परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत जुर्माने की राशि में परिवर्तन किया गया है। इस संशोधित अधिनियम में बढ़ी हुई जुर्माना राशि के साथ गंभीर अपराधों के लिए कारावास का प्रावधान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रावधान की अनुपालना में प्रदेश सरकार द्वारा संशोधित जुर्माने की राशि के निर्धारण को प्रदेश मंत्रीमंडल ने पहले ही स्वीकृति प्रदान कर दी है और इसे आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण कर शीघ्र ही अधिसूचित किया जा रहा है, जो पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि वे सड़क पर सुरक्षा एवं यातायात नियमों का गंभीरता से पालन कर सरकार के सुरक्षा संबंधी प्रयासों में पूर्ण सहयोग करें, ताकि नियमों की उल्लंघना से होने वाली क्षति पर अंकुश लग सके और ट्रैफिक नियमों की अनुपालना न करने पर होने वाली जुर्माने की राशि से असुविधा न हो।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि इन्साकाॅग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कोरोना का नया रूप डेल्टा, भारत के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में पाया गया एक प्रमुख वेरिएंट है जो विश्वभर में तेजी से फैल रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट पर भी प्रभावी है। जन स्वास्थ्य इंग्लैंड द्वारा वैक्सीन के प्रभाव को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार कोविशील्ड की दो खुराक 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में कोविड-19 से होने वाली मृत्यु के खिलाफ 94 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि लोगों को वायरस के खिलाफ टीका लगवाने के लिए स्वयं आगे आना चाहिए। प्रवक्ता ने बताया कि 1 से 16 जुलाई, 2021 तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिल कोरोना रोगियों के संबंध में किए गए विश्लेषण के अनुसार पिछले 16 दिनों में आईजीएमसी शिमला में कोरोना के सबसे अधिक मरीज दाखिल हुए हैं। गत 16 दिनों में आईजीएमसी में एक दिन में अधिकतम 20 कोविड मरीज भर्ती हुए हैं। उन्होंने बताया कि डाॅ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन में 11 जुलाई, 2021 तक 43 कोविड रोगियों को भर्ती किया गया था और तब से 16 जुलाई 2021 तक कोई भी कोविड मरीज भर्ती नहीं हुआ है। प्रवक्ता ने लोगों से हाथ धोने, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय समिति ने शनिवार को शिमला के आईएसबीटी ,पुराना बैरियर, संकट मोचन ,तारा देवी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, गोयल मोटर्स शोघीबाजार तथा तारा देवी बाजार आदि का औचक नीरिक्षण किया और आम जन मानस व दुकानदारों को कोविड नियमों के बारे में जागरूक करने के साथ साथ लापरवाही बरत रहे 15 लोगों व दुकानदारों के चालान भी किए। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रमणीक शर्मा ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह कार्यवाही अमल में लाई जा रही है । उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोविड नियमों की पालना करते हुए मास्क आवश्यक पहने, उचित दूरी बनाए रखे एवं समय पर सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा दी गई हिदायतों का आवश्यक रूप से पालन करें। उन्होंने नीरिक्षण के दौरान अंतर राज्य बस अड्डे पर सरकारी एवं निजी बसों में सवारियों को जागरूक व जानकारी प्रदान की तथा बस अड्डा परिसर में भी निरीक्षण किया। पुराना बैरियर के साथ लगती दुकानों और आसपास के क्षेत्रों मैं भी निरीक्षण किया तथा लोगों को मास्क पहनने और कॉविड प्रोटोकॉल के अनुपालन सुनिश्चित करने के संबंध में जागरूक किया। संकट मोचन तथा तारा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं को कोविड-19 मानक संचालन के अनुपालन के प्रति जागरूक किया तथा मास्क लगाने और सैनिटाइजेशन के संबंध में भी जांच व निरीक्षण की। तारा देवी व शोधी क्षेत्र में दुकानों में मासक ना लगाने वालों के चालान भी किए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शोघी में जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा कोविड-19 से संबंधित विभिन्न सामग्री की उपलब्धता के संबंध में डॉक्टर सूरज से जानकारी भी प्राप्त की। वहां कोविड से सम्बन्धित अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों को देखने के उपरान्त अधिकारियों से वैक्सीनेशन की स्तिथि का जायजा भी लिया तथा कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता भी जांची। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोगों की वैक्सीनेशन करवाने के दौरान कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाेघी के समीप मजदूरों एवं कर्मचारियों को जागरूक करते हुए बताया कि वैक्सीन के साथ साथ मास्क एवं सामाजिक दूरी आवश्यक है, तभी हम कोरोना महामारी से बच सकते है। इस दौरान कोविड नियमों की अवहेलना करने वाले तथा मास्क न पहनने वाले लोगों के 15 चालान किए गए। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए बताया कि देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से तीसरी लहर का अंदेशा जताया जा रहा है। सभी लोग वैक्सीनेशन के उपरांत भी मास्क का सही से प्रयोग करे, सामाजिक दूरी बनाए रखे, भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मत जाए एवं सरकार द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों का पालन करे ताकि कोरोना महामारी से जिला शिमला, प्रदेश तथा देश को बचाया जा सके। इस अवसर पर नायब तहसीलदार एच एल गैज़टा, पुलिस एवं प्रशासन के कर्मचारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने शनिवार को यहां हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग की चैथी बैठक की अध्यक्षता की और आयोग की प्रगति की समीक्षा की। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश में गौ सदनों और गौ अभ्यारण्यों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में छोड़े हुए पशुओं को संरक्षण, पुनर्वास और आश्रय प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार अनेक प्रयास कर रही है। अब तक सरकार ने 17407 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान करने के मामले में हिमाचल को आदर्श राज्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने गौ सेवा आयोग के सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहली अप्रैल, 2021 से 13 जुलाई, 2021 से लगभग 12 करोड़ 44 लाख, जिसमें से आठ करोड़ 71 लाख व्यय किए जा चुके हैं। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि गौ सदन, गौशाला, गौ अभ्यारण्य सहायता योजना के अंतर्गत जो मार्च, 2021 से जून 2021 तक दो करोड़ 85 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जिसमें गौ सदन, गौशाला, गौ अभ्यारण्य को प्रत्येक गौवंश के भरण-पोषण के लिए हर महीने 500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा आयोग द्वारा लोगों को सूचना प्रदान करने के लिए शीघ्र एक वेबसाईट आरम्भ की जाएगी जिसमें अंशदान की सुविधा भी उपलब्ध होगी।गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, सचिव पशुपालन डाॅ. अजय शर्मा, सचिव ग्रामीण विकास संदीप भटनागर, निदेशक पशुपालन डाॅ. अजमेर सिंह और गौ सेवा आयोग के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।
महामारी के प्रभाव के कारण देश में शिक्षा क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। ऐसे समय में हिमाचल प्रदेश में भी काफी दिक्कतों का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है। पिछले लगभग 2 वर्षों से शिक्षण संस्थान बंद है ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा का संचालन हो रहा है, लेकिन ऐसे समय में शोधार्थी छात्रों को शोध कार्य को लेकर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि शोधार्थी छात्रों का शोध कार्य रुका है जिसमे खासकर विज्ञान विषय से संबंधित छात्रों को प्रयोगशाला और छात्रावास की सुविधा न मिलने के कारण शोध कार्य और शिक्षा को भारी असर पड़ रहा है। विक्रांत ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शोध कार्यों को बढ़ाव दिया जाना चाहिए ताकि देश का गौरव विश्वपटल पर नए कीर्तिमानों के साथ स्थापित हो जिसके लिए शोधार्थी छात्रों को शोध कार्यों हेतु विश्वविद्यालयों और सरकार को उचित सुविधाएं मुहैया करवानी चाइए। लेकिन यदि वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो एकदम विपरीत परिस्थितियां चल रही है। उन्होंने कहा कि रोजाना छात्र अनेकों विश्वविद्यालयों से संपर्क करते है कि छात्रावासों को खोला जाए ताकि शोधार्थी छात्रों का पिछले डेढ़ वर्षों से लंबित शोध कार्य पूरा हो सके। अभाविप ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है विक्रांत ने कहा कि शोधार्थियों के लिए छात्रावास शीघ्र खोलें जाने चाइए ताकि किसी भी छात्र को सुविधा के अभाव के कारण शोध कार्य में दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों में भी इस दिक्कत का सामना अनेकों छात्रों को करना पड़ रहा है। छात्र जब विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर रहे है तो निक्कमे प्रशासन द्वारा नियामक आयोग और प्रदेश सरकार के आदेशों की इंतजारी और नियमों का हवाला दिया जा रहा है जिस कारण लाखों शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विक्रांत ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करती है कि बचाव के सभी मापदंडों को मद्देनजर रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र शोधार्थी छात्रों के लिए छात्रावास खोलें जाए और प्रयोगशालाओं की सुविधा को मुहैया करवाया जाए ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके, उन्होंने कहा कि यदि यह मांग जल्द से जल्द पूरी नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर के साथ शनिवार को शिमला में हनुमान मंदिर जाखू के दर्शन किए और वहां पूजा-अर्चना की। राज्यपाल सुबह रोप-वे से जाखू मंदिर गए। