अनुराग ठाकुर का जीवन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत : डॉ. सुकृत सागर आज पूरे प्रदेशभर में खासकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का जन्मदिवस भाजपा कार्यकर्ता धूमधाम से मना रहे हैं। इसी कड़ी में देहरा विधानसभा में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. सुकृत सागर के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, इसमें 56 लोगों ने रक्तदान किया। इस मौके पर डॉ सुकृत सागर ने कहा कि सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का जीवन मेरे जैसे असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि अनुराग साधना व तपस्या की तरह जीवन निर्वाहन कर दिनरात जनकल्याण में लगे हुए हैं। उनके कधों पर देश-प्रदेश की लाखों उम्मीदों का बोझ है। सुकृत ने कहा कि हम सभी ने अनुराग ठाकुर की लंबी आयु, स्वस्थ्य जीवन की कामना करते हुए इस रक्तदान शिविर का आयोजन किया है तथा रक्तदान किया है। इसमें भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि व भजपा मंडलाध्यक्ष निर्मल सिंह, पूर्व जिला महामंत्री अभिषेक पाधा व अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष कमलनयन डोगरा ने विशेष अतिथि के रुप में शिरकत की। इस मौके पर व्यापार मंडल हरिपुर के अध्यक्ष अतुल महाजन, संदीप शर्मा, योगेश रैना, विजेंदर गुलेरिया, हरपाल सिंह, डॉ अरविंद शर्मा, अंकुश वशिष्ठ, प्रवीन कुमार पिंका, सुदर्शन सिंह, कर्नेल सिंह, गुरवचन सिंह, रमेश, देसराज शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है तथा अनछुए पर्यटक स्थलों को सड़क सुविधा के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि पर्यटकों को आवाजाही की बेहतर सुविधा मिल सके। धर्मशाला के इंद्रूनाग टउ-चोला में 7.13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मैकलोडगंज-भागसूनाग-टउ चोला मार्ग के कार्य तथा 6.12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले हीरू दसालन-टमरू चोला मार्ग के कार्य का भूमि पूजन करने के उपरांत उन्होंने कहा कि इन मार्गों के निर्मित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल को आलौकिक सौंदर्य से नवाज़ा है और हिमाचल की मनभावन वादियां देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करती हैं। कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कारगर कदम उठा रही है। इस दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर, बनखंडी में जूलॉजिकल पार्क, नगरोटा बगवां में ओल्ड एज वेलनेस रिजॉर्ट एवं हाई एंड फाउंटेन, नरघोटा में प्रस्तावित टूरिज्म विलेज, आइस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स मैदान, धर्मशाला में धौलाधार बायोडायवर्सिटी पार्क, पालमपुर के मैंझा में वैडिंग रिजॉर्ट, हेलीपोर्ट निर्माण जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य शीघ्र शुरु किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वन क्षेत्रों में 11 ईकोे-पर्यटन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें कांगड़ा जिला के पालमपुर वन मंडल में स्वार, सौरभ वन विहार, न्यूगल पार्क तथा बीड़-बिलिंग शामिल हैं। प्रत्येक ईकोे-पर्यटन स्थल एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। आउटसोर्सिंग के माध्यम से विकसित व संचालित किए जाने वाले इन स्थलों के लिए आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि ईकोे-पर्यटन को प्रोत्साहित करने से राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और राजस्व में भी इजाफा होगा तथा प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे पहले लांयस क्लब तथा रोटरी क्लब धर्मशाला की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में एक-एक लाख का चेक भी भेंट किए। इस अवसर पर विधायक सुधीर शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकर सुनील शर्मा, राज्य कृषि सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजय चौहान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम में निदेशक पुनीत मल्ली, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री और अन्य लोग उपस्थित थे।
-चुनाव न करवाकर कांग्रेस नगर निगम में रहने वाले लोगों को कर रही है परेशान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ बढ़ती जा रही है। प्रदेश में नगर निगमों के मेयर और डिप्टी मेयर का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन सरकार चुनाव नहीं करवा रही है।जिसके कारण बहुत से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आपदा राहत और पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्यक्रमों में बहुत देरी हो रही है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वार नगर निगमों, नगर पंचायतों को जारी किए गए धन की आधि राशि वापस मांगने पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह बचकानी हरकत है। जो पैसे भेजे गये थे, उन पैसों से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। कुछ काम पूर्ण होने की कगार पर हैं ऐसे में वह धनराशि वापस कहां से आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आए दिन कोई न कोई ऐसा काम करती है जो सिफ़र् अपरिपक्वता से भरा हुआ और हास्यास्पद लगता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाब देही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी मनमानी बंद कर दे और तानाशाही वाली मानसिकता से बाहर आए। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की 4 नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव को सरकार जानबूझकर लटका रही है। प्रदेश सरकार ने सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के अढ़ाई वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने की अधिसूचना 12 अक्तूबर को ही जारी की थी। जिससे सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। बस सरकार जानबूझकर इस चुनाव को टाल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार जल्दी से जल्दी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को संपन्न करवाए। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यस्था में वह झूठ बोलकर, झूठे वादे करके आई है लेकिन लोकतंत्र में तानाशाही चलाने की कोशिशें बहुत भारी पड़ेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को 50 फीसदी ग्रांट इन एड सरकार द्वारा वापस मांग ली है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार के निर्देश पर निदेशक शहरी विकास विभाग ने नगर निगम के आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व नगर पंचायतों के सचिवों को पत्र लिखकर ग्रांट वापस करने के निर्देश दिए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग द्वारा जुलाई माह में सभी शहरी निकायों को करीब 153.64 करोड़ रुपए की ग्रांट इन एड जारी की थी। अब इसमें से 76.82 करोड रुपए सरकार वापस मांग रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी की बात है कि इस पैसों से निर्धारित परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है ऐसे में नगर निगम और स्थानीय निकाय यह पैसे कहां से वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के बचकाने कामों से बचना चाहिए।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में इस सरकार की पहली कॉलेज कांफ्रेंस राज्य सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को हुई। इसमें राज्य के सभी डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल मौजूद थे। कांफ्रेंस को सीपीएस एजुकेशन आशीष बुटेल और शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने भी संबोधित किया। इस कांफ्रेंस में सभी कालेज प्रिंसिपलों को शिक्षा की गुणवत्ता, रैंकिंग और प्लेसमेंट पर ध्यान देने को कहा गया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी कालेज प्रिंसिपलों से कहा कि उनके काम और परफॉर्मेंस के आधार पर अब कॉलेज की इंटरनल रैंकिंग भी होगी। यानी नैक ग्रेडिंग के अलावा एकेडमिक परफॉर्मेंस पर हिमाचल सरकार भी कॉलेज की रैंकिंग करेगी। राज्य में संजौली कॉलेज की तरह और कालेज ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा में जो बदलाव बताए गए हैं, उन पर कालेजों को जल्दी कदम उठाने के लिए कहा गया। इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य डिग्री कॉलेज में करियर काउंसलिंग पर फोकस करना और प्लेसमेंट सेल को एक्टिवेट करना भी था। कांफ्रेंस में संजौली और हमीरपुर डिग्री कालेज ने नैक रैंकिंग को लेकर प्रेजेंटेशन दी। कई अन्य डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपलों ने उन्हें पेश आ रही समस्याओं की जानकारी भी कांफ्रेंस में रखी। इस बैठक के दौरान रूसा स्कीम और मुख्यमंत्री ऋण योजना इत्यादि पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गौरतलब है कि इससे पिछले दिन शिक्षा सचिव रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा विभाग और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के शिक्षा उपनिदेशकों तथा जिला प्लानिंग अफसर के साथ शिक्षा सचिव की बैठक बुलाई थी। इसमें शिक्षा मंत्री ने ऑनलाइन संबोधन किया था। इसके बाद फिर कॉलेज प्रिंसिपल कांफ्रेंस शनिवार को की गई।
हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने सफेदा, पॉपलर, बांस की लकड़ी के साथ-साथ कुठ (औषधीय पौधे) को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगी रोक को हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए आज यहां कहा कि अब राज्य के लोग इन चार प्रजाति की लकड़ी को बिना परमिट के प्रदेश से बाहर ले जा सकते हैं। साथ ही इन प्रजाति की लकड़ी की ढुलाई राज्य के भीतर भी बिना अनुमति के हो पाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बहुत से किसान इन प्रजाति के पेड़ों को व्यवसायिक स्तर पर उगाते हैं, ऐसे में उनके हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने इन चार प्रजातियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने खैर की लकड़ी, कत्था, देवदार के तेल सहित प्रदेश में उगने वाली अन्य जड़ी-बूटियों को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है। हालांकि इन वन उत्पादों को प्रदेश से बाहर ले जाने के लिए वन विभाग से परमिट लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग से विभिन्न प्रकार के ई-परमिट प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश में नेशनल ट्रान्ज़िट पास सिस्टम शुरू करने जा रही है। यह सिस्टम शुरू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का छठा राज्य होगा, जिसके शुरू होने से जहां लोगों को ई-परमिट प्राप्त करने में सुविधा होगी, वहीं विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को देश के आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को और बेहतर तरीके से चलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की आवश्यकता है। यह बात आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कोर्ट की 34वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। विश्वविद्यालय कोर्ट की बैठक में शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों के रिक्त पदों की भर्ती व अन्य विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि यह बैठक वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की समस्याओं व आवश्यकताओं पर शीघ्र चर्चा कर शिक्षण संस्थान व छात्रों के समग्र विकास एवं सुधार बारे कार्यवाही अमल में लाई जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के सक्षम व अनुभवी सदस्यों के सहयोग से विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में उल्लेखनीय सुधार तथा विकास सुनिश्चित होगा। शुक्ल ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला को ए-ग्रेड प्रदान करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि सभी के योगदान व प्रयास से यह सफलता प्राप्त हुई है, लेकिन अभी बहुत परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को देश के विख्यात शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए सभी के अथक प्रयास व सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में अकादमिक और अनुसंधान के स्तर को ऊंचा उठाया जाना चाहिए। शिक्षण संस्थानों में सेवारत अध्यापक वर्ग का कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को मात्र उपाधि धारक बना देने से अपना दायित्व पूरा न समझें बल्कि युवाओं में सामयिक चुनौतियों से निपटने के लिए साहस और क्षमता विकसित करना भी प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी अकादमिक और अनुसंधान गतिविधियों को इस प्रकार संचालित करना होगा ताकि आज का विद्यार्थी भविष्य में बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से निपटने में समर्थ हो सके। श्री शुक्ल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक व धार्मिक पर्यटक स्थलों के रूप में विख्यात है, लेकिन इस वर्ष अत्यधिक बारिश से आई आपदा से हुई जान-माल की क्षति ने प्रदेशवासियों को भविष्य में पर्यावरण के प्रति सचेत रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी, प्रदूषण व असुरक्षित पर्यावरण जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति सभी वर्गों को समय रहते कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर हमीरपुर जिला के भोरंज से विधायक सुरेश कुमार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया। बैठक की कार्यवाही के आरम्भ में प्रदेश में आई आपदा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व प्रदेश के विभिन्न स्थानों में जान गंवाने वाले नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुलपति आचार्य सतप्रकाश बंसल ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की वर्ष 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। बैठक में विधायक सुरेश कुमार तथा हरीश जनारथा, जेपी विश्वविद्यालय व डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति, सचिव राज्यपाल राजेश शर्मा, विशेष सचिव शिक्षा पंकज राय, हि.प्र. विश्वविद्यालय कार्यकारिणी के सदस्य गीताराम के अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कोर्ट के अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित थे।
