जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने शनिवार को बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत कोविड महामारी में सुरक्षा के दृष्टिगत शादी समारोह में 150 लोगों की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि इन समारोहों के दौरान मास्क, थर्मल स्कैनिंग व दो गज की दूरी बनाना अनिवार्य होगा तथा सैनेटाइजर भी उपलब्ध करवाना होगा। खुले स्थानों में लोगों की सीमा 250 निर्धारित की गई है, ताकि लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो। उपायुक्त ने बताया कि सेना, अर्ध सैनिक बलों, पुलिस व वन विभाग की भर्ती के दौरान छूट देना संबंधित उपमण्डलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन आदेशों की अनुपालना करवाना पुलिस अधीक्षक शिमला, समस्त उपमण्डलाधिकारियों एवं स्थानीय पंचायत एवं शहरी निकाय जन प्रतिनिधियों के कार्यक्षेत्र में होगा। आदित्य नेगी ने बताया कि यह आदेश समस्त जिला में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे तथा इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 111, 114 व 115 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को दिन भर मौसम साफ रहा। शुक्रवार रात करीब दो बजे राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल बरसे और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी दर्ज की गयी । मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया कर दिया है। नौ जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। शनिवार को राजधानी शिमला में सुबह के समय हल्के बादल छाए रहे लेकिन दस बजे के बाद शहर में मौसम साफ हो गया। बीते कई दिनों से प्रदेश में पड़ रही गर्मी से शुक्रवार रात को हुई बारिश से राहत मिली है। शुक्रवार रात को नयनादेवी में 66, बंगाणा में 41, बिलासपुर में 37, धर्मशाला में 24, कसौली में 19, शिमला में 18, नाहन-कंडाघाट में 17, गगल-सुजानपुर टीहरा में 16, सोलन में 15, कुफरी-पालमपुर में 14, धर्मपुर में 12 और मनाली में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार रात को ऊना-नाहन में न्यूनतम तापमान 22.4, धर्मशाला में 21.4, कांगड़ा में 20.1, चंबा में 18.7, मंडी में 18.1, सोलन-बिलासपुर में 17.0, शिमला में 12.9, कल्पा में 11.0, डलहौजी में 11.7 और केलांग में 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने शनिवार को विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-नावर-कोटखाई में दो दिवसीय प्रवास के प्रथम दिन पराली, मंढोल, झड़ग व नकराड़ी पंचायतों का दौरा कर वहां की लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान किया। उन्होंने पराली पंचायत में अपने संबोधन में बताया कि पंचायत की विभिन्न समस्याओं का प्रस्ताव पंचायत में पारित कर कार्यालय को भेजे, जिससे उन समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के ड्रिम प्रोजेक्टस को सरकार के इसी कार्यकाल में पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के सरकार में रहते हुए तथा पार्टी के कामकाज व कार्यकाल के बारे में विस्तृत प्रकाश डाला। इस दौरान ग्राम पंचायत प्रधान पराली मिनाक्षी मांझटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा क्षेत्र की समस्याएं वन मंत्री के समक्ष रखी। इसके उपरांत ग्राम पंचायत मंढोल में अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि नरेन्द्र बरागटा न सिर्फ जिला शिमला के नेता थे बल्कि पूरे प्रदेश में उन्हें एक श्रेष्ठ नेता के रूप में जाना जाता था। नरेन्द्र बरागटा के साथ काफी लम्बे समय तक काम करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा ने बागवानों के हितों में हर संभव प्रयास किए हैं, जिसमें विकास की बहुत लम्बी सूची है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा उप-चुनाव के मद्देनजर जो समय क्षेत्र की जनता ने नरेन्द्र बरागटा को दिया था वह समय वह आगामी डेढ़ वर्ष भी भाजपा के पास ही रहे ताकि उनके ड्रिम प्रोजेक्टस को पूरा किया जा सके। उन्होंने मंढोल पंचायत में वन विश्राम गृह के जीर्णोद्धार के लिए 5 लाख रुपये तथा पर्यटन की दृष्टि से वाटिका का निर्माण करने के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने मंढोल पंचायत में उत्कृष्ट विद्यालय बनाने की मांग को मुख्यमंत्री से बातचीत कर इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत तथा क्षेत्र की समस्याओं व मांगों को पूरा करने के लिए डेढ़ वर्ष का समय चाहिए ताकि यह सब कार्य भी पूर्ण किए जा सके। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान मंढोल चन्द्र रांगटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पंचायत व क्षेत्र की समस्याएं वन मंत्री के समक्ष रखी। इसके उपरांत उन्होंने झड़ग और नकराड़ी पंचायत के लोगों को च्योड़ी में संबोधित करते हुए बताया कि पिछले गत तीन वर्षों में जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 95 एफसीए अनुमोदन प्राप्त हुए है तथा अन्य एफसीए अनुमोदन एक सप्ताह के भीतर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि एफसीए के कार्यालय को देहरादून से शिमला स्थानांतरित करने की सारी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है, जिसे जल्द ही शिमला में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर महिला मण्डल को साढ़े 3 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा अन्य समस्याओं को समयबद्ध रूप से निपटारा करने का आश्वासन दिया। वन मंत्री राकेश पठानिया ने सिंथेटिक ट्रैक सरस्वती नगर का निरीक्षण करने के उपरांत अपने संबोधन में कहा कि ट्रैक के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका निर्माण कार्य मार्च, 2022 तक पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह उत्तर भारत का पहला हाई एल्टीट्यूड ट्रैक है, जिसका निर्माण कार्य विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस ट्रैक का नाम मैंने स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के नाम पर मुख्यमंत्री को प्रपोज किया है। उन्होंने बताया कि पर्यटन व खेल की दृष्टि से यह ट्रैक अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख चेतन बरागटा, उप-प्रधान पराली पंचायत विनित चैहान, उप-प्रधान मंढोल पंचायत प्रकाश डफरेट, पूर्ण जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम लाल पीरटा, जिला उपाध्यक्ष इन्द्र चैहान, महामंत्री सतीश पीरटा, उपमण्डलाधिकारी रोहडू बी.आर. शर्मा, सीसीएफ शिमला एसडी शर्मा, ग्राम केन्द्र प्रमुख झड़ग अनिल, प्रधानाचार्य पी.पी. चैहान एवं विभिन्न पदाधिकारी व अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां महादेव स्टूडियो के बैनर तले निर्मित वीडियो गीत ‘म्हारा शोभला माणू जय राम ठाकुर’ जारी किया। इस गीत को पहाड़ी गायक नरेश भारद्वाज ने गाया है। मुख्यमंत्री ने नरेश भारद्वाज और उनकी टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह गीत पहाड़ी संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ इनके संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला है। गायक नरेश भारद्वाज ने वीडियो गीत जारी करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह गीत विंक म्यूजिक, सावन, स्पाॅटिफाई म्यूजिक और gaana.com जैसे विभिन्न प्लेटफाॅर्म पर उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता, वीडियो गीत के निर्माता युवराज भारद्वाज, फोटोग्राफी निदेशक राजेश कुमार, वीडियो संपादक प्रवीण भट्टी सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने जीएसटी के चार साल काे गम शुदा टैक्स करार दिया। शिमला से जारी एक प्रेस बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र की माेदी सरकार ने जीएसटी के नाम पर आम आदमी और छाेटे व्यावसायियाें के साथ अन्याय किया है। उन्हाेंने हैरानी जताते हुए कहा कि आज भाजपा नेता जीएसटी के चार साल पर जश्न मना रहे हैं, लेकिन जिन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है उनसे जाकर पूछना चाहिए कि अच्छे दिन देख रहे हाे? या अभी इंतजार में हैं? पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि लाेगाें के साथ अन्याय कर हिमाचल प्रदेश के सांसद समेत जयराम सरकार के मंत्री भी जीएसटी के चार साल का गुण गा रहे हैं। गाैरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछली बार जीएसटी काे गब्बर सिंह टैक्स बताया ताे अब हिमाचल के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने इसे गम शुदा टैक्स करार दिया। सुधीर शर्मा ने कहा कि 2009-10 में तेरहवें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में जीएसटी के लिए गुंजाइश बनाई थी। वर्ष 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी के लिए संविधान संशोधन बिल पेश किया था ताे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने इसका तीखा विरोध किया था। आज यही भाजपा सरकार ने छाेटे काराेबारियाें के साथ धाेखा किया और अच्छे दिनों का सपना देख रहे हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनावाें में कांग्रेस की जीत तय है। मंडी संसदीय क्षेत्र, फतेहपुर और जुब्बल-काेटखाई विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हाेना है। प्रदेश की भाजपा सरकार के पास उपचुनाव लड़ने के लिए काेई भी मुद्दा नहीं हैं। महंगाई, बेराेजगारी, क्राइम, काेविड-19 उपकरण खरीद में घाेटाला समेत ऐसे एजेंडे हैं, जिसे देख जनता ने मन बना लिया है कि हमें ऐसी सरकार नहीं चाहिए।
Chief Minister Jai Ram Thakur released the video song 'Mhara Shobhla Maanu Jai Ram Thakur' produced under the banner of Mahadev studio and sung by noted Pahari singer Naresh Bhardwaj, here today. While appreciating the efforts of Naresh Bhardwaj and his team members, the Chief Minister said that the song would help in the promotion and conservation of Pahari culture and tradition of the State. He said that the artists have meticulously highlighted various schemes launched by the State for the welfare of the people of the State. Singer Naresh Bhardwaj thanked the Chief Minister for sparing his precious time for releasing this video song. He said that the song would be available on various platforms such as Wynk music Saavan, Spotify music, and gaana.com, etc. Principal Private Secretary to Chief Minister Dr. R.N. Batta, Producer of the video song Yuvraj Bhardwaj, Director of Photography Rajesh Kumar, Video Editor Praveen Bhatti were present on the occasion among others.
A spokesperson of the Jal Shakti Vibhag said here today that the interviews of multipurpose workers for Jal Shakti Division Pragpur in district Kangra would be conducted from 7th to 9th July 2021 from 9:30 AM to 5:00 PM. He said that the candidates should ensure their presence before the selection committee in Jal Shakti Division Office Pragpur along with original certificates on the scheduled date and time. He said that the candidates should bring a certificate of 8th class showing grades. The candidates who have not applied for the post of multipurpose workers should apply with full documents within three days.
