हिमाचल प्रदेश में कई दिनों की भारी बारिश के कारण जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश में जगह-जगह अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और 87 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। हिमाचल पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। वहीं, अगले तीन दिन मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है और मौसम विभाग ने सात और आठ अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड में केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में फंसे लोगों को मौसम साफ होने के बाद सुरक्षित निकालने के काम में तेजी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। इसके चलते दारचा और सरचू पुलिस चेक पोस्ट पर अगले आदेश तक यातायात रोक दिया गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजमार्ग से मलबा हटाने में जुटा है। मौसम विभाग ने पूर प्रदेश, विशेषतौर पर कांगड़ा, हमीरपुर और चांबा जिलों में भारी बारिश के चेतावनी दी है और खराब मौसम को लेकर दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य भागों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद अलग-अलग स्थानों पर फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू पांचवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को 1,401 लोगों का रेस्क्यू किया गया। एमआई-17, चिनूक सहित अन्य हेलिकॉप्टर से 645, पैदल मार्ग से 584, भीमबली-लिनचोली-चौमासी मार्ग से 172 यात्री व स्थानीय लोगों को निकाला गया। पांच दिन में 11,775 यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जंबल में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-25 के लिए सोमवार को स्कूल के प्रधानाचार्य परमजीत सिंह की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से किया गया। जिसमें सुभाष चंद् को दूसरी बार एस एमसी कमेटी का सर्व सहमती से प्रधान नियुक्त किया गया। अर्चना कौशल, मोनिका चौधरी, सुषमा देवी, सरवजीत कौर ,मीरां ,किशोरी लाल, शशि पाल, संदीप पाल, तरसेम कुमारी व अमिता को कमेटी का सदस्य चुना गया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जसवां-परागपुर विस क्षेत्र के विधायक व पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा है कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में उनके चहेतों व सगे-संबधियों के कारण प्रदेश अब ‘अवैध खनन’ के खेल का बड़ा ‘स्टेडियम’ बन चुका है। इससे प्रदेश के कई भागों में पर्यावरण असंतुलन का खतरा पैदा हो गया है, लेकिन सरकारी संरक्षण में पल-बढ़ रहे खनन माफिया पर हाथ डालने की बजाय अधिकारी मूकदर्शक बने नजर आ रहे हैं। जसवां में पत्रकारों से बातचीत में सोमवार को बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पूरी सरकार प्रदेश में खनिज संपदा को लूटने में लगी हुई है , ऐसे में सरकार की मंशा, नीयत और कथनी पर अब सवाल उठने लाजिमी हैं । मुख्यमंत्री में जरा भी नैतिकता है तो वे बताएं कि अपने संबधियों और बद्दी में सीपीएस द्वारा खड्डाें व नालों का जो सीना छलनी किया जा रहा है या अब तक किया गया है, उस पर कार्रवाई के साथ अपना पक्ष स्पष्ट करें। सीएम सुक्खू के सगे सम्बंधी जब खनन मामलों में सलिंप्त हैं तो वे दूसरे लोगों पर कैसे कार्यवाही करेंगें । बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार के संरक्षण में चहेतों का बाल बांका नहीं हो रहा है तो यह भी तय है कि इसकी आड़ में कई और लोग भी अवैध माइनिंग से जुड़कर लाखों रुपये के बारे-न्यारे हर दिन कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा की इस तरह से हो रही लूट पूर्व में किसी सरकार के कार्यकाल में नहीं थी, लेकिन सुक्खू सरकार ने अपने मित्राें को नियम-कानून की धज्जियां उड़ाने की अघोषित अनुमति दे रखी है । सुक्खू सरकार की कथनी व करनी में दिन-रात का अंतर है। बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा अब इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है । कांग्रेस सरकार के विरूद्ध तथ्यों सहित खनन माफिया का भंडाफोड़ किया जाएगा और इस मामले को विधानसभा पटल में भी उठाया जाएगा। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद अनुराग ठाकुर मुद्दों के साथ बात करते हैं और उनकी जिस टिप्पणी से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन के कुछ नेता असहज हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अनुराग ने सच काे सच कहा है और किसी को आपत्ति है तो वह इधर-उधर की बातों की बजाय मुद्दे पर आकर खुद को स्पष्ट करे। केवल पुतले जलाने से इस संवेदनशील मामले से नहीं बचा जा सकता । अनुराग द्वारा जिस ढंग और प्रखरता से सवाल उठाया गया, उसका जबाव देने में विपक्ष पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आया। देश में जाति जनगणना की बात करने वाले राहुल गांधी को अपनी जाति और धर्म बताने में आपत्ति क्यों है ।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार को एतिहासिक एवं प्राचीन स्वयं भू -शिवलिंग के दर्शनार्थ सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया| बम-बम भोले नाथ जी के जयकारे लगाते भक्तजन जलाभिषेक करते हुए बेलपत्री, भांग, धतूरा इत्यादि शंकर भगवान जी को अर्पित करते हुए नतमस्तक हुए|आज हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने अपनी मन्नते मांगी| सावन मास में भोलेनाथ की पूजा करने का विशेष महत्व होता है| इस दौरान संपूर्ण भक्ति का भरपूर फल मिलता है प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ के प्रधान ओम प्रकाश कटोच,प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा,ने जानकारी देते हुए कहा कि सभा द्वारा अयोजित सावन मास महोत्सव की कड़ी में 6जुलाई से 14जुलाई तक जोगिंदर शास्त्री महाराज अरणीय जम्मू वाले जी द्वारा संगीतमय शिवपुराण कथा का आयोजन बाद दोपहर 2बजे से 4बजे तक किया जायेगा|
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल को पुलिस द्वारा थाना डमटाल के अधीन छन्नी में गुप्त सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई थी, जिसमें रूबी पत्नी अजय कुमार निवासी छन्नी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा के रिहायशी मकान से तलाशी के दौरान 26.18 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था , जिस पर उपरोक्त आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर अभियोग की धारा 21 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया था | उपरोक्त अभियोग की जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी रूबी पत्नी अजय कुमार को एनडीपीएस एक्ट के अधीन दर्ज कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था, तथा उसके कब्जे से कई बार हीरोइन बरामद हुई थी, लेकिन कई बार गिरफ्तार होने के बावजूद भी उसने नशे का अवैध व्यापार जारी रखा तथा नशे के व्यापार का आतंक अपराधी बन चुकी थी | जिस पर 8 मई 2024 को पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रतन के द्वारा एक प्रस्ताव होम सेक्रेटरी हिमाचल प्रदेश को भेजा गया था , जिस पर कार्रवाई करते हुए रूबी पत्नी अजय कुमार के खिलाफ डिटेक्शन ऑर्डर जारी किया है , जानकारी के लिए बता दे कि हिमाचल प्रदेश राज्य का तीसरा मामला है जिसमें डिटेक्शन अथॉरिटी के द्वारा किसी व्यक्ति के विरुद्ध निरुद्ध रखने के आदेश जारी किए हैं , किसी महिला को निरूद्ध रखने के मामले में या पहला मामला है, यहां पर यह भी वर्णित किया जाता है कि इससे पहले के दोनों मामले भी पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रतन द्वारा ही भेजे गए थे, जिस पर डिटेक्शन अथॉरिटी के द्वारा आरोपियों को निरुद्ध रखने के आदेश जारी किए गए थे|
विकासार्थ विद्यार्थी जिला नूरपुर द्वारा ,इंदौरा में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत भपू उप प्रधान अभिमन्यु कंवर जी विशिष्ट अतिथि सुनील दत्त और पंचायत प्रधान जुगाल किशोर रहे | विकासार्थ विद्यार्थी हर वर्ष पौधारोपण अभियान का आयोजन करती है इस बार जिला नूरपुर के इंदौरा स्थित घण्डरा में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। जिसमें इंदौर महाविद्यालय के छात्राओं और क्षत्रिय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने और स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। पौधारोपण अभियान में कई प्रकार के पौधे रोपे गए। पंचायत उप प्रधान अभिमन्यु कंवर ने कहा कि वर्तमान समय, प्रकृति के साथ हो रहे दोहन को बचाने का समय है। पिछले कई सालों से हम देखते हैं कि बरसात के मौसम में हिमाचल प्रदेश में किस तरह से तबाही मचा रही है, इसके पीछे का कारण मनुष्य खुद है जो प्रकृति का दोहन शोषण कर रहा है अंधाधुन पेड़ काटे जा रहे हैं लेकिन विद्यार्थी परिषद विकासार्थ विद्यार्थी के माध्यम द्वारा हर साल प्रकृति को बचाने के लिए इस तरह के अभियान निरंतर करती रहती है जो कि अपने आप में सराहनीय कदम है। सुनील दत्त जी ने कहा आम जनमानस को भी इस तरह की संस्थाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक को बचाने का संकल्प लेना चाहिए।
शिमला: प्रदेश में फिलहाल मानसून सामान्य चल रहा है आने वाले 7 और 8 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के तीन जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी में कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं बीते 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सामान्य रहा है| बीते 24 घंटे के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश रिकार्ड की गई है | इस दौरान बारिश का प्रभाव प्रदेश के उत्तर क्षेत्र में अधिक देखने को मिला है. खास तौर पर लाहौल स्पीति, किन्नौर और कल्लू ज़िला के ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक बारिश दर्ज की गई है| उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी प्रदेश कि ज्यादातर हिस्सों में सामान्य बारिश होने का अनुमान है. मगर 7 और 8 अगस्त की रात प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है| इस दौरान जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है|
