जून में हर वर्ष कॉलेजों में अवकाश रहता है। ऐसे में इस वर्ष भी परीक्षाएं शुरू करने से पहले निदेशालय ने इस संदर्भ में कवायद शुरू की है। वार्षिक परीक्षाओं से पहले कॉलेज शिक्षकों को छुट्टियां देने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में प्रस्ताव बनाने का काम शुरू कर दिया है। सरकार से मंजूरी मिलने पर इस बाबत अंतिम फैसला होगा। वंही, प्रदेश के स्कूलों में छुट्टियां देने को लेकर जुलाई में विचार होगा। जुलाई अंत से 15 अगस्त तक स्कूलों में बरसात की छुट्टियां होती हैं। शिक्षकों के अवकाश को एडजस्ट करने के लिए निदेशालय ने छुट्टियां देने को लेकर विचार करना शुरू किया है। उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि हर घर पाठशाला कार्यक्रम अभी जारी है। कुछ दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद ही रहने के आसार हैं। ऐसे में शिक्षकों के ड्यू वेकेशन को एडजस्ट करने के लिए विचार किया जा रहा है। कॉलेजों में जून में कुछ दिन के लिए अवकाश दिया जा सकता है। जुलाई से कॉलेजों की परीक्षाएं शुरू होनी हैं।
आईआईटी मंडी इस सीजन में सेब और अन्य गुठलीदार फलों की पैकिंग को लेकर अध्ययन करेंगे। अगले सीजन में फलों की आधुनिक तकनीक का ट्रायल आरंभ कर दिया जाएगा। पैकिंग क्षमता कितनी होनी चाहिए, इसे लेकर भी अध्ययन होगा। आईआईटी से आधुनिक पैकिंग तकनीक मिलने के बाद प्रदेश सरकार पैकिंग सामग्री का कंपनियों से बातचीत करके उत्पादन कराएगी। बागवानों और किसानों को आधुनिक पैकिंग तकनीक उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी मंडी को 18.50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया है। पैकिंग तकनीक मिलने से विपणन के समय होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा।
प्रदेश में अब फल सब्ज़ियों की पैकिंग के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जाएग। पुरानी पैकिंग टेक्नोलॉजी बदलने से अब फल और सब्जियों की बर्बादी रुकेगी। इससे किसानों और बागवानों की आमदनी भी बढ़ेगी। आईआईटी मंडी द्वारा आधुनिक पैकिंग टेक्नोलॉजी प्रदेश के बागवानों और किसानों की मिलेगी। अभी तक प्रदेश में फलों और सब्जियों के विपणन के समय करीब तीस फीसदी फसलें बर्बाद होती हैं। नई तकनीक से किसान और बागवान इस आर्थिक नुकसान से बच सकेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने आईआईटी मंडी को फलों और सब्जियों की पैकिंग के लिए नई तकनीक विकसित करने को 18.50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट सौंप दिया है। आईआईटी के छात्र इस साल फलों के विपणन के समय पेश आने वाली दिक्कतों का अध्ययन करेंगे। पैकिंग के दौरान आने वाली समस्याओं का पता लगाया जाएगा। वर्तमान में फलों और सब्जियों की पैकिंग क्षमता से होने वाले नुकसान का सही आकलन भी किया जाना है। प्रदेश से बाहर ऑफ सीजन में सब्जियों को चालीस किलो की बोरियों में भरकर किसान बेचते रहे हैं। अब किसान सेब कार्टन में भी फूल गोभी भर कर मंडियों में पहुंचा रहे हैं। किसानों को पैकिंग की आधुनिक तकनीक मिलने से नुकसान कम होगा और दाम अच्छे मिलेंगे।
शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में बसें चलाने को मजूरी मिल गई है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार से करीब 1004 रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम बसें चलाने की तैयारी है। इसके बाद सवारियों का रिस्पांस देखकर एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए चालकों-परिचालकों से रविवार तक डिपो या अड्डा में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। निजी ऑपरेटरों की सहमति नहीं बनी तो एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में चलाए जाने वाले रूटों के हिसाब से चालकों-परिचालकों की रोटेशन में ड्यूटियां लगाई जाएंगी। सोमवार सुबह से 24 घंटे निगम की बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। बसों में सवारियों की ऑक्यूपेंसी जांचने के लिए इंस्पेक्टर फील्ड में सेवाएं देंगे। 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ हिमाचल में बसें चलेंगी। बसों में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सवारियों के पास सैनिटाइजर होना जरूरी है। तीन वाली सीट पर दो और 2 वाली सीट पर एक सवारी बैठेगी।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान व शूरवीर योद्धा थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवा पीढ़ी को पराक्रम, आत्म-सम्मान एवं देशभक्ति की प्रेरणा देता है। जय राम ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप एक सच्चे देशभक्त थे जिन्होंने बहादुरी एवं साहस के साथ देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका बलिदान लोगों को सदैव देश की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
शिमला,12 जून.अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने कांग्रेस जिला अध्यक्षों से अपने अपने जिलों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और ब्लॉक कमेटियों के साथ पूरा तालमेल रखने पर जोर देते हुए कहा है कि पार्टी के साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के प्रयास किये जाने चाहिए।उन्होंने कहा है कि इसे एक अभियान की तरह लिया जाना चाहिए जो ब्लॉक स्तर तक पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को जन जन तक पहुंचाने के पूरे प्रयास किये जाने चाहिए। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए कमेटियों का गठन जल्द कर लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि पार्टी में युवाओं को जोड़ने के प्रयास किये जाने चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जो भी कार्यक्रम उन्हें दिए जाते है उन्हें हर हाल में पूरा करना है। दत्त ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के कोरोना प्रभावित लोगों की सहत्यार्थ दिशानिर्देशों के अनुसार लोगों की मदद को आगे आना है।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित गांधी हेल्पलाइन के तहत कोरोना से प्रभावित सभी लोगों की पूरी मदद करनी है।उन्होंने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला प्रदेश में कोरोना राहत कार्यो पर अपनी पूरी नज़र रखे हुए है। संजय दत्त ने इससे पूर्व सेवादल व एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्षों से उनके संगठनों के कार्यकलापों की जानकारी लेते हुए कहा कि कांग्रेस में फ्रंटल ऑर्गनाइजेशनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।उन्होंने कहा कि उन के ऊपर संगठन को मजबूत करने की बढ़ी जिम्मेदारी है, जिसे उन्हें पूरा करना है। संजय दत्त ने दोपहर बाद कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों से भी वर्चुअल बैठक करते हुए उन्हें अपने अपने जिलाध्यक्षों के साथ पूरे तालमेल के साथ कार्य करने को कहा।उन्होंने कहा कि ब्लॉक अध्यक्षों को अपनी बूथ कमेटियों के साथ पार्टी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित बनाना है,जिससे कांग्रेस पार्टी की नीतियां व कार्यक्रम घर घर तक पहुंच पाए।
शिमला ज़िला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित निर्मल ग्राम पंचायत नंदपुर में आज युवाओं द्वारा यूथ वेलफेयर एसोसिएशन केमटी का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, सामाजिक कार्य करना, जरूरत मंद लोगों की मदद करना, खेलकूद व लोक संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु कार्य करना होगा, इस कमेटी का गठन सर्व सम्मति से किया गया है। जिसमें प्रधान संदीप शर्मा, उप प्रधान वीरेंद्र ठाकुर, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, महा सचिव कुलदीप शर्मा,सचिव दीपक ठाकुर, सह सचिव बलबीर घमटा , मीडिया प्रभारी शुभम ठाकुर को चुना गया है। इस बैठक में विद्या भूषण शर्मा अशोक ठाकुर , भारत भूषण शर्मा राजन ठाकुर दीपक ,कपिल ठाकुर प्रदीप, देवाशीष, करण, रोहित, विकी, निशाल, बलबीर आदि उपस्थित रहे।
शिमला, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राजनीतिक सलाहकार मुख्यमंत्री त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी लाचार है , उनके प्रदेश अध्यक्ष को साईकल पर भी कार्यकर्ताओं का सहारा लेना पड़ा है। वो पार्टी किसके सहारे चलाएंगे इससे साफ दिखता है कि कांग्रेस पार्टी को पूरे देश और प्रदेश में सहारे की आवश्यकता है और उसके बिना भ चल पाना असम्भव है। प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति दयनीय दिखाई दे रही है कांग्रेस पार्टी की ज़मीन खिसक रही है और कई प्रदेशों में जो चुनावी परिणाम आए हैं उसमें वह खाता भी नहीं खोल पाई है। धीरे-धीरे कांग्रेस का वर्चस्व पूरे देश भर में समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस जिस प्रकार से पूरे प्रदेश भर में कल धरना प्रदर्शन किए है उस रैली के लिए उनको चंद ही साइकिल प्राप्त हो पाई। लोगों का इस कार्य में भी कांग्रेस को सहयोग नहीं मिल रहा है क्योंकि उनको पता है कि धरातल पर कौन जनता के लिए काम कर रहा है। जनता जागरूक हैं और उनको सही मायने में इस चीज का पूर्ण ज्ञान है की केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस केवल शोर मचाने में आगे और काम करने में विफल साबित हुई है कोविड-19 संकटकाल में भी कांग्रेस की परफॉर्मेंस जीरो रही है और जनता के बीच उनकी किसी भी प्रकार की जनसेवा के कार्य सामने नहीं आए। उन्होंने कहा प्रदेश में कोरोना को हराने में सफल रही जयराम सरकार आज प्रदेश में किसी भी प्रकार की व्यवस्था की कमी नहीं है आज प्रदेश में भरपूर ऑक्सीजन , वैक्सीन और बेड उपलब्ध है। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास ना तो नेता है और ना ही नियत है कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार से काम नहीं करना चाहती है केवल पोस्टर फाड़ने की राजनीति में आगे हैं और प्रदेश में जो सकारात्मक वातावरण बना है उसको बिगाड़ने में लगी है। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास दूरदर्शिता नहीं है , उनके द्वारा किए जा रहे धरने केवल पब्लिसिटी स्टंट है।
भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू तथा गृह मंत्री अमित शाह ने दूरभाष के माध्यम से राज्यपाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा उनकी दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर तथा कृषि मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने राज्यपाल को राजभवन में जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ जीवन व दीर्घायु की कामना की तथा कहा कि प्रदेश सरकार को भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। केन्द्रीय मंत्रियों तथा विभिन्न राज्यों के राज्यपालों ने भी बंडारू दत्तात्रेय को जन्मदिवस की बधाई दी। इससे पूर्व अपने जन्मदिवस के अवसर पर राज्यपाल ने यज्ञ का आयोजन किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी राज्यपाल से भंेट कर उन्हें बधाई दी। राजभवन में प्रातः नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों और राजभवन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने राज्यपाल को जन्मदिवस की बधाई दी।
ग्राम पंचायत कलेड़ा मझेवटी के गांवों में आए तूफान से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। लगभग एक घंटे के करीब चले तूफान से कुछ बागीचों में सेब की फसल का इतना अधिक नुकसान देखने को मिला है कि एक ही पौधे में 50 से अधिक सेब के फल भूमि पर गिरे हुए देखे जा सकते हैं। कुछ बागीचों में सेब के पौधे तक उखड़ कर नीचे गिर गए हैं। इससे प्रभावित बागीचों में सेब की फसल का भारी नुकसान हुआ है। गांव कलेडा के बागवान अशवनी शर्मा ने बताया कि तूफान से पूरे पंचायत के कलेडा, ब्यूंथल, ऐरली, फौला, घाट और मझेवटी के साथ लगते बागीचों में नुकसान हुआ है। कुछ समय पहले ही बागबानों की फसल ओलावृिष्ट से नष्ट हुई थी और अब इस भयानक तूफान से बची फसल भी नष्ट हो चुकी है। क्षेत्र के समस्त बागवानों ने बागबानी विभाग से तूफान से हुए नुकसान का मुआयना कर किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने का आग्रह किया है ताकि इस विकट समय में किसानों को कुछ राहत मिल सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले कई वर्षों से शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यापार और शिक्षा में हो रहे फर्जीवाड़े के विरुद्ध संघर्षरत है और विद्यार्थी परिषद ने इस बारे में नियामक आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपे है और उनके समक्ष शिक्षा में हो रहे व्यापार और फर्जी डिग्री मामले और करोड़ों में हो रहे छात्रवृत्ति घोटालों की जानकारी विस्तारपूर्वक नियामक आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखी है लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक इन शिक्षा माफियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि ऊना के निजी विश्वविद्यालय इंडस इंटरनेशनल विश्वविद्यालय का एक छात्रवृति घोटाले वाला मामला उजागर हुआ है जिसमे विश्वविद्यालय ने अनुसूचित जाति के छात्रों के सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए हैं ताकि अनुसूचित जाति के छात्रों को आने वाली छात्रवृत्ति को आसानी से लूटा जा सके। विक्रांत चौहान ने कहा कि विश्विद्यालय द्वारा की जा रही इस हरकत के कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है छात्र आगामी शिक्षा लेने और ओरिजनल दस्तावेज न होने के कारण किसी भी परीक्षा फॉर्म भरने के लिए छात्र सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा की त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने विश्वविद्यालय के ऊपर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है अभाविप सरकार के इस निर्णय का स्वागत करती है लेकिन जुर्माना लगाना ही एकमात्र इस समस्या का समाधान नहीं है उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षा माफियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए और ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द होनी चाहिए ताकि ऐसे मामले द्वारा सामने न आए। विक्रांत ने कहा कि इस प्रकार का तानाशाई रवैया शांतिप्रिय राज्य हिमाचल प्रदेश में कतई सहन नहीं किया जाएगा और विद्यार्थी परिषद् मांग करती है कि शीघ्र छात्रों के दस्तावेज उन्हे वापिस किए जाए ताकि छात्रों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने हिमाचल प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है, ऐसे समय में विद्यार्थी परिषद की मांग है कि ऐसे विश्विद्यालयों को चिन्हित करते हुए उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई करते हुए इन शिक्षा माफियों की गिरफ्तारी की जाए और ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द की जाए ताकि भवि ष्य में कोई भी शिक्षा को बेचने की वस्तु समझकर व्यापार ना चलाएं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जयराम सरकार की कैबिनेट ने प्रदेश के हर वर्ग का ख्याल रखा है। उन्होंने कहा मंत्रिमण्डल ने महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित परिवहन क्षेत्र को लगभग 40 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है, जिसके अन्तर्गत स्टेज कैरिज ऑपरेटर के लिए कार्यशील पूंजी पर ब्याज अनुदान योजना शामिल है। इसके तहत प्रति बस 2 लाख रुपये की ऋण राशि और अधिकतम 20 लाख रुपये तक की ऋण राशि बस ऑपरेटरों को कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। ऋण की अवधि 5 वर्ष के लिए होगी, जिसमें एक वर्ष अधिस्थगन अवधि का होगा। इसके अन्तर्गत 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान रहेगा, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। दूसरे वर्ष में ब्याज पर 50 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाएगा, जो राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना पर सरकार की ओर से करीब 11 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा मंत्रिमण्डल ने स्टेज कैरिज, टैक्सी, मैक्सी, ऑटोरिक्शा इंस्टीट्यूशन बसों को भी आवश्यक राहत प्रदान प्रदान करते हुए 1 अगस्त, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक विशेष रोड टैक्स और टोकन के भुगतान पर 50 प्रतिशत की राहत दी है। परिवहन क्षेत्र को इस निर्णय से लगभग 20 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। इस संकट की घड़ी में सरकार ने बेरोज़गारी से लड़ने के लिए मंत्रिमण्डल ने जल शक्ति विभाग को राज्य में 486 पेयजल एवं 31 सिंचाई योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभागीय पैरा वर्कर्स नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों के 2322 पदों को भरने का निर्देश दिया। आईजीएमसी शिमला ट्राॅमा केयर सेंटर व आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक चमियाना के सुचारू संचालन और प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 401 पदों को सृजित कर भरने के अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों के 328 पद आउटसोर्स के आधार पर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने कोविड महामारी के कारण मृत्यु होने पर परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (प्रायोरिटी हाउसहोल्ड कैटेगरी) के अन्तर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। जो कि सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना 2019 में सेवा उद्यमों और सम्बन्धित मालवाहक वाहनों को संयुक्त सम्बन्धित गतिविधियों के रूप में जोड़ने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की स्वीकृति दी। योजना के तहत वर्तमान में संयंत्र तथा मशीनरी में 40 लाख रुपये की अधिकतम निवेश सीमा को बढ़ाकर 60 लाख रुपये तथा वर्तमान में 60 लाख रुपये की कुल परियोजना लागत को अधिकतम एक करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया। इससे युवा आत्मनिर्भर होगा और रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यो से आने वाले लोगों के लिए अब सरकार द्वारा आर टी पी सी आर रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है जिससे प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और पर्यटन व्यवसाय को भी संजीवनी मिलेगी।
विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर 14 जून को शिमला की स्वयंसेवी संस्था उमंग फाउंडेशन सोलन ज़िले की की सूरजपुर पंचायत के साथ मिलकर ग्राम पथेड़ में रक्तदान शिविर लगाएगी। इससे आईजीएमसी ब्लड बैंक में चल रही रक्त की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। उमंग फाउंडेशन की ओर से शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला स्वयं रक्तदान कर शिविर का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत प्रधान ओमप्रकाश शर्मा करेंगे। इस मौके पर ग्रामीणों को रक्तदान और कोरोना महामारी के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संस्था का यह 19वां रक्तदान शिविर है। अर्की तहसील की सूरजपुर पंचायत में पहली बार रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश ने सभी से रक्तदान करने की अपील की है ताकि शिमला के अस्पतालों में भर्ती मरीजों का जीवन बचाया जा सके। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की टीम शिविर में रक्त संग्रह करेगी।
