देवभूमि हिमाचल में महादेव शिव के अनेक मंदिर हैं। ऊना जिला के बंगाणा उपमंडल के तलमेहड़ा गांव की रामगढ़ धार पर स्थित धौम्येश्वर सदाशिव मंदिर भी लाखों शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर का निर्माण पचास के दशक में हुआ था। सदाशिव मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है और पूरा वर्ष यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु नमन करने और भगवान शंकर की आराधना करने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि करीब 5500 वर्ष पहले महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित श्री धौम्य ऋषि ने तीर्थ यात्रा करते हुए इसी ध्यूंसर नामक पर्वत पर शिव की तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर दर्शन देते हुए वर मांगने को कहा था जिस पर ऋषि ने वर मांगा कि इस पूरे क्षेत्र में आकर धौम्येश्वर शिव की पूजा करने वाले की मनोकामनाएं पूरी हों। मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव तथास्तु कह कर अंतर्ध्यान हो गए थे। इसके बाद से जो भी श्रद्धालु मंदिर पहुंच कर सच्चे मन से मन्नत मांगता है, तो उस भक्त की मुराद पूरी होती है। मंदिर को धौम्येश्वर शिवलिंग, ध्यूंसर महादेव और सदाशिव के नाम से पुकारा जाता है। मंदिर के वर्तमान पुजारी राकेश शर्मा व सिद्ध राज शास्त्री के मुताबिक 1948 में पहली बार जिला के इस सबसे ऊंचे स्थल पर मौजूद पवित्र शिवलिंग के स्थान पर शिवरात्री का आयोजन किया गया था। पुजारी की मानें तो 1937 में मद्रास के एक सैशन जज स्वामी ओंकारा नंद गिरी को स्वप्र में भगवान शिव ने दर्शन देते हुए कहा कि पांडवों के अज्ञातवास के समय उनके पुरोहित धौम्य ऋर्षि द्वारा स्वयंभू शिवलिंग अर्चना की थी। वे शिवलिंग की खोज कर पूजा अर्चना करें। स्वामी ओंकारा नंद गिरी ने स्वप्न के आधार पर शिवलिंग को काफी जगह खोजा, लेकिन नहीं मिला। घूमते-घूमते सन् 1947 में स्वामी सोहारी पहुंच गए। सोहारी स्थित सनातन उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रसाद शर्मा डबराल के सहयोग से स्वामी ओंकारा नंद गिरी जी शिवलिंग के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आठ बाय आठ फुट का पहला मंदिर बनाया था। 1988 तक स्वामी ओंकारानंद गिरी जी इस मंदिर का संचालन करते रहे, उनके उपरांत मंदिर समिति इसके प्रबंधों का जिम्मा संभाले हुए हैं। पूरे जिला का दिखता है अलौकिक नजारा जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक तलमेहड़ा की पहाड़ी श्रृंखलाओं में से सबसे ऊंचे पहाड़ ध्यूंसर जंगल पर स्थित सदाशिव मंदिर से पूरे जिला का अलौकिक नजारा देखने को मिलता। मंदिर चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है। मंदिर से न केवल जिला का ही नजारा दिखता है, बल्कि धौलाधार की पहाड़ियां भी दिखाई देती है, जो कि अलग ही नजारा है। अखंड धूना जलाने से हुआ वट वृक्ष हरा-भरा करीब 23 वर्षों से प्रकाश चंद बाबा जी मंदिर में अखंड धूना जला रहे है। प्रकाश चंद बाबा की माने तो पांडवों के समय के पश्चात शिवलिंग के समीप वट वृक्ष सूख गया था। इसके बाद वर्ष 1996 में अखंड धूना जलाया गया, जिसके बाद वृक्ष धीरे-धीरे हरा भरा हो चला गया। माता चिंतपूर्णी की तर्ज पर श्रद्धालुओं द्वारा वट वृक्ष पर मौली बांधकर मुरादे मांगते है, जो कि पूरी होती है। प्रकाश चंद ने बताया कि अखंड धूने से सांस की बीमारी, फोड़ा फुंसी सहित चर्म रोगों से भी राहत मिलती है। श्रावण माह में सबसे ज्यादा भीड़ यूं तो पूरा वर्ष श्रद्धालु आते हैं लेकिन श्रावण माह में यहां श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ती है कि खड़े होने के लिए भी जगह नहीं बचती। अनेक श्रद्धालु यहां भंडारों का आयोजन करते हैं। श्रावण माह के अलावा मंदिर में शिवरात्रि पर्व, जन्माष्टमी पर्व, स्वामी ओंकारानंद गिरी की पुण्यतिथि के अलावा विशाल दंगल मेला की विशेष पहचान है। इन सभी कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। बारिश न होने पर पिंडी को भरा जाता है जल से मान्यता है कि गर्मियों के दिनों अगर सूखा पड़ता है तो शिवलिंग को पूरा जल से भर दिया जाता है। सूखा पड़ने पर सभी ग्रामीण सदाशिव मंदिर पहुंचते है और पूजा अर्चना करते हैं। शिवलिंग को ऊपर तक पानी से भरने पर जोरदार बारिश होती है। ऐसा एक बार नहीं, कई बार हुआ। सूखा पड़ने पर मंदिर में ग्रामीण एकत्रित हुए और शिव शक्ति स्वरूप वाले शिवलिंग को पानी से भर दिया, जिसके बाद जोरदार बारिश होती है। शिव शक्ति स्वरूप शिवलिंग बदलता है रंग जंगलों के बीच चट्टानों पर स्थित शिव शक्ति स्वरूप वाला शिवलिंग अक्सर रंग बदलता है। मंदिर के पुजारी की मानें तो स्वयंभू शिवलिंग समय-समय पर अनेक रंग बदलता है, जो कि अद्भुत दिखता है। स्वयंभू शिवलिंग कभी हरा, कभी लाल तो कभी पत्थर के रंग का हो जाता है। शिवलिंग को फूलों से सजाया जाता है और सदा चांदी के छत्र से इसे शोभित रखते हैं। हैरत की बात है कि हर वर्ष शिवरात्रि के दिन शेष नाग दर्शन देते हैं। गऊ सेवा के अब नंदी सेवा सदाशिव मंदिर में पिछले 8 वर्षों से गऊओं की सेवा की जा रही है। शुरुआत में सिर्फ 2 गऊओं की सेवा शुरू की गई। इसके बाद गऊओं की संख्या बढ़ती गई। मौजूदा समय में मंदिर ट्रस्ट द्वारा गऊ की सेवा की जा रही है। इसके लिए अलग से गौशाला बनाई गई है। मंदिर में जलाई जाने अखंड ज्योत गऊओं के दूध के तैयार किए गए देसी घी से जलाई जाती है। गऊसेवा के बाद अब नंदीशाला का निर्माण किया गया है, जहां पर 100 से अधिक नंदी को रखा जाए। ये वह नंदी है, जो आस-पास के क्षेत्र में बेसहारा घूमते रहते थे। दिव्यांगों व वृद्धों के लिए लगाई लिफ्ट ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को काफी परेशानी पेश आती है। ऐसे में मंदिर द्वारा लिफ्ट लगा दी गई है। जिसके माध्यम से श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच जाते है। 24 घंटे लगा रहता है लंगर मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं के ठहरने की भी काफी व्यवस्था है। मंदिर में दर्जनों सराय है, जहां पर श्रद्धालु रूक सकते हैं। यहां करीब 5000 से अधिक क्षमता के लंगर हाल के साथ-साथ जगह-जगह श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। मंदिर में 24 घंटे लंगर की भी व्यवस्था रहती है। दिन व रात किसी भी समय कोई श्रद्धालु मंदिर पहुंचता है, तो लंगर की व्यवस्था हमेशा रहती है। आस्था के साथ जरूरतमंदों का भी सहारा आस्था का यह केंद्र केवल श्रद्धालुओं की मन्नतों को ही पूरा नहीं करता बल्कि यहां चढ़ाया गया दान अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन का सहारा बन रहा है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद की जाती है। निर्धन कन्याओं की मदद के लिए उनकी शादी में वर्तमान में 21 सौ रुपए का शगुन भी दिया जाता है। इसके अलावा खाद्य सामग्री भी दी जाती है। अब तक मंदिर ट्रस्ट करीब 900 शादियां करवाई जा चुकी है। यही नहीं मानवता की सेवा के क्रम को बढ़ाते हुए मंदिर ट्रस्ट की ओर से किडनी, कैंसर से पीड़ित मरीजों का उपचार भी करवाया जाता है। तलमेहड़ा क्षेत्र के विकास की अनेक योजनाएं चढ़ावे में मिली राशि का सदुपयोग कर तैयार की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यात्री निवास, शौचालय, पार्किंग व लंगर जैसी व्यवस्थाएं हैं। मंदिर में करवाई जाती शादियां सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव में सन् 2013 से बतौर प्रधान पद प्रवीण शर्मा को काम करने का अवसर मिला। प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में समस्त प्रबंधन कमेटी के सहयोग से नई सोच से मंदिर में विकास व सामाजिक जन कल्याणकारी कार्यों शुरू करवाया गया। इसी सोच के तहत गरीब कन्याओं की शादी मंदिर में ही करवाने का निर्णय लिया। ट्रस्ट द्वारा मंदिर में गरीब कन्या की शादी करवाई जाती है, जिसका सारा खर्च मंदिर द्वारा किया जाता है। इसके अलावा खाने-पीने की भी व्यवस्था मंदिर द्वारा की जाती है। अनाथ बच्चों की पढ़ाई में ट्रस्ट कर रहा सहयोग सदाशिव मंदिर ट्रस्ट न केवल गरीब कन्याओं की शादी के लिए बल्कि अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पूरा खर्च उठाती है। अब तक कई अनाथ बच्चों की मंदिर ट्रस्ट द्वारा पढ़ाई करवाई गई है। मंदिर चेयरमैन प्रवीण शर्मा की मानें तो अगर किसी के माता-पिता नहीं है और पढ़ाई करना चाहते हैं, तो मंदिर द्वारा पूरा पढ़ाई करवाई जाती है। ग्रेजूशन के अलावा अगर कोई बच्चा आईटीआई व डिप्लोमा करना चाहता है, तो ट्रस्ट पूरी मदद करेगा। मंदिर की सुंदरता माया नगरी तक धौमेश्वर मंदिर तलमेहड़ा में हिमाचल पंजाब ही नहीं, बल्कि माया नगरी में भी खनक पहुंच गई है। फिल्मी जगत के सितारे धौमेश्वर मन्दिर तलमेहड़ा में कमेटी द्वारा मंदिर में की गई व्यवस्था से मंत्रमुग्ध हो चुके है। हाल ही में हिंदी एवं पंजाबी जगत के सुपरस्टार गायक मास्टर सलीम द्वारा धौमेश्वर मन्दिर तलमेहड़ा में 'भोले की बारात पार्ट 3 ' की शूटिंग की गई। मास्टर सलीम ने धौमेश्वर मंदिर कमेटी में हुए अथाह विकास और कमेटी द्वारा मंदिर में व्यवस्थाओं का जिक्र किया गया है। सदाशिव मंदिर की दूरी ऊना मुख्यालय के अगर आप अंब रोड़ पर बाया बडूही, जोल होते हुए सदाशिव मंदिर जाते हैं, तो इसकी दूरी 34 किलोमीटर है। इसके अलावा अगर हमीरपुर पर नलवाड़ी, तलमेहड़ा होते हुए मंदिर जाएंगे, तो इसकी ऊना से सदाशिव मंदिर की दूरी 41 किलोमीटर है।
भदसाली के रमन कुमार दिव्यांग होने के बावजूद प्रतिगतिशील किसान बनकर मिसाल पेश की है। रमन कुमार ने दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेतीबाड़ी को अपनाया। रमन कुमार का कहना है कि जब उन्होंने खेतीबाड़ी का कार्य शुरू किया तो वह कैमिकल युक्त खेती करते थे जिससे फसलों की पैदावार में कमी होने के साथ-साथ खेतों की मिट्टी भी खराब हो रही थी। खेतों में रसायनों का प्रयोग करने से सामान्य वर्षा होने पर भी फसल पानी को सोख नहीं पाती थी और फसलें खराब हो जाती थी। रमन कुमार कहते हैं कि रसायन युक्त खेती से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर रूख किया तथा पालमपुर में प्राकृतिक खेती की टेनिंग ली। टेनिंग के उपरांत उन्होंने 25 बीघा जमीन पर प्राकृतिक खेती करना शुरू किया जिससे खेतों की मिट्टी सजीव हो उठी है और फसल की पैदावार में बढ़ौतरी हुई तथा कृषि करने की लागत में भी कमी आई हैं। रमन कुमार अरबी, प्याज व लहसुन की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर प्राकृतिक उत्पाद वह अपने घर से ही विक्रय कर देते हैं। वर्तमान में रमन कुमार प्याज, फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकली, बैंगन, बैंगन, टमाटर, गेंदा, शिमला मिर्च व हरी मिर्च की पनीरी भी प्राकृतिक खेती की विधि से तैयार कर रहे हैं। प्राकृतिक तरीके से तैयार की हुई सब्जियों की पनीरी लोग उनके घर से ही अच्छे दामों पर खरीद कर लेते है।। इसके अलावा रमन कुमार ने प्राकृतिक खेती के साथ साथ देसी गायें भी पाल रखी है जिसके मल-मूत्र से बनने वाले उर्वरकों का प्रयोग वह प्राकृतिक खेती में करते हैं। देसी गाय खरीदने, संसाधन भंडार और गाय शेड लाईनिंग और घोल बनाने के लिए ड्रम भी विभाग द्वारा अनुदान पर उपलब्ध करवाए गए हैं। रमन कुमार ने बताया कि प्राकृतिक खेती करने के लिए एक माह में लगभग 26 हज़ार रूपये का लेबर खर्च आता है। उन्होंने खेतीबाड़ी का कार्य करने के लिए चार लोगों को भी रोजगार दे रखा है। रमन कुमार प्राकृतिक खेती की विधि से तैयार फसलों मे सालाना 4 लाख रूपये का मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। रमन की तरह तिलक राज भी प्राकृतिक खेती कर रहे है। उन्होंने 2019 में प्राकृतिक खेती के लिए 2 दिवसीय ट्रेनिंग लेकर प्राकृतिक खेती की तकनीक को अपनाया। उन्होंने सबसे पहले दो कनाल भूमि पर गेहूं की फसल प्राकृतिक तकनीक से करना आरंभ किया। तिलक राज का कहना है कि पहले वह रसायन युक्त खेती करते थे जिससे खेती की उर्वरकता कम होने के साथ-साथ खेती करने की लागत भी बढ़ रही थी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक खेती के तहत गेहूं की बांसी किस्म के बीज बोए थे जिसके काफी उत्पादन हुआ और 4 हज़ार रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से विक्रय किया जिससे उन्हें काफी मुनाफा हुआ। वर्तमान में विजय कुमार 55 कनाल भूमि पर गेहूं, चने और सरसों की प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। विजय कुमार ने दो देसी गाय भी खरीदी है जिस पर उन्हें 25 हज़ार रूपये के अनुदान मिला है। इसके अतिरिक्त कऊ शेड लाईनिंग और संसाधन भंडार के लिए भी 8 हज़ार रूपये का अनुदान विभाग की ओर से मिला है। वहीं, परियोजना निदेशक आतमा ऊना संतोष शर्मा ने बताया कि जिला ऊना के किसानों ने वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती को अपनाना आरंभ किया था। उन्होंने बताया कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अंतर्गत प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को 7 सात दिन का प्रशिक्षण पालमपुर विश्वविद्यालय में दिया जाता है। प्रशिक्षण में किसानों को देसी गाय के गोबर, गोमूत्र व खट्टी लस्सी ने बनाए जाने वाले विभिन्न घटकों बारे बताया जाता है। देसी गाय के गौबर व गोमूत्र से जीवामृत, बीजामृत व घनजीवामृत तथा पौध संरक्षण सामग्री को तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि जीवामृत पौधों व धरती के लिए अमृत के तुल्य है। जीवामृत से बीजों का उपचार और घनजीवामृत से सूखी खाद तैयार की जाती है जोकि फसलों के लिए काफी फायदेमंद होती है।
बाल विकास परियोजना रिवालसर के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पड़े कुल आठ पदों को भरा जाना हैं। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक पद तथा सहायिका के सात पद शामिल हैं। इन पदों के लिए पात्र व इच्छुक उम्मीदवार एक मई को सायं 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) रिवालसर कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं, जबकि साक्षात्कार 4 मई को प्रात 11 बजे से उपमण्डलाधिकारी कार्यालय बल्ह में लिया जाएगा। यदि किसी कारणवश कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि व समय तक आवेदन पत्र जमा नहीं करवा पाता है तो ऐसे पात्र उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेजों के साथ साक्षात्कार वाले दिन भी अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इस बारे जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी रिवालसर संजीव ने बताया कि आंगनबाडी कार्यकर्ता का रिक्त पद ग्राम पंचायत बैरी के आंगनबाड़ी केंद्र अंद्रेटा में भरा जाना है। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिका के कुल सात रिक्त पदों में से ग्राम पंचायत रियूर का आंगनबाड़ी केंद्र सुक्का रियूर, ग्राम पंचायत दूसरा खाबू का सेरला खाबू-।।, लोअर रिवालसर के आंगनबाड़ी केंद्र धार-1 और धार-।।, डहणु का डहणु, कोठी का समलेहड़, बैहल पंचायत का मोहरी में एक-एक पद भरा जाना है। चयनित होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को निर्धारित दर पर प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। उन्होने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ता व सहायिका के पदों हेतु केवल ऐसी महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी जिनकी आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होगी। इसके अलावा प्रार्थी का नाम संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के परिवारों की सूची में शामिल हो तथा प्रार्थी के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक न हो एवं इस बारे कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी किया हो। इसके अतिरिक्त आवेदक का नाम पंचायत रजिस्टर में एक जनवरी, 2023 से पहले पंजीकृत होना चाहिए। सीडीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास जबकि सहायिका के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। इन रिक्त पदों के लिए इच्छुक व पात्र महिला उम्मीदवार सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित एक मई सायं पांच बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय रिवालसर को अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि किसी कारणवश कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि व समय तक अपना आवेदन प्रस्तुत नहीं करवा पाता है तो साक्षात्कार वाले दिन भी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होने बताया कि 4 मई को प्रातः 11 बजे से एसडीएम कार्यालय बल्ह में साक्षात्कार लिया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय रिवालसर से संपर्क किया जा सकता है।
