-मल्टी सेक्टर कमेटी ने राज्य सरकार को प्रस्तुत की अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में हाल ही की बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के उपरांत गठित मल्टी सेक्टर कमेटी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, जिसमें आपदा के लिए जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ अवैज्ञानिक और अवैध खनन को प्रमुख कारक पाया गया है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्यास नदी बेसिन पर 131 स्टोन क्रशर स्थापित हैं, जिनमें से 68 के पास इनके संचालन के लिए जरूरी अनुमति नहीं पाई गई तथा 50 संचालकों के पास ही जरूरी अनुमति पाई गई है। इसके अतिरिक्त 7 क्रशर बाढ़ से प्रभावित पाए गए जबकि 6 में भण्डारण से संबंधित तथा अन्य अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके साथ-साथ नदी में अत्याधिक मलबा फैंकने के कारण बाढ़ ने गंभीर रूप धारण किया, जिससे आस-पास के सामुदायिक ढांचे और जान माल को भारी नुकसान पहुंचा। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्यास नदी का पर्यावरणीय संतुलन भारी दबाव में है, जिसका वैज्ञानिक अध्ययन करने की आवश्यकता है तथा स्टोन क्रशरों के संचालन के लिए लघु, मध्यम तथा दीर्घावधि उपाय सुझाने पर भी बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति ने जरूरी अनुमति प्राप्त 50 स्टोन क्रशर को कुछ शर्तों के साथ संचालित करने की अनुमति प्रदान करने की सिफारिश की है, जिसके तहत यह क्रशर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे के लिए संचालित किए जा सकते हैं। समिति ने सिफारिश की है कि किसी भी क्रशर पर डीजी सेट का प्रयोग अवैध बनाया जाना चाहिए। भविष्य में सभी स्टोन क्रशरों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी सिफारिश की गई है, जिनकी निगरानी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा खनन विभाग के अधिकारी करें। स्टोन क्रशर के 500 मीटर दायरे में अगर कोई भी गैर-कानूनी खनन पाया गया तो स्थानीय अधिकारी लिखित में रिपोर्ट दें, अन्यथा उसी स्टोन क्रशर पर कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन स्टोन क्रशर के पास जरूरी अनुमतियां नहीं हैं, उन्हें पहले यह अनुमतियां प्राप्त करनी होंगी, जिसके बाद मामला दर मामला आधार पर उन्हें खोलने पर विचार किया जाए। प्रवक्ता ने कहा कि समिति ने यह भी सिफारिश की है कि प्रदेश के पर्यावरणीय संतुलन के लिए राज्य सरकार खनन व स्टोन क्रशरों के संचालन की अनुमति, नवीनीकरण आदि भविष्य में एक खिड़की आधार पर उच्च स्तरीय अधिकृत समिति के माध्यम से प्रदान की जाएं। समिति की अंतिम रिपोर्ट आने तक प्रदेश में नए स्टोन क्रशर खोलने पर अस्थाई प्रतिबंध रहे। रिपोर्ट में कैप्टिव स्टोन क्रशर के संचालन की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है ताकि उनका उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों में न हो सके। प्रवक्ता ने कहा कि उद्योग विभाग समिति की सिफारिशों का अध्ययन कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्य संवर्द्धन परियोजना (एचपी शिवा) के तहत एशियन विकास बैंक का एक शिष्टमंडल 14 से 21 नवंबर तक राज्य के आठ दिवसीय दौरे पर हैं। शिष्टमंडल ने आज यहां बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से भेंट की तथा परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बागवानी मंत्री ने एशियन विकास बैंक की वित्तीय सहायता से एचपी शिवा परियोजना के तहत स्वच्छ पौध सामग्री, नर्सरी विकास, फसल कटाई उपरान्त प्रबन्धन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने पर बल दिया। इसके उपरांत सचिव बागवानी की अध्यक्षता में शिष्टमंडल के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश में लगभग 6000 हेक्टेयर में लागू की जाने वाली एचपी शिवा मुख्य परियोजना के कार्यान्वयन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। इस परियोजना पर पांच वर्षों के लिए 130 मिलियन डॉलर का वित्तीय पोषण एशियन विकास बैंक द्वारा किया जाएगा।
-विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए होंगे व्यापक सुधार -जिला में बेहतर कार्य करने वाले 5 स्कूल होंगे सम्मानित -शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य 220 अध्यापन दिवस सुनिश्चित करने को तैयार होगा कैलेंडर वर्ष 2026-2027 तक राज्य की प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की 2050 पाठशालाओं को चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक में दी। अगले शैक्षणिक सत्र से यह संस्थान गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। उन्होंने 31 दिसंबर तक इनकी सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है तथा इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। राज्य में सरकारी क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाएंगे। इसके साथ ही स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा, जिसके लिए खंड, उपमंडल व जिला स्तर के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गेस्ट लेक्चरर योजना शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिये। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लेने और चयन के बाद उन्हें रिक्त पदों वाले स्कूलों में एक साल के लिए तैनात करने संबंधी प्रावधान भी किए जाएंगे। उन्होंने विभाग को इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विभाग को प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के क्लस्टर बनाकर उनके संसाधनों का सांझा उपयोग करने की रूपरेखा को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अन्य गतिविधियों के साथ-साथ एक शैक्षणिक सत्र में अनिवार्य 220 अध्यापन दिवस सुनिश्चित करने के लिए कैलेंडर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का प्रमुख दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करना है तथा उन्हें अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। पहली नियुक्ति पर अध्यापकों को अनिवार्य प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों और अध्यापकों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी और इसके तहत जिला स्तर पर 5 स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ-साथ प्रमुख गैर सरकारी संस्थाओं का सहयोग लेने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लाए जा रहे सुधारों के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों में भी छह वर्ष की आयु में पहली कक्षा में दाखिला सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयु वर्ग के अनुसार जीवन उपयोगी कौशल (लाइफ स्किल) में पारंगत किया जाएगा, ताकि उनका ज्ञान केवल किताबों तक ही सीमित न रहने पाए। उन्होंने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से खोले जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गोहर, धर्मपुर तथा बंगाणा में निर्माणाधीन अटल आदर्श विद्यालय के निर्माण कार्य को वर्तमान राज्य सरकार पूरा करेगी और इनके लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाया जाएगा। इन्हें अगले वर्ष से संचालित किया जाएगा। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आशीष कोहली, परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान राजेश शर्मा, संयुक्त सचिव सुनील वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
-भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री से उठाई मांग भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से उनके सरकारी आवास ओकओवर में भेंट की तथा उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने हमीरपुर में बिजली बोर्ड के मुख्य अभियंता का कार्यालय खोलने की मांग की। सुरेश कुमार ने अवगत करवाया कि हमीरपुर के लोगों की यह चिरप्रतीक्षित मांग है क्योंकि बिजली बोर्ड के मुख्य अभियन्ता का कार्यालय वर्षों से मण्डी में कार्यरत है जिस कारण हमीरपुर के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मण्डी में कार्यरत कार्यालय यथावत चलता रहे लेकिन हमीरपुर में मुख्य अभियन्ता का कार्यालय अलग से खोलना जनहित में रहेगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने सुरेश कुमार के आग्रह को सुनने के पश्चात उन्हें शीघ्र ही उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश के जनजातीय सीमावर्ती इलाकों में खाली पड़ी सरकारी जमीन वहां के स्थायी निवासियों को 9 तोड़ भूमि प्रदान करने की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि इस निर्णय से एक ओर जहां जनजातीय क्षेत्रों में खाली पड़ी इस जमीन का पूरा सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर दूसरे देश के किसी भी अतिक्रमण का डर नहीं रहेगा। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल-स्पीति व चंबा जिला के भरमौर व पांगी के सीमावर्ती ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हजारों बीघा जमीन खाली पड़ी है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों में तो पिछले कई सालों से यहां के लोग अस्थाई तौर पर अपनी खेतीबाड़ी भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर 9 तोड़ प्रदान कर दिए जाते हंै तो उनकी खेतीबाड़ी के साथ उन क्षेत्रों में बागवानी को भी बढ़वा मिलेगा। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का भी दोहन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गत दिनों जनजातीय क्षेत्रों के दौरे के दौरान वहां के लोगों ने 9 तोड़ बहाली की मांग उनके समक्ष रखी थी और इस बाबत उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी लिखा था। प्रतिभा सिंह ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने राज्यपाल से सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को 9 तोड़ भूमि प्रदान करने की अनुमति मांगी है का पुरजोर समर्थन करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से जल्द मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है,जिससे जनजातीय क्षेत्र के लोगों की चिरकाल से चली आ रही मांग पूरी हो सकें और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में भी स्थानीय लोगों का बल मिल सकें।
