हिमाचल सरकार ने चार पुलिस अफसरों के तबादला और एक के पूर्व में जारी आदेश रद्द किए हंै। पुलिस अधीक्षक लीव रिजर्व शिमला एवं 2006 बैच के एचपीएस शमशेर सिंह को पीटीसी डरोह कांगड़ा के लिए ट्रांसफर किया है। इसी बैच के स्क्क लोकायुक्त कार्यालय शिमला वीरेंद्र कालिया को पुलिस मुख्यालय शिमला भेजा गया है। साल 2008 बैच की एचपीएस बबीता राणा को एडिशनल एसपी छठी आईआरबीएन बटालियन धौलाकुंआ सिरमौर, एडिशनल एसपी सेकेंड आईआरबीएन सकोह दिनेश कुमार शर्मा को एएसपी पुलिस मुख्यालय शिमला तथा हमीरपुर के जंगलबैरी के लिए अंडर ट्रांसफर चल रहे योगेश दत्त को डीएसपी पांचवीं बटालियन बस्सी बिलासपुर के लिए ट्रांसफर किया है। वहीं एडिशनल एसपी लोकायुक्त ब्रजेश सूद को 30 सितंबर को एडिशनल एसपी छठी आईआरबीएन धौलाकुंआ सिरमौर ट्रांसफर किया गया था। उनके तबादला आदेश रद्द कर किए गए। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिस अफसरों को तुरंत नए स्थान पर जॉइन करने के आदेश दिए गए हैं।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का मुख्य उद्देश्य जन सहभागिता के माध्यम से समग्र स्वच्छता सुनिश्चित बनाना है। मनमोहन शर्मा गत दिवस यहां स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि केवल अपने परिवेश की सफाई कर हम स्वच्छ नहीं कहला सकते। उन्होंने कहा कि समग्र स्वच्छता के लिए न केवल नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनना होगा अपितु पर्यावरण संरक्षण एवं ठोस तथा तरल कचरा निष्पादन के विषय में सरकार के प्रयासों को सम्बल प्रदान करना होगा। इस मिशन का लक्ष्य गांवों में स्वच्छता, शौचालय, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पेयजल व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं का निर्माण करके ग्रामीण परिवेश को विकसित करना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में निजी शौचालय के निर्माण के पश्चात अब सार्वजनिक स्थान पर शौचालय की सुविधा, ठोस एवं तरल कचरे का उचित निष्पादन तथा मल निकासी की व्यवस्था पर भी कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ज़िला की समस्त ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस किया जा चुका है। उन्होंने सरकार के दिशा-निर्देशानुसार ज़िला सोलन के समस्त गांव को भी ओडीएफ प्लस की मॉडल श्रेणी में लाने के विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 16 अक्टूबर तक 546 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया जा चुका है। शेष 495 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन जिला में प्लास्टिक कचरा निष्पादन इकाई सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत बड़ोग, कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत चायल, धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत धर्मपुर, कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत कुनिहार तथा नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत दभोटा में स्थापित की जाएगी ताकि प्लास्टिक कचरा का उचित निष्पादन हो सके। ठोस अपशिष्ट और गंदे पानी के उचित प्रबंधन के लिए 2281 गांव कवर किए जा चुके हैं। इसी तरह जिला के 2245 गांव को ओडीएफ प्लस किया जा चुका है तथा शेष बच्चे गांव को भी ओडीएफ प्लस की श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किया जा रहे हैं। बैठक में जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी सीमा कंसल तथा जिला के खंड विकास अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
किन्नौर जिला के निचार विकास खंड की ग्राम पंचायत निचार में विभिन्न विभागों द्वारा संयुक्त रूप से एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं से आम जनता को अवगत करवाया गया। जागरूकता शिविर में स्थानीय पंचायत के कुल 49 लोगों ने भाग लिया जिसमें 33 पुरुष व 16 महिलाएं शामिल रहीं। जागरूकता शिविर को कृषि विभाग द्वारा आयोजित किया गया। शिविर में उद्धान विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, उद्धोग विभाग, उद्यान विभाग, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग, अनुसूचित जाति व जनजाति निगम, खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति विभाग तथा लीड बैंक किन्नौर से आए अधिकारियों ने उनके संबंधित विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को विस्तृत जानकारी प्रदान कर जागरूक किया।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के 11 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि यह बड़े गर्व की बात है इस वर्ष विद्यालय से 11 उम्दा खिलाडियों का अंडर-14/अंडर-19 छात्र-छात्रा खेल स्पर्धा के लिए हुआ है। अंडर-14 भाषण प्रतियोगिता में मिहिर कौशल, चेस प्रतियोगिता में कार्तिक, अनन्या, नव्या, काव्या, 100 मीटर प्रतियोगिता में अर्निका, शॉट पुट प्रतियोगिता में वंशिका ठाकुर, अंडर-19 टेबल टेनिस प्रतियोगिता में दक्ष ठाकुर, रुद्राक्ष मित्तल, शॉट पुट/ डिस्क प्रतियोगिता में गुंजन ठाकुर व दिशिता शर्मा का चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय खेल स्पर्धा में उत्तम प्रदर्शन करने के उपरांत इन सभी खिलाड़ियों का चयन राज स्तर के लिए हुआ। विद्यालय अध्यक्ष ने इन सभी चयनित खिलाड़ियों को, शारीरिक शिक्षक अमर देव, अरुणा शर्मा, इनके अभिभावकों को बहुत-बहुत बधाई दी है एवं राज्य स्तर पर भी उम्दा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि हर वर्ष इस विद्यालय से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों का चयन होता है, जिससे बच्चे विद्यालय का, इलाके का और अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हैं। प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम लाल, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा, अध्यापक अभिभावक संघ अध्यक्ष रतन तंवर व सभी सदस्यों ने, सभी अध्यापकों ने इन सभी खिलाड़ियों और इनके माता-पिता को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि पेयजल योजनाओं के स्रोतों को सुदृढ़ कर हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाना प्रदेश सरकार का ध्येय है। यह विचार कृषि मंत्री ने मंगलवार को जवाली क्षेत्र के तहत ठंगर गांव में 54 लाख से निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल योजना के स्रोत सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास करने के बाद व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस पेयजल योजना के बनने से क्षेत्र की चार पंचायतों के लगभग 3,700 लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। पूर्व सरकार के कार्यकाल में पानी के पाइप डालने पर ज्यादा जोर दिया गया, लेकिन पानी के स्रोतों को नजरअंदाज किया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को पानी की कमी से जूझना पड़ा। प्रदेश सरकार पाइप लाइन, पानी के टैंक और पानी के स्रोतों को सुदृढ़ कर हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने बताया कि जायका परियोजना के अंतर्गत मनभरी और ठंगर क्षेत्र में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 161 लाख रुपये की लागत से सिंचाई चैनल बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 35 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लावारिस पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार योजना तैयार कर रही है। इस मौके पर उन्होंने जनसमस्याएं भी सुनीं और अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष के समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
अगले महीने छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। सात से 30 नवंबर तक इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चलेगी। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के 20 आईएएस और 10 आईपीएस अफसर इन राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर जाएंगे। 19 अक्तूबर से प्रदेश के आईएएस अफसर क्रमवार जाना शुरू होंगे। चुनाव आयोग की ओर से इन अधिकारियों की ड्यूट्यिां लगाई गई हैं। कौन सा अधिकारी किस राज्य में जाएगा, इसकी जानकारी आयोग की ओर से अलग से सरकार को दी जा रही है। आईएएस अधिकारियों में नंदिता गुप्ता, सी पालरासू, प्रियतु मंडल, डॉ. आरके प्रूथी, विनोद कुमार, सुदेश कुमार मोक्टा, संदीप कुमार, ऋगवेद ठाकुर, डीसी नेगी, गोपाल चंद, कमल कांत सरोच, नीरज कुमार, रोहित जंबाल, अश्वनी कुमार शर्मा, रामकुमार गौतम, पंकज रॉय, प्रदीप ठाकुर, विनय सिंह, हरबंस सिंह ब्रेसकॉन और रीमा कश्यप की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। आईपीएस अधिकारियों में जेपी सिंह, डॉ. डीके चौधरी, गुरदेव चंद, अनुपम शर्मा, रोहित मालपानी, डॉ. कुशाल चंद शर्मा, डॉ. रमेश चंद्र छाजटा, देवाकर शर्मा, डॉ. मोनिका और भगत सिंह विधानसभा चुनाव करवाने जाएंगे। यह सभी अधिकारी अलग-अलग शेड्यूल के तहत ड्यूटी देने जाएंगे। चुनाव ड्यूटी के दौरान इन अधिकारियों के काम का अतिरिक्त कार्यभार अन्य अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को सूचना एवं जन संपर्क विभाग की 'हिम समाचार' एप का शुभारंभ किया, जिसमें विभागीय बुलेटिन के साथ-साथ अन्य वीडियो कंटेंट उपलब्ध होंगे। इस एप में विभागीय वीडियो, शॉर्ट रील्ज तथा राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। हिम समाचार एप गूगल प्ले स्टोर से तथा क्यू.आर. कोड स्कैन कर भी डाउनलोड किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप के माध्यम से लोगों को राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों व कार्यक्रमों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की हैं तथा सरकार की इन नीतियों एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में सूचना एवं जन संपर्क विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सूचना तकनीकी का और अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन सहजता से सटीक व तथ्यपरक जानकारी प्राप्त कर राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, निदेशक डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस मुकेश रेपस्वाल, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-बागवानी मंत्री ने एचपीएमसी के नए वेब पोर्टल का किया शुभारंभ -कहा, एचपीएमसी ने एमआईएस के तहत 32454 मीट्रिक टन सेब खरीदा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के निदेशक मंडल (बीओडी) की 213वीं बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। बागवानी मंत्री ने औपचारिक रूप से एचपीएमसी के नए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। सीए व कोल्ड स्टोर्स की बुकिंग, बाजार मध्यस्थता योजना (एमआईएस) और बागवानी खाद व उपकरण की बिक्री जैसी एचपीएमसी की सभी सेवाएं वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर दी गई हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि एचपीएमसी ने बाजार मध्यस्थता योजना-2023 के तहत अब तक 32454 मीट्रिक टन सेब की खरीद की है। राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई आपदा के बावजूद एचपीएमसी योजना के तहत खरीदे गए सेब की पूरी मात्रा उठाने में कामयाब रही है। एचपीएमसी ने वर्तमान सेब सीजन के दौरान अपने तीन फल प्रसंस्करण संयंत्रों पराला, परवाणु और जड़ोल (मण्डी) में रिकॉर्ड 1288 मीट्रिक टन सेब जूस कंसन्ट्रेट का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि नव स्थापित एचपीएमसी फल प्रसंस्करण संयंत्र पराला का परीक्षण और कमीशनिंग वर्तमान सेब सीजन के दौरान सफलतापूर्वक आयोजित की गई। एचपीएमसी सुविधा में एप्पल जूस कन्सन्ट्रेट, पेक्टिन, रेडी टू सर्व जूस और पेय, फलों की वाइन और एप्पल साइडर विनेगर का उत्पादन करेगा। एचपीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 120 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया है। बैठक के दौरान वर्तमान सेब सीजन के दौरान उत्पादित एप्पल जूस कन्सन्ट्रेट की दरें भी तय की गईं। बैठक में सभी एचपीएमसी उत्पादों की पैकेजिंग डिजाइन को चरणबद्ध तरीके से बदलने का निर्णय लिया गया। बीओडी ने सेब उत्पादकों को उचित मूल्य पर सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले बागवानी इनपुट की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने का निर्णय लिया। एचपीएमसी ने अगले सेब सीजन के दौरान सेब उत्पादकों को केवल यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने और टेलीस्कोपिक कार्टन की बिक्री बंद करने का निर्णय लिया है। एपीएमसी मार्केट यार्ड पराला, सोलन और परवाणु में सेब व्यापारिक गतिविधियों को अगले वर्ष के दौरान जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से बेचने का निर्णय लिया गया और इस संबंध में एक नीति को मंजूरी दी गई। एचपीएमसी ने विभिन्न माध्यमों से अपने उत्पादों की बिक्री को गति प्रदान करने के लिए अपनी वितरण नीति शुरू की है। बागवानी मंत्री ने एचपीएमसी अधिकारियों से राज्य के बाहर स्थित संपत्तियों और संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करके और किसानों के सर्वोत्तम हित में सभी व्यावसायिक गतिविधियों की कार्यप्रणाली सुव्यवस्थित कर और दक्षता बढ़ाकर निगम को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने निगम को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के लिए नए और दीर्घकालिक व्यावसायिक उद्यमों पर भी बल दिया। बैठक के दौरान सचिव बागवानी सी. पालरासु, निदेशक बागवानी संदीप कदम, प्रबंध निदेशक एचपीएमसी सुदेश कुमार मोख्टा और प्रबंध निदेशक एचपी एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन रीमा कश्यप और एचपीएमसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता जिला कांगड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करियाड़ा में 10 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक आयोजित की गई। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पलियार स्थित लंघा के छात्र सुगम संगीत में प्रथम स्थान पर, शास्त्रीय संगीत में तीसरा स्थान, संस्कृत गीतिका में दूसरा स्थान व वाद्ययंत्र में प्रथम स्थान पर रहे। इसी तरह लड़कियों की प्रतियोगिता भी 13 से 14 अक्तूबर तक उक्त विद्यालय में आयोजित हुई, जिसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलियार स्थित लंघा की लड़कियों ने समूह गान में दूसरा स्थान, एंकाकी में भी दूसरा, भाषण प्रतियोगिता में दूसरा स्थान, वाद्ययंत्र में प्रथम स्थान और लोकनृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया। अब राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता जिला शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा में 23 नवंबर में होगी। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलियार स्थित लंघा के लड़के सुगम संगीत और वाद्ययंत्र में भाग लेंगे। वहीं, लड़कियां वाद्ययंत्र और लोकनृत्य में भाग लेंगी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलियार स्थित लंघा में सभी छात्र खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य मीनाक्षी ने सांस्कृतिक प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने सभी छात्रों को सम्मानित किया और आगे भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, प्रवक्ता कुलदीप राणा व प्रवक्ता सीमा देवी को भी बच्चों की जीत का श्रेय दिया और सारे स्टाफ को बधाई दी। इस मौके पर प्रवक्ता सीमा देवी, प्रवक्ता कुलदीप राणा, प्रवक्ता सुरजीत, टीजीटी नवप्रीत सिंह, टीजटी रंजना राणा, टीजीटी शशि पाल, कला अध्यापिका सपना राणा, शास्त्री ओंकार शर्मा, भाषा अध्यापिका सपना ठाकुर, राणा देवेंद्र, जेबीटी संदीप ठाकुर अनु राणा हिमांशु कपूर, कमलेश, रंजना, लता सभी उपस्थित रहे।
-कहा, मनमाने नियमों से प्रदेश के हर वर्ग को कर रही है परेशान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। मुख्यमंत्री प्रदेश में किसी काम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। तानाशाही से सरकार चलाना चाह रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी स्वावलंबन ई-टैक्सी योजना शुरू करने की घोषणा कर दी। इसके लिए नियम भी बना दिए। इस योजना के लिए आवेदन करने की पात्रता उम्र 20 से 45 वर्ष है और आवेदक के पास कम से कम 7 साल का ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है। यदि सात साल का ड्राइविंग लाइसेंस और जोड़ दिया जाए तो आवेदक की न्यूनतम उम्र 25 साल हो जाएगी, लेकिन सरकारी नियमों में आवेदक की उम्र सीमा 20 से 45 साल रखी गई है। जो अपने आप में हास्यास्पद है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ज़िला परिषद कर्मियों की माँगे पूरी करने की बजाय उन्हें धमका रही है। कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जब चुनाव का समय था तो सरकार बनते ही हर मांग पूरी करने का वादा कर रहे थे। अब जब झूठ बोलकर सरकार बन गई है तो महीनों से धरने पर बैठे ज़िला परिषद कर्मियों के मसलों कों हल करने के बजाय सरकार तानाशाही का तरीक़ा अपनाना चाह रही है। लोकतंत्र में चुनावी वादों के साथ झूठ बोलकर सरकार बनाने वालों से सरकार का यह तानाशाही भरा रवैया हम चलने नहीं देंगे। नेता प्रतिपक्ष में कहा कि आपदा की चपेट में आने वाले प्रदेश के आपदा राहत और पुनर्निर्माण के सारे कार्य सरकार की नीतियों की वजह से बंद पड़े हैं। जिससे आज भी हज़ारों बेघर लोगों को अपना घर नहीं बन पास रहा है। क्रशर बंद हैं। बालू, रेत, बजरी जैसे निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं आज लोगों को मिल नहीं रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा से प्रदेश में पर्यटन को सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है। इससे उबरने में सरकार के सहयोग की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान की सुक्खू सरकार पर्यटन की कमर तोड़ने में लगी हैं। ऐसे-ऐसे टैक्स लाद रही है की पर्यटन कारोबारी हिमाचल की बजाय अन्य प्रदेशों का रुख़ कर रहे हैं। विभिन्न संस्थाओं के आंकड़ों की माने तो सरकार के इन नियमों परिमाण स्वरूप विंटर सीजन की 90 परसेंट एडवांस बुकिंग लोगों ने रद्द कर दी हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा पर्यटक बसों और टेंपो ट्रैवलर टाइप वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया। इस टैक्स की वजह से हर बस को चार से पांच दिन के टूर पर 20 से 25 हज़ार अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं, ऐसे में बस ऑपरेटर हिमाचल की बजाय कश्मीर और अन्य राज्यों का रुख़ कर रहे हैं। जिससे प्रदेश को हर दिन करोड़ों का नुक़सान हो रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लाई गई लगेज पॉलिसी हर लिहाज से जन विरोधी थी। एचआरटीसी का उद्देश्य प्रदेश के लोगों की सेवा करना है। यह आम लोगों के परिवहन का साधन है। उन्होंने कहा के सरकार ने लगेज पॉलिसी के मामले में एचआरटीसी के दो परिचालकों को बर्खास्त कर दिया। यह सरकार का तानाशाही भरा दुर्भाग्यपूर्ण फ़ैसला है। इस फ़ैसले को सरकार को वापस लेना होगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग राज्य कार्यकारिणी की बैठक राजीव भवन शिमला में अध्यक्ष अमित नंदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सांसद मंडी लोकसभा क्षेत्र व मंत्री स्वास्थ्य, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता व सैनिक कल्याण हिमाचल प्रदेश सरकार धनीराम शांडिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस संगठन का एक महत्वपूर्ण विभाग है तथा इस विभाग की चुनाव में हमेशा सक्रियता रहती है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में कार्यकर्ताओं को अभी से जुट जाना चाहिए। देश की तानाशाह सरकार को इस बार जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हरेक कांग्रेस कार्यकर्ता को धरातल पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं के काम सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किए जाने चाहिए। वहीं, हिमाचल सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉक्टर कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस पार्टी का अभिन्न अंग है, जिसकी वजह से विधानसभा में आज कांग्रेस पार्टी के 10 विधायक चुनकर आये हैं सरकार की प्राथमिकता है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए अनेकों ऐसी जन कल्याणकारी योजनाओं चलाई जा रही है जिसमें समाज में अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ मिलेगा। अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग अमित नंदा के कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा निर्देश अनुसार अनुसूचित जाति विभाग ने पार्टी के अनेकों कार्यक्रम समय समय पर चलाए हैं और वर्तमान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संविधान रक्षकों की नियुक्ति की जा रही है जिसका लक्ष्य हमने 50000 रखा है हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा तथा राज्य स्तर के लिए शीघ्र ही स्थान चयनित किया जाएगा । अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए सभी 12 ज़िलों में क़ानून ज्ञाता समन्वयक नियुक्त किए गए हैं जिनकी सहायता समाज का कोई भी पीड़ित परिवार ले सकता है। अमित नंदा ने कहा कि इस वर्ष के दिसंबर माह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रारूप अनुसार हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक प्रस्तावित है जिसके बारे में मुख्यमंत्री से वार्तालाप करके इसकी तिथि निर्धारित की जाएगी तथा इसकी तैयारी के लिए संगठन के लोगों को ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने आज की बैठक में विशेष रूप से उपस्थित अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी व माननीय मंत्री का स्वागत व धन्यवाद किया कि उन्होंने अपने व्यस्तता के चलते भी बैठक के लिए समय निकाला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी यशपाल तनाईक ने सभी पदाधिकारियों का बैठक में उपस्थित होने पर स्वागत किया तथा आने वाले समय में अपने अपने ब्लाको व ज़िले में संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने व लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिये कमर कसने का आवाहन किया। इस दोरान शिमला कृष्णा नगर वार्ड से अमित की अध्यक्षता मै 10 लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और कांग्रेस पार्टी की नीतियों मै पूर्ण विश्वाश व्यक्त किया! इस बैठक में उपाध्यक्ष सैन राम नेगी बरम दास चोहान जीत राम विनोद भाटिया चमन प्रकाश उतम कश्यप यशपाल प्रिती धांटा शकुनतला कश्यप शिवानी चौहान बुद्धि सिंह इत्यादि कई कार्यकर्ता उपस्थित थे बैठक के पश्चात प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग का एक प्रतिनिधि मंडल अंतिम नंदा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुकखू से उनके निवास स्थान ओक ओवर में मिला तथा आपदा राहत कोष के लिए 2 लाख रुपये की राशि का चेक भेंट किया ।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल तथा प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर ने आज सोलन जिला के सायरी में जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के समीप स्थित निर्माणाधीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया। डॉ. शांडिल तथा रोहित ठाकुर ने आज तृतीय नवरात्र के पावन अवसर पर सायरी स्थित मनसा माता मंदिर में पूजा अर्चना भी की और प्रदेशवासियों के सुखी जीवन की कामना की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सायरी के बनने से आस-पास के गांव के छात्रों को जहां उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त होगी वहीं साथ लगते क्षेत्रों में रोज़गार भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा में गुणावत्ता लाना और पाठ्यक्रम को रोज़गारोन्मुखी बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रोन सेवा तकनीशियन पाठ्यक्रम चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जा रहे है ताकि छात्रों को नई तकनीक के बारे में उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाई जा सके। डॉ. शांडिल ने कहा कि सुखाश्रय योजना के तहत लगभग 2700 अनाथ बच्चे, जो कि अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं, को भी 27 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 4000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस योजना में मातृत्व देखभाल की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के लिए एक परिचारिका का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्णायक नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा भारी वर्षा के प्रभावितों के लिए राहत पैकेज दिया गया है। राहत पैकेज के तहत भारी वर्षा के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को देने वाली राशि को बढ़ाकर 7 लाख रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से हुए नुकसान के प्रभावितों का पुनर्वास सरकार की प्राथमिकता है। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल की पिछली आयोजित बैठक में सायरी चौकी को थाना के रूप में स्तरोन्नत करने पर सहमति जताई गई है। इस सम्बन्ध में शीघ्र ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही स्वास्थ्य केंद्र सायरी को आदर्श स्वास्थ्य केन्द्र बनाया जाएगा। उन्होंने मनसा माता मंदिर सायरी में सभागार के निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत काहला के दांउटी में सामुदायिक भवन अनुसूचित जाति योजना घटक के तहत निर्मित करने की घोषणा भी की। प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर ने निरीक्षण के उपरांत कहा कि युवाओं को गुणात्मक तथा रोज़गारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में लगभग 134 महाविद्यालय, लगभग 152 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तथा लगभग 130 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है तथा आने वाले समय में सरकार द्वारा नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमण्डल की बैठक में 06 हजार शिक्षक के पदों को भरने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार के लिए प्रारम्भिक शिक्षा में 2252 शिक्षकों के पदों पर भर्ती प्रत्येक ज़िला में आरम्भ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यालय स्तर पर छात्रों के सर्वांगीण विकास पर बल दे रही है। इस दिशा में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल मील का पत्थर सिद्ध होंगे। सोलन ज़िला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में इन विद्यालयों के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में छात्रों को गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ बेहतर खेल सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर कुसुम्पटी के पूर्व विधायक सोहन लाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुन्दर सिंह जसवाल, ज़िला कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति शिमला ग्रामीण के उपाध्यक्ष जिया लाल ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति शिमला ग्रामीण के महासचिव विवेक शर्मा, खण्ड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सत्या ठाकुर, ग्राम पंचायत सायरी के प्रधान अंजु राठौर, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत चनहोग के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत काहला के उप प्रधान रामेश ठाकुर, ग्राम पंचायत सायरी के पूर्व प्रधान जी.आर. भारद्वाज, ग्राम पंचायत सतड़ोल की पूर्व प्रधान सुखदेई, तकनीकी शिक्षा के उप निदेशक संजय गुप्ता, उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक तकनीक के साथ उभरती प्रौद्योगिकियों में एक अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया। आईहब दिव्य संपर्क और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब द्वारा समर्थित, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और आईआईटी रूड़की द्वारा नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (एनएमआईसीपीएस) के तहत एक सहयोगात्मक प्रयास, अत्याधुनिक सुविधा परिवर्तनकारी प्रगति के लिए संवर्धित वास्तविकता (एआर), आभासी वास्तविकता (वीआर), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), और ड्रोन प्रौद्योगिकी में उत्प्रेरक बनने कोशिश। कल शूलिनी विश्वविद्यालय में 7वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, प्रो चांसलर विशाल आनंद और ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के अध्यक्ष आशीष खोसला उपस्थित थे। कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने मनीष आनंद सीईओ आईहब, दिव्य संपर्क का परिचय दिया और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ड्रोन टेक्नोलॉजी एक्सपीरियंस सेंटर लैब में शामिल विभिन्न तकनीकों के बारे में बताया। आईहब, दिव्य संपर्क के सीईओ मनीष आनंद ने कहा कि एआर/वीआर की भूमिका रियल एस्टेट, गेमिंग, शिक्षा और प्रशिक्षण में व्यापक अनुभव, इंटरैक्टिव सिमुलेशन और आभासी संपत्ति की खोज को जोड़ती है और उद्योगों को बदलने में मदद करेगी। टीओटी का उपयोग चीजों को अधिक कुशल बनाने और लोगों को जोड़ने के लिए किया जाएगा, जो स्मार्ट घरों, सटीक खेती, औद्योगिक स्वचालन और डेटा के आधार पर निर्णय लेने की अनुमति देता है। इस लैब का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के छात्रों को उन्नत तकनीकी कौशल प्रदान करके नौकरी बाजार के लिए प्रशिक्षित करना है। आईहब शूलिनी के समन्वयक प्रोफेसर दीपक कुमार ने इस अग्रणी केंद्र की स्थापना में आईहब दिव्यसंपर्क द्वारा दिए गए अमूल्य समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर भी प्रकाश डाला, जिसमें उद्योग-प्रासंगिक चुनौतियों का समाधान करना और इनक्यूबेशन और फंडिंग के लिए साइबर-फिजिकल सिस्टम (सीपीएस) डोमेन में स्टार्टअप की सहायता करना शामिल है।
जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी की एनएसएस इकाई ने इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट वस्तुओं की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने के लिए एचपी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के कचरे के संग्रहण और जागरूकता अभियान के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण की सुरक्षा हेतु जागरूक करना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के कचरे के सही निपटारे के बारे में विस्तार से समझाना था। कार्यक्रम में कई छात्रों और वक्ताओं ने इस ज्वलंत मुद्दे पर अपने विचार विस्तार से प्रकट किये। उन्होंने ई-कचरा प्रबंधन की जरूरत पर अपनी राय दी और अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से ई-कचरे का उचित निपटान पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने अपने संदेश में मुख्य पर्यावरण इंजीनियर, बद्दी श्री प्रवीण गुप्ता जी और उनकी सक्रिय टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि आज ई-कचरा पर्यावरण प्रदूषण फैलाने का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। इसलिए, हमें अपने समाज के सामने आने वाली इन बड़ी चुनौतियों के बारे में अधिक से अधिक जागरूक होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से समाज को बचाने की नैतिक शपथ भी ली।
-जिला के 14 स्वास्थ्य संस्थानों में होगी नशा मुक्ति क्लीनिक की सुविधा -नशे की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को भी किया जा रहा है चिह्न्ति धर्मशाला के प्रयास भवन में आधुनिक नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए स्वीकृति मिली है इसमें इंडोर तथा आउटडोर दोनों ही तरह की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि उपायुक्त ने कहा कि जिला के 14 स्वास्थ्य संस्थानों में भी नशा मुक्ति क्लीनिक आरंभ करने के लिए प्रक्रिया आरंभ की जा रही है ताकि लोगों को नशे से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे नशा निवारण और पुनर्वास केंद्रों को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार तथा शनिवार को सांय दो बजे से चार बजे तक कांगड़ा जिला के जोनल अस्पताल धर्मशाला के साथ सिविल अस्पताल ज्वालामुखी, कांगड़ा, शाहपुर, नूरपुर, इंदौरा और पालमपुर में नशा मुक्ति क्लीनिक में विशेषज्ञ चिकित्सक नशे की चपेट में आए रोगियों का चेकअप कर रहे हैं तथा आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिले में नशे की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्न्ति किया जा रहा है इस के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं तथा चिह्न्ति क्षेत्रों में नशा निवारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा पुलिस की ओर से निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से संवाद कार्यक्रम भी आरंभ किया गया है जिसके तहत चयनित 152 स्कूलों में विभिन्न समूहों द्वारा 236 के करीब कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार के साथ साथ आम जनमानस का सहयोग भी जरूरी है क्योंकि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन मिलेगा तो वे बेहतर भविष्य की ओर से बढ़ सकते हैं तथा समाज निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान नहीं पड़े इस के लिए माह में तीसरे तथा चौथे शनिवार को संवाद के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
-उत्सव में चुने जाएंगे मिस्टर और मिस सिरमौर-2023 -डायनेमिक युवा मंडल नाहन के अध्यक्ष ओपी ठाकुर ने दी जानकारी जिला मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौहान मैदान में डायनेमिक युवा मंडल नाहन द्वारा लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल लोक उत्सव-2023 का आयोजन करवाया जा रहा है। जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में डायनेमिक युवा मंडल के अध्यक्ष ओपी ठाकुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 से डायनेमिक युवा मंडल लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष भी 31 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चौगान मैदान में हिमाचल लोक उत्सव का आयोजन करवाया जाएगा। ओपी ठाकुर ने कहा कि इस उत्सव में मिस्टर और मिस सिरमौर-2023, वॉइस ऑफ सिरमौर, डांसर ऑफ सिरमौर, ग्रुप डांस कंपटीशन, किड्स मॉडलिंग कंपटीशन, बॉडी बिल्डिंग कंपटीशन और लोकनृत्य कंपीटिशन के अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पेंटिंग कंपटीशन भी करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर से 7 नवंबर तक चार सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें हिमाचल प्रदेश के जाने-माने लोक कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में एक सिरमौर नाइट आयोजित होगी, जिसमें जिला सिरमौर के लोक कलाकारों को बुलाया जाएगा। ओपी ठाकुर ने कहा कि युवाओं को मंच देने के उद्देश्य से और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए डायनेमिक युवा मंडल द्वारा हिमाचल लोक उत्सव का आयोजन करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय नाहन में डायनेमिक युवा मंडल द्वारा 2010 में पहला कार्यक्रम आयोजित किया था इसके चलते क्लब द्वारा अब तक छह कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्या में जहां प्रदेश के बड़े कलाकार हिस्सा लेंगे, वहीं जिला प्रशासन के सहयोग से इस कार्यक्रम को करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल लोक उत्सव की अंतिम संध्या के अवसर पर स्थानीय विधायक अजय सोलंकी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। साथ ही वह विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित करेंगे। इस अवसर पर डायनेमिक युवा मंडल के सचिव सतीश राणा, सहसाचिव योगेश ठाकुर, इवेंट मैनेजर नवीन ठाकुर, सदस्य धनवीर सिंह, राहुल शर्मा, विक्रम शर्मा, ईशान राव सदस्य मौजूद रहे।
-मुख्यमंत्री को 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून सीजन में भारी बारिश, भू-स्खलन तथा बाढ़ से आई आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के तहत बेहतरीन नेतृत्व प्रदान के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी सराहा है। उन्हें सशक्त राजनीतिक नेतृत्व तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ कर जनहित और जन कल्याण के लिए 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया गया है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारियों सुमित सिंगला और जसवीर सिंह ने मुख्यमंत्री को यह सम्मान प्रदान किया। इससे पहले वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग ने भी आपदा के दौरान बेहतर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों की प्रशंसा की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फंसे हुए लोगों की मदद के लिए आपदा के बीच 72 घंटे रहकर राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन में 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार गाड़ियों को प्रदेश से सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ-साथ 48 घंटे की छोटी सी अवधि के दौरान बिजली, पानी और संचार सेवाओं जैसी आवश्यक को अस्थाई तौर पर बहाल कर दिया गया, जिससे स्थिति सामान्य हुई तथा लोगों को राहत मिली। मुख्यमंत्री स्वयं ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर अधिकारियों को उचित निर्देश देते रहे। आपदा के बाद भी प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार गंभीरता से ठोस कदम उठा रही है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज घोषित किया है, जिसमें मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ाया गया है। पहले जहां पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान की ऐवज में 1.30 लाख मिलते थे, इसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया है। इसके साथ ही उन्हें घर बनाने के लिए 280 रुपए प्रति बोरी की दर से सीमेंट तथा बिजली-पानी का फ्री कनेक्शन भी उपलब्ध करवाएगी। घर को आंशिक नुकसान होने पर मुआवजा राशि में बढ़ोतरी कर इसे एक लाख रुपए किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार गाय व भैंस जैसे दुधारू की मृत्यु पर प्रति पशु 55 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। भेड़ और बकरी की मृत्यु पर मिलने वाली वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्मान के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने जनजातीय क्षेत्र पांगी में सभी लोगों के लिए जलाने की लकड़ी, फ्यूल वुड पर मिलने वाली सब्सिडी को फिर से बहाल करने को लेकर प्रदेश सरकार से बात करने का आश्वासन लोगों को दिया है। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिये इनको मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, जनजातीय भत्ता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि प्राय: देखा गया है कि कठिन भूगोलिक परिस्थितियों के चलते प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में स्थानांतरित अधिकारी व कर्मचारी अपनी सेवाएं देने से बचने का प्रयास करते है,इसलिए इन्हें इन क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिये प्रोत्साहन के साथ साथ इनका विशेष जनजातीय भत्ता बढ़ाएं जाने की बहुत आवश्यकता है। प्रतिभा सिंह ने आज यहां कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र मण्डी के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के किलाड़ का दो दिवसीय दौरा करके वापिस लौटी है। उन्होंने कहा कि उदयपुर से किलाड़ सड़क जो सीमा सड़क संगठन के पास है उसको जल्द पक्का करने व इसके सुधार का मामला भी सीमा सड़क संगठन के उच्च अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बर्फबारी की बजह से यहां आने जाने वाले लोगों को सड़क सपंर्क टूटने की बजह से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है इसलिए यहां के लोगों की मांग पर चैहणी पास में प्रस्तावित सुरंग निर्माण का मामला भी केंद्र सरकार से उठाया जाएगा,जिससे यह क्षेत्र पूरे साल सड़क सम्पर्क से जुड़ा रहें। प्रतिभा सिंह ने कहा कि पांगी घाटी में संचार नेटवर्क भी बहुत कमजोर है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह भारत दूर संचार, बीएसएनएल के अधिकारियों से भी एक बैठक कर संपूर्ण पांगी घाटी सहित लाहौल-स्पीति व किन्नौर में नेटवर्क सुदृढ़ करने व इसके और अधिक विस्तार करने की सम्भावनाओं का पता लगाने को कहेंगी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्क अब आम आदमी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है, इसलिए इसके नेटवर्क को मजबूत करना बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए सभी पग उठाये जाने की बहुत जरूरत हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जल्द ही वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर जनजातीय क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को लेकर इन्हें दूर करने पर आपसी विचार विमर्श कर इन समस्याओं को दूर करने का आग्रह करेंगी।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने 1.290 किलो चरस के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह (30) पुत्र स्व. निक्का राम, गांव धरचानाना पोस्ट ऑफिस धार चान्ना, तहसील कुपवी, जिला शिमला और कमल सिंह (44) पुत्र स्व. शिव राम विला. बावट, पोस्ट ऑफिस धार चानना, तहसील कुपवी, जिला शिमला के रूप में हुई है। उन्होंने यह नशे की यह खेप एक गाड़ी में छिपाकर रखी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पांवटा साहिब पुलिस थाने में मामला दर्ज कर गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। बली ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। उन्हों ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान शेष पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सम्मान निधि के अंतर्गत शामिल करने के लिए विशेष अभियान के तहत 'घर-घर केसीसी अभियान' कार्यान्वित किया जा रहा है। उपायुक्त सोलन आज यहां जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा निर्धारित विशेष जिला सलाहकार समीति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि घर-घर केसीसी अभियान प्रथम अक्तूबर से 31 दिसंबर तक चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए केसीसी करवाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए की सभी अधिकारी पूर्ण तैयारी करके दस्तावेज लाएं ताकि बैठक में सार्थक चर्चा हो सके। उन्होंने बैंकर्स और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की तीन दिन के भीतर केसीसी से संबंधित सूचना भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए की सभी बैंकर्स आधार वेरिफिकेशन और ई-केवाईसी से संबंधित सभी कार्य बैंक में उचित ढंग से करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सराहनीय कार्य करने वाले बैंकर्स और अधिकारियों को भविष्य में सम्मानित भी किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में निर्णय लिया गया है कि डॉ. वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना के तहत 04 लाख रुपए की वार्षिक आय से कम परिवार वाले विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक के ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किए जाएंगे। इस योजना से पात्र मेधावी छात्रों को आवश्यक ऋण उपलब्ध होगा जिससे वह अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि रोज़गार सृजन व ग्रामीणों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत गुरु शिष्य परंपरा के माध्यम से 18 व्यवसाय से संबंधित ग्रामीणों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके पश्चात प्रशिक्षित ग्रामीण को कम ब्याज पर ऋण प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव, ज़िला राजस्व अधिकारी नीरजा शर्मा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अशोक चौहान, ज़िला अग्रणी यूको बैंक की प्रबंधक तमन्ना मोदगिल, जिला कृषि अधिकारी सीमा कंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व बैंकर्स उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि पुराने समय से ही मेले एवं त्यौहार मेल-मिलाप का साधन रहे हैं। डॉ. शांडिल गत देर सांय सोलन की ग्राम पंचायत शमरोड़ के गांव धर्जा में आयोजित दो दिवसीय महामई मेला धर्जा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार जहां हमारी युवा पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करवाते हैं वहीं आपसी मेल-जोल का साधन भी बनते है। उन्होंने कहा कि मेले एवं त्यौहारों के बारे में युवा पीढ़ी को पूरी जानकारी प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने में युवा पीढ़ी को भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है और जहां पर्यटन क्षेत्र में रोज़गार की अपार संभवनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास के साथ-साथ सरकार की प्राथमिकता अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ना और रोज़गार दिलाना है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के वाकनाघाट में लगभग 65 करोड़ रुपए से पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट केंद्र की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र की स्थापना से छात्रों को आतिथ्य क्षेत्र में उच्च व रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने मेला समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपए देने की घोषणा की। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी और संबंधित अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश भी दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत शमरोड़ द्वारा रखी गई सभी मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर कुश्ती का आयोजन भी किया गया। ब्लॉक कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, जिला परिषद सदस्य मनोज वर्मा, ग्राम पंचायत शमरोड़ के प्रधान नन्दराम, ग्राम पंचायत शमरोड़ के उप प्रधान हरदेव, मेला समिति के प्रधान राम गोपाल, देवेेंद्र सिंह ठाकुर, प्रतिभा चौधरी, बांके लाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल सांगला ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 केवी करच्छम-रूकती फीडर में मरम्मत कार्य के चलते सांगला फीडर के सांदला-3, केतरा, बारचो उपकेंद्रों व छितकुल फीडर में 19 अक्तूबर को प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि यदि मौसम खराब रहता है तो मरम्मत कार्य अगले दिन किया जाएगा। उन्होंने विद्युत आपूर्ति की असुविधा के चलते जनसाधारण से सहयोग की अपील की है।
-एक हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित होंगी पर्यटन गतिविधियां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में ईको-टूरिज्म पर्यटन को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है और इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री ने सोमवार सायं यहां हिमाचल प्रदेश ईको-टूरिज्म सोसाइटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वन क्षेत्रों में 11 ईको-पर्यटन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें पालमपुर वन मंडल में स्वार, सौरभ वन विहार, न्यूगल पार्क, बीड़-बिलिंग, पार्वती वन मंडल में कसोल, खीर गंगा व सुमारूपा, सिराज में सोझा, कोटगढ़ में नारकंडा और शिमला वन मंडल के तहत शोघी कैंपिंग स्थल व पोटर हिल कैंपिंग स्थल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईको-पर्यटन स्थल एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। आउटसोर्सिंग के माध्यम से विकसित व संचालित किए जाने वाले इन स्थलों के लिए आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल को अलौकिक सौंदर्य से नवाजा है और हिमाचल की मनभावन वादियां देश-विदेश सेे सैलानियों को आकर्षित करती हैं। उन्होंने कहा कि ईको-पर्यटन को प्रोत्साहित करने से राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और राजस्व में भी इजाफा होगा तथा प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में अन्य स्थानों पर भी ईको-पर्यटन स्थल चिन्हित कर उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार व संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव वन अमनदीप गर्ग, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन राजीव कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उप मंडल अधिकारी ज्वालाजी द्वारा मेडिकल एड असेसमेंट कैंप का आयोजन 6 नवंबर को ज्वालामुखी के गीता भवन में प्रात: 11 बजे से शाम 3 बजे तक और 7 नवंबर को प्रात: 11 बजे से शाम 3 बजे तक को खुंडिया अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें पात्र दिव्यांगजनों की जांच कर उन्हें कृत्रिम अंग लगाने के लिए चयनित किया जाएगा। उप मंडल अधिकारी ज्वालाजी डॉक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि एलिम्को ऑक्सिलरी प्रोडक्शन सेंटर चंडीगढ़ से विशेष टीम आकलन के लिए आएगी। आकलन के लिए पात्र व्यक्तियों को चिकित्सा प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र 22500 मासिक से अधिक न हो, आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो को लाना आवश्यक है। इस आकलन के बाद 3 दिसंबर को ज्वालामुखी के गीता भवन में प्रात: 11 बजे कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तरीय 34वीं नॉर्थ जोन कनिष्ट एथलेटिक्स में शॉट पुट में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि यह बड़े गर्व की बात है कि गुंजन ने राष्ट्र स्तरीय 34वीं उत्तरीय जोन कनिष्ट एथलेटिक्स, जो जम्मू में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित की गई थी, में ब्रॉन्ज मेडल जीत कर हिमाचल का नाम रोशन किया है। शॉट पुट प्रतियोगिता में पहले स्थान पर उत्तराखंड, दूसरे स्थान पर पंजाब और तीसरे स्थान पर हिमाचल रहा है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने खुशी जाहिर करते हुए कहा की गुंजन की इस उपलब्धि से विद्यालय के लिए बड़े हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि गुंजन ठाकुर एक बहुत उम्दा खिलाड़ी है। विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए राज्य खेल उपाध्यक्षा सुमन रावत, जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन अशोक चौहान, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी, प्रारंभिक उपशिक्षा निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि इनके मागदर्शन से गुंजन हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय का, इलाके का और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी। गुंजन की इस उपलब्धि के लिए अरुणा शर्मा और अमर देव, अध्यापक-अभिभावक संघ अध्यक्ष रतन तंवर व सभी सदस्यों ने गुंजन व उनके अभिभावक माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
