मिनी सचिवालय सोलन में फोटोस्टेट मशीन स्थापित करने के लिए 08 जुलाई को नीलामी आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा ने दी। अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि यह नीलामी 08 जुलाई को प्रातः 11.00 बजे आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों को धरोहर राशि के रूप में 15,000 रुपए का ड्राफ्ट अथवा चैक उपायुक्त सोलन के नाम पर बनाकर प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट का गठन वर्ष 2016 में हुआ जिसमें शोधार्थी छात्र और कुछ एक शिक्षाविद है जो निरंतर समाज के उत्थान के लिए समाज के रखरखाव के लिए दिन-रात समाज सेवा में प्रयासरत है। इससे पूर्व में भी अपने स्थापना काल से ही ट्रस्ट ने अनेकों समाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में अपनी पहचान बनाई है और सामाजिक सेवाओं में समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया है। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि ट्रस्ट प्रत्येक सर्दी में समाज से लोगों के पुराने और कार में छोटे कपड़ों को एक वस्त्र बैंक के माध्यम से एकत्रित करती है और वस्त्र बैंक के माध्यम से बस्तियों में जरूरतमंदों को आवश्यकता अनुसार वितरण करने का कार्य करते हैं। इसी कड़ी में डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि योग आज पूरे विश्वभर में भारत देश का एक उपहार है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए और देश के जन-जन तक योग की महत्वता पहुंचाने के लिए ट्रस्ट निरंतर योग के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि आज से ट्रस्ट का 1 सप्ताह का योग शिविर आयोजन शुरू हो चुका है, जिसे वर्चुअल माध्यम से भी आम जनता तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के बतौर डॉक्टर नागेश ठाकुर व विशिष्ट अतिथि दीपक श्रीधर पस्थित रहे । सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा वर्तमान समय में मनुष्य जाति एक गंभीर महामारी से जूझ रही है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस महामारी का कोई स्थाई इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को योग और खेल के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट 21 जून से 27 जून तक शिमला शहर के एसडी स्कूल में यह कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। योग का समय सुबह 7:00 बजे रहेगा। जिसमें योगाचार्य के तौर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से योग विषय में शोधार्थी रिंकू कुमार और सुनीता शर्मा रहेंगे!
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधिमंडल आज हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा से उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाया तथा ज्ञापन सौंपा। प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगभग पिछले 3 वर्षों से हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के अंदर चल रही विभिन्न समस्याओं के लिए आंदोलनरत है। परंतु प्रशासन और सरकार की नाकामियों की वजह से तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्या तस से मस बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 से 8 पाठ्यक्रमों को शुरू किया गया है जिसमें लगभग 450 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परंतु बहुत दुर्भाग्य की बात है की इन 8 पाठ्यक्रमों में शिक्षा देने के लिए गेस्ट फैकेल्टी का सहारा लिया जा रहा है और इन विभिन्न विषयों में एक भी नियमित शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। तकनीकी विश्वविद्यालय में 42 शिक्षकों के पद आज भी खाली है। इसी के साथ विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक पदों की भारी कमी है जिसकी वजह से अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि तकनीकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर शिक्षक पदों पर नियमित भर्तियां शीघ्र की जाए। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में अगर फीस की बात की जाए तो वहां पर निजी विश्वविद्यालय से भी ज्यादा भारी भरकम फीस छात्रों से लूटी जा रही है। न ही विश्वविद्यालय में सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज सीटों का प्रावधान है। भारी भरकम फीस होने की वजह से बहुत सारे गरीब छात्र उच्च शिक्षा अर्जित नहीं कर पाते हैं। 2010 में स्थापित हुआ हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय आज भी आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। 2019 में माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड की आवर्ती अनुदान की घोषणा की जाती है लेकिन विश्वविद्यालय को यह राशी नियमित रूप से नहीं मिल रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री द्वारा शीघ्र इन मांगों को पूरा करने हेतु आश्वासन दिया गया है। यदि शीघ्र इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में अपने आंदोलन को और तेज करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा, प्रदेश जनसंपर्क प्रमुख आशीष शर्मा, प्रदेश सहमंत्री शिल्पा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कोमल वेकटा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी मौजूद रहे।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन हर वर्ष गांव में बच्चों, उनके अभिभावकों, महिलाओं, और जन समुदाय के साथ 21 जून को योग दिवस मनाता आ रहा है। आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में कंपनी के इकाई प्रमुख मनोज श्रीवास्तव ने सभी को बधाई दी। एसीएफ द्वारा विभिन्न विद्यालय के बच्चों अभिभावक वर्ग एसएमसी के सदस्य और जन समुदाय के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से वर्चुअल सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने योगा दिवस पर अपने विचार रखे। इसके पश्चात योगाचार्य अभिषेक सरोज और स्वाति शुक्ला ने बच्चों को सूर्य नमस्कार, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम और अन्य योग संबंधित गतिविधियां करवाई। साथ ही बच्चों को यह भी बताया कि योग का हमारे जीवन में क्या महत्व है और हमें इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर शिक्षा खंड अर्की और धुंदन के बच्चों सहित लगभग 210 लोगों ने भाग लिया।
योग मन की शांति और पवित्रता लाता है, योग शरीर मन और आत्मा को जोड़ने का विधान है। प्रतिदिन सुबह उठकर कुछ समय के लिए योग करना मेरी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे सब लोगों को अपनाना चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर समस्त जनता को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश देते हुए यह बात कही है। उन्होंने बताया कि 21 जून को संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी थी जिसके लिए विश्व के 177 देशों ने अपना समर्थन दिया था तब से इस दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाया जाता है। प्रोफेसर धूमल ने कहा कि किसी सामान्य दिन को किसी व्यक्ति विशेष, वस्तु, भाषा, संस्कृति, विज्ञान, परिस्थिति, परिवेश, अभियान अथवा प्रसंग से जोड़कर एक विशेष दिवस के रूप में उद्धघोषित करना उस चीज़ के बारे में जागृति फ़ैलाने के लिए तो उचित है, लेकिन केवल उस दिनविशेष को ही उस चीज़ को याद करना, महत्व देना या मनाना कदापि उचित नहीं है। जैसे कि पर्यावरण हमारे लिए सदैव महत्वपूर्ण है ना कि केवल पर्यावरण दिवस के दिन ही, डॉक्टर्स हमारे लिए सदैव महत्वपूर्ण हैं न कि केवल राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के दिन ही। इसी प्रकार योग हमारे जीवन में हर दिन महत्वपूर्ण होना चाहिए, हमें प्रतिदिन योग करना चाहिए क्योंकि योग एक ऐसा विज्ञान है जो हमारे जीवन को न केवल निरोगी बनाता है बल्कि हमारे मन को स्वच्छ सुंदर व पवित्र विचारों से परिपूर्ण करता है। प्रोफेसर धूमल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के महत्व को समझा और आम जनमानस को इसे सीखने के लिए इसे ग्रंथों में उतारा है। हमारे पूर्वजों ने योग को जीवन में आत्मसात करके एक निरोगी स्वस्थ और लंबा जीवन जीया है। वर्तमान समय में आधुनिकता और विकास की दौड़ में जहां धीरे-धीरे सामान्य मानव जीवन अवधि कम हो रही है ऐसे में योग को जीवन का एक हिस्सा बनाकर हम स्वस्थ और दीर्घायु बन सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री योग के महत्व को समझते हुए प्रतिदिन योग करते हैं।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के स्यार गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 दिन का कोविड स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। यह कैंप दाड़लाघाट के प्रधान बंसी राम भाटिया तथा उपप्रधान हेमराज की देखरेख में लगाया गया। पंचायत प्रधान ने बताया कि इस स्क्रीनिंग कैंप में सभी लोगों के आरटी-पीटीसीआर परीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों में कोविड-19 के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने के लिए काफी उत्साह देखा गया। युवाओं , महिलाओं, बुजुर्गों ने इस टेस्ट को करवाने में काफी रूचि दिखाई और बिना किसी संकोच के बढ़-चढ़कर इस कैंप में भाग लिया। इस गांव के कुल 103 लोगों के आरटीपीसीआर टैस्ट परीक्षण किए गए। पंचायत प्रधान ने यह भी बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट में जो लोग पॉजिटिव आएंगे बाद में उन लोगों के परिवार के सदस्यों के टेस्ट भी करवाए जाएंगे। इस स्क्रीनिंग कैंप में पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया और प्रधान हेमराज, स्यार वार्ड से पंचायत सदस्य अमर देई तथा गांव के गणमान्य लोग शामिल रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन की एनएसएस इकाई ने सात दिवसीय योग शिविर के समापन तथा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभअवसर पर विशेष यौगिक क्रियाएं कर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया। यह शिविर 15 जून से लेकर 21 जून तक चला। जिसमें एनएसएस के लगभग 30 स्वयंसेवकों ने अपने परिवारजनों सहित रोज भाग लिया। योग कक्षा सुबह 5:30 से 7:00 बजे तक आयोजित की जाती रही। इस आयोजन में स्वयंसेवियों ने अपने घरों में रह कर अपने परिजनों के साथ वर्चुअल योग किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने अपने परिवार सहित घर से ऑनलाइन आसन, प्राणायाम व ध्यान की जानकारी लोगों को दी। कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में छात्रों ने सर्वांग आसन, वृक्ष आसन, शीर्ष आसन, शव आसन तथा सूर्य नमस्कार आदि किए। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी को योग दिवस की बधाई देते हुए हिमानी भगत, प्रवीण कुमार, हिमानी कौशल, चेतन, पुष्पेंद्र, श्रुति, निधि सहित नीतिका के प्रयासों की सराहना की।