-कहा, उच्च शिक्षा व स्टाइपेंड पर 60.92 लाख व्यय करेगी सरकार मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के तहत गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 68 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर आरंभ की गई इस योजना के तहत प्रदेश में लगभग 4000 निराश्रित एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा तथा रोज़गारपरक व्यावसायिक पाठ्यक्रम के माध्यम से उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी सहित अन्य उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए 68 आवेदन स्वीकृत किए गए। इन 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ की उच्च शिक्षा पर प्रदेश सरकार 28 लाख 28 हजार 457 रुपये तथा इन्हें स्टाइपेंड प्रदान करने पर 32 लाख 64 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता के 4 आवेदन भी स्वीकृत बैठक में स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता से संबंधित 4 आवेदनों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत लाभार्थियों को 7 लाख 45 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक प्रशिक्षण से संबंधित 42, कोचिंग से संबंधित 16 तथा कौशल विकास के 2 आवेदनों पर भी चर्चा की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि आज की बैठक में प्रस्तुत सभी आवेदनों के तहत प्रदेश सरकार 134 लाभार्थियों को 83 लाख 26 हजार 321 रुपये के लाभ प्रदान करेगी। साथ ही 4000 रुपये प्रतिमाह प्रति लाभार्थी स्टाइपेंड के तहत 128 लाभार्थियों को 59 लाख 60 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इन दोनों मदों में कुल एक करोड़ 42 लाख 86 हजार 321 रुपये के लाभ इन बच्चों को प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व अगस्त माह में हुई समिति की बैठक में उच्च शिक्षा से संबंधित 48 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके तहत इन बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख 52 हजार 678 रुपये तथा स्टाइपेंड के रूप में 23 लाख 4 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। डॉ. शांडिल ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस कल्याणकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, निदेशक अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक मोहन दत सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
-बीबीएन के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल -मानकों के अनुसार सब स्टैंडर्ड निकलीं दवाइयां स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी द्वारा हिमाचल प्रदेश में घटिया क्वालिटी की दवाइयां बनाने वाली कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑथोरिटी ने गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले 10 उद्योगों में दवा बनाने पर रोक लगा दी है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर की इस बड़ी कार्रवाई से दवा निर्माताओं में हड़कंप मच गया है। अथॉरिटी ने यह कार्रवाई लेबोरेटरी में दवाइयों का टेस्ट करने के बाद की है। इनमें बद्दी-बरोटीवाला व नालागढ़ के 8 और सिरमौर के 2 उद्योग शामिल हैं। जानकरी के अनुसार स्टेट ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन के तीसरे चरण में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित दवा उद्योगों में बहुत सी अनियमितताएं पाई हैं। इस दौरान दवाएं सब स्टैंडर्ड निकली। सीडीएससीओ और स्टेट ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी दवा निर्माता कंपनियों का तीसरे चरण का रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन कर रही है। पहले दो चरण में भी कई उद्योगों में बनी दवाइयां घटिया पाई गई थीं। क्या कहते हैं स्टेट ड्रग कंट्रोलर... इस बारे में स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने कहा कि क्वालिटी पर खरा नहीं उतरने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। इस तरह की कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। मारवाह ने कंपनियों को मानकों के अनुसार ही दवाएं बनाने के निर्देश दिए हैं।
-देश में पांच राज्यों में चुनाव हैं और कांग्रेस हर जगह लोगों को हिमाचल की तरह ठगना चाहती हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और देश के लोगों से झूठ बोला। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई, यही किया। देश के ग़रीबों और वंचितों के विकास के बजाय कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। पांच साल सरकार चलाने वाले कांग्रेस के दो मुख्यमंत्रियों के नाम गूगल पर सर्च किए जाए तो उनके नाम पर सिफ़र् महादेव घोटाला और लाल डायरी का ज़िक्र आता है। लाल डायरी और महादेव एप ने कांग्रेस की नींदे उड़ा रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने भगवान महादेव के नाम पर भी भ्रष्टाचार किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि दूसरी तरफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक विकास हुआ। साढ़े नौ साल के कार्यकाल में एक भी नए पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप कोई नहीं लगा पाया है। यह सिफ़र् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण हुआ है। आज ख़ुद को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देने वाले नेता जेलों में हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का दूसरा सबसे बड़ा हथकंडा है झूठ बोलना। आज पूरे हिमाचल प्रदेश के लोग कांग्रेस के झूठ की वजह से परेशान हैं। स्थानीय नेता लोगों के बीच जाने से बच रहे हैं। इसका कारण हैं कांग्रेस की दस झूठी गारंटिया। जिसे कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हिमाचल के विधान सभा चुनावों में बड़े ज़ोर शोर से दी थी। उसी तरह की की गारंटियां आज फिर कांग्रेस के नेता पूरे देश में देने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन एक ही झूठ के सहारे बार-बार देश के लोगों को नहीं धोखा दिया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सभी गारंटियां पूरी तरह झूठी हैं। 11 महीने पहले हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जो गारंटियां दी थी वही अब राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिज़ोरम और तेलंगाना में भी दी जा रही हैं। लेकिन हर जगह के लोग कांग्रेस के बड़े नेताओं से पूछ रहे हैं कि हिमाचल की तरह ही गारंटियां कहां गई। हिमाचल में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने शिमला में प्रेसवार्ता करके कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जो वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं। चुनाव जीतने के बाद न राहुल गांधी गारंटी की शुध लेते हैं और न ही अशोक गहलोत और भूपेश बघेल। आज वही नेता फिर से गारंटियों का पिटारा खोलकर बैठे हैं और लोग उनकी पुरानी गारंटियों का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार ने आयुष्मान, हिमकेयर, सहारा, हर घर नल से जल, किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना जैसी सैकड़ों जनहितकारी योजनाएं बीजेपी सरकारों देश के लोगों को बिना गारण्टी के ही दी हैं। जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने से पहले कांग्रेस ने 10 गारंटीयां दी थीं, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश की 18 साल से 70 साल उम्र की 22 लाख महिलाएं हैं उनके लिए कैबिनेट की पहली ही बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि उनके खाते में 1500 रुपये प्रत्येक महीने डाले जाएंगे। लगभग 12 महीने हो चुके लेकिन अभी तक किसी महिला के खाते में एक रूपया भी नहीं आया। इसके अलावा कांग्रेस ने गारंटी दी थी कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, लेकिन मुफ्त बिजली देना तो दूर कांग्रेस सरकार ने वहां बिजली की दरें बढ़ा दी। दूसरी ओर भाजपा ने बिना गारंटी के भी वहां काम किया और जो पहले से ही 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती थी वह चालू रखी।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां सर्दी के मौसम से संबंधित तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के प्रमुखों और सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हिमस्खलन और भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में मानव संसाधन, मशीनरी और अन्य आवश्यक सामग्री की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से यह भी कहा कि भारी बर्फबारी के खतरों को देखते हुए ऊंचे दर्रोंं या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की ओर ट्रैकर्स या यात्रियों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल आदेश जारी किया जाए। बैठक के दौरान, भारतीय मौसम विभाग ने सर्दियों के मौसम के पूर्वानुमान, पिछले रुझानों और मौसम संबंधी सलाह के प्रसार के लिए वर्तमान व्यवस्था पर एक प्रस्तुति दी। सामान्य सर्दी के पूर्वानुमान को देखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी विभाग मौसम की चुनौतियों के लिए तैयार रहें। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़कों का प्रभावी ढंग से रख-रखाव करने और सड़क के किनारे नालियों और पुलियों से बर्फ हटाने, किसी भी अप्रिय घटना के मामले में तत्परता सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में अग्नि हाइड्रेंट का एक नेटवर्क बनाने, पानी के पाइप और बिजली के खंभों के भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों से जरूरत पड़ने पर जेसीबी, ट्रक और 4ग्4 वाहनों सहित अन्य मशीनरी किराए पर लेने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से उन क्षेत्रों में पर्याप्त भोजन और ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा जहां भारी बर्फबारी और सड़क अवरोध के कारण सर्दी के मौसम में सम्पर्क कट जाता है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में संचार व्यवस्था सुचारू रखें। बैठक में शिमला और अन्य जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की पूर्व तैनाती के मामले पर भी चर्चा की गई। एनडीआरएफ ने अपनी बचाव टीमों के लिए 9,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थान प्रदान करने का भी प्रस्ताव दिया। इससे बचाव कर्मियों को अधिक ऊंचाई की स्थितियों के अनुरूप ढलने में आसानी होगी जो आपातकालीन बचाव कार्यों की स्थिति में फायदेमंद होगा।