पालमपुर की बेटी डॉक्टर श्वेता सूद को पशु चिकित्सा में उनके अतुल्य योगदान के लिए इंडिया इंटरनैशनल पोल्ट्री एक्सपो 2024 में" बेस्ट इन्फ्लुएन्सियल फीमेल वेटेरिनारियन अवार्ड 2024" से सम्मानित किया गया। गत रात्री पुणे में आयोजित इंडिया इंटरनैशनल पोल्ट्री एक्सपो 2024 के समापन समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार पशु विज्ञानं में अनुसन्धान के माध्यम से पशुओं में बेहतर पौषण , पशु फीड की गुणबत्ता और पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़े बिभिन्न मुद्दों पर अनुसन्धान के लिए दिया गया। डॉक्टर श्वेता सूद मुलत काँगड़ा जिला के पालमपुर से सम्बन्ध रखती हैं और पालमपुर में उनकी आरम्भिक शिक्षा के बाद उन्होंने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के वेटेरिनरी और एनीमल साइंस कॉलेज से 2007 में मास्टर्स डिग्री ग्रहण की। उन्होंने इण्डियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट कोलकत्ता से सीनियर मैनेजमेंट प्रोग्राम की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपना कैरियर राज्य सरकार में पशु चिकित्स्क के रूप में शुरू किया तथा बाद में बेहतर कैरियर की तलाश में उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर ज्वाइन किया। वह इस समय एनीमल हेल्थ केयर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित कंपनी ज़मीरा के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं। उसका परिवार मुलतपालमपुर में रहता है और बह अपने पति और बेटे के साथ पुणे में रहती हैं तथा यहीं उनका कार्य क्षेत्र भी है।
शिमला: सुन्नी के डैम क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार सुबह एक शव बरामद किया गया है। सुबह सात बजे स्थानीय लोगों को डैम के एक किनारे पर एक शव दिखाई था। इसकी सूचना सर्च ऑपरेशन में लगी टीम को दी गई। इसके बाद टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला। शव एक महिला का है, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के करीब है। महिला की एक टांग शरीर के हिस्से के साथ नहीं थी। इसके साथ ही सिर का ऊपरी हिस्सा भी नहीं है। चेहरे पर काफी चोटें लगी हैं। महिला के कानों में टॉप्स है। रेस्क्यू टीम ने शव को सीएचसी सुन्नी में पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि एक शव सुन्नी में चल रहे सर्च अभियान में बरामद हुआ है। अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया से यह शव हाल ही का लगता है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। शव की पहचान का काम तीव्र गति से चला हुआ है। इसके साथ ही कुल्लू प्रशासन को भी शव की पहचान के लिए सूचित कर दिया गया है। गौरतलब है कि रामपुर में 31 जुलाई को बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बता दें कि समेज गांव में बादल फटने की घटना के बाद कुछ लोगों सतलुज नदी में बहने की संभावना है। ऐसे में इनकी तलाश के लिए समेज से करीब 120 किलोमीटर दूर सुन्नी-तत्तापानी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, क्योंकि बादल फटने और बाढ़ आने से जैसी घटना होने पर 90 फीसदी शव कोल डैम साइट में शिमला-मंडी जिले की सीमा पर स्थित दोगरी गांव के आसपास ही मिलते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुरुवार दोपहर से पुलिस और प्रशासन की टीमें यहां सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 15 अगस्त को देहरा में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उनके अलावा जिलास्तरीय कार्यक्रमों में भी मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सोलन, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शिमला, कर्नल धनीराम शांडिल हमीरपुर, चंद्र कुमार ऊना, हर्षवर्धन चौहान लाहौल स्पीति के केलांग, जगत सिंह नेगी किन्नौर के रिकांगपिओ, रोहित ठाकुर चंबा, अनिरुद्ध सिंह नाहन, विक्रमादित्य सिंह कुल्लू, राजेश धर्माणी मंडी और यादविंद्र गोमा बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि 15 अगस्त को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करवा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा।
उपमंडल ज्वालामुखी के तहत पुलिस थाना खुंडियां के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिहडी गलोटी में एक 32 वर्षीय युवक की पहाड़ी से गिरकर मौत होने का मामला सामने आया है। गांव पंचायत पिहडी गलोटी के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि उक्त व्यक्ति घास काटने के लिए गया था और वहां पहाड़ी से पैर फिसल गया और नीचे गहरी खाई में जा गिरा। प्रधान विक्रम सिंह का कहना है कि उक्त व्यक्ति की शादी अभी सात-आठ माह पहले ही हुई थी। मृतक अपने पीछे माता पिता व पत्नी को छोड़ गया। पुलिस थाना खुंडियां प्रभारी रणजीत सिंह परमार ने बताया कि देर रात फोन के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति दुर्ग खड्ड के पास पहाड़ी से नीचे गिर गया है और उसका कुछ भी अता-पता नहीं लग रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर पूरी रात सर्च आपरेशन किया तो पाया कि उक्त व्यक्ति पहाड़ी से लगभग 400 फीट नीचे मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। थाना प्रभारी रणजीत सिंह परमार ने बताया कि उक्त मृतक व्यक्ति की पहचान सुमित कुमार पुत्र विक्रम सिंह डाकघर घरना तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों के बयान कलमबद्ध किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल देहरा भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। पुलिस धारा 194 के मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई जारी रखी है।
जवाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत ढोल के दुराना गांव के शुभम धीमान 26 साल की उम्र में शहीद हो गए हैं। शुभम धीमान पुत्र स्वर्गीय रूमाल सिंह जो कि 14 डोगरा रेजीमेंट में थे व वर्तमान में लेह में अपनी सेवाएं दे रहे थे वह शुक्रवार शाम को लेह में अपनी ड्यूटी करते हुए गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण शहीद हो गए। शुभम धीमान अभी अविवाहित थे। वह अपने पीछे माता संतोष देवी उम्र 53 साल और बड़ा भाई पंकज कुमार को छोड़ गए हैं। शुभम धीमान का बड़ा भाई पंकज धीमान लखनऊ में प्राईवेट नौकरी करता है। शुभम धीमान के पिता भी आर्मी से रिटार्यड हुए थे व डेढ़ साल पहले ही उनका देहांत हुआ है। इस परिवार के ज्यादातर सदस्य आर्मी की पृष्ठभूमि से संबंधित रहे हैं। शुभम धीमान डेढ़ महिना पहले ही छुट्टी काट कर गया था। उसके चाचा कैप्टन सतीश धीमान व दूसरे चाचा सूबेदार मेजर रिटायर्ड जोगिंद्र धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कल रात को सेना की तरफ से दुर्घटना के बारे जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार सुबह बेटे के शहीद होने की सूचना दी गई। सेना की तरफ से बताया है कि पार्थिव शरीर रविवार को दोपहर 2 बजे तक गांव में पहुंच जाएगा। वहीं, पंचायत प्रधान शालू, मेजर पीसी आजाद, उपप्रधान साधू राम राणा, कैप्टन दूनी सिंह, सूबेदार मेजर अवतार सिंह पठानिया, रक्षपाल शास्त्री, कैप्टन पवन सिंह, कैप्टन हरवंस सिंह राणा, कैप्टन जगदीश राणा, कैप्टन बलदेव सिंह राणा सहित दुराना गांव के लोगों ने छोटी उम्र में वीर जवान शुभम के इस तरह से जाने पर गहरा दुख प्रकट किया।
रामपुर: शिमला जिले के उपमंडल रामपुर में समेज त्रासदी के तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद देर रात को डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई। ये बैठक मोनाल कॉन्फ्रेंस हॉल एसजेवीएनएल रामपुर में आयोजित की गई, जिसमें ये फैसला लिया गया कि रविवार यानी आज से समेज में सर्च ऑपरेशन के लिए 6 एलएनटी मशीनों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही तैनात रेस्क्यू टीम में भी वृद्धि की जाएगी। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को प्रभावित सभी सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग को सभी प्रभावित पेयजल आपूर्ति की लाइनें जल्द बिछाने के निर्देश दिए हैं। विद्युत विभाग को तीन दिनों में प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग को 37 प्रभावित परिवारों को एक महीने का मुफ्त राशन मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को टीडी नियमों के मुताबिक प्रभावितों को लकड़ी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी शिमला ने बताया कि समेज में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक मेडिकल टीम नियुक्ति की जाएगी। रविवार से रेस्क्यू और मेडिकल टीम सुबह से लेकर शाम तक घटनास्थल पर ही सक्रिय रहेगी। बैठक के दौरान अभी तक के सर्च ऑपरेशन और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बैठक को संबोधित किया। इस दौरान आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सीआईएसएफ, अग्निशमन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा की। बैठक में सर्च ऑपरेशन को लेकर आगामी रणनीति भी तैयार की गई। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को रामपुर में भारी बारिश हुई और समेज गांव की पहाड़ियों में बादल फट गया। जिसके चलते गांव के साथ बहते नाले में बाढ़ आ गई। बादल फटने के चलते फ्लैश फ्लड आया, जिसमें भारी मात्रा में मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें थी। लोग घरों में सो रहे थे जब ये सैलाब आया और सबको बहा ले गया। 1 अगस्त की सुबह तक समेज गांव का अस्तित्व ही मिट गया। जहां कभी एक भरा-पूरा गांव हुआ करता था, अब वहां हर ओर सिर्फ मलबा ही मलबा है। इस त्रासदी में 36 लोग लापता हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। आज समेज में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन है, लेकिन किसी का कोई नामोनिशान नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पीटीए, पीरियड, एसएमसी और वर्क लोड आधार पर शिक्षकों और गैर शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसी नियुक्तियों के लिए सरकार से वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। भविष्य में कानूनी अड़चनें पड़ने पर संबंधित शिक्षण संस्थान प्रमुख ही जिम्मेवार होंगे। ऐसे मामले सामने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के पास लगातार इस प्रकार की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें आई हैं। ऐसी नियुक्तियां होने के बाद संबंधित शिक्षक या गैर शिक्षक की ओर से स्थायी तौर पर रखने को लेकर कोर्ट की शरण ली जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस बाबत सख्ती बरतते हुए स्कूल स्तर पर इस प्रकार की नियुक्तियां नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों में अस्थायी तौर पर किसी भी शिक्षक या गैर शिक्षक को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जिन स्कूलों में इस प्रकार की नियुक्तियां दी गई हैं, वहां की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार की ओर से इन नियुक्तियों के लिए वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।
** चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रदान की जाएंगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा तथा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों को सशक्त करने के लिए साधन और संसाधनों को व्यापक स्तर पर सृजित और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को भविष्य की जरूरतों और तकनीक के आधार पर सुदृढ़ करने तथा संसाधन सृजन पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कमियों को चिन्हित कर उनका उचित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणात्मक चिकित्सा देखभाल के लिए छह मरीजों के अनुपात पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी। मुख्यमंत्री ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों से परामर्श के लिए प्रतीक्षा अवधि कम की जाएगी और परामर्श अवधि बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। मरीजों के पंजीकरण के लिए पंजीकरण कांउटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को चिकित्सक से परामर्श के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2023 में मेडिसिन विभाग में 72,069 मरीजों, ऑर्थोपेडिक्स में 56,124, जनरल सर्जरी में 25,856 मरीजों सहित सभी विभागों में कुुल 6,05,489 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने टांडा महाविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में 100 बिस्तर क्षमता का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ विकसित किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही कार्यशील कर दिया जाएगा तथा बीएससी नर्सिंग कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल तथा अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति भी दी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा करते हुए इसमें विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन और लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित सभी निर्णय व्यापक स्तर पर जन कल्याण भावना के दृष्टिकोण से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विभिन्न भवनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग में 1,43,291 मरीजों, आर्थोपेडिक्स विभाग में 85,161, जनरल सर्जरी विभाग में 77,012 मरीजों सहित सभी विभागों में 8,72,829 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। सुक्खू ने कहा कि अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, मलेंद्र राजन व हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, टांडा व शिमला चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** बोले, जनसमस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित करें अधिकारी पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं का पलायन नहीं हो सके और घर द्वार पर ही रोजगार प्राप्त हो सके। शनिवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने नगरोटा के ओबीसी भवन में जनसमस्याएं सुनने के उपरांत कहा कि कि स्टार्ट अप योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की विशेष तौर पर कैरियर कांउसलिंग भी की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा स्टार्टअप के साथ जुड़कर स्वाबलंबी बन सकें।उन्होंने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के गांव और गरीब का विकास करना मेरा प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और गरीब के विकास कार्यो में किसी भी तरह की कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा विधानसभा क्षेत्र में बड़े विकास कार्यो के साथ.साथ गांव और गरीबों तक विकास पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है ताकि प्रत्येक व्यक्ति तक सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि गांव और गरीब की समस्याओं को जानने के लिए उन्होंने पंचायत संवाद कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत के ग्रामीणों से मिलकर उनकी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। उन्होंने प्रत्येक गांव के अति निर्धन परिवारों के सदस्य को रोजगार के अवसर देने के कार्य को भी प्रमुखता में लिया है ताकि इन परिवारों का जीवन बेहतर हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को उसके उचित हकदार तक पहुंचना हमारा प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम जनमानस की शिकायतों का त्वरित निदान सुनिश्चित करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर एसडीएम मुनीष शर्मा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी सुरेश वालिया, अधिशासी अभियंता आईपीएच विवेक ठाकुर, अधिशासी अभियंता बिजली विभाग कमल चैधरी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रताप रियाड़, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुंता देवी, महासचिव अरूण कटोच, महासचिव नरेंद्र धीमान, शहरी कांग्रेस के उपाध्यक्ष नीरज दुसेजा प्रताप रियाड वरिष्ठ उप प्रधान,महासचिव ,अजय सिपहिया,अजय भनियारी,रोशन लाल खन्ना,अशोक स्रोत्री, सुमितर मसंद,राज मल,अशोक गौतम, गिरीश धवन,सोनु कटोच, मुकेश मेहता ,जोनू , केहर सिंह,कुलदीप कौशल,स्वरूप चौहान,अशोक मल्होत्रा,प्रकाश चंद,संजय शर्मा,वीना ठाकुर, नरेंद्र ,कुलदीप धीमान,राहुल धीमान, दिनेश शर्मा अधिवकता प्रेम राणा, डिंपी कटोच, शामिल रहे।
**सीएम करेंगे शिरकत, तैयारियों में जुटा प्रशासन धर्मशाला: 78वां राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार जिला कांगड़ा के उपमंडल देहरा में धूम-धाम से मनाया जाएगा। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस अवसर पर देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 15 अगस्त, 2024 को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरूआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी मुख्यमंत्री के साथ राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत करेंगे। डीसी ने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुट गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राज्य स्तरीय समारोह के सफल संचालन को लेकर विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। विभागीय अधिकारियों को संबंधित कार्यों और व्यवस्थाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में शिक्षण संस्थानों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। उपायुक्त ने अधिकारियों व विभागों को समारोह के सफल आयोजन के लिए पूर्व योजना एवं पूर्ण योजना से तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। देहरा में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर आज देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा। बैठक में सुनीता राणा अध्यक्ष नगर परिषद देहरा, मलकियत सिंह परमार अध्यक्ष व्यापार मंडल देहरा, आदर्श शर्मा तहसील कल्याण अधिकारी, अंजू चौहान प्रिंसिपल राजकीय महाविद्यालय ढलियारा, डॉ. विशाल गर्ग एसएमएस हॉर्टिकल्चर, अश्वनी कुमार नायब तहसीलदार प्रागपुर, डॉक्टर सुशील कुमार प्रिंसिपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देहरा, कुशल कुमार आरएम देहरा, लवनीत डोगरा फूड इंस्पेक्टर, दीपक शर्मा सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने किया समेज घटनास्थल का निरीक्षण लोक निर्माण एंव शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को समेज घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभावित लोगों और पीड़ितों से भी मिले। घटना स्थल पर स्थानीय लोगों ने घटना के बारे में कैबिनेट मंत्री को बताया।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि समेज गांव में दो वैली ब्रिज स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शिमला से वैली ब्रिज का सामान मंगवा लिया गया है। कुछ ही दिनों में वैली ब्रिज सुचारू हो जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यहां पर अतिरिक्त मशीनरी की तैनाती की जा रही है ताकि खोज एवं बचाव कार्य को और तीव्रता मिल सके। इस बारे में संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए है। कैबिनेट ने कहा कि यह त्रासदी झकझोरने वाली है। हम पूरी तरह लोगों के साथ खड़े है। प्रदेश सरकार हर संभव सहायता कर रही है। इस हादसे में लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चला हुआ है। लेकिन भारी मलबा होना के कारण सर्च ऑपरेशन में कई चुनौतियां पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि 85 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, पैरा मिलिट्री फोर्स, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग के सदस्य रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत दिवस समेज दौरे के दौरान आपदा प्रभावितों को 50 हजार रुपए की फौरी राहत राशि और किराए पर मकान के लिए 5000 रुपये देने की घोषणा की है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को आपदा से निपटने के लिए दिल खोल कर आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस दौरान कैबिनेट मंत्री को खोज एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नंद लाल, पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव कुमार गांधी, उपमंडल दण्डाधिकारी रामपुर निशांत तोमर सहित कई विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विवि (एचपीयू) ने स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की खाली सीटों को भरने के लिए इस बार प्रवेश प्रक्रिया में ही बदलाव कर दिया है। पहली बार बदली प्रवेश प्रक्रिया के तहत एचपीयू पीजी की खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तें लगाकर छात्र-छात्राओं को आवेदन का मौका देने वाला है। इतना ही नहीं, एचपीयू सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी की सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 700, मेरिट आधारित कोर्स के लिए 500 रुपये फीस भी वसूल करेगा। फिर चाहे छात्र ने एडमिशन के लिए पहले ही आवेदन फीस चुका ली हो। हालांकि, यह परोक्षरूप से छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त फीस थोपी गई है। एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने सभी शैक्षणिक विभागों को कार्यालय आदेश जारी किए हैं। आदेशों में तय प्रक्रिया के अनुसार ही विभाग खाली सीटों के लिए फिर से आवेदन आमंत्रित करेंगे। अधिष्ठाता अध्ययन ने विभागों से तीन अगस्त तक खाली सीटों का ब्योरा और सीट भरने के लिए आवेदन मंगवाने से संबंधित जानकारी मांगी है। इसी के आधार पर एचपीयू पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने को एडमिशन पोर्टल खोलेगा। बता दें कि यह पहला मौका होगा जब विवि खाली सीटें भरने के लिए फीस की वसूली करेगा। पहले खाली सीटों पर वीसी की मंजूरी पर प्रवेश दिया जाता था। डीएस कार्यालय के सर्कुलर के मुताबिक प्रवेश, आवेदन और सीट आवंटन के लिए तीन नियमों के अनुसार सीटें भरी जानी हैं।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना को संशोधित किया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी सरकारी सेवारत, सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हिमकेयर) से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट 1 सितंबर 2024 से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। अब इन अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज नहीं होगा। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य एम सुधा देवी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने सोलन में कहा था कि बहुत से लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए जाते हैं। जहां पर इलाज काफी महंगा है। जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहता। कुछ निजी अस्पताल मनमर्जी के रेट भी मरीजों को लगाते हैं। बताया जा रहा है कि इसी के चलते निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज की सुविधा को बंद करने का फैसला लिया गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 5 अगस्त से तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद केवल सरकारी कर्मचारियों के तबादलों के ऐसे प्रस्तावों पर कार्रवाई और कार्यान्वयन किया जाएगा, जो व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 के पैरा 8 के तहत विशेष रूप से प्रदान की गई परिस्थितियों के अनुरूप होंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाध्यक्षों, मंडलायुक्तों व उपायुक्तों को इन निर्देशों की कड़ाई से अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के ध्यान में लाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 1 मार्च, 2024 को जारी पत्र के जरिये बताया था कि 1 अप्रैल, 2024 से या आदर्श आचार संहिता लागू होने की तारीख से जो भी पहले हो, कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध फिर से प्रभावी हो जाएगा। इसी के तहत अब तबादलों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
जसवां:प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत लिटिल फ्लावर संस्कार हाई स्कूल की विद्यार्थी 15 वर्षीय कृष्टिका सुपुत्री संदीप कुमार निवासी गरली का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय ऊना में हुआ है। स्कूल के मुख्याध्यापक राजीव कुमार ने भी उन्हें बधाई दी है।कृष्टिका के अभिभावकों ने भी स्कूल को बधाई दी है और कहा कि बच्चों को इस कामयाबी का पूरा श्रेय स्कूल अध्यापकों को जाता है।
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार को बड़ा झटका लगा है। पर्यटन स्थल सूने हैं। हिमाचल में अब तक ढाई हजार सैलानियों ने बुकिंग रद्द या होल्ड कर दी है। इसके अलावा ट्रैकिंग ट्रिप पर जाने का कार्यक्रम भी सैलानियों ने स्थगित कर दिया है। हालांकि बरसात के चलते हिमाचल में इन दिनों ऑफ सीजन चल रहा है, लेकिन इन दिनों में भी होटलों में 30 से 40 फीसदी तक एक्यूपेंसी रहती है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के आपदा वीकेंड पर भी ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से कम है। हिमाचल की राजधानी शिमला के अलावा मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, चंबा और डलहौजी में होटलों के कमरे खाली चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल 2023 में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हुआ था। उस समय कारोबारियों को करोड़ों की चपत लगी थी। आपदा के चलते कुल्लू-मंडी और मनाली में तबाही के डर से सैलानी पर्यटन नगरी धर्मशाला-मैक्लोडंगज आने से भी कतरा रहे हैं। वीकेंड पर एक आध कमरे की ही बुकिंग हो रही है। धर्मशाला का पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज और भागसूनाग भी वीकेंड पर सूना है। हालांकि पर्यटन कारोबारियों को 15 अगस्त की छुट्टियों के दौरान तीन-चार दिन के लिए अच्छे कारोबार की उम्मीद है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा का कहना है कि बरसात में होटलों में एक-दो कमरे ही लग पा रहे हैं। ऑफ सीजन में सैलानियों को होटलों में 30 फीसदी तक छूट भी दी जा रही है, लेकिन फिर भी वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 15 फीसदी भी नहीं पहुंच रही। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एजीएम नवदीप थापा ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रदेश में हो रही तबाही के कारण सैलानियों में डर का माहौल है। पर्यटन कारोबार काफी कम हो गया है। निगम के होटलों में सैलानी बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। सैलानी हिमाचल आने से डर रहे हैं। टूरिस्टों ने ट्रैकिंग ट्रिप होल्ड कर दिए हैं। अगर भारी बारिश का क्रम थम जाता है तो करीब 15 दिन बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बादल फटने से नालों में आई बाढ़ से कई लोग लापता हुए हैं। वहीं, भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रदेश में सेब की फसल तैयार है। इस बीच तेज तूफान के कारण पेड़ों से झड़ कर सेब के खेतों में ढेर लग गए हैं। ऐसे में सरकार ने बागवानों की पीड़ा को समझते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए एपीएमसी ने निर्धारित समय से पहले झड़े हुए सेब को खरीदने का फैसला लिया है, ताकि बागवानों का नुकसान होने से बचाया जा सके। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि दो दिन पहले मौसम बिगड़ने की वजह से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एचपीएमसी को बागवानों से सेब की खरीद करने को कहा गया है, जिसके लिए बागवानी को एचपीएमसी के केंद्र प्रभारियों से लिखित में आवेदन करना होगा। एचपीएमसी ने शुरुआती तौर पर अभी 20 केंद्रों पर सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके अलावा अगले कुछ दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों सहित कम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में 40 के करीब क्षेत्रों में सेब खरीद शुरू हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए 45 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए बचावकर्मियों ने ड्रोन तैनात किये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। बुधवार रात तीन जिलों- कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से अचानक बाढ़ आने के बाद मंडी के राजबन गांव से दो शव और कुल्लू के निरमंड से एक शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार तीन शवों की बरामदगी के साथ, कुल्लू, मंडी पधर और शिमला के रामपुर उपमंडल के निरमंड, सैंज और मलाणा क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। 45 लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 17-18 महिलाएं और 8-9 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपये की तत्काल राहत और अगले तीन महीने तक 5,000 रुपये प्रति माह किराया देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी।
बादल फटने और बाढ़ आने से प्रदेश में 17 पुल ढहे और क्षतिग्रस्त हुए है। प्रदेश सरकार ने जरूरत के मुताबिक इन जगहों पर बेली ब्रिज लगाने के निर्देश दिए हैं। सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कें दुरुस्त करने को कहा है। जिन सड़कों को ज्यादा नुकसान हुआ है और समय रहते ठीक नहीं हो सकती हैं, उन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लिए डोजर और जेसीबी लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने विभाग से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी है। बीते साल आई आपदा से सबक लेते हुए सरकार ने पहले ही बेली ब्रिज खरीद रखे थे। जोन स्तर पर इन ब्रिजों को रखा गया था। अब इन वेली ब्रिज को जिला शिमला, मंडी, कुल्लू के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इससे पहले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर क्षतिग्रस्त पुलों का निरीक्षण करेंगे। अगर कोई पुल रिपेयर करने योग्य होगा तो उसकी मरम्मत होगी। जो पुल ढह गया है, वहां तुरंत बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जिला कुल्लू के निरमंड में सबसे ज्यादा 9 पुल ढहे व क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते 455 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका नामोनिशान मिट गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि 100 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बहाल की गई हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल ने कहा कि विभाग का हर कर्मचारी मुस्तैदी के साथ सड़कों को बहाल करने में डटा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के चलते विभाग को अब तक 300 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सड़कें और पुुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। ऐसे में जहां जहां पुल ढह गए हैं, वहां बेली ब्रिज लगाए जाएंगे।