योग न केवल मानव को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है बल्कि यह शरीर और आत्मा के मध्य सन्तुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां पीटरहाॅफ में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2021 के अवसर पर प्रदेश के आयुष विभाग द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2021, योगा फोर वैल बींग विषय पर आधारित है, जोकि कोरोना महामारी के इस कठिन समय में बहुत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी न केवल एक आपदा है, बल्कि इस महामारी ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाला है। कोरोना महामारी के प्रतिबन्धों और इससे हुई क्षति के कारण लोग अवसाद और चिन्ता से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वैबासइट पर बताया है कि योग लोगों को इस तरह के संकटों से निपटने में सहायक सिद्ध होता है। यह सन्देश लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस का विचार वर्ष 2014 में सर्वप्रथम संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में प्रस्तावित किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा था कि योग भारत की प्राचीन परम्परा का अमूल्य उपहार है। उन्होंने योग के माध्यम से मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का आहवान किया और उनकी इस पहल को 177 देशों का समर्थन मिला था, जो संयुक्त राष्ट्र के इस प्रकार के प्रस्ताव के लिए सह-प्रायोजकों की सबसे अधिक संख्या थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा की आयुष विभाग ने आर्ट आफ लिविग, योग भारती, विवेकानंद योग केंद्र आदि के सक्रिय सहयोग से इस वर्ष 14 मई को नए कार्यक्रम आयुष घर-द्वार का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कोरोना मरीजों और अन्य लोगों को वर्चुअल माध्यम से योग और प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया। जयराम ठाकुर ने इस अवसर पर लोगों को वर्चुअल माध्यम से योग के प्रति प्रेरित करने के लिए आर्ट आफ लिविग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर का आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य मंत्री डा.राजीव सैजल ने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक और तनाव भरे इस समय में योग शरीर और मस्तिष्क को राहत पहुचाने का एक उपयुक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आयुष धर-द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत 1327 समूह गठित किए गए हैं। जिनके माध्यम से 53000 से अधिक लोगों को योग और प्राणायाम के लिए प्रेरित किया गया है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग न केवल स्वस्थ और सुदृढ़ समाज के निर्माण में सहायता करता है, बल्कि सौहार्द को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है और प्रदेश को स्वस्थ एवं समृद्ध राज्य बनाने के प्रयास जारी रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने टीकाकरण अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने चिकित्सकों, अन्य पैरामेडिकल कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का कोरोना महामारी के दौरान प्रतिबद्धता से कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधान सचिव आयुष ओंकार चन्द शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े जबकि शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, संगठन सचिव पवन राणा, राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, एचजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक नन्दलाल शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ पीटहाॅफ में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज टाउन हाॅल शिमला से प्रदेश में कोविड-19 प्रतिरक्षा टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक वैक्सीन की 27.45 लाख खुराकें लगाई जा चुकी है और प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खुराकें उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के इस विशेष अभियान के अन्तर्गत 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को प्रतिदिन लगभग एक लाख खुराकें लगाई जाएंगी। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान इस आयु वर्ग के लगभग तीन लाख लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए निःशुल्क टीकाकरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस विशेष अभियान के अन्तर्गत जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के पांगी क्षेत्र और शिमला जिला के दुर्गम क्षेत्र डोडरा-क्वार में शत-प्रतिशत जनसंख्या को कवर करने के लिए प्रतिदिन टीकाकरण सत्र आयोजित करके ऑन-स्पाॅट सत्रों के माध्यम से 25 जून, 2021 तक वैक्सीन की कम से कम पहली खुराक लगाई जाएगी, जिसके लिए यदि आवश्यक हुआ तो रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन भी ऑन-स्पाॅट टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए पंजीकरण की शर्त में छूट देने का भी निर्णय लिया है, लेकिन यह प्रक्रिया शहरी क्षेत्रों में लागू रहेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौके पर ही टीकाकरण के लिए अपना पंजीकरण करवाने की सुविधा मिलेगी। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, महापौर नगर निगम शिमला सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेंद्र चैहान, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला, आयुक्त शिमला नगर निगम अशीष कोहली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 जून को सोलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल में 132 के.वी विद्युत उप केन्द्र में आवश्यक रख-रखाव कार्य के दृष्टिगत इस केन्द्र के अधीन आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत अपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता रमेश शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि इस के दृष्टिगत कण्डाघाट क्षेत्र के वाकनाघाट, छावशा, चामल, दोची व आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज सोलन जिला के 25,000 से अधिक लोगों ने वर्चउल माध्यम से मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में योग के माध्यम से निरोग रहने के सूत्रों को आत्मसात किया। सोलन में जिला स्तरीय कार्यक्रम पण्डित दीन दयाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आयोजित किया गया। सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कोविड-19 प्रोटोकोल के अन्तर्गत सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत आज पुनः विश्व का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व को योग भारत की देन है तथा वर्तमान में पुनः सभी योग के सूत्रों से स्वस्थ रहने एवं बेहतर जीवनशैली अपनाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन योग के नियमित अभ्यास एवं आहार-विहार के नियमों को अपनाकर न केवल निरोग रहा जा सकता है अपितु असाध्य रोगों से मुक्ति भी प्राप्त की जा सकती है। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि आयुष घर-द्वार कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने कोविड-19 पोजिटिव रोगियों को स्वस्थ रखने के लिए जहां आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सहयोग से नियमित योग अभ्यास कार्यक्रम आरम्भ किया है वहीं योग को घर-घर तक पंहुचाने के लिए ऑनलाइन समूह बनाकर लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि योग कोे जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और अपनी दिनचर्या को आयुर्वेद के नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करें। प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप ने कहा कि रोग निवारण में योग की महत्ता सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह कत्र्वय है कि जन-जन को प्रतिदिन योगाभ्यास के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से विभिन्न रोगों से बचा जा सकता है।उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने सभी से आग्रह किया कि अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए नियमित योगभ्यास करें। उन्होंने कहा कि योग न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है अपितु स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में सहायक भी बनता है। के.सी. चमन ने कहा कि वर्तमान के भाग-दौड़ के समय में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग दिवस का आयोजन एवं आयुष घर-द्वार कार्यक्रम के माध्यम से लोग, योग के लाभों से व्यवहारिक रूप से परिचित हो रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप, योग भारती के राष्ट्रीय संयोजक श्रीनिवास मूर्ति, उपायुक्त सोलन के.सी. चमन, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपपुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा सहित, अन्य गणमान्य व्यक्ति, अन्य चिकित्सक एवं पैरा मेडीकल कर्मी उपस्थित थे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज भारतीय जीवन बीमा निगम पालमपुर शाखा द्वारा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें योग सेवाओं व प्रसार हेतु योग प्रशिक्षक सुशील कुमार को चीफ मैनेजर शशाम लाल ने स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। इससे पूर्व शाखा परिसर में आयोजित शिविर में सभी अधिकारियों और कर्मचारियो ने योग प्रशिक्षक सुशील कुमार के मार्गदर्शन में योग आसन व प्राणायाम में भाग लिया। शिविर में चीफ मैनेजर शशाम लाल, सुभाष शर्मा मेनेजर एडमिन, सहायक शाखा प्रवन्धक अनुज कौशल व जीआर कपूर, प्रशासनिक अधिकारी ओम राज मधान, सहायक प्रशासनिक अधिकारी बालक राम, रूप लाल, विकास अधिकारी मनोज कुँवर संजीव गोयल पवन कोशल राजेश चोपड़ा अंकुर, संजय अरोड़ा, पवन कौशल व अन्य अधिकारियों, कर्मचारियो व अभिकर्ताओं ने भाग लिया।
डेढ़ महीने से ज्यादा लंबे समय के अंतराल के बाद कालका-शिमला रेलवे हैरिटेज ट्रैक पर चारों ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। कोरोना की दूसरी लहर की वजह से यात्रियों की आमद में गिरावट को देखते हुए 9 मई को ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर केवल एक ही ट्रेन चल रही थी। अनलॉक के बीच व्यवस्थाएं पटरी पर लौटते ही कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन संचालन शुरू हो गया है। 21 जून को ट्रेन का संचालन शुरू होने पर शिवालिक एक्सप्रेस 04527 में 54,04529 में 191 और रेल कार में 5 यात्रियों ने सफर किया। इसके अलावा विस्ताडोम कोच में फिलहाल रेलवे को कोई यात्री नहीं मिले। आने वाले दिन में बढ़ेगी यात्रियों की संख्या शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक जोगिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अनलॉक के बीच यात्रियों की आमद में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी जोगिंदर सिंह ने बताया कि यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए 9 मई को ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। अब जब देश अनलॉक हो रहा है, तो शिमला में भी पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है ऐसे में ट्रेन का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। दिलचस्प सफर का आनंद लेने दूर-दूर से आते हैं पर्यटक कालका-शिमला रेलवे हैरिटेज ट्रैक पर सर्पीली पहाड़ियों को चीरती हुई ट्रेन का सफर पर्यटकों के लिए बेहद दिलचस्प होता है। इस रोमांचकारी सफर का आनंद लेने के लिए पर्यटक दूर-दूर से शिमला पहुंचते हैं। कालका-शिमला रेलवे हैरिटेज ट्रैक पर ट्रेन का संचालन शुरू होने से पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने 21 जून को ऑनलाइन के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनायाI इस ऑनलाइन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर डीआर भट्टी समन्वयक एनएसएस जिला सोलन व एनएसएस प्रभारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चामियां ने ऑनलाइन माध्यम से बतौर मुख्यातिथि एवं विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकित कीI इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विद्यालय अध्यक्ष ने बच्चों को योग दिवस की बधाई दी और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि योग न केवल हमारे शारीर को ही ठीक रखता है, अपितु हमारे मानसिक दिमाग को भी ताज़ा करता है। योग करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में विद्यालय के सभी बच्चों को और अध्यापकों को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी I उन्होंने एनएसएस स्वंयसेवकों को उनकी गतिविधियों, कर्तव्यों, सेवायों और एनएसएस के इतिहास के बारे जानकारी दीI उन्होंने विद्यालय द्वारा इस कोरोना काल के चलते भी ऑनलाइन प्रबंध करते हुए योग दिवस को मनाया इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, अध्यापकों, विद्यालय की एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा की सराहना कीI अंत मे विद्यालय समन्वयक रामेश्वर ठाकुर, मुखायाध्यपिका सुषमा शर्मा, किरण लेखा जोशी, सुमन शर्मा, मीरा कौशल, रजनी सूद ने भी ऑनलाइन संबोधित करते हुए सभी बच्चों को योग दिवस की बधाई दी और योग के महत्व पर प्रकाश डालाI इस ऑनलाइन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, उप प्रधानाचार्य किरण जोशी, मुख्याधिपिका सुषमा शर्मा, एनएस एस प्रभारी पूनम शर्मा, एनसीसी प्रभारी अमर देव, शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा, लायन एको क्लब प्रभारी ज्योतिका शर्मा, मीरा कौशल, सुमन शर्मा, गाइड कप्तान रजनी सून, सभी इक्कैयों के बच्चे, अन्य अध्यापक वर्ग भी मौजूद रहे।
