सुन्दरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने जिला मण्डी के सुन्दरनगर विधासभा क्षेत्र के लोगों और संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज मुख्यमंत्री कोविड-19 सोलिडेरिटी रिस्पाॅंस फंड के लिए 3,73,043 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भेंट किया। इस अंशदान में एमएलएसएम महाविद्यालय सुन्दरनगर का 2,78,043 रुपये, सरकारी और अर्ध-सरकारी चालकों और स्वच्छता कर्मचारी संगठन हिमाचल प्रदेश का 51,000 रुपये, सुन्दरनगर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत वीणा के लोगों का 33,000 रुपये और सुन्दरनगर के जड़ोल के शेर-ए-पंजाब ढाबे के विजय कुमार का 11,000 रुपये का योगदान प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए दानकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अंशदान समाज के समृद्ध और परोपकारी वर्गों को इस फंड में उदार अंशदान के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इस निधि का उपयोग संकट के समय जरूरतमंदों व गरीबों को राहत प्रदान करने के लिए किया जाएगा।
जसवां-परागपुर के प्रसिद्ध समाज सेवी मुकेश ठाकुर उफ्फ सोनू ने अपनी नेक कमाई से जसवां परागपुर की ग्राम पंचायत स्यूल खड़ के शिव राज शाही की पशुशाला के लिए जहा 44000 रुपयों की आर्थिक मदद की बही ग्राम पंचायत सेहरी से गरीब निम्मो देवी की बेटी की शादी के लिये इक्यावन सौ रुपये की राशि मदद दी। मंगलवार को मुकेश ठाकुर की टीम ने ग्राम पंचायत कडोआ ओर सेहरी में 370 परिवारों को राशन दिया। गरीब परिवार के घर जाकर उन्होंने परिवार का कुशलक्षेम जानकर उन्हें शादी के लिये हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। दिन रात लोगों के लिये सेवा में लगी उनकी टीम ने कुछ युवा टीम को नशे से दूर रहकर खेलों की तरफ अग्रसर करने के लिये निहारी ओर रक्कड़ में खेल किटें भी बांटी व बच्चों को पढाई के साथ साथ कोरोना महामारी के प्रति भी जागरूक किया व उन्होंने कोरोना के बाद खेलकूद को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी ।ये समाज सेवी मुकेश ठाकुर ही थे जिन्होंने कोरोना काल की दूसरी लहर में गरीब परिवारों का भी ख्याल रखा ओर कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीब परिवारों काे राशन सामग्री भी वितरित की।बिना किसी राजनीतिक मकसद के गरीब परिवार के दुख सुख में शरीक होकर समाजसेवी मुकेश ठाकुर ने एक ऐसी सामाजिकता का उदारहण दिया है जो कि प्रशंसनीय है प्रदेश में कोरोना के खिलाफ महायोद्धा के किरदार में उभरे मुकेेेश ठाकुर की पूरे जिला भर में प्रशंसा हो रही है।
कुनिहार :भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश महामंत्री इंद्र पाल शर्मा व कर्मचारी महा संघ के पुर्व अध्यक्ष गोपाल दास वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल शिमला के पीटर हाफ में केंद्रीय वित राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ,पुर्व मुख्यमन्त्री प्रेम कुमार धुमल ,संगठन मन्त्री पवन राणा व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप से मिला। महासंघ के प्रदेश महा मन्त्री इन्दर पाल शर्मा ने बताया की पैशनरो की लम्बे समय से चली आ रही प्रमुख मांगो के बारे में इन नेताओं को अवगत कराया तथा सरकार से इन मांगो को पुरा करवाये जाने के लिये सरकार से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महासंघ ने सरकार से इन प्रमुख मांगो को प्रदेश में होने वाले उप चुनाव से पहले पुरा करने की मांग की है। इसे लेकर पैन्शनरो में भारी रोष है। इस अवसर पर महासंघ जिला सोलन के महामन्त्री स्यामानन्द शांडिल, वित्त सचिव ओमप्रकाश गर्ग, चैतराम आदि उपस्थित रहे।
भोरंज : स्वास्थ्य खंड भोरंज में 18 से 44 वर्ष तक की आयु के लोगों का कोरोना टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित कालिया ने बताया कि भोरंज खंड में उक्त आयु वर्ग के 1476 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर प्रतिदिन 100-100 लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। डॉ. ललित कालिया ने बताया कि भोरंज खंड में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित लोगों से नियमित रूप से संपर्क किया जा रहा है तथा उनके स्वास्थ्य मानकों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि भोरंज खंड में होम आइसोलेशन में रह रहे 180 लोगों को प्रदेश सरकार की ओर से होम आइसोलेशन किट भी प्रदान की गई है।
शिमला: कांग्रेस ने शिमला शहर में नगर निगम द्वारा कूड़े के बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि इस महंगाई के दौर में लोगों के साथ यह एक बड़ा अन्याय है।उनका कहना है कि एक तरफ लोगों के कामधंधे बंद पड़े है,लोग बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से जूझ रहे है और सरकार है कि लोगों पर अपने टेक्स थोप कर अपनी तिजोरी भरने में लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने खर्चे चलाने के लिए विकास के नाम पर कर्ज पर कर्ज ले रही है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना से प्रभावित लोगों की सरकार ने आज दिन तक कोई मदद नही की है।उन्होंने कहा है कि हर रोज डीजल और पेट्रोल के मूल्यों में बृद्धि कर सरकार अपनी तिजोरी तो भर रही है पर यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है इसका किसी को कोई पता नही है। हर्षवर्धन ने कहा है कि कोविड 19 के नाम पर सरकार ने आज दिन तक जितना भी पैसा इकट्ठा किया है उसकी पूरी जानकारी प्रदेश को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है उसके बारे भी सरकार लोगो को बताये। हर्षवर्धन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पूछा है कि वह बताये की केंद्र से प्रदेश को कोरोना राहत को कितना धन केंद्र से मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह अस्त व्यस्त हो कर रह गई है।सरकार के।पास इस स्थिति से उभरने की कोई योजना नही है।प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। लोगों के काम धंधे बंद हो गए है।टूरिज्म व ट्रांसपोर्ट सेक्टर बुरी तरह प्रभावित होकर रह गया है।सरकार ने इनके पुनर्जन्म के लिए कोई भी प्रभाबी योजना नही बनाई है। हर्षवर्धन ने हाल ही में प्रदेश में भारी ओलावृष्टि से हुए फसलों, फलों के नुकसान पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार प्रभावित किसानों व बागवानों के नुकसान का जायजा लेकर उन्हें तुरंत फौरी राहत उपलब्ध करवाए जिससे उन्हें कोई मदद मिल सकें। उन्होंने डिपुओं में खाने के तेल,दालों के मूल्य बढ़ोतरी की भी आलोचना करते हुए सरकार से इस मूल्यों बढ़ोतरी,और शिमला नगर निगम द्वारा कूड़े व अन्य टेक्स बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेने की मांग की है। उन्होंने किसानों व बागवानों के केसीसी ऋणों की बसूली भी स्थागित करने की मांग की है।
सिराज : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सिराज विधानसभा क्षेत्र के सिराज वैली में प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल शिकारी देवी माता की पहाडि़यों पर लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पर्यटकों को रोकने के लिए थुनाग उपमंडल प्रशासन ने रायगढ़ के पास नाका लगा दिया है। एसडीएम थुनाग पारस अग्रवाल ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों को एसडीएम थुनाग के अधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर भी शेयर किया गया है। जारी आदेश में मंदिर बंद होने के बाद भी लोग बड़ी संख्या में शिकारी देवी की तरफ अपना रूख कर रहे हैं, जोकि कोरोना के तहत लगी पाबंदियों की उल्लंघना है। लोग अनावश्यक रूप से यहां भीड़ एकत्रित कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अब इस तरफ न आएं। अब सिर्फ लोक निर्माण विभाग और वन विभाग सहित कुछ अन्य विभागों के वाहनों को ही रायगढ़ से आगे जाने की अनुमति दी गई है।
प्रदेश में कोरोना के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए कुछ सामाजिक संस्थाएं और लोग आगे आ रहे है। इसी कड़ी में आज समाजसेवक मनीष शारदा की टीम ने गगरेट विधानसभा क्षेत्र की 10 पंचायतो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना किट बांटी। इस दौरान गगरेट विस की गुगलेहड़, बडेड़ा राजपुता, लोहारली, जाड़ला कोड़ी, मांवा सिंधिया, क्लोह और टटेड़ा पंचायत में फेसशील्ड, विटामिन की गोलियां, सैनेटाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता को बांटी गई। इस मौके पर लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है ऐसे में अब सभी लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसके साथ ही अगर लोग जागरूक होकर मास्क का प्रयोग करें, सामाजिक दूरी को बनाए रखें और हाथों को साबुन या सैनेटाइजर से धोते रहें तो निश्चित तौर पर प्रदेश में कोरोना का से जंग जीती जा सकती है। इस दौरान समीर कालिया, नरेंद्र पिंटू, अशोक शर्मा, ओमप्रकाश, उपप्रधान जीत सिंह, गुरनाम चौधरी, कृपाल सिंह, सिंधु पाजी और नरेश ठाकुर मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के बहुतचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस में दोषी नीलू की सजा पर बहस को लेकर मंगलवार को शिमला जिला अदालत चक्कर में सुनवाई हुई, इस दौरान सीबीआई के वकील और बचाव पक्ष के वकील दोनों ने अपनी दलीलें रखी। अब मामले में 18 जून को सजा का ऐलान किया जाएगा। आज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि दोषी ने इस घटना को प्लानिंग के तहत अंजाम नहीं दिया था ऐसे में सजा-ए-मौत की सजा नहीं सुनाई जाए। वहीं, सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी पेशेवर अपराधी है और इसे सजा-ए-मौत हो। सीबीआई के वकील ने इस संबंध में निर्भया केस का जिक्र किया और कहा कि दोषी को फांसी की सजा सुनाई जाए। वहीं बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दोषी की मां उस पर निर्भर है। जबकि सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी के दो और भाई है, वह मां की देखभाल कर सकते हैं। अब 18 जून को दोनों पक्षों को कोर्ट में बुलाया गया है और उस दिन ही सजा का एलान होना है। गौरतलब है कि बहुतचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस में दोषी नीलू को 28 अप्रैल को दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद मामले की पिछली पांच सुनवाईयां कोरोना कर्फ़्यु व बंदिशों के चलते टाल दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश में धारा -144 के हटने के साथ ही कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण से ज्यादा संख्या में सैलानी पहुंचने लगे हैं। पिछले तीन दिन में पोर्टल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार ई-पास स्कैनिंग और आने वालों की संख्या कम हो गई है, जबकि शिमला समेत प्रदेश भर में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी और चंडीगढ़ के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती दिख रही हैं। सरकारी सिस्टम के दावों के अनुसार पंजीकरण के संबंधित जिले के एसडीएम से अप्रूव होने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। पास जारी होने, स्कैन होने और सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों की संख्या इस दावे की हवा निकाल रहे हैं। 