दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट के सौजन्य से कोविड-19 जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।सत्र का उद्देश्य आईटीआई के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों की ओर से कोविड-19 से संबंधित संशयों को दूर करना था।संस्थान की ओर से प्रशिक्षुओ के परिवार वालों का कुशलक्षेम जानने के लिए कॉल की गई थी।उस दौरान अभिभावकों ने कोविड से संबंधित संशयो को दूर करने तथा जागरूकता सत्र के लिए निवेदन किया था।जिसकी पूर्ति के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के स्वास्थ्य समन्वयक अजीत सिंह को आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने छात्रों तथा अभिभावकों का कुशलक्षेम जानकर स्वागत भाषण के साथ किया।इसके पश्चात अजीत सिंह ने कोविड तथा वैक्सीनेशन को लेकर विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की।इस दौरान कोविड से प्रभावित अभिभावकों और छात्रों को मानसिक तौर पर सुदृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षक मोनिका ने सभी अभिभावकों छात्रों स्वास्थ्य समन्वयक तथा समस्त श्रोताओं का आभार व्यक्त करके किया।
देहरा :जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते परागपुर(गढ़) के 21 वर्षीय आदित्य से पटियाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं आपको बता दें लेफ्टिनेंट आदित्य पटियाल के पिता डॉ प्रमोद पटियाल ढलियारा कॉलेज में बतौर प्रधानाचार्य रूप से कार्य कर रहे हैं आदित्य सिंह पटियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई सैक्रेट हार्ट स्कूल धर्मशाला से की है वहीं 12वीं कक्षा की पढ़ाई श्री गुरु गोविंद सिंह स्कूल चंडीगढ़ से ग्रहण की है लेफ्टिनेंट आदित्य सिंह पटियाल ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कंप्यूटर साइंस में बीएससी की डिग्री भी प्राप्त की है साथ ही कहा कि उनका बचपन से ही सपना था कि वह भारतीय सेना में सेवाएं दे आज उनका यह सपना साकार हुआ है और उनके आइडल उनके पिता डॉक्टर प्रमोद सिंह पटियाल हैं उन्होंने कहा कि उनकी दादी रजनी देवी माता कविता पटियाल भाई पार्थ पटियाल ने हमेशा ही उनका मनोबल बढ़ाया है वही आज इन सब के आशीर्वाद एवं साथ ही वह इतना बड़े मुकाम को हासिल कर पाए हैं । आदित्य सिंह पटियाल ने युवाओं से आह्वान किया है कि हमें हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यानार्थ रहना चाहिए साथ ही फिजिकल फिटनेस पर भी विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए आदित्य पटेल के पिता डॉ प्रमोद पटियाल ने अपने अपने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है वही इस युवक की इस उपलब्धि पर समस्त पंचायत एवं क्षेत्र में खुशी की लहर दौर उठी है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने एक बार फिर शिक्षा बोर्ड पर बच्चों के अनहित होने का आरोप लगाए हैं उन्होंने कहां की शिक्षा बोर्ड का क्राइटेरिया मेरिटोरियस बच्चों के हित में नहीं है चौहान ने आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बच्चों के भविष्य के लिए होने वाले इतने बड़े निर्णय के लिए कोई भी अभ्यास नहीं किया जिससे इन बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सकें और मेरिटोरियस बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ ना हो । हैरानी की बात है कि बोर्ड ने इतने बड़े निर्णय लेने से पहले पंजीकृत शिक्षक संघों एवं शिक्षाविद व अभिभावकों से भी मंत्रणा करना उचित नहीं समझा । चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं के हिंदी और अंग्रेजी का जो पेपर हुआ है उसके लिए क्राइटेरिया लगाना कितना तर्कसंगत है उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि बहुत से बच्चे जिनका अंग्रेजी या हिंदी में एनुअल पेपर में 85 या 90 नंबर आ रहे हैं और प्री बोर्ड व फर्स्ट ,सेकंड टर्म के क्राइटेरिया के आधार पर जिसमें 40 नंबर प्री बोर्ड के रख दिए गए हैं और केवल मात्र पांच नंबर ही एनुअल पेपर के क्राइटेरिया मे रखे गए है तो criteria के आधार पर यदि बच्चे के कुल मार्क्स 80 ही बनते हो तो उस बच्चे को 90 नंबर की जगह जो उसने वार्षिक परीक्षा में वास्तव में अर्जित किए हैं उसके स्थान पर 80 नंबर देना कितना उचित है । यह एक बहुत बड़ी खामी शिक्षा बोर्ड के क्राइटेरिया में झलक कर सामने आ रही है जिससे अच्छे बच्चों के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। चौहान ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए बोर्ड को सलाह दी कि क्राइटेरिया में दोनों विकल्प रखे जाए , बच्चों द्वारा क्राइटेरिया में लिए गए नंबर अथवा वार्षिक परीक्षा में अर्जित किए गए नंबर में से जो ज्यादा है वह नंबर बच्चे को मिलने चाहिए । वास्तव में बच्चा उसका हकदार भी है। वैसी भी प्री बोर्ड परीक्षाएं जिसके लिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ और अन्य संगठन व अभिभावक और शिक्षाविद् इसके पक्ष में नहीं थे और ना ही बच्चे पूरी तरह से इन परीक्षाओं को देने के लिए मानसिक रूप से त्यार थे इसलिए इन परीक्षाओं को बच्चे के वार्षिक परिणाम के लिए 40% का आधार बनाना संघ को राज नहीं आ रहा है यह सरासर बच्चों के साथ अन्याय व ज्यादती लग रहा है इसलिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग एवम शिक्षा बोर्ड से अनुरोध करता है के इस पर पुनर्विचार किया जाए और अर्जित किए गए अंकों के आधार पर ही अन्य पेपर का भी क्राइटेरिया में जगह रखी जाए केवल मात्र फेल हो रहे बच्चों के लिए ये क्राइटेरिया अपनाया जाए क्योंकि मेरीटोरियस बच्चों को इससे उनकी मेरिट में नुकसान हो सकता है संघ के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हे प्रदेश की विभिन्न कोनों से स्कूल प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों के फोन आ रहे हैं और और वे बच्चों के हित में इस क्राइटेरिया में कुछ बदलाव की मांग कर रहे हैं इसलिए संघ छात्र हित में सरकार व शिक्षा बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रख रहा है इस संदर्भ में संघ लिखित में भी शिक्षा बोर्ड को एक ज्ञापन सौंपने वाला है।
देहरा: कोरोना की दूसरी लहर ने जहां सबको एक भय और निराशा की स्थिति में डाल दिया था, वहीं देहरा उपमंडल में प्रशासन सबको हिम्मत देकर सहायता देने का कार्य निरंतर करता रहा। 14 अप्रैल 2021 को एसडीएम कार्यालय देहरा में कोविड से निपटपने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कंट्रोल रूम की स्थापना की गई। इस दौरान उपमंडल प्रशासन की ओर से 24 कर्मचारियों ने दिन-रात इस कंट्रोल रूम के माध्यम से लोगों से संपर्क साधा। इस दौरान कंट्रोल रूम ने 24 घंटे खुला रहकर एक फोन काॅल पर ही कार्रवाई करने का काम किया। एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर बतातें हैं कि संकट बड़ा था लेकिन कंट्रोल रूम के माध्यम से कभी ऐसा समय नहीं आया कि स्थिती को नियंत्रित न किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस दौरान देहरा उपमंडल में लगभग 2500 लोग कोरोना से संक्रमित हुए। जिनमें से 01 व्यक्ति को धर्मशाला अस्पताल और 05 को टांडा मेडिकल अस्वताल उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। उन्होंने बताया कि कुल संक्रमितों में से 1900 के करीब लोग अब पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए हैं और करीब 550 लोग आज भी होम आईसोलेशन में स्वास्थ लाभ ले रहे हैं। एसडीएम बताते हैं कि उपमंडल में इस दौरान करीब करीब 38 लोगों की दुःखद मृत्यु भी हुई। इस दौरान एसडीएम कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम द्वारा सभी 2500 संक्रमितों से संपर्क साधा गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संक्रमित से 3 से 4 बार संपर्क करके उनके स्वास्थ का पूरा ब्योरा कंट्रोल रूम में संकलित किया जाता रहा। वहीं संक्रमितों से बात करके उनके उपचार में आ रही किसी प्रकार की दिक्कत या अन्य किसी प्रकार की आवश्यकता के बारे में भी जानकारी ली गई। तदोपरांत फील्ड में तैनात अधिकारीयों, कर्मचारीयों व स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके घर-घर जाकर लोगों को जरूरत की चीजें उपलब्ध करवाई गई। संक्रमितों के अलावा भी कंट्रोल रूम के माध्यम से उपमंडल में किसी भी जरूरतमंद को इस दौरान एक फोन काॅल पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। एसडीएम ने कहा कि इस दौरान उपमंडल में सेवाएं दे रहे सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, बीडीओ और उनके स्टाफ ने प्रतिदिन घर-घर जाकर संक्रमितों का हाल जाना, उनका हौसला बढ़ाया और जरूरी वस्तुएं उपलब्ध करवाई। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त ई-पास के लिए भी लोगों को 24 घंटे सुविधा उपलब्ध करवाई गई, जिसके तहत अब तक लगभग 1750 पास देहरा कंट्रोल रूम द्वारा जारी किए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि इस दौरान प्रशासन ने समाज के साथ हर समय खड़े रहकर अपना शत प्रतिशत देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए आगे भी समाज से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा है। समज के लेाग अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कोरोना उपयुक्त व्यवहार अपनाएं, प्रशासन आगे भी लोगों को संकट से बाहर निकालने के लिए इस प्रकार दिन-रात प्रयासरत रहेगा।
शिमला :भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा शिमला नगर निगम के अंतर्गत मज्याठ वार्ड में सेनीटाइज़ेशन अभियान चलाया गया। मज्याठ के हर घर में यह अभियान चलाया गया। सेनीटाइज़ेशन अभियान में विजेंद्र मेहरा,बालक राम,दलीप सिंह,टेक चंद,सौरभ कौंडल,नीरज चंदेल,हरविंदर कुमार,कुलदीप चंद आदि शामिल रहे। पार्टी के जिला सचिवमण्डल सदस्य विजेंद्र मेहरा व लोकल कमेटी सदस्य बालक राम ने कहा है कि पार्टी का सेनीटाइज़ेशन अभियान चौबीसवें दिन भी जारी रहा। इस अभियान के तहत मज्याठ वार्ड के मज्याठ के बाद शिवनगर व न्यू टूटू में भी अभियान जारी रहेगा। इसके बाद अभियान के अगले चरण में टूटू के सरकारी स्कूल के इर्द गिर्द व टूटू बाजार में यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नगर निगम शिमला से मांग की है कि वह भी नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी चौंतीस वार्डों में सेनीटाइज़ेशन अभियान सुनिश्चित करे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कोरोना काल में नगर निगम ने जनता के स्वास्थ्य के सम्बंध में कोई भी कार्य नहीं किया है। नगर निगम जनता की कोई भी मदद करने में विफल रहा है। वह शहर के सेनीटाइज़ेशन तक नहीं कर पाया जो उसकी लचर व गैर जिम्मेवार कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा है कि पार्टी इस अभियान को शहर के सभी चौंतीस वार्डों में आयोजित करेगी।
