लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी मंथन शुरू कर दिया है। सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में लोकसभा चुनाव पर भी चर्चा की गई। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों को फील्ड में भेजकर जनता की टोह लेने को कह दिया है। राज्य में लोकसभा की चार सीटें हैं। इनमें से मात्र मंडी संसदीय सीट ही कांग्रेस के पास है। हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव का जिम्मा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर रहेगा। ऐसे में उनके लिए यह चुनाव चुनौती से कम नहीं होगा। केंद्र में भाजपा की सरकार है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी सुक्खू सरकार की ओर से लिए गए जनहित के फैसलों पर चुनाव लड़ेगी। हिमाचल प्रदेश में आपदा भी अहम मुद्दा रहेगा। केंद्र सरकार की ओर से अब तक हिमाचल प्रदेश के लिए आपदा राहत राशि जारी नहीं हुई है। सुक्खू सरकार ने 4500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि की घोषणा की है।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा विशेष रूप से सक्षम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से तीन छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा नौंवी तथा दसवीं के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा कक्षा 11वीं से स्नातकोत्तर के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा उच्च श्रेणी स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्री व डिप्लोमा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इन छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर पंजीकरण प्रथम अक्तूबर से आरंभ हो गया है। इन छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी वेबसाईट अथवा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने बताया कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 31 दिसंबर निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज बताया कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि आपदा राहत कोष-2023 के लिए प्रदान की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सहायता राशि प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में कारगर साबित होगी। उन्होंने आम जनता से इस कोष में अधिक से अधिक अंशदान का आग्रह किया है ताकि प्रभावितों को हरसंभव मदद प्रदान की जा सके।
-दिल्ली की दो मेकअप आर्टिस्ट ने 100 महिलाओं को दी ब्यूटी ट्रेनिंग -हजारों रुपये के ब्यूटी प्रोडक्ट भी नि:शुल्क प्रदान किए केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में 7 और 8 अक्टूबर को श्री नैना देवी की कचौली और कोठीपुरा पंचायतों में दो दिवसीय मेकअप मास्टर क्लास का आयोजन किया गया। अनुराग ठाकुर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मेकअप आर्टिस्ट बनने की नि:शुल्क ट्रेनिंग दिलवा रहे हैं और साथ ही हजारों रुपये के ब्यूटी प्रोडक्ट भी नि:शुल्क प्रदान कर रहे हैं। संस्था के संयोजक मितेश कौशल ने बताया कि श्री नैना देवी में 7 और 8 अक्टूबर को हुई मेकअप मास्टर क्लास में दिल्ली की दो प्रख्यात मॉडल द्वारा 100 महिलाओं का प्रशिक्षण दिया गया। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी महलिओं को सर्टिफिकेट भी दिए गए। महिलाएं ट्रेनिंग का सही लाभ उठा सकें, इसके लिए हजारों के ब्यूटी प्रोडक्ट एवं किट प्रत्येक महिला को निशुल्क दिए गए। अभी तक संसदीय क्षेत्र की लगभग 4000 महिलाएं यह प्रशिक्षण ले चुकी हैं, जिनमें से बहुत सी महिलाएं गांव स्तर पर अपना निजी व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं, अपना ब्यूटी पार्लर चला रही हैं और बड़े शहरों के मेकअप स्टूडियो में भी कार्य कर रही हैं। संस्था के संजोयक मितेश कौशल ने आगे जानकारी दी कि अनुराग ठाकुर इसी तरह क्षेत्र वासियों को रोजगार-स्वरोजगार के विभिन्न अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। किसानों को औषधीय मशरूम की ट्रेनिंग देकर, बायबैक भी करवाया जा रहा है। अनुराग के सहयोग से हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से औषधीय मशरूम गांव से ही खरीद लिया जाता है। और अनुराग ठाकुर की पहल एक से श्रेष्ठ के माध्यम से पंचायतों मे ग्रेजुएट को रोजगार भी मिल रहा है। एक से श्रेष्ठ केंद्रों मे स्थानीय लोगों का ही चयन कर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है।
बुशहर छात्र कल्याण संघ के छात्र एवं छात्राएं आज लोक निर्माण एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह एवं रामपुर बुशहर के स्थानीय विधायक नंद लाल से उनके निजी आवास में जाकर मिले। इस दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री तथा विधायक नंद लाल ने बुशहर छात्र कल्याण संघ के सभी चुने हुई पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और एकता का मार्ग अपनाकर जनकल्याण कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर छात्र कल्याण संघ के चेयरमैन कुलदीप वर्मा, प्रधान चंदन महाजन, महासचिव शालू नेगी, कोषाध्यक्ष अशोक पालसरा, उपाध्यक्ष अभिनय चौहान, सचिव सुमित शर्मा एवं अन्य सभी पदाधिकारी और सदस्य आदि मौजूद रहे।
-मुख्यमंत्री ने बिशप काटन स्कूल में विजेता आईएएस-इलेवन को किया सम्मानित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के बिशप काटन स्कूल में आईएएस-इलेवन और आईपीएस-इलेवन के बीच टी-20 क्रिकेट मैच का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यस्त जीवन के तनाव से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए। खेल गतिविधियां युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखती हैं। खेल गतिविधियां व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन जैसे मूल्यवान गुण भी विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हिमाचल के खिलाड़ियों और एथलीटों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश के युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने मैच की विजेता टीम आईएएस-इलेवन को ट्राफी से भी सम्मानित किया और पुरस्कार भी वितरित किये। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आबिद हुसैन सादिक को मैन-आफ-द-मैच की ट्रॉफी भी दी। उन्होंने शानदार 82 रन बनाए और अपनी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण विकेट भी लिया। आईपीएस-इलेवन के विवेक चहल को उनके उत्कृष्ट 59 रन की पारी के लिए सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया, जबकि आईएएस-इलेवन के अपूर्व देवगन को शानदार गेंदबाजी के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज की ट्राफी से सम्मानित किया गया। आईएएस-इलेवन के लिए सुमित किमटा ने 35 रन बनाए, जबकि विवेक भाटिया ने 32 रन का योगदान दिया। आईपीएस-इलेवन टीम के लिए शालिनी अग्निहोत्री ने 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जबकि अशोक रतन 47 रनों के साथ आईपीएस-इलेवन के लिए दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे, लेकिन 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आईपीएस-इलेवन 167 रन ही बना सकी। मैच से पूर्व अभ्यास में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बीसीएस के निदेशक साइमन वीले ने गेंदबाजी की। मैच का संचालन बीसीएस खेल शिक्षक तथा क्रिकेट कोच लोकपाल ठाकुर और अमोद तलवलकर ने अंपायर की भूमिका निभाई। इस अवसर पर बीसीएस विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट संगीत प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा और सुरिंदर काकू, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, बीसीएस स्कूल के हेडमास्टर मैथ्यू पी. जान और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जातिगत जनगणना को सिर्फ घमंडिया विपक्ष की राजनीति बताते हुए कहा कि जिनका काम पहले बांटना था वह आज भी वही कर रहे हैं। न लोगों की फितरत बदलती है और न ही नीयत। देश में विकास और बात होनी चाहिए लेकिन विपक्ष का कोई भी नेता विकास की बात नहीं कर रहा है। सिर्फ लोगों को बांटने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को अगर आगे ले जाना है तो सिफ़र् विकास की बात करने की आवश्यकता है। गरीबों के कल्याण की आवश्यकता है। यह काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र बखूबी कर रहे हैं। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के सर्वमान्य नेता हैं और भारत ने उनके नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रखना है, इसलिए भारत के लोग आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को और बड़ा जनादेश देंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आधुनिक भारत में बांटनें वाली विचारधारा नहीं चलेगी। देश की समस्या ग़रीबी है। इसलिए ग़रीबी को ख़त्म करने की आवश्यकता है। माफ़ियाराज और बिचौलियों को रास्ते से हटाकर सरकार की योजनाओं को सीधे आम आदमी से जोड़ने की ज़रूरत थी। जिससे दिल्ली से आम लोगों के लिए भेजा जाने वाला 100 पैसा पूरा का पूरा ज़रूरतमंदों तक पहुंचे न कि 85 पैसा बिचौलियों में ही रह जाए। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काम किया लाखों करोड़ रुपया हर साल आम आदमी के खाते में सीधे-सीधे पहुंचाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत बनाने और विकासात्मक कार्यों को गति देने की आवश्यकता है। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सरकार की आवश्यकता है, जिससे देश की पाई-पाई, देश के विकास में लगे न कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद को पोषित करने में। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 साल के सेवाकाल में एक नए पैसे के भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है जबकि इसके पहले की सरकारों में इस कदर भ्रष्टाचार हुआ कि शून्य कम पड़ गए। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज भारत दुनिया में तकनीकी, विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में जो विकास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ साल के कार्यकाल में हुआ वह 70 साल में नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से ग़रीबी को ख़त्म करने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उनकी इस मुहिम में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला जाकर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की माता अमरलता अवस्थी और चौपाल से विधायक बलबीर वर्मा की माता विद्या वर्मा का कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ जिला किन्नौर ने रविवार को मिनी स्टेडियम रिकांगपिओ में आभार रैली का आयोजन किया। आभार रैली में जिला किन्नौर के तीन खंडों से कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। रैली में प्रदेश के राजस्व, बागवानी एंव जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे। न्यूज पेंशन कर्मचारी महासंघ जिला किनौर ने पुरानी पेंशन बहाल होने की खुशी में आभार रैली का आयोजन किया। न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ के प्रधान विजेंद्र जिन्टू, उपाध्यक्ष बलदेव बिष्ट, जिला महासचिव मोती नेगी और संज्ञा नेगी ने बताया कि एनपीएस कर्मचारियों की मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूरा सहयोग दिया है। कांग्रेस सरकार ने सता में आते ही पहली ही कैबिनेट में पुरानी पेंशन बहाल करके एतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कर्मचारियों के साथ नाटी भी डाली।
-कहा, सेवा पखवाड़े में हर भाजयुमो कार्यकर्ता ने किया बेहतरीन काम सेवा पखवाड़े के तहत भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में बीते दिनों विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पिछले एक सप्ताह में भाजयुमो द्वारा रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान जैसे अनेकों कार्यक्रम किए गए, जिसमें 7 दिनों में भाजयुमो ने रक्तदान कर 1556 यूनिट रक्त भी एकत्र किया है। भाजयुमो प्रदेश प्रवक्ता रोहित भारद्वाज ने कहा युवा मोर्चा ने पूरे प्रदेश में सेवा पखवाड़ा के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें रक्त दान शिविर, सफाई अभियान वह अनेकों कार्यक्रम किए गए और युवा मोर्चा ने यह कार्यक्रम युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तिलक राज शर्मा के नेतृत्व में पूरे प्रदेश भर में किए। युवा मोर्चा के सभी नेता युवा मोर्चा अध्यक्ष तिलक राज को बधाई देता है कि पूरे प्रदेश मे सफल कार्यक्रम रहे। रोहित भारद्वाज ने कहा कि आगे भी युवा मोर्चा इसी तरह के विभिन्न कार्यक्रम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि ब्लड डोनेशन कार्यक्रम में युवा मोर्चा की दृष्टि से प्रभारी लगे युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री सनी शुक्ला ने पूरे प्रदेश से डाटा इक_ा कर मॉनिटरिंग कर के इस कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रदेश में पहली बार किसी मोर्चा द्वारा 7 दिनों के अंदर 1556 यूनिट के आस पास ब्लड इक_ा किया गया और प्रदेश के सभी जिलों मे अच्छा कार्य किया गया। रोहित ने कहा कि प्रदेश के हर जिले मे मंडल स्तर पर इन कार्यक्रमों को किया गया और जिला के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर इन सभी कार्यक्रमों को सफल बनाए।
-सीएम ने निगम के निदेशक मंडल की 173वीं बैठक की अध्यक्षता की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार देर सायं शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सीमित के निदेशक मंडल की 173वीं बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आपदा प्रभावित परिवारों को नि:शुल्क एलपीजी कनेक्शन और नि:शुल्क राशन उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की गई है और पात्र लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारियों को इसके प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवार अपने उचित अधिकारों से वंचित न रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को एलपीजी सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, हाट प्लेट, सुरक्षा पाइप सहित एलपीजी घरेलू रिफिल और ब्लू बुक की लागत सहित सभी संबंधित सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन प्रभावित परिवारों को नि:शुल्क राशन भी उपलब्ध करवा रही है जिसके अंतर्गत राशन पैकेज में 20 किलो गेहूं का आटा, 15 किलो चावल, 3 किलो दाल, 1 लीटर सरसों का तेल, 1 लीटर सोया रिफाइंड तेल, 1 किलो डबल फोर्टिफाइड नमक और 2 किलो चीनी शामिल है। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क राशन की यह सुविधा 31 मार्च, 2024 तक प्रदान की जाएगी। इससे प्रभावितों को मूलभूत खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 1955 करोड़ रुपये का कुल कारोबार किया है और 87 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निगम को पूरी तरह से डिजिटल, वाणिज्यिक और पेशेवर इकाई बनाने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफएमसीजी उत्पादों की खरीद के लिए निगम को गोदरेज और बजाज जैसी अग्रणी कम्पनियों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करने चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने निगम से मरीजों की सुविधा के लिए और उन्हें उचित दरों पर दवाएं और अन्य सर्जिकल उपकरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य भर के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 52 नई उचित मूल्य दवाओं की दुकानें खोलने के लिए भी कहा ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। निगम के गैर सरकारी निदेशक, प्रधान सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आरडी नजीम, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, प्रबंध निदेशक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम राजेश्वर गोयल, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार संदीप कदम, राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यकारी निदेशक सचिन कंवल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार समग्र शिक्षा के अंतर्गत नियुक्त विशेष शिक्षकों (एसएमसी/आउटसोर्स) की लंबित मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रारंभिक स्तर पर नियुक्त विशेष शिक्षकों के मानदेय को 8,910 रुपये से बढ़ाकर 14,095 रुपये तथा वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर विशेष शिक्षकों का मानदेय 14,500 रुपये से बढ़ा कर 17,936 रुपये किया गया है। इन विशेष शिक्षकों को यह लाभ प्रथम अक्तूबर, 2023 से प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त समग्र शिक्षा के अंतर्गत एसएमसी के अंतर्गत नियुक्त विशेष शिक्षकों को चिकित्सा अवकाश का भी प्रावधान किया गया है। इन विशेष शिक्षकों को समान वर्ष में छह दिन का चिकित्सा अवकाश प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसएफक्य) के अंतर्गत कार्यरत वोकेशनल ट्रेनर्ज का वेतन बढ़ाकर 22 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष शिक्षकों की मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है तथा उन्हें वेतन वृद्धि प्रदान कर अपना वायदा पूरा किया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
- जिन क्षेत्रों में सेब होता ही नहीं, वहां के विधायक विदेशी दौरे में क्या करेंगे भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि जब भी कोई वर्ल्ड बैंक या कोई बड़ा प्रोजेक्ट आता है तो उसमें एक एक्सपोजर टूर का बजट होता है। इसमें कृषक, उद्यमी, अफसर, विभाग के प्रमुख प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले टूअर पर जाते हैं। इसके माध्यम से उनको पूरे विश्व से उस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने के लिए अच्छी जानकारी प्राप्त होती है, पर हैरानी की बात है कि वर्तमान में हिमाचल राज्य बागवानी मिशन प्रोजेक्ट जो सरकार द्वारा एक्सटेंशन और वायु-प्रवाहक पर है और जिसके अंतर्गत 60 लाख रुपये बचे हैं उसमें विदेश दौरा बना दिया गया है। इस दौरे में कोई किसान नहीं जा रहा है। किसान बहुल इलाके का कोई विधायक नहीं जा रहा है। दौर पर जा रहे हैं हमीरपुर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, अर्की के विधायक संजय अवस्थी और एक विधायक जिनकी मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने हाथों से फाइल क्लियर करके बोर्ड को भेजी वो हैं नाहन के विधायक अजय सोलंकी। हैरानी की बात है कि इस दौरे पर जाने वाले विधायकों के क्षेत्र में सेब नाम की चीज ही नहीं है। उन्होंने कहा हम मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री इस दौरे को लेकर फिर विचार करें, यह किसानों का पैसा है और इसको सैर-सपाटे के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हम वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में जो दौरा हो
-महात्मा गांधी की जयंती समारोह पर निकाला मार्च -प्रदेश अध्यक्ष जैनब बोलीं, आज देश को राष्ट्रपिता के दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती समारोह की शृंखला मनाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी इस मौके पर महिला कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय से मैदान तक मार्च निकाला गया। हिमाचल कांग्रेस महिला अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि इस मार्च के माध्यम से सत्य, अहिंसा और भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी कही हुई बातें समाज को नई दिशा और दशा देने का काम करती हैं। राष्ट्रपिता ने देश को आजादी दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश को एक सूत्र में पिरोकर अहिंसा के साथ आजादी हासिल की। हिमाचल महिला कांग्रेस ने सभी लोगों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की राह पर चलकर देश को आगे बढ़ाने की अपील की।