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में राजभवन सेे बाहर यह उनका पहला दौरा था। राज्यपाल ने मंदिर परिसर का दौरा भी किया और यहां की भव्यता, प्राकृतिक सौंदर्य और वातावरण की सराहना की। राज्यपाल ने भगवान हनुमान से प्रदेशवासियों को आशीर्वाद व अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने तथा राष्ट्र को कोरोना महामारी से मुक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थन की।राज्यपाल ने कहा कि यह धार्मिक स्थल न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उपमंडलाधिकारी शिमला मंजीत शर्मा ने राज्यपाल को मंदिर के इतिहास और इसकी धार्मिक मान्यताओं से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री ने अनुराग सिंह ठाकुर को कैबिनेट मंत्री बनने पर बधाई दी और कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने राज्य में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेषकर इंडोर स्टेडियम के निर्माण के बारे में भी चर्चा की, जिससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद मिल सके। अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
भाजपा महामंत्री एवं सुंदरनगर से विधायक राकेश जमवाल ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से शिमला राजभवन में भेंट की, भाजपा महामंत्री ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की विकासात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा भी की और राजपाल को सभी गतिविधियों से अवगत करवाया। राकेश जमवाल ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ को हिमाचल में राजनीतिक परिस्थितियों के बारे में अवगत करवाया और साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से हिमाचल सरकार ने कोविड-19 महामारी की मुश्किल परिस्थिति को संभाला और जिस प्रकार से महामारी से निपटने की तैयारियां धरातल पर की उससे हिमाचल प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिली। आज भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार जन सेवा के लिए तत्पर है।
शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए 16 जुलाई, 2021 एक स्मरणीय दिन रहेगा क्योंकि आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने खड़ापत्थर में जिला स्तरीय स्वर्ण जंयती ग्राम स्वराज सम्मेलन के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जुब्बल और कोटखाई में उपमंडलाधिकारी कार्यालय (नागरिक) खोलने के साथ-साथ मण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सेब खरीद के मूल्य में एक रूपया प्रति किलो वृद्धि की घोषणा की। जय राम ठाकुर ने कोटखाई में खण्ड विकास कार्यालय, टिक्कर में अग्निशमन उपकेंद्र, कलबोग में उप-तहसील खोलने और उप-तहसील सावड़ा (सरस्वती नगर) और पुलिस स्टेशन सावड़ा को एचपी पावर काॅरपोरेशन के नए भवन में स्थानातंरित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रोहड़ू और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्रों में सृजित 9 नई पंचायतों के भवन निर्माण के लिए 20 लाख प्रति पंचायत की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के लिए धन की पर्याप्त उपलब्धता है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी-अपनी पंचायतों के विकास के लिए नवीन सुझाव और योजनाएं सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है लेकिन कोरोना महामारी के कारण इन संस्थानों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है और हमारा प्रदेश व देश भी इससे अछूता नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय पर लिए गए प्रभावी निर्णयों के फलस्वरूप देश को न्यूनतम नुकसान हुआ और अब राष्ट्र इस विकट स्थिति से धीरे-धीरे उबर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के कारण प्रदेश का विकास बाधित न हो। राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान भी चार हजार करोड़ रूपये की विकासात्मक परियोजनाओं के वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण और शिलान्यास किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल के साढ़े तीन साल पूर्ण कर लिए हैं, जो उपलब्धियोंपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कोविड-19 के प्रबंधन में देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में कोविड-19 मरीजों के लिए प्रदान की जाने वाली सुविधाओं जैसे ऑक्सीजन, बिस्तर, वेंटिलेटर इत्यादि की कोई कमी नहीं है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 3.15 लाख परिवारों को गृहिणी सुविधा योजना के अंतर्गत मुफ्त गैस कनैक्शन प्रदान किए गए हैं। सहारा योजना के अंतर्गत 15 हजार ऐसे परिवारों को तीन हजार प्रति परिवार की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिनका कोई सदस्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उन्होंने पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश के सेब क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया। जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर विभिन्न गैर सरकारी संगठनों और विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि प्रदेश का नेतृत्व जयराम ठाकुर के रूप में ऊर्जावान और युवा मुख्यमंत्री कर रहे हैं जो स्वयं विनम्र पृष्ठभूमि से हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रथम निर्णय गरीबों और कमजोर वर्गों का उत्थान सुनिश्चित करने पर केन्द्रित था। उन्होंने कहा कि देश की विभिन्न मंडियों में कमीशन एजेंटों द्वारा किसानों के साथ धोखाधड़ी की जाती थी, पर अब राज्य में प्रदेश की भाजपा सरकारों और पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा के द्वारा किए गए प्रयासों से राज्य में कई मंडियां खोली गई हैं। उन्होंने कहा कि रोहडू के मेहंदली और शिमला के भट्टाकुफर में फल एवं सब्जी मण्डियों के निर्माण के लिए इस वर्ष 20 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बागवानों की सुविधा के लिए एमआईएस के तहत सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का आग्रह किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की जमीनी स्तर की संस्थाएं हैं और राज्य सरकार उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार बागवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पराला स्थित फल मंडी का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कोटखाई में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय (बीडीओ) खोलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत घरों के निर्माण के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की जाएगी। बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सशक्त नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या का समुचित रूप से समाधान सुनिश्चित किया है। उन्होंने गरीब और समाज के कमजोर वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। निदेशक ग्रामीण विकास और पंचायती राज ऋग्वेद ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं के नव निर्वाचित सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को सूचना प्रौद्योगिकी टूल्स का प्रभावी उपयोग करने सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भाजपा मण्डलाध्यक्ष अनिल कालटा ने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।विधायक बलबीर वर्मा, लैंड माॅर्टगेज बैंक की अध्यक्षा शशिबाला, एपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय श्याम, राज्य भाजपा के आईटी संयोजक चेतन बरागटा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी और भाजपा के अन्य प्रमुख नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की समय-2 पर अनेकों मांगे सरकार से रहती है। यदि इस समय कर्मचारियों की मांगो पर गौर करें तो सबसे शोषित समुह आउटसोर्स कर्मचारियों का है। ऐसे कर्मचारी जो किसी मैनपावर एजेंसी के माध्यम से सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों तथा केन्द्र की योजनाओं में कार्य कर रहे है। ये कर्मचारी सरकारी कार्यालय के दूसरेे नियमित कर्मचारियों की भांति कंधा से कंधा मिलाकर काम करते है लेकिन वेतन के नाम पर इनकी झोली हमेशा से ही खाली रहती है क्योंकि वेतन का एक बडा हिस्सा तो मैनपावर एजेंसी की कमीशन, सर्विस चार्ज तथा जी0 एस0 टी के रूप में कर्मचारियों से छिन्न लिया जाता है। उदाहरण के लिए एक 25000 रूपये वेतन का मैनपावर एजेंसी द्वारा केवल 15000 ही दिया जाता है। 30 दिन तक कार्यालय में लगातार काम करने के उपरांत 40 प्रतिशत वेतन कट जाता है। आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्यांए यहीं खत्म नहीं होती, एक ओर नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं है कि कब तक है वहीं दूसरी ओर नाममात्र का वेतन वो भी कई कर्मचारियों को 2-3 महिने बाद मिन्नते करने के बाद मुश्किल से मिलता है। ई0 पी0 एफ0 में भी अनियमिततांए बरती जा रही है जिसकी कटौती कई कर्मचारियों को 5 महिने देरी से भी चल रही है जिस वजह से कर्मचारी ब्याज से वंचित रह जाता है। ई0 पी0 एफ0 का एक हिस्सा जो मैनपावर एजेंसी द्वारा जमा किया जाना होता है उसकी कटौती भी कर्मचारी के वेतन से ही की जाती है। ई0 एस0 आई0 सी0 के नाम पर भी कटौती की जाती है लेकिन इसका नंबर सभी को नहीं दिया जाता। सालाना इंक्रीमैंट से भी बहुत से कर्मचारी वंचित है। