हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव हरि कृष्ण हिमराल व सत्यजीत नेगी ने वीरवार को दिल्ली में पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात की। वीरवार सुबह वे दोनों नेताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिकव, जयराम रमेश, पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा व वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार वी जॉर्ज से मुलाकात की। सभी नेताओं के साथ अलग अलग मुलाकात की गई। इस दौरान प्रदेश की संगठनात्मक रिपोर्ट उन्हें सौंपी गई। कांग्रेस सचिव हरि कृष्ण हिमराल ने बताया कि हाईकमान को प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट सौंपी गई है। इसमें बताया गया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में मजबूती के साथ कार्य कर रही है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। दोनों नेताओं का पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल से भी मिलने का कार्यक्रम है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 1 अक्तूबर से अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनैतिक सचिव कांग्रेस महामंत्री अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि प्रतिभा सिंह 1 अक्तूबर को सायं 3 बजे शिमला से मंडी के लिए रवाना होंगी। इस दिन रात्रि विश्राम परिधि गृह मंडी रहेगा। 2 व 3 अक्टूबर को प्रतिभा सिंह द्रंग विधानसभा क्षेत्र की भविन्न पंचायतों का दौरा कर जन समस्याओं को सुनेंगी और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी लेंगी। 2 अक्तूूबर को प्रतिभा सिंह तरियंबली में पतवार घर का उदघाटन करने के बाद कचोटघर, सिहुंन, टिक्कर, कथोग, रोपा, सिलब्धनी, सुधार व घरमेहड़ में जन समस्याओं के बाद सभाओं को भी संबोधित करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम लोकनिर्माण विश्राम गृह बरोट रहेगा। 3 अक्तूबर को प्रतिभा सिंह द्रंग विधानसभा के खलेल, बरोट,लपास, बरधान, लटराण, घमच्याना, झटिंगरी, उरला, नगाण व गवाली में जन समस्याओं को सुनेंगी। सांसद प्रतिभा सिंह 4 अक्तूूबर को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला विकास समन्वय समिति दिशा की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इसके बाद मंडी संसदीय क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम मण्डी का परिधि गृह ही रहेगा।
विश्व रैबीज दिवस पर लोक प्रशासन विभाग आईसीडीईओएल और समाजशास्त्र और सामाजिक कार्य विभाग, हिमाचल प्रदेश ने ग्लोबल अलायंस फॉर रैबीज कंट्रोल (अमेरिका स्थित एनजीओ) के सहयोग से रैबीज रोकथाम पर एक जागरूकता सह व्याख्यान शृंखला शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य समुदाय के सभी हितधारकों को रैबीज नियंत्रण और इसकी रोकथाम के प्रति संवेदनशील बनाना है। 2023 की थीम 'सभी एक के लिए, एक स्वास्थ्य भी के लिएÓ का आह्वान करती है। इस अभियान का नेतृत्व लोक प्रशासन विभाग ढ्ढष्टष्ठश्वह्ररु के डॉ. दीपक शर्मा और डॉ. अनुपमा भारती (अध्यक्ष समाजशास्त्र और सामाजिक कार्य विभाग) ने किया। उन्होंने कहा कि यह इस प्रकार के विस्तार व्याख्यान के माध्यम से छात्रों को संगठित करने का प्रयास किया गया। डॉ. अनुपमा भारती ने कहा कि सामाजिक कार्य विभाग के छात्रों ने इस व्याख्यान शृंखला में सक्रिय रूप से भाग लिया। डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम एक साथ खड़े हों और इस भयानक रोग को रोकने में अपना सहयोग दें।
-सांसद भारत दर्शन के दूसरे चरण के लिए 21 लड़कों का हुआ चयन केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर की लोकप्रिय पहल, सांसद भारत दर्शन के दूसरे चरण के लिए चयनित हुए 21 लड़कों की सूची घोषित कर दी गई है। संसद भारत दर्शन एक शैक्षणिक दौरा है, जो कि हमीरपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के मेधावी और उत्कृष्ट छात्रों के लिए अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा निशुल्क आयोजित किया जाता है। पिछले 5 सालों मे 101 बच्चों को यह यात्रा करवा चुके हैं अनुराग ठाकुर, और अब 25 अक्टूबर से 1 नवंबर तक, चयनित 21 लड़कों के लिए सांसद भारत दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली दर्शन के साथ, यह ग्रुप विशेष रूप से गुजरात दौरे पर जाएगा। 21 छात्रों के साथ 'एक से श्रेष्ठÓ अध्यापिकाओं का चयन भी किया गया है। एक से श्रेष्ठ अनुराग सिंह ठाकुर की पहल है, जिसके अंतर्गत बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाता है और साथ ही सभी जरूरी शिक्षा सामग्री जैसे स्कूल बैग, स्टडी टेबल, स्टेशनरी निशुल्क दी जाती है। वर्तमान मे संसदीय क्षेत्र मे 475 केंद्र चल रहे हैं जिसके माध्यम से महिलाओं को रोज़गार का अवसर भी मिला है और 9000 से भी अधिक छात्रों को बेहतर शिक्षा भी मिल रही है। केंद्रों मे बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीन मिल्क शेक भी दिया जाता है और डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप और लर्निंग किट द्वारा बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने का कार्य किया जा रहा है। जहां एक से श्रेष्ठ के लिए अनुराग ठाकुर ने कि हमारा संकल्प हमारा प्रयास, सबको शिक्षा सबका विकास का नारा दिया है, वहीं छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित सांसद भारत दर्शन के लिए, थोड़ी पढ़ाई थोड़ी घुमाई का नारा दिया है। छात्रों का चयन एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। सांसद भारत दर्शन यात्रा 2023 के लिए जिन बच्चों ने 2021, 2022 या 2023 मे बारवीं पास करी हो और पढ़ाई/खेल/कला आदि क्षेत्र मे असाधारण प्रदर्शन किया हो, वह ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे। लिखित आवेदन टेस्ट और इंटरव्यू के बाद ही छात्रों का चयन होता है। अनुराग ठाकुर की भारत दर्शन यात्रा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के निवासियों मे इतनी प्रसिद्ध है कि बच्चे स्कूली दिनों मे ही इसे अपना लक्ष्य बना लेते हैं। इससे पहले संसदीय क्षेत्र से 21 बेटियों के लिए अगस्त मे भारत दर्शन यात्रा आयोजित करी गई थी। बेटियों को उप राष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर, वित्त मंत्री और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वंदे भारत ट्रेन मे, भारतीय रेल द्वारा बेटियों का खास अभिनंदन किया गया था। यात्रा के दौरान, बेटियों को काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि मंदिर, गंगा घाट क्रूज आरती जैसे भव्य धार्मिक अनुभव हुए। आईआईएम लखनऊ, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी जैसे अकादमिक संस्थान, संसद भवन, उत्तर प्रदेश विधान सभा, टेरिटोरियल आर्मी जैसे प्रशासनिक स्थल का ग्रुप ने दौरा किया था। प्रशासन ने विशेष प्रबंध कर, सूर्योदय से पहले, ग्रुप को ताज महल भी दिखाया था।
बरसात के दौरान प्रदेश में आई आपदा के प्रभावितों की सहायता के लिए मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च अधिमान देते हुए समाज का प्रत्येक वर्ग आगे आ रहा है। शिमला की रहने वाली 90 वर्षीय वयोवृद्ध सत्या कपूर व सुदर्शन मोहन ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक भेंट किया। उल्लेखनीय है कि सत्या कपूर ने अपने बचत खाते तथा अपने रिश्तेदारों और अन्य जान-पहचान के लोगों से यह धनराशि एकत्र कर प्रभावितों की सहायता के लिए अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने सत्या कपूर और सुदर्शन मोहन के इन प्रयासों की सराहना की और इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के योगदान हमें प्रभावितों की अधिक से अधिक मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं।
हिमाचल प्रदेश में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन के रूप में आपदा राहत कोष-2023 में 77,29,825 रुपये का योगदान दिया है। इस राशि का चेक आज यहां एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक विनोद जायसवाल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया। इस पुनीत अंशदान के साथ भारतीय स्टेट बैंक ने मुख्यमंत्री को एक एम्बुलेंस भी भेंट की है, जो आपातकालीन और आपदा की स्थिति के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाज कल्याण के प्रति भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके परोपकारी प्रयास कठिन समय के दौरान समुदाय के भीतर एकता और करुणा को प्रदर्शित करते हैं। एकजुटता की भावना और समाज के रूप में हम चुनौतियों पर काबू पा सकते हैं और जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान कर सकते हैं। महाप्रबंधक अजय कुमार झा, उप-महाप्रबंधक दविंदर संधू और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में प्रवासी हिमाचलियों को पर्यटन, हरित हाइड्रोजन, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना एवं प्रौद्योगिकी और सौर ऊर्जा सहित विभिन्न हरित क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने आज वर्चुअल माध्यम से यूएई में प्रवासी हिमाचलियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य की प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उन्हें इन क्षेत्रों में निवेश के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य की समृद्ध संस्कृति के अग्रदूत के रूप में संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले हिमाचली समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश उनका घर है, और किसी प्रकार की कठिनाई की स्थिति में प्रदेश सरकार उन्हें हरसंभव मदद प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में शुमार है और कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनकर उभरेगा। इस उद्देश्य के लिए क्षेत्र में बुनियादी अधोसंरचना के उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, जिले में हेलीपोर्ट की स्थापना और पर्यटकों की सुविधा के लिए सड़कों का सुधार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगामी चार वर्षों में हिमाचल को एक आत्मनिर्भर राज्य और अगले दशक के भीतर देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने, ई-बस, ई-ट्रक और ई-टैक्सी की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। संयुक्त अरब अमीरात के हिमाचली समुदाय ने संवेदनशीलता एवं एकजुटता का परिचय देते हुए 'टीम एक प्रयासÓ के सहयोग से मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान राज्य सरकार के आपदा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति प्रदान करेगा। हिमाचली समुदाय ने आपदा के दौरान युद्ध स्तर पर बचाव एवं पुनर्वास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में स्थितियां शीघ्र सामान्य हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समर्पण और प्रभावी तरीके से कठिन परिस्थितियों से निपटने की उनकी कार्य