सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सोलन द्वारा आज जिला के अर्की उपमंडल के शालाघाट एवं अन्य स्थानों पर लोगों को लघु नुक्कड़ नाटिका के माध्यम से भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाने और नियम पालन के सम्बन्ध में समझाया गया। विभाग से सम्बंधित शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों ने आज शालाघाट एवं आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस बनकर लोगों को सीख दी। कलाकारों ने जब ‘मेरा नाम कोरोना है और मैं भीड़-भाड़ वाले स्थानों तथा सामाजिक समारोहों में अत्यधिक निवास करता हूं। ऐसे स्थानों पर जो भी व्यक्ति मुझे बिना मास्क के सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करते हुए मिलता है तो उसे में रोग ग्रस्त कर देता हूं’ कहा तो सभी दृश्य जीवंत हो गए। कलाकारों ने शालाघाट चैक पर जहां नाटकीय अंदाज में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए विभिन्न उपायों की जानकारी दी वहीं प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का भी आग्रह किया। लोगों को सामाजिक समारोहों में कम से कम संख्या में उपस्थित होने के लिए जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 जैसा भयावह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इससे बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का नियमित प्रयोग, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन तथा समय-समय पर हाथों को साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करते रहना आवश्यक है। कलाकारों ने लोगों को संदेश दिया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। ऐसे स्थानों में जाने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक है तथा इससे पूरे परिवार तथा आसपास के लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि ऐसी जगह जाना भी पड़े तो मास्क एवं सेनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। लोगों को जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस का खतरा अभी बना हुआ है। लोगों को बताया गया कि कोरोना बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन कोविड-19 महामारी से बचाव में अत्यंत कारगर है। लोगों से आग्रह किया गया कि कोविड-19 बीमारी के लक्षणों को छुपाएं नहीं और तुरंत चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। लोगों से आग्रह किया गया कि खांसी, बुखार तथा जुखाम जैसे लक्षण होने पर बिना किसी संकोच के अपनी कोविड जांच अवश्य करवाएं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सेना में भर्ती होने वाले परीक्षार्थियों की आयु में 1 वर्ष की छूट प्रदान करने की मांग को लेकर रक्षा मंत्री को पत्र भेजा। विदित रहे कि कोरोना जनित परिस्थितियों के कारण जहां जन-जीवन अस्त व्यस्त हुआ था, वहीं दूसरी तरफ भर्ती प्रक्रिया नियमित अंतराल में आयोजित नहीं हो पाई । कोविड-19 के कारण प्रतिबंधित क्षेत्रों में फंसे परीक्षार्थी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने से चूक गये। ऐसे अप्रत्याशित रूप से परीक्षा से वंचित रह जाने के कारण कड़ा परिश्रम कर रहे परीक्षार्थियों का सेना में सम्मिलित हो कर भारत माता की सेवा करने का स्वप्न पूर्ण नहीं हो पा रहा है। परीक्षार्थियों के साथ न्याय हो इसलिये उन्हें 1 अतिरिक्त प्रयास मिलना चाहिये। अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की "हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीर भूमि भी कहलाया जाता है। प्रदेश के युवाओं में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जुनून बहुत अधिक देखा जाता है। हिमाचल प्रदेश के हजारों युवा दिन-रात कड़ी मेहनत करके भारतीय सेना की परीक्षा की तैयारी करते हैं। परंतु पिछले 1 वर्ष से भारतीय सेना की परीक्षा का आयोजन ना होने की वजह से बहुत सारे युवाओं की आयु सीमा पूरी हो चुकी है। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने रक्षा मंत्री के समक्ष यह मांग रखी है कि ऐसे सभी युवाओं को सेना की भर्ती परीक्षा देने के लिए आयु सीमा में 1 वर्ष की विशेष छूट देनी चाहिए। ताकि प्रदेश के हजारों युवाओं ने जो भारतीय सेना में सेवाएं देने का सपना देखा था वे उस सपने को साकार कर सकें." अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “परीक्षा देने से वंचित रह गये विद्यार्थियों के हित को ध्यान रखते हुये अभाविप माननीय रक्षा मंत्री से यह मांग करती है कि भारतीय सेना में सभी तरह की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अभ्यर्थियों को एक वर्ष की आयु संबंधी छूट प्रदान की जाए, ताकि कोरोना जनित परिस्थितियों में अपने अंतिम अवसर से चूक गए अभ्यर्थी अपने अंतिम प्रयास में सोत्साह सम्मिलित हो सकें।”
मंडी : सिराज विधानसभा क्षेत्र के साथ लगती पंचायत पखरेर में बीती शाम को एक घंटे लगातार ओलावृष्टि होने से किसानों की मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आपदा आती है तो वह किसी को बोलकर नहीं आती है। एक तरफ करोना का कहर और दूसरी तरफ ओलावृष्टि से हमारी पूरी की पूरी फसल तबाह हो गई है। लगभग एक घंटे लगातार ओलावृष्टि के कारण सेब, गेहूं, जौ, राजमाह, आलू, गोभी और आड़ू ,प्लम आदि सभी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई है। यहां तक की घास भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्राम पंचायत पखरेर के प्रधान श्रीमती मोनिका कुमारी का कहना है कि इससे पहले भी ओलावृष्टि होने से किसानों को भारी खामियाजा भुगतना पड़ा था। लेकिन पिछली ओलावृष्टि से आधी फसल बच गई थी। अबकी बार फसलें पूरी तरह से खत्म हो गई है। प्रधान मोनिका कुमारी और स्थानीय लोगों का कहना है कि हम प्रशासन और सरकार से गुहार लगाते हैं कि हमें इस फसल की भरपाई के लिए जरूर कुछ ना कुछ सहायता प्रदान करें प्रशासन से भी अनुरोध है कि इस तबाही की भरपाई के लिए किसानों की हरसंभव सहायता करें धन्यवाद।
कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रदेश में कई सामाजिक संस्थाए मदद के लिए आगे आ रही है। आर एस एस के सौजन्य से सेवा भारती हिमाचल प्रदेश द्वारा सेवा भारती सरकाघाट को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और ऑक्सीमीटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। डाक्टर राजकुमार राणा ने बताया की सेवा भारती सरकाघाट में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीपीई किट, कोरोन किट और ऑक्सीमीटर, उपलब्ध है। संकट की इस घड़ी में सभी जरूरतमंद सेवा भारती सरकाघाट के आप-पास के निवासी निम्नलिखित फोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। 9418214056 अधिवक्ता अरूण शर्मा 9418100796 अधिवक्ता अजय ठाकुर 8894473309
ऊँचा परमाणु स्थित तालाब में परवाणू के दमकल विभाग द्वारा आज फिर मछलियों को बचाने के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की। साथ ही कसौली से उपमंडल अधिकारी नागरिक द्वारा भी मौके का निरीक्षण किया गया व मछलियों के संरक्षण एवं तालाब की सुंदरता को बनाये रखने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष के साथ मौके पर चर्चा की। उन्होंने बताया की हमें बड़ी खुशी है कि हमारी दी गई सलाह से नगर परिषद अध्यक्ष बहुत खुश हुए और इस पर सकारात्मक कदम उठाने के लिए हमें आश्वासन दिया। हम आभारी हैं दमकल विभाग के जो लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा निशा शर्मा के जिन्होंने अपने फर्ज को समझते हुए इस कार्य में अपने को पूरी तरह से समर्पित कर दिया।
कुनिहार के साथ लगती जाबल झमरोट पँचायत के गाँव जाबल व झमरोट के अधिकतर ग्रामवासियों को काफी लंबे समय से पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इन गांवों में अधिकतर परिवारों को पानी नही पहुंच पाता है। कुछ लोग गांव मे टुलू पम्प का प्रयोग भी कर रहे है इसके अलावा पानी छोड़ने की अवधि भी बहुत कम है। इसी मुद्दे को लेकर इन ग्रामवासियों ने पँचायत प्रधान सीमा सहगल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया व पेयजल आपूर्ति की समस्या का सही व सुचारू ढंग से कैसे समाधान हो के बारे में विस्तृत चर्चा भी की। कई सुझावों पर सहमति के बाद अधिशासी अभियंता अर्की को मांग पत्र के माध्यम से सभी कनेक्शन चैम्बर बनाकर दिए जाएं,पाइप लाइन में पानी छोड़ने का समय कम से कम 3 घण्टे हो, पानी का वितरण सभी को समान रूप से हो इसके लिए विभागीय कर्मचारी निगरानी रखे और डारेक्ट लाइन से टुलूपम्प का इस्तेमाल करने वालों पर नियमानुसार विभागीय कार्यवाही हो व प्रति परिवार एक ही कनेक्शन दिया जाए आदि सुझाव मांग पत्र में दिए गए है। ग्रामवासियों ने आई पी एच अर्की अधिशासी अभियंता से पानी की समस्या को जल्द हल करने की मांग की है। इस बैठक में बीडीसी सदस्य अमर सिंह परिहार, संजीव परिहार, दयानन्द परिहार, श्री राम परिहार, देवेंद्र वर्मा, अक्षय कुमार, अंशुल ठाकुर, देवीसरन, कृष्ण लाल, जितेंद्र, मनोज, जियालाल, ज्ञान चन्द, सीसराम, जियालाल, राम प्यारी, हरदेई ,पुष्पा पाल, नीलम आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में बारिश न होने से किसानों को अब चारे की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सूखे के कारण गेहूं की पैदावार कम होने से पशुचारे (तूड़ी) की कमी महसूस की जा रही है। इससे तूड़ी के भाव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। पंजाब से टेंपो और गाड़ियों में लाया हरा चारा 650 रुपये प्रति क्विंटल पशुपालकों को मिल रहा है। सबसे बड़ी परेशानी पशुपालकों को यह आ रही है कि 650 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करने के बाद भी व्यापारी साफ पशुचारा नहीं दे रहे हैं। क्विंटल के हिसाब से पूरा पशुचारा भी नहीं दिया जा रहा गौरतलब है कि इस वर्ष कई किसानों को गेहूं की फसल में 70 से 80 फीसदी का नुकसान हुआ है। ज्यादातर किसानों को 50 फीसदी तक गेहूं की फसल में नुकसान हुआ था। बंगाणा उपमंडल में 33 से 50 प्रतिशत तक गेहूं की फसल प्रभावित हुई थी। इसके चलते पशुपालकों को अब तूड़ी की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कृषि उपनिदेशक डॉ. जेएस सेन ने कहा कि पशुपालकों की समस्या को लेकर सरकार को लिखा जाएगा।
