सिरमौर: जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह से अरट व शिवपुर होकर नौहराधार जाने वाली सड़क पर मौजूद दलदल में फंसी HRTC की लोदियाघाटी-नाहन बस को ड्राइवर ने आज सवारियों से धक्का लगवाकर बड़ी मुश्किल से निकला। स्थानीय लोगों व संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार लजवा गांव के समीप उक्त स्थान पर लोगों ने अपने भवन निर्माण का मलवा अथवा मिट्टी फैंकी थी, जो बारिश के बाद दलदल में तब्दील हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी गाड़ियों व दो पहिया वाहन को यहां से निकालना बस अथवा बड़ी गाड़ियों से ज्यादा मुश्किल है। गौरतलब है कि, हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र रेणुका जी अथवा लोकनिर्माण डिवीज़न संगड़ाह अब तक नेशनल हाईवे तो दूर राज्य के हाईवे से भी नहीं जुड़ सका। क्षेत्र की अधिकतर सड़क की हालत ऐसी ही है और विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले यहां के नेताओं ने आज तक सड़कों का मुद्दा प्रभावशाली ढंग से विधानसभा अथवा सरकार के समक्ष नहीं उठाया।
हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों को लेकर शिमला में अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ (त्रिलोक गुट) की एक बैठक प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संगठन के अनुसार इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिला व विभागीय कर्मचारी संगठनों के लगभग 280 प्रतिनिधियों ने भाग लिया l बैठक में सभी जिला व विभागीय संगठनों के अध्यक्षों व महासचिवों ने कर्मचारियों के मुद्दों पर अपने सुझाव व विचार व्यक्त किये l बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न मसले जैसे, संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन शीघ्र कराने, संशोधित वेतनमान 2016 की लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का निपटारा करने जैसी मांगों पर चर्चा की गई। इस मौके पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि विभागों में कर्मचारियों के काफ़ी रिक्त पद चल रहे हैं। कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभ नही मिल रहे है। जेसीसी की बैठक सरकार बुला नही रही है। उनकी मांग हैं की सरकार जल्द जेसीसी की बैठक आयोजित कर कर्मचारियों की मांगो को पूरा करे। अन्यथा कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षाओं के आवेदन शुल्क में बढ़ौतरी की है। अब परीक्षार्थियों को इन दोनों ही परीक्षाओं में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना पड़ेगा। बोर्ड ने दोनों ही परीक्षाओं के आवेदन शुल्क को दोगुना कर दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मानें तो प्रदेश के नजदीकी राज्यों के बोर्डों एवं संस्थानों तथा देश के अन्य बोर्डों आदि द्वारा निर्धारित शुल्कों की तुलना करने के उपरांत करीब 11 वर्ष पूर्व निर्धारित आवेदन शुल्कों को पुन: निर्धारित किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड अधिनियम 1968 की धारा 19 (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की टैट परीक्षाओं के शुल्क को पुन: निर्धारित करने के सहर्ष आदेश प्रदान किए हैं। विदित रहे कि बोर्ड द्वारा साल में 2 बार अध्यापक पात्रता परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जबकि एक बार डीएलएड (सीईटी) परीक्षा करवाई जाती है। इस तरह रहेगा ऑनलाइन आवेदन शुल्क अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को जहां पहले 800 रुपए शुल्क देना पड़ता था, अब उन्हें 1600 रुपए देना पड़ेगा। वहीं ओबीसी, एससी, एसटी एंड पीएचएच (दिव्यांग) अभ्यर्थियों को पहले आवेदन के लिए 500 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1000 रुपए देने पड़ेंगे। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, अब 600 रुपए रहेगा। इसी तरह डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पहले सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान 600 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1200 रुपए देने पड़ेेंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आवेदन करने के दौरान पहले जहां 400 रुपए लगते थे, अब उन्हें ऑनलाइन आवेदन शुल्क 800 रुपए देना पड़ेगा। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, उसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है।
कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि पुरूष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई, 2024 को तीन परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी, जिला मंडी और जिला कांगड़ा, चंबा व ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट admis.hp.nic.in/hpprisons से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉचिज़, वायरलेस डिवाइसिज, ब्लूटुथ डिवाइसिज, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स तथा बैग इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
सिरमौर जिला के पच्छाद (सराहां) उपमंडल में एस.डी.एम रहे डॉ संजीव धीमान अब पी.जी.ई.आई चंडीगढ़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे। उनके सराहनीय कार्यों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ धीमान ने बताया कि सराहां से उनका तबादला पी. जी .आई चंडीगढ़ में बतौर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के लिए हुआ है। उन्होंने यहां पदभार संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि यहां काम करना अपने आप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है इसे वे ईमानदारी और तत्परता के साथ निभाएंगे।
बद्दी, 26 जुलाई, 2024, जिला सोलन स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में 'कारगिल विजय दिवस' उत्साह के साथ मनाया गया। इस साल कारगिल युद्ध की 25वीं वर्षगांठ पर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की कुर्बानियों को याद किया और शहीद वीरों को श्रद्धांजलि दी। इस दिन को छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया और विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर एक समारोह भी आयोजित। इस अवसर पर आईईसी यूनिवर्सिटी की सीनियर मैनेजमेंट ने कहा कि, 'कारगिल विजय दिवस पर, हम देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी।इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की एनएसएस यूनिट ने कहा किया और छात्रों को इस कार्यक्रम के माध्यम से बताया कि हमारे देश की सेना की बहादुरी और बलिदान को याद करने के लिए यह दिन कितना महत्वपूर्ण है।
हिमाचल प्रदेश के मनाली में हाल ही में एक भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई है। इस दुर्घटना में यात्रियों की एक बस ब्यास नदी के किनारे गिर गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब बस मनाली से पठानकोट की ओर जा रही थी। बस में कुल 12 यात्री सवार थे। हादसे के दौरान, बस सड़क से फिसलकर ब्यास नदी के किनारे जा गिरी। इस दुर्घटना में आठ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी की मृत्यु की सूचना नहीं है, लेकिन एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। घायल यात्रियों के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और लोग घायल यात्रियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
**दसौरा माजरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा दून: उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भटोली कलां में राजकीय प्राथमिक पाठशाला दसौरा माजरा के भवन नवीनीकरण उद्घाटन करने के उपरांत उपस्थितजनों को सम्बोधित कटे हुए कहा कि बच्चों को गुणात्मक व रोज़गारन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश का उद्देश्य हैं। हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश के बच्चे संविधान की मूल भावना के अनुरूप एक स्वस्थ जीवन दृष्टि विकसित करें तथा मूलभूत साक्षरता तथा संख्या ज्ञान से लेकर कृत्रिम मेधा के प्रयोग तक हर कौशल में सर्वश्रेष्ठ बनें। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में यह स्कूल स्थापित कर बच्चों को घर-द्वार पर ही आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में क्लस्टर प्रणाली आरम्भ की गई है। इसके अंतर्गत स्मार्ट कक्षाएं बनाई जा रही है जिसमें ऑडियो-विजुअल टीचिंग ऐड, लर्निंग सॉफ्टवेयर, बैठने की उचित व्यवस्था, खेल मैदान, स्वच्छ शौचालयों जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पाठशाला भवन के नवीनीकरण पर सन फार्मा द्वारा सामुदायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत लगभग 12 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय को आठवीं तक स्तरोन्नत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने स्कूल के प्रांगण में पौधारोपण किया और सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आग्रह भी किया। हर्षवर्द्धन चौहान ने दसौरा माजरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 05 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने इस अवसर पर भी उपस्थितजनों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, दून विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुलतार सिंह, ग्राम पंचायत भटोली कलां के उप प्रधान बिल्लू खान, बीबीएनडीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोनाक्षी सिंह तोमर, उपमण्डलाधिकारी (ना.) नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, पुलिस उपाधीक्षक बद्दी खजाना राम, सन फार्मा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए.एच. खान, प्लांट हैड अमित कुमार सहित अन्य गणमान्य एवं विद्यार्थी व अध्यापक उपस्थित थे।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी नगर निगम एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उन शहरी निकायों की मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिविजन) किया गया है जहां शीघ्र ही चुनाव होने वाले है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मतदाता नगर निगम व नगर पंचायत तथा उपमण्डलाधिकारी (ना.) कार्यालय में अपना नाम मतदाता सूची में जांच सकता है। राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। डॉ. पूनम बसंल ने कहा कि मतदाता विधानसभा व लोकसभा चुनावों के वोटर कार्ड के आधार पर नगर निगम व नगर पंचायत के वोट नहीं दे सकते हैं। मतदान करने के लिए मतदाता का नाम सम्बन्धित शहरी निकाय की मतदाता सूची में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता का नाम सम्बन्धित वार्ड में दर्ज नहीं है अथवा किसी व्यक्ति के मतदाता सूची में दर्ज होने पर आपत्ति है या नाम सम्बन्धित शुद्धि करवानी है तो फॉर्म 04 पर सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी (ना.) के पास आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह फॉर्म राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। डॉ. पूनम बसंल ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने, नाम स्थानांतरित करने, किसी के नाम पर आपत्ति या प्रविष्टि में शुद्धि के लिए नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि से 08 दिन पूर्व तक 50 रुपए का शुल्क देकर आवेदन किया जा सकता है।
जोगिंदर नगर: विधायक प्रकाश राणा ने 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर शहीद नायक मेहर सिंह के स्मारक पर पहुंचकर कारगिल युद्ध के महानायक, मां भारती के वीर सपूत को श्रृद्धांजलि अर्पित की और शहीद नायक की धर्मपत्नी को समानित किया। साथ में इस युद्ध में खुद घायल हो कर,गोली लगने के बाद भी विजय फतह कर भारत का झंडा बुलंद करके आए कैप्टन विनोद कुमार को भी समनित किया। उन्होंने कहा कि हमारा झंडा हवा के चलने से नहीं फहराता, बल्कि यह हर उस सैनिक की आखिरी सांस से फहराता है, जो इसकी रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं। मातृभूमि पर जान न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी जवानों को शत शत नमन!
