जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि शिमला जिला में व्यवसाय करने के लिए रेहड़ी-फड़ी, शाॅल एवं प्रवासी मजदूरों के लिए अपने स्थानीय थाना प्रभारी से पहचान करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि यह कदम जिला में प्र्रवासी मजदूरों एवं बाहरी क्षेत्रों से व्यवसाय करने वाले लोगों के अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को पासपोर्ट साईज फोटो एवं अपने ठेकेदार की पुष्टि करवाना स्थानीय थाना प्रभारी के समक्ष अनिवार्य होगा, ताकि स्थानीय लोगों की सुरक्षा एवं अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों की पहचान न करवाने के लिए उनके ठेकेदारों पर धारा 188 आईपीसी के तहत कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से शिमला जिला में लागू किए जा रहे हैं तथा उन्होंने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को इन आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर अधिक खतरनाक होने के कारण पूरे देश में बढ़ते मामलों के फलस्वरूप स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तरों व आॅक्सीजन की कमी सामने आई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने समय रहते उचित प्रबन्धन कर राज्य में बिस्तरों की क्षमता में वृद्धि की तथा आॅक्सीजन की उपलब्धता में कमी नहीं होने दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गत वर्ष इस महामारी की शुरूआत हुई थी तब प्रदेश में कोविड जांच के लिए एक भी प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं थी, उस समय प्रदेश सरकार ने तुरन्त ही 8 आरटी-पीसीआर, 25 ट्ररूनैट और 2 सीवीनैट प्रयोगशालाएं स्थापित की। प्रदेश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने विभिन्न जिलों में लगभग 70 एंबुलेंस तैनात की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने राज्य में अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता और आईसीयू-वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों की क्षमता में बढ़ौतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 बिस्तर और 290 आईसीयू/वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों वाले 57 समर्पित कोविड अस्पताल और समर्पित कोविड चिकित्सा केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जिला मंडी के खलियार, जिला कांगड़ा के परौर और सोलन में तीन मेक शिफ्ट अस्पतालों की स्थापना से प्रदेश में अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 5000 हो गई है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में डी और बी टाईप के सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लोगों को टीकाकरण की लगभग 23.59 लाख खुराकें उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रदेश वैक्सीन के शून्य प्रतिशत वेस्टेज करने वाले देश के कुछ अग्रणी राज्यों में से एक है।
कोविड-19 जैसी भयावह वैश्विक महामारी से पार पाने के लिए आवश्यक है समन्वित व समर्पित प्रयास। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन सोलन समर्पित प्रयासों के माध्यम से एक ओर जहां कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को संबल प्रदान कर रहा है वहीं इस दिशा में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन सोलन द्वारा कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए कार्यान्वित की जा रही हेल्पलाइन सर्वे भवन्तु सुखिनः की मूल भावना को साकार कर रही है। इस हेल्पलाइन पर कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को न केवल औषधि लेने का तरीका बताया जा रहा है अपितु उन्हें मानसिक रूप से मज़बूत रहने के बारे में भी अवगत करवाया जा रहा है। यह सब सम्भव हो रहा है स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुष विभाग के समन्वित प्रयासों से। सोलन जैसे सीमांत जिला में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जहां नियम पालन पर बल दिया जा रहा है वहीं कोविड हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी एवं परेशानी की स्थिति में समाधान भी सुनिश्चित बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन के सघन प्रयासों का ही परिणाम है कि जिला स्तर पर स्थापित हेल्पलाइन के माध्यम से 4366 होम आईसोलेटिड कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को दूरभाष के माध्यम से उचित जानकारी प्रदान की गई और उनका मनोबल बढ़ाया गया। कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए जिला स्तर पर स्थापित आपात संचालन केन्द्र में 03 आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात किए गए हैं। दूरभाष पर चिकित्सक का परामर्श रोगियों के लिए रामबाण सिद्ध हो रहा है। जिला स्तरीय हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की कोविड सम्बन्धी समस्याओं का समाधान भी हो रहा है। मई माह में ही कोविड-19 सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने के लिए 128 लोगों ने हेल्पलाइन का सहारा लिया। लोगों की सुविधा के लिए जिला मुख्यालय पर जिला आपात संचालन केन्द स्थापित किया गया है। यहां दूरभाष नम्बर 01792-220049 तथा 01792-220882 एवं 1077 पर त्वरित सहायता प्राप्त हो रही है। 7 मई, 2021 से 31 मई, 2021 तक इन हेल्पलाइन नम्बरों का हजारों लोग लाभ उठा चुके हैं। लोग ई-पास, कोरोना कफ्र्यू सूचना आवाजाही के सम्बन्ध में तथा राशन इत्यादि की समस्या के बारे में केन्द्र में स्थित टीम को अवगत करवाते हैं। जानकारी मिलने पर सम्बन्धित प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया जाता है और वहां से समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित होता है। दूरभाष नम्बर 01792-221234 पर लोगों को कोविड-19 से सम्बन्धित चिकित्सा सहायता, स्वास्थ्य समस्या तथा कोविड-19 जांच के बारे में जानकारी मिल रही है। हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से होम आईसोलेशन में रह रहे रोगियों को मानसिक रूप से संबल प्रदान किया जा रहा है और उन्हें बताया जा रहा है कि आईसोलशन का मतलब निर्धारित अवधि में अपने घर पर एकान्त वास में रहना। यह नियम पालन कोरोना रोगियों और उनके आसपास के परिवेश को रोगमुक्त रखने में महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के जनहितैषी निर्णयों की सफलता आमजन की इन निर्णयों पालन करने की प्रतिबद्धता के साथ ही पूर्ण हो सकती है। इसके लिए यह आवश्यक है कि लोग कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने में प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा किया जाए रहे निर्णयों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर इन हेल्पलाइन नम्बरों का लाभ उठाएं।
ग्राम पंचायत धुन्दन में पंचायत समिति कुनिहार को उपाध्यक्ष मनोहर लाल ने सेनेटाइज़ करवाया। इस मौके पर धुन्दन के बाजार,डाकघर,नागरिक अस्पताल,पशु औषधालय सहित अन्य जगहों पर सेनेटाइजेशन करवाया गया। उपाध्यक्ष मनोहर लाल ठाकुर (सोनू) ने कहा कि वह जन सेवा भाव से इस कार्य को करते आ रहे है। उन्होंने कहा बाज़ार खुलने से अब सभी दुकानों में आवाजाही शुरू हो गई है।इसके साथ ही अस्पताल में 18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए वैक्सीन का टीका लगना शुरू हो गया। इस टीकाकरण में जिला बिलासपुर,मंडी व हमीरपुर इत्यादि से लोग धुन्दन पहुंच रहे है। जिस कारण बाहरी लोगों के आने से सेनेटाइज़ करने का काम बहुत जरूरी था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व स्थानीय विधायक वीरभद्र सिंह द्वारा दिए गए ऑक्सीमीटर चिकित्सकों को भेंट किए गए व लोगों को कोरोना महामारी को लेकर जागरूक भी किया गया। इस मौके पर अमरचंद,वीरेंद्र,गीतेश शर्मा भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री ये दावा कर रहे है कि दिसम्बर, 2021 तक देश के सभी नागरिकों को कोरोना महामारी का टीकाकरण का काम कर दिया जाएगा जबकि वैक्सीन दवा कंपनियों के दावे कुछ और हैं। इससे ही साबित होता है कि सरकार के मंत्री ही भ्रम की स्थिति जनता में फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में 2 कंपनियां वैक्सीन बनाने का काम कर रही है, जिसमें सीरम कंपनी कोविशील्ड व भारत बायोटेक कोवैक्सिन का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि सिरम कंपनी ने दावा किया है कि वह दिसम्बर, 2021 तक 60 करोड़ वैक्सीन तैयार कर लेगी, वहीं भारत बायोटेक का दावा है कि दिसम्बर, 2021 तक 70 करोड़ बना लेगी। उन्होंने कहा कि अगर इन दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों के दावे पर भी विश्वास करे तब भी हर नागरिक को 2 बार वैक्सीन लगने पर 50 प्रतिशत आबादी को ही टीकाकरण मुकम्मल हो पाएगा, जबकि सिरम कंपनी ने वैक्सीन विदेशों में भी भेजने का करार किया है। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि केंद्रीय मंत्री देश की जनता के साथ झूठ बोल रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार के चुनावों के दौरान बिहार में मुफ्त टीकाकरण की घोषणा की थी और चुनावों के बाद लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया। उन्होंने इस बात को लेकर भी अफसोस जाहिर किया कि देश की जनता को वैक्सीनेशन लगाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है और वैक्सीन पूरा नहीं हो रहा है, जबकि देश के प्रधानमंत्री खुद को महान साबित करने के लिए वैक्सीन 123 देशों में भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसी घड़ी में पहाड़ी राज्यों की खुलकर मदद करनी चाहिए और प्रदेश सरकार को भी केंद्र सरकार से विशेष पैकेज लेने की वकालत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज टीकाकरण करने के लिए जो सरकार का ऑनलाइन सिस्टम है, वो 2 मिनट में फुल हो जाता है और लोगों को कोसों दूर गाड़ियां करके टीका लगवाना पड़ रहा है, इस प्रक्रिया को ठीक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि 60 साल की उम्र से ज्यादा ऐसे कितने लोग हैं, जिन्हें अभी तक वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है। सरकार को चाहिए कि पहाड़ी राज्य होने के नाते फुल्ली एक्विपपड़ वैनस तैयार करके गांव-गांव जाकर टीकाकरण करना चाहिए क्योंकि कई बजुर्ग लोग पैदल नहीं चल सकते हैं, उन्हें भी टीका लग सके।
सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सतत सहयोग प्रदान कर समुदाय के कल्याण के प्रति अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए जिला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लोगों के जीवन को बचाने और संक्रमितों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर चुनकर आए सदस्यों व प्रतिनिधियों ने कोरोना की दूसरी लहर में जिला के बसंतपुर, मशोबरा, ठियोग, नारकंडा, ननखड़ी, रामपुर, जुब्बल, चैपाल, रोहड़ू, छौहारा कुपवी और टुटू की 407 पंचायतों में संक्रमण से बचाव और संक्रमित रोगियों की देखभाल के लिए सहयोग व सहायता प्रदान कर कार्य किया गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों व प्रतिनिधियों द्वारा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निरंतर निगरानी का कार्य किया जा रहा है होम क्वॉरेंटाइन में रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। बाहर से आए 382 व्यक्ति जिला के इन क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में क्वॉरेंटाइन है जिनकी निगरानी व जांच कार्य निरंतर किया जा रहा है जिनमें उस क्षेत्र के पंचायत सदस्यों पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा सहयोग मिल रहा है। पंचायती राज सदस्य व प्रतिनिधियों के सहयोग से जिला के विभिन्न पंचायतों में लक्षण प्राप्त 2710 लोगों की जांच का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के आदेशों की अनुपाल ना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में 635 विभिन्न विवाह व धार्मिक अनुष्ठान कार्यों का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया तथा इनमें भीड़ इकट्ठी ना होने देना की प्रतिबद्धता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाहन किया गया। होम आइसोलेशन रह रहे 1766 कोरोना संक्रमित रोगियों की जांच की गई। जिला की सभी विकास खंडों के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमण की जंग लड़ने में इनका सहयोग सार्वजनिक क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में भरपूर रूप से प्राप्त हुआ है जगह जगह गली मोहल्लो,बाजारो , पगडंडियों के सैनिटाइज के कार्यों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ इन पदाधिकारियों, सदस्यों ने अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोविड-19 सकारात्मक व्यवहार और कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष मानक संचालन की अनुपाना के प्रति जागरूकता प्रदान की गई। विभिन्न प्रचार सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाने और उस पर अमल कर कोरोना से बचाव के प्रति सचेत किया गया। माॅस्क वितरण कार्य तथा लोगों को मास्क बना कर समाज को प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया, विशेष रुप से स्वयं सहायता समूह का योगदान इसमें लेकर उन्हें सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को राशन, सब्जी, दवाइयां आदि की उपलब्धता पंचायतों द्वारा भी सुनिश्चित की जा रही है। जिला में 129 होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया। पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव तथा पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोविड 19 जांच के लिए परस्पर जानकारी जुटाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है तथा टीकाकरण के लिए सभी विकास खण्डों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के दाह संस्कार आदि कार्यों में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