-रामलीला के संस्थापक स्व. शंकर लाल त्यागी के परिवार ने समिति को दिए 11 हजार रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से राम लीला के तीसरे दिन का आगाज काली माता की भव्य झांकी के साथ हुआ। रामलीला के संस्थापक सदस्य स्व. शंकर लाल त्यागी की बहू उर्मिला भारद्वाज ने परिवार के साथ भद्र काली मां की आरती गाकर मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने ससुर की रामलीला से जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए भारद्वाज परिवार की ओर से समिति को 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों के लगाए पौधे को समिति बहुत ही लग्न व मेहनत से सींच रही है। वहीं, समिति के निर्देशक व वरिष्ठ कलाकार संदीप जोशी ने मुख्य अतिथि को पटका एवं भगवत गीता देकर सम्मानित किया। रामलीला के तीसरे दिन राधा रमन शर्मा के निर्देशन में ताड़का वध के मंचन सहित राम जन्म, मारीच सुबाहु आदि राक्षसों द्वारा विश्वामित्र के हवन कुंड में मदिरा व हड्डियां डाल कर यज्ञ भंग करना, विश्वामित्र द्वारा अपने योग बल से राजा दशरथ के घर भगवान राम के अवतार को जानकर राजा दशरथ से राम लक्ष्मण को मांगना इत्यादि दृश्यों का भव्य मंचन किया गया। इस अवसर पर समिति के संस्थापक देवेंद्र शर्मा व अक्षरेश शर्मा, प्रधान रितेश जोशी, अरविंद जोशी, अजय जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, आशीष द्विवेदी, मुकेश शर्मा, राहुल सहित सभी सदस्य मौजूद थे।
-बैंक के चेयरमैन ने प्रबंध निदेशक, शाखा मैनेजर्स व एजीएम की बैठक में दी जानकारी -कहा, वर्ष 2023-2024 की छमाही में संतोषजनक रहा बैंक का व्यवसाय वित्त वर्ष 2023-2024 की छमाही की प्रोग्रेस रिपोर्ट को लेकर जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा और प्रबंध निदेशक नरेंद्र कुमार ने एक निजी होटल में 33 शाखा मैनेजर्स और हेड ऑफिस के एजीएम की बैठक ली। बैठक में कहा गया कि वित्त वर्ष 2023-2024 की छमाही में बैंक का व्यवसाय संतोषजनक रहा है। चेयरमैन ने इसे और बेहतर करने के लिए बैंक के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं, 31 मार्च, 2024 तक बैंक के डिपॉजिट लोन और एनपीए को 5 प्रतिशत करने का टारगेट दिया। गौर रहे कि जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक प्रदेश का सहकारी बैंक है, जिसका कुल व्यवसाय लगभग 1900 करोड़ का है। इसमें डिपॉजिट लगभग 1300 करोड़ और 600 करोड़ के लोन वितरित किए हैं और यह बैंक प्रदेश के मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप ग्रामीण विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक चेयरमैन मुकेश शर्मा ने बताया कि फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक विशेष लोन स्कीम चलाई है, जिसका सभी ग्राहक और आमजन लाभ उठा सकते हैं। बैठक में बैंक में एजीएम कुलदीप कुमार, एजीएम राम पॉल, एजीएम हरीश कुमार, एलडी शर्मा, भारत भूषण आदि मौजूद रहे।
-मुख्यमंत्री ने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित 'मंडे मीटिंगÓ की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में मुटेशन (इंतकाल) अदालत आयोजित की जाएगी। इसके तहत सभी तहसील व उप-तहसील तथा बंदोबस्त सर्कल स्तर पर केवल लम्बित मुटेशन सत्यापन के मामलों पर निपटरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 22000 से अधिक ऐसे मामले लम्बित पड़े हैं। मुटेशन अदालत से आम आदमी को सुविधा के साथ ही उन्हें मूटेशन के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाने से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुटेशन की प्रक्रिया समयबद्ध पूरी न होने के कारण लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इससे विकास कार्यों की प्रगति भी प्रभावित होती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ सरकार हर क्षेत्र में सार्थक और सकारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने अधिकारियों को मुटेशन अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नये पाठ्यक्रम आरम्भ किये जाएंगे। यह पाठ्यक्रम रोजगारपरक और नवीन प्रौद्योगिकी पर आधारित होंगे। इनमें कृत्रिम मेधा का समावेश भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को गुणात्मक एवं व्यवहार्य बनाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। इससे युवाओं में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को हिमाचल मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 से संबंधित आवेदन की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूर्ण करने के निर्देश दिए। इससे कार्य समयबद्ध होंगे और इनमें दक्षता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के 1500 बसों के बेड़े को चरणबद्ध तरीके से विद्युत चालित वाहनों से बदला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस सम्बन्ध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में यू.वी. फिल्टरेशन यूनिट स्थापित करने के लिए स्थल चयनित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल उपचार के लिए ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, विभिन्न विभागों के सचिव और मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा स्थानीय निधि लेखा समिति की बैठक सोमवार को जिला परिषद हॉल ऊना में स्थानीय निधि लेख समिति के अध्यक्ष इंद्र दत्त लखनपाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के सभापति इंद्र दत्त लखनपाल, सदस्य सतपाल सिंह सत्ती, केवल सिंह पठानिया, पूर्ण चंद ठाकुर, कुलदीप सिंह राठौर व हरीश जनारथा ने हिमाचल प्रदेश राज्य लेखा परीक्षा विभाग के तहत आने वाले विभिन्न विभागों स्थानों बोर्डों इत्यादि अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक की तथा संबंधित विभागों और संस्थानों के ऑडिट पैरों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निधि लेखा समिति की पहली बैठक है जोकि अत्यधिक महत्वपूर्ण है। जिन विभागों ने बैठक के लिए विभाग से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट नहीं भेजी है, चाहे वे शून्य है, ऑडिट हुआ है या नहीं की पूरी डिटेल तैयार कर उपायुक्त के माध्यम से एक माह के भीतर रिपोर्ट समिति को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कुल ऑडिट पैरे किस अवधि से चले आ रहे हैं और निस्तारण संबंधित पूर्ण जानकारी अधिकारियों को होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त जिन-जिन कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई तथा जिन कार्यों पर धनराशि नहीं खर्च नहीं की गई है इसकी संपूर्ण रिपोर्ट भी समिति को प्रस्तुत करने की आदेश दिए। उन्होंने विकासखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पूर्व में योजना तैयार करें जिसमें कार्य की उचित ड्राईंग तथा फिजीबिल्टी रिपोर्ट आवश्यक होनी चाहिए ताकि बेहतर कार्यों को अंजाम दिया जा सके और धनराशि का भी सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यों को गंभीरता से लें तथा लंबित ऑडिट पैरों का शीघ्र निस्तारण करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने उपायुक्त को भी निर्देश दिए कि वे सभी विकास खंड अधिकारियों की बैठक लें।उन्होंने एपीएमसी को भी निर्देश दिए कि वे सभी सम्पतियों का सही ढंग से रख-रखाव करें तथा किसानों को लाभान्वित करने के लिए अपनी पहुंच को आगे बढ़ाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान लाभ उठा सके। समिति ने शहरी निकायों व नगर पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिए विभिन्न वसूलियों की निर्धारित समयबद्ध वसूली करने के लिए भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि सरकारी धनराशि की एफडी के लिए राष्ट्रीकृत बैंकों या प्रदेश के सहकारी बैंकों को ही प्राथमिकता दी जाए।
-प्रभावितों के साथ मजाक कर रही है सुक्खू सरकार -निर्माण सामग्री नही मिलने से कैसे बनेंगे बर्बाद हुए घर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों का पुनर्वास करने के बजाय उनके साथ मज़ाक़ कर रही है। प्रदेश में महीनों से क्रशर बंद होने की वजह से रेता बजरी आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही है। निर्माण कार्य बिना रेत और बजरी के नहीं हो सकता है। इस वजह से निर्माण कार्य रुके हुए हैं। आगे सर्दी का मौसम है। ऐसे में लोगों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा में सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सर्दी का मौसम आने वाला है और ग्राम पंचायतों का काम देखने वाले ज़िला परिषद कर्मी हड़ताल पर हैं। ऐसे में मनरेगा के तहत होने वाला एक हज़ार करोड़ के काम समय पर कैसे होंगे। जयराम ने कहा कि सरकार ने तीन बार सीमेंट के दाम बढ़ा दिये जिससे लोगों के निर्माण का खर्च और भी बढ़ गया है। इसके बाद भी प्रदेश के लोगों को समय पर सीमेंट नहीं मिला रहा है। आपदा से जूझ रहे लोगों को मनमाने क़ीमत पर भी सीमेंट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों के निर्माण कार्य रुके हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में सरकार ने ऐसे निर्णय लिए हैं कि आपदा प्रभावितों के ज़ख़्म और हरे हो जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान इस समय में आपदा प्रभावितों को ज़्यादा से ज़्यादा राहत देनें का होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार का ध्यान चीजों को महंगा करके लोगों को परेशान करने का है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिला परिषद के सभी कर्मचारी महीनों से हड़ताल पर हैं। चुनाव में किए गए वादे न पूरे किए जाने की वजह से वह महीनों से कोई काम नहीं कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों के सारे काम ठप पड़े हैं। ऐसे में आपदा से निपटने के लक्ष्य कैसे हासिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने एक हज़ार करोड़ रुपये मनरेगा के तहत खर्च करने की घोषणा की है। जब पंचायत का काम देखने वाले ज़िला परिषद कर्मी हड़ताल पर हैं और सामान्य काम तक नहीं हो रहे हैं तो मनरेगा के काम कैसे हो पायेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा राहत के नाम पर प्रदेश की सुक्खू सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के बजाय हास्यास्पद तरीके से काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के इस तरह के फ़ैसलों की वजह से न तो लोगों को रेत बजरी उपलब्ध हो पा रही है और न ही सीमेंट और सरिया। प्रदेश में हाजाहज़ारों लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। हज़ारों घर रहने लायक़ नहीं बचें हैं। ऐसे में सरकार द्वारा क्रशर बंद कर देने से यह समस्या और विकराल हो गई है। उन्होंने कहा कि क्रशर बंद करने का ख़ामियाज़ा प्रदेश के आपदा पीड़ित उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तो प्रदेश में बफ़र्बारी भी शुरू हो गई है ऐसे क्षेत्रों में आपदा राहत को कोई काम नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों के आपदा प्रभावित लोग कैसे रहेंगे यह भी सोचना सरकार का काम है, लेकिन सरकार ने एक बार भी इनके बारे में नहीं सोचा।
