प्रदेश के धर्मशाला से पहली बार भाजपा से विधायक बने विशाल नैहरिया के खिलाफ उनकी एचएएस पत्नी ने मारपीट के आरोप लगया है। नैहरिया की पत्नी ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने विधायक नैहरिया की पत्नी की ओर से पति के खिलाफ शिकायत मिलने की पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि विधायक नैहरिया की पत्नी ने मारपीट की शिकायत की है। पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। विधायक विशाल नैहरिया की पत्नी ने मारपीट के बाद एक वीडियो भी बनाया है। वीडियो में पत्नी मारपीट के जख्म दिखाकर विधायक पर आरोप लगा रही हैं। गौरतलब है कि विधायक और उनकी पत्नी की शादी दो माह पहले हुई थी। शादी से पहले पत्नी नगरोटा सूरियां ब्लॉक में बीडीओ के पद पर रह चुकी हैं। वर्तमान में वह धर्मशाला में बतौर एचएएस पद पर सेवाएं दे रही है। पुलिस को दी शिकायत में ओशिन शर्मा ने आरोप लगाया है कि शादी से पहले और शादी के बाद भी विधायक नैहरिया उनके साथ मारपीट कर रहे थे। उनके पति राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं, इसलिए उनको अपनी सुरक्षा का खतरा है। उन्होंने शिकायत पत्र में पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश में कोई दुकानदार ठगी करता है तो इसकी शिकायत अब घर बैठे ही की जा सकेगी। राज्य उपभोक्ता आयोग ने ई-दाखिल पोर्टल शुरू किया है। बिजली, पानी, टेलीफोन के बिल ज्यादा आने पर भी आयोग में शिकायत की जा सकेगी। चंडीगढ़, दिल्ली और मुंबई से भी सामान खरीदा हो, उसमें खोट मिलने पर भी शिकायत कर सकेंगे। नया कानून लागू करने के बाद हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने यह नई व्यवस्था शुरू की है। इसे उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत शुरू किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग से मंजूरी ली गई है। इन मामलों के लिए कर सकते है शिकायत उदाहरण के तौर किसी ने जूते को पांच सौ रुपये के असल मूल्य के बजाय एक हजार रुपये में बेच दिया। गलत वारंटी दे दी। नकली ब्रांड बेचा। कुछ दिन में ही खराब हो गया तो ऐसी तमाम स्थितियों में शिकायत की जा सकती है। अगर पानी का बिल आ रहा है और पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। बिजली बिल आ रहा है, मगर बिजली नहीं है। टेलीफोन सुविधा नहीं है, मगर बिल आ रहा है। सिम रिचार्ज कर दिया, मगर फिर भी सुविधा नहीं मिल रही। ऐसे तमाम मामलों में आयोग या फोरम के समक्ष शिकायत की जा सकेगी।
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में 29 जून से कोरोना वायरस से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन अभियान शुरू किया जाएगा। इसी दिन से कॉलेजों में शिक्षकों को भी बुलाना शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षकों की देखरेख में कॉलेजों में सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जुलाई से शुरू होने जा रही है फाइनल ईयर की परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश में 28 और 29 जून को फाइनल ईयर के विद्यार्थियों सहित 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कोविड टीकाकरण अभियान में हिमाचल प्रदेश देश भर में पहले स्थान पर है। हिमाचल के आसपास कोई भी राज्य नहीं हैं। पिछले एक सप्ताह में राज्य में रिकॉर्ड टीकाकरण किया गया है। प्रदेश में अब तक 49.7 फीसदी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है। अभी 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग की 55 लाख की आबादी को टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 23 जून तक 27 लाख 44 हजार 942 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अभी तक केवल 16 फीसदी आबादी को ही वैक्सीन लगी है। देश के 24 राज्यों में हिमाचल प्रदेश पहले स्थान पर बना हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली भी नौवें स्थान पर है। यहां अभी तक 34.3 प्रतिशत आबादी को ही वैक्सीन लगी है। हिमाचल में 18 से 44 साल आयु वर्ग के 6 लाख 69 हजार 27 लोगों को पहला टीका लगाया जा चुका है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने पहली से 12वीं कक्षा में दाखिले लेने की अंतिम तारीख को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। कई स्कूलों से दाखिलों की तारीख बढ़ाने की मांग आने के बाद शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को इस बाबत लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में शनिवार से बरसात की छुट्टियां शुरू होंगी। राज्य मंत्रिमंडल की बीते दिनों हुई बैठक में ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 26 जून से 25 जुलाई तक अवकाश देने का फैसला लिया गया है। अवकाश के दौरान भी विद्यार्थी पढ़ाई को जारी रखने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से रोजाना विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी। छुट्टियों के दौरान विद्यार्थियों का पढ़ाई से संपर्क बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। उधर, शीतकालीन जिलों में 1 जुलाई से शिक्षकों का स्कूलों में आना अनिवार्य कर दिया गया है। इन जिलों के स्कूलों में एक जुलाई के बाद शिक्षक स्कूलों में आकर ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखेंगे।
येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को प्रदेश भर में मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में चटक धूप खिली। अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। गुरुवार रात को नाहन और बिलासपुर में 23 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार के लिए भी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर व लाहौल स्पीति में 27 से 29 जून तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में एक जुलाई तक मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 37.2, बिलासपुर में 35.5, हमीरपुर-भुंतर में 34.0, कांगड़ा में 34.1, चंबा में 33.7, सोलन में 33.0, सुंदरनगर में 33.5, नाहन में 32.5, धर्मशाला में 29.2, शिमला में 25.6, कल्पा में 24.0, डलहौजी में 21.1 और केलांग में 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त शुक्रवार को अपने सात दिवसीय दौरे पर शिमला पहुंचे। कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। सेवादल ने उन्हें सलामी दी। संजय दत्त ने यहां पंहुचने पर अनुसूचित जाति विभाग व अन्य पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारियों के साथ अलग अलग बैठक की व उनके विभागों से सम्बंधित पार्टी कार्यक्रमों की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी की मजबूती के लिये सभी को संगठित होकर आगे चलना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के प्रति हमेशा चिंतित रहें है और यही कारण है कि कांग्रेस की सरकारों ने इस वर्ग उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाई। इसी के साथ हिमाचल जैसे राज्य में भी पूर्व कांग्रेस सरकार ने इनके उत्थान के लिए आयोग तक गठित किए। संजय दत्त ने प्रदेश में अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि सत्ता में आते ही कांग्रेस सभी के हितों का सरंक्षण करते हुए समाज मे इन्हें पूरा मान सम्मान दिलवायेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां पिछड़े वर्गों के आरक्षण विरोधी रही है।भाजपा ने पूरे देश को आज न केवल आर्थिक बदहाली की ओर धकेल दिया है बल्कि समाज को भी बांट कर रख दिया है। आज की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष यादवेंद्र गोम्मा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कुमार, पूर्व मंत्री विधायक कर्नल धनीराम शांडिल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगुराम मुसाफिर, विधायक विनय कुमार, पूर्व विधायक किशोरी लाल, डॉ.वीरू राम किशोर, राष्ट्रीय संयोजक अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ सुरेश कुमार, पूर्व महापौर सोहन लाल, कमल किशोर, डॉ.दलीप सिंह धीमान, उत्तम कश्यप, सेनराम नेगी, एस.आर.आजाद, संजू डोगरा, शकुंतला कश्यप, निर्मला चौहान, रिशव पांडे, अंजना धीमान के अतिरिक्त जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी व् अन्य लोग भी उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे और संगठन को मजबूत करने के लिए अपने सुझाब दिए। अन्य पिछड़ा वर्ग की बैठक में अध्यक्ष दिलावर सिंह छोटू, मोहित चौधरी, विक्रम चौधरी, डॉ.मेहन्द्र, हरीश चौधरी, मान चंद राणा, विक्रम चौधरी, विशाल मेहरा, रोविन कौंडल, राजेन्द्र भंडारी, जिया लाल शास्त्री, गोरख धीमान, अरुण वाड़ी, गुरपाल, रत्न चंद और अन्य के अतिरिक्त जिला व ब्लॉक के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग का सबसे अधिक टीकाकरण करने वाले देश के 22 राज्यों में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 49 प्रतिशत जनसंख्या को कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की जनसंख्या का 41 प्रतिशत टीकाकरण करके दूसरे स्थान पर है जबकि गुजरात, केरल और जम्मू-कश्मीर ने राज्य की 38 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण करके देश भर में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कुल 26,96,221 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड की पहली खुराक लगाई गई है, जिसमें से 6,69,027 खुराकें 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को लगाई गई हैं। 45 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में 9,99,685 लोगों को पहली खुराक और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 7,40,967 लोगों को कोविशील्ड की पहली खुराक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लक्षित लाभार्थियों की कुल जनसंख्या 55.23 लाख का टीकाकरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कुल लक्षित लाभार्थियों की 28.16 लाख जनसंख्या का टीकाकरण किया जाना शेष है। जिसके लिए राज्य सरकार प्रभावी रणनीति बना कर टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस लक्ष्य को समय पर हासिल करना सुनिश्चित करेगा।