कुशलता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निकट भविष्य में दुबई आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, एनआरआई यूएई के प्रतिनिधि मुनीश गुप्ता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी ) की जिला कांगड़ा कमेटी ने हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंति आश्रय योजना के तहत बाढ़ पीड़ितों व प्रभावितों को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख की राशि आंवटित करने के लिए 50000 तक की आमदनी की शर्त का कड़ा विरोध किया है। पार्टी के जिला सचिव अशोक कटोच ने प्रेस के नाम जारी नोट में कहा कि कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत आवेदन की शर्तों मे 50000 रुपये तक की आय वालों को ही 1.50 लाख की राशि के लिए पात्र माना है, जो कि भारी बरसात के चलते घर खोने वालों के साथ न केवल अन्याय है, बल्कि एक तरह से क्रूर मजाक है। इस तरह की शर्त व्यवहारिक भी नहीं है क्योंकि जो बर्बादी व तबाही हुई है , वो किसी की आमदनी जाति या धर्म देख कर नही हुई है इस की चपेट में अमीर गरीब सभी आए हैं और सभी को आस है कि उनके सिर के ऊपर छत का इंतजाम करने मे सरकार उनकी हर संभव सहायता करे गी। मार्क्सवादी नेता अशोक कटोच ने अपनी पार्टी की मांग को दोहराया कि घर के बदले घर व बरसात के चलते बह गई जमीन के बदले जमीन दी जाए और सभी बाढ़ पीड़ितों व प्रभवितों को मकान पुर्ननिर्माण के लिए सहायता दी जाए और निर्माण सामग्री की मौजूदा महंगाई को देखते हुए आपदा राहत मे 1.50 लाख की अधिकतम शर्त को हटा कर सहायता राशि बढ़ाई जाए । उन्होंने कहा कि इस की पात्रता के लिए 50000 रुपये तक की आय की हास्यास्पद शर्त को हटाया जाये। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि इस आपदा से निपटने में हिमाचल सरकार की मदद के लिए राजनीति से ऊपर उठ कर 10,000 करोड़ की एकमुशत राशि उपलब्ध कराए और हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि वर्तमान राज्य सरकार कला अध्यापकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम 100 विद्यार्थी होने की लंबे समय से चली आ रही शर्त को समाप्त करने पर विचार कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार ने 19 नवंबर, 2018 को माध्यमिक विद्यालयों में इन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम 100 विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को कला अध्यापकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम 100 विद्यार्थियों का नामांकन बनाए रखना अनिवार्य है। वर्तमान प्रदेश सरकार युवाओं के हितों के संरक्षण को सर्वोच्च अधिमान देते हुए उन्हें गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस अनिवार्यता को समाप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रस्तावित परिवर्तन का उद्देश्य राज्य में शैक्षिक अवसरों का विस्तार करना और शिक्षण कार्यबल को मजबूत करना है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित आपदा राहत कोष-2023 में असम सरकार ने 10 करोड़ रुपये की सहायता राशि का अंशदान किया है। इस राशि का एक चेक आज यहां असम के वन मंत्री चन्द्र मोहन पटोवारी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने असम सरकार का इस सहायता राशि के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में यह सहायता राशि कारगर साबित होगी। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम जनता से इस कोष में अधिक से अधिक अंशदान का भी आग्रह किया है, ताकि प्रभावितों को यथासंभव सहायता प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री बोले- यात्रियों के लिए शीघ्र शुरू होगी हवाई सेवा राज्य में हवाई सेवा को विस्तार प्रदान करते हुए कुल्लू और शिमला को अमृतसर से जोड़ने वाले दो नए हवाई मार्ग शीघ्र ही शुरू किए जाएंगे। कुल्लू-अमृतसर-कुल्लू मार्ग पर उड़ानें प्रथम अक्तूबर से शुरू की जाएंगी। यह उड़ानें सप्ताह में तीन बार, विशेष रूप से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होंगी। शिमला-अमृतसर-शिमला हवाई मार्ग पर प्रथम नवंबर, 2023 से सप्ताह में तीन बार हवाई सेवाएं संचालित की जाएंगी। एलायंस एयर ने कुल्लू-अमृतसर-कुल्लू मार्ग के लिए टिकट बुकिंग सुविधा भी शुरू कर दी है। इससे यात्रियों के लिए आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। कुल्लू-अमृतसर हवाई मार्ग पर प्रात: 8.25 बजे कुल्लू से उड़ान भरी जाएगी जो सुबह 9.30 बजे अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर से वापसी उड़ान प्रात: 10.00 बजे होगी जो 11.05 बजे कुल्लू पहुंचेगी। इस रूट पर 50 प्रतिशत सीटों पर उपदान उपलब्ध रहेगा, जिसके अंतर्गत कुल्लू से अमृतसर सेक्टर के लिए हवाई किराया 2637 रुपये और अमृतसर से कुल्लू के लिए 3284 रुपये होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र राज्य के युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और प्रदेश के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्य की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से पर्यटकों को अवगत करवाने के लिए सरकार यातायात सेवाओं को सुदृढ़ कर रही है। राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हवाई सेवा को विस्तार प्रदान करते हुए हेलीपोर्ट स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रमुख पर्यटन स्थलों तक हवाई सेवा को विस्तार प्रदान कर रही है। शिमला के जुब्बड़हट्टी, कुल्लू के भुंतर और कांगड़ा के गग्गल हवाई अड्डों पर बेहतर सुविधाओं के अलावा, राज्य के हवाई सेवा नेटवर्क को और सुदृढ़ करते हुए बड़े विमानों की लैंडिंग को आसान बनाने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शिमला, बद्दी, रामपुर और कांगनीधार में नए हेलीपोर्ट विकसित किए गए हैं और प्रदेश में हवाई यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए मनाली (डीजीआरई, एसएएसई) में एक और हेलीपोर्ट की योजना भी बनाई है। मुख्यमंत्री ने अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हवाई अड्डा विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इन नई उड़ानों के शुरू होने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक लाभान्वित होंगे और कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
- कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय ले रही केंद्र सरकार -नारी शक्ति वंदन अधिनियम सेे लैंगिक समानता को मिलेगा बढ़ावा इच्छाशक्ति दृढ़ हो, इरादा नेक हो, नियत साफ हो और भाव सेवा का हो तो हर काम मुमकिन होता हैं। ऐसा ही उदाहरण हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने पेश किया हैं यह बयान महिला मोर्चा महामंत्री अंजना शर्मा ने दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक के बाद एक ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उनके नेतृत्व में एक तो देश को नई संसद की सौगात आजादी के अमृतकाल में मिली और इस नई संसद में जो ऐतिहासिक कार्य हुआ है, उसके लिए देश को 27 वर्षों से इंतजार था। लोकसभा ने 20 सितंबर को जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया है, वह भारत के लिए ऐतिहासिक कार्य है और देश की नारी शक्ति के लिए एक वरदान है। प्रधानमंत्री मोदी की कल्पना ने कार्यरूप लिया तो भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का सपना भी साकार हुआ। यह अधिनियम न केवल नारी सशक्तिकरण के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा, बल्कि न्यायपूर्ण और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार को बधाई दी।
कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी मंगलवार शाम शिमला पहुंचीं। बताया जा रहा है कि दोनों नेता चंडीगढ़ तक फ्लाइट से आई। इसके बाद सड़क के रास्ते में शिमला पहुंची। यहां वह छराबड़ा में ठहरे हुए है। सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का अगले पांच-छह दिन यही रुकने का प्रोग्राम है। बताया जा रहा है कि वह सोलन जिले के कंडाघाट में रामलोक मंदिर जा सकती हैं। बीते 25 अगस्त को भी सोनिया गांधी का रामलोक मंदिर आने का कार्यक्रम था, लेकिन उस दिन भारी बारिश से हुई तबाही के कारण सोनिया का रामलोक मंदिर का कार्यक्रम कैंसिल हुआ था।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों को वीजा नहीं देकर भेदभाव किया है। चीन की यह हरकत भारत को मंजूर नहीं है। भारत के खिलाड़ियों को ओलंपिक चार्टर के अनुसार वीजा मिलना चाहिए। ओलंपिक कमेटी ऑफ एशिया का यह दायित्व था और चीन का भी। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। खिलाड़ियों से यह व्यवहार अच्छा नहीं था, जो भेदभाव किया गया, वह सही नहीं था। शिमला में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोई कितना भी प्रयास कर ले। कुछ लोगों ने तब भी आंखें दिखाने का प्रयास किया, जब जी-20 की बैठक थी। भारत ने जी-20 को सफल बनाया। अरुणाचल, लेह-लद्दाख और कश्मीर में भारत न तब झुका था, न अब झुकेगा। दिल्ली डेक्लेरेशन का होना अपने आप में बहुत कुछ कहता है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश की महिला वुशु खिलाड़ी न्येमान वांग्सू, ओनिलु तेगा और मेपुंग लाम्गु को एशियाई खेलों के लिए वीजा देने से मना कर दिया था।
कहा, बीबीएमबी निदेशक मंडल में हिमाचल को मिले पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल के हितों से संबंधित विभिन्न मामलों को त्वरित सुलझाया जाए और आपदा से प्रभावित हिमाचल को शीघ्र विशेष राहत पैकेज उपलब्ध करवाया जाए। मुख्यमंत्री आज अमृतसर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश से राज्य में 12000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इस अकल्पनीय आपदा में 441 से अधिक लोग काल का ग्रास बन गए और लगभग 13000 घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के सहयोग से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रभावितों के लिए आपदा राहत कोष-2023 स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदा के समय देश के प्रत्येक राज्य को राहत राशि प्रदान करने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि हिमाचल को शीघ्र विशेष राहत पैकेज प्रदान किया जाए ताकि हिमाचल के पुनर्निर्माण में उचित सहायता प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर आपदा राहत कोष के प्रचलित मानदंड वर्तमान में हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की पुनर्निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं क्योंकि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति के मद्देनजर राज्य को अधिक सहायता राशि की आवश्यकता है। उन्होंने इन मानदंडों में व्यवहारिक संशोधन की मांग भी की। उन्होंने आपदा राहत कोष में सहायता के लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने हिमाचल में स्थापित 100 मेगावाट की शानन जलविद्युत परियोजना को मार्च, 2024 में लीज की अवधि समाप्त