सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज कक्षा छठी A के छात्रो के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल उषा मित्तल जी ने बताया कि इस प्रतियोगिता के आयोजन में गतिविधि प्रभारी श्रीमती अंजना के मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया| इस प्रतियोगिता के निर्णायक उषा मित्तल, श्री बीर सिंह और श्रीमती सुमिति चंदेल थे| कक्षा छठी के 24 प्रतिभागियों ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भाग लिया | कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व वैदिक मंत्रों के उच्चारण सहित किया गया l लड़कों में छत्रपति शिवाजी के रूप में मेधांश, मानद संस्थापक प्रबंधक मित्तल सर के रूप में देवांश प्रथम और श्रीराम के रूप में अरमान तथा उधम सिंह के रूप में कृतज्ञ दूसरे स्थान पर रहा| वही कार्तिक, निमित और राजवीर तीसरे स्थान पर रहे। प्रथम - प्रकृति के रूप में पृषा, प्रिंसिपल मैम के रूप में काव्या प्रथम, जीजा बाई के रूप में शमिस्ता, पंजाबन के रूप में वैभव प्रथम स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर प्रांजल एयर होस्टेस के रूप में, अदिति पुलिस अधिकारी के रूप में तीसरे स्थान पर रहे| अर्णव अथवा पूर्णिमा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ संवाद का पुरस्कार तन्वी को दिया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसर व उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के द्वारा किया गया।
आईटीआई नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। आगामी 24 जुलाई को जी.ऍम.पी टेक्निकल मोहाली, ऍम. टी. ऑटोक्राफ्ट परवाणू व नयूरेका टेक्निकल प्राइवेट लिमिटेड मोहाली के लिए अलायन्स जॉब्स द्वारा आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर में लिखित परीक्षा व कैम्पस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। कंपनी के एच॰आर॰ विभाग के अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के लिए एन॰सी॰वी॰टी॰ और एस॰सी॰वी॰टी॰ से फिटर, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, डीज़ल मैकेनिक, टर्नर, मशीनिस्ट ,ट्रैक्टर मैकेनिक और सभी व्यवसाय मे कोर्स पूरा कर चुके सभी अभ्यर्थी पात्र होंगे। उन्होने बताया कि अलायन्स जॉब्स की तरफ से यह निशुल्क जॉब फेयर है और किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा I कंपनी द्वारा चयनित युवाओं को 12000/- से 22000/- रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। कैम्पस इंटरव्यू में पात्र युवा 24 जुलाई को सुबह नौ बजे अपने मूल प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, पैन कार्ड की प्रतिलिपियों के साथ आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर कैम्पस में पहुँच जाने चाहिए। इस विषय बारे संस्थान प्रधानाचार्य ई. ललित मोहन ने बताया कि युवाओं की चयन प्रक्रिया में पहले एक लिखित परीक्षा होगी और उसके बाद साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कैम्पस इंटरव्यू में प्रदेश भर के सरकारी व निजी आई॰टी॰आई॰ के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट अधिकारी मुकेश कौशल से दूरभाष 01970-292604 व 9418162333 पर संपर्क कर सकते हैं ।
कुल्लू: हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी अब अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। एचआरटीसी रिटायर्ड पेंशनर्स का कहना है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर बिल्कुल भी गौर नहीं कर रही है, जिसके चलते उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आज एचआरटीसी रिटायर्ड पेंशनर्स ने ढालपुर में रोष प्रदर्शन किया और डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। एचआरटीसी पेंशनर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सूद ने बताया कि फरवरी माह में भी एक मांग पत्र परिवहन मंत्री को दिया गया था। उस पर भी कोई गौर नहीं किया गया। परिवहन निगम से अब तक 8 हजार सेवानिवृत कर्मचारियों के द्वारा 8 हजार करोड़ रुपए की वित्तीय लेनदारी बाकी है, लेकिन सरकार इस पर बिल्कुल भी गौर नहीं कर रही है। वहीं, कई अन्य विभागों से रिटायर्ड कर्मचारियों को साल 2016 के वेतन मानों के तहत एरियर की पहली किश्त मिल चुकी है, लेकिन परिवहन निगम के पेंशनर अभी तक वित्तीय समस्या से जूझ रहे हैं। अध्यक्ष सुरेंद्र सूद ने बताया कि अब एक बार फिर से सरकार को मांग पत्र भेजा गया है और मांग रखी गई है कि नए वेतनमान का एरियर 5, 10, 15 प्रतिशत क्रमशः 65 वर्ष, 70 वर्ष, 75 वर्ष पूर्ण करने वाले पेंशनर्स को जल्द दिया जाए। पेंशनर को मेडिकल बिलों का भुगतान भी जल्द किया गया जाए और प्रत्येक पेंशनर को अब तक मिलने वाले एरियर की राशि की जानकारी दी जाए. सुरेंद्र सूद ने कहा कि इसके अलावा न्यायालय द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करके पेंशनर्स की राशि का भुगतान किया जाए। अगर उसके बाद भी सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो पेंशनर 25 जुलाई के बाद आगामी रणनीति के तहत कार्य करेंगे।
**परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप जिला हमीरपुर में थाना नादौन के तहत तेलकड़ गांव में व्यक्ति की संदिग्ध मौ*त का मामला सामने आया है। मृत*क की पहचान तेलकड़ निवासी रघुवीर सिंह के तौर पर हुई हैं। पिछली रात ही पुलिस ने रघुवीर सिंह के घर पर छापेमारी की थी। रघुवीर के खिलाफ उसके पड़ोसी ने पुलिस में ये शिकायत दी थी कि उसके घर में बंदूक है, जिससे उन्हें जान का खतरा है। हालांकि पुलिस को छापेमारी के दौरान घर से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ हैं। मृत*क के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना किसी सर्च वारंट के उनके घर में छापेमारी की है, जबकि शिकायतकर्ता पहले भी ऐसी कई झूठी शिकायत पुलिस में कर चुका है। परिजनों ने बताया कि बीते देर शाम सात से 9 बजे के बीच में पुलिस ने घर में जांच की, जिसके बाद शुक्रवार रात 9 बजे के करीब रघुवीर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और जब 15 मिनट बाद परिजनों ने देखा तो वो संदिग्ध अवस्था में मर चुका था। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस रात में 12:30 बजे मौके पर पहुंची। परिजनों का ये भी कहना है कि एसडीएम और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आने के बाद ही श*व को पोस्टमार्टम के लिए सौंपा जाएगा। वहीं, मृत*क के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना सर्च वारंट के उनके घर में छापेमारी की है, जबकि इससे पहले भी कई बार शिकायतकर्ता इस तरह की झूठी शिकायत कर चुका है। परिजनों का कहना है कि पुलिस की छापेमारी से आहत होकर ही रघुवीर ने आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस की ओर से आत्महत्या की पुष्टि नहीं की गई है। इस पूरे मामले की पुष्टि हमीरपुर एसपी भगत सिंह ठाकुर ने की और कहा कि आगामी कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू में बने हवाई अड्डों का दृश्य उड़ान नियम यानि विजुअल फ्लाइट रूल्स(वीएफआर) विमानन कंपनियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। इन हवाई अड्डों पर लैंड करने के लिए पायलटों को 5,000 मीटर की दृश्यता की आवश्यकता होती है, लेकिन खराब मौसम में विजिबिलिटी न मिलने के कारण उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। इसका खामियाजा विमानन कंपनियों और हवाई जहाज से सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में खराब मौसम के कारण शिमला और कुल्लू के लिए एलायंस एयर की ओर से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों ही एयरपोर्ट वीएफआर हवाई अड्डे हैं, जहां पर 5000 मीटर की दृश्यता की आवश्यकता होती है। लेकिन खराब मौसम के बीच पायलटों के लिए यह दृश्यता नहीं मिल पाती। इसके चलते विमानन कंपनियों को अपनी उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। वहीं इस सदंर्भ में एलायंस एयर विमानन कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि विमानन कंपनी मौसम के आधार पर प्रतिदिन प्लाइट का संचालन और उन्हें रद्द करने की योजना बनाती है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए पहले है, जिसके चलते खराब मौसम के बीच उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया मौसम साफ होते ही इन हवाई अड्डों के लिए नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून बेशक रूठा हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है। ऐसे ही सिरमौर जिले के पावंटा साहिब में गिरिपार इलाके में भारी बारिश हुई है। यहां पर भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आ गया और बेटी को बचाते- बचाते पिता की मौ*त हो गई। फ्लैश फ्लड में पिता बह गया और उसकी ला*श 10 किमी दूर टौंस नदी में मिली। फिलहाल, पुलिस ने ला*श को कब्जे में ले लिया है। फ्लैश फ्लड में ला*श के चेहरे का कुछ हिस्सा गायब हो गया है। सिरमौर पुलिस ने ला*श मिलने की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में गिरिपार की डांडा पंचायत का यह मामला है। यहां पर रात को 11 बजे यह घटना पेश आई है। दरअसल, भारी बारिश से रेतुआ गाँव में फ्लैश फ्लड आया और 48 साल का शख्स बह गया। घटना के दौरान शख्स की बेटी साथ थी और किसी तरह पिता ने बेटी को बचा लिया। फ्लैश फ्लड और बारिश की आवाज के बाद पिता और बेटी टॉर्च लेकर घर से निकले थे। पिता की पहचान अमन सिंह पुत्र तेलुराम, डांडा, कालाअंब के रूप में हुई है। पिता यह देखने के लिए घर से निकला था कि कहीं बारिश की वजह से घर और गौशाला को खतरा तो नहीं है। फिलहाल, पिता का श*व 10 किमी दूर टौंस नदी से बरामद किया गया है। पुरुवाला थाने के एसएचओ ने बताया कि पुलिस टीम ने श*व को कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया की भारी बारिश के बाद इलाके में फ्लैश फ्लड आया था। पुलिस ने बताया कि श*व की शिनाख्त परिजनों ने की है। उधर, शिमला के मौसम विज्ञान के केंद्र ने बताया कि सिरमौर के नाहन में बीती रात को 60 एमएम बारिश हुई है। पूरे मामले के बाद लोगों में दहशत और रोष है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में बीते कुछ महीनों से अंधाधुंध पेड़ कटान हो रहा है और ठेकेदारों ने जगह-जगह ट्रेक्टर निकालने के लिए बनाई सड़कें बनाई हैं और इस कारण कई जगह खाईनुमा जमीन बन गई और इस कारण लैंड स्लाइड और छोटे छोटे नालों का निर्माण हो गया है।