हिमाचल के यूट्यूबर और युवा एंकर द्रागटा अब बॉलीवुड में नजर आ रहे हैं। पवन द्रागटा, जो द्रागटा जी के नाम से सोशल मीडिया पर मशहूर हैं, हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म यारियां-2 में नजर आए। मूलत: कोटखाई से संबंध रखने वाले द्रगटा ने 2017 में अपने यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी, उसी के साथ उन्होंने एंकरिंग में भी अपना हाथ आजमाया और अंतरराष्ट्रीय शिमला समर फेस्टिवल और अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला के साथ बहुत से अन्य समारोहों में अपनी एंकरिंग का जादू बिखेर चुके हैं। इस फिल्म के रोल के लिए भी उन्हें उनकी एंकरिंग के लिए चयनित किया गया था और फिल्म में भी वो अपना जलवा बिखेरते हुए दिख रहे हैं। 25 साल के द्रगटा ने बताया कि वो लोगों को एंटरटेन करना बहुत पसंद करते हैं और स्टेज पर प्रयास करते हैं कि सदा लोगों को अपनी संस्कृति के प्रति इनोवेटिव तरह से जागरूक करें। उन्होंने कहा कि घरवालों का आशीर्वाद और लोगों के प्यार ने ही उन्हें यहां तक पहुंचाया है और आगे भी वो अपनी एंकरिंग और वीडियो से लोगों को एंटरटेन करते रहेंगे।
हिमाचल की राजधानी शिमला के टूटीकंडी में रविवार सुबह एक पुराने मकान में आग लग गई। गनीमत रही कि जब मकान में आग लगी तो उसमें कोई मौजूद नहीं था। मकान में किराये पर रह रहा परिवार छुट्टियों में घर गया था। वहीं, आग लगने की सूचना मिलने पर माल रोड, बालूगंज फायर स्टेशन से बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों की मदद से अग्निशमन विभाग के जवानों ने करीब नौ बजे तक आग पर काबू पा लिया। घटना में चार कमरे और उसमें रखा सामान जल कर राख हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
हिमाचल सरकार ने सी और डी श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों पर लगाई रोक हटा दी है। यह रोक 21 से लेकर 31 अक्तूबर की अवधि के लिए हटाई गई है। 1 नवंबर से तबादलों पर फिर से प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में कार्मिक विभाग की ओर से शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब संबंधित विभाग के मंत्री की मंजूरी से इन कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे। इस अवधि के दौरान सामान्य तबादले होंगे। हालांकि, ऐसा करते समय सरकार की ओर से जारी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। इन शर्तों के अनुसार तबादलों के आदेश सख्ती से समय-समय पर संशोधित व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के अनुसार किए जाएंगे। तबादला आदेश जारी करते समय किसी अधिकारी के सामान्य कार्यकाल(तीन वर्ष) पूरा होने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक स्टेशन पर कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारी का तबादला किया जा सकता है। विभागाध्यक्षों को यह भी ध्यान रखना होगा कि किसी एक कैडर के तीन फीसदी से अधिक कर्मचारियों के तबादले न हों। संबंधित विभाग के मंत्रियों की मंजूरी से तबादला आदेश जारी होंगे। शार्ट स्टे वाले कर्मचारियों के तबादले करने के लिए प्रभारी मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री से मंजूरी लेना अनिवार्य रहेगा। सरकार ने मुकदमेबाजी से बचने के लिए कर्मचारियों के स्थानांतरण का आदेश निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से करने के आदेश दिए है। सी और डी श्रेणी कर्मचारी सीधे अपने विभागाध्यक्षों के पास स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इस अवधि के दौरान प्राकृतिक आपदा के चलते चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्यों में जुटे कर्मचारियों का तबादला न किया जाए। कार्मिक विभाग की ओर से इन निर्देशों को सभी के ध्यान में लाने व इनकी सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है।
-पंचायती राज मंत्री बोले, प्रदेश की स्थिति सुधरने पर पूरी करेंगे मांगें -टर्मिनेशन लेटर भी लिए जाएंगे वापस जिला परिषद कैडर अधिकारी व कर्मचारियों की २२ दिनों से चली आ रही हड़ताल आज समाप्त हो गई। सोमवार से सभी कर्मचारियों व अधिकारियों ने कार्य पर लौटने का फैसला लिया है। शनिवार को जिला परिषद कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिला और लगभग एक घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन पर हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। पंचायती राज मंत्री ने कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, पंचायती राज मंत्री ने कहा कि आज जिला परिषद कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और बैठक की गई, जिसमें उन्हें विश्वास दिलवाया गया है कि उनकी मांगें सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि इनकी हड़ताल के चलते आपदा के समय कार्य में रुकावट आ रही थी। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को कर्मचारियों व अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक रखी गयी है, जिसमें इनकी सभी मांगों पर मंथन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों को बर्खास्तगी पत्र जारी किए गए थे, सोमवार को काम पर लौटने पर उनके टर्मिनेशन लेटर भी वापस ले लिए जाएंगे।
-बोले, एक अच्छा वकील एक अच्छा राजनेता भी हो सकता है -कानून के विद्यार्थियों को दिया सफलता का मूलमंत्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि उनकी पहचान एक राजनेता कम व अधिवक्ता के रूप में ज्यादा है। आज वह जिस भी मुकाम पर पहुंचे हैं, उसके पीछे कानूनी पेशे की अहम भूमिका है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विधि विभाग की फ्रैशर पार्टी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि आज भी जब उन्हें कोई व्यक्ति मिलता है तो वह अपना परिचय राजनेता के रूप में नहीं बल्कि वकील के रूप में देते हैं। कुलदीप राठौर ने कहा कि उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायलय व सर्वोच्च न्यायलय में वकालत की है। एक दशक तक वह भारत सरकार में वरिष्ठ अधिवक्ता रहे। आज भी वह रेलवे के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान तभी बन पाई जब उन्होंने कानून की पढ़ाई की। कानून के छात्रों को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा कि राजनीति कभी पेशा नहीं होना चाहिए। मैंने भी अपने जीवन में राजनीति को कभी पेशा नहीं समझा। मेरा पेशा शुरू से वकालत का रहा है। उन्होंने कहा कि यह बात वे आज भी पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि जो अच्छा वकील होता है वह एक अच्छा राजनेता भी बन सकता है। कानूनी पेशे से आए लोग नेताओं की तरह घूमा फिराकर बात नहीं करते। मैं सपष्ट बात करता हुं। सेवा व विकास कार्यों के लिए हमारी सोच साफ होनी चाहिए। उन्हेांने कहा कि जिन छात्रों का यह अंतिम समेस्टर है उनके पास कई तरह की ऑप्शन हैं। वे कानून की पढ़ाई कर सकते हैं, प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं, परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस भी छात्र ने कानून की पढ़ाई की होती है उसमें आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं होती। उसे कानून की जानकारी होती है। वकील की खासियत यह है कि उसकी दोस्ती चाय वाले से लेकर राष्ट्रपति से भी हो सकती है। यदि वह राजनीति में आ जाए तो उसे यह पता होता है कि ब्यूरोक्रेसी को कैसे डील करना है, कैसे क्षेत्र के मुद्दे विधानसभा में रखने है। उन्होंने सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी व कहा कि वह आत्म विश्वास व लक्ष्य लेकर आगे बढ़े। वे गांव के स्कूल से पढ़कर आए। लक्ष्य वकील बनना था, कानून की पढ़ाई की और वकील बन गए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी का मूल मंत्र दिया था कि कड़ी मेहनत दृढ निश्चय व पक्का इरादा लेकर चले सफलता मिलेगी। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे भी इसी मूल मंत्र को अपनाकर आगे बढ़ें। इससे पहले कॉलेज के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लॉ विभाग के सभी शिक्षक भी मौजूद रहें।
-देश के हर गांव से मिट्टी एकत्रित करके दिल्ली में बनेगी अमृत वाटिका मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत मंडी के संस्कृति सदन में आयोजित जिला स्तरीय युवा महोत्सव में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश जोड़ने के लिए ये अभियान चला है। देश की जड़ों को और मजबूत करना, संस्कृति को जिंदा रखना और आने वाली पीढ़ी को हमारे वीरों की गाथाओं से जोड़ने के लिए हमें हमेशा प्रयासरत रहना होगा। युवाओं में देशभक्ति का जज़्बा पैदा करने की दृष्टि से ये कार्यक्रम बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे केंद्रीय सूचना प्रसारण एवम युवा सेवाएं मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार जताया कि आपके नेतृत्व में ये कार्यक्रम देशभर में सफल हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आप सबका सहयोग देश को जोड़ने के लिए अपेक्षित है। आज जरूरत है कि देश सुरक्षित रहे, देश आगे बढ़े, देशभक्ति का भाव बना रहे, इसलिए इस संकल्प को हमें आगे बढ़ाना है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश भर के छ: लाख गांव से आज अमृत कलश में गांव-गांव की मिट्टी दिल्ली पहुंच रही है। देवभूमि हिमाचल से भी मेरी माटी मेरा देश, माटी का नमन वीरों को वंदन कार्यक्रम बहुत जोश और उत्साह के साथ चला और आज मुझे खुशी है कि यहां की मिट्टी भी दिल्ली में बनने वाली अमृत वाटिका के लिए जा रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आप प्रधानमंत्री जी के पंच प्रण विकसित भारत बनाना, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना, देश की समृद्ध विरासत को संजोने, एकता और एकजुता बनाए रखना और अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए हमेशा तत्पर रहें। इससे पूर्व उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का मंडी सर्किट हाउस पहुंचने पर विधायक अनिल शर्मा, राकेश जंबाल, विनोद कुमार, इंद्र सिंह गांधी, प्रकाश राणा, पूर्ण चंद ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पायल वैद्य, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, नगर निगम पार्षदों के साथ स्वागत किया।
-विक्रमादित्य ने कहा, स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे सीएम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल और लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गत देर सांय सोलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत दंघील के जखेड़ गांव में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय महिला कबड्डी टीम की खिलाड़ी ज्योति ठाकुर के सम्मान समारोह में शिरकत की। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी ज्योति ठाकुर और उनके परिजनों को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ज्योति ठाकुर नेे कठिन परिश्रम और एकाग्र मन से अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ज्योति ठाकुर की मेहनत के फलस्वरूप आज पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए ताकि संतुलित मन और स्वस्थ शरीर बना रहे। श्रम एवं रोज़गार मंत्री ने कहा कि शिक्षित युवाओं की बेरोज़गारी प्रदेश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में रोज़गार की सम्भवनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार गम्भीर है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक पर्यटन में भी रोज़गार की अपार सम्भावनाएं हैं, जिसपर प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा भारी वर्षा के प्रभावितों के लिए राहत पैकेज दिया गया है। राहत पैकेज के तहत भारी वर्षा के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 07 लाख रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। उन्होंने संबन्धित अधिकारियों को जखेड़ गांव में वर्षा शालिका के निर्माण कार्य का आकलन करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी ज्योति ठाकुर को बधाई देते हुए कहा कि ज्योति ठाकुर ने देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शीघ्र ही एशियाई खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली कबड्डी टीम के खिलाड़ियों को भव्य समारोह में सम्मानित करेंगे। खेल मंत्री ने कहा कि कबड्डी खिलाड़ी ज्योति ठाकुर को इस उपलब्धि के लिए सरकार द्वारा 15 लाख रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को और अधिक रोज़गार के अवसर मिलें, इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को 03 प्रतिशत से बढ़ाकर 05 प्रतिशत करने के बारे में विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण ऑलम्पियाड करवाए जाएंगे ताकि युवाओं को खेल के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। विक्रमादित्य सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जखेड़ सम्पर्क मार्ग को पक्का करने के निर्देश दिए। डॉ. शांडिल और विक्रमादित्य सिंह इससे पूर्व ग्राम पंचायत सैंज के कशाउला गंाव से ग्राम पचंायत झाझा के चौड़ा गांव तक बनने वाले पुल स्थल का निरीक्षण भी किया। लोक निर्माण मंत्री ने पुल निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण से पर्यटक स्थल चायल तक जाने का सफर लगभग 15 किलोमीटर तक कम हो जाएगा वहीं ग्रामीणों को भी आवागमन में सुगमता होगी व कृषि उत्पादों को मंडी तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
