शिमला: हिमाचल में होमस्टे नियम-2024 के नियमों के बदलाव का मामला अब 25 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा, जिसमें मंत्रिमंडलीय उप-समिति की होमस्टे नियम-2024 के नियमों में बदलाव को लेकर दिए गए सुझावों को मंजूरी मिल सकती हैं। शिमला में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में होमस्टे नियमों में बदलाव को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इस दौरान प्रदेश में धारा 118 के नियमों की अवहेलना करके अवैध रूप से चल रहे होमस्टे पर कार्रवाई करने को लेकर चर्चा हुई। हिमाचल में बिना पंजीकरण के होमस्टे चलाने वालों पर भी गाज गिर सकती है। वहीं, पंजीकरण के दौरान जारी किए जाने वाले लाइसेंस की अवधि भी पांच साल से घटाकर दो साल की जा सकती है। इसी तरह से होमस्टे के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण शुल्क में बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है। इस बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह व नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली ने भी अपने सुझाव रखे। इस बैठक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर उपस्थित रहीं। बता दें कि सरकार के ध्यान में धारा-118 की अवहेलना कर खोले गए होमस्टे को लेकर शिकायतें मिली हैं। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्प के तौर पर होमस्टे खोलने की योजना शुरू की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2008 में होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां खोले जाने की योजना लागू की गई थी। इसके बाद कुल्लू, लाहौल-स्पीति व शिमला में बड़ी संख्या में होमस्टे खुले हैं। प्रदेश भर में कुल 4289 होम स्टे हैं, जिसमें कुल 17,222 कमरे हैं। इनकी बेड कैपेसिटी 26,727 है। वर्तमान में सबसे अधिक होमस्टे कुल्लू में हैं। यहां 1040 होमस्टे चल रहे हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर शिमला में 805 होमस्टे हैं। इसी तरह से लाहौल-स्पीति में 718 होमस्टे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में होमस्टे की संख्या 431 है। सोलन में कुल 328 होमस्टे स्थापित हो चुके हैं। चंबा में 322, मंडी में 241, किन्नौर में 202, सिरमौर में 123, बिलासपुर में 44, ऊना में 18 और हमीरपुर में होमस्टे की संख्या 17 है। हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के बहुत से लोगों ने सरकार से धारा-118 के तहत रिहायशी मकानों की अनुमति लेकर होमस्टे खोल दिए हैं।
** उपायुक्त ने लोक मित्र संचालकों को वितरित कीं आधार किट्स ** 5 वर्ष तथा 15 वर्ष के बच्चों के आधार अपग्रेडेशन होगा निशुल्क उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला के स्कूलों में बच्चों के आधार कार्ड अपडेट करने के लिए अभियान आरंभ किया जाएगा ताकि बच्चों को आधार कार्ड अपडेट करवाने में किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। सोमवार को उपायुक्त हेमराज बेरवा ने अपने कार्यालय में समग्र शिक्षा अभियान के तहत लोक मित्र संचालकों को आधार किट्स वितरित करने के उपरांत कहा कि सभी स्कूलों में आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए उपरोक्त लोक मित्र संचालक कैंप आयोजित करेंगे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि पांच वर्ष तथा पंद्रह वर्ष की आयु पूर्ण होने पर भी बच्चों को आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है इस के लिए स्कूल के बच्चे अपने अपने मुख्यध्यापकों या प्रधानाचार्यों से संपर्क करें ताकि आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि छात्रवृतियां तथा अन्य सुविधाओं के लिए आधार कार्ड की लिकेंज जरूरी है, अगर आधार कार्ड अपडेट नहीं होगा तो छात्रवृतियां या अन्य सुविधाओं के लिए बच्चों को परेशानी हो सकती है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बाल विकास अधिकारियों को भी शून्य से पांच वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं इस के लिए आंगनबाड़ी स्तर पर शून्य से पांच वर्ष आयुवर्ग के जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं उसका डाटा बेस तैयार करने के लिए कहा गया है।अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि सभी नागरिकों को दस वर्ष में एक बार आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है तथा यूडीआईए की ओर से आधार अपडेग्रेशन के लिए 14 सितंबर 2024 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि आधार एक अतिमहत्वपूर्ण दस्तावेज है इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलता है। इसलिए इसका अपडेटेड होना जरुरी और लाभदायक है. अगर आपका आधार अपडेटेड होता है तो आपको केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में बहुत आसानी होती है।
डिजिटल लिटरेसी कैंप का आयोजन ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत खुंडिया में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया । मुख्य अतिथि के तौर पर तहसीलदार खुंडिया राहुल शर्मा ने भाग लिया। वह इस कैंप में एसएचओ खुंडियां प्रधान, ग्राम पंचायत खुंडिया, प्रधान ग्राम पंचायत छिलग, प्रधान व्यापार मंडल , शाखा बैंक प्रबंधक यूको बैंक खुंडिया व स्थानीय लोगों द्वारा भाग लिया गया व विभिन्न वक्ताओं ने साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, साइबर ठगी इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। कैंप में तहसीलदार खुंडिया राहुल शर्मा शाखा प्रबंधक यूको बैंक खुंडिया अनिल कुमार, एसएचओ खुंडिया रणजीत सिंह परमार ,कानूनगो बलवीर सिंह द्वारा डिजिटल लिटरेसी बारे उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया व सबसे महत्वपूर्ण युवा वर्ग से शिवम राणा आईटी साइबर के बारे में बहुत ही बेहतर ढंग से उपस्थित सभा को जागरूक किया, जिनके अभिभाषण से प्रसन्न होकर सुनील कुमार द्वारा 500 शिवम राणा को उपहार स्वरूप दिया गया ।
भाजपा युवा नेता आश्रय शर्मा ने आज जारी बयान में कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल की सीमा से बाहर जाते और वापिस हिमाचल आते समय अपने ही बयानों से पलट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर बयान दिया कि हिमाचल की जनता ने उन्हें जवाब दिया है, वो शायद यह भूल गए हैं कि हिमाचल की और विशेषकर मंडी लोकसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपने जनादेश देकर नकार दिया है। आश्रय ने कहा कि जब लोक निर्माण मंत्री कुछ मांगने दिल्ली जाते हैं तो भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों की तारीफ करते हैं और वापिस आते ही उनको देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों में कमियां दिखाई देने लगती हैं, जिससे उनके पूर्व बयानों का वह स्वयं ही कटाक्ष कर देते हैं। आश्रय ने कहा कि वह उनको याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले छह महीनों में वह एक बार इस्तीफा देकर फिर शाम को इस्तीफा वापिस ले चुके हैं और अगर वह इस दौरान अपने बयानों का आकलन करें तो उनमें ही विरोधाभास साफ नजर आता है। आश्रय ने कहा कि देवभूमि की जनता ने भाजपा पर पूरा विश्वास जताया है और चारों लोकसभा सीट भाजपा की झोली में डालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कांग्रेस को 61 विधानसभा में जनता ने नकार दिया है, तो बेहतर होगा कि लोक निर्माण मंत्री जिनके अपने विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में लीड नहीं मिल पाई, वो आत्मचिंतन करें।
**सुबह 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें कांगड़ा, ऊना व चम्बा के अभ्यर्थी कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग हिमाचल प्रदेश में वार्डरों के पदों की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके जिला कांगड़ा, ऊना व चम्बा के अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा 28 जुलाई, 2024 (रविवार) को निर्धारित की गई है। अधीक्षक कारागार, लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला विकास भटनागर ने बताया कि जेल वार्डर की लिखित परीक्षा का केंद्र राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई दोपहर 12 बजे से लिखित परीक्षा प्रारंभ हो जाएगी। बकौल अधीक्षक कारागार, लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से दो घण्टे पूर्व (प्रातः 10 बजे) निर्धारित परीक्षा केंद्र में पहुंचना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थी जेल वार्डर की लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) कारागार विभाग की वेबसाइट एचपीपीआरआईएसओएनएस डॉट एनआईसी डॉट आईएन या अपनी पंजीकृत ई-मेल से दिनांक 23 जुलाई, 2024 के बाद डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए चयन बोर्ड द्वारा यही प्रवेश पत्र मान्य होगा। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी अपने साथ काला व नीला बॉल पेन तथा कार्डबोर्ड लेकर आएं।
हिमाचल में दूध खरीद मूल्य बढ़ने का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। महिलाएं घर में खेती बाड़ी के काम में पुरुषों का सहयोग करने के साथ दुग्ध कारोबार से जुड़ कर आर्थिक तौर पर भी आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसका बड़ा उदाहरण प्रदेश में 1148 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनके कुल सदस्यों की संख्या 47,905 हैं। इनमें अकेले महिलाओं की संख्या 19,388 तक पहुंच गई है। प्रदेश सरकार ने दूध कारोबार को ऊंचाई देने के लिए राज्य में 11 दुग्ध संयंत्र और 116 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए हैं। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में एक मुश्त भारी बढ़ोतरी की है। प्रदेश में गाय के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपए और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 रुपए प्रति लीटर तय किया गया है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की पशुपालन में रुचि बढ़ी है। प्रदेश में पशुपालन से जुड़ी महिला घर द्वार पर दूध बेच कर हर महीने औसतन 12 हजार से 15 हजार की कमाई कर रही हैं। इसके अलावा महिलाएं कृषि और बागवानी के क्षेत्र में भी पुरुषों का सहयोग कर रही हैं। प्रदेश सरकार दुग्ध प्रसंस्करण और इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिसके लिए प्रदेश में दुग्ध संयंत्रों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जा रहा है। हिम-गंगा योजना के तहत जिला कांगड़ा स्थित ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक तकनीक से दूध का पाउडर बनाया जाएगा, जिसमें मांग से अधिक दूध को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त दही, खोया, घी, आइसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में अल्ट्रा हीट तकनीक से पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में दूध कारोबार को उद्योग के तौर पर स्थापित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए स्थानीय युवाओं को किसानों व एकत्रीकरण केंद्रों से दूध प्रसंस्करण संयंत्रों तक दूध ले जाने के लिए 200 रेफ्रिजरेटर मिल्क वैन उपलब्ध करवाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने दुग्ध संयंत्र कुल्लू, हमीरपुर, नाहन और दुग्ध संयंत्र ऊना की क्षमता 20-20 हजार लीटर करने की योजना भी बनाई है। दुग्ध विपणन प्रक्रिया और इसके परिवहन का युक्तिकरण भी किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई है, इसके लिए समितियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं मिल्कफेड के ट्रेडमार्क ‘हिम’ का केंद्र सरकार से पंजीकरण करवाया गया है। प्रदेश मिल्कफेड की ओर से राज्य में 102 ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध एकत्र करने के लिए 320 लीटर क्षमता के 55 मिल्क कूलर छोटी समितियों को उपलब्ध करवाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में रोजगार का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय में गेस्ट टीचर के लिए साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे है। यह साक्षात्कार 23 जुलाई से सरदार पटेल विश्वविद्यालय में ही होंगे। एसपीयू में 35 गेस्ट टीचर्स की भर्ती की जानी है। ऐसे युवा जिन्होंने पीएचडी या नेट क्वालीफाई किया है, वह इन पदों के लिए एलिजिबल होंगे। चयनित होने पर इन युवाओं को 35 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से होगा। एसपीयू ने पीएचडी और नेट पास युवाओं के लिए 23, 24 और 25 जुलाई को वॉक इन इंटरव्यू रखे हैं। साक्षात्कार प्रो. कुलपति कार्यालय में होंगे। यूनिवर्सिटी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी, योग, ईवीएस, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, बॉटनी, जूलॉजी, पर्यावरण विज्ञान मैनेजमेंट, हिस्ट्री और पब्लिक में इन टीचर्स की भर्ती होगी। 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी और योग, ईवीएस गेस्ट फैकल्टी के इंटरव्यू होंगे। 12 बजे केमिस्ट्री, 1 बजे इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री और 3 बजे कंप्यूटर साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 24 जुलाई को सुबह 11 बजे बॉटनी, 12 बजे जूलॉजी, 1 बजे एनवायर्नमेंटल साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 25 जुलाई को सुबह 11 बजे मैनेजमेंट, 12 बजे की इतिहास और एक बजे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए इंटरव्यू में लिया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र के साथ मार्कशीट, प्रमाण पत्र, डिग्री और अन्य दस्तावेजों लाने होंगे। गेस्ट टीचर की नियुक्ति पूरी तरह से अस्थायी आधार और एक सुख सेमेस्टर के लिए है। यहां इन्हें किसी भी स्तर पर नियमितीकण, स्थायी पद नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून भले ही 27 जून को दस्तक दे दी हो, लेकिन राज्य में मानसून सीजन में बारिश उम्मीद से काफी कम हुई है। प्रदेश में कम हुई बारिश को देखते हुए मानसून को कमजोर माना जा रहा है। इस मानसून सीजन में 1 जून से अब तक 43 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 27 जून को हिमाचल प्रदेश में पहुंचे दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर और अनिश्चित बने रहने के कारण अब तक प्रदेश में 43 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 21 जुलाई के बीच सामान्य बारिश 266.4 मिमी की के मुकाबले सिर्फ 151.6 मिमी ही बारिश हुई। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के बावजूद, राज्य के सभी 12 जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। जुलाई माह में 21 जुलाई रविवार तक प्रदेश में 36 प्रतिशत बारिश में कमी दर्ज की गई है, जिसमें प्रदेश भर में 165.3 मिमी बारिश के मुकाबले महज 105.1 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग शिमला कार्यालय ने प्रदेश में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सोमवार और मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार और मंगलवार को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 2 से 3 दिनों में मानसून की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में मध्यम तीव्रता की व्यापक वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस सोमवार और मंगलवार को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और बागवानों को बागवानी और खड़ी फसलों के नुकसान होने, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को नुकसान होने की आशंका जताई है। वहीं, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए यातायात में व्यवधान और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर लोगों को आगाह किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून के एंट्री से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 40 लोगों की मौ*त हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बारिश के कारण राज्य को 329 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर सहित तीन नवनिर्वाचित विधायक आज शपथ लेंगे। विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से चुनाव जीती हैं। इसी तरह से नालागढ़ विधानसभा सीट से हरदीप सिंह चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। हमीरपुर विधानसभा सीट पर आशीष शर्मा भाजपा टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक पद की शपथ लेंगे। ऐसे में अब विधानसभा सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। हिमाचल विधानसभा में अब सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। इसमें कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 होगी। प्रदेश में 27 फरवरी को घटे राजनीतक घटनाक्रम से पहले भी कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 थी। इसी तरह से भाजपा विधायकों की संख्या अब बढ़कर 28 तक पहुंच गई है। पहले यही संख्या 25 थी। वहीं, अब विधानसभा में एक भी निर्दलीय विधायक नजर नहीं आएगा। इससे पहले तीन निर्दलीय विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन तीनों निर्दलीय विधायकों ने 22 मार्च को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने 3 जून को स्वीकार किया। ऐसे में खाली हुए तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, नालागढ़ व हमीरपुर में 10 जुलाई को मतदान हुआ, जिसमें देहरा से कांग्रेस के टिकट पर कमलेश ठाकुर और नालागढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप सिंह बावा ने चुनाव जीता। वहीं, हमीरपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा चुनाव जीतकर दूसरी बार विधायक बने हैं। हिमाचल विधानसभा के सदन में अब इतिहास बनने जा रहा है। वह ऐसे कि इस बार विधानसभा में पहली बार पति और पत्नी की जोड़ी एक साथ नजर आएगी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन से और उनकी धर्म पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से उपचुनाव जीतकर पहली विधायक बनी हैं। ये जोड़ी अब मानसून सत्र में विधानसभा के एक साथ नजर आएगी। इससे पहले सदन में पिता-पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह की जोड़ी नजर आ चुकी है। जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद सदन में एक साथ दिखे थे। हिमाचल विधानसभा में एक और इतिहास बन गया है। यहां पहली बार ऐसा हुआ है कि पांच साल के कार्यकाल के लिए चुने गए तीन विधायक अलग अलग पार्टी चिन्ह पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक विधायक बने हैं। इसमें धर्मशाला से वर्ष 2022 में कांग्रेस टिकट पर सुधीर शर्मा चुनाव जीतकर विधायक बने थे और अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद फिर से विधायक बने हैं। इसी तरह से बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने थे, अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा टिकट पर चुनाव जीत कर फिर से विधायक बन गए हैं। इन दोनों ही विधायकों को शपथ दिलाई जा चुकी है। वहीं हमीरपुर सीट से आशीष शर्मा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़े और पहली बार विधायक बने थे। अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर फिर से विधायक बने हैं, जो आज विधायक पद की शपथ लेंगे।
कांगड़ा जिले के पालमपुर सिविल अस्पताल के क्रश्ना टेस्टिंग लैब में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला को दूसरे डायबिटीज मरीज की रिपोर्ट थमा दी गई, जिसके बाद महिला को मजबूरन 5 दिन तक डायबिटीज की दवा खानी पड़ गई । मिली जानकारी के अनुसार एक महिला उपचार के लिए सिविल अस्पताल आई तो डॉक्टर ने उन्हें कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहा तो उन्होंने सरकार की ओर से अधिकृत क्रश्ना लैब में 16 जुलाई को सैंपल दिए। जब रिपोर्ट मिली तो महिला ने डॉकटर को रिपोर्ट दिखाई। डॉक्टर ने भी महिला का शुगर लेवल ज्यादा होने पर एक हफ्ते की दवाई दे दी। लेकिन पांच दिन की दवाई खाने के बाद महिला की तबियत बिगड़ी और वो डॉक्टर के पास पहुंची तो डॉकटर ने देखा कि वो रिपोर्ट जिसे देखकर महिला को दवाई दी थी ये रिपोर्ट 62 वर्षीय मरीज किसी पुरुष की है, जिनका शुगर लेवल 300 से ज्यादा था। इसके बाद पीड़ित महिला क्रश्ना लैब गई जब महिला को असली रिपोर्ट दी तो इसमें महिला का शुगर स्तर सामान्य था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन सहित सरकार से इस पर कार्रवाई की मांग की है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव का सफल आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निवासवरखेड़ी ने की। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों का मार्गदर्शन किया । इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि के रूप में आई आई टी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा उपस्थित रहे। उन्होंने मद्भगवद्गीता के व्यवहारिक पक्ष को छात्रों के सामने रखा और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाले गुरु की महिमा का गुणगान किया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी परिसरों ने अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। जिससे विविध राज्यों की संस्कृति एवं भव्य भारत का दर्शन सम्भव हो पाया। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में होशियारपुर स्थित साधु आश्रम से प्रो. रितु बाला उपस्थित रही। साथ ही स्वामी परमानन्द महाराज की पूजा अर्चना से वेदव्यास परिसर पावन हुआ एवं गुरु महिमा की परम्परा का भी परिपालन किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए वेदव्यास की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन से हमारा परिसर स्वयं का धन्य मानता है। इस अवसर पर परिसरीय छात्रों ने विविध उपहारों के द्वारा प्राध्यापकों को सम्मानित किया। इस दौरान परिसरीय प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जसवां - प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के दोदूँ स्थित माता चामुंडा के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर स्थानीय लोगों ने पीपल एवं बरगद के पेड़ सामूहिक रूप से रोपे और वहीं ग्रामीणों ने सभी से निवेदन भी किया कि इस बरसात में ज़्यादा से ज़्यादा धरती पर पोधारोपण करें व उससे भी ज़्यादा है बच्चों की तरह जब तक ये पेड़ वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते इन्हें जंगली जानवरों व आग से जलने से बचाने का भरसक प्रयास भी सुनिश्चित करें। वहीं इस पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्थानीय निवासी विनोद शर्मा ने कहा कि दिखावे के लिए पेड़ों का लगाना ही नहीं अपितु इन्हें संजोना भी हमारा प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पौधे और पेड़ जलवायु परिवर्तन से लड़ते हैं जो पृथ्वी को नष्ट कर रहे हैं। वे हमारे द्वारा साँस ली जाने वाली हवा को भी फ़िल्टर करते हैं और पर्यावरण से सभी हानिकारक रासायनिक गैसों और गंधों को अवशोषित करते हैं। इसके अलावा, वे हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर विभिन्न जीव-जंतु पौधों के कारण ही हम जीवित रह पाते हैं। यदि हम एक दिन के लिए भी पृथ्वी से पौधों को हटा दें तो मनुष्य का जीवित रहना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हम सब को पेड़ की महत्वता समझनी होगी ।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 में जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए 22 जुलाई को 3 बजे इंडक्शन मीटिंग का आयोजन होगा। इग्नू अध्ययन केंद्र 1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने ने बताया कि सत्र जनवरी 2024 में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों को इस इंडक्शन मीटिंग में उनके प्रोग्राम एवं कोर्सेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी । उन्होंने बताया कि इग्नू की शिक्षण सामग्री विश्वस्तरीय है एवं इसकी डिग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार की जाती है। इस इंडक्शन मीटिंग में नए पंजीकृत छात्रों को अधिकाधिक संख्या में उपस्थित रहने को कहा है ताकि उन्हें आगे के अध्ययन में किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पडे़। इग्नू एडमिशन 2024 जुलाई सत्र के लिए भी रजिस्ट्रेशन और रि-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख अब 31 जुलाई है। उम्मीदवार रि-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया onlinerr.ignou.ac.in/ पर जाकर पूरी कर सकते हैं।
प्रदेश के साथ - साथ देहरा विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाएँ बिलकुल चरमरा गई है। फिर बात सिविल अस्पताल देहरा की करें या सी एएच सी हरिपुर की या फिर इसके साथ अन्य किसी पी एच सी की। देहरा में स्वास्थ्य सुविधाएँ अपने निम्न स्तर पर है तथा देहरा में प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति ऐसी बेरुख़ी बहुत पीड़ादायक है यह कहना है भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ. सुकृत सागर का. डॉ सुकृत ने कहा कि बीते दिन देहरा विधानसभा की सकरी पंचायत के एक नौजवान युवा साथी की सड़क दुर्घटना के उपरांत सी एच सी हरिपुर में समय पर उपयुक्त इलाज न मिलने के कारण मृ*त्यु हो गई जोकि मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक रहा। ऐसी आपातकाल स्थिति में अगर सरकार के स्वास्थ्य संस्थान ऑक्सीजन व अन्य प्राथमिक उपचार ही न उपलब्ध करवा सके तो ऐसे संस्थानों का क्या फ़ायदा। युवक के उपचार में कोई देरी या लापरवाही हुई है तो मैं प्रशासन से इसकी जाँच की माँग करता हूँ। दूसरी तरफ़ विधानसभा के सबसे बड़े अस्पताल देहरा में भी आपातकाल के लिए सुविधाएँ न के बराबर हैं। इस अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर तक नहीं है लोगों को अल्ट्रा साउंड की सुविधा तक नहीं मिल रही है। डॉ सुकृत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर देहरा में लोगों के साथ दोखा किया है।
आईटीआई नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। आगामी 24 जुलाई को जी.ऍम.पी टेक्निकल मोहाली, ऍम. टी. ऑटोक्राफ्ट परवाणू व नयूरेका टेक्निकल प्राइवेट लिमिटेड मोहाली के लिए अलायन्स जॉब्स द्वारा आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर में लिखित परीक्षा व कैम्पस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। कंपनी के एच॰आर॰ विभाग के अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के लिए एन॰सी॰वी॰टी॰ और एस॰सी॰वी॰टी॰ से फिटर, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, डीज़ल मैकेनिक, टर्नर, मशीनिस्ट ,ट्रैक्टर मैकेनिक और सभी व्यवसाय मे कोर्स पूरा कर चुके सभी अभ्यर्थी पात्र होंगे। उन्होने बताया कि अलायन्स जॉब्स की तरफ से यह निशुल्क जॉब फेयर है और किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा I कंपनी द्वारा चयनित युवाओं को 12000/- से 22000/- रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। कैम्पस इंटरव्यू में पात्र युवा 24 जुलाई को सुबह नौ बजे अपने मूल प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, पैन कार्ड की प्रतिलिपियों के साथ आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर कैम्पस में पहुँच जाने चाहिए। इस विषय बारे संस्थान प्रधानाचार्य ई. ललित मोहन ने बताया कि युवाओं की चयन प्रक्रिया में पहले एक लिखित परीक्षा होगी और उसके बाद साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कैम्पस इंटरव्यू में प्रदेश भर के सरकारी व निजी आई॰टी॰आई॰ के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट अधिकारी मुकेश कौशल से दूरभाष 01970-292604 व 9418162333 पर संपर्क कर सकते हैं ।
ट्रैफिक टूरिस्ट एंड रेलवे पुलिस कंदरोड़ी द्वारा नाबालिग वाहन चालकों पर अब शिकंजा कसा गया है । बता दें कि कंदरोड़ी रेलवे चौंकी के प्रभारी विक्रांत ने स्टाफ के साथ इंदौरा डमटाल थाना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर यातायात चैकिंग नाका लगाकर वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में व सशोदित मोटर वाहन अधिनियम में वर्णित जुर्माने के प्रावधान के बारे में अवगत करवाया तथा बिगड़ैल नवयुवक बाइकराइडर जो बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाते हैं उनके चालान किए गए तथा एल्कोहॉलसेन्सर के साथ देर रात तक वाहनों की चेकिंग की गई ताकी शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके, वही ए.एस.आई विक्रांत ने अभिवावकों से मीडिया के माध्यम से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें अन्यथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199 ( A ) के तहत 25000 रुपए जुर्माना व नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने वाले अविभावक को तीन वर्ष तक सजा का प्रावधान है।
जिला कांगड़ा के ज्वाली के अंतर्गत सिटी केयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लब का शुभारंभ हुआ, जिससे अब जनता को दूरदराज के अस्पतालों में जाने से निजात मिलेगी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे सहित समस्त टेस्टों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड भी अस्पताल में चलेंगे, जिसका मरीजों को पूरा लाभ मिलेगा। अस्पताल में एमडी मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, जनरत्त सर्जन और यूरोलोजिस्ट तैनात हैं, जिनकी मरीजों को 24 घण्टे चिकित्सा सुविधा मिलेगी। अस्पताल में डॉ. एसपी सिंह (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन), डॉ. दीपक सिंह (एमवीवीएस-एमडी रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. प्रभजोत कौर व डॉ. रोहीन कुमार (एमबीबीएस, एमडी गायनी), डॉ. जसविंदर सिंह (एमवीवीएस इंटरनल मेडिसिन), डॉ. जावेद अहमद भट (एमवीवीएस एमएस), डॉ. आदिल लोन (हड़ी रोग विशेषज्ञ) ने कार्यभार संभाल लिया है। अस्पताल संचालक नीरज यकुर ने बताया कि मरीजों को हर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी । अब दूरदराज के अत्यतात्तों में भटकने से भी निजात मिलेगी तथा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सहित सभी टेस्ट की सुविधा मिलेगी। हिमकेयर सहित आयुष्मान कार्ड की भी सुविधा मिलेगी। हिमाचल सरकार के पेंशनरों व सरकारी कर्मियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
ज्वालामुखी: एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी अपशिष्ट प्रबंधन स्टार्ट-अप के ससंस्थापक ज्ञान चंद सूद एक दूरदर्शी उद्यमी हैं, जिनका जी.सी.सी. और ओमान सल्तनत में उद्योग में 35 वर्षों से अधिक का उल्लेखनीय करियर रहा है। देव भूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी से निकलकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी। सूद की यात्रा उन्हें कुवैत, कतर और अंत में ओमान ले गई, जहाँ उन्होंने खतरनाक और गैर खतरनाक दोनों तरह के रासायनिक अपशिष्टों को संभालने में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाया। खासकर ओयल और गैस क्षेत्र। 2007 में ज्ञान चंद सूद ने अपने अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाकर एलीट एंटरप्राइजेज वर्ल्डवाइड एलएलसी की स्थापना की। वर्षों से, उत्कृष्टता और उद्योग-अग्रणी प्रथाओं के कार्यान्वयन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने कंपनी की प्रतिष्ठा को बढ़ाया। 2019 में, उनके सुपुत्र शिव सूद ने एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी की स्थापना करके अपने पिताजी के दूरदर्शी प्रयासों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो को व्यापक बनाते हुए इसमें लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित भंडारण और ओयल और गैस क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले खतरनाक और गैर खतरनाक रासायनिक अपशिष्टों का ओमान सरकार के नियमों के अधीन अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान को शामिल किया गया। इसी व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र शिव सूद ने 15 जुलाई 2024 को अभिजात वर्ग खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन समाधान एफ जेड सी एल एल सी का सोहार (ओमान) में 3.5 मिलियन डॉलर की लागत के खतरनाक अपशिष्ट उपचार संयंत्र का शिलान्यास किया। यह परियोजना, रणनीतिक रूप से सोहार फ्रेज़ॉन में है, ओमान में संचालित विभिन्न उद्योगों द्वारा उत्पन्न विभिन्न औद्योगिक केमिकल अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान में विशेषज्ञ होगी। 