कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया के लिए कई चुनौतियां पेश की हैं। भारत भी इस बीमारी से लड़ रहा है। कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शारीरिक दूरी को प्रोत्साहित कर रही है। संकट के इस समय में बहुत से लोगों ने इस बीमारी के कारण अपनी आजीविका खो दी है और अपने मूल राज्य की ओर रूख किया है। राज्य में 25 अप्रैल, 2020 से लेकर अब तक 1.40 लाख लोग वापस आ चुके हैं और लोग अभी भी आ रहे हैं। राज्य सरकार ने इन पेशेवर लोगों की क्षमता का दोहन करने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य की श्रमशक्ति में भी बढ़ौतरी होेगी। कफ्र्यू के इस समय में भ्रम और अनिश्चितता को देखते हुए, राज्य सरकार लोगों के लिए एक लाभकारी योजना आरंभ कर लोगों को सुरक्षित रखने की तैयारी में बहुमूल्य योगदान दे रही है। शहरी क्षेत्र में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शहरी अजीविका गारंटी योजना शुरू की गई है, जो इस वित्तीय वर्ष में हर घर में 120 दिनों का गारंटीड मजदूरी रोजगार प्रदान करेगी। इस योजना को हिमाचल प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों और छावनी बोर्ड में लागू किया जाएगा। राज्य सरकार इस संकट में लोगों को प्रभावशाली प्रोत्साहन के रूप में यह योजना प्रदान कर रही है। लोगों की मदद करने के लिए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने मेें यह एक बड़ा कदम है। योजना का उद्देश्य मजदूरी से जुड़े व्यक्तियों के कौशल संवर्धन में मदद करना है ताकि उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान किए जा सकें। इसके अतिरिक्त उद्यमिता प्रशिक्षण के साथ-साथ सब्सिडी लिंक्ड क्रेडिट लिंकेज प्रदान करके अपने उद्यम स्थापित करना और शहरी बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने तथा शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्ता नागरिक सुविधाओं के प्रावधान द्वारा लोगों को बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान करना भी योजना के लक्ष्यों में शामिल है। प्रत्येक घर के सभी वयस्क सदस्य काम करने के लिए पात्र होने के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें शहरी स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में रहना और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा प्रदान की जा रही परियोजनाओं या स्वच्छता सेवाओं में अकुशल कार्य करने के लिए तैयार रहना अनिवार्य होगा। काम करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष होगी। इस योजना के तहत योग्य पात्र लाभार्थी को दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत ऋण के लिए आवेदन करने की सुविधा होगी। लाभार्थियों को पंजीकरण के सात दिनों के भीतर एक जाॅब कार्ड जारी किया जाएगा। पात्र लाभार्थी को पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर रोजगार दिया जाएगा अन्यथा शहरी स्थानीय निकायों द्वारा लाभार्थी को रोजगार भत्ते के रूप में 75 रूपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा। पुरुष और महिला श्रमिकों दोनों को समान वेतन का भुगतान किया जाएगा। 15 दिनों के रोजगार के पूरा होने के सात दिनों के बाद पखवाड़े के आधार पर शहरी स्थानीय निकायों द्वारा पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में मजदूरी की राशि सीधे जमा की जाएगी। पात्र लाभार्थी को योजना के तहत रोजगार प्रदान करने के बाद दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सरकार द्वारा अधिसूचित की गई न्यूनतम मजदूरी के साथ अधिकतम चार सप्ताह के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों को दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत बैंकों से जोड़ा जाएगा। लाभार्थियों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की किसी भी योजना के तहत चल रहे या नए स्वीकार्य कार्य में रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकायों के पास धन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को 15वें वित्त आयोग या 5वें राज्य वित्त आयोग के तहत किसी भी स्वीकार्य कार्य के लिए, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान सहायता प्रदान की गई है और ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 और स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकार्य स्वच्छता कार्यो और सेवाओं में भी रोजगार प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से सभी लोगों तक पहुंच रही है। यह योजना रोजगार के लिए बाहर जाने की तुलना में अपने प्रदेश वापिस आने वाले लोगों को गृह राज्य में रहने में सक्षम बनाएगी, जिससे सभी को सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह पहल वर्तमान परिस्थितियों में भी सर्वश्रेष्ठ तरीकों पर बल देती है और हमें स्मरण दिलाती है कि हम संकट में भी सही उपायों से परिस्थितियों को सकारात्मक बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लाइफ साइंस एंड बायोटेक/फार्मा उद्योग सीआईआई उत्तरी क्षेत्र समिति के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उद्योगपतियों, विशेष रूप से फार्मा उद्योग द्वारा कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने भी प्रदेश में स्थित सभी फार्मा उद्योगों को कोविड-19 के दौरान उनके उत्पादन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए अपना पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने न केवल उद्योग को हर संभव सहायता प्रदान की, बल्कि इन क्षेत्रों में श्रमिकों के सुचारू आवागमन को भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि आज 90 प्रतिशत से अधिक फार्मा उद्योगों ने अपना उत्पादन शुरू कर दिया है और बद्दी में फार्मा उद्योगों द्वारा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन निर्माण से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, बल्कि इसकी आपूर्ति अमेरिका जैसे देशों को भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सोलन जिले के बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में इस तरह के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने पर विचार कर रही है, जहां विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को आपातकाल की स्थिति में उनके रहने का प्रबन्ध किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला और नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योगपतियों को भी सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों से पीएम केयर्स और हि.प्र. एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का भी आग्रह किया, जो कोरोना वायरस से प्रभावी रूप से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण, राज्य सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में अंतर राज्य आवागमन पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसमें छूट देने का फैसला लिया है और ट्राई सिटी में आने वाली औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों को कुछ प्रतिबंधों के साथ आवागमन की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पर्याप्त मात्रा में दवाइयो और जैनरिक दवाइयों के उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है और देश के भीतर तथा बाहर बाजार के एक बड़े हिस्से पर अपनी पकड़ बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी बरोटीवाला क्षेत्र में एक बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने का आग्रह किया है, जो पहले से ही एक फार्मा हब है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विभिन्न फार्मा इकाइयों ने भी राज्य में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने में रूचि दिखाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य की भूमि मापदंडों में ढील देने का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश के लिए इस तरह के बल्क ड्रग पार्क का आवंटन किया जाएगा तो प्रदेश निश्चित रूप से देश में सक्रिय दवा सामग्री (एपीआईएस) और ड्रग इंटरमीडिएट्स के उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दवा उद्योग की जरूरतों को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में महत्वपूर्ण की-स्टार्टिंग मैटेरियल/ड्रग इंटरमीडिएट्स और सक्रिय दवा सामग्री (एपीआईएस) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक लाभकारी योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि रसायन और उर्वरक मन्त्रालय द्वारा प्रस्तावित इस योजना से भारतीय फार्मासीटिकल उद्योग को महत्वपूर्ण दवाइयों और रसायनों के निर्माण में वैश्विक प्रतिस्पर्धा, आत्म निर्भरता और आधुनिक तकनीकों के अनुकूलन को प्राप्त करने में सक्षम बनाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि उद्योगपतियों की उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश दुआ ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और उद्योगपतियों के विभिन्न मुद्दों को प्रस्तुत किया। समिति के सह अध्यक्ष बी.आर. सीकरी, वरिष्ठ निदेशक ग्लोबल काॅरपोरेट अफेयर्स अभूत हेल्थकेयर राकेश चितकारा, हैड काॅरपोरेट अफेयर्स सिपला आदिल इस्लाम और प्लांट हैड ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल सुनील ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोरोना माहमारी के चलते प्रदेश भाजपा सरकार की छत्र छाया में व्याप्त भ्रष्टाचार की कड़ी निदा की है। उन्होंने कहा है कि इस संकट की घड़ी में रिश्वत लेने के आरोप में स्वास्थ्य निदेशक की गिरफ्तारी से साफ है कि इसके तार सीधे भाजपा के बड़े नेताओं से जुड़े है। उन्होंने कहा है कि बिंदल का इस्तीफा, असल में भाजपा के भीतर जो अंतर्कलह चल रही है, उससे लोगों का ध्यान हटाने मात्र का यह एक असफ़ल प्रयास है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में कोरोना किट्स, वेंटिलेटर, मास्क, सेनेटाइजर और पीपीई जैसे आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति को लेकर रिश्वत और प्रदेश सचिवालय में सेनेटाइजर की आपूर्ति घोटाले ने भाजपा की कथित ईमानदारी की पूरी पोल खोल दी है। वीरभद्र सिंह ने कहा हैं कि उनके 60 साल के राजनैतिक केरियर में उन्होंने कभी कोई ऐसा दौर नही देखा जब ऐसी विपदा के समय कोई राजनैतिक दल संगीन भ्रष्टाचार के आरोप में संलिप्त पाए जाए। उन्होंने कहा है कि सरकार प्रदेश की चुनोतियो से निपटने में पूरी तरह असफल सावित हो रही है।लोगों को राहत देने की जगह महंगाई परोसी जा रही है। किसानों, बागवानों के साथ साथ आम लोगों की समस्याओं की ओर सरकार का कोई भी ध्यान नही है। सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन नज़र आ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े इस रिश्वत मामलें की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि चूंकि यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है इसलिए इसकी संवेदनशीलता ओर भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री को इसकी पूरी जांच किसी सिटिंग जज से करवानी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को जो जनहित के सुझाव दिए थे उस पर भी वह आज दिन तक खामोश बैठी है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस और भाजपा के विद्यायकों ने इसकी चर्चा के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही तो भाजपा अध्यक्ष को यह भी गवारा नहीं लगा। साफ है कि भाजपा और सरकार के भीतर कोई टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा है कि उसके अंदर कुछ भी चले, यह उसका अंदरूनी मसला है पर इसमें प्रदेश के लोग नही पिस्से जाने चाहिए।कांग्रेस इसे कभी भी सहन नही करेगी।
भारतीय जनता पार्टी जिला युवा मोर्चा के पूर्व महामंत्री अंकुश चौहान को महासु जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए जाने पर जुब्बल नावर कोटखाई के युवाओं ने खुशी जाहिर की है। युवा मोर्चा जुब्बल नावर कोटखाई ने उम्मीद जाहिर किया है कि अंकुश चौहान ईमानदार, जमीन से संघर्ष कर इस मुकाम तक पहुँचने वाले पार्टी के प्रति कर्मठ व्यक्ति हैं और इनकी सुझबुझ और प्रयासों से पार्टी जिला में बेहतर कार्य कर सकेगी जिससे पार्टी सशक्त होगी और कार्यकर्ता सक्रीय होगा। युवा मोर्चा अध्यक्ष अशोक जस्टा, थरोला पंचायत के प्रधान राकेश चौहान, उप प्रधान देव राज, बीडीसी सदस्य ओम चौहान, जिला महासू उपाध्यक्ष सुशील कदशोली, संदीप गांगटा, महामंत्री अजय बिष्ट, अनुपम चौहान, विकास भारती, जतिन चौहान, हैपी वर्मा, चेतन कड़ेइक, दलीप टायसन, अनिल चौहान, तारा सिंग रागटा, रितेश चौहान, रिंकू घालटा,अभिषेक नेनटा, रूपेंद्र कपालटा,मनमोहन कपालटा, सुनील शर्मा, रोहित राजटा, राजीव डोटका, राकेश भोलटा, सुनील चौहान, विशाल भिकटा, विकास कालटा, अभिषेक बरागटा, सुशांत भसोली, परवीन चौहान, चंदन धानटा, संजय चौहान, सुमित बरागटा, बलदेव दिवान, देवेन्द्र चौहान, अरुण दिवान, सुरेन्द्र चौहान, राहुल, तनुज चौहान, साहिल पनेईक , हितेश ख़ाकटा, रमन कवर ने अंकुश चौहान को जिला अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है। युवाओं ने कहा कि इनके नेतृत्व में महासु जिला काफी मजबूत होगा एवं भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता इनकी नियुक्ति से काफी खुश है। अंकुश चौहान ने दिए गए दायित्व के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा, शिमला संसदीय क्षेत्र के संगठन मंत्री पुरुषोत्तम गुलेरिया, प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, सह- प्रभारी कुसुम सदरेट, ज़िला महासु के अध्यक्ष अजय श्याम, जुब्बल कोटखाई मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैईक सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।
बुधवार 27 मई, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे पर सरकार को घेरते हुए कहा की भाजपा के प्रदेश अध्य्क्ष डॉ राजीव बिंदल का इस्तीफा इस तरफ इशारा करता है कि राष्ट्रीय आपदा के समय भाजपा ने घोटाला किया है अभी कुछ और भी बाहर आना बाकि है। जिस तरह इस कोरोना महामारी के समय इन के यंत्रों की खरीद मे घोटाला हुआ है इसमें प्रदेश की साख पर दाग लग गया है। जबकि सारा देश इस लड़ाई में एकजूट है। विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्र नेता रजत राणा ने पूछा हेल्थ डायरेक्टरेट बीजेपी के अंडर आता है या हिमाचल सरकार के? इस्तीफा तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बनता है, स्वास्थ विभाग तो खुद मुख्यमंत्री के पास था। अगर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उच्च नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे सकता है, तो प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग देख रहे हैं प्रदेश के मुखिया क्यों नही?