ट्रैफिक टूरिस्ट एंड रेलवे पुलिस कंदरोड़ी द्वारा नाबालिग वाहन चालकों पर अब शिकंजा कसा गया है । बता दें कि कंदरोड़ी रेलवे चौंकी के प्रभारी विक्रांत ने स्टाफ के साथ इंदौरा डमटाल थाना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर यातायात चैकिंग नाका लगाकर वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में व सशोदित मोटर वाहन अधिनियम में वर्णित जुर्माने के प्रावधान के बारे में अवगत करवाया तथा बिगड़ैल नवयुवक बाइकराइडर जो बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाते हैं उनके चालान किए गए तथा एल्कोहॉलसेन्सर के साथ देर रात तक वाहनों की चेकिंग की गई ताकी शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके, वही ए.एस.आई विक्रांत ने अभिवावकों से मीडिया के माध्यम से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें अन्यथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199 ( A ) के तहत 25000 रुपए जुर्माना व नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने वाले अविभावक को तीन वर्ष तक सजा का प्रावधान है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मशहूर श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान लंगर सेवा के लिए जा रहे एक सेवादार की पहाड़ी में गिरने से मौ*त हो गई। मृत*क की पहचान रामपुर के रहने वाले सिद्धार्थ शर्मा (31) के रूप में हुई है। सिद्धार्थ शर्मा अपने पीछे 5 साल की बेटी, गर्भवती पत्नी, माता-पिता और बहन को छोड़ गए हैं। परिजनों का घर पर रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने श*व कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान सिद्धार्थ शर्मा(31) पुत्र विजय शर्मा, निवासी मुख्य बाजार रामपुर भीमडवारी के समीप बराहटीनाला में गिरने से घाय*ल हो गया। इसके बाद घाय*ल को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला ले जाया गया। लेकिन आईजीएमसी में डॉक्टर ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। स्थानीय पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। परिवार के मुताबिक सिद्धार्थ शर्मा श्रीखंड यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा के लिए घर से निकला था। सामान ले जाते वक्त गुरुवार दोपहर चढ़ाई चढ़ते वक्त बराहटी नाला के समीप पैर फिसलने के बाद करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घाय*ल हो गया। इसके बाद सिद्धार्थ को सिंहगाड बेस कैंप तक पहुंचाया गया। यहां से गुरुवार रात करीब ढाई बजे उसे घायल अवस्था में निरमंड अस्पताल लाया गया। हालत खराब होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे खनेरी अस्पताल भेज दिया। यहां भी जब सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ तो शिमला IGMC रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मृ*त्यु हो गई
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंदरोल सब्जी मंडी में रेडलम, डार्क बेरॉन गाला सेब ने दस्तक दी है। सब्जी मंडी में गाला सेब 221 रुपये प्रति किलो बिका है। गाला सेब को व्यापारी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। सेब के उम्दा दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। अगस्त के पहले सप्ताह से रॉयल सेब भी मंडियों में आएगा। प्लम, नाशपाती के बाद अब बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। सब्जी मंडी बंदरोल में दुकान नंबर 140 के आढ़ती मोहन ठाकुर ने कहा कि गाला किस्म के सेब की व्यापारियों में खूब डिमांड है। इसके चलते बागवानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पास हुए अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात है। बोर्ड अपनी स्थापना के समय से लेकर अब तक के सभी सर्टिफिकेटों को डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवाएगा। इससे अभ्यर्थियों को पुराने सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए बोर्ड कार्यालय के चक्कर काटने से भी छुटकारा मिलेगा। इस संदर्भ में शिक्षा बोर्ड ने एक प्रपोजल तैयार किया है, अगर यह प्रपोजल सिरे चढ़ता है तो सूबे के अभ्यर्थियों को खासी राहत मिलेगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 2012 के बाद के सभी सर्टिफिकेटों को डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवाया गया है। इससे पहले के कुछ दस्तावेजों की शिक्षा बोर्ड के पास डिजिटल काॅपी है, जबकि अधिकतर दस्ती तौर पर रखे गए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 1969 में अस्तित्व में आया। पहले इसका मुख्यालय शिमला में था। जनवरी 1983 में धर्मशाला में स्थानांतरित कर दिया गया। शिक्षा बोर्ड हिमाचल प्रदेश में स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, निर्देशों के पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तकें निर्धारित करता है और सूचीबद्ध पाठ्यक्रमों के आधार पर परीक्षाएं आयोजित करता है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा बोर्ड 8वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं और डीएलएड के अलावा एसओएस सहित अन्य कई परीक्षाएं करता है। शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाई जाने वाली परीक्षाओं में हर वर्ष ढाई से तीन लाख अभ्यर्थी बैठते हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डिजी लॉकर पर वर्ष 2012 के बाद सभी सर्टिफिकेट अपलोड किए गए हैं। शिक्षा बोर्ड ने योजना बनाई है कि डिजी लॉकर पर स्थापना के समय से पासआउट हुए अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेटों को भी उपलब्ध करवाया जाए, इसके लिए प्रपोजल भेजा गया है। प्रपोजल के मंजूर होते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिला कांगड़ा के ज्वाली के अंतर्गत सिटी केयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लब का शुभारंभ हुआ, जिससे अब जनता को दूरदराज के अस्पतालों में जाने से निजात मिलेगी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे सहित समस्त टेस्टों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड भी अस्पताल में चलेंगे, जिसका मरीजों को पूरा लाभ मिलेगा। अस्पताल में एमडी मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, जनरत्त सर्जन और यूरोलोजिस्ट तैनात हैं, जिनकी मरीजों को 24 घण्टे चिकित्सा सुविधा मिलेगी। अस्पताल में डॉ. एसपी सिंह (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन), डॉ. दीपक सिंह (एमवीवीएस-एमडी रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. प्रभजोत कौर व डॉ. रोहीन कुमार (एमबीबीएस, एमडी गायनी), डॉ. जसविंदर सिंह (एमवीवीएस इंटरनल मेडिसिन), डॉ. जावेद अहमद भट (एमवीवीएस एमएस), डॉ. आदिल लोन (हड़ी रोग विशेषज्ञ) ने कार्यभार संभाल लिया है। अस्पताल संचालक नीरज यकुर ने बताया कि मरीजों को हर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी । अब दूरदराज के अत्यतात्तों में भटकने से भी निजात मिलेगी तथा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सहित सभी टेस्ट की सुविधा मिलेगी। हिमकेयर सहित आयुष्मान कार्ड की भी सुविधा मिलेगी। हिमाचल सरकार के पेंशनरों व सरकारी कर्मियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
शिमला में लोग अब 12 महीने आइस स्केटिंग का रोमांच उठा पाएंगे। जल्द शिमला में ऑल वेदर अत्याधुनिक आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जाएगा। मौजूदा समय में शिमला में आइस स्केटिंग केवल सर्दियों में 3 महीने ही हो पाती है। इस रिंक में प्राकृतिक तौर पर बर्फ जमाई जाती है। ऐसे में यहां आइस स्केटिंग का होना पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करता है, लेकिन, अत्याधुनिक आइस स्केटिंग के निर्माण से यहां 12 महीने मशीनों के माध्यम से बर्फ जमाई जाएगी और लोग वर्ष में किसी भी समय आइस स्केटिंग का लुत्फ उठा पाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, टेंडर भरने की आखरी तिथि 8 अगस्त रखी गई है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि शिमला में अत्याधुनिक आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जाना है। यह निर्माण 42 करोड़ की लागत से होना है। इससे पर्यटक 12 महीने आइस स्केटिंग का लुत्फ उठा पाएंगे। उपायुक्त ने इस संदर्भ में आइस स्केटिंग क्लब के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। आल वेदर रिंक अत्याधुनिक तकनीक से बनकर तैयार होगा और इसमें बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। रिंक में आईस हाॅकी के अलावा अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। आइस स्केटिंग रिंक पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा आइस स्केटिंग क्लब के आसपास पौधारोपण भी किया जाएगा। वहीं, नई आइस स्केटिंग रिंक में चेंजिंग रूम, रिंक, रोलर रिंक, रेस्तरां, फायर अलार्मिंग सिस्टम, कांफ्रेंस हाॅल, सर्विलांस सिस्टम सहित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्केटिंग सुविधा मुहैया करवाए जाने की योजना प्रस्तावित है।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के लाहलड़ी गांव के अग्निवीर निखिल डडवाल का सैन्य सम्मान शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें नम आंखों के साथ ग्रामीण और सैन्य जवानों ने विदाई दी। सैनिकों ने निखिल को मार्च पास्ट की सलामी दी और फिर श्रद्वाजंलि अर्पित की। हमीरपुर शहर के वार्ड-11 के लाहलड़ी का अग्नवीर निखिल डडवाल कश्मीर के अखनूर में ड्यूटी पर तैनात था। बुधवार को ड्यूटी के दौरान उसकी संदिग्ध मौ*त हो गई थी। पहले परिवार को सेना ने सूचना दी कि निखिल के सिर पर गहरी चोट लगी है, लेकिन बाद में कुछ और बताया। शुक्रवार दोपहर बाद अग्निवीर निखिल का श*व गांव लालहड़ी पहुंचा और कोहराम मच गया। अग्निवीर निखिल डडवाल के पिता और भाई ने पीएम मोदी, राष्ट्रपति से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। पिता दलेर सिंह ने बताया कि फोन पर पता चला कि निखिल को चोट लगी है। उन्होंने यह बताया कि चोट तो लगती रहती है, लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि निखिल की मौ*त हो गई। उन्होंने कहा कि निखिल बहुत मेहनती था। निखिल के पिता ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की जांच और न्याय दिलाया जाए।