सोलन जिले के बद्दी में इस वर्ष पहली अक्टूबर से उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) का कार्यालय खोला जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद, दून विधानसभा क्षेत्र के पहले दौरे के दौरान हनुमान चौक बद्दी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए की। उन्होंने बद्दी में बीएमओ कार्यालय और झारमाजरी में पटवार वृत खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने अधिकारियों को बद्दी बस स्टैंड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण राज्य के प्रत्येक व्यक्ति पर 92,840 रुपये का ऋण है, जिससे राज्य को आर्थिक संकट के दौर का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि राज्य के विभिन्न व्ययों का प्रबंधन करने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को पिछली सरकार की देनदारियों को चुकाने के लिए 6000 करोड़ रुपये का ऋण लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद वे वित्तीय अनुशासन के दृष्टिगत निर्णय लेकर राज्य की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार संसाधन जुटाने के लिए काम कर रही है, ताकि विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए राज्य के पास धन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थापित जलविद्युत परियोजनाओं पर जल उपकर लगाया गया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य की शराब की दुकानों की नीलामी की है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने राज्य के 6000 अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आरंभ की है, ताकि सरकार द्वारा अनाथ बच्चों की देखभाल सुनिश्चित की जा सके। योजना के तहत अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही 4000 रुपये पॉकेट खर्च के तौर पर दिए जाएंगे और वर्ष में एक बार उनके एक्सपोजर विजिट का व्यय भी सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अनाथ बच्चों को घर बनाने के लिए तीन बिस्वा जमीन और आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से अवगत है और उनके जीवन में सुधार के लिए विभिन्न कदम उठा रही है ताकि वे एक सम्मानित जीवन जी सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि एकल नारी को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ई-ट्रक, ई-बस, ई-टैक्सी और ई-गुड्स कैरियर की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी जिसके कि न केवल हिमाचल प्रदेश को देश का हरित राज्य बनने में सहायता मिलेगी, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 250 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई निवेश नीति लाई जा रही है, जिससे उद्यमियों के साथ-साथ प्रदेश की जनता को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा निवारण व मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के दृष्टिगत भी गंभीर प्रयास कर रही है और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस संबंध में सख्त कानून बनाने का आग्रह भी किया है। मुख्यमंत्री ने दून विधानसभा क्षेत्र के बुघार में बनिया देवी-बुघार मार्ग पर गंभर खड्ड पर 5.16 करोड़ की लागत के पुल का लोकार्पण किया जिससे कि अर्की, दून और कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने बद्दी क्षेत्र के कल्याणपुर में 3.33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महिला पुलिस थाने का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने हरिपुर से चुनरी संपर्क रोड में सिरसा खड्ड पर 11.44 करोड़ रुपये की लागत के 180 मीटर लंबे डबल लेन पुल का शिलान्यास, बद्दी में सनसिटी रोड पर 1.50 करोड़ रुपये की लागत से साइकिल ट्रैक और 87 लाख रुपये की लागत से बनने वाले लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय एवं आवासीय भवन का शिलान्यास भी किया।
धर्मशाला में रेसलिंग अकादमी खोली जाएगी, ताकि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को उपयुक्त सुविधा व संसाधन मिल सकें। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने यह बात चैतड़ू के समीप भीम टिल्ला छिंज मेले में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कही। उन्होंने कुश्ती समेत अन्य ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने पर बल दिया। इस मौके सुधीर शर्मा ने सैंकड़ों लोगों के साथ बैठकर दंगल प्रतियोगिता का आनंद लिया और विजेता व उपविजेता पहलवानों को इनाम देकर सम्मानित किया। प्राचीन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी सुधीर शर्मा ने कहा कि ग्रामीण खेलों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए युवाओं में प्राचीन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि युवा ऊर्जा रचनात्मक तथा सकारात्मक दिशा में अग्रसर हो। साथ ही यह भी आवश्यक है कि खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि वे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेला समिति को दिए 1.50 लाख सुधीर शर्मा ने कहा कि भीम टिल्ला दंगल आपसी मेलजोल का बड़ा प्रतीक है। इस मेले में कई पंचायतों के लोग एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से आयोजन करके एकता का संदेश देते हैं। इस अवसर पर उन्होंने मेला समिति को 1.50 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसमें वे 51 हजार रुपये अपनी ओर से तथा 1 लाख रुपये विधायक निधि से देंगे। अगले साल मनेड़ मैदान में होगा छिंज मेला विधायक ने मेला कमेटी के सुझाव के अनुरूप अगले साल से मेले का आयोजन मनेड़ मैदान में कराने की बात कही, ताकि मेले के आयोजन को खुली जगह मिले तथा बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मेले का भरपूर आनंद ले सकें। अभी जहां मेला होता है वो जगह सड़क के बिल्कुल साथ है और जगह भी बहुत कम है, इसलिए सभी की सुविधा को देखते हुए अगले वर्ष से मेला मनेड़ पंचायत के ग्राउंड में शिफ्ट किया जाएगा । उन्होंने कहा कि मेले के लिए मैदान के विकास और रखरखाव का खर्च सरकार वहन करेगी। धर्मशाला में तेजी से घूम रहा विकास का पहिया सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला हलके में शहर से लेकर गांव तक विकास कार्यों को तेजी दी जा रही है। किसान बहुल इलाकों में कूल्हों को सुधारा जा रहा है। कृषि बीमा से किसानों को जोड़ा जा रहा है। किसानों को उन्नत किस्मों के बीज दिलाए जा रहे हैं। मोटे अनाज के उत्पादन को प्रमोट किया जा रहा है। पास्सू में ओबीसी भवन और सब्जी मंडी पर काम जारी है। खेती के साथ बागवानी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मेले में पहलवानों ने दिखाया दमखम भीम टिल्ला छिंज मेले में उतरी भारत के कई इलाकों से पहलवानों ने दमखम दिखाया। इसमें पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी आदि राज्यों के नामी अखाड़ों से रेस्लर पहुंचे। सुधीर शर्मा ने सभी से खेल भावना का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कुश्ती एक लोकप्रिय खेल है। इसे हम सब मिलजुलकर सहेजेंगे। इस दौरान मेला कमेटी के प्रधान कुलदीप काकू ने विधायक को सम्मानित किया। इस अवसर पर मनेड़ पंचायत प्रधान प्रधान मलकीत सिंह, मीका, बगली की प्रधान शालिनी देवी, बीडीसी उपाध्यक्ष विपन कुमार केसीसी बैंक के एजीएम कुलदीप भारद्वाज सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने शिमला में डीकार्बोनाइजिंग ट्रांसपोर्ट के दृष्टिगत स्थायी गतिशीलता समाधान की निगरानी और उसे बढ़ावा देने के लिए एक ग्रीन मोबिलिटी कमेटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव, परिवहन समिति के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम, निदेशक, परिवहन, आयुक्त, नगर निगम, शिमला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शिमला स्मार्ट सिटी, प्रमुख अभियंता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, शिमला, निदेशक रोपवे और रैपिड ट्रांजिट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, मुख्य अभियंता, एच.पी. स्टेट रोड एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इसके सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि सचिव, एसटीए-सह-अतिरिक्त आयुक्त, परिवहन समिति के सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने कहा कि समिति इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के मद्देनज़र एक टिकाऊ योजना विकसित करेगी, जो शिमला शहर में डी-कार्बोनाइजेशन के लिए मदद करेगी। उन्होंने कहा कि अंतर-विभागीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करना समिति के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि समिति कार्यशालाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन, पायलट परियोजनाओं पर विचार-मंथन करने, परियोजना निष्पादन में तेजी लाने के लिए मौजूदा योजनाओं का विलय करने के अलावा समय-सीमा के साथ कार्ययोजना को परिभाषित करने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि इस कमेटी की बैठक हर तिमाही में एक बार आयोजित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों और बर्फ से ढकी चोटियों में कई रहस्य छुपे है। ऐसी ही एक जगह है स्पीति घाटी जो अपने ठंडे रेगिस्तान और जादुई प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है। इसी स्पीति घाटी में करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है मजबूत ताबो मठ। यह मठ भारत के सबसे पुराने मठों में से एक है। यह भारत और हिमालय का सबसे पुराना मठ है जो अपनी स्थापना के बाद से लगातार काम कर रहा है। यह आकर्षक मठ ‘हिमालय के अजंता’ के रूप में प्रसिद्ध है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्यूंकि इस मठ की दीवारों पर अजंता की गुफाओं की तरह आकर्षक भित्ति और प्राचीन चित्र बने हुए हैं। मिट्टी की मोटी दीवारों से बना ये मठ किले जैसा दिखता है। बौद्ध संस्कृति के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थलों में से एक होने के नाते, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसके रखरखाव और संरक्षण की जिम्मेदारी संभाली है। यह मठ 6300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है और बौद्ध समुदाय के लिए एक अनमोल खजाना है। ताबो घाटी के ठंडे रेगिस्तान में और मिट्टी की ईंटों की ऊंची दीवारों से ढका यह समृद्ध विरासत स्थल बौद्ध भिक्षुओं द्वारा अत्यधिक पूजनीय है और तिब्बत में थोलिंग गोम्पा के बाद दूसरे स्थान पर आता है। इस गोंपा यानि मठ की स्थापना लोचावा रिंगचेन जंगपो ने 996 ई. में की थी। लोचावा रिंगचेन जंगपो एक प्रसिद्ध विद्वान थे। ताबो मठ परिसर में कुल 9 देवालय हैं, जिनमें से चुकलाखंड, सेरलाखंड एवं गोंखंड प्रमुख है। ये सभी मिट्टी से बने हैं और 1000 से अधिक वर्षों से इसी तरह खड़े हैं। मुख्य मंदिर में एक सभा कक्ष है जहां भिक्षु एक साथ प्रार्थना करते थे। मठ के भीतर सभी दीवारें बौद्ध कथाओं से रंगी हुई हैं। कहते है ताबो भित्ति चित्रों ने बौद्ध धर्म की विरासत को संरक्षित रखा हुआ है। चुकलाखंड (देवालय) की दीवारों पर बहुत ही सुंदर चित्र अंकित हैं। इसमें बुद्ध के संपूर्ण जीवन को चित्रों के माध्यम से बताने का प्रयास किया गया है। बुद्ध के आलावा विभिन्न बोधिसत्वों के जीवन की कहानियां भी यहां मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि ताबो मठ के चित्र दो अलग-अलग चरणों को दिखाते है। 