हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने टेट परीक्षा की फीस में बढ़ोतरी की है, जिस पर प्रदेश के जेबीटी वा बी एड प्रशिक्षु काफी नाराज है ,फीस बढ़ोतरी पर जेबीटी / डी एल एड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परयाल ने बताया कि इस प्रकार अचानक टेट की फीस दुगनी करना छात्र हित में नही हैं ,जहाँ उन्हें पहले 500 या 800 फीस देनी पड़ती थी वही अब 1000 ओर 1600 कर दी गई है, जिस से प्रदेश के प्रशिक्षु आर्थिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी परेशान हैं । उन्होंने कहा कि आज कल का दौर प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत मानसिक तनाव भरा है, क्योंकि 4,5 वर्षो से जेबीटी भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नहीं हुई है । पिछली बार 2019 में ही जेबीटी कमिश्नन हुआ है ,उसके बाद कोई भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नही हुई, जिसकी वजह से प्रदेश के युवा मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं , उस पर यह अचानक टेट फीस में बढ़ोतरी करना उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा हो गया है। जगदीश परयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार अब पूर्ण बहुमत की सरकार बन चुकी है प्रदेश के युवाओं ने जब सरकार मुश्किल में थी तो उन्हें समझा है और उनका साथ दिया है ,अब मुख्यमंत्री को प्रदेश के युवाओं की ओर भी अपना ध्यान देने की जरूरत है ,उन्होंने कहा कि अगर सरकार आर्थिक रूप से कमजोर है तो इसका बोझ प्रदेश के बेरोजगारो के कंधों पर ना डाले, इसका समाधान निकाले ओर जल्द ही कमिश्नन के माध्यम से भर्ती करवाना शुरू करें । प्रदेश के 12 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओ को मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें है मुख्यमंत्री इनके बारे में भी कुछ सोचे क्योंकि भर्ती की अधिसूचना सिर्फ अखबारों तक ही सीमित रह गईं है आए दिन सरकार की तरफ से खबर आती है भर्तियों की परन्तुं अभी तक कोई भी भर्ती कमीशन के माध्यम से शुरू नहीं हुईं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जेबीटी लगभग 9 महीनों से लंबित बैच वाइज भर्ती का परिणाम जल्द से घोषित किया जाए ,जिसके लिए लोग 15-15 सालों से नोकरी लगने का इंतजार कर रहे हैं । सरकार अगर समय पर भर्ती कराती है तभी प्रदेश की शिक्षा में गुणवत्ता आएगी । उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड धर्मशाला अपने टेट की फीस बढ़ोतरी पर पुनः विचार करे और जो फीस पहले ली जाती थी वही फीस ली जाए अन्यथा प्रदेश के युवाओं को मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा ।
उपमंडल देहरा के अन्तर्गत पड़ते ख़बली के लोगों ने सीएम सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर से मांग की है कि पटवार वृत्त पाइसा का नाम ख़बली किया जाए। लोगों का कहना है कि यह पटवार वृत 100 वर्षों से पूर्व ब्रिटिश काल में अस्तित्व में आया था। कालान्तर में पटवार वृत पाइसा का विभाजन हुआ और एक नया पटवार वृत अम्ब अस्तित्व में आया व पटवार वृत पाइसा के विघटन के कारण महाल पाइसा पटवार वृत अम्ब के अन्तर्गत आ गया, जबकि जो पुर्नगठन उपरान्त पटवार वृत पाइसा रह गया। उसमें पाइसा नाम का कोई महाल नहीं है। दूसरे पटवार वृत पाइसा का भवन भी गांव खबली में निर्मित है। इसलिए पटवार वृत पाइसा का नाम बदलकर पटवार वृत खबली किया जा सके । इस मांग को लेकर समूची ख़बली की जनता लामबंद हो गई है और वाकायदा पंचायत सचिव के माध्यम से एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर को भेज कर मांग की है कि सरकार इस विसंगति को दूर करके पटवार व्रत पाइसा का नाम बदलकर पटवार व्रत ख़बली किया जाए।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 ने जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा सभा का आयोजन किया गया इग्नू केंद्र -1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने इग्नू के छात्रों को दूरवर्ती शिक्षा माध्यम से सबसे बड़े विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी तथा छात्रों को इग्नू के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं जो इग्नू की वेबसाइट पर मिलती हैं उनके बारे में छात्रों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की शंका का भी समाधान किया और इग्नू अध्ययन केंद्र से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इग्नू एक प्रतिष्ठित संस्था है। यह हर साल दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। ताकि वह जीवन में एक सफल मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अगर कोई समस्या आ रही है तो वह एक निश्चित समय पर फोन द्वारा या स्वयं भी केंद्र पर आकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
पूर्व सैनिक संघ एवं वीर नारी संघ का चुनाव ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडिया के बाजार में सम्पन्न हुआ। जिस मे सर्वसम्मति से कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष चुना गया। इस चुनाव मे सौ से अधिक पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने हिस्सा लिया वहीं चुनाव के लिए तीन व्यक्तियों ने नामांकन किया था, लेकिन चुनाव के वक़्त अन्य लोगों ने अपना नाम वापिस ले लिया और कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया, साथ में सुबेदार राय सिंह पुखरू पंचायत और सूबेदार हरभजन सिंह देहरु पंचायत को उपाध्यक्ष एवं कैप्टन सुभाष चंद राणा बारी कलां पंचायत को महा सचिब और कैप्टन दिलबाग सिंह अलुहा पंचायत को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया साथ मे नायक ए डी शर्मा खुंडियां को मीडिया प्रभारी चुना गया, साथ ही संस्था के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन देश राज राणा ने अपना कार्यभार कैप्टन रमेश राणा को सौंपा। ये संस्था 1984 से पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं एवं वीर नारियों की सेवा करती आ रही है, ये चुनाव कर्नल एम एस राणा की अध्यक्षा मे सम्पन्न हुआ। आखिर मे जिन पूर्व सैनिकों ने इस संस्था को खड़ा किया था और जो आज इस संसार मे नही हैं साथ ही इलाके के वीर सैनिक जो देश के लिए शहीद हुए हैं उन की याद मे दो मिनट का मौन रख के उनको श्रधांजलि दी है।
ऊना मुख्यालय के साथ लगते लालसिंगी में पास लेने को लेकर पंजाब रोडवेज के बस चालक व परिचालक ने पिकअप चालक के साथ मारपीट की है। यहीं नहीं, मारपीट के दौरान पिकअप का शीशा तक तोड़ दिया। पुलिस ने पीडि़त सुरेंद्र सिंह निवासी बरनोह की शिकायत पर पंजाब रोडवेज बस के चालक शमशेर सिंह व परिचालक हैप्पी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में कुल्लू से सामान लेकर जालंधर गया था। जालंधर में सामान उतारकर अपने घर बरनोह आ रहा था तो पंडोगा में एक रोडवेज की बस से पास लेने की कोशिश की, ड्राइवर पास नहीं दे रहा था। ईसपुर मोड़ के पास बड़ी बस से पास ले लिया। इसके बाद वह बार-बार हॉर्न मारकर इसे परेशान करने लगा। लालसिंगी के पास पहुंचा तो उपरोक्त बस के ड्राइवर ने बस पिकअप के आगे लगा दी और कंडक्टर ने लोहे की रॉड से हमला कर गाड़ी का फ्रंट का शीशा तोड़ दिया। इस दौरान मेरी जेब से 17 हजार रुपए किराया कहीं गिर गया। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
**पंजाब के अफसरों के साथ चर्चा कर संशोधित किए जाएंगे रूट पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारी शिमला पहुंच गए हैं। वहां के परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के साथ शिमला में सोमवार को बैठक होगी, जिसमें इंटर स्टेट बस रूट परमिट को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसमें पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां हैं, जिनको दूर करने का प्रयास होगा। रूट परमिट की निर्धारित सीमा से ज्यादा पंजाब की सडक़ों पर हिमाचल के प्राइवेट बस ऑपरेटर चल रहे हैं, जिनको लेकर पंजाब सरकार शिकायत कर रही है। जो समझौता हिमाचल और पंजाब के बीच में हुआ है उसके तहत पांच हजार किलोमीटर एरिया तक रूट परमिट वैद्य हैं, लेकिन यहां पंजाब की सीमा से सटे क्षेत्रों से प्राइवेट बसें दूसरी ओर जा रही हैं और वो लगातार सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर रही हैं। ऐसे में पंजाब के परिवहन अधिकारी इस मामले पर चर्चा करने और रूट परमिट को रिवाइज करने की बात कर रहे हैं, जिसे लेकर आज बैठक हैं । हिमाचल की तरफ से प्रदेश के प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम इस बैठक में हिस्सा लेंगे, जिनके साथ निदेशक डीसी नेगी व अन्य अधिकारी मौजूद होंगे। रूट परमिट की वर्तमान लिमिट से पंजाब को नुकसान हो रहा है ऐसा पंजाब सरकार का मानना है। लिहाजा इसे संशोधित करने की मांग हो रही है और देखना होगा कि इसमें हिमाचल क्या कहता है। पंजाब के अधिकारी अपने आंकड़े रखेंगे जिन पर हिमाचल के अधिकारी सहमत होते हैं, तो बात आगे बढ़ेगी। प्रधान सचिव परिवहन इस बैठक से पहले रविवार शाम को शिमला पहुंचे। उन्होंंने कहा कि यह बैठक दोनों राज्यों के रूट परमिट से जुड़े मसले को लेकर अहम है और आपस में मिलकर हम समाधान निकालेंगे।
सरकारी खर्च पर नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों को 31 अक्तूबर तक विस्तृत व्यय रिपोर्ट वित्त विभाग को प्रस्तुत करनी होगी। इसमें बचतों और निर्धारित से अधिक बजट व्यय का ब्योरा देना होगा। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए वास्तविक खर्च और शेष महीनों के लिए अनुमानित खर्च की रूपरेखा देनी होगी। दूसरी आधिक्य एवं बचत विवरणिका में आठ महीनों यानी 30 नवंबर तक का वास्तविक व्यय और शेष चार महीनों के संभावित व्यय की जानकारी देनी होगी। अनुपूरक बजट अनुरोध इस जानकारी पर आधारित होंगे। वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सरकार ने देखा है कि हाल के वर्षों में कई विभाग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं और संभावित बचत का आकलन कम कर रहे हैं। वे आधिक्य और बचत के भी अनुमानित आंकड़े दे रहे हैं। इससे गलत वित्तीय योजना और अनावश्यक बजट अनुरोध सामने आए हैं। इस विषय के समाधान के लिए विभागों को अब किसी भी अधिक खर्च या बचत के लिए स्पष्ट और उचित कारण बताने होंगे। वित्त विभाग ने सटीक वित्तीय आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया है। किसी भी विसंगति को जांचा जाएगा। इन निर्देशों के अनुसार प्रथम आधिक्य एवं अभ्यर्पण विवरणिकाएं 31 अक्तूबर तक वित्त विभाग को उपलब्ध हो जाना चाहिए। इसके अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी 30 सितंबर तक के वास्तविक व्यय और बकाया महीनों के संभावित व्यय के आंकड़े दर्शाए जाने चाहिए। इसी जिन लेखा शीर्षों और मानकों में बचतें दर्शाई जा रही हैं, उनमें विभागध्यक्ष डीडीओ से पहले ही सरेंडर लेना सुनिश्चित किया जाए। वित्त विभाग को इन बचतों को ई-बजट सॉफ्टवेयर में लेना होता है। इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
**भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक जारी किया अलर्ट हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौ*त हो चुकी है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को मानसून ने हिमाचल में दस्तक देने से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस मानसून सीजन में अब तक राज्य को ₹410 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, एक बार फिर से मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 21 लोगों की मौ*त ऊंचाई से गिरने से, 18 की डूबने से, 8 लोगों की सांप काटने और आठ लोगों की बिजली के झटके लगने से मौ*त हुई है, जबकि एक व्यक्ति की मौ*त अचानक आई बाढ़ में हुई है, जबकि भूस्खलन या बादल फटने से किसी की मौ*त नहीं हुई है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इ, मानसून सीजन में अब तक करीब 100 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा ₹172 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद बागवानी विभाग को ₹139 करोड़ का नुकसान हुआ है। शिमला मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक राज्य के आठ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है । प्रदेश में 2 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के कारण बागानों, खड़ी फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है । राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सिरमौर जिले के धौला कुआं में 123 मिमी बारिश हुई, जबकि नाहन में 74.5 मिमी, कटौला में 40.2 मिमी, पालमपुर में 32 मिमी, पांवटा साहिब में 31.2 मिमी, धर्मशाला में 27.6 मिमी, सुंदरनगर में 26.8 मिमी और बैजनाथ में 25 मिमी बारिश हुई। राज्य में 1 जून से 27 जुलाई तक 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें औसत 321.2 मिमी के मुकाबले 194 मिमी बारिश हुई है। इस बीच अकेले जुलाई महीने में बारिश की कमी 33 प्रतिशत रही। क्योंकि राज्य में 1 से 27 जुलाई तक 220.1 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 147.5 मिमी बारिश हुई।
आज सोमवार को एक बार फिर से सोने के भाव में गिरावट आई है। सावन महीने के दूसरे सोमवार को सोना सस्ता हुआ है। बता दें कि देश के ज्यादातर राज्यों में पिछले एक हफ्ते के अंदर सोना 6000 रुपये तक सस्ता हुआ है। 29 जुलाई को भारत में सोने की कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस रेट में हाई प्योरिटी वाले सोने के लिए प्रीमियम शामिल है, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत 68,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना की कीमत 63,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच, चांदी की कीमत 84,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही। सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी सहित विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की है। कीमती धातुओं के सिक्कों, सोने/चांदी की खोज और सोने और चांदी की छड़ों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। सोने और चांदी के डोर के लिए इसे 14.35 फीसदी से घटाकर 5.35 फीसदी कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार को एक औंस सोने की कीमत 2387 डॉलर थी, सोमवार तक इसमें 7 डॉलर की तेजी आई और यह 2394 डॉलर पर पहुंच गई। फिलहाल एक औंस चांदी की कीमत 28.06 डॉलर है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती के नियमों में कई बदलाव किए हैं। पहली बार उम्मीदवार को लंबाई के अतिरिक्त अंक मिलेंगे। भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के बाद पहली बार कमांडो कोर्स करवाया जाएगा। प्रदेश में 1,226 पदों को लेकर जल्द भर्ती प्रकिया शुरू होने वाली है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से यह भर्ती की जानी है। पुलिस मुख्यालय ने भर्ती नियम की शर्तें लागू की हैं। भर्ती में एक जनवरी 2024 के आधार पर अभ्यर्थियों की आयु सीमा को गिना जाएगा। भर्ती नियमों की शर्तों के अनुसार पुरुष उम्मीदवार को 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई होने पर 1 अंक, 5 फुट 8 इंच से ज्यादा और 5 फुट 9 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 9 इंच से ज्यादा और 5 फुट 10 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक और 5 फुट 10 इंच से ज्यादा और 5 इंच 11 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 11 इंच से ज्यादा और 5 फुट 12 इंच से कम लंबाई के 5 और 6 या इससे अधिक इंच लंबाई होने पर 6 अंक मिलेगें। इसी तरह महिला उम्मीदवारों को 5 फुट 3 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 4 इंच से कम लंबाई पर 1 अंक, 5 फुट 4 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 5 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 5 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 6 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक, 5 फुट 6 इंच से ज्यादा और 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई पर 5 अंक और 5 फुट 8 इंच से ज्यादा लंबाई होने पर 6 अंक मिलेंगें। पुरुष उम्मीदवारों को 5 मिनट 30 सेकंड में 1,500 मीटर दौड़ और महिला उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़ 3 मिनट 45 सेकंड में पूरी करनी होगी। दौड़ के लिए अलग से मौका नहीं मिलेगा। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को 1.35 मीटर ऊंची कूद और महिला उम्मीदवारों को 1.10 मीटर की ऊंची कूद लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके मिलेंगे। पुरुष उम्मीदवारों को 14 सेकंड में 100 मीटर और महिला उम्मीदवारों को 17 सेकंड में दौड़ पूरी करनी होगी। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को चार मीटर और महिला उम्मीदवारों को तीन मीटर लंबी छलांग लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके दिए जाएंगे। पुलिस भर्ती के लिए 18 से 26 वर्ष की उम्र के सामान्य उम्मीदवार, 18 से 28 वर्ष के अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा और प्रतिष्ठित खिलाड़ी और 20 से 29 वर्ष की उम्र के होमगार्ड पात्र होंगे।
**पहाड़ में सुक्षित सफर को लेकर किया जाएगा ट्रक ऑपरेटर को जागरूक बीते दिनों हिमाचल सरकार ने सेब सीजन को मद्देनज़र रखते हुए बाहर से आने वाले ट्रक ऑपरेटरों को स्पेशल टैक्स से छूट देने का फैसला किया था अब इसके साथ बाहर से आने वाले ट्रक आपरेटरों को सडक़ सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इस बार विशेष रूप से ट्रक आपरेटरों के लिए सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान प्रदेश में चलेगा, जिसके लिए बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों एक बैठक की थी जिसमे ये निर्देश दिए गए हैं कि ट्रक चालकों को सडक़ सुरक्षा के बारे में बताएं। प्रदेश की सभी मंडियों में सडक़ सुरक्षा जागरूकता को लेकर प्रचार किया जाएगा। मंडियों में पहुंचने वाले ट्रक आपरेटरों से चर्चा की जाएगी, उनको बताया जाएगा कि पहाड़ में वह कैसे सुरक्षित सफर करें। मंडियों में विशेष रूप से प्रचार सामग्री लगाई जाएगी जहां जागरूकता को लेकर सभी तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा सीजन के दौरान नेशनल हाई-वे पर भी सडक़ सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
विधायक के मसरूर पहुंचने पर गदगद हुए क्षेत्रवासी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत देहरा: युवाओं के लिए घर के नजदीक रोजगार के संसाधान उपलब्ध हों, इसके लिए मसरूर मंदिर क्षेत्र को आने वाले समय में विकसित किया जाएगा। मसरूर मंदिर क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं। इस दृष्टि से सरकार आने वाले समय में इस स्थान को विकसित करेगी। विधायक बनने के बाद आज पहली बार मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने यह बात कही। चुनाव जीतने के बाद पहली दफा मसरूर पहुंची विधायक बेटी को देखकर क्षेत्रवासी गदगद हो गए। स्थानीय लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर, ढोल-नगाड़ों के साथ कमलेश ठाकुर का गर्मजोशी से स्वागत किया। मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने सबसे पहले प्रसिद्ध मसरूर मंदिर में शीश नवाकर अपने दौरे की शुरुआत की। क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मसरूर का ऐतिहासिक मंदिर हमारी प्रसिद्ध धरोहर होने के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। इसको देखते हुए मसरूर मंदिर और उसके साथ लगते क्षेत्र को भी सरकार योजनाबद्ध तरीके के विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उसके अनुरूप व्यवस्थाओं को खड़ा करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में पौंग के साथ लगता क्षेत्र, मसरूर मंदिर सहित अनेक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान हैं जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो पर्यटन और रोजगार के अपार अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। कमलेश ठाकुर ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए देहरा विधानसभा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते हुए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में वे काम करेंगी। विधायक कमलेश ठाकुर से बड़ी संख्या में मिलने आए स्थानीय लोगों ने जहां उनका स्वागत कर उनके विचारों को सुना, वहीं अपनी समस्याओं को भी उनके समक्ष रखा। लोगों की समस्याओं को सुनते हुए कमलेश ठाकुर ने मौके पर ही अधिकतम का निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोग सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष विशाल चम्बियाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, आरएम देहरा कुशल कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत मसरूर प्रवेश, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
