शिमला। प्रदेश के तीन नए नगर निगमों के विकास के लिए राज्य सरकार ने पहले चरण में 886.87 लाख रुपए बजट का प्रावधान किया है। कांग्रेस विधायक अशीष बुटेल द्वारा पूछे गए एक लिखित सवाल के लिखित जवाब में शहरी विकास मंत्री ने यह जानकारी दी है। मंत्री सुरेश भारद्वाज द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पालमपुर नगर निगम के लिए 2 कराेड़ 76 लाख 68 हजार 488, साेलन के लिए 2 करेाड़ 85 लाख 81 हजार 779 और नगर निगम मंडी के लिए 3 कराेड़ 24 लाख 36 हजार 594 रूपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। आने वाले दिनों में इन नगर निगमों के विकास के लिए राज्य सरकार और अधिक बजट का प्रावधान भी करेगी।
31 दिसम्बर तक पूरा हाेगा एम्स बिलासपुर का निर्माण शिमला। हिमाचल के बिलासपुर में स्थापित हाे रही एम्स संस्थान का निर्माण कार्य इस साल के 31 दिसम्बर तक पूरा हाेगा। हालांकि यहां एमबीबीएस के पहले बैच की कक्षाएं जनवरी महीने से शुरु हाे चुकी है, लेकिन समेत अन्य सुविधाएं अभी नहीं हैं। एम्स काे पूरी तरह से संचालित करने के लिए प्रदेश सरकार ने 31 दिसम्बर 2021 तक का टारगेट रखा है। कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर के लिखित सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डा.राजीव सैजल ने यह जानकारी दी है। अपने जवाब में सैजल ने कहा की ओपीडी के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने की प्रक्रिया जारी है और तय समय सीमा पर एम्स का पूरा भवन बनकर तैयार हाेगा।
शिमला। बजट सत्र के पहले ही दिन उग्र रूप धारण कर राज्यपाल का रास्ता राेकने वाले कांग्रेस विधायकों का निलंबन पांच दिन बाद रद्द हाे गया। सरकार ने राज्यपाल से माफी मांगने के लिए विपक्ष पर दबाव डाला, लेकिन विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा। अंतत: सरकार काे ही झुकना पड़ा और आज सस्पेंशन भी रद्द कर दिया गया। विधानसभा में चल रहे गतिरोध को लेकर स्पीकर के चैम्बर में बुलाई गई बैठक सार्थक रही है और गतिरोध को तोड़ने की सहमति बनी। इसके बाद बजट सत्र से निलंबित किए गए नेता प्रतिपक्ष सहित पांच विधायकों के निलंबन निरस्त कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में प्रस्ताव लाया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों और सत्तापक्ष के मंत्रियों के बीच वार्ता हुई है और सभी ने निलंबन को निरस्त करने की बात रखी है। इसके बाद कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर ने सूझबूझ से विवाद को खत्म करने का निर्णय लिया है जिसका विपक्ष स्वागत करता है क्योंकि लोकतंत्र पक्ष और विपक्ष से चलता है। प्रस्ताव पर ठाकुर रामलाल, कर्नल धनी राम शांडिल और सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलनी चाहिए और पक्ष और विपक्ष दोनों को इसमें सहयोग देना चाहिए।
शिमला।निलंबन रद्द करने के प्रस्ताव में चर्चा करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कभी- कभी पक्ष और विपक्ष में नोक-झोंक होती रहती है, लेकिन विवाद को बढ़ाना भी लोकतंत्र के लिहाज से सही नहीं है। विवाद का समाधान हमेशा संवाद होता है इसलिए आज पहल हुई और वार्ता सफल भी रही। लोकतंत्र में विपक्ष का सदन में होना जरूरी है। यह लोकतंत्र की खूबी है।विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित विधायकों के निलंबन को निरस्त करने के लिए लाए प्रस्ताव पारित किया, जिसमें सभी ने सहमति जताई और नेता प्रतिपक्ष सहित सभी पांच विधायकों का निलंबन निरस्त किया गया।विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित विधायको के निलंबन को निरस्त करने के लिए लाए प्रस्ताव पारित किया जिसमें सभी ने सहमति जताई और नेता प्रतिपक्ष सहित सभी पांच विधायकों का निलंबन निरस्त किया गया। विपक्ष की तरफ से पांच सदस्य, आशा कुमारी, सुखविंदर सिंह, जगत सिंह नेगी, रामलाल ठाकुर, कर्नल धनी राम शांडिल इस बैठक में शामिल रहे। इसके अलावा माकपा विधायक राकेश सिंघा भी मौजूद थे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के छठे दिन सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चला आ रहा गतिरोध आखिरकार टूट ही गया। विपक्ष के निलंबित विधायको की सदन में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। गतिरोध को खत्म करने के लिए स्पीकर चैम्बर में गतिरोध टालने के लिए बैठक हुई। जिसमें सीएम के अलावा संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज, जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह, विपक्ष की तरफ से पांच संदस्य, आशा कुमारी सुखविंदर सिंह, जगत सिंह नेगी, रामलाल ठाकुर, कर्नल धनी राम शांडिल मौजूद रहे। इसके बाद इसके लिए सदन में प्रस्ताव लाया गया। जिसके बाद निलंबन को वापिस ले लिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि अभिभाषण पर हुए हंगामे के बाद पांच विधायकों को निलंबित कर दिया गया था। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में वाद विवाद होता रहता है। विपक्ष निलंबन वापसी को लेकर लगातार बातचीत की पहल कर रहा था। मंत्री ने कहा कि आशा है कि अब सदन में सार्थक चर्चा होगी। बता दें कि इससे पहले बजट सत्र के छठे दिन शुक्रवार को भी विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने फिर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कोई भी विधायक सदन में नहीं गया। 11 बजे शुरू हुई सदन की बैठक में प्रश्नकाल विपक्षी दल कांग्रेस के बगैर ही चलता रहा। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी थी। गौरतलब है कि विपक्ष नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत पांच सदस्यों के निलंबन की कार्रवाई का विरोध कर रहा था।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज छठा दिन है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज विधानसभा में हिमाचल प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 प्रस्तुत किया। आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की मुख्य विशेषताओं में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2020-21 में हिमाचल का आर्थिक प्रदर्शन राज्य स्तर पर रहा। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद प्रचलित भाव पर वर्ष 2019-20 में 8.9 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ ₹1,62,816 करोड़ रहने का अनुमान है जो कि गत वर्ष 2018-19 में ₹ 1,49,422 करोड़ था। कोविड -19 प्रभाव के कारण प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद में 6.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय प्रचलित भाव पर 7.9 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,90,407 ₹ रहने का अनुमान है, जो कि वर्ष 2018-19 में पिछले वर्ष से 6.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹1,76,460 आंकी गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹ 1,83,286 रहने की सम्भावना है । उन्होंने कृषि और संबद्ध क्षेत्र कृषि तथा पशुधन क्षेत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्र कृषि तथा पशुधन क्षेत्र में वर्ष 2019-20 में स्थिर कीमतों ( 2011-12 ) के अनुसार 18.3 प्रतिशत की साकारात्मक वृद्धि ₹ 10,583 करोड़ सकल मूल्य वर्धित दर्शाता है जोकि वर्ष 2018-19 में ₹ 8,949 करोड़ थी। यद्यपि वर्ष 2020-21 के अन्तर्गत बागवानी उत्पादन में 43 प्रतिशत की कमी के कारण 3.1 प्रतिशत का संकुचन हुआ है। प्रचलित कीमतों पर राज्य के सकल मूल्य वर्धित ( GVA ) में कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों जोकि 60 प्रतिशत आबादी का प्रमुख क्षेत्र है , भागीदारी वर्ष 2015-16 में 15.89 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2020-21 में 13.62 प्रतिशत रह गई है। गैर कृषि क्षेत्रों के अपेक्षाकृत उच्च विकास प्रर्दशन के कारण राज्य के सकल मूल्य वर्धित ( GVA ) में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की भागेदारी कम हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल में पिछले 10 साल में 16,914 लोग लापता हुए। जिसमें से 15,144 का पता लगाया गया। इस साल बीते फ़रवरी माह में 531 लापता लोगों की पहचान कर उन्हें अपने घर भेज दिया गया। सीएम जयराम ठाकुर ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने पुलिस प्रशासन को बधाई भी दी।
आरपी नेगी। शिमला वित्त वर्ष 2021-22 के बजट भाषण को कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है। आज विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कैबिनेट मीटिंग हुई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 6 मार्च को पेश होने वाले बजट भाषण पर मुहर लग दी। ऐसे में जयराम ठाकुर अपने कार्यकाल का चौथा बजट छह मार्च को पेश करेंगे। प्रदेश की जनता, कर्मचारी, व्यवसायियों समेत हर क्षेत्र को जयराम सरकार के बजट से काफ़ी उम्मीदें हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ आज की कैबिनेट में ऊर्जा विभाग के साथ एसजेवीएन ने प्रेज़ेंटेशन भी दी। वहीं, कैबिनेट ने आबकारी और कराधान अधिकारी के चार पद भरने को मंजूरी प्रदान की है। इसमें तीन पद बैकलॉग सामान्य एक्स सर्विसमैन और एक पद सामान्य (PWD) से भरा जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी की सम्मान राशि, प्रसुविधाएं तथा उससे संबंधित विषयों को उपलब्ध करने के लिए विधेयक बनाने और विधानसभा के वर्तमान सत्र में प्रस्तुतीकरण को मंजूरी दी गई। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में स्वर्णिम हिमाचल कार्याक्रमों व स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा के आयोजन को लेकर भी चर्चा की गई। जिला कुल्लू में पुलिस थाना कुल्लू के तहत पड़ती पंचायत जीया को पुलिस थाना भुंतर के अधीन करने को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा उचित मूल्य दुकानों खोलने की गाइडलाइन में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की गई है। विशेष भूमि अधिग्रहण इकाइयों बिलासपुर, पंडोह -1, पंडोह -2 और शाहपुर को एक साल के विस्तार की भी मंजूरी मिली है। 1 मार्च 2021 से 28 फरवरी 2022 तक विस्तार दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा 15 मार्च से पीजी कोर्सों व एलएलबी की परीक्षाओं के लिए डेट शीट तो जारी कर दी लेकिन अभी तक छात्रावासों को छात्रों के लिए नहीं खोला गया है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय ने अभी तक केवल विज्ञान संकाय के छात्रों के लिए ही होस्टल अलॉटमेंट की पहली लिस्ट निकाली गई है ऐसे में एनएसयूआई ने विवि प्रशासन पर नॉन साइंस स्टूडेंट्स के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। सभी संकाय के छात्रों के लिए समान रूप से होस्टल खोलने की मांग को लेकर एनएसयूआई प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान और प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता की अगवाई में छात्रों ने होस्टल के चीफ वार्डन अजय कुमार अत्री को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर ये भी आरोप लगाए की पीजी छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी ने घर के नज़दीक परीक्षा केंद्र देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक सेन्टर बदलने के लिए कोई ऑनलाइन लिंक उपलब्ध नहीं किया। ऐसे में छात्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एनएसयूआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही विश्वविद्यालय सभी छात्रों के लिए छात्रावास नहीं खोलता तो छात्रहितों में एनएसयूआई उग्र आंदोलन करेगी। इस मौके पर अरविंद ठाकुर, डैनी पंगवल, प्रिंस बंसल सहित कई छात्र मौजूद रहे।