सोलन : जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छूट तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 11 जून, 2021 को जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में ‘मास्क नहीं तो सेवा नहीं’ (नो मास्क-नो सर्विस) की नीति की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। जिला के सभी बाजार एवं दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक (08 घण्टे के लिए) खुले रहेंगे। सभी बाजार एवं दुकानें शनिवार एवं रविवार को बन्द रहेंगी। सब्जी, दूध, दुग्ध उत्पाद, मीट, मछली, अण्डों एवं रोज़मर्रा की ज़रूरतों की दुकानें शनिवार तथा रविवार को भी प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक खुली रहेंगी। फार्मेसी एवं दवा की दुकानें सामान्य कार्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। दुकानदारों एवं विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी।राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित सभी ढाबे, खान-पान स्थल, वाहन मुरम्मत एवं कलपुर्जों की दुकानें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार खुली रहेंगी। जिला में उचित मूल्य की दुकानें 20 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेंगी। आगामी आदेशों तक 04 कर्मियों तक की संख्या वाले सभी कार्यालय पूर्ण संख्या के साथ कार्य करेंगे। सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों एवं स्वायत्त संस्थाओं के अन्य कार्यालय आगामी आदेशों तक 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ कार्यशील रहेंगे। विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष क्रमवार उपस्थिति के सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार निर्णय ले सकेगें। सभी कार्यालयों में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। दिव्यांग, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को कार्यालय आने से छूट रहेगी और ऐसे कर्मचारी अपने घर से कार्य कर सकेंगे। अपने घर से कार्य कर रहे सभी कर्मियों को आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयाध्यक्ष द्वारा तुरन्त कार्यालय बुलाया जा सकेगा। जिला प्रशासन कार्यालय 06 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेगा। चिकित्सा महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों को 23 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। नर्सिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों को 28 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध मंे विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मानक परिचालन प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यण विभाग द्वारा जारी की जाएगी। अन्य सभी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समागम आगामी आदेशों तक प्रतिबन्धित रहेंगे। विवाह एवं अन्तिम संस्कार में अधिकतम 20 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। पर्यटन इकाइयों को पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार आरम्भ किया जा सकेगा। ऐसे सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। इन आदेशों के अुनसार सभी सिनेमा हाॅल, व्यायामशालाएं, खेल परिसर, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर एवं सभागार तथा ऐसे अन्य स्थल आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। हेयर कटिंग सेलून, ब्यूटी पार्लर को कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना तथा जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार खोला जा सकेगा। धार्मिक स्थल आम जन के लिए बन्द रहेंगे किन्तु यहां परम्परा अनुसार दैनिक पूजा की अनुमति होगी। सार्वजनिक तथा अनुबन्धित परिवहन सेवा एवं स्टेज कैरियेज का अन्तर राज्यीय परिवहन प्रतिबन्धित रहेगा। जिला सोलन में सभी प्रकार के अन्तर राज्यीय आवागमन का अनुश्रवण कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर (http://covid19epass.hp.gov.in) पर पंजीकरण के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य संगरोध आवश्यकता का अनुश्रवण तथा कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के मामले में उनके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना है। सोलन जिला में आने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को उपरोक्त आॅनलाईन साॅफ्टवेयर पर अपना विवरण अंकित करना होगा। सोलन जिला में प्रवेश पर यह जानकारी सम्बन्धित व्यक्तियों के साथ साझा की जाएगी। आरटीपीसीआर परीक्षण की पूर्व नेगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी। अन्तर जिला एवं सोलन जिला से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए सार्वजनिक परिवहन बस सेवा, स्टेज एवं अनुबन्धित कैरियेज की आवाजाही के लिए कुल सीट क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ अनुमति प्रदान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाना होगा। निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, टैक्सी को पंजीकृत सीट क्षमता एवं कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना के साथ आवागमन की अनुमति होगी। आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक परिवहन में उचित प्रकार से मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखनी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका, तम्बाकू एवं अन्य सामान उत्पादों का सेवन प्रतिबन्धित है। 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गम्भीर रोगी, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को स्वास्थ्य एवं आवश्यक कारणों के अतिरिक्त घर से बाहर आवाजाही न करने का परामर्श दिया गया है। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुरूप कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश 14 जून, 2021 की प्रातः 06.00 बजे से प्रभावी माने जाएंगे।
शिमला :मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज निदेशालय परिवहन भवन के निकट सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट के सुनील सदन का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर हवन में भी भाग लिया। इस भवन का निर्माण प्रदेश में सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट की आयुष गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा रहा है। भविष्य में इस कार्यालय के माध्यम से अनेक गतिविधियां चलाई जाएंगी। कार्यालय में एक वैलनेस सेंटर भी खोला जाएगा, जिसके माध्यम से योग प्रशिक्षण, शारीरिक व्यायाम आदि गतिविधियां चलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सह संगठन मंत्री प्रफुल्ला आकांत, उत्तर क्षेत्रीय संगठन सचिव विक्रांत खण्डेवाल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. नागेश ठाकुर, प्रांत प्रचारक संजय, संगठन मंत्री गौरव अत्री, ट्रस्ट के सचिव डाॅ. सुरेन्द्र शर्मा, सह सचिव डाॅ. नितिन व्यास भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कोरोना काल में गत्त वर्ष के कटु अनुभवों के बावजूद भी प्रदेश सरकार सेब सीज़न की तैयारियों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नही हैं यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के अभाव व कोरोना की आड़ में कार्टन फैक्ट्रियों ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पैकेजिंग सामग्री के दामों में 25% तक बढ़ोतरी कर ली है। जिससे अब बागवानों को प्रति पेटी कार्टन और ट्रे पर ₹25 से ₹30 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। रोहित ठाकुर ने कहा कि कार्टन व ट्रे के दाम में कोई बढ़ोतरी न होने का बाग़वानी मंत्री का बयान जनता को गुमराह करने वाला हैं या मंत्री इस सच्चाई से परिचित नही हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर कार्टन और ट्रे के टेंडर तो आमंत्रित कर दिए लेक़िन अभी तक इन्हें अंतिम रूप नहीं दिया गया जबकि कुछ दिनों में ही कम ऊंचाई वाले स्थानों में अर्ली वैरायटी के सेब का तुड़ान शुरू हो जाएगा और स्टोन फ्रूट का सीज़न जोरों से चला हुआ हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि उपरी शिमला में ओलावृष्टि और तूफ़ान का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा। तूफ़ान से सेब सहित अन्य फ़सलों के साथ-2 घरों व गौशालाओं को भारी नुक़सान पहुँचा हैं। उन्होंने सरकार से ओलावृष्टि और तूफ़ान से प्रभावित किसानों को अविलम्ब राहत देने की मांग की है । इसके पहले अप्रैल माह में भी बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि से सरकारी आंकलन के अनुसार सेब की बागवानी को ₹ 254 करोड का नुक़सान हुआ हैं जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने कोई भी कार्यवाही नही की हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बागवानी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित ₹1134 करोड रुपए का बागवानी विकास प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किया गया था लेकिन भाजपा सरकार के उदासीन रवैए के चलते पिछले 3 वर्षों में प्रोजेक्ट के तहत मात्र ₹296 करोड रुपए ही खर्च हुए हैं जो कि स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि का मात्र 26% है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना काल में जहां हर क्षेत्र ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए थे वही किसानों की कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति से कृषि और बाग़वानी क्षेत्र मजबूती से खड़ा रहा । कृषि क्षेत्र का प्रदेश की विकास दर में 13% प्रतिशत का योगदान हैं जबकि प्रदेश की 70% जनता को भी इस क्षेत्र में रोजगार मिलता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक ₹5000 करोड़ रुपए की आर्थिकी पैदा करने वाली नक़दी फ़सल सेब की मुख्य भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझने के बाद अब सेब पर स्कैब, मार्सेलोना, स्केल, माईट जैसी बीमारियों ने दस्तक दे दी हैं और ये पहली सरकार हैं जिसने किसानों को दवाइयों पर मिलने वाले अनुदान को ही बंद कर दिया। रोहित ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में सड़कों की दुर्दशा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में जिला शिमला में सड़क का एक भी नया प्रोजेक्ट केंद्रीय सड़क निधि (Central Road Fund) के तहत स्वीकृत नहीं हुआ और ना ही कोई सड़क वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में डाली गई। रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जिला शिमला के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाने की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण छैला नैरीपुल औच्छघाट हॉर्टिकल्चर सड़क को भी वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से निकाल दिया हैं जो कि जिला शिमला के प्रति भाजपा सरकार की संकीर्ण मानसिकता को दिखाता हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब बाहुल्य क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है और वहीं ठियोग हाटकोटी सड़क योजना में पिछले 4 वर्षो से मात्र 8% शेष निर्माण कार्य भी पूरा नही हो पाया। उन्होंने कहा कि सरकार सेब सीज़न से पहले ग्रामीण इलाक़ो की सड़कों को युद्ध स्तर पर सुधारें व ठियोग हाटकोटी सड़क योजना के लंबित पड़े निर्माण कार्य में भी तेजी लाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम ₹100 का आंकड़ा पार कर चुके हैं जिसके चलते कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से MIS के तहत किसानों और बाग़वानों की पिछले तीन वर्षों से लम्बित पड़ी ₹28 करोड़ की बकाया राशि को अविलम्ब जारी करने का आग्रह किया हैं। रोहित ठाकुर कि कहा कि सेब पर लागत बढ़ने से मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब पर इस वर्ष समुचित समर्थन मूल्य भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ने व लॉकडाउन से सब्जी और फूल उत्पादकों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए केरल मॉडल की तरह सब्जियों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने पर सरकार को गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में न होने के चलते कारगर सिद्ध नही हो पाई और हर वर्ष किसानों का इस योजना के प्रति मोह भंग होता जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग में स्वीकृत उद्यान विकास अधिकारी के 264 पदों में से 160 पद रिक्त पड़े हैं इसी तरह उद्यान विस्तार अधिकारी के कुल 512 स्वीकृत पदों में 126 पद खाली चल रहें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यान विभाग में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएं।