आज दिनांक 25 जून 2021 को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का एक डेलिगेशन रूबल ठाकुर राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एनएसयूआई के नेतृत्व में छात्रों की समस्याओं को लेकर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिले। इसमें एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव शुभम वर्मा, एनएसयूआई के राज्य सचिव रजत राना, दिनेश सिंगटा, विशाल वीरता सदस्य मौजूद थे। इसमें एनएसयूआई ने मुख्यतः 2019 एवं उससे पीछे के रिअपीयर के फंसे हुए छात्रों कि 2019 के बाद से लेकर अब तक परीक्षाएं नहीं हुई जिसमें हजारों छात्र-छात्राएं की अभी तक डिग्रियां फंसी हुई है। आईटीआई नाहन में 9 छात्रों को बिना परीक्षा ही फेल कर दिया था जिसमें ऑनलाइन परीक्षा होनी थी जो सरवर की वजह से नहीं हो पाई थी। बाद में 31 मई 2021 को बिना परीक्षा ही हिमाचल तकनीकी बोर्ड में उनका रिजल्ट घोषित कर दिया था। इसके साथ साथ प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र छात्राओं को पिछले वर्ष की भांति प्रमोट करवाने के लिए मांग रखी गई। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट किया था। लेकिन उन्हें बच्चों के साथ रिअपीयर के छात्र छात्राओं की परीक्षाएं भी होनी थी। लेकिन लॉक डाउन की वजह से वह नहीं हो सकी जिसकी वजह से रिअपीयर का परीक्षा देने के लिए जिनके पास आखरी वर्ष था पेपर देने के लिए वह अभी तक फंसे हुए थे जो बाद में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने उन्हें स्पेशल चांस देखकर 20 - 20 हजार परीक्षा शुल्क लेकर लूटा जा रहा है रूबल ने कहा कि यह अति निंदनीय है कि लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर विश्वविद्यालय लूट रहा है और जो ओल्ड रूसा बैच के छात्र छात्राएं थी उन्हें भी प्रमोट किया जाएं।
पिछले दिनों हिमाचल सरकार द्वारा कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा जुलाई और अगस्त में करवाने का फैसला लिया गया था। हिमाचल सरकार के इस फैसले के बाद कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश के करीब 2 लाख छात्रों के बीच अपने जीवन को लेकर असुरक्षा और डर का माहौल बनने लगा है। साथ ही हिमाचल के 70 % छात्र ग्रामीण इलाकों में रहते है, जहां इंटरनेट की कनेक्टिवीटी में बहुत दिक्कत होती है, जिस कारण छात्रों का सिलेबस भी पूरा नही हुआ है। ऐसी ही समस्याओं के चलते हिमाचल के कॉलेज के छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी को अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने सोशल मीडिया और प्रदेश के सभी जिलों के जिला अध्यक्षों के माध्यम से सरकार को छात्रों को प्रोमोट करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। इसी कड़ी को आगे बढ़ते हुए 24 जून को शाम 5 बजे से 8 बजे तक ट्विटर पर कॉलेज के प्रथम, द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रोमोट करने और तृतीय वर्ष के छात्रों की ऑनलाइन परीक्षा करवाने के लिए छात्रों और युवाओं से #promothpustudents नाम से एक हैशटैग चलाने की अपील की। इस बाबत ट्विटर पर करीब 1 लाख 35 हज़ार युवाओं ने ट्वीट किया और भाजपा की जयराम सरकार को संदेश दिया कि हिमाचल के करीब-करीब सभी छात्र परीक्षा केंद्र में जाकर परीक्षा देने के लिए मनोवैज्ञानिक तौर पर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे है, इसलिए युवा कांग्रेस और NSUI ने सरकार से मांग की है कि या तो परीक्षाएं ऑनलाइन करवाई जाए या तो सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए।
शुक्रवार को अटल सेवा संगठन द्वारा ग्राम पंचायत केलवी मे पौधारोपण का कार्य किया गया | जिसमें संगठन की ओर से संगठन के अध्यक्ष कमलेश शर्मा, उपाध्यक्ष रंजना शर्मा, सह सचिव प्रिया वर्मा मोजूद रही | इस अवसर पर महिला ग्रांम संगठन की ओर से प्रधान रंजना शर्मा, उर्मिला शर्मा, निर्मला शर्मा,. सीमा शर्मा, सुनीता वर्मा, रीता शर्मा, सुलोचना शर्मा, शिवी देवी, सीमा शर्मा, शांता, रंजना, कला मेहता मौजूद रही | इस अवसर पर, भुप राम, राजेन्द्र , नरेश सुनील, अनिल, तारा दत एवं कई वरिष्ठ व युवा लोग मौजूद रहे | इस दौरान केलवी मे अटल वन की स्थापना की गई | यह जानकारी देते हुए संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि अटल सेवा संगठन मानसून सत्र में सुचारू रूप से पौधारोपण का कार्य करता रहेगा और रोपित किए गए पौधों के संरक्षण का कार्य भी संगठन द्वारा स्वयं किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को जल्दी से जल्दी छात्रों के लिए खोलने का आग्रह विश्वविद्यालय प्रशासन से किया है। NSUI राज्य महासचिव यासीन बटृ ने बताया की छात्रों की कुछ समय बाद पीजी कोर्स की परीक्षाएं है तथा छात्रों की हित को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को जल्दी से जल्दी पुस्तकालय खोल देना चाहिए। बटृ ने बताया कि विश्व विद्यालय का पुस्तकालय काफी समय से बंद रहा है। अब जब प्रदेश सरकार ने दूसरे सभी पुस्तकालय खोल दिए है तो विश्व विद्यालय का पुस्तकालय भी जल्दी खोला जाए, जिससे छात्रों की पढ़ाई में कोई दुविधा ना हो। वही NSUI की प्रदेश विश्व विद्यालय की उपाध्यक्षा बबिता पोजटा ने विश्व विद्यालय का पुस्तकालय खोलने से पहले प्रशासन से पुस्तकालय को अच्छी तरह से सैनिटाइस करने का निवेदन किया है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा TET परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन हेतु निश्चित तिथि निर्धारित की थी। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थी नेटवर्क संबंधी दिक्कतों के कारण अभी तक आवेदन नहीं कर पाएं हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आवेदन करने की अंतिम तिथि को अभी तक नहीं बढ़ा है जो यह दर्शाता है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं से अनभिज्ञ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री सचिन लगवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा की पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी लगातार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क कर रहे हैं तथा TET की अंतिम तिथि को बढ़ाने के लिए प्रशासन के समक्ष मांग उठाने के लिए कह रहे हैं। गौरतलब है की मैदानी क्षेत्रों के छात्रों की भांति पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थी TET परीक्षा की तैयारी कर रहे थे व स्थितियां सामान्य होने का इंतजार कर रहे थे ताकि वह अपने आवेदन ऑनलाइन माध्यम से कर पाए लेकिन आज जब स्थितियां सामान्य होने जा रही हैं तब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आवेदन करने का निर्धारित समय पूरा हो गया है। जिस कारण प्रदेश का छात्र हताश है क्योंकि वह लगातार पढ़ाई करने के बावजूद आवेदन करने से वंचित रह गया है। लेकिन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड उनकी सुध नहीं ले रहा है। सचिन लगवाल ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से मांग करती है कि हजारों छात्रों की समस्याओं को समझते हुए शीघ्र अति शीघ्र TET की परीक्षा हेतु आवेदन फॉर्म की निर्धारित अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए ताकि प्रदेश का कोई भी छात्र जो TET के लिए आवेदन करना चाहता है उससे वंचित ना रह सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश भर में मिशन रक्षक अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोनावायरस के प्रति जागरूक तथा वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद का यह अभियान पिछले 15 जून से शुरू हुआ जो आज 25 जून को इस समापन हुआ। इस अभियान में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शिमला जिला के सुन्नी के विभिन्न गांवों एवं शिमला के ढली, भट्टाकुफर, चमयाना, संजौली, छोटा शिमला, कुसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, मलयाणा, लक्कड़ बाजार, कुफटाधार, टुटु, शोघी, तारा देवी, संकटमोचन में लोगों के घरों में जाकर उनसे वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया। जिला संयोजक मंयक कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के समय में विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन के साथ मिलकर जनजीवन के लिए कार्य किया है। मिशन रक्षक अभियान के तहत विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक गांव में जाकर विभिन्न प्रकार से वहां के लोगों की सेवा करते हुए उनको जागरूक करना, वैक्सीन लगाने हेतु प्रेरित करना, छात्रों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाना, जरूरतमंद लोगों को राशन मुहैया करवाना आदि कार्य कर रहे हैं। इस अभियान में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पाया की ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को महामारी के प्रति जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है तथा वहां के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को भी सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन हेतु पंजीकरण तक नहीं करवाया है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ऐसे सभी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी विद्यार्थी परिषद की इस मुहिम की सराहना कर रही है। संकट के इस समय में विद्यार्थी परिषद एवं सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा लगातार समाज सेवा में अपना सहयोग दें रहा है। बात अस्पतालों में रक्तापूर्ति की हो, कोविड रोगियों को भोजन की व्यवस्था हो, निःशुल्क शिक्षा हो, किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत हो विद्यार्थी परिषद ने अपना पूर्ण सहयोग इस महामारी में दिया है। जिला संयोजक मयंक कुमार ने बताया कि विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही समाज सेवा एवं राष्ट्र सेवा के लिए कार्य करती आ रही है और आने वाले समय में भी जब भी समाज व देश को जरूरत होगी तो विद्यार्थी परिषद अपना सर्वस्व समाज सेवा में समर्पित करेंगी।
सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने अपने हिमाचल दौरे के दौरान आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। अपनी भेंट के दौरान, उन्होंने सेना व हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। सेना प्रमुख ने राजभवन परिसर में चिनार का पौधा भी रोपा। इस मौके पर, राज्यपाल ने चीन के साथ लगते हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, हैलीपैड व अन्य अधोसंरचना विकास में सेना की अहम भूमिका है। सीमा से सटे गांवों में युवा जनसंख्या को रोकने की आवश्यकता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार व रोजगार के अवसर तलाशे जाने चाहिए। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी सेना में अवसर दिया जाना चाहिए।दत्तात्रेय ने शिमला के वाॅकर अस्पताल का मामला भी सेना प्रमुख से उठाया। सेना प्रमुख ने कहा कि वह इससे पूर्व शिमला में आरट्रेक में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और हिमाचल को वह अपना पुराना घर मानते हैं। इसलिए यहां आकर उन्हें बहुत खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुश्मन की हर नापाक कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। जहां तक चीन के साथ लगती सीमा का प्रश्न है, बातचीत हो रही है और चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। हमारी तरफ से व्यापक स्तर पर ‘मैन एण्ड मैटीरियल’ तैनात है और सेना पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि सेना द्वारा अगले 5-10 वर्षों के लिए सीमा क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर योजना तैयार की गई है। सड़क निर्माण से इन क्षेत्रों में विकास भी तेजी से होगा और युवाओं का पलायन भी रूक सकेगा। जनरल नरवणे ने कहा कि देश में सेना के प्रति युवाओं में काफी जोश है और बड़ी संख्या में युवा सेना में आने के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेना की कोशिश है कि देश के जिन जिलों से सेना में प्रतिनिधित्व नहीं है वहां से युवाओं को मौका दिया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाॅकर अस्पताल को शीघ्र ही आरम्भ करने की कोशिश की जाएगी।
