जिला सोलन में 23 सितंबर को आयुष्मान दिवस मनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने दी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयुष्मान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत ज़िला सोलन में वर्तमान में 26,582 पंजीकृत परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत अभी तक 74367 व्यक्तियों का नामांकन किया गया है। ज़िला में अभी तक 17569 लाभार्थियों को उपचार के लिए 19 करोड़ रुपए से अधिक उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में ज़िला सोलन में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत 32 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 24 निजी व 8 सरकारी अस्पताल हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाए जा रहे हैं। इन अकाउंट को आभा अकाउंट के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में सोलन ज़िला में 232342 आभा अकाउंट बनाए हुए हैं। डॉ. उप्पल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना आधार कार्ड लेकर समीप के हेल्थ वेलनेस केन्द्र में जाकर अपना आभा अकाउंट बनवा सकता है। यह आभा अकाउंट आशा कार्यकर्ता के माध्यम से भी बनवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लाभार्थी इस आभा अकाउंट के माध्यम से अपनी स्वास्थ्य सम्बन्धी सभी जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आभा अकाउंट के माध्यम से सभी चिकित्सीय दस्तावेज एवं रिपोर्ट एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेंगी। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तुरंत दिखाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शेष पात्र लोगों से आग्रह किया कि शीघ्र ही अपना आयुष्मान कार्ड बनावाएं। उन्होंने कहा कि सभी अपना आभा अकाउंट भी बनवाएं।
चित्रकुट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स ने डायलेक्टिकस हिमालयन लिटरेरी फोरम के रूप में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। उपन्यासकार, कलमनिस्ट और रचनात्मक लेखन प्रशिक्षक चेतना कीर सत्र की मुख्य वक्ता थीं। कीर ने लेखन के तीन महत्वपूर्ण घटकों के बारे में बात की तरीके, जूनून और रहस्यवाद, जिसका उपयोग उन्होंने अपने पात्रों को लिखते समय भी किया। लेखक ने जड़ों की ओर वापस लौटने के संदर्भ में साहित्यिक लेखन के बड़े कैनवास पर भी ध्यान केंद्रित किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। चेतना ने लेखिका बनने की अपनी यात्रा पर चर्चा की, हाई स्कूल में कलमनिस्ट बनने के अपने अनुभवों को दर्शकों के साथ साझा किया और अपने लेखन में रहस्य गढ़ने के प्रति अपने गहरे आकर्षण को व्यक्त किया। सहायक प्रोफेसर हेमन्त के. शर्मा , चित्रकूट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स ने डायलेक्टिकस के महत्व और मिशन का परिचय दिया। उन्होंने बौद्धिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और साहित्यिक कलाओं के प्रति गहरी सराहना पैदा करने के महत्व पर भी जोर दिया। चित्रकूट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स की प्रमुख डॉ. पूर्णिमा बाली ने अतिथि का परिचय दिया और सत्र की शुरुआत चित्रकोट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स के संकाय प्रोफेसर धर और चेतना कीर के बीच संवाद से हुई। बातचीत रचनात्मक लेखन के दायरे में गहराई से उतरी।डॉ. सिद्धार्थ डढवाल ने वक्ताओं, आयोजकों और दर्शकों सहित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
-महिंद्रा ट्रक एजेंसी के पास लगाया गया निशुल्क चिकित्सा शिविर -मरीजों को उपचार, सलाह के साथ फ्री दवाइयां भी बांटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा पखवाड़ा का आयोजन करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं सांसद हमीरपुर संसदीय क्षेत्र अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सहयोग से अस्पताल सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की विभिन्न टीमें 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन कर रही हैं। आज सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की टीम ने जिला बिलासपुर के श्री नैनादेवी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. कनव शर्मा के नेतृत्व में ग्राम पंचायत कोठीपुरा में महिंद्रा ट्रक एजेंसी के पास निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाकर 52 लोगों का स्वास्थ्य जांचा। कैंप में 35 लोगों के खून की जांच की गई। 2 लोगों में ब्लड प्रेशर, 2 में शुगर, 3 लोगों को त्वचा और 12 लोगों में हड्डियों और अन्य को सर्दी जुखाम संबंधित समस्याएंं पाई गईं। इस कैंप में मरीजों को उपचार, सलाह के साथ निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। इस सेवा के लिए महिंद्रा ट्रक एजेंसी के मैनेजर राजेश ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार प्रकट किया।
शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विज्ञान के छात्रों ने श्री गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाई। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, श्री गणेश चतुर्थी, भाद्रपद महीने के चौथे दिन (चतुर्थी) से शुरू होती है, जो आमतौर पर मध्य अगस्त से सितंबर के बीच आती है। शूलिनी विश्वविद्यालय में उत्सव के दौरान, छात्रों ने सभी चार प्रमुख अनुष्ठानों में भाग लिया, प्राणप्रतिष्ठा: मूर्तियों में जीवन का आह्वान करने की रस्म के साथ मां काली मंदिर में खूबसूरती से सजाए गए गणेश मूर्तियों की स्थापना। षोडशोपचार: विभिन्न अनुष्ठानों के साथ 16 अलग-अलग तरीकों से भगवान गणेश की पूजा की जाती है। उत्तरपूजा: भगवान गणेश को गहरे सम्मान के साथ विदाई देने की एक रस्म। गणपति विसर्जन: एक समारोह जहां गणेश प्रतिमा को पानी में विसर्जित किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान, मंत्र, गणपति बप्पा मोरया, पुरच्या वर्षी लौकारिया (अलविदा भगवान, कृपया अगले साल वापस आएं), लोकप्रिय रूप से सुनाया जाता है। इस उत्सव ने न केवल गणेश चतुर्थी से जुड़ी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को बरकरार रखा, बल्कि छात्रों के बीच एकता, पर्यावरण चेतना और ज्ञान की खोज के महत्व पर भी जोर दिया। इस शुभ कार्यक्रम में शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी आशू खोसला, डीन छात्र कल्याण पूनम नंदा, इनोवेशन और मार्केटिंग के अध्यक्ष आशीष खोसला और संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्र मोहन गुप्ता ने भाग लिया।
प्रदेश की राजधानी शिमला की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है। बीते साल के मुकाबले इस साल हवा 22 प्रतिशत ज्यादा दूषित हो चुकी है। शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक सितंबर 2022 में 62 था जो अब बढ़कर 76 हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक इसकी मुख्य वजह गाडिय़ों और आसपास के उद्योग से निकले वाला धुआं है। शिमला में पीएम प्रदूषकों का स्तर 2.5 है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुशंसित स्तर से 1.6 गुना ज्यादा है। बीते कुछ सालों में शहर में पर्यटक बढऩा भी इसकी मुख्य वजह है। शहर के आस पास नए औद्योगिक इलाकों का निर्माण भी प्रदूषण का बड़ा कारण है। प्रदूषण बढऩे से श्रय रोग बढऩे का अंदेशा भी जताया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार शहर में बढ़ते वाहनों के कारण कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड का स्तर बढ़ा है। गाडिय़ों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का मुख्य कारण है। वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ोतरी से शहर में प्रदूषण भी बढ़ रहा है। शिमला के पास शोघी और ठियोग में नए औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से शहर में अमोनिया, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओजोन की वायुमंडल में मात्रा बढ़ रही है। राजधानी में अंधाधुंध निर्माण भी प्रदूषण के बढऩे का बड़ा कारण है। ताजी हवा के लिए जाने-जाने वाले शिमला कि बिगड़ती हवा लोगों के लिए चिंता का विषय है। वायु प्रदूषण से दमा और टीबी जैसे श्रय रोगों के बढऩे का खतरा है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पौधरोपण करने और गाडिय़ों पर निर्भरता कम करना जरूरी है। एक्यूआई या वायु गुणवत्ता सूचकांक इलाके की हवा में प्रदूषकों (ऐसे पदार्थ होते हैं जिनके कारण पर्यावरण में प्रदूषण फैलता है।) की संख्या का मापदंड है। इसमें विभिन्न पैमाने पर वायु की जांच करके उसे अंक दिए जाते हैं। 00-50 को अच्छा, 50-100 को ठीक, 200-300 को मध्यम, 300-400 को खराब और 400 से ऊपर के स्तर को खतरनाक माना जाता है।
मंडी से पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मौके पर इलाके में फैली सनसनी, करीब 200 मीटर दूर है पुलिस थाना कुल्लू जिले के पतलीकूहल टैक्सी स्टैंड में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। युवक की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह तड़के 3 से 4 बजे के आसपास पतलीकूहल थाना में सूचना मिली कि पतलीकूहल टैक्सी स्टैंड के पास किसी युवक का शव पड़ा है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच करने पर पता चला कि अनूप(26) पुत्र अमरचंद निवासी वशकोला की किसी ने हत्या कर दी है। वारदात के बाद मंडी से पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। बताया जा रहा कि रात के समय टैक्सी स्टैंड में झगड़ा हुआ था और इसी दौरान युवक की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि पुलिस थाना से करीब 200 मीटर की दूरी पर बीच चौक पर यह वारदात हुई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को पकडऩे की सूचना है। एसपी कुल्लू साक्षी वर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है।
पुरानी पेंशन योजना बहाली के बाद से केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार पर ऋण लेने पर पाबंदियां लगा दी हैं। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कही। उन्होंने बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार को बीते 5 साल में विभिन्न एजेंसियों से 10,000 करोड़ का ऋण मिला। अब पाबंदियां लगने से वर्तमान सरकार को 3 साल में 2,944 करोड़ रुपये का ही ऋण लेने का सीमित कर दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से शिवधाम मंडी और कन्वेंशनल सेंटर धर्मशाला को केंद्र सरकार से मिली स्वीकृति का पत्र देने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के दौरे करने से कई जानकारियां मिल रही हैं। जिस स्वीकृति की बात जयराम ठाकुर करते हैं, वो कहां है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव वर्ष 2018 से कागजों में ही चल रहा है। एशियन डेवलेपमेंट बैंक से इस प्रस्ताव को कोई मंजूरी नहीं मिली है। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को मिलने वाले ऋण की सीमा को कम कर दिया है। केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग ने ऋण सीमा पर पाबंदी लगाई है। विश्व बैंक, जायका, जापान के बैंक सहित अन्य एजेंसियों से मिलने वाले ऋण भी इसमें आते हैं। प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के बाद से यह पाबंदियां लगी हैं। मुख्यमंत्री ने पालमपुर के मैंझा में मैरिज डेस्टिनेशन बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि 100 कनाल भूमि पर करीब 40 करोड़ की राशि से मैरिज डेस्टिनेशन बनाया जाना है। यह बनने से क्षेत्र में मैदान की कमी हो जाएगी। स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मैंझा की जगह इसे पालमपुर या सुलह के किसी अन्य क्षेत्र में बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को विधायक परमार के साथ बैठकर हल कर लिया जाएगा।