हिमाचल देवभूमि ही नहीं वीर भूमि भी है। हिमाचल के वीर सपूतों ने जब-जब भी जरूरत पड़ी देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। बात चाहे सीमाओं की सुरक्षा की हो या फिर आतंकवादियों को ढेर करने की, देवभूमि के रणबांकुरे अग्रिम पंक्ति में रहे। सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता हिमाचल से ही सम्बन्ध रखते है। कांगड़ा जिला के मेजर सोमनाथ शर्मा ने पहला परमवीर चक्र मेडल हासिल कर हिमाचली साहस से दुनिया का परिचय करवाया था। मेजर सोमनाथ ही नहीं, पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा, धर्मशाला के लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस थापा और बिलासपुर के राइफलमैन संजय कुमार समेत प्रदेश के चार वीरों ने परमवीर चक्र हासिल कर हिमाचलियों के अदम्य साहस का परिचय दिया है। देश में अब तक दिए गए कुल 21 परमवीर चक्रों में से सबसे अधिक, चार परमवीर चक्र हिमाचल प्रदेश के नाम हैं। 1. मेजर सोमनाथ शर्मा भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर मेजर सोमनाथ शर्मा ने 1947 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत उनकी वीरता के लिए परमवीर चक्र से नवाजा गया। परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म 31 जनवरी 1923 को कांगड़ा जिले में हुआ था। मेजर शर्मा मात्र 24 साल की उम्र में तीन नवंबर 1947 को पाकिस्तानी घुसपैठियों को बेदखल करते समय शहीद हो गए थे। युद्ध के दौरान जब वह एक साथी जवान की बंदूक में गोली भरने में मदद कर रहे थे तभी एक मोर्टार का गोला आकर गिरा। विस्फोट में उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। मेजर शर्मा सदैव अपनी पैंट की जेब में गीता रखते थे। जेब में रखी गीता और उनकी बंदूक के खोल से उनके पार्थिव शरीर की पहचान की गई थी। 2. कैप्टेन विक्रम बत्रा विक्रम बत्रा भारतीय सेना के वो ऑफिसर थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की। इसके बाद उन्हें भारत के वीरता सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया। ये वो जाबाज़ जवान है जिसने शहीद होने से पहले अपने बहुत से साथियों को बचाया और जिसके बारे में खुद इंडियन आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर वो जिंदा वापस आता, तो इंडियन आर्मी का हेड बन गया होता। परमवीर चक्र पाने वाले विक्रम बत्रा आखिरी हैं। 7 जुलाई 1999 को उनकी मौत एक जख्मी ऑफिसर को बचाते हुए हुई थी। इस ऑफिसर को बचाते हुए कैप्टन ने कहा था, ‘तुम हट जाओ. तुम्हारे बीवी-बच्चे हैं’। 3. मेजर धनसिंह थापा मेजर धनसिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित नेपाली मूल के भारतीय सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान वर्ष 1962 मे मिला। वे अगस्त 1949में भारतीय सेना की आठवीं गोरखा राइफल्स में अधिकारी के रूप में शामिल हुए थे। भारत द्वारा अधिकृत विवादित क्षेत्र में बढ़ते चीनी घुसपैठ के जवाब में भारत सरकार ने "फॉरवर्ड पॉलिसी" को लागू किया। योजना यह थी कि चीन के सामने कई छोटी-छोटी पोस्टों की स्थापना की जाए। पांगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर 8 गोरखा राइफल्स की प्रथम बटालियन द्वारा स्थापित एक पोस्ट थी जो मेजर धन सिंह थापा की कमान में थी। जल्द ही यह पोस्ट चीनी सेनाओं द्वारा घेर ली गई। मेजर थापा और उनके सैनिकों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीन आक्रमणों को असफल कर दिया। थापा सहित बचे लोगों को युद्ध के कैदियों के रूप में कैद कर लिया गया था। अपने महान कृत्यों और अपने सैनिकों को युद्ध के दौरान प्रेरित करने के उनके प्रयासों के कारण उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। 4. राइफल मैन संजय कुमार परमवीर राइफलमैन संजय कुमार, वो जांबाज सिपाही है जिन्होंने कारगिल वॉर के दौरान अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को उसी के हथियार से धूल चटाई थी। लहूलुहान होने के बावजूद संजय कुमार तब तक दुश्मन से जूझते रहे थे, जब तक प्वाइंट फ्लैट टॉप दुश्मन से पूरी तरह खाली नहीं हो गया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से भारतीय सेना में भर्ती हुए सूबेदार संजय कुमार की शौर्यगाथा प्रेरणादायक है। 4 जुलाई 1999 को राइफल मैन संजय कुमार जब चौकी नंबर 4875 पर हमले के लिए आगे बढ़े तो एक जगह से दुश्मन ऑटोमेटिक गन ने जबरदस्त गोलीबारी शुरू कर दी और टुकड़ी का आगे बढ़ना कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गंभीरता को देखते हुए राइफल मैन संजय कुमार ने तय किया कि उस ठिकाने को अचानक हमले से खामोश करा दिया जाए। इस इरादे से संजय ने यकायक उस जगह हमला करके आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानियों को मार गिराया। अचानक हुए हमले से दुश्मन बौखला कर भाग खड़ा हुआ और इस भगदड़ में दुश्मन अपनी यूनिवर्सल मशीनगन भी छोड़ गए। संजय कुमार ने वो गन भी हथियाई और उससे दुश्मन का ही सफाया शुरू कर दिया।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता मे राज्य सचिवालय में हुई। बैठक में आज निर्णय लिया गया कि अब शराब के ठेके में शराब विक्रेता शराब के निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे नही वसूल पाएंगे। क्योंकि अगर कोई ऐसा करता है तो उस व्यक्ति पर सीधा एक लाख का जुर्माना लगेगा। यह निर्णय आज केबिनेट की बैठक में लिया गया है। जानकारी देते हुए इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शराब के ठेकों से ये शिकायते आ रही थी कि दुकानदार तय दरों से ज्यादा रेट पर शराब बेचते है। इसे देखते हुए कैबिनेट ने ज्यादा रेट वसूली पर पेनल्टी का प्रावधान किया है। पहली बार अधिक रेट पर बेचते हुए पकड़े जाने पर 15 हजार रुपए, दूसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार, तीसरी बार 50 हजार और चौथी बार सीधी एक लाख रुपए पैनल्टी लगने वाली है। और अगर इसके बाद भी कोई महंगी शराब बेचते हुआ पकड़ा गय तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सी.एस.यू.) नई दिल्ली के तत्वाधान में हिमाचल के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर की एन एस एस (राष्ट्रीय सेवा योजना) इकाई की वार्षिक बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। जिसमें एन. एस. एस.यूनिट वेदव्यास परिसर के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व संयोजक कवि पंकज विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में इस वर्ष हेतु एन. एस. एस. की परिसरीय कई गतिविधियों को लेकर निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार इस वर्ष कुल 200 एन. एस. एस. स्वयंसेवियों में से 50 एस सी व 11 एस टी और 139 अन्य वर्गों से स्वयंसेवी छात्र छात्राएं को वेदव्यास परिसर की एन. एस. एस. यूनिट में रखा जाएगा।वहीं निर्णय लिया गया कि इस वर्ष परिसर से कम से कम 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित किसी भी इलाके में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही 8000 रुपए के नए उपकरण भी एन. एस. एस. यूनिट की तरफ से खरीदे जाएंगे। वहीं कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने बताया कि इस वर्ष परिसर की एन. एस. एस. टीम में शामिल होने के लिए कल यानी 26 जुलाई से गूगल फॉर्म के माध्यम से सभी छात्र - छात्राओं को लिंक भेज दिया जाएगा, जिसके तहत इच्छुक छात्र छात्राएं आगामी 15 अगस्त तक इस फॉर्म को भर कर जमा करवा सकते हैं। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के संयोजक कवि पंकज कुमार व कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया सहित सदस्य डॉ. मनीष कुमार, डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. राजन मिश्र, डॉ. संतोष गोडरा व प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू वन क्षेत्र की भूमि पर किए अवैध कब्जे से जुड़े एक मामले का निपटारा करते हुए वन भूमि को तुरंत खाली करने के आदेश जारी किए है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि मंडलीय आयुक्त व कलेक्टर-सह-मंडलीय वन अधिकारी, आनी वन मंडल, लुहरी, जिला कुल्लू के आदेशों से प्रार्थी द्वारा सरकारी वन भूमि पर किए अवैध कब्जे की पुष्टि हो गई है। इसलिए संबंधित तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों, डीएफओ सहित अन्य वन अधिकारियों को सरकारी वन भूमि की स्थायी सीमा तय करने के बाद प्रार्थी द्वारा कब्जाई तमाम वन भूमि का कब्जा वापस लेने के निर्देश दिए गए है। कोर्ट ने उक्त अधिकारियों को इस बाबत 31 अगस्त 2024 तक का समय दिया है। कोर्ट ने मौके से कब्जा वापस लेने के संबंध में अनुपालना शपथ पत्र संबंधित प्रभागीय वन अधिकारी द्वारा दाखिल करने के आदेश भी जारी किए है। संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह अगर उक्त भूमि के सीमांकन के दौरान अन्य अतिक्रमणों को मौके पर पाते है तो उन्हें भी समयबद्ध तरीके से वन भूमि से कानून के दायर में रहकर उचित कार्रवाई करके छः माह में हटा दें। कब्जाई वन भूमि पर यदि कोई निर्माण किया गया है तो वह हिमाचल प्रदेश सरकार या वन विभाग में निहित होगा और उसका राज्य सरकार या वन विभाग द्वारा उपयोग किया जाएगा। कोर्ट ने प्रार्थी को छूट दी है कि यदि वह निर्माण से जुड़ी सामग्री उक्त वन भूमि से खुद ही हटाकर ले जाना चाहे तो वह 30 अक्टूबर 2024 से पहले यह कार्य कर सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त निर्देशों की अनुपालना में किसी भी लापरवाही या ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ परिणामी प्रतिकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कोर्ट ने संपूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी करने और वीडियोग्राफी की प्रति शपथ पत्र के साथ रिकॉर्ड पर रखने के आदेश भी दिए। महाधिवक्ता को समय पर अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए इन आदेशों को हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के ध्यान में लाने का निर्देश दिया गया है। मामले को अनुपालना के लिए 23 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है। प्रार्थी के खुद के दावे के अनुसार वह सरकारी वन भूमि का उपयोग पिछले 20-25 वर्षों से फलदार पेड़ उगाने के लिए कर रहा है। राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में भूमि का सीमांकन किया गया था, लेकिन प्रार्थी के अनुसार, वह सीमांकन के समय उपस्थित नहीं था। लेकिन उसने लिखित में दिया था कि उसकी उपस्थिति में भूमि के सीमांकन पर यदि कोई सरकारी भूमि उनके कब्जे में पाई जाती है, तो वह उसे खाली करने के लिए तैयार है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 26 व 27 जुलाई, 2024 को ज़िला सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 26 जुलाई को प्रातः 11.30 बजे उपायुक्त कार्यालय के सभागार में सोलन विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री तदोपरांत सायं 03.00 बजे लोक निर्माण विश्राम गृह सोलन में उपमण्डलाधिकारी सोलन व कण्डाघाट तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। डॉ. शांडिल 27 जुलाई को प्रातः 11.30 बजे खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सायरी में नागरिक अस्पताल सायरी की रोगी कल्याण समिति के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने आज बताया कि पुलिस, आईटीबीपी, एनसीसी, होमगार्ड एवं एसएसबी मेडिकल सेंटर के प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को मास्टर प्रशिक्षकों के तौर पर एचआईवी/एड्स के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि सभी मास्टर ट्रेनर संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों में एचआईवी/एड्स विषय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि एड्स नियंत्रण समिति द्वारा प्रतिवर्ष 30 से 40 मास्टर मास्टर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस, आईटीबीपी, एनसीसी, होमगार्ड एवं एसएसबी के सभी जवानों को एचआईवी/एड्स बारे विस्तृत जानकारी प्रदान कर उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वह समाज में इस विषय पर सही जानकारी का प्रचार-प्रसार कर जागरूकता ला सकें। परियोजना निदेशक ने बताया कि समिति के जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा प्रदेश के सभी पुलिस ट्रेनिंग संस्थानों में भी कार्यशालाओं का आयोजन करवाया जाता है।
