कुल्लू में आप के शक्ति प्रदर्शन ने भाजपा और मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर की नींद जरूर उड़ा दी होगी। जिस तरह का जनसैलाब आप की तिरंगा यात्रा में दिखा अगर वो वोटों में तब्दील हो पाया तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती है। दरअसल जिला की चार विधानसभा सीटों में से तीन पर भाजपा का कब्जा है और मनाली विधायक गोविन्द सिंह ठाकुर वर्तमान में मंत्री भी है। जबकि कुल्लू सदर सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। पिछले साढ़े चार सालों में कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद कुल्लू में भाजपा कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई है। मंडी संसदीय उपचुनाव में भाजपा की हार का प्रमुख कारण भी जिला कुल्लू में पार्टी का लचर प्रदर्शन था। तब चारों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को बढ़त मिली और ये ही भाजपा की हार का कारण बना। नतीजों की कसौटी पर मंत्री गोविन्द फेल हो गए। ये ही कारण है कि उपचुनाव नतीजों के बाद जब मंत्रिमंडल फेरबदल के कयास लग रहे थे तब गोविन्द सिंह ठाकुर का मंत्रिमंडल से पत्ता काटने की चर्चा जोरों पर थी। हालांकि तब फेरबदल नहीं हुआ। इससे पहले शहरी निकाय चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन ठीक ठाक ही था। तब कुल्लू नगर परिषद पर कांग्रेस कब्जा करने में कामयाब रही थी। सीएम जयराम ठाकुर बेशक मिशन रिपीट का दावा कर रहे हो लेकिन अकेले जयराम ऐसा नहीं कर सकते। विशेषकर उनके कैबिनेट मंत्रियों को भी अपना जादू और ताकत साबित करनी होगी। जिन मंत्रियों पर इस वक्त सबसे ज्यादा दबाव है उनमें से एक गोविन्द ठाकुर भी है। दरअसल जिला कुल्लू में दशकों तक महेश्वर सिंह भाजपा का मुख्य चेहरा है और खुद को साबित भी करते रहे। पर महेश्वर की भाजपा से दुरी बढ़ी तो पार्टी की कृपा गोविन्द सिंह ठाकुर पर बरसी। उनके पिता की सियासी विरासत ने भी उनकी राह आसान की। अब गोविन्द को खुद को साबित करना होगा।
2008 में परिसीमन बदलने के बाद अस्तित्व में आए इस विधानसभा क्षेत्र में फिलवक्त भाजपा का कब्ज़ा है। बीते चुनाव में यहां से भाजपा सरकार में मंत्री सुखराम चौधरी ने कांग्रेस उम्मीदवार किरनेश जंग को करीब 12 हजार वोटों से हराया था। इससे पहले साल 2012 में किरनेश जंग बतौर निर्दलीय चुनाव लड़े थे और उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों को पटकनी दी थी। दरअसल 2012 के चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था व भाजपा प्रत्याशी सुखराम चौधरी को 790 मतों से हराया था। पर इस बार मंत्री सुखराम चौधरी के क्षेत्र पांवटा साहिब में भी भाजपा को आसानी से सत्ता सुख मिलता नहीं दिख रहा। भीतर खाते मंत्री की मुखालफत की झलकियां अभी से दिखने लगी है। पिछले वर्ष हुए निकाय चुनाव में भी भाजपा को मनमाफिक नतीजे नहीं मिले थे। उधर कांग्रेस संभवतः फिर करनेश जंग को मैदान में उतारे। हालांकि कई कांग्रेसी अब आप में गए है जिससे भाजपा जरूर उत्साहित होगी। आप में जाने वाले कांग्रेसियों में से एक युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनीष ठाकुर भी शामिल है। पच्छाद: कांग्रेस की अंतर्कलह से होगी आस 2019 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने एक युवा महिला नेता को टिकट के काबिल समझा और रीना कश्यप को पच्छाद उपचुनाव में जीत मिली। हालांकि भाजपा से बागी उम्मीदवार दयाल प्यारी भी मैदान में थी, पर यहां भी सुरेश कश्यप ने जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अपनी काबिलियत सिद्ध की। भाजपा ने दयाल प्यारी को टिकट नहीं दिया और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा व 11698 मत लेकर अपनी ताकत का अहसास भी करवाया। इसके बाद नाराज़ होकर भाजपा की निष्ठावान दयाल प्यारी कांग्रेस में चली गई। लगा जैसे दयाल प्यारी के कांग्रेस में शामिल होते ही सिरमौर के पच्छाद में पिछले तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को संजीवनी मिल गई। लगने लगा की 2022 में कांग्रेस की उम्मीदवार दयाल प्यारी हो सकती है, मगर वर्तमान परिवेश में ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा। दयाल प्यारी को कांग्रेस प्रदेश सचिव नियुक्त करने के बाद से ही गंगूराम मुसाफिर और उनके समर्थक खुल