स्टूडेंट फ़ॉर सेवा (SFS) हिमाचल प्रदेश द्वारा हिमाचल प्रदेश के पहले रक्तदान मोबाइल ऐप का विमोचन किया गया। यह ऐप्प विमोचन कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से करवाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अध्यक्ष सुनील ठाकुर के स्वागत भाषण से हुआ। स्टूडेंट फ़ॉर सेवा प्रांत संयोजिका आयुशी सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐप आपको आसानी से प्ले स्टोर पर मिल जाएगा। इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए आपको प्ले स्टोर पर लिखना होगा एस एफ एस हिमाचल प्रदेश ब्लड डोनेशन। वहां से इसे डाउनलोड करके आप इसका उपयोग किसी भी कोने से कर सकते हैं। इस ऑनलाइन विमोचन कार्यक्रम में मुख्य रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री जीत सिंह, राष्ट्रीय शोध कार्य प्रमुख आलोक पांडे जी, हिमाचल प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री गौरव अत्री, राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक आशीष शर्मा ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के पूरे प्रांत भर से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
आईजीएमसी में दाखिल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दोबारा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. रजनीश पठानिया ने इस बात की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि उन्हें अब अस्पताल के मेक शिफ्ट वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अभी डॉक्टर परामर्श कर रहे है। बता दें कि पहले भी कोरोना संक्रमित होने के बाद वे चंडीगढ़ इलाज करवाने गए थे। चंडीगढ़ से लौटने के बाद पूर्व सीएम आईजीएमसी में दाखिल हैं। यहां पर कार्डियोलॉजी विभाग मैं उन्हें दाखिल किया गया है। जहां पर चिकित्सक उन पर निगरानी बनाए हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब गिरने लगा है। वंही हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद अब इसका असर प्रदेश के पर्यटन विभाग में भी दिखने लगा है। सूबे के पर्यटक शहरों शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते के दौरान अकेले राजधानी शिमला में ही 2500 से ज्यादा पर्यटकों ने दस्तक दी। कर्फ्यू में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ढील और वाहनों से घूमने वालों से पुलिस की ज्यादा रोक-टोक न होने की वजह से अब होटल, टैक्सी व ढाबा संचालकों के पुराने दिन लौटने शुरू हो गए हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने की वजह से न सिर्फ व्यवसायिक संस्थानों में रौनक बढ़ गई है, बल्कि सभी की आमदनी में भी इजाफा होने लगा है। बरहाल प्रदेश में आज होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में रियायतें बढ़ने की संभावना के साथ ही अब राहत की उम्मीद भी जग गई है।
हिमाचल प्रदेश में डिग्री कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं को लेकर आज कैबिनेट की बइठल में फैसला होगा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षकों, विवि प्रबंधन, छात्रों और अभिभावकों के साथ वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कॉलेज में होने वाली परीक्षाओं को लेकर चर्चा की थी। इस दौरान अधिकांश लोगों ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने पर सहमति दर्ज की थी। इसी बाबत 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की संभावना बढ़ गई है। उधर, फर्स्ट ईयर में दाखिलों के लिए बारहवीं के विद्यार्थियों को अभी इंतजार करना होगा। सीबीएसई की ओर से अंक निर्धारण का फार्मूला अभी तैयार नहीं किया गया है। सीबीएसई का फार्मूला तय होने के बाद प्रदेश सरकार उसमें कुछ संशोधन कर अपना नया फार्मूला तय करेगी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ही दाखिलों की प्रक्रिया शुरू होगी।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। इसमें कोविड-19 के मामले घटने के बाद कोरोना कर्फ्यू में कई रियायतें देने की तैयारी चल रही है, जिनमें राज्य में बसें चलाने को हरी झंडी देना शामिल है। पर्यटकों को भी प्रदेश में आसानी से प्रवेश देने और कुछ राज्यों के लिए आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म करने का मामला बैठक में जाएगा। कोरोना कर्फ्यू का समय घटाने के बारे में भी निर्णय होगा। दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अधिक समय तक खोलने की इजाजत मिल सकती है। हालांकि बैठक में कोरोना का पाजिटिविटी रेट 5 फीसदी तक उतर आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ज्यादा ढील देने के पक्ष में नहीं है। बैठक में कॉलेज परीक्षाओं को करवाने पर भी निर्णय होगा। 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की तैयारी है। निजी बसों पर टैक्स माफ करने का मुद्दा भी बैठक में जाएगा। निजी बस ऑपरेटरों की इस मांग पर सरकार राहत दे सकती है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का दायरा बढ़ाने का एजेंडा और कई अन्य विषय भी बैठक में जाएंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विपणन सीजन 2021-22 के लिए सभी निर्धारित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गत दिवस नई दिल्ली में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस संबंध में निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। पिछले वर्ष की तुलना में धान का एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,940 रुपये जबकि ए ग्रेड धान का मूल्य 1,888 रुपये से बढ़ाकर 1,960 रुपये किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मक्की का एमएसपी 1,850 रुपये से बढ़ाकर 1,870 रुपये किया गया है। उन्होनें कहा कि किसानों को इन फसलों को व्यापक स्तर पर उगाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा मांग व आपूर्ति में संतुलन बनाने के लिए श्रेष्ठ तकनीकों तथा कृषि अपनाने के लिए सभी बीजों, दालों तथा मोटे अनाजों के एमएसपी को पुनः निधारित करने के लिए गत वर्षों के दौरान ठोस प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष प्रदान किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 9,26,963 पात्र किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस वर्ष नवम्बर माह तक पात्र परिवारों को निःशुल्क राशन प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज चलौंठी में रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन शिमला की ओर से जरूरतमंद लोगों को राशन वितरित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा जरूरतमंद लोगों को भोजन व रोजमर्रा की वस्तुओं वितरित की जा रही है, जिसके तहत आज उन्होंने तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन की ओर से 50 जरूरतमंद लोगों को राशन किट वितरित की, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को 7.50 किलो चावल, डेढ़ किलो मिक्स दाल, आधा लिटर अमूल दूध, एक किलो चीनी व चार किलो आटा वितरित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में लोगों के सहयोग से गरीबों व जरूरतमंद लोगों को पका भोजन के साथ-साथ राशन आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकी है। उन्होंने रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा समय-समय पर सेवा का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जोकि अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इंजनघर और चलौंठी वार्ड में आज सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत होम आइसोलेशन में रह रहे लोेगों को प्रदेश सरकार की 40 होम आइसोलेशन किट प्रदान की। संजौली में बनने वाले ओवर ब्रिज के कार्य का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित एजेंसी को इसके जल्द निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस ब्रिज का गुणवत्तायुक्त सामग्री के साथ जल्द निर्माण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर महापौर नगर निगम सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री गगन लखनपाल, पार्षद आरती चैहान, पार्षद राजेन्द्र चैहान, रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन शिमला की प्रधान श्रीमती डोलमा छेरिंग, रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन के सदस्यगण, जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा संजीव चैहान (पिंकु), जिला महामंत्री युवा मोर्चा अनीश चैपड़ा, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा गौरव सूद, संजय अग्रवाल, जिला सचिव अजय सरना, महामंत्री जिला अनुसूचित जाति मोर्चा एम.