**डॉ. शांडिल की अध्यक्षता में राज्य रेडक्रॉस समिति की बैठक आयोजित स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्य रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित की गई। डॉ. शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार स्कूली छात्र रेडक्रॉस में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य रेडक्रॉस द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों में प्रदेश के 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। वह जूनियर रेडक्रॉस के तहत शामिल किए जाएंगे तथा उन्हें विशेषतौर पर प्राथमिक उपचार सुविधा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे और छात्रों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। कॉलेज व यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी यूथ रेडक्रॉस के माध्यम से इस अभियान से जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने रेडक्रॉस के माध्यम से प्रदेशभर में अधिक से अधिक पौधारोपण अभियान के आयोजन पर भी बल दिया और कहा कि स्वयंसेवकों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पौधरोपण स्थलों पर पौध की नियमित देखभाल हो। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की देखभाल और पौधारोपण भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य व धरती के अस्तित्व के लिए बेहद आवश्यक है। डॉ. शांडिल ने बताया कि राज्य रेडक्रॉस द्वारा पीजीआई सेटेलाइट केंद्र, ऊना के नजदीक सराय भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा जिला कांगड़ा के टाण्डा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के समीप रेडक्रॉस द्वारा सराय भवन का निर्माण किया गया है। डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने रेडक्रॉस द्वारा राज्य, जिला एवं उपमंडलीय स्तर पर किए जा रहे विभिन्न कार्यों को सराहा, विशेषतौर पर गत वर्ष आई आपदा के दौरान राज्य रेडक्रॉस द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस द्वारा वर्षभर प्रदेश में स्वास्थ्य जांच शिविर, नशा निवारण शिविर, प्राथमिक उपचार शिविर, रक्तदान शिविर, रेडक्रॉस मेले, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान आदि आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा विभिन्न किट्स व कम्बल आदि का आबंटन, व्हील चेयर, कृत्रिम अंग और एम्बुलेंस सेवाएं आदि भी प्रदान की जाती हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान रेडक्रॉस के स्वयंसेवक सदैव राहत एवं बचाव कार्यों में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस की समाज में अहमियत को देखते हुए इसके द्वारा आयोजित गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने एवं स्वयंसेवकों की कार्यकुशलता बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुमानित बजट सहित विभिन्न मुद्दों को अनुमोदित किया गया है। बैठक में राज्यपाल के सचिव एवं राज्य रेडक्रॉस समिति के महासचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त सिरमौर एवं जिला रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष सुमित खिमटा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित सभी जिला रेडक्रॉस समितियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
कृषि-उत्पादन के उत्पादन और मूल्यवर्धन" पर दस दिवसीय कौशल विकास प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (एसडीसीसी) आज शूलिनी विश्वविद्यालय में शुरू हुआ। यह पाठ्यक्रम विस्तार शिक्षा निदेशालय, डॉ. वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन और शूलिनी विश्वविद्यालय में एमएस स्वामीनाथन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) - राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM), हैदराबाद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र मुख्य अतिथि चांसलर, शूलिनी विश्वविद्यालय, प्रो. पीके खोसला के संबोधन के साथ शुरू हुआ, जिन्होंने छात्रों को नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी प्रदाता बनने के लिए प्रोत्साहित किया और कृषि क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर भी प्रकाश डाला। शूलिनी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. सुनील पुरी ने कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए उन्नत अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और हाल के केंद्रीय बजट से अपडेट साझा किए। प्रो. पुरी ने कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली बजट बाधाओं और मुद्रास्फीति के मुद्दों को भी संबोधित किया, प्रतिभागियों से पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उद्यमशीलता के लिए अपने नए कौशल का लाभ उठाने का आग्रह किया। एमएस स्वामीनाथन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डॉ. सोमेश शर्मा ने मुख्य अतिथि, चांसलर, शूलिनी यूनिवर्सिटी, पीके खोसला और नौणी यूनिवर्सिटी के मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने पारंपरिक कृषि से आधुनिक कृषि की ओर बदलाव की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कृषि उपज में होने वाले नुकसान को कम करने और अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में मूल्य-संवर्धन पर जोर दिया। डॉ. इंद्र देव, निदेशक एक्सटेंशन यूएचएफ, नौणी ने भोजन की कमी से लेकर हरित, श्वेत और नीली क्रांति तक भारत की कृषि यात्रा को साझा किया। उन्होंने छात्रों को उद्यमशीलता कौशल से लैस करने के पाठ्यक्रम के लक्ष्य को रेखांकित किया और भारत के भविष्य के बारे में आशावाद व्यक्त करते हुए कहा, "2027 तक, भारत एक विकसित देश होगा। प्रोफेसर अनिल सूद ने सभी व्यक्तियों, शूलिनी विश्वविद्यालय और कृषि डीन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव दिया। उन्होंने पाठ्यक्रम को संभव बनाने में शामिल सभी लोगों के योगदान की बात कही। उद्घाटन सत्र के बाद, डॉ. शांतनु मुखर्जी ने प्रतिभागियों को दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से परिचित कराया, एनएएचईपी और एनएआरएम के उद्देश्यों और दृष्टिकोण पर चर्चा की और पाठ्यक्रम यात्रा कार्यक्रम का अवलोकन प्रदान किया।
आज "राजकीय महाविद्यालय इंदौरा" में "एन डी आर एफ " की टीम ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन के बारे में बताया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक मलेद्र राजन ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया और उन्हें विभिन्न प्रकार की आपदाओं से सावधान रहने की अपील की साथ ही उन्होंने गत वर्ष बाढ़ के समय जो इलाके में समस्याएं आई थीं उसका विस्तार से वर्णन भी किया। इसके उपरांत एसडीम सुरेंद्र ठाकुर जी ने "डिजिटल लिटरेसी" पर अपना व्याख्यान दिया और साथ ही छात्र-छात्राओं को इसे अपनाने और सावधान रहने के लिए भी प्रेरित किया।इसके उपरांत राजकीय महाविद्यालय इंदौरा की प्राचार्य डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता व महाविद्यालय की एडवाइजर कमेटी ने विधायक के सामने महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की और साथ ही कुछ मांगे, जिसमे एम ए, एम. कॉम और बच्चों के लिए बस की व्यवस्था, महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल व कुछ अन्य समस्याओं से अवगत करवाया, इन सारी समस्याओं को हल करने के लिए स्थानीय विधायक ने आश्वासन दिया की अति शीघ्र महाविद्यालय की सारी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुरुवार को हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष श्रवण मांटा के नेतृत्व में शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुधार कर रही है। सरकार की इन पहलों का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता प्रदान कर रही है और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं अधिकारियों को प्रदेश के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पण भाव एवं कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने के लिए कहा। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं संघ ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू करने में वह तत्परता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
