मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही बयानबाजी को लेकर पुलिस के पास एक और शिकायत पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बलदेव ठाकुर ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में उन्होंने कहा कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की खबरें चलाई गई है। प्रदेश के मुखिया के खिलाफ सोची समझी साजिश के तहत जनता को गुमराह करने की नियत से इन खबरों को सुनियोजित तरीके से चलाया गया। बलदेव ठाकुर ने शिकायत में कहा कि एक सोशल मीडिया पोर्टल ने यह खबर चलाई की मुख्यमंत्री ईलाज के लिए विदेश जा रहे हैं। जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। बलदेव ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि मुख्यमंत्री आपदा में बेहतर कार्य कर रहे हैं। रोजाना 16-16 घंटे जनता की समस्याओं का समाधान करने का कार्य कर रहे हैं। आपदा में किया जा रहे कार्यों को लेकर नीति आयोग विश्व बैंक उनके कार्यों की सराहना कर चुका है। यही नहीं भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार भी मुख्यमंत्री के द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ शरारती तत्व जानबूझकर इस तरह की खबरें चला रहे हैं ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार बेहतर तरीके से कार्य कर रही है।हर वर्ग को राहत देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि जिन भी सोशल मीडिया पोर्टल पर यह खबर चली है उनका पता लगाया जाए। इस षड्यंत्र के पीछे कौन लोग शामिल है किसने यह षड्यंत्र रचा है इसका पता करके आरोपियों पर सख्त कारवाई की जाए।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 3 सितंबर को मंडी जिला मुख्यालय में एनडीए, एनए-2 तथा सीडीएस-2 की परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। सदर मंडी में इस परीक्षा के लिए राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मंडी, राजकीय विजय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, मंडी, डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, मंडी, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, मंडी तथा इंडस ग्लोबल स्कूल जरल, मंडी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्वक व सुचारू रूप से सम्पन्न करवाने के लिए 3 सितंबर को सदर मंडी मुख्यालय के संबंधित परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा-144 लागू रहेगी। इस बारे एसडीएम सदर मंडी ओम कांत ठाकुर ने शुक्रवार को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर को संबंधित परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक कार्यक्रम, जुलूस, रैलियों, नारेबाजी, धरना प्रदर्शन आदि पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दिन यानी 3 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संबंधित परीक्षा स्थलों के आसपास लाउड स्पीकरों के उपयोग, परीक्षा स्थलों के आसपास निर्माण, टेंट स्टेज लगाने, तोड़ने आदि के काम पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दिन परीक्षा केंद्रों में किसी प्रकार के हथियार, लाठियां, गोला बारूद, तलवार, घातक उपकरण आदि ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
राजस्व मंत्री ने 'विस्थापन का दंश' पुस्तक का किया विमोचन राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्ष की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के प्रति संवेदनशील है तथा उनकी उचित मांगों को राजस्थान सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने कहा कि पौंग बांध परियोजना के कारण प्रदेश के जिला कांगड़ा में 20722 परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस परियोजना से विस्थापितों को भूमि आवंटित करवाने के लिए प्रयासरत है। इसके अलावा शेष विस्थापितों को एकमुश्त राहत उपलब्ध करवाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएं ताकि विस्थापितों की मांगों का समय पर समाधान किया जा सकें। इस अवसर पर जगत सिंह नेगी ने उपायुक्त (राहत एवं पुनर्वास) राजा का तालाब तलवाड़ा, डॉ. संजय कुमार धीमान द्वारा विस्थापितों के जीवन तथा राहत व पुनर्वास प्रक्रिया पर लिखित पुस्तक 'विस्थापन का दंशÓ का विमोचन भी किया। यह पुस्तक भारत में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए विस्थापितों के त्याग को समर्पित है। राजस्व मंत्री ने प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा से भी विस्थापितों के पुनर्वास के संबंध में चर्चा की। बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने विस्थापितों से संबंधित विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। संयुक्त सचिव राजस्व बलवान चंद तथा सहायक आयुक्त कांगड़ा सुभाष गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने प्रतिभाशाली युवा लेखिका, पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर की कक्षा सातवीं ए की छात्रा रेवा कश्यप द्वारा लिखित 'ड्रीम कैचरÓ नामक लघु कहानियों के एक आकर्षक संग्रह का अनावरण किया। विमोचन कार्यक्रम प्रतिष्ठित राजभवन में हुआ, जहां राज्यपाल शुक्ला ने रेवा की उल्लेखनीय रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता की सराहना की। 'ड्रीम कैचरÓ ऐसा काव्य है, जिसमें 18 लघु कथाएं शामिल हैं, जो अपने पाठकों को कल्पना के एक आकर्षक क्षेत्र में ले जाता है। ड्रीम कैचर के साथ रेवा कश्यप ने मनोरम कहानियों को गढ़ने की क्षमता प्रदर्शित की है, जो न केवल वास्तविकता और कल्पना के बीच की खाई को पाटती है, बल्कि उम्र की बाधाओं को भी पार करती है। वह सभी उम्र के पाठकों को अपने अनूठे सपनों की खोज के लिए प्रेरित करती है, जो धीरे-धीरे हमें जीवन जीने का सबक सिखाते हैं। सात वर्षीय रेवा दिन में देखती और पढ़ती थी और रात में सपना देखती थी। उसकी सुबहें उसके सपनों की ओस से छलकी हुई थीं। उसने यादें बनाने के लिए उन्हें शब्दों में व्यक्त करना शुरू कर दिया, इस बात से अनजान कि सात साल की उम्र में वह अपनी पहली किताब लिख रही थी। यह दस साल की उम्र तक चलता रहा। कहानियां एकत्र की गईं और उसके सपने दिन की रोशनी देखने के लिए तैयार थे। अत: 'ड्रीम कैचरÓ पुस्तक रैक पर आ गई। उनकी कहानियों की मासूमियत मूल्यों को उजागर करती है और बच्चों की दुनिया को समझाती है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने रेवा कश्यप की उनके उत्कृष्ट प्रथम कार्य के लिए सराहना की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे उनकी कहानियां हास्य, रहस्य और मानवीय भावनाओं का समृद्ध मिश्रण हैं, जो उन्हें सभी के लिए दिलचस्प बनाती हैं। रेवा की निर्जीव वस्तुओं, फलों और सब्जियों को संबंधित मानवीय गुणों से जोड़ने की अद्वितीय क्षमता उनके असाधारण लेखन का परिचायक है। राज्यपाल शुक्ल ने साहित्य जगत में रेवा की शुरुआती उपलब्धि की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रेवा की रचनात्मक यात्रा में सहयोग देने में उनकी मां शालिनी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा एवं उन्हें बधाई ज्ञापित की। यह पुस्तक चंडीगढ़ में प्रमुख बुकस्टोर्स और ऑनलाइन अमेज़न पर खरीदने के लिए उपलब्ध है। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन ए जे सिंह, प्रबंधन प्रमुख मिस समीक्षा सिंह, स्पेशल एजुकेटर मिस श्रिया, प्रधानाचार्य संजय चौहान, हैड एलीमेंट्री डॉ किरण अत्री एवं अन्य अधिकारियों नें भी रेवा एवं उनकी माता शालिनी शर्मा को बधाई दी।
जिला परिषद सदस्य सरस्वती नगर जुब्बल व अध्यक्ष कृषि बागवानी व उद्योग कमेटी जिला शिमला कौशल मुंगटा ने हाटकोटी में क्षेत्र की पहली लाइब्रेरी का शुभारंभ किया, जिसमें पचास से साठ बच्चों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मुंगटा का कहना है कि रोहित ठाकुर के सहयोग व जिला परिषद निधि से क्षेत्र में बनने वाला ये पहला पुस्तकालय है, जो की शिक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति ले कर आएगा। उन्होंने कहा कि चुनावों में केवल पुस्तकालय खोलने का वादा किया था, जिसको पूरा कर दिया गया है और कुछ अन्य पंचायतों को भी 50-50 हजार की प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के लिए भी जिला परिषद निधि दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब छात्र व छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तके उपलब्ध हो सकें व वो भी सभी के साथ मिलकर आगे बढ़ सकें। मुंगटा ने आगे कहा कि ये पुस्तकालय तो केवल शुरआत है, अगर जगह मिली तो आने वाले समय में ऐसे और पुस्तकालय बनाने का प्रयास किया जाएगा और युवाओं के प्रोत्साहन के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को पुस्तकालय की सुविधा न होने की वजह से शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता था, जिस वजह से गरीब छात्र पीछे रह जाता था जो कि अब नहीं होगा। मुंगटा का कहना है कि इस पुस्तकालय के अलावा उन्होंने युवाओं के लिए दो वर्षों में अपनी निधि से विभिन्न पंचायतों में मैदानों के लिए भी 10 लाख से ऊपर की राशि खर्च की है तथा सरकार के विभिन्न उपक्रमों से शिक्षा मंत्री के माध्यम से लाखों की राशि क्षेत्र के प्रदान की है। उन्होंने आगे कहा कि जिला परिषद सदस्य की जितनी शक्तियां हैं, उस लिहाज से युवाओं के लिए समर्पित हो कर कार्य किया जा रहा है और आगे भी प्रयास जारी रहेंगे,आने वाले समय में शिक्षा मंत्री जी से क्षेत्र में स्वर्गीय रामलाल ठाकुर के नाम से एक भव्य राज्य पुस्तकालय खोलने का भी आग्रह किया जाएगा। उन्होंने अपने कार्यों का ब्योरा देते हुए आगे कहा है कि उनके माध्यम से क्षेत्र में दो वर्षों में 50 लाख से ऊपर के कार्य मात्र जिला परिषद निधि से हो चुके हैं तथा अन्य विभागों के माध्यम से भी लाखों के काम चल रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने ब्लॉक के बीडीओ व पंचायत के सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया, जिन्होंने इस कार्य में उनकी मदद की। इस मौके पर बीडीओ जुब्बल करण सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य व बीडीसी अध्यक्ष मोती लाल सिथटा, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष जुब्बल कोटखाई संदीप सेहटा, पंचायत समिति सदस्य प्रेम लता गांगटा, प्रधान सरस्वती नगर दीपना राजटा, उप प्रधान हरीश चांजटा, सचिव धन दास व ब्लाक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक द्वारा स्वरबद्ध किए 'हिमाचली स्वैग-पाणी री टंकीÓ गीत जारी किया। हिमाचली गायक दिलीप चौहान ने भी इसमें अपनी आवाज दी है। इस अवसर पर राज्यपाल ने दिलीप चौहान को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचली संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और पहनावा अति समृद्ध है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संवर्द्धन में उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हुए भावी पीढ़ियों को इससे अवगत करवाना आवश्यक है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार देर सायं सभी उपायुक्तों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का तीन दिन के भीतर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से क्षति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त जिलों में क्षति का मूल्यांकन कर सम्बंधित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत राशि के उचित वितरण के लिए एसडीएम और उपायुक्तों सहित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक त्रासदी के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार दुधारू और भारवाहक मवेशियों की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में धंसते क्षेत्रों के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थितियों का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों की सम्पत्ति पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है, उन्हें पर्याप्त सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश से बाहर इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस आदेश की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उपायुक्तों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप 48 घंटों के भीतर विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दे ताकि किसान अपनी उपज समयबद्ध बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें किराये पर लेने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बैठक में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