कोरोना महामारी के इस दौर में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा शिमला शहर में निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सेवा की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। जिसमें ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा जरूरतमंदों तक निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को पहुंचाने का कार्य करेंगे। ट्रस्ट सचिव सुरेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाये जायेगा। जिसमे जिन मरीजों को सांस से संबंधित दिक्कत होगी तो वे आक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए हमे संपर्क कर सकते हैं और हम उन्हें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवायेंगे बिना कोई शुल्क लिए। ट्रस्ट सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने बताया की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट निरंतर शिमला जिला के अंदर विभिन्न प्रकार के माध्यम से सेवा कार्य करने का कार्य कर रहा है। जिसमें ट्रस्ट द्वारा शिमला में कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटाइन रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध करवाई जा रहीं है। संकट की इस घड़ी में ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में अभी तक तीन रक्तदान शिविर आयोजित करवाए जा चुके है। जिसके माध्यम से अभी तक 170 यूनिट रक्त एकत्रित कर प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल आई जी एम सी को भेजा गया।
किन्नौर के बागवानों के लिए सेब कोल्ड कोल्ड स्टोर के निर्माण की घोषणा के बाद राजनीति होट हो गई है।कांग्रेस और भाजपा नेताओं में सियासी वार - पलटवार का सिलसिला चल पड़ा है। दरअसल, कांग्रेस सेब काेल्ड स्टोर का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन जिस लोकेशन पर कोल्ड स्टोर प्रस्तावित है उससे कांग्रेस कप आपत्ति है। कांग्रेस का तर्क है कि प्रस्तावित साइट बागवानों के लिए विपरीत दिशा में है। अप्पर किन्नौर यानी पवारी से ऊपर वाले सेब उत्पादक क्षेत्रों के बागवानाें काे रिकांगपिओ काेल्ड स्टोर पूरी तरह से विपरीत दिशा में पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सत्यजीत नेगी का कहना है कि जिले के सभी बागवानाें की इस समस्या काे समझते हुए उन्होंने सेब काेल्ड स्टोर पाेवारी के समीप बनाने के बारे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर काे पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि सेब के कोल्ड स्टोर को रिकांगपिओ की बजाए पाेवारी के पास नेशनल हाईवे-5 पर स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे सभी लोगों को फायदा मिल सके। सेब तो एनएच से होकर देश की मंडियों में जाना है, इसलिए रिकांगपिओ की बजाए बजाय नेशनल हाईवे पर इसे स्थापित किया जाना चाहिए। सत्यजीत नेगी का कहना है कि इस कोल्ड स्टोर को रिकांगपिओ की बजाए एनएच-5 पोवारी के निकट कहीं पर भी स्थापित किया जाए ताकि पूह, कल्पा और निचार ब्लॉक के सभी बागवानों काे लाभ मिल सके।
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने एनपीएस कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक अनोखी पहल की है। इस आशय की जानकारी देते हुए कांगड़ा जिला प्रधान राजिन्दर मन्हास ने बताया कि कर्मचारी महासंघ पिछले लंबे समय से प्रदेश सरकार से केंद्र की 2009 की अधिसूचना को हिमाचल में लागू करने की मांग करता आया है। जिसके तहत सेवा के दौरान एनपीएस कर्मचारी की मौत पर परिवार को पेंशन का प्रावधान है। परन्तु जब सरकार ने पिछले तीन साल से इस मांग को नजरअंदाज किया तो इससे मायूस होकर महासंघ ने कोरोना के खतरे को देखते हुए अपने एक लाख कर्मचारियों की सुरक्षा का जिम्मा उठाया है। जिसके तहत अगस्त माह में संगठन ने 5000 कर्मचारियों को एल आई सी के माध्यम से 5 लाख का ग्रुप इन्सुरेंस दिलवाया जो सामान्य मृत्य पर भी कवरेज प्रदान करता है। जिला प्रधान ने बताया कि इस योजना के तहत अभी तक 10 परिवारों को 5 -5 लाख की राशि इसी योजना के तहत मिल चुकी है। जिला प्रधान ने बताया कि इन 10 कर्मचारियों में 4 की मौत कोरोना की वजह से हुई थी। कांगड़ा जिला प्रधान राजिन्दर मन्हास ने बताया कि महासंघ के राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और समस्त राज्य कार्यकारणी ने अब यह मन बना लिया है कि हिमाचल के एक लाख कर्मचारियों को इस ग्रुप इन्सुरेंस प्लान से जोड़ा जाएगा। इसके लिए हिमाचल के 12 जिलों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। जिसे लेकर पिछले कल मंडी में जिला प्रधान लेखराज , चम्बा में सुनील जरयाल, सिरमौर में जिला प्रधान सुरिंदर पुंडीर और कांगड़ा में राजिन्दर मन्हास की अगुवाई में ओपन गूगल मीट हुई। इन बैठकों में राज्य अध्यक्ष के साथ राज्य महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद्य, राज्य मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा के साथ बिलासपुर जिला प्रधान राजिन्दर वर्मन , सोलन जिला प्रधान अशोक ठाकुर भी उपस्थित रहे,अन्य जिलों में भी ऐसी बैठके रखी जा रही हैं। संगठन राज्य महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि सरकार की इस अनदेखी से हिमाचल के एक लाख कर्मचारी बहुत मायूस हैं। कई कर्मचारियों का कोरोना काल में देहान्त हुआ और उन कर्मचारियों के परिवारों को भी कर्मचारी का जमा एनपीएस का पैसा भी अब 20% नगद दिया जा रहा है। और 80% उसी के पैसे की नाम मात्र पेंशन दी जा रही है। जबकि केंद्र अपने कर्मचारियों की मौत पर परिवार को फैमिली पेंशन दे रहा है। तो हिमाचल में यह अलग कानून क्यूँ फॉलो किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल आगामी बैठक में 2009 की अधिसूचना को लागू किया जाए नही तो आगामी विधानसभा चुनाव में जैसे संगठन ने ग्रुप इन्सुरेंस का विकल्प खोजा है उसी प्रकार कर्मचारी और विकल्प ना खोज लें।
सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सतत सहयोग प्रदान कर समुदाय के कल्याण के प्रति अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लोगों के जीवन को बचाने और संक्रमितों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर चुनकर आए सदस्यों व प्रतिनिधियों ने कोरोना की दूसरी लहर में जिला के बसंतपुर, मशोबरा, ठियोग, नारकंडा, ननखड़ी, रामपुर, जुब्बल, चैपाल, रोहड़ू, छौहारा कुपवी और टुटू समेत 407 पंचायतों में संक्रमण से बचाव और संक्रमित रोगियों की देखभाल के लिए सहयोग व सहायता प्रदान कर कार्य किया गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों व प्रतिनिधियों द्वारा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निरंतर निगरानी का कार्य किया जा रहा है होम क्वॉरेंटाइन में रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। बाहर से आए व्यक्ति जिला के इन क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में क्वॉरेंटाइन हैं जिनकी निगरानी व जांच कार्य निरंतर किया जा रहा है। जिनमें उस क्षेत्र के पंचायत सदस्यों पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा सहयोग मिल रहा है। पंचायती राज सदस्य व प्रतिनिधियों के सहयोग से जिला के विभिन्न पंचायतों में लक्षण प्राप्त 2710 लोगों की जांच का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में 635 विभिन्न विवाह व धार्मिक अनुष्ठान कार्यों का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया तथा इनमें भीड़ इकट्ठी ना होने देना की प्रतिबद्धता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाहन किया गया। होम आइसोलेशन रह रहे 1766 कोरोना संक्रमित रोगियों की जांच की गई। सभी विकास खंडों में सेनेटाइजेशन शिमला जिला की सभी विकास खंडों के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमण की जंग लड़ने में इनका सहयोग सार्वजनिक क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में भरपूर रूप से प्राप्त हुआ है जगह जगह गली मोहल्लाें, बाजाराें और पगडंडियों के सैनिटाइज के कार्यों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ इन पदाधिकारियों, सदस्यों ने अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोविड-19 सकारात्मक व्यवहार और कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष मानक संचालन की अनुपालना के प्रति जागरूकता प्रदान की गई। विभिन्न प्रचार सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाने और उस पर अमल कर कोरोना से बचाव के प्रति सचेत किया गया। मास्क वितरण कार्य तथा लोगों को मास्क बना कर समाज को प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया, विशेष रुप से स्वयं सहायता समूह का योगदान इसमें लेकर उन्हें सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। हाेम आइसोलेशन के लाेगाें काे दी दवाई होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को राशन, सब्जी, दवाइयां आदि की उपलब्धता पंचायतों द्वारा भी सुनिश्चित की जा रही है। जिला में 129 होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया। पंचायत प्रतिनिधि,पंचायत सचिव तथा पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोविड 19 जांच के लिए परस्पर जानकारी जुटाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है तथा टीकाकरण के लिए सभी विकास खण्डों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के दाह संस्कार आदि कार्यो में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में ई-पंचायत से ग्रामीण संसद यानी पंचायतों में औद्योगिक क्रांति आई है। पंचायती राज विभाग को पंचायतों के कार्यों की निगरानी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ई-पंचायत के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2020 में प्रथम और वर्ष 2021 में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ई-पंचायत के अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्लान प्लस, एलजीडी, जियो टैगिंग, एरिया प्रोफाइल, प्रिया साॅफ्टवेयर और नेशनल एसेट डायरेक्ट्री एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन कार्य किया जा रहा है। सभी पंचायतों में ऑनलाइन साॅफ्टवेयर के माध्यम से ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। इस सुविधा