-एसआईटी के पास पहुंचा ढाई लाख निवेशकों का रिकॉर्ड -घोटाले में संलिप्त आरोपियों का जल्द होगा पर्दाफाश क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर बनाई गई ढाई लाख निवेशकों की आईडी का पूरा रिकॉर्ड एसआईटी ने जुटा लिया है। ढाई लाख आईडी में नेता, डॉक्टर, अधिकारी, पुलिस, ठेकेदार और किसान शामिल हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति ने डबल रिटर्न के लालच में कितने का निवेश किया है। किसके खाते में कितनी राशि आई है। इस रिकॉर्ड से एसआईटी जल्द ही घोटाले में संलिप्त आरोपियों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियां होनी हैं। 2000 करोड़ रुपये का घोटाला जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाला में ढाई लाख के करीब लोगों की आईडी बनी और करीब 2,300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आई है। इसमें 2000 करोड़ का घोटाला है। आरोपियों ने साल दर साल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए नए-नए नाम से कंपनियां बनाईं। अब तक की जांच में पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड सुभाष और अभिषेक को माना जा रहा है। इसके साथ ही घोटाले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपियों को भी विभिन्न कपंनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में घोटाले से जुड़ी गैंग के सदस्यों को मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर में जल्द से जल्द चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। इसी बीच जब आरोपियों को पूरे खेल का भंडाफोड़ होने का अंदेशा हुआ तो मास्टर माइंड सुभाष पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही विदेश फरार हो गया। कई आरोपी भूमिगत हो गए। पुलिस एसआईटी घोटाले में अब तक साढ़े 9 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया जा चुका है। एसआईटी की ओर से इन दिनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने का सिलसिला जारी है।
इंतकाल अदालतों में किया गया 74.22 प्रतिशत लंबित मामलों का निपटारा प्रदेश में इंतकाल के लंबित मामलों की समस्या का समाधान करने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार ने पहली बार अनूठी पहल करते हुए 30 व 31 अक्तूबर,2023 को विशेष इंतकाल अदालतों का आयोजन किया। व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में उठाया गया यह कदम प्रदेश के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। इन इंतकाल अदलतों में प्रदेशभर में इंतकाल के लंबित 41907 मामलों में से 31105 का निपटारा कर दिया गया। दो दिनों के भीतर ही 74.22 प्रतिशत लंबित मामलों का निपटारा कर दिया गया,जो सरकार की कुशल कार्यप्रणाली को इंगित करता है।बिलासपुर जिला में इन दो दिनों के दौरान सबसे अधिक 90.78 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया। यहां लंबित 1943 मामलों में से 1764 में इंतकाल दर्ज किये गए। किन्नौर जिला में 90.75 प्रतिशत मामलों का निपटारा हुआ तथा यहां कुल लंबित 400 में से 363 मामलों में इंतकाल दर्ज किए गए जबकि ऊना जिलामें 89.12 प्रतिशत मामलों में इंतकाल दर्ज हुए। यहां 3670 लंबित मामलों में से 3271 इंतकाल सत्यापित किए गए।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि गुडगवर्नेस के लिए गुड गवर्मेंट का होना आवश्यक है। प्रदेशभर में लंबित इंतकाल के मामलों से लोग बहुत परेशान थे और वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे लोगों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष इंतकाल अदालतें लगाने का निर्णय लिया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेशभर में आयोजित की गई इंतकाल अदालतों से आम आदमी लाभान्वित हुआ है तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया जा रहा है।जिला कांगड़ा निवासी मीना देवी ने दो दिवसीय विशेष इंतकाल अदालतों के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मामला वर्ष 1996 से लंबित था। लेकिन वर्तमान सरकार की इस पहल से वर्षों का काम चंद मिनटों में ही पूरा हो गया। वहीं ऊना निवासी गुरचरण सिंह ने कहा किइस विशेष इंतकाल अदालत का लाभ उन्हें भी मिला है। काफी वर्ष पहले उन्होंने इंतकाल के लिए आवेदन किया था, जो काफी समय से लंबित था, लेकिन अब दोनों भाइयों के नाम पर इंतकाल सत्यापित हो गया है। मण्डी निवासी मनजीत ने भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस विशेष प्रयास की सराहना की है।उन्होंने कहा कि इंतकाल दर्ज कराने के लिए काफी समय से उन्हें कार्यालयों में चक्कर काटने पड़ रहे थे, लेकिन मण्डी में लगी विशेष इंतकाल अदालत में चंद मिनटों में ही उनका काम पूर्ण हो गया। वहीं चम्बा निवासी देवेश वर्मा ने भी राज्य सरकार का विशेष इंतकाल अदालत के आयोजन के लिए आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गंभीरता से प्रयास कर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया।वर्तमान राज्य सरकार आम लोगों की सरकार है तथा उनकी समस्याओं का निदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से निपटारा करने के लिए राज्य सरकार आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रयास जारी रखेगी।
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती के लिए सोलन, शिमला, सिरमौर और किन्नौर ज़िलों के उन उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं जिन्होंने ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। यह जानकारी भर्ती कार्यालय शिमला की निदेशक कर्नल पुष्विन्दर कौर ने दी। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि इस भर्ती रैली का आयोजन शिमला ज़िला के रामपुर बुशहर स्थित प्रिथी मिलिट्री स्टेशन अवेरीपट्टी में 18 नवम्बर से 24 नवंबर के मध्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 नवंबरको इस रैली में सोलन ज़िला की अर्की तहसील और शिमला ज़िला की सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। 19 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के अतिरिक्त अन्य सभी तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर को सोलन ज़िला की बद्दी तहसील के साथ सिरमौर ज़िला की हरिपुरधार, नारग, पझौता, माजरा, कमरउ, नाहन, नोहरा, रोनहाट तथा शिलाई तहसीलों के उम्मीदवार भाग ले सकेंगे। उन्हांने कहा कि 21 नवंबर को सिरमौर ज़िला की पांवटा साहिब, राजगढ़, रेणुका, पच्छाद और ददाहू तहसीलों के उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा आयोजत की जाएगी। निदेशक भर्ती ने कहा कि 22 नवंबर को सोलन, शिमला और सिरमौर ज़िलों के अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन तथा किन्नौर ज़िला के अग्निवीर जनरल डयूटी, अग्निवीर टैक्नीकल, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टैक्नीकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन पद के लिए उम्मीदवार भर्ती रैली में भाग लेंगे। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अगले दिन चिकित्सा परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि शारीरिक परीक्षा के तहत युवाओ को 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। कम से कम 6 और अधिकतम 10 पुलअप करने होंगे। 09 फीट गड्ढे को पार करना होगा और जिग ज़ैग बैलेंस दिखाना होगा। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि उम्मीदवारों को अपने साथ 10वीं, 12वीं पास अंकतालिका, मूल निवास स्थाई प्रमाण पत्र, डोगरा, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, चरित्र प्रमाण पत्र केवल नायब तहसीलदार अथवा तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन जारी किया हुआ लाना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को साथ में शपथ पत्र (भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार), 20 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और अविवाहित होने का प्रमाण पत्र भी लाना होगा। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों के पास टेक्निकल शिक्षा प्रमाण पत्र, एनसीसी और वैध खेलकूद प्रमाण पत्र हों तो वह इन्हें अपने साथ जरूर लाएं। जिन उम्मीदवारों के पिता सेवानिवृत या सेवारत हैं वे उम्मीदवार रिलेशनशिप प्रमाण पत्र एवं साथ में डिस्चार्ज बुक की कॉपी लेकर आएं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि भर्ती रैली के लिए प्रवेश पत्र रंगीन एवं हाई रिजोल्यूशन में प्रिंट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) डाउनलोड करने में समस्या होने पर युवा भर्ती कार्यालय शिमला में संपर्क कर सकते हैं। कर्नल पुष्विन्दर कौर ने कहा कि सेना में भर्ती नि:शुल्क है और यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं उम्मीदवार की काबिलियत पर निर्भर करती है। उन्होंने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि भर्ती के लिए दलालों के बहकावे में न आएं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की ई-केवाईसी करवाने की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 अक्तूबर तक निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी करवाने से वंचित रह गए थे। विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप हो, इसके दृष्टिगत प्रदेश भर में ई-केवाईसी की प्रक्रिया आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सयमबद्ध पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करें। सरकार की
भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला महासू की परिचय बैठक जिला अध्यक्ष अतुल शर्मा की अध्यक्षता में ठियोग के द वाइट हाउस कैफे होटल में आयोजित की गई। इस बैठक भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील कदशोली, प्रदेश सह-मिडिया सह प्रभारी सुनिल शर्मा अप्पू व जिला के सभी पदाधिकारी व पांचों मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे। बैइक में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों को विरोध किया गया। साथ ही आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
-एचआरटीसी की बस में ले जा रहे थे नशे की खेप शिमला जिले के कोटखाई उप मंडल के अंतर्गत बाघी में पुलिस ने 107.93 ग्राम चिट्टे के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने चिट्टे की यह खेप पकड़ी है। इसे रोहड़ू नारकंडा बस में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस द्वारा पकड़ी गई इस वर्ष की यह सबसे बड़ी खेप है। कोटखाई पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी रोहड़ू से नारकंडा जा रही बस एचपी 10 ए 9717 में बैठे थे। गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई अंबी लाल के नेतृत्व में पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने कोटखाई के बाघी घाट में बस को रोककर तलाशी ली तो चार आरोपी बस में चिट्टे की खेप के साथ बैठे हुए थे। तलाशी के दौरान 107.93 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। आरोपियों की पहचान बलबीर सिंह पुत्र कौल राम गांव तपड़ोग (ननखड़ी), विपिन श्याम पुत्र जय सिंह गांव खुलीघाट (ननखड़ी), रमन पुत्र मोती राम गांव बनी (ननखड़ी), गणेश पुत्र मोहन लाल गांव शाना पोखरा नेपाल के रूप में हुई है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पुलिस के स्पेशल सेल ने गुप्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
