देहरा :उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने सिविल हस्पताल गरली के लिए एंबुलेंस सेवा प्रदान करने व उसका उद्घाटन करवाने आए थे। जिससे ग्राम पंचायत गरली के प्रधान शशिलता देवी और उप प्रधान सुशांत मोदगिल एवम पंचायत के सभी सदस्य तथा गांव वासियों ने मिलकर उनका स्वागत किया और उनके स्वागत में धरोहर गांव गरली के एक बहुत ही अच्छे आर्टिस्ट ऋतिक वर्मा की पेंटिंग जो कि उन्होंने उद्योग एवम परिवाहन मंत्री की तस्वीर बनाई थी, वह उन्हें भेंट की जिससे मंत्री बिक्रम ठाकुर ने उनकी पेंटिंग की काफी तारीफ की। बता दें कि रितिक वर्मा पहले भी बहुत पेंटिंग बना चुके हैं और बहुत से आर्ट अपने नाम कर चुके हैं। अभी वह हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी देहरा में अपनी फाइन आर्ट्स की शिक्षा ले रहे हैं। उनका कहना है कि वह बहुत ही खुशनसीब इंसान है कि उनकी कला को उनके माता-पिता और पूरा गांव व पंचायत के सभी सदस्य इतना सपोर्ट करते हैं। इसलिए वह चाहते हैं कि वह आगे भी ऐसा काम करते रहेंगे और कई जानी-मानी हस्तियों की पेंटिंग्स बनाते रहेंगे साथ ही उनका कहना है कि उद्योग मंत्री का बहुत ही धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने उनकी पेंटिंग की तारीफ की और उसको स्वीकार किया।
कोट बेजा : सोलन जिला के धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों का निर्माण सामग्री का करीब 2 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान मैटीरियल सप्लायरों का नहीं हो पा रहा है। साथ ही पिछ्ले वर्ष से मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों में लगे मिस्त्रीयो की दिहाड़ी मजदूरी का पैसा भी उन्हे नहीं मिल पा रहा है। और विभिन्न पंचायतों के मैटीरियल सप्लायरों का अपना कार्य चलाना मुश्किल हो गया है वहीं मिस्त्रियो का पैसा ना मिलने से वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहै है। चंडी पंचायत के प्रधान बलवंत ठाकुर ने बताया कि पंचायत कार्यों के निर्माण के लिए मैटीरियल सप्लायरों द्वारा निर्माण सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। जिसमे जनरल फंड का पैसा शीघ्र आ जाता है तथा मनरेगा के मैटीरियल का पैसा चार पांच माह में आता रहा है। लेकिन इस बार बहुत लंबे अरसे से मनरेगा मैटीरियल का पैसा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया है कि मनरेगा में मिस्त्री को मैटीरियल की श्रेणी में रखा गया है। जिसमे मात्र 267 रुपए मिस्त्री की दिहाड़ी लगाने वाले को पिछले वर्ष से अदायगी नहीं हो पा रही है। जिस कारण वश इस महंगाई के इस दोर में मिस्रियों को अपने परिवार के पालन पोषण कि चिंता सता रही है उन्होंने बताया कि एक ओर सरकार प्रशाशन मनरेगा में कार्यों का टारगेट देती रही है वहीं दूसरी ओर सरकार समय पर भुगतान नहीं कर रही है । बलवंत ठाकुर ने बताया कि कई बार इस मुद्दे को लेकर प्रशाशन के समक्ष उठा चुके है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ माह से लंभित पडे कार्यों का सीमेंट भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एवं पंचायती राज मंत्री श्री विरेन्द्र कंवर से मांग कि है कि पिछले वर्ष के लंबित पैसों का भुगतान किया जाए.उधर इस विषय में विकास खंड अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री ने बताया कि मनरेगा मैटीरियल , मिस्रियों की पेमेंट नहीं हुई है जैसे ही हमारे पास पैसा आता है खातों में डाल दिया जाएगा
जसवां परागपुर :उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के गरली में आम जनमानस की सहायता एवं सुविधा के लिए एंबुलेंस भेंट की। जन कल्याण सभा के माध्यम से इस एंबुलेंस को उद्योग मंत्री ने सिविल अस्पताल गरली में लोगों को समर्पित किया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि दिन-रात उनके कार्यकर्ता लोगों के संपर्क में रहे और हर संकट में लोगों का साथ देने का उन्होंने कार्य किया। जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र की हर पंचायत को सैनिटाईज करवाने के साथ सभी बूथों ने लिए राहत सामग्री इस दौरान उन्होंने उपलब्ध करवाई। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र के लोगों को यह एंबुलेंस और होम आईसोलेट उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके अतिरिक्त भविषय में भी यदि किसी प्रकार की आवश्यकता जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को होगी तो उसकी पूर्ती के लिए वह संकल्पबद्ध हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को कोरोना संकट से बाहर निकालने के लिए सरकार फ्रंट फुट पर डट्टी रही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वयं जिलों का दौरा कर कोरोना की तैयारियों का जायजा लिया और उन्हें सुदृढ़ करने के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि ऐसा समय मानवता की सेवा का समय होता है और सरकार के हर तबके ने इसमें पूरी निष्ठा से अपना सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अनेक स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं का बहुमूल्य योगदान सरकार और समाज को मिला, जो कि सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और समाज के प्रयासों से आज हम इस संकट को नियंत्रित कर पाने में सफल हो पाए हैं। लेकिन भविषय में कभी ऐसा संकट न खड़ा हो उसके लिए समाज को सजग रहकर कोरोना नियमों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा और अवसर मिलने पर सभी अपका टीकाकरण जरूर करवांए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विपणन सीजन 2021-22 के लिए सभी निर्धारित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गत दिवस नई दिल्ली में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस संबंध में निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। पिछले वर्ष की तुलना में धान का एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,940 रुपये जबकि ए ग्रेड धान का मूल्य 1,888 रुपये से बढ़ाकर 1,960 रुपये किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मक्की का एमएसपी 1,850 रुपये से बढ़ाकर 1,870 रुपये किया गया है। उन्होनें कहा कि किसानों को इन फसलों को व्यापक स्तर पर उगाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा मांग व आपूर्ति में संतुलन बनाने के लिए श्रेष्ठ तकनीकों तथा कृषि अपनाने के लिए सभी बीजों, दालों तथा मोटे अनाजों के एमएसपी को पुनः निधारित करने के लिए गत वर्षों के दौरान ठोस प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष प्रदान किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 9,26,963 पात्र किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस वर्ष नवम्बर माह तक पात्र परिवारों को निःशुल्क राशन प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज चलौंठी में रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन शिमला की ओर से जरूरतमंद लोगों को राशन वितरित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा जरूरतमंद लोगों को भोजन व रोजमर्रा की वस्तुओं वितरित की जा रही है, जिसके तहत आज उन्होंने तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन की ओर से 50 जरूरतमंद लोगों को राशन किट वितरित की, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को 7.50 किलो चावल, डेढ़ किलो मिक्स दाल, आधा लिटर अमूल दूध, एक किलो चीनी व चार किलो आटा वितरित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में लोगों के सहयोग से गरीबों व जरूरतमंद लोगों को पका भोजन के साथ-साथ राशन आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकी है। उन्होंने रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा समय-समय पर सेवा का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जोकि अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इंजनघर और चलौंठी वार्ड में आज सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत होम आइसोलेशन में रह रहे लोेगों को प्रदेश सरकार की 40 होम आइसोलेशन किट प्रदान की। संजौली में बनने वाले ओवर ब्रिज के कार्य का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित एजेंसी को इसके जल्द निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस ब्रिज का गुणवत्तायुक्त सामग्री के साथ जल्द निर्माण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर महापौर नगर निगम सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री गगन लखनपाल, पार्षद आरती चैहान, पार्षद राजेन्द्र चैहान, रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन शिमला की प्रधान श्रीमती डोलमा छेरिंग, रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन के सदस्यगण, जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा संजीव चैहान (पिंकु), जिला महामंत्री युवा मोर्चा अनीश चैपड़ा, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा गौरव सूद, संजय अग्रवाल, जिला सचिव अजय सरना, महामंत्री जिला अनुसूचित जाति मोर्चा एम.एस. बगानिया, मीडिया प्रभारी कल्पी शर्मा, मीडिया प्रभारी शिमला मण्डल लता चैहान एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नीति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों के अकादमिक कलस्टर स्थापित किए जाएंगे और बाल्य शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के और विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा को लागू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बहु विषयक विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय में और अकादमिक विभागों की स्थापना की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में 11 नए विभाग शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 भारत को पुनः विश्व गुरू के रूप में स्थापित करने में बहुत सहायक होगी। यह विद्यार्थियों को रोजगार प्रदाताओं के रूप में स्थापित करेगी। इस दिशा में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर व्यवसायिक कोर्स करवाए जा रहे हैं। वर्तमान में 964 विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है और भविष्य में अधिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नए पाठ्यक्रम में हिमाचल की संस्कृति पर आधारित विषय भी शामिल किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए विषय क्षेत्रीय भाषाओं में विषयों को तैयार किये जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें आपदा में अवसर तलाशने का मौका दिया है और शिक्षा विभाग ने इस दिशा ने कई विशेष कार्य किए हैं। वर्तमान में अधिकतर बच्चों को तकनीक के माध्यम से वर्चुअली शिक्षा प्रदान की जा रही है। भविष्य में भी बच्चों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य वीरेंद्र शर्मा ने शिक्षा मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। बैठक में जुड़े टास्क फोर्स के सदस्यों ने प्रस्तुति दी। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति सिकन्दर कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