A spokesperson of the health department said here today that presently there are 1579 active cases of Covid-19 in the State. District Kangra has 261, Chamba 240, and Shimla 239 cases of Covid-19 which are highly loaded districts in the State. The test positivity rate of the State is 1.3 with district Mandi having the highest positivity rate of 4.3. The spokesperson said that district Kullu, Bilaspur, Sirmaur, and Solan have a positivity rate of less than 1. The case fatality rate of the State for Covid-19 is 0.6. Presently, as many as 170 patients are admitted to various hospitals. Out of these, 124 patients are admitted on oxygen beds and 46 patients are being managed in ICUs. There are 2609 oxygen beds and 275 ICU beds available in the State. He further said that on 2nd July 2021 as many as 11956 samples had been taken for testing for Covid-19, out of which 11794 samples were found negative, 142 were confirmed Covid positive cases while reports of 20 samples are awaited. He said that in case of any symptoms of Covid like fever, cough, rashes, diarrhea, or flu, the people should immediately report for testing and should isolate themselves till the results are available.
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं के कोविड-19 टीकाकरण को इस शर्त के साथ मंजूरी दे दी है कि गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 संक्रमण के साथ-साथ देश में उपलब्ध कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े जोखिमों और लाभ की जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में तीन वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक-वी को आपातकालीन स्थिति में उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का निर्णय लेने में मदद करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन, कर्मचारियों, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं और निजी चिकित्सा व्यवसायियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं द्वारा घरों का दौरा किया जाएगा और उन्हें अस्पताल में प्रसव पूर्व जांच, आउटरीच टीकाकरण सत्र, ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस (वीएचएनडी) और शहरी स्वास्थ्य और पोषण दिवस (यूएचएनडी) आदि के बारे में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गर्भवती महिलाएं टीकाकरण करवाने का निर्णय लेती हैं तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया में उनकी मदद की जाएगी। गर्भवती महिला में एईएफआई के मामले में जिलों में एईएफआई समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रसूति रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ या नवजात रोग विशेषज्ञ को एईएफआई समितियों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारियों, निजी चिकित्सकों और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित एईएफआई निगरानी के लिए उनकी भूमिका पर प्रशिक्षित किया जाना है।
राज्य सरकार श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं आरम्भ की गईं हैं तथा उनकी सभी जायज मांगों का समय-समय पर समाधान सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को शिमला में भारतीय मजदूर संघ, हिमाचल प्रदेश के 18वें राज्य स्तरीय वार्षिक अधिवेशन के दो दिवसीय सत्र के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 जुलाई 1955 को अपनी स्थापना के बाद से भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि बीएमएस ने हमेशा कांग्रेस और वामपंथी सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय मजूदर संघ से मजदूरों की 326 यूनियनें जुड़ी हुई हैं, जो संघ की एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजूदर संघ के सदस्यों ने समय-समय श्रमिकों के खिलाफ होने वाले शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई है।जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने हजारों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लाभान्वित करते हुए अप्रैल, 2021 से उनके दैनिक वेतन को 275 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने दिहाड़ीदार मजदूरों और आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में प्रति माह 2700 रुपये की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 500 रुपये और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में 300-300 रुपये प्रति माह की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। आशा कार्यकर्ताओं की एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं के बहुमूल्य योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उनके मानदेय में 750 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के लिए घोषित सभी वित्तीय लाभ शीघ्र जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार ने प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है और इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तथाकथित मजदूर हितैषी संगठन बड़े-बड़े दावे कर और स्वयं को मजदूरों का हितैषी बताकर मजदूरों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर उनके कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने भारतीय मजूदर संघ से राज्य और केंद्र सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों की सहायता के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोविड महामारी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों को राहत प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारतीय मजूदर संघ की सभी जायज मांगों पर राज्य सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर भारतीय मजूदर संघ के प्रदेश महामंत्री मंगत राम नेगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ सुरेन्द्रन, क्षेत्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ पवन कुमार, क्षेत्रीय सह-संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ राकेश शर्मा, भारतीय मजूदर संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मदन सिंह राणा, प्रदेश महामंत्री मंगत राम नेगी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा की पंचायत के क्षेत्रों में प्रधान भवनों के नक्शे पास कर सकेंगे। प्रदेश में जो पंचायतें साडा एरिया में आती है, वहां टीसीपी ही नक्शों को स्वीकृति देगा। शिमला समेत अन्य प्लानिंग एरिया में जहां एनजीटी के आदेश हैं, उन्हें छोड़कर अन्य क्षेत्रों में लोग साढ़े चार मंजिला भवनों का निर्माण कर सकेंगे। इसके अलावा ढाई मंजिला भवन का निर्माण सिर्फ प्लानिंग एरिया में ही हो सकेगा। इस क्षेत्र में भी लोगों को अतिरिक्त मंजिल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जहां अगले सप्ताह इसकी सुनवाई होगी। भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में पूर्व सरकार के कार्यकाल से अवैध निर्माण हुआ है। कई बार अवैध भवनों को नियमित करने के लिए सरकार पॉलिसी भी लाई, लेकिन भवनों को नियमित नहीं किया जा सका। 40 फीसदी डेबिएशन तक भी लोगों के भवन नियमित नहीं हो पाए। प्रदेश में सभी अवैध भवनों को नियमित करने के लिए अब सरकार कानूनी राय ले रही है, ताकि लोगों को राहत मिले। उन्होंने कहा कि शिमला प्लानिंग एरिया के लिए डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें कैसे भवनों का निर्माण होगा, सड़कें कैसी होंगी, स्कूल, कालेज, पार्क आदि व्यवस्था की जाएगी।भारद्वाज ने कहा कि टीसीपी से गांवों को बाहर करने का मामला सरकार के पास विचाराधीन है। जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हुआ है। शहरी विकास विभाग के पास अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
A spokesperson of the state health department said here today that as per the recommendations of the National Technical Advisory Group on Immunization (NTAGI), the Union Ministry of Health and Family Welfare has approved vaccination of pregnant women against Covid-19 with the condition that they should be informed about the risks of exposure to Covid-19 infection along with its benefits. At present, three vaccines viz Covaxin, Covishield, and Sputnik V have received approval for restricted use in emergency situations in the country. He said that in order to help pregnant women to take the decision to get vaccinated, the health department has directed the district administration to train and orient the program staff, front-line workers, and private medical professionals. The spokesperson said that the pregnant women should be counseled for Covid vaccination during household visits by frontline workers, an antenatal check-up at health facility, outreach immunization sessions, Village Health and Nutrition Days (VHNDs) and Urban Health and Nutrition Days (UHNDs), facility visits by pregnant women for other reasons and any other site where there is interaction with the pregnant woman. He further said that the pregnant women who decide to get vaccinated should be helped in the process of registration by the staff of the health department. In case of Adverse Events Following Immunization (AEFI) in a pregnant woman, the AEFI committee should be notified in the districts. The committee should have an obstetrician and gynecologist, pediatrician or neonatologist, members of the local FOGSI chapter and IAP, all the medical officers, private practitioners, and frontline health workers properly trained on their role in AEFI surveillance related to Covid-19 vaccination of pregnant women.
The State Government is committed to the welfare of the working class and has initiated several schemes for their socio-economic upliftment and redressal of all their genuine demands from time to time. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the inaugural session of the two-day session of the 18th state-level annual convention of Bharatiya Mazdoor Sangh, Himachal Pradesh (BMS, HP), here today. The Chief Minister said that since its creation on July 23, 1955, the Bharatiya Mazdoor Sangh has made commendable efforts for the welfare of the workers and protecting their rights. It has always opposed the anti-labor policies of the Congress and the Left governments. He said that as many as 326 Unions of the workers were associated with the BMS in the State, which shows its strength. He said that the members of the BMS have also raised their voices against the exploitation of the workers from time to time. Jai Ram Thakur said that the State Government has enhanced the daily wages of daily wagers from Rs 275 to Rs 300 with effect from April 2021, benefiting thousands of daily wage workers. The State Government has enhanced the minimum wages of the daily wagers and outsourced employees by Rs. 2700 per month during the last three and half years. He said that the State Government has decided to enhance the honorarium of Anganwadi workers by Rs 500 and that of Mini Anganwadi workers and Anganwari helpers by Rs. 300 per month. He said that ASHA worker has played a major role in making the active case-finding campaign a success. He said that in view of the valuable contribution of ASHA workers during the Corona period, the State Government has increased their honorarium by Rs 750 per month. He said that all the financial benefits announced to ASHA workers during the pandemic would be released at the earliest. The Chief Minister said that under the National Pension Scheme, the State Government has increased the contribution being provided by the State Government to 14 percent, and Rs 200 crore was being spent on this. He said that several schemes were being implemented to protect the interests of workers and workers of the unorganized sector. He said that Himachal Pradesh Building and Other Construction Workers Welfare Board has been constituted for the welfare of workers in the unorganized sector in the state. He said that a few so-called worker-friendly organizations were trying to mislead the workers by making tall claims and projecting themselves as their benefactors but they did nothing for their welfare. He urged the members of the BMS to come forward to help the workers to derive the benefits of several welfare schemes of the State and Centre government. He said that the economy of the State got badly affected due to the pandemic last year, but the State Government was ensuring the relief was provided to various sectors. Jai Ram Thakur said that all the genuine demands of the BMS would be considered sympathetically by the State Government. Pradesh Mahamantri, BMS Mangat Ram Negi welcomed the Chief Minister on the occasion. Rashtriya Sangathan Mantri BMS Surendran, Regional Sangathan Mantri BMS Pawan Kumar, Kshetriya Sah-Sangthan Mantri BMS Rakesh Sharma, Pradeshadhyaksh BMS Himachal Pradesh Madan Singh Rana, and senior officers of the State Government were also present on the occasion.
