मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक ने 6वें राज्य वित्तायोग के गठन को अपनी सहमति दी है। आयोग पंचायतों तथा स्थानीय शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। आयोग राज्य के संचित कोष से पंचायतों और शहरी निकायों के कर निर्धारण, डयूटी, टोल और शुल्क ग्रांट इन एड देने के साथ-साथ अन्य सभी मामले, जिनमें पंचायत और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, के बारे में राज्यपाल को सिफारिश करेगा। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जल रक्षक/ पैरा फीटर और पैरा पम्प ऑपरेटरों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि की है, अब जल रक्षक को 3300 रुपये प्रति माह जबकि पैरा फीटर और पैरा पम्प ऑपरेटरों को 4300 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा। बैठक ने राज्य के ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वा भूमि की पात्रता के लिए आय मानदंड में संशोधन करने के लिए आवासहीन व्यक्तियों/परिवारों की मौजूदा 50,000 रुपये प्रतिवर्ष आय को बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिवर्ष करने की मंजूरी दी है ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। मंत्रिमंडल ने वर्ष 2020-21 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर के आधार पर कक्षा 1, 3, 6 और 9वीं कक्षाओं के स्कूली विद्यार्थियों को अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए अपनी मंजूरी दी। इससे इस वर्ग के 2,56,514 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल द्वारा राज्य आपदा शमन कोष गठित करने तथा आपदा शमन व्यय को पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा 2011 के नियमों के तहत वित्त प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी प्रदान की, क्योंकि आपदा तैयारी, प्रतिक्रिया और गतिविधियां एक अलग राज्य आपदा प्रबन्ध कोष के तहत आती हैंै। इस कोष के अन्तर्गत राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन कोष का 20 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल किया जाएगा जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 90.80 करोड़ रुपये होगा। इसके अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की राशि भूकम्प और भूसंखलन जोखिमों के लिए राज्य आपदा शमन कोष से अनुमोदित की गई है। मंत्रिमंडल मंडी जिला के थुनाग में रेशम बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने तथा इसके संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 4 पदों को सृजित करने तथा भरने की भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के सुलह विधनसभा क्षेत्र में राजकीय बहुतकनीकी संस्था खोलने तथा इस संस्थान के प्रबधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 29 पदों को सृजित तथा इन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के नागरिक अस्पताल टिहरा में सुचारु कामकाज के लिए विभिन्न श्रेणियों के और 3 पदों को सृजित और भरने की मंजूरी प्रदान की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इकॉनोमिक पैकेज में एम एस एम ई की परिभाषा में संशोधन की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की 1 जून की 2020 की बैठक में उसे पुनः संशोधित किया गया है जो जुलाई 2020 में लागू होगी। लघु उद्योग भारती इस बात की सराहना की है कि बहुत लंबे अरसे से विचाराधीन विषय को लागू किया गया। लघु उद्योग भारती हिमाचल प्रदेश के महामंत्री विकास सेठ ने बताया की, बड़ा संतोष का विषय है कि सरकार ने हमारी मांग पर निवेश को पूर्ववत रखते हुए, वार्षिक बिक्री को जोड़ा है। इसके अतिरिक्त सरकार से यह मांग करते हैं की कुछ बिंदुओं को इस अधिसूचना में जोड़ा जाए। सर्वप्रथम एमएसएमई के कहलाने के लिए भारतीय स्वामित्व की शर्त होना आवश्यक हो। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों को मेक इन इंडिया के तहत बढ़ाने के लिए जरूरी है कि परिभाषा में यह निश्चित किया जाए कि सेवा क्षेत्र और व्यापार को अलग से परिभाषित किया जाए, एवं भारत सरकार के एमएसएमई विभाग की वर्ष 2018 -19 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सूक्ष्म उद्योग 89% लघु उद्योग 10.5% और मध्यम .5% हैं। इसलिए बैंकों द्वारा कर्ज के आवंटन में एवं सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के द्वारा खरीदी में आरक्षण सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों की संख्या के अनुसार विभाजित होना चाहिए। लघु उद्योग भारती बहुत आशान्वित है कि सरकार हमारे द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए अधिसूचना में जुड़ेगीं, जिससे प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी भारत में एमएसएमई के योगदान को देखा जा सकेगा।
वीरवार को, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने दे दी। आयोग पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्यपाल को इन पंचायतों की वित्तीय स्थिति और शहरी स्थानीय निकायों के करों, कर्तव्यों, टोलों और फीस के निर्धारण, पंचायतों को सहायता अनुदान के निर्धारण में सुधार के बारे में सिफारिशें करेगा। राज्य के समेकित कोष और पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के ध्वनि वित्त के संबंध में किसी भी अन्य मामले से। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभा में जल रक्षक / पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में रु 300 प्रति माह। इस वृद्धि के साथ, अब जल रक्षक को रु 3300 प्रति माह जबकि पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों को रु का मानदेय मिलेगा। 4300 प्रति माह। इसने राज्य के ग्रामीण / शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वास भूमि की पात्रता के लिए आए मानदंड में संशोधन करने के लिए आवासहीन व्यक्तियों / परिवारों को मौजूदा रुपये से बढ़ाकर इसे मंजूरी दी। 50,000 से रु प्रतिवर्ष एक लाख, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। कैबिनेट ने वर्ष 2020 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर के आधार पर स्कूल, पहली, तीसरी, 6 वीं और 9 वीं कक्षाओं के स्कूली छात्रों को अटल स्कूल वर्डी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए अपनी मंजूरी दी। इससे इन वर्गों के 2,56,514 छात्रों को लाभ होगा। इसने एक राज्य आपदा शमन कोष बनाने का निर्णय लिया और शमन पर खर्चों को पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और नियम, 2011 के तहत निधि के प्रशासन के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी, क्योंकि राज्य के रूप में जाना जाता एक अलग कोष के तहत तैयारियों और प्रतिक्रिया गतिविधियों को कवर किया जाता है। आपदा प्रबंधन कोष - इस फंड के तहत, राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन फंड का 20 प्रतिशत शमन के लिए उपयोग किया जाएगा, जो रु चालू वित्त वर्ष के लिए 90.80 करोड़। इसके अलावा, रु राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि से राज्य में पहाड़ी राज्यों में भूकंपीय और भूस्खलन जोखिमों के प्रबंधन के लिए 50 करोड़ की सिफारिश भी की गई है। इसने इस केंद्र को बनाने के लिए मंडी जिले के थुनाग में रेशम कीट बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने और विभिन्न श्रेणियों के चार पदों को भरने के लिए अपनी सहमति दी। मंत्रिमंडल ने इस संस्था के प्रबंधन के लिए कांगड़ा जिले के सुलह विधान सभा क्षेत्र में एक नया सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान खोलने के लिए और विभिन्न श्रेणियों के 29 पदों को भरने के लिए अपनी मंजूरी दी। इसने अपनी सुचारू कार्यप्रणाली के लिए जिला मंडी के सिविल अस्पताल तिहाड़ में विभिन्न श्रेणियों के तीन और पदों को बनाने और भरने का निर्णय लिया।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत ऐसे सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी, जो कोविड-19 के दृष्टिगत डयूटी पर तैनात किए गए हैं, की मृत्यु होने पर उनके परिवारों को प्रदेश सरकार ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में से 50 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि देने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जिनके लिए भारत सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पहले ही बीमा योजना की घोषणा कर दी थी, वे इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के पास विभिन्न निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और एजेंसियों द्वारा उनके अधिकारियों, कर्मचारियों को इस निर्णय के दायरे में लाने हेतु प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे है, क्योंकि वे कोविड-19 महामारी से लड़ने की प्रक्रिया में भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के उपरांत प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों के साथ-साथ निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और विभिन्न एजेंसियों में काम करने वाले सभी अधिकारियों, जो कोविड-19 के दृष्टिगत राहत उपायों के लिए कार्य कर रहे हैं, को इसके अन्तर्गत कवर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण मृत्यु होने पर कोविड-19 से सम्बन्धित डयूटी पर स्वच्छता के काम में लगे नगर निगम शिमला की सैहब सोसायटी के नियमित, आउटसोर्स, अनुबंध, दैनिकभोगी कर्मचारियों को भी इसके अन्तर्गत लाया गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान केवल आधिकारिक डयूटी में तैनात, जिनका कोविड-19 महामारी से लड़ने में कोई भूमिका नहीं है, वे इस अनुग्रह अनुदान राशि के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग, कोविड -19 संस्थानों में कार्यरत हेल्थ वर्कर, क्वारंटीन केन्द्र में प्रबन्धन के लिए तैनात लोग, प्रवासियों के आने और जाने के कार्य के लिए तैनात लोग, हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक एवं परिचालक तथा पर्यवेक्षण कार्यों के लिए तैनात निगम के अधिकारी, खाद्यान्न, राशन की आपूर्ति कार्यों में लगे कर्मचारी, स्वच्छता कार्यकर्ता, पुलिस के सुरक्षाकर्मी व होमगार्ड इत्यादि को पात्र फ्रंटलाइन कार्यों में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु होने पर प्रमाणित करने वाले संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणीकरण के बाद ही राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान विभाग के मुखिया द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु होने का प्रमाण पत्र देने के उपरांत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस राशि का दावा करने वाले को कानूनी उत्तराधिकारी होने के साथ इससे सम्बन्धित अन्य प्रमाण पत्र भी देने होंगे।
जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर तथा शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा में कोई भी अनियमितता नहीं हुई है यह उच्च न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो गया है। विपक्ष द्वारा इस मामले को व्यर्थ में उछाला जा रहा है। इस मामले में विपक्ष के आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन व निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 1200 पटवारी भर्ती करने का निर्णय लिया था, जिसके लिए प्रदेशभर से लगभग 3,00,000 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था। 17 नवंबर 2019 को इस भर्ती की लिखित परीक्षा प्रदेश के विभिन्न उपायुक्तों के माध्यम से जिलों के विभिन्न केंद्रों में ली गई। इस भर्ती को कुछ व्यक्तियों ने हिमाचल प्रदेश माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी व भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया तथा अधिवक्ता के माध्यम से हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस याचिका का विस्तृत जवाब दाखिल किया है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि इस भर्ती में कोई भी व किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई है तथा इस याचिका को चुनौती देने वालों में से एक अभ्यर्थी तो परीक्षा में भी उपस्थित नहीं हुआ था। महेन्द्र सिंह ठाकुर और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 8 जनवरी 2020 को इस पटवारी भर्ती मामले की जांच सीबीआई को करने के लिए कहा। सीबीआई ने गहन जांच पड़ताल करने के बाद अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट, प्रदेश उच्च न्यायालय को प्रस्तुत की। सीबीआई ने 29 मई 2020 को माननीय उच्च न्यायालय में बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपी। 2 जून 2020 को माननीय उच्च न्यायालय ने सीबीआई की विस्तृत जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया, व यह स्पष्ट पाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस पटवारी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता नहीं की थी और इस पटवारी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब उच्च न्यायालय पटवारी भर्ती की जांच करवाने के निर्देश दिए तो प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस पटवारी भर्ती की जांच प्रदेश व देश की किसी भी जांच एजेंसी से करवाने के लिए तैयार है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस पटवारी भर्ती में पारदर्शिता का पालन किया है। प्रदेश की वर्तमान सरकार भर्ती व अन्य सभी मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। सीबीआई की रिपोर्ट व हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती गई थी और किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई थी।
