-28 अध्ययन केंद्रों में स्थापित किए परीक्षा केंद्र -1 दिसंबर से 9 जनवरी तक आयोजित होगी परीक्षा इग्नू के टर्म एंड इग्जाम दिसंबर माह की पहली तारीख से शुरू होंगे, जो अगले वर्ष 9 जनवरी तक चलेंगे। इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय ने देश भर में विभिन्न परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त जेल बंदियों के लिए कारागारों (जेलों) में तथा विदेशों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश में विभिन्न जिलों में 28 इग्नू अध्ययन केंद्रों स्थापित किये गए हैं, जहां ये परीक्षा करवाई जाएगी। इन केंद्रों में 29,000 से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जोगिंद्र कुमार यादव ने बताया कि परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी विद्यार्थी के पास प्रवेश पत्र नहीं है और उसका नाम उपस्थिति सूची में अंकित हंै, ऐसी स्थिति में विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने के लिए अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय/सरकार द्वारा जारी वैद्य पहचान पत्र उनके पास होना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने आज राज्यपाल की संस्तुति पर चौदहवीं विधानसभा के चतुर्थ सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। पठानिया ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र 5 दिनों का होगा तथा इसमें 5 बैठकें आयोजित की जाएंगी। पठानिया ने कहा कि 21 दिसंबर का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सत्र का शुभारंभ 19 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे होगा। पठानिया ने कहा कि सत्र की अधिसूचना जारी होने के साथ ही अब सदस्य प्रश्नों से संबंधित सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को ऑनलाइन तथा ऑफ लाइन दोनों माध्यम से भेज सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 20 नवंबर को अधिसूचित वन मित्र योजना के तहत वन मित्रों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 नवंबर से आरंभ होगी। इच्छुक उम्मीदवार वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय,कोटि (वन मंडल शिमला) से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन फार्म जमा करवाने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर निर्धारित की गई है। शैक्षणिक, शारीरिक योग्यता, आयु मापदंड एवं अन्य भर्ती नियम/शर्तें वन विभाग, हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। वन परिक्षेत्र कोटि (वन मंडल शिमला) की जिन वन बीटों के आवेदन किया जाना है, उनमें फानीऑट,वन बीट, भालावग, वन बीट, मालनशील, वन बीट, करौली, वन बीट शामिल हैं।
इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबॉर्न, ऑस्ट्रेलिया में पशु क्रूरता व पशु प्रेम पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'क्रांति' दिखाई जाएगी। एकलव्य सेन, जो कि बतौर फिल्म निर्देशक काफी समय से कार्य कर रहे हैं, उनकी बनाई डाक्यूमेंट्री क्रांति द रेवोल्यूशन, जो कि पशु-पक्षियों पर क्रूरता, पशु प्रेम एवं जंगली जीवों के सही संरक्षण पर आधारित है, का चयन ऑस्ट्रेलिया के इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबॉर्न में हुआ है। यह डॉक्यूमेंट्री धर्मशाला में शूट हुई है और एक सच्चे पशु प्रेमी एवं समाजसेवी धर्मशाला के धीरज महाजन के जीवन से प्रेरित एक सच्ची कहानी है। उन्होंने अपना पूरा जीवन पर्यावरण, पशु-पक्षियों व जंगली जीवों की सेवा में दे दिया है। यह डॉक्यूमेंट्री ऑस्ट्रेलिया में एक सप्ताह तक दिखाई जाएगी और वहां के बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जायेगी, इससे पहले यह डॉक्यूमेंट्री बेंगलुरु, कोलकाता एवं इटली के एक बड़े फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी है। धीरज महाजन को 5 अप्रैल, 2022 को मुख्यमंत्री से हिमाचल प्रदेश का सबसे सर्वश्रेष्ठ सम्मान हिमाचल प्रेरणा स्त्रोत मिल चुका है। हिमाचल प्रदेश व सभी पशु प्रेमियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेशभर में दिसंबर से उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों में दालों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सभी जिलों में सिविल सप्लाई निगम के गोदामों में दालों की खेप पहुंच गई है और जल्द ही यह डिपुओं में वितरित होनी शुरू हो जाएंगी। चना, उड़द और मलका की दालें गोदामों में पहुंच चुकी हैं। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। हालांकि चीनी के लिए अभी भी उपभोक्ताओं को इंतजार करना होगा। निगम के अधिकारियों के मुताबिक फैक्टरी में पुरानी और गीली चीनी होने के चलते इसकी सप्लाई नहीं की जा सकती। बता दें कि विभिन्न जिलों में कहीं एक माह से तो कहीं पर दो माह से दालें नहीं मिल रही हैं, इसके चलते उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं को दालें महंगे दामों पर बाजारों से खरीदनी पड़ रही हैं। इस बारे में खाद्य आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि पिछले कुछ समय से सप्लाई कुछ कारणों से रुकी हुई थी, मगर अब सरकार के आदेशों के बाद दालों की सप्लाई आ गई है। दिसंबर तक ये दालें डिपुओं में मिलना शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभी चीनी के लिए उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ेगा।
-स्कूलों के पुस्तकालयों को भी किया जाएगा डिजिटल -संस्कृति मंत्रालय फंड करेगा जारी हिमाचल में सभी पुस्तकालय डिजिटल होंगे। पुस्तकालयों को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पाठकों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए हजारों रुपये खर्च करके पुस्तकें भी नहीं खरीदनी पड़ेंगी। स्कूलों के पुस्तकालयों को भी डिजिटल किया जाएगा। पुस्तकालयों में मौजूद पुस्तकों को भी धरोहर के रूप में संभालकर रखा जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राजा राम मोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन कोलकाता के साथ मिलकर पुस्तकालयों को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय से फंड जारी होगा। स्कूलों के पुस्तकालयों को भी डिजिटल किया जाएगा। इसका कार्यभार समग्र शिक्षा को सौंपा है। इन पुस्तकालयों को राष्ट्र डिजिटल लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय के मुताबिक शुरुआत में ऐतिहासिक, दीमक और खराब होने की स्थिति में पुस्तकों को डिजिटल किया जाएगा। इसके बाद नई अन्य किताबों को डिजिटल करने की प्रक्रिया होगी। वर्तमान समय में राजधानी के तीनों राज्य पुस्तकालय में 77,600 के करीब पुस्तकों का संग्रह है।
-धार्मिक पर्यटन सर्किट बस सेवा के तहत एचआरटीसी इस रूट पर वोल्वो बस चलाएगा -अगले साल से इस रूट पर यह बस सेवा शुरू करने की योजना हाल ही में धार्मिक पर्यटन सर्किट बस सेवा के तहत एचआरटीसी ने चिंतपूर्णी-ज्वालाजी, खाटू श्याम और भंगायणी माता मंदिर हरिपुरधार के लिए बस सेवा शुरू की और अब पंजाब के अमृतर स्थित स्वर्ण मंदिर और अटारी बॉर्डर के लिए भी हिमाचल पथ परिवहन निगम वोल्वो सेवा शुरू करने जा रहा है. दरअसल बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानी स्वर्ण मंदिर और अटारी बार्डर घूमने जरूर जाते हैं और हिमाचल से स्वर्ण मंदिर और अटारी बार्डर के लिए अब तक कोई लग्जरी बस सेवा नहीं थी। ऐसे में इस रूट पर वोल्वो बस चलने से निगम को अच्छी कमाई की उम्मीद है। अगले साल से इस रूट पर यह बस सेवा शुरू करने की योजना है वहीं, एचआरटीसी दिल्ली और अमृतसर एयरपोर्ट के लिए भी सीधी वोल्वो सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। शिमला-चंडीगढ़ एयरपोर्ट वोल्वो के सफल संचालन के बाद इसे लेकर प्रयास किये जा रहे हैं। टूरिस्ट सीजन के दौरान बड़ी संख्या में सैलानी दिल्ली, अमृतसर, शिमला, मनाली, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के बीच आवाजाही करते हैं। ऐसे में वोल्वो सेवा शुरू होने से इन्हें लाभ होगा।
-2025 की परेड में शामिल होगी हिमाचल की झांकी राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर रिपब्लिक डे की परेड में पिछले 4 सालों से हिमाचल को मौका नहीं मिला है और इस बार भी हिमाचल की झांकी देखने को नहीं मिलेगी। दरअसल ऐसे कई राज्य है जो बीते कई सालों से गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में सभी राज्यों को बराबर का मौका मिले इसके लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तीन वर्षों में से एक बार अपनी झांकी परेड में शामिल करने का मौका दिया है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी राज्य की झांकी को तीन चरण में होने वाली छंटनी प्रक्रिया के दौरान बाहर नहीं किया जाएगा। राज्य जिस भी वर्ष के लिए अपनी झांकी को शामिल करने की प्राथमिकता देंगे, केंद्र सरकार उस राज्य की झांकी और बेहतर बनाने में मदद देगा। अब केंद्र सरकार ने 2024 से 2026 तक झांकी निकालने के लिए किसी एक वर्ष को चुनने का राज्यों से विकल्प मांगा थ। इसी कड़ी में हिमाचल सरकार ने वर्ष 2025 में अपनी झांकी को देने का फैसला किया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार से समय पर सूचना न मिलने के कारण 2023 की परेड में झांकी शामिल करने का मौका हिमाचल के हाथ से चला गया था। इससे पहले 2019 में महात्मा गांधी की हिमाचल यात्रा की झांकी का प्रस्ताव भेजा गया था, रक्षा मंत्रालय ने हिमाचल की झांकी के मॉडल को भी खारिज कर दिया था फिर वर्ष 2021 में अटल टनल रोहतांग का मॉडल मंजूर नहीं हुआ और 2022 में धामी गोलीकांड विषय पर केंद्रित झांकी अंतिम चरण में बाहर हुई थी। अब हिमाचल सरकार ने 26 जनवरी 2025 की परेड में राज्य की झांकी को शामिल करने का फैसला किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों को जो भी दायित्व उन्हें सौंपा गया है, उसे पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जो पदाधिकारी निष्क्रिय पाए जा रहे हैं उन्हें जल्द ही पदमुक्त करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि जल्द ही प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर विस्तारपूर्वक आपसी चर्चा की जाएगी। प्रतिभा सिंह ने उन पदाधिकारियों को जो पार्टी के कार्यक्रमों व बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनकी पूरी जानकारी जिला व ब्लॉक अध्यक्षों से मांगी है। उन्होंने कहा कि संगठन के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर सहन नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा है कि जो पदाधिकारी अपने दायित्व का पालन या पार्टी के कार्यक्रमों को समय नही दे पा रहे हैं, उन्हें स्वयं ही पद से हट जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने सभी ब्लॉक अध्यक्षों से अपने अपने सभी बूथों की कमेटियां गठित करने व इसकी पूरी सूची प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को 30 नवंबर तक भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रतिभा सिंह ने ब्लॉक अध्यक्षों से अपने-अपने ब्लॉकों में 15 दिसंबर से पूर्व या इस दिन तक पार्टी की आम सभा, जनरल हाउस बुलाने को भी कहा है। उन्होंने इन सभाओं में प्रदेश कांग्रेस के महासचिव व सचिव प्रभारियों को भी शामिल होने को कहा है। उन्होंने कहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिये पार्टी पदाधिकारियों को जल्द ही अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिये एकजुटता के साथ कार्य करने का आग्रह करते हुए कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिये पार्टी के सभी नेताओं को अभी से कमर कसनी होगी।
