स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कि राज्य में अब तक 21,88,947 व्यक्तियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है, जिनमें 4,38,750 लोग दूसरी खुराक भी ले चुके हैं। राज्य में 85650 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं और 178047 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई गई है। प्रवक्ता ने कहा कि 17 मई, 2021 को प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान आरम्भ होने के बाद, एक माह के अंदर 2,03,487 लोगों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में टीकाकरण अभियान आरम्भ होने से राज्य में अब तक 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 9,84,687 और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 7,37,076 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। प्रवक्ता ने कहा कि जिला बिलासपुर में 3805 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 3294 को दूसरी खुराक, 10498 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2148 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 10679 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 112372 लोगों को पहली खुराक व 29665 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 45.6 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। जिला चंबा में 5972 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4832 को दूसरी खुराक, 10780 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3036 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14092 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 116974 लोगों को पहली खुराक व 18649 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.2 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। जिला हमीरपुर में 5631 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4654 को दूसरी खुराक, 8737 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2312 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 12066 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 150613 लोगों का पहली खुराक व 27197 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 49.5 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। कांगड़ा जिला में 16779 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 13700 को दूसरी खुराक, 25970 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 7317 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 43877 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 391513 लोगों का पहली खुराक व 66213 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.4 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। किन्नौर में 1104 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 978 को दूसरी खुराक, 6085 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2191 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 3797 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 22076 लोगों का पहली खुराक व 5637 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 46.0 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। कुल्लू जिला में 5722 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4085 को दूसरी खुराक, 9537 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2722 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 13052 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 100379 लोगों का पहली खुराक व 21605 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 36.6 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। लाहौल स्पीति में 612 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 449 को दूसरी खुराक, 1840 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 451 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 968 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 7603 लोगों का पहली खुराक व 2510 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 42.3 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। मंडी जिला में 12859 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 11421 को दूसरी खुराक, 17829 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 4860 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 26930 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 260215 लोगों का पहली खुराक व 57935 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.4 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। शिमला जिला में 13077 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 10333 को दूसरी खुराक, 31850 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 8530 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 25601 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 202886 लोगों का पहली खुराक व 35389 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 40 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। सिरमौर जिला में 6861 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 5158 को दूसरी खुराक, 14124 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2706 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14524 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 84200 लोगों का पहली खुराक व 15665 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 30.5 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। सोलन जिला में 8398 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 5989 को दूसरी खुराक, 31764 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3168 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 23149 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 132079 लोगों का पहली खुराक व 14236 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 41.1 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला में 4830 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4164 को दूसरी खुराक, 9033 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3055 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14752 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 140853 लोगों का पहली खुराक व 32476 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 36.3 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है। प्राथमिकता रणनीति के आधार पर विभिन्न आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि जब भी लाभार्थी वैक्सीनेशन सत्र की योजना बनाएं और शेड्यूल निर्धारित करे तब वे यह टीकाकरण के लिए आना अवश्य सुनिश्चित करे। इससे वैक्सीन की कम से कम वेस्टेज और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।
वन मन्त्री राकेश पठानिया ने आज यहां जल भंडारण योजना पर आयोजित एक कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में आगामी दो वर्षों में 8 से 10 लाख लीटर जल ग्रहण क्षमता की लगभग तीन हजार बड़ी जल भंडारण संरचनाएं तैयार की जाएंगी। जल भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर 100 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे और इस वित्त वर्ष के दौरान 150 जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लभग 90 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में निवास करती है जिनकी आय का मुख्य स्त्रोत कृषि व बागवानी है। इसलिए ग्रामीण समुदाय को वर्ष भर सिचांई सुविधा उपलब्ध करवाने से उनकी आय में कई गुणा वृद्धि हो सकती है। जल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जल भण्डारण योजना का शुभारम्भ किया गया है। योजना के तहत वन क्षेत्रों में जल संग्रहण के लिए जल भंडारण संरचनाओं व बांधों का निर्माण किया जाएगा। जल भंडारण बांधों के निमार्ण से भूमि कटाव को रोकने में सहायता मिलेगी और साथ ही भूजल के स्तर में भी वृद्धि होगी। राकेश पठानिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण कम वर्षा होने तथा एक वर्ष में सूखे दिनों की संख्या बढ़ने की स्थिति हमारे सामने आई है। वनों में जल भण्डारण संरचनाओं से पानी को अधिक समय तक रोकने मेें सहायता मिलेगी। इन संरचनाओं को हमें तकनीकी पहलुओं की जानकारी के साथ समयबद्ध रूप से बनाना होगा जिससे एकीकृत जल का निरन्तर उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हमें जल संरचनाओं के जलागम क्षेत्रों में भी छोटे-छोटे चैक डैम का निर्माण करना होगा जिससे प्रमुख सरंचनाओं में गाद इत्यादि नहीं भरेगी और अधिक समय तक कार्य कर पांएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन निशा सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मिलकर इस योजना की सफलता के लिए कार्य करना होगा। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन बल डाॅ. सविता ने कहा कि हमें जलागम क्षेत्र के वनों में भी सुधार करना होगा ताकि जल एवं मृदा को वनों में ही रोका जा सके तथा धरती के जल स्तर में वृद्धि की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल प्रबन्धन राजीव कुमार, प्रबन्ध निदेशक वन विकास निगम अजय श्रीवास्तव, मुख्य परियोजना निदेशक आई.डी.पी. डाॅ. पवनेश, मुख्य परियोजना अधिकारी जाईका नागेश गुलेरिया तथा विभिन्न वन वृत्तों के मुख्य अरण्यपाल एवं अरण्यपालों ने कार्यशाला में भाग लिया।