-कहा, प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की शुरुआत कुल्लू जिला से की और प्रभावितों को विशेष राहत पैकेज के लाभ प्रदान किए। कुल्लू के रथ मैदान से मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर जिला कुल्लू में मकान बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में 9.72 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से जारी की। यह मुआवजा राशि जिला में आपदा के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों के मालिकों को उनके पुनर्वास के लिए प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत जुलाई माह में कुल्लू से उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की शुरुआत की थी और आज यहीं से राहत राशि बांटने की योजना का भी शुभांरभ किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संसाधन सीमित हैं, लेकिन वर्तमान सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हमारी सरकार आम आदमी और गरीब की सरकार है तथा उनके दु:ख-दर्द को बेहतर ढंग से जानती है। इसीलिए 75 हजार करोड़ का कर्ज और सरकारी कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां होने के बावजूद राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। जिसके तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा कच्चे मकान के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजे को 25 गुणा बढ़ाते हुए 4000 रुपये से एक लाख रुपये तथा पक्के घर को आंशिक क्षति होने पर मुआवजे को साढ़े 15 गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि दुकान तथा ढाबा के क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजे को 25 हजार रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। गौशाला को हुए नुकसान की भरपाई की राशि 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई है। प्रदेश सरकार किराएदारों के सामान के नुकसान पर 2500 रुपये की मुआवजा राशि में 20 गुणा बढ़ोतरी कर 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। दुधारू तथा भार उठाने वाले पशुओं की मृत्यु पर 55 हजार रुपये जबकि बकरी, सुअर, भेड़ तथा मेमने की मुआवजा राशि 6000 रुपये प्रति पशु की दर से प्रदान की जाएगी। कृषि तथा बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली मुआवजा राशि को 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 500 रुपये प्रति बीघा को आठ गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में ऐसी आपदा कभी नहीं आई और प्रदेश के लोगों ने पूरी मजबूती के साथ इसका सामना किया है। प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। लगभग 16 हजार घरों को नुकसान पहुंचा जिनमें से 13 हजार घर पूरी तरह से तबाह हो गए। सीएम ने कहा कि जब भी केंद्र से विशेष राहत पैकेज की धनराशि मिलेगी, वह स्वयं केंद्र सरकार का धन्यवाद करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 12000 करोड़ रुपये के दावे भेजे हैं, अब कम से कम वही धनराशि हिमाचल को दी जाए, ताकि राज्य सरकार प्रभावितों की और मदद कर सके। सीएम सुक्खू ने कहा कि जिला लाहौल-स्पिति के चंद्रताल में फंसे लगभग 300 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। अपनी जान की परवाह न करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने माइनस चार डिग्री तापमान और छह फीट बर्फबारी के बीच इस मुश्किल मिशन को पूरा किया। उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, कर्मचारियों और हर वर्ग के सहयोग से आपदा राहत कोष में 230 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि जमा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 15 देशों के सांस्कृतिक दल शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक है। इस बार कुल्लू दशहरे का स्वरूप और भव्य होगा, जिसके लिए मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर और विधायक भुवनेश्वर गौड़ दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जुमलेबाजी में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास रखते हैं तथा जो कहते हैं, वो करते हैं।
-मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शिमला के समीप भराड़ी स्थित शहीद स्मारक पर शहीद पुलिस कर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए व्यापक नीति बनाकर एक योजना बनाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान नि:स्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर राष्ट्र की सेवा करते हैं। पुलिस कर्मी देश सेवा का अथक भाव रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष मानसून में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस कर्मियों ने महत्त्वपूर्ण कार्य किया और जानमाल व सम्पत्ति की सुरक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस विभाग को उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी से लैस कर रही है तथा विभाग में सार्थक दृष्टिकोण के साथ महत्त्वपूर्ण बदलाव किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा सेवन से जुड़े अपराधों पर लगाम लगाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह के अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों की सम्पत्ति पर भी अंकुश लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के शहीद हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजनों को सम्मानित किया। इनमें दिवंगत आईपीएस अधिकारी साजू राम राणा, उप-निरीक्षक राकेश गौरा, सहायक उप-निरीक्षक विनोद कुमार, मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार, आरक्षी कमलजीत, आरक्षी सचिन राणा, आरक्षी अभिषेक सिंह और आरक्षी लक्ष्य मौंगरा के परिजनों को सम्मानित किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने पुलिस स्मृति दिवस के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्तूबर को मनाया जाता है। इस दिन देशभर में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धाजंलि अर्पित की जाती है। इस अवसर पर राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक सुरेश कुमार, पूर्व पुलिस महानिदेशक आरआर वर्मा, सेवानिवृत पुलिस अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-2.5 लाख आईडी के जरिए 1 लाख लोगों ने क्रिप्टो में लगाए पैसे -मामले में 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, 5 करोड़ की जल्द की जाएगी पंकज सिंगटा/शिमला। हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित क्रिप्टो फ्रॉड मामले में रोज़ाना नए खुलासे हो रहे हैं। इस फ्रॉड में कुल 2300 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है और 400 करोड़ की देनदारियां बाकी हंै। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर 2.5 लाख आईडी के जरिए करीब 1 लाख लोगों ने क्रिप्टो पर निवेश किया है। क्रिप्टो फ्रॉड की जांच के लिए डीआईजी नॉर्थन रेंज अभिषेक दुलर की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है, एसआईटी रोजाना नए तथ्य सामने ला रही है। हर वर्ष की भांति आयोजित स्मृति दिवस के कार्यक्रम के उपरांत डीजीपी संजय कुंडू ने मीडिया से रूबरू होते हुए जानकारी दी कि 21 अक्टूबर को हर वर्ष स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है और पिछले 1 वर्ष में शहीद हुए सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। डीजीपी ने क्रिप्टो फ्रॉड से जुड़ी जानकारी भी साझा की और बताया कि क्रिप्टो फ्रॉड में 1 लाख लोगों ने 2.5 लाख आईडी के जरिए 2300 करोड़ की ट्रांजेक्शन की है, जिसमें अभी 400 करोड़ की देनदारियां बाकी हंै। बीती रात पुलिस ने मामले से जुड़ी 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की है और जल्द ही 5 करोड़ की अन्य संपत्ति भी फ्रीज की जाएगी। डीजीपी ने बताया कि अभी तक एसआईटी द्वारा 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्ध लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। दोनों गिरफ्तार अभियुक्त कस्टडी में है और उनसे पूछताछ की जा रही है। एसआईटी द्वारा लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है। निवेशकों और निवेश करवाने वाले को डीजीपी की दो टूक निवेश करने वाले लोगों को लेकर डीजीपी ने कहा कि इस तरह की फर्जी स्कीमों में निवेश नहीं करना चाहिए। केंद्र सरकार की 2019 की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी संस्था जो बैंक या इससे संबंधित संस्थान नहीं है, वे डिपॉजिट नहीं ले सकता, ऐसा करना गैर कानूनी है। उन्होंने फर्जी स्कीम में निवेश करवाने वाले लोगों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते संभल जाए अन्यथा सख्त कार्यवाही के लिए तैयार रहे। मालखाने से 33 किलो चरस गायब होने पर क्या कहा... बीते दिनों पुलिस मालखाने से 33 किलो ग्राम चरस गायब होने का मामला सामने आया था। इसे लेकर उच्च न्यायालय की ओर से जांच के आदेश जारी किए गए थे। इस विषय पर डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने इस मामले में जांच बिठा दी है और जल्द ही मामले की तह तक पहुंचा जाएगा।
-गोवा में 26 अक्तूबर को पीएम करेंगे शुभारंभ, 9 नवंबर तक होगा आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अक्तूबर को गोवा में 37वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करेंगे। 9 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस खेल प्रतियोगिता के 18 इवेंट्स में हिमाचल प्रदेश के 176 खिलाड़ी व अधिकारी भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने का नियम यह है कि केवल वहीं टीम/राज्य टीमें भाग लेने के लिए पात्र हैं, जो राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शीर्ष आठ रैंकिंग में हैं। रमेश चौहान सचिव एचपी जूडो एसोसिएशन शेफ डी मिशन के रूप में दल का नेतृत्व करेंगे और अनुराग वर्मा जिला खेल अधिकारी युवा सेवाएं और खेल निदेशालय, कुलदीप राणा अध्यक्ष एचपी कुश्ती एसोसिएशन डिप्टी शेफ डी मिशन के रूप में दल का नेतृत्व करेंगे। विनोद कुमार और संतोष कुमार दल के साथ सहायक अधिकारी जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश भंडारी के अनुसार 18 सदस्यीय नेट बाल टीम पहले ही गोवा के लिए रवाना हो चुकी है क्योंकि उनका कार्यक्रम 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। अन्य खिलाड़ी खेलों के अपने कार्यक्रम के अनुसार गोवा के लिए रवाना होंगे।
-हिमुडा के निदेशक मंडल ने एकमुश्त निपटान नीति को दी मंजूरी -मुख्यमंत्री बोले, सतत् एवं समावेशी शहरी विकास की दृष्टि से आगे बढ़े हिमुडा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार देर सायं यहां हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) के निदेशक मंडल की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने जनता में अपनी उपस्थिति और सेवा बढ़ाने के दृष्टिगत हिमुडा को नवीनतम निर्माण तकनीकों को अपनाने और सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकों का लाभ उठाने के लिए कहा। उन्होंने रिकॉर्ड-कीपिंग को सुव्यवस्थित करने और भौतिक दस्तावेजीकरण पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मैनेजमेंट बुक्स (ई-एमबी) को अपनाने के निर्देश दिये। सरकार के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार ई-टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। बोर्ड ने हिमुडा को शिमला में भीड़भाड़ को कम करने के दृष्टिगत शिमला के निकट जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के पास नये शहर 'माउंटेन सिटी' की स्थापना के लिए भूमि अधिगृहित करने को स्वीकृति प्रदान की। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1373 करोड़ रुपए है। परियोजना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा और उन्नत भूकंप रोधी तकनीक का उपयोग करते हुए सुदृढ़ बुनियादी ढांचे के साथ एक अत्याधुनिक शहर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने हिमुडा को सतत् एवं समावेशी शहरी विकास की दृष्टि से आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने फ्लैट के आकार में सुधार करने और इसे उपयोगकर्ता के और अधिक अनुकूल बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने हिमुडा की सभी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमुडा को प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से कार्य कर अपनी परियोजनाओं में नवीन पहल करनी चाहिए। उन्होंने हिमुडा के अधिकारियों को कर्मचारियों के लिए एक्सपोजर विजिट आयोजित करने तथा क्षमता निर्माण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जो भविष्य में राज्य में आवास और शहरी विकास को आकार प्रदान करेंगे। हिमुडा ने राज्य के आवंटनकर्ताओं के प्रति उदार रवैया अपनाया है जिन्हें बकाया भुगतान के संबंध में विवादों का सामना करना पड़ रहा है। निदेशक मंडल ने एकमुश्त निपटान (ओटीएस) नीति को मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत लोगों को लंबित भुगतान बकाया को काफी कम दर पर निपटाने का अवसर प्राप्त होगा। इससे न केवल जनता का वित्तीय बोझ कम होगा, अपितु हिमुडा को समुचित संसाधन भी उपलब्ध होंगे, जिन्हें जनता की भलाई के लिए भविष्य की गतिविधियों में पुनर्निवेशित किया जाएगा। बोर्ड ने हिमुडा को एकमुश्त निपटान नीति (वन टाईम सेटलमेंट पॉलिसी) के तहत भवनों की एटीक को भी नियमित करने का प्रावधान करने के निर्देश दिए। बोर्ड ने निर्देश दिए कि एटीक को लेकर प्रदेश सरकार ने जो निर्णय लिया है उसके अनुरूप हिमुडा भी अपनी नीति बनाए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त, आवास, शहरी विकास एवं नगर नियोजन देवेश कुमार, लोक निर्माण विभाग तथा और जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव डॉ. आरके प्रुथी ने बैठक में भाग लिया।
