मुख्यमंत्री के गृह जिला सिराज विधानसभा क्षेत्र के जंजैहली ब्लॉक के ग्राम पंचायत तुंगाधार की शारीरिक रूप से अपंग पवना कुमारी को प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उनकी धर्मपत्नी साधना ठाकुर ने वीरवार को स्कूटी भेंट की, पवना कुमारी तुंगाधार विद्यालय में वाटर कैरियर के कार्यरत में सेवा दे रही है पवना कुमारी शारीरिक रूप से अपंग है जिसके कारण उसे दोनों हाथ और टांगों से चलना पड़ता है। इसी बीच पवना कुमारी को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था प्रधान ग्राम पंचायत तुंगाधार हेमराज ठाकुर ने पवना कुमारी की आपबीती मुख्यमंत्री तक पंहुचाई और मुख्यमंत्री ने आश्वासन देकर कहा था कि जल्दी ही पवना कुमारी के लिए कोई सलूशन निकालेंगे या कोई भी मोटर का प्रबंध किया जाएगा पवना कुमारी का कहना है कि मुझे बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था मैं अपने दोनों हाथ और दोनों पांव के सहारे चलती थी जिसमें मुझे स्कूल तक पहुंचने में बहुत समय लग जाता था और अब मैं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर साधना ठाकुर का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं जिन्होंने मुझे इतना बड़ा कदम उठाकर मेरी सहायता स्कूटी देकर की और साथ ही साथ में धन्यवाद करती हूं ग्राम पंचायत के प्रधान हेम राज ठाकुर जी का इन का भी बहुत बड़ा योगदान मेरी सहायता करने में रहा और मैं इनका भी बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं धन्यवाद ।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत समग्र शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में कल अर्थात 04 जून, 2021 को ऑनलाइन शिक्षक-अभिभावक संवाद (ईपीटीएम) आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर इस ईपीटीएम का शुभारम्भ करेंगे। यह जानकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन के मीडिया समन्वयक डाॅ.राम गोपाल शर्मा ने दी। डाॅ. राम गोपाल शर्मा ने कहा कि ईपीटीएम में सोलन जिला से 15 शिक्षक तथा 15 अभिभावक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय में अभिभावकों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई तथा छात्रों को आ रही समस्याओं से परिचित होने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा ईपीटीएम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डाईट सोलन के प्रधानाचार्य चन्द्र मोहन शर्मा सोलन से इस कार्यक्रम का समन्वय स्थापित करेंगे। डाॅ. राम गोपाल शर्मा ने कहा कि ईपीटीएम में हर घर पाठशाला, साप्ताहिक व्हाट्स एप क्विज, लाइव क्लासेज, अभिभावकों से उनके बच्चों के लिए मोबाइल फोन की उपलब्धतता, घर पर स्कूल कार्य के लिए टाइम टेबल, छात्रों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य तथा ऑनलाइन शिक्षण को और प्रभावी बनाने के सुझावों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईपीटीएम में दोहरा संवाद होगा। इसमें अभिभावक भी अपने बच्चों से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करेंगे और अपने सुझाव भी देंगे। अभिभावकों के इन सुझावों को राज्य स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। 04 जून को शिक्षा मंत्री द्वारा शुभारम्भ करने के उपरान्त सभी विद्यालय अपने स्तर पर कक्षा के अनुसार ईपीटीएम का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभारी शिक्षक अभिभावकों से स्वीकृति फार्म प्राप्त कर इसकी रिपोर्ट जिला के माध्यम से राज्य को प्रेषित करेंगे।
मंडी राजीव ठाकुर, पुलिस द्वारा बल्ह क्षेत्र में पिछले लंबे समय से सक्रिय एक सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। मामले में पूर्वोत्तर भारत के राज्य सिक्किम की दो लड़कियों को रेस्क्यू कर होटल मालिक और उसके कर्मचारी को बल्ह पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। वहीं इस मामले में क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत की लड़कियों का जिस्मफरोशी के धंधे में संलिप्त पाए जाने से इसके पीछे किसी बड़े रैकेट का हाथ होने अंदेशा जताया जा रहा है। मामले में बल्ह पुलिस के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने अपनी टीम सहित नेरचैक कस्बे के बीचोंबीच पुलिसकर्मी को होटल में ग्राहक बनाकर 2500 रूपए में सौदा कर बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडी जिला पुलिस के तहत बल्ह पुलिस थाना में पिछले लंबे समय से क्षेत्र के एक होटल में जिस्मफरोशी के धंधे को अंजाम दिए जाने की शिकायत प्राप्त हो रही थी। इस पर पुलिस द्वारा जांच किये जाने थाना प्रभारी बल्ह राजेश कुमार ने अपनी टीम के एक पुलिसकर्मी को होटल में ग्राहक बनाकर भेजा। होटल पहुंचने पर पुलिसकर्मी ने मौके पर मौजूद होटल कर्मचारी से 2500 रूपए में लड़की उपलब्ध करवाने की डील की गई। इसके उपरांत होटल में कर्मचारी द्वारा पैसे लेकर पूर्वोत्तर भारत के राज्य सिक्किम की दो लड़कियां उपलब्ध करवा दी गई। इसके इसके साथ ही पुलिस टीम ने होटल में दबिश देकर दोनों लड़कियों को रेस्क्यू करने के साथ ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। मामले में बल्ह पुलिस द्वारा इम्मोरल ट्रैफिक एक्ट की धारा 3,4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की पुष्टि करते हुए शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि बल्ह पुलिस को पिछले काफी लंबे समय से क्षेत्र के एक होटल में देह व्यापार का धंधा करने को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थी। इस पर बल्ह पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए देह व्यापार के रैकेट चलाने वाले होटल मालिक और कर्मचारी को गिरफ्तार और दो लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान पैसे की लेनदेन को लेकर पुलिस द्वारा पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आगामी करवाई शुरू कर दी है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग को ज्ञापन सौंपा। अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से शिक्षा का क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ है तथा युवाओं को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे हजारों युवा इस महामारी की वजह से अपनी तय आयु सीमा को पार कर चुके हैं। पिछले वर्ष 2020 में इस महामारी के कारण सभी शिक्षण संस्थानों के साथ साथ सभी पुस्तकालय भी बंद हो गए थे। वहीं शिक्षा सामग्री उपलब्ध ना हो पाने के कारण हजारों विद्यार्थी प्रशासनिक सेवा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए और कोरोना महामारी ने उनसे अंतिम मौका भी छीन लिया। इस वर्ष भी अधिकतर समय कर्फ्यू लगने की वजह से छात्र बहुत ही कम समय में प्रशासनिक परीक्षा की तैयारियां कर पाए हैं। विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन से मांग की की प्रशासनिक परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को आयु सीमा में विशेष छूट दी जाए ताकि उनके भविष्य के साथ न्याय हो सके और वह अपने सपने को पूरा कर सकें। पिछले वर्ष 22 नवंबर को प्रशासन द्वारा राज्य पात्रता परीक्षा (SET) करवाई जाती है परंतु इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक उन छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है। वहीं हिमाचल प्रदेश के महाविद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षक पदों की बात की जाए तो आज प्रदेश के कालेजों में शिक्षकों की भारी कमी होने की वजह से शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावटआ रही है। युवाओं से संबधित इन मांगों को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद की तीन मुख्य मांगे है। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अंतर्गत सभी परीक्षाओं में निर्धारित आयु सीमा को बढ़ाया जाए। पिछले वर्ष 22 नवंबर को हुई राज्य पात्रता परीक्षा के परिणाम को शीघ्र घोषित किया जाए। प्रदेश के महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने विद्यार्थी परिषद की इन सभी मांगों को विस्तार से सुनने समझने के बाद शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा, प्रदेश महामंत्री विक्रांत चौहान, हिमाचल प्रदेश शोध कार्य संयोजक सुयश पवार, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शोध समिति के सदस्य गौरव दत्त उपस्थित रहे।
शहरी, विकास एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज राम बाजार वार्ड नम्बर 14 (अनाज मंडी ) में 100 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को राशन किट तथा मास्क वितरित किए, साथ ही कोरोना संक्रमण के कारण होम आइसोलेशन में रह रहे तीन रोगियों को होम आइसोलेशन किट भी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है, जिससे दैनिक रूप से दिहाड़ी करने वाले परिवारों को दिहाड़ी न मिलने से राशन व भोजन की आवश्यकता रहती है। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में बहुत से समाजसेवी आगे आकर जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं। आज अनाज मंडी में शहीद कैप्टन जतिन्द्र लाल सूद (वीर चक्र विजेता) मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष जोगिन्द्र्र लाल सूद के सौजन्य से जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गई। राशन किट में 5 किलो आटा, 5 किलो चावल, 1 किलो चीनी, 1 किलो दाल, नमक, तेल एवं मसाले शामिल हैं। इससे पूर्व ट्रस्ट द्वारा टूटीकंडी में 40 से अधिक कोरोना संक्रमित जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गई थी। जोगिन्द्र लाल सूद व उनका ट्रस्ट हमेशा ही जरूरतमंदों की सहायता करने में आगे रहता है। उन्होंने इस नेक कार्य के लिए ट्रस्ट एवं उनके परिवार का धन्यवाद किया। शहरी विकास मंत्री ने कैंथू के चुंगी खाना और अनाडेल में भी 23 लोगों को होम आइसोलेशन किट प्रदान की। इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री गगन लखनपाल, पार्षद दीपक शर्मा, पार्षद सुनील धर, पूर्व पार्षद मंजू सूद, अनाज मण्डी सचिव सुभाष चंद, अनाज मण्डी प्रधान दीपक श्रीधर एवं भाजपा कार्यकर्ता अजय भागड़ा, हितेश, किशोर, राजेश्वरी, अजय सरना, ब्रिज मोहन, पुनिता सूद, अनिता सूद, स्वतंत्र शर्मा, सीमा सूद, सुनंदा सूद, सुरेश शर्मा, अनाडेल में जिला कार्यकारी सदस्य प्रदीप कश्यप, जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया, शिमला मण्डल उपाध्यक्ष प्रिक्षित, मण्डल युवा मोर्चा अध्यक्ष हितेश, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष किशोर ठाकुर, जिला सचिव अजय सरना, हरि मित्तल, लता कौशल एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड-19 रोगियों को विशेष दवाई किट उपलब्ध करवाई जा रही है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि इस विशेष दवाई किट में 03 प्रकार की दवाईयां उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इस दवाई किट में इन दवाओं को ग्रहण करने के सम्बन्ध में पूर्ण निर्देशों की जानकारी भी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य घर पर एकान्तवास में उपचाराधीन कोविड-19 रोगियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिला में दवाईयों की यह किट आशा व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से होम आईसोलेशन में रह रहे रोगियों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने होम आईसोलेशन में रह रहे सभी रोगियों से आग्रह किया कि वे अपना आत्मबल बनाए रखें तथा सकारात्मक रहें। उन्होंने आग्रह किया कि रोगी कोविड-19 के सम्बन्ध में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर अपनी दवाई लें। चिकित्सकों के निर्देश में समय पर दवाई लेना एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करना कोविड-19 रोगियों के लिए आवश्यक है। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि एकान्तवास में रह रहे कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी शीघ्र स्वस्थ हों। विभाग पूरा प्रयास कर रहा है कि पाॅजिटिव रोगियों को दवा की किट समय पर मिले और उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