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लगाातार काम कर रहा है चाहे हिमाचल प्रदेश के लगभग 35000 कर्मचारियों में से कोई भी कर्मचारी किसी समस्या से जुझ रहा हो। हमेशा से ही सभी सरकारों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगो को उनकी समस्याओं को मुख्य धारा से अलग समझा है। गत दिनों भी आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा ने फतेहपूर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हिमाचल सरकार में उद्योग मंत्री विक्रम सिंह, पंचायती राज मंत्री विरेन्द्र कंवर तथा स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल को कर्मचारी महासंघ की मांगो को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महासंघ ने कहा :- -कर्मचारियों के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए जिसमें उनकी नौकरी की सुरक्षा हो -सम्मानजनक तथा समय पर वेतन मिले -ई पी एफ को सही तरह के काटा जाए -वार्षिक वेतन वृद्धि मिले तथा सरकारी भर्तियों में आरक्षण मिले जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रूक सके। प्रदेश के मुख्यमंत्री को इन मांगों को पूरा करने का प्रयास अवश्य करना चाहिए क्योंकि किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के लगभग 35000 परिवारों की मांग है। यदि सरकार इन मांगों को मानती है तो यह हिमाचल के इतिहास में एक महत्वपुर्ण निर्णय होगा। साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने बज़ट सत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए माड्ल टेंडर डाक्यूमेंट को तैयार करने की बात कही थी जो आज तक तैयार नहीं हुआ है कम से कम सरकार को बजट की घोषणाओं को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि हजारों लोगों को इस डाक्यूमेंट का इंतजार है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 15 अगस्त, 2022 को देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् 15 अगस्त, 2021 से स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को याद करते हुए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तय किया है कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा आम जनमानस को साथ लेते हुए 15 अगस्त, 2021 को हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक गांव में तिरंगा झंडा फहराया जाएगा। इस अभियान हेतु विद्यार्थी परिषद् ने प्रांत स्तर पर टीम का गठन किया है, जिसके प्रदेश संयोजक के नाते अभिषेक कुमार रहेंगे तथा प्रदेश सह-संयोजक के नाते प्रदीप कुमार, शक्ति शर्मा, नैंसी अटल, आकाश नेगी, गौरव अत्री, अभिलाष शर्मा, गौरव कुमार और अनिल कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रांत मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए असंख्य वीरों ने स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष किया, अपने प्राणों की आहुतियां तक दे दी जिसके परिणामस्वरूप ही स्वतंत्र भारत का स्वप्न साकार हुआ था। इन सब बलिदानों को याद करते हुए आजादी के 75 वर्षों का एहसास देश के लिए ऐतिहासिक पर्व है। स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अलग-अलग आंदोलनों, बलिदानों तथा घटनाओं की अपनी-अपनी अहमियत और प्रेरणा है, जिन्हें याद करते हुए ही हमें आगे बढ़ना चाहिए। आजादी के पश्चात कुछ इतिहासकारों द्वारा देश की स्वतंत्रता के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। मात्र कुछ लोगों के ही आंदोलन के संघर्ष को ही दर्शाया गया। परंतु वास्तव में स्वतंत्रता संग्राम के अंदर असंख्य वीरों ने संघर्ष किया है अपने प्राणों की आहुतिया तक दी है। जिनका जिक्र हमें इतिहास में कहीं पर भी दिखाई नहीं पड़ता। स्वतंत्रता के आंदोलन में हिमाचल प्रदेश का भी विशेष योगदान रहा है। क्योंकि गुलामी के कालखंड में हिमाचल प्रदेश में भी अंग्रेजों की कई छावनीया विद्यमान थी। देश में प्रतिरोध रूपी घटित घटनाओं का दिग्दर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश में भी अनेकों वीर पुरुष स्वाधीनता आंदोलन के यज्ञ में कूदे थे। जिसमें से यदि ध्यान करें तो सूबेदार भीम सिंह, दरोगा बुद्धि सिंह, रामप्रसाद बैरागी, मानदास, सूरतराम, सरदुल, केशवराम जैसे असंख्य नाम निकल कर हमारे सामने आते हैं जो हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते थे और जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनों में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। परंतु विडंबना यह रही कि ऐसे महान पुरुषों की गाथाओं को इतिहासकारों ने सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया। हम सभी का यह दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास, स्वाभिमान तथा बलिदान की परंपराओं से अपनी नई पीढ़ी को अवगत करवाएं। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के लिए "भारत माता की जय" यह केवल एक नारा नहीं है बल्कि एक प्रतिबद्धता है भारत माता के लिए जीने की। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने 15 अगस्त के उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश के 7500 गांव में तिरंगा फहराने का जिम्मा उठाया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गांव में वहां के स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता एक सार्वजनिक स्थान तय करते हुए वहां पर तिरंगा फहराएंगे और साथ ही सामूहिक राष्ट्रीय गान गाया जाएगा तथा भारत मां के जयघोष के साथ महान बलिदानों को याद करते हुए भारत माता के वीर सपूतों को याद किया जाएगा। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के 7500 गांवों में एक ही समय पर शुरू होगा जिसका समय 10:00 बजे प्रातः निर्धारित किया गया है। एक कार्यक्रम में प्रत्येक गांव के पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के परिवार तथा प्रत्येक आम नागरिक को आमंत्रित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों को एक क्लिक से स्मार्ट फोन देने की योजना शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने सचिवालय से स्मार्ट फोन डोनेट करने की वेबसाइट का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम वर्चुअल तौर पर जुड़े। योजना शुरू होने से पहले ही उद्योगपतियों और बैंकर्स ने शिक्षा विभाग को 1150 स्मार्ट फोन दे दिए हैं। कोरोना संकट के चलते प्रदेश में मार्च 2020 से बंद चल रहे स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है। कमजोर वर्ग के कई विद्यार्थियों की स्मार्ट फोन न होने के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसको देखते हुए समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने समाज की सहभागिता से ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट फोन एकत्र करने को योजना शुरू की है। योजना को डिजिटल साथी-बच्चों का सहारा, फोन हमारा अभियान का नाम दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस अब राज्य की सीमा में दाखिल होने से पहले पर्यटकों के वाहनों की तलाशी लेगी। डीजीपी संजय कुंडू ने हाल के दिनों में पर्यटकों के हंगामा करने और लाठी व तलवारों से लोगों को नुकसान पहुंचाने के मामलों के सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों को पर्यटकों की तलाशी लेने के निर्देश जारी कर दिए हैं। नाकों पर तैनात अधिकारियों को कोई संदिग्ध लगता है तो उसकी तलाशी लिए बिना प्रदेश में प्रवेश न करने दें। इन घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। कुंडू ने बताया कि चेकिंग के लिए अतिरिक्त फोर्स भी जिलों को मुहैया कराई जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने वीरवार को कहा कि श्रेणी अ यानी 45 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग के व्यक्तियों, भारत सरकार द्वारा नामित सभी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकताओं, सभी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं, और सभी प्राथमिकता समूहों को कोविशील्ड की प्रथम व द्वितीय खुराकें प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना को 14 जुलाई, 2021 तक कार्यान्वित किया जाना था, लेकिन अब यह निर्णय लिया गया है कि टीकाकरण की यह कार्ययोजना 22 जुलाई, 2021 तक जारी रहेगी। इसके अनुसार श्रेणी-बी के लिए 22 जुलाई, 2021 तक कोई भी टीकाकरण सत्र आयोजिन नहीं किया जाएगा। उन्होंने श्रेणी-ए के लाभाथियों से टीकाकरण की प्रथम व द्वितीय खुराक लेने का आग्रह किया ताकि उन्हें कोविड-19 से सुरक्षा मिल सके। इसके अतिरिक्त, कोविड के प्रसार को रोकने के लिए लोगों को कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने डिजिटल साथी- बच्चों का सहारा, फोन हमारा अभियान के तहत वीरवार को शिमला में आयोजित कार्यक्रम को मण्डी जिला के बालीचौकी से वर्चुअल माध्यम द्वारा सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन के दौरान नई तकनीक बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है, क्योंकि वह इसके द्वारा ऑनलाइन माध्यम से अध्ययन जारी रख पाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2014 में आरम्भ किए गए डिजिटल इंडिया अभियान से महामारी के दौरान लाॅकडाउन में आम जन-जीवन को सुगम बनाए रखने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी नई तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया और राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठकें आयोजित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्चुअल माध्यम से चार हजार करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और आधारशिलाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महामारी के दौरान छात्रों की सुविधा के लिए हर घर पाठशाला कार्यक्रम आरम्भ किया। इस कार्यक्रम के तहत 80 फीसदी विद्यार्थियों को कवर किया गया और अब सरकार का प्रयास है कि इस कार्यक्रम में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को सम्मिलित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में विद्यार्थियों को व्हाट्सऐप के माध्यम से वीडियो और वर्कशीट प्रदान करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के माता-पिता तक ईपीटीएम के माध्यम से जुड़ने के प्रयास किये गये। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के अलावा शिक्षकों द्वारा लाइव कक्षाओं के साथ-साथ फोनकाॅल भी आरम्भ की गई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा डिजिटल साथी-बच्चों का सहारा फोन हमारा अभियान समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगा, ताकि वह बिना किसी बाधा से अपना अध्ययन जारी रख सकें। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक घरानों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को उदारता के साथ स्मार्ट फोन प्रदान करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने समग्र शिक्षा के डिजिटल साथी-बच्चों का सहारा, फोन हमारा अभियान का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि यह देश भर में ऐसा पहला अभियान है कि जिसके माध्यम से दानकत्र्ता जरूरतमद बच्चों के लिए मोबाइल प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि इस अभियान के लिए अब तक विभिन्न हितधारकों द्वारा 1100 से अधिक मोबाइल प्रदान किए जा चुके हैं।गोविन्द सिंह ठाकुर ने डिजिटल साथी पोर्टल का भी शुभारम्भ किया। इस पोर्टल के माध्यम से लोग और अन्य हितधारक मोबाइल प्रदान कर सकेंगे। इस अवसर पर उन्होंने इस अभियान के लिए स्वयं 100 मोबाइल फोन प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित न हो इसलिए शिक्षकों ने हर घर पाठशाला कार्यक्रम में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। शिक्षकों का संवाद बच्चों और अभिभावकों के साथ स्थापित करने के लिए ईपीटीएम जैसे कार्यक्रम संचालिए किए गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न सोशल, प्रिंट और इलैक्ट्राॅनिक मीडिया का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने इस अभियान से जुड़ने के लिए फिल्म अभिनेत्री यामी गौतम का भी आभार व्यक्त किया। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक वीरेन्द्र शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा पंकज ललित ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर सहित अन्य गणमान्यों का आभार व्यक्त किया। बैठक में विभिन्न बैंको के प्रतिनिधि, अध्यापक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट कोरोना संकट में लगातार अपने सेवा कार्य चलाए हुए है। विभिन्न प्रकार के माध्यमो से सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर में लोगों की सेवा कर रही है। इसी कड़ी में वीरवार को ट्रस्ट द्वारा कोरोना संकट में आर्थिक मंदी से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों की सहायता हेतु सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने मदद के हाथ आगे बढ़ाएं है। वीरवार को शोघी के थडी पंचायत, शिमला के ऑकलैंड, बंगाली कॉलोनी, संजौली में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा 103 परिवारों को रासन किट सामग्री वितरित की गई। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति पर खासा असर पड़ा है। व्यवसाय बंद होने की वजह से बहुत से लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है। लेकिन इस संकट की घड़ी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ऐसे सभी जरूरतमंद लोगों की सहायता करने हेतु तत्पर है। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने इस कोरोना संकट में विभिन्न प्रकार के सेवा कार्य जैसे कि वस्त्र बैंक लगाकर जरूरतमंदों को वस्त्र वितरण करना, कोरोना मरीजों के लिए निशुल्क भोजन सेवा चलाना, कोरोना महामारी के दौरान रक्त की पूर्ति हेतु रक्तदान शिविरों का आयोजन करना, जरूरतमंद लोगों को राशन वितरण करना आदि कई प्रकार के सेवा कार्य करवाए गए हैं। सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में योग शिविर भी चलाया जा रहा है। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट का एकमात्र उद्देश्य मानव सेवा करना है। ट्रस्ट के सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने कहा की आज शोघी के थडी पंचायत, ऑकलैंड, बंगाली कॉलोनी, संजौली में जरूरतमंद लोगों को कुल 103 परिवारों को रासन किट वितरित की गई है। ट्रस्ट ने सभी जरूरतमंदों को विश्वास भी दिलाया है की इस संकट की घड़ी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट उनके साथ खड़ा है। इसके अलावा भी यदि उनको किसी भी प्रकार की मूल सहायता की आवश्यकता पड़ी तो वे ट्रस्ट से संपर्क कर सकते हैं। हम से संपर्क करने के लिए दिए गए नंबरों पर कॉल करे (डॉ सुरेन्द्र शर्मा ( सचिव SUET) 9418473578, डॉ नितिन व्यास (सह सचिव SUET) 9418006194 , रिंकू कुमार : 9805349124).
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शिमला के प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज उपायुक्त महोदय जिला शिमला को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें विद्यार्थी परिषद ने 100% क्षमता के साथ छात्रों को लाइब्रेरी खोलने के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन होने के नाते सदैव छात्र हितों के लिए अग्रसर रहता है। छात्रों की समस्याओं को पूरे देश एवं प्रदेश में प्राथमिक से उठाता आ रहा है। अभाविप शिमला महानगर सहमंत्री कमल ठाकुर ने कहा आजकल परीक्षाओं का दौर चल रहा है। स्टेट लाइब्रेरी में शिमला ही नहीं अपितु पूरे हिमाचल प्रदेश के छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में इतने सारे विद्यार्थियों को 50% क्षमता से खुलने वाली लाइब्रेरी से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। दिन-प्रतिदिन परीक्षाएं नजदीक आती जा रही है, छात्र लाइब्रेरी जाना चाहते हैं परन्तु वहां पहुंचते ही उन्हें जगह नहीं मिलती है ऐसे में वे निराश होकर लौट आते हैं। कमल ठाकुर ने कहा कि शिक्षा जीवन का मूल मंत्र है। बिना शिक्षा जीवन व्यर्थ है। आज के समय में जब सरकार द्वारा होटल, बाजार खोले जा सकते हैं , बसों को 100% क्षमता के साथ चलाया जा सकता है, इसके अतिरिक्त इंटर-स्टेट बस सेवाएं भी शुरू की जा सकती है, तो पढ़ने वाले छात्रों के लिए पूरी क्षमता के साथ लाइब्रेरी क्यों नहीं खोली जा सकती है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त महोदय को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ लाइब्रेरी खोल देनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि जल्द से जल्द लाइब्रेरी को पूरी क्षमता के साथ खोला जाएं। उपायुक्त महोदय ने आश्वासन दिया है कि वे इस विषय में बात कर इसका उचित सामाधान करेंगे।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्य नियम, 1971 में संशोधन के लिए नियम बनाकर आबकारी एवं कराधान विभाग को राज्य कर एवं उत्पाद विभाग नाम से अवस्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इस नियम को हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्य (आवंटन) नियम, 1971 (164वां संशोधन) नियम, 2021 कहा जाएगा।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज अपने कार्यालय कक्ष में उच्च न्यायलय के आदेषों अनुसार अपने कार्यालय कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होनें बताया कि कोरोना संकटकाल के मध्यनजर एवं पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए मानक संचालन नियमों की अनुपालना करवाना आवश्यक है। उपायुक्त ने बताया कि उपमण्डलाधिकारियों, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर पर टास्क फोर्स एवं समितियां गठित की जा रही है, ताकि पर्यटक सीजन में होटलों एवं रेस्टोरेंटों में सुरक्षा के दृष्टिगत मानक संचालन प्रक्रिया का पालन संभव हो सके। आदित्य नेगी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने को कहा, ताकि जिला में मानक संचालन प्रक्रिया का पालन संभव हो सके। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण बाबू राम शर्मा, डीएसपी शिमला कमल वर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी जीडी काल्टा एवं अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