इन्दौरा/ मनीष ठाकुर: आयुष्मान कार्ड को लेकर हिमाचल प्रदेश में हुई ईडी की रेड पर कैबिनेट मंत्री रैंक एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुई कहा कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस पिछले दो दिन के घटनाक्रम को लेकर की जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईडी रेड को लेकर मेरे पास नगरोटा बगवां समेत हिमाचल प्रदेश के कोने-कोने से लोगों के फोन आ रहे था. ऐसे में ये प्रेस कॉन्फ्रेंस करना बहुत जरूर हो गया था। आरएस बाली बोले विकास पुरुष श्री जीएस बाली के जन्मदिवस के उपलक्ष में बाल मेला आयोजित किया गया था। जिस बाल मेला में रोजगार से लेकर मेडिकल कैंप का लाभ प्रदेश भर से आए लोगों ने लिया। इस बाल मेला से हम अभी फ्री हुए थे कि एक चीज सामने आ गई। उन्होंने कहा हिमाचल में कई जगह जांच एजेंसी गईं और सुबह साढ़े 8 बजे मुझे मेरी बुआ जी का फोन आया. मैं अपनी धर्मपत्नी और अपने बेटे को लेकर छुट्टियों में एक दिन पहले मैक्लोडगंज आया था। आरएस बाली आगे बोले प्रेस में कई तरह की खबरें छपी जिसे क्लियर करना जरूरी है. किसी ने छापा कि मैं दिल्ली से आया और मुझे एयरपोर्ट से ईडी के साथ घर लाया गया, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। मेरी बुआ जी का फोन आया कि यहां कुछ जांच एजेंसी के अधिकारी आए हैं। तो मैंने कहा कि आप इनको पूरा सपोर्ट करिए, ये लोग जहां जाना चाहें वहां जाने दीजिए। आरएस बाली ने कहा मैं खुद अपने आप वहां पहुंच रहा हूं, सिर्फ मैंने अपने बेटे से कहा था कि हमने मंदिर जाना है, तो मैं मैक्लोडगंज से बैजनाथ मंदिर गया और अपनी पत्नी और अपने बेटे के साथ मैंने भोलेनाथ जी के दर्शन किए, मैंने माथा टेका और ये सबकुछ सीसीटीवी पर है, सबकुछ कैमरे में है, क्योंकि वहां पर भी कैमरे लगे हैं। आरएस बाली बोले वहां पर दर्शन करने के बाद मैंने एक और वादा किया था हमारे ब्लॉक के अध्यक्ष चौधरी मान सिंह जी उनके बेटे की तबीयत बहुत खराब है. मुझे लगा कि अब जब ये जांच एजेंसियां काम करेंगी तो हो सकता है मेरे दो तीन दिन लग जाएं. उनका बेटा जो था उसकी हालत बहुत गंभीर थी तो मैंने सोचा कि मैं पहले अपने ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी मान सिंह जी के घर जाऊंगा. मैं उनके घर पहुंचा और अपनी पत्नी और बेटे के साथ उनके बेटे से मिला। आधे घंटे उनसे मिलने के बाद मैंने कहा मैं आधे घंटे में घर पहुंच जाऊंगा। आरएस बाली ने कहा मैं खुद बिना किसी दबाव के जांच में सहयोग देने के लिए अपनी पत्नी और बेटे साथ अपने घर पहुंचा। मैं जब घर पहुंचा तो वहां जांच एजेंसी के लोग अपना काम कर रहे थे. पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना में बहुत सी अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने कहा आयुष्मान भारत में एक गरीब और जरूरतमंद मरीजों का इलाज होता है. किसी मरीज के साथ धोखाधड़ी होना संगीन मामला है। अगर किसी अस्पताल ने धोखाधड़ी की है तो जांच होना बहुत जरूरी है और उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इसमें कुछ भी राजनीति से प्रेरित नहीं है। देश के बहुत से अस्पतालों में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अनियमितताएं और धोखाधड़ी पाई गई हैं और यह बहुत गंभीर मामला है। आरएस बाली ने कहा इस कड़ी में कांगड़ा समेत हिमाचल के अलग-अलग जगह यह छापामारी हुई है.कांगड़ा के अंतर्गत हमारा एक भवन है, जिसे फोर्टिस कंपनी को अस्पताल चलाने के लिए पिछले तेरह सालों से दिया हुआ है। मेरे परिवार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। फिर भी उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 से यह अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि फोर्टिस अस्पताल में आयुष्मान भारत पीएम केयर योजना में महज 22 लोगों का उपचार हुआ और इस पर 4,85,500 रुपये खर्च हुए हैं। ईडी की टीम मरीज से संबंधित रिकॉर्ड लेने के लिए यहां आई थी। मरीजों के फोन नंबर, आधार कार्ड, पैन नंबर समेत जो-जो जानकारी ईडी के अधिकारियों ने मांगीं थी, वह प्रत्येक जानकारी उन्हें उपलब्ध करवाई गई हैं। घर पर राशन समेत अन्य जरूरतें पूरा करने के लिए जितना पैसा चाहिए होता है, उतना ही पैसा मेरे आवास पर भी रहता है। सारे भुगतान बैंक चेक से होते हैं। आरएस बाली ने कहा कि इसके अलावा जांच एजेंसियों को कुछ भी बरामद नहीं हुआ। मुझे न तो ईडी के किसी अधिकारी का फोन आया और न ही किसी अन्य तरह कोई दबाव था।
कागंड़ा /इंदौरा : मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में बी.एड प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम में अव्वल आए छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। इसमें सभी प्रशिक्षु अध्यापकों ने प्रथम श्रेणी में आकर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसमें से 25 छात्रों ने 81से 85% और 47छात्रों ने 76से 80 % एवं 26 छात्रों ने 71 से 75% और 65 से 70%अंक प्राप्त किए हैं। यह परीक्षा परिणाम शैक्षणिक योग्यता की सफलता को दर्शाता है। सभी बच्चों ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त करके मिनर्वा कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसके अलावा कोई भी विद्यार्थी किसी भी विषय में अनुत्तीर्ण नहीं है। आंचल सोनी, काजल और मिनाक्षी ने 82.2% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान व शीतल और तनीषा शर्मा ने 82.% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा अविनाश डडवाल, अक्षय,दिवांशी और अदिति सुपहिया ने 81.7% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है । मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चेयरमैन जे. एस पटियाल ने सभी छात्रों और अध्यापक वर्ग को बधाई दी और कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि हमारे कॉलेज के छात्रों ने हर साल की तरह अच्छे अंक प्राप्त करके प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रिंसिपल डॉ प्रशांत कुमार ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए सम्मानित किया। कहा कि हमें अपने विद्यार्थियों पर गर्व है जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे है तथा महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे है। और उन्होंने बताया कि वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में अव्वल आए मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
मनीष ठाकुर/इन्दौरा: पूर्व छात्र संघ (OSA) सदस्यों की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता तथा सलाहकार समिति के साथ बैठक हुई। बैठक में महाविद्यालय में नैक के संदर्भ के बारे में कार्य करने के बारे मे बताया गया और उसके समाधान हेतु विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया तथा विचार विमर्श किया गया। इस संदर्भ में सदस्यों ने कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। तथा नेक कार्य करने में सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर OSA के प्रधान एडवोकेट पंकज शर्मा ने ₹21000 का अनुदान दिया OSAनिधि में ₹21000 का दियाl इस इस बैठक में OSA के सदस्य कुलदीप शर्मा अजीज ,अभिनय शुभम मोहन कुलदीप उपस्थित रहे। अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर समीक्षा गुप्ता, OSAके सचिव डॉक्टर कमल सिंह ने सभी का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की सलाहकार समिति के सदस्यों में डॉक्टर अवस्थी ,प्रोफेसर योगेश, प्रोफेसर कुलवंत परमार प्रोफेसर अंजना तथा राजेंद्र पाल उपस्थित रहे।
काँगड़ा: उपमंडल ज्वालामुखी के गांव करयाडा निवासी 93 वर्षीय पूर्व सैनिक सिपाही शक्ति चंद का अल्प बीमारी के उपरांत शुक्रवार सुबह देहांत हो गया। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां ज्वालामुखी के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि शक्ति चंद इक्कीस वर्ष की आयु में अगस्त 1954 में सेना में भर्ती हुए थे। 1962 भारत चीन युद्ध और 1965 व 1971 के भारत पाक युद्ध का हिस्सा रहे शक्ति चंद 1973 में 15 डोगरा से सेवानिवृत हुए थे। इलाके में अच्छी पैठ रखने वाले दिवंगत पूर्व सैनिक ने तदोपरांत खेती में हाथ आजमाया और अपनी पंचायत के वार्ड पंच भी रहे। शुक्रवार को स्टेशन हेडक्वार्टर योल के सैन्य दल ने सेना प्रमुख की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा अंतिम सलूट दिया गया। इस अवसर पर इलाके के रिटायर्ड कर्नल हेम राज, कैप्टन रणवीर, कैप्टन विजय, सूबेदार जगदीश, हवलदार रविंद्र, हवलदार धनी राम के इलावा अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद आई भारी तबाही ने सभी को चौंका कर रख दिया। गुरूवार देर रात आई बारिश ने किसी को आपनो से दूर किया तो किसी के आशियानों की उजाड़ कर रख दिया लेकिन बारिश का ये कर्म अभी यही नहीं रखने वाला। मौसम विभाग केंद्र शिमला ने आगामी पांच दिनों के लिए भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 7 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना ज़ाहिर की है। जिसमें मंडी , शिमला , सिरमौर ,कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर शामिल है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालो से दूर रहने की भी अपील की है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रदेश के लोगों डर भी बैठ गया है। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर से ऐसी ऐसी खबरे सामने आई कि लोग अभी भी डरे और सहमे हुए है।