धुंदन में संपन्न हुई अंडर 19 छात्र वर्ग में छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के खिलाडिय़ों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। विद्यालय की टीम वॉलीबाल स्पर्धा में द्वितीय स्थान पर रही। खेलकूद प्रतियोगिता के प्रभारी व कुनिहार विद्यालय के डीपी महेंद्र सिंह राठौर ने जानकारी देते हुए कहा कि हमारे खिलाडिय़ों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वॉलीबाल स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं अंडर -14 छात्र वर्ग की प्रतियोगिता बद्दी में संपन्न हुई, जिसमें विद्यालय की फुटबाल टीम ने भी दूसरा स्थान हासिल करके विद्यालय का नाम रोशन किया है। विद्यालय के पीटीआई सुरेश कुमार ने टीम की उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी व विद्यालय के प्रधानाचार्य बीएस ठाकुर का भी आभार जताया। आज प्रार्थना सभा में दोनों टीमों को प्रधानाचार्य द्वारा सर्टिफिकेट दिए गए व ट्रॉफी लाने पर खिलाडिय़ों व प्रशिक्षकों को बधाई दी।
-केंद्र से 12,000 करोड़ की विशेष मदद मांगी -वोटिंग के वक्त विपक्ष रहा मौन हिमाचल विधानसभा में बुधवार देर शाम राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव पास हो गया। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने थ्रू-वायस वोट इस प्रस्ताव को सदन में पास कराया। इस दौरान विपक्ष ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के सरकारी संकल्प का न समर्थन किया और न विरोध। सत्तापक्ष के विधायकों ने हां में हां भरी। स्पीकर ने प्रस्ताव पारित होते ही सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। अब यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने विधानसभा में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के प्रस्ताव पर तीन दिल चली चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा मानते हुए केंद्र से 12000 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसा तबाही का मंजर पहले कभी नहीं देखा। प्रदेश में 441 लोगों की जान गई और 39 लोग अभी भी लापता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा से 12 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। 16658 पशुओं की मौत, 2621 घर पूरी तरह नष्ट, 12 हजार से ज्यादा घरों को आंशिक नुकसान, 318 दुकानें, 238 झोपडिय़ां, 540 घराट और 5917 गौशालाएं तबाह हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौंग, पंडोह, पार्वती-2 डैम प्रबंधन को बिना सूचना पानी छोडऩे पर नोटिस जारी किए गए, क्योंकि इससे डाउन स्ट्रीम में भारी नुकसान हुआ है। सभी बांध प्रबंधन को पानी छोडऩे से पहले अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि मोटे अनाज की खपत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अक्तूबर माह में सोलन जिला के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में एक दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा। मनमोहन शर्मा आज यहां ईट राईट मिलट मेले के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुराने समय से हमारे व्यंजनों को बनाने की विधि में मोटे अनाज का प्रयोग होता आया है। मोटे अनाज जहां व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है वहीं कई रोगों से बचाव भी करता है। उपायुक्त ने कहा कि मोटे अनाज में प्रचुर मात्रा में विटामिन व मिनरल पाया जाता है जोकि स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभप्रद है। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य मोटे अनाज के गुणों के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। मेले में कई प्रकार के खेलों का आयोजन किया जाएगा तथा सांस्कृति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज को बढ़ावे देने के उद्देश्य से मेले में चित्रकला, भाषण, नारा लेखन, प्रश्नोत्तरी, योग, स्वस्थ बेबी शो, पोष्टिक युक्त व्यंजन प्रतियोगिता सहित अन्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। मनमोहन शर्मा ने मोटे अनाज मेले को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर नगर निगम सोलन के सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अतुल कायस्थ, पुलिस उप अधीक्षक अनिल धोलटा, खंड विकास अधिकारी सोलन रजनी गुप्ता, जिला कल्याण अधिकारी सुरेेंद्र सिंह, जि़ला पर्यटन विकास अधिकारी रती राम, जि़ला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. प्रवीन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला द्वारा स्टेनोग्राफर (श्रेणी-3), ट्रांसलेटर (श्रेणी-3), ट्रांसलेटर उर्दू (श्रेणी-3), ट्रांसलेटर पंजाबी (श्रेणी-3), सहायक प्रोग्रामर (श्रेणी-3), लिपिक (श्रेणी-3), ड्राइवर (श्रेणी-3), सफाई कर्मचारी (श्रेणी-4) व माली (श्रेणी-4) के पदों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई है। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि उक्त पदों के लिए उम्मीदवार 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला की आधिकारिक वेबसाइट द्धह्लह्लश्च://222.द्धश्चद्धष्ह्म्द्गष्ह्म्ह्वद्बह्लद्वद्गठ्ठह्ल.द्बठ्ठ पर प्राप्त की जा सकती है।
मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट सोलन युद्धवीर सिंह ने बुधवार को कुनिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले बिना हेलमेट, बिना शीट बेल्ट, बिना लाइसेंस, ट्रिपल राइडिंग व बुलेट के साइलेंसर, प्रेशर होर्न,एक्स्ट्रा लाइट आदि नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालकों के चालान किए। इस दौरान एक मोटरसाइकिल को जब्त किया गया, 2 गाडिय़ों में लगी फ्लैग रॉड को उतारकर उनके चालान किए। हर आने-जाने वाले वाहनों के दस्तावेज भी जांचे गए। मजिस्ट्रेट यूद्ध वीर सिंह ने सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी। इस दौरान लगभग 38 वाहनों के चालान कर लगभग 42 हजार जुर्माना वसूला गया। इन अवसर पर पुलिस थाना कुनिहार के एसएचओ ओम प्रकाश व स्टाफ मौजूद रहा।
महिला आरक्षण बिल को मंजूरी देने के बाद भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। इस बिल के लागू होने से प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों में 22 या 23 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इससे महिलाएं राजनीतिक तौर पर सशक्त होंगी। महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव प्रतिभा कंवर ने केंद्रीय कैबिनेट में महिला आरक्षण बिल मंजूरी और इसे लोकसभा में पेश करने को ऐतिहासिक कदम करार दिया। प्रतिभा कंवर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा से नारी शक्ति का सम्मान किया है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलने के फैसले के बाद पूरी तस्वीर बदलने वाली है। देश की आजादी के अमृत काल में प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले से पूरे देश की महिलाओं में आत्म सम्मान और आत्म विश्वास का भाव पैदा होगा। महिलाओं के लोकसभा और विधानसभा पहुंचना आसान होगा। उनके मुद्दे सर्वोच्च सदन में और मजबूती के साथ गूंजेंगे। करीब 27 सालों से लंबित महिला आरक्षण विधेयक अब संसद के पटल पर लाया गया, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति को दर्शाता है। आंकड़ों के मुताबिक, लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 15 फीसदी से कम है, जबकि राज्य विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व 10 फीसदी से भी कम है। इस मुद्दे पर आखिरी बार कदम 2010 में उठाया गया था, जब राज्यसभा ने हंगामे के बीच बिल पास कर दिया था और मार्शलों ने कुछ सांसदों को बाहर कर दिया था, जिन्होंने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का विरोध किया था। हालांकि यह विधेयक रद्द हो गया, क्योंकि लोकसभा से पारित नहीं हो सका था। भाजपा ने हमेशा इसका समर्थन किया। वर्तमान स्थिति की बात करें तो लोकसभा में 78 महिला सदस्य चुनी गई हैं। इस बिल के पारित होने के बाद संख्या 181 हो जाएगी। भारतीय जनता महिला मोर्चा प्रधानमंत्री जी का विशेष तौर पर और शीर्ष नेतृत्व का हृदय से धन्यवाद से कोटि-कोटि धन्यवाद करता है और 19 सितंबर का दिन भारत के 75 साल के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो जाएगा।
-कहा, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है प्रदेश सरकार -एक साल में एक लाख नौकरी का वादा करके सत्ता में आए और अब तक एक नौकरी नहीं दी विधानसभा में जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बनते ही मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया और सारे रिजल्ट रोक दिया। जब युवा रिजल्ट जारी करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय आए तो मुख्यमंत्री ने उनसे एक महीने में सभी रिजल्ट जारी करने का वादा किया। एक महीने बाद जब युवा फिर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने तीन महीनें का समय मांगा। आज दस महीनें होने को हैं लेकिन सरकार ने लंबित भर्तियों के परीक्षा परिणाम नहीं निकाले। अब वही युवा जब मुख्यमंत्री से मिलने जाते हैं तो मुख्यमंत्री मिलते नहीं हैं। दो-दो दिन मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने बरसात में पड़े रहने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन युवाओं ने एग्जाम पास करके टाइपिंग टेस्ट भी पास कर लिया है। जिनका डॉक्युमेंट्स वेरिफि़केशन भी हो गये है सरकार उनके भी रिजल्ट नहीं निकल पा रही है। आज रिज़ल्ट के इंतज़ार में युवा सड़कों पर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ उनके साथ धोखा किया है। प्रदेश के लोगों से झूठ बोला है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की एक मात्र महिला विधायक के द्वारा पंचायत भवन के उद्घाटन कर दिया गया तो पंचायत की प्रधान को नोटिस दे दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की कार्यप्रणाली हैं। यह शर्मनाक है। सरकार पंचायत प्रधान को दिये गये नोटिस को वापस ले। इस तरह की तानाशाही ग़लत है। हम इसे नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर विधायक बता रहे है कि किस तरह से आपदा के समय राहत देने में सरकार ने भेदभाव किया और अभी भी बहुत से लोग सरकारी राहत से अछूते रह गये। इसलिए मैं मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन करता हूं कि आपदा प्रभावितों के बारे में सोचे और विधायकों की बातों को गंभीरता से लें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब बहुत समय हो गया। अब मुख्यमंत्री स्पष्ट बताएं कि वह लंबित परीक्षा के परिणामों को कब जारी कर रहे हैं। अब हर बार नई डेडलाइन वाला खेल नहीं चलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री यह भी बताएं कि जो पांच लाख नौकरियों का वादा उन्होंने प्रदेश के लोगों से किया था। वह नौकरियां कब प्रदेश के लोगों को मिल रही है। आज लोग उन वादों को पूरा करने का इंतज़ार कर रहे है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने पर भी मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक अपरिपक्व फैसला लेते हुए एचएसएससी को भंग कर दिया। कल जो नया आयोग बनेगा यदि उसमें भी एक व्यक्ति अगर गड़बग़ निकल जाएगा तो क्या सरकार फिर से उन संस्थानों को बंद कर देगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था में जो किसी प्रकार की गड़बड़ी करते हैं, किसी प्रकार का अपराध करते हैं तो उसके लिए क़ानून हैं। क़ानून के तहत उसे सख्त से सख्त सज़ा दी जाए लेकिन इस तरह से आयोग ही भंग कर देना पूर्णत: बचकाना हरकत है। उन्होंने कहा कि अगर एक विधायक गड़बड़ हो जाए तो विधानसभा भंग नहीं की जा सकती है।