हिमाचल में15 जुलाई से 5000 करोड़ के सेब सीजन में तेजी आएगी। प्रदेश में सेब ढुलाई के लिए ट्रकों की आवाजाही को सुचारु करने के लिए दो नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए हैं। प्रदेश में पिछले साल ढाई करोड़ पेटी सेब का उत्पादन हुआ था। इस बार सीजन में करीब चार करोड़ पेटी सेब पैदावार होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। सेब सीजन में बागवानों को कार्टन की दिक्कत न हो और सेब ढुलाई के लिए ट्रकों की समस्या न रहे इसके लिए सरकार ने व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। लदानियों का पंजीकरण किया जा रहा है और क्रेटों की बिक्री पर भी अंतिम फैसला लिया जाना है ताकि बागवानों को कार्टन पर निर्भर न रहना पड़े।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर पूर्व रामपुर से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का अस्थि कलश लेकर गुरुवार को शिमला पहुंचे। उनके साथ जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा भी थे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के सभी 72 ब्लॉक अध्यक्षों को यह अस्थि कलश सौंपे। 16 जुलाई को ब्लॉक अध्यक्ष अस्थि कलशों को स्थानीय लोगों के दर्शन और श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद 17 जुलाई को नदियों में इन्हें प्रवाहित करेंगे। राठौर ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में सुबह 11 बजे ब्लॉक अध्यक्षों को अस्थि कलश सौंपे। इससे पूर्व 10.30 बजे प्रार्थना सभा हुई। इसमें नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी, अग्रणी संगठनों के प्रमुख सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, इंटक, एनएसयूआई के अतिरिक्त सभी विभागों के प्रमुख और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बीए, बीएससी व बीकॉम के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फार्मूला तैयार करने पर कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए गठित विशेष कमेटी की जल्द बैठक होगी। प्रदेश में करीब 96 हजार विद्यार्थियों को प्रमोट और उनका परिणाम तैयार करने के लिए बनाए जा रहे फार्मूला के आधार पर ही अंक दिए जाने हैं। इसमें कॉलेजों से मिली इंटरनल असेसमेंट अहम होगी। विवि दोनों कक्षाओं की परीक्षाओं की तैयारी कर चुका था, सभी विद्यार्थियों को कॉलेजों से इंटरनल असेसमेंट आने पर ऑनलाइन रोलनंबर जनरेट हुए थे। इसलिए असेसमेंट के अंक उपलब्ध होने पर विवि परिणाम कम समय में तैयार कर घोषित कर सकेगा।। पिछले साल भी स्नातक डिग्री कोर्स की दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं नहीं हुई हैं। इसलिए द्वितीय वर्ष से तृतीय वर्ष के लिए प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों के परिणाम तैयार करने के फार्मूले में आंशिक बदलाव होगा। 2020 के सत्र में भी विद्यार्थी प्रमोट किए गए थे। उस समय द्वितीय वर्ष के छात्रों के प्रथम वर्ष की परीक्षा का परिणाम विवि के पास था। परीक्षा के हर विषय में 50 अंक और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर परिणाम तैयार किया गया था। इस बार इसमें कुछ बदलाव होगा।
राजकीय कन्या विद्यालय लक्कड़ बाजार का बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 97% रहा है। विद्यालय की 101 छात्राओं में से 98 छात्राएं उत्तीर्ण हुई है। विद्यालय की सभी छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा को पास किया। प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कॉमर्स संकाय की छात्रा शालू ने 440 अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर 429 अंक लेकर कॉमर्स संकाय की छात्रा मीनाक्षी रही व विद्यालय की छात्रा किरण ने 420 अंक लेकर तृतीय स्थान हासिल किया है।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर प्राथमिक शिक्षा प्रदान कर उन्हें भविष्य में उत्कृष्ट नागरिक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो इसलिए प्राथमिक अध्यापकों ने हर घर पाठशाला कार्यक्रम में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में लगभग 25 हजार 165 शिक्षक कार्यरत हैं और कोविड महामारी के समय शिक्षकों ने हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षकों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत प्राथमिक क्लस्टर यथावत रखे जाएंगे और उन्हें अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। प्रदेश में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्राथमिक शिक्षकों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के और अधिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी और इसके अन्तर्गत बच्चों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए शीघ्र बहुउद्देशीय कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा, निदेशक प्राथमिक शिक्षा पंकज ललित, संघ के प्रदेशाध्यक्ष हेमराज ठाकुर, महामंत्री अशोक कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य अध्यापक बैठक में उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आजफोरलेन संघर्ष समिति के मामलों के निवारण के लिए गठित मंत्रिमंडल उप-समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रदेश सरकार राइट-ऑफ -वे से सटी/बाहर भूमि पर हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व प्रदेश सरकार को मिलकर नीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रभावित लोगों को चिन्हित किया जाए और ऐसे प्रभावितों को तुरंत उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को प्रभावित परिवारों का ब्यौरा एकत्रित करने और पुनर्वास नीति के अन्तर्गत मुआवजा राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता में लम्बित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए उचित कदम उठाए जाए। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के मल्टीपलीकेशन फेक्टर को एक से अधिक करने के सम्बंध में संघर्ष समिति द्वारा दिए गए सुझावों को मुख्यमंत्री के समक्ष चर्चा के लिए रखा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के सदस्यों को रोजगार प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को पांच मीटर कंट्रोल ब्रिडथ मामले में राहत प्रदान करने पर विचार करेगी। फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण से जिन क्षेत्रों में अधिक संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हैं, वहां बाईपास बनाकर उन्हें विस्थापित होने से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें देश और प्रदेश की भाग्य रेखाएं कही जाती हैं। राज्य में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा किया जाए ताकि इससे प्रदेश के लोग लाभान्वित हों। प्रधान सचिव राजस्व के.केपंत, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग शुभाशीष पांडा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर दिवंगत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अस्थिकलश लेने के लिए रामपुर को रवाना हो गए। उनके साथ जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा भी गए है। राठौर कल यानि 15 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के सभी 72 ब्लोको के अध्यक्षों को यह अस्थिकलश सौंपेंगे। अगले दिन 16 जुलाई को सभी ब्लॉक अध्यक्ष इन अस्थकलशों को पूरी श्रद्धा के साथ स्थानीय लोगों के दर्शनार्थ व श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद 17 जुलाई को ब्लॉक अध्यक्ष अपने अपने सरोवरों व नदियों में इन्हें पूरी श्रद्धा के साथ प्रवाह करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि 16 जुलाई को प्रार्थना सभा के साथ दिवंगत नेता के अस्थिकलश प्रदेश में सभी विधानसभा क्षेत्रों के 72 ब्लॉकों में स्थानीय लोगों के श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिये स्थानीय पार्टी कार्यलयों में रखे जाएंगे ,जो 17 जुलाई को संगम व नदियों में पूरी श्रद्धा भाव से प्रवाह की जाएगी। कुलदीप सिंह राठौर राजीव भवन में कल 15 जुलाई की सुबह 11 बजे संबंधित ब्लॉक अध्यक्षों को इन अस्थिकलश को भेंट करेंगे। इससे पूर्व 10.30 बजे कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा,जिसमें नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी, अग्रणी संगठनों के प्रमुख सेवादल,महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, इंटक,एनएसयूआई के अतिरिक्त सभी विभागों के प्रमुख व पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
निदेशक सेना भर्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 मार्च से 3 अप्रैल तक इंदिरा गांधी खेल मैदान ऊना में आयोजित भर्ती में सफल हुए उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा 25 जुलाई को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी सेना भर्ती कार्यालय शिमला के निदेशक कर्नल शाल्व सनवाल ने दी। उन्होंने कहा कि यह लिखित परीक्षा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, शिमला में आयोजित की जाएगी। कर्नल सनवाल ने कहा लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र अनिवार्य है। जिन उम्मीदवारों के पास प्रवेश पत्र नहीं होंगे वह उम्मीदवार लिखित परीक्षा में भाग नहीं ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवारों को कोविड-19 के सम्बन्ध में जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
वरिष्ठ कवि आलोचक श्रीनिवास श्रीकांत के निधन पर हिमालय साहित्य एवम संस्कृति मंच ने शोक व्यक्त किया है। मंच के अध्यक्ष एसआर हरनोट ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें पिछले तीन दिनों से सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। वे ऑक्सीजन पर थे और आज सुबह साढ़े 11 बजे चक्कर स्थित अपने निवास स्थान पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उस समय उनका सारा परिवार साथ था। उनके दो बेटे अनय और विनय भी साथ थे जो चंडीगढ़ और दिल्ली में रहते हैं। उनकी अर्धांगिनी निर्मल शर्मा और अन्य परिजन भी इस अंतिम समय में उनके साथ थे। हरनोट ने बताया कि श्रीनिवास जी पिछले एक साल से चलने फिरने और बोलने में थोड़ा असमर्थ हो गए थे। उनकी उनसे जब भी बात होती तो उनकी धर्मपत्नी निर्मल शर्मा के द्वारा जी हो पाती थी। श्रीनिवास जी केवल कुछ ही शब्द बोल पाते जिसमें अपने अधूरे छूटे हुए लेखन के बारे में चिंता जाहिर करते और कवि मित्र कुल राजीव पंत और आत्मा रंजन के बारे में पूछते, उन्हें याद करते। वंही, लंदन से प्रख्यात कथाकार और कथा यूके के संचालक तेजेंद्र शर्मा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने श्रीनिवास को एक गंभीर लेखक व नेक दिल इंसान बताया। तेजेंद्र ने कहा कि प्रवासी साहित्य पर उनकी बड़ी समझ थी। गौरतलब है कि उनकी आलोचना पुस्तकों में "कथा त्रिकोण" और "मुक्तिबोध एक पुनर्मूल्यांकन" महत्वपूर्ण कृतियां हैं। उनके आठ कविता संग्रह प्रकाशित हैं। एक गीत गजल संग्रह भी छपा है। उन्होंने "कथा में पहाड़" जैसी महत्वपूर्ण पुस्तक का संपादन भी किया जिसमें पहाड़ के 39 लेखकों की कहानियां अपनी टिप्पणियों के साथ इसमें शामिल की जिसकी खूब चर्चा हुई। शायद ही देश की कोई ऐसी साहित्य की लघु पत्रिका रही हो जिसमें उनकी कविताएं, गजलें, गीतकार आलोचना आलेख न छपे हों। वे आकाशवाणी शिमला और दूरदर्शन के कैजुअल कंट्रीब्यूटर भी थे। हिमाचल के हिंदी साहित्य के लिए यह अपूरणीय क्षति है। 83 वर्षीय श्रीनिवास श्रीकांत ने अपना पूरा जीवन हिंदी और यूरोपियन साहित्य के अध्ययन के साथ कविता और आलोचना के लिए समर्पित कर दिया।