से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होने के अलावा जवाबदेही तय करने में भी सहायता मिली है। राज्य को 14 वें व 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र से मिली धनराशि से पंचायतों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचा है। इस राशि से पिछले तीन वर्षोंं की अवधि में 671 पंचायत घरों के निर्माण व मरम्मत कार्यों पर 35.74 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है और अब तक 1339 मोक्ष धामों का निर्माण किया गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से 15वें वित्त आयोग ने वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायतों के लिए 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें 214 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। नवगठित पंचायतों में भी चरणबद्ध तरीके से पंचायत घरों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य स्तर पर सचिव पंचायती राज, जिला कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) तथा खंड स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत समिति) के संपूर्ण पर्यवेक्षण और निरीक्षण में पंचायती राज संस्थाओं के लिए एक अलग तकनीकी विंग का गठन भी किया गया है, जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 1409 पद सृजित किए गए हैं। ग्रामीणों को घर-द्वार पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान लगभग 6.06 करोड़ कार्य दिवस अर्जित किए गए, जिसमें महलिाओं की भागीदारी 63 प्रतिशत रही। इस दौरान 1.32 लाख परिवारों ने 100 दिन से अधिक रोजगार प्राप्त किया जिस पर 1780.43 करोड़ रुपये व्यय किए गए। ग्रामीण विकास योजना के तहत पिछले तीन वर्षों मे 7135 मकान निर्मित किए गए तथा मुख्यमंत्री आवास मरम्मत योजना के तहत दो हजार लाभार्थियों को 5.68 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त राज्य के 12 जिलों के 80 विकास खण्डों में आजीविका मिशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रोशनी योजना के तहत गरीब परिवारों को 17,550 मुफ्त विद्युत कुनेक्शन भी प्रदान किए गए हैं। 3 साल में पंचायत प्रतिनिधियाें के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि जयराम सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय आठ हजार से 12000 रुपये और पंचायती समिति के अध्यक्ष के मानदेय को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपय किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों के मानदेय को तीन हजार से बढ़ाकर 4500 रुपये प्रति माह और ग्राम पंचायत सदस्यों का बैठक भत्ता बढ़ाकर 250 रुपये प्रति बैठक किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में कार्यरत सिलाई शिक्षकों के मासिक पारिश्रमिक को बढ़ाकर 6800 रुपये किया गया है। पंचायत चाैकीदारों को अब 5300 रुपये प्रति माह वेतन प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भी कारगर प्रयास किए है। महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है ताकि महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर किए जा रहे विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके। राज्य में हाल ही में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 124 जिला परिषद सदस्य, 873 पंचायत समिति सदस्य, 12422 पंचायत सदस्य और 1828 महिला प्रमुख सहित विभिन्न पदों पर 15,249 महिलाएँ चुनी गई हैं। काेराेना संकट में पंचायताें की भागीदारी हुई सुनिश्चित राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने में भी पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की है। पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय निवासियों को कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा कोरोना योद्धाओं का सहयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। राज्य में कोविड-19 महामारी की शुरुआत से ही पंचायती राज संस्थाओं ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारन्नटीन केंद्र स्थापित करने में सहायता प्रदान करने के अतिरिक्त स्वच्छता जागरुकता और कोविड-19 बचाव संबंधी उपायों के बारे में प्रचार सामग्री वितरित की। सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर मास्क उत्पादन के लिए अभियान चलाया गया और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए गए। प्रतिनिधियाें काे दी गई ट्रेनिंग, ताकि तेज हाे विकास की रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों मे विकास कार्यों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी गई। जिसके लिए पांच जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, सोलन, मंडी और बिलासपुर में जिला संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि किन्नौर, सिरमौर और शिमला संसाधन केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंचायत स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी सम्बंधित सेवाएं एक छत के नीचे प्रदान करने के लिए राज्य में 598 सामान्य सेवा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2021-22 में 2982 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिछले तीन वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं के 26500 प्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत सचिवों को ट्रेनिंग दी गई। पंचायतों का पर्यावरण, जल संरक्षण तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने में सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हुआ है, बल्कि इन क्षेत्रों के लोग विकास की मुख्यधारा से भी जुड़े हैं, हरेक पंचायताें काे ऑनलाइन किया गया। हमारी सरकार ने तीन वर्षाें के दाैरान पंचायत प्रतिनिधियाें के मानदेय में हर साल बढ़ाैतरी की।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सरकाघाट की धनालग पंचायत में कोराना काल में मनरेगा कार्य में खुदाई के दौरान भगवान श्रीराम की एक प्राचीन मूर्ति मिली है। यह मूर्ति 18वीं शताब्दी की बताई जा रही है। पत्थर की बनी यह सुंदर कलाकृति बहुत ही आकर्षक है। इसमें भगवान श्रीराम एक हाथ में धनुष उठाए हुए हैं, तो दूसरे हाथ में तीर पकड़ा हुआ है। यह मूर्ति मंडी रियासत के राजाओं के समय में बनाई हुई बताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय जनता का मानना है कि भगवान की यह मूर्ति इस काल में जमीन से प्रकट हुई है। स्थानीय पंचायत के प्रधान बेसर सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि मनरेगा कार्य के दौरान जमीन से भगवान श्रीराम की मूर्ति मिली है। उन्होंने कहा कि पंचायत के बुद्धिजीवी लोगों की राय लेकर यह निर्णय लिया जाएगा कि आखिर इस मूर्ति को किस तरह से रखना चाहिए, कहा कि अगर संभव हुआ तो यहां पर भगवान राम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। वही पुरातत्व विभाग को भी सूचना दी गई है। उधर, हरि चौहान क्यूरेटर स्टेट म्यूजियम शिमला ने बताया कि मूर्ति करीब 1870 की है और उस समय के दौरान राजाओं के द्वारा बनाई गई है। अगर पंचायत के द्वारा मूर्ति को संरक्षित नहीं किया जाएगा तो इसे म्यूजियम में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
जयराम मंत्रिमंडल के कोरोना कर्फ्यू में रियायत न बढ़ाने के चलते सोमवार से एक बार फिर बाज़ार सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगे। व्यापारी संगठनों के दबाव के बीच सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कोविड को नियंत्रित करने के लिए एक सप्ताह और सख्ती रखने की सिफारिश को मानते हुए कर्फ्यू को 14 जून तक बढ़ा दिया था। हालांकि 11 जून के होने वाली कैबिनेट की बैठक में कर्फ्यू जारी रखने और रियायतों को बढ़ाने पर चर्चा कर फैसला लिया जा सकता है। वहीं, सोमवार को भी सरकारी दफ्तरों में 30 फीसदी स्टाफ के साथ ही कामकाज होगा। अधिकारियों ने पहले ही रोस्टर जारी कर दिए थे जिसके अनुसार पिछले हफ्ते कर्मचारी कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि कुछ अधिकारियों ने कामकाज में परेशानी का हवाला देते हुए जरूर उच्चाधिकारियों को कम से कम 50 फीसदी कर्मचारियों को बुलाने की बात कही है।
आईजीएमसी शिमला से दाखिल ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए चिकित्सकों को अब तक तीन मरीजों की एक-एक आंख निकालनी पड़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा नहीं करने से मरीजों की हालत और गंभीर हो सकती थी। इसके अलावा अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित एक मरीज की गंभीर हालत होने के चलते वेंटिलेटर पर दाखिल किया गया है। यह मरीज लगातार चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन है। आईजीएमसी में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस से पीड़ित 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें हमीरपुर के रहने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। आईजीएमसी के ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नाक में दिक्कत, नाक बंद होना, दाग धब्बा और तालू में समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। जरा सी लापरवाही करने से यह बीमारी जानलेवा बन सकती है।