संविधान दिवस पर प्रदेश विवि में आयोजित संगोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का शुभारंभ आचार्य मनीष शर्मा के आचार्यत्व में सचिन शर्मा, यशपाल शर्मा एवं हेमराज शर्मा ने वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण से हुआ। अतिथि परिचय सिंपल सुशील शर्मा ने तथा अतिथि सम्मान विकास कुमार ने किया। विषय प्रवेश विनीत भारद्वाज ने किया। मुख्य अतिथि प्रो चांसलर प्रो. राजेंद्र वर्मा ने कहा कि लोग अधिकार तो मांगते हैं, लेकिन कर्तव्य को भूल जाते हैं। गांधी के कारण डॉ. अंबेडकर को प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। डीन आफ स्टूडेंट्स ने कहा कि संविधान के निर्माण अंबेडकर, नेहरू सहित अनेक लोगों का योगदान रहा। संविधान दिवस के महत्व पर यूएलआईएस के ऐश्वर्या कश्यप, सुप्रिया ठाकुर एवं अंबेडकर पीठ के दिनेश ने विषय रखा। प्रो. विवेकानंद तिवारी की पुस्तक वर्ण एवं जाती व्यवस्था तथा अंबेडकर का लोकार्पण हुआ। पुस्तक का रिव्यू कमल दीप ने किया। संगोष्ठी में प्रमुख रूप से प्रो. राम शर्मा, प्रो. कमल मनोहर शर्मा, डॉ. लता, डॉ. सुनील अनूप, कमल दीप, प्रदीप सिंह, उर्गेन दोर्जे शीतल ठाकुर आदि उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के मशहूर युवा महफिल लोक गायक कपिल शर्मा का यूट्यूब चैनल हैक हो गया है। कपिल शर्मा ने काफी कम समय में यूट्यूब पर लोकप्रियता हासिल की। देखते ही देखते चंद समय मे ही यूट्यूब पर उनके हजारों सब्सक्राइबर हो गए लाखों लोग उनके वीडियो यूट्यूब पर देखने लगे, लेकिन कुछ दिनों पहले उनका यूट्यूब चैनल हैक हो गया, जिसकी वजह से उनकी सारी की सारी मेहनत पर पानी फिर गया। लोक गायक कपिल शर्मा ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनका यूट्यूब चैनल हैक हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें कई दिनों तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि टेक्निकल एक्सपर्ट की राय व सहायता लेने के बाद चैनल तो रिकवर कर लिया, लेकिन उनके चैनल पर जितनी भी ऑडीयंस यानी लोग जुड़े थे वो सभी निष्क्रिय हो गया है। यूट्यूब की तरफ से 90 दिनों में एक हजार सब्सक्राइबर की शर्त और 4 हजार मिनट वाच टाइम की शर्त लगा दी है। ऐसे में कपिल शर्मा ने लोगों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से इतने कम समय में उन्हें लोगों का अपार प्यार मिला है तो उन्हें पूर्ण विश्वास है कि लोग उन्हें फिर जरूर मदद करेंगे और इस शर्त की समय सीमा को जल्द पूर्ण करेंगे।
-निवेशकों के करवाए 2,000 टूअर, पुलिस की विशेष जांच टीम ने किया खुलासा क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एक नया खुलासा हुआ है। एसआईटी की जांच के दौरान पता चला है कि निवेशकों को आरोपियों ने दुबई, हांगकांग और बैंकॉक की सैर भी करवाई है। इन आरोपियों ने निवेशकों के 2,000 टूअर कराए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस की विशेष जांच टीम ने यह खुलासा किया है। मुख्य चार आरोपियों में से अकेले सुभाष शर्मा ने 500 करोड़ का घोटाला किया है। इस पैसे से उसने हिमाचल प्रदेश और बाहरी राज्यों में संपत्तियां बनाई हैं। एसआईटी प्रमुख डीआईजी अभिषेक दुल्लर की टीम 2,500 करोड़ के इस घोटाले का हर पहलू खंगाल रही है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस बाहरी राज्यों में भी दबिश दे रही है। मुख्य आरोपी सुभाष के दुबई में कनेक्शन का भी पता लगा रही है। आशंका है कि सुभाष के साथ विदेश में बैठे कुछ आरोपी भी घोटाले में संलिप्त हैं।
-एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में निकलने वाली रैली में मुख्यमंत्री करेंगे घोषणा प्रदेश सरकार ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे पशुपालकों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार वीटा और वेरका के मुकाबले पशुपालकों से ऊंची कीमत पर दूध खरीदेगी। प्रदेश सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में होने वाली रैली में मुख्यमंत्री इसकी घोषणा करेंगे। सरकार उपमंडल स्तर पर दुग्ध कमेटियां का गठन करेगी और मिल्कफेड के जरिये ब्लॉक स्तर पर कमेटियां गठित कर दूध की खरीद की जाएगी। पशुपालकों की संख्या के आधार पर दुग्ध कमेटियां गठित कर मिल्कफेड के पास पंजीकृत करवाई जाएंगी। पशुपालकों से घर द्वार दूध खरीदने के लिए मिल्कफेड के माध्यम से वाहनों की भी व्यवस्था करवाई जाएगी। मिल्कफेड के दत्तनगर और डगवाल संयंत्र को अपग्रेड करने की भी योजना है, जिससे बेहतर गुणवत्ता का दूध खुले बाजार में उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जा सके। मौजदूा समय में मिल्कफेड पशुपालकों से दूध गुणवत्ता के आधार पर 24 से 30 रुपये किलो खरीद रहा है। इसे बढ़ाकर 30 से 35 रुपये किया जा सकता है। उधर, कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार का कहना है कि सरकार ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। पशुपालकों से वेरका से महंगी दरों पर दूध खरीदा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज गुरु नानक देव जयंती के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु सिंह सभा में शीश नवाया। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जयंती की लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि गुरु नानक देव जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी द्वारा दी गई शिक्षाओं का वर्तमान में भी विशेष महत्व है और लोगों से आग्रह किया कि इन शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक व पहले सिख गुरु गुरु नानक देव जी समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जीवन भर अथक प्रयास करते रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और कहा कि प्रदेश सरकार ने डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की है, जिसके तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उपयुक्त समय पर कांग्रेस पार्टी के उच्च पदाधिकारियों से परामर्श के उपरांत मंत्रिमंडल के विस्तार का निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के प्रथम चरण की शुरुआत की गई है। इसके तहत युवाओं को आय का साधन प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत परिवहन विभाग को लगभग 70 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे योजना के प्रति लोगों का सकारात्मक रवैया प्रदर्शित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के तहत कृषि क्षेत्र में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए योजना लाई जाएगी। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा और सुदर्शन बबलू, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
-एसडीएम ने फेसबुक पर वीडियो शेयर न करने की अपील की इन दिनों हिमाचल के शिमला जिले के रोहड़ू में चुड़ैल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोग खौफ में आ गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस वीडियो को शेयर न करने की अपील भी जारी कर दी है। एसडीएम रोहडू के फेसबुक पेज पर ये लिखा गया है कि रोहड़ू क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे अंधविश्वास एवं भ्रांतियों पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर इस तरह की निराधार अफवाहों से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों के मन पर बुरा प्रभाव डलता है व अनावश्यक भय का माहौल बनता है। बताया जा रहा है कि समाज में अंधविश्वास फैलाने और लोगों में भय पैदा करने वाला यह वीडियो कट-कॉपी पेस्ट कर बनाया गया है और इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। इस वीडियो में एक चुड़ैल को पहले ट्रक पर दिखाया गया है। इसके साथ दूसरा वीडियो सीसीटीवी का लगाया गया है। सीसीटीवी के वीडियो में सड़क पर भाग रही किसी महिला को चुड़ैल बनाया गया है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि नेपाली मूल के दंपती रात को आपस में लड़ते हैं। पति की मार के डर से पत्नी सड़क पर भागती है। इसी महिला को किसी शरारती तत्व ने चुड़ैल बनाकर लोगों में भय पैदा करने का काम किया है। इस मामले पर एसएचओ रोहड़ू प्रवीण राणा ने बताया कि यदि कोई शिकायत करता है तो इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, एसडीएम रोहड़ू सन्नी शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने इस वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर न करने की एडवाइजरी जारी की है।
-चार दिसंबर को होगी '1' नंबर की ई-नीलामी गाड़ियों में वीआईपी नंबर का क्रेज बढ़ता जा रहा है। वीआईपी नंबर का शौक रखने वाले लोगों के लिए अब हिमाचल सरकार भी एक नई पालिसी लेकर आयी है। जो वीआईपी नंबर 1 पहले सिर्फ सरकारी वाहनों में दिखता था अब वो नंबर कोई भी आम व्यक्ति ले सकता है। हिमाचल सरकार अब आम जनता के लिए वीआईपी नंबर '1Ó उपलब्ध करवा रही है और इसके लिए चार दिसंबर से ई-नीलामी करेगी भी शुरू हो जाएगी। वीआईपी नंबर की बेस वैल्यू पांच लाख रुपये रखी गई है और ई-नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन 27 नवंबर (सोमवार) से 2 दिसंबर (शनिवार) तक करवाया जा सकता है। रविवार को इसकी बोली लगाई जाएगी और सबसे अधिक बोली लगाने वाले को शाम पांच बजे तक नंबर अलॉट कर दिया जाएगा। सरकार की ई-निलामी योजना से पहले भी परिवहन विभाग को काफी ज़्यादा मुनाफा हुआ है। पहले चरण में ही वीआईपी नंबरों की नीलामी से विभाग ने 8 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमाए है। इस योजना के बारे में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री का कहना है कि प्रदेश सरकार परिवहन विभाग से 1000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करेगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए है। यह लक्ष्य परिवहन विभाग में रिकॉर्डतोड़ राजस्व अर्जित करने का होगा। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी गाडिय़ों पर ही '1Ó नंबर लगाया जाता था, जिसे अब आम जनता के लिए खोला जा रहा है। यह नीलामी पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
-सरकार ने बढाई 15 हजार रुपये खरीद राशि -आगामी चार वर्ष तक नहीं खरीद सकते है कोई अन्य उपकरण हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कुछ छूट प्रदान की है। जानकारी के मुताबिक प्रशासनिक सचिव अब एक लाख रुपये तक की कीमत के डिजिटल डिवाइस खरीद सकेंगे। आपको बता दें की पहले 85 हजार रुपये की कीमत के डिजिटल डिवाइस खरीदने की छूट थी। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने खरीद राशि को 15 हजार रुपये बढ़ा दिया है। इसकी खरीद के लिए सरकार की ओर से धनराशि दी जाएगी। डिजिटल डिवाइस के तहत लैपटॉप, टैबलेट, आईपैड, फैबलेट, नोटपैड, नोटबुक, नेटबुक, मोबाइल फोन, मैकबुक, प्रिंटर और यूपीएस की खरीद कर सकेंगे। वित्त विभाग की मंजूरी लेकर डिजिटल टेक्नालॉजी और गवर्नेंस विभाग ने इस बाबत सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी कर दिया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चार साल तक डिजिटल डिवाइस सरकारी संपत्ति होगी। चार वर्ष तक संबंधित सचिव डिवाइस के रखरखाव के लिए जिम्मेवार होगा। एक बार डिवाइस खरीदने वाला सचिव आगामी चार वर्ष तक नया डिवाइस खरीदने के लिए पात्र नहीं होगा।