अर्की विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांगल और बैरल की दो पंचायतों मे पिछले कल भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण लोगो के रिहायशी मकान, पशुशाला, रास्ते, सड़के,पेयजल पाइप लाइनें, बिजली के खंबे आदि बाढ़ की चपेट में आए है। वहीं कुछ वाहनों के मलबे में दबने से भारी नुक़सान हुआ है। जिसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर तथा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्की के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि बुधवार को भारी बारिश के कारण इस प्राकृतिक आपदा से लोग डरे व सहमे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार जिला प्रशासन तथा स्थानीय प्रशासन से लोगों के नुकसान का सही आंकलन करके तुरंत प्रभावित लोगो को उचित मुआवजा देने की मांग की है। तथा बाढ़ से बिजली, पानी, सड़कों का जो नुकसान हुआ है उसे यथा शीघ्र दुरुस्त करवाया जाए।
शिमला : जिसके घर में हो शादी, न बुलाए वो पूरी आबादी, शादी में हो 20 ही लोग, तो ही दूर रहेगा कोरोना रोग। त्रिमूर्ति रंगमंच तारादेवी के जय प्रकाश लम्बरदार ने यह संदेश लोक नाट्य करयाला के माध्यम से शिमला नगर के साथ लगते क्षेत्र जाठिया देवी, बडैहरी, कैंची मोड़, गऊ सदन, शिवनगर, टुटू बाजार, पावरहाउस तथा यादगार होटल क्षेत्र में उद्घोषणा करते हुए लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उपयोग किए जाने वालों तरीकों व सलाहों के प्रति जागरूक किया। जिला प्रशासन तथा लोक सम्पर्क कार्यालय द्वारा आरम्भ किए गए इस अभियान में लम्बरदार ने लोगों से बाहर निकलने पर अपने चेहरे को मास्क से सही रूप से ढकने तथा अनावश्यक भीड़ न लगाने और भीड़ से बचने की अपील की। शिमला नगर निगम वार्ड नम्बर-6 टुटू के पार्षद विवेक शर्मा ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अपनाए जा रहे इस अभियान को अत्यंत कारगर बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल, टीवी और सोशल मीडिया से अलग हटकर पारम्परिक तरीकों को अपनाकर लोक संवाद के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी मौलिकता अत्यंत प्रभावी है और आम आदमी को संदेश सम्प्रेषण के लिए प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि संदेश देने का यह नया और एक अलग माध्यम है जो लोगों को बरबस ही अपनी और खींचता है। ढैंडा निवासी नरपाल चैहान ने लम्बरदार द्वारा जागरूकता अभियान को महत्वपूर्ण बताया और लाॅकडाउन के खुलने वाले समय के दौरान लोगों को जानकारी व जागरूकता प्रदान करना अति आवश्यक है ताकि सामाजिक दूरी बनाएं रखने और मास्क लगाने के नियम के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई देखने को न मिले।
जिला मंडी के धर्मपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत बिंगा के बिंगा तयोल गांव निवासी कर्नल बलबीर सिंह 40 वर्ष सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए कर्नल बलबीर सिंह 1981 में 17 वर्ष की आयु में भारतीय सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी रखी और ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद सेना में रहते हुए कमीशन पास किया और लेफ्टिनेंट बन गए। इनकी हाई स्कूल तक की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंडी से हुई। अपनी 40 वर्ष सेना में सेवा के दौरान इन्होंने देश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी।1999 के कारगिल युद्ध में भी भाग लिया। कर्नल बलबीर सिंह भूटान भी गए वहां पर इन्होंने भूटान आर्मी को भी ट्रेनिंग दी। 40 वर्षों की सेवा के दौरान इन्हें कई मेडल भी मिले गौरतलब है कि इनके दादा मंगल सिंह ठाकुर ने प्रथम विश्वयुद्ध में हिस्सा लिया था। और देश को आजाद कराने के लिए आजादी की लड़ाई लड़ी थी उन्हीं से प्रभावित होकर इन्होंने भी सेना में जाने का फैसला किया। इन्हीं के परिवार से स्वर्गीय जय सिंह ठाकुर भी भारत तिब्बत सीमा पुलिस में कमांडेंट के पद पर रहे हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाएगी युवा कांग्रेस : नेगी निगम भंडारी
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस जिला व विधानसभा स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाएगी। सभी जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता अभियान या पौधारोपण के रूप में पर्यावरण दिवस में मनाएं और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि आप सभी अपने आस पास पेड़ पौधे लगाए और धरती की हरियाली को बढ़ाने के लिए आप सभी कृतसंकल्प हो तथा लगे हुए पेड़ पौधों का अस्तित्व बनाए रखने का प्रण ले व सहयोग करें। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन इन तीन तत्वों के बिना मानव जीवन अधूरा है। नेगी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व को समझाने के लिए हर साल दुनिया भर के लोग 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाते है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठा सके। पर्यावरण और मनुष्य एक दूसरे के बिना अधूरे है, अर्थात मनुष्य पर्यावरण पर पूरी तरह से निर्भर है, पर्यावरण के बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकता है, इसलिए हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमे सड़कों या सार्वजनिक क्षेत्रों में कचरा न फेंकने की पहल करनी चाहिए, साथ ही हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने को अपना कर्तव्य मानना चाहिए, क्योंकि स्वच्छ वातावरण में रहने से ही एक स्वस्थ मनुष्य का निर्माण और विकास होगा।
प्रदेश सरकार द्वारा जिला किन्नाैर के बागवानाें काे सेब काेल्ड स्टाेर निर्माण की घाेषणा के बाद कांग्रेस और भाजपा नेताओं में सियासी जंग भी छिड़ गई है। हालाँकि कांग्रेस सेब काेल्ड स्टाेर का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन जिस लाेकेशन में प्रस्तावित है उसके खिलाफ है। बताया गया कि सरकार ने जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में सेब काेल्ड स्टाेर निर्माण करने का निर्णय लिया है। जाे बागवानाें के लिए विपरीत दिशा में है। कारण यह है कि अप्पर किन्नौर यानी पवारी से ऊपर वाले सेब उत्पादक क्षेत्राें के बागवानाें काे रिकांगपिओ काेल्ड स्टाेर पूरी तरह से विपरीत दिशा में पड़ेगा। यानी सेब की पेटियाें काे काेल्ड स्टाेर करने के लिए एनएच-5 से वापस रिकांगपिओ जाना पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सत्यजीत नेगी ने जिले के सभी बागवानाें के दर्द काे समझते हुए सेब काेल्ड स्टाेर पाेवारी के समीप बनाने के बारे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर काे पत्र भी लिखा है। उन्हाेंने कहा कि सेब के कोल्ड स्टोर को रिकांगपिओ की बजाए पाेवारी के पास नेशनल हाईवे-5 पर स्थापित किया जाना चाहिए। जिससे सभी लोगों को फायदा मिल सके, क्योंकि सेब तो एनएच से हाेकर देश की मंडियाें में जाना है। इसलिए रिकांगपिओ की बजाए नेशनल हाईवे पर इसे स्थापित किया जाए तो बहुत अच्छा रहेगा। सत्यजीत नेगी ने कहा कि मेरा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से निवेदन है कि इस कोल्ड स्टोर को रिकांगपिओ की बजाए एनएच-5 पोवारी के निकट कहीं पर भी स्थापित करें। जिससे पूह, कल्पा और निचार ब्लॉक के सभी बागवानाें काे को लाभ मिल सके।
हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय कुल्लू के ब्यासा मोड़ में गुरुवार सुबह तीन मंजिला भवन में आग भड़क गई। आग भवन में बने एक स्नूकर हाल में लगी। इससे बाजार में लोगों के बीच अफरातफरी का महौल बन गया। लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन स्नूकर में ताला लगा होने से नाकाम रहे। अग्रिकांड में एक लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है। जबकि 50 हजार की संपत्ति और साथ लगती आधा दर्जन दुकानों को आग की चपेट में आने से बचाया गया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह पौने आठ बजे ब्यासा मोड़ में स्थित तीन मंजिला भवन में बने एक स्नूकर में आग लगी। आग लगने की सूचना लोगों ने दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम ने मौके पर पहुंची। लेकिन स्नूकर में ताला लगा होने के कारण आग पर काबू पाने में मशक्कत करनी पड़ी। भवन में बनी अन्य दुकानों को बचाने के लिए दमकल कर्मियों को स्नूकर का दरवाजा तोड़ा। जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस अग्रिकांड की घटना में गगन सोनी पुत्र कुलदीप सोनी की दुकान आग की भेंट चढ़ी है। जिसमें एक लाख का की संपत्ति जलकर राख हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए फायर अधिकारी दुर्गा सिंह ने कहा कि सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाकर 50 हजार की संपत्ति व साथ लगती आधा दर्जन दुकानों को बचाया है।
प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर व निर्बाध इंटरनेट नेटवर्क सेवाएं उपलब्ध करवाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया है। याचिका में विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के निवासियों के लिए इंटरनेट सेवाओं की दुर्दशा का उल्लेख किया गया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते इंटरनेट सेवाओं तक पहुंच का महत्व बढ़ गया है। वर्चुअल प्लेटफार्म पर शैक्षिक पाठ्यक्रमों, सम्मेलनों, अदालती कार्यवाही के संचालन के लिए पर्याप्त नेटवर्क की उपलब्धता समय की मांग है। गौरतलब है कि एक लाख से अधिक पंचायतों को जोडऩे के लिए कार्य पहले ही किया जा चुका है और द्वितीय चरण के अंतर्गत शेष पंचायतों को जोड़ा जा रहा है। भारत नेट फेज-एक, सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया को पांच-फाइबर प्रविधान का कार्य सौंपा गया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पत्र के अनुरूप उठाए कदमों की वस्तुस्थिति के संबंध में जवाब शपथपत्र के माध्यम से न्यायालय के समक्ष दाखिल करने का आदेश दिया।
