढ़ाने से पहने इनका सही उपयोग करना प्राथमिकता है और हम इस दिशा में काम कर रहे है। 15 वे वित्तायोग में शहरी निकायों के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान है है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट सिटी, AMRUT व अन्य योजनाओं में बजट का प्रावधान है। केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना प्राथमिकता रहेगी। सवाल: आगामी बजट में आप क्या क्या प्रस्ताव लाना चाहेंगे ? अब तक क्या नयी जरूरतें महसूस हुई हैं ? जवाब: आम जनता से, जन प्रतिनिधियों से फीडबैक लिया जा रहा है। आपके माध्यम से भी मैं अपील करता हूँ कि आम जनता अपने सुझाव दे। बजट में अभी समय है और लिए अभी चर्चा होनी है और लोकहित में कदम ज़रूर उठाये जाएंगे। जहाँ तक नयी ज़रूरतों की बात है, नए नगर निगम, नगर पंचायतों का गठन हुआ है, वहां भी लोगों को सुविधाएं मिले, योजनाएं सुचारू रूप से चले, इस पर ज़ोर होगा। सवाल: टीसीपी कानून को किस तरह और मजबूत करेंगे ? साडा एरिया टीसीपी का क्या प्रारूप और प्रक्रिया होगी ? जवाब: मैं समझता हूँ कानून को मज़बूत होने के साथ-साथ सरल भी होना चाहिए। यह तय है कि कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा और यदि कोई जटिलताएं है तो उन्हें दूर किया जाएगा। मेरी प्राथमिकता एक पारदर्शी व्यवस्था बनाना है। इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जायेगा और जनता को अपने काम लिए लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े इस पर काम होगा। जहाँ तक साडा एरिया की बात है इसके लिए सरकार नए सिरे से विचार करेगी। एक प्लानिंग क्षेत्रों के लिए एक केबिनेट सब कमेटी भी बनी है। सरकार आम जनता को राहत देने के पक्ष में है। सवाल: शहरों में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा कचरा प्रबंधन की है, इसका क्या समाधान होगा और इसके लिए क्या कर रहे हैं ? जवाब: कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के 30 शहरों के 5,000 स्ट्रीट वेंडर्स को ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त ठोस कचरा प्रबंधन से सम्बंधित एडवोकेसी और कम्युनिकेशन रणनीति भी तैयार कर की गयी है और सभी शहरी निकायों को इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए है। नई तकनीकों का सहारा लेकर व्यवस्था को चाक चौबंद किया जा रहा है और आधुनिक कचरा संवर्धन प्लांट लगाने के प्रावधान किये जाएंगे। शहरों में कूड़ा उठाने की यंत्रीकृत व्यवस्था की गई है। काेराेना मुक्त के साथ-साथ कांग्रेस मुक्त राज्य बनेगा हिमाचल शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का कहां है कि पूरी दुनिया जहां काेराेना महामारी से लड़ रही है, वहीं कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की यदि बात करें ताे कांग्रेस ने पिछले साल से सिर्फ राजनीति ही की है। ऐसे दाैर में सभी दलाें काे साथ मिलकर काम करना चाहिए। केंद्र की माेदी और प्रदेश की जयराम सरकार ने हिमाचल की जनता काे काेराेना से मुक्त करवाने के लिए पहले दिन से ही लड़ाई लड़ी। केंद्र से हर संभव सहायता मिल रही है। स्वास्थ्य उपकरण से लेकर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, खाद्य सामग्री सहित हर क्षेत्र के लिए भरपूर सहयाेग मिल रहा है। यही नहीं, बल्कि वेक्सीनेशन में भी हिमाचल इस वक्त पूरे देश में पहले नंबर पर है। बावजूद इसके कांग्रेस वेक्सीनेशन पर भी राजनीति कर रही है। मैं साथ ही कहना चाहता हूं कि अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनावाें में कांग्रेस कहीं पर भी दिखाई नहीं देगी। यानी हिमाचल काेराेना मुक्त के साथ-साथ कांग्रेस मुक्त राज्य बनेगा। तीन नगर निगम और 6 नगर पंचायतों का किया गठन प्रदेश में नए नगर निगम बनाने की वर्षों पुरानी मांग राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते पूरी होती नहीं दिख रही थी, विशेषकर सोलन और मंडी। सुरेश भारद्वाज के शहरी विकास मंत्री बनते ही इस मामला आगे बढ़ा और प्रदेश सरकार ने तीन नए नगर निगम और 6 नई नगर पंचायतों के गठन को हरी झंडी दे दी। सोलन, मंडी और पालमपुर को नगर निगम का दर्जा मिल चूका है। जबकि कंडाघाट, अंब, आनी, निरमंड, नेरवा और चिड़गांव को नगर पंचायत बनाया जा चूका है।
पूछा कहाँ खो गयी CM द्वारा मुआवज़ा देने को बनाई कमेटी और उसकी रिपोर्ट सरस्वती नगर से ज़िला परिषद् सदस्य व ज़िला परिषद् शिमला बाग़वानी व उद्योग कमेटी के चेयरमन कौशल मुँगटा ने फिर एक बार सरकार को बागवानों की अनदेखी पर घेरा है, उनका कहना है की बेमौसमी बर्फ़बारी व ओलावृष्टि से हुए नुक़सान पर सरकार ने अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई है और मुआवज़े की राशि किसी को नहीं मिली है, उन्होंने कहा की एक महीने से ज़्यादा का समय हो चुका है ना कोई मौक़े पर आया और ना ही कोई रिपोर्ट तैयार की जा रही है।उनका कहना है की सरकार ने जो इसके लिए कमेटी बनाई थी,वो,और उसकी रिपोर्ट दोंनो कहाँ ग़ायब है, बागवानों को हमेशा सरकार हल्के में लेती आयी है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा उन्होंने कहा की अगर यही हाल रहा तो वो ज़रूर बागवानों के हितों की रक्षा के लिये कोरोना के इस काल में सड़कों पर उतरेंगे। मूँगटा का कहना है की सरकार अपनी नाकामी को कोरोना की आड़ में छिपाना चाहती है लेकिन बागवान अपनी आवाज़ दबने नहीं देंगे सरकार को समझना चाहिए की 5000 करोड़ की सेब आर्थिकी प्रदेश के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। बागवानो से हर वर्ष इंश्योरेंस के नाम पर प्रीमियम काटा जाता है उसका भी कोई अता पता नहीं है सरकार ने स्पष्ट रूप से बागवानों को कई वर्षों से बर्बाद होने के लिए छोड़ रखा है। कोरोना काल में जहाँ हर राज्य अपने लोगों को सुविधा प्रदान कर रहे है वहीं हिमाचल सरकार आपदा से हुए नुक़सान तक की भरपाई करने में नाकाम है।मुँगटा का कहना है की सरकार केंद्र से आयी आवाज़ तो सुन लेती है लेकिन सत्ता में जिन लोगों ने लाया है उन्हें आज नज़रअन्दाज़ किया जा रहा है और बागवानों और किसानों के साथ कोरोना की आड़ में खिलवाड़ हो रहा है जिसका सरकार को ख़ामयाजा भुगतना पड़ेगा वहीं उन्होंने इस मामले पर गौर करने और जल्द मुआवज़ा देने का सरकार से आग्रह किया है।
कोरोना महामारी के साथ-साथ अब लोगों को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ेगी। जून से लोगों को डिपुओं में 57 रुपये प्रतिलीटर सरसों का तेल महंगा मिलेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हरियाणा की सरकारी एजेंसी हैफेड के साथ एक महीने के लिए सरसों तेल का शार्ट टेंडर कर सप्लाई के लिए ऑर्डर भी जारी कर दिया है। 27 मई से एजेंसी सप्लाई भेजना शुरू कर देगी। प्रदेश के एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपुओं में अभी 103 रुपये प्रतिलीटर सरसों तेल दिया जा रहा है। अगले महीने 160 रुपये प्रतिलीटर चुकाने होंगे, जबकि बीपीएल राशनकार्ड धारकों को 155 रुपये चुकाने होंगे। कोरोना के चलते डिपुओं में दालें भी 5 से 15 रुपये तक महंगी हुई है। चना दाल बीपीएल के लिए 45 रुपये प्रति किलो, एपीएल के लिए 55 और आयकरदाता को 76 रुपये प्रतिकिलो मिलेगी। वहीं, मलका दाल बीपीएल के लिए 60 रुपये, एपीएल के लिए 70 और आयकरदाता को 88 रुपये प्रतिकिलो मिलेगी। दाम बढ़ने का कारण मालभाड़ा और लेबर की दिहाड़ी में इजाफा होना है।