**पटवारी-कानूनगो को भारी पड़ा सरकार का विरोध प्रदेश में लगातार स्टेट कैडर का विरोध कर रहे पटवारियों और कनूनगो के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लेने की ठान ली है। ऑनलाइन सेवाएं बंद करने और अतरिक्त कार्यभार की चाबियां लौटाने वाले कर्मचारियों अधिकारीयों को सरकार ससपेंड करेगी। इस बार में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा की तरफ से सभी डीसी को लेटर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों का इस तरह का रवैया अनुचित है। जो सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 का उल्लंघन है। ऐसे में लोगों को सेवाएं न देने वाले पटवारियों और कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ये भी कहा गया है कि यदि उन्हें सरकार के किसी निर्णय के खिलाफ कोई शिकायत है, तो उन्हें बातचीत का सहारा लेना चाहिए न कि लोगों के जरूरी कामों को रोक कर सरकार के आदेशों की अवहेलना करनी चाहिए। राज्य सरकार ने ऑनलाइन काम ठप करने और व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के खिलाफ सभी पटवारी और कानूनगो की सर्विस ब्रेक हो सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने इस बारे में सभी उपायुक्तों को पत्र जारी किया है। ** दो दिनों में सेवाएं करनी होगी शुरू प्रदेश सरकार की तरफ से सभी डीसी को जारी लेटर में पटवारियों और कानूनगो को दो दिनों में सेवाएं शुरू करने को कहा गया है। अगर आदेशों की पालना नहीं होती है तो ऐसे सभी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीसी को भी अपने जिलों में उनके नियंत्रण में पटवारियों और कानूनगो को तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन काम फिर से शुरू करने के लिए कड़े निर्देश जारी करने को कहा गया है, ताकि प्रदेश भर में लोगों को घर द्वार पर सरकार की सुविधाओं का लाभ मिल सके। ** व्हाट्सएप ग्रुप में भी वापस जुड़ने के दिए निर्देश इसके अलावा पटवारियों और कानूनगो को आधिकारिक "व्हाट्सएप ग्रुप" में वापस शामिल होने और अतिरिक्त प्रभार सहित उन्हें दिए गए अन्य दायित्वों को भी निभाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके लिए पटवारियों और कानूनगो दो दिन का समय दिया गया है। पटवारियों और कानूनगो को चेताया गया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी की ओर से कोई भी कार्रवाई जो हिमाचल प्रदेश की आम जनता के हितों के खिलाफ है, सरकार ये कतई स्वीकार्य नहीं करेगी।
जयसिंहपुर: यह वर्कशॉप डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथोरिटी कांगड़ा (धर्मशाला) द्वारा स्नेक वाइट अवेयरनेस और स्नेक हैंडलिंग के उपर रखी गई। जिसमें डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरजीत भुल्लर द्वारा जयसिंहपुर विधानसभा आलमपुर के माथुर धीमान और उनकी बेटी खुशी धीमान को लगभग 50 सांपो का रेस्क्यू करने पर सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इसमें लगभग 40 वॉलिंटियर्स ने सांपों से कैसे बचें, सांप घरों में न आएं, सांप अगर वाइट कर जाए तो क्या करें, कितने सांप हमारे परिवेश में पाए जाते हैं, कौन कौन सांप ज़हरीले हैं आदि बातों के साथ तमाम फैली भ्रांतियों के ऊपर प्रशिक्षण दिया गया।
जवाली: जिला पुलिस नूरपुर ने रोहित कुमार निवासी तमौता इंदौरा से 9.32 ग्राम चिट्टा बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रोहित कुमार के रिहायशी मकान की तलाशी लेने पर 9.32 ग्राम चिट्टा बरामद किया। पुलिस ने इस संदर्भ में केस दर्ज कर चिट्टा को कब्जे में ले लिया है तथा आरोपी को अरेस्ट कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी अशोक रतन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिस आधार पर रोहित कुमार के रिहायशी मकान में दबिश देते हुए 9.32 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। केस दर्ज करके आरोपी को अरेस्ट कर लिया है तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में आवासीय स्कूल चलाने के लिए कई निजी कंपनियों ने हामी भरी है। राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आवासीय स्कूलों को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए हितधारकों के साथ बैठक हुई। बैठक में डीएवी ग्रुप, भारती एयरटेल, हिम अकेडमी और अभिलाषी ग्रुप सहित कई निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंडी और ऊना जिले में सरकार ने आवासीय सरकारी स्कूल बनाने की शुरुआत की है। इस योजना को लागू करने के लिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर कार्य किया जा रहा है। बुधवार को इस बाबत इच्छुक पार्टियों से व्यापक चर्चा करने के लिए खुले मंच का आयोजन किया गया। मंडी जिले के धर्मपुर और गोहर और ऊना जिला के बंगाणा में इसके तहत आवासीय स्कूल बनने प्रस्तावित हैं। इसके लिए सरकार उन पार्टियों को योजना में शामिल कराने की कोशिश में है जो पहले से ही शैक्षणिक ढांचे को बेहतर करने में योगदान दे चुकी हैं। अगर फार्मूला सफल रहा तो निश्चित तौर से दूसरे जिलों में भी इस तरह के आवासीय स्कूल बनाने की पहल शुरू करेगी। पहले चरण को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बुधवार को बैठक का आयोजन किया। बैठक में विधायक चंद्रशेखर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि सिक्किम और भूटान की तर्ज पर हिमाचल में आने वाले सैलानियों से पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने रखने के लिए टैक्स वसूला जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत ने ये आदेश दिए हैं।उच्च न्यायालय ने कहा कि हिमाचल में आने वाले सैलानियों की गाड़ियों में प्लास्टिक बैग रखे जाएं ताकि सैलानी इन बैगों में अपना सारा कूड़ा डालें। हाईकोर्ट ने अपने 23 मार्च और 9 मई के आदेशों में नगर निगम शिमला को भी ठोस कचरे से निजात दिलाने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा था। नगर निगम ने अदालत के आदेशों की पालना करते हुए एक शिकायत नंबर 9805201916 जारी किया है। नगर निगम ने अदालत में कहा कि अगर कहीं भी किसी को जंगल या घरों के आसपास कचरा पड़ा हुआ दिखाई दे तो वह इस नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि शिकायत का जब तक समाधान न किया जाए तब तक उसको डिस्प्ले पर दिखाया जाए। इसके अलावा अदालत ने प्रदेश सरकार को अगली सुनवाई तक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी। अदालत ने लाहौल-स्पीति के डीसी को सैलानियों से लिए जाने वाले ग्रीन टैक्स के ऊपर अगली सुनवाई में हलफनामा दायर करने को कहा है। अदालत ने पूछा कि ग्रीन टैक्स जो सैलानियों से वसूला जा रहा है उसका प्रयोग कहां पर किया जा रहा है। अदालत ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए कि हिमाचल में बाहरी राज्यों से आने वाली प्लास्टिक कंपनियों का पंजीकरण करवाया जाए ताकि यह पता चल सके कि प्रदेश में कितनी मात्रा में प्लास्टिक आ रहा है। इसको कहां पर डाला जा रहा है। गैर कानूनी तरीके से अगर कोई प्लास्टिक ला रहा है तो उसे भारी जुर्माना लगाया जाए।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली के पास लगते सोलंगनाला में बादल फटने की घटना सामने आई है। दरअसल सोलंगनाला के अंजनी महादेव नाले में रात के समय बादल फट गया, जिसके चलते भारी मलबा सड़क पर आ गया और मनाली लेह सड़क मार्ग भी पूरी तरह से बंद हो गया है। ऐसे में सड़क के दोनों और गाड़ियां फंस गई हैं। मलबे में बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आने के चलते फिलहाल दोपहर तक रोड के खुलने की कोई संभावना नहीं है। वहीं, प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बीआरओ के अधिकारियों के साथ रोड को खोलने को लेकर तैयारी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार बीती रात के समय अचानक अंजनी महादेव के साथ लगते नाले में बादल फट गया, जिससे बड़ी-बड़ी चट्टानें नाले में बहकर पलचान पुल तक जा पहुंची, जिससे पलचान में एक घर को नुकसान हुआ है और पावर प्रोजेक्ट के भवन को भी नुकसान हुआ है। हालांकि गनीमत रही कि इसमें किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन अब प्रशासन की टीम नुकसान का जायजा लेने में जुट गई है। ऐसे में सड़क बंद होने के चलते सोलंगनाला, लाहौल घाटी का संपर्क भी अब मनाली से कट गया है। बीआरओ के द्वारा अब मशीनरी को मौके पर बुलाया जा रहा है, ताकि सड़क बहाली का कार्य शुरू किया जा सके। डीसी कुल्लू तोरूल एस रवीश ने बताया कि सड़क बहाली का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और नुकसान की रिपोर्ट भी प्रशासन के द्वारा तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में 29 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड को लेकर चेतावनी भी जारी की है, जिसके चलते लोगों से भी प्रशासन द्वारा नदी-नालों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटक स्थलों व ट्रैकिंग रूट्स पर भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा बिखरा हुआ नजर आता है। हिमाचल हाईकोर्ट ने प्लास्टिक कचरे के कारण पर्यावरण पर पड़ रहे असर को देखते हुए हिमाचल सरकार को एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का आदेश जारी किया है। ये फोर्स पहली अगस्त तक गठित करनी होगी। अदालत ने आदेश दिया है कि इस फोर्स में नगर परिषदों, नगर निगमों और नगर पंचायतों के सदस्यों सहित जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों के सचिव, पर्यटन विकास निगम, वन विभाग, गैर सरकारी संगठन और अन्य हितधारक संस्थाओं आदि के सदस्यों को शामिल किया जाए। ये टास्क फोर्स पहाड़ियों के किनारे फैली गंदगी खास तौर पर प्लास्टिक कचरे की सफाई पर ध्यान केंद्रित करेगी। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने हर जिले के विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों को मामले में अदालत की तरफ से जारी आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए कोऑर्डिनेटर बनाया है। इन सभी को कहा गया है कि वे विशेष तौर पर स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए दिए हाईकोर्ट के आदेशों के तहत प्लास्टिक कचरे के हॉट-स्पॉट और जलधाराओं की साफ सफाई सहित और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कानूनों के तहत हितधारकों की भूमिकाओं से जुड़ी निगरानी रिपोर्ट तैयार करेंगे। ये रिपोर्ट हर तीन महीने में हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो पर्यटकों द्वारा ट्रैकिंग रूट्स से ले जाए जाने वाले प्लास्टिक के कचरे आदि का आकलन करने के लिए चेक पॉइंट्स स्थापित करें। इसके जरिए ट्रैकिंग रूट्स के साथ सरकार टिकाऊ इको-सिस्टम डेवलप करने पर भी विचार करे। खंडपीठ ने सुझाव के तौर पर राज्य सरकार को सबसे पहले कुछ प्राथमिकता वाले ट्रैकिंग रूट की सफाई पर विचार करने को कहा। हाईकोर्ट ने खीरगंगा, हामटा, बिजली महादेव, साच पास, ब्यास कुंड, श्रीखंड महादेव, मणिमहेश यात्रा मार्ग, चूड़धार, त्रियुंड और चांशल पीक के नाम सुझाए हैं। अदालत ने पाया कि हिमाचल में प्लास्टिक की पुन: खरीद नीति वास्तव में गैर-कार्यात्मक रही है। कोर्ट ने सरकार को प्लास्टिक बायबैक नीति को सप्ताह के सातों दिन पूरी तरह कार्यात्मक बनाने के आदेश दिए. ऐसा करने से नागरिकों, विशेषकर कूड़ा बीनने वालों को सड़कों, जंगलों और नालों आदि में पड़े प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे कूड़ा बीनने वालों की आजीविका का स्रोत भी मजबूत होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि नगर निगमों के कूड़े-कचरे से जुड़े शिकायत तंत्र को और कारगर बनाने की सख्त जरूरत है। इसके लिए हाईकोर्ट ने राज्य के सभी नगर निगमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायतों का समाधान होने तक शिकायतों को प्रदर्शित करते रहें। एमसी शिमला को शिकायत नंबर +91 98052 01916 का व्यापक रूप से प्रचार करने को कहा गया है। इसी तरह अन्य नगर निगमों को सुनवाई की अगली तारीख से पहले एक शिकायत तंत्र नंबर जारी करने का निर्देश दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक की तरफ से इस विषय में वांछित रुचि न दिखाने पर इसे एक गंभीर मामला बताया। ग्रामीण विकास निदेशक को इस मामले में गहरी दिलचस्पी लेने और अब से सभी बैठकों में प्रभावी ढंग से भाग लेकर अपने बहुमूल्य इनपुट देने का निर्देश भी दिया गया है। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पर कूड़ा प्रबंधन एजेंसी ईपीआर प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर 19, न्यू कॉटन, कारकेट लेआउट, गणेशपेठ, नागपुर, सर्वश्री दि शक्ति प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, 202/203/204/205, दूसरी मंजिल बिजनेस क्लासिक चिंचोली बंदर रोड, मलाड, मुंबई और सर्वश्री रेकर इनोवेशन लिमिटेड कॉर्पोरेट ऑफिस 2007, सेक्टर-45, गुरुग्राम, को अदालत की अवमानना अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं।