मंडी सिराज विधानसभा क्षेत्र छतरी में फंदे से झूल गई 22 साल की गर्भवती, सास और दो ननदें करती थीं प्रताड़ित मंडी हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं, अब इन अत्याचारों से परेशान होकर महिलाओं ने आत्महत्या जैसे कदम उठाने भी शुरू कर दिए हैं, जो की एक गंभीर समस्या है। इसी कड़ी में ताजा मामला प्रदेश के मंड़ी जिले स्थित उपमंडल सुंदरनगर से सामने आया है। जहां एक 22 वर्षीय गर्भवती विवाहिता ने फंदा लगा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।महिला के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का जावन भी उसकी मां के साथ समाप्त हो गया। वहीं, अपनी बेटी द्वारा उठाए गए इस कदम पर पिता ने उसकी दो ननंद और सास-ससुर पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मेरी बेटी को मानसीन रूप से परेशान करते थे। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस घटना पर मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।वहीं, मृतक महिला का नाम सपना देवी पत्नी आलम चंद था। मृतिका करसोग से लगभग 11 किलोमीटर दूर बखरोट के समीप दलाग गांव की रहने वाली बताई गई है। बता दें कि सपना की शादी पिछले वर्ष आलम चंद से हुई थी। बेटी द्वारा उठाए गए इस खौफनाक कदम पर मृतका के पिता राजेश कुमार ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे शादी के बाद मेरी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इस बारे में कई बार सपना ने उन्हें फोन पर जानकारी भी दी थी।पिता का यह भी कहना है कि सास ससुर द्वारा दी जाने वाली प्रताड़ना से परेशान होकर ही उनकी बेटी ने इतना संगीन कदन उठाया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी गुरबचन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शव छतरी से करसोग अस्पताल लाया गया तथा वहां से पोस्टमार्टम के लिए शिमला आईजीएमसी रेफर कर दिया गया है। इसके साथ ही डीएसपी ने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्यवाही अमल पर लाई जाएगी।
जिला सिरमौर भाजपा पच्छाद मंडल के उपाध्यक्ष अरुण चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। अरुण चौहान ने कहा की पच्छाद विधानसभा में हो रहा विकास कांग्रेस को नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा की कांग्रेस आये दिनों भाजपा पर विकास को लेकर बयानबाजी करती हुई नजर आती है , लेकिन कांग्रेस के नेताओं को विकास दिखाई नहीं देता है । अरुण चौहान ने कहा की पच्छाद की विधायक रीना कश्यप क्षेत्र में सराहनीये कार्य कर रही है। उन्होंने कहा की श्लेच कैंची से हलोनीपुल मार्ग जोकि पिछले कई सालों खस्ता हाल में था, जिसके बाद विधायक ने लोगों की समस्या को देखते हुए इस मार्ग की मुरामत करवाई है, इस मार्ग की मुरम्मत होने के बाद लोगों को अब परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा , अरुण चौहान ने कहा की पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य लगातार जारी है ,उन्होंने कांग्रेस पर तंज कस्ते हुए कहा कि कांग्रेस क्षेत्र के विकास को नहीं देख पा रही है और बोखलाहट में ऐसे ही ब्यान बाजी कर रही है। पच्छाद मंडल के उपाध्यक्ष अरुण चौहान ने कहा कि पछाड़ की जनता को सब पता है और विधायक रीना कश्यप विधानसभा क्षेत्र में भरपूर विकासात्मक कार्य करने में लगी हुई है।
मंडी सिराज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुडाह के ग्राम केंद्र शंकरदेहरा में सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस करोना महामारी के संकट काल में अपने निर्वाचन क्षेत्र के अति गरीब लोगों को मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए अपनी धर्मपत्नी डॉक्टर साधना ठाकुर को गांव गांव मे लोगों के बीच भेज कर लोगों को कोरोना जैसी महामारी के चलते प्रेरित करते हुए कहा की इस करोना काल में लोग भ्रमित ना हो इस महामारी का डटकर सामना करना है और इसके नियमों का भी पालन करते रहे। सरकार भी अपने स्तर पर पूरी तरह इस बीमारी को निपटने के लिए तैयार हैं और हर संभव प्रयास कर रही है। साथ ही गरीब लोगों को आटा, चावल, दाल, तेल, चमनप्राश ,काढा और मासक इत्यादि दिये गए। डॉक्टर साधना का कहना है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को जिस भी तरह की सहायता की जरूरत रहेगी हम उनके लिए दिन-रात हर संभव सहायता का प्रयास करेंगे। इस बीच उनके साथ ग्राम केंद्र प्रधान राज शर्मा पूर्व प्रधान खजाना राम शर्मा , चुरामणि ,जितेंद्र ,रंजना शर्मा और मित्र देव शर्मा और सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
GNA University organised a virtual conclave on ‘Hospitality Viz a Viz Technology: changing role of Hospitality Practitioners’ with a key objective to keep students abreast of the latest technology & trends in tourism, hospitality entrepreneurship and accommodation sector. The session was inaugurated by Prof. (Dr.) V.K. Rattan (Vice Chancellor, GNA University) and Prof. (Dr.) R.K. Mahajan (Registrar, GNA University) welcomed faculty and students from 50 different institutions across the world. Prof. (Dr.) Monika Hanspal (Dean Academic Affairs) presented the objectives for organizing this conclave and Dr. Sandilyan Ramunujam Pagaldiviti, Dean, Faculty of Hospitality introduced the conclave theme to all speakers and participants. The online sessions during the Conclave were moderated by Dr. Kusum and Mrs.Shagun khaira Sharma from Faculty of Hospitality. The first session was on ‘Global Opportunities & Challenges in tourism’ where some of the eminent speakers were Mr. NeelkanthPararath (Founder, MD and CTO of WebCRS.com), Mr. VenkatesanDhattareyan,Regional Director (West , Central & Southern Region), India Tourism, Mumbai, Mr. Amaresh Kumar Tiwari (Vice Chairman ICPB, Director & Board member FAITH), Dr. G.Saravana Kumar ( Associate Professor Jain University), Ms. Nidhi Bansal ( Founder India City Walks),Mr. Alok Singh, Director, Enriching Journeys Private Limited, New Delhiand Dr. Aditi Chaudhary ( Assistant Professor and Chairperson Placements IITTM Noida). The second session was ‘Focus on Entrepreneurship in Hospitality’ where some of the eminent speakers were Ms. Shobha Mohan (Founder RARE India), Dr. Susanta Ranjan Chaini (Professor and Dean, Faculty of Hotel & Tourism Management, SGT University, Gurgaon), Mr. Sudhir Chawla (General Manager, Goldfinch Hotels, Surajkund), Mr. Toshit Sharma (National Corporate Chef- India RATIONAL International Pvt. Ltd.), Mr. Siddharth Bhan Gupta (Hospitality Consultant & Blogger), Chef Subhodip Majumder (Sr. Vice President WCCF, India & In-charge WCCF West Bengal) and Chef M. Vijay ( Executive Chef, Fern Ahmadabad). The third session was focussed on ‘Preparing Accommodation for Modern Travellers’ where some of the eminent speakers were Prof. Md. Shahriar Parvez (Advisor to Bangladesh Tourism Research Institute), Mr. Sumit Bharany (Ex Chef Carival Cruises & General Manager Aritara Hotels), Mr. Ganesh Yadav (Housekeeping Manager, Radisson Hotels), Ms. Anita Mary Peter ( Ex Executive Housekeeper, Oberoi Hotels and Freelance Faculty), Mr. Davinder Singh (Principal, FCI Jabalpur) and Ms. Rajnit Kohli ( Principal, IHM Bhatinda). All the sessions were very informative and enjoyed by one and all, wherein students questions were also taken and well answered. Dr. Sandilyan Ramunujam Pagaldiviti, Dean Faculty of Hospitality thanked all the speakers on behalf of GNA University. President and Pro-Chancellor, GNA University, S. Gurdeep Singh Sihra said, “Such conclaves are important for faculty and students to keep themselves updated with the changing role of hospitality practitioners.
जोगिंदर नगर नप के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने जारी ब्यान में कहा कि इस कोरोना काल में सरकार द्वारा जारी कोरोना संक्रिमितों के लिए किट पर भी जोगिन्दर नगर भाजपा के नेता राजनीतिक लाभ लेने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए कोरोना संक्रिमितों और उनके पारिवारिक सदस्यों को विश्रामगृह ,वर्षा शालिका व सड़क किनारे बुला किटें बांट रहे है। जिस से संक्रमण फैलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि होना तो यह चाहिए की इन कीटों को आशा वर्कर्स के माध्यम से संक्रिमितों को घर घर पहुंचाया जाए। जिस से की कोरोना प्रोटोकॉल भी कायम रहे और संक्रिमितों को भी इस किट का लाभ मिले। धरवाल ने कहा कि भाजपा नेताओं को इस समय इस प्रकार का गैर जिमेवाराना व्यवहार नहीं करना चाहिए। इस समय इस मुश्किल दौर में जहाँ सरकार, विपक्ष व समाज का हर एक इंसान जहां अपनी ओर से कुछ न कुछ योगदान देने का प्रयास कर रहा है ताकि इस कोरोना महामारी से जनता की रक्षा की जा सकें लेकिन जोगिन्दर नगर भाजपा के नेताओं का इस प्रकार का व्यवहार कहीं भी तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निम्न कृत्य के लिए जोगिन्दर नगर भाजपा जनता से माफी मांगे। क्योंकि इस महामारी के दौर अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ करना सही नहीं है।
