अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश द्वारा कोरोना महामारी को बढ़ने से रोकने के लिए 15 जून से 25 जून तक "मिशन रक्षक" अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अभाविप जिला शिमला के कार्यकर्ता भी अपने-अपने क्षेत्र में लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क वितरित, टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित करना व बहुत से जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। शिमला महानगर मंत्री रितिक पालसरा ने बताया कि मिशन रक्षक के अंतर्गत शिमला जिला के कार्यकर्ता गांव-गांव में जाकर डोर टू डोर कैंपेन के माध्यम से लोगों को जागरुक करने का कार्य कर रहे। इसमें विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सभी लोगों को टीकाकरण के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। इस अभियान में शिमला जिला के सभी महाविद्यालय इकाई के कार्यकर्ता अपने-अपने गांव में विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि ऐसे समय में हम सभी को समाज के उत्थान के लिए, समाज के बचाव के लिए, प्रत्येक जनमानस की जान की परवाह करते हुए, एक दूसरे के सहयोग में खड़े होना चाहिए। इसी के साथ बहुत जल्द इस वैश्विक महामारी से जीत हासिल कर भारत को कोरोना मुक्त बनाने में सफल होंगे। उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है।
शिमला के रामपुर के तकलेच में चलाड़ी ढांक में सड़क हादसा सामने आया है। जिसमें ऑल्टो कार नंबर(HP-06A-8733) खाई में जा गिरी है। सूचना के अनुसार कार में चार लोग सवार थे। जिनमें दो महिलाएं एक व्यक्ति और एक छोटी बच्ची सवार थी। इन चारों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल घायलों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार गाड़ी गिरने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। फिलहाल घायलों को सीएचसी तकलेच में ईलाज़ के लिए ले जाया गया है। पुलिस मौके पर है और हादसे की जांच कर रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष , हिमाचल पंजाब एवं हरियाणा के प्रभारी सौदान सिंह भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल चक्कर पहुंचे। उनका स्वागत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, मुख्यप्रवक्ता रणधीर शर्मा एवं अनेको कार्यकर्ताओ ने किया। मुख्यालय में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने समस्त पदाधिकारियों के साथ "कोविड चुनौती का सामना-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संकट का मुकाबला करता राष्ट्र " इस विषय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा एक व्याख्यान /प्रस्तुतीकरण देखी।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा में बदलाव के लिए केंद्र सरकार से 750 करोड़ का बजट मिल सकता है। बीते दिनों हुई पीएबी की ऑनलाइन बैठक में शिक्षा विभाग ने केंद्र को 1600 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का प्रस्ताव दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष करीब 750 करोड़ का बजट मिलने की उम्मीद है। 20 जून के बाद प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की सिफारिश पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय प्रदेश के लिए राशि स्वीकृत करेगा। विद्यार्थियों के कम्यूनिकेशन स्किल बढ़ाने के लिए लैब बनाने को बजट मांगा गया है। शिक्षा विभाग ने इस बार एक नई पहल करते हुए वोकेशनल हब एंड स्कोप लैब बनाने की पेशकश भी केंद्र सरकार के समक्ष रखी है। इसके तहत बड़े स्तर पर कुछ जगहों में लैब का निर्माण किया जाएगा। आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो-दो दिन यहां बुलाया जाएगा। इसके लिए ट्रांसपोर्ट खर्च भी विभाग ही वहन करेगा। यहां विद्यार्थियों के कौशल को निखारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। हर घर पाठशाला कार्यक्रम को और अधिक विस्तार देने के लिए भी बजट मांगा गया है। वोकेशनल शिक्षा, प्री प्राइमरी शिक्षा, आईसीटी लैब, रोबोटिक शिक्षा और कम्यूनिकेशन स्किल बढ़ाने पर इस वर्ष बजट को खर्च किया जाएगा। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक आईसीटी (कंप्यूटर) लैब का दायरा बढ़ाया जाना अब बहुत जरूरी हो गया है। केंद्र से सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लैब बनाने की मांग की गई है। प्रदेश में अभी 3840 प्री प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं। इनकी संख्या और 950 बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।
करुणामूलक आश्रितों को उपचुनाव से पहले वन टाइम सेटलमेंट दे सरकार, वरना होगा मिशन डिलीट- करुणामूलक संघ
करुणामूलक संघ ने प्रदेश सरकार के प्रति अपना रोष प्रकट किया है। संघ का मानना है कि राज्य सरकार तकरीबन 15 साल से करुणामूलक आश्रितों की अनदेखा करती आ रही है। प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि करुणामूलक आश्रित लम्बे समय से नौकरी का इंतज़ार कर रहे है, दिन प्रतिदिन आश्रितों की उम्र निकलने के कारण आश्रित बाहर होते जा रहे है, लेकिन सरकार द्वारा उन्हें अनदेखा किया जा रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा स्क्रीनिंग कमेटी बिठाकर स्क्रीनिंग तो हो गई है पर अभी तक सरकार द्वारा नियुतियाँ नही दी जा रही है। जब भी करुणामूलक नौकरी बहाली का मुद्दा उठता है, तो थोडी बहुत हलचल होने के बाद मुद्दे को दबा दिया जाता है। कोविड-19 महामारी के इस दौर में इन परिवारों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक स्थिति डगमगाने के कारण इन परिवारों को महामारी के इस दौर में खाने पीने तक के लाले पड़ गए है। बता दें कि करुणामूलक संघ लम्बे समय से करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए संघर्ष कर रहा है। करुणामूलक संघ का कहना है कि चुनावों के दौरान करुणामूलक मुद्दा उठाया जाता है व जैसे ही चुनाव खत्म हो जाते है ये मुद्दा फिर दबा दिया जाता है। करुणामूलक आश्रितों को चुनाव के समय सिर्फ वोट बैंक का जरिया समझा जाता है। करुणामूलक संघ का कहना है कि आश्रितों की मांगों को अनदेखा न किया जाए वर्ना उपचुनावों व 2022 के चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। करुणामूलक संघ ने सरकार को दो टूक शब्दों में कह दिया है कि करुणामूलक आश्रित जो पॉलिसी में आ रहे है उन्हे उपचुनाव से पहले अथवा आगामी कैबिनेट में वन टाइम सेटलमेंट देकर एक साथ नियुक्तियाँ दी जाए, वर्ना करुणामूलक परिवार मिशन डिलीट में कोई कसर नही छोड़ेंगे।
कोरोना काल के दौरान मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियम और कायदे केवल आम जनता के लिए हैं। हिमाचल पुलिस आम जनता के मास्क ना पहनने पर चालान काटती है लेकिन बात जब खुद पर आती है तो चुपी साध लेती है। ऐसा हम नहीं, तस्वीर बयान कर रही है। बुधवार को बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर चंडीगढ़ से शिमला पहुंचे। शिमला में अनुपम ने डीजीपी संजय कुंडू समेत कई अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान पुलिस अधिकारी और अनुपम खेर बिना मास्क के नजर आए। जानकारी के अनुसार, बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर बुधवार शाम को अपनी मात जी के साथ शिमला आए हैं। गुरुवार को अनुपम खेर पुलिस मुख्यालय पहुंचे जहाँ उन्होंने डीजीपी के अलावा, अन्य पुलिस अफसरों से मुलाकात और बातचीत की। डीजीपी संजय कुंडू ने उन्हें शॉल और पहाड़ी टोपी देकर सम्मानित किया। इसकी तस्वीरें शाम को पुलिस ने जारी की तो सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या नियम कायदे काम आम लोगों के लिए ही हैं? सवाल उठने लगे तो शिमला पुलिस भी एक्टिव हुई और हिमाचल प्रदेश पुलिस के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर पोस्ट पर किए कमेंट्स डिलीट कर दिए। बता दें कि तस्वीर में नजर आ रहे 19 लोगों में डीजीपी संजय कुंडू, शिमला के एसपी मोहित चावला, शिमला की पूर्व एसपी सौम्या सांबशिवम, अनुपम खेर के अलावा, कई पुलिस अफसर है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह, पूर्व विधायक सुभाष मंगलेट, कांग्रेस महासचिव महेश्वर चौहान, प्रदेश कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल, सुशांत कपरेट, शर्मिला पटियाल, रीना, उज्वल मेहता, युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर, रूपेश कंवल,वे द प्रकाश शर्मा, दिनेश सिंगटा, संजय ठाकुर सहित अनेक ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के पैतृक गांव जाकर उनकी माताश्री के निधन पर दुःख प्रकट करते हुए राठौर सहित उनके शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री जयरम ठाकुर ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उनका सामाजि-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के दो बच्चों को दी जाने वाली जन्मोत्तर अनुदान राशि को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये किया है। यह धनराशि जन्म के समय जन्मोत्तर अनुदान राशि और छात्रवृत्ति योजनाओं को युक्तिसंगत और एकीकृत कर सावधि जमा के रूप में प्रदान की जा रही है।जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी बीपीएल परिवारों की लड़कियों को उनकी शादी के समय 31,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘शगुन’ योजना भी शुरू की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी पात्र कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी प्रदान कर रही है। वर्तमान में 875 करोड़ रुपये व्यय कर 5.77 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 40,000 अतिरिक्त लाभार्थियों को कवर किया जाएगा। राज्य सरकार 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को 1500 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से सरकार ने स्वर्ण जयंती नारी संबल योजना के तहत 65 से 69 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र वृद्ध महिलाओं के लिए बिना किसी आय सीमा से सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लगभग 60,000 पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6.60 लाख लोगों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत कवर किया जा रहा है, जिस पर प्रतिवर्ष 1050 करोड रुपये व्यय किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि गृहिणी सुविधा योजना के तहत महिलाओं को प्रदूषण और धूएं से निजात दिलाने में वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2.92 लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत नए पात्र परिवारों को भी मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है।