शिमला। प्रदेश में बंद पडे़ स्कूलों के भवनों में नई पंचायतों काे ठिकाना मिल सकता है। इसके अलावा अगर प्रदेश में कहीं पर भी महिला या युवक मंडल भवन खाली या बंद है तो वहां पर भी सरकार नई पंचायतों के कार्यालय को चलाने पर विचार कर रही है। विधायक हीरा लाल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में ग्रामीण विकास व पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि 2020 में पंचायत चुनाव से पहले 412 नई पंचायतों का गठन किया था। इनमें से 23 ग्राम पंचायतें ऐसी थी जो नगर निगम व नगर पंचायतों में गई। इस प्रकार 389 पंचायतें नई बनी। अब इन पंचायतों के लिए कार्यालय की सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पंचायत के भवन की व्यवस्था होने तक पुरानी पंचायत में कार्यालय चलेगा। मंत्री ने कहा पंचायत भवनों के निर्माण के लिए जमीन देखी जा रही है और इनमें हाल भी बनेगा और अन्य सुविधाएं भी सृजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। कर्नल इंद्र सिंह के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यदि किसी भवन में बिना किराया देकर पंचायत कार्यालय खोलना हो तो, विभाग इसकी इजाजत देगा।
शिमला। सत्तासीन पार्टी के ही विधायक पवन नैय्यर ने चंबा में बेबी कीट खरीद मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सदन में प्रश्नकाल के दाैरान उन्हाेंने सामाजिक न्या एवं अधिकारिता मंत्री से इस मसले पर जांच की मांग भी की। पवन का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में घाेटाला हुआ है। पवन नैय्यर के सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने जानकारी दी कि चंबा जिले के लिए बेबी किट विशेष रूप से खरीदी गई थी। विभाग को बेबी किट्स और अन्यों की खरीद को छह लाख रुपए दिए गए थे। उन्होंने कहा कि कोविड के समय में छह लाख रुपए की किट्स खरीदी और 500 रुपए की किट 435 रुपए खरीदी और सारा काम डीसी की अध्यक्षता में हुआ है। उन्होंने कहा कि पांच लोगों ने इसमें भाग लिया था और न्यूनतम बोलीदाता को इसका काम आवंटित किया था। पवन नैय्यर ने विभाग द्वारा खरीदी गई बेबी किट, कंबल पोस्टर व पंपलेट बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के खरीद का मामला उठाया। उन्होंने इस खरीद में अनियमित्ताएं बरती जाने की बात कही और इसकी जांच की मांग की। मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा इसकी सारी सूची उपलब्ध करवाई जाएगी और कहां पर खामियां रही उसे फिर से देखूंगी।
आरपी नेगी। शिमला विधानसभा बजट सत्र के पांचवे दिन भले ही सदन की कार्यवाही शांतिपूर्क तरीके से चली, लेकिन बिना विपक्ष के वह माहाैल देखने काे नहीं मिला। विपक्ष आज पूरे दिनभर सदन के बाहर रह कर माैन रूप धारण कर बैठा रहा। राज्यपाल का रास्ता राेकने वाले पांच विधायकों की सस्पेंशन बहाली के लिए विपक्ष पिछले चार दिनों से अड़ा हुआ है, लेकिन सरकार इस जिद में हैं कि कांग्रेस के विधायक राज्यपाल से माफी मांगे। यहां तक कि आज के इस माैन धरने में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी शामिल हुए। वीरवार काे जब ठीक 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरु हुई ताे सबकी नजरें विपक्ष की सीटाें पर पड़ी, मगर यहां काेई भी सदस्य माैजूद नहीं थे। प्रश्नकाल चलता गया और जनहित के सवालाें पर जवाब मिलते रहे। हालांकि विपक्ष के सदस्याें के भी कई सवाल लगे थे, लेकिन उनकी गैर माैजूदगी में सारे के सारे सवाल यूं ही रह गए। आज राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा का अंतिम दिन भी था और सीएम जयराम ठाकुर ने जवाब भी दिया। ऐसे में जाहिर है कि सदन में बिना विपक्ष के जनहित के मुद्दाें पर काेई चर्चा नहीं हाे पाई। सदन में एक मात्र माकपा विधायक राकेश सिंह ने कुछ सवालाें के माध्यम से सरकार काे घेरने की काेशिश की। अब देखना है कि 6 मार्च काे हिमाचल का आम बजट क्या विपक्ष की गैर माैजूदगी में पेश हाेगा या सरकार पांच विधायकों की सस्पेंशन रद्द करवाएगी?
आरपी नेगी, शिमला पिछले चार दिनों से सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य चल रहे गतिराेध अभी तक भी नहीं थमा। सदन में विपक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि 26 फरवरी काे जाे भी प्रकरण सामने आया उसकी सीसीटीवी फुटेज सदन में दिखाई जाए और विपक्ष भी इसे देखें। ताकि दूध का दूध, पानी का पानी सामने आएगा। मुख्यमंत्री ने वीरभद्र सिंह के बयान पर कहा कि वीरभद्र सिंह वरिष्ठ नेता हैं और हम उनका सम्मान करते हैं। इस सारे प्रकरण में हमारी कोई गलती नही हैं। विपक्ष से गलती हुई है उसे स्वीकार करना चाहिए और राज्यपाल से माफी मांगनी चाहिए। विपक्ष ने ही सभी मर्यादाओं का उलंघन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वो दौर देखा है जब हमें यहां से उठाकर जंगल मे फैंक दिया गया था। राज्यपाल ने अपना अभिभाषण खत्म भी नही किया था इससे पहले ही अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा कह दिया।
राज्य बिजली बोर्ड से करीब 1500 आउटसोर्स कर्मियों को निकालने की तैयारी शुरू हो गई है। नवनियुक्त 1552 जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्परों के पद संभालते ही आउटसोर्स पर लगी मेंटेनेंस गैंग की छुट्टी करने का फैसला लिया है। वहीं बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले का विरोध होना भी शुरू हो गया है। मजदूर संगठन सीटू इन कर्मचारियों की बहाली के लिए 17 मार्च को विधानसभा घेराव करेगा। बीते करीब सात-आठ वर्षों से बिजली बोर्ड ने स्टाफ की कमी के चलते आउटसोर्स पर कई कर्मचारी नियुक्त किए गए है। बीते दो-तीन वर्षों से इनकी सेवाएं बंद करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन बोर्ड में नई भर्तियां न होने से इन कर्मियों को सेवा विस्तार दिया जाता रहा। अब प्रबंधन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्परों के पद संभालते ही मेंटेनेंस गैंग की सेवाएं समाप्त की जाएं। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुनी चंद ठाकुर व प्रदेश महामंत्री नेकराम ठाकुर ने भी बोर्ड के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी पिछले सात-आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें निकालना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से इन आदेशों को तुरंत निरस्त करने की मांग की है।
हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के पांचवे दिन आज विधानसभा के बाहर पूरा विपक्ष धरने पर बैठ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री व अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह वीरवार को विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने पहुंचे। इससे पहले वह सदन के बाहर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री व चार अन्य विधायकों को समर्थन में मौन धरने पर बैठ गए। वीरभद्र के आने के बाद कांग्रेस सदन में आक्रामक रुख अपना सकती है। वीरभद्र सिंह पहले ही कह चुके हैं कि सदन में जो गतिरोध चल रहा है वह समाप्त होना चाहिए। वीरभद्र सिंह के समर्थन के बाद कांग्रेस सदन में भी मजबूत दिख सकती है। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर भी बुधवार निलंबित नेता प्रतिपक्ष सहित पांच विधायकों के समर्थन में विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने निलंबन को सरकार की एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने सरकार से निलंबन को तुरंत रद करने की मांग की अन्यथा कांग्रेस इसके विरोध में सड़क पर उतरेगी। अगर प्रदेश में व्यवस्था बिगड़ी तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर जिला शिमला शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, ग्रामीण अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, कांग्रेस सचिव यशपाल तनाइक, सुशांत कपरेट, ब्लॉक अध्यक्ष ग्रामीण गोपाल शर्मा, कसुम्पटी ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण शांडिल, नरेंद्र ठाकुर, राजेश वर्मा उपस्थित थे।