हिमाचल प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर रही है। कोविड मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए राज्य में हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप सेवा आरम्भ की गई है। यह सेवा बिना कोविड लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले उन कोविड मरीजों के लिए बहुत लाभदायक होगी, जो अपने नामित डाॅक्टर की देखरेख में होम आईसोलेशन में रह रहे हैं। वे कोविड पाॅजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करेंगे और यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होगी तो वे तुरंत निर्णय ले सकेंगे। इस ऐप पर कोविड-19 मरीज अपने आपको पंजीकृत कर अपने नामित डाॅक्टर को लक्षणों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। यह मोबाइल ऐप सभी आवश्यक सेवा प्रदाताओं और उपयोगकर्ताओं जैसे रोगियों, डाॅक्टरों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारियों आदि को एक साथ जोड़ेगा। जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी और राज्य के प्रशासनिक अधिकारी भी मरीजों की निगरानी करने के अलावा जिलों में गठित टीमों के कामकाज की निगरानी भी कर सकते हैं। चिकित्सक से संपर्क करने के लिए इस ऐप में सीधे फोन काॅल करने, एसएमएस और व्हाट्सएप का विकल्प भी दिया गया है। इस कोविड एप्लीकेशन को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है और इसे शीघ्र ही गूगल प्ले स्टोर पर होस्ट किया जाएगा। इसे वेबसाइट Himachal.nic.in और मोबाइल ऐप स्टोर में www.nrhmhp.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप में पहले स्क्रीन पर लाॅगइन करना होगा। लाॅगइन करने के बाद उपयोगकर्ता सही और वैध जानकारी भरेगा और रजिस्टर बटन पर क्लिक करेगा। ऐप पर सफल पंजीकरण के बाद उपयोगकर्ता को उसके डैशबोर्ड पर निर्देशित किया जाएगा, जहां वह अपने लक्षणों और लक्षणों का विवरण भर सकता है। चिकित्सक ऐप में लाॅग-इन करने के बाद मरीज द्वारा भरे गए विवरण को देख सकता है और दवाओं को निर्धारित करने के लिए मरीज के विवरण का आकलन कर सकता है। इसके बाद मरीज ऐप पर ही उसके लिए डाॅक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं देख सकता है। मरीज के पास अपने नामित डाॅक्टर को फोन करने, एसएमएस या व्हाट्सएप करने का विकल्प भी होता है। हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप सेवा पर मरीज द्वारा तिथिवार दर्ज किए गए विवरण की स्थिति और उसे निर्धारित दवाओं के आधार पर मरीज की बीमारी की स्थिति की निगरानी भी ब्लाॅक, जिला और राज्य स्तर पर की जा सकती है। यह ऐप उपयोगकर्ता के लिए पूरी तरह से इको-फ्रेंडली ऐप है और होम क्वारंटीन कोविड पाॅजिटिव मरीजों के लिए घर पर नियमित उपचार, देखभाल और अस्पतालों में उनके समय पर रेफर सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। हिमाचल कोविड केयर मोबाइल ऐप से न केवल मरीजों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी बल्कि महामारी कोे प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किसानों को डायमोनियम फाॅस्फेट उर्वरक पर अनुदान में 140 प्रतिशत वृद्धि कर राहत प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के लाखों किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में किसानों को इस उर्वरक पर मिल रहे अनुदान को 500 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मूल्य में वृद्धि के बावजूद भी किसानों को यह उर्वरक 1200 रुपये प्रति बैग के पुराने मूल्य पर ही उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि डायमोनियम फाॅस्फेट भारत में दूसरा सबसे अधिक प्रयोग होने वाला उर्वरक है। हिमाचल प्रदेश में डायमोनियम फाॅस्फेट की वार्षिक खपत 1200-1500 मीट्रिक टन है। किसान इस उर्वरक को सामान्यतः रबी के मौसम में आलू और गेहूं की फसल में बुआई से ठीक पहले या बुआई के समय प्रयोग करते हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊना, कांगड़ा, पांवटा साहिब व नालागढ़ के कुछ क्षेत्रों में इस उर्वरक का प्रयोग किया जाता है। गत वर्ष डायमोनियम फाॅस्फेट का वास्तविक मूल्य 1700 रुपये प्रति बैग था, जिसपर केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग का अनुदान प्रदान कर रही थी। लेकिन हाल ही में डायमोनियम फाॅस्फेट में प्रयोग होने वाले फाॅस्फोरिक एसिड, अमोनिया इत्यादि के मूल्य में 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसके कारण डायमोनियम फाॅस्फेट की प्रति बैग कीमत 2400 रुपये हो गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अनुदान में वृद्धि कर इस समस्या का समाधान किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में उर्वरक की खपत 63 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 132 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरक वितरण प्रणाली सहकारिता नेटवर्क के अंतर्गत है और उर्वरक का वितरण 2143 सहाकारी सभाओं और डिपो धारकों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उर्वरक वितरण कार्य हिमफेड को सौंपा है और इफको को भी उसकी 620 सम्बद्ध सभाओं के माध्यम से आपूर्ति कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार वैक्सीनेशन के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। वैक्सीन की कमी की वजह से आज प्रदेश में अधिकतर वैक्सीनेशन केंद्र बंद रहें। वैक्सीनेशन के लिए युवाओं को इधर से उधर भटकाया जा रहा है। वैक्सीनेशन में भेदभाव के चलते विशेष विचार धारा के लोगों को अहमियत दी जा रही है। राठौर ने कहा कि सीमित अवधि में रजिस्ट्रेशन के लिए मात्र 15 मिनट में स्लॉट का पूरा हो जाना कोरोना से युवाओं की सुरक्षा का एक मज़ाक बन कर रह गया है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ प्रदेश में बढ़ता कोरोना का कहर और कोरोना कर्फ़्यू के समय उन्हें अपने घरों से दूर मजबूरी में वैक्सीनेशन के लिए आना-जाना उनका हाई रिस्क के साथ उनके स्वास्थ्य से साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा है कि युवाओं को वैक्सीन उनके घरों के नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। राठौर ने कहा कि कोरोना में सरकार की विफलताओं को लेकर प्रदेश में वैक्सीन और अस्पतालों में ऑक्सीजन व अन्य उपकरणों, दवाओं की भारी कमी के चलते उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठ कर धरना देना पड़ा था। अगर सरकार ने वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में सुधार न किया व वैक्सीन की कमी को जल्द पूरा नही किया तो कांग्रेस को जनहित में फिर कोई कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना महामारी से देशवासियों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान के तहत राज्यों को अब तक 21.80 करोड़ से ज़्यादा टीके निशुल्क दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में 21.23 लाख जांच करने के साथ भारत ने एक दिन में सबसे अधिक जांच करने का एक बार फिर नया कीर्तिमान बनाया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी से देशवासियों को बचाने व राहत पहुँचाने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी ताक़त झोंक रखी है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है और इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। 1 मई से कोविड-19 टीकाकरण की त्वरित चरण 3 रणनीति का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 20.80 करोड़ से ज़्यादा वैक्सीन प्रदान की हैं। इसमें से अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार औसत आधार पर अपव्यय सहित कुल खपत 19,90,31,577 खुराकों का उपयोग हुआ हैI राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी 1.90 करोड़ कोविड वैक्सीन की खुराक मौजूद हैं, जिन्हें अभी लगाया जाना है। यह कोरोना से लड़ने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए बहु आयामी रणनीति अपनाकर राज्य को ‘ड्रग फ्री स्टेट’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने राज्य पुलिस को बड़े नशा तस्करों के अलावा छोटे तस्करों पर भी कार्रवाई करने केेे निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भांग और अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने और नशा तस्करों की सम्पत्ति को अटैच करने के लिए कदम उठाए गए हैं। 