The State Cabinet in its meeting under the chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur appreciated the intensive exercise undertaken by the Cabinet Sub Committee to ascertain fiscal space with different departments. The Cabinet expressed concern over the large unspent funds of various departments and directed the departmental secretaries to vigorously monitor the utilization of these funds regularly. The Cabinet directed the Administrative Secretaries of Public Works Department, Rural Development, IPH and Power to develop a monitoring mechanism at place for ensuring utilization of funds available with their departments. The PWD and Jal Shakti Vibhag were directed to immediately update their schedule of rates and simplify the procedures including tendering. The Cabinet approved the concept of Portal for registration of those people who have come to HP and are in need of either a job or upgradation of their skills. It was decided that the scheme for loans for working capital requirements with interest subvention for the tourism sector be prepared by the Tourism Department immediately. The Cabinet also stressed the need for promotion of e-NAM, Constant monitoring / touch with Ladaanis, Labour, Mandis etc., augmenting CA storage, milk procurement processing and active involvement of SHGs in marketing to facilitate the farmers. The Cabinet also decided to set up a Committee under the Chairmanship of Industry Minister with ACS MPP & Power, Principal Secretary Revenue, Principal Secretary Agriculture, Pr. Secretary to Chief Minister, Secretary IPH and Secretary Horticulture to discuss the issue of likely shortage of labour in different sector and come up with solutions. It also decided to set up a Committee under the Chairmanship of Social Justice and Empowerment Minister with ACS Labour and Pr. Secretary Finance to examine the present system of sanction of Schemes under the Scheduled Castes Sub Plan Demand 32 and to propose a system for simplification and better monitoring of these schemes. The Cabinet also decided to set up a Committee under the Chairmanship of Additional Chief Secretary Power, assisted by Director Energy and Director Industries to evaluate how CSR funding could be leveraged for development of the State. The Cabinet also decided to identify one hospital in each Sub Division and make a proposal to equip the same both in terms of manpower and equipments to create better health infrastructure at the ground level and avoid unnecessary referrals. It decided to regularize the services of all those part time water carriers in Education Department who have completed 13 years of combined services, which includes five years as daily wage and eight years as part time water carrier. Earlier, 14 years were required for regularization to this category. The Cabinet decided to allow the Education Department to procure and supply school uniforms through HP State Civil Supplies Corporation under ‘Atal School Vardi Yojna’ for the year 2019-20 for the students of 1st to 12th classes. This will benefit about 8.31 lakh students of the State. It gave its approval to fill up 10 posts of Statistical Assistants in Women and Child Development Department through direct recruitment on contract basis. The Cabinet also gave approval to fill up three posts of different categories in Sub Employment Office Paddal in district Mandi to man this office. It accorded its consent to start science classes in Government Senior Secondary School, Sari Bhekhali in Kullu district along with creation of two posts of lecturers to facilitate the students.
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने संस्थागत क्वारंटाइन केन्द्रों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया। वह प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के कारण तीव्र बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के अधिकतर मामले ऐसे लोगों के हैं, जिनका यात्रा ब्यौरा महाराष्ट्र और दिल्ली से आने का हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हिमाचलियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेवारी है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सैलून के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को अपनाना तथा इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया जाए तथा कोविड-19 के परीक्षण में नेगेटिव आने के उपरांत ही होम क्वारंटाइन के लिए स्थानान्तरित किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य देशों से आने वाले हिमाचलियों के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाने की आवश्कता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य भागों से आने वाले हिमाचलियों का पूरा डाटा भी संकलित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों की स्क्रीनिंग और मरीज कैसे संपर्क में आया है इसका पता लगाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाए ताकि समय पर उनका उपचार किया जा सके और वायरस को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को कोरोना मुक्त ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाए ताकि क्वारंटीन रखे गए लोगों की गतिविधियों की प्रभावी तरीके से निगरानी की जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम क्वारंटाइन तंत्र को भी मजबूत और प्रभावी बनाया जाए ताकि होम क्वारंटाइन में रखे लोग अलग-थलग रहें और वायरस के चक्र को तोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटाइन में लगे कर्मचारियों को भी सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे बिना किसी डर के काम कर सकें। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, ओंकार शर्मा, संजय कुंडू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल के इस्तीफे को एक राजनैतिक स्टंट और दबाब की राजनीति का एक अंश माना है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग हो या सचिवालय में सेनेटाइजर की खरीद, इस माहमारी के दौर में सरकार के सरक्षंण में भ्रष्टाचार चरम सीमा में चल रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उन्हें लगता है कि प्रदेश भाजपा के अंदर मुख्यमंत्री के खिलाफ विद्रोह की चिंगारी सुलग गई है। बिंदल का इस्तीफा इसी ओर इंगित भी करता है। चूंकि स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के पास है इसलिए यह एक दबाव की राजनीति के सिवा कुछ नही है, क्योंकि बिंदल भी जानते है कि पार्टी उनका कम से कम इस समय इस्तीफा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। विक्रमादित्य सिंह ने कोरोना माहमारी के दौरान हो रहें घोटालों पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग और सचिवालय में सेनेटाइजर खरीद की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।उन्होंने कहा है कि इसकी जांच उच्च न्यायालय के अधीन की जानी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर व कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से डॉ राजीव बिंदल इस्तीफे पर कहा है कि देश प्रदेश में कोरोना माहमारी के चलते भाजपा स्वास्थ्य विभाग में घोटाले और भ्रष्टाचार के पाप से मुक्त नही हो सकती। इन नेताओं ने कहा है कि बिंदल के इस्तीफे से साफ है कि दाल में कुछ काला है पर निष्पक्ष जांच के बाद कही पूरी दाल ही काली न मिले। राठौर व अग्निहोत्री ने एक सयुंक्त बयान में कहा है कि बिंदल के इस्तीफे से कांग्रेस के प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते है। इन नेताओं ने कहा है चूंकि स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है,इसलिए वह भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी से नही बच सकते। इन्होंने कहा है कि माहमारी के चलते स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार प्रदेश सरकार की पूरी पोल खोलता है। इन्होंने कहा है कि अभी तो इस भ्रष्टाचार की एक पोल ही खुली है आगे आने वाले समय मे तो इसकी कई परते और जड़े खुलेगी। इन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग जुड़े घोटालों में ओर भी कई बड़े नेता शामिल हो सकतें है। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि भाजपा के नेता जो अपने आप को हमेशा पाक साफ साबित करने में जुटे रहते है जल्द ही बेनकाब होंगे। कांग्रेस इनके सभी घोटालों को जनता की अदालत में लेकर आएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ऐसा न हो की सरकार की जांच एजेंसियां कहीं इसपर लीपापोती कर इनके नेताओं को बचाने का प्रयास करें। उन्हें विजिलेंस की जांच पर भरोसा नही है, इसलिए इसकी जांच उच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज से करवाई जानी चाहिए।
हिमाचल भवन दिल्ली के उप आवासीय आयुक्त विवेक महाजन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिल्ली में फंसे 271 हिमाचलियों को लेकर एक विशेष रेलगाड़ी गत सायं हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के लिए रवाना की गई। उन्होंने कहा कि आवासीय आयुक्त कार्यालय द्वारा सूचना एवं जन सम्पर्क सचिव रजनीश के निर्देशानुसार विस्तृत व्यवस्था की गई थी, जो दिल्ली राज्य के नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने कहा कि फंसे हुए हिमाचलियों को उनके घरों में भेजने के लिए दिल्ली सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर, नोडल अधिकारी रजनीश ने रेल मंत्रालय और दिल्ली सरकार के साथ इस मामले को उठाकर रेलगाड़ी में सभी पंजीकृत यात्रियों की प्रदेश वापसी की योजना पर काम किया। उन्होंने कहा कि आवासीय आयुक्त कार्यालय द्वारा सभी पंजीकृत व्यक्तियों को सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए रात 12 बजे से अंबेडकर स्टेडियम में रिपोर्ट करने के साथ-साथ यात्रियों की चिकित्सकीय जांच की गई और यात्रियों को यात्रा के दौरान दोपहर और रात के भोजन के लिए भोजन के पैकेट भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि अंबेडकर स्टेडियम के स्क्रीनिंग सेंटर से रेलवे स्टेशन पहुंचाने के लिए 15 बसों को भी तैनात किया गया हैं।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों, चारों संसदीय क्षेत्र में के प्रभारियों एवं चारों संसदीय विस्तारकों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, सभी मोर्चों के अध्यक्षों एवं महामंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक संपन्न की। बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री राकेश जमवाल, त्रिलोक जमवाल एव त्रिलोक कपूर एवं उपस्थित रहे। डॉ० बिन्दल ने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष 30 मई 2020 को पूरा होने जा रहा है। यह वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा, कई दशकों से भारत के आम जनमानस की इच्छाओं एवं आकांक्षाओं का सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ था कि इसी दिन केंद्र में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ अपने दम पर एक बार पुनः सरकार बनाई। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में भी सभी 68 विधानसभाओं में भाजपा को ऐतिहासिक बढ़त मिली थी एवं कुल 69 प्रतिशत का मत प्रतिशत भाजपा को प्रदेश में प्राप्त हुआ था। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से पूरी दुनिया त्रस्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते लॉक डाउन की घोषणा सहित अन्य प्रभावी कदम उठाये। इन कदमों के लिए विश्व के कई देशों व संगठनों ने प्रधानमंत्री की सराहना की है। गरीब कल्याण हेतु आर्थिक पैकेज, जनसामान्य के लिए अलग प्रकार की योजनाएं व्यापार व आर्थिक क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व की आर्थिक स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है "आत्मनिर्भर भारत’’। डॉ० बिन्दल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आह्वान पर देश के कोने-कोने में पार्टी कार्यकर्ताओं ने करोड़ों जन सामान्य एवं जरूरतमंद लोगों को अलग-अलग प्रकार की सहायता प्रदान करने का काम किया है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में भी अनेकों सेवा कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार मोदी सरकार-2.0 के प्रथम वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा हिमाचल प्रदेश वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अनेकों कार्यक्रम करेगी जिसमें ऽ प्रधानमंत्री द्वारा लिखित एक पत्र जिसमें आत्मनिर्भर भारत का संकल्प विश्व कल्याण हेतु भारत की भूमिका एवं कोविड-19 के फैलने से बचाव हेतु सावधानियों एवं स्वस्थ रहने हेतु अच्छी आदतों के संकल्प के आह्वान को देश भर में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाना है । ऽ प्रदेश के सातों मोर्चां द्वारा संपर्क अभियान चलाया जाएगा जिसमें प्रत्येक मंडल पर बड़े पैमाने पर फेस कवर व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे । ऽ स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने हेतु सभी कार्यकर्ता संकल्प लेंगे । उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश डिजिटल संपर्क कार्यक्रम चलाएगी जिसमें :- ऽ राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का संबोधन 30 मई को फेसबुक लाइव के माध्यम से किया जाएगा। ऽ प्रत्येक बूथ पर व्हाट्सएप ग्रुप का गठन किया जाएगा। ऽ दीप कमल संदेश का डिजिटल प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश वर्चुअल रैली करने जा रही है जिसमें 750 से अधिक की संख्या वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़ेगी। प्रत्येक मोर्चा प्रदेश भर में 500-500 लोगों को जोड़ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वर्चुअल रैली करेंगे और इन वर्चुअल रैलियों के माध्यम से मोदी सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की आर्थिक घोषणाओं एवं योजनाओं की समाज के सभी वर्गों के बीच में व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी। डॉ० बिन्दल ने बताया कि इन कार्यक्रमों के लिए चारों संसदीय क्षेत्रों के संयोजक नियुक्त किए गए हैं जिसमें हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, प्रदेश सचिव पायल वैद्य शिमला संसदीय क्षेत्र, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में प्रदेश सचिव विशाल चौहान तथा प्रदेश सह मीडिया प्रमुख अमित सूद मंडी संसदीय क्षेत्र में इन कार्यों को विशेष रूप से देखेंगे। इस बैठक में चारों संसदीय क्षेत्रों के अभी तक के कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि अभी तक पूरे प्रदेश में 3322 वीडियो कांफ्रेंस हुई है जिसमें कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में 1408, मंडी 658, शिमला में 669 एवं हमीरपुर में 337 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई है।
आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने कि कोविड-19 महामारी के कारण लाॅकडाउन और आर्थिक मंदी के बावजूद शिमला, नूरपुर, कांगड़ा और सिरमौर क्षेत्रों की शेष बची खुदरा शराब दुकानों को आज 35.52 करोड़ रुपये में बेचा गया। उन्होंने कहा कि कुल खुदरा शराब दुकानों के 1190 करोड़ रुपये के व्यवसाय के मुकाबले आबकारी एवं कराधान विभाग राज्य में 1180 करोड़ रुपये का व्यवसाय करने में सफल रहा है। मंगलवार को हुई नीलामी को छोड़कर, शेष व्यवसाय पूरे मूल्य पर हुआ है। उन्होंने कहा कि पहली बार शराब की दुकानों की बिक्री नवीनीकरण निविदा एवं नीलामी आधार पर मोल-भाव के बिना हुई है। पिछले वर्ष खुदरा शराब कारोबार का मूल्य 1085 करोड़ रुपये था और मोल-भाव के बाद मूल्य 126 करोड़ रुपये घटा, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध व्यवसाय 959 करोड़ रुपये रहा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के 959 करोड़ रुपये के मुकाबले इस वर्ष कारोबार 1180 करोड़ रुपये में बेचा गया है। संजय कुंडू ने कहा कि शिमला क्षेत्र की शराब की दुकानें 2.30 करोड़ रुपये, नूरपुर की 6.03 करोड़ रुपये, कांगड़ा की 4.80 करोड़ रुपये और सिरमौर की 22.39 करोड़ रुपये में बेची गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार के व्यवहारिक प्रयासों के कारण आबकारी एवं कराधान विभाग राज्य में सभी खुदरा शराब दुकानों को बेचने में सफल रहा है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित ठाकुर ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, जिसमें टेक सिंह, मण्डी, पंकज हैप्पी, नुरपूर, अंकित चोपड़ा, बिलासपुर, संदीप छिंटा, महासू, कृष्णकांत, सिरमौर को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी प्रकार विषय ठाकुर, सोलन तथा ज्योति कपूर, मण्डी को महामंत्री नियुक्त किया गया है। भाजयुमो अध्यक्ष ने बताया कि संदीप पनियाल, चम्बा, संजीव कुमार, कुल्लू, साकेश शर्मा, सिरमौर, चंद्रकांता, शिमला, भुवनेश ठाकुर, मण्डी, आशीष सिकटा, सिरमौर सचिव पद का कार्यभार संभालेंगे। विजय गुप्ता, महासू को मुख्य प्रवक्ता तथा अशोक कंवर, महासू, वेद ठाकुर, कुल्लू जितेन्द्र सिंह, शिमला तथा राकेश ठाकुर, बिलासपुर को सह-प्रवक्ता बनाया गया है। उन्होनें बताया कि सौरभ धीमान, सोलन को मीडिया प्रभारी तथा तपन मिन्हास, कांगड़ा, विशाल ठाकुर, सुन्दरनगर, जगदीप शर्मा (रिंपल), हमीरपुर तथा मोहर चंद भारद्वाज, शिमला (मोनू) सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है। महेश शर्मा, शिमला को कार्यालय सचिव तथा शिवम मित्तल को कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। मैड़ी नरयाल, चम्बा सोशल मीडिया एवं आई0टी0 प्रमुख बनाया गया है। जिलाध्यक्षों में :- अनिल कुमार ढकोग, भरमौर को जिला चम्बा, प्रणव शर्मा, शाहपुर को जिला कांगड़ा, आदर्श कुमार, इंदौरा को जिला नुरपूर, नितिन ठाकुर, देहरा को जिला देहरा, अरविन्द कुमार, बैजनाथ को जिला पालमपुर, तेनजिन कारपा, केलांग को जिला लाहौल स्पिति, नवल नेगी, बंजार को जिला कुल्लू, राकेश वालिया, बल्ह को जिला मण्डी, अमीचंद, करसोग को जिला सुन्दरनगर, अजय रिंटू, हमीरपुर को जिला हमीरपुर, पंकज शर्मा, झण्डूता को जिला बिलासपुर, कमल सैणी, हरोली को जिला ऊना, नरेन्द्र ठाकुर, कसौली को जिला सोलन, पारूल शर्मा, शिमला ग्रामीण को जिला शिमला, अंकुश चौहान, जुब्बल कोटखाई को जिला महासू तथा प्रवीण मोयान, निचार को जिला किन्नौर का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भाजयुमो अध्यक्ष अमित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व से चर्चा के उपरांत मोर्चे के अन्य पदाधिकारियों व कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र अति शीघ्र की जाएगी।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से राहत देने के के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से हिमाचल प्रदेश को लगभग 288 करोड़ से ज़्यादा राशि ट्रांसफ़र कर दिए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है और इस इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए सभी देश युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। हमारा देश भी इस से अछूता नहीं है जिसे देखते हुए देश की मोदी सरकार अपने नागरिकों को स्वस्थ व सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी सम्भव उपाय कर रही है। कोरोना आपदा के संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का गठन किया गया है जिसके अंतर्गत ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, विधवाओं व दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। पूरे देश में अब तक 41 करोड़ से भी ज़्यादा लोगों को 52 हज़ार 608 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "हिमाचल प्रदेश में भी ज़रूरतमंदों प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का पूरा लाभ मिला है। पीएम किसान योजना के 8 लाख 70 हज़ार से भी ज़्यादा लाभार्थियों को 174 करोड़ रुपए से ज़्यादा की राशि उनके खातों में ट्रांसफ़र कर दी गई है। पीएम जनधन योजना के 6 लाख 13 हज़ार से ज़्यादा खाताधारकों के बैंक खातों में 30 करोड़ से ज़्यादा की राशि केंद्र सरकार द्वारा ट्रांसफ़र कर दी गई है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत 1 लाख 11 हज़ार से अधिक वृद्धों, विधवाओं और दिव्याँगों को लगभग 5 करोड़ 59 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन फंड के 1 लाख 6 हज़ार से अधिक लाभार्थियों को 21 करोड़ 35 लाख से अधिक की आर्थिक मदद केंद्र सरकार द्वारा की गई है। ईपीएफ़ओ के 5 हज़ार 681 से ज़्यादा लाभार्थियों को 11 करोड़ से 98 लाख से ज़्यादा की राशि ट्रांसफ़र कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश के अंदर अब तक लगभग 24 लाख लोगों को 12 हज़ार मीट्रिक टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त लॉकडाउन के प्रथम चरण से अभी तक केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को अप्रैल माह तक विभिन्न मदों के लिए कुल 1,821 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। लॉकडाउन के चलते केंद्र सरकार की आय में कमी आई है इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 92 हज़ार करोड़ रुपए दिए गए हैं।” अनुराग ठाकुर ने कहा ”भारत सरकार कोरोना से निपटने के लिए सभी ज़रूरी व प्रभावी कदम उठा रही है। यह वक्त पूरी एकजुटता के साथ इस आपदा से निपटने व अपनी राष्ट्रीय एकता को दिखाने का है। इस समय हमें पूरे संयम और दृढ़ संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाए सभी उपायों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता है। सतर्कता से ही कोरोना के संक्रमण की रोकथाम संभव है। हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएँगे व हम सब मिल कर कोरोना को हराएंगे।
हाटू मन्दिर समिति, नारकण्डा जिला शिमला ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 1,01,101 रुपए का अंशदान किया है। समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र कंवर ने इस राशि का एक चैक मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अंशदान के लिए समिति का आभार व्यक्त किया है। समिति के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह खिमटा, सचिव ज्ञान डोगरा और सदस्य प्रेम ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वी. रतनम के निधन पर शोक व्यक्त किया है, जिनका हाल ही में चेन्नई में निधन हो गया। वी. रतनम 10 से 29 जुलाई, 1994 तक प्रदेश के राज्यपाल रहे और प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार भी संभाला। राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के साथ अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपने शोक संदेश में कहा है कि न्यायमूर्ति वी. रतनम प्रसिद्ध विधि विशेषज्ञ थे। उन्होंने रतनम के परिवार के सदस्यों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है।
शिक्षा विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला विधानसभा क्षेत्र के समरहिल वार्ड नम्बर 5 के पन्ना प्रमुखों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जनहित को सहयोग प्रदान करने के लिए बढ़-चढ़ कर भाग लिया तथा प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लोगों को साथ जोड़कर जरूरतमंद व गरीबों की सहायता की। बहनों द्वारा बड़ी संख्या में मास्क बनाकर घर-घर जाकर बांटे गए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को मानते हुए लोगों द्वारा लाॅकडाउन का पालन करने के कारण ही अन्य देशों की अपेक्षा देश व प्रदेश के संक्रमण और मृत्यु दर कम हुई है। प्रदेश में अपना कोई मामला इस संबंध में नहीं आया है। प्रदेश के लोग जो बाहर से राज्य में लाया गया उनमें कुछ लोगों को संक्रमण के लक्षण पनपे है, जिन्हें क्वाॅरेंटाइन सैंटर में रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की भय की आवश्यकता नहीं है। इस संदर्भ में लोगों की सुरक्षा के प्रति सरकार द्वारा पुख्ता प्रबंधन किए गए है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अधिक से अधिक लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने, बाहर न निकलने तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने, बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाने तथा घर के बड़े बुजुर्गों की विशेष चिंता करने व बच्चों व गर्भवती महिलाओं का ख्याल रखने के प्रति सबको जागरूकता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को सुचारू करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा आर्थिक पैकेज दिया गया है, जिससे अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन आरम्भ होने पर सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए शिक्षा व्यवस्था बहाल करने का प्रयत्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की सहुलियतों तथा प्रदेश सरकार की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में टैक्सों में सुविधा प्रदान की गई है। मजदूरों को खाद्य एवं सब्सिडी के तहत राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा इस दौरान जरूरतमंद लोगों को भोजन व मास्क बांटे गए, जो कि सराहनीय है। हम समाज में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए उन सभी योद्धाओं का सम्मान करें ताकि उनका हौंसला बढ़ाया जा सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला किन्नौर, लाहौल-स्पीति और जिला चम्बा के पांगी, भरमौर और किलाड़ क्षेत्र के जिला परिषद, पंचायत समिति अध्यक्ष और विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम बातचीत के दौरान कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत जारी लाॅकडाउन के कारण प्रदेश सरकार ने 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने की समय अवधि को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं बल्कि यह भी सुनिश्चित बना रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्र कोविड-19 महामारी से सुरक्षित रहें। अधिकांश पंचायतें लोगों को इस बीमारी के संक्रमण से बचाव के लिए शारीरिक दूरी बनाए रखने और घरों से बाहर निकलने पर फेस मास्क व फेस कवर का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का सराहनीय कार्य कर रहीं हैं। जय राम ठाकुर ने इस संकटकाल में देश को 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक सुधार पैकेज प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया जिसमें समाज के सभी वर्गों के कल्याण की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से हिमाचल प्रदेश को भी काफी लाभ होगा। मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रदान की गई है, जिससे निश्चित रूप से राज्य के इन क्षेत्रों में विकासात्मक बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन-4 ने हमें पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है कि हम सभी को इस वायरस के साथ जीना सीखना होगा और अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए आर्थिक गतिविधियों को पुनः आरंभ करना होगा। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने भी आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने के लिए कुछ छूट प्रदान करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कफ्र्यू में कुछ ढील प्रदान की है ताकि राज्य में आर्थिक गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में लाखों विद्यार्थी, श्रमिक व अन्य लोग फंसे हुए हैं जिनके कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। विभिन्न स्थानों से उन्हें वापस लाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है हालांकि इससे राज्य में कोरोना रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले हिमाचल प्रदेश के सभी लोगों को क्वारन्टीन में रखा जा रहा है। जांच के बाद नेगेटिव पाए जाने पर ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जा रही है और वहां भी उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी को भी होम क्वारन्टीन का उल्लंघन करने नहीं दिया जाएगा और यदि कोई व्यक्ति क्वारन्टीन के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे जिला प्रशासन के ध्यान में लाया जाए, ताकि उल्लंघनकर्ता को संस्थागत क्वारन्टीन केंद्रों में स्थानांतरित किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही शिमला में जनजातीय भवन को कार्यशील बनाएगी ताकि ईलाज और किसी अन्य अपात स्थिति में शिमला आने पर जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को भोजन व ठहरने की सुविधा प्रदान की जा सके। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार का प्रयास लोगों को ग्रामीण स्तर पर ही रोजगार के अवसर प्रदान करना है ताकि उन्हें आजीविका के लिए शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करने की आवश्यकता न रहे। कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व मंो राज्य सरकार कोरोना महामारी के खिलाफ सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र राज्य के अन्य भागों की तरह प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के निदेशक ललित जैन ने वीडियो काॅन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का स्वागत किया। जिला परिषद किन्नौर अध्यक्ष ताशी यंगजेन, जिला परिषद अध्यक्ष लाहौल-स्पीति रमेश, प्रधान ग्राम पंचायत कल्पा प्रवीण कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत सिस्सू सुमन, भरमौर की ग्राम पंचायत सनाह के प्रधान अशोक कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत पांगी प्रकाश चंद और प्रधान ग्राम पंचायत ताबो देई चन्द ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज डाॅ. आर.एन. बत्ता और मुख्य अभियंता सीमा सड़क संगठन एम.एस. बाघी भी इस अवसर पर अन्य लोगों के सहित उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि धर सूद ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश पदाधिकारियों में पांच उपाध्यक्ष, दो महासचिव, पांच सचिव, एक सोशल मीडिया एवं आईटी प्रभारी, एक कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय सचिव होंगे। उन्हीने बताया शोभा डडवाल, नूरपुर, वीना शर्मा, हमीरपुर, धन्नो देवी, चंबा, देव ऋषि, किन्नौर एवं नीलम ठाकुर, देहरा को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेवारी मिली। इसी प्रकार वंदना गुलेरिया हमीरपुर एवम शीतल व्यास, शिमला को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेवारी दी गई है। गायत्री कपूर, धर्मशाला, मीनाक्षी राणा, ऊना, मांचली ठाकुर, मंडी, द्रौपदी शर्मा, सिरमौर एवं मंजू जरियाल ऊना को प्रदेश सचिव का दायित्व सौंपा गया। रश्मि सूद ने बताया कि डॉ अर्चना ठाकुर कुल्लू को प्रदेश सोशल मीडिया एवं आईटी का दायित्व सौंपा गया और मधु सूद शिमला को प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेवारी दी गई है। किरण बाबा शिमला, को डाटा डिजिटिकरण एवं कार्यालय सचिव का दायित्व सौंपा गया है। महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्षा ने बताया कि सभी 17 जिलों के जिला अध्यक्षाओ की भी नियुक्त कर दी गयी है जिसमें कांता ठाकुर को ज़िला चंबा, अनीता सिपहिया, देहरा, रंजू रस्तोगी, कांगड़ा, श्रेष्ठा ठाकुर, नूरपुर, ठाकुर रागिनी रकवाल, पालमपुर, शकुंतला को लाहौल स्पीति, शिवानी वर्मा को सिरमौर, अनीता वर्मा को महासू, अनिला कश्यप को शिमला, रवीना नेगी को किन्नौर, मनीषा सूद को कुल्लू, सुमन ठाकुर को मंडी, अंजू शर्मा को सुंदरनगर, राजकुमारी को हमीरपुर, प्रोमिला ठाकुर को ऊना, भुवनेश्वरी लुंबा को बिलासपुर एवं शकुंतला शर्मा को जिला सोलन की अध्यक्षा नियुक्त किया गया है। राशिमधर सूद ने कहा कि मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।
कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने 24 मार्च, 2020 से पूरे राज्य में कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया था, जिसके उपरान्त जिला दण्डाधिकारियों ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत संबंधित जिलों में कर्फ्यू लागू करने के आदेश जारी किए थे। राज्य सरकार के एक अधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि जिला दण्डाधिकारी अपने जिलों में दो महीनों से अधिक समय के लिए कर्फ्यू लागू नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू में दो महीने की अवधि 24 मई को पूरी हो गई है, लेकिन राज्य में कोरोना महामारी पर अभी तक नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। इसलिए यह महसूस किया गया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है कि कफ्र्यू में आगामी विस्तार देना पड़े। प्रवक्ता ने कहा कि 23 मई, 2020 को आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में जिला दण्डाधिकारियों को धारा-144 के अन्तर्गत संबंधित जिलों में स्थिति की आवश्यकता के अनुसार 30 जून, 2020 तक कफ्र्यू बढ़ाने के लिए अधिकृत करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में 31 मई, 2020 तक कफ्र्यू लागू है और उसके उपरान्त जिला दण्डाधिकारी इस मामले में आगामी निर्णय लेंगे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला, अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद गुलाम नबी आजाद, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन और राज्य के मुसलमान भाईयों को दूरभाष के माध्यम से ईद-उल-फितर की बधाई दी। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि यह त्योहार देश में एकता, शांति और आपसी भाई-चारे की भावना को और मजबूत करेगा।
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से जहां पूरी दुनिया प्रभावित है वहीं हिमाचल प्रदेश के किसानों ने इसे एक अवसर के रूप में लिया है। प्रदेश के किसान इस कोरोना काल में अपने खेत-खलियान और बाग-बगीचों से जुड़कर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने में आगे आए हैं वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी अपने कदम आगे बढ़ाते हुए डिजिटल तकनीक व मोबाइल क्रान्ति को खेतों तक पहुंचा कर खेती से जोड़ दिया है। व्हाट्सएप पर दिए जा रहे है खेती के टिप्स संकट के इस समय में किसानों की आर्थिकी को बनाए रखने, समस्याओं के समाधान व उन्हें खेती संबंधी सलाह देने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सोशल मिडिया व्हाट्सएप का सहारा लिया जा रहा है जिसके लिए ब्लाॅक, जिला व राज्य स्तर पर व्टसएप ग्रुप बनाए गए है। कृषि अधिकारी वीडियो काॅलिंग के माध्यम से किसानों के खेतों तक पहुंच कर लाइव रू-ब-रू होकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे है और व्हाट्सएप पर ही किसानों को प्राकृतिक खेती करने के भी टिप्स दे रहे हैं। प्रदेश में 94 कृषि ग्रुप किए सक्रिय कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रदेश भर में लगभग 94 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों से लगभग 5676 किसानों का अभी तक जोड़ा जा चुका है। कृषि अधिकारी इन ग्रुपों के माध्यम से प्राकृतिक खेती के सही जानकारी किसानों को दे रहे हैं। ब्लाॅक स्तर पर 80 व्हाट्सएप ग्रुप, जिला स्तर पर 12 ग्रुप और प्रदेश स्तर पर 2 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए है। प्रदेश के सभी 80 ब्लाॅकों में बनाए गए कृषि ग्रुपों से लगभग 4 हजार, जिला स्तर पर बनाए गए 12 ग्रुपों से लगभग 500 किसानों को जोड़ा गया है जबकि प्रदेश स्तर पर बनाए गए 2 व्हाट्सएप ग्रुपों से लगभग 1176 किसानों व अधिकारियों को जोड़ा गया है। इसके अलावा प्रत्येक ब्लाॅक में तीन अधिकारी और जिला स्तर पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एसएमएस और डीपीडी की तैनाती भी की गई है, जो लाॅकडाउन के दौरान भी किसानों के साथ फोन के माध्यम से लगातार संपर्क में हैं। 2921 पंचायतों में खड़े किए जा चुके है माॅडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार की ओर से दो वर्ष पूर्व प्रदेश में शुरू की गई प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि से अभी तक 54 हजार किसान जुड़ चुके हैं। 70 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। प्रदेश में अब तक 2151 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। वर्ष 2022 तक समूचे प्रदेश को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लक्ष्य के तहत प्रदेश की 2921 पंचायतों में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि के माॅडल खड़े किए जा चुके हैं। किसानों को सस्ते दामों पर तैयार आदान मिल सके इसके लिए 312 संसाधन भंडार भी तैयार किए गए हैं। नए किसानों का प्रेरित कर रहे पहले से जुड़े लोग लाॅकडाउन के दौरान इन किसानों ने अपने साथ हजारों नए किसानों को जोड़कर प्रदेश को प्राकृतिक खेती राज्य बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाएं हैं। प्रदेश में लाॅकडाउन के कारण जहां किसानों के लिए मास ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित नहीं हो पा रहे है वहां पर संकट के इस समय में पहले से ही प्राकृतिक खेती कर रहे किसान नए किसानों को न केवल सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं बल्कि प्राकृतिक खेती करने की विधि के अनेक माॅडल भी किसानों के खेतों में खड़े करवाए हैं। प्राकृतिक खेती अपनाने वाले नए किसान बताते हैं कि खेती की इस विधि को अपनाने में उन्हें बाजार से कुछ भी खरीद कर लाने की जरूरत नहीं होती है, खेती में प्रयोग होने वाले सभी आदान घर पर और घर के आसपास ही मिल जाते हैं। किसानों की उपज को मंडियों तक पहुंचाने के लिए भी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्रयास किए जा रहे है ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। प्रकाशित की जा रही है सफलता की कहानियां किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि की तकनीक आसान और सरल भाषा में समझ आ सके इसके लिए विशेष साहित्य भी तैयार किया गया है। प्राकृतिक खेती परियोजना की राज्य कार्यान्वयन इकाई की ओर से प्राकृतिक खेती विधि की तकनीक को लेकर 6 पुस्तकों का संकलन किया गया है। किसान इन पुस्तिकाओं में बताई गई विधि और कृषि सलाह को पढ़कर अपने खेतों में आदानों को प्रयोग कर सके। प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिए, प्राकृतिक खेती को अपना चुके सफल किसानों की कहानियों का भी प्रकाशन किया जा रहा है। दी जा रही है कृषि सलाह प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने बताया कि लाॅकडाउन के दौरान किसानों को आ रही समस्याओं का हर संभव समाधान किया जा रहा है। फसल को लगने वाली विभिन्न बीमारियों से फसल बचाव के संबंध में भी समय-समय पर किसानों का कृषि सलाह दी जा रही है जिसके लिए व्हाट्सएप का प्रयोग भी किया जा रहा है। किसानों के प्रदेश भर में व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप व ओ०बी०सी० मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ओ पी चौधरी ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, तदानुसार :- ओ०बी०सी० मोर्चा (पदाधिकारियों में) :-योगराज मैहरा, ज्वाली, देशराज बागी, शाहपुर, रमेश सैनी, सुन्दरनगर, नीलम चौधरी, नादौन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी प्रकार राजकुमार धनोटिया, चिंतपूर्णी तथा रामलोक धनोटिया, ज्वालामुखी को महामंत्री नियुक्त किया गया है। सुभाष चौधरी, पांवटा, सुभाष सिंह, नूरपुर, रामेश्वर शर्मा, रेणुका जी, सचिव का कार्यभार संभालेंगे। कमल चौधरी, कुटलैहड़ को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्षों में :- सतपाल, चुराह को जिला चमबाव, अनिल कुमार को जिला बिलासपुर, देशराज चौधरी, सुलह को जिला पालमपुर, मलकीत सिंह, ज्वाली को जिला नूरपुर, बिहारी लाल खट्टा, नगरोटा बगवां को जिला कांगड़ा, अतुल कौशल चौधरी, ज्वालामुखी को जिला देहरा, दुष्यंत कुमार महंत को जिला कुल्लू, रसील सिंह मनकोटिया, हमीरपुर को जिला हमीरपुर, चक्रधर भंडारी, पच्छाद को जिला सिरमौर, राजकुमार डोगरा, चिंतपूर्णी को जिला ऊना, संतोष कुमार भारद्वाज को जिला सोलन, कपूर चंद, द्रंग को जिला मण्डी, धर्मप्रकाश वर्मा, शिमला ग्रामीण को जिला शिमला, हरि सिंह, चौपाल को महासू तथा भारत कुमार को जिला सुन्दरनगर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। अनुसूचित जाति मोर्चा (पदाधिकारियों में) :- नितेन कुमार, सुन्दरनगर व अजय कबीर, जयसिंहपुर को महामंत्री बनाया गया है। इसी तरह मेला राम दरोच, ऊना, देवराज कश्यप, कसुम्पटी, युवराज कपूर, मण्डी, इंद्र सिंह गांधी, बल्ह को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। राकेश डोगरा, जुब्बल कोटखाई, नरेश कुमार जसवाल, सुजानपुर, अनिता राणा, देहरा, मल्लिका धीमान, हमीरपुर व सुशील कुमार, शिमला को सचिव बनाया गया है। आलम चंद, कुल्लू को कोषाध्यक्ष, मंगल संदीप, ठियोग को सोशल मीडिया संयोजक व अमर सिंह, सिराज को सोशल मीडिया सह संयोजक का कार्यभार दिया गया है। बाबूराम, अर्की मीडया प्रभारी व सुन्दर सिंह, पांवटा साहिब को सह मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया है। अधिवक्ता जगजीत बग्गा प्रवक्ता होंगे तथा गौरव कश्यप कार्यालय सचिव का दायित्व संभालेंगे। जिलाध्यक्षों में :- विजय भारद्वाज को जिला चम्बा, अश्वनी गिल को जिला कांगड़ा, केवल सिंह को जिला नूरपुर, अशोक कुमार भारद्वाज को जिला देहरा, मदन लाल को जिला पालमपुर, विमल सेन को जिला लाहौल स्पिति, मोहन सिंह भारती को जिला कुल्लू, किशोर को जिला मण्डी, गोविन्द राम को जिला सुन्दरनगर, मदन लाल को जिला हमीरपुर, किशन लाल चंदेल को जिला बिलासपुर, सूरम सिंह को जिला ऊना, अमर संधू को जिला सोलन, सत्यप्रकाश मानक को जिला शिमला, विनोद बुशैहरी को जिला महासू, रूप सिंह को जिला सिरमौर तथा दिलीप सिंह को जिला किन्नौर जिलाध्यक्ष बनाया गया है। फोटो में सांसद एवं अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष सुरेश कश्यप एवं ओ०बी०सी० मोर्चा के अध्यक्ष ओ पी चौधरी
कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने प्रदेश में कई दिनों से बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए कहा है कि यह कहीं न कही इस महामारी के प्रति सरकार की लापरवाही नजर आ रही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में बढ़ते मामलों का कारण मुख्य द्वार पर सही तरीके से जांच ना होना माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेशवासियों को अपने घर आने की अनुमति सरकार ने दी है, तभी से इसका आंकड़ा दिनों दिन तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश के हर रोज कमर्शियल वाहन एक राज्य से दूसरे राज्यों में आ जा रहें है। ऐसे में इनके चालकों और परिचालकों की भी किसी भी प्रकार के कोई भी सेंपल या टेस्ट नहीं लिए जा रहें है जो चिन्ता का विषय है। उनका कहना है कि कोरोना की रोकथाम के लिए को लेकर सरकार के सब उपाय राम भरोसे ही चल रहें है न तो डॉक्टरों के पास पर्याप्त पीपीई किट्स ही है और न ही पर्याप्त कोई सुरक्षा व्यवस्था। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के सभी प्रवेश द्वारों पर इस समय सभी लोगों की ब्लड सेम्पलिंग और यात्रा हिस्ट्री को नोट किये जाने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस मामलें में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही सहन नही की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई है जिससे उन्होंने प्रदेश कोरोना डेस्टिनेशन बनाने की बात कही थी। उनका कहना है कि इस प्रकार का कोई भी निर्णय प्रदेशहित में नहीं होगा। इससे प्रदेश को इस महामारी का प्रकोप से नहीं बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकारी व्यवस्था के आगे बेबस से नजर आ रहें है। देश प्रदेश में इस महामारी के चलते जब स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख ही इसके उपकरणों की आपूर्ति के लिए सीधे घूस खा रहा हो तो ऐसे में मुख्यमंत्री भी अपनी किसी जबाबदेही और जिम्मेदारी से नहीं बच सकतें। उनका कहना है कि इस पूरे मामलें की निष्पक्ष जांच जल्द की जानी चाहिए। आरोपी को किस राजनेता का संरक्षण प्राप्त है उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी दफ्तरों में अब 50 फीसदी स्टाफ रहेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक आरडी धीमान ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। नए आदेश 26 मई मंगलवार से लागू होंगे। क्लास 1 और 2 अफसरों का दफ्तरों में आना अनिवार्य होगा, जबकि 50 फीसदी बाकी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी स्टाफ हर दिन रोस्टर के हिसाब से हाजिरी देगा। कर्मचारियों के आने और जाने के लिए दो ग्रुप होंगे। पहला सुबह दस से शाम पांच बजे, जबकि दूसरा साढ़े दस से शाम साढ़े पांच बजे तक कार्यालय में रहेगा। बता दें इससे पहले दफ्तरों में 30 फीसदी स्टाफ डयूटी दे रहा था।कर्मचारियों को फोन पर आरोग्य ऐप अपलोड करना अनिवार्य है। बड़ी बैठकें नहीं होंगी। कर्मचारियों को सामाजिक दूरी के साथ-साथ मास्क या फेस कवर पहनना होगा। ये आदेश कंटेनमेंट जोन और उसके आसपास के क्षेत्रों के कार्यालयों के लिए लागू नहीं होंगे। इसके अलावा घर रहने वाले कर्मी स्टेशन नहीं छोडेंगे। रोस्टर के दौरान घर पर रहने वाले कर्मियों का वेतन नहीं कटेगा। हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, अगले आदेशों तक बंद रहेंगे।
सोशल मीडिया में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि 31 मई, 2020 से हिमाचल प्रदेश की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को सीमाओं पर संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। प्रदेश सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि यह समाचार पूरी तरह गलत, मनगढ़ंत और तथ्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लाॅकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की सीमाओं की कोई सीलिंग नहीं होगी और लोगों की आवाजाही जारी रहेगी। हालांकि सभी व्यक्तियों और वाहनों के अंतरराज्यीय आवागमन के लिए मौजूदा व्यवस्था के अनुसार पास की आवश्यकता होगी। प्रदेश सरकार ने लोगों का आह्वान किया है कि वे इस प्रकार की अफवाहों से न घबराएं क्योंकि राज्य सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
कोरोना महामारी की वजह से 22 मार्च को जब देश भर में लाॅक डाउन हुआ तब देश और प्रदेश के सामने यह चुनौती थी कि जरूरतमंद लोगों के लिए जन सेवा के कार्य को किस प्रकार एक्टिव रखा जा सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी बीच संकट मोचक बनकर सामने आए ग्लोबल लीडर बनकर उभरे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने सेवा कार्य के लिए हिमाचल भाजपा को एक विशेष कार्य योजना दी. मुख्यमंतरी जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल, संगठन महामंत्री पवन राणा की तिकड़ी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में कार्य योजना को धरातल पर उतारा। भाजपा उपाध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल और संगठन मंत्री पवन राणा की मार्गदर्शन में लाॅकडाउन में जन सहयोग और जन सेवा के लक्ष्य को सामने रखते हुए अपना ब्ल्यूप्रिंट तैयार किया ताकि कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में भूखा ना सोए, दवा के अभाव में उसका स्वास्थ्य खराब न हो, व किसी बजुर्ग व असहाय व्यक्ति को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने सारी उर्जा ओर रिसोर्स को इसी जनसेवा कार्य के लिए समर्पित किया, परिणाम यह हुआ कि सरकार और संगठन के बीच बेहतरीन तालमेल के साथ सेवा कार्य आगे बढ़ा और इस समय की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रदेश में भोजना के अभाव में कोई भी श्रमिक अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोया, और न ही किसी रोगी को उपचार के सम्बन्ध में कोई परेशानी हुई। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच भाजपा संगठन द्वारा 22 लाख से अधिक फेस कवर, 5 लाख जरूरतमंदोे को भोजन पैकेट, 1.10 लाख मोदी राशन किटं बांटी गई और पीएम केयर्स में 1.91 करोड रुपये तथा 8.37 करोड़ मुख्यमंत्री कोविड फंड में जमा किए गए। उन्होंने कहा कि संगठन को एक्टिव मोड पर रखने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल और संगठन मंत्री पवन राणा ने डिजिटल माध्यम से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश और प्रदेश स्तर से लेकर मंडल स्तर के भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आपस में संवाद किया। प्रदेश में अब तक 1484 वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से 31560 भाजपा कार्यकर्ता आपस में संवाद कर चुके हैं। यही नहीं बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों तक भाजपा द्वारा वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गुलेरिया ने कहा कि संभवतः प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि राष्ट्रीय आपदा के समय जनता में फेक न्यूज के माध्यम से भ्रम और पैनिक फैलाने वालों के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं के फीड बैक के आधार पर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई करने निर्णय लिया। जिसके लिए सरकार ने प्रदेश में साईबर क्राईम सेल के तहत फेक न्यूज मानिटरिंग यूनिट का गठन किया जिसमें अब तक 40 मामले दर्ज हो चुके हैं। जिसमें 5 मामलों में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। कुछ मामलों में क्षमा याचना के बाद सम्बन्धित व्यक्ति को चेतावनी देकर छोड़ा गया हैं। गुलेरिया ने कहा कि यह सब प्रदेश भाजपा सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है कि आज हिमाचल प्रदेश कोरोना संकट के बीच काफी हद तक सेफ जोन में दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कांग्रेस ने कोरोना के दौरान न तो प्रदेश सरकार और न ही प्रदेश की जरूरतमंद जनता को कोई सहयोग दिया है। कांग्रेस नेता केवल आपनी राजनीति चमकाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यों में अड़चन लगाने में जुटे रहे।
तय बाजारी फड़ी छोले कुलचे यूनियन ने शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज से भेंट कर अन्य आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ उनके कार्यों को आरम्भ करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन-4 के तहत रेस्टोरेंट, हलवाई, ढाबा वालों को सामान घर ले जाने की अनुमति प्रदान की गई है। छोले कुलचे वालों का कार्य भी इसी श्रेणी में आता है। मंत्रिमण्डल द्वारा इस वर्ग को रियायत प्रदान करते हुए कार्य करने की अनुमति दी गई है, जिसके तहत लोग इनसे भी सामान पैक करवा कर ले जा सकते हैं। उन्होंने यूनियन को इस दौरान स्वच्छता मानकों को अपनाने जिसके तहत मास्क, गल्बस, हेड मास्क आदि लगाने तथा सोशल डिस्टेसिंग का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सभी लोग नियमों का पालन करें। इससे जहां इन कार्य कुशल लोगों को काम करने का मौका मिलेगा वहीं इनकी स्थिति भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जिनके पास काम नहीं है उन्हें मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना के तहत भी कार्य उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमण्डल के निर्णय का जिला दण्डाधिकारी जल्द ही आदेश देंगे। उन्होंने तय बाजारी यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों को मास्क भी वितरित किए। इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, पार्षद बृज सूद, छोटे कुलचे तय बाजारी यूनियन के प्रधान कमलेश कुमार गुप्ता, उप-प्रधान सुरेन्द्र, रामदेव व नसीर सहित लगभग 70 लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 राकेश शर्मा (बबली) ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, तदानुसार :- उपाध्यक्ष पद पर :- 1) देवेन्द्र ठाकुर कूनपुरी, सोलन, 2) चमन सिंह डडवाल, नुरपूर, 3) नरेश चौहान, चौपाल 4) बलराम बबलू, कुटलैहड़ तथा 5) काहन सिंह, मण्डी सदर के नामों की घोषणा की है। महामंत्री पद पर :- 1) अमर ठाकुर, आनी तथा 2) संजीव देष्टा, शिमला। सचिव पद :- 1) दलीप पाल, अर्की 2) प्रकाश चंद, भटियात 3) सुनील कुमार, पच्छाद 4) रविन्द्र ठाकुर, धर्मपुर तथा 5) संजीव शर्मा, जसवां प्रागपुर, सचिव पद का कार्यभार संभालेंगे। प्रवक्ता के पद पर :- 1) आनंद शर्मा, धर्मशाला तथा 2) परिवेश, झंडूता को नियुक्त किया गया है। मीडिया प्रभारी :- 1) राकेश कुमार, बैजनाथ तथा मदन राणा, कुटलैहड़ मीडिया प्रभारी का कार्यभार संभालेंगे। कार्यालय मंत्री :- महेन्द्र शर्मा, शिमला ग्रामीण, होंगे। जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा करते हुए किसान मोर्चा अध्यक्ष ने बताया कि सर्वश्री बालम सिंह ठाकुर, डलहौजी को जिला चम्बा, रविन्द्र कुटलैहडि़या, ज्वाली को जिला नूरपुर, मंजीत, शाहपुर को जिला कांगड़ा, दलीप चंद, जयसिंहपुर को जिला पालमपुर, कुलदीप सिंह राणा, देहरा को जिला देहरा, रमेश रावालिंग, केलांग को जिला लाहौल स्पिति, बलकार सिंह, कल्पा को जिला किन्नौर, दीपक शर्मा, चौपाल को जिला महासू, रामचंद्र शर्मा सुन्दरनगर को जिला सुन्दरनगर, रमेश जम्वाल, जोगिन्द्रनगर को जिला मण्डी, टिकम ठाकुर, मनाली को जिला कुल्लू, अविनाथ मनन, ऊना को जिला ऊना, अर्जुन सिंह ठाकुर, सुजानपुर को जिला हमीरपुर, सुरेन्द्र भारती, श्री नैनादेवी जी को जिला बिलासपुर, संजीव चौहान (पिंकू), शिमला को जिला शिमला, रमेश ठाकुर, अर्की को जिला सोलन तथा साधुराम चौहान, शिलाई को जिला सिरमौर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। किसान मोर्चा अध्यक्ष डॉ0 राकेश शर्मा (बबली) ने कहा कि मोर्चा के कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राजबली ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, तदानुसार :- उपाध्यक्ष पद पर :- 1) अबास भट्ट, चम्बा, 2) सुलेमान, सिरमौर, 3) काशमदीन, नूरपुर 4) ताज मोहम्मद, बिलासपुर के नामों की घोषणा की है। महामंत्री पद पर :- 1) यकूब खान, चम्बा तथा 2) आरिफ, सिरमौर को नियुक्त किया गया है। सचिव पद :- 1) सवीना बेगम, चम्बा 2) माजिद अली, देहरा 3) नूरमाही, मण्डी 4) मोहन कपूर बोद्ध, लाहौल स्पिति का कार्यभार संभालेंगे। कोषाध्यक्ष :- श्री गुलाम मोहम्मद, ऊना होंगे। प्रवक्ता का दायित्व :- नाजर अली, सिरमौर, यूसुफ अली, कुल्लू, ईलम दीन, हमीरपुर संभालेंगे। मीडिया प्रभारी :- छोटू खान, सोलन होंगे। सह-मीडिया प्रभारी के पद पर :- शमून अख्तर, ऊना, तथा संजू शेख, शिमला को नियुक्त किया गया है। आई0टी0 प्रमुख :-यूनुस खान, सिरमौर होंगे तथा सह आई0टी0 प्रमुख :- राज कुमार बोद्ध, किन्नौर तथा रफीक पोशवाल, हमीरपुर होंगे। जिलाध्यक्षों में :- सर्वश्री गुलजार अहमद, चम्बा सदर को जिला चम्बा, बाग हुसैन, इंदौरा को जिला नुरपूर, अब्दुल गनी, धर्मशाला को जिला कांगड़ा, जलाल दीन ज्वालामुखी को जिला देहरा, आलमदीन, सुलह को जिला पालमपुर, सोनम तोबगे, लाहौल स्पिति को जिला लाहौल स्पिति, मोहम्मद अली, बंजार को जिला कुल्लू, आफताब, नाचन को जिला सुन्दरनगर, जीदीन, हमीरपुर को जिला हमीरपुर, मुनीर अख्तर, सदर को जिला बिलासपुर, गुफार मोहम्मद, नालागढ़ को जिला सोलन, शमशेर अली, पांवटा साहिब को जिला सिरमौर, जमील सिद्दकी, शिमला को जिला शिमला, गुलाम रसूल, चौपाल को जिला महासू, रफीक मोहम्मद, दं्रग को जिला मण्डी, बशीर मोहम्मद, चिंतपूर्णी को जिला ऊना तथा अमीर लाम्बा, किन्नौर को जिला किन्नौर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राजबली ने कहा कि मोर्चा के कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर शर्मा ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, उपाध्यक्ष पद पर :- 1) राकेश कुमार जिला चम्बा, 2) सतप्रकाश, जिला लाहौल स्पिति, 3) गोकल ठाकुर जिला पालमपुर 4) विरेन्द्र नेगी, जिला किन्नौर के नामों की घोषणा की है। महामंत्री पद पर :- 1) देवराज चौधरी, जिला सोलन तथा 2) संतोष राज नेगी, जिला किन्नौर को नियुक्त किया गया है। सचिव पद :- 1) हंसराज, जिला सिरमौर 2) रवि जुल्कान, जिला चम्बा 3) अशोक वशिष्ट जिला कांगड़ा 4) अजीत कुमार, जिला लाहौल स्पिति 5) नसीब चौधरी, जिला सोलन का कार्यभार संभालेंगे। कोषाध्यक्ष :- सुरत राम, जिला लाहौल स्पिति होंगे। जिलाध्यक्षों में :- मदन सिंह को जिला किन्नौर, धनीराम चौहान को सोलन, रमेश कुमार को सिरमौर, अमित शर्मा को नूरपुर, राजीव शर्मा को लाहौल स्पिति, कमल को बिलासपुर, श्याम सिंह को कांगड़ा, शमशेर चंद को देहरा, पवन कुमार को चम्बा, छोवांग दोरजे को महासू, जोगिन्द्र रणौत को पालमपुर, ओंकार नाथ कसाना को ऊना, शरव नेगी को कुल्लू, सुरेश कटारिया को मण्डी तथा मोहन नेगी को जिला सुन्दरनगर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर शर्मा ने कहा कि मोर्चा के कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के नेता संजय चौहान ने कहा कि पार्टी प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है और मांग करती है कि इसकी उच्च न्यायालय के जज द्वारा निष्पक्ष जांच करवाई जाए व जो भी दोषी है उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड19 महामारी के नाम पर सरकार के द्वारा किए गए खर्च को सार्वजनिक करे। इस कोविड19 महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थिति के समय प्रदेश सचिवालय व स्वास्थ्य विभाग में हुए व्यापक भ्र्ष्टाचार से प्रदेश की बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। सचिवालय में सैनिटाइजर घोटाले व स्वास्थ्य विभाग में निदेशक की गिरफ्तारी के पश्चात बीजेपी से जुड़े नेताओं के नाम सामने आने से इसकी गंभीरता से देखते हुए इस निष्पक्ष जांच की संभावनाएं और भी अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार में सत्ता के करीबी राजनेता, अफसरशाही व ठेकेदार का गठजोड़ के भ्र्ष्टाचार को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यदि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाती है तो यह प्रदेश की सरकार द्वारा लोकतंत्र व जनता से विश्वासघात होगा। सचिवालय में सैनिटाइजर को लेकर हुए घोटाले का पर्दाफाश हुए व विजिलेंस जांच के आदेश को करीब 20 दिन से अधिक समय हो गया है परन्तु अभी तक कोई भी ठोस कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है और न ही कोई भी गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग में हुए व्यापक घोटाले में निदेशक के घर मे छापेमारी में पुख्ता सबूत मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी के पश्चात जिस प्रकार से सरकार इस जांच को आगे ले जा रही है उससे सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान लगता है। क्योंकि इसमे स्पष्ट है कि कई और लोग भी इस घोटाले में संलिप्त है और पुख्ता सबूत होने के बावजूद अभी तक उनमें से किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है और न ही कोई गिरफ्तार किया गया है। सरकार प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह है और उसे स्पष्ट करना होगा कि क्या सरकार इन घोटालों में अन्य दोषियों को बचाने का कार्य कर रही हैं और जिनके नाम इन घोटालों में उजागर हुए हैं इनमें से कुछ सत्ता के करीबी होने के कारण सरकार ने इस पर चुप्पी साद ली है। जनता द्वारा कोविड19 महामारी के लिए सरकार के आह्वान पर पी एम केयर फण्ड व हि.प्र. कोविड19 सोलिडेरिटी रेस्पॉन्स फण्ड में खुल कर दान किया है। परन्तु इन घोटालों से जनता के द्वारा दिए गए इस दान के दुरुपयोग की आशंका भी जनता के मन मे पैदा हो गई है। इसके लिए सरकार को इसमें किए गए खर्च का स्पष्टीकरण देना होगा ताकि जनता को भी मालूम हो कि सरकार उनके मेहनत की कमाई का कैसे उपयोग कर रही है। इसके अतिरिक्त इस दौरान केंद्र व अन्य संस्थाओं से आए धन को किस प्रकार से सरकार ने ख़र्च किया है इस पर भी श्वेतपत्र जारी करे। ऐसी विषम परिस्थिति में प्रदेश सरकार में इस प्रकार के घोटालों व भ्र्ष्टाचार ने हिमाचल प्रदेश की सरकार की छवि पर भी बुरा असर पड़ता दिख रहा है। आज हिमाचल प्रदेश जोकि देश के बेहतर राज्यों में जाना जाता है पर भी इस प्रकार की घटनाओं से इसकी साख पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में प्रदेश की जनता सरकार से इस प्रकार के भ्र्ष्टाचार व घोटालों पर रोक लगाने के लिए निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की अपेक्षा करती है।
समरहिल में तीन मंजिला मकान का टॉप फ्लोर जलकर राख हो गया है। आग सुबह तकरीबन 4 बजे लगी। 3 मंजिला मकान में लगी आग पर अग्निशमन विभाग ने काबू पा लिया है। आग एटिक में लगी थी जिसमें 2 बैडरूम, फर्नीचर बिस्तर इत्यादि जलकर राख हो गए। टॉप फ्लोर लकड़ी का बना हुआ था इसलिए आग तेजी से भड़क गई। अनुमान के मुताबिल इसमें लाखों का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारणों का अभी तक पता नही चल पाया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश वर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में 15वें केन्द्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत आयोग से अभी तक प्राप्त अनुदानों में से 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों, 15 प्रतिशत पंचायत समितियों और 15 प्रतिशत जिला परिषदों को आवंटित किया जाएगा, ताकि वे विभिन्न विकास गतिविधियां चला सकें। कोविड-19 के कारण देश व प्रदेश में जारी लाॅकडाउन के कारण शिक्षण संस्थानों को केवल ट्यूशन फीस लेने की ही अनुमति दी जाएगी। मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला में पशु औषधालय नगरोटा बंगवा को आंचलिक पशु औषधालय के रूप में स्तरोन्नत करने और विभिन्न श्रेणियों के सात पद सृजित करने व भरने का निर्णय लिया। बैठक में बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान, लोगों व संस्थाओं को इन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और राज्य में गौ-अभयारण्य व गौ-सदनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बेसहारा पशुओं का पुनर्वास योजना आरम्भ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रारम्भिक चरण में गौ-सदनों, गौशालाओं और गौ- अभयारण्य में रखी गई प्रत्येक गाय के लिए पांच सौ रुपये देने का फैसला किया गया है। पशुपालन विभाग को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गायों की टैगिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए कहा गया है। दुष्कर्म व यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोस्को) के मामलों की सुनवाई के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए शिमला, किन्नौर जिला के लिए रामपुर और सिरमौर जिला के लिए नाहन में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। कार्य लेन-देन के लिए भुगतान और लेखा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और दक्षता प्राप्त करने तथा भुगतान व रसीद उपकरणों की पेयरिंग में विलम्ब को दूर करने के उद्देश्य से मंत्रिमण्डल ने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के कार्यों को पूर्णतयः ट्रेजरी मोड में स्थानान्तरित करने और पहली जुलाई, 2020 से एलओसी प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया। बैठक में चार विशेष भू-अधिग्रहण इकाइयों को एक मार्च, 2020 से 28 फरवरी, 2021 तक एक वर्ष के लिए विस्तार देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही पहले से ही उपलब्ध स्टाफ के साथ कार्य करने की भी अनुमति प्रदान की गई है। इन इकाइयों में बिलासपुर, पंडोह-1, पंडोह-2 और शाहपुर शामिल हैं, जहां कीरतपुर-बिलासपुर-नेरचैक-पंडोह, पंडोह-टकोली, टकोली-कुल्लू-मनाली और पठानकोट-चक्की-मण्डी फोर लेन परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण होना है। मंत्रिमण्डल ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21-ए बद्दी-नालागढ़-स्वारघाट की फोर लेनिंग के लिए भूमि अधिग्रहण के उद्देश्य से विशेष भू-अधिग्रहण इकाई नालागढ़ को पहली जनवरी, 2020 से 31 दिसम्बर, 2020 तक आगामी एक और वर्ष का विस्तार मंजूर किया है। बैठक में कांगड़ा जिला के देहरा गोपीपुर में क्षेत्र के पूर्व एवं सेवारत सैनिकों की सुविधा के दृष्टिगत ईसीएचएस पाॅलीक्लीनिक एवं ईसीएम, सीएसडी कंटीन स्थापित करने के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के पक्ष में निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश की स्थानीय भट्ठियों (डी-2) से एल-19ए लाइसेंस के अन्तर्गत परमिट जारी करते वक्त स्थानान्तरण शुल्क लागू करने का निर्णय लिया। यह निर्णय सभी प्रकार के स्पिरिट जैसे इथाइल अल्कोहल, इथेनोल, इएनए, रेक्टिफाइड स्पिरिट्स और एब्सोल्यूट अल्कोहल आदि के प्रापण के संदर्भ में लिया गया है, जिनका प्रयोग सैनिटाइजर के निर्माण में होता है। इन स्पिरिट्स का प्रापण 4.50 रुपये प्रति बल्क लीटर होगा। इस निर्णय से राजकोष में लगभग 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व आएगा। बैठक में एल-3, एल-4, एल-5 और एल-4ए व एल-5ए बार लाइसेंस के लिए लाइसेंस शुल्क तथा वर्ष 2020-21 के लिए प्रो-रेटा आधार पर न्यूनतम गारंटी कोटा लागू करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश के सभी जिला दण्डाधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीसीपी), 1973 की धारा 144 (1) के अन्तर्गत जारी किए गए आदेशों को 30 जून 2020 तक बढ़ाने के लिए अधिकृत किया। मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना-2019 को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए मंत्रिमण्डल ने इसमें संशोधन का निर्णय लिया है। इसके अनुसार इस योजना के अन्तर्गत स्वीकृत इकाइयांे में बैंक द्वारा आवंटित की गई ऋण की पहली किस्त के एक वर्ष भीतर विनिर्माण व सेवा उपक्रमों में व्यावसायिक उत्पादन आरम्भ करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त यदि इन इकाइयों की स्थापना हिमाचली मूल की विधवा ने किया हो और उसकी उम्र 45 वर्ष तक हो, उस स्थिति में पात्र अनुदान की राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत की गई है। बैठक में श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय डिग्री कालेज एवं अस्पताल, नेरचैक में बीएससी नर्सिंग की सीटें 40 से बढ़ाकर 60 करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने को स्वीकृति प्रदान की गईं। मंत्रिमण्डल ने आईजीएमसी शिमला में रेडियोलाॅजी एवं गेस्ट्रोएन्टरोलाॅजी विभाग में सहायक प्रोफेसर और टांडा मेडिकल काॅलेज में सहायक प्रोफसर एनाॅटमी एवं पेडियट्रिक्स का एक-एक पद सृजित करने व भरने का निर्णय लिया।
कोविड-19 महामारी के कारण बनी लाॅकडाउन की स्थिति को प्रवासी मजदूरों के जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ा है। जिसका एक मुख्य कारण उनके पास संसाधनों की कमी और लाॅकडाउन में मजदूरी के अवसर कम होना है। ऐसे कई प्रवासी मजदूर हैं जिनके पास बाजार से मास्क लेना भी मुश्किल है। ऐसी ही समस्या को ध्यान में रखते हुए शिमला शहर की निवासी सुषमा सूद ने डा. हेडगेवार स्मारक समिति के सहयोग से विकासनगर के 100 प्रवासी मजदूरों को हस्त से निर्मित मास्क आबंटित किए। हिमाचल शिक्षा समिति के संगठन मंत्री तिलक राज ने प्रवासी मजदूरों को कोविड-19 महामारी के बारे जागरूक किया। साथ ही कार्यस्थल पर मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की भी सलाह दी। इस अवसर पर उनके साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य लेखराज सहित आरोग्य भारती के रोहिताश सूद और डा. हेडगेवार स्मारक समिति के संगठन मंत्री विजय भी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया में यह अफवाह फैला रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश में अनिश्चितकाल के लिए कफ्र्यू लागू करने और तीन दिनों तक सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे, जो पूर्णतया आधारहीन और असत्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है और लोग इस प्रकार के भ्रामक प्रचार पर विश्वास नहीं करें। पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार ही कफ्र्यू जारी रहेगा लेकिन सरकारी कार्यालयों को बंद करने संबंधी कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उन लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी जो संकट के इस समय में लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