इग्नू अध्ययन केंद्र कुनिहार द्वारा केंद्र समन्वयक रोशन लाल शर्मा की अध्यक्षता में ऑनलाइन परिचय सभा का आयोजन किया गया। रोशन लाल शर्मा ने विद्यार्थियों को इग्नू की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ई-कंटेंट, ई- मोबाईल एप, क्षेत्रीय इग्नू केंद्र की फेसबुक पर डिजिटल सामग्री के उपयोग बारे विस्तृत जानकारी साझा की। शर्मा ने अध्ययन केंद्र कुनिहार की गतिविधियों के विषय मे अवगत करवाते हुए कहा कि जुलाई 2021 सत्र के लिए ऑनलाइन माध्यम से नई एडमिशन 10 जून से शुरू होगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को सत्रीय कार्य परीक्षा फार्म, पुनः पंजीकरण की जानकारी भी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग व दो गज की सामाजिक दूरी रखने की अपील की। इस परिचय सभा मे अध्ययन केंद्र के काउंसलर डॉ मनोज, वीना कुमारी व 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। रोशन लाल शर्मा ने सभी का परिचय सभा में भाग लेने के लिए धन्यवाद किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोमवार को हिमाचल प्रदेश में 50 हजार से अधिक लोगों ने एक साथ सूर्य नमस्कार समेत कई आसन किए। यह मुख्य कार्यक्रम शिमला में राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कोरोना के चलते पीटरहॉफ में ज्यादा लोग एकत्र नहीं किए गए। जिला स्तर पर भी योग करने के लिए लोग वर्चुअली जुड़े। यह कार्यक्रम सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। आयुष विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में तनाव एवं व्यस्त जीवनशैली के कारण हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिसके निवारण के लिए योग एवं आयुर्वेद वरदान हैं। आयुष विभाग द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग संस्था, योग भारती संस्था, विवेकानंद योग केंद्र आदि के समन्वय से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित व्यक्तियों और सामान्य जनता को व्हाट्सऐप व जूम के माध्यम से प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम करवाया जाता है ताकि वे मानसिक तनाव से बचकर शीघ्र स्वस्थ हो सकें और बेहतर जीवन जी सकें। इस कार्यकम के माध्यम से लगभग 1327 व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर लगभग 53 हजार लोगों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया तथा योग का चिकित्सकीय महत्व समझाया गया।
मंडी संसदीय सीट पर जीत बरकरार रखने के लिए अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और सीएम जयराम ठाकुर की सियासी परीक्षा शुरू हाे गई है। हालांकि अभी उप चुनाव का शेड्यूल तैयार नहीं हुआ है, लेकिन उसके पहले भाजपा ने भीतर खाते प्रत्याशी पर मंथन शुरू कर दिया है। मंडी सीट से पूर्व सांसद स्व. रामस्वरूप शर्मा के निधन के बाद यहां अब उप चुनाव होना है। लगातार पिछले दो चुनावों में भाजपा की जीत हुई है ताे अब उसे कायम रखने के लिए दिल्ली से लेकर राजधानी शिमला तक भाजपा पूरी तरह से सक्रिय हाे चुकी है। यह सीट दाेनाें नेताओं के लिए साख का सवाल भी बन चुकी है। जगत प्रकाश नड्डा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तो मंडी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अपना गृह जिला है। जाहिर है ऐसे में उप चुनाव की ये सियासी परीक्षा किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। बीते दिनों भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में उपचुनाव पर रणनीति बनी। हालांकि अभी निर्वाचन आयोग की तरफ से उप चुनाव के लिए शेड्यूल जारी नहीं किया गया है, मगर प्रदेश भाजपा पहले ही अपनी तैयारियों में हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दिल्ली प्रवास पर निकले। इस दौरान हालांकि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से तुफानी मुलाकात कर हिमाचल के हित एवं लंबित प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन दूसरा मकसद मंडी संसदीय सीट, जुब्बल-कोटखाई और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उप चुनाव पर मंथन करना था। बताया जा रहा है कि सीएम जयराम ठाकुर और जेपी नड्डा की मुलाकात के समय तीनों उपचुनाव पर लंबी चर्चा की। जाहिर है टिकट मसले पर भी मंथन हुआ। मंडी संसदीय सीट से पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक और सैनिक कल्याण बाेर्ड के चेयरमैन ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के नाम चर्चा मेँ है। साथ ही उड़ती -उड़ती खबर यह भी हैं कि सरकार में दाे मंत्रियाें में से किसी एक काे मंडी संसदीय सीट से उपचुनाव लड़वाने के लिए मनाया जा सकता है। मगर सरकार किसी मंत्री काे संसद पहुंचा कर उपचुनाव का रिस्क शायद ही ले। इनके अलावा कर्मचारी नेता एन आर ठाकुर व राजेश शर्मा, तथा त्रिलोक जम्वाल के नाम भी चर्चा में है। वहीँ स्व. रामस्वरूप शर्मा के पुत्र शांति स्वरूप भी अब टिकट के इच्छुक बताये जा रहे है। हालांकि वे राजनीति में सक्रिय नहीं है। 17 में से 13 विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी, कांग्रेस 3 ताे 1 निर्दलीय विधायक मंडी संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा क्षेत्रों पर गाैर करें ताे वर्तमान में 13 विधानसभा सीटों पर भाजपा, 3 पर कांग्रेस और एक सीट पर निर्दलीय विधायक हैं। यानी किन्नौर, कुल्लू और रामपुर सीट पर कांग्रेस, जबकि जोगिंदर नगर सीट पर निर्दलीय विराजमान हैं। शेष अन्य 13 सीटों पर भाजपा काबिज है। इस संसदीय क्षेत्र के पांच हलके बल्ह, नाचन, करसोग, आनी व रामपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। जबकि किन्नौर, लाहौल-स्पीति और भरमौर सीट एसटी के लिए आरक्षित हैं। मंडी का समीकरण, लगातार दो चुनाव जीतकर रामस्वरूप ने बनाया था रिकॉर्ड पहली बार 1952 के चुनाव में राजकुमारी अमृत कौर व गोपी राम निर्वाचित हुए थे, उस दौरान मंडी से दो सांसद चुने गए थे। इसके बाद मंडी रियासत के राजा जोगिंद्र सेन ने 1962 तक प्रतिनिधित्व किया। फिर सुकेत रियासत के राजा ललित सेन विजयी रहे थे। कांग्रेस ने फिर रामपुर रियासत के वीरभद्र सिंह को यहां से मैदान में उतारा। 1977 से 1979 की अवधि में जनता पार्टी के गंगा सिंह ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। तब पहली बार यहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। 1980 के चुनाव में फिर वीरभद्र सिंह विजयी हुए। 1985 में पंडित सुखराम संसद पहुंचे। 1989 के आम चुनाव में यहां से भाजपा ने कुल्लू के महेश्वर सिंह को मैदान में उतारा और लोकसभा में पहुंचे। 1991 के चुनाव में पंडित सुखराम ने फिर से जीत हासिल की। 1998 में महेश्वर सिंह ने कांग्रेस की प्रतिभा सिंह को पराजित किया था। 2004 में कांग्रेस की प्रतिभा सिंह ने महेश्वर सिंह को हराया। 2009 में वीरभद्र सिंह ने महेश्वर सिंह को हराया। 2013 के उपचुनाव में कांग्रेस की प्रतिभा सिंह विजयी रही। 2014 और 2019 के चुनाव में लगातार दो बार भाजपा के रामस्वरूप शर्मा विजयी रहे। अब उनके निधन से यहां उपचुनाव होना है। भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस काे भी उपचुनाव की घोषणा का इंतजार है। ये हैं मंडी संसदीय क्षेत्र के हमारे विधायक विस क्षेत्र विधायक पार्टी सराज जयराम ठाकुर बीजेपी धर्मपुर महेंद्र सिंह ठाकुर बीजेपी मंडी अनिल शर्मा बीजेपी सुंदरनगर राकेश जम्वाल बीजेपी द्रंग जवाहर ठाकुर बीजेपी बल्ह इंद्र सिंह गांधी बीजेपी सरकाघाट कर्नल इंद्र सिंह बीजेपी करसोग हीरालाल बीजेपी नाचन विनोद कुमार बीजेपी जोगिंदर नगर प्रकाश राणा निर्दलीय कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर कांग्रेस मनाली गाेविंद सिंह ठाकुर बीजेपी बंजार सुरेंद्र शौरी बीजेपी आनी किशोरी लाल बीजेपी लाहौल-स्पीति रामलाल मार्कंडेय बीजेपी भरमौर जिला लाल बीजेपी किन्नौर जगत सिंह नेगी कांग्रेस
हिमाचल प्रदेश अपने धार्मिक स्थानों और देवी-देवताओ के मंदिरों के लिए पुरे देश भर में जाना जाता है। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल के सोलन जिले में शूलिनी माता मंदिर के नाम से विख्यात है। यह लोकप्रिय शूलिनी मंदिर देवी शूलिनी को समर्पित है, यह मंदिर इस क्षेत्र के सबसे पुराने और पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। हर साल इस मंदिर में जून के महीने में राज्यस्तरीय मेले का आयोजन किया जाता है। जिसे बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। सोलन के लोगों में इस देवी के प्रति गहरी आस्था व विश्वास रखते है। देवी भागवत पुराण में माँ दुर्गा के बहुत से नामों के बारे में बताया गया है, जिसमें शूलिनी नाम भी मौजूद है। ऐसी मान्यता है कि दशम गोबिंद सिंह जी ने माँ शूलिनी की स्तुति करके आशीर्वाद प्राप्त किया था. माँ शूलिनी के प्रकट होने की कथा भी बहुत ही रोचक और दिलचस्प है। पौराणिक कथा के अनुसार माँ शूलिनी सात बहनों में से एक थी। बाकि की बहनें ज्वाला जी, हिंगलाज देवी, नैना देवी, लुगासना देवी और तारा देवी के नाम से जानी जाती हैं. माता शूलिनी साक्षात देवी मां दुर्गा का स्वरूप है। शूलिनी देवी को भगवान शिव की शक्ति माना जाता है। कहते हैं जब दैत्य महिषासुर के अत्याचारों से सभी देवता और ऋषि- मुनि तंग हो गए थे, तो वे भगवान शिव और विष्णु जी के पास गए और उनसे सहायता मांगी थी। तो भगवान शिव और विष्णु के तेज से भगवती दुर्गा प्रकट हुई थी। जिससे सभी देवता खुश हो गए थे और अपने अस्त्र-शस्त्र भेंट करके दुर्गा मां का सम्मान किया था। इसके बाद भगवान शिव ने त्रिशूल से एक शूल देवी मां को भेंट किया था, जिसकी वजह से देवी दुर्गा मां का नाम शूलिनी पड़ा था। ये वही त्रिशूल है, जिससे मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। ख़ास बात यह है की माता शूलिनी देवी के नाम से सोलन शहर का नामकरण हुआ था। बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता सोलन नगर सोलन नगर बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता था। इस रियासत की नींव राजा बिजली देव ने रखी थी। बारह घाटों से मिलकर बनने वाली बघाट रियासत का क्षेत्रफल 36 वर्ग मील में फैला हुआ था। इस रियासत की प्रारंभ में राजधानी जौणाजी इसके बाद कोटी और बाद में सोलन बनी। राजा दुर्गा सिंह इस रियासत के अंतिम शासक थे। रियासत के विभिन्न शासकों के काल से ही माता शूलिनी देवी का मेला लगता आ रहा है। जानकारों के अनुसार बघाट रियासत के शासक अपनी कुलश्रेष्ठा की प्रसन्नता के लिए मेले का आयोजन करते थे। बदलते समय के दौरान यह मेला आज भी अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार चल रहा है। माता शूलिनी के इस मंदिर का पुराना इतिहास बघाट रियासत से जुड़ा हुआ है। बघाट रियासत के लोग माता शूलिनी को अपनी कुलदेवी के रूप में मानते थे, तभी से माता शूलिनी बघाट रियासत के शासकों के लिए उनकी कुलदेवी के रूप में पूजी जाती है। मंदिर का इतिहास मंदिर के पुजारी से मिली जानकारी के अनुसार माँ शूलिनी का इतिहास बघाट रियासत से जुड़ा हुआ है. कहते हैं सदियों पहले बघाट रियासत की राजधानी जौणाजी हुआ करती थी, ये उस समय की बात है जब इस प्रदेश में राजाओं का राज हुआ करता था । बताया जाता है की इस दौरान राजा को एक सपना आया और सपने में माँ शूलिनी देवी ने उनको दर्शन दिए, जिसमें देवी माँ ने कहा कि मैं जौणाजी में रहती हूँ और वहां धरती के नीचे से मेरी मूर्तियों को निकाला जाए. इसके बाद ही राजा ने जौणाजी में खुदाई शुरू करवा दी और वहां से माँ शूलिनी देवी की और दो अन्य देवताओं की मूर्तियाँ निकलीं। इसके बाद तत्काल ही राजा ने इन मूर्तियों को सोलनी गाँव में स्थापित कर दिया। जिसके बाद यहाँ पर राजा द्वारा मंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर बनने के बाद लोगों से इस देवी को अपनी कुलदेवी माना। मेले के दौरान निकाली जाती है भव्य शोभा यात्रा शूलिनी माता मेला हर वर्ष जून माह में मनाया जाता है, इस दौरान माता पुरे शहर के भ्रमण पर निकलती है। माता की पालकी को फूलों से सजाया जाता है, इसके बाद माता के जयकारों के बीच शूलिनी मंदिर से यह शोभा यात्रा निकलती है। माता की पालकी को प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भी उठाया जाता है व माता का आशीर्वाद लेकर शोभा यात्रा को शुरू किया जाता है। यदि मुख्यमंत्री किसी कारणवश मेले में नहीं पहुंच पाते है तो जिला उपायुक्त इसकी सभी रस्मे निभाते है। मंदिर से निकलने के बाद शहर में जगह -जगहों पर शूलिनी माता की पालकी का लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया जाता है। इस दौरान सोलन