-मामले में 4 नवंबर को होगी अगली सुनवाई प्रदेश हाईकोर्ट ने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने यह आदेश उप मुख्यमंत्री की ओर से दायर उस आवेदन पर दिए, जिसमें उन्होंने अपनी नियुक्ति को कानूनी तौर पर सही ठहराया है। यह आवेदन उप मुख्यमंत्री सहित अन्य सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका में दायर किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने याचिका से अपना नाम हटाने की गुहार लगाई है। इस आवेदन पर पिछली सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रार्थी ने आवेदन दायर कर अदालत के समक्ष दलील दी थी कि उनकी नियुक्ति कानूनी तौर पर सही है। ऐसे में उनका नाम याचिका से हटा दिया जाए। उधर, अदालत ने कहा कि उप मुख्यमंत्री भी उपरोक्त रिकॉर्ड अथवा अन्य जरूरी रिकॉर्ड कोर्ट के समक्ष रखने के लिए स्वतंत्र हैं। मामले पर सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के माल रोड स्थित मुख्यालय में बैंक की महत्त्वाकांक्षी नई योजना 'सपनों का संचयÓ-डिपोजिट लिंक्ड ऋण योजना का शुभारंभ किया। यह एक बहु-आयामी योजना है जिसके तहत 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग के युवा विशेषकर स्कूली बच्चे बचत खाता खुलवाकर बैंक से जुड़ सकते हैं। प्रतिवर्ष जो भी राशि उनके बचत खाते में जमा होगी, वह एक साल बाद फिक्सड डिपॉजिट में बदल जाएगी। यह क्रम 18 वर्ष की आयु तक चलता रहेगा। प्रार्थी बालिग होने पर अपनी उच्च शिक्षा व व्यवसाय इत्यादि शुरू करने के लिए अपनी कुल जमा राशि के 5 गुणा तक का ऋण लेने के लिए पात्र होगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक द्वारा चलाई जा रही सशक्त महिला ऋण योजना भी काफी लोकप्रिय हुई है। इसके तहत लगभग 4000 लाभार्थियों को लगभग 8.50 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए हैं। बैंक ने 25 नई शाखायें खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लाईसेंस प्राप्त किये हैं। इसके उपरांत बैंक के आउटलेट की संख्या बढ़कर 262 हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों का सहकारी बैंक पर विश्वास निरंतर बढ़ा है, जिसके फलस्वरूप ग्राहकों की संख्या 16 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। बैंक ने 24 हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जिसमें से 14997 करोड़ रुपये की जमा पूंजी तथा 9139 करोड़ रुपये के ऋण वितरण हैं। मुख्यमंत्री ने बैंक से लोगों को साइबर अपराध व धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम ने बैंक की ओर से मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 4 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। बैंक की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए देवेन्द्र श्याम ने कहा कि बैंक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, विधायक हरीश जनारथा, महापौर नगर निगम शिमला सुरेन्द्र चौहान, बैंक के निदेशक गण, प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा, नाबार्ड के महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास न करें पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर जुबानी हमला बोल दिया। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जयराम ठाकुर से पूछा कि केंद्र सरकार ने आपदा के समय हिमाचल को कितना पैकेज दिया? इसकी डिटेल जनता के समक्ष रखें। नरेश चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में केंद्र सरकार ने कौन-कौन से पैसे दिए। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने आपदा के समय सिर्फ राजनीति की। अब अगले साल लोकसभा चुनाव है तो जयराम ठाकुर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। नरेश चौहान ने कहा कि आपदा के समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ग्राउंड जीरो पर उतरकर काम किया। ऐसे में प्रभावित लोगों के बीच भी विश्वास पैदा होता है। मुख्यमंत्री प्रभावितों के बीच जाते हैं, तो लोगों की हिम्मत बढ़ती है। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार ने पूरा मोर्चा संभाला। आपदा में भी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर गलत बयानबाजी करते रहे। बीजेपी नेताओं को साथ चलकर केंद्र सरकार से मदद मांगनी चाहिए। नरेश चौहान ने कहा कि बीजेपी की प्राथमिकता भले ही साल 2024 का लोकसभा चुनाव हो सकता है, लेकिन कांग्रेस की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने 4500 करोड़ का राहत पैकेज जारी किया तो उससे भी भाजपा नेताओं को तकलीफ हो रही है। हमारी सरकार ने राहत मैनूअल में संशोधन किया, जिसका लाभ प्रभावितों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि जितने भी प्रभावित बेघर हो गए हैं, उन्हें आशियाना बनाकर दें। जिनके पशु मरे हैं उन्हें भी आर्थिक सहायता दी गई। कल से आपदा राहत पैकेज होगा जारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 अक्तूबर से हिमाचल के प्रभाविता क्षेत्रों का दौरा कर राहत पैकेज जारी करेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीएम सुक्खू 21 अक्तूबर को कुल्लू और 23 अक्तूबर को मंडी से राहत पैकेज जारी करेंगे। इसी तरह से आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में इस बार भारी बरसात एवं प्राकृतिक आपदा से 1 हजार 957 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि 9 हजार 344 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है। इसके अलावा 293 दुकानें और 4 हजार 72 पशु घर भी तबाह हो गए हैं। बरसात के दौरान 113 भूस्खलन और 58 फ्लैश फ्लड की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। प्रदेश में अब तक 330 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 38 लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में लापता हैं। प्रदेश भर में घायलों का आंकड़ा भी 322 तक जा पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल एवं प्रति कुलपति आचार्य राजेंद्र वर्मा ने आज शैक्षणिक विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागाध्यक्षों, छात्रों आदि से मुलाकात की। कुलपति एवं प्रति कुलपति ने यह निरीक्षण आज विश्वविद्यालय के सभी विभागों में किया। इस मौके पर कुलपति एवं प्रति कुलपति ने विभिन्न विभागों में जाकर हर एक शैक्षणिक कक्षों का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने छात्रों से उनके विषयों को लेकर चर्चा की। इसके उपरांत उन्होंने छात्रों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं को सुना और मौके पर समस्याओं का निपटारा किया। इस दौरान कुलपति एवं प्रति कुलपति ने विभागों में विभागाध्यक्षों व् प्राध्यापको से उनके विभाग के बारे में जानकारी ली इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों को अकादमिक रूपरेखा और अकादमिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिष्ठाता अध्ययन मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
-कहा, देश बनाने में अपना योगदान देने वालों को याद करना, सम्मान देना हमारा धर्म पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान बालीचौकी में 'मेरी माटी-मेरा देशÓ कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। यहां उन्होंने जहां सैनिक परिवारों को सम्मानित किया, वहीं कई दिनों से हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों से मिलकर उनकी बात सुनीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय में जिस चीज का समर्थन किया आज उसका विरोध कैसे कर सकती है। 'मेरी माटी-मेरा देशÓ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आदमी का स्वभाव है कि हम जब किसी काम में लग जाते हैं तो अपने अतीत को भूल जाते हैं। एक लक्ष्य को तो हम हासिल करलेते हैं, लेकिन हमने शुरुआत कहां से की थी उसको भुला देते हैं। किन परिस्थितियों में हमारे बुजुर्गों ने अपनी जवानी देश की खातिर कुर्बान की और कैसे कैसे जुल्म उन्होंने देश को आज़ादी दिलाने के लिए सहे होंगे ये हमें भूलना नहीं चाहिए। जब भी अवसर मिले उनके योगदान और समर्पण को हमें सदैव स्मरण करते रहना चाहिए। ये आज की आवश्यकता है। जयराम ठाकुर ने कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा ये प्रयास रहता है कि वे ऐसे अवसर तलाशते रहते हैं जहां देश के लिए अपना जीवन और कुर्बानी देने वालों को याद किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस की दशकों तक सरकारें रही लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल का जो योगदान देश को जोड़ने और बनाने में रहा उस हिसाब से उन्हें वो सम्मान कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकार नहीं दिला सकी लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने तो उन्होंने गुजरात की धरती में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर उन्हें वो सम्मान दिलाया। ये वही लौह पुरुष थे जिन्होंने देश की छोटी बड़ी 562 रियासतों को मिलाकर महान भारत बनाया। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जब इस काम के लिए देशभर से लोहा एकत्र करने का अभियान चला तो मुझे इसका राज्य संयोजक बनाया गया था। पूरे हिमाचल के गांव गांव से लोगों ने घर घर से लोहा इस काम के लिए दिया। ये पूरे भारत को जोड़ने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही कर सकते थे। आज बहुत सारी ताकतें देश और समाज को तोड़ने में लगी है। हमारी एकता और अखंडता को क्षीण करने में लगी हुई है लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि जब तक हमारे पास नरेंद्र भाई मोदी जैसा नेतृत्व है कोई ऐसा दु:साहस नहीं कर सकेगा और न कोई आंख उठाकर देख सकता। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश को भावनात्मक रूप से फिर जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की पहल की है। शहीद स्मारक दिल्ली के साथ एक अमृत वाटिका का निर्माण किया जा रहा है जिसमें हमारे गांव और खेत की मिट्टी भी पहुंचेगी। इस अभियान के तहत 7500 कलश दिल्ली पहुंचेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी गांव गांव से मिट्टी अमृत कलश में एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो संदेश प्रधानमंत्री जी ने दिया है उसको हमें जन जन तक पहुंचाना है। ये देश हमारा है, हमारा भी दायित्व बनता है कि हम भी देश को कुछ दें। प्रधानमंत्री और हम इस काम में लगे हैं कि देश को जोड़कर रखना है उसी के निमित हम ऐसे कार्यक्रम में आपके बीच आ रहे हैं। मेरा सबसे आह्वान है कि हम सब लोग राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान का हिस्सा बनें। इसी कार्यक्रम के तहत कल सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं मंत्री भारत सरकार अनुराग ठाकुर जी मंडी आएंगे और हम सब उस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष ने शहीद परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित किया और उपस्थित लोगों को पंच प्रण की शपथ भी दिलाई।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर टीम ने युवा महोत्सव-2, जो कि जीबी पंत मेमोरियल गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज रामपुर में आयोजित किया गया था, में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। क्लासिकल वोकल सोलो में तरुण शर्मा प्रथम रहे तथा क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सितार में राहुल बंसल प्रथम रहे। इसके साथ ही वेस्टर्न ग्रुप सॉन्ग में भी परिसर टीम प्रथम स्थान पर रहीं। इसके साथ ही वेस्टर्न सोलो में विश्वविद्यालय संगीत विभाग की छात्रा अंजलि नानक दुसरे स्थान पर रहीं। साथ ही लाइट म्यूजिक वोकल गजल में मुकुल ठाकुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। साथ ही फोक सोंग में कोमल शर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही इंडियन ग्रुप सॉन्ग में भी परिसर टीम दूसरे स्थान पर रही। साथ ही फोक ऑर्केस्ट्रा में भी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की टीम दुसरे स्थान पर रहीं। इस परिसर टीम में संगीत विभाग के अधिकतर विधार्थियो ने भाग लिया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। ई-केवाईसी के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुसार ही हो। इस प्रक्रिया को 31 अक्तूबर पूर्ण किया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि विभागीय सर्वर में अचानक आई तकनीकी समस्या के दृष्टिगत ई-केवाईसी की प्रक्रिया बाधित हो गई थी, जिसे दुरूस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पुन: सुचारू रूप से कार्य करना आरंभ कर देगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि संबंधित उचित मूल्य की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी उचित मूल्य की दुकान में राशन प्राप्त करने में कोई असुविधा हो रही हो तो इसका समाधान 24 अक्तूबर तक कर दिया जाएगा।