होने पर हिमाचल को सौंपने में पंजाब सरकार से सहयोग मांगा। इस विषय में केंद्र सरकार से भी आग्रह किया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में हिमाचल ने सदैव अपना पूर्ण योगदान दिया है और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से राज्य के लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के दृष्टिगत प्रदेश को बीबीएमबी निदेशक मंडल में पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा प्रदान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बीबीएमबी परियोजनाओं में हिमाचल के लिए 12 प्रतिशत नि:शुल्क ऊर्जा रॉयल्टी प्रदान करने तथा राष्ट्रीय जल विद्युत निगम, राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम और सतलुज जल विद्युत निगम जैसे केंद्रीय उपक्रमों की जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल की वर्तमान 12 प्रतिशत रॉयल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप बीबीएमबी से बकाया लगभग 4000 करोड़ रुपए अविलंब दिलवाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्थापित विभिन्न बांध प्रबंधनों द्वारा जल छोड़ने से पहले उचित पूर्व चेतावनी प्रणाली का उपयोग करने और जलप्लावन मान चित्रण (पदनदकंजपवद उंचचपदह) करवाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश में हाल ही में आपदा के समय पौंग बांध, पंडोह डैम और पार्वती-3 बांध से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ने से व्यापक स्तर पर तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई करना और पुनर्वास कार्यों में स्वेच्छा से सहभागिता सुनिश्चित बनाना इन बांध प्रबंधनों का नैतिक उत्तरदायित्व है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ सीमा विवादों को शीघ्र सुलझाने की केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की। उन्होंने कहा कि मोहाल ठेका धार पधरी में प्रदेश के जिला चम्बा और जम्मू-कश्मीर तथा सरचू में हिमाचल और लद्दाख के मध्य सीमा विवाद लंबित हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परिषद की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर हिमाचल सरकार ने ठोस कार्य किया है। नशा रोकथाम अभियान, पर्यटन विकास, पर्यावरण संरक्षण और नदियों को प्रदूषण मुक्त करने जैसे क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि परिषद की यह बैठक सदस्य राज्यों के आपसी तालमेल एवं सहयोग को और मजबूत कर आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्रशासित चंढीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित, दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रशासित लद्दाख के उप-राज्यपाल बीडी मिश्रा सहित अन्य सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा सहित अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में निवास कर रहे हिमाचल के हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य लोगों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल की अपनी विशिष्ट संस्कृति है और सभी प्रदेशवासियों को अपनी परंपराओं एवं लोकाचार का सदैव पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोग पूरे विश्व में अपने सरल व सहज व्यवहार एवं कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को हिमाचली कल्याण सभा के तत्वावधान में अमृतसर में निवास कर रहे नादौन विधानसभा क्षेत्र एवं हिमाचल के अन्य निवासियों की ओर से सभा के सदस्य गौरव शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 21 हजार रुपए के चेक भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस पुण्य कार्य के लिए हिमाचल कल्याण सभा के अमृतसर के सभी सदस्यों एवं अन्य दानी सज्जनों का आभार प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की कि इससे अन्यों को भी आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की सहायता करने की प्रेरणा मिलेगी। सभा के सदस्यों की ओर से इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया और ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर की प्रतिकृति भेंट की गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। न सरकार में ताल मेल है और न ही मंत्री और मुख्यमंत्री में। इसका ख़ामियाज़ा प्रदेश को उठाना पड़ रहा है। सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश के उद्योग बर्बाद हो रहे हैं। नई उद्योग इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश में चल रहे उद्योगों को दी गई रियायतें ख़त्म करके उद्योगों को प्रोत्साहित करना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। उद्योगों की बिजली शुल्क बढ़ाने समेत अन्य रियायतें ख़त्म करने से उद्योग प्रदेश से दूरी कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश से उद्योग पूरी तरह किनारा कर लेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य को आगे ले जाने में उद्योगों का बड़ा योगदान होता है परंतु इस सरकार में किसी प्रकार की उद्योग पॉलिसी नहीं हैं। अगर सरकार इसी ढर्रे पर चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में नई इंडस्ट्री आनी तो दूर की बात है। जो हैं, वह भी चली जाएंगी। सुक्खू को सत्ता में आए दस महीने का समय हो गया। इन दस महीनों में इस सरकार ने उद्योगों को चौपट करने के अलावा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार में माफिया को संरक्षण देकर उद्योगों और उद्योगपतियों को परेशान किया जा रहा है। दूसरी तरह सरकार द्वारा शुल्क बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ी जा रही है। इसका असर आपदाग्रस्त प्रदेश में भी पड़ेगा। ज़रूरी चीजें भी महंगी हो जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक उद्योगों के अनुकूल माहौल नहीं होगा, तब तक प्रदेश में उद्योग धंधे आने से रहे। स्थानीय स्तर पर भी युवा किसी प्रकार की उत्पादन इकाइयां स्थापित करने से भी पीछे हटेंगे। उन्होंने कि प्रदेश में उद्योगों को संरक्षण और प्रोत्साहन देने नीयत बनाए और स्पष्ट करे कि प्रदेश में उद्योगों को गति देने के लिए प्रदेश सरकार क्या नीति अपना रही है।
आज राजीव भवन शिमला में हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंद्र सिंह ने एक प्रेस वार्ता की। उन्होंने अभी हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के सत्र में जो किसानों और बागवानों के मुद्दों पर चर्चा हुई और निर्णय लिए उसके लिए सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौड़ का विधानसभा में नियम 61 के तहत किसान बागवान से जुड़ा मुद्दा रखने के लिए आभार जताया। साथी मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अगले साल के लिए यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्धता दोहराई है। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने अपने 19 सूत्री मांग पत्र में यह मांग भी रखी थी की टेलीस्कोपिक कॉटन को बंद करके यूनिवर्सल कॉटन का प्रचलन पूरे प्रदेश के बागवानों के लिए होना चाहिए। रविंद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा का जो सत्र हुआ उसमें भाजपा के सभी विधायक हिमाचल आपदाग्रस्त क्षेत्र के प्रस्ताव पर मौन रहे, जिसकी हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस निंदा करती है। उन्होंने कहा की ऐसी आपदा की घड़ी में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को एक मत में इस प्रकार के प्रस्ताव को पारित करना चाहिए, जिसमें प्रदेश का हित हो। जिस प्रकार से कोरोना समय के दौरान राजनीति छोड़ के कांग्रेस ने भाजपा का साथ दिया औऱ मिलकर के पूरे प्रदेश के लोगों की मदद की थी, उसी प्रकार यह घड़ी है जहां पूरे प्रदेश के सभी दलों से यथा संभव मदद की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा के सभी विधायकों की निंदा करती है। प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार किसान कांग्रेस के पत्र को शिकायत की तरह खारिज किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के किसान बागवनों को 1 साल का सीसीसी में ब्याज माफी की बात लिखकर भेजी थी उससे हिमाचल प्रदेश के सभी किसान बागवान अत्यंत दुखी है। यदि 1 साल के इस ब्याज में माफी दी जाती तो किसान-बागवानों के लिए यह बहुत राहत की बात होती। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस माननीय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखु जी का आभार करती है जिन्होंने अपने जीवन की सारी पूंजी हिमाचल प्रदेश के हिमाचल आपदा राहत कोष में दान कर दी। कवंर रविंद्र सिंह ने कहा कि यदि इस प्रकार से देश और प्रदेश सेवा के लिए सभी नेता सोचें और आगे बढ़कर दान पुण्य करें तो हमारे प्रदेश की और देश की कायापलट होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायकों को एक मत में यह संदेश केंद्र सरकार तक पहुंचना चाहिए कि जब हिमाचल प्रदेश में 12000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है तो जितनी भी ज्यादा से ज्यादा मदद केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश को आए वह प्रदेश क्षेत्र में होगी। उन्होंने यह बताया की आने वाली गांधी जयंती पर हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की एक बैठक राजीव भवन में रखी गई है जिसमें हिमाचल के किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा जी पूरी कार्यकारिणी से यथासंभव मदद की राशि एकत्रित करेंगे और जो भी राशि एकत्रित होगी वह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस जमा करवाएगी। साथी उन्होंने यह भी कहा की जितनी भी सरकारी संस्थाएं हैं उन्हें किसने और बागवानों की बात को रखने के लिए हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की ओर से भी प्रतिनिधि बुलाने चाहिए। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस संगठन है जो ब्लॉक लेवल पर जिला लेवल पर और प्रदेश स्तर पर पूरी तरह से कार्य कर रही है और इसमें सबसे ज्यादा किसानों और बागवानों की सदस्यता है। किसी भी निर्णय को लेने में यदि विचार विमर्श किया जाता है तो हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के भी प्रतिनिधि उसे सम्मेलन का और उसे बातचीत का हिस्सा हो ऐसा वह सरकार से आग्रह करती है। इस प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिसमें मीडिया चेयरमैन रॉबर्ट रॉय प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, प्रदेश महासचिव संगठन पूर्ण चंद, प्रदेश सचिव दीक्षित जोगटा, प्रदेश सचिव सुमन शर्मा, प्रदेश मीडिया सचिव कश्मीरी सिंह सुनील शर्मा और कृष्ण भान शामिल थे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर के जलियांवाला बाग में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले असंख्य सेनानियों को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग में रॉलेट अधिनियम के विरोध में तथा स्वतंत्रता सेनानियों सैफुदीन किचलू और सत्यपाल की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की नृशंस कार्रवाई के जख्म आज भी नहीं भरे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ऐसे अमानवीय कृत्यों को सदैव स्मरण रखना होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जलियांवाला बाग से जुड़ी प्रत्येक निशानी का सूक्ष्म अवलोकन भी किया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के सीमांत जिला अमृतसर के सुप्रसिद्ध एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक दुर्गियाना मंदिर में प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य, सुख और समृद्धि की कामना की। मां दुर्गा को समर्पित यह मंदिर देश-विदेश के भक्तों की आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति में मां का स्थान सर्वोच्च है और मां के प्रति समर्पण, सफलता एवं आरोग्य की कुंजी है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में शीश नवाया और सभी के सुखमय जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की प्रार्थना की। स्वर्ण मंदिर समूचे विश्व में हरमंदिर साहिब तथा श्री दरबार साहिब के नाम से विख्यात है और यहां देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण मंदिर हमारी आस्था और समर्पण का प्रतीक है तथा यहां मनुष्य को कर्म की प्रधानता और भारतीय संस्कृति की विशालता का बोध होता है। उन्होंने कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं की प्रासंगिकता आज पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि हम सभी गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलकर जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से मुख्यमंत्री का हरमंदिर साहब में स्वागत किया गया और उन्हें स्वर्ण मंदिर के इतिहास की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। समिति द्वारा मुख्यमंत्री को स्वर्ण मंदिर की प्रतिकृति और धार्मिक पुस्तकों का सेट भी भेंट किया गया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
-प्रतियोगिता के लिए 3 अक्तूबर से शुरू होगा पंजीकरण -अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को दिए जाएंगे 6,27,800 रुपये के पुरस्कार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने कहा है कि परिषद हिमाचल में 5 नंबवर को स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल से पहले भी यह प्रतियोगिता करवाई जाती थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते यह प्रतियोगिता नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी ही भाग ले सकते हंै। उसके लिए विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए अपना पंजीकरण करवाना पड़ता है। पंजीकरण का शुल्क 20 रुपये है, जो कि 3 अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से करवा सकते हैं। इस प्रतियोगिता में 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रतियोगिता में विश्व, भारत व हिमाचल प्रदेश का सामान्य ज्ञान, जनरल साइंस, भाषाएं-संस्कृत, हिंदी, इंग्लिश, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय धर्म और संस्कृति, खेल, करंट अफेयर्स व रीजनिंग एविलीटी के प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रतियोगिता में 6,27,800 रुपये के पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को 12 जनवरी, 2024 को पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्य्मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के अमृतसर में ऐतिहासिक वाघा बॉर्डर पर भव्य बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का अवलोकन किया। वाघा बॉर्डर पर प्रत्येक दिन भारतीय सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान के सुरक्षा बल द्वारा बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने देश के कोन-कोने से आए लोगों के साथ इस सेरेमनी का आनंद उठाया। उन्होंने बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में हिस्सा लेने वाले जवानों को मिठाइयां बांटी और उनके शौर्य और समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री अटारी-वाघा बॉर्डर में जीरो पॉइंट पर भी गए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों ने आवश्यकता पड़ने पर हर बार अपने प्राणों की आहुति देकर देश की अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखा है। उन्होंने कहा कि अपने सैनिकों पर हम सभी को गर्व है। आईजी जालंधर रेंज बीएसएफ व हिमाचल काडर के आईपीएस अधिकारी डॉ. अतुल फुलझेले ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भेंट किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में देश विदेश के नागरिक उपस्थित थे।
-कहा, हताशा और निराशा बयां की है भाजपा ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा शिमला में विधानसभा के बाहर किए गए धरना व प्रदर्शन पर आक्रामक होकर बोलते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह भाजपा के नेतृत्व की हताशा व निराशा को ब्या करने वाला प्रदर्शन रहा है, इसमें भीड़ इकठ्ठी करने में भाजपा फेल हो गई, चंद मु_ी भर लोगों के साथ प्रदर्शन कर भाजपा की स्थिति हास्यपद बनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता केवल मंच से एक दूसरे से आगे भाषण देने में निकलने की ही दौड़ मे रहे। उन्होंने कहा कि एक भी भाजपा के नेता ने आपदा पर शब्द नहीं बोला, आपदा राष्ट्रीय आपदा घोषित हो इसकी मांग नहीं की, प्रधानमंत्री हिमाचल को आपदा का पैकेज दे इसको लेकर के बात नहीं की गई, 400 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई दुखद उसे पर कोई बात नहीं की गई कोई शोक व्यक्त नहीं किया गया, केवल राजनीति करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं की असलियत जनता में साफ हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में भारी आपदा से जब हम पटरी पर लौट रहे हैं, तब भी केवल राजनीति करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसान को नुकसान हुआ ,बागवान को नुकसान हुआ, पानी की योजनाओं को नुकसान हुआ, सिंचाई योजना सीवरेज योजना ,सड़क , पुल ,बिजली व रास्ते हर प्रकार का नुकसान हिमाचल प्रदेश में हुआ लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपने मंच से एक शब्द नहीं बोल पाई प्रदेश के लिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को कांग्रेस की सरकार ठोक बजा करके जवाब दे रही है। उन्होंने कहा कि हमने सबसे बड़ी गारंटी ओपीएस की पूरी की है। भाजपा के नेता किसी भी मंच पर आकर के बहस कर ले ओपीएस पूरी हुई कि नहीं हुई । मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 1500 रुपये महिलाओं को मिले इसको लेकर के जो गारंटी दी गई है, उसे पर काम किया जा रहा है उसकी नीति बनाकर के 1500 रुपये देने का काम महिलाओं को कांग्रेस की सरकार करेगी। फॉर्मूला जो होगा उसके तहत सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार देने का क्रम शुरू कर दिया गया है, भाजपा ने जिस आयोग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था, वहां 65 लोग गिरफ्तार हैं अनेक मामले दर्ज हैं ।जो परिणाम आने हैं उनको निकाला जा रहा है मुख्यमंत्री इस मामले में कार्यवाही कर रहे हैं और नया आयोग सरकार गठित कर रही है ,जल्द उसका अस्तित्व आ जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा के नेता कानून व्यवस्था की बात करते हैं, उनका की हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को पूरी तरह दरुस्त किया गया है, माफिया पर लगाम कसी जा रही है, नशे को खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह से मुस्तेद होकर के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का माफिया सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी घटना हिमाचल प्रदेश में हुई उसे पर कार्रवाई की जा रही है, चाहे वह हमीरपुर की घटना हो, चाहे चंबा की घटना हो। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल लाशों पर भी राजनीति करने का काम कर रही है, जो शर्मनाक है ।
-डीआईजी उत्तरी क्षेत्र अभिषेक दुल्लर की होंगे अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के मामलों की जांच डीआईजी उत्तरी क्षेत्र अभिषेक दुल्लर की अध्यक्षता वाली एसआईटी करेगी। जांच कमेटी में सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियों में काम कर चुके निपुण अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान देहरा से विधायक होशियार सिंह के सवाल पर यह एलान किया। मुकेश ने कहा कि बहुत जल्दी पैसा कमाने की चाह रखने वाले लोग इस तरह के झांसे में आ रहे हैं। उधर, विधायक ने धोखा करने वाली कंपनियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप भी लगाया। कहा कि देहरा क्षेत्र में ही दस करोड़ से अधिक की ठगी हो चुकी है। गरीब लोगों को ठगा जा रहा है। उन्होंने सदन में 425 लोगों की सूची रखी, जिन्होंने यह धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए। 200 करोड़ का घोटाला हमीरपुर में, 250 करोड़ का कांगड़ा, 100 करोड़ का ऊना में हुआ है। आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण से यह ठगी की जा रही है। उन्होंने कुछ कंपनियों के नाम भी बताए। उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता। उन्होंने अपने विस क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रॉड करने वाले ये लोग राजनीतिज्ञों के साथ देखे जाते हैं। अभी तक 6 एफआईआर, 56 शिकायतें जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामले पूरे प्रदेश में आए हैं। अभी तक 6 एफआईआर पुलिस ने दर्ज की हैं। 56 शिकायतें पुलिस के पास आई हैं। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। कहा कि राजनीतिक संरक्षण वाले आरोप की उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। शराब ठेकों की नीलामी से 40 फीसदी अधिक आय उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में शराब ठेकों की नीलामी से 40 फीसदी अधिक आय हुई है। व्यवस्था परिवर्तन करते हुए कांग्रेस सरकार ने इस वर्ष शराब ठेकों का नवीनीकरण करने की जगह नीलामी से आवंटन किया। नीलामी से इस वित्त वर्ष में कुल 1815 करोड़ रुपये की आय होगी। अगस्त 2023 तक 1301 करोड़ रुपये सरकारी कोष में जमा भी हो गए हैं। कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में शराब के ठेकों का आवंटन नवीनीकरण के माध्यम से किया गया। 2022-23 में 1296.94 करोड़ रुपये में ठेकों का नवीनीकरण हुआ था। इस साल सरकार ने ऑक्शन कम टेंडर के आधार पर नीलामी का निर्णय लिया। सरकार के इस पारदर्शी कदम से 39.97 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त होना अनुमानित है। ठेकों की नीलामी से पिछले वर्ष के मुकाबले 518.41 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव व वरिष्ठ प्रवक्ता सुशांत कपरेट ने कहा कि भाजपा का यह प्रदर्शन जनता के हितों के लिए नहीं, बल्कि खुद के अस्तित्व को बचाने के लिए था। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। प्रदेश की सरकार लोगों को राहत देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपनी सारी जमा पूंजी आपदा राहत कोष के लिए दान दे दी है। स्कूली बच्चें आपदा राहत के लिए दान दे रही है। कांग्रेस सरकार के मंत्री, विधायक से लेकर हर कार्यकर्ता आपदा में लोगों को राहत देने में जुटे हुए हैं। जबकि दूसरी तरफ विपक्षी दल भाजपा के नेताओं को प्राकृतिक आपदा से कोई लेना देना नहीं है। वे प्राकृतिक आपदा में लोगों को राहत पहुंचाने के बजाए राजनीति करने में लगे हैं। पार्टी सचिव व वरिष्ठ प्रवक्ता सुशांत कपरेट ने कहा कि भाजपा की यह रैली पूरी तरह फ्लॉप शो साबित हुआ है। भाजपा के नेता गुटों में बंटे हुए नजर आए। प्रदेश भर से लोगों को जबरन रैली के लिए लाया गया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूरी तरह फ्लॉप शो है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की समाप्ति के पश्चात मिडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधानसभा का तृतीय सत्र अपेक्षा अनुरूप सफलता के साथ संपन्न हुआ है। पठानिया ने कहा कि यह सत्र 18 सितंबर को आरंभ हुआ था। इस सत्र में कुल 7 बैठकें आयोजित की गई। इस सदन की कार्यवाही कुल 36 घंटे 38 मिनट तक चली तथा इसकी उत्पादकता 106 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि इस मानसून सत्र में सदस्यों द्वारा कुल 743 प्रश्न सरकार से पूछे गए, जिसमें 547 प्रश्न तारांकित तथा 196 अतारांकित प्रश्न थे। इसके अतिरिक्त नियम 61 के अंतर्गत 8, नियम 62 के अंतर्गत 5, नियम 101 के अंतर्गत 3, नियम 130 के अंतर्गत 3,तथा 324 के अंतर्गत 9 विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। पठानिया ने सदन की कार्यवाही संपन्न होने पर मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा उप मुख्यमंत्री सहित संसदीय कार्य मंत्री का भी धन्यवाद किया जिनकी वजह से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित कर पाए। विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आने वाले शरद नवरात्रों, कुल्लू दशहरा तथा दिपावली की सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण अपनों को खोया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल आज अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत जनजातीय जिला किन्नौर पहुंचे। उन्होंने समदोह के सैन्य शिविर, भारत-तिब्बत सीमा बल की फारवर्ड पोस्ट लेपचा तथा सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उन्होंने विभिन्न गांवों का दौरा भी किया। लेडी गवर्नर श्रीमती जानकी शुक्ला भी उनके साथ थीं। राज्यपाल का यह पहला जनजातीय जिला किन्नौर का दौरा है। आज प्रात: समदोह हैलीपैड पहुँचने पर ब्रिगेडियर आर.पी.सिंह., ब्रिगेड कमांडर ने राज्यपाल का स्वागत किया। लाहुल-स्पीति तथा किन्नौर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने करीब 13000 फीट की ऊंचाई पर भारत तिब्बत पुलिस बल की फारवर्ड पोस्ट का दौरा भी किया। वह लेपचा पोस्ट गए और यह पहला मौका है जब किसी विशिष्ट व्यक्ति ने इस पोस्ट का दौरा किया। नियंत्रण रेखा पर बनी इस पोस्ट से तिब्बत के तीन गांव चुरुप, शकटोट और घुमुर नजर आते हैं। राज्यपाल को सैन्य अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी तथा बताया कि सेना के जवान किस तरह विपरीत परिस्थितियों में दिन-रात यहां सीमाओं की चैकसी करते हैं। लेपचा में आईटीबीपी की पोस्ट में जवानों के साथ बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वह भारत सीमा को सुरक्षित रखने वाले जवानों को सलाम करते हैं, जो शून्य से भी कम तापमान में सीमा की रक्षा करने के लिए पूर्ण सतर्कता के साथ डटे हैं। उन्होंने कहा कि वह जवानों के जज्बे को नमन करते हैं क्योंकि हर प्रकार की परस्थितियों के लिए हमारे जवान तैयार हंै। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सुरक्षा हमारे जवानों के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि भारत का हर व्यक्ति आईटीबीपी के जवानों के प्रति जो आदर रखता है, वह हमारे जवानों के जज्बे को बढ़ाता है। उन्होंने आईटीबीपी के जवानों को अपनी किसी भी प्रकार की समस्या उनके साथ सांझा करने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर, आईटीबीपी के कमांडेंट श्री श्रीपाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और बल की इस फ्रंटियर पोस्ट के बारे में अवगत करवाया। समदोह सैन्य शिविर में राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल तथा लेडी गवर्नर श्रीमति जानकी शुक्ल ने देवदार का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर, राज्यपाल ने सैनिकों के साथ बातचीत की और उन्हें प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा 'सैनिकों का उत्साह, जज्बा और देश के लिये समर्पण अदभुत है। इस लिये हमारी सेना दुनिया की सर्वश्रेठ सेना में शामिल है।Ó उन्होंने कहा कि दुश्मन के हर नापाक इरादों को ध्वस्त करने की क्षमता रखने वाले हमारे बहादुर सैनिक दिन-रात देश की सुरक्षा में तैनात हैं। समदोह सैन्य शिविर के कमांडर ब्रिगेडियर आरपी सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया और शिविर के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर, राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने सैन्य शिविर परिसर में देवदार का पौधा भी रोपित किया। बाद में, सीमावर्ती गांव के लोगों ने राज्यपाल से भेंट कर उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें वाईब्रेंट विलेज कार्यकम के तहत यहां आने के लिये कहा था। यहां आकर मुझे अच्छा लगा कि अब अधोसंरचना विकास इस क्षेत्र में तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल अथवा अन्य सुविधाएं यहां उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों के यह गांव सुदृढ़ हो सके। लाहुल-स्पिति के उपायुक्त राहुल कुमार तथा पुलिस अधीक्षक मयंक चैधरी ने राज्यपाल को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, किन्नौर की उपायुक्त तोरूल रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर 28 सितंबर को जिला सोलन के नालागढ़ उपमंडल के प्रवास पर आ रहे हैं। रोहित ठाकुर 28 सितंबर को प्रात: 11.00 बजे राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय यूथ फेस्टिवल ग्रुप-1 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।
-कहा, आरक्षण को 2024 के लोकसभा चुनावों से लागू करे केंद्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डोली शर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2024 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर महिलाओं को संसद में एक तिहाई आरक्षण का झुंझना थमा दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा महिलाओं की इतनी ही हितैषी है तो उन्हें इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से लागू करना चाहिए। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डोली शर्मा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर केवल भव्य आयोजन कर देश के लोगों को गुमराह करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सही में महिलाओं को संसद व विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण की हितैषी होती तो इसे देश मे अगले साल 2024 से ही लागू करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस बिल को पारित करवाने में पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का इसे लागू करने के लिये पहले जनसंख्या गणना व डी लिमिटेशन की बात करना साफ है कि यह भी 15 लाख की तरह एक जुमला ही साबित होगा। डोली शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने महिला आरक्षण की शुरुआत 1989 में की थी। उस समय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस बिल का विरोध किया था और यह बिल राज्यसभा में केवल 7 मतों से पराजित हो गया था। उसके पश्चात कांग्रेस महिला आरक्षण को लेकर प्रयासरत रही। 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने महिला संशोधन बिल लाकर नगर निकायों व पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण निहित किया। डोली शर्मा ने कहा कि संसद में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के लिये कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2010 में महिला दिवस पर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा। उसके बाद राहुल गांधी ने इसी पत्र का हवाला देते हुए 2011 में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अपने 9 साल के कार्यकाल में पूरी तरह सोई रही अब जब देश मे अगले साल लोक सभा चुनाव होने है तो भाजपा ने महिलाओं को एक झुंझना थमा दिया। डोली शर्मा ने कहा कि भाजपा कभी भी महिला हितेषी नही रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश मे पहली महिला राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष पार्टी अध्यक्ष तक के पद पर विठाया। भाजपा बताएं कि उसने कितनी महिलाओं को यह सम्मान दिया हैं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में 40 प्रतिशत महिलाओं को पार्टी टिकट दिए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में महिलाओं का जितना उत्पीड़न हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ। पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह,वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री आशा कुमारी, शिमला नगर निगम की उप महापौर उमा कौशल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल सहित शिमला नगर निगम की सभी महिला पार्षद व महिला कांग्रेस की पदाधिकारी भी मौजूद थीं। डोली शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार अपनी सभी चुनावी गारंटियों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ओपीएस लागू कर अपनी पहली गारंटी पूरी कर दी हैं। डोली शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आपदा की इस घड़ी में भाजपा प्रदेश सरकार को कोई भी सहयोग नही दे रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता केंद्र से कोई भी मदद में सहयोग नही कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर विशेष आर्थिक मदद की मांग की पर भाजपा का कोई भी नेता प्रधानमंत्री से नही मिला है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए। उन्होंने केंद्र से इस बारे क्या प्रयास किए हैं।