दाड़लाघाट में वर्षों से आयोजित होने वाला मेला कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण इस वर्ष भी नहीं लग सका। लेकिन इस बार कोरोना कर्फ्यू व सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों पर रोक के चलते इस मेले की केवल रस्में ही निभाई गई। सब उपमंडल के अंर्तगत धुन्दन दंगल के अगले दिन ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में आयोजित होने वाला दंगल कोरोना महामारी के चलते दूसरे वर्ष भी अखाडा पूजन कर मनाया गया। पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसी राम भाटिया ने बताया कि कोरोना की भेंट चढ़ा दाड़लाघाट के दंगल कुश्ती में हिमाचल प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा,उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर के पहलवान भाग लेते है। परंतु कोविड-19 के चलते दो वर्षों से कुश्ती न आयोजित करके केवल कुश्ती की प्रक्रिया पूरी कर परम्पराओ को निभाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी विधिवत रूप से झंडा व पूजन अर्चना कर परम्पराओं को निभाया गया। वहीं ईश्वर से प्रार्थना की गई कि जल्द से जल्द कोरोना महामारी पर काबू पाया जा सके व लोग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। इस मौके पर पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, श्याम सिंह चौधरी, मोहन सिंह ठाकुर, कमल कौंडल, ललित कुमार गौतम, उमेश कुमार, महेश कुमार, मस्त राम, नेम चंद, पवन शर्मा, धनीराम, शारदा ,पिंकी, विमला, हेमलता, कांता सहित अन्य मौजूद रहे।
कोरोना महामारी के इस दौर में सभी समाजिक संस्थाऐं मदद के लिए आगे आ रही हैं। इसी के चलते अर्की के लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत एक बेलदार भी अपनी खून पसीने की कमाई का एक हिस्सा कोविड फंड के लिए दान कर समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अर्की के गांव बातल से संबंध रखने वाले सेवानिवृत बेलदार दिनेश चंद ने आज एसडीएम अर्की विकास शुक्ला को कोविड फंड हेतू दो हजार रूपये दान दिए। एसडीएम शुक्ला ने बताया कि यह सज्जन इससे पूर्व भी कई बार दान कर चुके हैं तथा इनके द्वारा दान की गई राशि का अब तक कुल छब्बीस हजार रूपये हो चुका है। शुक्ला का कहना था कि दिनेश चंद की सामाहिक दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी प्रशंसा और समर्पण की भावना काबिले तारीफ व समाज के सभी वर्गाें के लिए एक उदाहरण है।
सोलन में वाहनों की फिटनेस एवं चालक लाईसेंस जारी करने के लिए कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। यह जानकारी आज यहां क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने प्रदान की। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोलन में चालक लाईसंेस जारी करने के लिए ड्राईविंग टैस्ट 22 तथा 23 जून को अयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट बसाल स्थित हेलीपैड में आयोजित किए जाएंगे। वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 25 जून की तिथि निर्धारित की गई है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि 22 जून को केवल उन्हीं व्यक्तियों के लिए ड्राईविंग टैस्ट आयोजित किया जाएगा जिनके लर्निंग लाइसेंस क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन द्वारा जारी किए गए हैं। 23 जून को केवल उन्हीं व्यक्तियों के लिए ड्राईविंग टैस्ट आयोजित किया जाएगा जिनके लर्निंग लाइसेंस पंजीकरण एवं लाईसेंस प्राधिकरण सोलन (उपमण्डलाधिकारी सोलन) द्वारा जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ड्राईविंग टेस्ट के बेहतर प्रबन्धन के लिए टोकन व्यवस्था आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी लर्नर लाईसेंस धारकों से आग्रह किया कि ड्राईविंग टेस्ट के लिए निर्धारित तिथि से पूर्व सोलन में अपना टोकन वहां से प्राप्त करें जहां से उनका लर्नर लाईसेंस बना है। उन्होंने कहा कि टोकन के बिना ड्राईविंग टेस्ट में भाग नहीं लिया जा सकेगा। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 25 जून को हिमाचल पथ परिवहन निगम की सोलन स्थित कर्यशाला के समीप मार्ग पर वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी को कोविड-19 प्रोटोकोल का पालन करना होगा। उन्होंने आग्रह किया कि ड्राईविंग टेस्ट तथा फिटनेस के लिए सभी उचित प्रकार से मास्क पहन कर आएं तथा सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर में कार्यकर्ता, टूटू एवं चलौंठी केन्द्र में सहायिका के रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए 29 जून को साक्षात्कार की तिथि निर्धारित की गई है। यह जानकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) ममता पाॅल ने दी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र चलौंठी के लिए उपमण्डलाधिकारी शिमला (शहरी) तथा आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर व टुटू के लिए उपमण्डलाधिकारी शिमला (ग्रामीण) के कार्यालय में प्रातः क्रमशः 11 बजे व 12 बजे आयोजित किए जाने है। इससे पूर्व 6 मई को हिमाचल सरकार द्वारा कोविड कर्फ्यू के चलते 10 मई, को होने वाले साक्षात्कार को स्थगित किया गया था। उन्होंने बताया कि जिन अभ्यार्थियों ने पहले ही कार्यालय में आवेदन किया है वह साक्षात्कार के लिए मान्य है तथा वाॅक इन इन्टरव्यू होने के कारण साक्षात्कार के दिन भी आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) लटावा हाउस निगम विहार शिमला के कार्यालय दूरभाष नम्बर 0177-2623124 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
जल शक्ति, राजस्व, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर 18 व 19 जून को विधानसभा क्षेत्र रामपुर के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्त्ता ने दी। जल शक्ति मंत्री 18 जून को खोलीघाट, ननखड़ी, बाहली, तकलेच, दयोठी, धनसा, मशनु तथा सराहन क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकासात्मक कार्यों का जायजा लेंगे। इस दौरान महेन्द्र सिंह ठाकुर अधिकारियों से क्षेत्र में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करेंगे और उनमें आने वाली समस्याओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करेंगे ताकि सरकार के ध्यान में लाकर उनका निवारण किया जा सके। 19 जून को वे सराहन के साथ-साथ गानवी, झाखड़ी, रामपुर तथा नीरथ आदि क्षेत्रों में जाकर विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में जायजा व जानकारी प्राप्त करेंगे व जन समस्याएं भी सुनेंगे।
सोलन में आज पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीएनडीटी अधिनियम) की जिला सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल ने की। डाॅ.राजन उप्पल ने कहा कि सोलन जिला में वर्तमान में कोविड-19 महामारी पर नियन्त्रण के साथ-साथ लिंगानुपात में समानता लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए विभाग को आमजन के सत्त सहयोग की आवश्यकता है। गर्भ में पल रहे शिशु की लिंग जांच अपराध है। इस दिशा में विभाग द्वारा अल्ट्रासाऊंड क्लिीनिकों की नियमित जांच की जाती है तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाही अमल में लाई जाती है। डाॅ.उप्पल ने कहा कि ज़िला में कुल 33 अल्ट्रासाऊंड क्लीनीक पंजीकृत हैं और वर्ष 2020-21 में जिला में पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के अन्तर्गत कुल 95 निरीक्षण किए गए हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यान्वित किए जा रहे, इन प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला में ग्रामीण स्तर तक आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं द्वारा लोगों को लिंग जांच न करवाने तथा लड़का-लड़की में समानता के विषय में जागरूक करने के सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं। प्रदेश में पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत अल्ट्रासोनोग्राफी क्लीनिक एवं अल्ट्रासाऊंड मशीनों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा सकता है। बैठक में पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के बारे में में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। जानकारी दी गई कि पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत जन्म से पूर्व शिशु लिंग की जांच पर पाबंदी है तथा ऐसे में अल्ट्रासांऊड करवाने वाले व्यक्तियों या करने वाले चिकित्सक, लैब कर्मी को सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है। बैठक में नागरिक अस्पताल कण्डाघाट के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय करने को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन को जैविक कचरे के रूप में निपटान को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। समिति के सदस्यों की उपस्थिति में ही इस मशीन का निपटारा किया गया। जिला न्यायवादी एम.के.शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.एस.एल.वर्मा, रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. सन्दीप जैन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष मित्तल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. धर्मेन्द्र बैठक में उपस्थित थे।