मुख्यमंत्री सुखविदर सिंह सुक्खू ने शिमला के पीटरहॉफ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल समारोह में विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को दिशा देने में महिलाओं का सदैव ही उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं माता, बेटी, पत्नी तथा बहन के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष सरोजनी नायडू से लेकर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने महिलाओं को नेतृत्व करने की प्रेरणा दी। राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के सशक्त नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर अलग पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा पाटिल देश की प्रथम राष्ट्रपति बनीं और आज द्रौपदी मुर्मु इस पद को सुशोभित कर रही हैं। यह सभी विभूतियां महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सशक्तिकरण से आगे बढ़कर उनके भीतर छिपी प्रतिभा को सम्मान देने का अवसर है। किसी भी कालखंड में सामाजिक परिवर्तन में महिलाओं का सर्वाधिक योगदान रहा है। सीएम सुक्खू ने भारतीय समाज को जीवंत रखने में भी महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में महिलाओं में आत्मसम्मान की भावना विकसित करने पर केंद्रित विभिन्न योजनाएं आरम्भ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और हमारे समाज में महिलाओं को उचित सम्मान की समृद्ध परम्परा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन पुरस्कार की राशि 21 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपए तथा जिला स्तरीय पुरस्कारों की राशि पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सुख-आश्रय कोष की वेबसाइट तथा हिम-पूरक पोषाहार पुष्टि एप का विधिवत शुभारंभ भी किया।
एशियन विकास बैंक के प्रोजेक्ट रेडिनेस फाइनेंसिंग मिशन के दल ने सोमवार को एचपीशिवा परियोजना के लिए टीम लीडर, सुनई किम की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें मिशन के उद्देश्यों तथा फील्ड भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों से अवगत करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1292 करोड़ रुपए की एचपीशिवा मुख्य परियोजना के प्रथम चरण के लिए 257 क्लस्टरों का चयन किया गया है। इसके तहत 4000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बागीचे स्थापित कर लगभग 15000 किसान व बागवानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 5 वर्षों में क्रियान्वित की जाएगी तथा इसके तहत दो चरणों में लगभग 400 क्लस्टरों में कुल 6000 हेक्टेयर भूमि पर उपोष्णकटिबंधीय फल-फसलों के बागीचे स्थापित किये जाएंगे। इस दौरान सीएम सुक्खू ने कम ऊंचाई वाले निचले क्षेत्रों में उगाये जा सकने वाले विभिन्न फल पौधों को भी परियोजना के अंतर्गत रोपित करने पर बल दिया, ताकि क्षेत्र में फल विविधता को भी बढ़ाया जा सके। वहीं एशियन विकास बैंक में एचपीशिवा परियोजना के लिए टीम लीडर सुनई किम ने कहा कि एचपीशिवा परियोजना की मुख्य परियोजना को बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद एशियन विकास बैंक के पीआरएफ मिशन ने पायलट फेज में किये गये कार्यों की समीक्षा करने तथा मुख्य परियोजना की तैयारियों को परखने के लिए 26 फरवरी से 7 मार्च तक जिला कांगड़ा, हमीरपुर तथा बिलासपुर के विभिन्न क्लस्टरों का भ्रमण किया जा रहा है। मिशन ने हिमाचल प्रदेश बागवानी रणनीति (2022-2030) तथा एचपीशिवा के अंतर्गत अन्य नीतिगत प्रयासों पर हितधारक परामर्शी कार्यशाला में भी भाग लिया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश बागवानी रणनीति के प्रारूप पर चर्चा की गयी तथा परियोजना के तहत किये जा रहे विभिन्न प्रावधानों के साथ-साथ केन्द्र व राज्य सरकार की अन्य परियोजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से परियोजना को सफल बनाने के लिए विभिन्न नीतिगत प्रयासों व पहलों को रेखांकित किया गया।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने पर दिया बल
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ सीमित, शिमला एवं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन एवं ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण विषय पर आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग को समन्वय से कार्य करना चाहिए। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का एक अभिन्न अंग है। पशुपालन के माध्यम से किसान अपनी आय में और वृद्धि कर सकते हैं। प्रदेश सरकार पशुधन को घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ तथा पशुपालन विभाग परस्पर समन्वय और सहयोग से कार्य करें, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में पर्याप्त बढ़ोतरी की जा सके। पशुपालन मंत्री ने प्रदेश में गुणात्मक दुग्ध की खरीद पर विशेष बल देते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी सहकारी समितियों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। इस परिचर्चा में सचिव पशुपालन राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ सीमित के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा और प्रबंध निदेशक भूपेंद्र अत्री ने विचार साझा किए।
प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में तैनात मुख्य शिक्षकों को पदोन्नति पर दी जाने वाली इंक्रीमेंट शीघ्र बहाल करने के राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आवाज बुलंद की है। संघ का कहना है कि मुख्य शिक्षकों को पदोन्नति पर दी जाने वाली इंक्रीमेंट जो कि जेबीटी शिक्षक को 25-25 साल की सेवा उपरांत मुख्य शिक्षक बनने पर मिलती थी, जिसे जनवरी 2022 को लागू वेतनमान में छीना गया है, उसको तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। इसके अलावा जेबीटी शिक्षकों के वेतनमान में भारी विसंगति है व राइडर पर रहे शिक्षकों पर कोई स्पष्ट निर्देश न होने के कारण 2016 के उपरांत नियमित जेबीटी शिक्षक नए वेतनमान के लाभ से वंचित रह गए हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश शर्मा का कहना है कि शीघ्र ही संघ का प्रतिनिधिमंडल प्राथमिक शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री रोहित ठाकुर से मिलेगा व उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाएगा। इसके अलावा शिक्षा निदेशक को भी मांग पत्र प्रदान किया जाएगा। जेबीटी से एलटी की तर्ज पर अन्य सी एंड वी के पदों पर भी योग्यता पूरी करने वाले जेबीटी शिक्षकों को पदोन्नति लाभ प्रदान करने की संघ मांग करता है तथा इन सभी में जेबीटी से तुरंत पदोन्नति की जाए।
हिमाचल में चुनाव के दौरान पुरानी पेंशन बहाली के साथ साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति का मामला खूब गरमाया था। जयराम सरकार ने इन कर्मचारियों की मांग पूरी करने के लिए कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया, कई दफा इन कर्मचारियों का डाटा मंगवाया, न जाने कितनी बैठकें की मगर आउटसोर्स कर्मचारियों का दामन खाली ही रहा। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पालिसी बनाने में पूर्व सरकार पूरी तरह नाकामयाब रही थी। अब इन कर्मचारियों को उम्मीद है कि नई सरकार इनके लिए कुछ करेगी और इनका भविष्य भी कुछ सुरक्षित होगा। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अनुसार नई सरकार के कार्यकाल में अब तक आउटसोर्स कर्मचारियों को सिर्फ निष्कासन ही मिला है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग धर्मपुर मंडल में कार्यरत 169 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इन आउटसोर्स कर्मचारियों को पूर्व सरकार ने रखा था। बीते चार पांच साल से सेवाएं दे रहे थे। हैरानी की बात है कि निकालने से पहले उन्हें नोटिस भी नहीं दिए गए हैं। सिर्फ फ़ोन कर बताया गया कि उनका अनुबंध खत्म है और सरकार से कोई आदेश नहीं आए हैं कि उनका एग्रीमेंट आगे बढ़ाना है। ठेकेदार का टेंडर 31 दिसंबर 2022 को समाप्त हो गया है। ऐसा ही कुछ लोक निर्माण विभाग में भी किया गया। अचानक इतने लोगों की नौकरी चले जाने के बाद प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी घबराए हुए है। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष भी ये मसला उठाया है। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों का इस तरह निष्कासन अन्याय है। उन्होंने कहा कि नीति बनने तक किसी भी कर्मचारी को इस तरह नौकरी से नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग कि है कि इन सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखा जाए और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाई जाए। प्रदेश में करीब 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारी: हिमाचल प्रदेश के करीब 40 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार उनके लिए कोई सशक्त नीति बनाएगी। प्रदेश के अधिकांश सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इनके लिए आज तक किसी सरकार ने कोई नीति का प्रावधान नहीं किया है। बता दें कि ये आउटसोर्स कर्मचारी वे कर्मचारी हैं जिनको सरकारी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर रखा जाता है। यानी कि ये सरकारी विभाग में तो हैं पर सरकारी नौकरी में नहीं हैं। इनकी नियुक्तियां या तो ठेकेदारों के माध्यम से की जाती है या किसी निजी कंपनी के माध्यम से। ये कर्मचारी काम तो सरकार का करते है मगर इन्हें वेतन ठेकेदार या कंपनी द्वारा मिलता है। न तो इन्हें सरकारी कर्मचारी होने का कोई लाभ प्राप्त होता है न ही एक स्थिर नौकरी। इन्हें जब चाहे नौकरी से निकाला जा सकता है। सरकार द्वारा वेतन तो दिया जाता है मगर ठेकेदार की कमिशन के बाद इन तक तक पहुंच पाता है। शोषण कम करने को सरकार बनाए ठोस नीति: महासंघ हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में हजारों कर्मचारियों को आउटसोर्स पर रखा गया है लेकिन पिछली सरकार द्वारा इनके नियमतिकरण के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है और न ही इनके शोषण को कम करने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं। नामात्र वेतन पे भी इनसे अधिक से अधिक काम लिया जाता हैं।
लोक निर्माण एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज के उस वक्तव्य की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार की तुलना पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार से की है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुरेश भारद्वाज का यह वक्तव्य उनकी मानसिक स्थिति को प्रदर्शित कर रहा है। देवभूमि हिमाचल की लोकप्रिय सरकार की तुलना पाकिस्तान से करना अनैतिक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने वित्तीय कुप्रबन्धन से प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदहाल कर दी थी। अब वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सशक्त प्रयास कर रही है। सरकार के यही सकारात्मक प्रयास भाजपा के नेताओं को रास नहीं आ रहे और वह अनाप-शनाप बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने की कोशिशें कर रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी पूर्व सरकार के काम-काज की समीक्षा अवश्य करनी चाहिए। तभी उन्हें यह ज्ञात होगा कि उन्होंने प्रदेश की व्यवस्था को किस तरह पटरी से उतार दिया था और यही कारण है कि उन्हें प्रदेश की जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता से बेदखल होकर भाजपा नेता अब सुर्खियों में बने रहने के लिए आधारहीन और बेतुके बयान दे रहे हैं, जो न प्रदेश हित में और न ही राष्ट्रहित में हैं। प्रदेश सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेकर प्रदेश के सभी वर्गों के समान विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के पहले चार वर्ष में जब कोई उपलब्धि अर्जित नहीं कर पाई, तो उन्होंने अन्तिम छः माह में बिना बजट प्रावधान के 900 से अधिक नए संस्थान खोलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदेश की जनता बहुत समझदार है। जनता ने उन्हें दरकिनार कर कांग्रेस पार्टी को प्रदेश की बागडोर सौंपी है। प्रदेश कांग्रेस सरकार सशक्त नेतृत्व के साथ प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भाजपा नेताओं को आधारहीन बयानबाजी से बचकर सकारात्मक सोच के साथ प्रदेश हित में कार्य करने का परामर्श दिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 6 मार्च, 2023 को होटल पीटरहॉफ शिमला में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल भी उपस्थित होंगे। राज्य स्तरीय समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गठित महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल में महिलाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर महिलाओं में अनीमिया की जांच तथा उनके लिए खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इस दौरान महिलाओं के कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला आने वाले सैलानियों का सफर अब मंहगा होने वाला है। अब नगर निगम टूरिस्ट गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है। मनाली की तर्ज पर यह फीस गाड़ियों से वसूली जाएगी। छोटी गाड़ियों से 200 रुपए, इनोवा से 300 और बस, ट्रक व बड़े वाहनों से 500 रुपए वसूले जाएंगे। दरअसल जब से मुख्यमंत्री सुक्खू ने नगर निगम को आय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, तब से योजनाएं बनाई जा रही हैं। नगर निगम द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में ग्रीन फीस का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलते ही शिमला में सैलानियों को ग्रीन फीस देनी होगी। वहीँ नगर निगम इस महीने बजट पेश करेगा, जिसमें ग्रीन फीस का प्रस्ताव भी शामिल होगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही अप्रैल महीने में यह फीस सैलानियों को देनी पड़ेगी। इस फीस से नगर निगम और सरकार को सलाना करोड़ों रुपए मिलेंगे। शिमला में हर साल 2 से 3 करोड़ टूरिस्ट आते हैं। सबसे ज्यादा टूरिस्ट पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात और यूपी के आते हैं। इन सैलानियों को ही अब एंट्री फीस के तौर पर पैसे देने पड़ेंगे। MC कमिश्नर आशीष कोहली का कहना है कि नगर निगम द्वारा 2013 में भी ग्रीन टैक्स लगाया गया था, लेकिन किसी कारण इसे बंद कर दिया। इस बार फिर से बजट में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। शिमला से पहले मनाली में बाहरी राज्यों के वाहनों की एंट्री पर ग्रीन फीस की वसूली की जा रही है। यहां वाहनों में लगे फास्टैग से फीस ली जा रही है। बैरियर लगाकर गाड़ियां रोकने की जरूरत नहीं पड़ती। फास्टैग से चंद सेकेंड में यह फीस कट जाती है। जिनके पास फास्टैग नहीं है, उनसे नकद फीस वसूली जाती है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आस्था शर्मा को सम्मानित किया। आस्था शर्मा ने केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव-2023 में प्रथम स्थान प्राप्त कर हिमाचल को गौरवान्वित किया है। वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज, संजौली, शिमला में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। राज्यपाल ने आस्था शर्मा को हिमाचली टोपी, शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी। आस्था शर्मा शिमला जिला के कोटगढ़ के लोशटा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता मनमोहन शर्मा एक सेब बागवान हैं तथा माता रेखा शर्मा गृहिणी हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान अर्जित करने से ही व्यक्ति का सम्मान और प्रतिष्ठा होती है। महान लेखक, कवि और कलाकार आदि अपनी प्रतिभा से ही जाने जाते हैं। उन्होंने आस्था शर्मा को कड़ी मेहनत करने और जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि वह न केवल प्रदेश, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर लोकायुक्त, न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बरोवालिया भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश मुंबई में आयोजित देश के सबसे बड़े फार्मा एक्सपो में भाग ले रहा है और इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा 2,110 करोड़ रुपये के निवेश आशय के 17 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों द्वारा राज्य में निवेश के लिए इच्छा जाहिर करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हें प्रस्तावित परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि हिमाचल को निवेश के लिए सबसे बेहतर गंतव्य के रूप में उभारा जा सकेे। फार्मा एक्सपो में राज्य के फार्मा पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया गया तथा फार्मा एवं चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में बड़े उद्योगों को राज्य में स्थापित होने वाले बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश के लिए आमंत्रित किया। हिमाचल प्रदेश देश में एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां ऊना में 1405.41 एकड़ क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क तथा 300 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ में स्थापित किया जा रहा है। गत दिवस उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुंबई में आयोजित फार्मा लाइव एक्सपो में ‘हिमाचल पैविलियन’ का शुभारंभ किया। उनके साथ विधायक सुधीर शर्मा, सुरेश कुमार, मालेन्दर राजन तथा अजय सोलंकी, प्रधान सचिव उद्योग आरडी नज़ीम, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, परियोजना प्रमुख, ईएण्डवाई, सुमित सागर डोगरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इसमें भाग ले रहा है। इंडियन ड्रग मैन्यूफैक्चिरिंग एसोसिएशन एवं हिमाचल ड्रग मैन्यूफैक्चिरिंग एसोसिएशन ने इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं विधायक गणों को सम्मानित भी किया। उद्योग मंत्री ने एक्सपो में स्थापित स्टॉल का अवलोकन किया और हिमाचल आधारित इकाइयों द्वारा प्रदर्शित नवोन्मेषी एवं नई तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औषध निर्माताओं को बल्क ड्रग पार्क तथा मेडिकल डिवाइस पार्क में विनिर्माण पर उदार प्रोत्साहन और उपयोगी दरों पर उच्चतम उपदान प्रदान करेगी। उद्योग मंत्री ने राज्य के फार्मा पारिस्थितिकी तंत्र की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 630 से अधिक फार्मा निर्माण कंपनियां कार्यशील हैं तथा लगभग 10 हजार करोड़ रुपए मूल्य के फार्मा फार्माल्यूएशन का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में एपीआई निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि वार्षिक रूप से लगभग 35 हजार करोड़ रुपए की बल्क ड्रग की मांग है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फार्मा उद्योग को बल मिलेगा, बल्कि आयात प्रतिस्थापन से मुद्रा विनिमय की बचत भी होगी। इस अवसर पर सरकारी-वाणिज्यिक (जीटूबी) बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनमें ऐश्वर्य इंडिया हेल्थ केयर, स्कॉट एडिल, एमक्योर, डीबीपी फार्मा ग्रुप ने हिस्सा लिया। उन्होंने राज्य में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। लूपिन लिमिटेड ने भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बैठक की और राज्य में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में फरमेंटेशन आधारित एपीआई इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई। फिल्म जगत के प्रमुख निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा ने भी हिमाचल प्रदेश में फिल्म सिटी स्थापित करने की इच्छा जताई। उद्योग मंत्री ने उन्हें इस बारे में ठोस प्रस्ताव तैयार करने और इस पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया। सुकुम पावर सिस्टम के नए प्रबंधन ने भी इलेक्ट्रिक वाहन और उपकरणों के लिए 300 करोड़ रुपए के निवेश-आशय की इच्छा व्यक्त की। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायकगण की उपस्थिति में निवेश आशय के लिए सरकार की ओर से निदेशक, उद्योग ने विभिन्न उद्योग प्रमुखों के साथ संबंधित समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए।
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद डॉक्टर सिकंदर कुमार से हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में मिला, जिसमें ज़िला सिरमौर के गिरीपार के हाटी समुदाय के लाखों लोगों को जनजाति अधिकार दिलाने वाले बिल से संबंधित राज्यसभा में पेश हो रहे संशोधन विधेयक पर विस्तारपूर्वक बातचीत की गई। डॉ. सिकंदर कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिस तरह से लोकसभा से बिल परित हुआ है, उसी तरह से शीघ्र ही राज्यसभा से भी हाटी समुदाय से संबंधित जनजाति बिल पारित होगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं वे उस कार्य को करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी कि सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ कार्य कर रही है। हाटी समुदाय से संबंधित संसदीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय के लाखो लोगो को शीघ्र ही उनका हक मिलेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, उपाध्यक्ष कपिल चौहान, महासचिव अतर सिंह तोमर, मीडिया प्रभारी अनुज शर्मा, मदन तोमर व अर्जुन सिंह आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला शिमला के डोडरा क्वार क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मांगों और समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनकी उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। कांग्रेस मंडल रोहडू के उपाध्यक्ष महेंद्र बासु, ग्राम पंचायत जिस्कून के पूर्व प्रधान राजेश कुमार, पूर्व प्रधान शंकर चौहान और क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सुक्खू ने शुक्रवार सायं इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार उभरते जैव-ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत सुझावों एवं अनुसंधान सहयोग के लिए आईएसबी के साथ समन्वय करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चीड़ की पत्तियों और बांस से जैव ऊर्जा उत्पादन का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगी। प्रदेश में शंकु वन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं और बांस उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता से उनकी आय में वृद्धि की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि थर्मल पावर, सीमेंट और स्टील जैसे कई क्षेत्रों से उत्सर्जन कम करने के लिए जीवाश्म ईंधन के विकल्पों की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ऐसे में चीड़ की पत्तियों से बने ईंधन को संभावित विकल्प के रूप में शामिल किया जाएगा, क्योंकि इसकी ऊष्मीय महत्ता अधिक है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। आईएसबी इस परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापार मॉडल और समुचित प्रौद्योगिकी प्रदान करेगा, जिसमें राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आईएसबी उद्योग के लिए सहयोग एवं खरीददारों के माध्यम से उपयुक्त बाजार भी उपलब्ध करवाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार द्वारा पैट्रोल में इथेनॉल की प्रतिशतता 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की गई है। उन्होंने कहा कि आईएसबी बांस से इथेनॉल, कम्प्रेस्ड बायोगैस फर्टिलाइज़र बनाने का काम भी करेगा। इथेनॉल के अपशिष्ट बड़ी मात्रा में कम्प्रेस्ड बायोगैस और बायो फर्टिलाइज़र के उत्पादन में फीडस्टॉक के रूप में उपयोग में लाए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने सामुदायिक वन स्वामित्व के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इसके माध्यम से वनों की सुरक्षा तथा सतत प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक वन स्वामित्व वृहद् सामाजिक दायित्वों से जुड़ा है और इससे वनों के संरक्षण को और अधिक प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक मामलों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलती है और ऐसे में यह औद्योगिक भागीदारों और निजी निवेश को भी आकर्षित करेगा। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के कार्यकारी निदेशक प्रो. अश्वनी छत्रे और नीति निदेशक डॉ. आरुषि जैन ने आईएसबी की परियोजनाओं के बारे में अवगत करवाया। बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव अभिषेक जैन और ओएसडी गोपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिला के कुनाला में आज हुए निजी बस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में एक युवती की मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावितों को तुरंत राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दुर्घटना में मृतक युवती के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पुरानी पैंशन योजना को अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से लगभग 1.36 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे तथा भविष्य में जो नए कर्मचारी सरकारी सेवा में नियुक्त होंगे, वे पुरानी पैंशन व्यवस्था में आएंगे। इन कर्मचारियों को जीपीएफ के अंतर्गत भी लाया जाएगा तथा जिन एनपीएस कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति 15 मई, 2003 के उपरान्त हुई है, उनको भावी तिथि से ओपीएस पैंशन दी जाएगी। नियमों में आवश्यक संशोधन के उपरांत एनपीएस में सरकार और कर्मचारियों द्वारा जारी अंशदान पहली अप्रैल, 2023 से बंद हो जाएगा। यदि कोई कर्मचारी एनपीएस के तहत शासित होना चाहते हैं, तो वे अपनी सहमति एनपीएस में रहने के लिए सरकार को दे सकते हैं। ओपीएस लागू करने पर सरकार वर्ष 2023-24 में 1000 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार से प्रदेश की 8000 करोड़ रूपए एनपीएस राशि को लौटाने का प्रस्ताव भी पारित किया है। मंत्रिमंडल ने वित्त विभाग को इस सम्बन्ध में नियमों में बदलाव करने तथा आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत इन्सेटिव (प्रोत्साहन) आधार पर 780 आशा वर्कर रखने का निर्णय लिया गया। यह सामुदायिक स्तर पर सुगम और विश्वसनीय स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं उपलब्ध करवाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगी। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सामुदायिक प्रक्रिया कार्यक्रम के अंतर्गत आशा सेवा प्रदाता (फेसिलिटेटर) रखने के लिए दिशा-निर्देशों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी लड़कियों तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और बीपीएल परिवारों के लड़कों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 600 रुपए प्रति विद्यार्थी राशि हस्तांतरित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। यह राशि स्कूल की वर्दी के लिए इन विद्यार्थियों अथवा उनकी माता के नाम हस्तांतरित की जाएगी और इससे राज्य के लगभग 3.70 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश टोल्ज एक्ट, 1975 के तहत वर्ष 2023-24 के लिए टोल बैरियर को नीलामी एवं निविदा प्रक्रिया के माध्यम से पट्टे पर देने की भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने वन विभाग के अभियान्त्रिकी स्टाफ का युक्तिकरण करने को भी स्वीकृति प्रदान की और इन 26 अभियान्त्रिकी स्टाफ की सेवाएं लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड और हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटिड में समाहित की जाएंगी। मंत्रिमंडल ने योल खास कंटोनमेंट बोर्ड से बाहर सिविल क्षेत्र को साथ लगती ग्राम पंचायतों रक्कड़, बाघनी, तंगोरटी खास और नरवाणा खास में सम्मिलित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी सम्मान अधिनियम, 2021 और हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी सम्मान नियम, 2022 को निरस्त करने की स्वीकृति प्रदान की। बैठक में श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नेरचौक, मंडी में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में सहायक आचार्य का पद भरने का निर्णय लिया गया।
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप गत चार वर्षों से गायब रहे और अब आगामी लोकसभा चुनावों को आते देख जुब्बल नावर कोटखाई याद आई हैं। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल नावर कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने प्रेस को ज़ारी एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद ने जुब्बल नावर कोटखाई की गत चार वर्षों से लगातार अनदेखी की हैं। भाजपा सांसद ने सांसद निधि केवल अपने चेहेतों को बांटी जबकि जुब्बल नावर कोटखाई की 62 पंचायतों मे से नाम मात्र पंचायतों को ही सांसद निधि के तहत धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा कि जब किसानों-बागवनों पर संकट आया, तो भाजपा सांसद क्षेत्र की सुध तक नहीं ली। 2021 में ओलावृष्टि व बेमौसमी बर्फबारी से किसानों और बागवानों की सेब सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पूर्व भाजपा सरकार ने 254 करोड़ की क्षति की होने का नाममात्र आंकलन किया था, जिसकी केंद्र से भरपाई करवाने में सांसद विफल रहें हैं। भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी का दर्जा दिलाने व सेब पर आयात शुल्क तीन गुना बढ़ाने की बात की थी। सेब को विशेष उत्पाद की श्रेणी में शामिल करना तो दूर की बात है। इसके विपरीत सेब पर जो आयात शुल्क 50 प्रतिशत हुआ करता था। केंद्र की भाजपा सरकार ने उसे घटाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। शिमला संसदीय क्षेत्र के बागवानों ने कई बार माननीय सांसद से इस मामले को संसद में उठाने का आग्रह किया, लेकिन सांसद ने इस विषय को अनदेखा किया। किसान-बागवान, छोटे दुकानदार, मज़दूर, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग से जुड़े हुए कारोबारियों में केंद्र की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों प्रति भारी आक्रोश हैं। उन्होंने कहा है कि सांसद केंद्र की प्रयोजित योजनाओं को लाने मे भी असफल हुए और केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा हिमाचल के लिए घोषित 69 नेशनल हाई-वे भी अब ठंडे बस्ते मे डाल दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश की जनता ने भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर ठाकुर सुखविंदर सिह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार को सत्ता सौंपी हैं, इसी प्रकार आगामी लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस पार्टी की जीत होगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज यहां बेरोजगार कला अध्यापक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने कला अध्यापक के पदों की छंटनी परीक्षा का परिणाम शीघ्र घोषित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में शिक्षकों की अहम भूमिका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक संजय रतन और बेरोजगार कला अध्यापक संघ के महासचिव विजय चौहान, संघ के विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, मुख्य सलाहकार सुख राम, प्रवीण एवं रीता कंवर उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी से पीड़ित 14 वर्षीय बच्चे के उपचार के लिए हर संभव वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हमीरपुर जिला के बड़सर क्षेत्र के निवासी प्रेम लाल ने अपनी पत्नी सहित आज प्रातः यहां मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें अवगत करवाया कि उनका बेटा अरुण मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी से पीड़ित है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह बच्चे का उपचार करवाने में सक्षम नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने प्रेम लाल को आश्वस्त किया कि बच्चे के इलाज के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का राजभवन जाकर उनका कुशल क्षेम जाना।कुछ दिन पहले ही राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की धमनी में ब्लॉकेज के कारण उनको स्टंट डाला गया था।
हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए, राज्य सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की डीजल बसों के बेड़े को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतर-जिला मार्गों पर ई-बसें चलाने की योजना बना रही है। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण कंपनियों कोे पहाड़ी क्षेत्र, भार क्षमता और सामान के लिए जगह जैसे विभिन्न मापदंडों को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध तरीके से हिमाचल स्पेसिफिक प्रोटो टाइप इलेक्ट्रिक बसें डिजाइन करने को कहा। उन्होंने कंपनियों से आधुनिक तकनीक युक्त गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का निर्माण सुनिश्चित करने को भी कहा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोटो टाइप ई-बसों के लिए सभी तौर-तरीके और विनिर्देश तय करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को श्रेष्ठ एवं आरामदायक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं। ई-वाहनों को अपनाना इस दिशा में एक मील पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-नादौन-देहरा राजमार्ग को ‘क्लीन एंड ग्रीन कॉरिडोर’ बनाने की योजना बना रही है और इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन विभाग देश का पहला ऐसा विभाग है जिसने पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाया है। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों को भी चरणबद्ध तरीके से ई-वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि, परिवहन विभाग तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं को कांग्रेस ने लगाया ग्रहण आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़ विकास पर ध्यान दें कांग्रेस भाजपा ने शिमला के शेर-ए-पंजाब पर त्रिपुरा और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का जश्न मनाया इस जश्न में भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर वातावरण को भाजपामय कर दिया और इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लड्डू वितरण का कार्यक्रम भी किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि त्रिपुरा और नागालैंड में भाजपा का बेहद अच्छा प्रदर्शन रहा है और इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को शुभकामनाएं। चुनावों में ऐसे राज्य भी है, जिसमें वामपंथियों का शासन उस राज्य में लंबे समय से था पर भाजपा ने उस पर विराम लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार जल्द श्वेत पत्र लाने की बात कर रही है। हम उसका स्वागत करते हैं और उस श्वेत पत्र पर हम खुली चर्चा करने को तैयार है। एक बार हम फिर स्पष्ट कर देते हैं कि जो आंकड़े कांग्रेस पार्टी ने नेतागण जनता के समक्ष पेश कर रहे हैं, वह पूर्ण रूप से गलत है। अगर सत्ता में रहते किसी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा ऋण लिया है, तो वह कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सरकार चलाते 3 महीने हो गए हैं और अभी तक हिमाचल प्रदेश में कोई भी नया कार्य नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री को भाजपा के ऊपर आरोप लगाने के बजाय हिमाचल प्रदेश में कुछ नया करके दिखाना चाहिए। जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है तबसे पूरे प्रदेश में विकास ठप है, अभी मैं कांगड़ा के प्रवास पर गया था वहां भी विकास की गति धीमी पड़ गई है। इसी प्रकार अगर शिमला की बात भी करें, तो जो विकास कार्य जो यहां चल रहे थे, उनको भी रोक दिया गया है। कांग्रेस को आरोप और प्रत्यारोप की राजनीति पर विराम लगाते हुए विकास के बारे में बात करनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने हिमाचल प्रदेश में बहुत सारी जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की थी, पर कांग्रेस कि यह सरकार इन योजनाओं में केवल विघ्न डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा की सरकार थी तो कांग्रेस पार्टी हेलीकॉप्टर को लेकर हल्ला मचाती थी पर अब हेलीकॉप्टर का प्रयोग मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और उनके मंत्री कर रहे हैं पर हम चुप हैं , देखना यह है कि कांग्रेस पार्टी के नेता हेलीकॉप्टर का कितना प्रयोग करते हैं। हिमाचल प्रदेश में पूरे देश भर में सबसे कम दरों पर हेलीकॉप्टर को किराए पर लिया गया था। देखना यह है कि अब कांग्रेस कितने में हेलीकॉप्टर का सौदा करती है। इस अवसर पर भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल, रणधीर शर्मा, राकेश जम्वाल, डीएस ठाकुर, हंसराज, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पायल वैद्य, कोषाध्यक्ष संजय सूद, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सुरेश भारद्वाज, मोहिंदर धर्माणी, राजेश शारदा, विजय परमार, गगन लखनपाल व अनिला कश्यप उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार उनकी जायज़ मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। इस अवसर पर विधायक इंद्र दत्त लखनपाल और नीरज नैयर भी उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिया आश्वासन हाटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में की जयराम से मुलाकात पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आश्वासन दिया है कि हाटी समुदाय को जल्द ही अनुसूचित जनजाति का औपचारिक दर्जा मिल जाएगा। इस संबंध में हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने शिमला में उनसे मुलाकात की इस दौरान संशोधित विधेयक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जो कहती है, वह करती है उनकी पहल पर हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने का बड़ा निर्णय लिया गया था। इसे चरणबद्ध तरीके से अब सिरे चढ़ाया जा रहा है। पहले लोकसभा से विधेयक पारित करवाया गया और अब राज्यसभा की बारी है। इस प्रतिनिधिमंडल में सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा महासचिव अतर सिंह तोमर, मुख्यप्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, अनुज शर्मा, मदन तोमर, दलीप सिंगटा, आशु चौहान, कपिल कपूर, विक्रम नेगी, गोपाल ठाकुर, कपिल चौहान, अर्जुन, गोविंद राणा, कपिल कपूर सुरजीत ठाकुर, दीपक चौहान, नीटू चौहान, जगत ठाकु व दिनेश ठाकुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में निरंतर प्रयासरत है विभाग भाषा एवं संस्कृति विभाग प्रदेश की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष सांस्कृतिक दलों तथा वादकों को प्रदेश में प्रदेश से बाहर सास्कृतिक अवसरों, मेले-त्योहारों व विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों हेतु भेजा जाता है। दलों के चयन के लिए विभाग द्वारा हर वर्ष जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले लोकनृत्य दल को राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्राप्त होता है। वर्ष 2023 के जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 11 मार्च को गेयटी प्रेक्षागृह के बहुउद्देशीय सभागार में करवाया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिये जिला शिमला के सभी पंजीकृत अथवा अपंजीकृत, शिक्षण संस्थानो के लोकनृत्य दल/पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र दल 07मार्च तक जिला भाषा अधिकारी शिमला के कार्यालय संस्कृति भवन, खंड संख्या-39 में ईमेल-dloshimlahp@gmail.com पर आवेदन कर सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले लोकनृत्य दलों के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं, जो कि निम्न प्रकार हैं: 1. लोक नृत्य दलों में नर्तकों की संख्या कम से कम 16 और 22 से अधिक नहीं होगी, जिसमें दल के गायक/वादक/नर्तक सम्मिलित होंगे तथा लोक वाद्ययंत्र प्रतियोगिता में 8-12 कलाकार भाग ले सकेंगे। 2. लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रदर्शन अवधि 12-15 मिनट होगी तथा लोक वाद्ययंत्र प्रतियोगिता की 10-12 मिनट रहेगी। 3 प्रतियोगिता में पारंपरिक नृत्य, गीत एवं वादन ही प्रस्तुत किया जाएगा तथा संबंधित दल केवल अपने ही क्षेत्र में प्रचलित नृत्य, गीत एवं संगीत प्रस्तुत करेगा। 4.विभिन्न क्षेत्रों का मिला-जुला लोक नृत्य/गायक दल/वादक दल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेगा। 5.लोकनृत्य दलों द्वारा परम्परागत वाद्य यंत्राें का प्रयोग ही किया जाएगा तथा नर्त्तको/गायकों/वादकों के परिधान एवं आभूषण परम्परागत एवं मूल होने चाहिए। 6.निर्णायक मण्डल द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा। अधिक जानकारी के लिये दूरभाष नंबर 0177-2626615 या मोबाइल नंंबर 8219457198 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
शिमला : हैली टैक्सी तथा चंडीगढ़ हवाई अड्डे से लग्जरी बस सेवा शुरू करने से बड़ सकता है टूरिस्ट इनफ्लो
नेहा धीमान। शिमला टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन शिमला में पर्यटकों की स्टे को मात्र एक दिन से अधिक बढ़ाने तथा पर्यटकों की आमद को बढ़ाने की सभी संभावनाओं को तलाश करने पर कार्य कर रही है। शिमला के लिए एअर कनेक्टिविटी एक बहुत बड़ा फैक्टर है, जिसको बेहतर करने की आवश्कता है। वर्तमान में पवन हंस कंपनी केवल एक 11 सीटर हैली टैक्सी सर्विस चंडीगढ़ और शिमला के बीच चला रही है। यह हैली टैक्सी सेवा दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, चेनाई, बैंगलोर से चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर आने वाली किसी भी फ्लाइट को कॉनेक्ट नही करती। अधिकतर पर्यटक चंडीगढ़ बाई एयर इन्ही शहरों से आते हैं। क्याेंकि यह सभी फ्लाइटें सुबह 8ः30 से 2ः50 के बीच चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड करती है। इसीलिए पर्यटक इस हैली टैक्सी से उसी दिन शिमला नहीं पहुंच सकते। यदि हैली टैक्सी सेवा से पर्यटक शिमला आना चाहे, तो उन्हें एक रात चंडीगढ़ में ठहरना पड़ता है। क्योंकि हैली टैक्सी सुबह 9 बजे चंडीगढ़ एयर पोर्ट से चलती है। हैली टैक्सी सेवा मात्र छह दिन सोमवार से शनिवार तक उपलब्ध रहती है, जो पर्यटक वीकेंड पर शिमला आना चाहें, उन्हें वापसी के लिए रविवार को हैली टैक्सी सेवा उपलब्ध नहीं होती। हैली टैक्सी सर्विस की उपलब्दता सबी सातों दिन होनी चाहिए या वीक ऑफ वीक के मध्य में होनी चाहिए, ताकि पर्यटक वीकेंड में हैली टैक्सी सेवा का लाभ उठा सकें। वर्तमान में हैली टैक्सी jubadhatti एयरपोर्ट पर उतरती है, जहां से शिमला पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से एक घंटे का समय लगता है। इस हैली टैक्सी को ढली हैली पोर्ट को जल्द ऑपरेशनल कर वहां से संचालित किया जाना चाहिए। इसी तरह और अधिक फ्लाइट्स चलाने की आवश्कता है, ताकि जो फ्लाइट्स चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सुबह 8 बजे से शाम 3ः30 बजे तक उतरती है, उन्हें भी कनेक्टिविटी मिल सके। अभी जो मात्र 11 सीटर चॉपर शिमला के लिए चलाया जा रहा है, उसकी जगह 20 सीटर चॉपर चलना चाहिए। इससे हाई एंड डोमेस्टिक तथा फॉरेन टूरिस्ट को अट्रैक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा हवाई जहाज की फ्लाइट्स को भी बढ़ाने की आवश्कता है, ताकि मुंबई, चेनाई, कोलकाता, अहमदाबा व पूणे इत्यादि से आने वाली फ्लाइट्स को शिमला तक हवाई कनेक्टिविटी मिल सके। इसी तरह चंडीगढ़ एयरपोर्ट से शिमला के लिए फ्रीक्वेंट डायरेक्ट नॉनस्टॉप लग्जरी बसें चलाई जानी चाहिए, ताकि चंडीगढ़ उतरने वाली फ्लाइट्स के पैसेंजर्स को चंडीगढ़ में न रुक कर सीधा शिमला आने की सुविधा मिल सके। इससे होटलों की ऑक्यूपेंसी भी बडेगी तथा सरकार के राजस्व में भी बढ़ाेतरी होगी।
विद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने बतौर मुख्यातिथि की शिरकत पंकज सिंगटा। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षा वर्तमान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर अपना ध्येय प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आगामी 10 वर्षों में सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और सरकार का पहला बजट शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में केंद्रित होगा। विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बदल रहा है और राज्य सरकार बजट में शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ नए पाठ्यक्रम शुरू करेगी, ताकि विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार शिक्षा ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों की मदद के लिए सरकार ने 101 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की है, जिससे छह हजार अनाथ बच्चे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में गोद लेगी और उनकी शिक्षा, पॉकेट मनी आदि आवश्यकताएं पूर्ण करने के लिए धन उपलब्ध कराएगी। इस विद्यालय में अध्ययन के दौरान चटाई पर बैठकर पढ़ाई करने की बचपन की यादों का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने 17 साल की आयु में संजौली महाविद्यालय में कक्षा प्रतिनिधि का चुनाव लड़ा और अब उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेशवासियों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से हर मुकाम हासिल कर सकते हैं और इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक भी हर तरह से निपुण और सक्षम होते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पुराने स्कूल में आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 2 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने डिजिटल डिस्प्ले और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन अध्ययन की सुविधा के साथ स्कूल को स्मार्ट कक्षाओं में बदलने की भी घोषणा की। स्कूल में एक डिजिटल पुस्तकालय और डिजिटल कार्यालय स्थापित किया जाएगा तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से प्रवेश उपलब्ध होगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने छोटा शिमला स्कूल को स्मार्ट स्कूल में बदलने के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की और कहा कि सभी घोषणाओं को दो महीने के भीतर कार्यान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने गणित की शिक्षिका सावित्री देवी और मिठाई की दुकान के मालिक तिलक राज चड्डा को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के स्कूल के सहपाठी मनोहर वर्मा, प्रमोद शर्मा, राजेंद्र शांडिल, रमेश वर्मा, भूपिंदर कंवर, बालकृष्ण, मदन वर्मा, प्रमोद चौहान, कमल धौल्टा, आरडी जोशी, सी. जोशी, देवानंद वर्मा और सुरेंद्र चौहान उपस्थित थे। उन्होंनें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल की पत्रिका ‘ज्ञानेश्वरी’ का विमोचन भी किया। इससे पहले, मुख्यमंत्री बनने के उपरांत पहली बार स्कूल पधारने पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के छात्रों के लिए यह गर्व की बात है कि इस विद्यालय के छात्र ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी मेहनत और लगन से प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंनें कहा कि राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। क्योंकि कौशल आधारित जनशक्ति को बढ़ाने की आवश्यकता है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला की प्राधानाचार्य मीरा शर्मा ने इस अवसर पर वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। स्कूली विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी बचत से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय सहायता कोष के लिए 11,000 रूपए भेंट किए। विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री की बहन संयोगिता ठाकुर, ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव शिक्षा अभिषेक जैन, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा, अतिरिक्त जिला उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह व पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी द्वारा राज्य स्तरीय हितधारकों की दो दिवसीय परामर्श बैठक आज यहां शिमला में संपन्न हुई। यह आयोजन राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (एनएचएचएस) के तहत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय एशियाई फ्लाईवे के भीतर प्रवासी पक्षियों के सुरक्षित आवास के लिए तीन हिमालयी राज्यों में पांच ‘आर्द्रभूमि के संरक्षण और उचित उपयोग परियोजना के तहत किया गया। इस अवसर पर बार-हेडेड बत्तखों के प्रवास के लिए पोंग बांध के महत्व पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि पौंग बांध और गोबिंद सागर के लिए एकीकृत प्रबंधन योजना तैयार करना इनके संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। बैठक में पौधों की स्थानीय विविधता और उनकी पहचान के लिए तकनीकी डेटाबेस और भारत में पक्षियों के प्रवासन अध्ययन पर जानकारी भी साझा की गई। यह बैठक मध्य एशियाई फ्लाईवे में आर्द्रभूमि के प्रभावी संरक्षण और बुद्धिमान उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय तक विभिन्न स्तरों पर नीति और निर्णय लेने का मार्गदर्शन करने वाली रणनीतियां विकसित करने के साथ-साथ सिफारिशों को भी सुनिश्चित करेगी। इसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश राज्य में आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए एक समन्वित और प्रभावी दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए सरकारी एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों, निजी क्षेत्र और स्थानीय समुदायों सहित हितधारकों के बीच साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा देना है। बैठक में राज्य सरकार के 19 विभागों, क्षेत्रीय ज्ञान संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और समुदाय आधारित संगठनों के लगभग 40 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर केंद्र में बीजेपी की मोदी सरकार के द्वारा लागू की जा रही नवउदारवादी नीतियों के चलते बढ़ती बेरोजगारी, गरीबी, मंहगाई, असमानता व जनता की रोजी-रोटी पर बढ़ते हमलों के विरूद्ध 22 फरवरी से 28 फरवरी, 2023 तक राज्यव्यापी अभियान चलाया और आज 28 फरवरी को जिला, उपमंडल, ब्लॉक व तहसील स्तर पर प्रदर्शन किए गए। आज शिमला में भी जोरदार प्रदर्शन किया गया तथा उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। 