उप मंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत पुलिस ने गश्त के दौरान बिल्लू राम पुत्र ज्ञान चंद, निवासी इंदिरा कॉलोनी, वार्ड 7, नगर परिषद ज्वालमुखी, जो कि पेशे से कबाड़ का कार्य करता है, उससे 20.75 ग्राम चरस बरामद की है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
-हर्षिता वर्मा बनी मिस स्ट्रॉन्गेस्ट हिमाचली -एचपीयू में करवाई गई थी हैवीवेट चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हैवीवेट चैंपियनशिप एनपीसी सीरीज़-2 का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में शिमला के मल्याणा निवासी विशाल ठाकुर ने स्ट्रॉन्गेस्ट मिस्टर हिमाचल का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही हर्षिता वर्मा ने मिस स्ट्रॉन्गेस्ट हिमाचली का खिताब अपने नाम किया। आपको बता दें कि विशाल ठाकुर फिटनेस वर्ल्ड जिम के कोच भी हंै। यह जिम मल्याना में स्थित है। खिताब अपने नाम करने के बाद विशाल ठाकुर ने कहा कि वह कई वर्षों से वेट लिफ्टिंग करते आ रहे हैं और आज इस प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम करने पर बेहद उत्साहित महसूस कर रहे हैं। विशाल ने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलकूद और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आह्वान किया। ्र
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 666 किमी सड़कों के निर्माण में होगा तकनीक का उपयोग हिमाचल प्रदेश में पहली बार सड़कों का निर्माण फुल डेप्थ रेक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक पर किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा पर आयोजित एक बैठक में दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों में इस तकनीक का उपयोग करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए और कहा कि शुरूआती चरण में विभिन्न जिलों में 666 किमी सड़कों का निर्माण इस तकनीक से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार व असम के बाद हिमाचल प्रदेश एफडीआर तकनीक का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण करने वाला देश का चौथा राज्य बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक से सड़कें ज्यादा टिकाऊ बनती हैं और वाहनों के लिए भी यह सड़कें बेहतर हैं। साथ ही इसकी लागत भी कम है और यह तकनीक पारिस्थिकी के अनुकूल (इको फ्रेंडली) भी है। इस तकनीक में सड़क की सतह से सामग्री का उपयोग कर इसमें सीमेंट और एडिटिव को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है, जिससे सड़कों का निर्माण किया जाता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए सड़क संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है। आने वाले समय में करीब 2682 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें से 666 किमी सड़कें एफडीआर तकनीक, 556 किमी सड़कें सीमेंट स्टेबलाइजेशन तथा 1460 किमी सड़कों का निर्माण परम्परागत तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन पर लगभग 2683 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश में सड़कें लोगों की जीवन रेखा कही जाती हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा इन सड़कों का निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को सड़क सुविधा का लाभ समय पर मिल सके। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, प्रधान सचिव, लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, प्रमुख अभियंता अजय कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
-बर्फबारी होने से तापमान में आई गिरावट -निचले क्षेत्रों में बारिश होने से किसानों के चेहरे चहके सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के नौहराधार की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में इस सीजन का पहला हिमपात हुआ है। रविवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसी करवट बदली कि ऊंची चोटियों पर हिमपात होना शुरू हो गया, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। समुद्र तल से करीब 12 हजार फुट ऊंची चूड़धार की चोटियों पर सफेद चादर से ढक गई हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां दिवाली से ठीक पहले शिरगुल महाराज अपनी तपो स्थली पर सदेफी करते हैं और आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़धार में बर्फबारी के कारण मौसम ठंडा हो गया है। वहीं, निचले क्षेत्रों में हुई बारिश किसानों व बागवानों के लिए बरदान से कम नहीं है। यहां इन दिनों मटर, गोभी, अदरक व लहसुन की फसल उगाई जा रही है।
-मनाली-लेह एनएच-3 दारचा से सरचू के बीच बंद हिमाचल के लाहौल व कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। नेशनल हाईवे तीन मनाली-लेह बर्फबारी के चलते दारचा से सरचू के बीच बंद हो गया है। इसके साथ दारचा-शिंकुला सड़क भी बर्फबारी से बंद हो गई है। वहीं पुलिस ने शिकुंला में बर्फबारी के चलते फंसे नौ मजदूरों को रेस्क्यू किया है। यह मजदूर रात को बर्फबारी में फंस गए थे। जिन्हें रेस्क्यू कर सकुशल दारचा पहुंचाया गया। वहीं नेशनल हाईवे 505 ग्रांफू के रास्ते बर्फबारी के चलते बंद हो गया है। ग्रांफू-काजा-समदो सड़क फिलहाल सभी प्रकार के वाहनों के लिए ठप है। हालांकि तांदी-तिंदी, किलाड़-संसारी सड़क में वाहनों की आवाजाही जारी है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने सड़कों की स्थिति को देखकर ही यात्रा करने का आग्रह किया है। हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 17 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। 18 अक्तूबर से मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 15 और 16 अक्तूबर को चंबा, कुल्लू, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट का असर रहेगा। इस दौरान इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी हुई है। शेष जिलों के लिए इस दौरान येलो अलर्ट जारी हुआ है।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर 34वीं उत्तरीय जोन कनिष्ट एथलेटिक्स प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर शॉट पुट स्पर्धा में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेगी। विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि यह बड़े गर्व की बात है कि गुंजन का चयन राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता जम्मू में 15 से 17 अक्टूबर तक होगी। वहीं, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि गुंजन का राष्ट्र स्तर पर चयन होना वद्यालय के लिए बड़े हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि गुंजन ठाकुर एक बहुत उम्दा ख़िलाड़ी है। इसका लगातार तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर चयन हो चुका है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन अशोक चौहान, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि इनके मागदर्शन से गुंजन हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय, इलाके और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी। गुंजन की इस उपलब्धि के लिए अरुणा शर्मा और अमर देव, अध्यापक अभिभावक संघ अध्यक्ष रतन तंवर एवं सभी सदस्यों ने गुंजन व उसके माता-पिता को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
-मेजर ने खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में ताजा की पाकिस्तानी-बांग्लादेश युद्ध की यादें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन मेजर जनरल ईयान कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर उनके साथ सारा जैकब ने चर्चा की। उन्होंने 1971 के पाकिस्तानी-बांग्लादेश युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध के फैलने के दौरान वह कार्डोज़ो डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में एक पाठ्यक्रम में भाग ले रहे थे। उनकी बटालियन, 4/5 गोरखा राइफल्स, पहले से ही ऑपरेशन के पूर्वी मोर्चे पर तैनात थी। बटालियन का सेकेंड-इन-कमांड कार्रवाई में मारा गया और कार्डोज़ो को उसकी जगह लेने का आदेश दिया गया। सिलहट की लड़ाई के दौरान भारतीय सेना के पहले हेलिबोन ऑपरेशन में उनका साथ देने के लिए वह समय पर अपनी बटालियन में पहुंचे। यहां 9 दिन और 9 रात हमारे सैनिक दुश्मनों का मुकाबला करते रहे। न खाना न पानी। अदम्य साहस का परिचय देते हुए 352 सैनिकों ने पाकिस्तान के 8000 की आर्मी को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। ढाका के बाद कार्डोजो का पैर एक बारूदी सुरंग पर पड़ गया और उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। पेनकीलर व अन्य दर्द निवारक औषधी न होने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उसका पैर शल्य चिकित्सा द्वारा नहीं काटा जा सका। बाद में उन्होंने अपनी खुखरी का इस्तेमाल अपना पैर काटने के लिए किया। 9 माह अस्पताल में रहा। 6 माह बाद उनका वेतन आधा कर दिया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे मैं आहत हुआ। आर्मी ऑफिसर बोल नहीं सकता, लेकिन जनता तो बोल सकती है। एक मेजर आर्मी के इतने बड़े सिस्टम से कैसे लड़ सकता है। उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ी। नकली पांव से वो सब कुछ किया , जो सामान्य कर सकते थे। उन्हें प्रेरणा मिली पुस्तक अस्पताल के दौरान पुस्तक रीच फॉर स्काई से। उन्होंने कहा कि उन्होंने आर्मी पैसे के लिए नहीं बल्कि वे ऑफ लाइफ के लिए चुना था। हर आर्मी ऑफिसर का सपना होता है कि वह कमांड करें। लिटफेस्ट के दूसरे दिन कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर चर्चा खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन मेजर जनरल ईयान कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर उनके साथ सारा जैकब ने चर्चा की। मेजर जनरल ईयान कार्डोजो से प्रश्न किया गया कि आपने 7 पुस्तकें लिख चुके हैं और अपने जीवनी लिखने की क्यों सोची। उन्होंने बताया कि खुशवंत सिंह के साथ अपना संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक बार खुशवंत सिंह ने उन्हें अपनी साथ वाली चेयर पर बिठाया और कहा कि मैं आपकी स्टोरी लिखना चाहता हूं। उन्होंने कहा कोई स्टोरी नहीं है। खुशवंत सिंह ने कहा कि यस और नो। मैंने कहा नो। उन्होंने कहा कि फिर आप अपनी स्टोरी पढ़ लेना, कोई गलती हुई तो उसके लिए आप जिम्मेवार होंगे। फिर हम दोनों ने व्हीस्की ली। इसी से उन्हें अपनी जीवनी लिखने की प्रेरणा मिली। 1937 में मुंबई में हुआ था जन्म 1937 में मुंबई में जन्म ईयान कार्डोजो प्रारंभिक शिक्षा मुम्बई में हुई। कार्डोजो ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर भारतीय सैन्य अकादमी में भाग लिया। जहां से वह 5 गोरखा राइफल्स (फ्रंटियर फोसज़्) में शामिल हो गए और उन्हें कमीशन दिया गया। उन्होंने गोरखा राइफल्स के साथ भी काम किया है और उनके साथ दो युद्ध लड़े हैं-1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध।
शनिवार सुबह महिंद्रा पिकअप गाड़ी (एचपी 63 सी 5039) सड़क से 200 फीट नीचे टोंस नदी में जा गिरी। इस हादसे में गाड़ी में सवार शिमला जिले की नेरवा तहसील की टिक्करी पंचायत के रहने वाली तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के मिनस पाटन के समीप हुआ। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान किसी को पता नहीं चला। इस बीच हिमाचल की तरफ से सड़क पार कर रहे ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को देखा और फिर फोन कर पाटन के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने शव बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिए। मृतकों की पहचान चालक राकेश कुमार (26) निवासी हिराह, टिक्करी, वाहन मालिक सुरजीत सिंह (35) निवासी टिक्करी और श्याम सिंह (48) निवासी धनत, टिक्करी के तौर पर हुई है। ये तीनों शुक्रवार देर शाम उत्तराखंड के पाटन गांव में गोबर खाद लेने गए थे। शनिवार सुबह खाद लेकर वापस टिकरी जा रहे थे। हादसा इतना खतरनाक था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों व एसडीआरएफ की टीम ने शव सड़क तक पहुंचाए। राजस्व निरीक्षक राजेंद्र लाल ने बताया कि घटनास्थल पर ही गाड़ी सवार तीनों की मौत हो चुकी थी।