11 जून को पोर्टल के अनुसार प्रदेश में 3991 पास स्कैन किए गए, जबकि 9586 लोगों ने राज्य की सीमा में प्रवेश किया। 12 जून को यह संख्या घटकर 9278 हो गई। रविवार 13 जून को परवाणू बॉर्डर से एंट्री के लिए हजारों वाहनों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए, लेकिन आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 7201 लोगों ने ही राज्य में प्रवेश किया। सरकारी सिस्टम के इस दावे और सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में वाहनों के हिमाचल में प्रवेश के फोटो वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने खासी नाराजगी जताई है। कई लोगों ने फेसबुक और ट्विटर जैसे माध्यमों के जरिये सरकार से पूछा है कि कैसे हो सकता है कि सैकड़ों की संख्या में वाहन हिमाचल आ रहे हैं और आने वालों की संख्या कम हो रही है। लोगों ने पंजीकरण और ई-पास की चेकिंग पर सवाल उठाए। उधर, पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश में आने वाले सैलानियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। कहा गया है कि वह कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क न लगाने पर पहली बार पांच सौ रुपये जुर्माना लगेगा, जबकि बार-बार पकड़े जाने पर पांच हजार का जुर्माना और 8 दिन की जेल भी हो सकती है।
प्रदेश में अब 21 जून से हर आयु वर्ग के लोगों को अब बिना स्लॉट बुक करवाए कोरोना वैक्सीन लगेगी। अभी तक युवाओं यानी 18 से 44 आयु वालों को वैक्सीन लगाने के लिए स्लॉट बुकिंग करवानी पड़ रही है। 21 जून से युवाओं के लिए भी स्लॉट बुकिंग करवाने का झंझट खत्म हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे वैक्सीनेशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य के पास अभी भी 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए 7 लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध हैं। ऐसे में 21 जून के बाद अब सभी एक ही श्रेणी में आ जाएंगे और यह 7 लाख डोज सभी आयु वर्ग को लगना शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि युवाओं को स्लॉट बुक करवाने के लिए परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं और उनका वैक्सीन लगाने में नंबर आएगा या नहीं, ये सबसे बड़ी दुविधा है।
सोलन :परवाणू से लेकर चम्बाघाट तक एनएच में आई ज़मीन के मालिकों को एनएचएआई ने मुआवज़ा देकर खाली करवाया था। इसके बावजूद कई मकान ऐसे थे जिनके मालिकों ने मुआवज़ा लेने के बाद भी मकान खाली नहीं किये और टूटे हुए घरों में दोबारा निर्माण कार्य करवाना शुरू कर दिया था। 350 के करीब ऐसे भवन हैं जिनको तोड़ा जाना था जिनके बिजली पानी के कनेक्शन पहले ही काट दिए गए थे। लेकिन इनमे से 75 मकान मालिकों ने इन्हें खाली नहीं किया और इनमे ही रहना जारी रखा। साथ ही पुनर्निर्माण शुरू कर दिया था। उच्च न्यायालय ने भी कार्रवाई करते हुए सम्बंधित अधिकारियों और एनएचएआइ को लताड़ लगाईं और इन्हें खाली करवाने के आदेश दिए। जिसके बाद प्रशासन ने आज इन पर कार्रवाई की है और इन मकानों को तोड़ा जा रहा है।
- ब्लड प्रेशर की जो दवाई पचास रूपए में मिलती थी, केन्द्र में वही दवाई मात्र पांच रूपए में उपलब्ध देहरा : केन्द्रीय पोत, परिवहन, रसायन व उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि धरोहर गांव परागपुर में प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र खुलने के बाद आम आदमी पर से दवाई के खर्च का बोझ बेहद कम हो जाएगा और इस केन्द्र के खुलने के बाद आम जनमानस को गुणवत्तापूर्ण व सस्ती दवाईयां मिलने लगी हैं। मंडाविया ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रदेश के 64 वें व जिला कांगड़ा के 10 वें प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का उदघाटन करते हुए कहा कि लोगों को सस्ती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र की मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में जन औषधि केंद्र खोलने के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी किया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने दिल्ली में समाजसेवी व नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य कैप्टन संजय पराशर को जानकारी दी थी कि किस तरह यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बहुत बड़ा साथी बन रही है। तब पराशर ने अपने क्षेत्र जसवां-परागपुर में ऐसा केन्द्र खोलने का निर्णय लिया। अब औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें इस जनऔषधि केन्द्र के लोकापर्ण पर सुखद अनुभूति हो रही है। मंडाविया ने कहा कि पराशर समाजसेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दे रहे हैं और जनऔषधि केन्द्र खोलकर भी उन्हाेंने जनसेवा का बीड़ा उठाया है। वहीं, केन्द्र के संचालक संजय पराशर ने कार्यक्रम में कहा कि उन्हें मनसुख से ही इस बारे प्रेरणा मिली और उनका लक्ष्य है कि जसवां-परागपुर के रक्कड़ क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र खोला जाए। बताया कि उनकी पत्नी सोनिका पराशर की यह इच्छा थी कि स्कूल व कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन निशुल्क दिए जाएं। पराशर ने घोषणा करते हुए कहा कि इस औषधि केन्द्र के माध्यम से परागपुर क्षेत्र के सभी निजी स्कूलों व कॉलेज की छात्राओं के लिए सोमवार से ही यह व्यवस्था कर दी गई है। वहीं, औषधि केन्द्र में पहुंचे प्रदेश नोडल अधिकारी, ब्यूरो ऑफ़ फार्मा रोहित शर्मा ने बताया कि इस औषधि केन्द्र में पचास से नब्बे फीसद तक दवाईयां सस्ती मिलेंगी। प्रदेश का अपनी तरह का यह ऐसा केन्द्र है, जहां पर सभी प्रकार की दवाईयां उपलब्ध हैं और संचालक संजय पराशर ने दवाईयों को मरीजों के घरों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था कर दी है। कुठियाड़ा गांव के सतपाल ने बताया कि वह ब्लड प्रेशर की दवाई पचास रूपए में लेते थे, लेकिन आज इस केन्द्र में वही दवाई मात्र पांच रूपए में मिली। बीडीसी सदस्य अनुज शर्मा और सरड़ डोगरी से रमेश डोगरा ने बताया कि दवाईयां इस केन्द्र में बेहद सस्ती हैं और गुणवत्तापूर्ण भी हैं। वहीं, रक्कड़ गांव से पहुंची दो छात्राओं ईशा व कनिका ने सोनिका पराशर द्वारा सेनेटरी नेपकिन निशुल्क देने का स्वागत किया।
गरली के वार्ड नबंर तीन में आज एक साथ 88 लोगो के कोविड 19 टेस्ट हुए। जानकारी देते हुए पचायत प्रधान शशिलता ने बताया कि गरली की टास्कफोर्स टीम ने घर घर जाकर स्थानीय तमाम ग्रामीणो का आक्सीजन लैवल व थर्मल सकेनिग से टेम्परेचर चेक किया। वही इस दौरान उन्हें लगा कि उक्त 88 लोगो का कोरोना टेस्ट करवाना जरुरी है तो उन्होंने तुरन्त अपनी लिस्ट तैयार कर बीएमओ डाडासीबा सुभाष ठाकुर के समक्ष रखी और आज ही गरली पँचायत के वार्ड नबंर तीन में 88 लोगो के करोना टेस्ट करवाया गया। पँचायत प्रधान शशिलता ने बताया कि टॉस्कफोर्स टीम प्रत्येक वार्ड में अपना कार्य कर रही है और अब वार्ड नबंर चार व पांच की लिस्ट भी तैयार कर ली गई है और वहां भी जल्द करोना टेस्ट करवाया जाएगा। जानकारी देते हुए बीएमओ डाडासीबा सुभाष ठाकुर ने बताया कि क्षेत्रभर भर के जिस व्यक्ति को कोरोना वायरस के लक्षण महसूस होते है तो वह तुरन्त नजदीकी स्वास्थय केंद्र, आशा वर्कर से फोन पर सम्पर्क करके अपना कोरोना टेस्ट करवा सकते है। वही धरोहर गांव गरली में बडे पैमाने पर हुए कोरोना टेस्ट को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर शशिलता सहित टास्क फाॅर्स टीम व स्वास्थ्य विभागीय कर्मचारियों का भरपूर सहयोग रहा है।
देहरा :पँचायत प्रधान बणी मे सोमवार को जलशक्ति विभाग की ओर से "जल शक्ति मिशन " के तहत एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। पचांयत प्रधान बिन्दू ठाकुर की अध्यक्षता मे आयोजित हुए इस कार्यक्रम मे कोरोना नियमों का पालन करते हुए अन्य पंचायत प्रतिनिधियो के आलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ व क्षेत्र भर के अन्य लोगों ने भाग लिया। वही इस दौरान मौके पर मौजूद जलशक्ति विभाग की ओर से आए अधिकारियो ने पानी के महत्व व सरकार द्वारा उपभोक्ताओं के लिए जारी की भिन्न भिन्न लाभकारी योजनाओ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वही इस मौके पर जल जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है और आपके द्वारा बचाई गई एक एक पानी की बूंद किसी को नई जिंदगी दे सकती हैं, इस बारे में भी जागरूक किया। पँचायत प्रधान बिंदु ठाकुर ने इस दौरान लोगो को कोरोना के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने व सहयोग देने की अपील की है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर जिला काँगड़ा कांग्रेस प्रवक्ता सपन सूद ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा की प्रदेश की जनता के साथ यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा की पूर्व की यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के जिला काँगड़ा को एजुकेशन हब बनाने के उदेश्य से स्वीकृत सेंट्रल यूनिवर्सिटी को भाजपा ने राजनीति का शिकार बना कर प्रदेश की जनता से "खेला" किया है। सपन सूद ने आरोप लगाया की केंद्र में भाजपा की सरकार अपने सात वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश में खुलने वाली सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर गंभीरता से कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने कहा की देहरा व धर्मशाला को इस मुद्दे पर बांटने की राजनीति भाजपा करती आई है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी का धौलाधार कैम्पस धर्मशाला में बनना तय हुआ है, जबकि ब्यास कैंपस देहरा में बनेगा। पर दोनों स्थानों पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नाम जमीन स्थानांतरण होने के उपरान्त ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। सूद ने कहा की सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नाम धर्मशाला क्षेत्र की भूमि स्थानांतरित करना प्रदेश सरकार के गले की हड्डी बना हुआ है। सपन सूद ने केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर पर इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा की केंद्रीय मंत्री को धर्मशाला की भूमि की स्थिति को लेकर प्रदेश की जनता के मध्य अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। सूद ने कहा की सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर लोकसभा चुनावों के दौरान तत्कालीन सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर से झूठा शिलान्यास करवा कर क्षेत्र की जनता से राजनीतिक छल किया है। उन्होंने कहा की छल-कपट की राजनीति से वोट लेने में माहिर भाजपा ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना को राजनीतिक खेल बना रखा है।