2014 के बाद से जबसे बीजेपी की मोदी सरकार सत्ता में आई है देश में व्यापक बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई, असमानता बढ़ी है व जनता की रोजी रोटी पर हमले जारी हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था का लड़खड़ाना जारी है तथा मंदी की हालत और तीव्र हो रही हैं। मोदी सरकार मात्र प्रचार प्रसार कर ही दावे कर रही है कि देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, परंतु सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक निवेश ही नही कर रही है। जिससे देश में रोज़गार नही बढ़ रहा है तथा जनता की गरीबी व बदहाली बढ़ रही है। सरकार की इन नीतियों से अमीर और अमीर और गरीब और गरीब हुआ है। मोदी सरकार की नवउदारवादी नीतियों के चलते देश में बेरोजगारी व्यापक रूप से बढ़ी है। देश में बेरोजगारी की दर 7 प्रतिशत से उपर ही रही है और शहरी बेरोजगारी की दर तो 8 से 10 प्रतिशत के बीच रही है। सरकार नियमित रोजगार को समाप्त कर आउटसोर्स, पार्ट टाइम, ठेका पर कार्य करने के लिए मजबूर कर रही है। सरकार सामाजिक क्षेत्र पर खर्च घटा कर जनता की आजीविका पर बड़ा हमला कर रही है। वर्ष 2023- 24 के बजट में मनरेगा व खाद्य सबसिडी में भारी कटौती की गई है। जहां वर्ष 2021- 22 में मनरेगा पर 1,25,000 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। वहीं, इस वर्ष के बजट में मात्र 60000 करोड़ रूपए का प्रवधान किया गया है। बजट में खाद्य सबसिडी पर भी 90000 करोड़ रुपए की कटौती की गई है। सरकार एक ओर 81.35 करोड़ लोगो को 5 किलो मुफ्त राशन देने का ढिंढोरा पीट रही है दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाले 5 किलो सस्ते राशन को बंद कर रही है। बाजार में रसोई गैस,खाद्य वस्तुओं व अन्य आवश्यक वस्तुओं तथा दवाओं के दामों में भारी वृद्धि हो रही है। बढ़ती महंगाई से जनता की परेशानी बढ़ गई है। मोदी सरकार कॉर्पोरेट घरानों व अमीरों को टैक्स में लाखों करोड़ रुपए की छूट दे रही है, जिससे देश की जनता में असमानता बढ़ रही है। ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से अधिक का स्वामित्व आबादी के मात्र एक प्रतिशत हिस्से के पास है। दूसरी ओर सबसे निचले पायदान पर खड़ी देश की 50 प्रतिशत आबादी के हाथो में देश की कुल संपत्ति का मात्र 3 प्रतिशत हिस्सा था। भारत में 2020 में अरबपतियों की संख्या जो 102 थी वह 2022 में बढ़कर 166 हो गई है। जबकि देश के करीब 23 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे हैं, जो कि दुनिया भर में गरीबी में जीने वालों की सबसे बड़ी संख्या है। देश की निचले पायदान पर जी रही 50 प्रतिशत आबादी अप्रत्यक्ष कर के रूप में सबसे अमीर 10 प्रतिशत आबादी की तुलना में 6 गुणा अधिक टैक्स देती है। हिंडेनबर्ग रिसर्च द्वारा अडानी ग्रुप पर लगाए गए आरोपों से मोदी सरकार द्वारा चेहते कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों व संरक्षण की पोल खुल गई है। इसमें जो खुलासा हुआ है उससे स्पष्ट है कि अडानी ग्रुप में निवेश की गई जीवन बीमा निगम व स्टेट बैंक में देश की जनता की गाढ़ी कमाई से की गई बचत के हजारों करोड़ रूपए डूबने की कगार पर है। केवल जीवन बीमा निगम ने ही करीब 80000 करोड़ रुपए अडानी ग्रुप में निवेश किए गए हैं तथा इस ग्रुप द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए कुल कर्ज में से 40 प्रतिशत हिस्सा एस बी आई से लिया गया है। मोदी सरकार द्वारा देश में सांप्रदायिकता की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुस्लिमों व ईसाइयों के ऊपर हमले बढ़े हैं। भाजपा शासित राज्यों में समान आचार संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। मोदी सरकार द्वारा देश के संविधान व लोकतंत्र पर भी हमले बढ़े हैं। देश में विभाजनकारी सांप्रदायिकता की नीतियों के चलते देश की जनता की एकता को खतरा पैदा हो गया है। भाजपा की मोदी सरकार सांप्रदायिकता की राजनीति की आड़ में आम जनता के बढ़ती बेरोजगारी, मंहगाई, असमानता तथा रोजी रोटी जैसे मुख्य मुद्दे गौण करना चाहती है। सीपीएम इस प्रदर्शन के माध्यम से देश की जनता से अपील करती है कि भाजपा की मोदी सरकार की नवउदारवादी व सांप्रदायिकता की इन जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध एकजुट होकर इनको बदलने के लिए संघर्ष करें। इस प्रदर्शन में संजय चौहान, जगत राम, विजेन्द्र मेहरा, फालमा चौहान, जगमोहन ठाकुर, सत्यवान पुंडीर, बालक राम, अनिल ठाकुर, अमित कुमार, राम सिंह, विनोद बिसरांटा, किशोरी डटवालिया, सोनिया, सुरजीत, हिम्मी ठाकुर, महेश वर्मा, कपिल, कमल, सुशील ठाकुर पूर्ण, पवन, रंजीत, रामू आदि के अतिरिक्त सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य मांगे- 1. रोजगार पैदा करने वाली ढांचागत परियोजनाओं में निवेश बढ़ाया जाए। 2. 5 किलोग्राम मुफ्त राशन के साथ साथ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 5 किलोग्राम सस्ता खाद्यान्न का वितरण बहाल किया जाए। 3. बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाए। 4. मनरेगा के बजट में बढ़ौतरी कर इसे 2 लाख करोड़ रूपए किया जाए। मनरेगा मजदूरों को बढ़ा हुआ वेतन दिया जाए। 5. श्रम कानूनों में मज़दूर विरोधी फेरबदल निरस्त करो तथा पहले के श्रम कानूनों को बहाल किया जाए। 6. संपदा तथा पैतृक संपदा कर लगाया जाए। 7. कारपोरेट घरानों व अमीरों को दी गई करो में छूट वापिस लो तथा अति अमीरों पर अलग से कर की व्यवस्था करो। 8. खाद्य सामग्री व दवाओं तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं पर से GST हटाया जाए। 9. सार्वजानिक क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए तथा सार्वजानिक क्षेत्र को मजबूत बनाया जाए।
हिमाचल में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। इसके चलते दोपहर के वक्त मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी व नारकंडा में हल्की बर्फबारी भी हुई। शिमला में भी आज हल्की बारिश हुई है । इससे तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग ने कल अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान किया है। कम ऊंचे व मैदानी इलाकों में आंधी तूफान आने व आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों-बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ओलावृष्टि से किसानों की फसलों और स्टोन फ्रूट व सेब की फ्लावरिंग को नुकसान होने का डर है। किसान और बागवान सूखे की मार से भी त्रस्त है। बेशक प्रदेश के अधिकांश शहरों में अभी भी तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा है, लेकिन बीते 24 घंटे के दौरान कई शहरों के तापमान में एक से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का अधिकतम तापमान 2 दिन में 19 डिग्री से गिरकर 16.9 डिग्री तक लुढ़क गया है। इसी तरह कई अन्य शहरों का पारा भी गिरा है।
हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एक घर में आग लगने से बुजुर्ग महिला जिंदा जल गई। मिली जानकारी के मुताबिक खलटी गांव में यह घटना हुई है। सराहन उपतहसील की शाहधार पंचायत के खलटी गांव में रविवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। भीषण अग्निकांड में एक बुर्जुग महिला जिंदा जल गई और दो मंजिला मकान भी आग के भेंट चढ़ गया। घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका क्यूंकि यह क्षेत्र सड़क से दूर है, इसलिए फायर इंजन की गाड़ियां भी मौके पर नहीं पहुंच पाई है। आग की इस घटना में लाखों का नुकसान हो गया है। महिला की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पूरे गांव में मातम मच गया ह। प्रशासन की टीम मौके की ओर रवाना हो गई है।
हिमाचल में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। इसके चलते दोपहर के वक्त मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी व नारकंडा में हल्की बर्फबारी भी हुई। शिमला में भी आज हलकी बारिश हुई है । इससे तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। वहीं मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आंधी चलने व आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी दे रखी है। इसी तरह कल अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। कम ऊंचे व मैदानी इलाकों में आंधी तूफान आने व आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों-बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ओलावृष्टि से किसानों की फसलों और स्टोन फ्रूट व सेब की फ्लावरिंग को नुकसान होने का डर है। किसान और बागवान ही सूखे की मार से त्रस्त है। अब ओलावृष्टि के पूर्वानुमान से चिंतित हैं।जिलों मंडी, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल स्पीति में ओलावृष्टि का अलर्ट दे रखा है। बेशक प्रदेश के अधिकांश शहरों में अभी भी तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा है, लेकिन बीते 24 घंटे के दौरान कई शहरों के तापमान में एक से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का अधिकतम तापमान 2 दिन में 19 डिग्री से गिरकर 16.9 डिग्री तक लुढ़क गया है। इसी तरह कई अन्य शहरों का पारा भी गिरा है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर करेंगे बैठक की अध्यक्षता पंकज सिंगटा। शिमला सुंदरनगर से विधायक राकेश जम्वाल ने कहा की भाजपा विधायक दल की बैठक विली पार्क, सर्किट हाउस शिमला में 2 मार्च वीरवार को शाम 6 बजे होने जा रही है। बैठक को अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे। विधायक दल में होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी और भाजपा विधायक दल अपनी विधानसभा सत्र को लेकर रणनीति तय करेगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शिक्षा सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने आज यहां प्रदेश में शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर हितधारकों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा सभी बच्चों के लिए समावेशी, समान तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रदेश सरकार के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों तथा शिक्षा के सार्वभौमीकरण के लिए सभी उचित कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम 6-14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह पाए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के अनुसार निजी स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटें भरना सुनिश्चित करें और इसके बारे में विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कोविड महामारी के कारण एक या दोनों अभिभावकों खो चुके बच्चों की निजी स्कूलों में शैक्षणिक फीस माफ करने बारे वस्तुस्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने विद्यालयों को स्कूल संबंधी विभिन्न समितियों जैसे पीटीए, नशे के विरुद्ध समिति, सड़क सुरक्षा, शिकायत निवारण और आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठों की नियमित अंतराल पर बैठकें आयोजित करने, विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों के साथ मिलकर युवा शक्ति को नशे से बचाने के लिए नवीन पहल सुनिश्चित करें। युवाओं और विद्यार्थियों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को कम करने के लिए स्कूल प्रभावशाली नवोन्मेषी रणनीति बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित वीडियो दिखाए जाएं। उन्होंने बच्चों को नशे से बचने के लिए प्रतिज्ञा करवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा घनश्याम शर्मा, विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य और उनके प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में सफलतापूर्वक कार्यान्वित की जा रही इलेक्ट्रिक वाहन नीति की अन्य राज्यों में भी सराहना की जा रही है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 85वें महाधिवेशन में प्रदेश की कांग्रेस सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों की खूब चर्चा रही। महाधिवेशन में भाग लेने के उपरांत शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक केवल सिंह पठानिया ने बताया कि महाधिवेशन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश में शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना, ओपीएस बहाली और इलेक्ट्रिक वाहन नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। केवल सिंह पठानिया ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और अन्य कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ स्थित नवा रायपुर में आयोजित किए गए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महाधिवेशन में भाग लेने के लिए अधिवेशन स्थल तक इलेक्ट्रिक वाहन का ही उपयोग किया। अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में ईवी वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के दृष्टिकोण और भविष्य की रूपरेखा के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा की गई महत्वाकांक्षी पहल के परिणामस्वरूप ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहन प्रदान करने के दृष्टिगत इस अनूठी पहल के प्रणेता बनकर उभरे हैं।