सहकारिता सचिव सी. पालरासु ने आज यहां बताया कि प्रदेश के सहकारिता विभाग ने राज्य की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के लिए नई पहल की हैं। इसके अन्तर्गत हिमाचल ने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के साथ मिलकर, सहकारी क्षेत्र में लगभग 40 नई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य राज्य के सहकारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सहकारी समितियों के उपनियमों से लेकर व्यवसाय विविधीकरण तक की संपूर्ण संरचना में संशोधन करना है। इसके दृष्टिगत जन औषधि केंद्रों के रूप में शामिल प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। राज्य में लगभग 50 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों ने जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि सामान्य सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) योजना के रूप में यह समितियां लोकमित्र केंद्रों के रूप में कार्य करेंगी, जो ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र समयबद्ध और सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाएगी। इन केंद्रों के माध्यम से टेली-लॉ और टेली-मेडिसिन जैसी विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध हैं। प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में 80 से अधिक अधिक समितियां कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के लिए एलपीजी और पैट्रोल पंप खुदरा लाइसेंस भी खोले गए हैं। पालमपुर की एक सोसायटी ने भी इस योजना के अंंतर्गत आवेदन किया है और अगले 10 दिनों के भीतर कई अन्य सोसायटी द्वारा आवेदन करने की उम्मीद है। राज्य में अधिकांश सभाओं द्वारा आदर्श उपनियमों को भी अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को कम्प्यूटरीकृत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। अगले 2 महीने के भीतर हार्डवेयर की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी और सभी चिन्हित सोसायटियों को उनके दैनिक कारोबार के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनाज भंडारण कार्यक्रम में जिला ऊना की एक सोसायटी की पहचान की गई है और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश में लगभग 1300 समितियां प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में जिला सहकारी विकास समिति की बैठकें आयोजित की गई हैं जिसमें विभिन्न विभाग सहकारी क्षेत्र के विभिन्न मामलों को सुलझातेे हैं। उन्होंने राज्य की सभी प्राथमिक समितियों से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति लिमिटेड और भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में आगे आने की अपील की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज सायं अपने सरकारी आवास ओक ओवर से सचिवालय पैदल पहुंचे। रास्ते में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनका हालचाल जाना। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा और पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी भी उनके साथ थे।
-ट्रैकिंग डिवाइस व गाइड की सुविधा देने की हो रही तैयारी -ट्रैकर्स के लापता होने की घटनाओं पर लगेगा अंकुश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा ट्रैकिंग के शौकीनों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। ट्रैकर्स के लापता होने की घटनाओं को कम करने के दृष्टिगत राज्य सरकार एक नई पहल करने जा रही है। ट्रैकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग को प्रदेश में ट्रैकिंग रूट्स अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग पहली बार मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप तथा उस रूट पर उपलब्ध ठहरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह ट्रैकिंग रूट्स अधिसूचित करेगा। विभाग इन रूट्स को ईको-टूरिज्म सोसाइटी के माध्यम से ट्रैकर्स को एक पैकेज के रूप में पेश करेगा, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और बेहतर सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। पैकेज में ट्रैकिंग रूट से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैकर्स कई बार रूट पर जाकर भटक जाते हैं और उनके साथ अनहोनी घटनाएं भी सामने आती रहीं हैं। उन्हें ढूंढने के लिए राज्य सरकार को बचाव अभियान चलाने पड़ते हैं, जिसमें काफी संसाधन लगते हैं। ऐसे में वन विभाग ट्रैकर्स की सुविधा को देखते हुए इन रूट्स को अधिसूचित करेगा, जिससे ट्रैकर्स की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। ट्रैकिंग पर जाने से पहले इच्छुक व्यक्ति को पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। उन्हें अनिवार्य रूप से ट्रैकिंग डिवाइस दिए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनकी भौगोलिक स्थिति का पता लगाने में आसानी हो और उन्हें समय पर मदद पहुंचाई जा सके। वन विभाग ट्रैकर्स को गाइड की भी सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इन गाइड्स का भी पंजीकरण किया जाएगा और वन विभाग उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में पर्यटन की मुख्य भूमिका है इससे राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है, वहीं हजारों परिवारों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध होते हैं। ऐसे में राज्य सरकार प्रदेश में धार्मिक, साहसिक तथा ईको टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। सरकार ने प्रतिवर्ष प्रदेश में 5 करोड़ पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य रखा है तथा इसी के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।
पुलिस थाना खुंडिया के अंतर्गत गश्त के दौरान पुलिस ने तलाशी के दौरान एक आल्टो कार से 48 बोतल देसी शराब मार्का बीआरबी संतरा बरामद की है। आरोपी की पहचान अनिल कुमार पुत्र कश्मीर सिंह निवासी घमभा, डाकघर व तहसील खुंडिया के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के 12वें एडिशन का आगाज शुक्रवार को कसौली क्लब में हुआ। इसमें मुख्य वक्ता लेखक डॉ. प्राकला प्रभाकर, मणि शंकर अय्यर, इंद्राणी मुखर्जी, राहुल सिंह, निरुपम दत्त सहित कई जानी-मानी हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। पहले दिन इंद्राणी मुखर्जी की किताब अनब्रोकन चर्चा में रही। इंद्राणी मुखर्जी ने इस दौरान किताब को लेकर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। इंद्राणी ने कहा कि 16 वर्ष की उम्र में मां बनना एक कड़वा अनुभव रहा। बाद में पति से तलाक होने के बाद मीडिया ग्रुप के किंग पीटर से दूसरी शादी होने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ हासिल किया। पर पहली बेटी शीना की मर्डर मिस्ट्री के बाद गिरफ्तारी और 6 वर्ष तक जेल में रहते 'अनब्रोकन इंद्राणी मुखर्जीÓ किताब को लिखने का अवसर मिला। जेल में लिखे 1 लाख 26 हजार 582 शब्द ही असल कहानी है। इंद्राणी बताती है कि नाबालिग बेटी की मर्डर मिस्ट्री के बाद जब उसे जेल भेजा गया तो पति पीटर ने वकीलों को पैसा देकर कई तरह के डॉक्यूमेंट साइन करने को भेजा, लेकिन उन्होंने किसी भी कागज को साइन करने से मना कर दिया। यदि उस वक्त कागज साइन कर दिए होते तो आज वह और उसके बच्चे बर्बाद हो जाते।मुखर्जी ने कहा कि वह आज तक नहीं समझ पाई की बेटी का मर्डर कैसे हुआ और किसने किया। किताब में उन्होंने उल्लेख किया कि पति पीटर ने सोचा था की इंद्राणी मुखर्जी जेल में 15 दिन तक जिंदा नहीं रह पाएगी पर ऐसा नहीं हुआ। इंद्राणी ने कहा कि अपने आप को साबित करने के लिए जेल में कलम का सहारा लिया और वह आज जेल से बाहर खुशहाल जिंदगी जी रही है। इंद्राणी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही है साथ ही नई किताब भी लिख रही है। इसके अलावा उन्होंने दिनचर्या में भी योगा, एक्सरसाइज और डांस को शामिल किया है। इंद्राणी ने कहा कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया उसके बारे में क्या कहती और सोचती है। इंद्राणी ने कहा कि अनब्रोकन इंद्राणी मुखर्जी के ऑडियो विजुअल राइट्स को बेच दिए है। अब उसकी कहानी फिल्मी पर्दे पर भी देखी जा सकती है, जिसमें अब सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। लेखक व साहित्यकार डॉ. परकला प्रभाकर ने अपनी किताब क्रूकेड टिम्बर ऑफ न्यू इंडिया पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि साल 2014 से शुरू हुई स्कीम मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्किल इंडिया और स्वच्छ भारत यह सब सुनने में बहुत अच्छा लगता था, लेकिन सुनने तक ही रह गया। ये पॉलिटिकल पार्टी के महज पब्लिसिटी स्टंट है। अब जो बोलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और कैद कर दिया जाएगा। इसलिए शुरू हुई यह यात्रा अब शटअप इंडिया तक पहुंच गई है। इस तरह के न्यू इंडिया को बनाने में ये राजनीतिक पार्टियां जिम्मेवार हैं। अब इस न्यू इंडिया से बाहर करने में यह मदद नहीं कर सकती। आने वाले 2024 के परिणाम भी हमें अपना भविष्य संवारने में मदद नहीं करेंगे। देश की स्थिति इस वक्त यह है कि हमारा स्किल रेट 5 फीसदी, जबकि सॉलिड इकोनॉमी वाले देश जैसे यूके साउथ कोरिया और जापान के 85 फीसदी टच करता है। हमारे देश से पिछले 9 वर्षों से एवरेज डेढ़ लाख हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल इंडियन सिटीजन छोड़ सिंगापुर या मिडल ईस्ट की ओर रुख कर रही है। पिछले 10 साल में 100 लाख करोड़ कर्ज चढ़ गया है। देश में पहले 30 से 32 फीसदी प्राइवेट इन्वेस्टमेंट होती थी जो आज महज 19 फीसदी रह गई है।
-स्वास्थ्य मंत्री ने यूरो किड्स स्कूल के वार्षिक समारोह में की शिरकत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि प्ले स्कूल बच्चों को भावी शिक्षा के लिए पूर्ण रूप से तैयार करने में बेहतर कार्य कर रहे हैं। डॉ. शांडिल आज यहां यूरो किड्स स्कूल सोलन के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण अध्यापक हैं, जोकि बच्चों की नींव मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुओं के मार्गदर्शन में ही बच्चे जीवन की ऊंची से ऊंची उड़ान भरने में सक्षम होते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर नन्हे छात्रों के अभिभावकों से आग्रह किया कि इन बच्चों को भविष्य का उत्तरदायी नागरिक बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशा व्यापक समस्या बनकर उभरा है। छोटे बच्चों के अभिभावकों को न केवल एक आदर्श प्रस्तुत करना होगा किंतु बच्चों की गतिविधियों पर भी सदैव ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि एकता के साथ ही हम नशे को हरा पाएंगे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्ले स्कूल के अध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह अध्यापक बहुत छोटी आयु के बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं। इस स्तर पर अभिभावकों और अध्यापकों का आपसी तालमेल आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों व अन्य को सुखाश्रय योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत चिन्हित किए गए लगभग 2700 अनाथ बच्चे, जो कि अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं, को भी 27 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 4000 रुपये मासिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस योजना में मातृत्व देखभाल की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के लिए एक परिचारिका का भी प्रावधान किया गया है और प्रत्येक बढ़ते तीन बच्चों के लिए एक मैट्रन का भी प्रावधान है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस योजना के बारे में लोगों को अवगत करवाएं ताकि कोई भी पात्र बच्चा न छूट पाए। यूरो किड्स की मुख्याध्यापक सीमा बहल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्कूल के नन्हे बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यातिथि द्वारा स्कूल के बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अपनी एच्छिक निधि से 11 हजार रुपये देने की घोषणा की। जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक जतिन साहनी, नगर निगम के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, पूजा, संगीता ठाकुर, ईशा पराशर, नगर निगम के मनोनीत पार्षद रजत थापा तथा विजय ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के सचिव विजय ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव कुनाल सूद, कांग्रेस समिति के मीडिया पैनालिस्ट शोभित बहल, कांग्रेस सेवा दल के सदस्य हरिमोहन शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अरविंद, नन्हे बच्चे तथा अभिभावक इस अवसर पर उपस्थित थे।