-शूलिनी विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने 63 विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री और 77 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है तथा यहां से निकल कर अनेक व्यक्तित्व देश-विदेश में प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय में चल रहे 400 शोध कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के विद्यार्थियों ने 1300 पेंटेट हासिल किए हैं, जो उनकी मेहनत और दृढ़निश्चय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोल रही है। इसके साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को 20 लाख रुपए का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वर्तमान राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है। ई-व्हीकल और सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी, ई-ट्रक और ई-बस की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने युवाओं से प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कामयाबी के लिए दृढ़संकल्प और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। सबसे पहले जीवन में अच्छा इंसान बनना चाहिए और फिर समाज को वापिस देना भी सीखना चाहिए। असफलता से ही सफलता का रास्ता निकलता है और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा राजनीति के माध्यम से जनसेवा का सपना देखा और उसी दिशा में मेहनत की। जीवन में ईमानदारी और लगन के साथ काम किया और आज प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि 17 साल की आयु में उन्होंने छात्र जीवन का पहला चुनाव लड़ा जिसके बाद वे नगर निगम शिमला में पार्षद और उसके बाद विधायक निर्वाचित हुए। सामान्य परिवार से निकलकर राजनीति करना आसान नहीं है, इसके बावजूद उन्हें एनएसयूआई, युवा कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष और सबसे कम उम्र में कांग्रेस पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनने का मौका भी मिला। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल में आई आपदा ने राज्य में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्ष में हमने ऐसी आपदा नहीं देखी, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार और अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयास से इस आपदा में फंसे 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार गाड़ियों को सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ ही 48 घंटे में आवश्यक सेवाएं अस्थाई तौर पर बहाल की। उन्होंने कहा कि यह राजधर्म के प्रति राज्य सरकार का उत्तरदायित्व है, जिसकी विभिन्न स्तर पर प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल की धरती अतिथियों का सत्कार करना जानती है। मुख्यमंत्री ने शूलिनी विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का उद्घाटन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में अनाथ बच्चों की देखरेख के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। इस कानून के तहत 27 वर्ष तक अनाथ बच्चों की देख-रेख और उन्हें शिक्षा प्रदान करने का दायित्व प्रदेश सरकार का है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ने आगे बढ़ कर नेतृत्व करते हुए प्रभावितों की हरसम्भव मदद की। डॉ. शांडिल ने कहा कि हम सभी का जीवन संस्कारयुक्त होना चाहिए और नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज नशा हमारे समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है और हमें नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में अपना भरपूर योगदान देने का प्रण लेना चाहिए। इससे पहले शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति पी.के. खोसला ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी व संजय अवस्थी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, जोगिंद्रा बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, महासचिव सुरेंद्र सेठी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा, एसपी गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 17 अक्तूबर को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री 17 अक्तूबर को प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर के साथ दोपहर 12 बजे सोलन ज़िला के सायरी स्थित पुराने व नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के समीप) का निरीक्षण करेंगे।
प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर 17 अक्तूबर को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। रोहित ठाकुर 17 अक्तूबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के साथ दोपहर 12 बजे सोलन जिला के सायरी स्थित पुराने व नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (जुब्बड़घट्टी एयरपोर्ट के समीप) का निरीक्षण करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं के परिचायक है। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन की ग्राम पंचायत सन्होल के गांव मतीवल में दो दिवसीय बिजेश्वर महाराज मेले के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी परम्पराओं और संस्कृति की धरोहर को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का यह दायित्व है कि वो अपनी धरोहर को संजोए रखें। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्मरण रखना होगा कि अपनी परम्पराओं, संस्कृतिक और हस्तशिल्प को संरक्षित रख ही विकास के मार्ग पर सशक्त कदम बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को 'आदर्श स्वास्थ्य संस्थानÓ के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में विभिन्न विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ सहित लैबोरेटरी जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर कुश्ती का आयोजन भी किया गया। उन्होंने सामुदायिक भवन मतीवल के निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तथा महिला मंडल मतीवल भवन की चारदीवारी के निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने मेला प्रबंधक समिति मतीवल को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सन्होल की प्रधान कुसुम ठाकुर, मेला समिति मतीवल के प्रधान राम किश्न, संजय शांडिल, कांग्रेस कार्यकर्ता लीलदत्त, सुंदर सिंह, प्रशांत, सुशांत इाकुर, युवा खण्ड के अध्यक्ष अंकुश, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, एम.ओ.एच सोलन डॉ. अमित तलवार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राजकीय महाविद्यालय ज्वाला जी में सत्र 2023-24 के लिए केंद्रीय छात्र परिषद गठित की गई। इसमें चिराग ठाकुर को प्रधान, कविता को उप प्रधान, सचिव अजमू और संयुक्त सचिव शुभम एवं अन्य सदस्यों में साक्षी कौंडल, अंकित कौंडल, मुस्कान शर्मा, वरुण, वैभव शर्मा, मीनाक्षी,साहिल, साहिल धीमान, कृतिका शर्मा, रितिक चौधरी, तमन्ना राणा, अनु और प्रिया ठाकुर को नियुक्त किया गया। ये सभी नियुक्तियां छात्रों की मेरिट को आधार बनाकर की गईं। अन्य गतिविधियों में अभिषेक ठाकुर और हिमांशु शर्मा खेलों में, मनीषा राष्ट्र्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों में, विक्रांत कपूर रेड रिबन क्लब में, नितिन कुमार रोवर और नीतिका को रेंजर में चुना गया। यह गठन प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार बस्सी के मार्गदर्शन में कमेटी सदस्य प्रोफेसर पूनम शर्मा, डॉक्टर पूनम शर्मा, प्रोफेसर शिवानी देवी, डॉक्टर अनुपम बहरी, डॉक्टर मीना कुमारी और डॉक्टर सतिंद्र सिंह रंधावा द्वारा किया गया।
स्वदेश लौटने से पूर्व गत रात्रि विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के सम्मान में स्विटजरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने अपने निवास पर रात्रि भोज का आयोजन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी नीना पठानिया, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा तथा उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। रात्रि भोज के समय विधानसभा अध्यक्ष ने मृदुल कुमार को हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं बारे अवगत करवाया। पठानिया ने भारतीय राजनयिक से आग्रह किया कि वे भी हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं बारे स्विटजरलैंड पर्यटन विभाग से चर्चा करें तथा हिमाचल के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करवाएं। पठानिया ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली, क्रियाकलापों, ई-विधान प्रणाली तथा सदन संचालन बारे भी राजदूत को जानकारी दी। पठानिया ने कहा कि समय के बदलते परिवेश के साथ हमें भी अपनी कार्यशैली तथा कार्यप्रणाली में बदलाव की जरूरत है तथा विश्व संगठन के साथ हमें भी बदलना होगा। भारत एक विशाल देश है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। भारत एक युवा देश है तथा हमें इस युवा ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करना होगा, ताकि हम एक सशक्त, समृद्व तथा स्वावलंबी राष्ट्र बन सकंे। कुलदीप सिंह पठानिया आज रात्रि नई दिल्ली पहुंच रहे हैं।
-बोले, वीरभूमि हिमाचल के वीरों का बलिदान हमारी प्रेरणा, हमारी ऊर्जा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत अपने संसदीय क्षेत्र के भोरंज, हमीरपुर व बड़सर विधानसभा में स्कूली छात्रों, अध्यापकों व स्थानीय जनता से इस कार्यक्रम की महत्ता पर। सार्थक संवाद किया व बड़ी संख्या में मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम में अपना योगदान देने की अपील की। अनुराग ने कहा कि यूक्रेन वॉर के दौरान ऑपरेशन गंगा के तहत जब हमारे देश के नागरिक और बच्चे वहां फंस गए थे तो केवल देश का तिरंगा झंडा अपनी बसों पर लगाकर वहां से वह सकुशल वापस अपने देश पहुंच पाए। कई अन्य देशों के लोग भी जो वहां फंसे हुए थे भारत का झंडा अपनी गाड़ियों पर लगाकर वहां से निकलकर अपने देश में पहुंचने में सफल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत हुआ है। हमारे तिरंगे की ताक़त बढ़ी है, यह एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मजबूत नेता और मजबूत सरकार लेकर आई है देश को मजबूत नेता और मजबूत सरकार देने के लिए आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर अनोकों कार्यक्रम आयोजित किए, उसमें से घरों पर तिरंगा फहराना भी एक बड़ा कार्यक्रम था। देश के हर कोने हर घर हर गांव में जहां तक की कश्मीर के लाल चौक पर भी तिरंगा खुले मन से खुले दिल से घर-घर पर फहराया गया। एक समय था जब हमें तिरंगा फहराने के लिए तिरंगा यात्रा निकालने पड़ी थी। कांग्रेस की उस समय की सरकार ने जम्मू के श्रीनगर के लाल चौक पर हमें जाने नहीं दिया था, हम वहां पर तिरंगा झंडा फहराना चाहते थे। जब धारा 370- 35 ए मोदी जी ने हटा दी है।अब हम जब श्रीनगर के लाल चौक पर भी झंडा फहरा सकते हैं कोई हमें रोकने वाला नहीं है। आजादी के अमृत महोत्सव में हमको वीर सेनानियों को और बलिदानों को स्वतंत्रता युद्ध के वीर बलिदानियों को याद करना है। गांव गांव के स्कूलों में बड़े-बड़े बोर्ड लगवाएंगे जिसमें वहां के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम वीर बलिदानियों के नाम वीर सैनिकों के नाम लिखे जाएंगे। ताकि वहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाले आने वाली अगली पीढ़ी को यह ज्ञात हो हमारे आज के लिए पूर्व में अपना किसने देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया था।
संगीत विभाग की प्राध्यापिका प्रोफेसर ललिता शर्मा के मार्गदर्शन में कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर के पांच विद्यार्थियों ने राजकीय महाविद्यालय थुरल द्वारा आयोजित लोक संगीत व काव्य पाठ की इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में छात्रा वर्ग लोक संगीत एकल गायन में प्रथम वर्ष की छात्रा स्नेहा ने तीसरा स्थान हासिल किया और छात्र वर्ग लोक संगीत एकल गायन में प्रथम वर्ष के छात्र गौरव ने भी तीसरा स्थान हासिल कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया। संगतीकार के रूप में तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक डोगरा ने हारमोनियम व हितेश कुमार ने ढोलक पर बखूबी भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को उपलब्धि के तौर पर समृति चिन्ह व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य महोदय डॉ. प्रदीप कुमार कोंडल जी ने प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए छात्रों को और संगीत विभाग की ललिता शर्मा बधाई दी।