आपदा के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार फिर नया कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेगी। इसे आगामी 15 वर्षों में चुकता किया जाएगा। यह ऋण प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर लिया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार की प्रतिभूतियों को गिरवी रखा जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक इन प्रतिभूतियों को 5 सितंबर को नीलाम करेगा। यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश पर वर्तमान में करीब 78 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। आर्थिक तंगहाली के बीच प्रदेश की स्थिति पहले से ही खराब चल रही है। बरसात ने हिमाचल को पहुंचाया 8657.80 करोड़ का नुकसान उधर, मानसून सीजन में अब तक हिमाचल प्रदेश को 8657.80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 2932.94 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन किया जा चुका है। बाढ़ से प्रदेश में 2527 मकान ढह गए, जबकि 10799 क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 5607 गोशालाएं और 314 दुकानें ढही हैं।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत हुई गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई हैं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति घोटाला किया। इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले 31 अगस्त को चार राज्यों में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसमें 4.42 करोड़ रुपये की अंतिम कुर्की आदेश दिया गया था। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर पड़े थे छापे प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में 29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर इस मामले में छापे मारे थे। ईडी ने इन छापों के दौरान बैंक खातों में 2.55 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी। छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त आरोपियों ने खोल दिए होटल और शराब के ठेके हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने होटल और शराब के ठेके भी खोल दिए हैं। इन्होंने इसी बीच जमीन की भी खरीद-फरोख्त की है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर रहा है। सीबीआई ने अब तक की जांच के तहत करीब 28 निजी संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया है। इनमें से 15 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। 13 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है। यह घोटाला 2013 से 2019 के बीच हुआ है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति हुई जारी सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आपसी मिलीभगत से निजी संस्थानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी हुआ। यही कारण रहा है कि छात्रवृत्ति का 80 प्रतिशत बजट निजी और 20 प्रतिशत बजट सरकारी संस्थानों को जारी हुआ।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज के जन्मदिन पर आईएएस अफसर के खिलाफ वायरल पत्र बम मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। यह पत्र शिमला डाकघर से पोस्ट कर भाजपा विधायक के शिमला स्थित आवास के पते पर भेजा गया। 15 अगस्त को विधायक का जन्मदिन था। अपने विधानसभा क्षेत्र भरमौर में विधायक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जन्मदिन मनाने पहुंचे। वहां पुलिस की गिरफ्त में आए एक आरोपी ने मोबाइल से पत्र की फोटो खींची और वायरल कर दी। उधर, विधायक ने पुलिस का सहयोग करते हुए पत्र के लिफाफे को एक जानकार के माध्यम से शिमला के बालूगंज थाना को सौंप दिया। अब यह लिफाफा केस प्रॉपर्टी के तौर पर पुलिस ने रख लिया है। लिफाफे पर विधायक का नाम और उनकी रिहायश का पता लिखा है। इस पर डाक विभाग की मुहर भी लगी है। शुरुआती जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि पत्र शिमला में लिखा गया और चंबा से वायरल किया गया। कंप्यूटर पर पत्र लिखा, बाद में इसका प्रिंट लिया और लिफाफे पर नाम व पता पेन से लिखा गया है। सारे सबूत मिलने पर अब पुलिस हैंडराइटिंग के सैंपल लेगी। शिमला शहर में 29 लेटर बॉक्स हैं। इनमें कुछ लेटर बॉक्स ही ऐसे हैं, जिनके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस जांच कर रही है कि यह पत्र कहां से पोस्ट किया होगा। इसमें सीसीटीवी फुटेज का भी सहारा लिया जाएगा। पुलिस इस मामले में करीब 70 फीसदी जांच पूरी कर चुकी है। उधर, एसपी शिमला संजीव गांधी ने कहा कि हर पहलू पर तफ्तीश की जा रही है। सीएम सुक्खू से मिले विधायक बीते दिन विधायक जनकराज सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले और कहा कि पत्र से उनका लेना-देना नहीं है। यह पत्र उनके पते पर डाक से आया। इसे वायरल करने में उनका हाथ नहीं है। विधायक ने अमर उजाला को बताया कि भाजपा और उनको मामले में जबरदस्ती घसीटा जा रहा है। वह विपक्ष में हैं, अगर कोई मुद्दा उठाना होगा तो वह छिपकर नहीं, बल्कि सामने आकर सवाल उठाएंगे। वह चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। यह कांग्रेस के असंतुष्ट लोगों का काम है, जो छिपकर अपनी ही सरकार के खिलाफ लामबंद हैं और ठीकरा भाजपा पर फोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वक्त आने पर पूरा जवाब देंगे। पत्र बम मामला बीते दिनों वायरल पत्र में एक निजी कंपनी से करोड़ों के लेनदेन के आरोप लगे थे। पत्र में हाईप्रोफाइल पार्टी और कॉल गर्ल्ज तक का उल्लेख है। पत्र में एक आईएएस अफसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र सीबीआई निदेशक को प्रेषित करने का दावा किया गया। पत्र अनमोल सिंह ठाकुर के नाम से जारी हुआ, जबकि इस नाम का कोई अधिकारी व कर्मचारी नहीं है। आईएएस अफसर ने थाना बालूगंज में एफआईआर दर्ज करवाई। उसके बाद पुलिस ने पत्र वायरल करने वाले मुख्य आरोपी को जिला चंबा से हिरासत में लिया।
वीरवार को SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने कुछ छात्र मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य को एक ज्ञापन सौंपा। SFI इकाई ने विश्वविद्यालय में पीजी कक्षाओं को शीघ्र शुरू करने की मांग की ताकि जो शैक्षणिक सत्र पहले से ही लेट है उसको वापिस सही समय पर शुरू किया जा सके। कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक सत्र काफी लेट हो गया था और इसको वापिस लाने के लिए शीघ्र से शीघ्र कक्षाओं को शुरू करना जरूरी है। निर्माण कार्यों में तेज़ी लाने की मांग दूसरी मुख्यमांग में SFI इकाई ने विश्वविद्यालय में व विश्वविद्यालय के छात्रावासों में जितने भी नवीकरण के कार्य पिछले लंबे समय से चल रहे हैं फिर चाहे वह भवन निर्माण के कार्य हो या लिफ्ट निर्माण के हो इन सभी निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही है। विश्वविद्यालय में पिछले लंबे समय से जगह-जगह लिफ्ट निर्माण के कार्य चले हुए हैं उसमें से कई लिफ्ट बन चुकी है परंतु अभी भी कुछ एक लिफ्ट बंद पड़ी है। आर्ट्स ब्लॉक की लिफ्ट जब से बनी है तब से ये लिफ्ट सुचारु नहीं है। उस लिफ्ट को भी शीघ्रता से चलाया जाने की मांग गई है। B.Ed के काउंसलिंग शेड्यूल को जारी करने की मांग तीसरी मुख्य मांग में SFI इकाई का कहना था कि B.Ed की प्रवेश परीक्षा बहुत पहले हो चुकी है, परंतु उसका काउंसलिंग शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है। B.Ed के काउंसलिंग शेड्यूल को जल्द से जल्द जारी करने की मांग के साथ साथ उन्होंने कहा कि समय पर कक्षाएं शुरू होंगी तो शैक्षणिक सत्र में भी देरी नहीं होगी। SFI इकाई ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रधानश्चार्य ने आश्वासन दिया है कि इन सब मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी और कुछ दिनों में ही इन सभी मांगों को पूरा किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित व अद्यतन बनाए रखने के उदेश्य से बी.एल.ओ. द्वारा 21-07-2023 से अपने मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों के सत्यापन का कार्यक्रम आरम्भ किया गया था जो कि दिनांक 21-08-2023 तक चला। इस दौरान 01-10-2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32,403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप 6 पर आवेदन प्राप्त कर लिये गये है। सत्यापन के दौरान 18,445 मतदाता अनुपस्थित व 41,488 स्थानान्तरित मतदाता चिन्हित किये गये। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3,335 दोहरे रूप से पंजीकृत, व 40,939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई तथा फोटो मतदाता सूची में 21,723 मतदाताओं की खराब व धुन्धली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने हेतु पहचान की गई। इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उप-मण्डलाधिकारी की देख रेख में दिनांक 22-08-2023 से 31-08-2023 तक चलाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जायेंगी। यह सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। इस दौरान यह सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सम्बंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक अपने जिले से सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
नेता प्रतिपक्ष बोले-सरकार बने बीत चुका 9 माह का समय, लेकिन कब पूरी होगी कांग्रेस की गारंटी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार को बने नौ माह से ज्यादा का समय हो गया है और कांग्रेस ने अब तक एक भी गारंटी को पूरा नहीं किया है। रक्षा बंधन आ गया है, तो मुख्यमंत्री महोदय प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को ही पूरा कर दें। रक्षा बंधन में हर भाई अपनी बहन को तोहफे देते हैं। ऐसे में मौका और दस्तूर दोनों हैं जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश की माताओं बहनों को रक्षाबंधन के तोहफे के रूप में हर महिला को 1500 रुपये प्रति महीना देने की गारंटी पूरी करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे किए थे। प्रदेश के लोगों को दस गारंटिया भी दी थी। जिसमें से एक गारण्टी प्रदेश की 18 से 60 साल की महिलाओं को हर महीनें 1500 रुपए देने की गारण्टी भी थी। कांग्रेस के सभी नेता जनता के बीच जाकर अपनी अपनी भाषा में 'घर में एक महिला होगी तो डेढ़ हजार, दो होगी तो तीन हजार, चार होगी तो छह हजार का नारा भी दिया था। हद तो तब हो गई थी जब कांग्रेस के नेताओं ने इसके लिए महिलाओं से फर्जी फॉर्म भी भरवा लिए थे। हिमाचल की राजनीति में प्रदेश की जनता से इस तरह का छल आज तक किसी ने नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में जनता के साथ ऐसा धोखा आज तक किसी ने नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव में गारंटी देकर चुनाव जीतने के बाद उसे भूल जाने वालों को प्रदेश के लोग माफ नहीं करने वाले हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अपने सारे वादे, सारी गारंटियां भूल गई, लेकिन प्रदेश के लोग नहीं भूले और आज भी उनकी राह देख रहे हैं। इसलिए मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह रक्षा बंधन के पवित्र मौके पर प्रदेश की माताओं-बहनों से किए हुए वादे को पूरा करें। महिला सम्मान राशि की शुरुआत के लिए रक्षा बंधन से बेहतर कोई अवसर नहीं हो सकता है। महिला सम्मान की राशि पूरी ईमानदारी के साथ प्रदेश की हर मां-बहनों के खाते में डालें। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश वासियों को दी रक्षा बंधन की बधाई नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भाई बहन के असीम प्यार और अटूट बंधन को समर्पित यह त्यौहार लोगों के जीवन में सौहार्द और सद्भावना को और प्रगाढ़ करे। सब सुखी और स्वस्थ्य रहें।