-फाइनल मुकाबले में पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर को दी शिकस्त -मॉडर्न स्कूल की ऋद्धिमा ने हासिल किया प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में आईपीएससी अंडर-17 गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट-2023 का आयोजन 10 से 13 अक्तूबर तक किया गया। इसमें देश के उन प्रतिष्ठित विद्यालयों की टीमों ने भाग लिया, जो लड़कियों के क्रिकेट कौशल निखारने हेतु मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम हैं एवं लड़कियों को भी लड़कों के समान अवसर देने की सोच तथा हिम्मत रखते हैं। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों में मुख्य रूप से मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल अजमेर, मॉडर्न स्कूल दिल्ली, यादवेंद्र पब्लिक स्कूल मोहाली और मेज़बान पाइनग्रोव स्कूल शामिल थे। फाइनल मैच में राजकुमार ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। राजकुमार ठाकुर हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा में चयन के पश्चात राजस्व एवं बंदोबस्त विभाग में बतौर तहसीलदार सेवाएं दे चुके हैं। ये लाहौल-स्पीति के उदयपुर एवं जिला बिलासपुर के नैना देवी में एसडीएम के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले लीग मैचेज के आधार पर खेले गए। फाइनल मैच पाइनग्रोव स्कूल एवं मॉडर्न स्कूल दिल्ली के मध्य खेल गया। पाइनग्रोव ने टॉस जीत कर मॉडर्न स्कूल को बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया। मॉडर्न स्कूल ने 20 ओवरों में 176 रनों का लक्ष्य रखा। पाइनग्रोव स्कूल 20 ओवर खेलकर लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाया और मॉडर्न स्कूल दिल्ली नें विजेता का खिताब अपने नाम किया। मॉडर्न स्कूल दिल्ली की याना गुप्ता को बेस्ट बॉलर, पाइनग्रोव स्कूल की वृंदा भसीन को बैस्ट बैटर, मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल-अजमेर की माही को बेस्ट फील्डर, मॉडर्न स्कूल की नैना अग्रवाल को बेस्ट विकेट कीपर, पाइनग्रोव स्कूल की कनिका चौहान को बेस्ट अपकमिंग प्लेयर और मॉडर्न स्कूल की ऋद्धिमा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब दिया गया।
-टिप्पा में चार से सात नवंबर तक आयोजित होगा फेस्टिवल धर्मशाला के टिप्पा में चार नवंबर से लेकर सात नवंबर तक फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि फिल्म फेस्टिवल के सफल आयोजन के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं इस बाबत सभी विभागीय अधिकारियों को भी दिशा निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस फिल्म फेस्टिवल में भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष-2012 से धर्मशाला में फिल्म फेस्टिवल आरंभ हुआ था कोविड के कारण फिल्म फेस्टिवल वर्चुअल आयोजित किया गया था तथा गत वर्ष आयोजित फिल्म फेस्टिवल में 13000 के करीब लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। उपायुक्त कहा कि ने फिल्म फेस्टिवल में देश ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्में भी शामिल की जाएंगी इसमें देश तथा विदेशों से कई लोग फेस्टिवल में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में फिल्म फेस्टिवल के आयोजन से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि फिल्म फेस्टिवल के आयोजन में अपने अपने विभागों से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कारगर कदम उठाएं। फिल्म फेस्टिवल की प्रबंधक ऋतु सरीन ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल से पहले महाविद्यालयों तथा विद्यालय के छात्रों के लिए स्क्रीनिंग भी आयोजित की जाएगी ताकि नवोदित कलाकारों को भी आगे बढने का अवसर प्रदान किया जा सके।
-विधायक ने कल्याड़ा में जिला स्तरीय अंडर-19प्रतियोगिता का किया शुभारंभ सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं बच्चों के हुनर को तराशने में अहम भूमिका निभाती हैं इसके साथ ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी मिलता है। यह उद्गार विधायक केवल सिंह पठानिया ने शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्याड़ा में विद्यालयों की अंडर-19 जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शुभारंभ करने के उपरांत प्रतिभागी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लोक गीत, लोक नृत्य हमारी पुरातन समृद्व संस्कृति के संवाहक हैं तथा युवाओं को इन लोक गीतों तथा लोक नृत्यों के संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा के साथ साथ खेलों तथा सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए कारगर कदम उठा रही है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं इस योजना के कार्यान्वयन के लिए सरकार चरणबद्ध योजना के तहत 300 करोड़ रुपये व्यय करेगी। उन्होंने कहा कि यह सभी स्टेट ऑफ आर्ट स्कूल बनकर तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन स्कूलों का चरणबद्ध तरीके से निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास हेतु पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इनमें प्री-प्राईमरी से बारहवीं तक की शिक्षा सुविधा के साथ सभी प्रकार की इन्डोर एवम् आउटडोर खेल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जहाँ पानी की समुचित उपलब्धता होगी वहाँ स्वीमिंग पूल का भी प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में हिमाचल प्रदेश पहला प्रदेश बना है जिसमें अनाथ बच्चों को सरकार ने गोद ले कर उनको पालने का जिम्मा लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लेकर अनाथ बच्चों की पीड़ा को मानसिक परेशानी दूर करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्याड़ा के अतिरिक्त भवन के अधूरे कार्य को पूरा करके बच्चो को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल के कैम्पस में सोलर लाइट लगाई जाएंगी इसके साथ ही पानी की समस्या को दूर करने के लिए हैंडपंप भी स्थापित किया जाएगा। इससे पहले प्रिंसिपल कुलदीप शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर प्रिंसिपल अनिल जरयाल प्रिंसिपल जीएसएस शाहपुर, शमशेर भारती प्रिंसिपल जीएसएस भतेच्छू,नरेंद्र कुमार प्रिंसीपल जीएसएस दरिणी,जीएसएस कनोल प्रिंसिपल कुलबीर सिंह गुलेरिया,जीएसएस हारचकिया सुरिन्दर कुमार,जीएसएस रैत प्रिंसिपल अजय समयाल ,प्रिंसिपल जीएसएस रेहलु रिशु संबयाल, नेरटी स्कूल हेडमास्टर संजय कुमार,हेडमास्टर ड़डंम्व जयंत ठाकुर,हेडमास्टर लदवाड़ा स्कूल अजय आचार्य,हेडमास्टर केटलु स्कूल रविंदर मोंगरा,बीईईओ अनु सैनी,बलबीर चौधरी,सूशील कुमार उप प्रधान, गुलशन कुमार कॉपरेटिव सोसाइटी अध्यक्ष, रक्षा देवी पूर्व प्रधान, सम्मू कुमार,सुभाष चंद, विनोद कुमार,नायब तहसीलदार राजेश कुमार,एसडीओ जलशक्ति विभाग रजाक मोहम्मद, बलबीत सिंह एसडीओ सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
भारत निर्वाचन आयोजन के निर्देशानुसार जिला सोलन के 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की सूचियां लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 25 के नियमानुसार अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई है। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन-2022 के दौरान जिला में 579 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे तथा मतदान केन्द्रों की युक्तिकरण प्रक्रिया के दौरान 13 नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा कि अब मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 592 हो गई है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सुविधा के लिए 13 मतदान केंद्रों के भवनों को स्थानान्तरण तथा 08 मतदान केन्द्रों के अनुभागों का युक्तिकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों की सूचियों का जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (उपमंडलाधिकारी) कार्यालय में नि:शुल्क निरीक्षण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उक्त सूचियों का अवलोकन मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश की वेबसाईट तथा उपायुक्त सोलन की वेबसाईट पर भी किया जा सकता है।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला सोलन ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 1 लाख रुपये का चेक भेंट किया है। महासंघ की नवगठित जिला कार्यकारिणी ने अध्यक्ष मंदीप ठाकुर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल से मुलाकत की। सोलन व कंडाघाट ब्लॉक के सहयोग से अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मंत्री को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 1 लाख रुपये का चेक भेंट किया, इस आपदा के समय में ऐसे पुनीत कार्य के लिए मंत्री ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ सोलन का आभार व्यक्त किया। ज़िलाध्यक्ष मंदीप ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने पूरे हिमाचल में ब्लॉक स्तर, जिला स्तर व प्रदेश स्तरीय चुनाव शांतिपूर्ण व संवैधानिक तरीके से संपन्न करवाए हैं और हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने प्रदीप ठाकुर को सर्वसम्मति से प्रदेशाध्यक्ष चुना है, साथ ही महासंघ को मान्यता बारे मंत्री से आग्रह किया। वहीं मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह महासंघ की मान्यता बारे मुख्यमंत्री से बात करेंगे और महासंघ के साथ जल्द ही संयुक्त समन्वय समिति की बैठक बुलाने का आग्रह भी करेंगे। इस अवसर पर कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारणी के मुख्य सलाहकार शमशेर ठाकुर, उपाध्यक्ष रवि कांत, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देश राज ठाकुर, महामंत्री हरचरण सिंह, कोषाध्यक्ष मोहन राठौर, महिला उपाध्यक्ष वंदना शर्मा, उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह, ब्लॉक सोलन के अध्यक्ष करमजीत सिंह, ब्लॉक कांडघाट के अध्यक्ष सतीश शर्मा, ब्लॉक धर्मपुर की अध्यक्षा अंजना राणा, ब्लॉक अर्की के अध्यक्ष ओम प्रकाश, ब्लॉक कांडघाट के महासचिव विनोद कुमार और उनकी कार्यकारणी के अन्य पदाधिकारी व विभागीय एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।