-आम आदमी पर बोझ डालने वाली लगेज पॉलिसी वापस ले सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुखविंदर सिंह 'सुक्खू' के नेतृत्व में हिमाचल सरकार द्वारा एचआरटीसी के लिये लाई गई लगेज पॉलिसी पूरी तरह से आमजन विरोधी है। इस पॉलिसी को लागू करने में आमजन का बिलकुल ख़याल नहीं रखा गया। इसलिए इसे पूरी तरह से वापस लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि बसों से आम आदमी चलता है। वह अपने ज़रूरत का सामान भी उसी बस से ही ले जाएगा। इसलिए सामान के बदले अतिरिक्त किराया लेना किसी प्रकार से न्यायोचित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल प्रदेश की 'लाइफ लाइनÓ है। प्रदेश के आम लोगों के परिवहन का सबसे प्रमुख साधन है। दूर-दराज के आम लोग एचआरटीसी द्वारा ही यात्रा करते हैं। इनमें आम किसान और बागवान भी हैं। ऐसे में कोई किसान निर्धारित क्षमता के अंदर कोई सामान अपने साथ ले जा रहा है तो उससे भी अतिरिक्त किराया लेने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के फ़ैसले आमजन मानस को राहत देने वाले होने चाहिए परेशान करने वाले नहीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का आम लोगों को सुविधाएं प्रदान करना है। हर काम आय बढ़ाने की दृष्टि से नहीं किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की आय बढ़ाने के और भी संसाधन हैं। आम लोगों के ऊपर किराए का बोझ बढ़ाकर एचआरटीसी की आय बढ़ाने का यह सरकारी फार्मूला बिलकुल ग़लत है।
क्रिप्टो करंसी ठगी मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब व चंडीगढ़ में 35 स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान विशेष जांच की ओर से मामले में कांगड़ा, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और बद्दी में स्थित आरोपियों व संदिग्धों के आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई। इसके अलावा पंजाब और चंडीगढ़ में भी तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एसआईटी के हाथ मामले से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं। एसआईटी ने दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड सहित मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त किया है। कुछ वाहनों को भी जब्त किया गया है। ठगी मामले में आय से संबंधित विभिन्न विवरण प्राप्त किए हैं। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से दी गई है। एसआईटी के अनुसार तलाशी के दौरान एकत्र किए गए सबूत क्रिप्टो मुद्रा घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी भी मामले में मुख्य सरगना फरार है। एसआईटी की ओर से अभी भी तलाशी अभियान जारी है। हिमाचल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और उन योजनाओं में निवेश करने से बचें जो कम अवधि में असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा करती हैं। वित्तीय सुरक्षा और निवेश को हमेशा सावधानी और उचित परिश्रम से किया जाना चाहिए। वैध और विनियमित तरीकों से निवेश करके अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बुशहर छात्र कल्याण संघ की बैठक मनोज चौहान और डॉ. संतोष सैनी की अध्यक्षता में विश्विद्यालय परिसर में हुई। इसमें कार्यकारणी समिति का गठन सर्वसम्मति किया गया। इसमें चैयरमैन कुलदीप वर्मा को बनाया गया। बुशहर छात्र कल्याण समिति का अध्यक्ष चंदन महाजन, उप-प्रधान राहुल बंसल और शगुन नेगी,महासचिव शालू नेगी, कोषाध्यक्ष अशोक पालसरा, सह-सचिव सुमित शर्मा,खेल सचिव प्रदीप दिमान, मीडिया प्रभारी कर्ण चौहान को चुना गया। बैठक में आगामी विषय पर चर्चा की गई। बैठक में मोहित मेहता, प्रयांशु, अभिनय खश, साहिल ठाकुर, वनीत भारद्वाज, रोबिन जिंटू, मुकुल रांटा, इत्यादि मजूद रहे।
-शिकायतकर्ता बच्चे के पिता पर ही जड़ दिए कई आरोप -स्कूल में गलत नियत से आने एवं स्कूल और अध्यापिका की बदनामी करने की कही बात राजकीय प्राथमिक पाठशाला फागली में शुक्रवार को स्कूल की अध्यापिका द्वारा दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे की पिटाई के आरोपों को पाठशाला के अध्यापकों, अभिभावकों तथा एसएमसी सदस्यों ने पूरी तरह से नकार दिया है। प्रेस बयान में इन लोगों ने कहा कि बच्चे के पिता बलदेव, जो पूर्व में स्कूल प्रबंधन समिति का प्रधान रह चुके हैं, ने अनावश्यक रूप से इस मामले को तूल दिया और पुलिस थाना में रिपोर्ट करने के उपरांत मीडिया में उछाला, जिससे पाठशाला की बदनामी हुई और अध्यापिका के मान-सम्मान को भी ठेस पहुंची है। वहीं, अध्यापिका आशा देवी ने कहा कि एसएमसी प्रधान के पद से हटाने के कारण बलदेव कुमार अध्यापकों से खुन्नस रखता था। वह हररोज बिना वजह स्कूल में आकर ताकझांक करता था और महिला अध्यापिकाओं और महिला कुक पर भी गलत नजर रखता था, जिस पर आशा देवी ने उसे टोका और बिना काम स्कूल न आने की हिदायत दी तो वह आगबबूला हो गया और आशा देवी को इसका खामियाजा भुगतने की धमकी दे डाली। अध्यापिका ने कहा कि उन्होंने बच्चे की पिटाई नहीं की है। क्लास में खेलते वक्त बच्चे का सिर एक मेज से टकरा गया, जिस कारण उसके कान के पास हल्की चोट लगी है। उन्होंने तुरंत उसे प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाई है। वहीं, अध्यापिका आशा देवी के समर्थन में बच्चों के अभिभावकों, एसएमसी के सदस्यों तथा अध्यापकों ने आज एक आपात बैठक बुलाई और एक प्रस्ताव पारित कर हस्ताक्षरित बयान पुलिस थाना बालूगंज, प्राथमिक शिक्षा उप-निदेशक शिमला, खंड प्राथमिक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को बलदेव के खिलाफ एक शिकायत भेजी है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि बलदेव ने अध्यापिका के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवाई है। आशा देवी पर ऐसे झूठे आरोप लगाना सरासर गलत है।
-कहा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भारत में लाए थे कंप्यूटर क्रांति -विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को बांटे पुरस्कार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के शोघी में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विज्ञान अध्ययन एवं सृजन केंद्र का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शत प्रतिशत वित्त पोषित विज्ञान अध्ययन एवं सृजन केंद्र (सीएसएलसी) विज्ञान शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति लाने के साथ-साथ विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। यह अत्याधुनिक संस्थान हिमकोस्टे और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) के संयुक्त तत्वावधान में तैयार किया गया है। इसके सभी संस्थागत खंडों में 60 इंटरैक्टिव विज्ञान प्रदर्शनियां, विषयवार दीर्घाएं और सूचना विज्ञान प्रदर्शनियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में एक आधुनिक तारामंडल का संचालन वर्ष 2024 के अंत तक पूरा हो जाएगा जो खगोलीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने में मददगार साहिब होगा। उन्होंने केंद्र में प्रदर्शित प्रदर्शनियों का गहराई से अवलोकन करते हुए कहा कि यह केंद्र प्रदेश में नवीन विचारों और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में आधारशिला रखने के साथ शुरू हुई इस परियोजना को वर्ष 2023 को मूर्तरूप मिला है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी भारत में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार क्रांति के जनक हैं और आज उनके प्रयासों के फलस्वरूप देश सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरन्तर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र की स्थापना से युवा मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न होगी और वे वैज्ञानिक सिद्धांतों को अधिक प्रभावी ढंग से समझ सकेंगे। इसके अलावा, प्रदेश के विद्यार्थियों को विज्ञान के अध्ययन व अनुभव के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश के अग्रणी वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए इस केंद्र में एक हॉल ऑफ फेम स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसने एक पुस्तकालय और एक यू-टयूब स्टूडियो भी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया गया है, जिससे प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को विज्ञान से संबंधित गतिविधियों में सम्मिलित होने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रश्नोत्तरी एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया। दस वर्ष में हिमाचल को नंबर वन राज्य बनाना लक्ष्य उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगामी चार वर्षों में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और आगामी दस वर्षों में हिमाचल को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण बदलाव लागू कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट भी जारी की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने मंडी से बजौरा वाया कमांद कटौला वैकल्पिक मार्ग के लिए साढ़े 12 करोड़ व चैलचौक गोहर पंडोह मार्ग के सुधार के लिए भी साढ़े 12 करोड़ व दोनों के लिए कुल 25 करोड़ की डीपीआर राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को मंजूरी के लिए भेजी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इन दोनों सड़कों की डीपीआर को मंजूरी मिल जाएगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि इसके अतिरिक्त कुल्लू को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग पंडोह से कैंची मोड़ तक क्षतिग्रस्त सड़क के सुधार के लिए राष्ट्रीय राज मार्ग प्रधिकरण ने लोक निर्माण मंडल गोहर व पधर को 2,30 करोड़ जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि भारी बारिश से प्रभावित फोर लेन सड़को के सुधार व इन वैकल्पिक मार्गों का मामला उन्होंने राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण से उठाया था। प्रतिभा सिंह ने मंडी जिला के सभी अधिकारियों कर्मचारियों का आपदा से प्रभावित लोगों को राहत व पुनर्निर्माण कार्यो त्वरित कार्यवाही पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी का आभार प्रकट किया हैं।