मंडी: जल जीवन मिशन यानी इस योजना के तहत हर घर में नल योजना के तहत नल तो लगे लेकिन योजना के अंतर्गत आवंटित पाइपें अब रेलिंग लगाने के काम भी आ रही हैं। ये हैरतअंगेज मामला मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल से सामने आया है। धर्मपुर उपमंडल के तहत कलस्वाई गांव में एक व्यक्ति ने सरकारी पानी योजना में इस्तेमाल होने वाली पाइपों से अपने घर की रेलिंग ही बना डाली। विजिलेंस को जब इस बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई तो टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। व्यक्ति ने अपने घर पर डेढ़ इंच, एक इंच और आधा इंच की करीब 40 मीटर सरकारी पाइपों से रेलिंग लगा रखी थी। प्रारंभिक जांच में विजिलेंस ने चोरी का मामला दर्ज किया है और ऐसा माना जा रहा है कि इन पाइपों को चुराकर इस तरह से इस्तेमाल किया गया है, लेकिन विजिलेंस इसमें कहीं न कहीं विभागीय संलिप्तता को भी नकार नहीं रहा है। ऐसे में हर नजरिए से मामले की जांच की जा रही है। विजिलेंस की टीम अब मामला दर्ज करने के बाद यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि व्यक्ति ने यह पाइपें चुराई थी या फिर किसी विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से इन्हें हथियाकर घर में रेलिंग बनाने में इस्तेमाल किया था। वहीं, डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि की है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। तथ्यों के अनुसार जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। मामले में विभागीय संलिप्तता को लेकर भी जांच पड़ताल की जाएगी। बता दें कि पूर्व प्रदेश सरकार में कद्दावर जल शक्ति मंत्री रहे महेंद्र सिंह ठाकुर धर्मपुर क्षेत्र से संबंध रखते हैं। बतौर मंत्री उन्होंने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल तो पहुंचा ही साथ ही ऐसी-ऐसी योजनाएं बना दी जो कई दशकों तक लोगों को पानी उपलब्ध करवाती रहेंगी। हालांकि उस वक्त विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने यहां पर योजना को लेकर बंदरबांट के भी कई गंभीर आरोप लगाए थे।
पांवटा साहिब: सतौन सड़क पर शुक्रवार शाम सिरमौरी ताल के पास दो बाइक की आपस में टक्कर हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौ*त हो गई, जबकि दो घायल हो गए, जिनका पांवटा साहिब अस्पताल में इलाज चल रहा है। 46 वर्षीय धर्म सिंह सतौन से पांवटा साहिब की तरफ आ रहा था और सामने से अन्य बाइक पर 29 वर्षीय निकेश और उसके 63 वर्षीय पिता मदन सिंह आ रहे थे। सिरमौरी ताल के पास दोनों बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में धर्म सिंह की मौ*त हो गई। मामले की पुष्टि डीएसपी अदिति सिंह ने की है।
भुंतर: पुलिस थाना भुंतर की टीम ने बजौरा फॉरलैन में नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक न० PB03BH1683 से 1800 बोतलें बियर मार्का थंडर बोल्ट व 960 बोतलें बियर मार्का टुबोर्ग, कुल 2760 बोतलें बियर बरामद की गई है। इस संदर्भ में चालक बलविंदर सिंह निवासी शालुवाल तहसील नाभा जिला पटियाला (पंजाब) के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत पुलिस थाना भुंतर में प्रकरण दर्ज किया गया है तथा अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है।
ज्वालामुखी: एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी अपशिष्ट प्रबंधन स्टार्ट-अप के ससंस्थापक ज्ञान चंद सूद एक दूरदर्शी उद्यमी हैं, जिनका जी.सी.सी. और ओमान सल्तनत में उद्योग में 35 वर्षों से अधिक का उल्लेखनीय करियर रहा है। देव भूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी से निकलकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी। सूद की यात्रा उन्हें कुवैत, कतर और अंत में ओमान ले गई, जहाँ उन्होंने खतरनाक और गैर खतरनाक दोनों तरह के रासायनिक अपशिष्टों को संभालने में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाया। खासकर ओयल और गैस क्षेत्र। 2007 में ज्ञान चंद सूद ने अपने अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाकर एलीट एंटरप्राइजेज वर्ल्डवाइड एलएलसी की स्थापना की। वर्षों से, उत्कृष्टता और उद्योग-अग्रणी प्रथाओं के कार्यान्वयन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने कंपनी की प्रतिष्ठा को बढ़ाया। 2019 में, उनके सुपुत्र शिव सूद ने एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी की स्थापना करके अपने पिताजी के दूरदर्शी प्रयासों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो को व्यापक बनाते हुए इसमें लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित भंडारण और ओयल और गैस क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले खतरनाक और गैर खतरनाक रासायनिक अपशिष्टों का ओमान सरकार के नियमों के अधीन अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान को शामिल किया गया। इसी व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र शिव सूद ने 15 जुलाई 2024 को अभिजात वर्ग खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन समाधान एफ जेड सी एल एल सी का सोहार (ओमान) में 3.5 मिलियन डॉलर की लागत के खतरनाक अपशिष्ट उपचार संयंत्र का शिलान्यास किया। यह परियोजना, रणनीतिक रूप से सोहार फ्रेज़ॉन में है, ओमान में संचालित विभिन्न उद्योगों द्वारा उत्पन्न विभिन्न औद्योगिक केमिकल अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान में विशेषज्ञ होगी। 10 हजार वर्ग मीटर में फैली और 3.5 मिलियन अमरीकी डॉलर (1.3 मिलियन ओएमआर) के कुल निवेश वाली नई सुविधा, कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें अग्रणी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण शामिल होंगे, जो ऑयली स्लज, कॉन्टैमिनेटेड सोईल, यूज्ड ऑयल, पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक, टायर्स जैसे औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों का सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकिया के अंत में हैवी ऑयल, वायर्स और कार्बन निलेगी। हैवी ऑयल का उपयोग कृषि उपकरणन, समुद्री जहाजों इत्यादि, कार्बन का उपयोग सड़कों का निर्माण करने के लिए, सीमेंट कारखानों, वायर्स का उपयोग स्टील इंडस्ट्रीज़ में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अल बातिनाह सोहार के गवर्नर- शेख मुहम्द सुलेमान अल किन्दी, पर्यावरण अधिकारी, ऑयल और गैस क्षेत्र के बिज़नेस हेड्स, अन्य प्रमुख अधिकारी, एलीट के फाउंडर - ज्ञान चंद सूद, को फाउंडर - शिव सूद, कैमिकल इंजीनियर- मोहमद् शाकिर, एलीट के (सी.ओ.ओ )- इंजीनियर मोहमद सालिम साइद् हरदान, फाइनेंस हेड - नवीन कुमार, बिज़नेस मैनेजर - अविनाश भाटिया और टीम एलीट की उपस्थिति में यह शिलान्यास संपन्न हुआ।
शिमला शहर के जिन क्षेत्रों में एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाती है वहां अब स्ट्रेचर और व्हील चेयर की सुविधा नगर निगम देने जा रहा है। नगर निगम ने 40 स्ट्रेचर और 40 व्हील चेयर खरीदे है जोकि शुक्रवार को नगर निगम महापौर कार्यालय पहुंचे और अब इन्हें हर वार्ड में रखा जाएगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ आपातकाल या मरीजों को सड़क तक लाना मुश्किल होता है। नगर निगम द्वारा एसजेवीएल के माध्यम से इसकी खरीदारी की है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने जानकारी देते हुए कहा कि शिमला शहर एक पहाड़ी क्षेत्र है और हर जगह सड़क की सुविधा नहीं है इसको देखते हुए पार्षदों द्वारा स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की डिमांड की गई थी |अभी पहले चरण में 40 स्ट्रेचर और 40 व्हील चेयर खरीदी गई है इसके अलावा भी यदि कहीं से डिमांड आती है तो उस वार्डस में फिर से स्ट्रेचर और व्हील चेयर मुहैया करवाए जाएगें। इसे खासकर मरीजों को सड़क तक लाने के लिए आसानी होगी और यह वार्डों में पार्षद कार्यालय में रखा जाएगा जहां से लोग इन्हें किसी भी समय ले सकते हैं। इसके अलावा शहर में सभी वार्डों में लोगों को नए 350 बेंच की सुविधा मिलने वाली है। इन्हें वार्डों में विभिन्न स्थानों पर लगाया जाएगा। इन बेंचों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा जिससे इनकी सुविधा आम लोगों को मिल सके। वार्ड के पार्षदों द्वारा बेंच लगाने के लिए स्थान को चिन्हित किया जाएगा। इससे वार्ड के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। जिन वार्डों में बेंच की ज़रुरत नहीं होगी तो वार्डों को ज़्यादा बेंच दिए जाएंगे।