महिला कबड्डी टीम की दो खिलाड़ी पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर सम्मानित एशियाई खेलों में भारत को स्वर्णिम विजय दिलाने वाली महिला कबड्डी टीम ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह बात जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला कबड्डी टीम की दो खिलाड़ी पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर को सम्मानित करने के दौरान व्यक्त कही। उपायुक्त ने कहा कि इन बेटियों ने अनुकरणीय खेल कौशल और अदम्य भावना का प्रदर्शन करते हुए हिमाचल का ही नहीं, अपितु पूरे देश का नाम विश्व भर में ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन से राज्य की अन्य बेटियां और युवा इस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने दोनो खिलाड़ियों से उनकी तैयारी से लेकर स्वर्ण पदक जीतने तक की यात्रा के बारे में चर्चा की। खेल सुविधाओं को किया जाएगा सुदृढ़ उपायुक्त ने धर्मशाला में खेल से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए दोनो गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों से सुझाव मांगे। उन्होंने धर्मशाला में खेल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए दोनों खिलाड़ियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से कार्य करने की बात कही। जिससे आने वाले समय में भी यहां से देश के लिए पदक लाने वाले खिलाड़ी तैयार हो सकें। जिला प्रशासन के सहयोग को किया याद इस दौरान दोनो खिलाड़ियों पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर ने जिला प्रशासन के सहयोग को याद करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कोरोना के समय जब सब प्रकार का प्रशिक्षण रुक गया था तथा खिलाड़ियों को अभ्यास करने में दिक्कत आ रही थी तब जिला प्रशासन कांगड़ा ने राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र साई धर्मशाला में उनके प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए विशेष सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को समझते हुए जिला प्रशासन ने उस समय बड़े खुले हृदय से व्यवस्थाओं को उपलब्ध करवाया था, जिसके कारण हमारा अभ्यास कभी रुका नहीं।
जिला सोलन के कुनिहार क्षेत्र के साथ लगते गांव रिंवी की नीलाक्षी भारद्वाज ने एम्स में नर्सिंग ऑफिसर का मुकाम हासिल किया है। नीलाक्षी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उसने यह मुकाम दूसरे प्रयास में हासिल किया है। हालांकि पहले प्रयास में भी उसने यह परीक्षा क्लियर की थी, परंतु उस दौरान उसका रैंक ठीक नहीं रहा था। नीलाक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हुए बताया कि सामान्य परिवार से होते हुए आर्थिक तंगी के बावजूद भी मेरे माता-पिता ने मुझे इस मुकाम को हासिल करने के लिए सपोर्ट किया। नीलाक्षी ने बातचीत में बताया कि उसकी 10वीं की पढ़ाई गाजियाबाद यूपी से हुई। प्लस टू डीएवी शिमला से उत्तीर्ण करने के पश्चात नर्सिंग का कोर्स मुरारी लाल मैमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग ओच्छ घाट सोलन से किया। इसके पश्चात श्री गंगा राम हॉस्पिटल दिल्ली में कार्य किया, परंतु सरकारी जॉब की अभिलाषा दिल में पाले हुए इस जॉब को छोड़कर दो माह तक बिना किसी कोचिंग के 10 से 12 घंटे पढ़ाई करके माता-पिता के स्नेह व ईश्वर के आशीर्वाद से आज एम्स में नर्सिंग ऑफीसर के रूप में सफलता पाई है। नीलाक्षी ने दिल्ली,ऋषिकेश व बिलासपुर एम्स का पसंद के तौर चुनाव किया है। बेटी की इस उपलब्धि से नीलाक्षी के पिता कमल किशोर व माता रंजू भारद्वाज ने खुशी जाहिर करते हुए बेटी की कड़ी मेहनत को इसका श्रेय दिया है।
-पंचायत निधि के दुरुपयोग का आरोप -23,57,608 रुपये जमा करवाने के आदेश उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अवचार का दोषी पाए जाने पर शिलाई विकास खंड की ग्राम पंचायत हल्लां की प्रधान को तत्काल पद से हटा दिया है। उपायुक्त सिरमौर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 146 (1) की उप धारा का (ख) व (ड.) के तहत ग्राम पंचायत हल्लां की प्रधान का पद पर बने रहना लोकहित में अवांछनीय है इसलिए उन्हें प्रधान पद से तत्काल हटाया जाता है। प्रधान को छह वर्ष की अवधि के लिए उक्त अधिनियम की धारा 146 (2) के अंतर्गत पंचायत के पदाधिकारी के रूप में निर्वाचित होने के लिए अयोग्य करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। उपायुक्त सुमित खिमटा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार प्रधान को 23,57,608 रुपये की दुरुपयोग की गई धनराशि को तुरंत पंचायत निधि खाते में जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उन्हें ग्राम पंचायत हल्लां की नकद राशि व पंचायत अभिलेख अथवा अन्य कोई स्टोर का सामान, प्रधान पद की मुहर के साथ तुरंत सचिव ग्राम पंचायत हल्लां को सौंपने के लिए भी कहा गया है। आदेश में कहा कि गया है कि ग्राम पंचायत हल्लां प्रधान के विरूद्ध पंचायत के विभिन्न कार्यों में अनियमितता और धन के दुरुपयोग का मामला आया था। एसडीएम शिलाई द्वारा इन मामलों की नियमित जांच की गई और उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पूरा मौका दिया गया, लेकिन दोषी प्रधान का उत्तर नियमित जांच रिपोर्ट से विपरीत होने के कारण असंतोषजनक पाया गया है।
-सड़कें बदहाल, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उठानी पड़ती हैं मुश्किलें विश्व मानचित्र पर अंकित पर्यटन नगरी कसौली स्विट्जरलैंड की तर्ज पर कब संवरेगा। इसकी स्थिति कब सुधरेगी कोई नहीं जानता। केंटोनमेंट के तहत इस कसौली कस्बे की हालत इतनी दयनीय है कि स्थानीय लोग तो परेशान हैं, साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। नेशनल हाइवे से करीब 15 किलोमीटर दूर इस पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए जिस सड़क मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है, उसकी स्थिति बेहद खराब है। सड़क कब ठीक रही शायद यहां रहने वाले लोगों को भी याद करने के लिए बादाम खाने पड़ेंगे। आलम यह है कि सड़क संकरी है। हर पांच से दस फीट की दूरी पर सड़क टूटी हुई मसलन उबड-खाबड़ है। रोजाना वाहन चालक परेशान होते हैं। छिटपुट सड़क की घटनाएं होना आम है। कसौली पर्यटन स्थल होने की वजह से यहां पर्यटकों की आमद ज्यादा रहती है। अधिकतर पर्यटक यहां पहुंचने के लिए टूरिस्ट बसों का इस्तेमाल करते है, लेकिन सड़क की खराब हालत बस चालको सहित सवारियों की जान को जोखिम में डाल देती है। उस पर गढ़खल में लगने वाला जाम तो रही सही कसर पूरी कर देता है। बता दें कि कसौली अपने अपार सौंदर्य के लिए मशहूर है। पहाड़ी इलाका और यहां से चंडीगढ़ और बीबीएन के मैदानी इलाकों का दृश्य अति मनमोहक नजर आता है। उस पर यहां की खूबसूरती को चार चांद लगाती है होटल इंडस्ट्री। कसौली क्षेत्र होटल इंडस्ट्री हब है। यहां 250 से ज्यादा होटल हैं, जिसमें देश के कई बड़े होटलों की चेन है। हैरत इन होटलों तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को खासी माथापच्ची करनी पड़ती है। होटल व्यवसायी इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। व्यवसायियों का कहना है की पर्यटक बुकिंग कर यहां आते है, लेकिन सड़कों की हालत से परेशान खरी खोटी सुनाते हैं। कसौली होटल इंडस्ट्री सरकार को सबसे अधिक रेवेन्यू देने वालों में से एक है। बावजूद उनकी अनदेखी होती है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि पर्यटन की दृष्टि से कसौली क्षेत्र और अधिक विकसित हो इसके लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। अन्यथा जितने होटल यहां खुल रहे हंै, उनमें रोजगार मिलना तो दूर संचालकों को बैंक की किस्तें निकालना भी मुश्किल हो जाएगी। लिटफेस्ट में भीड़, लेकिन सड़क से परेशान कसौली में इन दिनों खुशवंत सिंह लिटफेस्ट चल रहा है। देश विदेश से मशहूर हस्तियां यहां पहुंची हैं, लेकिन सभी सड़कों की हालत पर अफसोस जता रहे हैं। कुछ राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों ने कसौली की सड़कों का मामला संपादकीय में उठाने की बात भी की है। बहरहाल, सड़कों की हालत किसी से छुपी नहीं है। अब इनकी सेहत ठीक करने के लिए नेता, अभिनेता, साहित्यकार, पत्रकार या लेखक कौन आगे आता है ये देखने वाली बात होगी। कसौली में व्यापार व पर्यटन की अपार संभावनाएं है। सड़कों की हालत बेहद खराब है। लंबे समय से इनको दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। होटल व्यवसाय प्रभावित होता है। प्रदेश की छवि बाहरी राज्य में सही नहीं जाती। अब हमारी कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है। होटल इंडस्ट्री व आम जनता की मांग को सरकार के समक्ष रखा है। उम्मीद है सरकार कसौली के लिए जल्द कुछ अच्छा करेगी। -वेद गर्ग, कांग्रेस जिला मुख्य प्रवक्ता एवं होटल व्यवसायी
हिमाचल प्रदेश में करीब 400 करोड़ रुपये का क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड हुआ है। घोटाले में 2.5 लाख लोगों को चूना लगाया गया है। शुक्रवार को धर्मशाला में पत्रकारों से चर्चा के दौरान राज्य पुलिस प्रमुख संजय कुंडू ने बताया कि शातिरों ने इन सभी लोगों से 400 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। उन्होंने यह बात मामले की जांच कर रहे एसआईटी की जांच से मिले नतीजों के आधार पर कही है। डीजीपी कुंडू ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस घोटाले का सरगना मंडी जिले के सरकाघाट का रहने वाला सुभाष देश छोड़कर भाग चुका है। एसआईटी मामले के दो आरोपियों हेमराज और सुखदेव से पूछताछ कर रही है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस को मामले में मोबाइल फोन, लैपटॉप, मर्सीडीज, टाटा कार और 10 हजार डॉलर की करेंसी भी हाथ लगी है। पुलिस आरोपियों की संपत्ति भी सीज कर रही है। डीजीपी कुंडू ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे झांसों में न फंसें। यह बहुत बड़ा फ्रॉड इससे पहले हिमाचल एसआईटी ने इस मामले में गुजरात से हेमराज और सुखदेव को गिरफ्तार किया था। कुंडू ने कहा कि यह बहुत बड़ा मामला है और इसके तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं। एसआईटी मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है। फ्रॉड में महिला कॉन्स्टेबल का नाम इस फ्रॉड में पुलिस कनेक्शन को लेकर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे है। मोहाली में हिमाचल के हैड कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी के बाद अब हमीरपुर की एक महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ मंडी साइबर थाना में शिकायत पहुंची है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला कॉन्स्टेबल ने पैसे दोगुना करने पर लाखों रुपये निवेश करवा दिए, लेकिन वापस कुछ नहीं मिला।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 अक्तूबर को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 16 अक्तूबर को प्रात: 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक बसाल, कालाघाट, ओच्छघाट, नाडू, फनगरल, कुंडला, क्यार एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति तथा अन्य कारणों से उपरोक्त तिथि एवं समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की।
कृषि विज्ञान केंद्र सोलन द्वारा प्राकृतिक कृषि पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर आत्मा परियोजना शिमला द्वारा प्रायोजित किया गया और इसमें रामपुर और बसंतपुर खंडों के 20 किसानों ने भाग लिया। केंद्र के प्रभारी डॉ जितेंद्र चौहान ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र कंडाघाट प्राकृतिक कृषि के बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और समय-समय पर प्रशिक्षण शिविरों और प्रदर्शनों का आयोजन केंद्र द्वारा किया जा रहा है। डॉ चौहान ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व एवं फलदार पौधों को प्राकृतिक कृषि से तैयार करने के विषय में जानकारी दी। कार्यक्रम की संयोजक डॉ मीरा ठाकुर ने जीवामृत तथा घन जीवामृत तैयार करने की विधि बताई। वरिष्ठ पौध रोग विशेषज्ञ डॉ आरती शुक्ला ने प्राकृतिक कृषि में उपयोग में किए जाने वाली रोगनाशी और कीटनाशी के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी तथा प्रतिभागियों से तैयार भी करवाया। कीट वैज्ञानिक डॉ अनुराग शर्मा ने किसानों को अच्छाधन, वापसा का महत्व तथा अंतह फसलों के विषय में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त ड्रोन के माध्यम से किसानों को जीवामृत का छिड़काव करना भी दिखाया।
राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में अमृत कलश यात्रा एवं पंच प्रण शपथ ली गई। महाविद्यालय के आचार्य वर्ग, अन्य स्टाफ ,एनएसएस के स्वंयसेवी व कॉलेज के छात्रों के द्वारा अपने घर से लाई गई मिट्टी व चावल को एक कलश में एकत्रित किया और महाविद्यालय से परिसर से मेरी माटी मेरा देश के नारे के साथ अमृत कलश यात्रा खरोटी गांव में निकल गई तथा गांव में जाकर लोगों से मिट्टी और चावल एकत्रित किए। इस अवसर पर प्रोफेसर विकास , डॉ. सुषमा, प्रो. मीना, प्रो. रविंद्र , कॉलेज के छात्र, एनएसएस स्वंयसेवी व एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जसपाल सिंह राणा उपस्थित रहे।
-आईजीएमसी के वार्षिक कार्यक्रम 'स्टिमुलस' के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला के वार्षिक कार्यक्रम 'स्टिमुलसÓ के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक राज्य में प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य पहचान-पत्र (हेल्थ आईडी कार्ड) तैयार कर लिया जाएगा, जिसमें मरीज की स्वास्थ्य सम्बंधी पूरी जानकारी होगी। यह चार दिवसीय कार्यक्रम 'स्टिमुलसÓ 10 अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है। आईजीएमसी शिमला में आगामी एक वर्ष में उच्च स्तरीय अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसन स्थापित किया जा रहा है। सुपर स्पेशएलिटी अस्पताल चमयाणा और आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश सरकार पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है और आधुनिक उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं। युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित करते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जीवन में हार से घबराने की आवश्यकता नहीं होती तथा सभी प्रशिक्षु लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत के बिना जीवन में किसी भी मुकाम तक नहीं पहुंचा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अपने छात्र काल के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीति से जुड़ गए तथा इसी क्षेत्र में आगे जाने का लक्ष्य रखा था। छात्र जीवन में उन्होंने कई चुनाव लड़े और शिमला नगर निगम में पार्षद भी रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अनेक पदों पर उन्होंने कई उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया और वर्ष 2003 में विधायक का चुनाव जीता। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष बनने का भी उन्हें अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईजीएमसी शिमला की एससीए को 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार भी वितरित किये। इस अवसर पर आईजीएमसी के डॉक्टरों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष में 6.11 लाख रुपए का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने 15 से 17 मार्च, 2024 तक मनाली में आयोजित होने वाली वार्षिक नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन का पोस्टर भी जारी किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम अपने छात्र जीवन काल की याद दिलाते हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है। नशे के कारण समाज में नई तरह की मुश्किलें सामने आ रही हैं। उन्होंने आईजीएमसी के स्थापना दिवस पर भी बधाई दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मेयर सुरेंद्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी तथा अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार हिमाचल की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कृत संकल्प है। हाल ही में चीन के हवांगझाऊ में आयोजित एशियन खेलों के पदक विजेता हिमाचली खिलाड़ियों को सरकार द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 29 सितंबर से 8 अक्तूबर तक आयोजित एशियन खेलों में हिमाचल के छह खिलाड़ी पदक विजेताओं में शामिल रहे, जबकि सात अन्य खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि कबड्डी महिला वर्ग में सिरमौर जिला की रितु नेगी, पुष्पा और कुमारी सुषमा, बिलासपुर की कुमारी निधि शर्मा, सोलन की कुमारी ज्योती तथा कबड्डी पुरूष वर्ग में ऊना जिला के विशाल भारद्वाज स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। इन सभी छह खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिला की दीक्षा कुमारी, प्रियंका ठाकुर व शालिनी ठाकुर, सोलन जिला की निधि शर्मा, मिताली शर्मा, भावना एवं मेनका ने हैंडबॉल खेल स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व किया। इन सभी सात खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इसके अतिरिक्त युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा वर्ष 2022 में राष्ट्र मंडल खेलों में पदक जीतने वाले तीन खिलाड़ियों रेणुका ठाकुर, विकास ठाकुर तथा आशीष कुमार को पुरस्कार स्वरूप 63 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 14 से 16 अक्तूबर तक ज़िला सोलन के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. शांडिल 14 अक्तूबर को दिन में 12.30 बजे सोलन के हिमानी होटल में यूरो किडज स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्यातिथि होंगे। स्वास्थ्य मंत्री 15 अक्तूबर को प्रात: 11.30 बजे सोलन के दुर्गा पब्लिक स्कूल के 20वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि होंगे। वह तदोपरांत इसी दिन सांय 3 बजे जीरो प्वाइंट, ओच्छघाट में कुछ समय के लिए रूकेंगे। डॉ. शांडिल 16 अक्तूबर को प्रात: 10.30 बजे शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन के 7वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहेंगे। श्रम एवं रोज़गार मंत्री इसी दिन सायं 3 बजे ग्राम पचंायत शमरोड़ के धर्जा में आयोजित महामाई मेला में मुख्यातिथि होंगे।
-नगरोटा तथा कांगड़ा में पर्यटन निगम के अध्यक्ष ने सुनीं जनसमस्याएं पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर हरित पंचायत के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है। इन पंचायतों में 500 किलोवॉट से लेकर एक मेगावॉट विद्युत उत्पादन क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के उपक्रम हिमऊर्जा ने इसके दृष्टिगत ग्राम पंचायतें चिन्हित कर सौर परियोजनाएं स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। कांगड़ा तथा नगरोटा में जनसमस्याएं सुनने के उपरांत पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।योजना के तहत 500 किलोवॉट क्षमता की सौर परियोजना के निर्माण के लिए 2.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कार्यशील होने के उपरान्त प्रत्येक परियोजना से प्रतिदिन लगभग 2250 यूनिट विद्युत उत्पादन और लगभग 25 लाख रुपये की आय का अनुमान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से बहु-आयामी प्रयास कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए युवाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया गया है। प्रदेश के युवाओं को अपनी भूमि अथवा लीज पर ली गई भूमि पर 500 किलोवॉट से दो मेगावॉट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को विद्युत परिवहन के रूप में विकसित करने के लिए भी गंभीर प्रयास कर रही है। इससे जीवार्श्म इंधन पर निर्भरता भी समाप्त होगी। इस दिशा में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार ने ई-बस खरीद के लिए 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये तक का उपदान देने तथा निजी ई-ट्रक की खरीद के लिए भी 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये का उपदान का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने से स्वरोजगार के अनेक साधन उत्पन्न होंगे। संसाधनों के सृजन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी। इसी दिशा में प्रयास करते हुए सरकार ने विद्युत वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 प्रतिशत की दर से उपदान प्रदान करने का प्रावधान किया है। इवी-चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार एक वृहद नीति भी तैयार कर रही है। प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने से न केवल कार्बन उत्सर्जन व प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी बल्कि अनेक क्षेत्रों में नवोन्मेषी पहल से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। हरित ऊर्जा से देश व प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों को बचाने और जलवायु परिवर्तन को रोकने में भी मदद मिलेगी।
-बद्दी में डिजीटीकरण विषय पर कार्यशाला एवं संवाद सत्र आयोजित हिमाचल प्रदेश के डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने कहा कि प्रदेश सरकार डिजिटल बदलाव के माध्यम से आमजन को समयबद्ध एवं सर्वसुलभ सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभिषेक जैन आज सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी में 'वर्कशॉप ऑन एप्लीकेशन ऑफ आर्टिफिश्यिल इंटेलीजेंस एण्ड डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ फॉर इफैक्टिव गवर्नेंस इन हिमाचल प्रदेशÓ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं संवाद सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। अभिषेक जैन ने कहा कि डिजिटल बदलाव का मुख्य उद्देश्य आम जन तक विभिन्न नागरिक केन्द्रित सेवाओं को समयबद्ध पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि डिजिटीकरण के माध्यम से नागरिक इन सेवाओं का लाभ कहीं भी किसी भी समय उठा सकते हैं। इससे जहां उनके समय व धन की बचत होती है वहीं प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों को त्वरित सेवाएं सुनिश्चित बनाई जा सकती हंै। उन्होंने कहा कि हिमाचल ऑनलाईन सेवा पोर्टल (ई-डिस्ट्रिक्ट) पर 217 सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू डिजिटीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी के आमजन हितैषी प्रयोग पर बल दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में पहली बार डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद गठित की गई है। इस परिषद का उद्देश्य हिमाचल को डिजिटल रूप में विकसित कर जन-जन तक डिजिटीकरण के लाभ पहुंचाना है। अभिषेक जैन ने कहा कि सभी के समय, धन और प्रयासों की बचत के लिए हिमाचल प्रदेश में ई-ऑफिस का कार्यान्वयन आरम्भ कर दिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं ई-ऑफिस का प्रयोग कर आमजन को लाभान्वित कर रहे हैं।डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग के सचिव ने कहा कि आज की कार्यशाला एवं संवाद सत्र का उद्देश्य शिक्षाविदों एवं क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत साझेदारों से फीडबैक प्राप्त कर विभिन्न ऑनलाईन सेवाओं में सुधार लाना और सरकारी क्षेत्र में नित नवीन तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। अभिषेक जैन ने कहा कि आज की कार्यशाला में सरकारी क्षेत्र में तकनीक के श्रेष्ठतम प्रयोग के विषय में एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीक के कार्यान्वयन की चुनौतियों से निपटने के लिए सार्थक चर्चा आवश्यक है ताकि कमियों को दूर कर लोगों तक अधिक लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने उपस्थित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों का आह्वान किया कि व्यावहारिक कार्यान्वयन के लिए तार्किक सुझाव प्रस्तुत करें। अभिषेक जैन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं प्रदेश के अन्य ज़िलों में भी आयोजित की जाएंगी ताकि प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में कार्यान्वित की जा रही डिजीटीकरण के विषय में उचित फिडबैक प्राप्त कर सुधार किया जा सके।
-मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर दिया सम्मान -स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ -कहा, राज्य में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन आवश्यक -सीबीआरआई रुड़की और हिमकॉस्टे के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर आज शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आपदा के दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया। साथ ही संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की। आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों की मदद में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव अभियान के लिए उन्हें सभी तरह के संसाधन उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवी संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिला है। इस आपदा में हिमाचली लोगों के परस्पर सहयोग तथा संकट का एकजुट होकर सामना करने का जीवट भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की भी आवश्यकता है, क्योंकि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित भवन निर्माण के दृष्टिगत विभिन्न उपायों पर चर्चा के साथ ही इन्हें अमल में लाने के लिए कड़े कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून में भारी तबाही हुई है, लेकिन प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से विभिन्न स्थानों में फंसें 75 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 48 घंटों में सभी आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। ट्रैफिक में फंसे लोगों के लिए खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है। बेघर हुए परिवारों को किराए के आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए प्रदान करने के साथ-साथ नि:शुल्क राशन भी दिया जा रहा है। आपदा में भूमिहीन हुए परिवारों को घर बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भीषण आपदा का दृढ़ता के साथ सामना करने के बाद अब राज्य सरकार हिमाचल को फिर से विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन सरकार केवल कर्ज के सहारे ही नहीं चल सकती। ऐसे में राज्य सरकार अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर तथा दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का शुभारम्भ भी किया। इस ऐप के माध्यम से स्कूल आपदा प्रबंधन की योजना बना सकेंगे और उसी के अनुरूप मॉकड्रिल का आयोजन कर सकेंगे, जिसकी निगरानी उच्च स्तर पर भी आसानी से की जा सकेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की और हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्टे) के मध्य एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया। सीबीआरआई की ओर से एसके नेगी और हिमकॉस्टे की ओर से डी.सी. राणा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भूकंप से भवनों की सुरक्षा तथा ग्रामीण हिमाचल में राज मिस्त्रियों की प्रशिक्षुता से संबंधित पुस्तक एवं मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने समर्थ कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और इस दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। विशेष सचिव डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र शर्मा, उप-महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री एवं सांसद हमीरपुर संसदीय क्षेत्र अनुराग ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रयास संस्था द्वारा संचालित सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की देहरा टीम (सोनी, नेहा, विपुल) ने डॉ. सृजन के नेतृत्व में गांव व ग्राम पंचायत टोंटा में जनता की सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। गौरतलब है कि पिछले कई सालों से अनुराग ठाकुर द्वारा चलाई जा रही इस योजना के अंतर्गत हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में टोंटा पंचायत के फुलवाड़ा गांव में भी स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविर के दौरान 80 लोगों के स्वास्थ्य की सामान्य जांच एवं 39 मरीजों की रक्त जांच निशुल्क की गई। मरीजों को उपयुक्त उपचार सलाह एवं दवाइयों का वितरण भी निशुल्क किया गया। स्वास्थ्य जांच के दौरान 14 मरीज हड्डियों से संबंधित बीमारी, जबकि 4 मरीज उच्च रक्तचाप, 7 मरीज मधुमेह, 51 एवं लोग अन्य बीमारियों से ग्रसित पाए गए। देहरा वासियों के लिए चलाई जा रही इस लाभकारी योजना के लिए भाजपा नेता डॉ. सुकृत सागर ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का क्षेत्रवासियों की तरफ से धन्यवाद किया है।
-उप मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटर्ज के साथ हुई बैठक में की घोषणा उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है। सरकार प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में निजी बस संचालकों के लिए 234 रूट और टैंपो ट्रैवलर्ज के लिए 100 से अधिक नए रूट संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण हितैषी सतत् विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए राज्य में निजी एवं सरकारी क्षेत्रों के सहयोग से ई-वाहनों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ई-बसों, ई-ट्रकों और ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने सरकार की इस मुहिम में निजी बस ऑपरेटरों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया। सरकार द्वारा 26 मार्गों पर ई-बसों से संचालन की अनुमति शीघ्र प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन बसों के लिए चार्जिंग सुविधा भी प्रदान की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी बस ऑपरेटज़र् की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में नियमों के अनुरूप रूट परमिट दिए जायेंगे और टैक्सियों के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा रूट परमिट जारी किए जायेंगे। आरटीओ स्तर पर स्थानीय निजी बस ऑपरेटज़र् के साथ नियमित तौर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में अनाधिकृत रूप से गाड़ियों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए, ताकि इससे प्रदेश के राजस्व को होने वाली हानि को रोका जा सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के राजस्व में वृद्धि करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है और परिवहन विभाग द्वारा वीआईपी नम्बरों की बिक्री से छह करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ है और भविष्य में इसमें बढ़ोतरी होने की संभावना है। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटज़र् के अध्यक्ष राजेश पराशर ने इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन आरडी. नजीम, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्ज के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में 'फिट इंडिया स्वच्छता फ्रीडम रन' का आयोजन एनएसएस इकाई तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार तथा डॉ. आरती कौशल द्वारा किया गया। इसका आगाज महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अंजू चौहान ने किया। यह दौड़ महाविद्यालय से प्रारंभ हो लगभग 2 किलोमीटर दूर तक गई। इसका उद्देश्य स्वयं भी और दूसरों को भी स्वस्थ और कर्मठ रहने की प्रेरणा देना है। इस अवसर पर प्रो. सुशील भारद्वाज, प्रो. वंदना राणा मविद्यालय अधीक्षक अमित कौशल और राज मनकोटिया उपस्थित रहे।
-मुख्यमंत्री ने नागरिक एकजुटता मार्च को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर से अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सौजन्य से आयोजित नागरिक एकजुटता मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मार्च रिज पर संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बेहतर ढंग से निपटने के लिए जागरूकता आवश्यक है क्योंकि सही जानकारी होने पर चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंनेे कहा कि हिमाचल ने इस वर्ष मानसून में भारी बारिश तथा भूस्खलन से आई आपदा का डटकर मुकाबला किया है तथा इस मुश्किल घड़ी में सभी ने एकजुटता का परिचय दिया जोकि हमारी हिमाचली संस्कृति एवं संस्कारों में भी शुमार है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए स्थापित आपदा राहत कोष-2023 में लोगों के सहयोग से अभी तक लगभग 222 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। अंशदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक के पैसे जमा कर इस कोष के लिए दान किए। वहीं सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, विधायकों और समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपनी क्षमता के अनुसार इसमें अंशदान किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अपने जीवन काल में उन्होंने इससे बड़ी आपदा नहीं देखी, जिसमें लगभग 500 से ज्यादा लोग काल का ग्रास बने, 16000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा और प्रदेश में 12 हजार करोड़ से भी अधिक संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस अभूतपूर्व त्रासदी को देखते हुए राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज जारी किया है, जिसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर का मुआवजा 1.30 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार प्रभावितों को घर बनाने के लिए 280 रुपए प्रति बोरी की दर से सीमेंट तथा नि:शुल्क बिजली-पानी कनेक्शन सुविधा उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित तक राहत सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं और मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने आपदा के बीच रहकर प्रभावितों की मदद की। देश के इतिहास में शायद पहली बार किसी मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव ने चंद्रताल झील के पास फंसे लगभग 300 लोगों को निकालने के लिए ग्राउंड जीरो पर जाकर माइनस तापमान में एक बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो वर्तमान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और लोगों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने रिज मैदान पर आपदा उपकरणों, ड्रोन, संचार उपकरणों, निर्माण की सुरक्षित प्रौद्योगिकी तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में उपयोगी तकनीकों पर आधारित विभिन्न विभागों की एक प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। यह प्रदर्शनी 15 अक्तूबर तक चलेगी। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 15 दिन के इस अभियान के तहत आपदा प्रबंधन पर ग्राम सभाओं में भी चर्चा की गई और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से समर्थ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिवर्ष 13 अक्तूबर को यह दिवस मनाया जाता है।