एसएफआई ने मांग उठाई है कि विश्विद्यालय को छात्रों के लिए जल्द से जल्द खोला जाए। विश्वविद्यालय और देश के विभिन शिक्षण संस्थान काफी लंबे समय से महामारी के चलते बंद रहे है जिसके चलते पूरे देश और प्रदेश के छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है एक ओर महामारी का प्रकोप और दूसरी तरफ विश्वविद्यालय का छात्रों के प्रति नकारात्मक रवैया भी चिंता का विषय है। एसएफआई ने पहले भी विश्वविद्यालय को खोलने की मांग विश्वविद्यालय प्रशासन से की है लेकिन हमेशा की तरह विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया नकारात्मक ही रहा है। आने वाले समय में छात्रों की परीक्षाएं होने जा रही है लेकिन महामारी के चलते छात्र अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से नहीं कर पाया है। उसे इस दौरान बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के दबाव के चलते विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी को खोल दिया गया है लेकिन जो छात्र छात्रावास में रहते है वे अभी भी लाइब्रेरी जाने में सक्षम नहीं है क्योंकि विश्वविद्यालय के छात्रावास अभी भी बंद पड़े हैं इसलिए एसएफआई मांग करती है की विश्वविद्यालय के छात्रावास को भी जल्द से जल्द खोला जाए। विश्वविद्यालय को बंद रखने के पीछे छिपी विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा भी साफ जगजाहिर है। विश्वविद्यालय में VC द्वारा की जा रही अवैध भर्तियों को छुपाया जा सके ।ताकि प्रशासन और VC द्वारा की गई फर्जी भर्तियों की सचाई छात्रों के समक्ष न आ सके और कोई भी उसका विरोध न कर सके। एसएफआई ये भी मांग करती है कि विश्विद्यालय को खोलने के साथ ही विश्वविद्यालय के अंदर स्थाई वैक्सीनेशन सेंटर सभी स्टूडेंट्स ,टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए रखा जाए ताकि कोई भी छात्र वैक्सीनेशन से वंचित न रहे और छात्र अपने आप को विश्वविद्यालय मे सुरक्षित महसूस कर सके। इसके साथ हम देखते है कि पिछले डेढ़ साल पहले विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा पंचायत सहायक और नॉन टीचिंग स्टाफ की परीक्षाओं के फॉर्म भरे गए हैं लेकिन अभी तक उनकी परीक्षाओं को नही कराया गया है। उसके बाद भी अभी प्रशासन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा हुआ है। एसएफआई मांग करती है की इन परीक्षाओं को भी शीघ्र ही करवाया जाए ताकि जो छात्र इन परीक्षाओं की तयारी कर रहा है उसे राहत प्रदान की जा सके। एसएफआई मांग करती है कि विश्वविद्यालय आने वाले सत्र की प्रवेश परीक्षाओं को जल्द करवाने की कोशिश करे, क्योंकि पिछले वर्ष विश्विद्यालय प्रशासन ने प्रवेश परीक्षाएं न करवा कर मेरिट के आधार पर विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रवेश किया। प्रशासन ने उस वक्त महामारी की आड़ मे बहुत छात्रों से उनके समान अवसर के अधिकार के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए एसएफआई मांग करती है कि अभी से प्रशासन द्वारा प्रवेश परीक्षाओं की तयारी की जाए ताकि प्रदेश के सभी छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का समान मौका मिल सके। एसएफआई ने बताया कि जैसे हम सभी जानते है और ये अनुभव भी किया जा रहा कि हमारे देश के अंदर कोरोना की 3rd wave आने की संभावना है जिसके लिए प्रशासन को चाहिए कि वो पहले से ही इसके लिए जरूरी तयारी कर। एसएफआई ने अपने ज्ञापन मे प्रशासन को सुझाव भी दिए हैं जिनको प्रशासन कोरोना की 3rd wave मे अमल मे ला सकती है और छात्रों को सुरक्षा के साथ साथ उनकी पढ़ाई को भी सुचारू रख सकते है। 1. छात्रों के प्रैक्टिकल एग्जाम को उनके बैच वाइस कराया जाए । 2. लाइब्रेरी के अंदर फेस शील्ड को लगाया जाए ताकि लाइब्रेरी की सिटिंग कैपेसिटी को बड़ाया जा सके। 3. विश्वविद्यालय परिसर को सैनिटाइज किया जाए जिसमे हॉस्टल, लाइब्रेरी, डिपार्टमेंट, रेजिडेंस आदि शामिल हो। 4. एसएफआई मांग करती है कि यदि आने वाले समय मे कोरोना की 3rd wave के चलते विश्वविद्यालय ऑनलाइन क्लासेज की ओर जाता है तो प्रशासन छात्रों को मुफ्त डाटा प्रदान करे, ताकि छात्र अपनी क्लासेज और पढ़ाई को सुचारू रूप से कर सके क्योंकि हम जानते है कि विश्विद्यालय प्रशासन छात्रों से उनकी फीस ले चुका है लेकिन कोरोना के चलते पूरे वर्ष भर कोई भी फिजिकल क्लासेज नही हुई है इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ये जिम्मेवारी बनती है कि वे छात्रों को मुफ्त डाटा प्रदान करे या उनकी फीसों में उन्हें राहत प्रदान करे। इसके साथ ही एसएफआई ने मांग की है कि उन सभी छात्रों के लाइब्रेरी कार्ड जो छात्र चौथे सेमेस्टर में है या जिनकी एडमिशन खत्म होने वाली है को तब तक बढ़ाया जाए जब तक परीक्षाएं न हो, ताकि छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी का उपयोग कर सके। अतः एसएफआई प्रशासन से मांग करती है कि शीघ्र अति शीघ्र इन सभी मांगों पर काम किया जाए अन्यथा एसएफआई छात्रों को लामबंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी।
शिमला ग्रामीण के घोड़ाचौकी, कच्ची घाटी, चक्कर, संकट मोचन, बढ़ई तथा तारादेवी क्षेत्र के निवासियों का दूसरा वार्षिक रक्तदान शिविर 4 जुलाई को पत्रकार विहार में होगा। रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन घोड़ा चौकी कच्ची घाटी, शिमला द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में पत्रकार विहार के निवासी और उमंग फाउंडेशन सहयोग दे रहे हैं। शिविर के संयोजक एवं उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी संजीव शर्मा ने बताया कि आईजीएमसी ब्लड बैंक की मदद के लिए लगाए जा रहे इस रक्तदान शिविर को लेकर समूचे क्षेत्र के लोगों, विशेषकर युवाओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि इलाका निवासियों ने पिछले साल भी लॉकडाउन के दौरान रक्तदान शिविर लगाया था। उन्होंने सभी से पुण्य कार्य में भागीदार बनने की अपील की।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिंद्र गर्ग ने कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के प्रत्येक स्थान पर खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने में नागरिक आपूर्ति निगम की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप निगम की स्वच्छ छवि बनी है। वह आज यहां खाद्य आपूर्ति विभाग और निगम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए और उचित उत्पाद दरें रखने के साथ-साथ निगम का कारोबार बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राजिंद्र गर्ग ने निगम के अधिकारियों को नागरिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए और कहा कि परिचालन लागत को कम करने के लिए रणनीति तैयार की जानी चाहिए ताकि निगम लाभ अर्जित करने वाली संस्था बन सके। उन्होंने मांग आदेश समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये ताकि हर माह की 10 तारीख तक राज्य के गोदामों में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक अस्पतालों में नागरिक आपूर्ति की नई दुकानें खोलने के भी प्रयास किए जाने चाहिए। प्रबंध निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम ललित जैन ने निगम के कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तुति दी और आय बढ़ाने के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किए जा रहे विभिन्न नए प्रयासों और उपक्रमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि निगम ने ऊर्जा साधनों से सम्बन्धित उत्पादों की आपूर्ति के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इसके अतिरिक्त, अगरबत्ती व धूप के साथ-साथ अग्निशमन उपकरणों व सहायक सामग्री, विभिन्न प्रकार के फर्नीचर का सामान और कीटाणुनाशक उपकरणों की आपूर्ति के लिए एजेंसियों तथा विक्रेताओं को भी सूचीबद्ध किया गया है। बैठक में सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सी पालरासु, कार्यकारी निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम डाॅ. तनुजा जोशी, सहित विभाग एवं निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नीति आयोग द्वारा राॅकी माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ कैलिफोर्निया के सहयोग से हिमाचल प्रदेश के लिए प्रारूप विद्युत वाहन नीति को अन्तिम रूप देने के लिए शुक्रवार को हितधारकों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, परिवहन, श्रम व रोजगार राम सुभग सिंह ने प्रस्तावित विद्युत वाहन नीति के लिए नीति आयोग द्वारा प्रस्तावित विभिन्न हस्तक्षेपों का जायजा लिया। उन्होंने परिवहन विभाग को इस उद्यम से जुड़े विभिन्न उद्यमियों की सिफारिशों को सम्मिलित कर प्रारूप नीति को शीघ्र अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रारूप नीति अगस्त माह में राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाएगी। ईवी सेगमेंट के सभी प्रमुख उद्यमियों ने बैठक में भाग लिया और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में विद्युत वाहन नीति के कार्यान्वयन में विभिन्न चुनौतियों के बारे में अपनी टिप्णियां प्रस्तुत कीं। प्रो. राजन कपूर ने बैठक में आईआईटी मण्डी द्वारा विद्युत वाहन, विशेष रूप से तिपहिया वाहन सेगमेंट में किए गए नवोन्मेष कार्य के बारे में अवगत करवाया। सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण घनश्याम चन्द ने प्रारूप नीति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम संदीप कुमार तथा राज्य सरकार के विभिन्न हितधारक विभागों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। नीति आयोग की ओर से सलाहकार सुधेन्दू सिन्हा ने बैठक में हिस्सा लिया। महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा, टाटा ऑटोमोबाइल, अमेजन, फ्लिपकार्ट, हीरो इलैक्ट्रिक, ईवीएस मोटर्ज, स्विगी, ओला और बजाज ऑटोमोबाइल के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
भाजपा राज में दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई के कारण दूध, सब्जियां, पेट्रोल-डीजल व सरसों का तेल इत्यादि सब महंगा हो गया है जिसके बारे में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष अभिषेक राणा ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में महंगाई ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली है। सत्ता में आने से पहले जयराम ठाकुर भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही महंगाई के मुद्दे पर रोज बयान दिया करते थे लेकिन अब तो एक अरसा हुआ महंगाई पर कोई भी बात नहीं करते। अभिषेक राणा ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के सफल नेतृत्व में देश में महंगाई नहीं थी और जो दाम 10 या 20 पैसा महीनों-सालों में बढ़ते और कम भी होते थे वही दाम भाजपा राज्य में हर दिन लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा ने पेट्रोल कंपनियों को इतनी सहुलियत दे दी है कि वह अपनी मनमर्जी से हर रोज ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। इस वर्ष अनगिनत बार पेट्रोल के दाम थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ा दिए गए हैं और नतीजा यह की आज प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल ₹100 के पार जा चुका है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो ऐसे दुर्गम सुदूर क्षेत्र जहां पर लोगों का आम दिनों में ही आजीविका चलाना मुश्किल होता है वहां पर बढ़ती महंगाई से लोगों को और अधिक परेशानियां आ रही हैं। सरकार ने इन्हें राहत तो नहीं दी लेकिन इनकी कमर जरूर तोड़ दी। महंगाई काबू से बाहर हुई तो जयराम सरकार ने तो मानो चुप्पी की चादर ही ओढ़ ली है और महंगाई के मुद्दे पर बोलना व जनता से बात करना ही बंद कर दिया है। जयराम सरकार बेरोजगारी पर भी कोई बात नहीं करती। महामारी के समय प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगार हुए, कितने ही उद्योग बंद हो गए लेकिन जयराम सरकार ने कांग्रेस के बार-बार मांग उठाने पर भी इस पर कोई भी खाका तैयार नहीं किया और न ही कोई डाटा सार्वजनिक किया। आज हिमाचल प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई और महामारी की मार से गुजर रहा है जिस पर डबल इंजन की सरकार मौन धारण किए हुए हैं। जीएसटी की नीति पर कटाक्ष करते हुए राणा ने कहा कि सरकार आज हर चीज का टैक्स बढ़ा रही है। महंगाई आसमान छू रही है लेकिन जीएसटी का उत्सव मनाने वाली यह सरकार पेट्रोल डीजल को इससे बाहर क्यों रख रही है? पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और यह जीएसटी के अंदर भी नहीं आता जिसका मतलब साफ है कि भाजपा जनता का जीवन मुश्किल में डाल कर अपने व्यापारी मित्रों की कंपनियों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा रही है। क्योंकि यदि पेट्रोल और डीजल जीएसटी की कैटेगरी में आ गया तो उन कंपनियों को बहुत नुकसान होगा। ऐसे में कांग्रेस सदैव जनता के साथ खड़ी है और हम लगातार प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई को कम करने की मांग उठाते रहेंगे।