-ऐसा शख्स, जिसने पशु-पक्षियों को समर्पित कर दिया अपना पूरा जीवन -जिन बेजुबानों की जिंदगी बचाई वो बन गए दोस्त, घर तक आते हैं मिलने को हिमालय की गोद में बसे खूबसूरत शहर धर्मशाला के निवासी धीरज महाजन का मानना है कि भगवान की पूजा करने से पहले भगवान द्वारा बनाए गए जीवों की आप पूजा करें...उनसे प्यार करें...उनकी रक्षा करें, भगवान तो अपने आप ही खुश हो जाएंगे। इतना ही नहीं, यह इन बेजुबानों से बातें भी करते हैं, इनके दर्द को अपना दर्द समझते हैं। यह सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे कि कई पशु-पक्षी इनके दोस्त बन चुके हैं और इनसे मिलने इनके घर तक आते हैं। बचपन से ही धीरज महाजन को प्रकृति व पशु-पक्षियों से प्यार था। जानवरों पर हो रहे अत्याचार इनसे देखे नहीं जाते थे। पशु-पक्षियों से इतना स्नेह रखने वाले धीरज आज तक कई बेजुबानों का रेस्क्यू कर चुके हैं और बेजुबानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस से कर चुके हैं। गौवंश और कुत्तों के अलावा इन्होंने अनेकों जंगली जीवों का भी रेस्क्यू किया है। इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए उन्हें 15 अप्रैल, 2022 को 'हिमाचल प्रेरणा स्रोत' से सम्मानित किया गया था। धीरज का कहना है कि रेस्क्यू हमेशा असान नहीं होते। कुछ रेस्क्यू आपकी जान भी ले सकते हैं और वहीं दूसरी ओर किसी को नयी जिंदगी भी दे सकते हैं। कभी तोता तस्करों, कभी जंगली जीवों का शिकार करने वाले शिकारियों को तो कभी पालतू गाय को छोड़ने वाले लोगों को धीरज महाजन ने अपनी जान जोखिम में डालकर पकड़वाया है। धीरज कहते हैं, 'मेरी यह जिंदगी मेरी नहीं, बल्कि इन जीवों की है।'
उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस पर हम केंद्र सरकार के सुझाव को नहीं मानेंगे। यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और फैसला भी न्यायालय का ही लागू होगा। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बहने वाली नदियों पर कंपनियों ने बिजली प्रोजेक्ट लगाए हैं। पानी हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है। इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है, वाटर सेस कमीशन स्थापित किया है, उसी की अनुशंसा पर कंपनियों पर सेस लगाया है। इससे सरकार को 1,842 करोड़ राजस्व आने की संभावना है। वाटर सेस न लगाने के संबंध में केंद्र सरकार का बार-बार पत्र लिखना अनुचित है। वाटर सेस लगाना प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र से पिछले दिनों प्रदेश सरकार को पत्र आया है, जिसमें वाटर सेस को अनुचित करार दिया गया है। मुकेश ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मियों और पेंशनरों को हर महीने वेतन और पेंशन दी जा रही है। उनका हड़ताल पर जाने की धमकियां देने का तरीका सही नहीं है। प्रदेश आपदा का सामना कर चुका है। मुख्यमंत्री अस्वस्थ हैं। कर्मचारी धैर्य रखें, अपनी समस्याएं निगम प्रबंध निदेशक को बताएं, उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीएम के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार, शीघ्र लौटेंगे हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के स्वास्थ्य को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। टेस्ट रिपोर्ट ठीक आई है। मुख्यमंत्री स्वस्थ होकर जल्द हिमाचल हिमाचल आएंगे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसनीत सुक्खू सरकार को बने हुए एक साल होने को है लेकिन मुख्यमंत्री अभी तक बदले की भावना से काम करते हुए सिफ़र् बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बंद करने का ही काम कर रही है। अब कांग्रेस सरकार प्रदेश के लाखों किसानों और बाग़वानों को परेशान करने के लिए प्राकृतिक खेली जैसी जनहितकारी योजनाएं बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसी सरकार आई है जो नई योजनाएं शुरू करने के बजाय पुरानी योजनाओं को बंद करने का काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकारों का काम किसी योजना को और मज़बूत करना हारता है, यदि योजनाओं में कोई कमी रह गई हो तो उसे दूर करना होता है। जयराम ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया प्राकृतिक खेती को अपना रही है लेकिन हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए चलाई जा रही योजना को बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती योजना की हिमाचल में सफलता के लिए केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की कई बार सराहना की गई। इस खेती के ज़रिए किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न करके जैविक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं। जिससे किसानों की कृषि लागत एकदम कम हो जाती है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित खाद्य पदार्थ एक तरफ़ किसानों के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है तो दूसरी तरफ़ बाज़ार में ऐसे उत्पादों की भारी मांग की वजह से अच्छी क़ीमत भी मिल जाती है। लेकिन वर्तमान सरकार प्राकृतिक खेती योजना को बंद करके प्रदेश के किसानों और बागवानों को परेशान कर रही। सुख की सरकार का नारा लगाने वाले प्रदेश के लोगों को दु:ख देने का काम कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में लगभग 2 लाख से ज़्यादा किसान-बागवान परिवारों ने इस खेती विधि को पूर्ण या आंशिक भूमि पर अपना लिया है। प्रदेश की 99 प्रतिशत पंचायतों में यह विधि पहुंच बना चुकी है और 1,17,762 बीघा ( 9,421 हैक्टेयर) से अधिक भूमि पर इस विधि से खेती-बागवानी की जा रही है। इस योजना के तहत 2023 के अंत तक 20 हजार हैक्टेयर से ज़्यादा भूमि को प्राकृतिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां ऐतिहासिक रिज में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिवंगत इंदिरा गांधी द्वारा देशहित में लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णयों को भारतवासी कभी नहीं भूल सकते। वह 'आयरन लेडीÓ के रूप में न केवल भारत अपितु विश्वभर में विख्यात हैं। राज्यपाल ने मीडिया के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि आज 31 अक्तूबर को लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती भी है। इस दिवस को देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की उपलब्ध्यिों को देश कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने अखंड भारत का सपना देखा और स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत देश की छोटी-छोटी रियासतों को एकजुट कर वृहद भारत के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर, नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अन्य पार्षदगण, उपायुक्त आदित्य नेगी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-राज्यपाल ने कहा, दोनों केंद्र शासित राज्य समृद्धि की ओर अग्रसर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि धर्म, जाति व क्षेत्रवाद की संकीर्णता को समाप्त करना ही इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक भारत-श्रेष्ठ भारत की कल्पना को साकार कर रहा है जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस को हर राज्य में मनाने की एक पहल की गई है। शिव प्रताप शुक्ल ने इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के मूल निवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की जन्नत कहा जाने वाला जम्मू-कश्मीर व लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश कीे स्थापना 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 की शक्तियों को समाप्त करने के बाद 31 अक्तूबर, 2019 से जम्मू-कश्मीर व लद्दाख दो अलग केंद्र शासित राज्य बने। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित राज्य की स्थापना से पूर्व कश्मीर की जनता व जन-जीवन पूर्णतया अस्त-व्यस्त था। वर्ष 2019 के बाद जम्मू व कश्मीर में केंद्र सरकार की मदद से अनेक नई व महत्वाकांक्षी परियोजनाएं पूरी हुई हैं। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है जिससे ये दोनों राज्य अब खुशहाली व समृद्धि की ओर अग्रसर हैं। राज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित राज्य के रूप में गठन से लद्दाख में चहुंमुखी विकास को गति मिली हैै। गत वर्षो में इस राज्य में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। देश का सीमावर्ती राज्य होने के नाते सुरक्षा की दृष्टि से सड़कों व टनलों का निर्माण किया गया है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जिस राज्य में धार्मिक कट्टरपंथियों के भय से आम जनजीवन भय, निराशा व अवसाद के कारण ़त्रस्त था वहां समाज के प्रत्येक क्षेत्र में विकास व समृद्धि को बढ़ावा मिला है। अब राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर पैदा किए गए हैं। पर्यटकों के आवागमन से स्थानीय लोगों की आर्थिकी में भी वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में लद्दाख के सांस्कृतिक दल को उनके मनमोहक प्रस्तुति के लिए 51 हजार रूपए प्रदान किए। कश्मीर के नागरिक शुभदीप सिंह ने जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाये जाने से अपने परिवार व स्थानीय मुस्लिम परिवारों के साथ घटित मर्मस्पर्शी घटनाएं साझा कीं। राज्यपाल ने उपस्थित जन समूह तथा राजभवन के अधिकारियों व कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर राज्यपाल तथा लेडी गर्वनर जानकी शुक्ल ने दोनो राज्यों के उपस्थित निवासियों को शॉल व टोपी भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और दोनों राज्यों के नागरिक उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि जिला सोलन की नगर पंचायत अर्की के नगर परिषद वार्ड नंबर 2 मियांपुर और ज़िला शिमला की नगर पंचायत चौपाल के वार्ड नंबर 6 छावनीवीर हॉस्पिटल में होने वाले उप-चुनावों के दृष्टिगत 5 नवंबर को सवैतनिक अवकाश (मतदान होने की स्थिति में) घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि उप चुनाव वाले क्षेत्रों में उस दिन औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, निगम, बोर्ड, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा दुकानें बंद रहेंगी। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 25 के तहत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देय होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष आकस्मिक अवकाश उन कर्मचारियों को दिया जा सकता है जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं और उन्हें संबंधित संस्थानों के उप-चुनाव में मतदान करना है। विशेष अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को मतदान करने से संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा ज़ारी प्रमाण-पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