1 जनवरी, 2020 से 30 अप्रैल, 2021 तक एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धारा के अंतर्गत कुल 2126 मामले दर्ज किए गए हैं और 2909 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस अवधि के दौरान विभिन्न खुफिया अभियानों के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध खेती का पता लगाकर इसे नष्ट किया गया है। इस दौरान 7917 बीघा भूमि में लगभग 12.52 लाख भांग के पौधे और 52 बीघा भूमि में 2.66 लाख अफीम के पौधे नष्ट किए गए हैं। भू-स्वामियों व अपराधियों के विरूद्ध 161 मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य पुलिस ने मंडी जिले के पधर की टिक्कन उप-तहसील के अंतर्गत चैहार घाटी में 66 बीघा भूमि पर 10 करोड़ रुपये मूल्य के 15 लाख अफीम के पौधे की अवैध खेती का पता लगाने में सफलता प्राप्त की है। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराधियों द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित चल और अचल सम्पत्तियों को अटैच करने के लिए वित्तीय जांच की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पिछले एक वर्ष में 19 विभिन्न मामलों में 11.37 करोड़ रुपये की सम्पत्ति अटैच और फ्रीज़ की गई, जिसमें जिला कुल्लू में 15 मामलों में 3.79 करोड़ रुपये की सम्पत्ति व जिला कांगड़ा में दो मामलों में 7.29 करोड़ रुपये की सम्पत्ति अटैच तथा जिला बिलासपुर के एक मामले में 18.31 लाख रुपये व जिला शिमला के एक मामले में 10.67 लाख रुपये के बैंक डिपोटिज फ्रीज़ किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा मादक द्रव्यों के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा करते हुए पुलिस महा निदेशक संजय कुंडू और उनकी सम्पूर्ण टीम को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस प्रवर्तन निदेशालय के सहयोग से ऐसे अपराधियों के विरूद्ध धन-शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत जांच करने पर विचार कर रही है।
कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य लोक सेवा आयोग ने नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग अब तृतीय श्रेणी के पदों के लिए जारी 15 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया ऑनलाइन करेगा। इससे पहले लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक रूप से आयोग के परिसर में बुलाकर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की जाती थी। ओटीआर पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए एक लिंक दिया जाएगा। जिन चयनित उम्मीदवारों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए उपस्थित होने के लिए स्क्रीन किया गया है, उन्हें डाक के साथ पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर पर उस तारीख के संबंध में जब दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए पोर्टल सक्रिय करने के बारे में सूचित किया जाएगा। उसके बाद, उम्मीदवारों को पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए उचित समय दिया जाएगा। अपलोड लिंक मौजूदा ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उपयोग उम्मीदवारों की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए किया गया था। इसके बाद उम्मीदवार अपने मौजूदा क्रेडेंशियल का उपयोग करके लॉगइन करने में सक्षम होंगे। कोई समस्या आने पर आयोग के हेल्प डेस्क से सहायता दी जाएगी। लेक्चरर स्कूल न्यू इतिहास, लेक्चरर स्कूल न्यू राजनीति शास्त्र और लेक्चरर स्कूल न्यू हिंदी के मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने बताया कि इन भर्तियों की स्क्रीनिंग परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है, अब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को पोर्टल पर मूल दस्तावेजों की फोटो जेपीईजी या पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करनी होगी। अपलोड किए गए प्रत्येक दस्तावेज के संबंध में उम्मीदवार से इस आशय का एक घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। किसी भी विसंगति के मामले में अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया जाएगा।
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूराे के एडीजी यानी जांच एजेंसी के हैड अनुराग गर्ग अब सेंट्रल डेपाेटेशन पर चले गए। उन्हाेंने नवंबर 2018 में एडीजी विजिलेंस का कार्यभार संभाला था और उससे पहले भी सेंट्रल डेपाेटेशन पर थे। बताया गया कि सरकार ने एडीजी विजिलेंस का जिम्मा एसपी सिंह काे साैंप दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनुराग गर्ग बीएसएफ में प्रमुख पद पर ज्वाइन करेंगे। वे आगामी अढ़ाई साल पर डेपाेटेशन पर रहेंगे। गाैरतलब है कि अनुराग गर्ग 1993 बैच के आईपीएस अफसर हैं। बता दें कि इस वक्त हिमाचल काडर के 6 आईपीएस डेपाेटेशन पर हैं। जिनमें 1988 बैच के तपन कुमार डेका,1989 बैच के एसआर ओझा, 1991 बैच के एपी सिदकी, 1993 के रिद्विक रुद्रा, 1994 के राकेश अग्रवाल, 2002 बैच के आसीफ जलाल शामिल हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने जिला आयुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल को चिट्ठी लिख एचपी कोविड -19 सॉलिडैरिटी रिस्पांस फंड: एमपीलैड के तहत जारी करने की सिफारिश की है। कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 30 अप्रैल, 2021 के संदर्भ परिपत्र ई-4/2020-एमपीलैड्स (पीटी) जारी किया गया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने पत्र में दो करोड़ की राशि जारी करने की अनुशंसा की है । उन्होंने पत्र में लिखा है महामारी से लड़ने में उपयोग के लिए एमपीलैड फंड के तहत एचपी कोविद -19 सॉलिडैरिटी रिस्पांस फंड को 2 करोड़ दिए जाएं । इस धन राशि का उपयोग वित्तीय औचित्य के सिद्धांतों का अक्षरश: पालन करते हुए किया जाना चाहिए। मुझे इस दिशा में उठाए गए कदमों और की गई प्रगति के बारे में सूचित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां संत निरंकारी मंडल के सी.पी.ए.बी. के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह ने संत निरंकारी मंडल की ओर से 50 कंसन्ट्रेटर भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस परोपकारी कार्य के लिए संत निरंकारी मंडल का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह सहायता कोविड-19 के रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रभाव से प्रभावित हुआ है तथा संत निरंकारी मंडल जैसी संस्था पीड़ित मानवता की सहायता करने में प्रंशसनीय सेवा कर रही है तथा अन्य लोगों को सहायता करने के लिए भी प्रेरित कर रही है। जय राम ठाकुर ने जिला सोलन के नालागढ़ में संत निरंकारी सत्संग भवन में 25 बिस्तर की क्षमता वाले कोविड केयर केन्द्र को स्थापित करने के लिए भी संत निरंकारी मंडल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा कांगड़ा स्थित सत्संग भवन में 25 बिस्तर की क्षमता वाला कोविड केयर केन्द्र सृजित किया जा रहा है जो क्षेत्र के कोविड-19 रोगियों को सुविधा प्रदान करेगा। संत निरंकारी मंडल के सी.पी.ए.बी. के अध्यक्ष सरदार सुखदेव सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि संत निरंकारी मंडल ने प्रदेश के लिए 500 ऑक्सीमीटर भी दिए हैं जो एक दिन के भीतर प्रदेश को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 25 बिस्तर की क्षमता वाले दोनों कोविड केयर केन्द्र अगले सप्ताह क्रियाशील बना दिए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, संत निरंकारी मंडल के क्षेत्रीय संयोजक करनैल सिंह, स्थानीय समन्वयक एन.पी.एस. भुल्लर तथा आर.एस. भुल्लर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ऑनलाइन परामर्श के लिए बिलासपुर स्थित एम्स के साथ जोड़ने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी का भी शुभारम्भ किया मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज पीटरहाॅफ शिमला से होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 के रोगियों के लिए होम आइसोलेशन किट का शुभारम्भ किया। उन्होंने ऑनलाइन परामर्श तथा उपचार के लिए बिलासपुर स्थित एम्स के साथ लोगों को जोड़ने के लिए हिमाचल कोविड केयर एप्लीकेशन तथा ई-संजीवनी ओपीडी का भी शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न भागों के लिए होम आइसोलेशन किट के 11 वाहनों को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जय राम ठाकुर ने कहा कि यह किट संबंधित विधायकों द्वारा होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 के रोगियों को वितरित की जाएगी। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि रोगियों को शीघ्र यह किट उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। जय राम ठाकुर ने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी रोगियों तथा चिकित्सकों के मध्य प्रभावी संचार सुनिश्चित करेगी तथा उन्हें विशेषज्ञों से उचित सलाह लेने के लिए सक्ष्म बनाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड केयर ऐप आइसोलेशन में रह रहे रोगियों की निगरानी के लिए एक प्रभावी व्यवस्था प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश कोरोना महामारी के कारण गंभीर परिस्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के रोगियों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों का समय रहते पता लगाने के लिए कोरोना जांच में तेजी लाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 18 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है तथा लगभग 1,75,000 लोग कोविड-19 पाॅजीटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण 2638 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रदेश में आठ आरटी-पीसीआर, 25 ट्रू-नाॅट तथा दो सीबीनाॅट प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर अधिक घातक है तथा कोरोना के मामलों में तीव्र वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में पाॅजीटिवीटी दर 5.53 प्रतिशत थी जबकि दूसरी लहर में यह दर बढ़कर 15.67 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने क्षमता निर्माण के लिए अथक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 किया गया है जो पहले 1200 थी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेश में ऑक्सीजन की भण्डारन क्षमता 25 मीट्रिक टन तक बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के उदार सहयोग के कारण आज प्रदेश में 6300 डी-टाइप तथा 2250 बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेण्डर हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में 1700 से अधिक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। सभी मेडिकल काॅलेजों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र हैं। प्रदेश में छः पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र कार्यशील कर दिए गए हैं जबकि दो अतिरिक्त पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र शीघ्र कार्यशील बनाए जाएंगे। लगभग एक वर्ष पूर्व प्रदेश में केवल 50 कार्यशील वेंटिलेटर थे जिनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 700 की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि रोगियों के उचित उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 3100 नई भर्तियां की गई हैं। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से प्रदेश के लिए ऑक्सीजन कोटे में 10 मीट्रिक टन की वृद्धि करने का मामला भी उठाया है। हिमाचल प्रदेश देश के राज्यों में पहला ऐसा प्रदेश है जहां वैक्सीन की वेस्टेज की प्रतिशतता शून्य है। प्रदेश के लोगों को लगभग 22.52 लाख वैक्सीन लगाई गई है तथा प्रदेश सरकार ने सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को 72 लाख वैक्सीन का ओडर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जुखाम जैसे लक्षणों वाले रोगियों को चिन्हित करने के लिए एक विशेष अभियान आरम्भ करने की योजना भी बना रही है ताकि उनकी शीघ्र जांच की जा सके। उन्होंने विधायकों, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से ऐसे रोगियों को चिन्हित करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को सम्मानित भी करेगी। इससे न केवल कोविड के मामलों का शीघ्र पता लग सकेगा बल्कि इस वायरस के फैलने पर भी रोक लगेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के कारण माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों को प्रति बच्चा 2500 रुपये प्रतिमाह प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ऐसे बच्चों की शिक्षा पर होने वाले व्यय को भी वहन करेगी। प्रदेश सरकार ने कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के मृत शरीर को उनके पैतृक स्थान पहुंचाने के वाहन खर्च को वहन करने के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए निःशुल्क लकड़ी प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, सफाई कर्मचारियों जैसे कोरोना वाॅरियर का उनकी सेवाओं के लिए आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने इस स्थिति से निपटने में प्रदेश सरकार को सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक तथा अन्य संगठनों की भी सराहना की। उन्होंने विशेषकर कोरोना रोगियों के उपचार के लिए मण्डी, परोर तथा सोलन स्थित परिसरों में लगभग 700 अतिरिक्त बिस्तर क्षमता सृजित करने के लिए राधा स्वामी सतसंग ब्यास का आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना वायरस के विरूद्ध लड़ाई में फ्रंटलाईन कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ही देश और प्रदेश कोविड-19 की स्थिति से सफलतापूर्वक निपट रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्तियों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार ने लगभग 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान करने के लिए 26000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक देशवासियों के लिए 216 करोड़ वैक्सीन वायल उपलब्ध करवा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत ने महामारी के प्रथम चरण के दौरान लगभग 195 देशों को जीवन रक्षक दवाइयां प्रदान की थी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस महामारी से प्रभावी रूप से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सीमित साधनों के बावजूद पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश प्रभावी रूप से इस महामारी से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने कोरोना होम आइसोलेशन किट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस किट में होम आइसोलेशन में रहे रहे रोगियों के लिए निर्देशिका, थर्मामीटर, च्यवनप्राश, काढ़ा, सेनिटाइजर, मास्क, मल्टीविटामिन, कैल्शियम, विटामिन-सी तथा जिंक की गोलियां, आयुर्वेदिक दवाई कुदनीर, मुख्यमंत्री का पत्र, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सन्देश का कार्ड और सभी वस्तुओं की सूची शामिल है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति और टीकाकरण अभियान की प्रगति पर प्रस्तुति दी। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मंत्रीगण, विधायकगण, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया जबकि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज यहां हिमाचल ड्रग निर्माता संघ की ओर से मनोज अग्रवाल ने एच.पी.एस.डी.एम.ए. कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फंड के लिए 41 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री को मोरपेन लैबोरेट्रीज लिमिटेड के निदेशक संजय सूरी ने सी.एस.आर. के तहत के.बी. सूरी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से इस फण्ड के लिए 21 लाख रुपये का चैक भेंट किया। एल्केम लैबोरेट्रीज लिमिटेड के प्लांट हैड राकेश भूषण त्रिपाठी तथा अजय भाटिया ने इस फण्ड के लिए कम्पनी की ओर से 20 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अंशदानकर्ताओं का इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद किया और कहा कि इस प्रकार के सहयोग से समाज के दानी और सम्पन्न व्यक्तियों को इस कोष में उदारतापूर्वक दान करने के लिए प्रेरणा मिलती है जिसे आवश्यकता के समय जरूरतमंद व गरीब लोगों की सहायता के लिए उपयोग किया जा सकता है।