शारदा पब्लिक स्कूल कश्लोग के बच्चों ने पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खुशी की लहर थी। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन स्कूल के अध्यापकों द्वारा किया गया। इस मौके पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में तीन टीमें थी, जिसमे पहली टीम पानी, दूसरी टीम पौधे, तीसरी टीम पृथ्वी थी। इस प्रतियोगिता में दूसरी टीम विजेता रही।गूगल मीट के माध्यम से इन प्रतियोगिताओं को किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने घरों में पौधे लगाए। इन गतिविधियों की मदद से छात्रों ने हमारे जीवन में पौधों के महत्व को सीखा और पर्यावरण सरंक्षण के बारे में जागरूकता फैलाई। स्कूल की मुख्याध्यापिका शिवानी ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के अध्यापकों द्वारा यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण आज पूरा देश इस महामारी से जूझ रहा है, बहुत जल्दी यह समस्या ठीक हो जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर पर रहे सुरक्षित रहे और सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाडलाघाट में पर्यावरण दिवस को वर्चुअल मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यावरण विषय के प्रोफेसर डॉ पवन कुमार अत्री रहे। कार्यक्रम की शुरूआत सोनू शर्मा ने मुख्यातिथि के स्वागत शब्दों के साथ की। इस दौरान छात्रों के बीच प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया। जिसमें 15 छात्रों ने भाग लिया। इसमें उत्साह टीम प्रथम रही। जबकि पोस्टर मेकिंग में भी छात्रों ने बढ-चढ़ कर भाग लिया। जिसमें दिव्या एसएमओ ट्रेड की छात्रा प्रथम रही। इस मौके पर मौजूद कार्यक्रम में सभी ने अपने विचार भी साझा किए। कुछ छात्रों ने यह शपथ ली की यह एक वृक्ष को अपनाएंगे व उसकी देख भाल करेंगे। उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए इस समय क्या जरूरत है व एक जिम्मेवार नागरिक होने के नाते हमारा इस समय क्या क्या कर्तव्य है इसके ऊपर अपने विचार सांझा किए। डॉ पवन वर्तमान में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यावरण विषय के प्रोफेसर है। जिन्होंने प्रदेश, देश व अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर पर्यावरण के मुद्दों पर अपना कर्तव्य दिया है। इस कार्यक्रम में लगभग 170 छात्रों सहित अध्यापक वर्ग ने भाग लिया।
ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आज यहां पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों व योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर वीरेन्द्र कंवर ने अधिकारियों को विभाग के कार्य नर्बाध रूप से जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुचांया जा सके। पशुपालन मंत्री ने हिमाचल की सड़कों को बेसहारा गौवंश मुक्त करने को समयबद्ध कदम उठाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के लिए शीघ्र ही एक समर्पित हेल्पलाइन नम्बर जारी किया जाना चाहिए ताकि प्रदेशवासियों को आवश्यक जानकारी विभाग की हेल्पलाइन के माध्यम से आसानी से प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को पशुपालकों के एनिमल हेल्थ कार्ड का कार्य शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए। वीरेन्द्र कंवर ने प्रगतिशील डेयरी फार्मर्स को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कार्य योजना बनाने को कहा। इससे पशुपालन के तौर तरीकों में आशातीत सुधार होगा और प्रदेश के पशुपालक लाभान्वित होंगे। उन्होंने गौशालाओं व गौ अभ्यारण्य के विकास व इनमें प्रदान की जाने वाली सुविधाओं को और सशक्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिमला। राज्य सरकार द्वारा वैश्विक कोरोना महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने व इस बीमारी से संक्रमित लोगों के जीवन को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं, उचित देखभाल व उपचार के परिणामस्वरूप कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में तैनात हजारों चिकित्सकों,नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों द्वारा प्रदान की जा रही बहुमूल्य सेवाओं के फलस्वरूप अब तक प्रदेश में एक लाख 81 हजार 972 लोग इस महामारी को मात देकर स्वस्थ हो चुके है। प्रदेश में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों के अब तक 194727 मामले सामने आ चुके है, जिनमें से 181972 मरीज स्वस्थ्य हो कर अपने-अपने परिवार संग हंसी खुशी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। राज्य में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या अब 9484 रह गई है।राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में व्यापक स्तर पर कोरोना परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों सहित अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड महामारी के परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवा कोरोना टेस्ट किए जा रहे है। प्रदेश में अब तक 2005214 लोगों का कोविड परीक्षण पाए गए हैं, जिसमें 1809866 लोगों का कोरोना परीक्षण नेगेटिव पाए गए हैं। प्रदेश में ब्लैक फंगस के 16 मामले भी सामने आए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना महामारी को मात देकर जिदंगी की जंग जीतने वाले लोगों में कांगड़ा जिला प्रदेश भर में सबसे अग्रणी बना हुआ है। कांगड़ा जिला में अब तक सबसे ज्यादा 41052 कोरोना मरीज ठीक हुए है। जबकि दूसरे स्थान पर जिला मंडी है। मंडी जिला में ठीक होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या 24651 है। इसके अलावा जिला बिलासपुर में 11709, जिला चंबा में 9224, जिला हमीरपुर में 12863, जिला किन्नौर में 2748, जिला कुल्लू में 7889, जिला लाहौल स्पीती में 2510, जिला शिमला में 22705, जिला सिरमौर में 14034, जिला सोलन में 20730 और जिला ऊना में 11857 लोग कोरोना महामारी से स्वस्थ हो चुके है।
दूरदराज के क्षेत्र राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मांगल में काफी दिनों से रिक्त चल रहे फार्मासिस्ट के पद पर शशि पाल ने पदभार संभाल लिया है। इस पद को भरने के लिए मांगल, बागा (करोग) व बैरल तीनों पंचायत की जनता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल, बीजेपी नेता व हिमकोफेड के चेयरमैन रत्न सिंह पाल का आभार जताया है। जनता की मांग पर हिमकोफेड के चेयरमैन रत्न सिंह पाल के प्रयासों से यह कार्य पूर्ण हो सका है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शीघ्र पीएचसी व जीएएच मांगल में डॉक्टर, नर्स, उप स्वास्थ्य केंद्र हवानी में एमपीडब्ल्यू, बैरल में एमपीडब्ल्यू व स्कोर में उप स्वास्थ्य केंद्र में खाली चल रहे पदों को भी जल्द से जल्द भरा जाए। लोगों ने परगना मांगल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की भी मांग की है। स्थानीय लोगों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल में हिंदी और इतिहास के प्रवक्ता के पद भरने पर भी धन्यवाद किया है। वहीं बैरल में एएनएम की नियुक्ति हेतु भी धन्यवाद किया है। इस दौरान भाजपा मंडल सचिव धनीराम चौहान, किसान मोर्चा अर्की मंडल उपाध्यक्ष अजीत सेन, कार्यकारिणी सदस्य हुकमचंद, चंपा चौहान, मछुआर संघ के प्रधान दीतू राम ठाकुर, बीजेपी जिला सदस्य लालमन चौहान, बीजेपी वरिष्ठ नेता बृज लाल चौहान, दयानंद शर्मा, भगत राम चौहान, प्रेम लाल चौहान, चुन्नीलाल चौहान, सोसायटी प्रधान मुंशी राम चौहान, ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला रघुवंशी, उपप्रधान सीताराम ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत बेरल ललिता व समस्त जनता ने सरकार का खाली चल रहे पदों को भरने के लिए धन्यवाद किया है।
शिमला। सीएम जयराम ठाकुर आज दिल्ली दौरे पर निकल गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ वे तीन दिन तक दिल्ली में डटे रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाक़ात करेंगे। पीएम मोदी से भी मिलने का प्रोग्राम है। प्रदेश में कोरोना की स्थिति और प्रदेश में होने वाले तीन उपचुनावों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। बताया गया कि जयराम ठाकुर 8 जून को दिल्ली से शिमला वापस लौटेंगे। जयराम का अचानक दिल्ली दौरे से कई सियासी अटकलें लगाई जा रही है।
पूर्व बागवानी मंत्री व विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया। कोटखाई स्थित बरागटा के पैतृक गांव टहटोली स्थित श्मशानघाट में संस्कार किया गया। शनिवार देर शाम पार्थिव देह गांव पहुंचा दी थी। 68 वर्षीय बरागटा 13 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ था। सांस में दिक्कत के कारण पीजीआइ चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। इस दौरान शनिवार सुबह उनकी देहांत हो गया। नरेंद्र बरागटा तीन बार विधायक का चुनाव जीते थे व दो बार मंत्री रहे। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज सहित अन्य मंत्री, विधायक व नेताओं ने भी नरेंद्र बरागटा को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
हिमाचल प्रदेश के सोलन की बेटी बलजीत कौर ने माउंट एवरेस्ट समूह की पुमोरी चोटी पर फतह हासिल की है। अपने इस पर्वतारोहण अभियान के बाद बलजीत कौर रविवार को सोलन पहुंचेंगी। बलजीत और उनकी साथी पर्वतारोही राजस्थान की गुणबाला शर्मा 7161 मीटर ऊंची चोटी पुमोरी पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिलाएं बन गई हैं। 12 मई की सुबह 8.40 पर पहले बलजीत कौर पुमोरी चोटी पर पंहुची और उसके कुछ ही देर बाद गुणबाला शर्मा भी शिखर पर पहुंचीं। बलजीत के साथ नूरी शेरपा और गुणबाला के साथ गेलू शेरपा ने इस अभियान को पूरा किया। पुमोरी चोटी एवरेस्ट पर्वत श्रृंखला की कठिन चोटी है और सोलन की बलजीत ने इस पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले 10 मई को दो भारतीय पुरुषों कुल्लू के हेमराज और स्तेंजिन नोरबो ने भी पहले भारतीय युगल के रूप में पुमोरी को फतह किया था।