देहरा :उपमण्डल देहरा के अन्तर्गत डाडासीबा ,जंबल बस्सी, चनौर,नैहरनपुखर,ढलियारा,करियाडा,खबली,मूहल आदि इलाको मे गत शुुक्रवार आधी रात को अचानक भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान से खूब तबाही मचाने की खबरे सामने आई है। विगत करीब तीन दिन पहले यहां तेज आंधी तूफान के कारण डाडासिबा जंबल बस्सी ,बड्डल, ठोर आदि मे टूटे करीब 14 बिजली के पोल को विभागीय प्रशासन अभी सही ढंग से चालू भी नहीं कर पाया था कि गत शुुक्रवार आधी रात को आसमान से बस्सी आपदा ने विद्युत विभाग के 20 बिजली के खम्बे तोड़कर दुबारा फिर परेशानी मे डाल दिया है। वहीं इस आपदा ने विद्युत विभाग के 8 लाख रुपये का नुुकसान किया है। खबर की पुष्टि करते हुए विद्युत विभाग देेेेहरा कार्यलय मे तैनात एक्सन कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि जगह-जगह वृक्ष की बड़ी भरकम टहनियां टुटने से बिजली की तारे जमीन पर बिछ चुकी है। विभागीय कर्मचारी उक्त बिजली की तारो को जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर जटे हुए है ताकि विद्युत सप्लाई तुरन्त बहाल हो सके। वही इस दौरान न केवल बिजली विभाग को भारी चपत लगी है बल्कि यहां इलाको मे स्लेटपोश रिहायशी मकानो व गौशालाओं की छते उड़ गई तो वहीं नेहरनपुखर, घियोरी, ढलियारा, डाडासिबा, करियाडा आदि गावों मे दर्जनो बिजली के खम्बे गिरने से रात भर समूचा उपमन्डल देहरा इस चिडचडाती गर्मी के बीच अन्धेरे मे रहा लिहाजा शुक्रवार आधी रात व शनिवार देर सांय तक कई इलाको मे विगत करीब 18 घन्टो के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नही हो पाई थी जबकि विभागीय कर्मचारी शनिवार सुबह तड़के से ही युद्ध स्तर पर बिजली की तारो व् खम्बों को जोड़ने मे डटे हुए थे। बताते चलें इस भारी तबाही से बिजली के खंभे गिर गए और कई बिजली की लाइनें भारी-भरकम पेड़ गिरने से जमीन पर बिछ गई तूफान ने करीब एक से डेढ़ घंटे तक गरजना के साथ इतनी तबाही मचा रखी कि लोग बुरी तरह से सहमे उठे जगह-जगह पेड़ गिरने से मकानों व्यवसायिक परिसरों में विद्युत लाइनों को भारी क्षति पहुंची है बिजली व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है अधिकांश क्षेत्रों में बिजली गुल है बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल करने में काफी समय लगा बिजली सप्लाई बाधित होने से जल शक्ति विभाग की मशीनरी नहीं चल पाई तूफान से ज्यादा तबाही आम फसलों में हुई है। क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में विद्युत विभाग देहरा मे तैनात एक्शिएन कुलदीप सिह राणा ने बताया कि शुक्रवार आधी रात को आधी तुफान से 20 बिजली के पोल गिरने से कई बिजली की तारे बृक्ष के नीचे बिछ गई है जिसमे करीब 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जून में हर वर्ष कॉलेजों में अवकाश रहता है। ऐसे में इस वर्ष भी परीक्षाएं शुरू करने से पहले निदेशालय ने इस संदर्भ में कवायद शुरू की है। वार्षिक परीक्षाओं से पहले कॉलेज शिक्षकों को छुट्टियां देने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में प्रस्ताव बनाने का काम शुरू कर दिया है। सरकार से मंजूरी मिलने पर इस बाबत अंतिम फैसला होगा। वंही, प्रदेश के स्कूलों में छुट्टियां देने को लेकर जुलाई में विचार होगा। जुलाई अंत से 15 अगस्त तक स्कूलों में बरसात की छुट्टियां होती हैं। शिक्षकों के अवकाश को एडजस्ट करने के लिए निदेशालय ने छुट्टियां देने को लेकर विचार करना शुरू किया है। उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि हर घर पाठशाला कार्यक्रम अभी जारी है। कुछ दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद ही रहने के आसार हैं। ऐसे में शिक्षकों के ड्यू वेकेशन को एडजस्ट करने के लिए विचार किया जा रहा है। कॉलेजों में जून में कुछ दिन के लिए अवकाश दिया जा सकता है। जुलाई से कॉलेजों की परीक्षाएं शुरू होनी हैं।
देहरा :पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत खुंडिया के देहरू निवासी 29 वर्षीय को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है और उसके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जिसे उसने पिछली रात बोहन ज्वालामुखी से चुराया था। वहीं मोटरसाइकिल मालिक गौरव शर्मा सुपुत्र कमल शर्मा निवासी वार्ड नं०5 बोहन ज्वालामुखी की शिकायत पर उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ ज्वालामुखी जीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
आईआईटी मंडी इस सीजन में सेब और अन्य गुठलीदार फलों की पैकिंग को लेकर अध्ययन करेंगे। अगले सीजन में फलों की आधुनिक तकनीक का ट्रायल आरंभ कर दिया जाएगा। पैकिंग क्षमता कितनी होनी चाहिए, इसे लेकर भी अध्ययन होगा। आईआईटी से आधुनिक पैकिंग तकनीक मिलने के बाद प्रदेश सरकार पैकिंग सामग्री का कंपनियों से बातचीत करके उत्पादन कराएगी। बागवानों और किसानों को आधुनिक पैकिंग तकनीक उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी मंडी को 18.50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया है। पैकिंग तकनीक मिलने से विपणन के समय होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा।
प्रदेश में अब फल सब्ज़ियों की पैकिंग के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जाएग। पुरानी पैकिंग टेक्नोलॉजी बदलने से अब फल और सब्जियों की बर्बादी रुकेगी। इससे किसानों और बागवानों की आमदनी भी बढ़ेगी। आईआईटी मंडी द्वारा आधुनिक पैकिंग टेक्नोलॉजी प्रदेश के बागवानों और किसानों की मिलेगी। अभी तक प्रदेश में फलों और सब्जियों के विपणन के समय करीब तीस फीसदी फसलें बर्बाद होती हैं। नई तकनीक से किसान और बागवान इस आर्थिक नुकसान से बच सकेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने आईआईटी मंडी को फलों और सब्जियों की पैकिंग के लिए नई तकनीक विकसित करने को 18.50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट सौंप दिया है। आईआईटी के छात्र इस साल फलों के विपणन के समय पेश आने वाली दिक्कतों का अध्ययन करेंगे। पैकिंग के दौरान आने वाली समस्याओं का पता लगाया जाएगा। वर्तमान में फलों और सब्जियों की पैकिंग क्षमता से होने वाले नुकसान का सही आकलन भी किया जाना है। प्रदेश से बाहर ऑफ सीजन में सब्जियों को चालीस किलो की बोरियों में भरकर किसान बेचते रहे हैं। अब किसान सेब कार्टन में भी फूल गोभी भर कर मंडियों में पहुंचा रहे हैं। किसानों को पैकिंग की आधुनिक तकनीक मिलने से नुकसान कम होगा और दाम अच्छे मिलेंगे।
शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में बसें चलाने को मजूरी मिल गई है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार से करीब 1004 रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम बसें चलाने की तैयारी है। इसके बाद सवारियों का रिस्पांस देखकर एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए चालकों-परिचालकों से रविवार तक डिपो या अड्डा में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। निजी ऑपरेटरों की सहमति नहीं बनी तो एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में चलाए जाने वाले रूटों के हिसाब से चालकों-परिचालकों की रोटेशन में ड्यूटियां लगाई जाएंगी। सोमवार सुबह से 24 घंटे निगम की बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। बसों में सवारियों की ऑक्यूपेंसी जांचने के लिए इंस्पेक्टर फील्ड में सेवाएं देंगे। 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ हिमाचल में बसें चलेंगी। बसों में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सवारियों के पास सैनिटाइजर होना जरूरी है। तीन वाली सीट पर दो और 2 वाली सीट पर एक सवारी बैठेगी।
चम्बा जिला में 21वर्षीय युवक की खड्ड में डूबने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मामा-भांजा लोहाली खड्ड में नहाने गए थे। पानी के तेज बहाव में 21 वर्षीय मामा डूब गया। खड्ड में युवक को डूबता देख लोग घटनास्थल की ओर दौड़े लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत से युवक को पानी से बाहर निकाला और तुरंत समोट अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने युवक को मृत घेषित कर दिया। मृतक के पिता ने किसी पर हत्या का शक नहीं जताया है। एसपी चंबा अरुल कुमार ने कहा कि शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कप्तान ज्योति प्रकाश शर्मा का बेटा भी सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। इससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है। जिला मंडी के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की घरवासड़ा पंचायत के अमन शर्मा आईएमए देहरादून से पासआउट हुए हैं।अमन की प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राथमिक स्कूल से हुई है। जबकि छठी से दस जमा दो तक की पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा में हुई। एनडीए की परीक्षा में असफल रहने पर उन्होंने एक बार दोबारा कोचिंग लेकर परीक्षा पास कर ली। 3 साल खड़गवासला में ट्रेनिंग पूरी करने बाद वह पासआउट हुए। वर्ष 2020 में वह इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) देहरादून में दाखिल हुए और 12 जून को बतौर लेफ्टिनेंट पासआउट हुए। वह सात डोगरा में सेवाएं देंगे। अमन की माता लता शर्मा गृहिणी हैं। जबकि बहन भानुप्रिया सफदरगंज अस्पताल दिल्ली में स्टाफ नर्स हैं।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान व शूरवीर योद्धा थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवा पीढ़ी को पराक्रम, आत्म-सम्मान एवं देशभक्ति की प्रेरणा देता है। जय राम ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप एक सच्चे देशभक्त थे जिन्होंने बहादुरी एवं साहस के साथ देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका बलिदान लोगों को सदैव देश की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