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संघ आज माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से ओकओवर में मिला और संघ ने एक लाख रुपये का आपदा राहत कोष में चेक भेंट किया। साथ में एक मांग पत्र भी दिया, जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी हुई एक अधिसूचना, जिसमें कहा गया है कि जहां सरकारी मिडल स्कूल में 100 से बच्चे कम हैं, वहां से कला अध्यापक का युक्तिकरण किया जाएगा, को रद्द करने की मांग की गर्ह। इस संदर्भ में जब संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बात की तो मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रतिक्रिया लेते हुए अपने सचिव को बुलाकर आदेश देते हुए कहा कि ये कला अध्यापक और शारीरिक शिक्षक का युक्तिकरण करने के आदेश किसने दिए हैं, इनको तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए। सीएम से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में राज्य कार्यकारिणी के अध्यक्ष बलवंत सिंह, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद, सह सचिव पाल सिंह, मुख्य सलाहकार सुख राम, सदस्य बलदेव, पंकज, अजय, संजय आदि जिला अध्यक्ष शिमला से सुभाष, मनोज व मोनू शामिले थे।
-कांगड़ा जिला के बीड़-बिलिंग में 26 अक्तूबर से शुरू होगा प्री-वर्ल्ड कप -28 देशों के 159 प्रतिभागी करवा चुके हैं पंजीकरण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कांगड़ा जिला के बीड़-बिलिंग में 26 अक्तूबर से आयोजित होने वाले क्रॉस कंट्री पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप-2023 के लिए आधिकारिक वेबसाइट और प्रोमो जारी किया। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 28 देशों के 159 प्रतिभागियों ने पहले से ही पंजीकरण कर लिया है। बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप में संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस, स्वीडन, जर्मनी, चीन, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, कजाकिस्तान, नार्वे, नेपाल, वियतनाम, चेक गणराज्य, बुल्गारिया, कनाडा सहित भारतीय वायु सेना, सेना और नौसेना के प्रतिभागी भी शामिल होंगे। इन प्रतिभागियों का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन को फेडरेशन ऑफ एयरोनॉटिकल इंटरनेशनल पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप कमीशन और एयरो क्लब इंडिया दोनों से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आर्मी एडवेंचर विंग, भारतीय वायु सेना एडवेंचर विंग के दो दल और समर्पित बचाव टीम भी तैनात की जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीड़-बिलिंग को देश की पैराग्लाइडिंग राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि आदर्श उड़ान परिस्थितियों और सुन्दर परिदृश्यों के कारण यह क्षेत्र विश्वभर के पैराग्लाइडरों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। इस तरह के आयोजनों से साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को बल मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, बिलिंग पैराग्लाइडिंग संघ के अध्यक्ष अनुराग शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
-कहा,सत्ता की लोभी कांग्रेस ने हर बार जनता को लुभावने प्रलोभन देकर गुमराह किया -अब जनता मांगे हिसाब, क्यों किया विश्वासघात हिमाचल भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने प्रदेश सरकार के कार्यों की जमकर भर्त्सना की और प्रदेश की जनता के ऊपर थोपे जा रहे अनर्गल फैसलों से बाज आने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विकास नहीं छलावा है, कांग्रेस पार्टी बहकावा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को नारी शक्ति वंदन सम्मान देकर संवारा है, वहीं हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की महिलाओं से किए गए वादे को नकारा है। उन्होंने कहा कि जनता से ठगी कर सरकार बनाना प्रदेश के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण क्षण था। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि सत्ता की लोभी कांग्रेस ने हर बार जनता को लुभावने प्रलोभन देकर गुमराह किया है, जिसके लिए प्रदेश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद की भी मौजूदा कांग्रेस सरकार कभी सराहना तक नहीं करती, बल्कि अपनी डफली अपना ही राग अलापती है और सीधी-साधी जनता को गुमराह करने का अपराध करती रही है। खन्ना ने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह ने 2012 में सत्ता हथियाने के लिए युवाओं को 1000 से लेकर 1800 रुपये तक बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था और आज भी मौजूद कांग्रेस सरकार ने झूठी गारंटियां देकर सत्ता को हथियाया है। भाजपा ने जयराम ठाकुर के कार्यकाल में 1000 से ज्यादा संस्थान खोले, जो इस सरकार ने बंद कर दिए। अब जनता हिसाब मांग रही है कि उससे विश्वासघात क्यों किया है।
-कहा, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने युवाओं को ठगा -सरकार बनते ही आउटसोर्स व अनुबंध पर लगे कई कर्मचारियों को बाहर निकाला भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार में प्रदेश में आउटसोर्स व अनुबंध पर कई विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। मानसून सत्र के आरंभ होते ही विधानसभा का घेराव, हल्ला बोल, आंदोलन व धरने प्रदर्शन का दौर विभिन्न राजनीतिक दलों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व संगठनों द्वारा लगातार जारी हंै, जो सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर रहे हंै। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस द्वारा चुनाव जीतने के लिए युवाओं को रोजगार के नाम पर झूठे प्रलोभन देकर ठगा गया है। सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने कई संस्थानों पर ताले जड़ कर उन्हें डिनोटिफाई कर दिया है। कांग्रेस के ये फैसले द्वेष की राजनीति को जन्म देते हैं।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (कार्मिक) शैलेंद्र सिंह ने वेल्हम गर्ल्स स्कूल देहरादून में उदयन शालिनी फेलोशिप के 16वें इंडक्शन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। शैलेंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) ने अपने संबोधन में उदयन केयर ट्रस्ट की दूरदर्शी संस्थापक डॉ. किरण मोदी के 'मेकिंग यंग लाइवस शाइनÓ के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। उदयन केयर का लक्ष्य समाज के उन वंचित वर्गों के जीवन में रोशनी लाना है, जिन्हें सहारे की आवश्यकता है। सन 1994 में सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत, उदयन केयर भारत के 15 राज्यों के 36 शहरों में कमजोर बच्चों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए काम करता है। इंडक्शन समारोह के दौरान शैलंद्र सिंह ने उदयन शालिनी फेलोशिप कार्यक्रम के लिए चयनित 40 युवा शालिनी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर, शिक्षा और सशक्तिकरण के सर्वोपरि महत्व पर प्रकाश डालते हुए शैलेेंद्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण उद्धरण साझा किया कि एक महिला को शिक्षित करना, एक पीढ़ी को शिक्षित करना है। शैलेंद्र सिंह के इन प्रेरक शब्दों ने भविष्य को आकार देने में महिलाओं द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। निदेशक ने भारत में चल रहे एक उल्लेखनीय परिवर्तन पर भी प्रकाश डाला, जहां युवा महिलाएं साहसपूर्वक लैंगिक पूर्वाग्रहों को खत्म कर रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि के नये नये आयाम हासिल कर रही हैं। उनका प्रेरक संदेश एकदम स्पष्ट था कि खुद पर विश्वास करो। अपने सपनों पर विश्वास करो। आपका भाग्य स्वयं आपके हाथ में है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और सशक्तिकरण की पेशकश करके, हम सामूहिक रूप से एक ऐसी दुनिया का निर्माण कर सकते हैं जहां प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पूरी क्षमता के साथ अपना विकास करने के अवसर मिल सके।
-एक बुजुर्ग व दो गऊओं की जलकर मौत -सूचना मिलते ही प्रशासन भी मौके पर पहुंचा ठियोग उपमंडल के देहा में अग्निकांड का मामला सामने आया है, जहां तीन मंजिला मकान में आग लगने से बुजुर्ग व दो गऊओं की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार देहा की ग्राम पंचायत घोरना के गांव अरशाला में बीती रात नरेंद्र सिंह के तीन मंजिला मकान में आग लग गई। आग इतनी भड़क गई कि देखते ही देखते तीन मंजिला मकान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान जय राम पुत्र रत्ती राम के रूप में हुई है। आग की चपेट में आने से दो गऊओं की भी मौत हो गई। वहीं, स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। आग लगने की घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया है और राहत बचाव कार्य जारी है।
लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल स्कूल शिमला की दो छात्राओं सातवीं कक्षा की अहाना वर्मा और दूसरी कक्षा की जिया वर्मा ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष में अंशदान के लिए अपनी गुल्लक भेंट कर क्रमश: 10229 रुपये और 9806 रुपये का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने इन दोनों के इस अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे बच्चे भी आपदा प्रभावित लोगों की तकलीफों को कम करने में अपना योगदान देकर इस नेक काम में बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन नन्हीं बेटियों का यह प्रयास हिमाचल के लोगों की जीवटता एवं संवेदनशीलता को दर्शाता है और समस्त समाज के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।