जिला के सभी बैंक दूर दराज क्षेत्रों में अपनी शाखाएं खोलें ताकि इन क्षेत्रों के लोगों की आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सके। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज उपायुक्त कार्यालय परिसर रोजना हाॅल में शिमला जिला के बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की तिमाही बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये विचार व्यक्त किए। उन्होनें कहा कि शिमला जिला के डोडरा क्वार क्षेत्र को आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना संभावित है जिससे इस क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों में इजाफा होगा। चांसल घाटी पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, भविष्य में इसे ओर अधिक विकसित करने पर यहां पर्यटकों की आमद में भी बढ़ोतरी होगी और लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। उन्होनें कहा कि इन संभावनाओं को देखते हुए यहां बैंकों की शाखाओं का होना अनिवार्य है। उन्होनें बैठक की समीक्षा करते हुए बैंकों द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होनें कहा कि बैंक अपने कार्यों में ओर अधिक गति लाएं ताकि बैंकों से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को मिल सके। उन्होनें बताया कि वित वर्ष 2020-21 में शिमला के बैंकों द्वारा जिला के 3 हजार 9 सौ 94 करोड़ का ऋण वितरित किया है। इस ऋण वितरण के तहत कृषि क्षेत्र को प्रोतसाहन प्रदान करते हुए विभिन्न विकास कार्यों के अंतर्गत 19 सौ करोड़ का ऋण कृषि क्षेत्र को वितरित किया गया तथा औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने तथा विस्तारिकरण करने के लिए 8 सौ करोड़ का ऋण वितरित किया गया है। उन्होेनें बताया कि विभिन्न बैंको द्वारा प्राथमिकता के क्षेत्र में 183 करोड़ का ऋण आबंटित कर लोगों का लाभान्वित किया गया है। उन्होनें कहा कि शिमला के सभी बैंकों का ऋण जमा अनुपात 39.43 प्रतिशत रहा हैं जिसे बढ़ाने के लिए सभी बैंक प्रयास करें। इस दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक स्वर ग्रोवर, जिला समन्वयक पंजाब नैशनल बैंक संजय रथवान, जिला समन्वयक काॅपरेटिव बैंक संजय शर्मा, मुख्य प्रबंधक एसबीआई व जिला समन्वयक सतीश नेगी तथा लीड जिला मैनेजर एके सिंह, जिला प्रयोजना अधिकारी संजय भगवती एवं विभिन्न बैंकों के आए अधिकारीगण भी उपस्थित थे। उन्होनें जिला शिमला की वार्षिक ऋण योजना बुक का भी विमोचन किया।
प्रदेश सरकार ने इस साल राज्य की विभिन्न मंडियों में सेब क्रेट में भरकर बेचने की व्यवस्था करने का मन बना लिया है। कार्टन में सेब की पैकिंग के कारण बागवानों पर पैकिंग का खर्चा भी अपेक्षाकृत अधिक बैठता है और सेब के दाम भी पूरे नहीं मिल पाते हैं। लिहाजा बागवानों को कई बार उत्पादन लागत भी पूरी नहीं मिल पाती है। सेब बागवानों को सेब को बोरियों में भरकर सरकारी एजेंसियों एचपीएमसी और हिमफेड के पास न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना पड़ता है। लेकिन इस साल बागवानों को प्रदेश की मंडियों में अब सेब के रेट प्रति किलो के हिसाब से मिल पाएंगे। हर साल बागवानों का प्रदेश की मंडियों में बिचौलिये आर्थिक शोषण करते रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बी और सी ग्रेड के सेब को इस साल मंडियों में अच्छे दाम मिलेंगे। अभी तक बीस किलो के कार्टन में सेब बागवान 32 किलो भरकर बेचते थे, मगर दाम बीस किलो के ही मिलते रहे हैं। बता दें कि बी और सी ग्रेड का सेब वह है, जो गुणवत्ता और आकार में ए ग्रेड से कम होता है।
देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी के चलते महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नीतू वर्मा ने एक अनूठा काम किया है। उन्होंने विश्व में सबसे ऊंचाई पर बने डाकघर हिक्किम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में महंगाई से आम लोगों की परेशानियों का हवाला देते हुए रोक लगाने की मांग की गई। बता दें कि महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नीतू वर्मा इन दिनों जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के दौरे पर हैं। गुरूवार को वह हिक्किम पहुंची। उन्होंने हिक्किम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोग आर्थिक परेशानी से झूझ रहे है। ऐसे में लोगों पर महंगाई कि मार पड़ रही है जोकि सरे आम जनता के साथ नाइंसाफी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से महंगाई कम कर अच्छे दिन लाने का वायदा किया था। लेकिन, भाजपा की सरकार बनते ही सारे वायदे ठंडे बस्ते में हैं। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस ने विश्व में सबसे ऊंचाई पर बने हिक्किम डाकघर के माध्यम से पत्र के जरिये प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तक देश के लोगों खासकर महिलाओं की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है।
बीती कैबिनेट की बैठक में 1 जुलाई से बाहरी राज्यों के लिए बसे चलाने को मंज़ूरी मिल गई है। प्रदेश परिवहन विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। हिमाचल प्रदेश से बाहरी राज्यों के लिए 708 रूट हैं। इनमें 200 रूटों पर वोल्वो बसें चलती हैं। परिवहन निगम के पास करीब 60 वोल्वो बसें हैं। ये बसें चंडीगढ़, हरिद्वार, अमृतसर, कटरा, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के लिए चलती हैं। शिमला, सरकाघाट, हमीरपुर, धर्मशाला, बैजनाथ, बीड़, मनाली, डलहौजी, पठानकोट और नालागढ़ से दिल्ली के लिए बसें चलेंगी। साथ ही मनाली, शिमला और धर्मशाला से हरिद्वार के लिए बसें चलाने की योजना है। साधारण बसें भी विभिन्न डिपो से चलाई जाएंगी। सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी पर चलेंगी। सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानियों के लिए वोल्वो बसें फायदेमंद होंगी। परिवहन निगम कार्यालय में प्रतिदिन वोल्वो बसें शुरू करने को लेकर जानकारी मांगी जा रही है।
एक जुलाई से एचआरटीसी की वोल्वो सेवा शिमला, मनाली और धर्मशाला से दिल्ली रूट पर शुरू होगी। शिमला और मनाली से दो दो वोल्वो, जबकि धर्मशाला से एक वोल्वो दिल्ली रवाना होगी। हमीरपुर, बैजनाथ और सरकाघाट से भी दिल्ली के लिए वोल्वो शुरू करने का विचार चल रहा है। संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधकों से इसे लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। हिमाचल के विभिन्न जिलों से एक जुलाई को दिल्ली के लिए वोल्वो सेवा उपलब्ध हो जाएगी जबकि दिल्ली से दो जुलाई को वोल्वो सेवा शुरू हो सकेगी। ट्रायल के तौर पर धर्मशाला और मनाली से चंडीगढ़ के लिए भी वोल्वो चलाने की योजना है। शिमला से दिल्ली के लिए सुबह नौ बजे और रात 8:50 पर वोल्वो रवाना होगी। यात्रियों की आक्यूपेंसी के आधार पर वोल्वो की संख्या बढ़ाई जाएगी। बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। अस्वस्थ यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। चालक और परिचालकों को कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियात का पालन करना होगा। रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर लग्जरी बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। एचआरटीसी को लग्जरी बसों का संचालन शुरू होने के बाद आमदनी में इजाफे की उम्मीद है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं-बारहवीं कक्षा और कॉलेजों के मेधावियों को माइक्रोसाफ्ट विंडोज 10 प्रो साफ्टवेयर के लैपटॉप मिलेंगे। माइक्रोसाफ्ट ने 18 हजार साफ्टवेयर के लिए लाइसेंस देने की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन को मंजूरी दे दी है। आठ जुलाई तक कॉरपोरेशन ने कंपनियों से लैपटॉप खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। दसवीं-बारहवीं कक्षा सहित कॉलेजों के 19 हजार मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। बीते वर्ष शिक्षा ने स्वयं लैपटॉप की खरीद का फैसला लिया था। दो बार इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किए गए लेकिन किसी भी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस वर्ष शिक्षा विभाग ने दोबारा इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन से खरीद करने का फैसला लिया है कॉरपोरेशन की ओर से भी तीन बार आवेदन मांगे गए हैं लेकिन कंपनियों के टेंडर नहीं भरने के चलते मामला फिर लटकता नजर आ रहा है। अब सात जुलाई तक कॉरपोरेशन ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। यह शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के लिए खरीद की जा रही है। कोरोना संकट के चलते बीते एक वर्ष से खरीद की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के 9786 और 2019-20 के 9786 मेधावियों के लिए लैपटॉप खरीदे जाने हैं। लैपटॉप के इंतजार में बैठे मेधावी स्कूलों से पास होकर कॉलेजों तक पहुंच गए हैं। शिक्षा विभाग की लेटलतीफी के चलते इन विद्यार्थियों को अभी तक सरकार की घोषणा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत करने के मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस के पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली का नाम लिया तो इससे हिमाचल में सियासी हलचल पैदा हो गई है। मंच से गडकरी बोले कि उनके पास पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली इलेक्ट्रिक बसोें की बात करने आते थे। मुख्यमंत्री के सामने मंच पर गडकरी ने बाली का जिक्र किया। वीरभद्र से अलग गुट में चल रहे बाली का नाम लेने से कांग्रेस नेताओं के कान भी खड़े हो गए हैं। हिमाचल में जब बाली इलेक्ट्रिक बसें लाए तो उसका विरोध भी हुआ। बावजूद बाली ने अपना विजन नहीं बदला है। इसके बाद शहर में लोगों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वैन पहुंचाई। पिछले दिनों बाली होर्डिगिं विवाद पर चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने प्रदेश भर में कांग्रेस के पोस्टर लगाए, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का फोटो नहीं था तो वह वीरभद्र सिंह के समर्थकों के निशाने पर रहे।
निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने को लेकर बीते एक वर्ष से प्रदेश भर से मांग उठ रही है। शिक्षा विभाग की ओर से बनाए गए विधेयक में मनमानी करने वाले निजी स्कूलों पर दो से पांच लाख रुपये का जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है। इसमें आम जनता ने बढ़ोतरी कर जुर्माना राशि को दस लाख रुपये की वकालत की है। सजा का प्रावधान भी दस साल करने के सुझाव दिए गए हैं। सरकार की ओर से तय की गई फीस में हर वर्ष छह फीसदी वृद्धि का भी जनता ने विरोध करते हुए इसे दो से तीन फीसदी करने को कहा है। वंही निजी स्कूलों की ओर से चयनित दुकानों से ही किताबों व वर्दी खरीद की व्यवस्था पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। तीस जून तक फीस नियंत्रित करने को बनाए विधेयक को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजे जा सकते हैं। बता दें कि सरकार के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने आम जनता से विधेयक को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने को कहा है। इच्छुक लोग उच्च शिक्षा निदेशालय या जिला उपनिदेशक कार्यालयों में लिखित में या निदेशालय की वेबसाइट पर ऑॅनलाइन सुझाव दे सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान बीते बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने भिड़े पुलिस अफसर मुश्किल में आ गए है। जांच में मिले आरोपों के चलते सरकार ने एसपी कुल्लू रहे गौरव सिंह और पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी रहे एएसआई बलवंत सिंह को निलंबित कर दिया है। एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद को एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा के पद से रिलीव कर पुलिस मुख्यालय से अटैच (संबद्ध) कर दिया है। गौरव को सेंट्रल रेंज मंडी से अटैच किया गया है। थप्पड़ मारने वाले एसपी गौरव सिंह ने बयान में कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की गाड़ियों के काफिले में तय प्रोटोकॉल से इतर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद ने जबरदस्ती तीन अन्य वाहनों को शामिल कर दिया। प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद भी वह उनसे बहस करते रहे और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर उनका हाथ उठ गया। वहीं, थप्पड़ खाने वाले बृजेश सूद ने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि जब उनकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की सुरक्षा है तो उनके वाहन को मुख्यमंत्री के वाहन से अलग कैसे रखा जा सकता है। इसी बात पर उन्होंने एसपी से सवाल किया और एसपी ने उन्हें सरेआम थप्पड़ मार दिया। वायरल वीडियो में एसपी को लात मारते दिखने वाले मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह ने कहा है कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने से नाराज थे। बीच बचाव के दौरान उनका पैर शायद एसपी को लग गया। गौरतलब है कि सरकार ने वीरवार को गौरव सिंह को हटाकर 5वीं बटालियन बस्सी के कमांडेंट गुरुदेव शर्मा को एसपी कुल्लू लगा दिया है। 1 आईआरबीएन बनगढ़ की कमांडेंट आकृति को 5 आईआरबीएन बस्सी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। पुनीत रघु को मुख्यमंत्री सुरक्षा का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा HAS की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु निश्चित तिथि निर्धारित की गयी थी लेकिन हिमाचल प्रदेश में मौसम की स्तिथि सामान्य न होने के कारण बिजली कट जाने से और इंटरनेट कनेक्टिविटी कमज़ोर पड़ने के कारण कई छात्र फॉर्म नहीं भर पाए थे। आयोग ने एक बार अंतिम तिथि को 22 जून तक बढ़ाया था लेकिन इसके बावजूद आयोग ने वेबसाइट की प्रक्रिया में बदलाव लाया है जिसके चलते छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और समय रहते अभी भी अधिकांश आवेदन फॉर्म नहीं भर पाए है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि छात्र लोक सेवा आयोग की धीमी गति और लापरवाही से परेशान है। प्रदेश के लाखो विद्यार्थी प्रशासनिक परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के लिए दिन रात एक कर पढ़ाई कर रहे है लेकिन यदि लोक सेवा आयोग की बात करे तो वहां पर रोजाना वेबसाइट और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किए जाते है जिसके चलते छात्रों में खासी परेशानी देखने को मिल रही है। विक्रांत चौहान ने कहा कि किसी भी परीक्षा फॉर्म को भरने से पहले लोकसेवा आयोग के अंतर्गत छात्रों को एक ऑनलाइन अकाउंट खोलना पड़ता है जिसमें छात्रों तक आयोग द्वारा अधिसूचना और किसी भी प्रकार के परीक्षा संबंधी संदेश पहुंचाए जाते है। उन्होंने कहा कि इसी अकाउंट के माध्यम से छात्र लोक सेवा आयोग के अंतर्गत कंडक्ट होने वाली परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकता हैं। वैसे ही प्रक्रिया का पालन करते हुए इस दफा जब छात्रों ने HAS की परीक्षा हेतु आवेदन करना चाहा तो हिमाचल प्रदेश के लगभग 50% से ज्यादा छात्रों को उनके अकाउंट के लॉगिन करने में ही अनेकों टेक्निकल एरर्स देखने को मिले है दूसरा अकाउंट बनाने में प्रयास भी असफल रहे है क्योंकि छात्रों को पहले से अकाउंट होने के कारण नए अकाउंट बनाने में अपने दस्तावेज अपलोड करते समय डुप्लीकेट रिकॉर्ड फाउंड आ रहा था जिस कारण अधिकांश इच्छुक छात्र 22 जून से पूर्व HAS की परीक्षा हेतु आवेदन फॉर्म नहीं भर पाए। विक्रांत चौहान ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लोक सेवा आयोग के चेयरमैन से मांग करती है कि शीघ्र अति शीघ्र HAS की परीक्षा हेतु आवेदन फॉर्म की निर्धारित अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए और आवेदन प्रक्रिया में छात्रों को आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए अन्यथा छात्रों का रोष फूटकर लोक सेवा आयोग के कार्यालय तक आ पहुंचेगा और विद्यार्थी परिषद् आम छात्रों को लामबंद करते हुए आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में 24 जून का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि आज केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में कुल्लू जिला के मनाली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के लिए 6155 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण किए व आधारशिलाएं रखीं। केन्द्रीय मंत्री ने 1303 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 39.14 किलोमीटर लम्बे एनएच-22 (नया एनएच-05) के परवाणु-सोलन सेक्शन के फोर लेन का लोकार्पण किया। उन्होंने 1323 करोड़ रुपये की लागत से 18.13 किलोमीटर लम्बे एनएच-88 (नया एनएच-303, 503) कांगड़ा बाईपास-भंगबार सेक्शन के फोर लेन के निर्माण, 2098 करोड़ रुपये की लागत से 47.75 किलोमीटर लम्बे एनएच-21 (नए एनएच-205,154) कीरतपुर-नेरचैक (ग्रीनफील्ड संरेखण) के फोर लेन के निर्माण, 273 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) पांवटा साहिब-हेवना के फोर लेन/टू लेन के निर्माण, 243 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) हेवना-अशयारी के टू लेन के निर्माण, 346 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) के अशयारी-श्री क्यारी सेक्शन के टू लेन/इंटरमीडिएट लेन के निर्माण, 349 करोड़ रुपये की लागत से 19.9 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) श्री क्यारी-गुम्मा सेक्शन के इंटरमीडिएट लेन के उन्नयन, 126 करोड़ रुपये की लागत से 8.65 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) गुम्मा-फेडिज सेक्शन के इंटरमीडिएट लेन के उन्नयन और 94 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाने वाली 12.71 किलोमीटर लम्बी पांवटा-राजबन-शिलाई-मीनस-हाटकोटी सड़क एनएच-707 के टू लेन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखीं। केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वास्तव में देश का सबसे सुन्दर राज्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के समग्र विकास के लिए सड़कें अति-आवश्यक होती हैं। पर्यटन राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए भी सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में दिल्ली से कुल्लू तक यात्रा समय घटकर सात घंटे रह जाएगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिन सड़कों का आज उन्होंने शिलान्यास किया है उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण किया जाएगा। वंही, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण सड़कें प्रदेश मेंयातायात का एक मात्र साधन हैं, इसलिए सड़क सम्पर्क सुदृढ़ बनाना राजनीतिक नेतृत्व और आम जनता का महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूर्व भी राज्य के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार ने राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं को तीन शब्दों सड़क, सड़क और सड़क में परिभाषित किया था। जयराम ठाकुर ने राज्य के लिए 6155 करोड़ रुपये लागत की सड़क परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखने और समर्पित करने के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार ने केन्द्र से गत लगभग साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के लिए 997 परियोजनाएं स्वीकृत करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान भाजपा सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा 261 गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने की तुलना में 305 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान इतनी अवधि में केवल 145 पुलों और 1585 किलोमीटर सड़का का निर्माण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इस अवधि के दौरान 216 पुलों और 2951 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, सांसद किशन कपूर और इंदु गोस्वामी, विधायक सुरेंद्र शौरी, किशोरी लाल, जवाहर ठाकुर, बलबीर वर्मा और राजेश ठाकुर, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव लोक निर्माण शुभाशीष पांडा और राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी उपस्थित थे, जबकि सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सांसद, विधायक, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी कार्यक्रम में वर्चुअली माध्यम से शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कुल्लू में पुलिस अफसरों के बीच सरेआम हुई कथित मारपीट व प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्य सचिव के साथ एक मंत्री के दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निदा की है। उन्होंने कहा है कि कानून के रखवाले ही जब खुलेआम एक दूसरे पर लातघुसें बरसाने लगें तो कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठना लाजिमी है। राठौर ने एक मंत्री द्वारा सरकार के मुख्य सचिव के साथ मंत्रिमंडल की बैठक में दुर्व्यवहार की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसी सरकार का रखवाला तो रामरखा ही हो सकता है। उन्होंने कहा है कि इस घटना ने प्रदेश की विगड़ती कानून व्यवस्था और ब्यरोक्रेसी के साथ सरकार के बिगड़ते सम्बधों की पूरी पोल खोल दी है और प्रदेश इन दोनों घटनाओं से शर्मसार हुआ है। कुलदीप सिंह राठौर ने जारी एक बयान में कहा कि पुलिस अफसरों का इस प्रकार घुथम गुथा होना और वह भी तब जब वह किसी केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में लगे हो पुलिस व्यवस्था के लिए बहुत ही शर्मसार है। राठौर ने कहा है कि प्रदेश में यह पहली घटना है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री का अपने इन अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नही है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश के लोगों को भी सकते में डाल दिया है।मुख्यमंत्री के सामने इस प्रकार की घटना होना किसी की भी पुलिस सुरक्षा को खुली चुनौती है।
केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ अटल टनल रोहतांग का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष 3 अक्तूबर को मनाली से लाहौल-स्पीति को जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लम्बी टनल को राष्ट्र को समर्पित किया था। केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का लाहौल स्थित उत्तरी छोर में जिला लाहौल-स्पीति के लोगों ने पारम्परिक तरीके से भव्य स्वागत किया। केन्द्रीय मंत्री ने टनल के दक्षिणी छोर में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए इस टनल के निर्माण के लिए सीमा सड़क संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में 19 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 8 सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, विधायक किशोरी लाल सागर व सुरेन्द्र शौरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग शुभाशीष पांडा भी इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री के साथ उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल भेजा जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से शिक्षकों को रोजाना अपने ग्रुपों में इसे अपलोड करना होगा। बच्चों को व्यस्त करने के लिए प्रोजेक्ट और असाइंनमेंट कार्य भी अलग से दिया जाएगा। छुट्टियों के बाद शिक्षकों को इस कार्य की जांच करनी होगी। शीतकालीन स्कूलों में पहले की तरह ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। हर घर पाठशाला कार्यक्रम भी चलता रहेगा। शिक्षा सचिव ने बताया कि सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए स्टेट रिसोर्स ग्रुप की ओर से रोजाना डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार की जा रही है। सभी शिक्षकों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से यह सामग्री भेजी जाती है। ऐसे में ग्रीष्मकालीन स्कूलों सहित कुल्लू और लाहौल स्पीति जिला के स्कूलों में छुट्टियों के दौरान भी इस शिक्षण सामग्री को भेजने का कार्य जारी रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस किसानों, बागवानों व आमजन की अनदेखी के विरोध में केंद्र व प्रदेश भाजपा सरकार के खिलाफ 26 जून से जन आक्रोश सप्ताह शुरू करेगी। 26 जून को जिला के नारकंडा से इसकी शुरूआत की जाएगी। यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सचिव प्रभारी संजय दत्त व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के संयुक्त नेतृत्व में यहां से जनआक्रोश सप्ताह की विधिवत शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि देश मे तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले छह महीनों से इन्हें निरस्त करने की मांग को लेकर सड़को में बैठा है। उनकी कोई भी बात सरकार नही सुन रही है। प्रदेश में जयराम सरकार से बागवान भी दुखी है। सरकार की उपेक्षा के चलते सेब सीजन के लिए सरकार की ओर से कोई भी व्यवस्था नही की गई है। अब तक न तो कार्टन की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है और न ही इसके ढुलाई के मूल्य तय किए गए है। विपणन की भी कोई व्यवस्था अब तक नही की गई है। सड़को की हालत खस्ता है। हिमराल ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से आम लोग परेशान है। सरकार अपना खजाना तो भर रही है पर कोरोना के चलते किसी भी वर्ग को सरकार की ओर से कोई राहत या मदद नही दी गई है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस इसके विरोध में जिलाभर में जन आक्रोश रैलियों का आयोजन कर रही है। इन रैलियो में पार्टी के सभी विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी अग्रणी संगठनों के सभी पदाधिकारी साथ मे पार्टी उपाध्यक्ष, महासचिव प्रभारी भी अपने क्षेत्रों में इन जनआक्रोश रैलियों में भाग लेंगे। हिमराल ने बताया कि 26 जून को नारकंडा, 27 को ऊना व सिरमौर, 28 को मंडी, 29 को कांगड़ा, 30 को चम्बा व सोलन,1 जुलाई को कुल्लू व हमीरपुर, 2 को बिलासपुर व लाहुल स्पीति व किन्नौर में जिला स्तरीय जनआक्रोश रैलियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28 को मंडी व 29 को कांगड़ा की जनाक्रोश रैली में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान ब्लॉक स्तर पर भी ऐसी ही जनाक्रोश रैलियों का आयोजन करने को कहा गया है जिसमें पार्टी के सभी पदाधिकारियों, उपाध्यक्षों व महासचिवों प्रभारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में वृद्धि कर दी है। इन मेलों की अनुदान राशि तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। राज्य सरकार ने अधिसूचित किया है कि अब जिला स्तर के मेलों की अनुदान राशि को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। राज्य स्तर के मेलों की अनुदान राशि एक लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी का कुल्लू जिला के भुन्तर हवाई अड्डे में आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया। केन्द्रीय मंत्री 24 जून को मनाली से वर्चुअल माध्यम द्वारा राज्य के लिए 6155 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, विधायक किशोरी लाल सागर, सुरेन्द्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष भीमसेन, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह एवं जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण शुभाशीष पाण्डा, उपायुक्त कुल्लू रिचा वर्मा और पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल की बेटी प्रेरणा गुप्ता ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर शिमला और पूरे प्रदेश के लोगों का नाम रोशन किया है। प्रेरणा गुप्ता हाल ही में एयर चीफ मार्शल आरएस भदौरिया की अध्यक्षता में हैदराबाद के पास डुंडीगल वायु सेना प्रशिक्षण केंद्र में 161 अधिकारियों के साथ पासिंग आउट परेड समारोह में फ्लाइंग ऑफिसर नियुक्त हुई है। प्रेरणा गुप्ता को गत वर्ष पहले ही प्रयास में एएफसीएटी और एसएसबी परीक्षा पास करने के बाद भारतीय वायुसेना में चुना गया और अकादमी में 19 जून, 2021 को अपना प्रशिक्षण पूरा किया। प्रेरणा गुप्ता ने बताया कि शिमला के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल शिमला से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और अन्नामलाई विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। प्रेरणा के पिता राज्य के राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और माता केंद्र सरकार की कर्मचारी हैं। प्रेरणा गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, समर्पण और अपने माता-पिता, शिक्षकों, दोस्तों, विशेष रूप से अपने भाई से मिले सहयोग को दिया है, जो एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है।
हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा के इस कठिन समय में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को दिवाली तक बढ़ाने पर व इसे कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे केंद्रीय कैबिनेट का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “कोरोना आपदा के दूसरे लहर की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में संवेदनशील केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मई और जून महीने में मुफ़्त 5 किलो अनाज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। राष्ट्र के नाम सम्बोधन में महामारी के इस समय में गरीबों को भोजन की समस्या से दो-चार न होना पड़े, इसके लिए मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को दिवाली तक बढ़ाने का निर्णय लिया जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को नवंबर तक चालू रखने को मंजूरी दे दी है। देश में प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न (चावल/गेहूं) मुफ्त देने की इस कल्याणकारी योजना के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरी केंद्रीय कैबिनेट का आभार प्रकट करता हूँ”। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “देश की 80 करोड़ जनता को इस योजना का लाभ देने के लिए मोदी सरकार अनुमानित 64,031 करोड़ रुपये की अनुमानित खाद्य सब्सिडी के रूप में खर्च करेगी जबकि अतिरिक्त खर्च के रूप में 3,234.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पिछले साल जब लॉकडाउन लगाना पड़ा तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ देशवासियों को 8 महीने तक मुफ्त राशन दिया गया। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसके साथी के रूप में खड़ी है व मोदी सरकार सुनिश्चित करेगी कि इस आपदा की घड़ी में कोई भूखा ना रहे”