-खंड स्तरीय प्रतियोगिता में 2 खिताब किए अपने नाम मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के खिलाड़ी छात्रों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला औहर में आयोजित अंडर-19 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम किया है। प्रतियोगिता में स्कूल के खिलाड़ी छात्रों ने बैडमिंटन व कबड्डी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर खिताब अपने नाम करते हुए स्कूल का नाम रोशन किया है। यही नहीं बॉलीबाल व खोखो में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिलाडिय़ों ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। नमहोल में होने वाली जिला स्तर की प्रतियोगिता में ये खिलाड़ी भाग लेंगे। खण्ड स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में कनव, शिवांक, तनिष्क, मयंक व दिग्विजय ने भाग लिया, जबकि कबड्डी प्रतियोगिता में अर्पित शर्मा, मोहित शर्मा, अंशुल जसवाल, प्रशांत सूद, आदित्य शर्मा, दिव्यांशु, हर्ष कुमार, आर्यन, यशराज मल्कानिया, निक्षय ठाकुर, पुनीत, कर्मा ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर सात खिलाड़ी छात्रों का चयन जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। पाठशाला उप प्रधानाचार्य विनय शर्मा ने सभी खिलाड़ी छात्रों को उम्दा प्रदर्शन करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्कूल के शारीरिक शिक्षकों के परिश्रम व खिलाड़ी बच्चों की मेहनत से दो खिताब अपने नाम किए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल के खिलाड़ी छात्र हर वर्ष खेलकूद प्रतियोगिता में अपना बेहतर प्रदर्शन करते हैं इस बार भी बच्चों ने दो खिताब अपने नाम किये। वहीं प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने कहा कि बच्चों सहित शारीरिक शिक्षक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने से शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास होता है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए, इससे अपनी एक अलग पहचान बनती है। उन्होंने चयनित खिलाडिय़ों को भी जिला स्तर की प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर शिक्षक पवन कुमार, संजीव कुमार, राकेश कुमार, संजय उपस्थित रहे।
मंगलवार को मेलबर्न विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय और एप्लाइड साइंसेज और जैव प्रौद्योगिकी संकाय शूलिनी विश्वविद्यालय के सहयोग से स्वस्थ ग्रह के लिए भोजन नामक एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में टिकाऊ कृषि के विभिन्न पहलुओं और भोजन की बर्बादी को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए खाद्य उत्पादन में सुधार के तरीकों पर चर्चा की गई। मेलबर्न विश्वविद्यालय और शूलिनी विश्वविद्यालय ने हाल ही में दोहरे डिग्री कार्यक्रम के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें भारत में दो साल का अध्ययन और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया में विश्वविद्यालय में दो साल का अध्ययन शामिल है। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद पहली कार्यशाला का उद्देश्य मेलबर्न विश्वविद्यालय और शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों द्वारा दी गई संक्षिप्त प्रस्तुतियों के माध्यम से टिकाऊ कृषि और खाद्य उत्पादन को बढ़ाने के लिए नवीन दृष्टिकोणों की जांच करना है। कार्यक्रम की शुरुआत शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि आइए अपने परिसर में भोजन की बर्बादी को कम करने का संकल्प लें। हमें स्थिरता को अपनाना चाहिए और स्थिरता के मुद्दों को हल करने में इस विश्वविद्यालय को एक रोल मॉडल बनाने का प्रयास करना चाहिए। चांसलर प्रो. पीके खोसला ने कहा कि हमें भोजन की कमी से जूझ रहे देश से अधिशेष वाले देश तक की अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर बहुत गर्व है। प्रकृति के संतुलन का सम्मान करते हुए एआई को कृषि में एकीकृत करना महत्वपूर्ण है। मेलबर्न विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय के एसोसिएट डीन (अंतरराष्ट्रीय) प्रोफेसर एलेक्स जॉनसन ने स्वस्थ दुनिया के लिए स्वस्थ भोजन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक कृषि उन्नति पर अभूतपूर्व काम किया है। बातचीत में शामिल होने के लिए कृषि, खाद्य और पारिस्थितिकी तंत्र विज्ञान स्कूल में वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. अंतानास स्पोकेविसियस ने कृषि, खाद्य और पारिस्थितिकी तंत्र विज्ञान स्कूल के प्रमुख प्रोफेसर जियोवानी टर्चिनी ने चर्चा में भाग लिया, उन्होंने कृषि विज्ञान में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर बात की। पशुधन आनुवंशिकी में विशेषज्ञता वाले वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. सुरिंदर सिंह चौहान ने वैश्विक आउटरीच और सहयोग के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, और उस विविध और समावेशी माहौल को रेखांकित किया जो दुनिया के सभी कोनों से छात्रों की प्रतीक्षा कर रहा है। विज्ञान संकाय के छात्र भर्ती अधिकारी लॉफलिन हूपर ने 2+2 दोहरी डिग्री कार्यक्रम के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की। यह कार्यक्रम मास्टर और पीएचडी करने के इच्छुक महत्वाकांक्षी व्यक्तियों के लिए एक रोमांचक मार्ग प्रदान करता है। मेलबर्न विश्वविद्यालय में डिग्री, शैक्षणिक विकास और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देना। मिस चियारा अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी, विज्ञान संकाय, जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए सुचारु परिवर्तन की सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। जाने-माने शेफ और मिलेट्स के विशेषज्ञ विकास चावला ने मेलबर्न की सांस्कृतिक समृद्धि और पाक अनुभवों पर बात की। शूलिनी विश्वविद्यालय के खाद्य विज्ञान के प्रमुख प्रो. दिनेश कुमार चटानटा ने खाद्य उत्पादन और सुरक्षा को समझने के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण के बारे में बात की, जो समग्र शिक्षा और अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों की उप निदेशक डॉ. रोजी धांता ने मेहमानों को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।
-गवर्नर ने राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मंगलवार सायं सोलन जिले के अर्की उपमंडल में आयोजित राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मेले और त्यौहारों के माध्यम से न केवल हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिलता है बल्कि उनका संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि सदियों से चली आ रही परंपराओं को लोगों ने आज भी कायम रखा है। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से राज्य को भारी नुकसान होने के बावजूद प्रदेश तीव्र गति इस स्थिति से उबर रहा है और अब स्थितियां सामान्य हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर व्यक्ति इस आपदा में सहयोग देने के लिए आगे आ रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश के लोग बुलंद हौंसले के साथ राज्य के पुनर्निर्माण अपनी सहभागिता सुुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सायर मेला लोगों की आस्था से जुड़ा है जो हमें आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास हमारी समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने का होना चाहिए और युवा पीढ़ी को भी संस्कृति से जोडऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को हमारी सभ्यता और संस्कृति का न केवल ज्ञान बल्कि उस पर गर्व भी होना चाहिए, तभी देश आगे बढ़ेगा और दुनिया में अपनी पहचान बनायेगा। मेले न केवल सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र होते हैं, बल्कि इनके माध्यम से राज्य की लोक संस्कृति, कला और शिल्प को जानने और समझने का अवसर भी मिलता है। राज्यपाल ने तीन दिवसीय सायर मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने युवा पीढ़ी में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर युवाओं को नशे के प्रवृत्ति से निजात दिलाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने सायर मेले के दौरान आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किये। उन्होंने सायर मेला आयोजन समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने सांस्कृतिक संध्या का भी आनंद लिया। इससे पहले, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने राज्यपाल और लेडी गवर्नर एवं राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा जानकी शुक्ल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सायर मेले का इतिहास लगभग 380 वर्ष पुराना है और यह लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि इन उत्सवों के आयोजन से स्थानीय परम्पराओं एवं समृद्ध संस्कृति का संरक्षण होता है। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के माध्यम से लोगों के बीच मेल-मिलाप और आपसी भाईचारा बढ़ता है तथा नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे पहले, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया और सायर मेले के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष हेमेंद्र गुप्ता, पार्षद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
थाना कुनिहार में गांव दवाड डाकघर जुब्बला के एक व्यक्ति ने अपने दो बेटों के खिलाफ उससे व उसकी पत्नी से मारपीट करने का मामला दर्ज करवाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव दवाड के एक व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ कि जब वह अपने घर पर था और इसकी पत्नी पुश्तैनी घर पर लाहुली में गई थी तो इसके दो लड़के घर पर आए तथा इसे गाली-गलौज व धमकियां देने लगे। उसने अपनी पत्नी को फोन पर सारी बात बताई, जो घर वापस आई और दोनों बेटों को समझाने लगी जिस पर दोनों लड़के उससे मारपीट करने लगे। जब वह अपनी पत्नी को छुड़ाने लगा तो दोनों लड़कों ने उससे भी मारपीट की। पुलिस ने पति-पत्नी का सिविल अस्पताल कुनिहार में मेडिकल करवाया। मेडिकल रिपोर्ट व शिकायत पत्र के आधार पर थाना कुनिहार में दोनों लड़कों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले की पुष्टि डीएसपी हेडक्वॉटर सोलन अनिल धौलटा ने की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के हिसाब से सरकार करुणामूलक नौकरियां देगी। मंगलवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक केएल ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने इस मामले पर कुछ काम नहीं किया। प्रदेश सरकार ने इस मामले पर विचार करने के लिए कमेटी बनाई है। कमेटी के साथ दो बार चर्चा हो चुकी है। जल्द कार्य योजना सामने लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने करुणामूलक आधार की नौकरियों के सरकारी विभागों में 1,766 और निगमों-बोर्डों में 734 आवेदन रिजेक्ट किए। सिर्फ 25 फीसदी को ही नौकरियां दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन साल में करुणामूलक नौकरियों के लिए सरकारी विभागों में 4,099 और निगम-बोर्डों में 2,971 आवेदन आए। इस मामले पर गंभीरता से सोचना होगा। उधर, मुख्यमंत्री के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि करुणामूलक आधार पर सबसे अधिक नौकरियां पूर्व सरकार ने दी हैं। भाजपा सरकार ने नौकरियां देने के लिए नियम बदले। पहले 50 वर्ष की आयु के बाद कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को नौकरी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार ने प्रावधान किया कि अगर सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले भी मृत्यु होती है तो करुणामूलक नौकरी दी जाएगी। जयराम ने कहा कि आयु की शर्त में भी भाजपा सरकार ने छूट दी। विधायक केएल ठाकुर ने पूछा था कि करुणामूलक आधार की नौकरियां कब तक दी जाएंगी।