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार देर शाम हुई 20 मिनट की भारी बारिश ने तबाही मचा दी। बारिश से ग्राम पंचायत जांघी स्थित नाले के जलस्तर ने रौद्र रूप धारण कर लिया। जलस्तर बढ़ने से मलबा साथ लगते देवेंद्र के मकान में घुस गया। वहीं, दर्जन भर अन्य ग्रामीणों ने परिवार सहित घरों से भाग कर अपनी जानें बचाईं। गनीमत रही कि ग्रामीण समय रहते घरों से खेतों और खुली जगह पर भाग गए अन्यथा बड़ी मानवीय क्षति हो सकती थी। सूचना मिलने के बाद उपायुक्त ने एसडीएम और राजस्व विभाग की टीमों को मौके के लिए रवाना किया। चंबा जिले के जांगी नाले में शनिवार देर शाम करीब सात बजे के करीब भारी बारिश के बाद नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया। जांघी नाला मलबे से लबालब होने और नाले के किनारों पर क्रेट वाल न होने से मलबा और कीचड़ लोगों के घरों में जा पहुंचा। अचानक घरों में आए मलबे और कीचड़ को देख लोगों ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। प्रभावित देवेंद्र, अशोक कुमार, नितिन ठाकुर, अजय कुमार, राजू, अंजू देवी, बोधराज, सोनू, जन्म सिंह, विपिन और नितिन ने बताया कि वर्ष 2019 में भी इसी प्रकार से नाले का जलस्तर बढ़ने से मलबा उनके घरों में घुस गया था। मलबे और कीचड़ से सारा सामान खराब हो गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से कई बार इस समस्या का समाधान करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन नंबर और पंचायत से दो बार प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को प्रेषित किए हैं। बावजूद इसके अभी तक इस दिशा में कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है। प्रभावितों ने बताया कि शनिवार देर शाम भारी बारिश के बाद 200 मीटर लंबा और 7 फीट चौड़ा मलबे और कीचड़ का ढेर नाले में जमा हो गया है। उन्होंने चेताया है कि अगर प्रशासन ने लोगों की समस्या का हल नहीं किया तो एनएच जाम कर दिया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने वर्तमान सरकार में मुख्य सचेतक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संगठन, सरकार एवं ऊपरी शिमला के बागवानी क्षेत्र जिसके लिए नरेंद्र बरागटा ने हमेशा संघर्ष किया है। उनका ऐसे समय में जाना पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने पार्टी के विभिन्न दायित्वों का समय-समय पर निर्वहन किया है और जिस काम को उन्होंने करने का प्रण लिया उसे पूरा किया। सरकार में भी उन्होंने कई बार मंत्री के रूप में प्रदेश के बागवानों की सेवा की, स्वास्थ्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री और विभिन्न दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि आज जुब्बल, नावर एवं कोटखाई क्षेत्र के लिए लिए भी यह बहुत बड़ी क्षति है। नरेंद्र बरागटा ने हमेशा जनता की सेवा की है और सभी समस्याओं का समाधान किया है। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा एक लोकप्रिय नेता थे, जिनका प्रदेश के विकास, विशेषकर बागवानी क्षेत्र में बहुत योगदान रहा और उनका निधन अपूर्णीय क्षति है। नरेन्द्र बरागटा का दुःखद निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है क्योंकि वह एक समर्पित भाजपा नेता थे और विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहते थे।
स्पूतनिक वी वैक्सीन तैयार करने के लिए हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित पनेशिया कंपनी 20 जून तक स्टेट ड्रग कंट्रोलर से लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। अभी तक कंपनी ने केवल टेस्ट ट्रायल के लिए लाइसेंस लिया है। टेस्ट में खरा उतरने के बाद अब व्यावसायिक उत्पादन के लिए कंपनी लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। दिल्ली के उच्च न्यायालय ने कंपनी को टीके बनाने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार को 14 करोड़ जारी करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से पनेशिया को उम्मीद बंधी है। अगर यह राशि कंपनी को मिलती है तो रूसी कोविड टीके स्पूतनिक वी के उत्पादन में तेजी आएगी। आदेश के मुताबिक स्पूतनिक वी वैक्सीन की बिक्री आय का 20 प्रतिशत रजिस्ट्री के माध्यम से जमा किया जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में कोरोना वैक्सीन की कमी को देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं।
कोरोना के चलते हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक युवाओं के लिए नौकरी का अवसर लेकर आया है। बैंक नियमित आधार पर जूनियर क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के 149 पद भरने जा रहा है। इन पदों को भरने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बैंकों के लिए भर्ती करने वाली एजेंसी आईबीपीएस ऑनलाइन परीक्षा लेगी। भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए 2 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। चुने जाने वाले अभ्यर्थियों को करीब 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। अभ्यर्थी के 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंक हों और 18 से 45 वर्ष के बीच उम्र हो। आवेदन करने के लिए बैंक की वेबसाइट पर लिंक शनिवार से खुल गया है। 15 दिन पहले परीक्षा को लेकर सूचना मिलेगी। 149 पदों में से जूनियर क्लर्क के सीधी भर्ती के तहत 103 पद, सहकारी सोसायटी के कर्मियों और पीएसीएस के प्रशिक्षित सचिवों के लिए 15 फीसदी पद आरक्षित हैं। यानी इस कोटे से जूनियर क्लर्क के 33 पद भरे जाएंगे। प्रशिक्षित सचिव के दायरे में न आने वालों के लिए आठ पद आरक्षित हैं। इसके अलावा स्टेनो-टाइपिस्ट के पांच पद भरे जाएंगे। स्टेनो/स्टेनो टाइपिस्ट के पद भरने के लिए बैंक प्रबंधन स्किल टेस्ट भी लेगा। वंही लड़कियों को भी परीक्षा में शामिल होने के लिए 800 रुपये फीस चुकानी होगी। बैंक प्रबंधन ने बताया कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से बीते दिनों हुई परीक्षा में लड़कियों से फीस नहीं ली गई थी। अब आईबीपीएस के माध्यम से परीक्षा करवाई जा रही है। ऐसे में फीस भरनी होगी। हालांकि लड़कियों की फीस कम की है। सामान्य वर्ग को 1000 रुपये और आरक्षित वर्ग को 800 रुपये फीस देनी होगी। बाहरी राज्यों के आरक्षित वर्ग सामान्य श्रेणी के पदों के लिए कर सकेंगे आवेदन बाहरी राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के पदों के लिए आवेदन करना होगा। हिमाचल से दसवीं या बारहवीं कक्षा पास करने वाले और बोनोफाइड हिमाचली भी भर्ती में शामिल हो सकेंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डैजर्ट हीलर नाम से प्रसिद्ध ए.डी. नेगी को प्रशासन द्वारा आज अलग तरीके से श्रद्धांजली दी गई। प्रशासन द्वारा आज उनके नाम पर पूह में देवदार के 108 पौधे रोपे गए जिसमें स्थानीय प्रशासन से अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अश्वनी कुमार सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय ए.डी. नेगी का गत माह निधन हो गया था। एडी.नेगी का किन्नौर जिला के पूह से लगभग 50 किलोमीटर दूर शीत मरूस्थल के दूर-दराज क्षेत्र थंग करमा को हरा-भरा करने में अहम योगदान रहा है। उन्होंने पूह उपमण्डल के थंग करमा में विकट मौसम परिस्थितियों के बावजूद हरित क्रांति लाकर क्षेत्र को हरा-भरा किया था और लगभग 65 हैक्टेयर क्षेत्र में रूबीनीया, विलो, पाॅपलर, चूली व अन्य लगभग 35 हजार से अधिक फलदार पौधे उगाए। इसके अलावा उन्होंने मटर, राजमाह, सेब व घास आदि की खेती कर क्षेत्र को हरा-भरा किया था। प्रशासन द्वारा आज उन द्वारा किए गए कार्यों को याद किया गया तथा उनकी याद में 108 देवदार के पौधे लगाए। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी अश्वनी कुमार के प्रयासों से स्वर्गीय आनंद ध्वज नेगी के नाम पर पूह स्थित मिनी सचिवालय के सम्मेलन कक्ष में एक पुस्तकालय को भी आरंभ किया गया है। जिसके लिए आज स्वर्गीय नेगी के छोटे भाई जगननाथ नेगी ने 50 हजार रुपये का अंशदान दिया। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी ने सभी से आग्रह किया है कि पुस्तकालय के लिए वे अपने सामथ्र्य के अनुसार पुस्तकें दान करें। इसके अलावा आज जिले में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के कई गांव व पंचायतों द्वारा भी स्वर्गीय ए.डी. नेगी की याद में पौधारोपण किया गया। प्रशासन द्वारा हर पंचायत को 4-4 पौधे रोपने के लिए दिए गए थे। ग्राम पंचायत कानम, ठंगी, रोपा, थेमगरंग, लाबरंग सहित जिले की अनेक पंचायतों में भी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डैजर्ट हीलर श्री ए.डी. नेगी को पौधारोपण कर श्रदांजली दी गई।
शिमला : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला किनौर के रिब्बा और रारंग पंचायत की जनता ने पाैध राेपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। दोनों पंचायताें के प्रतिनिधियाें के साथ-साथ युवा और स्थानीय लाेगाें ने पाैधा राेपने में सहयाेग दिया। बीडीसी सदस्य प्रतिभा दुग्गल ने दाेनाें पंचायत प्रतिनिधियाें और वहां की जनता काे पाैधा राेपण करने के लिए प्राेत्साहित किया । उन्होंने कहा कि पाैध राेपण कराे, पर्यावरण बचाओ और ऑक्सीजन पाओ की इस परंपरा काे बनाए रखने की जरूरत है। प्रतिभा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला किन्नौर के अधिकांश पंचायताें में स्व.एडी नेगी के नाम से चार-चार पाैधे राेपे गए। बता दें कि एडी नेगी किन्नौर के सुन्नम गांव से संबंध रखते थे, जिनका बीते दिनों निधन हाे गया। वे एक सेवानिवृत अधिकारी थे, जिन्होंने सुन्नम क्षेत्र की बंजर जमीन पर पेड़-पाैधे उगा कर हरा-भरा किया।
सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग व जिला प्रशासन के प्रचार वाहन द्वारा इन दिनों किन्नौर जिला में लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रचार वाहन पंचायत व ग्राम स्तर पर लोगों को ‘दो गज की दूरी है जरूरी’, माॅस्क लगाने व साबुन से बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित कर रहें हैं ताकि कोरोना महामारी से बचाव हो सके। विभाग द्वारा लोगों को कोरोना महामारी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है तथा सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया जा रहा है। लोगों को कोरोना टैस्ट के लिए आगे आने का भी आग्रह किया जा रहा है, खासकर जिन लोगों को खांसी, जुखाम व गले में खराश या दर्द है, उल्टी या दस्त की शिकायत है से आग्रह किया जा रहा है कि वे अपना कोरोना टैस्ट अवश्य करवाएं ताकि यदि किसी में कोरोना संक्रमण है तो उसका समय पर पता चल सके और कोरोना संक्रमण को आगे फैलने से भी रोका जा सके। प्रचार वाहन के माध्यम से विभाग के कर्मचारियों द्वारा लोगों को समझाया जा रहा है कि यदि कोरोना टैस्ट समय पर करेंगें और यदि पाॅजिटिव आतें हैं तो कोरोना का ईलाज शीघ्र आरंभ किया जा सकता है। इससे जहां कोरोना फैलने से रूकेगा वहीं उपचार आरंभ होने से रोगी स्वस्थ भी शीघ्र हो जाएगा। कर्मचारियों द्वारा समझाया जा रहा है कि जिले में कोरोना टैस्ट में देरी व खांसी, जुखाम आदि को छुपाने की वजह से कई बहुमूल्य जाने गई है। यदि इन्होंने समय पर कोरोना टैस्ट करवाया होता तो इन्हें बचाया जा सकता था। प्रचार वाहन में तैनात कर्मचारियों द्वारा लोगों को अपनी-अपनी बारी के अनुसार टीका लगाने का भी आग्रह किया जा रहा है। जिले में प्रदेश सरकार द्वारा जिला प्रशासन के आग्रह पर 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोग कोरोना टीकाकरण के लिए अब