कर विरोध करने लगे थे। परन्तु अब एक बार फिर कमान गंगू राम मुसाफिर के हाथ में जाती हुई दिखाई दे रही है। तीन चुनाव हारने के बावजूद भी जिले में संगठनात्मक मामलों को देखने का निर्देश दिए गए है। सिरमौर की सियासत में एक बार फिर मुसाफिर का उदय होता दिखाई दे रहा है। जानकार मानते है की ये सब होली लॉज की कृपा के कारण संभव हुआ है। अगर ये कृपा बनी रही तो एक बार फिर गंगूराम को ही टिकट मिल सकता है। दरअसल पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में गंगूराम मुसाफिर कांग्रेस का एक अनुभवी चेहरा है। गंगूराम मुसाफिर ने 1982 से लेकर 2007 तक के विधानसभा चुनाव में लगातार सात बार जीत दर्ज की। 1982 में मुसाफिर ने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीता, लेकिन 1985 से वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े। वह मंत्री के अलावा हिमाचल विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं। पर 2012 के विधानसभा चुनाव में मुसाफिर को भाजपा के सुरेश कश्यप से 2805 वोटों से हार मिली। 2017 में कांग्रेस ने फिर मुसाफिर को मैदान में उतारा लेकिन जनता ने उन्हें फिर नकार दिया। इसके बाद 2019 के उपचुनाव में भी कांग्रेस ने मुसाफिर पर भरोसा जताया लेकिन मुसाफिर जीतने में असफल रहे। अब मुसाफिर और दयाल प्यारी में से किसी एक को चुनना कांग्रेस के सामने असल समस्या है। उधर भाजपा में रीना कश्यप की राह भी आसान नहीं दिख रही। उपचुनाव में आश्वासन के बाद पीछे हटने वाले आशीष सिक्टा का दावा भी इस बार मजबूत है। जानकार मान रहे है कि भाजपा में भी टिकट के लिए जंग तय है।
रेणुकाजी और शिलाई में फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है और 2022 के लिए अभी से भाजपा को यहां कड़ी तैयारी करनी होगी। दोनों ही क्षेत्रों में भाजपा के लिए हाटी समुदाय को विशेष दर्जे का मुद्दा भी सरदर्द बनता दिख रहा है। पार्टी में टिकट दावेदारों की लम्बी फेहरिस्त भी परेशानी बढ़ा सकती है। उधर कांग्रेस में सम्भवतः दोनों ही वर्तमान विधायकों को फिर मौका मिले। इन दोनों ही विधायकों को कांग्रेस न बड़ी ज़िम्मेदारियां सौंपी है। शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान को उपनेता प्रतिपक्ष तो रेणुका विधायक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं भाजपा में शिलाई में बलदेव तोमर का टिकट तय माना जा रहा है लेकिन रेणुका जी में पार्टी के लिए उम्मीदवार का चयन सिरदर्द होगा। पिछले चुनाव में पार्टी ने हृदयराम पर बलबीर सिंह को वरीयता दी थी लकिन हृदयराम ने निर्दलीय ताल ठोक पार्टी की हार का बंदोबस्त कर दिया। ऐसे में इस बार भाजपा को फूंक -फूंक कर कदम रखना होगा। बिंदल साइडलाइन, बाकी में वो बात नहीं ! सिरमौर में भाजपा के वर्तमान सियासी आउटलुक की बात करें तो तेजतर्रार नेता और नाहन विधायक डॉ राजीव बिंदल एक किस्म से साइडलाइन है। न सरकार में उन्हें अहमियत दी गई है और न ही संगठन में कोई अहम ज़िम्मेदारी। नगर निगम सोलन और अर्की उपचुनाव का प्रभारी जरूर उन्हें बनाया गया, किन्तु दोनों जगह पार्टी परास्त हुई। उन्हें साइडलाइन रख कई नेताओं की ताकत बढ़ाई गई जिससे समीकरण संतुलित रह सके। पर इसमें कोई संशय नहीं कि बिंदल जैसा जादू अन्य नेता नहीं दिखा पा रहे। तो भाजपा को भुगतना होगा खामियाजा... पिछले दिनों हुई हाटी समुदाय की महाखुमली में जुटे लोगों ने स्पष्ट कहा कि 2014 में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाहन के चौगान मैदान में गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का वादा किया था। तदोपरांत 2019 में तत्कालीन केंद्रीय जनजातीय मंत्री ने हरिपुरधार में इस क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। वर्तमान में शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप भाजपाई है और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। ऐसे में यदि प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र का दर्ज नहीं मिलता है, तो उसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भाजपा को भुगतना होगा। दरअसल गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने का मसला 144 पंचायतों से सीधे जुड़ा है और इसके दायरे में चार विधानसभा क्षेत्र आते है। शिलाई के अतिरिक्त, श्रीरेणुकाजी, पच्छाद व पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्रों में भी ये मुद्दा निर्णायक भूमिका निभा सकता है। जाहिर है फिलवक्त भाजपा सत्ता में है तो नाराजगी का कोप भी भाजपा को भुगतना पड़ा सकता है। ऐसे में निसंदेह सत्तारूढ़ भाजपा अब इस मुद्दे पर कोई सार्थक पहल कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पार्टी को इसका लाभ भी मिलना तय है। नाहन : फिर लगने लगा धरतीपुत्र का नारा 2012 में परिसीमन बदल गए और सोलन निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित हो गया। फिर डॉ राजीव बिंदल ने नाहन को कर्मभूमि बना लिया। नाहन को अपना गढ़ बनाना बिंदल के लिए आसान नहीं था, मगर धीरे =धीरे बिंदल नाहन में अपने पैर जमाने में कामयाब हुए। 2017 में बिंदल ने फिर नाहन से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। नाहन में जरूर डॉ राजीव बिंदल खुद को साबित करते आ रहे है लेकिन मौजूदा स्थिति में वे भी सहज नहीं दिख रहे है। यहाँ अभी से धरतीपुत्र का नारा बुलंद होता दिख रहा है। साल 2017 में भी डॉ. राजीव बिंदल की घेराबंदी के लिए कांग्रेस ने धरती पुत्र का नारा बुलंद किया था। कांग्रेस लगातार बिंदल को बाहरी बताती रही है। बाहरी फैक्टर चला और कांग्रेस संगठित होकर चुनाव लड़ी, तो बिंदल को भी मुश्किल होती दिख रही है। इसके अलावा सवर्ण आंदोलन फैक्टर भी भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है। उधर कांग्रेस में अजय सोलंकी टिकट के मुख्य दावेदार जरूर है लेकिन अन्य प्रत्याशी भी उनसे पीछे नहीं दिखते। गुटों में बंटी दिख रही कांग्रेस के लिए यहाँ राह आसान नहीं होगी। पार्टी बंटी रही तो एक बार शिकस्त तय है।
रफ्ता -रफ्ता आम आदमी पार्टी प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करती दिख रही है। संगठन को दोबारा सशक्त करने के बाद आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से हिमाचल फ़तेह करने को लेकर कदमताल शुरू कर दी है। पार्टी को बीते कुछ वक्त में बड़े झटके जरूर लगे, मगर आप ने अब कमबैक किया है। हालांकि अब भी पार्टी के पास हिमाचल में कोई दमदार चेहरा नहीं दिखता, लेकिन अब पार्टी ने इन्तजार करने की बजाय जो है उसी के साथ हरसंभव प्रयास करने शुरू कर दिए है। मोर्चा खुद अरविन्द केजरीवाल ने संभाला हुआ है। बीते एक पखवाड़े में केजरीवाल हिमाचल के दो दौरे कर चुके है और करीब बीते दो माह में चार। ख़ास बात ये है कि केजरीवाल के हर दौरे में, हर आयोजन में भरपूर भीड़ उमड़ी है और उनके आने से निसंदेह पार्टी में जोश का संचार भी हुआ है।पिछले शनिवार को अरविन्द केजरीवाल और भगवंत मान ने एक बार फिर हिमाचल का रुख किया और हिमाचल की जनता से एक मौका माँगा। इस बार जगह थी कुल्लू, जो हिमाचल के शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर का गढ़ है। केजरीवाल ने कुल्लू में शिक्षा को ही प्रमुख मुद्दा बनाया। दिल्ली के शिक्षा मॉडल से हिमाचल की तुलना की और दो टूक कहा "बस एक मौका दे दीजिये अगर हम काम न करें तो लात मार कर बाहर निकाल देना"। इससे पहले आप ने हमीरपुर में एक शिक्षा संवाद का भी आयोजन किया था। इस तरह का चुनाव प्रचार या यूँ कहे मुद्दों पर चुनाव लड़ना हिमाचल में नई और सुखद पहल है और निसंदेह देर सवेरे आप को इसका लाभ भी मिल सकता है। हालांकि आगामी चुनाव में आप से किसी चमत्कार की उम्मीद बेमानी होगी लेकिन आप बाकी दोनों पार्टियों का खेल जरूर बिगाड़ सकती है। नेताओं की जेब में गया है पैसा : केजरीवाल अरविंद केजरीवाल लगातार कह रहे है कि वो हिमाचल में भी भ्रष्टाचार खत्म करने आए है। केजरीवाल सरकार से कई सवाल कर रहे है। वो पूछ रहे है कि हिमाचल का कई हज़ार करोड़ का बजट है, तो फिर वो पैसा कहाँ जा रहा है ? प्रदेश आर्थिक संकटों से क्यों जूझ रहा है। केजरीवाल का कहना है कि भाजपा सरकार कुछ भी नया नहीं बना रही। न तो स्कूल नए बन रहे है, न सड़कें और न अस्पताल, तो पैसा कहां जा रहा है ? वो आरोप लगा रहे है की ये सब पैसा इन नेताओं की जेब में गया है। एक बार कांग्रेस वालो की जेब में जाता है, एक बार बीजेपी वालो की जेब में। केजरीवाल अपने नेताओं की ईमानदारी के कसीदे पढ़ने से भी पीछे नहीं हट रहे। भ्रष्टाचार , शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर आम आदमी पार्टी आगे बढ़ रही है। किसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी आप, अभी कहना जल्दबाजी माहिरों का मानना है कि आम आदमी पार्टी हमेशा कांग्रेस को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। दिल्ली और पंजाब में आप ने कांग्रेस से सत्ता छीनी। पर ये कहना जल्दबाजी होगा कि आगामी चुनाव में आप ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को ही पहुंचाएगी। दरअसल प्रदेश में कई जगह भाजपा के नेता आप में शामिल हुए है और अब भी कतार में कई नेता बताये जा रहे है। मसलन कसौली में हरमेल धीमान ने आप का दामन थाम स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल के समीकरण बिगाड़ दिए है। जानकार मान रहे है कि टिकट आवंटन के बाद भाजपा - कांग्रेस दोनों तरफ अंसतोष तय लग रहा है और माना जा रहा है तब दोनों तरफ से कई नेता आप में जा सकते है। सो जो पार्टी अपने कुनबे को न संभाल पाई, उसका नुकसान ज्यादा होगा।
प्रधानमंत्री पोषण अभियान में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्वस्थ रखने के मिड-डे मील मेन्यू में पोषक आहार के साथ अब फलों को भी शामिल किया जाएगा। प्री-प्राइमरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को उचित पोषण आहार दिया जाएगा।हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दोपहर भोजन के साथ अब फल भी दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री पोषण अभियान में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्वस्थ रखने के मिड-डे मील मेन्यू में पोषक आहार के साथ अब फलों को भी शामिल किया जाएगा। प्री-प्राइमरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को उचित पोषण आहार दिया जाएगा। स्कूलों में दोपहर भोजन में दाल-चावल, खिचड़ी, मीठा भात परोसा जाता है। मिड-डे मिल के मेन्यू में केला, आम, तरबूज सहित अन्य फलों को शामिल किया जाएगा। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद बच्चों के दोपहर के भोजन के मेन्यू में फल शामिल होंगे।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के द्रंग वैली में पाए जाने वाले जंगली गेंदे के फूल से निकलने वाले टैगेट तेल की डिमांड अब विदेशों में भी बढ़ गई है। बीते दिनों यूके की खश कॉस्मेटिक्स कंपनी ने 500 लीटर तेल का ऑर्डर दिया है। आईआईटी मंडी, जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर, नाबार्ड और इनेबलिंग वूमन ऑफ कमांद वैली सोसायटी के संयुक्त इंडस्ट्री बायोटेक प्रोडक्ट नामक प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय किसान उत्पादक कंपनी को यह आर्डर मिला है। इस तेल से कई उत्पाद तैयार कर यूके की मार्केट में उतारे जाएंगे। कंपनी ने पूरे भारत के उत्पादकों से टैगेट तेल के सैंपल मंगवाए थे और टेंडर भी आमंत्रित किये गए थे। करीब 200 से अधिक सैंपल में द्रंग वैली के जंगली गेंदे से निकले टैगेट के तेल को सबसे उत्तम पाया गया। यह प्रोजेक्ट 2019 में शुरू किया गया था। 2021 तक इस प्रोजेक्ट में आईआईटी मंडी और जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर के वैज्ञानिकों ने संबंधित एजेंसियों के साथ काम किया। गेंदे की खेती व्यापक स्तर पर की गई। जब फूल निकलने लगा तो अरोमा मिशन-2 के तहत टैगेट तेल निकालने की यूनिट सालगी गांव में लगाई गई। यह तेल बंजर भूमि पर जंगली गेंदे के फूल को उगाकर निकाला गया है। दक्षिण-पश्चिम हिमालय में 1,000 से 2,500 मीटर तक की ऊंचाई में यह प्रमुखता से पाया जाता है। टैगेट तेल का कई उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल को कोल्ड ड्रिंक के फ्लेवर में इस्तेमाल किया जाता है। आंख की बीमारी और अलसर की दवाओं में इस तेल का इस्तेमाल होता है। विभिन्न कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। पक्ष आईआईटी कमांद मंडी के निदेशक लक्ष्मीधर बोहरा का कहना है कि एक बीघा जमीन में दो क्विंटल जंगली गेंदे का फूल उगाकर एक लीटर तेल निकल सकता है। इसकी बाजार में कीमत 9,000 से 12,000 रुपये प्रति लीटर है। 500 से 1,000 बीघा जमीन पर इसकी खेती हो रही है। -आईआईटी कमांद मंडी के निदेशक लक्ष्मीधर बोहरा