शिमला: कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा के तीन दिवसीय मंथन शिविर की कटाक्ष करते हुए कहा हैं कि एक तरफ प्रदेश गम्भीर चुनोतियों से जूझ रहा है और भाजपा प्रदेश में तीन उपचुनावों की रणनीति बनाने में लगी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा को प्रदेश की नही सत्ता की ज्यादा चिंता है। भाजपा का इस चिंतन शिविर में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी पर कोई चिंतन नही हुआ, केवल चुनावों की चर्चा के साथ यह पूरा हुआ है। कांग्रेस ने पेट्रोल व डीज़ल के मूल्यों में हर रोज बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि सरकार देश के लोगों को दोनों हाथों से लूट रही है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ कोरोना की मार, दूसरी तरफ जरूरी खाद्यान्न वस्तुओं की बढ़ती महंगाई व डीज़ल पेट्रोल के हर रोज बढ़ते दामों ने विशेष कर मध्यम वर्ग के लोगों के जीवन पर व्यापक असर डाला है और सरकार अपनी तिजोरी भरने में लगी है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन हर्षवर्धन ने कहा है की पूर्व यूपीए सरकार के समय जब पेट्रोल व डीज़ल के एक आध महीने में 5 व 10 पैसे भी बढ़ जाते थे तो आज सत्ता पर बैठे भाजपा के यह नेता बड़े बड़े ढोल पीटते नही थकते थे। आज यही नेता इस बढ़ती महंगाई पर खामोश बैठे है, व हर रोज इसके दामों में वृद्धि कर रहें हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में भारी कमी के बाबजूद देश मे इसके मूल्य आसमान छू रहें है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय गैस सिलेंडर 350 रुपए में उपलब्ध होता था, आज यही गैस सिलेंडर 906 रुपये का मिल रहा है, ऊपर से अब इसकी सब्सिडी भी नाम मात्र की रह गई है। हर्षवर्धन ने आरोप लगाया है कि तेल कंपनियों के साथ सांठगांठ के चलते हर रोज इसके मूल्यों में बढ़ोतरी की जा रही है। पिछले साल इन तेल कंपनियों ने कोरोना काल मे 50 हजार करोड़ से अधिक का मुनाफा कमाया है। उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि आज देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह अस्त व्यस्त होकर रह गई है।देश की विकास दर निम्न स्तर से भी नीचे चली गई है।बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। हर्षवर्धन ने प्रदेश सरकार के कामकाज पर भी अंसतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जयराम सरकार हर मोर्चे पर विफल रही हैं।उन्होंने कहा कि इस सरकार का न तो कोई विजन है और न ही कोई सोच है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उपचुनावों के दृष्टिगत अब इसकी चिंतन बैठकों का दौर शुरू हो गया है।उन्होंने कहा है कि भाजपा को इन उपचुनावों में मुंह की खानी पड़ेगी।प्रदेश में महंगाई व जयराम सरकार की अकुशलता ही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा।कांग्रेस इन चुनावों में जीत हासिल करेगी।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कि राज्य में अब तक 21,88,947 व्यक्तियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है, जिनमें 4,38,750 लोग दूसरी खुराक भी ले चुके हैं। राज्य में 85650 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं और 178047 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई गई है। प्रवक्ता ने कहा कि 17 मई, 2021 को प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान आरम्भ होने के बाद, एक माह के अंदर 2,03,487 लोगों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में टीकाकरण अभियान आरम्भ होने से राज्य में अब तक 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 9,84,687 और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 7,37,076 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। प्रवक्ता ने कहा कि जिला बिलासपुर में 3805 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 3294 को दूसरी खुराक, 10498 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2148 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 10679 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 112372 लोगों को पहली खुराक व 29665 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 45.6 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। जिला चंबा में 5972 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4832 को दूसरी खुराक, 10780 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3036 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14092 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 116974 लोगों को पहली खुराक व 18649 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.2 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। जिला हमीरपुर में 5631 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4654 को दूसरी खुराक, 8737 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2312 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 12066 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 150613 लोगों का पहली खुराक व 27197 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 49.5 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। कांगड़ा जिला में 16779 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 13700 को दूसरी खुराक, 25970 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 7317 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 43877 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 391513 लोगों का पहली खुराक व 66213 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.4 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। किन्नौर में 1104 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 978 को दूसरी खुराक, 6085 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2191 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 3797 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 22076 लोगों का पहली खुराक व 5637 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 46.0 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। कुल्लू जिला में 5722 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4085 को दूसरी खुराक, 9537 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2722 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 13052 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 100379 लोगों का पहली खुराक व 21605 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 36.6 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। लाहौल स्पीति में 612 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 449 को दूसरी खुराक, 1840 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 451 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 968 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 7603 लोगों का पहली खुराक व 2510 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 42.3 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। मंडी जिला में 12859 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 11421 को दूसरी खुराक, 17829 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 4860 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 26930 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 260215 लोगों का पहली खुराक व 57935 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.4 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। शिमला जिला में 13077 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 10333 को दूसरी खुराक, 31850 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 8530 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 25601 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 202886 लोगों का पहली खुराक व 35389 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 40 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। सिरमौर जिला में 6861 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 5158 को दूसरी खुराक, 14124 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2706 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14524 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 84200 लोगों का पहली खुराक व 15665 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 30.5 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। सोलन जिला में 8398 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 5989 को दूसरी खुराक, 31764 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3168 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 23149 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 132079 लोगों का पहली खुराक व 14236 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 41.1 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला में 4830 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4164 को दूसरी खुराक, 9033 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3055 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14752 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 140853 लोगों का पहली खुराक व 32476 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 36.3 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। प्राथमिकता रणनीति के आधार पर विभिन्न आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि जब भी लाभार्थी वैक्सीनेशन सत्र की योजना बनाएं और शेड्यूल निर्धारित करे तब वे यह टीकाकरण के लिए आना अवश्य सुनिश्चित करे। इससे वैक्सीन की कम से कम वेस्टेज और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।
वन मन्त्री राकेश पठानिया ने आज यहां जल भंडारण योजना पर आयोजित एक कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में आगामी दो वर्षों में 8 से 10 लाख लीटर जल ग्रहण क्षमता की लगभग तीन हजार बड़ी जल भंडारण संरचनाएं तैयार की जाएंगी। जल भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर 100 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे और इस वित्त वर्ष के दौरान 150 जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लभग 90 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में निवास करती है जिनकी आय का मुख्य स्त्रोत कृषि व बागवानी है। इसलिए ग्रामीण समुदाय को वर्ष भर सिचांई सुविधा उपलब्ध करवाने से उनकी आय में कई गुणा वृद्धि हो सकती है। जल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जल भण्डारण योजना का शुभारम्भ किया गया है। योजना के तहत वन क्षेत्रों में जल संग्रहण के लिए जल भंडारण संरचनाओं व बांधों का निर्माण किया जाएगा। जल भंडारण बांधों के निमार्ण से भूमि कटाव को रोकने में सहायता मिलेगी और साथ ही भूजल के स्तर में भी वृद्धि होगी। राकेश पठानिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण कम वर्षा होने तथा एक वर्ष में सूखे दिनों की संख्या बढ़ने की स्थिति हमारे सामने आई है। वनों में जल भण्डारण संरचनाओं से पानी को अधिक समय तक रोकने मेें सहायता मिलेगी। इन संरचनाओं को हमें तकनीकी पहलुओं की जानकारी के साथ समयबद्ध रूप से बनाना होगा जिससे एकीकृत जल का निरन्तर उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हमें जल संरचनाओं के जलागम क्षेत्रों में भी छोटे-छोटे चैक डैम का निर्माण करना होगा जिससे प्रमुख सरंचनाओं में गाद इत्यादि नहीं भरेगी और अधिक समय तक कार्य कर पांएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन निशा सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मिलकर इस योजना की सफलता के लिए कार्य करना होगा। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन बल डाॅ. सविता ने कहा कि हमें जलागम क्षेत्र के वनों में भी सुधार करना होगा ताकि जल एवं मृदा को वनों में ही रोका जा सके तथा धरती के जल स्तर में वृद्धि की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल प्रबन्धन राजीव कुमार, प्रबन्ध निदेशक वन विकास निगम अजय श्रीवास्तव, मुख्य परियोजना निदेशक आई.डी.पी. डाॅ. पवनेश, मुख्य परियोजना अधिकारी जाईका नागेश गुलेरिया तथा विभिन्न वन वृत्तों के मुख्य अरण्यपाल एवं अरण्यपालों ने कार्यशाला में भाग लिया।
आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर में कार्यकर्ता, टूटू एवं चलौंठी केन्द्र में सहायिका के रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए 29 जून को साक्षात्कार की तिथि निर्धारित की गई है। यह जानकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) ममता पाॅल ने दी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र चलौंठी के लिए उपमण्डलाधिकारी शिमला (शहरी) तथा आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर व टुटू के लिए उपमण्डलाधिकारी शिमला (ग्रामीण) के कार्यालय में प्रातः क्रमशः 11 बजे व 12 बजे आयोजित किए जाने है। इससे पूर्व 6 मई को हिमाचल सरकार द्वारा कोविड कर्फ्यू के चलते 10 मई, को होने वाले साक्षात्कार को स्थगित किया गया था। उन्होंने बताया कि जिन अभ्यार्थियों ने पहले ही कार्यालय में आवेदन किया है वह साक्षात्कार के लिए मान्य है तथा वाॅक इन इन्टरव्यू होने के कारण साक्षात्कार के दिन भी आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) लटावा हाउस निगम विहार शिमला के कार्यालय दूरभाष नम्बर 0177-2623124 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
जल शक्ति, राजस्व, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर 18 व 19 जून को विधानसभा क्षेत्र रामपुर के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्त्ता ने दी। जल शक्ति मंत्री 18 जून को खोलीघाट, ननखड़ी, बाहली, तकलेच, दयोठी, धनसा, मशनु तथा सराहन क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकासात्मक कार्यों का जायजा लेंगे। इस दौरान महेन्द्र सिंह ठाकुर अधिकारियों से क्षेत्र में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करेंगे और उनमें आने वाली समस्याओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करेंगे ताकि सरकार के ध्यान में लाकर उनका निवारण किया जा सके। 19 जून को वे सराहन के साथ-साथ गानवी, झाखड़ी, रामपुर तथा नीरथ आदि क्षेत्रों में जाकर विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में जायजा व जानकारी प्राप्त करेंगे व जन समस्याएं भी सुनेंगे।
हिमाचल प्रदेश में अब धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण के मामले कम होने लगे है। इसी के चलते राज्य लोक सेवा आयोग ने विभिन्न पदों की भर्तियां का शेड्यूल जारी कर दिया है। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) 2020 की प्रारंभिक परीक्षा 12 सितंबर को होगी। गौरतलब है कि आयोग ने बीते दिनों ही 22 जून तक एचएएस की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन की तारीख बढ़ाई है। जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं से संबंधित ई एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। एसएमएस और ईमेल से इसकी सूचना भी अभ्यर्थियों को दी जाएगी। वंही, हिमाचल प्रदेश वन सेवा के तहत असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट की मुख्य लिखित परीक्षा 19 से 23 जुलाई तक होगी। 25 जुलाई को रेंज फॉरेस्ट अफसर की प्रारंभिक परीक्षा 2021 होगी। रिसर्च अफसर की परीक्षा 1 अगस्त को होगी। असिस्टेंट रिसर्च अफसर की परीक्षा 8 अगस्त को होगी। लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता सिविल के पद भरने के लिए परीक्षा 26 सितंबर को होगी।
हिमाचल प्रदेश में अब शिक्षक बनने के लिए सभी श्रेणियों को अब टेट पास करना अनिवार्य है। अभी जेबीटी और टीजीटी के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा का पास होना जरूरी है। प्रवक्ता, डीपीई सहित कई अन्य श्रेणियों को भी टेट के दायरे में लाने की सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में नई व्यवस्था लागू करने के लिए शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट बैठक में टेट को सात वर्ष की जगह उम्र भर मान्य करने को लेकर केंद्र सरकार के फैसले को भी लागू करने का प्रस्ताव रखा जाना है। शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी बदलाव के लिए सरकार के स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। नए प्रस्ताव के तहत टेट की दो परीक्षाएं लेने की तैयारी है। पहली परीक्षा प्रदेश से संबंधित जानकारियों, सामान्य ज्ञान और बीएड की पढ़ाई पर आधारित होगी। दूसरी परीक्षा सिलेबस से संबंधित होगी। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर में की गई विषय वार पढ़ाई को शामिल किया जाएगा। प्रदेश में शिक्षा पात्रता परीक्षा का जिम्मा अभी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को सौंपा है। नए प्रस्ताव में परीक्षा लेने वाली एजेंसी को लेकर भी विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी।
हिमाचल सरकार ने कॉलेजों में वार्षिक परीक्षाओं को करवाने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। इसी बाबत प्रदेश में 20 जून के बाद कॉलेजों को सैनीटाईज़ करने का अभियान चलाया गया है। 1 जुलाई से कॉलेजों में प्रस्तावित परीक्षाओं को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। 25 जून से शिक्षकों को भी कॉलेजों में बुलाया जाएगा। कॉलेज परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए एक-दो दिन के भीतर कॉलेज प्रिंसिपलों के साथ उच्च शिक्षा निदेशक बैठक भी करेंगे। बीते काफी समय से बंद पड़े कॉलेजों में जुलाई से परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में कॉलेज परिसरों को परीक्षाओं से पहले सैनिटाइज करवाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में कॉलेज प्रिंसिपलों को लिखित निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षाओं से पहले कॉलेजों में सिटिंग प्लान बनाने को लेकर शिक्षकों को भी 25 जून तक बुला लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के स्टाफ के साथ सिटिंग प्लान तैयार किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमर्ज़ी द्वारा फीस बढ़ोतरी संबंधी शिकायतों को सुलझने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश स्तर पर एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। निजी स्कूल फीस नियंत्रण को लेकर बनाए गए विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है। 20 जून तक आम जनता से इस बाबत सुझाव भी मांगे गए हैं। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटियों की कार्यवाही से असंतुष्ट लोग इस प्राधिकरण के अध्यक्ष उच्च शिक्षा निदेशक को शिकायत कर सकेंगे। प्राधिकरण का उच्च शिक्षा निदेशक को अध्यक्ष बनाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य होंगे। संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। अध्यक्ष की ओर से तीन-तीन वर्ष के लिए तीन लोगों को बतौर सदस्य इसमें मनोनीत किया जाएगा। जो भी निजी स्कूल अभिभावकों से अधिक फीस वसूल रहे है, उन पर यह कमेटी शिकंजा कसेगी। विधेयक द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि निजी स्कूल फीस में हर साल छह फीसदी की वृद्धि ही कर सकेंगे। जो भी स्कूल सरकार द्वारा बनाए गए इन नियमों का पालन नहीं करेंग, उन्हें 2 से 5 लाख तक के जुर्माने का भुगतान करना पड़ेगा। गौरतलब है कि निजी स्कूलों में दी जा रहीं सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के आधार पर फीस को तय किया जाएगा। शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन को भी ध्यान में रखते हुए फीस तय की जाएगी। स्कूल वर्दी और किताबों को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। निजी स्कूल अपनी मर्जी से दुकानों को चिह्नित कर अभिभावकों को वहीं से खरीद करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
शिमला: भाजपा हिमाचल प्रदेश की बैठकों का दौर अपने तीसरे दिन में पहुंच चुका है। आज प्रातः प्रथम बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर , प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल एवं त्रिलोक कपूर ने भाजपा के सातों मोर्चों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं आईटी के साथ की। जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने बुढ़गवार को हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मण्डल की 272वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार भी उपस्थित थे। बैठक में बिक्रम सिंह ने अधिकारियों को निगम की गतिविधियों में विविधता लाने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निगम की कार्यशाली में गुणवत्ता व दक्षता लाई जा सके। उन्होंने निगम को टेंडर प्रक्रिया सीपीडब्ल्यूडी के मैनुअल के अनुरूप अपनाने को कहा। उद्योग मंत्री ने कहा कि एचपीएसआईडीसी के अभियांत्रिकी विंग को और सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस विंग के कार्यों को बिस्तार देकर आय में आशातीत बृद्धि की जा सकती है। उन्होेंने अधिकारियों को कहा कि वह अन्य राज्यों में स्थित निगम की परिसम्पतियों का सदुपयोग करने के लिए बृहद रणनीति तैयार करें। बिक्रम सिंह ने निगम के विपणन विंग को सशक्त करने तथा इसकी गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपणन के लिए नई क्रियाविधि विकसित की जानी चाहिए तथा उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार प्रभावी तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रो.