ऑफलाईन स्लाॅट बुकिंग करने की सुविधा दी गई है और पात्र व्यक्ति जिला प्रशासन द्वारा घोषित टीकाकरण स्थलों पर पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर टोकन लेकर अपना टीकाकरण करवा सकते हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के निर्णय के अनुरूप 2020-21 की 10+2 परीक्षाओं को रद्द करने का भी निर्णय लिया। यह निर्णय लिया गया कि एचपी बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन सीबीएसई द्वारा तैयार किए जा रहे फॉर्मूले को ध्यान में रखते हुए छात्रों के पुरस्कारों की गणना के लिए एक फॉर्मूला तैयार करेगा और उसके अनुसार अंतिम परिणाम घोषित करेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कुछ छात्र आने वाले परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें परीक्षा के संचालन के लिए अनुकूल स्थिति होने पर आयोजित की जाने वाली विशेष परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि अस्पतालों से घर वापसी के लिए रिहा किए गए कोविड-19 रोगियों के लिए टेलीफोन पर परामर्श सुनिश्चित किया जाए। यह भी निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग सीधे वैक्सीन उत्पादकों से अधिक टीकों की खरीद के लिए और विकल्प तलाशे। इससे पूर्व मंत्रिमण्डल ने शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के मुख्य सचेतक एवं विधायक नरिंदर बरागटा के दुखद निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिपरिषद ने नरिंदर बरागटा के योगदान की सराहना की, विशेष रूप से राज्य में बागवानी क्षेत्र के विकास में। दिवंगत नेता के सम्मान में कैबिनेट द्वारा दो मिनट का मौन भी रखा गया।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा की आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के द्वारा ज़िला व विधानसभा स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाया गया। युवा कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में पर्यावरण दिवस को मनाया गया और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाई। नेगी ने कहा कि सभी ने अपने आस पास पेड़ पौधे लगाए और धरती की हरियाली को बढ़ाने के लिए आप सभी कृतसंकल्प हो तथा लगे हुए पेड़ पौधों का अस्तित्व बनाए रखने का प्रण ले व सहयोग करें। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन इन तीन तत्वों के बिना मानव जीवन अधूरा है। नेगी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व को समझाने के लिए हर साल दुनिया भर के लोग 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाते है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठा सके। पर्यावरण और मनुष्य एक दूसरे के बिना अधूरे है, अर्थात मनुष्य पर्यावरण पर पूरी तरह से निर्भर है, पर्यावरण के बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकता है, इसलिए हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमे सड़कों या सार्वजनिक क्षेत्रों में कचरा न फेंकने की पहल करनी चाहिए, साथ ही हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने को अपना कर्तव्य मानना चाहिए, क्योंकि स्वच्छ वातावरण में रहने से ही एक स्वस्थ मनुष्य का निर्माण और विकास होगा
करसोग उपमंडल से करीब 40 किलोमीटर दूर तेबन गाँव में पर्यावरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। वैश्विक महामारी कोरोना के सभी नियमों का पालन करते हुए युवक मंडल तेबन द्वारा पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ अभियान का शुभारंभ किया गया। युवक मंडल तेबन वैसे तो विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करता आ ही रहा है लेकिन पर्यावरण दिवस पर पौधे लगाकर समाज को एक अच्छा संदेश दिया। ग्राम पंचायत की प्रधान सुषमा देवी व पूर्व उप प्रधान नारायण सिंह ठाकुर ने भी पौधारोपण करके संपूर्ण समाज को एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। युवक मंडल प्रधान नरेश शर्मा ने बताया कि सदस्यों द्वारा विभिन्न प्रकार के करीब 50 पौधे लगाए गए। जिसमें से मुख्यता देव बावड़ी के पास , बगड़ा के साथ लगती कू बावड़ी और कुछ पौधे खोलटी नाला में लगाए गए। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत भविष्य में भी क्षेत्र में विभिन्न तरह के पौधे लगाकर लोगों को पर्यावरण को बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा साथ ही लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तेबन प्रधान सुषमा देवी ,पूर्व उपप्रधान तेबन नारायण सिंह , युवक मंडल प्रधान नरेश शर्मा , मंडल उपप्रधान मन्नु मैहता , सचिव चमन लाल, प्रचार-प्रसार प्रमुख अंकुश , सहयोगी करन, सदस्य अनिल शर्मा, आदित्य शर्मा , आशीष शर्मा, पुष्पराज शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही युवक मंडल की सहायता हेतु गांव के समाजसेवी भी सहायता हेतु अग्रसर हो रहे हैं। अपनी इच्छा अनुसार युवक मंडल को राशि प्रदान कर रहे हैं व कुछ दानी सामान जोकि आगामी दिनों में सभी के काम आ सके, आदि देकर अपना योगदान दें रहे हैं। बीते दिनों युवक मंडल के विशेष सलाहकार जय किशन द्वारा एक मेडिकल कैंप लगाया गया था। आज पर्यावरण दिवस पर गांव के समाजसेवी उदय चंद शर्मा द्वारा युवक मंडल को तीन फ्लोर दरि वितरित की गई। युवक मंडल के सभी सदस्यों द्वारा जय किशन व उदय चंद शर्मा दोनों का धन्यवाद भी किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर युवक मण्डल पोखी के सदस्यों द्वारा पोखी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दो सौ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। युवक मण्डल पोखी के सभी सदस्य ने आज के दिन एक संकल्प लिया कि सभी मित्र अपने जन्मदिन पर प्रत्येक वर्ष पौधा रोपण करेंगे। हम सबकी जिम्मेदारी हैं कि हम अपने आस-पास को हरा-भरा रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ वातावरण मिल पाए जिसमें वो साफ हवा में सांस ले पाए। हम सभी को मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है वरना आने वाले समय में साफ हवा और पानी के लिए लोग तरसते रह जाएंगे। इस मौके पर ग्राम पंचायत पोखी के प्रधान टीना देवी, बी. डी. सी. सदस्य अनंत राम ,वार्ड सदस्य उत्तम राम महिला मंडल के प्रधान, युवक मण्डल के उप- प्रधान योगराज और अन्य सभी महिला मण्डल पोखी और युवक मण्डल के सदस्य उपस्थित थे।
आज 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर राजकीय महाविद्यालय सोलन के एनसीसी कैडेट्स द्वारा पौधारोपण किया गया। लोगो को पोस्टर और वीडियो के माध्यम से बदलते पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। महाविद्यालय के एनो लेफ्टिनेंट सोहन सिंह नेगी ने बताया कि सीनियर अंडर ऑफिसर नीरज रावत और अन्य सभी केडेट्स एक हफ्ते से विश्व पर्यावरण दिवस की तयारी कर रहे थे। सभी कैडेट्स द्वारा कोविड 19 के दिशा निर्देशों के तहत अपने घरों के आस पास पौधे लगाए गए और भविष्य में उन पौधों को एक पेड़ में विकसित होने तक उनकी देखरेख की प्रतिज्ञा ली।
रामपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रामपुर बुशहर सर्वहितकारी व्यापार मंडल के सदस्यों ने एसडीएम रामपुर सुरेंदर मोहन और डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर के साथ आज वृक्षारोपण किया। रामपुर के खनेरी में फारेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा चिन्हित स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया। कोरोना काल में जहां लोग ऑक्सीजन की कमी से अपनी ज़िंदगी से हाथ धो रहे है। वहीं प्रकृति मानव को सीधा संदेश दे रही है कि यदि मानव यूं ही प्रकृति से खिलवाड़ करता रहेगा तो उसे और भी दुष्कर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हर व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष तो लगाए। इन्हीं परिस्थितियों को सुधारने के लिए सर्वहितकारी व्यापार मंडल ने डीएसपी रामपुर और एसडीएम रामपुर द्वारा रखे गए वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कांगड़ा : राजकीय उच्च विद्यालय ठाकुरद्वारा में ऑनलाइन पर्यावरण दिवस मनाया गया। बच्चों ने पर्यावरण सुरक्षा संबंधी संदेश देने के लिए विभिन्न तरह की गतिविधियां की सुंदर-सुंदर चित्र बनाये ,पौधारोपण किया, स्लोगन बनाएं, पर्यावरण सुरक्षा संबंधी कविताओं का गान किया। भाषा अध्यापक राजीव डोगरा ने कहा कि पर्यावरण दिवस मनाने का तात्पर्य बच्चों को पर्यावरण के साथ जोड़ना तथा बच्चों के अंदर के कलात्मक गुणों को बाहर निकालना ही मुख्य लक्ष्य है। मुख्याध्यापक प्रवेश शर्मा ने बच्चों को पर्यावरण सुरक्षा संबंधी संदेश दिया और कहा कि ठाकुरद्वारा स्कूल में हर दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। जहां बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उनके कलात्मक गुणों का भी विकास किया जा सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी अध्यापकों अमीचंद, सुनील कुमार, ज्योति प्रकाश,रविंद्र कुमार,राकेश कुमार और प्रवीण लता का सहयोग रहा।
शिलाई : पूरा देश वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। कोरोना कर्फ्यू के बिच बिना काम घर से बाहर निकलने वालों से पुलिस पूछताछ भी कर रही है। लेकिन कुछ शरारती तत्व पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर कर्फ्यू के बीच भी चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शिलाई के गिरिपार क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में 4 मंदिरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। शिलाई के पूर्णेश्वर मंदिर गिनोल, शिरगुल मंदिर बांदली, केलू मंदिर चढ़ेऊ व आशुतोष मंदिर कफोटा में चोरों ने एक ही रात में चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। चोर मंदिर के दान पात्र उड़ा कर फरार हो गए हैं। पूर्णेश्वर मंदिर गिनोल में चोर दो दान पात्रों से पैसा निकालकर मंदिर से थोड़ी दूर सड़क पर फेंककर फरार हो गए। आशुतोष मंदिर के पुजारी खजान दत्त शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने सुबह पूजा पाठ करने के लिए मंदिर खोला तो दानपात्र वहां नहीं मिला, उन्होंने बताया कि मंदिर समिति को घटना की जानकारी दे दी गई है। मंदिर समिति के प्रधान दलीप ठाकुर ने बताया कि चोर बांदली के शिरगुल मंदिर व केलू मंदिर चढ़ेऊ के दानपात्रों से भी हजारों की नगदी उड़ा ले गए हैं। वहीं, शिलाई पुलिस थाना प्रभारी मस्तराम ने बताया कि उनके पास अभी तक कोई शिकायत इस संबंध में नहीं आई है।