सोलन : डॉ यशवंत सिंह औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में पिछले दिनों, चार नए वैधानिक अधिकारियों ने कार्यभार संभाला। इसमें निदेशक अनुसंधान, विस्तार शिक्षा निदेशक, छात्र कल्याण अधिकारी और लाइब्रेरियन शामिल है। अर्थशास्त्री डॉ रविंदर शर्मा ने विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान के पद का कार्यभार संभाला। इससे पूर्व डॉ शर्मा विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक के पद पर कार्य कर रहे थे। उनके स्थान पर कीट वैज्ञानिक डॉ दिवेन्द्र गुप्ता ने विवि के विस्तार शिक्षा निदेशालय में निदेशक के पदभार संभाला है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के सत्यानन्द स्टोक्स पुस्तकालय में सब्जी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ हेम राज शर्मा ने लाइब्रेरियन के पद पर जॉइन किया। किट वीज्ञान विभाग के डॉ जेके डूबे ने विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संगठन में स्टूडेंट वेलफ़ैरऑफिसर के रूप में जॉइन किया है।
दाड़लाघाट: पोंटा साहिब से ट्रांसफर होकर आए नायब तहसीलदार इंदर कुमार ने सब उपमंडल दाड़लाघाट की उप तहसील में पहुंचकर बतौर नायब तहसीलदार अपना कार्यभार संभाल लिया है। दाड़लाघाट में इससे पहले नायब तहसीलदार का कार्यभार बंसत लाल राजटा देख रहे थे, जिनकी सेवानिवृत्त होने के बाद इंदर कुमार को नियुक्त किया गया है। कार्यभार संभालने के बाद नायब तहसीलदार इंदर कुमार ने कहा कि सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने काम में पारदर्शिता बरतें और समय पर काम निपटाएं, ताकि उप तहसील में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों के कामकाज पूरी लगन मेहनत के साथ पहल के आधार पर किए जाएंगे। यदि फिर भी किसी व्यक्ति को कोई परेशानी आती है,तो उनसे सीधा संपर्क कर सकते है। नायब तहसीलदार इंदर कुमार ममलीग के गांव शारडाघाट के रहने वाले हैं। इंदर कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग में सेवाएं चुनौतीपूर्ण काम होता है, लेकिन बावजूद इसके पूरी लग्न व निष्ठा से स्थानीय लोगों को राजस्व संबंधी अपनी सेवाएं देंगे। उप तहसील दाड़लाघाट में नए नायब तहसीलदार के कार्यभार संभालने के बाद जहां उपतहसील कार्यो को निपटाने में गति मिलेगी, वहीं लोगों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी विकासात्मक योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार व कांगरी धार में पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा व दाड़लाघाट क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने की बात कही तथा लोगों से अपील भी की कि वह नियमों का पालन करें तथा बिना वजह घरों से बाहर न निकले।
नालागढ़ : सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) में औद्योगिकीकरण की गति के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ एवं आबोहवा को शुद्ध रखने के लिए वन विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में नालागढ़ वन मण्डल द्वारा योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। नालागढ़ वन मण्डल द्वारा बीबीएन क्षेत्र में गत 02 वर्षों में यह सुनिश्चित बनाया गया है कि एक ओर जहां वन भूमि से अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए वहीं दूसरी ओर हरित आवरण में भी वृद्धि की जाए। गत 02 वर्षों में वन मण्डल नालागढ़ के अन्तर्गत 67 हैक्टेयर (889 बीघा) वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। वर्ष 2019-20 में वन परिक्षेत्र अधिकारी नालागढ़ तथा वन खण्ड अधिकारी सैनीमाजरा में अपनी टीम के साथ क्षेत्र के मगनपुरा, बीड प्लासी एवं सैनीमाजरा क्षेत्रों में अतिक्रमण के 29 मामलों में कार्यवाही कर 46 हेक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया है। वर्ष 2020-21 में ढेरोवाल क्षेत्र में अतिक्रमण के 17 मामलों का निपटारा किया गया और 21 हैक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया। वन भूमि की सुरक्षा के लिए मुक्त करवाई गई भूमि की चेन लिंक फेन्सिग करवाई गई है। नालागढ़ वन मण्डल द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त करवाई गई 46 हैक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण किया गया और 34 हजार 600 पौधे रोपित किए गए। शेष 21 हैक्टेयर वन भूमि पर इस वर्ष पौध रोपण किया जाएगा। अतिक्रमण के 06 अन्य मामले नालागढ़ वन मण्डल के वन मण्डलाधिकारी के समक्ष लम्बित हैं। इनमें भी शीघ्र ही निष्कासन आदेश जारी कर अतिक्रमण हटाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाएगी। वन मण्डलाधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि अपने अधिकार क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाना और वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करना विभाग का मुख्य दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए औचक निरीक्षण के साथ-साथ नियमित गश्त सुनिश्चित बनाई जाती है। बीबीएन क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए यह आवश्यक है कि क्षेत्र के पर्यावरण को स्वच्छ रखा जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को साफ-सुथरी आबोहवा के लिए जाना जाता है और वन विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए वन खण्ड अधिकारी सैनीमाजरा सोमनाथ एवं वन रक्षक बीड प्लासी तरसेम लाल को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। यशुदीप सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वन भूमि पर अवैध कब्जे के सम्बन्ध में सम्बन्धित क्षेत्र के वन अधिकारी सूचित करें ताकि इस दिशा में त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जा सके।
दाड़लाघाट : उप तहसील दाड़लाघाट के अंर्तगत आने वाली बरायली, दाड़लाघाट, रौडी पंचायत के लगते गांव डवारु, शमेली, ककेड, बुडमो, गवाह, मझेड, नौणी, स्यार, खाता, रौडी, बटेड,पछिवर में भाजपा नेता व हिमको फेडरेशन के चेयरमैन रत्न सिंह पाल ने एक दिवसीय दौरे के दौरान कोरोना पीड़ित मरीजों को होम आइसोलेशन किटें प्रदान कीं साथ ही उनका हाल चाल भी जाना। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार और प्रशासन उनकी हर सम्भव मदद के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने कहा कि इस आपदा की स्थिति में लोगो की सहायता के लिए आगे आयें, इस विषय को राजनैतिक दृष्टिकों से न देखें। इस दौरान बरायली पंचायत की प्रधान रीता शर्मा, उपप्रधान कृष्ण चंद भट्टी, रौडी पंचायत की प्रधान रीना शर्मा, दाड़लाघाट पंचायत के प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, स्नेहलता, सरोज गौतम, बसंत लाल, हीरा देई, पवन कुमार, जगदीश्वर शुक्ला, बालकराम शर्मा, पवन गौतम, मदन शर्मा, नरेश शर्मा सहित तीनों पंचायत के वार्ड सदस्य मौजूद रहे।
दाड़लाघाट : दाड़लाघाट क्षेत्र के व्यस्त रहने वाले एनएच 205 अम्बुजा चौक पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। दाड़लाघाट अम्बुजा चौक पर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने चार सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं।इसका कंट्रोल रूम पुलिस थाना दाड़लाघाट में बनाया गया है। पुलिस थाने की देखरेख में कंट्रोल रूम का संचालन होगा। यहां से अम्बुजा चोक, बिलासपुर व शिमला हाईवे में आने जाने वालों की पुलिस की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रहेगी। अम्बुजा चोक सहित बस स्टैंड व एसबीआई बैंक की तरफ से घूमने वाले हर वाहन व हर आने-जाने वाला सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा। हाई क्वालिटी के कैमरे में 50 मीटर तक दायरे में हर वस्तु स्पष्ट नजर आएगी।नियंत्रण कक्ष में कैमरे में कैद हर गतिविधि का रिकार्ड रहेगा।इससे अपराधिक मामलों को तुरंत सुलझाने में सहूलियत मिलेगी।इसके साथ ही दाड़लाघाट में आए दिन बढ़ रही सड़क दुर्घटना,चोरी,तस्करी आदि की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यहां स्थापित किए जाएंगे सीसीटीवी:- एक कैमरा शालाघाट स्थित शिमला बिलासपुर मार्ग पर लगाया जायेगा।इस कैमरे से विभिन्न रूटों से आने जाने वाले वाहनों पर पैनी नजर रहेगी। इसके अलावा एक कैमरा कुनिहार के बीच लगाया जाएगा। मनचलों पर कसेगा शिकंजा:- पुलिस ने ये कैमरे अम्बुजा चौक के बिल्कुल मध्य में जहां पर लोगों की ज्यादा आवाजाही रहती है वहां पर स्थापित किए हैं।इससे छात्राओं, युवतियों व महिलाओं को आने जाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नही होगी। दाड़लाघाट में अम्बुजा चौक में चार सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए है। जबकि शालाघाट व कुनिहार में भी तीसरी आंख की नजर रहेगी। इसकी प्रक्रिया दाड़लाघाट से शुरू हो गई है और कंट्रोल रूम दाड़लाघाट थाना में बनाया गया है।
