हिमाचल में प्रदेश सरकार ने हाल ही मे जनता को मिलने वाली जन सुविधाओं पर कैंची चला दी है। कांग्रेस की सरकार ने 125 बिजली के मुफ्त यूनिट्स की सुविधा को बंद कर दिया है साथ ही सरकार ने महिलाओं को मिलने वाली बस किराए मे छुट को बंद कर दिया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विकास धीमान ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है। विकास धीमान ने कहा कि केजरीवाल को कॉपी करना आसान नहीं है। आप केजरीवाल की तरह घोषणाएं मात्र भर कर सकते हैं पर उन्हें पूरा कर नहीं सकते। प्रदेश सरकार 300 यूनिट मुफत देने की बात कर रही थी जो की 125 यूनिट भी नहीं दे पा रही। इसके साथ ही बस किराए मे मिलने वाली छूट भी बंद कर दिया हैं। यह जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वादों के साथ सत्ता मे आई थी उन्हें उन वादों को निभाना चाहिए। विकास धीमान ने कहा कि सुक्खू सरकार अगर खर्चे कम करना चाहती है तो विधायकों को मिलने वाली एक से ज्यादा पेंशन्स को बंद कर दे। मोबाइल का खर्चा बंद कर दे। जनता की सुविधाओं को बंद कर के सरकार को कोई फायदा नहीं होगा। सरकारें जनता के लिए होती हैं। विकास धीमान ने बताया कि पंजाब मे 300 यूनिट्स बिजली मुफत मिलती है। पंजाब की सरकार ने अपना किया वादा निभाया है। दिल्ली सरकार लगातार जनता को मिलने वाली सुविधाएं मुफत मे दे रही है और बजट को भी मुनाफे में रखा हुआ है। केजरीवाल की तरह सरकार चलाना सब के बस की बात नहीं। विकास धीमान ने मनीष सिसोदिया के बाहर आने पर खुशी जाहिर की। साथ ही उन्होंने कहा कि केजरीवाल भी जल्द बाहर आ जाएगें और दिल्ली की जनता की सेवा करेंगे। हरियाणा मे होने बाले चुनाव आम आदमी पार्टी के पक्ष मे होंगे।
कांगड़ा: राजकीय स्नातक महाविद्यालय इंदौरा में एंटी रैगिंग और नशा निवारण समिति द्वारा एंटी रैगिंग दिवस मनाया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता द्वारा की गई। इसमें बच्चों की रजिस्ट्रेशन भी की गई तथा नशा न करने की बच्चों ने को शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर रैगिंग न करने के लिए बच्चों को जागरूक किया गया। इस मौके पर डॉ अश्वनी अवस्थी, डॉक्टर अक्षय, प्रोफेसर आरके गुप्ता, डॉक्टर कमल सिंह, प्रोफेसर सुरेश, प्रोफेसर आरती, प्रोफेसर रजनी, प्रोफेसर नीरज आदि उपस्थित रहे।
कांगड़ा: राजकीय स्नातक महाविद्यालय इंदौरा में आज पुस्तकालय के महानायक डॉक्टर एस, आर रंगनाथन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में पुस्तकालय में पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुमीक्षा गुप्ता ने की। इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्षा आशा रानी और पुस्तकालय अध्यक्ष, गुरदीप एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बीते दिन ऊना और सिरमौर जिले में बारिश ने कहर बरसाया है। वहीं, मौसम विभाग ने एक बार फिर से चंबा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिले में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका को देखते लोगों से एहतियात बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक संदीप ने कहा, "हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है। अलगे चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा और कई हिस्सों में तेज बारिश होने की भी संभावना है। खासकर कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक संदीप के अनुसार इस दौरान प्रदेश में नदी-नाले उफान पर रह सकते हैं। लोगों को नदी-दलों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फ्लैश फ्लड को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, किन्नौर, मंडी, सिरमौर और शिमला जिले में फ्लैश फ्लड को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। हालांकि इस दौरान भारी बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी। पहले जहां बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। वहीं, अब चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया।
** ट्रैफिक वन वे होने से बढ़ी परेशानी हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन हाईवे की दशा सुधरने के बजाय और खस्ता होती जा रही है। शनिवार की रात से हो रही बारिश के कारण हाईवे पर कैंची मोड़ से ऊपर यह रोड एक बार फिर धंसना शुरू हो गया है, जिसके बाद यहां से अब ट्रैफिक को भी एकतरफा भेजा जा रहा है। मंडी जिला के पंडोह के कैंची मोड़ से लेकर दयोड़ तक यह हालात है। करीब ढेड़ किलोमीटर के इस पैच में सड़क जगह-जगह से धंस गई है, जिसका एक कारण फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी के द्वारा सही से निकासी नालियां न बना पाना भी माना जा रहा है। कैंचीमोड़ से डयोड़ तक बने इस पैच में बीते शनिवार रात को जगह-जगह लैंडस्लाइड हुआ, जिस कारण भी यह हाईवे जगह-जगह से खराब हो गया है। हालांकि फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी द्वारा मशीन लगाकर मलबे को हटाया जा रहा है, लेकिन हाईवे की मेंटेनेंस सही से नहीं हो पा रही है। कैंची मोड़ की पहाड़ी से बरसात का सारा पानी हाईवे पर बहता है, जिससे कुछ महीने पहले 40 करोड़ की लागत से लगाए गए डंगे के साथ सड़क को भी खतरा पैदा हो गया है। हाईवे पर पानी बहने के कारण इस डंगे के साथ सड़क में भी जगह जगह दरारें पड़ना भी शुरू हो गई है। बता दें कि पिछली बरसात के दौरान भी कैंची मोड़ से लेकर दयोड़ तक यह फोरलेन जगह-जगह से कई फीट तक धंस गया था, जिसके बाद निर्माणाधीन कंपनी द्वारा इस फोरलेन को दुरूस्त करने के लिए मात्र लीपापोती ही गई है। अब इस बरसात में भी यह हाईवे एक बार फिर से धंसना शुरू हो गया है। यहां से अब एकतरफा ट्रैफिक ही गुजर रहा है, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति भी पैदा हो रही है।
हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 50 लाख सेब के डिब्बे की मांग बढ़ी है। पहले टेलीस्कोपिक डिब्बे तैयार होते थे, लेकिन इस बार यूनिवर्सल डिब्बे बनाए जा रहे हैं। वहीं, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पांच रुपये डिब्बे के दाम भी सस्ते हुए हैं। प्रदेश में 250 के करीब गत्ता उद्योग हैं। इसमें 100 से अधिक उद्योग सेब के डिब्बे ही तैयार करते हैं। पहले टेलीस्कोपिक डिब्बे बनते थे जिसमें 28 से 30 किलो तक सेब आ जाता था, लेकिन इस बार यूनिवर्सल डिब्बे ही बागवानों को भेजे जा रहे हैं। इस डिब्बे में 20 किलो ही सेब आता है। ऐसे पिछले वर्ष जहां पर ढाई करोड़ सेब के डिब्बे लगे थे वहीं, इस बार यह पचास लाख बढ़ कर तीन करोड़ तक पहुंच गए हैं। जिन उद्यमियों के पास पुराने टेलीस्कोपिक डिब्बे पड़े हुए थे, उन्होंने यह डिब्बे नाशपाती और आडू आदि के लिए सप्लाई कर दिए हैं। सेब के लिए सभी उत्पादकों ने नए सिरे से डिब्बे तैयार कर अच्छी गुणवत्ता के सप्लाई किए जा रहे हैं, जिसमें एक माह तक सेब खराब नहीं होगा। यही नहीं यूनिवर्सल डिब्बे के दाम भी पांच रुपये कम हैं। जीएसटी कम होने से सेब के डिब्बे के दाम भी कम हुए है और सेब उत्पादकों को 60 रुपये तक डिब्बे पहुंच रहा है। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश सरदाना ने बताया कि इस बार प्रदेश से तीन करोड़ तक गत्ते के डिब्बे तैयार होगे। कालाअंब, बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में गत्ता संचालक सेब के डिब्बे तैयार करते हैं। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष मुकेश जैन, वर्तमान अध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पांच रुपये की सेब के डिब्बे सस्ते हुए हैं। जीएसटी कम होने से रेट में कमी आई है। वहीं अब एक डिब्बे में 20 किलो सेब आने से डिब्बे की संख्या बढ़ गई है। गत्ता संचालकों को काम मिला है वहीं सेब उत्पादकों को भी कम दाम में डिब्बे मिल रहे है। वहीं यूनिवर्सल डिब्बे में सेब खराब होने का खतरा भी कम हो गया है।
मंदिर काठगढ़ में चल रही छठे दिन की शिव महापुराण कथा में आज जोगिंदर शास्त्री महाराज ने अपनी अमृत वाणी से कथा का आरम्भ किया। उन्होंने राजा हिमाचल की दो पुत्रियों एक मां गंगा और दूसरी मां पार्वती के बारे में बताया कि दोनों भगवान शिव की उपासना करती थी और उन्हें पति के रुप में अपनाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि मां गंगा का नाम लेने से 100 बार स्नान करने से 1000 पापों का निवारण होता है। इस शिव पुराण में वर्णित है कि मां गंगा के पास जब दुर्भाषा ऋषि का आगमन हुआ तो मां गंगा द्वारा उनका स्वागत नहीं किया गया, जिससे उनके द्वारा उन्हें श्राप दिया गया कि आप एक नदी के रूप में बहती रहोगी और ऋषि को जब पता चला कि इस छल के पीछे का कारण मां पार्वती है तो उन्होंने फिर मां गंगा को वरदान दिया कि गंगा नदी को भगवान शिव अपने सिर पर धारण करेंगे और मां पार्वती को श्राप दिया कि भले ही आपकी शादी शिव से हो पर आपकी संतान शिव के अंश से नही होगी। इसीलिए भोले के अंश से मां गंगा शिव पुत्र कार्तिकेय की उत्पति हुई और इस अंश को अग्निदेव द्वारा कबूतर का रुप धारण करके अपनी चोंच में लेकर गंगा में डाला। इस वजह से मां पार्वती ने कबूतर जाति को भी श्राप दिया। उन्होंने कहा कि सात वर्ष की आयु में ही भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति बनाया गया और इन्होंने सनातन धर्म की रक्षा करते हुए तारकासुर व अन्य राक्षसों को मारा। इसके साथ ही सभा के प्रेस सचिव सुरेंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि कथा रोजाना सुबह 12 से 2:30 बजे तक चलती है और सभा द्वारा भक्तो के लिए प्रसाद व लंगर की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कथा का समापन 14 अगस्त को होगा।