शिमला :स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज बताया कि गत सप्ताह में प्रदेश में कोविड-19 पाॅजिटिविटी मामलों की दर 2.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। 7 जून से 13 जून, 2021 तक कोविड के कुल 3451 मामले पाए गए है। उन्होंने कहा कि गत सप्ताह राज्य में 142357 कोविड जांच की गई, जो कि एक सप्ताह की अवधि में किए गए परीक्षणों में अभी तक सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में 170 पाॅजिटिव मामले सामने आए है और पाॅजिटिविटी दर 1.7 प्रतिशत रही है। चंबा में 410 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 4.2 प्रतिशत, हमीरपुर में 223 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.1 प्रतिशत, कांगड़ा में 723 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.6 प्रतिशत, किन्नौर में 87 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 4 प्रतिशत, कुल्लू में 165 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत, लाहौल स्पीति में 47 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.3 प्रतिशत, मंडी में 602 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.1 प्रतिशत, शिमला में 336 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 3.1 प्रतिशत, सिरमौर में 218 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.7 प्रतिशत, सोलन में 220 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.4 प्रतिशत और ऊना में 250 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत रही है।
देहरा :उपमण्डल ज्वालामुखी के अंतर्गत पुलिस थाना खुण्डिया के तहत ग्राम पंचायत घरना में बुजुर्ग व्यक्ति की लाश मिलने की जानकारी मिली है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत प्रधान घरना से थाना खुण्डिया को सूचना प्राप्त हुई कि लंघा में शराब की दुकान के नीचे (ग्राउंड) फ्लोर के कमरे में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला है। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर उक्त स्थान पर पहुंची ओर शव को कब्जे में ले लिया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा-ज्वालामुखी अंकित शर्मा ने बताया कि एक अज्ञात बुजुर्ग की लाश मिली है जिसकी उम्र लगभग 65-70 वर्ष के बीच लग रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर देहरा सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम हेतु भेज दिया है वहीं जांच पड़ताल के उपरांत पुलिस द्वारा 174 सीआरपीसी की कार्यवाही अमल में लाई गई है ।
सुजानपुर: कोरोना काल में सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के मार्गदर्शन में सर्वकल्याणाकारी संस्था व ब्लॉक कांग्रेस दिन-रात एक कर बखूबी पूरा कर रहे हैं। सोमवार को भी विधायक राजेंद्र राणा के निर्देश पर संस्था व पार्टी पदाधिकारियों द्वारा सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मति टीहरा के गांव डोडरू निवासी जुल्फी राम को आक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध करवाया, जिसकी सलाह चिकित्सकों ने उन्हें दी थी तथा संबंधित व्यक्ति के परिवार ने विधायक राजेंद्र राणा को इससे अवगत करवाया। संस्था के जिलाध्यक्ष लेखराज ठाकुर ने बताया कि महामारी में संकट की ऐसी घड़ी किसी के ऊपर भी आ सकती है, लेकिन हमें घबराना नहीं है तथा इसे मिलजुलकर एक परिवार की तरह लड़कर इसे हराना है। उन्होंने कहा कि विधायक राजेंद्र राणा के दिशानिर्देशानुसार संस्था व पार्टी कार्यकर्ता विधानसभा क्षेत्र के बूथ स्तर से रोजाना ऐसे लोगों की जानकारी ले रहे हैं तथा जरूरत के मुताबिक सहायता दी जा रही है। इस दौरान उनके साथ संस्था व पार्टी के महासचिव डा. अशोक राणा, पूर्व बीडीसी मेंबर कृष्ण, सर्व कल्याणकारी संस्था के युवा विंग के ब्लॉक सुजानपुर के अध्यक्ष रजत कुमार और अन्य लोग भी मौजूद रहे ।
शिमला :एसजेवीएन ने अपनी सौर, पवन, हाईब्रिड (पवन एवं सौर) तथा हाइब्रिड (पवन, सौर एवं बैटरी स्टोरेज) ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी (एनआईडब्ल्यूई) से तकनीकी परामर्शी सेवाओं को प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एनआईडब्ल्यूई सौर, पवन, मिश्रित (पवन एवं सौर) तथा मिश्रित (पवन, सौर एवं बैटरी स्टोरेज) ऊर्जा परियोजनाओं की संभाव्यता तथा तकनीकी व्यवसायिक पक्षों के मूल्यांकन तथा विभिन्न परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर कमिशनिंग तक के सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्टें, लागत अनुमान तथा बोली दस्तावेजों की तैयार करने में एसजेवीएन को सहयोग देगा। इस अवसर परएसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने कहा कि भारत सरकार 2022 तक 175 गीगाबाइट तथा 2030 तक 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की स्थापना करने के लक्ष्य पर चल रही है और इस परिप्रेक्ष्य में एसजेवीएन तथा एनआईडब्ल्यूई के संयुक्त प्रयासों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने और हमारे राष्ट्र को अबाधित बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य की प्राप्ति में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रयासों से एसजेवीएन के सन 2040 तक 25000 मेगावाट कंपनी बनने के सांझे विज़न को पूरा किया जा सकेगा।
दाड़लाघाट :ग्राम पंचायत बरायली की बनिया देवी महिला मंडल बुडम की प्रधान रेणु ठाकुर की अध्यक्षता में सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान बनिया देवी महिला मंडल की प्रधान रेणु ठाकुर ने बनिया देवी महिला मंडल की सदस्यों को जागरूक किया। इस मौके पर बनिया देवी महिला मंडल द्वारा जलस्रोत तथा आसपास की सफाई की और कचरे को एकत्र कर उसका निष्पादन किया। इस अवसर पर महिला मंडल की प्रधान रेणु ठाकुर, उपप्रधान उर्मिला, कोषाध्यक्ष मोनू, प्रेमलता, लीलावती, सीता चंदेल, लता चंदेल, मीरा चंदेल, गोदावरी, हेमा, सत्या, सुनीता, धनवंती, रीना ठाकुर सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।
शिमला :प्रदेश में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए, सरकार ने राज्य में प्रवेश करने के लिए आरटीपीसीआर आवश्यकता की शर्त को हटा दिया है, लेकिन साथ ही कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने की किसी को अनुमति नहीं दी गई है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में अन्तरराज्यीय आवाजाही की अनुमति दी गई है और हिमाचल प्रदेश ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर में पंजीकरण के माध्यम से निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को अब इस आॅनलाइन साॅफ्टवेयर में अपना विवरण दर्ज करना आवश्यक है और उनके आगमन का विवरण सभी संबंधित हितधारकों के साथ सांझा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल व्यवसायियों को राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रणाली का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पर्यटकों से सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और फेसमास्क पहनने व परस्पर दूरी के नियम के अनुपालन का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोगों को वैक्सीन की लगभग 25.17 लाख खुराकें लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान को समय पर पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
देहरा: हरिपुर व्यापार मंडल के व्यापारियों द्वारा सोमवार को प्रधान अतुल महाजन की अगुवाई में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नायब तहसीलदार हरिपुर राजिंदर कुमार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। वहीं व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नई बनी तहसील नगरोटा सूरियां के लिये हरिपुर तहसील के किसी भी पटवार सर्कल से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। बीते कुछ दिनों पहले कुछ बाशिंदों द्वारा नायब तहसीलदार नगरोटा सूरियां के माध्यम से हरिपुर तहसील की 10 पंचायतों को नगरोटा सूरियां में शामिल करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा गया था। वहीं अध्यक्ष अतुल महाजन ने कहा कि नगरोटा सूरियां तहसील बनने से उन्हें कोई भी ऐतराज नहीं है। परन्तु यह तहसील ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के तहत बनाई गई है तो इसमें सिर्फ ज्वाली के पटवार सर्कल को ही जोड़ा जाए। अगर देहरा विधानसभा के तहत हरिपुर तहसील के पटवार सर्कल से कोई भी छेड़छाड़ की गई तो उन्हें मजबूरन संघर्ष का तरीका अपनाना पड़ेगा। इस अवसर पर व्यापार मंडल हरिपुर के प्रधान अतुल महाजन, पूर्व प्रधान देश राज, योगेश रैना, अरविंद शर्मा, संदीप शर्मा, प्रवीण कुमार, पूर्व जिला परिषद सदस्या ज्योति वाला, लकी, गगन , सनक कुमार, तथा विजेंदर सिंह गुलेरिया मौजूद रहे।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक संजय रतन ने कहा कि कोरोना काल की महामारी में इस समय अधिकतर दुकानदारों के व्यवसाय कई महीनों से पूरी तरह से बंद पड़े हुए है।इससे दिन प्रतिदिन दुकानदारों पर किराए का बोझ बढ़ गया है। इस गंभीर समस्या से दुकानदार परेशानी में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश के सभी नगर निकायों में किराएदार दुकानदारों से किराए वसूल करते समय जीएसटी व देरी से किराया देने के ऊपर लगी पेनल्टी को माफ़ करना चाहिए, ताकि दुकानदार को राहत मिले। उन्होने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश में सभी नागरिकों पर लगे हाउस टैक्स को कोरोना काल के चलते हुए माफ़ करना चाहिए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की कोई कठनाई ना हो।