10 हजार वर्ग मीटर में फैली और 3.5 मिलियन अमरीकी डॉलर (1.3 मिलियन ओएमआर) के कुल निवेश वाली नई सुविधा, कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें अग्रणी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण शामिल होंगे, जो ऑयली स्लज, कॉन्टैमिनेटेड सोईल, यूज्ड ऑयल, पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक, टायर्स जैसे औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों का सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकिया के अंत में हैवी ऑयल, वायर्स और कार्बन निलेगी। हैवी ऑयल का उपयोग कृषि उपकरणन, समुद्री जहाजों इत्यादि, कार्बन का उपयोग सड़कों का निर्माण करने के लिए, सीमेंट कारखानों, वायर्स का उपयोग स्टील इंडस्ट्रीज़ में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अल बातिनाह सोहार के गवर्नर- शेख मुहम्द सुलेमान अल किन्दी, पर्यावरण अधिकारी, ऑयल और गैस क्षेत्र के बिज़नेस हेड्स, अन्य प्रमुख अधिकारी, एलीट के फाउंडर - ज्ञान चंद सूद, को फाउंडर - शिव सूद, कैमिकल इंजीनियर- मोहमद् शाकिर, एलीट के (सी.ओ.ओ )- इंजीनियर मोहमद सालिम साइद् हरदान, फाइनेंस हेड - नवीन कुमार, बिज़नेस मैनेजर - अविनाश भाटिया और टीम एलीट की उपस्थिति में यह शिलान्यास संपन्न हुआ।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या सोमवार को पूरी 68 होने वाली है| 22 जुलाई को तीन नवनिर्वाचित विधायक पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे| हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तीनों नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाएंगे| यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में बनी लाइब्रेरी में होगा| इनमें देहरा से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, नालागढ़ से बावा हरदीप सिंह, दोनों ही कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीतकर आये है वही हमीरपुर से आशीष शर्मा भी शामिल है जो बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतकर एक बार फिर विधानसभा पहुँचेगे| तीन नव निर्वाचित विधायकों की शपथ के बाद क्या होगा आंकड़ा: विधानसभा में कुल सदस्य- 68 बहुमत का आंकड़ा- 34 कांग्रेस- 40 विपक्षी बीजेपी- 28
**प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट **अगस्त में मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावना प्रदेश में बरसात की गति धीमी बनी हुई है। बरसात में अभी तक सामान्य से 40 फीसदी तक कम बादल बरसे हैं मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान बरसात में बढ़ोतरी के आसार जताए हैं और 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उसके बाद जुलाई के अंत तक मानसून में कमी देखने को मिलेगी मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह की शुरुआत में मॉनसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा में तेजी आने की संभावना है इसके लिए विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। उन्होंने बताया के प्रदेश के चार जिला शिमला, मंडी, कांगड़ा और बिलासपुर मे सामान्य के आसपास वर्षा हुई है जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति, सिरमौर, सोलन और ऊना मे हुई है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में मानसून कम ही असरदार रहेगा जबकि अगस्त माह की शुरुआत में मानसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं में इस बार कमी पाई गई है जिसके चलते पहाड़ों में बारिश कम हो रही है।
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार के दिन एन.एस.एस. यूनिट द्वारा "फूड प्लैनेट हेल्थ "विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से गुजरात के बड़ौदा स्थित एक एन. जी.ओ. की कुमारी निज़्ज़ा ने विशेष रूप से भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एस. यू. की निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी ने की। इस ऑनलाइन सत्र में परिसर के एन. एस. एस. यूनिट के समस्त वॉलंटियर्स छात्र छात्राओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस जागरूकता सत्र का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष परिसर निदेशक व एन एस एस यूनिट के सदस्यों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उसके पश्चात एक छात्र द्वारा वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इस समस्त कार्यक्रम का संचालन परिसर की एन. एस. एस. इकाई के सदस्य एवं व्याकरण विषय के विद्वान डॉ. भूपेंद्र ओझा द्वारा किया गया। सत्र के दौरान कुमारी निज़्जा ने नॉन वेज (मांसाहार) खाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया व यह भी बताया कि इसका ग्लोबल वार्मिंग से सीधा संबंध है। यानि ग्लोबल वार्मिंग का सीधा सीधा कारण नॉन वेज और डेयरी प्रोडक्ट्स हैं। उन्होंने सबको "वीगन डाईट" लेने की सलाह दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने भी अपने विचार सांझा किए। कार्यक्रम के अंत में परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित शिक्षाशास्त्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. शीशराम, एन एस एस यूनिट के संयोजक कवि पंकज, प्रोग्राम ऑफिसर अमित वालिया, यूनिट के सदस्य डॉ. मनीष कुमार,डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. संतोष गोडरा, तकनीकी सहायक विजय शंकर सहित एन.एस. एस. वॉलंटियर्स छात्र -छात्राएं मौजूद रहे।
**पक्का टियाला, कंडवाल, बरंडा के श्रावण मास मेले 20 जुलाई से होंगे शुरू उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों में शामिल नागनी माता मंदिर प्रबंधक कमेटी (रजि) पक्का टियाला, कंडवाल ,बरंडा (ज़िला कांगड़ा ,हिमाचल प्रदेश) की ओर से वार्षिक श्रावण मास मेलों की शुरुआत दिन शनिवार 20 जुलाई 2024 से हो रही है । इन श्रावण मास मेलों का आयोजन 14 सितंबर तक किया जाएगा । उक्त जानकारी मन्दिर प्रबधंक कमेटी के अध्यक्ष हरि सिंह, उपाध्यक्ष सुरिंदर सिंह, उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, खजांची ओम प्रकाश और मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने संयुक्त तौर दी। उन्होंने बताया कि आज मंदिर प्रांगण में रामायण का पाठ आरंभ किया गया है। शुक्रवार को कथा का समापन होगा। वहीं शनिवार को मेलों की शुरुआत के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री चन्द्र कुमार, नुरपुर क्षेत्र से विधायक रणबीर सिंह और प्रशासन की ओर से एसडीएम गुरसिमर सिंह भी मौजूद रहेंगे। उंन्होने बताया कि पहले मेले में ट्रक यूनियन जसुर की ओर से विशाल भण्डारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होने बताया कि इन मेलों में पंजाब, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर,हरियाणा ,दिल्ली ,राजस्थान और उत्तराखंड के अतिरिक्त अन्य राज्यों से श्रद्धालु बड़ी सँख्या में माता के दर्शन करने के लिए आते हैं l अध्यक्ष हरि सिंह ने बताया कि मेलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर कमेटी की ओर से गेट से लेकर मन्दिर परिसर तक कुल 31 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं साथ ही जिला पुलिस को लिखिति तौर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की तैनाती के लिए आवेदन किया है । उन्होंने बताया कि हमारे क़रीब 34 वालंटियर और सीसीटीवी कैमरों से मेले में जेबकतरे और चोरों पर विशेष नज़र रखी जाएगी। उंन्होने बताया कि मंदिर प्रबंधन कमेटी 1976 में गठित हुई थी, जिसके बाद से ही मन्दिर के विकास में तेज़ी आई है। उंन्होने बताया कि कमेयटी की ओर से इस बार मन्दिर परिसर में भगवान हरि विष्णु परिवार, भगवान राम परिवार और राधा कृष्ण का भव्य विशाल मंदिर बनाने की योजना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार पुल क्षतिग्रस्त होने के चलते वाहनों पर पाबंधी के कारण मन्दिर कमेटी को 20 लाख रुपये चढ़ावे का घाटा उठाना पड़ा था। इस बार पुल खुला होने पर मंदिर कमेटी को चढ़ावे में इज़ाफ़ा होने की उम्मीद है। वहीं मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुल जाते हैं। श्रद्धालु चार बजे के बाद आकर कभी भी खुले दर्शन कर सकते है। उन्होने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह लोग मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखें और मंदिर परिसर में साफ़ सफाई की व्यवस्था बनाए रखते हुए प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें । इस मौके पर प्रताप सिंह ,जगदीश सिंह, रघुनाथ सिंह, बिशन सिंह, ओम प्रकाश आदि कमेटी के सदस्य उपस्थित थे।
गगल पुलिस ने ड्रग तस्करी के आरोप में पुलिस स्टेशन के सामने एक वोल्वो बस में सवार युवक को पकड़ा है। युवक की पहचान मसूर उम्र 24 वर्ष निवासी बिद्रावन पालमपुर के रूप में हुई है। डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि ड्रग्स तस्करी के लिए तस्करों द्वारा वोल्वो बस का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। इसी कड़ी में गगल पुलिस स्टेशन के पास नियमित जांच के वोल्वो बस को रोका गया। बस में सवार युवक मसूर, जो कि अपनी चार साल की बेटी के साथ यात्रा कर रहा था, के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अमृतसर से मादक पदार्थ खरीदा था और उसे पालमपुर के बिंद्रावन में विभिन्न उपभोक्ताओं को बेचने वाला था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले की जांच शुरू कर दी है।