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बेटियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने में किसी भी बाधा का सामना ना करना पड़े, इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा बेटी है अनमोल योजना का शुभारंभ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश बेटी है अनमोल योजना केंद्र सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को देखते हुए आरंभ की गई है। "हिमाचल प्रदेश बेटी है अनमोल योजना 2022" के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश की बेटियों को उनकी पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत बेटी का जन्म होने पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ₹10000 की छात्रवृत्ति पोस्ट ऑफिस या फिर बेटी के बैंक खाते में जमा की जाती है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की बेटियों को पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक ₹300 से लेकर ₹12000 तक की आर्थिक सहायता किताबें तथा यूनिफॉर्म खरीदने के लिए प्रदान की जाती है। यदि बेटी बारहवीं कक्षा के बाद स्नातक के पाठ्यक्रम में अपनी पढ़ाई जारी रखती है तो उसे ₹5000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। एक परिवार की केवल 2 बेटियां ही उठा सकती है लाभ इस योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को प्रत्येक बालिका की दर से ₹12000 प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ एक परिवार की केवल 2 बेटियां ही उठा सकती हैं। इस योजना का आरंभ लिंगानुपात में सुधार करने के लिए एवं लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता प्रदान करने के लिए किया गया है। इस योजना के अंतर्गत बालिका को प्रदान की गई धनराशि बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने के पश्चात बैंक खाते से निकाल सकती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन कर सकते हैं आवेदन इस योजना के तहत आप ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का फायदा लेने के लिए आवेदक को गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए। साथ ही आवेदक को हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। हिमाचल प्रदेश बेटी है अनमोल योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की कॉपी, बीपीएल राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, स्कूल के प्रधानाचार्य के द्वारा प्रदान किया हुआ लेटर दस्तावेज के रूप में दिया जा सकता है। योजना के तहत सरकार द्वारा 32.81 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए गए हैं। इससे 98193 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है।
टाइडमैन अर्ली वर्सेसटर नाम की सेब की वैरायटी ने बाजार में दी दस्तक बागवानों को मिल रहे हैं अच्छे दाम
बदलते हुए परिवेश और विकास की वृद्धि दर के साथ हिमाचल प्रदेश सेब राज्य के नाम से जाना जाता है। विकास की अनेक मंजिलें तय करने के बाद आज हम देखते हैं कि हिमाचल के सुदूरवर्ती क्षेत्र सेब की विभिन्न प्रजातियों से भरे पड़े हैं तथा लोगों की आमदनी के अच्छे स्रोत बने हैं। करसोग क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान डॉक्टर जगदीश शर्मा, सुमित गुप्ता, हेमराज गुप्ता, हीरालाल महाजन, नरेश गुप्ता, मनोज शर्मा, नानकचंद का कहना है कि इन नवीन सेब प्रजातियों के कारण सेब जून जुलाई महीने में ही प्रदेश व देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंच जाता है। सेब बागवानी के कारण सर्द वायु वाले गांव-गांव के लोग इतने बुरे पहाड़ो के निवासी न रह कर हर दिशा में समृद्धि की ओर अग्रसर है। सेब बागवानी के कारण गरीब वर्ग से लेकर हर आयु वर्ग के लोगों को रोजगार मिलने से सेब उत्पादक क्षेत्र व गर्म वायु क्षेत्र में आम व अन्य प्रकार के फल उत्पादन के कारण हिमाचल प्रदेश के निवासी एक गौरवशाली पहाड़ी राज्य के निवासी हैं। हिमाचल प्रदेश बागवानी निदेशालय में सेवारत बागवानी विशेषज्ञ डॉक्टर शरद गुप्ता का कहना है कि उद्यान विभाग लोगों को बागों का विकास करने के लिए हर प्रकार की सहायता प्रदान करता है।टाइडमैन अर्ली वर्सेसटर नाम की सेब की वैरायटी बाजार में दस्तक दे चुकी है। थोड़ा चपटा सा दिखने वाला यह सेब रैड जून वैरायटी के बाद सबसे पहले भारी मात्रा में मंडियों में दस्तक दे देता है। इसे एक अच्छी परागकण किस्म के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है । जिसके चलते इस वैरायटी के पेड़ में अधिक मात्रा में फल लगते हैं और बागवान अच्छा मुनाफा अर्जित कर लेते हैं ।हिमाचल प्रदेश बागबानी निदेशालय में सेवारत बागबानी विशेषज्ञ डाक्टर शरद गुप्ता का कहना है कि इस वैरायटी को एच एम टाइडमैन नामक वैज्ञानिक द्वारा वर्ष 1929 में इंग्लैंड में तैयार किया गया था। यह "वरसेस्टर पियरमैन तथा मैकिंटोश" की संकर किस्म है। लाल छिलका, खुशबूदार स्वादिष्ट गुदे वाला यह फल 90 दिनों में पक कर तैयार हो जाता है।