उन्होंने कहा है कि जिस गति से जिला प्रशासन के साथ साथ लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत, वन विभाग ने भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में अपने अपने कार्य बहाली के कार्यो को अंजाम दिया है वह बहुत ही सराहनीय है। मंडी जिला के पांच दिवसीय दौरे के बाद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि सरकार और प्रशासन पूरे तालमेल के साथ राहत व पुनर्वास कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्री प्रदेश में हुए नुकसान व प्रभावित लोगों की जिस प्रकार मदद कर रहें है वह बहुत ही सराहनीय है। प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 4500 करोड़ का राहत कोष स्थापित करने को एक ऐतहासिक कदम बताते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के नकारात्मक रवैये के चलते प्रदेश सरकार ने अपना पूरा खजाना खोल दिया है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वह मंडी जिला में राहत व पुनर्वास कार्यो से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर से पंडोह व कुल्लू फोर लेन सड़क के पुनर्निर्माण कार्य मे राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को भी तेजी लाने को कहा है।
घाना की राजधानी अक्रा के कन्वेशन सेंटर में आयोजित 66वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन का गत सायं समापन हो गया है। गौरतलब है कि यह सम्मेलन 2 से 6 अक्तूबर तक आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल में शामिल सभी देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत की सभी राज्य विधान सभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सम्मेलन में लिंग कोटा-अंत का एक साधन विषय पर अपना संबोधन दिया तथा अक्रा कन्वेशन सेंटर में आयोजित सीपीए महासभा की बैठक में भी भाग लिया। सम्मेलन के दौरान कुलदीप सिंह पठानिया ने जहां रिपब्लिक ऑफ घाना के राष्ट्रपति नाना आडो दानिका अकूफो से शिष्टाचार भेंट की वहीं पार्लियामेंट ऑफ घाना के स्पीकर अलबन किंग्सफोर्ड सुमाना बेगबिन के साथ मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की तथा हिमाचल प्रदेश विधानसभा की ई-विधान प्रणाली, ई- निर्वाचन प्रबंधन तथा विधान सभा की कार्यप्रणाली तथा क्रियाकलापों बारे गहन चर्चा की। पठानिया ने सम्मेलन में आयोजकों का धन्यवाद किया तथा कहा कि यह सम्मेलन एक ज्ञानवर्धक सम्मेलन था जहां अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी को अपने-अपने विचार व्यक्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ वहीं यह सीखने का एक सर्वोतम अवसर था। इस तरह के सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधों को मजबूती प्रदान करते हैं तथा विश्व में शांति तथा एकता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। सम्मेलन उपरांत विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया आगामी दौरे हेतु स्पेन तथा स्विटजरलैंड देशों के प्रवास पर रहेंगे। पठानियां स्पेन की राजधानी मैड्रिड, बार्सिलोना तथा स्विटजरलैंड के खूबसूरत शहर ल्यूर्सन तथा ज्यूरिख के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे। कुलदीप सिंह पठानिया 16 अक्तूबर को इस्तांबुल से दिल्ली लौटकर स्वदेश वापसी करेंगे।
वन्यप्राणी सप्ताह 2023 के उपलक्ष्य में आज वन्यप्राणी प्रभाग, वन विभाग ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से मैराथन शुरू की। इसका शुभारंभ राजीव कुमार प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं वन बल प्रमुख ने किया। इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य लोगों को वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान अनिल ठाकुर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी प्रभाग, एच कथूरिया अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल, देव राज कौशल मुख्य अरण्यपाल शिमला, अनीश शर्मा, उप अरण्यपाल मुख्यालय, एन रविशंकर, उप अरण्यपाल वन्यप्राणी मंडल शिमला शीतल शर्मा वन मंडलाधिकारी,वन विभाग एवं खेल विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस मैराथन में 450 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया।
-फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से दी शिकस्त हिमाचल की बेटी रितु नेगी के नेतृत्व में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया है। भारत की बेटियों ने फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 के कड़े मुक़ाबले में हराकर बड़ी जीत हासिल की है। सिरमौर जिले के गिरिपार की रितू नेगी की कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स 2023 में इतिहास रच दिया है। इन खेलों में भारत ने पहली बार 100 पदक जीत लिए हैं। शनिवार को सवेरे सात बजे भारतीय टीम का गोल्ड के लिए चीनी ताइपे टीम से मुकाबला हुआ। मुकाबला काफी रोमांच का था, दोनों टीमें अपना बेहतर प्रदर्शन कर रही थीं। अंत में भारत ने चीनी ताइपे को 26-25 से मात देकर सोने का पदक भारत की झोली में डाल लिया। सभी खिलाड़ियों ने अपनी टीम को जिताने के लिए बेहतर प्रदर्शन किया। टीम की कप्तान रितु नेगी हिमाचल के जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के शरोग गांव की रहने वाली है, जिनका कुछ समय पूर्व ही एशियन गेम्स की भारतीय महिला कबड्डी टीम के कप्तान पद पर चयन हुआ था। नेगी भारतीय कबड्डी टीम में डिफेंडर के तौर पर खेलती हैं। वह पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। वर्तमान में रितु नेगी इंडियन रेलवे में सेवारत है।
प्रदेश कांग्रेस सचिव एडवोकेट तरुण पाठक ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए 45 हजार करोड़ का एक विशेष पैकेज जारी करने को सरकार का ऐतिहासिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा है कि यह निर्णय आपदा प्रभावित लोगों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात सिद्ध होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने इस फैसले से प्रदेश में लोगों का दिल जीत लिया है जिसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बधाई के पात्र हैं। तरुण पाठक ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा है कि प्रदेश में आपदा की इस घड़ी में वह केवल बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का पूरा प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा के नेता राहत कार्यो में प्रदेश सरकार को कोई भी सहयोग नही कर रहें है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। तरुण पाठक ने कहा कि प्रदेश की विकट आर्थिक स्थिति के बाबजूद प्रदेश सरकार का यह राहत पैकेज जारी करना यह सिद्ध करता है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनहित को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार प्रदेश व देश के लोग आपदा राहत कोष में अंशदान दे रहें है वह बहुत ही सराहनीय है। इस आपदा कोष में देश के कई राज्यों ने भी अंशदान देकर प्रदेश को इस आपदा से उभारने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता विशेष तौर पर प्रदेश के नेता इस आपदा में अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहें है जबकि उनका आपदा राहत कोष में कोई विशेष योगदान अभी तक नही आया हैं।
-बागवानों के हक में जयराम ठाकुर ने बनाई थी एसआईटी -हम यूनिवर्सल कार्टन के पक्ष में, परंतु बागवानों के बारे में भी सोचे सरकार भाजपा प्रवक्ता एवं विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल टनल का उद्घाटन कर टनल को देश की जनता को समर्पित किया, आज कई सालों बाद उसकी पट्टिका को बदलने की बात की जा रही है। यह नई परंपरा कांग्रेस सरकार द्वारा को चलाई गई है गलत है। यह जनता की भावनाओं के विरुद्ध है। इसका मतलब यह हुआ की 5 साल में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जो पट्टिका लगाएंगे वह हम अपनी सरकार में बदल देंगे, क्या हम नई पट्टी का लगाएंगे? ऐसा नहीं होना चाहिए। यह सरकार और जनता का पैसा है इसका सदुपयोग करना चाहिए ना कि दुरुपयोग। उन्होंने कहा की आपने आपदा की घड़ी में भी देखा होगा कि बंदर बांट हुई, जिस व्यक्ति को ज्यादा पैसा मिलना चाहिए था उसको लख रुपए मिले और जिस व्यक्ति को कम पैसा मिलना चाहिए था उसको ढाई लाख रुपए मिले। उन्होंने कहा कि अगर हम सेब बागवानों की बात करें तो जयराम ठाकुर की सरकार के समय हमें एक प्रतिनिधिमंडल मिला था इसमें उनका निवेदन था की आड़ती और लदानी मिलकर बागवानों को लूट रहे थे। हमने उसके ऊपर एक एसआईटी का गठन किया था, जिसमें एसपी रैंक के अफसरों को लगाए गया था। 100 करोड़ से अधिक की रिकवरी उन लोगों ने को थी। इससे चोरों की हौसले टूटे थे। यह एसआईटी मुंबई से भी ऐसे लोगों को पकड़ कर लाई थी जिन्होंने बागवानों के पैसे हड़प लिए थे। उन्होंने कहा की हम यूनिवर्सल कार्टून का समर्थन करते हैं पर जो कॉटन लोगों के अभी भी है वह क्या उसको जला दे? क्या उसमें सब ना बेचे। गांव के लोग भोले होते हैं उनका सरकार को साथ देना चाहिए ना कि उनमें भय का एक वातावरण पैदा करना चाहिए।