The Department of Environmental Science, Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni celebrated World Environment Day-2021 through virtual mode. The theme of the event was ‘Ecosystem Restoration’ with the slogan ‘Recreation, Re-imagination and Restoration of Ecosystem’. This year, World Environment Day is special and will kick start the UN Decade on Ecosystem Restoration programme for 2021-2030 period. Speaking at the event, Professor S K Bhardwaj, Head, Department of Environmental Science gave a brief background on World Environment Day. He said that by celebrating this day, we all can show our gratitude to mother nature for everything it has blessed us with. He added that nature gives us signals to mend our ways and work towards the protection and conservation of the environment. He pointed out that COVID pandemic has proved that the unbalanced use of natural resources by humans has caused irreversible changes in nature. He said that the time is right to take action at the individual level to prevent, halt and reverse the degradation of the ecosystem so that the balance is restored and this planet can be saved for future generations. More than 65 undergraduate and postgraduate students and faculty of the university attended the online event. Various competitions like slogan writing, painting, photography, short video and quiz were organized virtually. Kanchan, Neha Awasthi, Sakshi Verma secured first prizes in slogan writing, painting and nature photography competitions respectively. Amita Sharma, a first year PhD student stood first in the online quiz competition. The short video competition was won by Ashima Raina. Students along with faculty members took a pledge to conserve and restore natural ecosystems on an individual basis. Vote of thanks was proposed by Dr. Pratima Vaidya.
शिलाई: पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शिलाई युवा कांग्रेस के युवाओं ने शिलाई के पुरनेश्वर महादेव मंदिर गिरनल में पौधारोपण किया, शिलाई युवा कांग्रेस के लगभग एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव एवं जिला शिमला ग्रामीण के प्रभारी राहुल चौहान के नेतृत्व में गिरनल मंदिर के परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राहुल चौहान ने क्षेत्रवासियों को संदेश दिया कि पेड़ पौधे हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसके बिना मनुष्य जीवन अधूरा है। पर्यावरण को स्वच्छ रखना और पौधे लगाना हम सभी का कर्तव्य है ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी इनसे वंचित न रहे। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से अपील की है कि कम से कम हर वर्ष एक पौधा अपने घर के आस-पास लगाएं और पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान दें। पौधारोपण से पूर्व युवा कांग्रेस ने जुब्बल कोटखाई के विधायक एवं पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए 2 मिनट का मौन धारण किया और उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उनके साथ एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अमित चौहान युवा कांग्रेस के मंडल महासचिव विक्रम चौहान, यशपाल ठाकुर, वीरेंद्र चौहान, ललित चौहान, प्रदीप राणा, करतार नेगी व अमित शर्मा आदि मौजूद रहे।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हालोग (धामी), शिमला में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में कुल 43 यूनिट रक्त एकत्रित किया। इस रक्तदान शिविर में दीप राम गर्ग मुख्य अतिथि व पुरण चांद ठाकुरविशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट निरंतर शिमला जिला के अंदर विभिन्न प्रकार के माध्यम से सेवा कार्य करने का कार्य कर रहा है। जिसमें ट्रस्ट द्वारा शिमला में कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटाइन रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध करवाई जा रहीं है। संकट की इस घड़ी में ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में अभी तक दो रक्तदान शिविर आयोजित करवाए जा चुके है। जिसके माध्यम से अभी तक 127 यूनिट रक्त एकत्रित कर प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल आईजीएमसी में भेजा गया। मुख्यअतिथि दीप राम गर्ग ने कहा की आज देश बहुत कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए कुछ न कुछ सेवा कार्य करने चाहिए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पुरण चांद ठाकुर ने कहा कि इस कोरोना महामारी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट का कार्य बहुत सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है जिससे किसी इन्सान की जिंदगी बचाई जा सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में अस्पतालों में रक्त की भारी कमी को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर रक्त की पूर्ति हेतु रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। वही आज देश कोविड की दूसरी लहर से लड़ाई लड़ रहा है। इस महामारी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में जो कोविड रोगी होमआइसोलेशन में है उन्हें निशुल्क भोजन भी उपलब्ध कर रहा है। इससे पहले भी इस महामारी में ट्रस्ट की द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से सम्बन्द्ध शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों ने आज सोलन जिला के कुनिहार विकास खण्ड में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव का संदेश दिया। कलाकारों ने कुनिहार के प्रमुख स्थानों पर लोगों से जहां कोविड-19 से बचाव के लिए विभिन्न उपायों के पालन का आग्रह किया वहीं उन्हें कोविड-19 टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। टीकाकरण से घबराएं नहीं और टीके की दोनों खुराक लें। चिकित्सकों द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं। लोगों को सामाजिक समारोहों में कम से कम संख्या में उपस्थित होने के लिए जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 एक ऐसा संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इससे बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का नियमित प्रयोग, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन तथा समय-समय पर हाथों को साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करते रहना आवश्यक है। कलाकारों ने लघु नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को संदेश दिया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। ऐसे स्थानों में जाने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक है तथा इससे पूरे परिवार तथा आसपास के लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। कलाकारों ने कुनिहार में नागरिक अस्पताल, मुख्य बाजार कुनिहार तथा पुराने बस अड्डे के समीप लोगों को अवगत करवाया कि मानवीय जीवन बहुमूल्य है और स्वस्थ रहकर ही व्यक्ति अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास एवं निर्माण में योगदान दे सकता है। लोगों से आग्रह किया गया कि सकारात्मक सोच के साथ नियम पालन करें। लोगों को अवगत करवाया गया कि जन-जन के हित में प्रदेश सरकार समयानुसार जनहितैषी निर्णय ले रही है। हम सभी का कर्तव्य है कि प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि कोविड-19 के संकट से सभी की रक्षा की जा सके। किन्तु प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के ये प्रयास तभी पूर्ण रूप से सफल हो सकते हैं जब हम कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करें। लोगों को बताया गया कि एक दूसरे से हाथ न मिलाएं तथा उचित सोशल डिस्टेन्सिग बनाए रखें। लोगों से आग्रह किया गया कि अभिभावदन के रूप में नमस्कार करें। कोविड-19 के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं या आपको कोई समस्या है तो हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर बात करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
सिराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में ब्लॉक समिति के चेयरमैन देवेंद्र कुमार रावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थुनाग में N95 मास्क और सैनिटाइजर वितरित किये। इस मौके पर ब्लॉक समिति के चेयरमैन देवेंद्र रावत और बीडीसी सदस्य पार्वती ठाकुर डोलमा राणा ,पीताम्बर और आईटी सेल के संयोजक एवं ग्राम पंचायत बहल बहलीधार के प्रधान गुलाब सिंह भी मौजूद रहे। इस बीच ब्लॉक समिति के चेयरमैन देवेंद्र रावत का कहना है कि इस आपदा में स्वास्थ्य केंद्र थुनाग भी अच्छी तरह से लोगों की सहायता में कार्य कर रहा हैं। देवेंद्र रावत का यह भी कहना है की लोगों को और सभी स्वास्थ्य केंद्रों को किसी भी प्रकार की आवश्यकता रहेगी तो हम दिन रात मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