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने जानकारी देते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आज छात्र मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है उन्होंने कहा लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक परिणाम घोषित नहीं हो पाए हैं जिसके चलते छात्र ना तो आगे की पढ़ाई कर पा रहे है और ना ही किसी कॉन्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर पा रहे हैं उन्होंने कहा कि b.ed सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं हुआ है जिसके चलते b.ed के छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसी के साथ साथ अभी तक यूजी के छात्रों ने जो पहले तीसरे और पांचवें सत्र के रिअपीयर के एग्जाम दिए थे उसके परिणाम भी इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद घोषित नहीं हो पाए हैं रोजाना छात्रों के फोन आते रहते हैं और काफी परेशानियों से यू जी के छात्रों को जूझना पड़ रहा है नया सत्र शुरू होने होने वाला है लेकिन परिणाम कि यदि बात करें तो विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई दफा छात्र संगठन ने बात रखी है लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है ऐसी परिस्थिति में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विशाल ने कहा कि यदि पीजी की बात करें तो पीजी परीक्षाओं के भी परिणाम अभी तक नहीं बन पाए हैं जबकि अभी तक पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो जाने चाहिए थे विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है अभी हाल ही में b.ed के छात्रों के लिए परीक्षा का शेड्यूल जारी किया है लेकिन प्रशासन ने यह ध्यान में नहीं रखा कि TET की परीक्षाएं भी होनी है और B.ED के छात्र असमंजस में है कि परीक्षाओं के दबाव को कैसे झेला जाए, इन सभी परिणामों और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक डॉ जे एस नेगी को ज्ञापन सौंपा है, परीक्षा नियंत्रक ने मांगो को जायज और वास्तविक मांग बताया है और शीघ्र परिणामों को घोषित करने का आश्वासन दिया है। वहीं इकाई अध्यक्ष सकलानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द परीक्षा परिणामों को घोषित नहीं करता है तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
दयानंद पब्लिक स्कूल ने मनमानी करते हुए उन बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर निकाल दिया जो फीस नहीं भर पाए। स्कूल के इस निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कड़ा विरोध करती है। प्रांत सह मंत्री शिल्पा कुमारी ने कहा कि आज जहां पूर्ण देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, बेरोजगारी ने लोगो की कमर तोड़ दी है ऐसे में गरीब विद्यार्थी जो फीस नहीं चुका पा रहे उन्हें पढ़ाई से वंचित कर देना सरासर गलत है। ऐसा करना उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से कम नहीं होगा। इस महामारी ने जहां लोगो को आर्थिक रूप से काफी कमजोर कर दिया है वहीं यह स्कूल फीस में लगातार बढ़ोतरी करने में लगे हैं। ऐसे स्कूलों पर भी कारवाई की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद करती है। परीक्षाओं के समय में विद्यार्थियों को इस प्रकार से परेशान करना बंद किया जाए व ऐसे स्कूल जो ऐसी मनमानी कर रहे हैं उन पर शिकंजा कसा जाए।
शिमला : दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ दिव्यांग विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। सभी प्रकार की परीक्षाओं में यदि विभाग उन्हें राइटर उपलब्ध नहीं कराता है तो वह किसी भी शैक्षणिक योग्यता वाले राइटर को अपने साथ परीक्षा में लिखने के लिए ले जा सकते हैं। सरकार ने यह कदम हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव द्वारा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष रखी गई मांग पर उठाया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के अलावा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा तुरंत की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार जताया। प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के कारण पहले ही तनाव में चल रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों एवं नौकरी के उम्मीदवारों की चिंता उस समय बढ़ गई थी जब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार और यूजीसी के दिशानिर्देशों का संज्ञान लिए बिना गलत गाइडलाइंस जारी कर दी। अब विभाग ने अपनी गलती को सुधार लिया है। प्रो. अजय श्रीवास्तव के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और यूजीसी को आदेश दिया था कि जब तक परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी दृष्टिबाधित एवं लिखने में असमर्थ उम्मीदवारों के लिए राइटर का पैनल न तैयार कर ले तब तक उन्हें 'एक कक्षा जूनियर' वाला राइटर लाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसे में उन्हें फरवरी 2015 वाली गाइडलाइंस के तहत परीक्षा देने की अनुमति होगी। इसके बाद यूजीसी समेत सभी केंद्रीय विभागों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में नए दिशानिर्देश जारी किए थे। अब यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सभी प्रकार की नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षाओं में यदि संबंधित विभाग राइटर उपलब्ध नहीं करा पाता है तो दृष्टिबाधित उम्मीदवार अपने से अधिक योग्यता वाले राइटर को भी परीक्षा में लिखने के लिए ले जा सकता है। श्रीवास्तव का कहना है कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक यह विभागों का दायित्व है कि वे दृष्टिबाधित एवं लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को राइटर उपलब्ध कराएं। 'एक क्लास जूनियर राइटर' ढूंढकर परीक्षा देना विद्यार्थियों के लिए बहुत मुश्किल कार्य है। कोर्ट ने ये भी कहा था कि यह सुनिश्चित करना ड्यूटी पर उपस्थित शिक्षक का दायित्व है कि राइटर वही लिखे जो दिव्यांग विद्यार्थी ने बोला हो।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश ईकाई ने प्रदेश मे बिना टीकाकरण के परीक्षाओ को करवाने की कड़ी आलोचना की| NSUI के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर महामहिम राज्यपाल को ADC(Aides-de-camp) के माध्यम से स्तिथि से अवगत करवाया, छत्तर सिंह ठाकुर ने बताया की प्रदेश सरकार ने विश्व विद्यालय के साथ मिलकर परीक्षाओ को करवाने का ऐलान तो कर दिया लेकिन टीकाकरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, NSUI को छात्रों के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ मंजूर नही, उन्होंने बताया की सरकार को पहले छात्रों के टिकाकरण पर ध्यान देना चाहिए था। इसी को लेकर उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हे स्तिथि से अवगत करवाया और उनसे निवेदन कर मामले की गंभीरता को देखते हुए दखल देकर छात्रों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश देने की मांग की | NSUI के प्रतिनिधियों ने बताया की पूरे प्रदेश के छात्र NSUI से संपर्क करके अवगत करवा रहे की ऑनलाइन क्लासेज नही लगी है और उनके पाठ्यक्रम मे कटौती की जाए| उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया की सभी छात्रों को वैक्सीन जल्दी जल्दी लगवाने के लिए महाविद्यालय वक्सीनशन सेंटर बना छात्रों को वैक्सीन लगाई जाए अन्यथा NSUI के विरोध के लिए विश्व विद्यालय प्रशासन व प्रदेश सरकार तैयार रहे , NSUI छात्रहितों के मुद्दो को प्रमुखता से उठाने मे कोई कमी नही छोड़ेगी और जब तक सभी छात्रों को वैक्सीन नही लगाई जाती तब तक परीक्षाओ का विरोध जारी रखेगी| इस मौके पर NSUI प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट ,चंदन महाजन, नितिन देष्टा विशेष रूप से उपस्थित रहे|
शिमला राष्ट्रीय एकता व अखंडता के पर्याय, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने उनको प्रदेश कार्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है। आज हम सभी उस महान आत्मा को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। वे आजाद भारत के उन नेताओं में से एक रहे जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनका संपूर्ण जीवन उपलब्धियों के साथ साथ त्याग से भी भरा हुआ था। उन्होंने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त हो उसके लिए आंदोलन चलाया था और एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का नारा दिया था। देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन लगाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि ये ही है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलें, विचार के साथ जुड़े और विचार को आगे बढ़ाने का काम करें। उनसे प्रेरणा लेकर भाजपा कार्यकर्ता देश को मजबूत बनाने के लिए अग्रसर हैं। उन्होंने कहा देश के जितने भी राजनीतिक दल हैं वो राजनीति के अलावा कुछ नहीं करते। लेकिन भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है, जो समाज के प्रति अपने दायित्व को भी निभाती रही है। समाज सेवा के कार्यों से हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए भी अपने कार्यकर्ता को तैयार करते हैं। कार्यक्रम में भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सचिव पायल वैद्य, कुसुम सदरेट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा, पार्षद किरण बावा, चेयरमैन गणेश दत्त विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिमला - प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन विधायक हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गो की खस्ता हालत पर सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन मार्गो के रखरखाव के प्रति कतई गंभीर नही है। हर्षवर्धन ने आज यहां कहा कि केंद्रीय भूतल मंत्री नितिन गडकरी जो अब फिर से मंडी संसदीय क्षेत्र के उप चुनाव के दृष्टिगत प्रदेश के दौरे पर आ रहें है, उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान अपनी जनसभाओं में प्रदेश को 65 हजार करोड़ के जो 68 राष्ट्रीय राजमार्ग दिए थे वह सब आज दिन तक खटाई में पड़े है, उन्हें उस बारे में भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।।उन्होंने कहा कि इन सब राजमार्गो की घोषणाएं हवा हवाई साबित हुई है।गडकरी को झूठ बोलने के लिए प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। हर्षवर्धन ने कहा है कि शिमला धर्मशाला फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य भी धीमी गति से चल रहा है और उन्हें नही लगता कि यह अपने निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा।उन्होंने कहा है कि गडकरी को प्रदेश में घोषित सभी राष्ट्रीय राज मार्गो की समीक्षा करते हुए अपनी सभी घोषणाओं को अमली जामा पहनाना चाहिए। हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने अभी तक न तो इसके विपणन की कोई पुख्ता व्यवस्था ही की है और न ही मंडियों की ।उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ही किसान व बागवान विरोधी रही है और यही कारण है कि देश का किसान व बागवान कृषि के तीन काले कानूनों को लेकर पिछले छह महीनों से सड़कों पर बैठा है।उन्होंने कहा है कि कांग्रेस हमेशा ही किसानों, बागवानों व आम लोगों की हितकारी रही है और इनके हितों से कभी भी खिलवाड़ सहन नही करेगी।