दिनाक 03 जून 2020 को NSUI मंडी के पूर्व जिला अध्यक्ष आज़ाद गुमरा ने कोरोना माहमारी के चलते छात्रों के स्वास्थय को मद्देनजर कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को प्रोमोट करने की पुरजोर मांग उठाई है। आज कोरोना माहमारी के चलते शैक्षणिक वर्ष बाधित हुआ है। शैक्षणिक कैलेंडर में देरी के साथ-साथ विश्वविद्यालय में ना ही कक्षा संचालित हो पाई है और ना ही पाठ्यक्रम पूरा हुआ है, जिसके बिना परीक्षाएं आयोजित करना सही नहीं होगा। साथ ही प्रदेश में बिना बुनियादी ढाँचे व कनेक्टिविटी के कारण ऑनलइन परीक्षाएं करवाना भी सभव नहीं है। कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालय का ऐकडेमिक कलैंडर काफी गड़बड़ा गया है, वहीं कोरोना वायरस के लगातार पाँव पसारने के बीच परीक्षाएं करवाना संभव नहीं लग रहा है। परीक्षाएं करवाने पर छात्रों के स्वास्थय पर असर भी हो सकता है। NSUI सरकार से व विश्वविद्यालय प्रशाशन से यह मांग करती है कि सनातक प्रथम, द्वितीय वर्ष और स्रातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को गत वर्ष के मूल्यांकन के आधार पर प्रोमोट किया जाए वहीं सनातक व स्तरातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों गत औसत के 10 प्रतिशत अधिक अंको से उत्तीर्ण किया जाए। साथ ही NSUI ने यह भी मांग रखी है कि जो 2015 -2016 सत्र के छात्र है जिनकी डिग्री अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और उनका यह अंतिम चांस था, उन छात्रों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए उन्हें डिग्री दी जाए।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कुसुम्पटी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कायम करते हुए कोविड-19 के तहत उनके द्वारा किए गए सक्रिय सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कोई भी कोरोना संक्रमण मामला सामने नहीं आया, जो भी मामले यहां पाए गए हैं वह उनकी ट्रैवल हिस्ट्री बाह्य आगमन रही है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग ने लाॅकडाउन की स्थिति का सामना किया। जनप्रतिनिधियों द्वारा सेवा परमोधर्म के भाव को प्रदर्शित करते हुए लोगों को विभिन्न तरीकों व स्तरों पर निरंतर सहायता प्रदान की जाती रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों को चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से कोई भी प्रदेश में संक्रमण का मामला नहीं आया, इसके लिए जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले समय में संक्रमण की गति में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन खुलने की स्थिति में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं व समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत कार्यों को शुरू करें, जिससे विकासात्मक कार्यों को तरक्की तथा रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि अनलाॅक-3 के बाद ही स्कूलों को खोलने का विचार किया जाएगा, जिसके लिए आप सभी लोगांे से सुझाव आमंत्रित है। कोरोना से बचाव के लिए व्यक्तिगत तौर पर सभी को सजग व सचेत रहना अत्यंत आवश्यक है, जिसके तहत विभिन्न सलाहों को मानते हुए फेस मास्क को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचे तथा लोगों में भी ऐसे आयोजनों को न करने के प्रति जागृति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी बनाएं रखने, इन्स्टीच्यूशनल अथवा होम क्वाॅरेंटाइन में रखे गए व्यक्ति द्वारा इसके अनुपालना की जा रही अथवा नहीं इसके बारे में विभिन्न स्तरों पर पंचायती राज व अन्य जनप्रतिनिधि भी निगरानी रखें तथा व्यवस्था बनाने में सहयोग प्रदान करें ताकि कोरोना संक्रमण से समाज को बचाया जा सके। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित किए, जिसमें स्कूलों, किसानों, बागवानों तथा व्यापारियों से संबंधित सुझाव शामिल किए गए। इस अवसर पर कुसुम्पटी के व्यापारियों ने दुकानों के समयावधि को बढ़ाने के लिए शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के नगर निगम पार्षद, पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर, हिमाचल प्रदेश के साइकिलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष, दिनेश मल्होत्रा और पूर्व आईएएस अधिकारी ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की और उन्हें एसोसिएशन की गतिविधियों के बारे में बताया। राज्यपाल ने साइकिलिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया कोविड-19 से जूझ रही है, जिसने हमारे जीने के तरीके को बदल दिया है और इस समय में हमारे राज्य में साइकिल गतिविधियां चलाने की अत्याधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल परिवहन का सरल रूप है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। उन्होंने कहा कि देश में बहुत सारे ऐसे सुन्दर स्थल हैं, जो साइकिल पर्यटन को लोकप्रिय बनाने के लिए पसंदीदा स्थल हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश और इसके कुछ विशेष क्षेत्र इस सूची में सर्वोच्च स्थान पर हैं। मल्होत्रा ने कहा कि राज्य में साइकिलिंग के खेल को विकसित करने के लिए मंच प्रदान करने के लिए एसोसिएशन का गठन किया गया है। राज्य के लोगों के बीच पर्यटन, स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए साइकिल को लोकप्रिय गतिविधि के रूप चलाना है। राज्यपाल के एडीसी मोहित चावला और एसोसिएशन के अवैतनिक सचिव और अन्य सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को देश की एक इंडिपेंडेंट एजेंसी आईएएनएस-सी वोटर सर्वे द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर देश का बैस्ट परफाॅर्मिंग मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर बधाई दी है। मंत्रियों ने कहा कि ये सर्वे संबंधित राज्यों में सभी मुख्यमंत्रियों की संतोषजनक (सेटिस्फेक्शन) रेटिंग के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत 73.96 है, जो कि अधिकांश बड़े राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। उन्होंने बताया कि सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत कर्नाटक में 67.21 प्रतिशत, असम में 67.17 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 58.73 प्रतिशत, गुजरात में 58.53 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 57.81 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेटिस्फेक्शन का औसत 57.36 प्रतिशत है। महेन्द्र सिंह और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य के लिए भी यह गौरव का बात है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भाजपा शासित राज्यों में देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में स्थान दिया गया है और देश के 7वें सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप उभरे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के गतिशील नेतृत्व में प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि राज्य में कोरोना महामारी से भी प्रभावी तरीके से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सर्दी, जुखाम जैसे लक्षणों वाले लोगों की पहचान करने के लिए शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान जैसे कदमों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहना की है।
राज्य सरकार प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कर और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवा, निवेश करने के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काॅर्पोरेट मामलों के निदेशक सीटी पावर लिमिटेड नई दिल्ली एस.के.मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अनेक मनभावन पर्यटन स्थल और जलवायु स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की आपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सतत पर्यटन विकास के लिए एक पर्यटन नीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के अलावा राज्य के विकास में मदद मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में बहने वाली पांच प्रमुख नदियां भी हिमाचल प्रदेश को पनबिजली उत्पादन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अच्छी धूप और और साफ-सुथरा वातावरण भी राज्य को सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने काॅरपरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक को आश्वासन दिया की राज्य सरकार कम्पनी के निवेश के प्रयासों में हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। काॅरपरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक एस. के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में 250 मेगावाट क्षमता के सौर उर्जा संयत्रों को स्थापित करने की इच्छा से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कम्पनी मुख्य रुप से प्रदेश के शिमला, कांगड़ा और मंडी जिले में एक पांच सितारा होटल की स्थापना करने के लिए भी इच्छुक है। उन्होंने कहा कि कम्पनी राज्य में अमेरिकी होटल चेन ब्रांड एमजीएम को आरम्भ करने के लिए प्रयासरत है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव पर्यटन देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ.आर.एन. बत्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ.धनीराम शांडिल ने कहा है कि पार्टी में अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर सहन नही किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि पार्टी के नियम सभी के लिए बराबर है और सभी को इसके नियमों का पालन करना होगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन के बाद समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए शांडिल ने सभी पदाधिकारियों व नेताओं को अनुशासित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर नही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशानुसार कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की एकता के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। शांडिल ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं की प्रेस में एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी को भी अनुशासनहीनता के दायरे में लाते हुए इस समिति के सदस्यों की जिम्मेदारीयां तय कर दी।इसके तहत विधायक पवन काज़ल सामान्य शिकायतें, चेतराम ठाकुर प्रिंट मीडिया व वीरेंद्र सूद सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर पार्टी विरोधी खबरों व अपने नेताओं के विरुद्ध किसी भी बयानबाजी पर कड़ी नज़र रखेंगे जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता शर्मिला पटियाला को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में शांडिल के अतिरिक्त समिति के सदस्य पवन काज़ल, चेतराम ठाकुर, वीरेंद्र सूद मौजूद थे। बाद में समिति ने प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर से भेंट कर इस समिति में उन्हें शामिल करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि समिति पूरी निष्ठा और किसी भी शिकायत पर बगैर किसी पक्षपात के अपना कार्य करेगी।
3 जून 2020, हिमाचल प्रदेश :केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से अब तक 43 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से 53248 करोड़ रुपए ट्रांसफ़र किए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा”कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। इस आपदा की विभिषिका से देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज दिया था। अब तक इस पैकेज से 43 करोड़ से अधिक लोगों को 53228 करोड़ रुपए की सहायता पहुँचाई जा चुकी है। महिला जनधन खाताधारकों को पहली किश्त 10029 करोड़ की 20.05 करोड़ लाभार्थीयों व दूसरी किश्त 10315 करोड़ की 20.63 करोड़ लाभार्थीयों को ट्रांसफ़र किए जा चुके हैं।2.81 करोड़ वृद्ध, विधवा, दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को 2814 करोड़,8.19 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 16394 करोड़,2.3 करोड़ बिल्डिंग एवं निर्माण श्रमिकों को 4313 करोड़,59.43 लाख कर्मचारियों के ईपीएफ़ का 24% सहयोग 895 करोड़, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 9000 करोड़ रुपए का लाभ इन योजनाओं के लाभार्थीयों को दिया जा चुका है।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "आत्मनिर्भर भारत पैकेज बनाते समय हमने विभिन्न सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की थी और उसी के अनुरूप नीतियाँ बनाईं।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 100 प्रतिशत आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत 10,361.75 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने जून महीने के पहले दो दिनों में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 3892.78 करोड़ का ऋण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उपलब्ध कराया है।इन उपायों से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे व इसका सबसे ज़्यादा लाभ छोटे शहरों को मिलने वाला है।”