-'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम में हिमाचल की रही शानदार भागीदारी 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत वीरभूमि हिमाचल के गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचे 143 युवाओं ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ कर्तव्य पथ पर विशाल कलश में अर्पित की। इसी विशाल कलश की मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान का निर्माण होगा। इस दौरान मीडिया कर्मियों से वार्तालाप करते हुए ठाकुर ने बताया कि हमारी वीरभूमि हिमाचाल वीरों की जननी है, वीरों की भूमि है। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश बलिदानियों की भूमि है। यहां गांव के गांव हमारे वीरों के किस्सों से पटे पड़े हैं। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। पूरे देश ने पिछले दो वर्षों में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। लाखों कार्यक्रम हुए, करोड़ों लोग इससे जुड़े। माननीय प्रधानमंत्री जी ने मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम की शुरुआत करने को कहा तो पूरे देश के 6 लाख से ज्यादा गांवो और 7500 ब्लॉक्स में अमृत कलश यात्राएं निकलीं और मिट्टी इक_ा की गई और हिमाचल प्रदेश ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे देश से इक_ी की गई इस मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान बनेगा। आज विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक युवाओं का हुजूम देश की मिट्टी को नमन और वीरों का वंदन करने हेतु जमा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का विधिवत समापन कर देशवासियों को संबोधित करेंगे। आज कर्तव्य पथ पर आपकी विशाल कलश देख सकते हैं जिसमें पूरे देश के 6 लाख गांव से आई मिट्टी रखी गई है।तमिलनाडु से लेकर जम्मू कश्मीर तक और नागालैंड से लेकर गुजरात तक संपूर्ण देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। आज तपती धूप में पूरे देश से युवा नई दिल्ली में एकत्रित हैं। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं का जोश देखते ही बनता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय एकता दिवस एवं नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। विभाग ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया और नशा मुक्ति पर एक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया। कार्यक्रम विभाग के सभा हॉल में आयोजित किया गया। नशा मुक्ति अभियान के नोडल ऑफिसर डॉ. चमन लाल बंगा ने राष्ट्रीय एकता दिवस को मनाने के उद्देश्य तथा विश्वविद्यालय और हिमाचल को नशा मुक्त करने के विषय पर प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष अजय कुमार ने नशा मुक्ति के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के योगदान पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किये। इस कार्यक्रम का संचालन पीएचडी शोधार्थी अभिषेक ने किया तथा विभाग के अन्य छात्रों रमा, संदीप बोध और नेहा ने इस दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी ली। इस कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष अजय कुमार अत्रि, डाक्टर चमन लाल बंगा, डॉ. युद्ध वीर, डॉ. राकेश शर्मा के अलावा विभाग के शोधार्थी एवं छात्र मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल की अध्यक्षता में आज केंद्रीय छात्र संघ के पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष पद हेतु मुस्कान, अध्यक्ष भूगोल विभाग, कीर्ति शर्मा, जीव विज्ञान विभाग, नव्या शर्मा अंग्रेजी विभाग, आस्था गुप्ता विधि विभाग शामिल हैं। कुलपति ने अपने संबोधन में केंद्रीय छात्र संघ के पदाधिकारियों और विभागों के प्रतिनिधियों को बधाई दी और कहा कि आप सभी अपनी सकारात्मक सोच के साथ विश्वविद्यालय को आगे ले जाने के लिए अपना पूरा योगदान देंगे। यह एक शिक्षा का मंदिर हैं और ईश्वर मौका देता है किसी न किसी रूप में। उन्होंने कहा कि हम प्रयास करेंगे कि जितने भी विभागों के प्रतिनिधि हैं कि एक अकादमिक समिति आप लोगों की अध्यक्षता में बने, ताकि आप वहां पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दे सकें। इस अवसर पर अधिष्ठाता अध्ययन आचार्य बीके शिवराम, मुख्य छात्रपाल आचार्य रोशन लाल झिंटा, डॉ. महेेंद्र ठाकुर, डॉ. अंजना ठाकुर, कई अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, निदेशक और छात्र इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने करवा चौथ पर महिलाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह ने एक संदेश में कहा है कि करवा चौथ महिलाओं का एक ऐसा ब्रत व त्यौहार है जो पति पत्नी के पवित्र रिस्ते को मजबूती प्रदान करता है। सारा दिन निराहार रहकर महिलाएं अपने पति के दीर्घ आयु की कामना करती हंै, जो उनके अटूट विश्वास व आस्था का प्रतीक है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार शाम एम्स पहुंचे। उन्होंने यहां उपचाराधीन हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में जाना। गहलोत ने सुखविंदर सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। बता दें कि मुख्यमंत्री अभी आईसीयू में हैं, स्वास्थ्य बेहतर होने के बावजूद गेस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा हुआ है। उनसे मिलने की किसी को इजाजत नहीं है।
राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली में सोमवार को अंतर महाविद्यालय कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें 41 टीमें भाग ले रही हंै। यह पहली बार हो रहा है कि किसी भी अंतर महाविद्यालय स्पर्धा में इतनी टीमें भाग ले रही हैं। ज्यादा टीमें होने के कारण कॉलेज मेंं 3 कबड्डी कोर्ट का निर्माण किया गया। पहले दिन 33 मैच करवाए गए। 9 टीमों के मैच मंगलवार को करवाया जाएगा। क्वार्टर फाइनल मैच ऊना व सोलन, सीम व संजौली, बिलासपुर व पांवटा, मड़ी व धर्मशाला के बीच खेला जाएगा। इस खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. सीबी मेहता ने किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. भारती भागड़ा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
-हाटियों के रिसर्च विंग ने दी सरकार को चेतावनी -कहा, लटकाऊ और भटकाऊ रवैया नहीं होगा बर्दाश्त -कानून लागू न कर भारतीय संसद और संविधान का हो रहा अपमान हिमाचल प्रदेश के गिरिपार क्षेत्र से जुड़ा अनुसूचित जनजाति मामला गरमा गया है। एसटी कानून लागू न होने से हाटी समुदाय में रोष बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में हाटी विकास मंच ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में संगठन की स्टूडेंट रिसर्च विंग के साथ संगोष्ठी आयोजित की। इसमें हाटी रिसर्च विंग ने सरकार को सख्त चेतावनी दी। इसमें कहा गया कि अगर संशोधित एसटी कानून तत्काल लागू न हुआ तो सिरमौर का छात्र वर्ग सड़कों पर उतरेगा। विंग के पदाधिकारियों ने कानून का क्रियान्वयन न कर इसे संसद और संविधान का अपमान करार दिया। संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार एवं हाटी विकास मंच के मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, कानूनी सलाहकार एडवोकेट श्याम चौहान, हाटी संस्कृति के जानकार सुरेश सिंगटा मुख्य वक्ता रहे। हाटी पुरोधाओं ने कहा कि लटकाने अटकाने और भटकाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार से संवाद के अभी तक सार्थक नतीजे सामने नहीं आए हैं। इसलिए अब आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेवजह मुद्दा लटका कर सियासी रोटियां सेंकने का काम कर ही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाटी अपने हकों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। हाटी विकास मंच मामले को प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर उद्योग मंत्री और जनजातीय मामलों के मंत्री तक प्रमुखता से उठा चुके हैं, लेकिन कोई सार्थक पहल इस दिशा में सरकार की ओर से नहीं की गई है। नौकरियां पाने से हो रहे वंचित प्रदेश सरकार ने विभिन्न पदों पर नौकरियां विज्ञापित की हैं। संशोधित कानून बनने के बावजूद हाटी समुदाय से जुड़े छात्र इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वे इन पदों के लिए बिना सर्टिफिकेट के फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इससे उनमें रोष बढ़ गया है। इस कार्यक्रम में मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, हाटी रिसर्च विंग के संयोजक काकू राम, कपिल कपूर, हाटी मुकेश ठाकुर, सुरेश सिंगटा, समीर ठुंडू अधिवक्ता श्याम सिंह, अनुज चौहान, पवन ठाकुर, कपिल सिंगटा, नरेंद्र शंनकवान, रोहन तोमर, नीरज तोमर, पीयूष मयंक कपूर, जयपाल सिंह प्रकाश राणा, राकेश सिंगटा, अजय, संदीप शर्मा, देवदत्त शर्मा, सुरेश सिंगटा काकू राम, प्रवीण चौहान, विक्की ठाकुर, रविंद्र सिंह, योगेंद्र ठाकुर, अभिषेक ठाकुर, सुरेंद्र संजय नेगी, हाटी सचिन तोमर, विशाल ठाकुर, शोभित आदि उपस्थित रहे।
कुमारसैन पुलिस ने एनएच-5 पर चुल्लू पानी में पति-पत्नी को चरस तस्करी के आरोप में दबोचा है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों से 22.70 ग्राम चरस भी बरामद की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को सैंज चौकी के एएसआई मनमोहन कालिया अपने दलबल सहित एनएच-5 पर चुल्लू पानी में ट्रैफिक चेकिंग पर थे। इस दौरान सैंज से रामपुर की तरफ आ रही एक ऑल्टो कार एचपी35-6902 में सामने की सीट पर बैठी महिला ने पुलिस को देख कुछ कार से बाहर फेंका, जिसको देख पुलिस हरकत में आई और बाहर फेंके गए सामान की तलाशी ली, जिसमें 20.70 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी महिला की पहचान 40 वर्षीय सुनीता देवी व उसका पति 53 वर्षीय रोशन लाल पुत्र भागू राम गांव धराली डाकघर कमांद तहसील आनी जिला कुल्लू के तौर पर हुई है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 व 29 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है।
-डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग ने प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए लांच किया कांटेस्ट प्रदेश के युवाओं में सूचना एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी के प्रति रुझान को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग ने नवोन्मेषी पहल की है। विभाग ने प्रदेश के निजी एवं सरकारी क्षेत्र के छठी कक्षा से लेकर महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के लिए राज्य स्तरीय 'डिजिटल-इग्निशन कांटेस्ट' लांच किया है। यह प्रतियोगिता प्रदेश में डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाने वाली अपनी तरह की अनूठी पहल है। सचिव, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि मुख्य सचिव, प्रबोध सक्सेना ने आज यहां यह कांटेस्ट लांच किया। उन्होंने कहा कि युवा सृजनात्मक विचारों से परिपूर्ण होते हैं। इस कांटेस्ट के माध्यम से युवाओं की सृजनशीलता को प्रदेश की उन्नति और विकास में सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि प्रौद्योगिकी के विकास से दुनिया भर में अनेक सकारात्मक बदलाव आये हैं। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग एक विकल्प से कहीं अधिक हो गया है। शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से विद्यार्थियों की क्षमता और दक्षता को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि यह कांटेस्ट 01 नवम्बर से 10 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। कांटेस्ट में भाग लेने के लिए छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को समृद्ध हिमाचल प्रदेश के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग' विषय पर एक पीपीटी तैयार करनी होगी। नवमीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 'शासन, डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग' विषय पर प्रश्नोत्तरी सत्र और महाविद्यालय स्तर (12वीं कक्षा से ऊपर) के विद्यार्थियों को 'शासन में कृत्रिम मेधा का उपयोग' विषय पर एक अवधारणा नोट (कांस्पेट नोट) तैयार करना होगा। उन्होंने बताया कि कांटेस्ट के विजेताओं को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बाल दिवस के अवसर पर पुरस्कृत करेंगे। हर वर्ग के प्रथम विजेता को पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, प्रथम उप-विजेता को 60 हजार रुपये और द्वितीय उप-विजेता को 40 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस कांटेस्ट में भाग लेने का आह्वान किया। इस कांटेस्ट में प्रतिभागिता के लिए इच्छुक छात्रों को पर अपनी प्रविष्टि दर्ज करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष संख्या 0177-2628914 पर प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक किसी भी कार्य दिवस पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के प्रो. वाइस चांसलर डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बायोसाइंसेज विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजेश जरयाल द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का शीर्षक पर्यावरण अंत:स्रावी विषाक्त पदार्थ हैजो किसीआरसी प्रेस, टेलर और फ्रांसिस, यूएसए द्वारा प्रकाशित की गई है। डॉ. जरयाल नेकिंग अब्दुल अजीज़ विश्वविद्यालय, सऊदी अरब और गुरु घासी दास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिकों क सहयोग से इस पुस्तक का संपादन किया है।