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक संजय रतन ने प्रेस को जारी बयान में कहा की पिछली कांग्रेस सरकार में घोषित विद्युत विभाग, जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के मण्डल कार्यालयों को खोलने की जो घोषणा हुई थी। जिसमें सभी प्रकार की औपचारिकतांएं पूरी की गई थी। मगर सरकार बदलने के कारण वह मण्डल कार्यालय नहीं खुल पाए थे। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन सभी लंबित पड़े कार्यों को जल्द पूरा करें। ताकि आम जनमानस को किसी कठिनाई का सामना ना करना पड़े और विकास के काम सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार के जाने का समय भी नजदीक आ रहा है, लेकिन ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र विकास में पिछड़ता जा रहा है जोकि ज्वालामुखी की जनता के साथ अन्याय है।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए सरकार दावे करती है, पर वास्तविकता इससे कोसों दूर हैं। ये कहना है डाडा सीबा के स्थानीय लोगों का। दरअसल डाडा सीबा में सरकार की अनदेखी से ऐतिहासिक तालाब पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहा है। लीकेज के कारण तालाब सूख चुका है। तालाब में पानी न होने के कारण लोगों ने इसके अंदर कचरा फेंकना शुरू कर दिया है। स्थानीय दूकानदार अजय कुमार, प्रवीण मेहता, विजय सोनी, अजय सोनी, कुलभूषण डोगरा ,हैप्पी ठाकुर, राजकुमार सुनील कुमार व राजेंद्र कुमार का कहना है कि यह तालाब किसी समय डाडा सीबा रियासत की मुख्य पहचान थी। लेकिन अब यह धूमिल होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार राजनेताओं ने इसकी मरम्मत के लिए लाखों के बजट की घोषणा की। लेकिन नतीजा आज तक शून्य हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तालाब का जीणोद्धार कर इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए। इस तालाब के लिए डाडा सीबा खड्ड से पानी कुल के माध्यम से आता था। कुल करीब एक किलोमीटर लंबी थी। लेकिन कुल बंद होने के चलते अब तालाब तक पानी नहीं पहुंच पता है। गौरतलब है कि इस तालाब का निर्माण 1831 में हुआ था। इस ऐतिहासिक तालाब का निर्माण डाडा सीबा रियासत के तत्कालीन राजा श्याम सिंह ने करवाया था। उस समय रियासत के कई क्षेत्रों में पेयजल की उचित सुविधा नहीं होती थी। डाडा सीबा बाजार के मध्य में तालाब के निर्माण का उद्देश्य यहां रहने वाले और आने-जाने वाले लोगों को पेयजल सुविधा देना था। स्थानीय दुकानदार अजय कुमार ने कहा कि कुछ साल पहले यह तालाब पानी से लबालब भरा रहता था और दूर-दूर से लोग धार्मिक आस्था के कारण यहां मछलियों को खाद्य पदार्थ डालते थे। मगर अब यह सूख चुका है। वहीं, प्रवीण मेहता का कहना है कि तालाब डाडा सीबा बाजार के मध्य में स्थित है, किसी समय अपनी खूबसूरती के लिए यह जाना जाता था पर कुछ सालों से यह अपनी सुंदरता खो चुका है, इसे बचाने के प्रयास होने चाहिए। डाडासीबा उप-प्रधान पण्डित परमेश्वरी दास ने बताया इस तालाब पर लगभग 35 से 40 लाख रुपये की लागत लगनी है। इस संबंध में कंवर सिंह बीडीओ प्रागपुर से बात की गई तो उन्होंने बताया की इस कार्य को मनरेगा के तहत करवाया जाता है। यदि तालाब में पानी नहीं ठहरता है तो नई तकनीक द्वारा इसकी मरम्मत करवाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में अब धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण के मामले कम होने लगे है। इसी के चलते राज्य लोक सेवा आयोग ने विभिन्न पदों की भर्तियां का शेड्यूल जारी कर दिया है। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) 2020 की प्रारंभिक परीक्षा 12 सितंबर को होगी। गौरतलब है कि आयोग ने बीते दिनों ही 22 जून तक एचएएस की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन की तारीख बढ़ाई है। जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं से संबंधित ई एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। एसएमएस और ईमेल से इसकी सूचना भी अभ्यर्थियों को दी जाएगी। वंही, हिमाचल प्रदेश वन सेवा के तहत असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट की मुख्य लिखित परीक्षा 19 से 23 जुलाई तक होगी। 25 जुलाई को रेंज फॉरेस्ट अफसर की प्रारंभिक परीक्षा 2021 होगी। रिसर्च अफसर की परीक्षा 1 अगस्त को होगी। असिस्टेंट रिसर्च अफसर की परीक्षा 8 अगस्त को होगी। लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता सिविल के पद भरने के लिए परीक्षा 26 सितंबर को होगी।
हिमाचल प्रदेश में अब शिक्षक बनने के लिए सभी श्रेणियों को अब टेट पास करना अनिवार्य है। अभी जेबीटी और टीजीटी के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा का पास होना जरूरी है। प्रवक्ता, डीपीई सहित कई अन्य श्रेणियों को भी टेट के दायरे में लाने की सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में नई व्यवस्था लागू करने के लिए शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट बैठक में टेट को सात वर्ष की जगह उम्र भर मान्य करने को लेकर केंद्र सरकार के फैसले को भी लागू करने का प्रस्ताव रखा जाना है। शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी बदलाव के लिए सरकार के स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। नए प्रस्ताव के तहत टेट की दो परीक्षाएं लेने की तैयारी है। पहली परीक्षा प्रदेश से संबंधित जानकारियों, सामान्य ज्ञान और बीएड की पढ़ाई पर आधारित होगी। दूसरी परीक्षा सिलेबस से संबंधित होगी। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर में की गई विषय वार पढ़ाई को शामिल किया जाएगा। प्रदेश में शिक्षा पात्रता परीक्षा का जिम्मा अभी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को सौंपा है। नए प्रस्ताव में परीक्षा लेने वाली एजेंसी को लेकर भी विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी।
कुनिहार में पट्टाबरावरी पँचायत के पँचायत कार्यालय में बुधवार को 18 से 44 आयु वर्ग के 70 महिला व पुरषों ने स्लॉट बुकिंग करवाने के बाद वैक्सीन लगवाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पटाबरावरी की चिकित्सा अधिकारी कृतिका गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी के बचाव हेतु यह टीकाकरण मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने लोगो से इस टीकाकरण अभियान में बढ़चढ़ कर आगे आने की अपील की है। ताकि सरकार द्वारा कोरोना से लड़ाई का अभियान जल्द पूरा हो व इस बीमारी से प्रदेश व देश मुक्त हो सके। उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण शिविर को सफल बनाने में फार्मासिस्ट निशा, हैल्थ वर्कर करुणा तनवर, निधि, दिव्या, गीता देवी आदि ने अहम भूमिका निभाई। यह जानकारी एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से पूर्व पँचायत समिति सदस्य डीडी कश्यप ने दी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरकार व प्रशासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते रहे।
हिमाचल सरकार ने कॉलेजों में वार्षिक परीक्षाओं को करवाने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। इसी बाबत प्रदेश में 20 जून के बाद कॉलेजों को सैनीटाईज़ करने का अभियान चलाया गया है। 1 जुलाई से कॉलेजों में प्रस्तावित परीक्षाओं को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। 25 जून से शिक्षकों को भी कॉलेजों में बुलाया जाएगा। कॉलेज परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए एक-दो दिन के भीतर कॉलेज प्रिंसिपलों के साथ उच्च शिक्षा निदेशक बैठक भी करेंगे। बीते काफी समय से बंद पड़े कॉलेजों में जुलाई से परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में कॉलेज परिसरों को परीक्षाओं से पहले सैनिटाइज करवाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में कॉलेज प्रिंसिपलों को लिखित निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षाओं से पहले कॉलेजों में सिटिंग प्लान बनाने को लेकर शिक्षकों को भी 25 जून तक बुला लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के स्टाफ के साथ सिटिंग प्लान तैयार किए जाएंगे।
प्रदेश में लगातार वैश्विक महामारी कोरोना अपने पैर पसार रही है, ऐसे में सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को निरंतर जागरूक कर रहा है। वंही शहरों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना ने अपनी दस्तक दे दी है। इसी बाबत कोरोना संक्रमण के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए कुछ सामाजिक संस्थाएं और सामाजिक कार्यकर्त्ता आगे आ रहे है। इसी कड़ी में आज समाजसेवक मनीष शारदा की टीम ने गगरेट विधानसभा क्षेत्र की 10 पंचायतो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना किट बांटी। बडोह, ऑयल, कलोह, गगरेट नगर पंचायत, गगरेट पंचायत, अम्बोटा आदि पंचायतो में फेसशील्ड, विटामिन की गोलियां सेनेटाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता को दी गई। इस मौके पर लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है। ऐसे में अब सभी लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसके साथ ही अगर लोग जागरूक होकर मास्क का प्रयोग करें, सामाजिक दूरी को बनाए रखें और हाथों को साबुन या सैनेटाइजर से धोते रहें तो निश्चित तौर पर प्रदेश में कोरोना का से जंग जीती जा सकती है। बडोह प्रधान दीपक डडवाल, रोजी, लाडी जसवाल, मनीष जसवाल, शम्मी, नरेंद्र पिंटू, समीर कालिया, ओम प्रकाश आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के बीते चौबीस घंटें हुई बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है। वहीं, परेशानी भी सामने आई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बुधवार से ही बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन हुआ। बुधवार शाम के समय काजा मार्ग पर भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी। काजा सड़क पर 3 बाइक और 11 एलएमवी भूस्खलन के कारण ग्राम्फू जंक्शन से 8 किमी आगे फंसे हुए थे। यह वाहन लोसर से आ रहे थे। जिसमें 5 बच्चों समेत करीब 30 यात्री सवार थे। इसके बाद बीआरओ की मशीनरी मौके पर भेजी गई। बता दें कि कुल तीन जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं घटी है। दरसल लाहौल-स्पीति के ग्रांफू-काजा हाईवे 505 स्थित डोरनी नाला में हुए भूस्खलन से फंसे करीब 35 लोगों को बीआरओ, पुलिस तथा स्थानीय लोगों ने रात साढ़े 12 बजे रेस्क्यू किया है। इसमें कुछ यात्री मनाली गए और कुछ को कोकसर में लोनिवि के रेस्ट हाउस और आसपास के होटलों में ठहराया गया। करीब साढ़े छह घंटे तक यह लोग ठंड में गाडिय़ों में फंसे रहे। वहीं करीब 14 वाहनों के साथ चार लोग अभी भी डोरनी नाला में फंसे हैं, जिन्होंने आने से मना कर दिया है। इसके अलावा यात्रियों को जल्द से जल्द बचाने के लिए बीआरओ के टिप्पर, पांच जिप्सी और एक बोलेरो कैंपर सहित पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवकों का एक दल भी घटनास्थल पर पहुंचा। बीआरओ हाईवे को बहाल करने में जुटा है।