कुनिहार : शिव ताण्डव गुफा विकास समिति कुनिहार के अध्यक्ष रामरतन तनवर के पिता राम दयाल तनवर का रविवार शाम देहान्त हो गया। अपने ग्रह क्षेत्र गांव कोठी में उन्होंने अंतिम सांस ली।वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके देहान्त पर सम्भव चैरिटबल सोसायटी की संयोजिका प्रतिभा कंवर,गुफा विकास समिति के उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर,सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा,गुमान,साहिल,हरिकृष्ण,चमन लाल मल्होत्रा,अमन मल्होत्रा,दीपक अरोड़ा,राम सिंह,विनोद सहित सभी समिति सदस्यों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति व पीड़ित परिवार को इस दुख को सहन करने की भगवान से प्रार्थना की है।
उपमण्डल ज्वालामुखी के अंतर्गत सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में एक 17 वर्षीय लड़की द्वारा गलती से जहरीला पदार्थ खाने का मामला प्रकाश में आया है। एक नाबालिग लड़की जिसकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। गलती से जहरीले पदार्थ को खाने के उपरांत उसकी हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल ज्वालामुखी लाया गया।सुचने मिलते ही पुलिस तुरंत सिविल अस्पताल पहुँचीव् पाया की उक्त 17 वर्षीय युवती निवासी गांव मतियाल डाकघर सिहोरपाई को सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में गंभीर स्थिति में लाया गया था और एमओ सिविल ज्वालामुखी के अनुसार युवती कोई भी ब्यान देने लायक नहीं है। चिकिस्तकों ने प्राथमिक उपचार के बाद नाबालिग लड़की को आगामी इलाज हेतु टांडा मेडिकल अस्पताल रैफर कर दिया है।मामले की पुष्टि करते हुए एसएचओ ज्वालामुखी जीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले पर कार्यवाही कर रही है। वहीं बताया कि उक्त युवती की माँ ने अपने बयान में कहा है कि उनकी बेटी ने कोई गलती से जहरीली दवाई खा ली है। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश रह रही है।
शिमला: कोरोना संकट से विश्व भर में कोई भी अछूता नहीं है, इसके चलते इस बार फिर सोलन जिला के अर्की उपमंडल के बाड़ी धार में होने वाला "बाड़ी मेला" नही होगा। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मेलों के आयोजन को रद्द कर दिया गया है। बता दें कि बाड़ा देव पांच पांडव अर्की उपमंडल के ही नही अपितु पूरे प्रदेश और देश के आराध्य देव माने जाते है और इन्हें पाँच पाण्डव बाड़ादेव के नाम से पूरे प्रदेश में जाना जाता है। इस वार्षिक मेले के साथ प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और हर वर्ष इन मेलों में लोगों का भारी हुजूम उमड़ता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उसके तहत ऐसे किसी भी आयोजन को नहीं किया जा सकता जहां पर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठी होनी हो। कोरोना वैश्विक महामारी के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के बंद रखने के दृष्टिगत बाड़ादेव पाँच पाण्डव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार व ग्राम पंचायत सरयांज के संयुक्त तत्वाविधान में यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष दिनांक 15 जून , 2021 को बाड़ीधार में होने वाले धार्मिक मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय कोरोना महामारी के दृष्टिगत हिमाचल सरकार के दिशा - निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। बाड़ादेव पांच पाण्डव मन्दिर समिति ने लिखित में प्रशासन को दिया है कि कोरोना महामारी के चलते इस बार मेला आयोजित नहीं होगा। बाड़ादेव मन्दिर समिति प्रदेश के सभी श्रद्धालुओं से अपील करती है कि सभी अपने घरों में ही रहे एवं घर से ही पूजा - अर्चना करें व सरकार के दिशा - निर्देशों का पालन करें।
कोरोना महामारी के दौरान देश भर में बढ़ी गरीबी, बेरोजगारी व तंगहाली पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने चिंता जताई है। राणा ने कहा कि देश वर्तमान में बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे समय में हमें भविष्य को देखते हुए रणनीति बनानी होगी। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राजेंद्र राणा ने कहा की सरकार को वैश्विक समस्याओं सहित बेरोजगारी व आर्थिक समस्याओं से निपटने के लिए अहंकार व भेदभाव छोड़कर सोच बदलनी होगी। राणा ने कहा कि कोरोना काल में हजारों बच्चे अनाथ हुए हैं, जबकि इससे पहले अन्य रोगों व विभिन्न कारणों से अभिभावकों को खोने के कारण अनाथ बच्चों की संख्या भी लाखों-करोड़ों में है। वहीं लाखों लोगों का रोजगार छिन जाने से उन्हें रोजी-रोटी के लिए तरस रहे हैं। ऐसी भयानक स्थिति में इन परिवारों व उनके बच्चों के हित में नीति बनाई जानी जरूरी है। कहीं ऐसा न हो कि भुखमरी का शिकार बनकर बच्चे परिवार को आर्थिक संबल बनाने के लिए बाल श्रम के गर्त में गुम हो जाएं। राणा ने चिंता जताई है कि बाल श्रम में पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10 बच्चों में से एक बच्चा हमारे देश का है। वर्ष 2011 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 1 करोड़ से ज्यादा बच्चे बाल श्रम से जुड़े हैं जोकि शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वे में खुलासा हुआ है कि राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों व व्यवसायिक कोर्सों में कन्याओं की कम संख्या भी कम हुई है तो उच्च शिक्षा के लिए बच्चों की संख्या में इजाफा तो हुआ है, लेकिन उनके अनुपात में शिक्षकों की संख्या बहुत कम हो गई है। देश के भावी भविष्य को देखते हुए इस पर भी आत्ममंथन की जरूरत है। विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि इस समय कोरोना महामारी सबसे बड़ी आपदा है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर नीति निर्धारण करने की जरूरत है, लेकिन इस मामले में भी वाहवाही लूटी जा रही है, जबकि कोई नीति स्पष्ट नहीं हो रही है। अगर महामारी से सही नियोजित नीति के तहत न निपटा गया तो गरीबी, बेरोजगारी आदि मसले हल कैसे होंगे। इसके लिए एम्स व कोरोना संबंधी राष्ट्रीय कार्यबल द्वारा बड़े पैमाने पर अंधाधुंध व अपूर्ण टीकाकरण पर दिए गए सुझावों पर केंद्र सरकार को अमल करना चाहिए, ताकि वैक्सीन की कमी भी न हो और टीकाकरण भी बेहद सरल तरीके से हो सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विभिन्न छात्र मांगो को लेकर यूआईआईटी निदेशक डॉ पी एल शर्मा का घेराव किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ए ग्रेड शिक्षण संस्थान है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूआईआइटी में इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, आईटी, सीएसई ट्रेडस में बीटेक कोर्स है जिसमें 1000 के करीब छात्र छात्राएं एक सुनहरे भविष्य की सोच लेकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण आज इन्हीं छात्रों के सपनों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है। ज्ञात हो कि यूं तो बीटेक के पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर में होनी थी, कोविड महामारी के चलते ये परीक्षाएं अप्रैल में होनी थी लेकिन महामारी के चलते ये परीक्षाएं नहीं हो पाई। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि पिछले सप्ताह ही अभाविप ने छात्र मांगो को लेकर यूआईटी निदेशक को ज्ञापन सौंपा था लेकिन बावजूद इसके यूआईटी प्रशासन द्वारा छात्र हितों में कोई फैसला नहीं लिया गया। आकाश नेगी ने कहा कि कोविड महामारी के चलते बहुत लोगों ने अपनी नौकरी से हाथ धोया है और आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, साथ ही साथ बहुत से छात्रों ने अपने स्वजनों को भी महामारी के दौरान खोया है, ऐसे में कम समय में 48000 की फीस जमा करवाने में छात्र असमर्थ हैं। इसलिए अभाविप का मत है कि छात्रों को फीस जमा करने हेतु अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन बेसुध यूआईटी प्रशासन छात्र हितों को दरकिनार करते हुए कोई भी फैंसला इस बारे में अब तक नहीं ले पाया है। जहां फीस जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून है साथ ही साथ देरी से फीस जमा करने पर 1000 से लेकर 5000 तो का जुर्माना भी है जो वर्तमान संदर्भ में व्यवहारिक नहीं है। साथ ही साथ आकाश नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अन्य संस्थानों की तर्ज पर पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सत्र की परीक्षा ऑनलाइन करवाए या असाइनमेंट लेकर मूल्याकन करे या फिर ओपन बुक परीक्षा करवाए ताकि छात्रों पर अतिरिक्त तनाव न बढ़े। कोविड महामारी के दौरान अनेक परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं ऐसे में इतने कम समय में फीस जमा करने का फैंसला गलत है। अतः फीस जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए तथा छात्रों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर अभाविप ने यूआईटी निदेशक का घेराव किया और फीस जमा करने की अंतिम तिथि बचाने को लेकर 15 जून दोपहर 12 बजे तक का अल्टिमेटम दिया। यदि यूआईटी प्रशासन जल्द फीस जमा करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ता तो अभाविप अपने आंदोलन को और तेज करेगी ।
निर्वासित तिब्बती सरकार के शिमला की मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी तेन्जिन नावंग ने निर्वासित तिब्बती सरकार के राष्ट्रपति पेंपा सेरिंग की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एक पत्र प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री को संबोधित किए गए इस पत्र में राष्ट्रपति ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और महामहिम दलाई लामा व तिब्बती लोगों को घर के समान परिवेश प्रदान करने के लिए प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया। शिमला की मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी की कार्यालय सचिव सेरिंग छोज़ोम भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