सिरमौर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर हंसराज की अदालत ने आरोपी सुनील कुमार पुत्र बाबूराम निवासी मोतीपुर, जिला लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) को पत्नी की मौत के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 306 के तहत दोषी को 5 साल की साधारण कैद और 20,000 रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 4 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 201 के तहत 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 498 के तहत भी 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत में मामले की पैरवी जिला न्यायवादी चंपा सुरील ने की। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी चंबा सुरील ने देते हुए बताया कि आरोपी सुनील कुमार अपनी पत्नी के साथ जिला सिरमौर के पुरुवाला में किराए का कमरा लेकर रहता था। 4 मार्च 2021 को पुलिस को सूचना मिली कि सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ कुछ गलत किया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कमरे का दरवाजा खुलवाया। कमरे में एक लोहे का बक्सा मिला, जिसमें उसकी पत्नी का शव था। पुलिस जांच में पता चला कि सुनील कुमार अपनी पत्नी पर शक करता था और अकसर उसके साथ लड़ता था। 2 मार्च 2021 को सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ लड़ाई की और उसकी पत्नी ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरोपी ने शव को लोहे के बक्से में छिपा दिया था। इस मामले में अदालत ने 27 गवाहों और तमाम साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और दोषी पति को उपरोक्त सजा सुनाई।
**समेज क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति हुई बहाल समेज त्रासदी में लापता लोगों को परिजनों से मिलाने के लिए पुलिस की डीएनए मिलान तकनीक मददगार साबित हो रही है।अभी तक पहचान न हुए शवों में से दो शवों की पहचान डीएनए के माध्यम से हो चुकी है। इनमें संतोष कुमारी पत्नी सूरत राम गांव कनराढ़ डाकघर सुघा तहसील रामपुर उम्र 54 वर्ष की पहचान इनके पुत्र राजेश कुमार के डीएनए से हुई है। इसके साथ ही रूप सिंह सुपुत्र सुखराम डाकघर सरपारा तहसील रामपुर उम्र 52 वर्ष की पहचान इनके पुत्र साहिल के डीएनए मिलान करके हुई है। पुलिस ने 37 के करीब डीएनए सैंपल लिए हुए है। इन्ही के आधार पर डीएनए मिलान हो रहा है।उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि कई शव क्षत-विक्षत हालात में मिले है, जिनकी पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन हमने ऐसे लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए है। फिर शवों के डीएनए सैंपल से मिलान करवा रहे है। इनमें से दो शवों के डीएनए मिलान कर लिए गए है। यह दोनों व्यक्ति शिमला जिला के क्षेत्र में रहते थे।पुलिस ने डीएनए सैंपलिंग बहुत शानदार तरीके से की हुई थी। इसी की वजह से शवों की पहचान हो पाई है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि सर्च आपरेशन के दौरान मिलने वाले हर शव की पहचान हो। इसी कड़ी में हमने वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से जांच को प्रभावी बनाया जाता है। डीएनए मिलान से ही परिजनों को शव मिल पा रहे है। क्योंकि कई शवों की पहचान बिना डीएनए के संभव ही नहीं थी। हमने पूरी योजना से डीएनए सैंपल प्रोफाईलिंग की है। इसी तरह अन्य शवों की पहचान करने में लगे है। समेज त्रासदी से प्रभावित क्षेत्र में बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। करीब दस दिन बिजली और पेयजल आपूर्ति को बहाल करने में लग गए। कई जगह से पाईपें, बिजली के खंबे एवं तारें पूरी तरह गायब हो गई थी। ऐसे में संबधित विभागों ने नई तारें, खंबे और पानी की पाईपें बिछाई है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि समेज में बिजली और पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। दोनों विभागों ने दिन रात मेहनत करके कार्य को तीव्र गति से अंजाम दिया है।
हिमाचल प्रदेश में आगामी कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा मौसम विभाग ने आंधी तुफान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश भर में 16 अगस्त तक भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और लैंडस्लाइड और बाढ़ के कारण प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद रहीं। मौसम विभाग ने आज रविवार को भी चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति, चंबा और सिरमौर जिले में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के कारण भारी नुकसान हुआ है। हालांकि गनीमत रही की इन घटनाओं में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। लाहौल-स्पीति पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ज्यादा सावधानी बरतने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। जिले में तेजी से नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बीते कुछ दिनों में प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार शाम से सबसे ज्यादा 168.3 मिमी बारिश सिरमौर के नाहन में दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, सिरमौर में 42, कुल्लू में 37, मंडी में 29, शिमला में 17, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में 4, लाहौल और स्पीति जिले में एक सड़क बंद है। प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद हैं, जबकि बारिश के कारण 24 बिजली और 56 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए हिमुडा प्रदेश में पहला ऊर्जा दक्षता आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनाएगा। शिमला के विकासनगर में करीब 100 करोड़ की लागत से व्यवसायिक परिसर बनाया जाएगा। इस भवन में ऊर्जा की खपत घटाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सहयोग से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। नगर नियोजन, आवास और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने दिल्ली में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। धर्माणी ने बताया कि तीन महीने के भीतर भवन का नक्शा तैयार कर इसी साल निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। अगले दो साल के भीतर आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनकर तैयार हो जाएगा। भवन में कार्यालय, रिटेल चेन, मल्टीपर्पज हॉल, बैंक्वेट हॉल, फूड कोर्ट सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन की पूरी बिजली सोलर सिस्टम से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप हाई बिल्डिंग रैंकिंग हासिल करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा जिला कांगड़ा के वास्तुकला विभाग और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच तकनीकी ज्ञान साझा करने के लिए भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। उन्होंने प्रदेश में हिल आर्किटेक्चर में विशेषज्ञ पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर भी चर्चा की। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली के निदेशक प्रो. वीके पॉल ने एमओयू हस्ताक्षरण कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन किया।इस मौके पर हिमुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़,इंदौरा, द्वारा अयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में चल रही शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस में आज जोगिंदर शास्त्री महाराज (जम्मू वाले) ने प्रवचन देते हुए कहा कि माता पार्वती जी प्रकटया तथा भगवान शिवशंकर जी को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या का वर्णन किया गया और इसके साथ उन्होंने त्रिकाल संध्या प्रात काल, मध्यकाल तथा सांय काल के महत्व के बारे में कहा की सनातन धर्म में श्री शालिग राम की पूजा व भगवान शंकर की पिंडी की पूजा सर्वश्रेष्ठ है अर्थात शंभु पिंडी की महिमा बहुत है जिसका जितना वर्णन किया जाए उतना कम है इसके साथ उन्होंने कहा कि, जिन भक्ति हरध्या, नही आनी, जीवन मृत समान तेहू पानी ,अर्थात जिसके जीवन में भगवान की भक्ति नही है वह जीवित भी मृत के समान है। भारी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने स्वयं भू प्रकट अदशिवलिंग के दर्शन किए लंगर प्रसाद का भी आनंद लिय। इसके साथ आज सुरेश महाजन मुख्य अभियंता,धर्मशाला, जलशक्ति विभाग परिवार सहित, व रविंद्र कुमार अधिशासी अभियंता मंडल इंदौरातथा वृंदावा लैक्समांसिंग गोहिल कमिश्नर ऑफ कस्टमर, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल ने भी पूजाअर्चना की तत्पश्चात इन विशेष अतिथियों को सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच उपप्रधान अजीत सिंह,युद्धवीर सिंह महासचिव सुभाष शर्मा जोगिंदर भारद्वाज, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा, संगठन मंत्री प्रेम सिंह, रमेश पठानिया, प्रचार मंत्री पवन शर्मा सलाहकार कृष्ण मन्हास ने स्मृति चिन्ह व सिरोपा देकर सम्मानित किया