₹105 रुपये से बढ़ाकर ₹210 प्रतिमाह , 1.5 करोड़ से अधिक कामगार लाभान्वित केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने पर नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “ केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों व कामगारों के कल्याण के लिए कार्यरत रही है । कोरोना आपदा के इस कठिन समय में कामगारों को आर्थिक रूप से समस्या ना आने पाए इस दिशा में मोदी सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने का निर्णय लिया है । यह वृद्धि एक अप्रैल, 2021 से लागू होगी। इससे केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कामगारों का न्यूनतम वेतन की दर में भी वृद्धि होगी जिस से केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा। वैरिएबल डीए में बढ़ोतरी से उन्हें इस महामारी के मुश्किल वक्त में मदद मिलेगी और इस सराहनीय निर्णय के लिए मैं नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करता हूँ” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को सुव्यवस्थित तरीक़े से चलाने व इसके किए बढ़ाकर बजट देने का नतीजा है कि कोविड महामारी के बीच मई 2021 में अबतक मनरेगा के तहत 1.85 करोड़ लोगों को काम दिया मिला।ये मई 2019 की समान अवधि में दिये गए काम से 52 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त वर्ष 2021-22 में 13 मई 2021 तक मनरेगा के तहत 2.95 करोड़ लोगों को काम दिया जा चुका है, जिसमें 5.98 लाख संपत्तियां पूरी हुईं और 34.56 करोड़ श्रमिक-दिवस कार्य उत्पन्न हुए। 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लॉकडाउन और इसकी वजह से लोगों, मशीनों और सामग्री की उपलब्धता में मुश्किलों के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस साल अबतक बीते 3 साल की इसी अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा सड़कों का निर्माण हुआ। यह दिखाता है कोरोना से उपजे मुश्किल हालतों में भी मोदी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रनिर्माण में समर्पित है”
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने यूजी डिग्री कोर्स की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं पर फैसला न होने के बावजूद पीजी में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन मांग लिए हैं। कोरोना महामारी से बने हालात और लगातार बढ़ रहे मामलों और पिछले सत्र में मेरिट आधार पर प्रवेश दिए जाने पर न्यायालय से लगी फटकार को ध्यान में रखकर ही इस बार पीजी प्रवेश का शेड्यूल जारी किया है। इस बार विवि ने प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक की मेरिट आधार पर और यूजी की मेरिट के आधार पर प्रवेश के दोनों विकल्प खुले रखे हैं। कोरोना से बिगड़े हालात और कर्फ्यू, लॉकडाउन की संभावनाओं को देखते हुए प्रवेश परीक्षा करवाने या न करवाने पर फिलहाल फैसला नहीं लिया है। पीजी में प्रवेश को आवेदन करने की जारी अधिसूचना में अधिष्ठता अध्ययन ने साफ किया है कि प्रवेश परीक्षा आधारिक पीजी कोर्स में प्रवेश कैसे होगा, इस पर आने वाले समय में स्थिति को देखते हुए ही फैसला लिया जाएगा। इससे साफ है कि यदि कोरोना के कारण प्रवेश परीक्षा करवाना संभव नहीं हुआ, तो विवि क्वालिफाइंग एग्जाम की मेरिट को आधार मानकर कोर्स में प्रवेश देने का फैसला ले सकता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षण संस्थान इक्डोल के छात्र-छात्राओं को हर जरूरी सूचना वेबसाइट पर मिलेगी। इक्डोल में वर्ष में दो बार होने वाले प्रवेश, परीक्षा फार्म भरने, पीसीपी और परिणाम जैसी हर जानकारी विद्यार्थियों को मिलेगी। वेबसाइट को अपग्रेड करने और इसे स्टूडेंट फ्रेंडली बनाने के लिए योजना तैयार करने के लिए शुक्रवार को इक्डोल निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया ने वर्चुअल बैठक की। इसमें मौजूद अधिकारियों से वेबसाइट में सुधार लाने और इसे हर छात्र के लिए जानकारी लेने के लिए उपयोगी बनाए जाने पर सुझाव लिए गए। पठानिया ने बताया कि वेबसाइट को छात्रों के लिए आसान और उपयोगी बनाया जा रहा है। बैठक में प्रो.नीलिमा कंवर, प्रो.कुलदीप अत्री, वरिष्ठ संपादक डॉ.दलेल ठाकुर, डॉ.सोमेश सूद, डॉ.संदीप, डॉ.अंकुश सूद और प्रोग्रामर विजयंत कुमार उपस्थित रहे।
देश के पश्चिमी राज्यों में चक्रवाती तूफान ताउते लोगों के लिए परेशानी बन कर साबित हुआ लेकिन उत्तर भारत में इसकी वजह से हुई बारिश के बाद पहाड़ों की सब्जियों की मांग में भारी इजाफा हुआ है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में हुई बारिश के बाद मैदानी इलाकों की सब्जियों की फसल खराब होने से पहाड़ों की सब्जियों की मांग बढ़ गई है। शिमला की ढली मंडी में मटर, फूलगोभी और फ्रांसबीन सीजन के रिकॉर्ड दामों पर बिके। हालांकि मंडी में सब्जियों की कम आवक को भी दामों में तेजी का कारण बताया जा रहा है। ढली मंडी में शुक्रवार को मटर अधिकतम 75 रुपये प्रति किलो, फूलगोभी 16 रुपये प्रति किलो और फ्रांसबीन 63 रूपये प्रति किलो के रिकॉर्ड रेट पर बिकी। लम्बे समय बाद किसानो को फसल का सही दाम मिलने पर किसान भी खुश नज़र आये। गोभी के रेट 3 से 8 रुपये प्रति किलो चल रहे थे, आज उनकी गोभी 12 से 15 रुपये प्रति किलो बिकी है। मंडी में मटर भी रिकॉर्ड 75 रुपये किलो के दाम पर बिका है। महाराष्ट्र और बंगलूरू में भी बढ़ी मांगढली मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि दिल्ली की गाजीपुर मंडी में पहाड़ की फूलगोभी और महाराष्ट्र, बंगलूरू की मंडियों में पहाड़ी मटर और फ्रांसबीन की मांग में इजाफा हुआ है।
आपके विधायक, आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान होम आईसोलेशन मरीजों की सहायता हेतु शिमला शहर में कोरोना पीड़ितों के घरद्वार निःशुल्क भोजन व दवाईयां उपलब्ध करवाई जाएगी। यह बात आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजना, संसदीय एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने टूटीकंडी के रिड़का क्षेत्र में होम आईसोलेशन में रह रहे प्रवासी मजदूरों को निःशुल्क मास्क, सैनेटाइजर तथा खाद्य सामग्री एवं रोजमर्रा में आने वाले सामान को वितरित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से जहां 2020 में सारा विश्व दरस्त वहीं भारत भी इस महामारी से अछुता नहीं रहा। इस महामारी से 2020 में लाखों लोग संक्रमित हुए थे वहीं हिमाचल प्रदेश के लोेग भी इस लहर में संक्रमित हुए। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर ने हिन्दुस्तान में लोगों को तेजी से संक्रमित किया है और हिमाचल प्रदेश में भी यह लहर तेजी से चली है और इससे बहुत लोग संक्रमित हुए है। उन्होंने कहा कि शिमला के आईजीएमसी में कोरोना मरीजों को मुश्किल का सामना न करना पड़े, इसके लिए बैडों की संख्या बढ़ाई गई है तथा दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भी क्षमता से ज्यादा लोगों के लिए बैडों का इंतजाम किया गया है एवं शिमला शहर में अन्य अस्पतालों को भी कोविड महामारी के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। इस माहमारी से बचने के लिए जो भी उपकरण इस्तेमाल होते हैं उन उपकरणों को भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्रदेश सरकार को उपलब्ध करवाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के कोविड मरीजों को आॅक्सीजन की कमी से न जुझना पड़े, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा आॅक्सीजन प्लांट की क्षमता बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन इस महामारी से बचने का उपयुक्त साधन है तथा चिकित्सक से सम्पर्क में रहे और उनके द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें। घर में रह रहे अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें, समय-समय पर सैनेटाइज का प्रयोग करें तथा मुंह को मास्क से ढक कर रखे। उन्होंने कहा कि आज इस कार्यक्रम के तहत टूटीकंडी के रिड़का क्षेत्र के लोग तथा जोगिन्द्र लाल सूद एवं जय चंद ठाकुर द्वारा जो 40 प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित किया है यह एक सराहनीय कार्य है। इसी तरह हमारे कार्यकर्ता भी होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों को यह सुविधा मुहैया करवाएंगे। इसमें गगन, अजय, दीपक श्रीधर, हितेश शर्मा एवं सभी वार्डों में हमारे कार्यकर्ता होम आईसोलेशन लोेगों को निःशुल्क राशन तथा दवाईयां वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम के तहत सभी वार्डों में इनके नम्बरों को प्रदर्शित करेंगे, जिससे होम आईसोलेशन में रह रहे लोगों को इनके द्वारा सुविधा दी जा सके। इस दौरान उनके साथ महापौर नगर निगम शिमला सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, महामंत्री शिमला मण्डल सुशील चैहान, महामंत्री शिमला मण्डल गगन लखनपाल, सचिव जिला शिमला अजय सरण, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी करण नंदा, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष शिमला हितेश शर्मा तथा जय चंद ठाकुर वार्ड अध्यक्ष टूटीकंडी भारतीय जनता पार्टी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के लिए वीआर मैरीटाइम सर्विसिज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक सोनिका पराशर तथा कैप्टन संजय पराशर द्वारा दान किए गए जीवनरक्षक उपकरणों के दो ट्रकों की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इस परोपकारी कार्य के लिए कैप्टन सोनिका पराशर और कैप्टन संजय पराशर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योगदान से राज्य सरकार को प्रदेश में कोविड-19 महामारी से लड़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि समाज को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में राज्य सरकार की सहायता के लिए कई परोपकारी लोग आगे आए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार इस महामारी से लड़ने के लिए क्षमता निर्माण पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तर की क्षमता को बढ़ाकर लगभग 5000 करने में सफल रही है जो पहले 1200 थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के लिए ऑक्सीजन का कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन कर दिया है और अब सरकार ने केंद्र सरकार से इसे 40 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में डी-टाइप सिलेण्डरों की उपलब्धता 2500 से बढ़ाकर 6000 की है और ऑक्सीजन की भंडारण क्षमता को 25 मीट्रिक टन तक बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राज्य में उपलब्ध वेंटिलेटर की संख्या लगभग 50 से बढ़कर 600 की गई है। उन्होंने कहा कि ऊना जिले में बिस्तर क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि रोगियों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि पंडोगा में 180 बिस्तर की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण किया जा रहा है जिसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में 1800 रोगी होम आइसोलेशन में हैं इसलिए इन रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता है। जय राम ठाकुर ने आरोग्य भारती और सेवा भारती द्वारा कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ाई में दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने प्रदेश में मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए केन्द्रीय वित्त एवं कोरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस महामारी से प्रभावी ढंग से लड़ रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना महामारी से लड़ने में सहयोग के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने उन्हें ऊना जिले में कोविड-19 की स्थिति से अवगत करवाया। वी.आर. मैरीटाइम सर्विसिज़ प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर ने कहा कि उनके द्वारा जिला कांगड़ा व ऊना को भेजी जाने वाली जीवनरक्षक सामग्री की यह दूसरी खेप है। उन्होंने कहा कि इस खेप में 1500 ऑक्सीजन, 25 ऑक्सीजन कंसन्टेªटर, 3200 पी.पी.ई. किट, 500 फेस शील्ड, 10 ऑक्सीजन सिलेण्डर, 15000 सुरक्षा दस्ताने, 1000 एन-95 तथा 1000 एन.आर.बी. मास्क, 20000 सर्जिकल मास्क, 1600 लीटर सेनिटाइजर तथा अन्य रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयां शामिल है । आरोग्य भारती के डाॅ. हेमराज ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज शिमला से जबकि केन्द्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर तथा विधायक बलबीर चैधरी इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती भी इस अवसर पर ऊना से उपस्थित थे।
21 मई 2021 , हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से, 140% बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे मोदी सरकार द्वारा अन्नदाता को दी गई एक बड़ी राहत बताया है व इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “ कृषि व कृषक हितैषी मोदी सरकार के अन्नदाता के आर्थिक सशक्तिकरण व उनकी खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाए हैं। एक बार फिर मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। मोदी सरकार ने डीएपी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच इसपर सब्सिडी को बढ़ा दिया है। अब डीएपी खाद का एक बैग 2400 रुपये के बजाय 1200 रुपये में ही मिलेगा। मोदी सरकार ने डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से 140% बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। देश में प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी नहीं बढ़ाई गई है। अन्नदाता के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करता हूँ” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेगी कि किसानों को मूल्य वृद्धि का दुष्प्रभाव न भुगतना पड़े। केंद्र सरकार हर साल रासायनिक खादों पर सब्सिडी पर करीब 80,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। डीएपी में सब्सिडी बढ़ाने के साथ ही खरीफ सीजन में भारत सरकार 14,775 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी । पिछले साल डीएपी की वास्तविक कीमत 1,700 रुपये प्रति बोरी थी जिसमें केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग की सब्सिडी दे रही थी।इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थी। इस प्रकार डीएपी की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों में वृद्धि के बावजूद इसे 1200 रुपये के पुराने मूल्य पर ही बेचे जाने का निर्णय लिया गया है जोकि मूल्य वृद्धि का सारा भार केंद्र सरकार उठाने जा रही है” अनुराग ठाकुर ने कहा” नरेंद्र मोदी में किसानों के हितों में जितने कदम उठाए हैं उतना पिछले 70 सालों में कोई सरकार नहीं कर पाई। हाल ही में मोदी ने बिना किसी भेदभाव के पीएम किसान सम्मान निधि की 8 वीं किस्त के रूप में 9.5 करोड़ लाभार्थी किसान परिवारों के लिए 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। इस योजना के तहत हर साल किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में भेजी जाती है। इस तरह तीन किस्तों में किसानों के खातों में हर साल कुल 6,000 रुपये भेजे जाते हैं जिसका उपयोग हमारे अन्नदाता कृषि कार्यों में कर पाते हैं।मोदी सरकार बिना किसी बिचौलिये को लाए हुए सीधा किसानों के हाथों में पैसा पहुँचा रही है। ये एक बड़ा बदलाव है जिसे देश का अन्नदाता महसूस कर रहा है” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। यह किसानों के लिए अब तक की सबसे बड़ी योजना है जो अन्नदाता के लिए वरदान साबित हो रही है। पूरे देश में इस योजना के अंतर्गत लगभग 11 करोड़ किसानों के पास करीब 1 लाख 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।इनमें से सिर्फ कोरोना काल में ही 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंचे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आवश्यकता, चिंताओं, जरूरतों को समझ कर योजनाओं को लागू करने का प्रयास किया है। हमने कृषि को टुकड़ों के बजाए पूरी समग्रता से देखा और चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर प्रयास किया है”