** प्रदेश सरकार के 18 माह के कार्यकाल में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सत्ता में आने के बाद से हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 की पहली छमाही में राज्य ने 86.42 लाख पर्यटकों का स्वागत किया, जबकि जून 2024 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 1,00,87,440 हो गई। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर नवोन्मेषी प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को पंख लगे हैं। पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई सफल पहलों और प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के साथ कई कदम उठाए हैं। सड़क नेटवर्क और हवाई सम्पर्क सुविधा को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण जारी है, जबकि बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पांच हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शिमला से बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए संजौली हेलीपोर्ट को जल्द ही कार्यशील किया जाएगा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2018 की पहली छमाही में 89 लाख पर्यटक, 2019 में 99.57 लाख, 2020 में 22.04 लाख, 2021 में 19.75 लाख और 2022 में 86.42 लाख पर्यटकों ने प्रदेश का भ्रमण किया। दिसंबर 2022 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी है। लाहौल-स्पीति के चंद्रताल, काजा और तांदी व किन्नौर के रकछम, नाको, चांगो और खाब में नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा कुफरी के समीप हसन वैली में स्काई वॉक ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का वार्षिक 5 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है, इसके लिए सरकार साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन सैलानियों के अनुभव को चिरस्मरणीय बना रहा है। वर्ष 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को अगले 10 वर्षों में समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया है, जिसमें प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह दृष्टिकोण एक खुशहाल, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, स्वस्थ, सक्षम, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। पर्यटकों के अनुभव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यहां अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। बिलासपुर के गोबिंद सागर और ऊना के अंदरौली में जलक्रीड़ा पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पौंग बांध में गर्म हवा के गुब्बारों से पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की तैयारी है। पर्यटकों की आमद को ध्यान में रखते हुए, पर्यटन के चरम सीजन के दौरान दुकानों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मधुर कुंजड़ी-मल्हार गीतों की धुनों के बीच मिंजर ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस मौके पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश की अनूठी संस्कृति को प्रदर्शित करता है और भाईचारे और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देता है। राज्यपाल ने मिंजर उत्सव को प्राचीन लोक परंपराओं, विश्वासों और आस्थाओं के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सभी को बुराई का एकजुट होकर सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सामाजिक संरचना नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों का मुकाबला करने के लिए संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को उनकी अनुकरणीय सेवाओं तथा वीर-नारियों को भी सम्मानित किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं जिला चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने आयोजन समिति की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने मिंजर मेले के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम समर्पित की गई है। पुलिस अधीक्षक और मिंजर मेला खेल कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक यादव ने भी कमेटी की ओर से राज्यपाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल और लेडी गवर्नर को मिंजर भेंट की गई। मेला कमेटी की ओर से उपायुक्त ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और विधायक नीरज नैय्यर तथा डीएस ठाकुर को भी समानित किया। इससे पहले राज्यपाल ने प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में मिंजर अर्पित कर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। राज्यपाल ने मिंजर मेला खेल प्रतियोगिता के शुभारम्भ की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने लड़कियों की टीमों के बीच खेला गया कबड्डी मैच भी देखा। उन्होंने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंदों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित किए तथा रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
**नगरोटा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का ऐलान धर्मशाला बस अड्डे की घोषणा स्व. जीएस बाली ने की थी उस निर्माण को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पूरा करेंगें । यह शब्द शनिवार को नगरोटा में स्व. जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहे । उन्होंने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है तथा सरकार में काबीना मंत्री रहते हुए अपने से संबंधित विभागों के आधुनिकीकरण के लिए पहल की है। मैं यह घोषणा करता हूं कि धर्मशाला बस अड्डे का नाम स्व. जीएस बाली के नाम पर रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि अगर बाली न होते तो टांडा में शिमला के बराबर टांडा मेडिकल कालेज न होता और न ही राजीव गांधी इंजीनियरिंग कालेज होता। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना लागू की है। इस योजना के तहत परिवहन विभाग ने ई-टैक्सी स्कीम लागू की है, जिसमें ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वाहन पंजीकरण के नंबरों को आम जनता के लिए खोल दिया गया है, विभिन्न विशेष पंजीकरण नंबरों के लिए ई-नीलामी के माध्यम से 11 करोड़ से भी ज्यादा खजाने में जमा हुआ है। एचआरटीसी बसों के रखरखाव से संबंधित खर्चों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीयकृत इनवेंटरी प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। परिवहन निगम ने गत वर्ष अपने बेड़े में 210 नई बसें, 11 वोल्वो बसें, 18 इनोवा क्रिस्टा तथा 12 टैम्पों शामिल किए हैं। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, सीपीएस किशोरी लाल, सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक मलेंद्र राजन, जगजीवन पाल, भवानी पठानिया , राकेश कालिया, प्रकाश चौधरी व अजय महाजन सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी स्व. जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे, जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे । इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी जीएस बाली को नमन करते हुए उनके कार्यों को याद किया।
**62 हजार के स्टॉक में से अब तक मात्र दस हजार बिके **मार्केट से कम दरों पर कार्टन खरीद रहे बागबान, क्वालिटी घटिया **एचपीएमसी ने सभी स्थानों पर पहुंचा दिए हैं बॉक्स हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है और यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब मंडियों में लाया जाने लगा है। सेब सीजन की शुरुआत में ही बागबान कार्टन खरीदकर रखते हैं, ताकि जैसे-जैसे तुड़ान शुरू हो उसे कार्टन में भरना शुरू कर दें। सरकार ने अच्छी क्वालिटी का कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए एचपीएमसी को निर्देश दे रखे हैं, जिसने कार्टन मंगवा भी लिया और नजदीक के स्थानों तक पहुंचा भी दिया है, मगर उनसे कार्टन खरीदने के लिए कोई नहीं आ रहा। जानकारी के अनुसार एचपीएमसी ने बागबानों को यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए 62 हजार कार्टन जुटाए हैं। जिन कंपनियों को टेंडर के बाद एचपीएमसी ने काम दिया है उनसे कार्टन की खरीद की जा रही है और बढिय़ा क्वालिटी का कार्टन लिया है। इन कंपनियों से आने वाले कार्टन की बाकायदा टेस्टिंग करवाई जा रही है और यह टेस्टिंग बागबानी विभाग अपनी लैब में कर रहा है। टेस्टिंग के बाद पहुंच रहे कार्टन को लेने के लिए बागबान तैयार नहीं है, जिसकी जगह वह मार्केट से यूनिवर्सल कार्टन खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि एचपीएमसी ने जो 62 हजार कार्टन मंगवाया है उसमें से केवल 10 हजार के करीब कार्टन ही बिक पाया है। इससे साफ है कि बागबान किसी भी तरह का रूझान नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक की नजदीक के क्षेत्रों में एचपीएमसी ने कार्टन पहुंचा दिया है। मार्केट से एचपीएमसी का कार्टन डेढ़ रुपए महंगा मिल रहा है मगर इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी खुद एचपीएमसी की है। मार्केट के कार्टन की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि यदि बागबान कार्टन एचपीएमसी से लेंगे तो उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी एचपीएमसी की होगी। अब मार्केट से किस क्वालिटी का ले रहे हैं इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। इसे लेकर चाहे कोई जितनी भी शिकायत करे सरकार कुछ नहीं कर सकती है। सेब पेटियों की गुणवत्ता को लेकर विपक्षी दल भाजपा के नेता भी सवाल उठा रहे हैं, परंतु जब एचपीएमसी से लोग कार्टन ले ही नहीं रहे तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। सरकार बागबानों को कार्टन मुहैया करवाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन बागबान अपनी मर्जी से कार्टन ले रहे हैं। ऐसे में विपक्ष के सवाल भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही। बता दें कि एचपीएमसी का कार्टन 53 रुपए से लेकर 65 रुपए तक मिल रहा है। यह अलग-अलग श्रेणी का कार्टन है, जिसमें व्हाइट और ब्राउट कार्टन अलग-अलग क्वालिटी का है। इसमें एचपीएमसी डेढ़ रुपए ज्यादा वसूल रही है, लेकिन गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी ले रही है।
जवाली-जसूर मार्ग पर बस और स्कूटी की टक्कर में घाय*ल स्कूटी चालक नीरजा (45) पत्नी प्रदीप कुमार निवासी भरमाड़ की देर शाम अस्पताल में मौ*त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीरजा शनिवार सायंकालीन अपनी स्कूटी से मायके राजा का तालाब की तरफ जा रही थी कि जवाली की तरफ आ रही बस ने हरनोटा फाटक के नजदीक स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर होने पर महिला घाय*ल हो गई। घाय*ल महिला को साथ के निजी अस्पताल लाया गया और वहां से परिजन उसको पठानकोट के निजी अस्पताल ले गए लेकिन देर रात को महिला ने दम तोड़ दिया। नीरजा जिला चंबा के सरकारी स्कूल में बतौर टीजीटी कार्यरत थी। जवाली पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