एस. बगानिया, मीडिया प्रभारी कल्पी शर्मा, मीडिया प्रभारी शिमला मण्डल लता चैहान एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नीति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों के अकादमिक कलस्टर स्थापित किए जाएंगे और बाल्य शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के और विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा को लागू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बहु विषयक विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय में और अकादमिक विभागों की स्थापना की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में 11 नए विभाग शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 भारत को पुनः विश्व गुरू के रूप में स्थापित करने में बहुत सहायक होगी। यह विद्यार्थियों को रोजगार प्रदाताओं के रूप में स्थापित करेगी। इस दिशा में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर व्यवसायिक कोर्स करवाए जा रहे हैं। वर्तमान में 964 विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है और भविष्य में अधिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नए पाठ्यक्रम में हिमाचल की संस्कृति पर आधारित विषय भी शामिल किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए विषय क्षेत्रीय भाषाओं में विषयों को तैयार किये जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें आपदा में अवसर तलाशने का मौका दिया है और शिक्षा विभाग ने इस दिशा ने कई विशेष कार्य किए हैं। वर्तमान में अधिकतर बच्चों को तकनीक के माध्यम से वर्चुअली शिक्षा प्रदान की जा रही है। भविष्य में भी बच्चों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य वीरेंद्र शर्मा ने शिक्षा मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। बैठक में जुड़े टास्क फोर्स के सदस्यों ने प्रस्तुति दी। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति सिकन्दर कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
दिल्ली में बढ़ती गर्मी की तपिश से राहत पाने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा शिमला पहुंच गई हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा चंडीगढ़ से सड़क मार्ग होते हुए बुधवार शाम को शिमला के समीप छराबड़ा स्थित अपने आशियाने में पहुंचीं। शाम को प्रियंका ने मौसम और अपने आशियाने के आसपास सैर की। वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और उनका बेटा मनजीत भी यहां उनसे मुलाकात के लिए पहुंचे थे। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी का घर शिमला से 13 किलोमीटर दूर और समुद्र तल से 8 हजार फीट की ऊंचाई पर है। घर को पहाड़ी शैली में बनाया गया है। इंटीरियर में देवदार की लकड़ी से सजावट की गई है। मकान के चारों तरफ हरियाली और पाइन के खूबसूरत पेड़ हैं। सामने हिमालय के बर्फ से ढके पहाड़ नजर आते हैं। छराबड़ा एक टूरिस्ट प्लेस है। प्रियंका के घर पर स्लेट मंडी का ही लगा है। इससे पहले, शैली पसंद न आने पर निर्माणाधीन मकान को तुड़वाया भी गया था। जंजैहली घाटी के मुरहाग निवासी ठेकेदार प्यारे राम ने प्रियंका के मकान के निर्माण का ठेका लिया था।
दसवीं और बारहवीं कक्षा सहित कॉलेजों के मेधावी विद्यार्थियों को अब सरकार लैपटॉप की जगह टैब देगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के मेधावियों के लिए शिक्षा विभाग ने टैब खरीदने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल से मंजूरी लेने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। उधर, शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन इसकी खरीद कर रहा है। तीन बार कंपनियों की ओर से टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के चलते इसकी तारीख को दोबारा से बढ़ा दिया गया है। अब 22 जून को इस बाबत टेंडर खोले जाने हैं।
प्रदेश में 25 जून के बाद हो सकती है कॉलेजों में फाइनल ईयर की परीक्षा, कैबिनेट की बैठक में होगा फैसला
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू हो सकती हैं। शिक्षा विभाग ने कैबिनेट की मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव भेज दिया है। 11 जून को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। कॉलेजों के अधिकांश शिक्षकों, बच्चों के अभिभावकों और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की मांग की है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों और विवि प्रबंधन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान अधिकांश ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की पैरवी की। इसको लेकर बुधवार को शिक्षा विभाग ने सरकार को 25 जून के बाद परीक्षाएं करवाने के लिए मंजूरी देने को प्रस्ताव भेजा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि हम परीक्षाएं करवाने के लिए तैयार हैं। उधर, शिक्षा मंत्री ने बताया कि 11 जून की कैबिनेट बैठक में इस बाबत प्रस्ताव लेकर जाएंगे। सरकार की मंजूरी के बाद अंतिम फैसला लेंगे।
शिमला : एसजेवीएन द्वारा आज कारपोरेट मुख्यालय, शिमला में तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया गया, जिसमें 1700 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। लाभार्थी व्यक्तियों में एसजेवीएन के कर्मचारी, विभिन्न ठेकेदारों द्वारा तैनात संविदात्मक कामगार, सुरक्षा कर्मी एवं स्टाफ, उनके परिवार के पात्र सदस्य तथा आसपास के लोग शामिल थे। एसजेवीएन के सीएमडी नन्द लाल शर्मा ने बताया कि इस विशेष टीकाकरण अभियान का उद्देश्य वैश्विक महामारी की दूसरी लहर का सामना करने में एसजेवीएन का एक प्रयास है। इसके अतिरिक्त वैक्सीन की पहुंच लोगों तक स्थापित करने में यह अभियान एसजेवीएन का एक योगदान है। इस प्रकार के कार्य कोविड-19 के उन्मुलन के लिए सरकार के विज़न के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिए एसजेवीएन द्वारा की गई पहलों की श्रृंखला में से एक है। विशेष टीकाकरण अभियान को आरंभ में दो दिनों के लिए योजनाबद्ध किया गया था, जिसे स्थानीय लोगों से अत्याधिक प्रतिभागिता मिली और इस अभियान को और एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया। शर्मा ने बताया कि 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी तथा 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशनों में 13 एवं 14 जून को और दो विशेष टीकाकरण शिविरों को लगाने की योजना है। इसके अतिरिक्त हमीरपुर में धौलासिद्ध जलविद्युतपरियोजना के लिए भी एक टीकाकरण शिविर शेड्यूल किया जा रहा है। इस विशेष टीकाकरण अभियान का आयोजन फोर्टिस हेल्थकेयर, मोहाली के सहयोग से किया गया है। एसजेवीएन के परियोजना अस्पतालों के डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टॉफ भी इस टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मुख्य सचेतक और शिमला जिला के जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा के पैतृक गांव जाकर उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की। नरेन्द्र बरागटा का हाल ही में चण्डीगढ़ में निधन हो गया था। उन्होंने स्व. नेता के पुत्र चेतन बरागटा और ध्रुव बरागटा से संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र बरागटा के बागवानी क्षेत्र और जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विकास के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि बरागटा क्षेत्र के लोगों के कल्याण के प्रति सदैव तत्पर रहे। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, 15 वें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सत्पाल सत्ती, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज, विधायक राकेश जम्वाल, सुभाष ठाकुर, विनोद कुमार, इन्द्र सिंह गांधी और रीना कश्यप, मुख्यमंत्री के ओएसडी मोहिन्द्र धर्माणी, एपीएमसी शिमला किन्नौर के उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, महासचिव, बाल कल्याण परिषद् पायल वैद्य व राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डेजी ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थी।
हिमाचल प्रदेश में किसानों और बागवानों को अब तरल नैनो यूरिया खाद भी मिलेगी। अब खेतों और बगीचों में यूरिया की बोरी नहीं, बल्कि बोतल में भर कर तरल खाद पहुंचाई जाएगी। 40 किलो बोरी की जगह अब 500 एमएल यानी आधा लीटर तरल खाद बोतल में मिलेगी। जहां 40 किलो की बोरी एक एकड़ जमीन में इस्तेमाल होती है, वैसे ही एक बोतल नैनो यूरिया 215 लीटर पानी में मिलाकर भी एक एकड़ जमीन में डाली जाएगी। इससे फसल पैदावार तो बढ़ेगी ही, प्रदूषण से भी बचेंगे और मालभाड़ा भी सरकार और किसानों का कम होगा। एक माह के भीतर किसानों-बागवानों को तरल यूरिया खाद मिलनी भी शुरू हो जाएगी। गौरतलब है की प्रदेश में हर साल करीब 42 हजार टन इफ्को यूरिया खाद की आपूर्ति करती है। इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी विशाल शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों सहित फील्ड में नैनो यूरिया के कुल 312 सफल परीक्षण हो चुके हैं। इनके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं। प्रदेश के किसानों और बागवानों को एक माह के भीतर नैनो यूरिया की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस यूरिया से सात फीसदी अतिरिक्त फसल हासिल की जा सकती है।