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं विधायक राकेश जम्वाल ने अपने प्रैस वक्तव्य में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना संकट के कारण आई वैश्विक आपदा को भी पार्टी के लिए फंड इकट्ठा करने का माध्यम बना लिया है और प्रदेश की जनता की सहायता के नाम पर अपने केन्द्रीय नेतृत्व से पैसा मांग कर अपनी जग हसाई करवा रही है। जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना संकट में प्रदेश में कोई भी जनसेवा का कार्य नहीं किया है केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए और मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठी बयानबाजी करने का काम किया है और अब प्रदेश की जनता की मदद के बहाने अपनी हाईकमान को झूठे आंकड़े भेजकर अपनी जेबें भरने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कोरोना संकट में प्रदेश में 7.5 लाख मास्क, 2.5 लाख सैनिटाईजर और 11 हजार पीपीई किटस बांटने, 2 लाख 40 हजार लोगों को खाना बांटने, 9800 लोगों को टिकट देने तथा 5 हजार लोगों की चिकित्सीय मदद की ऐवज में 12 करोड़ रू0 खर्च करने का दावा अपनी हाईकमान के सामने प्रस्तुत किया है, जोकि वास्तविकता से कोसो दूर है। इस तरह के झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर कांग्रेस पार्टी के नेता न केवल स्वयं को बल्कि अपनी पार्टी को भी धोखे में रख रहे हैं। ऐसी भयंकर महामारी में भी झूठ की राजनीति करना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। राकेश जम्वाल ने कहा कि एक ओर कांग्रेस पार्टी जनसेवा के बदले सहायता राशि की मांग कर रही है और दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोरोना संकटकाल के दौरान प्रदेश की जनता की निस्वार्थ भाव से सेवा की है। अब तक भाजपा ने 5 लाख से अधिक लोगों को भोजन के पैकेट, 1 लाख से अधिक लोगों को सूखा राशन की किटें, 22 लाख से अधिक मास्क, 10 करोड़ से अधिक की राशि का प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है, परन्तु इन सब सेवा कार्यों की बदले किसी राशि की मांग नहीं की है। भाजपा महामंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना महामारी में बेहतरीन कार्य किए हैं। इस दौरान प्रदेश सरकार ने प्रदेश में तथा प्रदेश के बाहर रह रहे प्रत्येक हिमाचलवासी के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बखूबी किया है। प्रदेश से बाहर रह रहे हिमाचलियों को वापिस प्रदेश में लाकर उन्हें राहत प्रदान की है। हालांकि बाहर से लाए गए लोगों से हिमाचल में कोरोना के मामले बढ़े हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी हिमाचल प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर है और प्रदेश में कोरोना के मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार भी हो रहा है। राकेश जम्वाल ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि यदि आप प्रदेश की जनता की वास्तव में सेवा करना चाहते हैं तो दलगत राजनीति से उपर उठकर मीडिया में झूठी बयानबाजी कर उन्हें गुमराह करना बंद करें और सकारात्मक रवैया अपनाते हुए इस महामारी से निपटने में प्रदेश सरकार का सहयोग करें।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दुसरे कार्यकाल का पहला वर्ष स्वर्णिम रहा है,जिसे वैश्विक इतिहास में स्वर्णाअक्षरों में लिखा जाएगा। केंद्र की मोदी सरकार के दुसरे चरण के प्रथम वर्ष पुरा होने पर बरागटा ने कहा कि अनुच्छेद 370,जो देश के लिए अभिशाप थी।उसे मोदी सरकार ने अपने दुसरे कार्यकाल में सर्वप्रथम समाप्त कर ये संदेश दिया कि भाजपा कोई भी निर्णय वोट बैंक के लिए नही करती उसके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA )विधेयक हो या सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर राम मंदिर निर्माण हेतु ट्रस्ट गठन,तीन तलाक जैसे अभिशाप बन चुके कानून का खात्मा,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि,बागवानों के उथान के लिए स्वीकृत सीए स्टोर तथा प्रोसेसिंग प्लांट, छोटे व्यापारियों को पेंशन, करतारपुर साहिब कॉरिडोर, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना जैसी योजनाओं से देश के जनसेवक और प्रधान सेवक के रूप में सच्चे ह्दय से मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में हुए यह कार्य निसंदेह स्वर्णाक्षर में लिखे जाएगे। बरागटा ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना माहमारी में सम्पूर्ण विश्व को निर्णय क्षमता से प्रभावित किया है। 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देकर देश के गरीबों को भी इससे लाभांवित किया है जिससे देश को पुनः मुख्य धारा में लाया जा सके। उन्होंने इसके लिए भी केन्द्र सरकार को बधाई दी है।
किन्नौर ज़िला में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। ज़िले में 2 कोरोना पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं। ये दोनों सांगला निवासी है जो दिल्ली से आए हैं। जानकारी के अनुसार ये एक ही परिवार के है जिनमें व्यक्ति की उम्र 45 वर्ष और महिला 40 वर्ष की है। जबकि 10 साल के बच्चे का सेम्पल दोबारा लिया गया है। इन्हें इंस्टीच्यूशनल क्वारंटाइन सेंटर उरनी मे रखा गया था। अब कोविड केअर सेंटर रिकांगपिओ लाया जा रहा है। मामले की पुष्टि सीएमओ किन्नौर डॉ सोनम नेगी ने की है।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के तहत महिला मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में फेस मास्क एवं साबुन वितरित किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा द्वारा 30 लाख फेस कवर वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 26 लाख फेस कवर महिला मोर्चा द्वारा वितरित किए गए हैं। उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की समस्त कार्यकारिणी को इस नेक कार्य के लिए बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रशमी सूद, महामंत्री शीतल व्यास, बंदना गुलेरिया, पूर्व महापौर मधू सूद, पूर्व पार्षद भारती सूद, जिला शिमला महिला मण्डल प्रधान अनीला कश्यप, मण्डल अध्यक्ष ममता गुप्ता व कुसुम्पटी प्रत्याशी ज्यौति सैन उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व निदेशक जन सम्पर्क, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी) रमा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका निधन चंडीगढ़ में हुआ। वे 84 वर्ष की थीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में भी अपनी सेवाएं दी थीं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रमा शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में पश्मीना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। राज्य में वर्तमान में एक हजार किलो ग्राम पश्मीना ऊन का उत्पादन हो रहा है और अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों के बीपीएल परिवारों को चंगथंगी और चिगू नस्लों की लगभग 638 बकरियों का वितरण करेगी। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पश्मीना के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लाहौल-स्पीति, पांगी घाटी और किन्नौर जिला के बीपीएल परिवारों को चंगथंगी बकरियों की 29 इकाइयों (प्रत्येक इकाई में 10 मादा- एक नर) और चिगू बकरी की 29 इकाइयों (10 मादा- एक नर) को वितरित किया जाएगा। प्रत्येक इकाई के लिए सरकारी ऐजेंसियां लगभग सत्तर हजार रुपये खर्च करेगी। बकरियों की 90 प्रतिशत लागत केन्द्रीय सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जबकि राज्य सरकार और व्यक्तिगत लाभार्थी शेष दस प्रतिशत लागत को समान अनुपात में साझा करेंगे, इस प्रकार पांच-पांच प्रतिशत लागत राज्य सरकार और व्यक्तिगत लाभार्थियों दोनों द्वारा साझा की जाएगी। बकरियों के वितरण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस वित्त वर्ष के दौरान लक्षित परिवारों को पशुधन वितरित किये जाएंगे। वर्तमान में मुख्य रूप से दारचा, योची, रारिक-चीका गांवों और लाहौल की मयार घाटी, स्पीति के हंगांग घाटी लांगजा क्षेत्र और किब्बर तथा जिला किन्नौर के नाको, नामग्या और लिओ गांव के अलावा चंबा जिला के पांगी घाटी के कुछ क्षेत्रों में पश्मीना का उत्पादन किया जाता है। राज्य में लगभग दस संगठित शाॅल निर्माण इकाइयां हैं, जो पश्मीना ऊन के उत्पाद बनाती हैं, जो शिमला जिला के रामपुर बुशहर, मंडी जिला के सुंदरनगर और मंडी, कुल्लू जिला के शमशी और हुरला तथा किन्नौर जिला के सांगला और रिकाॅंग पिओ में स्थापित हैं। लगभग 90 प्रतिशत पश्मीना ऊन का उपयोग शाॅल, स्टाॅल और मफलर बनाने के लिए किया जाता है और 10 प्रतिशत का उपयोग ट्वीड के कोट जैसे अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। राज्य में पश्मीना ऊन उत्पादकों द्वारा मुख्य रूप से खुदरा बिक्री और निजी खरीद के माध्यम से बेची जाती है। प्रदेश की सफेद और ग्रे रंग की पश्मीना ऊन का उपयोग मुख्य रूप से राज्य की संगठित शाॅल निर्माण इकाइयों में किया जाता है। प्रदेश में पश्मीना उत्पादक अपनी ऊन की लाभकारी कीमत प्राप्त कर रहे हैं और वर्तमान में खरीददार एक किलो कच्ची पश्मीना ऊन के लिए 3500 रुपये प्रदान कर रहे हैं। ऊन की अच्छी गुणवत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में पश्मीना उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ इनके मूल्य में वृद्धि भी हो रही है। हिमाचल प्रदेश के हथकरघा क्षेत्र के संगठित और गैर संगठित क्षेत्र में लगभग 10 से 12 हजार बुनकर कार्य कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में बकरियांे की संख्या लगभग 2500 है और प्रदेश सरकार इनकी संख्या बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीआईआई के कार्यक्रम में देश को आत्मनिर्भर बनाने, अपना उत्पादन बढ़ा कर निर्यात को बढ़ा कर भारत को इकॉनॉमिक सुपरपावर बनाने के लक्ष्य का स्वागत करते हुए सभी देशवासियों से इसमें सहयोग की अपील की है। अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना आपदा से उपजे हालातों के साथ भारत लॉकडाउन को पीछे छोड़कर अनलॉक फ़ेस 1 में प्रवेश कर चुका है।अधिकतर उद्योग धंधे शुरू हो चुके हैं और ‘गेटिंग ग्रोथ बैक’ के लिए सरकार के साथ साथ देश भी कमर कस चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कोरोना आपदा को एक अवसर की तरह देखा है और हमें आत्मनिर्भर भारत का एक विजन देते हुए हममें यह विश्वास जगाया है कि हम इसे हासिल कर सकते हैं। यह घड़ी हमारे लिए एक अवसर की तरह है कि हम किस तरह बदली परिस्थियों में भारत को एक बड़े निर्यातक देश के तौर पर विश्व पटल पर स्थापित कर सकें। पूरी दुनिया इस समय हमें एक भरोसेमंद साथी के रूप में देख रही है क्योंकि इस महामारी के समय में भी हमने अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के साथ साथ विश्व समुदाय की भी मदद की है। हमें इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखते हुए इंडस्ट्री को इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। ग्लोबल उद्योग संगठनों को देश की इंडस्ट्री और बाजार को ज्यादा से ज्यादा ग्लोबल बनाने में मदद करनी है। हमें आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए देश में ऐसे प्रोडक्ट बनाने होंगे जो मेड इन इंडिया होने के साथ मेड फॉर वर्ल्ड हों।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "प्रधानमंत्री ने भारत को फिर से तेज़ विकास के पथ पर लाने के लिए व आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 आई इंटेंट, इनक़्लूजन, इन्वेस्टमेंट, इंफ़्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन पर बल दिया है। मोदी सरकार द्वारा हाल में जो बोल्ड फैसले लिए गए हैं, उसमें भी आपको इन सभी की झलक मिल जाएगी।मोदी सरकार आज ऐसे पॉलिसी रिफॉर्म भी कर रही है जिनकी देश ने उम्मीद भी छोड़ दी थी। लोगों ने मान लिया था कि ये नहीं हो सकता मगर अब ऐसी चीजें हो रही हैं। एग्रीकल्चर सेक्टर में आजादी के बाद जो नियम बने उनमें किसानों को बिचौलियों के हाथों में छोड़ दिया गया। किसानों के साथ हो रहे अन्याय को दूर करने की इच्छाशक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने दिखाई। कानून में बदलाव के साथ अब किसानों को अधिकार मिलेंगे। वे जहां चाहें, जिसे चाहें और जब चाहें अपनी फसल बेच सकते हैं। हमारे देश और देशवासियों में असीम क्षमता है और आने वाले समय में अपनी इच्छाशक्ति और विश्वास से तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने में ज़रूर सफल होंगे।”
नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इसके उपरान्त प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त अध्यक्ष रश्मि धर सूद ने मोर्चा की महासचिव शीतल व्यास और वन्दना गुलेरिया के साथ राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को महिला मोर्चा द्वारा बनाए हैंडमेड मास्क भी भेंट किए। उन्होंने राज्यपाल को यह भी अवगत करवाया कि महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को लगभग 25 लाख मास्क वितरित किए गए हैं और 30 लाख मास्क बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सेनेटाइजर वितरित करने के साथ-साथ कोविड-19 महामारी के बारे में लोगों को जागरूक भी किया है। राज्यपाल ने हैंडमेड मास्क बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मोर्चा की कार्यकर्ताओं से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र कि महिलाओं को सामाजिक दूरी, मास्क पहनना तथा हाथ धोने को अपनी दिनचर्या में शामिल करने आदि के बारे में शिक्षित करने का आग्रह किया। उन्होंनें आशा व्यक्त की कि उनके प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना प्रचार प्रसार अभियान, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने राज्यपाल से भेंट की तथा उन्हें ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ नामक पत्रिका भी भेंट की। इस पत्रिका में प्रधानमंत्री की जनकल्याण योजनाओं और नए प्रयासों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। पीएमजेकेवाईपीपीए हिप्र की प्रदेश सचिव सुधा मेहता भी इस अवसर पर उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा रश्मि धर सूद ने महिला मोर्चा की ओर से फेस मास्क और साबुन आदि सम्मिलित कोरोना सुरक्षा किट प्रदान की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों के लिए भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कोरोना सुरक्षा किट प्रदान करने के लिए उनकी सराहना की। महासचिव वन्दना गुलेरिया और शीतल व्यास, जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा सुमन ठाकुर और अनिला कश्यप, कार्यालय सचिव किरण बावा, कसुम्पटी क्षेत्र की भाजपा नेता विजय ज्योति सेन, कोषाध्यक्ष मधु सूद, पदाधिकारी भारती सूद, ममता गुप्ता, अंजना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल के होटलो की 98% ऑक्यूपेंसी बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर आधारित है। हिमाचल के कुल पर्यटकों के आगमन का केवल 2% हिस्सा ओफ्फिशल, कॉर्पोरेट, तथा लोकल हिमाचलियों का रहता है। सरकार द्वारा होटलो को खोलने का लाभ केवल हिमाचल में स्थित इंडस्ट्रियल हब्स जैसे BBNA, Una मैहतपुर, परवाणू , कालाअम्ब, पोंटा साहिब में व आस पास में स्थित होटलों को ही मिलेगा क्योंकि इन स्थानों पर पर्यटकों का आवागमन न के बराबर होता है। इन सथानो पर होटलो की ऑक्यूपेंसी मुख्यता केवल कॉर्पोरेट व बिज़नेस ट्रेवलर्स पर ही आधारित रहती है। सरकार द्वारा जो होटलो को खोलने की शुरुआत एक सरहानीय कदम है। इस कदम से कम से कम पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को एक आस की किरण जगी है। 98% पर्यटन कारोबार तभी शुरू हो पायेगा जब दूसरे राज्यों के बॉर्डर खुल जाएंगे,जरूरी स्टाफ को ट्रैनिंग करवा दी जाएगी, रात के समय का कर्फ़्यू हट जसएगा तथा वॉल्वो बसें चलनी शुरू होजाएँगी तथा डोमेस्टिक एयर फ्लाइट्स चल जाएंगी। अगर हम डोमेस्टिक व विदेशी पर्यटकों की बात करे तो हिमाचल में एक वर्ष में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या का लगभग 95% हिसा डोमेस्टिक टूरिसम पर आधारित है जिसमे बड़ी संख्या में पर्यटक पंजाब,हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली, राजस्थान से आते है। इसके अलावा गुजरात,बंगाल,महाराष्ट्र तथा साउथ से आने वाले पर्यटकों का भी बहुत योगदान रहता है। आल हिमाचल एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिसम फेडरेशन की एक वेब मीटिंग आयोजित की गई जिसमें लगभग सभी अस्सोशशन्स के प्रेसिडेंटड एवं अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा इस मीटिंग में मुख्यतः होटलो को खोलने के बारे मे चर्चा की गई। सभी का एक ही मत रहा की हमे जो गाइड लाइन्स MHA द्वारा जारी की जाएंगी उसी के आधार पर हमें अपने होटलो में इंतजाम करने होंगे जिसके लिए तैयार उन सभी नॉर्म्स को पूरा करने में समय लगेगा। परंतु अभी तक कोई भी ओफ्फिशल गाइडलाइन्स सरकार द्वारा नही की गई है। हमे स्टाफ की सिक्योरिटी के लिए इंतजाम करने पड़ेंगे क्यूंकि हिमाचल में केवल 10%के करीब ही होटल ESIC में कवर है दूसरा होटलों का स्टाफ भी कम से आने पर परहेज़ कर रहा है। सभी का यह भी मत था कि जब तक हमारे साथ लगते राज्यों की स्थित नही सुधरती तथा उन राज्यों के बॉर्डर नही खुलते हिमाचल में पर्यटन को पटरी पर लाना मुश्किल है। वर्तमान हालात में जबतक COVID की कोई वैक्सीन नही आती तब तक पर्यटक भी घूमने में परहेज करेंगे। हमारा सरकार से यही आग्रह रहेगा कि जल्द ही पर्यटन से जुड़ी अस्सोशशन्स से सुझाव लेकर एक प्लान तैयार किया जाए कि किस तरह से होटलो तथा अन्य टूरिसम यूनिट्स को खोला जाए तथा समय रहते होटलो को गाइडलाइन के हिसाब से सभी उपचारितए पूरा करने का समय मिल जाए।