राम कुमार ने ऊना में लैंड बैंक विकसित करने और निगम की गतिविधियों में नवाचार लाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने निगम द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के कार्य की समीक्षा भी की गई। निगम के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2020-2021 में औद्योगिक विकास निगम का अनुमानित लाभ 7.48 करोड़ रुपये होने की संभावना है। वित्त वर्ष 2021-22 में निगम का अनुमानित लाभ 10 से 12 करोड़ और वार्षिक टर्नओवर लगभग 100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि राज्य में अब तक 438461 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 983580 लोगों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 736647 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है, जिनमें से 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 70693 लोगों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 255966 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन लगाने के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण रणनीति के तहत कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाए जाने के बाद दूसरी खुराक 12-16 सप्ताह के अंतराल पर या 84 दिन के बाद लगाई जानी निर्धारित है। उन्होंने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत आग्रह किया है कि जिन लोगों की दूसरी खुराक का समय हो गया है वह जल्द से जल्द दूसरी खुराक लगवाएं।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिश के अनुसार जो व्यक्ति वास्तविक कारणों जैसे शैक्षणिक प्रयोजन, रोजगार के लिए और टोक्यों ओलम्पिक में भारतीय दल के सदस्य के रूप में अन्तरराष्ट्रीय यात्रा करना चाहते है, वे कोविड टीकाकरण की पहली खुराक लगवाने के 28 दिनों के बाद कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोविशिल्ड की दूसरी खुराक लगवाने के लिए अनुमति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह तय करेंगे कि टीकाकरण की पहली खुराक लगवाने के बाद 28 दिन की समयावधि पूरी हो गई है। यदि व्यक्ति पहले से ही विदेश में पढ़ाई कर रहा है और अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए वापस विदेश जाना चाहता है या नौकरी व रोजगार के लिए या फिर टोक्यो ओलम्पिक खेलों में भाग लेने के लिए नामित हुआ है तो वे यह सुविधा प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जिलों को पहले से ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जिन लोगों ने कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक लगवा ली है और उपरोक्त उद्ेदश्य के लिए 28 दिन बाद दूसरी खुराक लगवानी है, उसके लिए कोविन पार्टल पर टीकाकरण की दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निरंतर निगरानी और वन्यजीवों से सम्बन्धित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। यह जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज यहां बताया कि राज्य पुलिस ने जनवरी 2021 से अब तक कुल 22 लोगों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। यह लोग जो तेंदुआ, सांबर, कोबरा और छिपकलियां आदि सहित विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की हत्या, तस्करी और उन्हें अवैध रूप से अपने पास रखने के 16 विभिन्न मामलों में शामिल पाए गए हैं। संजय कुंडू ने कहा कि राज्य पुलिस ने 15 जून को सोलन में एक वयस्क तेंदुए की एक और खाल बरामद कर उसे जब्त किया और परवाणू के पास अंतर-राज्यीय बैरियर तक पहुंचने से पहले आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के अनुसार, वह अपने बैग में खाल छुपाकर बैरियर पार करने वाला था। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 6 जून, 2021 को शिमला पुलिस ने न्यू शिमला की एक दुकान से 3 तेंदुए की खाल, दांत और नाखून बरामद कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने इस वर्ष 17 फरवरी को जिला कांगड़ा के देहरा में तेंदुए की तीन खाल भी बरामद की थी।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा राज्य में हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक चार सर्टिफिकेट कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में पहले सर्टिफिकेट कोर्स में ‘पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर व पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें 11 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो सर्टिफिकेट कोर्स ‘बायोडायवर्सिटी रजिस्टर की तैयारी’ और ‘भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ परियोजना-सिक्योर हिमालय के तहत पीबीआर पर केंद्रित पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषयों पर आयोजित करवाए जा चुके हैं। इन दोनों पाठ्îक्रमों में 23 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। वर्ष 2020-21 में हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र ने ‘मूल्य संवर्धन और एनटीएफपी (पशु मूल) का विपणन- जंगली मधुमक्खी पालन और प्रसंस्करण’ विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 14 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने राज्य के लिए इन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात बहुत से युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है और अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य कुशल जनशक्ति को रोजगार व स्वरोजगार की सुविधा प्रदान करना है। हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत वर्ष के युवाओं को पर्यावरण और वन क्षेत्र में लाभकारी रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु कौशल विकास एक पहल है। आधुनिकीकरण के युग में अधिकांश व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘साॅफ्ट’ या ‘ग्रीन’ कौशल के बजाय यांत्रिकी या तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हरित कौशल स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता को संरक्षित करने में योगदान देता है और इसमें ऐसे रोजगार शामिल हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करती है तथा ऊर्जा, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता वाले हरित कौशल श्रमिकों को विकसित करने का प्रयास करता है। यह कार्यक्रम पूरे देश में पर्यावरण सूचना केंद्र के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञताओं का उपयोग कर रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र की स्थापना भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय सूचना के महत्व को समझते हुए एक योजना कार्यक्रम के रूप में की गई थी। पर्यावरण सूचना केंद्र का प्रयास महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों को मनाना तथा निर्णय निर्माताओं, नीति नियोजकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, अनुसंधान कार्यकर्ताओं आदि को पर्यावरण संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
एर्नेस्ट एण्ड यंग एलएलपी चण्डीगढ़ के पार्टनर-मार्केट्स एण्ड बिजनेस डवलप्मेंट के पारस अरोड़ा ने कम्पनी की ओर से बुधवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को 25 चिकित्सा ग्रेड ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर प्रदान किए। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस परोपकारी कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद में यह सहायक सिद्ध होगा। उद्योग आयुक्त हंस राज शर्मा, निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश में स्कूल के नर्सरी और केजी कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन क्लास अब 30 मिनट से अधिक नहीं लगेगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल शिक्षा विभाग ने नर्सरी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्क्रीन टाइम तय कर दिया है। पहली से आठवीं कक्षा के लिए 30 से 45 मिनट के दो ही सत्र स्कूल लगा सकेंगे। नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की चार सत्रों में 30 से 45 मिनट की क्लास लग सकेगी। मोबाइल फोन और लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासें लगने से विद्यार्थियों पर पड़ रहे विपरीत असर को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने प्रज्ञता गाइडलाइन जारी की है। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल में भी इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी अधिसूचना में जिला उपनिदेशकों को इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है। केंद्र सरकार ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर प्रज्ञता गाइडलाइन तैयार की है। साथ ही पढ़ाई को सुचारु बनाए रखने के लिए क्विज को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जाए । बच्चों को ऑफलाइन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। पढ़ाई को रोचक बनाया जाए, जिससे बच्चों पर मानसिक दबाव ना पड़े।
शिमला : हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधान राजेश पराशर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर से मिला। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों की समस्याओं को सुना तथा निजी बस ऑपरेटरो को विश्वास दिलाया कि कैबिनेट के फैसले में जो कमियाँ रह गई है उस पर प्राथमिकता के आधार पर दोबारा विचार किया जाएगा। इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल पीटरहॉफ में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल की अध्यक्षता में केंद्रीय वित्त एवं कोरपोरेट राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से मिला जिसमे ऊना से पवन ठाकुर, हमीरपुर से विजय ठाकुर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री, केंद्रिय वित्त राज्य मंत्री मंत्री एवं परिवहन मंत्री ने निजी बस ऑपरेटर को विश्वास दिलाया कि बस ऑपरेटरो की मांगे बिल्कुल जायज है तथा इस को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि निजी बस ऑपरेटर भी हमारा परिवार है तथा इस पेनिक अवस्था में भी प्रदेश सरकार हमेशा ही निजी बस ऑपरेटर के साथ है। उधर हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल को वापस ले लिया और कहा कि हिमाचल प्रदेश में कल से बसे चल पड़ेंगी।