996 सीई का पहला चरण स्पष्ट स्थानीय और मध्य एशियाई प्रभाव दिखाता है, जबकि 11वीं सदी के दूसरे चरण में स्पष्ट कश्मीरी और पूर्वी भारतीय (पाल वंश) का प्रभाव दिखाई देता है। दीवारों पर बोधिसत्वों की 33 प्लास्टर मूर्तियां भी हैं। गोंपा में बहुत ही पुराने धर्म ग्रंथ ( तिब्बती भाषा में लिखे हुए है) एवं बौद्ध धर्म से संबंधित बहुत पुरानी पांडुलिपि भी मौजूद है। ताबो गोंपा के चित्र अजंता गुफा के चित्रों से मेल खाते हैं इसलिए ताबो गोंपा को हिमालयन अजंता के नाम से भी जाना जाता है। पुराने मठ परिसर के बगल में, एक नया मठ और एक सभा हॉल है। अन्य मंदिर आमतौर पर बंद रहते हैं, लेकिन भिक्षु आपके अनुरोध पर उन्हें आपके लिए खोल सकते हैं। ये मंदिर तारा और बुद्ध मैत्रेय जैसे बौद्ध देवताओं के हैं। ताबो मठ में चित्रों की कोई फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है, हालांकि आप परिसर के बाहर की तस्वीरें ले सकते हैं। इन सुंदर चित्रों के चित्र पोस्टकार्ड भिक्षुओं के पास बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कहा जाता है कि साल 1975 में आए एक भूकंप ने इस मठ की संरचना को काफी नुकसान पहुंचाया था, लेकिन इसकी इमारत की बेहतर गुणवत्ता ने इसे गिरने नहीं दिया। बाद में साल 1983 में, 14वें दलाई लामा ने इसे फिर बनाने का काम शुरू करवाया था। मठ के ठीक ऊपर पहाड़ी पर कुछ ध्यान गुफाएँ भी दिखाई देती हैं जो अभी भी भिक्षुओं द्वारा उपयोग की जाती हैं। इस मठ में लगभग 60 से 80 लामा प्रतिदिन बौद्ध धर्म का अध्ययन करते हैं। इनकी दैनिक चर्या बौद्ध धर्म के धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन एवं स्थानीय लोगों के अनुरोध पर उनके घरों में जाकर धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना एवं पूजा पाठ करना है। मुख्य मंदिर के मध्य में वेरोकाना की मूर्ति है, जो मुख्य मंदिर को चारों दिशाओं से मुखारबिंद किए हुए है। साथ ही उनके चारों तरफ मंदिर की दीवार के मध्य में दुरयिंग की मूर्तियां हैं। इनमें महाबुद्ध अमिताभ, अक्षोभया, रत्ना सभा की मूर्तियां प्रमुख हैं। यह मोनेस्ट्री भारत में सबसे पुरानी कोब संरचना है। कोब यानि प्राकृतिक चीज़ों से बना एक तरह का मिट्टी का घर। बनाने में मुख्य रूप से कच्ची मिट्टी का उपयोग किया गया है। इतना ही नहीं, यहां के पारंपरिक घरों की फ्लैट छतों में भी मिट्टी ही इस्तेमाल की गई है। देवताओं ने एक रात में बनाए थे यहां चित्र ! वर्ष 1983 एवं 1996 में 14वें दलाई लामा ने यहां कालचक्र समारोह का आयोजन किया। इस कालचक्र समारोह में दीक्षा एवं पुनर्जीवन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। यहां हर चार वर्ष में एक बार चाहर मेला लगता है, जो अक्टूबर माह में होता है। इस मठ के गर्भगृह में अलौकिक भित्ति चित्र देखने को मिलते हैं। इन्हें लेकर मान्यता है कि यह सभी चित्र देवताओं ने एक ही रात में बनाए थे। शायद यही वजह है कि यहां बने भित्ति चित्रों जैसी भाव-भंगिमाएं विश्वभर में कहीं और देखने को नहीं मिलती। मठ पर नहीं होता बर्फबारी का असर आपको यह जानकर हैरानी होगी है कि गोंपा परिसर के सभी मठों की दीवारें, छतें, सब कुछ मिट्टी से निर्मित है। इन्हें बने हुए हजारों वर्षों से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन इसकी अनूठी वास्तुकला पर बारिश और बर्फबारी का कोई असर नहीं होता। इसे दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद माना जाता है। बता दें कि 1975 के भूकंप के बाद मठ का पुनर्निर्माण किया गया है। ऐतिहासिक धरोहर के रूप में इस मठ का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को सौंपा गया है। इस मठ का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। दूर-दूर से लोग इस मठ को देखने आते हैं। सदियों से कोब की मजबूत दीवारों ने अपने भीतर की इस सुंदरता को संभालकर रखा है। हालांकि, आज इस मठ को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वे पहले की तुलना में अधिक गंभीर हैं और इसका सबसे बड़ा कारण है जलवायु परिवर्तन। स्पीति घाटी में होने वाली तेज बारिश से मठ की दीवारों पर बनी कलाकृतियां धुंधली होती जा रही हैं। यूएन वर्ल्ड कमीशन ने पर्यावरण और विकास को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भविष्य में ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करके सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन पर जोर देने की वकालत की है। उनके अनुसार, पुरानी शैली से प्रेरणा लेकर हमें बिना प्रकृति को नुकसान पहुचाएं, मजबूत और अच्छी इमारतें बनाने पर ध्यान देना होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. कर्नल धनी राम शांडिल ने मेडिकल कॉलेज चंबा का दौरा कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं को जांचा तो साथ ही उपचाराधीन रोगियों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम पूछा। स्वास्थ्य मंत्री के साथ सदर विधायक चंबा नीरज नैयर सहित अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी लोगों को अत्याधुनिक एवं वहन करने योग्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण और रोगियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों एवं पैरामेडीकल स्टाफ की उपलब्धलता सुनिश्चित बनाई जा रही है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक नीरज नैय्यर ने मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रही चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की वस्तु स्थिति बारे स्वास्थ्य मंत्री को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला चंबा के लोगों को यूं तो सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है लेकिन कुछ मामलों में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यूं तो मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए चंबा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तरोन्नत पर बल दिया गया है। अस्पताल में रोगियों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अस्पताल में आधुनिक उपकरण एवं मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने परिधि गृह में लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनका निपटारा करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, पूर्व विधायक एसके भारद्वाज, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज गुप्ता, एसडीएम अरुण शर्मा, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस करतार सिंह ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज काजा में भारत सरकार में ऊर्जा सचिव, आलोक कुमार से भेंट की और राज्य के विद्युत परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 210 मेगावाट की लुहरी-1, 172 मेगावाट लुहरी-2, 382 मेगावाट सुन्नी, और 66 मेगावाट की धौलासिद्ध परियोजनाओं सहित अन्य जलविद्युत परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार और सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएनएल) के मध्य हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश को क्रमबद्ध हिस्सेदारी की पेशकश राज्य के लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन समझौतों का पुनः परीक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को इन बिजली परियोजनाओं के स्वामित्व हस्तांतरण के लिए 75 वर्षों की एक निश्चित समय सीमा का भी आह्वान किया, क्योंकि वर्ष 2019 के बाद परियोजनाओं के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों में यह समय सीमा 70 वर्ष है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिजली परियोजनाओं में भागीदारी में वृद्धि पर चर्चा करते हुए आग्रह किया कि बीबीएमबी, एसजेवीएनएल और एनजेपीसी जैसी कंपनियों की पहले ही अपनी लागत वसूल कर चुकी पनबिजली परियोजनाओं में राज्य को 40 प्रतिशत हिस्सा प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ 110 मेगावाट की शानन जलविद्युत परियोजना के लिए पट्टे की अवधि वर्ष 2024 में समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बल देते हुए कहा कि पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद हिमाचल प्रदेश को उसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए। बैठक में विधायक रवि ठाकुर और एसजेवीएनएल के सीएमडी नंद लाल शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण आर्थिकी में पशुधन के महत्व के दृष्टिगत प्रथम बजट में ही ‘हिम गंगा’ योजना को आरम्भ करने का निर्णय लिया है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत में राज्य स्तरीय बैसाखी उत्सव के समापन समारोह को मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस उत्सव में सनातन संस्कृति का आधार सोलह संस्कार व लोकगिव संस्कार गीतों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य संसदीय सचिव ने इससे पूर्व मलौण के प्राचीन काली माता मंदिर में शीश नवाया और सभी के सुख और समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति द्वारा इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 21 हजार रुपये प्रदान किए गए है। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर हिम कला संगम को अपनी ओर से 31 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले महिला मण्डलों को 11-11 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने प्राथमिक पाठशाला मलौण के तीन नए कमरों के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल की आर्थिकी में कृषि एवं दुग्ध उत्पादन का महत्वपूर्ण योगदान है। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही हिम गंगा को शुरू करने का निर्णय लिया है। ‘हिम गंगा’ योजना के कार्यन्वयन पर 500 करोड़ रुपये व्यय होंगे। योजना के तहत पशुपालकों को दूध की वास्तविक कीमत दिलाई जाएगी और दुग्ध खरीद, संसाधन तथा विपणन की व्यवस्था में व्यापक सुधार लाया जाएगा। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी विलुप्त होती परंपरा को संजोए रखने के लिए एक सराहनीय पहल हैं। हमारी संस्कृति हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन लोक गायकों को मंच मिला है जो अपनी कला से हमारी संस्कृति को जिंदा रखे हुए हैं। संजय अवस्थी ने महिला मंडल मलौण, महिला मंडल पलौण, दुर्गा माता स्वयं सहायता समूह सैकली, स्वयं सहायता समूह बानली ब्राह्यमणा, महिला मंडल जोवी, कालका स्वयं सहायता समूह सैकली, लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह पट्टा, काली माँ स्वयं सहायता समूह मलौण, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोहरघाट, सांस्कृतिक दल नाली पलौण, राजकीय प्राथमिक पाठशाला मलौण खास, ग्रीन पब्लिक स्कूल दयोथ, नृत्य दल मलौण बाल कलाकार, योग प्रशिक्षक दल सिहड़ा को सम्मानित किया। इस अवसर पर विभिन्न कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। खंड कांग्रेस के अध्यक्ष सतीश कश्यप, ग्राम पंचायत मलौण की प्रधान गोदावरी, ग्राम पंचायत क्यार कनैता के प्रधान रघुराज पराशर, ग्राम पंचायत मलौण के उप प्रधान वीरेन्द्र, ग्राम पंचायत क्यार कनैता की उप प्रधान नीलम ठाकुर, ग्राम पंचायत मलौण के पूर्व प्रधान कृष्ण लाल, ग्राम पंचायत क्यार कनैता के पूर्व उप प्रधान जयदेव ठाकुर, काली माता मंदिर के मुख्य पुजारी रमेश ठाकुर, काली माता मंदिर समिति के प्रधान देवी लाल, जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, उपामण्डलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, हिम कला संगम हिमाचल प्रदेश के प्रधान सतपाल शर्मा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
ऊना जिला प्रशासन के साथ टीबी उन्मूलन पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निःक्षय मित्र की प्रेरणा सभी को मिलनी चाहिए, तभी लोग स्वेच्छा से आगे आएंगे। राज्यपाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया में टीबी उन्मूलन की दिशा में गंभीरता से काम हो रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्वयं लोगों को इस बारे में प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग टीबी उन्मूलन के प्रति जागरूक हैं लेकिन उनका सक्रिय योगदान लेने की आवश्यकता है। इसके लिए विभाग के कर्मियों को क्षेत्र में निकलने की जरूरत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि निःक्षय मित्र बनने में राजभवन भी हरसंभव मदद देगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीबी रोगियों को दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए और समय-समय पर रोगियों से बात कर उनकी प्रतिक्रिया भी लेते रहें। राज्यपाल ने इस अवसर पर रेडक्रॉस की वार्षिक रिपोर्ट जारी की तथा रेडक्रॉस के रैफरल ड्रॉ के 5 विजेताओं को 1.12 लाख रुपये हजार रुपये का चेक भेंट किया। उन्होंने निःक्षय मित्र और टीबी चौंपियन को पुरस्कृत भी किया। उन्होंने टीबी चौंपियन और निःक्षय मित्र से संवाद भी किया। राज्यपाल ने टीबी रोगियों को हाईजीन किट और न्यूट्रिशन किट भी वितरित किए। इससे पूर्व, उपायुक्त ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा जिला स्तर पर टीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजु बहल ने टीबी उन्मूलन में विभागीय गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत करवाया। डब्ल्यूएचओ परामर्शी डॉ. आत्मिका नायर ने टीबी कार्यक्रम के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया। रोहित जाफा के दिवांश और गोल्डी द्वारा डिजीटल हैंड एक्स-रे मशीन की प्रस्तुति भी दी गई। पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज जिला परिषद सभागार ऊना में केंद्र प्रायोजित एवं जिला स्तर पर कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जहां केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली, वहीं अधिकारियों से प्राकृतिक कृषि, नशामुक्ति तथा मोटे अनाज की खेती बारे जागरूकता पर कार्य करने की अपील भी की। राज्यपाल ने कहा कि जिला स्तर पर केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओें को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाना चाहिए और इसमें गुणात्मकता का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ-साथ लोगों को योजनाओं के बारे में जागरूक करने का दायित्व भी अधिकारियों का है। शुक्ल ने कहा कि योजनाओं को कार्यान्वित करने से पूर्व अधिकारी स्वयं इन योजनाओें से संतुष्ट होने चाहिए तभी वे समर्पण से कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर योजना का लाभ हो रहा है तो उस पर दृढ़ता से काम होना चाहिए। यदि योजना में कहीं कोई कमी है तो इस बारे में भी सरकार को अवगत करवाने का सामर्थ्य होना चाहिए तभी योजना व लोगों से न्याय कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि जिले के अनेक विभागों का कार्य काफी संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि कार्य के प्रति अधिकारियों में उत्साह नजर आना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल को देवभूमि कहा जाता है और यहां नशे के अवैध धंधे के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने ऊना प्रवास के दौरान उन्होंने नशानिवारण केंद्र का दौरा भी किया। ऐसे केंद्रों में और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पूरे समाज को मिलकर कार्य करना है क्योंकि नशे का समाज पर वितरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि रसायन खेती से आज जमीन बंजर हो रही है और जो अन्न पैदा हो रहा है वह स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदायक है। इसलिए हमें किसानों को प्राकृतिक कृषि के प्रति प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओें के लिए स्वीकृत राशि का सदुपयोग सुनिश्चित होना चाहिए और काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर ही कार्य को गति देनी चाहिए तभी सभी को लाभ मिल सकता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने हरोली के पोलियां बीत में 1923 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बल्क ड्रग पार्क की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने हिन्दुस्तान पैट्रोलियम कैमिकल लिमिटेड (एच.पी.सी.एल) द्वारा जीतपुर मेड़ी में बनने वाले फर्स्ट जनरेशन एथिनल प्लांट का कार्य, मातृ एवं शीशु उपचार केंद्र, पी.जी.आई. सैटेलाईट सेंटर, हरोली के सलोह में बन रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय, क्रिटिकल केयर यूनिट, नेशनल कैरियर सेंटर फॉर डिफरैंटली एबल्ड चाइल्ड तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों की समीक्षा की तथा सभी कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग को मोटे अनाज को लेकर भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष को ‘पोषक अनाज वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे ‘श्री अन्न’ का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग को चाहिए कि वे किसानों को इसके लाभ के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व इस दिशा में ध्यान दे रहा है। इसलिए इस की सफलता विभागीय कर्मियों पर निर्भर करती है। उन्होंने विभाग को इस बारे में अधिक से अधिक शिविर लगाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि नंगल से तलवाड़ा रेलवे लाईन में दौलतपुर से तलवाड़ा मिसिंग लिंक का कार्य शुरू किया जा चुका है, जिसपर 289 करोड़ रुपये भारत सरकार द्वारा व्यय किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में जिले को राज्य सरकार द्वारा ‘राज्य गुड गवर्नेंस इंडेक्स’ में तृतीय स्थान हासिल किया। उन्होंने राज्यपाल को केंद्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस थाना क्षेत्र धर्मशाला के तहत टंग में एक व्यक्ति से संतरा मार्का की 12 बोतलें देसी शराब बरामद की है। आरोपी की पहचान रमेश कुमार निवासी गोपालपुर तहसील पालमपुर जिला कांगड़ा के रूप हुई है। इस सन्दर्भ में पुलिस थाना में अभियोग जेर धारा 39-1(ए) हिमाचल प्रदेश आवकारी अधिनियम में पंजीकृत किया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज ऊना जिला के कोटलां खुर्द में कुष्ठ आश्रम का दौरा किया। मां छिन्नमस्तिका कुष्ठ आश्रय सोसाइटी द्वारा संचालित इस आश्रम में करीब 40 कुष्ठ रोगी अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। राज्यपाल ने इस अवसर कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए कोटलां खुर्द पंचायत प्रधान ममता रानी तथा जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। यहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और कुष्ठ रोगी उचित दवा भी ले रहे हैं। उन्होंने यहां के आवासीयों के बच्चों को समुचित शिक्षा प्रदान करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि उचित उपचार से आज इस तरह के रोगियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ऐसे आश्रमों से जुडे़ रहे हैं और उनकी समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने आवासियों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि उनके आवास के लिए वह व्यक्तिगत तौर पर भी प्रयास करेंगे। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वे कुष्ठ रोगियों की सहायता के लिए आगे आएं। ग्राम पंचायत प्रधान ममता रानी ने राज्यपाल का स्वागत किया। कुष्ठ आश्रम के लाल बहादुर ने राज्यपाल को आश्रम की समस्याओं से अवगत करवाया। उपायुक्त राघव शर्मा व पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित सेवा संघ स्पीति इकाई काजा ने आज काजा में मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक लाख दस हजार रुपये का चेक भेंट किया।
शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने सुलह विधानसभा क्षेत्र के गांव भौडा में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भरता को ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अभूतपूर्व बजट प्रस्तुत कर प्रदेशवासियों को राहत दी है। उन्होंने कहा कि वाटर सेस, आवकारी एवं कराधान नीति और लोक लुभावना बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएगा। इससे पूर्व भौडा, जो कि उनका ससुराल भी है पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी ग्रामीण एवं कृषि विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान, कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य, पर्यटन विकास, शिक्षा, रोज़गार, आधारभूत ढांचा विकास, औद्योगिकरण सरकार की विशेष प्राथमिकता है। प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ युवाओँ को स्वरोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए सरकार ने बजट में हरसंभव सहयोग का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में युवाओं को इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक ट्रक, टैक्सी, ऑटो, तथा इ गुड्स कैरियर लेने पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये, उपदान देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के3 सबसे बड़े ज़िला कांगड़ा को विशेष अधिमान देते हुए प्रदेश के टूरिज्म कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे को विशाल हवाई पट्टी में परिवर्तित के लिये धनराशि जारी कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि सभी जिला मुख्यालयों को वर्ष भर हवाई परिवहन से जोड़ने के लिए, हेलीपोर्ट के निर्माण और विस्तार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से, प्रदेश में रोपवे निर्माण भी तेजी से किया रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्पिति घाटी, जिसे ‘लामाओं की भूमि’ भी कहा जाता है, में अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान लामाओं से जुड़े और यहां की अनूठी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने मठों की विभिन्न मांगों को पूरा भी किया। स्पिति घाटी की महिलाओं को एक महत्वपूर्ण तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पिति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को आगामी जून माह से 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान करने की घोषणा की और घाटी की बौद्ध भिक्षुणी ‘छोमो’ भी इससे लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री ने की गोम्पा में अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने स्पिति घाटी की छोमो सहित सभी महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन का एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे इन महिलाओं में आत्म-सम्मान की भावना और मजबूत होगी। प्रवास के प्रथम दिन सगनम हेलीपैड पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने कुंगरी, ढंखर, काजा और की मठों में पूजा-अर्चना की और बौद्ध धर्म की परंपराओं और इतिहास को नजदीक से जाना व समझा। मुख्यमंत्री बनने के बाद स्पिति घाटी के अपने पहले प्रवास में ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का लामाओं द्वारा पारंपरिक परिधान भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने घाटी के विभिन्न मठों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कुंगरी गोम्पा को 50 लाख रुपये देने तथा ढंखर गोम्पा के लिए छात्रावास निर्माण और पेयजल योजना की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने की-गोम्पा के ध्यान केंद्र को स्तरोन्नत करने का भी आश्वासन दिया, जिसके लिए सरकार द्वारा समुचित धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रवास के दौरान स्पिति घाटी के विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने चिचम में एशिया के सबसे ऊंचे पुल का निरीक्षण भी किया। स्थानीय लोगों की मांग पर उन्होंने चिचम गांव के लिए पेयजल योजना के निर्माण पर विचार करने का वादा किया। स्पिति घाटी में किसी भी मुख्यमंत्री के सबसे लम्बे प्रवास से स्थानीय लोगों में हर्ष एवं उत्साह साफ दिखा और ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरल व मिलनसार व्यक्तित्व से हर कोई प्रभावित नजर आया। घाटी के मठों के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा और घाटी की महिलाओं को पेंशन के रूप में सम्मान राशि की घोषणा की विभिन्न वर्गों ने सराहना की।
कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कृषि वैज्ञानिकों से आह्वान किया है कि वे अपने-अपने संस्थानों से बाहर निकल कर किसानों के खेत-खलिहान में जाकर उन्हें परंपरागत तथा प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित व जागरूक करें। इससे किसान निश्चित रूप से लाभांवित व प्रेरित होंगे। यह बात उन्होंने रविवार को कृषि विभाग के तत्वावधान में कांगड़ा ज़िला के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के नगरोटा सूरियां में आयोजित किसान मेले के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कही। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान परिवेश में विभिन्न परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए कृषि व पशुपालन व्यवसाय में काफी बदलाव लाने की आवश्यकता है, जिसके लिए उन्होंने विभाग से अधिक से अधिक लोगों विशेषकर युवाओं को कृषि एवं पशुपालन व्यवसाय में जोड़ने के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करने हेतु आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को नकदी फसलों के उत्पादन के साथ-साथ परम्परागत व प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी विशेष रूप से प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने लोगों को पारंपरिक खेती व नव उन्नत तकनीक के समावेश के लिए जागरुक एवं प्रोत्साहित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के भी निर्देश दिए। खेतीबाड़ी-पशुपालन के ढांचे में लाएंगे बदलाव कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेतीबाड़ी और पशुपालन के ढांचे में बदलाव के लिए काम कर रही है। इस प्रकार की कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयास हैं जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत बने। हमारी कोशिश है कि फसलों में रसायनों के प्रयोग को कम करने के साथ परम्परागत तथा अन्यऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हिम उन्नति योजना आरंभ करने जा रही है। इसके तहत क्षेत्र विशेष की क्षमता के अनुरूप दूध, दालों,सब्जियों, फलों, फूलों, नगदी फसलों के क्लस्टर बनाए जाएंगे। उन्होंने समूचे विधानसभा क्षेत्र में इन कार्यों को कलस्टर आधारित बनाने के लिए कृषि , उद्यान, जल शक्ति, पशुपालन और ग्रामीण विकास विभाग को संयुक्त तौर पर कार्य करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार तारा चंद, बीडीओ नगरोटा सूरियां श्याम सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चैन सिंह गुलेरिया, आईएमसी के अध्यक्ष मनु शर्मा, उपनिदेशक(पशुपालन) डॉ. संजीव धीमान, मंडलीय भू-सरंक्षण इंजीनियर श्याम सिंह ठाकुर, उपमंडलीय भू-सरंक्षण अधिकारी फतेहपुर राकेश पटियाल, नूरपूर शैलेश पाल सूद, इफको के एरिया मैनेजर श्रेय सूद, एसएमएस कृषि नगरोटा सूरियां राज कुमार भारद्वाज, कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा के वैज्ञानिक डॉ डीप कुमार, हिमालयन एग्रोस लिमिटड की एमडी डॉ. गायत्री टंडन, कांग्रेस नेता राज शहरिया, अश्वनी चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में 7 अप्रैल से चल रही अंतरसदनीय क्रिकेट स्पर्धाएं संपन्न हो गईं, जो कि दो कैटेगरीज़ में आयोजित की गई थीं। पहली कैटेगरी (जूनियर) में कक्षा 6-8 तथा दूसरी कैटेगरी (सीनियर) में कक्षा 9-12 के विद्यार्थी शामिल थे। चारों सदनों क्रमशः चिनार, देवदार, ओक और टीक के बॉयज की दोनों कैटेगरी में कुल 8 टीमें थीं। सभी मुकाबले नॉकआउट आधार पर खेले गए। जूनियर कैटेगरी के मुकाबलों में पहला मैच चिनार व देओदार सदन के मध्य खेला गया, जिसमें चिनार सदन नें पहले बल्लेबाज़ी करते हुए देओदार सदन को 7.4 ओवरों में 10 विकटें खोकर 49 रनों का लक्ष्य दिया। देओदार सदन की टीम 7.4 ओवरों में मात्र 39 रन बनाकर आलआउट हो गई और चिनार सदन ने फाइनल में प्रवेश किया। इसी कैटेगरी के एक अन्य मैच में ओक सदन ने टॉस जीतकर टीक को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता दिया। टीक सदन नें कुल निर्धारित 10 ओवरों में मात्र 1 विकट खोकर ओक सदन के लिए 57 रनों का लक्ष्य रखा। ओक सदन ने स्कोर का पीछा करे हुए 9 विकट से मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। इस कैटेगरी का फाइनल मैच चिनार एवं ओक के मध्य खेला गया। चिनार ने टॉस जीता व बल्लेबाज़ी का निर्णय लिया और 10 ओवरों में 6 विकट खोकर ओक के लिए 63 रनों का लक्ष्य खड़ा किया। ओक सदन ने मात्र 6 ओवरों में 10 विकटों से मैच जीतकर इस कैटेगरी के विजेता का खिताब अपने नाम किया। दूसरी कैटेगरी कक्षा 9-12 में चिनार सदन नें देओदार को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इसी कैटेगरी में ओक सदन ने टीक को हराकर फ़ाइनल में अपने लिए जगह सुरक्षित की। इस कैटेगरी का फ़ाइनल मैच भी जूनियर कैटगरी की ही तरह चिनार एवं ओक के मध्य खेला गया जिसमें चिनार सदन नें ओक को हराकर विजयश्री का खिताब अपने नाम किया। हेड ऑफ़ स्पोर्ट्स मिस्टर सुरेंद्र मेहता ने जानकारी दी कि सभी मैच बीसीसीआई के नियमानुसार खेले गए। विद्यालय के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह नें विजेता टीमों को हार्दिक बधाई दी।
जसवां परागपुर विधानसभा के तहत पड़ती तहसील डाडासीबा के गांव बठरा की नेहा कौशल ने यूजीसी नेट परीक्षा पास कर माता-पिता सहित जिले का नाम रोशन किया है। नेहा यूजीसी नेट विषय हिंदी में 96.69 प्रतिशत अंक हासिल कर अन्य के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गई हैं। नेहा की 12वीं तक की पढ़ाई बठरा के सरकारी स्कूल में हुई है, जबकि स्नातकोत्तर की डिग्री ढलियारा कॉलेज से पास की है। नेहा शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहती आयी है। नेहा ने शिक्षक पात्रता परीक्षा भी पास की हुई है l नेट की तैयारी उसने घर पर रहकर ही की थी। साधारण परिवार से संबंधित नेहा के पिता रतन चंद राजमिस्त्री हैं और मां कृष्णा देवी गृहिणी हैं। नेहा की तीन बहनें और एक भाई है। बाकी बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई प्राइवेट नौकरी करता है l नेहा के पिता रतन चंद अपनी बेटी की सफलता बेहद ख़ुश हैं। नेहा का सपना शुरू से ही शिक्षक बनने का था और अब उसने असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा के लिए पात्रता हासिल कर ली है। नेहा ने कहा कि वह अपने सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत है। उसका कहना है कि अगर रात दिन मेहनत की जाए सफलता पाना कोई मुश्किल काम नहीं है। छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार वालों और अपने ख़ास दोस्तों को दिया है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने हरोली विधान सभा क्षेत्र के बाथू में गगरेट, हरोली और मैहतपुर औद्योगिक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरोली के पोलियां में लगभग 1923 करोड रूपए की लागत से बल्क ड्रग पार्क का निर्माण किया जा रहा है जो कि प्रदेश का सबसे बडा पार्क होगा। इस अंतर्राष्ट्रीय पार्क के बनने से अनेकों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र बाथू-बाथड़ी में स्ट्रीट लाईटों, अमराली क्षेत्रां औद्योगिक क्षेत्र में पर्याप्त जल सुविधा मुहैया करवाने के लिए बूस्टर पंप प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने बाथड़ी में सीवरेज़ और डेªनेज़ सिस्टम के लिए संबंधित अधिकारियों को डिटेल प्रोजैक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर गगरेट, हरोली, मैहतपुर संघ के अध्यक्षों द्वारा समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया। इससे पहले उन्होंने पोलियां में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क और टाहलीवाल में स्थित नेस्ले उद्योग का दौरा किया। ये रहे उपस्थित इस अवसर पर कुटलैहड़ विधानसभा के विधायक देवेंद्र भुट्टो, पूर्व विधायक ऊना सतपाल सिंह रायजादा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस रणजीत सिंह राणा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव अशोक ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस सचिव पवन ठाकुर, प्रधान ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी (शिलाई) सीता राम शर्मा, बीडीसी चेयरमेन जसपाल, निदेशक उद्योग विभाग राकेश प्रजापति, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग अंशुल धीमान, डीएसपी हरोली, हरोली औद्योगिक संघ के प्रधान राकेश कौशल, गगरेट संघ के प्रधान प्रमोद शर्मा, मैहतपुर के प्रधान चमन कपूर, रोहित वर्मा, अंशुल वाटला, कपिल आनंद, विपुल आनंद, हिमांशु कौशल, दीपक पुरी, सुरेश शर्मा, प्रदेश रेड क्राॅस सोसाईट संयोजक सुरेंद्र ठाकुर, सुमन ठाकुर सहित अन्य संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने काजा स्थित प्रसिद्ध की-गोम्पा में पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्पिति घाटी में सोलर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील है। उन्होंने की-गोम्पा में मैडिटेशन सेंटर को स्तरोन्नत करने की घोषणा भी की। इसका पूर्ण व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आज हिमाचल दिवस के अवसर पर जून, 2023 से स्पिति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की 9000 महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को गठित हुए अभी लगभग 120 दिन हुए हैं और वह 3 दिन के लाहौल-स्पिति जिला के प्रवास पर आए हैं ताकि वह इस क्षेत्र में लोगों की समस्याओं को जान व समझ कर उनका समाधान सुनिश्चित कर सकें। यह उनकी सरकार की जनजातीय क्षेत्रों के प्रति प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए सशक्त प्रयास कर रही है। राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी नवोन्मेश पहल की जा रही हैं। उन्होंने रौंग-टौंग में निर्माणाधीन दो मैगावाट की सौर परियोजना और रौंग-टौंग जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर विधायक रवि ठाकुर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, उपायुक्त सुमित खिमटा, पुलिस अधीक्षक काजा अभिषेक वर्मा और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव व पूर्व पाषर्द सुशांत कपरेट ने आवासीय मकानों की एटिक फ्लोर की ऊंचाई 2.7 से बढाकर 3.05 मीटर करने के फैंसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एटिक भवन का अहम हिस्सा होता है। नगर निगम व टीसीपी के दायरे में आने वाले भवन मालिकों को सरकार के इस फैंसले से बड़ी राहत मिली है। इससे लोग अब छत्त की ऊंचाई बढ़ाकर उसमें एक कमरे का प्रयोग कर सकेंगे। प्रेस को जारी एक ब्यान में सुशांत कपरेट ने कहा कि शिमला जैसे शहर जहां पर कंजेशन काफी ज्यादा है और एनजीटी ने ढाई मंजिल की शर्त लगाई है वहां के लिए यह निर्णय सबसे ज्यादा लाभदायक साबित होगा। इसके अलावा प्रदेश के अन्य शहरों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा चाहे वह नगर निगम की परिधि में आते हो या फिर नगर निगम की। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से यह मांग उठ रही थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जनता की भावनाओं को समझ कर यह निर्णय लिया है। इस निर्णय से शिमला जैसे शहर में जिनके भवन इस आधार पर नियमितीकरण के लिये अधर में लटके थे उन भवन मालिकों को बहुत बड़ी राहत है।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने हिमाचल दिवस पर कांगड़ा जिले के धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी लेने के उपरांत जिला वासियों को संबोधित किया। प्रो. चंद्र कुमार ने कांगड़ा जिलावासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन हिमाचल के सभी लोगों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने हिमाचल के गठन और उसके बाद की अनवरत विकास यात्रा में योगदान के लिए प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार समेत सभी विभूतियों के योगदान को स्मरण किया। किसानों को मिलेगा दूध का सही मूल्य कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दूध आधारित कारोबार की व्यवस्था को विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये की हिम गंगा योजना आरंभ की जा रही है। इस योजना के माध्यम से दूध खरीद, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग की व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को दूध का सही मूल्य मिलेगा और दूध खरीद व वितरण की व्यवस्था में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन के साथ उन्हें स्वरोगार से जोड़ा जाए। सरकार किसानों से गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदेगी। उससे अनेक अलग अलग उत्पाद बनाए जाएंगे। खेतीबाड़ी-पशुपालन के ढांचे में लाएंगे बदलाव कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेती बाड़ी और पशुपालन के ढांचे में बदलाव के लिए काम कर रही है। इस प्रकार की कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयास हैं जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत बने। हमारी कोशि है कि फसलों में रयासनों के प्रयोग को कम करके ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हिम उन्नति योजना आरंभ करने जा रही है। इसके तहत क्षेत्र विशेष की क्षमता के अनुरूप दूध, दालों,सब्जियों, फलों, फूलों, नगदी फसलों के क्लस्टर बनाए जाएंगे। प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि सरकार कृषि, पशुपालन, बागवानी तथा मत्स्य क्षेत्र में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए 2 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाएगी। 200 करोड़ की राजीव गांधी उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल जाएंगे। वहां बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध होगी। प्रदेश में 200 करोड़ रुपये की राजीव गांधी उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। इसमें गरीब बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल,एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के एक प्रतिशत ब्याज दर ऋण प्रदान किया जाएगा। पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित होगा कांगड़ा प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास योजना शुरू की जा रही है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नए पंख लगेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। कांगड़ा में जू पार्क, गोल्फ कोर्स जैसी पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ग्रीन स्टेट बनने की दिशा में बढ़ रहा हिमाचल कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को ग्रीन स्टेट के तौर पर विकसित करने को लेकर काम कर रही है। हिमाचल ग्रीन तकनीकी को बढ़ावा देने में देशभर में अग्रणी है। सरकार ने प्राइवेट ऑपरेटर्स को इलेक्ट्रिक्स बस, इलेक्ट्रिक्स ट्रक, इलेक्ट्रिक्स टैक्सी, ई गुड्स कैरियर्स लेने पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये उपदान का प्रावधान किया है। 6,000 निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय विधेयक पारित होने के बाद राज्य के 6,000 निराश्रित बच्चों को अब चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा मिला है। मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की संवेदनशीलता के चलते हिमाचल प्रदेश इस तरह का कानून बनाने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि सरकार 27 वर्ष की आयु तक के निराश्रित बच्चों के माता-पिता की भूमिका में रहकर उनकी पढ़ाई का सारा खर्च उठाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बाद मकान बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन भी उपलब्ध करवाएगी। एक साल में एक लाख रोजगार कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने के साथ ही प्राइवेट क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार 1 साल में 1 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रयासरत है। इस मौके कृषि मंत्री ने विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया । समारोह में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों और सांस्कृतिक दलों द्वारा हिमाचली संस्कृति व देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल एवं किशोरी लाल, विधायक केवल पठानिया तथा मलेंद्र राजन, पूर्व मंत्री विप्लव ठाकुर, पूर्व सीपीएस जगजीवन पाल, कांग्रेस कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, डीआईजी अभिषेक दुल्लर, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधि, सेना के अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
शनिवार को माता ज्वालामुखी मन्दिर में हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल्य दर्शन करने पहुंचे । इस दौरान उनके साथ स्थानीय विधायक संजय रत्न उपस्थित रहे । इस दौरान मन्दिर के पुजारी दिव्यांशु भूषणऔर कपिल शर्मा ने माता ज्वाला जी की विधिवत पूजा अर्चना करवाई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम ने कहा कि माँ का यह शक्तिपीठ विश्व में अनूठा है, यहां पर साक्षात पवित्र ज्योतियाँ भक्तों को दर्शन देती है। उन्होंने कहा कि माँ के आशीर्वाद से हर कार्य पूर्ण होता है। कोरोना के बाद रहे संक्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा कि समस्त प्रदेश अस्पतालों में कोरोना गाइडलाइंस का पालन किया जा रहा है ताकि संक्रमण को रोका जा सके। इस दौरान विधायक संजय रत्न ने स्थानीय समस्या का निराकरण करने के लिए सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में नया एम्बुलेंस वाहन देने के लिए आग्रह किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जल्द ही नया एम्बुलेंस वाहन दें दिया जाएगा ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो।
गांव बेहलपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को भगवान श्री कृष्ण की महारास लीला, कंस का उद्धार, गोपी एवं उद्धव के बीच संवाद तथा उद्धव का हार स्वीकार करना एवं कृष्ण रुक्मणी विवाह के प्रसंग सुनाए गए। शनिवार को छठे दिन कथा का शुभारंभ आयोजन से जुड़े लोग ने भगवान की पूजा कर किया। इसके बाद वृंदावन धाम से आए परम पूज्य महेश कृष्ण ठाकुर महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा सुनाते हुए भक्ति रस से सराबोर भजनों की प्रस्तुतियां दी। व कथा में परम पूज्य महेश कृष्ण ठाकुर महाराज ने भगवान कृष्ण की रास लीलाओं के प्रसंग सुनाए। कथा वाचक ने महारास के दौरान भगवान कृष्ण द्वारा लोगों को दिए गए संदेश के बारे में जानकारी दी। इसी प्रकार कंस एवं कृष्ण के युद्ध तथा कंस उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि धर्म की हानि रोकने तथा अधर्म का विनाश करने के लिए हर काल में प्रभु अवतार लेते हैं। कृष्ण द्वारा गोपियों को संदेश देने के लिए भेजे गए उद्धव जी एवं गोपियों के प्रसंग को भी मार्मिक रूप से प्रस्तुत करते हुए कथावाचक ने कहा कि सदैव प्रेम की जीत होती है। गोपियों ने उद्धव के ज्ञान को प्रेम की जीत में बदल दिया। कथा के दौरान कृष्ण एवं रुक्मणी के विवाह का प्रसंग भी सुनाया। कथा के मुख्य आयोजकों ने बताया कि रविवार शाम 4 बजे सम्पन्न होगा और लंगर की भी व्यवस्था की जाएगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज प्रयास संस्था द्वारा जन स्वास्थ्य के 5 साल-हर घरद्वार अस्पताल कार्यक्रम के तहत डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल ऊना में आयोजित मेगा नेत्र जांच शिविर का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में किए गए प्रयासों के बेहतर परिणाम देश के सामने आ रहे हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षों से अस्पताल-संसद स्वास्थ्य सेवा को सफलतापूर्वक कार्यन्वित करने के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस सेवा के माध्यम से प्रदेशवासियों को मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य जांच का लाभ मिल रहा है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘स्वस्थ भारत’ के सपने को साकार करने में उनके प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि किसी ने कभी सोचा नहीं था कि दवाओं, टीकों, चिकित्सा उपकरणों आदि के लिए हमारी विदेशों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत में बनी कोरोना वैक्सीन ने न केवल देशवासियों के कीमती जीवन को बचाने में मदद की, बल्कि अन्य देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर दुनिया में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि देश में अच्छे और आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे का विकास किया जा रहा है। पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत छोटे शहरों और कस्बों में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य ढांचे को भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल के लिए पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्यपाल ने इस अवसर पर नेत्रों की जांच कराने आए लोगों को चश्में भी वितरित किए। उन्होंने शिविर का दौरा भी किया और नेत्र रोगियों से बातचीत की। इस अवसर पर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रयास संस्था ने चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सशक्त प्रयास किए हैं ताकि लोगों को उनके घरद्वार के समीप ही स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में जनता के सहयोग से हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में तीन चिकित्सा इकाइयों के साथ “अस्पताल-संसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” शुरू की गई थी और आज राज्य के 8 जिलों में लगभग 33 एंबुलेंस सेवाएं कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित कर लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने राज्यपाल का स्वागत किया। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, पूर्व विधायक कमल चुघ, हंस फाउंडेशन में सरकारी व्यवसाय के प्रमुख पूरन सैनी, क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. एस.पी. सिंह देश के विभिन्न अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सक और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पहले आज सुबह राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सरोह ग्राउंड पहुंचने पर उपायुक्त राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन व पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया।