कहा, उभरते डिजिटल परिदृश्य के अनुरूप ढल रहा हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर 'डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभागÓ करने एवं विभाग की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश संभवत: देश का पहला राज्य है जिसने डिजिटल रूप से उन्नत और आधुनिक राज्य बनने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और विभाग का यह नया नाम इसके कार्यों के अनुरूप प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन में उभरती प्रौद्योगिकी के व्यापक दायरे को देखते हुए विभाग का नाम डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस विभाग किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग को उभरते डिजिटल परिदृश्य और बदलती आवश्यकताओं के साथ जोड़ना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन तक सरकारी सेवाओं के लाभ शीघ्रता से पहुंचाने के लिए प्रौद्योगिकी संचालित शासन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सभी सेवाओं का डिजिटलीकरण कर तेज और सर्वसुलभ डेटा कनेक्टिविटी के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक है ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग एक क्रांतिकारी कदम है। इससे सूचना और सेवाएं प्राप्त करने के लिए आम लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकार द्वारा शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग विभिन्न विभागों में डिजिटल क्षमता के अनुरूप चार मुख्य क्षेत्रों डिजिटल प्रौद्योगिकी, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं डेटा गवर्नेंस, डिजिटल ट्रांसफॉरर्मेशन तथा सूचना प्रौद्योगिकी निवेश एवं औद्योगिक प्रोत्साहन को सुदृढ़ करेगा। इन क्षेत्रों के माध्यम से डिजिटल प्रौद्योगिकी, टेली-संचार, ई-गवर्नेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर-सुरक्षा, कृत्रिम मेधा, ड्रोन और ड्रोन-आधारित सेवाएं, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉक चेन, और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नीतियां विकसित कर कार्यान्वित की जाएंगी। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों के लिए प्रभावी मैपिंग, डेटा प्रबंधन और विश्लेषण के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रौद्योगिकी का एकीकरण एवं कार्यान्वयन तथा सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन सहित विभिन्न उभरती प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। इस अवसर पर प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, सचिव डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन और निदेशक मुकेश रेपसवाल भी उपस्थित थे।
अप्रैल 2024 से होगा आरंभ और आगामी पांच वर्ष तक किया जाएगा कार्यान्वित प्रदेश सरकार ने राज्य में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और आपदा तैयारियों के दृष्टिगत 890 करोड़ रुपये का 'हिमाचल प्रदेश आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारी कार्यक्रमÓ बनाया है। फ्रांसीसी विकास एजेंसी के सहयोग से तैयार यह कार्यक्रम अप्रैल, 2024 से आरंभ होगा और आगामी पांच वर्ष तक कार्यान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए आपदा और जलवायु जोखिम में कमी लाना है। इसमें आपदाओं का सामना करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और शासन प्रणाली से संबंधित संरचनाओं का विस्तारीकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे से निपटने के दृष्टिगत अग्रसक्रिय कदम उठाना समय की आवश्यकता है। इस पंचवर्षीय योजना में कई प्रमुख घटक शामिल हैं, जिनमें आपदा जोखिम गवर्नेंस पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। इसमें संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाना, जोखिमों को गहराई से समझना और ज्ञान प्रबंधन को मज़बूत करने पर बल दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त आपदा तैयारियों को सुदृढ़ करना भी कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है, जिसमें प्रभावी प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों की स्थापना और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि की जाएगी। इस कार्यक्रम के संसाधनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शमन उपायों पर केन्द्रित किया जाएगा, जिसमें पारिस्थितिकी आधारित ईको-आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रकृति-आधारित समाधान शामिल हैं। इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से पार पाने की दिशा में कार्य कर रहे विभिन्न विभागों को समर्पित निधि प्रदान की जाएगी। सुक्खू ने कहा कि इसमें हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) को मज़बूत करने के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, योजना में एक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) और जिला-स्तरीय आपदा परिचालन केन्द्र भी स्थापित किए जाएंगे। सभी नदी घाटियों के लिए ग्रामीण स्तर पर जलवायु परिवर्तन भेद्यता आकलन (सीसीवीए) के साथ-साथ कांगड़ा में एक विशेष आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) कंपनी की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें भूस्खलन, आकस्मिक बाढ़, बादल फटने, ग्लेशियरों के पिघलने से बनने वाली अस्थायी झीलों के कारण बाढ़ और बांध सुरक्षा के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का विकास भी शामिल है। बाढ़ पूर्वानुमान के लिए नेटवर्क में सुधार और जीआईएस-आधारित निर्णय सहायता प्रणाली आरंभ करना परियोजना का महत्त्वपूर्ण पहलू है। जंगल की आग के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम में अग्नि-शमन उपायों को कार्यान्वित करने के लिए भी रणनीति तैयार की गई है। इसमें पहले से विभिन्न स्थानों पर आवश्यक उपकरणों और वाहनों की सुविधा सहित अग्निशमन केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा योजना का लक्ष्य खतरनाक सामग्री से उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों से निपटने के लिए तीन मौजूदा अग्निशमन केन्द्रों की क्षमता बढ़ाना है। इसके साथ-साथ इसमें भू-स्खलन रोकने और संवेदनशील भू-स्खलन स्थलों का स्थिरीकरण शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव बढ़ने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारी कार्यक्रम के तहत विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिए एक अग्रसक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम में पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए बहुआयामी रणनीति के साथ-साथ क्षमता विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से सोलन, ऊना और सिरमौर जिला रेडक्रॉस शाखाओं के लिए राहत सामग्री के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह राहत सामग्री प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को प्रदान की जाएगी। राहत सामग्री के रूप में स्वच्छता किट, तिरपाल, किचन सेट, कंबल आदि उपलब्ध करवाए गए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के समय राज्य रेडक्रॉस सोसायटी प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा अब तक राहत सामग्री के 14 वाहन विभिन्न जिलों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासी प्रभावित परिवारों के साथ हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने लोगों से प्रभावितों की मदद के लिए योगदान का भी आग्रह किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और राज्य रेडक्रॉस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
बोले-केंद्र से आर्थिक राहत के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे भाजपा नेता प्रदेश में बरसात से हुई तबाही पर केंद्र से हिमाचल को कोई मदद नहींं की गई है। यह बात पशु पालन एवं कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बुधवार को धर्मशाला में पत्रकारवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि केंद्र से आर्थिक राहत के नाम पर भाजपा नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने अगर प्रदेश की मदद की है तो भाजपा नेता इस पर श्वेत पत्र जारी करें। चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल व उत्तराखंड में बरसात से भारी नुकसान हुआ है। मगर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी इन हलातों पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र से भाजपा के नेता हेलिकाप्टरों में आए और तबाही का मंजर देख घूम फिर कर दिल्ली लौट गए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कुल्लू और मंडी का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली पहुंचकर हिमाचल को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक हिमाचल को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। केंद्र सरकार से आपदा के लिए जो सहायता सेंक्शन होती है उसी सहायता की एक किस्त प्रदेश को अभी तक मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के संसाधनों से 1000 करोड़ से अधिक की राशि आपदा प्रभावितों को राहत के तौर पर पहुंचाने का काम किया है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि पौंग बांध के कारण हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा है। कृषि भूमि पानी की भेंट चढ़ गई है। हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। धर्मशाला व मैक्लोडगंज में बनी बहुमंजिला इंमारतों को लेकर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भूकंप जॉन में आता है इसलिए ऐसे होटल व अन्य भवन मालिकों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने टाउनिंग एक्ट की अवहेलना की होगी। उन्होंने कहा कि जहां तक होगा ऐसे होटलों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। सीएम रह चुके जयराम को मालूम होना चाहिए किस हेड से आती आपदा राहत राशि : कृषि मंत्री नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दिल्ली में मुख्यमंत्री का केंद्रीय नेताओं का आभार व्यक्त करने और प्रदेश कांग्रेस के नेताओं द्वारा आपदा में राजनीति करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि आपदा राहत राशि किस हेड से आती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को कोई विशेष राहत नहीं दी गई है। अगर भाजपा नेता अपने स्तर पर केंद्र का आभार व्यक्त करती है तो कर सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार को अगर कोई विशेष राहत पैकेज मिलेगा तो उसका आभार भी व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल मैनुअल आधार पर ही दो किस्तें जारी करने की बात कही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नसीहत देते हुए कहा कि जयराम ठाकुर को सोच समझकर ही कोई बयान देना चाहिए।