**प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिला है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, कुछ जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर हमीरपुर, सोलन शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आज चंबा कांगड़ा कुल्लू मंडी में एक दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 2 से 6 अगस्त तक कुछ स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, सोलन, मंडी, सिरमौर, शिमला, चंबा, कांगड़ा में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगो को नदी नालों के नजदीक न जाने की सलाह है क्योंकि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश से तबाही हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर सचिवालय में आपात बैठक की और सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट लेने के साथ सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शिमला, कुल्लू और मंडी में 50 लोग बादल फटने की घटनाओं से लापता हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश से तीन जिलों ने नुकसान हुआ है। रामपुर के झाखड़ी समेज खड्ड में 36 लोग लापता हैं जिसमें दो लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसी तरह मंडी पधर में 9 लोग लापता हैं एक शव बरामद हो गया है एक व्यक्ति को जख्मी हालत में बाहर निकाल लिया है। कुल्लू के मलाणा में पॉवर प्रॉजेक्ट के डैम को भी भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ख़ुद मौके के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर राहत बचाव कार्य के लिए NDRF,SDRF, ITBP सहित स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। केन्द्र सरकार में मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से फोन पर बात हुई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
रामपुर: श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्ते में बीती रात के समय बादल फटने की घटना सामने आई है। बीती रात करीब एक बजे कुर्पन खड्ड में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आ गया और खड्ड का जलस्तर बढ़ गया, जिससे श्रीखंड महादेव यात्रा के पहले पड़ाव बेस कैंप सिंह गाड में दर्जनों दुकानें चपेट में आने की सूचना है। वहीं, बागीपुल में बस स्टेंड, करीब 10 मकान और 20 गाड़ियां बाढ़ में बह गई हैं, जबकि केदस और ढरोपा तक जगह-जगह पुल बहने से लोगों के आवागमन का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। तहसीलदार निरमंड जय गोपाल शर्मा ने बताया कि बीती रात को श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर कुर्पन खड्ड में बदल फटने से बेस कैंप सिंह गाड में भरी नुकसान हुआ है। वहीं, बागीपुल में निरमंड और बागीपुल को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है और नया पुल भी बह गया है। बाढ़ में छोटे बड़े मकान बह गए हैं। इसमें होटल दुकानें, पटवारखाना भी बह गया है और 7 से 10 लोगों के लापता होने की सूचना है ,जिसमें एक परिवार के 5 लोगों और एक बुजुर्ग महिला, दो नेपाली मूल के लोगों के लापता होने की सूचना है। तहसीलदार जय गोपाल शर्मा ने बताया कि केदस में एक मकान बाढ़ की चपेट में आया है और केदस पुल भी बह गया है। वहीं, कोयल पुल के बहने से निथर का रामपुर निरमंड से संपर्क कट गया है। तहसीलदार ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
**अब तक 11 अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबियत **1 को हुआ डेंगू सिस्टम के आगे बेबस हो गए है और दो वक्त की रोटी के मोहताज हो गए है, यह कहना है JOA IT पोस्ट कोड 817 के उन अभियर्थियों का जो परिणाम घोषित होने का इंतज़ार कर रहे है और धरने पर बैठे है। इन अभियर्थीओं का कहना है कि उनकी आस अब ख़त्म हो रही है, अभियर्थी बीमार हो रहे है। आपको बता दे कि धरने पर बैठे इन अभ्यर्थियों में से अभी तक 11 अभ्यर्थी बीमार हो चुके हैं, जिनमे से एक अभ्यर्थी तो डेंगू का शिक्कार हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2020 में विज्ञापित पदों पर JOA IT पोस्ट कोड 817 का अभी तक अंतिम परिणाम जारी नहीं हो पाया। आयोग से बीते सालों से तमाम कानूनी लडाई लड़ने के बाद भी अभ्यर्थी सड़को पर बैठने के लिए मजबूर है। पहले 36 दिन तक कड़ी ठण्ड में शिमला के चौड़ा मैदान में बैठे रहे अब फिर से जब चयन आयोग हमीरपुर ने तारीख पर तारीख दी तो बच्चो को मजबूरी में इस बरसात के मौसम में आयोग के बाहर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर हम में से किसी को भी कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार होगी।
हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेशभर में अगस्त में आने वाले बिजली के बिल पहले की ही तरह आएगें यानी अगर आपने 125 यूनिट से काम बिजली खर्च की है तो आपके बिजली के बिल इस बार भी पिछले महीनो की तरह ही जीरो आने वाले है और अगर आपने 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च की है तो आपको सब्सिडाइज्ड रेट पर ही बिल आएगा। हाल में ही कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिया गया था कि प्रदेश में मिल रही मुफ्त बिजली का लाभ अब सभी को नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए कुछ शर्ते राखी गई है लेकिन इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है की आखिर कौन-कौन इसके दायरे में आएगें। सरकार मुफ्त बिजली योजना में कुछ अमेंडमेंट करने पर विचार कर रही है। इसको लेकर लाभार्थियों के लिए कुछ शर्ते में लागू होनी है, लेकिन वो शर्ते क्या होगी और कब से शुरू होगी इसको लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुए है। उम्मीद जताई जा रही है मॉनसून सत्र के बाद इसमें कोई बड़ा बदलाव हो सकता है। फिलहाल निश्चिंत रहिए इस महीने भी आपको योजना के पुराने शर्तों के आधार पर ही बिल आएंगें।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडियां के जरुडी में रस्सी का फंदा लगाकर कमरें में पंखे के लिए लगाए गए कुंडे से झूलकर एक पोस्टमास्टर की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अजित सपुत्र विक्रम बाबनियाँ उम्र 24 वर्ष निवासी महेंद्रगढ़ हरियाणा के रूप में हुई है, जोकि खुंडिया के तहत पड़ते गांव जरूडी तहसील मझींन में एक किराए के कमरें में रहता था और डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत था। बहरहाल पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है, साथ ही युवक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेज दिया है। मामले की पुष्टि डी एस पी ज्वालाजी आर पी जसवाल ने की है। जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली की तहसील मझींन के जरूडी में एक युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी खुंडियां रंजीत परमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मौके पर जाकर इस मामले को लेकर मकान मालिक सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है की पुलिस को मृतक के पास से किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट बरामद नही हुआ है, जिससे इस मामले पर पर्दा उठ सके। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ज्वालामुखी और खुंडियां में हफ्ते भर के अंदर ही फंदे पर झूलने से ये तीसरी मौत होने का मामला सामने आया है। आखिर नौजवान इस तरह के कदम क्यूं उठा रहे है, ऐसे में पुलिस भी पूरे मामले की तह से जानकारी हासिल कर रही है।बता दें की ज्वालामुखी के बाद खुंडियां का ये तीसरा मामला पेश आया है जहां एक और युवक ने रस्सी का फंदा लगाकर पंखे के लिए बनाए कुंडे से लटककर अपना जीवन समाप्त कर लिया। इससे पहले ज्वालामुखी और खुंडियां के युवक ने फंदा लगाकर अपनी इहलिला समाप्त की थी और अब ये तीसरा मामला फिर से सामने आया है।
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान ने हर आँगन एक पौधा अभियान के सहयोग से किया पौधरोपण, इस अभियान के मुख्यसंचालक मिस्टर विवेक शर्मा है। शिक्षण संसथान के प्राचार्य डॉ. एम एस आशावत ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को पोषण के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पेड़-पौधों की आवश्यकता होती है। पेड़-पौधे पर्यावरण की अशुद्धियों को सोख लेते हैं और हमें शुद्ध वायु देते हैं। इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए। पेड़-पौधे लगाने के बाद उनका संरक्षण करना भी बहुत अनिवार्य है। इस मौके पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सी पी एस वर्मा और हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट डॉ. विनय पंडित ने भी पौधरोपण करते हुए सभी को सन्देश दिया की पेड़-पौधे हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इनसे पृथ्वी पर ऋतु चक्र बना रहता है। ऋतु चक्र को संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना अनिवार्य है। हमें पौधे का पेड़ बनने तक बच्चों की तरह संरक्षण करना चाहिए। पौधा पेड़ बनकर हमें फल देता है। वहीं एक पेड़ सैकड़ों जिंदगियां बचाने में सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अज्ञानता और स्वार्थ के चलते पेड़ों की कटाई कर देते हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान होता है।