आज वन्यप्राणी सप्ताह के उपलक्ष्य में वन्यप्राणी प्रभाग वन विभाग द्वारा वन्यप्राणी प्रभाग के फील्ड ऑफिसर और ऑफिशियल के लिए वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी फिल्मिंग पक्षियों एवं वन्य वनस्पतियों की प्रजातियों के बारे जानने के विभिन्न तरीकों के ऊपर एक कार्यशाला का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल टालेंड शिमला में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ आर लालनन सांगा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वित्त ने किया। अनिल ठाकुर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने बताया कि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी, वीडियो मेकिंग, पक्षियों और वन्य वनस्पतियों की प्रजातियों को रिकॉर्ड करना भी वन्य प्राणियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो सभी प्रतिभागी इस कार्यशाला से सीख कर जाएं और अपने अपने कार्यक्षेत्र में जाकर सिखाए गए विभिन्न तरीकों का प्रयोग करें। अभिनव कुमार भारतवर्ष के प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर में सभी प्रतिभागियों को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के विभिन्न तरीकों से अवगत करवाया। डॉ. अनिल ठाकुर वन्य वनस्पति विशेषज्ञ ने सभी प्रभागियों को वन वनस्पतियों की प्रजातियों को पहचानने और रिकॉर्ड करने के विभिन्न तरीकों से अवगत करवाया। कार्यशाला में 40 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया भाग कार्यक्रम में देव राज कौशल, मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी वत्त शिमला, श्री अनीश शर्मा जी उप अरण्यपाल, रविशंकर उप अरण्यपाल, वन्यप्राणी मंडल शिमला रेणु सहजल, वन मंडलाधिकारी, प्रवीण शर्मा वन मंडल अधिकारी एवं शीतल शर्मा जी वन मंडल अधिकारी और वन्यप्राणी प्रभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
-मुख्यमंत्री बोले, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में सहायक होगी प्रौद्योगिकी आधारित तकनीक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से वीरवार देर सायं यहां यूनाइटेड पार्सल सर्विस कंपनी की वाइस प्रेजिडेंट क्रिस्टिना स्ट्रूलर द कोस्टा और निदेशक दिनकर सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक कंपनी यूनाइटेड पार्सल सर्विस ने हिमाचल प्रदेश के राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। दुबई स्थित कंपनी ने राज्य सरकार को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में दवाएं और टीके पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक प्रदान करने की पेशकश की है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने सरकार को आवश्यक दवाओं और टीकों की नि:शुल्क आपूर्ति का भी आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण के दृष्टिगत कम्पनी के इस प्रस्ताव पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी (टेकनॉलॉजी) एवं गवर्नेंस विभाग इसके लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगा और राज्य सरकार उसी के अनुरूप सेवाओं के सम्बन्ध में उचित निर्णय लेगी। सुखविंदर ंिसंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में बरसात के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से जान-माल की व्यापक क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सीमित संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के अमूल्य सहयोग से आपदा राहत कोष में 200 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह सहयोग प्रदेश के राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहायक सिद्ध हो रहा है। डिजिटल प्रौद्योगिकी एंड गवर्नेंस सचिव डॉ. अभिषेक जैन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-कहा, सरकार और विभाग की बड़ी लापरवाही, बच्चों का एक वर्ष बर्बाद भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा प्रदेश सरकार हिमाचल की शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रही है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। इसको लेकर हमने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक पत्र में लिखा है। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के गवर्नमेंट कॉलेज कुपवी में 70 में से केवल सात छात्रों ने बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की है। परिणाम का 10 प्रतिशत रहना आश्चर्य की बात नहीं है। क्योंकि पिछले साल यह कॉलेज बिना किसी शिक्षक के संचालित हुआ था, जिससे सभी 70 छात्रों को अपनी किस्मत पर निर्भर रहना पड़ा। कॉलेज में केवल सात छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि नौ अन्य की कंपार्टमेंट आई है। 50 से अधिक छात्र असफल हुए हैं। दुर्भाग्यवश अभिभावक-शिक्षक संघ द्वारा संक्षिप्त अवधि के लिए दो निजी शिक्षकों को छोड़कर, पूरे सत्र में शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए। खराब रिजल्ट के लिए छात्रों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इतने सारे छात्रों का एक कीमती साल बर्बाद हो गया क्योंकि अधिकारी पूरे साल एक भी नियमित शिक्षक नियुक्त नहीं कर सके। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, दुख देने वाला है। इस बच्चों का एक साल बर्बाद होने के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा? सरकार को यह बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साल कड़वे अनुभव के कारण कई छात्रों ने कॉलेज छोड़ दिया है। कॉलेज की नामांकन संख्या इस दावे का समर्थन करता है, जबकि पिछले साल कॉलेज के पहले बैच में 70 छात्र थे, बीए प्रथम वर्ष और बीए द्वितीय वर्ष की संयुक्त संख्या इस वर्ष घटकर केवल 63 रह गई है। बीए द्वितीय वर्ष में छात्रों की संख्या और कम हो सकती है, विनाशकारी परिणाम के बाद और गिरावट आ सकती है।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार देर सायं यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें आपदा राहत कोष के लिए 2.02 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में नया निवेश आकर्षित करने तथा उद्यमियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। राज्य में स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। विशेष तौर पर बद्दी क्षेत्र में रेलवे सम्पर्क सुविधा के साथ ही सड़कों के उन्नयन पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रेलवे लाईन के शीघ्र निर्माण से संबंधित मामला केन्द्र सरकार के समक्ष भी उठाया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नालागढ़-भरतगढ़ सड़क को फोरलेन में स्तरोन्नत किया जा रहा है जिससे उद्योगों सहित अन्य लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानेे हिमाचल प्रदेश में निवेश के इच्छुक हैं और राज्य सरकार उन्हें लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनधिमंडल की उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया सहित बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
-बोले, काननू लागू नहीं किया तो जन आंदोलन से निपटने के लिए रहे तैयार -मुख्य सचिव और प्रधान सचिव जनजातीय विकास से की मुलाकात -2 महीने से अधिक समय तक मामला लटकाना है कानून का अपमान सिरमौर के गिरिपार में बसने वाले हाटी समुदाय को केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे दिया है। इस संबंध में 4 अगस्त को कानून बन गया। लेकिन, राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून को हिमाचल प्रदेश में लागू नहीं कर रही है। 2 महीने से ज्यादा समय से मामला लटकाने से समुदाय के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। हाटी समुदाय ने फिर हुंकार भरी है। अगर कानून तत्काल लागू न हुआ तो बड़ा जन आंदोलन छेड़ेंगे। इस संबंध में हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, सलाहकार मदन तोमर की अगुवाई में शिमला में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जनजातीय विकास विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, विक्रम नेगी संयुक्त सचिव जनजातीय विकास विभाग से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आला अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें हाटी को स्ञ्ज का दर्जा दिलाने के लिए अधिकारियों के योगदान को सराहा गया। लेकिन क्रियान्वयन करने में देरी होने पर रोष भी जताया गया। पहले लॉ की ओपिनियन ली और अब केंद्र के पास भेजा मामला प्रदेश सरकार ने पहले लॉ डिपार्टमेंट की ओपिनियन ली। इसके बाद इसी मामले को फिर से केंद्र सरकार को भेजा गया है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय को भेजे गए पत्र में पूछा गया है कि क्या संशोधित कानून में अनुसूचित जाति को बाहर रखा गया है या नहीं.. इससे पहले लॉ डिपार्टमेंट से जानना चाहा था कि हाटी है कौन? जबकि केंद्र सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने पहले ही 22 अगस्त को हिमाचल प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था और इसमें संशोधित कानून को लागू करने के निर्देश दिए थे। यह हो रहा नुकसान कानून लागू न होने से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पा रही है और ना ही वह नौकरियों में इसका लाभ ले पा रहे हैं। बिना एसटी सर्टिफिकेट के उन्हें बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह दी चेतावनी हाटी समुदाय ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल कानून को लागू न किया तो वह फिर से महाखुमलियों के माध्यम से सड़कों पर उतरेंगे। वैसे हालात के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। गौरतलब है कि हाटी विकास मंच ने इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सरकारी आवास ओक ओवर में मुलाकात की थी। उन्होंने तब आश्वासन दिया था कि वह कानून को जल्द लागू करेंगे। मंच के पदाधिकारियों ने इसी साल अप्रैल महीने में शिमला प्रवास के दौरान राष्ट्रपति महामहिम द्रोपति मुर्मू से भी मुलाकात की थी। हाटी मामले में देश के राष्ट्रपति से की गई यह पहली मुलाकात थी।