सीएम ने भुभुजोत सहित प्रदेश में तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता पर भी दिया बल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने उन्होंने एनएचएआई को राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से मंडी-मनाली फोरलेन, विशेषकर पंडोह के पास कैंची मोड़ में संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त अधिकारियों को तैनात किया जाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे के दृष्टिगत मंडी-मनाली राजमार्ग को अस्थायी रूप से बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए आने वाले समय में मंडी जिले में कैंची मोड़ के नीचे सुरंग बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सेब सीजन चल रहा है और किसानों की उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही लाहौल क्षेत्र में आलू की फसल भी तैयार हो जाएगी और राष्ट्रीय राजमार्गों की समय पर बहाली के लिए उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। सुक्खू ने राज्य में तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा और कुल्लू घाटी को जोड़ने के लिए घटासनी-शिल्ह-बुधाणी-भुभु जोत सुरंग का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुरंग न केवल पर्यटन की दृष्टि से वरदान साबित होगी बल्कि इसका सामरिक महत्व भी है क्योंकि इससे कांगड़ा से मनाली के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चंबा जिले में चुवाड़ी-चंबा सुरंग और भावा घाटी से पिन घाटी को जोड़ने वाली सुरंग राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। सुक्खू ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ परवाणु-सोलन फोरलेन की चर्चा करते हुए कहा कि ढलानों में बेहतर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इनकी कटाई तकनीकी रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि एनएचएआई. को राजमार्गों पर ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज का निर्माण कर पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने बाढ़ के कारण सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए दो पुलों के जीर्णोद्धार में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नालागढ़-भरतगढ़ सड़क को फोरलेन बनाने पर बल दिया, जो दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूरे पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जाना चाहिए क्योंकि टुकड़ों में इस राजमार्ग को फोरलेन बनाने से यातायात के सुचारू प्रवाह में समस्या होगी। एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्गों को स्थायी रूप से बहाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग हरबंस सिंह ब्रसकॉन, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई अब्दुल बासित और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य हो जल्द मुख्यमंत्री ने शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा क्योंकि इससे प्रदेश के आठ जिलों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सड़क के सौंदर्यकरण में बढ़ोतरी के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप अथवा पांच मीटर का मध्याह्न सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर पर्यटन को बढ़ावा दे रही है और राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या प्रति वर्ष 5 करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
विभाग बोला-जल्द शुरू होगी लकड़ी की नीलामी प्रक्रिया वन विभाग द्वारा जंगलों में काटी गई लकड़ी अभी तक नहीं उठाई गई है। ऐसे में बरसात का मौसम निकल जाने के कारण लकड़ी खराब भी हो सकती है। वन विभाग द्वारा इसके लॉट्स बनाकर कारपोरेशन को सौंपा जाना है, लेकिन अभी तक इसे नहीं सौंपा गया है। विभाग का कहना है कि मार्किंग का कार्य शुरू हो गया है, इसे कारपोरेशन को जल्द ही भेज दिया जाएगा। विभाग ने चीड़ के पेड़ों को काटकर जंगलों के आसपास रखा है, बरसात के कारण लकड़ी खराब भी हो सकती है। लकड़ियों के ऊपर मिट्टी आने से लकड़ी गल या सड़ सकती है। जंगलों में कई जगह सड़कों के आसपास पेड़ भी झुक चुके हैं, जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, उन्हें भी अभी तक नहीं काटा गया है। विभाग का कहना है कि इसको लेकर भी विभाग मार्किर्ंग करेगा और उसके बाद ही इन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बारे में डीएफओ राकेश का कहना है कि जो भी लकड़ी जंगलों के आसपास काट कर रखी गई है। उन्हें लौट बनाकर शीघ्र ही उनकी नीलामी प्रक्रिया की जाएगी और उसे कारपोरेशन को भी भेज दिया जाएगा।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव पंजेहरा से अखिल गौतम को जिला सोलन का जिला सचिव बनाया गया। इसके लिए अखिल गौतम ने युवा कांग्रेस हाईकमान का धन्यवाद किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल युवा कांग्रेस के प्रभारी विनीत कंबोज, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी, कार्यकारी अध्यक्ष यदुपति ठाकुर, जिला सोलन के प्रभारी व हिमाचल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल चौहान, गौरव ठाकुर, चंदन राणा व हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के सचिव अभी शर्मा का धन्यवाद किया। अखिल गौतम ने बताया कि संगठन के लिए दिन रात काम करेंगे व लोगों की समस्याओं का समाधान करवाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार ने कांग्रेस से जुड़े लोगों को ही आपदा में काम देने का अधिकारियों को दिया है निर्देश नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आपदा के इस संवेदनशील मौके पर भी राजनैतिक दुर्भावना से काम कर रही है। फील्ड में तैनात अधिकारियों को सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा में राहत के लिए किए जा रहे काम को सिर्फ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को ही दिए जाएं। आम लोग, बीजेपी और अन्य पार्टी से जुड़े लोगों को इस आपदा में किसी प्रकार का काम नहीं दिया जाए। सरकार की इस दुर्भावना की वजह से राहत बचाव का काम गति नहीं पकड़ रहा है। जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। सरकार आपदा में अपना-पराया करने की यह राजनीति बंद करे और सिर्फ आपदा राहत और जल्दी से जल्दी सड़कें खोलने पर ध्यान दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा में जहां सरकार का काम जल्दी से जल्दी सड़के बहाल करना था, उस जगह पर वह अपना पराया कर रही है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपदा में किसी भी काम में सिर्फ कांग्रेस पार्टी से संबंध रखने वाले लोगों को ही दिया जाए। इस आपदा से निपटने में ज्यादा से ज्यादा श्रम शक्ति और मशीनरी की आवश्यकता है लेकिन सरकार का निर्देश इससे उल्टा है कि आम लोगों समेत बीजेपी और अन्य पार्टी के कार्यकर्ताओं को कोई काम न दिए जाने के कारण और न ही उनकी मशीनें लगाई जाए। उन्होंने कहा अगर स्थानीय लोग ने चंदा इक_ा करके अपनी सड़कें सही करेंगे तो फिर सरकार क्या कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के नेताओं से पूछा कि जो लोग कहते हैं कि केंद्र सरकार ने कुछ नहीं दिया, वह ये बताएं कि केंद्र द्वारा चार किश्तों में आपदा राहत के लिए भेजे गये 754 करोड़ रुपये क्या हैं। केंद्र द्वारा सीआरएफ़ के तहत सड़कों की मरम्मत के लिए दिये गए 400 करोड़ रुपये क्या हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस महीने केंद्र सरकार द्वारा दिये गये 2700 क्या हैं। केंद्र सरकार द्वारा पीएम आवास योजना के तहत आपदा प्रभावितों को 6000 घरों की मंज़ूरी दिये जाना क्या है। राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने आपदा प्रभावितों को क्या दिया है। सिलेंडर के दाम में कटौती पर पीएम मोदी का जताया आभार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस के सिलेंडर के दामों में 200 रुपये और उज्ज्वला योजना के गैस सिलेंडर में 400 रुपये की कमी करके देश की बहनों को राखी का तोहफा दिया है। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार के इस फैसले के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार जताया।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज सोलन जिला के परवाणु स्थित हिमाचल प्रदेश फल विधायन संयंत्र तथा टर्मिनल फल मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने फल विधायन संयंत्र परवाणु को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने परवाणु स्थित सेब मंडी में आड़तियों द्वारा सेब के नीलामी की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने आड़तियों से आग्रह किया कि सेब की नीलामी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कराएं। इस अवसर पर आड़तियों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत भी करवाया। राजस्व मंत्री ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत कोट बेजा के गांव गुनाई में वर्षा से प्रभावित लोगों से भेंट की। उन्होंने भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों की समस्याओं को सुना तथा इनके निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। जगत सिंह नेगी ने ग्राम पंचायत जावली के गांव सूजी में नंदलाल और सेवक राम के क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लिया और प्रभावित को यथा संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्राम पचंायत जावली व ग्राम पचंायत सनवारा के समीप राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 में हुए भूस्खलन का जायजा भी लिया। उन्होंने प्रभावितों को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 के साथ लगते क्षेत्रों का भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा ताकि भविष्य में आपदा से अधिक नुकसान न हो। राजस्व मंत्री ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने सोलन विकास खंड के शामती तथा डमरोग में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कसौली विधानसभा के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, ग्राम पंचायत कोट बेजा की प्रधान किरण, ग्राम पंचायत सनवारा के प्रधान दिनेश ठाकुर, ग्राम पंचायत कोट बेजा के उप प्रधान सुनील, हिमाचल प्रदेश फल विधायन संयंत्र के प्रबंध निदेशक हरीश वर्मा, सहायक तकनीकी अधिकारी सुनील ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, उपमंडलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, प्रदेश फल विधायन संयंत्र सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
भाजपा महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष वंदना योगी ने रक्षाबंधन के उपलक्ष में भाजपा द्वारा दिए गए रक्षाबंधन कार्यक्रम के तहत नादौन नगर परिषद के कार्यालय में सफाई कर्मचारियों व पुलिस थाना में पुलिस कर्मियों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। जिसमें सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मियों व टैक्सी चालकों को राखी बांधी गई। इस दौरान उनके साथ महिला कार्यकर्ता व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वंदना योगी ने कहा कि पार्टी हर स्तर पर महिला मोर्चा के माध्यम से रक्षाबंधन का पर्व मना रही है। महिला कार्यकर्ता इस पर्व को सफल करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी समाज के विभिन्न वर्गों में पहुंचकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाए।
सिरमौर जिला प्रशासन से सांसद सुरेश कश्यप ने आग्रह किया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और राहत राशि पहुंचने का कार्य शीघ्र करें। सांसद सुरेश कश्यप आज सिरमौर जिला के रेणुका चुनाव क्षेत्र में खादरी, दुबुड़ी टिककर, खैर नाबड़ा, आलिया जरग और ककनौला जामूकोटी आदि गांवों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों से बोल रहे थे। सुरेश कश्यप ने बताया कि इस संकट की घड़ी में वह व्यक्तिगत तौर पर समर्पित भाव से प्रभावित परिवारों के साथ उनका दुख दर्द बांटने आए हैं और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को इस दुख की घड़ी में हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर है और अभी तक प्रदेश को 1200 करोड़ से अधिक की राहत राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसमें 822 करोड़ एचडीआरएफ के अंतर्गत और 400 करोड़ सीआरएफ के अंतर्गत उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तीन के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा 2643 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत राशि का सदुपयोग कर तुरंत प्रभावित लोगों को राहत पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के अंदर सभी राष्ट्रीय उच्च मार्गों और राज्य उच्च मार्गों की मरम्मत करने का निर्णय लिया है और इन मार्गों कि शीघ्र मरम्मत के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किये जाएंगे। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, पंचायत समिति नाहन की अध्यक्ष अनीता शर्मा, रेणुका से भाजपा के प्रत्याशी रहे नारायण सिंह, पंचायत समिति संगड़ाह के निवर्तमान अध्यक्ष मेलाराम शर्मा, रेणुका भाजपा मंडल के प्रधान राजेंद्र ठाकुर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राजेन्द्र खूड़ी सहित अनेक भाजपा नेता मौजूद रहे।