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमर्ज़ी द्वारा फीस बढ़ोतरी संबंधी शिकायतों को सुलझने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश स्तर पर एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। निजी स्कूल फीस नियंत्रण को लेकर बनाए गए विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है। 20 जून तक आम जनता से इस बाबत सुझाव भी मांगे गए हैं। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटियों की कार्यवाही से असंतुष्ट लोग इस प्राधिकरण के अध्यक्ष उच्च शिक्षा निदेशक को शिकायत कर सकेंगे। प्राधिकरण का उच्च शिक्षा निदेशक को अध्यक्ष बनाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य होंगे। संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। अध्यक्ष की ओर से तीन-तीन वर्ष के लिए तीन लोगों को बतौर सदस्य इसमें मनोनीत किया जाएगा। जो भी निजी स्कूल अभिभावकों से अधिक फीस वसूल रहे है, उन पर यह कमेटी शिकंजा कसेगी। विधेयक द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि निजी स्कूल फीस में हर साल छह फीसदी की वृद्धि ही कर सकेंगे। जो भी स्कूल सरकार द्वारा बनाए गए इन नियमों का पालन नहीं करेंग, उन्हें 2 से 5 लाख तक के जुर्माने का भुगतान करना पड़ेगा। गौरतलब है कि निजी स्कूलों में दी जा रहीं सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के आधार पर फीस को तय किया जाएगा। शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन को भी ध्यान में रखते हुए फीस तय की जाएगी। स्कूल वर्दी और किताबों को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। निजी स्कूल अपनी मर्जी से दुकानों को चिह्नित कर अभिभावकों को वहीं से खरीद करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
शिमला: भाजपा हिमाचल प्रदेश की बैठकों का दौर अपने तीसरे दिन में पहुंच चुका है। आज प्रातः प्रथम बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर , प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल एवं त्रिलोक कपूर ने भाजपा के सातों मोर्चों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं आईटी के साथ की। जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राजकीय महाविद्यालय ज्वालाजी के करियर काउंसलिंग कम प्लेसमेंट सेल द्वारा कम्युनिकेशन स्किल्स एंड पर्सनैलिटी डिवेलपमेंट पर एक ऑनलाइन पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य डॉ अजायब सिंह बनियाल के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यशाला के शुभारंभ और समापन के अवसर पर प्राचार्य डॉक्टर अजायब सिंह बनियाल मुख्य अतिथि रहे। करियर काउंसलिंग कम प्लेसमेंट सेल की समन्वयक प्रोफेसर आरती गुप्ता ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना , हिचकिचाहट मिटाना , सोचने की क्षमता विकसित करना , आशावादी विचारधारा के साथ जीना एवं खुलकर बोलना था। इन 5 दिनों में बच्चों को विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को रखने का मौका दिया गया । इस कार्यशाला में प्रोफेसर आरती गुप्ता द्वारा भाषण कला एवं बॉडी लैंग्वेज के महत्व को भी बताया गया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने स्वयं बच्चों में आए बदलाव को महसूस किया और शुभकामनाएं दी। इस कार्यशाला में कई छात्रों ने भाग लिया ।
चंगर क्षेत्र का सड़क मार्ग लंघा से नाहलियाँ सड़क मार्ग 25 जून तक हर प्रकार की आवजाही के लिए पूर्णतया बन्द रहेगा। लोक निर्माण विभाग अधिशाषी अभियंता हुकम चंद ने बताया कि सड़क पर कटिंग कार्य के चलते सीआरएफ रोड़ बडोह चौक, जंदराह तली टिक्का डोला खरियाना, खुंडिया से नाहलियाँ रोड़ का 49 किलोमीटर का कार्य प्रगति पर है, इसी के चलते लंघा से नाहलियाँ सड़क मार्ग 25 जून तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा, उन्होंने सभी वाहन चालकों व लोगो से सहयोग की अपील की है।
उपमण्डल देहरा के अंतर्गत पड़ती पंचायत भटोली फकोरिया में एक महिला की मौत कि पेड़ से गिरकर मौत हो गई । मिली जानकारी के अनुसार भटोली फकोरिया की उक्त महिला सोमवार को आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ी थी, वहीं पेड़ की शाखा से उसका पाँव फिसल गया जिससे वह नीचे गिर गई। महिला को उपचार हेतु देहरा अस्पताल ले जाया गया जहां चिकिस्तकों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए टांडा रेफर कर दिया गया जहां उक्त महिला की बिगड़ती तबियत को देखकर टांडा मेडिकल कॉलेज के चिकित्स्कों द्वारा पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया गया। पीजीआई में बुधवार को 46 वर्षीय महिला मौत हो गई । मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अंकित शर्मा ने बताया कि पीजीआई अस्पताल में उपचाराधीन उक्त महिला की मौत हो गयी है, वहीं उसकी कोरोना की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने बुढ़गवार को हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मण्डल की 272वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार भी उपस्थित थे। बैठक में बिक्रम सिंह ने अधिकारियों को निगम की गतिविधियों में विविधता लाने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निगम की कार्यशाली में गुणवत्ता व दक्षता लाई जा सके। उन्होंने निगम को टेंडर प्रक्रिया सीपीडब्ल्यूडी के मैनुअल के अनुरूप अपनाने को कहा। उद्योग मंत्री ने कहा कि एचपीएसआईडीसी के अभियांत्रिकी विंग को और सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस विंग के कार्यों को बिस्तार देकर आय में आशातीत बृद्धि की जा सकती है। उन्होेंने अधिकारियों को कहा कि वह अन्य राज्यों में स्थित निगम की परिसम्पतियों का सदुपयोग करने के लिए बृहद रणनीति तैयार करें। बिक्रम सिंह ने निगम के विपणन विंग को सशक्त करने तथा इसकी गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपणन के लिए नई क्रियाविधि विकसित की जानी चाहिए तथा उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार प्रभावी तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रो.राम कुमार ने ऊना में लैंड बैंक विकसित करने और निगम की गतिविधियों में नवाचार लाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने निगम द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के कार्य की समीक्षा भी की गई। निगम के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2020-2021 में औद्योगिक विकास निगम का अनुमानित लाभ 7.48 करोड़ रुपये होने की संभावना है। वित्त वर्ष 2021-22 में निगम का अनुमानित लाभ 10 से 12 करोड़ और वार्षिक टर्नओवर लगभग 100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि राज्य में अब तक 438461 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 983580 लोगों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 736647 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है, जिनमें से 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 70693 लोगों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 255966 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन लगाने के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण रणनीति के तहत कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाए जाने के बाद दूसरी खुराक 12-16 सप्ताह के अंतराल पर या 84 दिन के बाद लगाई जानी निर्धारित है। उन्होंने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत आग्रह किया है कि जिन लोगों की दूसरी खुराक का समय हो गया है वह जल्द से जल्द दूसरी खुराक लगवाएं।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिश के अनुसार जो व्यक्ति वास्तविक कारणों जैसे शैक्षणिक प्रयोजन, रोजगार के लिए और टोक्यों ओलम्पिक में भारतीय दल के सदस्य के रूप में अन्तरराष्ट्रीय यात्रा करना चाहते है, वे कोविड टीकाकरण की पहली खुराक लगवाने के 28 दिनों के बाद कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोविशिल्ड की दूसरी खुराक लगवाने के लिए अनुमति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह तय करेंगे कि टीकाकरण की पहली खुराक लगवाने के बाद 28 दिन की समयावधि पूरी हो गई है। यदि व्यक्ति पहले से ही विदेश में पढ़ाई कर रहा है और अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए वापस विदेश जाना चाहता है या नौकरी व रोजगार के लिए या फिर टोक्यो ओलम्पिक खेलों में भाग लेने के लिए नामित हुआ है तो वे यह सुविधा प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जिलों को पहले से ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जिन लोगों ने कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक लगवा ली है और उपरोक्त उद्ेदश्य के लिए 28 दिन बाद दूसरी खुराक लगवानी है, उसके लिए कोविन पार्टल पर टीकाकरण की दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