राज्य सरकार ने कफ्र्यू में सुबह 6 से सायं 8 बजे तक छूट देने का निर्णय लिया है, ताकि आम लोगों को सुविधा मिल सके। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के दृष्टिगत आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर जिला बसें सोमवार से आरम्भ हो जाएंगी, इसलिए बसों में और बस अड्डों पर उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को सभी बस अड्डों पर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करवाना होगा। उन्होंने कहा कि बसों में 60 प्रतिशत से अधिक यात्री नहीं होने चाहिए और चालक, परिचालकों को स्वास्थ्य विभाग के सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सम्बन्धित प्रभावी प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक दूरी के प्रति जागरूक करने के लिए बस अड्डों व अन्य स्थानों पर होर्डिंग लगाने, लोगों को मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के अलावा और उद्घोषणाओं के लिए ध्वनि प्रसार संयत्र की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में लोगों की आवाजाही के लिए बिना किसी पास के अनुमति होगी, लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रहना होगा। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों को कोविड-19 टैस्ट नेगेटिव आने के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि 25 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.60 लाख से अधिक हिमाचलवासी राज्य में वापिस पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 91,000 को होम क्वारंटीन और 7000 से अधिक को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों के सम्पर्कों का पता लगाने और स्क्रीनिंग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि उन लोगों का समय पर उपचार और वायरस को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन सुविधाओं को मजबूत तथा अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों को बड़े पैमाने में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे लोगों को होम क्वारंटीन नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, जे.सी. शर्मा और ओंकार शर्मा तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डी.सी. राणा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकरणी का गठन होने के बाद रविवार को पहली बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्य्म से हिमाचल प्रदेश किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश शर्मा बवली की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष कृपाल परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में प्रदेश कार्यकरणी के सभी सदस्यों के साथ सभी जिलों के अध्यक्ष भी उपस्थित रहे। इस दौरान किसान मोर्चा के सदस्यों ने केंद्र की मोदी के सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष के सफल एवं गौरवमय कार्यकाल के लिए बधाई दी। भाजपा किसान मोर्चा अध्य्क्ष डॉ राकेश शर्मा बवली ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया है। कहा, यह साल कई नजरिए से अविस्मरणीय व इतिहास के पन्ने में दर्ज होने वाला रहा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व धारा 35 ए समाप्त किया गया। तीन तलाक बिल पास कराकर महिलाओं को समान अधिकार दिलाया गया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। विश्वव्यापी कोरोना के संकट में पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता, निर्णय व उठाए गए कदमों से भारत विश्व में अनुकरणीय बना। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया है और इसके लिए 20 लाख हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की। आत्मनिर्भर भारत, श्रेष्ठ भारत बनाने की दिशा में हम सब सुदृढ़ संकल्पित हों। इस दौरान डॉ राकेश बवली ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री मंत्री एक बीघा योजना की जानकारी प्रदेश की हर पँचायत व गाँव मे किसान मोर्चा के कार्यकर्ता पहुँचाएंगे। इस दौरान किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी को एक बीघा योजना को पूरे देश मे शुरू करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा हिमाचल की यह योजना अब पूरे देश मे शुरू की जा रही है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है। इस दौरान डॉ राकेश बवली ने सभी जिला अध्यक्षों से कहा कि जिला व मण्डल कार्यकरणी की घोषणा अगले 10 दिनों के अंदर करके प्रदेश कार्यालय में इसकी सूचियाँ भेजी जाए।
कोरोनावायरस के विरुद्ध भारत की इस लड़ाई में देश के हर नागरिक अपना सहयोग दे रहा है। शिमला शहर को बीमारी से बचाये रखने के लिए नगर निगम शिमला के सफाई कर्मचारी भी खूब मेहनत कर रहे है। शिमला के वार्ड नम्बर 14 में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भारतीय जनता युवा मोर्चा शिमला द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मचारि, नगर निगम कर्मचारी निस्वार्थ हो कर प्रदेश की रक्षा के लिए दिन रात सेवा कर रहे हैं इसलिए हमारा यह कर्तव्य है कि हम इनका सम्मान करें और इन्हे पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ। भारद्वाज ने कहा कि आज भाजपा युवा मोर्चा ने शिमला नगर निगम में दिन रात काम करने वाले नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की जिन्होंने शहर को साफ रखने में अहम रोल अदा किया है और कोरोना महामारी के दौरान भी अपनी जिंदगी को दांव पर लगा कर शहर वासियों के घरों से कूड़ा उठाया है, इनको उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया है। जब पूरा शहर घर मे था तब यह कर्मचारी दिन रात हमारी सेवा में तत्तपर थे।
राज्य के जनजातीय क्षेत्र किन्नौर में ग्रामीणों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) वरदान साबित हुई है। इस योजना से न केवल क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हुए है बल्कि लोगों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है। कोविड-19 महामारी ने जहां समस्त विश्व को विवश कर दिया है वहीं हर प्रकार की गतिविधियों पर विराम भी लगा दिया था। कोविड-19 के कारण किन्नौर में विकास कार्यो पर रोक लग गई थी, जिससे समाज के कमजोर वर्गों का भविष्य खतरे में था। निराशा के इस समय में केंद्र सरकार ने गत माह मनरेगा कार्यो को आरंभ करने के निर्णय से मनरेगा अधिनियम के तहत काम करने वाले कई लोगों के जीवन में नई आशा प्रदान की है। लाॅकडाउन के दौरान आर्थिक संकट के कारण अपनी आजीविका गवा चुके तथा अनिश्चितता के बीच झूल रहे लोगों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय की सराहना की। राज्य सरकारों द्वारा मनरेगा कार्यों को पुनः आरंभ करने के निर्णय ने नौकरी खो चुके और अपने क्षेत्र के विकास में योगदान करने के इच्छुक लोगों को सुनहरा अवसर प्रदान किया है। इस निर्णय ने प्रदेश में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को सहारा दिया है। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र किन्नौर में भौगोलिक विविधताओं के कारण कार्य करने की सीमा तकरीबन पाँच से छह महीने तक रहती है। मनरेगा के तहत कुल 65 में से 61 पंचायतों में विकास कार्य आवंटित किए गए हैं, जहाँ कार्य पूरे जोरों पर चल रहे हैं और लोगों को घरों के समीप रोजगार प्रदान किया जा रहा है। कुल 785 विकास कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें कार्य करने वाले 6931 श्रमिक समय पर मजदूरी की राशि के भुगतान के लिए सरकार केे आभारी हैं। ऊॅंचाई वाले क्षेत्रों में कार्यों को पूरा करने के लिए पंचायतों और मजदूरों का प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया गया है। कल्पा खंड की 25 पंचायतों में लगभग 328 विकास कार्य किए जा रहे हैं जबकि निचार विकास खंड की 18 पंचायतों में 399 कार्य और पूह विकास खंड की 20 पंचायतों में 58 कार्य किए जा रहे हैं। भौगोलिक विशेषताओं के कारण मनरेगा के तहत जनजातीय क्षेत्रों में मानदेय 248 रुपये प्रतिदिन है जबकि राज्य के शेड्ढ भागों में यह राशि 198 रुपये प्रतिदिन है। जिला किन्नौर ग्रामीण विकास एजेंसी की उप-निदेशक और परियोजना अधिकारी जयवंती नेगी ठाकुर के अनुसार ”हमने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 678327 कार्य-दिवस का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, जिले को 7918.05 लाख रुपये आवंटित किए गए है। जिले की सभी 65 पंचायतों में मनरेगा विकास कार्य सुनिश्चित करने के उदद्ेश्य से कल्पा खंड के लिए 827.85 लाख रुपये, निचार खंड के लिए 4554.10 लाख रुपये और पूह विकास खंड के लिए 2486.10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए गए। वर्तमान में किन्नौर में 19,173 जाॅब कार्ड धारक हैं।“ पूह के एक मजदूर सोनम के शब्दों में ”मैं सरकार का आभारी हूं कि उन्होंने इस योजना के तहत काम शुरू किया है, क्योंकि मुझे मेरे परिवार का पेट भरना भी मुश्किल हो रहा था।“ इसी प्रकार अन्य लोगों ने भी सरकार का आभार व्यक्त किया है। जिला किन्नौर ग्रामीण विकास एजेंसी की परियोजना अधिकारी के अनुसार मजदूर सामाजिक दूरी के मानदंडों और सरकार के अन्य दिशा-निर्देर्शों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं और हमें चल रहे सभी कार्यों को समय पर पूरा करने की आशा हैं।
सीटू राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र धर्मशाला व इवनिंग कॉलेज शिमला में गैस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत लगभग एक सौ प्राध्यापकों के फरवरी से मई 2020 तक के लंबित वेतन को तुरन्त जारी करने की मांग की है। सीटू ने इनको वेतन न देना शोषण की पराकाष्ठा करार दिया है। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि इन लगभग एक सौ प्राध्यापकों का प्रदेश सरकार द्वारा जमकर शोषण किया जा रहा है। गैस्ट फैकल्टी के अंर्तगत कार्यरत ये अध्यापक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, रीजनल सेंटर धर्मशाला व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सांध्यकालीन केंद्र को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। रीजनल सेंटर धर्मशाला के कुल छप्पन लोगों के शैक्षणिक स्टाफ में से चबालिस गैस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं जबकि केवल दस प्राध्यापक रेगुलर हैं व दो सेवानिवृत हो चुके हैं। इस तरह रीजनल सेंटर धर्मशाला को कई वर्षों से यही गैस्ट फैकल्टी का स्टाफ चला रहा है व अध्ययनरत छात्रों के भविष्य को संवार रहा है। कमोबेश इसी तरह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व इवनिंग कॉलेज की स्थिति है। इन प्राध्यापकों को बहुत कम वेतन दिया जाता है। यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार इन प्राध्यापकों को प्रति लेक्चर एक हज़ार रुपये मिलने चाहिए परन्तु रीजनल सेंटर धर्मशाला जैसी जगह में इनको केवल पांच सौ रुपये प्रति लेक्चर मिल रहे है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद द्वारा इन्हें एक हज़ार रुपये वेतन देने का निर्णय लिया जा चुका है परन्तु इसके बावजूद इन्हें इस से आधा केवल पांच सौ रुपये प्रति लेक्चर दिया जा रहा है। इसी तरह यूजीसी नियमों के तहत एक महीने का इन्हें अधिकतम वेतन पचास हज़ार रुपये मिलना चाहिए जबकि इन्हें केवल पच्चीस हज़ार रुपये मिल रहा है। यह शोषण की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा है कि इन गैस्ट फैकल्टी प्राध्यापकों की इन तीन केंद्रों में छात्रों की शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका है परन्तु उनके अधिकारों की रक्षा के बजाए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासन व सरकार इनका भारी शोषण कर रहे हैं। इस कोरोना महामारी के समय में ऑनलाइन कक्षाओं को यही प्राध्यापक संचालित कर रहे हैं। इस सबके बावजूद न तो उन्हें यूजीसी नियमों के तहत वेतन मिल रहा है और न ही कोरोना महामारी के इस भयंकर समय में इन्हें फरवरी से लेकर मई तक के वेतन भुगतान किया गया है। यह केंद्र सरकार द्वारा 20 मार्च व 29 मार्च 2020 को जारी की गई अधिसूचनाओं व आदेशों का पूर्ण उल्लंघन है जिसके अनुसार कोरोना काल में सरकारी, अर्ध सरकारी अथवा निजी क्षेत्र में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जा सकती है और न ही उसे रोका जा सकता है। इन आदेशों के अनुसार किसी कर्मचारी की छंटनी भी नहीं हो सकती है। किसी भी कर्मचारी के इस समय की अवधि के बर्तन का उसे भुगतान न करना एपिडेमिक एक्ट व डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट का भी उल्लंघन है। उन्होंने प्रदेश सरकार व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से इस मामले में तुरन्त हस्तक्षेप की मांग की है ताकि गैस्ट फैकल्टी में कार्यरत इन प्राध्यापकों की आर्थिक व मानसिक सुरक्षा की जा सके।