सोलन: आज सारथी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित पोधरोपण कार्यक्रम की आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता उप-पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धोलटा ने की| इस दौरान अनिल धोलटा ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। पेड़ पर्यावरण को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वायु की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं। जो की मनुष्यों और अन्य जीवित प्राणियों के लिए आवश्यक हैं। वृक्षारोपण से प्रदूषण के स्तर में भी कमी आती है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन अधिक सुरक्षित होता सकता है। पौधे कई तरह से पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस अवसर पर देवदार के पौधे का पौधरोपण किया। सारथी संस्था के अध्यक्ष सुभाष सकलानी ने इस अवसर पर मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भी भेंट किया। भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त डॉक्टर जी.आर. साहिबी ने संस्था द्वारा सामाजिक क्षेत्र व पर्यावरण के विषय पर संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों से अवगत करवाया। पौधरोपण अभियान में आंवला, जामुन, देवदार, रीठा, बेहड़ा, टिकोमा, शीशम, केमेलिया, बांस इत्यादि के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनयाल, संस्था के सचिव अनिल भनोट, महाविद्यालय व विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित थे।
ज़िला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने ज़िला परिषद सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियां एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए बेहतर समन्वय स्थापित कर गति प्रदान करें ताकि समय पर परियोजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके। रमेश ठाकुर आज यहां ज़िला परिषद की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ज़िला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि ज़िला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, ज़िला प्रशासन एवं आम-जन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और सभी के सहयोग से ही समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहना चाहिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सके। रमेश ठाकुर ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को ज़िला परिषद की बैठक में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं बैठक से पूर्व प्रेषित करें ताकि इनका उचित समाधान किया जा सके। उपमण्डलाधिकारी (ना.) सोलन डॉ. पूनम बंसल ने विश्वास दिलाया कि ज़िला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के समन्वय के साथ जन समस्याओं के निवारण के लिए प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि विकासात्मक कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता लाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के अनुभव एवं बेहतर निर्णय आमजन की समस्या को कम करने में सहायक बनते हैं। बैठक में 59 पुराने मद व 18 नए मद पर चर्चा की गई। आज की बैठक में सड़क, बस रूट, विद्युत, पेयजल, राजस्व सहित अन्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ज़िला परिषद के सदस्यों को 12 दिसम्बर, 2023 से 18 जुलाई, 2024 तक के आय-व्यय का ब्यौरा दिया गया। ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंदर राणा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में ज़िला परिषद उपाध्यक्ष कमलेश कंवर, विभिन्न ज़िला परिषद सदस्य, उपमण्डलाधिकारी (ना.) कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
भारत सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आरंभ की गई मिशन शक्ति योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में महिलाओं के कल्याण के लिए 100 दिन विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर संजोक सिंह मैहता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला के निचार उपमण्डल की कटगांव पंचायत के विभिन्न गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस दौरान महिलाओं का चैक-अप भी किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। शिविर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सैन्टर तथा महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए हैल्पलाईन नम्बर बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल व विधवा पुनर्विवाह योजनाओं की भी उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न के मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
भारत सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आरंभ की गई मिशन शक्ति योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में महिलाओं के कल्याण के लिए 100 दिन विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर संजोक सिंह मैहता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला के निचार उपमण्डल की कटगांव पंचायत के विभिन्न गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस दौरान महिलाओं का चैक-अप भी किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। शिविर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सैन्टर तथा महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए हैल्पलाईन नम्बर बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल व विधवा पुनर्विवाह योजनाओं की भी उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न के मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि में उन्नत तकनीक व अनुसंधान का लाभ सुनिश्चित कर रही प्रदेश सरकारः डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ के तहत एक बिक्री केन्द्र (आउटलेट) का शुभारंभ किया, जिसमें प्राकृतिक खेती से निर्मित लगभग 100 से अधिक उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ उन्नत कृषि ही किसानों की आर्थिकी को बेहतर बनाने का उचित माध्यम है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय में आशातीत वृद्धि करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है। प्राकृतिक उपज के उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं उपज का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग और अनुसंधान को खेत तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पूर्व विश्वविद्यालय के पुस्तकालय परिसर में पुतरन्जीवा तथा रोकसब्रगाई पौधों का पौधरोपण भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, संधीरा दुल्टा, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, उपमण्डलाधिकारी (ना.) डॉ. पूनम बसंल, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल, कमांडिंग ऑफिसर प्रथम हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन कर्नल संजय शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित इस अवसर पर थे।
कुनिहार:-आज कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम सहित सभा के सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार से अपने संयुक्त बयान में मांग कि है कि कुनिहार सिविल अस्पताल की भी सुध लें| वहां की कमियों के बारे में भी जानकारी हासिल करें कि यहां के लोग किस प्रकार से स्वास्थ्य सुविधा पूरी न होने के कारण कितने परेशान व आक्रोश में है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य मंत्री महोदय भी कभी भी इस अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधा या कमियों के बारे निरीक्षण करने के लिए नहीं आए उन्होंने कभी भी जानने का प्रयास नहीं किया कि यहां पर लोगों की समस्याएं है| लोग किस प्रकार से अपने इलाज करवाने हेतु सोलन व शिमला जाने को मजबूर है जबकि स्वास्थ्य मंत्री जी के निवास स्थान ममलीग और सायरी से यह हॉस्पिटल करीब सात आठ किलोमीटर की दूरी पर है|यहाँ तो लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिओए लेकिन यहाँ तो आपसी राजनीति के कारण यहां के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है| पहले भी स्वास्थ्य मंत्री और संजय अवस्थी से जुबानी और लिखित तौर पर अनुरोध किया जा चुका है| बता दे कि यहां पर करीब 14 पंचायत के लोग स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करते हैं| स्थानीय लोग एक एमडी मेडिसिन की नियुक्ति के बारे में भी आग्रह कर चुके हैं लेकिन इस मांग को भी पूरा ना किया गया और न ही यहां स्वास्थ्य सुविधा के उपकरण व स्टाफ पूरा है। उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि नागरिक अस्पताल सायरी स्वास्थ्य मंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां पर वह कई बार निरीक्षण कर चुके हैं मगर विधायक होने के साथ वह पूरे प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री भी है और कुनिहार भी इसी प्रदेश का हिस्सा है। कुनिहार विकास सभा जनहित में प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री व विधायक अर्की विधानसभा क्षेत्र से आग्रह करती है कि सिविल हॉस्पिटल कुनिहार का भी निरीक्षण करके यहां की कमियों को दूर किया जाए व वरिष्ठ नागरिक और लोगों से भी इस अस्पताल की सुविधाओं के बारे विचार विमर्श किया जाए ताकि सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधित लाभ यहीं पर प्राप्त हो। इस मामले में प्रधान धनीराम तंनवर सहित गोपाल पवंर, भागमल तनवर, ज्ञान ठाकुर, हेमसिंह पवंर ,दीप राम ठाकुर ,नागेंद्र ठाकुर, जगदीश ठाकुर ,बलबीर चौधरी, बाबूराम तनवर, संतराम ,ओम प्रकाश ठाकुर, सनी राघव ,विनोद ,ज्ञान गर्ग और प्रेम राज चौधरी ने भी सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और समस्याओ का जल्द से जल्द हल निकालने का आग्रह किया|
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या सोमवार को पूरी 68 होने वाली है| 22 जुलाई को तीन नवनिर्वाचित विधायक पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे| हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तीनों नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाएंगे| यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में बनी लाइब्रेरी में होगा| इनमें देहरा से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, नालागढ़ से बावा हरदीप सिंह, दोनों ही कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीतकर आये है वही हमीरपुर से आशीष शर्मा भी शामिल है जो बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतकर एक बार फिर विधानसभा पहुँचेगे| तीन नव निर्वाचित विधायकों की शपथ के बाद क्या होगा आंकड़ा: विधानसभा में कुल सदस्य- 68 बहुमत का आंकड़ा- 34 कांग्रेस- 40 विपक्षी बीजेपी- 28