इंदौरा: आज अंडर 14 जोनल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाह कुलाड़ा में दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन बतौर मुख्यातिथि सम्मिलित हुए। यहाँ विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिभागियों ने मार्च पास्ट कर मुख्यातिथि को सलामी दी। इस दौरान स्थानीय विद्यालय के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश कीं। प्रिंसिपल नव प्रकाश पुरी ने बताया कि 4 दिन चलने वाली उक्त खेलकूद प्रतियोगिताओं में क्षेत्र के 38 विद्यालयों के 14 वर्ष से कम आयु वर्ग के 525 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने संबोधन के दौरान स्कूल की समस्याएँ बारे विधायक को बताईं। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा मुख्यातिथि को पारंपरिक टोपी, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने अपने संबोधन में कहा कि जब से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व वाली सरकार बनी है, तब से विद्यालयों में आधारभूत संरचना को विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है और इंदौरा क्षेत्र में भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, इस विषय पर एक प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। विधायक ने अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की व और भी जो समस्याएँ होंगी, उन्हें प्राथमिकता पर हल करने का आश्वासन दिया। इस दौरान सुधीर कटोच, मेजबान उप प्रधान राजेश कुमार, प्रिंसिपल मोहन शर्मा, बी.ई.ई.ओ. किरण बाला, पूर्व उप प्रधान मनोहर पिंकी, निर्मल प्रसाद, एस.डी.ओ. रजिंद्र सनौरिया, से.नि. कैप्टन रणवीर सिंह, सुनीत सिंह, चंद्रमोहन, नरेंद्र शर्मा सहित अन्य लोगों को भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा सम्मानित किया गया।
कांगड़ा: रेड क्रॉस सोसायटी के सौजन्य से शनिवार को राजा का तालाब में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में यूथ क्लब के रक्तवीरों ने रक्त देकर इस कार्य में अपना योगदान दिया। शिविर ब्रिलेंट एकेडमी राजा का तालाब में सुबह नौ बजे शाम तीन बजे तक आयोजित किया गया। इस दौरान यूथ क्लब राजा का तालाब के रक्तदाताओं व अन्य ने कुल 32 यूनिट रक्त देकर पुण्य की इस बेला में अपनी आहुति डाली। शिविर में डॉ.संजय भारद्वाज सेवानिवृत खंड चिकित्सा अधिकारी व कांगड़ा की टीम ने अपनी विशेष सेवाएं प्रदान की। इस मौके पर यूथ क्लब प्रधान मुनीश चौधरी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रक्त दान के आगे अन्य दान फीके पड़ जाते हैं। रक्त दान को महादान कहा गया है। उन्होंने कहा कि रक्त दान करने से कई तरह की बीमारियों से हमें निजात मिलती है। नियमित रूप से रक्तदान शरीर के लिए बेहतरीन टॉनिक का कार्य करता है। वहीं आपात स्थिति में ब्लड की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को नई जिंदगी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि खून नाड़ियों में बहना चाहिए, न कि नालियों में बहना चाहिए। इस मौके पर रक्त वीरों को जलपान भी दिया गया।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में आवश्यकता से अधिक कार्यरत शिक्षकों को अब जनजातीय क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का युक्तिकरण करने को लेकर शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा के जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में जनजातीय क्षेत्रों में रिक्त पड़े पदों को प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरने के आदेश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले स्कूलों को शिक्षकों की तैनाती करने में प्राथमिकता देने को कहा गया है। बदले जाने वाले शिक्षकों की हर माह 5 तारीख तक उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को सूचना देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि उच्च और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक अब स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर जनजातीय जिलों में शिक्षकों की तैनाती की निगरानी करेंगे। प्रत्येक उप निदेशक को छात्र नामांकन संख्या पर विचार करना होगा और प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक विभागाध्यक्ष को स्कूल-वार प्रतिनियुक्तियों का विवरण देते हुए मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। निदेशक पर्याप्त स्टाफिंग सुनिश्चित करने के लिए इन रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश जिला मुख्यालय और उपमंडल मुख्यालयों में स्थित स्कूलों में सरप्लस शिक्षक कार्यरत हैं। एक ही विषय के कई स्कूलों में दो से तीन शिक्षक कार्यरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की कई स्कूलों में आवश्यकता से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। इसी कड़ी में अब शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने शिक्षकों की सभी श्रेणियों जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी, प्रवक्ता स्कूल न्यू का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों को अब जनजातीय क्षेत्रों के ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की भारी कमी है। प्रतिनियुक्ति के आधार पर इन शिक्षकों को जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में भेजा जाएगा। शिक्षा सचिव ने विभगाीय अधिकारियों से सरप्लस शिक्षकों और कमी से जूझ रहे स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देंश दिए हैं। शिक्षक उपलब्धता, छात्र नामांकन का उपायुक्त भी करेंगे आकलन प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा माहौल बनाने के लिए अब जिला उपायुक्तों का सहयोग भी लिया जाएगा। इसके तहत उपायुक्त नियमित रूप से शिक्षक उपलब्धता और छात्र नामांकन का आकलन करेंगे और आवश्यक निर्देश प्रदान करेंगे। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय शैक्षिक मांगों के साथ शिक्षण संसाधनों को बेहतर ढंग से संरेखित करना है।
हिमाचल प्रदेश सरकार HRTC को घाटे से उभारने के लिए कई अहम फैसले लेने की तैयारी में है और खबर ये भी है कि महिलाओ को HRTC बसों में मिलने वाली 50 % छूट को घटाकर 25 % किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चो के लिए HRTC बसों में फ्री सफर को बंद किया जा सकता है और बच्चो के लिए कम से कम और निर्धारित किराया तय करने पर भी सरकार विचार कर रही है। हाल में ही हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने पुलिस कर्मियों को निगम की बसों में निशुल्क सफर बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि इसके बाद पुलिस कर्मियों में रोष भी देखने को मिला है। पुलिस कर्मियों का कहना था कि उन्हें कभी भी फ्री सफर की सुविधा नहीं मिली। दरसल पुलिस कर्मियों को महीने के 250 रुपए देकर HRTC बसों में सफर करने की सुविधा मिलती थी। इससे पहले HRTC निदेशक मंडल की बैठक में निजी स्कूलों के बस पास की दरें दोगुना करने और कार्ड वैधता अवधि दो साल से घटा कर एक साल करने का निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि बीते कुछ समय से निगम प्रबंधन द्वारा लिए गए फैसलों से HRTC की आय में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई है। बीते सालों के मुकबले इस साल निगम की आय बढ़ी है और कर्मचारियों को भी वेतन महीने की पहली तारीख को मिला है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कुछ दिनों पहले कहा था कि HRTC को घाटे से उभारने के लिए सरकार अभी कई अहम फैसले लेगी। सरकार के इन फैसलों से बेशख लोगो को अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी पड़े लेकिन निगम को घाटे से उभारने के लिए कुछ फैसले लेना तो ज़रूरी है।
