आयुष विभाग के तत्वावधान में उपमंडलीय आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. शरद चंद्र त्रिवेदी के निर्देशानुसार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच हेतु एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुरड़वां में किया गया। जिसमें डॉ. रेणुबाला शर्मा, ए.पी.ओ. प्रतिभा शर्मा, टहल सिंह, रमेश सिंह आदि की चिकित्सीय टीम ने वयोवृद्ध रोगियों के रक्तचाप, मधुमेह व रक्ताल्पता की नि:शुल्क जाँच की व उन्हें औषधि वितरित की। इस दौरान योग प्रशिक्षक रवि कुमार ने रोगानुसार सभी को यौगिक क्रियाएं व प्राणायाम करवाया। इस दौरान 21 रोगियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई।
**ओपीएस के लिए जयराम ने कर्मचारियों को दी थी चुनाव लड़ने की चुनौती **भाजपा ने नोट के दम पर रची चुनी हुई सरकार को गिराने की साज़िश **मुख्यमंत्री ने देहरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा ने धनबल के अहंकार में जनता की ताक़त को कुछ नहीं समझते। पहले उन्होंने पुरानी पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती थी और फिर विधानसभा में कहा कि इस सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने की साज़िश में कांग्रेस पार्टी के छह बागी विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का साथ दिया, लेकिन जनता ने धनबल की राजनीति को नकार कर कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार कराने के लिए धरने पर बैठे और कोर्ट गए। इसकी असली वजह भाजपा से डील की रुकी हुई दूसरी किश्त थी। इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद अब होशियार सिंह समेत तीनों निर्दलीय विधायकों को अटैची मिल चुकी है। होशियार सिंह ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को भाजपा के पास गिरवी रखा और अब देहरा की जनता इस अपमान का बदला लेने को तैयार है। उन्होंने कहा कि देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह अब उस धन से जनता को वोट ख़रीदने का प्रयास करेंगे, लेकिन जनता विकास को चुनेगी और कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर को भारी मतों से विजयी बनाएँगे। मुख्यमंत्री आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के खैरियां, बौंगता, बाड़ी, शिवनाथ, ध्वाला, ठाकुरद्वारा, मूहल, रजोल और देहरा में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा देहरा में होशियार सिंह सिर्फ वोट की राजनीति करने में व्यस्त रहे और क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया। होशियार सिंह की अपनी गृह पंचायत के लोग भी विकास को तरस रहे हैं। उनकी प्राथमिकता अपने रिजॉर्ट को काम पूरा करना है और विकास से उनका कोई लेना देना नहीं है। छह महीने पहले जब वह हरिपुर आए तो निर्दलीय विधायक की हर माँग को पूरा किया, लेकिन काम न होने का आरोप लगाकर वह भाजपा की साज़िश में शामिल होकर अपनी विधायकी बेच डाली। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार से निर्दलीय विधायक को दिक्कत थी तो भाजपा के साथ बैठ जाते, उप-चुनाव का बोझ जनता पर क्यों डाला। विपक्ष में बैठ कर होशियार सिंह कैसे अपने क्षेत्र का विकास कैसे करवाएँगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी होशियार सिंह का साथ नहीं देंगे क्योंकि विधायक रहते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि होशियार सिंह ने देहरा की जनता से बिना पूछे इस्तीफ़ा दिया और अब दोबारा साढ़े तीन साल के लिए विधायक बनने को वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और देहरा की समस्याओं का समाधान भी करेगी। होशियार सिंह की बुद्धि भ्रष्ट होने से देहरा की तक़दीर बदल गई है और एक साल के भीतर देहरा की तस्वीर कांग्रेस सरकार बदल देगी। पौंग बांध विस्थापितों की मदद के लिए अगर क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून भी बदल देंगे। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई (लोक निर्माण विभाग) का कार्यालय भी खोला जाएगा, जिसकी अधिसूचना चुनाव के बाद जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार कांग्रेस पार्टी ने निचले क्षेत्र से एक आम परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही कांग्रेस सरकार ने राज्य के संसाधनों की लूट को बंद करने के लिए प्रयास किए और एक वर्ष में ही 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन प्रदान कर रही है और इस योजना के तहत अब तक तीन किश्तों के 4500 रुपए वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर 20 लाख रुपये का कर्ज़ उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अनाथ बच्चों की देखभाल तथा उनकी शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना आरंभ की है और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं के 27 वर्ष के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार ही वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है और प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को 40 रुपए तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीदा जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक संजय रतन, अजय सोलंकी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कांगड़ा: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने देहरा विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में बीजेपी पार्टी प्रत्याशी होशियार सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने सीएम सुक्खू पर जमकर हमला बोला। सांसद ने कहा देहरा में कांग्रेस आपसी अंतर्कलह से जूझ रही है। कांग्रेस के देहरा से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राजेश शर्मा ने जो आरोप सीएम सुक्खू पर लगाए हैं वह बहुत गंभीर हैं। कांग्रेस को जब देहरा में चुनाव लड़ने के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला तो कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को यहां से टिकट देने का काम किया। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा जिसको नादौन ने नकारा उसे देहरा भी कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव में सीएम के गृह विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी को लीड मिली थी और यही कुछ देहरा उपचुनाव में होगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी का देहरा से कोई संबंध नहीं है। प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कांग्रेस ने डेढ़ साल में 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर प्रदेश पर कर्ज का बोझ 95 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। कांग्रेस ने प्रदेश को कुछ नहीं दिया बल्कि यहां चल रहे संस्थानों व अन्य सुविधाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कांग्रेस ने अपने मित्रों को लाभ पहुंचाने के अलावा बीते 18 महीनों में कुछ नहीं किया। इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने कहा बीते साल हिमाचल में आपदा आई थी तब लोगों ने कांग्रेस का असल चरित्र देखा था। मोदी सरकार ने राहत के लिए तुरंत ₹1762 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश के लिए मुहैया करवाए थे। मनरेगा के तहत हजारों करोड़ रुपये दिए गए। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 2700 करोड़ रुपये दिए गए। इसके साथ करीब 20 हजार ग्रामीण आवास भी दिए गए लेकिन कांग्रेस की सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने की जगह भाई-भतीजावाद की राजनीति की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की तीनों विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत हासिल कर रही है। हमीरपुर, देहरा व नालागढ़ के मतदाताओं का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और लोग प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। तीन उपचुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 41 होने जा रही है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भाजपा का कोई भी राजनीतिक दांव अब प्रदेश में चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में उपचुनाव के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है और इससे वह कभी भी दोषमुक्त नहीं होगी। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि तीनों पूर्व निर्दलीय विधायकों ने अपने मतदाताओं के उस भरोसे को तोड़ा है, जिसके लिए उन्होंने उन्हें चुना था। इसलिए उन्हें अब क्षेत्र के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन तीनों पूर्व विधायकों को लोगों से अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब चुनाव के तीन दिन शेष हैं। मतदाताओं को सचेत करते हुए पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पूरा करना है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस बहाल कर व महिलाओं को 1500 रुपए की सम्मान राशि जारी कर अपनी गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भाजपा झूठी बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। लोग भाजपा की नीति व नियत से भली भांति परिचित है। सत्ता हथियाने के लिए प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से अस्थिर करने की कोशिश की गई थी वह प्रदेश के लोकतंत्र व जनमत का अपमान था जिसे कभी सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह मजबूत है जो अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी।
जिला पुलिस नूरपुर ने थाना जवाली के अधीन ताहलियां में एक ट्राले से अवैध शराब की खेप पकड़ी है। प्राप्त जानकारी अनुसार ट्राला 32 मील से जवाली की तरफ आ रहा था कि हेड कांस्टेबल सुग्रीव सिंह व केवल सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा लगाए गए नाके में बीती रात ताहलियां में एक ट्राले को रोका गया तो ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। ट्राले में करीबन 33 पेटी देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने ट्राला व शराब को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने ट्राला से ताहलियां में 33 पेटी अवैध शराब पकड़ी है। चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को लेकर युवतियां और महिलाएं उत्साहित हैं। योजना के तहत 1500 रुपये के फार्म जमा करवाने के लिए इन दिनों जिला कल्याण कार्यालय (डीडब्लयूओ) में महिलाओं की लाइनें लग रही हैं। जिला कल्याण कार्यालय में शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी के तहसील कल्याण कार्यालय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आवेदन जमा करवाने पहुंच रही हैं। कई बार महिलाओं की संख्या अधिक होने से लाइनें कार्यालय के बाहर तक पहुंच रही हैं। जिला कल्याण विभाग के मुताबिक 17 मार्च से 30 जून तक जिलाभर से करीब 70,532 आवेदन मंजूरी के लिए पहुंचे हैं। इसमें चौपाल से सबसे ज्यादा 11,891, ठियोग से 9,377 और रोहड़ू से 7,167 आवेदन आए हैं। इसके अलावा रामपुर से 7,093, चिड़गांव से 5,724, कुमारसैन से 5,707, शिमला ग्रामीण से 5,652, कोटखाई से 4,500, जुब्बल से 4,189, सुन्नी से 3,779, ननखरी से 3,625, शिमला शहरी से 1,281 और डोडरा-क्वार से 547 आवेदन आए हैं। अब आवेदनों की छंटनी की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के आवेदनों की छंटनी प्रक्रिया जारी है। सुख सम्मान निधि योजना के तहत जिले में करीब 2,569 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। महिलाओं को अप्रैल से जून तक के प्रतिमाह 1500-1500 रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने 14 जून को जिले में करीब 2,569 महिलाओं को योजना के तहत तीन माह की राशि एकमुश्त जारी कर एक करोड़ 15 लाख 60 हजार 500 रुपये की धनराशि वितरित की थी। विभाग के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले (16 मार्च तक) फॉर्म जमा करवाने वाली महिलाओं को यह राशि जारी की है।
पुलिस थाना इंदौरा के तहत एक अज्ञात व्यक्ति का श*व बयास नदी स्थित घण्डरां में मिला है। पंचायत प्रधान जुगल किशोर ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचित किया, जिस पर अतिरिक्त प्रभारी पुलिस थाना इंदौरा नरेश कुमार पुलिस दल सहित घटनास्थल पर पहुँचे व श*व को कब्जे में लेकर छानबीन शुरु कर दी। जानकारी के मुताबिक श*व निर्वस्त्रअवस्था में नदी में पड़ा हुआ था, ऐसे में उसकी ह*त्या कर श*व फेंके जाने के भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। वहीं डी.एस.पी. विशाल वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल नूरपुर भेज दिया है। श*व की शिनाख्त नहीं हो पाई है। श*व को पहचान हेतु सिविल अस्पताल नूरपुर में अगले 72 घण्टों के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच कर रही है।
आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा आज के समय की मांग है और इसके संवर्धन के लिए आने वाले समय प्रदेश सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। ज्वालामुखी में आज शनिवार को आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने यह बात कही। आयुष मंत्री ने बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए विभाग के बेहतर संचालन हेतु अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन भी उपस्थित रहे। यादविंद्र गोमा ने कहा कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार आने वाले समय में आवश्यक कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक प्रशासनिक उपमंडल में आयुष विभाग का उपमंडल है। वहीं ज्वालामुखी उपमंडल फिलहाल देहरा आयुष उपमंडल के अन्तर्गत ही आता है। गोमा ने कहा कि ज्वालामुखी को आयुर्वेदिक उपमंडल बनाने की दिशा में विचार किया जा रहा है और इस दिशा में सरकार द्वारा जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद यहां उपमंडलीय आयुष अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। यादविंद्र गोमा ने कहा कि आज केवल भारत ही नहीं अपितु पूरा विश्व आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बड़ी आशा की दृष्टि से देख रहा है। आयुर्वेद आज के युग में दुनिया के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकता है, इसके लिए इससे जुड़े लोगों को अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश पर प्रकृति की अनंत कृपा होने की वजह से यहां आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के संवर्धन की भरपूर संभवानाएं हैं। इसके लिए सरकार हर क्षेत्र में आयुष विभाग से जुड़े संस्थानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। आयुर्वेदिक संस्थानों में व्यवस्थाओं को दुरुस्थ करने का कार्य किया जाएगा, जिससे प्रदेश में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा। आयुष मंत्री ने इस दौरान विभागीय अधिकारियों की समस्याओं और सुझावों को सुनते हुए, इन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू विभाग की आवश्यकताओं को बखूबी समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आने वाले समय में विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में काम हो रहा है। आमजन के प्रति आयुष विभाग की जिम्मेदारियों सहित विभाग के चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की अपेक्षाओं को लेकर भी सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाएगी। इस अवसर पर ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने कहा कि आज के समय में आयुर्वेद के प्रति लोगों का रूझान बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को और अधिक अनुसंधान करके लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में बहुत सी दुर्लभ जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इनका दोहन कर प्रदेश में ही आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण के दिशा में कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मंत्री यादविंद्र गोमा के सहयोग से ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में भी आने वाले समय में आयुर्वेदिक संस्थानों के निर्माण और सुधारिकरण की दिशा में तेज गति से कार्य होगा। इस दौरान आयुष विभाग में ओएसडी डॉ. सुनीत पठानिया, जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजीव भारद्वाज, एसडीएएमओ देहरा डॉ. अरूण शर्मा, डॉ. सोनिका शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद ज्वालामुखी धर्मेंद्र शर्मा सहित विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज देहरा विधानसभा क्षेत्र के लुदरेट, नंदपुर भटोली, जलरियां, गुलेर, गठूटर तथा भटोली फकोरियां में कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया और पार्टी प्रत्याशी कमलेश ठाकुर के पक्ष में वोट माँगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसी भी पौंग बांध विस्थापित परिवार को भूमिहीन नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस मामले को देखेंगे और क़ानून भी बदलना पड़ा तो क़ानून बदल देंगे, लेकिन विस्थापितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 से 20,722 प्रभावित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ लेकिन अब कांग्रेस सरकार उनकी समस्याओं को सुलझाएगी। उन्होंने कहा कि देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह केवल छह साल तक अपने विकास में लगे रहे और देहरा की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। कभी कल्पना भी नहीं की कि देहरा इतना पिछड़ा होगा और लोगों को बिजली, पानी और सड़क की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देहरा अब हमारा हो चुका है और यहां की समस्याओं का समाधान करना मेरा दायित्व है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता होशियार सिंह अपना इस्तीफ़ा मंज़ूर कराने को धरना देने की बजाय देहरा की समस्याओं के लिए धरना प्रदर्शन करते। लेकिन पूर्व विधायक एक चुनी हुई सरकार को गिराने की षड्यंत्र में शामिल हो गए और भाजपा की राजनीतिक मंडी में बिक गए। एक महीने तक होशियार सिंह पंचकूला, गुड़गाँव तथा हरिद्वार के महँगे होटलों में देहरा से बाहर रुके रहे। उन्होंने कहा कि इस्तीफ़ा मंज़ूर न होने के कारण भाजपा से मिलने वाली उनकी दूसरी किश्त रुकी हुई थी और अब दूसरी किश्त का अटैची उनके पास पहुँच गया है, लेकिन राज्य सरकार की इस धन पर पूरी नज़र है और होशियार सिंह यह पैसा वोट ख़रीदने के लिए इस्तेमाल करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जनता पूर्व विधायक से डबल-ट्रिपल पैसा ले क्योंकि यह जन भावनाओं का सौदा कर कमाया हुआ धन है, लेकिन वोट कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को दे। सीएम सुक्खू ने कहा कि जब देहरा की जनता से पांच वर्ष के लिए होशियार सिंह को निर्दलीय विधायक के रूप में चुना था, तो उन्हें डेढ़ साल में ही त्यागपत्र देने की क्या आवश्यकता थी। अब विधायकी छोड़कर साढ़े तीन वर्ष के लिए दोबारा विधायक बनने के लिए वोट मांग रहे हैं। विधायक पद से इस्तीफ़ा देने से पहले उन्होंने देहरा के मतदाताओं से एक बार पूछा तक नहीं कि वह इस्तीफ़ा दें या न दें। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह विधायक बनने के लिए वोट नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधूरे रिजॉर्ट का काम पूरा कराने के लिए वोट मांग रहे हैं। छह महीने पहले मैंने देहरा आकर क्षेत्र के लिए घोषणाएँ की और होशियार कह रहे हैं कि मेरे काम कांग्रेस सरकार में नहीं हो रहे। सत्य यह है कि विधायक रहते हुए भी होशियार सिंह अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कभी नहीं आए। विधायक को प्रति वर्ष क्षेत्र के विकास के लिए दो करोड़ मिलते हैं, होशियार सिंह बताएँ छह साल के 12 करोड़ रुपए कहां गए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अब जनता के सामने बेनक़ाब हो चुके हैं और बिके हुए विधायक को सबक़ सिखाने के लिए तैयार है। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है। यह देहरा का भाग्य ही होगा कि उनकी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को कांग्रेस आलाकमान ने एक सर्वे के आधार पर पार्टी का प्रत्याशी बनाकार चुनाव मैदान में उतारा है और अब क्षेत्र का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता सँभालने के पहले ही दिन से लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत 4000 अनाथ बच्चों को अपनाया है। विधवाओं और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए 3 लाख रुपए आर्थिक मदद के साथ-साथ उनके 27 वर्ष तक के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज का खर्च कांग्रेस सरकार वहन कर रही है। गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। मनरेगा की दिहाड़ी 240 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए की गई है। महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन प्रदान कर रही है और देहरा की 1045 महिलाओं को तीन महीने के 4500 रुपए उनके खाते में डाल दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा में कांग्रेस सरकार ने बिना केंद्र सरकार की सहायता के प्रभावित 22 हजार परिवारों को फिर से बसाया और उनके पुनर्वास के लिए 4500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाज़े बंद कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत का सुधार लाकर 2200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है, जिससे जन कल्याण की योजनाएँ बनाकर लोगों में बाँटा जा रहा है। इस अवसर पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष कर्ण पठानिया, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, मनमोहन कटोच सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण योजना में पौधारोपण के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये राज्य वन विभाग को आवंटित किए गए हैं। यह राशि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण और वन संरक्षण के कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी। वन विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1.8 करोड़ पौधों के रोपण की योजना बनाई है, जो 76 वन बीटों में फैले होंगे। करीब 1,500 हेक्टेयर में पौधारोपण किया जाएगा। इस वनीकरण अभियान के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य है कि वन आवरण को बढ़ाकर पर्यावरणीय संतुलन को बहाल किया जा सके और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सके। प्रदेश में पिछले साल आपदा के कारण पौधरोपण नहीं हो पाया था। विभाग का इस साल उस टारगेट को भी पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) को आवंटित की गई है। कैंपा का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में पौधरोपण करना है, जहां वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से वनों के पुनर्वास के लिए प्रयोग की जाएगी। कैंपा के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वन क्षेत्र के नुकसान की भरपाई की जा सके और जैव विविधता की रक्षा की जा सके। प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार ने बताया कि प्रदेश में पौधरोपण के जिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अभियान राज्य के पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान न केवल वन आवरण को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। जंगलों में आग के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने चीड़ के पौधे नहीं लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने देवदार, अखरोट, कवार, चमेली, बान, शहतूत और ब्रास के पौधे तैयार किए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में विभिन्न प्रकार के स्थानीय और दुर्लभ प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल कैंपा गिरिश होसुर ने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए काटे गए सभी पौधों की भी भरपाई की जाएगी। कैंपा में 3,000 हेक्टेयर में नेट प्रेसेंट के लिए, 900 हेेक्टेयर में साइट के हिसाब से और 1,000 हेक्टेयर में निर्माण कार्यों के कारण नष्ट हुए जंगलों की भरपाई के लिए पौधे लगाए जाएंगे। कैंपा को अप्रैल में पेड़ लगाने की अनुमति मिल गई थी और पेड़ लगाने के लिए योजना बना ली गई है।
हिमाचल में सेब कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए एचपीएमसी आज से कार्टन की सप्लाई शुरू कर देगा। इसके लिए पहले चरण में करसोग सहित कम ऊंचाई वाले ऐसे क्षेत्रों में सप्लाई भेजी जाएगी, जहां सेब की फसल तैयार है। इसके बाद बागवानों की मांग के मुताबिक प्रदेश के मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में एचपीएमसी विक्रय केंद्रों में कार्टन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में शिमला, रोहड़ू, जुब्बल, गुम्मा, रिकांगपिओ, रामपुर, चैल चौक व चिंडी आदि सेब उत्पादन करने वाले क्षेत्रों में एचपीएमसी के कुल 12 फंक्शनल विक्रय केंद्र हैं। जहां पर सेब सीजन में कार्टन की अधिक मांग रहती है। ऐसे में बागवानों को इन सभी विक्रय केंद्रों में डिमांड के मुताबिक कार्टन उपलब्ध होगा। इसके लिए सरकारी उपक्रम एचपीएमसी ने शॉर्ट लिस्ट की गई तीन कंपनी शिवालिक कंटेनर्ज, जेज पैकर्स और जसमेर मेकर्स को पहले ही सप्लाई आर्डर जारी किया है। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन की कोई कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बागवानी पर हर साल लागत बढ़ने से परेशान बागवानों के लिए राहत की बात है कि इस बार कार्टन पिछले साल की तुलना में 7 रुपए तक सस्ता मिलेगा। जीएसटी काउंसिल ने कार्टन पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी तय किया है। ऐसे में इस साल कार्टन पर जीएसटी पिछले साल के मुकाबले में 6 फीसदी कम लागू होगा, जिसका फायदा हिमाचल में लाखों बागवानों को होगा। एचपीएमसी ने यूनिवर्सल कार्टन के दाम फाइनल कर दिए हैं। इसके मुताबिक बागवानों को अलग-अलग कीमत में ब्राउन और सफेद कार्टन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका न्यूनतम मूल्य 47.75 रुपए और अधिकतम मूल्य 56 रुपए तय किया गया है। जिस पर जीएसटी अलग से वसूला जाएगा। ऐसे में इस बार बागवानों को दोहरी राहत मिलने वाली है। एक तो इस बार मंडियों में यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो पैकिंग में सेब बिकेगा। जिससे बागवानों को अब पहले की तरह अधिक पैकिंग में सेब बेच कर नुकसान नहीं उठाना होगा। वहीं, इस बार बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन पिछले सालों के मुकाबले में 3.50 से 7.50 रुपए सस्ता मिलेगा। यूनिवर्सल कार्टन में अब 20 किलो सेब ही भरा जाएगा। इससे पहले टेलीस्कोपिक कार्टन में प्रति पेटी 7 से 8 ट्रे सेब भरा जाता था, जिसका प्रति पेटी वजन भी 30 किलो के करीब रहता था, लेकिन मंडियों में बागवानों को 24 किलो पेटी के हिसाब से ही सेब की कीमत दी जाती थी। इस कारण अधिक पैकिंग होने से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। बागवानों को नुकसान न हो इसके लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है। ये कार्टन सिंगल बॉक्स का होगा। इसका साइज लंबाई में 500 एमएम, चौड़ाई में 300 एमएम और ऊंचाई में 310 एमएम होगा, जिसे घटाया और बढ़ाया नहीं जा सकता है। जिस कारण इसमें 20 किलो ही सेब भरा जाएगा। इससे मंडियों में वजन को लेकर इस बार विवाद होने से बचा जा सकता है।
**कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक एक नेशनल हाईवे व 150 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी व सिरमौर जिले में ठप हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 334 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। वहीं 55 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। जिला सिरमौर में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा टल गया है। जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में रेणुका-संगड़ाह सड़क पर कालथ के समीप बस पर एक चट्टान गिर गई। हादसे में बस चालक और एक महिला को चोटें आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के संगड़ाह उपमंडल के कालथ के समीप शनिवार को एक निजी बस पर चट्टान गिरने के बाद बड़ा हादसा होने से टला है। जिला कुल्लू व लाहौल में तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। वहीं, जिला कुल्लू के साथ लाहौल घाटी में रातभर जमकर बारिश हुई। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा में फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। ब्यास के साथ चंद्रा, पार्वती नदी सहित नाले भी उफान पर हैं। बारिश से कुल्लू जिले में आठ सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बारिश के बाद बंजार बस स्टैंड तालाब बन गया है। बस स्टैंड में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यहां पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर किसान व बागवान बारिश के बाद गदगद हैं। बारिश ने किसानों व बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरों को मिटा दिया हैं। अब जहां बिजाई का कार्य शुरू होगा। वहीं सेब, नाशपाती, जापानी फल, मेरीपोजा, प्लम आदि के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी। मंडी जिले में भारी बारिश से तबाही हुई है। भूस्खलन से जगह-जगह 112 सड़कें बंद हैं। मंडी-पठानकोट-हाइवे पर गलू के समीप पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। चंडीगढ़-मनाली एनच पर मंडी-पंडोह, छह मील के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। सुबह सात मील के पास एनएच ठप रहा। भूस्खलन के बीच मंडी-पंडोह का सफर जोखिम भरा हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा जिले के शाहपुर में नेशनल हाईवे को भारी बारिश के काफी नुकसान हुआ है। हाईवे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं कई जगह जलभराव हुआ है।
**परिणाम के आधार पर मिलेंगे शिक्षक पुरस्कार हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल मर्ज किए जाएंगे। ऐसे स्कूलों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा, जहां आसपास में भी स्कूल स्थित होंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए यह फैसला लेना जरूरी हो गया है। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन का मुख्य आधार परीक्षा परिणाम रहेगा। अन्य गतिविधियों को भी देखा जाएगा, लेकिन प्राथमिकता सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले शिक्षकों को ही दी जाएगी। बैचवाइज आधार पर चयनित करीब 2000 जेबीटी और टीजीटी को इसी माह नियुक्तियां देने के शिक्षा मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर ही नवनियुक्त शिक्षकों को स्टेशन अलॉट कर दिए जाएंगे, जिन स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं और विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां नए शिक्षकों को पहली नियुक्ति दी जाएगी। बैठक के दौरान एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए पुराने नियमों में संशोधन करने के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए। राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने को फैसला लिया है। एसएमसी शिक्षक पहले सीधी सीमित भर्ती (एलडीआर) से अनुबंध पर आएंगे और फिर दो साल बाद नियमित होंगे। बैठक के दौरान प्रिंसिपलों की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने पर भी सहमति बनी। रोहित ने कहा कि वर्ष 2022 के अंत तक शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार पद रिक्त थे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने 6 हजार पद भरने को मंजूरी दी है। 2000 पद एक सप्ताह में भर दिए जाएंगे। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
**गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट हुआ जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। बीते दिनों जहां बारिश के कम होने की संभावना जताई गई थी, तो अब वहीं बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 3 जुलाई की रात से मौसम ने करवट ली है और बारिशों का दौर एक बार फिर शुरू हुआ। बारिश के कारण प्रदेश के कई स्थानों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, 115 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। कई स्थानों पर बारिश से भूस्खलन हुआ है। राज्य में 212 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही गर्जन और बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद मौसम के सामान्य रहने के आसार है। इस दौरान बारिशों का दौर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन अधिकतर स्थानों ने बादल छाए रहेंगे।
** कृषि तथा शिक्षा क्षेत्र में ऋण देने की प्राथमिकता तय करें ** किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना भी करें सुनिश्चित उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सभी बैंकर्स से जमा-ऋण अनुपात में बढ़ाने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके साथ ही सभी बैंक अधिकारियों को शिक्षा तथा कृषि ऋण बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बाबत वीरवार को डीआरडीए के सभागार में अग्रणी बैक द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति की अध्यक्षता करते हुए जिले में कार्यरत सभी बैंकों द्वारा क्रियान्वित की जा रही सरकार की गरीबी उन्मूलन योजनाओं के अन्तर्गत हुई प्रगति तथा वार्षिक ऋण योजना 2023 -24 के के लक्ष्यों तथा उपलब्धियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने समीक्षा करते हुए कहा कि जिला काँगड़ा के ऋण वितरण में बैंकों का वार्षिक ऋण योजना 2023 का लक्ष्य 6898 करोड़ रुपये था, जिसे मार्च तिमाही के अंत तक बैंकों ने 6916 करोड़ रुपये के ऋण वितरण करके 100.26 प्रतिशत की दर से अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की है। जिले में वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में बैंकों ने 68.50 प्रतिशत की दर से तथा गैर प्राथमिकता क्षेत्र में 359.24 प्रतिशत की दर से लक्ष्यों की प्राप्ति की है। उन्होने बैंको से आशा जताई कि वे जिले के आर्थिक विकास में अपने दायित्वों को समझते हुए ज्यादा से ज्यादा ऋण प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को देंगे व लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने में सहयोग करेंगे। इससे पहले मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक तिलक राज डोगरा ने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक कृषि क्षेत्र में 1364 करोड़ रुपये, सूक्ष्म मध्यम व लघु उद्यमों में 2549.73 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र में 290.73 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए है। जिले के बैंको ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत लगातार वृद्धि दर्ज की है तथा वित्तीय वर्ष 2023 -24 मे मार्च 2024 के अंत तक कुल 93290 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। उन्होने आगे बताया कि जिला में कार्यरत सभी बैंक शाखाओ को इस आशय के निर्देश भेजे जा चुके हैं कि वे शेष बचे किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें।
**देहरा अब मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र, विकास का पैसा होशियार ने रिजॉर्ट बनाने में लगाया **ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देहरा में पार्टी प्रत्याशी के लिए किया धुआँधार प्रचार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को देहरा विधानसभा क्षेत्र के त्रिपल, दरकाटा, डोहग पलोटी, नौशहरा, पाईसा, सियोटी खुर्द, मयोली, बनखंडी, शेर लोहारा और घेड़ मानगढ़ में नुक्कड़ सभाएं की। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी और अपनी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर के लिए देहरा में धुआँधार प्रचार किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि देहरा की समस्याओं का समाधान अब मेरा दायित्व है क्योंकि देहरा अब मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण वह अभी कोई घोषणा नहीं करेंगे, लेकिन आने वाले समय में देहरा की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता आए दिन तरह तरह के बयान दे रहे हैं, जबकि यह उपचुनाव प्रदेश की जनता पर भाजपा ने ही थोपे हैं। निर्दलीय विधायकों और कांग्रेस के छह विधायकों ने भाजपा के साथ मिलकर चुनी हुई कांग्रेस सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता बार-बार चार जून को हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा करते रहे, लेकिन पिछले उपचुनाव में प्रदेश की जनता ने बिकने वाले विधायकों को कड़ा सबक़ सिखाया है और विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी निर्दलीय विधायक ऐसे ही अपना विधायक पद नहीं छोड़ता। पैसे का गुरूर होशियार सिंह के सिर चढ़कर बोल रहा है। भाजपा के साथ हुई डील के चलते पूर्व विधायक होशियार सिंह ने इस्तीफ़ा दिया और डील की दूसरी किश्त प्राप्त करने के लिए इस्तीफ़ा मंज़ूर करने का दबाव बनाया। भारत के इतिहास में पहली बार कोई निर्दलीय विधायक अपना इस्तीफ़ा स्वीकार करने के लिए धरने पर बैठा और हाई कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया। उन्होंने कहा कि दूसरी केस के धन पर सरकार की पूरी नज़र है। उन्होंने कहा कि बिके हुए विधायक पैसा लेकर वोट ख़रीदने के लिए आएंगे, जनता उनसे डबल धन ले लेकिन वोट कांग्रेस के पक्ष में ही डालें क्योंकि यह आपका ही पैसा है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक के तौर पर अपना पद छोड़ने के बाद अब साढ़े तीन साल के लिए दोबारा विधायक बनने को वोट माँगने के लिए आ रहे हैं। धन के अहंकार में आकर उन्होंने अपना विधायक पद को छोड़ा है क्योंकि उन्हें लगता है कि देहरा की जनता मेरी जेब में है। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह को टिकट देने से भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता भी नाराज़ हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक विधायक को अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए की धनराशि मिलती है और छह वर्षों में होशियार सिंह को 12 करोड़ रुपए मिले। लेकिन उन्होंने यह पैसा जनता के विकास पर न खर्च कर अपना रिज़ॉर्ट बनाने में लगाया। वह स्वयं कहते हैं कि उनका हर महीने का ख़र्चा 15 करोड़ है, अगर ऐसा है तो देहरा विधानसभा क्षेत्र अब तक पिछड़ा हुआ क्यों है। उन्होंने कहा कि देहरा की जनता अपने स्वाभिमान से कभी भी समझौता नहीं करेगी और राजनीतिक मंडी में बेचने वालों को सबक़ सिखाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुर में नए बस अड्डे को पूरा करने के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने धन उपलब्ध करवाया तथा क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए भी अन्य विकास परियोजनाओं को गति प्रदान की। होशियार सिंह के आरोपों को नकारते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अगर वर्तमान सरकार में उनके काम नहीं हो रहे थे तो वे भाजपा के साथ बैठ जाते लेकिन उप चुनाव का ख़र्च जनता पर थोपने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने पूछा कि ऐसा क्या हुआ कि 14 महीने में ही उन्हें अपना इस्तीफ़ा दे दिया और अब साढ़े तीन साल का विधायक बनने के लिए फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र की 1046 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि के अंतर्गत पंद्रह सौ रुपये की आर्थिक सहायता की तीसरी किस्त भी प्राप्त हो गई है तथा अब उन्हें 4500-4500 रुपए प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरा के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। देहरा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा एसई पीडब्ल्यूडी का कार्यालय खोला जा रहा है और यहाँ की समस्याओं का अगले साढ़े तीन वर्षों में समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार देहरा के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि देहरा के बनखंडी में 650 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का ज़ू बनाया जा रहा है जिसमें दो हज़ार स्थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के 1 लाख 36 हज़ार सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की है, मनरेगा के दिहाड़ी 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये की गई है। विधवाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके 27 वर्ष तक के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने का पूरा ख़र्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को राज्य सरकार 25 लाख तक का इलाज भी निशुल्क प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गाय का दूध 45 रुपए प्रति लीटर जबकि भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाले गेहूं को राज्य सरकार 40 रुपए प्रति किलो तथा मक्की को 30 रुपए प्रति किलो की दर से ख़रीद रही है। साथ ही बेसहारा पशुओं के किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बाड़बंदी के लिए भी राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा से कोई भी मदद न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने पिछले साल आई आपदा में प्रभावित हुए 22 हजार परिवारों को फिर से बसाया है और उनके लिए मुआवज़ा राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। भाटी दरकाटा निवासी रिटायर्ड नायब तहसीलदार प्रेम लाल कौंडल तथा आईटीबीपी के रिटायर्ड इंस्पेक्टर भूमि सिंह ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया और कहा कि पार्टी में उन्हें उचित मान-सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक संजय रत्न, विवेक शर्मा, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुबीर सिंह बाली, पूर्व विधायक अजय महाजन, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश कामगार एवं सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, देहरा मंडल के कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पिंदर ठाकुर सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
**मंडियों में पहली बार कंपटीशन में बिकेगा सेब हिमाचल की फल मंडियों में बाहरी राज्यों के लदानी (खरीदार) भी सीधे बागवानों से सेब की खरीद कर सकेंगे। सरकार मंडियाें में आढ़तियों का एकाधिकार खत्म करने जा रही है। लदानियों को मंडियों में दुकानें उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के निर्देशों पर कृषि उपज विपणन बोर्ड ने यह व्यवस्था बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी हफ्ते बागवानी सचिव के साथ इसे लेकर बैठक आयोजित होनी है। लदानियों को दुकानें मिलने पर आढ़तियों और लदानियों में प्रतिस्पर्धा से बागवानों को सेब के ऊंचे दाम मिलेंगे। मौजूदा समय में कृषि विपणन बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में चल रही 10 एपीएमसी की मंडियों में सेब कारोबार के लिए आढ़तियों को दुकानें उपलब्ध करवाई गई हैं। आढ़तियों को एपीएमसी एक्ट के तहत लाइसेंस जारी किए जाते हैं, जिसका सालाना नवीकरण करना अनिवार्य होता है। मंडियों के बाहर कारोबार के लिए निदेशक कृषि विभाग की ओर से लाइसेंस जारी होते हैं। आढ़ती बागवानों का सेब लदानियों को बेचते हैं और इसके एवज में कमीशन वसूलते हैं। कुछ सेब खरीदार मंडियों के बाहर सड़क किनारे कारोबार कर रहे हैं। इन्हें भी मंडियाें में दुकानें दी जाएंगी। इतना ही नहीं, बाहरी राज्यों से सेब खरीदने के लिए आने वाले लदानी भी अगर मंडियों में सेब खरीद के लिए दुकानें लेने को आवेदन करेंगे तो उन्हें भी दुकानें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
** 9 जुलाई को स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम धर्मशाला में अब प्रदेश के खिलाड़ी भी फ्लड लाइट की रोशनी में खेलते नजर आएंगे। इसके लिए एचपीसीए की ओर विशेष योजना तैयार की गई है ताकि खिलाड़ियों को फ्लड लाइट की रोशनी में खेलने का अनुभव हो। प्रदेश में चल रहे सीनियर अंतर जिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल धर्मशाला में खेले जाएंगे। फाइनल 9 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय टी-20 की तर्ज पर रात को दुधिया रोशनी में शाम सात बजे से खेला जाएगा। सेमीफाइनल 8 जुलाई को सुबह और दोपहर के सत्र में खेले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से पहली बार किसी अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल फ्लड लाइट में करवाया जा रहा है। अंतर जिला टी-20 टूर्नामेंट के आजकल बिलासपुर और नादौन के अमत्तर मैदान में लीग मुकाबले खेले जा रहे हैं। पूल-ए से ऊना और मंडी सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। पूल-ए के लीग मुकाबले 6 जुलाई तक चलेंगे। छह जुलाई को सेमीफाइनल के मैच भी तय होंगे। एसोसिएशन प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविधाएं प्रदान कर रही है। इस कड़ी में अब खिलाड़ी फ्लड लाइट की रोशनी में खेलने का अनुभव ले सकेंगेे। 9 जुलाई को स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा। आठ को सुबह और दोहपर के सत्र में सेमीफाइनल खेले जाएंगे।
** 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे कई जगह भूस्खलन व मलबा आने से सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 115 सड़कों पर आवाजाही ठप थी। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 212 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। गाद आने से 17 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई हैं। बीती रात को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य भागों में झमाझम बारिश हुई। मंडी जिले के सुंदरनगर में देर रात से हो रही बारिश के कारण कुछ सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसे लेकर उपमंडल अधिकारी ने इन सड़क मार्ग से सफर नहीं करने की अपील की है। उपमंडल अधिकारी नागरिक सुंदरनगर गिरीश समरा ने कहा कि सलापड़-सेराकोठी मार्ग, पंडार-तातापानी मार्ग, मलोह-कटेरु मार्ग, खुराहाल-कंदार मार्ग, कटेरू-सलापड़-पोड़ाकोठी मार्ग, करंगल-किंदर मार्ग, सलापड़-तातापानी मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। उपमंडल अधिकारी ने कहा कि भारी बरसात से मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने से परहेज करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन सहित उपमंडल प्रशासन के दिए गए नंबर 01907-266001 पर संपर्क करें। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में गुरुवार व शुक्रवार के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। आज भी शिमला व आसपास भागों में मौसम खराब बना हुआ है। बीती रात से गुरुवार सुबह तक हुई भारी बारिश से शिमला के विकासनगर में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, हिमलैंड के समीप एक पेड़ गिरा है। शिमला-चक्कर-बिलासपुर मार्ग पर बारिश होने के कारण काफी ज्यादा मलबा आ गया। सड़क पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ रुक गई। हालांकि, अब मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
पठानकोट-मंडी हाईवे पर उपमंडल पालमपुर के भट्टू के पास एक सड़क हादसे में युवक की मौ*त हो गई है। युवक की मौ*त कार और बाइक की टक्कर से हुई है। मृत*क की पहचान अविनाश राणा (24) पुत्र अनिल राणा निवासी भट्टू के रूप में हुई है। मृत*क युवक सुलह विधानसभा के भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष मोनिका राणा का बेटा था। पुलिस ने श*व को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार भट्टू के पास एक कार और बाइक की टक्कर हो गई। इसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घाय*ल हुए युवक को पालमपुर ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद अविनाश राणा की रास्ते में मौ*त हो गई। युवक की मौ*त के बाद सुलह भाजपा में मातम छा गया है। सुलह के भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने युवक की मौ*त पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी सुलह भाजपा उनके साथ खड़ी है। बताया जा रहा है कि कार मुख्य सड़क से लिंक रोड की ओर मुड़ रही थी, इसी दौरान हादसा हुआ। उधर, थाना प्रभारी भवारना केहर सिंह ने कहा कि पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी पोस्ट कोड 817 का नतीजा 20 जुलाई से पहले घोषित कर दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब चयनित अभ्यर्थियों को मेरिट और उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर पसंदीदा विभागों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। हिमाचल में पोस्ट कोड 817 के तहत 74 विभागों, बोर्ड और निगमों में करीब 1,867 पद भरे जाने हैं, लेकिन पेपर लीक प्रकरण और कर्मचारी चयन आयोग के भंग होने से 12 पदों पर फिलहाल भर्ती नहीं होगी। भंग आयोग के पांच पद फिलहाल रिक्त रखे जाएंगे, जबकि सात पदों पर पेपर लीक प्रकरण की वजह से नतीजा घोषित नहीं होगा। दस्तावेजों की मूल्यांकन प्रक्रिया को पिछले माह पूरा कर लिया गया है। इस काम के लिए राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने चार टीमें गठित की है। इसमें शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को शामिल किया गया है ताकि जल्द से जल्द कार्य को पूरा किया जा सके। चार-चार टीमों में काम करते हुए 20 कर्मियों ने अंतिम परिणाम तैयार कर दिया है। आयोग के करीब 12 कर्मचारी अब मेरिट और प्राथमिकता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के विभागों का आवंटन कर रहे हैं। अभ्यर्थी सालों से चयन की उम्मीद लगाए हैं। दरअसल पोस्ट कोड 817 के तहत पहले 1,388 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई। इसके लिए चार हजार के करीब विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए चयनित किया गया। इस बीच मामला कोर्ट में पहुंच गया। इसके बाद पोस्ट कोड में 479 और पद जोड़े गए। अब सभी अभ्यर्थियों का एक साथ अंतिम परिणाम विभागों के आवंटन के साथ घोषित किया जाएगा। 73 विभागों, बोर्ड, निगमों में लिपिकीय स्टाफ की कमी परीक्षा परिणाम के घोषित होने से कुछ हद तक पूरी होगी। पोस्ट कोड के तहत शिक्षा विभाग और बिजली बोर्ड में सबसे अधिक पद भरे जाएंगे। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया चर्चित रही है जिसमें एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपना भविष्य आजमाया था। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने 21 सितंबर 2020 में जेओए पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। 21 अक्तूबर 2020 और 22 जनवरी 2021 को विभिन्न पदों से आ रही मांग के अनुसार 1,867 पदों पर भर्ती शुरू की थी। अब 479 पदों के लिए ली लिखित परीक्षा और टाइपिंग परीक्षा के आधार पर 1,375 अभ्यर्थियों को मूल्यांकन परीक्षा के लिए चयनित किया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र सांजटा ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम तैयार कर लिया गया है। मेरिट और चयनित अभ्यर्थियों की प्राथमिकता के आधार पर विभागों का आवंटन किया जा रहा है। विभागों का आवंटन मेरिट के आधार पर होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सभी अभ्यर्थियों से विभागों को लेकर प्राथमिकता वैकल्पिक रूप से लिखित तौर पर ली गई है। अब मेरिट के आधार पर विभाग आवंटित किए जा रहे हैं। एक विभाग में पद भर जाने पर अभ्यर्थी की अन्य प्राथमिकताओं पर विभाग आवंटित होंगे।