शिमला :सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट कोरोना संकट में लगातार अपने सेवा कार्य चलाए हुए है। विभिन्न प्रकार के माध्यमो से सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर में लोगों की सेवा कर रही है। इसी कड़ी में आज ट्रस्ट द्वारा कोरोना संकट में आर्थिक मंदी से जूझ रहे टैक्सी चालकों की सहायता हेतु सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने मदद के हाथ आगे बढ़ाएं है। आज शिमला के जुब्बड़हट्टी में ट्रस्ट द्वारा टैक्सी यूनियन के चालकों को राशन सामग्री वितरित की गई। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति पर खासा असर पड़ा है। जहां एक तरफ व्यवसाय बंद होने की वजह से बहुत से लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है वही ऐसे दिन रात टैक्सी चलाकर अपना जीवन यापन करने वाले टैक्सी चालकों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ऐसे सभी जरूरतमंद लोगों की सहायता करने हेतु तत्पर है। ट्रस्ट के सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने कहा की आज जुब्बड़हट्टी में कुल 17 परिवारों को ट्रस्ट द्वारा राशन सामग्री वितरित की गई है। ट्रस्ट ने सभी टैक्सी चालकों को यह विश्वास भी दिलाया है की इस संकट की घड़ी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट उनके साथ खड़ा है। इसके अलावा भी यदि उनको किसी भी प्रकार की मूल सहायता की आवश्यकता पड़ी तो वे ट्रस्ट से संपर्क कर सकते हैं।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय के कुलपति पर एक बार फिर नियमों को ताक पर रखकर पिछले दरवाजे से नौकरियां बाटने का आरोप लगाया है। कुलपति ने पहले भी करोना काल में गुप चुप तरीके से सहायक आचार्यों के पद भरने का प्रयास किया था। इसके विरुद्ध एनएसयूआई ने आवाज उठाई और उन्हें पीछे हटना पड़ा। हिमाचल में करोना के चलते 14 जून तक सभी शैक्षणिक संस्थान बन्द किए गए है। ऐसे में विश्व विद्यालय ने माइक्रो बायोलॉजी, इतिहास विषय में छटनी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। कुलपति का यह रवैया हिमाचल के अनेकों छात्रों के विश्वास का घात कर रहा है। एनएसयूआई अध्यक्ष ने कुलपति से यह मांग की है कि वह बताए की ऐसी कौन की मजबूरी आन पड़ी है कि उन्हें नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए अयोग्य उम्मीदवारों को पदा सीन करना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई राज्यपाल महामहिम को पत्र सौंपकर ऐसे भ्रष्ट कुलपति को हटाने कि मांग करेगी। और इन अवैध नियुक्तियों को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी । इस से पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन को एनएसयूआई की पहल पर उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय से फटकार लगा कर घुटने के बल गिरा चुके हैं। सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी को देखते हुए आम छात्र न्यायालय पर ही उम्मीद लगाये हुए हैं ।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना कहर के बीच एक और झटका लगा है। सरकारी सीमेंट करीब 12 रुपये प्रति बैग महंगा हो गया है। इससे मनरेगा कार्य से लेकर लोनिवि के भवन, पुल और अन्य निर्माण कार्य करना महंगा हो गया है। पिछले माह एसीसी सीमेंट का सरकारी दाम 324 रुपये प्रति बैग था। अब यह बढ़कर 336 रुपये 22 पैसे हो गया है। मनरेगा के कामों में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट के रेट भी सात रुपये तक बढ़ गए हैं। सिविल सप्लाई की ओर से मिलने वाले सरकारी सीमेंट के रेट बढ़ने से सरकारी भवनों, पुलों और अन्य विकासात्मक कार्य करने के वाले लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान महंगाई बढ़ने से लोग पहले ही परेशान हैं। पेट्रोल और डीजल के बाद सरसों तेल और रिफाइंड के दामों में उछाल आया है। इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। अब अचानक सरकारी सीमेंट के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनावाें के लिए कल देर रात काे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के सरकारी आवास पर रणनीति बनी। हालांकि अभी भारत के निर्वाचन आयोग की ओर से उप चुनावाें के लिए ऐसा काेई शेडयूल जारी नहीं किया है, मगर प्रदेश भाजपा पहले ही अपनी तैयारियाें में हैं। दाे दिन पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दिल्ली प्रवास पर निकले। इस दाैरान हालांकि उन्हाेंने केंद्रीय मंत्रियाें से तुफानी मुलाकात कर हिमाचल के हित एवं लंबित प्राेजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन दूसरा मकसद मंडी संसदीय सीट, जुब्बल-काेटखाई और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में हाेने वाले उप चुनाव पर मंथन करना था। सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक पिछली रात यानी साेमवार काे सीएम जयराम ठाकुर ने जेपी नड्डा के साथ तीनाें उपचुनावाें पर संगठन की जीत दर्त करवाने के लिए लंबी चर्चा की। उससे पहले टिकट मसले पर भी मंथन हुआ। बताया गया कि मंडी संसदीय सीट से पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह और सैनिक कल्याण बाेर्ड के चेयरमैन ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के नाम पर चर्चा हुई। जबकि जुब्बल-काेटखाई विधनसभा सीट से पूर्व चीफ व्हिप स्व. नरेंद्र सिंह बरागटा के बेटे चेतन बरागटा के नाम पर चर्चा हुई, मगर फतेहपुर मसले पर याेग्य नेता तलाशने की बात चली। सूत्राें के मुताबिक सीएम जयराम ठाकुर के साथ दिल्ली दाैरे पर जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी माैजूद थे। दिल्ली के तुफानी प्रवास के बाद जयराम ठाकुर आज शिमला लाैटेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने रक्षा मंत्री के साथ राज्य में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में चर्चा की। जय राम ठाकुर ने उन्हें राज्य में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में अवगत कराया और सहयोग के लिए केन्द्र सरकार आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को भारत-तिब्बत सीमा पर अपने दौरे के बारे में भी अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राज्य को वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेषकर कांगड़ा, मंडी हवाई अड्डों में निवेश के लिए संसाधनों की कमी है, इसलिए राज्य के विकास के लिए वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि एशिया विकास बैंक (एडीबी) को वित्त पोषण के लिए 1892 करोड़ रुपये की एक पर्यटन परियोजना को मंजूरी वांछित है। उन्होंने इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राज्य को वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-2020 के लिए भारत सरकार से देय जीएसटी मुआवजा प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से हिमाचल पन बिजली और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए विश्व बैंक के साथ बातचीत में तेजी लाने का भी आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अन्तर्गत रज्जूमार्ग सम्पर्क को कनेक्टिविटी के लिए वैकल्पिक माध्यम के रूप में अनुमति देने पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के बारे में चर्चा करते हुए हिमाचल प्रदेश के कम संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महत्व की सभी रेल परियोजनाओं को पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित करने का भी आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला : राजधानी शिमला में तेंदुए की खाल और दांत की तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने न्यू शिमला में एक घर में दबिश देकर वहां से तेंदुए की तीन खालें, दो नाखून और दांत के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद खालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 40 लाख रुपये कीमत है। आरोपितों की पहचान 36 वर्षीय चौपाल निवासी गौरी दत्त औऱ उत्तराखंड के चंपावत निवासी 50 वर्षीय भीम सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों वर्तमान में न्यू शिमला के सेक्टर-1 और न्यू शिमला में किराये के मकानों में रह रहे थे। पुलिस पता लगा रही है कि तेंदुए की खालें व अंग आरोपितों के पास कहां से आई और यह खेप किसे दी जानी थी। न्यू शिमला के थाना प्रभारी विकास शर्मा मामले की जांच कर रहे हैं। जिला डीएसपी कमल वर्मा ने बताया वन्य जीवों के अंगो की तस्करी में संलिप्त दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके विरुद्ध न्यू शिमला पुलिस थाना में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। प्रदेश में इससे पहले भी वन्य जीवों की तस्करी करने वालों को पुलिस दबोच चुकी है। हिमाचल प्रदेश के वन क्षेत्र कई वन्य जीव रहते हैं। तस्कर इन्हें माैत के घाट उतारकर तस्करी करने से बाज नहीं आ रहे। पुलिस व वन विभाग की टीमें भी इन पर नकेल कसने में जुटी हुई हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सेना में भर्ती होने वाले परीक्षार्थियों की आयु में 1 वर्ष की छूट प्रदान करने की मांग को लेकर रक्षा मंत्री को पत्र भेजा। विदित रहे कि कोरोना जनित परिस्थितियों के कारण जहां जन-जीवन अस्त व्यस्त हुआ था, वहीं दूसरी तरफ भर्ती प्रक्रिया नियमित अंतराल में आयोजित नहीं हो पाई । कोविड-19 के कारण प्रतिबंधित क्षेत्रों में फंसे परीक्षार्थी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने से चूक गये। ऐसे अप्रत्याशित रूप से परीक्षा से वंचित रह जाने के कारण कड़ा परिश्रम कर रहे परीक्षार्थियों का सेना में सम्मिलित हो कर भारत माता की सेवा करने का स्वप्न पूर्ण नहीं हो पा रहा है। परीक्षार्थियों के साथ न्याय हो इसलिये उन्हें 1 अतिरिक्त प्रयास मिलना चाहिये। अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की "हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीर भूमि भी कहलाया जाता है। प्रदेश के युवाओं में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जुनून बहुत अधिक देखा जाता है। हिमाचल प्रदेश के हजारों युवा दिन-रात कड़ी मेहनत करके भारतीय सेना की परीक्षा की तैयारी करते हैं। परंतु पिछले 1 वर्ष से भारतीय सेना की परीक्षा का आयोजन ना होने की वजह से बहुत सारे युवाओं की आयु सीमा पूरी हो चुकी है। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने रक्षा मंत्री के समक्ष यह मांग रखी है कि ऐसे सभी युवाओं को सेना की भर्ती परीक्षा देने के लिए आयु सीमा में 1 वर्ष की विशेष छूट देनी चाहिए। ताकि प्रदेश के हजारों युवाओं ने जो भारतीय सेना में सेवाएं देने का सपना देखा था वे उस सपने को साकार कर सकें." अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “परीक्षा देने से वंचित रह गये विद्यार्थियों के हित को ध्यान रखते हुये अभाविप माननीय रक्षा मंत्री से यह मांग करती है कि भारतीय सेना में सभी तरह की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अभ्यर्थियों को एक वर्ष की आयु संबंधी छूट प्रदान की जाए, ताकि कोरोना जनित परिस्थितियों में अपने अंतिम अवसर से चूक गए अभ्यर्थी अपने अंतिम प्रयास में सोत्साह सम्मिलित हो सकें।”