राज्य बिजली बोर्ड का प्रबंध निदेशक अब कौन होगा इसे लेकर सरगर्मियां तेज हो चुकी है। बोर्ड में वर्तमान एमडी का कार्यकाल 6 मार्च को समाप्त हो जाएगा। अब देखना यह होगा की एमडी के पद पर कोई नया अधिकारी आएगा या फिर वर्तमान एमडी को ही सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसी मामले को लेकर पावर इंजीनीर्स ने आपत्ति जताई है। पावर इंजीनीर्स व अन्य एसोसिएशन नहीं चाहती कि इस पद पर अब किसी को भी सेवाविस्तार मिले। बता दें कि इससे पहले पूर्व सरकारे सेवाविस्तार देती रही हैं, जिससे पावर इंजीनियरों को नुकसान हुआ है। वरिष्ठता के आधार पर सौंपा जाए एमडी का पद पावर इंजीनीर्स , नॉन डिप्लोमा एसोसिएशन, आईटीआई डिप्लोमा संघ , कनिष्ट अभियंता संघ का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर ही बोर्ड में एमडी का पद सौंपा जाए जिससे निचले स्तर पर भी प्रमोशन चैनल चलता रहे। हालाँकि राज्य सरकार ने वरिष्ठता की तर्ज दी है, लेकिन फिर भी जुगाड़तंत्र से कुछ लोग अपनी इच्छाओं को बरकरार रखना चाहते हैं। उधर हिमाचल प्रदेश स्टील उद्योग एसोसिएशन ने भी प्रदेश विद्युत बोर्ड में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के विस्तार देने का विरोध किया है। एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लिखे पत्र में स्टील उद्योग संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हिमाचल प्रदेश में विद्युत बिजली बोर्ड में अपनी सेवाएं दे चुके कर्मचारियों को दोबारा सेवाएं पर रखना युवा बेरोजगार के खिलाफ एक खिलवाड़ है। उन्होंने बताया जहां एक तरफ तो देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है दूसरी तरफ विद्युत बोर्ड लगातार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीमा विस्तार देकर युवाओं के साथ धोखा कर रहा है। संघ ने बताया कि पुराने कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने से भ्रष्टाचार के मामले बढ़ने की संभावना भी सबसे अधिक रहती हैं। विभिन्न एसोसिएशन ने कहा है कि यदि इस पद पर वर्तमान प्रबंध निदेशक को ही सेवाविस्तार दिया गया तो सरकार को विरोध का सामना करना पड़ेगा। वहीँ विभिन्न संघों का कहना है की यदि सरकार इस बार प्रबंध निदेशक को विस्तार देती है तो इसका खामियाजा सरकार को आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
ठियोग के सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा ने प्रदेश की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण अधूरा है जो हिमाचल की असल तस्वीर को सामने नहीं लाता। कारोना महामारी ने सदन के 8 सदस्यों को छीन लिया। देश प्रदेश की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है। सत्ता पक्ष के सदस्य भी राज्यपाल के अभिभाषण पर छक्के नहीं मार पाए क्योंकि छक्के मारने की पिच ही नहीं है। डबल इंजन की सरकार में महंगाई बढ़ गई, पेट्रोल डीजल की कीमतें आसमान छू रही है। किसानों ने देश की आर्थिक स्थिति को सम्भाला है। लेकिन किसानों से भी सरकार खिलबाड़ कर रही है। सिंघा ने कहा कि कारोना काल में खरीद फरोख्त में भारी भ्रष्टाचार हुआ। चंबा डीसी को जो कारोना के उपकरण दिए गए वह महंगे दामों पर खरीदे गए। नेशनल मेडिकल स्टोर से 580 रुपए का मास्क खरीदा गया। थर्मल स्कैनर 10,531 में खरीदा गया। जोकि 1300 रुपये के करीब मिलता है। सिंघा ने कहा कि जनमंच गरीबों को सहारा नहीं दे पा रहा है। दलितों का आज भी दमन हो रहा है। केदार जिंदाल को गाड़ी के नीचे रौंद दिया गया। उसकी पत्नी को आज तक मकान नहीं मिल पाया। लेबर लॉ को बदल कर सरकार ने मज़दूरों की पीड़ा को बढ़ाया है। अंब में मज़दूर को फांसी लगानी पड़ी। कारोना काल में वापस आये अढ़ाई लाख लोगों को रोजगार देना तो दूर यहां पर काम कर रहे 3 लाख प्रवासी मज़दूरों को नोकरी से हाथ धोना पड़ा। आउटसोर्स मज़दूरों का शोषण किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी किसानों से गेहूं की खरीद सीधे तौर पर भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से की जाएगी। इस वर्ष पांच मंडियों- जलग्रां, कांगर, पांवटा साहिब, काला अम्ब और फतेहपुर के अलावा अन्य स्थानों पर मंडिया खोली जाएंगी जिसमें घुमारवीं भी शामिल है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मन्त्री राजेन्द्र गर्ग की अध्यक्षता में गेहूं खरीद के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भारतीय खाद्य निगम के साथ आयोजित बैठक में यह तय किया गया। बैठक में किसानों की आय को दोगुनी करने के लक्ष्य के मद्देनज़र और अधिक किसानों से 6600 मीटर टन गेहूं की खरीद 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया गया। राजेंद्र गर्ग ने किसानों से आग्रह किया है कि वह गुणवत्तायुक्त गेहूं को अधिक से अधिक मात्रा में खोली जाने वाली मंडियों में लाएं। उन्होंने पिछले वर्ष 800 मीटर टन की अपेक्षा 3128 मीटर टन गेहूं की खरीद करने के लिए भारतीय खाद्य निगम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को तीन मुफ्त रिफिल उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कोविड के दौरान विभाग के कार्यों की सराहना की और निर्देश दिए गए कि भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर कार्य जारी रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मनोज कुमार, निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले आबिद हुसैन सहित प्रबन्ध निदेशक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सीमित, निदेशक कृषि, महा प्रबन्धक, भारतीय खाद्य निगम तथा विभाग के अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
एचआरटीसी में चालकों और परिचालकों के 1439 पद रिक्त हैं। इनमें चालकों के 640 और परिचालकों के 799 रिक्त पद शामिल हैं। हालांकि, चालकों के 400 रिक्त पदों व परिचालकों के 568 रिक्त पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है। रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्रागटा द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी। परिवहन मंत्री ने बताया कि एचआरटीसी के 34 डिपूओं में चालकों के कुल स्वीकृत पद 4584 हैं। इनमें 3944 चालक उपलब्ध हैं। जबकि 640 पद रिक्त हैं। इसी तरह एचआरटीसी के 33 डिपूओं में परिचालकों के स्वीकृत पद 4498 हैं और इनमें 3699 परिचालक उपलब्ध हैं। वहीं 799 पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि बीते 3 वर्षों में एचआरटसी में 50 विद्युत संचालित बसों और तीन टैंपो ट्रैवलर की खरीद हुई है। 50 विद्युत संचालित बसें स्थानीय क्षेत्र ढली के लिए आवंटित की गई हैं। जबकि तीन टैंपो ट्रैवलर केलंग क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र में परिचालन के लिए आवंटित किए गए हैं।
आंगनबाड़ीकार्यकर्ता एवं हेल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू की जिला शिमला कमेटी यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर आंगनबाड़ी कर्मियों की प्री प्राइमरी में नियुक्ति व अन्य मांगों को लेकर नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इसमें शिमला जिला के सैंकड़ों आंगनबाड़ीकर्मी शिमला में विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल के संदर्भ में यूनियन ने निदेशक महिला एवम बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला को हड़ताल नोटिस भेज दिया है। शिमला जिला के ठियोग, बसन्तपुर, कुमारसैन,रोहड़ू, रामपुर, चौपाल, चिड़गांव, जुब्बल, कोटखाई व ननखड़ी प्रोजेकटों में कर्मी केंद्रों को बन्द करके पूर्ण हड़ताल करेंगे। यूनियन के कार्यकर्तों ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्करज़ को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी न किये गए तो आंगनबाड़ी कर्मी नौ मार्च को हड़ताल करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बन्द कर देंगे व इस दिन हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने केवल आंगनबाड़ीकर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने की मांग की है क्योंकि छः वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले पैंतालीस वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह न केवल छात्र विरोधी है अपितु आइसीडीएस विरोधी भी है। नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इस से भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा।
आरपी नेगी। शिमला राज्यपाल अभिभाषण के दिन हुए घटनाक्रम के बाद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड हुए कांग्रेस के पांच विधायकों के एजेंडे पर सत्तापक्ष और विपक्ष का कैटवाॅक जारी है। एक तरफ विपक्ष निलंबन रद्द करवाने की जिद पर अड़ा हुआ है ताे दूसरी तरफ सरकार गवर्नर से माफी मांगने की बात कर रही है। बजट सत्र के चाैथे दिन भी सदन की कार्यवाही शाेर शरावे के साथ शुरु हुई। विपक्ष की और से विधायक जगत सिंह नेगी ने प्वाइंट ऑफ आर्डर कर नियम 323 के तहत 26 फरवरी के घटनाक्रम पर व्यवस्था मांगी, लेकिन स्पीकर विपिन सिंह परमार ने नहीं दी। इस बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और वाकआउट किया । स्पीकर ने विपक्ष से कहा कि प्रश्नकाल हाेने दाे उसके बाद नियमों के तहत व्यवस्था देंगे। विपक्ष सदन से बाहर आया और कार्यवाही चलती रही। ऐसे में जाहिर है कि जब तक कांग्रेस के पांच विधायकों काे बहाल नहीं किया जाता तब तक विपक्ष सरकार का बहिष्कार करता रहेगा। प्रश्नकाल समाप्त हाेने के बाद सीएम जयराम ठाकुर ने सदन काे संबाेधित करते हुए विपक्ष के खिलाफ माेर्चा खाेल दिया । जयराम ने वाकआउट की निंदा की और कहा कि संवैधानिक पद के साथ गलत व्यवहार करने वालाें पर एफआईआर ताे बनती है। उन्हाेंने कहा कि उस दिन ताे विपक्ष वाले काफी खुश थे कि हमने यह क्या कमाल कर दिया।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स के साथ-साथ एचआरटीसी ने सरकार काे चूना लगाने में काेई कसर नहीं छाेड़ा। स्पेशल राेड़ टैक्स जाे हर साल जमा करने पड़ते हैं, लेकिन पिछले साल से लेकर अब तक कराेड़ाें के स्पेशल राेड़ टैक्स जमा नहीं किए। विधायक हाेशियार सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि 641 प्राइवेट और एचआरटीसी की 27 बस यूनिट ने स्पेशल राेड़ टैक्स जमा नहीं किए हैं। उन्हाेंने कहा कि प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की यह राशि 903 लाख और एचआरटीसी की 22064 लाख पेंडिंग हैं। दाेनाें काे मिला कर 22967 लाख का चूना लग गया है। परिवहन मंत्री ने कहा कि स्पेशल राेड़ टैक्स वसूली के लिए जल्द ही ठाेस कार्रवाई करेगा। परिवहन विभाग ने एमचारटीसी और प्राइवेट अस ऑपरेटर्स दाेनाें डिफाल्टर्स की सूची जारी कर दी है।