-लिटफेस्ट के अंतिम दिन रियल और रील लाइफ पर रहा फोकस खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के अंतिम दिन कसौली क्लब में रियल और रील लाइफ पर फोकस रहा। फ़िल्म अभिनेता से राजनेता बने राज बब्बर ने कहा कि मैं अभिनेता हूं, अभिनय से ही मेरी पहचान है। मैंने न नौकरी करने और न डायरेक्टर बनने की कसम खाई है। सिर्फ एक्टिंग करना चाहता हूं, यही मेरी पहचान है। उन्होंने कहा कि बचपन से मेरी पहली मोहब्बत एक्टिंग थी। मैं सिर्फ एक्टर बनना चाहता था। आठवीं कक्षा से शुरू हुई मेरी एक्टिंग की आशिकी पटियाला में आकर परवान चढ़ी। उन्होंने बताया कि आठवीं कक्षा में चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी उसने कहा था में मुझे जर्मन सिपाही का रोल मिला। अच्छा किरदार न निभाने के कारण फिर मुझे कोई रोल नहीं मिला। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में कॉलेज का प्रधान बनने, फिर रोल मिला और फिर मेरी तालाश पूरी हुई। मुझे ओम पुरी, मीना टीवाना ने एनएसडी का रास्ता दिखाया। मैं पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन लिखा-पढ़ा जरूर हूं। यहां मेरे गुरु इब्राहिम से बहुत कुछ सीखा। उन्होंने बताया कि पहली जनवरी 1979 में उन्होंने अपना बजाज स्कूटर 6 हजार रुपए में बेचा। अपनी पत्नी नादिरा और जूही को छोडक़र मुंबई चल गए। कई उतार-चढ़ाव देखे और मुंबई में अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस सत्र में जाने-माने फिल्म अभिनेता और राजनेता राज बब्बर, उनकी बेटी जूही बब्बर सोनी और दामाद अनूप सोनी के बीच दिल को छू लेनी वाली चर्चा हुई। इसमें बाप-बेटी और ससुर-दामाद का संवाद का सभी ने आनंद उठाया। इस सत्र का संचालन अनूप सोनी ने किया। अनूप सोनी ने कहा कि जब घर पर भाई-बहन हंसी-मजाक करते हैं तो कहते हैं पापा आप रेप न करते तो हमारा घर नहीं चलना था। बात हो रही है फिल्म इंसाफ का तराजू की। हलांकि इससे पहले भी राज बब्बर 14 फिल्मों में छोटे -मोटे रोल कर चुके थे, लेकिन यह फिल्म उनके लिए टर्निंग प्वाइंट बनी। राज बताते हैं कि इससे बाद फिल्मों में उनका रोल तो बढ़ा, लेकिन पैसे नहीं बढ़े। 80 के दशक में उनका अभिनय पीक पर था। उन्होंने कहा कि वह एक दोस्त ने उन्हें राजनीति में आने की सलाह दी । मैं सोशलिस्ट रहा हूं। राजनीति में मदद भी कर रहा था। वह राजनीति में आ गए, उन्होंने मुझे राज्यसभा का मेंबर बना दिया। इस एहसान के बदले राजनीति में कूद पड़ा। जब जीत जाते तब लोकसभा और हार जाते तो राज्यसभा के सदस्य रहे। 27 साल वह एमपी रहे। आज तक कोई भी अभिनेता इतने लंबे समय तक नहीं रहा है। अब उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अभिनय को समर्पित है। अब राजनीति को अलविदा कहने बाद दोबारा आप उन्हें पर्दे पर देख सकेंगे। यह बात उनकी बेटी जूही बब्बर ने कही। वह वैब सीरिज में काम कर रहे हैं। 2024 का क्या प्लान है। इस पर वह कुछ नहीं बोले। क्या कहा जूही बब्बर ने.... जूही बब्बर ने एस सवाल के जबाव में कहा कि मेरे पापा कितने भी बिजी रहें, लेकिन कभी मेरा बर्थडे नहीं भूलते और आज तक कभी नहीं हुआ कि मेरी स्कूल इवेंट या कोई मेरा बर्थडे मिस किया हो। 20 जुलाई को मेरा बर्थडे होता है। जूही ने बताया कि मैं चार साल की थी, जब मुंबई आई थी। उस समय हमारे पास 2 बीएचके घर और एक कार होती थी। पापा कैसे मैनेज करते थे, यह बात आज महसूस करती हूं। हम न्यू ईयर, दीपावली और अन्य त्यौहार अपने घर में ही मनाते हैं। यह रिवायत पहले से ही हमारे परिवार में चली आ रही है।
सीपीएस की नियुक्ति पर हिमाचल हाई कोर्ट 4 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगा। आज मैराथन सुनवाई के बाद हिमाचल हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाकर्ता के वकील संजय कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा। दिल्ली स्थित वकील कल्पना देवी द्वारा दायर याचिका में नियुक्ति को अवैध और संविधान के विपरीत बताते हुए सभी सीपीएस को तत्काल हटाने की प्रार्थना की गई है। याचिका में आगे दावा किया गया है कि इन नियुक्तियों से राज्य के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। राज्य में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 8 जनवरी को 6 विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किया था। याचिकाकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संजय कुमार की ओर से पेश वकील ने कहा कि सभी छह विधायकों राम कुमार चौधरी (दून), संजय अवस्थी (अर्की), मोहन लाल ब्राक्टा (रोहड़ू), सुंदर सिंह ठाकुर (कुल्लू), आशीष बुटेल की नियुक्ति (पालमपुर), और किशोरी लाल (बैजनाथ) को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस मामले की सुनवाई आने वाले सप्ताह में होने की उम्मीद है। संजय कुमार ने आगे कहा कि 6 मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) की नियुक्ति को अवैध बताया गया और मांग की गई कि इन सभी विधायकों को सीपीएस के रूप में लाभ के पद पर रहने के लिए नोटिस जारी किया जाना चाहिए और त्वरित सुनवाई के बाद उन सभी को विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
-हाटकोट पंचायत के प्रधान जगदीश अत्रि ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत -कहा, रामलीला से सनातन संस्कृति को आगे बढ़ा रही समिति रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार की रामलीला के दूसरे दिन का आगाज बाबा बालक नाथ की भव्य झांकी के साथ हुआ। दूसरे दिन हाटकोट पंचायत के प्रधान जगदीश अत्रि ने बतौर मुख्य अतिथि आरती कर बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि समिति भगवान राम की लीला के माध्यम से सनातन संस्कृति को आगे बढ़ा रही है व आज की युवा पीढ़ी भगवान राम के जीवन के आदर्शों से सामाजिक दायित्वों को निभा रही है। इस दौरान उन्होंने समिति को अपनी ओर से 7100 रुपये की राशि भेंट की। समिति निर्देशक राधा रमन शर्मा ने मुख्य अतिथि को पटका एवं भगवत गीता देकर सम्मानित किया। रामलीला के दूसरे दिन राधा रमन शर्मा के निर्देशन में श्रवण कुमार की लीला का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान रामलीला मंचन में रावण दरबार, जनक दरबार व दशरथ दरबार के शानदार दृश्य दिखाए गए, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। समिति की ओर से दर्शकों के लिए जहां पंडाल में बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है, वहीं चाय व हलवा प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है। दर्शक समिति की ओर से की गई व्यवस्था व रामलीला के बेहतरीन मंचन की सराहना कर रहे हंै। इस दौरान समिति के संस्थापक देवेंद्र शर्मा, अक्षरेश शर्मा, प्रधान रितेश जोशी, अरविंद जोशी, अजय जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, आशीष द्विवेदी, मुकेश शर्मा, राहुल सहित सभी सदस्य मौजूद थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पीटरहॉफ शिमला में हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में चीन के हांगझोऊ में सम्पन्न एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने ऊना जिला के पुरूष वर्ग में कबड्डी खिलाड़ी विशाल भारद्धाज, भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान रितु नेगी तथा टीम की सदस्य निधि शर्मा, ज्योति, पुष्पा राणा और सुषमा शर्मा को शाल व टोपी से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है और इस बार के एशियन खेलों के आंकड़े हमारे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शा रहे हैं। भारतीय दल ने कुल 107 पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उनकी सफलता उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरक है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों से युवाओं को समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में शीघ्र ही एक गरिमापूर्ण समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में आधारभूत खेल ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास कर रही है तथा राज्य की खेल नीति में परिवर्तन लाने पर भी विचार किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार नीटू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एसोसिएशन की गतिविधियों बारे अवगत करवाया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेेंद्र श्याम, हिमाचल प्रदेश ओलम्पिक एसोसिशियन के सचिव राजेश भंडारी, पार्षद, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-कहा, मात्र 10 महीने में ही चरमराया कांग्रेस सरकार का आर्थिक प्रबंधन -केंद्रीय व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिले -इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम के तहत राशि जारी करने पर जताया आभार शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार देर शाम केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार भेंट की और हिमाचल प्रदेश के लिए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम के तहत राशि जारी करने पर उनका आभार जताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार का आर्थिक प्रबंधन मात्र दस महीनें में ही चरमरा गया है। सरकार आए दिन मनमाना कर्ज ले रही है और मनमाने नियम लाकर प्रदेश के लोगों को परेशान कर रही है। चुनाव के पहले कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने दस गारण्टियां दी थी, उनमें से एक भी पूरी नहीं की लेकिन दस महीनें में प्रदेश के दस हजार लोगों की नौकरी छीनकर प्रदेश को दस हज़ार करोड़ का कर्ज दे दिया है। जयराम ठाकुरने कहा कि एचआरटीसी में आम आदमी चलता है। एचआरटीसी का उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना नहीं है, बल्कि जनता की सेवा करना है। क्योंकि यह हर आम आदमी को घर तक पहुंचाने का साधन है। यह हास्यास्पद स्थिति है महिला को बस में शादी के एल्बम का भी किराया देना पड़ा। दो लैपटॉप एक साथ लेकर चलने पर पूरी सीट का किराया देना पड़ रहा है। यह व्यावहारिक तौर पर मजाक बन गया है। एचआरटीसी कर्मियों को एक-एक महीने बाद वेतन दिया जा रहा है, यह गलत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घाटे की दलील देना उचित नहीं है, जब बीजेपी की सरकार थी तो हमने भी समय पर वेतन दिया था। सरकार की प्राथमिकताएं तय होनी चाहिए। एक लाख लोगों को हर साल नौकरी देने का वादा करने वाली कांग्रेस ने आते ही दस हज़ार लोगों का रोज़गार छीन लिया। दो हज़ार कोविड कर्मियों को छह माह का वेतन दिए बग़ैर ही बर्खास्त कर दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के समय में हिमाचल को केंद्र की ओर से सर्वाधिक मदद मिली । संसाधनों से लेकर नक़द धनराशि रूप में अब तक के इतिहास में सबसे ज़्यादा मिली। मैं ख़ुद कई बार दिल्ली गया और गृहमंत्री समेत सभी प्रमुख नेताओं से बात कर हिमाचल के लिये अधिक से अधिक सहयोग देने का निवेदन किया। सहयोग आया, आगे और भी आएगा लेकिन मुख्यमंत्री ने केंद्र को सहयोग के लिए धन्यवाद तक नहीं दिया बल्कि केंद्र की ओर से मदद नहीं मिलने की बात की गई। यह कहना सर्वथा अनुचित है, मुख्यमंत्री सुक्खू को भगवान से डरना चाहिए। जयराम ने कहा कि भारत का आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमेशा कड़ा रुख़ अपनाने की नीति पर ही काम करेगा। हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए हमले में प्रधानमंत्री ने हमास की कड़े शब्दों निंदा की और स्पष्ट तौर पर इसराइल के साथ खड़े रहने की बात की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का क़द बहुत बढ़ा है। आज हर वैश्विक संकट में विश्व भारत की तरफ़ संकट के निराकरण के उद्देश्य से देखता है।
-विधायक मलेंद्र के सामने छलका खंडा सनिहाल के लोगों का दर्द -कहा, बच्चों के रिश्ते करवाना मुश्किल, लोग पैदल नहीं आना चाहते विधायक मलेंद्र राजन रविवार को खंडा गांव के लोगों की समस्याएं सुनने उनके गांव पहुंचे, लेकिन रास्ते की सुविधा न होने के कारण विधायक व उनके साथ आए अन्य गणमान्यों को भी खंडा गांव पहुंचने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल सफर कर जाना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कहा कि रास्ता व पुली न होने से बरसात में वे नारकीय जीवन जीने पर विवश होते हैं। वहीं, विधायक ने मौका पर ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इसकी विवरणात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। विधायक ने ऐच्छिक निधि से महिला मंडल खंडा को 20 हजार रुपये देने की घोषणा की। विधायक के रूप में पहली बार मलेंद्र राजन यहां समस्याएं सुनने पहुंचे। लोगों ने रोष पूर्वक कहा कि नेता इस गांव में केवल चुनावों के समय में ही आते रहे हैं। उन्होंने विधायक का गांव में पहुंचने पर धन्यवाद किया। वहीं खंडा में जन समस्याएं सुनने के बाद मलेंद्र राजन दीणी गांव पहुंचे। यहां लोगों ने बताया कि पानी का टैंक तो दीणी में बना है, लेकिन पेयजल उपलब्धता लगभग शून्य है, इस गाँव के लोगों को 10 दिन में एक बार पेयजल सुविधा उपलब्ध हो पाती है, जिससे उन्हें अत्यंत समस्या का सामना करना पड़ता है। जबकि गांव में 5 पेयजल टैंक बने हुए हैं। यह गांव राजनीतिक दृष्टिकोण से इंदौरा में पड़ते हैं, जबकि जल शक्ति विभाग फतेहपुर के अधिकार क्षेत्र में स्थित हैं। विधायक ने सभी समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से हल करने का लोगों को आश्वासन दिया।