अटल शिक्षा नगर, कालूझंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी "विश्व तंबाकू निषेध दिवस" मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागों ने "कमिट टू क्विट" विषय पर विभिन्न ऑनलाइन सतरो का आयोजन कर छात्रों को तम्बाकू के बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। कोरोना महामारी के चलते इस कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया जिसका उद्देश्य किसी भी रूप में तंबाकू के उपयोग को हतोत्साहित करना और छात्रों को तम्बाकू के कारण मुंह, फेफड़े, यकृत, हृदय पर हानिकारक प्रभाव और कैंसर आदि गंभीर स्वास्थ्य खतरों के बारे में जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में छात्रों को विश्व स्वास्थ्य संगठन के खुलासे से भी अवगत करवागा गया जिसमें तम्बाकू सेवन को कई तरह के श्वसन संबंधी रोगों का कारण बताया गया है, और तम्बाकू उत्पादों के सेवन करने वाले लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में कोविड-19 संक्रमण की संभावना अधिक बताई गई है। कार्यक्रम के अंत में (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन से निर्देशानुसार) सभी छात्रों को धूम्रपान व अन्य किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने एवं अपने परिचितों को भी धूम्रपान व अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करके तम्बाकू मुक्त समाज निर्माण की शपथ दिलाई गई। आईईसी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी को बधाई दी और भविष्य में तम्बाकू मुक्त समाज निर्माण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत जिला में लागू कोरोना कफ्र्यू के दौरान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग सोलन द्वारा खुले बाजार में आवश्यक वस्तुओं की अनावश्यक मूल्य वृद्वि पर अकुंश लगाने के उद्देश्य से विभागीय प्रर्वतन स्टाफ द्वारा निरन्तर निरीक्षण किए जा रहे है। यह जानकारी जिला नियन्त्रक नरेन्द्र कुमार धीमान ने आज यहां दी। नरेन्द्र कुमार धीमान ने कहा कि इस अवधि के दौरान विभाग द्वारा आवश्यक वस्तुओं की दुकानों, उचित मूल्य की दुकानों व गैस एजैंन्सियों के कुल 375 निरीक्षण किए गए। दोषियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के अनुरूप 596 किलोग्राम फल व सब्जियां, 02 रसोई गैस सिलैण्डर व 10 किलोग्राम चिकन जब्त किया गया। विभिन्न मामले आवश्यक कार्यवाही के लिए समाहर्ता अदालत में प्रस्तुत किए गए तथा 4525 रूपये की राशि सरकारी कोष में जमा करवाई गई। कुछ मामलों में कार्यवाही प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा खुले बाजार में कार्यरत राशन के थोक विक्रेताओं का पंजीकरण केन्द्र सरकार के पोर्टल में करवाया जा रहा है तथा थोक विक्रेता साप्ताहिक तौर पर अपने स्टाॅक का इन्द्राज इस पोर्टल में करेंगे ताकि केन्द्र सरकार द्वारा राशन के उपलब्ध स्टाॅक का आंकलन द्वारा किया जा सके। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उपलब्ध करवाऐ जा रहे खाद्यान्नों के अतिरिक्त जिला के एनएफएसए उपभोक्ताओं को प्रधानमन्त्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत मई माह में कुल 6821 क्विंटल गेहूं, 4454 क्विंटल चावल निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए। योजना के अन्तर्गत जून, 2021 में भी एनएफएसए उपभोक्ताओं को प्रति माह प्रति लाभार्थी 03 किलोग्राम गेहूं व 02 किलोग्राम चावल निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। नरेन्द्र कुमार धीमान ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों में पारदर्शिता के उद्देश्य से जिला के उपभोक्ताओं को पीओएस मशीनों द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार के राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत उचित मूल्य दुकानधारकों व पैट्रोल पम्पों में कार्यरत कर्मचारियों को कोविड-19 का टीका लगाने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्र भी जारी किए जा रहे हैं।
शिमला : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज सोमवार को हिमाचल प्रदेश के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट्स का वर्चुअल शिलान्यास किया और हिमाचल प्रदेश के लिए कोविड राहत सामग्री को रवाना किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी वर्चुअली जुड़े और कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी वर्चुअली उपस्थित रहे। ये ऑक्सीजन प्लांट्स हिमाचल प्रदेश से सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के सहयोग से लगाए जा रहे हैं। इस से पहले भी कई बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से हिमाचल प्रदेश को राहत सामग्रियां भेजी गई हैं।16 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ' सेवा ही संगठन 2.0 ' अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के के सभी 12 जिलों के लिए लिए बड़ी मात्रा में कोविड राहत सामग्री को रवाना किया था । साथ ही अनुराग ठाकुर के सहयोग से सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की मेडिकल उपकरण सहित 17 मेडिकल यूनिट्स को भी हरी झंडी दिखाकर उन्होंने हिमाचल प्रदेश रवाना किया था। दो पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और हमीरपुर जिले में लगाए जा रहे हैं। इन दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 140-140 एलपीएम की होगी। एक ऑक्सीजन प्लांट 30 बेड को एक साथ निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई देगा। इस प्रकार कुल 60 बेड को इस से लाभ मिलेगा। इसके साथ - साथ कोविड राहत सामग्रियों में 8 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर , 105 ऑक्सीजन सिलेंडर, 200 ऑक्सीजन रेगुलेटर, 400 ऑक्सीजन मास्क, 200 एनआरएम मास्क, 200 फेस शील्ड, 200 पल्स ऑक्सीमीटर, 50 थर्मल स्कैनर, 3500 पीपीई किट्स, 3000 N95 मास्क और 500 सैनिटाइजर शामिल हैं। जो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हिमाचल प्रदेश भेजे जा रहे हैं, उसकी क्षमता 5, 8 व 10 लीटर की है। ये सामग्रियां अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हमीरपुर में उच्च चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवा रही सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की मेडिकल यूनिट्स द्वारा हिमाचल भेजी जा रही है। जेपी नड्डा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी , देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश भर में सेवा ही संगठन अभियान निरंतर चला रही है । उनके नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के 7 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा ने तय किया था कि कल 30 मई को देश के एक लाख गाँवों में पार्टी के कार्यकर्ता , सांसद , विधायक , मंत्री और पदाधिकारी जायेंगे और सेवा कार्य करेंगे। अब तक 20 राज्यों की रिपोर्ट आ गई है और इन राज्यों से ही एक लाख से अधिक गाँवों में पहुँच कर सेवा कार्य करने कालक्ष्य पूरा हो गया है। जब सभी राज्यों से रिपोर्ट आ जायेगी तो ये आंकड़ा कहीं अधिक होगा ।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पैंशन न मिलने से ये परिवार परेशान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर विभाग को दिशानिर्देश दें कि उन्हें समय पर पैंशन व भत्ते मिलें, ताकि यह लोग अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। राजेंद्र राणा ने बताया कि एचआरटीसी के लगभग 6700 परिवार ऐसे हैं, जो पैंशन धारक है जिन्हें समय पर पैंशन नहीं मिल रही है। सेवानिवृत्त परिवारों ने उनसे संपर्क किया कि सरकार न तो उन्हें समय पर पैंशन दे रही है और न ही उन्हें डीए का एरियर दिया गया। साथ ही उन्हें मैडीकल बिल्स की री-इन्वेस्टमैंट भी नहीं मिल रही है, जिससे पूर्व कर्मचारियों व उनके परिवारों में रोष पनप रहा है। उन्होंने चिंता जाहिर की कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो एचआरटीसी को सरकार कहीं बंद ही न कर दे। सरकार को चाहिए कि ऐसे हालातों में केंद्र से मदद ले और विभाग को बचाने के लिए एचआरटीसी को फंड उपलब्ध करवाएं।
उपमंडल सरकाघाट के निवासी तथा प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य किशोर राणा ने इस कोरोनाकाल में अब तक जरूरतमंद मरीज़ों को पांचवा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सोमवार को सरकाघाट स्थित न्यू राणा मेडिकल स्टोर के संचालक मुकेश राणा तथा सतीष रनोट के हाथों निशुल्क प्रदान किया है। इस मौके पर किशोर राणा खुद भी मौजूद रहे। किशोर राणा उपमंडल सरकाघाट की ग्राम पंचायत रोपडी के गांव नौणू के निवासी हैं। यह पेशे से व्यवसाई है और किशोर राणा सामाजिक गतिविधियों में भी आगे रहते हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज में जन औषधि भंडार के वितरण की जिम्मेदारी किशोर राणा की है। सरकाघाट का कोई भी व्यक्ति इलाज के लिए अगर टांडा मेडिकल कॉलेज जाता है तो वहां उनकी किशोर राणा हर संभव मदद करते हैं।
कोरोना महामारी के दौरान देश व प्रदेश में जिस प्रकार से कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई उस पर NSUI ने चिंता जताई जाहिर की है। उन्होंने सरकार से बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द कर छात्रों को पदोन्नत करने की मांग की है। NSUI के राष्ट्रिय सचिव व प्रदेश प्रभारी गौरव तुषिर ने बताया की केंद्र व प्रदेश सरकार 12वी के बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अपनी स्थिति अभी तक साफ नही कर पाई है। यह प्रदेश व केंद्र सरकारों की विद्यार्थीयों के प्रति असवेंदनशीलता को दर्शता है। तुषिर ने बताया की मई माह खत्म होने को आ गया लेकिन सरकार अभी स्पष्ट ही नही कर पाई की परीक्षा होंगी भी या नही जो बहुत दुखद: है। छात्र भी दुविधा में है लेकिन सरकार की ओर से इसको लेकर कोई फैसला नही लिया जा रहा है। उन्होंने बताया जब वैक्सीन के लिए प्रदेश सरकार ट्राइबल एरियास के लिए ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था कर सकती है तो बोर्ड की परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थीयों के लिए भी कर सकती थी, ताकि प्रदेश के विद्यार्थीयों को कोरोना महामारी से बचाया जा सके। NSUI ने प्रदेश व केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि एक व्यवस्था बना कर परीक्षाओं को रद्द करके विद्यार्थीयों को पदोंन्नत करे, ताकि उनको महामारी से बचाया जा सके। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बाहर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन की उपस्तिथि मे सांकेतिक धरना भी दिया। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से प्रदेश और देश मे कोरोना संक्रमण फैला है और तीसरी लहर में बच्चो को अपनी चपेट में लेने की चेतावनी दी गई है, ऐसे में परीक्षाएं करवाना सही नही होगा और केंद्र सरकार को परिस्थितियों को ध्यान में रख कर फैसला लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा जिला सोलन के रबौण में राधा स्वामी सत्संग ब्यास केन्द्र में 3.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेकशिफ्ट अस्पताल में 200 ऑक्सीजनयुकत बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जो कोविड रोगियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अस्पताल में रोगियों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए 100 चिकित्सक, स्टाॅफ नर्स और अन्य पैरामेडिकल कर्मी उपलब्ध हैं और रैपिड टैस्टिंग के लिए प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड रोगियों पर निगरानी रखने के लिए इस अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रोगियों के मनोरंजन के लिए यहां सेंटरलाइजड टीवी स्क्रीन भी स्थापित की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस अस्पताल का निर्माण कार्य 14 दिनों की रिकार्ड समय अवधि के भीतर पूरा किया गया है। इसका निर्माण 17 मई, 2021 को शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 200 मजदूरों को लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास ने प्रदेश को कोविड महामारी से लड़ने के लिए मंडी, परौर और सोलन में मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल स्थापित करने के लिए अपनी सम्पत्तियां प्रदान कर राज्य सरकार को सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य में कोई भी कोविड रोगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। सरकार ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए अनेक पहल की है और कोविड-19 रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से केन्द्र सरकार ने राज्य के ऑक्सीजन ढ़ाकर 7755 किया है, जिससे ऑक्सीजन भण्डारण क्षमता 27 मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने कहा कि बिस्तरों की क्षमता को भी 1200 बढ़ाकर लगभग 5000 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 मरीजों की समयबद्ध पहचान पर विशेष बल दे रही है ताकि उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रोगियों को कोविड अस्पतालों और कोविड देखभाल केन्द्रों में उचित और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित हो। यह संतोष का विषय है कि गत कुछ दिनों में रिकवरी रेट 89 प्रतिशत हो गया है। सरकार होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से लगातार संपर्क रखा जाना चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जा सके और उन्हें उपयुक्त उपचार प्रदान किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए राज्य सरकार उन्हें कोविड-19 किट प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह किट कोविड-19 मरीजों को जल्द से जल्द उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने इस महामारी से निपटने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को दी जा रही सहायता के लिए धन्यवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 स्थिति से निपटने में विभिन्न धार्मिक संगठनों और गैर सरकारी संगठनों की भूमिका सराहनीय है। क्षेत्र के लोगों को बेहतर कोविड उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से सोलन में इस मेकशिफ्ट अस्पताल के निर्माण कार्य को रिकाॅर्ड समय में पूरा किया गया है। सांसद और भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में कोरोना की पहली लहर से निपटने में सफल रही है और दूसरी लहर से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेगी। उपाध्यक्ष खादी बोर्ड पुरषोत्तम गुलेरिया, सोलन के भाजपा नेता डाॅ. राजेश कश्यप, सोलन नगर निगम की महापौर पुनम ग्रोवर, उपायुक्त सोलन के.सी. चमन सोलन में उपस्थित रहे, जबकि स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