राज दरबार कुनिहार में होने वाली राम लीला के मंचन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। 1987 से अनवरत राज दरबार परिसर कुनिहार में रामलीला का भव्य मंचन किया जा रहा है। 1987 में रविंद्र शास्त्री के निर्देशन में रामलीला का मंचन आरंभ हुआ था। उस समय कुनिहार के व्यवसायी सतीश मित्तल, स्व. धर्म पाल अरोड़ा, स्व. ओम प्रकाश शर्मा, देवेंद्र शर्मा सहित स्थानीय जनपद के लोगो ने रामलीला मंचन का प्रण लिया था, जिसे साल दर साल बुलंदियों पर पहुंचाने का कार्य आज युवा पीढ़ी करती नजर आती है। पिछले पांच छह वर्षो से रामलीला के युवा प्रधान रिशु राम कार्य को पूरी निष्ठा से निभा रहे है। रामलीला राधा रमन शर्मा,संदीप जोशी के निर्देशन में नए आयाम स्थापित कर रही है। रामलीला के सयोंजक देवेंद्र शर्मा वर्ष 1987 से भगवान राम की सोंगन्ध खा कर पूर्ण समर्पण के साथ नए युवा वर्ग को अपने सनातन से जोड़ते दिखते है, तो वहीं राम लीला किरदारों में वास्तविकता के रंग भर दर्शकों को भगवान राम की लीला के दीदार करवाने में अक्षरेश शर्मा भी किरदारों के मेकअप में अपना 100 प्रतिशत योगदान देकर मंच की गरिमा में चार चांद लगाते नजर आते है। लगातार 37वें वर्ष में प्रवेश कर रही कुनिहार की रामलीला 14 अक्टूबर से मंचन के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। आशीष द्विवेदी, अजय जोशी, मुकेश शर्मा, अरविंद जोशी सहित युवा पीढ़ी राम लीला के मंचन के लिये नए संकल्प के साथ तैयार है। जिला सोलन में कुनिहार की रामलीला व दशहरा उत्सव का नाम प्रख्यात हो चुका है। रामलीला में जंहा रात्रि में सैंकड़ों दर्शक जंहा अपनी संस्कृति से रूबरू होते है, तो वहीं दशहरा उत्सव की रौनक दशहरा ग्राउंड में देखते ही बनती है। हजारों लोग जंहा दिन में अनेकों कार्यकर्मो का आनन्द लेते है,तो वन्ही सन्ध्या बेला में रावण दहन का मनोरम दृश्य का आनंद लेते हैं। रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं में लोगों का भरपूर मनोरंजन होता है।
-हाटियों को एसटी का दर्जा देने में कर रही आनाकानी -उद्योग मंत्री पर मामले को लटकाने का लगाया आरोप सिरमौर जिला भाजपा महासचिव बलबीर ठाकुर, जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रणबीर ठाकुर और रेणुका युवा मोर्चा के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति घोषित करने का अध्यादेश दो महीने पहले हिमाचल सरकार को भेजा था, परंतु हैरानी की बात है कि सुक्खू सरकार इसे लागू करने की बजाय इस पर कुंडली मारकर बैठ गई है। भाजपा नेताओं ने सिरमौर से संबंध रखने वाले उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर भी इस मामले को लटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले हर्षवर्धन चौहान ने इस क्षेत्र के लोगों को जनजाति दर्जा दिलाने के लिए अपना खून तक देने का ऐलान किया था, परंतु अब गिरगिट की तरह रंग बदलकर यहां के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने में अड़चनें पैदा कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले को और अधिक लटकाया गया तो गिरिपार क्षेत्र के हाटी हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरेंगे और सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को भी चेतावनी दी है कि यदि वह इस मामले में ओछी राजनीति से बाज न आए तो उन्हें गिरिपार क्षेत्र में घुसना मुश्किल होगा।
राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में प्राचार्य महोदय उपेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में एवं एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. विवेकानंद शर्मा जी के नेतृत्व में मेरी माटी, मेरा देश अभियान के अंतर्गत अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य द्वारा कलश में चावल एवं मिट्टी डालकर किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों ने एवं सभी छात्रों ने भाग लिया एवं घर से लाई गई मिट्टी को कलश में एकत्रित किया। इसके अतिरिक्त सभी के द्वारा पंच प्रण प्रतिज्ञा भी ली गई। इस अवसर पर डॉ. शमशेर सिंह, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. राजेश कुमार, प्रो. शिखा धरवाल, डॉ. नीतिका शर्मा, प्रो. योगेश पांडेय उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों, जिला सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर जिला अत्याचार निवारण समन्वयक की विशेष बैठक 17 अक्तूबर को सुबह 11 बजे होगी। बैठक कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में होनी निश्चित हुई है। बैठक में मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह उपस्थित रहेंगी। आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आगामी बैठक के बारे में कोर कमेटी के सदस्यों के द्वारा एक बैठक की गई, जिसमें कोर कमेटी के सभी सदस्यों को जिम्मेवारियां सौंपी गईं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष अमित नंदा ने आग्रह किया है कि बैठक में हिमाचल कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के सभी पदाधिकारी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की कृपा करें।
रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित होने वाली वर्ल्ड ग्रैपलिंग चैंपियनशिप-2023 के लिए सब जूनियर और जूनियर वर्ग में हिमाचल प्रदेश से चयनित 10 खिलाड़ियों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाथ बढ़ाए हैं। हिमाचल प्रदेश ग्रैपलिंग कमेटी के महासचिव गोपाल चंद खिलाड़ियों के साथ आज ओक ओवर में सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए आर्थिक मदद प्रदान करने का अनुरोध करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उन्हें तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए और खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। यह प्रतियोगिता 17 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक मॉस्को में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। राज्य के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत व प्रतिभा से देश तथा प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। हिमाचल प्रदेश ग्रैपलिंग कमेटी के महासचिव गोपाल चंद ने मुख्यमंत्री का इस आर्थिक मदद के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग में लेने वाले कुछ बच्चे गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं और सरकार की मदद के बिना वे इस बड़े आयोजन में भाग लेने से वंचित रह जाते, लेकिन मुख्यमंत्री की उदारता से इन बच्चों को अपने जीवन का एक सुनहरी अवसर मिलने जा रहा है।
हिमाचल की सुक्खू सरकार ने प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों के अधिग्रहण पर रोक लगा दी है। मंत्रिमंडल ने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। सरकार से अनुदान प्राप्त करने वाले कई शिक्षण संस्थानों का हर वर्ष अधिग्रहण होता रहा है। सुक्खू सरकार ने इस व्यवस्था को अब बदल दिया है। निजी स्कूलों-कॉलेजों की जगह सरकार अपने संस्थानों में ही हर सुविधा उपलब्ध करवाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए विभागीय अधिकारियों की ओर से प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कहा गया कि सरकार से अनुदान प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों और कॉलेजों का अधिग्रहण नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से जितना बजट इन निजी शिक्षण संस्थानों पर खर्च किया जाता है, उतनी राशि को सरकारी शिक्षण संस्थानों पर खर्च किया जाए तो सरकारी स्कूल-कॉलेज मजबूत होंगे। बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में लगातार कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या पर चिंता जताई गई। मंत्रिमंडल को बताया गया कि सरकारी स्कूलों में 46 फीसदी और निजी स्कूलों में 44 फीसदी विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूलों को अगर समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो यहां विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम हो जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि निजी स्कूलों और कॉलेजों का अधिग्रहण करने पर स्टाफ को भी समायोजित करना पड़ता है। सरकार पर यह अतिरिक्त खर्च आ जाता है। इन सभी बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद मंत्रिमंडल ने भविष्य में निजी स्कूलों और कॉलेजों के अधिग्रहण पर रोक लगाने का फैसला लिया।
बाल विकास परियोजना देहरा के अधीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के दो तथा सहायिका के 10 पद भरे जाएंगे। ग्राम पंचायत मझीण के मझीण तथा मझीण के दबकेहड़ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत मझीण के दबकेहड़, टिप्परी के डुहक, कमलोटा के कमलोटा, हडोली के बाह, बदोली के डोल, खुंडिया के अंबाडा, सिहोरपाई के बन चल्लियां, जाखोटा के वोहल जागीर, अलुहा के भौंरन एवं थिल के थिल केंद्रों में सहायिका के पद भरे जाएंगे। इन पदों के आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूूबर निर्धारित की गई है। बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा बलजीत ठाकुर ने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए पात्र उम्मीदवार सादे कागज पर अपने संपूर्ण दस्तावेजों सहित आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि केवल महिला उम्मीदवार ही आवेदन करने के लिए पात्र होंगी और उनकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि योग्यता जांच 8 नवंबर को प्रात: 11 बजे उपमंडल अधिकारी ज्वालाजी के कार्यालय में होगी। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार उसी आंगनवाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र की स्थाई निवासी हो। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बाहरवीं पास होना अति आवश्यक है। उम्मीदवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए संबंधित पर्यवेक्षक या बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा के कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस के दिन प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर बागवानों और किसानों का बजट विधायकों के सैर-सपाटे पर खर्च करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया को जारी एक बयान में कहा है की एक तरफ तो 1 साल से सुक्खू सरकार आर्थिक तंगी का रोना रो रही है जबकि दूसरी ओर बागवानों और किसानों के विकास के लिए भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए बागवानी मिशन परियोजना का बजट विधायकों के सैर-सपाटे पर उड़ाया जा रहा है। मेलाराम शर्मा ने सुक्खू सरकार द्वारा की जा रही फिजूल खर्ची पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले विधायकों, किसानों और अधिकारियों को विदेश में उसे प्रोजेक्ट की जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से स्टडी टूर पर भेजा जाता है परंतु सुक्खू सरकार अपने विधायकों को ऐसे मौके पर बागवानी मिशन प्रोजेक्ट का पैसा उड़ाने के लिए विदेश भेज रही है जब प्रोजेक्ट समाप्त होने पर है। भाजपा प्रवक्ता ने हैरानी जताई की बागवानी मिशन के तहत ना तो किसी बागवान और किसान को स्टडी टूर पर भेजा जा रहा है अपितु ऐसे विधायकों को बागवानी मिशन के तहत विदेश के दौरे पर भेजा जा रहा है जिनका बागवानी से दूर-दूर का भी वास्ता नहीं है। उन्होंने बताया की सरकार द्वारा बागवानी मिशन परियोजना समाप्ति पर इस परियोजना का पैसा उड़ाने के लिए हमीरपुर के विधायक इन्द्रजीत लखनपाल, अर्की के विधायक संजय अवस्थी, और नाहन के विधायक अजय सोलंकी को विदेश टूर पर भेजा जा रहा है जबकि प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों से कोई भी विधायक या बागवान इस स्टडी टूर पर नहीं भेजा जा रहा। उन्होंने सुक्खू सरकार को किसान और बागवान विरोधी करार देते हुए चेतावनी दी कि प्रदेश में आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली सरकार किसानों और बागवानों के विकास के धन को फिजूल खर्ची पर उड़ाने से बाज आए वरना सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे क्योंकि प्रदेश के बागवान इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। मेलाराम शर्मा ने बताया कि एक तरफ तो उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी पिछली जयराम सरकार