बल्ह विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोअर रिवालसर में शनिवार को टेस्टिंग टीम ने लगभग 150 की संख्या के आसपास लोगों के टेस्ट लिए जिनमें से सभी लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आईं है। आपको बता दें कि कोरोना पर काबू पाने के लिए प्रदेश भर की पंचायतों में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग पर बल दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश भर में पंचायत स्तर पर 3 जून से विशेष मुहिम की शुरुआत की गई है। इस मौके पर पंचायत प्रधान कौशल्या देवी, पूर्व प्रधान व बर्तमान उप प्रधान पदम सिंह भाटीया , टेस्टिंग टीम में डाक्टर राजीव,लैव अटेंडेंट महेंद्र, सीएचओ ममता देवी तथा आशा वर्कर दया देवी, मीनाक्षी देवी, अनीता देवी, शकुंतला देवी, संतोष सावित्री व कांता देवी आदि मौजूद रह।
शिमला,12 जून.अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने कांग्रेस जिला अध्यक्षों से अपने अपने जिलों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और ब्लॉक कमेटियों के साथ पूरा तालमेल रखने पर जोर देते हुए कहा है कि पार्टी के साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के प्रयास किये जाने चाहिए।उन्होंने कहा है कि इसे एक अभियान की तरह लिया जाना चाहिए जो ब्लॉक स्तर तक पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को जन जन तक पहुंचाने के पूरे प्रयास किये जाने चाहिए। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए कमेटियों का गठन जल्द कर लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि पार्टी में युवाओं को जोड़ने के प्रयास किये जाने चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जो भी कार्यक्रम उन्हें दिए जाते है उन्हें हर हाल में पूरा करना है। दत्त ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के कोरोना प्रभावित लोगों की सहत्यार्थ दिशानिर्देशों के अनुसार लोगों की मदद को आगे आना है।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित गांधी हेल्पलाइन के तहत कोरोना से प्रभावित सभी लोगों की पूरी मदद करनी है।उन्होंने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला प्रदेश में कोरोना राहत कार्यो पर अपनी पूरी नज़र रखे हुए है। संजय दत्त ने इससे पूर्व सेवादल व एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्षों से उनके संगठनों के कार्यकलापों की जानकारी लेते हुए कहा कि कांग्रेस में फ्रंटल ऑर्गनाइजेशनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।उन्होंने कहा कि उन के ऊपर संगठन को मजबूत करने की बढ़ी जिम्मेदारी है, जिसे उन्हें पूरा करना है। संजय दत्त ने दोपहर बाद कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों से भी वर्चुअल बैठक करते हुए उन्हें अपने अपने जिलाध्यक्षों के साथ पूरे तालमेल के साथ कार्य करने को कहा।उन्होंने कहा कि ब्लॉक अध्यक्षों को अपनी बूथ कमेटियों के साथ पार्टी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित बनाना है,जिससे कांग्रेस पार्टी की नीतियां व कार्यक्रम घर घर तक पहुंच पाए।
शिमला ज़िला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित निर्मल ग्राम पंचायत नंदपुर में आज युवाओं द्वारा यूथ वेलफेयर एसोसिएशन केमटी का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, सामाजिक कार्य करना, जरूरत मंद लोगों की मदद करना, खेलकूद व लोक संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु कार्य करना होगा, इस कमेटी का गठन सर्व सम्मति से किया गया है। जिसमें प्रधान संदीप शर्मा, उप प्रधान वीरेंद्र ठाकुर, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, महा सचिव कुलदीप शर्मा,सचिव दीपक ठाकुर, सह सचिव बलबीर घमटा , मीडिया प्रभारी शुभम ठाकुर को चुना गया है। इस बैठक में विद्या भूषण शर्मा अशोक ठाकुर , भारत भूषण शर्मा राजन ठाकुर दीपक ,कपिल ठाकुर प्रदीप, देवाशीष, करण, रोहित, विकी, निशाल, बलबीर आदि उपस्थित रहे।
शिमला, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राजनीतिक सलाहकार मुख्यमंत्री त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी लाचार है , उनके प्रदेश अध्यक्ष को साईकल पर भी कार्यकर्ताओं का सहारा लेना पड़ा है। वो पार्टी किसके सहारे चलाएंगे इससे साफ दिखता है कि कांग्रेस पार्टी को पूरे देश और प्रदेश में सहारे की आवश्यकता है और उसके बिना भ चल पाना असम्भव है। प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति दयनीय दिखाई दे रही है कांग्रेस पार्टी की ज़मीन खिसक रही है और कई प्रदेशों में जो चुनावी परिणाम आए हैं उसमें वह खाता भी नहीं खोल पाई है। धीरे-धीरे कांग्रेस का वर्चस्व पूरे देश भर में समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस जिस प्रकार से पूरे प्रदेश भर में कल धरना प्रदर्शन किए है उस रैली के लिए उनको चंद ही साइकिल प्राप्त हो पाई। लोगों का इस कार्य में भी कांग्रेस को सहयोग नहीं मिल रहा है क्योंकि उनको पता है कि धरातल पर कौन जनता के लिए काम कर रहा है। जनता जागरूक हैं और उनको सही मायने में इस चीज का पूर्ण ज्ञान है की केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस केवल शोर मचाने में आगे और काम करने में विफल साबित हुई है कोविड-19 संकटकाल में भी कांग्रेस की परफॉर्मेंस जीरो रही है और जनता के बीच उनकी किसी भी प्रकार की जनसेवा के कार्य सामने नहीं आए। उन्होंने कहा प्रदेश में कोरोना को हराने में सफल रही जयराम सरकार आज प्रदेश में किसी भी प्रकार की व्यवस्था की कमी नहीं है आज प्रदेश में भरपूर ऑक्सीजन , वैक्सीन और बेड उपलब्ध है। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास ना तो नेता है और ना ही नियत है कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार से काम नहीं करना चाहती है केवल पोस्टर फाड़ने की राजनीति में आगे हैं और प्रदेश में जो सकारात्मक वातावरण बना है उसको बिगाड़ने में लगी है। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास दूरदर्शिता नहीं है , उनके द्वारा किए जा रहे धरने केवल पब्लिसिटी स्टंट है।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन के एनएसएस यूनिट ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों ने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। इस दौरान चित्रकला,निबंध लेखन तथा कविता पाठ के माध्यम से बालकों का शिक्षा पर अधिकार पर अपने भाव प्रकट किए। हिमानी भगत ने सुंदर कविता पाठ से सभी को भावविभोर कर दिया। हिमानी कौशल ने सुंदर निबंध लिखकर बाल श्रम के विरुद्ध प्रहार किया। नितेश गुप्ता,दिव्यांशु,प्रवीण कुमार,श्रुति तथा रोहित कौशल ने चित्रकला के माध्यम से प्रतियोगिता के रूप में भाग लिया। यह सारे आयोजन कोविड-19 के कारण ऑनलाइन ही आयोजित हुए।कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू व डॉक्टर करुणा ने बालकों को उनके कर्तव्य और प्राकृतिक अधिकारों के बारे में बताया कि विश्व में बाल श्रम एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है,जिससे समाज का भविष्य धूमिल हो जाता है।प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी की रचनाओं को देखकर उनकी सराहना की तथा बाल श्रम के विरुद्ध स्वयंसेवकों को अपनी भूमिका एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में निभाने का अनुरोध किया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू तथा गृह मंत्री अमित शाह ने दूरभाष के माध्यम से राज्यपाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा उनकी दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर तथा कृषि मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने राज्यपाल को राजभवन में जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ जीवन व दीर्घायु की कामना की तथा कहा कि प्रदेश सरकार को भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। केन्द्रीय मंत्रियों तथा विभिन्न राज्यों के राज्यपालों ने भी बंडारू दत्तात्रेय को जन्मदिवस की बधाई दी। इससे पूर्व अपने जन्मदिवस के अवसर पर राज्यपाल ने यज्ञ का आयोजन किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी राज्यपाल से भंेट कर उन्हें बधाई दी। राजभवन में प्रातः नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों और राजभवन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने राज्यपाल को जन्मदिवस की बधाई दी।
ग्राम पंचायत कलेड़ा मझेवटी के गांवों में आए तूफान से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। लगभग एक घंटे के करीब चले तूफान से कुछ बागीचों में सेब की फसल का इतना अधिक नुकसान देखने को मिला है कि एक ही पौधे में 50 से अधिक सेब के फल भूमि पर गिरे हुए देखे जा सकते हैं। कुछ बागीचों में सेब के पौधे तक उखड़ कर नीचे गिर गए हैं। इससे प्रभावित बागीचों में सेब की फसल का भारी नुकसान हुआ है। गांव कलेडा के बागवान अशवनी शर्मा ने बताया कि तूफान से पूरे पंचायत के कलेडा, ब्यूंथल, ऐरली, फौला, घाट और मझेवटी के साथ लगते बागीचों में नुकसान हुआ है। कुछ समय पहले ही बागबानों की फसल ओलावृिष्ट से नष्ट हुई थी और अब इस भयानक तूफान से बची फसल भी नष्ट हो चुकी है। क्षेत्र के समस्त बागवानों ने बागबानी विभाग से तूफान से हुए नुकसान का मुआयना कर किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने का आग्रह किया है ताकि इस विकट समय में किसानों को कुछ राहत मिल सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले कई वर्षों से शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यापार और शिक्षा में हो रहे फर्जीवाड़े के विरुद्ध संघर्षरत है और विद्यार्थी परिषद ने इस बारे में नियामक आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपे है और उनके समक्ष शिक्षा में हो रहे व्यापार और फर्जी डिग्री मामले और करोड़ों में हो रहे छात्रवृत्ति घोटालों की जानकारी विस्तारपूर्वक नियामक आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखी है लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक इन शिक्षा माफियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि ऊना के निजी विश्वविद्यालय इंडस इंटरनेशनल विश्वविद्यालय का एक छात्रवृति घोटाले वाला मामला उजागर हुआ है जिसमे विश्वविद्यालय ने अनुसूचित जाति के छात्रों के सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए हैं ताकि अनुसूचित जाति के छात्रों को आने वाली छात्रवृत्ति को आसानी से लूटा जा सके। विक्रांत चौहान ने कहा कि विश्विद्यालय द्वारा की जा रही इस हरकत के कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है छात्र आगामी शिक्षा लेने और ओरिजनल दस्तावेज न होने के कारण किसी भी परीक्षा फॉर्म भरने के लिए छात्र सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा की त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने विश्वविद्यालय के ऊपर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है अभाविप सरकार के इस निर्णय का स्वागत करती है लेकिन जुर्माना लगाना ही एकमात्र इस समस्या का समाधान