हमीरपुर: कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद हमीरपुर उपमंडल की विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगर परिषद हमीरपुर के कुल 9 मकानों को मिनी कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। एसडीएम डॉ. चिरंजी लाल चौहान ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं और ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। आदेशों के अनुसार नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर-3 प्रतापनगर, वार्ड नंबर-10 रामनगर, ग्राम पंचायत उखली के वार्ड नंबर-7 गांव फाफन, ग्राम पंचायत टिक्कर डिडवीं के वार्ड नंबर-2 गांव कधरियाणा, नालटी पंचायत के गांव देयोहग, बस्सी झनियारा पंचायत के वार्ड नंबर-3 गांव छाल बुहला, पुरली पंचायत के वार्ड नंबर-1 गांव पुरली, इसी पंचायत के वार्ड नंबर-5 भराईयां दी धार और डुग्घा पंचायत के वार्ड नंबर-2 गांव डुग्घा खुर्द का एक-एक मकान मिनी कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। एसडीएम की ओर से जारी अन्य आदेशों के अनुसार हमीरपुर उपमंडल की विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगर परिषद हमीरपुर के कुल 49 मकानों में मिनी कंटेनमेंट जोन की पाबंदियां समाप्त कर दी गई हैं। एसडीएम ने बताया कि इन मकानों में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमण का कोई भी नया मामला नहीं मिलने पर इन्हें मिनी कंटेनमेंट जोन से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय भी तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन की एनएसएस इकाई ने विश्व पर्यावरण दिवस पर ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने की। इस आयोजन में लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता कुमारी ज्योत्सना ने वर्चुअल कक्षा के माध्यम से पर्यावरण पर अपनी प्रस्तुति दी। इसके माध्यम से स्वयंसेवियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक तथा समाज में स्वयंसेवियों की पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भूमिका पर विचार रखें। कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे सामाजिक चेतना के कर्तव्य में अपनी भूमिका का निर्वहन ईमानदारी के साथ करें तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए यह पर्यावरण अनुकूल रह सकता है। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी साथियों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से समझ कर स्वयं और अपने आस पड़ोस में सभी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करें तभी इस दिवस को मनाने का लाभ होगा। इस अवसर पर कई स्वयंसेवियों ने चित्रकला व स्लोगन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का आकर्षक प्रदर्शन किया तथा अपने आस-पड़ोस वह गांव में इसके माध्यम से परिवारों को जागरूक करने का समाजिक कार्य किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारियों तथा प्रधानाचार्य व अन्य स्वयंसेवकों ने एक-एक पौधा लगा कर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर करुणा ने मुख्य वक्ता कुमारी ज्योत्सना तथा प्रधानाचार्य सहित सभी के प्रति आभार प्रकट किया तथा निवेदन किया कि एनएसएस के स्वयंसेवी राष्ट्रीय चेतना के इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएं।
ग्राम पंचायत सूरजपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधान, उपप्रधान तथा सभी वार्ड सदस्यों ने औषधीय पौधे बांटे। इस दौरान धुन्दन जिला परिषद वार्ड सदस्य भुवनेश्वरी शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रही। इस दौरान कोरोना संक्रमण के चलते पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक नरेंद्र बरागटा, चेयरमैन बार काउंसलिंग हिमाचल प्रदेश रमाकांत शर्मा, अधिवक्ता हिमाचल प्रदेश कोर्ट प्रदीप शर्मा, निवासी गांव कुलावण लेखराज तथा देश और प्रदेश में जिन लोगों ने अपनी जान गवाई है उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए 2 मिनट का मौन रखा। इस दौरान सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वार्ड सदस्यों की मदद से लगभग 100 औषधीय पौधे लोगों में वितरित किये गए। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण की भी शपथ दिलवाई गयी। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में पंचायत द्वारा पर्यावरण के बचाव के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने पौधे उपलब्ध करवाने के लिए अर्की फ्रेंड्स ग्रुप के एडमिन हरीश कुमार शर्मा का धन्यवाद किया।
सोलन : बी. एल. स्कूल में विश्व पर्यावरण दिवस का ऑनलाइन आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। 2021 की थीम पर आधारित पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर विद्यार्थियों ने प्राकृतिक सौंदर्य के सुंदर चित्र, चित्रकला और स्लोगन आदि प्रस्तुत किए। स्कूल की प्रधानाचार्या रुचिका ने विद्यार्थियों से कहा कि किस प्रकार जंगलों को नया जीवन देकर, पेड़ पौधे लगाकर बारिश के पानी को संरक्षित करके तालाबों का निर्माण करने से पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से रिस्टोर कर सकते हैं। विद्यार्थियो ने सुंदर-सुंदर चित्रों द्वारा यह दर्शाया कि कैसे पर्यावरण को हम स्वच्छ और सुरक्षित रख सकते हैं। स्कूल की प्रबंधक वीना बक्शी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों द्वारा विद्यार्थियों में पेड़ पौधे लगाने की रुचि जागृत होती है और साथ ही साथ उन्हें यह ज्ञात होता है कि ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए कितनी आवश्यक है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, वर्तमान में मुख्य सचेतक व जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा के आकस्मिक निधन से क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को अपूर्णीय क्षति पहुँची हैं। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने नरेन्द्र बरागटा के आकस्मिक निधन पर कही। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र बरागटा का प्रदेश की राजनीति में विशेष स्थान रहा हैं। वे दो मर्तबा जुब्बल नावर कोटखाई, एक बार शिमला शहर से विधायक चुनें गए व विभिन्न विभागों के मंत्री भी रहें। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की जनता उनके योगदान को हमेशा याद रखेगी। रोहित ठाकुर ने नरेन्द्र बरागटा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और शोक ग्रस्त परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता, जुब्बल कोटखाई से विधायक, पूर्व मंत्री, पार्टी के मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होनें कहा कि हमने सरकार और पार्टी दोनों जगह साथ काम किया। बरागटा का पूरा समय प्रदेश के विकास और संगठन को मजबूत देने के लिए समर्पित था। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार, केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, डाॅ0 राजीव बिन्दल, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, सांसद किशन कपूर, इंदू गोस्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, कृपाल परमार, राम सिंह, पुरषोतम गुलेरिया, संजीव कटवाल, रतन सिंह पाल, कमलेश कुमारी, धनेश्वरी ठाकुर, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल, प्रदेश सचिव पायल वैद्य, बिहारी लाल शर्मा, विशाल चैहान, कुसुम सदरेट, सीमा ठाकुर, वीरेन्द्र चैधरी, जय सिंह, श्रेष्ठा चैधरी, कोषाध्यक्ष संजय सूद, कार्यालय सचिव प्यार सिंह, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, प्रवक्ता बलदेव तोमर, प्रो0 राम कुमार, अजय राणा, विनोद ठाकुर, शशि दत शर्मा, उमेश दत शर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा, सह मीडिया प्रभारी नरेन्द्र अत्री, करण नंदा, सुमित शर्मा, अमित सूद, रजत ठाकुर, पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप, बिमला कश्यप सहित सभी मंत्रीगण, विधायकगण, पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर सहित समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री एवं मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वे 69 वर्ष के थे तथा कुछ समय से बीमार थे। सुरेश कश्यप ने बताया कि उन्होनें राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की ओर से नरेन्द्र बरागटा के पार्थिव शरीर पर हिमाचल भवन चंडीगढ़ में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक डाॅ0 राजीव बिन्दल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, विधायक परमजीत पम्मी भी उपस्थित रहे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज नरेन्द्र बरागटा के पार्थिव शरीर को भाजपा मुख्यालय दीपकमल में लाया गया जहां नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उनके अंतिम दर्शन किए और अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि नरेन्द्र बरागटा सरल व्यक्तित्व, मिलनसार एवं पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता थे। उनके निधन से समस्त भाजपा परिवार सदमे में है। उन्होनें कहा कि नरेन्द्र बरागटा ने लम्बे समय तक पार्टी की निस्वार्थ सेवा की है और वे पहली बार वर्ष 1998 में शिमला विधान सभा क्षेत्र से विधायक बने तथा 1998 से 2002 तक बागवानी मंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2007 में जुब्बल कोटखाई से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। दिसम्बर 2007 से 2012 तक तकनीकि शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री रहे। वर्ष 2017 में वे तीसरी बार जुब्बल कोटखाई से विधायक बने और वर्तमान सरकार में मुख्य सचेतक का कार्यभार संभाल रहे थे। सुरेश कश्यप ने कहा कि नरेन्द्र बरागटा ने संगठन में विभिन्न दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। वे 1978 से 1982 तक युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। 1993-98 तक किसान मोर्चा में रहे, 1983-87 तक जिला शिमला के महामंत्री रहे, 1993-2018 तक प्रदेश भाजपा में विभिन्न दायित्वों पर रहे तथा 1994-96 तक राष्ट्रीय किसान मोर्चा में सचिव के पद पर रहे। नरेन्द्र बरागटा के निधन से न केवल पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी एक मित्र को खोने की टीस सदा मन में रहेगी। भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे व परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
कांग्रेस विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल सरकार के मुख्य सचेतक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने एक स्पष्टवादी नेता को खो दिया। विधायक बरागटा के निधन से वह दुखी हैं। बरागटा एक ईमानदार एवं कर्मठ नेता थे। उन्होंने सिद्धांतों के आधार पर राजनीति की। उन्होंने कहा कि उन्हें वर्तमान विधानसभा में उनके साथ काम करने का अवसर मिला। इससे पहले भी वह साथ में विधानसभा सदस्य रहे। बरागटा सदैव बहुत ही अपनेपन के साथ बातचीत करते थे। सुक्खू ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दे।


















