बीते 24 घंटे में प्रदेश में विभिन्न सड़क हादसों में एक आठ वर्षीय बच्ची सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मंडी जिला के जोगिंद्रनगर में एक आठ वर्षीय बच्ची की कार की चपेट में आने से मौत हो गई जबकि एक 6 वर्षीय बच्ची घायल हो गई। वहीं मनाली में वीरवार सुबह एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि जिला कांगड़ा के कांगड़ा-शिमला मार्ग बाईपास पर बुधवार रात को एक बाइक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार जोगिंद्रनगर के ढेलू गांव के पास सड़क पर कार की चपेट में आने से एक आठ साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बहन जख्मी हो गई। जानकारी के मुताबिक रात के समय दोनों बहनें घर से कुछ दूरी पर दुकान से चॉकलेट लेकर वापस लौट रही थीं। इसी बीच यह हादसा हो गया। हादसे के बाद दोनों को वहां मौजूद लोग जोगिंद्रनगर अस्पताल लाए, जहां बड़ी बहन आठ वर्षीय सावनी पुत्री जसविंदर वासी ढेलू को मृत घोषित कर दिया गया। छह वर्षीय वंशिका को प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है। जोगिंदर नगर अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि सावनी के सिर पर गहरी चोट लगी थी। उसे अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत चुकी थी। छोटी बहन को गंभीर चोटें आई हैं। उसे टांडा रेफर कर दिया है। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी प्रीतम जरियाल ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक अन्य हादसा मनाली में वीरवार सुबह पेश आया है। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई। दरअसल मनाली में बीएसएनएल कार्यालय से होकर गुजरने वाले बाईपास मार्ग पर एक ट्रक बैक करते वक्त राह पर चल रहा युवक ट्रक की चपेट में आ गया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस पर गुस्साए लोगों ने कुछ देर के लिए हंगामा किया। वे ट्रक चालक को उनके हवाले करने की मांग कर रहे थे। वहीं मामला दर्ज कर पुलिस आगामी कार्रवाई में जुट गई है। जिला कांगड़ा के कांगड़ा-शिमला मार्ग बाईपास पर बुधवार रात को एक बाइक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
निरमंड की सगोत कैंची से खनोटा सड़क मार्ग की खस्ता हालत होने के चलते खनोटा के स्थनीय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि पिछले कई महीनों से इस सड़क मार्ग की दुर्दशा के चलते इस सड़क पर छोटे वाहन चालकों को भी आवाजाही के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं गांव की महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों का इस सड़क पर चलना दुर्भर हो गया है। इसके चलते गुरूवार को ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन कर लोक निर्माण विभाग के प्रति अपना रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द इस सड़क की मुरमत का काम शुरू नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतर कर आंदोलन का रुख अपनाना पड़ेगा। वहीं स्थानीय पंचायत के प्रधान अमर सिंह ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अधिशाषी अभियंता को ग्राम सभा का प्रस्ताव दिया है और जल्द सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं इस मामले में लोक निर्माण विभाग निरमंड के सहायक अभियंता ईश्वर चंद ने कहा कि इस सड़क के टेंडर जिस ठेकेदार को आवंटित किए गए थे और उस ठेकेदार ने काम छोड़ दिया है। जल्द ही फिर से किसी अन्य ठेकेदार को टेंडर आवंटित किए जायेंगे और सड़क मार्ग को जल्द दुरुस्त किया जायेगा।