आरपी नेगी । शिमला हिमाचल के प्राइवेट स्कूलाें की फीस पर अभी तक सरकार का काेई कंट्राेल नहीं रहा, लेकिन जयराम सरकार नया कानून लाने जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चार मार्च को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस नए विधेयक को मंजूरी देकर विधानसभा के बजट सत्र में इसे पारित करने के लिए रखा जाएगा। नए कानून के तहत जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाई जाने वाली कमेटी में निजी स्कूलों की फीस निर्धारित की जाएगी। कमेटी में निजी स्कूल प्रबंधन के अलावा पीटीए को शामिल किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी फीस को मंजूरी देगी। इस कमेटी में अतिरिक्त निदेशक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को शामिल किया जाएगा। जिला उपनिदेशकों की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी स्कूलों में फीस वसूली की व्यवस्था की माॅनीटरिंग करेगी। नए कानून के तहत फीस को तर्कसंगत बनाते हुए वर्दी और किताबें खरीदने के लिए चिह्नित दुकानों की व्यवस्था पर भी रोक लगाई जा सकती है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर फीस तय की जाएगी। सभी के सुझाव लेने के बाद फीस तय होगी, ताकि अभिभावकों का कोई शोषण न हो। फीस में हर वर्ष होने वाली बढ़ोतरी के लिए भी प्रावधान किया जाएगा। उल्लेखनीय है िक बीते दिनों सरकार ने निजी शिक्षण संस्थान विनियामक एक्ट 1997 में संशोधन का फैसला लिया था। लाॅ िडपार्टमेंट के साथ कई दिनों तक संशोधन को लेकर मंथन हुआ। पुराने एक्ट में कई संशोधन करने के चलते अब सरकार ने नया कानून ही बनाने का फैसला लिया है। नए कानून के आने पर राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक एक्ट 1997 खुद निरस्त हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बुधवार को भी हंगामे के साथ कार्यवाही शुरू हुई। कांग्रेस विधायकों ने प्वाइंट ऑफ आर्डर के तहत भरोसा नहीं मिलने के कारण नारेबाजी शुरू कर दी और प्रश्नकाल शुरू होने पर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने जब माकपा विधायक राकेश सिंघा को प्रश्न पढ़ने के लिए कहा तो कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी विधायकों की नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल शुरू हुआ। इस बीच कांग्रेस विधायकों ने विरोध स्वरूप विधानसभा से वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने प्रश्नकाल शुरू होने से पहले प्वाइंट आफ ऑर्डर के तहत मामला उठाया कि क्या हम चीनी हैं, क्या हम पाकिस्तानी हैं, जिनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को शुक्रवार के दिन हमारे खिलाफ एक तरफा कार्रवाई हुई। पहले तो विधानसभा सत्र सोमवार तक स्थगित कर दिया गया था। लेकिन सदन को दोबारा से 12 बजे फिर से रि कॉल किया गया। लेकिन ऐसे में क्या कांग्रेस विधायक विधानसभा पहुंच सकते थे, क्योंकि विधायक न तो हम विक्रम है नाम बेताल हैं और न हम बैटमैन हैं न हम हनुमान हैं।
आरपी नेगी, शिमला सीएम जयराम ठाकुर कल यानी बुधवार काे जिला ऊना के दाैरे पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वे सुबह विधानसभा बजट सत्र में भाग लेंगे। उसके बाद 12 बजकर 30 मिनट पर कांगड़ा के लिए रवाना हाेंगे और वहीं से ऊना के भरवाईं में आयोजित हाेने वाली भाजपा महिला माेर्चा की मीटिंग काे संबाेधित करेंगे। वहां भाजपा महिला माेर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हाेनी है। सीएम जयराम ठाकुर महिला माेर्चा काे राजनीतिक पाठ भी पढ़ाएंगे। वे सांय चार बजे ऊना से शिमला वापस लाैटेंगे।आरपी नेगी, शिमला सीएम जयराम ठाकुर कल यानी बुधवार काे जिला ऊना के दाैरे पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वे सुबह विधानसभा बजट सत्र में भाग लेंगे। उसके बाद 12 बजकर 30 मिनट पर कांगड़ा के लिए रवाना हाेंगे और वहीं से ऊना के भरवाईं में आयोजित हाेने वाली भाजपा महिला माेर्चा की मीटिंग काे संबाेधित करेंगे। वहां भाजपा महिला माेर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हाेनी है। सीएम जयराम ठाकुर महिला माेर्चा काे राजनीतिक पाठ भी पढ़ाएंगे। वे सांय चार बजे ऊना से शिमला वापस लाैटेंगे।
आरपी नेगी, शिमला विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष में गतिराेध जारी रहा। हालांकि सदन की कार्यवाही चलती रही, लेकिन विपक्ष ने सस्पेंड एमएलए की बहाली के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाे नाकाम साबित हुआ । सदन के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष का सियासी बल्ला खूल चलता रहा, ताे बाहर नेताप्रतिपक्ष समेत सस्पेंड हुए पांच विधायकों का हल्ला बाेल भी जारी रहा। आपसी तकरार के बीच विपक्ष के सदन से वाकआउट किया बाद में फिर से सदन में वापस आया । मंगलवार काे सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विपक्ष की अाेर से सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 26 फ़रबरी के घटनाक्रम का ज़िक्र करते हुए विपक्ष के नेता सहित 5 सदस्यों की बहाली के मामला उठाया और कहा कि जब तक निलबंन वापस नहीं लिया जाता है जब तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी। सुक्खू ने अाराेप लगाया िक सरकार ने एक तरफ़ा कार्यवाही करते हुए विपक्ष के नेताओं के साथ मंत्रियों व विधानसभा अध्यक्ष ने धक्कामुकी की। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 26 फ़रबरी को जो कुछ विपक्ष ने किया वह निंदनीय है। उस दिन उन्होंने विपक्ष को बातचीत का न्यौता दिया, लेकिन विपक्ष ने अनसुना कर राज्यपाल का घेराव कर दिया। प्रदेश की जनता ने मुद्दों को उठाने के लिए सदस्यों को सदन में भेजा है न कि हमले करने के लिए भेजा है। विपक्ष के नेता भी इसमें शामिल है। इसलिए विपक्ष को राज्यपाल के पास जाकर खेद व्यक्त कर माफ़ी मांगनी चाहिए, ताकि गतिरोध ख़त्म हो सके। बाक्स: झूठ बाेले रहे हैं संसदीय कार्यमंत्री: आशा कुमारी विपक्ष की तरफ़ से विधायक आशा कुमारी ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री झूठ बोल रहे हैं। कांग्रेस ने हिमाचल को बनाया है। उस वक़्त के जनसंघ के नेताओं ने कहा था "स्टेट हुड को मारो ठुड" का नारा दिया था। राज्यपाल का अभिभाषण पूरा नहीं किया गया। राज्यपाल चले गए, चाय के लिए विपक्ष ने नही बुलाया, नहीं बुलाया तो विपक्ष गेट पर बैठ गए। सुरेश भारद्वाज को मामा कहकर आशा कुमारी ने कहा कि आप तो वकील है अपने ये क्यों नही रोका। इसलिए उनके निलंबित सदस्यों को तुरंत बहाल किया जाए। इस बीच विधानसभा उपाध्यक्ष कुछ बोलने के लिए उठे ताे विपक्ष से विक्रमादित्य सिंह व अन्य सदस्य उनसे सदन उलझ गए।
आरपी नेगी , शिमला उम्र 87 साल और मुख्यमंत्रित्व की छह पारियां खेल चुके पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पार्टी की जीत के लिए पूरी ताकत झाेंकेंगे। पिछले कई दिनों से कुठार में आराम फरमाने के बाद शिमला वापसी पर उन्हाेंने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी। अपने निजी आवास हाेलीलाॅज में मीडिया से अनाैपचारिक बातचीत के दाैरान वीरभद्र सिंह ने केंद्र की राजनीति में राहुल गांधी के नेतृत्व की वकालत की है। उनका मानना है कि वक्त के साथ राहुल गांधी और ज्यादा परिपक्व नेता बनकर उभरे हैं और कांग्रेस को फिर से केंद्र की सत्ता में लाने के लिए राहुल गांधी के पास ईमानदार नेतृत्व क्षमता भी है और अनुभव भी है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शासकीय के आज वक्त आ गया है कि सभी कांग्रेसजनों को अपनी निजी इच्छाओं और अपेक्षाओं को बुलाकर कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए एक नेतृत्व के नीचे खड़ा होना चाहिए और कांग्रेस को दोबारा राष्ट्रीय सत्ता में शिखर पर ले जाने के लिए काम करना चाहिए कांग्रेस की तिथि पर बोलते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि सियासत में ऊंच-नीच होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन कांग्रेस को कोई ना तो हाशिये पर ले जा सकता है और ना ही कांग्रेस पार्टी को सिंगल आउट माना जाना चाहिए । वीरभद्र सिंह को पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस एक बार दोबारा वापसी करेगी और देश को कांग्रेस अपना नेतृत्व देगी। उन्होंने कहा कि इस वक्त सभी को अपने शिकवे व शिकायतें बुलाकर कांग्रेस पार्टी की भलाई के लिए काम करना चाहिए।। वीरभद्र सिंह ने कुछ लोगों की नाराजगी को गैरवाजिब बताते हुए कहा कि वक्त के साथ सभी को समझौता करना चाहिए और यही सियासत का सत्य नियम भी है। बाक्स: विपक्ष के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार न हाे: वीरभद्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा के घटनाक्रम पर बोलते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष के लोगों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए और उनकी बातों को इतना तूल नहीं देना चाहिए क्योंकि विपक्ष का काम सरकार की कमियां निकालना होता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह मिल बैठकर कोई बीच बचाव का रास्ता निकालें जिससे सदन का गतिरोध समाप्त हो और सदन के भीतर सार्थक चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से खुद अपील करेंगे कि इस गतिरोध को खत्म करने की कोशिश की जाए ताकि हिमाचल प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर सदन में बातचीत हो और एक बढ़िया माहौल तैयार किया जाए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह जल्द ही विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे और सदन में क्या चल रहा है उसको लेकर भी जानकारी हासिल करेंगे।