शिमला :कोविड-19 के इस दौर में एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण ने पूरी तरह से हेल्थ सिस्टम को हिलाकर रख दिया है, वहीं कुछ ऐसे चिकित्सक भी हैं जो जान जोखिम में डालकर मरीजों का समय पर इलाज कर उन्हें नई ज़िंदगी दे रहे हैं। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए डॉक्टर्स भगवान से कम नहीं होते। बहुत से ऐसे मरीज होते हैं जिनका समय पर इलाज न हो तो समस्या गंभीर हो जाती है। मंगलवार को एक ऐसे ही मरीज का सफल ऑपरेशन आईजीएमसी के इतिहास में पहली बार हुआ है। यह ऑपरेशन रेडियोलॉजी विभाग से इंटरवेशन रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा सूद ने किया। उन्होंने गॉलब्लैडर के कैंसर से ग्रसित 51 वर्षीय शिमला निवासी कर्मचंद का 2017 में ऑपरेशन किया था। इसके बाद उन्हें कीमोरेडियोथेरेपी दी गई थी। 2021 में मरीज को पीलिया हुआ तो अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन तथा पेटसीटी से पता चला कि कैंसर की वजह से उनके जिगर के पास लिम्फ नोड बन गए हैं तथा उनकी पित्त की नली में रुकावट आ रही है। इसकी वजह से उन्हें पीलिया हो गया है। क्योंकि इन लिम्फ नोड ने जिगर की आरट्रीज को घेर रखा था। अत: चिकित्सकों के लिए दोबारा ऑपरेशन संभव नहीं था। रेडियोलॉजी विभाग से इंटरवेशन रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा सूद ने बिना चीरफाड़, बिना बेहोश किए मरीज की पेट की चमड़ी से जाते हुए जिगर से गुजरकर रुकी हुई पित्त की नलियों को कैथेटर डालकर खोल दिया तथा उनका पित्त इस ऑपरेशन के बाद सामान्य रूप आंतों में जाने लगा तथा मरीज का पीलिया बिल्कुल ठीक हो गया। इसके बाद मंगलवार को मरीज को इस कैथेटर के द्वारा ब्रेकीथेरेपी दी गई। इससे की मरीज में पड़े लिम्फ नोड को जला दिया गया ताकि वह कैथेटर तथा भविष्य में डाले जाने वाले स्टेंट को बंद न कर सके। इस तरह का यह पहला सफल ऑपरेशन आईजीएसमी के इतिहास में पहली बार हुआ है। डॉ. शिखा सूद का कहना है कि इस उपचार से अब वह मरीज जो गॉलब्लैडर के कैंसर, पित्त की नलियों का कैंसर जैसे पैरीएम्पूलरी कैंसर आदि जैसों बीमारियां जो कि ऑपरेशन करने के दायरे से बाहर जा चुके होते हैं, का इलाज संभव हो सकेगा। यह अपने आप में आईजीएमसी के इतिहास में एक नए दौर का इलाज है। इस ऑपरेशन के दौरान रेडियोथेरेपी विभाग के एचओडी डॉ. मनीष, डॉ. दीपक तुल्ली, डॉ. ललित तथा रेडियोलॉजी विभाग के डॉ जॉन, रेडियोग्राफर तेजेंद्र एवं नर्सिज ज्योति, सुनीता व वैजंती भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भुंतर पुलिस की टीम ने बाजौरा में नाकबंदी के दौरान दो किलो 605 ग्राम चरस बरामद की है। गुरुवार को सुबह पुलिस द्वारा एक वाहन को तलाशी के लिए रोका गया था। इस दौरान वाहन से चरस की खेप बरामद हुई। भुंतर से औट की तरफ जा रही टैक्सी में बैठे युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार भुंतर पुलिस बजौरा में कोरोना काल में सभी आने-जाने वाहनों की चैकिंग कर रही थी। इस दौरान भुंतर की तरफ से आ रही टैक्सी को भी पुलिस ने शक के आधार पर रोका तो अंदर बैठा युवक पुलिस को देखकर घबरा गया। शक होने पर पुलिस ने जब तलाशी ली तो गाड़ी से चरस मिली। पुलिस ने चरस को कब्जे में लेकर युवक को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्जकर गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि लिंक रोड बेहराम बाग नव शक्ति नगर मुंबई जोगेश्वरी पश्चिम के 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में दोषी की सजा पर सुनवाई कोरोना कर्फ्यू के चलते अब दोबारा 8 जून तक टल गई है। शिमला जिले के कोटखाई में साल 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में सीबीआई की ओर से पेश चालान में दोषी साबित हुए चरानी अनिल उर्फ नीलू को जिला शिमला की विशेष अदालत ने 28 अप्रैल को दोषी करार दिया था। जिस पर दोषी को कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों के चलते न्यायालय लाना मुश्किल है। आज फिर से इस मामले में सुनवाई को 8 जून तक टाल दिया गया है। बता दें कि 4 जुलाई, 2017 को शिमला जिले के कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व रोहडू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने दूर दराज क्षेत्र डोडरा क्वार का दौरा किया। नागरिक सिविल अस्पताल क्वार में करोना वैश्विक महामारी के बारे में वहां के डाक्टरो से फीडबैक ली तथा नागरिक सिविल अस्पताल क्वार में मास्क व सैनेटाइजर भी दिए। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा डोडरा क्वार हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में से एक है लेकिन भाजपा सरकार ने हमेशा इस क्षेत्र के साथ भेदभाव किया है विधायक ने कहा डोडरा क्वार के नागरिक अस्पताल में डॉक्टर पैरामेडिकल स्टाफ की कमी चल रही है साथ में अन्य विभागों में भी अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी है रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे स्वास्थ्य केंद्र है जहाँ पर डॉक्टर नही है जो सिर्फ पैरामेडिकल कर्मचारियों के सहारे चल रहे हैं विधायक ने कहा इस विषय को लेकर कई बार वह मुख्यमंत्री से मिल चुके है परंतु वर्तमान सरकार इस विषय को लेकर गम्भीर नही है। विधायक सरकार से मांग करते हुए कहा ग्रामीण क्षेत्रों विशेष कर हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सभी लोगो को कोरोना वैश्विक महामारी का टीका लगाया जाये डोडरा क्वार की अगर बात करें इस क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल की बहुत दिक्कत रहती है ऐसे में ऑनलाइन वेक्सिनेशन के लिये रजिस्ट्रेशन करना बहुत ही मुश्किल है। इसलिए डोडरा क्वार में सभी लोगो को प्राथमिकता के तौर से वेक्सिनेशन का काम किया जाए। विधायक ने डोडरा पंचायत, क्वार की सभी पंचायते में लोगों को मास्क व सेनेटाइजर वितरित किये। इस अवसर पर विधायक के साथ उपाध्यक्ष कांग्रेस मंडल रोहडू महेंद्र बासु, पार्षद व सोशल मीडिया के प्रभारी सुजय अग्रवाल, महासचिव कांग्रेस मंडल रोहडू सरविंदर नेगी, महासचिव कांग्रेस मंडल रोहडू रवि रावत, सचिव कांग्रेस मंडल रोहडू संजू खनान, विद्या प्रकाश व अन्य व्यक्ति मौजूद थे ।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की चेरी के दामों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोटगढ़ के बागवानों की चेरी को दिल्ली में 600 से 700 रुपये प्रतिकिलो रेट मिले हैं। आमतौर पर चेरी 300 से 350 रुपये प्रति किलो बिकती है लेकिन कोराना काल में विटामिन-सी से भरपूर चेरी को भारी मांग के चलते बेहतरीन रेट मिल रहे हैं। अच्छे रेट मिलने से चेरी उत्पादक भी उत्साहित हैं। पिछले साल चेरी के रेट 300 से 350 रुपये थे। इस साल चेरी का साइज बड़ा होने के चलते अच्छे रेट मिले हैं। पिछले दिनों कुल्लू की चेरी को दिल्ली में 300 रुपये प्रति किलो रेट मिले थे। बुधवार को शिमला की फल मंडी में चेरी अधिकतम 230 रुपये बिकी।
मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के बालीचौकी में आज भारत की जनवादी नौजवान सभा क्षेत्रीय कमेटी बाली चौकी ने जिला कमेटी के आव्हान पर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमें मुख्य रुप से कोरोना महामारी की फ्री वक्सीनशन हर स्वास्थ्य केंद्र पर किये जाने की मांग की गई। उन्होंने कहा की करोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया बहुत जटिल है जिसके चलते बहुत से लोग बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। अगर बुकिंग हो रही है तो लोगों को वैक्सीनेशन करने के लिए बहुत दूर दराज के क्षेत्र मिल रहे हैं जिससे लोग वैक्सीनेशन करने दूरदराज क्षेत्रों में नहीं जा पा रहे हैं और जिसकी वजह से बहुत सी वैक्सीन वेस्ट हो रही है। नौजवान सभा ने साथ ही यह मांग करती है कि ऑनलाइन प्रक्रिया को बंद करते हुए सार्वजानिक रूप से हर स्वास्थ्य केंद्र में करोना की फ्री वैक्सीनेशन की जाए। उन्होंने मांग की है की करोना के कारण मृत्यु होने पर परिवार को पांच लाख रुपए तक का मुआवजा दिया जाए। मनरेगा में शीघ्र अति शीघ्र हर व्यक्ति को रोजगार दिया जाए। निजी शिक्षण संस्थानों की लूट पर रोक लगाते हुए दाखिला फीस को माफ किया जाए। हर परिवार जो टैक्स नहीं देता है उसके खाते में 6 महीने तक 7500 रुपए डाले जाए। हर विद्यार्थी को फ्री इंटरनेट मुहैया करवाया जाए। नौजवान सभा ने मुख्यमंत्री से यह मांग की है कि शीघ्र अति शीघ्र उपरोक्त मांगों पर हस्तक्षेप करते हुए मांगों को पूरा किया जाए।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां जिला के अधिकारियों के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु की तैयारियों को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार जिला में 23 जून, 2021 तक मानसून प्रवेश करेगा। इस बार जिला में मानसून ऋतु सामान्य व सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने जिला के समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए बताया कि सभी विभाग अभी से मानसून ऋतु से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ले ताकि इस दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम शिमला तथा पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधियों से समय रहते वर्षा जल के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए नालों एवं चैनलों आदि की सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान को सभी विभागों के साथ सांझा किया जाएगा ताकि समय रहते लोगों को मौसम के संदर्भ में जागरूक किया जा सके। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को संवेदनशील जनसंख्या की मैपिंग करने के निर्देश दिए ताकि आपदा के समय उनको सुरक्षित स्थान पर स्थानातंरित किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा उन स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला के सभी स्थानों पर मानसुन ऋतु के लिए आवश्यक सामग्री की वस्तुओं का भण्डारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव के लिए होमगार्ड एवं अग्निश्मन विभाग के अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर अपने जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए है ताकि आपदा के समय उसका प्रयोग किया जा सके। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को अपने क्षेत्र में स्वयंसेवियों को चिन्हित करके उनकी होमगार्ड से प्रशिक्षण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमण्डलाधिकारियों को वन विभाग तथा बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ सामुहिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि खतरनाक पेड़ों को काटने तथा बिजली के खम्भों एवं लाईनों को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग को बरसात के दिनों में साफ पानी मुहैया करवाने तथा नालों एवं भण्डारण टैंक आदि की सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी विभाग बरसात के दिनों में आपदा से हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा एचपीएसडीएमए पोर्टल पर अपलोड करें।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां सेब सीजन की तैयारियों से संबंधित जिला के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष जिला में 4.18 मिट्रिक टन सेब उत्पादन के साथ 2 करोड़ बाॅक्स होने की संभावना है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इस दौरान जिला में मुख्य सड़कों के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों की मुरम्मत एवं रख-रखाव के निर्देश दिए ताकि मुख्य सड़क किसी कारण से बंद होने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को 15 जुलाई, 2021 से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि इस दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी पुलिस विभाग द्वारा फागु में मुख्य नियंत्रण कक्ष तैयार किया जाएगा, जिससे सेब सीजन के दौरान सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इस दौरान समस्त उपमण्डलाधिकारियों के साथ क्षेत्र में आ रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सभी उपमण्डलाधिकारियों ने ट्रांसपोर्टेशन, श्रमिकों, अदायगी एवं सेब मूल्य आदि जैसी समस्या को उपायुक्त के समक्ष रखा। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को अपने उपमण्डल स्तर पर सभी विभागीय अधिकारियों एवं बागवानों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए ताकि समय रहते बागवानों की समस्याओं का निदान हो सके। इस दौरान बैठक में जिला में कोरोना महामारी के संदर्भ में भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि सभी उपमण्डलाधिकारी अपने क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन को सुदृढ़ किया जाए ताकि कोरोना महामारी से क्षेत्र के लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला की सभी पंचायतों में कोविड टेस्टिंग वाहन जाना अनिवार्य है ताकि कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति की जल्द से जल्द पहचान की जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को दिव्यांगजनों के लिए घर के नजदीक वैक्सीनेशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए ताकि दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर के मद्देनजर सभी उपमण्डल स्तर के अधिकारी अपने स्तर पर सभी तैयारी सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) विनय धीमान, समस्त उपमण्डलाधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी संतराम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