भाजपा महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं 4 जुलाई रविवार को वह दिल्ली से लुहनु मैदान हेलीपैड हेलीकॉप्टर के माध्यम से आएंगे उसके उपरांत वह अपने निवास स्थान विजयपुर प्रातः 10:40 पर पहुंच जाएंगे, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। 5 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा लुहनु मैदान से मनाली हेलीकॉप्टर द्वारा जाएंगे वहां प्रातः 10:35 से 11:05 तक वह अटल टनल की इंस्पेक्शन करेंगे उसके उपरांत वह हेलीकॉप्टर मार्ग से कुल्लू प्रस्थान करेंगे जहां दोपहर 12:00 से 1:00 तक वह एक बैठक में भाग लेंगे और इसके बाद वह शास्त्री नगर में रात्रि विश्राम करेंगे। 6 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष 10:35 पर कुल्लू भुंतर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग की एक बैठक वर्चुअल आधार पर प्रशिक्षण विभाग के चेयरमैन हरिकृष्ण हिमराल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई। बैठक में वासु सोंनी, विक्रम चौधरी, विद्या सागर चौहान, अलक नंदा हांडा, रीना कुमारी, निर्मला वर्मा, रीना पुंडीर, इंद्र जीत सिंह, उदय नंद शर्मा, पंकज मुसाफिर, अतुल शर्मा, राजकुमारी सोंनी व डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने भाग लिया। इस दौरन हिमराल ने कहा कि प्रदेश में सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया था, वह कोविड के चलते पूरा नही हो सका। उन्होंने कहा कि अब यह कैम्प पूरे किए जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के प्रभारी सचिव संजय दत्त ने भी साफ कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों के साथ पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द आयोजित किये जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला पहले ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता और इसकी आवश्यकता के बारे में स्पष्ट कर चुके है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए। हिमराल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मुख्य, कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य सचिन राव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश प्रभारी महेंद्र जोशी ने भी सभी पदाधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उप चुनाव होने जा रहें है। उन्होंने कहा कि अगले साल प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होने है, इसलिए सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर चुनाव मैदान में डटना है जिससे पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सकें। इस दौरान प्रशिक्षण विभाग के पदाधिकारियों ने भरोसा दिया कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी अग्रणी संगठनो के प्रमुखों से उन्होंने इन कार्यक्रमों की रूप रेखा तय करने का आग्रह किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा सड़को के किनारे वैक्सीन को लेकर लगाए गए बड़े बड़े होल्डिंग पर हैरानी जताते हुए कहा है कि जितना खर्च सरकार इन होल्डिंग बनाने और लगाने पर खर्च कर रही है अगर उतना वैक्सीन पर खर्च कर देती तो आज प्रदेश में सभी को वैक्सीन उपलब्ध हो जाती। उन्होंने कहा है कि सरकार वैक्सीन को लेकर अपना प्रचार ज्यादा कर रही है और काम कम कर रही है। उन्होंने कहा है कि देश मे आज़ादी के बाद से ही निशुल्क टीकाकरण के बड़े बड़े कार्यक्रम कांग्रेस सरकारों ने किए है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है। उन्होंने प्रदेश में 18 साल से 44 साल के लोगों के वैक्सीन टीकाकरण रोके जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह निर्णय न तो जनहित में है और न ही प्रदेश हित मे है। उन्होंने कहा कि अभी इस महामारी का खतरा टला नही है और युवाओं के स्वास्थ्य के प्रति टीकाकरण बहुत ही आवश्यक है जो जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। राठौर ने सरकार से वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ दूर दराज के क्षेत्रों में सभी लोगों का वेक्सिनेशन एक निश्चित समय के अंदर जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। इस बारे में सरकार की कोई कोताही लोगों के लिए खतरा साबित हो सकती है,क्योंकि देश मे अब कोरोना की तीसरी लहर की सम्भावना भी बनी हुई है। राठौर ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि इस महामारी के दौर में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अस्त व्यस्त हो कर रह गई है। राठौर ने गैस सिलेंडर में 25 रुपये की बृद्धि पर भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बृद्धि से सरकार अपना खजाना तो भरने में लगी है पर लोगों पर महंगाई थोप रही है ।उन्होंने कहा है कि गैस सिलेंडर पर हुई इस बृद्धि का विशेष कर गृहणियों के बजट पर व्यापक असर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से इस मूल्यों बृद्धि को जनहित में वापिस लेने की मांग की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार को तकनीकी विश्वविद्यालय की विभिन्न मांगों को उठाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। प्रांत सह मंत्री मोनिका राणा ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में अभी भी शिक्षकों के पदों को नहीं भरा गया है छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालय से शिक्षकों की कमी होने की वजह से अपने प्रतिदिन की कक्षाओं को लगा पाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय के अधिकतर विभागों में शिक्षकों के पड़े रिक्त पद छात्रों के लिए मानसिक तनाव का विषय बना हुआ है। विभागों में शिक्षकों के पड़े रिक्त पद भी हिमाचल प्रदेश शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करने के लिए काफी है प्रशासन इन मांगों पर मंद्द बैठा है ।विद्यार्थी परिषद ने तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को गंभीरता से उठाया है लेकिन अभी भी प्रशासन के कान में जुं तक नहीं रेंग रही है। मोनिका राणा ने कहा कि प्रदेश भर में ऐसे भी छात्र है जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि वह विश्वविद्यालय से अपने निरंतर पढ़ाई कर सकें इसीलिए विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए सब्सिडाइज और नॉन सब्सिडी सीटों का आवंटन कर प्रावधान किया जाए ताकि वे छात्र जो अत्याधिक फीस चुकाने के लिए समर्थ नहीं है वे छात्र सब्सिडाइज सीट में आवेदन कर सके। इसके साथ-साथ उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2019 में विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड़ की आवर्ती अनुदान राशि की घोषणा को पूरा करने की बात को भी सामने लाया उन्होंने कहा कि 2019 में प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय को 10 करोड़ आवर्ती अनुदान राशि की घोषणा करती है लेकिन अभी भी विश्वविद्यालय को वो राशि नहीं दी गई है। मोनिका ने कहा की सरकारी और अधिकारी दोनों मिलकर राजनीतिक चक्की में छात्रों को बेचने का काम कर रही है वह मात्र विश्वविद्यालय की समस्याओं को अपना राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहती है ताकि आने वाले समय में इस विषय को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक सके। मोनिका ने सरकार की गंभीर आलोचना करते हुए कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश सरकार द्वारा 10 करोड की आवर्ती अनुदान राशि को विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खाली पड़े गैर शिक्षकों के 70 पदों पर आउटसोर्स के स्थान पर नियमित भर्ती करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय में गैर शिक्षकों के 70 पद आउटसोर्स के स्थान पर भरे जा रहे हैं लेकिन विद्यार्थी परिषद उन सभी गैर शिक्षक कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने की मांग करती है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग की एक बैठक वर्चुअल आधार पर प्रशिक्षण विभाग के चेयरमैन हरिकृष्ण हिमराल की अध्यक्षता में सम्पन हुई। बैठक में वासु सोंनी, विक्रम चौधरी, विद्या सागर चौहान, अलक नंदा हांडा, रीना कुमारी, निर्मला वर्मा, रीना पुंडीर, इंद्र जीत सिंह, उदय नंद शर्मा, पंकज मुसाफिर,अतुल शर्मा, राजकुमारी सोंनी व डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने भाग लिया। इस दौरन हिमराल ने कहा कि प्रदेश में सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया था, वह कोविड के चलते पूरा नही हो सका। उन्होंने कहा कि अब यह कैम्प पूरे किए जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के प्रभारी सचिव संजय दत्त ने भी साफ कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों के साथ पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द आयोजित किये जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला पहले ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता और इसकी आवश्यकता बारे स्पष्ट कर चुके है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए। हिमराल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मुख्य, कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य सचिन राव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश प्रभारी महेंद्र जोशी ने भी सभी पदाधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उपचुनाव होने जा रहें है। अगले साल प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होने है,इ सलिए सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर चुनाव मैदान में डटना है जिससे पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सकें।