**प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट **अगस्त में मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावना प्रदेश में बरसात की गति धीमी बनी हुई है। बरसात में अभी तक सामान्य से 40 फीसदी तक कम बादल बरसे हैं मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान बरसात में बढ़ोतरी के आसार जताए हैं और 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उसके बाद जुलाई के अंत तक मानसून में कमी देखने को मिलेगी मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह की शुरुआत में मॉनसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा में तेजी आने की संभावना है इसके लिए विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। उन्होंने बताया के प्रदेश के चार जिला शिमला, मंडी, कांगड़ा और बिलासपुर मे सामान्य के आसपास वर्षा हुई है जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति, सिरमौर, सोलन और ऊना मे हुई है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में मानसून कम ही असरदार रहेगा जबकि अगस्त माह की शुरुआत में मानसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं में इस बार कमी पाई गई है जिसके चलते पहाड़ों में बारिश कम हो रही है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज इन्नरव्हील क्लब सोलन द्वारा मेडिकल अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस कैंप में प्रेसिडेंट प्रियंका अग्रवाल, ट्रेजर नीलम साहनी, आईएसओ मधु तंवर भी शामिल रही। इस अवेयरनेस कैंप में कक्षा छठी से आठवीं तक की सभी लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूक करवाया। इस दौरान डॉक्टर नीतू सिंगल जो कि एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ है उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी दी और उन्होंने कहा कि 9 वर्ष से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को यह जरूर लगवाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इस दौरान बच्चों को बाहर की चीजों को कम से कम खाने की सलाह दी गई।
** पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने चुराग में 4.52 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले खंड विकास कार्यालय की रखी आधारशिला **ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए भरे जा रहे हैं 4 हजार पद, भर्ती प्रक्रिया जारी देवता दानवीर कर्ण मूल माहूंनाग बखारी कोठी का दो दिवसीय जन्मोत्सव धूमधाम से संपन्न हो गया। समापन समारोह में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवता दानवीर कर्ण मूल माहूनाग की पूजा अर्चना कर देवता का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने करसोग के चुराग में 4.52 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले खंड विकास कार्यालय चुराग की आधारशिला भी रखी। पहली बार मूल मांहुनाग मंदिर पहुंचे ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि देवता के आशीर्वाद और कृपा दृष्टि से आज यहां आना हुआ है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर द्वार पर बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा ग्राम पंचायतों में एक करोड़ 14 लाख से पंचायत घर बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक लगभग 47 करोड़ रूपए की राशि प्रदेश में पंचायतों को पंचायत घर निर्माण के लिए उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। ग्रामीण विकास एवम पंचायती राज मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विभाग में लगभग 4 हजार पदों को भरा जा रहा हैं। जिसकी भर्ती प्रक्रिया चल रही हैं। उन्होंने पंचायत भवन मांहुनाग निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, खेल मैदान के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए और मंदिर समिति को 50 हज़ार रुपए देने की घोषण की। चुराग पंचायत में गेस्ट हाउस निर्माण करने के लिए उचित धन राशि उपलब्ध करवाने का भीं आश्वासन दिया। इसके अलावा, चुराग में महिला मंडल को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए 10 हज़ार रुपए देने की भी घोषणा की। प्रशासन की ओर से मुख्यातिथि को शॉल, टोपी व समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री को पंचायती राज विभाग से संबंधित विभिन्न संगठनों ने भी सम्मानित किया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी महेश राज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरि ओम शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक युवा कांग्रेस डॉ केवल शर्मा, कार्यवाहक एसडीएम करसोग कैलाश कौंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार के दिन एन.एस.एस. यूनिट द्वारा "फूड प्लैनेट हेल्थ "विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से गुजरात के बड़ौदा स्थित एक एन. जी.ओ. की कुमारी निज़्ज़ा ने विशेष रूप से भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एस. यू. की निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी ने की। इस ऑनलाइन सत्र में परिसर के एन. एस. एस. यूनिट के समस्त वॉलंटियर्स छात्र छात्राओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस जागरूकता सत्र का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष परिसर निदेशक व एन एस एस यूनिट के सदस्यों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उसके पश्चात एक छात्र द्वारा वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इस समस्त कार्यक्रम का संचालन परिसर की एन. एस. एस. इकाई के सदस्य एवं व्याकरण विषय के विद्वान डॉ. भूपेंद्र ओझा द्वारा किया गया। सत्र के दौरान कुमारी निज़्जा ने नॉन वेज (मांसाहार) खाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया व यह भी बताया कि इसका ग्लोबल वार्मिंग से सीधा संबंध है। यानि ग्लोबल वार्मिंग का सीधा सीधा कारण नॉन वेज और डेयरी प्रोडक्ट्स हैं। उन्होंने सबको "वीगन डाईट" लेने की सलाह दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने भी अपने विचार सांझा किए। कार्यक्रम के अंत में परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित शिक्षाशास्त्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. शीशराम, एन एस एस यूनिट के संयोजक कवि पंकज, प्रोग्राम ऑफिसर अमित वालिया, यूनिट के सदस्य डॉ. मनीष कुमार,डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. संतोष गोडरा, तकनीकी सहायक विजय शंकर सहित एन.एस. एस. वॉलंटियर्स छात्र -छात्राएं मौजूद रहे।
**पक्का टियाला, कंडवाल, बरंडा के श्रावण मास मेले 20 जुलाई से होंगे शुरू उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों में शामिल नागनी माता मंदिर प्रबंधक कमेटी (रजि) पक्का टियाला, कंडवाल ,बरंडा (ज़िला कांगड़ा ,हिमाचल प्रदेश) की ओर से वार्षिक श्रावण मास मेलों की शुरुआत दिन शनिवार 20 जुलाई 2024 से हो रही है । इन श्रावण मास मेलों का आयोजन 14 सितंबर तक किया जाएगा । उक्त जानकारी मन्दिर प्रबधंक कमेटी के अध्यक्ष हरि सिंह, उपाध्यक्ष सुरिंदर सिंह, उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, खजांची ओम प्रकाश और मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने संयुक्त तौर दी। उन्होंने बताया कि आज मंदिर प्रांगण में रामायण का पाठ आरंभ किया गया है। शुक्रवार को कथा का समापन होगा। वहीं शनिवार को मेलों की शुरुआत के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री चन्द्र कुमार, नुरपुर क्षेत्र से विधायक रणबीर सिंह और प्रशासन की ओर से एसडीएम गुरसिमर सिंह भी मौजूद रहेंगे। उंन्होने बताया कि पहले मेले में ट्रक यूनियन जसुर की ओर से विशाल भण्डारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होने बताया कि इन मेलों में पंजाब, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर,हरियाणा ,दिल्ली ,राजस्थान और उत्तराखंड के अतिरिक्त अन्य राज्यों से श्रद्धालु बड़ी सँख्या में माता के दर्शन करने के लिए आते हैं l अध्यक्ष हरि सिंह ने बताया कि मेलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर कमेटी की ओर से गेट से लेकर मन्दिर परिसर तक कुल 31 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं साथ ही जिला पुलिस को लिखिति तौर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की तैनाती के लिए आवेदन किया है । उन्होंने बताया कि हमारे क़रीब 34 वालंटियर और सीसीटीवी कैमरों से मेले में जेबकतरे और चोरों पर विशेष नज़र रखी जाएगी। उंन्होने बताया कि मंदिर प्रबंधन कमेटी 1976 में गठित हुई थी, जिसके बाद से ही मन्दिर के विकास में तेज़ी आई है। उंन्होने बताया कि कमेयटी की ओर से इस बार मन्दिर परिसर में भगवान हरि विष्णु परिवार, भगवान राम परिवार और राधा कृष्ण का भव्य विशाल मंदिर बनाने की योजना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार पुल क्षतिग्रस्त होने के चलते वाहनों पर पाबंधी के कारण मन्दिर कमेटी को 20 लाख रुपये चढ़ावे का घाटा उठाना पड़ा था। इस बार पुल खुला होने पर मंदिर कमेटी को चढ़ावे में इज़ाफ़ा होने की उम्मीद है। वहीं मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुल जाते हैं। श्रद्धालु चार बजे के बाद आकर कभी भी खुले दर्शन कर सकते है। उन्होने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह लोग मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखें और मंदिर परिसर में साफ़ सफाई की व्यवस्था बनाए रखते हुए प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें । इस मौके पर प्रताप सिंह ,जगदीश सिंह, रघुनाथ सिंह, बिशन सिंह, ओम प्रकाश आदि कमेटी के सदस्य उपस्थित थे।