पंकज सिंगटा । शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ हिमाचल प्रदेश की विभिन्न वन परियोजनाओं एवं लंबित स्वीकृतियों के विषय में विस्तृत चर्चा की। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश में हेलीपोर्ट निर्माण, राज्य को वर्ष 2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में आवश्यक ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण तथा विद्यालयों के भवन निर्माण सहित सरकार की प्रमुख योजनाओं के लिए आवश्यक वन स्वीकृतियांे में तेजी लाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत राज्य में हेलीपोर्ट निर्मित किए जाने आवश्यक हैं। इससे जहां राज्य में पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी, वहीं स्थानीय निवासियों को आपातकालीन स्थिति में शीघ्र सहायता उपलब्ध करवाई जा सकेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि हेलीपोर्ट निर्माण के लिए लंबित आवश्यक वन स्वीकृतियों के विषय में अविलंब निर्णय लिया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार हिमाचल में पूर्ण रूप से ई-वाहन अपनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ई-वाहनों के लिए पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए प्रदेश के सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के दोनों ओर ग्रीन कॉरिडोर निर्मित किए जाने हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इन कार्यों में गति लाने के लिए वन भूमि के संबंध में विभिन्न स्वीकृतियां समय पर प्रदान की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुछ जगह पर वन स्वीकृतियों में विलम्ब के कारण स्कूल भवन निर्माण इत्यादि के कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने आग्रह किया कि इन मामलों में स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान की जाएं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के वन अधिकारी वन अधिकार अधिनियम, वन संरक्षण अधिनियम सहित अन्य विषयों पर केंद्रीय स्तर पर और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि स्वीकृतियां समय पर प्राप्त हो सकें। उन्होंने प्रदेश के जल अभ्यारण्यों एवं इको टूरिज्म दिशा-निर्देशों के संबंध में भी विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में परिवेश पोर्टल, नेशनल ट्रांसिट पास सिस्टम, स्कूल नर्सरी योजना, नगर वन योजना, राज्य में गर्मियों के मौसम में दावानल सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को हिमाचल आने का निमंत्रण भी दिया। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। बैठक में केंद्रीय वन सचिव लीना नंदन, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान आवासीय आयुक्त सुशील कुमार सिंगला, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वीके तिवारी, मुख्य अरण्यपाल वन्य जीव राजीव कुमार, वन संरक्षण अधिनियम के लिए नोडल अधिकारी हर्षवर्धन कथूरिया एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पंकज सिंगटा । शिमला शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां जुब्बल क्षेत्र में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल में 1 करोड़ 43 लाख रुपए से निर्मित होने वाले प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया और 43 लाख रुपए से निर्मित इंडोर बैडमिंटन हाॅल का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुब्बल से होनहार विद्यार्थियों ने शिक्षा ग्रहण की है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल, उच्चतम न्यायालय में पूर्व में रहे न्यायधीश लोकेश्वर सिंह पांटा व मुख्य न्यायधीश रहे भवानी सिंह ठाकुर प्रमुख है। उन्होंने बताया कि राज्य की साक्षरता दर 85 प्रतिशत है और वर्तमान राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि राज्य में शिक्षा को अव्वल पायदान पर लाया जा सके। इससे पूर्व विद्यालय के प्रधानाचार्य पिताम्बर पिरटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्होंने विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। इसके उपरांत शिक्षा मंत्री ने जुब्बल स्टेडियम में नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में हर वर्ग के सामान विकास को प्राथमिकता दी जाएगी और शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि घरद्वार पर दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ बनाने पर वर्तमान राज्य सरकार बल देगी, ताकि स्थानीय युवाओं को आईटीआई जुब्बल, टिक्कर, कोटखाई व अटल बिहारी वाजपेयी तकनीकी संस्थान प्रगतिनगर में आधुनिक ट्रेड व कोर्स उपलब्ध करवाए जा सके, ताकि युवा पीढ़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में रोजगार के साधन व उद्यमिता में अपना भविष्य बना सके। उन्होंने बताया कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से बहुल क्षेत्र होने की वजह से बागवानी पर जोर दिया जाएगा और नवीनतम तकनीकों से लघु एवं सीमांत बागवानों को जागरूक किया जाएगा, ताकि उनकी आय में वृद्धि संभव हो सके। शिक्षा मंत्री ने बताया कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में कुदरत की असीम कृपा है तथा पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र को विकसित किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध हो सके और वे आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हो सके। इससे पूर्व जुब्बल-नावर-कोटखाई कांग्रेस मण्डलाध्यक्ष मोतीलाल देरटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और उनके समक्ष मांग पत्र प्रस्तुत किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने रंगा-रंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया और उपस्थित लोगों का समा बांधा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने जनसमस्याएं भी सुनी और उनका त्वरित निवारण भी किया। शिक्षा मंत्री ने इससे पूर्व नागरिक अस्पताल जुब्ब्ल का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करवाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने जुब्बल स्टेडियम में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य कुशल मुंगटा, उपमण्डलाधिकारी जुब्बल राजीव सांख्यान, डीएसपी रोहडू चमन शर्मा, बीडीओ जुब्बल करण सिंह, उप-निदेशक बागवानी केएस वर्मा व अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
कुमारसेन के प्रेमनगर गांव में बगीचे में लटका हुआ था गुब्बारा बच्चों ने गुब्बारे को देखा और पेड़ से उतारकर इससे खेलने लगे सूचना मिलते ही कुमारसैन पुलिस थाने से पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राजधानी शिमला के उपमंडल कुमार सैन में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई है। प्राथमिक जांच में यह गुब्बारा पाकिस्तान का लग रहा है, पुलिस मामले में जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुमारसैन के प्रेमनगर गांव में बगीचे में एक पाकिस्तान का गुब्बारा मिला है, जिसके बाद बगीचे के मालिक रवि मेहता ने इसकी सूचना पुलिस थाना कुमारसैन को दी। पुलिस ने गुब्बारे को अपने में कर छानबीन शुरू कर दी है। एएसपी रमेश शर्मा ने बताया कि कुमारसैन के ग्राम पंचायत मलेंडी के प्रेमनगर गांव में एक पाकिस्तान का गुब्बारा मिलने की सूचना पुलिस मिली। रवि मेहता ने बताया की उसके बगीचे में एक पाकिस्तानी गुबारा मिला है। रवि मेहता ने बताया इस गुब्बारे से बच्चें खेल रहे थे। जब बच्चों से गुबारा कहा से मिला पूछा तो बताया कि ये गुबारा सेब के पेड़ में लटका था, जिसके बाद बच्चों ने पेड़ से गुब्बारे को निकाल कर उसके साथ खेलना शुरू कर दिया था। सूचना मिलते ही कुमारसैन पुलिस थाने से पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई, जहां पुलिस ने गुब्बारे को अपने कब्जे में ले लिया। अब पुलिस ये गुब्बारा कहा से यहा पहुचा है, इसकी छानबीन शुरू कर दी है।
कृषि उत्पादों का गुणवत्ता युक्त होना आवश्यक: प्रो. चंद्र कुमार फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने केरल राज्य के तिरूवंतपुरम में ‘कृषि में आय अर्जन के लिए मूल्यवर्धन’ (वैगा-2023) विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मूल्यवर्धन विभिन्न गतिविधियों की एक श्रृंखला है, जो एक उत्पाद को खेत से उपभोक्ता तक लाने में शामिल होती है। इसमें उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और वितरण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एक मूल्य श्रृंखला विकसित करके, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि किसानों को उनके उत्पादों के उचित दाम मिलें और उपभोक्ताओं की उच्च गुणवत्ता वाले, स्थानीय रूप से उगाए खाद्य पदार्थों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करके ग्रेडिंग और पैकिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई पहल की हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अनुकूल जलवायु, समृद्ध मृदा और प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। प्रदेश में अनाज, बेमौसमी सब्जियां, फल, दालें, बाजरा और विदेशी सब्जियों सहित विभिन्न प्रकार की फसलों के उत्पादन के लिए एक उपयुक्त परिवेश विद्यमान है। राज्य देश में सेब और अन्य समशीतोष्ण फलों जैसे खुमानी, चेरी, आड़ू, नाशपाती के प्रमुख उत्पादकों में से एक है और इन समशीतोष्ण फलों विशेष रूप से सेब और अन्य बेमौसमी सब्जियों, टमाटर, लहसुन और अदरक के उत्पादन के कारण राष्ट्रीय बाजार में एक विशेष स्थान रखता है। हिमाचल प्रदेश मशरूम के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश, कांगड़ा घाटी में उगाई जाने वाली ‘कांगड़ा चाय’ के लिए भी प्रसिद्ध है। कांगड़ा चाय अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों और बेहतरीन स्वाद के लिए दुनिया भर में लोकप्रिय है। यह वर्ष 2005 से भौगोलिक संकेतकों की प्रतिष्ठित सूची में भी शामिल है। प्रदेश में मक्का की खेती व्यापक रूप से की जाती है। हिमाचल प्रदेश बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। यहां विशेष रूप से टमाटर, लहसुन, अदरक, बाजरा, दालें, मिर्च, शिमला मिर्च, बीन्स, खीरे और लगभग सभी प्रकार की सब्जियां भी उगाई जाती हैं। राज्य में लगभग 18.50 लाख मीट्रिक टन सब्जियों का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने लागत कम करने, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, पर्यावरण प्रदूषण को कम करने और उपभोक्ताओं के लिए रसायन मुक्त स्वस्थ खाद्यान्नों का उत्पादन करने के लिए वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती की पहल की। वर्तमान में 9.97 लाख किसानों में से लगभग 1.5 लाख किसानों ने लगभग 16684 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती शुरू कर दी है और इसके उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जैविक खेती को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, राज्य में उगाई जाने वाली विभिन्न फसलों की क्षमता का पूरी तरह से उपयोग करने के लिए राज्य को ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, आदर्श भंडारण और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के माध्यम से इन फसलों की गुणवत्ता स्वाद और पोषण मूल्य को बढ़ाकर मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रीत कर रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र खराब होने वाली उपज के लिए प्रशीतित वैन, आपूर्ति श्रृंखला और विपणन को मजबूत करने पर भी बल दिया जा रहा है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, सिक्किम के कृषि मंत्री लोक नाथ शर्मा, अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री तागे ताकी और देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने भी कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए।