दाड़लाघाट में लगातार हो रही भारी बारिश से जहां जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया, वहीं क्षेत्र में कई जगह सड़के ल्हासे गिरने से अवरूद्ध हो गई। दूरदराज की ग्राम पंचायत कंधर के गांव टिकरू व कंधर गांव में बारिश से भारी तबाही होने से नुकसान हुआ है। हालांकि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन करोड़ों की संपत्ति मलबे के नीचे दब चुकी है। जबकि ग्राम पंचायत बैरल में बारिश से काफी नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला देवी व उपप्रधान सीता राम ठाकुर ने बताया कि मलबे से कई छोटी गाड़ियां दब चुकी हैं। लोगों के घरों में पानी और मलबा घुसा है। वहीं कुछ ग्रामीणों की गऊशाला को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा पानी के स्रोत भी दब चुके हैं। वहीं अपने गंतव्य स्थान तक आने जाने रास्ते भी बह चुके हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कंधर बैरल को जाने वाले मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। सब तहसील दाड़लाघाट के वरिष्ठ सहायक ने कहा कि पटवारी को मौके पर स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा गया है।
ग्राम पंचायत घनागुघाट में 2 जून को मेले का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना कर्फ्यू व सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों पर रोक के चलते इस मेले की केवल रस्में ही निभाई गई। इसकी जानकारी देते हुए स्थानीय पंचायत के उप प्रधान प्रवीण ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 के चलते इस बार खेल मैदान में आयोजित होने वाले मेले व दंगल का आयोजन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आज पंचायत प्रधान मधुबाला की अध्यक्षता में कोविड नियमों की पालना करते हुए देवी देवताओं व अखाड़े की पूजा अर्चना कर मेले की रस्म को निभाया गया, वहीं ईश्वर से प्रार्थना की गई कि जल्द से जल्द कोरोना महामारी पर काबू पाया जा सके व लोग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। इस मौके पर बीडीसी सदस्य दीपिका,वार्ड सदस्य कुलदीप,धर्मपाल, देवीचंद, कुसुम लता, सावित्री व सोनिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया है कि इस सरकार में जबावदेही लेने की संस्कृति पनपी ही नहीं है। अगर कोई व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए तो उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस समय स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना चाहिए था, लेकिन सरकार का विजन ही कमजोर व आधारहीन बन गया है। जारी प्रैस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने चिंता जाहिर की कि हिमाचल के 3 प्रमुख मैडीकल कॉलेजों में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा नहीं है। हमीरपुर में 8 महीनों से मशीन खराब पड़ी है, जबकि चंबा में मशीन की खरीद बजट के फेर में फंसी हुई है, जिसके लिए 10 करोड़ रूपए एन.जे.पी.सी. ने दिया हुआ है तथा 5 करोड़ रूपए और देने को तैयार है। केवल 5 करोड़ रूपए सरकार से चाहिए और आर्डर प्लेस हो जाएगा। बाकायदा इसके लिए 3 माह पहले टैंडर भी हो चुका है, फिर भी विडंबना यही है कि सरकार की लापरवाही जारी है और कोई भी फैसला में असमर्थ रही है। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कालेज में भी मशीन 7 महीनों से खराब है, लेकिन नई मशीन की खरीद पर सरकार अंतिम फैसला तक नहीं ले पा रही है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि पिछले सप्ताह होने वाली बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा मगर हुआ नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने टैंट (तिरपाल) से तैयार होने वाले 200 बिस्तर वाले मेक शिफ्ट अस्पताल जिला मंडी, कांगड़ा व सोलन में अस्थाई बनाए हैं, ताकि ज्यादा मरीज होने पर उन्हें उपचार के लिए यहां शिफ्ट किया जाए। यहां प्रति बिस्तर प्रतिदिन का किराया 1950 रूपए है। ऐसे समय में जब होटल जगत पूरी तरह तबाह हो चुका है, करोड़ों रूपए खर्च कर ऐसे अस्थाई अस्पताल बनाने की बजाए निजी होटलों को इस काम के लिए हायर करना चाहिए था, होटल उद्योग बर्बाद होने से उबरते और होटलों के जरिए आजीविका कमा रहे लाखों परिवारों का भी भला होता।
GNA University organised two days Faculty Development Program on “Aerospace Engineering Application & Beyond”. The faculties from different universities, researchers, and other participants from industry all over the globe participated in this FDP. The 2 days FDP was supported by eminent experts. The Day-1, started with Er. Neha Pannu, Research fellow, SEMICONDUCTOR Lab., ISRO, Mohali. She discussed about the Basics of VLSI, SCL Lab-Insights and Facilities, Importance of electronics in aerospace engineering, Avionics, Electronic devices used in Space, Electronics in Aerospace System Satellites, Memory Devices with its applications in Space, Radiation Hardening, Selecting components for aerospace and Future Scope.The second expert Er. Kavita Mitkari, a Research Associate, Space Applications Center, ISRO covered uber cool topic “Remote Sensing and applications, Geographic information system, digital image processing and Cryosphere. She shared a very valuable knowledge with the participants. The second day commenced with new hope, enthusiasm among the participants to learn something new from the great experts, Dr. Subash Chander, Scientist F, Joint Director, TBRL, DRDO, Chandigarh & Dr. T K Jindal, Professor & Head of the Aerospace Engineering Department, Punjab Engineering College, Chandigarh integrated with Dr. Bharat Ankur Dogra & Mr. Shivam, who worked on Pulse Detonation Technology. The lecture was delivered on the very hot topic “Introduction to Pulse Detonation Propulsion”. They discussed about the Deflagration to Detonation, advantages and disadvantages of DDT, factors affecting the DDT Processes, CJ conditions, PDE with its applications. And the session ended with the last expert, Dr. Harish Kumar Banga, Assistant Professor, Department of Mechanical Engineering, GNDEC, Punjab, for sharing knowledge of 3D Printing Advance Applications. S. Gurdeep Singh Sihra, Pro-Chancellor, GNA University expressed, “Such kind of programs are really beneficial for faculties & research scholars in establishing research laboratories at their institute and I congratulate the organizing team for organizing this FDP during the on-going unprecedented times.” On this Occasion, Dr. V.K Rattan, Vice-Chancellor, GNA University said, “GNA University always take a lead to train faculties and the community on recent advanced technologies. Dr. Monika Hanspal, Dean Academics and Dr. Vikrant Sharma, Dean Engineering was also there to grace the occasion.
जनसंघ और जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह के निधन पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। चौधरी अमर सिंह से जुड़ी स्मृतियों को सांझा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बेहद सरल व्यक्तित्व के धनी थे। मेवा विधानसभा की कर्मभूमि पर साधारण परिवार से संबंध रखने वाले चौधरी अमर सिंह दो बार विधायक रहे। उन्होंने बताया कि चौधरी अमर सिंह जनसंघ की टिकट पर चुनाव जीत कर 1967 से 1972 तक मेवा के विधायक रहे तो दूसरी बार वह जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर 1977 से 1980 तक विधायक रहे। प्रोफेसर धूमल ने कहा कि चौधरी अमर सिंह गांव और गरीब के सच्चे हमदर्द थे। मेवा क्षेत्र के विकास में चौधरी अमर सिंह की भूमिका को लम्बे समय तक याद रखा जाएगा, यह बात कहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी आत्मा की शांति के लिए और उनके परिजनों को यह दुख सहने की ताकत प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। पूर्व मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन रमाकांत शर्मा के निधन पर भी दुख व्यक्त किया है। प्रोफेसर धूमल ने कहा कि रमाकांत शर्मा एक सुयोग्य वकील थे। रमाकांत शर्मा के रूप में एक नेक इंसान और काबिल वकील का इस दुनिया से चले जाना अत्यंत दुखदाई है।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के संकट के सम्बन्ध में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के प्रचार वाहन के माध्यम से आज सोलन शहर के विभिन्न स्थानों पर आॅडियो संदेश एवं ध्वनि प्रसार सेवा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। सोलन शहर के बाईपास, पुराने उपायुक्त कार्यालय, पुराना बस अड्डा, सपरून चैक, देहूंघाट तथा नए बस अड्डे के समीप कोविड-19 नियमों की अनुपालना करने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को संदेश के माध्यम से अवगत करवाया गया कि कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। इससे बचाव के लिए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कुछ दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। लोगों से आग्रह किया गया कि मास्क इस प्रकार से पहनें कि नाक से लेकर ठोडी तक का हिस्सा पूरी तरह से ढका रहे। लोगों को बताया गया कि यदि मास्क सही प्रकार से नहीं पहना है तो मास्क लगाने का कोई लाभ नहीं है। क्योंकि नाक और मुंह को खुला रखने से कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। लोगों से आग्रह किया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर हर समय मास्क पहनकर रखें। 02 व्यक्तियों के मध्य इतनी दूरी जरूर बनाएं कि किसी के छींकने या खांसने से सुरक्षित बचा जा सके। लोगों को बताया गया कि बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोने से कीटाणुओं से बचा जा सकता है। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 महामारी से बचाव इसलिए भी आवश्यक है कि एक व्यक्ति के साथ उसका पूरा परिवार जुड़ा है। अपनो के लिए अपनी सुरक्षा जरूर करें। लोगों से आग्रह किया गया कि खांसी, बुखार तथा जुखाम जैसे लक्षण होने पर बिना किसी घबराहट के अपनी कोविड जांच अवश्य करवाएं। लोगों को जानकारी दी गई कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। लोगों को बताया गया कि टीकाकरण से घबराएं नहीं और टीके की दोनों खुराक लें। चिकित्सकों द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं। कोविड-19 के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं या आपको कोई समस्या है तो हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर बात करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं। जिला के सभी उपमण्डलों में सभी उपमण्डलाधिकारी के निर्देशानुसार सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा आॅडियो अथवा प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों को कोविड-19 से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी सघन बचाव एवं जागरूकता अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता ली जा रही है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से लोगों को कोविड-19 महामारी के विषय में जागरूक करने के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर लोगों को कोविड जांच के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। डाॅ. अजय सिंह ने कहा कि कोविड-19 से बचाव में सुरक्षा उपायों की अनुपालना ही कारगर है और इसके लिए आवश्यक है कि कोरोना संक्रमण की समय-समय पर जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जनचेतना अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। जनचेतना अभियान के तहत विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिला के ग्रामीण स्तर तक लोगों को कोविड-19 परीक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज सोलन के सुबाथू स्थित केन्टोमेंट जनरल हाॅस्पिटल (सीजीएच) में स्वयंसेवी संस्था हेल्प ऐज इंडिया के सहयोग से 11 व्यक्तियों की कोविड जांच की गई। सीजीएच सुबाथू की टीम द्वारा स्थानीय लोगों को यह सुविधा प्रदान की गई। डाॅ. अजय सिंह ने कहा कि कोविड-19 जैसी भयावह बीमारी की रोकथाम के लिए ‘जहां बीमार, वहीं उपचार’ की पद्धति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला के विभिन्न गांवों में लोगों को कोविड-19 परीक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के अन्तर्गत 26 ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां लोग स्वेच्छा से परीक्षण के लिए तैयार हो रहे हैं वहीं टीकाकरण के प्रति भी रूचि दिखा रहे हैं। सीजीएच सुबाथू के डाॅ. शैलेन्द्र अवस्थी तथा डाॅ. सतिन्द्र कुमार ने अवगत करवाया कि सीजीएच अस्पताल में अब कोविड-19 जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को कोविड-19 जांच के लिए अब सोलन या धर्मपुर नहीं जाना पड़ेगा। क्योंकि यह सुविधा अब सुबाथू में ही उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम तथा बुखार के लक्षण होने पर अपनी कोविड जांच करवाएं तथा समीप के चिकित्सा केन्द्र में जाकर चिकित्सक की सलाह लें। इस कार्य में देरी रोगी के लिए गम्भीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है। इस अवसर पर हेल्प ऐज इंडिया के परियोजना प्रभारी मनोज राज वर्मा, पैरामेडिकल स्टाफ तथा अन्य उपस्थित थे।
भारतीय मानव कल्याण महासमिति जिला सोलन में जगदीश ठाकुर को जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी से इलाके में खुशी की लहर है। जगदीश ठाकुर दाड़लाघाट पंचायत से सम्बंध रखते है। इससे पूर्व वे पंचायत दाड़लाघाट के पूर्व उपप्रधान,ब्लॉक कांग्रेस अर्की में महासचिव व कुनिहार बीडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। जगदीश ठाकुर को जिलाध्यक्ष बनाने पर स्थानीय लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक अर्की राजा वीरभद्र सिंह,कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, भारतीय मानव कल्याण महासमिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश अवस्थी, मुकेश अग्निहोत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू, रामलाल ठाकुर, प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी, जिला सोलन कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिव कुमार व ब्लॉक कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर का धन्यवाद किया है। इस अवसर पर सोमा कौंडल, संजय ठाकुर, अमर चंद पाल, सुशील ठाकुर, डॉ मस्त राम शर्मा, सतीश कश्यप, राजेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र वर्मा, प्रेम केशव, हेमंत वर्मा, रोशन वर्मा, कमल कौंडल, ऋषि देव शर्मा, राजेंद्र रावत, रमेश ठाकुर, रीना शर्मा, जीत राम ठाकुर, कृष्ण चंद भट्टी, बंसी राम भाटिया, हेमराज, राजेश शर्मा, मदन शर्मा, सत्या पाल शर्मा, मोहन सिंह ठाकुर, सुरेश गांधी, इंदर सिंह चौधरी, चेतराम ठाकुर, हेतराम ठाकुर, शंकर लाला, मनोज गौतम, पवन शर्मा, जीत राम ठाकुर, रामदत्त ठाकुर, महेंद्र सोनी, कपिल ठाकुर, विद्या सागर ठाकुर, सोहन लाल ठाकुर, हरि सिंह, जय सिंह ठाकुर, दीपक गजपति ने नेताओं का आभार जताया है कि जगदीश ठाकुर को मिली इस जिम्मेवारी से इलाके में कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी।
उपमंडल सरकाघाट की नवगठित पंचायत रिस्सा में आजकल मनरेगा रोजगार एवं आय का मुख्य साधन बना है। इसके लिए मुख्य श्रेय जाता है अपनी भरसक मेहनत और लगन से काम करने वाली पंचायत प्रधान लता देवी को, जिन्होंने इस करोना काल में जरूरतमंद लोगों को मनरेगा में रोजगार देकर रोजगार से वंचित नहीं रहने दिया। गांव-घर में रहनेवाले लोगों के लिए मनरेगा वरदान साबित हो रहा है, अभी जिस प्रकार का संकट है। रोजी-रोजगार सबसे बड़ी समस्या बन गयी है। ऐसे में मनरेगा में काम कर कई लोग परिवार की जीविका चला रहे हैं। रिस्सा पंचायत में सैकड़ों परिवारों को मनरेगा से रोजगार मिला है। यह परिवार पूरे लॉकडाउन में अपने गांव में मजदूरी कर रहे हैं। प्रत्येक परिवार से एक-एक सदस्य मजदूरी कर रहे हैं तो कईयों को आने वाले समय में रोजगार देंगे। अभी लगभग हरेक गांव में मनरेगा के तहत कई कार्य चल रहें हैं। जिससे लोगों को अच्छी कमाई भी हो रही है। घर का चूल्हा चौका भी चल रहा है। कार्यस्थल पर बरती जा रही कोरोनावायरस से बचाव के लिए सावधानियां : आज-कल कोरोना महामारी से बचाव के लिए मनरेगा कार्य स्थल पर पंचायत की ओर से काफी सावधानियां भी बरती जा रही हैं। प्रधान द्वारा कार्य कर रहे मजदूरों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी भी समय-समय पर दी जा रही है। कार्यस्थल पर मनरेगा मजदूरों को शारीरिक दूरी का पालन करने, मास्क लगाकर कार्य करने, स्वच्छता के लिए साबुन से हाथ धोने, छाया की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। सभी मजदूर शारीरिक दूरी बना कर कार्य कर रहे हैं। मुंह-नाक को मास्क से ढक रहे हैं।
उपमंडल सरकाघाट की नवगठित पंचायत रिस्सा में आजकल मनरेगा रोजगार एवं आय का मुख्य साधन बना है। इसके लिए मुख्य श्रेय जाता है अपनी भरसक मेहनत और लगन से काम करने वाली पंचायत प्रधान लता देवी को, जिन्होंने इस करोना काल में जरूरतमंद लोगों को मनरेगा में रोजगार देकर रोजगार से वंचित नहीं रहने दिया। गांव-घर में रहनेवाले लोगों के लिए मनरेगा वरदान साबित हो रहा है, अभी जिस प्रकार का संकट है। रोजी-रोजगार सबसे बड़ी समस्या बन गयी है। ऐसे में मनरेगा में काम कर कई लोग परिवार की जीविका चला रहे हैं। रिस्सा पंचायत में सैकड़ों परिवारों को मनरेगा से रोजगार मिला है। यह परिवार पूरे लॉकडाउन में अपने गांव में मजदूरी कर रहे हैं। प्रत्येक परिवार से एक-एक सदस्य मजदूरी कर रहे हैं तो कईयों को आने वाले समय में रोजगार देंगे। अभी लगभग हरेक गांव में मनरेगा के तहत कई कार्य चल रहें हैं। जिससे लोगों को अच्छी कमाई भी हो रही है। घर का चूल्हा चौका भी चल रहा है। कार्यस्थल पर बरती जा रही कोरोनावायरस से बचाव के लिए सावधानियां : आज-कल कोरोना महामारी से बचाव के लिए मनरेगा कार्य स्थल पर पंचायत की ओर से काफी सावधानियां भी बरती जा रही हैं। प्रधान द्वारा कार्य कर रहे मजदूरों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी भी समय-समय पर दी जा रही है। कार्यस्थल पर मनरेगा मजदूरों को शारीरिक दूरी का पालन करने, मास्क लगाकर कार्य करने, स्वच्छता के लिए साबुन से हाथ धोने, छाया की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। सभी मजदूर शारीरिक दूरी बना कर कार्य कर रहे हैं। मुंह-नाक को मास्क से ढक रहे हैं।
ग्राम पंचायत सुरजपुर के प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने कोरोना वैक्सीन की ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा है कि गरीब व कम पढ़े लिखे लोग वैक्सीन की बुकिंग नही करवा पा रहे है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उन्होंने पंचायत स्तर पर कोविड मैनजमेंट टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है। यही कारण है कि पंचायत में अब तक एक दो ही एक्टिव केस बचे है पंचायत लगभग कोरोना मुक्त हो चुकी है। सरकार की ऑनलाइन वैक्सीन बुकिंग की प्रक्रिया की वजह से एक बार फिर मामले बढ़ सकते है क्योंकि उनकी पंचायत में वैक्सीन लगवाने के लिए अधिकतर लोग जिला के बाहर से पहुँच रहे है जिनकी वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। वैक्सीन की बुकिंग करवाने के बाद जो लोग नही आ रहे उनकी वजह से वैक्सीन स्थानीय लोगों को भी नही लग पा रही है। हाल ही में उप स्वास्थ्य केंद्र पिपलुघाट में बुक हुई 100 डोज में से सिर्फ 83 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई 17 डोज वापिस भेजनी पड़ी जिसे उसी दिन पंचायत के लोगों को लगाया जा सकता था। उन्होंने सरकार से वैक्सीन की बुकिंग ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन या ऑन द स्पॉट करने की मांग की है।
हाटू माता मंदिर को लेकर मान्यता है कि मंदिर का निर्माण रावण की पत्नी मंदोदरी ने करवाया था। वैसे तो यहां से लंका बहुत दूर है, लेकिन इसके बावजूद वह अक्सर यहां माता के दर्शन और पूजा करने के लिए आया करती थी। बताया जाता है कि मंदोदरी हाटू माता की बहुत बड़ी भक्त थी। वहीं एक मान्यता यह भी है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान हाटू माता मंदिर में काफी समय बिताया था। पांडवों ने यहां पर माता की कठिन तपस्या और उपासना कर शत्रुओं पर विजय पाने का वरदान प्राप्त किया था। उस समय की प्राचीन शिला आज भी हाटू पीक पर साक्ष्य के रूप में मौजूद है। मंदिर के पास ही तीन बड़ी चट्टानें हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि ये भीम का चूल्हा है। जहां आज भी अगर खुदाई करने पर जला हुआ कोयला मिलता है, जिससे पता चलता है कि पांडव इस जगह पर खाना बनाया करते थे। हाटू माता मंदिर में हर साल ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन को हाटू माता मंदिर की स्थापना के रूप में मनाया जाता है। इस दिन यहां विशाल मेला भी लगाया जाता है। मान्यता है कि हाटू माता मंदिर में आकर जो श्रद्धालु सच्ची भक्ति से मां हाटू माता के दरबार में पहुंचता है, उसकी हर मनोकामना दुख, दर्द, दरिद्र दूर हो जाते हैं। हाटू माता मंदिर से राजों और रजवाड़ों का पूर्वजों के समय से खास लगाव रहा है। आज भी देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की हाटू माता के प्रति गहरी आस्था है। हाटू माता मंदिर आने वाले श्रद्धालु नारकंडा के ही एक अन्य लोकप्रिय महामाया मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। इसके अलावा नारकंडा में 18वीं शताब्दी का एक प्रसिद्घ फार्म भी है, जो अपने सेब के बागों के लिए प्रसिद्ध है।