गगल पुलिस ने ड्रग तस्करी के आरोप में पुलिस स्टेशन के सामने एक वोल्वो बस में सवार युवक को पकड़ा है। युवक की पहचान मसूर उम्र 24 वर्ष निवासी बिद्रावन पालमपुर के रूप में हुई है। डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि ड्रग्स तस्करी के लिए तस्करों द्वारा वोल्वो बस का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। इसी कड़ी में गगल पुलिस स्टेशन के पास नियमित जांच के वोल्वो बस को रोका गया। बस में सवार युवक मसूर, जो कि अपनी चार साल की बेटी के साथ यात्रा कर रहा था, के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अमृतसर से मादक पदार्थ खरीदा था और उसे पालमपुर के बिंद्रावन में विभिन्न उपभोक्ताओं को बेचने वाला था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की लीलाओं का विस्तृत गुणगान करेंगे। 20 जुलाई 2024 को दोपहर 3 बजे कलश यात्रा से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा तथा पंडाल में विधिवत रूप से पूजा अर्चना के उपरांत कलश स्थापित किए जाएंगे। कलश स्थापना के उपरांत कृष्ण कथा का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन प्रवचन का समय 1 बजे से 4 बजे तक रहेगा उसके बाद भंडारे की व्यवस्था रहेगी। अमर सिंह कौशल वरिष्ठ सदस्य बांके बिहारी मंदिर निर्माण कमेटी, देविंदर शर्मा, व ख्याली राम ने कहा कि मूल पाठ प्रतिदिन 6 बजे से 9 बजे प्रातः होगा। 23 जुलाई 2024 को 11 बजे पूर्ण आहुति के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव विश्राम की ओर अग्रसर होगा तथा कृष्ण कथा को करीब 2 बजे विराम दिया जाएगा। डीडी कशयप विश्व मंगलम सेवा धाम के मीडिया प्रभारी ने हरिजी महाराज के समस्त शिष्यों से आग्रह किया है कि गुरु पूर्णिमा उत्सव 20 से 23 जुलाई तक निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर पट्टाबरौरी में पहुंचकर कृष्ण भगवान की कथा का श्रवण करे व परम हरी जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करे।
** निर्माण कंपनी पर फूटा लोगों का गुस्सा मंडी: मनाली-जालंधर नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के चलते मंडी शहर के साथ लगते तल्याहड़ के पास की जा रही कटिंग अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इस कटिंग से 8 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। इन 8 घरों के लोग बीते एक महीने के डर के साए में जीने को मजबूर हो गए हैं। लोग प्रशासन के आगे उनकी ओर ध्यान देने की गुहार लगा रहे हैं, जिनके घरों के पास कटिंग की गई है, उनमें रिटायर सूबेदार खेम सिंह सेन, नेत्र सिंह, हेम सिंह, जगत सिंह, कश्मीर सिंह, कुशमैहद सिंह और भूतेश्वरी देवी समेत अन्यों के घर शामिल हैं। प्रभावितों का आरोप है कि उन्होंने यहां कटिंग का काम कर रही कंपनी को बरसात से पहले कटिंग करके समय रहते डंगे लगाने के लिए कई बार कहा, लेकिन कंपनी ने बरसात से ठीक पहले यहां पर कटिंग का काम शुरू कर दिया है। प्रभावित रिटायर सूबेदार खेम सिंह सेन ने बताया कि जब कंपनी कटिंग कर रही थी, तब भी लोगों ने कंपनी प्रबंधन से घरों के पास वाली जगह को छोड़कर कटिंग करने को कहा, लेकिन कंपनी तब भी नहीं मानी और कटिंग करने के बाद डंगे लगाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। अब नतीजा यह निकला कि यहां बार-बार लैंडस्लाइड होने से 8 घरों पर खतरा मंडरा गया है। लोग दिन-रात डर के साए में जी रहे हैं। वहीं, प्रभावित परिवारों ने प्रदेश सरकार, मंडी जिला प्रशासन और निर्माण कार्य में लगी कंपनी से घरों के पास वाली जगह पर तुरंत प्रभाव से डंगे लगाने की गुहार लगाई है, ताकि घरों को गिरने से बचाया जा सके। प्रभावितों ने बताया कि अभी इन सभी ने अपने पैसों से तिरपाल खरीदकर लैंडस्लाइड वाले एरिया को कवर किया हुआ है। इनका आरोप है कि कंपनी एक तो यहां पर डंगे लगाने के कार्य में कोताही बरत रही है और दूसरा निर्माण कार्य भी गुणवत्ता के साथ नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की है कि इस कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ करवाया जाए। वहीं, जब इस बारे में एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ये मामला प्रशासन के ध्यान में है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एसडीएम और निर्माण कार्य में लगी कंपनी के साथ बैठक करके इसपर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
** परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मंडी: सुंदरनगर के तहत आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। मंडी जिले के बीएसएल पुलिस थाना के तहत कंट्रोल गेट के पास एक ट्रक की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौ*त हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मंडी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आर्मी से रिटायर्ड फौजी हर रोज की तरह गुरुवार सुबह भी सैर करने के लिए घर से निकले थे, जैसी ही वो कंट्रोल गेट के पास हडेटी की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौ*त हो गई। हालांकि घटना के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे की असल वजह जानने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। मृत*क की पहचान 74 वर्षीय अभिमन्यु सिंह निवासी सुंदरनगर के रूप में हुई है। मृत*क के पिता नक्कबीनु राम 60 के दशक में सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वहीं, इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
**मानसून में अब तक 186 करोड़ का हुआ नुकसान, 31 लोगों की हुई मौ*त हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई थी, मगर प्रदेश में अभी भी ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से भी कम रही है। मौसम विभाग शिमला द्वारा तीन दिनों तक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश में 23 जुलाई तक बारिश को लेकर संभावना जताई है। 18, 19 और 20 जुलाई को हिमाचल में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि प्रदेश के अधिकतर हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर कृषि और बागवानी पर पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर मानसून तबाही बन कर बरसा है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए प्रदेश में बारिश से बागानों, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान की आशंका जाहिर की है। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या, निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक 27 जून को मानसून की एंट्री से लेकर 17 जुलाई तक प्रदेश को बरसात से 186 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि बारिश से संबंधित घटनाओं में 31 लोगों की अब तक मौ*त हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीते 24 घंटों के दौरान बादल झमाझम बरसे। धर्मशाला में 142.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उधर, किन्नौर जिले में पोवारी के समीप पहाड़ी से भूस्खलन के कारण मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया। लोग पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं। मार्ग बहाली का काम चल रहा है। वहीं निगुलसरी में नेशनल हाईवे पांच पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है। गमरूर 53.0, बैजनाथ 36.0, ओलिंडा 32.2,पालमपुर 22.4 व कांगड़ा में 19.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
NEET में गड़बड़ी से जुड़ी 38 याचिकाओं पर CJI की बेंच के सामने आज तीसरी सुनवाई होनी है। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। बेंच ने मामले पर पहली सुनवाई 8 जुलाई को की थी। इसके बाद कोर्ट ने NEET से जुड़े चारों स्टेकहोल्डर्स - NTA, केंद्र सरकार, CBI और रीएग्जाम की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को हलफनामा दायर करने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया था। NEET पर दूसरी सुनवाई 11 जुलाई को हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले को 18 जुलाई तक के लिए टाल दिया था। CJI की बेंच ने कहा था कि NTA और केंद्र सरकार के हलफनामे सभी लोगों तक नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से सुनवाई की डेट बढ़ा दी गई। NTA ने 17 जुलाई को कोर्ट में रिटन सबमिशन में कहा कि याचिकाकर्ताओं की ये दलील कि व्यवस्थागत तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, ये बिल्कुल गलत है।
बीते वर्ष बरसात के दौरान हुई आपदा से बीबीएमबी प्रबंधन ने बड़ा सबक लिया है। इस बार अब बरसात में डैम और पावर हाउस समेत मुख्य जगहों पर सैटेलाइट फोन से आपस में संपर्क रहेगा। ताकि किसी भी तरह की स्थिति पर तुरंत संपर्क किया जा सके। मोबाइल नेटवर्क और लैंडलाइन सेवा ठप होने की सूरत पर यह सैटेलाइट फोन अहम भूमिका निभाएंगे। भारी बरसात के दौरान पंडोह डैम लबालब भरता है। यहीं से ब्यास में पानी छोड़ा जाता है। लारजी बांध से पानी छोड़ने पर पंडोह डैम से पानी छोड़ा जाता है। बरसात के दौरान पंडोह डैम के जल स्तर पर अधिकारियों की निगरानी रहती है। पंडोह डैम से ही बग्गी को भी टनल से होकर पानी भेजा जाता है। इसी टनल का पानी बग्गी में निकलकर बीएसएल जलाशय तक पहुंचता है। इसके बाद यह डैहर पावर हाउस तक पहुंचता है। ऐसे में पंडोह डैम, बग्गी और डैहर पावर हाउस तीनों ही प्रमुख स्थल हैं, जहां बीबीएमबी की निगरानी रहना बेहद जरूरी रहता है। बीते वर्ष बरसात में आपदा के दौरान पंडोह में कनेक्टिविटी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी। सात से दस दिन के भीतर फोन मिलने की उम्मीद है। बीबीएमबी सुंदरनगर के अधीक्षण अभियंता अजय पाल ने बताया कि फोन जल्द उपलब्ध होंगे। चौहारघाटी में अब अर्ली वार्निंग सिस्टम से बाढ़ के संभावित खतरे को शानन प्रोजेक्ट भांपेगा। इसके लिए बरोट स्थित शानन परियोजना से 20 किलोमीटर दूर बड़ा गांव के गड़सा ब्रिज के समीप आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित होगा। वहीं, लंबाडग नदी की भी मॉनिटरिंग के लिए लोहारडी में इसी तकनीक के आधुनिक सेंसर स्थापित होंगे। करीब एक करोड़ से अधिक की धनराशि अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने के लिए खर्च की जाएगी। प्राकृतिक आपदा से किसी भी प्रकार का जानी नुकसान न हो, इसके लिए पहली बार चौहारघाटी में इस आधुनिक तकनीक को अपनाया जा रहा है। इसके स्थापित होने के बाद किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के संभावित खतरे पर पहले ही घंटी बजना शुरू हो जाएगी। शानन प्रोजेक्ट की बरोट स्थित उहल परियोजना की पुरानी और नई रेजरवायर में जब अचानक जलस्तर बढ़ जाता है तो बरोट वैली में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। शानन प्रोजेक्ट के आरई सतीश कुमार ने बताया कि सिस्टम स्थापित होने के बाद कंट्रोल रूम में जैसे ही खतरे की घंटी बजेगी तभी बड़ागांव से टिक्कन तक हुटर बजना शुरू हो जाएंगे। सैटेलाइट के माध्यम से भी आपदा के संभावित खतरे को भांपने में आसानी मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज करने के फैसले से जेबीटी नियुक्तियां लटक गई हैं। बीते दिनों 1161 नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलने को प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सरकार से मंजूरी मांगी है। पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल प्रदेश में मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने आगामी फैसला होने तक अन्य जिलों में बैचवाइज भर्तियों का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीते दिनों तैयार की गई नियुक्तियों की सूची को अब नए सिरे से बनाया जाएगा। देखा जा रहा है कि जिन स्कूलों में नियुक्तियां की गई हैं वहां कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में कितने शिक्षक पहले से नियुक्त हैं। इस जानकारी को जुटाने के बाद बैचवाइज आधार पर चुने गए शिक्षकों को आवंटित किए जाने वाले स्कूलों में फेरबदल किया जाएगा। ऐसे में जेबीटी की नियुक्तियां होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रहा है। इन स्कूलों में नए जेबीटी शिक्षक तैनात किए जाएंगे या फिर वरिष्ठ शिक्षकों को बदला जाता है इस पर फैसला किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस सहित कई प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे जिसके कारण जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है। ये ही नहीं लोगों के अब ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी नहीं हो रहे है। वहीं, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप्स से भी पटवारी और कानूनगो एग्जिट हो गए है। इन सभी असुविधाओं के पीछे कारण है पटवारियों और कानूनगो की सरकार से नाराजगी दरसअल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं. इसी नाराज़गी के चलते हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देने की सुविधा बंद कर दी है। नाराज़गी सरकार से है और जनता को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने ये फैसला लिया हो। पिछले साल 18 नवंबर को भी ये अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया थ। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया है। बता दें कि ऑनलाइन सुविधा बंद किए जाने से महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर पा रही है क्यूंकि इसके लिए हिमाचली प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इस सबसे जनता परेशान है मगर सरकार सुध नहीं ले रही। वहीँ हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी का कहना है कि स्टेट कैडर के फैसले को वापस नहीं लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश महासंघ की बैठक में आगामी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
बाहरी राज्यों के पर्यटकों को पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में हुड़दंगबाजी करना महंगा साबित हुआ है। तेज रफ्तार वाहन के बाहर लटकर सफर करने पर पुलिस ने 4,500 रुपये का चालान थमाया है। दरअसल, बुधवार को हरियाणा नंबर का एक लग्जरी वाहन धर्मशाला से मैक्लोडगंज की तरफ जा रहा था। इस वाहन के सनरूफ पर दो युवक खड़े थे, जबकि तीन लोग वाहन के दाहिनी और बाईं तरफ लटके हुए थे। इस वाहन की रफ्तार भी अधिक थी। धर्मशाला से मैक्लोड़गंज सड़क मार्ग पर कई तीखे मोड़ हैं और सड़क के किनारे झाड़ियां भी हैं। वहीं सैन्य क्षेत्र में कंटीली तारें भी हैं। ऐसे में यहां कोई हादसा हो सकता था। mमैक्लोडगंज पहुंचते ही पुलिस ने इस वाहन को अपने कब्जे में लिया और वाहन का 4500 रुपये का चालान काटा। साथ ही भविष्य में इस तरह की हुड़दंगबाजी न करने बारे चेतावनी दी। हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय प्रदेश है, यहां पर हुड़दंगबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। पर्यटक जिस तेज रफ्तार वाहन से लटकर कर सफर कर रहे थे, उसका 4500 रुपये का चालान काटा गया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की गलत न करने की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस थाना कुल्लू व बंजार में मादक पदार्थ अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत हुए हैं। प्रथम मामले में पुलिस थाना कुल्लू की टीम ने ढालपुर समीप जीप युनियन में गश्त के दौरान गोविंद (23 वर्ष) पुत्र चेत राम निवासी चौकी डोभी डाकघर पुईद के कब्ज़ा से 4.66 ग्राम चिट्टा बरामद किया । वहीं दूसरे मामले में पुलिस थाना बंजार की टीम ने फागू पुल के पास गश्त व नाकाबंदी के दौरान राजेंद्र सिंह (48 वर्ष) पुत्र कर्म सिंह निवासी सनाड़ डाकघर मंगलौर के कब्ज़ा से 48 ग्राम चरस बरामद की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध क्रमश: पुलिस थाना कुल्लू में धारा 21 व पुलिस थाना बंजार में धारा 20 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। अभियोगों में अन्वेषण ज़ारी है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बारिश होने से एक बार फिर से निगुलसरी में भूस्खलन होना शुरू हो गया है। निगुलसरी में बुधवार सुबह के समय पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक व्यक्ति घाय*ल हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने घाय*ल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। भूस्खलन से जेसीबी मशीन को नुकसान पहुंचा है। सुबह एनएच पांच निगुलसरी के पास बंद रहा, लेकिन अब बहाल कर दिया गया है।
**स्वास्थ्य मंत्री ने पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त देने की घोषणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि खेलों से जहां हम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, वहीं मानसिक तौर पर यह हमें एकाग्र बनाती हैं। डॉ. शांडिल आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में लड़कों की अंडर-14 क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक युवा को भविष्य का प्रतिभा सम्पन्न नागरिक बनाने में पुस्तकें और खेलें बराबर भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ खेलों और व्यायाम को भी नियमित समय दें। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि समाज के बेहतर निर्माण के लिए युवा पीढ़ी का नशे से बचाव महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर युवाओं को नशे से दूर रखना होगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने के लिए स्थान चिन्हित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शिक्षा क्षेत्र को और बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा भविष्य में बेहतर रोज़गार का आधार है। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहन, मैकेनिक, रखरखाव मैकेनिक, सौर ऊर्जा तकनीशियन, ड्रोन तकनीशियन, मेकैट्रॉनिक्स तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन जैसे भविष्योन्मुखी पाठयक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी में चारदीवारी और मंच निर्माण के लिए 05 लाख रुपए की पहली किश्त तथा मिड-डे मील शैड निर्माण के लिए 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कण्डाघाट ब्लॉक के स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वस्त्र क्रय करने के लिए 30 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिता में विजय रही टीमों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूलों बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। क्षेत्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता में कण्डाघाट ब्लॉक के 14 स्कूलों के 186 बच्चों ने भाग लिया। वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल प्रथम तथा राजकीय उच्च विद्यालय पपलोल द्वितीय स्थान पर, कबड्डी में राजकीय उच्च विद्यालय धंगील विजयी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल रनरअप, खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमैहर (के) प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छावशा द्वितीय स्थान पर, बैडमिंटन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल विजयी तथा राजकीय माध्यमिक पाठशाला सायरीघाट रनरअप रही और मार्च पास्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी प्रथम तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चायल द्वितीय स्थान पर रही। स्वास्थ्य मंत्री ने तदोपरांत नागरिक अस्पताल सायरी तथा सायरी के वरिष्ठ नागरिक कार्यालय का दौरा किया और वहां विभिन्न व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने निखिल नामक रोगी को हर सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। ब्लॉक कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत चनोग के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत कहाला की प्रधान रीटा कोनडल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, एस.