शहर में लोगों का सैलाब उमड़ जाता है। शहर का भ्रमण करने के बाद माता गंज बाजार स्थित अपनी बहन से मिलने पहुंचती है और वहां पर दो दिनों तक माता की झांकी को रखा जाता है। मां प्रसन्न हो तो दूर होते हैं प्रकोप मान्यता है कि माता शूलिनी के प्रसन्न होने पर क्षेत्र में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या महामारी का प्रकोप नहीं होता है, बल्कि सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। मेले की यह परंपरा आज भी कायम है। कालांतर में यह मेला केवल एक दिन ही अर्थात् आषाढ़ मास के दूसरे रविवार को शूलिनी माता के मंदिर के समीप खेतों में मनाया जाता था। सोलन जिला के अस्तित्व में आने के पश्चात् इसका सांस्कृतिक महत्व बनाए रखने तथा इसे और आकर्षक बनाने के अलावा पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय मेले का दर्जा प्रदान किया गया और इसे तीन दिवसीय उत्सव का दर्जा प्रदान किया गया है। मौजूदा समय में यह मेला जहां जनमानस की भावनाओं से जुड़ा है, वहीं पर विशेषकर ग्रामीण लोगों को मेले में आपसी मिलने-जुलने का अवसर मिलता है जिससे लोगों में आपसी भाईचारा तथा राष्ट्र की एकता व अखंडता की भावना पैदा होती है। जगह- जगह भंडारों का आयोजन इस राज्य स्तरीय मेले के दौरान खास बात यह रहती है की स्थानीय लोगों द्वारा शहर में जगह-जगह लंगर दिए जाते है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन शहर व आसपास के क्षत्रों में लोगों द्वारा लंगर लगाए जाते है। बता दें की हिमाचल में किसी भी मेले में तीन दिनों तक लगातार लंगर आयोजित नहीं किये जाते है। मेले के दौरान लोग माँ शुलिनी का प्रसाद समझकर इन लंगरों को ग्रहण करते है। शूलिनी मेले के दौरान शहर में काफी भीड़ लोगों की देखने को मिलती है। कोरोना की वजह से इस वर्ष भी सूक्ष्म तरीके से मनाया जाएगा मेला कोरोना के चलते सरकार ने कई बंदिशे प्रदेश में लगाई है, इसी के चलते बीते वर्ष शूलिनी मेले को सूक्ष्म तरीके से मनाया गया। मंदिर में सभी रस्मे व पूजा -पाठ कर माता की शोभायात्रा कोरोना नियमों के तहत निकाली गई। इस यात्रा में मंदिर के पुजारी सहित माता के कारगार व प्रशासन के कुछ अधिकारी मौजूद रहे थे। इसके साथ ही कोरोना के चलते कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये गए। इस बार भी मेले को सूक्ष्म तरीके से प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाएगा। मेला 25 से 27 जून तक मनाया जाएगा जिसको लेकर प्रशासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। सोलन शहर में बना हुआ भव्य मंदिर माता शूलिनी का भव्य मंदिर सोलन शहर के दक्षिण दिशा में बना हुआ है। इस मंदिर के अंदर माता शूलिनी के अलावा अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा होती है जिसमे शिरगुल देवता,माली देवता इत्यादि की मूर्तियां विद्यमान हैं। कहते हैं कि मेले के जरिये मां शूलिनी शहर के भ्रमण पर निकलती हैं और जब वापस आती हैं, तो अपनी बहन के पास दो दिन के लिए रुकती हैं। यही वजह है कि मेले का आयोजन किया जाता है।
ग्रामीण विकास सभा चनावग और हिमालय साहित्य एवम संस्कृति मंच के संयुक्त संयोजन में जिला शिमला की सुन्नी तहसील के गांव चनावग में रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया. इसमें स्थानीय और दूरदराज के गांव के तीस युवा और अन्य लोग रक्तदान के लिए पहुंचे। रक्तदान शिविर का उद्घाटन 86 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षाविद नोखराम शर्मा के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। उन्होंने ग्राम पंचायत में इस तारा के पहले सफल आयोजन की खूब प्रशंसा की। उद्घाटन के अवसर पर साहित्य मंच के अध्यक्ष एस आर हरनोट, ग्रामीण विकास सभा के अध्यक्ष युवा जगदीश हरनोट, विलेज रेवेन्यू ऑफिसर जगदीश राणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा, ग्राम पंचायत की प्रधान कृष्णा शर्मा, उप प्रधान, जगदीश गौतम, पंचायत सदस्य रमेश चंद, सभा के वरिष्ठ सदस्य रत्न चंद और पूर्ण चंद गौतम के साथ अन्य सदस्य तथा स्थानीय लोग शामिल रहे। मुख्य अतिथि नोखराम शर्मा को मंच तथा सभा की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। ग्रामीण विकास सभा की ओर से अध्यक्ष जगदीश हरनोट और हिमालय मंच की ओर से युवा सदस्य शिवेन कुमार ने इस शिविर के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। शिमला से हिमालय मंच की वरिष्ठ सदस्य स्नेह नेगी भी विशेष रूप से रक्तदान शिविर में पहुंची। यह जानकारी हिमालय मंच के अध्यक्ष व लेखक एस आर हरनोट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। शिमला दीन दयाल उपाध्याय ज़ोनल अस्पताल (रिप्पन) से चिकित्सा कर्मियों की सात सदस्यीय टीम डॉक्टर गंगा शर्मा, इंचार्ज ब्लड बैंक की अगुवाई में जब पहुंची तो उनका स्वागत पुष्प भेंट कर किया गया। इस टीम में वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन, इंदिरा मेहता और दीपिका, वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन, अंजना कंवर, स्टाफ नर्स सहित दुर्गादास और वेद शामिल रहें। डॉक्टर शर्मा ने शिविर में उपस्थित रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि उनकी 14 जून से 30 जून तक विशेष नेशनल वॉलंटरी ब्लड डोनेशन कैंपेन चल रही है जिसके तहत कई स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं और विशेषकर युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित और जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महादान है जिससे आप बहुत से जीवन को बचा सकते हैं। रक्त दान करने में कोई कठिनाई नहीं होती और रक्तदाता को पूरी तरह जांच करके ही रक्तदान के लिए अनुमति दी जाती है। मंच और सभा ने डॉक्टरों की टीम को स्मृति भेंट कर सम्मानित भी किया गया। रक्तदान के लिए तीस से अधिक युवा और अन्य ग्रामीण पहुंचे। इस कोविड समय में ग्रामीण युवाओं और लोगों का यह सहयोग अमूल्य रहा। हिमालय मंच और ग्रामीण विकास सभा ने ग्राम पंचायत चनावग की प्रधान, उप प्रधान, सदस्य, प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा व उनके स्टाफ और सभी रक्तदाताओं का रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। भोजन की बढ़िया व्यवस्था देवी चंद शर्मा, लता देवी और गीता ने की। रक्तदान के लिए पहुंचे निम्न युवा व अन्य ग्रामीण रक्तदाताओं का हिमालय मंच के अध्यक्ष एस आर हरनोट ने हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस दौरान राजकुमार शर्मा, जगदीश हरनोट, जगदीश गौतम, रमेश हरनोट, प्रेम चंद, प्रेम चंद, चंद्र पाल, हरीश कुमार, कुमारी जयवंती, सुनील कुमार, ओम प्रकाश, संदीप, खेमराज शर्मा, नीरज शर्मा, ममता शर्मा, महेंद्र शर्मा, मेहर चंद, प्रेम प्रकाश, शौंक राम, धर्म प्रकाश, तारा चंद, मनोहर लाल शर्मा, प्रकाश पोटली, तुलसी, सुनील कुमार, मोहिंदर कुमार, पवन कुमार, ममता शर्मा, खेमे राज, तारा देवी, धनवंती ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए भरपूर सहयोग दिया।
योग एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है, जिससे शांति, आत्मविश्वास और शक्ति मिलती है। साथ ही योग मनुष्य को प्रकृति से भी जोड़ता है। योग भारतीय मनीषियों द्वारा प्रदत्त वह पुरातन ज्ञान है, जो भारतीय परम्परा व समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग बन चुका है। हमारी इस समृद्ध धरोहर को सम्पूर्ण विश्व में मान्यता प्राप्त हुई है। योगाभ्यास से अनेक विकारों व असाध्य रोगों का इलाज सम्भव है। योग का नियमित अभ्यास करने वाले व्यक्ति के रक्तशोधन व परिसंचरण में सुधार के साथ-साथ इससे तंत्रिका प्रणाली को सामान्य करने में भी सहायता मिलती है। यह व्यक्ति के शरीर, मन, भावनाओं व ऊर्जा को नियंत्रित करने में भी सहायक है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्पन्न हुए इस संकट ने प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के महत्व को रेखांकित किया है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में योग की प्रभावशीलता कई अध्ययनों से साबित हो चुकी है। योग शारीरिक व्यायाम, सांस लेने के अभ्यास और एकाग्रता की बेहतरी का एक संयोजन है जिससे शरीर और दिमाग सुदृढ़ होता है, जिसके फलस्वरूप हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। योग आसन कईं प्रकार के हैं, जिनमें शवासन और शसाकासन से तनाव कम होता है और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। प्राणायाम जैसे श्वसन अभ्यास से हमारा श्वसन तंत्र मजबूत बनता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। त्रिकोणासन से रक्त के संचरण में सुधार होता है और सभी अंगों का बेहतर कामकाज सुनिश्चित होता है। इसलिए योग का अभ्यास न केवल प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक है, बल्कि यह मानव शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। आज योग का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। जहां एक तरफ योगाभ्यास से स्वस्थ मनुष्य अपने शारीरिक और मानसिक तनाव को नियंत्रित कर रहे हैं, वहीं रोगी भी शीघ्र स्वस्थ होने के लिए योग को अपना रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह पूरे देश में योग पर आधारित अनूठा प्रयास है। आयुष विभाग द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग संस्था, योग भारती संस्था, विवेकानंद योग केंद्र आदि के समन्वय से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित व्यक्तियों और सामान्य जनता को व्हाट्सऐप व जूम के माध्यम से प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम करवाया जाता है, ताकि वे मानसिक तनाव से बचकर शीघ्र स्वस्थ हो सकें और बेहतर जीवन जी सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 1327 व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर लगभग 53000 लोगों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया तथा योग का चिकित्सकीय महत्व समझाया गया। योग को प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून अर्थात् ग्रीष्म संक्रांति के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया गया, जिसे 21 जून, 2015 को आरम्भ किया गया। योग दिवस का आयोजन सम्पूर्ण विश्व में हर वर्ष इसी दिन किया जाता है। प्रदेश में भी पिछले छः वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व कोविड-19 महामारी के संकट से जूझ रहा है। इसके दृष्टिगत, वर्तमान परिस्थितियों में सामूहिक समारोह आयोजित नहीं किए जा रहे हैं। इसलिए सरकार द्वारा ‘घर पर योग, परिवार के साथ योग’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष भी पिछले वर्ष के अनुरूप ही वर्चुअल माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम ‘योगा फोर वेलनेस’ निर्धारित किया गया है, जिसका अभिप्राय है ‘स्वास्थ्य के लिए योग’। लोग नित्य योगाभ्यास कर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बना कर प्रदेश सरकार के प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं। हम योग को अनुशासित ढंग से अपनाकर न केवल शारीरिक रोगों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, अपितु अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भी भर सकते हैं।