शिमला। कोरोना महामारी के दौर में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में रक्त की कमी के मद्देनजर उमंग फाउंडेशन अपने विशेष अभियान के अंतर्गत स्थानीय संगठनों के सहयोग से 23 मई को गुम्मा- नौटी खड्ड के पीएचसी में रक्तदान शिविर लगाएगा। पीएचसी की डॉ. प्रियंका भी शिविर के आयोजन में सहयोग कर रही हैं। उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और शिविर के संयोजक विनोद योगाचार्य ने बताया कि रक्तदान शिविर में ग्राम पंचायत गुम्मा, ग्राम पंचायत मझिवड़, जनशक्ति युवा मंडल नौटी खड्ड, युवक मंडल जजेहड़, और कृषक विकास संघ सनोला, गुम्मा सहयोग कर रहे हैं। पिछले वर्ष भी गुम्मा में रक्तदान शिविर लगाया गया था। कोरोना संकट के दौरान ब्लड बैंक में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए उमंग फाउंडेशन का यह 17 वां रक्तदान शिविर होगा। संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविरों का सिलसिला चलाने के साथ ही कोविड से बचाव के उपायों के बारे में भी लोगों को जागरूक कर रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को लोगों के लिए समयवद्ध सुविधाएं प्रदान करने के अलावा लागत वृद्धि से बचने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आज यहां पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जय राम ठाकुर ने कहा कि मण्डी जिले के जंजैहली में 25.75 करोड़ रुपये की लागत से सांस्कृतिक केन्द्र का कार्य पूरा कर लिया गया है और यह पीपीपी मोड़ पर संचालन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए प्री बिड बैठक अगले माह तीन तारीख को रखी गई है और बोली प्रस्ताव 25 जून, 2021 को जमा किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिमला में 12.15 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है और यह इस वर्ष जुलाई के अन्त तक पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 करोड़ रुपये की लागत से कांगड़ा हाट, 4 करोड़ रुपये की लागत से डल लेक और भलेई माता में 4 करोड़ रुपये की लागत से आर्ट एवं क्राॅफ्ट परियोजना का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के क्यारीघाट में 29.90 करोड़ रुपये की लागत से क्नवेंशन सेंटर का कार्य इस वर्ष के सितम्बर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मण्डी का शिव धाम एक महत्वकांक्षी परियोजना है, जिसका 36.12 करोड़ रुपये की लागत का प्रथम चरण का कार्य मैसर्ज जेनरिक इंजीनियरिंग कन्स्ट्रक्शन एंड प्रोजेक्टस लिमिटेड को दिया गया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस परियोजना की ओर जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि 25.45 करोड़ रुपये की लागत से बैंटनी कैसल शिमला का कार्य इस वर्ष सितम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के चांसल क्षेत्र में पीपीपी मोड़ पर रोपवे, स्की लिफ्ट, स्की रिजाॅर्ट, हेलीपेड, कैम्पिंग-स्की स्लोप विकसित की जाएगी, जिसके लिए ईओआई प्राप्त करने की अंतिम तिथि इस वर्ष 19 जून निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकार्पण के उपरान्त रोहतांग टनल एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस सुरंग के दक्षिण और उत्तर पोर्टल पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं को विकसित करने के अलावा विस्ता डोम पर्यटक बस शुरू करने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि सिस्सु झील को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में वर्तमान फूड क्राफ्ट संस्थान को स्तरोन्नत करके 11.75 करोड़ रुपये की लागत से होटल प्रबन्धन संस्थान का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में लोगों को प्रशिक्षित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को मण्डी जिले में प्रस्तावित ग्रीनफिल्ड हवाई अड्डे का एलआईडीएआर सर्वेक्षण करने के अलावा बद्दी, रामपुर और कंगनीधार में हेलीपोर्ट का समयवद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में सभी शहरी स्थानीय निकायों मे कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अप्रैल से जून, 2021 तक तीन माह के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। यह प्रोत्साहन राशि राज्य आपदा राहत कोष से विशेष सहायता के रुप में प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के 4082 सफाई कर्मचारियों को 2.45 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह राशि कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारी जो घर-घर कूड़ा एकत्रित करने,गलियों /नालियों की सफाई व डिसिन्फेक्टन्ट के छिड़काव कार्य मे लगे हुए हैं, को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में सभी शहरी स्थानीय निकायों में कोविड-19 महामारी के कारण मृतकों के दाह-संस्कार/दफनाने, शवों के परिवहन एवं अस्थायी दाह-संस्कार सुविधा के लिए 1.55 करोड़ रुपये की राशि भी राज्य आपदा राहत कोष से स्वीकृत की है। यह राशि सभी शहरी स्थानीय निकायों को प्रदान की जा रही है। भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के नगर निगम शिमला, धर्मशाला, मण्डी, पालमपुर व सोलन में कुल पांच शव वाहनों को वास्तविक खर्च के आधार पर आगामी दो माह जून व जुलाई, 2021 तक लेने को भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसका खर्च राज्य आपदा राहत कोष से वहन किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज वर्चुअल माध्यम से कॉन्फ्रेंस कर हिमाचल प्रदेश में कोरोना संकटकाल के चलते प्रदेश में सभी परिस्थितियों का फीडबैक लिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में चल रहे सेवा ही संगठन भाग-2 के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। इस वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हिमाचल में वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तृत चर्चा की और पूर्ण फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सेवा ही संगठन कार्यक्रम के बारे में भी चर्चा की और किस प्रकार से आगे कार्यक्रम चलना है उसके बारे में मार्गदर्शन भी दिया। पूरे देश में करोड़ों कार्यकर्ता और प्रदेश में लाखों कार्यकर्ता सेवा भी संगठन के माध्यम से इस संकट की घड़ी में जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कोरोना काल में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्यकर्ता, जनसेवा के कार्यक्रम को आगे ले जाने को प्रतिबद्ध हैं। भाजपा प्रदेश भर में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों से लगातार संपर्क में है और उनके मनोबल को बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है। प्रदेश में जहाँ भाजपा कार्यकर्ता राशन वितरण का कार्य कर रहा है वहीं मास्क और सैनिटाइजर वितरण भी कर जनता को इस महामारी से जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा खाद सब्सिडी बढ़ाने का किसान-हितैषी ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए धन्यवाद किया। डीएपी खाद पर सब्सिडी 140% बढ़ाई गई है। अब किसानों को डाइअमोनिया फास्फेट पर 700 ₹ प्रति बोरी अधिक सब्सिडी मिलेगी।