-सोलन के बीशा में रखी ध्यारीघाट-बीशा संपर्क मार्ग की आधारशिला लोक निर्माण, युवा सेवाएं और खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आपदा प्रभावितों के उचित पुनर्वास के साथ-साथ प्रदेश का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विक्रमादित्य सिंह आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीशा में ध्यारीघाट से बीशा तक संपर्क मार्ग की आधारशिला रखने के उपरांत उपस्थित जन प्रतिनिधियों एवं अन्य से क्षेत्र के विकास के संबंध में विचार-विमर्श कर रहे थे। विक्रमादित्य सिंह ने सोलन विधानसभा क्षेत्र में ध्यारीघाट से बीशा तक सम्पर्क मार्ग की आधारशिला रखी। 1.5 किलोमीटर लंबे इस संपर्क मार्ग के निर्माण पर 1.22 करोड़ रुपये व्यय होंगे। उन्होंने कहा कि इस संपर्क मार्ग पर रेलवे सुरंग नंबर 76 पर ओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावितों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा की है। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि इस दिशा में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें पहाड़ की भाग्यरेखाएं हैं और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर सम्पर्क मार्ग व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जा रही है। राज्य में विभिन्न योजनाओं के तहत सड़क निर्माण को गति प्रदान की जा रही है। खेल मंत्री ने तदोपरांत कण्डाघाट खेल मैदान का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां आवश्यक सुविधायुक्त खेल मैदान निर्मित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर खेल मैदान के लिए समुचित धनराशि उपलबध करवाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कण्डाघाट स्थित खेल मैदान को बड़ा करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी और संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, जिला महिला कांग्रेस की महासचिव निर्मल शर्मा, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव ओम प्रकाश शर्मा, ग्राम पचंायत बीशा के प्रधान धर्मदत्त कश्यप, ग्राम पंचायत बाशा के प्रधान चंदन ठाकुर, जिला परिषद सदस्य मनोज वर्मा तथा राजेेंद्र ठाकुर, नगर निगम सोलन के पार्षद राजीव कौड़ा तथा उषा शर्मा, उत्तर रेलवे अम्बाला मण्डल के अभियंता हिमांशु धीमान, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रवि भट्टी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशकआरके विश्नोई ने बताया कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली ने 12 अक्टूबर को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक साझेदारी स्थापित की गई है। उन्होंने आगे बताया कि एमओयू के अनुसार, टीएचडीसीआईएल आईआईटी दिल्ली के संकाय सदस्यों के नेतृत्व में अनुसंधान अध्ययन, पायलट प्रोजेक्ट और परामर्श कार्य संचालित करने के लिए कार्य करेगा। एमओयू में इस सहयोगात्मक गठबंधन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से बताते हुए विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल, आईआईटी दिल्ली के साथ अनेक सहयोगात्मक परियोजनाएं शुरू करेगी और संस्थान में एक रिसर्च ग्रुप को इस कार्य में लगाएगी। ये सहयोगात्मक अनुसंधान क्षेत्रों के व्यापक स्पेक्ट्रम को शामिल करेंगे, जिनमें ऊर्जा संरक्षण, लिथियम-आयन भंडारण बैटरी के विकल्प, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के लिए नैनो टेक्नोलॉजी, हरित हाइड्रोजन, भू-तापीय प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे, अपशिष्ट प्रबंधन / रीसाइक्लिंग, पानी शामिल हैं। इनके साथ ही इसमें प्रबंधन/संरक्षण, भंवर-प्रेरित कंपन, सुरंग बनाने की तकनीक, जैव ईंधन, ग्रिड स्थिरता में सुधार और विभिन्न अन्य प्रासंगिक क्षेत्र भी शामिल होंगे। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने आगे कहा कि टीएचडीसीआईएल परिचालन व्यय और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की लागत के लिए व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहयोग आईआईटी दिल्ली को पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को निरंतर शुरू करने के लिए सशक्त बनाएगा, जिससे सहयोगात्मक अनुसंधान प्रयासों में उनके बढ़ते ज्ञान की महत्पूर्ण भूमिका रहेगी। एमओयू के अनुसार, आईआईटी दिल्ली आवश्यक बुनियादी ढांचागत सहायता और वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। ये संसाधन संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ तालमेल बिठाते हुए अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में सहायक होंगे। प्रोफेसर नरेश भटनागर, डीन (आर एंड डी), आईआईटी दिल्ली ने इस क्षेत्र में आईआईटी दिल्ली की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमताओं पर भरोसा करने और बैटरी, संचार और रोबोट एप्लिकेशन आदि के क्षेत्रों में परियोजनाओं को चालू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु टीएचडीसीआईएल प्रबंधन को हार्दिक धन्यवाद दिया। भविष्य में, टीएचडीसीआईएल द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आईआईटी दिल्ली कई और क्षेत्रों को भी कवर करेगा। इस साझेदारी के प्रभाव को मजबूत करने के लिए, आईआईटी दिल्ली, टीएचडीसीआईएल के सहयोग से, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ जुड़ने के लिए अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा। इस सहभागिता का उद्देश्य बुनियादी और ट्रासंलेशनल रिसर्च सोल्यूशन दोनों हैं। इसके अतिरिक्त, संस्थान प्रासंगिक विषयों से अधिक संकाय सदस्यों को कार्य में जुटाएगा और सहयोगी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रसारित करेगा। एसके चौहान, विभागाध्यक्ष (आरएंडडी), टीएचडीसीआईएल और आईआईटी दिल्ली के डीन (आरएंडडी) प्रोफेसर नरेश भटनागर ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है। विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल और आईआईटी दिल्ली के बीच यह सहयोगी उद्यम अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उन्नति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें विभिन्न उद्योगों और डोमेन के लिए अभूतपूर्व समाधान प्रदान करने की क्षमता है। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह 22 से 25 अक्टूबर से अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह रामपुर, मंडी व कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि प्रतिभा सिंह 22 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे शिमला से रामपुर बुशैहर के लिए रवाना होंगी। दोपहर बाद 3 बजे धार गौरा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में अंडर-19 छात्रओं के जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सम्मापन समारोह की अध्यक्षता करेंगी। इसके उपरांत 5.30 बजे सराहन में माता भीमा काली मंदिर के प्रांगण में वाचनालय का उदघाटन करेगी। इस दौरान उनके साथ प्रदेश लोक निर्माण एवं युवा खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी साथ होंगे। इस दिन रात्रि विश्राम सराहन रहेगा। 23 अक्टूबर को प्रतिभा सिंह सुबह 6 बजे सराहन से बाया जलोड़ी जोत होते हुए मण्डी के लिये रवाना होंगी। मण्डी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ आपदा प्रभावित लोगों को राहत राशि वितरण समारोह में भाग लेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम लोक निर्माण विभाग साराभाई विश्राम गृह रहेगा। 24 अक्टूबर को ही प्रतिभा सिंह कुल्लू के ढालपुर मैदान में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के शुभारंभ समारोह में उपस्थित रहेगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम साराभाई विश्राम गृह ही रहेगा। 25 अक्टूबर को ढालपुर मैदान में देवी देवताओं के दर्शनों के बाद रात्रि में श्री रघुनाथ जी की पूजा में हिस्सा लेंगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम साराभाई विश्राम गृह ही रहेगा।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने फिलीस्तीन की गाजा पट्टी पर इजरायल के जवाबी हमलों की कड़ी निंदा की है। साथ ही इस अमानवीय कृत्य पर तुरंत रोक की पुरजोर मांग की है। इस मुद्दे पर पार्टी द्वारा उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया गया तथा मांग उठाई गई कि इस टकराव को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। इस प्रर्दशन में राज्य सचिव ओंकार शाद, कुलदीप तंवर, जिला सचिव संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य फाल्मा चौहान, जगमोहन ठाकुर, राजिंदर चौहान, सत्यवान पुंडीर, राम सिंह, बालक राम, रीना तंवर, अनिल ठाकुर, विनोद बिसरांटा, विजय कौशल, अमित, हिम्मी, रमाकांत मिश्रा, सोनिया, सीना, रमन थारटा, हरीश, सुरजीत, सन्नी सेकटा, संतोष, अंकुश, कमल आदि ने भाग लिया। इस ताजा टकराव के चलते पिछली 14 दिनों से आ रही खबरों के अनुसार कुल 4900 के करीब लोगों की जान चली गई है और 13300 के करीब लोग घायल हुए हैं। गाजा में अब तक 3785 लोगों की मौत हुई है। इनमे 1524 बच्चे व 120 बुजुर्ग शामिल हैं। 12493 लोग घायल हुए हैं। इसमें 4000 से अधिक बच्चे हैं। मंगलवार 17 अक्टूबर को गाजा के अस्पताल पर किए गए एक रॉकेट हमले में 500 से अधिक लोगों की जान गई है। पहले ही इजराइल फिलीस्तीन के बीच चल रहे टकराव में अनेकों जाने जा चुकी हंै और अब इस ताजा टकराव से हालत और बिगड़ गई है और अधिक मौते ंहोंगी और तकलीफ पैदा होगी। इजराइल गाजा में नाकाबंदी कर दी गई है और अब हवाई हमलों के साथ जमीनी युद्ध की तैयारी भी कर रहा है। कई क्षेत्रों में पानी, बिजली, खाद्य वस्तुओं व अन्य मानवीय मदद रोक दी है, जिससे गाजा के कई हिस्सों में मूलभूत आवश्यकताओं की भारी कमी हो गई है। इजराइल की दक्षिणपंथी नेतन्याहू सरकार खुले तौर पर तेजी से फिलिस्तीनी जमीनों पर कब्जा कर रही है और पश्चिम तट पर यहूदी बस्तियां बसाने में लगी हुई है। इस वर्ष इस टकराव में अभी तक 248 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 40 बच्चे भी हैं। येरूशलम से फिलिस्तीनी परिवारों को जोर जबरदस्ती से बेदखल किया जा रहा है। गाजा पट्टी जहां 23 लाख से अधिक फिलिस्तीनी रह रहे हैं। पिछले 16 वर्ष से इसकी बुरी तरह से इज़राइल द्वारा नाकेबंदी कर रखी है। जब भी इस नाकेबंदी का प्रतिरोध फिलिस्तीनी लोगों के द्वारा किया जाता है है तो वहां हवाई बमबारी की जाती है। पार्टी का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा फिलिस्तीन के लोगों को उनकी गृह भूमि के जायज अधिकार दिलवाने तथा फिलीस्तीनी जमीन पर से सभी इजराइली बस्तियां व अवैध कब्जों को हटाना सुनिश्चित करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में आज सचिवालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा शारदीय नवरात्रों के उपलक्ष्य पर भंडारे का आयोजन किया गया। विधानसभा सचिवालय के अधिकारी तथा कर्मचारी हर वर्ष शारदीय नवरात्रों पर भंडारे करते हैं। इस अवसर पर विधानसभा सचिवालय में विशेष पूजा-पाठ, हवन का भी आयोजन किया गया। विस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पूजा में भाग लिया तथा पूर्ण आहूति दी। कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को इसके सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहाकि यह एक पुनीत तथा मंगल कार्य है। उन्होंने कहा कि यह हमारी श्रद्धा भक्ति तथा अपने धर्म के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। इस तरह के आयोजन से जहां आपसी सद्भाव बढ़ता है, वहीं हम मंगल कार्य से सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार के न्याय विभाग द्वारा ई-कोर्ट परियोजना चरण-3 पर राज्यों के कानून मंत्रियों के साथ आयोजित बैठक में भाग लिया। बैठक में विभिन्न राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में इस परियोजना का चार साल (2023 से आगे) तक का वित्तीय परिव्यय 7210 करोड़ रुपये है। चरण-3 में 24 घटक हैं, जिसका उद्देश्य सभी न्यायिक परिसरों में ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से विरासत रिकॉर्ड सहित संपूर्ण