शूलिनी विश्वविद्यालय, जो स्वच्छता और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है, ने स्वच्छता पखवाड़ा के 8वें संस्करण की मेजबानी करते हुए नागरिक जिम्मेदारी का एक प्रदर्शन किया। पर्यटन मंत्रालय (एमओटी) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर में पर्यटन स्थलों पर प्राचीन वातावरण बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। संबंधित संकायों के मार्गदर्शन में, प्रत्येक विभाग ने एक सफाई अभियान चलाया जो विश्वविद्यालय के पास पुल से लेकर छात्र छात्रावासों और परिसर के हर कोने तक फैला हुआ था। भाग लेने वाले संकायों में विज्ञान, कानूनी विज्ञान, उदार कला और प्राचीन भारतीय ज्ञान, विज्ञान और बायोटेक और बायोइंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल विज्ञान, प्रबंधन विज्ञान और इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी शामिल थे। इस अवसर पर आयोजित एक अन्य कार्यक्रम पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी, जिसमें विभिन्न विभागों के लगभग 70 छात्रों ने पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। उनकी कलात्मक अभिव्यक्तियां स्वच्छता और मेरी शूलिनी स्वच्छ शूलिनी के विषयों के इर्द-गिर्द थी । इस प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों की कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित किया बल्कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के प्रति उनके समर्पण को भी प्रदर्शित किया। डीन स्टूडेंट वेलफेयर श्रीमती पूनम नंदा ने कहा कि सफाई अभियान का हिस्सा बनने के बाद आप कभी भी गंदगी फैलाने वालों के पक्ष में नहीं हो सकते। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि शूलिनी विश्वविद्यालय की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता पूरे परिसर में सुविधाजनक रूप से स्थित कूड़ेदानों की उपस्थिति से स्पष्ट है, जो देश के सबसे स्वच्छ परिसरों में से एक के रूप में संस्थान की प्रतिष्ठा में योगदान देता है। इस स्वच्छता पखवाड़ा की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक 1000 से अधिक छात्रों की भागीदारी थी, जिन्होंने सामूहिक रूप से 30 कचरा बैग एकत्र किए, जो उनके परिसर को साफ रखने के उनके दृढ़ संकल्प का प्रतीक था। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, तस्वीरें ली गईं और समय और स्थान संदर्भों के लिए जियोटैग किया गया। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य जन भागीदारी की भावना पैदा करना और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इसके अलावा पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता में शीर्ष स्कोरिंग टीमों को ट्रॉफी और वाउचर प्रदान किए गए।
कृषि विज्ञान केंद्र सोलन द्वारा सात दिवसीय मौनपालन पर प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस शिविर में सोलन जिला की 25 प्रतिभागियों, जिसमें 24 महिलाएं शामिल थीं, ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र सोलन के प्रभारी डॉ जितेंद्र चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शिविर में किसानों एवं प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन से संबंधित मूलभूत जानकारियां तथा इसके फायदों के विषय में संपूर्ण जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का समन्वयक केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अनुराग शर्मा रहे। मौनपालन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, रानी मक्खी व अन्य मधुमक्खियों के विभिन्न कार्यों और उसकी शारीरिक बनावट, मधुमक्खी पालन में मिलने वाले विभिन्न उत्पाद, मधुमक्खियों का मौसम के हिसाब से प्रबंधन, इसमें लगने वाले कीट व बीमारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग में एक दिन का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया गया जिसमें प्रतिभागियों ने मौन गृह में जाकर मधुमक्खियों के साथ प्रशिक्षण लिया। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सायरी में शहद प्रसंस्करण इकाई तथा मधुमक्खियों के साथ भी प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण शिविर में डॉ हरीश शर्मा द्वारा देसी मधुमक्खी के संरक्षण तथा मौसम के अनुरूप मधुमक्खियां को पालने की विषय में तथा डॉ राजकुमार ठाकुर द्वारा रानी मक्खी से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की गई। इस शिविर में डॉ अजय शर्मा तथा डॉ तनूजा बांश्टू द्वारा भी कीटनाशकों के सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी प्रदान की गई। उद्यान विभाग से अधिकारी द्वारा विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत करवाया गया। शिविर के समापन पर प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरण, इससे संबंधित प्रकाशन तथा प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
-हिंदी कवि सम्मेलन का किया गया आयोजन उदार कला और प्राचीन भारतीय ज्ञान संकाय, शूलिनी विश्वविद्यालय द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदी दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिंदी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। हिंदी दिवस कार्यक्रम में सहायक प्रोफेसर हिंदी डॉ. प्रकाश चंद, कविता और पलक, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. एकता सिंह, डॉ. दिवाकर शर्मा, प्रोफेसर नासर, चेन, इंदु, इवान और सिद्धार्थ और प्रोफेसर तेजनाथ धर ने भाग लिया। जिसमे हिंदी साहित्य के महत्व और युवा प्रतिभाओं में इसकी जागरूकता और भूमिका पर जोर दिया गया इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकाय, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों की भागीदारी देखी गई। कवियों में मंजू शर्मा, सलोनी, स्वर्णिम सुप्रकाश, प्रियंका ठाकुर, मानसी प्रियदर्शी, सीमा बिष्ट, पीहू जादौन, सलोनी वर्मा, न्यासा तिरिया, श्रेया, हर्षित राज, मानस (मृदुल) पाठक, जानवी, हेमंत कुमार शर्मा (सहायक प्रोफेसर अंग्रेजी) शामिल हैं। , कलश धांता, अदिति, कविता, कमल गौतम, डॉ. एकता सिंह (इतिहास की सहायक प्रोफेसर), डॉ. नमिता गंडोत्रा, डॉ. डीडी शर्मा, आदित्य रोहिला, कौस्तुभी शास्त्री और पूजा कुमारी ने अपनी कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने समापन भाषण में चित्रकोट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड एंशिएंट इंडियन विजडम की प्रमुख डॉ. पूर्णिमा बाली ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
युवा वैज्ञानिक पंकज अत्रि की एक और बड़ी उपलब्धि **अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिर चमकाया प्रदेश का नाम, Young Resercher Award के लिए चयनित **नैना टिककर से संबंध रखते है पंकज ** कई अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र हो चुके है प्रकाशित ** हिमाचल के छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक पटल पर बनाई पहचान
-कहा, बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर 25 को विधानसभा का घेराव करेगी भाजपा -विधानसभा में विपक्ष की आवाज को दबाने का हो रहा प्रयास भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है कि वह 25 तारीख को विधानसभा का घेराव करेगी। आपदा को मुद्दा बनाकर जनहितैषी मुद्दों से ध्यान भटका कर सरकार क्या साबित करना चाहती है, यह स्वयं अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है। जब विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा नियमों के तहत आपदा पर चर्चा का मामला रखा तो उसे नजरअंदाज कर कांग्रेस का महिमामंडप का प्रस्ताव ले लिया गया। यह जनता से धोखा है व विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास है। कांग्रेस चुनावी गारंटियों पर उत्तर देने में असमर्थ हो रही थी। अब तो हालत यह है कि कांग्रेस अपनी गारंटियों से भी मुंह मोड़ रही है। अभी तक तो औद्योगिक इकाइयों की बिजली बढ़ोतरी का मुद्दा चर्चा में था, लेकिन अब तो घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी केवल एक ही कनेक्शन पर मिलेगी। अंतर्कलह से घिरी कांग्रेस सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि वह स्वयं आपदा में है या आपदा पीड़ितों को राहत देनी है। केवल जनता को भ्रमित करके सुर्खियां बटोरना चाहती है।
-दामों में बढ़ोतरी होने से आम वर्ग पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ हिमाचल प्रदेश में तीनों बड़ी कंपनियों ने सीमेंट के दाम 10 रुपये प्रति बैग बढ़ा दिए हैं। सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी होने से आम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्रदेश में अल्ट्राटेक, अंबुजा और एसीसी सीमेंट कंपनी ने दामों में बढ़ोतरी की है। वहीं सूत्रों के अनुसार आगामी कुछ दिनों में सीमेंट के दामों में पांच रुपये और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एसीसी सीमेंट का दाम 430 रुपये से बढ़कर 440 रुपये हो गया है। जबकि एसीसी गोल्ड के दाम 470 से 480 रुपये हो गए हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट के दामों में भी 10 रुपये बढ़ोतरी हुई है। अल्ट्राटेक सीमेंट के दाम 430 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 440 रुपये प्रति बैग हो गए हैं। अंबुजा सीमेंट के दाम 430 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 440 रुपये प्रति बैग किए गए हैं। प्रदेश में सभी सीमेंट कंपनियों की ओर से एक साथ दामों में बढ़ोतरी की है। बढ़े दाम बीती रात 12 बजे से लागू कर दिए गए हैं। सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी होने से निर्माणाधीन मकानों के मालिकों का बजट बिगड़ गया है। एसीसी सीमेंट के विक्रेता किशन लाल एंड सन्स के मालिक पवन बरूर और सत्या प्रकाश एंड कंपनी के संचालक मनोज कुमार ने बताया कि सीमेंट के दामों में 10 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य विभागों के समन्वय से सितम्बर में ‘छठा राष्ट्रीय पोषण माह’ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जीवन-चक्र दृष्टिकोण के माध्यम से कुपोषण के बारे में आम लोगों को जागरूक करना तथा कुपोषण से निपटना है। यह जानकारी ज़िला कार्यक्रम अधिकारी सोलन राजेन्द्र सिंह नेगी ने दी। राजेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि ज़िला सोलन में पोषण माह-2023 के तहत ‘सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारत’ (पोषण-समृद्ध भारत, शिक्षित भारत, सशक्त भारत) विषय पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोषण माह के अंतर्गत स्तनपान और पूरक आहार के प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करने वाले अभियानों के माध्यम से धरातल पर पोषण सम्बन्धी जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पोषण माह के तहत स्वस्थ बालक प्रतिस्पर्धा जिसमें पोषण भी-पढ़ाई भी, जनजातीय-केंद्रित पोषण संवेदीकरण, परीक्षण, उपचार, एनीमिया पर चर्चा इत्यादि गतिविधियां चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य पोषण और समग्र कल्याण के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना है। राजेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि पोषण माह के अंतर्गत समग्र पोषण के बारे में जागरूक करने के लिए समुदाय के विभिन्न वर्गों को शामिल किया जा रहा है। इनमें गांव, खण्ड और ज़िला स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम, पहचान अभियान, शिविर और घरेलू दौरे आयोजित किए जा रहे है। मिशन सक्षम, आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के माध्यम से पोषण के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ज़िला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने 30 सितम्बर, 2023 तक राज्य भर में ‘हिमाचल के भूले हुए व्यजनों के छुपे हुए खजाने की खोज अभियान’ कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य भूले-बिसरे व्यंजन जैसे लुगड़ी, इंदारे, सत्तू का फाका, लिंगडू का अचार, पचोल्टू, पटांडे और विभिन्न प्रकार की हर्बल चाय, सूप और चटनी आदि को बढ़ावा देना है। अभियान का लक्ष्य इन व्यंजनों को पुनर्जीवित करना, उनकी कहानियों को साझा करना और स्वास्थ्य के लिए उनके पोषण संबंधी लाभों को सभी के साथ उजागर करना है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि इन दोनों अभियानों से जुड़े व प्रतियोगिता का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि निदेशालय की और से प्रस्तावित अभियान में पौष्टिक व्यंजन बनाने की वीडियो #Wcdhimachal का फेसबुक पर अपलोड कर 1000 रुपए नकद पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या ज़िला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क किया जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ज़िला सोलन में आज लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए ई.