**अस्वस्थता के चलते थे अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान ही हो गया निधन पंचरुखी : ग्राम पंचायत भरवाना के वार्ड भुआणा नरेलू के 26 वर्षीय सैनिक अजय राणा की बीमारी के कारण मौ*त हो गई। पंचायत के उपप्रधान आदर्श सूद ने बताया कि अजय 2018 में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में अजय 8 डोगरा रैजीमैंट जम्मू के बड़ी ब्राह्मणा में तैनात थे। पिछले एक माह के करीब अजय पीलिया की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार आर्मी अस्पताल आरआर दिल्ली में हो रहा था, जहां उनकी मौ*त हो गई। इनके पिता भी फौजी थे। उनकी मौ*त भी ड्यूटी के दौरान किसी हादसे में हो गई थी। अजय की सगाई भी हो चुकी थी। अजय का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव पहुंचेगा। अजय के परिवार में उनकी दो बहने थी जिनकी शादी हो चुकी है। बुजुर्ग मां का इकलौता सहारा भी छिन गया। अभी कुछ महीने पहले ही अजय राणा की रिंग सरमनी हुई थी और ग्राम पंचायत भरवाना के उप प्रधान आदर्श सूद ने बताया कि जनवरी 2025 में ही उनकी शादी होना तय हुई थी। रविवार को अजय राणा का अंतिम संस्कार भरवाना में किया जाएगा।
आईटीआई नैहरनपुखर में डिजिटल साक्षरता को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर मे साइबर क्राइम, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमता,(एआई) , साइबर पूलिंग, ऑनलाइन ठगी, धोखाधड़ी वाली फोन कॉल्स बारे संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक किया गया । इस मौके पर नाइब तहसीलदार अश्वनी कुमार व उनके साथ आए आईटी एक्सपर्ट राहुल चौधरी, संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन, आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया, व संस्थान के अनुदेशक उपस्थित रहे। आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया साइबर क्राइम के सभी विषयों पर बारीकी से जानकारी दी। इस मौके पर नाइब तहसीलदा अश्वनी कुमार जी ने बताया की साइबर क्राइम और ग्राहकों के साथ बैंक धोखाधड़ी के साथ साथ अन्य ऑनलाइन व सोश्ल आपराधिक गतिविधियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं व इस प्रकार के जागरूकता शिविरों से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन ने इस डिजिटल साक्षारता को लेकर जागरूकता शिविर के सफल आयोजन को लेकर सभी संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक रहकर सपने आस पास भी सभी को जागरूक रहने को कहा व इस शिविर के आयोजन मे आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।
जयसिंहपुर: हिमाचल में रोजगार देने के नाम पर कांग्रेस हर दिन युवाओं के रोजगार के रास्ते बंद कर रही है। सरकार की स्टार्टअप गारंटी पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। जयसिंहपुर भाजयुमो अध्यक्ष शिवा कटोच ने सुक्खू सरकार पर सवाल उठते हुए कहा कि सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? सरकार बने डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है पर अब तक इस योजना से प्रदेश के कितने युवाओं को लाभ मिला। चुनाव के समय कांग्रेस ने जो गारंटी दी थी कि हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड का प्रबंध कर दिया जाएगा, जिससे युवा अपने लिए रोजगार के साधन जुटाएंगे और अन्य लोगों को रोजगार भी देंगे। कांग्रेस के नेताओं ने स्टार्टअप योजना के लिए युवाओं से चुनाव से पूर्व ही फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक इस योजना के तहत एक भी व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा पाया है। अब बहुत समय हो गया है सुक्खू सरकार सालों से लंबित पड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करें और उन्हें रोजगार दे। सरकार इस तरह से युवाओं के भविष्य की अनदेखी नहीं कर सकती। पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को बंद कर स्वीकृत प्रोजैक्ट रोक दिए गए हैं। पूर्व मे जयराम सरकार ने स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की इस योजना के अंतर्गत ₹200 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इसमे कुल 4377 इकाइयां स्वीकृत हुई, इनमे 11674 लोगो को रोजगार मिला।अगर इस योजना को बंद नहीं किया जाता तो प्रदेश में रोजगार के हजारों साधन और राजस्व पैदा होते, लेकिन सुक्खू सरकार की बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
युवा कांग्रेस ने विकास पुरुष जी.एस.बाली की जयंती पर दी श्रद्धांजलि प्रदेश में विभिन्न ज़िलों में युवा कांग्रेस ने पूर्व मंत्री स्व. जी.एस.बाली की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की I इस दिन जगह-जगह रक्तदान शिविर, अस्पतालों और बाल आश्रमों में फल वितरण, स्कूली छात्रों में एजुकेशन किट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए I हिमाचल के दिग्गज नेता रहे स्व. जी.एस.बाली के जन्मदिन पर हर वर्ष कांगड़ा में बाल मेला मनाया जाता रहा है, जहां बड़े स्तर पर रोज़गार मेला आयोजित किया जाता रहा है I उनके स्वर्गवास के बाद भी उनके सपुत्र एवं केबिनेट रेंक पर्यटन कार्पोरेशन के चेयरमेन रघुवीर सिंह बाली ने इस परम्परा को जारी रखते हुए इस वर्ष भी नगरोटा में बाल रोज़गार मेला आयोजित किया है I युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि स्व जी.एस बाली का हिमाचल और हिमाचल के युवाओं के लिए योगदान हमेशा याद किया जाएगा I सरकार में केबिनेट मंत्री रहते हुए बाली हमेशा युवा कांग्रेस के युवाओं के कामों को तरजीह देते थे I निगम भंडारी ने बताया कि समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने बाली का समाजिक जीवन में अविस्मरणीय योगदान रहा है I कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर भी जी.एस.बाली ने पूरे प्रदेश में कोरोना किट बाँट कर सैंकड़ों परिवारों की सेवा की I
शिमला: पुरुष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई 2024 को तीन केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में परीक्षा का आयोजन होगा। जिला मंडी, कांगड़ा, चंबा और ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन होगा। कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के डीजीपी एसआर ओझा ने बताया कि बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट https://hpprisons.nic.in/ से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, वायरलेस डिवाइस, ब्लूटुथ, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स और बैग इत्यादि ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र परिसर में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है। बत दें कि जेल वॉर्डर के 91 पदों (पुरुष 77, महिला 14) पर 23-11-2-23 के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी की थी। इसके लिए 22 दिसंबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। फ़िज़िकल टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। लिखित परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।
मंडी: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर आज यानी 27 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक मंडी से पंडोह के बीच रोजाना दो घंटे गाड़ियों के पहिए थमे रहेंगे। नेशनल हाईवे पर 4 मील से 9 मील तक पहाड़ी पर हवा में लटके बड़े-बडे बोल्डरों व चट्टानों को हटाने के लिए हाईवे को बंद किया जा रहा है। इन बोल्डरों व चट्टानों से नेशनल हाईवे पर लगातार लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जिसके लिए हाईवे पर रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी। छोटे वाहन आने जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकेंगे, जबकि बड़े वाहनों को एनएच खुलने का इंतजार करना होगा। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि एनएचएआई की तरफ से प्रशासन को निवेदन प्राप्त हुआ था कि मंडी से पंडोह के बीच कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। खासकर कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें पहाड़ी पर लटकी हुई हैं जो कभी भी गिरकर तबाही मचा सकती हैं। ऐसे में इन पत्थरों और चट्टानों को हटाना जरूरी है। वहीं, कुछ स्थानों पर लैंडस्लाइड के कारण मलबा गिरा हुआ है जिसे भी हटाना जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को तुरंत प्रभाव से करने के निवेदन को स्वीकार करते हुए 5 दिनों तक हाईवे को रोजाना दो घंटों तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस दो घंटे की ब्रेक के दौरान मंडी से कुल्लू-मनाली की तरफ जाने वाले वाया कमांद-कटौला-बजौरा होते हुए जा सकेंगे। अगर कोई कुल्लू से आ रहा है तो वे पंडोह से वाया गोहर-चैलचौक-डडौर होते हुए जा सकेंगे। वैकल्पिक मार्गों से सिर्फ छोटे वाहनों को जाने की अनुमति होगी।
हिमाचल में निजी स्कूलों को अपने परीक्षा केंद्र का अब हर वर्ष नवीकरण करना होगा। अगर ऐसा न किया तो इसके लिए नए सिरे से सभी औपचारिक्ताएं पूरी करनी होंगी। उसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र उपलब्ध करवाया जाएगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के सृजन के नियमों में फेरबदल किया है। शिक्षा बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर दी है। जानकारी के अनुसार अब वार्षिक परीक्षाओं के लिए स्कूलों को अपने स्कूल में परीक्षा केंद्र सृजन करने के लिए भारी भरकम फीस बोर्ड को देनी होगी। नए नियमों के मुताबिक अब नए परीक्षा केंद्र निरीक्षण फीस सभी सरकारी और बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये रहेगी। पहले यह फीस नहीं होती थी। वार्षिक परीक्षाओं के लिए नए परीक्षा केंद्र, अपग्रेड, बनाए रखने, नवीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान बोर्ड की ओर से तय नियमों के अनुसार ही स्कूलों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही एक से 31 अगस्त तक किया जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी संस्थान के एक बार परीक्षा केंद्र बन जाने के बाद उस संस्थान को आगामी सत्र से यह निर्धारित तिथियों में ही नवीनीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि यदि बोर्ड से संबद्धता प्राप्त किसी निजी संस्थान द्वारा अपने संस्थान से सृजित परीक्षा केंद्र के नवीकरण के लिए आवेदन प्रेषित नहीं किया जाता है तो ऐसे संस्थान को आगामी सत्र के लिए पुन: नए सिरे से औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और उन्हें शुल्कों सहित केंद्र सृजन के लिए आवेदन करना होगा। बताया कि अधिसूचना तुरंत प्रभाव से लागू होगी। पहली से 15 सितंबर तक नए परीक्षा केंद्र सृजन, अपग्रेड करने के लिए आवेदन पांच हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ होगा। परीक्षा केंद्र के नवीकरण आवेदन के लिए विलंब शुल्क 1000 लिया जाएगा। यदि संबंधित अथॉरिटी के द्वारा 15 सितंबर के बाद आवेदन की तिथि बढ़ाई जाती है तो परीक्षा केंद्र सृजन व अपग्रेड के लिए 10 हजार रुपये विलंब शुल्क रहेगा। केंद्र नवीकरण के लिए विलंब शुल्क दो हजार रुपये रहेगा। बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए यह आवश्यक किया गया है कि 10 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाए जाएंगे। ये रुपये जब तक जमा रहेंगे, जब तक संबंधित स्कूल परीक्षा केंद्र चाहेगा। अगर परीक्षा केंद्र को अधिक नकल करने के चलते रद्द किया जाता है तो सिक्योरिटी राशि जब्त की जाएगी।