शिमला ग्रामीण की ग्राम पंचायत चनावग की राजकीय उच्च वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चनावग में कोरोना टीकाकरण लगाने के लिए तीसरे कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें 29 लोगों को पहली डोज और 135 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज़ दी गई। सबसे ज्यादा उम्र के 80 वर्षीय मनसा राम ने वैक्सीन की ने दूसरी डोज लगाई। इससे पूर्व आयोजित दूसरे कैंप में 18 से 44 उम्र के 252 लोगों को कोवीशील्ड की पहली डोज़ दी गई थी। इस बात की जानकारी डॉक्टर आदित्य ने दी। उनके साथ फार्मासिस्ट कुमारी रंजीता कुमारी, उपस्वास्थ्य केंद्र चनावग से फीमेल हेल्थ वर्कर कुमारी नेहा, आशावर्कर गोदावरी, रमा, रंजना और सत्या देवी शामिल रही। डॉक्टर आदित्य ने लोगों में टीकाकरण के प्रति उत्साह की खूब प्रशंसा की। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चनावग में सम्पन्न हुए इस टीकाकरण अभियान का प्रबंधन ग्राम पंचायत चनावग के उपप्रधान जगदीश गौतम ने वार्ड सदस्य रमेश हरनोट, आशा, कांता देवी और जया के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उन्होंने सहयोग के लिए राजकीय वरिष्ठ उच्च माध्यमिक पाठशाला के स्टाफ और लोगों का हार्दिक आभार भी व्यक्त किया।
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल और लेडी गर्वनर अनघा आर्लेकर का प्रदेश में स्वागत किया और पुलिस मुख्यालय का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ने राज्य पुलिस की गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को इंडो-चाइना सीमा मुददे के बारे में हिमाचल पुलिस की सक्रिय भागीदारी के बारे में अवगत करवाया और कहा कि राज्य के लगभग 240 किलोमीटर क्षेत्र के साथ चीन का बाॅर्डर है, जिसमें 160 किलोमीटर किन्नौर में और 80 किलोमीटर स्पिति में है तथा सीमा क्षेत्रों में 48 गांव हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल के निर्देशों के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का एक दल वहां गया था और रिपोर्ट तैयार की, जिसकी हर स्तर पर सराहना की गई। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने तथा महिला एवं बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में पुलिस की भूमिका के बारे में भी अवगत करवाया और कहा कि पुलिस ने इस दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन विषयों के बारे में पुलिस की सक्रिय भूमिका रही है। पुलिस विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पासपोर्ट जारी करने के लिए पुलिस विभाग 24 घण्टे के भीतर पुलिस जाॅंच रिपोर्ट देना सुनिश्चित कर रहा है और इसके लिए राज्य पुलिस देशभर में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अपराध एवं अपराध नेटवर्किंग प्रणाली में भी पहाड़ी राज्यों में हिमाचल पुलिस प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पुलिस में महिलाओं की भागीदारी 12 से 13 फीसदी है जो कि देश में श्रेष्ठ है।राज्यपाल ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की। उन्होंने पुलिस को लोगों से और मैत्रीपूर्ण होने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों में पुलिस के बारे में अच्छी धारणा होनी चाहिए। आम नागरिकों को पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों आदि के मामलों के बारे में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की सम्पति जब्त करने के लिए पुलिस की पहल की सराहना की। इस अवसर पर लेडी गर्वनर अनघा आर्लेकर ने साइबर अपराध के क्षेत्र में राज्य पुलिस द्वारा किए गए कार्य की सराहना की।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि 5 जुलाई से 11 जुलाई, 2021 तक प्रदेश में कोविड-19 पाॅजिटिविटी दर एक प्रतिशत रही है। इस अवधि के दौरान राज्य में आरटी-पीसीआर और रैट जांच के लिए 95,489 लोगों के सैंपल लिए गए और 984 लोग कोविड पाॅजिटिव पाए गए। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान बिलासपुर जिला में पाॅजिटिविटी दर 1 प्रतिशत, चम्बा में 2.1 प्रतिशत, हमीरपुर में 0.4 प्रतिशत, कांगड़ा में 0.7 प्रतिशत, किन्नौर में 1 प्रतिशत, कुल्लू में 0.6 प्रतिशत, लाहौल स्पीति में 2.6 प्रतिशत, मण्डी में 2.3 प्रतिशत, शिमला में 1.7 प्रतिशत, सिरमौर में 0.2 प्रतिशत, सोलन में 0.9 प्रतिशत और ऊना में 0.5 प्रतिशत रही है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट अहम भूमिका निभा रही हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में कोविड-19 के लिए रैट टेस्टिंग की जा रही है। 5 जुलाई से 11 जुलाई, 2021 तक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से कोविड जांच के लिए 1073 सैंपल एकत्रित किए गए। उन्होंने बताया कि जिला चम्बा, सोलन, सिरमौर, कुल्लू में एक-एक, कांगड़ा, मण्डी और शिमला में दो-दोे मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात किए गए हैं।
यह फ़ोटो उस समय की है जब डॉ राजन सुशान्त साल 1985 में एक युवा विधायक थे और उनके विवाह के अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह सिहाल गाँव पहुँचे और डॉ राजन सुशान्त को तिलक/टिक्का लगाया। उस समय मनोह सिहाल के लिए सड़क की सुविधा नहीं थी और केवल एक पैदल रास्ता था। ऐसे में स्व वीरभद्र सिंह ने अपनी पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद रातों-रात विपक्ष के विधायक के घर के लिए सड़क बनाने के आदेश जारी किए और खुद भी विवाह में शिरकत करने के लिए शिमला से निकल पड़े। अपनी कुशल प्रशासनिक पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले नेता के आदेश पर कैसे कार्रवाई ना होती, मुख्यमंत्री के पहुँचने से पहले ही सड़क बनकर तैयार हो गई और तत्कालीन राज्यपाल सहित अन्य सभी गणमान्य व्यक्ति अपनी गाड़ी से ही विवाह समारोह में पहुँचे। दल-गत राजनीति से ऊपर उठकर एक विपक्ष के विधायक के प्रति इतनी आत्मीयता और स्नेह का भाव स्व वीरभद्र सिंह के उदार हृदय और विशाल व्यक्तित्व का परिचायक है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार 2 से 13 अगस्त तक चलेगी। विधानसभा सचिवालय की ओर से इस संदर्भ में अधिसूचना भी जारी कर दी गई। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने बताया कि सत्र का आगाज़ 2 अगस्त काे दाेपहर 2 बजे से हाेगा। सत्र के दाैरान कुल 10 बैठकें हाेंगी। पहले दिन शाेकाेद्घार हाेगा, जिसमें दिवंगत सदस्याें काे श्रद्धांजलि दी जाएगी। मानसून सत्र में इस बार कुछ अहम विधेयक भी पेश हाेंगे, जाे बजट सत्र के दाैरान पेश नहीं हाे पाए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मानसून सत्र में इस बार दाे दिन का गैर सरकारी सदस्य दिवस भी रखा गया है। यानी 5 और 12 अगस्त काे विधायक अपने-अपने क्षेत्राें की मांगे प्रस्तुत करेंगे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां स्वतंत्रता दिवस मनाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ऐतिहासिक रिज मैदान में प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सैनिक, पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउड एंड गाइड, लड़के तथा लड़कियां, पुलिस तथा होम गार्ड के बैंड परेड में हिस्सा लेंगे। जिसके लिए पुलिस अधीक्षक शिमला को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने जिला भाषा अधिकारी तथा जिला लोक सम्पर्क अधिकारी को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन के संदर्भ में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम शिमला को कार्यक्रम के दौरान रिज मैदान में सफाई व्यवस्था तथा मिठाइयों का वितरण संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग तथा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था को कार्यक्रम के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने संबंधी उचित कदम उठाने का आग्रह किया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था राहुल चैहान, अतिरिक्त आयुक्त डा0 पूनम, उपमण्डलाधिकारी शिमला मनजीत शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी संतराम एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि जिला कांगड़ा के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में 14 जुलाई, 2021 को आयोजित होने वाली गद्दी और गुज्जर कल्याण बोर्ड की बैठक स्थगित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बैठक की आगामी तिथि की सूचना निकट भविष्य में प्रदान की जाएगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर द्वारा 73 वें ”राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस” के