जयसिंहपुर : कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज वनस्पति विज्ञान विभाग तथा पर्यावरण क्लब (इको क्लब) के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में स्थित हर्बल उद्यान में पौधारोपण किया गया। इस उद्यान में बहुत सारे औषधीय पौधे और जड़ी बूटियों का पौधारोपण किया गया। इस पौधारोपण में अश्वगंधा, घृतकुमारी, तुलसी, नीम, कपूर, वनप्षा, केलालिली आदि जैसे औषधीय फूल व पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण अभियान प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा के द्वारा पौधारोपण करने के साथ शुरू किया गया। इस अभियान में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग शामिल रहे तथा सभी ने पौधारोपण में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य महोदय ने वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. पूनम शर्मा व ईको कल्ब के सभी सदस्यों को बधाई दी व आभार व्यक्त किया। इस पौधारोपण अभियान के दौरान प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा, प्रो रविंद्र जग्गी, डॉ अर्पित कायस्थ, प्रो विकास कलोत्रा, डॉ इंद्र कुमार, डॉ खुशी राम भगत, प्रो सुमिक्सल सूद, प्रो किरण शर्मा, प्रो सचिन कुमार, प्रो अंशु देवी, प्रो हरजिंद्र सिंह, प्रो ललिता शर्मा, डॉ आस्था गुप्ता, प्रो सरजनी नेगी, प्रो शिवानी शामिल रहे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति की बैठक हुई, जिसका आयोजन परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में किया गया। समिति के संयोजक डॉ. मनोज ने बैठक का आरंभ किया। इस बैठक में परिसर के आंतरिक गुणवत्ता हेतु विभिन्न पक्षों पर गंभीरता से चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से परिसर की आधारभूत संरचना के सुधार एवं निर्माण पर आम सहमति नजर आई। वहीं परिसर में छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुस्तकालय के नए भवन निर्माण हेतु भी विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त छात्रों की सुविधाओं के लिए प्रत्येक क्लास रूम में डिजिटल बोर्ड एवं नए पंखे लगवाने पर भी विचार किया गया। बैठक के समापन पर समिति के सचिव विक्रमजीत ने सबका धन्यवाद किया। बैठक के दौरान आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति के समस्त सदस्य, समस्त विभागाध्यक्ष,अनुभाग अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में अब हुड़दंग करने वालों और ओवरस्पीड राइडर्स की खैर नहीं, क्योंकि इन पर अब पुलिस की निगरानी बढ़ने वाली है। हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स पर निगरानी के लिए धर्मशाला में 6 इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही शुरू किया जाएगा। वहीं, आईटीएमएस के जरिए शहर और शहर से आने-जाने वाले रास्तों पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कांगड़ा पुलिस धर्मशाला में आईटीएमएस इंस्टॉल कर रही है, जिससे शहर को हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स से राहत मिल सके। अभी तक कांगड़ा जिले में 2 आईटीएमएस संचालित किए गए हैं, जिनमें एक धर्मशाला सिविल लाइन में है और दूसरा ज्वालामुखी में इंस्टॉल किया गया है। एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि शहर में 6 नए आईटीएमएस में से 3 पालमपुर रोड में कचहरी के साथ, सिद्धबाड़ी में और शीला चौक से पास्सू को जाने वाले मार्ग पर लगाए जाएंगे, जबकि बाकी तीन चीलगाड़ी, सकोह और धर्मशाला-सुधेड़ रोड पर इंस्टॉल किए जाएंगे। आईटीएमएस इंस्टॉल होने के बाद शहर में ओवर स्पीड करने वालों की तादाद में भी कमी आएगी और गाड़ियों की स्पीड भी नियंत्रित होगी, जबकि मौजूदा समय में कई दोपहिया और चौपहिया गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ती हुई दिखाई देती हैं। एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि धर्मशाला शहर में अब बड़ी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जबकि छोटी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। वहीं, मैदानी इलाके में ये स्पीड 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। आईटीएमएस लगने के बाद शहर में रोड किनारे जगह-जगह पर स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोग ट्रैफिक रूल्स का पालन करें, गाड़ियों को ओवरस्पीड में न चलाएं और हुड़दंग न मचाएं।
** डीएफओ को 25 पेड़ कटवाने की पॉवर हिमाचल में अब जंगलों में गल-सड़ रहे सूखे पेड़ों को आसानी से काटा जा सकेगा। सरकार ने सूखे पेड़ों पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत अब वन रक्षक अपने स्तर पर दो पेड़ और वन मंडल अधिकारी 25 पेड़ काटने की अनुमति दे सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को इस संबंध में एसओपी जारी की है। हालांकि राज्य सरकार ने पिछले साल ही जंगलों में सूख रहे पेड़ों को काटने संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस अवधि के दौरान वन विभाग और निगम ने बीते वर्ष 15 हजार क्षतिग्रस्त पेड़ों को प्रसंस्कृत किया। इससे लकड़ी की बिक्री से राजस्व प्राप्त हुआ। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार की रॉयल्टी आय मात्र डेढ़ वर्ष में 35 से बढक़र 70 करोड़ रुपए हो गई। प्रदेश सरकार ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए वन विभाग की निर्माण शाखा को बंद करने का निर्णय लिया। इसे वानिकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन बीट से सर्किल तक योजना में बेहतर काम करने पर वन विभाग के कर्मचारियों को नवाजा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में बड़े बदलाव के फैसले लिए हैं। इनमें वन विभाग भी शामिल है। अब डीएफओ जंगलों में गले-सड़ेे पेड़ों को बेचने और काटने की अनुमति दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए में स्टेज वन की अनुमति प्राप्त होने के बाद वन मंडल अधिकारी वनों को काटने की अनुमति दे सकता है। इसका बड़ा फायदा फोरलेन के प्रोजेक्ट में मिलेगा। वन विभाग खुद पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर पाएगा और इसे ठिकाने भी लगाएगा।
** मुख्यमंत्री बोले, बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने का रहेगा प्रयास प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रात:कालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा।
** ट्रांसप्लांट और अंगदान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर किया जाएगा सम्मानित डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल को उभरते राष्ट्रीय प्रत्यारोपण और अंग पुनप्र्राप्ति केंद्र पुरस्कार(इमर्जिंग नेशनल ट्रांसप्लांट एंड ऑर्गन रेट्रीवाल सेंटर अवार्ड) के लिए पूरे भारत में श्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) की ओर से 14 वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव और अनुप्रिया पटेल द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को तीन अगस्त को नई दिल्ली में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस तरह पूरे भारत में श्रेष्ठ रहने पर डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल के नाम एक और कीर्तिमान स्थापित हो जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के निदेशक डा. अनिल कुमार की ओर से टीएमसी को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। टीएमसी के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा शनिवार को दिल्ली में भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के हाथों से यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव के क्षण होंगे। यह सब टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा के बेहतरीन निर्देशन व नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी विभागाध्यक्ष डा. अभिनव राणा, विषेशज्ञ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डा. अमित शर्मा के अथक प्रयासों से संभव हो पाया हैै।
हिमाचल प्रदेश में बैचवाइज आधार पर चयनित 221 टीजीटी के स्कूल बदल दिए गए हैं। बुधवार को ही इन शिक्षकों को स्कूलों में पद ग्रहण करना होगा। बीते सप्ताह प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों के कम दाखिलों वाले स्कूलों में कई शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी थीं। एक ही स्कूल भी दो-दो नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित कर दिए गए। इन गलतियों के सामने आने के बाद निदेशालय ने कुछ नियुक्तियों को रोक लगाई और मंगलवार को इस बाबत संशोधित अधिसूचना जारी की गई। टीजीटी आर्ट्स में 127, मेडिकल में 37 और नॉन मेडिकल में 57 शिक्षकों को अब नए स्कूलों में तैनाती दी गई है। 23 जुलाई को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचनाएं जारी कर कई शिक्षकों के स्कूलों में बदलाव किए थे। 24 जुलाई की सुबह इन संशोधित आदेशों को रोक दिया गया। स्कूल आवंटित करने की प्रक्रिया में कई खामियां रहने के चलते यह राेक लगाई गई थी। कुछ शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भी भेज दिया गया जहां पहले से पर्याप्त संख्या में टीजीटी नियुक्त थे। मामला ध्यान में आते ही निदेशालय ने नवनियुक्त शिक्षकों के संशोधित नियुक्ति निर्देशों को आगामी फैसले तक रोक दिया था। अब इन शिक्षकों को नए सिरे से स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों 1049 टीजीटी का बैचवाइज आधार पर चयन किया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पांच से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में ही बैचवाइज आधार पर चयनित जेबीटी को नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि जिन स्कूलाें में विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है और वहां प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक हैं तो ही नियुक्ति की जाए। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और शिक्षकों की तैनाती कम है, वहां भी शिक्षकों को नियुक्तियां देने में प्राथमिकता दी जाए। शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में नियुक्त न किया जाए जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम हो। ऐसे स्कूलों को जल्द ही नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाना है। प्रदेश में शिक्षकों का युक्तिकरण करने के साथ ही अब गैर शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से उनके कार्यालयों सहित स्कूलों में आवश्कता से अधिक तैनात गैर शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है। इसके लिए एक परफार्मा भी जारी किया गया। स्कूल में कितने विद्यार्थियों के दाखिले हैं, गैर शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं, कितने पदों पर नियुक्तियां हैं, कितने पद रिक्त हैं, गैर शिक्षक यहां पर कितने समय से कार्यरत है। इसकी जानकारी निदेशालय को देने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में वेदांत विभाग की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें "भगवान दास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय" हरिद्वार के वेदांत विभाग के सहायकाचार्य आदित्य प्रकाश ने वेदांत में जीव स्वरूप पर अपना विचार पस्तुत किया। वेदांत विषय के सहायकाचार्य डा रघु बी राज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। अदित्य प्रकाश ने जीवात्मा की आत्मा के स्वरूप की एकता का प्रतिपादन करते हुए आस्तिक नास्तिक दर्शनों में जीव का क्या स्वरूप है, इसका सम्यक रूप से प्रतिपादन किया। उन्होंने बताया कि वेदांत जीव ब्रह्म की एकता का प्रतिपादन करता है जीव ब्रह्म भाव को कैसे प्राप्त होता है इसका भी उन्होंने उल्लेख किया। इस संगोष्ठी में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी ने सर्व दर्शनों में जीव संप्रत्यय मोक्ष प्राप्ति के साधन पर विशेष रूप से चर्चा की। इस संगोष्ठी का क्रियान्वयन वेदान्त विभाग के अध्यक्ष प्रो मंजूनाथ भट्ट ने किया। संगोष्ठी के इस कार्यक्रम का संचालन डा प्रिंस चक्रवर्ती ने किया। कार्यक्रम के अंत में डा राजन मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित वेदांत विभागाध्यक्ष प्रो. मंजूनाथ भट्ट, शिक्षा शास्त्री विभागाध्यक्ष प्रो शीशराम व वेदांत विभाग के समस्त सहायकाचार्य एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावनाः मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रातःकालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों कोे जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की दिनचर्या में इन गतिविधियों को शामिल कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है।