पर वित्तीय अनियमितता और फिजूल खर्ची का झूठा आरोप लगा कर श्वेत पत्र जारी करके जनता को गूमराह करने का कुप्रयास करती है और दूसरी और किसानों और बागवानों का पैसा विधायकों के बिदेशी सैर सपाटे पर उड़ाकर स्वयं फिजूल खर्ची कर रही है। उन्होंने सुक्खू सरकार को किसान और बागवान विरोधी करार देते हुए चेतावनी दी कि प्रदेश में आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली सरकार किसानों और बागवानों के विकास के धन को फिजूल खर्ची पर उड़ाने से बाज आए वरना सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे क्योंकि प्रदेश के बागवान इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बेरोजगार युवाओं की सुविधा हेतु अब श्रम एवं रोजगार विभाग निजी रिक्तियों की अधिसूचना विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकाशित करेगा। इच्छुक युवा रिक्तियों के पूर्ण विवरण विभाग की वेबसाइट ईईएमआईएस डॉट एचपी डॉट जीओवी डॉट आईएन पर जा कर अपकमिंग वैकेंसीज एंड जॉब फेयर सेक्शन में देख सकते हैं। क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी धर्मशाला अक्षय कुमार ने बताया कि इन रिक्तियों के लिए आवेदन हेतु बेरोजगार युवा विभागीय वेबसाइट में कैंडिडेट कॉर्नर में जाकर स्वयं को पंजीकृत करने के बाद लॉगिन करके अपने डैशबोर्ड में जाकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 17 अक्तूबर से विभिन्न प्रकार की फार्मा व अन्य औद्योगिक इकाइयों के साक्षात्कार रखे गए है। उन्होंने बताया कि इन साक्षात्कारों में भाग लेने के लिए युवाओं को विभागीय वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। उन्होंने सूचित किया कि ऑनलाइन माध्यम से पंजीकृत आवेदकों का ही साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साक्षात्कार के सम्बन्ध में यात्रा भत्ता व अन्य देय नहीं होगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी निजी रिक्तियों की जानकारी प्राप्त करने व आवेदन करने के लिए युवाओं को विभागीय वेबसाइट ईईएमआईएस डॉट एचपी डॉट जीओवी डॉट आईएन पर जाना होगा।
-जनजातीय सलाहकार परिषद की 48वीं बैठक में बोले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 48वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का निपटारा करने को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि परिषद की बैठकों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों की समस्याएं राज्य सरकार के ध्यान में आती हैं, इसलिए ऐसी बैठकों का आयोजन निरंतर किया जाएगा ताकि वहां के लोगों की आशाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें। राज्य सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से लाहौल-स्पीति जिला के स्कूलों की विंटर क्लोजिंग पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है और इसके लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि किन्नौर की हंगरंग घाटी में दो सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने 250 किलोवाट से 2 मैगावाट तक की सौर परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए युवाओं को 40 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया है तथा जनजातीय क्षेत्र के युवाओं को सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इन सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की आगामी 25 वर्षों तक खरीद करेगी, ताकि युवाओं के लिए एक स्थिर आय का स्रोत सुनिश्चित किया जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लाहौल-स्पिति में पवन ऊर्जा के दोहन के लिए 84 मेगावाट क्षमता को चिन्हित किया गया है तथा इसके दोहन के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी के साथ मामला उठाया गया है और इस संबंध में शीघ्र ही संस्थान की एक टीम काजा का दौरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं जनजातीय क्षेत्रों का निरंतर दौरा कर रहे हैं और वर्तमान राज्य सरकार ने हिमाचल दिवस का पहला राज्य स्तरीय कार्यक्रम काजा में मनाया, जो राज्य सरकार की जनजातीय क्षेत्रों के विकास के प्रति वचनबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुसार राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्र की महिलाओं को अधिक अधिकार देने पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सड़कें बनाने के लिए सुरंगों के निर्माण पर बल देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभागों को गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि राज्य सरकार, सरकारी संस्थानों को और सुदृढ़ कर सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन का आधारभूत ढांचा भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता को निहार सकें। उन्होंने कहा कि किन्नौर के कड़छम में निर्मित कृत्रिम झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने के लिए ट्रायल करवाया गया है और जल्द ही यहां पर शीघ्र ही जल क्रीड़ाएं शुरू की जाएंगीं ताकि स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके साथ ही जिला किन्नौर में धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तेमसो झील में भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से झील को संपर्क मार्ग से जोड़ने पर विचार किया जाएगा, ताकि यहां पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में हेलीपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर परियोजनाएं बनाकर उन्हें समयबद्ध धरातल पर उतारने के निर्देश दिए और कहा कि जनजातीय क्षेत्र के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि नई परिषद का गठन मई 2023 में किया गया था, लेकिन प्रदेश में भारी बारिश से आई आपदा के कारण इस बैठक के आयोजन में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षत्रों का दौरा कर वहां की समस्याओं एवं प्राथमिकताओं को समझा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है और बैठक में इन क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं का उठाया जाता है तथा राज्य सरकार द्वारा उस पर कार्यवाही की जाती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठकें नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने जनजातीय सलाहकार परिषद के सभी मनोनीत सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई। बैठक के दौरान सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत करवाया, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।
चित्रकूट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स शूलिन विश्वविद्यालय द्वारा अंग्रेजी में भारतीय लेखन का रूटलेज विश्वकोश जारी किया गया। यह साहित्यिक कार्य दुनिया भर के 150 से अधिक विद्वानों की कड़ी मेहनत और समर्पण के सामूहिक प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने, चित्रकोट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स के पीएचडीछात्रों के सहयोग से, इस विश्वकोश को जीवंत बनाने में अभिन्न भूमिका निभाई है। उन्होंने न केवल विचारोत्तेजक निबंधों और लेखों का योगदान दिया है जो इस साहित्यिक संग्रह के पन्नों की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वे विद्वता और सटीकता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते हुए संपादकीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य भी रहे हैं। रूटलेज इनसाइक्लोपीडिया ऑफ इंडियन राइटिंग इन इंग्लिश में भारतीय लेखन के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है, जो इस समृद्ध और विविध साहित्यिक परिदृश्य का पता लगाने के इच्छुक विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए एक अमूल्य संसाधन के रूप में कार्य करता है। इस साहित्यिक परियोजना के सह-संपादक, प्रो. मंजू जैदका और प्रो. तेज नाथ धर, इस उल्लेखनीय प्रयास के शीर्ष पर रहे हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया है कि यह विश्वकोश इसके निर्माण में शामिल सभी लोगों के समर्पण और जुनून के प्रमाण के रूप में खड़ा है।
-मुख्यमंत्री ने जुन्गा में किया शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज से 15 अक्तूबर, 2023 तक शिमला जिला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के जुन्गा में आयोजित शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ऐसे आयोजनों से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला का बीड़-बिलिंग क्षेत्र पैराग्लाइडिंग के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। प्रदेश सरकार हिमाचल के वातावरण के अनुकूल हरित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है, जिसमें पर्यटन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की है। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की घोषणा के साथ ही अन्य अनछुए गंतव्यों को विकसित किया जाएगा। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने में इस तरह के आयोजन सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ ही उन्हें विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है। आपदा से उबरने के साथ ही हिमाचल पुन: पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस बार आपदा के दौरान बहुत अधिक नुकसान हुआ है और कई लोगों ने अमूल्य जीवन खोया है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों में गए और प्रदेश सरकार ने तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। इसके तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों पर पहले मिलने वाले 1.30 लाख रुपए की आर्थिक मदद को बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही कच्चे और पक्के मकान को आंशिक नुकसान पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। लोगों को अपना घर दोबारा बनाने के लिये राज्य सरकार 280 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से सीमेंट उपलब्ध करवाएगी। इसके साथ ही बिजली और पानी का कनेक्शन भी राज्य सरकार नि:शुल्क लगाएगी। राहत शिविरों में रह रहे लगभग तीन हजार परिवारों को राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में किराए का मकान लेने के लिए 5000 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर 75 हजार करोड़ का ऋण और कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां होने के बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों की भरपूर मदद कर रही है। कार्यक्रम का आयोजन 'द ग्लाइड इनÓ कंपनी और पर्यटन विभाग मिलकर कर रहे हैं। 'द ग्लाइड इनÓ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रावत ने उत्सव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। चार दिन तक चलने वाले इस उत्सव में देश-विदेश के 51 पैराग्लाइडर्स भाग ले रहे हैं। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। प्रबन्ध निदेशक, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम अमित कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
लोअर लंवागांव के पंचायत सामुदायिक केंद्र के प्रांगण में आज सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से आए नाट्य दल चंगर कला मंच टिहरी के कलाकारों द्वारा जयसिंहपुर में आपदा से बचाव बारे लोगों को जागरूक किया। चंगर कला मंच नाट्य दल के कलाकारों जीवन कुमार, अंशुल, अजय, मुकेश, प्रवीण, अंजू, कश्मीर सिंह, मीना, रीना, रेखा द्वारा गीत-संगीत व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आपदा के समय बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में लोअर लंवागांव के पंचायत प्रधान सुमन मैहरा उपप्रधान हरी दास व जयसिंहपुर पंचायत के प्रधान कृष्ण कांत व उप प्रधान विनोद कुमार स्थानीय लोग मौजूद रहे।


















