-कहा, चारों नगर निगम आपदा से प्रभावित, नहीं हो रहे विकास कार्य नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ढाई साल बीत जाने के बाद नियमानुसार मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होने है लेकिन राज्य सरकार चुनाव नहीं करवा रही है। जिसकी वजह से चार नगर निगमों के सारे विकास कार्य रुके हुए हैं। सभी नगर निगम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हैं और चुनाव न होने की वजह से एक भी काम उन क्षेत्रों में नहीं हो पा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सिफ़र् सरकार की नाकामी है। जिसके कारण लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालनपुर नगर निगमों में सरकार की नाकामी के कारण मेयर और डिप्टी मेयर के बिना चल रही हैं। विकास के जो भी काम प्रस्तावित हैं, वो पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं। मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव न करवा पाना प्रदेश सरकार की नाकामी है। नियमों के तहत इस पद को खाली नहीं रखा जा सकता। अब तो विधायकों के वोट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, फिर भी सरकार यह चुनाव नहीं करवा रही है। इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाबदेही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव न करवाकर सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को जारी ग्रांट इन एड से 76 करोड़ रुपए सरकार द्वारा वापस मांग लिया है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने ने कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए धन की आधी राशि वापस मांगना ग़लत है। सरकार द्वारा विकास के लिए जो पैसे भेजे गये थे, उस धनराशि से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। ऐसे में उस धनराशि को वापस मांगना हास्यास्पद है।
बल्क ड्रग पार्क से संबंधित सभी विकास परियोजनाओं में संबंधित विभागीय अधिकारी तीव्रता लाएं तथा निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित करें ताकि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को अति शीघ्र पूरा किया जा सके। यह निर्देश मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह ने जिला मुख्यालय ऊना में जिला के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान दिए। उन्होंने बल्क ड्रग पार्क के लिए निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों तथा विद्युत आपूर्ति के बारे में विशेष रूप से चर्चा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिला में बनने वाले लठियानी-मंदली पुल के अलावा शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित परियोजनाओं बारे भी विस्तृत चर्चा की गई। इससे पूर्व उन्होंने पेखुबेला में बनने वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थल का भी दौरा किया तथा एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों से परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं बारे विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त ऊना महेंद्र पाल गुर्जर, हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के निदेशक शिवम प्रताप सिंह व सहायक महाप्रबंधक विवेक वर्मा, एसडीम ऊना विश्व मोहन देव चौहान, एसडीम अंब विवेक महाजन, एसडीएम बंगाना मनोज कुमार के अलावा विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल सहगल, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार धीमान लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जीएस राणा सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्य में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से हर क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थिति से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए प्रदेश सरकार संचार के बेहतर वैकल्पिक साधन विकसित करने पर बल दे रही है। आपदा की स्थिति में जब फोन और इंटरनेट जैसी संचार सेवाएं ठप हो जाती हैं तो इससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक संचार के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में एमेच्योर रेडियो (हैम) को बढ़ावा देने को स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल के तहत राज्य के प्रत्येक उप मंडल में कम से कम एक हैम रेडियो स्वयंसेवक बनाने की परिकल्पना की गई है। ये स्वयंसेवक किसी भी आपदा या आपातकाल की स्थिति में राज्य स्तर पर स्थापित आपातकालीन संचालन केंद्र और सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों से जुड़कर वैकल्पिक संचार चैनल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसका प्रभावशाली कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया जाएगा और स्थापित मानदंडों के अनुसार एमेच्योर रेडियो के संचालन के लिए लाइसेंस भी दिए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार स्वयंसेवकों को आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। आवश्यक उपकरणों की 80 प्रतिशत लागत का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा तथा शेष 20 प्रतिशत लागत स्वयंसेवकों को वहन करनी होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों में नए हैम रेडियो क्लब स्थापित करने, मौजूदा हैम रेडियो क्लबों को मजबूत करने और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करने में भी मदद करेगी। प्रशिक्षित एमेच्योर रेडियो ऑपरेटरों के कौशल का उपयोग आवश्यकता और आपात स्थिति के समय सार्वजनिक सेवा के लिए किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि आपातकालीन संचार में एमेच्योर रेडियो का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि जब टैलीफोन, मोबाईल फोन सहित अन्य पारम्परिक संचार सेवाएं बाधित हो जाती हैं तो यह रेडियो स्टेशन सूचना सम्प्रेषण में उपयोगी हो सकते हैं। लम्बी दूरी तय कर सकने की इनकी क्षमता के कारण यह आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं तथा अमूल्य जीवन बचाया जा सकता है। संचार प्रणाली ठप्प होने की स्थिति में इसके माध्यम से आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जा सकती हैं जिससे आपदा के कारण होने वाली क्षति को भी कम किया जा सकता है। आपदा के दौरान स्रोत व्यक्ति, आपातकालीन प्रबंधन से जुड़े लोगों और आपदा प्रभावितों के बीच आपसी सम्पर्क बेहद अहम होता है। मुख्यमंत्री का कहना है कि बारिश और सर्दियों के मौसम के दौरान लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर जैसे जनजातीय जिलों सहित कई क्षेत्रों में संचार प्रणाली अक्सर ठप्प हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में, संचार के वैकल्पिक साधन के रूप में हैम रेडियो की भूमिका और भी बढ़ जाती है। इसलिए, राज्य सरकार ने भविष्य की चुनौतियों के दृष्टिगत आपातकालीन संचार के एक प्रमुख उपकरण के रूप में हैम रेडियो को बढ़ावा देने का निर्णायक कदम उठाया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एसएफआई इकाई ने आज परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया। इसमें पहली मांग लंबे समय से पीजी की परीक्षा हुए हैं, उनका रिजल्ट अभी तक नहीं आया है मुख्य रूप से इस में पीजी और बीएड के अंतिम स्मेस्टर के रिजल्ट को लेकर परीक्षा नियंत्रक को अवगत कराया गया। एसएफआई ने मांग रखी कि इन रिजल्टों को जल्द निकाला जाए, क्यूंकि हाल ही में पीजीटी की जो परीक्षा होनी है वे छात्र भी उसमें अपीयर हो सकें। साथ ही एसएफआई पिछले लंबे समय से मांग कर रही है विश्विद्यालय में जो ईआरपी सिस्टम काम कर रहा है उसमें जो खामियां हैं, उनको ठीक किया जाए। जब हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय में यह सिस्टम लाया गया था तो उस समय छात्रों को ये भरोसा दिलाया गया कि उनका रिजल्ट इस प्रणाली से जल्द से जल्द निकाला जाएगा, लेकिन आज के समय में छात्रों के लिए सबसे बड़ी समस्या ईआरपी सिस्टम बन चुका है। अगर छात्रों के इन मांगो का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में एसएफआई ईआरपी सिस्टम और विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी, जिसका जिम्मेवार विश्विद्यालय का प्रशासन होगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राज भवन में 'मेरी माटी मेरा देशÓ अभियान के तहत नेहरू युवा केंद्र तथा भारतीय तिब्बत सीमा बल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों तथा आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जननी व जन्मभूमि की महता स्वर्ग से भी बढ़कर है। भारत शूरवीरों की धरती है, जहां के हर प्रांत में स्वतंत्रता सेनानी व सेना के जवान हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर कार्यान्वित किए गए इस कार्यक्रम से व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच व देश प्रेम की भावना से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम नई युवा पीढ़ी में देश भक्ति व देश सेवा की भावना को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत आरम्भ किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 'मेरी माटी मेरा देशÓ अभियान गांवों व कस्बों के गुमनाम नायकों व शूरवीरों की स्मृतियों को संजोए रखने के लिए शुरू किया है। इस अभियान से स्वतंत्रता संग्राम में जान न्यौछावर करने वाले ऐसे अनेक शहीदों का योगदान सामने आया है जिनका नाम उनके गांव वालों ने भी भूला दिया था। देश भर में शहीदों के परिवारों को सम्मानित कर सम्बन्धित गांव में शहीदों के नाम शिलाफलकम पर लिखे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत युवा स्वयंसेवकों ने अपने गांव और शहीदों के घर से एक चुटकी मिट्टी व पौधे एकत्रित किए हैं। देश भर से मिट्टी केे 7500 कलशों में लाई गई मिट्टी से दिल्ली में अमृत वाटिका का निर्माण होगा। पौधों को शहीद वाटिका में लगाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा में शहीदों के बलिदान से अवगत करवाया जा सके। शुक्ल ने कहा कि देशहित सर्वोपरि है। समाज के प्रत्येक वर्ग का कर्त्तव्य है कि वह देश की रक्षा में तैनात सैनिकों का सम्मान करे। उन्होंने बर्फीले व कठिन क्षेत्रों में देश की सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवानों द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए उनका आभार प्रकट किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेश के सभी गांवों, शहरी निकायों तथा आईटीबीपी के जवानों द्वारा प्रदेश के विभिन्न 10 दर्रों से एकत्रित मिट्टी के कलशों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया। उन्होंने दिल्ली जाने वाले नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों को दिल्ली रवाना करते हुए कहा कि वे हिमाचल प्रदेश के गौरव को बनाये रखने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वे याद रखें कि उनका सम्बन्ध ऐसे प्रदेश से है जिसे मेजर सोमनाथ की शहादत पर देश के पहले परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को भारत को विकसित देश बनाने में अपनी सहभागिता दर्ज करवाने की शपथ भी दिलवाई। निदेशक नेहरू युवा केंद्र ईरा प्रभात ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा प्रदेश में नेहरू युवा केंद्र की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा दिया। कमांडैंट केंद्रीय सीमा सुरक्षा बल केदार रावत ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप, सचिव, शिक्षा राकेश कंवर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा तथा डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति राजेश्वर चंदेल भी उपस्थित थे।
करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड केस में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने हमीरपुर जिले में विभिन्न 21 ठिकानों पर दबिश दी है। एसआईटी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल समेत अन्य संपत्तियों की जांच की है। अधिकारी रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। पुलिस विभाग और वन विभाग में सेवारत कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से भी पूछताछ की है। भोलेभाले लोगों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर क्रिप्टो करेंसी में आरोपियों ने निवेश करवाया था। आरोपियों के पास आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां देखकर एसआईटी भी हैरान है।
-पूर्व सैनिकों को बुढ़ापा पेंशन के लिए 35 हजार रुपये की आय सीमा समाप्त -365 शौर्य पुरस्कार और उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार विजेताओं को 74 लाख रुपये वितरित हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी कहा जाता है। प्रदेश से हजारों युवा देश की सरहदों की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। वीर सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार ने युद्ध अथवा सैन्य ऑपरेशन के समय हुए शहीद या दिव्यांग सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि की दरों में सम्मानजनक वृद्धि की है। युद्ध या युद्ध जैसी परिस्थितियों में शहीद सैनिक, जिनमें सशस्त्र सेना व अर्द्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं, उन्हें पूर्व में प्रदत्त 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया गया है। इसी प्रकार बीमारी या किन्हीं अन्य कारणों से मृत्यु की स्थिति में सैनिक के आश्रितों को प्रदत्त अनुग्रह राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये किया गया है। 50 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले सैनिक जो इस कारण सेवानिवृत्त हुए हों, उन्हें दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.75 लाख रुपये किया गया है। 50 प्रतिशत से कम की दिव्यांगता वाले सैनिक जो इन्हीं कारणों से सेवानिवृत्त हुए हों, उन्हें पूर्व में प्रदत्त एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान अभी तक 22 लाभार्थियों को 2 करोड़ 22 लाख रुपये की अनुग्रह राशि वितरित की गई है। प्रदेश सरकार विभिन्न शौर्य पुरस्कारों से सम्मानित भूतपूर्व सैनिकों को उनकी बहादुरी के सम्मान में नकद पुरस्कार, वार्षिकी व भूमि की एवज़ में नकद राशि प्रदान करती है। शौर्य पुरस्कार और उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार विजेताओं को यह राशि प्रदान की जा रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक 365 लाभार्थियों को 73,93,975 रुपये की राशि वितरित की गई है। पूर्व सैनिकों के पुनरुत्थान व पुनर्वास के लिए भी विशेष निधि के तहत विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पूर्व सैनिकों एवं उनके बच्चों को विशेष निधि के अन्तर्गत विभिन्न छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं। इसके लिए वार्षिक आय की अधिकतम सीमा 7 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह छात्रवृत्तियां स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, बहुतकनीकी व कृषि विश्वविद्यालय, मेडिकल व इंजीनियरिंग तथा आयुर्वेद जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम सहित आईटीआई व अन्य ऐसे ही पाठ्यक्रमों के लिए प्रदान की जाती हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार में 15 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। पद के लिए पात्रता और योग्यता अनुसार पूर्व सैनिक उपलब्ध नहीं होने पर अधिसूचना के 2 वर्ष बाद ऐसे पदों का अप्राप्यता प्रमाण पत्र संबंधित विभाग को दिया जाता है। इसके उपरांत संबंधित विभाग द्वारा नियमावली के अनुसार इन पदों पर पूर्व सैनिकों के बच्चोंं की नियुक्ति की जाती है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष अभी तक 300 पूर्व सैनिकों अथवा उनके आश्रितों को नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा युद्ध विधवाओं की पुत्री की शादी के लिए 50 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता केवल दो पुत्रियों के लिए लागू है। ऐसे भूतपूर्व सैनिक जिन्हें किसी प्रकार की पेंशन नहीं मिलती तथा जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है, इस श्रेणी के भूतपूर्व सैनिकों अथवा उनकी विधवाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह तथा द्वितीय विश्व युद्ध के भूतपूर्व सैनिकों अथवा उनकी विधवाओं को क्रमश: 10000 व 5000 रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन बतौर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में अभी तक 1162 लाभार्थियों को एक करोड़ 48 लाख 34 हजार 969 रुपये के लाभ प्रदान किए गए हैं। वर्तमान सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 35 हजार रुपये की आय सीमा को भी 2 सितंबर, 2023 से समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि हमारे वीर सैनिक देश की सरहदों को सुरक्षित रखने में अपना सर्वस्व बलिदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। इसी कारण हम सभी स्वयं को सुरक्षित महसूस कर पाते हैं। प्रदेश सरकार इन वीर जवानों, पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का प्रावधान अपने प्रथम बजट में ही किया है।
-प्रदेश सचिवालय में भी गैर फॉर्मल कपड़े पहनने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई -प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने जारी किया सर्कुलर प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके अनुसार हिमाचल प्रदेश सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अगर जीन, टी-शर्ट या अन्य गैर फॉर्मल कपड़े पहनकर आए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉर्मल ड्रेस पहनकर ही जाना होगा। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी पहन कर ही कार्यालय में आना होगा। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। उसके बाद कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को दिशा-निर्देश तैयार कर जारी किए थे, जिसमें ड्रेस कोड के बारे में जानकारी दी थी। इसमें स्पष्ट किया था कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी उपयुक्त, औपचारिक, साफ और अच्छे दिखने वाले और सही रंग के कपड़े पहनकर ही सरकारी दफ्तर में आएंगे। वे उच्च न्यायालय या अन्य अदालतों में उपस्थित होते हुए भी फॉर्मल और सही तरीके के कपड़े पहनेंगे। इस सर्कुलर के अनुसार हालांकि यह ध्यान में आया है कि इन निर्देशों की ठीक से अनुपालना नहीं की जा रही है। यही नहीं, प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी सही कपड़ों में नहीं पहुंच रहे हैं। उनके लिए पहले से ही वर्दी तय है। अधिकारियों और कर्मचारियों के कपड़े पहनने का अंदाज कार्यालय की व्यावसायिकता, गंभीरता और अनुशासन की शैली को भी प्रदर्शित करता है। ऐसे में राज्य सचिवालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी इन निर्देशों की अनुपालना करें। अगर इस संबंध में किसी भी तरह की कोताही बरती जाती है तो ऐसे में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंडक्ट रूल्स में प्रावधान होने की भी बात की गई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में केवल वही वर्दी नहीं पहनेंगे, जिन्हें इससे पहले अनिवार्य नहीं किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुरने कुल्लू में पीटीआई की महिला पत्रकार के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक घटना है। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है। पत्रकार अपने समाचार संकलन के लिए स्वतंत्र हैं। ऐसे में एक महिला पत्रकार से किसी भी तरह का दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
-पंचायत समिति सदस्य प्रशिक्षण वर्ग में बोले पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष -कहा, केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाए कार्यकर्ता, कोई भी न रह जाए अछूता शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देश के लोकतंत्र में पंचायत की इकाई सबसे महत्वपूर्ण है। पंचायत स्तर पर कार्यकर्ता एक-एक व्यक्ति से जुड़े और लोगों को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं के बारे में बताए। हर लाभार्थी तक केंद्र की योजनाएं पहुंचे, यह भी सुनिश्चित करना कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे देश के हर वर्ग का समुचित विकास हो सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। सरकार बने एक साल होने को है और अब तक एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई है। प्रदेश में विकास के सारे कार्य ठप पड़े हैं। वह शिमला के ठियोग में पंचायत समिति सदस्य के प्रशिक्षण वर्ग में बोल रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी का आधार होते हैं। बीजेपी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी है। बीजेपी में सबसे ज़्यादा कार्यकर्ता हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली भारतीय जनता पार्टी में हर कार्यकर्ता को शीर्ष पर पहुंचने का अवसर मिलता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्ण समर्पण और अनुशासन के साथ जन-जन से जुड़कर पार्टी को मज़बूत करने के लिए काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर बूथ और हर पंचायत से बीजेपी को मज़बूत बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूत करना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में हर क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के आदर्शों के साथ भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए उर्वरकों की कमी न हो इसलिए प्रधानमंत्री ने उर्वरकों पर 22 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा की सब्सिडी दी है। इसके अलावा किसानों को 'किसान सम्मान निधिÓ, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, आयुष्मान, स्वच्छ भारत मिशन, जैसी दर्जनों जनहित की योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सरकार बन जाने के बाद एक भी वादे को पूरा नहीं किया। चुनाव के समय हर नेता कांग्रेस की दस गारंटियों की बात करते थे लेकिन सरकार बन जाने के बाद सभी नेता गारंटियों का नाम ही नहीं ले रहे हैं। वह भूल गए हैं कि इस तरह से काम नहीं चलेगा। प्रदेश के लोग लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के इस झूठ का जवाब देने के लिए तैयार है।