श्रीखंड ट्रस्ट के अंतर्गत 2014 से शुरू श्रीखंड महादेव यात्रा के 11 सालों में पहली बार देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का आंकड़ा 8,500 पार पहुंच गया है। यह धार्मिक यात्रा शनिवार को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो जाएगी। शनिवार को यात्रा के अंतिम दिन यात्रियों का अंतिम जत्था रवाना किया जाएगा, जो बेस कैंप सिंहगाड में 30 जुलाई तक लौटेगा। बीते 13 दिनों में 8,509 यात्री पंजीकरण के बाद महादेव के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा। इस वर्ष श्रीखंड महादेव यात्रा सबसे सफल यात्राओं में से एक रही है। प्रशासन की ओर से किए गए पुख्ता इंतजाम भी इसका प्रमुख कारण रहा। प्रशासन की तैयारियों से श्रद्धालुओं को कोई परेशानी पेश नहीं आई। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली ने नैन सरोवर से श्रीखंड महादेव तक की चढ़ाई तक रस्से लगाए। इनकी मदद से सभी श्रद्धालुओं ने ग्लेशियर पार किए। एसडीआरएफ की टीम ने कई श्रद्धालुओं को आपात सेवाओं में सहयोग दिया। पांच सेक्टरों में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट की पूरी टीम दिन-रात श्रद्धालुओं की मदद के लिए जुटी रही, जिसमें मेडिकल टीम का अहम योगदान रहा है। पहली बार दो निजी संस्थानों ने दो बेस कैंप में निशुल्क ओपीडी की सेवा प्रदान की। इसमें विश्व मानव रूहानी केंद्र ने सबसे कठिन बेस कैंप भीमडवारी में दो बिस्तर की ओपीडी की सेवाएं उपलब्ध करवाईं। सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड संस्थान ने सिंहगाड में मेडिकल सेवाएं देकर श्रद्धालुओं की मदद की। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने श्रीखंड महादेव तक चलकर स्वयं इंतजामों और रास्तों का जायजा लिया, जिसकी रिपोर्ट उपायुक्त कुल्लू को भेजी। उन्होंने कहा कि काली टाॅप से बराहटी नाला तक के 12 किमी ट्रैक पर श्रद्धालुओं को पेयजल का सामना करना पड़ा। जलशक्ति विभाग से यहां पेयजल लाइनों की मरम्मत कर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। रास्तों में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए और पब्लिक टाॅयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा जो कमियां रही हैं, उन्हें सुधारने के लिए उपायुक्त कुल्लू को पूरी रिपोर्ट भेजी गई है। श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान कई भक्तों और समाजसेवी संस्थानों ने लंगर सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें तरह-तरह के व्यंजनों का श्रद्धालुओं ने स्वाद चखा। वहीं क्षेत्र के स्थानीय लोगों का यात्रा के दौरान कारोबार खूब चमका। इससे स्थानीय लोगों में भी यात्रा को लेकर बेहद उत्साह दिखा।
प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता की जांच की जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को आदेश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी हर आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल भरेंगे। सैंपल भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से प्रमाणित लैब में भेजे जाएंगे। राशन की गुणवत्ता के साथ अन्य चीजों का पता लगाया जाएगा। अगर खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल होते हैं तो कंपनी के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। प्रदेशभर में आईसीडीएस के तहत आंगबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए राशन और अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जाते हैं। इन खाद्य पदार्थों से बच्चों की सेहत पर कोई प्रभाव न पड़े इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने सैंपल भरने का निर्णय लिया है। इसी के साथ राशन भंडारण की भी जांच की जाएगी। राशन को रखने का तरीका और स्वच्छता के बारे में भी पता लगाया जाएगा। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी राशन को किस प्रकार से रखा गया है, कैसे राशन को तैयार किया जाता है, इसके बारे में टीम निरीक्षण करेगी। साथ ही कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों के सैंपल भरेगी। जिलों में टीमों का गठन किया गया है। जिला सोलन में अब तक आईसीडीएस राशन के 17 सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आगामी 15 दिनों में आने की उम्मीद है। एफएसओ दीक्षा कपिल की टीम ने धर्मपुर समेत अन्य जगहों में सैंपल भरे हैं। एफएसओ अनुज शर्मा की टीम ने अर्की समेत बीबीएन में सैंपल भरे हैं। टीम की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों से दाल, राजमा, चना, दाल चना, शक्कर, न्यूट्रीमिक्स बिस्कुट समेत अन्य 17 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने शुरू कर दिए हैं। अब तक 17 सैंपल भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेज दिया है। प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों से सैंपल भरे जाएंगे ताकि गुणवत्ता का पता चल सके।
राज्य मुक्त विद्यालय से 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने वाले 1,854 अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रद्द हो सकता है। अगर अभ्यर्थियों ने 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दस्तावेज जमा न करवाए जाने के कारण शिक्षा बोर्ड के पास 2013 तक से अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम आरएलई पड़ा हुआ है, जिन्हें बोर्ड ने अंतिम मौका दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जमा दो की सत्र मार्च, 2023 से सितंबर, 2023 तक की परीक्षाओं के उन अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज जमा करवाने का एक मौका दिया है, जिनका परीक्षा परिणाम पात्रता दस्तावेजों के कारण लंबित पड़ा है। शिक्षा बोर्ड के पास ऐसे करीब 1854 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने पात्र दस्तावेजों का अभी तक जमा नहीं करवाया है, जिसके चलते उनका परीक्षा परिणाम आरएलई घोषित हुआ है। शिक्षा बोर्ड ने ऐसे अभ्यर्थियों को अपने पात्र दस्तावेजों को संबंधित अध्ययन केंद्रों को औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया, लेकिन अभ्यर्थियों ने दस्तावेज जमा नहीं करवाए। इसके चलते उनका परीक्षा परिणाम आरएलई घोषित हुआ है। अब शिक्षा बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम को रद्द करने का मन बनाया लिया है। इससे पहले शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने वांछित दस्तावेजों को डाक के माध्यम या दस्ती तौर पर बोर्ड कार्यालय में जमा करवाने का अवसर दिया है। अगर निर्धारित समय तक बोर्ड के पास दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए तो बोर्ड प्रशासन नियमानुसार परीक्षा परिणाम को रद्द कर देगा। हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि 1854 अभ्यर्थियों का परिणाम पात्रता दस्तावेजों के न होने के कारण लंबित पड़ा हुआ है। अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा करवाने का अंतिम अवसर दिया गया है, अगर इस दौरान अभ्यर्थी दस्तावेज जमा नहीं करवा सके तो परिणाम को नियमानुसार रद्द कर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जनपद के उपमंडल ज्वालामुखी में एक दर्दनाक सड़क हाद*सा हुआ है। हादसे में 24 वर्षीय युवक की मौ*त हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक निजी बस ने युवक की बाइक को टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बता दें बाइक चालक 24 वर्षीय अतुल सुपुत्र रणवीर सिंह निवासी सलियार जो कि अपनी बाइक से सुरानी की तरफ से आ रहा था और एक निजी बस जो कि लगड़ू की तरफ जा रही थी,अचानक दोनो के बीच में जोरदार भिड़त हो गई, जिसमें युवक की मृ*त्यु हो गई है। हादसे के उपरांत युवक को ज्वालामुखी सिविल अस्पताल लाया गया लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी खुंडिया रणजीत परमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाई शुरू कर दी है।
भारतीय डाक विभाग के डाक मंडल देहरा के अधीन ज्वाली उप डाकघर में बलबीर चंद अधीक्षक डाकघर देहरा मण्डल, देहरा व अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए हुए ' एक पेड़ माँ के नाम ' अभियान के तहत पेड़ लगाए। इस मौके पर अधीक्षक डाकघर देहरा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी माताओं के प्रति सम्मान प्रकट करना है। इस पहल के तहत उन्होंने देहरा डाक मण्डल के सभी कर्मचारियों व आम जनता को अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया।
जसवां परागपुर व देहरा में में एसपी ऑफिस, एस ई लोक निर्माण, आईपीएस, डाडा सीबा में पुलिस थाना,, (चिंतपूर्णी) , मोईन (जसवां प्रागपुर ) में पुलिस चौकी तथा रक्कड़ थाना को डीएसपी देहरा क़े अधीन करने पर पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के बाईस चैयरमैन सुरेन्द्र सिह मनकोटिया, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिमला में मिले और उनका धन्यवाद किया। उधर जसवां परागपुर विधानसभा के अंतर्गत भिन्न भिन्न इलाको मे चिरकाल से चली आ रही मांगों पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने से स्थानिय ग्रामीणों ने पूर्व कामगार एवम कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चैयरमैन सुरेन्द्र सिह मनकोटिया का धन्यवाद किया वहीं इस दौरान सुरेन्द्र सिह मनकोटिया ने बताया कि जस्वां परागपुर भर मे विकास की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी ।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में शुक्रवार को कारगिल दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि निकटवर्ती लोअर सुनहेत के शहीद सुरजीत सिंह डढवाल के पिता हुकम सिंह उपस्थित रहे व वशिष्ठ तिथि के रूप में निकटवर्ती गांव मसोट के सेवानिवृत कर्नल मस्तान सिंह ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। वेदव्यास परिसर के सभागार में हुए कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत कर्नल मस्तान सिंह ने 1997 को कारगिल में हुए युद्ध के बारे में विस्तार पूर्वक बताया, उन्होंने बताया कि कैसे-कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना द्वारा अपने कब्जे में लिए कारगिल के कुछ इलाकों को कैसे अपने कब्जे में लेकर जीत का झंडा फहराया था। उस समय देश के 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। इस अवसर पर परिसर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर शीशराम ने भी अपने विचार रखे। मूलत राजस्थान के रहने वाले प्रोफेसर शीशराम ने बताया कि देशभर में सबसे ज्यादा भारतीय सेना के जवान राजस्थान के झुनझुनू जिला के हैं व दूसरे नंबर पर हिमाचल के कांगड़ा जिला के हैं । इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि को परिसर प्रशासन द्वारा शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के अंत में वेदांत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मंजूनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। वहीं इस मौके पर परिसर की एनएसएस यूनिट व पर्यावरण कमेटी ने कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व संयोजक कवि पंकज की उपस्थिति में पौधारोपण भी किया। इसके अंतर्गत परिसर के इर्द गिर्द कई फलदार व औषधीय पौधे रोपे गए। इस अवसर पर परिसर के समस्त शिक्षक,कर्मचारी व छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