भाजपा प्रदेश के मुख्यप्रवक्ता रणधीर शर्मा ने केंद्र सरकार मोदी-2.0 के 1 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कहा कि मोदी सरकार 2.0 का पहला वर्ष बहुत ही प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण रहा है। प्रभावशाली इसलिए कि जनादेश शासन की गति, सरकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, मजबूत बुनियादी ढांचा और दशकों से लटके हुए मुद्दों के समाधान को उच्च प्राथमिकता दी गई। चुनौतीपूर्ण इसलिए कि कोविड-19 और अम्फान चक्रवात ने जो अभूतपूर्व संकट खड़े किए, उससे दुख और विपदा तो आई ही साथ ही भारी नुकसान हुआ। लेकिन आज देश में एक निर्णय लेने वाली उत्तरदाई सरकार है जो देशवासियों के लिए सीकर मंद है साथ ही जिसके पास दृष्टि और दूरदर्शिता है जो इन चुनौतीपूर्ण समय से देश को बाहर निकालने का सामर्थ्य रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के सुरक्षा कवच और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के बाद भारत निश्चित ही इस कठिन समय से बाहर आ जाएगा। साथ ही देश ने सहकारी संघवाद के बेहतरीन उदाहरण को क्रियान्वित होते हुए भी दिखा है , लेकिन अब हमें बगैर अचूक प्रत्येक नागरिक को उसके द्वारा इस कठिन स्थिति को समझाने और सर्वोत्तम आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद देना है आने वाले दिनों में यह देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए जैसे अनुच्छेद 370 हटाना, नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019, राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त, तीन तलाक, करतारपुर गलियारा राष्ट्र को समर्पित, ब्रू-रियांग समझौता और बोडो समझौता। उन्होंने कहा आयुष्मान भारत के तहत एक करोड़ से ज्यादालाभार्थी : भारत ने आयुष्मानभारत योजना के तहत एक करोड़ से ज्यादालोगों को लाभ प्रदान कर इस दिशा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। अटल पेंशन योजना के 5 वर्ष पूरे : अटल पेंशनयोजनाने 23 करोड़ लोगोंकानाम दर्जकर असाधारणकार्य किया । ' ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट : भारतने 142 वें पायदान से छलांग लगाकर 63 वेंपायदान पर जगह बना ली है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 14.5 करोड़ किसान होंगे लाभान्चित : संशोधित योजना से लग भग 2 करोड़ और किसानों को कवर करने का निर्णय लिया गया है। 10 बैंकों के विलयसे बनेचार बड़े बैंक : सार्वजनिक क्षेत्रके 10 बैंकों का विलयकरचार बड़े बैंक बनानेसे आर्थिक वृद्धि कोगति मिलेग। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 26 मार्च 2020 को 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की गई, जिसमें 80 करोड़ गरीबों को कुल 5 महीने तक हर महा 5 किलो गेहूं चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल मुफ्त दी जाएगी और 20 करोड महिला जनधन खाताधारकों को अगले 3 महीने तक हर माह 500 दिए जाएंगे।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक यूनुस ने बताया कि विभाग द्वारा आयोजित क्लिक एंड अनलाॅक हिमाचल एट इट्स बेस्ट- ‘घर के झरोखे से’ ऑनलाइन फोटो प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस प्रतियोगिता का आयोजन 1 मई से 20 मई, 2020 तक किया गया। प्रतियोगिता में इमेल के माध्यम से 3484 फोटो प्राप्त हुए थे, जिसमें धर्मशाला के अनन्य महाजन ने प्रथम पुरस्कार, धनवाड़ चम्बा के हैरीसन सलवानी ने दूसरा और शाहपुरा दिल्ली के अर्पित कथूरिया ने तीसरा पुरस्कार जीता है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को क्रमशः 10 हजार, आठ हजार और पांच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए। चैथे से 10वें पुरस्कार प्राप्त विजेताओं को अढ़ाई-अढ़ाई हजार रुपये जिसमें वरिति शर्मा संजौली शिमला ने चैथा, अभिनव जोशी नादौन ने पांचवा, अभिनन्दन ठाकुर पालमपुर ने छठा, शालीन बिलिंग भटिंडा पंजाब ने सातवां, साहिल सिंह शाहपुर व अरूण कुमार हमीरपुर ने आठवां, सौरव वर्मा हमीरपुर व नीरज ठाकुर मनाली ने नवां और गौरव शर्मा चम्बा व शिवानी रस्तोगी ने दसवां पुरस्कार प्राप्त किया है। 25 प्रतिभागियों को एक-एक हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार व प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के अध्यक्ष रजनीश ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को बोर्ड निधि से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है, जिसमें एक मजबूत, जीवंत, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष के दौरान मोदी सरकार ने अयोध्या में एक भव्य श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के अलावा अनुच्छेद 370 को खत्म करने, तीन तलाक को अपराध घोषित करने, आतंकवाद-रोधी कानून, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के उन्मूलन ने मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत प्रदान की है और उनके सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, जिससे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला था, एक ऐतिहासिक निर्णय था, जो भारत में कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए आवश्यक था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को जम्मू कश्मीर डिवीजन और लद्दाख डिवीजन के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया, जिससे पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश मिला कि दिल्ली उसी क्षमता में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। जय राम ठाकुर ने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान लिया गया एक और ऐतिहासिक निर्णय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम था, जो तीन पड़ोसी मुस्लिम बहुसंख्यक देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) में अल्पसंख्यक वर्गों के धार्मिक उत्पीड़न और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इन देशों के गैर-मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व के कारण ही आज देश कोरोना जैसी महामारी के संकट से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के अधिकांश शक्तिशाली राष्ट्र भी इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए कठिन संघर्ष कर रहे थे, तो प्रधानमंत्री द्वारा समय पर लगाए गए लाॅकडाउन के निर्णय के कारण आज भारत की स्थिति अन्य देशों की तुलना में कहीं बेहतर है। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहना की है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस महामारी से देश को बाहर निकालने के लिए तथा समाज के सभी वर्गों के आर्थिक पुनरूत्थान के लिए वर्तमान केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और लगभग 80 करोड़ लोगों को अनुदान पर राशन प्रदान किया गया है और संकट की इस घड़ी में जनधन योजना के तहत लगभग 20 करोड़ महिलाओं के खातों में पैसा जमा किया गया है।
युवा कांग्रेस रामपुर ने उपमंडलाधिकारी रामपुर के माध्यम से राज्यपाल को हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के PPE किट एवं कोरोना संबंधित स्वास्थ्य उपकरणों के ख़रीद मे घोटाले को लेकर सी बी आई जांच करवाने हेतु ज्ञापन पत्र दिया। अभी हाल ही में कुछ दिनों पूर्व हिमाचल प्रदेश के अंदर स्वास्थ्य विभाग में वैश्विक महामारी कोरोना संबंधित स्वास्थ्य उपकरणों एवं PPE किट खरीद में बहुत बड़ा घोटाला उजागर हुआ है ओर यह घटना देवभूमि हिमाचल प्रदेश को पूरे देश में शर्मसार करने वाली है जिसकी चर्चा पूरे देश मे हुई है। युवा कांग्रेस रामपुर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के इस घोटाले में स्वास्थ्य निदेशक व भाजपा से जुड़े नेता का जो ऑडियो वायरल हुआ जिसमें 5 लाख रुपये की रिश्वत स्वास्थ्य निदेशक को देने की बात हुई है, उससे पूरे प्रदेश भर में सनसनी फैल गई है तथा यह घोटाला प्रदेश की जनता के समक्ष उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के इस घोटाले के उजागर होने के बाद देश व प्रदेश भर में इसकी खूब चर्चा व सरकार की किरकिरी हुई तथा कोरोना जैसी महामारी में घोटाला उजागर होने से प्रदेश की जनता में सरकार के ऊपर से विश्वास उठ गया है। इस घोटाले को लेकर भाजपा के बड़े नेताओं पर आरोप लगने शुरू हुए ओर आरोपी स्वास्थ्य निदेशक जो कि 31 मई 2020 को पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे उनके सेवा विस्तार देने के लिए भाजपा नेता द्वारा ही सरकार को पैरवी की जा रही थी। जिससे ऐसा प्रतीत होता कि इस घोटाले के तार भाजपा सरकार से जुड़े हुए है । इस घोटाले के उजागर होने के बाद विपक्ष के दबाव के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को भी अपने संगठन के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। युवा कांग्रेस रामपुर ने इस ज्ञापन पत्र के माध्यम से राज्यपाल को बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान इस प्रकार के घोटाले की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है तथा प्रदेश सरकार के भीतर फैले भ्रष्टाचार को उजागर करती है और प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करती है। युवा कांग्रेस रामपुर मांग करती है कि इस घोटाले की उच्च स्तरीय सी बी आई जाँच प्रदेश के किसी भी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन हो तथा पूरे मामला मामले की निष्पक्ष जांच हो। हम आपसे मांग करते है कि जनता का सरकार के ऊपर से विश्वास उठ चुका है इसलिए आप अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस घोटाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें । प्रदेश की जनता इस बात से भली भांति परिचित है कि स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य निदेशक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अधीन नही बल्कि प्रदेश सरकार के अधीन काम करता है। अतः भाजपा की तरफ से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया है जोकि महज़ मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास है। प्रदेश में पिछले कुछ महीने से स्वास्थ्य मंत्री का पद खाली होने के बाद से यह विभाग हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अधीन है इसलिये स्वास्थ्य विभाग में जो कोरोना किट घोटाला महुआ है वह सरकार की जवाबदेही तय करती है तथा सरकार की नाकामी को दर्शाती है और इसलिए युवा कांग्रेस रामपुर नैतिक तौर पर इस घोटाले के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करती है व सी बी आई जांच की मांग करती है। हम आपसे माँग करते है कि प्रदेश सरकार में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आप उचित कदम उठाए तथा अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग कर इस घोटाले की जाँच करने के लिए सख़्त दिशानिर्देश जारी करें क्योंकि सरकार इस घोटाले में संलिप्त अपने भाजपा नेताओं व अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसलिए युवा कांग्रेस इस घोटाले की किसी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन स्वतंत्र सी बी आई जाँच की माँग करती है और नैतिक तौर पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग करती है। प्रदेशसचिव जौनी कायथ, सहसचिव पवन चौहान, उपाध्यक्ष मंडी लोकसभा अंकुर शर्मा, प्रवक्ता राहुल सोनी, महासचिव अशवनी शर्मा, हिमांशु व अन्य मौजूद रहे।
भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के एक साल की उपलब्धियों को ऐतिहासिक, अभूतपूर्व और शानदार बताते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार पुनः विश्व गुरू बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह एक वर्ष का कार्यकाल देश की अखंडता, संप्रभुसत्ता, गौरव को बढ़ाने वाले के साथ देश के जनमानस की दशा और दिशा बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि आज 130 करोड़ देशवासी अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अराध्य की तरह पूर्ण श्रद्धा और विश्वास करते हैं और अपनी जान छिड़कते हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार का यह एक वर्ष का कार्यकाल देश और दुनिया को नई दिशा देने वाला है। डा. बिन्दल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अभूतपूर्व साहस और दृढ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए देश की आजादी के समय से लंबित जम्मू कश्मीर के मामले को एक झटके में निपटाते हुए धारा 370 और 35 ए को समाप्त कर ‘एक देश एक निशान’ के फार्मूले को लागू कर अखंड भारत की परिकल्पना को साकार किया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से जम्मू कश्मीर के हमारे भाई गर्व के साथ सिर उठा कर चल रहे हैं और हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य जम्मू कश्मीर और लददाख केन्द्र शासित प्रदेश के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए है। डा. बिन्दल ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ दशकों से चले आ रहे भेदभाव को समाप्त करते हुए तीन तलाक की कुरीति को अवैध घोषित कर नरेन्द्र मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को आजादी से जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि पडौसी देशों में धर्म के आधार पर भेदभाव का शिकार भारतवंसियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का जो कानून लाया है वह अपने आप में महान युगांतकारी निर्णय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम लला जो राजनीतिक दलों के तुच्छ दृष्टिकोण के कारण दशकों से टेंट में रखे गए थे उनके लिए आयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति तो ऐसी है कि वह अपनी सांप्रदायिक सोच के कारण भगवान राम के अस्तित्व को मानने को तैयार नहीं है, जबकि हम भारतीयों की हर सांस में प्रभु श्री राम बसते हैं। डा. बिन्दल ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा जी के नेतृत्व में सरकार और संगठन स्तर पर जिस प्रकार कोरोना महामारी से निपटपने के लिए अभूतपूर्व पग उठाए गए उसकी प्रशंसा यूएनओ, डब्ल्यूएचओ और अमेरिका जैसे देशों ने की है। उन्होंने कहा कि मोदी अपने शानदार जन हितैषी निर्णयों और दृढ़ इच्छा शक्ति के फलस्वरूप ग्लोबल लीडर के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रभावित देश के 130 करोड लोग जिसमें, श्रमिक वर्ग, किसान, बागवान, गरीब जनता, मध्यम वर्ग, लघु एवं मध्यम उद्योग समूह आदि को राहत प्रदान करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज भारत के इतिहास की सबसे बड़ी राहत राशि पैकेज है। डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में शानदार कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकट काल में प्रदेश भाजपा सरकार और भाजपा संगठन ने जिस मुस्तैदी से गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा की है उसकी देश और प्रदेश में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में हिमाचल का कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में भूख नहीं सोया, रोगी को समय पर दवा मिली और वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य जरूतमंदों की प्रमुखता से देखभाल की गई, यह प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