हिमाचल में शिक्षा विभाग में टीचरों के तबादले पर रोक लग सकती है। इस बारे आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश में अभी तक शिक्षकों के लिए तैयार की जा रही ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर अभी सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई है। ट्रांसफर पॉलिसी का मामला अभी सरकार के पास ही आपसी सहमति न बनने से लटका पड़ा है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए शिक्षा विभाग ने एकेडमिक सेशन में शिक्षकों के तबादले पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में लाया जा रहा है। अगर इस प्रस्ताव को कैबिनेट में पास किया जाता है तो प्रदेश भर में विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे जेबीटी, टीजीटी, पीजीटी, डीपीई, फिजिकल एजुकेशन व अन्य शिक्षकों की सत्र के बीच में कोई ट्रांसफर नहीं होगी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में पिछली बैठक इसी महीने की 12 जुलाई को आयोजित हुई थी, जिसमें विभिन्न विभागों में 1 हजार से अधिक श्रेणियों के पद भरने सहित इनकम टैक्स भरने वालों को 125 यूनिट फ्री बिजली नहीं दिए जाने का फैसला लिया गया था। इसमें सीएम, डिप्टी सीएम, पूर्व सीएम, विधायक, सीपीएस, सभी बोर्डों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, ओएसडी, एडवाइजर समेत सभी बड़े अधिकारी शामिल थे। ऐसे में आज फिर से कैबिनेट की बैठक होने जा रही है, जिसमें अगस्त महीने में आयोजित होने वाले विधानसभा मानसून सत्र की तारीख फाइनल करने को लेकर चर्चा हो सकती है। इसी तरह से विभिन्न विभागों खाली पड़े पदों को भरने पर मुहर लग सकती है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में अन्य कई मामलो को लेकर निर्णय लिए जा सकते हैं।
कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब में मंगलवार रात शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने बुधवार सुबह एक आतंकी को मार गिराया। इस अभियान में हिमाचल प्रदेश के जवान (नॉन-कमीशंड अफसर) दिलवर खान बलिदान हो गए। इलाके में कुछ और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते सुरक्षाबलों का अभियान अब भी जारी है। मारे गए दहशतगर्द की शिनाख्त अभी नहीं हुई है। हिमाचल के ऊना जिले के बंगाणा के घरवासड़ा के रहने वाले दिलवर (28) की पार्थिव देह वीरवार को दोपहर बाद करीब 2 बजे उनके पैतृक गांव लाई जाएगी और राजकीय सम्मान के साथ मुस्लिम विधि के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना के एक अधिकारी ने बताया, मंगलवार शाम लोलाब के त्रिमुखा टॉप क्षेत्र में सुरक्षाबलों को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सेना और पुलिस के जवानों नें इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने की कोशिश की। जवानों ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। वीर सैनिक दिलवर खान के बलिदान होने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, ऊना के उपायुक्त जतिन लाल समेत ऊना जिले के सभी अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता की रक्षा करते हुए उनका यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। बता दें, मार्च, 1996 को जन्मे दिलवर 20 दिसंबर 2014 को सेना में भर्ती हुए थे।
**महान देश भगत भगत सिंह, सुख व् राजगुरु को मिलने वाले सम्मान की भांति हमें अपने बुजुर्गों को भी आदर सम्मान देना चाहिए : सुमित सिंगला बीबीएन : क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला के दिवंगत पिता स्व. प्रेमचंद सिंगला के जनम दिवस पर आज क्योरटेक् प्रांगण में 30वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 102 से अधिक युवा व युवतियों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। इस शिविर के आयोजन से अमित सिंगला सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा लगातार 30 वां रक्तदान शिविर आयोजित करवाने पर एक विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इस शिविर का शुभारम्भ नाभा के प्रमुख समाज सेवी विजय सिंगला, जो स्व. प्रेमचंद सिंगला के छोटे भाई हैं, ने किया। उन्होंने कहा की स्व. प्रेमचंद सिंगला किसी पवित्र रूह से कम नहीं थे जिन्होने अपने जीवन काल में एक कर्मठ, सच्चाई के मार्ग पर चलने वाले सच्चे और सादगी पसंद व्यक्तित्व के रूप में कार्य किए, जिनके दिखाए मार्ग पर आज भी परिवार और उनके निकट सम्बन्धी उनका अनुसरण करते है। इस अवसर पर क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला जो अमित सिंगला सोशल वेलफेयर सोसाइटी के चेयरमैन भी हैं ने कहा कि जिस प्रकार हम देश के प्रसिद्ध राष्ट्र्भगत शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को सम्मान देते हैं उसी प्रकार हमें अपने बुजुर्गों को भी आदर सम्मान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को बुजुर्ग अपने पैरों पर खड़ा करने और उनको श्रेष्ठ संस्कार देते हैं। इस शिविर में बी बी एन क्षेत्र के तरसेम चौधरी (नगर परिषद् प्रधान) संजू कुंडलास पूर्व पार्षद, भाजपा नेता बलविंदर ठाकुर, डॉ श्रीकांत, कृष्ण ठाकुर, बलबीर ठाकुर और रणेष राणा उपस्थित थे। इस समारोह में क्योरटेक परिवार के दीपक शर्मा, अमरजीत सिंह सैनी, मोहित शर्मा, मोहन सिंह, शिवानी, राधा, भुवनीश, डी के तोमर, दर्शन राणा, जगतार सिंह, मान सिंह, राजवीर और हुसन चंद उपस्थित थे। स्व. प्रेमचंद सिंगला के जनम दिवस पर 30वां विशाल रक्तदान शिविर का क्योरटेक प्रांगण में नाभा के प्रमुख समाज सेवी विजय सिंगला शुभारम्भ करते हुए साथ में ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला और अन्य दिखाई दे रहे हैं।
शिव कावड़ सेवा संघ कुनिहार के सौजन्य से श्रावण मास के पावन अवसर पर शिव महापुराण कथा का शुभारंभ बड़े ही धूमधाम के साथ राजदरबार के प्रांगण में किया गया। शिव महापुराण कथा को सोलन के कोट बेजा से आए प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित विक्रांत शर्मा बड़े ही सुंदर व मधुर वाणी से कथा का वर्णन कर रहे हैं। प्रथम दिवस की कथा का वर्णन करते हुए विक्रांत शर्मा ने बताया कि ज्ञान तथा करुणा का साक्षात स्वरूप शिव है। शिव शिवा संपूर्ण जगत के माता-पिता है। सूत जी जो पुराण वक्ता है वह शौनकादि ऋषियों से कहते हैं कि प्रयाग तीर्थ से शिव पुराण की अविरल धारा प्रारंभ होती है। शिवलिंग का स्तंभ ब्रह्मा तथा विष्णु के मध्य हुआ है जो संपूर्ण संसार के लिए पूजनीय है तथा मृत्युलोक के प्राणियों के लिए शिव पूजन का विशेष महत्त्व है। जो कोई भी शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा ,विलगिरी ,कमल पुष्प, दूध ,दही, शहद व पंचामृत से स्नान करवाता है वह आवागमन के चक्कर से बच जाता हैं। कथा सुनने के लिए दूर-दूर इलाकों से शिव भक्त प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर राजदरबार प्रांगण में पहुंच कर कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा आयोजक कांवड़ संघ के राधा रमन शर्मा व विनोद भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिव महापुराण कथा का अयोजन पिछले कई वर्षो से चला आ रहा है। उन्होने बताया कि शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन ढाई फुट के पार्थेश्वर शिवलिंग को सुबह की पूजा में पंडित रमेश शर्मा के सहयोग से बनाया जा रहा है। वहीं कथा समाप्ति के उपरांत सांय काल को समस्त कुनिहार निवासियों के सहयोग सहित कथा स्थल से गंभर नदी तक ढोल नगाड़ों के साथ पार्थेश्वर शिवलिंग का विसर्जन प्रतिदिन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सभी सदस्य कथा के सफल आयोजन के लिए पूरी मेहनत और लगन से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कथा मे विनोद भारद्वाज, राधा रमन शर्मा, सुरेन्द्र कुमार, नीरज शर्मा, हेमन्त जोशी, राहुल, मृदुल व आरव सहित कावड़ संघ के सभी सदस्यों सहित कथा प्रेमी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आगामी 26 जुलाई को त्रिलोक ठाकुर अध्यक्ष अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की अध्यक्षता मे होगी। यह बैठक वाईब्रेशन हॉल नजदीक रिपन अस्पताल शिमला ठीक 11:00 बजे शूरू होगी, जिसमें प्रदेश भर के लगभग 250 कर्मचारी नेता भाग लेंगें। जिसमें जिलाध्यक्ष व महासचिव प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी विभागीय संगठनों के प्रधान एवं महासचिव तथा प्रदेश कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारी सम्मलित होंगें। बैठक के तुरंत बाद प्रदेश कार्यकारिणी त्रिलोक ठाकुर की अध्यक्षता मे माननीय मुख्यमंत्री महोदय व मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार से मुलाकात करेंगें। इस बैठक में प्रदेश सरकार जल्द से जल्द संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन करने बारे में चर्चा होगी और इसी के साथ 2016 संशोधित वेतनमान का लम्बित ऐरियर का भुगतान, मंहगाई भत्तों की किश्तों कों जारी करने, वर्तमान अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को पूर्व की भांति वर्ष मे 02 बार नियमित करने बारे तथा भविष्य में भर्तियों को नियमित आधार पर करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों में कई वर्षों से रिक्त पडे पदों को भरने व विभिन्न विभागों मे पदौन्नति समय पर करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यह जानकारी प्रैस को हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के राज्य महामंत्री राजीव चौहान ने दी है।