अदालती रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और ई-फाइलिंग व ई-पेमेंट का सार्वभौमिकरण कर डिजिटल, ऑनलाइन और पेपरलेस कर सुगम न्याय की व्यवस्था शुरू करना है। जगत सिंह नेगी ने बताया कि चरण-3 का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी आधारित मंच उपलब्ध करवाना है जो अदालतों, वादियों और अन्य हितधारकों के बीच एक सहज और कागज रहित इंटरफेस प्रदान करेगा। भारत सरकार के न्याय विभाग के सचिव एसकेजी रहाटे ने बैठक का संचालन किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने राज्य में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा का मामला उठाया। भारत सरकार के न्याय विभाग की ओर से अवगत करवाया गया कि परियोजना के इस चरण में इस समस्या का समाधान किया जाएगा। बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ओक ओवर से मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दुग्ध प्रसंघ को बाजार में मांग आधारित उत्पाद तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी। त्योहारों के मौसम को देखते हुए हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड ने गिफ्ट पैक, शादी की भाजी और शुगर फ्री मिठाइयां बाज़ार में उतारी हैं। नए गिफ्ट पैक तीन तरह की पैकिंग में उपलब्ध होंगे, जिनका मूल्य क्रमश: 620, 1000 तथा 1500 रुपए रखा गया है। मिल्कफेड के सभी बिक्री केंद्रों तथा जिला मुख्यालयों पर यह उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कांगड़ा के डगवार में लगभग 226 करोड़ रुपये की लागत से 'स्टेट ऑफ द आर्टÓ दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण प्रस्तावित है, जहां दूध के अनेक तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके साथ-साथ अन्य संयंत्रों में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञा-पत्र में किसानों से 80 रुपए प्रति किलो गाय का दूध और 100 रुपये प्रति किलो भैंस का दूध खरीदने का वादा किया है, जिसके लिए मिल्कफेड के प्लांट को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि किसानों से खरीदे गए दूध से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जा सकें। मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास सूद ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सभी उत्पादों को तैयार करने में उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शुगर फ्री मिठाइयों की मांग को देखते हुए मिल्कफेड ने इन्हें बाज़ार में उतारा है। इसके साथ-साथ मिल्कफेड की मिल्क केक, पहाड़ी बर्फी, कोकोनट बर्फी, के साथ-साथ 16 प्रकार की मिठाइयां बाज़ार में उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राजस्व विभाग को लगभग तीन दशक के उपरांत प्रकाशित नए 'लैंड कोड' के प्रकाशन के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार राज्य सरकार ने नई भू-संहिता (लैंड कोड) को लागू करने का आश्वासन दिया था, जिसमें भूमि संबंधी नियमों, कानूनों और आवश्यक निर्देशों का अद्यतन संकलन होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा लगभग 31 वर्षों के बाद नया लैंड कोड जारी किया गया है। पहला लैंड कोड वर्ष 1992 में प्रकाशित हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि संबंधित मामलों के विषय में लोगों को अक्सर राजस्व विभाग से संबंधित कार्य रहते हैं। लैंड कोड के माध्यम से भूमि विवादों का सामाजिक समन्वय व पारिवारिक जुड़ाव के साथ सर्वसम्मत समाधान निकालने में सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि जन-समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राजस्व न्याय प्रणाली का सुव्यवस्थित होना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत राजस्व अधिकारियों और लोगों को विभिन्न नियम और विभागीय दिशा-निर्देशों की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नई भू-संहिता न केवल राजस्व अधिकारियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि आम आदमी को लाभान्वित करने के लिए भूमि संबंधी विषयों के त्वरित निपटारे में भी सहायक होगी। इसमें राजस्व विभाग के कानूनों और नियमों और उसमें जारी निर्देशों के बारे में समय-समय पर जानकारी भी मिलेगी।
-बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों पर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। निदेशक पंचायती राज रुग्वेद ठाकुर की ओर से वीरवार को सीईओ जिला परिषद को जारी आदेशों में 167 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिलासपुर में 6, चंबा 13, हमीरपुर 10, कांगड़ा 38, किन्नौर 3, कुल्लू 11, लाहौल स्पीति 2, मंडी 32, शिमला 17, सिरमौर 13, सोलन 12 और ऊना में 10 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। 167 जूनियर इंजीनियर के पद अब आउटसोर्स आधार पर भरे जाएंगे। आउटसोर्स आधार पर बिलासपुर और चंबा में 7-7 पद, हमीरपुर 13, कांगड़ा 35, किन्नौर 3, कुल्लू 13, लाहौल स्पीति 1, मंडी 25, शिमला 22, सिरमौर 13, सोलन 16 और ऊना में 9 पद भरे जाएंगे। आउटसोर्स पदों को भरने की जानकारी हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को भेजी जाएगी और यह पद एक साल के लिए भरे जाएंगे। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी यह इंजीनियर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सरकार का तर्क है कि जेई की अनुपस्थिति से मनरेगा के विकार्स कार्य, मनरेगा मजदूरों को भुगतान और आपदा कार्यों की बहाली में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
संजौली महाविद्यालय में आज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता शिमला जिले के प्रभारी नितिन देष्टा जी ने की, जिसमें बहुत से नए छात्रों को एनएसयूआई में जोड़ा गया व उन्हें एनएसयूआई की विचारधारा से अवगत कराया गया। जिला के प्रभारी नितिन देष्टा ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एनएसयूआई की महाविद्यालय इकाई की नई कार्यकारिणी का निर्माण करना है। इस बैठक में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष रजत भारद्वाज भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार द्वारा चलाई गई मुहिम जुड़ेगा विद्यार्थी, जीतेगा इंडिया के बारे में भी छात्रों को अवगत करवाया। इस बैठक में विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष चंदन महाजन, जिला महासचिव गोल्डी मेहता भी मौजूद रहे।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि 18 अक्टूबर को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और गढवाल मंडल विकास निगम लि. (जीएमवीएनएल) के मध्य उत्तराखंड में जीएमवीएन के 14 अतिथि गृह एवं चार धाम यात्रा मार्ग पर विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। विश्नोई ने अवगत कराया कि इन दोनों के सहयोगात्मक प्रयास से इस पवित्र मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। विश्नोई ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों संगठन अगले साल चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले चार्जिंग स्टेशनों को तेजी से चालू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल उत्तराखंड में सतत और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्पों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है। टीएचडीसीआईएल की ओर से प्रवीण सक्सेना, महाप्रबंधक (व्यवसाय विकास) तथा जीएमवीएन की ओर से राकेश सकलानी, अपर महाप्रबंधक(पर्यटन) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी, आईएएस तथा दोनों संगठनों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश के फल राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कृत संकल्प है। जगत सिंह नेगी आज डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में उन्नत मृदा एवं पत्ती विश्लेषण प्रयोगशाला में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित सैंपल प्रसंस्करण खंड का शुभारम्भ करने के उपरांत विश्वविद्यालय के अध्यापकों के साथ आयोजित संवाद सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल को देश का फल राज्य बनाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के वैज्ञानिकों को दिशा परक कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को हिमाचल प्रदेश की विविध जलवायु के अनुरूप विभिन्न फलों की किस्में तैयार करनी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में विश्वविद्यालय को समुचित सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पांच वर्षों में प्रदेश में हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत लगभग 1300 करोड़ रुपए खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 7 ज़िलों के 28 विकास खंडों में 06 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में दो चरणों में बागवानी क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इससे लगभग 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत किसानों की निजी भूमि पर 'एक फसल एक क्लस्टरÓ विधि के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लीची, प्लम, पीकन नट, परसीमोन, आम इत्यादि फलों को बढ़ावा दिया जाएगा। जगत सिंह नेगी ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वह टिशू कल्चर विधि को प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करें ताकि बागवान इससे लाभान्वित हो सके। बागवानी मंत्री ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी वर्तमान में फलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें यह सुनिश्चित बनाना होगा कि हम हिमाचल की विविध जलवायु परिस्थितियों का उचित उपयोग कर हिमाचल को फल राज्य बनाएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। जगत सिंह नेगी ने इससे पूर्व डॉ. यश्वन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के प्रशासनिक प्रागंण में टर्मिनलिया मेटालिका का पौधा रोपा। उन्होंने विश्वविद्यालय में सेब एवं अन्य फलों की नर्सरी पी.ई.क्यू स्थल, विभिन्न फलों के जीन बैंक, अनुसंधान प्रयोगशाला, तन्तु संवर्द्धन प्रयोगशाला, इलैक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप प्रयोगशाला, वानिकी विभाग में बने इनक्यूबेशन केन्द्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी तथा फूलों की खेती प्रदेश के ग्रामीणों की आय का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी को बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने छात्रावासों में भोजन की व्यवस्था भी जांची। डॉ. यशवंत सिंह परवार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने जगत सिंह नेगी का स्वागत किया और विश्वविद्यालय के कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजय ठाकुर, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, डॉ. यश्वंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी कुल सचिव नरेंद्र चौहान, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष फल विज्ञान विभाग डॉ. धर्मपाल शर्मा, डॉ. अनिल हांडा, उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-सीएम ने किया शिलान्यास, जिला को दी 8 करोड़ रुपये की सौगात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज बिलासपुर जिला को 8 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की सौगातें दीं। उन्होंने बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर में बनने वाली प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी का शिलान्यास किया, जिसके निर्माण कार्य पर लगभग 3 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने धौलरा क्षेत्र में 5.18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृषि भवन की भी आधारशिला रखी। उन्होंने इन भवनों का निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की पहली डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तकों का संग्रह डिजिटल दस्तावेज के रूप में पाठकों को प्राप्त होगा, जिसे इंटरनेट के माध्यम से हासिल किया जाएगा। इसी परियोजना के तहत जिला बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों की 10 पंचायतों में भी ऐसी और डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के पाठकों को इसका लाभ मिल सके। इस कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के साथ अनुबंध किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस डिजिटल लाइब्रेरी को इस वर्ष के अंत तक शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में 5.18 करोड़ रुपये की लागत से कृषि भवन भी निर्मित किया जाएगा, जिसमें पार्किंग, उप-निदेशक कार्यालय, किसानों की बैठकें आयोजित करने के लिए हॉल, वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल तथा अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए पर्याप्त कमरों की सुविधा होगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आपदा से बहुत अधिक नुकसान हुआ है। आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है और प्रभावितों को मदद प्रदान करने के कार्य का अनुश्रवण वे स्वयं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों की भरपूर मदद का प्रयास कर रही है। बिलासपुर जिला में आपदा प्रभावितों को 25 अक्तूबर को सहायता वितरित की जाएगी तथा वह स्वयं बिलासपुर जिला का दौरा करेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की उम्मीद दिन-प्रतिदिन धुंधली होती जा रही है, क्योंकि और राज्य से आपदा से संबंधित 12 हजार करोड़ रुपये के दावे केंद्र सरकार को भेजे गए हैं लेकिन कोई विशेष राहत जारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि भेजे गए दावों पर नियमानुसार केंद्र सरकार को जल्द से जल्द धनराशि जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा आपदा में भी राजनीतिक रोटियां सेंकती रही और प्रभावित परिवारों के साथ उनका रवैया उदासीन ही रहा। प्रदेश में आई इस भीषण आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष राहत पैकेज प्रदान करने के लिए विधानसभा में लाए गए संकल्प का भाजपा ने समर्थन नहीं किया। उन्होंने आपदा राहत कोष में रिकॉर्ड दान के लिए दानी सज्जनों का आभार व्यक्त किया। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषद कैडर कर्मचारियों को अपनी हड़ताल छोड़कर काम पर लौटना चाहिए। राज्य सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी आपदा प्रभावितों को मदद पहुंचाने का काम चल रहा है तथा उन्हें अपनी हड़ताल समाप्त कर देनी चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, बाबू राम गौतम, बीरू राम, सोहन लाल ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
-पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल में शुरू होगी टूरिस्ट हेल्पलाइन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटक बसों, टंैपो ट्रैवलर व वाणिज्यिक पर्यटक वाहनों पर लगने वाले विशेष पथ कर (एसआरटी) व अन्य करों को कम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एसआरटी के दृष्टिगत हाल ही में जारी की गई अधिसूचना को संशोधित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह बात आज यहां ओक ओवर में शिमला होटल्ज एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्ज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीघ्र ही होम-स्टे नीति लाने जा रही है। प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है और सैलानियों की सुविधा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए शीघ्र ही टूरिस्ट हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी और इसे 1100 हेल्पलाइन से जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सड़क संपर्क के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। सभी जिलों को हेलीपोर्ट से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिमला में एक और हेलीपोर्ट के निर्माण पर भी विचार कर रही है। पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने से ही राज्य में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा और प्रति वर्ष 5 करोड़ पर्यटकों की आमद का लक्ष्य पूर्ण हो पाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों में पर्यटकों का अधिक दिन तक ठहराव हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। इसी दिशा में अनेक नवोन्मेषी पहल की जा रही हैं। प्रदेशवासियों और पर्यटकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से यूवी/अल्ट्रा फिल्टरेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन व्यवसायियों से आग्रह किया कि वे पर्यटन गतिविधियों में विद्युत चालित वाहनों का उपयोग सुनिश्चित कर प्रदेश को हरित राज्य बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। शिमला होटल्ज एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष महेेंद्र सेठ ने मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, विधायक संजय रतन, चंद्रशेखर, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, पूर्व विधायक सोहन लाल, एसोसिएशन के महासचिव बलजीत सिंह और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इंस्टट्यिूट ऑफ टूरिज्म स्टडी के तृतीय सत्र के छात्रों की प्लेसमेंट हेतु चयन प्रक्रिया आरंभ हो गई है। संस्थान के प्लेसमेंट ऑफिसर आचार्य नितिन व्यास ने बताया कि दिल्ली व मुंबई से विभिन्न टूर एंड ट्रेवल मल्टीनेशनल कंपनीज चयन प्रक्रिया हेतु हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय आ रही हैं। इस कड़ी में इंडो-एशिया मल्टीनेशनल टूर कंपनी न्यू दिल्ली ने 5 छात्रों की चयन प्रक्रिया को आरंभ किया है। इस प्रक्रिया में 15 एमटीए के छात्रों ने आवेदन किया है, जिनकी प्रक्रिया आरंभ हो गई है। डॉ. नितिन व्यास ने बताया कि कोविड के समय में पर्यटन व्यवसाय को आघात लगा था, जिसके कारण बहुत से लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था, परंतु फिर से टूरिज्म इंडस्ट्रीज में सकारात्मकता आना एक अच्छा संकेत है। इन्होने बताया कि चयनित छात्र 1 जनवरी, 2024 से यहां पर ट्रेनिंग करेंगे इसके बाद यही पर नौकरी भी कर सकेंगे। डॉ. नितिन ने कहा कि भविष्य में और कंपनियां भी प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालय आ रही हैं।
हिमाचल में करीब 80,000 शिक्षकों के तबादलों के लिए प्रदेश सरकार ने पुराने नियम बदल दिए हैं। अब शिक्षकों के तबादले 30 किलोमीटर के दायरे से बाहर होंगे। एक स्थान पर तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा करने के बाद अब शिक्षकों को 30 किलोमीटर दूर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। तबादले करने के लिए सरकार ने दूरी को पांच किलोमीटर बढ़ा दिया है। पहले 25 किलोमीटर के भीतर तबादले होते थे। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में इसी माह से यह व्यवस्था लागू होगी। एक स्कूल में तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा होते ही आपसी सहमति से नजदीकी शिक्षक के साथ स्कूल बदलने के तबादला आदेश जारी करवाने वाले शिक्षकों के लिए अब राह आसान नहीं रहने वाली है। शहरों के आसपास सटे स्कूलों में ही सेवाएं देने वाले शिक्षकों को थोड़ा और बाहर के क्षेत्रों में भेजने के लिए सरकार ने तबादला नीति में बदलाव कर दिया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से 30 की जगह 40 किलोमीटर के दायरे से बाहर शिक्षकों के तबादले करने का प्रस्ताव था, लेकिन सरकार ने इस दूरी को 30 किलोमीटर ही रखने की मंजूरी दी है। इस नई व्यवस्था से अब ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, जहां कोई भी जाने को तैयार नहीं होता था।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली मुलाक़ात की। जयराम ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री से प्रदेश में बारिश से हुई क्षति पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने केंद्र द्वारा प्रदेश को आपदा की घड़ी में दिये गये सहयोग के लिए व्यक्तिगतरूप से मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनसे मैंने प्रदेश को और अधिक मदद देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र को कीर्तपुर से सुंदरनगर फ़ोर लेन हाईवे के उद्घाटन के लिए हिमाचल प्रदेश आने के लिए निवेदन किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के द्वारा घोषित आपदा राहत पैकेज में केंद्र का बड़ा हिस्सा है।
-नई हेलीकाप्टर सेवाओं से राज्य में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि चंबा, पालमपुर, रक्कड़ (कांगड़ा) और रिकांगपिओ हेलीपोर्ट के लिए किफायती हवाई किराए पर हेलीकाप्टर सेवाएं शीघ्र ही शुरू होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि यह हेलीपोर्ट उड़ान योजना के तहत चिन्ह्ति किए गए हैं और यहां के लिए उड़ानें शुरू होने से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के लिए हवाई यात्रा अधिक सुलभ हो जाएगी और इससे इन क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नई हेलीकाप्टर सेवाएं पर्यटन और स्थानीय आबादी दोनों के लिए वरदान साबित होंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल को पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पर्यटन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और हवाई संपर्क में और सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालयों पर हेलीपोर्ट स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अथक प्रयासों से हवाई सम्पर्क सेवाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर से कुल्लू के भुंतर तक हवाई उड़ानें आरम्भ हो चुकी हैं जोकि राज्य में पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी में मददगार साबित होगा क्योंकि अमृतसर हवाई अड्डा विभिन्न घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने वाला एक प्रमुख केंद्र है।
-सैकड़ों मजदूरों के साथ आईजीएमसी के बाहर किया प्रदर्शन आईजीएमसी के दो सौ के लगभग सफाई, वार्ड अटेंडेंट, सुरक्षा, नर्सिंग, डेटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य कोविड कर्मियों तथा 24 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर निकालने पर आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन संबंधित सीटू ने आईजीएमसी शिमला के बाहर मौन प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों के साथ ही दो महीने के शिशु के साथ नौकरी से निकाली गई रेणु ठाकुर व पिछले एक महीने से तीन ऑपरेशनों से गुजरे उनके पति सुरेंद्र ठाकुर भी शामिल हुए। इस दौरान आईजीएमसी कर्मियों ने काम बंद रखा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर नौकरी से निकाले गए सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों को न्याय न मिला तो आंदोलन तेज होगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व जिला कोषाध्यक्ष बालक राम ने कहा कि आईजीएमसी से दो सौ कोविड योद्धाओं को नौकरी से बाहर करना मानवता को शर्मसार करने की घटना है। उन्होंने कहा कि 24 सुरक्षा कर्मियों के नौकरी से बाहर करना देश के कानून का गला घोंटना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्ड को दिए गए सुरक्षा कर्मियों के ठेके में महाघोटाला हुआ है। इस पर कार्रवाई करने के लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की जाएगी। इस घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। टेक्निकल बिड इवैल्यूएशन के 70 अंकों के आधार पर सिक्योर गार्ड कंपनी ठेके के लिए एप्लाई करने के लिए भी पात्र नहीं थी क्योंकि उसके 70 में से शून्य अंक हैं। ठेके के लिए वर्ष 2019 से हर साल इनकम टैक्स रिटर्न भरना अनिवार्य था, परंतु कंपनी सितंबर 2020 में बनी तो फिर इसने वर्ष 2019 का आयकर कैसे भर दिया। कंपनी को ठेके की शर्तों के अनुसार वर्ष 2017 से 2022 तक के पांच वर्षों में एक जगह पर 100 से अधिक व कुल 300 सुरक्षा कर्मियों से कार्य अनुभव होना अनिवार्य था, परंतु कंपनी का कार्य अनुभव तो तीन वर्ष का भी नहीं है। इस तरह कंपनी को ठेका मिलना तो दूर की बात यह कंपनी बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भी पात्र नहीं थी। इस घोटाले को जनता में उजागर किया जाएगा व इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने आईजीएमसी में कर्मियों को नौकरी से बाहर करने व ठेके में हुए घोटाले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है। आंदोलन के तहत जेल भरो, गिरफ्तारियां, चक्का जाम, राजभवन मार्च, सचिवालय मार्च व ओक ओवर मार्च किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र लाल, सुरक्षा कर्मी यूनियन अध्यक्ष देवराज बबलू, सफाई कर्मी यूनियन अध्यक्षा निशा व महासचिव सरीना ने कहा कि आईजीएमसी में अंग्रेजों के ज़माने के काले कानून आज भी जारी हैं। यहां हायर एंड फायर नीति जारी है व कानून का गला घोंट कर दो सौ कोविड कर्मियों व 24 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मियों को नौकरी से बाहर करने का निर्णय गैर कानूनी है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में सुरक्षा कर्मियों व कोविड कर्मियों की मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। ठेकेदार बदलने पर उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है जोकि यूनियन से आईजीएमसी प्रबंधन द्वारा किए गए समझौते व औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 एच का खुला उल्लंघन है। आईजीएमसी प्रबंधन भी नए ठेकेदार के साथ मिलकर श्रम कानूनों की खुली अवहेलना कर रहा है।
हिमाचल सरकार ने चार पुलिस अफसरों के तबादला और एक के पूर्व में जारी आदेश रद्द किए हंै। पुलिस अधीक्षक लीव रिजर्व शिमला एवं 2006 बैच के एचपीएस शमशेर सिंह को पीटीसी डरोह कांगड़ा के लिए ट्रांसफर किया है। इसी बैच के स्क्क लोकायुक्त कार्यालय शिमला वीरेंद्र कालिया को पुलिस मुख्यालय शिमला भेजा गया है। साल 2008 बैच की एचपीएस बबीता राणा को एडिशनल एसपी छठी आईआरबीएन बटालियन धौलाकुंआ सिरमौर, एडिशनल एसपी सेकेंड आईआरबीएन सकोह दिनेश कुमार शर्मा को एएसपी पुलिस मुख्यालय शिमला तथा हमीरपुर के जंगलबैरी के लिए अंडर ट्रांसफर चल रहे योगेश दत्त को डीएसपी पांचवीं बटालियन बस्सी बिलासपुर के लिए ट्रांसफर किया है। वहीं एडिशनल एसपी लोकायुक्त ब्रजेश सूद को 30 सितंबर को एडिशनल एसपी छठी आईआरबीएन धौलाकुंआ सिरमौर ट्रांसफर किया गया था। उनके तबादला आदेश रद्द कर किए गए। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिस अफसरों को तुरंत नए स्थान पर जॉइन करने के आदेश दिए गए हैं।