**मानसून में अब तक 186 करोड़ का हुआ नुकसान, 31 लोगों की हुई मौ*त हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई थी, मगर प्रदेश में अभी भी ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से भी कम रही है। मौसम विभाग शिमला द्वारा तीन दिनों तक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश में 23 जुलाई तक बारिश को लेकर संभावना जताई है। 18, 19 और 20 जुलाई को हिमाचल में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि प्रदेश के अधिकतर हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर कृषि और बागवानी पर पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर मानसून तबाही बन कर बरसा है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए प्रदेश में बारिश से बागानों, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान की आशंका जाहिर की है। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या, निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक 27 जून को मानसून की एंट्री से लेकर 17 जुलाई तक प्रदेश को बरसात से 186 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि बारिश से संबंधित घटनाओं में 31 लोगों की अब तक मौ*त हो गई है।
हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज करने के फैसले से जेबीटी नियुक्तियां लटक गई हैं। बीते दिनों 1161 नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित किए गए स्कूल बदलने को प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सरकार से मंजूरी मांगी है। पांच विद्यार्थियों की संख्या वाले करीब 700 स्कूल प्रदेश में मर्ज किए जाने हैं। कुछ जिलों में बैचवाइज आधार पर चुने शिक्षकों की सूची जारी हो चुकी है। इन सूचियों में ऐसे स्कूलों में भी जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी गई हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते मर्ज किया जाना है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने आगामी फैसला होने तक अन्य जिलों में बैचवाइज भर्तियों का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीते दिनों तैयार की गई नियुक्तियों की सूची को अब नए सिरे से बनाया जाएगा। देखा जा रहा है कि जिन स्कूलों में नियुक्तियां की गई हैं वहां कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में कितने शिक्षक पहले से नियुक्त हैं। इस जानकारी को जुटाने के बाद बैचवाइज आधार पर चुने गए शिक्षकों को आवंटित किए जाने वाले स्कूलों में फेरबदल किया जाएगा। ऐसे में जेबीटी की नियुक्तियां होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रहा है। इन स्कूलों में नए जेबीटी शिक्षक तैनात किए जाएंगे या फिर वरिष्ठ शिक्षकों को बदला जाता है इस पर फैसला किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने की फाइल सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस सहित कई प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे जिसके कारण जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है। ये ही नहीं लोगों के अब ऑनलाइन अपडेट होने वाले इंतकाल और लोन से संबंधित कार्य भी नहीं हो रहे है। वहीं, तहसीलदार और एसडीएम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप्स से भी पटवारी और कानूनगो एग्जिट हो गए है। इन सभी असुविधाओं के पीछे कारण है पटवारियों और कानूनगो की सरकार से नाराजगी दरसअल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं. इसी नाराज़गी के चलते हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देने की सुविधा बंद कर दी है। नाराज़गी सरकार से है और जनता को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने ये फैसला लिया हो। पिछले साल 18 नवंबर को भी ये अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया थ। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया है। बता दें कि ऑनलाइन सुविधा बंद किए जाने से महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए फॉर्म जमा नहीं कर पा रही है क्यूंकि इसके लिए हिमाचली प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इस सबसे जनता परेशान है मगर सरकार सुध नहीं ले रही। वहीँ हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी का कहना है कि स्टेट कैडर के फैसले को वापस नहीं लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश महासंघ की बैठक में आगामी रणनीति भी तैयार की जाएगी।
बाहरी राज्यों के पर्यटकों को पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में हुड़दंगबाजी करना महंगा साबित हुआ है। तेज रफ्तार वाहन के बाहर लटकर सफर करने पर पुलिस ने 4,500 रुपये का चालान थमाया है। दरअसल, बुधवार को हरियाणा नंबर का एक लग्जरी वाहन धर्मशाला से मैक्लोडगंज की तरफ जा रहा था। इस वाहन के सनरूफ पर दो युवक खड़े थे, जबकि तीन लोग वाहन के दाहिनी और बाईं तरफ लटके हुए थे। इस वाहन की रफ्तार भी अधिक थी। धर्मशाला से मैक्लोड़गंज सड़क मार्ग पर कई तीखे मोड़ हैं और सड़क के किनारे झाड़ियां भी हैं। वहीं सैन्य क्षेत्र में कंटीली तारें भी हैं। ऐसे में यहां कोई हादसा हो सकता था। mमैक्लोडगंज पहुंचते ही पुलिस ने इस वाहन को अपने कब्जे में लिया और वाहन का 4500 रुपये का चालान काटा। साथ ही भविष्य में इस तरह की हुड़दंगबाजी न करने बारे चेतावनी दी। हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय प्रदेश है, यहां पर हुड़दंगबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। पर्यटक जिस तेज रफ्तार वाहन से लटकर कर सफर कर रहे थे, उसका 4500 रुपये का चालान काटा गया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की गलत न करने की चेतावनी भी दी गई है।
**गत बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपए जारी करने का अनुरोध मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्रदेश की 39.20 किलोमीटर लम्बी रानीताल-कोटला और 41.50 किलोमीटर लम्बी घुमारवीं-जाहू-सरकाघाट सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों का निर्माण पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों के अनुसार किया जा चुका है और सैद्धांतिक रूप से इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें परिवहन का मुख्य साधन हैं और पिछले 8 वर्षों के दौरान राज्य के लिए कोई भी नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने राज्य आपदा-2023 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते विभिन्न राज्य मार्गों के उन्नयन के लिए 172.97 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों में कुल्लू-मनाली, मंडी-कमांद-कटोला-बजौरा सड़क और चैल-गोहर-पंडोह सड़क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून में प्राकृतिक आपदा के बाद केंद्रीय मंत्री द्वारा राज्य के दौरे के दौरान घोषणा की गई थी कि केंद्र राष्ट्रीय राजमार्गों से एक किलोमीटर के दायरे में क्षतिग्रस्त राज्य सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार धनराशि प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुचारू रखने में महत्वपूर्ण हैं और पिछले मानसून के दौरान कुल्लू-मनाली राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर वाहनों की आवाजाही में सहायक सिद्ध हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य का एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है जो 8 ज़िलों को प्रदेश की राजधानी और समीपवर्ती राज्यों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न मानकों के अनुसार राजमार्गों का निर्माण उचित नहीं है और अधिकारियों को राजमार्गों का दो लेन मानकों के बजाय चार लेन मानकों के अनुसार उन्नयन करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि उनके द्वारा 69 सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए थे, जिनमें से वर्ष 2018-19 में 58 राष्ट्रीय राजमार्ग की अलाइनमेंट रिपोर्ट को अनुमोदन के लिए मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन अलाइनमेंट रिपोर्टों के लिए अनुमोदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक मामले पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने ठेकेदारों को सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती, राज्य तथा केंद्र के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 1029 टीजीटी को स्कूलों में नियुक्ति दे दी है। विभाग के निदेशक की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। नवनियुक्त शिक्षकों को 10 दिन में स्कूलों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने नवनियुक्त शिक्षकों की डाईट में 15 दिन की इंडक्शन ट्रेनिंग को लेकर भी शैड्यूल जारी कर दिया है। इस दौरान टीजीटी आर्ट्स में 416, टीजीटी नॉन-मेडिकल में 300, टीजीटी मेडिकल में 170, स्पोर्ट्स कोटा में 48, वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन मेडिकल में 20 और वाइफ ऑफ एक्स-सर्विसमैन नॉन-मेडिकल में 19 और एक्स-सर्विसमैन कोटा में 56 को नियुक्ति दी गई है। शिक्षकों को ज्वाइन करने के बाद शैड्यूल के तहत एलोट किए गए डाईट सैंटर में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इस दौरान एक सैंटर को 2 से 3 जिले दिए गए हैं। ट्रेनिंग लेने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में छात्रों को पढ़ाएंगे। इस दौरान छात्र संख्या को देखकर शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी गई है। अधिकतर नवनियुक्त शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात किया गया है। बता दें कि इसके लिए बीते नवम्बर महीने में काऊंसलिंग की गई थी और अब जाकर इसका रिजल्ट घोषित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पटवारियों व कानूनगो का विरोध जारी रहा हैं। इससे लोगों को विशेषकर प्रमाण पत्र बनाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के उन सभी उपमंडल क्षेत्रों में पटवारियों ने संबंधित उपायुक्त व एसडीएम के माध्यम से सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। राजधानी शिमला में संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ जिला शिमला के बैनर तले पटवारियाें व कानूनगो ने जिला शिमला अध्यक्ष चमन ठाकुर की अध्यक्षता में पहले डीसी शिमला अनुपम कश्यप तथा बाद में एसडीएम ग्रामीण को ज्ञापन सौंपा। अपने ज्ञापन में पटवारियों व कानूनगो ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का विरोध किया है, जिसमें पटवारियों व कानूनगो के जिला काडर को स्टेट काडर बनाया गया है। महासंघ के जिला अध्यक्ष चमन ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय से कई तरह की परेशानियां खड़ी होंगी। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे तथा इसे वापस ले। राज्य सरकार द्वारा जिला काडर को स्टेट काडर बनाने के विरोध में उतरे पटवारी व कानूनगो बुधवार यानी 17 जुलाई कुल्लू में रणनीति बनाएंगे। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ की बैठक कुल्लू में होगी। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि भविष्य में किस तरह से विरोध किया जाए, जिससे सरकार पर दबाव डाला जा सके। इसके तहत पटवारी व कानूनगो पैन डाऊन स्ट्राइक भी कर सकते हैं।
**बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा बन रही हैं सिरदर्द हिमाचल में पथ परिवहन निगम की बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की सुविधा सिरदर्द बनती जा रही है। बीते तीन दिनों से यात्रियों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मजबूरी में यात्रियों को नकदी देकर ही यात्रा करनी पड़ रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेशभर में ही ई-टिकटिंग का सर्वर बंद हो गया है। निगम की ओर से ई-टिकटिंग मशीनें यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में परिचालकों को दी गई हैं, लेकिन तीन दिन से सर्वर न चल पाने से टिकट ही जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण यात्री गुगल-पे, फोन-पे या अन्य एप से पेमेंट की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। यदि कोई यात्री स्कैन कर पैसे अदा भी कर रहा है तो भी उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। स्कैन से भुगतान करने के बाद यात्रियों के पास पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन मशीन में भुगतान अपडेट नहीं हो रहा है। ऐसे में टिकट जनरेट नहीं हो पा रहा है। इससे परिचालक भी परेशान हो रहे हैं। निगम ने परिचालकों को कार्ड के अलावा ऑनलाइन भुगतान लेने से आगामी दिनों तक मना कर दिया है ताकि लड़ाई-झगड़े जैसी स्थिति न बने। बीते कुछ दिनों से पथ परिवहन निगम ने बसों में ऑनलाइन टिकट मशीन की सुविधा शुरू कर दी है। इससे यात्री ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर बसों में टिकट ले पा रहे थे। ऑनलाइन पेमेंट से यात्रियों को खुले रुपयों को लेकर भी परेशान नहीं होना पड़ रहा था। इन दिनों फिर से बसों में ऑनलाइन भुगतान जी-का-जंजाल बन गया है। ऑनलाइन भुगतान के बाद टिकट न मिलने पर यात्री परिचालकों से उलझ भी रहे हैं।