-इससे पहले हो चुकी है हिम तेंदुए की गणना -लगातार बढ़ रही है तेंदुए की संख्या हिमाचल प्रदेश में स्नो लैपर्ड के बाद पहली बार तेंदुए की गणना होने जा रही है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के माध्यम से तेंदुए की गणना के कार्य को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए किसी एजेंसी को हायर किया जा सकता है, जो कि तेंदुए की संख्या का सर्वेक्षण करेगी। उम्मीद जताई जा रही है की दिसंबर में तेंदुए की गणना के लिए संबंधित एजेंसी अपने तरीके से कार्रवाई करेगी। वाइल्ड लाइफ हमीरपुर के डीएफओ रिगनोल्ड रॉयस्टन ने बताया कि प्रदेश में तेंदुए की गणना की जाएगी। तेंदुए की गणना के लिए संबंधित एजेंसी अपने तरीके से कार्रवाई करेगी। सीसीटीवी या अन्य उपकरणों की मदद से सर्वेक्षण कार्य को अंजाम दिया जा सकता है। इसके लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से एजेंसी से सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे पूरा होने पर पता चलेगा कि प्रदेश में कितने तेंदुए है। बीते कुछ समय पहले राज्य वन विभाग के वन्य प्राणी विभाग ने प्रकृति संरक्षण फाउंडेशन बंगलूरू के सहयोग से हिम तेंदुओं की गणना की गई थी। उस गणना में पता चला था कि हिमाचल में 73 स्नो लैपर्ड है।
-स्पेशल महिला कमांडो भी भर्ती किए जाएंगे हिमाचल में भविष्य में होने वाली पुलिस भर्ती में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को हमीरपुर में अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान गांधी चौक पर आयोजित जनसभा में की। उन्होंने कहा कि इस भर्ती में स्पेशल महिला कमांडो की भर्ती भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे के बढ़ते चलन को देखते हुए एंटी नारकोटिक्स पुलिस फोर्स की भर्ती की जाएगी, जिसमें 1200 से अधिक पुलिस जवान भर्र्ती होंगे। इसी भर्ती में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसी भर्ती के दौरान प्रदेश में पहली बार महिला कमांडो फोर्स गठित की जाएगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों में वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। शराब ठेकों की नीलामी से सरकार को 500 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में जल्द ही राज्य चयन आयोग शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार 6000 अध्यापकों, 2000 से अधिक वन मित्रों के पद भरने जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश भर में 30 व 31 अक्तूबर को इंतकाल अदालतों का आयोजन किया, जिसके परिणाम बेहतर रहे तथा इंतकाल के लंबित 41,907 मामलों में से 31,105 का निपटारा कर दिया गया। आगामी पहली व दो दिसंबर को पुन: प्रदेश भर में इस प्रकार की विशेष अदालतों का आयोजन किया जाएगा, जिन्हें राजस्व लोक अदालत का नाम दिया गया है। इस विशेष अदालत में इंतकाल के साथ-साथ तकसीम के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
** पहले ग्रीन हिमाचल के नाम पर इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी देने की बात की, अब उसे ही बना दिया स्टार्टअप फण्ड : जयराम ठाकुर शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के पहले गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फण्ड का प्रबंध करेगी। जिससे युवा अपने लिए रोज़गार के साधन जुटाए और अन्य लोगों को रोज़गार भी देंगे। कांग्रेस के कई नेताओं ने इसके लिए युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव के एक साल तक सरकार इस फण्ड के नाम पर ख़ामोश रही। पिछले हफ़्ते राज्य सरकार ने 680 करोड़ के राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्टअप योजना की शुरुआत करने की घोषणा की। इस योजना के तहत सरकार युवाओं को ई-टैक्सी के लिए 50 फ़ीसदी की सब्सिडी देने की घोषणा की। इस तरह की बात सरकार पिछले 9 महीनें से कर रही है। सरकार की यह योजना कब परवान चढ़ेगी यह तो वक्त बताएगा। अभी एक भी व्यक्ति को इसका लाभ नहीं मिला लेकिन कांग्रेस के नेता इसे तीसरी गारंटी पूरी करने के रूप में प्रचारित करना शुरू कर चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने हरित हिमाचल के तहत भी ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रकों पर भी 50 फ़ीसदी सब्सिडी देने की बात की थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दो योजनाओं के बीच में घालमेल किया जा रहा है। ई-वाहनों पर सब्सिडी देना अलग बात है। पूरे देश में ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारों द्वारा निजी एवं व्यवसायिक वाहनों की ख़रीद पर विभिन्न प्रकार की छूट दी जा रही हैं। जिसमें शून्य रजिस्ट्रेशन फ़ीस के साथ लाखों रुपए के अनुदान शामिल हैं। लेकिन सरकार द्वारा इसे तीसरी गारंटी के रूप में प्रचारित करना स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता का इंतज़ार कर रहे प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को अपनी गारंटियां उसी तरह पूरी करनी पड़ेगी, जिस तरह से उन्होंने प्रदेश के लोगों से की हैं। किसी अन्य प्रकार की योजना को दूसरी योजनाओं के साथ जोड़कर वाहवाही लेने का समय अब ख़त्म हो गया है। सरकार को जनहित में मुद्दे पर गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा की सरकार को स्टार्टअप के लिए विशेष नीति बनाकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। जिससे प्रदेश में युवा नवोन्मेष के साथ आगे आए और नए उद्योग धंधे स्थापित करें। इससे न सिर्फ़ वह अपनी आय के साधन बढ़ाएंगे बल्कि अन्य लोगों को रोज़गार देने के साथ-साथ प्रदेश के आर्थिक विकास में भी अपना योगदान देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके लिए सरकार को अपनी नीयत सही करनी होगी, इधर-उधर की बात करने के बजाय विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा।
देशभर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रशासन के लिए धोखाधड़ी से पंजीकरण रोकना सबसे बड़ी चुनौती बना है। जीएसटी प्रणाली में धोखाधड़ी से किए गए पंजीकरण से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार के राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने भी जीएसटी राजस्व की सुरक्षा और वृद्धि के लिए कई पहल की हैं। जीएसटी प्रणाली में धोखेबाजों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए विभाग ने पंजीकरण आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों के उचित सत्यापन के बाद मैन्युअल मोड में जीएसटी पंजीकरण के शत-प्रतिशत अनुमोदन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा, विभाग जोखिमपूर्ण समझे जाने वाले पंजीकरणकर्ताओं के भौतिक सत्यापन के लिए भी उचित उपाय कर रहा है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग कर चोरी की पहचान करने और उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत विभाग द्वारा केंद्रीय कर अधिकारियों के साथ भी समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। धोखाधड़ी करने वाले करदाताओं का शीघ्र पता लगाने के लिए विभाग द्वारा राज्य मुख्यालय में पुख्ता व्यवस्था स्थापित की जा रही है, ताकि कर चोरी के मामलों को प्रथम चरण में ही रोके जाने के साथ ही राजस्व हानि को कम किया जा सके। स्वस्थ कार्य वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए विभाग ने कर चोरी के मामलों का शीघ्र पता लगाने, कर प्रशासकों की क्षमता निर्माण, राजस्व वृद्धि की गुंजाइश वाले क्षेत्रों की पहचान व क्षेत्र संरचनाओं के प्रदर्शन की निगरानी में सुधार और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत करने के लिए जीएसटी के तहत राजस्व वृद्धि के लिए नई पहल की हैं। जीएसटी मुआवजे के घाटे को कम करने के लिए सरकार द्वारा जीएसटी राजस्व वृद्धि परियोजना आरम्भ की गई है। इस परियोजना से सामान्य राजस्व वृद्धि के अलावा लगभग 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि अपेक्षित है। प्रदेश सरकार कर अनुपालना में गुणात्मक सुधार लाने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। इसके दृष्टिगत व्यापारियों, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा व्यापारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सद्भावना योजना-2023 शुरू की है। इसके तहत सामान्य बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर और प्रवेश शुल्क इत्यादि अधिनियमों के तहत लम्बित मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है। कर चोरी मामलों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ विभाग के अधिकारियों की दक्षता और क्षमता बढ़ौतरी के लिए पुनच्श्रर्या कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संविधान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित की मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संविधान दिवस के अवसर पर आज शिमला स्थित, चौड़ा मैदान में भारत रत्न डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर प्रदेशवासियों की ओर से पुष्पाजंलि अर्पित की। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायक हरीश जनारथा व रवि ठाकुर, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद करड़, नगर निगम शिमला के पार्षदगण और अन्य व्यक्तियों ने भी पुष्पाजंलि अर्पित की। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति विभाग व डॉ. भीम राव अम्बेडकर वेल्फेयर सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आगामी वर्ष से संविधान दिवस के अवसर पर यह कार्यक्रम राजकीय समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. भीम राव अम्बेडकर समाज सुधारक और प्रख्यात विद्वान थे। उनके आदर्श सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। शिक्षा और समाज की प्रगति के लिए वे सदैव प्रयत्नशील रहे।
-10वीं गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मिली मंजूरी -प्रधान सचिव वन एवं चेयरमैन डा. अमनदीप गर्ग ने की परियोजना कार्यों की सराहना -मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने पेश की विस्तृत रिपोर्ट -20 एजेंडे पर हुई चर्चा, पिछले 6 माह की रिपोर्ट पर भी हुआ मंथन जाइका वानिकी परियोजना अब स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग करेगा। गत शनिवार को 10वीं गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में यह निर्णय लिया। प्रधान सचिव वन एवं गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन डा. अमनदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में पिछले छह महीने के विकास कार्यों पर मंथन किया गया और 20 के करीब नए एजेंडे पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव वन डा. अमनदीप गर्ग ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के तहत हो रहे विकासात्मक कार्यों में और तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने अब तक हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश वन पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन एवं आजीविका सुधार परियोजना क्षेत्र में बेहतर कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग हर छह माह के भीतर आयोजित की जाती है। इस बार की बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कुल्लू में जाइका परियोजना के तहत 106 स्वयं सहायता समूह हैं, जो हैंडलूम प्रोडक्ट्स तैयार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन उत्पादों की ब्रांडिंग जाइका खुद करेगा। इसके अलावा हिमाचल में विलुप्त हो रहे उतक संवर्धन यानी टिशू कल्चर प्रजातियों के पौधे जाइका की नर्सरियों में तैयार किए जाएंगे। बुरांश और भोजपत्र जैसे पौधे तैयार करने के लिए कार्य शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साल तक प्रदेश में 46 हजार हेक्टेयर भूमी पर पौधरोपण किया गया। इस साल 2 हजार हेक्टेयर भूमी पर पौधे रोपने का लक्ष्य था जो रिकार्ड 23 सौ हेक्टेयर भूमि पर किया गया। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के तहत सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की रिइम्बर्समेंट सौ प्रतिशत हो चुका है। उन्होंने कहा कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में जिन-जिन एजेंडे पर चर्चा की गई जिसमें से अधिकांश को मंजूरी भी दी गई। बाक्स: मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना पर काम पीसीसीएफ एवं वन विभाग के मुखिया राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना पर आर अधिक कार्य कने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जब से जाइका परियोजना ने कार्य करना शुरू किया, तब से लेकर अब तक कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, मधुमक्खी पालन, पत्तल व्यवसाय, मशरूम की खेती, हथकरघा एवं बुनकर समेत कई क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को आजीविका कमाने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अनुसार आगामी 72 घंटे में मौसम खराब होने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दौरान ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। बर्फबारी का असर तापमान पर भी पड़ेगा। 26 नवंबर की शाम से प्रदेश में तेजी से तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। बर्फबारी का यह असर किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों में देखने को मिलेगा। जबकि मैदानी इलाकों में बादल छाये रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान कम विजिविल्टी होने की भी बात कही है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मौसम करवट बदलेगा और सोमवार को यैलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में 30 नवम्बर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 26 नवम्बर से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जो उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा और इसका असर हिमाचल में भी देखने को मिलेगा।
लोक निर्माण मंत्री ने सड़क निर्माण में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से अनुपालन करने के दिए निर्देश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभाग के अधिकारियों को सड़कों के निर्माण में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वह आज निर्माण भवन, शिमला में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा परिवहन विभाग और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, हिमाचल राज्य केन्द्र के सहयोग से सड़क सुरक्षा विषय पर विशेष जागरूकता अभियान के तहत आयोजित सेमिनार को सम्बोधित कर रहे थे। लोक निर्माण मंत्री ने कहा ‘हमारा दायित्व सड़क निर्माण तक ही सीमित नहीं है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत कार्य निष्पादन में अभियांत्रिकी का सही उपयोग करना भी हमारा दायित्व है’। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सभी हितधारक विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों व ब्लैक स्पॉट का अध्ययन कर उनका उचित समाधान करने के निर्देश भी दिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सुरक्षा अभियांत्रिकी को विशेष अधिमान दिया जा रहा है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को योजना का अभिन्न अंग बनाने, सुरक्षा का नियमित ऑडिट करने और आटिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम मेधा) के उपयोग के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रियों व पर्यटकों को बेहतरीन सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी ध्येय के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने केस स्टडी कर श्रेष्ठ तकनीकों को अपनाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि सड़कें पहाड़ी राज्य की भाग्य रेखाएं हैं। प्रदेश के गठन के समय सड़कों की लम्बाई बहुत सीमित थी। वर्तमान में प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी सड़क एवं सम्पर्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। पर्यटन राज्य होने के नाते प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण नितान्त आवश्यक है। उन्होंने अभियन्ताओं से सड़क सुरक्षा के मध्यनज़र अपना श्रेष्ठ योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामाजिक पहलू भी है। यात्रा के दौरान वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले व्यक्तियों को भी सुरक्षा के दृष्टिगत जागरूक किया जाना चाहिए। इस संबंध में जागरूकता अभियान महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता अजय गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में अधिकांश सड़कों को स्तरोन्नत किया गया है। विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत अभियांत्रिकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर पंजाब अभियांत्रिकी महाविद्यालय चण्डीगढ़ के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय यूआईटी के निदेशक प्रो. ए.जे. सिंह, द इंस्टीट्यूटन ऑफ इंजीनियर्स, हिमाचल केन्द्र के अध्यक्ष वी.एम. जोशी, अतिरिक्त आयुक्त परिवहन नरेश ठाकुर ने भी सड़क सुरक्षा विषय पर व्याख्यान दिए। सेमिनार में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और प्रदेशभर के विभिन्न अभियन्ताओं ने भाग लिया।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित किए जा रहे इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों से फीडबैक लिया तथा हिमाचल मंडप प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास, नवोन्मेषी प्रयासों, पहल तथा समृद्ध कला एवं संस्कृति को देश के सामने प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उद्योग मंत्री ने उड़ीसा, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा अन्य राज्यों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन एवं हस्तशिल्पियों से संवाद भी किया। उन्होंने विभिन्न उद्यमियों से हिमाचल में पर्यटन, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर अवगत करवाया गया कि हिमाचल मंडप में अभी तक लगभग 80 हजार आगंतुक अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी केएस बांशटू भी उपस्थित थे। इससे पूर्व, आवासीय आयुक्त मीरा मोहन्ती, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक उद्योग सुरेन्द्र माल्टू व तिलक राज शर्मा, संयुक्त निदेशक ज्ञान सिंह चौहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग मंत्री का स्वागत किया तथा ट्रेड फेयर की विस्तृत जानकारी दी।
-जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांगपिओ का औचक निरीक्षण भी किया राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी तथा मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद प्रतिभा सिंह ने आज हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा किन्नौर जिला के रिकांगपिओ से सापनी ग्राम पंचायत के लिए शुरू की जा रही बस सेवा को रिकांग पिओ बस अड्डा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस बस सेवा के शुरू होने से सापनी पंचायत के लगभग 3500 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे तथा अब उनके घर-द्वार के निकट बस की सेवा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार आम जनता हितैषी सरकार है तथा लोगों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निरंतर प्रयास कर रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और सांसद प्रतिभा सिंह ने इसके उपरान्त जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पिओ का औचक निरीक्षण किया और विज्ञान प्रोद्यौगिकी, अभियांत्रिकी और गणित विषयों में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए चलाई जा रही डिजिटल कक्षाओं का निरीक्षण भी किया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस दौरान विद्यार्थियों व अध्यापकों से उनका कुक्षल-क्षेम जाना तथा विद्यालय में उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सांसद प्रतिभा सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा की राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रयासों से जिला किन्नौर के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस विद्यालय को खोला गया था। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़-लिखकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सचिवालय महिला कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता टीम को सम्मानित किया। इस कबड्डी टीम ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया सिविल सर्विसिज कबड्डी टूर्नामेंट 2023-24 में स्वर्ण पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने कबड्डी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन से प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। कुमारी कृष्णा ठाकुर की कप्तानी में इस टीम ने पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है।
-सांसद ने 'दिशा' की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश मंडी संसदीय क्षेत्र से सासंद व जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की अध्यक्षा प्रतिभा सिंह ने आज किन्नौर जिला के रिकांगपिओ स्थित आईटीडीपी भवन में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं को लेकर आयोजित 'दिशा' बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केंद्र्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि इन योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की प्रगति की जानकारी समय-समय पर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में अगर किसी प्रकार की कमी है तो उस बारे भी अवगत करवाया जाए। सांसद ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई योजनाओं का फीडबैक लेने के साथ-साथ योजनाओं में रह रही कमियों के बारे में चर्चा कर उनका समाधान निकालना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें, ताकि समाज के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि केंद्र से किसी योजना की स्वीकृति प्राप्त करने में कोई कठिनाई आती है तो वे उन्हें अवगत करवाए ताकि केंद्र के समक्ष मामला उठाया जा सके। इस अवसर पर राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी भी उपस्थित थे तथा उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को दिशा के तहत चलाए जा रही विभिन्न योजनाओं व कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सासंद प्रतिभा सिंह को आश्वस्त करवाया कि उन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा तथा इन योजनाओं से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में आरंभ किए गए विभिन्न कार्यक्रमों जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिला में टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गत तीन वर्षों में 427 लोगों का ईलाज किया गया जो 75 प्रतिशत की सफलता दर से है। बैठक में राष्ट्रीय भू-रिकॉर्ड आधुनिकिरण कार्यक्रम की समीक्षा की गई तथा बताया गया कि जिले में भू-रिकॉर्ड कम्पयूटराईजेशन का 76 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है तथा इस कार्यक्रम के तहत भू-अभिलेखों का स्कैन कर डिजिटाईजेशन किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत जिला के कल्पा, निचार व पूह उपमण्डल में 130 नि:शुल्क गैस कनैक्शन प्रदान किए गए। इसके अलावा 3084 क्विंटल गंदम व 1866 क्विंटल चावल भी वितरित किया गया। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई मिड-डे मील योजना की भी समीक्षा की गई तथा बताया गया कि योजना के तहत वर्ष 2023-24 में जिला के 237 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राईमरी के 1144 छात्रों, पहली से पांचवी के 2601 छात्रों, छठी से आठवीं के 1585 छात्रों को लाभान्वित किया गया तथा 28 लाख 02 हजार रुपये की राशि व्यय की गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिला के सरकारी विद्यालयों में 3161 कुक कम हेल्पर्स कार्यरत हैं जिन्हें 4 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय प्रदान किया जा रहा है। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा संबल योजना, स्वरोजगार योजना, विधवा पुर्नविवाह योजना व मुख्यमंत्री शगुन योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जिले में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (एनएफएसए) व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिले में मनरेगा के तहत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्य व स्वच्छ भारत मिशन, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रू-बर्न मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों व प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 20369 जॉब कार्ड वितरित किए गए तथा 286 कार्य दिवस अर्जित किए गए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 299 मकानों की स्वीकृति दी गई थी जिसमें से 287 मकानों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बैठक में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अवगत करवाया गया कि जिला के चारंग गांव को पर्यटन व अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है जिसके तहत निर्धारित 68 कार्यों में से 25 कार्यों को पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 43 कार्यों को पूर्ण करने का कार्य प्रगति पर है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश ज्युडिशियल सर्विस के तहत चयनित दो सिविल जजों को बड़ी राहत देते हुए उनकी नियुक्तियां रद्द करने से इनकार कर दिया। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दोनों जजों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को स्वीकारते हुए उनके चयन और नियुक्ति को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि हाईकोर्ट के फैसले को कानूनी रूप से सही ठहराया, परंतु उक्त जजों की 9 साल से अधिक की लंबी सेवा संबंधी तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें न्यायिक सेवा से बाहर करना उचित नहीं समझा। दरअसल हिमाचल हाईकोर्ट ने इन सिविल जजों की नियुक्तियों को अवैध ठहराते हुए उनकी खारिज कर दिया था। इस फैसले को दोनों प्रार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिविल जज विवेक कायथ और आकांक्षा डोगरा की नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला सुनाया था। दोनों जज वर्ष 2013 बैच के एचपीजेएस अधिकारी थे। मामलों का निपटारा करते हुए कोर्ट ने पाया था कि दोनों जजों की नियुक्तियां उन पदों के खिलाफ की गई, जिनका कोई विज्ञापन नहीं दिया गया। बिना विज्ञापन के हुई थी भर्ती 1 फरवरी, 2013 को प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सिविल जजों के 8 रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए। इनमें 6 पद पहले से रिक्त थे और दो पद भविष्य में रिक्त होने थे। आयोग ने अंतिम परिणाम निकालकर कुल 8 अभ्यर्थियों की नियुक्तियों की अनुशंसा सरकार से की थी। इस बीच प्रदेश में दो सिविल जजों के अतिरिक्त पद सृजित किए गए। लोक सेवा आयोग ने इन दो पदों को सिलेक्ट लिस्ट से भरने की प्रक्रिया आरंभ की और विवेक कायथ और आकांक्षा डोगरा को नियुक्ति देने की अनुशंसा की। सरकार ने इन्हें नियुक्तियां भी दे दी थीं। लेकिन बिना विज्ञापन के इन पदों को भरने पर कोर्ट ने इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को चेताया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न करें। सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला हिमाचल हाईकोर्ट ने दोनों जजों की नियुक्तियों को रद्द करते हुए कहा था कि इन नए सृजित पदों को कानूनन विज्ञापित किया जाना जरूरी था, ताकि अन्य योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा का मौका भी मिलता। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया था कि इन जजों की नियुक्तियां रद्द होने से इन पदों को वर्ष 2021 की रिक्तियां माना जाए और इन्हें भरने की प्रक्रिया कानून के अनुसार की जाए। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले को पलट दिया है।
ठियोग पुलिस ने 179.98 ग्राम चिट्टे के साथ बाहरी राज्य के 3 लोगों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। जानकारी देते हुए डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि प्रभारी नरेंद्र के नेतृत्व में पीपी फागू की टीम द्वारा एक विशेष नाका लगाया गया था। पुलिस दल द्वारा मुख्य चौक फागू पर वाहन चेकिंग के दौरान हरियाणा नंबर की सफेद आल्टो गाड़ी की चेकिंग की गई तो उसमें बैठे तीन लोगों के पास से 179.98 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। आरोपियों की पहचान विजय पुत्र शालिग राम वीपीओ बब्याल तहसील महेश नगर जिला अंबाला, हरियाणा, सुमित पुत्र सुभाष चंद निवासी मकान नंबर 4 वार्ड नंबर 13 बब्याल रोड अंबाला एवं राजेश सैनी पुत्र फूल सिंह निवासी गांव डकोला डाकघर साहा तहसील बराड़ा जिला अंबाला हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें विजय नाम का व्यक्ति एक बहुत बड़ा अंतरराज्यीय तस्कर है और ठियोग/कोटखाई/रोहड़ू में इसकी पकड़ी जाने वाली इस खेप से एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय तस्कर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
-लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री ने सांगला का किया दौरा -निचार-वांगतू सड़क तथा पुराना हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को पक्का करने के दिए निर्देश लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज किन्नौर जिला के सांगला क्षेत्र का दौरा कर क्षेत्र में चल रहे निर्माण/बहाली कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में सड़कों की स्थिति को और अधिक बेहतर किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से हुई त्रासदी के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बहाली एवं पुनर्वास का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है तथा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेघर हुए लोगों के पुर्नवास का कार्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा विशेष राहत पैकेज के माध्यम से पुर्नवास का कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निचार से वांगतू लगभग 4 कि.मी सड़क तथा पुराना हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग की सड़क को पक्का करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से चर्चा उपरान्त पलिंगी से छोटा-कम्बा सड़क मार्ग में 11 नम्बर कैंची के नजदीक तीन कि.मी. वैकल्पिक सड़क मार्ग बनाने का कार्य आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांगला को पर्यटन व साहसिक खेल की दृष्टि से विकसित करने का कार्य आरंभ किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि करच्छम से छितकुल सड़क मार्ग के विस्तारीकरण के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं तथा शीघ्र ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। इस अवसर पर लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भावानगर, टापरी और सांगला क्षेत्र के लोगों की जन-समस्याएं सुनीं तथा सभी लोगों की उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सांगला पंचायत की प्रधान देव सांकी, पंचायत समिति सदस्य प्रतिभा नेगी, कामरू ग्राम पंचायत की प्रधान इंद्र लक्षमी, बटसेरी पंचायत की उपप्रधान दीक्षा नेगी, सांगला पंचायत के उपप्रधान दीप कुमार, थेमगरंग पंचायत के उपप्रधान लोकेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 16 से 31 दिसंबर तक दिल्ली में आयोजित होने वाले दिल्ली हाट में राज्य के विभिन्न उपक्रमों द्वारा 60 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे, जिसमें से हिमक्रॉफ्ट निगम द्वारा 35 स्टॉल, हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद द्वारा 5 स्टॉल और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 20 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त आगतुंकों को हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन परोसने के लिए 5 अन्य स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली हाट में भाग लेने के इच्छुक कारीगरों और शिल्पियों को अपने विस्तृत विवरण, कला, हस्तशिल्प और अन्य गतिविधियों की जानकारी के साथ प्रबंध निदेशक, हिम क्राफ्ट और अन्य प्रतिभागी विभागों से संपर्क करना होगा। इसके दृष्टिगत एक कमेटी का गठन किया गया है, जो अंतिम निर्णय लेगी। हस्तशिल्पियों को रोजमर्रा के खर्च के लिए प्रति स्टॉल प्रति दो व्यक्ति 3000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि इस आयोजन का शुभारंभ 18 दिसंबर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 30 दिसंबर को आयोजन के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। आयोजन के दौरान भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश की समृद्ध संस्कृति पर आधारित सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र होगी।
हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी के आसार बने रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मौसम फिर बिगड़ सकता है। वहीं राज्य के कुछ भागों में दो दिन बारिश-बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में 26 व 27 नवंबर को बारिश-बर्फबारी की संभावना है जबकि मैदानी व निचले भागों में मौसम साफ बना रहेगा। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में यह बदलाव आने के आसार है। प्रदेश में 23 नवंबर से एक ताज़ा और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के सभी भागों में 25 नवंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