24 अक्तूबर शुरू होगा उत्सव, 19 देशों के प्रतिभागी लेंगे भाग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस वर्ष 24 से 30 अक्तूबर तक आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के पूर्वावलोकन (कर्टन रेजर) कार्यक्रम का शुभारंभ कर इसका ब्रॉशर जारी किया। आज यहां राज्य स्तरीय कुल्लू दशहरा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्सव के लिए क्षेत्र में निर्बाध परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान प्रदेश विशेषकर कुल्लू जिले में पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आपदा के दौरान जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों, संगठनों एवं लोगों द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए दिया गया योगदान प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक बार फिर पर्यटकों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और आगामी कुल्लू दशहरा उत्सव इस संबंध में एक मील पत्थर साबित होगा। पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहन प्रदान करने में दशहरा उत्सव की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव वास्तव में एक वैश्विक कार्यक्रम बनने के लिए तैयार है। विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दलों के साथ-साथ रूस, इजराइल, रोमानिया, कजाकिस्तान, क्रोएशिया, वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड, पनामा, ईरान, मालदीव, मलेशिया, कीनिया, दक्षिण सूडान, जाम्बिया, घाना और इथियोपिया सहित 19 देशों के प्रतिभागी उत्सव में एक विविध और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक झलक दिखायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्सव में 25 अक्टूबर को सांस्कृतिक परेड और 30 अक्टूबर को कुल्लू कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 13 विभाग क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करते हुए पैगोड़ा टेंट में प्रदर्शनियां लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके अलावा, उन्होंने सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं को संरक्षित करने के लिए उत्सव के दौरान पारंपरिक खेलों और स्थानीय लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले और त्यौहार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि कुल्लू दशहरा धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक मूल्यों का वैश्विक प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के लिए 12 करोड़ रुपये की कई विकासात्ममक परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इसमें कुल्लू में 5.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चार मंजिला बहुउद्देशीय उपायुक्त कार्यालय का भवन शामिल है। इस भवन में दो सम्मेलन कक्ष सहित विभिन्न कमरे और पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ढालपुर में उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए 3 करोड़ रुपये से निर्मित इंडोर बैडमिंटन हॉल का उद्घाटन तथा कुल्लू में 3.51 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महिला पुलिस स्टेशन भी जनता को समर्पित किया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक भुवनेश्वर गौड़, रवि ठाकुर एवं सुरेंद्र शौरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, डीजीपी संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा , संयुक्त सचिव आईसीसीआर अंजू, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश में आपदा की इस घड़ी में सभी क्षेत्रों के लोगों ने आपदा पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए योगदान दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा उनके परिवार ने इस उद्देश्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी निजी जमापूंजी से 51 लाख रुपये की राशि आपदा राहत कोष-2023 में दान दी है। उनकी 88 वर्षीय माता संसार देवी ने भी 50 हजार रुपये का अंशदान कर अपनी उदारता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक चर्चा के दौरान कहा कि स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही जरूरतमंदों की मदद तथा दान उनके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग रहा है। जब इस आपदा के दौरान छोटे बच्चों को अपने गुल्लक तोड़ कर प्रभावितों के लिए अंशदान देते हुए देखा तो उनमें भी अपनी क्षमता के अनुरूप इसमें सहयोग करने का भाव जगा, क्योंकि दूसरों की मदद से हमें आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से किसी की मदद करना मनुष्य का जन्मजात गुण है और किसी का भला चाहने अथवा करने से स्वयं का तथा समस्त समाज का भी भला होता है। प्रदेश की समस्त जनता मेरा बड़ा परिवार है। उन्हें संकट की इस घड़ी में मदद की आवश्यकता है और ऐसे में आगे बढ़ कर सभी की सहायता करना हमारा कर्त्तव्य है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान दिए गए योगदान का स्मरण करने पर कहा कि यह कार्य बिना किसी श्रेय के केवलमात्र मानवता की सहायता के लिए किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले एक विधायक के रूप में भी ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कोरोना महामारी से निपटने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने अपने एक वर्ष के वेतन के अलावा अपनी सावधि जमा (एफडी) में से 11 लाख रुपये का अंशदान किया था। इस बरसात के दौरान प्रदेश में जान व माल का भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान 441 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है तथा सार्वजनिक व निजी सम्पति को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। लोगों की आजीविका, मूलभूत अधोसंरचना तथा पर्यटन गतिविधियों पर इस आपदा का भारी प्रभाव पड़ा है। इसके बावजूद इस दौरान प्रदेश के लोगों ने एकजुटता और साहस का परिचय दिया है, जो सराहनीय है। इस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री के नेतृत्व ने भी दृढ़ता और करुणा की मिसाल पेश की है, जिसकी सराहना विश्व बैंक, नीति आयोग जैसे संस्थानों सहित पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी की है। इसके अतिरिक्त यह देश में संभवत: पहला उदाहरण है कि जब किसी मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में अपनी तथा अपने परिवार की संचित जमापूंजी जरूरतमंदों की सहायता के लिए दान की हो।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन से 'पैडल टू हील हिमालय साइकिलÓ अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) हीलिंग हिमालय के सहयोग से आयोजित इस अभियान में हिमाचल प्रदेश के साइकिल चालक शामिल हैं, जो शिमला से लाहौल-स्पीति तक यात्रा करेंगे। राज्यपाल ने साइकिल चालकों और हीलिंग हिमालय को बधाई देते हुए कहा कि इस एनजीओ द्वारा हिमालय में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की सराहना प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भी की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अन्य लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित करेगा। उन्होंने हिमालय के पर्यटन क्षेत्र के बारे में जागरूकता के लिए साइकिल चालकों और हीलिंग हिमालय की पहल की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेेंद्र श्याम ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए अपनी बचत से तीन लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि सभी क्षेत्रों से लोग इस कोष में उदारतापूर्वक अंशदान देने के लिए आगे आ रहे हैं, जो आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद करने में काफी मददगार साबित होगा।
-कहा, हर चीज के दाम बढ़ाकर आपदा प्रभावितों को दोहरे जोखिम दे रही सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय कर रही है, आए दिन जनविरोधी फैसले ले रही है। सत्ता में आते ही डीज़ल पर टैक्स बढ़ा दिए। बिजली-पानी के शुल्क बढ़ा दिए। आज दस गुना स्टांप ड्यूटी बढ़ाने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की तानाशाही से जनविरोधी फैसले जनता पर नहीं लाद सकती है। सरकार ने राजस्व के विभिन्न कार्यों में जहां सौ रुपये का स्टाम्प लगता था। उस जगह पर अब एक हज़ार जा स्टांप लगाने जा रही है। एक साथ दस गुना बढ़ोतरी आज तक प्रदेश के इतिहास में कभी नहीं हुई थी। नेता प्रतिपक्ष ने का कहा कि इस अधिनियम का विरोध करते हुए बीजेपी के विधायकों ने सदन से 'वॉकआउटÓ किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों को सुविधा देने के नाम पर कांग्रेस प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश के लोगों को दुख देने वाले काम शुरू कर दिये। चुनाव के पहले दस गारंटी का वादा करने वाली कांग्रेस ने एक भी वादा पूरा नहीं किया और लोगों के ऊपर टैक्स पर टैक्स लगाए जा रही है। आपदा के समय में भी इस तरह की जनविरोधी गतिविधि सरकार कर सकती है। ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश आपदा से गुजर रहा है लेकिन सरकार आए दिन किसी न किसी प्रकार के आर्थिक बोझ से प्रदेश के लोगों को परेशान कर रही है। आपदा से उबरने के लिए जिन वस्तुओं की आवश्यकता है उन्हें महंगा कर रही है। लोगों के घर टूटे हैं, जिन्हें बनाने में सीमेंट, रेता स्टील की आवश्यकता पड़ेगी। सरकार ने सीमेंट के दाम बढ़ा दिये। उद्योगों को दी जाने वाली बिजली महंगी कर दी। इससे स्टील और अन्य महत्वपूर्ण चीजों के दाम बढ़ जाएंगे। डीज़ल के दाम बढ़ा दिये, जिससे आम जन-जीवन में इस्तेमाल होने वाली सारी चीजों के दामों पर असर पड़ा। आपदा के समय में इस तरह का बर्ताव कभी किसी सरकार ने नहीं किया। सरकार को इस तरह की हरकतों से बाज आना चाहिए।
-विधायक ने विधानसभा में उठाया स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने का मुद्दा हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए तेजी से काम करे। यह बात सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन के भीतर कही। राकेश जम्वाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र सुंदरनगर सिविल अस्पताल का मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार रोबोटिक सर्जरी की बात कर रही है जो प्रदेश सरकार का एक अच्छा कदम है लेकिन प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र में एक ऐसा हॉस्पिटल होना चाहिए जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। राकेश जम्वाल ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत पूछे गए सवाल में प्रदेश सरकार से पूछा कि सुंदरनगर सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन को चलाने के लिए एक तकनीशियन व डॉक्टर कब मुहैया करवाया जाएगा। इसके अलावा नेरचौक में बीते पांच माह पहले दुर्घटनाग्रस्त हुई लाइफ स्पोर्टिंग एंबुलेंस को अब तक ठीक क्यों नहीं करवाया गया है जबकि नेरचौक से चंडीगढ़ जाने के लिए एक मरीज को 30 से 35 हजार रुपए ख़र्च करने पड़ते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस एंबुलेंस को जल्द ठीक करने की मांग की है। राकेश जम्वाल ने सदन में पूछा कि सुंदरनगर सिविल हॉस्पिटल परिसर में डॉक्टरों व अस्पताल स्टाफ के लिए 10 करोड़ की लागत से रेजिडेंस बनाया जा रहा है लेकिन कुछ महीनों से इसका कार्य बन्द पड़ा हुआ है।बताया जा रहा है कि बजट न होने के चलते यह कार्य रुका हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा कि कब कार्य के लिए बजट मुहैया करवाया जाएगा, ताकि इमरजेंसी में मरीजों के लिए डॉक्टर उपलब्ध हो सकें।