ऑनलाइन टिकट जनरेट करने के लिए सर्वर में कुछ तकनीकी खराबी आई है। समस्या का निदान करने में टीम लगी हुई है। जल्द सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलने लगेगा।
** कृषि के लिहाज से यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं हिमाचल प्रदेश के कई भागों में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भी आज सुबह से धुंध छाई हुई है। वहीं ऊना में दोपहर करीब 12:00 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बुधवार सुबह भारी उमस के बीच जनजीवन प्रभावित रहा। लेकिन दोपहर होते ही बारिश शुरू हुई, जिससे करीब 15 दिन का सूखा खत्म हुआ। लोगों ने भी बाहर निकलकर कई दिन बाद हुई बारिश का आनंद लिया। वहीं कृषि के लिहाज से भी यह बारिश किसी वरदान के कम नहीं मानी जा रही। गैर सिंचित इलाकों में मक्की की बिजाई के बाद से बारिश नहीं हुई। बुधवार को बारिश होने से फसलों की वृद्धि में भी तेजी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 18 से 21 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार राज्य के कई भागों में 23 जुलाई तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल ट्रैफिक टूरिस्ट रेलवे पुलिस शिमला ने बरसात में पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार बरसात के चलते कुल्लू, मनाली, रोहतांग जाने वाली सड़कों में धुंध, जगह-जगह भूस्खलन से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के सदस्यों ने मंगलवार को देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उन्हें स्टेट केडर में शामिल करने का फैसला वापस न लिया तो वे आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। महासंघ के वरिष्ठ सलाहकार शशि राणा और बलविंदर सिंह ने बताया कि इस मौके पर सुनील कुमार, अशोक कुमार, अखिलेश भारती, अश्विनी कुमार, आशीष गर्ग, किरण देवी, अनिता कुमारी, सुषमा लता, पंकज दीपक, शिवानी, रजनी, ज्योति, अमिता कुमारी, शिवानी और रीना कुमारी आदि मौजूद रहे।
* पीड़ित ने बैंक मैनेजर को बताई आप बीती हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सेंट्रल आर्म फोर्स से रिटायर व्यक्ति के साथ 54 लाख रुपए की ठगी हुई है। पीड़ित के मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले शातिर ने खुद को मुंबई पुलिस विभाग का अधिकारी बताया और पीड़ित पर आरोप लगाया कि आपके मोबाइल से लोगों को अश्लील फोटो भेजा गया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा जिला कांगड़ा के एक सेंट्रल आर्म फोर्स से रिटायर एक व्यक्ति के फोन पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले शातिर ने बुजुर्ग से कहा कि आपके फोन से कई लोगों को अश्लील फोटो भेजे गए हैं। शातिर ने पीड़ित को डरा-धमकाकर 54 लाख रुपए ठग लिए। यह राशि पीड़ित ने अपने खाते से दो बार ट्रांजेक्शन कर शातिर के बताए गए बैंक खातों में डाली। वहीं, तीसरी ट्रांजेक्शन के लिए पीड़ित अपनी बैंक की एफडी सहित अन्य व्यवस्था में लगा था कि बैंक मैनेजर ने ऐसा करने से उसे रोक लिया और साइबर पुलिस थाना धर्मशाला में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित पैसों की व्यवस्था के लिए अपनी बैंक एफडी को इकट्ठा कर शातिरों को भेजने जा रहा था। इस दौरान बैंक मैनेजर को शक हुआ तो उसने पीड़ित से इतनी राशि को इकट्ठा करने और अज्ञात खाते में भेजने की वजह पूछी, जिस पर शिकायतकर्ता ने पूरी बात मैनेजर को बताई, इस पर मैनेजर ने राशि भेजने से मना कर दिया और ट्रांजेक्शन रोक दी। एएसपी साइबर पुलिस थाना नॉर्थ रेंज धर्मशाला प्रवीण धीमान ने कहा, "जिला कांगड़ा के निवासी पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी के नाम पर कॉल करके उससे 54 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।
**मॉनसून की बारिश अभी सामान्य से 28% कम **ज्यादातर इलाको में 4 दिन से नहीं बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में कल से दो दिन के लिए मानसून एक्टिव हो सकता है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान कुछ जगह पर हल्की बारिश हुई है। 8 से 15 जुलाई तक नॉर्मल से 84 प्रतिशत कम बादल बरसे है। इस अवधि में 58.9 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 9.4 मिलीमीटर बरसात हुई। शिमला, बिलासपुर, ऊना और लाहौल स्पीति जिले में इस दौरान सबसे कम बारिश हुई है। पूरे मानसून सीजन यानि 15 जुलाई तक नॉर्मल से 37 प्रतिशत कम बादल बरसे हैं। इस अवधि में 211.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 133.1 मिलीमीटर ही बादल बरसे हैं। इससे कई क्षेत्रों में बरसात में भी सूखे जैसे हालात पनपने लगे हैं। इसकी मार सेब के साथ साथ मक्का, शिमला मिर्च, टमाटर की फसल पर भी पड़ रही है। जिन क्षेत्रों में नमी नहीं है और सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहां सेब का साइज नहीं बढ़ पा रहा। किसानों की फसलों पर भी सूखे की मार पड़ रही है। बारिश नहीं होने से तापमान में उछाल आ रहा है। कई जगह अधिकतम तापमान नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है। हमीरपुर के तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.7 डिग्री का उछाल आया है। यहां का तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं ऊना का तापमान सर्वाधिक 37.4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। वहीं, बीते 24 घंटे के दौरान मंडी के सुंदरनगर में सबसे ज्यादा 36.8 मिलीमीटर, सिरमौर के राजगढ़ में 19 मिमी, मंडी में 16.6 मिमी, ददाहू में 15.2 मिमी, पंडोह 12 मिमी, नाहन 1.2 मिमी और सोलन में 4.4 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को अच्छी बारिश हो सकती है, 19 व 20 को मानसून फिर कमजोर पड़ेगा। 21 जुलाई को फिर से इसके दोबारा एक्टिव होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब विद्यार्थियों की हाजिरी अगले महीने से स्मार्ट उपस्थिति एप के जरिए लगाई जाएगी। इसके लिए स्कूली बच्चों का डाटा यू-डाइस पर अपडेट किया जा रहा है। प्रदेश में निजी स्कूलों समेत करीब 14 लाख बच्चों का डाटा इस पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें से 9 लाख बच्चों डाटा अपडेट हो चुका है। बाकी बच्चों का डाटा भी इसी माह के अंत तक अपलोड कर दिया जाएगा। सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की स्मार्ट उपस्थिति एप पर रियल टाइम उपस्थिति सुनिश्चित कर बैठक में राजेश शर्मा ने स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस प्रक्रिया पर फीडबैक को लेकर विद्या समीक्षा केंद्र के अधिकारियों के साथ भी एक बैठक ली। इस बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा संजीव सूद, अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीआर शर्मा सहित जिलों के उपनिदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा निदेशालय के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की रियल टाइम अटेंडेंस लेना जरूरी है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने स्मार्ट उपस्थिति मोबाइल एप को लॉन्च किया है। इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने राज्य, जिला स्तर पर डैश बोर्ड तैयार किए हैं, जिसमें स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति का डाटा राज्य, जिला स्तर पर ऑनलाइन अधिकारी देख सकते हैं। प्रदेश में शिक्षकों की ट्रांसफर और छात्रों की माइग्रेशन का डाटा भी यू-डाइस पर अपडेट होगा। इसके लिए एमआईएस को यू-डाइस से लिंक किया जा रहा है। इससे यू-डाइस और एमआईएस डाटा के अंतर को खत्म किया जा सकेगा। एमआईएस की एक्सेस शिक्षकों के पास रहेगी। इससे वे यह भी देख पाएंगे कि यू-डाइस पर उनके स्कूलों से संबंधित डाटा कितना सही है।बैठक में विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से बताया गया कि इन दिनों ग्रीष्म कालीन स्कूलों में छुट्टियां हैं। इस कारण पूरे प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति डैश बोर्ड पर ज्यादा नहीं दिख रही। इन दिनों शीतकालीन स्कूलों में ही शिक्षक इस एप का इस्तेमाल कर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन संबंधी डाटा अपडेट करने के निर्देश जिला उप निदेशकों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिए। केंद्र ने निपुण प्रगति चैट बॉट लॉन्च किए थे, जिनके जरिए बच्चों की लर्निंग लेवल का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि इसमें कोई तकनीकी दिक्कत आ रही है, तो विद्या समीक्षा केंद्र की ओर से इसका समाधान किया जाएगा।
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कई जिलों से आत्मह*त्या के मामले सामने आने लगे हैं। आए दिन कही न कही कोई महिला या पुरुष तनाव, घरेलू विवाद और डिपरेशन की वजह से सुसाइड कर रहे हैं। ताजा मामला कांगड़ा शहर का है। जहां कांगड़ा थाना क्षेत्र के तहत एक युवक (26 वर्ष) के आत्मह*त्या करने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी योगेश ठाकुर ने बताया कि जब परिजनों ने युवक का कमरा बंद देखा तो उन्होंने दरवाजा खटकाया। लेकिन युवक ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद गेट नहीं खोला। ऐसे में शक होने पर परिजनों ने घर के पीछे जाकर जब खिड़की से अंदर कमरे में झांका तो उन्होंने देखा की युवक अंदर संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है, जिसके बाद घर में चीख पुकार मच गई। किसी तरह युवक के पिता खिड़की के रास्ते युवक के कमरे में घुसे और आनन-फानन में उसे उठाकर स्थानीय अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने युवक की जांच करने के बाद उसे मृ*त घोषित कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक युवक विदेश में नौकरी कर रहा था और दो-तीन महीने पहले ही अपने घर आया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर श*व को पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा भेज दिया है। कांगड़ा पुलिस थाना के प्रभारी योगेश ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद श*व परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को युवक के कमरे से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को देखते हुए केस की इंवेस्टिगेशन कर रही है।