उपमण्डलाधिकारी कण्डघाट डाॅ. विकास सूद ने उपमण्डल स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों को मानसून सीजन के दृष्टिगत तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डाॅ. सूद कण्डाघाट उपमण्डल में आगामी माॅनसून सीजन की तैयरियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सूद ने कहा कि वर्षा के मौसम में एहतियात बरतने एवं क्षेत्रीय स्तर तक तैयारियां पूरी रखने से सम्भावित आपदा से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों को जानो-माल की क्षति को न्यून करने के लिए टीम भावना के के साथ कार्य करना होगा। उपमण्डलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र की स्थिति के अनुसार विभिन्न सम्पर्क मार्गों को खुला रखें और ऐसे सभी क्षेत्र चिन्हित करें जहां भूस्खलन हो सकता है अथवा मार्ग धंसने की सम्भावना है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएं ताकि लोग सचेत रहें। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों के जल भण्डारण टैंकों की शीघ्र सफाई सुनिश्चित बनाएं और इस सम्बन्ध में 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों तथा जल भण्डारण टैंकों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जल स्त्रोतांे की समुचित क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने विभिन्न जल स्त्रातों से एकत्र पेयजल नमूनों की जांच करने के निर्देश भी दिए। डाॅ. सूद ने नगर पंचायत व पंचायती राज संस्थाओं को निर्देश दिए कि वर्षा जल की समुचित निकासी के लिए नालियों तथा बड़े नालों से अवरोधों को हटाया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को विभिन्न जल जनित रोगों से बचाव के लिए समुचित मात्रा में दवा का भण्डारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभिन्न कार्य समयबद्ध पूरे किए जाएं और कोविड नियमों की अनुपालना सुनिश्चित हो। उन्होंने आवश्यक साजो-सामान तैयर रखने के निर्देश भी दिए। नगर पंचायत कण्डाघाट के उपाध्यक्ष मुनीष सूद, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड विकास अधिकारी एच.सी. शर्मा, नायब तहसीलदार सत्यव्रत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश पुलिस राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निरंतर निगरानी और वन्यजीवों से सम्बन्धित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। यह जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज यहां बताया कि राज्य पुलिस ने जनवरी 2021 से अब तक कुल 22 लोगों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। यह लोग जो तेंदुआ, सांबर, कोबरा और छिपकलियां आदि सहित विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की हत्या, तस्करी और उन्हें अवैध रूप से अपने पास रखने के 16 विभिन्न मामलों में शामिल पाए गए हैं। संजय कुंडू ने कहा कि राज्य पुलिस ने 15 जून को सोलन में एक वयस्क तेंदुए की एक और खाल बरामद कर उसे जब्त किया और परवाणू के पास अंतर-राज्यीय बैरियर तक पहुंचने से पहले आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के अनुसार, वह अपने बैग में खाल छुपाकर बैरियर पार करने वाला था। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 6 जून, 2021 को शिमला पुलिस ने न्यू शिमला की एक दुकान से 3 तेंदुए की खाल, दांत और नाखून बरामद कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने इस वर्ष 17 फरवरी को जिला कांगड़ा के देहरा में तेंदुए की तीन खाल भी बरामद की थी।
कुनिहार क्षेत्र से सम्बंध रखने वाले पूर्व मंत्री स्व हरिदास ठाकुर के बड़े बेटे इंद्रसिंह ठाकुर का बुधवार सुबह चंडीगढ़ के 33सी लैंडमार्क निजी अस्पताल में देहान्त हो गया। एकाएक उनके मृत्यु की सूचना मिलते ही सम्पूर्ण कुनिहार क्षेत्र शोकाकुल हो गया। इंद्र सिंह ठाकुर कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे जिनका पहले आई जी एम सी शिमला में ईलाज चला उसके बाद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण उनके परिजन उन्हें चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में ले गए लेकिन बुधवार सुबह वह अपनी जिंदगी की जंग हार गए। उनके पैतृक गांव खाड़ी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रदेश की राजनैतिक गलियारों में भी इंद्रसिंह ठाकुर का बहुत बड़ा नाम है। क्योकि वह युवा अवस्था मे ही कई युवा संगठनों के साथ मिलकर सक्रिय हो गए थे। वर्तमान में वह कांग्रेस पार्टी के कई बड़े बड़े पदों का दायित्व सम्भाले हुए थे । अधिकतर समय शिमला में रहने के बावजूद भी उन्होंने अर्की विधान सभा क्षेत्र के विकास कार्यो में अहम भूमिका निभाई है।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा राज्य में हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक चार सर्टिफिकेट कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में पहले सर्टिफिकेट कोर्स में ‘पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर व पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें 11 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो सर्टिफिकेट कोर्स ‘बायोडायवर्सिटी रजिस्टर की तैयारी’ और ‘भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ परियोजना-सिक्योर हिमालय के तहत पीबीआर पर केंद्रित पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषयों पर आयोजित करवाए जा चुके हैं। इन दोनों पाठ्îक्रमों में 23 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। वर्ष 2020-21 में हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र ने ‘मूल्य संवर्धन और एनटीएफपी (पशु मूल) का विपणन- जंगली मधुमक्खी पालन और प्रसंस्करण’ विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 14 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने राज्य के लिए इन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात बहुत से युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है और अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य कुशल जनशक्ति को रोजगार व स्वरोजगार की सुविधा प्रदान करना है। हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत वर्ष के युवाओं को पर्यावरण और वन क्षेत्र में लाभकारी रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु कौशल विकास एक पहल है। आधुनिकीकरण के युग में अधिकांश व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘साॅफ्ट’ या ‘ग्रीन’ कौशल के बजाय यांत्रिकी या तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हरित कौशल स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता को संरक्षित करने में योगदान देता है और इसमें ऐसे रोजगार शामिल हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करती है तथा ऊर्जा, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता वाले हरित कौशल श्रमिकों को विकसित करने का प्रयास करता है। यह कार्यक्रम पूरे देश में पर्यावरण सूचना केंद्र के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञताओं का उपयोग कर रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र की स्थापना भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय सूचना के महत्व को समझते हुए एक योजना कार्यक्रम के रूप में की गई थी। पर्यावरण सूचना केंद्र का प्रयास महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों को मनाना तथा निर्णय निर्माताओं, नीति नियोजकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, अनुसंधान कार्यकर्ताओं आदि को पर्यावरण संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
वीरवार 17 जून को सिविल अस्पताल कुनिहार में दिव्यांग लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। गणपति एजुकेशन सोसायटी के समन्वयक रोशन लाल शर्मा व हैल्थ सुपरवाइजर कृष्ण चन्द वर्मा ने कुनिहार के आसपास सभी पंचायतों के दिव्यांग लोगों को इस स्पेशल कैम्प में वेक्सिनेशन का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 18 साल से ऊपर हर दिव्यांग को अपने साथ आधार कार्ड,दिव्यांग प्रमाण पत्र या यु डी आईडी साथ लानी होगी। रोशन लाल शर्मा ने बताया कि सोसायटी की ओर से हर दिव्यांग को मास्क व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे व इनके जलपान की व्यवस्था भी सोसायटी की तरफ से की जाएगी।