अनिल नेगी। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में विभिन्न सरकारी उपक्रमों के साथ-साथ एसजेवीएन लिमिटेड के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन द्वारा भी प्रदर्शनी सजाई गई। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को विद्युत क्षेत्र में हुई क्रांति और उसकी उपयोगिता को समझाना था। हर वर्ष 11 से 14 नवंबर तक मनाए जाने वाले लवी मेले का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा किया गया। उन्होंने झाकड़ी परियोजना द्वारा आम जनमानस के लिए लगाई प्रदर्शनी का रिबन काटकर शुभारंभ किया। परियोजना द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में पहुंचने पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा राज्यपाल को पुष्पगुच्छ और स्थानीय परंपरा अनुसार सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके साथ राज्यपाल की धर्मपत्नी जानकी शुक्ला को भी परियोजना प्रमुख द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं 11 नवंबर की शाम को प्रदर्शनी में पधारने पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और विधायक रामपुर नंद लाल को भी सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में लगे स्टॉल के माध्यम से लोगों को यह भी अवगत कराया गया कि किस तरह से निगम विद्युत उत्पादन करके राष्ट्रीय उन्नति में अपना योगदान दे रहा है। साथ ही बिजली बनाने के अलावा कॉर्पोरेट सोश्ल जिम्मेवारी के माध्यम से समाज हित के लिए लगातार एसजेवीएन कार्य कर रहा है। चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले में देश और प्रदेश से आए लोगों ने प्रदर्शनी का विजिट किया। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले का समापन 14 नवंबर को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री ने परियोजना द्वारा लगाई प्रदर्शनी का दौरा किया। प्रदर्शनी में पहुंचने पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार द्वारा उप मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं स्थानीय परंपरा अनुसार सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री ने परियोजना की कार्यकप्रणाली की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं अंतिम सांस्कृतिक संध्या में परियोजना प्रमुख मनोज कुमार को मेला कमेटी रामपुर द्वारा नवाजा गया।
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में हिमाचल के उत्पादों की बिक्री में वृद्धि दर्ज की जा रही है। 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित इस ट्रेड फेयर में हिमाचल मंडप स्थापित किया गया है जिसका उद्घाटन आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती द्वारा किया गया। मंडल में 14 स्टॉल स्थापित किए गए हैं। इनमें विशुद्ध हिमाचली उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। विशेष तौर पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पाद, फल उत्पाद के अलावा कांगड़ा चाय, सीबकथोर्न इत्यादि लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आगन्तुक सिरमौर ज़िले के मैसर्ज डिलमन डेलिकेसी द्वारा तैयार चीड़ की पत्तियों पर आधारित लीवर डेटॉक्स व अन्य उत्पादों के प्रति भी खासी रूचि दिखा रहे हैं। इन उत्पादों को बढ़ते प्रदूषण से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करने में कारगर माना जा रहा है। हिमाचली उत्पादों के लिए विदेशों से भी आपूर्ति आदेश प्राप्त हो रहे हैं। उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक व हिमाचल पैवेलियन के निदेशक ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि विभाग द्वारा अपने कैंप ऑफिस में इन उत्पादों की बिजनेस नेटवर्किंग की भी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
ब्रिटिश उप उच्चायुक्त कैरोलिन रोवेट ने आज यहां लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह से भेंट की। इस अवसर पर आपसी सहयोग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में विशेष तौर पर प्रदेश में खेल ढांचे के सुदृढ़ीकरण एवं खिलाड़ियों के प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। इसके तहत हिमाचल एवं ब्रिटेन के मध्य मैत्री मैच आयोजित करने पर भी चर्चा की गई। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ही क्षमता विकास और संबंधों को मज़बूत करने में भी सहायता मिल सकेगी। हिमाचल ने खेल ढांचे के उन्नयन एवं इसमें निवेश, विभिन्न खेलों से जुड़े कोचों को आधुनिक कोचिंग, खिलाड़ियों के ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कोचिंग, खेल मनोविज्ञान से संबंधित कोर्स एवं एक स्थायी संयुक्त समिति के गठन का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न गतिविधियों के लिए निधि, प्रशासनिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत अनुकूलन पाठ्यक्रम तथा हाई एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त से प्रदेश में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने में हर संभव सहयोग का आग्रह किया।बैठक में हाल ही में भारी बरसात के कारण प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से भूधंसाव व भूस्खलन के कारण सड़कों व पुलों को हुई क्षति तथा प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा जारी पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास कार्यों पर भी चर्चा की गई।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए निवेशकों को अनुकूल सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश में स्थापित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत है। आज यहां प्रदेश में स्थापित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों के साथ पट्टा राशि (लीज मनी) के संदर्भ में आयोजित बैठक के दौरान राजस्व मंत्री ने कहा कि विभिन्न प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों ने अपना-अपना पक्ष रखा, जिस पर प्रदेश सरकार गहन विचार करेगी और लीज मनी से संबंधित मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में निवेश करने वाली कम्पनियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ आवश्यक सहयोग भी प्रदान कर रही है। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर सभी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों का सदुपयोग कर विकास को गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, विभिन्न प्रोजेक्ट डवेल्पर कंपनियों के प्रतिनिधि, ऊर्जा तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-उप मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर 'कृत्रिम मेधा के दौर में मीडिया की भूमिकाÓ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की और मीडिया जगत से जुड़े लोगों को इस दिवस पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पत्रकार महत्वपूर्ण सामाजिक घटनाओं, सरकार के काम से सम्बंधित जानकारी और अन्य सूचनाओं को सच्चाई और तथ्य के आधार पर समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा कि खबरों से ही एक पत्रकार की पहचान होती है और पाठकों के बीच पत्रकार की विश्वसनियता ही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सत्यता, वस्तुनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रहती है। पिछले दो दशकों में पत्रकारिता के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन का प्रभाव साफ देखा जा सकता है। आधुनिक युग में सूचनाओं का आदान-प्रदान बहुत तेजी से हो रहा है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। समय के साथ पत्रकारिता के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिला है और मीडिया में आज नयी तकनीकें अपनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और ब्रॉडकास्ट मीडिया के साथ ही आज सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन हर माध्यम की अपनी एक महत्ता है जो कभी कम नहीं होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी नवीन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को अपने विभागों में शामिल करने की पहल की है। इसी का परिणाम है कि आज सरकारी क्षेत्र के सभी विभाग ई-ऑफिस से जुड़ रहे हैं। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, पुलिस विभाग व शिक्षा आदि क्षेत्रों में सरकार नवीनतम प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार से आज प्रत्येक व्यक्ति सूचना सम्प्रेषण का एक माध्यम बन चुका है। हाल ही की प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान से संबंधित विभिन्न वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों द्वारा ही प्रसारित किए गए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में आज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार व जनता के मध्य संवाद कायम करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आह्वान किया कि वर्तमान प्रदेश सरकार के विकासात्मक कार्यक्रमों एवं कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश के लोगों तक पहुंंचाने में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की बसों में न्यूनतम शुल्क पर सामान भेजने की सुविधा, वाहनों के नम्बरों की ऑनलाइन नीलामी और चिंतपूर्णी मंदिर में वीआईपी दर्शन की सुविधा जैसी नवोन्मेषी पहलों से प्रदेश के राजस्व में करोड़ों रुपयों की वृद्धि होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ी है। ऐसे निर्णयों के सकारात्मक पहलुओं को सही परिप्रेक्ष्य में लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। मुख्य संसदीय सचिव, सूचना एवं जन संपर्क संजय अवस्थी ने कहा कि आजादी से लेकर वर्तमान तक मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परिवर्तन के इस दौर को आत्मसात करते हुए हमें अपने मूल्यों एवं आदर्शों पर ही अडिग रहना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित परिचर्चा हमें सामयिक मुद्दों पर विमर्श