प्रदेश में क्लीनिकल साईकोलाॅजिस्ट और फिजियोथैरेपिस्ट की कमी को पूरा किया जाना आवश्यक है ताकि दिव्यांगजनों को इनकी सेवाओं से वंचित न रहना पडे़। विशेष ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डाॅ. मल्लिका नड्डा ने कला संस्कृति, भाषा अकादमी के साहित्य कला संवाद के दौरान चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि विलम्बित दिव्यांग अधिकार कानून दिसम्बर, 2016 में लागू किया गया, जिसके तहत दिव्यांगजनों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रति बल दिया गया। इसके तहत 3 प्रतिशत से बढ़ाकर इनके लिए 4 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण की सुविधा की गई है तथा दिव्यांग पात्रता की 7 श्रेणियों से बढ़ाकर इसमें 21 श्रेणियां शामिल की गई है, जिसके प्रति जागरूकता और जानकारी होना आवश्यक है। विशेष ओलंपिक भारत के तहत देश के विशेष बच्चों को एक नई पहचान दिलवाने के उद्देश्य से विभिन्न खेलों का राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन किया गया। लगभग 10 हजार से अधिक विशेष एथेलिट हिमाचल प्रदेश के अध्याय से पंजीकृत है और यह खिलाड़ी नियमित तौर पर राज्य, राष्ट्रीय व विश्व स्तर के खेलों में भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त देश के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इससे प्रोत्साहन मिला है। डाॅ. मल्ल्किा नड्डा ने राजनीतिक परिवेश से संबंध होने के बावजूद सामाजिक परिवर्तन और व्यक्ति निर्माण की दिशा में कार्य करने के प्रति अपना योगदान प्रदान करने के लिए अपना प्रेरणा स्त्रोत सदा शिव देवधर जी को बताया। नई शिक्षा नीति के तहत चर्चा करते हुए बताया कि इसमें दिव्यांगजनों को 6 से 18 वर्ष तक मुफ्त शिक्षा, स्कूलों में स्पैशल एजुकेटर की नियुक्ति करने ताकि उन्हें सामान्य बच्चों के साथ पढ़ने का अवसर मिल सके तथा अन्य संगठनात्मक व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय इसमें लिया गया है ताकि उनका शैक्षणिक विकास संभव हो सके। इस अवसर पर अकादमी के सचिव डाॅ. कर्म सिंह ने डाॅ. मल्लिका नड्डा द्वारा समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में दिव्यांग कलाकारों को भी संवाद कार्यक्रम के माध्यम से मंच प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय में डाॅ. वाईएस.परमार चेयर के प्रमुख डाॅ. ओम प्रकाश ने डाॅ. मल्लिका नड्डा द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सम्पूर्ण देश के दिव्यांग खिलाड़ियों अपितु प्रदेश के खिलाड़ियों को भी सम्मान मिला है। कार्यक्रम के संपादक हितेन्द्र शर्मा ने डाॅ.मल्लिका नड्डा का सम्पूर्ण परिचय दिया और चर्चा के दौरान उनके द्वारा सांझा किए गए अनुभवों को अत्यंत लाभकारी बताया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन भारती कुठियाला द्वारा किया गया, जिन्होंने विविध विषयों के संबंध में डाॅ. मल्लिका नड्डा के विचारों से अवगत करवाया।
स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमण्डल की उप-समिति की बैठक आज यहां शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 34 विभागों द्वारा 248 जन सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। ये सेवाएं समयबद्ध रूप से लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हर विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली जन सेवा के लिए समय अवधि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 248 जन सेवाओं में से 110 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से, 30 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से और 80 सेवाएं व्यवसाय में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के तहत प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं करवाने पर एक से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आरक्षित बैकलाॅग पदों को तुरन्त भरने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि इस बारे में की गई कार्यवाही के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा कोटे का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की दी गई है। सुशासन बने स्वर्णिम हिमाचल का आधार के तहत जन अधिकार पुस्तिका का प्रकाशन कर इसे योजना विभाग की वैबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है तथा इसका अद्ययतनीकरण किया जा रहा है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ई-प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल-सीएम डैशबोर्ड बनाया जा चुका है और इसका प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र के तहत विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से सभी उपमण्डलाधिकारियों के साथ कोविड-19 की तीसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी उपमण्डलाधिकारियों से जिला में कोविड-19 की स्थिति तथा जिले के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड-19 के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं पर समीक्षा की गई। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को जिला में जांच प्रक्रिया को बढ़ाने के निर्देश दिए, जिसमें आरटीपीसीआर जांच प्रक्रिया को कम से कम 50 प्रतिशत रखना होगा। उन्होंने बताया कि जिला में सभी ग्राम पंचायतों में जांच प्रक्रिया का एक दौर पूर्ण किया जा चुका है तथा दूसरे दौर के संबंध में पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने उपमण्डलाधिकारियों से अस्पतालों में नए लगने वाले ऑक्सीजन प्लांट तथा पाईप लाईन प्रक्रिया का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर पर बेहत्तर तैयारी के साथ ही नियंत्रण किया जा सकता है, जिसके लिए अभी से कार्य योजना व प्रयास किए जा रहे हैं। कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नागरिक अस्पताल एवं अन्य अस्पतालों में समय रहते सभी मूलभूत सुविधाओं को पूरा किया जाएगा, जिसमें आॅक्सीजन की आपूर्ति, बिस्तरों व सिलैंडरों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को अपने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर अस्पतालों में स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए तथा तीन से चार दिन के भीतर कार्य योजना रिपोर्ट कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में डाॅक्टरों की कमी को दूर करने के विषय को सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि इसका कोई जल्द हल निकल सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) विनय धीमान, समस्त उपमण्डलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रदेश की जनता को जल्द अपनी समस्याओं, सुझावों और आपत्तियों को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिलने वाला है। जल्द ही राज्य सरकार सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों पर सुनवाई करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मुद्दों पर भी सरकार अब स्वयं संज्ञान लेगी। आम जनता की शिकायतों के निवारण को प्रदेश सरकार ऑनलाइन मैकेनिजम स्थापित करने जा रही है। इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने को लेकर कवायद भी शुरू हो गई है। निजी कंपनियों से ऑनलाइन मैकेनिजम तैयार करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन के माध्यम इसके टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर, इंस्ट्राग्राम आदि का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। शिकायतों की सुनवाई के लिए जल्द ही लोग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। समस्या बताने के लिए लोगों को मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभाग को अपनी पोस्ट से टैग करना होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी कंपनी को इसका काम दिया जाएगा, उसके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड होते ही उसके निवारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उससे अवगत करवाया जाएगा।
A meeting of the Cabinet sub-committee constituted for the implementation of Swarnim Himachal Drishti Patra-2017 was held here today under the chairmanship of Urban Development Minister Suresh Bhardwaj. In the meeting, various issues pertaining to Swarnim Himachal were discussed in detail. On this occasion, Suresh Bhardwaj said that 248 public services have been notified by 34 departments of the State under the Public Service Guarantee Act. These services are being made available to the people in a time-bound manner. The time period has been fixed for the public services provided by every department. He said that out of 248 public services, 110 services are being provided through online medium, 30 services through e-district, and 80 services under ease of doing business. He said that provision has also been made for imposing fines ranging from rupees one thousand to five thousand for not providing the services within the stipulated time period. He said that this will not only improve the efficiency of governance but also provide a strong foundation for good governance. Suresh Bhardwaj directed the officers to take appropriate steps to make people aware of the various services provided under the Public Service Guarantee Act. He said that maximum publicity of the provisions of this Act should be ensured. The Urban Development Minister directed to fill the backlog posts reserved for Scheduled Castes, Scheduled Tribes, Other Backward Classes, and specially-abled persons immediately. He directed the departments to submit the action taken report in this regard within 15 days. He also directed to ensure implementation of the existing quota for ex-servicemen in government jobs. He also gave various directions to further improve the grievance redressal system. He said that the e-tender process has been made mandatory to bring transparency to the government working system. Suresh Bhardwaj said that to ensure transparency and accountability in administration through e-governance and information technology, an online portal- CM Dashboard has been created and its implementation is being ensured in an effective manner. Additional Chief Secretary Prabodh Saxena and other senior officers were also present on the occasion.