पाइनग्रोव ! पाइनग्रोव ! पाइनग्रोव ! यही नाम गूंज रहा था, जब पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह नेंजे डब्लू मैरियट होटल-नई दिल्ली के सुसज्जित मंच पर सम्मान लेने के लिए कदम रखा। सम्मान समारोह में देशभर के कई दिग्गज शिक्षाविद् एवं विद्यालय पधारे थे। एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2023 के लिए मई माह में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। बहुत अधिक विस्तृत जानकारी प्रतिपादित करते हुए पाइनग्रोव स्कूल द्वारा आवेदन दाखिल किया गया। प्रक्रिया में बहुत विस्तार से जानकारी मांगी जाती है, जिसमें विद्यालय का ढांचागत स्वरूप एवं उसका विकास, आधुनिकता के साथ सायंजस्य, अध्यापकों के लिए सुविधाएं, सामाजिक कार्यों में योगदान, खेल उपलब्धियां, अनेकानेक गतिविधियों में प्रतिभागिता एवं उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, अध्यापक-छात्र रेशो, विद्यार्थियों के लिए इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम्स, केरियर गाइडेंस कार्यक्रम, एनसीसी, स्काउट्स, आईएवाइपी, रौंद स्क्वेयर, एएफएस एवं अनेक अन्य मापदंड शामिल होते हैं। सत्र 2022 में पाइनग्रोव स्कूल देशभर में तीसरे स्थान पर था, जबकि इस सत्र लगातार सुविधाओं एवं अति उच्च स्तर के अंतर्राष्ट्रीय ढांचे को विकसित करके बोर्ड परिणामों एवं अन्य खेल गतिविधियों में अपार सफलता प्राप्त करके पहले रैंक पर पहुंच गया है। हम सभी हिमाचल वासियों के लिए गर्व का विषय है कि देश का नंबर वन विद्यालय अपने प्रदेश की वादियों में फलित हुआ है। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह ने विद्यालय के सभी कर्मचारियों एवं अध्यापकों को अपार बधाई देते हुए ज्ञापित किया कि यह सम्मान सभी की कड़ी मेहनत एवं लग्न का सुखद परिणाम है। इस अवसर पर गौरव का वह क्षण भी स्मरण हो आया है जब कैप्टन ए जे सिंह को हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह द्वारा प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान प्रेरणा स्रोत प्रदान किया था। हमें पाइनग्रोव स्कूल और इसके कुशल नेतृत्व पर गर्व है।
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एग्रीकल्चरल म्यूजियम (एआईएमए) द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ एग्रीकल्चरल म्यूजियम का 20वां संस्करण, सीआईएमए-2023, शूलिनी यूनिवर्सिटी कैंपस में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और अगले दो दिनों तक पीएयू, लुधियाना में जारी रहेगा। एक प्रमुख सत्र में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह, जिन्हें भारत के जलपुरुष के रूप में जाना जाता है, ने सिंचाई के लिए पारंपरिक जल संचयन के विषय पर दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय कृषि में जल संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और प्राकृतिक संसाधनों पर आधुनिक कृषि पद्धतियों के हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डाला। एक अन्य उल्लेखनीय सत्र में ्रहृञ्ज॥क्र्र के संस्थापक-निदेशक डॉ. नित्या घोटगे शामिल थे, जिन्होंने पशुधन और हरित क्रांति के प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने पशुधन प्रबंधन के उभरते परिदृश्य, विशेष रूप से पारंपरिक तरीकों से आधुनिक मशीनरी में परिवर्तन की ओर ध्यान आकर्षित किया। सतना, मध्य प्रदेश के स्वतंत्र पत्रकार सुरेश दहिया ने कृषि रसायनों के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला, जिसके परिणामस्वरूप मिट्टी और पर्यावरण प्रदूषण हुआ। पश्चिम बंगाल के कृषि निदेशालय में कृषि के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. अनुपम पॉल ने भारत की पारंपरिक चावल किस्मों के संरक्षण के महत्व और जैव विविधता और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर चर्चा की। डॉ. संचित ठाकुर ने भारत में टिकाऊ कृषि और जैव विविधता के संरक्षण में फसल विविधता की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. बारबरा कोर्सन, क्लॉस क्रॉप, डॉ. पॉल स्टार्की ने कामकाजी जानवरों के कल्याण और पशु विरासत के बारे में जानकारी साझा करने के महत्व को संबोधित किया। हिमाचल सत्र में, हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. सुरेश सी. अत्री ने जलवायु तनाव की स्थिति में नमी प्रबंधन और सिंचाई प्रथाओं को अपनाने के अनूठे पहलुओं पर चर्चा की। इसके अलावा, चेन्नई के एक कृषि अभियंता और विकास पेशेवर डॉ. आर. सीनिवासन ने पारंपरिक टैंक पारिस्थितिकी तंत्र के पारिस्थितिक और सामाजिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अतिक्रमण और शहरीकरण सहित इन पारिस्थितिक तंत्रों के लिए खतरों की ओर इशारा किया, और बदलती जलवायु परिस्थितियों के संदर्भ में स्थानीय आजीविका का समर्थन करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए उनके संरक्षण और विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इन सत्रों ने कृषि, जल संरक्षण, पशुधन प्रबंधन और पर्यावरणीय चुनौतियों के सामने पारंपरिक प्रथाओं के संरक्षण के महत्व के विभिन्न पहलुओं पर अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। सम्मेलन ने विशेषज्ञों के लिए ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया, जिससे भारत में कृषि के लिए अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण का मार्ग प्रशस्त हुआ। शूलिनी विश्वविद्यालय सभी प्रतिभागियों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता है और कृषि स्थिरता के क्षेत्र में आगे के सहयोग और प्रयासों के लिए तत्पर है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि देश व प्रदेश के समग्र विकास में शिक्षा महत्वपूर्ण घटक है। डॉ. शांडिल आज सोलन के दुर्गा पब्लिक स्कूल के 20वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिक्षा युवाओं को बेहतर नागरिक बनाने का सर्वोत्तम साधन है। इसके लिए आवश्यक है कि अध्यापक और छात्र दोनों समर्पित होकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि अध्यापक का छात्रों को अच्छा नागरिक बनाने के प्रति समर्पित होना तथा छात्रों का अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण रखना ही सफलता की कूंजी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली गुणवत्तायुक्त शिक्षा बेहतर और अनुशासित समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को सफलता के शिखर पर पहुंचाती है। ज्ञान और अनुभव मिलकर हमारे मार्ग को सफलता की ओर अग्रसर करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर इसे एकाग्र मन से पाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि वह अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा छात्रों की शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल आरम्भ किए जा रहे हैं। डॉ. शांडिल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और कठिन परिश्रम तथा दृढ़ता के साथ ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खेल-कूद प्रतियोगिताएं एवं अन्य गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर खेल-कूद प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहनी चाहिएं ताकि छात्र ऑल राउडर बन सकें। उन्होंने कहा कि छात्रों को नशे की लत से दूर रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे जैसे कुरीति छात्र के जीवन को केवल अंधकार में ही धकेल सकती है। इससे बचाव समाज और छात्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी को स्थापना दिवस समारोह की बधाई दी और मेधावी छात्रों को शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद विजय ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति सेवादल के सदस्य हरि मोहन, खंड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव लोकेंद्र शर्मा तथा कुनाल सूद, अजय कंवर, दुर्गा पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष राजेश्वर कंवर तथा ईंद्रा कंवर, प्रबंधक टिक्कम सिंह तथा जितेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य अंजली वशिष्ठ, संजय शांडिल, पूनम शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा छात्र उपस्थित थे।
कहा, सुख आश्रय योजना के तहत 4.68 करोड़ के लाभ दे चुकी है सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इस वर्ष 7 नवंबर तक अनाथ बच्चों को समयबद्ध प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 4000 से अधिक अनाथ बच्चों को सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा अनाथ बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेटÓ के रूप में नामित करते हुए उनके लिए कानून बनाया गया है, जिससे सरकार की उनके अभिभावक के रूप में कानूनी जिम्मेवारी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अनाथ बच्चों को अभी तक 4.68 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान कर चुकी है। योजना के तहत बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले 1,199 बच्चों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से 1.12 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। यह राशि जिला बाल संरक्षण अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से संचालित आवर्ती जमा (आरडी) खातों में जमा की गई है। इसके अंतर्गत 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को 1,000 रुपये प्रतिमाह और 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को 2,500 प्रति माह राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 48 लाभार्थियों को उनकी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए संस्थागत शुल्क 15.52 लाख रुपये तथा प्रति व्यक्ति 4,000 रुपये प्रति माह की दर से व्यक्तिगत खर्च के लिए 11.52 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 17 लाभार्थियों को पाठ्यक्रम शुल्क (कोर्स फीस) के लिए 7.02 लाख रुपये और जेब खर्च के रूप में 4.08 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। एक पात्र को कौशल विकास पाठ्यक्रम के लिए 17,500 रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बाल देखभाल केन्द्रों के 62 बच्चों को संस्थान की फीस के रूप में 15.66 लाख रुपये और जेब खर्च के रूप में 14.88 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से वंचित बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन बच्चों को घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता और 3 बिस्वा जमीन प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त इनके लिए हवाई किराया और तीन सितारा होटलों में रहने की सुविधा के साथ शैक्षणिक भ्रमण प्रायोजित किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत अब तक 3 लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 6 लाख रुपये दिए गए हैं। अपने रिश्तेदारों के साथ रहने वाले 1106 बच्चों को उनकी शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 2.65 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ लेने के उपरान्त उन्होंने सर्वप्रथम शिमला में बालिका आश्रम टूटीकंडी का दौरा कर उनकी आवश्यकताओं को जाना। यहीं से वह अधिकारों से वंचित अनाथ बच्चों के लिए एक योजना बनाने के लिए प्रेरित हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वंचित वर्गों विशेषकर जरूरतमंदों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
घाना के अक्रा में 6 दिनों का राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन तथा 10 दिनों का स्पेन तथा स्विट्जरलैंड देशों का अध्ध्यन प्रवास संपन्न होने के पश्चात विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया कल ल्यूसर्न (स्विट्जरलैंड) से इस्तांबुल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश वापसी की पूर्व संध्या पर पठानिया ने कहा कि आज दुनिया में पूरी तरह से तेजी से बदलाव हो रहा है। पठानिया ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व विकास के शिखर की ओर अग्रसर है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग ने दुनिया को रंगीन तथा स्वावलंबी बना दिया है। आज छोटे से छोटे देश ने भी तरक्की की नई उंचाईयां हासिल कर ली हैं। टेक्नोलोजी के दृष्टिगत भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को स्मरण करते हुए पठानिया ने कहा की वे एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्हाने वर्ष 1985-86 में टेक्नोलोजी युग की कल्पना की थी तथा विश्व में आने वाले बदलाव के प्रति भारत के तकनिकि विशेषज्ञ को भी सचेत किया था। पठानिया ने कहा कि स्पेन तथा स्विट्जरलैंड जैसे छोटे-छोटे देशो ने भी नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर पर्यटन, सूचना एवं प्रोद्योगिकी तथा डेयरी फार्म जैसे सेक्टर में अविश्वसनीय कार्य किया है, जिसकी वजह से उन्होंने अपने देश की आर्थिकी को मजबूत किया है। पठानिया ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात हमारे देश ने भी अदभूत तरक्की की है लेकिन कूछ क्षेत्रो में हम अभी भी वह मुकाम हासिल नही कर पाये है, जिसकी हमने कल्पना की थी। हिमाचल का जिक्र करते हुए पठानिया ने कहा कि यहां कुदरत ने हमें बहुत कुछ दिया है, लेकिन हम इसका ठीक से दोहन नहीं कर पा रहे हंै। उन्होंने कहा कि हमें पर्यटन, ऊर्जा, वन तथा नकदी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने प्रदेश को स्वावलंबी बना सकें। पठानिया ने देश तथा प्रदेशवासियों को नवरात्र की बधाई दी है।


















