का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। परिचर्चा में विभिन्न मीडिया प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, सूचना एवं जन संपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक आरती गुप्ता, संयुक्त निदेशक प्रदीप कंवर एवं महेश पठानिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी व शिमला स्थित विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी कांग्रेस विभाग के अध्यक्ष व लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने आदिवासी कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को प्रभारी व सह प्रभारी नियुक्त किए हैं। इसके अतिरिक्त संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने व संगठन की गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला प्रभारियों की भी नियुक्तियां की गई है। हिमाचल प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के संयोजक संगठन महेश शर्मा ने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष रवि ठाकुर के आदेशानुसार कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिए ठाकुर सिंह बिष्ट को प्रभारी व तेनजिन टंडुप को सह प्रभारी लगाया गया है। शिमला संसदीय क्षेत्र के लिए शेर सिंह को प्रभारी व ज्ञालसन दोर्जे को सह प्रभारी बनाया गया है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए ललित कुमार को प्रभारी व सुभाष नेहरिया को सह प्रभारी बनाया गया है। मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए सोहन सिंह को प्रभारी व कुमारी सुरेखा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। महेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिला स्तर पर संगठन के क्रियाकलापों व गतिविधियों की निगरानी एवं संचालन के लिए प्रदेश पदाधिकारियों को जिलावार जिमेवारियां दी गई हैं, जिसके तहत सुंरेश ठाकुर को जिला कांगड़ा व चंबा का प्रभार त्रिलोक चंद को जिला बिलासपुर व मंडी का प्रभार दिया गया है। कैलाश ठाकुर को जिला लाहुल स्पिति व कुल्लू, लोबजंग को जिला किन्नौर व शिमला दिगविजय कटोच को ऊना व हमीरपुर जिला तथा दविंद्र सिंह को सोलन व सिरमौर जिला का प्रभार सौंपा गया है। ये नियुक्तिया तत्काल प्रभावी होंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ आज यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की और प्रदेश में सौर ऊर्जा योजनाओं की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 100 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना पर युवाओं को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है तथा विभाग इस योजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के दृष्टिगत इसकी रूपरेखा शीघ्र तैयार करे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस योजना से जहां हिमाचली युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं हिमाचल को हरित राज्य बनाने के वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों को भी इससे बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यहां के पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके। राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्थापित इकाइयों से 25 वर्ष के लिए बिजली की खरीद करेगी, जिससे युवाओं को आय के स्थाई स्रोत प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, 'नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति राज्य सरकार का यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देगा, बल्कि विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा, जिससे हिमाचल देश में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी बनेगा।Ó मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा दे रही है और वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में अनेकों कदम उठाए जा रहे हैं और वर्तमान राज्य सरकार ने अपना पहला बजट भी हरित बजट के रूप में प्रस्तुत किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों का पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का उत्पादन महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार ई-वाहनों के संचालन को भी बढ़ावा दे रही है तथा आने वाले समय में इससे प्रदेश में बिजली की मांग और बढ़ेगी। उन्होंने 21 नवंबर को भी ऊर्जा विभाग की दोबारा बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड हरिकेश मीणा, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभ करण सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
-जयभवानी सरोग को हराकर कब्जाई ट्रॉफी, जीता 51000 रुपये इनाम -ब्लैक बॉयज रहीघाट के विशाल वर्मा रहे मैन ऑफ द सीरीज जिला शिमला के उप मंडल ठियोग की क्यारटू पंचायत के नाल गांव में सौ वर्ष से दीपावली मेले का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, मेले में गत 28 वर्ष से लगातार क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई जा रही है। इस बार 29वें टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि ढली के आढ़ती कुशंग ट्रेडर के संयोजक यशवंत शर्मा थे। इस टूर्नामेंट में अलग-अलग पंचायतों की कुल 32 टीमों ने भाग लिया था। टूर्नामेंट की विजेता टीम ब्लैक बॉयज रहीघाट रही व उप विजेता जयभवानी सरोग रही। मैन ऑफ द सीरीज का खिताब ब्लैक बाइस रहीघाट टीम के विशाल वर्मा को दिया गया। मुख्य अतिथि के द्वारा विजेता टीम को ट्रॉफी व 51000 रुपये नकद तथा उप विजेता टीम को ट्रॉफी व 22000 रुपये नकद इनाम के रूप में प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने दोनों टीमों को जीत की बधाई दी तथा युवक मंडल नाल को प्रोत्साहन के तौर पर 11000 रु पये धनराशि प्रदान की, जिसके लिए युवक मंडल नाल व ग्रामीण विकास समिति नाल व समस्त ग्रामवासियों ने मुख्य अतिथि का आभार प्रकट किया। युवक मंडल के प्रधान योगेश शर्मा, सचिव प्रमोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सौरव शर्मा ने मुख्य अतिथि का इस टूर्नामेंट के पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में आने के लिए विशेष आभार प्रकट किया।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए। संजय अवस्थी गत सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पलोग के मांजू गांव में बाल दिवस मेले के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित जन समूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू का बच्चों के प्रति प्रेम सर्वविदित है। पण्डित नेहरू युवा शक्ति को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सदैव क्रियाशील रहे। बच्चों के लोकप्रिय ‘चाचा नेहरू’ के जन्मदिवस पर बाल दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन से प्रेरित होकर प्रत्येक बच्चे और व्यक्ति को अपने जीवन को निखारना चाहिए ताकि देश-प्रदेश को शिखर तक पहुंचाया जा सके।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों का गीत-संगीत एवं नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए निजी सांस्कृतिक दलों को दो वर्ष के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है। स्क्रीनिंग में प्रस्तुति के आधार पर उत्तीर्ण होने वाले सांस्कृतिक दलों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिमाचल प्रदेश सहकारिता अधिनियम के अधीन पंजीकृत सांस्कृतिक दल आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक निजी सांस्कृतिक दल में कम से कम चार महिला कलाकारों सहित कुल 11 कलाकार होने अनिवार्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सांस्कृतिक दल अपना आवेदन निदेशालय, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, हि.प्र., शिमला-171002 के कार्यालय में 04 दिसम्बर, 2023 तक जमा करवा सकते हैं। इस तिथि के उपरांत आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदनकर्ता सूचिबद्धता की शर्तें एवं आवेदन-पत्र को विभागीय वेबसाइट www.himachalpr.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
-हिमाचल में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भरमौर से हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली खूंटी, झारखंड से विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री सरकार के व्यापक आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विशेष रूप से डिजाइन की गई 5 आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) वैन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री जैसे गणमान्य व्यक्ति देश भर में जनजातीय आबादी वाले 68 जिलों में इसी तरह की वैन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी यह यात्रा तीन जनजातीय बहुल जिलों, चंबा, किन्नौर एवं लाहौल स्पीति में निकाली जाएगी । राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भारत विकास संकल्प यात्रा को चंबा ज़िले के भरमौर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भारत विकास संकल्प यात्रा वाहन अगले 15 दिनों में तीनों ज़िलों की 109 जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों से होकर गुज़रेगे और जगह जगह केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधान सभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित दो समितियों क्रमश: ई- गवर्नेंस एवं सामान्य प्रयोजनों तथा पुस्तकालय, अनुसंधान एवं संदर्भ की बैठकों की अध्यक्षता की। ई-गवर्नेंस एवं सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति की बैठक का आयोजन अपराह्न 12:15 बजे किया गया, जिसमें माननीय सदस्य सर्वश्री केवल सिंह पठानियां, पूर्णचंद ठाकुर तथा विनोद सुल्तानपुरी मौजूद थे। बैठक में विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा, विधान सभा अध्यक्ष के निदेशक सूचना एवं प्रोद्योगिकी संदीप शर्मा, उप-नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) बेनी प्रसाद तंवर तथा संपादक कार्यवाही एवं समिति अधिकारी मंजू शर्मा भी मौजूद थी। बैठक आरंभ होने से पूर्व विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने बैठक में मौजूद सभी माननीय सदस्यों तथा विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों को दीपावली पर्व की बधाई दी तथा अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। चूंकि समिति के गठन के बाद यह पहली बैठक थी तो विधान सभा सचिव ने समिति को विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों का परिचय दिया तथा कार्यप्रणाली बारे अवगत करवाया। बैठक में समिति ने पिछली अंतिम आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों की पुर्नसमिक्षा की तथा ई- गवर्नेंस की दिशा में विधान सभा सचिवालय द्वारा की गई प्रगति का ब्यौरा व तपोवन (धर्मशाला) व शिमला में नेवा के लागू करने की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई, जबकि पुस्तकालय, अन्वेषण एवं संदर्भ समिति की बैठक अपराह्न 3 बजे प्रारम्भ हुई। जिसकी अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष हिप्र विधान सभा कुलदीप सिंह पठानियां द्वारा की गई। इस बैठक में माननीय सदस्य श्री कुलदीप राठौर तथा श्री पूर्णचन्द ठाकुर के अतिरिक्त विधान सभा सचिव श्री यशपाल शर्मा तथा समिति अधिकारी श्रीमती लीना कश्यप भी मौजूद थी । बैठक में हिमाचल प्रदेश विधान सभा पुस्तकालय, अनुसंधान एवं सन्दर्भ समिति के कृत्यों का समि?