Industries Minister Bikram Singh Called on Union Minister for Railways, Commerce, and Industry Piyush Goyal at New Delhi today. Bikram Singh thanked the Union Minister for an announcement of a survey on the Jagadhari- Paonta Sahib railway line and enhancing budgetary provisions in 2021-22 for Bhanupali -Bilaspur- Beri and Chandigarh- Baddi railway line. This would attract more investment in the State, he added. He requested to expedite works on these projects. Bikram Singh also urged the Union Minister to provide financial assistance for the proposal submitted under the Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) for setting up the Pharma Testing Lab at Baddi which would not only augment productivity and boost exports but also improve the quality standards of the Pharma units in the State. He also requested for the extension of the Industrial Development Scheme for at least two more years up to 2024 and to grant similar incentives to the State as granted to UT of Jammu and Kashmir. This would boost the industrial growth of the state, he added. He further apprised the Union Minister about the industry-friendly environment in the State and added that the State would like to join the national program of industrial corridors for creating sustainable infrastructure to meet the requirements of the industries. He requested for including Baddi-Barotiwala-Nalagarh as Industrial Node under Amritsar Kolkata Industrial Corridor ( AKIC ) so that the area could witness growth at a faster pace. Piyush Goyal assured of all possible assistance to the state. Senior officers of the Ministry were also present in the meeting.
भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस तथा सचिव एवं सहप्रभारी की स्वीकृति से हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष की संस्तुति पर विधानसभा क्षेत्र युवा कांग्रेस रोहडू की कार्यकारिणी के विस्तार को अनुमोदित करते हुए उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, सहसचिव व जोन अध्यक्षों की नियुक्तियां की है। उपाध्यक्ष पद पर रमन चौहान, प्रवीण चौहान व रानू भाप्टा को बनाया गया है। महासचिव पद पर राकेश चौहान(संगठन), बनवारी लाल, जोगिन्द्र नेगी, अरविंद शौंगी, पृथ्वी राज संगटान, दिपिश बंटियान, प्रवीण चौहान व बाॅबी ठाकुर को बनाया गया है। सचिव पद पर प्रदीप नेगी, सौरभ ठाकुर, राजेश कश्वान, अकाश सेवक, ककिन्द्र मेहता, यशवंत रंजन, मोनिका ठाकुर, पवित्रा खुराना, हरिश कायथ, सौरभ कायथ, प्रवीण चौहान, अंकुश केस्टा, अजय ठाकुर, रोबिन ठाकुर, अनिल कुमार व हरदेव को बनाया गया है। सहसचिव बून्नी चटांटा, दिक्षित, पृथ्वी राज, अजित बिष्ट, कपिल मांटा, रोहित चौहान, शूभम बांश्टू, शशि काल्टा, अशिष झामटा, शांता कुमार, रोहन कायथ, मोसिम, मनोज भालू, अमित मेहता, अनूप शौंगी, नितिश शौंगी व अशिश नेगी को बनाया गया है। जोन अध्यक्षों में एमसी रोहडू के लिए राजन सनभेल, मढ़लगढ़ के लिए पंकज ठाकुर, समरकोट के लिए राहुल कायथ, स्पैल के लिए अनिल काल्टा, बठोलीगढ़ के लिए हरदीप गेष्टा, नावर के लिए मोहन केस्टा, डोडरा क्वार के लिए सतीश पितान, टिकराल के लिए दिनेश किचान्टू, जिगाह के लिए विक्की क्वाल्टा, एनपी चिरगांव के लिए विवेक सेवक और रनसर के लिए लायक राम मेहता को बनाया गया है।
छात्र अभिभावक मंच ने शिमला के एक निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा टयूशन फीस में की गई पचास प्रतिशत फीस बढ़ोतरी व अभिभावकों द्वारा बढ़ी हुई मनमानी फीस जमा न करने पर बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। मंच ने शिक्षा निदेशक व उपायुक्त शिमला से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर किये गए बच्चों को न्याय मिले व उनकी मानसिक प्रताड़ना बन्द हो। मंच ने ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों को बाहर करने के खिलाफ़ निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिक्षा निदेशक,अतिरिक्त शिक्षा निदेशक व उपायुक्त शिमला को ज्ञापन प्रेषित किया व स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, भुवनेश्वर सिंह, योगेश वर्मा, कमलेश वर्मा, हेमंत शर्मा, राजकुमार व अमित राठौड़ ने कहा है कि निजी स्कूल की मनमानी फीसों व पचास प्रतिशत टयूशन फीस बढ़ोतरी के खिलाफ मंच के प्रतिनिधि 28 अप्रैल व 18 जून को शिक्षा निदेशक से मिले थे व इस संदर्भ में ज्ञापन भी सौंपे थे, लेकिन स्कूल पर कोई भी कार्रवाई न होने से स्कूल प्रबंधन के हौंसले बुलंद होते चले गए व उन्होंने मनमानी फीस वसूलने के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर करना शुरू कर दिया। स्कूल ने दर्जनों छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर कर दिया है। इस से छात्र व अभिभावक भारी तनाव में हैं। उन्होंने उपायुक्त शिमला की भूमिका पर गम्भीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि स्कूलों की तानाशाही व मनमानी फीसों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने शिकायत निवारण कमेटियों के माध्यम से उपायुक्तों को शक्तियां दी हैं। उपायुक्त कार्यालय के बेहद नजदीक स्थित निजी स्कूल की तानाशाही पर उपायुक्त शिमला खामोश हैं। वह इस स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वह बताएं कि वह अपनी शक्तियों का प्रयोग करके स्कूल प्रबंधन की तानाशाही पर रोक क्यों नहीं लगा रहे हैं। वह क्यों चुप हैं। क्या वह अभिभावकों व छात्रों की मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर किसी अनहोनी होने पर ही जागेंगे। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि शिमला के उपायुक्त निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने में पूर्णतः विफल रहे हैं। इस से जिला प्रशासन की स्कूल प्रबंधन से मिलीभगत प्रतीत हो रही है।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को अब मनरेगा की तर्ज पर चलाया जाएगा। इसके लिए एक्ट बनाने की तैयारी है। जॉब कार्ड जारी होने के 15 दिनों के भीतर शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को 120 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। अगर काम न मिला तो 75 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि इस योजना के तहत बीते अप्रैल से अब तक 1300 लोगों का पंजीकरण किया गया है। 50 फीसदी से अधिक पंजीकरण 7 मई के बाद लॉकडाउन के दौरान किए गए हैं। वर्तमान में लॉकडाउन के दौरान इस योजना के तहत 500 से अधिक लोग काम कर रहे हैं जबकि 800 से अधिक लोगों को जॉब कार्ड दिए गए हैं। इस वर्ष मार्च तक 5000 लोगों को पंजीकृत किया है, जिनमें से 4800 को जॉब कार्ड दिए हैं जबकि 4500 लोगों को रोजगार दिया गया है। इस वित्त वर्ष के लिए बजट में इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
देश में कोरोना संक्रमण के भयवाह रूप को देखते हुए वैक्सीनेशन अभियान को रफ़्तार देने के लिए प्रत्येक राज्य के मंत्री सतर्क हो चुके है। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी जुलाई तक राज्य की पूरी जनता को पहली डोज लगाने का लक्ष्य बनाया है। सीएम जयराम ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य की 100% आबादी को 25 जुलाई तक वैक्सीन की पहली डोज लगाना है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, यहां वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। सीएम जयराम ने ये भी बताया कि 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है और राज्य में अबतक 27.35 लाख डोज दी जा चुकी हैं। वहीं वर्तमान में लगभग 5 लाख डोज उपलब्ध हैं। सीएम के मुताबिक 25 जून तक उनका लक्ष्य लाहौल-स्पीति जैसे आदिवासी क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में भी पहली डोज के साथ 100 प्रतिशत आबादी का वैक्सीनेशन करना है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक 27.35 लाख डोज प्रशासित किए जा चुके हैं, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को पहली डोज लग चुकी है।


















