एचआरटीसी प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर के निर्देश के बाद परिवहन निगम ने बसों में सामान ले जाने को लेकर रिवाइज्ड भाड़ा सूची जारी की है। इसमें बसों में नि:शुल्क ले जाने वाली वस्तुओं के साथ नए उत्पादों के लिए किराया विवरण भी जारी किया है। बस में सवारी अपने साथ घरेलू सामान 30 किलोग्राम तथा किसी भी साइज के दो बैग, बच्चों की ट्राली, तिपहिया साइकिल, व्हील चेयर, लैपटॉप, सेब बॉक्स के साथ सेब का एक गिफ्ट पैक फ्री में कहीं भी ले जा सकते हैं, लेकिन अगर सवारी साथ नहीं है, तो फिर एक गिफ्ट पैक का हाफ टिकट कटेगा। सवारी के साथ एक से ज्यादा गिफ्ट पैक पर एक चौथाई किराया लिया जाएगा, जबकि फुल पेटी का पूरा एक सवारी का किराया कटेगा। एचआरटीसी प्रबंधन ने सवारियों के साथ और बिना सवारी के साथ एचआरटीसी की बसों में ढोए जाने वाले सामान के लिए रिवाइज्ड भाड़ा निर्धारित किया है। एचआरटीसी की ओर से रिवाइज्ड भाड़े के मुताबिक सवारी के साथ ऑफिस या डाइनिंग चेयर का एक चौथाई किराया वसूल किया जाएगा। डाइनिंग व ऑफिस टेबल फुल टिकट होगा। पांच सीटर सोफा सेट का डबल टिकट कटेगा। सिंगल बेड बॉक्स का फुल टिकट कटेगा। डबल बेड बॉक्स का डबल टिकट कटेगा, अलमारी का भी डबल टिकट कटेगा। सिलाई मशीन व पंखे का एक चौथाई किराया कटेगा। प्लास्टिक व फोल्डिंग चेयर का एक से तीन कुर्सियों का एक चौथाई किराया कटेगा। छह कुर्सियों का हॉफ टिकट व इससे ज्यादा का फुल टिकट कटेगा। साइकिल का हाफ किराया। बच्चों की ट्रॉली व दिव्यांगों की व्हील चेयर का कोई किराया नहीं लगेगा। दिव्यांग व्यक्ति के बस में न होने पर कुर्सी का एक चौथाई किराया काटा जाएगा। कंप्यूटर, एलईडी, एलसीडी का एक चौथाई किराया कटेगा। सवारी के साथ दो लैपटॉप बिना किराए के ले जा सकते हैं। दो से ज्यादा पर एक चौथाई किराया काटा जाएगा। वहीं, वॉशिंग मशीन का फुल टिकट कटेगा।
-कहा, आपदा से नुकसान को कम करने के लिए नियमों तथा मानवीय स्वभाव में बदलाव जरूरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में कड़ा कानून बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में गृह निर्माण के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की अनुमति, भूमि के भार वहन करने की क्षमता का पता लगाने के साथ-साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था पर कानून बनाया जाएगा। उन्होंने इसमें लोगों से राज्य सरकार को सहयोग का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि आज आपदा से अमूल्य जीवन एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए नियमों तथा मानवीय स्वभाव में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन बनाकर ही आपदा की संभावना तथा इससे होने वाले नुकसान को न्यून किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में भूकंप और भूस्खलन जैसे भौगोलिक खतरों से उत्पन्न चुनौतियां, विषय पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आज यहां आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में इस बार बरसात में भारी बारिश, बादल फटने और बांधों से अत्याधिक पानी छोड़े जाने के कारण बहुत अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से ही राज्य में बारिश हो रही थी और मानसून में बहुत ज्यादा बारिश होने के कारण मानव जीवन और संपत्ति को काफी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस आपदा के लिए मानवीय लालसा व असंवेदनशीलता इत्यादि भी कारण रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत नालों इत्यादि से समुचित दूरी पर घर बनाने और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसमें चूक से आपदा में जान-माल के नुकसान की आशंका और भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही की बरसात में राज्य में बादल फटने की बहुत घटनाएं हुई हैं, जिनका व्यापक अध्ययन आवश्यक है। इसके अतिरिक्त जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी दृष्टिगोचर हो रहा है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी इस बार काफी ज्यादा बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से राज्य सरकार ने आपदा के दौरान बेहतर काम किया और रिकॉर्ड 48 घंटों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और टेलीफोन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गई। राज्य में किसानों-बागवानों को भी असुविधा न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखते हुए सेब व अन्य नकदी फसलों को समय पर मंडियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया गया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में बेहतर प्रयासों के लिए अधिकारियों सहित सभी लोगों की पीठ भी थपथपाई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह संकट की इस घड़ी में राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा है कि न तो केंद्र सरकार से इस आपदा से निपटने में कोई मदद कर रही है और न ही प्रदेश के भाजपा नेता। मण्डी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा चौक पर आपदा से प्रभावित लोगों की समस्यों को सुनने के बाद सभा को सम्बोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के साथ साथ मंडी में जितने विकास कार्यो को किय्य वह अपने आप मे एक रिकॉर्ड हैं। मंडी को आई आई टी,मेडिकल कालेज, जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ साथ मंडी को केंद्रीय जोन का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह को हमेशा याद रखा जाएगा। प्रतिभा सिंह ने पूर्व भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने मंडी के लोगों को गुमराह किय्य। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में मण्डी जिला में कांग्रेस को वह जनमत नही मिला जिसकी वह हकदार थी। उन्होंने कहा कि बाबजूद इसके प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार जन हित के कार्यो को कर रही है। प्रतिभा सिंह ने लोगों का आह्वान किया कि देश मे अगले साल लोकसभा चुनाव होने है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह अब कोई भूल न करें और कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने सभी वादों को चरणबद्ध डंग से पूरा करेगी। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि उन्होंने वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद से उन्होंने बल्ह क्षेत्र में अथाह विकास कार्य किये। बल्ह में एसडीएम कार्यालय व आईटीआई भी वीरभद्र सिंह ने ही दिया था।उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी से कोई भेदभाव नहीं किया।उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनावों में भले ही उन्हें सफलता नही मिली बाबजूद इसके वह क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के प्रति हमेशा समर्पित रहेंगे।
वन्यप्राणी सप्ताह 2023 के उपलक्ष्य में आज शिमला में इंटर स्कूल क्विज कांटेस्ट का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी प्रभाग वन विभाग अनिल ठाकुर ने की। इस प्रतियोगिता में शिमला के 7 स्कूलों के 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उप अरण्यपाल वन्यप्राणी मंडल शिमला एन रविशंकर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस इंटर स्कूल क्विज कांटेस्ट को इंद्र भूषण उप अरण्यपाल के द्वारा संयोजित किया गया। कांटेस्ट में डीएवी स्कूल लक्कड़ बाजार ने प्रथम, डीएवी स्कूल न्यू शिमला ने दूसरा और डीएवी स्कूल टूटू ने तीसरा स्थान हासिल किया।
कल्याण समिति की बैठकें 4 और 5 अक्तूबर को कार्यकारी सभापति विनोद कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुईं। इन बैठकों में इंद्र सिंह, रीना कश्यप, मलेंद्र राजन, लोकेंद्र कुमार, दीप राज, सुदर्शन सिंह बबलू व विनोद सुल्तानपुरी माननीय सदस्यों ने भाग लिया। समिति ने मांग संख्या 31 जनजातीय विकास विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 की अनुदान मांगों की संवीक्षा पर आधारित 24वें मूल प्रतिवेदन (तेरहवीं विधान सभा) (वर्ष 2019-20) में अंतर्विष्ट सिफारिशों से संबन्घित प्राप्त विभागीय उत्तरों का अवलोकन किया तथा अवलोकनो के बाद कुछ बिंदुओं पर पुन: टिप्पणी करते हुए इस पर कार्रवाई प्रतिवेदन तैयार करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त समिति ने नवंबर माह में राज्य की भीतर अध्ययन प्रवास करने का भी निर्णय लिया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को अटल टनल रोहतांग का निरीक्षण किया। मुकेश अग्निहोत्री ने टनल में हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए बीआरओ के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। टनल में हिमाचली और लाहौली शैली के सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों से अटल टनल पर सोनिया गांधी द्वारा किए गए शिलान्यास पट्टिका के लगाने की बात की। अधिकारियों ने इस संदर्भ में तुरंत पता लगाने का आश्वासन दिया। हिमाचल प्रदेश के अंतिम छोर पर शिंकुला पास में ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से एक और महत्वपूर्ण टनल का निर्माण किया जा रहा है जो विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित होगी जो देश व प्रदेश को विश्व भर में गौरवान्वित करेगी।
-सरकार ने बदले 7 एचएएस अफसर हिमाचल प्रदेश सरकार ने सात एचएएस अफसरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल को निदेशक मत्स्य बिलासपुर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। नियुक्ति आदेशों का इंतजार कर रहे जितेंद्र सांजटा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त निदेशक के पद पर सेवाएं देंगे। जितेंद्र सांजटा के पास हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के प्रशासनिक अधिकारी का कार्यभार भी रहेगा। जितेंद्र सांजटा को भंग किए जा चुके कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के पद पर भी तैनात किया गया था। अक्षय सूद को निदेशक तकनीकी शिक्षा सुंदरनगर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। अजीत कुमार भारद्वाज एडीएम लॉ एंड ऑर्डर शिमला के पद पर ट्रांसफर किया गया है। अनुपम कुमार को अतिरिक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा सुंदरनगर के पद पर ट्रांसफर किया गया है। नियुक्ति आदेशों का इंतजार कर रहे शिव मोहन सिंह सैणी डिप्टी सेक्रेटरी प्रशासनिक सुधार के पद पर सेवाएं देंगे। नियुक्ति आदेशों का इंतजार कर रहे कमल देव सिंह कंवर रजिस्ट्रार तकनीकी विवि हमीरपुर के पद पर सेवाएं देंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह को आज मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगस्याड़ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह और स्वयंसेवक राहुल ठाकुर, शताक्षी शर्मा और दीपाली ठाकुर ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 41000 रुपये की राशि का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए समाज के सभी वर्ग उदारतापूर्वक इस कोष में योगदान दे रहे हैं।