एसएफआई राज्य कमेटी द्वारा शिमला के रिज मैदान पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। एसएफआई इस आपदा की घड़ी पूरे प्रदेशवासियों और प्रदेश के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है और आगे आने वाले समय में भी एस एफ प्रदेश व देश के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहेगी। ताकि बाकी रक्त के जरूरतमंद मरीजों को आसानी से रक्त मिल सके और उनकी जिंदगियां बच सकें। क्योंकि ब्लड बैंक में रक्त की कमी के कारण बहुत सारे मरीजों ने अपनी जिंदगियां खोई हैं। आने वाले समय में रक्त की कमी से कोई अपनी जिंदगी न खोए इसलिए यह शिविर उन तमाम लोगों की याद में आयोजित किया गया, जिन्होंने हाल ही में आई भयंकर आपदा में अपनी जिंदगियां गवां दी हैं। उन तमाम लोगों को याद करते हुए रक्तदान के शिविर के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान 93 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
एनएसयूआई के छात्रों ने ईसी सदस्यों को विभिन्न मांगो को लेकर सौंपा ज्ञापन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद की बैठक से पूर्व एनएसयूआई के छात्रों ने ईसी सदस्यों को विभिन्न मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने ईसी बैठक से पूर्व कुलपति कार्यालय के बाहर बैठक में शामिल होने के लिए जाने वाले सभी एग्जीक्यूटिव मेम्बरों को छात्रों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे। ये रखी मांगें 1. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व इससे संबंधित सभी महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव जल्द से जल्द बहाल किए जाये। 2. पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के समय में विश्वविद्यालय के अंदर की गई सभी शिक्षक व गैर शिक्षक भर्तियों के घोटालों की न्यायिक जांच की जाए। 3. पूर्व कुलपति सिकंदर कुमार सहित दो अन्य प्रोफेसरों के बच्चों की पीएचडी में जो दाख़िले यूजीसी के नियमों को दरकिनार करके किए गये है, उन्हें तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाये। 4. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आउटसोर्स कर्मचारियों का सेवा विस्तार रद्द कर जल्द स्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। 5. ईआरपी की खामियों को दूर कर इसके तंत्र को सुदृढ़ किया जाये। साथ ही प्रदेश के हर महाविद्यालय में छात्रों की सहायता के लिए ऑनलाइन रीड्रेसल पोर्टल की सुविधा उपलब्ध करवायी जाये । 6. पूर्व में ईसी द्वारा दो अलग विभागों में ग्रामीण विकास विषय में करवाई जा रही पीएचडी डिग्री के विवाद को सुलझाने के जो कमेटी बनाई गई है उसकी रिपोर्ट तुरंत प्रभाव से सार्वजनिक की जाए। इन मांगों के अतिरिक्त एनएसयूआई के ज्ञापन में आजीवन शिक्षा विभाग से स्थानांतरित किये गए शिक्षक के रिक्त पद को पर्यावरण विज्ञान विभाग से मूल विभाग में वापिस लाने और वि.वि. परिसर मे खुले कामधेनु नेसकैफे सहित अन्य ढाबों पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को जांचने व उचित मूल्य निर्धारित करने की मांग भी रखी गयी। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही कैंपस में नए छात्रावासों के शीघ्र निर्माण की मांग सहित बीसीए के 2009 के बाद वाले सभी छात्रों को डिग्री पूरी करने के लिए विशेष अवसर प्रदान करने की भी मांग उठाई। इस मौके पर छात्रों द्वारा अपनी मांगों को मनवाने व छात्रसंघ चुनावों की बहाली के लिए नारेबाजी भी की गई। एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि अगर जल्द से जल्द छात्रहित मे इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो एनएसयूआई उग्र आंदोलन करेगी।
हरिपुरधार-रोनहाट मार्ग पर जुनेली के समीप अल्टो कार के खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं 2 घायल बताए जा रहे हैं। मृतक व घायल शिमला जिला के कुपवी के पुजारली के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार एक ही परिवार के पांच लोग किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। तीन मृतकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जबकि एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रैफर कर दिया गया है, जबकि एक घायल का सीएचसी हरिपुरधार में ही उपचार चल रहा है। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर सीएचसी हरिपुरधार में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं (एचपीएएस) और संबद्ध सेवाओं के 13 परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। यह परिवीक्षाधीन अधिकारी हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा), फेयरलॉन, शिमला में आधार (फाउंडेशन) प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल जैसे शांतिपूर्ण राज्य में उन्हें प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि नियम और व्यवस्था के साथ-साथ उन्हें आम लोगों के मार्गदर्शक, सहयोगी और मित्र के रूप में धैर्य के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने उन्हें कानून व्यवस्था को सही रूप से लागू करने और कर्तव्यनिष्ठा व समर्पण भावना से कार्य करने का परामर्श दिया ताकि वंचित वर्ग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निवारण के लिए व्यवहारिक कानून की समझ आवश्यक है। काम ही व्यक्ति को एक अलग पहचान दिलाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी युवा अधिकारी प्रदेश हित में कार्य करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे। राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों का अपने काम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल उनके करियर बल्कि देश के भविष्य को भी बेहतर दिशा मिलेगी। राज्यपाल ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों के साथ जीवन के अनुभव भी साझा किये और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव भी साझा किये। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और हिप्पा के अतिरिक्त निदेशक प्रशांत सरकेक भी उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम बोल- आपदा से प्रभावित लोगों को सहारा देना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कांगड़ा जिला में जहां पर बरसात से नुकसान हुआ है और प्रभावित जल सिंचाई विभाग की योजनाओं का भी निरीक्षण कर रहे हैं। वही उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा आज जिला मुख्यालय धर्मशाला में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई थी, जिसमें जिला में हुई बारिश से नुकसान का विस्तृत ब्यौरा व जानकारी ली गई। इस मौके पर जिला के तमाम अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे। अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश आज बड़ी आपदा से जूझ रहा है। प्रदेश में आपदा से 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार का मुख्य लक्ष्य बेसहारा हुए लोगों को सहारा देना है, ताकि इस आपदा की घड़ी में उनके दुख को बांटा जा सके। उन्होंने कहा कि 400 के करीब मकान कांगड़ा जिला में पूर्ण से ढ़ह गए हैं, लेकिन राहत की बात यह कि लोगों की जान बची है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में 9 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा जिले में 3 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। रिलीफ कैंप में अभी भी 500 लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भू वैज्ञानिक आंकलन कर रहे हैं कि आपदा का क्या कारण रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य राहत और पुर्नवास कार्यों में लगा हुआ है। जलशक्ति विभाग को काफी नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की हर मदद के लिए जहां लोग आगे आए हैं तो वहीं अन्य राज्यों द्वारा भी प्रदेश को मदद की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रमुख और मुख्य लक्ष्य सरकार पुर्नवास ही है, प्रभावितों को उनके मकान देना वैकल्पिक जमीन देना सरकार की प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उन कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित करेगी, जिन्होंने आपदा के दौरान बेहतर कार्य किया है। वहीं कांगड़ा में पहाड़ियों का दरकना ओर खिसकना चिंताजनक है मकान नहीं टूटे हैं लोगों के दिल टूटे है, हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ खड़ी है।
कहा-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि इत्यादि में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स तथा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण लेने के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। सुक्खू ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और छात्रों की प्रगति की निगरानी के लिए नियमित अवधि में योजना के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग शिकायत निवारण अधिकारी नामित करेगा, जिसके पास छात्र ईमेल, डाक या किसी डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब छात्रों को उनकी क्षमता के अनुरूप जीवन में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।
कहा-राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना कर रही सुनिश्चित धर्मशाला। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में इस मानसून में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है लेकिन राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है प्रदेश के संसाधनों पर हिमाचल के लोगों का हक है और आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए इन संसाधनों से हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को जलशक्ति मंडल थुरल के अंतर्गत पुड़वा की उठाऊ पेयजल योजना और पेयजल योजना चौकी-जौना-क्यारवां का निरीक्षण किया। इसके उपरांत उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सुलह विधान सभा क्षेत्र में भारी बरसात से प्रभावित ग्राम पंचायत घराना एवम बच्छवाई, परमारनगर का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में लोगों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार संकट की घड़ी में आम आदमी के साथ है और प्रभावितों का पुनर्वास करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पूर्व विधायक जगजीवन पाल, एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया, जलशक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सुविधाओं को बहाल करने के लिए दिन रात काम कर रही सरकार उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में मूलभूत सुविधाओं का ढांचा दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार दिन-रात कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा पानी की सुविधा बहाल करने के लिए युद्व स्तर पर काम हो रही है। अधिकारी तथा कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बगैर सुविधाओं की बहाली के लिए जुटे हुए हैं। जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान किया जाएगा केंद्रित डिप्टी सीएम ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान ज्यादा नुक्सान नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप, भू-स्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है और आपदा संबंधित जोखिम को कम करने के लिए ऐसी घटनाओं से प्राप्त डाटा का संकलन और इसकी निरंतर निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी ढलानों के कटान, मलबा प्रबंधन और निर्माण से निकलने वाले मलबे के लिए निर्धारित बिन्दुओं की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