कोरोना महामारी के इस दौर में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा शिमला शहर में निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सेवा की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। जिसमें ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा जरूरतमंदों तक निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को पहुंचाने का कार्य करेंगे। ट्रस्ट सचिव सुरेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाये जायेगा। जिसमे जिन मरीजों को सांस से संबंधित दिक्कत होगी तो वे आक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए हमे संपर्क कर सकते हैं और हम उन्हें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवायेंगे बिना कोई शुल्क लिए। ट्रस्ट सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने बताया की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट निरंतर शिमला जिला के अंदर विभिन्न प्रकार के माध्यम से सेवा कार्य करने का कार्य कर रहा है। जिसमें ट्रस्ट द्वारा शिमला में कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटाइन रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध करवाई जा रहीं है। संकट की इस घड़ी में ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में अभी तक तीन रक्तदान शिविर आयोजित करवाए जा चुके है। जिसके माध्यम से अभी तक 170 यूनिट रक्त एकत्रित कर प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल आई जी एम सी को भेजा गया।
सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सतत सहयोग प्रदान कर समुदाय के कल्याण के प्रति अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लोगों के जीवन को बचाने और संक्रमितों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर चुनकर आए सदस्यों व प्रतिनिधियों ने कोरोना की दूसरी लहर में जिला के बसंतपुर, मशोबरा, ठियोग, नारकंडा, ननखड़ी, रामपुर, जुब्बल, चैपाल, रोहड़ू, छौहारा कुपवी और टुटू समेत 407 पंचायतों में संक्रमण से बचाव और संक्रमित रोगियों की देखभाल के लिए सहयोग व सहायता प्रदान कर कार्य किया गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों व प्रतिनिधियों द्वारा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निरंतर निगरानी का कार्य किया जा रहा है होम क्वॉरेंटाइन में रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। बाहर से आए व्यक्ति जिला के इन क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में क्वॉरेंटाइन हैं जिनकी निगरानी व जांच कार्य निरंतर किया जा रहा है। जिनमें उस क्षेत्र के पंचायत सदस्यों पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा सहयोग मिल रहा है। पंचायती राज सदस्य व प्रतिनिधियों के सहयोग से जिला के विभिन्न पंचायतों में लक्षण प्राप्त 2710 लोगों की जांच का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में 635 विभिन्न विवाह व धार्मिक अनुष्ठान कार्यों का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया तथा इनमें भीड़ इकट्ठी ना होने देना की प्रतिबद्धता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाहन किया गया। होम आइसोलेशन रह रहे 1766 कोरोना संक्रमित रोगियों की जांच की गई। सभी विकास खंडों में सेनेटाइजेशन शिमला जिला की सभी विकास खंडों के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमण की जंग लड़ने में इनका सहयोग सार्वजनिक क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में भरपूर रूप से प्राप्त हुआ है जगह जगह गली मोहल्लाें, बाजाराें और पगडंडियों के सैनिटाइज के कार्यों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ इन पदाधिकारियों, सदस्यों ने अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोविड-19 सकारात्मक व्यवहार और कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष मानक संचालन की अनुपालना के प्रति जागरूकता प्रदान की गई। विभिन्न प्रचार सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाने और उस पर अमल कर कोरोना से बचाव के प्रति सचेत किया गया। मास्क वितरण कार्य तथा लोगों को मास्क बना कर समाज को प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया, विशेष रुप से स्वयं सहायता समूह का योगदान इसमें लेकर उन्हें सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। हाेम आइसोलेशन के लाेगाें काे दी दवाई होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को राशन, सब्जी, दवाइयां आदि की उपलब्धता पंचायतों द्वारा भी सुनिश्चित की जा रही है। जिला में 129 होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया। पंचायत प्रतिनिधि,पंचायत सचिव तथा पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोविड 19 जांच के लिए परस्पर जानकारी जुटाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है तथा टीकाकरण के लिए सभी विकास खण्डों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के दाह संस्कार आदि कार्यो में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में ई-पंचायत से ग्रामीण संसद यानी पंचायतों में औद्योगिक क्रांति आई है। पंचायती राज विभाग को पंचायतों के कार्यों की निगरानी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ई-पंचायत के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2020 में प्रथम और वर्ष 2021 में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ई-पंचायत के अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्लान प्लस, एलजीडी, जियो टैगिंग, एरिया प्रोफाइल, प्रिया साॅफ्टवेयर और नेशनल एसेट डायरेक्ट्री एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन कार्य किया जा रहा है। सभी पंचायतों में ऑनलाइन साॅफ्टवेयर के माध्यम से ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। इस सुविधा से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होने के अलावा जवाबदेही तय करने में भी सहायता मिली है। राज्य को 14 वें व 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र से मिली धनराशि से पंचायतों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचा है। इस राशि से पिछले तीन वर्षोंं की अवधि में 671 पंचायत घरों के निर्माण व मरम्मत कार्यों पर 35.74 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है और अब तक 1339 मोक्ष धामों का निर्माण किया गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से 15वें वित्त आयोग ने वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायतों के लिए 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें 214 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। नवगठित पंचायतों में भी चरणबद्ध तरीके से पंचायत घरों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य स्तर पर सचिव पंचायती राज, जिला कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) तथा खंड स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत समिति) के संपूर्ण पर्यवेक्षण और निरीक्षण में पंचायती राज संस्थाओं के लिए एक अलग तकनीकी विंग का गठन भी किया गया है, जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 1409 पद सृजित किए गए हैं। ग्रामीणों को घर-द्वार पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान लगभग 6.06 करोड़ कार्य दिवस अर्जित किए गए, जिसमें महलिाओं की भागीदारी 63 प्रतिशत रही। इस दौरान 1.32 लाख परिवारों ने 100 दिन से अधिक रोजगार प्राप्त किया जिस पर 1780.43 करोड़ रुपये व्यय किए गए। ग्रामीण विकास योजना के तहत पिछले तीन वर्षों मे 7135 मकान निर्मित किए गए तथा मुख्यमंत्री आवास मरम्मत योजना के तहत दो हजार लाभार्थियों को 5.68 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त राज्य के 12 जिलों के 80 विकास खण्डों में आजीविका मिशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रोशनी योजना के तहत गरीब परिवारों को 17,550 मुफ्त विद्युत कुनेक्शन भी प्रदान किए गए हैं। 