-कुब्जा पेवेलियन रेणुका जी में चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर लगाए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रेणुका जी ने 6 बार विधायक रह चुके स्व. डॉ प्रेम सिंह की जयंती व पुण्यतिथि के मौके पर उनकी याद में कुब्जा पेवेलियन रेणुका जी में मुफ्त चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर लगाए गए। साथ ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम में रेणुका के विधायक विनय कुमार, पूर्व विधायक स्व. प्रेम सिंह की पत्नी विद्या देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। रेणुका के विधायक विनय कुमार ने कहा कि उनके पिता स्व. डॉ प्रेम सिंह का रेणुका के विकास में अतुलनीय योगदान है और उनकी जयंती व पुण्यतिथि तिथि 23 सितंबर को हर वर्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा मनाई जाती है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तपेंदर चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान शिविर में 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया तथा मुफ़्त चिकित्सा शिविर का लगभग 300 लोगों ने लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि मुफ्त चिकित्सा शिविर में कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. अंकुर आहूजा, न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. इशांक गोयल, ऑर्थो के विशेषज्ञ डॉ. रवि गुप्ता ने विशेष रूप से इस चिकित्सा शिविर में लोगों कि जांच की। इस दौरान श्री रेणुका जी कांग्रेस मंडल की एक महत्वपूर्ण विशाल बैठक का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम में रेणुका मंडल अध्यक्ष तपेेंदर चौहान, पीसीसी सदस्य यशपाल चौहान, मंडल महासचिव मित्र सिंह तोमर, सीमा भूषण, अशोक ठाकुर, पूर्व बीडीसी अध्यक्ष उपाध्यक्ष दलीप चौहान, प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव ओपी ठाकुर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्यामा ठाकुर, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अजय भारद्वाज, जोन अध्यक्ष स्वर्ण नेगी, अनिल शर्मा, कुशल सिंह तोमर, रमेश कमल, यशवंत सिंह चौहान, हरिन्द शर्मा, मोहन शर्मा, तपेंद्र सिंह तोमर, रामरतन चौहान, जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश, पृथ्वीराज, पूर्व प्रधान अभिमन्यु पुंडीर, सहित कांग्रेस सभी पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, ओबीसी सेल, एससी सेल, एनएसयूआई व रेणुका की सभी पंचायतों के 123 बूथों के अध्यक्ष एवं बूथ पदाधिकारी मंडल कांग्रेस इत्यादि ने भाग लिया।
-हिमाचल में अहंकारी सरकार, जल्द टूटेगा अहंकार : जयराम शिमला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को 10 महीने पूरे हो चुके हैं और अभी तक यह सरकार पूरी तरह से फेल है। यह सरकार जन आकांक्षाओं और अपेक्षाओं की विपरीत चल रही है, जब से यह सरकार सत्ता में आई है तब से हिमाचल प्रदेश में विकास की गति घट गई है। जयराम ठाकुर ने जिस प्रकार से हिमाचल प्रदेश में विकास को पंख लगाए थे, इस सरकार ने उन पंखों को काट दिया है। कांग्रेस की दुख की सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 1000 से ज्यादा संस्थान बंद किए हैं, कानून व्यवस्था चरमराई हुई है, पूर्ण रूप से कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर है। चंबा हत्याकांड, हिमाचल प्रदेश में बलात्कार, गोलीकांड, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार जैसी शर्मनाक घटनाएं हो रही हंै और यह सरकार मौन है। यह सरकार केवल छलावे की सरकार है। वहीं जयराम ठाकुर ने कहा कि 10 महीने का कांग्रेस सरकार का कार्यकाल अव्यवस्था भरा रहा है, हिमाचल प्रदेश में महंगाई बड़ी है, सीमेंट के दाम दो बार बड़े हैं और अभी विधानसभा में स्टांप ड्यूटी को 10 गुना बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया है। यह सरकार हिमाचल प्रदेश के गरीब लोगों के बारे में सोच नहीं रही है और लोगों के लिए यह सरकार केवल मात्र बोझ डालने का कार्य कर रही है। हम साफ कहते हैं अगर केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को मदद ना मिलती तो हिमाचल प्रदेश की परिस्थितियों और कठिन होती। ऐसा प्रतीत होता है की हिमाचल प्रदेश में अहंकारी राज चल रहा है और इस अहंकार को तोड़ने के लिए विधायक दल एवं भाजपा एक विशाल धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान ने करुणा का परिचय देते हुए आपदा राहत कोष-2023 के लिए 25 लाख रुपये की राशि का अंशदान दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आमिर खान के इस सहयोग के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सहायता नि:स्संदेह राहत व पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिनका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आपदा से उबरने में मदद करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमिर खान के इस पुनीत कार्य से आपदा प्रभावित लोगों को सहायता मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र में शनिवार को भोजन अवकाश के बाद भारतीय स्टांप ड्यूटी विधेयक को लेकर सदन में हंगामा हुआ। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सुबह सदन में भारतीय स्टांप ड्यूटी हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2023 को पारित करने का प्रस्ताव रखा तो इसका विपक्ष ने विरोध किया। विपक्ष के सदस्यों ने स्टांप ड्यूटी बढ़ने से आम जनता पर बोझ डालने की बात की। इसका विरोध किया। इसे पारित करने को आगे टाल दिया। अध्यक्ष ने इसे पारित करने का प्रस्ताव भोजन अवकाश के बाद करने की बात की। भोजन अवकाश के बाद कार्यवाही शुरू होते ही विधेयक को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। विपक्ष की गैर मौजूदगी में ही बिल को पास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष पहले से ही प्रदेश विरोधी है, अब महिला विरोधी भी हो गया है। विधेयक के अनुसार पहले सभी के लिए 50 लाख तक जमीन की रजिस्ट्री पर 8 फीसदी स्टांप ड्यूटी थी। अब 50 से 80 लाख तक की रजिस्ट्री कराने पर महिलाओं के लिए 4 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगेगी। सरकार ने लिमिट को बढ़ाया है। भू राजस्व संशोधन विधेयक भी पारित विपक्ष ने दूसरे हिमाचल प्रदेश भू राजस्व संशोधन विधेयक 2023 का भी विरोध किया गया। इसे भी राजस्व मंत्री ने सदन के पटल पर रखा और इसे पारित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राजस्व विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के चलते इसे लागू करने में बाधा आने की बात की गई। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले कि यह विधेयक आम आदमी को लाभ देने के लिए है। दूसरे विधेयक पर मुख्यमंत्री बोले कि 69 साल बाद इस विधेयक में संशोधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिमार्केशन और पार्टिशन में बहुत समय लग रहा है। इसके लिए एक व्यक्ति का लाभ नहीं देखा गया है। इससे राजस्व विभाग में व्यवस्था परिवर्तन होने वाला है। अगर इतने साल बाद संशोधन किया जा रहा है तो सोच-समझकर ही लाया जा रहा है। इस विधेयक को ध्वनिमत से सदन में पारित कर दिया गया।
-कहा, बटेलीस्कोपिक कार्टन पूरी तरह से बंद होगा अगले साल से यूनिवर्सल कार्टन का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। विधानसभा मानसून सत्र के छठे दिन बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसका एलान किया। उन्होंने कहा कि बटेलीस्कोपिक कार्टन पूरी तरह से बंद होगा। हिमाचल प्रदेश में अगले साल से यूनिवर्सल कार्टन का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। विधानसभा मानसून सत्र के छठे दिन बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसका एलान किया। उन्होंने कहा कि टेलीस्कोपिक कार्टन पूरी तरह से बंद होगा। बाहरी राज्यों में भी किलो के हिसाब से ही सेब बेचा जाएगा। नहीं मानने वाले प्रदेशों के उच्च न्यायालयों में मामला उठाया जाएगा। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर की ओर से मामले पर उठाए गए प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने सदन में यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का मामला उठाया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि सेब को किलो के हिसाब से बेचना ऐतिहासिक निर्णय है। इसमें समस्या आएगी भी, क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है। लेकिन यह संभव नहीं था कि एक-एक पेटी को बाजार में तोलने की व्यवस्था की जाए। भ्रम की स्थिति बनी रही। कई जगह बागवानों में भी नाराजगी हुई। यह नियम केवल हिमाचल प्रदेश में है। बाहर नहीं है। वहां इस तरह की व्यवस्था नहीं है। जब भ्रम की स्थिति बनी तो बहुत से बागवानों से प्रदेश से बाहर जाकर सेब बेचा। इससे राजस्व की हानि हुई। करोड़ों रुपये खर्च करके यहां पर मंडियां बनाई गई हैं। करोड़ों की लागत से हिमाचल प्रदेश में मंडियां विकसित की गई हैं। बागवानी मंत्री भी मंडियों का दौरा करते रहे। मंत्री रोहित ठाकुर भी बागवानों से लगातार मिलते रहे। उनका यह कहना है कि इसका एक सबसे बढ़िया उपाय है कि ऐसी व्यवस्था बनाएं कि इससे हमेशा के लिए अच्छी व्यवस्था बने। राठौर ने बागवानी मंत्री से अनुरोध किया प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन की व्यवस्था को लागू किया जाए। बाजार में इससे अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। गुणवत्ता वाला सेब जाएगा तो अच्छा होगा। एक ही मापदंड होने चाहिए। हिमाचल में किलो के हिसाब से बिक रहा है। बाहर किलो के हिसाब से नहीं बिक रहा है। सेब बागवानी के खर्चा देखा जाए तो यह लाभ का काम नहीं रह गया है। इस वक्त बागवानी को बचाए जाने की जरूरत है। सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने से भी बागवानों को नुकसान हो रहा है। यह मसला पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है। सेब का सालाना कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये है। बागवानी को बचाए जाने की जरूरत है। सभी लोग सहयोग करें। आयात शुल्क बढ़ाया जाए। कुलदीप राठौर ने कहा कि अफगानिस्तान के रास्ते ईरान का सेब आ रहा है। अफगानिस्तान के साथ देश की निशुल्क व्यापार की संधि है। इस बारे में भी सोचे जाने की जरूरत है।
दयानंद पब्लिक स्कूल शिमला के छात्र-छात्राओं ने शेनिवार को विधानसभा की कार्यवाही देखी। छात्र-छात्राओं ने सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की।
प्रदेश में मौसम ने करवट बदली है। राज्य के कई भागों में बारिश हो रही है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी मौसम खराब बना हुआ है। वहीं, बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज राज्य के कुछ भागों में बारिश के साथ अंधड़ चलने व बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 24 व 25 सितंबर को भी कुछ भागों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 26 से 29 सितंबर तक राज्य के सभी भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। सोलन जिले में शनिवार सुबह से ही बारिश हो रही है। बारिश होने से अब किसान लहसुन, मटर की बिजाई का कार्य कर सकेंगे। पिछले दो सप्ताह से धूप खिलने के चलते खेतों में नमी काफी कम हो गई थी। उधर, बिलासपुर जिले में भी झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते बंदला धार से पैराग्लाइडिंग रोकी गई है। प्रशिक्षण में बारिश बाधा बनी है। इसके अलावा बारिश से मक्की की कटाई भी प्रभावित हुई है। सिरमौर व ऊना जिले के कई भागों में भी बारिश दर्ज की गई है। शिमला में भी हल्की बारिश हुई है। राज्य में शनिवार सुबह 10 बजे तक 25 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। इसके अतिरिक्त 181 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित चल रहे हैं।


















