अगले महीने छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। सात से 30 नवंबर तक इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चलेगी। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के 20 आईएएस और 10 आईपीएस अफसर इन राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर जाएंगे। 19 अक्तूबर से प्रदेश के आईएएस अफसर क्रमवार जाना शुरू होंगे। चुनाव आयोग की ओर से इन अधिकारियों की ड्यूट्यिां लगाई गई हैं। कौन सा अधिकारी किस राज्य में जाएगा, इसकी जानकारी आयोग की ओर से अलग से सरकार को दी जा रही है। आईएएस अधिकारियों में नंदिता गुप्ता, सी पालरासू, प्रियतु मंडल, डॉ. आरके प्रूथी, विनोद कुमार, सुदेश कुमार मोक्टा, संदीप कुमार, ऋगवेद ठाकुर, डीसी नेगी, गोपाल चंद, कमल कांत सरोच, नीरज कुमार, रोहित जंबाल, अश्वनी कुमार शर्मा, रामकुमार गौतम, पंकज रॉय, प्रदीप ठाकुर, विनय सिंह, हरबंस सिंह ब्रेसकॉन और रीमा कश्यप की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। आईपीएस अधिकारियों में जेपी सिंह, डॉ. डीके चौधरी, गुरदेव चंद, अनुपम शर्मा, रोहित मालपानी, डॉ. कुशाल चंद शर्मा, डॉ. रमेश चंद्र छाजटा, देवाकर शर्मा, डॉ. मोनिका और भगत सिंह विधानसभा चुनाव करवाने जाएंगे। यह सभी अधिकारी अलग-अलग शेड्यूल के तहत ड्यूटी देने जाएंगे। चुनाव ड्यूटी के दौरान इन अधिकारियों के काम का अतिरिक्त कार्यभार अन्य अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को सूचना एवं जन संपर्क विभाग की 'हिम समाचार' एप का शुभारंभ किया, जिसमें विभागीय बुलेटिन के साथ-साथ अन्य वीडियो कंटेंट उपलब्ध होंगे। इस एप में विभागीय वीडियो, शॉर्ट रील्ज तथा राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। हिम समाचार एप गूगल प्ले स्टोर से तथा क्यू.आर. कोड स्कैन कर भी डाउनलोड किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप के माध्यम से लोगों को राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों व कार्यक्रमों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की हैं तथा सरकार की इन नीतियों एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में सूचना एवं जन संपर्क विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सूचना तकनीकी का और अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन सहजता से सटीक व तथ्यपरक जानकारी प्राप्त कर राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस मुकेश रेपस्वाल, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-बागवानी मंत्री ने एचपीएमसी के नए वेब पोर्टल का किया शुभारंभ -कहा, एचपीएमसी ने एमआईएस के तहत 32454 मीट्रिक टन सेब खरीदा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के निदेशक मंडल (बीओडी) की 213वीं बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। बागवानी मंत्री ने औपचारिक रूप से एचपीएमसी के नए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। सीए व कोल्ड स्टोर्स की बुकिंग, बाजार मध्यस्थता योजना (एमआईएस) और बागवानी खाद व उपकरण की बिक्री जैसी एचपीएमसी की सभी सेवाएं वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर दी गई हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एचपीएमसी ने बाजार मध्यस्थता योजना-2023 के तहत अब तक 32454 मीट्रिक टन सेब की खरीद की है। राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई आपदा के बावजूद एचपीएमसी योजना के तहत खरीदे गए सेब की पूरी मात्रा उठाने में कामयाब रही है। एचपीएमसी ने वर्तमान सेब सीजन के दौरान अपने तीन फल प्रसंस्करण संयंत्रों पराला, परवाणु और जड़ोल (मण्डी) में रिकॉर्ड 1288 मीट्रिक टन सेब जूस कंसन्ट्रेट का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि नव स्थापित एचपीएमसी फल प्रसंस्करण संयंत्र पराला का परीक्षण और कमीशनिंग वर्तमान सेब सीजन के दौरान सफलतापूर्वक आयोजित की गई। एचपीएमसी सुविधा में एप्पल जूस कन्सन्ट्रेट, पेक्टिन, रेडी टू सर्व जूस और पेय, फलों की वाइन और एप्पल साइडर विनेगर का उत्पादन करेगा। एचपीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 120 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया है। बैठक के दौरान वर्तमान सेब सीजन के दौरान उत्पादित एप्पल जूस कन्सन्ट्रेट की दरें भी तय की गईं। बैठक में सभी एचपीएमसी उत्पादों की पैकेजिंग डिजाइन को चरणबद्ध तरीके से बदलने का निर्णय लिया गया। बीओडी ने सेब उत्पादकों को उचित मूल्य पर सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले बागवानी इनपुट की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने का निर्णय लिया। एचपीएमसी ने अगले सेब सीजन के दौरान सेब उत्पादकों को केवल यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने और टेलीस्कोपिक कार्टन की बिक्री बंद करने का निर्णय लिया है। एपीएमसी मार्केट यार्ड पराला, सोलन और परवाणु में सेब व्यापारिक गतिविधियों को अगले वर्ष के दौरान जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से बेचने का निर्णय लिया गया और इस संबंध में एक नीति को मंजूरी दी गई। एचपीएमसी ने विभिन्न माध्यमों से अपने उत्पादों की बिक्री को गति प्रदान करने के लिए अपनी वितरण नीति शुरू की है। बागवानी मंत्री ने एचपीएमसी अधिकारियों से राज्य के बाहर स्थित संपत्तियों और संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करके और किसानों के सर्वोत्तम हित में सभी व्यावसायिक गतिविधियों की कार्यप्रणाली सुव्यवस्थित कर और दक्षता बढ़ाकर निगम को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने निगम को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के लिए नए और दीर्घकालिक व्यावसायिक उद्यमों पर भी बल दिया। बैठक के दौरान सचिव बागवानी सी. पालरासु, निदेशक बागवानी संदीप कदम, प्रबंध निदेशक एचपीएमसी सुदेश कुमार मोख्टा और प्रबंध निदेशक एचपी एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन रीमा कश्यप और एचपीएमसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
-कहा, मनमाने नियमों से प्रदेश के हर वर्ग को कर रही है परेशान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। मुख्यमंत्री प्रदेश में किसी काम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। तानाशाही से सरकार चलाना चाह रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी स्वावलंबन ई-टैक्सी योजना शुरू करने की घोषणा कर दी। इसके लिए नियम भी बना दिए। इस योजना के लिए आवेदन करने की पात्रता उम्र 20 से 45 वर्ष है और आवेदक के पास कम से कम 7 साल का ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है। यदि सात साल का ड्राइविंग लाइसेंस और जोड़ दिया जाए तो आवेदक की न्यूनतम उम्र 25 साल हो जाएगी, लेकिन सरकारी नियमों में आवेदक की उम्र सीमा 20 से 45 साल रखी गई है। जो अपने आप में हास्यास्पद है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ज़िला परिषद कर्मियों की माँगे पूरी करने की बजाय उन्हें धमका रही है। कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जब चुनाव का समय था तो सरकार बनते ही हर मांग पूरी करने का वादा कर रहे थे। अब जब झूठ बोलकर सरकार बन गई है तो महीनों से धरने पर बैठे ज़िला परिषद कर्मियों के मसलों कों हल करने के बजाय सरकार तानाशाही का तरीक़ा अपनाना चाह रही है। लोकतंत्र में चुनावी वादों के साथ झूठ बोलकर सरकार बनाने वालों से सरकार का यह तानाशाही भरा रवैया हम चलने नहीं देंगे। नेता प्रतिपक्ष में कहा कि आपदा की चपेट में आने वाले प्रदेश के आपदा राहत और पुनर्निर्माण के सारे कार्य सरकार की नीतियों की वजह से बंद पड़े हैं। जिससे आज भी हज़ारों बेघर लोगों को अपना घर नहीं बन पास रहा है। क्रशर बंद हैं। बालू, रेत, बजरी जैसे निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं आज लोगों को मिल नहीं रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा से प्रदेश में पर्यटन को सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है। इससे उबरने में सरकार के सहयोग की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान की सुक्खू सरकार पर्यटन की कमर तोड़ने में लगी हैं। ऐसे-ऐसे टैक्स लाद रही है की पर्यटन कारोबारी हिमाचल की बजाय अन्य प्रदेशों का रुख़ कर रहे हैं। विभिन्न संस्थाओं के आंकड़ों की माने तो सरकार के इन नियमों परिमाण स्वरूप विंटर सीजन की 90 परसेंट एडवांस बुकिंग लोगों ने रद्द कर दी हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा पर्यटक बसों और टेंपो ट्रैवलर टाइप वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया। इस टैक्स की वजह से हर बस को चार से पांच दिन के टूर पर 20 से 25 हज़ार अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं, ऐसे में बस ऑपरेटर हिमाचल की बजाय कश्मीर और अन्य राज्यों का रुख़ कर रहे हैं। जिससे प्रदेश को हर दिन करोड़ों का नुक़सान हो रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लाई गई लगेज पॉलिसी हर लिहाज से जन विरोधी थी। एचआरटीसी का उद्देश्य प्रदेश के लोगों की सेवा करना है। यह आम लोगों के परिवहन का साधन है। उन्होंने कहा के सरकार ने लगेज पॉलिसी के मामले में एचआरटीसी के दो परिचालकों को बर्खास्त कर दिया। यह सरकार का तानाशाही भरा दुर्भाग्यपूर्ण फ़ैसला है। इस फ़ैसले को सरकार को वापस लेना होगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग राज्य कार्यकारिणी की बैठक राजीव भवन शिमला में अध्यक्ष अमित नंदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सांसद मंडी लोकसभा क्षेत्र व मंत्री स्वास्थ्य, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता व सैनिक कल्याण हिमाचल प्रदेश सरकार धनीराम शांडिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस संगठन का एक महत्वपूर्ण विभाग है तथा इस विभाग की चुनाव में हमेशा सक्रियता रहती है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में कार्यकर्ताओं को अभी से जुट जाना चाहिए। देश की तानाशाह सरकार को इस बार जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हरेक कांग्रेस कार्यकर्ता को धरातल पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं के काम सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किए जाने चाहिए। वहीं, हिमाचल सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉक्टर कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस पार्टी का अभिन्न अंग है, जिसकी वजह से विधानसभा में आज कांग्रेस पार्टी के 10 विधायक चुनकर आये हैं सरकार की प्राथमिकता है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए अनेकों ऐसी जन कल्याणकारी योजनाओं चलाई जा रही है जिसमें समाज में अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ मिलेगा। अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग अमित नंदा के कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा निर्देश अनुसार अनुसूचित जाति विभाग ने पार्टी के अनेकों कार्यक्रम समय समय पर चलाए हैं और वर्तमान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संविधान रक्षकों की नियुक्ति की जा रही है जिसका लक्ष्य हमने 50000 रखा है हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा तथा राज्य स्तर के लिए शीघ्र ही स्थान चयनित किया जाएगा । अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए सभी 12 ज़िलों में क़ानून ज्ञाता समन्वयक नियुक्त किए गए हैं जिनकी सहायता समाज का कोई भी पीड़ित परिवार ले सकता है। अमित नंदा ने कहा कि इस वर्ष के दिसंबर माह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रारूप अनुसार हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक प्रस्तावित है जिसके बारे में मुख्यमंत्री से वार्तालाप करके इसकी तिथि निर्धारित की जाएगी तथा इसकी तैयारी के लिए संगठन के लोगों को ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने आज की बैठक में विशेष रूप से उपस्थित अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी व माननीय मंत्री का स्वागत व धन्यवाद किया कि उन्होंने अपने व्यस्तता के चलते भी बैठक के लिए समय निकाला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी यशपाल तनाईक ने सभी पदाधिकारियों का बैठक में उपस्थित होने पर स्वागत किया तथा आने वाले समय में अपने अपने ब्लाको व ज़िले में संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने व लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिये कमर कसने का आवाहन किया। इस दोरान शिमला कृष्णा नगर वार्ड से अमित की अध्यक्षता मै 10 लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और कांग्रेस पार्टी की नीतियों मै पूर्ण विश्वाश व्यक्त किया! इस बैठक में उपाध्यक्ष सैन राम नेगी बरम दास चोहान जीत राम विनोद भाटिया चमन प्रकाश उतम कश्यप यशपाल प्रिती धांटा शकुनतला कश्यप शिवानी चौहान बुद्धि सिंह इत्यादि कई कार्यकर्ता उपस्थित थे बैठक के पश्चात प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग का एक प्रतिनिधि मंडल अंतिम नंदा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुकखू से उनके निवास स्थान ओक ओवर में मिला तथा आपदा राहत कोष के लिए 2 लाख रुपये की राशि का चेक भेंट किया ।


















