-आवेदनों की जांच व चयन करेगी आरटीओ स्तर की कमेटी प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदक की न्यूनतम आयु 23 वर्ष तथा गाड़ी चलाने का अनुभव होना आवश्यक है। बोनाफाइड हिमाचली व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकते हैं तथा लाभार्थी को ई-टैक्सी स्वयं चलानी होगी। एक परिवार से एक व्यक्ति ही इस योजना का लाभ उठा सकता है। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के साथ आवेदक को परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। आवेदनों की जांच एवं लाभार्थी का चयन आरटीओ स्तर की कमेटी करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा ''पहले चरण में ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी किए जाएंगे तथा आने वाले समय में मांग के आधार पर परमिट की संख्या बढ़ाई जाएगी। बेरोजगार युवाओं को आय के निश्चित साधन उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों, स्वायत्त निकायों, बोर्ड, निगम व सरकारी उपक्रमों को ई-टैक्सी उपलब्ध करवाई जाएगी। ई-टैक्सियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके आधार पर मासिक किराए की दरें तय कर दी गई हैं। यह योजना युवाओं को रोजगार और स्टार्ट-अप की गारंटी देने के साथ-साथ वायु प्रदूषण को कम करने और हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगी। ई-वाहनों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को विशेष अधिमान दिया है और अपने पहले बजट में इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा बनाने का लक्ष्य है।ÓÓ जिन सरकारी विभागों को ई-टैक्सी की आवश्यकता होगी, उन्हें पोर्टल पर अपनी मांग अपलोड करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। राज्य सरकार ई-टैक्सी की खरीद के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान कर रही है, जो श्रम एवं रोजगार विभाग के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इसके साथ-साथ इस योजना के तहत ऋण लेने की शर्तों में भी ढील दी जाएगी। ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने युवाओं के लिए स्टार्ट-अप योजना लाने का वादा किया था, जिसे पूरा कर दिया है। 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का यह पहला चरण है और जल्द ही इस योजना का दूसरा व तीसरा चरण भी शुरू किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर पर प्राप्त होंगे। हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रदान करने का वायदा सरकार ने पहले ही निभा दिया है।
-सोलन की 21 व सिरमौर की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले -बाजार से स्टॉक को वापस लाने के निर्देश अक्तूबर के ड्रग अलर्ट में देशभर में 61 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा हिमाचल में सैंपल फेल हुए हैं। प्रदेश में बनी 24 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। सोलन की 21 और सिरमौर जिले की तीन दवा कंपनियों के सैंपल ठीक नहीं निकले हैं। बद्दी एफी पेरेंटल कंपनी के छह, समयन कंपनी के तीन व हिल्लर कंपनी के दो सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। बैक्टीरियल संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, एंटीबायोटिक्स, कैंसर, बुखार, विटामिन डी, बीपी, पोषक तत्व की कमी की दवा, इंफेक्शन, बलगम, एंटी फंगल, दर्द निवारक व अल्सर की दवाई के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। अक्तूबर में केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने 1,105 दवाओं के सैंपल लिए थे, जिनमें 1044 सैंपल पास हुए हैं। सोलन के वाकनाघाट स्थित कंपनी सॉफ्ट टच, किशनपुरा की बनसाई फार्मा, एफी पेरेंटल, उपकार फार्मास्युटिकल, एलवी लाइफ साइंस, हिल्लर लैब, हेल्थ बायोटेक, मेडीलाइफ हेल्थ साइंस, समयन हेल्थ केयर, सिंबोसिस फार्मास्युटिकल, डीएम फार्मा, सार बायोटेक, स्कोटो एडिल फार्मा, फार्मास्युटिकल हेल्थ केयर, एरियोन हेल्थ केयर, मकेस्टार बायोजेनेटिक, एस्पो फार्मास्युटिकल कंपनी के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए विभाग ने उनके लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। बाजार से स्टॉक को वापस लाने के लिए कहा है।
हिमाचल में जेओए आईटी पेपर लीक मामले के आरोपी नितिन आजाद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा नितिन आजाद की जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को नितिन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उसने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के पश्चात अपनी याचिका वापस ले ली, जिस कारण उसकी याचिका खारिज हो गई। इससे पहले प्रदेश हाई कोर्ट ने नितिन आजाद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि प्रार्थी पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं, इस कारण उसे जमानत पर छोड़ा जाना उचित नहीं होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी नितिन आजाद के खिलाफ पुलिस थाना सतर्कता हमीरपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7ए, 8, 12 और 13(1)(ए) और भारतीय दंड संहिता की धारा-420, 201 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। अभिलाष कुमार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
-कई आरोपी विदेश भाग चुके, कई भागने की फिराक में हिमाचल में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में एसआईटी ने 19 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। हालांकि 2500 करोड़ की ठगी के इस मामले में 19 करोड़ की संपत्ति बहुत कम है। वहीं, एसआईटी आरोपियों की संपत्ति का पता लगा रही है, लेकिन धीमी कार्रवाई के चलते कई आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले से जुड़े कई आरोपी विदेश भाग चुके हैं। ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही है। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट के सरगनाओं ने सबसे पहले नेताओं और बड़े अधिकारियों को ही जाल में फंसाया। उसके बाद धीरे-धीरे ठगों की चेन बढ़ती गई। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे है। शातिरों ने प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ठगी मामले की राशि का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। क्रिप्टो रैकेट में शातिरों ने करीब अढ़ाई लाख आईडी बनाकर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर प्रदेश की जनता को करोड़ों का चूना लगाया है। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एसआईटी ने अभी तक चार पुलिस कर्मियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी बनाई संपत्ति क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के इस स्कैम में करीब एक लाख लोग शामिल बताए जा रहे हंै। बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में करीब 2500 करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। बताया जा रहा है कि लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ति बनाई है। ठगी मामले में कई अहम साक्षय एसआईटी के हाथ लगे है। फर्जी वेबसाइट से बनाया शिकार शातिरों ने वेबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी कॉईन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। शातिरों ने कोर्वियो कॉइन, डीजीटी कॉइन, फिश टोकन हाइपनेक्सट, बिटपेड एक, बिटवेड दो और एडड फाइनांस कॉइन के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगा है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। एसआईटी क्रिप्टो करेंसी के सभी मास्टरमाइंड की प्रॉपर्टी की मैपिंग कर रही है।
-मुख्यमंत्री ने 680 करोड़ रुपये की स्टार्ट अप योजना के प्रथम चरण में ई-टैक्सी योजना का किया शुभारंभ -कहा, प्रतिज्ञा पत्र में किए गए सभी वादों को किया जा रहा पूरा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट अप योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत ई-टैक्सी योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने ई-टैक्सी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने की सुविधा प्रदान करने के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से आवेदक एक महीने की अवधि के भीतर इस वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी किए जाएंगे तथा आने वाले समय में मांग के आधार पर परमिट की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को आय के निश्चित साधन उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सरकारी विभागों को ई-टैक्सी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ई-टैक्सी की खरीद के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी दे रही है। इसके साथ-साथ इस योजना के तहतऋण लेने की शर्तों में भी ढील दी जाएगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह योजना रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ, वायु प्रदूषण को कम करने और 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि ई-टैक्सी के साथ-साथ राज्य सरकार ई-बस तथा ई-ट्रक की खरीद पर भी 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को ई-बसों के लिए भी 24 परमिट जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की देश में यह पहली योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य में ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। 17 ई-चार्जिंग स्टेशन अगले दो महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे तथा इसके साथ-साथ परिवहन विभाग भी ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल पथ परिवहन निगम की सभी डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों में परिवर्तित कर रही है तथा पहले चरण में 300 ई-बसें खरीदी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के दूसरे चरण में युवाओं को सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उन्हें आजीविका के साधन उपलब्ध हों। इस योजना के प्रारुप को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इस योजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तीसरे चरण में युवाओं को कृषि संबंधी कार्यों के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मत्स्य उत्पादन के लिए उन्हें 90 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने की योजना तैयार की जा रही है, जिस पर भी विभाग को कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रतिज्ञा पत्र में किए गए सभी वायदों को पूरा किया जा रहा है। युवाओं के लिए स्टार्ट-अप योजना लाना भी कांग्रेस का एक वायदा था, जिसे पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन को बहाल कर सरकारी कर्मचारियों के साथ किया अपना वायदा निभाया है और सभी वायदों को पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक कुलदीप सिंह राठौर तथा भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव आरडी नजीम, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, श्रम आयुक्त मानसी सहाय ठाकुर, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश -कहा, प्रदेश भर में होगा राजस्व लोक अदालतों का आयोजन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंतकाल, तकसीम तथा निशानदेही के लम्बित मामलों का 20 जनवरी, 2024 तक निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी ने आज यहां प्रदेश में लम्बित राजस्व मामलों की समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को मिशन मोड पर लम्बित मामलों का निपटारा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आमजन की सरकार है तथा जन समस्याओं का निपटारा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए सरकार लम्बित राजस्व मामलों की संख्या शून्य करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में काफी संख्या में राजस्व मामले लंबित हैं, जिनका तुरंत निपटारा करना आवश्यक है तथा सभी अधिकारी इस मामले पर गंभीरता से पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार से लेकर मंडलीय आयुक्त लम्बित राजस्व मामलों की दैनिक आधार पर सुनवाई कर उनका समयबद्ध निपटारा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों की वार्षिक एसीआर में भी इस प्रगति को दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश भर में 30 व 31 अक्तूबर को इंतकाल अदालतों का आयोजन किया, जिसके परिणाम बेहतर रहे तथा इंतकाल के लंबित 41,907 मामलों में से 31,105 का निपटारा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आगामी 1 व 2 दिसंबर को पुन: प्रदेश भर में इस प्रकार की विशेष अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसे राजस्व लोक अदालत का नाम दिया गया है। इस विशेष अदालत में इंतकाल के साथ-साथ तकसीम के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी उपायुक्तों को निपटाए गए मामलों की पूरी रिपोर्ट मासिक आधार पर भेजने के निर्देश दिए, जिसमें व्यक्ति का नाम, पता और फोन नंबर का पूरा विवरण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि उपायुक्त अपने-अपने जिलों में राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकें कर लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा करने की रणनीति तैयार करें। इसके लिए आवश्यकता अनुसार स्टाफ का युक्तिकरण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी राजस्व मामले में तीन दिन से अधिक की तिथि न दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने राजस्व कानून में संशोधन किया है तथा अब सम्मन की सर्विस इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिलों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार उपायुक्तों को सेवानिवृत्त कानूनगो की सेवाएं लेने की अनुमति भी देगी। उन्होंने मुख्य सचिव को मंडलीय आयुक्तों के स्तर पर लंबित राजस्व मामलों की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि राजस्व मंत्री 20 जनवरी से पहले पूरे प्रदेश में इस मामले की प्रगति की समीक्षा करें। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव आरडी नजीम शिमला में उपस्थित रहे, जबकि सभी उपायुक्त और मंडलीय आयुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
-शिमला में किया भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज गेयटी थियेटर शिमला में भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम और लेखा परीक्षा सप्ताह समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से जीवन में मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए लोक सेवक के रूप में कर्त्तव्यनिष्ठता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों के रूप में वह लोगों के कल्याण व उनके उत्थान के लिए कार्य करने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित लोगों की भलाई की दिशा में संसाधनों का सदुपयोग किया जाना चाहिए। इस प्रयास में नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (कैग) की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ऑडिट कायमहत््वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने का एक अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से महत्वपूर्ण सुधारों के लिए सुझाव तैयार किए जाते हैं जिस पर सरकार गंभीरता से विचार करती है। उन्होंने कहा कि कैग सार्वजनिक सेवा वितरण मानकों में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल रख कर वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलावों के साथ सामंजस्य स्थापित कर कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ज्ञान और सूचनाएं अमूल्य निधि हैं, जिन्हें उन्होंने अपना कर आप लोक सेवक के रूप में बेहतर कार्य कर सकते हैं। लोक सेवक के रूप में आप निष्ठापूर्वक अपनी संवैधानिक कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को निरन्तर नई सोच के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी के महानिदेशक मनीष कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने ऑडिट सप्ताह के दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी शिमला की कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किये। प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा) हिमाचल प्रदेश चंदा पंडित ने राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी द्वारा आयोजित की जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। प्रशिक्षण निदेशक कंदर्प वी. पटेल ने भी अधिकारियों के पाठ्यक्रम प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। एन.ए.ए. एंड ए. के निदेशक समीर मेहता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
- विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली युवा महिलाएं की सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी की 106वीं जयंती के मौके पर हिमाचल युवा कांग्रेस ने 'इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार-2023' का वितरण समारोह का आयोजन किया। समारोह का आयोजन पार्टी कार्यालय शिमला में किया गया। इस दौरान प्रदेश में खेल, शिक्षा, राजनीति, समाज सेवा, मॉडलिंग, कोरोना संकट, कलाकारी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली युवा महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन युवा कांग्रेस के महिलाओं को सशक्त और राजनीति की मुख्य धारा में जोड़ने के कार्यक्रम 'शक्ति सुपर शी' के तहत किया गया। युवा कांग्रेस की प्रदेश महिला पदाधिकारी शाक्षी शर्मा, कृतिका शर्मा, रक्षा जोक्टा, पूनम चोपड़ा और अन्य ने इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश प्रभारी योगेश हांडा और यदुपति ठाकुर की अगुवाई में किया गया। युवा कांग्रेस से बलविंदर कंवर, संदीप, तरुण ब्राक्टा, रविंद्र ठाकुर, छेरिंग नेग और बृज भूषण आदि पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मिस हिमाचल हितिका बाली, आवारा जानवरों के सुरक्षा रखाव के लिए 12 वर्ष से कार्य कर रहीं रेणु लूथरा, ओपन मायिक कार्यक्रम कर कलाकारों को उभारने के लिये ऋचा शर्मा, राष्ट्रीय खिलाडी श्रुतिका नेगी, राष्ट्रीय स्वयंसेविका विदिशा वर्मा, हिमानी कौशल और कोरोना के समय अभूतपूर्व कार्य करने वाले कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया गया।
-पर्यटन और विद्युत परियोजनाओं में अपना हिस्सा लेकर रहेगी राज्य सरकार हिमाचल सरकार प्रदेश के हितों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी। प्रदेश की संपदा को किसी भी तरह का नुकसान न हो यह सरकार का पहला दायित्व है। उन्होंने पर्यटन और विद्युत परियोजनाएं प्रदेश के राजस्व में बढ़ोतरी का मुख्य जरिया है और इन दोनों पर प्रदेश का अधिकार राज्य सरकार लेकर रहेगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को ऐतिहासिक रिज पर मीडिया से बातचीत करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि होटल व्हाइट फ्लावर के हक की लड़ाई राज्य सरकार बीते 22 सालों से लड़ रही है। लीज का एक भी पैसा राज्य सरकार को नहीं मिला है। यह प्रदेश की संपदा है और इस पर लोगों का अधिकार है। इस संपदा को लुटने नहीं देंगे। सरकार ने व्हाइट फ्लावर को सुबह साढ़े आठ बजे टेकओवर कर लिया था, लेकिन इसके बाद न्यायालय ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्हाइट फ्लावर के लिए अब कानूनी लड़ाई लड़ेगी। सीएम ने कहा कि पर्यटन और जल विद्युत उत्पादन राज्य में राजस्व वृद्धि का मुख्य स्रोत हैं। सरकार ने राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और पर्यटकों की आमद बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा और इस संबंध में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 106वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि जब देश विकास की गति पकड़ रहा था, तो नए कानून लाकर इंदिराजी ने सुधार किए। बैंकों को राष्ट्रीयकृत बैंकों का दर्जा दिलाया। उन्होंने अपने रहते जो फैसले लिए,उनका असर अब देखने को मिल रहा है। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े किए। मुख्यमंत्री रविवार को भारत-आस्ट्रेलिया के मध्य आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2023 का फाइनल मैच देखने के लिए मॉल रोड शिमला में नागरिकों के साथ शामिल हुए। नगर निगम शिमला द्वारा लोगों की सुविधा के लिए एक बड़ी एलईडी स्क्रीन स्थापित कर इस मैच के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पुलिस नियंत्रण कक्ष के पास एक आकर्षक भित्ति चित्र का भी उद्घाटन किया। प्रोफेसर हिम चटर्जी की यह रचना पश्चिम बंगाल के कारीगरों ने तैयार की है। इस भित्ति चित्र में राज्य के विभिन्न जिलों की लोक संस्कृति को दर्शाया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान उपस्थित थे।
प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश अति संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। भूकंप, बाढ़ अथवा भू-स्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित क्षेत्रों की संचार प्रणाली भी प्रभावित होती है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में भी अनावश्यक देरी हो जाती है। इन्हीं बाधाओं से पार पाने तथा संचार प्रणाली को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा शौकिया रेडियो को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है। हिमाचल प्रदेश में दूर-दराज के ऐसे अनेक क्षेत्र हैं जहां आमतौर पर मानसून, बर्फबारी या किसी भी विपरीत मौसम में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अन्य क्षेत्र से संपर्क कट जाते हैं। ऐसे कई ब्लैकआउट जोन भी राज्य में हैं, जहां संचार की सुलभ सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। ऐसे क्षेत्रों में प्रभावी आपातकालीन संचार चैनल के वैकल्पिक माध्यम विकसित करने की आवश्यकता अरसे से महसूस की जाती रही है। संकट और आपदाओं के समय में, जब वायरलाइन, सेल फोन और संचार के अन्य पारंपरिक साधन विफल हो जाते हैं, तो शौकिया रेडियो का उपयोग अक्सर आपातकालीन संचार के साधन के रूप में किया जाता है। आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्र की संचार प्रणाली को सबसे पहले क्षति होती है। प्राकृतिक आपदा के कारण, आपदा की तीव्रता के आधार पर संचार प्रणाली को आंशिक क्षति या फिर संपूर्ण संचार नेटवर्क से संबंधित बुनियादी ढांचा पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। सबसे खराब स्थिति में, पूरा संचार नेटवर्क टूट सकता है। ऐसे में जिला और राज्य प्रतिक्रिया प्रणाली को जान-माल के नुकसान सहित राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति के बारे में जानने में समस्याएं आती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत एक योजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज देश को उनके दूरदर्शी निर्णयों का लाभ मिल रहा है। उन्होंने आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए भू-सुधार कानून लाने और बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने जैसे साहसिक फैसले लिये। उन्होंने बांग्लादेश की मुक्ति में अहम योगदान दिया है, जो देशभक्ति का एक अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान व अन्य इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए समाज में परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उन्हें समाज में उचित एवं समान अवसर प्रदान करने होंगे, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता से आगे बढ़ सकें। राज्यपाल ने रविवार को सुनील उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा ‘महिला सशक्तिकरण-भारतीय परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित किया। राजयपाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक ऐसा विषय है, जिस पर आज समाज और राष्ट्र को चर्चा करने और उचित ढंग