शिमला जिले में ऑनलाइन पढ़ाई के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है।लेकिन, मोबाइल कनेक्टिविटी न होने के कारण पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है। जिले के दूर-दराज इलाकों में तो ज्यादातर सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कोविड -19 के चलते हिमाचल प्रदेश में एक वर्ष से अधिक समय का समय हो गया है जबसे विद्यार्थियों की नियमित कक्षायें विद्यालयों, कॉलेजों में नहीं लग रही है ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के निर्देश दिये गये थे और अब ऑनलाइन माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों की क्लासें ले रहे, ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में ऐसे छात्रों को ज़्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं जहाँ नेटवर्क नहीं है। ऐसे में अब अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। रोहडु के दूरदराज के क्षेत्र डोडरा क्वार में छात्रों को कई परेशानियों का सामना झेलना पड़ रहा है क्योंकि वहाँ नेट्वर्क की बड़ी परेशानी है और फ़ोन कॉल भी ढंग से नहीं हो पाता है वहीं छात्र और वहाँ के स्थानीय लोग प्रशासन और सरकार के ध्यान में भी ये मामला कई बार ला चुके है लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है और बच्चों के अभिभावकों को अब ये चिंता सता रही है की कहीं उनके बच्चों का भविष्य बिना पढ़ाई के अंधकार में ना चला जायें, वहीं नेट्वर्क व सिग्नल ना होने से ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में आ रही समस्या का ये पहला मामला नहीं है बल्कि प्रदेश के कई ज़िलों में छात्र इस समस्या से झूझ रहे हैं और गाँव में सिग्नल ढूँढने के लिये दूर-दूर जा रहे हैं की कहीं सिग्नल मिल जायें और ऑनलाइन पढ़ाई हो सके। वहीं खशधार वार्ड से ज़िला परिषद सदस्य और कोंग्रेस मीडिया पेनेलिस्ट मोनिता चौहान ने कहा की उनके ज़िला परिषद वार्ड के तहत आने वाले क्षेत्र डोडरा क्वार में विद्यार्थियों को सिग्नल न होने से ऑनलाइन पढ़ाई में परेशानी आ रही है।मोनिता चौहान का कहना है कि अभी हाल ही में उन्होंने एसडीएम के साथ डोडरा क्वार का दौरा किया था। वह कोरोना की स्थिति का जायजा लेने गए थे।लेकिन जब वहां लोगो से मिले तो लोगो ने अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि यहाँ मोबाइल सिग्नल की बहुत दिक्कत है जिससे ऑनलाइन पढ़ाई करना विद्यार्थियों के लिये मुश्किल हो रहा है। मोनिता ने बताया की लोगो का कहना है कि सिग्नल ढूंढने के लिए मकान की छतों या इधर-उधर भागना पड़ता है परंतु फिर भी बात करते-करते ही फोन बीच में ही कट जाता है वहीं नेट का सिग्नल तो ना के बराबर है जिससे बच्चो की ऑनलाइन पढ़ाई नही हो पा रही है और अभिभावकों को बच्चों का भविष्य अंधकार में जाने का खतरा सता रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मोबाइल नेटवर्क कंपनी को डोडरा क्वार क्षेत्र में सिग्नल फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के आदेश दें ताकि इस समस्या से निजात मिल सके।
औद्योगिक नगर बददी के दवा उद्योगपति एवं क्योरटेक गु्रप आफ इंडस्ट्रीज के प्रबंधक निदेशक डा. सुमित सिंगला को लघु उद्योग भारती फार्मा कमेटी हिमाचल के वाईस चेयरमैन का दायित्व सौंपा गया है। उनकी घोषण आज फार्मा कमेटी के प्रांतीय चेयरमैन चिरंजीव सिंह ठाकुर ने बददी दौरे के दौरान प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल की सहमति से की है। यह पद लंबे समय से खाली चला आ रहा था। डा. सुमित सिंगला 2006 से बददी के काठा में क्योरटैक एवं आईबीएन हर्बल के नाम से दवा उद्योग चला रहे हैं और समय समय पर फार्मा उद्योगों की समस्याएं केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। सिंगला लंबे समय से अखिल भारतीय संगठन लघु उद्योग भारती हिमाचल के सक्रिय सदस्य हैं। उनका यहां के औद्योगिक व सामाजिक विकास में अहम योगदान है। फार्मा कमेटी के प्रांतीय चेयरमैन चिरंजीव सिंह ठाकुर ने बताया कि सुमित सिंगला की संगठन के प्रति निष्ठा व समर्पण देखकर उनकी नियुक्ति राज्य प्रधान राजीव कसंल की सहमति से इस पद पर की गई है। वहीं दूसरी ओर अपनी नियुक्ति के बाद सुमित सिंगला ने कहा कि वो पूरे प्रदेश के फार्मा उद्यमियों को संगठन का सदस्य बनाएंगे इसको मजबूत करेंगे। उन्होने कहा कि उनको जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसको वह ईमानदारी ने निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होने कहा कि वह शीघ्र ही प्रदेश का दौरा करेंगे और दवा उद्यमियो की समस्याओं को प्रदेश कार्यालय तक पहुंचाएंगे ताकि उनका समयबद्व तरीके से निराकरण हो सके। इस अवसर पर प्रदेश सह सचिव अनिल मलिक, देवेंद्र राणा व संदीप चौधरी भी उपस्थित थे।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां नगर निगम शिमला के अधिकारियांे के साथ निगम द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिमला शहर को प्रकृति ने मनोहर सुन्दरता प्रदान की है तथा यह शहर ऐतिहासिक व धरोहर की दृष्टि से सदा लोगों विशेषकर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। उन्हांेने कहा कि शिमला शहर के विभिन्न पार्कों का सौन्दर्यकरण किया जाना चाहिए ताकि पर्यटकों के लिए आकर्षण के स्थल सृजत किए जा सके। उन्होंने अनाडेल में गोल पहाड़ी तथा माल रोड पर आशियाना के नजदीक निर्माणाधीन पार्कों को समय पर पूर्ण कर लोगों को इनका लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। सुरेश भारद्वाज ने नगर निगम शिमला के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को भवनों के नक्शों के लिए स्वीकृति प्रक्रिया में एक बार में ही सभी आपत्तियों के बारे मे अवगत करवाया जाए ताकि उनका बहुमूल्य समय बचाया जा सके और इस प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। शहरी विकास मंत्री ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगम के पास उपलब्ध 6 स्विपिंग मशीनों के माध्यम से शिमला शहर के विभिन्न वार्डाें में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिमला में राजीव गांधी आवास योजना के तहत 64 आवास बनाए जाएंगे जिसमें से 48 आवास बनाए जा चुके हैं तथा 16 आवास निर्माणाधीन है। उन्होंने निगम के अधिकारियों को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित की जा रही सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली ने इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें विश्वास दिलवाया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का निष्ठा से पालन किया जाएगा। उन्होंने निगम के विभिन्न विकासात्मक कार्याें के बारे मंत्री को अवगत भी करवाया। बैठक के दौरान नगर निगम शिमला के अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन एडवोकेट रमाकांत शर्मा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने अपना एक सच्चा व अच्छा साथी खो दिया। उनका निधन व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए व समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने एक साथ लॉ की पढ़ाई की थी। वह बहुत ही सरल स्वभाव के थे, उनका जीवन बहुत ही सादगी व ईमानदारी के साथ आगे बढ़ा। वह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। बीते कुछ दिनों से वह अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने कोरोना को मात दे दी थी, लेकिन जिंदगी की जंग नहीं जीत पाए। वह आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन थे। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। साथ ही शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें। रमाकांत शर्मा की मृत्यु से उन्हें भी गहरा सदमा लगा है।
मंडीवासियों को कोरोना से सावधान करने के लिए अब खुद ‘शक्तिमान’ मैदान में उतर आया है। हालांकि इसमें शक्ति असली वाली नहीं है...पर इच्छाशक्ति किसी से कम नहीं है। दरअसल ये भारत के पहले टीवी सुपर हीरो शक्तिमान का मंडयाली वर्जन है। जो मंडी में शहर, गली, कूचे में घूम-घूम कर लोगों को कोरोना के पूरी तरह खत्म होने तक किसी भी सूरत में लापरवाह नहीं होने की सीख व संदेश दे रहा है। बता दें, सूचना एवं जन संपर्क विभाग व्यापक जागरूकता के लिए निराले अंदाल और नित नए व आकर्षक तरीकों से कोरोना से बचाव व सावधानी को लेकर संदेश का जन-जन तक प्रसार करने में जुटा है। आशा है...लोग संदेश समझेंगे और अपनाएंगे उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकार अलग अलग जगहों पर अलग अलग तरीके अपनाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। टीवी, कॉमिक्स, सिनेमा जगत इत्यादि के लोकप्रिय किरदारों का रूप बना कर ‘जब तक कोरोना है, लापरवाह नहीं होना है’ इस तरह के संदेश दे रहे हैं। ये मैसेज देने का एक आकर्षक तरीका है और आशा है कि लोग इस संदेश को समझेंगे और अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि मामले घटने पर सावधानियां बरतने को लेकर लोगों के व्यवहार में थोड़ी लापरवाही आ जाती है। इससे संक्रमण पुनः फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी है कि जब तक कोराना का एक भी केस है, हमें लापरवाह नहीं होना है। दिलों में बसता है शक्तिमान नब्बे के दशक में शक्तिमान ने बच्चों-बड़ों-बूढ़ों सभी को अपना दीवाना बनाया था। ये उस दौर का सबसे हिट शो और सबका चहेता किरदार था। अभिनेता मुकेश खन्ना के शानदार अभिनय से शक्तिमान का किरदार लोगों के दिलों में बस गया है। शो के खत्म होने के बाद ‘छोटी छोटी मगर मोटी बातें’ दिखाई जाती थीं, जिसमें बच्चों को नैतिक सीख दी जाती थी। शक्तिमान जब बच्चों को गलती पर टोकता था, तो वे सॉरी शक्तिमान कह कर अपनी गलती का सुधार करते थे। ...सॉरी शक्तिमान ‘छोटी छोटी मगर मोटी बातें’ की तर्ज पर शक्तिमान के मंडयाली वर्जन में सूचना जनसंर्पक विभाग के कलाकार वेद कुमार ने भी जब कुुछ लोगों को मास्क ठीक से न पहनने या दो गज की दूरी के पालन में कोताही पर टोका, तो उनके मुंह से भी अनायास ही सॉरी शक्तिमान निकल गया। लोगों ने अपनी गलती सुधारी और आइंदा से गलती न दोहराने का वायदा किया। शक्तिमान ने लोगों से आग्रह किया कि मास्क को सही तरीके से पहनें। हाथों को बार बार धोते रहें अथवा सैनिटाइजर का प्रयोग करें। लोगों से मिलते हुए दो गज की दूरी के नियम का पालन करें। गैहरू लंबड़दार भी डटे रहे मोर्चे पर वहीं गैहरू लंबड़दार के किरदार में कलाकार हरदेव ने लोगों को चेताया कि कोरोना कर्फ्यू खुलने के दौर में भी सावधानी न छोड़ें। इसके अलावा धर्मपुर, करसोग, बल्ह और गोहर में कलाकारों ने अलग अलग किरदार और निराले अंदाज में गांव गांव घूम कर जागरूकता की अलख जगाई।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर अधिक खतरनाक होने के कारण पूरे देश में बढ़ते मामलों के फलस्वरूप स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तरों व आॅक्सीजन की कमी सामने आई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने समय रहते उचित प्रबन्धन कर राज्य में बिस्तरों की क्षमता में वृद्धि की तथा आॅक्सीजन की उपलब्धता में कमी नहीं होने दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गत वर्ष इस महामारी की शुरूआत हुई थी तब प्रदेश में कोविड जांच के लिए एक भी प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं थी, उस समय प्रदेश सरकार ने तुरन्त ही 8 आरटी-पीसीआर, 25 ट्ररूनैट और 2 सीवीनैट प्रयोगशालाएं स्थापित की। प्रदेश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने विभिन्न जिलों में लगभग 70 एंबुलेंस तैनात की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने राज्य में अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता और आईसीयू-वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों की क्षमता में बढ़ौतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 बिस्तर और 290 आईसीयू/वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों वाले 57 समर्पित कोविड अस्पताल और समर्पित कोविड चिकित्सा केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जिला मंडी के खलियार, जिला कांगड़ा के परौर और सोलन में तीन मेक शिफ्ट अस्पतालों की स्थापना से प्रदेश में अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 5000 हो गई है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में डी और बी टाईप के सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लोगों को टीकाकरण की लगभग 23.59 लाख खुराकें उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रदेश वैक्सीन के शून्य प्रतिशत वेस्टेज करने वाले देश के कुछ अग्रणी राज्यों में से एक है।