जयसिंहपुर : आज कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर सैनिक भवन लोअर खैरा में पूर्व विधायक रविंद्र धीमान व पूर्व सैनिकों के द्वारा शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रविंद्र धीमान ने इस अवसर पर कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के वीर जवानों की बहादुरी, शौर्य और पराक्रम को याद करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि यह दिवस असंख्य वीरों के सर्वोच्च बलिदान एवं साहस से प्राप्त कारगिल विजय की स्मृति दिलवाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को पूरे विश्व में अपनी बहादुरी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति कैप्टन कृष्ण जिन्होंने कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया था उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए विस्तार में सारी बातें सभी से सांझा की। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति कर्नल डी. सी. राणा, सेवानिवृत्ति कर्नल करतार चन्द, अशोक कटोच, भाजपा मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र राणा, शिवा कटोच सहित वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा पूर्व सैनिक इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों को लेकर शिमला में अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ (त्रिलोक गुट) की एक बैठक प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संगठन के अनुसार इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिला व विभागीय कर्मचारी संगठनों के लगभग 280 प्रतिनिधियों ने भाग लिया l बैठक में सभी जिला व विभागीय संगठनों के अध्यक्षों व महासचिवों ने कर्मचारियों के मुद्दों पर अपने सुझाव व विचार व्यक्त किये l बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न मसले जैसे, संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन शीघ्र कराने, संशोधित वेतनमान 2016 की लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का निपटारा करने जैसी मांगों पर चर्चा की गई। इस मौके पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि विभागों में कर्मचारियों के काफ़ी रिक्त पद चल रहे हैं। कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभ नही मिल रहे है। जेसीसी की बैठक सरकार बुला नही रही है। उनकी मांग हैं की सरकार जल्द जेसीसी की बैठक आयोजित कर कर्मचारियों की मांगो को पूरा करे। अन्यथा कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षाओं के आवेदन शुल्क में बढ़ौतरी की है। अब परीक्षार्थियों को इन दोनों ही परीक्षाओं में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना पड़ेगा। बोर्ड ने दोनों ही परीक्षाओं के आवेदन शुल्क को दोगुना कर दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मानें तो प्रदेश के नजदीकी राज्यों के बोर्डों एवं संस्थानों तथा देश के अन्य बोर्डों आदि द्वारा निर्धारित शुल्कों की तुलना करने के उपरांत करीब 11 वर्ष पूर्व निर्धारित आवेदन शुल्कों को पुन: निर्धारित किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड अधिनियम 1968 की धारा 19 (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली डीएलएड (सीईटी) तथा सभी विषयों की टैट परीक्षाओं के शुल्क को पुन: निर्धारित करने के सहर्ष आदेश प्रदान किए हैं। विदित रहे कि बोर्ड द्वारा साल में 2 बार अध्यापक पात्रता परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जबकि एक बार डीएलएड (सीईटी) परीक्षा करवाई जाती है। इस तरह रहेगा ऑनलाइन आवेदन शुल्क अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को जहां पहले 800 रुपए शुल्क देना पड़ता था, अब उन्हें 1600 रुपए देना पड़ेगा। वहीं ओबीसी, एससी, एसटी एंड पीएचएच (दिव्यांग) अभ्यर्थियों को पहले आवेदन के लिए 500 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1000 रुपए देने पड़ेंगे। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, अब 600 रुपए रहेगा। इसी तरह डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पहले सामान्य कैटेगरी के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान 600 रुपए देने पड़ते थे, अब उन्हें 1200 रुपए देने पड़ेेंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आवेदन करने के दौरान पहले जहां 400 रुपए लगते थे, अब उन्हें ऑनलाइन आवेदन शुल्क 800 रुपए देना पड़ेगा। वहीं विलंब शुल्क पहले जहां 300 रुपए था, उसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है।
कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि पुरूष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई, 2024 को तीन परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी, जिला मंडी और जिला कांगड़ा, चंबा व ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट admis.hp.nic.in/hpprisons से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉचिज़, वायरलेस डिवाइसिज, ब्लूटुथ डिवाइसिज, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स तथा बैग इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता मे राज्य सचिवालय में हुई। बैठक में आज निर्णय लिया गया कि अब शराब के ठेके में शराब विक्रेता शराब के निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे नही वसूल पाएंगे। क्योंकि अगर कोई ऐसा करता है तो उस व्यक्ति पर सीधा एक लाख का जुर्माना लगेगा। यह निर्णय आज केबिनेट की बैठक में लिया गया है। जानकारी देते हुए इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शराब के ठेकों से ये शिकायते आ रही थी कि दुकानदार तय दरों से ज्यादा रेट पर शराब बेचते है। इसे देखते हुए कैबिनेट ने ज्यादा रेट वसूली पर पेनल्टी का प्रावधान किया है। पहली बार अधिक रेट पर बेचते हुए पकड़े जाने पर 15 हजार रुपए, दूसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार, तीसरी बार 50 हजार और चौथी बार सीधी एक लाख रुपए पैनल्टी लगने वाली है। और अगर इसके बाद भी कोई महंगी शराब बेचते हुआ पकड़ा गय तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सी.एस.यू.) नई दिल्ली के तत्वाधान में हिमाचल के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर की एन एस एस (राष्ट्रीय सेवा योजना) इकाई की वार्षिक बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। जिसमें एन. एस. एस.यूनिट वेदव्यास परिसर के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व संयोजक कवि पंकज विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में इस वर्ष हेतु एन. एस. एस. की परिसरीय कई गतिविधियों को लेकर निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार इस वर्ष कुल 200 एन. एस. एस. स्वयंसेवियों में से 50 एस सी व 11 एस टी और 139 अन्य वर्गों से स्वयंसेवी छात्र छात्राएं को वेदव्यास परिसर की एन. एस. एस. यूनिट में रखा जाएगा।वहीं निर्णय लिया गया कि इस वर्ष परिसर से कम से कम 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित किसी भी इलाके में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही 8000 रुपए के नए उपकरण भी एन. एस. एस. यूनिट की तरफ से खरीदे जाएंगे। वहीं कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने बताया कि इस वर्ष परिसर की एन. एस. एस. टीम में शामिल होने के लिए कल यानी 26 जुलाई से गूगल फॉर्म के माध्यम से सभी छात्र - छात्राओं को लिंक भेज दिया जाएगा, जिसके तहत इच्छुक छात्र छात्राएं आगामी 15 अगस्त तक इस फॉर्म को भर कर जमा करवा सकते हैं। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के संयोजक कवि पंकज कुमार व कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया सहित सदस्य डॉ. मनीष कुमार, डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. राजन मिश्र, डॉ. संतोष गोडरा व प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे।
आज "राजकीय महाविद्यालय इंदौरा" में "एन डी आर एफ " की टीम ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन के बारे में बताया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक मलेद्र राजन ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया और उन्हें विभिन्न प्रकार की आपदाओं से सावधान रहने की अपील की साथ ही उन्होंने गत वर्ष बाढ़ के समय जो इलाके में समस्याएं आई थीं उसका विस्तार से वर्णन भी किया। इसके उपरांत एसडीम सुरेंद्र ठाकुर जी ने "डिजिटल लिटरेसी" पर अपना व्याख्यान दिया और साथ ही छात्र-छात्राओं को इसे अपनाने और सावधान रहने के लिए भी प्रेरित किया।इसके उपरांत राजकीय महाविद्यालय इंदौरा की प्राचार्य डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता व महाविद्यालय की एडवाइजर कमेटी ने विधायक के सामने महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की और साथ ही कुछ मांगे, जिसमे एम ए, एम. कॉम और बच्चों के लिए बस की व्यवस्था, महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल व कुछ अन्य समस्याओं से अवगत करवाया, इन सारी समस्याओं को हल करने के लिए स्थानीय विधायक ने आश्वासन दिया की अति शीघ्र महाविद्यालय की सारी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