उद्योग मंत्री ने हि.प्र. हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, सामान्य उद्योग निगम और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के निदेशक मण्डल की बैठकों की अध्यक्षता की। देश-विदेश की नामी ई-काॅमर्स शाॅपिंग वेबसाइट शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उत्पादों का विक्रय करेंगी। यह जानकारी उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज यहां हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के निदेशक मंडल की 186वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि ई-काॅमर्स शाॅपिंग वेबसाइट अमेज़न और फ्लिपकार्ट के साथ इस सम्बन्ध में जरूरी प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उत्पादों में इन दोनों ही कम्पनियों ने गहरी रूचि दिखाई है। निगम के उत्पादों की उच्च गुणवता के दृष्टिगत ई-काॅमर्स कम्पनियां इन्हें वैश्विक बाजार में विक्रय कर उपभोक्ताओं को घर-द्वार पर उपलब्ध करवाने के लिए बहुत उत्सुक है। बिक्रम सिंह ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों को ऑनलाइन व्यापार के माध्यम से लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों में निगम ने 3375 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस वर्ष का टर्न ओवर लगभग 30 करोड़ रुपये रहा है। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने कहा कि विभिन्न उत्पादों में गुणवता सुनिश्चित करने के लिए दक्ष प्रयास किए गए हैं। कारीगरों व बुनकरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोलन जिला के बद्दी क्षेत्र के अन्तर्गत मल्कु माजरा के 10 वर्षीय प्रिंस चौधरी, जो हड्डियों के गम्भीर रोग से पीड़ित है और पीजीआई चण्डीगढ़ में उपचाराधीन है, के माता पिता को उनके इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि धन के अभाव के कारण कोई भी व्यक्ति उचित उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री राहत कोष से हर सम्भव सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया ताकि आवश्यकता के समय में जरूरतमंदों को राहत प्रदान की जा सके। छठें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बच्चे और उसके माता-पिता की स्थिति से अवगत करवाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के उपचार का सालाना खर्च लगभग दो लाख रुपये है और बच्चे के माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और बच्चे के पिता गुरूमेल सिंह पहले ही इलाज के लिए अपनी जमीन और गहने बेच चुके है ।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विभिन्नों सलाहों एवं मानक संचालन की अनुपालना के लिए करयाला के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इस जागरूकता अभियान से पंचायत स्तर व गांव-गांव में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा करयाला के माध्यम से जानकारी प्रदान की जा रही है। जय देव कुर्गण सामाजिक एवं सांस्कृतिक कला मंच के माध्यम से आज सुन्नी विकास खण्ड के बसन्तपुर, सुन्नी, मढ़ोड घाट, नगर पंचायत सुन्नी तथा जयेश्वरी लोक नृत्य कला मंच द्वारा विकास खण्ड ठियोग के अस्पताल रोड, सुभाष चैक ठियोग, शाली बाजार, बस स्टैंड, पेट्रोल पंप व जनोग घाट में आम जनमानस को कोरोना महामारी के बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करना है, दो गज की दूरी बेहद है जरूरी, अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनेटाइज करें तथा वैक्सीन के टीके जरूर लगाएं। इन स्थानों पर उपस्थित जनसमूह ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा अपनी स्थानीय भाषा में सरलता से लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई जा रही है। यह बात विकास खण्ड सुन्नी के नगर पंचायत सुन्नी के प्रधान प्रदीप शर्मा, बसन्तपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान राजीव कंवर जबकि ठियोग विकास खण्ड में प्रधान डाॅ. दलीप टेगटा तथा समाज सेवक रमेश चन्द ने कही। प्रधान डाॅ. दलीप टेगटा ने बताया कि स्थानीय संवाद से कायम किए जा रहे इस सम्पर्क को आम जनमानस पूर्णतयः समझ सकता है, जिससे स्थानीय लोग कोरोना महामारी को रोकथाम के लिए बताए जा रहे मानक संचालन की अनुपालना करेंगे। इस अवसर पर कलाकारों ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की होम आईसोलेशन की स्वयं सहायता पुस्तिका भी लोगों को जागरूकता व जानकारी प्रदान करने के लिए वितरित की।
शिमला: कांग्रेस ने शिमला शहर में नगर निगम द्वारा कूड़े के बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि इस महंगाई के दौर में लोगों के साथ यह एक बड़ा अन्याय है।उनका कहना है कि एक तरफ लोगों के कामधंधे बंद पड़े है,लोग बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से जूझ रहे है और सरकार है कि लोगों पर अपने टेक्स थोप कर अपनी तिजोरी भरने में लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने खर्चे चलाने के लिए विकास के नाम पर कर्ज पर कर्ज ले रही है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना से प्रभावित लोगों की सरकार ने आज दिन तक कोई मदद नही की है।उन्होंने कहा है कि हर रोज डीजल और पेट्रोल के मूल्यों में बृद्धि कर सरकार अपनी तिजोरी तो भर रही है पर यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है इसका किसी को कोई पता नही है। हर्षवर्धन ने कहा है कि कोविड 19 के नाम पर सरकार ने आज दिन तक जितना भी पैसा इकट्ठा किया है उसकी पूरी जानकारी प्रदेश को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है उसके बारे भी सरकार लोगो को बताये। हर्षवर्धन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पूछा है कि वह बताये की केंद्र से प्रदेश को कोरोना राहत को कितना धन केंद्र से मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह अस्त व्यस्त हो कर रह गई है।सरकार के।पास इस स्थिति से उभरने की कोई योजना नही है।प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। लोगों के काम धंधे बंद हो गए है।टूरिज्म व ट्रांसपोर्ट सेक्टर बुरी तरह प्रभावित होकर रह गया है।सरकार ने इनके पुनर्जन्म के लिए कोई भी प्रभाबी योजना नही बनाई है। हर्षवर्धन ने हाल ही में प्रदेश में भारी ओलावृष्टि से हुए फसलों, फलों के नुकसान पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार प्रभावित किसानों व बागवानों के नुकसान का जायजा लेकर उन्हें तुरंत फौरी राहत उपलब्ध करवाए जिससे उन्हें कोई मदद मिल सकें। उन्होंने डिपुओं में खाने के तेल,दालों के मूल्य बढ़ोतरी की भी आलोचना करते हुए सरकार से इस मूल्यों बढ़ोतरी,और शिमला नगर निगम द्वारा कूड़े व अन्य टेक्स बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेने की मांग की है। उन्होंने किसानों व बागवानों के केसीसी ऋणों की बसूली भी स्थागित करने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश के बहुतचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस में दोषी नीलू की सजा पर बहस को लेकर मंगलवार को शिमला जिला अदालत चक्कर में सुनवाई हुई, इस दौरान सीबीआई के वकील और बचाव पक्ष के वकील दोनों ने अपनी दलीलें रखी। अब मामले में 18 जून को सजा का ऐलान किया जाएगा। आज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि दोषी ने इस घटना को प्लानिंग के तहत अंजाम नहीं दिया था ऐसे में सजा-ए-मौत की सजा नहीं सुनाई जाए। वहीं, सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी पेशेवर अपराधी है और इसे सजा-ए-मौत हो। सीबीआई के वकील ने इस संबंध में निर्भया केस का जिक्र किया और कहा कि दोषी को फांसी की सजा सुनाई जाए। वहीं बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दोषी की मां उस पर निर्भर है। जबकि सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी के दो और भाई है, वह मां की देखभाल कर सकते हैं। अब 18 जून को दोनों पक्षों को कोर्ट में बुलाया गया है और उस दिन ही सजा का एलान होना है। गौरतलब है कि बहुतचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस में दोषी नीलू को 28 अप्रैल को दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद मामले की पिछली पांच सुनवाईयां कोरोना कर्फ़्यु व बंदिशों के चलते टाल दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश में धारा -144 के हटने के साथ ही कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण से ज्यादा संख्या में सैलानी पहुंचने लगे हैं। पिछले तीन दिन में पोर्टल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार ई-पास स्कैनिंग और आने वालों की संख्या कम हो गई है, जबकि शिमला समेत प्रदेश भर में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी और चंडीगढ़ के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती दिख रही हैं। सरकारी सिस्टम के दावों के अनुसार पंजीकरण के संबंधित जिले के एसडीएम से अप्रूव होने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। पास जारी होने, स्कैन होने और सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों की संख्या इस दावे की हवा निकाल रहे हैं। 11 जून को पोर्टल के अनुसार प्रदेश में 3991 पास स्कैन किए गए, जबकि 9586 लोगों ने राज्य की सीमा में प्रवेश किया। 12 जून को यह संख्या घटकर 9278 हो गई। रविवार 13 जून को परवाणू बॉर्डर से एंट्री के लिए हजारों वाहनों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए, लेकिन आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 7201 लोगों ने ही राज्य में प्रवेश किया। सरकारी सिस्टम के इस दावे और सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में वाहनों के हिमाचल में प्रवेश के फोटो वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने खासी नाराजगी जताई है। कई लोगों ने फेसबुक और ट्विटर जैसे माध्यमों के जरिये सरकार से पूछा है कि कैसे हो सकता है कि सैकड़ों की संख्या में वाहन हिमाचल आ रहे हैं और आने वालों की संख्या कम हो रही है। लोगों ने पंजीकरण और ई-पास की चेकिंग पर सवाल उठाए। उधर, पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश में आने वाले सैलानियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। कहा गया है कि वह कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क न लगाने पर पहली बार पांच सौ रुपये जुर्माना लगेगा, जबकि बार-बार पकड़े जाने पर पांच हजार का जुर्माना और 8 दिन की जेल भी हो सकती है।
प्रदेश में अब 21 जून से हर आयु वर्ग के लोगों को अब बिना स्लॉट बुक करवाए कोरोना वैक्सीन लगेगी। अभी तक युवाओं यानी 18 से 44 आयु वालों को वैक्सीन लगाने के लिए स्लॉट बुकिंग करवानी पड़ रही है। 21 जून से युवाओं के लिए भी स्लॉट बुकिंग करवाने का झंझट खत्म हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे वैक्सीनेशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य के पास अभी भी 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए 7 लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध हैं। ऐसे में 21 जून के बाद अब सभी एक ही श्रेणी में आ जाएंगे और यह 7 लाख डोज सभी आयु वर्ग को लगना शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि युवाओं को स्लॉट बुक करवाने के लिए परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं और उनका वैक्सीन लगाने में नंबर आएगा या नहीं, ये सबसे बड़ी दुविधा है।
शिमला :स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज बताया कि गत सप्ताह में प्रदेश में कोविड-19 पाॅजिटिविटी मामलों की दर 2.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। 7 जून से 13 जून, 2021 तक कोविड के कुल 3451 मामले पाए गए है। उन्होंने कहा कि गत सप्ताह राज्य में 142357 कोविड जांच की गई, जो कि एक सप्ताह की अवधि में किए गए परीक्षणों में अभी तक सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में 170 पाॅजिटिव मामले सामने आए है और पाॅजिटिविटी दर 1.7 प्रतिशत रही है। चंबा में 410 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 4.2 प्रतिशत, हमीरपुर में 223 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.1 प्रतिशत, कांगड़ा में 723 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.6 प्रतिशत, किन्नौर में 87 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 4 प्रतिशत, कुल्लू में 165 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत, लाहौल स्पीति में 47 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.3 प्रतिशत, मंडी में 602 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.1 प्रतिशत, शिमला में 336 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 3.1 प्रतिशत, सिरमौर में 218 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.7 प्रतिशत, सोलन में 220 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.4 प्रतिशत और ऊना में 250 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत रही है।