देश में निर्मित स्वदेशी एंटीहेलगन को प्रदेश में ट्रायल आधार पर स्थापित करने व सेब की फसल के विपणन के लिए बागवानों को समय पर कार्टन उपलबध करवाने को लेकर बागवानी एवं जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बागवानी एवं जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने अधिकारियों को बागवानों की सुविधा के लिए समय पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि बागवानों को कार्टन व सेब ढुलाई के लिए ट्रकों की कमी सहित किसी अन्य समस्या का सामना न करना पड़े। बागवानी एवं जल शक्ति मंत्री ने कहा कि आईआईटी मुम्बई व डाॅ. वाई. एस. परमार बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के संयुक्त प्रयासों से स्वदेशी एंटीहेल गन विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों के हित के मध्यनजर इस स्वदेशी एंटीहेल गन को ट्रायल आधार पर प्रदेश में 8 से 10 स्थानों पर स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जाए ताकि इस स्वदेशी एंटीहेलगन का अध्ययन किया जा सके और बागवानों को कम कीमत वाली स्वदेशी एंटीहेलगन तकनीक उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में जिस विदेशी एंटीहेलगन का प्रयोग किया जा रहा है उसकी कीमत लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये हैं। उन्होंनेे कहा कि स्वदेशी तकनीक की एंटीहेलगन के माध्यम से ही एंटीहेलगन की कीमतों को कम किया जा सकता हैं। उन्होेंने कहा कि सेब की पेटियों की दरें एचपीएमसी के सहयोग से निर्धारित की जाए और सेब की पेटियों को बनाने वाले निर्माताओं को सूचीबद्ध किया जाए ताकि बागवानों को उचित दरों पर सेब की पेटियां समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि गत्ते की पेटियों के स्थान पर प्लास्टिक कार्टन का उपयोग सेब के विपणन हेतू प्रयोग के तौर पर करने की भी सम्भावना तलाशी जाए। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि विश्व बैंक पोषित बागवानी परियोजना के अन्तर्गत बनाए जा रहे मार्केटिंग यार्डो एवं शीत गृह निर्माण आदि के कार्यो में तजी लाई जाए ताकि सेब उत्पादक बागवानों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि जो सेब मंडी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत एचपीएमसी और हिमफेड द्वारा प्रापण किए जाते हैं, उनकी बोरियों पर फल प्रापण केंद्र का नाम व संख्या दर्ज की जाए ताकि प्रापण किए गए फलों की गुणवता की जांच हर स्तर पर सुनिश्चित की जा सके।
जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि शिमला शहर में मालरोड, रिज एवं वर्जित क्षेत्रों में रैली, जुलूस निकालने अथवा नारेबाजी करने एवं हथियार के साथ चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि यह आदेश छोटा शिमला से कनेडी हाउस एवं रिज मैदान, रैंडबर्ज रेस्टोरेंट एवं रिवौली सिनेमा घर के 150 मीटर के दायरे में, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला लिंक रोड गुरूद्वारा से कुसुम्पटी सड़क तक, कार्ट रोड से मझीठा हाउस तक व सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से चैड़ा मैदान क्षेत्र तक व पुलिस गुम्टी उपायुक्त कार्यालय से लोअर बाजार के 50 मीटर के दायरे में तत्काल प्रभाव से लागू किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह आदेश शहर में सुचारू सार्वजनिक व्यवस्था के दृष्टिगत लिए गए हैं तथा यह आदेश पुलिस, अर्ध सैनिक एवं सेना के लोगों के लिए लागू नहीं होंगे। उपायुक्त ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है तथा इन आदेशों के उल्लघंनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि शिमला जिला में व्यवसाय करने के लिए रेहड़ी-फड़ी, शाॅल एवं प्रवासी मजदूरों के लिए अपने स्थानीय थाना प्रभारी से पहचान करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि यह कदम जिला में प्र्रवासी मजदूरों एवं बाहरी क्षेत्रों से व्यवसाय करने वाले लोगों के अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को पासपोर्ट साईज फोटो एवं अपने ठेकेदार की पुष्टि करवाना स्थानीय थाना प्रभारी के समक्ष अनिवार्य होगा, ताकि स्थानीय लोगों की सुरक्षा एवं अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों की पहचान न करवाने के लिए उनके ठेकेदारों पर धारा 188 आईपीसी के तहत कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से शिमला जिला में लागू किए जा रहे हैं तथा उन्होंने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को इन आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर अधिक खतरनाक होने के कारण पूरे देश में बढ़ते मामलों के फलस्वरूप स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तरों व आॅक्सीजन की कमी सामने आई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने समय रहते उचित प्रबन्धन कर राज्य में बिस्तरों की क्षमता में वृद्धि की तथा आॅक्सीजन की उपलब्धता में कमी नहीं होने दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गत वर्ष इस महामारी की शुरूआत हुई थी तब प्रदेश में कोविड जांच के लिए एक भी प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं थी, उस समय प्रदेश सरकार ने तुरन्त ही 8 आरटी-पीसीआर, 25 ट्ररूनैट और 2 सीवीनैट प्रयोगशालाएं स्थापित की। प्रदेश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने विभिन्न जिलों में लगभग 70 एंबुलेंस तैनात की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने राज्य में अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता और आईसीयू-वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों की क्षमता में बढ़ौतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 बिस्तर और 290 आईसीयू/वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों वाले 57 समर्पित कोविड अस्पताल और समर्पित कोविड चिकित्सा केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जिला मंडी के खलियार, जिला कांगड़ा के परौर और सोलन में तीन मेक शिफ्ट अस्पतालों की स्थापना से प्रदेश में अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 5000 हो गई है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में डी और बी टाईप के सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लोगों को टीकाकरण की लगभग 23.59 लाख खुराकें उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रदेश वैक्सीन के शून्य प्रतिशत वेस्टेज करने वाले देश के कुछ अग्रणी राज्यों में से एक है।
कोविड-19 जैसी भयावह वैश्विक महामारी से पार पाने के लिए आवश्यक है समन्वित व समर्पित प्रयास। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन सोलन समर्पित प्रयासों के माध्यम से एक ओर जहां कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को संबल प्रदान कर रहा है वहीं इस दिशा में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन सोलन द्वारा कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए कार्यान्वित की जा रही हेल्पलाइन सर्वे भवन्तु सुखिनः की मूल भावना को साकार कर रही है। इस हेल्पलाइन पर कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को न केवल औषधि लेने का तरीका बताया जा रहा है अपितु उन्हें मानसिक रूप से मज़बूत रहने के बारे में भी अवगत करवाया जा रहा है। यह सब सम्भव हो रहा है स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुष विभाग के समन्वित प्रयासों से। सोलन जैसे सीमांत जिला में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जहां नियम पालन पर बल दिया जा रहा है वहीं कोविड हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी एवं परेशानी की स्थिति में समाधान भी सुनिश्चित बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन के सघन प्रयासों का ही परिणाम है कि जिला स्तर पर स्थापित हेल्पलाइन के माध्यम से 4366 होम आईसोलेटिड कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को दूरभाष के माध्यम से उचित जानकारी प्रदान की गई और उनका मनोबल बढ़ाया गया। कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए जिला स्तर पर स्थापित आपात संचालन केन्द्र में 03 आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात किए गए हैं। दूरभाष पर चिकित्सक का परामर्श रोगियों के लिए रामबाण सिद्ध हो रहा है। जिला स्तरीय हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की कोविड सम्बन्धी समस्याओं का समाधान भी हो रहा है। मई माह में ही कोविड-19 सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने के लिए 128 लोगों ने हेल्पलाइन का सहारा लिया। लोगों की सुविधा के लिए जिला मुख्यालय पर जिला आपात संचालन केन्द स्थापित किया गया है। यहां दूरभाष नम्बर 01792-220049 तथा 01792-220882 एवं 1077 पर त्वरित सहायता प्राप्त हो रही है। 7 मई, 2021 से 31 मई, 2021 तक इन हेल्पलाइन नम्बरों का हजारों लोग लाभ उठा चुके हैं। लोग ई-पास, कोरोना कफ्र्यू सूचना आवाजाही के सम्बन्ध में तथा राशन इत्यादि की समस्या के बारे में केन्द्र में स्थित टीम को अवगत करवाते हैं। जानकारी मिलने पर सम्बन्धित प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया जाता है और वहां से समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित होता है। दूरभाष नम्बर 01792-221234 पर लोगों को कोविड-19 से सम्बन्धित चिकित्सा सहायता, स्वास्थ्य समस्या तथा कोविड-19 जांच के बारे में जानकारी मिल रही है। हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से होम आईसोलेशन में रह रहे रोगियों को मानसिक रूप से संबल प्रदान किया जा रहा है और उन्हें बताया जा रहा है कि आईसोलशन का मतलब निर्धारित अवधि में अपने घर पर एकान्त वास में रहना। यह नियम पालन कोरोना रोगियों और उनके आसपास के परिवेश को रोगमुक्त रखने में महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के जनहितैषी निर्णयों की सफलता आमजन की इन निर्णयों पालन करने की प्रतिबद्धता के साथ ही पूर्ण हो सकती है। इसके लिए यह आवश्यक है कि लोग कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने में प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा किया जाए रहे निर्णयों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर इन हेल्पलाइन नम्बरों का लाभ उठाएं।