ति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में समि?ति के समक्ष विधान सभा सचिवालय द्वारा वर्ष 2022-2023 के बजट एवं क्रय की गई पुस्तकों का ब्यौरा भी दिया गया। विधानसभा पुस्तकालय में सदस्यों के अवलोकनार्थ नियमित रूप से ऑनलाईन न्यूज पेपर क्लिपिंग की सुविधा जनवरी 2021 से उपलब्ध है, जिससे संबंधित समाचार पत्रों का समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के इतिहास से संबंधित अतीत एवं वर्तमान का पैम्फलैट तैयार करने के उपरान्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया तथा अवलोकन उपरान्त उसे अनुमोदित किया गया।
-किन्नौरी पट्टी से निर्मित कोट एवं चोली की खूब हुई बिक्री -कम दाम में क्वालिटी प्रोडक्ट्स की जमकर हुई खरीदारी -स्वयं सहायता समूहों की मेहनत लाई रंग अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के दौरान जाइका वानिकी परियोजना के तहत निर्मित लिबास पर आम व्यक्ति और सैलानी खूब फिदा हुए। मेले के दौरान जाइका के स्टॉल में किन्नौरी एवं पारंपरिक लिबास की जमकर बिक्री हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से यहां पहुंचे लोगों ने किन्नौरी पट्टी से निर्मित कोट, चोली, बास्केट समेत जैकेट की खूब खरीददारी की। यानी कुल मिलाकर कम दाम में क्वालिटी प्रोडक्ट्स खरीद कर लोग काफी खुश दिखे। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के अवसर पर 11 से 14 नवंबर तक जाइका वानिकी परियोजना के स्टॉल में लगे उत्पादों की जमकर सराहना भी हुई। जानकारी के मुताबिक यहां किन्नौरी टोपी 400 रुपये प्रति, लेडीज बास्केट 1600, जेंट्स बास्केट 1800, किन्नैरी चोली 2500 और किन्नौरी पट्टी वाला कोट मात्र 4500 रुपये में उपलब्ध हैं। इसके अलावा लोकल लसन के आचार, लोकल शहद, ढिंगरी मशरूम, किन्नौरी दाक, किन्नौरी राजमाह, सूखा पुदीना, कोदे का आटा, चुल्ली का तेल, सूखा बरांश की बिक्री हुई। जाइका के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से निर्मित इन उत्पादों लवी मेले में तहलका मचा दिया। मेले के समापन्न अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी जाइका प्रोजेक्ट के तहत निर्मित सभी उत्पादों की सराहना की। उन्होंने जाइका वानिकी परियोजना के तहत विभिन्न सहायता समूहों को बधाई भी दी। अधिक रही चिलगोजे की मांग अंतरराष्ट्रीय लवी मेला रामपुर में इस बार चिलगोजे के मांग सबसे अधिक रही। यहां जाइका की ओर से लगे स्टॉल में हर तरह के आर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग अधिक रही। मक्की का आटा, सूखे मटर, फाफरा, ओगला, चुल्ली का तेल, शहद, चिलगोजा और ड्राई मशरूम की भी खूब बिक्री हुई। बताया गया कि फोरेस्ट सर्कल रामपुर के 12 सहायता समूहों के उत्पादों पर हर कोई फिदा होते दिखे। रामपुर और किन्नौर डिविजन के 3-3 और आनी डिविजन के 6 सहायता समूहों के उत्पादों की मांग हर रोज होती रही।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आज देश के पहले प्रधानमंत्री स्व. जवाहर लाल नेहरू को उनकी 134वीं जयंती पर याद करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान पार्टी के अनेक पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आदिवासी कांग्रेस विभाग के अध्यक्ष लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि देश की आजादी व आधुनिक भारत के निर्माण में पंडित जवाहर लाल नेहरू का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने पंडित नेहरू को याद करते हुए कहा कि पंडित नेहरू के उनके उल्लेखनीय योगदान को यह देश कभी भी भुला नहीं सकता। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों का पंडित नेहरू के दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि यही उनके लिए हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शिमला। एसआईटी ने करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने आरोपियों की सात गाड़ियां जब्त की हैं। गौर रहे कि मामले में एसआईटी ने अब तक चार पुलिस कर्मियों समेत 18 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इसके आलावा एसआईटी ने अब तक 12 करोड़ की प्रॉपटी भी फ्रीज की है, जिसमें क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की तीन करोड़ प्रॉपटी मंडी और जीरकपुर में फ्रीज की गई है। जानकारी देते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि करोड़ों की इस ठगी में कई सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मी पहले इन्वेस्टर बने और फिर एजेंट बन गए। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी सुनील स्याल भी इस ठगी का किंग पिन है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में वेबसाइट डीकोट कर ली है, जिसमें कई ट्रांजेक्शन मिले हैं।
-कहा, 680 करोड़ की स्टार्ट अप योजना का जल्द होगा शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग से ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के संबंध में 10 दिन के भीतर वस्तु-स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-वाहनों के संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में 107 ई-चार्जिंग स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 53 ई-चार्जिंग स्टेशन विभिन्न पेट्रोल पंपों पर तथा 54 का निर्माण परिवहन विभाग के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभाग उन्हें विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में प्रस्तावित 6 हरित गलियारों (ग्रीन कोरिडोर) के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-संसारपुर टेरेस, पांवटा-नाहन-सोलन-शिमला,परवाणु-सोलन-शिमला-रामपुर-लोसर, मंडी-जोगिंदरनगर-पालमपुर-धर्मशाला-कांगड़ा- पठानकोट और कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी-मनाली-केलंग-जिंगजिंगबार ग्रीन कोरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने इन हरित गलियारों पर बिजली ट्रासंफॉर्मर लगाने तथा निर्माण संबंधी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से हिमाचल पथ परिवहन निगम की डीजल बसों को ई-बसों के साथ बदला जाएगा तथा जल्द ही 300 नई ई-बसों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निगम को घाटे से उबारने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत ई-वाहनों के संचालन को प्राथमिकता प्रदान कर रही है तथा सरकारी विभागों में भी ई-टैक्सी संबद्ध की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए उनसे ई-टैक्सी किराए पर ली जाएंगी, जिन्हें सरकारी विभागों में तैनात किया जाएगा। ई-टैक्सी के पंजीकरण के लिए एक वैबसाइट तैयार की जा रही है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को स्वरोज़गार प्रदान करने लिए 680 करोड़ रुपये की एक स्टार्ट-अप योजना का प्रथम चरण जल्द ही शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग अब रोज़गार प्रदाताओं का भी पंजीकरण कर रही है ताकि उन्हें उनकी आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित युवा मिल सकें। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर, श्रम आयुक्त मानसी सहाय ठाकुर, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस मुकेश रेप्सवाल, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-हिमाचल प्रदेश में चुनावी वादे बिना पूरा किए कर रही है देश भर में प्रचार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश में ठप पड़े विकास कार्यों को फिर से शुरू करे। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में विकास से जुड़े सारे कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश के लोगों को दी गई गारंटिया पूरी नहीं की है लेकिन देश के पांच राज्यों में हो रहे विधान सभा चुनावों में फिर से गारण्टी दे रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों को से झूठ बोलने के बजाय प्रदेश के लोगों के हितों का ध्यान दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व सरकार के समय में चल रहे सभी विकास कार्य आज ठप है, जिससे प्रदेश के लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल समेत जन सुविधा से जुड़े तमाम भवनों के निर्माण भी रुके पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सरकार द्वारा करवाए जा रहे कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करे, जिससे जनहित से जुड़े सभी काम आसानी से हो सकें। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बुआ के निधन पर प्रकट किया शोक नेता प्रतिपक्ष जयराम ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की बुआ गंगादेवी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के बुआ जी मृत्यु अपूरणीय क्षति है। जयराम ठाकुर गंगादेवी के निधन की सूचना पर बिलासपुर ज़िला स्थित उनके पैतृक गाँव विजयपुर पहुंचकर परिजनों और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट की और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