शिमला :एसजेवीएन ने अपनी सौर, पवन, हाईब्रिड (पवन एवं सौर) तथा हाइब्रिड (पवन, सौर एवं बैटरी स्टोरेज) ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी (एनआईडब्ल्यूई) से तकनीकी परामर्शी सेवाओं को प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एनआईडब्ल्यूई सौर, पवन, मिश्रित (पवन एवं सौर) तथा मिश्रित (पवन, सौर एवं बैटरी स्टोरेज) ऊर्जा परियोजनाओं की संभाव्यता तथा तकनीकी व्यवसायिक पक्षों के मूल्यांकन तथा विभिन्न परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर कमिशनिंग तक के सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्टें, लागत अनुमान तथा बोली दस्तावेजों की तैयार करने में एसजेवीएन को सहयोग देगा। इस अवसर परएसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने कहा कि भारत सरकार 2022 तक 175 गीगाबाइट तथा 2030 तक 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की स्थापना करने के लक्ष्य पर चल रही है और इस परिप्रेक्ष्य में एसजेवीएन तथा एनआईडब्ल्यूई के संयुक्त प्रयासों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने और हमारे राष्ट्र को अबाधित बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य की प्राप्ति में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रयासों से एसजेवीएन के सन 2040 तक 25000 मेगावाट कंपनी बनने के सांझे विज़न को पूरा किया जा सकेगा।
शिमला :प्रदेश में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए, सरकार ने राज्य में प्रवेश करने के लिए आरटीपीसीआर आवश्यकता की शर्त को हटा दिया है, लेकिन साथ ही कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने की किसी को अनुमति नहीं दी गई है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में अन्तरराज्यीय आवाजाही की अनुमति दी गई है और हिमाचल प्रदेश ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर में पंजीकरण के माध्यम से निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को अब इस आॅनलाइन साॅफ्टवेयर में अपना विवरण दर्ज करना आवश्यक है और उनके आगमन का विवरण सभी संबंधित हितधारकों के साथ सांझा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल व्यवसायियों को राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रणाली का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पर्यटकों से सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और फेसमास्क पहनने व परस्पर दूरी के नियम के अनुपालन का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोगों को वैक्सीन की लगभग 25.17 लाख खुराकें लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान को समय पर पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विभिन्न छात्र मांगो को लेकर यूआईआईटी निदेशक डॉ पी एल शर्मा का घेराव किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ए ग्रेड शिक्षण संस्थान है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूआईआइटी में इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, आईटी, सीएसई ट्रेडस में बीटेक कोर्स है जिसमें 1000 के करीब छात्र छात्राएं एक सुनहरे भविष्य की सोच लेकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण आज इन्हीं छात्रों के सपनों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है। ज्ञात हो कि यूं तो बीटेक के पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर में होनी थी, कोविड महामारी के चलते ये परीक्षाएं अप्रैल में होनी थी लेकिन महामारी के चलते ये परीक्षाएं नहीं हो पाई। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि पिछले सप्ताह ही अभाविप ने छात्र मांगो को लेकर यूआईटी निदेशक को ज्ञापन सौंपा था लेकिन बावजूद इसके यूआईटी प्रशासन द्वारा छात्र हितों में कोई फैसला नहीं लिया गया। आकाश नेगी ने कहा कि कोविड महामारी के चलते बहुत लोगों ने अपनी नौकरी से हाथ धोया है और आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, साथ ही साथ बहुत से छात्रों ने अपने स्वजनों को भी महामारी के दौरान खोया है, ऐसे में कम समय में 48000 की फीस जमा करवाने में छात्र असमर्थ हैं। इसलिए अभाविप का मत है कि छात्रों को फीस जमा करने हेतु अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन बेसुध यूआईटी प्रशासन छात्र हितों को दरकिनार करते हुए कोई भी फैंसला इस बारे में अब तक नहीं ले पाया है। जहां फीस जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून है साथ ही साथ देरी से फीस जमा करने पर 1000 से लेकर 5000 तो का जुर्माना भी है जो वर्तमान संदर्भ में व्यवहारिक नहीं है। साथ ही साथ आकाश नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अन्य संस्थानों की तर्ज पर पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सत्र की परीक्षा ऑनलाइन करवाए या असाइनमेंट लेकर मूल्याकन करे या फिर ओपन बुक परीक्षा करवाए ताकि छात्रों पर अतिरिक्त तनाव न बढ़े। कोविड महामारी के दौरान अनेक परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं ऐसे में इतने कम समय में फीस जमा करने का फैंसला गलत है। अतः फीस जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए तथा छात्रों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर अभाविप ने यूआईटी निदेशक का घेराव किया और फीस जमा करने की अंतिम तिथि बचाने को लेकर 15 जून दोपहर 12 बजे तक का अल्टिमेटम दिया। यदि यूआईटी प्रशासन जल्द फीस जमा करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ता तो अभाविप अपने आंदोलन को और तेज करेगी ।
निर्वासित तिब्बती सरकार के शिमला की मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी तेन्जिन नावंग ने निर्वासित तिब्बती सरकार के राष्ट्रपति पेंपा सेरिंग की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एक पत्र प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री को संबोधित किए गए इस पत्र में राष्ट्रपति ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और महामहिम दलाई लामा व तिब्बती लोगों को घर के समान परिवेश प्रदान करने के लिए प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया। शिमला की मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी की कार्यालय सचिव सेरिंग छोज़ोम भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
कोरोना संक्रमण संकट काल में प्रगतिशील किसान नन्दलाल ने उत्तम खेती, मध्यम बान: निकृष्ट चाकरी, भीख निदान को चरितार्थ करते हुए पुश्तैनी व्यवसाय खेतीबाड़ी को आगे बढ़ाते हुए शिमला के नजदीक शोघी के थड़ी पंचायत के शलोेग गांव के प्रगतिशील किसान नंदलाल वैश्विक महामारी के चलते भी वर्तमान में अनेक प्रकार की फसलें व सब्जियां पैदा कर खेतीबाड़ी के माध्यम से गिरती हुई अर्थव्यवस्था में भी लोगों को सब्जी व फलों की उपलब्धता के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में सतत् रूप से सक्रिय है। नंदलाल वर्मा ने अपनी अथक मेहनत, प्रयत्न व परिश्रम से कृषि क्षेत्र में विभिन्न नकदी फसलों की उपज कर न सिर्फ एक ठोस आय अर्जित की है बल्कि अपने प्रयासों से अन्य कृषकों को खेतीबाड़ी के लिए प्रेरित करने के लिए अनुकरणीय उदाहरण भी पैदा किए है। नंदलाल वर्मा बताते है कि उन्होंने पुश्तेनी खेतीबाड़ी को पारम्परिक खेती के तरीकों से इत्तर नई तकनीक को अपनाते हुए विभिन्न फसलों के उत्पादन की ओर अपने श्रम को अग्रसर किया। उन्होंने बताया कि इस निर्णय का मूल उद्देश्य साल में विभिन्न फसलों के माध्यम से निरन्तर आर्थिक मुनाफा अर्जित करना था। उन्होंने कार्य को आगे बढ़ाते हुए नकदी फसलें उगाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के सहयोग से पाॅलिहाउस लगाया, जिसके लिए विभाग की ओर से 80 प्रतिशत उपदान दिया गया। उन्होंने नकदी फसलें उगाने के लिए सिंचाई की आवश्यकता अनुरूप एक बड़े टैंक का निर्माण भी किया, जिसमें विभाग द्वारा 70 हजार रुपये का उपदान दिया गया। बड़े उन्मुक्त भाव से वो बताते है कि उनके पास लगभग 10 बीघे सिंचाई योग्य जमीन है, जिसमें वर्तमान में शिमला मिर्च, टमाटर, आलू, फूल गोभी की फसल लगा रखी है। साल में अलग-अलग प्रकार की फसलों को उगाने के फलस्वरूप सभी फसलों को बेच कर सालाना 6 लाख रुपये से अधिक की आमदनी नंदलाल अर्जित करते हैं। खुमानी, आड़ू, नाशपति के पौधे भी लगाए नंदलाल वर्मा बताते है कि नकदी फसलों के अतिरिक्त खुमानी, आडू, पलम, नाशपती, स्ट्राॅबैरी, अंजीर, सेब के पौधे भी लगाए हैं, जिससे आमदनी आरम्भ हो चुकी है। वर्षा जल संग्रहण के तहत इनके द्वारा पानी एकत्र करने के लिए इन्होंने 50 हजार लीटर का एक बड़ा टैंक निर्मित किया है, 6 फुट गहरे इस टैंक के माध्यम से पौधों की सिंचाई की जाती है। इसके अतिरिक्त खेत में 35 फुट लम्बा एक अन्य पानी के टैंक का निर्माण भी सरकार की योजना के तहत किया गया है, जिससे खेतों को सिंचित करने की प्रक्रिया की जाती है। नंदलाल वर्मा सहज भाव से बताते है कि उन्हें सब्जी व फलों को कोरोना संक्रमण संकटकाल में बेचने के लिए कहीं भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने बताया कि जब शिमला मिर्च की पैदावार हुई तो खरीददार स्वयं खेत तक पहुंचे। आलू की फसल को लेने के लिए भी लोग खेतों में आने लगे। उन्होंने बताया कि कोरोना संकटकाल में भी खेती के कार्य ने उन्हें किसी भी आर्थिक संकट का सामना नहीं करने दिया। आज के दौर में भी वो बड़े हर्ष के साथ कहते है कि कृषि कार्य सच में हमारे समाज में सर्वोत्तम कार्य है और उत्तम खेती, मध्यम बान: निकृष्ट चाकरी, भीख निदान को खेती आज भी चरितार्थ करती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को साईकल चलानी नहीं आती। जब वे महंगाई के खिलाफ साईकल प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए साईकल पर बैठे तो सहारे की जरुरत पड़ गई। ऐसे में भाजपा और विरोधियों को मौका मिल गया। पर देखने वाली बात ये है कि असहजता के साथ ही सही सबके सहयोग से राठौर ने साईकल भी बैलेंस कर ली और संगठन भी चल ही रहा है। अच्छी बात ये है कि उन्हें गिराने की कोशिश करने वाले कम ही दिखते है।
कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद प्रदेश में रविवार को हज़ारों सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया। वीकेंड पर सोलन के चायल में 80, शिमला और डलहौजी में 30 फीसदी होटल पैक हो गए हैं। मनाली में ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी रही। इससे होटल कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। मनाली में सोमवार को 2500 होटलों में से 50 फीसदी होटल खुलने का अनुमान था, लेकिन रोहतांग दर्रा पर्यटकों के बहाल होने के कारण 500 होटल रविवार को ही खुल गए। हिमाचल में सरकारी और निजी करीब 20 हजार होटल हैं। इनमें चार पंजीकृत, 6 हजार गैर पंजीकृत और 10 हजार होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां हैं। गौरतलब है कि सोलन जिले में रविवार को एक दिन में 4500 वाहनों ने किया प्रवेश। कांगड़ा जिले के बॉडरों से 227 लोगों ने आवागमन किया। बिलासपुर के स्वारघाट बॉर्डर से 1704 पर्यटकों ने प्रवेश किया। पांवटा बैरियर से रविवार को 646 लोगों ने प्रवेश किया। हालांकि, सूबे के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की चेकिंग के दौरान ज्यादा सख्ती भी नहीं दिखाई गई।
प्रदेश में आज 25 हज़ार 951 लोगों को वैक्सीन कि डोज़ दी जाएगी। इसके लिए हिमाचल सरकार ने प्रदेश में 266 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए है। इन सभी टीकाकरण केंद्रों में टीका लगवाने के लिए 12 जून को स्लॉट बुक कर दिया गया था। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुकिंग का समय 2:50 से 3:00 बजे का था जोकि अब बदल कर दोपहर 12 बजे कर दिया गया है। वैक्सीनेशन के लिए सभी सेशन एक दिन पहले बुक किए जाएगा। राज्य सरकार द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए खरीदी गई वैक्सीन कि खेप हिमाचल पहुंच गई है। हिमाचल पहुंची वैक्सीन की सभी खुराकें 21 जून से पहले 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग को लगाई जानी है। इसके बाद 18 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण का चौथा चरण भारत सरकार से वैक्सीन की आपूर्ति होने के बाद शुरू किया जाएगा। प्रदेश में इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र 14, 15, 16, 17 और 18 जून को होंगे।
बीते शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जयराम सरकार ने परिवहन सेवा को हर झंडी दिखा दी थी। जिसके बाद आज सुबह 6 बजे से हिमाचल प्रदेश में बसों का संचालन शुरू हो गया। बरहाल परिवहन निगम केवल 1004 रूटों पर अपनी बसों का संचालन करेगा। बता दें कि कोरोना कर्फ्यू की बंदिशे परिवहन सेवा पर लागू नहीं होगी। वंही, बसों में सवारियों की डिमांड के अनुसार निगम रूटों की संख्या को बढ़ाएगा। कैबिनेट के फैसले के अनुसार आज से बाजारों में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक रौनक रहेगी। सभी तरह की दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगी। सरकारी कार्यालय भी सोमवार से शुक्रवार तक 50 फीसदी स्टाफ के साथ काम करेंगे। शनिवार और रविवार को सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खुलेंगी। टैक्सी व मैक्सी में व निजी वाहन सौ फीसदी सवारियों के साथ चल सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश में शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक कोरोना कर्फ्यू जारी रहेगा। उधर, कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद हिमाचल तीन हजार से ज्यादा होटलों के ताले भी खुल गए हैं। राज्य में दाखिल होने वाले देश के किसी भी राज्य के पर्यटक को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नहीं लानी होगी। पर्टकों को केवल प्रदेश में प्रवेश के लिए कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराना होगा। उसे देखने के बाद ही सीमा पर तैनात पुलिस पर्यटकों को प्रवेश करने देगी।
शिमला :भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध लिए गए कोरोना कर्फ्यू जैसे उचित निर्णयों के कारण प्रदेश में कोरोना मामलो में दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है जोकि प्रदेश की जनता के लिए सुखद समाचार है। अब परिस्थितियां पुनः सामान्य हो रही है । भाजपा ने इस कोविड-19 संकट काल के समय सेवा ही संगठन भाग 2 के अंतर्गत उत्तम कार्य किया है। सभी कार्यकर्ताओं ने निष्ठा पूर्वक बूथ स्तर तक जनसेवा का काम किया है। भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, भाजपा मोर्चाें एवं प्रकोष्ठों सभी ने प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक अपनी अपनी भूमिका निभाई है। सुरेश कश्यप ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्य की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना हेतु 15, 16 एवं 17 जून को भाजपा अपने पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा होटल पीटरहाॅफ में करेगी। उन्होंने कहा कि सेवा ही संगठन भाग 2 की समीक्षाओं के लिए भाजपा की छोटी बैठकें 15 जून 2021 मंगलवार को शिमला के होटल पीटरहॉफ में प्रारंभ होने जा रही है। इन बैठकों में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सभी विशिष्ट नेतागण 15 जून को पीटरहॉफ पहुंचेंगे और पहली बैठक शाम 4.00 बजे प्रारंभ होगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि 16 जून को प्रथम बैठक 9.00 बजे प्रारंभ होगी उसके उपरांत शाम 4.00 बजे 2017 विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों के साथ बैठक की जाएगी इसी दिन शाम 7.00 बजे भाजपा के सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों के साथ बैठक होगी उन्होंने बताया कि इसी प्रकार 17 जून को प्रथम बैठक प्रातः 9.00 बजे प्रारंभ होंगी जिसमें सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री भाग लेंगे उसके उपरांत 11.00 बजे सभी संसदीय क्षेत्र जिला एवं मोर्चों के प्रभारियों के साथ बैठक की जाएगी दोपहर 2.30 बजे बोर्ड निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के साथ बैठक होगी शाम 4.30 बजे जिला शिमला की बैठक की जाएगी। केन्द्रीय अधिकारी सेवा ही संगठन भाग-2 लोकर आगामी योजनाओं पर चिंतन एवं मंथन करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में सेवा ही संगठन भाग 2 के अंतर्गत किए गए सेवा कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को कोविड महामारी के संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होनें कहा कि इन बैठकों में कोविड नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश वर्चुअल माध्यम से कार्यसमिति, जिला एवं मण्डलों की कार्यसमिति एवं प्रशिक्षण वर्ग आगामी समय में आयोजित किए जाएंगे जिसकी रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
शिमला: स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कार्य योजना बनाने हेतू राज्य सरकार ने निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि यह समिति डेटा विश्लेषण, अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के अनुभवों और कोविड-19 की अगली लहर से निपटने के लिए योजना तैयार करने तथा इस वायरस के बदलते स्वरूप को देखते हुए परामर्श देगी। उन्होंने कहा कि यह समिति वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए कार्य योजना शीघ्र प्रस्तुत करेगी। यह समिति राज्य में अस्पताल अधोसरंचना को सुदृढ़ करने, ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति जैसी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बारे में अनुमान प्रस्तुत करेगी। यह समिति बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आइसोलेशन बिस्तरों, ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों, आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटर्ज की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य योजना प्रस्तुत करेगी ताकि कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग तीसरी लहर के प्रबंधन तथा इसके प्रभाव कोक म करने के लिए रणनीति तैयार करने पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि सुविधाएं अग्रिम रूप में चिन्हित की जाएगी ताकि विभिन्न स्तरों पर मामलों के बढ़ने की स्थिति में यह फैसला लिया जा सके कि किस क्षेत्र में किस अस्पताल को सक्रिय किया जाना है। उन्होंने कहा कि समिति तीसरी लहर के दौरान आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर आॅक्सीजन और महत्वपूर्ण दवाएं जैसे टाॅकलिजुमैब, रेमडेसिविर आदि की आपूर्ति प्रबन्धन के लिए परामर्श देगी।
शिमला : स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीदी गई कोविड-19 वैक्सीन की खेप प्रदेश में पहुंच गई है और प्रदेश भर में इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र 14, 15, 16, 17 और 18 जून, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहुंची वैक्सीन की सभी खुराकें 21 जून, 2021 से पहले इस आयु वर्ग के लोगों को लगाई जानी है । इसके बाद 18 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण का चैथा चरण भारत सरकार द्वारा वैक्सीन की आपूर्ति प्राप्त होने के बाद शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र टीकाकरण वाले दिन से दो दिन पूर्व प्रकाशित 2.30 बजे से 3.00 बजे के बीच प्रदर्शित किए जाते थे लेकिन अब वैक्सीन उपलब्ध हो जाने के बाद टीकाकरण सत्र 15, 16, 17 और 18 जून, 2021 को टीकाकरण वाले दिन से एक दिन पूर्व दोपहर 12 से 1 बजे तक प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि सभी पात्र लाभार्थी अपनी अप्वाइंटमेंट शेड्यूल करवा सके। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लाभार्थी अपनी अप्वाइंटमेंट शेड्यूल होने के बाद ही टीकाकरण केंद्र पर आएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में ही ऑनसाइट पंजीकरण की सुविधा और स्थानीय प्रशासन के निर्णय के अनुसार ही शेड्यूलिंग की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून, 2021 को आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण के लिए प्रदेश भर में 266 टीकाकरण केंद्र बनाए गए है और 25,951 लोगों ने टीकाकरण के लिए अपने शेड्यूल बुक किए है। उन्होंने सभी लोगों से टीकाकरण केंद्रों में कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून, 2021 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 266 टीकाकरण सत्रों के लिए जिला बिलासपुर में 14 जून, 2021 को 14 सत्र में 1399, चंबा में 19 सत्र में 1718, हमीरपुर में 16 सत्र में 1598, कांगड़ा में 58 सत्र में 5800, किन्नौर में 4 सत्र में 40, कुल्लू में 17 सत्र में 1700, मंडी में 39 सत्र में 3897, शिमला में 33 सत्र में 3300, सिरमौर में 23 सत्र में 2299, सोलन में 24 सत्र में 2400 और ऊना में 18 सत्र में 1800 लोगों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण किया है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने एक बार फिर शिक्षा बोर्ड पर बच्चों के अनहित होने का आरोप लगाए हैं उन्होंने कहां की शिक्षा बोर्ड का क्राइटेरिया मेरिटोरियस बच्चों के हित में नहीं है चौहान ने आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बच्चों के भविष्य के लिए होने वाले इतने बड़े निर्णय के लिए कोई भी अभ्यास नहीं किया जिससे इन बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सकें और मेरिटोरियस बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ ना हो । हैरानी की बात है कि बोर्ड ने इतने बड़े निर्णय लेने से पहले पंजीकृत शिक्षक संघों एवं शिक्षाविद व अभिभावकों से भी मंत्रणा करना उचित नहीं समझा । चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं के हिंदी और अंग्रेजी का जो पेपर हुआ है उसके लिए क्राइटेरिया लगाना कितना तर्कसंगत है उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि बहुत से बच्चे जिनका अंग्रेजी या हिंदी में एनुअल पेपर में 85 या 90 नंबर आ रहे हैं और प्री बोर्ड व फर्स्ट ,सेकंड टर्म के क्राइटेरिया के आधार पर जिसमें 40 नंबर प्री बोर्ड के रख दिए गए हैं और केवल मात्र पांच नंबर ही एनुअल पेपर के क्राइटेरिया मे रखे गए है तो criteria के आधार पर यदि बच्चे के कुल मार्क्स 80 ही बनते हो तो उस बच्चे को 90 नंबर की जगह जो उसने वार्षिक परीक्षा में वास्तव में अर्जित किए हैं उसके स्थान पर 80 नंबर देना कितना उचित है । यह एक बहुत बड़ी खामी शिक्षा बोर्ड के क्राइटेरिया में झलक कर सामने आ रही है जिससे अच्छे बच्चों के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। चौहान ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए बोर्ड को सलाह दी कि क्राइटेरिया में दोनों विकल्प रखे जाए , बच्चों द्वारा क्राइटेरिया में लिए गए नंबर अथवा वार्षिक परीक्षा में अर्जित किए गए नंबर में से जो ज्यादा है वह नंबर बच्चे को मिलने चाहिए । वास्तव में बच्चा उसका हकदार भी है। वैसी भी प्री बोर्ड परीक्षाएं जिसके लिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ और अन्य संगठन व अभिभावक और शिक्षाविद् इसके पक्ष में नहीं थे और ना ही बच्चे पूरी तरह से इन परीक्षाओं को देने के लिए मानसिक रूप से त्यार थे इसलिए इन परीक्षाओं को बच्चे के वार्षिक परिणाम के लिए 40% का आधार बनाना संघ को राज नहीं आ रहा है यह सरासर बच्चों के साथ अन्याय व ज्यादती लग रहा है इसलिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग एवम शिक्षा बोर्ड से अनुरोध करता है के इस पर पुनर्विचार किया जाए और अर्जित किए गए अंकों के आधार पर ही अन्य पेपर का भी क्राइटेरिया में जगह रखी जाए केवल मात्र फेल हो रहे बच्चों के लिए ये क्राइटेरिया अपनाया जाए क्योंकि मेरीटोरियस बच्चों को इससे उनकी मेरिट में नुकसान हो सकता है संघ के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हे प्रदेश की विभिन्न कोनों से स्कूल प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों के फोन आ रहे हैं और और वे बच्चों के हित में इस क्राइटेरिया में कुछ बदलाव की मांग कर रहे हैं इसलिए संघ छात्र हित में सरकार व शिक्षा बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रख रहा है इस संदर्भ में संघ लिखित में भी शिक्षा बोर्ड को एक ज्ञापन सौंपने वाला है।
शिमला :भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा शिमला नगर निगम के अंतर्गत मज्याठ वार्ड में सेनीटाइज़ेशन अभियान चलाया गया। मज्याठ के हर घर में यह अभियान चलाया गया। सेनीटाइज़ेशन अभियान में विजेंद्र मेहरा,बालक राम,दलीप सिंह,टेक चंद,सौरभ कौंडल,नीरज चंदेल,हरविंदर कुमार,कुलदीप चंद आदि शामिल रहे। पार्टी के जिला सचिवमण्डल सदस्य विजेंद्र मेहरा व लोकल कमेटी सदस्य बालक राम ने कहा है कि पार्टी का सेनीटाइज़ेशन अभियान चौबीसवें दिन भी जारी रहा। इस अभियान के तहत मज्याठ वार्ड के मज्याठ के बाद शिवनगर व न्यू टूटू में भी अभियान जारी रहेगा। इसके बाद अभियान के अगले चरण में टूटू के सरकारी स्कूल के इर्द गिर्द व टूटू बाजार में यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नगर निगम शिमला से मांग की है कि वह भी नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी चौंतीस वार्डों में सेनीटाइज़ेशन अभियान सुनिश्चित करे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कोरोना काल में नगर निगम ने जनता के स्वास्थ्य के सम्बंध में कोई भी कार्य नहीं किया है। नगर निगम जनता की कोई भी मदद करने में विफल रहा है। वह शहर के सेनीटाइज़ेशन तक नहीं कर पाया जो उसकी लचर व गैर जिम्मेवार कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा है कि पार्टी इस अभियान को शहर के सभी चौंतीस वार्डों में आयोजित करेगी।
शिमला :मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज निदेशालय परिवहन भवन के निकट सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट के सुनील सदन का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर हवन में भी भाग लिया। इस भवन का निर्माण प्रदेश में सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट की आयुष गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा रहा है। भविष्य में इस कार्यालय के माध्यम से अनेक गतिविधियां चलाई जाएंगी। कार्यालय में एक वैलनेस सेंटर भी खोला जाएगा, जिसके माध्यम से योग प्रशिक्षण, शारीरिक व्यायाम आदि गतिविधियां चलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सह संगठन मंत्री प्रफुल्ला आकांत, उत्तर क्षेत्रीय संगठन सचिव विक्रांत खण्डेवाल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. नागेश ठाकुर, प्रांत प्रचारक संजय, संगठन मंत्री गौरव अत्री, ट्रस्ट के सचिव डाॅ. सुरेन्द्र शर्मा, सह सचिव डाॅ. नितिन व्यास भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कोरोना काल में गत्त वर्ष के कटु अनुभवों के बावजूद भी प्रदेश सरकार सेब सीज़न की तैयारियों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नही हैं यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के अभाव व कोरोना की आड़ में कार्टन फैक्ट्रियों ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पैकेजिंग सामग्री के दामों में 25% तक बढ़ोतरी कर ली है। जिससे अब बागवानों को प्रति पेटी कार्टन और ट्रे पर ₹25 से ₹30 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। रोहित ठाकुर ने कहा कि कार्टन व ट्रे के दाम में कोई बढ़ोतरी न होने का बाग़वानी मंत्री का बयान जनता को गुमराह करने वाला हैं या मंत्री इस सच्चाई से परिचित नही हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर कार्टन और ट्रे के टेंडर तो आमंत्रित कर दिए लेक़िन अभी तक इन्हें अंतिम रूप नहीं दिया गया जबकि कुछ दिनों में ही कम ऊंचाई वाले स्थानों में अर्ली वैरायटी के सेब का तुड़ान शुरू हो जाएगा और स्टोन फ्रूट का सीज़न जोरों से चला हुआ हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि उपरी शिमला में ओलावृष्टि और तूफ़ान का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा। तूफ़ान से सेब सहित अन्य फ़सलों के साथ-2 घरों व गौशालाओं को भारी नुक़सान पहुँचा हैं। उन्होंने सरकार से ओलावृष्टि और तूफ़ान से प्रभावित किसानों को अविलम्ब राहत देने की मांग की है । इसके पहले अप्रैल माह में भी बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि से सरकारी आंकलन के अनुसार सेब की बागवानी को ₹ 254 करोड का नुक़सान हुआ हैं जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने कोई भी कार्यवाही नही की हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बागवानी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित ₹1134 करोड रुपए का बागवानी विकास प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किया गया था लेकिन भाजपा सरकार के उदासीन रवैए के चलते पिछले 3 वर्षों में प्रोजेक्ट के तहत मात्र ₹296 करोड रुपए ही खर्च हुए हैं जो कि स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि का मात्र 26% है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना काल में जहां हर क्षेत्र ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए थे वही किसानों की कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति से कृषि और बाग़वानी क्षेत्र मजबूती से खड़ा रहा । कृषि क्षेत्र का प्रदेश की विकास दर में 13% प्रतिशत का योगदान हैं जबकि प्रदेश की 70% जनता को भी इस क्षेत्र में रोजगार मिलता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक ₹5000 करोड़ रुपए की आर्थिकी पैदा करने वाली नक़दी फ़सल सेब की मुख्य भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझने के बाद अब सेब पर स्कैब, मार्सेलोना, स्केल, माईट जैसी बीमारियों ने दस्तक दे दी हैं और ये पहली सरकार हैं जिसने किसानों को दवाइयों पर मिलने वाले अनुदान को ही बंद कर दिया। रोहित ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में सड़कों की दुर्दशा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में जिला शिमला में सड़क का एक भी नया प्रोजेक्ट केंद्रीय सड़क निधि (Central Road Fund) के तहत स्वीकृत नहीं हुआ और ना ही कोई सड़क वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में डाली गई। रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जिला शिमला के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाने की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण छैला नैरीपुल औच्छघाट हॉर्टिकल्चर सड़क को भी वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से निकाल दिया हैं जो कि जिला शिमला के प्रति भाजपा सरकार की संकीर्ण मानसिकता को दिखाता हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब बाहुल्य क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है और वहीं ठियोग हाटकोटी सड़क योजना में पिछले 4 वर्षो से मात्र 8% शेष निर्माण कार्य भी पूरा नही हो पाया। उन्होंने कहा कि सरकार सेब सीज़न से पहले ग्रामीण इलाक़ो की सड़कों को युद्ध स्तर पर सुधारें व ठियोग हाटकोटी सड़क योजना के लंबित पड़े निर्माण कार्य में भी तेजी लाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम ₹100 का आंकड़ा पार कर चुके हैं जिसके चलते कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से MIS के तहत किसानों और बाग़वानों की पिछले तीन वर्षों से लम्बित पड़ी ₹28 करोड़ की बकाया राशि को अविलम्ब जारी करने का आग्रह किया हैं। रोहित ठाकुर कि कहा कि सेब पर लागत बढ़ने से मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब पर इस वर्ष समुचित समर्थन मूल्य भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ने व लॉकडाउन से सब्जी और फूल उत्पादकों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए केरल मॉडल की तरह सब्जियों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने पर सरकार को गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में न होने के चलते कारगर सिद्ध नही हो पाई और हर वर्ष किसानों का इस योजना के प्रति मोह भंग होता जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग में स्वीकृत उद्यान विकास अधिकारी के 264 पदों में से 160 पद रिक्त पड़े हैं इसी तरह उद्यान विस्तार अधिकारी के कुल 512 स्वीकृत पदों में 126 पद खाली चल रहें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यान विभाग में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएं।


















