आईपीएस अफसर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रधान सचिव संजय कुंडू हिमाचल के अगले डीजीपी होंगे। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। डीजीपी सीता राम मरडी 31 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संजय कुंडू सीएम जयराम ठाकुर के करीबी अधिकारियो में गिने जाते हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद आईपीएस संजय कुंडू को प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम लगाया था। हालांकि डीजीपी के लिए 3 आईपीएस अफसर 1984 बैच के सोमेश गोयल, 1989 बैच के एसआर ओझा और 1989 बैच के ही संजय कुंडू के नाम का पेनल यूपीएससी ने फाइनल कर सरकार को भेजा था। लेकिन सरकार ने कुंडू को डीजीपी बनाने का फैसला किया है। संजय कुंडू एक जून से कार्यभार संभालेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के पीपीई किट घोटाले में गिरफ्तार कथित आरोपी स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता को सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। हालांकि विजिलेंस गुप्ता का 5 दिन का रिमांड मांग रही थी लेकिन जिला सत्र ने ये कह कर उनकी मांग को ख़ारिज कर दिया कि 10 दिनों में उन्होंने गुप्ता से क्या पूछताछ की। ऑडियो क्लिप के अलावा विजिलेंस के पास गुप्ता के ख़िलाफ़ क्या सबूत है? इस पर विजिलेंस संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। गुप्ता के वकील कश्मीर सिंह ठाकुर ने दलील दी कि पीपीई किट ख़रीद कमेटी में स्वास्थ्य सचिव और डिप्टी डायरेक्टर का ज्यादा रोल है। ऐसे में गुप्ता को बेवजह गिरफ्तार किया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश ने ये भी कहा कि इस दौरान गुप्ता गवाह और किसी को फ़ोन नहीं करेंगे। यदि कोई गड़बड़ी करते हैं तो उनकी जमानत रद्द करने के लिए विजिलेंस कोर्ट आ सकती है। इसलिए ये जमानत सशर्त दी गयी है। बता दे कि 26 मई को जिला सत्र न्यायाधीश ने उन्हें 5 तीन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। गुप्ता को स्वास्थ्य विभाग में मेडकिल ख़रीद घोटाले में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। एक 43 सेकंड का ऑडियो वायरल होने के बाद गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।
प्रदेश सचिवालय में तय रेट से महंगे दाम पर सैनिटाइजर बेचने के मामले में हिमाचल सरकार ने सचिवालय के सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर दिया है। सचिवालय प्रशासन की विभागीय जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई है। सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव देवेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। अभी इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है लेकिन उससे पहले विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में सुपरिटेंडेंट की संलिप्ता को देखते हुए उसे निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक 50 रुपए के सैनिटाइजर पर 130 रुपए की मोहर लगाने के लिए आरएंडआई ब्रांच के इस अधिकारी ने सरकारी ठेकेदार पर दबाव बनाया था। सुपरिटेंडेंट को जब सरकारी ठेकेदार ने 130 रुपए की मुहर लगाने के लिए इंकार कर दिया तो उसने जबरन उसे कंट्रोल रूम में बैठा कर मुहर लगाने दी। इस मामले में 18 मई को विजिलेंस ने सचिवालय के मुख्य गेट की सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया था। जिसे खंगालने पर पाया गया है कि आरएंडआई का यह अधीक्षक और सरकारी ठेकेदार सरकारी गाड़ी में साथ आते है। उसके बाद सचिवालय प्रशासन ने भी इसमे विभागीय कार्रवाई शुरू की और अब अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। बहरहाल अभी इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है ओर सचिवालय अधीक्षक को निलंबित किया गया है। अभी इस मामले में और भी कई परते खुल सकती है। Attachments area
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार से चैधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने की मांग की है ताकि समूचे उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को इसका लाभ मिल सके। इस संदर्भ में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 1993 में मणिपुर के इम्फाल में केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था और उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के छह राज्यों के महाविद्यालयों को इसके साथ जोड़ा गया था। वर्ष 2014 मेें केन्द्र सरकार ने बिहार के पूसा में एक और केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय खोलने की योजना बनाई। जय राम ठाकुर ने कहा कि उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 3.1 करोड़ की जनसंख्या वास करती है और कुल 3,31,993 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के अन्तर्गत जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, केन्द्र शासित राज्य तथा हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड राज्य फैले हैं। यह पूरा क्षेत्र जैव विविधता में समृद्ध है और इसमें प्राकृतिक संसाधन जैसे खनिज, पानी और वन की प्रचूरता होने के कारण यह क्षेत्र विभिन्न फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस क्षेत्र का प्रमुख राज्य है और सतलुज, रावी, ब्यास, चिनाब और यमुना नदियां यहां से बहती हैं। राज्य में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों में बहुत क्षमता है और यदि यहां केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना होती है तो जहां शोध एवं अनुसंधान कार्य को गति मिलेगी, वहीं समूचे उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के लोग खुशहाल बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर केन्द्र स्थल में स्थापित है और हवाई जहाज, रेल व सड़क मार्ग से जुडा हुआ है। इससे संस्थान में पर्याप्त अधोसेरचना उपलब्ध है। इसका परिसर 615 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसके साथ कृषि, पशु औषधालय एवं पशु विज्ञान, सामुदायिक विज्ञान जैसे महाविद्यालय सम्बद्ध है तथा 12 क्षेत्रीय शोध स्टेशन, सब-स्टेशन, 8 कृषि विस्तार केन्द्र का नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार राज्य सरकार की इस मांग को मान लेती है तो दोनों को लाभ होगा, क्योंकि केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए न्यूनतम संसाधनों और लागत की आवश्यकता पड़ेगी। यह केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कृषि विश्वविद्यालय बनकर उभर सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को यहां वर्तमान अधोसंरचना श्रमशक्ति का लाभ मिलेगी, जब कि राज्य को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में एक उत्कृष्ट संस्थान मिलेगा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष 30 मई 2020 को पूरा होने जा रहा है। उन्होनें कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार-2 का एक वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा, कई दशकों से देश के आम जनमानस की इच्छाओं एवं आकांक्षाओं का सपना पूरा हुआ, जैसे तीन तलाक की समाप्ति हेतु कानूना बनाना, धारा-370 को हटाना, लद्दाख को अलग केन्द्र शासित राज्य बनाना, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना, शरणार्थियों के लिए नागरिक संशोधन कानून बनाना आदि प्रमुख उपलब्धियां हैं। इसके अतिरिक्त कोरोना संकट के समय जब पूरा विश्व इस महमारी बुरी तरह प्रभावित है, ऐसे में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने समय रहते लॉक डाउन की घोषणा सहित अन्य प्रभावी कदम उठाये। इन कदमों के लिए विश्व के कई देशों व संगठनों ने माननीय प्रधानमंत्री की सराहना भी की। भाजपा महामंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्वर्णिम एक वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर कल यानि 30 मई, 2020 को सांय 4.00 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा फेसबुक लाईव के माध्यम से राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के सभी नेता व कार्यकर्ता इस फेसबुक लाईव से जुड़ेंगे और अन्य लोगों को भी उनके सम्बोधन सुनने का आग्रह करेंगे। उन्होनें कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री जी के "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को पूरा करने के लिए लोगों से स्वदेशी चीजे अपनाने व लोकल को वोकल बनाने का भी आग्रह करेगी। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि आगामी समय में भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री द्वारा लिखित एक पत्र जिसमें आत्मनिर्भर भारत का संकल्प विश्व कल्याण हेतु भारत की भूमिका एवं कोविड-19 के फैलने से बचाव हेतु सावधानियों एवं स्वस्थ रहने हेतु अच्छी आदतों के संकल्प के आह्वान को देश भर में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाएगी। साथ ही प्रदेश के सातों मोर्चां द्वारा संपर्क अभियान चलाया जाएगा जिसमें प्रत्येक मंडल पर बड़े पैमाने पर फेस कवर व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे। स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने हेतु सभी कार्यकर्ता संकल्प लेंगे तथा "डिजीटल सम्पर्क" के माध्यम से प्रत्येक बूथ पर व्हाट्सएप ग्रुप का गठन किया जाएगा तथा पार्टी की पत्रिका दीप कमल संदेश का डिजिटल प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश "वर्चुअल रैली" करने जा रही है जिसमें 750 से अधिक की संख्या वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़ेगी। प्रत्येक मोर्चा प्रदेश भर में 500-500 लोगों को जोड़ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वर्चुअल रैली करेंगे और इन वर्चुअल रैलियों के माध्यम से मोदी सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की आर्थिक घोषणाओं एवं योजनाओं की समाज के सभी वर्गों के बीच में व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी। इन कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए पार्टी ने मुझे त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश महामंत्री को कार्यक्रम का प्रांत संयोजक लगाया है और संसदीय क्षेत्रानुसार भी संयोजकों की नियुक्ति भी कर दी गई है जिसमें हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, मण्डी संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, प्रदेश सचिव पायल वैद्य शिमला संसदीय क्षेत्र तथा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में प्रदेश सचिव विशाल चौहान इन कार्यों को विशेष रूप से देखेंगे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर तथा वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार जब जब भी प्रदेश में सत्ता में रही है, प्रदेश में भ्रष्टाचार के नये आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की सरकार अपने कार्यकाल के दौरान बुरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त थी उस पार्टी के नेताओं को नैतिकता की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि विगत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार का जो रिकार्ड बना उसकी गिनती करना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने विगत कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार का ध्यान प्रदेश के विकास की ओर कम तथा अपने मुख्यमंत्री को कोर्ट-कचहरी से बचाने में व्यतीत हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि जब प्रदेश का मुखिया और उनका पूरा परिवार जमानत पर रहा। बिक्रम सिंह और गोविन्द ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश में शराब के थोक व्यापार के लिए गठित किए गए हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड की स्थापना से प्रदेश केे राजस्व को 200 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र उद्देश्य अपने चहेतों को करोड़ों रूपये का लाभ पहुंचाना था। उद्योग मंत्री एवं वन मंत्री ने कहा कि इस लिमिटेड की स्थापना तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा तत्कालीन आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चैधरी द्वारा विभाग की संस्तुति को नजरअंदाज करते हुए की गई थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा कम्पनी के गठन के लिए उचित समय दिए बिना की गई थी, जबकि उस समय प्रदेश में एल-1 व एल-13 थोक विक्रय लाईसेंस की एक सुदृढ़ प्रक्रिया उपलब्ध थी। मंत्रियों ने कहा कि कम्पनी को डिस्टलरों व बोटलरों से शराब खरीद कर परचून वितरकों को जारी करनी थी। इसमें उधार लेन-देन नहीं होना था और हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड को केवल नकद भुगतान के बाद ही परचून विक्रेताओं को शराब पहुंचानी थी। उन्होंने कहा कि इस कम्पनी ने ऐसा नहीं किया और परचून विक्रेताओं को उधार पर शराब दी जिससे कम्पनी को भारी नुक्सान हुआ और परचून विक्रेताओं के पास भारी मात्रा में उधार फंस गया। इसके अतिरिक्त चार कम्पनियों को भंडारण लाईसेंस दिए गए जिनमें रंगड़ बूरूरी, सीबकस, ब्लयू लाईन व जी.आई. सी. शामिल है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस थानों में 14 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं तथा उगाही के लिए के प्रदेश की विभिन्न अदालतों में 20 सिविल सूट दर्ज किया गए हैं। इन मंत्रियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड को तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश के ऊना, चम्बा तथा किन्नौर जिलों में परचून व्यापार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि परचून व्यापार कम्पनी के किसी भी अनुच्छेद का हिस्सा नहीं था व न ही इसके लिए कम्पनी को प्राधिकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन तीन जिलों में कम्पनी का परचून व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ और प्रदेश के राजस्व को 67 करोड़ रूपये का नुक्सान हुआ।