** देहरा विस में 100 पोलिंग बूथ होंगे स्थापित जिला निर्वाचन अधिकारी उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 84491 है, जिनमें 42000 पुरूष तथा 42491 महिला मतदाता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि देहरा विस क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 100 पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सभी बूथों पर स्थायी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिसमें उचित संकेतक, पेयजल की सुविधा, उचित रोशनी, रैंप व शौचालय की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए मतदाताओं को जागरूक भी किया जाए ताकि कोई भी मतदाता वोट डालने के अधिकार से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधी कोई भी शिकायत सी विजिल पर की जा सकती है, सी विजिल पर सौ मिनट के भीतर शिकायत का समाधान करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि उड़नदस्तों तथा स्थायी नाकों को 24 घंटे सक्रिय करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं, इसके साथ ही आबकारी विभाग को जिला भर में शराब इत्यादि की बिक्री तथा अवैध तौर पर शराब जब्त करने की प्रतिदिन रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही नाकों पर सुचारू चेकिंग भी करने के लिए कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत प्राकृतिक वादियों के लिए पूरे विश्व भर में खासा पहचान रखता है। यही वजह है कि हर साल यहां के हसीन वादियों को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी खींचे चले आते हैं। वहीं, इस साल देश के मैदानी राज्यों में पड़ी भीषण गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिमालय की गोद में बसे पहाड़ी राज्य हिमाचल का रुख किया, जिसकी वजह से महज 6 महीनों में ही प्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 करोड़ के पार जा पहुंची। देश के मैदानी राज्यों में इस साल भीषण गर्मी पड़ी। इस साल पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने से हिमाचल का पर्यटन कारोबार गुलजार हो गया। बीते 6 माह की बात करें तो हिमाचल में जनवरी से लेकर जून माह तक एक करोड़ से अधिक सैलानियों ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख किया है, जिससे यहां का पर्यटन कारोबार अपने चरम पर रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को इस बात की भी उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा। पर्यटन विभाग लगातार पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रख रहा है। हिमाचल प्रदेश की अगर बात करें तो जनवरी से लेकर मई माह तक जिला कुल्लू में 14 लाख 94 हजार 104 देसी सैलानी पहुंचे थे और 3 हजार 819 विदेशी सैलानियों ने भी कुल्लू जिला का रुख किया। वहीं, प्रदेश में दूसरे नंबर पर शिमला जिला रहा। यहां पर मई माह तक 9 लाख 86 हजार 467 देसी सैलानी पहुंचे और 12 हजार 598 विदेशी सैलानियों ने शिमला की वादियों का रुख किया था। ऐसे में जून माह में भी 25,000 से अधिक पर्यटकों की गाड़ियां हिमाचल में रोजाना आते रहे और जून माह में भी लाखों सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पहुंचे थे। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार की अगर बात करें तो साल 2019 में सबसे अधिक 1 करोड़ 72 लाख 12 हजार 107 सैलानी आये थे. साल 2020 में यह आंकड़ा 32 लाख 13 हजार 379 रहा था। साल 2021 में 56 लाख 37 हजार 102 सैलानी आए थे। साल 2022 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 51 लाख 227 रहा था और साल 2023 में यह आंकड़ा 1 करोड़ 60 लाख 4 हजार 924 तक पहुंचा था। पर्यटन नगरी मनाली के होटल कारोबारी चमन कपूर और जसवंत ठाकुर का कहना है कि हिमाचल के पर्यटन स्थल इस साल सैलानियों से गुलजार रहे। हर साल लाखों सैलानी बर्फबारी को देखने के लिए भी विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। होटल कारोबारी भी सैलानियों की सुविधा का खास ख्याल रखते हैं और सरकार द्वारा भी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। ऐसे में सैलानियों की लगातार बढ़ रही संख्या एक अच्छा संकेत है। क्योंकि इससे प्रदेश के लाखों लोगों को भी घर द्वार पर रोजगार मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ने बताया कि प्रदेश में इस साल सैलानी काफी संख्या में आए है और बरसात के बाद भी सैलानी प्रदेश के विभिन्न इलाकों का रुख करते है। विभाग को उम्मीद है कि इस साल यह आंकड़ा 2 करोड़ पार कर जाएगा।
हिमाचल में दूध के साथ-साथ अब घी,पनीर,बटर भी महंगा हो गया हैं। मिल्क फेडरेशन की ओर से दूध के दामों में की गई बढ़ोतरी के बाद कीमतों में ये उछाल देखने को मिला है। फरवरी माह में दूध के दामों में 2 रुपए की बढ़ोतरी करने के बाद अब मिल्क फेडरेशन ने मिल्क प्रोडक्ट्स के भी दाम बढ़ा दिए हैं। दाम बढ़ने से लोगों को अब अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। वहीं, घी के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। घी की कीमत पहले 620 रुपये थी, नई कीमत पर अब घी 670 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा। वहीं, पनीर 360 रूपए प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। पहले पनीर 340 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलता था। इसमें भी 20 रुपये का इजाफा किया गया है। इसके साथ ही बटर 580 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलना शुरू हो गया है। पहले इसकी कीमत 540 रुपये प्रति किलो थी। बटर की कीमतों में भी 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है। कीमतें 20 जून से लागू कर दी गई हैं। हिमाचल में मिल्क फेडरेशन के छह प्लांट हैं। मुख्य प्लांट शिमला के दतनगर में स्थित है। इस प्लांट में चिलिंग सेंटर से दूध एकत्रित किया जाता है। यहां से प्रतिदिन दूध, घी , पनीर और बटर प्रोसेस कर लोगों को उपलब्ध करवाया जाता है। वहीं, अब दूध, घी, पनीर,बटर के दामों में बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर महंगाई की मार जरूर पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 'फेडरेशन ने पिछले वर्ष मार्च माह में दूध के दाम बढ़ाए थे, लेकिन इस बार तो फरवरी माह में ही दूध के दामों में वृद्धि कर दी थी। अब घी,पनीर, बटर के दाम भी बढ़ा दिए हैं। दाम के साथ दूध की गुणवत्ता को भी बढ़ाना चाहिए।
** प्रदेश में अब प्री प्राइमरी टीचर के भरे जाएंगे 6297 पद हिमाचल में सरकारी स्कूलों में नौकरियों का पिटारा खुलने जा रहा है। प्रदेश में दो साल की नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग (NTT) का डिप्लोमा करने वालों को सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलने वाला है। प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी टीचरों के 6,297 पद भरने जा रही है। ये भर्ती राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन के माध्यम से की जाएगी। इस बारे में सरकार की तरफ से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी किया जा चुका हैं। ऐसे में अब जल्द ही जरूरी प्रक्रिया को पूरी कर प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती की जाएगी। हिमाचल में अब नर्सरी टीचर की ट्रेनिंग करने वालों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में करीब 60 हजार विद्यार्थी रजिस्टर हैं, लेकिन अभी तक प्री प्राइमरी स्कूलों में टीचर नहीं है। पिछले करीब डेढ़ सप्ताह पहले संपन्न हुई कैबिनेट मीटिंग में प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती को हरी झंडी दी गई थी, जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने भी इनकी भर्ती को लेकर आदेश जारी कर दिए है। सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले प्री प्राइमरी टीचरों को 10 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन वर्तमान में 5 फीसदी एजेंसी चार्ज लेता है। वहीं, 10 फीसदी की कटौती ईपीएफ के लिए होती है। आउटसोर्स भर्ती पर जीएसटी 18 फीसदी है। ऐसे में प्री प्राइमरी टीचरों को हर महीने करीब 7 हजार कैश इन हैंड मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में दो सालों से प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती लटकी हुई थी। प्रदेश में अधिकतर युवाओं ने एनटीटी का एक साल का डिप्लोमा किया है, लेकिन नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के मुताबिक एनटीटी के लिए 2 साल का डिप्लोमा जरूरी है।अब इसे लेकर स्पष्टीकरण मिलने के बाद प्री प्राइमरी टीचरों की भर्ती में अटका रोड़ा हट गया है।
**एक हफ्ते तक भारी बारिश की दी चेतावनी **लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की दी हिदायत **शिमला, सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग केंद्र शिमला की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के तहत प्रदेश में 8 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, मंडी व शिमला के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है। बारिश की संभावना के चलते पर्यटकों सहित आम लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की हिदायत दी गई है। बारिश के बाद जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं तो वहीं बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप है। इसके अलावा शिमला सहित सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी है।
**राज्य सरकार ने मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में किया बदलाव हिमाचल प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों के 10,000 मेधावी इस बार अपनी पसंद का कोई भी एक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले सकेंगे। दसवीं, बारहवीं और कॉलेजों के मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है। चयनित दुकानों से 15 से 18 हजार रुपये तक के पसंदीदा गैजेट लेने को मेधावियों को कूपन दिए जाएंगे। कौन-कौन से गैजेट योजना में शामिल होंगे, इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय विचार कर रहा है। राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन के माध्यम से गैजेट्स की कॉन्फ़िगरेशन तय करवाई जाएगी। योजना के तहत टैबलेट, स्मार्टफोन, आईपैड और किंडल देने का अभी प्रारंभिक स्तर पर विचार चल रहा है। एक माह के भीतर योजना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों में अव्वल रहने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा तक और कॉलेजों में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ईयर के 10 हजार विद्यार्थियों को सरकार हर साल पुरस्कृत करती है। वर्ष 2007 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय में लैपटॉप देने के साथ इस योजना को शुरू किया गया था। 2012 में वीरभद्र सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए विद्यार्थियों की संख्या का दायरा इस योजना में बढ़ाया। 2017 में जयराम सरकार योजना को बंद करने और जारी रखने की पसोपेश में फंसी रही। बाद में सरकार ने योजना जारी रखते हुए लैपटॉप दिए। बाद में टैबलेट दिए गए। अब सुक्खू सरकार योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स की एक बास्केट तैयार करने का फैसला लिया गया है। इस बास्केट के तहत कई गैजेट्स शामिल किए जाएंगे। मेधावी विद्यार्थियों को सरकार सम्मानित करते हुए एक कूपन देगी। इस कूपन के माध्यम से मेधावी अपनी पसंद की कंपनी का गैजेट ले सकेंगे। इसके तहत कंपनियों और दुकानों को चयनित किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय इन दिनों गैजेट्स की बास्केट में शामिल करने वाली चीजों को चुनने में जुटी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और इलेक्टानिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 15 से 18 हजार की कीमत के गैजेट्स देने पर विचार चल रहा है। क्या राशि तय होगी, इसको लेकर मंथन जारी है। अगर कोई मेधावी तय राशि से अधिक कीमत का गैजेट लेना चाहेगा तो इसकी मंजूरी मिलेगी। कूपन के तहत तय राशि के अलावा शेष राशि मेधावी को स्वयं दुकानदार को देनी होगी।
**सड़क सुरक्षा नियमों की सख्ती से अनुपालना हो सुनिश्चित: एडीसी धर्मशाला: अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि जिला में सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि प्रतिदिन जिला में होने वाली दुर्घटनाओं को और कम किया जा सके। उन्होंने संबन्धित विभागों से युवा पीढ़ी को सड़क सुरक्षा तथा नशे की बुराईयों के बारे में जागरूक करने हेतु विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। बीते रोज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता हुई। और सड़क हादसों को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है, इस के लिए नियमित तौर पर चालकों के आंखों के चेकअप कैंप, ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था के साथ साथ युवक मंडलों को यातायात नियमों की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ओवर स्पीड की पूरी तरह से निगरानी की जाए। पंपलेंट्स के माध्यम से सरकारी तथा निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी यातायात नियमों के बारे में अवगत करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर यातायात से संबंधित साइन बोर्ड भी जगह जगह प्रदर्शित किए जाएं इस के साथ दुर्घटना संभावित जगहों की शिनाख्त कर वहां पर भी साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि किसी भी स्तर पर दुर्घटनाओं की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘गुड स्मार्टियंस’ नामक योजना आरंभ की गई है। इसमें सड़क दुर्घटना में पीड़ित को हादसे के तुरंत बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर ‘गोल्डन आवर’ में अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाने का प्रयास करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र तथा नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इससे पहले आरटीओ प्रदीप कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए रोड सेफ्टी को लेकर कांगड़ा जिला में उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश लखनपाल तथा लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
** धर्मशाला के डीसी कार्यालय के सभागर में दिया प्रशिक्षण देहरा विस उपचुनाव के दृष्टिगत मतदान प्रक्रिया को लेकर माइक्रो आब्सर्जवर्स को धर्मशाला के डीसी कार्यालय के सभागार में प्रशिक्षण दिया गया इसमें सामान्य पर्यवेक्षक इजरायल वात्रे इंगटी, एडीएम डा हरीश गज्जू, नोडल आफिसर प्रशिक्षण संदीप शर्मा, नायब तहसीलदार संजय कुमार, अधीक्षक सुरेंद्र