जिला ऊना की राजनीति में कभी भी तापमान में उतार-चढ़ाव नहीं आया। यानी यहां हर माैसम में सियासी पारा हाई ही रहता है। प्रदेश विधानसभा में पांच सीटाें वाले इस ज़िले में कांग्रेस और भाजपा दाेनाें बराबरी पर हैं। कभी कांग्रेस के पास अधिक ताे कभी बीजेपी की झाेली में अधिक सीटें आती रही। वर्ष 2017 के चुनाव में बीजेपी ने 3 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीती। हराेली और ऊना सदर कांग्रेस के पास, जबकि गगरेट, कुटलैहड़ और चिंतपूर्णी विधानसभा सीट पर भाजपा काबिज है। जबकि 2012 के चुनाव में कांग्रेस के पास 3 और बीजेपी के पास 2 सीटें थी। वर्तमान और पिछले सरकार में जिला ऊना को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वीरभद्र सरकार में मुकेश अग्निहोत्री काे मंत्री की कुर्सी मिली और वर्तमान जयराम सरकार में वीरेंद्र कंवर काे जगह मिली। पंजाब के साथ सटे होने के कारण यह जिला हमेशा से ही नशे के तस्करों को लेकर सुर्खियों में रहा। खनन माफिया और वन माफिया को लेकर भी हमेशा से ही कांग्रेस और भाजपा नेताओं में आरोप -प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री जब पूर्व में उद्याेग मंत्री थे तो भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के साथ उनकी जुबानी जंग नहीं थमती थी। अब भाजपा सरकार में है तो कांग्रेस लगातार हमलावर रहती है। चुनाव न हारते मंत्री हो सकते थे सत्ती भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती पिछले चुनाव में ऊना सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस के सतपाल सिंह रायजादा से पराजित हुए थे। माना जाता है की यदि सत्ती चुनाव नहीं हारते तो जयराम कैबिनेट में उनका स्थान लगभग तय था। पर चुनाव हारने से सत्ती के अरमानो पर पानी फिर गया। कुटलैहड़ से भाजपा विधायक वीरेंद्र कंवर को मंत्रिमंडल में स्थान मिला। वीरेंद्र कंवर की एक और ख़ास बात है, विधानसभा सदन में हाे या फिर कोई अन्य मंच, वीरेंद्र कंवर ने आवेश में कोई ब्यान नहीं दिया। जबकि सतपाल सिंह सत्ती अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते है। मुकेश और वीरेंद्र लगा चुके है जीत का चौका मुकेश अग्निहोत्री और वीरेंद्र कंवर लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। मुकेश अग्निहोत्री लगातार चार चुनाव जीत चुके है। 2003 और 2007 में वे संतोखगढ़ से चुनाव जीते। जबकि नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आये हरोली विधानसभा क्षेत्र से वे 2012 और 2017 में चुनाव जीते। वर्तमान में मुकेश अग्निहोत्री नेता प्रतिपक्ष है। इसी तरह जयराम कैबिनेट में पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर कुटलैहड़ निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चार चुनाव जीत चुके है। वित्तायाेग में लगातार दाे बार मिला प्रतिनिधित्व जिला ऊना काे अब तक लगातार दूसरी सरकार में वित्तायाेग में स्थान मिला है। पूर्व की वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में चिंतपूर्णी से कांग्रेस के विधायक रहे कुलदीप कुमार काे वित्तायाेग उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस बार जयराम सरकार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती काे 15 वें वित्तायाेग में चेयरमैनशिप मिली।
" महंगाई की तहलील में जब जिस्म टटोला, मालूम हुआ हम तो कमर भी नहीं रखते " सय्यद ज़मीर जाफ़री का ये शेर आज हर आम आदमी का किस्सा है। एक तो कोरोना और इस पर बढ़ती महंगाई, गरीब और मध्यम वर्गीय वर्ग यदि कोरोना से बच भी रहा है तो महंगाई कमर तोड़ रही है। लॉकडाउन ने रोजगार ठप कर दिए है। आमद है नहीं और महंगाई है कि रुकने का नाम नहीं ले रही। सरकार को इस मुश्किल दौर में राहत पहुंचानी चाहिए लेकिन सरकार को तो मानो आम लोगों की तकलीफ से कोई सरोकार ही नहीं रह गया है। जब देश में चुनाव होते है तो महंगाई पर थोड़ा ब्रेक जरूर लगता है, फिर चुनाव खत्म और दाम बढ़ना शुरू। जब सियासी फायदे के लिए महंगाई पर ब्रेक लग सकता है, तो कोरोना के इस मुश्किल दौर में आमजन को राहत देने के लिए क्यों नहीं ? मानो सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। आम आदमी लाचार है और सरकार से आस लगाए हुए है कि वह कुछ करेगी, वहीं सरकार है कि सिर्फ जनता को दिलासा देने के अलावा कुछ नहीं कर रही। ये कहना भी गलत नहीं होगा कि सरकार की नीतियों से महंगाई बढ़ती जा रही है, सरकार खुद भी आए दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर और अपनी इस करनी को देश के आर्थिक विकास के लिए जरूरी बताकर आम आदमी के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। थोक महंगाई (WPI) के मोर्चे पर भी सरकार को बड़ा झटका लगा है। देश में अप्रैल के महीने में थोक महंगाई में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिली है। अप्रैल, 2021 में थोक महंगाई दर बढ़कर 10.49 फीसदी पर रही है, जो ऑल टाइम हाई है। जबकि मार्च में यह 7.29 फीसदी पर रही थी, जो 8 साल में सबसे ज्यादा थी। फरवरी में थोक महंगाई दर 4.17 फीसदी पर थी। फिलहाल अप्रैल में महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2021 में 115 रुपये बढ़े रसोई गैस के दाम वर्ष 2021 में घरेलू गैस की कीमत में बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। जनवरी में इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। पर 4 फरवरी को कीमत 694 रुपए से 25 रुपए बढ़कर 719 रुपए हो गई। उसके बाद 15 फरवरी को कीमत में 50 रुपए की तेजी आई और यह 769 रुपए का हो गया। फिर 25 फरवरी को 25 रुपए के उछाल के साथ यह 794 रुपए का हो गया। 1 मार्च को इसकी कीमत में फिर 25 रुपए की तेजी आई और यह 819 रुपए का हो गया। अप्रैल में कीमत में 10 रुपए की गिरावट आई और यह 809 रुपए का हुआ। मई में घरेलू गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। क्या बेहिसाब-बेलगाम मुनाफाखोरी है कारण ! बेकाबू महंगाई के पीछे एक तर्क ये दिया जा रहा है कि पिछले साल मानसून कमजोर रहा या पर्याप्त बारिश नहीं हुई, जिसके चलते खाद्य सामग्री के दाम बढ़े है। पर सवाल ये है कि क्या इसका असर सभी चीजों पर एकसाथ पड़ा है। कीमत इतनी ज्यादा होने के बावजूद बाजार में किसी भी आवश्यक वस्तु का अकाल-अभाव दिखाई नहीं पड़ता, पर जब आपूर्ति कम होती है तो बाजार में चीजें दिखाई नहीं पड़ती हैं और उनकी कालाबाजारी शुरू हो जाती है। मूल सवाल ये है कि क्या बेहिसाब-बेलगाम मुनाफाखोरी ही तो बेकाबू महंगाई का कारण नहीं है। सरकार को बाजार पर योजनाबद्ध तरीके से अंकुश लगाना चाहिए। उत्पादन लागत के आधार पर चीजों के विक्रय दाम तय होने चाहिए। जब सरकार कृषि उपज के समर्थन मूल्य तय कर सकती है तो वह बाजार में बिकने वाली चीजों की अधिकतम कीमत क्यों नहीं तय कर सकती?
काेराेना संकट के दौरान स्कूली बच्चों की फीसों में भारी वृद्धि के खिलाफ संघर्ष दूसरे साल भी जारी है। हिमाचल प्रदेश में जहां एक तरफ कोरोना कर्फ्यू ने लोगों कि आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है तो वहीं प्रदेश के निजी स्कूल अभिभावकों से मनचाही फीस वसूल उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा रहे है। सरकार ने प्राइवेट स्कूलाें की फीसाें पर कंट्राेल करने के लिए कानून बनाने का दावा तो किया था, लेकिन अब तक ये दावा हकीकत नहीं बन पाया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल चुप्पी साधे हुए है । प्रदेश में एकमात्र छात्र अभिभावक मंच पिछले साल यानी पहले दिन से ही ये जंग लड़ रहा है। मंच की ओर से अकेले ही सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ संघर्ष जारी है। छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से निजी स्कूलों द्वारा वर्ष 2020 व वर्ष 2021 में अभिभावकों का जनरल हाउस किये बगैर ही की गयी 15 से 50 प्रतिशत भारी फीस बढ़ोतरी को वापिस लेने की मांग की है। मंच ने कोरोना काल के इन दो वर्षों में की गई फीस वृद्धि को गैरकानूनी करार दिया है व इसे सम्माहित करने की मांग की है। मंच ने इस संदर्भ में तुरन्त अधिसूचना जारी करने की मांग की है। मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि निजी स्कूलों में बगैर जनरल हाउस की अनुमति के वर्ष 2020 व 2021 में की गयी भारी फीस बढ़ोतरी को अगर वापिस न लिया गया तो छात्र अभिभावक मंच आंदोलन तेज करेगा। मंच के संयोजक विजेंदर मेहरा ने कहा कि अभिभावकों के निरंतर संघर्ष के बाद शिक्षा विभाग का दयानंद स्कूल के संदर्भ में जारी किया गया लिखित आदेश तभी मायने रखता है अगर शिक्षा अधिकारी 5 दिसम्बर 2019 के आदेश को अक्षरशः लागू करवाने में सफल होते हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा ही आदेश सभी निजी स्कूलों के लिए तुरंत जारी होना चाहिए ताकि भारी फीस पर लगाम लग सके। उन्होंने शिक्षा निदेशक से मांग की है कि वह तुरन्त सभी निजी स्कूलों में पांच दिसम्बर 2019 की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना को लागू करवाएं। यह अधिसूचना वर्ष 2019 में जारी हुई थी व इसमें स्पष्ट किया गया था कि वर्ष 2020 व उसके तत्पश्चात कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों के जनरल हाउस के बगैर कोई भी फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकता है। इसके बावजूद भी निजी स्कूलों ने वर्ष 2020 में भारी फीस बढ़ोतरी की। वर्ष 2021 में भी सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए टयूशन फीस में भारी-भरकर बढ़ोतरी करके सीधे पन्द्रह से पचास प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी कर दी गयी। 20 हजार रुपए तक बढ़ा दी फीस: मेहरा छात्र अभिभावक मंच के संयोजक विजेंदर मेहरा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में शिमला शहर में निजी स्कूलों ने 12 हजार से 20 हज़ार रुपये तक की फीस बढ़ोतरी की है। इन स्कूलों ने बड़ी चालाकी से अब टयूशन फीस को भी कई गुणा बढ़ा दिया है व कुल फीस का मुख्य हिस्सा ही टयूशन फीस में बदल दिया है। अब कुल फीस का 80 से 90 प्रतिशत टयूशन फीस ही बना दिया गया है ताकि कोई ट्यूशन फीस के नाम पर फीस बढ़ोतरी पर प्रश्न चिन्ह न खड़ा कर सके। यह सीधी व संगठित लूट है तथा इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सरकार व शिक्षा विभाग की इस मामले पर खामोशी व निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा है कि पिछले दो वर्षों में हुई भारी फीस बढ़ोतरी पूर्णतः छात्र व अभिभावक विरोधी कदम है। दो वर्षों में असहनीय फीस वृद्धि की निजी स्कूलों ने विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जो फीस बढ़ोतरी की गई है वो कोरोना काल में असहनीय है। स्कूल न चलने से निजी स्कूलों का बिजली,पानी,स्पोर्ट्स,कम्प्यूटर,वार्षिक कार्यक्रमों,स्कूल का रखरखाव,सफाई व्यवस्था,निर्माण व मिसलेनियस चार्जेज़ आदि पर खर्च लगभग शून्य हो गया है लेकिन इसके बावजूद भी हज़ारों रुपये की फीस बढ़ोतरी समझ से परे है। निजी स्कूलों के खर्चों की कटौती के कारण छात्रों की फीस लगभग पच्चीस प्रतिशत तक कम होनी चाहिए थी, परन्तु इन स्कूलों ने इसके विपरीत पन्द्रह से पचास प्रतिशत तक की फीस बढ़ोतरी कर दी। सरकार, निजी स्कूलों की मनमानी लूट व भारी फीसों को संचालित करने के लिए कानून बनाने व रेगुलेटरी कमीशन स्थापित करने के लिए लगातार आनाकानी कर रही है जिस से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार द्वारा ही निजी स्कूलों की मनमानी लूट को संगठित व पोषित किया जा रहा है।