कोरोना संक्रमण संकट काल में प्रगतिशील किसान नन्दलाल ने उत्तम खेती, मध्यम बान: निकृष्ट चाकरी, भीख निदान को चरितार्थ करते हुए पुश्तैनी व्यवसाय खेतीबाड़ी को आगे बढ़ाते हुए शिमला के नजदीक शोघी के थड़ी पंचायत के शलोेग गांव के प्रगतिशील किसान नंदलाल वैश्विक महामारी के चलते भी वर्तमान में अनेक प्रकार की फसलें व सब्जियां पैदा कर खेतीबाड़ी के माध्यम से गिरती हुई अर्थव्यवस्था में भी लोगों को सब्जी व फलों की उपलब्धता के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में सतत् रूप से सक्रिय है। नंदलाल वर्मा ने अपनी अथक मेहनत, प्रयत्न व परिश्रम से कृषि क्षेत्र में विभिन्न नकदी फसलों की उपज कर न सिर्फ एक ठोस आय अर्जित की है बल्कि अपने प्रयासों से अन्य कृषकों को खेतीबाड़ी के लिए प्रेरित करने के लिए अनुकरणीय उदाहरण भी पैदा किए है। नंदलाल वर्मा बताते है कि उन्होंने पुश्तेनी खेतीबाड़ी को पारम्परिक खेती के तरीकों से इत्तर नई तकनीक को अपनाते हुए विभिन्न फसलों के उत्पादन की ओर अपने श्रम को अग्रसर किया। उन्होंने बताया कि इस निर्णय का मूल उद्देश्य साल में विभिन्न फसलों के माध्यम से निरन्तर आर्थिक मुनाफा अर्जित करना था। उन्होंने कार्य को आगे बढ़ाते हुए नकदी फसलें उगाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के सहयोग से पाॅलिहाउस लगाया, जिसके लिए विभाग की ओर से 80 प्रतिशत उपदान दिया गया। उन्होंने नकदी फसलें उगाने के लिए सिंचाई की आवश्यकता अनुरूप एक बड़े टैंक का निर्माण भी किया, जिसमें विभाग द्वारा 70 हजार रुपये का उपदान दिया गया। बड़े उन्मुक्त भाव से वो बताते है कि उनके पास लगभग 10 बीघे सिंचाई योग्य जमीन है, जिसमें वर्तमान में शिमला मिर्च, टमाटर, आलू, फूल गोभी की फसल लगा रखी है। साल में अलग-अलग प्रकार की फसलों को उगाने के फलस्वरूप सभी फसलों को बेच कर सालाना 6 लाख रुपये से अधिक की आमदनी नंदलाल अर्जित करते हैं। खुमानी, आड़ू, नाशपति के पौधे भी लगाए नंदलाल वर्मा बताते है कि नकदी फसलों के अतिरिक्त खुमानी, आडू, पलम, नाशपती, स्ट्राॅबैरी, अंजीर, सेब के पौधे भी लगाए हैं, जिससे आमदनी आरम्भ हो चुकी है। वर्षा जल संग्रहण के तहत इनके द्वारा पानी एकत्र करने के लिए इन्होंने 50 हजार लीटर का एक बड़ा टैंक निर्मित किया है, 6 फुट गहरे इस टैंक के माध्यम से पौधों की सिंचाई की जाती है। इसके अतिरिक्त खेत में 35 फुट लम्बा एक अन्य पानी के टैंक का निर्माण भी सरकार की योजना के तहत किया गया है, जिससे खेतों को सिंचित करने की प्रक्रिया की जाती है। नंदलाल वर्मा सहज भाव से बताते है कि उन्हें सब्जी व फलों को कोरोना संक्रमण संकटकाल में बेचने के लिए कहीं भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने बताया कि जब शिमला मिर्च की पैदावार हुई तो खरीददार स्वयं खेत तक पहुंचे। आलू की फसल को लेने के लिए भी लोग खेतों में आने लगे। उन्होंने बताया कि कोरोना संकटकाल में भी खेती के कार्य ने उन्हें किसी भी आर्थिक संकट का सामना नहीं करने दिया। आज के दौर में भी वो बड़े हर्ष के साथ कहते है कि कृषि कार्य सच में हमारे समाज में सर्वोत्तम कार्य है और उत्तम खेती, मध्यम बान: निकृष्ट चाकरी, भीख निदान को खेती आज भी चरितार्थ करती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को साईकल चलानी नहीं आती। जब वे महंगाई के खिलाफ साईकल प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए साईकल पर बैठे तो सहारे की जरुरत पड़ गई। ऐसे में भाजपा और विरोधियों को मौका मिल गया। पर देखने वाली बात ये है कि असहजता के साथ ही सही सबके सहयोग से राठौर ने साईकल भी बैलेंस कर ली और संगठन भी चल ही रहा है। अच्छी बात ये है कि उन्हें गिराने की कोशिश करने वाले कम ही दिखते है।
कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद प्रदेश में रविवार को हज़ारों सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया। वीकेंड पर सोलन के चायल में 80, शिमला और डलहौजी में 30 फीसदी होटल पैक हो गए हैं। मनाली में ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी रही। इससे होटल कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। मनाली में सोमवार को 2500 होटलों में से 50 फीसदी होटल खुलने का अनुमान था, लेकिन रोहतांग दर्रा पर्यटकों के बहाल होने के कारण 500 होटल रविवार को ही खुल गए। हिमाचल में सरकारी और निजी करीब 20 हजार होटल हैं। इनमें चार पंजीकृत, 6 हजार गैर पंजीकृत और 10 हजार होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां हैं। गौरतलब है कि सोलन जिले में रविवार को एक दिन में 4500 वाहनों ने किया प्रवेश। कांगड़ा जिले के बॉडरों से 227 लोगों ने आवागमन किया। बिलासपुर के स्वारघाट बॉर्डर से 1704 पर्यटकों ने प्रवेश किया। पांवटा बैरियर से रविवार को 646 लोगों ने प्रवेश किया। हालांकि, सूबे के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की चेकिंग के दौरान ज्यादा सख्ती भी नहीं दिखाई गई।
प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर के चलते बंद पड़ी बस सेवा करीब 34 दिन के बाद 14 जून यानि आज से शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय ऊना से HRTC के करीब 20 रूट सोमवार को सुचारू कर दिए गए है। जिनमें से कुछ रूट प्रदेश के अन्य जिलों के लिए होंगे जबकि ज्यादातर रूट जिला के ही अंदर के गांव के लिए शुरू किए गए है। बस सेवा बेहाल करने के लिए विभाग द्वारा कमर कास ली गई है। एचआरटीसी की कार्यशाला में पहले दिन रुट पर जाने वाली बसों को सैनिटाइज किया गया है। कोरोना कर्फ्यू के अनलॉक के तहत प्रदेश सरकार द्वारा SOP के तहत राज्य के भीतर करीब 34 दिन बाद बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश में आज 25 हज़ार 951 लोगों को वैक्सीन कि डोज़ दी जाएगी। इसके लिए हिमाचल सरकार ने प्रदेश में 266 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए है। इन सभी टीकाकरण केंद्रों में टीका लगवाने के लिए 12 जून को स्लॉट बुक कर दिया गया था। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुकिंग का समय 2:50 से 3:00 बजे का था जोकि अब बदल कर दोपहर 12 बजे कर दिया गया है। वैक्सीनेशन के लिए सभी सेशन एक दिन पहले बुक किए जाएगा। राज्य सरकार द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए खरीदी गई वैक्सीन कि खेप हिमाचल पहुंच गई है। हिमाचल पहुंची वैक्सीन की सभी खुराकें 21 जून से पहले 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग को लगाई जानी है। इसके बाद 18 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण का चौथा चरण भारत सरकार से वैक्सीन की आपूर्ति होने के बाद शुरू किया जाएगा। प्रदेश में इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र 14, 15, 16, 17 और 18 जून को होंगे।
बीते शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जयराम सरकार ने परिवहन सेवा को हर झंडी दिखा दी थी। जिसके बाद आज सुबह 6 बजे से हिमाचल प्रदेश में बसों का संचालन शुरू हो गया। बरहाल परिवहन निगम केवल 1004 रूटों पर अपनी बसों का संचालन करेगा। बता दें कि कोरोना कर्फ्यू की बंदिशे परिवहन सेवा पर लागू नहीं होगी। वंही, बसों में सवारियों की डिमांड के अनुसार निगम रूटों की संख्या को बढ़ाएगा। कैबिनेट के फैसले के अनुसार आज से बाजारों में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक रौनक रहेगी। सभी तरह की दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगी। सरकारी कार्यालय भी सोमवार से शुक्रवार तक 50 फीसदी स्टाफ के साथ काम करेंगे। शनिवार और रविवार को सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खुलेंगी। टैक्सी व मैक्सी में व निजी वाहन सौ फीसदी सवारियों के साथ चल सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश में शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक कोरोना कर्फ्यू जारी रहेगा। उधर, कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद हिमाचल तीन हजार से ज्यादा होटलों के ताले भी खुल गए हैं। राज्य में दाखिल होने वाले देश के किसी भी राज्य के पर्यटक को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नहीं लानी होगी। पर्टकों को केवल प्रदेश में प्रवेश के लिए कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराना होगा। उसे देखने के बाद ही सीमा पर तैनात पुलिस पर्यटकों को प्रवेश करने देगी।
शिमला :भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध लिए गए कोरोना कर्फ्यू जैसे उचित निर्णयों के कारण प्रदेश में कोरोना मामलो में दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है जोकि प्रदेश की जनता के लिए सुखद समाचार है। अब परिस्थितियां पुनः सामान्य हो रही है । भाजपा ने इस कोविड-19 संकट काल के समय सेवा ही संगठन भाग 2 के अंतर्गत उत्तम कार्य किया है। सभी कार्यकर्ताओं ने निष्ठा पूर्वक बूथ स्तर तक जनसेवा का काम किया है। भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, भाजपा मोर्चाें एवं प्रकोष्ठों सभी ने प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक अपनी अपनी भूमिका निभाई है। सुरेश कश्यप ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्य की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना हेतु 15, 16 एवं 17 जून को भाजपा अपने पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा होटल पीटरहाॅफ में करेगी। उन्होंने कहा कि सेवा ही संगठन भाग 2 की समीक्षाओं के लिए भाजपा की छोटी बैठकें 15 जून 2021 मंगलवार को शिमला के होटल पीटरहॉफ में प्रारंभ होने जा रही है। इन बैठकों में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सभी विशिष्ट नेतागण 15 जून को पीटरहॉफ पहुंचेंगे और पहली बैठक शाम 4.00 बजे प्रारंभ होगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि 16 जून को प्रथम बैठक 9.00 बजे प्रारंभ होगी उसके उपरांत शाम 4.00 बजे 2017 विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों के साथ बैठक की जाएगी इसी दिन शाम 7.00 बजे भाजपा के सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों के साथ बैठक होगी उन्होंने बताया कि इसी प्रकार 17 जून को प्रथम बैठक प्रातः 9.00 बजे प्रारंभ होंगी जिसमें सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री भाग लेंगे उसके उपरांत 11.00 बजे सभी संसदीय क्षेत्र जिला एवं मोर्चों के प्रभारियों के साथ बैठक की जाएगी दोपहर 2.30 बजे बोर्ड निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के साथ बैठक होगी शाम 4.30 बजे जिला शिमला की बैठक की जाएगी। केन्द्रीय अधिकारी सेवा ही संगठन भाग-2 लोकर आगामी योजनाओं पर चिंतन एवं मंथन करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में सेवा ही संगठन भाग 2 के अंतर्गत किए गए सेवा कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को कोविड महामारी के संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होनें कहा कि इन बैठकों में कोविड नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश वर्चुअल माध्यम से कार्यसमिति, जिला एवं मण्डलों की कार्यसमिति एवं प्रशिक्षण वर्ग आगामी समय में आयोजित किए जाएंगे जिसकी रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