वी.एम तथा वी.वी.पैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की गई। तहसील कार्यालय सोलन स्थित ई.वी.एम वेयरहाऊस को अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं प्रथम स्तरीय जांच के नोडल अधिकारी अजय कुमार यादव तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष खोला गया। प्रथम स्तरीय जांच के उपरांत समस्त ई.वी.एम एवं वी.वी.पैट मशीनों को नगर निगम सोलन के सभागार में स्थानांतरित किया गया। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि शिव दत्त ठाकुर, संधीरा तथा कंचन राणा, भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि चन्द्रकांत, नन्द राम कश्यप तथा नेहा ठाकुर, आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि भरत ठाकुर, बहुजन समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि राकेश बरार तथा राम रतन, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, तहसीलदार सोलन मुलतान सिंह बनियाल उपस्थित थे।
स्वच्छ सर्वेक्षण (ग्रामीण) 2023 के अंतर्गत सोलन ज़िला की विकास खंड कुनिहार की हाटकोट पंचायत को डीसी सोलन द्वारा खण्ड स्तर पर पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार पंचायत प्रधान जगदीश अत्री , उपप्रधान रोहित जोशी ने सोलन में आयोजित कार्यक्रम में डीसी सोलन मनमोहन शर्मा के हाथो प्राप्त किय। ग्राम पंचायत हाटकोट के प्रधान जगदीश अत्री ने बताया कि यह पुरकार हाटकोट की जनता की बदौलत मिला है, क्योंकि उनके सहयोग के बिना पंचायत कुछ भी नही कर सकती। उन्होंने बीडीओ कुनिहार,पंचायत पदाधिकारीयो , कर्मचारी वर्ग , सफाई व्यवस्था में अहम योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों का भी इस पुरस्कार मिलने पर धन्यवाद किया।
विधानसभा अर्की के धुन्धन से भारतीय जनता पार्टी के युवा कार्यकर्ता आसिफ चौधरी को भाजपा जिला सोलन के सोशल मीडिया विभाग का जिला संयोजक नियुक्त किया गया है। आसिफ चौधरी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के विचारधारा से जुड़े हुए है और लगातार पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता के रूप मे कार्य करते आ रहे है। इससे पहले भी वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला सह संयोजक,अर्की मंडल में आई.टी और सोशल मिडिया के सह संयोजक और विद्यार्थी परिषद में विभिन्न दायित्वों की जिम्मेदारी को संभाल चुके है। आसिफ चौधरी ने जिला संयोजक नियुक्त किए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल , विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर , संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, जिला अध्यक्ष रतन सिंह पाल, पुरषोत्तम गुलेरिया, सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक सुशील राठौर , शिमला संसदीय क्षेत्र के सोशल मीडिया प्रभारी विक्रम बट्टू और अर्की मंडल के अध्यक्ष राकेश ठाकुर का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया और कहा की शीर्ष नेतृत्व के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य कर आगे बढ़ेंगे।
बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने खंड सतरीय अंडर-19 खंड अर्की छात्र खेलकूद प्रतियोगिता में बैडमिंटन में विजेता ट्राफी का ख़िताब जीता | जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की इस खंड सतरीय छात्र खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन में किया गया जिसमे लगभग 31 विद्यालय से 477 छात्रों ने इस खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लिया I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की विद्यालय से 6 बच्चों हर्ष वर्धन, पुष्पेंदर , दक्ष गर्ग, मनन कुमार , ध्रुव तंवर , यश कुमार ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमे उन्होंने बैडमिंटन में मॉडल स्कूल भुमती को परास्त कर विजेता ट्राफी अपने नाम की और बताया की इन सभी बच्चो का चयन जिला सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता के लिए हुआ है जो की सितम्बर माह में राजकीय माध्यमिक विद्यालय ममलीग में आयोजित की जाएगी I बी एल स्कूल लगातार कई सालों से बैडमिंटन ट्राफी का वर्चस्व कायम रखे हुए है I खेल कूद सपर्धा के समापन समारोह के उपरान्त सभी विजेताओं और उप-विजेताओं को अर्की के विधायक व् सीपीएस संजय अवस्थी द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष तथा अध्यापक अभिभावक संघ के सभी सदस्यों ने भी बच्चों व उनके अभिभावकों के साथ साथ शारीरिक शिक्षक अमर देव को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है I इस खेल कूद स्पर्धा के दौरान अर्की जोन प्रभारी महेंदर राठोर व् शारीरिक शिक्षक किशोर शर्मा , राज कुमार , नवनीत महाजन , संजीव , हेमंत गुप्ता, सुशील कुमार आदि भी मौजूद रहे I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया की बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि खेल कूद के क्षेत्र में भी विद्यालय और कुनिहार का नाम रोशन करते हैं I विद्यालय आने पर इन बच्चों को प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल , मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा और समस्त अध्यापक वर्ग ने सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी I
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 18, 19 व 20 सितम्बर, 2023 को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत सोलन के सुबाथू क्षेत्र के कुछ इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 18 सितम्बर, 2023 को प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक सुबाथू बाज़ार, अप्पर थड़ी, लोअर थड़ी, छपरोली, कश्मीरी मोहल्ला, रविदासपुरा, शांति निकेतन एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि 19 सितम्बर, 2023 को प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक नायानगर, भाली, कटहनी, आरला, चापला, झीन, न्यू फायरिंग रेंज एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि 20 सितम्बर, 2023 को प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक मोहरी, घड़सी कुकाना, कण्डा, आंजी छटेरा, चयाड़, खलयाण एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति तथा अन्य कारणों से उपरोक्त तिथि एवं समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
उप निदेशक शिक्षा प्रारम्भिक सोलन द्वारा 22 सितम्बर, 2023 को भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक नाॅन मेडिकल तथा मेडिकल विषय में उन उम्मीदवारों के लिए अनुबंध आधार पर पद भरे जाने के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी जिन्होंने सम्बन्धित विषय में अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह जानकारी उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोलन संजीव ठाकुर ने दी। संजीव ठाकुर ने कहा कि यह काउंसलिंग 22 सितम्बर, 2023 को उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा के चम्बाघाट स्थित कार्यालय में प्रातः 10.30 बजे से आरम्भ होगी। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए टीजीटी नाॅन मेडिकल के कुल 19 पदों के लिए तथा टीजीटी मेडिकल के कुल 20 पदों के लिए आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि टीजीटी नाॅन मेडिकल के 19 पदों में 08 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनारक्षित वर्ग के लिए, 04 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित उम्मीदवारों के लिए, 06 पद इसी श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए तथा 01 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनुसूचित जनजाति वर्ग से सम्बन्धित उम्मीदवारों के लिए है। संजीव ठाकुर ने कहा कि टीजीटी मेडिकल के कुल 20 पदों में से 13 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनारक्षित वर्ग के लिए, 02 पद इसी श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, 04 पद इसी श्रेणी के अनुसूचित जाति वर्ग के लिए तथा 01 पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों में से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए है। उप निदेशक ने कहा कि इन पदों के लिए टीजीटी नाॅन मेडिकल के अनारक्षित अभ्यार्थियों की बी.एड अगस्त 2003 उत्तीर्ण बैच तक, अन्य पिछड़ा वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2005 उत्तीर्ण बैच तक, अनुसूचित जाति वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2018 उत्तीर्ण बैच तक तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2021 उत्तीर्ण बैच तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीटी मेडिकल के अनारक्षित अभ्यर्थियों की बी.एड दिसम्बर, 2007 उत्तीर्ण बैच तक, अन्य पिछड़ा वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2010 उत्तीर्ण बैच तक, अनुसूचित जाति वर्ग की बी.एड दिसम्बर, 2017 उत्तीर्ण बैच तक तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग की बी.एड अद्यतन उत्तीर्ण बैच तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभ्यार्थियों को काउंसलिंग के समय 10वीं, 12वीं, बी.एड प्रमाणपत्र, टीजीटी (टैट), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, नवीनतम पासपोर्ट फोटोग्राफ, रोज़गार कार्यालय का पंजीकृत पत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, सैनिक कल्याण के सम्बन्धित उप निदेशक द्वारा जारी भूतपूर्व सैनिक के वार्ड का प्रमाणपत्र, डिस्चार्ज बुक (आर्मी) की छायाप्रति लाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को काउंसलिंग पत्र प्राप्त नहीं हुए है वह अपना नाम व बायोडाटा कार्यालय की वेबसाइटwww.ddeesolan.in से प्राप्त कर सकते हैं।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी -हरिपुर की बैठक इकाई अध्यक्ष डीडी कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। डीडी कश्यप ने पेंशनरो को सम्बोधित करते हुए कहा कि संगठन की जिला स्तरीय त्रैमासिक बैठक इसबार 23 सितंबर को कुठाड़ (कृष्णगढ़) में रखी गई है, जिसमे हमारी इकाई को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है। डी.डी कश्यप ने सभी इकाई सदस्यों से आग्रह किया कि इस जिला स्तरीय बैठक में भाग लेना सुनिश्चित करें। बैठक में इकाई का स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम आयोजित करने बारे भी चर्चा व विचार विमर्श किया गया व निर्णय लिया गया कि इस बार यह समारोह 15 अक्टूबर को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। बैठक में पेंशनरो की लंबित विभिन्न मांगों एरियर,मैडिकल बिल,पे फिक्सेशन आदि पर भी गहन चर्चा व विचार विमर्श कर सरकार से पेंशनरो की सभी मांगें जल्द पूरा करने की सरकार से मांग की गई। इस बैठक में जगदेव गर्ग, नेकराम कौंडल,बिशन दास,ख्याली राम,नेकराम ठाकुर,प्रेम चन्द कश्यप,दुनीचंद ठाकुर बीरबल परिहार व गीता देवी आदि मौजूद रहे.