राज्य सरकार ने संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा दिया है और अब इस भाषा को और अधिक व्यावहारिक व सरल बनाने के प्रयास होने चाहिए ताकि इसे जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जा सके। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के न्यूजलेटर का विमोचन करने के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा न्यूजलेटर को हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में लाने का प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को गृह शिक्षण सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दूरदर्शन ज्ञानशाला कार्यक्रम भी शुरू किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि बोर्ड को सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करने से रोका जा सके। उन्होंने मार्च, 2019 की परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों को स्टेट ओपन स्कूल प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ उनके शैक्षणिक वर्ष को बचाने के लिए एक अवसर प्रदान करने के लिए बोर्ड के प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, वैदिक गणित और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश बोर्ड आॅफ स्कूल एजुकेशन धर्मशाला के अयक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार स्कूलों में 45 परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन ‘सावित्री बाई फुले’ के नाम से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा, जो भारत की पहली महिला शिक्षक और 1848 में पुणे में पहले भारतीय गर्ल स्कूल की संस्थापक थीं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूल परिसरों में 1,09,315 पौधे भी लगाए गए हैं। निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और शिक्षा बोर्ड और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बीजेपी के बेड़े में भ्रष्टाचार के छेद होने के बाद अब इसके कई मुसाफिर सुरक्षित ठिकानों की ओर छलांगें लगाने लगे हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सत्ता सुख का यह बेड़ा कभी भी डूब सकता है। यह बात राज्य कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि जो सरकार जीरो क्रप्शन टोलरेंस की दलीलें व दुहाई देती थी, उसी सरकार के आधे कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। महामारी के आतंक के बीच हेल्थ विभाग में उजागर हुए बेखौफ भ्रष्टाचार ने सरकार की चुलें हिला कर रख दी है। सरकार के शुरू दिन से ही हेल्थ विभाग भ्रष्टाचार की सुर्खियां बटोर रहा है। हेल्थ विभाग में बेखौफ चल रहे भ्रष्टाचार ने पहले हेल्थ मिनिस्टर की विकेट उड़ाई, फिर सफाई, दुहाई व बचाव के प्रयासों ने कई अफसरों को बली का बकरा बनाया। यह दीगर है कि सरकार पर हावी-प्रभावी 2-4 अफसरों की जुंडली ने सरकार की आंखों का तारा बन कर अपने सिहांसनो को महफूज रखा है। हेल्थ विभाग में लगातार चला आ रहा भ्रष्टाचार कोरोना महामारी के दौरान भी बदस्तूर चला आ रहा है। मामला सेनेटाइजर खरीद में कर्रप्शन का हो या पीपीई किट खरीद का घोटाला हो या फिर हिमुडा की जमीन खरीद में करोड़ों के लेने देन के संगीन आरोप हों भ्रष्टाचार बेखौफ चलता रहा और सरकार यह दलीलें देती रही कि उनका दामन पाक-साफ है। मसला पुलिस या पटवारियों की भर्ती का हो या विश्वविद्यालयों में डिग्रियों की खरीद फरोख्त का हो या फिर ताजा कड़ी में भ्रष्ट तंत्र व नेताओं के भ्रष्टाचार गठबंधन का हो, जिसके प्रकोप ने अब रुष्ट व असंतुष्ट भाजपाईयों के आक्रोश में पार्टी मुखिया व सरकार के दामन को दागदार किया है, इस सरेआम चल रहे भ्रष्टाचार से अब जनता का विश्वास इस सरकार से पूरी तरह उठ चुका है। जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि क्या यह उसी सरकार के लोग हैं जिन्होंने जीरो कर्रप्शन टोलरेंस के वायदे व बातें करके जनादेश हासिल किया है और अब भ्रष्टाचार का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। जहां कोरोना महामारी आम जनता के लिए आपदा का सबब साबित हो रहा है, वहीं सरकार के भ्रष्ट तंत्र में यह महामारी भ्रष्टाचार से इस तंत्र की तिजोरियां भरने का मौका साबित हो रही है। राणा ने कहा कि आज जनता और विपक्ष ही नहीं बीजेपी के अपने लोग भी सरकार में चल रहे भ्रष्टाचार से आजिज आ चुके हैं और अब सरकार ने अपने बचाव में खुद के मंत्री, मुखियों की बली लेने का सिलसिला शुरू हुआ है, जबकि कई भ्रष्टाचार के असली बकरों को बचाने के लिए सरकार अब भरपूर प्रयास में जुट गई है।
21वीं सदी में भारत ने विज्ञान, शिक्षा, तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य जैसे सभी क्षेत्रों में विकास मे नए आयाम स्थापित किए हैंे। भारतवासियों ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि उसे कोरोना वायरस नामक महामारी से मानव जीवन के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार संचार तकनीक के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग कर लोगों को सूचारू रूप से सूचनाएं प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार लोगों तक सही सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर आपातकालीन परिचालन केन्द्र स्थापित किए हैं। प्रदेश और प्रदेश के बाहर रह रहे लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर- 0177-2622204, 2629688, 2629939 सहित टोल फ्री नम्बर- 1070 और 1077 स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय आपातकालीन परिचालन केन्द्र के लिए अतिरिक्त दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। बिलासपुर जिला के लिए 01978-224901, चम्बा के लिए 01899-226951, हमीरपुर के लिए 01972-221277, कांगड़ा के लिए 01892-229050, किन्नौर के लिए 01786-223151, कुल्लू के लिए 01902-225630, लाहौल-स्पिति के लिए 01900-202509, मण्डी के लिए 01905-226201, शिमला के लिए 0177-2800880, सिरमौर के लिए 01702-226401, सोलन के लिए 01792-220882 और ऊना जिला के लिए 01975-225045 दूरभाष नम्बर स्थापित किए गए हैं। अन्य राज्यों में रहने वाले हिमाचली लोगों की सहायता के लिए भी हेल्पलाइन नम्बर-0177-2626076 और 2626077 स्थापित किए गए हैं। चण्डीगढ़ के लिए 0172-5000103, 5000104 तथा मोबाइल नम्बर-81463-13167 व 99888-98009 और दिल्ली के लिए 011-23711964, मोबाईल नम्बर-96685-39423 व 88028-03672 नम्बरों के माध्यम से लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ किरयाने का सामान, भोजन, आश्रय और दवाइयां प्रदान कर लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों के आपातकालीन परिचालन केन्द्रों में भी टोल फ्री नम्बर-1077 स्थापित किया गया है। यह नम्बर 24 घण्टे सक्रिय रहता है। इन हेल्पलाइन नम्बरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक हजारों लोगों ने इन नम्बरों पर फोन कर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुुंचाई और प्रदेश सरकार ने भी इन समस्याओं का समाधान कर लोगों तक राहत पहुंचाई है। इन हेल्पलाइन पर आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री, चिकित्सीय जांच आदि समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचा कर इनका समाधान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा तेलंगाना में फंसे हमीरपुर जिला के ललित कुमार हो या जुब्बल के कुलदीप सूद इन जैसे हजारों लोगों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से ही समय पर सहायता प्रदान करने पर इन लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। लाॅकडाउन लगने के कारण चण्डीगढ़ में फंसे दीपेन्द्र को आशा नहीं थी कि वह इतने कम समय में अपने घर लौट पाएंगे। दीपेन्द्र ने प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करवाया। दीपेन्द्र जैसे हजारों लोग जो प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक है, इन हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश आपातकालीन परिचालन केन्द्र में स्थापित इन नम्बरों में 24 मार्च, 2020 से 23 मई, 2020 तक 46,570 काॅल का आदान-प्रदान किया गया है, जिनमें से 46,007 काॅल विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु की गई। देश के विभिन्न भागों में रह रहे प्रदेशवासियों को कोविड-19 से जुड़ी जानकारी, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, क्वारन्टीन अवधि, शारीरिक दूरी संबंधी जानकारी भी केन्द्र द्वारा स्थापित नम्बरों के माध्यम से लोगों को प्रदान की जा रही है। इन हेल्पलाइन नंबरों से लोगों को जागरूक करने के लिए 563 काॅल की गई हैं। जिले में स्थापित केन्द्रों में भी लगातार हजारों की संख्या में काॅल आ रही हैं। इसमें सबसे अधिक कुल्लू जिला में 8,704 काॅल के माध्यम से लोगों ने विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल की। इसके अतिरिक्त चम्बा जिला के आपातकालीन कक्ष में 2,098, सिरमौर में 2,042, हमीरपुर में 1,825, सोलन में 700, ऊना में 526, किन्नौर में 509, मण्डी में 416, बिलासपुर में 241 और लाहौल-स्पीति में 15 काॅल आई हैं। इन केन्द्रों का संचालन करने वाले अधिकारियों के अनुसार अधिकतर काॅल प्रदेश वापसी, होम और संस्थागत क्वारंटीन नियम, कोविड-19 जांच, ई-पास, दवाईयों की उपलब्धता और रेड, आॅरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा का लाभ वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों सहित गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष रूप से मिल रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने नैतिकता के आधार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से इस्तीफे की मांग की है। राकेश पठानिया ने विक्रमादित्य सिंह को याद दिलाया कि उस वक्त उनकी नैतिकता कहां थी, जब उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास पर मुख्यमंत्री रहते हुए ई.डी. व सी.बी.आई. का छापा पड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नैतिकता उस समय कहां थी, जब कांग्रेस के मुख्यमंत्री का अधिकतर समय सी.बी.आई. की अदालतों में गुजरता था। पठानिया ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को उस समय नैतिकता की याद क्यों नही आई, जब उनके परिवार द्वारा सेब की ढुलाई के लिए कथित तौर पर स्कूटर व टैंकरों के नम्बर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कांग्रेस के कार्यकाल में ही काॅपरेटिव बैंक भर्ती घोटाला भी सुर्खियों में रहा, जिसमें चेहतों को रेवड़ियो की तरह नौकरियां बांटी गई थीं। क्या उस समय विक्रमादित्य सिंह व उनके परिवार को नैतिकता का ध्यान नहीं रहा? नूरपुर के विधायक ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को नैतिकता का बात करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनका पूरा परिवार ही जमानत पर है। उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फैंकने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नैतिकता पर चलने वाली पार्टी है तथा प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल द्वारा नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया जाना इस बात को दर्शाता है कि भाजपा के लिए नैतिकता के ऊपर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जबकि वास्तविकता यह है कि डाॅ. बिंदल पर किसी भी प्रकार का इस बारे में कोई भी आरोप नहीं है। पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एक स्वच्छ छवि व ईमानदार नेता हैं और जैसे ही सोशल मीडिया में कथित तौर पर लेन-देन की ऑडियो कैसेट आई तुरन्त कार्रवाई करते हुए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को बर्खास्त कर दिया और उनके विरूद्ध जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी तथा दोषियों के विरूद्ध सख्ती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं पारदर्शी प्रशासन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर कांगेस पार्टी की सरकार का विगत पांच वर्ष का कार्यकाल कोर्ट कचहरी में ही व्यतीत हुआ था तथा उनका प्रदेश के विकास तथा लोगों के कल्याण के बारे में कोई ध्यान नहीं था। उन्होंने केवल अपने बचाव में ही पांच वर्ष व्यतीत कर दिए। राकेश पठानिया ने कहा कि कोविड महामारी के इस दौर में भी कांग्रेस नेता को इस तरह की ओच्छी राजनीति सूझ रही है, जबकि प्रदेश सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी इस अवधि के दौरान प्रदेशवासियों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए अनेक सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस अवधि में जरूरतमंदों को ‘मोदी खाद्य किटें’ बांटी और लाखों लोगों को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए कि उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए इस दौरान क्या किया है? राकेश पठानिया ने विधायक विक्रमादित्य सिंह को सलाह दी कि उन्हें इस तरह की अनर्गल बयानबाजी से गुरेज करना चाहिए क्योंकि वे अभी राजनीतिक तौर पर अपरिपक्व हैं और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विरूद्ध इस तरह की बयानबाजी उन्हें शोभा नहीं देती।