-17 आईटीआई में आधुनिक व प्रासंगिक व्यवसायों की 19 इकाइयां शुरू -विभिन्न औद्योगिक इकाईयों में 2069 प्रशिक्षणार्थियों को मिला रोजगार बदलते परिवेश के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव आया है। सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग से इस क्षेत्र से संबंधित नए पाठ्यक्रम शुरू करना समय की मांग है। वर्तमान प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि आधुनिक व भविष्योन्मुखी विषयों से संबंधित शिक्षा से युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी ऊर्जा का भी बेहतर दोहन किया जा सकता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मैक्ट्रोनिक्स, सौर टैक्निशियन तथा इलैक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक जैसे नए क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों में युवाओं को शिक्षित व प्रशिक्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य के 17 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक प्रासंगिक व्यवसायों की 19 इकाइयां शुरू की गई हैं। इनमें आईटीआई रैल, ऊना, पालमपुर, शाहपुर और नगरोटा बगवां में इंटरनेट ऑफ थिंग्स टैक्निशियन (स्मार्ट सिटी) विषय शुरू किया गया है। इसी प्रकार आईटीआई रैल, पंडोगा, नाहन, गरनोटा और प्रगतिनगर में मैकेनिक इलैक्ट्रिकल व्हीकल, आईटीआई घुमारवीं एवं अर्की में फाइबर टू होम टैक्निशियन, आईटीआई सुन्नी व शाहपुर में टैक्निशियन मैट्रोनिक्स, आईटीआई जुब्बल, सुन्दरनगर (पीडब्ल्यूडी), शमशी और बालकरूपी में सौर टैक्निशियन (इलैक्ट्रिकल) तथा आईटीआई नालागढ़ में मैंटेनेंस मैकेनिक (रसायनिक संयंत्र) की इकाइयां शुरू की गई हैं। प्रदेश सरकार हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए विद्युत चालित वाहनों के अधिकाधिक उपयोग तथा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इस तरह के नए पाठ्यक्रम शुरू होने से इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ व प्रशिक्षित मानव संसाधन प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगा। महाविद्यालय स्तर पर भी नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। राजकीय हाईड्रो इंजीनियरिंग महाविद्यालय बंदला में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस), राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रोहड़ू में कंप्यूटर इंजीनियंरिग एवं आइईओटी डिप्लोमा कोर्स तथा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान चम्बा में मैक्ट्रोनिक्स डिप्लोमा कोर्स शैक्षणिक सत्र 2023-24 से आरंभ कर दिए गए हैं। इनमें लगभग शत-प्रतिशत प्रवेश दर्ज हुआ है। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगतिनगर में इलैक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स इसी शैक्षणिक सत्र से आरंभ किया गया है। युवाओं के सर्वांगीण विकास के दृष्टिगत विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं भी सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ मिलकर उन्हें शैक्षणिक आदान-प्रदान का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों के 38 बच्चों तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों व बहुतकनीकी संस्थानों के 20 संकाय को आईआईटी मंडी में एक सप्ताह का रोबोटिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के 20 संकाय को सेमीकंडक्टर इको सिस्टम के लिए आईआईटी रोपड़ एवं दिल्ली भेजा गया है। राजकीय बहुतकनीकी एवं इंजीनियरिंग के 10 संकाय एवं 10 छात्र-छात्राओं को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना में पांच दिन के मशीन लर्निंग एवं एप्लीकेशन में आधुनिक विकास कोर्स के लिए भेजा गया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 44 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति किया गया है। पाठ्यक्रम पूरा होने के उपरांत युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों, फार्मेसी महाविद्यालयों, बहुतकनीकी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से लगभग 2069 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न औद्योगिक इकाईयों में रोजगार मेले, कैंपस साक्षात्कार व संयुक्त कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश के युवा ऊर्जा एवं उत्साह से भरपूर हैं और उन्हें भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रमों से जोड़ते हुए पारंगत करने की आवश्यकता है। इससे वे स्वयं तो रोजगार व स्वरोजगार प्राप्त कर ही सकते हैं, वहीं प्रदेश के तीव्र विकास में भी अपना उल्लेखनीय योगदान देने की लिए सक्षम बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री नई दिल्ली एम्स में भर्ती, स्वास्थ्य स्थिति बेहतर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में कुछ परीक्षणों के लिए शुक्रवार सुबह नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती करवाया गया है। विभाग के डॉक्टरों की टीम ने उनके परीक्षण शुरू कर दिए हैं। इस प्रक्रिया में लगभग दो से तीन दिन लग सकते हैं। मुख्यमंत्री की सेहत पहले से बेहतर है, चिंता की कोई बात नहीं है। वह डॉक्टरों की टीम की निगरानी में हैं। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की रिपोर्ट सामान्य हैं। मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य स्थिर है। उन्हें उचित आराम की जरूरत है, जिससे वह और तेजी से ठीक होंगे। आईजीएमसी शिमला के डॉक्टरों की सलाह पर मुख्यमंत्री को एम्स में भर्ती करवाया गया है।
प्रदेश में नियोजित एवं विनियमित विकास के दृष्टिगत राज्य सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सशक्त नेतृत्व में ठोस कदम उठा रही है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन के अंतर्गत नियमों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। साथ ही नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी का समावेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश के योजना क्षेत्रों के विनियमित विकास तथा लोगों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ कार्य करते हुए सरकार ने इस दिशा में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर (विकास नियंत्रण विनियम) क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। इससे योजना अनुमति के लिए प्रस्तुत नक्शों की कम्प्यूटरीकृत स्कैनिंग हो सकेगी। ऑटो डीसीआर एकमुश्त रिपोर्ट भी तैयार करेगा। आवेदक से संबंधित कमियों को जान सकेंगे और इनमें सुधार भी कर सकेंगे। इस वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर क्षमता के साथ विकसित करने का कार्य शीघ्र ही पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित गया है। इसमें पंजीकृत निजी पेशेवरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया, 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्डों पर आवासीय उपयोग के लिए विकास अनुमति देने का कार्य भी शामिल है। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में आवेदकों के आवागमन को सीमित करने के दृष्टिगत पंजीकृत निजी पेशेवरों के लिए अधिसूचित मानक संचालन प्रक्रिया जल्द ही विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में शामिल करने के पश्चात शुरू कर दी जाएगी। यह केवल 500 वर्गमीटर के भू-खण्डों के आवासीय उपयोग के लिए सभी अधिसूचित योजना व विशेष क्षेत्रों तथा शहरी स्थानीय निकायों में विकास की अनुमति के लिए मान्य होगी। प्रदेश में फोरलेन के आसपास नियोजित एवं विनियमित विकास के दृष्टिगत फोरलेन योजना क्षेत्र का गठन भी किया गया है। फोरलेन योजना क्षेत्र में परवाणू-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग, किरतपुर-मनाली, शिमला-मटौर तथा पठानकोट-मण्डी राजमार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अटल सुरंग के उत्तरी पोर्टल में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम-1977 के प्रावधान लागू किए गए हैं। इससे सुरंग के संचालन के कारण संभावित अनाधिकृत और अनियोजित विकास गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत पहुंचाने के दृष्टिगत एटिक के आवासीय उपयोग का भी प्रावधान किया है। इस संशोधन से भवनों के भीतर उपलब्ध स्थान में प्रभावी रूप से बढ़ोतरी होगी। साथ ही अतिरिक्त मंजिलें बनाने में लोगों को बड़े पैमाने पर लाभ भी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों पर भविष्य में भवनों की जल निकासी प्रणाली की जांच तथा इमारतों के संरचनात्मक डिजाइन के बारे में विभाग एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इससे बरसात के दौरान राज्य में भारी बारिश के कारण सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को होने वाले नुकसान को नियंत्रित एवं सीमित करने में सहायता मिल सकेगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आयोजित गरिमापूर्ण समारोह में डा. अंजू शर्मा को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उपस्थित थीं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया और मलेंद्र राजन, हिमाचल लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ठाकुर, लोकायुक्त न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बारोवालिया, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, हिमाचल लोक सेवा आयोग की सदस्य डा. रचना गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव बागवानी राकेश कंवर, निदेशक पर्यटन अमित कश्यप, हिमाचल लोक सेवा आयोग के सचिव डी.के. रतन, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने कार्यवाही का संचालन किया।
बाघीकी बेटी श्रुति रोहटा की एक और वेब सीरीज बहुत जल्दी बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली है। बॉलीवुड फिल्म धक धक में बॉलीवुड स्टार्स दिया मिर्ज़ा, फातिमा सना शेख और रत्ना पाठक शाह जैसे कलाकारों के साथ अभिनय कर चुकी है। बता दें कि श्रुति रोहटा बागी कोटखाई शिमला की रहने वाली है, वो पिछले 10 सालों से शिमला रंगमंच में बतौर अभिनेत्री सक्रिय है। हाल ही में रिलीज बॉलीवुड फिल्म धक धक में श्रुति एक पुलिस वाली का किरदार निभा रही है उनके अभिनय के लिए उन्हें बहुत सराहा जा रहा है। इससे पहले भी श्रुति वेब सीरीज और शार्ट फिल्म्स में काम कर चुकी है।
कांग्रेस पार्टी ने झूठ बोलकर प्रदेश में सरकार बनाई है और अब झूठ का ही सहारा लेकर आगे सरकार चलाना चाहती है। मुख्यमंत्री हर रोज़ नया झूठ बोलते हैं। ये ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सराज विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान सराज के थाची में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस सरकार की नींव ही झूठ का सहारा लेकर रखी गई हों वो ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। पूरे प्रदेश में जनता के बीच एक अविश्वास का वातावरण बना हुआ है। कांग्रेस ने माताओं-बहनों को ठगने का काम किया जो बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये देने की गारंटी दी थी लेकिन अभी तक इस गारंटी पर कोई भी काम नहीं किया गया। कहा था कि गांव का दूध सौ रुपए लीटर सरकार खरीदेगी क्या आपका दूध खरीदने आया कोई। कहा था दो रूपए के हिसाब के सरकार गोबर खरीदेगी क्या गोबर बिका क्या। कहा था किसान और बागवान ही फलों और सब्ज़ियों के दाम तय करेंगे क्या ऐसा हुआ क्या। हां, इतना जरूर है कि कांग्रेस सरकार हजारों करोड़ों का ऋण जरूर ले रही है लेकिन विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता में आते ही हमारे खोले संस्थानों को बंद करने का काम इस सरकार ने किया है। मेरे से पहले भी वीरभद्र सिंह जी और धूमल जी की सरकारें रहीं उन्होंने कभी एक दूसरे के संस्थान तो बंद नहीं किए। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मदद से आप आपदा में प्रभावितों को वित्तीय मदद कर पा रहे हैं। जो सरकार दे रही है वो एक-एक पाई केंद्र से मिल रही है। आपने सिर्फ झूठ बोलकर एक राहत पैकेज बनाकर ऐसे परोसा जैसे कि ये सब आपकी सरकार दे रही है जबकि हकीकत ये है कि करीब 11 हज़ार आवास बनाने के लिए पैसा केंद्र ने जारी किया है और 825 करोड़ रुपए आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने भेजे। इसके अलावा मुख्य सड़कों का रखरखाब और निर्माण के लिए पैसे केंद्र से ही मिल रहे हैं जबकि सुक्खू सरकार के पास सड़कों पर गिरा मलबा हटाने तक के लिए पैसा नहीं है। आज राष्ट्रीय उच्च मार्ग और फोरलेन तेज़ी से बहाल हो रहे हैं जिसमें सारा पैसा केंद्र से आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र से वित्तीय मदद हासिल हुई तो उसके बाद मुख्यमंत्री घोषणा करने लायक बने। उन्होंने वीरवार को सराज के सोमगाड़ पंचायत के जैहरा में कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा मंडलाध्यक्ष भागीरथ शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रोटरी क्लब शिमला ने अपने रोटरी शिमला चाइल्ड हार्टलाइन प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत 16 साल की उम्र तक सभी बच्चे जिनके पास किसी भी प्रकार की हृदय समस्या है और किसी भी सरकार की चिकित्सा योजना के तहत शामिल नहीं हैं, उनका रोटरी क्लब शिमला मुफ्त सर्जरी करवाएगा। यह आरटीएन अमित पाल सूद के राष्ट्रपति रोटरी क्लब शिमला द्वारा सूचित किया गया था। उन्होंने कहा कि आरटीएन डॉ सुधीर मेहता प्रोफेसर एंड हेड सीवीटीएस आईजीएमसी इस परियोजना के अध्यक्ष होंगे। प्रथम हृदय सर्जरी को आरटीएन डॉ. सुधीर मेहता और आईजीएमसी शिमला में सीटीवीएस में उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। किशोर साई नाम के एक लड़के के लिए सर्जरी की गई है, जो दिल में 23 मिमी छेद के साथ पता चला था। सर्जरी सफल रही और आज 25 अक्तूूबर को उन्हें आईजीएमसी शिमला से छुट्टी दी गई है ऑपरेशन का भुगतान लड़के के पिता को दिया गया था। इसके अलावा लड़के के लिए मेडिसन भी रोटरी शिमला द्वारा खरीदा गया है और लड़के के परिवार को दिया गया है। बता दें कि किसी भी प्रकार के बच्चे जो दिल की समस्या रखते हैं और वित्तीय बाधाओं के कारण इलाज नहीं कर पा रहे हैं तो रोटरी क्लब शिमला को सूचित कर सकते हैं, जो इलाज के लिए अपने स्तर का सर्वोत्तम प्रयास करेंगे।