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर, क्लब अर्काडिया, शूलिनी क्रिएटिव स्टूडियो, डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सहयोग से मनोविज्ञान और व्यवहार विज्ञान विभाग शूलिनी यूनिवर्सिटी द्वारा आत्महत्या रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में एक अंतर्विभागीय नारा लेखन प्रतियोगिता, एक आत्महत्या रोकथाम जागरूकता पदयात्रा और एक नुक्कड़ नाटक शामिल था। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले शूलिनी विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ. आशू खोसला, डॉ. नंद लाल गुप्ता, डॉ. शालिनी सिंह, मिस संगीता कक्कड़, मिस आकांक्षा नेगी और डॉ. अनीता चौहान थे। दिन की शुरुआत अंतर्विभागीय नारा लेखन प्रतियोगिता से हुई, जहां विभिन्न विभागों के छात्रों ने एक साथ आकर शक्तिशाली नारों के माध्यम से आत्महत्या की रोकथाम के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता ने न केवल रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया बल्कि एक ऐसे विषय पर संवाद को भी बढ़ावा दिया जो अक्सर चुप्पी से घिरा रहता है। स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता आशुतोष राणा, कुमारी अनुपमा झा और कुमारी रिया सिंह क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। स्लोगन प्रतियोगिता के बाद विश्वविद्यालय परिसर में एक प्रतीकात्मक आत्महत्या रोकथाम जागरूकता पदयात्रा का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने रिबन पहने और आशा और समर्थन के संदेशों वाले बैनर पकड़े, परिसर में घूमे, पत्रक वितरित किए, आत्महत्या की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शूलिनी क्रिएटिव स्टूडियो के छात्रों द्वारा प्रस्तुत विचारोत्तेजक नुक्कड़ नाटक था। यह नाटक आत्मघाती विचारों का सामना करने वाले व्यक्तियों के भावनात्मक संघर्षों पर प्रकाश डालता है और मदद मांगने के महत्व पर जोर देता है। स्कूल ऑफ साइकोलॉजी एंड बिहेवियरल साइंसेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनीता चौहान ने कहा कि यह आयोजन एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि आत्महत्या की रोकथाम में हम सभी की भूमिका है। साथ मिलकर, हम एक ऐसी दुनिया बना सकते हैं जहां लोगों को सुना, समझा और महसूस किया जाए। मनोविज्ञान विभाग के छात्र आतिश गौरव और रिया ने कहा, आज का कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाने के बारे में था, बल्कि आशा का संदेश फैलाने के लिए भी था।
पुलिस थाना अर्की की टीम 14 सितंबर को गश्त पर थी तो शाम करीब 5.30 बजे गुप्त सूचना के आधार पर उक्त टीम द्वारा गलोग की तरफ से आ रही आल्टो 800 कार को चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी चालक ने पूछने पर पुलिस टीम को अपना नाम बाबू राम निवासी बिलासपुर बताया। इस कार की तलाशी के दौरान सीट कवर में एक कैरी बैग के अंदर 4 पैकेट बरामद हुए। चेक करने पर इन चारों पैकेटों में अफीम बरामद हुई। तोलने पर इसका कुल वजन 2 किलो 485 ग्राम पाया गया। इस संदर्भ में थाना अर्की में अभियोग पंजीकृत करके उपरोक्त आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसे आज अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी बाबूराम को पहले भी एनडीपीएस में आठ किलो से ज्यादा चरस की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
दयानंद आदर्श विद्यालय में विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 11 विद्यालयों ने भाग लिया, जिसमें गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हार्दिक श्रीवास्तव और वंश रातावाल ने जूनियर श्रेणी में भाग लिया और तृतीय पुरस्कार हासिल किया तथा सीनियर श्रेणी में कार्तिक पंडित और ऐलन चौहान ने द्वितीय पुरस्कार हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या लखविंदर कौर अरोड़ा ने इस उपलब्धि पर प्रतिभागियों को शुभकामनाएं और शाबाशी दी।
मुख्यमंत्री ने किया एचपीएसईबीएल के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां अभियंता दिवस के अवसर पर शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ताओं को अब अपने बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा, बल्कि वे घर बैठे ही आसानी से बिलों का भुगतान कर सकेंगे। इसके अलावा लोग अब नए बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन की प्रगति की भी निगरानी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पोर्टल पर एचपीएसईबीएल द्वारा दी जाने वाली नाम परिवर्तन और लोड समायोजन आदि विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य बिजली बोर्ड में कागज रहित कार्य संस्कृति की शुरुआत करना है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित होंगी और सेवाओं में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ता सुविधा बढ़ाने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कुशल और सुलभ सेवाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा पोर्टल पर ऊर्जा उत्पादन डेटा उपलब्ध होगा और यह उपभोक्ताओं को कार्यालय में आए बिना आईपीपी द्वारा ऑनलाइन चालान जमा करने की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में अभियंताओं के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में भारी वर्षा के कारण आई आपदा ने राज्य के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इसके वाबजूद प्रदेश के विभिन्न विभागों के इंजीनियरों के समर्पित प्रयासों से सरकार ने 48 घंटे की अल्पावधि में आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बहाल की। इस आपदा के कारण प्रदेश में सड़क, बिजली और जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं और अभी तक हुए कुल नुकसान का आकलन 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। डिजिटलीकरण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभाग आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके घर-द्वार पर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभियंताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से जलवायु परिवर्तन को एक सामूहिक जिम्मेदारी मान कर इससे निपटने में पूर्ण सहयोग देने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा, एचपीएसईबीएल के निदेशक डॉ. अमित कुमार शर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष वंदना योगी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श के उपरांत जिला सोलन से अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार से प्रतिभा कंवर को प्रदेश महिला मोर्चा में सचिव की जिम्मेदारी दी है, जिससे कुनिहार सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र अर्की में खुशी की लहर है। जिला अध्यक्ष रतन सिंह पाल, अर्की मंडल अध्यक्ष राकेश ठाकुर,पूर्व जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद,भाजपा वरिष्ठ नेत्री आशा परिहार,महिला मोर्चा अर्की मण्डल अध्यक्ष रीना भारद्वाज, दलीप सिंह पाल,अनिल गर्ग,सुरेश जोशी,घनस्याम धवन आदि ने प्रतिभा कंवर को इस नियुक्ति पर बधाई दी है। इससे पहले प्रतिभा कंवर के पास भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा प्रवक्ता की जिम्मेदारी थी। प्रतिभा कंवर ने प्रदेश महिला मोर्चा में सचिव की नियुक्ति के लिए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, प्रदेश महामंत्री संगठन सिद्धार्थन, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा वंदना योगी, पूर्व अध्यक्ष महिला मोर्चा एवं वर्तमान उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी रश्मि धर सूद सहित समस्त वरिष्ठ भाजपा नेतृत्व का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी की आशा के अनुरूप हर संभव कार्य करने का प्रयास करूंगी। हिमाचल प्रदेश भाजपा संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को वंदन करते हुए समस्त कार्यकर्ता बंधुओ का भी हार्दिक धन्यवाद करती हूं। मैं इस नई जिम्मेवारी का निर्वहन करने हेतु पूर्ण रूप से प्रयत्नशील रहकर दृढ़ निश्चय एवं सत्यनिष्ठा से कार्यरत रहूंगी तथा राष्ट्र सर्वोपरि की धारणा को वास्तविकता में अपनाते हुए राष्ट्र हित के लिए हर संभव प्रयास करूंगी।
डाक विभाग द्वारा डाक टिकटों को रुचि के रूप में अपनाने तथा इनपर अनुसंधान एवं अभिरूचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फिलैटली छात्रवृत्ति दीन दयाल स्पर्श योजना आरंभ की गई है। यह योजना वर्ष 2023-24 के लिए आरंभ की गई है। यह जानकारी आज यहां सोलन डाक मंडल के अधीक्षक डाकघर आरडी पाठक ने दी। योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 सितंबर है। आरडी पाठक ने कहा कि दीन दयाल स्पर्श योजना छठी कक्षा से नवीं कक्षा तक के उन छात्रों के लिए जिनका अकादमी रिकॉर्ड अच्छा है और जो डाक टिकट संग्रह में रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत डाक टिकट संग्रह विषय पर लिखित प्रश्नोत्तरी एवं डाक टिकट संग्रह परियोजना के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में प्रति वर्ष 06 हजार रुपये तथा प्रति माह 500 रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दीन दयाल स्पर्श योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार भारत के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में छठी से नवीं कक्षा का छात्र होना चाहिए। सम्बन्धित विद्यालय में फिलैटली क्लब होना चाहिए और छात्र इस क्लब का सदस्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सम्बन्धित विद्यालय में फिलैटली क्लब की स्थापना नहीं की गई है तो ऐसे छात्र पर योजना के तहत विचार किया जा सकता है, जिसका अपना डाक टिकट संग्रह खाता हो। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का अच्छा अकादमिक रिकॉर्ड होना चाहिए। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को शैक्षणिक रिकॉर्ड में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। आरडी पाठक ने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन अधीक्षक डाकघर सोलन मण्डल सपरून-173211 पर डाक के माध्यम से तथा स्वयं भी दे सकते है। उन्होंने कहा कि आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 17 सितंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी विभाग की वेबसाइट 222.द्बठ्ठस्रद्बड्डश्चशह्यह्ल.द्दश1.द्बठ्ठ पर प्राप्त की जा सकती है।