शिमला जिला के किसानों एवं बागवानों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट कर फलों व सब्जियों के सुचारू विपणन के प्रबन्ध करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि प्रदेश में अगले माह से उत्पादित होने वाले फलों व सब्जियों का उत्पादन आरम्भ हो जाएगा, जिसे देखते हुए सेब व अन्य उत्पादों की पैकिंग सामग्री और इन उत्पादों को विभिन्न मण्डियों तक भेजने के लिए सुचारू यातायात व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण बाहरी राज्यों से आने वाले फल एवं सब्जी क्रेताओं के यहां प्रवेश व उनके स्वास्थ्य जांच की भी उचित व्यवस्था करने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पैकिंग सामग्री और ढुलाई भाड़े के नियंत्रण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि संकट के समय में मजदूरों को नेपाल व भारत के अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश लाने के लिए समय रहते उचित प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने फलों व सब्जियों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर की उचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। प्रतिनिधिमण्डल ने सब्जी एवं स्टोन फ्रूट के लिए समय पर पैकिंग सामग्री उपलब्ध करवाने, फलों एवं सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए यातायात सुचारू व्यवस्था और एपीएमसी सहित अन्य एजेंसियों के माध्यम से उत्पादों का सुनियोजित विपणन करने के लिए मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सदैव किसानों व बागवानों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है और अगले महीने से उत्पादित होने वाले फलों व सब्जियों के विपणन और पैकिंग के लिए समुचित प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि किसानों-बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा और नुकसान न हो। वरिष्ठ भाजपा नेता संदीपनी भारद्वाज, जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, एपीएमसी किन्नौर और शिमला के अध्यक्ष नरेश शर्मा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और किसानों एवं बागवानों के प्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने देशव्यापी लॉक डाउन के चलते प्रदेश के प्रमुख व्यवसाय होटल उद्योग पर पड़े विपरीत प्रभाव पर चिन्ता जताते हुए इसके उत्थान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाने की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन महीनों से यह उद्योग पूरी तरह बंद है और इस पूरे साल इसके चलने की कोई उम्मीद उन्हें नही लगती। होटल एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट कर विक्रमादित्य सिंह ने उनसे इनके सुझावों पर सहानभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश में तालाबंदी के चलते यह होटलियर अपने बिजली, पानी, टैक्स के अतिरिक्त अपने कर्मचारियों को वेतन देने में भी असमर्थ है। उन्होंने कहा कि इन व्यवसाइयों को तुंरत गोआ, केरल व राजस्थान की तरह राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई राहत तुरन्त नही दी जातो तो उन्हें मजबूरन अपने होटलों में भी तालाबंदी करनी पड़ सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों में तालाबंदी के दौरान के बैंक ऋणों में ब्याज दर को माफ़ करना, इस अवधि के बिजली, पानी व अन्य सभी करो, टेक्स को निरस्त करना, सभी कर्मचारियों को सरकारी कोष से इस अवधि का वेतन देने, आगमी 2 सालो तक जीएसटी में छूट देना आदि है। ज्ञापन में इन लोगों ने सरकार से प्रदेश में ऐसी टूरिज़म पालिसी बनाने की मांग की जिसमें इसे व्यापक स्तर पर बढावा मिल सके। इसके तहत इसको विशेष बजट, सुरक्षित यात्रा के साथ साथ हेलिपैड के निर्माण करने को कहा गया, जिससे प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही तेज हो सके। विक्रमादित्य सिंह ने इस दौरान उम्मीद जताई कि मंत्रिमंडल की बैठक में इसपर कोई सार्थक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह प्रदेश में होटल व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिए हर सम्भव कोशिश करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में विक्रमादित्य सिंह के साथ संजय सूद, अनिल वालिया, प्रिंस कुकरेजा प्रमुख तौर पर थे।
पूरा देश कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न स्थितियों से जूझ रहा है और राज्य और राज्य के बाहर लोगों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लगे लाॅकडाउन के कारण देश के विभिन्न भागों में फंसे लोगों को राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक व्यक्तियों की पहचान करने के लिए हेल्पलाइन सेवा की शुरूआत की है। देश के विभिन्न भागों में फंसे हुए हिमाचलियों को वापस लाने के लिए डाटा संकलित कर आवश्यक व्यवस्था शुरू की गई है। प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए नोडल अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चलाई विशेष रेलगाड़ियां कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लोगों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से, देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को निकालने का काम भी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के फंसे हुए लोगों को आवागमन की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार द्वारा विशेष रेलगाड़ियां भी चलाई गईं। लोगों की सामूहिक रूप से प्रदेश वापसी के अलावा, देश के अन्य भागों में फंसे हुए व्यक्तियों को भी सहायता प्रदान की जा रही है। जिला कांगड़ा की पालमपुर उपमण्डल के गांव मलकेहड़ के 25 साल के दीपेन्द्र मिश्रा, जो चंडीगढ़ में प्रशिक्षण ले रहे थे, लाॅकडाउन के कारण वहां फंस गए थे। दीपेन्द्र ने राज्य के फंसे हुए लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हेल्पलाइन नंबर पर काॅल किया। उन्हें 26 अप्रैल को अन्य विद्यार्थियों के साथ हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में हिमाचल भवन चंडीगढ़ से सोलन लाया गया और बाद में कांगड़ा भेज दिया गया। हिमाचल वापस पहुंचने पर ली राहत की सांस मुंबई में काम करने वाली किन्नौर जिला की मुस्कान ने कहा कि होटल बंद होने के कारण उनके पास प्रदेश वापस आने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था। उसने अपने गृह राज्य में पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त की। शिमला जिले के सुन्नी के अमित कुमार, जो पुणे के एक होटल में काम करते थे, उन्होंने ऊना रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर कहा कि उन्हें लाॅकडाउन के कारण घर पर वापस पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन प्रदेश सरकार के प्रयासों ने इसे संभव बना दिया। गोवा से ऊना पहुंचे मनाली के राजन लामा ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी तरह, नगरोटा बगवां की नोमिता चौधरी, जो मोहाली में नर्सिंग संस्थान में काम कर रही थीं और साथ ही साथ कोचिंग भी ले रही थीं, लाॅकडाउन के बाद वापस अपने पैतृक स्थान पर पहुंच गईं। इन सभी लोगों को राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रदेश सरकार के गंभीर प्रयासों से वापस लाया गया है। रेलगाड़ी से पहुंचाए प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिक पुणे से एक विशेष रेलगाड़ी 19 मई को 617 लोगों को लेकर ऊना पहुंची, जिसमें कांगड़ा के 215 हमीरपुर के 68, मंडी के 63, बिलासपुर के 16, कुल्लू के 37, सोलन के 41, सिरमौर के नौ, चंबा के 28, किन्नौर के दो, शिमला के 63 और ऊना के 70 लोग शामिल थे। इसी तरह मुंबई से एक और विशेष रेलगाड़ी 18 मई को 697 लोगों को लेकर ऊना पहुंची, जिसमें कांगड़ा के 242, हमीरपुर के 169, मंडी के 103, शिमला के 40, चंबा के 26, कुल्लू के 10, किन्नौर के 10, बिलासपुर के 43, ऊना के 38 और सिरमौर और सोलन जिलों के आठ-आठ लोग शामिल थे। गोवा के त्रिविम, मड़गांवो, करामली से एक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से 15 मई को लगभग 1486 लोग ऊना पहुंचे। इनमें जिला चंबा के 128 व्यक्ति, कांगड़ा के 322, मंडी के 415, बिलासपुर के 24, शिमला के 80, किन्नौर का एक, सोलन के 37, सिरमौर के 20, हमीरपुर के 53, कुल्लू के 397, लाहौल-स्पीति के दो और ऊना के सात लोग थे। विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए भेजीं एचआरटीसी की बसें नागपुर से पठानकोट तक 78 व्यक्तियों, मुंबई से ऊना तक 736 व्यक्तियों और पुणे से ऊना तक 546 व्यक्तियों को वापस लाने के लिए भी विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। राज्य के 140 छात्रों को वापस लाने के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम की नौ बसों को परवाणू से कोटा भेजा गया। चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में फंसे लोगों को सहायता भी दी गई, जिसके लिए बसों को बैचों में भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में वापस राज्य में लाया गया। 3 मई, 2020 को पहले बैच में ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 1314 व्यक्तियों को 51 बसों में वापस प्रदेश में लाया गया, जिसमें कांगड़ा जिले के 609 लोग, हमीरपुर जिले के 335 लोग, ऊना जिले के 132 लोग और चंबा जिले के 238 लोग शामिल थे। दूसरे बैच में 49 बसों में वापस लाए हिमाचली 4 मई को 49 बसों में दूसरे बैच को प्रदेश में लाया गया, जिसमें मंडी जिला के 622 लोग, बिलासपुर जिले के 365 लोग, कुल्लू जिले के 191 और लाहौल-स्पीति जिले के 61 लोगों सहित 1239 लोगों को अन्य स्थानों से प्रदेश वापस लाया गया। इसी प्रकार तीसरा बैच 5 मई को राज्य के पांच जिलों के 1006 व्यक्तियों को 44 बसों में ट्राइसिटी से वापस लाया गया, जिसमें शिमला जिले के 585, सोलन जिले के 150, सिरमौर जिले के 170, किन्नौर जिले के 89 और बिलासपुर जिले के 12 लोग शामिल थे। यह देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हिमाचल के लोगों को राज्य में सुरक्षित वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान था। इन सभी वापस लाए गए लोगों की इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच की गई और इसके बाद उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा गया। आरोग्य सेतु ऐप करवाई जा रही डाउनलोड प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं और उन्हें ‘‘आरोग्य सेतु ऐप’’ डाउनलोड करने के लिए कहा गया है और साथ ही सामाजिक शिक्षा के महत्व के बारे में सूचना शिक्षा संचार (आईईसी) सामग्री प्रदान की जा रही है। इनके अलावा, हिमाचल प्रदेश के 29 निवासी, जिन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए लाॅकडाउन से पहले विभिन्न देशों की यात्रा की थी, उन्हें भी अन्य देशों से देश में वापस लाया गया है, जिनमें से 19 को दिल्ली में, पांच को केरल और पांच को पंजाब में रखा गया है। इसके बाद क्वारन्टीन अवधि पूरी होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश वापस लाया जाएगा।
शिमला जिला के रोहडू स्थित बखीरना में पब्बर नदी पर बने डबल लेन पुल के निर्माण के दौरान उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही के लिए राज्य सरकार ने तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मण्डल रोहड़ू, रवि भट्टी को निलंबित कर दिया है। वह वर्तमान में ठियोग में तैनात हैं। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, रोहड़ू नरेंद्र सिंह नाइक और कनिष्ठ अभियंता, सिविल, रोहड़ू सेक्शन विजय कुमार को भी इस पुल के निर्माण कार्य के दौरान उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में कोताही के लिए निलंबित किया गया है। पब्बर नदी पर बना यह पुल इस माह की 13 तारीख को क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रधान सचिव पीडब्ल्यूडी जे.सी. शर्मा ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार इस पुल के निर्माण में तकनीकी खामियों के अलावा, उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही को भी इंगित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच की गई है और मुख्यतः इन तीनों अभियन्ताओं को इस चूक के लिए जिम्मेदार पाया है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जे.