से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में महिलाओं को विशेष सम्मान प्राप्त था जो मध्यकाल में कम होने लगा। हालांकि आधुनिक युग में कई भारतीय महिलाएं महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं, लेकिन आम ग्रामीण महिलाएं अभी भी अपने घरों तक सीमित रहने के लिए मजबूर हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की तुलना में शहरी क्षेत्रों की अधिक महिलाएं कामकाजी हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारतीय शहरों में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं सॉफ्टवेयर उद्योग में काम करती हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं मुख्य रूप से कृषि और संबंधित क्षेत्रों में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करती हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन हम इस गति को तभी बनाए रख सकते हैं, अगर हम लैंगिक असमानता को दूर कर सकें और महिलाओं के लिए पुरुषों के समान शिक्षा, पदोन्नति और वेतन सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा लैंगिक असमानता और महिलाओं के विरूद्ध कुप्रथाओं को दूर करने के लिए कई संवैधानिक और कानूनी अधिकार बनाए और लागू किए गए हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में परस्पर कोई तालमेल नहीं है। कोई कुछ कहता है कोई कुछ करता है। बिना प्लानिंग और सोच विचार के बातें करना, फ़ैसले लेना और फिर फ़ैसले को वापस ले लेना कांग्रेस की परंपरा रही है। शनिवार राज्य सरकार ने दोपहर को नॉटिफ़िकेशन जारी करते हुए कहा कि पटवारी और क़ानूनगो अब से राज्य सरकार के कर्मचारी होंगे। इस नॉटिफ़िकेशन पर संबंधित कर्मचारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देनी शुरू कर दी, कुछ ही देर बाद सरकार की तरफ़ से दूसरा नोटोफ़िकेशन जारी हुआ, जिसने पहले नॉटिफ़िकेशन को ही ख़ारिज कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब सरकार ने जो फ़ैसले लिए हो उसे बाद में वापस नहीं लेने पड़े हों। बस ज़्यादातर फ़ैसलों में सरकार की किरकिरी होती है और आम प्रदेशवासी परेशान होते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके पहले सरकार ने एचआरटीसी में नई लगेज पॉलिसी लाई और बुजुर्गों की दवाई से लेकर बच्चों के खेलने के सामान पर भी किराया वसूला। विशेष पथकर लगाकर प्रदेश के पर्यटन को तबाह करने की कोशिश की गई। लोगों के विरोध के बाद सरकार को इन दोनों फ़ैसलों को भी बदलने पड़े। अभी भी लगेज पॉलिसी में प्रदेश की जनता और एचआरटीसी के कर्मचारी पिस रहे हैं। इसके अलावा आपदा के समय में सरकार ने सभी क्रशर बंद कर दिये। जिससे आपदा में अपना घर गवां चुके लोगों के घर नहीं बने, बजरी-रेता जैसी चीजें पांच-पांच गुना दाम देने पर भी ढूंढ़े नहीं मिल रही थी। व्यापक जनविरोध के बाद सरकार ने अब क्रशर को फिर से चलाने की अनुमति दी हैं। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा में गेस्ट शिक्षक की भर्ती करने की बातें की, प्लान भी डिस्कस हुआ, बाद में उसे भी वापस ले लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार में तालमेल की कमी का क्या कारण है, मुख्यमंत्री को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोपहर के फ़ैसले शाम तक पलट जाते हैं तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे फ़ैसले किस मजबूरी में लिए गए और किस मजबूरी में वापस किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है। कांग्रेस की दस झूठी गारंटियां आज उसके गले की फ़ांस बनी हुई हैं। नेता आम लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। कांग्रेस को सिर्फ़ और सिर्फ़ विकास पर ध्यान देने की ज़रूरत है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार में तालमेल की कमी का क्या कारण है, मुख्यमंत्री को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोपहर के फ़ैसले शाम तक पलट जाते हैं तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे फ़ैसले किस मजबूरी में लिए गए और किस मजबूरी में वापस किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल है। कांग्रेस की दस झूठी गारंटियां आज उसके गले की फ़ांस बनी हुई हैं। नेता आम लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। कांग्रेस को सिर्फ़ और सिर्फ़ विकास पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
चण्डीगढ़ स्थित ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने यहां उद्योग, आयुष व संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान से भेंट की। इस दौरान हिमाचल एवं ब्रिटेन के मध्य व्यापार निवेश के प्रोत्साहन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बैठक में विशेष तौर पर हथकरघा उद्योग से संबंधित चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में हिमाचल के समान मौसम एवं जलवायु के दृष्टिगत वहां प्रदेश में तैयार हथकरघा उत्पादों के लिए बेहतर बाजार विकसित हो सकता है। उन्होंने इस संदर्भ में उप-उच्चायुक्त से ब्रिटेन में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने में सहयोग का आग्रह किया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ ही भुट्टिको जैसे प्रीमियम बं्राड से जुड़े सदस्य शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुल्लू में स्थित आरआर एग्रो लिमिटेड को भूमि आवंटन की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके उत्पादों की ब्रिटेन में भारी मांग है और वहां की एक कम्पनी भी कुल्लू में नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने में निवेश कर रही है। इससे क्षेत्र में रोज़गार के अतिरिक्त अवसर भी सृजित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि शराब एवं वाइन क्षेत्र में भी प्रदेश विदेशी निवेश आमंत्रित कर रहा है। राज्य सरकार ने हाल ही में स्कॉटलैंड की एक कम्पनी इयान मैकलियोड की 50.80 करोड़ रुपये की निवेश वाली एक परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। इससे 77 लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। कम्पनी को ऊना जिला के औद्योगिक क्षेत्र पंडोगा में अत्याधुनिक माल्ट डिस्टीलरी प्लांट स्थापित करने के लिए नवम्बर, 2021 में 43,700 वर्गमीटर भूमि भी आवंटित की गई है। कम्पनी द्वारा इस प्लांट की स्थापना के लिए अभी तक लगभग 40 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। बैठक में ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त चंडीगढ़ के समन्वय से अगले वर्ष भारत एवं इंग्लैंड के मध्य धर्मशाला में प्रस्तावित क्रिकेट टेस्ट मैच के दौरान एक फैशन शो से संबंधित आयोजन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इससे हिमाचली हथकरघा उत्पादों एवं यहां की संस्कृति को प्रोत्साहन मिल सकेगा। इस अवसर पर विधायक विनय कुमार, ब्रिटेन से शिष्टमंडल के डिप्टी हैड एवं वरिष्ठ इन्वार्ड निवेश सलाहकार अमनदीप ग्रेवाल, राजनीतिक, प्रैस एवं परियोजना सलाहकार राजेन्द्र एस नगरकोटी, व्यापार एवं निवेश सलाहकार प्रणीत वर्मा सहित निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति भी उपस्थित थे।
जाइका वानिकी परियोजना के कार्यों को जमीनी स्तर पर पहुंचाने के लिए अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने सभी फील्ड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी किए। गत शुक्रवार को बिलासपुर में आयोजित एक दिवसीय समीक्षा कार्यशाला को संबोधित करते हुुए उन्होंने बिलासपुर के चार फोरेस्ट रेंज अफसरों एवं टीम मेंबरर्स को आगामी लक्ष्य तय किए। कार्यशाला को संबोधित करते हुए नागेश कुमार गुलेरिया ने सभी फील्ड तकनीकी यूनिट्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नर्सरियों को और सुदृढ़ करने की सख्त जरूरत है। मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने बिलासपुर सदर, स्वारघाट, घुमारवीं और झंडूता रेंज के अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की पूरी रिपोर्ट भी मांगी। इस दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के आय में सृजन करने बारे भी विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल में साल 2030 तक दो लाख हेक्टेयर वन भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के 30 प्रतिशत भाग को वनों के अधीन लाने का लक्ष्य रखा है। साल 2030 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रति वर्ष 12 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण किया जाना अपेक्षित है। इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय स्रोत तलाशने होंगे। नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि इस साल बरसात के दौरान 55 से अधिक प्रजातियों के पौधे रोपे गए। उन्होंने कहा कि अच्छे पौधरोपण को प्रोत्साहित करने के लिए जहां 90 प्रतिशत से अधिक उत्तर जीवन होगा उन ग्राम वन विकास समिति को बतौर ईनाम 10 हजार की राशि दी जाएगी। नागेश कुमार गुलेरिया ने सिल्वीकल्चर, डिमार्केशन, पृथक्करण और बाउंड्री पिल्लर बनाने के लिए धन उपलब्ध करवाने की भी बात कही। बेहतर कार्य करने वालों की थपथपाई पीठ अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने बहतर कार्य करने वाले अधिकारियों के साथ-साथ फील्ड टीम की पीठ थपथपाई। कार्यशाला के दौरान जाइका वानिकी एवं जैव विविधता विशेषज्ञ डा. सुशील काप्टा, सीसीएफ बिलासपुर अनिल शर्मा, डीएफओ हैड क्वार्टर अश्वनी शर्मा, फील्ड तकनीकी अधिकारी, ब्लॉक अधिकारी, वन रक्षक, विषय वस्तु विशेषज्ञ समेत फील्ड को-ऑर्डिनेटर्स उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यपाल से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से 23 दिसंबर 2023 तक तपोवन धर्मशाला में आयोजित करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जल शक्ति विभाग में 4500 पैरा-कर्मचारियों को नियुक्त करने, राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग में कर एवं कराधान निरीक्षक के 25 पद और बागवानी विभाग में बागवानी विकास अधिकारी के 10 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में एसजेवीएनएल के पक्ष में जारी किए किए गए जंगी थोपन पोवारी हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (780 मेगावाट) के आवंटन को रद्द करने का भी निर्णय लिया गया। दरअसल कंपनी निर्धारित समय अवधि के भीतर परियोजना के कार्यान्वयन में प्रगति हासिल करने में विफल रही है। किराया राशि तय... हिमाचल में आई आपदा ने सैंकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है। सरकार किराये के मकानों में रह रहे आपदा प्रभावित परिवारों को ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हजार व शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये किराया 31 मार्च 2024 तक देगी। कैबिनेट ने हिमाचल में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करने का फैसला लिया है। ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों और एक रजिस्टार का पद भरने का फैसला लिया गया। मंदिरों के सोने-चांदी का होगा उपयोग.. बैठक में प्रदेश में कार्यरत सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश सहकारी समितियां नियम, 1971 में संशोधन करने को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा प्रदेश के मंदिरों में संग्रहित सोने, चांदी का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती नियम, 1984 के नियमों में संशोधन करने का भी निर्णय लिया गया।


















