आरपी नेगी , शिमला जयराम सरकार ने आज वित्त वर्ष 2020-21 का सप्लीमेंटरी बजट विधानसभा सदन में पारित किया । यह कुल 9125.12 करोड़ रुपए का है। हालांकि अनुपूरक बजट पेश हाेते वक्त विपक्ष सदन में माैजूद नहीं था। विपक्ष यानी कांग्रेस के सभी विधायक सत्र शुरु हाेने के कुछ समय बाद सदन से वाकआउट कर बाहर आए । जयराम ठाकुर अब 6 मार्च काे अपने कार्यकाल का चाैथा बजट पेश करेंगे। सदन में अनुपूरक बजट पेश करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इसमें से 8448.17 करोड़ रुपए गैर योजना कार्यों के लिए और 280.84 करोड़ रुपए योजना लागत कार्यों के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा 396.11 करोड़ रुपए का प्रावधान केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए किया गया है। गैर योजना कार्यों के लिए रखे गए पैसे में से 7999.57 करोड़ रुपए वेज एंड मीन्स एडवांस के लिए रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष वेज एंड मीन्स के तहत प्रदेश को 880 करोड़ रुपए दिए हैं। केंद्र सरकार की सुविधा का लाभ उठाने के चलते प्रदेश पर कर्जों का बोझ नहीं बढ़ा। उन्होंने कहा कि कोविड काल में राजस्व प्राप्तियां प्रभावित हुईं। इसके बावजूद प्रदेश के हर वर्ग को सरकार ने राहत दी और अब हम आर्थिक मंदी की दौर से बाहर निकलने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना स्कीमों के अंतर्गत 108 करोड़ रुपए स्वास्थ्य विभाग को भवनों के निर्माण के लिए रखे गए हैं जबकि 86.74 करोड़ रुपए उद्यान विभाग में चल रही विश्व बैंक की उद्यान विकास परियोजना पर खर्च होंगे। इसके अलावा लगभग 46 करोड़ रुपए भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के लिए रखे गए हैं। केंद्रीय योजनाओं के लिए रखी गई राशि में से लगभग 154 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर खर्च होंगे। अनुपूरक अनुदान मांगों को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने सदन में दो वित्त विधेयक भी पेश किया जिसे सदन ने मंजूरी दे दी।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि वह विधानसभा में विपक्ष का सामना करने में सक्षम नही है और इसी वजह से विपक्ष के सवालों ।से बचना चाह रही है। उन्होंने विधानसभा परिसर में राज्यपाल के साथ हुई घटना पर दुःख जताते हुए भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया है कि यह सब उन्होंने सरकार के इशारे पर एक सोची समझी साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने इसके लिए भाजपा नेताओं को दोषी ठहराया है, जिन्होंने कांग्रेस विधायकों के साथ धक्का मुक्की की। राठौर ने विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री सहित चार अन्य विधायकों को बजट सत्र की शेष पूरी अवधि के लिए सदन से निष्कासित करने के फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि सरकार का यह असवैंधानिक व एकतरफा फैंसला है, जिसे सहन नही किया जा सकता। उन्होंने इस फैंसले को तुरंत रद्द करने की मांग की है। जिससे विधानसभा में सदन की कार्यवाही सुचारू ढंग से चल सकें व जनसमस्याओं पर कोई सार्थक चर्चा हो सकें। राठौर ने कहा है कि कांग्रेस विधायकों पर सरकार की यह एकतरफा कार्यवाही है। उन्होंने कहा है विधानसभा उपाध्यक्ष व अन्य ने जिस ढंग से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ धक्का मुक्की की है, इसका पूरा साक्ष्य मीडिया के पास है, उन पर कार्यवाही होनी चाहिए थी, न की कांग्रेस नेताओं पर। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष की आवाज़ को नही दबाया जा सकता। कांग्रेस केवल यह चाहती थी कि राज्यपाल महोदय अपना पूरा अविभाषण पड़ते। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो इस सारे विवाद को टाला सकती थी। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा को प्रदेश विधानसभा की उच्च परंपराओं का निर्वाहन करते हुए विपक्ष का सम्मान करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक राकेश जमवाल ने विधानसभा सत्र में हुई अप्रिय करार देते हुए कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस नेताओं द्वारा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के साथ विधानसभा सत्र के प्रथम दिन दुर्व्यवहार किया गया, उससे हिमाचल शर्मसार हुआ है। विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब राज्यपाल के साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने धक्का-मुक्की कर पुलिसकर्मियों, राज्यपाल की एडीसी और नेताओं का अपमान किया, इनके किए गए कृतज्ञ चल चित्रों के माध्यम से सामने आए हैं। उन्होंने कहा की कांग्रेस के नेता पूरे प्रदेश में प्रेस वार्ता एवं धरना प्रदर्शन कर अपनी गलती को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। आज कांग्रेस का असली चेहरा एक बार फिर जनता के सामने सार्वजनिक हो गया है। जिस प्रकार से उन्होंने गुंडागर्दी विधानसभा के अंदर दिखाने की कोशिश की है, वह सोच से भी परे एवं निन्दनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। केवल यही एक कारण है कि इनका अंतर्द्वंद जनता के सामने विभिन्न रूपों में बाहर निकल कर आता है। आज भी प्रत्येक नेता अपना वर्चस्व बनाने के लिए इस प्रकरण पर राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी बौखलाई हुई है, उनको पता लग गया है कि जनता ने उनको नकार दिया है। कांग्रेस पार्टी हिमाचल में ही नहीं पूरे देश भर में अपना धरातल पर स्थान खोती चली जा रही है बड़ी जल्दी कांग्रेसी एक क्षेत्रीय दल से भी नीचे की पार्टी बन जाएगी। उन्होंने कहा भाजपा का मानना है कि इस गलती के लिए जो एफ आई आर दर्ज हुई है, वह पूरी तरह से ठीक है। जिस प्रकार से इस कृतिज्ञ पर नेताओं पर कार्रवाई होगी और हो रही है वह भी बिल्कुल उचित ह। ऐसा प्रकरण फिर ना हो इसके लिए प्रदेश सरकार को कड़े से कड़े निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के समस्त नेताओं को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए और प्रण लेना चाहिए कि ऐसा प्रकरण इतिहास में फिर ना हो।
हिमाचल सरकार में मुख्यसचेतक व जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा ने ग्राम सभा से विधानसभा के तहत जुब्बल क्षेत्र के आंटी, झालटा, गिलटाड़ी पंचायतो का दौरा किया। बरागटा ने सबसे पहले माता हाटेशवरी के दर्शन किये और स्थानीय जनता की समस्याओं का निवारण किया। स्थानीय जनता ने मुख्यसचेतक नरेंद्र बरागटा का ढोल नगाड़ों से स्वागत किया व इस भव्य स्वागत के लिये नरेंद्र बरागटा ने सभी पंचायत वासियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा की मंदिर के लिये लाइटे, पार्क के सोहदर्यकर्ण, पार्किंग तथा माता रानी के दरबार के दो गेट के लिये 4.5 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई है। नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि जुब्बल नावर कोटखाई आदर्श विधानसभा बनाई जायेगी। स्नेल से हाटकोटी के लिये 93 करोड़ आवंटन किया गया है। साथ ही ठयोग हाटकोटी सड़क में बन रहे पुल 6 महीने में लगभग तैयार हो जायगे। खड़ापत्थर में नेशनल हाइवे का सब डीविजन के लिए टेंडर जल्द आवंटन किये जायगे। नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि 100 करोड़ की लागत से सेब बहुल क्षेत्र में प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जायेगा। उन्होंने ने कहा है कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेवारी देखे और जनता के कार्य मे कोई कोताही न बरतें। नरेंद्र बरागटा ने आंटी, झालटा व गिलटाड़ी पंचायत की स्थानीय समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया व प्रशासन कर्मियों से आग्रह किया कि पंचायत के लंबित पड़े कार्यों को प्राथमिकता पर सम्पूर्ण करे। एसडीएम B.R शर्मा, मण्डल महामंत्री सतीश पीरटा, मण्डल उपाध्यक्ष सुरेन्द्र धोलटा, अशोक जस्टा, सुशील कदशोली, अशोक चौहान, इंद्र चौहान, जतिन चौहान, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता, संचाई योजना के अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, महिला एवं बाल विकास के अधिकारी, तहसीलदार, ब्लॉक अधिकारी कर्ण सिंग, झालटा पंचायत प्रधान महाबीर झगटा, उप प्रधान प्रदीप, गिलटाड़ी पंचायत प्रधान नैना तनेटा, आंटी पंचायत प्रधान रविंदर रावत, अनन्त लाल केसटा, भगवान सिंग भगलेट, पपु झगटा आदि मौजूद रहे।
रेल मंत्री पीयूष गोयल आज दोपहर को शिमला पहुंचेंगे। रेल मंत्री करीब डेढ़ बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे, वहां से प्रदेश सरकार के हेलीकाप्टर से 3:15 बजे अनाडेल हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद 4:30 बजे ओकओवर पहुंचकर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश में चल रहीं रेलवे की परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम रेल मंत्रालय के उपनिदेशक सीएन मुरली ने जारी किया है। इस दौरे में मंत्री पीयूष गोयल की धर्मपत्नी सीमा गोयल और एपीएस विजय कुमार झा उनके साथ रहेंगे। बैठक के दौरान भानुपल्ली-बिलासपुर, बिलासपुर-लेह, अंब-अंदौरा-तलवाड़ा सहित अन्य रेल परियोजनाओं पर चर्चा होगी और महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जाएंगे। इस बैठक में साल 2021-22 के लिए प्रस्तावित कार्यों पर भी बात की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुरक्षा कर्मियों सहित मंत्रियों के साथ बैठक आयोजित की और दोबारा से सदन बुलाया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि सदन के स्थगित होने के बाद सदन बुलाया गया हो। इस सदन का गौरवमयी इतिहास रहा है। लेकिन आज की घटना इतिहास में कभी नहीं हुई। सीएम ने कहा कि नेतृत्व विफल हुआ इसी वजह से लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत लड़ने की क्षमता नहीं है। राज्यपाल के साथ ऐसा व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जमीन पर रहिये वरना जमीन में गाड़ देती है जनता।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू होते ही को विपक्ष ने हंगामा कर दिया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 11 बजे अभिभाषण पढ़ना शुरू किया और 11:14 पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। राज्यपाल ने 11:16 पर अभिभाषण को खत्म कर दिया। इस बीच नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने महंगाई का सवाल उठाया साथ ही अभिभाषण को भी जूठा करार दिया। बजट सत्र में पहली बार ऐसा हुआ है कि अभिभाषण के दौरान इतना बड़ा हंगामा हुआ हो। वहीं जब राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय राजभवन जाने लगे तो इस दौरान विधानसभा के काउंसिल चैंबर गेट पर राज्यपाल की गाड़ी के आगे खड़े होकर कांग्रेस दल ने नारेबाजी की। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज और कांग्रेस विधायकों के बीच धक्कामुकी हो गई। कांग्रेस के पांच विधायको को पूरे सत्र के लिए बर्खास्त कर दिया गया है। जिनमें नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, सतपाल रायज़ादा, हर्षवर्दन, विनय कुमार, सुंदर सिंह शामिल है