आज संपूर्ण प्रदेश में 76वां हिमाचल दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। लाहौल स्पीति के काजा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। आकर्षक परेड में पुलिस, होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस, आईआरबी, एनसीसी कैडेट, आईटीबीपी और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की टुकड़ियों ने भाग लिया। परेड कमांडर अमित यादव ने मार्च पास्ट का नेतृत्व किया। लगभग 12000 फुट की ऊंचाई पर काजा में हिमाचल दिवस समारोह प्रदेश के गठन के बाद पहली बार आयोजित किया गया। इस अवसर पर संबोधन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार तथा हिमाचल प्रदेश को विशेष पहचान और पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए अथक प्रयास करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसे 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 34 प्रतिशत किया गया है। इस निर्णय से राज्य के लगभग 2.15 लाख कर्मचारी और 1.90 हजार पेंशनधारक लाभान्वित होंगे। इससे राजकोष पर लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने दूसरे चरण में, जून 2023 से स्पीति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी 9000 महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक पेंशन और काजा में एक महाविद्यालय और 50 बिस्तर क्षमता के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कार्यशील करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्पीति घाटी के रंगरिक में हवाई पट्टी विकसित करने का मुद्दा रक्षा मंत्रालय के समक्ष उठाएगी, क्योंकि यह सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रौंगटौंग में एक हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में पिन घाटी में अटारगु से मुद तक 34 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकार भावा को मुद से जोड़ने के लिए प्राथमिकता के आधार पर सड़क का निर्माण करेगी। केंद्र सरकार की सहायता से लांग्जा में एक स्टार-गेज़िंग वेधशाला स्थापित की जाएगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि काजा के पास शेगो में राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल की स्थापना के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है, जो इस क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा। इस अवसर पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने अनाथ बच्चों को सहायता प्रदान करने के लिए 101 करोड़ रुपये के प्रारंभिक प्रावधान के साथ मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष की स्थापना की है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है। प्रदेश सरकार उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के अपने वायदे को पूरा किया है। इससे 1.36 लाख सरकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश की 2.31 लाख महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन देने के अपने वायदे को भी पूर्ण किया है। उन्होंने कहा कि विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत इस वर्ष 7000 महिलाओं को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पैतृक संपत्ति के स्वामित्व में बेटियों को समान अधिकार प्रदान करने के लिए लैंड होल्डिंग सीलिंग अधिनियम, 1972 में संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नई पहलों के माध्यम से राज्य को आत्मनिर्भर बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सरकार ने राज्य को मार्च 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरित हाइड्रोजन और अमोनिया परियोजना के लिए एक समझौता किया है, जिससे रोजगार के 3500 से अधिक अवसर सृजित होंगे और इससे 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश भी आकर्षित होगा। राज्य ने 6 ग्रीन कॉरिडोर घोषित किए हैं, जिनसे इलेक्ट्रिक वाहनों को सुविधा प्राप्त होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक बसों, ट्रकों, टैक्सियों, ऑटो और ई-गुड्स वाहन खरीदने वाले निजी ऑपरेटरों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यटन विस्तार के लिए कांगड़ा में हवाई अड्डे का निर्माण महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, सभी जिला मुख्यालयों को हवाई परिवहन से जोड़ने के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार नए स्कूल स्थापित करने के बजाय मौजूदा स्कूलों में सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाकर शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करेगी। इन विद्यालयों में अत्याधुनिक शिक्षा के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा 200 करोड़ रुपये की राजीव गांधी उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना आरंभ की गई है। इसके माध्यम से इंजीनियरिंग, चिकित्सा, एमबीए, पीएचडी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए हिम उन्नति योजना शुरू की है। इसके तहत दूध, दाल, सब्जियां, फल, फूल और नकदी फसलों के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। कृषि, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन क्षेत्रों में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए दो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लिए मनरेगा दिहाड़ी 266 रुपये से बढ़ाकर 294 रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बिजली उत्पादन करने वाले पानी पर ‘वाटर सेस’ लगाने का निर्णय लिया है। शराब की खुदरा दुकानों का आवंटन नीलामी की प्रक्रिया से किया गया है। इस निर्णय से 40 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य में सभी वर्गों और क्षेत्रों के लिए समान और संतुलित विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और लाहौल स्पीति जिला के सरकारी कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए तथा उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी के लिए तीन एंबुलेंस भी समर्पित कीं और क्रिकेट ग्राउंड काजा में पौधरोपण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विधायक रवि ठाकुर, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, पूर्व मंत्री फुन्चोग राय, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
हिमाचल दिवस के अवसर पर लाहौल स्पीति के काजा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाज सेवा, खेल, संस्कृति के संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न व्यक्तित्वों को ‘हिमाचल गौरव’ और ‘प्रेरणास्रोत’ पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के घुमारवीं के छत्त प्राथमिक पाठशाला के अध्यापक लकेश चंदेल को ‘हिमाचल गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल भवन के समीप भू-स्खलन में 36 विद्यार्थियों की जान बचाई थी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकगीतों को संरक्षित करने के लिए प्रदेश के प्रसिद्ध गायक करनैल राणा और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सोलन जिले के नेम चंद को ‘हिमाचल गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सिरमौर जिले की रानी को खेल गतिविधियों में उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए हिमाचल गौरव पुरस्कार प्रदान किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश की टीबी उन्मूलन टीम को ‘सिविल सेवा पुरस्कार’ प्रदान किया गया। पाइनग्रोव स्कूल कसौली के कार्यकारी निदेशक कैप्टन अमर्योत सिंह, मंडी जिले के पदमश्री नेक राम शर्मा और शिमला जिला के कोटखाई के प्रेम सिंह चौहान को प्रेरणास्रोत अवार्ड से सम्मानित किया गया।
मुख्य संसदीय सचिव (बहुउदेश्यीय परियोजनाएं, उर्जा, वन, पर्यटन एवं परिवहन) सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन, उर्जा, निर्माण, आवास इत्यादि क्षेत्रों में लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का निजी निवेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के इस प्रयास से आने वाले समय में लगभग 90 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों में वन स्वीकतियां देने में अधिक समय लगता है। ऐसे सभी मामलों में तेजी लाने के लिए सरकार ने जिला स्तरीय समितियां गठित की हैं जो समय-समय पर अपने जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ फाॅरेस्ट क्लीयरेंस मामलों की समीक्षा करेंगी। सुंदर सिंह ठाकुर आज जिला किन्नौर के रिकांगपिओ स्थित आईटीबीपी ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने हिमाचल दिवस की समस्त क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खु सरकार प्रदेश में सत्ता-सुख के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त, संवेदनशील तथा जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई कड़े कदम उठाए हैं। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में व्यापत भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए जहां इसे भंग किया है तो वहीं संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन व प्रशासन उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां मनरेगा दिहाड़ी को 212 रुपये से बढ़ाकर 240 रुपये किया है तो वहीं जनजातीय क्षेत्रों में इसे 266 रुपये से बढ़ाकर 294 रुपये किया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। इसी दृष्टिकोण के तहत जिला किन्नौर में 20 बीघा से कम भू-मालिकों को आने वाले समय में नो-तोड़ के तहत भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही, एफ.आर.ए को बहाल कर लोगों को व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर भी भू-पट्टे प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के तहत ही प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों के पालन पोषण एवं शिक्षा इत्यादि की चिंता करते हुए 101 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष स्थापित किया है। सरकार के इस अहम निर्णय से प्रदेश में लगभग 6 हजार अनाथ बच्चे लाभान्वित होंगे। साथ ही, कहा कि विधवाओं एवं एकल नारियों को मकान बनाने के लिए मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना शुरू की जा रही है तथा इस योजना के माध्यम से इस वर्ष लगभग 7 हजार महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा। सी.पी.एस ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को वर्ष 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में विकसित करने का अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रदेश में 6 ग्रीन काॅरिडोर चिन्हित किए हैं जहां इलैक्ट्रीक वाहन के माध्यम से यातायात सुविधा प्रदान की जाएगी। इसी निर्णय के अंतर्गत जिला किन्नौर के एनएच-5 को भी ग्रीन काॅरिडोर में शामिल किया गया है तथा प्रत्येक 40 किलोमीटर के अंतराल पर यहां इलैक्ट्रीक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे तो वहीं शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं को देखते हुए एश्यिन विकास बैंक के माध्यम से 1311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास योजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को हवाई परिवहन सेवाओं से जोड़ने के लिए हैलीपोर्ट के निर्माण व विस्तार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर के रिकांग पिओ में भी जल्द ही हैलीपोर्ट स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए जमीन पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। इसके अलावा जिला किन्नौर में विभिन्न पन बिजली परियोजनाओं के डैमों में जल क्रीड़ाएं शुरू करने की दिशा में भी सरकार प्रयास करेगी। इसके अतिरिक्त जिला के छितकुल से रकच्छम के बीच राॅफटिंग सुविधा विकसित करने का भी प्रयास करेगी। इससे जहां इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बल मिलेगा तो वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार के नए साधन भी सृजित होंगे। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि प्रदेश में पिछली सरकार की नाकामियों के कारण बंद पड़ी पन विद्युत परियोजनाओं को पाॅवर काॅरपरेशन के माध्यम से पुनः शुरू किया जा रहा है। इससे जहां प्रदेश को औसतन एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय प्रतिवर्ष सृजित होगी तो वहीं हिमाचल प्रदेश को उर्जा प्रदेश बनाने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में ऐसी कई पन बिजली परियोजनाओं को पुनः शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पन विद्युत परियोजनाओं पर वाटर सैस लगाने का भी अहम निर्णय लिया गया है। साथ ही, कहा कि जिला किन्नौर में स्थापित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में भी प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटियों को सम्पति में समान अधिकार प्रदान करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम में संशोधन विधेयक को प्रदेश विधानसभा में पारित किया गया है। सरकार के इस कदम से अब बेटियों को पैतृक सम्पत्ति के भू-स्वामित्व में समान अधिकार सुनिश्चित बनाया है। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में पहले से ही चल रहे स्कूलों में सभी गुणात्मक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं जहां सभी आधुनिक आवश्यक उपकरण शिक्षा के लिए उपलब्ध रहेंगे तथा जिला किन्नौर में भी यह स्कूल जल्द स्थापित किया जाएगा जिसके लिए औपचारिकताओं को पूर्ण किया जा रहा है। इसके अलावा जिला किन्नौर में गुणात्मक शिक्षा की दृष्टि से सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से अंग्रेजी माध्यम पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे तो वहीं अध्यापकों को भी डाईट के माध्यम से आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों बारे प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा विकसित करने के लिए रैंकिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। उनहोंने कहा कि स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण लाडा के तहत पन विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली डेढ़ प्रतिशत राशि को भी नियमित अंतराल पर वसूल किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों के विकास कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रदेश सरकार आने वाले समय में ठोस कदम उठाएगी। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा आई.टी.बी.पी, पुलिस, होमगार्ड, एन.सी.सी, एन.एस.एस व स्काउट एण्ड गाईडस की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इससे पहले समारोह स्थल पर पहुंचने पर उपायुक्त किन्नौर तोरूल एस रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ सी.पी.एस का स्वागत किया। इस मौके पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने देश भक्ति एवं लोक संस्कृति पर आधारित रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। अंत में मुख्य अतिथि ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, खिलाड़ियों इत्यादि को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया तथा परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वालों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर तोरूल एस रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, मुख्य अरण्यपाल रामपुर अजीत, कमांडेंट आईटीबीपी देवेंद्र सिंह, उपमण्डलाधिकारी कल्पा डाॅ. मेजर शशांक गुप्ता, परियोजना अधिकारी आई.टी.डी.पी लक्ष्मण सिंह कनेट, सहायक आयुक्त राजेंद्र गौतम, जिला परिषद सदस्य हितैष नेगी, पंचायत समिति सदस्य ललिता पंचारस व सूबेदार नरेंद्र, कांग्रेस के कल्पा ब्लाॅक के अध्यक्ष प्रीतम नेगी, पूह ब्लाॅक के अध्यक्ष प्रेम नेगी, विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधि व अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार मुक्त, संवेदनशील तथा जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में ज़िला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह के दौरान कही। ग्रामीण विकास मंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस, गृह रक्षा, एन.