सिंह सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ने सामान्य पर्यवेक्षक इजरायल वात्रे इंगटी ने बताया कि निष्पक्ष तथा स्वतंत्र निर्वाचन के लिए मतदान तथा मतगणना के दौरान पोलिंग बूथों पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए जाएंगे जो कि पूरी मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि माइक्रा आब्जर्सवर को मतदान के कम से कम एक घंटे पहले पोलिंग बूथ पर पहुंचना जरूरी होगा तथा मॉक पोल में भी उपस्थिति जरूरी है। इसके साथ ही कम्यूनिकेशन प्लान भी तैयार करना होगा ताकि पोलिंग बूथों में मतदान प्रक्रिया की सही जानकारी समयबद्व दी जा सके। इस अवसर पर माइक्रो आब्सर्जवर को वीपीपैट तथा ईवीएम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इससे पहले नायाब तहसीलदार इलेक्शन ने विस्तार से माइक्रो आब्सर्जवर की मतदान प्रक्रिया में भूमिका तथा चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर दस माइक्रो आब्जर्बर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
देहरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू, देहरा उपचुनाव में जनता को सब्जबाग दिखा रहे हैं, चुनावी बेला में लोक लुभावने वादे करने वाले सीएम बताएं कि इससे पहले उन्हें देहरा की याद क्यों नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार में आजाद और भाजपा विधायकों के तो छोड़िये, पार्टी के अपने कांग्रेस विधायकों के भी काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पति-पत्नी और मित्रों की सरकार चल रही है। चहेतों को रेवड़ियां बांटी जा रही हैं और जरूरतमंदों को अनदेखा किया जा रहा है। होशियार सिंह ने कहा कि सीएम सुक्खू तो झूठ पर झूठ बोल ही रहे थे, अब देहरा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं सीएम की धर्मपत्नी भी उनसे पीछे नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी देहरा की ध्याण की बात कहकर देहरा की जनता को भ्रमित कर रही हैं, लेकिन देहरा की जनता ने पिछले दो चुनावों में धरती पुत्र का साथ दिया है और इस बार भी देगी। उन्होंने कहा कि सीएम ने तमाम कांग्रेस नेताओं की फौज को देहरा में तैनात कर दिया है। यही नहीं अधिकारियों से पल-पल की खबर ली जा रही है कि भाजपा का प्रचार कैसा चल रहा है। यदि सीएम को लगता है कि वे पंद्रह महीने में ही लोकप्रिय हो चुके हैं तो फिर क्यों खुद बार-बार देहरा के चक्कर लगा रहे हैं और क्यों वरिष्ठ नेताओं का डेरा, देहरा में जमा दिया है। होशियार सिंह ने कहा कि देहरा कोई नहीं तेरा का नारा पूर्व में दिया जाता था, जिसे मैंने तोड़ते हुए देहरा को अपनाया और विकास को गति दी, लेकिन वर्तमान सरकार ने देहरा के विकास को विराम लगा दिया है, जिसका बदला, देहरा की जनता उपचुनाव में जरूर लेगी।
**107 वर्षीय मिल्खी राम ने डाला वोट, युवाओं को किया प्रेरित देहरा में विधानसभा उपचुनावों के मध्यनजर निर्वाचन आयोग की टीमें पिछले चार दिन से लगातार बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घरों में जाकर उनका वोट डलवा रही है। रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने बताया कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में अभी तक 570 मतदाताओं ने घर से मतदान किया है। घर से मतदान करने वालों में 85 वर्ष से अधिक आयु के 491 मतदाता और 79 दिव्यांग मतदाताओं ने अभी तक अपना वोट डाला है। इसके लिए चुनाव आयोग की दस टीमें घर-घर जाकर पूरी गोपनीयता से होम वोटिंग करवा रही हैं। 64 प्रतिशत पात्र मतदाताओं ने डाला वोट रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि 6 जुलाई तक चलने वाले होम वोटिंग के इस अभियान में अभी तक 64 प्रतिशत से अधिक पात्र मतदाताओं ने अपना वोट डाल दिया है। उन्होंने बताया कि देहरा निर्वाचन क्षेत्र में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की कुल संख्या 2042 है। क्षेत्र में फॉर्म 12 (डी) के माध्यम से 947 लोगों ने होम वोटिंग का विकल्प चुना था, जिनमें से 889 के फॉर्म वैध पाए गए। इनमें 742 बुजुर्ग और 147 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं। बुजुर्ग भर रहे युवाओं में उत्साह होम वोटिंग का विकल्प चुनने वाले पात्र मतदाता वोट डालने के लिए खासे उत्साहित दिख रहे हैं। 742 पात्र बुजुर्ग मतदाताओं में से 491 ने अपना वोट डाल दिया है। बड़ी संख्या में मतदान करके बुजुर्ग मतदाता युवाओं को वोट डालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस दौरान निर्वाचन आयोग की टीम ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के घरथेड़ू में 107 वर्षीय मिल्खी राम के घर में जाकर पूरी गोपनियता से उनका मतदान करवाया। मिल्खी राम ने जहां एक तरफ चुनावों में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग के प्रयासों की सराहना, वहीं सभी लोगों विशेषकर युवाओं को बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए प्रेरित किया।
**धर्मशाला के युवक को दिया शादी का झांसा **दुल्हन पहले से ही एक बच्चे की है माँ झालंधर की महिला ने धर्मशाला के एक युवक को पहले शादी के झांसे में फसाया और उसके बाद गहने और पैसे लेकर दुल्हन फरार हो गई| इतना ही नहीं लुटेरी दुल्हन के साथ पंजाब का एक गिरोह भी पूरी तरह से सक्रिय था, जो शादी करवाने के के नाम पर पहले ही युवक और उसके परिवार से डेढ़ लाख रुपए हड़प रफूचक्कर हो गया। पंजाब के लुधियाना में फ्रॉड शादी हुई, जबकि महिला पहले से ही शादीशुदा है और एक बच्चे की मां है। मिली जानकारी के अनुसार धर्मशाला के सकोह के युवक और उसका परिवार शादी के लिए रिश्ते तलाश कर रहा था। रिश्ते की तलाश करते करते युवक पंजाब के कुछ शातिरों के संपर्क में युवक आ गया, शातिरों ने उन्हें एक युवती से विवाह करवाने की बात कही। साथ ही कहा कि लड़की गरीब परिवार से हैं तो शादी का सभी खर्च भी आपको ही देना होगा। इसके बाद युवक व उनके परिवार ने डेढ़ लाख रुपए शादी से पहले ही दे दिए। युवक की पंजाब के लुधियाना में फ्रॉड मैरिज भी करवाई और इसी दौरान ही महिला व शातिर लोग गायब हो गए। कांगड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है|
**पूर्व निर्दलीय विधायक ने किया कलंकित, मुख्यमंत्री से करवाना चाहते थे गलत काम **प्रदेश के मुखिया से घर में रोज पूछा करूंगी देहरा के लिए क्या किया कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर ने कहा कि देहरा की जनता पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह के राज और राग जानती है। उन्होंने देहरा को कलंकित किया है। उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देकर ऐसा कलंक लगाया है, जिसे दस जुलाई को मिटाना जरूरी है। होशियार सिंह मुख्यमंत्री से गलत काम करवाना चाहते थे, लगातार अपने निजी कामों के लिए मिलते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने जब मना कर दिया कि प्रदेश के साथ धोखा नहीं करूंगा तो पूर्व विधायक सरकार गिराने की साजिश रचने में जुट गए। कमलेश ठाकुर ने विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न जगह नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के भविष्य को संवारने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन पूर्व निर्दलीय विधायक कौन सा राग लगातार अलाप रहे थे देहरा की जनता भलीभांति जानती है। उनके राज भी लोगों से छिपे नहीं हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश की युवा पीढ़ी व हितों से खिलवाड़ करने वाले काम कभी नहीं करते। होशियार सिंह ने अगर 14 महीने में निजी हित के बजाय जनहित को सर्वोपरि रखा होता तो देहरा आज कहां का कहां पहुंच गया होता। सड़कों की हाल दयनीय नहीं होती, अधूरे पूल पूरे होते, लोग पानी के लिए नहीं तरसते, लो वोल्टेज की समस्या हल हो चुकी होती। कमलेश ठाकुर ने कहा कि अब देहरा विकास में पीछे नहीं रहेगा। आपकी ध्याण रोज घर में मुख्यमंत्री से पूछेगी कि देहरा के लिए क्या किया। अब घर में देहरा, देहरा ही गूंजा करेगा। पूर्व निर्दलीय विधायक को अपने साढ़े छह साल के कार्यकाल का हिसाब जनता को देना होगा। साथ ही यह भी बताना पड़ेगा कि किस मजबूरी में 14 महीने में विधायक पद से इस्तीफा देकर दोबारा विधायक बनने का चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी नाकामियों का पूरा हिसाब किताब जनता के सामने हैं। क्षेत्र की जनता बदलाव चाहती है और अपनी ध्याण को जिताकर विधानसभा भेजेगी। उन्होंने कहा, लोगों को पूरा विश्वास है कि देहरा की बेटी ही क्षेत्र का विकास करवा सकती है। इसलिए सभी मतदाताओं से उनकी अपील है कि 10 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करें। यह चुनाव साढ़े तीन साल के लिए हो रहा है। जनता के पास कांग्रेस को परखने का मौका है। सरकार के साथ चलने से देहरा की तस्वीर बदल जाएगी। यह चुनाव कमलेश ठाकुर का नहीं देहरा की समस्त जनता का है। जनता ही यह चुनाव लड़ रही है, चूंकि उनके पास जनबल की ताकत है। अपनी ध्याण को वोट के रूप में इतना शगुन दें कि मायके का सिर ससुराल और प्रदेश में गर्व से ऊंचा हो।
**पूरी तरह मुस्तैद निगरानी और सुरक्षा में तैनात कर्मचारी: एसडीएम देहरा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा उपचुनावों के मद्देनजर सकरी चैक पोस्ट पर फ्लाइंग स्क्वाड की एक टीम ने एक गाड़ी से 1 लाख 37 हजार 220 रूपये कैश बरामद किया है। गाड़ी पंजाब की है और मामले में आगे तफ्तीश जारी है। यह जानकारी देते हुए रिटर्निंग अधिकारी (एसडीएम) देहरा शिल्पी बेक्टा ने बताया कि देहरा के सकरी चैक पोस्ट पर आज सोमवार को फ्लाइंग स्क्वाड टीम-2 के इंचार्ज अनिल वर्मा, एएसआई राम चंद और उनके दल ने गाड़ियों की जांच के दौरान यह कैश पकड़ा। शिल्पी ने बताया कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनावों को देखते हुए निगरानी दलों द्वारा जगह-जगह नाके लगा कर गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। उड़न दस्ते, स्टेटिक निगरानी दल और पुलिस टीमें विभिन्न जगहों पर गाड़ियों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नियमित गश्त के साथ-साथ हर प्रकार की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम ने बताया कि देहरा निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव संबंधित प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उपयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि देहरा में विधानसभा उपचुनावों के लिए दो सेक्टर मजिस्ट्रेट, 10 सेक्टर ऑफिसर, एक सहायक व्यय पर्यवेक्षक, एक अकांउटिंग टीम, 6 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें, 6 स्टेटिक निगरानी दल, दो वीडियो सर्विलांस टीम और एक वीडियो व्यूइंग टीम तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा देहरा विधानसभा क्षेत्रों में तैनात स्टेटिक निगरानी टीमों द्वारा लगाए नाकों का औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। क्षेत्र में निगरानी दल पूरी मुस्तैदी से अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी दलों में तैनात कर्मचारियों को गाड़ियों के दस्तावेज जांचने के साथ पूरी सतर्कता से काम करने तथा हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपचुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था चाक चौबंद कर रखी है। क्षेत्र में अर्धसैनिक बल और पुलिस की टुकड़ियों द्वारा फ्लैग मार्च निकाल कर जनता को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आश्वस्त किया जा रहा है। इसके साथ लोगों को भयमुक्त होकर मतदान करने का संदेश भी दिया जा रहा है।
भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) की ओर से जारी देश की टॉप-50 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैकिंग में वर्ष 2023 की अपेक्षा 2024 में ए++ ग्रेड प्राप्त हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्तर सात पायदान नीचे खिसक गया है। हालांकि बीते साल के मुकाबले अंक ज्यादा हासिल किए हैं। वर्ष 2023 में रैंकिंग में 42वां स्थान था, जबकि इस वर्ष जारी रैकिंग में सात पायदान नीचे लुढ़क कर सीयू 49वें नंबर पर पहुंच गई है। भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी की है। आईआईआरएफ ने यह रैंकिंग सात विभिन्न मानदंडों को आधार बना कर दी है। टॉप पर रहने वाले दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के ओवरआल 989.28 अंक हैं, जबकि 49वें स्थान पर रहने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश को 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी संस्था की ओर से वर्ष 2023 में किए सर्वे के अनुसार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को 876.51 अंक प्राप्त हुए थे और उसे टॉप-50 में से 42वें स्थान मिला था। वहीं जेएनयू 983.12 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही थी। आईआईआरएफ ने यह सर्वे सात विभिन्न मानकों को आधार बना कर किया था। इसमें यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट परफॉरमेंस, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी, रिसर्च, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट, फ्यूचर ओरिएंटेशन और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक शामिल था। प्लेसमेंट परफॉरमेंस में 217.3, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी में 199.2, रिसर्च में 179.9, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन में 142.2, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट 62, फ्यूचर ओरिएंटेशन में 54.8 और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक में 37.9 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि सीयूएचपी को ओवरऑल 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं।