नहीं है उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षा माफियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए और ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द होनी चाहिए ताकि ऐसे मामले द्वारा सामने न आए। विक्रांत ने कहा कि इस प्रकार का तानाशाई रवैया शांतिप्रिय राज्य हिमाचल प्रदेश में कतई सहन नहीं किया जाएगा और विद्यार्थी परिषद् मांग करती है कि शीघ्र छात्रों के दस्तावेज उन्हे वापिस किए जाए ताकि छात्रों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने हिमाचल प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है, ऐसे समय में विद्यार्थी परिषद की मांग है कि ऐसे विश्विद्यालयों को चिन्हित करते हुए उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई करते हुए इन शिक्षा माफियों की गिरफ्तारी की जाए और ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द की जाए ताकि भवि ष्य में कोई भी शिक्षा को बेचने की वस्तु समझकर व्यापार ना चलाएं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जयराम सरकार की कैबिनेट ने प्रदेश के हर वर्ग का ख्याल रखा है। उन्होंने कहा मंत्रिमण्डल ने महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित परिवहन क्षेत्र को लगभग 40 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है, जिसके अन्तर्गत स्टेज कैरिज ऑपरेटर के लिए कार्यशील पूंजी पर ब्याज अनुदान योजना शामिल है। इसके तहत प्रति बस 2 लाख रुपये की ऋण राशि और अधिकतम 20 लाख रुपये तक की ऋण राशि बस ऑपरेटरों को कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। ऋण की अवधि 5 वर्ष के लिए होगी, जिसमें एक वर्ष अधिस्थगन अवधि का होगा। इसके अन्तर्गत 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान रहेगा, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। दूसरे वर्ष में ब्याज पर 50 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाएगा, जो राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना पर सरकार की ओर से करीब 11 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा मंत्रिमण्डल ने स्टेज कैरिज, टैक्सी, मैक्सी, ऑटोरिक्शा इंस्टीट्यूशन बसों को भी आवश्यक राहत प्रदान प्रदान करते हुए 1 अगस्त, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक विशेष रोड टैक्स और टोकन के भुगतान पर 50 प्रतिशत की राहत दी है। परिवहन क्षेत्र को इस निर्णय से लगभग 20 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। इस संकट की घड़ी में सरकार ने बेरोज़गारी से लड़ने के लिए मंत्रिमण्डल ने जल शक्ति विभाग को राज्य में 486 पेयजल एवं 31 सिंचाई योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभागीय पैरा वर्कर्स नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों के 2322 पदों को भरने का निर्देश दिया। आईजीएमसी शिमला ट्राॅमा केयर सेंटर व आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक चमियाना के सुचारू संचालन और प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 401 पदों को सृजित कर भरने के अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों के 328 पद आउटसोर्स के आधार पर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने कोविड महामारी के कारण मृत्यु होने पर परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (प्रायोरिटी हाउसहोल्ड कैटेगरी) के अन्तर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। जो कि सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना 2019 में सेवा उद्यमों और सम्बन्धित मालवाहक वाहनों को संयुक्त सम्बन्धित गतिविधियों के रूप में जोड़ने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की स्वीकृति दी। योजना के तहत वर्तमान में संयंत्र तथा मशीनरी में 40 लाख रुपये की अधिकतम निवेश सीमा को बढ़ाकर 60 लाख रुपये तथा वर्तमान में 60 लाख रुपये की कुल परियोजना लागत को अधिकतम एक करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया। इससे युवा आत्मनिर्भर होगा और रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यो से आने वाले लोगों के लिए अब सरकार द्वारा आर टी पी सी आर रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है जिससे प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और पर्यटन व्यवसाय को भी संजीवनी मिलेगी।
विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर 14 जून को शिमला की स्वयंसेवी संस्था उमंग फाउंडेशन सोलन ज़िले की की सूरजपुर पंचायत के साथ मिलकर ग्राम पथेड़ में रक्तदान शिविर लगाएगी। इससे आईजीएमसी ब्लड बैंक में चल रही रक्त की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। उमंग फाउंडेशन की ओर से शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला स्वयं रक्तदान कर शिविर का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत प्रधान ओमप्रकाश शर्मा करेंगे। इस मौके पर ग्रामीणों को रक्तदान और कोरोना महामारी के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संस्था का यह 19वां रक्तदान शिविर है। अर्की तहसील की सूरजपुर पंचायत में पहली बार रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश ने सभी से रक्तदान करने की अपील की है ताकि शिमला के अस्पतालों में भर्ती मरीजों का जीवन बचाया जा सके। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की टीम शिविर में रक्त संग्रह करेगी।
कोरोना के संकट काल में हिमाचल सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना प्रदेश के लाखों जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। इससे लोगों को कोरोना के कठिन समय में घर के खर्चे चलाने में बहुत मदद मिली है। योजना के तहत मंडी जिला में कोरोना काल में मौजूदा लाभार्थियों को समय पर पेंशन प्रदान करने के साथ ही इस अवधि में बड़ी संख्या में नए मामले स्वीकृत कर गरीबों-जरूरतमंदों की सहायता की गई। जिला कल्याण अधिकारी मंडी आर.सी.बंसल बताते हैं कि मंडी जिला में बीते साल भर में 10 हजार 27 नए मामले स्वीकृत कर लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाया गया है। जिला में अब वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन, कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता एवं ट्रांसजैन्डर श्रेणियों में कुल 1 लाख 9 हजार 877 लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में कवर हैं। इसके लिए सालाना लगभग 160 करोड़ रुपये धनराशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया है, जिसमें कोई आय सीमा नहीं रखी गई है। इस निर्णय से वरिष्ठजनों को विशेष लाभ पहुंचा है। अब सरकार ने 65 से 69 साल के आयु समूह में भी पात्र महिलाओं के लिए पेंशन की व्यवस्था की है। धन्यवाद मुख्यमंत्री जी... सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में आए सभी लाभार्थियों ने एकस्वर में मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का आभार जताया है। उनका कहना है कि कोरोना के संकट में भी जन कल्याण को सर्वोपरि रखकर श्री जय राम ठाकुर गरीबों-जरूरतमंदों का सहारा बने हैं। मंडी जिले के वीर तुंगल गांव की रीता देवी बताती हैं कि पिछले साल उनके पति के देहांत के बाद उनके लिए घर का खर्चा चलाना मुश्किल जान पड़ता था, सरकारी पेंशन लगने से यह परेशानी दूर हो गई है। उन्होंने पेंशन लगाने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। वहीं ग्राम पंचायत भरगांव के बुजुर्ग दंपति सेवक राम और संती देवी की तरह ही तल्याहड़ के टेक चंद और प्रेम कुमारी को भी 70 साल की आयु पूरा होने पर सरकारी पेंशन लगी है। उनका कहना है कि इससे घर-गृहस्थी और दवाइयों का खर्चा चलाने में बड़ी सहुलियत हो गई है। बडयार गांव की चिंता देवी और लोहारड़ की कमलेश देवी ने विधवा पेंशन और तल्याहड़ की भाटी देवी भी वृद्धावस्था पेंशन लगने पर सरकार का आभार जताया है। वहीं पहले से योजना का लाभ ले रहे लाभार्थियों ने पूरे कोरोना काल में समय पर पेंशन दिए जाने की पक्की व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया है। क्या कहते हैं जिलाधीश.. जिलाधीश ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर के निर्देशानुरूप मंडी जिला में इस ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि गरीब, जरूरतमंद लोगों को आर्थिक तंगी की वजह से कोई दिक्कत न हो। सभी पात्र तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं। किसको कितनी पेंशन.. बता दें, हिमाचल सरकार ने 70 साल से अधिक आयु और 70 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी है। वहीं अन्य दिव्यांगजनों व विधवा पेंशन 1000 रुपये प्रति माह, जबकि अन्य श्रेणियों में पात्र लोगों को 850 रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही है। 65 साल से ऊपर की पात्र महिलाओं के लिए भी 1000 रुपये महीने की पेेंशन का प्रावधान किया गया है।
स्टूडेंट फ़ॉर सेवा (SFS) हिमाचल प्रदेश द्वारा हिमाचल प्रदेश के पहले रक्तदान मोबाइल ऐप का विमोचन किया गया। यह ऐप्प विमोचन कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से करवाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अध्यक्ष सुनील ठाकुर के स्वागत भाषण से हुआ। स्टूडेंट फ़ॉर सेवा प्रांत संयोजिका आयुशी सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐप आपको आसानी से प्ले स्टोर पर मिल जाएगा। इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए आपको प्ले स्टोर पर लिखना होगा एस एफ एस हिमाचल प्रदेश ब्लड डोनेशन। वहां से इसे डाउनलोड करके आप इसका उपयोग किसी भी कोने से कर सकते हैं। इस ऑनलाइन विमोचन कार्यक्रम में मुख्य रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री जीत सिंह, राष्ट्रीय शोध कार्य प्रमुख आलोक पांडे जी, हिमाचल प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री गौरव अत्री, राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक आशीष शर्मा ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के पूरे प्रांत भर से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