सी.सी, एन.एस.एस एवं विभिन्न विद्यालयों द्वारा आयोजित भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। पुलिस उप निरीक्षक अनूप कुमार ने परेड का नेतृत्व किया। उन्होंने इससे पूर्व कारगिल शहीद स्मारक पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं ज़िलावासियों की और से शहीदों को भावभीनी श्रद्धाजंलि भी अर्पित की। पंचायती राज मंत्री ने 76वें हिमाचल दिवस के अवसर पर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डाॅ. यशवंत सिंह परमार को प्रदेशवासियों की और से नमन किया। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी ज़िलों में 02-02 ग्राम पंचायतों को पायलट आधार पर ग्रीन पंचायत के रूप में विकसित करेगी। इन ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता से लेकर एक मेगावाट क्षमता तक की सौर परियोजनाएं स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से जहां हिमाचल को वर्ष 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने में सहायता मिलेगी वहीं ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोज़गार एवं रोज़गार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में 50 हिम ईरा आर्दश दुकानें स्थापित कर स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए उचित मंच प्रदान करेगी। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि स्वच्छता और विकास एक दूसरे के पर्याय हैं। यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि पूरा हिमाचल स्वच्छ एवं सुंदर रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकास खण्डों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई स्थापित की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए हैलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। सोलन ज़िला के बद्दी स्थित हैलीपोर्ट से शीघ्र ही हैली टैक्सी का संचालन आरम्भ किया जाएगा। इससे यहां पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों के साथ उद्यमियों को त्वरित परिवहन की सुविधा प्राप्त होगी। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल में सड़कों का बेहतर नेटवर्क तैयार करने और विभिन्न राजमार्गों को विश्व स्तर के अनुरूप बनाने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किए गए हैं। सोलन ज़िला में नालागढ़ से बिलासपुर के स्वारघाट तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग को दो लेन से चार लेन के रूप में स्तरोन्नत करने के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला को औद्योगिक हब के साथ-साथ उच्च शिक्षा के केन्द्र के रूप में जाना जाता है। राज्य सरकार सुनिश्चित बनाएगी कि सोलन ज़िला के औद्योगिक क्षेत्र में गुणवत्तायुक्त उत्पादन सुनिश्चित हो। अनिरुद्ध सिंह ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार के अभी तक के कार्यकाल में सोलन ज़िला में हुए विकास की जानकारी भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में वित्त वर्ष 2023-24 में 47369 पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। अनिरुद्ध सिंह ने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
‘सुख की सरकार’ का मानवीय चेहरा एक बार पुनः देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू एक छात्रा के आग्रह पर उसके स्कूल की हालत देखने पहुंच गए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुलिंग में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा तेंजिन छोडन कुंगरी गोम्पा में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची और कहा कि उनके स्कूल की हालत ठीक नहीं है। बच्ची ने मुख्यमंत्री से स्कूल भवन का निरीक्षण करने का अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्कूल देखने जरूर आएंगे। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुलिंग पहुंचे और स्कूल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को पुराने स्कूल भवन को गिराकर नया भवन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए और मौके पर ही लगभग तीन करोड़ की लागत से यहां पर स्कूल का नया भवन तैयार करने की घोषणा की। इस दौरान बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजकीय शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई नई पहल कर रही है। इसी दिशा में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है, जहां विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू स्पिति घाटी के अपने पहले प्रवास के दौरान घाटी के रंग में रंगे नजर आए। अपने भाषण की शुरूआत उन्होंने ‘जूले’ कहकर की, जिसका हिंदी में अर्थ है नमस्ते। जूले कहते ही स्थानीय लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने पारंपरिक परिधान "छूबा" पहनाकर उनका स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को भी स्पिति वासियों ने पारंपरिक परिधान पहनाया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्थानीय संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाई और कलाकारों की खुले मन से प्रशंसा की। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित किया और सभी स्पितिवासियों को अपनी प्राचीन एवं अनूठी संस्कृति के संरक्षण के लिए बधाई भी दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में भांग की खेती करने बारे कमेटी का गठन करने का निर्णय एक सराहनीय कदम है। यह बात अर्की उपमंडल के सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक चिकित्सकों डॉ नागेश,डॉ ओमप्रकाश,डॉ धर्मसिंह ने कही है। डॉ नागेश कुमार गर्ग सेवा निवृत्त वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हम सभी सेवानिवृत्त चिकित्सक सरकार के इस कदम का स्वागत व समर्थन करते है।साथ ही उन्होंने कहा कि कई आयुर्वेदिक दवाओं में भांग ओषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है। भांग की खेती के लिए हिमाचल की जलवायु उपयुक्त है इससे जंहा किसानों की आर्थिकी सुधरेगी तो वन्ही आयुर्वेद में इसकी बहुत मांग होने के कारण इसका निर्यात कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इसका सही उपयोग हो ,नशे के लिए इसका इस्तेमाल न हो इसपर सरकार को गम्भीरता से इस कार्य को लेना होगा।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों नशे का करोबार तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते नशे के कारोबार के चलते प्रदेश पुलिस ग्राउंड लेवल पर काम करती नजर आ रही है। जगह-जगह पुलिस द्वारा नाके लगाए जा रहे है और नशा के सौदागरों को गिफ्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में ऊना जिले के पंडोगा में पुलिस ने नाके के दौरान एक युवक से 852 ग्राम गांजा पकड़ा है। हरोली पुलिस ने अमित कुमार पुत्र चंद्र किशोर महतो को गिरफ्तार किया है, जो बिहार के मधेपुरा जिला के विहारी गंज का रहने वाला है और इन दिनों घालूवाल के पास झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हरोली पुलिस थाना में मादक द्रव्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। एसपी अर्जित सेन ठाकुर मामले की पुष्टि की
शुक्रवार को सोलन के कोठों स्थित कला केंद्र में भारत रत्न बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेदकर की 133वी जयंती समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अम्बेदकर भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार हैं, जिन्होंने देश को एक मज़बूत और एकजुट भारत का संविधान दिया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान को जब अपनाया गया था तब भारत के नागरिकों ने शांति, शिष्टता और प्रगति के साथ एक नए संवैधानिक, वैज्ञानिक, स्वराज्य और आधुनिक भारत में प्रवेश किया था। हमारा संविधान पूरी दुनिया के लिए अनोखा दस्तावेज है, जिसके लिए बाबा साहब के महान योगदान को हम भुला नहीं सकते। शिवालिक-बाई-मैटल के प्रबंध निदेशक श्री नरेन्द्र सिंह घुम्मन ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि ज्ञान की शक्ति सबसे प्रबल है, जिसे अम्बेदकर ने सिद्ध किया। नगर निगम सोलन की महापौर श्रीमती पूनम ग्रोवर, सोलन के उपायुक्त श्री मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र शर्मा, मशरूम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डाॅ. वी.पी. शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह आयोजन समिति द्वारा 132वीं डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपमंडलाधिकारी अर्की केशव राम कोली ने बतौर मुख्यतिथि मौजूद रहे। साथ ही मुख्यतिथि ने दीप प्रज्वलित व डॉ भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस मौके पर आयोजन समिति द्वारा मुख्यतिथि व अन्य विशेष अतिथियों को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया और मुख्यतिथि केशव राम कोली ने अपने सम्बोधन के दौरान डॉ0 भीमराव अंबेडकर की 132वी जयंती की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती बहुत महत्व रखती है,क्योंकि यह हमें डॉ बीआर अम्बेडकर के असाधारण योगदान की याद दिलाती है,जिन्होंने अपना जीवन सामाजिक न्याय के लिए समर्पित कर दिया । इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता, नाटक,कविता पाठ,नृत्य सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे पूर्व आशियाना कॉम्प्लेक्स से लेकर आईटीआई दाड़लाघाट व स्यार तक डॉ भीमराव अंबेडकर की शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें विभिन्न पंचायतों से आए महिला मंडलों,युवक मण्डल सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर एडवोकेट पार्वती देवी,सीडी बंसल,अमर चन्द गजपति,संतराम पंवर,बीआर भाटिया,भगत राम पंवर,परमानंद बंसल,कर्मचंद भाटिया,चुनीलाल बंसल,गुरदासु राम,हिरा कौशल,सुनीता गर्ग,दलीप सिंह,सुनीता रघुवंशी सहित विभिन्न पंचायतों के जन प्रतिनिधि व एससी,एसटी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेशस्तरीय कालेशवर महादेव बैसाखी मेले में आज एक झूला अचानक से टूट गया जिसमें झूलने के लिए बैठी नजदीक के गाँव की 17 वर्षीय युवती घायल हो गयी। बताया जा रहा है घूमने वाले झूले पर काफी लोग सवार थे कि अचानक से नीचे से एक तरफ का नट बोल्ट टूट गया। इस कारण झूले में बैठी उक्त लड़की नीचे गिर गई और उसे गम्भीर चोटे आई है। इलाज के लिए युवती को ज्वालामुखी के निजी अस्पताल ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शी विवेक शर्मा के अनुसार वह भी उस झूले में बैठे हुए थे और दूसरे तरफ झूले पर लगी हुई सीट के नीचे से नट टूट गया जिससे उक्त लड़की भारी रूप से चोटिल हुई है। हादसे के दौरान लगभग 15 व्यक्ति से ज्यादा झूले पर सवार थे। गनीमत रही कि अन्य बाकी सवार सभी सुरक्षित है। लड़की की पहचान मोनी देवी(17) सुपुत्री सुरिंदर कुमार निवासी जम्बल के रूप में हुई है।
हिमाचल प्रदेश में 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सिविल सेवा, प्रेरणा स्रोत और हिमाचल गौरव पुरस्कार देंगे। यह स्पीति के काजा में होने जा रहे राज्यस्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में दिए जाएंगे। सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी की। प्रेरणा स्रोत सम्मान से पाइनग्रोव स्कूल कसौली के प्रधानाचार्य कैप्टन एजे सिंह को भी पुरस्कृत किया जायेगा। बता दें कि पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निर्देशक कैप्टेन एजे सिंह की 1982 में भारतीय सेना में नियुक्ति हुई थी। पाँच वर्ष के अंतराल में ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के उद्देश्य से अपने कमीशन से त्याग पत्र दे दिया। आज पाइनग्रोव स्कूल का न केवल प्रदेश बल्कि अन्य देशों में भी डंका बजता है। पाइनग्रोव स्कूल के निर्देशक कैप्टेन एजे सिंह का सामान्य रूप से स्कूली शिक्षा, विशेष रूप से आवासीय स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में और उच्च गुणवत्ता वाले मानव-संस्थान में योगदान अतुलनीय है।
नेहरनपुखर के दयाल गांव में स्थित अम्बेडकर भवन में डॉ बाबा साहेब हिमाचल प्रदेश श्री गुरु रविदास महासभा की ओर से भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की 132 वी जयंती धूमधाम से मनाया गई। सभा के प्रधान राकेश भाटिया ने बताया कि 10 बजे से बच्चों की वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी परीक्षा ली गई जिसमें लगभग 160 बच्चों ने अपनी उपस्थिति दी। प्रतियोगिता का उद्घाटन अंबेडकर मिशन सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं रिटायर्ड अध्यापक गुरदास राम ने किया। साथ ही सुबह 10:00 बजे बुद्धा चैरिटेबल ब्लड सेंटर कांगड़ा की सहायता से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें ज्ञानचंद बढ़ालिया ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ब्लड डोनेशन कैंप मैं लगभग 60 यूनिट ब्लड इच्छा अनुसार दान किया गया ।कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि संकल्प गौतम उपमंडल अधिकारी नागरिक देहरा ने शिरकत की और प्रथम द्वितीय एवं तृतीय आने वाले बच्चों को पुरस्कार दिए। वैकल्पिक प्रश्न प्रतियोगिता मनीषा गांव मजहरना तहसील पालमपुर ने प्रथम स्थान हासिल किया और ₹3000 की राशि प्राप्त की द्वितीय स्थान पर ज्योतिका गांव बरवाड़ा डाकघर नल सुआ ने ₹2400 की राशि प्राप्त की तृतीय स्थान पर अक्षिता देवी एवं रितिका ने 1500,1500₹ की राशि हासिल की। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम शिल्पा नए 1200 रुपए द्वितीय नीतीश ने ₹1000 और तृतीय स्थान पर 2 बच्चों ने पालक एवं अंचल में 800 ,800 रुपए की राशि बाबा साहब की किताब और स्मृति चिन्ह प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि संकल्प गौतम उपखंड अधिकारी ने बच्चों को इनाम बांटे एवं बाबा साहब की तरह मेहनत कर उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि शिक्षा ही बुद्धि के विकास में महत्वपूर्ण कारक है जो शिक्षित होगा वहीं आज के दिन में बलशाली होगा। क्योंकि बाबा साहब ने भी कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है जो पिएगा वह दहाड़ेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एससी एसटी कर्मचारी संघ के प्रधान सतीश नारियल , पंचायत प्रधान ममता देवी बीडीसी सदस्य रंजना धीमान शिवनाथ की प्रधान रंजना नरोत्र पूर्व जिला परिषद सदस्य बख्शीश कुमारी गरली पंचायत के उप प्रधान सुशांत मोदगिल, प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद , सुदर्शन कुमार , परमिता धीमान , राजेंद्र कुमार सेवानिवृत्त उपनिदेशक , राजेश कौशल सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एम एल भाटिया श्रीमती कमलेश कुमारी रिटायर्ड तहसीलदार रतन चंद एसडीओ मनीष कुमार संधू प्रवक्ता श्मकेश कुमार शैली किरण सिंधिया रानी शकुंतला देवी , भीम सिंह डोगरा सहित सैकड़ों लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। वहीं सभा में आए हुए सभी मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए एवं बाबा साहब की जयंती पर सबको हार्दिक शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अंबेडकर चौक, शिमला में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समरसता, सौहार्द और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए योगदान दिया। उनके अनुसार समतावादी समाज के निर्माण के लिए शिक्षा प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने समाज के पिछड़े वर्गों और गरीबों के कल्याण एवं उनके अधिकारों के लिए जीवन-भर कार्य किया। हमें उनके जीवन मूल्यों और आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा साहेब अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी के कैलेंडर का विमोचन भी किया। वहीं सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कलाकारों ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक विनय कुमार और हरीश जनारथा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