दिल्ली में बढ़ती गर्मी की तपिश से राहत पाने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा शिमला पहुंच गई हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा चंडीगढ़ से सड़क मार्ग होते हुए बुधवार शाम को शिमला के समीप छराबड़ा स्थित अपने आशियाने में पहुंचीं। शाम को प्रियंका ने मौसम और अपने आशियाने के आसपास सैर की। वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और उनका बेटा मनजीत भी यहां उनसे मुलाकात के लिए पहुंचे थे। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी का घर शिमला से 13 किलोमीटर दूर और समुद्र तल से 8 हजार फीट की ऊंचाई पर है। घर को पहाड़ी शैली में बनाया गया है। इंटीरियर में देवदार की लकड़ी से सजावट की गई है। मकान के चारों तरफ हरियाली और पाइन के खूबसूरत पेड़ हैं। सामने हिमालय के बर्फ से ढके पहाड़ नजर आते हैं। छराबड़ा एक टूरिस्ट प्लेस है। प्रियंका के घर पर स्लेट मंडी का ही लगा है। इससे पहले, शैली पसंद न आने पर निर्माणाधीन मकान को तुड़वाया भी गया था। जंजैहली घाटी के मुरहाग निवासी ठेकेदार प्यारे राम ने प्रियंका के मकान के निर्माण का ठेका लिया था।
देहरा :' मेरा ध्येय सर्वेभवन्तु सुखिना है तथा इसी भावना के साथ जसवां -परागपुर समेत पूरे प्रदेश की सेवा करना चाहता हूं। प्रभु कृपा से कोरोना काल में हमने हजारों लोगों तक अपनी पहुंच सेवा के माध्यम से बनाई है। कोशिश है कि हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचे तथा सभी सुखी हों।' यह शब्द प्रसिद्ध समाजसेवी तथा वीआर मेरीटाइम कंपनी के सीईओ एवम नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य संजय पराशर ने परागपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मूहिं के सूहिं गांव में कहे। किडनी की बीमारी से जूझ रहे गांव के उत्तम चंद का कुशलक्षेम जानने आए पराशर ने कहा कि हम जितना मर्जी विकास और उन्नत्ति की बातें कर लें, लेकिन जब तक गांव का सर्वांगीण विकास नहीं होगा, देश अपेक्षाकृत आगे नहीं बढ़ सकता। युवाओं को रोजगार मिले तो गांव खुद विकास के रास्ते पर आगे निकलेंगे। हमने जमीनी स्तर पर रोजगार के लिए काम शुरू कर दिया है। जसवां परागपुर के दर्जनों युवाओं को मर्चेंट नेवी की नौकरी दिलवाई है। इस साल 500 उच्च शिक्षित युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे हम पूरी शिद्दत से पूरा करेंगे। पराशर ने कहा कि डाडासिबा तथा रक्कड़ में हमारे कार्यालय स्थानीय युवाओं के लिए नौकरी की सूचनाओं का आधार बने हैं। यह लम्बा रास्ता है, अतः रोजगार के लिए हमारे प्रयास निरन्तर बढ़ते जायेंगे। पराशर ने सेना से सेवानिवृत्त अध्यापक मुकंद लाल शर्मा, तथा हरियाणा सरकार में एजी रमन कुमार शर्मा से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के एक विद्यार्थी को चुनें, जिसे वह किसी बड़ी यूनिवर्सिटी में अपने खर्चे पर पढ़ाएंगे । बच्चे के उज्ववल भविष्य के लिए वे सब कुछ करेंगे जो उनसे होगा। पराशर ने कहा कि ऐसा नहीं है कि यह शरुआत एक साल के लिए ही होगी। आने वाले 25-30 सालों तक हम अलग अलग क्षेत्रों से ऐसे बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा लेंगे जो पढ़ने में दक्ष हैं, लेकिन आर्थिक मजबूरियों के कारण अपने उद्देश्य तक नहीं पहुंच पाते। हिमाचल में रोजगार के अवसरों के लिए उनके पास मास्टर प्लान है। तथा इस प्लान को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर समेत संघ के बड़े नेताओं के सामने रख चुके हैं। उम्मीद है हमारी पहल पर सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे। कहा कि युवाओं के रोजगार के लिए पूरा प्रदेश किस तरह औद्योगिक हब बने इसके लिए मेहनत की जरूरत है। हालांकि यह कार्य मुश्किल नहीं है । केवल इच्छाशक्ति की जरूरत है जिसे हम करके दिखायेंगे। पराशर ने उनसे मिलने आए लोगों का आह्वान किया कि हम एक विज़न के साथ मैदान में हैं,जिसे पूरा किए बिना ना रुकेंगे ना थकेंगे। कहा कि जरूरत के समय में जब भी लोग आवाज लगाएंगे,वे उनके बीच हाजिर रहेंगे। बता दें कि संजय पराशर कोरोना काल में पूरे हिमाचल की आवाज बनकर उभरे हैं।कोरोना संक्रमण की दूसरी तेज लहर के बीच लोगों को अस्पतालों में जरूरी दवाईयों की कमी ना हो इसके लिए लगभग 3 करोड की दवाईयों समेत हजारों ऑक्सिमिटर, पीपीई किट,ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर तथा राशन के रूप में राहत सामग्री लोगों के घर घर जाकर वितरित कर चुके हैं।पराशर के साथ उनकी धर्मपत्नी सोनिका पराशर भी लगातार जनसेवा में लगीं हुई हैं। पराशर अब तक छह विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी प्रदान कर चुके हैं।
उपमंडल देहरा में आयुष घर द्वार कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत हुआ जिसमे 120 प्रतिभागियों ने दो भागों में शामिल होकर लाभ उठाया । इस कार्यक्रम के प्रथम चरण की सफलता के बाद जिला कांगड़ा के देहरा उपमंडल में दूसरे चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु उपमंडल देहरा के सभी आयुष चिकित्सको ,फार्मासिस्टों एवम् उनके द्वारा जुड़े लाभार्थियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। उनके धन्यवाद के साथ साथ विशेष आभार एवम् आदर धन्यवाद अर्पित किया गया। जिनके दिशानिर्देश एवम् मार्गदर्शन में यह संभव हो पा रहा है । इनमे उपनिदेशक आयुष कांगड़ा डॉक्टर सुनीत पठानिया ,जिला आयुर्वेद अधिकारी अंजली शर्मा, आर्ट ऑफ लिविंग से श्वाति देवी और विजय लक्ष्मी द्वारा सभी प्रतिभागियों को योग प्राणायाम करवाए जा रहा है। उपमंडल आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ बृज नन्दन शर्मा ने बताया कि पहले चरण में आयुष विभाग द्वारा घर पर रह रहे कोविड रोगियों को प्राणायाम करवाए। जिसके बहुत आशातीत परिणाम आए और अब इस चरण में सभी लोग, जो भी आयुष विभाग द्वारा संचालित व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होगा वो सभी प्रतिभागी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। प्रतिदिन, अलग अलग व्याधि के अनुसार योग प्राणायाम करवाए जा रहे हैं। सभी से अनुरोध है कि वे इस प्रयास को सराहें और अधिक से अधिक लोग एसमें शामिल हों।
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बेटी की लव मैरिज से खफा उसके परिजनों ने ससुराल वालों की जमकर पिटाई की है । बेटी के घरवालों ने पंजाब से आकर हमीरपुर में परिवार पर यह कहर बरपाया है। ससुराल के तीन लोगों के सिर फोड़ दिए और पूरे शरीर पर बुरी से तरह से जख्म दिए। जानकारी के अनुसार, हमीरपुर के वार्ड-5 के युवक ने लुधियाना की लडकी से लव मैरिज की। इसके बाद दोनों घर आ गए। लडकी के परिजनों को इनकी शादी पर एतराज था। इस वजह से आधी रात को परिजनों ने हमीरपुर आकर ससुरालियों से मारपीट की। घायलों में पिता प्रेम चंद, भाई सुमित कुमार, बहन ज्योति कुमारी का उपचार टांडा मेडिकल कालेज में चल रहा है। वहीं, नवविवाहित युवती को वह साथ ले गए हैं। प्रत्यषदर्शियों के अनुसार, रात करीब ढाई बजे पंजाब के लुधियाना से बीस लोगों ने पहुंच कर मारपीट की है। लोगों ने डडे लिए थे और दरवाजा नहीं खोलने पर दरवाजा और खिडकियां भी तोड़ डाली। बाद में परिवार वालों से मारपीट की, गंभीर रूप से घायल हुए तीनों लोगों को हमीरपुर मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया। जहां से उन्हें हालत बिगडने पर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हमीरपुर पुलिस ने भी मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हमीरपुर एचएचओ प्रशांत ठाकुर ने बताया कि आधी रात को मारपीट की घटना हुई है और इस घटना में तीन लोगों को गंभीर रूप से चोटें पहुंची है, जिनका इलाज चल रहा है। आरोप है कि मायका पक्ष के लोगों ने मारपीट की है और लडकी को साथ ले गए हैं। पुलिस ने 452,323 और 147,149, 427 आइ्रपीसी धारा के तहत मामला दर्ज किया है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
देहरा :मानसून सीजन आरंभ होने से पहले आपदा से बचाव के लिए देहरा उपमंडल में प्रशासन ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। उपमंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम खोला जाएगा ताकि आपदा से त्वरित प्रभाव से निपटा जा सके। यह जानकारी एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने वीरवार को एसडीएम कार्यालय देहरा में मानसून सीजन में आपदा से निपटने की पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। एसडीएम ने कहा कि सभी विभागों को मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलदारों और खंड विकास अधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों तथा वालंटियर्स के साथ आपदा प्रबंधन को लेकर आवश्यक बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी नियमित तौर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए भी उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे ताकि आम जनमानस पहले से ही मौसम को लेकर अलर्ट रहें। उन्होंने कहा कि देहरा उपमंडल में भू-स्खलन एवं खड्डों/नालों से जुड़ी संवेदनशील सड़कों एवं अन्य जगहों की सूची पहले से तैयार की जाए तथा भू-स्खल या खड्डों इत्यादि से होने वाले नुक्सान को कम करने की दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग तथा विद्युत विभाग को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जेसीबी मशीनें और आवश्यक उपकरण भी पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सड़कों में पानी की निकासी इत्यादि की भी उचित व्यवस्था की जाए और शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नालों तथा गंदे पानी की निकासी के लिए निर्मित नालियों की भी उचित सफाई की जाए। एसडीएम ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी पेयजल भंडारण टैंकों की सफाई तथा पानी का क्लोरीनेशन किया जाए ताकि लोगों को शुद्व पेयजल उपलब्ध हो सके और जलजनित रोगों से भी बचाव किया जा सके। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग को भी आपदा की स्थिति में आवश्यक खाद्य वस्तुओं का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं किया जाए। इस अवसर पर डीएसपी देहरा अंकित शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग कुल्दीप सिंह राणा, बीडीओ देहरा डाॅ. स्वाती गुप्ता, तहसीलदार जसवां अंकित शर्मा, तहसीलदार देहरा अमर सिंह, तहसीलदार रक्कड़ अमित कुमार, बीएमओ ज्वालामुखी डाॅ. प्रवीण कुमार, एसएमओ देहरा डाॅ. गुरमीत सिंह, बीडीओ नगरोटा सूरियां राज कुमार, एसडीओ लोक निर्माण विभाग परागपुर राजन अग्रवाल, एसडीओ जल शक्ति विभाग परागपुर संजीव राणा, नायब तहसीलदार डाडासीबा अभिराय सिंह, खाद्य निरिक्षक लवनीत डोगरा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कुनिहार :अर्की उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरयांज के दूरदराज के गांव में अभी तक इंटरनेट का सिग्नल ही नहीं पंहुच पाया है। जिसके कारण स्कूली बच्चो को अपनी आनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चो को अपने गांव से दूर पहाड़ियों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता है। जिसके कारण बच्चो की शिक्षा पर तो असर पड़ ही रहा है लेकिन बच्चो के अभिवाको को इस बात का डर हमेशा रहता है कि बच्चे जंगल में जाकर शिक्षा ग्रहण कर तो रहे है लेकिन वंहा जंगली जानवरों का भी हमेशा खतरा बना रहता है। इसलिए गांव के कुछ लोग बच्चो के साथ रहते है। गाँव में इंटरनेट सुविधा न होने की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि गाँव में कोई बीमार पड़ जाए तो दूरभाष पर सम्पर्क करना मुश्किल हो जाता है। इसके अतिरिक्त किसी परिजन से भी बात करनी हो तो बड़ी ही मशक्कत के बाद फोन का सिग्नल तलाशना पड़ता है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1985 86 में विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत सूरजपुर से कुछ क्षेत्र काटकर ग्राम पंचायत सरयांज बनाई गई थी। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2005 -6 में सरयांज में एक निजी कम्पनी का टावर लगा दिया गया। लेकिन अभी भी उक्त टावर का सिग्नल बहुत से गाँव तक नही पंहुच पा रहा है। ग्राम पंचायत सरयांज के अंतर्गत आने वाले गाँव गरुड़ नाग, चुडावली ,नलिलान क्वालंग डोलरी ,मनोल आदि गाँव अभी भी इनटर्नेट सुविधाओं से वंचित है। जिस कारण उक्त गाँव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रीति, दीपक, रोहित गौतम, कविता गौतम,पूनम गौतम, ध्रुव ,जोगिन्द्र, कमलेश ,नीलम ,ललिता ,उप प्रधान प्रकाश गौतम आदि ने कहा कि पंचायत के अधिकतर गांव में इंटरनेट सुविधा नही है। बच्चो कि शिक्षा प्रभावित हो रही है सिग्नल न होने के कारण बच्चे जंगलो में जाकर पढ़ाई करते है। सरकार गांव कि इस समस्या के बारे में सुध ले व् शीघ्र इंटरनेट टावर लगाये। प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि यह विषय मेरे संज्ञान में है व् सम्बंधित विभाग से इस बारे में बात हुई है। इस बाबत मुझे आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा ।
दसवीं और बारहवीं कक्षा सहित कॉलेजों के मेधावी विद्यार्थियों को अब सरकार लैपटॉप की जगह टैब देगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के मेधावियों के लिए शिक्षा विभाग ने टैब खरीदने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल से मंजूरी लेने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। उधर, शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन इसकी खरीद कर रहा है। तीन बार कंपनियों की ओर से टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के चलते इसकी तारीख को दोबारा से बढ़ा दिया गया है। अब 22 जून को इस बाबत टेंडर खोले जाने हैं।
प्रदेश में 25 जून के बाद हो सकती है कॉलेजों में फाइनल ईयर की परीक्षा, कैबिनेट की बैठक में होगा फैसला
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू हो सकती हैं। शिक्षा विभाग ने कैबिनेट की मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव भेज दिया है। 11 जून को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। कॉलेजों के अधिकांश शिक्षकों, बच्चों के अभिभावकों और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की मांग की है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों और विवि प्रबंधन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान अधिकांश ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की पैरवी की। इसको लेकर बुधवार को शिक्षा विभाग ने सरकार को 25 जून के बाद परीक्षाएं करवाने के लिए मंजूरी देने को प्रस्ताव भेजा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि हम परीक्षाएं करवाने के लिए तैयार हैं। उधर, शिक्षा मंत्री ने बताया कि 11 जून की कैबिनेट बैठक में इस बाबत प्रस्ताव लेकर जाएंगे। सरकार की मंजूरी के बाद अंतिम फैसला लेंगे।
शिमला : एसजेवीएन द्वारा आज कारपोरेट मुख्यालय, शिमला में तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया गया, जिसमें 1700 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। लाभार्थी व्यक्तियों में एसजेवीएन के कर्मचारी, विभिन्न ठेकेदारों द्वारा तैनात संविदात्मक कामगार, सुरक्षा कर्मी एवं स्टाफ, उनके परिवार के पात्र सदस्य तथा आसपास के लोग शामिल थे। एसजेवीएन के सीएमडी नन्द लाल शर्मा ने बताया कि इस विशेष टीकाकरण अभियान का उद्देश्य वैश्विक महामारी की दूसरी लहर का सामना करने में एसजेवीएन का एक प्रयास है। इसके अतिरिक्त वैक्सीन की पहुंच लोगों तक स्थापित करने में यह अभियान एसजेवीएन का एक योगदान है। इस प्रकार के कार्य कोविड-19 के उन्मुलन के लिए सरकार के विज़न के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिए एसजेवीएन द्वारा की गई पहलों की श्रृंखला में से एक है। विशेष टीकाकरण अभियान को आरंभ में दो दिनों के लिए योजनाबद्ध किया गया था, जिसे स्थानीय लोगों से अत्याधिक प्रतिभागिता मिली और इस अभियान को और एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया। शर्मा ने बताया कि 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी तथा 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशनों में 13 एवं 14 जून को और दो विशेष टीकाकरण शिविरों को लगाने की योजना है। इसके अतिरिक्त हमीरपुर में धौलासिद्ध जलविद्युतपरियोजना के लिए भी एक टीकाकरण शिविर शेड्यूल किया जा रहा है। इस विशेष टीकाकरण अभियान का आयोजन फोर्टिस हेल्थकेयर, मोहाली के सहयोग से किया गया है। एसजेवीएन के परियोजना अस्पतालों के डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टॉफ भी इस टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मुख्य सचेतक और शिमला जिला के जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा के पैतृक गांव जाकर उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की। नरेन्द्र बरागटा का हाल ही में चण्डीगढ़ में निधन हो गया था। उन्होंने स्व. नेता के पुत्र चेतन बरागटा और ध्रुव बरागटा से संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र बरागटा के बागवानी क्षेत्र और जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विकास के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि बरागटा क्षेत्र के लोगों के कल्याण के प्रति सदैव तत्पर रहे। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, 15 वें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सत्पाल सत्ती, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज, विधायक राकेश जम्वाल, सुभाष ठाकुर, विनोद कुमार, इन्द्र सिंह गांधी और रीना कश्यप, मुख्यमंत्री के ओएसडी मोहिन्द्र धर्माणी, एपीएमसी शिमला किन्नौर के उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, महासचिव, बाल कल्याण परिषद् पायल वैद्य व राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डेजी ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थी।
पालमपुर: दुनिया भर में सेल्फ़ी ब्रिज के नाम से मशहूर बंदला का कंडी ब्रिज जल्द नई सूरत में नज़र आएगा। इसके समीप शहीद सौरभ वन विहार ही एकमात्र पर्यटक स्थल है। जहां पर्यटक देश विदेश से पहुँचते हैं। बॉलीवुड की कई हस्तियों ने 1987 से निर्मित इस ब्रिज पर फ़िल्मों के गानों को फ़िल्माया है। पिछले वर्ष शहीद विक्रम बत्रा पर बन रही फ़िल्म शेरशाह के गाने की शूटिंग भी यंही हुई थी, जो अगले माह जुलाई में रिलीज़ हो सकती है। कलाकार सिद्धार्थ मल्होत्रा एवं अभिनेत्री कियारा आडवाणी पर गाना फ़िल्माया है। 1987 से बने इस ब्रिज को मरम्मत व साज सजा की ज़रूरत है। इसको लेकर बुधवार को विधायक आशीष बुटेल ने पार्षदों समेत इस ब्रिज का निरीक्षण किया और इसकी मरम्मत का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसका उद्घाटन किया था, वर्तमान में ब्रिज को देखने कई पर्यटक आते हैं। इस बाबत इस ब्रिज की मरम्मत का कार्य और सौन्दर्यकरण का कार्य जल्द आरम्भ करवाया जाएगा। साथ ही स्ट्रीट लाइट का प्रावधान भी करवाया जाएगा।
कोविड कर्फ्यू के दौरान बेशक सारा प्रदेश थम गया है। लेकिन नशा माफिया बेरोकटोक अपना काम कर रहा है। नशा माफिया नशे की खेप को एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने में लगा हुआ है। थाना हरोली के तहत गांव बाथड़ी के निकट टोल टैक्स बैरियर के पास हरोली पुलिस ने गश्त के दौरान दो युवकों से 4.40 ग्राम चिट्टा बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। जानकारी के अनुसार पुलिस रूटीन चेकिंग कर रही थी तो एक वाहन चालक को चेकिंग के लिए रोका गया तो वो घबरा गया। पुलिस ने शक के आधार पर जब गहनता से जांच की गई तो तलाशी के दौरान आरोपितों के पास से चिट्टा बरामद किया गया। पुलिस ने गौरव पुत्र निवासी भडोलिया खुर्द व अरुण दुबे निवासी मलाहत को गिरफ्तार करके एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी ऊना अर्जित सेन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नशा माफिया के खिलाफ कारवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस थाना घुमारवीं के तहत गांव अंदरोली डाकघर छत में जहरीला पदार्थ निगलने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान शक्ति सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है की शक्ति सिंह ने गलती से कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे बरठीं स्थित अस्पताल लेकर आए। उसके बाद उसे आइजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। जहां उसकी मृत्यु हो गई। डीएसपी घुमारवीं अनिल ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है।