अब हाटी विकास मंच ने की जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून को लागू न करने पर जताया रोष 3 महीने बीतने को आए हैं, लेकिन हिमाचल में हाटी समुदाय से जुड़े संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून का राज्य सरकार क्रियान्वयन नहीं कर रही है। अब हाटी समुदाय के लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है। उनमें भारी रोष पनप रहा है। इसी संबंध में हाटियों के हितों की हर फ्रंट से आवाज उठाने वाले संगठन हाटी विकास मंच ने प्रदीप सिंगटा और डॉक्टर रमेश सिंगटा की अगुवाई में शिमला में जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को पूरे मामले के सभी पहलुओं से अवगत करवाया। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि जैसे ही केंद्र सरकार से मांगी गई सूचना की फाइल राज्य में पहुंचेगी संशोधित एसटी कानून को लागू कर दिया जाएगा। फाइल शिमला पहुंचते ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। हाटी विकास मंच ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मुद्दे को अटकाने, लटकाने और भटकाने से काम नहीं चलेगा। अगर बेवजह और देरी की तो लोग विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरेंगे। उस हालात के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। मंत्री ने कहा कि अगर जल्द जनजातीय मामलों के मंत्रालय से स्पष्टीकरण नहीं आया तो वह रिमाइंडर भेजेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर केंद्रीय मंत्रालय से सूचना मांगी गई है। उन्होंने माना कि सूचना आने में देरी हुई है। मंच ने मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें कहा गया है कि कानून बनते ही उन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्य सचिव, प्रधान सचिव जनजातीय विकास, सहित कई अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाया था। इसी मुद्दे पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से भी मुलाकात की गई थी। प्रतिनिधि मंडल में प्रदीप सिंगटा, डॉक्टर रमेश सिंगटा, मदन तोमर, सुरेश सिंगटा, खजान ठाकुर, हाटी मुकेश ठाकुर, लाल सिंह शंकवान, कर्म सिंह ठाकुर, प्रदीप चौहान अंजवाल, नितेश पंवार, शोभित सिंगटा, अनिल ठाकुर, अमन आदि शामिल रहे। मुलाकात का दौर खत्म अब आंदोलन की तैयारी हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार से मुलाकातों का दौर अब समाप्त हो गया है। इसके बाद आंदोलन की तैयारी की जाएगी। मंच ने राज्य सरकार से फिर आग्रह किया है कि केंद्रीय कानून को बेवजह न लटकाए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विनम्रता को ना समझी जाए कमजोरी मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि हाटी समुदाय के लोगों की विनम्रता को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा कि कानून लागू न होने से छात्रों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसटी सर्टिफिकेट न मिलने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
कहा, सत्ता हथियाने के लिए लिया झूठ का सहारा, अब मुझे ही करते हैं रोज याद सत्ता हथियाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने हमेशा झूठ का सहारा लिया है। हिमाचल में भी इस बार कांग्रेस ने झूठी गारंटियां दी और सरकार बनते ही विकास करने के बजाय बदले की भावना से काम किया और 10 महीनों में ही हजारों कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इस निक्कमी सरकार ने मात्र 10 महीने में ही 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण ले लिया, लेकिन एक भी विकास कार्य नहीं किया। ये आरोप सरकाघाट के बलद्वाड़ा में लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर पलटवार किया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू को सोते जागते मेरी ही याद आ रही है। सार्वजनिक मंच से बात कहते हुए उन्हें शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और शालीनता से अपनी बात रखनी चाहिए। मेरे से सवाल पूछने के बजाय पहले मुख्यमंत्री सुक्खू यह बताएं कि मंडी की जनता के लिए उन्होंने इन 11 महीनों में किया ही क्या है। सुक्खू को शायद पहले मालूम नहीं है कि सोमवार को जिस पड्डल मैदान में उन्होंने राहत वितरण कार्यक्रम किया उन्होंने कहा कि जहां से मुख्यमंत्री खड़े होकर कह रहे थे उसके बगल में प्रदेश का दूसरा विश्वविद्यालय भाजपा ने स्थापित किया था। यहीं पर 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वल्लभ महाविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य शुरु किया था। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर जिस हेलीपोर्ट पर उतरा था, वह अब भाजपा ने बनाया था। हेलीपोर्ट से कुछ दूरी पर डेढ़ सौ करोड़ की लागत से शिवधाम का काम भाजपा सरकार के समय शुरु हुआ था। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने की साजिश रची जा रही है। वल्लभ महाविद्यालय व शिवधाम का काम बंद करवाना सुक्खू सरकार की बड़ी उपलब्धि रही है। सुक्खू यह कह कर रहे हैं कि जयराम ने मंडी के लिए कुछ नहीं किया,अगर कुछ नहीं किया होता तो मंडी की जनता विधानसभा चुनाव में 10 से नौ सीटें नहीं देती। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि यह सुक्खू की किस्मत है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी थोड़े से वोटों के अंतर से जीत गई और वह मुख्यमंत्री बन गए। मगर यह दौर ज्यादा लंबा चलने वाला नहीं हैं। आने वाला समय कठिन होगा। बेहतर होगा कि सुक्खू व्यक्तिगत छींटाकशी कर आरोप लगाने के बजाय प्रदेश के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करें। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री धर्मपुर पहुंचे और यहां पूर्व मंत्री एवम भाजपा नेता महेंद्र सिंह ठाकुर के नव गृह प्रवेश कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान पूर्व मंत्री राजिंदर गर्ग, भाजपा के विधायक राकेश जंबाल, दलीप ठाकुर, दीप राज़, इंद्र सिंह गांधी, पूर्ण चंद ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पुनर्वास योजना के तहत भारी बारिश एवं भूस्खलन से आई आपदा से प्रभावित जिला बिलासपुर के 1162 परिवारों को 8.97 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि वितरित की। उन्होंने जिला बिलासपुर में आपदा के दौरान जिन 94 प्रभावित परिवारों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पहली किश्त के रूप में 3-3 लाख रुपये प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर सदर विकास खंड के अंतर्गत 404 परिवारों को 3.93 करोड़, घुमारवीं विकास खंड के अंतर्गत 532 आपदा प्रभावित परिवारों को 4.55 करोड़ रुपये, झंडूता विकास खंड के तहत 198 आपदा प्रभावित परिवारों को 1.21 करोड़ रुपये तथा स्वारघाट विकास खंड के अंतर्गत 28 आपदा प्रभावित परिवारों को 19.10 लाख रुपये जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर जिला के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। यहां के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए गोविंद सागर झील में जल क्रीड़ाओं से संबंधित गतिविधियां शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लिए 100 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का शिलान्यास जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल के अधिकारों को वापस दिलाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बीबीएमबी की बिजली परियोजनाओं में हिमाचल को 12 प्रतिशत रॉयल्टी दिलाने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंनें कहा कि भाखड़ा बांध विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। इस अवसर पर सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के 20 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। इससे पहले उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और जिला बिलासपुर में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अंजना धीमान, कांग्रेस नेता विवेक कुमार नगर परिषद अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप सहित, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव-2023 के दौरान आयोजित की जाएगी प्रतियोगिता राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव में मिस-किन्नौर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त एवं अध्यक्ष मेला समिति किन्नौर तोरूल रवीश ने दी। उन्होंने बताया कि मिस-किन्नौर प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागी की उम्र 15 से 25 साल तक होनी चाहिए। प्रतिभागी की ऊंचाई 5 फीट 5 इंच व प्रतिभागी बोनेफाईड हिमाचली होनी चाहिए। इसके अलावा प्रतिभागी अविवाहित होनी चाहिए। यह प्रतियोगिता नि:शुल्क रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित की गई है। प्रतिभागी को आवेदन प्राचार्य ठाकुर सेन नेगी महाविद्यालय रिकांगपिओ के कार्यालय में आकर जमा करवाना होगा। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से आवेदन दिया जा सकता है, इसके लिए प्रतिभागी negijanak@gmail.com ई-मेल के माध्यम से आवेदन दे सकता है। इसके अलावा किसी भी जानकारी के लिए 70189-03118 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
हिमाचल युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदोपति ठाकुर को मध्य प्रदेश चुनाव में अहम जिम्मेदारी मिली है। यदोपति को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी संजय दत ने राष्ट्रीय महासचिव व मध्य प्रदेश के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की स्वीकृति से जिला झावूआ का प्रभारी नियुक्त किया है। गौरतलब है कि यदोपति ठाकुर इससे पहले हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब सहित कई राज्यों में चुनाव प्रचार का काम कर चुके हैं। यदोपती ठाकुर हिमाचल से एक मात्र युवा हैं जिन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने यह जिम्मेवारी सौंपी है। यदोपति ठाकुर पिछले 18 वर्षों से विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह कर कांग्रेस पार्टी के लिए कार्य कर रहें है। वहीं, यदोपति ठाकुर ने अपनी नियुक्ति के लिये राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला व राष्ट्रीय सचिव संजय दत सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।