** फल राज्य में अनुमान से भी कम उत्पादन रहने के आसार मौसम की मार से देश की मंडियों में इस बार हिमाचली सेब की महक फीकी पड़ने लगी है। देशभर में फल राज्य के नाम से विख्यात हिमाचल में पहले सर्दियों के मौसम में अच्छी बारिश और बर्फबारी न होने से सेब के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स पूरे नहीं हुए थे। इसके बाद सेब में फ्लावरिंग के समय मौसम खराब रहने से और तापमान में आए उतार और चढ़ाव से फ्रूट सेटिंग कम हुई है। गर्मियों के मौसम में समय पर बारिश न होने से इस बार सेब के साइज पर भी असर पड़ा है, जिससे सेब की क्वालिटी पर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में बागवानी विभाग ने पहले ही सेब उत्पादन कम रहने के आसार जताए थे, लेकिन अब मानसून सीजन में भी सेब को खासा नुकसान पहुंचा है, जिस कारण इस बार सेब उत्पादन अनुमान से भी कम रहने के आसार नजर आ रहे हैं। हिमाचल में इस बार सेब की पेटियों का उत्पादन 3 करोड़ पेटियों से कम रहने का अनुमान लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में पीजी कोर्स की करीब 248 सीटें अभी भी खाली हैं। 22 विभागों में खाली पड़ी इनसब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को भरने के लिए 16 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। किस विभाग में कितनी सीटें खाली हैं, इसकी पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि खाली सीटों पर क्वालीफाइंग एग्जाम की मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। खाली सीटों के लिए विद्यार्थी 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। खाली सीटों की श्रेणी को बदलकर भरे जाने की प्रक्रिया विवरणिका में दिए नियमों के तहत की जाएगी। सीटों को भरने की प्रक्रिया के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी छात्रावास सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे। एचपीयू की ओर से जारी ब्योरे के मुताबिक नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में अधिक सीटें खाली हैं। एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 12, एमए ग्रामीण विकास में 9, एमसीए में 2 (पीडब्लूडी), एफवाईआईसीटीटीएम में 20, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 3, एमए सोशल वर्क 3 (सामान्य श्रेणी), एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 2 सीटें खाली हैं। एमए एजुकेशन में 10, एमए विजुअल आर्ट में 4, एमएबी ग्रामीण विकास 14, एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 15, एमए ग्रामीण विकास में 3, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में 11, एमए पापुलेशन में 15, एमसीए में 2 जनरल, 10 एससी व 2 पीडब्ल्यूडी, एमएससी डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एचपीयू जरनल 13, एसटी एक, एससी तीन, पीडब्ल्यूडी की एक सीट है। इसके अलावा एमए जेएमसी में एक नॉन, बीएचएम में 22, एफवाईआईसीटीटीएम में 10, एमटीटीएम में 10, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 5, बेचलर इन लाइब्रेरी साइंस में 8, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में 3, एमए आर्कियोलॉजी एंड एनिशिएंट हिस्ट्री में 10, एमए योग स्टडीज में 1, डिप्लोमा इन योग स्टडीज में 5, पीजीडीडीडीएम में 6 और एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 3 सीटें खाली हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने सोनिया गांधी को सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। जलशक्ति और परिवहन विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान से भी अवगत कराया। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की सदस्य व सांसद रजनी पाटिल से मुलाकात की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के दौरान राठौर ने सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में हो रहे नुकसान की भी जानकारी दी। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के दिल्ली दौरे से प्रदेश संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनावों के दौरान निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों की संगठन से जल्द छुट्टी हो सकती है। बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब राठौर की मुलाकात के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसे में आसार हैं कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
एनएच के साथ लगतीं जिलों की सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने केंद्र से पैसा जारी करने के लिए रिमाइंडर भेजा है। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये मांगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले को उठा चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी गडकरी से यह मामला उठाया है। बीते साल बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल में कई नेशनल हाईवे बंद हो गए थे। ऐसे में जिला सड़कों से वाहनों की आवाजाही हुई। उस दौरान केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल दौरे के दौरान केंद्र को प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। हिमाचल में आपदा के चलते 17 पुल ढह गए। अकेले लोक निर्माण विभाग को 2913.05 करोड़ का नुकसान हुआ है। अन्य विभागों की अपेक्षा यह बहुत ज्यादा है। इन सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे पड़े हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एनएच बंद होने से वाहनों की आवाजाही जिला सड़कं और संपर्क मार्ग सहारा बने थे। केंद्र सरकार ने सड़कों को ठीक करने के लिए पैसा देने की हामी भरी थी, अभी यह पैसा नहीं मिला है।
डाक विभाग, देहरा मण्डल के अंतर्गत आने वाले सभी डाकघरों, उप डाकघरों, और शाखा डाकघरों, मे हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बिक्री के लिए तिरंगे उपलब्ध हैं, जिसकी बिक्री 10 अगस्त से शुरू हो जाएगी। यह पहल "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और प्रत्येक नागरिक के घर पर तिरंगा लहराना है। इसका बिक्रय मूल्य 25 रुपए प्रति झण्डा तय किया गया है। तिरंगा खरीदने के इच्छुक नागरिक अपने नजदीकी डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। यह अभियान 15 अगस्त, 2024 तक चलेगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे समय पर अपना तिरंगा खरीदकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान में हिस्सा लें और देश की एकता और अखंडता का प्रतीक तिरंगा अपने घर पर फहराएं।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में "सेहत अपने हाथों में" विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. गुरिन्द्र सिंह ने "दर्द को बिना दवाइयों के कैसे ठीक कर सकते हैं" इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में तनाव और दर्द प्रबंधन के लिए कई प्राकृतिक और गैर-औषधीय उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ध्यान, योग, एक्युप्रेशर, और विभिन्न व्यायामों के महत्व पर बल दिया। वहीं उच्च रक्तचाप और कमर दर्द जैसी आम समस्याओं के लिए फिजियोथेरेपी के लाभों की भी चर्चा की। डॉ. गुरिन्द्र सिंह का व्याख्यान अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जिसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों शामिल हैं। उनके व्याख्यान ने सभागार में मौजूद समस्त छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों को यह समझने में मदद की कि कैसे वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके अपने स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने डॉ. सिंह के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।जहाँ उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए । इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो सत्यम कुमारी, विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्ष,सहायकाचार्य,कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में नागपंचमी के अवसर पर छात्रों के बीच मेहंदी प्रतियोगिता करवाई गई । यह प्रतियोगिता इको क्लब के तत्वावधान में करवाई गई। इस बीच प्रोफेसर देवेन्द्र सिंह, प्रोफेसर खेमचंद और प्रोफेसर शीतल ने नागपंचमी का सम्बन्ध प्रकृति से जोड़कर अपने अपने विचार रखे । इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निलाक्षी , द्वितीय स्थान गीतिका और तृतीय स्थान आरूषी ने हासिल किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने भी छात्रों को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार रखे । इस अवसर पर वाणिज्य संकाय के प्रो. रामपाल और प्रो. पलक सिंह भी मौजूद रहे ।