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष 24 मई 2020 से साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के प्रसारण की शुरुआत की गई। अकादमी का यह कार्यक्रम फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर रोजाना 7:00 बजे नियमित रूप से प्रसारित हो रहा है। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत अभी तक लगभग 500 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें प्रदेश, देश और विदेश से साहित्यकारों, कलाकारों का भरपूर योगदान, समर्थन, सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा है। कार्यक्रम के श्रोताओं दर्शकों की अपेक्षा और सुझावों के अनुसार कार्यक्रम में समय-समय पर बहुत सारे परिवर्तन भी होते रहे। जहां प्रदेश, देश, विदेश के नामी-गिरामी साहित्यकारों, कलाकारों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर के अपने विचार सांझा किए और अपनी रचनाओं का पाठ किया, संवाद में भाग लिया उनके सकारात्मक सहयोग का यह कार्यक्रम सम्मान करता है। बच्चों, युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारा सहयोग दिया, साहित्य, कला, संस्कृति, पहाड़ी भाषा एवं साहित्य, मनोरंजन, गीत-संगीत, लोक साहित्य, सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित परिसंवाद, कवि सम्मेलन और युवाओं के विभिन्न कार्यक्रम इस संवाद की यात्रा को शिखर की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध हुए। कुछ समय पहले वेद व्याख्यान, वैदिक और संस्कृत साहित्य पर केंद्रित व्याख्यानमाला का प्रारंभ किया गया।वर्तमान में पुराण कथा पर आधारित व्याख्यान की श्रृंखला चल रही है। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के सम्पादन में हितेन्द्र शर्मा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होने लेखकों, साहित्यकारों के साथ सम्पर्क बनाते हुए उन्हें कार्यक्रम में शामिल करने, कार्यक्रम के पोस्टर निर्माण, लाइव कार्यक्रम का संचालन, नियंत्रण और प्रसारण करना। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम की वीडियो को फेसबुक तथा यूट्यूब पर अपलोड करते हुए और हिमाचल अकादमी के लिए हार्ड डिस्क में कार्यक्रम सुरक्षित रखना, समय-समय पर कार्यक्रमों मे विशेष प्रस्तुतिकरण सहित परिचर्चा मे भाग लेते हुए सभी कार्यो के निर्वाह में रात दिन परिश्रम करते रहना उल्लेखनीय है जो इस कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता का मूल आधार रहा है। भविष्य में कार्यक्रम की रूपरेखा भी इन्हीं सब सहयोगियों के परामर्श से तैयार की जा रही है। इसी बीच कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी भरपूर सहयोग मिलता रहा है। सभी के सहयोग से हिमाचल अकादमी का फेसबुक पेज और दो यूट्यूब चैनल मोनोटाइज हो चुके हैं इसलिए इनका निरंतर संचालन अकादमी की एक नैतिक जिम्मेवारी बन गई है। आगामी दिनों में भी अकादमी के कार्यक्रम ऑनलाइन इसी तरह आयोजित किए जाते रहेंगे और यह कार्यक्रम बाल, युवा, महिला, पुरस्कृत, सम्मानित सभी लेखकों कलाकारों के लिए समर्पित रहेगा। साहित्य कला संवाद के कार्यक्रमों की यात्रा को और अधिक सफल बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की अपेक्षा रहेगी।
कांग्रेस विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कोरोना से हुई मौतों का जयराम सरकार डेथ ऑडिट कराए। इससे दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। कोविड-19 के अलावा मृत्यु की मूल वजह डेथ ऑडिट से सामने आएगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कोरोना के दौरान डयूटी करने के आंकड़े भी सरकार सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान डॉक्टरों ने कितनी सर्जरी की हैं, भाजपा सरकार को यह भी बताना चाहिए। सुक्खू का कहना है कि कोरोना मरीजों के इलाज में कोविड अस्पतालों में गंभीर लापरवाही बरती गई है । मरीजों की वरिष्ठ डॉक्टरों ने सुध ही नहीं ली। अनेक संक्रमित तो कोरोना के खौफ से ही मर गए। अस्पतालों में उनकी काउंसलिंग होनी चाहिए थी। गंभीर बीमारियों का उचित इलाज किया जाता तो अनेक पीडि़तों की जान बच सकती थी, क्योंकि कोरोना की तो कोई दवा नहीं थी। गंभीर रोगों के रोगी कोरोना संक्रमित होने पर अन्य दवाओं के लिए तड़पते रहे। सरकार यह भी बताए कि वैक्सीन की पहली डोज के बाद कितने लोगों की मौत हुई और दोनों डोज लगने के बाद कितने लोग मृत्यु को प्राप्त हुए। डेथ ऑडिट में इसका भी अध्ययन हो कि वैक्सीन लगने के बाद मौत का क्या कारण रहा। कांग्रेस विधायक ने कहा कि विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर का अंदेशा जताया हुआ है, जिसमें बच्चों के अधिक संक्रमित होने की बात कही है। बावजूद इसके प्रदेश सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। न तो बच्चों केलिए विशेष वार्ड का प्रबंध अस्पतालों में किया गया है, न ही बच्चों के वेंटिलेटर मंगवाए गए हैं। सरकार को तुरंत इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।
भाजपा के सत्ता में आने के बाद सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में ठप्प पड़े विकास कार्यों को लेकर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के सब्र का बांध टूट गया है। मिनी सचिवालय व टाऊन हाल सहित अन्य बड़ी योजनाओं के ठंडे बस्ते में पड़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों में हुई देरी पर विधायक राजेंद्र राणा ने सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से व्यक्तिगत रूप से शिकायत की है। विकास कार्यों की लेटलतीफी के बारे में जारी प्रैस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि छंब से कुजा दी बल्ल वाया रोपड़ी व भराइयां दी धार से ठाणा टिक्कर के संपर्क मार्गों के लिए विधायक प्राथमिकता में नाबार्ड के तहत वर्ष 2017 में बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन 4 साल बाद भी कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। जूं की चाल चल रहे इन कार्यों के लटकने के पीछे का आखिर राज क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कारण है कि मुख्यमंत्री के अधीन आने वाले लोक निर्माण विभाग में ही तय समयावधि में कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं। संबंधित विभाग कार्यों को परखने व उनकी निगरानी के लिए क्या नियम अपना रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर काम पूरा न करने पर संबंधित ठेकेदारों पर क्या विभागीय कार्यवाही हुई है, उससे अवगत करवाया जाए। अगर कोई कार्यवाही या पैनल्टी नहीं लगाई है तो नियम न मानने की छूट ठेकेदारों को किसने दी और इनको सरंक्षण देने के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि 4 साल में कार्य पूरा न होने पर महंगाई के इस जमाने में कार्य की लागत कई गुणा बढ़ जाएगी तो उसकी भरपाई भी जनता की जेब से होगी। आखिर जनता भी कब तक सहन करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी संकीर्ण मानसिकता से साबित होता है कि भाजपा के स्थानीय लोग विधानसभा चुनाव की हार की खुन्नस विकास कार्यों में अड़चनें डालकर निकाल रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया कि वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाएं। यह भी पता लगाया जाए कि आखिर इनके वो लोग कौन हैं जोकि विकास कार्यों में रोड़ा बनकर सरकार की छवि को और ज्यादा बिगाड़ रहे हैं।
The state government has set a target to vaccinate 60 thousand people daily in Himachal Pradesh. The central government will now provide free vaccines to Himachal. Its supply is likely to reach Himachal by June 20. This program will start on June 21. Apart from hospitals, primary health centers, now vaccine centers will be set up in schools, colleges, offices, and Panchayat Bhawan as well. The government is going to build one thousand more vaccination centers in the state. Regarding the vaccine campaign, Health Secretary Amitabh Awasthi has asked the principals, CMOs, BMOs of medical colleges to vaccinate more and more people. The government has set a target to vaccinate people above 18 years of age by October. Under the new vaccination policy, the beneficiaries are divided into two categories for applying the vaccine. Category-A all beneficiaries above 45 years of age for the first dose, all beneficiaries of the same age group eligible for the second dose of Covishield, all healthcare workers, frontline workers, while beneficiaries in the age group 18 to 44 Placed in B-category.
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए अपना फॉर्मूला तैयार कर लिया है। बोर्ड ने सीबीएसई के पांच अंकों के फॉर्मूले में तीन नए बिंदुओं को शामिल किया है। अप्रैल में आयोजित अंग्रेजी विषय की परीक्षा सहित प्रथम व द्वितीय सत्र की परीक्षाओं के अंक भी वार्षिक परिणाम में शामिल होंगे। इसके अलावा सीबीएसई द्वारा तय किए गए इंटरनल असेसमेंट, प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट वर्क, दसवीं और दसवीं कक्षा के प्रदर्शन सहित कक्षा १२वीं के अंक शामिल होंगे। शनिवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष व सचिव ने मनाली जाकर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से इस प्रस्ताव को साझा किया। इस संबंध में अगले सप्ताह अधिसूचना जारी की जाएगी। 12वीं से पहले 10वीं के नतीजे जारी किए जाएंगे। इसके बाद बारहवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। सीबीएसई ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को 12वीं कक्षा के अंक निर्धारित करने का फॉर्मूला दिया था। सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश में भी इस फॉर्मूले पर मंथन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को शिक्षा मंत्री को इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश सोनी और सचिव अक्षय सूद ने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा परिणाम से जुड़े तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा फॉर्मूला तैयार किया है ताकि छात्रों का संपूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके।
आईबीपीएस ने 43 सरकारी बैंकों के लिए 10 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी है। साथ ही इसके लिए आवेदन भी शुरू हो चुके हैं। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित रिजनल रूरल बैंकों में ऑफिस असिस्टेंट और ऑफिसर के पदों पर ये भर्तियां की जाएंगी। आईबीपीएस आरआरबी वैकेंसी 2021 की नोटिफिकेशन और एप्लीकेशन फार्म लिंक पर अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफिस असिस्टेंट के 5305 पद, ऑफिसर स्केल-1 (असिस्टेंट मैनेजर) - 4119, ऑफिसर स्केल-2 (मैनेजर) के तहत जनरल बैंकिंग ऑफिसर 905 पद,आईटी ऑफिसर 59 पद, सीए 32 पद, लॉ ऑफिसर 27 पद, ट्रेजरी मैनेजर नौ पद, मार्केटिंग ऑफिसर 43, एग्रीकल्चर ऑफिसर 25, ऑफिसर स्केल-3 (सीनियर मैनेजर) 210 पद भरे जाएंगे। अभ्यर्थी का मान्यता प्राप्त विवि से किसी भी विषय में स्नातक होना जरूरी है। सिर्फ ऑफिसर स्केल-2 के लिए पद के अनुसार संबंधित विषय में ग्रेजुएशन होनी चाहिए। 40 साल तक के उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 28 जून है।हिमाचल के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बद्दी, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और ऊना बनाए गए हैं। जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए एप्लीकेशन फीस 850 रुपये है। एससी, एसटी और दिव्यांग के लिए 175 रुपये है। परीक्षा तीन चरणों में होगी। अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले अधिक जानकारी आईबीपीएस की अधिकारिक वेबसाइट पर जांच कर सकते हैं।
Himachal Pradesh School Education Board has prepared its formula to prepare the 12th class exam result. The board has included three new points in the CBSE's formula of five points. The marks of the first and second term examinations including the English subject examination held in April will also be included in the annual result. Apart from this, the marks of class 12th including internal assessment, practical/project work, performance of class X and Xl as decided by CBSE will be included. On Saturday, the Chairman and Secretary of the Board of School Education went to Manali and shared this proposal with Education Minister Govind Singh Thakur. A notification in this regard will be issued next week. Before the 12th, class 10th results will be released. After this, the result of class XII will be declared. CBSE had recently given the Supreme Court the formula for determining the marks of class 12th. After getting approval from the Supreme Court, the churning of this formula started in Himachal Pradesh too. In this episode, on Saturday, the Education Minister was given detailed information in this regard. Board President Suresh Soni and Secretary Akshay Sood said that the Board of Education has prepared such a formula keeping in mind all the aspects related to the examination results so that the complete evaluation of the students is ensured.