पंजाब के इंटरनेशनल एयरपोर्ट अमृतसर से शिमला के लिए 16 नवंबर से उड़ान शुरू हो रही है। इसका किराया 1919 रुपये निर्धारित किया गया है। अमृतसर-शिमला रूट पर सप्ताह में तीन बार फ्लाइट उड़ेगी। यह उड़ान प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को होगी। उड़ान योजना के तहत किराए पर सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इस रूट पर उड़ान शुरू होने से यात्री एक घंटे में अमृतसर से शिमला पहुंच पाएंगे। इससे टूरिज्म इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा।
-कहा, 4000 अनाथ बच्चों को जारी किए गए पात्रता प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के बालिका आश्रम टूटीकंडी में बच्चों के साथ दिवाली का उत्सव मनाया तथा उन्हें मिठाई, फल और पटाखे वितरित किए। दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने क़ानून बनाकर अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 4000 अनाथ बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं, जिससे अब वह मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति की प्रतीक है। इस योजना के तहत 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चे की देखभाल का ज़िम्मा राज्य सरकार का है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों को क्लोथ अलाउंस व त्यौहार मनाने के लिए भत्ता प्रदान किया जा रहा है। उनकी उच्च शिक्षा, रहने का खर्च, 4000 रुपए पॉकेट मनी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनाथ बच्चों को नामी स्कूलों में दाख़िला दिलाने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप माता-पिता के बिना नहीं है। राज्य सरकार ही आपकी माता और पिता है। इसलिए प्रदेश का मुखिया होने के नाते आपके साथ दीवाली मनाने आया हूँ। दीवाली का पर्व आपके जीवन में खुशियां लाए और राज्य सरकार भी इसी सोच के साथ कार्य कर रही है। जीवन में चुनौतियों का डटकर सामना करें क्योंकि चुनौतियां ही आत्मविश्वास पैदा करती हैं और जीवन को दिशा देती हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार एकल नारियों तथा मूक-बधिर बच्चों के लिए भी योजना लाने वाली है। उन्होंने कहा कि वक्त के साथ इन योजनाओं में सुधार भी किया जाएगा। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सबसे पहले बालिका आश्रम टूटीकंडी आए, जो ऐतिहासिक है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सुखाश्रय योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आपदा ने हिमाचल प्रदेश में बहुत नुकसान किया है, जिनकी भरपाई करने में वक्त लगेगा। लेकिन इसकके बावजूद राज्य सरकार जन कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार ज्वालामुखी और सुंदरनगर में अनाथ बच्चों के लिए दो स्टेट ऑफ द आर्ट आश्रम बनाने जा रही हैं, जिनकी आधारशिला जल्द ही करेगी। उन्होंने सभी को दीवाली की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक हरीश जनार्था, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, ओएसडी रितेश कपरेट, निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग रूपाली ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर में आम लोगों के साथ दिवाली पर्व मनाया। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ अधिकारी, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तथा आम लोगों ने उन्हें दीवाली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने सभी को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए उनके लिए सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कामना की कि दीवाली का पर्व हम सबके जीवन में खुशियों का उजाला लाए और हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए सभी मिलजुल कर प्रयास करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत चंद्रभागा नदी पर लुज धरवास क्षेत्र में डुगर जल विद्युत परियोजना 500 मेगावाट के कार्य निर्माण में तेजी लाने के लिए एनएचपीसी के अधिकारियों व राज्य सरकार से बातचीत करेंगी। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना के बनने से एक ओर जहां पांगी घाटी में विधुत की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी, वहीं चंद्रभागा नदी के जल का भी पूरा दोहन हो सकेगा। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि लुज धरवास क्षेत्र में बनने वाली डूगर जल विद्युत परियोजना 500 मेगावाट प्रदेश में विधुत उत्पादन के क्षेत्र में बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी। एक ओर जहां इस परियोजना के बनने से संपूर्ण पांगी घाटी को बिजली की समस्या से छुटकारा मिलेगा, वहीं प्रदेश की आर्थिकी भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में बनने वाली इस परियोजना से इस क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी व युवाओं को रोजगार के कई अवसर पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने इस परियोजना के निर्माण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए एनएचपीसी से निर्माण कार्य मे तेजी लाने को कहा है। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश सरकार से प्रदेश में बनने वाली जल विधुत परियोजनाओं की नीति निर्माण व समझौतो को भी सरल बनाने को कहा है जिससे प्रदेश में जल विधुत उत्पादन का पूरा दोहन हो सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल विधुत परियोजनाओं के सभी लंबित मामलों को जल्द निपटारे का आग्रह किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह दीपावली पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ओक ओवर जाकर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। प्रतिभा सिंह सुखविंदर सिंह सुक्खू को उनके सुखद जीवन व पूर्ण स्वस्थ लाभ की कामना भी की। इस दौरान प्रदेश के युवा खेल एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी मुख्यमंत्री को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
-वापिस लौटने पर शिमला में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आज दिल्ली से वापिस शिमला लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने होटल मरीना से लेकर ओक ओवर तक मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के देवी-देवताओं और जनता की दुआओं से वह स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक उन्हें आराम करने और समय पर खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन वह सरकार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और वर्तमान राज्य सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी कुछ दिन की अनुपस्थिति के दौरान मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों ने अपने दायित्व को बखूबी निभाया है, जिसके लिए वह उनके धन्यवादी हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावाली की शुभकामनाएं दी और प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर दोबारा से विकास कार्यों में जुटेंगे और हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, संजय अवस्थी, आशीष बुटेल, विधायक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने दीपों के पर्व दीपावली पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह एक संदेश में कहा है कि दीपावली का त्यौहार हमारी सम्रद्ध धार्मिक संस्कृति का एक ऐसा उत्सव है जो हमें अंधरे से रोशनी की ओर आगे बढ़ने को प्रेरित करता है। दीपावली का यह पर्व सबको खुशियां लेकर आये इसकी वह भगवान से कामना करती है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि प्रसन्नता एवं उल्लास का प्रतीक रोशनी का यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई और अंधेरे पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में अपार खुशियां लाएगा। राज्यपाल ने सभी से दीपों के इस त्यौहार को प्रदूषण मुक्त ढंग से मनाने का भी आग्रह किया। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने शुभ संदेश में कहा कि यह पावन उत्सव सभी के जीवन में खुशी और संपन्नता लाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने के साथ-साथ भाईचारे और एकता के बंधन को मज़बूती प्रदान करेगा। उन्होंने लोगों से ज़रूरतमंद और संकटग्रस्त लोगों के जीवन में खुशियां लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से त्यौहार को पारंपरिक तरीके से मनाने का भी आह्वान किया।
-राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया विभिन्न स्टॉल का उद्घाटन इंटरनेशनल लवी मेले में इस बार जाइका के ऑग्रेनिक प्रोडक्ट्स की खुशबू महक रही है। शनिवार को लवी मेले के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जाइका वानिकी परियोजना द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल का उद्घाटन किया। जाइका के इस स्टॉल में पारंपरिएक एवं ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को देख राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। राज्यपाल ने स्टॉल में उपलब्ध सभी उत्पादों की तारीफ भी की और जाइका वानिकी परियोजना समेत विभिन्न सहायता समूहों को बधाई भी दी। सेवानिवृत डीएफओ जाइका वानिकी परियोजना रामपुर सर्कल सीएम शर्मा ने बताया कि 11 से 14 नवंबर तक चलने वाले इस इंटरनेशनल लवी मेले के लिए जाइका ने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यहां किन्नौरी राजमाह, मक्की का आटा, सूखे मटर, फाफरा, ओगला, चुल्ली का तेल, शहद, चिलगोजा और ड्राई मशरूम बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। सीएम शर्मा ने बताया कि फोरेस्ट सर्कल रामपुर के 12 सहायता समूहों के उत्पाद यहां हैं। जिनमें रामपुर और किन्नौर डिविजन के 3-3 और आनी डिविजन के 6 सहायता समूहों के उत्पादों की खुशबू लवी मेले में महक रही है। बताया गया कि लवी मेले के ही पहले दिन जाइका के स्टॉल में लोगों की भीड़ उमड़ी रही।