जिला दण्डाधिकारी आर.के. गौतम ने हि.प्र. ग्रामीण एवं शहर गश्त अधिनियम 1964 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए ठीकरी पहरा आदेश जारी किए हैं। समस्त ग्राम पंचायते, अधिसूचित क्षेत्र समितियों, नगर परिषदों व नगर पंचायतों को उनके संबंधित क्षेत्रों में युवा शक्ति का सहयोग लेकर वनों में रात्रि के समय गश्त करने के आदेश जारी किए गए हैं ताकि गर्मियों के दौरान वनों को आगजनी से बचाया जा सके और इस संबंध में वन विभाग को सूचित करके वन्य अग्नि को रोकने और नियंत्रित करने के लिए उनका सहयोग किया जा सके। आदेश के अनुसार वन विभाग ने जिला दण्डाधिकारी के ध्यान में लाया है कि गर्मियों के दौरान वनों में आगजनी की घटनाओं की आंशका बनी रहती है और इस पर समय रहते नियंत्रण पाना जरूरी है ताकि वन सम्पदा व वन्य प्राणियों को आग से बचाया जा सके। इसके लिये स्थानीय ग्राम पंचायतों व नगर निकायों का सहयोग तथा सहभागिता जरूरी है।
हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक होने के मामले लगातार बढ़ रहे है। पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक और खुलासा किया है। नए खुलासे में भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद की भांजी की परीक्षा भी संदेह के दायरे में है। बता दें कि उमा की बड़ी बहन की बेटी ममता उर्फ सोनिया ने भंग चयन आयोग के माध्यम से आयोजित पोस्ट कोड 939 की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की हुई है। साथ ही एसआईटी ने महिला अभ्यर्थी को विजिलेंस थाना हमीरपुर में पूछताछ के लिए तलब किया है। मिली जानकारी के अनुसार पेपर लीक मामले में मुख्य सरगना उमा आजाद है। अभी तक छह विभिन्न पोस्ट कोड के तहत छह अलग-अलग एफआईआर में कुल सोलह लोगों को नामजद किया है जिसमें से चार लोग जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा मामले में दो चपरासी, चपरासी का बेटा और भतीजे समेत कुल चार आरोपियों, पोस्ट कोड 1003 कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती मामले में गिरफ्तार दलाल सोहन लाल, पोस्ट कोड 819 ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती मामले में आरोपी रवि कुमार, पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक मामले में गिरफ्तार सुनीता देवी की न्यायिक हिरासत गुरुवार को खत्म होने पर एसआईटी ने इन सातों आरोपियों को फिर से हमीरपुर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने इन सभी सात आरोपियों की 26 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयंती एवं जलियांवाला बाग हत्याकांड में गुमनाम शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो मदन मोहन पाठक ने की। वहीं परिसर के व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ सुरेश पांडे इस कार्यक्रम में बतौर वशिष्ट अतिथि व कंप्यूटर विभागाध्यक्ष अमित वालिया बतौर सारस्वत अतिथि शामिल हुए। अम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे वक्ता साहित्य विभागीय आचार्य डॉ महीपाल सिंह ने बाबा साहेब के संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही भारतीय संविधान के दार्शनिक चिंतन पर अम्बेडकर का योगदान विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक व्यक्ति की समता, स्वतंत्रता, बंधुता एवं सामाजिक आर्थिक न्याय की गारंटी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त जलियांवाला बाग हत्याकांड के संदर्भ में मुख्य वक्ता के रूप में सामाजिक विज्ञान विद्याशाखा संयोजक डॉ रामनारायण ठाकुर ने जलियांवाला बाग हत्याकांड में गुमनाम शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अनगिनत वीरों ने अपने प्राणों की आहूति दी, जिसमें जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना हृदयविदारक है । अध्यक्षीय उद्बोधन में परिसर निदेशक ने बाबा साहेब अम्बेडकर को आधुनिक भारत के समाज में समता के लिए एकमात्र सिपाही कहते हुए स्मरण किया। इस कार्यक्रम में परिसर के समस्त विभागों के आचार्य एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर विराजमान परिसर निदेशक,मुख्यातिथि, विशिष्ट अतिथि व सारस्वत अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
शिमला नगर निगम चुनावों का बिगुल बज चूका है। नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पांच और प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है। भाजपा ने बुधवार को पहले दिन एक साथ 24 प्रत्याशियों के नाम तय कर सूची जारी की थी। भाजपा इसके साथ ही अब तक नगर निगम के 34 में से 29 वार्ड में प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। गुरुवार को जारी हुई दूसरी सूची में वार्ड नंबर 10 टुटीकंडी से रितु गौतम , राम बाजार से सुनंदा करोल, जाखू से राजन अग्रवाल, पंथाघाटी से कुसुम ठाकुर और कनलोग से बृज सूद को पार्टी के प्रत्याशी बनाया है। हालांकि अभी भी भाजपा शेष बचे पांच वार्ड से अपने प्रत्याशियों के नाम तय नहीं कर पाई है। वहीं नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए किसी भी प्रत्याशी ने पहले दिन नामांकन नहीं भरा। भाजपा और कांग्रेस के सभी नाम फाइनल नहीं हुए हैं। कांग्रेस ने 16 और भाजपा ने 24 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इस सप्ताह तीन दिन छुट्टी होने की वजह से अब नामांकन सोमवार को हो पाएंगे।
जिला सोलन के अटल शिक्षा कुञ्ज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी की ओर से सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए निरन्तर निःशुल्क फिजियोथेरेपी कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से पिछले दो महीनों के अंदर ही बद्दी, नालागढ़, पिंजौर और कालका में 13 निःशुल्क फिजियोथेरेपी कैंपों का आयोजन किया गया है। इन कैंपों में करीब 400 लोगों ने मुफ्त में चिकित्सा की फिजियोथेरेपी पद्धति से स्वास्थ्य लाभ लिया। जिन लोगों का इन कैंप में उपचार किया जाता है, उनका नियमित रूप से फोलोअप भी लिया जाता है। इसके तहत बद्दी के झारमाजरी गांव, गुरुद्वारा साहिब करनपुर, कोटियां, कालूझंडा, नालागढ़ के किशनपुरा, पिंजौर के जोल्लूवाल, नालागढ़ के नाहरसिंह गांव, रविदास मंदिर पिंजौर, गुरुद्वारा साहिब कालका एवं मानपुरा और बद्दी की मेट्रोक्राफ्ट कंपनी में दो कैंप का आयोजन किया गया है। इन फिजियोथेरेपी कैंप में मुख्य तौर पर चोट और हड्डियों व टिश्यू के दर्द को दूर करने के लिए सेवाएं दी जा रही हैं। इन कैंप में मस्क्यूलोस्केलेटेल, ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजिकल, स्पोर्ट्स इंजरी और कार्डियोपल्मनरी समस्याओं वाले रोगियों का परीक्षण, निदान और उपचार किया जा रहा है। इन कैंपों में फैकल्टी सदस्यों के साथ-साथ फिजियोथेरेपी विभाग में पढ़ाई कर रहे बच्चे भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इससे किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल सीखने में भी मदद मिल रही है। आईईसी विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से हर महीने इस तरह के आठ से नौ कैंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इन कैंपों में निःशुल्क सेवाओं के साथ-साथ लोगों में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी जागरूकता भी फैलाई जा रही है। भविष्य में भी क्षेत्र में आईईसी विश्वविद्यालय की तरफ से इस तरह के निःशुल्क कैंपों का आयोजन किया जाता रहेगा। इन कैंप का मुख्य उद्देश्य समाज में लोगों में स्वास्थ्य सुधार लाकर उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
करुणामूलक संघ आज कैबिनेट मिनिस्टर चंद्र कुमार से मिलने उनके गृह क्षेत्र (ज्वाली) में सैकड़ों की संख्या में परिवार सहित पहुंचे ! व करुणामूलक नौकरी बहाली का एजेंडा उनके समक्ष रखा। करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि संघ निरंतर करुणामूलक परिवारों की हित की आवाज उठाता आया है। संघ ने पूर्व में सरकार के समय भी 432 दिन का क्रमिक भूख हड़ताल शिमला में कालीबाड़ी मंदिर के समीप एक वर्षा शालिका में कर चुका है। जिसके चलते कुछ एक करुणामूलक परिवारों को रोजगार मिला। लेकिन कुछ एक परिवार सरकार की गलत नीतियों के कारण करुणामूलक नौकरी से वंचित रहे। पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी कांग्रेस सरकार करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए आवाज उठाती आई है। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री हर एक मंच से इन परिवारों की आवाज उठाई वह वादा किया गया जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनेगी सभी परिवारों को एकमुशत नौकरियां दी जाएंगी। प्रदेश सरकार को बनाने में करुणामूलक परिवारों का भी विशेष योगदान रहा ! सुख की सरकार( कांग्रेस) बनते ही इन परिवारों को नौकरी की आस जगी । बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा करुणामूलक पॉलिसी में बदलाव लाने की घोषणा की गई उनके द्वारा जल्द से जल्द करुणामूलक नौकरी बहाल करने की बात कही गई। प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि सरकार बिना पेशन से छेड़छाड़ किए बिना करुणामूलक नौकरियाँ बहाल करें। क्योंकि जब किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके परिवार से कोई एक सदस्य करुणामूलक नौकरी के लिए आवेदन करता है। तो उस परिवार की पेंशन एक तिहाई हो जाती है। अब प्रदेश सरकार एक तिहाई पेंशन पर कैंची ना चलाएं। इसलिए प्रदेश सरकार से निवेदन है बिना पेशन से छेड़छाड़ किए बिना करुणामूलक नौकरियां बहाल करें। मुख्य मांगें:- -आगामी कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन किया जाए व निम्न बातें ध्यान में रखी जाए। -5 लाख आय सीमा निर्धारित की जाए जिसमें एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को हटाया जाए। -वित विभाग के द्वारा रेजेक्टेड केसों को कंसिडेर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए। -क्लास-C व क्लास-D में 5% कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटा दिया जाए। -योग्यता के अनुसार क्लास-c व क्लास-D के सभी श्रेणियों (Technical+ non Techanical) के सभी पदों में नोकरियां दी जाए ताकि एक पद पर बोझ न पड़े। -जिन विभागों में खाली पोस्टें नही है उन केसों को अन्य विभाग में शिफ्ट करके नोकरियाँ दी जाए। -समस्त करुणामूलक परिवारों को क्लास-सी व क्लास -डी में मई माह से नियुक्तियाँ दी जाए।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला इंदौरा के प्रर्धानाचार्य मोहन शर्मा को स्कूल में छात्राओं के विविध तकनीकी कौशल विकास के लिए चलाए जा रहे प्रोजेक्ट को एक अमेरिकी संस्था जो यूनाइटेड नेशंस के उद्देश्यों के लिए कार्य करती है ने ढाई हजार डॉलर यानी लगभग ₹200000 की सम्मान राशि के लिए चयनित किया। 12 अप्रैल को हुए एक अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल कार्यक्रम में उनके इस चयन की घोषणा की गई और जिसमें 14 देशों के 20 अध्यापकों को चयनित किया जिसमें भारतवर्ष के तीन अध्यापकों के प्रोजेक्ट्स को चयनित किया गया। प्रधानाचार्य मोहन शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों में तकनीकी कौशल होना बेहद आवश्यक है और उससे भी अधिक आवश्यक है कि वह उन्हें अपने जीवन में सदुपयोग कर अपनी प्रतिभा को और निखारे। इसी को ध्यान में रखते हुए वह अपने स्कूल में चरणबद्ध तरीके से अपने अध्यापकों की टीम सहित छात्राओं के विभिन्न तकनीकी कौशल विकास के लिए 6 महीनों से एक प्रोजेक्ट के तहत कार्य कर रहे थे उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय यूएसए में अपने फुलब्राइट कार्यक्रम के दौरान उन कार्यों और कार्यविधि को सीखा था ,जिसे उन्होंने अपनी भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे अपने स्कूल में लागू किया जिसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिली है। वहीं ग्राम पंचायत प्रधान भोपाल कटोच ने इंदौरा क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने और ₹200000 की राशि पाने के लिए हार्दिक बधाई दी उन्होंने उनके इस तरह के कार्यों को समस्त अध्यापकों के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादाई बताया । इस अवसर पर प्रधानाचार्य नवीन शर्मा, एसएमसी प्रधान देवेंद्र कुमार, प्रवक्ता कुलदीप सिंह ,मीना तारा, देवांशी शर्मा, संजीव कुमार, बलजीत सिंह ,अमित कुमार ,गीता, सोहनलाल ,बलविंदर शर्मा ,रजनी शर्मा ,सीमा शर्मा ,निर्मल सिंह, रघुवीर सिंह ,,मंजू बाला, अंजना शर्मा, वासुदेव ,अश्विनी कुमार त्रिशला आदि ने हार्दिक शुभकामनाएं दी
रक्कड़ के अन्तर्गत पडते पंजपिरी स्थित माता स्वस्थानी मंदिर में वीरवार को ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न ने माथा टेका। इस दौरान उनके साथ स्थानीय कांग्रेसी नेता सुरिंदर मनकोटिया भी मौजूद रहे। बताते चलें कि ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न पहली बार माता के दरबार में पहुंचे और माँ का आशीर्वाद लिया। संजय रत्न ने कहा कि वह माता के दरबार में आकर बहुत ही खुश हैं माता के सानिध्य में आकर उन्हें बहुत अच्छा प्रतीत हो रहा है। इस दौरान मन्दिर के स्थानीय पुजारी द्वारा उन्हें माता की चुनरी देकर सम्मानित किया। इस दौरान नगर परिषद ज्वालामुखी के प्रधान धर्मेंद्र शर्मा बाँटू,एसडीएम ज्वालामुखी डॉक्टर संजीव कुमार,रक्कड़ थाना प्रभारी गुरदेव सिंह सहित तमाम कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान 16 और 17 अप्रैल को सिरमौर प्रवास पर रहेंगे। सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुई बताया कि प्रवास कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री विभिन्न स्थानों पर जनसमस्याएं सुनेंगे तथा कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। उद्योग मंत्री 16 अप्रैल को दोपहर 12.30 बजे कफोटा में जन समस्याएं सुनेंगे। इस के उपरांत सांय 4.30 बजे शिलाई में जन समस्यायें सुनेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उद्योग मंत्री 17 अप्रैल को प्रातः 10 बजे शिलाई में जन समस्यायें सुनेंगे। इसके उपरांत उद्योग मंत्री दोपहर एक बजे रोनाहाट पहुंचेगे और इसके उपरांत दोपहर 2.00 बजे कोटी बोंच पंचायत के बालधार में बैसाखी खेल कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।


















