उपलक्ष्य में बचत भवन डीसी आफिस शिमला में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि रवि मेहता ( जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ) एवं मुख्य वक्ता गौरव अत्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। मुख्यातिथि द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की वैचारिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्यार्थी परिषद द्वारा समाज हित में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने स्थापना काल से ही विद्यार्थी परिषद समाज एवं राष्ट्र हित तथा विद्यार्थियों के हितों की आवाज को बुलंद करती आई हैं। समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए विद्यार्थी परिषद यूं ही सक्रिय भूमिका निभाती रहें। मुख्यातिथि ने कहा कि वे भी अपने विद्यार्थी जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे हैं। अपने विद्यार्थी जीवन के समय में उन्होंने परिषद के कार्यों एवं संघर्षों का पूरा ब्योरा इस संगोष्ठी में रखा। मुख्य वक्ता गौरव अत्री ने विद्यार्थी परिषद के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परिषद अपने स्थापना काल से लेकर अभी तक छात्र हित और राष्ट्र हित में कार्य करते आई है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि छात्र कल का नहीं आज का नागरिक है। विद्यार्थी परिषद विभिन्न विभिन्न गतिविधियों और आयाम कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करती हैं। जिस प्रकार हम देखते हैं कि कोरोना महामारी के चलते सारी दुनिया धराशाई हुई, लेकिन विद्यार्थी परिषद का काम उस समय भी निरंतर चलता रहा। विद्यार्थी परिषद ने अलग-अलग स्थानों पर हेल्पलाइन के माध्यम से समस्याओं का हल निकालने के लिए निरंतर प्रयास किया और जगह-जगह पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए और फूड पैकेट्स वितरित किए। मुख्य वक्ता ने बताया कि विद्यालय, महाविद्यालय बंद होने के कारण जिस प्रकार बच्चे घरों में शिक्षा से वंचित होते जा रहे थे, उन्हें शिक्षा से वंचित होने से बचाने के लिए विद्यार्थी परिषद ने परिषद की पाठशाला का आयोजन कर उन्हें पढ़ाने का सफ़ल प्रयास किया। नगर अध्यक्ष सूरज जमाल्टा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के स्थापना काल से आज तक की समाजिक भूमिका का संक्षेप वर्णन किया। विद्यार्थी परिषद के सेवा कार्यों एवं कोरोना काल में विद्यार्थी परिषद की भूमिका एवं उनके कार्यों का ब्योरा रखा। जहां कहीं भी अस्पतालों में रक्त की आवश्यकता होती थी वहां रक्तदान शिविर का आयोजन कर रक्तापूर्ति की। कोरोना काल में जहां भोजन की आवश्यकता होती थी वहां विद्यार्थी परिषद ने भोजन उपलब्ध करवाया। नगर सह मंत्री कमल ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी परिषद द्वारा वस्त्र वितरण, भोजन वितरण, रक्तदान शिविर, मैडिकल सेवाएं, शैक्षणिक सत्र में आनलाइन शिक्षा छात्रों को उपलब्ध विद्यार्थी परिषद द्वारा कराई गई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी परिषद वर्ष भर शैक्षणिक एवं सामाजिक अनेक प्रकार के कार्यक्रम समाज हितों के लिए आयोजित करता है। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन होने के नाते आज के समय में विद्यार्थी परिषद हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है। इस कार्यक्रम में डॉ आलोक पांडेय, डॉ विजय चौधरी, डॉ जीवन ज्योति, कमल ठाकुर एवं जिला संगठन मंत्री अमित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का पदभार ग्रहण करने पर राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर को बधाई दी।जयराम ठाकुर ने आशा व्यक्त की है कि प्रदेश के राज्यपाल के रूप में राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर का कार्यकाल महत्वपूर्ण होगा और राज्य को उनके व्यापक अनुभवों से अत्याधिक लाभ होगा।
राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आज अपना पदभार संभाल लिया है। मंगलवार को राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने हिमाचल प्रदेश के 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि विजय कुमार मलिमठ ने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को राज्यपाल पद की शपथ दिलवाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित मंत्रिमंडल के सहयोगी मौजूद थे। हिमाचल के नए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मंगलवार सुबह शपथ लेने के बाद हिमाचल के राम सिंह को याद किया। उन्होंने कहा गोवा की आजादी में हिमाचल का भी योगदान है। कांगड़ा के राम सिंह को गोवा निवासी भूल नहीं पाएंगे। राज्यपाल ने कहा प्रदेश में राम सिंह के परिवार को ढूंढने का प्रयास करूंगा। कहा, मेरी भूल थी कि आतिथ्य सत्कार केवल गोवा वासी जानते हैं, मैंने यह भूल यहां पहुंचने पर सुधार ली है। समूचा हिमाचल और यहां के लोग आतिथ्य सत्कार में किसी से पीछे नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल (नामित) राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का सोमवार शाम शिमला पहुंचने पर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी, मुख्य सचिव अनिल खाची, डीजीपी संजय कुंडू, कुलपतियों और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तथा गणमान्य व्यक्तियों ने राजभवन पहुंचने पर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें हिमाचली टोपी और शाॅल भेंटकर सम्मानित किया। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर 13 जुलाई, 2021 को सुबह 10 बजे हिमाचल प्रदेश के 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे।
सड़के बंद होने के कारण जो छात्र परीक्षा नहीं दे पाए उन्हें विशेष मौका दिया जाए हिमाचल प्रदेश में बरसात का समय है और प्राकृतिक रूप से प्रदेश के अनेकों क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है। आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला में भारी वर्षा हुई और वहां पर बदल फटने से भारी नुकसान हुआ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत सह मंत्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी हुए मीडिया को जानकारी देते कहा कि धर्मशाला में आज सुबह ही बदल फटने की घटना सामने आई है जिसकी सोशल मीडिया में वीडियो भी काफी वायरल हो रही है। उन्होंने कहा कि उस भारी वर्षा और बादल फटने के कारण कांगड़ा जिला की अनेकों सड़कें बाधित हुई जिस कारण पूरा दिन बीत जाने के बाद भी धर्मशाला अपने अनेक नजदीकी क्षेत्रों से कट गया है। अभाविप के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने कहा कि धर्मशाला में काफी नुकसान हुआ है जिसमें काफी लोग बेघर भी हुए है कइयों की गाड़ी भी बाढ़ में बह गई है। लेकिन सबसे ज्यादा जो नुकसान होते दिख रहा है वो छात्रों का नुकसान होते दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह ही रामपुर बुशहर से एनएच 5 की भी बंद होने की सूचना है वहां भी मुख्य मार्ग बंद होने के कारण छात्र परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए है, अभाविप ने कहा कि प्रदेश में बीएड और टीईटी की परीक्षाएं चल रही है और कुछ छात्र संगठनों से भी संपर्क कर रहे कि वे परीक्षा देने नहीं पहुंच पाए है। अत: विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग करती है कि जल्द से जल्द छात्रों के परीक्षा को स्थगित करने की अधिसूचना जारी की जाए। सरकार को छात्रों के भविष्य को गंभीरता से समझना चाहिए और छात्रहित में निर्णय लेना चाहिए।
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रशिमधर सुद ने कहा महिला मोर्चा के पदाधकारियों द्वारा कुल्लू में हुई बहस दुर्भाग्यपूर्ण है, उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और हम सबके लिए संगठन सर्वोपरि है, संगठन के हर आदेशों का पालन करना हमारा सबसे बड़ा दायित्व है उन्होंने कहा कि इस घटना क्रम से मैं बहुत आहत हूं। उन्होंने भविष्य के लिए सभी महिला मोर्चे की बहनों को आगाह किया कि आगे से कोई भी बहन इस तरह के अनुशासनहीनता के प्रदर्शन से बचे , हमारा काम मेहनत करके पार्टी को आगे ले जाना है ना की आपस में उलझना और खास करके इस तरह की रिकॉर्डिंग करके उसको जगजाहिर करना, यह बहुत ग़लत है। मौजूदा स्थिति में जिस तरह एक की गलती दूसरे पर भारी पड़ी और हमने अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं को खो दिया , इससे सबको सबक लेने की जरूरत है। रशिम धर सुद ने कहा कि भविष्य में प्रदेश भर में महिला मोर्चा केवल संगठन के कार्यों पर ध्यान दे कर अनाप शनाप बयान बाजी आरोप प्रत्यारोप से दूर रहे ।
कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदेश के छह बार रहें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जनमानस का नेता करार देते हुए कहा है कि उनके निधन से प्रदेश आज सुना सा हो गया है। उन्होंने कहा वीरभद्र सिंह ऐसे एकमात्र नेता थे जो अधिकतर लोगों को उनके नामों से जानते थे और प्रदेश के हर कोने व क्षेत्र को भली भांति परिचित भी थे। हिमराल ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में जिस प्रकार से विकास की नींव रखी वह अपने आप मे एक मिसाल है।आज प्रदेश पहाड़ी राज्यों में एक अग्रणी मॉडल के तौर पर जाना जाता है। हिमराल ने वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि शिमला ग्रामीण के विधायक के नाते उन्होंने इस क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किये।आज शिमला ग्रामीण एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बन गया है।वीरभद्र सिंह की विरासत उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह बड़ी बखूबी से आगे बढ़ा रहें है। हिमराल ने कहा कि वीरभद्र सिंह के निधन से इस क्षेत्र ने अपना एक मशीहा खो दिया।हालाकि वह साथ लगती अर्की विधानसभा चुनाव क्षेत्र से विधायक थे,पर वह ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र पर भी उतनी ही पैनी नज़र रखते थे,जितनी अर्की विधानसभा क्षेत्र की। हिमराल ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए कहा है कि शिमला ग्रामीण उनके प्रदेश में किये गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए हमेशा ही ऋणी रहेगा।