एर्नेस्ट एण्ड यंग एलएलपी चण्डीगढ़ के पार्टनर-मार्केट्स एण्ड बिजनेस डवलप्मेंट के पारस अरोड़ा ने कम्पनी की ओर से बुधवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को 25 चिकित्सा ग्रेड ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर प्रदान किए। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस परोपकारी कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद में यह सहायक सिद्ध होगा। उद्योग आयुक्त हंस राज शर्मा, निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कुनिहार में मोबाइल विक्रेता द्वारा एक युवती के साथ अश्लील बात करना मँहगा पड़ गया। इसको लेकर युवती के परिजनों ने पुलिस थाना कुनिहार में मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है। जानकारी के अनुसार कुनिहार क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाली एक युवती मोबाइल खरीदने के लिये पुराने बस स्टैंड पर मोबाइल की दुकान पर गई थी । युवती ने मोबाइल विक्रेता से कोई सेकंड हैंड मोबाइल दिखाने को कहा। जिस पर मोबाइल विक्रेता ने कहा कि सेकंड हैंड फोन 1800 रुपये का है। युवती ने कहा कि उसके पास सिर्फ 1500 रुपये ही है इसमे कोई कीपैड वाला ही फ़ोन दे दो। मोबाइल विक्रेता ने कहा कि वह 800 रुपये में आ जायेगा अगर तुम्हें टच वाला ही फ़ोन चाहिए तो तुम्हे एक रात मेरे साथ गुजारनी होगी । इसके बदले टच वाला फ़ोन केवल 1000 में दे दूंगा। युवती यह सब बातें सुनकर काफी घबरा गई व रोते रोते वँहा से भागकर तुरन्त सारी बात अपनी माता को बताई। उस समय युवती के पिता कहीं काम से बाहर गये थे। पिता काम से वापिस घर आये तो युवती कि माता ने उनको सारी बात बताई । युवती के परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाना में मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी ।मामले की पुष्टि करते हुवे ड़ी एस पी सोलन रमेश शर्मा ने बताया कि कुनिहार में एक मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत आई है। जिसको लेकर मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुम्मर के पंचायत परिसर में बुधवार को प्रधान शिमला देवी एवम उप-प्रधान कस्तूरी लाल द्वारा कोरोना योद्धाओं को इस महामारी में उत्कृष्ट एवम अच्छा कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान स्थानीय आशा वर्कर रंजना कुमारी,रमेश कुमारी,रीना देवी एवम मेडिकल स्टाफ में तैनात कर्मचारी शेफाली शर्मा को हार,माता की चुनरी एवम स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही पँचायत प्रतिनिधियों ने समस्त कोरोना योद्धाओं की तारीफ करते हुए कहा कि गांव गुम्मर पंचायत और इन कोरोना योद्धाओं के प्रयासो से ही कोरोना मुक्त हो पाया है। प्रधान शिमला देवी ने सभी से निवेदन किया है कि इन कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें और इनका साथ दें जिन्होंने इस महामारी में अपना घर छोड़ के लोगो के घर-घर जाके उनकी रक्षा की है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देहरा द्वारा बुधवार को कमेटी के अध्यक्ष हरिओम शर्मा की अध्यक्षता में नायबत हसीलदार हरिपुर राजेंदर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ज्ञापन भेजा है, उन्होंने अनुरोध किया है कि पोंग बांध किनारे स्थित सरकारी जमीन पर बेसहारा मवेशियों के लिए गौशाला आश्रम बनाई जाए। हरिओम शर्मा ने कहा कि गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है। यह कि पूरे विश्व में यदि कोई बेसहारा मवेशी सर्दियों की चपेट में आकर भयंकर पीड़ा से मरता है तो वह भी हमारी गौ माता ही है साथ ही कहा कि यदि पांग डैम के किनारे 1400 व 1410 फुट या इससे बाहर जहां कहीं भी सरकारी भूमि उपलब्ध है वहां खुली गौशाला विभिन्न जगहों पर बनाई जाए। पॉग डैम के किनारे खुली जगह की लंबाई करीब 200 किलोमीटर हैं प्रत्येक किलोमीटर में औसत 40 से 50 बेसहारा गौमाता है। पांग डैम के किनारे जगह-जगह गौ माता के लिए खुले आश्रय बल्कि यूँ कहेंगे कि आश्रम बनाए जाएं। आश्रमों में गौ माता को ना बांधना ना छोड़ना ना घास डालना ना पानी पिलाने की आवश्यकता होगी क्योंकि पाँग डैम के किनारे पूरा साल हरा घास व पानी उपलब्ध रहता है। इन आश्रमों का प्रयोग गौवंश द्वारा सर्दियों में ही किया जाएगा। हरिओम शर्मा ने कहा कि कार्य के लिए पशु विभाग के अंतर्गत गोपालों की नियुक्तियां की जाएं जो बेसहारा मवेशियों की रक्षा व सुरक्षा का ध्यान रखकर विभाग को सरकार को सूचित करते रहेंगे। इस दौरान इंद्रा देवी अध्यक्ष जिला महिला कांग्रेस देहरा,इंद्रजीत शर्मा,पवन कुमार,सुरिंदर धीमान,धर्मेंद्र सिंह,योगराज,दलजीत सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
विधानसभा जसवां परागपुर के समाज सेवी मुकेश ठाकुर ऊफ सोनु ठाकुर ने जसवां परागपुर विधान सभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत नाहन नगरोटा के वार्ड नम्बर तीन में बेटी की शादी के लिए अपनी तरफ से 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। बता दें कि जिस लड़की की शादी के लिए समाजसेवी मुकेश ठाकुर द्वारा मदद की गई उस लड़की के माता पिता दोनों इस दुनिया मे नही है। एक बेसहारा लड़की के लिए मुकेश ठाकुर ने आर्थिक मदद करके क्षेत्र में एक अलग मिसाल कायम की है। समाजसेवी मुकेश ठाकुर आए दिन सामाजिक कार्यो में बढ़ चढ़ के भाग लेते है। इसी कड़ी में बुधवार को मुकेश ठाकुर की टीम ने ग्राम पंचायत गुलारधार में बीते दिन पानी की समस्या पनप रही थी जैसे ही इसकी सूचना मुकेश ठाकुर को मिली मुकेश ने तुरंत चार हजार लीटर पानी का टैंकर गांव वासियों के लिए भेजा। मुकेश ठाकुर की दूसरी टीम ने ग्राम पंचायत चलाली ओर रिड़ी कुठेड़ा में 320 पात्र लोगों को राशन वितरित किया। मुकेश ठाकुर ने बताया कि विधानसभा की कुल 62 पंचायतों में 48के करीब पंचायतो में राशन वितरित किया जा चूका है, वहीं युवाओं के लिए खेल कीटों के वितरण आदि सामाजिक कार्य जैसे ही पूरे हो जाएंगे।
कुनिहार : कुनिहार क्षेत्र में समाज सेवा का जाना माना चेहरा हाटकोट पंचायत की पूर्व प्रधान रही नर्वदा कंवर का देहांत हो गया। तीन चार महीनों से अस्वस्थ चल रही कंवर ने मंगलवार शाम को कुल्लू में अपनी बेटी के घर पर अंतिम सांस ली। कुल्लू से उनके दामाद व बेटी ने कंवर की पार्थिव देह को पैतृक गावँ मुकराड़ी कुनिहार पहुँचाया।इनका अंतिम संस्कार वीरवार को इनके बेटे के अमेरिका से आने के बाद गावं के श्मशान घाट पर किया जाएगा । 1952 में जन्मी नर्वदा कंवर को कुनिहार क्षेत्र में सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका के लिए जाना जाता है। विकलांग,विधवा व बुजुर्गों के लिए पेंशन का हक दिलवाने,गरीब लड़कियों की शादी के लिये सरकार से आर्थिक योगदान हो या फिर किसी गरीब के लिए स्वास्थ्य सुविधा के लिये हमेशा आगे रहती थी। वर्ष 2000 से 2005 तक हाटकोट पंचायत के प्रधान पद पर रहते उन्होंने कई विकासात्मक कार्य किए है। प्राचीन शिव तांडव गुफा के सौन्दर्यकरण के लिए विभिन्न विभागों से आर्थिक योगदान दिलवाकर गुफा को विश्व मानचित्र पर स्थान दिलवाने के लिए नर्वदा कंवर की उल्लेखनीय भूमिका को भी हमेशा याद किया जायेगा। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया। विभिन्न सामाजिक,राजनीतिक व धार्मिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
प्रदेश में स्कूल के नर्सरी और केजी कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन क्लास अब 30 मिनट से अधिक नहीं लगेगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल शिक्षा विभाग ने नर्सरी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्क्रीन टाइम तय कर दिया है। पहली से आठवीं कक्षा के लिए 30 से 45 मिनट के दो ही सत्र स्कूल लगा सकेंगे। नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की चार सत्रों में 30 से 45 मिनट की क्लास लग सकेगी। मोबाइल फोन और लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासें लगने से विद्यार्थियों पर पड़ रहे विपरीत असर को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने प्रज्ञता गाइडलाइन जारी की है। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल में भी इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी अधिसूचना में जिला उपनिदेशकों को इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है। केंद्र सरकार ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर प्रज्ञता गाइडलाइन तैयार की है। साथ ही पढ़ाई को सुचारु बनाए रखने के लिए क्विज को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जाए । बच्चों को ऑफलाइन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। पढ़ाई को रोचक बनाया जाए, जिससे बच्चों पर मानसिक दबाव ना पड़े।
सुलाह विधानसभा के अंतर्गत डरोह पंचायत के गांव जलाख की बहु अमिता चौधरी मिलिट्री नर्सिंग सर्विस कमीशन पास करके भारतीय सेना की मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट बनी हैं। सोमवार को लेफ्टिनेंट अमिता ने सेना अस्पताल ऊधमपुर मे ज्वाइनिंग दी। अमिता की इस कामयाबी से उनके ससुराल, मायके और गांव में खुशी का माहौल है। यह उपलब्धि हासिल कर अमिता ने अपने क्षेत्र के साथ साथ प्रदेश का भी नाम ऊंचा किया है। अमिता ने बताया कि भारतीय सेना में सेवाएँ देना उनका बचपन का सपना था जो अब पूरा हो गया है। अमिता ने 12वीं तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डरोह से प्राप्त की है। 28 मई को मिल्ट्री नर्सिंग सर्विस का कमीशन पास कर अमिता अब सेना अस्पताल ऊधमपुर मे अपनी सेवाएँ देंगी। भारतीय सेना में अमिता के परिवार का भी सर्वोच्च योगदान है। अमिता के पिता प्रिथी पाल भारतीय सेना में सुबेदार मेजर के पद से सेवा निवृत हुए हैं और पति आशुतोष कुमार भी वर्तमान में भारतीय सेना में अपने सेवाएँ दे रहे हैं जो इस समय बैंगलोर में तैनात हैं ।