हिमाचल में बंदरों के आतंक पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने दो साल पहले राज्य की 91 तहसीलों में बंदरों काे मारने की अनुमति दी थी, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब हिमाचल में बंदरों को मारने पर प्रतिबंध लग गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने राज्य की 91 तहसील व उप तहसीलों में बीते अप्रैल महीने तक ही इन्हें मारने की इजाजत दे रखी थी। लिहाजा अब यदि कोई बंदरों को मारता है तो वह अपराध माना जाएगा। वहीं राज्य के वन विभाग ने सभी फील्ड अधिकारियों से पूछा है कि यदि किसी ओर क्षेत्र में बंदरों को वर्मिन घोषित करवाना है तो जल्द मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाए। इसके बाद वन विभाग के माध्यम से केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसमें बंदरों को दोबारा एक साल के लिए वर्मिन घोषित करने का आग्रह किया जाएगा। प्रदेश में बंदर हर साल करोड़ों रुपए की नगदी फसलें तबाह कर जाते है। इन्होंने किसानों का जीना दूभर कर रखा है। शहरी क्षेत्रों में भी लोगों के लिए बंदर परेशानी का सबब बने हुए है। शिमला में तो कई बार बंदर लोगों की जेबें भी तलाश करते देखे गए है। यही वजह है कि राज्य सरकार बीते कुछ सालों से केंद्र से बंदरों को वर्मिन घोषित करवाती रही है, ताकि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले बंदरों को किसान मार सके। केंद्र भले ही कई सालों से बंदरों को मारने की इजाजत देता आया है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश में अधिकतर लोग बंदरों को नहीं मार रहे है। इसके पीछे कारण चाहे धार्मिक हो या फिर इन्हें मारने के लिए असले की कमी हो। किसान सभा सालों से मांग करती आई है कि वन विभाग अपने प्रशिक्षित शूटरों से बंदरों को शूट करवाए या फिर किसानों को कारतूस उपलब्ध कराए। वहीं वन विभाग ने बंदरों को मारने पर इनाम की घोषणा कर रखी है। बंदरों की संख्या में ऐसे आई कमी राज्य में बंदरों की संख्या में लगभग 33.5 फीसद की कमी आई है। यह आंकड़े राज्य वन विभाग के सर्वेक्षण में सामने आए है। माना जा रहा है कि वन विभाग द्वारा बंदरों की नसबंदी जैसे कदमों के परिणामस्वरूप इनकी संख्या कम हुई है। प्रदेश में इस समय 1 लाख 36 हजार 443 बंदर हैं। जबकि साल 2015 में 2 लाख 67 हजार बंदर थे। इनका घनत्व हॉट स्पॉट भी 263 से घटकर 226 रह गया है। हिमाचल में फिलहाल बंदरों काे मारने पर रोक लगी है, बंदरों को फिर से वर्मिन घोषित करने का आग्रह हम केंद्र सरकार से करेंगे। इसे देखते हुए फील्ड के अन्य अधिकारियों से भी इस तरह के प्रस्ताव मांग रखे है। इसके बाद केंद्र को प्रस्ताव भेजकर बंदरों को वर्मिन घोषित करवाने का आग्रह किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए कोविशील्ड वैक्सीन का कोटा बढ़ा दिया है। यह कोटा 18 से 44 साल और 45 साल से ऊपर के दोनों वर्गों के लिए बढ़ाया गया है। हिमाचल सरकार ने केंद्र से पहले 1,19,760 डोज मांगी थी। जबकि केंद्र सरकार ने इसमें 47,420 डोज बढ़ाकर हिमाचल को 1,67,180 डोज देने का फैसला लिया है। यह कोटा जून महीने के लिए जारी हुआ है। इसी तरह केंद्र सरकार ने 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए भी डोज बढ़ा दी है। इसमें 2,52,770 के अलावा 46,630 डोज बढ़ाई है। यह वैक्सीन एक सप्ताह के भीतर आ सकती है। 45 साल से ऊपर के आयु वर्ग के लिए यह डोज हिमाचल को केंद्र से निशुल्क मिलेगी। यह वैक्सीन जून के पहले पखवाड़े के लिए जारी की गई है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की कुल जनसंख्या के 27.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगा दी है। 18 साल से ऊपर की पात्र जनसंख्या के 34 प्रतिशत और 45 साल से ज्यादा उम्र के 89.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। 22 और श्रेणियों को प्राथमिकता से लगेगा टीका प्रदेश सरकार ने कोविड वैक्सीनेशन के लिए 22 और श्रेणियां को शामिल किया है। इसमें सभी दिव्यांगों, सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के पूरे स्टाफ को प्राथमिकता से वैक्सीन लगेगी। जल शक्ति, लोक निर्माण, पशुपालन आदि महकमे के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके अलावा पशुपालन विभाग के कर्मचारी, टेलीकॉम प्रोवाइडर के कर्मचारी, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी, फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी, जल शक्ति विभाग के कर्मचारी, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी, ईपीएफओ और इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारी, डाक विभाग के कर्मचारी, उद्योग विभाग और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के कर्मचारी, खाद्य आपूर्ति निगम के सभी कर्मचारी, ट्रेजरी विभाग के कर्मचारी जीएडी, एसएडी, विधानसभा, पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन और राज्यपाल सचिवालय के कर्मचारी, रेलवे विभाग के सभी कर्मचारी, 18 साल से ऊपर के सभी एनसीसी कैडेट, जेलों में बंद सभी 18 साल से ऊपर के कैदी, हिमाचल प्रदेश टूरिज्म में सभी कार्यरत कर्मचारी और कोविड-19 में अपनी ड्यूटी निभा रहे सभी वालंटियर को स्वास्थ्य विभाग में वैक्सीनेशन के लिए प्राथमिकता की सूची में डाला है। इन सभी को अपने संबंधित विभागों से सर्टिफिकेट लाना होगा। जिसमें यह पता लग सके कि यह उसी विभाग में कार्यरत है। दुर्गम क्षेत्रों में बिना स्लॉट बुकिंग लगेगा टीका प्रदेश सरकार ने 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्लॉट बुकिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी है।अब वेबसाइट पर शेड्यूल बुक किया जा सकेगा। कोविड टीकाकरण रणनीति के लिए गठित स्टेट स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया।
जवाहरलाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला में 3 दिवसीय नृत्य कार्यशाला का वर्चुअल माध्यम से आयोजन किया गया। जिसका समापन कल यानि 30 मई को हो गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मीना शर्मा ने कहा कि इस कोरोना काल में शिक्षण संस्थान बंद हैं, तथा ऐसे में विद्यार्थियों से निरंतर संपर्क में रहते हुए इस कार्यशाला द्वारा उन्हें सैद्धांतिक व प्रायोगिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया ताकि विद्यार्थी घरों में रहकर भी अभ्यासरत रहें। कार्यशाला में अलग-अलग सत्रों के लिए चार संसाधक व्यक्तियों को बुलाया गया था। जिनमें सुप्रसिद्ध नृत्य गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी की शिष्या व प्रतिभा संगीत संस्थान उज्जैन की प्रबंधक व कला निदेशक प्रतिभा रघुवंशी अलची, महेश चंद शर्मा नृत्य शिक्षक डीएवी न्यू शिमला तथा पंडित राजेंद्र गंगानी के ही शिष्य सुमन रांगटा तथा दीप्ति गुप्ता ने प्रतिभागियों के साथ महत्वपूर्ण ज्ञान सांझा किया। नृत्य विभाग के सहायक आचार्य पवन कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला में लगभग 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को सैद्धांतिक व प्रायोगिक तौर पर नृत्य के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया गया तथा मंच प्रदर्शन के मूल गुणों से अवगत करवाया गया। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. गोपाल कृष्ण ने बताया कि ऐसी कार्यशालाओं की संभावना भविष्य में बनी रहेगी। समापन समारोह में महाविद्यालय की अंग्रेजी की सहआचार्य डॉ आयरीन रतन ने तीन दिवसीय कार्यशाला का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ मीना शर्मा ने प्रतिभागियों को आशीर्वाद देते हुए कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु सभी को बधाई दी। समारोह के समापन अवसर पर पंडित राजेंद्र गंगानी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की व प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग में सुदर्शन जोशी, डॉ सुनील गौतम, डॉ अंजना भारद्वाज, डॉ पूजा कश्यप, निर्मल भंडारी, राहुल, संजय कुमार व तारा चंद वर्चअल माध्यम से उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या कम होने लगी है। 13 मई को जो संख्या 40006 से थी, वह अब 16989 के आसपास रह गई है। इनमें से करीब 1000 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जबकि करीब 85 फीसदी से ज्यादा मरीज होम आइसोलेट हैं। अस्पतालों में भी मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ी है। इसी को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों में रूटीन के ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते बीते एक माह से 2000 से अधिक ऑपरेशनों को टाला गया है। हालांकि प्रदेश में मौत के मामलों का कम न होना सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मरने वालों का आंकड़ा 3000 से पार हो गया है। जिला कांगड़ा में सबसे ज्यादा 900 संक्रमितों की मौत हुई है। दूसरे नंबर पर शिमला जिला है, जहां 550 मरीजों की मौत हुई है। कांगड़ा जिले में 38 दिन बाद 300 से कम 297 नए मरीज सामने आए हैं, जबकि 27 दिन बाद सबसे कम 11 मौतें हुई हैं।स्वास्थ्य विभाग की टेक्निकल कमेटी ने कोरोना से मौतों को लेकर सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। अस्पतालों में कोरोना मरीज कम होने पर सरकार ने गंभीर मरीजों के ऑपरेशन करने के साथ रूटीन पथरी, पित्त की पथरी, घुटनों के ऑपरेशन आदि करने को कहा है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों को ऑपरेशन की तिथियां देते रहें। अस्पतालों में अभी इमरजेंसी के ऑपरेशन ही किए जा रहे थे। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को कोरोना मरीजों के उपचार में लगाया गया है, लेकिन अब मामले कम हो रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के लाखों बागवानों को सीजन में सेब पैकिंग सामग्री महंगी मिलेगी। कोविड काल में पिछले साल भले ही कार्टन के रेट नहीं बढ़ाए गए थे, लेकिन इस साल बागवानों को कार्टन खरीदने के लिए और जेब ढीली करनी पड़ेगी। इस साल सेब की करीब तीन करोड़ पेटी सेब की पैदावार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कार्टन उत्पादकों ने प्रदेश के सेब बागवानों की मांग के कार्टनों की एडवांस बुकिंग भी शुरू कर दी है। इस बार खुले बाजार में मिलने वाले सेब कार्टनों के रेट में 12 से 14 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले साल बागवानों को बीस किलो का कार्टन 40 से 58 रुपये में बेचा गया था। इस बार बागवानों को वही कार्टन 52 से 70 रुपये में मिल रहा है। इन कार्टनों के कागज की गुणवत्ता के हिसाब से दाम वसूले जा रहे हैं। कई कंपनियां अपने हिसाब से कार्टन के दाम वसूलते हैं जबकि ये कंपनियां सरकारी एजेंसियों के माध्यम से कार्टन बेचने से परहेज करते रहे हैं। इसी तरह से सेब पैकिंग की सौ ट्रे के बंडलों में भी उत्पादकों ने सौ रुपये तक बढ़ोतरी की है। जो सेब पैकिंग ट्रे का बंडल पिछले साल 525 रुपये में बेचा जा रहा था, उसी ट्रे का बंडल इस बार बागवानों को 625 से 650 रुपये में बेचा जा रहा है। सेब उत्पादक बागवानों का कहना है कि कार्टन उत्पादक दलील दे रहे हैं कि उनको पहले सस्ती दरों में कार्टन और पैकिंग ट्रे बनाने के लिए सस्ती दरों में कागज मिल जाता था, लेकिन इस बार यह कागज महंगा मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश सब्जी एवं उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि सेब सीजन 15 जून से आरंभ हो जाएगा। इस बार कार्टनों और पैकिंग ट्रे महंगे दामों पर मिल रहे हैं। उत्पादक दलील दे रहे हैं कि कच्चा माल महंगा हो गया है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी प्रदेश नशे का कारोबार जारी है। लेकिन प्रशासन भी लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कसे हुए है। हिमाचल के कुल्लू के मणिकर्ण में पुलिस ने सफलता प्राप्त करते हुए 9 किलो चरस की खेप पकड़ी है। इसके साथ ही पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।मणिकर्ण थाने में रविवार को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 25 के तहत इस मामले में केस दर्ज किया गया है। मणिकर्ण थाने की पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान एक मारुति वैन पर शक होने के चलते उसे रोका, तब उन्होंने उस वाहन से 9.099 किलोग्राम चरस बरामद की। इसके साथ ही कार में बैठे दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान चालक धरम सिंह(49) निवासी दुनखरा, कुल्लू और शेर सिंह ऊर्फ शेर बहादुर(59) निवासी दुनखरा, कुल्लू के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जिला सिरमौर के पांवटा व शिलाई क्षेत्र में आयुष विभाग व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए लगातार सरहानीय कदम उठाए जा रहे है। गतवर्ष में जब कोरोना महामारी ने प्रदेश में दस्तक दी तो आयुष विभाग के चिकित्सकों, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ ने जिला सिरमौर के प्रवेश द्वारों जिनकी सीमाएं अन्य राज्यो से लगती थी, वहां लगातार अप्रैल 2020 से लेकर अक्तूबर 2020 तक ड्यूटी दी। उन्होंने बाहरी राज्यों से आने वाले आगंतुको की स्कैनिंग कर उनको क्वारंटाइन करने की प्रक्रिया में अपना योगदान दिया। इसके साथ ही सिरमौर प्रदेश का पहला जिला है जहां प्रशासन की सहायता से आयुष किट का व्यापक स्तर पर वितरण किया गया, जिससे हज़ारों लोग लाभान्वित हुए। इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर में आयुष विभाग ने सबसे पहले नाहन में कोरोना के मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवाईयां वितरित करने की मुहिम शुरू की। जिसके बहुत ही अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे है। कोरोना के मरीज शीघ्र ही लक्षणों से मुक्त हो रहे है और स्वास्थय लाभ पा रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर सब डिवीज़न के आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ राजन सिंह ने जानकारी दी कि शिलाई व पांवटा में प्रतिदिन नए मरीजो की पहचान कर चिकित्स्कों द्वारा दुरभाष पर मरीज से सम्पर्क करके लक्षणों के आधार पर औषधि घर पर पहुंचाई जा रही है। इस कार्य मे जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ राजिंदर देव शर्मा के मार्गदर्षन में पांवटा व शिलाई के लिए 10 टीमों का गठन किया गया है ताकि शीघ्र मरीज तक दावा पहुंचाई जा सके। ये टीम दूरदराज के क्षेत्र जैसे बनौर, आंज भोज, राजपुर, अम्बोया, राजबन, म्युनिसिपल क्षेत्र पौण्टा, बहराल, माजरा, धौलाकुआं, कोलर हरिपुर खोल क्षेत्र में कार्य कर रही है।