-प्रदेश की आर्थिक स्थिति को डूबोने के लिए कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी की सरकार हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आने के बाद एक साल होने को आया है। आज भी सुक्खू सरकार के मंत्रियों, प्रवक्ताओं और स्वयं मुख्यमंत्री के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस यह मानने को तैयार नहीं है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है और भाजपा प्रतिपक्ष में है। सरकार में स्थापित लोगों के निरंतर एक ही बयान आ रहे हैं कि भाजपा ने यह नहीं किया, वो नहीं किया, ऐसा नहीं किया, वैसा नहीं किया और केवल और केवल धन का रोना रोते-रोते एक साल बीता दिया। डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही, भारतीय जनता पार्टी तो 1990 के बाद सत्ता में आनी शुरू हुई। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डूबोने का काम यदि किसी ने किया है तो उसके लिए कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार हंै। 2022 के आम चुनावों के दौरान अरबों रुपये की घोषणाएं, गारंटियां जब चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस के नेता दे रहे थे, उस समय प्रदेश की माली हालत का इन्हें सब कुछ मालूम था, फिर भी केवल और केवल झूठ के आधार पर वोट बटोरने के लिए गारंटियां बांटी जा रही थी। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 10 महीनों में अव्यवस्था ही व्यवस्था है। 1500 स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसीलें इत्यादि संस्थान बंद कर दिए और उनका कोई माकूल जवाब सरकार नहीं दे रही है। यह सबसे बड़ी अव्यवस्था है। एक लाख बेरोजगारों को पहली कैबिनेट में सरकारी नौकरी देने की गारंटी पूरी न करके बेरोजगार युवकों की पीठ में छूरा घोंपा है और इसके विपरीत हजारों लोग जो नौकरी में लगे हुए हैं उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या होगी? जिला परिषद कर्मी सड़क पर हैं, उनसे झूठे वादे किए गए। एसएमसी अध्यापक सड़क पर हैं उनसे झूठे वादे किए गए और कोरोना वॉरियर्स रोते बिलखते कांग्रेस की सरकार के शिकार हो गए हैं, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या हो सकती है? चंबा से लेकर सिरमौर तक कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हुई हंै। दलित युवक की बेरहमी से हत्या चंबा जिला में होती है। हजारों लोग सड़कों पर उतरते हैं, परंतु सरकार को रत्ती भर भी रंज नहीं होता, दुख नहीं होता और यह हत्याओं का, बलात्कार का, चोरियों का, डकैतियों का सिलसिला जोरों पर चल रहा है। जनता त्रस्त है, सरकार मस्त है। कानून व्यवस्था राम भरोसे है।
-संयंत्र निर्माण पर प्रथम चरण में 180 करोड़ रुपये होंगे व्यय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बोर्ड के सहयोग से जिला कांगड़ा के डगवार में 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का अत्याधुनिक पूर्ण रूप से स्वचालित दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना का शिलान्यास शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के प्रथम चरण में 180 करोड़ रुपये के निवेश से संयंत्र का निर्माण किया जाएगा। इस संयंत्र के स्थापित होने से दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, स्वादिष्ट दूध, खोया और मोजेरेला पनीर सहित विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके लिए चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा और ऊना जिला के दुग्ध उत्पादकों से दूध खरीद कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने दूध खरीद में पारदर्शिता के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि इससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध खरीद प्रणाली को मजबूत करने के लिए 43 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। संयंत्र का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन 2.74 लाख लीटर दूध खरीदने का लक्ष्य रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के तहत डगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट में मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और विभिन्न प्रकार के पनीर का उत्पादन शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस प्लांट के निर्माण संबंधी कार्य को डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र में उल्लेखित वायदे के अनुसार गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि और आर्थिक विकास के लिए यह पहल महत्त्वपूर्ण है और प्रदेश सरकार राज्य में डेयरी-आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने परियोजना पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी और इस संयंत्र की स्थापना में हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक विनय कुमार और इंद्र दत्त लखनपाल, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव राकेश कंवर, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
-वित्त वर्ष 2022-23 में निगम का कुल राजस्व 200 करोड़ के पार पहुंचा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार सायं हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॅानिक विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के निदेशक मंडल की 106वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रीन फील्ड और उभरती प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने से सुशासन के साथ-साथ पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एचपीएसईडीसी ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वित्तीय प्रबंधन में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 8.16 करोड़ रुपये का कुल लाभ अर्जित किया है तथा वित्त वर्ष 2022-23 में निगम का कुल कारोबार (राजस्व) 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है। उन्होंने कहा कि निगम के इतिहास में यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जो कि इसकी व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि और सफलता का संकेत देती है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि निगम की कार्य प्रणाली को पूरी तरह से स्वचालित कर दिया गया है और विभाग और विक्रेताओं से संबंधित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। निगम ने पहली बार सरकार को लाभांश भी प्रदान किया। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान पांच रुपये प्रति शेयर की दर से कुल 18 लाख 58 हजार 350 रुपये और वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान प्रति शेयर 20 रुपये उच्च लाभांश के साथ कुल 74 लाख 33 हजार 400 रुपये के चेक मुख्यमंत्री को भेंट किए। आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने तथा सरकार के राहत एवं पुनर्वास कार्य में योगदान देने के उद्देश्य से निदेशक मण्डल ने आपदा राहत कोष के लिए 21 लाख रुपये का चेक भी भेंट किया। एचपीएसआईडीसी के प्रबन्ध निदेशक मुकेश रेपसवाल ने कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, सचिव डिजिटल टेक्नॉलाजी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, बीएसएनएल के सीजीएम जसविंदर सिंह सहोता और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार देर सायं यहां शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल-2023 का टीजर जारी किया। यह फेस्टिवल 12 से 15 अक्टूबर, 2023 तक हिमाचल पर्यटन विभाग और दि-ग्लाइड इन के संयुक्त तत्वावधान में शिमला के समीप जुन्गा में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष वर्ष मानसून के दौरान लगभग तीन माह तक प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण भारी क्षति हुई है। प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय पर भी इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा से उबरने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। प्रदेश में अब जनजीवन सामान्य है और आवागमन के लिए सभी सड़कें खोल दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन गतिविधियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल के आयोजन से साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में साहसिक पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में सभी पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर एस बाली, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार, ग्लाइड इन के प्रबंध निदेशक अरुण रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी का किंगपिन सुभाष शर्मा देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि दो दिन पहले पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने दावा किया था कि पुलिस सरगना तक पहुंच गई है। मगर, मंडी निवासी सुभाष शर्मा पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि सुभाष शर्मा कब देश छोड़कर भागा और अब किस देश में है। हालांकि चर्चाएं सुभाष शर्मा के दुबई को भागने की हैं, लेकिन पुलिस अभी इसे लेकर आशंकित है। बताया जा रहा है विदेश को फरार हो चुके सुभाष शर्मा ने लोगों के पैसे से अकूत संपत्ति बनाई है। उसने मंडी के अलावा चंडीगढ़, जिरकपुर में कई बीघा जमीन, फ्लैट, पेट्रोल पंप, होटल, पंजाब के पॉश इलाकों में कई सैलून और मसाज सेंटर भी खोल रखे हैं।