देहरा :विधानसभा ज्वालामुखी के तहत सब तहसील लगडू के मुख्य बाजार में पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में लगाई गई शिलान्यास पट्टिका को अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा तोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। बता दें यह शिलान्यास उस समय के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय रत्न ने किया था। वहीं शिलान्यास तली जंदराह सड़क पर नकेड पुल के लिए दिनाँक 3 फरवरी 2017 को किया गया था। शिलान्यास पट्टिका के टूटने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने भारी रोष जताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह विकास की निरन्तर प्रक्रिया है हम सब को हर सरकार का व सरकारी कामों में सहयोग करना चाहिए न कि इस तरह के घटिया काम करने चाहिए। ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष राज राणा ने कहा कि इस बारे पुलिस चौकी लगडू में अज्ञात शरारती तत्वों के विरूद्ध शिकायत दर्ज करवा दी है।
दाड़लाघाट : विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर विख्यात पर्वतारोही और एवरेस्ट समूह की दुर्गम पुमोरी चोटी फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बलजीत कौर ने सुरजपुर पंचायत में स्वयं खून दान कर रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।शिविर में 45 लोगों ने रक्तदान किया।जिसमें ग्राम पंचायत की तीन महिलाएं भी शामिल थीं।फाउंडेशन के ट्रस्टी एवं शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि सुरजपुर पंचायत के गांव पथेड़ में पंचायत के साथ मिलकर यह शिविर लगाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला ने की।उच्च रक्तचाप होने की वजह से एसडीएम रक्तदान नही कर पाए।बलजीत कौर और विकास शुक्ला ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।उमंग फाउंडेशन ने बलजीत कौर को सम्मानित भी किया।सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश शर्मा ने 37 वीं बार रक्तदान किया।वे और सायरी पंचायत की प्रधान अंजू राठौड़ कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे।नेपाल तिब्बत सीमा पर दुर्गम चोटी पुमोरी फतेह कर सोलन जिले में अपने घर लौटी बलजीत कौर ने कहा कि नियमित तौर पर रक्तदान करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।इससे वे बेबस मरीजों का जीवन बचाएंगे और स्वस्थ रहने के साथ-साथ नशे की बुराई से भी बचेंगे।संजीव शर्मा ने बताया कि उमंग फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी विनोद योगाचार्य,सवीना जहां,नीलम कंवर,डॉ. पूनम नेगी और गोपाल दास ने शिविर में सहयोग दिया।सूरजपुर पंचायत की ओर से प्रधान ओम प्रकाश शर्मा,उप प्रधान कामेश्वर,नरेश,कर्म सिंह कंवर,कानू राम,विमला देवी और कान्ता ठाकुर ने शिविर में भागीदारी की।आईजीएमसी ब्लड बैंक की टीम ने रक्त संग्रह किया।पंचायत प्रधान ओमओम प्रकाश शर्मा और उनकी टीम ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला पथेड़ के स्टाफ का भी शिविर में योगदान के लिए।
शिमला : हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधान राजेश पराशर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर से मिला। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों की समस्याओं को सुना तथा निजी बस ऑपरेटरो को विश्वास दिलाया कि कैबिनेट के फैसले में जो कमियाँ रह गई है उस पर प्राथमिकता के आधार पर दोबारा विचार किया जाएगा। इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल पीटरहॉफ में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल की अध्यक्षता में केंद्रीय वित्त एवं कोरपोरेट राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से मिला जिसमे ऊना से पवन ठाकुर, हमीरपुर से विजय ठाकुर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री, केंद्रिय वित्त राज्य मंत्री मंत्री एवं परिवहन मंत्री ने निजी बस ऑपरेटर को विश्वास दिलाया कि बस ऑपरेटरो की मांगे बिल्कुल जायज है तथा इस को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि निजी बस ऑपरेटर भी हमारा परिवार है तथा इस पेनिक अवस्था में भी प्रदेश सरकार हमेशा ही निजी बस ऑपरेटर के साथ है। उधर हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल को वापस ले लिया और कहा कि हिमाचल प्रदेश में कल से बसे चल पड़ेंगी।
उद्योग मंत्री ने हि.प्र. हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, सामान्य उद्योग निगम और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के निदेशक मण्डल की बैठकों की अध्यक्षता की। देश-विदेश की नामी ई-काॅमर्स शाॅपिंग वेबसाइट शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उत्पादों का विक्रय करेंगी। यह जानकारी उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज यहां हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के निदेशक मंडल की 186वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि ई-काॅमर्स शाॅपिंग वेबसाइट अमेज़न और फ्लिपकार्ट के साथ इस सम्बन्ध में जरूरी प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उत्पादों में इन दोनों ही कम्पनियों ने गहरी रूचि दिखाई है। निगम के उत्पादों की उच्च गुणवता के दृष्टिगत ई-काॅमर्स कम्पनियां इन्हें वैश्विक बाजार में विक्रय कर उपभोक्ताओं को घर-द्वार पर उपलब्ध करवाने के लिए बहुत उत्सुक है। बिक्रम सिंह ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों को ऑनलाइन व्यापार के माध्यम से लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों में निगम ने 3375 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस वर्ष का टर्न ओवर लगभग 30 करोड़ रुपये रहा है। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने कहा कि विभिन्न उत्पादों में गुणवता सुनिश्चित करने के लिए दक्ष प्रयास किए गए हैं। कारीगरों व बुनकरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
विधानसभा ज्वालामुखी के अंतर्गत सिविल अस्पताल ज्वालामुखी से थाना में सूचना मिली कि एक व्यक्ति को गंभीर स्थिति में सिविल अस्पताल ज्वालामुखी लाया गया है।सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस सिविल अस्पताल ज्वालामुखी पहुँची, जहां उन्हें पता चला कि 31 वर्षीय युवक निवासी वाह, डाकघर फकलोह, को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ज्वालामुखी लाया गया था और चिकित्सकों के अनुसार उक्त युवक पुलिस को कोई भी बयान देने लायक नहीं था। इसलिए युवक की माता और घरवालों के बयान अनुसार उक्त व्यक्ति आईपीएच में नौकरी करता है व आजकल उसकी नाईट डयूटी लगी थी, दिन के समय यह दिहाड़ी वालों के साथ काम पर जाता था,व नशा शराब करके ये घर आता था। आज भी नशे में आकर अपनी पत्नी से गाली गलौच की थी। वहीं नशे की हालत में किसी नशीली दवाई का सेवन कर लिया है।प्राथमिक इलाज के बाद उक्त युवक को आगामी इलाज हेतु टांडा मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया है। मामले की पुष्टि एसएचओ ज्वालामुखी जीत सिंह ने की है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोलन जिला के बद्दी क्षेत्र के अन्तर्गत मल्कु माजरा के 10 वर्षीय प्रिंस चौधरी, जो हड्डियों के गम्भीर रोग से पीड़ित है और पीजीआई चण्डीगढ़ में उपचाराधीन है, के माता पिता को उनके इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि धन के अभाव के कारण कोई भी व्यक्ति उचित उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री राहत कोष से हर सम्भव सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया ताकि आवश्यकता के समय में जरूरतमंदों को राहत प्रदान की जा सके। छठें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बच्चे और उसके माता-पिता की स्थिति से अवगत करवाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के उपचार का सालाना खर्च लगभग दो लाख रुपये है और बच्चे के माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और बच्चे के पिता गुरूमेल सिंह पहले ही इलाज के लिए अपनी जमीन और गहने बेच चुके है ।
सोलन जिला में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 17 जून, 2021 को दिव्यांग जन के टीकाकरण के लिए विशेष अभियान कार्यान्वित किया जाएगा। यह जानकारी आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि इस विशेष अभियान के तहत 17 जून, 2021 को जिला के 06 कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों पर दिव्यांगजनों का कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान में जिला के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लगभग 3300 दिव्यांगजन का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 जून को आयोजित किए जा रहे विशेष टीकाकरण शिविर में जिला के अर्की, चण्डी, धर्मपुर, नालागढ़ चिकित्सा खण्ड मुख्यालय व सायरी चिकित्सा खण्ड के मुख्यालय कण्डाघाट स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में दिव्यांगजनों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी 17 जून को ही दिव्यांग जन के लिए विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित होगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी दिव्यांगों से आग्रह किया है कि इस विशेष टीकाकरण शिविर में अपना यूडीआईडी (यूनीक आईडी फाॅर पर्सन्ज विद डिस्ऐबिलीटिज) साथ लाएं। यूडीआईडी के आधार पर शिविर में ही उनका पंजीकरण के उपरान्त टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूडीआईडी उपलब्ध न होने की स्थिति में दिव्यांग जन चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं आधार नम्बर साथ लाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी दिव्यांग जन से टीकाकरण के लिए आधार नम्बर साथ रखने का आग्रह किया। डाॅ. उप्प्ल ने जिला के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी दिव्यांगजन से इस शिविर में टीकाकरण करवाने का आग्रह किया।