**पटवारी-कानूनगो को भारी पड़ा सरकार का विरोध प्रदेश में लगातार स्टेट कैडर का विरोध कर रहे पटवारियों और कनूनगो के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लेने की ठान ली है। ऑनलाइन सेवाएं बंद करने और अतरिक्त कार्यभार की चाबियां लौटाने वाले कर्मचारियों अधिकारीयों को सरकार ससपेंड करेगी। इस बार में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा की तरफ से सभी डीसी को लेटर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों का इस तरह का रवैया अनुचित है। जो सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 का उल्लंघन है। ऐसे में लोगों को सेवाएं न देने वाले पटवारियों और कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ये भी कहा गया है कि यदि उन्हें सरकार के किसी निर्णय के खिलाफ कोई शिकायत है, तो उन्हें बातचीत का सहारा लेना चाहिए न कि लोगों के जरूरी कामों को रोक कर सरकार के आदेशों की अवहेलना करनी चाहिए। राज्य सरकार ने ऑनलाइन काम ठप करने और व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के खिलाफ सभी पटवारी और कानूनगो की सर्विस ब्रेक हो सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने इस बारे में सभी उपायुक्तों को पत्र जारी किया है। ** दो दिनों में सेवाएं करनी होगी शुरू प्रदेश सरकार की तरफ से सभी डीसी को जारी लेटर में पटवारियों और कानूनगो को दो दिनों में सेवाएं शुरू करने को कहा गया है। अगर आदेशों की पालना नहीं होती है तो ऐसे सभी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीसी को भी अपने जिलों में उनके नियंत्रण में पटवारियों और कानूनगो को तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन काम फिर से शुरू करने के लिए कड़े निर्देश जारी करने को कहा गया है, ताकि प्रदेश भर में लोगों को घर द्वार पर सरकार की सुविधाओं का लाभ मिल सके। ** व्हाट्सएप ग्रुप में भी वापस जुड़ने के दिए निर्देश इसके अलावा पटवारियों और कानूनगो को आधिकारिक "व्हाट्सएप ग्रुप" में वापस शामिल होने और अतिरिक्त प्रभार सहित उन्हें दिए गए अन्य दायित्वों को भी निभाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके लिए पटवारियों और कानूनगो दो दिन का समय दिया गया है। पटवारियों और कानूनगो को चेताया गया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी की ओर से कोई भी कार्रवाई जो हिमाचल प्रदेश की आम जनता के हितों के खिलाफ है, सरकार ये कतई स्वीकार्य नहीं करेगी।
जयसिंहपुर: यह वर्कशॉप डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथोरिटी कांगड़ा (धर्मशाला) द्वारा स्नेक वाइट अवेयरनेस और स्नेक हैंडलिंग के उपर रखी गई। जिसमें डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरजीत भुल्लर द्वारा जयसिंहपुर विधानसभा आलमपुर के माथुर धीमान और उनकी बेटी खुशी धीमान को लगभग 50 सांपो का रेस्क्यू करने पर सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इसमें लगभग 40 वॉलिंटियर्स ने सांपों से कैसे बचें, सांप घरों में न आएं, सांप अगर वाइट कर जाए तो क्या करें, कितने सांप हमारे परिवेश में पाए जाते हैं, कौन कौन सांप ज़हरीले हैं आदि बातों के साथ तमाम फैली भ्रांतियों के ऊपर प्रशिक्षण दिया गया।
जवाली: जिला पुलिस नूरपुर ने रोहित कुमार निवासी तमौता इंदौरा से 9.32 ग्राम चिट्टा बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रोहित कुमार के रिहायशी मकान की तलाशी लेने पर 9.32 ग्राम चिट्टा बरामद किया। पुलिस ने इस संदर्भ में केस दर्ज कर चिट्टा को कब्जे में ले लिया है तथा आरोपी को अरेस्ट कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी अशोक रतन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिस आधार पर रोहित कुमार के रिहायशी मकान में दबिश देते हुए 9.32 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। केस दर्ज करके आरोपी को अरेस्ट कर लिया है तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की आमद में ज़बरदस्त उछाल देखने में आया है। प्रदेश ने वर्ष 2024 की पहली छमाही में एक करोड़ से अधिक सैलानियों का आतिथ्य सत्कार किया। हिमाचल की मनोहारी वादियों, स्वच्छ वातावरण और प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जा रही बेहतर सुविधाओं के फलस्वरूप इस साल जून माह के अन्त तक रिकॉर्ड 1,00,87,440 पर्यटक प्रदेश के भ्रमण पर पहुंचे। प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, किन्नौर और लाहौल-स्पीति पर्यटकों से गुलजार हैं। इस अवधि में सर्वाधिक पर्यटक कुल्लू और शिमला ज़िलों में उमड़े। कुल्लू ज़िले की 4,73,737 और शिमला ज़िले की 4,48,392 सैलानियों ने यात्रा की। प्रदेश में जुलाई माह में भी पर्यटकों का आगमन निरन्तर जारी है। प्रदेश की अधिकतर सड़कों पर्यटकों के सुगम आवागमन के लिए खुली हैं और पर्यटक हिमाचल की नैसर्गिक सुन्दरता को निहारने के लिए प्रदेश की ओर रूख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पर्यटकों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश के अधिकांश मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। खराब मौसम के कारण प्रदेश की कुछ सड़कें प्रभावित हुईं थीं, लेकिन वर्तमान में पर्यटकों और आमजन के लिए अधिकतर सड़कें खोली जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई महीने में हज़ारों की संख्या में पर्यटकों ने हिमाचल की सैर की और इस वर्ष के अन्त तक पर्यटकों की संख्या दो करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैलानी प्रदेश के विभिन्न स्थलों की यात्रा से संबंधित जानकारी संबंधित ज़िला प्रशासन व पुलिस विभाग के हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटकों की सुगम एवं सुरक्षित यात्रा तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सैलानियों की सुरक्षित यात्रा के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग पर्यटकों को समय-समय पर विशेष सड़क मार्गों पर यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है। ज़िला प्रशासन और हिमाचल पुलिस द्वारा सड़कों की स्थिति संबंधी जानकारी निरन्तर उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आज बचत भवन, सम्मेलन कक्ष में प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महासंघ के राज्य पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी तथा विभिन्न विभागों के अध्यक्षों, सचिवों एवं अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने मांग की कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जल्द से जल्द से संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाए । बैठक में विभिन्न विभागों की समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रमुख मुद्दों में विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरना, विभिन्न विभागों के विभिन्न वर्गों में वेतन विसंगति, वर्ष 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकया राशि का तुरंत भुगतान, 12% महंगाई भत्ता, दो बार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम, जिला परिषद तथा अन्य छूटे विभागों के लिये पुरानी पेंशन का प्रावधान, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, विभिन्न विभाग के विभिन्न वर्गों के पद नाम बदलना, जल रक्षक का अनुबंध में शामिल करने के लिए अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष करना, आवास भत्ते में लंबे समय से वृद्धि न होने के कारण विभिन्न कर्मचारी वर्ग का आवास भत्ता बढ़ाने की मांग, विभागीय पदोन्नती समय पर हो, करूनामुल्क आधार पर विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का निपटारा कर सभी को वन टाइम रिलैक्सेशन देकर नियुक्ति देना, जिला परिषद कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने, मिड डे मील वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका के लिए स्थाई नीति, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, मल्टी टास्क कर्मी के लिए स्थाई नीति, सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों से उपस्थित पदाधिकारियों ने विभागिय समस्याओं बारे अवगत करवाया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इन मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर से सरकार के समक्ष इन समस्याओं को रखने तथा शीघ्र समाधान की मांग की। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा की कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए शीघ्र ही समाधान निकालने हेतु माननीय मुख्यमंत्री से मिलेगा और विभिन्न विभागों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र माननीय मुख्यमंत्री को आगामी कार्यवाहेतु प्रदान किए जाएंगे। इस बैठक में राज्य कार्यकारिणी वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरव वैद, महासचिव भरत शर्मा, उपाध्यक्ष एवं राज्य प्रधान क्लास-4 संगठन आईजीएमसी मोहन लाल कश्यप, मुख्य सलाहकार एवं प्रदेश पटवारी कानूनगो महासंघ अध्यक्ष शमशेर, मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा, कार्यालय सचिव देव नेगी, सचिव एवं लैब अटेंडेंट एसोसिएशन स्कूल अध्यक्ष कँवर सिंह तंगराइक, महासचिव, पम्प ऑपरेटर जल शक्ति विभाग डी के शर्मा, ज़िला उपायुक्त कार्यालय एसोसिएशन अध्यक्ष अमित वर्मा, फायर ब्रिगेड यूनियन महासचिव रजिंदर चंदेल, अर्थ एवं सांख्यिकी तकनीकी अध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, आई टी आई ट्रेनेड फ़िटर अध्यक्ष तेज राम, हि० प्र० नेत्र चिकित्सा अधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इन्द्र दत्त शर्मा, वन विभाग मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन अध्यक्ष प्रकाश बादल के साथ-साथ प्रदेश के सभी ज़िला अध्यक्षों मनजीत(सोलन), भरत (शिमला), बलदेव नेगी (किन्नौर), राम चन्द्र (सिरमौर), लेख राज (मंडी), अमर चंद (कुल्लू), विजय (चम्बा), रजिंदर मनहास (काँगड़ा), दर्शोक ठाकुर (हमीरपुर), धरम सिंह (बिलासपुर) एवं रामपाल (लाहौल-स्पीति) ने भाग लिया।