कहा-सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावितों को प्रदान की जाएगी हरसंभव मदद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ तथा भू-स्खलन प्रभावित हिम्मर-दरोबड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहनवीं, खुराल पुल, चंदरूही, नगरोटा गाजियां और अन्य गांवों का दौरा किया तथा वहां हुए भारी नुक्सान का जायजा लिया। उन्होंने इन गांवों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों का निरीक्षण भी किया और प्रभावित लोगों का हाल-चाल पूछा। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस मॉनसून के मौसम में अत्यधिक नुकसान हुआ है लेकिन राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को घर निर्माण के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। कंजयाण हैलिपैड पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद सभी प्रभावितों को हरसंभव मदद प्रदान करेगी। नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके नुकसान का जायजा ले रहे हैं और विश्व बैंक तथा नीति आयोग जैसी संस्थाओं ने भी प्रभावित को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस आपदा पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर हमीरपुर की संस्था सीनियर सिटीजन काउंसिल के पदाधिकारियों ने 21 लाख रुपये और कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी भोरंज के विद्यार्थियों ने 3 लाख रुपये के चेक आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को भेंट किए। इस अवसर पर भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, कांग्रेस के पदाधिकारी, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नेता प्रतिपक्ष बोले- जिस तरह से सड़क खोलने का काम हो रहा है, ऐसे तो महीनों लग जाएंगे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा से बंद हुई सड़कों को खोलने में सरकार सरकार फेल हो गई है। लोगों का सब्र जवाब दे रहा है। सरकार से मदद की राह देखते देखते लोग अब ख़ुद ही मोर्चा संभाल रहे हैं और मजबूर होकर ख़ुद से पैसे इक_ा करके सड़कें खोलने का काम कर रहे हैं। एक तरफ आम आदमी आपदा से त्रस्त है तो दूसरी तरफ़ सरकार में ताल-मेल की कमी से। सरकार को सड़कें खोलने का काम युद्ध स्तर पर करना होगा। जिस गति से सरकार काम कर रही है उस हिसाब से सड़कें खोलने में कई महीनें का समय लग जाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में इस बार की बारिश में सड़कों को काफ़ी नुक़सान हुआ है लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसे में सरकार कहां हैं। सरकार का काम है सड़कें सही करना। नेता प्रतिपक्ष ने कहा एक दो जगह नहीं सैकड़ों जगह यही हाल है। लोग महीना भर इंतज़ार करने के बाद अब मज़बूर होकर ख़ुद ही सड़कें खोलने में लग गए हैं। हर दिन समाचारों में ऐसी दर्जनों खबरें देखने को मिलती हैं कि स्थानीय लोगों ने चंदा इक_ा कर मशीनें बुलवाई और सड़क खुलवाई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब आम आदमी को सड़कें सही करवाने के लिए मशीनें मिल जा रही हैं तो सरकार को यह मशीनें क्यों नहीं मिल रही हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पचास किलोमीटर, सौ किलोमीटर के दायरे में एक मशीन लगाई है। जबकि सड़कें पचासों जगह से ख़राब हुई हैं। इस गति से काम होता रहा तो सड़कों को सही करने में कई महीनें का समय लग जायेगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों के पास समय कम है। सड़कें बंद होने की वजह से किसानों की सब्जियां खेत में सड़ रही हैं। जिसे लोग नदी, नालों और सड़कों पर फेंक रहे हैं। बागवानों के सेब की पैक की हुई पेटियां सड़कें बंद होने की वजह से मंडियो तक नहीं पहुंच रही हैं। जो लंबी दूरी तक सेब को लोगों द्वारा ढुलवा रहे हैं, उनकी लागत कई गुना बढ़ जा रही है। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से नहीं होता काम नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से काम नहीं होता, लोगों को सुविधाएं भी देनी पड़ती हैं। सरकार के मंत्री सिफ़र् बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। उन्हें योजना बनाकर काम करना चाहिए था। सड़कों को खोलने के लिए प्लानिंग करनी थी। एपल और सब्ज़ियों वाले बेल्ट में सड़कों को खोलने के काम को प्रमुखता से करना था। जिससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की फसलों को बाज़ार तक पहुंचा सके। किसानों और बाग़वानों की फसलें बाज़ार तक पहुंच जाती उन्हें अच्छा दाम मिल जाता तो इस आपदा में उन्हें बहुत राहत मिलती। उन्होंने कहा कि सरकार सड़कें खोलने के काम में तेज़ी लाए। प्रदेश में मशीनों की कमी नहीं हैं। जब आम आदमी चंदा इक_ा करके मशीन से सड़कें खुलवा ले रहे हैं तो सरकार उन मशीनों का इस्तेमाल सड़कें खोलने में क्यों नहीं कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह असामान्य परिस्थिति है तो सामान्य तरीके से काम करने से समस्या हल नहीं होगी। इसलिए सरकार में बैठे लोग बड़ी-बड़ी बातें करने की बजाय आपदा राहत के काम में तेजी लाए।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज जिला सोलन के आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुना। राजस्व मंत्री ने आश्वासन दिया कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यथासंभव प्रयास किए जाएंगे। जगत सिंह नेगी ने सोलन विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड कंडाघाट की ग्राम पंचायत देलगी के गांव खैरी में राकेश, जय चंद और हरदेव के क्षतिग्रस्त मकान का जायज़ा लिया। राजस्व मंत्री तदोपरांत कसौली विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत शडियाणा के गांव थड़ी में भूस्खलन से हुए नुकसान तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला शडियाणा के क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण भी किया। इसके उपरांत उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुबाथू में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे प्रभावितों से भेंट की तथा यथासम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सुबाथू-धर्मपुर मार्ग छावनी क्षेत्र में टूटे हिस्से का निरीक्षण किया और सेना के अधिकारियों के साथ मार्ग को शीघ्र बहाल करने के बारे विस्तारपूर्वक चर्चा की। जगत सिंह नेगी ने तत्पशात दून विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत जाडला के गांव खाल्टू में भारी वर्षा के कारण आए भूस्खलन का निरीक्षण किया। राजस्व मंत्री दून विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कृष्णगढ़-कुठाड़ तथा ग्राम पंचायत दाड़वां के बनलगी में प्रभावित लोगों से मिले और उन्हें यथा सम्भव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के पीड़ितों के मामलो पर रिपोर्ट तैयार करने के दिशा-निर्देश दिए। मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने कहा कि आपदा के मध्य प्रभावितों का पुनर्वास और विभिन्न कार्यों को गति प्रदान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देलगी की प्रधान प्रोमिला शर्मा, ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के प्रधान कैलाश शर्मा, ग्राम पंचायत दाड़वां के प्रधान रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति दून के अध्यक्ष कुलतार सिंह, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के निदेशक जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों के साथ मंडे मीटिंग में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विकास परियोजनाओं और प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित सभी प्रशासनिक सचिवों की मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों को लंबित परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डिजिटल कार्य पद्धति के महत्व पर बल देते हुए अधिकारियों से कार्य निष्पादन में तेजी लाने के दृष्टिगत ई-फाइल प्रणाली का उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाल ही में आई आपदा के दृष्टिगत सरकार प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के दृष्टिगत उनके लिए ऋण पुन:संरचना के विकल्प पर विचार कर रही है। उन्होंने इस संबंध में एक व्यापक कार्य योजना की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में 3671 अनाथ बच्चों का नामांकन हुआ है और इन सभी को इस योजना के दायरे में शामिल किया जायेगा। सुक्खू ने विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों की दरों में समानता लाने के निर्देश दिए और कहा कि विश्राम गृहों की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी ताकि इसमें भी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने राज्य में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों को बचाए रखने के लिए एक उन्नत प्रणाली विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केन्द्रित करना समय की मांग है और वन विभाग को इस दिशा में तत्परता से कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़कों के सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल परियोजनाओं में यूवी-तकनीक-आधारित फिल्टर प्रणाली के कार्यान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग को इस पर समयबद्ध कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अतिरिक्त सेब से सिरका और वाइन उत्पादन के लिए एक संयंत्र की स्थापना पर विचार करें। इसके अतिरिक्त टमाटर प्यूरी, पपीता पाउडर और आलू का पेस्ट जैसे उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं ताकि किसानों को इसका भरपूर लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क सहित आगामी परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने गत 'मंडे मीटिंगÓ में जारी दिशा-निर्देशों पर की गई कार्रवाई पर भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा सहित अन्य प्रशासनिक सचिव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुडापेस्ट हंगरी में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर नीरज चोपड़ा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के लिए गौरव का क्षण है कि देश के युवा खिलाड़ी ने विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया है। उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा ने इस प्रतिष्ठित चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर पहले भारतीय एथलीट बनकर एक इतिहास रचा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नीरज चोपड़ा की यह अभूतपूर्व उपलब्धि युवाओं को अपने कौशल और जुनून से अपने-अपने खेलों में देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।