पूर्व प्रधान सचिव विधि यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत नियामन आयोग के सदस्य (विधि) के रूप में शपथ ग्रहण की। मुख्य सचिव अनिल खाची इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय स्टेट बैंक का 66 वां स्थापना दिवस 1 जुलाई को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा काली बाड़ी शिमला तथा एसएसईसी शिमला द्वारा पवन कुमार, उपमहाप्रबंधक, अंचल कार्यालय, शिमला के सक्षम नेतृत्व में मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को समझते हुए एसबीआई के कर्मचारियों द्वारा 'गो ग्रीन सेव ग्रीन' के नारे के तहत शिमला के मशोबरा क्षेत्र में देवदार और चिनार के 200 पेड़ लगाकर कार्यक्रम को चिह्नित किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य लोगों ने शिरकत की। वृक्षारोपण के तहत क्षेत्र को बैंक द्वारा पांच साल तक बनाए रखा जाएगा। देवेंद्र सिंह नेगी, एजीएम, एसबीआई मुख्य शाखा शिमला और अनिल कुमार, एजीएम, एसएमईसी, शिमला सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से वीरवार को कृषि निदेशालय, हिमाचल प्रदेश, शिमला से संयुक्त निदेशक कृषि डाॅ. देशराज ठाकुर द्वारा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला कुल्लू की निरमंड तहसील के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की सफलता के लिए कमर कस चुका है। इसके अंतर्गत जिला के सभी कृषि उप-निदेशक, परियोजना निदेशक (आतमा) व जिला कृषि अधिकारियों को इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जून माह में जारी कर दिए गए हैं। वे सभी खण्ड स्तर व जिला स्तर पर कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, किसान मेलों, गोष्टियों व विभाग के प्रचार व प्रसार कार्यक्रमों में किसानों को इस योजना की विशेष जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग ने इस योजना के प्रसार अभियान सप्ताह के दौरान आकाशवाणी, दूरदर्शन, समाचार पत्रों व प्रचार-प्रसार सामग्री (बैनर, पोस्टर, पत्रक इत्यादि) के माध्यम से किसानों को इस योजना से जागरूक करने का कार्यक्रम बनाया है ताकि योजना की जानकारी अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाई जा सके। कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों व सहयोग से कृषि बीमा कंपनी, एस.वी.आई. तथा जनरल बीमा कंपनी भी इस योजना की सफलता के लिए प्रचार वाहनों द्वारा समस्त हिमाचल प्रदेश में प्रचार कार्य में जुट गई हैं। यह कार्यक्रम पूरा सप्ताह 1-7 जुलाई, 2021 तक जागरूकता अभियान के रूप में जोर शोर से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा इस योजना की जानकारी एवं प्रचार जनमंच कार्यक्रमों में व हिमाचल प्रदेश के आदान विक्रेताओं (इनपुट डीलर्स) के माध्यम से भी किया जाएगा, ताकि जो भी किसान उनके सम्पर्क में आता है, उन्हें इस बारे में जागरूक करवाया जा सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को मण्डी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जय राम ठाकुर ने ग्राम पंचायत पखरैर और कांडा बगस्याड़ की लाॅट, करसवाली और कटियाली की शेष बस्तियों को कवर करने के लिए 50 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, थुनाग तहसील में ग्राम पंचायत लम्बा थाच के केवली गांव में 97 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, थुनाग तहसील में थुनाग बाजार और आस-पास के क्षेत्र के लिए 6.57 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण दीवार, तांदी में 55 लाख रुपये के निरीक्षण केन्द्र, थुनाग में 35.12 लाख रुपये से कला मंच और मुरहग में 25 लाख रुपये के पशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के संतुलित और चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रह है, जो किसी न किसी कारण विकास के मामले में उपेक्षित रहे है। जय राम ठाकुर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने आज 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता से सीधा संवाद करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में एक है और जब वह पहली बार इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे, तो लगभग 17 पंचायतें ही सड़कों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की लगभग सभी 77 पंचायतों को सड़कों से जोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ. राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकत्सकों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।
सरकार की उपलब्धियों, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास होगा 2022 में मिशन रिपीट का मूल मंत्र। यह बात ठियोग में भाजपा की जिला बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष व खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया ने कही। बीते बुधवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में सेमि वर्चुअल माध्यम से ठियोग के होटल एक्सओटिका से भाजपा के 24 प्रतिभागियों ने जिला अध्यक्ष अजय श्याम की अध्यक्षता में हिस्सा लिया। जिसमे प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया सहित चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, प्रदेश सचिव बिहारी लाल शर्मा, कुसुम सदरेट, कृषि ग्रामीण बैंक की अध्यक्षा शशिबाला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण फाल्टा, नरेश शर्मा, सुरेश शर्मा सहित, ज़िला के सभी पांच मंडल अध्यक्षो ने भाग लिया। इस अवसर पर पुरषोतम गुलेरिया ने कार्यकर्ताओं के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए बूथ स्तर तक संगठन को चाक चौबंद करने के टिप्स देते हुए कहा कि केंद और प्रदेश की सरकारों ने कोरोना संकट में बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण विपति में विकास की अविरल धारा बह रही है। जंहा प्रदेश में भाजपा का संगठन एकजुटता से काम कर रहा है वंही कांग्रेस कई खेमो में बंटी हुई है। जुब्बल कोटखाई के विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा के आकस्मिक निधन पर बैठक में शोक प्रकट किया गया। विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का टिकट मांगना कार्यकर्ताओ का हक़ है किंतु सार्वजनिक तौर पर मीडिया के माध्यम से टिकट की मांग करना अनुशासनहीनता है, पार्टी इस प्रकार की अनुशासनहीनता को सहन नही करेगी और ऐसे कार्यकर्ताओ पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा ने नरेंद्र बरागटा के आकस्मिक निधन को संपूर्ण जिला एवं प्रदेश भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति कहा और उन्होंने कहा कि नरेंद्र बरागटा किसानों बागवानों के हितैषी नेता थे और सम्पूर्ण बागवानी क्षेत्र में उन्होंने बागवानी के विकास के नए आयाम स्थापित किये है और अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। हम सब के लिए नरेंद्र बरागटा का नेतृव प्रेरणा स्रोत रहेगा।
केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने जीएसटी की चौथी वर्षगाँठ के अवसर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में जीएसटी की भूमिका को गेमचेंजर बताया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “ देश में आर्थिक सुधारों को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार 4 वर्ष पूर्व जीएसटी लेकर आई। 1 जुलाई 2017 को 17 स्थानीय टैक्स खत्म कर देशभर में जीएसटी लागू किया गया था और आज जीएसटी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में एक गेम चेंजर साबित हुई है। भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश में बड़े पैमाने पर किया जाने वाला कोई भी सुधार बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रधानमंत्री ने जीएसटी के लागू होने के दिन संसद के सेंट्रल हॉल में कहा था कि समय के साथ व्यवहारिक दिक्कतों को दूर किया जाएगा। समय के साथ जीएसटी के क्रियान्वयन में जो दिक्कतें आ रही थीं उसका बेहतर समाधान निकाला गया है। पिछले चार वर्षों में करदाताओं का आधार 66.25 लाख से लगभग दोगुना होकर 1.28 करोड़ हो गया है। जीएसटी धोखाधड़ी से निपटने के लिए कर अधिकारियों की भी सराहनीय भूमिका है"। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा " कोरोना काल के बावजूद पिछले 8 महीने से लगातार जीएसटी रेवेन्यू एक लाख करोड़ रुपये के आँकड़े को पार कर रहा है और अप्रैल 2021 में 1.41 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी राजस्व संग्रह किया गया है। आज एक करोड़ 28 लाख रजिस्टर्ड उद्यमी इसका लाभ ले रहे हैं। जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से अब तक 66 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल की गई हैं। जीएसटी के तहत दरें कम होने से कर अनुपालन बढ़ा है और इस दौरान जीएसटी राजस्व में धीरे धीरे वृद्धि होती रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा “वित्त मंत्रालय 54,000 से अधिक जीएसटी करदाताओं को सही समय पर रिटर्न दाखिल करने और कर का नकद भुगतान करने पर प्रशंसा प्रमाणपत्र जारी कर उन्हें सम्मानित करेगा। पहचान किये गये इन करदाताओं में 88 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमी है। इसमें सूक्ष्म (36 प्रतिशत), लघु (41 प्रतिशत) और मध्यम श्रेणी के उद्यमी (11 प्रतिशत) शामिल हैं। ये उद्यमी विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से हैं जहां यह माल की आपूर्ति और सेवा प्रदाता कार्य करते हैं। जीएसटी के तहत अप्रत्यक्ष करों के एक से अधिक अंक को कम करके, भारत को एक आर्थिक संघ बनाने के लिए अप्रत्यक्ष कर के एक सामंजस्यपूर्ण प्रणाली की राह प्रशस्त हुई है, जिसने उच्च दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है”
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मण्डी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जयराम ठाकुर ने ग्राम पंचायत पखरैर और कांडा बगस्याड़ की लाॅट, करसवाली और कटियाली की शेष बस्तियों को कवर करने के लिए 50 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, थुनाग तहसील में ग्राम पंचायत लम्बा थाच के केवली गांव में 97 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, थुनाग तहसील में थुनाग बाजार और आस-पास के क्षेत्र के लिए 6.57 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण दीवार, तांदी में 55 लाख रुपये के निरीक्षण केन्द्र, थुनाग में 35.12 लाख रुपये से कला मंच और मुरहग में 25 लाख रुपये के पशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के संतुलित और चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रह है, जो किसी न किसी कारण विकास के मामले में उपेक्षित रहे है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने आज 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता से सीधा संवाद करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में एक है और जब वह पहली बार इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे, तो लगभग 17 पंचायतें ही सड़कों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की लगभग सभी 77 पंचायतों को सड़कों से जोड़ दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में किसानों-बागवानों को पहली बार क्रेट खरीदने के लिए सरकार 134 रुपये सब्सिडी देगी। पहले चरण में प्रदेश सरकार सीजन में बागवानों और किसानों को डेढ़ लाख क्रेट उपलब्ध करवाएगी, जिससे फसलों की पैकिंग के लिए इन क्रेटों का बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। प्लास्टिक के एक क्रेट की कीमत 335 और 320 रुपये है। सरकार ने क्रेट खरीदने और सब्सिडी देने के लिए दो करोड़ की राशि जारी कर दी है। प्रदेश भर में करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। गौरतलब है कि सरकार बागवानों को बार-बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के क्रेट उपलब्ध करा रही है। पहले बागवानों को 10 से 15 क्रेट दिए जाएंगे। किसान-बागवान फसलें बेचने के बाद क्रेट अपने साथ वापस ले आएंगे।
विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई टीम चीफ वार्डन अधिकारी से मिले। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा की विद्यार्थी परिषद छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलनरत रही है। 30 जून को लाइब्रेरी 50% की क्षमता से खुली और विद्यार्थी परिषद की एक आंदोलन की जीत हुई। ऐसे में विश्वविद्यालय में छात्रों की तादाद बढ़ रही है। अब छात्रों को शिमला में रहने के लिए अलग से कमरे लेने पड़ रहे हैं कमरों में रहने के लिए अत्याधिक खर्चा उठाना पड़ रहा है। इसी बाबत विद्यार्थी परिषद ने छात्रों के लिए छात्रावास खोलने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। विद्यार्थी परिषद ने जनजातीय क्षेत्र के उन सभी छात्रों को ध्यान में रखते हुए और जो छात्र अभी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी में पढ़ने आए हैं, उन सभी छात्रों के लिए छात्रावास खोले जाने की मांग उठाई है। पहले से ही छात्र करोना महामारी से काफी ग्रसित है छात्रों को अपनी पढ़ाई में काफी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के लिए हॉस्टल खोलने में काफी देरी कर रहा है वह छात्र जो हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से विश्वविद्यालय में पढ़ने आते हैं उन छात्रों को शिमला में कमरा लेकर के रहना काफी खर्चीला साबित हो रहा है ऐसे में जनजातीय क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी की वजह से वहां पर ऑनलाइन कक्षाएं लगा पाना भी संभव नहीं है। एबीपी विश्वविद्यालय इकाई ने आंदोलन को अग्रसर करते हुए यह मांग उठाई है की जल्द से जल्द छात्रों के छात्रावास खोले जाएं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ.राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकित्स्कों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना। राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जयराम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चैधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजधानी की पुलिस ने वीरवार दोपहर करीब 12 बजे पर्यटकों पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। हरियाणा से शिमला घूमने पहुंचे पर्यटक सर्कुलर रोड पर विक्ट्री टनल के नजदीक पहुंच थे। यहां पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर कागजों के बारे में पर्यटकों से पूछताछ की। थोड़ी ही देर बाद ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने घूमने आए पर पर्यटकों पर थप्पड़ बरसा दिए। दरसल, जब पर्यटकों को विक्ट्री टनल में तैनात ट्रैफिक कर्मी द्वारा रोकने पर पर्यटक नहीं रुके और उन्होंने पुलिस के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद आगे बढ़ने पर विक्ट्री टनल के नजदीक बने ओवर ब्रिज के समीप पर्यटकों को रोका गया। यहां पहुंच कर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कर्मी ने पर्यटकों से मारपीट की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज संगठन के विस्तार हेतु 2 नियुक्तियां की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ज्वालामुखी मंडल से संबंध रखने वाले लोकप्रिय गायक करनैल राणा को हिमाचल प्रदेश सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है। यह प्रकोष्ठ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को लेकर अनेक गतिविधियों में कार्य करता है। करनैल राणा ने कल भाजपा कार्यसमिति के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ वन मंत्री राकेश पठानिया एवं पूर्व मंत्री रविंद्र रवि उपस्थित रहे थे। इसी प्रकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री रूप दास कश्यप को बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है इस प्रकोष्ठ की समाज मे अहम भूमिका है। अब भारतीय जनता पार्टी के कुल मिला के 16 प्रकोष्ठों का गठन हो चुका है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा की इन नियुक्तियों से भाजपा को प्रदेश में बल मिलेगा और भाजपा का कार्य सुदृण रूप से आगे बढ़ेगा।
केंद्र से सप्लाई कम आने के कारण हिमाचल प्रदेश में वैक्सीन की कमी चल रही है। इसके चलते सरकार ने एक सप्ताह तक 18 से 44 साल आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगानी बंद की है। अभी स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की तीन लाख डोज हैं। यह सिर्फ 45 साल से अधिक आयु और विशेष श्रेणी के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में 18 से 44 साल तक के करीब 9 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा लोगों को डोज लगाने से वैक्सीन की कमी हो गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में 21 जून से केंद्र सरकार की ओर से सभी वर्गों के लोगों को वैक्सीन लगाने को लेकर वैक्सीन मुहैया करवाई जा रही है। इसके तहत 18 से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। करीब 806 सेंटरों में वैक्सीनेशन ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में नई आबकारी नीति एक जुलाई से लागू हो रही है। 31 मार्च, 2022 तक नौ महीने के दौरान नई नीति के तहत शराब बिक्री और सप्लाई का काम होगा। नई नीति के तहत लाइसेंस फीस और एक्साइज ड्यूटी कम होने से देशी और भारत में निर्मित विदेशी शराब के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पड़ोसी राज्यों से शराब तस्करी रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट, ठेके की कीमत के तीन प्रतिशत की नवीनीकरण फीस पर 2021-22 के लिए ठेकों का नवीनीकरण किया जाएगा। नीति में शराब उत्पादक कंपनियों को ईएनए की कंपलसरी टेस्टिंग के प्रावधानों में छूट की व्यवस्था की गई है। लोगों की सहूलियत के लिए इस साल डिपार्टमेंटल स्टोर में भी कुछ शर्तों के साथ शराब बिक सकेगी।
हिमाचल प्रदेश में गुरुवार से बाहरी राज्यों के लिए पथ परिवहन निगम की बसें दौड़नी शुरू हो गई हैं। पहले दिन गुरुवार को 500 रूटों पर 317 बसें चलेंगी। इनमें 298 साधारण बसें, 15 वोल्वो और चार डीलक्स बसें चलेंगी। हिमाचल से बाहरी राज्यों के 708 रूट हैं। ये सभी बसें एसओपी के साथ चलेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी से चलेंगी। सर्दी, खांसी जैसी बीमारी से ग्रसित लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। चालक के पास कोई सवारी नहीं जा सकेगी। बसें उचित स्टेशन पर ही रुकेंगी। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों के लिए बसें चलनी शुरू हो गई है। रूट वेबसाइट पर भी अपलोड होंगे। शिमला-दिल्ली, धर्मशाला-दिल्ली, रिकांगपिओ-दिल्ली, मनाली-दिल्ली, शिमला-हरिद्वार, धर्मशाला-हरिद्वार के अलावा पंजाब, हरियाणा, अमृतसर के लिए बसें चलेंगी। ये बसें सुबह 7 बजे से रवाना होनी शुरू हुईं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के सहयोग से बच्चों के लिए नया कोविड-19 रोकथाम और प्रबंधन प्रोटोकाॅल जारी किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे बार-बार हाथ धोने और कम से कम 6 फीट की परस्पर दूरी बनाए रखने का पालन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और 5 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को घर से बाहर निकलतेे समय मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि सामान्य स्वस्थ बच्चों की अपेक्षा कुपोषण, विशेष रूप से सक्षम, एचआईवी, हृदय, किडनी व लीवर आदि जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को कोविड-19 का अधिक खतरा होता है। बच्चों में व्यस्कों के समान ही कोविड के लक्षण पाए जाते हैं, जिनमें बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बंद होना या नाक बहना, स्वाद में कमी या सांस लेने में कठिनाई, दस्त लगना और भूख कम होना शामिल हैं। ऐसे कोई लक्षण पाए जाने पर बच्चों को डाॅक्टर को दिखाना आवश्यक होता है यदि कोई बच्चा कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है और डाॅक्टर द्वारा उसे होम आइसोलेशन की सलाह दी जाती है, तो ऐसी स्थिति में माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मापदंडों की निगरानी करनी चाहिए, जिसमें बच्चों की श्वसन दर की दिन में 2 से 3 बार गणना करना, त्वचा के नीले पड़ने व हर 4 घंटे में पेशाब व आॅक्सीजन लेवल तथा शरीर के तापमान की जांच करना, 24 घंटे में तरल पदार्थ का सेवन करना, आहार लेना और आहार चार्ट बनाने के साथ-साथ बच्चे की गतिविधियों की जांच करते रहना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि कोविड-19 पाॅजिटिव बच्चे की घर पर आसानी से देखभाल की जा सकती है। कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करते हुए माताओं को 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को स्तनपान करवाना जारी रखना चाहिए और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को होम आइसोलेशन के दौरान हमेशा मां या केयर टेकर के साथ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे में कोविड-19 के भय को कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए और माता-पिता को बच्चे को कोविड-19 के भय से दूर रखने के लिए उनकी बातें सुनकर उनका मनोबल बनाए रखने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि राज्य में एक से नौ जुलाई, 2021 तक केवल श्रेणी-ए यानी 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए ही टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए कोविशील्ड की पहली व दूसरी खुराक, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित सभी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली व दूसरी खुराक और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सभी प्राथमिकता समूह वाले पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन की पहली व दूसरी खुराक लगाने के लिए जिलों में वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रेणी-ए लाभार्थियों के लिए पहली खुराक लगाने की समय सीमा भी नौ जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने श्रेणी-ए के सभी लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे उपरोक्त रणनीति के आधार पर ही अपना टीकाकरण करवाएं।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी के सेवानिवृत होने के उपलक्ष्य में विदाई समारोह के अंतर्गत फुल कोर्ट रेफरेंस का आयोजन किया गया। न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी का जन्म 01 जुलाई, 1959 को कर्नाटक के जिला शिवमोगा के भद्रावती में हुआ। इन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा पेपर टाउन भद्रावती से प्राप्त की। इन्होंने बी.बी.एस. महाविद्यालय शिवमोगा से प्री युनिवर्सिटी शिक्षा तथा मैसूर विश्वविद्यालय से बी.ए. एल.एल.एम. की उपाधी प्राप्त की। वह वर्ष 1987 में कर्नाटक राज्य बार काउंसिल बैंगलूरू में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। इन्होंने उच्च न्यायालय में रिट याचिका, सेवा मामलों, भूमि सुधार व राजस्व और जनहित याचिका आदि विषयों में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने 1995 से 1999 तक उच्च न्यायालय में सरकार के अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। वह 4 जुलाई, 2007 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए गए और 17 अपै्रल, 2009 को स्थाई न्यायाधीश बने। वह 18 जनवरी, 2019 से 10 मई, 2019 तक कर्नाटक उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे तथा 6 अक्तूबर, 2019 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी ने कहा कि उच्च न्यायालय के बार और रजिस्ट्री का अपेक्षाओं से अधिक सहयोग प्राप्त हुआ और उनके सहयोग के कारण वह प्रदेश के कानून और न्याय के विकास में योगदान दे पाए। उन्होंने सभी के समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ ने कहा कि न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी ने अपने निर्णयों द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महामारी के दौरान लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए भी इनके मार्गदर्शन में अविस्मरणीय कार्य किए गए। उन्होंने कहा कि इनके कार्यकाल में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट सृजित किए गए, जिसमें शिमला, रामपुर बुशैहर तथा नाहन शामिल हैं। सिविल जज थुनाग कोर्ट का लोकार्पण भी इन्होंने किया। इसके अतिरिक्त प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में न्यायिक भवनों का निर्माण कार्य भी किया गया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी समाज के गरीब व कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश सचिव प्रभारी संजय दत्त ने पार्टी नेताओं को लोगों की समस्याओं को दूर करने और पार्टी की नीतियों से लोगों को अवगत करवाने के लिए एक मुहिम के तौर पर चलाने को कहा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से आज सभी परेशान है और अच्छे दिनों का सपनें, विदेशों से कालाधन वापस लाने और हर एक खाते में 15,15 लाख डालने जैसे झूठे वायदे कर सत्ता में बैठी भाजपा ने आज देश के लोकतंत्र को तार तार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज सरकार के विरुद्ध किसी को बोलने, या लिखने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक नही है। जो सरकार के खिलाफ बोलने की कोशिश करता है उस पर देशद्रोह जैसे संगीन मामलें बनाए जा रहें है।इन सब का मुकाबला करने के लिए सभी पार्टी जनों को एकजुटता के साथ लोगों का साथ देना है, जिससे इस दमनकारी सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सकें। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अपने सात दिवसीय दौरे के अंतिम पड़ाव पर एनएसयूआई, अल्पसंख्यक विभाग, इंटक, युवा कांग्रेस व सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठकों में संजय दत्त ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार चुनावों की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस महामारी में सरकार ने किसी भी वर्ग की कोई मदद नही की है। उन्होंने कहा कि वह आज ही शिमला, किन्नौर, लाहुल स्पीति, कुल्लू, मंडी जिलों का क्रमवार दौरा करके आये है। लोगों में कांग्रेस के प्रति उत्साह है, कार्यकर्ताओं में जोश है। इसी उत्साह और जोश के साथ सभी को आगे बढ़ना है। संजय दत्त ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि इस दमनकारी भाजपा सरकार से लोगों को जल्द मुक्ति दिलानी है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस लोगों की इस महामारी के दौर में हर प्रकार से मदद कर रही है जबकि भाजपा ओछी राजनीति कर देश को गुमराह कर रही है। दत्त ने कहा कि देश का किसान, बागवान आज नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 6 महीनों से सड़कों में बैठा है।उन्होंने कहा कि देश मे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से आम लोग परेशान है।देश की अर्थव्यवस्था निम्न स्तर से भी नीचे चली गई है। भाजपा को देश की नही,केवल सत्ता की चिंता है, जिसने आज देश को बर्बाद कर दिया है। 70 सालों का हिसाब मांगने वाली भाजपा ने आज 7 सालों में देश की आधे से ज्यादा संपति को या तो गिरवी रख दिया है या फिर बेच दिया है। दत्त ने कहा कि अब भाजपा का पाप का घड़ा भर चुका है, लोगों ने इसे बाहर करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को तीनों उपचुनाव जितने है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी जीत हासिल करनी है।इसके लिए अभी से सभी पार्टी के अग्रणी संगठनों, विभागों के पदाधिकारियों को अपने कार्यकर्ताओं के साथ पूरे तालमेल के साथ मैदान में उतरना है। इससे पूर्व दत्त ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के छात्रों के समर्थन में किये जा रहें धरना प्रदर्शन में शामिल होकर उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया।
वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सीपीआईएम ने हिमाचल प्रदेश के जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर भारी महंगाई के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन शिमला, रामपुर, रोहड़ू, ठियोग, निरमण्ड, टापरी, कुल्लू, सैंज, आनी, मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, करसोग, छतरी, बालीचौकी, धर्मशाला, चम्बा, नाहन, ऊना, हमीरपुर व सोलन आदि में हुए। शिमला में पार्टी कार्यकर्ता डीसी ऑफिस शिमला पर एकत्रित हुए व जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोअर बाजार होते हुए नाज चौक शिमला तक भारी महंगाई के खिलाफ रैली निकाली।नाज चौक पर हुई जनसभा को डॉ ओंकार शाद, डॉ कुलदीप तंवर, विजेंद्र मेहरा, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, रमन थारटा, अनिल ठाकुर, कविता कंटू व रॉकी ने सम्बोधित किया। पार्टी राज्य सचिव डॉ ओंकार शाद ने प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में महंगाई आसमान छू रही है। कोरोना काल में ऑक्सफेम की रिपोर्ट के अनुसार 97 प्रतिशत जनता के आय के साधन कम हुए हैं। ऐसे में सरकार को सभी व्यक्तियों को 10 किलो मुफ्त राशन प्रतिमाह देना चाहिए था। डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा मिलनी चाहिए थी। इस समय आयकर मुक्त व्यक्तियों को 7500 रुपये मासिक आर्थिक मदद सुनिश्चचित करनी चाहिए थी। परन्तु सरकार ने कोरोना काल में उपजी भारी बेरोज़गारी व गरीबी में जनता पर भारी महंगाई थोप दी। मई से लेकर अब तक 22 बार पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद भी देश में पेट्रोल व डीज़ल की कीमतें आज तक के इतिहास में सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। इस से एक तरफ दोपहिया व चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करने वालों पर भारी मार पड़ी है वहीं दूसरी ओर इस से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हो गयी है। खाद्य वस्तुएं जनता की पहुंच से बाहर हो गयी हैं। खाने के तेल,दालों व अन्य वस्तुओं की कीमतों में बाज़ार व राशन के डिपुओं में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल में प्रति लीटर पर 53 रुपये एक्साइज डयूटी व वैट के रूप में वसूले जा रहे हैं जोकि कुल कीमत का लगभग साठ प्रतिशत है। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल डीजल पर एक्साइज डयूटी व वैट की दर घटाई जाए। उन्होंने रसोई गैस के सिलेंडर में सब्सिडी बढाने व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कटौती करने की मांग की। उन्होंने कहा है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नवउदारवादी पूँजीपतिपरस्त व गरीब विरोधी नीतियों के कारण महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है। रसोई गैस की कीमत भी बेतहाशा बढ़ चुकी है। गैस सिलेंडर की कीमत 906 रुपये तक पहुंच गई है। पेट्रोल की कीमत 96 से 100 रुपये व डीज़ल की कीमत 88 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। सरसों का तेल बाजार में 180 रुपये व डिपुओं में 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। डिपुओं में दालों की कीमतों में हाल फिलहाल 10 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले महीने की अपेक्षा इस महीने डिपुओं में आटा की मात्रा 14 किलो से घटाकर 11 किलो प्रति कार्ड कर दी गयी है। इस से जनता भारी परेशानी में हैं। प्रदेश में इस कारण सुजानपुर, हमीरपुर व कांगड़ा में आत्महत्याएं तक हुई हैं। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल, डीज़ल व खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित किया जाए व इसमें कटौती की जाए। उन्होंने रसोई गैस पर सब्सिडी बढाने की मांग की है। उन्होंने कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने राशन डिपुओं में दालों,तेल व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में की गयी वृद्धि को वापिस लेने की मांग की है।
एचआरटीसी के पीस मिल कर्मचारियों के लिए बीओडी में कोई चर्चा नहीं की गयी। परिवहन मंत्री के द्वारा केवल यह कहा गया कि जब कभी लॉकडाउन लगेगा तो ₹275 हर दिन के अनुसार कर्मचारियों को दिया जायेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को काम के अनुसार पैसे मिलते हैं वो पैसे मिलते रहेंगे। पीस मिल कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा है। इनमे से अधिकतर की उम्र 45 साल से पार हो गई है। 410 पीस मिल कर्मचारी 2017 से पहले रेगुलर हो चुके हैं लेकिन वर्तमान सरकार बाकि कर्मचारियों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश के 28 डिपो में एचआरटीसी की बसों की मरम्मत करने वाले यह कर्मचारी बहुत ही दुविधा में है की वह कब कॉन्ट्रैक्ट बेसिस से रेगुलर होंगे। बीओडी में इनको एआस्थी की कुछ कर्मचारियों को जरूर अनुबंध में लिया जाएगा जो पांच-छह वर्षो से नीति चली आ रही है जिसमे आईटीआई होल्डर को 5 साल और जो विनायक है कि उन्हें 6 साल के बाद अनुबंध में लिया जाता है मगर इस बीओडी में भी इन कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी है। वर्तमान सरकार से कर्मचारियों को उम्मीद थी लेकिन उन्हें एक बार फिर निराशा हाथ लगी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) ममता पाॅल ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत बाल विकास परियोजना शिमला (शहरी) के अधीनस्थ संचालित किए जा रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पदों को साक्षात्कार द्वारा भरने के लिए 29 जून, 2021 को गठित चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर सुषमा पत्नी मेला राम निवासी हरि नन्द कलौनी, भगवती नगर झंझीड़ी, शिमला, टूटू में सहायिका के पद पर ललिता कौर पत्नी अशोक कुमार निवासी गर्ग निवास सन व्यू काॅटेज एयरपोर्ट रोड लोअर टूटू शिमला तथा चलौंठी में सहायिका पद के लिए तनु कुमारी पत्नी सरबजीत निवासी पांडा बिल्डिंग चलौंठी शिमला को इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के पदों पर चयनित किया गया है।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the National Webinar on Realization of Mission Natural Farming among Smallholders' organized by the State Project implementing Unit, Prakritik Kheti Khushhal Kisan Yojna of Department of Agriculture, from Shimla today said that the State was promoting natural farming in a big way so as to double the income of the farmers by end of 2022. Jai Ram Thakur said that in order to promote natural farming in the State, the State Government was implementing Prakritik Kheti Khushhal Kisan Yojna. He said that this would not only boost yield of the crops but also reduce farming inputs in a big way. He said that Subhash Palekar Natural Farming was emerging a favourite for agricultural practices to reduce farmers direct cost while boosting yields and farm health through the use of non-synthetic inputs sourced locally. Chief Minister said that NITI Aayog has also appreciated the steps taken by the State Government for promoting natural farming in the State. He said that during the first budget presented by the State Government in 2018, a provision of Rs. 25 crore was made to promote natural farming. He said that this would go a long way in realizing the dream of Prime Minister Narendra Modi to double the farmers' income by 2022. Jai Ram Thakur said that the State Government was endeavouring to motivate all the 9.61 lakh farmers of the State to adopt natural farming so that Himachal could become a natural farming State of the country. He said that as many as 1.28 lakh farmers have already been trained in natural farming and were motivating other to adopt the same. He said that it was matter of satisfaction that Himachal Pradesh has emerged as model State in the sector for bigger States of the country. Chief Minister said that the land holdings in the State were limited and most of the farmers falls under small and marginal category. He said that the natural farming not only yields better crops but also fetch good prices to the farmers. Jai Ram Thakur said that Himachal Pradesh was known as Apple Bowl of the country but the over use of chemical fertilizers by apple growers was matter of concern. He said that fortunately more and more apple growers were now adopting natural farming which was fetching them good prices of their produce. He said that the Government was also endeavouring to evolve a mechanism for certification of natural products so that they could be better prices of their produce. Agriculture Minister Virender Kanwar said that the Subhash Palekar Natural Farming was being promoted in the State in a big way. He said that natural farming was not only beneficial to the farmers but also environmental friendly. Vice Chairman NITI Aayog Dr. Rajiv Kumar appreciated the efforts of the Chief Minister Jai Ram Thakur in promoting natural farming in the State. He said that NITI Aayog would provide all possible help to the State in promotion of natural farming. He said that data must also be prepared regarding farmers adopting natural farming and impact on their economy. Padamshri Subhash Palekar virtually detailed various benefits of natural farming over chemical and organic farming. Secretary Agriculture Dr. Ajay Sharma presented vote of thanks. State Project Director Rakesh Kanwar welcomed the Chief Minister and conducted the proceedings of the Webinar. Additional Chief Secretary J.C. Sharma and Executive Director Prakritik Kheti Khushhal Yojna Rajeshwar Singh Chandel were present with the Chief Minister at Shimla while Senior Advisor NITI Aayog Dr. Neelam Patel and progressive farmers of the Stated joined the event virtually.