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की आमद में ज़बरदस्त उछाल देखने में आया है। प्रदेश ने वर्ष 2024 की पहली छमाही में एक करोड़ से अधिक सैलानियों का आतिथ्य सत्कार किया। हिमाचल की मनोहारी वादियों, स्वच्छ वातावरण और प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जा रही बेहतर सुविधाओं के फलस्वरूप इस साल जून माह के अन्त तक रिकॉर्ड 1,00,87,440 पर्यटक प्रदेश के भ्रमण पर पहुंचे। प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, किन्नौर और लाहौल-स्पीति पर्यटकों से गुलजार हैं। इस अवधि में सर्वाधिक पर्यटक कुल्लू और शिमला ज़िलों में उमड़े। कुल्लू ज़िले की 4,73,737 और शिमला ज़िले की 4,48,392 सैलानियों ने यात्रा की। प्रदेश में जुलाई माह में भी पर्यटकों का आगमन निरन्तर जारी है। प्रदेश की अधिकतर सड़कों पर्यटकों के सुगम आवागमन के लिए खुली हैं और पर्यटक हिमाचल की नैसर्गिक सुन्दरता को निहारने के लिए प्रदेश की ओर रूख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पर्यटकों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश के अधिकांश मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। खराब मौसम के कारण प्रदेश की कुछ सड़कें प्रभावित हुईं थीं, लेकिन वर्तमान में पर्यटकों और आमजन के लिए अधिकतर सड़कें खोली जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई महीने में हज़ारों की संख्या में पर्यटकों ने हिमाचल की सैर की और इस वर्ष के अन्त तक पर्यटकों की संख्या दो करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैलानी प्रदेश के विभिन्न स्थलों की यात्रा से संबंधित जानकारी संबंधित ज़िला प्रशासन व पुलिस विभाग के हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटकों की सुगम एवं सुरक्षित यात्रा तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सैलानियों की सुरक्षित यात्रा के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग पर्यटकों को समय-समय पर विशेष सड़क मार्गों पर यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है। ज़िला प्रशासन और हिमाचल पुलिस द्वारा सड़कों की स्थिति संबंधी जानकारी निरन्तर उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के सौजन्य से जिला श्रम कल्याण विभाग किन्नौर द्वारा ग्राम पंचायत छितकुल में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने की। इस जागरूकता शिविर में गा्रंम पंचायत छितकुल के 90 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने गा्रंमीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड अधिनियम 1996 के अनुसार वे सभी कामगार जो भवन, मार्गों, सड़क, सिंचाई, जल निकास, तट बंध, बाढ़ नियंतरण, टेलीफोन लाइनों, संचार माध्यमो व अन्य कार्य में अपनी सेवाएं किसी भी रूप में दे रहे है वे सभी श्रमिक कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो सकते है। नर देव सिंह कंवर ने बताया कि पंजीकरण के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य में कार्यरत श्रमिकों की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी अनिवार्य है तथा पिछले 12 माह में न्यूनतम 90 दिन तक भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में काम किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए कामगार को संबंधित जिला श्रम अधिकारी के कार्यालय में आधार कार्ड, बैंक पास बुक की प्रति, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर की प्रति तथा दो पासपोर्ट फोटो श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा चलाई जा रही जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जनप्रतिनिधियों की अमह भूमिका रहती है। उन्होनें बताया कि पंजीकृत कामगार या आश्रित बच्चों के विवाह हेतु सहायता राशि 51000 से बढ़ाकर 2 लाख रुपयों का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर कल्पा विकास खण्ड पंचायत समिति अध्यक्षा ललीता पंचारस, सदस्या जिला परिषद अराधना देवी, विक्रम शर्मा बी0ओ0डी0 निदेशक हि0प्र0 नागरिक आपूर्ति निगम, नरेश चौहान सहायक वित्तीय नियन्त्रक, शुभम चन्द पंचायत प्रधान छितकुल, सपन जसरोटिया जिला श्रम कल्याण अधिकारी, एडवोकेट प्रताप नेगी सहित श्रम विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के अंतर्गत वर्ष 2024 के लिए आवेदन व नामांकन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के दिशा-निर्देश विभाग की वेबसाइट (www.award.gov.in ) पर उपलब्ध हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि पात्र आवेदक को अपना नामांकन पूर्ण दस्तावेज के साथ भारत सरकार के पोर्टल (www.award.gov.in ) पर 31 जुलाई, 2024 तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 05 पद तथा आगंनबाडी सहायिका के 08 रिक्त पदों को भरने के लिए साक्षात्कार 12 अगस्त, 2024 को प्रातः 11.00 बजे उपमण्डलाधिकारी (ना.) कण्डाघाट के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी आज यहां बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के विभागीय प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरीनगर के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र डोलग, आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्वारग के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र सिल्हारी, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत नगाली के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र जेठना, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चायल के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र चायल, आंगनबाड़ी वृत्त वाकनाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत पौधना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र गांव चिनी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक-एक पद भरा जाएगा। इसी प्रकार आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्वारग के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र टिक्करी, आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत छावशा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र मालगा, आंगनबाड़ी वृत्त कण्डाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैंज के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र कोहारी, आंगनबाड़ी वृत्त साधुपुल के अंतर्गत ग्राम पंचायत झाझा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र काथला, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत रहेड के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र टनाजी, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत झाझा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र चोहड़ा, आंगनबाड़ी वृत्त चायल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चायल के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र चायल तथा आंगनबाड़ी वृत्त वाकनाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत देलगी के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र कोठी में आंगनबाड़ी सहायिका का एक-एक पद भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता को इन पदों के लिए 12 अगस्त, 2024 प्रातः 11.00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के कार्यालय में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि उपरोक्त पदों के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र होंगी जो सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के लाभान्वित क्षेत्र में प्रथम जनवरी 2024 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से सम्बन्ध रखती हांे। उन्होंने कहा कि इसके लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उम्मीदवार के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो उत्तीर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा जारी एवं प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आयु, उच्च शैक्षणिक योग्यता, दिव्यांग, विधवा, स्टेट होम अथवा बालिका आश्रम के इनमेटस, अनाथ, असहाय एवं परित्यक्ता, तलाकशुदा, जिनके पति पिछले 07 वर्षों से लापता हों, जाति प्रमाण पत्र, निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र संलग्न करना चाहिए। उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन इन सभी प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां भी अपने साथ लानी होंगी। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार नजदीक के आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट में सम्पर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आज बचत भवन, सम्मेलन कक्ष में प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महासंघ के राज्य पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी तथा विभिन्न विभागों के अध्यक्षों, सचिवों एवं अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने मांग की कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जल्द से जल्द से संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाए । बैठक में विभिन्न विभागों की समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रमुख मुद्दों में विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरना, विभिन्न विभागों के विभिन्न वर्गों में वेतन विसंगति, वर्ष 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकया राशि का तुरंत भुगतान, 12% महंगाई भत्ता, दो बार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम, जिला परिषद तथा अन्य छूटे विभागों के लिये पुरानी पेंशन का प्रावधान, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, विभिन्न विभाग के विभिन्न वर्गों के पद नाम बदलना, जल रक्षक का अनुबंध में शामिल करने के लिए अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष करना, आवास भत्ते में लंबे समय से वृद्धि न होने के कारण विभिन्न कर्मचारी वर्ग का आवास भत्ता बढ़ाने की मांग, विभागीय पदोन्नती समय पर हो, करूनामुल्क आधार पर विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का निपटारा कर सभी को वन टाइम रिलैक्सेशन देकर नियुक्ति देना, जिला परिषद कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने, मिड डे मील वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका के लिए स्थाई नीति, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, मल्टी टास्क कर्मी के लिए स्थाई नीति, सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों से उपस्थित पदाधिकारियों ने विभागिय समस्याओं बारे अवगत करवाया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इन मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर से सरकार के समक्ष इन समस्याओं को रखने तथा शीघ्र समाधान की मांग की। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा की कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए शीघ्र ही समाधान निकालने हेतु माननीय मुख्यमंत्री से मिलेगा और विभिन्न विभागों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र माननीय मुख्यमंत्री को आगामी कार्यवाहेतु प्रदान किए जाएंगे। इस बैठक में राज्य कार्यकारिणी वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरव वैद, महासचिव भरत शर्मा, उपाध्यक्ष एवं राज्य प्रधान क्लास-4 संगठन आईजीएमसी मोहन लाल कश्यप, मुख्य सलाहकार एवं प्रदेश पटवारी कानूनगो महासंघ अध्यक्ष शमशेर, मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, कार्यालय सचिव देव नेगी, सचिव एवं लैब अटेंडेंट एसोसिएशन स्कूल अध्यक्ष कँवर सिंह तंगराइक, महासचिव, पम्प ऑपरेटर जल शक्ति विभाग डी के शर्मा, ज़िला उपायुक्त कार्यालय एसोसिएशन अध्यक्ष अमित वर्मा, फायर ब्रिगेड यूनियन महासचिव रजिंदर चंदेल, अर्थ एवं सांख्यिकी तकनीकी अध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, आई टी आई ट्रेनेड फ़िटर अध्यक्ष तेज राम, हि० प्र० नेत्र चिकित्सा अधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इन्द्र दत्त शर्मा, वन विभाग मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन अध्यक्ष प्रकाश बादल के साथ-साथ प्रदेश के सभी ज़िला अध्यक्षों मनजीत(सोलन), भरत (शिमला), बलदेव नेगी (किन्नौर), राम चन्द्र (सिरमौर), लेख राज (मंडी), अमर चंद (कुल्लू), विजय (चम्बा), रजिंदर मनहास (काँगड़ा), दर्शोक ठाकुर (हमीरपुर), धरम सिंह (बिलासपुर) एवं रामपाल (लाहौल-स्पीति) ने भाग लिया।