भाजपा प्रवक्ता बलवीर वर्मा और संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस के कुछ मंत्री अपने आप को अग्रिम रखने के लिए आए दिन बयानबाजी कर रहे हैं, यह बयानबाजी केवल मात्र इसलिए हो रही है कि वह हिमाचल के मुख्यमंत्री के बराबर छाप सके और दिख सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सर्वाधिक दिक्कत सड़कों के मामले में हैं, सड़के खुल नहीं रही हैं और प्रदेश का किसान बागवान परेशान हंै। भाजपा का यह कहना है कि कांग्रेस पार्टी के मंत्री सड़क खोलने पर ध्यान दें, प्रदेश में राम राज्य तभी आएगा जब सड़कें खुलेंगी। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि अपने विभाग तो कांग्रेस के मंत्री संभाल नहीं पा रहे हैं, सड़कें खुल नहीं रही हैं, इससे प्रदेश की जनता परेशान है और कांग्रेस नेता राम राज्य की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य की बात तो उनको छोड़ देनी चाहिए, पहले जो सड़कें हिमाचल प्रदेश को मिली हंै उनको खोलने पर पूर्ण ध्यान देना चाहिए। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को सड़कों की दृष्टि से हजारों करोड़ों रुपये दिए हैं, उसका इस्तेमाल कांग्रेस की वर्तमान सरकार को सड़कों को खोलने और उनकी रखरखाव के लिए करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं जनपद स्थित गुणात्मक शिक्षा व कोचिंग के लिए जाने-माने शिक्षण संस्थान मिनर्वा से इस साल भी कई विद्यार्थियों का चयन बहुप्रतिष्ठित राजकीय/राष्ट्रीय संस्थानों में हुआ है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संस्थान के 46 विद्यार्थियों का चयन हिमाचल के विभिन्न मेडिकल संस्थानों में हुआ है। इन सभी अभ्यार्थियों ने इस साल की नीट परीक्षा को उत्तीर्ण कर यह मुकाम हासिल किया है। मिनर्वा संस्थान से शिक्षा व कोचिंग लेकर संस्थान के छात्रा प्रथम, आर्यांश, अक्षित, शिवेन, अकुल व मधु आईजीएमसी शिमला और क्षितिज, उपासना, शगुन, मानसी, प्रियांशु, नमन व इशिता आरपीजीएमसी टांडा कांगड़ा और प्रथित, कनिष्का, ओमिका व ईशा एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक मंडी और गरिमा, श्रुती, शिवांगी, इशांत, अर्पूवा, आंचल, आयुष व आदित्या वाईएसपीजीएमसी नाहन सिरमौर और रिद्यी, सौम्य, सुचिता, निवेदिता, सांभवी, दिया, नितिन, कृतिका, निहारिका, ईशान, शौर्य व सुजल आरकेजीएमसी हमीरपुर और आर्या, अलिशा, पियुष, अपुर्वा, श्रेया, अर्पित, विंकल व शंसश्रुत्या जेएलएनजीएमसी चंबा और रान्या एमएमयू सोलन से अपनी-अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई कर डॉक्टर बन देश सेवा करेंगे। मिनर्वा के इन होनहारों से जहां संस्थान में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी और इन सबके माता-पिता व अभिभावक भी गदगद हैं। इस मौके पर मिनर्वा संस्थान के संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल व राकेश चंदेल ने इन सभी बच्चों और इनके माता-पिता को बधाई दी। उन्होंने संस्थान के सभी विद्यार्थियों का आह्नान किया कि आप सब इन होनहारों से प्रेरणा लेकर आने वाले समय में अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी ही उपलब्धियां हासिल कर अपना व अपने माता-पिता और संस्थान, जिला व प्रदेश का नाम रोशन कर देश सेवा करें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भू-स्खलन के कारण हुई जान-माल की क्षति से अवगत करवाया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत कार्यों और प्रभावितों के पुनर्वास के लिए किए गए कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को सुचारू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को 18 से 25 सितंबर तक शिमला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के बारे में भी जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में पूरा प्रदेश प्रभावित परिवारों के साथ है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की सराहना करते हुए कहा कि बचाव एवं राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाए गए, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा निवासी विजय कुमार को 5 सितंबर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के अकेले विजय कुमार ही इस अवार्ड को हासिल करेंगे। कोविड काल के दौरान विजय कुमार ने बेहतर तरीके से अपने और क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा दी। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों को पढ़ाया। विजय कुमार ने बताया कि सभी बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नहीं पाते थे, कुछ बच्चों के पास मोबाइल नहीं थे व कई बार नेटवर्क की समस्या रहती थी। इस दौरान बच्चों के घरों में जाकर पढ़ते थे। वहीं उन्होंने सकोल मैथ के नाम से अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया है, इसमें क्लास 11वीं और 12वीं के बच्चों के लिए गणित सिलेबस के वीडियो अपलोड किए जाते हैं। इसके अलावा विजय कुमार फुलब्राइट पुरस्कार से भी चयनित हो चुके हैं, यह शिक्षण कार्यक्रम संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार के शैक्षणिक और संस्कृत में मामलों के ब्यूरो की ओर से प्रायोजित किया गया था, इसमें देश भर से सात प्रतिभावान शिक्षकों का चयन किया गया गया था। विजय कुमार को यह पुरस्कार पाठ्यक्रम एवं गणित विषय शिक्षण प्रक्रिया को रुचिकर एवं प्रभावी बनाने के लिए नवीन सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर गणित विषय के प्रति विद्यार्थी के रुचि उत्पन्न करने पर प्रदान किया गया था। विजय कुमार ने बताया कि वह नई प्रौद्योगिकी सीखने के लिए बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह ऑनलाइन शिक्षक प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम करेंगे। विजय कुमार ने बताया कि उनके द्वारा रामानुजन मैथमेटिक्स पार्क जो कि हिमाचल का पहला मैथमेटिकल पार्क बनाया गया है। इसके अलावा 2 स्मार्ट मैथमेटिक्स क्लासरूम बनाए गए हैं, जिसमें की काफी लोगों का योगदान रहा हैं, मैथमेटिक्स पार्क और क्लासरूम बनाने के लिए कई लोगों का भी काफी योगदान रहा है, पार्क व क्लशरुम बनाने के लिए 4 लाख का खर्चा आया है। इसके इलावा मैथमेटिकल लैंब भी उनके द्वारा बनाई गई है जिसका इनोग्रेशन डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल द्वारा किया गया है। इस लैब को स्कूलों व गांव में जाकर बच्चों की मदद करते हैं।
व्यवस्था परिवर्तन की भावना से कार्य कर रही प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 31 अक्तूबर 2023 तक विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के दौरान शॉल, टोपी और पुष्पगुच्छ इत्यादि के माध्यम से गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित करने की रस्म पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। इस निर्देशानुसार 31 अक्तूबर, 2023 तक सरकारी कार्यक्रमों में कोई औपचारिक सम्मान समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश सरकार द्वारा 15 सितम्बर, 2023 तक क्षेत्र के दौरे के दौरान अति विशिष्ट व्यक्तियों को पारम्परिक रूप से दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर को भी निलंबित किया गया है। यह निर्णय व्यवस्था में सार्थक एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय प्राकृतिक आपदा के प्रबन्धन के लिए संसाधनों के समुचित उपयोग तथा प्रशासन में औपचारिकता के बजाय संवेदनशील व प्रभावी कार्य संस्कृति के समावेश को भी रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश से लकड़ियों की तस्करी से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वन विभाग की चौकियों को पुलिस सीमा चौकियों के साथ एकीकृत करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने आज यहां वन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इमारती लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए इन एकीकृत चौकियों पर सीसीटीवी निगरानी सहित अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर बल दिया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इमारती लकड़ी की तस्करी से राज्य सरकार को राजस्व की हानि होती है। उन्होंने वन विभाग को लकड़ी के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए सक्रिय एवं कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन और पुलिस चौकियों के एकीकरण से व्यापक निगरानी एवं इमारती लकड़ी चोरी के विरूद्ध प्रभावी कदम सुनिश्चित होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जंगल उत्तरी भारत को प्राणवायु प्रदान करते हैं और वन राज्य की मूल्यवान संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश से प्रदेश की वन सम्पदा को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने वन विभाग को वन भूमि में गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने और उनका उचित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य के पांच वन मंडलों में खैर के पेड़ों की कटाई की कार्य योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वन विभाग इस कार्य योजना पर तत्परता से काम करते हुए बरसात का मौसम समाप्त होने के उपरांत समयबद्ध तरीके से इसे क्रियान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस वर्ष मई माह में प्रदेश के पांच वन मंडलों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, नालागढ़ और कुटलैहड़ में खैर के पेड़ों के कटान की अनुमति प्रदान की गई है। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव अमनदीप गर्ग, सचिव (गृह) डॉ. अभिषेक जैन, विधि सचिव शरद लगवाल, पीसीसीएफ (हॉफ) राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जब आंखों के सामने ही सपनों का आशियाना धराशायी हो जाए तो दर्द कितना होता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही दर्द मंडी जिले के उप मंडल सरकाघाट के कई परिवारों का है। इनमें से एक अति निर्धन परिवार उप मंडल की ग्राम पंचायत रिस्सा के गांव रिस्सा का है। रिन्टू पुत्र टेक चंद के परिवार पर आपदा एक कहर बनकर आ बरसी है। इस बरसात ने इनका नया और पुराना घर दोनों छीन लिये हैं। यही नहीं गांव की सारी जमीन भूस्खलन की चपेट में आ गई है तथा मौजूदा समय में रिन्टू अपने पूरे परिवार के साथ रिस्सा के सरकारी स्कूल में अपना कष्ट भरा समय गुजार रहे हैं। आप सभी दानी सज्जनों से एक सादर अपील है कि आपकी छोटी से छोटी मदद भी इन सबको एक कुटिया बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। ये लोग सरकार से भी अपील कर रहे हैं मदद की। दानी सज्जन निम्नलिखित अकाउंट नंबर में आप स्वेच्छा अनुसार सहयोग कर सकते हैं। Rintu S/O Tek Chand VPO Rissa, Sarkaghat, Mandi HP 175024 Himachal Pradesh Framing Bank Account Details 87491700075321 IFSC Code PUNBOHPGB04 इनके फोन नंबर हैं 78078 73145, 7807177180