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कृषि विभाग की प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा रिलायलाइजेशन ऑफ मिशन नैचुरल फार्मिंग अमंग स्माॅलहोल्डर्ज विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वैबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि वर्ष 2022 के अन्त तक किसानों की आय को दोगुना किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी बल्कि किसानों की लागत में भी कमी आएगी। किसानों की लागत को कम करने में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती पद्धति उभर कर सामने आई है। इस पद्धति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पदार्थों का उपयोग करके पैदावार उपज और कृषि स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की नीति आयोग ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए पहले बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया था। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के सपने को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी 9.61 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है ताकि हिमाचल देश का प्राकृतिक कृषि प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि 1.28 लाख किसान पहले से ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और वे अन्य लोगों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सन्तोष का विषय यह है कि हिमाचल प्रदेश देश के बड़े राज्यों में इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मंे कृषि योग्य भूमि सीमित है और अधिकतर किसान लघु और सीमान्त श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल अच्छी पैदावार मिलती है बल्कि किसानांे को भी अच्छे दाम मिलते है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश में सेब राज्य के रूप में भी जाना जाता है, परन्तु सेब उत्पादकों द्वारा रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि सौभाग्यवश अधिक से अधिक सेब उत्पादक अब प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक उत्पादों के प्रमाणीकरण करने के लिए एक तंत्र विकसित करने का भी प्रयास कर रही है ताकि वे अपने उत्पादों का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सके। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि राज्य में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों के लिए लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डाॅ. राजीव कुमार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नीति आयोग प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों और उनकी आर्थिकी पर होने वाले प्रभावों के संबंध में भी डाटा तैयार किया जाना चाहिए। पद्मश्री सुभाष पालेकर ने रासायनिक और जैविक खेती की जगह प्राकृतिक खेती करने से होने वाले विभिन्न लाभों के बारे में वर्चुअली माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की। कृषि सचिव डाॅ. अजय शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और वैबिनार की कार्यवाही का संचालन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और कार्यकारी निदेशक प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे, जबकि नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डाॅ. नीलम पटेल और राज्य के प्रगतिशील किसान इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
कृषि विभाग एवं राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानो की आय को दोगना करने के उद्देश्य को साकार करने के लिए व उन्हें स्वावलंबी बनाने के मकसद से विचार विमर्श के लिए 30 जून 2021 को वर्चुअल मोड के माध्यम से मिशन प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया I एकदिवसीय संगोष्ठी में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के किसान-बागवान भी जुड़ें I यह संगोष्ठी कृषि सचिव, डॉ. अजय शर्मा के स्वागत भाषण से शुरू हुई और उसके बाद कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर किसान-बागवान बंधुओं को संबोधित किया और जिला कांगड़ा की प्राकृतिक खेती मार्गदर्शिका का बिमोचन भी इस अफसर पर किया गया जो कि प्राकृतिक खेती अपना रहे किसानो के लिए काफी लाभप्रद सिद्ध होगी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तोर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिरकत की साथ ही डॉ राजीव कुमार उपाध्यक्ष नीति आयोग भारत सरकार विशेष रूप में उपस्थित रहें I कार्यक्रम में पदम सुभाष पालेकर भी उपस्तिथ रहे उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में लघु किसानों को प्राकृतिक खेती से होने वाले गुणो के बारे में संबोधित किया तथा विधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्यसचिव जेसी शर्मा ने भी अपना अनुभव साझा करा । उक्त वेबिनार में कांगड़ा जिले की सभी 811 पंचायतों से लगभग 16,268 कृषको ने भाग लिया जिसमें 10258 महिलाए तथा 6010 पुरुष ने भाग लिया 3 साल पहले राज्य में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान’ योजना शुरू की गई जिसमें जिला कांगड़ा में अभी तक प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत लगभग 30,000 किसानो को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें 29,350 किसान 764.11 हैक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती द्वारा फल-सब्जी व खाद्यान्न का उत्पादन किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती कर रहे 5368 किसानो को ऑन-फार्म इनपुट जनरेशन में (प्लास्टिक ड्रम ) दिये गए है तथा 450 किसानो की गोशाला की परत (Lining of Cowshed) दिया गया है 146 प्राकृतिक खेती संसाधन भंडार जिला कांगड़ा में सचारु रूप से काम में लगे हैं और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 73 देसी गाय पर अनुदान दिया गया है वर्ष 2021-22 में जिला कांगड़ा में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत ग्राम स्तर पर 2 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें लगभग 540 प्रशिक्षण कार्येकर्म आयोजन किया जाएगा जिसमें 11,000 किसानो प्रशिक्षण कार्येकर्म को प्रशिक्षित किया जाएगा I 75 प्रभावशाली किसानो के खेत पर प्रदर्शन प्लाट लगाए जाएगे I 1575 स्कूली बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंग्ये जिसमें 'सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की महतबा बताई जाएगी और हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत देसी गाय की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। इसके अतिरिक्त आदान निर्मिति के लिए ड्रम खरीद, गौशाला के नालीकरण एवं संसाधन भंडार खोलने के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान-बागवान इस कम लगात वाली, मौसम के अनुकूल और स्थानीय संसाधन आधारित खेती से जुड़ सकें। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती का विस्तार कर हिमाचल को प्राकृतिक राज्य के रूप में पहचान दिलवाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी शिमला राकेश धौटा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय शिमला में नोडल क्लब योजना के तहत वर्ष 2019-21 की अवधि जुलाई, 2021 में समाप्त हो रही है व वर्ष 2021-23 के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में नोडल क्लबों व युवा स्वयंसेवियों एवं जिला मुख्यालय का चयन किया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए प्रत्येक विकास खण्ड में आवेदन प्राप्त नहीं हुए है, इसके लिए आवेदन 09 जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि 09 जुलाई, 2021 से पहले अपना आवेदन अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में जमा कर सकते है, युवा सेवा एवं खेल विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा पिछले कई वर्षों से सभी जिलों में नोडल क्लब योजना चलाई जा रही है, इस योजना के अंतर्गत जिलों के सभी विकास खण्डों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा मण्डल को नोडल क्लब के रूप में चयनित किया जाता है, जिसके अंतर्गत उस युवा मण्डल को 2 वर्ष तक सांस्कृतिक तथा खेल सामग्री प्रदान की जाती है व चयनित नोडल क्लब के एक उत्कृष्ट युवा को सामाजिक, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को चलाने के लिए युवा स्वयंसेवी के रूप में चयनित किया जाता है। उन्होंने बताया कि युवा स्वयं सेवी चयन में उन युवाओं/युवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो निम्न लिखित शर्तों को पूरा करते हो :- -जैसे ब्लाॅक स्तर पर रखे गए युवा स्वयंसेवी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो या इसके समकक्ष होनी चाहिए -उसकी आयु 31 मार्च, 2021 को 28 वर्ष से कम होनी चाहिए -वह पंजीकृत क्लब का कर्मठ सदस्य होना चाहिए -युवा स्वयंसेवी का चयन किसी विशेष जाति, वर्ग व लिंग के आधार पर नहीं किया जाएगा -नियमित छात्र एवं वे युवा जो किसी अस्थाई या अंशकालीक सेवा में हो, वो युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए योग्य नहीं होंगे तथा उक्त युवा स्वयंसेवी को दो वर्ष के लिए अनुबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि इस अवधि के दौरान कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसकी सेवा को 15 दिन के नोटिस पर उपयुक्त रूप से सचेत किए जाने के पश्चात समाप्त किया जा सकेगा, उनका ये पूर्ण कार्य स्वैच्छिक सेवा के रूप में माना जाएगा। ब्लाॅक स्तर पर रखे गए युवा स्वयंसेवी 3 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिए जाएंगे। इस पद पर रहते हुए उन्हें युवा एवं खेल विभाग के समस्त कार्यक्रम व गतिविधियों के अतिरिक्त हिमाचल सरकार द्वारा अन्य विभागों के माध्यम से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के कार्यन्वयन में तथा समाज सेवा के क्षेत्र में स्वैच्छिक रूप से योगदान देना होगा। युवा स्वयंसेवी उसी विकासखंड का स्थाई निवासी होना चाहिए जिस विकासखंड से वह आवेदन कर रहा है। किसी अन्य संबंधित गतिविधियों की विशेष उपलब्धियों को भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर रखे जाने वाले यूथ वाॅलेंटियर की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक होनी चाहिए तथा वह कम्प्यूटर में दक्ष होना चाहिए। जिला मुख्यालय पर रखे जाने वाले यूथ वाॅलेंटियर को 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाएगा। वह पंजीकृत क्लब का कर्मठ सदस्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नोडल क्लब उसी क्लब को बनाया जाएगा जो हिमाचल प्रदेश सोसायटी अधिनियम के अधीन पंजीकृत हो। नोडल क्लब के तौर पर उसी क्लब को चुना जाएगा जो विभागीय गतिविधियों व सामाजिक कार्यों में भाग लेता हो व अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है। नोडल क्लब का चयन दो वर्ष के लिए किया जाएगा। नोडल युवा क्लब की मान्यता को उक्त क्लब के सदस्यों के आपत्तिजनक व्यवहार के कारण समाप्त किया जा सकता है। सरकार विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण भी नोडल युवा क्लब की मान्यता रद्द किया जा सकता है। इच्छुक पार्थी एवं क्लब जो उपरोक्त शर्तों को पूरा करते हो वह अपना आवेदन 09 जुलाई, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय शिमला में कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0177-2803981 पर सम्पर्क करें।


















