आंगनबाड़ी वर्करज़ एवम हेल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू की राज्य कमेटी आंगनबाड़ी कर्मियों की प्रीप्राइमरी में नियुक्ति व अन्य मांगों को लेकर नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इस दिन हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी शिमला में विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल के संदर्भ में यूनियन ने निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला को हड़ताल नोटिस भेजा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने की मांग की है क्योंकि छः वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा का कार्य पिछले पैंतालीस वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मी ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी कर्मियों को देने की घोषणा प्रदेश सरकार बजट सत्र में ही करे अन्यथा हज़ारों कर्मियों द्वारा बजट सत्र में ही सरकार की घेराबंदी की जाएगी। उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह न केवल छात्र विरोधी है अपितु आइसीडीएस विरोधी भी है। नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। इस से भविष्य में आंगनबाड़ी कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 के आइसीडीएस बजट में की गई 30 प्रतिशत की कटौती को आंगनबाड़ी कर्मियों के रोज़गार पर बड़ा हमला करार दिया है। उन्होंने वर्ष 2013 में हुए पेंतालिसवें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए तीन हज़ार रुपये पेंशन,दो लाख रुपये ग्रेच्युटी,मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। उन्होंने कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने,नई शिक्षा नीति 2020 को खत्म करने,मिनी आंगनबाड़ी कर्मियों को बराबर वेतन देने की मांग की है।उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा केवल आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इस संदर्भ में उनकी नियमित नियुक्ति की जाए तथा इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्विद्यालय इकाई द्वारा इक्डोल के डायरेक्टर प्रो०कुलवन्त सिंह पठानिया का घेराव किया गया। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हम देखते है कि बीते एक वर्ष से छात्र इक्डोल की एडमिशन का इंतज़ार कर रहा है और आज इतना समय गुजर जाने के पश्चात भी प्रसाशन को छात्रों की कोई भी सुध नही है, सकलानी ने बताया कि विद्यार्थी परिषद ने लंबे समय से ज्ञापन के माध्यम से बहुत बार डायरेक्टर साहब के ध्यान में बात लाई परंतु अभी तक भी कोई ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं कि गई है। बहुत से छात्र वर्ग अपनी नॉकरी के साथ साथ ही अपनी पढ़ाई इक्डोल के माध्यम से करते है लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई दाखिले इक्डोल में नहीं हुए, तो इसके चलते हजारों विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस विषय पर जब इक्डोल के डायरेक्टर से बात की जाती है तो वे केवल इस पर आश्वासन ही देते रहते है कि जल्द ही प्रवेश शुरू किए जाएंगे परंतु अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं कि गई। विद्यार्थी परिषद का सीधा सा मत है कि एक सप्ताह के भीतर प्रवेश को लेकर अधिसूचना जारी की जाए और जिन कोर्स को बंद करने की बात की गई उनके लिए भी अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजें और बाकी कोर्स कि अनुमति लेकर पूर्ण रूप से प्रवेश संचालित किए जाएं। यदि एक सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी नहीं कि गई तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता जाहिर की है कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा कर इस सरकार ने बहुत बड़ा झटका दिया है। जो महिलाओ के लिए चिंता का विषय है। आम महिलाओं को इस महँगाई में अपना घर परिवार के खर्चे पूरे करना परेशानी का कारण बना है। एक तरफ तो सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा कर लोगो के ऊपर भारी भरकम आर्थिक बोझ डाला है, जिससे आज महँगाई अपनी चरम सीमा पर पंहुच गई है। बाज़ार में खाने पीने की वस्तुएं तथा दूसरी वस्तुओं पर सरकार और प्रशासन की जो जिम्मेदारी होती थी उसपर कंट्रोल अब खत्म हो गया है। सरकार ने अपने हाथ हर एक सेवा से पीछे खिंचे है। भाजपा की सरकार को जनता से कोई लेना देना नही विकास के नाम पर लोगो को गुमराह कर रही है। जनता का ध्यान असली मुददो से हटाकर उसको किसी दूसरी तरफ मोड देती है। इस कोरोना महामारी के चलते लाखों करोड़ों लोगों का रोजगार खत्म हो गया है। ऐसे समय मे भाजपा सरकार के कुप्रबन्धन ने महिला की जेबो में डाका डाला है। इस निर्णय को सरकार और उसके तंत्र को वापिस लेना चाहिए और ईंधन ,पेट्रोल, डीज़ल के दामो में रोक लगानी चाहिए। जिससे आम महिलाओ को इसमे राहत मिले। इस सरकार ने तालाबंदी के दौरान प्रदेश में बस किराये में बढ़ोतरी करके जनता की कमर तोड़ कर रख दी है जिस आर्थिक बोझ से लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना मुश्किल हो गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंडी जिला के अंतर्गत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बालीचैकी के सभागार में आयोजित बालीचैकी क्षेत्र के नवनिर्वाचित जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रधानों व उप-प्रधानों तथा वार्ड सदस्यों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में उपस्थित हुए तथा उन्हें विजयी होने पर बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने सभी सेे विकास की राह पर वैचारिक दृष्टिकोण से उपर उठकर एक-दूसरे के सहयोगी बनकर कार्य करने को कहा। उन्होंनेे पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण के प्रति संवेदनशील व गंभीर रहें ताकि वे अपने कर्तव्य व अधिकारों का सजग होकर अपने दायित्व का भली-भांति निर्वहन कर पाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए विभिन्न माध्यमों से बजट सीधे पंचायतों में आता है। इस सूरत में पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेवारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि पारदर्शिता, निष्पक्षता और इमानदारी से विकास कार्यो को अंजाम दें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्य में असीमित संभावनाएं हैं। इसलिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि इस दिशा में नई पहल करें तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं को व्यावहारिक रूप देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। विधानसभा सत्र के बाद स्वर्ण जयंती ग्राम स्वराज सम्मेलन आयोजित किए जायेंगे।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मशाला में आयोजित भाजपा कार्यसमिति की बैठक में पारित प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। कांग्रेस इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करती है। पार्टी कार्यालय राजीव भवन शिमला में पत्रकारों से राठौर ने कहा कि जिला स्तर पर कांग्रेस ने अपनी पदयात्रा निकालेगी। शिमला जिला की पदयात्रा 23 फरवरी को गुम्मा से छैला तक आयोजित होगी, जिसमें वह और शिमला जिला के विधायक, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी भाग लेंगे। राठौर ने कहा भाजपा का यह कहना कि यह आंदोलन मुट्ठी भर किसानों का है, यह पूरी तरह देश के किसानों का अपमान है। कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। हिमाचल में भी चारों संसदीय क्षेत्रों में कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर रैलियां निकालीं। जिला स्तर पर कांग्रेस ने पदयात्रा निकाली है। शिमला जिला की पदयात्रा 23 फरवरी को गुम्मा से छैला तक निकाली जाएगी। राठौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश से जुड़े मसलों पर कोई सार्थक चर्चा होती। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और प्रदेश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था से उबरने के उपायों पर कोई चर्चा होती। लेकिन, कुछ नहीं हुआ। देश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस के दामों में भारी वृद्धि से लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पंजाब में लोगों ने नगर निकाय चुनावों में भाजपा को बाहर कर दिया है और जल्द ही देश व प्रदेश में भी ऐसा ही होगा। भाजपा सरकार रिपीट होने के सपने छोड़ दे।
कोरोना वैक्सीन लगने के 23 दिन बाद एक महिला की मौत हो गई है। हिमाचल में इस तरह का पहला मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। हमीरपुर की रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकता प्रोमिला देवी (56) को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल के लिए रेफर किया गया था, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रोमिला की तबीयत खराब होने के बाद रात टांडा मेडिकल कॉलेज से आईजीएमसी रेफर किया गया था। रात 1:30 बजे के करीब प्रोमिला आईजीएमसी पहुंची थी। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट किया था। लेकिन रविवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब प्रोमिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रोमिला को 29 जनवरी को कोरोना वैक्सीन लगाई गई थी। इसके कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत खराब हो गई थी। महिला की पहचान प्रोमिला पत्नी जसवंत निवासी गांव सौड्ड डाकघर जोल लम्बरी तहसील सुजानपुर के तौर पर हुई है। महिला की मौत के बाद से लोगों के मन मे कई तरह के सवाल उठ रहे है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि महिला कोरोना पॉजिटिव नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह का असली कारण पता चल पाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज दिल्ली के राष्ट्रीय भाजपा मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में हिमाचल मॉडल हेतु ई विस्तार योजना एवं पन्ना प्रमुख योजना की एक प्रस्तुति प्रस्तुत की। यह हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी हिमाचल इकाई के लिए गर्व का क्षण है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश में चलते आ रहे अपना बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में विस्तृत जानकारी भी दी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 राजीव बिन्दल, सतपाल सिंह सत्ती, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, सांसद किशन कपूर, रामस्वरूप शर्मा, इंदू गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल, प्रदेश प्रवक्ता प्रो0 राम कुमार, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी सुमित शर्मा सहित सभी पदाधिकारीगण, सभी मंत्रीगण, विधायकगण ने हरोली मण्डल अध्यक्ष रविन्द्र जसवाल के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। वे 60 वर्ष के थे तथा पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रविन्द्र जसवाल पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता थे। पार्टी उनके योगदान को सदैव याद रखेगी। उन्होनें कहा कि रविन्द्र जसवाल के निधन से पार्टी को बहुत बड़ी क्षति हुई है जिसकी भरपाई निकट भविष्य करना कठिन होगा। उन्होनें रविन्द्र जसवाल के परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी संवदेनाएं व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पार्टी उनके साथ खड़ी है। भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे व परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