प्रदेश के वन क्षेत्र में प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त पेड़ों के बचाव एवं इनके समुचित प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार ने मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की है। इसमें ऐसे पेड़ों के कटान से लेकर इन्हें बिक्री के लिए उपलब्ध करवाने तक की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। निर्धारित समय अवधि में इस प्रक्रिया की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि वनों में प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त पेड़ों के निपटान तथा बिक्री में देरी से प्रदेश को भारी वित्तीय हानि होती है। उन्होंने कहा कि नई मानक संचालन प्रक्रिया से स्थानीय स्तर पर इमारती लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा परिवहन व्यय में कमी, राजस्व में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर कार्यरत कर्मियों की क्षमता में भी वृद्धि सुनिश्चित होगी। नई मानक संचालन प्रक्रिया के अन्तर्गत ऐसे क्षतिग्रस्त पेड़ों का चरणबद्ध तरीके से प्रबन्धन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर प्रदेश के चार वृत्तों हमीरपुर, धर्मशाला, सोलन एवं शिमला के पांच वन मण्डलों के अन्तर्गत सात वन परिक्षेत्रों में यह मानक संचालन प्रक्रिया प्रथम सितंबर, 2023 से पायलट आधार पर शुरू की जाएगी। इससे अगले चरण में प्रथम जुलाई, 2024 से इसे पूर्ण रूप से प्रदेश के छह वन वृत्तों के 70 वन परिक्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा। नई मानक संचालन प्रक्रिया के तहत किसी वन परिक्षेत्र में 25 से कम क्षतिग्रस्त पेड़ों के निपटाने के लिए एक निश्चित समय सारिणी तैयार की गई है, जिसमें पेड़ों के चिन्हांकन से लेकर इनके अन्तिम निपटान तक 30 दिनों की अवधि तय की गई है। माह के पहले सात दिनों में वन रक्षक और वन निगम के कर्मचारी आपसी सहयोग से इससे संबंधित ब्यौरा तैयार करेंगे। आगामी तीन दिनों में उप वन परिक्षेत्राधिकारी ऐसे पेड़ों का चिन्हांकन करेंगे और इससे संबंधित सूची वन परिक्षेत्राधिकारी को अगले तीन दिनों में सौंपेंगे। वन परिक्षेत्राधिकारी सात दिनों के भीतर पेड़ों के कटान, इन्हें ल_ों में बदलने और निर्दिष्ट डिपो तक उत्पाद के परिवहन से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करेंगे। यह सब प्रक्रिया पूर्व निर्धारित दरों के तहत संबंधित वन मण्डलाधिकारी के समन्वय से तय समय अवधि में पूर्ण की जाएगी। प्रभावी निपटान के लिए वन परिक्षेत्राधिकारी वन मंडलाधिकारी को सूचित करेंगे और वह माह की 22 एवं 23 तारीख को वन निगम में अपने समवर्ती से संपर्क कर निष्कर्षण लागत और परिवहन व्यय निर्धारित करने के बारे में अवगत करवाएंगे। इसके साथ ही वन मण्डलाधिकारी निष्कर्षण, परिवहन लागत और रॉयल्टी के आधार पर बिल तैयार कर इसे वन निगम के मण्डलीय प्रबन्धक को भेजेंगे। बिल की अदायगी पर माह की 24 से 26 तारीख के मध्य उत्पादित माल वन निगम को भेज दिया जाएगा। यदि वन निगम इसे लेने से मना करता है तो वन परिक्षेत्राधिकारी माह की 27 एवं 28 तारीख को विभागीय स्तर पर नीलामी की प्रक्रिया आरम्भ करेगा और इसके लिए हिमाचल प्रदेश वन विभाग के प्रबन्धन विंग द्वारा आरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को विस्तार देते हुए पेड़ों के चिन्हांकन, निष्कर्षण और निपटान से संबंधित डाटा एकत्र करने के लिए एक समर्पित वेब पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। क्षतिग्रस्त पेड़ों की जियो टैगिंग के माध्यम से लिए गए छायाचित्रों को इस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, वहीं परिक्षेत्र डिपो अथवा सड़क किनारे के डिपो में एकत्र की गई इमारती लकड़ियों के लॉट के बारे में भी इसमें जानकारी संकलित की जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित इस सेवा से क्षतिग्रस्त पेड़ों के प्रबंधन से जुड़े लागत-लाभ के आकलन की भी सुविधा मिल सकेगी।
गेयटी थियेटर में नाटक 'रावी पारÓ के मंचन पर बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं शिमला के गेयटी थियेटर में नाटक 'रावी पारÓ के मंचन पर बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। रिक्रिएशन आर्ट एंड कल्चरल क्लब हिमाचल प्रदेश सचिवालय, द लिटल ग्रुप क्लब और भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम से अर्जित आय आपदा राहत कोष में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नाटक के बेहतर प्रस्तुतिकरण के लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य विकट वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है लेकिन राज्य सरकार नीतिगत परिवर्तन और नए कानूनों से इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन जुटाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है और सभी के सहयोग से हिमाचल आगामी चार वर्षों में आत्मनिर्भर और दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनकर उभरेगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस समय राज्य बरसात में आई आपदा की त्रासदी के दौर से गुजर रहा है। महत्त्वपूर्ण सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के लिए राज्य सरकार दिन-रात प्रयासरत है। किसानों और बागवानों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और उनके वित्तीय नुकसान को कम करने के दृष्टिगत परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए अस्थाई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों की मदद करने के लिए संवदेनशील है। उन्होंने चंद्रताल में चलाए गए बचाव अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी के नेतृत्व में यह असाधारण बचाव अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि 14000 फीट की ऊंचाई पर चंद्रताल झील में माइनस चार डिग्री तापमान में फंसे 300 लोगों को बचाने में इन दोनों के व्यक्तिगत प्रयास भी सराहनीय रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, महापौर सुरेेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।
इंटरनेट पर गैर कानूनी एप्लीकेशन पर पैसे लगाकर दोगुना करने के चक्कर में एक चिकित्सक ठगी का शिकार हो गया। मामला राजधानी शिमला का है। चिकित्सक ने लालच में आकर दो लाख अपने और पत्नी के करीब 18 लाख रुपये निवेश किए थे। इस बीच चिकित्सक को समय-समय पर एप्लीकेशन के माध्यम से पैसे मिलते रहे। बाद में जब पैसे आना बंद हो गए तो चिकित्सक को एहसास हुआ कि वह 20 लाख रुपये गवां चुके हैं। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य शनिवार को चिकित्सक ने इसकी शिकायत साइबर पुलिस थाने में दर्ज करवाई है। साइबर पुलिस के मुताबिक इंटरनेट पर ऑनलाइन रजिस्टर टेलीग्राम, बिटकॉइन, बिनेंस से मिली जुली फर्जी एप्लीकेशन पर पैसे निवेश करने के लालच में लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर ठग इस दौरान लोगों के निवेश की राशि को एक से तीन साल में दोगुना होने का झांसा देते हैं। इसी तरह पीड़ित चिकित्सक ने भी वर्ष 2021 से एक ऑनलाइन एप्लीकेशन में पैसे लगा रहे थे। कुछ माह बाद चिकित्सक को पैसे वापस होने लगे। इस दौरान चिकित्सक ने करीब 20 लाख रुपये और निवेश कर दिए। इसके बाद अचानक एप्लीकेशन बंद होने से चिकित्सक के होश उड़ गए। साइबर क्राइम पुलिस के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र नेगी ने बताया कि ऑनलाइन एप्लीकेशन पर पैसे निवेश करने पर एक चिकित्सक से ठगी हुई है। शिकायत पर मामले की जांच जारी है। उन्होंने लोगों को इंटरनेट पर गैर कानूनी एप्लीकेशन पर पैसा न लगाने की सलाह दी है। गौरतलब है कि शिमला में पहले भी लोग ऑनलाइन लॉटरी और गिफ्ट मिलने के झांसे में आकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अस्थायी नियुक्ति को सेवा लाभों को गिने जाने के मामले में अहम व्यवस्था दी है। अदालत ने अनुबंध सेवा को वार्षिक वेतन वृद्धि और पेंशन लाभ के लिए गिने जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अस्थायी नियुक्ति के लिए सेवा लाभों का विस्तार विभिन्न नामकरण के साथ समान अस्थायी नियुक्ति पर समान रूप से लागू होता है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह निर्णय सुनाया। अदालत ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य को एक आदर्श नियोक्ता की तरह व्यवहार करना चाहिए। कर्मचारियों के लिए शोषणकारी नीतियों को बनाने से बचना चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि अदालत की ओर से बार-बार टिप्पणियों और आदेशों के बावजूद राज्य कर्मचारियों के वैध लाभों के विस्तार से बचने के लिए एक उपकरण के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने, अपनाने और अभ्यास करने में लगा हुआ है। राज्य अस्थायी नियुक्तियों की प्रथा को जारी रखने के लिए पद और योजना के नामकरण को बदलकर कर्मचारियों को वैध लाभ से वंचित करने का प्रयास करता है। न्यायालय ने कहा कि अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कर और उन्हें नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले सेवा लाभों से वंचित करने के लिए सरकार ने स्वैच्छिक शिक्षकों, तदर्थ शिक्षकों, विद्या उपासकों, अनुबंध शिक्षकों, पैरा शिक्षकों, पीएटी, पीटीए और एसएमसी शिक्षकों जैसी चतुर शब्दावली का प्रयोग किया है। याचिकाकर्ताओं में से एक ने शुरू में अनुबंध के आधार पर जेबीटी के रूप में काम किया था। बाद में उसे नियमित आधार पर शास्त्री के रूप में नियुक्त किया गया। दूसरे याचिकाकर्ता को भी अनुबंध के आधार पर जेबीटी के रूप में नियुक्त किया था। बाद में उसकी अनुबंध नियुक्ति के बाद बिना किसी रुकावट के उसी पद पर नियमित कर दिया गया। अदालत ने कहा कि जहां किसी कर्मचारी ने विभिन्न पदों पर अनुबंध के आधार पर सेवा की है और उसे किसी अन्य पद पर नियमित किया गया है, तो उसकी तदर्थ अवधि को केवल पेंशन के लिए गिना जाएगा।
राज्य बिजली बोर्ड में 2500 टीमेट और हेल्पर दस सितंबर तक पदोन्नत होंगे। बोर्ड प्रबंधन ने तकनीकी कर्मचारियों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को संशोधित कर दिया है। नियम संशोधित होने से हेल्पर को सब स्टेशन अटेंडेंट और टीमेट को असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। सब स्टेशन अटेंडेंट और असिस्टेंट लाइनमैन के बिजली बोर्ड में करीब 4,000 पद रिक्त हैं। करीब 2500 कर्मी पदोन्नति के लिए पात्र हैं। बीते दिनों बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर तकनीकी कर्मियों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को संशोधित करने की मांग की थी। बोर्ड से जारी अधिसूचना के अनुसार टीमेट के पद पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को दो साल के बाद असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर पदोन्नति दी जा सकेगी। इसके अलावा हेल्पर के पद पर सेवारत कर्मचारियों को सब स्टेशन अटेंडेंट पद पर पदोन्नति 2 साल के सेवाकाल के बाद दी जा सकेगी। पहले यह अवधि अधिक थी। पदोन्नति के नियम भी तय नहीं थे।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शनिवार को स्क्रब टायफस से चौपाल की रहने वाली एक 28 साल की युवती की मौत हो गई। इसकी पुष्टि आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने की है। अस्पताल में नौ दिन के भीतर स्क्रब टायफस से यह चौथी मौत है। मरने वालों में तीन महिलाएं हैं और एक युवती। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज मेडिसिन ओपीडी में आते हैं। अस्पताल में शनिवार को भी बुखार के लक्षणों को लेकर मरीज उपचार करवाने आए थे। इसके बाद 26 मरीजों के स्क्रब टेस्ट किए गए जिनमें 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें अधिकतर मामले शिमला, मंडी, बिलासपुर, सोलन और कुल्लू से भी कुछ मामले आए हैं। इसके अलावा अब तक स्क्रब टायफस के 647 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें 152 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लगातार आ रहे स्क्रब टायफस के मामलों को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके पास दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. गोपाल आशीष शर्मा ने कहा कि मरीज बीमारी के लक्षणों को देखने के तुरंत बाद नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चेकअप करवाएं। इससे बीमारी का समय रहते उपचार हो पाएगा। पीलिया के दो मामले आईजीएमसी में हेपेटाइटिस (पीलिया) के दो नए मामले आए हैं। डॉक्टरों ने लैब में तीन सैंपलों की जांच की। इसमें दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, इसमें एक शिमला शहर और दूसरा ठियोग का रहने वाला है। अस्पताल में अब तक 207 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इसके अलावा हेपेटाइटिस ई के आठ मामले अभी तक पॉजिटिव आ चुके हैं।
प्रदेश पुलिस ने ठियोग में दिल्ली के एक तस्कर को 20.61 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी आरोपी चिट्टा की सप्लाई देने ठियोग आया था। पुलिस को इसकी भनक लग गई और पुलिस ने सरयून में उसे दबोच लिया। आरोपी की पहचान सैयद साकिर (19) निवासी हरिजन बस्ती नेबसराय साउथ दिल्ली के तौर पर हुई है। पुलिस पूछताछ में नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के कई राज बेपर्दा हो सकते हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। चिट्टा अप्पर शिमला में कहां और किसे देना था, इस बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।


















