कुनिहार क्षेत्र के साथ लगते शलाह, मयाणा- जाबल, शिव शंकरगढ़ व् सूरठा गाँव सम्पर्क सड़क की खस्ता पड़ी हालत के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क कच्ची एवं पथरीली होने के कारण जगह जगह ल्हासे पड़े हुए है । जानकारी के अनुसार कंडाघाट उपमंडल के अंतर्गत आने वाली सड़क कुनिहार ममलीग मार्ग के शलाह से लगभग 7 किलो मीटर दूर केंची मोड जाबल जमरोट तक सम्पर्क सड़क है उक्त सड़क का निर्माण लगभग 4 वर्ष पूर्व किया गया था। सड़क कच्ची होने के कारण इसके रखरखाव का कार्य ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों ने रोष व्याप्त करते हुए कहा कि सरकार एवं लोक निर्माण विभाग उक्त सम्पर्क सड़क की और कोई ध्यान नही दे रहे है। जबकि इस सड़क से कई छोटे बड़े गाँव की जीवन रेखा जुड़ी है । ग्रामीणों में संतराम, तुलसीराम, कुमार चंद, धर्मदास, ओमप्रकाश ,प्यारेलाल ,मेदराम ,स्वरुप, बिशनदास ,गीताराम ,देविंदर कुमार, रूपचंद ,दीप राम के अतिरिक्त पूर्व पंचायत समिति सदस्य डी डी कश्यप आदि ने कहा कि 4 वर्ष पूर्व कुनिहार ममलीग मुख्यमार्ग के शलाह से जाबल जमरोट तक लगभग 7 किलो मीटर एक सम्पर्क सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन कच्ची सड़क निर्माण कार्य के पश्चात किसी ने इसकी सुध नहीं ली। बरसात होने के कारण जगह जगह मलवा एवं पेड़ो की टहनियाँ सड़क में गिरी हुई है विभाग इस और ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त सड़क सलाह, मयाणा ,शिव शंकरगढ़,जाबल ,सड़क नाला ,सूरठा आदि गाँव को जोड़ती है। सड़क की खस्ता हालत के चलते ग्रामीण अपनी नगदी फसलों को उठाकर कई किलोमीटर मुख्य मार्ग तक लाने को मजबूर हो गए है ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग उप मंडल कंडाघाट से आग्रह किया है कि सड़क ही हालत में शीघ्र सुधार किया जाए ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विभिन्नों सलाहों एवं मानक संचालन की अनुपालना के लिए करयाला के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इस जागरूकता अभियान से पंचायत स्तर व गांव-गांव में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा करयाला के माध्यम से जानकारी प्रदान की जा रही है। जय देव कुर्गण सामाजिक एवं सांस्कृतिक कला मंच के माध्यम से आज सुन्नी विकास खण्ड के बसन्तपुर, सुन्नी, मढ़ोड घाट, नगर पंचायत सुन्नी तथा जयेश्वरी लोक नृत्य कला मंच द्वारा विकास खण्ड ठियोग के अस्पताल रोड, सुभाष चैक ठियोग, शाली बाजार, बस स्टैंड, पेट्रोल पंप व जनोग घाट में आम जनमानस को कोरोना महामारी के बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करना है, दो गज की दूरी बेहद है जरूरी, अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनेटाइज करें तथा वैक्सीन के टीके जरूर लगाएं। इन स्थानों पर उपस्थित जनसमूह ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा अपनी स्थानीय भाषा में सरलता से लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई जा रही है। यह बात विकास खण्ड सुन्नी के नगर पंचायत सुन्नी के प्रधान प्रदीप शर्मा, बसन्तपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान राजीव कंवर जबकि ठियोग विकास खण्ड में प्रधान डाॅ. दलीप टेगटा तथा समाज सेवक रमेश चन्द ने कही। प्रधान डाॅ. दलीप टेगटा ने बताया कि स्थानीय संवाद से कायम किए जा रहे इस सम्पर्क को आम जनमानस पूर्णतयः समझ सकता है, जिससे स्थानीय लोग कोरोना महामारी को रोकथाम के लिए बताए जा रहे मानक संचालन की अनुपालना करेंगे। इस अवसर पर कलाकारों ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की होम आईसोलेशन की स्वयं सहायता पुस्तिका भी लोगों को जागरूकता व जानकारी प्रदान करने के लिए वितरित की।
देहरा: कोरोनाकाल में एक योद्धा की तरह डटे समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम कंपनी के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर का मावनीय चेहरा एक बार फिर तब सामने आया, जब चौली पंचायत के बसालग गांव के दौरे के दौरान एक युवती उन्हें देखकर भावुक हाे गई। गांव की यवुती पूजा देवी की संजय व उनकी पत्नी सोनिका पराशर से मुलाकात तीन वर्ष पहले हुई थी। देवी ने बताया कि पराशर के मानवता के परिचय की गवाह वह वर्ष 2018 में रह चुकी है। अपने गांव में पराशर को देखकर युवती व स्वजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल चौली पंचायत की पूजा केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, बलाहर (गरली) की छात्रा थी और 2 मार्च 2018 को वह 12 विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता में अन्य पचास विद्यार्थयों के साथ भाग लेने मुंबई गई थी। रास्ते में ही उसकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई और जब वह आयोजन स्थल तक पहुंची तो उसका शरीर खांसी, जुकाम व बुखार से बुरी तरह से जकड़ चुका था। जब दवाई देने के बाद भी पूजा के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ तो टीम के साथ गए में कंप्यूटर शिक्षक अमित वालिया ने कॉलेज सहपाठी सोनिका पराशर, जाेकि तब मुंबई में ही रहती थीं, से संपर्क साधा। सोनिका और संजय कुछ ही देर में वहां पहुंचे और स्थानीय अस्पताल में युवती का इलाज करवाया। पूजा ने बताया कि पराशर दंपति ने उसे बेटी की तरह प्यार दिया अौर लगातार नौ दिन तक अपने घर से खाना बनाकर उस तक पहुंचाते रहे। इतना ही नहीं दोनों ने उसका आत्मविश्वास भी बढ़ाया और इस वजह से उसने अपनी टीम के पांचों मैच खेले और खिताब पर भी कब्जा किया। कहा कि वह इस मदद को आजीवन याद रखेगी क्योंकि अनजाने शहर में सहायता के लिए पराशर दंपति की तरह कौन आगे आता है। वहीं, शिक्षक अमित वालिया ने बताया कि सोनिका व संजय ने समय पर पहुंचकर छात्रा पूजा का इलाज करवाया और टीम सदस्यों की भी हर संभव सहायता की। रेफरी के निर्णय का विरोध दर्ज करवाया था पराशर ने- चैंपियन टीम की सदस्य रही पूजा बताती हैं कि तब उनकी टीम चार मैच जीत चुकी थी और फाइनल मुकाबला चल रहा था। इस दौरान रेफरी ने गलत निर्णय लेकर विरोधी टीम को अंक दे दिए। संजय पराशर जोकि खो-खो के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं और उसी वक्त आयोजकों के समक्ष दर्ज विरोध दर्ज करवाया। इसका असर यह हुआ कि रेफरी को अपना ही फैसला बदलना पड़ा। आखिर में हिमाचल की टीम कर्नाटक को पटकनी देकर विजेता बन गई।
प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग बद्धों की शिक्षा को लेकर कितनी चिंतित है। इसका उदाहरण शास्त्री की बैच वाइज भर्ती को देखकर लगाया जा सकता है। बार-बार ज्ञापन देने व प्रार्थना के बावजूद अभी तक शास्त्री भर्ती का परिणाम घोषित नहीं किया है, जबकि भर्ती से संबंधित सारी औपचारिकताएं फरवरी माह में पूरी कर दी गई थी| बेरोजगार शास्त्री संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष लेखराज शर्मा व सचिव मदन शर्मा तथा आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि वे इस विषय में कई बार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं, परंतु उन्हें मात्र आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इसी विषय पर संघ के पदाधिकारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बृहस्पतिवार को मिलने का निर्णय लिया है। बेरोजगार अभ्यर्थियों का कहना है कि कई लोगों की आयु 45 वर्ष से ऊपर हो चुकी है उनके लंबे इंतजार में विराम कब लगेगा? अतः बेरोजगार संघ सरकार व शिक्षा विभाग से मांग करता है, कि साक्षात्कार के नतीजे शीघ्र घोषित करें। उन्होंने बताया कि अगर एक सप्ताह के अंदर उनकी मांग नहीं मानी गई तो अगले सप्ताह सभी शास्त्री मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को अपनी शास्त्री की उपाधियां सौंप देंगे तथा अनशन करने पर मजबूर हो जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की होगी| प्रदेश के सभी पदाधिकारी वीरवार को सुबह 12 बजे सचिवालय व शिक्षा निदेशालय में अपना मांग पत्र सौंपेंगे।
18 प्लस आयु वर्ग के युवाओं में कोविड वेक्सीन लगवाने को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। यही कारण है कि जिला कांगड़ा की भटोली फकोरियां डिस्पेंसरी के बाहर सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। कोविड वेक्सीन लगवाने आए युवाओं युवा एक-दूसरे को कोविड से बचाव के प्रति जागरूक करते भी नजर आए। वेक्सीन लगवाने आए युवाओं ने मास्क पहने हुए थे। लाइन लंबी होने के चलते कुछ युवा डिस्पेंसरी के बाहर पेड़ की छाया में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। जिस तरह से कोरोना का दौर चल रहा है, कोई वेक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहता है। यही वजह है कि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग भी इसमें आगे आ रहे हैं।
ज्वालामुखी विधानसभा के अंतर्गत खुंडियां के तहत पंचायत टिहरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मंगलवार को कोविड 19 वैक्सीन की डोज लगाई गई मिलयी जानकारी के अनुसार कोविड-19 वैक्सीन शिविर में 18+ उम्र के लोगों को भी वेक्सीन लगाई गयी साथ ही टिहरी में आयोजित इस वैक्सीन शिविर में लगभग 83 वाशिंदों को वैक्सीन लगाई गयी। इस वैक्सीन कैंप में सरकार द्वारा जारी कोरोना आदेशों की पालना करते हुए उचित दूरी, मास्क का विशेष ध्यान रखा गया है । इस मौके पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र टिहरी की डॉक्टर मोनिका ठाकुर, फार्मासिस्ट सुकांती रेखा, आशा कार्यकर्ता अंजू वाला, दिपिका शर्मा, बिंदू कुमारी, ईशवरां देवी, सलिता देवी आदि मौजूद रहे।


















