शिमला: स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कार्य योजना बनाने हेतू राज्य सरकार ने निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि यह समिति डेटा विश्लेषण, अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के अनुभवों और कोविड-19 की अगली लहर से निपटने के लिए योजना तैयार करने तथा इस वायरस के बदलते स्वरूप को देखते हुए परामर्श देगी। उन्होंने कहा कि यह समिति वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए कार्य योजना शीघ्र प्रस्तुत करेगी। यह समिति राज्य में अस्पताल अधोसरंचना को सुदृढ़ करने, ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति जैसी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बारे में अनुमान प्रस्तुत करेगी। यह समिति बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आइसोलेशन बिस्तरों, ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों, आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटर्ज की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य योजना प्रस्तुत करेगी ताकि कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग तीसरी लहर के प्रबंधन तथा इसके प्रभाव कोक म करने के लिए रणनीति तैयार करने पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि सुविधाएं अग्रिम रूप में चिन्हित की जाएगी ताकि विभिन्न स्तरों पर मामलों के बढ़ने की स्थिति में यह फैसला लिया जा सके कि किस क्षेत्र में किस अस्पताल को सक्रिय किया जाना है। उन्होंने कहा कि समिति तीसरी लहर के दौरान आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर आॅक्सीजन और महत्वपूर्ण दवाएं जैसे टाॅकलिजुमैब, रेमडेसिविर आदि की आपूर्ति प्रबन्धन के लिए परामर्श देगी।
शिमला : स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीदी गई कोविड-19 वैक्सीन की खेप प्रदेश में पहुंच गई है और प्रदेश भर में इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र 14, 15, 16, 17 और 18 जून, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहुंची वैक्सीन की सभी खुराकें 21 जून, 2021 से पहले इस आयु वर्ग के लोगों को लगाई जानी है । इसके बाद 18 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण का चैथा चरण भारत सरकार द्वारा वैक्सीन की आपूर्ति प्राप्त होने के बाद शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र टीकाकरण वाले दिन से दो दिन पूर्व प्रकाशित 2.30 बजे से 3.00 बजे के बीच प्रदर्शित किए जाते थे लेकिन अब वैक्सीन उपलब्ध हो जाने के बाद टीकाकरण सत्र 15, 16, 17 और 18 जून, 2021 को टीकाकरण वाले दिन से एक दिन पूर्व दोपहर 12 से 1 बजे तक प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि सभी पात्र लाभार्थी अपनी अप्वाइंटमेंट शेड्यूल करवा सके। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लाभार्थी अपनी अप्वाइंटमेंट शेड्यूल होने के बाद ही टीकाकरण केंद्र पर आएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में ही ऑनसाइट पंजीकरण की सुविधा और स्थानीय प्रशासन के निर्णय के अनुसार ही शेड्यूलिंग की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून, 2021 को आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण के लिए प्रदेश भर में 266 टीकाकरण केंद्र बनाए गए है और 25,951 लोगों ने टीकाकरण के लिए अपने शेड्यूल बुक किए है। उन्होंने सभी लोगों से टीकाकरण केंद्रों में कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून, 2021 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 266 टीकाकरण सत्रों के लिए जिला बिलासपुर में 14 जून, 2021 को 14 सत्र में 1399, चंबा में 19 सत्र में 1718, हमीरपुर में 16 सत्र में 1598, कांगड़ा में 58 सत्र में 5800, किन्नौर में 4 सत्र में 40, कुल्लू में 17 सत्र में 1700, मंडी में 39 सत्र में 3897, शिमला में 33 सत्र में 3300, सिरमौर में 23 सत्र में 2299, सोलन में 24 सत्र में 2400 और ऊना में 18 सत्र में 1800 लोगों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण किया है।
देहरा :शुभम डडवाल पुत्र दलबीर सिंह गाँव लछुं डाकघर बनखंडी सेना मे लेफ्टिनेन्ट के पद पर सलेक्ट हुए है। यह खबर सुनते ही इलाके में खुशी की लहर फैल गई। बता दें कि शुभम ने अपनी प्रार्थमिक पढ़ाई डीएवी बनखंडी से, दसवीं आर्मी स्कूल जोधपुर से तथा बाहरवीं जिएवी काँगड़ा से की उसके बाद उन्होंने आर्मी ज्वाइन कर ली। आर्मी मे रहते हुए उन्होंने एसीसी रिटेन टेस्ट दिया जिसमे वे सफल हुए उसके बाद एसएसबीक्लियर कर चार साल की ट्रेनिंग के बाद उन्हें ये लेफ्टिनेन्ट रैंक हासिल हुआ, अब उनकी पोस्टिंग जोधपुर मे हुई है। शुभम के माता-पिता राजकुमारी तथा दलबीर सिंह से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं तथा उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहेंगे और देश की सेवा करेंगे। शुभम के भाई अंचल डडवाल ने कहा कि उन्हें अपने भाई पर गर्व है उनके भाई ने इसके लिए बहुत मेहनत की जिनका उन्हें फल मिला साथ ही अंचल ने बताया कि उनके परिवार मे उनके पिता तथा दादाजी सभी ने आर्मी मे रहकर देश की सेवा की है तथा शुभम भी उसी राह पर चलकर देश की सेवा करने के लिए तत्पर है।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट के सौजन्य से कोविड-19 जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।सत्र का उद्देश्य आईटीआई के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों की ओर से कोविड-19 से संबंधित संशयों को दूर करना था।संस्थान की ओर से प्रशिक्षुओ के परिवार वालों का कुशलक्षेम जानने के लिए कॉल की गई थी।उस दौरान अभिभावकों ने कोविड से संबंधित संशयो को दूर करने तथा जागरूकता सत्र के लिए निवेदन किया था।जिसकी पूर्ति के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के स्वास्थ्य समन्वयक अजीत सिंह को आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने छात्रों तथा अभिभावकों का कुशलक्षेम जानकर स्वागत भाषण के साथ किया।इसके पश्चात अजीत सिंह ने कोविड तथा वैक्सीनेशन को लेकर विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की।इस दौरान कोविड से प्रभावित अभिभावकों और छात्रों को मानसिक तौर पर सुदृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षक मोनिका ने सभी अभिभावकों छात्रों स्वास्थ्य समन्वयक तथा समस्त श्रोताओं का आभार व्यक्त करके किया।
देहरा :जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते परागपुर(गढ़) के 21 वर्षीय आदित्य से पटियाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं आपको बता दें लेफ्टिनेंट आदित्य पटियाल के पिता डॉ प्रमोद पटियाल ढलियारा कॉलेज में बतौर प्रधानाचार्य रूप से कार्य कर रहे हैं आदित्य सिंह पटियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई सैक्रेट हार्ट स्कूल धर्मशाला से की है वहीं 12वीं कक्षा की पढ़ाई श्री गुरु गोविंद सिंह स्कूल चंडीगढ़ से ग्रहण की है लेफ्टिनेंट आदित्य सिंह पटियाल ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कंप्यूटर साइंस में बीएससी की डिग्री भी प्राप्त की है साथ ही कहा कि उनका बचपन से ही सपना था कि वह भारतीय सेना में सेवाएं दे आज उनका यह सपना साकार हुआ है और उनके आइडल उनके पिता डॉक्टर प्रमोद सिंह पटियाल हैं उन्होंने कहा कि उनकी दादी रजनी देवी माता कविता पटियाल भाई पार्थ पटियाल ने हमेशा ही उनका मनोबल बढ़ाया है वही आज इन सब के आशीर्वाद एवं साथ ही वह इतना बड़े मुकाम को हासिल कर पाए हैं । आदित्य सिंह पटियाल ने युवाओं से आह्वान किया है कि हमें हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यानार्थ रहना चाहिए साथ ही फिजिकल फिटनेस पर भी विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए आदित्य पटेल के पिता डॉ प्रमोद पटियाल ने अपने अपने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है वही इस युवक की इस उपलब्धि पर समस्त पंचायत एवं क्षेत्र में खुशी की लहर दौर उठी है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने एक बार फिर शिक्षा बोर्ड पर बच्चों के अनहित होने का आरोप लगाए हैं उन्होंने कहां की शिक्षा बोर्ड का क्राइटेरिया मेरिटोरियस बच्चों के हित में नहीं है चौहान ने आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बच्चों के भविष्य के लिए होने वाले इतने बड़े निर्णय के लिए कोई भी अभ्यास नहीं किया जिससे इन बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सकें और मेरिटोरियस बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ ना हो । हैरानी की बात है कि बोर्ड ने इतने बड़े निर्णय लेने से पहले पंजीकृत शिक्षक संघों एवं शिक्षाविद व अभिभावकों से भी मंत्रणा करना उचित नहीं समझा । चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं के हिंदी और अंग्रेजी का जो पेपर हुआ है उसके लिए क्राइटेरिया लगाना कितना तर्कसंगत है उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि बहुत से बच्चे जिनका अंग्रेजी या हिंदी में एनुअल पेपर में 85 या 90 नंबर आ रहे हैं और प्री बोर्ड व फर्स्ट ,सेकंड टर्म के क्राइटेरिया के आधार पर जिसमें 40 नंबर प्री बोर्ड के रख दिए गए हैं और केवल मात्र पांच नंबर ही एनुअल पेपर के क्राइटेरिया मे रखे गए है तो criteria के आधार पर यदि बच्चे के कुल मार्क्स 80 ही बनते हो तो उस बच्चे को 90 नंबर की जगह जो उसने वार्षिक परीक्षा में वास्तव में अर्जित किए हैं उसके स्थान पर 80 नंबर देना कितना उचित है । यह एक बहुत बड़ी खामी शिक्षा बोर्ड के क्राइटेरिया में झलक कर सामने आ रही है जिससे अच्छे बच्चों के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। चौहान ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए बोर्ड को सलाह दी कि क्राइटेरिया में दोनों विकल्प रखे जाए , बच्चों द्वारा क्राइटेरिया में लिए गए नंबर अथवा वार्षिक परीक्षा में अर्जित किए गए नंबर में से जो ज्यादा है वह नंबर बच्चे को मिलने चाहिए । वास्तव में बच्चा उसका हकदार भी है। वैसी भी प्री बोर्ड परीक्षाएं जिसके लिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ और अन्य संगठन व अभिभावक और शिक्षाविद् इसके पक्ष में नहीं थे और ना ही बच्चे पूरी तरह से इन परीक्षाओं को देने के लिए मानसिक रूप से त्यार थे इसलिए इन परीक्षाओं को बच्चे के वार्षिक परिणाम के लिए 40% का आधार बनाना संघ को राज नहीं आ रहा है यह सरासर बच्चों के साथ अन्याय व ज्यादती लग रहा है इसलिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग एवम शिक्षा बोर्ड से अनुरोध करता है के इस पर पुनर्विचार किया जाए और अर्जित किए गए अंकों के आधार पर ही अन्य पेपर का भी क्राइटेरिया में जगह रखी जाए केवल मात्र फेल हो रहे बच्चों के लिए ये क्राइटेरिया अपनाया जाए क्योंकि मेरीटोरियस बच्चों को इससे उनकी मेरिट में नुकसान हो सकता है संघ के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हे प्रदेश की विभिन्न कोनों से स्कूल प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों के फोन आ रहे हैं और और वे बच्चों के हित में इस क्राइटेरिया में कुछ बदलाव की मांग कर रहे हैं इसलिए संघ छात्र हित में सरकार व शिक्षा बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रख रहा है इस संदर्भ में संघ लिखित में भी शिक्षा बोर्ड को एक ज्ञापन सौंपने वाला है।