कोरोना के दृष्टिगत लगे लाॅकडाउन के कारण, जब लाखों लोग जो अपनी नौकरी खो चुके थे, अपनी आजीविका को बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और अपने घर लौटने के लिए उत्सुक थे, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से सभी हिमाचलियों को वापस लाने के लिए पर्याप्त संख्या में विशेष ट्रेनों, बसों के माध्यम से उनकी प्रदेश वापसी सुनिश्चत की। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के लोगों को सहायता देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों से प्रदेश वापसी का अभियान भी चलाया। राज्य सरकार ने 25 मई, 2020 तक विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से 1,40,104 लोगों को वापस राज्य में लाया है। कांगड़ा के लगभग 61556, हमीरपुर के 16292 लोग, सोलन के 15728 लोग, मंडी के 10306 लोग, शिमला के 7274 लोग, ऊना के 6599 लोग, सिरमौर के 6109 लोग, बिलासपुर के 6071 लोग, चंबा के 5337 लोग, कुल्लू के 3739 लोग, किन्नौर के 870 लोग और लाहौल-स्पीति के 223 लोग विभिन्न राज्यों से वापस लाए गए हैं। लगभग 5474 व्यक्तियों को ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश वापस लाया बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर विशेष ट्रेनें भी चलाईं, जिसके माध्यम से राज्य में लगभग 5474 व्यक्ति पहुंचे हैं। एक विशेष ट्रेन 26 मई को दिल्ली से ऊना पहुंची जिसमें 271 लोग सवार थे। 25 मई को चेन्नई सेंट्रल, तमिलनाडु से पठानकोट के चक्की बैंक रेलवे स्टेशन पर लगभग 211 लोग पहुंचे। 24 मई को दो विशेष ट्रेनें, अहमदाबाद से एक, ऊना रेलवे स्टेशन पर 545 व्यक्ति और दूसरे व्यक्ति चक्की बैंक रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र के पठानकोट से 580 व्यक्तियों को लेकर पहुंची। 23 मई को त्रिवेंद्रम, केरल से पठानकोट होते हुए हिमाचल प्रदेश के 35 लोगों को लेकर एक ट्रेन आई। लगभग 118 व्यक्तियों को हैदराबाद से वापस लाया गया और 20 मई को ट्रेन के माध्यम से पठानकोट पहुंचे। पुणे से ऊना के लिए एक और विशेष ट्रेन 19 मई को लगभग 617 व्यक्तियों को लेकर आई और मुंबई से ऊना रेलगाड़ी 18 मई को पहुंची, जिसमें 697 व्यक्ति थे। रेलगाड़ियों में प्रदेश पहुंचे नागरिक बीते 18 मई को बाहर फंसे हुए हिमाचलियों को लेकर आने वाली तीन रेलगाड़ियां राज्य में वापस पहुंची, जिसमें 259 व्यक्ति चेन्नई से पठानकोट पहुंचे, 589 गोवा से ऊना पहुंचे और 697 मुंबई से पहुंचे। राज्य के लगभग 1486 व्यक्तियों को थिविम, मडगांव करमाली (गोवा) से ऊना के लिए एक विशेष ट्रेन के माध्यम से गोवा से प्रदेश वापस लाया गया, जो 15 मई को ऊना पहुंची। नागपुर से पठानकोट तक 78 व्यक्तियों को ले जाने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से भी राज्य के लोगों को वापिस लाया गया। राज्य के 140 छात्रों को वापस लाने के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम की नौ बसों को परवाणू से कोटा भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में लाया वापस चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में फंसे लोगों को सहायता भी दी गई, जिसके लिए बसों को बैचों में भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में वापस राज्य में लाया गया। 3 मई, 2020 को पहले बैच में ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 1314 व्यक्तियों को 51 बसों में वापस प्रदेश में लाया गया, जिसमें कांगड़ा जिले के 609 लोग, हमीरपुर जिले के 335 लोग, ऊना जिले के 132 लोग और चंबा जिले के 238 लोग शामिल थे। वापस लाए गए लोगों की हुई इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच बीते 4 मई को 49 बसों में दूसरे बैच को प्रदेश में लाया गया, जिसमें मंडी जिला के 622 लोग, बिलासपुर जिले के 365 लोग, कुल्लू जिले के 191 और लाहौल-स्पीति जिले के 61 लोगों सहित 1239 लोगों को अन्य स्थानों से प्रदेश वापस लाया गया। इसी प्रकार तीसरा बैच 5 मई को राज्य के पांच जिलों के 1006 व्यक्तियों को 44 बसों में ट्राइसिटी से वापस लाया गया, जिसमें शिमला जिले के 585, सोलन जिले के 150, सिरमौर जिले के 170, किन्नौर जिले के 89 और बिलासपुर जिले के 12 लोग शामिल थे। यह देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हिमाचल के लोगों को राज्य में सुरक्षित वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान था। इन सभी वापस लाए गए लोगों की इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच की गई और इसके बाद उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा गया। आप भी डाउनलोड करें आरोग्य सेतु ऐप प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं और उन्हें आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया है और साथ ही सामाजिक शिक्षा के महत्व के बारे में सूचना शिक्षा संचार (आईईसी) सामग्री प्रदान की जा रही है। इनके अलावा, हिमाचल प्रदेश के 29 निवासी, जिन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए लाॅकडाउन से पहले विभिन्न देशों की यात्रा की थी, उन्हें भी अन्य देशों से देश में वापस लाया गया है, जिनमें से 19 को दिल्ली में, पांच को केरल और पांच को पंजाब में रखा गया है। इसके बाद क्वारन्टीन अवधि पूरी होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश वापस लाया जाएगा।
फेसबुक पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की गई है जिसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल मामला ये है कि फेसबुक पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि को बिगाड़ने के आरोप को लेकर राजधानी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। शिक्षा मंत्री के ओएसडी ममराज पुंढीर की शिकायत पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 465, 469 व 67 आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है। शिमला पुलिस के अनुसार मामराज पुंढीर ने शिकायत में कहा है कि मनोज ने 27 मई तथा राकेश मन्डोत्रा व राकेश जिन्टा ने 28 मई को अपनी फेसबुक में शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ झूठी व आपत्तिजनक समाचार पत्र की खबर को अपलोड किया है कि मंत्री ने अपने सियासी रसूख के चलते केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में अपने एक करीबी को प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया है। इसे लेकर सोशल मीडिया में मंत्री के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर उनकी बेदाग छवि को धूमिल किया जा रहा है। उधर, एसपी शिमला ओमा पति जंबाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कृषि विभाग के निदेशक डाॅ. आर.के. कौंडल ने बताया कि बड़े पैमाने पर रेगिस्तानी टिड्डों के संभावित आक्रमण के कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से इन टिड्डियों द्वारा फसलों को नष्ट करने की सूचना प्राप्त हुई है और प्रदेश में भी इनके आक्रमण की आशंका है, जिसके कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेषकर कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और सोलन जिले हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फील्ड अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों को टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट अपने निकटतम कृषि अधिकारियों को तुरन्त देने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि यह रेगिस्तानी टिड्डे आमतौर पर हवा के साथ लगभग 16 से 19 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ उड़ते हैं और एक दिन में लगभग 5 से 130 किमी या इससे अधिक की दूरी तय कर सकते हैं। कृषि निदेशक ने बताया कि सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे टिड्डियों के हमले के प्रति किसानों में जागरूकता लाएं और उन्हें कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए प्रेरित करंे। उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए 30 लीटर पानी में 200 ग्राम मैथेरिजियम और बाॅवरिया जैसे जैव कीटनाशक का घोल बना कर छिडकाव करना लंबे समय तक प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, कांगड़ा और मंडी को इन जैव कीटनाशकों को पर्याप्त मात्रा में तैयार करने के निर्देश दिए गए है। कृषि निदेशक ने कहा कि वर्तमान में राज्य के किसी भी हिस्से से टिड्डियों की गतिविधियों की कोई सूचना नहीं है और टिड्डी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को टिड्डियों की गतिविधियों पर नजर रखने और खेतों में टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट कृषि निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए है।
हि.प्र. राज्य सहकारी बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष बी.डी. काजल ने संघ की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 1.11 लाख रुपए का चैक भेंट किया। इसके अतिरिक्त, राज्य भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व सचिव महेन्द्र रोहाल और भाजपा किसान मोर्चा जिला शिमला के पूर्व अध्यक्ष चन्दन शर्मा ने भी इस फंड में 51 हजार रुपये का अंशदान किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति अपनी "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर कायम है। उन्होनें कहा कि प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री के ध्यान में भ्रष्टाचार का जो भी मामला आया, उसके खिलाफ तुरंत कार्यवाही के आदेश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की कथित ऑडियो क्लिप जारी होते ही बिना समय गवाए कार्यवाही अमल में लाई गई। विजिलैंस की जांच शुरू करके निदेशक स्वास्थ्य विभाग को सस्पैंड कर तुरंत गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच जारी है। त्रिलोक जम्वाल ने आगे कहा कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से केवल इसलिए इस्तीफा दिया, क्योंकि कुछ तथाकथित लोग निराधार बयानबाजी करके भाजपा पर अंगुली उठा रहे थे। इसलिए उन्होनें अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने पद से त्यागपत्र दिया ताकि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और भाजपा हर प्रकार की जांच के लिए तैयार भी है। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं का भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाना "खुद मियां फजीहत औरों को नसीहत" कहावत को चरितार्थ करता है। जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार में कीर्तिमान स्थापित किए हों, जो पार्टी खुद आकंठ भ्रष्टाचार में लिप्त हो और अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप उनके ऊपर लगे हो, उनका दूसरों को नैतिकता की सीख देना हास्यास्पद है। त्रिलोक जम्वाल ने कहा सर्वविदित है कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रस्त है और इस वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने जहां समाज सेवा के कार्य प्रारंभ कर प्रदेश की जनता की सेवा की वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस संकटकाल में भी केवल राजनीति ही करने का काम किया। भाजपा ने पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक भोजन पैकेट, एक लाख से अधिक सूखा राशन, 22 लाख से अधिक मास्क बांटे और साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में 9 करोड़ से अधिक का अंशदान दिया। उन्होनें कांग्रेस पार्टी के नेताओं से प्रश्न करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बताएं कि कोरोना संकट के दौरान उन्होनें प्रदेश की जनता के लिए क्या किया ? वे बताएं कि इस संकटकाल में उन्होनें कौन सी समाज सेवा की ? परन्तु उनके पास इसका कोई भी जवाब नहीं होगा क्योंकि कोरोना कालखण्ड में कांग्रेसी नेता ’’बयान बहादुर’’ बनकर रह गए और कांग्रेसी नेताओं में बयानबाजी करने में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ सी लग गई, जोकि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए और प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए मीडिया में निराधार बयानबाजी कर जनता में अपनी उपस्थिति बनाए रखना चाहते हैं परन्तु प्रदेश की जनता उनके द्वारा फैलाई जा रही झूठी अफवाहों में नहीं आने वाली। इस पूरे प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी के साथ अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ना कांग्रेस पार्टी की एक कुटिल चाल मात्र है जिसमें वे कभी कामयाब नहीं होंगे। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्दी ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ।
सचिव ग्रामीण विकास डाॅ. आर.एन. बत्ता ने बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश की मुख्यमंत्री एक बीघा योजना की सराहना करते हुए इस योजना को देश भर में लागू करने की घोषणा की है। डाॅ. आर.एन. बत्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा गत सप्ताह इस योजना का शुभारम्भ किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की परिकल्पना की गई है। इस योजना केे तहत एक महिला या उसका परिवार जिनके पास एक बीघा (या 0.4 हेक्टेयर) तक की भूमि है, वह सब्जियों और फलों को उगाने के लिए बैकयार्ड किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में 5,000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 1.50 लाख महिलाएं शामिल होंगी।
नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ज़िला कांगड़ा के जसूर मार्किट के व्यापारियों की ओर से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 2.50 लाख रुपए का चैक भेंट किया। उन्होंने इस अवसर पर सेनेटाइजर मशीन भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान कोरोना महामारी से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा।


















