राज्य सरकार ने प्रदेश में मौजूदा सेब सीजन के दौरान बाहरी राज्यों के ट्रक चालकों को विशेष पथ कर (स्पेशल रोड टैक्स) से छूट प्रदान की है। हिमाचल में प्रवेश करने वाले दूसरे राज्यों के ट्रक चालक जो नेशनल परमिट के तहत कवर नहीं हैं, को अन्य राज्यों में आलू और सेब के परिवहन के लिए विशेष पथ कर से तुरंत प्रभाव से छूट प्रदान की गई है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। परिवहन विभाग द्वारा बागवानों और किसानों के उत्पादों के परिवहन को सुगम बनाने तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेब और आलू के परिवहन के लिए विशेष पथ कर से छूट प्रदान करने से सभी हितधारकों को मदद मिलेगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानसून तथा सेब सीजन के दृष्टिगत परिवहन विभाग द्वारा सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण की गई हैं। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी एहतियाती उपाय पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने सभी हितधारकों से सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
**अब और बढ़ सकती है मुश्किलें ** मांगें नहीं मानी तो कार्यालयों की चाबियां सौंपेंगे पटवारी और कानूनगो **जनता परेशान, सरकार नहीं ले रही सुध प्रदेश भर में पिछले 10 दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि जैसे ज़रूरी प्रमाण ऑनलाइन तो बन ही नहीं रहे थे मगर अब ये सुविधाएं कुछ हद तक ऑफलाइन भी बंद हो सकती है। पहले इन सभी कामों के लिए जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा था मगर अब दफ्तरों पर भी ये काम मुश्किल हो सकते है और इसका कारण है ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारियों की सुक्खू सरकार से नाराज़गी। दरअसल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं और ये एलान कर दिया है कि अब वो न सिर्फ ऑनलाइन सुविधाएं बल्कि अतिरिक्त कार्यों के कार्यालयों की चाबियां भी वापस सौंप देंगे। महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर स्टेट कॉडर बनाने के फैसले से सरकार पीछे नहीं हटती है तो 25 जुलाई से एडिशनल पटवारी और कानूनगो सर्कल का काम देखना बंद कर दिया जाएगा यानि उन कार्यालयों की चाबियां सरकार को सौंप दी जाएगी जिनका उनके पास अतिरिक्त कार्यभार है, और अगर इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो महासंघ पेन डाउन हड़ताल शुरू कर देगा। ज़ाहिर है अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश के लोगों को बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगो के बोनोफाइड सर्टिफकेट, करेक्टर सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, ओबीसी सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट, अन-इम्पलायमेंट सर्टिफिकेट, लैंड होल्डिंग सर्टिफिकेट, PM किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम बंद हो जाएंगे। यही नहीं प्रदेश सरकार 18 से 59 आयु वर्ग की महिलाओं को 1500 मासिक पेंशन दे रही है, जिसके लिए इन दिनों कल्याण अधिकारी के पास फार्म भरे जा रहे हैं, जिसके लिए हिमाचली बोनोफाइड प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। अब महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए भी फॉर्म जमा नहीं कर पाएगी। इतना कुछ होने पर भी सरकार ने अभी तक महासंघ को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में सरकार के अड़ियल रवैये के कारण आम जनता खासी परेशान है। फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया से खास चर्चा करते हुए हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि 12 जुलाई की कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने पटवारी-कानूनगो को स्टेट कॉडर बनाने का फैसला लिया था। अभी पटवारी और कानूनगो दोनों ही जिला कॉडर है। पटवारी और कानूनगों की भर्ती भी जिला कॉडर के हिसाब से हुई है। अब उन्हें अचानक स्टेट कॉडर बना देने से सीनियोरिटी प्रभावित होगी। इससे प्रमोशन में देरी होगी और स्टेट कॉडर में मर्ज होने से सीनियोरिटी में ये लोग पीछे चले जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि पटवारी क़ानूनंगो को इसलिए जिला कॉडर में रखा गया, क्योंकि अपने जिला में उन्हें लोकल बोल-चाल और एरिया के बारे में जानकारी होती है। यदि उनका दूसरे जिला में ट्रांसफर हो जाता है तो इससे उन्हें बोल-चाल और एरिया समझने में वक्त लगेगा। इससे काम में एफिशिएंसी नहीं आएगी। भर्ती एवं पदोन्नति नियम के हिसाब से उन्हें जिला कॉडर में ही रखा जाना चाहिए। बता दें कि प्रदेश में राजस्व विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे पटवारी एवं कानूनगो की संख्या 3350 के करीब है। इसके अलावा सेटलमेंट विभाग में भी इस वर्ग के सैंकड़ों कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के बाद पटवारी कानूनगो सभी ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप से भी एग्जिट कर चुके है। हिमाचल में राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने का निर्णय पिछली साल 18 नवंबर को भी लिया गया था, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया था । सरकार का निर्णय 12 घंटे भी नहीं टिक पाया था। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया हैं। ।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार से आयोजित चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा को मंगलवार को विधिवत रूप से विराम दिया गया। जानकारी देते हुए सेवा धाम के मीडिया प्रभारी डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज ने इस चार दिवसीय कथा में कृष्ण भगवान की अनेकों लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों के अलावा प्रदेश के हर कोने से हरि जी महाराज के शिष्यों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने गुरु का आशीर्वाद लेकर क्था को श्रवण किया। डी कश्यप ने बताया कि कथा के दौरान कसौली विधानसभा के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने भी अपनी हाजरी लगाकर कथा व्यास से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर विधायक ने पट्टाबरावरी मुख्य मार्ग से एक किलोमीटर निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर तक सड़क मार्ग पक्का करने के लिए 3 लाख रुपए देने की घोषणा की। कथा व्यास ने सुदामा भक्त व कृष्ण मिलन की कथा ,रुकमणी विवाह सहित अनेकों कथा के प्रश्नग सुनाकर श्रोताओं को भाव भीभोर कर दिया। हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विधिवत विराम दिया गया।आयोजकों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य देविंद्र शर्मा,अमर सिंह कौंडल,ख्यालीराम,कन्हैया राम,संतराम,नेकराम कौंडल,निर्मला,जीतराम, सहित सैंकड़ों महिला व पुरुष मौजूद रहे।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पड़ते खुंडिया में बुधवार को व्यापार मण्डल की बैठक का आयोजन हुआ, जहां पर खुंडियां बाजार की साफ सफाई व्यवस्था पर चर्चा हुई और बड़े समय से खाली चले व्यापार मण्डल के प्रधान पद हेतु भी चर्चा की गई । जिस में सर्वसम्मति से नायक ए डी शर्मा को व्यापार मंडल खुंडिया का प्रधान चुना गया साथ मे हतिंदर राणा को उप प्रधान एवं सुरेश पाल राणा को सचिव नियुक्त किया गया। वहीं मुकेश कुमार पूर्व उप प्रधान, जनक राज प्रधान खुंडियां, प्रताप राणा, रॉकी राणा विक्रम सिंह, प्रधान छिलगा सचिन राणा, हरदीप राणा, निकुंश कुमार सदस्य नियुक्त किए गए।
शिमला में राज्य सचिवालय के समीप बुधवार सुबह दृष्टि बाधित संघ ने मांगों को लेकर चक्का जाम किया। सचिवालय से कुछ दूरी पर सड़क पर बैठकर संघ के सदस्यों ने चक्का जाम कर नारेबाजी की। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस की ओर से संघ सदस्यों को जबरन सड़क से उठाया गया। कुछ दृष्टि बाधितों की तबीयत भी बिगड़ गई। दृष्टि बाधित संघ बैकलॉग की भर्तियां नहीं होने से गुस्साया हुआ है। संघ के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने कई बार मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, कई बार वार्ता भी हुई लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। कहा कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो 1 से 15 अगस्त तक लगातार चक्का जाम व प्रदर्शन होगा। इसकी जिम्मेदार सरकार की होगी। दृष्टि बाधित संघ के अनुसार पहले भी कई बार चक्का जाम व अनशन कर चुके हैं, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हो पाया है।
हिमाचल प्रदेश में नेशलन हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के तहत फोरलेन प्रोजेक्ट्स का निर्माण लगातार जारी है। कालका और शिमला को जोड़ने वाले फोरलेन का काम चल रहा है और अब एनएचआई को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पर ढली-कैथलीघाट फोरलेन पर बन रही शुंगल टनल का ब्रेक-थ्रू हो गया और टनल के दोनों छोर मिल गए हैं। 40 किमी लंबे इस स्ट्रेच पर 2 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कैथलीघाट से ढली फोरलेन में 10 किलोमीटर की 10 टनल्स बनाई जाएंगी। इनमें से एक सुरंग टनल के दोनों छोर मिल गए हैं। शोघी के पास शुंगल में 708 मीटर की लंबी यह टनल बन गई और अब इसका काम अंतिम पड़ाव पर है। हिमाचल प्रदेश में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित मंगलवार को सुरंग की ब्रेकथू सेरेमनी में शामिल हुए। बता दें कि शुंगल टनल का काम साल 2023 में शुरू हुआ था और फिलहाल, नौ और टनल बननी बाकी हैं, जिनका काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।एनएचआई के क्षेत्रीय प्रमुख अब्दुल बासित ने बताया कि सुरंग के निर्माण में 200 मजदूरों और 50 मशीनों की तैनाती की गई है। 90 करोड़ में बन रही यह सुरंग डबललेन है और इससे यात्रा का समय और ईंधन की बचत होगी। बासित ने बताया कि सुरंग का निर्माण पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने बताया कि टनल के निर्माण से पहाड़ी की कटिंग बच गई और इस वजह से 5 हजार पेड़ कटान से बच गए। उन्होंने बताया कि पुल में एक पिलर की ऊंचाई तीन कुतुब मीनार(150 मीटर) से भी ज्यादा है। शकराल पुल के पिलर की ऊंचाई 210 मीटर है, जोकि करीब तीन कुतुब मीनार के बराबर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
**पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की शुरू हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के अंतर्गत पुलिस थाना रोहड़ू क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। सुंगरी-समरकोट सड़क पर देर रात एक कार शडेनाली के समीप 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कार सवार 5 लोगों में से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रोहड़ू अस्पताल से आईजीएमसी शिमला रैफर किया गया है। बताया जा रहा है कि कार सवार सभी लोग शादी समारोह में कैटरिंग का काम करने आए थे। वहीं पुलिस ने हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया है तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। हादसे में मर गए लोगों की पहचान 25 वर्षीय लक्की शर्मा निवासी गांव भोजपुर, डाकघर सूई सुराड़, तहसील सदर बिलासपुर और 23 वर्षीय ईशांत निवासी गांव व डाकघर नवगांव, तहसील अर्की, जिला सोलन के रूप में हुई है। वहीं घायलों में 23 वर्षीय राकेश निवासी गांव बिरल व तहसील अर्की, 19 वर्षीय भरत उर्फ कर्ण निवासी गांव जेंडर बसंतपुर, तहसील सुन्नी, जिला शिमला और 19 वर्षीय पंकज निवासी गांव मोहली, डाकघर धनावली ननखड़ी, जिला शिमला शामिल हैं।
**रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी (जेओए आईटी) पोस्ट कोड-817 के अभ्यर्थियों से मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल और विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर से विधायक आशीष शर्मा मिले और उनके साथ धरने पर बैठे। इस दौरान दोनों विधायकों ने अभ्यर्थियों को उनकी तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को जोर-जोर से सरकार के समक्ष रखेगी। बीते 5 वर्षों से इन अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी सरकार इस पोस्ट का अंतिम परिणाम घोषित नहीं कर रही है। जो बेहद शर्मनाक है। विधायक लखनपाल ने कहा कि इस मुद्दे को वह कॉंग्रेस विधायक होते हुए भी कई बार सरकार के समक्ष रख चुके हैं लेकिन सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया। इस मुद्दे के प्रति सरकार नकारात्मक रवैया अपनाए हुए है। वहीं विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि अगर सरकार जल्द से जल्द इस पोस्ट कोड का परिणाम घोषित नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर कड़े कदम उठाएगी और सरकार का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी इन अभ्यर्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे और आगे भी खड़े रहेंगे। सरकार ने न तो एक लाख नौकरियों का वायदा पूरा किया और न ही जो परीक्षाएँ युवाओं ने उतीर्ण की है उनके परिणाम निकाले। जिस कारण युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस लंबित परिणाम को जल्द से जल्द घोषित कर युवाओं को राहत प्रदान की जाए।
जयसिंहपुर: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25, बीए, बीएससी, बी कॉम, बीसीए प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए इंडक्शन /ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस प्रोग्राम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफ़ेसर उपेंद्र शर्मा द्वारा की गई। मंच संचालन प्रो. किरण शर्मा ने किया। इस प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों को उनके चुने हुए कोर्सेज के बारे में तथा महाविद्यालय की सभी सुविधाओं से अवगत करवाना रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र ही हमारे कल का भविष्य हैं उन्हें सही रास्ता दिखाना ही एक अच्छे प्राध्यापक और महाविद्यालय का प्रथम उद्द्येशय होता है। डॉ. रविंद्र जग्गी बीसीए समन्वयक ने छात्रों को बीसीए कोर्सेज के बारे में अवगत करवाया तथा सभी विषयों के प्रोफ़ेसरों से परिचय भी करवाया। तत्पश्चात डॉ. अर्पित कायस्थ पीजीडीसीए समन्वयक ने सभी नए छात्रों को छात्रवृति योजनाओं के बारे में अवगत करवाया व छात्रवृत्ति आवेदन भरने के लिए जरूरी दस्तावेज़ जैसे कि माता-पिता के नाम से इनकम सर्टिफिकेट, कैटेगरी सर्टिफिकेट, आई.आर.डी.पी सर्टिफिकेट। साथ ही एनएसपी पोर्टल पर कैसे अप्लाई करना है यह भी बताया। महाविद्यालय के द्वारा दी गई ऑप्शनल लैपटॉप स्कीम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय का दौरा करवा कर किया गया।
शिमला: भाजपा किसान मोर्चा की राज्य सोशल मीडिया सहसंयोजक व पार्षद रचना झीना शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र की भावना के तहत बजट देश के सर्वांगीण विकास का दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में भी किसान बागवान को सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है और किसान की तकनीक को बढ़ाने के साथ-साथ अनेक क्रांतिकारी घोषणाएं बजट में की है ,जिससे आने वाले समय में किसान व बागवान को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में किसान व बागवान रहे हैं और लगातार मोदी सरकार कृषि व बागवानी की चिंता कर रही। रचना शर्मा ने कहा कि अन्नदाताओं को लागत पर कम से कम 50% मार्जिन देने का वायदा सभी मुख्य फसलों के लिए उच्चतर न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा करके पूरा कर दिया गया है। अब किसानों को खेती-बाड़ी के लिए कृषि और बागवानी की 32 फसलों के लिए उच्च पैदावार वाली 109 नई किस्में जारी की जाएंगी। वैज्ञानिक संस्थानों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से अगले 2 वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए सहायता प्रदान की जाएगी और मुख्य बाजारों के नजदीक सब्जी उत्पादन क्लस्टर स्थापित करने की घोषणा भी की गई है। कुल मिलाकर यह सभी बजट प्रावधान निश्चित रूप से किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में गत वर्ष जो आपदा आई उसको लेकर के विशेष रूप से वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार बहुउद्देशीय विकास की योजनाओं में सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद करेगी, इससे पहले भी केंद्र की सरकार ने 1700 करोड़ से अधिक की मदद हिमाचल को की है ।उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं और यह बात बजट में साबित हुई की हिमाचल के लिए विशेष स्थान प्रधानमंत्री के लिए है।
सोलन: एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के छात्रों और संकाय सदस्यों ने सोलन में सदर थाना कोटलानाला और महिला पुलिस स्टेशन का दौरा किया। यह यात्रा एक शैक्षिक पहल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य कानून के छात्रों को पुलिस संचालन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कामकाज के बारे में व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान करना था। यात्रा के दौरान, छात्रों ने स्टेशनों के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को समझने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ काम किया। उन्हें सुविधाओं का दौरा कराया गया और शिकायत दर्ज करने, जांच प्रक्रियाओं और सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयासों सहित पुलिस के काम के विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में कानून प्रवर्तन के सामने आने वाली चुनौतियों और इन मुद्दों के समाधान के लिए किए गए उपायों के बारे में भी बताया। महिला पुलिस थाने में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों से निपटने पर विशेष जोर दिया गया। छात्रों ने पीड़ितों के लिए सहायता प्रणालियों और ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में सीखा। अधिकारियों ने पुलिसिंग में लैंगिक संवेदनशीलता के महत्व और महिलाओं को अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में महिला पुलिस स्टेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। यात्रा का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ जहां छात्रों को सवाल पूछने और अधिकारियों के साथ विभिन्न कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। इस प्रत्यक्ष अनुभव ने छात्रों को उनके शैक्षणिक अध्ययन के पूरक के रूप में मूल्यवान ज्ञान और कानून प्रवर्तन के व्यावहारिक पहलुओं की गहरी समझ प्रदान की। डॉ. आर. पी. नैनता प्रिंसिपल एल. आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज ने पुलिस विभागों के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और अच्छी तरह से कानूनी पेशेवरों को आकार देने में इस तरह की यात्राओं के महत्व पर जोर दिया। एल. आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज ने अपने छात्रों के व्यावहारिक सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए विभिन्न कानूनी और कानून प्रवर्तन संस्थानों में इसी तरह की यात्राओं का आयोजन जारी रखने की योजना बनाई है।
** पकड़े जाने पर 25 वर्ष की आयु तक नही बनेगा लाइसेंस, 1 अगस्त से अंडर ऐज ड्राइविंग के चालान करने पर होगा फोकस इंदौरा: मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत नियमों का उलंघन करने पर मोटे जुर्माने और सख्त सजा का प्रावधान रखा है, जिसके तहत आज ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस कंदरोडी ने ट्रैफिक नियमों की उलंघना करने वालो को दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया, वही चौंकी प्रभारी विक्रमजीत सिंह तथा हेड कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल विनोद कुमार, कांस्टेबल सैम सिंह ने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों को रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए कहा, चौंकी प्रभारी विक्रमजीत सिंह ने कहा कि आज हमने सभी वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए हिदायत दी है लेकिन 1 अगस्त से ट्रैफिक नियमों की उलंघना करने वालो पर सख्ती से शिकंजा कसा जाएगा। वही उन्होंने कहा कि अगर कोई नाबालिग लड़का या लड़की 1 अगस्त के बाद वाहन चलाता पकड़ा गया तो सबसे पहले उसका 25000 रुपए चालान होगा और माता-पिता मे से किसी एक को जेल हो सकती है।
1 अगस्त से 26 अगस्त 2024 तक आयोजित की जाएगी किन्नर -कैलाश यात्रा-2024 यह जानकारी आज यहां उपमण्डलाधिकारी कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक रहेगा तथा पंजीकरण 25 जुलाई, 2024 को प्रातः 11ः00 बजे से आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्री ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं। आफलाईन पंजीकरण के लिए जिला पर्यटन विभाग से सम्पर्क किया जा सकता है तथा ऑनलाईन पंजीकरण के लिए https://hpkinnaur.nic.in पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है तथा आफलाईन पंजीकरण के लिए उसी दिन तागलिंग गांव में जाकर किया जा सकता है। उन्होनें बताया कि एक दिन में 200 ऑनलाईन व 150 आफलाईन पंजीकरण करवाए जाएगें व एक व्यकित एक से ज्यादा बार पंजीकरण नहीं करवा सकते है तथा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा और मेडिकल फिटनेस फॉर्म 25 जुलाई 2024 से इसी वैबसाईट पर उपलब्ध होगा तथा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होने की तिथि से एक सप्ताह तक ही मान्य होगा।


















