हिमाचल प्रदेश भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने आज नई दिल्ली में केंद्र सरकार के श्रम महानिदेशक एवं अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन और श्रम निदेशक पीके जिन्ना से भेंट की। उन्होंने श्रम महानिदेशक को प्रदेश में श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए कई कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने श्रम महानिदेशक से श्रमिकों के बच्चों के लिए डे बोर्डिंग स्कूल और सुविधा केंद्रों की स्थापना करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के लिए बीओसीडब्ल्यू अधिनियम 1996 के तहत वित्त पोषण का प्रावधान किया जाए। उन्होंने बीओसीडब्ल्यू अधिनियम के तहत प्रशासनिक व्यय सीमा को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का भी आग्रह किया ताकि इन कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी कार्यान्वयन किया जा सके। कंवर ने श्रमिकों और उनके आश्रितों को विशिष्ट और उन्नत स्तर का कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एजेंसियों को सूचीबद्ध करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने इन सुझावों के सफल क्रियान्वयन के लिए निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन का आग्रह किया। उन्होंने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए श्रम महानिदेशक और श्रम निदेशक का आभार व्यक्त किया। श्रम महानिदेशक ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नीति निर्धारण के दौरान प्रदेश के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इस मौके पर वित्तीय अधिकारी नरेश चौहान भी उपस्थित थे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव बाली ने आज धर्मशाला के ग्रीन प्लाजा 3 पार्क, नजदीक शहीद स्मारक में पौधारोपण कर एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के तत्वाधान में आयोजित वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव बाली ने पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि राजीव बाली ने औषधीय पौधे आंवला को रोपित कर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के हर वर्ग को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। राजीव बाली ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा और संवर्धन के प्रति जागरूक किया और इस दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ‘हमारा भविष्य हमारे वृक्षों में निहित है। इस दौरान प्रीति ठाकुर अध्यक्ष वक्फ बोर्ड धर्मशाला, राजेश चौहान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशाला, अनिल कुमार अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट धर्मशाला, नितिन मित्तल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मशाला, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिखा लखनपाल, तथा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास श्वेता नरूला ने भी पौधरोपण में भाग लिया। इस अभियान में सबको सम्मिलित करते हुए प्रभागीय वन अधिकारी दिनेश शर्मा, वन विभाग के कर्मचारी और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, धर्मशाला की जमा एक की छात्राओं के साथ मिलकर पौधरोपण किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में आयोजित वृक्षारोपण अभियान में आंवला, जामुन, बेहड़ा और अर्जुन जैसे औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए, जो न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी समृद्ध करेंगे।
** 27 अगस्त तक जमा कर सकते हैं आवेदन बाल विकास परियोजना धर्मशाला के अधीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तीन तथा आंगनबाड़ी सहायिका के 17 रिक्त पद भरे जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला रमेश जागवान ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत ढगवार के मसरेहड़ केंद्र, ग्राम पंचायत पासू पंतेहड़ के देहरू केंद्र तथा ग्राम पंचायत जूहल के बनगोटू में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाने हैं। वहीं नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नम्बर-1 के टैंगलवुड, वार्ड नम्बर-4 के कोतवाली बाजार, वार्ड नम्बर-7 के डिपो बाजार, वार्ड नम्बर-8 के उपरेहड़ तथा वार्ड नम्बर-15 के ठेहड़ केंद्रों में आंगनवाड़ी सहायिका के पद भरे जाने है। साथ ही ग्राम पंचायत रसेहड़ के रसेहड़, योल के लहसर, बरवाला के थम्बा, कजलोट के अप्पर सुधेड़, सुक्कड़ के खास सुक्कड़, शीला के शीला-2, गगल के गगल-2, मंदल के निचली भड़वार, ढगवार के मसरेहड़, झियोल के घियाणा खुर्द, नरवाणा खास के बलेहड़ तथा नरवाणा-2 केंद्रों में भी सहायिका के पद भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवार सादे कागज पर अपने संपूर्ण दस्तावेजों सहित 27 अगस्त शाम 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला के कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकते हैं। आवेदन के लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी। उम्मीदवार उसी आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र की स्थाई निवासी हो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए जमा दो पास होना आवश्यक है। उम्मीदवार के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला के कार्यालय के मोबाइल नम्बर 7018095512 तथा 9418687263 में संपर्क कर सकते हैं। जिन महिला उम्मीदवारों ने उपरोक्त पदों के लिए पहले से आवेदन किया हुआ है, उन्हें दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।
समेज त्रासदी के बाद आज नोगली में एक महिला का शव बरामद हुआ है। शव की पहचान कल्पना केदारटा पत्नी जयसिंह के तौर पर हुई है, जो कि ग्रीनको हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत थी। रेस्क्यू टीम द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है। ये जानकारी एसडीएम निशांत तोमर ने दी। समेज में आज रेस्क्यू ऑपरेशन का नौवां दिन है। त्रासदी के बाद अब तक 15 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 4 शवों की शिनाख्त कर ली गई है।
समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के नौवें दिन आज सुबह सुन्नी डैम के नजदीक दोघरी क्षेत्र में चार शव बरामद हुए है। प्रथम दृष्टया में दो शव पुरुषों के हैं और एक लड़की का शव है, जिसकी उम्र 14 से 15 साल बताई जा रही है। इसके साथ ही एक अन्य शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। यह भी प्रथम दृष्टया में महिला का बताया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि शव क्षत-विक्षत है। शवों को रेस्क्यू किया जा रहा है, जिसके बाद इन्हे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन कुल्लू को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है।
हिमाचल में मानसून सीजन में भारी बारिश से मचने वाली तबाही को रोकने के लिए सरकार ने अब सख्त कदम उठाए हैं। बरसात में भारी बारिश से नालों और नदियों में जलस्तर बढ़ने से साथ लगते भवन बाढ़ की चपेट में आने से हर साल जान और माल का काफी अधिक नुकसान हो रहा है। वहीं, इस साल 31 जुलाई की आधी रात को भी तीन जिलों शिमला, कुल्लू और मंडी में भी बादल फटने की घटना से नालों और खड्डों में बाढ़ आ गई, जिसमें 53 लोग लापता हुए थे। इसी तरह से कई घर बाढ़ की चपेट में आने से जमींदोज हो गए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन बनाने के लिए नियम और शर्तों को सख्त बना दिया है। हिमाचल प्रदेश में अब लोगों को नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण के समय नियमों की पालना करनी होगी। अब उचित दूरी के बाद ही मकान बनाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सरकार ने नियम तय कर दिए हैं। इन नियमों के मुताबिक नालों से 5 मीटर और नदी से 7 मीटर छोड़कर ही भवन निर्माण करना होगा। इन नियमों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके लिए जनता से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थी, जिसके बाद अब सरकार ने नियमों को लागू कर दिया है। इससे पहले नालों से 3 और नदियों से 5 मीटर की दूरी पर भवनों का निर्माण किया जाता था, लेकिन प्रदेश में पिछले साल मानसून सीजन में आई प्राकृतिक आपदा की वजह से नालों और नदी के किनारे बने भवनों को सबसे अधिक नुकसान हुआ था। इस साल भी तीन जिलों में बादल फटने की घटना हुई है, जिससे नालों में बाढ़ आने की वजह से कई घर इसकी चपेट में आ गए और 53 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस दौरान कई शव भी बरामद हुए हैं। ऐसे में सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण को लेकर तय नियमों में बदलाव किया है, ताकि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। ये नियम सूख चुकी खड्डों और नालों के किनारे बनने वाले भवनों पर भी लागू होंगे।
कुंडी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नव युवक मंडल कुंडी द्वारा जन्माष्टमी के उपलक्ष पर खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस बार विक्रम शर्मा क्रिकेट मेमोरियल कप का भी आयोजन किया जाएगा, जो 12 अगस्त से 26 अगस्त तक आयोजित होगा। इसमें इच्छुक टीमें 11 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करवा सकती है। सभी टीमों को रजिस्ट्रेशन के लिए 2100 रुपए फीस रखी गई हैं, जिसमें विजेता टीम को 51000 व उपविजेता टीम को 11000 रुपए की नकद राशि दी जाएगी।