-24 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा तबला विंटर कैंप शिमला से 30 किमी दूर प्रकृति की गोद में बसे घरेच गांव के गुरुकुल में तबला विंटर कैंप आयोजित होने जा रहा है और यह कैंप 24 नवंबर से 29 नवंबर तक होगा। सभी प्रतिभागियों के रहने और खाने की व्यवस्था गुरुकुल द्वारा की जाएगी। प्रकृति में संगीत के अभ्यास का अपना ही आनंद है और जब यह अभ्यास गुरु के मार्गदर्शन में हो तो आनंद दोगुना हो जाता है। साथ ही अन्य कलाकारों के साथ संगत करके अपनी कला को निखारने का भी एक सुनहरा अवसर है। कैंप के समापन पर सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार और सर्टिफिकेट दिए पाएंगे। कैंप के सभी सदस्यों के साथ एक दिन शिमला के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण भी किया जाएगा। कैंप में भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी तबला प्रेमी भाग लेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से दुबई से मनोज वासुदेवन, नचिकेत पंत वैद्य (मुंबई), बनारस के प्रसिद्ध सितारवादक पंडित बटु नाथ मिश्रा, मुंबई से विदेश, चंडीगढ़ से पुनित, गुजरात से कुणाल, तमिलनाडु से श्रवणा, बनारस से संतोष, लखनऊ से निखिल, केरल से कृष्णा और हरिकृष्णा, उत्तर प्रदेश से निकिता सोनी, दिल्ली से आयुष कुमार, सुमित सिंह, श्यामाकांत जोशी, शिमला से जतिन, दिव्यांशु, सूर्यांश, आस्तिक, अभिषेक सारंग, सृष्टि और रूपल शामिल हैं। कैंप के आयोजक व रिसोर्स पर्सन विक्रम गंधर्व होंगे। आयोजन में मुख्य भूमिका डॉ. विनोद गंधर्व निभाएंगे, जो ऑल इंडिया रेडियो के ए ग्रैड कलाकार हैं। इस अवसर पर पद्मश्री विद्यानंद सरैक और प्रधान हेतराम गंधर्व सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे।
-परिवार के साथ शिमला में मनाएंगे दिवाली प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरी तरह स्वस्थ होकर दिल्ली से शिमला लौट रहे हैं। एम्स दिल्ली से उन्हें छुट्टी मिल चुकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर बाद राजधानी शिमला पहुंच जाएंगे। यहां वे परिवार सहित प्रकाश का उत्सव दिवाली मनाएंगे। उच्च अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए लोगों से मिलने-जुलने और सफर नहीं करने की सलाह दी है। शिमला पहुंचने पर भी मुख्यमंत्री कुछ दिन अपने सरकारी आवास ओकओवर शिमला में आराम करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सीपीएस की नियुक्ति से जुड़ी याचिकाओं को प्रदेश उच्च न्यायालय से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का आग्रह किया था। गौर रहे कि भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के साथ कुछ अन्य लोगों ने प्रदेेश में छह सीपीएस नियुक्त करने के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सतपाल सिंह सत्ती ने सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देते हुए इसे लाभ का पद बताया है। बता दें कि सीपीएस की नियुक्तियों को तीन याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई 7 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
-रोहतांग, कुंजम, बारालाचा और शिंकुला दर्रा में 20 से 35 सेंटीमीटर बर्फबारी -मनाली लेह सामरिक मार्ग दारचा से आगे बंद - घाटी में कड़ाके की ठंड ने दी दस्तक हिमाचल के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कई इलाकों में बर्फबारी हुई है। ताजा बर्फबारी के बाद मनाली लेह सामरिक मार्ग वाहनों की आवजाही के लिए बंद हो गया है। बर्फबारी के साथ घाटी में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दी है। जिले की चंद्रा वैली में करीब 12 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है, वहीं रोहतांग, कुंजम, बारालाचा और शिंकुला दर्रा में 20 से 35 सेंटीमीटर तक हिमपात होने की सूचना है। सीमा सड़क संगठन के फीडबैक के बाद जिला प्रशासन ने मनाली लेह सामरिक मार्ग दारचा से आगे बंद कर दिया है, वहीं मनाली-ग्राम्फू-कुंजम के साथ कोकसर-रोहतांग मार्ग भी ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया है। हालांकि दारचा-शिंकुला-जांसकर और तांदी-किलाड़ मार्ग वाहनो की आवजाही के लिए खुला है। बीआरओ 70 आरसीसी के ओसी मेजर रवि शंकर ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मनाली लेह मार्ग दारचा से आगे बंद कर दिया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि कोकसर-कुंजम-काजा के साथ कोकसर-रोहतांग मार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया है, जबकि अटल टनल होकर केलांग-मनाली और मनाली किलाड़ मार्ग खुला है।
योजना के तहत 144.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान ग्रामीण स्तर तक तीव्र विकास प्रक्रिया सुनिश्चित करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। विकेंद्रीकृत प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आरंभ की गई विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसके बजट में बढ़ोतरी की है। प्रदेश में इस वर्ष भारी बारिश के कारण हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना के अन्तर्गत आवश्यक संशोधन किए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रति निर्वाचन क्षेत्रवार 2.10 करोड़ रुपये का प्रावधान इस योजना के तहत किया गया है। इसके लिए 144.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान इस वित्त वर्ष के लिए किया गया है, जिसमें से 15 अक्तूबर, 2023 तक 74.84 करोड़ रुपये दो किस्तों में जिलों को जारी किए जा चुके हैं। भारी बरसात के कारण हुए नुकसान के दृष्टिगत सरकार ने इस योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। इसे व्यापक रूप प्रदान करते हुए इसके अन्तर्गत रिटेनिंग तथा ब्रेस्ट दिवारों की मुरम्मत एवं नालों के तटीयकरण का भी प्रावधान किया गया है। वर्षवार आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में इस योजना के अन्तर्गत 97.98 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में 32.66 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 122.40 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2022-23 में 103.34 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। ऐसे में वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा विधायक विकास निधि में इस वर्ष लगभग 41 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के अन्तर्गत पाठशालाओं में कमरों का निर्माण, आयुर्वेदिक औषधालयों, पशु चिकित्सा औषधालयों व स्वास्थ्य उप केंद्रों का निर्माण, हैंडपंपों की स्थापना, ग्रामीण स्तर पर सामान्य सामुदायिक भवनों का निर्माण, मोटर एवं जीप योग्य सम्पर्क सड़कों के निर्माण सहित अन्य विभिन्न कार्य करवाए जा सकते हैं। ग्रामीण सड़कों के लिए छोटे पुलों एवं पुलियों का निर्माण, पक्के ग्रामीण रास्तों का निर्माण, छूटी हुई बस्तियों के लिए पेयजल योजनाएं, स्थानीय स्तर की सिंचाई योजनाएं, पाठशालाओं में शौचालयों का निर्माण, बस अड्डा इत्यादि स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों व स्नानगृहों का निर्माण, दूर-दराज व ग्रामीण क्षेत्रों में बचे हुए घरों का विद्युतीकरण तथा स्कूल भवनों की मरम्मत व खेल मैदानों के निर्माण कार्य भी इस योजना के अन्तर्गत करवाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायतों तथा शहरी निकायों में व्यायामशालाओं (जिम) का निर्माण, बस स्टैंडों का निर्माण व रख-रखाव, ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्रों में सरकारी भवनों की मरम्मत, इन क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत व रख-रखाव, सामुदायिक वाई-फाई लगाने, लोक कल्याणकारी योजनाओं के तहत स्कूलों में बच्चों के बैठने का सामान, खेल सामग्री, अस्पतालों में बिस्तर व कम्बल, जल वितरण में मोटर पम्पों को बदलना भी इसमें शामिल है। योजना के तहत पंजीकृत महिला मण्डलों को बर्तन व फर्नीचर तथा युवक मण्डलों को खेल उपकरण, स्वयं सहायता समूहों को भी इन मदों में अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति मण्डल अथवा समूह अनुदान का प्रावधान है। शहीदों के बलिदान की समृति में शहीदी द्वारों का निर्माण भी इस योजना के तहत करवाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश सरकार अन्तिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए दृढ़संकल्प है। ग्रामीण स्तर पर विधायकों के माध्यम से विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट का समुचित आवंटन सुनिश्चित किया गया है। भारी बरसात के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि में संशोधन कर लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया है।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 नवम्बर, 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिगत बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उप-निदेशक के पास डाक द्वारा अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक (कॉलेज), शिक्षा निदेशालय के पास डाक अथवा ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है और इसके उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ई-मेल से केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा। योजना से संबधित पूर्ण जानकारी उच्चत्तर शिक्षा निदेशक की वैबसाईट www.education.hp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि योजना के तहत कोचिंग संस्थानों को उच्चतर शिक्षा विभाग को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करवानी अनिवार्य है। यदि अभी तक किसी संस्थान द्वारा यह राशि जमा नहीं की होगी तो उन्हें यह तुरन्त प्रभाव से यह जमा करवानी होगी और तभी वह कोचिंग संस्थान इस उद्देश्य के लिए पात्र होगा।
एचपीयू में बीएड के इंडक्शन कार्यक्रम का आज अंतिम दिन था। अंतिम दिन जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली के आचार्य करतार सिंह मुख्य वक्ता रहे। ड़ॉ करतार सिंह ने गतिविधि आधारित शिक्षण विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर तथा व्याहारिक शिक्षण पद्धति का एक भाग है। द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. चमन लाल बंगा ने की। उन्होंने बीएड प्रशिक्षुओं से पृष्ठपोषण प्राप्त किया। इंडक्शन कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रपाल, आचार्य रोशन लाल जिंटा रहे। उन्होंने शिक्षा के महत्व, नैतिक शिक्षा एव शिक्षा मनोविज्ञान की विस्तृत में चर्चा की। विभाग में बीएड प्रथम सत्र के विद्यार्थियों ने रंगोली गतिविधि का आयोजन किया। शिक्षा विभाग की सहायक आचार्य डॉक्टर कनिका हांडा, डॉ. युद्धवीर, डॉ. राकेश कुमार शर्मा कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अंतिम सत्र में बीएड प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि दिल्ली और शिमला में खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का शिमला आगमन स्थगित हो गया है। दिल्ली में आज खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। अब मुख्यमंत्री का शनिवार को शिमला में आगमन अपेक्षित है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