**अब और बढ़ सकती है मुश्किलें ** मांगें नहीं मानी तो कार्यालयों की चाबियां सौंपेंगे पटवारी और कानूनगो **जनता परेशान, सरकार नहीं ले रही सुध प्रदेश भर में पिछले 10 दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि जैसे ज़रूरी प्रमाण ऑनलाइन तो बन ही नहीं रहे थे मगर अब ये सुविधाएं कुछ हद तक ऑफलाइन भी बंद हो सकती है। पहले इन सभी कामों के लिए जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा था मगर अब दफ्तरों पर भी ये काम मुश्किल हो सकते है और इसका कारण है ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारियों की सुक्खू सरकार से नाराज़गी। दरअसल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं और ये एलान कर दिया है कि अब वो न सिर्फ ऑनलाइन सुविधाएं बल्कि अतिरिक्त कार्यों के कार्यालयों की चाबियां भी वापस सौंप देंगे। महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर स्टेट कॉडर बनाने के फैसले से सरकार पीछे नहीं हटती है तो 25 जुलाई से एडिशनल पटवारी और कानूनगो सर्कल का काम देखना बंद कर दिया जाएगा यानि उन कार्यालयों की चाबियां सरकार को सौंप दी जाएगी जिनका उनके पास अतिरिक्त कार्यभार है, और अगर इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो महासंघ पेन डाउन हड़ताल शुरू कर देगा। ज़ाहिर है अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश के लोगों को बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगो के बोनोफाइड सर्टिफकेट, करेक्टर सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, ओबीसी सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट, अन-इम्पलायमेंट सर्टिफिकेट, लैंड होल्डिंग सर्टिफिकेट, PM किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम बंद हो जाएंगे। यही नहीं प्रदेश सरकार 18 से 59 आयु वर्ग की महिलाओं को 1500 मासिक पेंशन दे रही है, जिसके लिए इन दिनों कल्याण अधिकारी के पास फार्म भरे जा रहे हैं, जिसके लिए हिमाचली बोनोफाइड प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। अब महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए भी फॉर्म जमा नहीं कर पाएगी। इतना कुछ होने पर भी सरकार ने अभी तक महासंघ को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में सरकार के अड़ियल रवैये के कारण आम जनता खासी परेशान है। फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया से खास चर्चा करते हुए हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि 12 जुलाई की कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने पटवारी-कानूनगो को स्टेट कॉडर बनाने का फैसला लिया था। अभी पटवारी और कानूनगो दोनों ही जिला कॉडर है। पटवारी और कानूनगों की भर्ती भी जिला कॉडर के हिसाब से हुई है। अब उन्हें अचानक स्टेट कॉडर बना देने से सीनियोरिटी प्रभावित होगी। इससे प्रमोशन में देरी होगी और स्टेट कॉडर में मर्ज होने से सीनियोरिटी में ये लोग पीछे चले जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि पटवारी क़ानूनंगो को इसलिए जिला कॉडर में रखा गया, क्योंकि अपने जिला में उन्हें लोकल बोल-चाल और एरिया के बारे में जानकारी होती है। यदि उनका दूसरे जिला में ट्रांसफर हो जाता है तो इससे उन्हें बोल-चाल और एरिया समझने में वक्त लगेगा। इससे काम में एफिशिएंसी नहीं आएगी। भर्ती एवं पदोन्नति नियम के हिसाब से उन्हें जिला कॉडर में ही रखा जाना चाहिए। बता दें कि प्रदेश में राजस्व विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे पटवारी एवं कानूनगो की संख्या 3350 के करीब है। इसके अलावा सेटलमेंट विभाग में भी इस वर्ग के सैंकड़ों कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के बाद पटवारी कानूनगो सभी ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप से भी एग्जिट कर चुके है। हिमाचल में राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने का निर्णय पिछली साल 18 नवंबर को भी लिया गया था, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया था । सरकार का निर्णय 12 घंटे भी नहीं टिक पाया था। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया हैं। ।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पड़ते खुंडिया में बुधवार को व्यापार मण्डल की बैठक का आयोजन हुआ, जहां पर खुंडियां बाजार की साफ सफाई व्यवस्था पर चर्चा हुई और बड़े समय से खाली चले व्यापार मण्डल के प्रधान पद हेतु भी चर्चा की गई । जिस में सर्वसम्मति से नायक ए डी शर्मा को व्यापार मंडल खुंडिया का प्रधान चुना गया साथ मे हतिंदर राणा को उप प्रधान एवं सुरेश पाल राणा को सचिव नियुक्त किया गया। वहीं मुकेश कुमार पूर्व उप प्रधान, जनक राज प्रधान खुंडियां, प्रताप राणा, रॉकी राणा विक्रम सिंह, प्रधान छिलगा सचिन राणा, हरदीप राणा, निकुंश कुमार सदस्य नियुक्त किए गए।
जयसिंहपुर: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25, बीए, बीएससी, बी कॉम, बीसीए प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए इंडक्शन /ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस प्रोग्राम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफ़ेसर उपेंद्र शर्मा द्वारा की गई। मंच संचालन प्रो. किरण शर्मा ने किया। इस प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों को उनके चुने हुए कोर्सेज के बारे में तथा महाविद्यालय की सभी सुविधाओं से अवगत करवाना रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र ही हमारे कल का भविष्य हैं उन्हें सही रास्ता दिखाना ही एक अच्छे प्राध्यापक और महाविद्यालय का प्रथम उद्द्येशय होता है। डॉ. रविंद्र जग्गी बीसीए समन्वयक ने छात्रों को बीसीए कोर्सेज के बारे में अवगत करवाया तथा सभी विषयों के प्रोफ़ेसरों से परिचय भी करवाया। तत्पश्चात डॉ. अर्पित कायस्थ पीजीडीसीए समन्वयक ने सभी नए छात्रों को छात्रवृति योजनाओं के बारे में अवगत करवाया व छात्रवृत्ति आवेदन भरने के लिए जरूरी दस्तावेज़ जैसे कि माता-पिता के नाम से इनकम सर्टिफिकेट, कैटेगरी सर्टिफिकेट, आई.आर.डी.पी सर्टिफिकेट। साथ ही एनएसपी पोर्टल पर कैसे अप्लाई करना है यह भी बताया। महाविद्यालय के द्वारा दी गई ऑप्शनल लैपटॉप स्कीम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय का दौरा करवा कर किया गया।
** पकड़े जाने पर 25 वर्ष की आयु तक नही बनेगा लाइसेंस, 1 अगस्त से अंडर ऐज ड्राइविंग के चालान करने पर होगा फोकस इंदौरा: मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत नियमों का उलंघन करने पर मोटे जुर्माने और सख्त सजा का प्रावधान रखा है, जिसके तहत आज ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस कंदरोडी ने ट्रैफिक नियमों की उलंघना करने वालो को दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया, वही चौंकी प्रभारी विक्रमजीत सिंह तथा हेड कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल विनोद कुमार, कांस्टेबल सैम सिंह ने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों को रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए कहा, चौंकी प्रभारी विक्रमजीत सिंह ने कहा कि आज हमने सभी वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए हिदायत दी है लेकिन 1 अगस्त से ट्रैफिक नियमों की उलंघना करने वालो पर सख्ती से शिकंजा कसा जाएगा। वही उन्होंने कहा कि अगर कोई नाबालिग लड़का या लड़की 1 अगस्त के बाद वाहन चलाता पकड़ा गया तो सबसे पहले उसका 25000 रुपए चालान होगा और माता-पिता मे से किसी एक को जेल हो सकती है।
**टीबी मुक्त अभियान में पंचायतों की सहभागिता होगी सुनिश्चित टीबी मुक्त हिमाचल संकल्प को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी इस के लिए प्रत्येक माह की 24 तारीख को स्वास्थ्य खंड स्तर पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने मंगलवार को क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने कहा कि प्रत्येक माह एक रविवार को 32 जोखिमपूर्ण आबादी में टीबी रोग का पता लगाने लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से के सन्डे एसीएफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 14190 लोगों की जांच की जा चुकी है । डॉ. गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला कांगड़ा में ग्राम पंचायत स्तर पर 814 टीबी फोरम गठित किये गए हैं तथा 562 की बैठक का आयोजन भी किया जा चुका है, जबकि शेष 252 की बैठक भी इसी माह आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 1012 निक्षय मित्र बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज से कोई भी व्यक्ति निक्षय मित्र बन सकता है और टीबी के रोगियों को मानोसमाजिक सहायता के साथ पोषण आहार किट दे सकता है उन्होंने बताया कि जिला में टीबी के साथ जी रहे 1223 लोगों को पोषण आहार किटें वितरित की गई हैं। बैठक का संचालन करते हुए डॉ. राजेश सूद जिला स्वास्थ्य व क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी जिला कांगडा ने बताया कि जिला में टी बी के रोगी की पहचान उपरांत उपचार सफलता की दर लगभग 86 प्रतिशत है व व्यस्क टीबी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 16 जुलाई तक लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इस अवसर पर डॉ. आत्मिका नायर व डॉ. कामेश परामर्शदाता विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिला के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे। ।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत सभी प्रवास श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत सभी प्रवासी श्रमिकों के राशन कार्ड बनाना जरूरी है ताकि सभी प्रवासी श्रमिकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें राशन कार्ड जारी करने के लिए ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में कमेटियों का गठन भी किया गया है इसमें ग्रामीण क्षेत्रों पंचायत निरीक्षक की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव तथा स्थानीय उचित मूल्य की दुकान पर सहकारी सभा के विक्रेता को शामिल किया गया है तथा विकास खंड अधिकारियों को नोडल आफिसर के रूप में शामिल किया गया है ताकि कोई भी प्रवासी श्रमिक राशन कार्ड से वंचित नहीं रह सकें। उन्होंने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक जिनका किसी भी राज्य में राशन कार्ड नहीं बना है, ऐसे सभी श्रमिक राशन कार्ड बनाने के लिए पात्र होंगे इस के लिए उन्हें ई-श्रम कार्ड, और आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध करवानी होगी। उपायुक्त ने सभी ग्राम पंचायतों तथा नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हुए कहा कि अपने अपने क्षेत्रों में पात्र प्रवासी परिवारों की पहचान में सहयोग सुनिश्चित करें ताकि सभी श्रमिक परिवारों को राशन कार्ड के माध्यम से गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ मिल सके।
** हिमाचल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, तीन जिलों के लिए बाढ़ का जोखिम हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में मौसम खराब बना हुआ है। सुबह से शहर व आसपास भागों में रुक-रुककर बारिश जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 24 से 27 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 29 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। बीती रात कांगड़ा में बारी बारिश हुई। इस बार हिमाचल में मॉनसून की गति प्रवेश के बाद से धीमी पड़ गई है। बार बार अचानक बाढ़ और भरी बारिश की चेतावनी के बावजूद अच्छी बारिश नहीं हो रही हैं। उधर, आईएमडी हाइड्रोमेट डिवीजन नई दिल्ली की ओर से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय आकस्मिक बाढ़ मार्गदर्शन बुलेटिन जारी किया गया है। इसके अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बाढ़ का जोखिम होने की संभावना है।


















