एम.सी. प्रधान पवन ठाकुर, डाइट के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी की प्रधानाचार्य इंदु शर्मा सहित अध्यापक व विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।
**गत बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपए जारी करने का अनुरोध मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश की 39.20 किलोमीटर लम्बी रानीताल-कोटला और 41.50 किलोमीटर लम्बी घुमारवीं-जाहू-सरकाघाट सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों का निर्माण पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों के अनुसार किया जा चुका है और सैद्धांतिक रूप से इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें परिवहन का मुख्य साधन हैं और पिछले 8 वर्षों के दौरान राज्य के लिए कोई भी नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते विभिन्न राज्य मार्गों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों में कुल्लू-मनाली, मंडी-कमांद-कटोला-बजौरा सड़क और चैल-गोहर-पंडोह सड़क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून में प्राकृतिक आपदा के बाद केंद्रीय मंत्री द्वारा राज्य के दौरे के दौरान घोषणा की गई थी कि केंद्र राष्ट्रीय राजमार्गों से एक किलोमीटर के दायरे में क्षतिग्रस्त राज्य सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार धनराशि प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण हैं और पिछले मानसून के दौरान कुल्लू-मनाली राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर वाहनों की आवाजाही में सहायक सिद्ध हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य का एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है जो 8 ज़िलों को प्रदेश की राजधानी और समीपवर्ती राज्यों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न मानकों के अनुसार राजमार्गों का निर्माण उचित नहीं है और अधिकारियों को राजमार्गों का दो लेन मानकों के बजाय चार लेन मानकों के अनुसार उन्नयन करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि उनके द्वारा 69 सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए थे, जिनमें से वर्ष 2018-19 में 58 राष्ट्रीय राजमार्ग की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अनुमोदन के लिए मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन अलाइनमेंट रिपोर्टों के लिए अनुमोदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने ठेकेदारों को सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, राज्य तथा केंद्र के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
***आपदा उपरांत आकलन के तहत 9042 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने का किया आग्रह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश की संवेदनशीलता से अवगत करवाते हुए प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए मंत्रालय के पास लम्बित धनराशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान केंद्रीय टीम द्वारा किए गए आपदा उपरांत आकलन के अंतर्गत 9042 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मामला अभी भी मंत्रालय के पास लम्बित है तथा इस वर्ष बरसात का मौसम शुरू होने के दृष्टिगत राज्य को इस धनराशि की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राज्य को राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) के अंतर्गत मिलने वाली 61.07 करोड़ रुपये की राशि लम्बित है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पहाड़ी राज्यों में भू-स्खलन तथा भूकम्प के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2021-2026 के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि मिलनी है। उन्होंने एनडीआरएफ के अंतर्गत लम्बित 60.10 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत मंत्रालय को प्रस्तुत 125.84 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य में एनडीआरएफ परिसरों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया तथा मंडी, रामपुर और नालागढ़ में परिसरों का निर्माण कार्य आरंभ करने का अनुरोध किया। उन्होंने लाहौल-स्पीति में अंतरराज्यीय सीमा पर सरचू और शिंकुला में सरकारी भूमि पर अनाधिकृत कब्जे पर उचित कार्रवाई की भी मांग की। इस अवसर पर प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती भी उपस्थित थीं।
कुल्लू: उपमंडल आनी के राणा बाग में एक कार सड़क से नीचे करीब 50 फीट लुढ़क कर खड्ड में गिर गई। हादसे में कार चालक की मौ*त हो गई। आनी पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच श*व को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम के लिए आनी अस्पताल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृत*क की पहचान अनिल कुमार उम्र 24 साल निवासी गांव सैरणी डाकघर छतरी जिला मण्डी के तौर पर हुई है। एसपी कुल्लू ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कर श*व परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के मलाणा सड़क मार्ग पर पर्यटक की चलती कार में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि कार सवार पति-पत्नी ने वक्त रहते बाहर निकल गए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आग लगने के कारण कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। पुलिस कार में आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा से पर्यटक अपनी कार से मणिकर्ण घूमने आए थे। रास्ते में पर्यटक मणिकर्ण घाटी के सुमा रोपा में रुके हुए थे। बीती शाम पर्यटक अपनी कार से मलाणा की ओर घूमने के लिए निकले। लेकिन फॉर ब्रिज के आगे सड़क की खराब हालत को देखते हुए वह वापस मुड़ गए। जब वह वापस मुड़ रहे थे तभी अचानक कार में आग लग गई। गनीमत रही कि वक्त रहते सैलानी कार से बाहर निकल गए और उन्होंने इस बारे पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही जरी पुलिस अग्निशमन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची और उन्होंने आग पर काबू पाया। हालांकि, अभी तक कार में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन इसमें किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है, जबकि आग के कारण कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई है। जानकारी के अनुसार इस कार में हरियाणा के अनुराग अपनी पत्नी के साथ कार से कुल्लू घूमने आये थे। अनुराग हरियाणा के एकता नगर पंचवटी चौक के पास रहते हैं। जब दोनों कार से मणिकर्ण के मलाणा सड़क मार्ग पर पहुंचे तो कार में अचानक आग लग गई।हादसे में दोनों बाल-बाल बचे। एसपी कुल्लू डॉक्टर गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने बताया कि मणिकर्ण में मलाणा सड़क पर एक कार में आग लगने की सूचना मिली है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया है। पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 1029 टीजीटी को स्कूलों में नियुक्ति दे दी है। विभाग के निदेशक की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। नवनियुक्त शिक्षकों को 10 दिन में स्कूलों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने नवनियुक्त शिक्षकों की डाईट में 15 दिन की इंडक्शन ट्रेनिंग को लेकर भी शैड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान टीजीटी आर्ट्स में 416, टीजीटी नॉन-मेडिकल में 300, टीजीटी मेडिकल में 170, स्पोर्ट्स कोटा में 48, वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन मेडिकल में 20 और वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन नॉन-मेडिकल में 19 और एक्स-सर्विसमैन कोटा में 56 को नियुक्ति दी गई है। शिक्षकों को ज्वाइन करने के बाद शैड्यूल के तहत एलोट किए गए डाईट सैंटर में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इस दौरान एक सैंटर को 2 से 3 जिले दिए गए हैं। ट्रेनिंग लेने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ाएंगे। इस दौरान छात्र संख्या को देखकर शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी गई है। अधिकतर नवनियुक्त शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात किया गया है। बता दें कि इसके लिए बीते नवम्बर महीने में काऊंसलिंग की गई थी और अब जाकर इसका रिजल्ट घोषित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पटवारियों व कानूनगो का विरोध जारी रहा हैं। इससे लोगों को विशेषकर प्रमाण पत्र बनाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के उन सभी उपमंडल क्षेत्रों में पटवारियों ने संबंधित उपायुक्त व एसडीएम के माध्यम से सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। राजधानी शिमला में संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ जिला शिमला के बैनर तले पटवारियाें व कानूनगो ने जिला शिमला अध्यक्ष चमन ठाकुर की अध्यक्षता में पहले डीसी शिमला अनुपम कश्यप तथा बाद में एसडीएम ग्रामीण को ज्ञापन सौंपा। अपने ज्ञापन में पटवारियों व कानूनगो ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है, जिसमें पटवारियों व कानूनगो के जिला काडर को स्टेट काडर बनाया गया है। महासंघ के जिला अध्यक्ष चमन ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय से कई तरह की परेशानियां खड़ी होंगी। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे तथा इसे वापस ले। राज्य सरकार द्वारा जिला काडर को स्टेट काडर बनाने के विरोध में उतरे पटवारी व कानूनगो बुधवार यानी 17 जुलाई कुल्लू में रणनीति बनाएंगे। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ की बैठक कुल्लू में होगी। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में किस तरह से विरोध किया जाए, जिससे सरकार पर दबाव डाला जा सके। इसके तहत पटवारी व कानूनगो पैन डाऊन स्ट्राइक भी कर सकते हैं।


















