** प्रधानाचार्य ने चयनित विद्यार्थियों को किया सम्मानित इंदौरा: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहटली की +2 कक्षा की दो छात्राओं रिया और कल्पना का रिवालसर में हुए स्काउट एवं गाइड कैंप में राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ हैं। इसमें उन्हें राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ-साथ कल्पना का चयन अगले वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त करने हेतु टेस्टिंग के लिए भी हुआ है। विद्यालय में पहुंचने पर प्रधानाचार्य बलविंदर कुमार ने चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय को पूर्व स्काउट एंड गाइड प्रभारी नीलम कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिनके मार्गदर्शन मे यह उपलब्धि हासिल हुई हैं। इस अवसर पर स्कूल के स्काउट एंड गाइड प्रभारी अजय शर्मा, सीमा कुमारी, उप प्रधानाचार्य शैलजा कौशल, प्रवक्ता रविंद्र कुमार, विजय कुमार, सतपाल, सतीश कुमार, सविता भूषण, मुकेश कुमारी, सुनील कुमार, रूपलाल, सुमन ठाकुर, सुजाता ( D P E ) इंद्रजीत सिंह, प्रदीप शर्मा , राजीव ( एल ए ) उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) की स्पोर्ट्स काउंसलिंग में दस्तावेज न दिखा पाने अभ्यर्थियों को मुख्य श्रेणी में शामिल करेगा। इन अभ्यर्थियों को उनके पासिंग क्राइटेरिया के अनुसार आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाएगा। उनकी स्पोर्ट्स कोटे की पात्रता को रद्द कर उन्हें जल्द ही आगे होने वाली मुख्य काउंसलिंग में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से डीएलएड-2024-26 के लिए जून में प्रदेश भर में 107 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा करवाई थी। इस दौरान 17,646 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से शिक्षा बोर्ड ने 5,579 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया था। इसके बाद शिक्षा बोर्ड ने स्पोर्ट्स कोटे की सीटें भरने को पहली और दो अगस्त को काउंसलिंग प्रक्रिया हुई। इसमें 116 अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट किया गया। इसमें सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी स्पाेर्ट्स श्रेणी में सर्टिफिकेटों की जांच पड़ताल पहली और दो अगस्त को बोर्ड मुख्यालय में की। दो दिन चली इस काउंसलिंग प्रक्रिया में कुल 62 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बोर्ड प्रबंधन की ओर से की गई दस्तावेजों की वेरिफकेशन के बाद अब 52 अभ्यर्थियों के दस्तावेज संबंधित कोटे की सीटें भरने के लिए सही पाए गए हैं, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की स्पोर्ट्स कोटे की श्रेणी को रद्द कर दिया गया है। खेल श्रेणी के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान खेलकूद प्रमाण पत्रों के आधार पर अंक प्रदान करने के लिए पात्र नहीं माना गया है। जिन्होंने अपने प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करवाए हैं। उनकी खेल श्रेणी को रद्द कर उन्हें मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा जो अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान अनपुस्थित रहे हैं, उन्हें भी मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। अब यह अभ्यर्थी आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
स्कूली बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन करने के लिए हिमाचल में परख सर्वेक्षण-2024 नवंबर में होगा। समग्र शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर वीरवार को समग्र शिक्षा निदेशालय शिमला में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा, अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक संजीव सूद, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीआर शर्मा सहित जिलों के उप शिक्षा निदेशक, डीपीओ और समग्र निदेशालय में तैनात नोडल अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सर्वेक्षण के लिए बच्चों को तैयार करने की मकसद से सभी स्कूलों में जीरो पीरियड ( जीरो आवर) लगाने के निर्देश दिए गए। इनमें उन कक्षाओं के बच्चों की तैयारियां कराई जाएंगी जिनका सर्वेक्षण होना है। इस अवसर पर समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-24 में बेहतर प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर है। साल 2021 में कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में इस सर्वे से पहले हिमाचल के स्कूलों में स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे कराया गया था, जिससे कि बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन किया जा सके। हालांकि इस सर्वे हम कुछ में बेहतर नहीं कर पाए हैं। ऐसे में परख सर्वेक्षण के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
हिमाचल में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए सुक्खू सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए स्टडी लीव के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्टडी लीव पर जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी को पूरा नहीं, अब सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। वहीं, 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह अब वित्त विभाग अनुमति देगा। प्रशासनिक विभाग से शक्तियां वापस ले ली गई हैं। इसके लिए केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम -1972 को बदला गया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम -2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है।
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लोक सेवा आयोग करवाएगा | आज सुक्खू कैबिनेट में इसको लेकर मजूरी दी गई है| हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। करीब पांच घंटे चली मंत्रिमंडल की बैठक में 36 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा हुई| पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लोक सेवा आयोग के माध्यम से करने के निर्णय को भी मंजूरी दी है| ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व सरकार द्धारा फ्री पानी का निर्णय खत्म वित्तीय संकट से जूझ रही सुक्खू सरकार ने आज़ बिजली के बाद अब पानी की रियायत को भी खत्म कर दिया है। शिमला सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व सरकार द्धारा फ्री पानी देने के निर्णय को खत्म करते हुए पानी के कनेक्शन पर 100 रुपए महीना फिक्स तय किया है। इसके पीछे जल शक्ति विभाग में घाटे का हवाला दिया गया है। जबकि 50 हजार से कम आय वाले लोगों, विकलांगो, एकल महिला को मुफ्त पानी मिलता रहेगा। आपदा प्रभावित 89 परिवारों का सारा खर्चा तीन महीने तक उठाएगी सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में 1 अगस्त को कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में हुए बादल फटने में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दुखी परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें क्रमशः 10,000 और 5,000 रुपये प्रति माह किराए पर देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 1 अगस्त, 2024 से 31 अक्टूबर, 2024 तक तीन महीने की अवधि के लिए मुफ्त राशन, एलपीजी री-फिल, बर्तन और बिस्तर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बादल फटने से प्रभावित परिवारों को 50,000 रुपये की तत्काल वित्तीय राहत वितरित की जाएगी एचआरटीसी की बसों में पुलिस जवानों को सरकारी कार्य के लिए ही मिलेगी मुफ्त सेवा वहीं एचआरटीसी की बसों में पुलिस जवानों को केवल सरकारी कार्य के लिए मुफ्त सेवा मिलेगी अन्यथा उसको सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने आबकारी एवम काराधान विभाग दो विंग में विभाजित करने को मंजूरी दी है। जिसमें एक विंग जीएसटी और दूसरा काराधन विभाग होगा।
विद्युत बोर्ड पैन्शनर्ज फॉर्म इकाई ज्वालामुखी की बैठक सेवानिवृत लेखा अधिकारी सुरेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें इकाई अध्यक्ष इंजिनियर एस० एस० चम्बिआल, सचिव जसवंत सिंह, इंजिनियर चम्बेल सिंह, इंजिनियर बी के शर्मा, इंजिनियर नील कंठ दत्ता, राजेंदर कुमार, केएल शर्मा सहित काफी पैन्शनर्ज ने भाग लिया। बैठक में विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पूर्व में रहे प्रदेशाध्यक्ष व विद्युत बोर्ड पैन्शनर्ज फोरम के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाडा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पैन्शनर्ज को सम्बोधित करते हुए कहा कि विद्युत बोर्ड का प्रबन्धक वर्ग 01-01-2016 से पहले सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वेतन मानों व संशोधित ग्रैच्युटी का अतिशीघ्र भुगतान करे और मार्च 2023 के बाद सेवानिवृत कर्मचारियों के ग्रैच्युटी व लीव इनकैशमेंट जैसे वित्तीय लाभों की अदायगी अतिशीघ्र करने की मांग की, उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार द्वारा 01-01-2016 से पहले सेवानिवृत कर्मचारियों को आयु सीमा के आधार पर संशोधित पेन्शन की बकाया राशी का भुगतान किया जाए। खरवाडा ने कहा कि हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों की तरज पर कम्यूट पेंशन की अवधि 15 साल से घटा कर 10 साल 8 महीने की जाए और 10 साल 8 महीने की अवधि पूरा कर चुके पैन्शनर्ज की कम्यूटेशन की कटौती बंद की जाए और जिन पैन्शनर्ज की कटौती ज्यादा समय तक हुई है उसकी अतिरिक्त राशी उन्हें वापिस की जाए। खरवाडा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विद्युत बोर्ड लिमिटेड में अतिशीघ्र पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार सार्वजानिक मंचों से विद्युत बोर्ड लिमिटेड में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर चुके हैं लेकिन पुरानी पेंशन की बहाली ना होने के चलते कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कुलदीप सिंह खरवाडा ने विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबन्धक वर्ग से अतिशीघ्र विद्युत बोर्ड पैन्शनर्ज फोरम के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने की मांग की ताकि आपसी बात चीत के माध्यम से पैन्शनर्ज की समस्याओं का समाधान हो सके।