3 साल में पंचायत प्रतिनिधियाें के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि जयराम सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय आठ हजार से 12000 रुपये और पंचायती समिति के अध्यक्ष के मानदेय को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपय किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों के मानदेय को तीन हजार से बढ़ाकर 4500 रुपये प्रति माह और ग्राम पंचायत सदस्यों का बैठक भत्ता बढ़ाकर 250 रुपये प्रति बैठक किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में कार्यरत सिलाई शिक्षकों के मासिक पारिश्रमिक को बढ़ाकर 6800 रुपये किया गया है। पंचायत चाैकीदारों को अब 5300 रुपये प्रति माह वेतन प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भी कारगर प्रयास किए है। महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है ताकि महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर किए जा रहे विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके। राज्य में हाल ही में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 124 जिला परिषद सदस्य, 873 पंचायत समिति सदस्य, 12422 पंचायत सदस्य और 1828 महिला प्रमुख सहित विभिन्न पदों पर 15,249 महिलाएँ चुनी गई हैं। काेराेना संकट में पंचायताें की भागीदारी हुई सुनिश्चित राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने में भी पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की है। पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय निवासियों को कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा कोरोना योद्धाओं का सहयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। राज्य में कोविड-19 महामारी की शुरुआत से ही पंचायती राज संस्थाओं ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारन्नटीन केंद्र स्थापित करने में सहायता प्रदान करने के अतिरिक्त स्वच्छता जागरुकता और कोविड-19 बचाव संबंधी उपायों के बारे में प्रचार सामग्री वितरित की। सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर मास्क उत्पादन के लिए अभियान चलाया गया और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए गए। प्रतिनिधियाें काे दी गई ट्रेनिंग, ताकि तेज हाे विकास की रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों मे विकास कार्यों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी गई। जिसके लिए पांच जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, सोलन, मंडी और बिलासपुर में जिला संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि किन्नौर, सिरमौर और शिमला संसाधन केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंचायत स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी सम्बंधित सेवाएं एक छत के नीचे प्रदान करने के लिए राज्य में 598 सामान्य सेवा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2021-22 में 2982 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिछले तीन वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं के 26500 प्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत सचिवों को ट्रेनिंग दी गई। पंचायतों का पर्यावरण, जल संरक्षण तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने में सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हुआ है, बल्कि इन क्षेत्रों के लोग विकास की मुख्यधारा से भी जुड़े हैं, हरेक पंचायताें काे ऑनलाइन किया गया। हमारी सरकार ने तीन वर्षाें के दाैरान पंचायत प्रतिनिधियाें के मानदेय में हर साल बढ़ाैतरी की।
जयराम मंत्रिमंडल के कोरोना कर्फ्यू में रियायत न बढ़ाने के चलते सोमवार से एक बार फिर बाज़ार सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगे। व्यापारी संगठनों के दबाव के बीच सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कोविड को नियंत्रित करने के लिए एक सप्ताह और सख्ती रखने की सिफारिश को मानते हुए कर्फ्यू को 14 जून तक बढ़ा दिया था। हालांकि 11 जून के होने वाली कैबिनेट की बैठक में कर्फ्यू जारी रखने और रियायतों को बढ़ाने पर चर्चा कर फैसला लिया जा सकता है। वहीं, सोमवार को भी सरकारी दफ्तरों में 30 फीसदी स्टाफ के साथ ही कामकाज होगा। अधिकारियों ने पहले ही रोस्टर जारी कर दिए थे जिसके अनुसार पिछले हफ्ते कर्मचारी कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि कुछ अधिकारियों ने कामकाज में परेशानी का हवाला देते हुए जरूर उच्चाधिकारियों को कम से कम 50 फीसदी कर्मचारियों को बुलाने की बात कही है।
आईजीएमसी शिमला से दाखिल ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए चिकित्सकों को अब तक तीन मरीजों की एक-एक आंख निकालनी पड़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा नहीं करने से मरीजों की हालत और गंभीर हो सकती थी। इसके अलावा अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित एक मरीज की गंभीर हालत होने के चलते वेंटिलेटर पर दाखिल किया गया है। यह मरीज लगातार चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन है। आईजीएमसी में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस से पीड़ित 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें हमीरपुर के रहने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। आईजीएमसी के ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नाक में दिक्कत, नाक बंद होना, दाग धब्बा और तालू में समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। जरा सी लापरवाही करने से यह बीमारी जानलेवा बन सकती है।
ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आज यहां पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों व योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर वीरेन्द्र कंवर ने अधिकारियों को विभाग के कार्य नर्बाध रूप से जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुचांया जा सके। पशुपालन मंत्री ने हिमाचल की सड़कों को बेसहारा गौवंश मुक्त करने को समयबद्ध कदम उठाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के लिए शीघ्र ही एक समर्पित हेल्पलाइन नम्बर जारी किया जाना चाहिए ताकि प्रदेशवासियों को आवश्यक जानकारी विभाग की हेल्पलाइन के माध्यम से आसानी से प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को पशुपालकों के एनिमल हेल्थ कार्ड का कार्य शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए। वीरेन्द्र कंवर ने प्रगतिशील डेयरी फार्मर्स को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कार्य योजना बनाने को कहा। इससे पशुपालन के तौर तरीकों में आशातीत सुधार होगा और प्रदेश के पशुपालक लाभान्वित होंगे। उन्होंने गौशालाओं व गौ अभ्यारण्य के विकास व इनमें प्रदान की जाने वाली सुविधाओं को और सशक्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिमला। राज्य सरकार द्वारा वैश्विक कोरोना महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने व इस बीमारी से संक्रमित लोगों के जीवन को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं, उचित देखभाल व उपचार के परिणामस्वरूप कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में तैनात हजारों चिकित्सकों,नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों द्वारा प्रदान की जा रही बहुमूल्य सेवाओं के फलस्वरूप अब तक प्रदेश में एक लाख 81 हजार 972 लोग इस महामारी को मात देकर स्वस्थ हो चुके है। प्रदेश में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों के अब तक 194727 मामले सामने आ चुके है, जिनमें से 181972 मरीज स्वस्थ्य हो कर अपने-अपने परिवार संग हंसी खुशी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। राज्य में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या अब 9484 रह गई है।राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में व्यापक स्तर पर कोरोना परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों सहित अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड महामारी के परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवा कोरोना टेस्ट किए जा रहे है। प्रदेश में अब तक 2005214 लोगों का कोविड परीक्षण पाए गए हैं, जिसमें 1809866 लोगों का कोरोना परीक्षण नेगेटिव पाए गए हैं। प्रदेश में ब्लैक फंगस के 16 मामले भी सामने आए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना महामारी को मात देकर जिदंगी की जंग जीतने वाले लोगों में कांगड़ा जिला प्रदेश भर में सबसे अग्रणी बना हुआ है। कांगड़ा जिला में अब तक सबसे ज्यादा 41052 कोरोना मरीज ठीक हुए है। जबकि दूसरे स्थान पर जिला मंडी है। मंडी जिला में ठीक होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या 24651 है। इसके अलावा जिला बिलासपुर में 11709, जिला चंबा में 9224, जिला हमीरपुर में 12863, जिला किन्नौर में 2748, जिला कुल्लू में 7889, जिला लाहौल स्पीती में 2510, जिला शिमला में 22705, जिला सिरमौर में 14034, जिला सोलन में 20730 और जिला ऊना में 11857 लोग कोरोना महामारी से स्वस्थ हो चुके है।
शिमला। सीएम जयराम ठाकुर आज दिल्ली दौरे पर निकल गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ वे तीन दिन तक दिल्ली में डटे रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाक़ात करेंगे। पीएम मोदी से भी मिलने का प्रोग्राम है। प्रदेश में कोरोना की स्थिति और प्रदेश में होने वाले तीन उपचुनावों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। बताया गया कि जयराम ठाकुर 8 जून को दिल्ली से शिमला वापस लौटेंगे। जयराम का अचानक दिल्ली दौरे से कई सियासी अटकलें लगाई जा रही है।