जुब्बल के गिलटाड़ी-झालटा रोड में एक कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से 1 व्यक्ति की मौत हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार ऑल्टो कार नंबर HP 10 A 6887 दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें झालटा निवासी दो भाई सवार थे। गाड़ी में कुलदीप जगटा व मनजीत जगटा पुत्र जगदीश जगटा मौजूद थे । कार दुर्घटनाग्रस्त होने पर कुलदीप जगटा की मौके पर ही मौत हो गई और वहीं मनजीत जगटा की हालत गभीर होने पर IGMC शिमला रेफर कर दिया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की आत्मा शांति के लिए प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में 15 जुलाई को सुबह 11 बजे एक विशेष प्रार्थना सभा रखी है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के सभी नेता, विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। इसके अतिरिक्त पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों सेवादल, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सभी विभागों के पदाधिकारियों को भी शामिल होने को कहा गया है। कुलदीप राठौर ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में 15 जुलाई को वीरभद्र सिंह के अस्थिकलश को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों की मौजूदगी में सभी 72 ब्लॉक अध्यक्षों को उनका एक-एक अस्थिकलश प्रदान किया जाएगा जो अपने-अपने ब्लॉक में पावन सरोवरों में इनका पूरी श्रद्धा के साथ विसर्जन करेंगे। राठौर ने कहा है कि वीरभद्र सिंह प्रदेश के एक ऐसे नेता थे जो प्रदेश को अपना कर्म क्षेत्र व लोगों की सेवा को अपना धर्म मानते थे। उनके निधन से पूरा प्रदेश सदमें में है। राठौर ने कहा कि प्रदेश के लोगों की भावना व इच्छानुसार उनका अस्थिकलश प्रदेश के सभी ब्लॉकों में भेजे जा रहें है, जिससे लोग अपने प्रिय नेता को अपने-अपने क्षेत्रों में भी अपनी श्रद्धाजंलि दे सकें।
सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सुनील उपाध्याय नगर (फागली,नाभा टूटीकंडी कृष्णानगर,रामनगर) की नव कार्यकारिणी के गठन को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विषेश उपस्तिथि के नाते प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख आशिष मौजूद रहे। विश्वविद्यालय इकाई खेल प्रमुख जितेन्दर चुनाव अधिकारी के नाते बैठक में विषेश रूप से उपस्थित रहे। आशिष ने नगर कार्यकारिणी की भूमिका व महत्व बताते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। आज पूरा संसार कोरोना नामक महामारी से पीड़ित हैं। तो इस दौरान भी विद्यार्थी परिषद ने कोविड से पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव सहायता पहुंचाने का कार्य किया और कहा कि इसी बात को ध्यान में रखकर आज इसी नगर की कार्यकारिणी का गठन भी किया जा रहा है। जो आने वाले समय में फागली, नाभा, टूटीकंडी, कृष्णनगर व इसके आस पास के क्षेत्रों में लोगों की सेवा व विद्यार्थियों की सहायता के लिए कार्य करेगी। चुनाव अधिकारी जितेन्दर ने कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए नगर अध्यक्ष के लिए रजत व नगर मंत्री के लिए विशवास के नाम की घोषणा की, नव निर्वाचित नगर अध्यक्ष रजत ने सम्पूर्ण कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें उपाध्यक्ष सूरज,नवीन,आकाश कौंडल नगर सहमंत्री के नाते साहिल,सन्दीप, मुकेश रहेंगे। नगर अध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थी परिषद आने वाले समय मे पौधारोपण कार्यक्रम करने जा रही है।
चाैपाल विधानसभा क्षेत्र की दुर्गम तहसील कुपवी की ग्राम पंचायत कंडाबना के शौकंली गांव में सामुदायिक योगदान से आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। इस आंगनबाड़ी केन्द्र से 2 हजार बाशिंदों को लाभ मिल रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार की सामाजिक सरोकार की नीतियों को संबल प्रदान हो रहा है तथा सामाजिक सेवा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। बीडीओ कुपवी अनमोल कुमार ने बताया कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र में 4 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है तथा 2 लाख रुपये की राशि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य 2 लाख रुपये मनरेगा अधोसंरचना विकास के तहत उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र में नौनिहालों को पोषण अभियान के तहत स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ बचपन नीति को बढ़ावा मिल रहा है और विशेषकर निम्न आय वर्ग की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार की सामाजिक गतिविधियों एवं विकास में ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ समाज के निर्माण में बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास पर बल दिया जा रहा है, ताकि समावेशी समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके तथा महिलाओं को सशक्त एवं सक्षम बनाने के लिए प्रभावशाली योजनाओं का लाभ धरातल पर सुनिश्चित हो सके। बीडीओ ने बताया कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र से ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा समावेशी योजनाओं का अभिसरण हुआ है, जिससे दुर्गम क्षेत्र कुपवी में अन्य ग्राम पंचायतों के लिए मिसाल प्रस्तुत हुई है और ग्रामीणों की सामुदायिक भागीदारी से विकास को मानवीय स्वरूप प्रदान हुआ है।
राजधानी शिमला काे और भी स्मार्ट बनाने के लिए शिमला स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट का काम जाेराें पर चल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस प्राेजेक्ट के तहत विभिन्न कार्य अलग-अलग सरकारी विभागों द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे हैं। इसमें लगभग 25 करोड़ के कार्य संपन्न हो चुके हैं तथा लगभग 230 करोड़ के 73 कार्य अवार्ड हो चुके हैं। साथ ही 130 करोड़ के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लगभग 225 करोड़ की 51 परियोजनाओं के कार्य के लिए जल्द ही निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएंगी। शिमला स्मार्ट सिटी के अंतर्गत ढली सुरंग का निर्माण 48 करोड़ से हाेना है। बताया गया कि छोटा शिमला बुक कैफे तथा विकासनगर में तहबाजारियों के लिए स्टाॅल के साथ-साथ ढली जंक्शन के चौड़ा करने का कार्य भी सम्पन्न हो चुका है। नगर निगम की 467 दुकानों के जीर्णोद्धार का कार्य हिमुडा द्वारा किया जा रहा है। इनमें से 4 दुकानों का कार्य पहले ही समाप्त करके नगर निगम को दे दी गई है। हिमुडा ने अन्य 30 दुकानों के जीर्णोद्धार के कार्य को अगले सप्ताह संपन्न करने का लक्ष्य रखा है। इस तरह शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जन सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं।
प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने प्रदेश में 11 और 12 जुलाई का अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद बीते कल से प्रदेश में झमाझम बादल बरस रहे हैं। भारी बारिश से रामपुर के ब्रोनी नाला झाकड़ी में सड़क मलबा आने से एन एच- 05 को बंद हो गया। रोड को खोलने का काम जारी है।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार सिंह ने जारी एक प्रैस बयान में बताया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने हाल में सोशल मीडिया में वायरल हुए भाजपा महिला मोर्चा के कथित ऑडियो का कड़ा संज्ञान लेते हुए महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री शीतल व्यास तथा सोशल मीडिया एवं आईटी प्रभारी डाॅ अर्चना ठाकुर की प्राथमिक सदस्यता को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा इन दोनों पदाधिकारियों को संगठन के सभी दायित्वों से भी तुरंत प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित राजनैतिक दल है और यहां पर किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मैक्लोडगंज के पास भागसूनाग में नाले में उफान आने पर सड़क पर पानी का तेज बहाव आग गया जिससे पार्किंग में गाड़ियां बह गईं। कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस घटना से लोगों से दहशत का माहौल है। जिला कुल्लू में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश हुई है। पागलनाला में बाढ़ आने से औट-लारजी-सैंज मार्ग बंद हो गया। यहां सब्जियों के साथ निगम की बसें व अन्य वाहन फंसे गए हैं। जिला में करीब 15 से अधिक सड़कों पर भूस्खलन होने से अवरूद्ध हो गई है। वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम की चार बसें फंस गई है। ब्यास, पार्वती, सरवरी खड्ड सहित जिला के नदी-नाले उफान पर हैं। मानसून की पहली बरसात में ही कुल्लू शहर पानी-पानी हो गया है। सड़क व रास्तों में जगह-जगह पानी के तालाब बनने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर झमाझम बारिश होने से किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। सेब और अन्य फसलों के लिए बारिश संजीवनी का काम करेगी।


















