घुमारवीं में इंटक से संबंधित ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रैक्चुअल वर्कर्ज यूनियन की राज्य स्तरीय कार्यकारणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दीप धीमान की अध्यक्षता मे हुई। इसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में वाटर गार्ड संघ के प्रधान भूपेंद्र चंदेल ने कहा कि वाटर गार्डों को प्रत्येक माह उनका मासिक वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हे रेगलुर के बाद बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया है। इंटक महासचिव जगतार सिंह बैंस ने कहा कि यूनियन जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के प्रत्येक अनुभाग में कर्मचारियों को सदस्य बनाएगी और उनकी समस्याओं का निवारण करवाने का प्रयास करेगी। हिमाचल प्रदेश के सभी निर्माण प्रोजेक्टों मे भी कामगारों को युनियन का सदस्य बनाकर उन्हें हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं को दिलाएगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष में चार बार यूनियन की राज्य कार्यकारणी की चार बैठके होंगी।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने कड़ा ऐतराज करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार उन गरीब बच्चों और गरीब अभिभावकों के साथ भदा मजाक कर रही है, जिस सरकार ने बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे कि हम सत्ता में आते ही ऐसे काम करेंगे जो पूर्व सरकार ने नहीं किए थे। लेकिन उसके विपरीत सरकार कर रही है। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा है कि सरकार स्कूलों को बंद कर रही है और कुछ मर्ज कर रही है। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि स्कूल में बच्चे ना होने का कारण टीचरों की भर्ती न होना है । हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 17000 से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। और जिन स्कूलों में टीचर नहीं थे उसमें अभिभावक बहुत बार अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं और कई जिलों में उपयुक्त के मध्य और एसडीएम के मध्य से मांग पत्र दे चुके हैं। और मंत्री विधायकों के द्वारा भी अपने मांग पत्र दे चुके हैं। एसएमसी कमेटीयां भी टीचर भर्ती को लेकर धरना-प्रदर्शन और चका जाम तक कर चुकी हैं। तथा टीचर रखने को लेकर कई स्कूलों के बच्चे अपना विरोध कर चुके हैं और स्कूल में टीचर ना होने पर सोशल मीडिया प्रींट मिडिया में भी कभी बार दिखाया गया है, लेकिन सरकार ने उन स्कूलों में टीचर रखने के बजाय स्कूलों को बंद करने तथा मर्ज करने का फैसला लिया है। जो निंदनीय है राज्य कार्यकारिणी संघ के अध्यक्ष बलवंत, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, महासचिव विजय चौहान, सहसचिव पाल सिंह, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद , संगठनमंत्री संतोष नांटा मुख्य सलाहकार सुखराम मिडिया प्रभारी अशोक कुमार और सीमा कुमारी और समस्त सदस्यों तथा जिला के समस्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्कूल बंद करने की बजाय स्कूलों में टीचर तथा अन्य स्टाफ रखने पर बल दें। न कि स्कूलों को बंद करने का निर्णय लें संघ ने कहा है कि सरकार को 2 साल का कार्यकाल खत्म होने पर है लेकिन रोजगार देने की बजाय बेरोजगारों को मानसिक तनाव में डाला जा रहा है। संघ ने कहा है कि अभी तक जो भी रिजल्ट घोषित नहीं हुए हैं उनको जल्द से जल्द घोषित किया जाए और नई भर्तियों को जल्द से जल्द भरा जाए। संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों ने सरकार बनाने में अपनी एहम भुमिका निभाई है। क्योंकि बेरोजगार दवका पूर्व सरकार से तंग आ चुका था और उनको उम्मीद थी कि कांग्रेस सरकार आते ही बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय करेगी, लेकिन वर्तमान सरकार ने तो पूर्व सरकार की तरह राह पकड़ रखी है संघ के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री से और शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के जितने भी सरकारी स्कूलों में कर्मचारी हैं उनको निर्देश करें कि वह अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में डालें अन्यथा उनको किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा। संघ ने कहा है कि जब सरकार सरकारी नौकरी वाले टीचरों को इतनी बड़ी सैलरी दे रही है तो क्यूं ना सरकार ऐक्शन ले कि वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाए। खुद सरकारी नौकरी पर लगे हैं और खुद के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाए जा रहे हैं। जब मुख्यमंत्री जी इतने बड़े पैमाने पर फैसले ले रहे हैं तो फिर ऐसा फैसला लेने में देरी क्यूं । संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में सभी कर्मचारियों पर सरकार को निर्देश करना चाहिए। क्योंकि सरकार कर्मचारियों की हर एक बात को पुरा करने पर बचनबद्ध है। संघ ने कहा है कि इस बात को सभी एजुकेशन संगठनों को सरकार से उठाना चाहिए। कि सरकारी स्कूलों को बंद ना करे। बल्कि टीचर भर्ती करें। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि चार-पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में अच्छी एनरोलमेंट थी लेकिन जैसे-जैसे स्कूलों में टीचरों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे स्कूलों में पढ़ाने के लिए कोई भी टीचर नहीं रहा तो मजबूरी में लोगों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ा, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के पास इतनी बड़ी इनकम नहीं है कि वह भारी भरकम फीस प्राइवेट स्कूलों में भरकर अपने बच्चों को शिक्षा दें। हिमाचल प्रदेश के अभी भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां पर अभिभावक अपने पैसे देकर और उन सरकारी स्कूलों में अपनी तरफ से टीचर रखकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। संघ ने कहा है कि कोविड के टाइम भारी मात्रा में प्राइवेट स्कूलों से बच्चे निकाल कर सरकारी स्कूलों में डाले गए थे। लेकिन जब अभिभावकों को इस बात का पता चला कि सरकारी स्कूलों में तो टीचर ही नहीं है तो 2 साल के बाद फिर बच्चों को दोबारा से अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में डालना पड़ा। बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री और समस्त मंत्रीयों विधायकों से निवेदन किया है कि ऐसा कदम ना उठाएं जिससे कांग्रेस सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़े, लेकिन जैसा इलेक्शन के समय प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने बेरोजगारों से वादा किया था उस वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री और सरकार फैसले लें। संघ ने कहा है कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 की लगी शर्त को हटाने का कई बार विश्वास दे चुके हैं। लेकिन अभी तक 100 बच्चों की कंडीशन को समाप्त नहीं किया गया है। संघ मुख्यमंत्री से अनुरोध करता है कि इसकी अधिसूचना जारी करें और कला अध्यापकों की 1600 पोस्टें प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में खाली चल रही है उन्हें जल्द से जल्द भरे।
पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर होने से प्रदेश में लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं, मगर आज भी ये मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल आज हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पटवारी-कानूनगो के बीच सचिवालय में हड़ताल से सम्भंदित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई मगर इस बैठक में दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। पटवारी-कानूनगो जिला से बाहर ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं है, जबकि सरकार ने इसी मंशा से इन्हें स्टेट कैडर बनाया है। मीटिंग में सहमति नहीं बनने के बाद हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी संघ ने अपना विरोध जारी रखने का ऐलान कर दिया है। इनकी हड़ताल से प्रदेश के लोग परेशान हैं। पटवारी-कानूनगो राज्य कैडर बनाए जाने के विरोध में 15 दिनों से ऑनलाइन काम नहीं कर रहे। इन्होंने सरकारी ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से भी एग्जिट कर रखा है। यही नहीं एडिशनल चार्ज वाले पटवारी-कानूनगो सर्किल दफ्तर की चाबियां भी ये लोग संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को सौंप चुके हैं। इनकी हड़ताल के कारण बोनाफाइड सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम 15 दिन से नहीं हो पा रहे। बीते 6 दिन से एडिशनल चार्ज वाले दफ्तरों में भी काम ठप हो गया है। इससे लोगों के राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण काम नहीं हो पा रहे हैं।वहीं इस मसले पर राजस्व मंत्री जगत नेगी का कहना है कि सरकार ने जनहित को देखते हुए इन्हें स्टेट कैडर बनाया है और पटवारी-कानूनगो इसके विरोध की सही वजह नहीं बता पा रहे है। ऐसे में अब नियमों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


















