** मार्केट यार्ड, कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए विश्व बैंक से चार माह बढ़ी मियाद हिमाचल प्रदेश में 1,134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट को चार माह का विस्तार मिल गया है। विश्व बैंक की ओर से विस्तार को मंजूरी से संबंधित पत्र प्रदेश सरकार को मिला गया है। अब यह प्रोटेक्ट अक्तूबर में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 7 नए कोल्ड स्टोर का निर्माण और 8 कोल्ड स्टोर के उन्नयन किया गया है। प्रोजेक्ट के विस्तार से महेंदली में मार्केट यार्ड का काम पूरा होगा और जरोल टिक्कर में बनाए जा रहे कोल्ड स्टोर का निर्माण कार्य भी पूरा होगा। इसके अलावा करोेड़ों की सिंचाई योजनाओं का काम भी पूरा होगा। दो महीने पहले प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए विश्व बैंक की टीम हिमाचल आई थी। प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट की मियाद आगे बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे विश्व बैंक ने स्वीकृति दे दी है। प्रोजेक्ट के तहत अब तक विदेशों से उन्नत किस्म के करीब 30 लाख सेब, नाशपाती, चेरी, प्लम, बादाम व आड़ू के पौधे और रूट स्टॉक आयात किए जा चुके हैं। 500 विभागीय अधिकारियों और 5000 से अधिक किसानों-बागवानों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 70 विभागीय अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
देशभर में आज रात 12 बजे से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। 51 साल पुराने सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लेगी। भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय अधिनियम (BNS) लेगा और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधान लागू होंगे। महिलाओं से जुड़े ज्यादातर अपराधों में पहले से ज्यादा सजा मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक सूचना से भी FIR दर्ज हो सकेगी। एक जुलाई से पहले दर्ज हुए मामलों में नए कानून का असर नहीं होगा। यानी जो केस 1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच से लेकर ट्रायल तक पुराने कानून का हिस्सा होगी। एक जुलाई से नए कानून के तहत एफआईआर दर्ज हो रही है और इसी के अनुसार जांच से लेकर ट्रायल पूरा होगा। BNSS में कुल 531 धाराएं हैं। इसके 177 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जबकि 14 धाराओं को हटा दिया गया है। 9 नई धाराएं और 39 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले CrPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय न्याय संहिता में कुल 357 धाराएं हैं। अब तक आईपीसी में 511 धाराएं थीं। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं। नए कानून में 6 धाराओं को हटाया गया है। 2 नई धाराएं और 6 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले इंडियन एविडेंस एक्ट में कुल 167 धाराएं थीं। नए कानून में ऑडियो-वीडियो यानी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर जोर दिया गया है। फॉरेंसिक जांच को अहमियत दी गई है। कोई भी नागरिक अपराध के सिलसिले में कहीं भी जीरो FIR दर्ज करा सकेगा। जांच के लिए मामले को संबंधित थाने में भेजा जाएगा। अगर जीरो एफआईआर ऐसे अपराध से जुड़ी है, जिसमें तीन से सात साल तक सजा का प्रावधान है तो फॉरेंसिक टीम से साक्ष्यों की जांच करवानी होगी। अब ई-सूचना से भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी। गंभीर धाराओं में भी ई-एफआईआर हो सकेगी। वॉइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस को सूचना दे सकेंगे। E-FIR के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करना जरूरी होंगे। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। FIR के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी जरूरी होगी। चार्जशीट दाखिल होने के 60 दिनों के भीतर कोर्ट को आरो तय करने होंगे। मामले की सुनवाई पूरी होने के 30 दिन के भीतर जजमेंट यानी फैसला देना होगा। जजमेंट दिए जाने के बाद 7 दिनों के भीतर उसकी कॉपी मुहैया करानी होगी। पुलिस को हिरासत में लिए गए शख्स के बारे में उसके परिवार को लिखित में बताना होगा। ऑफलाइन और ऑनलाइन भी सूचना देनी होगी। महिलाओं-बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को BNS में कुल 36 धाराओं में प्रावधान किया गया है। रेप का केस धारा 63 के तहत दर्ज होगा। धारा 64 में अपराधी को अधिकतम आजीवन कारावास और न्यूनतम 10 वर्ष कैद की सजा का प्रावधान है। धारा 65 के तहत 16 साल से कम आयु की पीड़ित से दुष्कर्म किए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास, उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। गैंगरेप में पीड़िता यदि वयस्क है तो अपराधी को आजीवन कारावास का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की पीड़िता के साथ रेप पर अपराधी को न्यूनतम 20 साल की सजा, आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने वाले अपराध को रेप से अलग अपराध माना गया है। यानी उसे रेप की परिभाषा में नहीं रखा गया है। पीड़ित को उसके केस से जुड़े हर अपडेट की जानकारी हर स्तर पर उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। अपडेट देने की समय-सीमा 90 दिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकारें अब राजनीतिक केस (पार्टी वर्कर्स के धरना-प्रदर्शन और आंदोलन) से जुड़े केस एकतरफा बंद नहीं कर सकेंगी। धरना- प्रदर्शन, उपद्रव में यदि फरियादी आम नागरिक है तो उसकी मंजूरी लेनी होगी। गवाहों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान है। तमाम इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी कागजी रिकॉर्ड की तरह कोर्ट में मान्य होंगे। मॉब लिंचिंग भी अपराध के दायरे में आ गया है। शरीर पर चोट पहुंचाने वाले अपराधों को धारा 100-146 तक बताया गया है। हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। चुनावी अपराध को धारा 169-177 तक रखा गया है। संपत्ति को नुकसान, चोरी, लूट और डकैती आदि मामले को धारा 303-334 तक रखा गया है। मानहानि का जिक्र धारा 356 में किया गया है। दहेज हत्या धारा 79 में और दहेज प्रताड़ना थारा 84 में बताई गई है।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मानसून कमजोर पड़ गया। खराब माैसम के ऑरेंज अलर्ट में भी धूप खिली रही। 1 और 2 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 3 से 6 जुलाई तक यलो अलर्ट है। इस दौरान गर्जना के साथ बारिश और कई जगह बिजली गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद से कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश हो रही है। ऊना का पारा रविवार को भी 36 डिग्री सेल्सियस के पार रहा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री झूठ की गारंटी देने में माहिर हैं। देहरा से भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आयी है तब से मुख्यमंत्री सुक्खू झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू क़ो इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि अब वो किसी पार्टी के मुखिया नहीं बल्कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे प्रदेश के मुखिया हैं और जहां तक हमें लगता हैं शायद उनको अपने पद की अहमियत की जानकारी वे सिर्फ अपनी पत्नी क़ो जिताने के लिए परिवार के मुखिया के रूप में काम कर रहे है न कि प्रदेश के मुखिया की तरह, इसलिए उनको परामर्श देता हूं वे अपनी इन हरकतों से बाज़ आएं। प्रत्याशी होशियार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश का माहौल खराब करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रदेश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था क़ो ख़राब करने में लगे है। यह सरकार उप-चुनावों क़ो प्रभावित करने के लिए गुंडागर्दी, नीचता व झूठ की सारी हदें पार कर चुकी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जब से सत्ता में आए हैं तब से लेकर मात्र झूठ बोल कर जनता को भ्रमित करने का ही कार्य करते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान जब मुख्यमंत्री को और उपमुख्यमंत्री को अपनी बेटी व पत्नी को चुनाव लड़ने के लिए कहा गया परन्तु हार के डर से दोनों ही पीछे हट गए और अब सत्ता का दुरूपयोग करके पहले उपमुख्यमंत्री की बेटी और अब पत्नी को स्थापित करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं और उनके हकों को छीन रहे हैं। आज देहरा की जनता मुख्यमंत्री और प्रशासन की धमकियों की वजह से परेशान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पत्नी को चुनाव जीताने के लिए राजधर्म भूल गए हैं और सत्ता का दुरूपयोग कर देहरा को सौगातों का लालच लेकर खरीदना चाहते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू आज देहरा की जनता को बताएं कि ज़ब एक निर्दलीय विधायक के रूप में मैंने यही सुविधाएं मांगी थी तब सरकार ने इस बात पर विचार क्यों नहीं किया और एक भी कार्य मेरे कहने से नहीं किया मजबूरन मुझे यह रास्ता इख्तियार करना पड़ा और अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। आज मुख्यमंत्री यह बताएं अगर आज जो घोषणा पर घोषणा की जा रही है वैसा पहले किया होता तो आज प्रदेश में जो अस्थिरता पैदा हुई वो कभी न होती और इतना खर्चा भी प्रदेश पर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू कहते हैं कि देहरा मेरा और मेरा पुराना घर यहीं है पर इस देहरा कि याद आज ही क्यों आ रही है ज़ब उनकी पत्नी यहाँ से चुनाव लड़ रही है। टिकट फाइनल होते ही कैबिनेट में पुलिस जिला बनाना जबकि देहरा में अभी आदर्श आचार सहिंता चल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का नेतृत्व आज ऐसी पार्टी कर रही है, जिनका एक मात्र ध्येय अपने परिवार को विकास करना है नाकि जनता या कार्यकर्ता का विकास। केंद्र से नजर दौड़ाएं तो राहुल गाँधी ने अपनी वायनाड की सीट बहन प्रियंका के लिए खाली की, मंडी की पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने अपने बेटे के लिए मंडी की सीट छोड़ी, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तो सबसे ही आगे निकल गए और आज अपनी पत्नी के लिए एक कार्यकर्त्ता से देहरा की सीट को छीन कर ले लिया, जिससे यही प्रतीत होता है कि ये लोग मात्र अपने परिवार के लिए कार्य करते हैं।
यूथ क्लब भोग्रवां में क्लब के सदस्यों द्वारा क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था, जिसका समापन आज हुआ। क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 29 जून रात्रि में किया गया था, जिसमें 29 टीमों ने हिस्सा लिया था। फाइनल मुकाबला महादेव कल्ब मोहटली व भोग्रवां के बीच हुआ, जिसमें मोहटली टीम ने विजय हासिल की। सभी टीमों में हुए मैचों के सबसे उत्तम प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया। इसके इलावा मैन ऑफ द सीरीज को 1100 रूपए की राशि व बैस्ट बालर को जूते प्रदान किया गए, टुर्नामेंज का आयोजन पंचायत लेवल पर किया गया। विजेता टीम को 11000 रूपए व उपविजेता टीम को 7100 रूपए की सम्मान राशि प्रदान की गई। मुख्यातिथि के रुप में इस टुर्नामेंट में गुरू देवा जी महाराज व डॉक्टर विशाल ठाकुर उपस्थित रहे। मुख्यतिथियों ने युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया, क्लब मैंबरो के द्वारा रात्रि में बाहर से आई टीमों को भोजन की व्यवस्था भी करवाई गई थी। कमेटी मैंबरो में अमित ठाकुर, भुवेश ठाकुर (आशू), राहुल शर्मा, सुमित शर्मा,कनव ठाकुर, दिक्शांत , अदित्य राणा इत्यादि उपस्थित थे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राशन कार्डों की eKYC करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 तक बढ़ा दी गई है। यह सुविधा देश के सभी लोकमित्र केन्द्रों में उपलब्ध है। उन्होंने बाहरी राज्यों में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के सभी राशन कार्ड उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वह अपने निकटतम लोक मित्र केन्द्र में जाकर eKYC करवाना सुनिश्चित करें।