अब खाद की एक बोरी 2400 ₹ की जगह सिर्फ़ 1200 ₹ में मिलेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह कोविड मरीजों केे परिवारों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक परिवार के सभी सदस्य संक्रमित हो जाते हैं तो इस स्थिति में स्वयं सहायता समूह ऐसे परिवारों को उनके पशुधन, कृषि गतिविधियों आदि कार्यों में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा उनकी आय में वृद्धि के लिए की गई पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी ताकि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री एक बीघा योजना’ ग्रामीण महिलाओं की कृषि से आय बढ़ाने में वरदान सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की कोई भी महिला, जिनके पास मनरेगा जाॅब कार्ड हो, इस योजना के अन्तर्गत एक लाख रुपये तक का लाभ ले सकती है। उन्होंने कहा कि इस योजना के शुरू होने के उपरान्त अब तक महिलाओं के लिए 10364 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिन पर 13.90 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान इस योजना से मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं को मदद मिली है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान स्वयं सहायता समूहों को प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए, क्योंकि कोरोना कर्फ्यू के कारण उन्हें रोजगार पाने में कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की लगभग आधी आबादी हैं, इसलिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं ने 60 प्रतिशत सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी ताकि उन्हें उत्पादों के अच्छे दाम मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज कोविड के कठिन दौर से गुजर रहा है। इस संकट की घड़ी में हर नागरिक का यह कत्र्तव्य बनता है कि मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को कोविड मरीजों वाले परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी एसओपी और दिशा-निर्देशों के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं सामाजिक और धार्मिक समारोहों में लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से आग्रह किया कि वे लोगों को स्थानीय देवताओं और धार्मिक कार्यों से संबंधित समारोहों को स्थगित करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को संकट की घड़ी में जरूरतमंदों को फेसमास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने चाहिए। मंडी जिले के सदर मंडी खण्ड के शिव शम्भू स्वयं सहायता समूह की कमलेश कुमारी, सिराज खण्ड की अपराजिता स्वयं सहायता समूह की सोमा देवी, जिला ऊना के हरोली खण्ड के आन्या स्वयं सहायता समूह की प्रोमिला कालिया, लाहौल स्पीति की मानदासी, हमीरपरु जिले के नादौन खण्ड की न्यू आजीविका की रीना चंदेल और जिला कुल्लू के नगर खण्ड के पंचवीर स्वयं सहायता समूह की उषा ने इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भी अपने विचार सांझा किए। निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक का संचालन किया। मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संदीप भटनागर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शिमला से मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।
शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज ठियोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय राकेश वर्मा की पुण्यतिथि पर उनके परिवार जनों द्वारा ठियोग एवं कुमारसैन उपमंडल के अस्पतालों में डॉक्टरों एवं कोरोना पीड़ितों के लिए प्रदान की गई राहत सामग्री को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह सामग्री ठियोग अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मतियाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलोग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माहौरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटगढ में वितरित की जाएगी। इस सामग्री में 6 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 500 एन 95 मास्क, 20 ऑक्सीमीटर, 10 थर्मल स्कैनर, 100 पीपीई किट्स एवं 50 सैनिटाइजर इत्यादि शामिल है। उन्होंने बताया कि इससे अस्पतालों में कार्य कर रहे फ्रंटलाइन कर्मियों को सुरक्षा के साथ-साथ सुविधा भी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि यह सामग्री काविड मरीजों के लिए वरदान साबित होगी तथा जरूरतमंद लोग इसकी उपयोगिता से लाभान्वित होंगे। स्वर्गीय राकेश वर्मा को पूरे ठियोग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को सदैव प्राथमिकता के आधार पर करने वाले विधायक के रूप में जाने जाते थे। परिवार द्वारा उन्हीं की परम्पराओं को अपनाते हुए सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता प्रदान करते हुए उनका परिवार हमेशा समाज सेवा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनके परिवार द्वारा ठियोग अस्पताल को एंबुलेंस प्रदान की गई है तथा कोरोना काल के दौरान मास्क के साथ-साथ अन्य आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई है ताकि आम जनता को उसका लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर स्वर्गीय राकेश वर्मा के पिता एवं पूर्व डीजीपी हिमाचल प्रदेश आरआर वर्मा, उनके सुपुत्र एकलव्य वर्मा, पार्षद बिट्टू पाना, सुशील चैहान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे विभागीय अधिकारियों के साथ कोविड-19 टीकाकरण के सम्बंध में बैठक का आयोजन किया। उपायुक्त ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि शिमला शहर में अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे प्रत्येक विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या सौ से अधिक होने के कारण उनके टीकाकरण के लिए अतिरिक्त विशेष कोविड-19 टीकाकरण केन्द्र स्थापित किए जा रहे है ताकि अग्रिम पंक्ति में कार्य करने वालों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी टीकाकरण की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि शिमला शहर में हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक व परिचाल, दवा विक्रेता, बैंक व वित्तीय सेवाऐं दे रहे। कर्मचारियों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विशेष टीकाकरण केन्द्र बनाए जा रहे है ताकि टीकाकरण के दौरान भीड़-भाड़ इकठी न हो। उन्होंने बताया कि शिमला शहर के अलावा जिला के अन्य क्षेत्रों में कर्मचारी भी अपने नज़दीकी टीकाकरण केन्द्र में विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र के साथ जाकर अपना टीकाकरण करवा सकते है । पूरे जिले के फ्यूल पम्प ऑपरेटर मंगलवार व शुक्रवार को अपने प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर टीकाकरण करवा सकते है, वहीं पीडीएस डिपों होल्डर तथा लोकमित्र केन्द्र का स्टाफ बुधबार तथा शनिवार को अपने प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर टीकाकरण करवा सकते है। बाल देखभाल संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में टीकाकरण कर सकते है। उन्होंने बताया कि अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए विभाग द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिसमें हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक व परिचालकों को क्षेत्रीय प्रबन्धक हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा, फ्यूल पंप ऑपरेटर एवं पीडीएस डिपो होल्डरों को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निरीक्षक द्वारा, लोक मित्र केन्द्र के स्टाफ को सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा, बाल देखभाल केन्द्र कर्मचारियों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिमला शहर के अन्तगर्त कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों की सूची जल्द से जल्द स्वास्थ्य विभाग को भेजने के निर्देश दिए है ताकि आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा सके ।


















