पुलिस थाना भवारना की टीम ने मंगलवार को गश्त के दौरान परौर के जंगल में दो व्यक्तियों से 1 किलो 212 ग्राम चरस बरामद की है। भवारना पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इस दौरान परौर के समीप जंगल में दो व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में देखा। पूछताछ के दौरान दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने जब उनके बैग की तलाश ली तो चरस बरामद हुई। पुलिस ने 34 वर्षीय रामलाल व 40 वर्षीय श्याम ¨सह निवासी पद्धर जिला मंडी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। डीएसपी अमित कुमार शर्मा ने बताया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ छेड़ा गया अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
कुल्लू: दिनदहाड़े बैंक में चोरी करते पकड़े चोर, भागते हुए चोरों ने एक व्यक्ति पर किया जानलेवा हमला
जिला कुल्लू में सुबह ही सनसनीखेज वारदात सामने आई। कुल्लू के पतलीकूल क्षेत्र के दवाड़ा स्थित ग्रामीण बैंक शाखा में चोरों ने चोरी करने का प्रयास किया। हालांकि चोर चोरी करने में सफल नहीं हो पाए और स्थानीय लोगों ने चोरों को पकड़ लिया। चोरी करते हुए जब एक व्यक्ति ने उन्हें देख लिया तो शातिरों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। शोर मचाने पर चाेर व्यक्ति को छोड़कर वहां से भाग निकले, लेकिन लोगों ने उन्हें दबोच लिया। बताया जा रहा है बैंक में नौ लाख 97 हजार की नकदी मौजूद थी। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह दवाड़ा के पास सैर करने निकले स्थानीय निवासी हरि सिंह ठाकुर सैर के लिए निकले थे तो उन्होंने बैंक के अंदर लोग कुछ हरकत करते हुए पाए। उन्होंने नजदीक जाकर देखा तो देखा बैंक के पास कुछ लोग चोरी करने का प्रयास कर रहे थे। इस पर शोर मचाना शुरू किया। शोर मचाने पर चोरों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान दो लोगों ने हरी सिंह ठाकुर पर भी हमला कर दिया। इस हमले में हरी सिंह के बाजू में चोटें आई हैं। इसके बाद स्थानीय लेाग आए और चोरों को पकड़ लिया। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पहुंचकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों स्थानीय निवासी हैं। चोरों ने साथ लगती वेल्डिंग की दुकान से वेल्डिंग सेट व अन्य औजार चोरी करने के लिए लाए थे। उधर मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कि अभी जांच चल रही है।
हिमाचल प्रदेश में किसानों और बागवानों को अब तरल नैनो यूरिया खाद भी मिलेगी। अब खेतों और बगीचों में यूरिया की बोरी नहीं, बल्कि बोतल में भर कर तरल खाद पहुंचाई जाएगी। 40 किलो बोरी की जगह अब 500 एमएल यानी आधा लीटर तरल खाद बोतल में मिलेगी। जहां 40 किलो की बोरी एक एकड़ जमीन में इस्तेमाल होती है, वैसे ही एक बोतल नैनो यूरिया 215 लीटर पानी में मिलाकर भी एक एकड़ जमीन में डाली जाएगी। इससे फसल पैदावार तो बढ़ेगी ही, प्रदूषण से भी बचेंगे और मालभाड़ा भी सरकार और किसानों का कम होगा। एक माह के भीतर किसानों-बागवानों को तरल यूरिया खाद मिलनी भी शुरू हो जाएगी। गौरतलब है की प्रदेश में हर साल करीब 42 हजार टन इफ्को यूरिया खाद की आपूर्ति करती है। इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी विशाल शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों सहित फील्ड में नैनो यूरिया के कुल 312 सफल परीक्षण हो चुके हैं। इनके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं। प्रदेश के किसानों और बागवानों को एक माह के भीतर नैनो यूरिया की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस यूरिया से सात फीसदी अतिरिक्त फसल हासिल की जा सकती है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आते ही अब अस्पतालों में ओपीडी की व्यवस्था शुरू हो गई है। टांडा मेडिकल कॉलेज में भी लंबे समय बाद करीब सभी ओपीडी शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार पहले टांडा मेडिकल कॉलेज में बने मेक शिफ्ट अस्पताल में कोविड मरीजों के उपचार के लिए ज्यादातर डॉक्टर ड्यूटी दे रहे थे। इस कारण टांडा में ज्यादातर ओपीडी बंद पड़ी थी और कोरोना के अलावा अन्य मरीजों को निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा रहा था। टांडा अस्पताल में केवल इमरजेंसी में ही मरीजों को देखा जा रहा था। मगर अब अस्पतालों और जिला कांगड़ा में कोरोना के मामलों में भारी कमी आई है। अस्पतालों में भी अब बेहद कम संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। जिस कारण अब डॉक्टर फिर से अस्पताल में अन्य मरीजों की ओर ध्यान दे रहे हैं। इस समय टांडा मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन, ऑर्थो , बच्चों, ईएनटी आदि की ओपीडी शुरू की जा रही है।
जिला कांगड़ा के उपमंडल देहरा के अंतर्गत बनखंडी के हड़ियाल गांव की सोनिका शर्मा का चयन भारतीय सेना में एम.एन.एस लैफ्टिनैंट के पद पर हुआ है जिससे पूरे क्षेत्र में काफी खुशी का माहौल है। बनखंडी के हड़ियाल गांव की सोनिका शर्मा ने लैफ्टिनैंट बनकर अपने गांव तथा प्रदेश का नाम रोशन किया है। सोनिका शर्मा की पोस्टिंग जम्मू में हुई है। बतौर लैफ्टिनैंट अब वे जम्मू में अपनी सेवाएं देंगी। प्राप्त जानकारी अनुसार सोनिका शर्मा जिला बिलासपुर से हैं। उनकी शादी बनखंडी के हड़ियाल गांव के अरुण चंदेल से हुई है। सोनिका शर्मा इससे पहले गुरुग्राम में एक प्राइवेट अस्पताल में बतौर स्टाफ नर्स काम करती थीं और उनके पति प्राइवेट कंपनी में इंजिनियर हैं। 2017 में उन्होंने कमीशन का एग्जाम दिया था जिसका रिजल्ट अब निकला है जिसमें वो उतीर्ण हुईं हैं। सोनिका शर्मा ने बताया कि वह अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, माता पिता, पति, सास-ससुर तथा परिजनों को ही देती है। वहीं सोनिका शर्मा के पति अरुण चंदेल, ससुर पवन कुमार और दादा गणपत राम चंदेल को सोनिका शर्मा की इस उपलब्धि पर काफी नाज है और वह इस कामयाबी से बहुत गौरवपूर्ण महसूस कर रहे हैं।
दाड़लाघाट :वन खंड अधिकारी दानोघाट व वन परिक्षेत्र दाड़लाघाट के कर्मचारियों ने वन मंडल अधिकारी कुनिहार एचके गुप्ता के निर्देशानुसार पंचायत सेवड़ा चंडी के गांव बड़ोग में लोगों को तेंदुए के आतंक से सावधानियां बरतने की हिदायत दी है। ज्ञात रहे कि इन दिनों गांव बड़ोग में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। वन खंड अधिकारी सत्य देव शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव बड़ोग तथा आस पास आजकल ग्रामवासियों ने कई बार तेंदुए को घूमते हुए देखा है। शिकायत मिलने पर वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव बड़ोग के ग्रामीणों से अपील की है कि ग्रामीण सावधानीपूर्वक अपना कार्य करें,ताकि जंगली जानवरों से किसी भी प्रकार के जान माल का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि बच्चों व बजुर्गों को घर से बाहर अकेले मत भेजें, वहीं खेतों में कार्य करने के लिए व घासनी में घास काटने के लिए समूहों में बाहर निकलें व शोर मचाते हुए ही बाहर जाएँ, हो सके तो कुछ दिनों तक रात के समय घर से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर रात को पटाखे व ढोलक का उपयोग करें, ताकि शोर सुनकर जंगली जानवर अन्य स्थान के लिए भाग जाए। सत्य देव शुक्ला ने कहा कि अगर रात के समय घर से बाहर जाना ही पड़े, तो उपलों व जलती हुई लकड़ी का उपयोग करें, अगर किसी को भी जंगली जानवर दिखता है तो न ही उसे मारे व न ही उससे किसी भी प्रकार की शरारत करें,क्योंकि ऐसा करने पर जंगली जानवर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारी के निर्देशानुसार गांव बड़ोग के लोगों को सावधानियां बरतने की हिदायत दी गई। इस मौके पर वन खंड अधिकारी दानोघाट सत्य देव शुक्ला,वन रक्षक चंडी बीट संजय कुमार,पूनम कुमारी,वन कर्मी टेक चंद मौजूद रहे।
शिमला :सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट कोरोना संकट में लगातार अपने सेवा कार्य चलाए हुए है। विभिन्न प्रकार के माध्यमो से सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर में लोगों की सेवा कर रही है। इसी कड़ी में आज ट्रस्ट द्वारा कोरोना संकट में आर्थिक मंदी से जूझ रहे टैक्सी चालकों की सहायता हेतु सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने मदद के हाथ आगे बढ़ाएं है। आज शिमला के जुब्बड़हट्टी में ट्रस्ट द्वारा टैक्सी यूनियन के चालकों को राशन सामग्री वितरित की गई। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति पर खासा असर पड़ा है। जहां एक तरफ व्यवसाय बंद होने की वजह से बहुत से लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है वही ऐसे दिन रात टैक्सी चलाकर अपना जीवन यापन करने वाले टैक्सी चालकों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ऐसे सभी जरूरतमंद लोगों की सहायता करने हेतु तत्पर है। ट्रस्ट के सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने कहा की आज जुब्बड़हट्टी में कुल 17 परिवारों को ट्रस्ट द्वारा राशन सामग्री वितरित की गई है। ट्रस्ट ने सभी टैक्सी चालकों को यह विश्वास भी दिलाया है की इस संकट की घड़ी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट उनके साथ खड़ा है। इसके अलावा भी यदि उनको किसी भी प्रकार की मूल सहायता की आवश्यकता पड़ी तो वे ट्रस्ट से संपर्क कर सकते हैं।
जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन द्वारा वर्ष 2020-21 में एक वर्ष के निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुदेश धीमान ने आज दी। सुदेश धीमान ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 02 युवाओं को प्रवेश दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश राज्य युवा बोर्ड द्वारा आयोजित करवाया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए इच्छुक युवा 25 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन में आवश्यक प्रमाण पत्रों सहित आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। सुदेश धीमान ने कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षणार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रशिक्षणार्थी की शैक्षणिक योग्यता जमा दो होनी अनिवार्य है। तथा उसके घर से कोई भी व्यक्ति सरकारी या अर्धसरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। प्रशिक्षणार्थी के घर की वार्षिक आय 02 लाख से कम होनी चाहिए। ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। प्रशिक्षणार्थी जिला सोलन का स्थायी निवासी होना चाहिए। जिन प्रशिक्षणार्थियों ने पहले कम्पयूटर प्रशिक्षण प्राप्त किया हो वह इस प्रशिक्षण शिविर के लिए आवेदन न करें। उन्होंने कहा कि उक्त शर्तों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक युवा दिनांक 25 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन में उक्त प्रमाण पत्रों सहित आवेदन कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-223462 पर किसी भी कार्यदिवस पर सम्पर्क किया जा सकता है।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय के कुलपति पर एक बार फिर नियमों को ताक पर रखकर पिछले दरवाजे से नौकरियां बाटने का आरोप लगाया है। कुलपति ने पहले भी करोना काल में गुप चुप तरीके से सहायक आचार्यों के पद भरने का प्रयास किया था। इसके विरुद्ध एनएसयूआई ने आवाज उठाई और उन्हें पीछे हटना पड़ा। हिमाचल में करोना के चलते 14 जून तक सभी शैक्षणिक संस्थान बन्द किए गए है। ऐसे में विश्व विद्यालय ने माइक्रो बायोलॉजी, इतिहास विषय में छटनी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। कुलपति का यह रवैया हिमाचल के अनेकों छात्रों के विश्वास का घात कर रहा है। एनएसयूआई अध्यक्ष ने कुलपति से यह मांग की है कि वह बताए की ऐसी कौन की मजबूरी आन पड़ी है कि उन्हें नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए अयोग्य उम्मीदवारों को पदा सीन करना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई राज्यपाल महामहिम को पत्र सौंपकर ऐसे भ्रष्ट कुलपति को हटाने कि मांग करेगी। और इन अवैध नियुक्तियों को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी । इस से पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन को एनएसयूआई की पहल पर उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय से फटकार लगा कर घुटने के बल गिरा चुके हैं। सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी को देखते हुए आम छात्र न्यायालय पर ही उम्मीद लगाये हुए हैं ।
पद्मश्री अवार्डी मिल्खा सिंह की देखभाल आजकल हिमाचल के हमीरपुर की रहने वाली कोरोना योद्धा डॉ. शिवानी चंदेल कर रही हैं। डॉ. शिवानी चंदेल पीजीआई चंडीगढ़ के मेडिसन विभाग में विशेषज्ञ के पद पर सेवारत हैं। इसी अस्पताल में भारत के सबसे तेज धावक रहे मिल्खा सिंह उपचार के लिए भर्ती हैं। कोरोना संक्रमण के कारण तबीयत खराब होने पर मिल्खा सिंह को गत दिवस पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती किया गया है। डॉ. शिवानी चंदेल की माता बीना कपिल हमीरपुर नगर परिषद और चबूतरा जिला परिषद वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। बीना कपिल वर्तमान में हिमाचल भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में हैं। बीना कपिल ने कहा कि उनकी बेटी कोरोना महामारी के इस दौर में पीजीआई चंडीगढ़ में सेवाएं दे रही हैं, जोकि गर्व का विषय है। कैप्टन मिल्खा सिंह का उपचार करने वाली शिवानी चंदेल हमीरपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने अपने स्कूल स्तर की शिक्षा हमीरपुर के एक निजी स्कूल में ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा कांगड़ा से एमबीबीएस की पढ़ाई की। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक हमीरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊहल में सेवाएं दीं। लेकिन इसी बीच उनका चयन पीजीआई चंडीगढ़ में स्नातकोत्तर के लिए हो गया। यहां पर एमडी मेडिसन की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. शिवानी चंदेल पीजीआई चंडीगढ़ में ही सेवाएं दी रही हैं। वे यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों को विभिन्न बीमारियों के लक्षण और उनसे बचाव समेत स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करती रहती हैं।
कोविड-19 महामारी के संकटकाल में विशेष रूप से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को आर्थिक संबल प्रदान करने का सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि मनरेगा के माध्यम से न केवल विकास कार्यों को गति मिले अपितु समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो ताकि संकट के इस समय में जरूरतमंद व्यक्तियों की समय पर सहायता हो सके। जिला प्रशासन सोलन ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रयास कर रहा है कि मनरेगा के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों का आर्थिक सहारा बना जाए। मनरेगा विकासात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करने का माध्यम भी बन रहा है। वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के माध्यम से सोलन जिला में विभिन्न विकास कार्यों पर लगभग 28 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस अवधि में जिला के पांचों विकास खण्डों में 09 लाख 98 हजार 111 श्रम दिवस अर्जित कर 1310 विकासात्मक कार्य पूर्ण किए गए हैं। 5803 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भूमि विकास, व्यक्तिगत डंगों इत्यादि एवं जल संरक्षण निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी 05 विकास खण्डों में मनरेगा के तहत कार्य कार्यान्वित किए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों में न केवल गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है अपितु निर्माण सामग्री की उपलब्धतता भी समय पर सुनिश्चित बनाई जा रही है। जिला के धर्मपुर विकास खण्ड में वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत 234 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए जबकि 1312 विकास कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। इन कार्यों पर लगभग 07 करोड़ रुपए व्यय किए गए। धर्मपुर विकास खण्ड में इस अवधि में 256240 श्रम दिवस अर्जित कर अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। कण्डाघाट विकास खण्ड में लगभग 02 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च कर 184 विकास कार्य पूर्ण किए गए। विकास खण्ड में 732 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। कण्डाघाट विकास खण्ड में 120703 श्रम दिवस अर्जित किए गए। कुनिहार विकास खण्ड में इस समय अवधि में मनरेगा के तहत 236 निर्माण कार्य पूरे किए गए जबकि 1165 कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। इस अवधि में कुनिहार विकास खण्ड में 179401 श्रम दिवस अर्जित किए गए और लगभग 05 करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान किया गया। नालागढ़ विकास खण्ड में मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों पर वित्त वर्ष 2020-21 में 7.39 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस अवधि में नालागढ़ विकास खण्ड में 257476 श्रम दिवस अर्जित कर 447 विकास कार्यों को पूर्ण किया गया। 1695 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। सोलन विकास खण्ड में वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 184291 श्रम दिवस अर्जित किए गए। यहां 209 विकास कार्य पूर्ण किए गए जबकि 899 विकास कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। यहां इस अवधि में लगभग 05 करोड़ 05 लाख रुपए व्यय किए गए। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अनुराग चन्द्र शर्मा ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के समय में जिला प्रशासन मनरेगा के माध्यम से विकास कार्यों को गति प्रदान करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कह कि वित्त वर्ष 2020-21 में सोलन जिला में 2344 परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूर्ण किया है। जिला में इस अवधि में 20156 आवासों के 28523 व्यक्तियों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार वं स्वरोजगार के विभिन्न अवसर सृजित करने में सहायक बन रहा है वहीं कोविड-19 महामारी के संकट समय में ग्रामीणों के लिए आशा की किरण भी बनकर उभरा है।