सी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में राज्य सरकार विकासात्मक कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कांगड़ा जिले में सेवारत और सेवानिवृत सैनिकों की सुविधा के लिए सीएसडी डिपो खोलने का आग्रह किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में, मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे सेवारत और सेवानिवृत सैनिक हैं, जिन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा की है और सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई रक्षा प्रतिष्ठान, इकाइयां और उनके द्वारा चलाई जा रही यूनिट रन कैंटीन हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोई सीएसडी डिपो नहीं है, जिसके कारण प्रदेश की यूनिट रन कैंटीन हरियाणा के अंबाला और पंजाब के पठानकोट में स्थित सीएसडी डिपो पर निर्भर है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के 34 सदस्यीय एग्जेक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन का पदभार संभालने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मन्त्री डाॅ. हर्ष वर्धन को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बधाई दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक्जेक्यूटिव बोर्ड में महत्वपूर्ण पद मिलना देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि डाॅ. हर्ष वर्धन एक कुशल प्रशासक और अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और उनका यह पदभार ग्रहण करना सम्पूर्ण विश्व विशेषकर भारत के हित में होगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए, अधिकारियों को देश के विभिन्न भागों से रेलगाड़ियों द्वारा राज्य में पहुंचने वाले लोगों की जांच करने वाले डाॅक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को सभी सुरक्षात्मक उपकरण प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटाइन केन्द्रों में और अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वृद्ध लोगों और दीर्घकालिक रोगियों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में अलग शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि 25 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न भागों में फंसे 1.30 लाख से अधिक हिमाचली लोग राज्य में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 81000 लोगों को होम क्वारंटाइन में और 6500 से अधिक को संस्थागत क्वांरटीन के तहत रखा गया है। उन्होंने कहा कि शेष ने अपनी क्वारंटाइन अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को बाहरी राज्यों से आने वाले हिमाचलियों की प्रदेश वापसी के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि राज्य सरकार प्रदेश यह सुनिश्चित कर रही है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की उचित जांच और चिकित्सीय परीक्षण के उपरान्त ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार की उच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोगों की प्रदेश वापसी की संभावना को ध्यान में रखते हुए उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिए कि वह संस्थागत क्वारंटाइन के अतिरिक्त प्रबन्ध करें ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए पीपीई किट और अन्य सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन मेंरहना होगा, जब तक कि उनका कोविड परीक्षण नहीं किया जाता तथा नेगेटिव पाए जाने के उपरान्त ही घर जाने की अनुमति प्रदान की जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले हिमाचलियों का पूरा डेटा भी संकलित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड पाॅजिटिव रोगियों के सम्पर्क में आए सभी लोगों का पता लगाया जाए तथा स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि उनका समय पर इलाज हो सके और इस वायरस के फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों से कोरोना मुक्त ऐप डाउनलोड करवाई जाए ताकि क्वारंटीन में रखे गए लोगों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वांरटीन व्यवस्था को भी मजबूत और प्रभावी बनाया जाना चाहिए ताकि घर में होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों को अलग रखा जा सके और वायरस को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में लगे कर्मचारियों को सभी आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण भी प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे बिना किसी भय के काम कर सकें। मुख्य सचिव अनिल खाची ने आश्वासन दिया कि लोगों को संस्थागत क्वारंटीन सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रमुख सचिव जे.सी.शर्मा, ओंकार चन्द शर्मा और संजय कुंडू भी वीडियो काॅन्फ्रेंस के दौरान उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा० राजीव सहजल एवं मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने जारी संयुक्त बयान में कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के संकटकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी जनता की सेवा में दिन-रात कार्य कर रही है। भाजपा संगठन और सरकार के बेहतरीन तालमेल की वजह से भाजपा ने प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक जनसेवा कार्यों में शत प्रतिशत अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। भाजपा नेताओं ने कहा कि भाजपा ने डिजीटल साधनो को अपने अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बूथ स्तर तक संवाद स्थापित किया है और अपने अगले चरण में पन्ना प्रमुखों से संवाद स्थापित करने की योजना है। भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 4 लाख 89 हजार 308 लोगों को भेजन दिया गया। 1 लाख 10 हजार 243 राशन किटे दी गई, 21 लाख 17 हजार 409 फेस मास्क (फेस कवर) बनाकर बांटे गए। 1 करोड़ 89 लाख 67 हजार 228 रू0 प्रधानमंत्री केयर में व 8 करोड़ 20 लाख 54 हजार 84 रू0 हिमाचल प्रदेश कोविड-19 में सहयोग राशि जुटाई है और यह अभियान सतत जारी है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता आए दिन मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए उल-जलूल बयान देकर हास्य का पात्र बन रहे हैं। वास्तव में कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहीन हो गई है इसलिए उसके नेताओं को समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार के विरूद्ध क्या बोले ? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता बताएं कि धरातल पर उन्होंने क्या कार्य किए हैं क्या उनके पास इन कार्यों के आंकड़े हैं या केवल सुर्खियों में बनने के लिए अपना प्रचार कर रहे हैं कांग्रेस के नेता। उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी एकमात्र राजनीतिक दल है जो पूरे राष्ट्र में बूथ स्तर पर जाकर कार्य कर रहा है । उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को भी अपने प्रदेश की चिंता है और उसके लिए उन्होंने पहले एक लाख सैनिटाइजर की खेप भेजी और अभी कुछ दिन पूर्व उन्होंने ढाई लाख मास्क भी भेजें जो कोरोना योद्धाओं के लिए मंडल स्तर पर वितरित हो रहे हैं यह अपने आप में दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी किस प्रकार धरातल पर कार्य करती है।
Chief Minister Jai Ram Thakur was presented a cheque of Rs. 10,13,820 by Vice President Khatri Sabha Mandi Dr. Naresh Vaidya on behalf of the Khatri Sabha Mandi towards ‘HP SDMA COVID-19 State Disaster Response Fund. Chief Minister thanked for this noble gesture and said that this would go a long way in motivating the others to contribute generously towards this Fund. General Secretary State Child Welfare Council Payal Vaidya, M.P. Vaidya, Manish Kapoor, Sudhanshu Kapoor, Pankaj Kapoor, Sapan Sehgal, Rajneesh Kapoor and Dr. Sidharth Malhotra were also present on the occasion.
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री को पद से हटा कर कार्रवाई कर साबित करें कि मुख्यमंत्री हिमाचल की जनता के कर्तव्यों के प्रति ईमानदार हैं। यह बात एनसीसी एस सी विभाग के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजिंदर जार, महासचिव सुनील शर्मा बिट्टू, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानियां, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में जहां जिला के सभी विधायकों, कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं अन्य कांग्रेस नेताओं और आम जनता को नियमों और कानूनों का हवाला देकर घर से बाहर निकलने पर रोक दिया गया था वहीं एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री को नियमों को ताक पर रख कर किसने विधानसभा क्षेत्र नादौन में घूम कर अपने फोटो को सोशल मीडिया पर प्रचार करने की अनुमति दी। कोरोना संक्रमण काल में अग्निहोत्री द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। फाहल पंचायत में विजय अग्निहोत्री के 12 करीबियों जो मुम्बई से आए थे को अनावश्यक रूप से लाभ देने लिए नादौन की तत्कालीन एसडीएम किरण भडाना द्वारा 12 मई को मना करने के बाद,13 मई को किसके दबाव में आकर जिलाधीश ने नियम और कानून उन 12 व्यक्तियों को लाभ देने के लिए बदल दिए। जिलाधीश पर नियम और कानून बदलने के लिए किसका दबाव था इसकी जांच होनी चाहिए। एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री ने आपदा प्रबंधन एक्ट को कोरोना संक्रमण काल में तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह भी स्पष्ट करें कि सरकार को कोरोना संक्रमण की आपदा के समय ऐसी क्या आवश्यकता आ गई थी कि 13 मई को एसडीएम नादौन किरण भडाना का तबादला कर दिया गया। प्रदेश सरकार पर एसडीएम का तबादला करने पर किसका दबाव था यह भी मुख्यमंत्री स्पष्ट करें। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोगों के प्रति अपनी जवाबदेही को स्पष्ट करते हुए एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री को पद से हटा कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें ताकि आम जनता का विश्वास सरकारों पर बना रहे ।
प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ० राजीव बिन्दल, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो० प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल सहित समस्त भाजपा परिवार ने किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेन्द्र ठाकुर कुनपूरी के पिता एवं पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पार्टी के पुराने स्तंभ विश्राम तथा सोलन मण्डल के वार्ड नं० 6 के बूथ नं० 80 के पन्ना प्रमुख विवेक सूद (लोटी) के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। भाजपा नेताओं ने शोक संत्पत परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
हिमाचल प्रदेश पी टी ए अनुबंध अध्यापक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल नियमितीकरण के सन्दर्भ में प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला और मुख्यमंत्री राहत कोष में तेरह लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए का ड्राफ्ट भेंट किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहे जहां पी टी ए अध्यापकों के नियमितीकरण की रूपरेखा तय की गई। मंगलवार, दिन में प्रतिनिधिमंडल विधि सचिव से मिला और नियमितीकरण पर कानूनी राय ली गई उसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक व एडवोकेट जनरल से मिला और अतिशीघ्र नियमितीकरण पर गहनता से मंथन किया गया। गौरतलब है कि पी टी ए अध्यापक लगभग पिछले 14 वर्षों से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं लेकिन पी टी ए, पैरा, पैट, जी बी यू की नियुक्तियों के सम्बन्धित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के चलते सरकार पी टी ए अध्यापकों का नियमितीकरण नहीं कर पा रही थी हालांकि वर्तमान सरकार गतवर्ष समस्त पी टी ए अध्यापकों को नियमित अध्यापकों के बराबर वेतन दे रही है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने विरोधियों की सभी याचिकाओं को खारिज़ कर दी हैं और हिमाचल सरकार की इन भर्तियों को जायज ठहराते हुए ऊक्त मामले में हिमाचल हाई कोर्ट के दिसम्बर 2014 में पक्ष में दिए गए फैसले को बरकरार रखकर इस वर्ग के नियमितीकरण के दावे को और भी मजबूत कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णायक फैसले से हजारों शिक्षक परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर ने कहा कि आज का दिन पी टी ए अध्यापकों के लिए ऐतिहासिक दिन है क्युकी आज हजारों पी टी ए अध्यापकों के शीघ्र नियमितीकरण की नीव रख दी गई है जिससे अतिशीघ्र हजारों परिवारों के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत होगी क्यूंकि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द पी टी ए अध्यापकों को नियमितिकण का तोहफा दिया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष अमित मुखिया, बोवी घेदटा, बलदेव ठाकुर, रवि ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, कपिल वरसांटा आदि मौजूद रहे।
शहरी विकास मंत्री सरवीण चैधरी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के दृष्टिगत प्रत्येक घर को 120 दिनों का रोजगार प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारन्टी योजना आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि यह योजना वर्तमान कोविड-19 महामारी के समय दिहाड़ीदार श्रमिकों के कौशल विकास, उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान करने और अपने उपक्रम स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के उद्देश्य के साथ शुरू की गई है। सरवीण चैधरी ने कहा कि इस योजना से शहरी अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और शहरी निकायों में गुणात्मक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
राजस्व विभाग ने आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत विभिन्न विभागों, उपायुक्तों और अन्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि इस दौरान सार्वजनिक व निजी सम्पत्तियों को न्यूनतम नुकसान हो तथा बहुमूल्य मानव जीवन की रक्षा की जा सके। राजस्व विभाग एवं आपदा प्रबन्धन के प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, नगर निगमों और पंचायती राज संस्थानों को नालियों, चैनलों और नालों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आपदा के लिए संवेदनशील राज्य है इसलिए यह आवश्यक है कि लोगों को प्रारम्भिक चेतावनियां और आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि नदी तट के आस-पास रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देने के लिए उपयुक्त प्रणाली के साथ तैयार रहे। इसके अतिरिक्त यह निर्देश भी दिए गए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि आपात स्थितियों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री का प्रबन्ध करने तथा राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात करने के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में होमगार्ड की कम्पनियों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है और आपात प्रतिक्रया के लिए अग्निशमन सेवाओं की भी सहायता ली जाएगी। ओंकार चन्द शर्मा ने कहा कि जल शक्ति विभाग को लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने तथा जल स्त्रोतों की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं।


















