उत्सव में कुल्लू जिला के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 300 देवी-देवता ले रहे भाग राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज कुल्लू के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने भगवान श्री रघुनाथ जी की रथयात्रा में भी भाग लिया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित थीं। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य की असत्य पर जीत का परिचायक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति बहुत समृद्ध व अद्वितीय है, जिसकी विश्वभर में अलग पहचान है। प्रदेश में वर्ष भर आयोजित होने वाले मेले और त्यौहार यहां के लोगों की समृद्ध परम्पराओं और धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रदेश के लोगों ने यहां की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाज़ तथा परंपराओं को संजोकर रखा है, जिसके लिए यहां के लोग प्रशंसा के पात्र हैं। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि की पवित्रता नशे के कारण धूमिल हो रही है। नशा घर-घर तक पहुंच रहा है। देवभूमि हिमाचल में नशे का कोई स्थान नहीं है। प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने के लिए हमें नशे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, जिसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा। इसके उपरांत, राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों व अन्य गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया और स्टालों पर जाकर विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया। इस उत्सव में जिला कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 300 देवी-देवता भाग ले रहे हंै। इससे पहले, राज्यपाल ने कुल्लू के प्रसिद्ध लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा-2023 का शुभारंभ भी किया। इससे पहले, राज्यपाल का भुंतर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय करोल, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, सांसद प्रतिभा सिंह, विधायक रवि ठाकुर, भुवनेश्वर गौड़, सुरेंद्र शौरी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा तथा जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज दशहरे के शुभ अवसर पर श्री हनुमान मंदिर जाखू में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर भी उपस्थित थीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन भी किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, नगर निगम शिमला के पार्षदगण, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित कई उपस्थित थे।
जयराम ठाकुर ने सभी प्रदेश वासियों को दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों को विजय दशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजय दशमी यह त्यौहार हर प्रकार की बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हमें बताती है बुराई हमेशा पराजित होती है और अच्छाई हमेशा जीतती है। उन्होंने विजय दशमी के शुभ अवसर पर प्रदेश वासियों के सुख, समृद्धि और प्रसन्नता की प्रार्थना की।
ग्रीनबेरी संस्था ने दोनों विजेता टीमों को 31-31 हजार रुपये देकर किया सम्मानित ठियोग के नेहरू मैदान में महिलाओं के लिए विभिन्न तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें ग्रीनबेरी आरकेजी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेल्फेययर फाउंडेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान राजेश गुप्ता ने महिलाओं के लिए रस्सा कस्सी व लोक नृत्य जैसी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए समस्त आयोजनकर्ताओं को सराहना की। रस्सा कस्सी में 14 टीमों ने हिस्सा लिया। इसमें कलिंडा मतियाना टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। इस दौरान कलिंडा मतियाना टीम को ग्रीनबेरी संस्था ने 31000 रुपये देकर सम्मानित किया। वहीं दूसरे स्थान पर रही शिव शक्ति मतियाना टीम को 15000 रुपये देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा लोक नृत्य प्रस्तुति प्रतियोगिता में 10 टीमों ने हिस्सा लिया और प्रथम पुरस्कार जीतने वाली शिव शक्ति मतियाना टीम को 31000 रुपये देकर सम्मानित किया गया। वहीं दूसरे स्थान पर रही मलेनडी की टीम को 15000 रुपये देकर नवाजा गया। राजेश गुप्ता ने बताया कि उनकी संस्था लगातार प्रयासरत है कि महिलाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहें। इस मौके पर संस्था के संस्थापक ने बीपीएल परिवार में जन्मी बेटी के माता-पिता को ग्रीनबेरी संस्था द्वारा करवाई गई एलआईसी भी सौंपी।
सीएम ने सुन्नी में 174 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को जिला शिमला के सुन्नी में तीन दिवसीय जिला स्तरीय दशहरा उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने दशहरा के उपलक्ष्य पर आए देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए सुक्खू ने सुन्नी अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तर तक करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी और इसे आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा। उन्होंने भविष्य में सुन्नी में एसडीएम कार्यालय खोलने तथा मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मिनी सचिवालय का शिलान्यास भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शोघी में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का उपमंडल खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए अगले बजट में प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लिए 174 करोड़ रुपये की 18 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। उन्होंने जलोग में 4.69 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशक्षिण संस्थान भवन, सुन्नी में 3.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गृह रक्षा भवन और सुन्नी में 88 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय कोषागार भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 5.42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कढारघाट से पलग सेरीकाडी सड़क, 4.29 करोड़ रुपये की लागत से मंढोड़घाट से जमोग वाया भरगन सड़क, 5.14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली शमलोह-मंढोड़घाट-अणु सड़क, 11.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली शाननघाटी दाड़गी-सोहल-काटल सड़क, 12.60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली जलोग-गढेड़ी सड़क, 7.84 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बघार से जगेहड़ी सड़क, 10.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली खेल का चौरा से बागी सड़क, 12.22 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली रूरगा-गवाही-रंगोल सड़क तथा 6.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली शड़ी से सनौला सड़क की आधारशिला रखी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बसंतपुर में 50.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बहुतकनीकी संस्थान, 25.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सुन्नी जलापूर्ति योजना के विस्तार कार्य, 2.66 करोड़ रुपये की लागत से कोलडैम से शकरोरी, बसंतपुर, पाहल, न्योट उठाऊ सिंचाई योजना चरण-1 तथा इसी योजना के 4.14 करोड़ रुपये की लागत से चरण-2 के संवर्द्धन कार्य की आधारशिला रखी। उन्होंने 3.72 करोड़ रुपये की लागत निर्मित होने वाली उठाऊ सिंचाई योजना घैनी के विस्तार कार्य तथा 2.04 करोड़ रुपये की लागत से सनौला और नौटी खड्ड के मध्य बनी विभिन्न पुरानी कुहलों के सुधार कार्य की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिशन मोड पर पुनर्वास के कार्य में जुटी है तथा आपदा के तीन माह के भीतर प्रभावितों को आर्थिक मदद दी जा रही है। कुल्लू तथा मंडी जिला के प्रभावित परिवारों को घर बनाने के लिए 3-3 लाख रुपए की पहली किश्त दी जा चुकी है और राज्य सरकार हर प्रभावित को राहत प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए के क्लेम केंद्र सरकार को भेजे हैं तथा यह धनराशि प्रदेश को शीघ्र जारी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और उन्होंने स्वयं ग्राउंड जीरो पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी की, जिसके चलते राहत कार्यों में तेजी आई। कुल्लू में रिकॉर्ड 48 घंटों में बिजली, पानी, मोबाइल, सड़क सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। इसके विपरीत भाजपा नेता राजनीतिक रोटियां सेंकने में व्यस्त रहे और त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने व विशेष राहत पैकेज की मांग पर जब विधानसभा में प्रस्ताव आया, तो भाजपा ने राज्य की जनता का साथ नहीं दिया। इस दौरान स्थानीय निवासी दिनेश चौहान ने आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को 51 हजार का चेक भेंट किया। इस अवसर पर शिमला ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कांग्रेस नेता शामा देवी, प्रकाश कमल, प्रदीप वर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, उपायुक्त आदित्य नेगी सहित कई उपस्थित रहे। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर दे रहे ध्यान सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य में अव्यवस्था को बढ़ावा दिया। बिना अध्यापकों व आधारभूत संरचना के 900 स्कूल और बिना चिकित्सकों के स्वास्थ्य संस्थान खोले गए। वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर ध्यान दे रही है। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राजीव गांधी राजकीय डे बोर्डिंग स्कूल खोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नीतियों में सुधार ला रही है, जिसका असर आने वाले दो-तीन वर्षों में दिखेगा। उन्होंने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश आने वाले दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनकर उभरेगा। 40 वर्ष पहले सुन्नी में एक भाषण प्रतियोगिता में लिया था भाग मुख्यमंत्री ने कहा कि सुन्नी के लोगों के साथ उनका पुराना रिश्ता है। 40 वर्ष पूर्व वह सुन्नी में एक भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की। भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का कर्ज: विक्रमादित्य लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। आपदा के दौरान प्रदेश में 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 3000 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का पैकेज दिया। उन्होंने दशहरा के पावन अवसर पर कामना की कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद से प्रदेश में शांति और समृद्ध आएगी। विक्रमादित्य सिंह ने विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सोमवार को धर्मशाला में भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने भेंट की। इस दौरान दोनों के मध्य क्रिकेट को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विराट कोहली को न्यूजीलैंड के खिलाफ धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में निर्णायक पारी खेलने के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्व कप में भारतीय टीम के विजय अभियान जारी रखने पर प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय टीम बेहतरीन फॉर्म में है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया इस बार विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदार है। हर भारतीय की भी कामना है कि भारतीय टीम एक बार फिर विश्व कप जीते। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, सह प्रभारी तेजिंद्र बिटटू, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा और विधायक सुधीर शर्मा भी उपस्थित थे।


















