हिमाचल में मानसून रविवार से फिर रफ्तार पकड़ेगा। 30 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज, 3 से 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार को मंडी और शिमला में बूंदाबांदी हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। अधिकतम तापमान में सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 37 और बिलासपुर में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार से फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है। निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दो दिन के दाैरान प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मानसून का प्रवेश हो जाएगा। पहाड़ी राज्यों में जहां बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें बंद हैं, वहीं मैदानी राज्यों में सड़कों पर पानी भर गया है। अरुणाचल प्रदेश में टेलीफोन की लाइनें टूट गई हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्व राजस्थान, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी यूपी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अगले साल से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। नए सत्र के लिए अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की छपाई शुरू हो गई है। वर्ष 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम शुरू हो गया है। अब तीसरी से पांचवीं कक्षा में इसे लागू किया जा रहा है। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी भाषा में गणित और पर्यावरण विषय पढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के 10,300 प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हिंदी माध्यम में पढ़ाई बंद हो जाएगी। निजी स्कूलों का मुकाबला करने और सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का पलायन रोकने को सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण से पता चला कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई न होने के चलते ही अभिभावक निजी स्कूलों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में सरकार ने पहली और दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम लागू किया है। पहली और दूसरी कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाए जाते हैं। इन कक्षाओं में गणित को अंग्रेजी में पढ़ाया जाता है। तीसरी से पांचवीं कक्षा में गणित, पर्यावरण, हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाते हैं। नए सत्र से गणित और पर्यावरण विषय अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू होने वाली नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक चलाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 20 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दे दिया है। ये अध्यापक पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे। बीते दिनों ही जिला और ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को शुरू करने की अनुमति दे दी है। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को अंग्रेजी माध्यम की किताबें छापने को कह दिया है। नए शिक्षा सत्र से सभी प्राइमरी स्कूलों की कक्षाएं इंग्लिश मीडियम पर चलेंगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से एनरोलमेंट भी बढ़ेगी।
धर्मशाला में रविवार 30 जून को आयोजित होने वाली एचएएस परीक्षा के लिए 12 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन सीसीटीवी निगरानी में होगा। यह जानकारी एडीसी सौरभ जस्सल ने आज एचएएस परीक्षा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में एचएएस परीक्षा के लिए राजकीय महाविद्यालय में दो सेंटर बनाए गए हैं, जबकि जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान डाइट, आईटीआई दाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पास्सु, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खन्यारा, डीएवी पब्लिक स्कूल कोतवाली, सेक्रड हर्ट स्कूल सिद्ववाड़ी, बीएड कालेज, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला धर्मशाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्वायज धर्मशाला में केंद्र निर्धारित किए गए हैं इन केंद्रों में 2855 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। एडीसी सौरभ जस्सल ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा आरंभ होने से एक घंटे पहले केंद्र में पहुंचना होगा। परीक्षा दस बजे से दो बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में गैजेट ले जाने पर रोक रहेगी इसके साथ ही सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं।
**राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपने अपने विभागों में कार्यक्रमों एवं योजनाओं को कारगर तरीके से संचालन के लिए डाटा के संकलन तथा उसके उपयोग को लेकर प्रशिक्षण अत्यंत जरूरी है। आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सार्वजनिक सेवाएँ किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती हैं, और डाटा का लाभ उठाकर इसकी वितरण और दक्षता में काफी सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डाटा विश्लेषण से उपलब्ध जानकारी सरकार को महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान करने, नीतिगत हस्तक्षेपों को प्राथमिकता देने और विभिन्न नीति विकल्पों के संभावित परिणामों का आकलन करने में सक्षम बनाती है। डाटा विश्लेषण के आधार पर ही योजनाओं का सही आकलन किया जा सकता है तथा उसमें सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि डाटा संकलन सभी विभागों के लिए अत्यंत जरूरी है तथा इसी दिशा में सांख्यिकी विभाग के माध्यम से सभी विभागीय अधिकारियों के नियमित तौर पर प्रशिक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर सांख्यिकी के जनक पीसी महालेनोबिस के योगदान पर भी चर्चा की गई। इससे पहले सांख्यिकी विभाग के आर्थिक सलाहाकार विनोद राणा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए निर्णय लेने में डाटा के उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। जिला अनुसंधान अधिकारी स्वर्ण लता शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एडीएम डा हरीश गज्जू तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
**आचार संहिता के कारण अभी नहीं कर सकते किसी योजना की घोषणा **होशियार सिंह ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बेची विधायकी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों की समस्या को समझता हूं। हमारी सरकार किसी का घर खाली नहीं करवाती, बल्कि घर बनाने के लिए तीन गुणा राशि देती है। देहरा की जनता और पौंग बांध विस्थापितों के लिए अगर कानून भी बदलना पड़े तो बदलेंगे। चुनाव आचार संहिता के कारण अभी किसी तरह की कोई घोषणा नहीं कर सकते। लेकिन, विस्थापितों की हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री देहरा में कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर के चुनाव प्रचार के दौरान यूथ कांग्रेस के युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व आजाद विधायक ने अपने राजनीतिक फायदे व लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए विधायकी बेची है। वह भाजपा की राजनीतिक मंडी में दूसरी बार विधायक बनने के 14 माह बाद ही बिक गए। ठाकुर सुखविंदर सिंह ने कहा कि लोगों ने उन्हें दूसरी बार 5 साल के लिए आजाद विधायक चुना था। वह जिसकी सरकार आती उससे काम करवा सकते थे। देहरा की जनता को होशियार से पूछना चाहिए कि वह न कांग्रेस के थे न भाजपा के, फिर क्या मुसीबत आ पड़ी कि इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस सरकार काम नहीं कर रही थी तो भाजपा के साथ विपक्ष में बैठ जाते, उपचुनाव थोपने की जरूरत क्या थी। उन्हें विधायक व ऐच्छिक निधि मिलती रहती, उससे जनता के काम करते। भाजपा व होशियार सिंह ने जनभावनाओं से खिलवाड़ करते हुए यह उपचुनाव जबरदस्ती थोपा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिकने के बाद होशियार सिंह एक महीना देहरा विधानसभा क्षेत्र में नहीं आए। सरकार गिराने में लगे रहे, इस्तीफा स्वीकार करवाने के लिए धरने पर बैठे। कोई आजाद विधायक ऐसे इस्तीफा नहीं देता, यह सामान से भरे उस अटैची का दबाव था जो भाजपा से मिला था। जल्दी इस्तीफा मंजूर करने का दबाव निर्दलीय विधायक इसलिए बना रहे थे, क्योंकि दूसरी क़िस्त विधायकी छोड़ने के बाद ही मिलनी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि होशियार सिंह बताएं, देहरा की जनता व सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए उन्होंने कभी धरना दिया। वह केवल अपने स्वार्थ के लिए विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे। जिस कमल को खिलाने के लिए भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ताओं ने पसीना बहाया, होशियार सिंह ने उसकी कमल को खरीद लिया। भाजपा के कर्मठ व ईमानदार कार्यकर्ताओं से मेरा अनुरोध है कि वह कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दें, चूंकि यह चुनाव कांग्रेस और बिके हुए विधायक के बीच है। होशियार सिंह ने देहरा का विकास रोक रखा। अगर पूर्व विधायक महीने का 15 करोड़ रुपये खर्च करते हैं तो फिर क्षेत्र का विकास क्यों नहीं करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी का काम देहरा में उन्होंने शुरू करवाया, फॉरेस्ट क्लियरेंस करवाई। 680 करोड़ की लागत से जूलॉजिकल पार्क बना रहे हैं, जिसमें जंगल सफारी, बड़े होटल व अन्य सुविधाएं होंगी। 2000 युवाओं को इसमें रोजगार मिलेगा। मेरा युवाओं से आग्रह है कि 10 जुलाई को भाजपा की खरीद फरोख्त की राजनीति पर वोट के जरिये चोट करें। यह समय कमल खरीदने व जनता को धोखा देने वालों को सबक सिखाने का है। देहरा की जनता कमलेश ठाकुर को चुनाव जिताकर भेजे, साढ़े तीन साल में क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी और अथाह विकास होगा। यह चुनाव ईमानदारी व बेईमानी के बीच है। बिकाऊ पूर्व विधायक ने देहरा की जनता से बार-बार झूठ बोला, क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। कमलेश के जीतने के बाद देहरा की हर समस्या हल कर दी जाएगी। देहरा की जनता सरकार में भागीदार बनने के लिए वोट करें, विपक्ष में बैठने के लिए। सरकार के साथ चलने पर ही देहरा विकास की नई गाथा लिखेगी। इस मौके पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, चेयरमैन कैबिनेट रैंक भवानी पठानिया, विधानसभा में डिप्टी व्हिप केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रत्न, पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, चेयरमैन नरदेव कंवर, संजय चौहान, पूर्व विधायक योगराज, अजय महाजन, कांग्रेस के कोषाध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पिंदर ठाकुर, पूर्व उम्मीदवार पवन ठाकुर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुलविंदर इत्यादि मौजूद रहे।
शिमला: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 30 जून को हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) का एग्जाम होगा। सभी अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटे पहले पहुंचना होगा। सुबह और शाम को दो सत्र में ये एग्जाम होगा। इस बार आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में केवल काले या नीले रंग के पेन का ही प्रयोग करना होगा। एचएएस एग्जाम के लिए अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट www.hppsc.hp.gov.in से ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा एग्जाम सेंटर में फोन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह से मनाही है। इसके साथ ही एग्जाम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। वहीं, शाम के सत्र की परीक्षा 2 बजे से शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की प्रीलिमिनरी परीक्षा में 32,371 उम्मीदवार बैठेंगे। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। एचएएस एग्जाम के लिए कुल 119 एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे, इसके लिए लोक सेवा आयोग ने तैयारियां कर ली है। वहीं, एग्जाम सेंटर में जैमर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी एग्जाम सेंटरों पर नजर रखी जाएगी. इस दौरान सीसीटीवी फुटेज को मॉनिटर किया जाएगा, ताकि एग्जाम के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। एग्जाम सेंटर उन्हीं स्कूलों में बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आयोग की ओर से एचएएस की प्रीलिमिनरी एग्जाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एग्जाम सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
**पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए रोक लग जाएगी। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा। दो माह न तो पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे और न ही नदियों में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ सैलानी उठा पाएंगे। सैलानियों को पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए दो माह तक इंतजार करना पड़ेगा। बरसात में बारिश और भूस्खलन, बाढ़ आदि को ध्यान में रखते हुए दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर कार्रवाई की जाती है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग, धर्मशाला के इंद्रूनाग, कुल्लू-मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सैलानियों को साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए 2 माह का इंतजार करना होगा। अगर 15 जुलाई से पहले ही भारी बरसात होती है तो इन साहसिक गतिविधियों पर पहले भी रोक लगाई जा सकती है। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जिला कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि बरसात के मौसम में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।


















