ग्राम पंचायत धुन्दन में पंचायत समिति कुनिहार को उपाध्यक्ष मनोहर लाल ने सेनेटाइज़ करवाया। इस मौके पर धुन्दन के बाजार,डाकघर,नागरिक अस्पताल,पशु औषधालय सहित अन्य जगहों पर सेनेटाइजेशन करवाया गया। उपाध्यक्ष मनोहर लाल ठाकुर (सोनू) ने कहा कि वह जन सेवा भाव से इस कार्य को करते आ रहे है। उन्होंने कहा बाज़ार खुलने से अब सभी दुकानों में आवाजाही शुरू हो गई है।इसके साथ ही अस्पताल में 18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए वैक्सीन का टीका लगना शुरू हो गया। इस टीकाकरण में जिला बिलासपुर,मंडी व हमीरपुर इत्यादि से लोग धुन्दन पहुंच रहे है। जिस कारण बाहरी लोगों के आने से सेनेटाइज़ करने का काम बहुत जरूरी था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व स्थानीय विधायक वीरभद्र सिंह द्वारा दिए गए ऑक्सीमीटर चिकित्सकों को भेंट किए गए व लोगों को कोरोना महामारी को लेकर जागरूक भी किया गया। इस मौके पर अमरचंद,वीरेंद्र,गीतेश शर्मा भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री ये दावा कर रहे है कि दिसम्बर, 2021 तक देश के सभी नागरिकों को कोरोना महामारी का टीकाकरण का काम कर दिया जाएगा जबकि वैक्सीन दवा कंपनियों के दावे कुछ और हैं। इससे ही साबित होता है कि सरकार के मंत्री ही भ्रम की स्थिति जनता में फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में 2 कंपनियां वैक्सीन बनाने का काम कर रही है, जिसमें सीरम कंपनी कोविशील्ड व भारत बायोटेक कोवैक्सिन का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि सिरम कंपनी ने दावा किया है कि वह दिसम्बर, 2021 तक 60 करोड़ वैक्सीन तैयार कर लेगी, वहीं भारत बायोटेक का दावा है कि दिसम्बर, 2021 तक 70 करोड़ बना लेगी। उन्होंने कहा कि अगर इन दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों के दावे पर भी विश्वास करे तब भी हर नागरिक को 2 बार वैक्सीन लगने पर 50 प्रतिशत आबादी को ही टीकाकरण मुकम्मल हो पाएगा, जबकि सिरम कंपनी ने वैक्सीन विदेशों में भी भेजने का करार किया है। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि केंद्रीय मंत्री देश की जनता के साथ झूठ बोल रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार के चुनावों के दौरान बिहार में मुफ्त टीकाकरण की घोषणा की थी और चुनावों के बाद लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया। उन्होंने इस बात को लेकर भी अफसोस जाहिर किया कि देश की जनता को वैक्सीनेशन लगाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है और वैक्सीन पूरा नहीं हो रहा है, जबकि देश के प्रधानमंत्री खुद को महान साबित करने के लिए वैक्सीन 123 देशों में भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसी घड़ी में पहाड़ी राज्यों की खुलकर मदद करनी चाहिए और प्रदेश सरकार को भी केंद्र सरकार से विशेष पैकेज लेने की वकालत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज टीकाकरण करने के लिए जो सरकार का ऑनलाइन सिस्टम है, वो 2 मिनट में फुल हो जाता है और लोगों को कोसों दूर गाड़ियां करके टीका लगवाना पड़ रहा है, इस प्रक्रिया को ठीक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि 60 साल की उम्र से ज्यादा ऐसे कितने लोग हैं, जिन्हें अभी तक वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है। सरकार को चाहिए कि पहाड़ी राज्य होने के नाते फुल्ली एक्विपपड़ वैनस तैयार करके गांव-गांव जाकर टीकाकरण करना चाहिए क्योंकि कई बजुर्ग लोग पैदल नहीं चल सकते हैं, उन्हें भी टीका लग सके।
सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सतत सहयोग प्रदान कर समुदाय के कल्याण के प्रति अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए जिला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लोगों के जीवन को बचाने और संक्रमितों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर चुनकर आए सदस्यों व प्रतिनिधियों ने कोरोना की दूसरी लहर में जिला के बसंतपुर, मशोबरा, ठियोग, नारकंडा, ननखड़ी, रामपुर, जुब्बल, चैपाल, रोहड़ू, छौहारा कुपवी और टुटू की 407 पंचायतों में संक्रमण से बचाव और संक्रमित रोगियों की देखभाल के लिए सहयोग व सहायता प्रदान कर कार्य किया गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों व प्रतिनिधियों द्वारा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निरंतर निगरानी का कार्य किया जा रहा है होम क्वॉरेंटाइन में रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। बाहर से आए 382 व्यक्ति जिला के इन क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में क्वॉरेंटाइन है जिनकी निगरानी व जांच कार्य निरंतर किया जा रहा है जिनमें उस क्षेत्र के पंचायत सदस्यों पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा सहयोग मिल रहा है। पंचायती राज सदस्य व प्रतिनिधियों के सहयोग से जिला के विभिन्न पंचायतों में लक्षण प्राप्त 2710 लोगों की जांच का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के आदेशों की अनुपाल ना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में 635 विभिन्न विवाह व धार्मिक अनुष्ठान कार्यों का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया तथा इनमें भीड़ इकट्ठी ना होने देना की प्रतिबद्धता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाहन किया गया। होम आइसोलेशन रह रहे 1766 कोरोना संक्रमित रोगियों की जांच की गई। जिला की सभी विकास खंडों के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमण की जंग लड़ने में इनका सहयोग सार्वजनिक क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में भरपूर रूप से प्राप्त हुआ है जगह जगह गली मोहल्लो,बाजारो , पगडंडियों के सैनिटाइज के कार्यों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ इन पदाधिकारियों, सदस्यों ने अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोविड-19 सकारात्मक व्यवहार और कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष मानक संचालन की अनुपाना के प्रति जागरूकता प्रदान की गई। विभिन्न प्रचार सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाने और उस पर अमल कर कोरोना से बचाव के प्रति सचेत किया गया। माॅस्क वितरण कार्य तथा लोगों को मास्क बना कर समाज को प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया, विशेष रुप से स्वयं सहायता समूह का योगदान इसमें लेकर उन्हें सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को राशन, सब्जी, दवाइयां आदि की उपलब्धता पंचायतों द्वारा भी सुनिश्चित की जा रही है। जिला में 129 होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया। पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव तथा पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोविड 19 जांच के लिए परस्पर जानकारी जुटाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है तथा टीकाकरण के लिए सभी विकास खण्डों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के दाह संस्कार आदि कार्यों में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
मंडी सिराज विधानसभा क्षेत्र छतरी में फंदे से झूल गई 22 साल की गर्भवती, सास और दो ननदें करती थीं प्रताड़ित मंडी हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं, अब इन अत्याचारों से परेशान होकर महिलाओं ने आत्महत्या जैसे कदम उठाने भी शुरू कर दिए हैं, जो की एक गंभीर समस्या है। इसी कड़ी में ताजा मामला प्रदेश के मंड़ी जिले स्थित उपमंडल सुंदरनगर से सामने आया है। जहां एक 22 वर्षीय गर्भवती विवाहिता ने फंदा लगा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।महिला के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का जावन भी उसकी मां के साथ समाप्त हो गया। वहीं, अपनी बेटी द्वारा उठाए गए इस कदम पर पिता ने उसकी दो ननंद और सास-ससुर पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मेरी बेटी को मानसीन रूप से परेशान करते थे। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस घटना पर मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।वहीं, मृतक महिला का नाम सपना देवी पत्नी आलम चंद था। मृतिका करसोग से लगभग 11 किलोमीटर दूर बखरोट के समीप दलाग गांव की रहने वाली बताई गई है। बता दें कि सपना की शादी पिछले वर्ष आलम चंद से हुई थी। बेटी द्वारा उठाए गए इस खौफनाक कदम पर मृतका के पिता राजेश कुमार ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे शादी के बाद मेरी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इस बारे में कई बार सपना ने उन्हें फोन पर जानकारी भी दी थी।पिता का यह भी कहना है कि सास ससुर द्वारा दी जाने वाली प्रताड़ना से परेशान होकर ही उनकी बेटी ने इतना संगीन कदन उठाया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी गुरबचन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शव छतरी से करसोग अस्पताल लाया गया तथा वहां से पोस्टमार्टम के लिए शिमला आईजीएमसी रेफर कर दिया गया है। इसके साथ ही डीएसपी ने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्यवाही अमल पर लाई जाएगी।
जिला सिरमौर भाजपा पच्छाद मंडल के उपाध्यक्ष अरुण चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। अरुण चौहान ने कहा की पच्छाद विधानसभा में हो रहा विकास कांग्रेस को नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा की कांग्रेस आये दिनों भाजपा पर विकास को लेकर बयानबाजी करती हुई नजर आती है , लेकिन कांग्रेस के नेताओं को विकास दिखाई नहीं देता है । अरुण चौहान ने कहा की पच्छाद की विधायक रीना कश्यप क्षेत्र में सराहनीये कार्य कर रही है। उन्होंने कहा की श्लेच कैंची से हलोनीपुल मार्ग जोकि पिछले कई सालों खस्ता हाल में था, जिसके बाद विधायक ने लोगों की समस्या को देखते हुए इस मार्ग की मुरामत करवाई है, इस मार्ग की मुरम्मत होने के बाद लोगों को अब परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा , अरुण चौहान ने कहा की पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य लगातार जारी है ,उन्होंने कांग्रेस पर तंज कस्ते हुए कहा कि कांग्रेस क्षेत्र के विकास को नहीं देख पा रही है और बोखलाहट में ऐसे ही ब्यान बाजी कर रही है। पच्छाद मंडल के उपाध्यक्ष अरुण चौहान ने कहा कि पछाड़ की जनता को सब पता है और विधायक रीना कश्यप विधानसभा क्षेत्र में भरपूर विकासात्मक कार्य करने में लगी हुई है।
मंडी सिराज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुडाह के ग्राम केंद्र शंकरदेहरा में सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस करोना महामारी के संकट काल में अपने निर्वाचन क्षेत्र के अति गरीब लोगों को मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए अपनी धर्मपत्नी डॉक्टर साधना ठाकुर को गांव गांव मे लोगों के बीच भेज कर लोगों को कोरोना जैसी महामारी के चलते प्रेरित करते हुए कहा की इस करोना काल में लोग भ्रमित ना हो इस महामारी का डटकर सामना करना है और इसके नियमों का भी पालन करते रहे। सरकार भी अपने स्तर पर पूरी तरह इस बीमारी को निपटने के लिए तैयार हैं और हर संभव प्रयास कर रही है। साथ ही गरीब लोगों को आटा, चावल, दाल, तेल, चमनप्राश ,काढा और मासक इत्यादि दिये गए। डॉक्टर साधना का कहना है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को जिस भी तरह की सहायता की जरूरत रहेगी हम उनके लिए दिन-रात हर संभव सहायता का प्रयास करेंगे। इस बीच उनके साथ ग्राम केंद्र प्रधान राज शर्मा पूर्व प्रधान खजाना राम शर्मा , चुरामणि ,जितेंद्र ,रंजना शर्मा और मित्र देव शर्मा और सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















