पूर्व बागवानी मंत्री व विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया। कोटखाई स्थित बरागटा के पैतृक गांव टहटोली स्थित श्मशानघाट में संस्कार किया गया। शनिवार देर शाम पार्थिव देह गांव पहुंचा दी थी। 68 वर्षीय बरागटा 13 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ था। सांस में दिक्कत के कारण पीजीआइ चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। इस दौरान शनिवार सुबह उनकी देहांत हो गया। नरेंद्र बरागटा तीन बार विधायक का चुनाव जीते थे व दो बार मंत्री रहे। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज सहित अन्य मंत्री, विधायक व नेताओं ने भी नरेंद्र बरागटा को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने वर्तमान सरकार में मुख्य सचेतक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संगठन, सरकार एवं ऊपरी शिमला के बागवानी क्षेत्र जिसके लिए नरेंद्र बरागटा ने हमेशा संघर्ष किया है। उनका ऐसे समय में जाना पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने पार्टी के विभिन्न दायित्वों का समय-समय पर निर्वहन किया है और जिस काम को उन्होंने करने का प्रण लिया उसे पूरा किया। सरकार में भी उन्होंने कई बार मंत्री के रूप में प्रदेश के बागवानों की सेवा की, स्वास्थ्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री और विभिन्न दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि आज जुब्बल, नावर एवं कोटखाई क्षेत्र के लिए लिए भी यह बहुत बड़ी क्षति है। नरेंद्र बरागटा ने हमेशा जनता की सेवा की है और सभी समस्याओं का समाधान किया है। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा एक लोकप्रिय नेता थे, जिनका प्रदेश के विकास, विशेषकर बागवानी क्षेत्र में बहुत योगदान रहा और उनका निधन अपूर्णीय क्षति है। नरेन्द्र बरागटा का दुःखद निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है क्योंकि वह एक समर्पित भाजपा नेता थे और विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहते थे।
स्पूतनिक वी वैक्सीन तैयार करने के लिए हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित पनेशिया कंपनी 20 जून तक स्टेट ड्रग कंट्रोलर से लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। अभी तक कंपनी ने केवल टेस्ट ट्रायल के लिए लाइसेंस लिया है। टेस्ट में खरा उतरने के बाद अब व्यावसायिक उत्पादन के लिए कंपनी लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। दिल्ली के उच्च न्यायालय ने कंपनी को टीके बनाने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार को 14 करोड़ जारी करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से पनेशिया को उम्मीद बंधी है। अगर यह राशि कंपनी को मिलती है तो रूसी कोविड टीके स्पूतनिक वी के उत्पादन में तेजी आएगी। आदेश के मुताबिक स्पूतनिक वी वैक्सीन की बिक्री आय का 20 प्रतिशत रजिस्ट्री के माध्यम से जमा किया जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में कोरोना वैक्सीन की कमी को देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं।
कोरोना के चलते हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक युवाओं के लिए नौकरी का अवसर लेकर आया है। बैंक नियमित आधार पर जूनियर क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के 149 पद भरने जा रहा है। इन पदों को भरने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बैंकों के लिए भर्ती करने वाली एजेंसी आईबीपीएस ऑनलाइन परीक्षा लेगी। भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए 2 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। चुने जाने वाले अभ्यर्थियों को करीब 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। अभ्यर्थी के 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंक हों और 18 से 45 वर्ष के बीच उम्र हो। आवेदन करने के लिए बैंक की वेबसाइट पर लिंक शनिवार से खुल गया है। 15 दिन पहले परीक्षा को लेकर सूचना मिलेगी। 149 पदों में से जूनियर क्लर्क के सीधी भर्ती के तहत 103 पद, सहकारी सोसायटी के कर्मियों और पीएसीएस के प्रशिक्षित सचिवों के लिए 15 फीसदी पद आरक्षित हैं। यानी इस कोटे से जूनियर क्लर्क के 33 पद भरे जाएंगे। प्रशिक्षित सचिव के दायरे में न आने वालों के लिए आठ पद आरक्षित हैं। इसके अलावा स्टेनो-टाइपिस्ट के पांच पद भरे जाएंगे। स्टेनो/स्टेनो टाइपिस्ट के पद भरने के लिए बैंक प्रबंधन स्किल टेस्ट भी लेगा। वंही लड़कियों को भी परीक्षा में शामिल होने के लिए 800 रुपये फीस चुकानी होगी। बैंक प्रबंधन ने बताया कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से बीते दिनों हुई परीक्षा में लड़कियों से फीस नहीं ली गई थी। अब आईबीपीएस के माध्यम से परीक्षा करवाई जा रही है। ऐसे में फीस भरनी होगी। हालांकि लड़कियों की फीस कम की है। सामान्य वर्ग को 1000 रुपये और आरक्षित वर्ग को 800 रुपये फीस देनी होगी। बाहरी राज्यों के आरक्षित वर्ग सामान्य श्रेणी के पदों के लिए कर सकेंगे आवेदन बाहरी राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के पदों के लिए आवेदन करना होगा। हिमाचल से दसवीं या बारहवीं कक्षा पास करने वाले और बोनोफाइड हिमाचली भी भर्ती में शामिल हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के निर्णय के अनुरूप 2020-21 की 10+2 परीक्षाओं को रद्द करने का भी निर्णय लिया। यह निर्णय लिया गया कि एचपी बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन सीबीएसई द्वारा तैयार किए जा रहे फॉर्मूले को ध्यान में रखते हुए छात्रों के पुरस्कारों की गणना के लिए एक फॉर्मूला तैयार करेगा और उसके अनुसार अंतिम परिणाम घोषित करेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कुछ छात्र आने वाले परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें परीक्षा के संचालन के लिए अनुकूल स्थिति होने पर आयोजित की जाने वाली विशेष परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि अस्पतालों से घर वापसी के लिए रिहा किए गए कोविड-19 रोगियों के लिए टेलीफोन पर परामर्श सुनिश्चित किया जाए। यह भी निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग सीधे वैक्सीन उत्पादकों से अधिक टीकों की खरीद के लिए और विकल्प तलाशे। इससे पूर्व मंत्रिमण्डल ने शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के मुख्य सचेतक एवं विधायक नरिंदर बरागटा के दुखद निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिपरिषद ने नरिंदर बरागटा के योगदान की सराहना की, विशेष रूप से राज्य में बागवानी क्षेत्र के विकास में। दिवंगत नेता के सम्मान में कैबिनेट द्वारा दो मिनट का मौन भी रखा गया।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा की आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के द्वारा ज़िला व विधानसभा स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाया गया। युवा कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में पर्यावरण दिवस को मनाया गया और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाई। नेगी ने कहा कि सभी ने अपने आस पास पेड़ पौधे लगाए और धरती की हरियाली को बढ़ाने के लिए आप सभी कृतसंकल्प हो तथा लगे हुए पेड़ पौधों का अस्तित्व बनाए रखने का प्रण ले व सहयोग करें। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन इन तीन तत्वों के बिना मानव जीवन अधूरा है। नेगी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व को समझाने के लिए हर साल दुनिया भर के लोग 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाते है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठा सके। पर्यावरण और मनुष्य एक दूसरे के बिना अधूरे है, अर्थात मनुष्य पर्यावरण पर पूरी तरह से निर्भर है, पर्यावरण के बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकता है, इसलिए हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमे सड़कों या सार्वजनिक क्षेत्रों में कचरा न फेंकने की पहल करनी चाहिए, साथ ही हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने को अपना कर्तव्य मानना चाहिए, क्योंकि स्वच्छ वातावरण में रहने से ही एक स्वस्थ मनुष्य का निर्माण और विकास होगा
रामपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रामपुर बुशहर सर्वहितकारी व्यापार मंडल के सदस्यों ने एसडीएम रामपुर सुरेंदर मोहन और डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर के साथ आज वृक्षारोपण किया। रामपुर के खनेरी में फारेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा चिन्हित स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया। कोरोना काल में जहां लोग ऑक्सीजन की कमी से अपनी ज़िंदगी से हाथ धो रहे है। वहीं प्रकृति मानव को सीधा संदेश दे रही है कि यदि मानव यूं ही प्रकृति से खिलवाड़ करता रहेगा तो उसे और भी दुष्कर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हर व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष तो लगाए। इन्हीं परिस्थितियों को सुधारने के लिए सर्वहितकारी व्यापार मंडल ने डीएसपी रामपुर और एसडीएम रामपुर द्वारा रखे गए वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


















