उपमंडल सरकाघाट के निवासी तथा प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य किशोर राणा ने बरच्छवाड के सात वर्षीय कृष ठाकुर के इलाज हेतु आर्थिक सहायता राशि पीड़ित परिवार को सौंपी है। बता दें सात वर्षीय कृष ठाकुर ब्रेन ट्यूमर होने के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। इस बालक के दादा प्रेम ठाकुर भाजपा सरकाघाट के कर्मठ कार्यकर्ता के तौर पर अपनी खास पहचान बना चुके थे पर कुछ वर्ष पहले उनका और उनके पुत्र जितेंदर का देहांत हो गया। परिवार आज बिमारी के जंजाल में फंस कर अपनी सारी जमा-पूंजी खर्च चुका है। जब इस घटनाक्रम का पता किशोर राणा को चला तो वह खुद परिवार की सहायता के लिए उनके घर पहुंच गए। किशोर राणा इस कोविड-19 में अब तक काफ़ी लोगों की सहायता कर चुके हैंc इनके इस योगदान के लिए मुकेश राणा,मधू मोहन ठाकुर,नरेश कुमार, पुर्व प्रधान बरच्छवाड विजय कुमार ने आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने ज्वालामुखी में पत्रकारों को बताया कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के चंगर इलाके के ऐतिहासिक स्थल भीमगोडा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा जिसके लिए जिलाधीश कांगड़ा राकेश प्रजापति से इस ऐतिहासिक स्थल के विकास के लिए धनराशि स्वीकृत करवाई जाएगी उन्होंने बताया कि और भी संसाधनों से इस क्षेत्र का विकास कराया जाएगा ताकि यहां की महत्ता बढ़ सके और यहां पर आने वाले लोगों को यहां पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सके रमेश धवाला ने बताया कि यहां पर एक दंतकथा के अनुसार महाबली भीम की लाठी (एक लकड़ी) खड्ड के पानी में आज भी दिखाई देती है जो सदियों से यहां पानी में पड़ी है ना गलती है न सड़ती है ना कहीं बहती है भारी भरकम इस लकड़ी के टुकड़े को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं और अपनी मान्यता अनुसार यहां पर स्नान करते हैं यहां पर बैसाखी वाले दिन और अन्य कई धार्मिक पर्व स्नान वाले दिनों में भक्तों की काफी संख्या में भीड़ होती है यहां पर मेला भी लगता है और लोग इस पावन तीर्थ स्थल को छोटा हरिद्वार और छोटी काशी के नाम से भी पुकारते हैं यहां पर नहाने से कई पापों का नाश होता है और पुण्य फल प्राप्त होता है यहां कई तीर्थस्थलों के पानी का संगम कहा जाता है।इस ऐतिहासिक स्थल को विकसित करने के लिए क्षेत्र की कई पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने भी उनसे मांग की है और वे इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और शीघ्र ही यहां पर विकास की दृष्टि से काम किया जाएगा यहां पर खड्ड के सभी किनारों पर चेक डैम जैसे बनाए जाएंगे ताकि पानी का बहाव ठीक किया जा सके यहां पर स्नान करने के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग घाट भी बनाए जा सकते हैं ताकि लोगों को सुविधा मिल सके और यहां पर 2 मूर्तियां हैं और भी अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां यहां पर लगाकर लोगों को आकर्षित किया जा सकता है यहां पर छोटी सी सराय और बैठने के लिए रेन शेल्टर आदि की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि दूरदराज से आने वाले लोगों को यहां पर बैठने की व्यवस्था हो सके शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।यहां पर लोग एक तरह से धार्मिक स्थल और पर्यटक स्थल दोनों को मानकर आएंगे। ताकि लोग यहां पर आकर अच्छा समय व्यतीत कर सकें इस मौके पर उनके साथ महात्मा रामनाथ जी ,राम स्वरूप शास्त्री,अनिल कुमार,विजय मेहता आदि भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकल के लिए ‘वोकल’ के नारे को समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर ने सही अर्थों में धरातल पर उतार दिया है। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर में रक्कड़ तहसील के चमेटी गांव की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार इम्यूनिटी बूस्टर संक्रमित मरीजों के घरों तक पहुंचाए। एक तरफ आयुष क्वाथ, तुलसी का शर्बत और तुलसी मधुयष्ठि सिरप जैसे इम्यूनिटी बूस्टर से कोरोना को हराने में मरीजों को मदद मिली, वहीं सेल्फ हेल्फ ग्रुप की महिलाओं की आर्थिकी में भी सुधार हुआ। पराशर ने सवा माह में दो लाख रूपए से ज्यादा के इम्यूनिटी बूस्टर स्वयं सहायता समूह से खरीदे। चमेटी गांव में विश्व पूजिता ग्राम संगठन नाम से 24 महिलाओं का समूह है, जोकि प्राकृतिक तरीके से हर्बल उत्पाद बना रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीवका मिशन व नेशनल अायुष मिशन के संयुक्त तत्वाधान में समूह के उत्पादों में दर्दनाशक तेल, घृतकुमारी जूस, प्राकृतिक शैंपू, तुलसी अर्क, माधव घन जीवामृत, कड़ी पत्ता साबुन, प्राकृतिक गिलोय, आयुष क्वाथ, आंवला कैंडी, हरड़ मरब्बा आैर प्राकृतिक कीट नियंत्रक शामिल हैं। हालांकि बिना खाद व कैमीकल से तैयार इन उत्पादों को लेकर स्थानीय स्तर प्रशंसा हो रही थी, लेकिन बाजार ने मिलने से महिलाओं को उस तरह से आय नहीं हो रही थी, जिसकी मेहनत करने के बाद अपेक्षा महिलाओं द्वारा की जाती थी। सहकार भारती संस्था ने इस विषय के बारे में जब कैप्टन संजय पराशर से जानकारी सांझा की तो न सिर्फ सेल्फ हेल्प ग्रुप के प्रयासों को सराहा, बल्कि उन्हाेंने उत्पादों के बेहतर बाजार उपल्ब्ध करवाने को भरोसा भी दिलाया। कोरोना की दूसरी लहर में पराशर ने सेल्फ ग्रुप द्वारा तैयार सारा सामान खरीद लिया और उन्होंने व उनकी टीम ने विशुद्ध रूप से प्राकृतिक उत्पाद कोरोना की जंग लड़ रहे मरीजों को उपलब्ध करवाए। इतना ही नहीं अब व्यापार को गति देने के लिए इस समूह की वह बेवसाईट भी तैयार करवा रहे हैं। पराशर ने इन उत्पादों की और ग्रुप की सदस्यों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है कि वे इन उत्पादों के आॅनलाइन बिजनेस को खुद बढ़ावा दे सकें। पराशर ने इस समूह को एक कंप्यूटर व एक प्रिंटर इंटरनेट कनेक्शन के साथ निशुल्क दिया है। पराशर ने इस समूह की दो सदस्यों की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी भेंट करवाई। स्वयं सहायता समूह की प्रधान पूजा ने बताया कि पराशर द्वारा समूह को दिया गया योगदान महिला सशक्तीकरण की दिशा में जसवां-परागपुर क्षेत्र केे लिए यह क्रांतिकारी कदम है। वहीं, संजय पराशर ने बताया कि उन्हें पीएम मोदी से प्रेरणा मिली है। कोरोनाकाल के संकट में बड़ी से बड़ी व्यवस्थाएं हिल गई हैं, लेकिन इन्हीं परिस्थितियों में हमने देश ने हमारे गरीब भाई-बहनों की संघर्ष-शक्ति व उनकी संयम-शक्ति का भी दर्शन किया है। हमें न सिर्फ लोकल प्रॉडक्ट्स खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है। बताया कि अगर हम सभी लोकल के लिए वोकल रहें तो ग्रामीण परिवेश में कार्य व मेहनत करने वाले लोग आर्थिक रूप से भी सशक्त हो पाएंगें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने जिला में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों, हेल्थ केयर वर्कर, फ्रन्ट लाइन वर्कर एवं अन्य प्राथमिकता समूहों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए अपना प्रथम टीकाकरण 19 जून, 2021 तक करवा लें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि उक्त सभी समूहों के लिए टीकाकरण की प्रथम खुराक 19 जून, 2021 तक ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समूह के लिए टीकाकरण 19 जून, 2021 तक मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार को किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण सोमवार तथा बृहस्पतिवार को किया जाएगा। इसके लिए 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लाभार्थियों को कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के उपरान्त कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर टीकाकरण तिथि पर जाकर तिथि व स्थान चुनें। तदोपरान्त ओटीपी के साथ जो सन्देश आएगा, को अपने पहचान पत्र के साथ टीकाकरण स्थल पर लाना होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के टीकाकरण के लिए पंजीकरण, टीका लगने से 02 दिन पूर्व किया जाएगा। सोमवार के टीकाकरण के लिए पंजीकरण शनिवार को तथा बृहस्पतिवार के टीकाकरण के लिए पंजीकरण मंगलवार को किया जाएगा। यह पंजीकरण निर्धारित दिवस पर दिन में 2.00 बजे से 2.30 के मध्य किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि जिला में सभी टीकाकरण स्थलों पर कोविड-19 के लिए जारी एसओपी का पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी समूहों से आग्रह किया कि निर्धारित तिथियों पर अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कोविड-19 महामारी के विरूद्ध कारगर सुरक्षा कवच है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि टीकाकरण के उपरान्त भी बचाव नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करंे और बार-बार अपने हाथ अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर से धोते रहें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के बारे में सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर सम्पर्क करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर कोविड-19 से सम्बन्धित समस्या का निवारण प्राप्त किया जा सकता है।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ती पंचायत नलेटी में नवनिर्वाचित पँचायत सदस्यों ने एक बैठक का आयोजन किया । जिसमें कोविड-19,की मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई और भविष्य में इस महामारी से निपटने हेतु एक पँचायत द्वारा टास्क फोर्स का गठन किया गया है ओर गांववासीयों से इस गम्भीर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतने का आह्वान भी किया गया है। लोगों को कोविड-19 सम्बंधित जानकारी पंचायत तक पहुंचने का निवेदन किया गया ताकि समय रहते इलाज न अन्य सुविधाएं मुहैया कराने में मदद मिल सके। पंचायत ने सामुदायिक तौर पर कहा है कि वे अपने लोगों को हर सम्भव मदद करने का प्रयास कर रहे हैं । इसलिए पंचायत का सहयोग करें ताकि इस महामारी से निपटने में मदद मिल सके। इस मौके पर प्रधान अंकुश शर्मा,उपप्रधान संदीप,वरूण , मुकेश ,समाजसेवी पवन बजंरगी ,आशा वर्कर , आंगनबाड़ी,सरकारी स्कूलों के अध्यापकों के सहित महिला मंडल पदाधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी - युवा कांग्रेस कमेटी व महिला कांग्रेस कमेटी जसवां प्रागपुर के संयुक्त तत्वधान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर पूरे प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर डीजल और पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के तहत पेट्रोल पंप डाडा सीबा के समीप सरकार के विरूद्ध संकेतिक विरोध प्रदर्शन किया । इस दौरान युवाओं ने डाडासीबा बाजार से पट्रोल पम्प तक साईकल रैली निकाल कर , पेट्रोल व डीजल में हो रही वृद्धि का विरोध जताया । पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में हो रही लगातार बढ़ोतरी से आम आदमी परेशान है। कांग्रेस का कहना है कि इस वृद्धि के कारण आम आदमी की रोजमर्रा की वस्तुओं के मूल्य में भी लगातार वृद्धि हुई है। आज महंगाई सातवें आसमान पर पहुंच गई है जिसके कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। एक ओर कोरोना महामारी ने लोगों के रोजगार छीन कर कमर तोड़ रखी है तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई ने कसर पूरी कर दी है । भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार दिन प्रतिदिन महंगाई का बोझ लोगों पर डाल रही है। इस महंगाई को रोकने में यह सरकार नाकाम साबित हुई है। एक ओर जहां कड़वे तेल के रेट आसमान छू रहे हैं डबल सेंचुरी मार रहे हैं वहीं दूसरी ओर पेट्रोल व डीजल के साथ साथ, डिपो में मिलने वाले सस्ता राशन भी सरकार ने महंगा कर दिया है। जो सरकार किसानों को 2-2000 रूपये दे रही है उसके बदले में कई गुना ज्यादा उन किसानों से गुप्त रूप से मंहगाई बढ़ाकर वापस ले रही है।इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जसवां प्रागपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमेल ठाकुर, महिला अध्यक्ष अनुराधा ठाकुर, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष कौशल शर्मा, उपप्रधान परमेश्वरी दास शर्मा पंच रीता कुमारी आदि शामिल रहे।