बाघल विकास परिषद ग्याणा का एक प्रतिनिधिमंडल माइनिंग एरिया के लोगों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी सौपा। प्रतिनिधिमंडल ने अंबुजा कंपनी द्वारा की जा रही अवैज्ञानिक तरीके से माइनिंग-ब्लास्टिंग ओर माइनिंग एरिया के लोगों के हितों की रक्षा व वर्ष 1992 में जो लिखित समझौतों को निष्पक्ष रूप से लागू करने के बारे में अवगत करवाया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि माइनिंग एरिया के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की अनदेखी के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि वर्ष 1992 में लिखित समझौते के अनुसार लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा आजतक 30 साल से उनको उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। जिसका मुख्य उदाहरण दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट सेक्टर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दाड़लाघाट में 7 सोसायटियां कार्यरत हैं। जिनमें 2868 सदस्य हैं और उनमें से माइनिंग एरिया की 5 पंचायतों के मात्र 601 सदस्य हैं। परस राम ने बताया कि 1992 के कुछ एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो लोगों को आजतक भी पता नहीं हैं। जैसे लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा के शेयर में लैंड लूजर परिवारों को अंबुजा शेयर का प्रावधान, लैंड लूजर व प्रभावित कर्मचारी को उनकी योग्यता व अनुभव के आधार पर वेतन व पदभार, सामाजिक स्वास्थ्य सुविधा, जैसे शिक्षा, पेयजल आपूर्ति, 246 / 2002 भूमि अधिग्रहण टेम्परिंग मामला, 1325 बीघा भूमि अधिग्रहण रेवन्यू स्कैम करोड़ों का घोटाला आदि। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि उपरोक्त तथ्यों पर सौहार्दपूर्ण वार्तालाप के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि अगर इस तरह की अनदेखी हो रही हैं तो जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि लैंड लूजर परिवारों के लोगों के हितों की रक्षा की जा सके। इस मौके पर दया राम, रूप राम, नंद लाल, हुकुम चंद भी मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मिशन रक्षक अभियान पांचवें दिन भी निरंतर जारी। इकाई सचिव आकाश नेगी ने जानकारी देते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मिशन रक्षक अभियान के तहत गांव-गांव में जाकर महामारी से बचाव के मापदंडों को आम ग्रामीणों तक पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समाज के प्रत्येक वर्ग से टीकाकरण हेतु आग्रह कर रही है। समाज में आज कई प्रकार की भ्रांतियां टीके को लेकर फैलाई जा रही है। आकाश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद का मकसद है कोई भी टीकाकरण से बच ना पाए। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत में ग्राम स्तर की कई समस्याएं भी उभर कर सामने आ रही है, जिसमे आम ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव सबसे महत्वपूर्ण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा की सरकार के सामने उनकी समस्याओं को रखा जाएगा। वंही आकाश ने बताया कि निरंतर 25 जून तक चलता रहेगा।
स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य एवं स्थानीय पंचायत निवासी देशबंधु ने मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रक्कड़ में प्रदेश सरकार से आगामी 30 जून तक फर्स्ट ऐड व अन्य मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के अतिरिक्त 24 घंटे डॉक्टरों की व्यवस्था न किये जाने की सूरत में आमरण अनशन पर बैठने का अल्टीमेटम दिया है। मीडिया से रूबरू होते हुए देशबंधु ने कहा कि वह तथा इलाके के अन्य लोग इस गंभीर विषय पर कई मंचों से आवाज उठा चुके हैं, किंतु प्रदेश सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश उच्च न्यायालय में भी इन मांगों के मद्देनजर याचिका दायर की गई तथा उच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश सरकार को इस हेतु नोटिस जारी किया गया। लेकिन सरकार ने इसका कोई संज्ञान नहीं लिया। गौरतलब है कि एन.एच-03 पर नादौन से अंब तक 40 किलोमीटर क्षेत्र के बीच सीएचसी रक्कड़ ही एकमात्र सवास्थ्य केंद्र है, जहां मौजूदा समय में मात्र नाममात्र की सुविधाएं मौजूद हैं। मौजूदा समय में तहसील रक्कड़ के अंतर्गत तकरीबन 20 पंचायतें इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं तथा आपातकालीन स्थिति में लोगों को नादौन या देहरा स्थित अस्पतालों का रूख करना पड़ता है तथा इस दौरान सफर में समय की बर्बादी से ज्यादातर लोगों की मौत हो जाती है। पिछले करीब 3 महीनों में भी इस क्षेत्र में ऐसे अनेक हादसे पेश आये हैं। देशबंधु ने बताया कि इस मांग की पूर्ति हेतु किये जाने वाले आमरण अनशन की सूचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, मुख्य सचिव व डीसी कांगड़ा को लिखे पत्रों के माध्यम से दे दी गई है। देशबंधु ने सरकार को लिखे पत्र के माध्यम से 30 जून तक इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था व डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए ऐसा न होने की सूरत में आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है।
डाडासीबा के नजदीक निचला भलबाल पंचायत स्थित उचित मूल्य की दुकान के बाहर रविवार सवेरे करीब दस बजे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। दअसल जब लोग डिपू में राशन लेने के लिए पहुंचे थे, तो पीडब्ल्यूडी विभाग की सडक किनारे जामुन के पेड़ की बडी टहनी कॉपरेटिव सोसाइटी की बिल्डिंग पर आ गिरी। कॉपरेटिव सोसाइटी के सेल्समेन रंजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी आदेशों के अनुसार प्रातः 9 से 12 बजे तक डिपू खोलने के आदेश मिले है। इसी के तहत जैसे ही डीपू खोला और वहां राशन लेने के इन्तजार में लोग मौजूद थे। रजींत सिंह ने बताया कि अभी उन्होंने राशन देना शुरू भी नही किया था अगर यह हादसा कही दस मिन्नट बाद होता तो वहां मौजूद कई लोग हादसे का शिकार हो सकते थे। कॉपरेटिव सोसाइटी की बिल्डिंग में कुछ आंशिक रूप से नुकसान हुआ है।
उपमण्डल ज्वालामुखी के अंतर्गत पड़ते कथोग में एक 35 वर्षीय युवक से ज्वालामुखी पुलिस ने 4.40 ग्राम हीरोईन बरामद की है। मिली जानकारी के अनुसार ज्वालामुखी पुलिस द्वारा कथोग में ट्रैफिक चेकिंग हेतु नाका लगाया था। जहां पर इस व्यक्ति की गाड़ी को रोका गया। वहीं पुलिस द्वारा उक्त युवक पर शक होने के आधार पर उसकी चेकिंग की गयी। चेकिंग के बाद व्यक्ति से हीरोइन बरामद की गई है। बताया जा रहा उक्त युवक लुधियाना की तरफ से आ रहा था। वह ज्वालामुखी की ओर जा रहा था। जहां पुलिस ने चेकिंग के दौरान उस युवक को पकड़कर यह सफलता हासिल की है। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ ज्वालामुखी जीत सिंह ने बताया कि एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। ज्वालामुखी पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र दयाल (नेहरन पुखर) में तैनात सीनियर आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अरुण शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अब गर्मियों के मौसम और फिर बरसात आने वाली है। इस वजह से मलेरिया-डेंगू होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि मलेरिया एक तेज बुखार वाली संक्रामक बीमारी है जो एक सूक्ष्म जीव मलेरिया पैरासाइट द्वारा होती है। जिसे अनफ्लिज मादा मच्छर एक मलेरिया रोगी से ग्रहण कर के अन्य स्वस्थ्य व्यक्तियों एक पहुचाती है। मलेरिया संक्रमण किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकता है। उन्होंने मलेरिया के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया-डेंगू की तीन अवस्थाएं होती है । जिसमें शीत वाली अवस्था मे तेज सर्दी, शरीर मे कंपकपी, सिर में दर्द, गर्मी वाली अवस्था मे तेज बुखार, ओढ़े व पहने हुए कपड़े उतार फेकना और पसीने वाली अवस्था मे अधिक पसीने के साथ बुखार उतारना व कमजोरी महसूस होना है। डेंगू से प्लेंटनेट सेल कम हो जाते हैं । खून की करवाएं जांच उन्होंने बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है किसी भी सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य उप केंद्र, स्वास्थ्य कार्यकर्ता के दौरे पर जांच के लिए रक्त पटिका की सूक्ष्म दर्शी द्वारा जांच पर मलेरिया की पुष्टि होने पर मूल उपचार मुफ्त दिया जाता है मलेरिया के लिए खून की जाँच व उपचार निःशुल्क किये जाते है उन्होंने लोगों से इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आग्रह किया है। ताकि मलेरिया फैलने से रोक लगाई जा सके। मच्छरों पर रखें नियंत्रण मलेरिया फैलाने के लिए मच्छर उत्तरदाई है, इन पर नियंत्रण पाना जरूरी है। मच्छर हमेशा खड़े पानी मे अंडे देता है इसलिए खुले तौर पर कभी भी पानी खड़ा न होने दे। जहाँ कही भी पानी स्टोर किया जाए उसे भली प्रकार से ढक कर रखें। ताकि मच्छर प्रवेश न कर सके। इसके साथ ही घरों में गढ्ढो को भर दे और नालियों की साफ-सफाई बनाएं रखे। ताकि पानी का ठहराव सम्भव न हो। सप्ताह में एक बार सूखा दिवस जरूर मनाए कूलरों, गमलों, और डिब्बो का पानी निकाल कर उन्हें सूखा रहने दे। सोते समय कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करे। घर में दरवाजे खिड़कियां में जालीदा पल्ले लगवाएं। हाथ, मुह, पैर पर मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल जरूर करे। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मच्छरों से बचाना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के बिना कोई भी दवा न ले।
प्रदेश की राजधानी शिमला में कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। शहर के अधिकतर होटलों में शनिवार को 70 से 80 फीसदी ऑक्यूपेंसी पहुंच गई। जबकि कुछ होटल 100 फीसदी ऑक्यूपेंसीके साथ बुक हो गए। शनिवार को शहर की सबसे बड़ी लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर ढाई बजे पैक हो गई, जिसके बाद संचालकों को एंट्री प्वाइंट चेन लगाकर बंद करना पड़ा। शनिवार को रिज मैदान और मालरोड पर सैलानियों की खूब चहलपहल रही। शिमला के अलावा सैलानियों ने मशोबरा, नालदेहरा, कुफरी और नारकंडा का भी रुख किया। वंही आने वाले वीकेंड के लिए शहर के 50 प्रतिशत होटल पहले से ही बुक हो गए है। गौरतलब है कि बीते 36 घंटों में शहर के प्रवेशद्वार शोघी बैरियर से करीब 8000 वाहनों की शहर में एंट्री हुई है।
प्रदेश में 21 जून से सभी आयु वर्ग के लोगों को फ्री वैक्सीन लगाई जाएगी। केंद्र सरकार हिमाचल को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवा रही है। 20 जून तक हिमाचल में इसकी सप्लाई पहुंचने की संभावना है। 21 जून से यह कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा अब स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों और पंचायत घरों में वैक्सीन सेंटर बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने हिमाचल में प्रतिदिन 60 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। सरकार प्रदेश में एक हजार और वैक्सीनेशन सेंटर बनाने जा रही है। सरकार ने 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को अक्तूबर तक वैक्सीन लगाने का टारगेट रखा है। टीकाकरण की नई नीति के तहत वैक्सीन लगाने के लिए लाभार्थियों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। श्रेणी-ए में पहली खुराक के लिए 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लाभार्थी, इसी आयु वर्ग के कोविशील्ड की दूसरी खुराक के लिए पात्र सभी लाभार्थी, सभी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता, जबकि 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों को बी-श्रेणी में रखा गया है।
पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के 51वें जन्म दिवस के अवसर पर आज ब्लाक कांग्रेस कमेटी देहरा ने सादगी के साथ उनका जन्मदिन, कोरोना महामारी से पीड़ित परिवारों के घरों में जाकर उन्हें फल-फरूट, दवाई, मास्क, सैनेटीज़र और राशन कीटस बांटकर मनाया। जन्मदिन के मौके पर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी देहरा के अध्यक्ष हरिओम शर्मा तथा युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित ठाकुर अपने साथियों के साथ कोरोना बिमारी से ग्रसित परिवारों के घर में गए, उन्हें जरुरी सामग्री आवंटित की, उनका कुशलक्षेम जाना। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं मनरेगा में लगे साथियों से मिले उन्हें मास्क व सेनेटाईजर बांटे। इस मौके पर ब्लॉक कॉंग्रेस देहरा अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने मनरेगा के कार्य के बारे में बताया और मनरेगा में काम करने से क्या-क्या लाभ मिलते हैं उनपर राेशनी डाली। वहीं अमित ठाकुर ने बताया कि मनरेगा कांग्रेस सरकार के समय में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का दिया हुआ भारतवासियों के लिए तोहफा है। जिससे आज पुरुष हो या महिला, हर कोई आत्मनिर्भर है। इस मनरेगा ने कोरोना महामारी में भुखमरी से लोगों बचाया है।