राजकीय आदर्श माध्यमिक पाठशाला बाल विद्यालय परागपुर में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-25 के लिए वीरवार को स्कूल के प्रधानाचार्य सीमा कौशल की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें पूर्व बीडीसी सुनील चौहान को तीसरी बार एसएमसी कमेटी का प्रधान नियुक्त किया गया। वाहिब कैलाशी, पवन कुमार, तमन्ना, मीनाक्षी, वंदना, सिद्धार्थ रॉय, अनुराधा, सपना, सावित्री, रोशन लाल, बेबी, बबली, मीनू बाला, बबिता, अजय, इंदु बाला रेखा ,सुरक्षा, गायत्री देवी, भावना को कमेटी का सदस्य चुना गया। वहीं सुनील चौहान ने कहा कि स्कूल में कोई भी समस्या न आए इसका प्रयास किया जाए ,स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यालय व छात्रों के उत्थान के लिए कार्य किया जाएगा। एसएमसी कमेटी प्रधान बनने पर प्रधानाचार्य सीमा कौशल ने समस्त नई कमेटी को बधाई दी। इस दौरान सुभाष कुमार, अरविंद कुमार, डीपी अंछरा ठाकुर, रवि ठाकुर, प्रदीप ठाकुर इत्यादि लोग उपस्थित रहे।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नलेटी में सतनाम सिंह ने प्राचार्य पद वीरवार को ग्रहण किया। इससे पहले वह केंद्रीय विद्यालय-1 जालंधर कैंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। प्राचार्य सबसे पहले विद्यालय के कर्मचारियों व विद्यार्थियों से मिले व एक परिवार की तरह कार्य करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय पहले से ही पढ़ाई व अनुशासन में अच्छा है व भविष्य में ऐसा ही रहेगा। बच्चे ही राष्ट्र का धन है और वही आगे चलकर एक अच्छे नागरिक की भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन की मूल भावना को आगे बढ़ाने का विश्वास दिलाया।
हिमाचल प्रदेश की कुछ जगहों पर आज मौसम विभाग ने भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया हैं। शिमला शहर में भारी बारिश से पेड़ गिरने से गाडिय़ों को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा मंडरा गया है। सांगटी, कृष्णानगर व संजौली में बहुमंजिला भवन खतरे की जद में हैं। वहीं, जोगिंद्रनगर उपमंडल में बुधवार को भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। भूस्खलन के कारण सियुरी से छपरोट सडक़ बंद हो गई है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। करसोग उपमंडल में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई मार्गों पर आवाजाही ठप है। खराब मौसम के कारण विभिन्न स्थानों पर उत्पन्न स्थितियों और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उपमंडल के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुरुवार को एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में दस अगस्त तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आठ और नौ तथा 11 से 13 अगस्त के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश भर में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश में 748 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इनमें पीडब्ल्यूडी को 312 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज हुआ है।
** मंडी-कुल्लू-शिमला में बाढ़ में बहे लोगों की तलाश में सर्च आपरेशन जारी बादल फटने की घटना के सात दिन बाद शिमला के सुन्नी में दो शव बरामद हुए हैं। अब तक तीनों जिलों में 21 शव बरामद किए जा चुके हैं। बुधवार को शिमला में मिले दोनों शव महिलाओं के हैं और दोनों की पहचान रितिका और रचना के रूप में हुई है। यह दोनों शव सुन्नी डैम से बरामद किए गए हैं। शिमला में अब तक बरामद शवों की संख्या 11 हो गई है। हालांकि इनमें से अब तक चार की ही पहचान हो सकी है। अन्य बरामद शवों को पहचान के लिए आईजीएमसी शिमला में रखा गया है, जबकि परिजनों के डीएनए सैंपल लैब में भेजे गए हैं। इसके अलावा शिमला में ही बरामद दो शवों का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। रेस्क्यू अभियान में मिले शवों को शिनाख्त के बाद परिजनों को सौंप दिया था। इनकी पहचान रचना उम्र 23 वर्ष गांव सूगा नजदीक सरपारा और दूसरे शव की पहना प्रीतिका पुत्री राजकुमार पांडे झारखंड निवासी के तौर पर हुई थी। उधर, कुल्लू और मंडी में बुधवार को चलाए गए सर्च अभियान के दौरान कोई भी शव नहीं मिल पाया है। यहां सर्च अभियान को जारी रखने का फैसला किया गया है। मंडी में अब भी एक और कुल्लू में दस लोग लापता हैं। कुल्लू के तीन लोग शिमला की तरफ बहे हैं। इनकी पहचान के लिए परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। समेज त्रासदी को लेकर चल रहे सर्च अभियान में अभी तक दस शवों को बरामद किया जा चुका है। सभी शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। सर्च आपरेशन के दौरान बरामद शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद आईजीएमसी शिमला के शव गृह में रखा जा रहा है। जिन शवों की पहचान नहीं हो पा रही है उनके डीएनए मैच किए जा रहें। शिमला में मंगलवार को मिले एक युवक के शव को लेकर दोबारा संशय बन गया है। इस शव को पहले कांगड़ा के युवक का बताया जा रहा था। हालांकि युवक के अभिभावकों ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया है। इसके बाद युवक का शव परिजनों को नहीं सौंपा है। हालांकि पहचान के लिए युवक के परिजनों का डीएनए सैंपल लिया गया है। इसके मिलान के बाद ही पहचान हो पाएगी। गौरतलब है कि शिमला से 33 लोग लापता हो गए थे। इनमें से ज्यादातर बेहद खराब हालत में बरामद हो रहे हैं। इन शवों को पहचानने के लिए डीएनए की मदद ली जा रही है। अब गुरुवार को नौंवे दिन भी शिमला, मंडी और कुल्लू से लापता लोगों की तलाश की जाएगी।
**दिखाने होंगे ये ज़रूरी दस्तावेज, तभी होगा बदलाव ! अब आधार कार्ड में जन्मतिथि और नाम बदलवाना आसान नहीं रहा। अब पहले की तरह आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ या नाम नहीं बदला जाएगा। अब UIDAI यानी यूनीक आईडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अब नियमो में कई बलाव किए है। अब आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ चेंज करवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र और हाई स्कूल की मार्कशीट दिखाना ज़रूरी हो गया है। बिना जन्म प्रमाणपत्र के आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ और नाम में कोई भी बदलाव नहीं किए जा सकेंगे। इसके साथ ही जन्मतिथि में बदलाव करने के लिए एक व नाम में कोई बदलाव करने के लिए सिर्फ दो बार ही मौका दिया जाएगा। वही हाईस्कूल पास न करने वाली महिलाएं व पुरुषों के लिए जन्म प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी है तभी आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ और नाम में बदलाव किया जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में होगी। इस बैठक में कई अहम फैसले होंगे। विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। इसमें मानसून के दौरान बादल फटने से हुई घटनाओं के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों से संबंधित चर्चा भी हो सकती है। आपदा में हुए नुकसान को लेकर राहत पैकेज पर सरकार निर्णय ले सकती है।पिछले साल आई आपदा के बाद एक तय अवधि के लिए सरकार ने अपने स्तर पर विशेष पैकेज दिया था। इस बार भी पीड़ितों को आवास सुविधा देने जैसे निर्णय हो सकते हैं। इसके अलावा हिमकेयर योजना में पाई गई अनियमितताओं पर चर्चा और स्वास्थ्य विभाग में ऐसी योजनाओं में विभिन्न सुधारों के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति की रिपोर्ट भी राज्य कैबिनेट की बैठक में रखी जा सकती है।
धर्मशाला, 07 अगस्त। हिमाचल प्रदेश विवि क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र खनियारा में शिक्षा सत्र 2024-25 में विभिन्न संकायों में रिक्त सब्सिडाइज तथा नाॅन सब्सिडाइज सीटों को भरने के लिए 12 अगस्त को क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र में काउंसलिंग रखी गई है। यह जानकारी क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक प्रो डीपी वर्मा ने देते हुए बताया कि हिमाचल विवि द्वारा एमए संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, एम काॅम, एमएससी गणित, एमसीए तथा एमएससी ज्यूलाॅजी में रिक्त सब्सिडाइज तथा नाॅन सब्सिडाइज सीटों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 12 अगस्त को दस बजे आवेदन फार्म तथा 200 रूपये के आईपीओ तथा डिमांड डाफ्ट सहित काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। मेरिट के आधार पर ही सीटें भरी जाएंगी। इसके अतिरिक्त जिन अभ्यर्थियों ने विवि में पहले आवेदन नहीं किया है सामान्य वर्ग के 700 रूपये का डाफ्ट तथा एससीएसटी वर्ग के अभ्यर्थी 350 का डाफ्ट संलग्न करना होगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा देने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा सभी आवेदनकर्ताओं को आवेदन पत्र के साथ स्नातक विषय की प्रति सीजीपीए सहित लगाना अनिवार्य होगी अन्यथा फार्म स्वीकार नहीं किया जाएगा इसके साथ डाक द्वारा भेजे गए आवेदन पत्र मान्य नहीं होंगे। में प्रवेश परीक्षा ली थी तथा उसी के आधार पर उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त एमएससी ज्यूलाॅजी, पीजीडीसीए में भी प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश विवि तथा क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र की बेवसाइट से प्रवेश फार्म डाउनलोड कर सकते हैं तथा निर्धारित तिथि के अनुसार कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