छात्र अभिभावक मंच हिमाचल प्रदेश 5 मार्च को शिमला में विधानसभा का घेराव करेगा। इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से अभिभावक जुटेंगे। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सदस्य सुरेश सरवाल, भुवनेश्वर शर्मा, अजय वैद्य, विशाल मेहरा, आशीष भारद्वाज, पृथ्वी राज, अतुल राजपूत, जयंत पाटिल, अशोक कुमार, फालमा चौहान व विवेक कश्यप ने कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आंदोलन तेज होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर उसने वर्तमान बजट सत्र में निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए कानून न लाया तो निर्णायक आंदोलन होगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह 10 नवम्बर व 8 दिसम्बर 2020 की छात्र व अभिभावक विरोधी अधिसूचनाओं को तुरन्त रद्द करें व निजी स्कूलों की टयूशन फीस के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के चार्जेज़ पर रोक लगाने की अधिसूचना जारी करें। उन्होंने सरकार को चेताया है कि अगर उन्होंने निजी स्कूलों की वर्ष 2020 की फीस बढ़ोतरी,एनुअल चार्जेज़,कम्प्यूटर फीस,स्मार्ट क्लास रूम,स्पोर्ट्स फंड,ट्रांसपोर्ट चार्जेज़,मिसलीनियस,केयर व अन्य चार्जेज़ की वसूली पर रोक न लगाई व इन्हें सम्माहित न किया तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छः लाख छात्रों के दस लाख अभिभावकों सहित कुल सोलह लाख लोगों को राहत प्रदान करने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्तमान विधानसभा सत्र निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए हर हाल में कानून व रेगुलेटरी कमीशन बनना चाहिए। उन्होंने उपायुक्तों की अध्यक्षता में गठित शिकायत निवारण कमेटियों को सफेद हाथी करार दिया है। ये कमेटियां केवल आई वाश हैं। इन कमेटियों से स्कूल प्रबंधनों को ही फायदा होने वाला है। अभी तक सरकार ने केवल स्कूल प्रबंधनों को ही फायदा पहुंचाया है व लाखों छात्रों-अभिभावकों की आंखों में धूल झोंकने का ही कार्य किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार अखबारी बयान देकर अभिभावकों को ठगने का कार्य कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि मंच निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लड़ता रहेगा जब तक कि एक सही ठोस कानून नहीं बनता है। सरकार वर्ष 1997 के कानून में कुछ संशोधन करके छात्रों व अभिभावकों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सरकार ने कैबिनेट बैठक में पहले भी इस कानून में धारा 18 जोड़कर निजी स्कूलों को परोक्ष रूप से फायदा पहुंचाने की कोशिश की है। अब भी सरकार निजी स्कूलों को पीटीए के माध्यम से फीस बढ़ोतरी को कानूनी रूप देना चाहती है जबकि सब जानते हैं कि निन्यानवे प्रतिशत स्कूलों में केवल डम्मी पीटीए है। इस तरह कानून में यह प्रावधान होने से फीस बढ़ोतरी को कानूनी रूप मिल जाएगा। उन्होंने कहा है कि फीस के मुद्दे को निर्धारित करने की शक्तियां निजी स्कूल प्रबंधनों व पीटीए के बजाए सरकार व अभिभावकों के जनरल हाउस के पास होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंडी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में कलहनी के निकट शनिवार सायं पंडोह-भाखली-कलहनी मार्ग पर हुए सड़क हादसे के पीड़ितों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है। इस हादसे में चार लोगों ने जान गंवाई और अन्य कई घायल हुए। जय राम ठाकुर ने जोनल अस्पताल, मंडी पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों को हर संभव उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि घायलों को आईजीएमसी शिमला या पीजीआई चंण्डीगढ़ भेजने की आवश्यकता हुई तो उन्हें शीघ्र ही स्थानातंरित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें समय पर उचित उपचार मिल सके। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थाना की। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, सांसद राम स्वरूप शर्मा, विधायक इन्द्र सिंह गांधी और अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे।
बढ़ती आबादी, शहरीकरण और अनेक विकासात्मक कार्योंं के कारण हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। वन, जो कि एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है वह भी इस बढ़ते दबाव से अछूते नहीं है। वास्तव में विकासात्मक कार्यों का सबसे अधिक प्रभाव वनों पर ही पड़ा है। हिमाचल प्रदेश का कुल वन क्षेत्र 37,948 वर्ग कि.मी. है। इस कुल वन क्षेत्र के 15,433.52 वर्ग कि.मी.पर ही हरित वन आवरण है। प्रदेश का लगभग 16,376 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र वृक्ष रेखा अथवा ट्री-लाईन से ऊपर है, जो हमेशा बर्फ से ढका रहता है। हिमाचल प्रदेश वन विभाग का उदेश्य प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का भावी पीढ़ियों के लिए प्रभावी प्रबन्धन तथा वनों और वन्य जीवों के संरक्षण के साथ-साथ वनों पर निर्भर समुदायों की प्रतिदिन की आवश्यकताओं जैसे चारा, बालन, ईमारती लकड़ी, औषधीय पौधों आदि की पूर्ति व आजीविका के साधन उपलब्ध करवाना है। इसके अतिरिक्त वन विभाग का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित वन आवरण को 30 प्रतिशत तक बढ़ाना है। अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वन विभाग को प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के सहयोग की आवश्यकता है। प्रदेश की जनता को वनों के महत्व, उनका संरक्षण और विकास के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। वनों के संरक्षण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा लोगों व वनों के बीच के पारम्परिक बन्धन को मजबूत करने के लिए वन विभाग प्रयासरत है। विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से लोगों को वन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा वन विभाग के माध्यम से इस दिशा में विद्यार्थी वन मित्र योजना चलाई जा रही है, जिसका उदेश्य स्कूली छात्रों में वनों और पर्यावरण के महत्व को समझाना है। पौधरोपण और पौधों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करके उन्हें वनों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। इस योजना से न केवल भाग लेने वाले विद्यार्थी वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे अपितु इस संदेश को फैलाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। विद्यार्थी वन मित्र योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में 228 स्कूलों के माध्यम से 164.30 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,66,830 पौधे रोपे गए तथा वर्ष 2019-20 में 146 स्कूलों के माध्यम से 131.5 हेक्टेयर क्षेत्र में 86,702 पौधे रोपित किए गए है। वर्ष 2020-21 में 114 नए विद्यालयों के माध्यम से 106 हेक्टेयर क्षेत्र में 90,500 पौधे लगाए गए है। इस योजना के अन्तर्गत ऐसे स्कूलों को लाया जा रहा है जिनमें ईको क्लब गठित है और जिनके आस-पास बंजर वन भूमि उपलब्ध हो। जहां पर स्कूली बच्चें स्थानीय पौधों की प्रजातियां रोपित करके स्वयं इन पौधों की देखभाल कर सकें। योजना के तहत विद्यार्थियों में हरित प्रदेश की भावना जगाने का भी प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थी वन मित्र योजना में पौधरोपण के लिए भूमि चयन से लेकर पौधे रोपित करने तक के कार्यों में स्कूल प्रशासन व विद्यार्थियों की भूमिका अहम रहती है। पौधरोपण की सूक्ष्म योजना भी स्कूल प्रशासन द्वारा ही तैयार की जाती है, जिसकी स्वीकृति स्थानीय वन मण्डल अधिकारी द्वारा दी जाती है। वन विभाग योजना को तैयार करने और पौधरोपण करने के लिए केवल आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाता है। पौधरोपण क्षेत्र की फेन्सिंग, खरपतवार हटाना, पौधे को पानी देना आदि के अतिरक्त यदि कोई पौधा सूख जाए तो उसके स्थान पर दूसरा पौधा लगाने का कार्य भी विद्यार्थियों द्वारा ही किया जाता है। जिससे विद्यार्थी भावनात्मक रूप से उनके द्वारा लगाए गए पौधों से जुड़ जाते हैं। योजना के माध्यम से जहां एक ओर वन विभाग को अपने हरित आवरण को बढ़ाने के लक्ष्य में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों को भी वृक्षों की जानकारी मिल रही है। विद्यार्थी वनों के महत्व को समझ रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ वे अन्य लोगों को भी वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 22 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी है। अब कैबिनेट की बैठक 23 फरवरी को होगी। बैठक में सुबह 10 बजे राज्य सचिवालय शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। सचिवालय सामान्य प्रशासन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की कर दी है। कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण फैसले हो सकते हैं। 