प्रखर सामजसेवी नरेश शर्मा की अगुवाई में आज एक सामाजिक संगठन की नींव रखी गई । जिसका नाम अटल सेवा संगठन रखा गया। इस संघठन में ठियोग ब्लाक की 15 पंचायतों से लोग जुड़े हैं। कमलेश शर्मा को संगठन का अध्यक्ष चुना गया। वंही, रामकृष्ण मदराडी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भूपेंद्र शर्मा व मंजुला अत्री को महासचिव, देव शर्मा, रमेश शर्मा, हेमराज शर्मा, शारदा शर्मा, अनिता मैहता, रंजना शर्मा को उपाध्यक्ष, विक्की चंदेल, रोहित शर्मा, तेजेन्द्र, सुमन शर्मा, प्रितिका शर्मा को सचिव, बबली, साहिल, प्रिया वर्मा व मीना वर्मा को सह सचिव, अमर सिंह को कोषाध्यक्ष, जय प्रकाश, बनीता चंदेल को सलाहकार, सुरेश शर्मा व कुलदीप वर्मा को प्रवक्ता, हरिश शर्मा को प्रेस सचिव नियुक्त किया गया। बैठक में संगठन द्वारा आगामी दिनों में किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई।
आशा कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों में घर घर जाकर स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े काम करती हैं लेकिन अब उनका काम कोविड-19 के कारण बढ़ गया है। महामारी के कारण जोखिम भी बढ़ गया है। कोरोना के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में लोगो को जागरूक करने के लिए कुछ सामाजिक संस्थाएं और लोग भी लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इस कड़ी में आज समाजसेवी मनीष शारदा की टीम ने आज गगरेट विस के अंबोआ, नंगल जरियाला, मावा कहोला, चलेट, बबेहर, मारवाड़ी, रायपुर, गणु मधवारा क्षेत्रों में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एन-95 मास्क और विटामिन सी की गोलियां देकर सम्मानित किया। इस दौरान विनोद ठाकुर प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा हिमाचल प्रदेश, उप प्रधान प्रदीप कहोल, सुरेश शारदा, विजय ठाकुर, पूर्ण शर्मा, अशोक राणा, नरेंद्र पिंटू, समीर कालिया, शम्मी पराशर, मीना कुमारी प्रधान, बिटु उप प्रधान,सुरेश कौशल,ओमप्रकाश सहित कई लोग मौजूद रहे ।
कोरोना वैक्सीनेशन में हमीरपुर जिला लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है। जिला के लक्षित आयु वर्गों के 49 प्रतिशत से अधिक लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लगाई जा चुकी है। वैक्सीनेशन कार्य में और तेजी लाने के लिए 21 जून से आरंभ किए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान के तहत 21, 22 और 23 जून को जिला में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 18 से 20 हजार तक लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए जिले भर में लगभग पांच दर्जन टीकाकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके इस अभियान की रूपरेखा तय की। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों पहले की तरह ही ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही टीके लगाए जाएंगे। जबकि, इसी आयु वर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गृह क्षेत्र के टीकाकरण केंद्र में पहले आओ, पहले पाओ आधार पर टीके लगाए जाएंगे तथा आधार नंबर के साथ उनका पंजीकरण मौके पर ही किया जाएगा। सप्ताह के पहले तीन दिन सोम, मंगल और बुधवार को ही इस आयु वर्ग के लोगों को टीके लगेंगे। मेडिकल कालेज अस्पताल के एक टीकाकरण केंद्र पर 200 लोगों, नागरिक अस्पतालों के टीकाकरण केंद्रों पर 150-150 और अन्य सभी टीकाकरण केंद्रों पर केवल 100-100 लोगों को सुबह 10 से सायं 4 बजे तक ही टीके लगाए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों हमीरपुर, सुजानपुर, नादौन और भोटा में ऑनलाइन बुकिंग के बाद अगर कोई व्यक्ति सायं 4 बजे तक टीका लगवाने नहीं आता है तो बचे हुए टीके मौके पर मौजूद अन्य लोगों को लगा दिए जाएंगे। ऑनलाइन बुकिंग 20 जून रविवार को दोपहर 12 से एक बजे तक की जा सकती है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हमीरपुर शहर में एक से अधिक टीकाकरण केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने बताया कि 45 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों तथा अन्य सभी श्रेणियों के लोगों के टीकाकरण के लिए वीरवार, शुक्र और शनिवार के दिन तय किए गए हैं। इनके लिए ऑनलाइन बुकिंग की आवश्यकता नहीं है। राजपत्रित अवकाश के दिन भी टीके लगेंगे, लेकिन रविवार को छुट्टी रहेगी। देबश्वेता बनिक ने कहा कि जिन हेल्थ वर्कर्स और विभिन्न श्रेणियों के फ्रंटलाइन वर्कर्स ने अभी तक पहला टीका भी नहीं लगवाया है, वे 30 जून से पहले टीके अवश्य लगवा लें। इस तिथि के बाद उन्हें टीके नहीं लगाए जाएंगे। टीकाकरण केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए तथा स्थिति के अनुसार पुलिस का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरके अग्रिहोत्री, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय जगोता और टीकाकरण अभियान के समन्वयक डॉ.रमेश रत्तू ने अभियान के संबंध में विस्तृत ब्यौरा पेश किया।
जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं बैंक सलाहकार समिति की बैठक शनिवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी जितेंद्र सांजटा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई इस बैठक में वित्त वर्ष 2020-21 की वार्षिक ऋण योजना की अंतिम तिमाही की उपलब्धियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के संबंध में भी चर्चा की गई। इस अवसर पर जितेंद्र सांजटा ने कहा कि अंतिम तिमाही के दौरान जिला के सभी बैंकों की जमा राशि 11395 करोड़ रुपये से अधिक रही और इस तिमाही के अंत तक जिला में ऋण राशि 2516 करोड़ रुपये रही। जिला का ऋण और जमा का अनुपात 22 प्रतिशत से अधिक रहा। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को ऋण और जमा का अनुपात बढ़ाने तथा बैंकों से संबंधित विभिन्न ऋण एवं अनुदान योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख विनीष कुमार चावला ने जिला के बैंक अधिकारियों से कहा कि वे ऋण आवंटन में तेजी लाएं और समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति तथा शत-प्रतिशत वित्तीय समावेश पर जोर दें। उन्होंने आम लोगों को बैंकों से ऋण लेने के लिए प्रेरित करने तथा पुराने ऋणों की उचित वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने का आह्वान भी किया, ताकि जिले के चहुमुखी विकास को गति मिल सके। इस अवसर अग्रणी जिला प्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी अधिकारियों का स्वागत किया तथा विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ भरतराज आनंद, नाबार्ड के डीडीएम सतपाल चौधरी, पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक हेमराज शर्मा और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भी वर्चुअल माध्यम से शिरकत की। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें संस्थान के निदेशक हेमराज शर्मा ने वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही की प्रगति एवं अन्य मदों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
जल शक्ति, राजस्व, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने आज रामपुर उपमंडल के तहत अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान लगभग 18 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए। उन्होंने आज जल शक्ति विभाग के तहत रामपुर उपमंडल में लगभग 10 करोड़ रूपए के उद्घाटन किए तथा 95 लाख से अधिक की राशि के शिलान्यास किए। उल्लेखनीय है कि उन्होंने आज 1 करोड़ 63 लाख से अधिक की राशि की बहाव सिंचाई योजना निरसू ग्राम पंचायत दत्तनगर, 2 करोड़ 18 लाख 60 हजार रुपए से अधिक की राशि से निर्मित पेयजल योजना ग्राम समूह ज्यूरी, बघाल एवं शाहधार, 2 करोड़ 87 लाख रुपए से अधिक की लागत से बहाव सिंचाई योजना डवराच बट्ठारा तथा 2 करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक की लागत से निर्मित सराहन रावीं का उद्घाटन किया जबकि 95 लाख 25 हजार की राशि से बनने वाली पेयजल योजना ग्राम पंचायत फाँचा एवं गानवी का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मेरा पहला जनमंच गानवी में था, जिसमें लोगों द्वारा क्षेत्र में आ रही समस्याओं से मुझे अवगत करवाया गया था। उन्होंने बताया कि उस जनमंच की अधिकतर समस्याओं का निवारण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 15-20 की सात पंचायतों के लोगों को पानी की समस्या आ रही थी, उसके लिए 9 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपये की लागत से पेयजल योजना इस क्षेत्र के लिए स्वीकृत करवाई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में माननीय मुख्यमंत्री के प्रवास के उपरांत इसका शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य नीचली दिर्घा में रह रहे हर व्यक्ति तथा दूर-दराज क्षेत्र में रह रहे लोगों को हर सुविधाएं मुहैया करवाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत हर व्यक्ति को सिंचाई के पानी की सुविधा उपलब्ध करवाना भी लक्ष्य रहेगा। उन्होंने सभी से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हमें कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ना है तो प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि मास्क लगाने, दो गज की दूरी और हाथों को साबुन से निरंतर धोना या सैनेटाइजर का प्रयोग करने को अपने जीवन का अनिवार्य अंग बनाना आवश्यक है तभी हम कोरोना संक्रमण से बचने में कामयाब हो सकेंगे। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे जहां स्वयं अपना ध्यान रखे वहां अपने बच्चों का ध्यान भी रखे क्योंकि विशेषज्ञों द्वारा बताया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को संक्रमित कर सकती है। इस अवसर पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामपुर भीम सिंह ठाकुर, जिला महासु के महा सचिव शशी भूषण श्याम, पूर्व प्रत्याशी प्रेम सिंह दरेग, मुख्य अभियंता जल शक्ति विभाग सुशील जस्टा, एसई जल शक्ति विभाग राजीव महाजन, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग रणबीर नेगी, उपमण्डलाधिकारी रामपुर सुरेन्द्र मोहन, डीएसपी चन्द्र शेखर कायत, जिला परिषद सदस्य नारायण वार्ड त्रिलोक भलूणी, उप-निदेशक उद्यान विभाग डी.आर. शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग संदीप तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय प्रधान, उप-प्रधान एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
हिमाचल भर से टैक्सी अपरेटरो का एक बडा दल शनिवार को आज़ाद टेक्सी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह भाटिया की अध्यक्षता मे परागपुर दौरे पर आए प्रदेश उद्योग एवम परिवाहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर से मिला वही इस दौरान विगत करीब डेढ़ बर्ष से लगातार मन्दी की मार झेल रहे उक्त टैक्सी अपरेटरो ने मन्त्री महोदय को ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान मांगा है। वहीं प्रदेश उद्योग एवम परिवाहन मन्त्री बिक्रम सिंह ठाकुर को सौपें गए ज्ञापन के माध्यम से कहा कि कोविड-19 की लगभग 2 साल से पूरे विश्व पर चल रहा है उससे टेक्सीऑपरेटर भी अछूते नहीं हैं इन्होने कहा कि केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन संख्या के अनुसार जो मोटर वाहन अधिनियम के कार्यों पर छूट दे रहे हैं वह सभी को प्राप्त हो । हर पासिंग विभिन्न स्थानों पर ग्रीन टैक्स हमारी गाड़ियों से ना लिया जाए टोकन पैसेंजर टैक्स आगामी 2 वर्ष के लिए माफ किया जाए गाड़ियों की इंश्योरस करोना काल अवधि तक बढ़ाई जाए गाड़ी की किस्त बिना व्याज कम से कम 2 वर्ष तक बढ़ाई जाए कागजों के नवीनीकरण पर लगने वाली पेनल्टी माफ की जाए ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के समय वर्तमान में लिखा जाता है इसके स्थान पर ट्रांसपोर्ट लिखा जाए गाड़ी की आरसी में बैंक का नाम कटवाने या जोड़ने वाली फीस माफ हो जो टैक्सी गाड़ियां स्टैंड कैरियर का काम करती हैं उन पर अंकुश लगाया जाए आरटीओ उड़नदस्ता कुल्लू से मंडी स्थानांतरित किया जाए जो किसी बहन सवारियां ढोने का काम करते हैं उनके विरूद्ध सख्त कानून लाया जाए कोविड-19 के दौरान जो टैक्सी गाड़ियों का परमिट समाप्त हुआ है वह 2 साल आगे बढ़ाया जाए इंश्योरेंस थर्ड पार्टी एक बार इंजॉय बाद में केवल एक रिन्यू लिया जाए टैक्सी गाड़ी की आरसी पर कैरियर लिखा जाए।वहीं उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने समस्त टेक्सी ऑपरेटर को आशवासन देते हुए कहा कि अगली केबिनेट बेठक में उनकी इन मांगो पर जरूर विचार विमर्श किया जाएगा ।