** 18 से 20 जुलाई तक विभिन्न उप रोज़गार कार्यालयों में होंगे साक्षात्कार क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी कांगड़ा आकाश राणा ने बताया कि ओरो टेक्सटाइल, बद्दी ने अपरेंटिस और ऑपरेटर 50 पद क्षेत्रीय रोज़गार कार्यालय धर्मशाला को अधिसूचित किए हैं। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास और आयु सीमा 18 से 24 वर्ष के बीच रखी गई है। इस साक्षात्कार के लिए महिला व पुरुष दोनों आवेदक पात्र हैं। इन पदों हेतु कंपनी द्वारा 9500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इच्छुक आवेदक अपने मूल प्रमाण पत्रों व पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ दिनांक 18 जुलाई को उप रोज़गार कार्यालय नूरपुर, 19 जुलाई को उप रोज़गार कार्यालय पालमपुर तथा 20 जुलाई को उप रोजगार कार्यालय देहरा में सुबह 10 बजे पहुंचकर उक्त कम्पनी के समक्ष साक्षात्कार हेतु उपस्थित हो सकते हैं । इस साक्षात्कार के सम्बन्ध में यात्रा भत्ता व अन्य देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8884701970 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय वेबसाइट पर साक्षात्कार का ब्यौरा अपलोड कर दिया गया है। सभी इच्छुक आवेदकों से अनुरोध है कि वह साक्षात्कार में भाग लेने से पहले https://eemis.hp.nic.in पर अपनी ई-मेल या मोबाइल नम्बर से लॉगिन करने के बाद अपने डैशबोर्ड पर दिख रही ओरो टेक्सटाइल की रिक्तियों के लिए आवेदन करें। विभागीय साईट https://eemis.hp.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन के पश्चात ही साक्षात्कार में भाग लिया जा सकता है।
** सूचना के अधिकार अधिनियम और इसके प्रावधानों के बारे किया जागरूक धर्मशाला: राज्य सूचना आयुक्त, एसएस गुलेरिया ने कहा कि सूचना का अधिकार सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये महत्वपूर्ण अधिनियम है। उन्होंने कहा कि सभी को सूचना के अधिकार अधिनियम की सम्पूर्ण जानकारी होना जरूरी है। सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जन सूचना अधिकारियों के आयोजित एक दिवसीय वर्कशाप का शुभारंभ करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना के अधिकार अधिनियम और इसके प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम में थर्ड पार्टी इन्फॉर्मेशन देने से पहले इस सूचना में जनहित तथा जिसकी व्यक्तिगत सूचना मांगी गई है, संबंधित व्यक्ति से कन्सेन्ट लेना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी विभागों को बजट और विभाग से सम्बंधित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, लाभार्थियों की जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने समय-समय पर विभाग की वेबसाइट्स को अपडेट करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि आयोग भी विभागीय वेबसाइट्स पर नजर रख रहा है। कार्यशाला में एडीसी सौरभ जस्सल, एडीएम डा हरीश गज्जू, एसीटूडीसी सुभाष गौतम तथा विभिन्न उपमंडलाधिकारियों सहित विभिन्न विभागों से जन सूचना अधिकारी उपस्थित रहे।
**बोले, दस वाटर कूलर होंगे स्थापित उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर नगर पंचायत के सौंदर्यीेकरण के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे, शाहपुर नगर पंचायत में विद्युत, पेयजल की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्य सचेतक ने नगर पंचायत शाहपुर के अंतर्गत 39 मील और हॉस्पिटल समीप स्वच्छ पानी की सुविधा के लिए 2 वाटर कूलर का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत शाहपुर में 10 वाटर कूलर 5.50 लाख रुपए की लागत से लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिले। उन्होंने कहा नगर पंचायत शाहपुर में 5 करोड रुपए सीवरेज पर खर्च किए जाएंगे, जिससे नगर पंचायत में स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा शाहपुर के अस्पताल के लिए 2 करोड रुपए अतिरिक्त भवन के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने अपने संबोधन के दौरान कहा की शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का चैमुखी विकास करना उनका प्रमुख कर्तव्य है। इससे पहले नगर पंचायत अध्यक्ष उषा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए शाहपुर नगर पंचायत में विकासात्मक कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधान कुलदीप चंबयाल, सिटी कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम चंबयाल, विनय कुमार सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष एवं सलाहकार उप मुख सचेतक, डॉक्टर कांत, राजीव, कुलदीप सिंह, विजय, देसू नाग , मस्त राम,केहर सिंह, धीरज, सतीश, राकेश, विनीत, अनु, पमी, अजय, चमन लाल, ओम प्रकाश, सुबोध, अश्विनी और लोग मौजूद रहे ।
मतियाना खंड की 14 वर्ष से कम आयु के छात्र एवं छात्राओं की महोरी में आयोजित खेल कूद प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग ने अंडर- 14 छात्र एवं छात्राओं की खेल कूद प्रतियोगिता में वर्ष 2024- 25 में वॉलीबॉल, बैडमिंटन, जुडो व चैस में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा योगा में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसमें जूडो वर्ग में उर्वशी ने 36 किलोग्राम भार में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। पूर्वांशी ने 44 किलो भार में भी गोल्ड मेडल प्राप्त किया । सुनिधि कवंर ने 50 किलोग्राम भार में पहला स्थान प्राप्त किया। यशिका ने 36 किलोग्राम भार में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद छात्र वर्ग में बैडमिंटन, चैस व जूडो में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जूडो में हर्षित, अक्षद व विनय ने ब्राउन मेडल प्राप्त किया। नीतीश ने 44 किलोग्राम भार में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कथोग को बेस्ट आल ऑलराउंडर की ट्रॉफी से नवाजा गया। जिसके लिए प्रधानाचार्य महोदय डॉक्टर संदीप चौहान, शारीरिक शिक्षक कंवर सिंह, सभी स्टाफ एवं सभी खिलाड़ी छात्र और छात्राओं को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो संघ तहसील ईकाई खुंडिया द्वारा तहसीलदार खुंडिया को एक ज्ञापननुमा पत्र सौंपा है । आपको बता दें कि हिमाचल सरकार द्वारा जुलाई 12,2024 को केबिनेट बैठक में पटवारी एवं कानूनगो को जिला कैडर से राज्य कैडर करने का फैसला लिया है, जिसका पटवारी एवं कानूनगों महासंघ ने पुरजोर विरोध किया है। वहीं जिस बारे महासंघ द्वारा 13 व 15 जुलाई को वर्चुअल माध्यम से मीटिंग से सभी ऑनलाइन कार्य (केवल आपदा सम्बन्धी कार्य को छोड़कर) को तुरन्त प्रभाव से बन्द करने का निर्णय लिया गया है। इस सन्दर्भ में पटवारी एवं कानूनगो संघ ईकाई खुण्डियाँ द्वारा महासंघ के फैसले का समर्थन किया है।
कांगड़ा: राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में पी.जी. कोर्सेज के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि ढलियारा कॉलेज में एम.बी.ए. व पी.जी.डी.सी.ए की सीटें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर भरी जाएंगी और अन्य कोर्सेज जैसे एम.ए हिंदी, एम.ए. इंग्लिश, एम.एस.सी फीजिक्स, एम.एस.सी केमिस्ट्री, एम.काम सहित कोर्सेज के लिए 25 तक कॉलेज वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं। पहली लिस्ट के अनुसार 26 से 28 तक काउन्सलिंग कर सकते हैं। उक्त जानकारी देते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ अंजू आर चौहान ने बताया कि छात्र जल्द से जल्द कॉलेज वेबसाइट पर जाकर इन कोर्सेज के लिए अप्लाई करें और बेहतरीन शिक्षा और सम्पूर्ण विकास के लिए ढलियारा कॉलेज के परिवार के साथ जुड़े।
**टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये पेटी बिका हिमाचल प्रदेश में आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 15 जुलाई से शुरू हो गया। हर वर्ष इस समय तक फल मंडियों में बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक मंडी में बेहतर गुणवत्ता वाली पैदावार नहीं पहुंची है। भट्ठाकुफर फल मंडी में टाइडमैन, रेड जून और पराला फल मंडी में गाला सेब की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। आढ़तियों के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब सीजन देरी से शुरू हो रहा है, क्योंकि सूखे की वजह से अधिकतर पैदावार प्रभावित हो गई है। इसकी वजह से फसल का आकार और रंग भी सही नहीं बन पाया है। अभी जो सेब आ रहा है उसे बागवान पूरी तरह तैयार होने से पहले ही तोड़कर मंडी में ला रहे हैं, जिसके चलते बागवानों को शुरुआत में ही फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को भट्ठाकुफर फल मंडी में 2,986 सेब की पेटियां पहुंची, वहीं रविवार को 1,500 से 1,800 के बीच सेब की पेटियां मंडी में पहुंची। इस दौरान टाइडमैन सेब 800 से 1,400 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिका। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि गत हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते मंडी में सेब की आवक में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गुणवत्ता अच्छी नहीं आई है। आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल रहता है तो आवक बढ़ने के साथ बागवानों को बेहतर दाम मिलेंगे। पराला फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान सुशील ठाकुर ने बताया कि गत वर्ष 15 जुलाई से पहले सेब की स्पर किस्म मंडी में पहुंचनी शुरू हो गई थी, वहीं गाला सेब और टाइडमैन सेब भी अच्छी गुणवत्ता का आ रहा था, लेकिन इस वर्ष तो टाइडमैन ही मंडी में पहुंचा है जिसका आकार छोटा और रंग भी फीका है।
**प्रदेश के कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कमजोर पड़ गया है। मौजूदा मॉनसून सीजन में नॉर्मल से 35 प्रतिशत और बीते एक सप्ताह के दौरान 78 प्रतिशत कम बादल बरसे है। कई क्षेत्रों में मानसून सीजन में भी सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। आज और कल भी कुछेक क्षेत्रों में ही हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 14 जुलाई के बीच लाहौल स्पीति जिला में पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी। बिलासपुर जिला में भी नॉर्मल से 80 प्रतिशत कम, चंबा में 81 प्रतिशत, हमीरपुर में 69 प्रतिशत, कांगड़ा में 79 प्रतिशत, किन्नौर में 35 प्रतिशत, कुल्लू में 72 प्रतिशत, मंडी में 58 प्रतिशत, सिरमौर में 71 प्रतिशत, सोलन में 70 प्रतिशत और ऊना जिला में भी 97 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में प्रदेश में मात्र 12.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि नॉर्मल बारिश 58.5 मिलीमीटर होती है। मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश औसत 203 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 131.9 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 जुलाई को मानसून थोड़ा एक्टिव हो सकता है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश नहीं होने के बाद तापमान में उछाल आया है। कई शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है।