ब्लॉक परागपुर के अंतर्गत पड़ती नलसुहा पँचायत में गुरुवार देर सायें आसामानी बिजली गिरने के कारण उक्त पँचायत के वार्ड-5 निवासी जय सिंह सुपुत्र संत राम के 4 मवेशियों की दुखद मौत होने की खबर प्रकाश में आई है।खबर की पुष्टि एवम अधिक जानकारी देते हुए नलसुहा पंचायत वार्ड 5 के पँच दीपक कुमार ने बताया कि देर शाम उन्हें मामले की जानकारी मिलते ही वह मौके पर उक्त स्थान पर पहुंचे साथ ही पाया आसमानी बिजली गिरने से 4 मवेशी जिसमें 2 गाय एवम 2 बकरियां शामिल है मौत का ग्रास बन चुकी हैं।आपको बता दें गुरुवार शाम उपमण्डल देहरा के अंतर्गत विभिन्न स्थान पर जोरदार वर्षा,तूफान,आसामानी बिजली गिरने से भारी नुकसान हुआ है वहीं बिजली गिरने से नलसुहा पँचायत में भी खासा नुकसान पहुंचा है।वार्ड-5 पंच दीपक कुमार ने कहा कि 4 मवेशियों की अचानक मौत होने से जय सिंह एवम उनके परिवार का लगभग 1 लाख का नुकसान आंका गया है।उन्होंने एसडीएम देहरा धनबीर सिंह ठाकुर एवम समस्त प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस परिवार की ज्यादा से ज्यादा मदद की जाए।
दवा गुणवत्ता के लिए विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन आवश्यक : राज्य दवा नियन्त्रक नवनीत मारवाह
हिमाचल प्रदेश में निर्मित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं दवाओं के नशीले पदार्थों के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। प्रदेश के दवा निर्माताओं के लिए इस मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना आवश्यक है। यह जानकारी राज्य दवा नियन्त्रक नवनीत मारवाह ने दी। नवनीत मारवाह ने कहा कि प्रदेश मेें दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं इनके दुरूपयोग को रोकने के लिए दवा उत्पादन एवं इनके विक्रय के समय पर विस्तृत पग उठाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि राज्य में उत्पादित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता विश्व स्तरीय हो और किसी भी स्तर पर इनका दुरूपयोग न हो सके। राज्य दवा नियन्त्रक ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में जारी अधिसूचना के अनुरूप विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। इस एसओपी के अनुसार उत्पाद लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय दवा निर्माता को लाइसेंस प्राधिकारी के समक्ष दवा विक्रेता के साथ किया गया समझौता एवं दवा लाईसेंस प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उद्योग स्थल से दवाओं को भेजते समय दवा निर्माता को स्थानीय दवा निरीक्षक, सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक एवं उस राज्य के दवा नियन्त्रक को ईमेल के माध्यम से सूचित करना जरूरी है जहां दवाओं का विक्रय किया जाना है। इससे सूचना के आदान-प्रदान में सहायता मिलती है एवं निरीक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि मानक परिचालन प्रक्रिया के सम्बन्ध में दवा निर्माताओं को उचित जानकारी प्रदान की गई है ताकि अनुपालना में कोई कोताही न हो। नवनीत मारवाह ने कहा कि दवाओं के सम्बन्ध में उत्पादकों को प्रदान की जा रही अनुमतियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि दवाओं का दुरूपयोग न हो। उन्होंने कहा कि औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की अनुपालना भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। राज्य दवा नियन्त्रक ने कहा कि मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के साथ-साथ नियमित निरीक्षण भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में औचक एवं नियमित निरीक्षण के लिए दवा निरीक्षकों द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में आवश्यकतानुसार पुलिस की सहायता ली जा रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त दवा उत्पादन सुनिश्चित बनाने एवं दवा संयोजन का नशीली दवा के रूप में दुरूपयोग रोकने के लिए ऐसे दवा निर्माताओं की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जाती है। उन्होंने कहा कि दवा गुणवत्ता एवं दवा संयोजन के नशीली दवाओं के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए मार्च 2019 से राज्य में प्रदेश एवं जिला स्तर पर संयुक्त कार्यबल गठित किया गया है। इस कार्यबल में प्रदेश पुलिस, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो तथा प्रदेश दवा नियन्त्रण प्रशासन के अधिकारियों को सम्मिलत किया गया है। यह कार्यबल ऐसे सभी दवा निर्माता स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित बना रहा है जहां दवा संयोजन का दुरूपयोग हो सकता है। प्रदेश में दवा नियन्त्रक द्वारा औचक निरीक्षण के लिए 05 टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने सोलन, ऊना, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में गत एक सप्ताह में 53 दवा निर्माता इकाईयों का निरीक्षण किया। 43 मामलों में किसी भी तरह का दुरूपयोग नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि 10 मामलों में जांच जारी है। इनमें से 02 मामलों में दवा निर्माण रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अन्य 02 मामलों में भण्डार सील कर दिया गया है तथा 06 अन्य मामलों में रिकाॅर्ड दिखाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नवनीत मारवाह ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को सर्वश्रेष्ठ दवा निर्माता हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए दवा नियंत्रक के माध्यम से आवश्यक पग उठाए जा रहे हैं।
अर्की उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरयांज के दूरदराज के गांव में अभी तक इंटरनेट का सिग्नल ही नहीं पंहुच पाया है। जिसके कारण स्कूली बच्चो को अपनी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चों को अपने गांव से दूर पहाडियों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता है। जिसके कारण बच्चो की शिक्षा पर तो असर पड ही रहा है, वंहा उनके परिजनों को भी जंगली जानवरों खतरा सत्ता रहा है। बता दें कि ग्राम पंचायत सरयांज के अंतर्गत आने वाले गाँव गरुड़ नाग, चुडावली, नलिलान क्वालंग डोलरी, मनोल आदि गाँव अभी भी इनटर्नेट सुविधाओं से वंचित है। उक्त गाँव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चो को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। प्रीति, दीपक, रोहित गौतम, कविता गौतम, पूनम गौतम, ध्रुव, जोगिन्द्र, कमलेश, नीलम, ललिता, उप प्रधान प्रकाश गौतम आदि ने कहा कि पंचायत के अधिकतर गांव में इंटरनेट सुविधा नही है। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। वंही प्रधान रमेश ठाकुर का कहना है कियश विषय उनके संज्ञान में है। इससे सम्बंधित विभाग से बात हुई है जिसके चलते शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा सचिव संजय अवस्थी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अर्की से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी द्वारा कोविड किट बांटने का कार्यक्रम सिर्फ राजनीति से प्रेरित है। पूरा समाज कोविड महामारी से त्रस्त है और ऐसे समय में स्थानीय भाजपा नेता द्वारा इस तरह की राजनीति करना स्वीकार्य नही है। यदि वे जनता के सच्चे हितैषी है तो सर्वप्रथम अर्की विधानसभा क्षेत्र में जो विकास कार्य ठप्प पड़े है ,उन्हें शुरू करवाएं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं। उन्होंने कहा कि आज दाड़लाघाट के सीएचसी का भवन सफेद हाथी बना हुआ है। दाड़लाघाट व जयनगर के डिग्री कॉलेज भवन का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने करीब चार साल हो गए है, मगर अर्की क्षेत्र के लिए यह नेता एक भी नई योजना जनहित में नही ला पाए है।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आयुष विभाग को निर्देश दिए है कि 21 जून को आयोजित होने वाले अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाए ताकि लोग योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। केसी चमन आज यहां अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत इस वर्ष भी अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आयुष निदेशालय द्वारा वर्चुअल लिंक प्रेषित किया जाएगा। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वर्चुअल कार्यक्रम प्रातः 7.00 बजे से 7.45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 19 तथा 20 जून 2021 को जिला आयुष विभाग द्वारा प्रातः 8.00 बजे से 8.45 बजे तक वर्चुअल माध्यम से पूर्व योग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक विभिन्न योग आसनों एवं स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी प्रदान करेंगे। आयुष विभाग द्वारा जूम, फेसबुक तथा यू-टयूब जैसे सोशल मीडिया माध्यमों के लिंक द्वारा यह गतिविधियां करवाई जाएंगी। उपायुक्त ने जिला के सभी कार्यालय प्रमखों को निर्देश दिए कि वे इस लिंक को अपने कर्मचारियों के साथ-साथ विभागीय व्हट्सऐप एवं फेसबुक समूहों के साथ साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग योग दिवस के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के व्हट्सऐप समूह तैयार किए जाएंगे ताकि सभी योग से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के उप कुलपति तथा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से आग्रह किया जाएगा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ने के लिए प्रदान किए गए लिंक को अपने आधिकारिक समूह एवं छात्रों के साथ साझा करें। केसी चमन ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग भी लिया जाएगा। इन्होंने स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न जानकारी के लिए पहले ही व्हट्सऐप समूह तैयार किए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण स्तर तक लोगों को योग गतिविधियों से जोड़ा जा सकेगा। रोटरी क्लब, लाॅयन क्लब, इन्नर व्हील क्लब एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की सेवाएं भी इस कार्य के लिए प्राप्त की जाएंगी। उपायुक्त ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा कोविड-19 पाॅजिटिव होम आईसोलेटिड रोगियों के लिए 02 जून से ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के तहत योग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आयुष घर द्वार कार्यक्रम के तहत जिला सोलन में होम आईसोलेशन रोगियों को 79 व्ह्टसऐप समूहों के माध्यम से योग के माध्यम से स्वस्थ रहने के विषय में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि इन व्हट्सऐप समूहों में अन्य श्रेणियां भी जोड़ी जाएं ताकि प्रत्येक समूह में 100 सहभागी हों। आयुष विभाग की ओर से बैठक में जानकारी दी गई कि विभाग 21 जून, 2021 को सांयकाल में एक आदान-प्रदान सत्र आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस सत्र में हमारे शरीर पर प्राणायाम के प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, वन मण्डल अधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पायुक्त