आज से क्रिकेट वर्ल्ड कप मैचों की शुरुआत होगी। गुजरात के अहमदाबाद में दोपहर डेढ़ बजे से पहला मैच इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाने वाले वर्ल्ड कप के मैचों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्टेडियम के अंदर और बाहर थ्री लेयर की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। यहां होने वाले पांचों मैचों में स्टेडियम के अंदर और बाहर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मैच से पहले क्राइम ब्रांच 3 ड्रोन से स्टेडियम और आसपास के इलाके में गश्त करेगी। क्राइम ब्रांच के डीसीपी चौतन्य मांडलिक ने बताया कि अहमदाबाद में होने वाले मैचों को लेकर आतंकी हमले की धमकी दी गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए स्टेडियम के अंदर और बाहर थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मैचों के लिए लगभग 3500 पुलिसकर्मी होंगे। धर्मशाला में 7 को अफगानिस्तान और बांग्लादेश का मैच दुनिया के सबसे सुंदर क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 7 अक्तूबर को अफगानिस्तान और बांग्लादेश का मैच होगा। दोनों टीमें धर्मशाला पहुंच चुकी हैं। यहां कुल पांच मैच खेले जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला 22 अक्तूबर को होगा।
इस मानसून सीजन में प्रदेश में जितने दिन स्कूल बंद रहे, उतने दिन या घंटे तक एक्स्ट्रा कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। इसे लेकर प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा निदेशक ने सर्कुलर जारी कर सभी डिप्टी डायरेक्टर को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों में स्पष्ट कहा गया कि रोजाना एक घंटे एक्स्ट्रा क्लासेज लगाई जाएं। यदि बीच में दो-तीन दिन की छुट्टियां आती हैं तो एक दिन स्कूल खुले रखकर बच्चों को पढ़ाई कराई जाए। इन आदेशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। स्कूल प्रिंसिपल और हेडमास्टर को एक्स्ट्रा क्लाजेस का टाइम टेबल बाकायदा डिप्टी डायरेक्टर को शेयर करने को बोला गया है। बरसात में महीना भर बंद रहे थे कुछ स्कूल इस बार भारी बारिश के कारण कई जगह शिक्षण संस्थान मानसून सीजन में एक महीने से भी ज्यादा समय तक बंद रखे गए थे। इनमें मंडी, कुल्लू और शिमला जिला के ज्यादातर स्कूल शामिल हैं। शिमला जिले के ठियोग, रोहड़ू, कोटखाई, कुल्लू के आनी, मंडी व सिरमौर के कई क्षेत्रों में बार-बार स्कूल बंद किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश एसएमसी टीचर्ज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। उनके हितों के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी का गठन भी किया है। यह कमेटी शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने बजट में एसएमसी अध्यापकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। इस अवसर पर एसोसिएशन ने आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को एक लाख 51 हजार 111 रुपये का चेक भेंट किया। इस अवसर पर विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, विनय कुमार, केवल सिंह पठानिया, मलेंद्र राजन, एचपी एसएमसी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
-जीएसटी अधिनियम के तहत वसूला 15,32,594 रुपये जुर्माना राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. युनुस ने आज यहां बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर प्रवर्तन दल ऊना ने एक रजत आभूषण व्यपारी के घर से 4,64,42,227 रुपये के आभूषण पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। यह आभूषण बिना बिल अथवा दस्तावेजों के थे। इस मामले में विभाग द्वारा जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत 15,32,594 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में विभाग की देहरा स्थित टीम ने भी रात्रि चैकिंग के दौरान बिना बिल के सामान पर जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत 1,00,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया है। इसके अतिरिक्त आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न टीमों ने कार्रवाई करते हुए लगभग 250 बल्क लीटर शराब जब्त कर नष्ट की है। इस कार्रवाई के दौरान बीबीएन (राजस्व जिला) की टीम ने बरोटीवाला, कालू झंडा, कुल्हारीवाला और कुंझल क्षेत्र में छापेमारी की तथा 115 बल्क लीटर शराब घर व करियाना की दुकान से जब्त की। यह शराब चंडीगढ़ में बिक्री के लिए थी। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर की आबकारी टीम ने गांव जामनी घाट के निकट बोतलों एवं कैनों में भरी लगभग 90 लीटर अवैध शराब पकड़ी जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसी तरह टीम शिमला ने संदिग्ध करियाना की दुकानों तथा ढाबों पर छापेमारी की तथा आबकारी अधिनियम की धारा 39 के तहत मामला दर्ज करते हुए 22 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। आयुक्त ने अवगत करवाया कि विभाग द्वारा पिछले कुछ समय में 77000 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त कर नष्ट करने के साथ ही लगभग 230 मामले आबकारी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किए हैं। इस कार्य को अंजाम देने में विभाग की 26 टीमें दिन-रात कार्यरत हैं।
शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर 6 अक्तूबरको सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। रोहित ठाकुर शाम 7 बजे सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में 19वें हिमाचल उत्सव में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।
-द लॉरेंस स्कूल सनावर के स्थापना दिवस समारोह में की शिरकत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला के द लॉरेंस स्कूल सनावर के 176वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की और मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कार वितरित किए। मुख्यमंत्री ने इस विशेष अवसर पर स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर इंसान बनने की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन के निर्णय जटिल हो सकते हैं और कई बार स्वार्थ और बिना किसी प्रयास के आसानी से सफल होने की आकांक्षा किसी को भी आकर्षित कर सकती है, लेकिन जीवन में कभी भी शार्टकट सफलता का विकल्प नहीं हो सकता। हमें सदैव याद रखना चाहिए कि सफलता, प्रसिद्धि, लोकप्रियता और धन अस्थायी खुशी प्रदान कर सकते हैं, परन्तु वास्तविक रूप से जीवन मूल्यों के प्रति सच्चे रहने, नैतिकता का पालन करने तथा सदाचारी जीवन जीने से ही वास्तविक संतोष प्राप्त होता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने सिद्धांतों पर अटूट विश्वास के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन ईमानदारी और नैतिक मूल्य हमारे जीवन में एक मार्गदर्शक का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अपनी आकांक्षाओं और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अथक परिश्रम करने तथा चुनौतियों का सामना करने पर भी कभी हार न मानने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों में स्वतंत्र सोच और अनुशासन जैसे गुणों का विकास करने में द लॉरेंस स्कूल, सनावर के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह गुण जीवन में आगे बढ़ने में अमूल्य साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने छात्रों के जीवन को आकार दिया है और यह संस्थान विद्यार्थियों को ज्ञान एवं चरित्र की खोज के लिए भी प्रेरित करता है। इससे पहले, ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्कूली विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई आकर्षक परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षक संवर्दधन केंद्र का लोकार्पण और नवाचार प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्य अध्यापक, हिम्मत सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और स्कूल की उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सर्वांगीण शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक विनोद सुल्तानपुरी और भुवनेश्वर गौड़, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, सोलन जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मिघर सूद और सचिव डेजी ठाकुर ने कहा की हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के साथ अन्याय होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस की वर्तमान सरकार को कोरोना महामारी के समय जनता की सेवा करने वाले योद्धा भी नहीं दिखे और हद तो तब हो गई जब एक महिला ने कांगड़ा में मुख्यमंत्री के पैर पकड़ लिए और गिड़गिड़ाते हुए अपनी नौकरी के लिए भीख मांगी, तब भी मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं किया। लगता है कि मुख्यमंत्री पत्थरदिल हो गए हंै। वो केवल मात्र वो ही निर्णय ले रहे हैं, जो उनको और उनकी जत्थे को पसंद आ रहे हैं, महिला कर्मचारियों को होने वाली परेशानी तो मुख्यमंत्री को दिख नहीं रही है। उन्होंने कहा की रात 11 बजे भी कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारे बाजी कर रहे हैं और बड़ी बात यह है कि महिला उस प्रदर्शन में बड़ी संख्या और अग्रिमी भूमिका में भाग ले रही है। एक महिला ने तो मुख्यमंत्री से जहर की गुहार ही लगा दी इससे पाता चलता है की हिमाचल प्रदेश में महिला सम्मान का क्या स्थिति है। शायद मुख्यमंत्री महिला शक्ति का दर्द समझते नहीं है, उनके छोटे-छोटे बच्चे होते हैं जो घर पर हैं और इस सरकार की वजह से महिलाएं सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में महिलाएं प्राचीन समाज और आधुनिक कहे जाने वाले समाज में उपेक्षित ही रही हैं। जिस तरह हिमाचल प्रदेश की महिलाओं को सम्मान, सुविधाओं, अधिकारों और उन्नति के अवसरों से दूर रखा जाता रहा है, इसी कारण महिलाओं की स्थिति अत्यन्त निचले स्तर पर है।


















