शूलिनी विश्वविद्यालय और सैलफोर्ड विश्वविद्यालय (यूके) ने छात्रों के लिए एक अभूतपूर्व शैक्षिक यात्रा शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है। यह एग्रीमेंट एक गतिशील 2+2-डिग्री कार्यक्रम पेश करता है, जो छात्रों को सैलफोर्ड विश्वविद्यालय से प्रतिष्ठित स्नातक की डिग्री के लिए एक सहज कार्यक्रम की पेशकश करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. आरपी द्विवेदी ने कहा कि सैलफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग छात्रों के लिए विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के नए रास्ते खोलेगा औरछात्रों को आज की वैश्वीकृत दुनिया में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए कौशल और जोखिम लेना सिखाएगा। 2+2 कार्यक्रम छात्रों के उच्च शिक्षा के अनुभव के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार है, जिससे उन्हें ट्यूशन फीस पर बचत करते हुए और एक अमूल्य अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्राप्त करते हुए दो अलग-अलग देशों में अध्ययन करने का एक अनूठा अवसर मिलेगा। वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए एग्रीमेंट प्रावधान के तहत छात्र भारत में शूलिनी विश्वविद्यालय में अपने शुरुआती दो साल बिताकर एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक यात्रा शुरू कर सकते हैं, जहां उन्हें अध्ययन के अपने चुने हुए क्षेत्र में एक मजबूत आधार मिलता है। प्रारंभिक दो वर्षों को सफलतापूर्वक पूरा करने और स्थानांतरण मानदंडों को पूरा करने के बाद, छात्र अपनी स्नातक की डिग्री के अंतिम दो वर्षों को पूरा करने के लिए यूके में सैलफोर्ड विश्वविद्यालय में निर्बाध रूप से स्थानांतरित हो सकते हैं। यह मार्ग समय की हानि या बिना श्रेय वाले पाठ्यक्रम के बिना सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करता है। कार्यक्रम छात्रों को एक अलग संस्कृति में डूबने, विभिन्न दृष्टिकोण वाले प्रोफेसरों और छात्रों के साथ जुड़ने और एक वैश्विक मानसिकता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है जो उन्हें आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में अलग करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय और सैलफोर्ड विश्वविद्यालय अपनी अद्वितीय शैक्षिक, पाठ्यचर्या और अनुसंधान दक्षताओं को सामने लाते हैं, शैक्षणिक अनुभव को समृद्ध करते हैं और छात्रों को एक सफल भविष्य के लिए तैयार करते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केंद्रित कार्यक्रम के स्नातकों को एक विदेशी राष्ट्र से स्नातक की डिग्री प्राप्त होती है, जो तेजी से बढ़ती वैश्विक नौकरी में उनकी रोजगार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती है। सैलफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों को मूल्यवान कार्य अनुभव प्राप्त करने के लिए अपनी पढ़ाई के दौरान अंशकालिक रोजगार में संलग्न होने की अनुमति देगी । सैलफोर्ड विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करने पर, छात्र न्यूनतम 2 साल के कार्य वीजा के लिए पात्र हो जाते हैं, जिससे करियर की रोमांचक संभावनाएं खुल जाती हैं। इसके अलावा, यह कार्यक्रम कार्य वीजा चरण के दौरान स्थायी निवास (पीआर) हासिल करने की प्रबल संभावना प्रस्तुत करता है।
सिविल अस्पताल भोरंज के आपातकालीन बेड पर सो रहे एक कुत्ते का फोटो वायरल हुआ है। यह फोटो 13 सितंबर सुबह सवा 3 बजे का बताया जा रहा है, जिससे अस्पताल की अव्यवस्था का पता चलता है कि जहां अस्पताल में आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल में बेड न होने के चलते हमीरपुर रैफर किया जा रहा है, वहीं कुत्ते अस्पताल के बेड पर आराम फरमा रहे हैं। दूसरी तरफ भोरंज अस्पताल में चारदीवारी व गेट के साथ-साथ चौकीदार या सुरक्षा गार्ड भी नहीं हैं, जिससे भी अस्पताल में लवारिस पशु और कुत्ते बेखौफ घूमते रहते हैं। हालांकि भोरंज अस्पताल में एक भवन का ब्लॉक बनकर तैयार हो गया है व दूसरे भवन के लिए भी तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था आपातकालीन बेड पर सोने के फोटो से जगजाहिर हो गई है। वहीं, बीएमओ डॉ. ललित कालिया का कहना है कि अस्पताल में बाउंड्री वॉल, गेट व चौकीदार न होने से अस्पताल में आवारा कुत्ते व लावारिस पशु घुस आते हैं, हालांकि अस्पताल प्रशासन चौकस रहता है।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी का 10 सदस्यीय स्नातक छात्र दल इंडोनेशिया में 21 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप कार्यक्रम में भाग ले रहे है। छात्र जकार्ता में इंडोनेशिया सरकार के पर्यावरण और वानिकी मंत्रालय की पर्यावरण और वानिकी उपकरणों के मानकीकरण एजेंसी में इंटर्नशिप कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। छात्र इंडोनेशिया में 21-दिवसीय शैक्षणिक इंटर्नशिप कार्यक्रम का हिस्सा होंगे और एजेंसी द्वारा आयोजित सेमिनार और इंटरैक्टिव सत्रों की एक श्रृंखला में भाग लेंगे। इंटर्नशिप के दौरान पर्यावरण और वानिकी पर मानकीकरण, सुशासन, आपदा लचीलापन और जलवायु परिवर्तन से संबंधित विभिन्न विषयों को शामिल किया जाएगा। यह कार्यक्रम पर्यावरण और वानिकी प्रबंधन में विश्वविद्यालय के छात्रों की क्षमता निर्माण करेगा। इंटर्नशिप कार्यक्रम को राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत विकास योजना (एन.ए.एच.ई.पी. आई.डी.पी.) द्वारा वित्त पोषित किया गया है। छात्रों में दीक्षा पुंडीर, रिदम कौल, मुस्कान ठाकुर बागवानी कॉलेज से हैं, जबकि विभा ठाकुर, दर्शना ठाकुर और साक्षी वानिकी कॉलेज का प्रतिनिधित्व करेगी। अदिति ठाकुर, हिमानी राणा, अक्षिता शर्मा और अभय सिंह विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नेरी से हैं। कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने छात्रों को शीर्ष वैश्विक अनुसंधान संस्थानों से सीखने और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य विकसित करने का अवसर देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, परियोजना के राष्ट्रीय निदेशक डॉ. आरसी अग्रवाल और राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. नवीन जैन को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए डॉ. केके रैना और आईडीपी की पूरी टीम को भी बधाई दी। परियोजना के मुख्य समन्वयक डॉ. केके रैना ने बताया कि यह छात्रों का पांचवां बैच है, जिन्हें इस परियोजना के तहत विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए भेजा गया है। इससे पहले, 42 छात्रों ने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी, बैंकॉक में एक महीने के कार्यक्रम में भाग लिया था, जबकि 10 छात्रों ने वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया में तीन सप्ताह की इंटर्नशिप पूरी की और 10 छात्रों के एक अन्य बैच ने केओबी जर्मनी में एक अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप में भाग लिया था। इसके अतिरिक्त, 37 संकाय सदस्यों ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इजराइल, जर्मनी, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कौशल को बढ़ाने के अवसर का लाभ उठाया है।
-साधारण किराये पर हिमधारा एसी 2&3 बसों का संचालन करेगा एचआरटीसी -श्रद्धालु एचआरटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकेंगे हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) नवरात्र पर श्रद्धालुओं को धार्मिक सर्किट बस सेवा की सौगात देगा। पहली बार एचआरटीसी की एक ही बस से श्रद्धालु कई धार्मिक स्थलों के दर्शन कर पाएंगे। यात्रा एक दिन की रहेगी सुबह शुरू होकर शाम को खत्म हो जाएगी। यात्रियों से बसों का सामान्य किराया वसूला जाएगा। खास बात यह रहेगी कि श्रद्धालुओं को सरकार की सुगम दर्शन योजना की भी सुविधा मिलेगी। धार्मिक सर्किट में एचआरटीसी हिमधारा एसी 2&3 बसों का संचालन करेगा। धार्मिक सर्किट बस सेवा के लिए श्रद्धालु एचआरटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकेंगे। अगर श्रद्धालु पूरी बस की बुकिंग करते हैं तो 10 फीसदी छूट भी दी जाएगी। रास्ते में खाने के लिए बसें एचआरटीसी के चिन्हित ढाबों या पर्यटन विकास निगम के रेस्टोरेंट्स पर रुकेगी। ट्रायल के तौर पर सबसे पहले धर्मशाला, कांगड़ा, ज्वालाजी, चिंतपूर्णी, बगलामुखी, धर्मशाला सर्किट पर बस सेवा शुरू होगी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्देशों पर एचआरटीसी ने यह सेवा शुरू करने की योजना बनाई है।
-उत्तराखंड सरकार के मंत्री सुबोध उनियाल ने किया चैंपियनशिप का शुभारंभ -टिहरी में 17 सितंबर तक चलेगी बहुप्रतीक्षित चार दिवसीय प्रतियोगिता टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, अनुसूची-ए, मिनी-रत्न, सार्वजनिक क्षेत्र अंडरटेकिंग के तत्वावधान में बहुप्रतीक्षित चार दिवसीय आयोजन टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप 2023 का आगाज 14 सितंबर को हुआ। प्रतियोगिता 17 सितंबर तक टेहरी में आयोजित की जा रही है। इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार में वन, भाषा, चुनाव और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। किशोर उपाध्याय, विधायक टेहरी-गढ़वाल सोना सजवान, चेयरमैन, जिला पंचायत टेहरी-गढ़वाल, मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी टेहरी-गढ़वाल,नवनीत सिंह, एसएसपी टेहरी-गढ़वाल, भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) टीएचडीसीआईएल, एलपी जोशी, ईडी (टेहरी कॉम्प्लेक्स), प्रशांत कुशवाहा, अध्यक्ष, भारतीय कायाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, एसबी शर्मा, आईजी आईटीबीपी, डॉ. डीके उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव सिंह सहित अन्य प्रतिष्ठित गणमान्यों ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई। सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को इस उल्लेखनीय राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन के लिए हार्दिक प्रशंसा की, उन्होंने यह भी कहा कि टीएचडीसी भारत का एक अग्रणी पावर जनरेटर है, जो देश को शक्ति प्रदान करने और खेल की उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि ये खेल के प्रयास केवल प्रतियोगिताएं नहीं, बल्कि अमूल्य मंच हैं जो खिलाड़ी कौशल को बढ़ावा देते हैं और प्रतिभागियों के बीच सहनशक्ति को बढ़ावा देते हैं। अपने संबोधन के दौरान भूपंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) ने पूरे भारत में समग्र सामाजिक विकास और समावेशीता के लिए टीएचडीसी की अथक प्रतिबद्धता को निरस्त किया। उन्होंने प्रकाश डाला कि यह समर्पण टेहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2023 जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल कार्यक्रमों के आयोजन में बढ़ता है। उन्होंने और जानकारी दी कि यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आगामी राष्ट्रीय वरिष्ठ वर्ग पुरुष और महिला कायाकिंग और कैनोइंग चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के रूप में काम करती है, जो इस वर्ष अक्टूबर के अंत में गोवा में आयोजित की जाएगी। टीएचडीसीआईएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक विश्नोई के गतिशील मार्गदर्शन के तहत, टीएचडीसीआईएल सामरिक रूप से विभिन्न ऊर्जा क्षेत्रों में विस्तार और विविधीकरण के लिए स्थित है, जिसमें सौर, पवन, थर्मल, पम्पड स्टोरेज पावर (पीएसपी), और हाइड्रो शामिल हैं। यह रणनीतिक दृष्टिकोण सतत सामाजिक विकास को सर्वोपरि महत्व देते हुए राष्ट्र की ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करने में टीएचडीसीआईएल की प्रमुख भूमिका को अंडरस्कोर करता है। गुप्ता ने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय खेल 2023 के लिए उत्तीर्ण होने के उद्देश्य से 28 राज्यों और सेवाओं के लगभग 450 पुरुष और महिला एथलीट इस प्रतियोगिता में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम आईटीबीपी के तकनीकी सहयोग से टीएचडीसीआईएल द्वारा आयोजित किया जा रहा है, खेल और पर्यटन विभाग, सरकार के सहयोग से। भारतीय कायाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन और उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के मार्गदर्शन के साथ उत्तराखंड की स्थानीय पुलिस और प्रशासन। इस अवसर पर बोलते हुए आरके टीएचडीसीआईएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक विश्नोई ने बताया कि कोटी कॉलोनी, टेहरी में एक हाई-परफॉर्मेंस अकादमी की स्थापना लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से की जा रही है। यह अकादमी उत्तराखंड में 13 से 17 वर्ष के प्रतिभाशाली एथलीटों को मुफ्त भोजन, कपड़े, प्रशिक्षण, आवास, चिकित्सा सुविधाएं और स्कूल सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे वे खेल क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा कोटेश्वर बांध परिसर में इन एथलीटों के लिए 10त्न कोटा आरक्षित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अकादमी का निर्माण पूरा होने के करीब है, और उम्मीद है कि इन प्रस्तावों पर समझौतों पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे। उच्च प्रदर्शन अकादमी क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभाशाली एथलीटों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कोचों और वैज्ञानिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जिसमें उन्होंने कहा कि एक अनुमानित वार्षिक खर्च चार करोड़ रुपये (रु.) के साथ। विश्नोई ने यह भी जानकारी दी कि एक अंतर्राष्ट्रीय खेल विनिमय कार्यक्रम लागू किया जाएगा, जिससे हमारे एथलीटों और विदेशी एथलीटों को आपसी प्रशिक्षण और तकनीकी विशेषज्ञता से लाभ मिल सके। यह पहल न केवल हमारे राज्य और राष्ट्रीय एथलीटों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर और पर्यटन लाभ भी प्रदान करेगी। अकादमी शुरू में 15 पुरुष और 15 महिला प्रशिक्षुओं को उनके प्रदर्शन के आधार पर भर्ती करेगी, जिसमें अकादमी की खेल विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण के लिए अधिक सिफारिशों के साथ। ये प्रशिक्षण केंद्र विश्व स्तरीय खेल उपकरणों, वैज्ञानिक तकनीकों, कोच और आरामदायक जीवन व्यवस्थाओं से सुसज्जित होंगे ताकि विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा चमकाने और बढ़ाने के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों को तैयार किया जा सके। आर के. टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विश्नोई ने कहा कि ये पहल खेल प्रतिभाओं को पोषण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल मंच पर उत्तराखंड की उपस्थिति को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। महत्वपूर्ण तौर पर, ये प्रयास खेल और आर्थिक परिदृश्य दोनों को मजबूत करते हुए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और क्षेत्र में पर्यटन को उत्तेजित करने का वादा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये पहल न केवल राज्य के एथलीटों को बढ़ाने के लिए बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए अवसर पैदा करने के लिए वादा करती है, जो क्षेत्र में खेल और पर्यटन दोनों को बढ़ावा देती है।
एएनटीएफ स्टेट सीआईडी शिमला रेंज ने एक व्यक्ति को 2.016 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने प्रेम प्रकाश पुत्र मल्ल बहादुर से सोलन ब्रुअरी में कुनार्क होटल के पास 2.016 किलोग्राम अफीम पकड़ी। आरोपी के खिलाफ एनडी एंड पीएस अधिनियम की धारा 18-61-85 के तहत पुलिस स्टेशन धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया है और आगामी जांच जारी है।
जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में वीरवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कविता पाठन आदि के माध्यम से राजभाषा हिंदी का महत्व समझाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के कानून विभाग में सेवारत प्रो. अजय रंगा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्रो. अजय रंगा ने कहा कि किसी भी समाज की उम्मीदों-आकांक्षाओं और विचारों की सबसे सहज और प्रभावी अभिव्यक्ति उसकी मातृभाषा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि विश्व के सभी विकसित देशों ने स्वभाषा से ही उन्नति की है। भारत को भी अमृत काल में विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आने के लिए मातृभाषा हिंदी को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। वहीं, अपने संदेश में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने कहा कि मां, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता है। अत: हर भारतीय को अपने जीवन में मातृभाषा हिंदी को सर्वोच्च महत्व देना चाहिए। तभी हम अपनी क्षमताओं और सामर्थय की सार्थक अभिव्यक्ति कर सकेंगे।
सोलन के रबौण, वशिष्ठ कॉलोनी, नेगी कॉलोनी, राधा स्वामी सत्संग भवन, बघाट बैंक, सनातन धर्म मंदिर, आंजी नसल, तपन मोटर्स, रेलवे स्टेशन एवं आस-पास के क्षेत्रों में 16 सितंबर को प्रात: 10 बजे से सायं 6.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
- एसएमसी शिक्षकों के वेतन में 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी -अंशकालिक जलवाहकों का मानदेय भी 2000 रुपये बढ़ा -मुख्यमंत्री लघु दुकान कल्याण योजना- 2023 को मंजूरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों के तहत विभिन्न समूह-सी पदों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने विभाग को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में कांस्टेबल के 1226 पद भरने का निर्णय लिया, जिसमें 877 पुरुष कांस्टेबल, 292 महिला कांस्टेबल और 57 कांस्टेबल ड्राइवर शामिल हैं। कैबिनेट ने एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 2000 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 1 अप्रैल, 2023 से 2000 प्रति माह जिससे 2115 व्यक्तियों को लाभ होगा। इसके अलावा, शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों का मानदेय 2000 रुपये बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। 3900 से रुपये 1 अप्रैल, 2023 से 4400 प्रति माह, जिससे 283 व्यक्ति लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल ने अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उद्योग विभाग में खनन निरीक्षक के 12 पद, सहायक खनन निरीक्षक के 24 पद और खनन गार्ड के 38 पद भरने का भी निर्णय लिया। बागवानी विभाग में बागवानी विस्तार अधिकारियों के 50 पद भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में सांख्यिकी सहायक के 10 पद भरने को भी मंजूरी दी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लघु दुकान कल्याण योजना- 2023 को मंजूरी दी और रुपये आवंटित करने का फैसला किया। योजना के तहत 40 करोड़ रु. यह योजना छोटे उद्यमियों और कौशल आधारित श्रमिकों जैसे मोची, दर्जी, नाई, मोबाइल रिपेयरिंग विक्रेता, सब्जी और फल विक्रेता आदि को अपने व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी। राजस्व न्यायालय के मामलों के विलंबित निर्णयों के मुद्दे को संबोधित करने और विभाजन, सुधार, उत्परिवर्तन, अपील जैसे विभिन्न राजस्व कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व (संशोधन) विधेयक, 2023 लाने का निर्णय लिया गया। और जनता की सुविधा के लिए सीमांकन आदि। लंबित मूल्यांकन मामलों और बकाया जो मुकदमेबाजी के अधीन थे या अभी तक जीएसटी के तहत मूल्यांकन नहीं किया गया था, को निपटाने के लिए 1 अक्टूबर 2023 से 31 दिसंबर, 2023 तक हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामले समाधान योजना, 2023 के तीसरे चरण को शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने राजस्व के अनुकूलन के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 से एचपीएसईबीएल, एचपीपीसीएल और ऊर्जा निदेशालय के संबंध में व्यापारिक रणनीतियों और बिजली के लेनदेन के समन्वय के लिए एकल ऊर्जा ट्रेडिंग डेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया। इसने जलवायु, स्थलाकृतिक और अन्य संबंधित कारणों से मंदी की अवधि के दौरान ऊर्जा की कमी का प्रबंधन करने के लिए स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति, 2021 में संशोधन करने को भी मंजूरी दे दी। नए प्रावधान छत आधारित सौर परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करेंगे और बिजली उत्पादन में योगदान देंगे।
- स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग व लूपिन गर्ग ने विशेष अतिथि के रूप में की शिरकत मातृभाषा हिंदी के प्रति अपने प्रेम भाव को प्रकट करते हुए द एसवीएन स्कूल बडोर घाटी में वीरवार को हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी अध्यापिकाओं लालिमा जोशी व रजना जुनेजा के निर्देशन में सभी विद्यार्थियों ने उत्साह व जोश से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या उमा यादव द्वारा की गई। कार्यक्रम में स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग व लूपिन गर्ग ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में बच्चों ने हिंदी भाषा पर कविताएं, भाषण, समूह गान प्रस्तुत किए। साथ ही हिंदी भाषा के कुछ रोचक तथ्यों को बता कर हिंदी ज्ञान में वृद्धि की। अध्यापकों व विद्यार्थियों ने पूरे दिन हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया। कार्यक्रम के अंत में चेयरमैन टीसी गर्ग ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि आज के समय में भले ही अंग्रेजी भाषा हर कदम पर आवश्यक हो गई हो पर हमें हिंदुस्तानी होने के नाते हिंदी भाषा का ज्ञान होना भी जरूरी है और इसे बोलने में हमें शर्म नहीं, बल्कि गर्व महसूस होना चाहिए।
विदेशी सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने पर हिमाचल के बागवान भड़क गए हैं। फैसल के विरोध में बागवान सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। बागवानों का मानना है कि इससे हिमाचल का सेब बाजार में पिट जाएगा। विदेशी सेब का आयात बढ़ेगा। अफगानिस्तान के रास्ते से आ रहे ईरान के सेब की मार हिमाचली सेब पर सबसे ज्यादा पड़ रही है। प्रदेश के बागवान सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी तक करने के लिए सरकार पर लंबे अरसे से दबाव बना रही है लेकिन आयात शुल्क घटाने पर बागवानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अमेरिका से भारत आने वाले सेब पर 35 फीसदी आयात शुल्क घटाए जाने की बात सामने आ रही है। बागवान संघ मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री के माध्य से यह मामला केंद्र से उठाएंगे। हिमाचल में हर साल 5,000 हजार करोड़ का कारोबार सेब से किया जाता है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब की अहम भूमिका रहती है। अधिकांश बागवानों की सालभर की कमाई भी सेब पर ही टिकी है। दूसरी ओर विदेशी सेब ने हिमाचल के बागवानों के सामने चुनौती खड़ी कर रखी है। पहले से ही बड़ी मात्रा में विदेशी सेब के आने से हिमाचल के सेब को अच्छे रेट नहीं मिल रहे हैं।


















