नौरी गांव के 13 परिवारों ने अपनी 70 कनाल भूमी सड़क निर्माण हेतु सरकार के नाम करके एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह बात भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने यहां पत्रकारों से कही उन्होंने कहा कि गत वर्ष नौरी गांव का एक प्रतिनिधिमण्डल उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर से सड़क निर्माण हेतु मिला था। इस सड़क के निर्माण हेतु नौरी गांव के 13 परिवारों सुरिंदर कुमार, रमन कुमार, हर्ष गौत्तम, लाली राम, प्रीतमा देवी, निक्का राम, बलदेब दास, संतोष कुमारी, राजीव गौत्तम, अंजना देवी, उषा देवी, रामजीदास, आशीष दत्त ने अपनी भूमी दान की है। प्रशंसनीय बात यह भी रही कि राजस्व अधिकारी तहसीलदार अंकित शर्मा ने अपनी रिवेन्यू की टीम नौरी गांव ले जाकर मौके पर रजिस्ट्रियां करवाई। इस प्रक्रिया में भाजयुमो नेता रमन कुमार ने प्रक्रिया पूरी करवाई। भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि इस सड़क के निर्माण से नौरी किटपल नादौन की दूरी 16 किलोमीटर से कम होकर मात्र 7 किलोमीटर रह जायेगी। लोंगो ने इस हेतु से उद्योग एवं परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर का आभार ब्यक्त किया है। इस अवसर पर 85 वर्षीय बलदेब जी ने बताया कि आज से 18/20वर्ष पहले भी इस प्रक्रिया को शुरू करने की योजना बनाई थी लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण ऐसा सम्भव नही हो पाया था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि 21 जून को भाजपा योग दिवस के रूप में मनाएगा इस दिन हर मंडल में दो स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी दिन भाजपा के सभी चुने हुए प्रतिनिधि 683 टीकाकरण केंद्रों पर अपनी सहभागीदारी सुनिश्चित करेंगे, इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में टीकाकरण अभियान की शुरुवात करेंगे इसके अंतर्गत भाजपा के सभी नेतागण सभी टीकाकरण केंद्रों के पास बूथ लगाकर जनसेवा के पुण्य कार्य में जुटेंगे। उन्होंने बताया कि इस बूथ पर कार्यकर्ता जन जागरण अभियान चलाएंगे और टीकाकरण अभियान में अपनी सहभागीदारी सुनिश्चित करेंगे। हर बूथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा एवं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बैनर लगाया जाएगा। उन्हें बताया कि सभी कार्यकर्ता अपने वाहनों में टीकाकरण केंद्र पर जनता को लेकर भी आएंगे और टीका लगवा कर वापस छोड़ेंगे।उन्होंने कहा कि टीकाकरण जन जागरण अभियान को एक भव्य कार्यक्रम के रूप में जनता के समक्ष तेजी से लेजाया जाएंगे। जिस प्रकार से कांग्रेस टीकाकरण को लेकर नकारात्मक भ्रांतियां फैला रही है उन भ्रांतियों को इस अभियान के माध्यम से दूर किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सभी सभी सांसदगण 2017 के प्रत्याशी ज़िला परिषद, बीडीसी / नगर पंचायत / नगर परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, नगर निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सक्रिय रुप से कार्य करेंगे और अपने किए गए कार्यक्रमो की विस्तृत जानकारी प्रदेश कार्यालय को भेजेंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देहरा ने ज़िला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यकर्ताओं ने आज मिशन रक्षक अभियान के तहत डोर टू डोर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग तथा ऑक्सीजन लेवल चैक किया तथा लोगों से कोरोना नियमों का पालन करने का आग्रह किया एवं उन्हें टीकाकरण करवाने के लिये प्रेरित किया। ज़िला संयोजक हेमंत ठाकुर ने कहा की “ मिशन रक्षक अभियान” पूरे प्रदेश भर में 15 से 25 जून तक चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को तीसरी लहर के प्रति विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गांव गांव जाकर जागरूक कर रहे हैं । हेमंत ठाकुर ने कहा आज समाज में टीकाकरण के लिए लोग स्वभाविक रूप से आगे आ रहे हैं, परंतु कुछ एक लोगों द्वारा टीकाकरण के प्रति भ्रांति फैलाने का काम किया जा रहा है। लोगों को इन भ्रांतियों से बचना होगा। इस अभियान के तहत पंचायत के प्रतिनिधि ,युवक मंडल के साथ मिलकर लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे और पूरे प्रदेश व देश को इस महामारी से बचाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
जसवां परागपुर: पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व कांग्रेस पार्टी के लोकप्रिय नेता राहुल गांधी के 51वें जन्म दिवस के अवसर पर आज ब्लाक कांग्रेस कमेटी जसवां प्रागपुर ने कोरोना महामारी से पीड़ित परिवारों के घरों में जा कर उन्हें फल, दवाई, मास्क, सैनेटीज़र और राशन कीट बांटकर मनाया। जन्म दिन के मौके पर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी (महिला) जसवां प्रागपुर की अध्यक्ष अनुराधा ठाकुर तथा युवा कांग्रेस अध्यक्ष शुभम नांगला अपने साथियों के साथ कोरोना बिमारी से ग्रसित परिवारों के घर गए व उन्हें जरुरी सामग्री आवंटित की और उनका कुशलक्षेम जाना। उसके बाद वे कोरोना बिमारी से मृत व्यक्तियों के परिवार वालों से मिले, उन्हें सांत्वना दी व ढांढस बंधाया। इस के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा में लगे साथियों से मिले उन्हें मास्क व सिनेटाईजर बांटे। इस मौके पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मनरेगा के कार्य के बारे में बताया और मनरेगा में काम करने से क्या-क्या लाभ मिलते हैं उनपर राेशनी डाली। अनुराधा ठाकुर ने बताया कि मनरेगा कांग्रेस सरकार के समय में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का दिया हुआ भारतवासियों के लिए नायाब तोहफा है जिससे आज पुरुष हो या महिला, हर कोई आत्मनिर्भर है। इस मनरेगा ने कैरोना महामारी में भुखमरी से लोगों को बचाया है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति जयदेव कुरगन सामाजिक एवं सांस्कृतिक कलामचं के कलाकारों ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के किंगल, बिथल, सेंज और नीरथ क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया । उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव और इसके फैलाव को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई सलाहों व मानकों को अपनाने के प्रति भी जागरूक किया। कलाकारों ने जगह-जगह घूम कर लोक नाट्य करयाला के माध्यम से लोगों से अपील की कि प्रदेश सरकार जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अवश्य पालन करें तथा कोरोना से बचने के लिए बार-बार हाथ धोते रहे या फिर सैनेटाइजर का प्रयोग करते रहंे, सामाजिक दूरी बनाएं रखें, आवश्यकता होने पर ही बाहर आएं, सार्वजनिक स्थलों पर अधिक भीड़ न जुटाएं, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचे, शादियों/ब्याहों में अधिकतक 20 लोगों की सीमा का पालन करें, किसी भी व्यक्ति में खांसी, जुखाम, बुखार के लक्षण हो तो तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में कोविड जांच करवाएं, इन्हें सन्देशों के द्वारा लोगों को जागरूक किया गया । स्थानीय लोगों तथा जन प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए फोक मीडिया के माध्यम से किए जा रहे प्रचार-प्रसार की सराहना की और संदेश देने के इस माध्यम को अति उत्तम बताया। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से यदि संदेश गांव-गांव तक पहुंचेगा तो लोग कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए अपनाएं जाने वाले तरीकों के प्रति जागरूक होंगे। जागरूकता अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार की गई होम आइसोलेशन की स्वंय सहायता पुस्तिका का वितरण भी किया गया । जागरूकता का यह अभियान जिला शिमला के हर विधानसभा क्षेत्र में निरंतर जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के समक्ष आज यहां शिमला बाईपास फोरलेनिंग परियोजना के अन्तर्गत कैथलीघाट से ढली सेक्शन में प्रस्तावित संरेखण (अलाइनमेन्ट) और शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ढली टनल के समानान्तर हाईवे टनल के निर्माण के लिए एक प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि कैथलीघाट से ढली सेक्शन तक पांच सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता है। इस फोरलेन परियोजना में भट्टाकुफर से ढली के लिए वर्तमान में प्रस्तावित ट्विन टनल/वायोडक्ट्स शहरी क्षेत्र को पूरी तरह बाईपास करेगी और इससे वन क्षेत्र तथा ढांचे कम से कम प्रभावित होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस प्रस्तावित फोरलेन बाईपास से क्षेत्र के निवासियों की जिन्दगी में नगण्य प्रभाव होना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संजौली बाईपास और शहर की सड़कों से सम्पर्क के लिए प्रस्तावित ट्विन टनल से शिमला नगर के लोगों को बेहतर सम्पर्क सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने ढली जंक्शन और ढली बाईपास के सुधार कार्य की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरंगों के निर्माण से बड़ी मात्रा में मलबा निकलता है, इसलिए भूमि के बेहतर उपयोग के लिए डंपिंग स्थलों पर स्टेडियम जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इन परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि लोग शीघ्र इनसे लाभान्वित हो सकें। जय राम ठाकुर ने कहा कि ढल्ली सुरंग 175 वर्ष से अधिक पुरानी है और इसकी डिजाइन की अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला क्षेत्र, मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिलों को जोड़ने के कारण यह सुरंग एक महत्वपूण है। सरकार ने इस सुरंग के साथ समानांतर सुरंग बनाने का निर्णय लिया है ताकि वाहनों का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि 55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इस टू लेन सुरंग का निर्माण किया जाएगा और अगले साल अगस्त माह तक इसका कार्य पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी हितधारकों विशेषकर प्रस्तावित सुरंग के ऊपर स्थित मकानों के मालिकों को विश्वास में लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनके साथ बैठक कर उन्हें आश्वस्त किया जाए कि इस परियोजना से उनकी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं होगा।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदन की एनएसएस इकाई ने कोरोना महामारी के चलते शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रतिभा उत्सव मनाया। इस आयोजन में विद्यालय की एनएसएस इकाई योग सप्ताह मना रही है। इस श्रृंखला मे प्रतिभा उत्सव के अंतर्गत विशेष आसन छात्रों ने किए। कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने बताया कि इस उत्सव में एनएसएस के लगभग 25 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। पीसी बट्टू ने आभासी कक्ष से सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम, मुद्राओं व एक्यूप्रेशर की जानकारी दी। स्वयंसेवियो ने शीर्षासन, सर्वांगासन, वृक्षासन, पश्चिमोत्तानासन, धनुरासन आदि कई आसनों को स्वयं करके स्वस्थ रहने का जागरूकता अभियान चलाया। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने स्वयं सेवियों के इस जागरूकता अभियान की सराहना की।
मंडी पठानकोट र्हाइवे पर जोगिंदरनगर में गुम्मा के नजदीक सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नागरिक अस्पताल जोगिंदरनगर में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। कोठी कोहड़ से जोगिन्दरनगर आ रहे युवकों की बाइक जोगेंद्रनगर शहर से करीब दस किलोमीटर दूर गुम्मा के नजदीक अनियंत्रित होकर साथ लगती पहाड़ी से जा टकराई। दोनों युवक दुर्घटनाग्रस्त बाइक के साथ सड़क पर काफी दूर रगड़ते गए। हादसे में बाइक सवार के सिर पर गंभीर चोटें पहुंची हैं। दूसरे घायल की टांग व बाजू में भी आंशिक फ्रैक्चर आया है। हादसे के बाद दोनों घायल काफी समय तक सड़क पर पड़े रहे। तभी बरोट से जोगेंद्रनगर आ रहे राजेंद्र ठाकुर, गोबिंद व राहुल ने 108 एंबुलेंस के पायलट दीप कुमार व फार्मासिस्ट जालपा के साथ मिलकर अस्पताल पहुंचाया गया। थाना प्रभारी जोगेंद्रनगर प्रीतम जरियाल का कहना है मंडी पठानकोट हाईवे पर गुम्मा के नजदीक बाइक दुर्घटना में दो युवकों के घायल होने की सूचना पुलिस को मिली है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर घायलों के ब्यान कलमबद कर लिए हैं। मामले की जांच जारी है।


















