हिमाचल करूणामुलक संघ का एक प्रतिनिधि मण्डल ने जोगिंदरनगर में हिमाचल सरकार के केबिनेट जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को करूणामुलक नौकरीयों संबंधित ज्ञापन सोंपा व आगामी कैबिनेट में भी इस मुद्दे को उठाने की मांग की। इस दौरान कुलदीप, रंजीत, विनोद, पंकज, सुनील , श्याम सिंह, अक्षय इत्यादि करुणामूलक आश्रित मौजूद रहे। कुलदीप कुमार ने बताया कि करूणामुलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। जबकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में 4500 से ज्यादा मामले है प्रभावित परिवार करीब 15 साल से नौकरी का इंतजार कर रहें है। उन्होने बताया कि कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार दर दर की ठोंकरें खाने को मजबुर है। हिमाचल में इस तरह के सैंकड़ो मामले है ,जहां 15 साल बीत जाने के बाद भी आश्रितों को नौकरी नही मिल पाई है। हर रोज़ कार्यालयों के चक्कर लगा रहे लेकिन आश्वासन के सिवा आज दिन तक कुछ हाथ नही लगा है। करूणामुलक आश्रितों का कहना है कि उनके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी नही करता है इन के परिवारों की आर्थिक स्थिती अच्छी नही है सभी करूणामुलक आश्रितों ने प्रशासन व प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि आगामी कैबिनेट में करूणामुलक नौकरीयों पर सरकार उचित फैसला लें । मुख्य मांगे :- 1) समस्त विभागों, बोर्डों, निगमों में लंबित पड़े करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नोकरियों के केसों को जो 7/03/2019 की पॉलिसी मे आ रहे हैं उनको One Time Settlement के तेहत सभी को एक साथ नियुक्तियाँ दी जाएं | 2) करुणामूलक आधार पर नोकरियों वाली पॉलिसी में संसोधन किया जाए व उसमे 62500 की राशि एक सदस्य सालाना आय सीमा शर्त को पूर्ण रूप से हटा दिया जाए 3) योग्यता के अनुसार आश्रितों को बिना शर्त के सभी श्रेणीयो में नौकरी दी जाऐ ! 4) 5% कोटा शर्त को हटा दिया जाए ताकि विभाग अपने तोर पर नियुक्तियाँ दे सके 5) जब किसी महिला आवेदक की शादी हो जाती है तो उसे पॉलिसी से बाहर किया जाता है इस शर्त को भी हटाया जाए 6) जिनके कोर्ट केस वहाल हो गए हैं उन्हे भी नियुक्तियाँ दी जाए बता दें कि करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के मामला दिन प्रतिदिन जोर पकड़ता जा रहा हैं पर अभी तक सरकार अपना रवैया स्पष्ट नही कर पाई है। जबकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में करुणामूलक के लंबित करीब 4500 से ज्यादा मामले पहुंचे हैं और प्रभावित परिवार करीब 15 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। प्रमुख विभागों में लंबित करुणामूलक मामले गृह विभाग 400 से अधिक आईपीएच 350 से अधिक लोक निर्माण विभाग 500 से अधिक बिजली बोर्ड लगभग 790 वन कॉर्पोरेशन लगभग 150 पुलिस विभाग लगभग 400 एलीमेंटरी शिक्षा लगभग 300 उच्च शिक्षा लगभग 125 वन 200 से अधिक स्वास्थ्य लगभग 200 जल शक्ति विभाग लगभग 350
बलद्वाडा: सरकाघाट के बलद्वाड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भांम्बला के गांव बतैल -जाहू के जाने माने वैद्य बरडू राम का निधन हो गया, आज दिनांक 08/06/21 सुबह 4:15 बजे दिल का दौरा पड़ने से बतैल गांव के वैद्य बरडू राम तहसील बलद्वाडा जिला मंडी का आकस्मिक निधन हो गया। वे पिछले कल ही 96 वर्ष के हुए थे। उन्होंने 15 साल की आयु से आज तक वैद्य के रूप में समाज की भरपूर सेवा की व हजारों पक्षाघात व दूसरी बीमारियों के रोगियों का सफल उपचार किया। आज उनका आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हैं।
कुनिहार :पुलिस पेंशनर एसोसिएशन ने सरकार व पुलिस महानिदेशक से मुख्य मांगो पर विचार करने का किया आग्रह
कुनिहार :मंगलवार को पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार ने त्रैमासिक वर्चुअल मीटिंग प्रधान धनीराम तंनवर की अध्यक्षता में कार्यकारणी पदाधिकारी गुरदयाल चौधरी ,जगदीश चौहान ,पुष्पा सूद ,आशा राणा ,संतराम चंदेल, केदार ठाकुर, श्यामलाल ठाकुर ,लेख राम काईथ, राजेंद्र शर्मा ,मुनि लाल चौहान ,दीप राम ठाकुर ,श्यामलाल भाटिया ,पतराम पंवर, रुप राम ठाकुर, रती राम शर्मा इत्यादि ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार व पुलिस महानिदेशक से गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। मुख्य मांगों में पुलिस कैंटीन को फौजी तर्ज पर मोबाइल कैंटीन के तौर पर हर थाना क्षेत्र में तारीख फिक्स करके सस्ता सामान उपलब्ध करवाना क्योंकि बहुत से पेंशनर इस हालत में नहीं है कि वह जिला की पुलिस लाइन से सामान प्राप्त करें। पुलिस पेंशनर व कर्मचारियों के बच्चों के लिए फौजी तर्ज पर पुलिस भर्ती में कुछ स्थान आरक्षित करना। पुलिस विभाग में काफी समय से हवलदार के पद पर 14,15 साल रहना पड़ता है तब कहीं जाकर उसको अगले पद के कोर्स करने के लिए भेजा जाता है जिसके कारण उसे उचित समय पर प्रमोशन नहीं मिलती क्योंकि इस समस्या से अपने कार्यकाल के दौरान हम में से भी बहुत से लोगों ने इसे झेला है। क्योंकि विभाग ने सीधी भर्ती बहुत ज्यादा शुरू कर रखी है। कुछ महीने पहले एसोसिएशन ने मीडिया के सहयोग से आशा रानी की शिकायत पर पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया था कि बहुत ही दुख की बात है कि इनके पति स्वर्गीय राजकुमार जो पुलिस कार्यालय सोलन में कार्यरत थे उनकी बीमारी के कारण डेढ़ साल पहले निधन हुआ मगर आज तक इस विधवा गरीब महिला को अपने पति के आर्थिक लाभ नहीं मिले किसी भी प्रकार की पेंशन जीपीएफ ग्रेचटी एक पैसा नहीं मिला जिसकी फाइल सोलन और शिमला के दफ्तरों में अब भी चक्कर काट रही है। यह अपने पति के पूरे अधिकारों से वंचित है। इसके 2 बच्चे हैं जिनकी पढ़ाई भी बंद हो चुकी है व इसे सरकारी क्वार्टर से भी निकाल दिया गया। अब यह महिला अपने बच्चों के साथ दर-दर भटक रही है मगर पुलिस विभाग इसके केस को गंभीरता से नहीं सुलझा रहा है। बैठक में कहा गया कि अगर इसके केस का फैसला 15 दिन के अंदर नहीं होता है तो एसोसिएशन मजबूर होकर मुख्य न्यायालय में याचिका दायर करेगी।
पालमपुर :कायाकल्प संस्थान पालमपुर के प्रशासक एवम मुख्य चिकित्सा अधिकारी आशुतोष गुलेरी ने बताया कि जो लोग कोरोना को हराकर वापिस आएं हैं उनकी शारीरिक क्षमता कमजोर हो जाती है इसलिये उन्हें अपने काम पर वापिस आने पर दो या तीन महीने अपनी मासपेशियों पर ज्यादा जोर नहीं देना चाहिये क्योंकि इससे उनके दिल पर ज्यादा जोर पड़ने से उन्हें और समस्याओं से झूझना पड़ सकता है। आशुतोष गुलेरी ने बताया कि लोकडाउन के कारण भी घरों में रहकर लोगों में मोटापे और मानसिक तनाव की समस्या आ रही है जिसके लिए उन्हें निरंतर योगाभ्यास और प्राणायाम करना चाहिए। बता दें कि कोरोना काल में कायाकल्प में लोग अपने शारीरिक असंतुलन का उपचार यहां उपलब्ध नेचुरोपैथी, फिजियोथेरेपी तथा पंचकर्मा विधियों से करवा रहे हैं। जहाँ बिना सुई और बिना चीरे के इलाज हो रहा है। आहार थैरेपी, चुम्बकीय थैरेपी तथा एक्यूप्रेशर का भी यहां इस्तेमाल किया जाता है। जो लोग बाहरी क्षेत्रों से आकर अपना इलाज करवा रहें है उन्हें रहने, खाने पीने तथा दवाइयों की पूरी सुविधा मात्र 900 रुपये से शुरू हो जाती है। हर व्यक्ति चाहे वह इनडोर इलाज करवा रहा है या आउटडोर उन्हें इलाज में वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत, बी पी एल परिवारों को 25% तथा अंत्योदय को 100 प्रतिशत छूट है। कायकल्प संस्थान द्वारा शुरू की गई फेसबुक लाइव स्ट्रीम पर भी योगा तथा प्राणायाम की ट्रेनिंग ली जा सकती तथा लोग संस्थान आकर विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श ले सकते हैं।
हिमालय की ऊंची बर्फीली चोटियों पर पाए जाने वाले और विलुप्त हो रही मोनाल प्रजाति के संरक्षण के लिए खुशखबरी आई है। पहली बार एकसाथ तीन मोनाल का प्रजनन मनाली स्थित वाइल्ड लाइफ विभाग के नेहरू फिजंटरी एवं मोनाल प्रजनन केंद्र में हुआ है। मोनाल के तीनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। बताया जा रहा है कि मनाली के प्रजनन केंद्र में दूसरी बार मोनाल का प्रजनन हुआ है। हालांकि, पिछले दो वर्षों में प्रजनन न होने से वन्य जीव विभाग की चिंता बढ़ गई थी। अरण्यपाल अजीत ठाकुर ने बताया कि मनाली के नेचर पार्क के साथ नेहरू फिजंटरी एवं मोनाल प्रजनन केंद्र में पहली बार तीन मोनाल हुए हैं। एशिया में पहली बार मोनाल का प्रजनन किया गया है। दो मोनाल यहां नैनीताल चिड़ियाघर भेजे गए हैं। डीएफओ कुल्लू राकेश कुमार ने कहा कि वनकर्मी मान सिंह ने आखिरकार मोनाल का प्राकृतिक तौर पर प्रजनन करवाने में सफल हुए हैं। हर वर्ष हजारों सैलानी नेहरू फिजंटरी में मोनाल को देखने के लिए आते हैं।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के भराड़ी क्षेत्र के एक गांव में जब माता-पिता ने 13 साल की बच्ची को मोबाइल चलाने से रोका तो उसने ज़हर खा लिया। बच्ची को प्राथमिक उपचार के लिए परिजन जाहु ले गए। जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भोरंज अस्पताल रेफर किया गया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतिका के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोमवार को वह काम के लिए गए थे। दोपहर को जब खाना खाने के लिए घर आए तो उनकी बेटी को उल्टियां आ रही थी। परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतिका के पिता ने पुलिस को बताया कि वह बेटी को ज्यादा मोबाइल चलाने से मना करते थे। इसके अलावा बेटी को किसी और के घर जाने से मना करते थे। इसी बात को लेकर उनकी बेटी जिद्द करती थी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। वहीं डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि पिता के बयान लेकर मामला दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना कहर के बीच एक और झटका लगा है। सरकारी सीमेंट करीब 12 रुपये प्रति बैग महंगा हो गया है। इससे मनरेगा कार्य से लेकर लोनिवि के भवन, पुल और अन्य निर्माण कार्य करना महंगा हो गया है। पिछले माह एसीसी सीमेंट का सरकारी दाम 324 रुपये प्रति बैग था। अब यह बढ़कर 336 रुपये 22 पैसे हो गया है। मनरेगा के कामों में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट के रेट भी सात रुपये तक बढ़ गए हैं। सिविल सप्लाई की ओर से मिलने वाले सरकारी सीमेंट के रेट बढ़ने से सरकारी भवनों, पुलों और अन्य विकासात्मक कार्य करने के वाले लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान महंगाई बढ़ने से लोग पहले ही परेशान हैं। पेट्रोल और डीजल के बाद सरसों तेल और रिफाइंड के दामों में उछाल आया है। इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। अब अचानक सरकारी सीमेंट के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनावाें के लिए कल देर रात काे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के सरकारी आवास पर रणनीति बनी। हालांकि अभी भारत के निर्वाचन आयोग की ओर से उप चुनावाें के लिए ऐसा काेई शेडयूल जारी नहीं किया है, मगर प्रदेश भाजपा पहले ही अपनी तैयारियाें में हैं। दाे दिन पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दिल्ली प्रवास पर निकले। इस दाैरान हालांकि उन्हाेंने केंद्रीय मंत्रियाें से तुफानी मुलाकात कर हिमाचल के हित एवं लंबित प्राेजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन दूसरा मकसद मंडी संसदीय सीट, जुब्बल-काेटखाई और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में हाेने वाले उप चुनाव पर मंथन करना था। सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक पिछली रात यानी साेमवार काे सीएम जयराम ठाकुर ने जेपी नड्डा के साथ तीनाें उपचुनावाें पर संगठन की जीत दर्त करवाने के लिए लंबी चर्चा की। उससे पहले टिकट मसले पर भी मंथन हुआ। बताया गया कि मंडी संसदीय सीट से पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह और सैनिक कल्याण बाेर्ड के चेयरमैन ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के नाम पर चर्चा हुई। जबकि जुब्बल-काेटखाई विधनसभा सीट से पूर्व चीफ व्हिप स्व. नरेंद्र सिंह बरागटा के बेटे चेतन बरागटा के नाम पर चर्चा हुई, मगर फतेहपुर मसले पर याेग्य नेता तलाशने की बात चली। सूत्राें के मुताबिक सीएम जयराम ठाकुर के साथ दिल्ली दाैरे पर जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी माैजूद थे। दिल्ली के तुफानी प्रवास के बाद जयराम ठाकुर आज शिमला लाैटेंगे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आज कोरोना महामारी से बचाव के लिए चलाए गए कोविड 19 टीकाकरण अभियान के तहत 220 कर्मचारियों को टीका लगाया गया। विश्वविद्यालय द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह टीकाकरण अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ एवं छात्र कल्याण संगठन ने साथ मिलकर इस अभियान को चलाया। विश्वविद्यालय के 18-44 आयु वर्ग के फ्रंट लाइन वर्कर्स और 45 वर्ष के आयु से ऊपर के कर्मचारियों और अन्य लोगों को टीका लगाया गया जिसमें 87 वर्षीय श्रीमती चंचल भी शामिल थी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी कर्मचारियों को टीकाकरण अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 12 जून को विश्वविद्यालय के शेष बचे कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने रक्षा मंत्री के साथ राज्य में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में चर्चा की। जय राम ठाकुर ने उन्हें राज्य में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में अवगत कराया और सहयोग के लिए केन्द्र सरकार आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को भारत-तिब्बत सीमा पर अपने दौरे के बारे में भी अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राज्य को वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेषकर कांगड़ा, मंडी हवाई अड्डों में निवेश के लिए संसाधनों की कमी है, इसलिए राज्य के विकास के लिए वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि एशिया विकास बैंक (एडीबी) को वित्त पोषण के लिए 1892 करोड़ रुपये की एक पर्यटन परियोजना को मंजूरी वांछित है। उन्होंने इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राज्य को वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-2020 के लिए भारत सरकार से देय जीएसटी मुआवजा प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से हिमाचल पन बिजली और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए विश्व बैंक के साथ बातचीत में तेजी लाने का भी आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अन्तर्गत रज्जूमार्ग सम्पर्क को कनेक्टिविटी के लिए वैकल्पिक माध्यम के रूप में अनुमति देने पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के बारे में चर्चा करते हुए हिमाचल प्रदेश के कम संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महत्व की सभी रेल परियोजनाओं को पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित करने का भी आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला : राजधानी शिमला में तेंदुए की खाल और दांत की तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने न्यू शिमला में एक घर में दबिश देकर वहां से तेंदुए की तीन खालें, दो नाखून और दांत के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद खालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 40 लाख रुपये कीमत है। आरोपितों की पहचान 36 वर्षीय चौपाल निवासी गौरी दत्त औऱ उत्तराखंड के चंपावत निवासी 50 वर्षीय भीम सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों वर्तमान में न्यू शिमला के सेक्टर-1 और न्यू शिमला में किराये के मकानों में रह रहे थे। पुलिस पता लगा रही है कि तेंदुए की खालें व अंग आरोपितों के पास कहां से आई और यह खेप किसे दी जानी थी। न्यू शिमला के थाना प्रभारी विकास शर्मा मामले की जांच कर रहे हैं। जिला डीएसपी कमल वर्मा ने बताया वन्य जीवों के अंगो की तस्करी में संलिप्त दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके विरुद्ध न्यू शिमला पुलिस थाना में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। प्रदेश में इससे पहले भी वन्य जीवों की तस्करी करने वालों को पुलिस दबोच चुकी है। हिमाचल प्रदेश के वन क्षेत्र कई वन्य जीव रहते हैं। तस्कर इन्हें माैत के घाट उतारकर तस्करी करने से बाज नहीं आ रहे। पुलिस व वन विभाग की टीमें भी इन पर नकेल कसने में जुटी हुई हैं।
सन्त निरंकारी मिशन सोलन की विभिन्न शाखाओं कुम्हारहट्टी, सोलन, दधोग, कण्डाघाट व नौणी के सहयोग से सन्त निरंकारी सत्संग भवन सोलन में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 67 युनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस शिविर का शुभारम्भ उपायुक्त सोलन केसी चमन ने किया। केसी चमन ने कहा कि रक्तदान महादान है तथा कोविड-19 के इस दौर में सभी को इस पुनीत कार्य में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उत्पन्न राष्ट्रीय आपदा जैसी स्थिति मे मानवता की सेवा में धार्मिक संस्थाएं अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। समाज सेवा के कार्य में सन्त निरंकारी मिशन का विशेष योगदान है। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोविड का खतरा अभी टला नहीं है और सभी को चाहिए कि वे कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। सन्त निरंकारी मिशन सोलन के संयोजक विवेक कालिया ने कहा कि मिशन द्वारा गत 21 फरवरी 2021 को भी 76 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा में लगातार प्रयासरत सन्त निरंकारी मिशन सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की अनुकम्पा से दिल्ली के बुराड़ी रोड़ में 1000 बिस्तरों वाला कोविड 19 ट्रिटमैंट सैंटर सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सोलन जिला के नालागढ़, कांगड़ा जिला के कछयारी और मण्डी व हमीरपुर जिला के अंतर्गत धरेटी में 25-25 बिस्तरों वाले कोविड उपचार केन्द्र सुचारू रूप से सरकार के सहयोग से कार्यरत हैं। इन कोविड उपचार केन्द्रों पर प्रत्येक बिस्तर के साथ ऑक्सीजन कन्सट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले रोगियों को तीनों समय के भोजन सहित मिशन के सेवादारों द्वारा अन्य सुविधएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर मिशन के शिमला क्षेत्र के क्षेत्राीय संचालक नरेन्द्र कश्यप ने विशेष रूप से शिरकत की तथा उपायुक्त से भविष्य में मिशन की ओर से हर सम्भव सेवायें प्रदान करने की पेशकश भी की।
नौणी : डॉ. एम के ब्रह्मी, डॉ वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पर्यावरण विज्ञान विभाग में कार्यरत संकाय ने कुलपति डॉ. परविंदर कौशल के ओएसडी के रूप में कार्यभार संभाला है। डॉ. ब्रह्मी ने नौणी विवि से बीएससी और एमएससी (वानिकी) की डिग्री प्राप्त करने के बाद वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 2003 में एनएईबी के क्षेत्रीय केंद्र में एक शोध सहयोगी के रूप में विश्वविद्यालय से जुड़े और 2010 में पर्यावरण विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए। डॉ. ब्रह्मी ओएसडी के रूप में कार्य करने के अलावा, कुलपति सचिवालय के योजना एवं कार्यान्वयन प्रकोष्ठ के प्रभारी के रूप में भी काम करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. कौशल का नई ज़िम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ ब्रह्मी को बधाई दी।
सोलन :जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन द्वारा नोडल युवा क्लब योजना के अन्तर्गत वर्ष 2021-23 के लिए नोडल क्लब तथा युवा स्वयंसेवी का चयन किया जाना है। यह चयन सोलन जिला के पांचों विकास खण्डों के लिए किया जाएगा। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुदेश धीमान ने आज दी। सुदेश धीमान ने कहा कि नोडल क्लब तथा युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए आवेदन 20 जून, 2021 तक भेजे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नोडल योजना के अन्तर्गत चयनित युवा मण्डल को 35 हजार रुपए की सांस्कृतिक एवं खेल सामग्री तथा स्वयंसेवी को प्रतिमाह 03 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नोडल क्लब का चयन युवा क्लब द्वारा गत 3 वर्षो की गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। नोडल क्लब के चयन के लिए पंजीकृत युवा मण्डल को अपनी 03 वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। सुदेश धीमान ने कहा कि युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए सम्बन्धित युवक मण्डल से 3-4 सक्रिय युवाओं के नाम, बायोडाटा तथा मोबाईल नम्बर विभाग के सोलन कार्यालय को प्रेषित करने होंगे। इन युवाओं की आयु 28 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा शैक्षणिक योग्यता कम से कम 12वीं होनी चाहिए। ऐवे युवा समाज सेवा के कार्य में रूचि रखने वाले होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि उक्त सभी शर्तों को पूर्ण करने वाले युवक मण्डल तथा युवा अपना आवेदन पत्र दिनांक 20 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय, समीप पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन में स्वयं अथवा डाक के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं। आवेदन प्रपत्र कार्यालय के ईमेल पते sportsofficesolan@gmail.com पर भी भेजा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-223462 पर सम्पर्क किया जा सकता है।


















