देहरा: कोरोना की दूसरी लहर ने जहां सबको एक भय और निराशा की स्थिति में डाल दिया था, वहीं देहरा उपमंडल में प्रशासन सबको हिम्मत देकर सहायता देने का कार्य निरंतर करता रहा। 14 अप्रैल 2021 को एसडीएम कार्यालय देहरा में कोविड से निपटपने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कंट्रोल रूम की स्थापना की गई। इस दौरान उपमंडल प्रशासन की ओर से 24 कर्मचारियों ने दिन-रात इस कंट्रोल रूम के माध्यम से लोगों से संपर्क साधा। इस दौरान कंट्रोल रूम ने 24 घंटे खुला रहकर एक फोन काॅल पर ही कार्रवाई करने का काम किया। एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर बतातें हैं कि संकट बड़ा था लेकिन कंट्रोल रूम के माध्यम से कभी ऐसा समय नहीं आया कि स्थिती को नियंत्रित न किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस दौरान देहरा उपमंडल में लगभग 2500 लोग कोरोना से संक्रमित हुए। जिनमें से 01 व्यक्ति को धर्मशाला अस्पताल और 05 को टांडा मेडिकल अस्वताल उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। उन्होंने बताया कि कुल संक्रमितों में से 1900 के करीब लोग अब पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए हैं और करीब 550 लोग आज भी होम आईसोलेशन में स्वास्थ लाभ ले रहे हैं। एसडीएम बताते हैं कि उपमंडल में इस दौरान करीब करीब 38 लोगों की दुःखद मृत्यु भी हुई। इस दौरान एसडीएम कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम द्वारा सभी 2500 संक्रमितों से संपर्क साधा गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संक्रमित से 3 से 4 बार संपर्क करके उनके स्वास्थ का पूरा ब्योरा कंट्रोल रूम में संकलित किया जाता रहा। वहीं संक्रमितों से बात करके उनके उपचार में आ रही किसी प्रकार की दिक्कत या अन्य किसी प्रकार की आवश्यकता के बारे में भी जानकारी ली गई। तदोपरांत फील्ड में तैनात अधिकारीयों, कर्मचारीयों व स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके घर-घर जाकर लोगों को जरूरत की चीजें उपलब्ध करवाई गई। संक्रमितों के अलावा भी कंट्रोल रूम के माध्यम से उपमंडल में किसी भी जरूरतमंद को इस दौरान एक फोन काॅल पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। एसडीएम ने कहा कि इस दौरान उपमंडल में सेवाएं दे रहे सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, बीडीओ और उनके स्टाफ ने प्रतिदिन घर-घर जाकर संक्रमितों का हाल जाना, उनका हौसला बढ़ाया और जरूरी वस्तुएं उपलब्ध करवाई। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त ई-पास के लिए भी लोगों को 24 घंटे सुविधा उपलब्ध करवाई गई, जिसके तहत अब तक लगभग 1750 पास देहरा कंट्रोल रूम द्वारा जारी किए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि इस दौरान प्रशासन ने समाज के साथ हर समय खड़े रहकर अपना शत प्रतिशत देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए आगे भी समाज से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा है। समज के लेाग अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कोरोना उपयुक्त व्यवहार अपनाएं, प्रशासन आगे भी लोगों को संकट से बाहर निकालने के लिए इस प्रकार दिन-रात प्रयासरत रहेगा।
शिमला :भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा शिमला नगर निगम के अंतर्गत मज्याठ वार्ड में सेनीटाइज़ेशन अभियान चलाया गया। मज्याठ के हर घर में यह अभियान चलाया गया। सेनीटाइज़ेशन अभियान में विजेंद्र मेहरा,बालक राम,दलीप सिंह,टेक चंद,सौरभ कौंडल,नीरज चंदेल,हरविंदर कुमार,कुलदीप चंद आदि शामिल रहे। पार्टी के जिला सचिवमण्डल सदस्य विजेंद्र मेहरा व लोकल कमेटी सदस्य बालक राम ने कहा है कि पार्टी का सेनीटाइज़ेशन अभियान चौबीसवें दिन भी जारी रहा। इस अभियान के तहत मज्याठ वार्ड के मज्याठ के बाद शिवनगर व न्यू टूटू में भी अभियान जारी रहेगा। इसके बाद अभियान के अगले चरण में टूटू के सरकारी स्कूल के इर्द गिर्द व टूटू बाजार में यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नगर निगम शिमला से मांग की है कि वह भी नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी चौंतीस वार्डों में सेनीटाइज़ेशन अभियान सुनिश्चित करे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कोरोना काल में नगर निगम ने जनता के स्वास्थ्य के सम्बंध में कोई भी कार्य नहीं किया है। नगर निगम जनता की कोई भी मदद करने में विफल रहा है। वह शहर के सेनीटाइज़ेशन तक नहीं कर पाया जो उसकी लचर व गैर जिम्मेवार कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा है कि पार्टी इस अभियान को शहर के सभी चौंतीस वार्डों में आयोजित करेगी।
सोलन : जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छूट तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 11 जून, 2021 को जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में ‘मास्क नहीं तो सेवा नहीं’ (नो मास्क-नो सर्विस) की नीति की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। जिला के सभी बाजार एवं दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक (08 घण्टे के लिए) खुले रहेंगे। सभी बाजार एवं दुकानें शनिवार एवं रविवार को बन्द रहेंगी। सब्जी, दूध, दुग्ध उत्पाद, मीट, मछली, अण्डों एवं रोज़मर्रा की ज़रूरतों की दुकानें शनिवार तथा रविवार को भी प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक खुली रहेंगी। फार्मेसी एवं दवा की दुकानें सामान्य कार्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। दुकानदारों एवं विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी।राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित सभी ढाबे, खान-पान स्थल, वाहन मुरम्मत एवं कलपुर्जों की दुकानें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार खुली रहेंगी। जिला में उचित मूल्य की दुकानें 20 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेंगी। आगामी आदेशों तक 04 कर्मियों तक की संख्या वाले सभी कार्यालय पूर्ण संख्या के साथ कार्य करेंगे। सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों एवं स्वायत्त संस्थाओं के अन्य कार्यालय आगामी आदेशों तक 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ कार्यशील रहेंगे। विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष क्रमवार उपस्थिति के सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार निर्णय ले सकेगें। सभी कार्यालयों में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। दिव्यांग, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को कार्यालय आने से छूट रहेगी और ऐसे कर्मचारी अपने घर से कार्य कर सकेंगे। अपने घर से कार्य कर रहे सभी कर्मियों को आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयाध्यक्ष द्वारा तुरन्त कार्यालय बुलाया जा सकेगा। जिला प्रशासन कार्यालय 06 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेगा। चिकित्सा महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों को 23 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। नर्सिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों को 28 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध मंे विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मानक परिचालन प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यण विभाग द्वारा जारी की जाएगी। अन्य सभी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समागम आगामी आदेशों तक प्रतिबन्धित रहेंगे। विवाह एवं अन्तिम संस्कार में अधिकतम 20 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। पर्यटन इकाइयों को पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार आरम्भ किया जा सकेगा। ऐसे सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। इन आदेशों के अुनसार सभी सिनेमा हाॅल, व्यायामशालाएं, खेल परिसर, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर एवं सभागार तथा ऐसे अन्य स्थल आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। हेयर कटिंग सेलून, ब्यूटी पार्लर को कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना तथा जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार खोला जा सकेगा। धार्मिक स्थल आम जन के लिए बन्द रहेंगे किन्तु यहां परम्परा अनुसार दैनिक पूजा की अनुमति होगी। सार्वजनिक तथा अनुबन्धित परिवहन सेवा एवं स्टेज कैरियेज का अन्तर राज्यीय परिवहन प्रतिबन्धित रहेगा। जिला सोलन में सभी प्रकार के अन्तर राज्यीय आवागमन का अनुश्रवण कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर (http://covid19epass.hp.gov.in) पर पंजीकरण के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य संगरोध आवश्यकता का अनुश्रवण तथा कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के मामले में उनके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना है। सोलन जिला में आने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को उपरोक्त आॅनलाईन साॅफ्टवेयर पर अपना विवरण अंकित करना होगा। सोलन जिला में प्रवेश पर यह जानकारी सम्बन्धित व्यक्तियों के साथ साझा की जाएगी। आरटीपीसीआर परीक्षण की पूर्व नेगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी। अन्तर जिला एवं सोलन जिला से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए सार्वजनिक परिवहन बस सेवा, स्टेज एवं अनुबन्धित कैरियेज की आवाजाही के लिए कुल सीट क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ अनुमति प्रदान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाना होगा। निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, टैक्सी को पंजीकृत सीट क्षमता एवं कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना के साथ आवागमन की अनुमति होगी। आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक परिवहन में उचित प्रकार से मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखनी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका, तम्बाकू एवं अन्य सामान उत्पादों का सेवन प्रतिबन्धित है। 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गम्भीर रोगी, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को स्वास्थ्य एवं आवश्यक कारणों के अतिरिक्त घर से बाहर आवाजाही न करने का परामर्श दिया गया है। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुरूप कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश 14 जून, 2021 की प्रातः 06.00 बजे से प्रभावी माने जाएंगे।