26 फरवरी से शुरू हो रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय ने तैयारियां पूरी कर ली हे। सचिवालय प्रशासन की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर कहा गया है कि सत्र के दौरान सामाजिक दूरी का उचित पालन करने के लिए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रवेश पत्र जारी नहीं होगा। वंही बैठक में शिक्षा, परिवहन व स्वास्थ्य संबंधी फैसले हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में हिमाचल में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्तुति दी जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिमाचल प्रदेश के प्रांत संघचालक वीर सिंह रागड़ा ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को अपनी ओर से एक लाख एक रूपए की निधि का समपर्ण की। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण समस्त हिन्दुओं के लिए सौभाग्य का अवसर है। 500 वर्षा के अभूतपूर्व संघर्ष के बाद आज हिन्दू समाज को ये दिन देखने का अवसर मिला है। वर्तमान पीढ़ी के लिए ये बड़ी सौभाग्य की बात है कि मंदिर निर्माण का अवसर उनके जीवन में आया है। युग-युगांतरों तक इसका स्मरण किया जाएगा, जिसके लिए 5 लाख से अधिक हिन्दुओं ने जीवन का बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि श्रीराम समस्त हिन्दू समाज के आराध्य हैं और निधि समर्पण अभियान श्रीराम को उनके घर यानि मंदिर में स्थापित करेगा, जिसमें समस्त हिन्दू समाज का योगदान मिल रहा है। उधर राष्ट्र सेविका समिति हिमाचल प्रांत की संचालिका राजकुमारी सूद ने भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान समिति के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को मंदिर निर्माण हेतु अपने परिवार की ओर से 51 हजार रूपए की राशि का चेक भेंट किया। उनका जीवन भी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ा रहा है। अपने जीवनकाल में अपने आराध्य प्रभु श्रीराम का मंदिर बनना साकार होता देख रही है, जिसके लिए वे काफी भाव विभूर है। इस अवसर पर अभियान समिति के सदस्य और विहिप प्रांत संगठन मंत्री नीरज दौनेरिया, अभियान प्रचार प्रमुख महीधर प्रसाद व समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
भाजपा हिमाचल प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने मुख्यमंत्री को अपनी पुस्तक अनुभव भेंट कर, शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने राष्ट्रीय रेड क्रॉस की एक पुस्तक इनीशिएटिव्स भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अपने राष्ट्रीय रेड क्रॉस के विभिन्न अनुभव सांझा करें और बताया कि किस प्रकार से रेडक्रॉस ने पूरे भारत में सैकड़ो सकारात्मक कार्य किया है। उन्होंने बताया कि पूरे देश भर में किस प्रकार से अंत्योदय का काम चल रहा है जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की केंद्र नीतियों को धरातल पर लागू किया जा रहा है जिससे देश के करोड़ों लोगों को फायदा पहुंच रहा है। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को भी इन पुस्तकों को भेंट कर अपने अनुभव सांझा किए।
आने वाले बज़ट सत्र 2020-21 के मददे नज़र हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार ने जिला कांगडा के रैहन मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर से मिले। उन्होंने जयराम ठाकुर को आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग पिछले 10-15 साल से विभिन्न सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों, योजनाओं एवं कार्यालयों में आउटसोर्स आधार पर हजारों कर्मचारी अपनी सेवांए दे रहे है। ये कर्मचारी सरकार के दूसरे नियमित कार्यक्रमों के साथ बराबर काम करने के साथ-2 दिए गए पद के सभी कार्य सँभालते है। परन्तु बात जब वेतन एवं सुविधाओं की आती है तो हमेशा से ही हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। इस समय अधिकतर कर्मचारियों का वेतन न्यूनतम वेतन दर से भी कम है। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने सभी कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा हिमाचल को युवाओं के हित को देखते हुए मांग की है कि आउटसोर्स प्रथा को बंद किया जाये जिससे कोई भी युवा अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल नाम मात्र के वेतन के लिए खर्च न कर दे। उन्होंने मांग की है कि जो कर्मचारी इस समय विभाग में है उन्हें वरियता के आधार पर या आने वाली भर्तियों में कोट के माध्यम से विभाग में लिया जाए। अन्य मांगों में समय पर वेतन, नौकरी की सुरक्षा, समान काम समान वेतन इत्यादि शामिल है। जयराम ठाकुर जी ने ज्ञापन को कनसीडर करते हुए इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। महासंघ के हारों कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले बजट सत्र में मुख्यमंत्री इन मांगों को पुरा करके सभी कर्मचारियों एवं उनकेपरिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आएँगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की छठी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया जिसमें कृषि, अधोसंरचना, विनिर्माण और मानव संसाधन विकास के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।शिमला से इस बैठक में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश में अधोसंरचना सृजित करने के लिए अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक धनराशि और संसाधनों की आवश्यकता है। राज्य सरकार हिमाचल को देश का पर्यटन केन्द्र बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है लेकिन बेहतर हवाई और रेल सम्पर्क नहीं होने के कारण इसमें समस्याएं आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मण्डी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाए। इससे जहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं यह सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना विकास को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान कर रही है। अटल टनल रोहतांग का निर्माण रिकाॅर्ड समय में पूरा करने और इस कार्य में व्यक्तिगत रूचि लेने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के बनने से लाहौल और पांगी घाटी में लोगों की आजीविका में काफी सुधार हुआ है, क्योंकि हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। रोहतांग टनल से प्रतिदिन लगभग पांच हजार वाहन गुजर रहे हैं। केलंग घाटी में पिछले महीने से स्नो फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है जिसे देखने के लिए हर क्षेत्र से लोग पहुंच रहे हैं, जो इस सुरंग के निर्माण के बिना संभव नहीं हो पाता। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का बद्दी क्षेत्र एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब बनकर उभरा है। राज्य में बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए प्रभावी रूप से कार्य करना आरम्भ किया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में मेडिकल डिवाइसिज मैनुफेक्चरिंग पार्क और इलैक्ट्राॅनिक मैनुफेक्चरिंग हब के लिए भी प्रयास जारी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश के लिए इन सभी पार्क को स्वीकृत किया जाए ताकि यहां आर्थिक स्थिति में व्यापक परिवर्तन लाया जा सके। हिमाचल प्रदेश ने 25 जनवरी, 2021 को पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं और राज्य सरकार ने इस वर्ष को स्वर्ण जयन्ती के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में देश के कई बड़े राज्यों को राह दिखाई है। राज्य ने जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और यह देश का पहला राज्य बना है, जिसे मिशन के अन्तर्गत चार ट्रैंच प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के तीन जिलों में नल से जल उपलब्ध करवाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है, जबकि वर्ष 2021-22 में तीन और राज्यों के सभी घरों को जल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप प्रदेश में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत एक लाख से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि में सहायता मिली है। इस प्रणाली के आधार पर प्रदेश के नौ हजार से अधिक सेब उत्पादकों ने 155 बीघा भूमि पर सेब उत्पादन आरम्भ किया है। प्रदेश की विकासात्मक मांगों और आवश्यकताओं को हमेशा ध्यान में रखने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा प्रदान किया गया 450 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण प्रदेश के खर्चों को चलाने में बहुत मददगार साबित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने निवेश प्रोत्साहित करने के लिए व्यापार में सुगमता में बहुत सुधार किया है जिसके कारण हिमाचल प्रदेश अब 16वें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2019 में धर्मशाला में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टरर्ज मीट के उपरांत 13500 करोड़ रुपये के निवेश का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया है जबकि 10 हजार करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार हैं।नीति आयोग के उपाध्यक्ष डाॅ. राजीव कुमार ने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप राज्यपालों तथा केन्द्र शासित राज्यों के प्रशासकों का स्वागत किया।
आशा कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमण्डल भारतीय मजदूर संघ महासचिव मंगत नेगी के नेतृत्व में आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिला और आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों से उन्हें अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने कोविड-19 महामारी के प्रकोप के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से भविष्य में भी इसी भावना और उत्साह के साथ कार्य करने आग्रह किया ताकि लोगों को राहत पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आशा कार्यकर्ताओं की मांगों के प्रति सदैव संजीदा है और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश सरकार ने मार्च से जून, 2020 की अवधि के लिए प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 1000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इसी प्रकार, जुलाई एवं अगस्त, 2020 में उन्हें 2000 रुपये प्रति माह का प्रोत्साहन प्रदान किया।


















