सोलन में सामाजिक कार्यों में अग्रणी गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून कोरोना काल में बीते वर्ष की भांति इस वर्ष में समाजसेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही है। सभा लंगर व अन्य सुविधाओं के साथ-साथ अब लोगों को फ्री ऑक्सीजन भी मुहैया करवा रही है। गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून सोलन के चैयरमेन अमरप्रीत सिंह पुंज व प्रधान मनमोहिन्दर सिंह ने बताया कि सोलन में यदि किसी कोरोना संक्रमित रोगी को ऑक्सीजन की जरूरत है तो वह उनके मोबाइल नंबर 9816327027और 9817837212 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिंह सभा जरूरतमंद को फ्री ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि संकटकाल में लोगों की मद्द करना हमारा नैतिक दायित्व है और सभा जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज किन्नौर जिले के रिकांगपिओ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनजातीय उप योजना के तहत बजट में काफी वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 31 मई, 2021 से दुकानों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुले रहने की अनुमति देकर प्रदेश में कुछ राहत देने का निर्णय लिया है। सरकारी कार्यालय भी 30 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि कोविड के मामलों की संख्या 40,000 से घटकर 18000 हो गई है, लेकिन कोविड से होने वाली मृत्यु की संख्या में वृद्धि अभी भी चिंता का विषय है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की है। राज्य में बिस्तरों की क्षमता 1200 से बढ़ाकर लगभग 5000 बिस्तर कर दी गई है। इसी प्रकार, राज्य सरकार ने आॅक्सीजन की भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 25 मीट्रिक टन तक किया है। राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने प्रदेश का आॅक्सीजन कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 40 मीट्रिक टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की उदार सहायता से आज राज्य में लगभग 6300 डी-टाइप और 2250 बी-टाइप आॅक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में 1700 से अधिक आॅक्सीजन कन्संट्रेटर उपलब्ध करवाए गए हैं। सभी मेडिकल काॅलेजों में पीएसए आॅक्सीजन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। राज्य में सात पीएसए संयंत्र कार्यशील कर दिए गए हैं, जबकि दो अतिरिक्त पीएसए संयंत्र शीघ्र ही कार्यशील बनाए जाएंगे। लगभग एक वर्ष पूर्व, राज्य में केवल 50 कार्यशील वेंटिलेटर थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 700 की गई है। जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी, जिला परिषद के अध्यक्ष निहाल चारस, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, उपायुक्त किन्नौर हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आर.एस. राणा, भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडेंट देवेंद्र कुमार तथा अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सोलन जिला में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के टीकाकरण का अगला सत्र 31 मई, 2021 को आयोजित किया जाएगा। यह सत्र 29 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ.राजन उप्पल ने शनिवार को दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि 31 मई को आयोजित होने वाले टीकाकरण सत्र में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 2880 व्यक्तियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण हो चुका है। टीकाकरण केवल उन्हीं लाभार्थियों का किया जाएगा जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 31 मई, 2021 को 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए अर्की चिकित्सा खण्ड में नागरिक अस्पताल अर्की, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धुन्दन, ईएसआई दाड़लाघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवगांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बात्तल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घणागुघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बैंज की हट्टी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चण्डी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भूमती, नागरिक अस्पताल कुनिहार तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डूमैहर में टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि चण्डी चिकित्सा खण्ड में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोटीवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पट्टा महलोग, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चण्डी में टीकाकरण होगा। उन्होंने कहा कि धर्मपुर चिकित्सा खण्ड में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धर्मपुर, स्वास्थ्य उप केन्द्र गड़खल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुबाथू तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नौणी में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग का टीकाकरण होगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि नालागढ़ चिकित्सा खण्ड में 18 से 44 वर्ष तक के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नालागढ़, स्वास्थ्य उप केन्द्र मंझोली, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सांई, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहारघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरूणा, नागरिक अस्पताल बद्दी तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र राजपुरा में आयोजित किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सायरी चिकित्सा खण्ड में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण सत्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डाघाट, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र कदौर में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लाभार्थियों को टीकाकरण के लिए सर्वप्रथम कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर निर्धारित तिथि को निर्धारित समय पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को होने वाले टीकाकरण के लिए पंजीकरण का कार्य शनिवार को तथा बृहस्पतिवार को होने वाले टीकाकरण के लिए पंजीकरण का कार्य 02 दिन पूर्व अर्थात मंगलवार को किया जा सकता है। पंजीकरण के लिए समय दिन में 2.30 बजे से सांय 3.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए पंजीकरण के उपरान्त तिथि व स्थान चिन्हित किया जाएगा। तदोपरान्त लाभार्थी के मोबाइल नम्बर पर ओटीपी आएगा। उन्होंने कहा कि तिथि एवं स्थान निर्धारित होने के उपरान्त लाभार्थी को मोबाइल पर प्राप्त संदेश एवं अपना पहचान पत्र साथ लेकर टीकाकरण के लिए आना होगा।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव विनोद सुल्तानपुरी सुबाथू पहुचे ,उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता केडी सुल्तानपुरी की याद में एक ऑक्सीजन कॉन्सेट्रेटर इस क्षेत्र की जनता की सेवा में समर्पित किया। उन्होंने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी के बीडीसी दवेंद्र शर्मा ने कॉग्रेस के ग्रुप में सुबाथू PHC में ऑक्सीजन की समस्या को लेकर व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से अवगत करवाया था ,अब यह ऑक्सीकॉसस्टेटर जनता की सेवा में समर्पित है,भविष्य में जरूरत हुई तो और भी उपलब्ध हो जाएंगे । वंही BDC सदस्य देवेंद्र शर्मा,कांग्रेस के सुबाथू इकाई के अध्यक्ष राजेंद्र दिनेश व सुबाथू छावनी के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा है कि इस महामारी के समय जनता की सुविधा के लिए जो ये ऑक्सीसिकांस्टेटर सुल्तानपुरी ने उपलब्ध करवाया है वो भविष्य में मरीजो के लिए संजीवनी साबित होगा। इस महामारी के समय जब हरेक आदमी सहमा हुआ है उस समय विनोद सुल्तानपुरी ने यंहा के स्वास्थ्य सिस्टम की दशा को देखते हुए जनता की सेवा के लिए जो यह सरहानीय कार्य किया है इस के लिए इस क्षेत्र की व साथ लगती पंचायतों की जनता सदैव आभारी रहेगी और हम सुल्तानपुरी का धन्यवाद करते है ।
सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा ने शनिवार को ग्राम पंचायत जंदड़ू के सुखाणी गांव में एक व्यक्ति को पटलांदर स्थित अपने निवास स्थान पर ऑक्सीजन कंसन्ट्रेट प्रदान किया। विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उन्हें घर पर ऑक्सीजन लेने की सलाह दी गई है। ऐसे में विधायक राजेंद्र राणा ने तुरंत उनके लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था की ताकि मरीज को समय पर इलाज मिल सके। ग़ौरतलब है कि इससे पहले भी भी इलाक़े में स्थित कई जगह राणा ने मरीज़ों को ऑक्सीजन कंसन्ट्रेट मुहैया करवाए हैं। राणा ने बताया कि कोरोना महामारी का यह समय एक संकट की घड़ी होने के साथ-साथ एकजुटता दिखाकर का इसका सामना करने का भी है। इसलिए ऐसे समय में हम सभी का दायित्व है कि मिलकर एक दूसरे के काम आएं, जरूरतमंद को समय पर सहायता पहुंचाई जाए। इलाक़े में कहीं पर भी इलाज हेतु किसी पीड़ित को सहायता की आवश्यकता हो तो हम उसके लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार हैं। राणा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय पर आप सब लोग सुरक्षा नियमों का पालन दृढ़ता से करें और अपने साथ-साथ आसपास वालों को भी इस महामारी से सुरक्षित रखें। राणा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से भी मांग की है कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए और समय पर हर पीड़ित को इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएं। इस अवसर पर कांग्रेस सोशल मीडिया अध्यक्ष अभिषेक राणा भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शनिवार को राजभवन में रेडक्रॉस के माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 46 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर तथा विभिन्न जिलों को कुल 950 ऑक्सिमीटर प्रदान किये। राजभवन में रेडक्रॉस के माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 46 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर तथा विभिन्न जिलों को कुल 950 ऑक्सिमीटर प्रदान किये। राज्यपाल ने राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष डॉ साधना ठाकुर की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी को 5एल के 40 तथा 8एल के 6 ऑक्सिजन कंसेंट्रेटर प्रदान किये। उन्होंने शिमला के उपयुक्त आदित्य नेगी को 200 ऑक्सिमिटर भी प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, ऊना को 200, सिरमौर को 200, चम्बा को 100, किन्नौर को 50, लाहुल स्पिति को 50, सोलन को 50, कुल्लू को 50 तथा हमीरपुर को 50 ऑक्सिमिटर प्रदान किये। इससे पूर्व भी कांगड़ा और मंडी जिलों को राज्य रेडक्रॉस के माध्यम से क्रमशः 250-250 पल्स ऑक्सिमिटर दिये जा चुके हैं। इस अवसर पर, राज्यपाल ने सुझाव दिया कि विभाग द्वारा दैनिक तौर पर जांच की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिये । उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर आइसोलेशन सेंटर स्थापित किये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण परिवारों में कोरोना रोगियों को अलग से सुविधा नहीं है उनको इन केंद्रों को स्थापित करने से काफी लाभ होगा। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर तथा उपनिदेशक स्वास्थ्य डॉ रमेश भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां कृषि मित्र योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह सुनिश्चित बनाया है कि किसानों को समुचित सिंचाई सुविधाएं प्राप्त हों और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की इस सोच को परिपूर्ण कर रही है सोलन स्थित राज्य कृषि विपणन समिति की फल एवं सब्जी मण्डी। एपीएमसी सोलन की पहचान हिमाचल के साथ-साथ पूरे देश में है। यह हिमाचल की प्रथम मण्डी है, जिसका चयन ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) के तहत किया गया था। ई-नाम के साथ जुड़ने के उपरान्त एपीएमसी सोलन समूचे क्षेत्र के लिए वरदान सिद्ध हुई है। सोलन जिला के किसानों के साथ-साथ यह मण्डी शिमला, सिरमौर, किन्नौर के किसानों एवं बागवानों की चिन्ताओं को समाप्त करने में मुख्य भूमिका निभा रही है। एपीएमसी सोलन किसानों को आश्वस्त कर रही है कि वर्तमान संकटकाल में भी उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोविड-19 के संकट समय में गत वर्ष से ही एपीएमसी सोलन किसानों को उनकी उपज का बेहतरीन मूल्य दिलाने में सहायक सिद्ध हो रही है। गत वर्ष मटर सहित विभिन्न नकदी फसलों का ऑनलाइन व्यापार समूचे क्षेत्र के किसानों के लिए राहत का सबब बना। एपीएमसी सोलन द्वारा गत वर्ष कोविड-19 संक्रमण काल में 60 करोड़ रुपए से अधिक की उपज का ऑनलाइन व्यापार किया गया। किसानों एवं बागवानों का भुगतान सीधा उनके खातों में ही किया गया। इस माध्यम से देश एवं प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे किसानों एवं बागवानों को उनकी फसल के अच्छे दाम मिले। एपीएमसी सोलन वर्तमान संकट काल में भी किसानों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्यरत है। एपीएमसी सोलन द्वारा वर्तमान में शिमला, सोलन, कुल्लू, मण्डी तथा सिरमौर जिला के किसानों की लहसुन की खरीद की जा रही है। अभी तक 3500 क्विंटल से अधिक लहुसन का व्यापार किया जा चुका है। इसके एवज़ में किसानों को 02 करोड़ 45 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। हरम्भव प्रयास किया जा रहा है कि किसानों को ऑनलाइन ही भुगतान किया जाए। सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में लहसुन का उपयोग किसी न किसी रूप में किया जाता है। रसोई से लेकर औषधि तक लहसुन का महत्व सर्वविदित है। लहसुन को उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जाना जाता है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए एपीएमसी सोलन के सचिव डाॅ. रविन्द्र शर्मा ने कहा कि अभी तक एपीएमसी सोलन से लहसुन तमिलनाडू भेजी जा रही थी। किन्तु कोरोना संक्रमण के कारण अब यहां से लहुसन पुडूचेरी भेजी जा रही है। एपीएमसी सोलन तथा ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार की जुगलबंदी किसानों एवं बागवानों के बेहतरीन आर्थिक उन्नयन का ज़रिया बन रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कल कुलदीप राठौर प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस द्वारा जो प्रेस वार्ता की गई उसमें उन्होंने माना है कि भाजपा ने जो कोविड-19 संकटकाल के समय प्रभावित लोगों की मदद करी है उसमें भाजपा सफल रही है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि भाजपा ने सफल कार्यक्रम किए हैं जिससे आम जनता को फायदा हुआ है तो कांग्रेस के अन्य क्षेत्रों के नेता भाजपा के ऊपर टिप्पणी कर क्यों सेवा कार्य में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा की सरकार और संगठन मिलकर हिमाचल प्रदेश की जनता की सेवा में कार्य कर रहा है और जब संगठन का कार्य सफल रहा है तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए सभी कार्यों को भी सफल माने जाए। उन्होंने कहा की जगह जगह कांग्रेस के फसली भटेर नेते अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाजपा के सेवा कार्यों पर टिप्पणी कर रहे हैं पर जनता सब जानती है कि किसने सेवा करी है और किसने राजनीति और आने वाले समय में जनता इसको एक बार फिर स्पष्ट कर देगी जब भारतीय जनता पार्टी की एक सशक्त सरकार हिमाचल प्रदेश में पुनः बनेगी। आज हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित लोगों की सेवा करना ही भाजपा का धर्म है जिसमें सभी कार्यकर्ता अच्छा कार्य कर रहे हैं आप किसी भी विधानसभा क्षेत्र में देख लो तो वहां के विधायक या 2017 के प्रत्याशी भाजपा के प्रदेश जिला एवं मंडल स्तर के नेता जनता के बीच जाकर मास्क एवं सेंटर का वितरण कर रहे हैं घर घर जाकर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का हाल चाल पूछ रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। भाजपा सेवा में विश्वास रखती है ना की राजनीति में और इस संकट की घड़ी में भाजपा और तीव्र गति से जनसेवा के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा सेवा ही संगठन भाग-2 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में अच्छा कार्य कर रही है और 30 मई को जो केंद्र की मोदी सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं उस दिन 7792 बूथों पर सेवा कार्य करेगी।
हिमाचल प्रदेश कोरोना कर्फ्यू को अब 7 जून तक बढ़ा दिया गया हैं। इसी बाबत अब हिमाचल प्रदेश में पांच जून तक परिवहन सेवाएं बहाल नहीं होंगी, लेकिन सरकार ने परिवहन विभाग से एसओपी और परिवहन निगम से तैयारी कर रखने के लिए कहा है। पांच जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विभाग 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के तहत बसें चलाने के नियम तैयार किये जा रहे है। बरहाल सरकार अभी बाहरी राज्यों के लिए बसें नहीं चलाना चाहती है। वंही, करोड़ों के घाटे में डूबे परिवहन निगम की माली हालत है। निगम के कोष में पैसा नहीं है। सरकार कर्मचारियों को तनख्वाह देने में असमर्थ है। बसें न चलने से निगम को प्रतिदिन डेढ़ करोड़ का घाटा उठाना पड़ रहा है। इस समय परिवहन निगम के बेड़े में 3400 बसें हैं। इनमें 2900 बसें सड़कों पर दौड़ती हैं। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश और बाहरी राज्यों के लिए अभी बसें नहीं चलाई जा रही हैं। कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। दूसरी और गौर करें तो हिमाचल प्रदेश में निजी बस ऑपरेटर पहले से ही सरकार से खफा हैं। यूनियन प्रदेश सरकार की ओर से विशेष पथकर माफ करने की मांग कर रही है। इन ऑपरेटरों ने प्रदेश में कर्फ़्यू लगने से पहले ही बसें खड़ी कर दी थीं।
प्रदेश सरकार ने 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्लॉट बुकिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब वेबसाइट पर शेड्यूल बुक किया जा सकेगा। कोविड टीकाकरण रणनीति के लिए गठित स्टेट स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह सुविधा रणनीति के अनुसार ऑन-साइट पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इन जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थानीय जिला प्रशासन शत प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग या ऑन-साइट पंजीकरण करवा सकता है। संबंधित उपायुक्त टीकाकरण केंद्रों में भीड़ एकत्र न हो, इस संबंध में योजना तैयार करेेंगे। यदि बुकिंग करने वाले लाभार्थियों की अनुपस्थिति के कारण स्लॉट खाली रहते है तो टीकाकरण वाले दिन अधिकतम 9 लाभार्थियों के लिए सत्र दोबारा ऑनलाइन प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने कोविड वैक्सीनेशन के लिए 22 और श्रेणियां को शामिल किया है। इसमें सभी दिव्यांगों, सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के पूरे स्टाफ को प्राथमिकता से वैक्सीन लगेगी। जल शक्ति, लोक निर्माण, पशुपालन आदि महकमे के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि सभी सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों का स्टाफ, इन सभी को संबंधित डिप्टी डायरेक्टर हायर एजूकेशन से सर्टिफिकेट लाना होगा। इसके अलावा पशुपालन विभाग के कर्मचारी, टेलीकॉम प्रोवाइडर के कर्मचारी, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी, फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी, जल शक्ति विभाग के कर्मचारी, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी, ईपीएफओ और इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारी, डाक विभाग के कर्मचारी, उद्योग विभाग और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के कर्मचारी, खाद्य आपूर्ति निगम के सभी कर्मचारी, ट्रेजरी विभाग के कर्मचारी जीएडी, एसएडी, विधानसभा, पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन और राज्यपाल सचिवालय के कर्मचारी, रेलवे विभाग के सभी कर्मचारी, 18 साल से ऊपर के सभी एनसीसी कैडेट, जेलों में बंद सभी 18 साल से ऊपर के कैदी, हिमाचल प्रदेश टूरिज्म में सभी कार्यरत कर्मचारी और कोविड-19 में अपनी ड्यूटी निभा रहे सभी वॉलिंटियर को स्वास्थ्य विभाग में वैक्सीनेशन के लिए प्राथमिकता की सूची में डाला है। इन सभी को अपने संबंधित विभागों से सर्टिफिकेट लाना होगा। जिसमें यह पता लग सके कि यह उसी विभाग में कार्यरत है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए कोविशील्ड वैक्सीन का कोटा बढ़ा दिया है। यह कोटा 18 से 44 साल और 45 साल से ऊपर के दोनों वर्गों के लिए बढ़ाया गया है। हिमाचल सरकार ने केंद्र से पहले 1,19,760 डोज मांगी थी। केंद्र सरकार ने इसमें 47,420 डोज बढ़ाकर हिमाचल को 1,67,180 डोज देने का फैसला लिया है। यह डोज़ जून महीने के लिए जारी की गई है। इसी तरह केंद्र सरकार ने 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए भी डोज बढ़ा दी है। इसमें 2,52,770 के अलावा 46,630 डोज बढ़ाई है। अब यह कोटा 2,99,400 कर दिया है। यह वैक्सीन एक सप्ताह के भीतर आ सकती है। 45 साल से ऊपर के आयु वर्ग के लिए यह डोज हिमाचल को केंद्र से निशुल्क मिलेगी। यह वैक्सीन जून के पहले पखवाड़े के लिए जारी की गई है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की कुल जनसंख्या के 27.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगा दी है। 18 साल से ऊपर की पात्र जनसंख्या के 34 प्रतिशत और 45 साल से ज्यादा उम्र के 89.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।
कोरोना के खिलाफ जारी जंग में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर अदृश्य वायरस को हराने में जुटी हुई हैं। विकासखंड करसोग की अतिदुर्गम पंचायतों में वैक्सीनेशन करने के लिए हेल्थ विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी रही है। यहां शुक्रवार को दूरदराज की सरतेयोला पंचायत में चलने फिरने में असमर्थ बुजुर्गों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए हेल्थ विभाग की टीम ढांक पार कर जेसीबी की बकेट में बैठकर पंचायत भवन पहुंची। आजादी के सात दशक बाद भी अभी तक सरतेयोला पंचायत सड़क सुविधा से नहीं जुड़ी है। हालांकि घरद्वार पर कोरोना वैक्सीन लगाने से बुजुर्गों ने राहत की सांस ली। स्वास्थ्य विभाग ने कठिन भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सरतेयोला पंचायत के बुजुर्गों को पंचायत में टीकाकरण करने का निर्णय लिया था। ज़िसके लिए लोगों ने स्वास्थ्य विभाग का आभार प्रकट किया है। सरतेयोला पंचायत में वैक्सीन लगाने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम में रमेश वर्मा फार्मासिस्ट माहूनांग, फीमेल हेल्थ वर्कर कुनहों कला ठाकुर व याचना हेल्थ सब सेंटर चिंडी शामिल थे। इसके लिए स्थानीय प्रधान तिलक वर्मा ने बीएमओ करसोग सहित हेल्थ विभाग की टीम का आभार प्रकट किया है। प्रधान तिलक वर्मा ने बताया कि दूरदराज की पंचायत सरतेयोला में वैक्सीनेशन किया गया। ये पंचायत अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस दुर्गम पंचायत में वैक्सीनेशन के लिए टीम भेजी। ऐसे में चलने फिरने में असमर्थ बुजुर्गों को घरद्वार पर ही टीका लगा। उन्होंने भविष्य में भी टीकाकरण के लिए पंचायत में टीम भेजे जाने का आग्रह किया है। ताकि दूरदराज के लोगों को वैक्सीन के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस काम के स्वास्थ्य विभाग की टीम के जज्बे की सराहना की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी ने कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप से जहां प्रदेश में प्रतिदिन पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है, वहीं अर्की क्षेत्र भी इससे अछूता नइीं है। परंतु अर्की विधानसभा क्षेत्र की बहुत सी पंचायतों के अस्पताल व स्वास्थय केंद्र चिकित्सकों व पैरामैडिकल स्टाफ से वंचित हैं। उन्होने कहा कि प्राथमिक स्वास्थय केंद्र नवगांव में डाक्टर नहीं है, वहीं पीएचसी बागा को वर्तमान सरकार ने राजनैतिक कारणों से बंद कर दिया है। अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के साथ लगते गांव चाखड़, बुघार, मांगल, बेरल, सन्याड़ी मोड़ आदि पंचायतों के लोगों को स्वास्थय सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि इन क्षेत्रों में कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्सीनेशन व आरटीपीसीआर टैस्ट की प्रक्रिया ठप्प हो गई है। उन्होने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्तमान परिस्थितयों को देखते हुए तुरंत प्रभाव से अर्की क्षेत्र के सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों मे स्टाफ की भर्ती के साथ-साथ मूलभूत सुविधायें मुहैया करवाए व कोविड वैक्सीनेशन व आरटीपीसीआर टैस्टों में तेजी लाए।