सोलन केसी चमन ने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी विभागों के मध्य उचित समन्वय स्थापित करें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नुकसान को कम किया जा सके। उपायुक्त आज यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी तैयारियों को पूर्ण रखें और यह सुनिश्चित बनाएं कि कोविड-19 प्रोटोकोल की अनुपालना में कोई कोताही न हो। उन्होंने सम्भावित आपात स्थिति से पूरी सजगता के साथ निपटने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपमण्डल स्तर पर मानसून सीजन के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाएं और यह सुनिश्चित बनाएं कि आवश्यकता के समय प्रभवित क्षेत्र में राहत पहुंचाने में विलम्ब न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, नगर निगम सोलन, अन्य शहरी निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में वर्षा काल की तैयारियों के लिए गतिविधियों को शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों तथा जल भण्डारण टैंकों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जल स्त्रोतांे की समुचित क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने माह में कम से कम 02 बार पेयजल नमूनों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल के योग्य न रहे जल स्त्रोेतों के समीप ‘न पीने योग्य पानी’ का बोर्ड स्थापित करने के आदेश भी दिए। नगर निगम सोलन तथा अन्य शहरी निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षा जल के समुचित निकासी के लिए नालियों तथा बड़े नालों में अवरोधों को हटाया जाए क्योंकि अवरोध के कारण एकत्र हुआ जल आपदा का बड़ा कारण बन सकता है। केसी चमन ने कहा कि जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौसम विभाग तथा केन्द्रीय जल आयोग द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं परामर्श का उचित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। यह सुनिश्चित बनाया जाए कि इस सम्बन्ध में जारी चेतावनी लोगों तक शीघ्र पहुंचे। इसके लिए आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा सोशल मीडिया का उचित उपयोग किया जाए। उपायुक्त ने राजस्व, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग तथा हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्थानीय लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्ग, जलापूर्ति योजनाएं विद्युत लाईनें एवं क्षेत्र जो कि भूस्खलन अथवा बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं को चिन्हित किया जाए। उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जनित रोगों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों का भण्डारण समुचित मात्रा में रखें। उन्होंने समुचित मात्रा में क्लोरिन पाउडर तथा गोलियों का भण्डारण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रब टाइफस एवं डेंगू जैसी बीमारियों से निपटने के लिए भी पूरी तैयार रखें और इस सम्बन्ध में लोगों को जागरूक बनाएं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग आवश्यक खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धतता सुनिश्चित करे। नगर निगम सोलन, नगर परिषद नालागढ़, नगर परिषद बद्दी, नगर परिषद परवाणू, नगर पंचायत अर्की तथा नगर पंचायत कण्डाघाट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पेड़ों को चिन्हित करें जिनके गिरने की संभावना है ताकि समय रहते इस दिशा में उचित कार्यवाही की जा सके। केसी चमन ने जिला के सभी उपमण्डलों में उचित स्थानों पर आपदा के समय प्रभावित व्यक्तियों के आश्रय के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, वन मण्डल अधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सोलन में पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा एक मुहीम चलाई जा रही है। विभाग द्वारा क्षेत्र के सभी स्त्रोतों की जल-जाँच संबंधी अभियान चलाया जा रहा है। जल शक्ति विभाग मंडल अधिशासी अभियंता सोलन के दिशा निर्देशों अनुसार समस्त स्कूलों, आंगनबाड़ियों केंद्रों व शहर के जल स्त्रोतों की टेस्टिंग की जा रही है। कोरोना काल में स्वछता को ध्यान में रखते हुए यह मुहीम चलाई गई है। पानी की टेस्टिंग से उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जिसके चलते लोगों तक साफ जल पहुंचेगा। विभाग द्वारा कोरोना संकट में यह सहरानीय कदम उठाया गया है। बता दें कि बीआरसी जय देव व उनकी टीम के द्वारा क्षेत्र के हर गांव व पंचायत में जाकर यह जल जाँच की जा रही है।
आईजीएमसी में दाखिल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दोबारा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. रजनीश पठानिया ने इस बात की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि उन्हें अब अस्पताल के मेक शिफ्ट वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अभी डॉक्टर परामर्श कर रहे है। बता दें कि पहले भी कोरोना संक्रमित होने के बाद वे चंडीगढ़ इलाज करवाने गए थे। चंडीगढ़ से लौटने के बाद पूर्व सीएम आईजीएमसी में दाखिल हैं। यहां पर कार्डियोलॉजी विभाग मैं उन्हें दाखिल किया गया है। जहां पर चिकित्सक उन पर निगरानी बनाए हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब गिरने लगा है। वंही हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद अब इसका असर प्रदेश के पर्यटन विभाग में भी दिखने लगा है। सूबे के पर्यटक शहरों शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते के दौरान अकेले राजधानी शिमला में ही 2500 से ज्यादा पर्यटकों ने दस्तक दी। कर्फ्यू में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ढील और वाहनों से घूमने वालों से पुलिस की ज्यादा रोक-टोक न होने की वजह से अब होटल, टैक्सी व ढाबा संचालकों के पुराने दिन लौटने शुरू हो गए हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने की वजह से न सिर्फ व्यवसायिक संस्थानों में रौनक बढ़ गई है, बल्कि सभी की आमदनी में भी इजाफा होने लगा है। बरहाल प्रदेश में आज होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में रियायतें बढ़ने की संभावना के साथ ही अब राहत की उम्मीद भी जग गई है।
देहरा :जिला कांगड़ा तहसील देहरा के छोटे से गाँव पाइसा के लोकगायक मोहित गर्ग ने अपना एक ओर हिमाचली लोकगीत बनजारू आया हो सारंग स्टूडियो प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दिया है। बता दें कि मोहित गर्ग जिला कांगड़ा के एक मात्र ऐसे लोकगायक हैं जिनके द्वारा गाये गए लोकगीतों को करोड़ों व्यूज मिल रहे हैं । रुनझुनुआं फेम मोहित गर्ग ने एक और काँगड़ी लोकगीत रिलीज किया जिसे संगीत सुशील गोगी ने दिया है और फ्रंटलाइन फ़िल्म से अखिल चौधरी द्वारा फिल्माया गया है। कमल हिमाचली, अंकित राणा व रेणुका रांगड़ा ने इस लोकगीत में अभिनय किया है। मोहित ने बताया कि उनका शुरू से एक ही सपना था कि अपने हिमाचली लोकगीतों को एक नई पहचान दिलवाऊं और मेरे चाहने वालों की बदौलत मेरा वो सपना साकार होता दिख रहा है,क्योंकि जिस तरह लोगों ने मेरे रुनझुनुआं गाने को प्यार दिया है वो सच में काबिले तारीफ है। और मुझे उम्मीद है की जिस तरह मेरे चाहने वालों ने मेरे बाकी गानों को इतना प्यार दिया है उसी तरह इस गाने को भी उतना ही पसन्द करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में डिग्री कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं को लेकर आज कैबिनेट की बइठल में फैसला होगा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षकों, विवि प्रबंधन, छात्रों और अभिभावकों के साथ वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कॉलेज में होने वाली परीक्षाओं को लेकर चर्चा की थी। इस दौरान अधिकांश लोगों ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने पर सहमति दर्ज की थी। इसी बाबत 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की संभावना बढ़ गई है। उधर, फर्स्ट ईयर में दाखिलों के लिए बारहवीं के विद्यार्थियों को अभी इंतजार करना होगा। सीबीएसई की ओर से अंक निर्धारण का फार्मूला अभी तैयार नहीं किया गया है। सीबीएसई का फार्मूला तय होने के बाद प्रदेश सरकार उसमें कुछ संशोधन कर अपना नया फार्मूला तय करेगी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ही दाखिलों की प्रक्रिया शुरू होगी।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। इसमें कोविड-19 के मामले घटने के बाद कोरोना कर्फ्यू में कई रियायतें देने की तैयारी चल रही है, जिनमें राज्य में बसें चलाने को हरी झंडी देना शामिल है। पर्यटकों को भी प्रदेश में आसानी से प्रवेश देने और कुछ राज्यों के लिए आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म करने का मामला बैठक में जाएगा। कोरोना कर्फ्यू का समय घटाने के बारे में भी निर्णय होगा। दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अधिक समय तक खोलने की इजाजत मिल सकती है। हालांकि बैठक में कोरोना का पाजिटिविटी रेट 5 फीसदी तक उतर आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ज्यादा ढील देने के पक्ष में नहीं है। बैठक में कॉलेज परीक्षाओं को करवाने पर भी निर्णय होगा। 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की तैयारी है। निजी बसों पर टैक्स माफ करने का मुद्दा भी बैठक में जाएगा। निजी बस ऑपरेटरों की इस मांग पर सरकार राहत दे सकती है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का दायरा बढ़ाने का एजेंडा और कई अन्य विषय भी बैठक में जाएंगे।
देहरा : जलशक्ति विभाग सुनहेत से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर गांव नेहरन पुखर दयाल वार्ड नंबर 4 में करीब 25-30 परिवार करीब 3 दिनो से लगातार पानी की एक एक बूंद को तरस रहे है। वहीं इस गम्भीर परेशानी से तंग लोगो ने शुक्रवार को जल शक्ति विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। स्थानीय वाशिंदों में प्रदीप कुमार, सुषमा देवी, त्रिशला,संजना, रजिंदर सिंह, विचित्र सिंह,विधि चन्द, रसीला राम, परमजीत कौर, रमेश चंद, संतोष कुमारी, विनायक, रीता कुमारी, रोहित, हरि सिंह,धर्मेंद्र सिंह, कांता देवी, बलदेव राज,रीना कुमारी इत्यादि का आरोप है कि हमारे इलाके मे पानी का सकंट इस कद्र गहरा चुका है की पानी के जुगाड़ हेतु लोग मारे-मारे फिर रहे है तो बेजुबान पशुओ को भी पानी की किल्लत पैदा हो गई है। जिससे हर कोई जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को कोसता हुआ नज़र आ रहा है। वही इनका आरोप है कि माना गर्मियां अब शुरू हुई है। पहले जब सुबह पानी आता था तो एक या दो बाल्टी ही पानी आता था लेकिन पिछले 3 दिनों से पानी नहीं आया है। उन्होंने बताया की 3 दिनों से पानी की बूंद बूंद के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने विभागीय प्रशासन से मांग की है कि तुरन्त स्थिति का जायजा लेते हुए समस्या हल की जाए तो वहीँ कुछ ग्रामीणों का कहना है विभाग को चाहिए की शीघ्र ही पेयजल की सप्लाई बहाल की जाए ताकि हम ग्रामीणों को इस कोरोना कर्फ्यू के दौरान पानी के लिए भटकना ना पड़े।


















