-दोबारा नहीं बनेगी 556 की मेरिट हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 817 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। इस भर्ती के कुल पदों में कोई कटौती नहीं होगी। अंकिता ठाकुर एंड अदर्स बनाम हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमिशन के इस केस में जजमेंट रिजर्व हुई थी और वीरवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट द्वारा दी गई रिलेक्सेशन को कानूनी तौर पर अस्थिर बताते हुए उसे रद्द कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 556 के लिए दूसरे भर्ती विज्ञापन के आधार पर बनाई गई मेरिट लिस्ट को री ड्रॉ नहीं किया जाएगा और उसमें उन अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो रिलेक्सेशन ऑर्डर के आधार पर एलिजिबल हुए थे। उच्चतम न्यायालय ने पोस्ट कोड 817 के लिए 21 सितंबर, 2020 को जारी तीसरे विज्ञापन के आधार पर विज्ञापित सीटों को सैगरीगेट करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पहले विज्ञापन के आधार पर होने वाली नियुक्तियों को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा, सिर्फ इसलिए कि कुछ अभ्यर्थियों ने रिलेक्सेशन ऑर्डर के आधार पर पात्रता प्राप्त कर ली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिए कि वह सारे पेंडिंग आवेदनों को 2020 के रूल्स के हिसाब से डिस्पोज करे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में हिमाचल हाई कोर्ट के ऑर्डर के पैरा 33 और 34 को भी खारिज कर दिया। इस केस में हिमाचल सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दी गई क्लेरिफिकेशन को भी सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जेओए के तीन पोस्ट कोड को लेकर स्थिति साफ हो गई है। यह मामला पोस्ट कोड 447, पोस्ट कोड 556 और पोस्ट कोड 817 को लेकर था। 817 के मामले में हिमाचल सरकार की ओर से ही सुप्रीम कोर्ट में यह भी कह दिया गया था कि यह मामला पेपर लीक में भी उलझा है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने मेरिट पर ही फैसला दिया है।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 9 नवंबर को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं। कर्नाटक सरकार ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है। केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से केपी रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
-देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों को जारी किया 5.27 लाख रुपये का उत्सव भत्ता इस दीपावली पर जब प्रदेश भर में मां लक्ष्मी की आराधना में लाखों दिए जलाये जाएंगे तो इनमें कई ऐसे दिए भी होंगे जो प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत प्रदान किये जा रहे उत्सव भत्ते के कारण रोशन होंगे। जब प्रदेश के लाखों घरों में खुशियों की फुलझड़ियां जल रही होंगी तो कई चेहरे इसलिए खिल रहे होंगे क्यूंकि वो अब निराश्रित नहीं, बल्कि 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ हैं यानी कि प्रदेश सरकार उनकी माता और पिता है। इस बार बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के आंगन में भी दिए जगमगाएंगे, पटाखे फूटेंगे और मिठाइयां बंटेगी। वह भी दीपावली उत्सव धूम-धाम से मनाएंगे। यह सब संभव हो पाया है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व वाली सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के कारण। वर्तमान प्रदेश सरकार ने राज्य के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) को दीपावली पर्व पर उत्सव भत्ते के रूप में 5,27,000 रुपये जारी कर दिए हैं। इसके अलावा इन संस्थानों को भी दीपावली के उपलक्ष्य पर 3,27,500 रुपये जारी किये गए हैं ताकि इन संस्थानों में भी इस त्योहार से संबंधी सभी तैयारियां समय पर सुनिश्चित की जा सके। सरकार द्वारा सभी 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ को त्यौहारों पर उत्सव भत्ते के रूप में 500 रूपए प्रति बच्चा प्रदान किये जाते हैं। इसके अलावा उन बाल देखभाल संस्थानों को, जिनमें बच्चों के रहने कि क्षमता 25 या इससे कम हो, उन्हें 5,000 तथा 25 से अधिक की क्षमता वाले बाल देखभाल संस्थानों को 10,000 रूपए प्रदान किये जाते हैं। इससे पूर्व राज्य सरकार ने दशहरा उत्सव पर भी उत्सव भत्ते के रूप में इन बच्चों को 5,27,000 रुपये व बाल देखभाल संस्थानों को 3,27,500 रुपये जारी किये थे। इन त्यौहारों पर सरकार द्वारा कुल 17,09,000 रुपये जारी किए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार के गठन के तुरंत बाद अपने पहले निर्णय में समाज के संवेदनशील आश्रित वर्ग का सहारा बनने का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की शुरुआत की थी। मानवीय संवेदनाओं को अधिमान देते हुए सरकार ने अनाथ बच्चों और अन्य निराश्रितों के उत्थान के लिए कई कदम उठाये हैं। प्रदेश सरकार 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4,000 रुपये मासिक जेब खर्च, कोचिंग के लिए एक लाख, तीन बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये, विवाह के लिए दो लाख रुपये का अनुदान और सूक्ष्म व लघु उद्योग लगाने के लिए दो लाख रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है। जनहितैषी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष का भी गठन किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने एक माह का वेतन तथा कांग्रेस विधायकों ने एक-एक लाख रुपये दिए हैं। दानी-सज्जन भी इसमें यथासंभव योगदान दे रहे हैं। इस कोष के गठन का उद्देश्य जरूरतमंदों के लिए निकट भविष्य में सुविधा, सम्पन्नता और सामान अवसर के मार्ग प्रशस्त करना है। इन हितकारी निर्णयों से यह स्पष्ट है की प्रदेश सरकार सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं अपितु व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य को सार्थक करने के संकल्प के दृष्टिगत कल्याणकारी निर्णय ले रही है और इस नीति वाक्य को अपना मूल सिद्धांत मानकर आगे बढ़ रही है।
केंद्र सरकार के पिछले 9 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी नीतियों पर राजधानी शिमला के रिज मैदान में आयोजित प्रदर्शनी के तीसरे दिन शिमला के जनसामान्य ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। खचाखच भरे प्रदर्शनी स्थल में लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। हिमाचल की लोक संस्कृति से ओत-प्रोत इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक चेतना का संदेश भरा हुआ था। नाटी की प्रस्तुति के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया।वहीं नुक्कड़ नाटक के ज़रिये नशा मुक्ति का आह्वान था । आज के कार्यक्रम की सबसे ख़ास बात लोगों के लिए आयोजित की गई राष्ट्र निर्माण प्रश्नोत्तरी रही। इस प्रश्नोत्तरी में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में सवाल पूछे गये। विकास की दिशा में भारत द्वारा प्राप्त की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में भी प्रश्न थ। इस प्रतियोगिता में सत्यप्रकाश, संतोष तोमर, चुन्नीलाल शर्मा, कमल एवं रणजीत रॉय ने प्रश्नों के सही उत्तर देकर पुरस्कार जीते। यह प्रदर्शनी स्थानीय लोगों में ख़ासा रूची का केंद्र बनी रही और यह प्रदर्शनी 11 नवंबर तक जारी रहेगी।
-हिमाचल में जो वादे किए, जो गारंटियां दीं, एक भी पूरी नहीं की नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल के लोगों से जो वादे किए, जो भी चुनावी गारंटियां दीं, एक भी पूरी नहीं की। अब देश के अलग-अलग राज्यों में हो रहे लोक सभा चुनावों में इसी तरह गारंटी देकर देश भर में लोगों को ठगना चाह रही है। उन्होंने कहा कि अब लोग समझ गये है, उन्हें बार-बार धोखा नहीं दिया जा सकता है। अब कोई भी कांग्रेस के झांसे में नहीं आने वाला है। आज के सूचना प्रौद्योगिक के युग में कांग्रेस का यह सफ़ेद झूठ ज़्यादा टिक नहीं सकता। पूरा देश जानता है कि कांग्रेस के नेताओं ने हिमाचल की मातृशक्ति को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की गारंटी दी। चुनाव के पहले ही माताओं-बहनों से इसके लिए फ़ज़ीर् फॉर्म भी भरवा लिए थे। अब चुनाव जीत गये तो कांग्रेस के नेता कहते हैं कैसी गारंटी। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिज़ोरम और तेलंगाना में हो रहे विधान सभा के चुनाव में भी कांग्रेस हिमाचल प्रदेश की तरह चुनावी गारंटियां दे रही है। लेकिन पूरे देश ने हिमाचल से सबक़ ले लिया है। आज कांग्रेस के नेता मंचों पर ही जनता द्वारा तिरस्कृत किए जा रहे हैं। देश के लोग पूछ रहे हैं कांग्रेस द्वार हिमाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव में किया गया वादा कहां गया। बड़े से बड़े नेता छोटी छोटी जनसभाओं में सीना ठोक के सारी गारंटिया तत्काल लागू करने की बात करता था लेकिन एक साल में एक भी गारंटी पूरी नहीं कर पाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक साल से कम के कार्यकाल में भी आज प्रदेश के हर वर्ग में असंतोष है। इस सरकार के क्रियाकलाप से कोई भी संतुष्ट नहीं है। सरकार के ख़िलाफ़ लोगों की इस नाराज़गी और असंतोष का प्रमुख कारण है कांग्रेस के झूठे वादे और विकास विरोधी काम। इसी की वजह से हिमाचल प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस द्वारा किए गए झूठे वादे की वजह से देश भर में कांग्रेस के चुनावी वादों पर कोई विश्वास नहीं कर पा रहा है। इसलिए विधान सभा के चुनावों में हर जगह पर कांग्रेस बुरी तरह से हार रही है। आज सोशल मीडिया का जमाना है, किसी का झूठ ज़्यादा दिनों तक टिक नहीं पाता है। यही कारण है आज हिमाचल कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता प्रदेश में मुंह छिपाए घूम रहे हैं। आने वाले लोक सभा चुनावों कांग्रेस को अपने झूठ का जवाब मिल जाएगा।


















