**प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार से अब नहीं मिल रहा है फंड कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार से अब फंड नहीं मिल रहा है। इस कारण कृषि विवि में प्राकृतिक खेती पर होने वाले शोध कार्य धीमे पड़ गए हैं। हालांकि कृषि विभाग की ओर से आतमा प्रोजेक्ट के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती की जानकारी दी जा रही है, लेकिन कृषि विवि के विशेषज्ञों के शोध कार्यों से मिलने वाला फायदा अब किसानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। कृषि विवि पालमपुर में करीब 2018 से प्राकृतिक खेती पर कार्य शुरू हुआ था। इस कार्य पर पूर्व भाजपा सरकार की ओर से तीन करोड़ और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से 20 करोड़ रुपये कृषि विवि पालमपुर को दिया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार के कृषि सचिव और निदेशक ने कृषि विवि का दौरा कर प्राकृतिक खेती पर चल रहे शोध कार्यों की रिपोर्ट मांगी थी। लिहाजा बताया जा रहा है कि इसकी रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं दिखे थे। जिसे देखकर अब प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींच लिए हैं। अब कृषि विवि पालमपुर में प्राकृतिक खेती के चल रहे प्रोजेक्ट को मिलने वाला फंड फिलहाल सरकार ने बंद कर दिया है। हालांकि, विवि की ओर से इस शोध कार्य को छह से एक साल का समय लगने की बात कही जा रही है, लेकिन विवि की ओर से जो तकनीक किसानों को जल्द मिलनी चाहिए थी वह अभी तक नहीं मिल पा रही है। अब सरकार की ओर से फंड न मिलने पर इस प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जो दिशा इस कार्य को मिलनी चाहिए थी, वह अभी पिछले सालों में नहीं मिल पाई है। कुछ समय पहले आईसीआईआर और प्रदेश सरकार से 25 करोड़ रुपये का फंड प्राकृतिक खेती को लेकर मिला था। इससे इस कार्य को शुरू कर दिया गया था। इसके तहत प्रदेश में 9.62 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाना था, लेकिन अभी तक इसकी तकनीक किसानों के खेतों में नहीं पहुंच पाई है। इस पर अभी तक शोध कार्य ही पूरे नहीं हुए हैं, जो एक चिंता की बात है। अब तक सरकार ने इसको मिलने वाला फंड भी बंद कर दिया है। कृषि विवि पालमपुर में प्राकृतिक खेती में शोध कार्य चल रहे हैं, लेकिन अभी तक जो काम तकनीक पर जल्दी होने चाहिए थे वह अभी नहीं हो पा रहे हैं। इसका आर्थिक कमी भी कारण माना जा रहा है, लेकिन विवि इस प्रोजेक्ट पर काम रहा है। फंड की कमी के कारण जो कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश की 5,000 करोड़ की सेब आर्थिकी को ओलों से बचाने के लिए आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन को डॉप्लर रडार से जोड़ा जाएगा। रडार की मदद से ओलों वाले बादलों की स्टीक जानकारी मिलेगी और हेलगन का प्रभाव बढ़ेगा। शिमला जिले के मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन के तीन साल का ट्रायल पूरा होने के बाद आईआईटी मुंबई के इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया है। डीआरडीओ की पुणे लैब के वैज्ञानिक इसमें तकनीकी सहयोग देंगे। हेलगन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की भी संभावना तलाशी जाएगी। विदेशों से आयातित एंटी हेलगन की कीमत करीब डेढ़ करोड़ है जबकि आईआईटी मुंबई की ओर से विकसित स्वदेशी एंटी हेलगन की कीमत महज 31 लाख है। विदेशी हेलगन चलाने के लिए एसिटिलीन गैस इस्तेमाल होती है। यह बहुत मंहगी है और आसानी से नहीं मिलती। स्वदेशी हेलगन एलपीजी से चलती है। इसलिए इसके संचालन का खर्चा कम है। रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एचईएमआरएल पुणे के निदेशक डाॅ. एपी दास ने बताया कि स्वदेशी एंटी हेलगन से पर्यावरण को नुकसान की संभावना नहीं है। हेलगन से नियंत्रित तरीके से तरंगें वायुमंडल में जाती हैं। जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। उनकी टीम ने परीक्षण के दौरान आंकड़ों का अध्ययन किया है, रिपोर्ट आईआईटी मुंबई को जल्द सौंपी जाएगी। डाॅप्लर वेदर रडार स्थापित कर सटीक आंकड़ों से इसका प्रभाव बढ़ाया जा सकता है। सरकार ओलों से बचाव करने वाली जाली पर 80 फीसदी अनुदान दे रही है। इसके स्थान पर स्वदेशी एंटी हेलगन स्थापित करने पर अनुदान दिया जाना चाहिए। इससे छोट-बड़े सभी बागवान लाभान्वित होंगे। बागवानों को बगीचों में नेट चढ़ाने-उतारने का खर्चा भी बचेगा मंढोल में स्थापित स्वदेशी एंटी हेलगन का प्रयोग सफल रहा है। सेब उत्पादक क्षेत्रों में एंटी हेलगन का ग्रिड नेटवर्क स्थापित कर सेब की फसल ओलों से बचाई जा सकती है। प्रदेश सरकार को भी इसका प्रस्ताव सौंपा जाएगा। डीआरडीओ की एचईएमआरएल लैब के साथ मिलकर डाॅप्लर रडार स्थापित कर इसका प्रभाव बढ़ाने की भी योजना है।
उप मुख्य सचेतक ने पौधारोपण अभियान का भी किया शुभारंभ शाहपुर के धारकंडी क्षेत्र के सभी पंचायतों को सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि धारकंडी क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो सके। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के भलेड से दुल्ली सड़क भूस्खलन आपदा शमन कार्य के भूमि पूजन करने के उपरांत व्यक्त किए। इसके साथ ही भलेड़ में पौधा रोप कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा हमारी सरकार प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निरंतर विकासात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा चंगर और पिछड़े क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा भलेड से दुल्ली सड़क आपदा के कारण कई वर्षों से दयनीय स्थिति में थी भूस्खलन आपदा शमन कार्य के होने से यहां के हजारों लोगों को इससे सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा इस कार्य के लिए लगभग 8.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 2.40 करोड़ रुपये का कार्य शुरू हो गया है।उन्होंने कहा इस क्षेत्र में बिजली की समस्या को दुरुस्त करने के लिए नए पावर प्रोजेक्ट और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी से निरंतर पेड़ लगाने की अपील की।उन्होंने कहा भविष्य की पीढ़ी के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना है तो पेड़ों को बचाना होगा। उन्होंने कहा सरकार पेड़ लगाने की अनेकों योजनाएं चला रही है परंतु यह कार्य जनसहयोग के बिना सम्भव नहीं है अतः सभी इस कार्य में सहयोगी बने। उन्होंने जायका के सहयोग से ट्रेनिंग कर चुके रोशनी स्वयं सहायता समूह को 7 सिलाई मशीनें वितरित कीं। इन मशीनों की सहायता से गांव की महिलाओं को आजीविका कमाने में मदद मिलेगी। उन्होंने जायका और फॉरेस्ट विभाग के कार्य की प्रशंसा की जो मिलकर 20 पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों की शिकायतों को भी सुना और अधिकतर शिकायतों का मौके पर निदान किया। उन्होंने खोली स्थित पावर प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित डीएफओ दिनेश शर्मा, डीपीओ नरेंद्र सिंह, एक्सन पीडब्ल्यूडी अंकज सूद, डीएम फॉरेस्ट नरेश शर्मा, एक्सन आईपीएच अमित डोगरा, विनय कुमार सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस अध्यक्ष एवं सलाहकार उप मुख सचेतक, एक्सन इलेक्ट्रिसिटी अमित शर्मा, एसडीओ आईपीएच रजाक मोहम्मद, पूर्व प्रधान निर्मल सिंह, धारकंडी कॉंग्रेस कमेटी अध्यक्ष शशि पाल शर्मा, पूर्व प्रधान पवन कुमार, जिला परिषद सदस्य रितिका शर्मा, पूर्व बीडीसी अक्षय कुमार, पूर्व प्रधान कनोल निर्मल सिंह, किशन लाल शर्मा, नवनीत शर्मा, सुशील शर्मा और लोग मौजूद रहे।
** कहा, जनता ने सरकार की नीतियों में जताया विश्वास उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कांगड़ा जिला के देहरा में जनबल की जीत हुई जबकि धनबल हार गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीन उप चुनावों में से दो कांग्रेस प्रत्याशियों के जीतने पर कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायक कमलेश ठाकुर एवं नालागढ़ के नव निर्वाचित बाबा हरदीप सिंह सहित देहरा ओर नालागढ़ की जनता को दी बधाई। पठानिया में कहा 2022 के विधानसभा के चुनावों में जिला कांगड़ा की जनता ने काँग्रेस को भरपूर समर्थन दे कर 10 सीटो पर काँग्रेस प्रत्याशी जीताकर भेजे थे। इसी बीच मे कांगड़ा से दो विधायकों के इस्तीफे के कारण काँग्रेस विधायकों की संख्या 9 रह गई थी। देहरा उपचुनाव में काँग्रेस प्रत्याशी के जीतने से काँग्रेस विधायको की संख्या दस हो गई है। उप चुनाव होने पर जिला कांगड़ा के जनता ने फिर से काँग्रेस पर विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह की कुशल नेतृत्व एवं कुशल कार्य प्रणाली को देखते हुए फिर से कांग्रेस की दस सीटे काँग्रेस की झोली में दी है।काँग्रेस पार्टी पर हमेशा से कांगड़ा जिला की जनता ने विश्वास जताया है।
**उपमुख्यमंत्री ने ज्वालाजी मंदिर में नवाया शीश राज्य के शक्तिपीठ हर वर्ष लाखों श्रद्वालुओं को आकर्षित करते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों को ई-कनेक्ट करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है, जिससे भक्तों को घर बैठे ही दर्शन की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को ज्वालामुखी मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत दी। इस दौरान उनकी बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री भी साथ मौजूद रहीं उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के मंदिरों, शक्तिपीठों में हवन, भंडारा और जागरण समारोहों के लिए आनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना आरंभ की है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से श्रद्वालु मंदिर के पुजारियों से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों के अनुभवों को और सुखद बनाने के लिए सरकार प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी कार्य कर रही है। श्रद्वालुओं को मंदिरों में विश्राम के लिए भी बेहतर सुविधाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीर्थ स्थान पर्यटन का केंद्र बिंदु है तथा इसी दृष्टि से मंदिरों को विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि तीर्थाटन के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि ज्वालाजी मंदिर हिमाचल का एक प्रमुख शक्तिपीठ है तथा इसे सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्वालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कला तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए भी सरकार कारगर कदम उठा रही है इस बाबत हिमाचल की विभिन्न कलाओं को देश भर में पहचान दिलाने के लिए सार्थक पहल की है।


















