हिमालयन आईटीआई लगबलियाना में विश्व की प्रसिद्ध कंपनी एम एस गोदरेज & बॉयसी एमएफजी लिमिटेड मोहाली सीटीसी 14940 रुपए पर प्रतिमाह ओर, एम/एस मिंडा कराइकु लिमिटेड सीटीसी 16263 रुपए प्रतिमाह सैलेरी पर 600 से अधिक बेरोजगार युवाओं को 9 अगस्त 2024 को रोजगार देने आ रही है। इसमें अपेरिंग युवा भी भाग ले सकते हैं आईटीआई पास युवा भाग भी ले सकते हैं। इसमें आईटीआई के प्रधानाचार्य आनंद कुमार का कहना है कि इसमें वे युवा भाग ले सकते हैं जिनकी आयु 18 से 30 वर्ष के बीच में है ओर इसमें ट्रेड हैं - इलेक्ट्रिशियन , फिटर ,मोटर मैकेनिक व्हीकल,इलेक्ट्रॉनिक ,मशीनिस्ट ,ट्रेक्टर मैकेनिक ,वेल्डर ,पेंटर ,टर्नर डीजल मैकेनिक मैं आईटीआई पास हो भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त कंपनी की तरफ से विशेष सुविधा के रूप में कैन्टीन ओर बस की सुविधा सब्सिडाईजड रेट पर दी जाएगी। प्रत्येक विद्यार्थी वांछित प्रमाण पत्र साथ लेकर सुबह 9 बजे से पहले हिमालयन आईंटीआईं के प्रांगण में पहुंचना सुनिश्चित करें।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा में सुधार वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर सात से 83 प्रतिशत पहुंच गई है। प्रदेश के अस्तित्व में आने के समय लगभग 300 शिक्षण संस्थान थे, जो आज बढ़कर 16 हजार से ज्यादा हो गए हैं। सरकार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग में 7,000 खाली पद भरे जा रहे हैं। राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मंगलवार को अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में आधारभूत ढांचा मजबूत किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए शिक्षा में क्लस्टर सिस्टम लागू किया है। इससे स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है। संसाधनों का उचित उपयोग हो रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर शिक्षा के लिए प्रयास कर रही है। वर्तमान सरकार ने अध्यापकों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रमण कराया है। विदेशों की अच्छी शिक्षा प्रणाली समझकर प्रदेश में लागू करने के प्रयास हो रहे हैं। शिक्षा ढांचा मजबूत करने के लिए विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच और पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल मर्ज कर रहे हैं। दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है।
नागा बाबा शिव शक्ति दंगल कमेटी ढलियारा द्वारा हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य दंगल का आयोजन होगा। जानकारी देते हुए कमेटी प्रधान वीरेंद्र मनकोटिया ने बताया कि इस बार यह ऐतिहासिक मेला तीन दिवसीय होगा, जिसकी शुरुवात 20 सितंबर से होगी और समापन 22 सितंबर को होगा। यही नहीं इस बार यह कुश्ती दंगल का कार्यक्रम भव्य स्तर पर होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान अपना दम खम दिखाएंगे। कमेटी प्रधान वीरेंद्र मनकोटिया ने बताया कि ठाकुर कॉलेज के सामने पंचायत के ग्राउंड में इसका आयोजन रहेगा। वहीं 20 तारिक को स्टार नाइट का आयोजन भी होगा, जिसमें हिमाचली कलाकार अपना कला का जादू बिखेरेंगे, तदोपरान्त 21 व 22 को हिमाचली पहलवान दम खम दिखाएंगे। वहीं 22 को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान अपनी पहलवानी दिखाएंगे । इस दौरान कुलदीप डीसी, रितेश, मंदीप राणा,गोलू ,मोहित ,बलजीत इत्यादि उपस्थित रहे।
राजकीय महाविद्यालय खुंडियां में बी.कॉम, बीएससी और बीए प्रथम वर्ष के छात्रों को कॉलेज के विभिन्न नियमों और विनियमों से परिचित कराने के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया । सभी स्टाफ सदस्यों ने प्रिंसिपल सर और छात्रों का औपचारिक स्वागत किया। छात्रों को विषयों से संबंधित जानकारी दी गई । इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरजीत लाल, स्टाफ सदस्य और छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रिंसिपल सर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला ने शनिवार को बीकॉम प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें राजकीय महाविद्यालय खुंडियां का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरजीत लाल ने सभी छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ सदस्यों को बधाई दी तथा अन्य छात्रों को भी कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने और अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और सत्र 2024-25 के उपक्रमों के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई को आधी रात में आई त्रासदी को 5 दिन बीत गए हैं। मगर इस तबाही में लापता हुई जिंदगियों की तलाश अभी भी जारी है। मंडी के तेरंग से लेकर रामपुर के समेज तक, आज 6ठे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। समेज गांव में 5 दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। समेज में लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं, ताकि शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। वहीं, मंडी के तेरंग में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यहां लापता 10 लोगों में से 8 के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि बाकि 2 की तलाश जारी है। मंडी के चौहार घाटी राजबन गांव में सर्च ऑपरेशन के छठे दिन 9वां शव बरामद हुआ है। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को पद्धर उपमंडल के इस इलाके में बादल फटने के बाद तबाही मच गई थी, जिसमें 10 लोग लापता हो गए थे। मंगलवार को 46 साल की खुडी देवी का शव बरामद हुआ है जबकि 30 वर्षीय हरदेव की तलाश जारी है। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ से लेकर एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड के 100 जवान लगे हुए हैं। सर्च ऑपरेशन के लिए मशीन भी पहुंच गई है। कुल्लू, रामपुर और मंडी में बादल फटने और फ्लैश फ्लड के बाद मची तबाही के बाद ऑपरेशन लगातार जारी है। छठे दिन भी राहत और बचाव टीमें तीनों स्थानों पर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। मानसून के सीजन में हिमाचल में बारिश हर साल तबाही मचाती है जिसमें जान और माल का काफी नुकसान होता है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून से शुरू हुए मानसून में अब तक 37 बादल फटने या फिर फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई हैं, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई हैं जबकि 46 लोग लापता हैं। ये सभी लोग 31 जुलाई की रात और एक अगस्त की सुबह कुल्लू, मंडी और शिमला के रामपुर में बादल फटने के बाद से लापता हैं। अब तक के मानसून सीजन में 83 मकान, 14 दुकान और 23 गौशालाएं तबाह हो गई हैं। वहीं 38 घरों को नुकसान पहुंचा है और 56 मवेशियों की भी मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक इस बार के मानसून सीजन में 18 लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं।
उपमंडल ज्वालामुखी तहसील खुंडियां की सुप्रसिद्ध समाजसेवी संस्था स्माइल फाउंडेशन ने मंगलवार को आदर्श विद्या मंदिर हाई स्कूल खुंडियां में विद्यार्थियों को फलदार पौधे बांटे तथा ग्लोबल वार्मिंग के बारे अवगत किया। संस्था के मीडिया प्रभारी रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि इनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पौधारोपण से जोड़ कर आगामी पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। भीषण गर्मी, आग से वन्य संपदा को हुए नुकसान, सुखा तथा ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणामों से प्रेरित हो कर संस्था ने अपने फंड व वन विभाग के सहयोग से इस वर्ष विद्यार्थियों को एक हजार पौधे बांट कर पर्यावरण को बचाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर संस्था के सक्रिय सदस्य सूबेदार अश्वनी कुमार, राजिंद्र, बंटी, सन्नी आदि मौजूद रहे।
**पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी भेजा समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के छठे दिन आज सुबह सुन्नी डैम के करीब डोगरी में एक शव बरामद हुआ है। यह शव पुरुष का है। यह जानकारी अतिरित उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि पुरुष का शव सही हालात में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सी एच सी सुन्नी के लिए भेज दिया गया है। कुल्लू प्रशासन को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा सर्च ऑपरेशन तीव्र गति से चला हुआ है। अभी तक छह शव सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद किए जा चुके है।


















