प्रशासन ने जिला में सभी उचित मूल्य की दुकानों पर उचित समाजिक दूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। युवा कांग्रेस नेता व सामाजिक कार्यकर्ता राहुल शान्टा के निवेदन पर जिला प्रशासन ने जिला शिमला के सभी उपमंडलाधिकारियों, पुलिस प्रशासन और जिला नियंत्रक ,खाद्य आपूर्ति एवम् उपभोक्ता मामलें को सरकार द्वारा जारी एसओपी का सख़्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। युवा नेता राहुल शान्टा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण के मामलों में तेज़ी से बढ़ रहे हैं वही दूसरी ओर उचित मूल्यों की दुकानों में बढ़ती भीड़ से कोरोना संक्रमण फ़ैलने का भय बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में उचित मूल्यों की दुकानों को सप्ताह में 5 दिन खोलने की विशेष छूट दी गई हैं। लेक़िन पुलिस प्रशासन और खाद्य आपूर्ति निगम के कर्मचारियों द्वारा सरकार के दिशनिर्देशों को लागू नही करवाया जा रहा हैं। जिसके चलते उचित मूल्यों की दुकानों में अक़्सर भीड़ रहती हैं। राहुल शान्टा ने कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए सरकार मात्र दिशनिर्देशों तक ही सीमित न रहें बल्कि उसके क्रियान्वयन को तरज़ीह दे। राहुल शान्टा ने कहा कि वे इसी तरह भविष्य में भी जनता के जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे, जिसके लिए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने से भी गुरेज़ नही करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने शुक्रवार को सिविल हॉस्पिटल भवारना में हो रहे वैक्सीनेशन का जायज़ा लिया। वैक्सीनेशन करवाने आए लोगों का होंसला बढ़ाया तथा अन्य लोगों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने की अपील की। परमार ने कोविड काल में बेहतर सेवा देने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मियों, पुलिस प्रशासन, पत्रकारों, अन्य कर्मचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रशंसा की। साथ उन्होंने कहा कि भवारना चिकित्सा खण्ड में 34 हजार से अधिक लोगों ने वैक्सीन की डोज़ ले ली है जोकि एक बड़ा आंकड़ा है। इसी बाबत उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की वैक्सीनेशन और टेस्टिंग को बढ़ाया जाए। परमार ने टेस्टिंग और वैक्सीनेशन को संस्थान से बाहर किसी खुले स्थान पर करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर हॉस्पिटल को पीपीई किट, ग्लव्स, मास्क और सैनिटाइजर भेंट किए। इस अवसर पर उन्होंने 24 करोड़ की लागत से बनने वाले सिविल हॉस्पिटल भवारना के बहुमंजिला निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया और विभाग को समयबद्ध कार्यपूर्ण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर भड़गवार की प्रधान सोनिया बंटा, उपप्रधान शिवालिक, भवारना की प्रधान बंदना अवस्थी, उपप्रधान तनु भारती, भाजपा मंडलाध्यक्ष देश राज शर्मा, अंकुर कटोच सहित बीएमओ भवारना, चिकित्सक उपस्थित रहे।
जवाहरलाल नेहरू ललित कला महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला में 3 दिवसीय नृत्य कार्यशाला 'अलख' आयोजन किया जा रहा है। इस कर्यक्रम का शुभारंभ आज वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि स्थानीय महाविद्यालय प्राचार्या डॉ मीना शर्मा द्वारा किया गया। कार्यशाला में संसाधन व्यक्ति के रूप में कथक गुरू पं.राजेन्द्र गंगानी की प्रमुख शिष्या जयपुर घराने से शास्त्रीय कथक विस्तारक प्रतिभा रघुवंशी अचली ने वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को तीन ताल, भाव(ठुमरी)की बारीकियाँ समझाई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतीभा की सरस्वती वन्दना पर नृत्य प्रस्तुति द्वारा हुई। कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक नृत्य पवन ने उपस्थित सभी कला प्रेमियों का स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरे प्रदेश भर में अपनी तरह की नृत्य विभाग द्वारा आयोजित पहली कार्यशाला है । वंही मुख्य अतिथि ने कार्यशाला की विषय वस्तु को लेकर प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नृत्य व संगीत मन को तनावमुक्त और तन को तन्दुरुस्त रखते हैं। उन्होने कहा कि वे भविष्य में भी महाविद्यालय में ऐसी गतिविधियां करवाती रहेंगी। इस कार्यशाला में प्रदेश व बाहरी राज्यों से लगभग 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
पूर्व मंत्री एवम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सुधीर शर्मा द्वारा संचालित शक्ति हेल्पलाइन से कोरोना मरीजों को घर द्वार पर निशुल्क दवाइयां, ऑक्सीमीटर, सैनिटाइजर सहित मास्क इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वंही धर्मशाला विधानसभा और साथ लगते क्षेत्रों में ऐसे कोरोना संक्रमित मरीज जो भोजन बनाने में असमर्थ हैं उन्हें भी हेल्पलाइन द्वारा दो वक़्त का पोष्टिक भोजन उनके घर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिसका लाभ अभी तक लगभग 1800 कोरोना संक्रमित ले चुके हैं। गौरतलब है कि सुधीर शर्मा ने पिछले वर्ष भी कोरोना संक्रमित मरीज़ों सहित उनके परिवारों, गरीब लोगों व दूसरे प्रदेशों से यहां काम करने आए मजदूरों को राशन, मास्क एवम सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए थे। इस वर्ष भी उन्होंने पूरे प्रदेश में सबसे पहले पहल करते हुए अपने घर को कोविड सेंटर बनाने की पेशकश की थी तथा शक्ति हेल्पलाइन चलाकर उन्होंने कोरोना संक्रमित गरीब परिवारों को निशुल्क भोजन, ऑक्सीजन सिलिंडर, अस्पतालों में बेड प्रबंधन इत्यादि करवाकर मानवता की मिसाल कायम की है। इसी क्रम को जारी रखते हुए सुधीर शर्मा गावों और शहरी क्षेत्र धर्मशाला को अपने स्तर पर सनिटाइज करवा रहे हैं। एक नई पहल की शुरुवात करते हुए उन्होंने सभी आशावर्करों को अपनी ओर से ऑक्सीमीटर, सैनिटाइजर, दवाइयां सहित अन्य उपयोगी सामान देने का क्रम भी शुरू किया है। साथ ही साथ उनके द्वारा पुलिस कर्मचारियों, डाक विभाग के कर्मचारियों को भी सैनिटाइजर, फेसशील्ड, मास्क इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। हिमाचल कॉंग्रेस के दिशानिर्देश अनुसार ब्लॉक कांग्रेस तथा अग्रणी संगठनों द्वारा "अपना शहर,अपना दायित्व" एवं “अपना गाँव, अपना उत्तरदयित्व” के तहत प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को प्रोत्साहित करते हुए तथा उनकी सुरक्षा हेतु हर संभव सहायता पहुँचाई जा रही है।
पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीर बिलिंग घाटी से जनवरी माह में लापता हुए पैराग्लाइडर पायलट रोहित भदोरिया का शव मिल गया है। जालसू पास और बड़ा भंगाल की पहाड़ियों के बीच में एक संकरे पहाड़ के निकट शव मिलने की सूचना है। हालांकि, आधिकारिक रूप से पुलिस ने इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं की है। लेकिन सर्च अभियान में जुटी टीम ने यह सूचना बीर में दी है। जहां शव मिला है, उसी स्थान में पिछले महीने रोहित का काफी सामान भी मिला था। रोहित को ढूंढने के लिए लगातार एक बड़ा सर्च अभियान चल रहा था। इस दौरान अप्रैल में उसका कुछ सामान जालसू जोत के समीप मिला था। उसी क्षेत्र में अब बर्फ कम होने के बाद रोहित का शव मिलने की सूचना मिली है। मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले 48 वर्षीय रोहित भदोरिया काफी समय से बीड़ में रह रहे थे। इसी साल 8 जनवरी को रोहित ने बिलिंग से उड़ान भरी थी। कुछ घंटों की उड़ान के बाद उतराला से ऊपर की पहाड़ियों से अचानक रोहित लापता हो गए थे।
मंडी जिला प्रशासन ने कोरोना वैक्सीन लेने के लिए वैक्सीनेशन केंद्र पर आने में असमर्थ दिव्यांगजनों के टीकाकरण को लेकर सराहनीय पहल की है। 45 साल से अधिक आयु के ऐसे सभी लोगों को उनके घर से नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर लाने और टीकाकरण के बाद वापिस घर छोड़ने का जिम्मा प्रशासन ने अपने ऊपर लिया है। अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल ने इसे लेकर जानकारी देते हुए बताया कि मंडी जिला में दिव्यांगजनों की मदद के लिए जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से सारे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 45 साल से अधिक आयु के ऐसे सभी दिव्यांगजन जो वैक्सीनेशन केंद्र पर आने में असमर्थ हैं, वे टीकाकरण को लेकर मदद लेने के लिए जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1077 अथवा जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव ओपी भाटिया के मोबाइल नंबर 94180-66900 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देशानुसार जिला में कोरोना वैक्सीनेशन में दिव्यांगों को प्राथमिकता पर कवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, जिला टीकाकरण अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि मंडी जिला में कोरोना टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। जिला में अभी तक कोरोना वैक्सीन की 3.68 लाख से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। चरणबद्ध तरीके से 18 प्लस के सभी लोगों को कोरोना कि डोज़ देने के लिए कार्य किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू में भी नशे का कारोबार जारी है। पिछले कुछ दिनों से नशा तस्करी के कई मामलें सामने आ रहे। जिला कुल्लू में कोरोना की आड़ में चरस तस्करी का एक और मामला सामने आया है। कुल्लू पुलिस की एसआईयू टीम ने ऊझी घाटी में 1.238 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्जकर चरस के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार जिला पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की एक टीम गश्त पर निकली थी। यह टीम कुल्लू से होकर रायसन, डोभी, फोजल होकर नेरी तक रवाना हुई। इस दौरान जब टीम फोजल-नेरी सड़क पर पहुंची तो फोजल गांव के पास नाकाबंदी के दौरान नेरी की तरफ से एक युवक सड़क से पैदल आ रहा था। जो पुलिस पार्टी को देखकर पीछे की ओर भागने लगा और उसके हाथ में एक बैग भी था। लेकिन पुलिस के जवानों ने उसे कुछ दूरी पर पकड़ लिया और बैग के भीतर तलाशी करने पर एक किलो 238 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने 26 वर्षीय केहर सिंह गालंग फोजल को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पांवटा की एक फार्मा कंपनी से पुलिस ने ओपिओइड्स की 30.2 लाख नशीली गोलियां पकड़ी हैं। मार्केट में इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सिरमौर पुलिस, अमृतसर पुलिस, ड्रग इंस्पेक्टर सिरमौर ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का यह अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त ऑपरेशन बताया जा रहा है। पंजाब पुलिस ने खेप कब्जे में ले ली है। पांवटा के दवा उद्योग में पुलिस व ड्रग विभाग ने रातभर रिकॉर्ड खंगाला। अमृतसर में नशीली दवाएं मिलने के मामले में पंजाब पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि एक ट्रक में भर कर नशीली दवा की खेप पंजाब पुलिस की टीम साथ ले गई है। हिमाचल की पांवटा पुलिस का सहयोग लेकर पंजाब पुलिस टीम ने कंपनी परिसर में छापामारी की थी। अमृतसर में बड़ी मात्रा में नशीली दवा पकड़ी गई थी। दवा में पांवटा की एक कंपनी का नाम पता लिखा था।


















