प्रदेश वूल फेडरेशन ने पशुपालकों की आर्थिकी को किया सुदृढ़ फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में भेड़ पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का अभिन्न अंग है। प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों ने कृषि के साथ-साथ भेड़ पालन को अपनाकर अपनी आमदनी में वृद्धि की है। राज्य के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के किसानों के लिए भेड़ पालन जीवनयापन का प्रमुख जरिया है। प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा गाय और भैंस के दूध तथा गाय के गोबर इत्यादि की खरीद के लिए हाल ही में लिए गए किसान हितैषी निर्णयों में इसकी स्पष्ट झलक देखने को मिल रही है। अब भेड़ पालकों को लाभान्वित करने के लिए भी विभिन्न उपायों पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में प्रमुख रूप से गद्दी और रामपुर बुशहरी नस्ल का पालन किया जाता है। गद्दी नस्ल की भेड़ चंबा, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी, जबकि रामपुर बुशहरी नस्ल किन्नौर, रामपुर और शिमला में पाई जाती है। राज्य में वर्ष 2019 में की गई पशुधन गणना के अनुसार राज्य में कुल 7,91,345 भेड़ें हैं, जिसमें विदेशी नस्ल की संख्या 72821 है और स्वदेशी नस्ल की 7,18,524 भेंड़ें हैं। भेड़पालक ऊन, पशु, मांस, खाद और दूध इत्यादि उत्पादों की बिक्री के माध्यम से आय अर्जित करते हैं। भेड़पालकों के हितों की रक्षा के लिए राज्य की शीर्ष सहकारी संस्था हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। तकनीकी और यांत्रिक उपकरणों के माध्यम से भेड़ की ऊन निकालने की सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ भेड़पालकों से ऊन की खरीद के लिए 133.39 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड भी बनाया गया है। बाजार को ध्यान में रखते हुए ऊन का 125 से 150 मीट्रिक टन प्रापण किया जाता है। इसके लिए भेड़ पालकों को मौके पर भुगतान भी किया जाता है। हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में कुल 15.50 लाख किलोग्राम ऊन का उत्पादन किया जाता है, जिसके आधार पर प्रति भेड़ लगभग 1.9 किलोग्राम का उत्पादन होता है। सफेद ऊन की दर 71.50 रुपए प्रति किलोग्राम से लेकर 34.10 रुपए प्रति किलोग्राम और काली ऊन 45 रुपए प्रति किलोग्राम से 25.50 रुपए प्रति किलोग्राम है। हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन भेड़पालकों को भेड़ों की क्रॉस-ब्रीडिंग प्रक्रिया अपनाने और वस्त्र उद्योग की मांग के अनुसार परिधान निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली ऊन उत्पादित करने के लिए के लिए प्रेरित करती है। हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन राज्य के भेड़ पालकों को 11 रुपए से 13 रुपए प्रति भेड़ तक की रियायती दरों पर उपकरणों द्वारा भेड़ की ऊन निकालने की सुविधा भी प्रदान कर रहा है। उपकरणों के माध्यम से भेड़ की ऊन निकालने से समय की बचत होने के साथ यह पशु के स्वास्थ्य के अनुकूल भी होती है। यह सुविधा प्रशिक्षित और अनुभवी भेड़पालकों की मदद से प्रदान की जा रही है। गुणवत्ता के लिहाज से विशिष्ट पहचान रखने वाली हिमाचली ऊन की मांग बाज़ारों में निरंतर बढ़ रही है। हिमाचली ऊन प्रदेश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पश्चिमी बाजारों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर रही है। प्रदेश के निजी हितधारक भी राज्य के कुछ हिस्सों में हिमाचली ऊन के जैविक प्रमाणन और अन्य प्रमाणन जैसे आर.डब्ल्यू.एस. (रिस्पॉन्सिबल वूल स्टैंडर्ड्स) में निवेश कर रहे हैं। चंबा जिला के होली के गांव देओल के प्रगतिशील भेड़पालक जय सिंह ने बताया कि वह वूल फेडरेशन को लगभग 900 से 1000 किलोग्राम क्रॉसब्रीड ऊन 85.80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय करते हैं। वूलफेड की ऊन निकालने की टीमें भरमौर में उनकी भेड़ों की ऊन निकालने में मदद करती है। फेडरेशन के सहयोग से वह 800 भेड़ों के झुंड को सफलतापूर्वक पालने में सफल हुए हैं। पारंपरिक रूप से ऊन निकालने वाले लोग बहुत कम रह गए हैं और वे प्रति भेड़ 25 रुपए से 30 रुपए शुल्क लेते हैं। कांगड़ा जिला के छोटा भंगाल के भेड़ पालक मोहिंदर ठाकुर ने बताया कि वह सर्दियों में अपने लगभग 300 भेड़ों के झुंड के साथ नालागढ़ के पास रामशहर चले जाते हैं। फेडरेशन उन्हें रामशहर के पास जंगल में भेड़ की ऊन निकालने की सुविधा प्रदान करता है और नियमित रूप से प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करती है, जिससे उनकी समस्याओं के निवारण के लिए स्थानीय पशु चिकित्सकों से परामर्श और प्रशासन से आवश्यक सहायता भी प्राप्त होती है। प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के फलस्वरूप आज राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था निरंतर आगे बढ़ रही है और इससे समाज के सभी वर्गों तथा दूरदराज क्षेत्रों का समान विकास भी सुनिश्चित हो रहा है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ उपस्थित थीं। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पत्नी सावित्री सिंह को हिमाचली टोपी भेंट कर सम्मानित किया।
पंकज सिंगटा। शिमला जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी शिमला राकेश धौटा आज यहां बताया कि पांच दिवसीय युवा नेतृत्व शिविर आज इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर में संपन्न हुआ। निदेशक युवा सेवा एवं खेल विभाग राजीव कुमार ने समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर राजीव कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता की भावना भरने तथा युवाओं को राष्ट्र के प्रति कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी शिविर आयोजित किए जाते हैं। खेल अधिकारी ने बताया कि इस शिविर में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशु निदेशालय, कृषि विभाग, लघु उद्योग विभाग, उद्यान, खंड विकास अधिकारी कार्यालय, जिला कल्याण अधिकारी, पर्यटन और आपदा विभाग के अधिकारियों ने अपने विभागों से संबंधित युवाओं के लिए प्रदेश सरकार की कल्याणकारी नीतियों की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि 21 फरवरी को शिविर आरंभ हुआ था, जिसकी मेजबानी अतिरिक्त निदेशक युवा सेवा एवं खेल विभाग मोहनदास ने की थी।
बागवानों को दी माईट रोग से बचाव की जानकारी पंकज सिंगटा। शिमला डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा तथा जुब्बल फार्म लैंड (एफपीओ) के संयुक्त तत्वावधान में शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र मे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित कृषि फसलो की माईट पर नेटवर्क प्रोजैक्ट के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 100 से अधिक बागवानों ने भाग लिया। इस अवसर पर परियोजना प्रभारी व कीट वैज्ञानिक डॉ. संगीता शर्मा ने बागवानों को सेब, नाशपाती तथा गुठलीदार फलों को नुकसान पहुंचाने वाली विभिन्न प्रजाती की माईट के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बागवानों को बताया कि माईट पत्तों से रस चूसती है, जिसके कारण पत्ते फीके पड़ जाते हैं और अंत में तांबें के रंग में परिवर्तित हो जाते हैं। फल कच्चे तथा छोटे आकार के रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारण अगले वर्ष बीमें कम बनते हैं और फल उत्पादन में भारी कमी आती है। उन्होंने बागवानों को मित्र कीटों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने माईट के सर्दियों के अंडाें को फूटने से बचाने के लिए हार्टिकल्चरल मिनरल तैलों का हरित कली अवस्था पर छिड़काव करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि माईट की संख्या प्रति पत्ता 6-8 हो जाए, तो माईटनाशकों का छिड़काव किया जाना चाहिए। इस अवसर पर फल विशेषज्ञ डॉ. नीना चौहान, पादप रोग वैज्ञान्कि डॉ. उषा शर्मा तथा मृदा विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र शर्मा ने भी बागवानी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां बागवानों को उपलब्ध करवाई। जुब्बल फार्म लैंड के निदेशक मंडल शेयरधारक तथा डॉ. वाईएस परमार बौद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य डिंपल पांजटा भी उपस्थित थे। इस अवसर पर बागवानों को पाठ्य सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का आज नई दिल्ली पहुंचने पर हिमाचल सदन में पूर्वांचल मोर्चा, दिल्ली केंद्र व अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। राज्यपाल बनने के उपरांत यह उनका पहला तीन दिवसीय दौरा है। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल को देवभूमि और वीरभूमि के नाम से भी जाना जाता है। यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक सुंदर राज्य है और इस प्रदेश को अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता प्राप्त है, जो इसकी समृद्ध संस्कृति और उच्च परंपराओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और हरियाली के संरक्षण की दिशा में कार्य करेंगे।
यातायात की सुचारू व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय से करें कार्य पंकज सिंगटा। शिमला सासंद सुरेश कश्यप ने शनिवार को शिमला के बचत भवन में जिला की सड़क सुरक्षा समिति की आयोजित बैठक के दौरान यातायात और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभागों को विभिन्न दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारियों से कहा कि तेज रफ्तार पर सख्ती बरतें। लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रोत्साहित करें। ग्रामीण स्तर तक लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने पर उन्होंने बल दिया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है। वर्तमान दौर में सड़क सुरक्षा पर जागरूकता न होने या लापरवाही के कारण कई लोग अकाल मौत का ग्रास बन रहे हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करना अति आवश्यक है। उन्होंने जिला के विभिन्न स्थानों पर ट्रेफिक को लेकर पेश आ रही समस्याओं पर भी अधिकारियों से विचार विमर्श किया। उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जहां बजट की कमी होगी, उसे दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। बैठक में 13 सूत्रीय कार्यसूची पेश की गई। इन सभी पर क्रमवार विस्तार से चर्चा की गई। इसके तहत जिला में सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधयां आयोजित करने, दुर्घटना से संबंधित आंकड़ों की निगरानी करने, दुर्घटना के कारणों की जांच और अध्ययन करने आदि पर विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त शिमला शिवम प्रताप सिंह, विभिन्न उपमंडलों के उपमंडल दंडाधिकारी सहित यातायात विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं को 31 मार्च तक पूरा करने का करें प्रयास पंकज सिंगटा । शिमला केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अधिकारी आंकड़ों के भरोसे न रहें। अधिकारी जमीनी स्तर पर परियोजनाओं की स्वंय निगारनी करें। दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की शिमला के बचत भवन में आयोजित बैठक के दौरान शिमला के सासंद सुरेश कश्यप ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी विभिन्न विभागों से संबंधित केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लक्ष्यों को जल्द पूरा करें। जिन योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2023 तक निर्धारित किया गया है, उन पर गंभीरता से कार्य किया जाए। दिशा की बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न संबंधित विभागों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। उन्होंने बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश भी जारी किए। बैठक के दौरान उन्होंने जल शक्ति विभाग को गर्मियों के दौरान पानी की कमी से निपटने के लिए मुस्तैदी से कार्य करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सभी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जल जीवन मिशन आदि पर अधिकारियों ने सांसद को फीडबैक भी दिया। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं की नई डीपीआर बनाने और नई स्वीकृत डीपीआर को जल्द सिरे चढ़ाने को लेकर भी उचित दिशा-निर्देश जारी किए गए। चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा ने भी इस दौरान अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सासंद सुरेश कश्यप ने उन सुझावों पर गौर करने के लिए संबंधित अधिकारियों से आग्रह भी किया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिरिक्त उपायुक्त शिमला शिवम प्रताप सिंह ने सासंद सुरेश कश्यप और विधायक बलवीर वर्मा को सम्मानित किया। इस मौके पर विभिन्न चुने हुए जन प्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जिस प्रकार से सरकार ने पूरे प्रदेश भर में सरकारी कार्यालयो को बंद किए और उसके बाद जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, इसकी भाजपा घोर निंदा करती है। हिमाचल प्रदेश में जो कार्यालय खुले हैं, वह एक साल के अंदर नहीं खोले जाते हैं, उसकी पूरी प्रक्रिया होती है, उसके लिए बजट अलॉट होता है और सरकार की कैबिनेट और सरकार के विभागों के अप्रूवल के बाद ही इन संस्थाओं को खोले जाते हैं, जिस प्रकार से कांग्रेस अपनी गलती को छुपाने के लिए बयानबाजी कर रही है, पूर्ण रूप से जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा दो साइबर थाने और एक एम्स थाना है, जिनको इन्होंने डी-नोटिफाईदिया कर दिया था, उनको फिर खोल दिया गया है। अब लगता है कांग्रेस को धीरे-धीरे समझ आ रहा है कि इन सरकारी दफ्तरों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा हिमाचल प्रदेश को बड़ी सौगाते मिल रही है, पर उस सौगात में 90% शेयर केंद्र वाहन कर रहा है और 10% शेयर प्रदेश वाहन कर रहा है, जब तक 10% शेयर हिमाचल प्रदेश की सरकार नहीं डालेगी, तब तक उन बड़ी स्कीमों का लाभ हिमाचल प्रदेश को नहीं हो पाएगा। सरकार को जल्द से जल्द अपना शेयर डिपोजिट करना चाहिए और जनता को जो सौगात केंद्र दे रहा है, उससे लाभवानवित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिमला स्मार्ट सिटी के रूप में अच्छा कार्य कर रही है और अब तो शिमला शहर की नगर निगम कचरे से बिजली उत्पाद करने के लिए एक नए प्रकार की टेक्नोलॉजी लेकर आई है और इसका टेस्ट भी जल्दी होने वाला है, अगर यह सफल हो जाता है तो उसके बाद इसका प्रचार पूरे देश में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार का केंद्रीय बजट ऐतिहासिक है और इसमें हिमाचल प्रदेश को 8478 करोड़ रुपए की अनेकों सौगते मिली हैं। इसमें प्रमुखता से तीन बड़ी रेल परियोजनाएं शामिल हैं और कालका-शिमला रेल पर चलने वाली परियोजनाएं भी है। नर्सिंग कॉलेज सहित अनेकों प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश को मिली है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में भाग लेने वाले एनसीसी दल के हिमाचल प्रदेश के सदस्यों ने आज यहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। इन्होंने नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री रैली में भी भाग लिया था। राज्यपाल ने परेड में तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए इन प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के 14 एनसीसी प्रतिनिधियों ने आरडी कैंप में भाग लिया, जिसमें 7 लड़के और 7 लड़कियां शामिल थीं। इनमें हिमाचल प्रदेश की कैडेट मनिका सेठी ने मास्टर सेरेमनी में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया। इसी प्रकार अन्य प्रतियोगिताओं में भी इन कैडेटों का शानदार प्रदर्शन रहा। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कैडेटों ने राज्यपाल के साथ दिल्ली में आयोजित एक माह के शिविर और पंजाब के रोपड़ में आयोजित एक माह के शिविर के अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल ने दल के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि समारोह में राज्य के 14 कैडेटों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवा सेना में शामिल होने के लिए सदैव उत्साहित रहते हैं। यह उत्साह इन कैडेटों में भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं में उन्हें आज का भारत दिख रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर को विस्तारित करने पर बल देते हुए कहा कि इसमें माध्यम से छात्र कर्तव्यपरायणता और अनुशासन सीखते हैं जो उनके पूरे जीवन भर काम आता है। राज्यपाल ने उनका आह्वान किया कि वे अपने भविष्य में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहें। उन्होंने कहा कि युवाओं के विकास में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है उन्होंने यह भी कहा कि एनसीसी एक भारतीय होने की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने एनसीसी कैडेटों के भविष्य के सभी प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व, अतिरिक्त महानिदेशक, एनसीसी निदेशालय पंजाब, हरियाणा, हिमाचल तथा चंडीगढ़ मेजर जनरल के. विनोद ने राज्यपाल का आभार व्यक्त दिया और उनसे मंडी जिले में एनसीसी प्रशिक्षण के लिए भवन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के संबंध में आग्रह किया। इस अवसर पर निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा, एनसीसी निदेशालय और और राजभवन के अधिकारी भी उपस्थित थे।
विश्व बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत मास्टर ट्रेनर ट्रैनिंग कार्यशाला के मौके पर बोले मंत्री न्यूजीलैंड के साथ बागवानी के क्षेत्र में तकनीकी आदान प्रदान पर किया जाएगा कार्य पंकज सिंगटा। शिमला विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना का लाभ पहुंचाने के लिए बागवानी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जमीनी स्तर पर कार्य करें, ताकि लघु व सीमांत बागवानों को इसका लाभ मिल सके। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह बात आज विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत आयोजित चार दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण के लिए राज्य कृषि प्रबंधन प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में आयोजित कार्यशाला के दौरान कही। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 25 प्रगतिशील बागवान और 30 विभागीय प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बागवानों को बागवानी से संबंधित नवीनतम तकनीक प्रदान करने के लिए खंड और पंचायत स्तर पर परियोजना के तहत जागरूकता शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि बागवानों को लाभ पहुंचे, इसका प्रयास किया भी किया जाएगा। न्यूजीलैंड के साथ बागवानी के क्षेत्र में तकनीक के आदान प्रदान के लिए भी सरकार विचार करेगी, ताकि प्रदेश के बागवानों को इसका लाभ मिल सके। न्यूजीलैंड सरकार के साथ प्रदेश के बागवानों की एक्पोजर वीजिट करवाने की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यूजीलैंड से आए बागवानी विशेषज्ञ डॉ. स्टेफ, डॉ. माइक, डॉ. जैक और डॉ. डेविड ने भी प्रगतिशील बागवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार बागवानों के हितों को सुरक्षित करने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान प्रदेश सरकार बागवानों के हित में हर संभव कदम उठाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्य संसदीय सचिव (कानून, संसदीय मामले एवं बागवानी) मोहन लाल ब्राक्टा भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्री जगत सिंह नेगी का स्वागत किया। इस मौके पर प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में संयुक्त सचिव बागवानी विक्रम नेगी, परियोजना निदेशक सुदेश मोक्टा, बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के शोधकर्ता संजीव चौहान सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में राज्यपाल को अवगत करवाया। उन्होंने प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और अन्य मामलों के बारे में भी जानकारी दी। राज्यपाल ने राज्य पुलिस के प्रयासों की सराहना की और उम्मीद व्यक्त की कि राज्य पुलिस देवभूमि को अपराधमुक्त करने के लिए सख्ती से कार्य करेगी। संजय कुण्डू ने अवगत करवाया कि प्रदेश के भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में राज्य पुलिस द्वारा विस्तृत कार्ययोजना के तहत कदम उठाए हैं और इन क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने इन क्षेत्रों का दौरा किया था और इस संबंध में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार की थी। राज्य पुलिस नशे और नशीली दवाओं की तस्करी के मामलों के निवारण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और नशे की तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के मामलों से सख्ती से निपटा जा रहा है। प्रदेश में सड़क सुरक्षा के बारे में यातायात पुलिस के माध्यम से कई उपाय सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि लोगों के अनमोल जीवन को बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त पुलिस संगठित अपराधों मुख्य रूप से अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पंजाब के पुलिस महानिदेशक के साथ हुई एक बैठक में दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग तस्करों, गैंगस्टरों और अपराधियों से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए दोनों राज्यों की पुलिस अपने नेटवर्क को मजबूत कर रही है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि राज्यपाल का मार्गदर्शन राज्य पुलिस को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला इंडिया टूडे पर्यटन सर्वेक्षण एवं पुरस्कार के अंतर्गत आज हिमाचल प्रदेश को बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन, मोस्ट सीनिक रोड्स तथा बेस्ट माउन्टेन डेस्टिनेशन्स श्रेणी में विजेता पुरस्कार प्रदान किए गए। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज नई दिल्ली में इंडिया टुडे समूह द्वारा आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में केन्द्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से यह पुरस्कार प्राप्त किए। बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन श्रेणी में रिवर राफ्टिंग के लिए कुल्लू, मोस्ट सीनिक रोड्स श्रेणी में शिमला-किन्नौर मार्ग तथा बेस्ट माउन्टेन डेस्टिनेशन्स श्रेणी में शिमला एवं मनाली को देश के विभिन्न राज्यों में स्वतन्त्र एजेंसी द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण एवं इण्डिया टुडे समूह सम्पादकीय मण्डल द्वारा निर्धारित मानकों पर विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त विजेता घोषित किया गया। हर्षवर्धन चौहान ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुुक्खू के ऊर्जावन नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार अनछुए पर्यटक स्थलों के चरणबद्ध विकास पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, पारम्परिक हस्तशिल्प एवं हस्तकलाएं और आतिथ्य सत्कार की विश्वभर में विशिष्ट पहचान है। वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल की समृद्ध विरासत से पर्यटकांे को रू-ब-रू करवानेे के लिए कृतसंकल्प है। राज्य सरकार ने इतिहास, संस्कृति एवं कला के वैज्ञानिक संवर्द्धन और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कांगड़ा को ‘पर्यटन राजधानी’ बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंनेे कहा कि इस निर्णय से पर्यटन क्षेत्र के सत्त विकास में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के शिमला, कुल्लू-मनाली जैसे पर्यटक स्थलों पर यातायात दबाव कम करने एवं पर्यटकों को मनभावन हिमाचल में अधिक से अधिक समय तक ठहराव के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार साहसिक, धार्मिक, ग्रामीण एवं सप्ताहान्त पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है। पर्यटकों को होम स्टे श्रृंखला के माध्यम से राज्य के अनछुए प्राकृतिक स्थलों पर समय बिताने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राज्य में पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए विभिन्न अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में बेहतर हवाई सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य कर रही है। राज्य के पारंपरिक व्यंजनों एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए खाद्य एवं सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं ताकि पर्यटक भी हिमाचल की विविध संस्कृति एवं हस्तकलाओं से लाभान्वित हो सकें। हर्षवर्धन चौहान ने इन पुरस्कारों के माध्यम से हिमाचल के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच प्रदान करने के लिए इण्डिया टुडे समूह का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परमेश्वरन अय्यर तथा केन्द्रीय पर्यटन सचिव अरविन्द सिंह ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। इण्डिया टुडे समूह के समूह सम्पादकीय निदेशक राज चेंगप्पा ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और इण्डिया टुडे पर्यटन सर्वेक्षण एवं पुरस्कारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जम्मू एवं कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, गोवा, उड़ीसा व मिजोरम सहित अन्य राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


















