शिमला :मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज निदेशालय परिवहन भवन के निकट सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट के सुनील सदन का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर हवन में भी भाग लिया। इस भवन का निर्माण प्रदेश में सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट की आयुष गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा रहा है। भविष्य में इस कार्यालय के माध्यम से अनेक गतिविधियां चलाई जाएंगी। कार्यालय में एक वैलनेस सेंटर भी खोला जाएगा, जिसके माध्यम से योग प्रशिक्षण, शारीरिक व्यायाम आदि गतिविधियां चलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सह संगठन मंत्री प्रफुल्ला आकांत, उत्तर क्षेत्रीय संगठन सचिव विक्रांत खण्डेवाल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. नागेश ठाकुर, प्रांत प्रचारक संजय, संगठन मंत्री गौरव अत्री, ट्रस्ट के सचिव डाॅ. सुरेन्द्र शर्मा, सह सचिव डाॅ. नितिन व्यास भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कोरोना काल में गत्त वर्ष के कटु अनुभवों के बावजूद भी प्रदेश सरकार सेब सीज़न की तैयारियों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नही हैं यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के अभाव व कोरोना की आड़ में कार्टन फैक्ट्रियों ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पैकेजिंग सामग्री के दामों में 25% तक बढ़ोतरी कर ली है। जिससे अब बागवानों को प्रति पेटी कार्टन और ट्रे पर ₹25 से ₹30 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। रोहित ठाकुर ने कहा कि कार्टन व ट्रे के दाम में कोई बढ़ोतरी न होने का बाग़वानी मंत्री का बयान जनता को गुमराह करने वाला हैं या मंत्री इस सच्चाई से परिचित नही हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर कार्टन और ट्रे के टेंडर तो आमंत्रित कर दिए लेक़िन अभी तक इन्हें अंतिम रूप नहीं दिया गया जबकि कुछ दिनों में ही कम ऊंचाई वाले स्थानों में अर्ली वैरायटी के सेब का तुड़ान शुरू हो जाएगा और स्टोन फ्रूट का सीज़न जोरों से चला हुआ हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि उपरी शिमला में ओलावृष्टि और तूफ़ान का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा। तूफ़ान से सेब सहित अन्य फ़सलों के साथ-2 घरों व गौशालाओं को भारी नुक़सान पहुँचा हैं। उन्होंने सरकार से ओलावृष्टि और तूफ़ान से प्रभावित किसानों को अविलम्ब राहत देने की मांग की है । इसके पहले अप्रैल माह में भी बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि से सरकारी आंकलन के अनुसार सेब की बागवानी को ₹ 254 करोड का नुक़सान हुआ हैं जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने कोई भी कार्यवाही नही की हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बागवानी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित ₹1134 करोड रुपए का बागवानी विकास प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किया गया था लेकिन भाजपा सरकार के उदासीन रवैए के चलते पिछले 3 वर्षों में प्रोजेक्ट के तहत मात्र ₹296 करोड रुपए ही खर्च हुए हैं जो कि स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि का मात्र 26% है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना काल में जहां हर क्षेत्र ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए थे वही किसानों की कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति से कृषि और बाग़वानी क्षेत्र मजबूती से खड़ा रहा । कृषि क्षेत्र का प्रदेश की विकास दर में 13% प्रतिशत का योगदान हैं जबकि प्रदेश की 70% जनता को भी इस क्षेत्र में रोजगार मिलता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक ₹5000 करोड़ रुपए की आर्थिकी पैदा करने वाली नक़दी फ़सल सेब की मुख्य भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझने के बाद अब सेब पर स्कैब, मार्सेलोना, स्केल, माईट जैसी बीमारियों ने दस्तक दे दी हैं और ये पहली सरकार हैं जिसने किसानों को दवाइयों पर मिलने वाले अनुदान को ही बंद कर दिया। रोहित ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में सड़कों की दुर्दशा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में जिला शिमला में सड़क का एक भी नया प्रोजेक्ट केंद्रीय सड़क निधि (Central Road Fund) के तहत स्वीकृत नहीं हुआ और ना ही कोई सड़क वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में डाली गई। रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जिला शिमला के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाने की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण छैला नैरीपुल औच्छघाट हॉर्टिकल्चर सड़क को भी वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से निकाल दिया हैं जो कि जिला शिमला के प्रति भाजपा सरकार की संकीर्ण मानसिकता को दिखाता हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब बाहुल्य क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है और वहीं ठियोग हाटकोटी सड़क योजना में पिछले 4 वर्षो से मात्र 8% शेष निर्माण कार्य भी पूरा नही हो पाया। उन्होंने कहा कि सरकार सेब सीज़न से पहले ग्रामीण इलाक़ो की सड़कों को युद्ध स्तर पर सुधारें व ठियोग हाटकोटी सड़क योजना के लंबित पड़े निर्माण कार्य में भी तेजी लाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम ₹100 का आंकड़ा पार कर चुके हैं जिसके चलते कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से MIS के तहत किसानों और बाग़वानों की पिछले तीन वर्षों से लम्बित पड़ी ₹28 करोड़ की बकाया राशि को अविलम्ब जारी करने का आग्रह किया हैं। रोहित ठाकुर कि कहा कि सेब पर लागत बढ़ने से मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब पर इस वर्ष समुचित समर्थन मूल्य भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ने व लॉकडाउन से सब्जी और फूल उत्पादकों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए केरल मॉडल की तरह सब्जियों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने पर सरकार को गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में न होने के चलते कारगर सिद्ध नही हो पाई और हर वर्ष किसानों का इस योजना के प्रति मोह भंग होता जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग में स्वीकृत उद्यान विकास अधिकारी के 264 पदों में से 160 पद रिक्त पड़े हैं इसी तरह उद्यान विस्तार अधिकारी के कुल 512 स्वीकृत पदों में 126 पद खाली चल रहें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यान विभाग में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएं।
देहरा :उपमण्डल देहरा के अन्तर्गत डाडासीबा ,जंबल बस्सी, चनौर,नैहरनपुखर,ढलियारा,करियाडा,खबली,मूहल आदि इलाको मे गत शुुक्रवार आधी रात को अचानक भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान से खूब तबाही मचाने की खबरे सामने आई है। विगत करीब तीन दिन पहले यहां तेज आंधी तूफान के कारण डाडासिबा जंबल बस्सी ,बड्डल, ठोर आदि मे टूटे करीब 14 बिजली के पोल को विभागीय प्रशासन अभी सही ढंग से चालू भी नहीं कर पाया था कि गत शुुक्रवार आधी रात को आसमान से बस्सी आपदा ने विद्युत विभाग के 20 बिजली के खम्बे तोड़कर दुबारा फिर परेशानी मे डाल दिया है। वहीं इस आपदा ने विद्युत विभाग के 8 लाख रुपये का नुुकसान किया है। खबर की पुष्टि करते हुए विद्युत विभाग देेेेहरा कार्यलय मे तैनात एक्सन कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि जगह-जगह वृक्ष की बड़ी भरकम टहनियां टुटने से बिजली की तारे जमीन पर बिछ चुकी है। विभागीय कर्मचारी उक्त बिजली की तारो को जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर जटे हुए है ताकि विद्युत सप्लाई तुरन्त बहाल हो सके। वही इस दौरान न केवल बिजली विभाग को भारी चपत लगी है बल्कि यहां इलाको मे स्लेटपोश रिहायशी मकानो व गौशालाओं की छते उड़ गई तो वहीं नेहरनपुखर, घियोरी, ढलियारा, डाडासिबा, करियाडा आदि गावों मे दर्जनो बिजली के खम्बे गिरने से रात भर समूचा उपमन्डल देहरा इस चिडचडाती गर्मी के बीच अन्धेरे मे रहा लिहाजा शुक्रवार आधी रात व शनिवार देर सांय तक कई इलाको मे विगत करीब 18 घन्टो के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नही हो पाई थी जबकि विभागीय कर्मचारी शनिवार सुबह तड़के से ही युद्ध स्तर पर बिजली की तारो व् खम्बों को जोड़ने मे डटे हुए थे। बताते चलें इस भारी तबाही से बिजली के खंभे गिर गए और कई बिजली की लाइनें भारी-भरकम पेड़ गिरने से जमीन पर बिछ गई तूफान ने करीब एक से डेढ़ घंटे तक गरजना के साथ इतनी तबाही मचा रखी कि लोग बुरी तरह से सहमे उठे जगह-जगह पेड़ गिरने से मकानों व्यवसायिक परिसरों में विद्युत लाइनों को भारी क्षति पहुंची है बिजली व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है अधिकांश क्षेत्रों में बिजली गुल है बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल करने में काफी समय लगा बिजली सप्लाई बाधित होने से जल शक्ति विभाग की मशीनरी नहीं चल पाई तूफान से ज्यादा तबाही आम फसलों में हुई है। क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में विद्युत विभाग देहरा मे तैनात एक्शिएन कुलदीप सिह राणा ने बताया कि शुक्रवार आधी रात को आधी तुफान से 20 बिजली के पोल गिरने से कई बिजली की तारे बृक्ष के नीचे बिछ गई है जिसमे करीब 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।


















