जिला चंबा के होली मार्ग पर ज्यूरा मंदिर के पास गुरूवार सुबह अचानक पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी दरकने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप्प हो गई जिसके चलते लोगों काफी देर तक सड़क में फंसे रहना पड़ा। हादसे की सुचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने सड़क को यातायात हेतू बहाल करने का कार्य आरंभ कर दिया, लेकिन सड़क पर भारी भरकम चट्टानें होने के कारण जेसीबी मशीनें भी इन्हें हटा नहीं पाई है। नतीजतन सड़क को बहाल करने के लिए ब्लास्टिंग का उपयोग किया जा रहा है। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस थाना भरमौर ने बरसात के चलते यात्रियों को आगाह किया है। पुलिस ने कहा है कि बरसात के मौसम में पहाड़ों में दरारें आ जाती है, जिसकी वजह से स्लाइडिंग होती है। पुलिस ने अपील की है कि बिना वजह घर से बाहर ना निकले, जरूरी हो तभी घर से निकले। वहीं भरमौर आने वाले पर्यटकों से भी पुलिस ने सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सफर करने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के पतीकूहल स्थित उझी घाटी के नथान में सड़क की कटिंग कर रही जेसीबी पर अचानक पहाड़ गिर गया है। इस हादसे से क्षेत्र में हाहाकार मच गया। हालांकि इस दौरान जेसीबी चालक की जान बाल -बाल बची, लेकिन जेसीबी क्षतिग्रस्त होने से काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं, पहाड़ दरकने से बस्तोरी मार्ग भी यातायात के लिए बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार भेखली-बस्तोरी-नाथन में बस्तोरी से नथान तक करीब ढाई किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए पहाड़ की कटिंग का काम चल रहा था। गुरुवार को नालियों के निर्माण के लिए जेसीबी से खोदाई की जा रही थी। इस दौरान अचानक पहाड़ दरक गया और बड़ी-बड़ी चट्टानें जेसीबी के ऊपर आ गिरी। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। वहीं पुलिस ने भी घटना स्थल पर पहुंच कर मौके का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। उनके जन्मदिन को कांग्रेस ने विकास दिवस के रूप में मनाया। इसी कड़ी में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम शिमला के कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में आयोजित किया गया। कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री व अन्य नेताओं ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और उनके द्वारा किए गए कार्यो को याद किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि आज स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का जन्मदिन है और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए प्रदेश भर से यहां लोग आए उनका आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने पूरे प्रदेश में विकास करवाया है और आज उनके जन्मदिन को विकास दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। वहीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में जो विकास राजा वीरभद्र ने करवाया है उसे कभी नहीं भूला जा सकता है। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही रिज पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने जो शिक्षण संस्थान और भवन बनाए हैं, उनके नाम भी वीरभद्र सिंह के नाम पर रखे जाएंगे। इस मौके पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के निधन के बाद ये उनकी पहली जयंती है। उनका जन्मदिन पूरे प्रदेश भर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता था और होलीलोज में बधाई देने के लिए गाजे बाजे के साथ लोग पहुचते थे, लेकिन अब वह हमारे बीच में नहीं है। वीरभद्र सिंह ने पूरे प्रदेश को एक माला में पिरोने का काम किया। उनके द्वारा किए गए विकास को पूरा प्रदेश हमेशा याद रखेगा। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सभी वरिष्ठ नेताओं-कार्यकर्ताओं ने वीरभद्र सिंह को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोलन में डॉ कर्नल धनीराम शांडिल की अगुवाई में कांग्रेस ने स्व वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय अस्पताल में फल भी वितरित किये गए। जिला के अन्य स्थानों पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर राजा वीरभद्र सिंह को याद किया गया। सिरमौर के पांवटा साहिब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वीरभद्र सिंह के जन्मदिवस पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। पूर्व विधायक किरनेश जंग और मंडल अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश में एक समान विकास किया है। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उनके द्वारा किये गए कार्यों को पूरा प्रदेश हमेशा याद रखेगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किए। जयसिंहपुर के खैरा में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के जन्म दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कांग्रेस के कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने रक्तदान किया। इस दौरान जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के सोशल मीडिया कांग्रेस प्रदेश सचिव राज वर्मा को 15 वीं बार रक्तदान करने पर सम्मानित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री स्व राजा वीरभद्र सिंह की जयंती पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा सिविल अस्पताल हमीरपुर में फल वितरित किए गए। इस दौरान कामगार कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव राणा ने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह हमेशा हिमाचल की जनता के दिलों में रहेंगे, जिस तरह से उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री हिमाचल के जन-जन का विकास किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
हिमाचल प्रदेश में अब मानसून जल्द दस्तक देने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के पूर्वानुसार 26 या 27 जून को मानसून हिमाचल में दस्तक दे देगा। बहरहाल, मानसून की पहली बारिश जुलाई पहले सप्ताह में होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक दो दिनों में प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश की हल्की बौछारें गिर सकती हैं। वहीं अगर प्री मानसून की बात करें तो मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जून महीने में भी हिमाचल में सामान्य से कम बारिश हुई है। जून माह के पहले और दूसरे सप्ताह में बारिश दर्ज नहीं की गई है। हालांकि तीसरे हफ्ते में प्री मानसून की बौछारों ने काफी हद तक सूखे से राहत दिलाई। विभाग के अनुसार प्रदेशभर में 22 जून तक कुल 39.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह बारिश सामान्य से बारिश 37 प्रतिशत कम है। 22 जून तक प्रदेश में 63 मिलीमीटर बारिश सामान्य मानी जाती है। सिरमौर में सूखे की मार सबसे कम बारिश सिरमौर जिला में हुई है। सिरमौर में कुल 36.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह बारिश सामान्य से 62 प्रतिशत कम है। वहीं लाहौल स्पीति जिला में 49 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। चंबा जिला में 23 प्रतिशत कम बारिश, कांगड़ा में 46 प्रतिशत कम बारिश, कुल्लू जिला में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। किन्नौर में 59 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। शिमला जिला में 22 प्रतिशत कम बारिश, सोलन जिला में 28 प्रतिशत, ऊना में 23 प्रतिशत, मंडी में 39 प्रतिशत, बिलासपुर में 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश में सिर्फ हमीरपुर जिला में कम सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां पर सामान्य से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के एम पुथुर गांव में पटाखा उत्पादन में आग लगने से 3 लोगो की मौत हो गयी है ,जबकि 2 अस्पताल में भर्ती है। पुलिस अधिकारी ने यह बताया हैं की 24 घंटे के अंदर आग लगने की यह दूसरी घटना है। बुधवार को दिंडीगुल जिले में एक पटाखा दुकान में आग लग गई थी। हादसा जिला कलक्टर कार्यालय के सामने चेन्नामनायकनपट्टी के अरुणाचलम नगर स्थित अर्जुन फायरक्रैकर्स नामक पटाखा दुकान में हुआ। इसमें व्यापारियों को भी काफी नुक्सान हुआ।
हिमाचल प्रदेश में इस साल मक्की के बीज पर सरकार ने 1 करोड़ रूपये का उपदान घटा दिया है। सरकार इसपर 6.09 करोड़ रूपये का उपदान दे रही है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा 63 लाख की राशि उपदान में दी है। बाकि की राशि राज्य सरकार ने जुटाई है। पिछले साल सरकार ने इसपर 7 करोड़ की राशि दी थी। इस बार केंद्र से मक्की के बीज पर उपदान काम आया है। इस कारण सब्सिडी घट गयी है। कृषि विभाग के अधिकारियो के अनुसार सरकार किसानों को 40 रूपये प्रति किलो के हिसाब से उपदान दे रही है। प्रदेश में 279 हैक्टेयर क्षेत्र में मक्की की बिजाई की जाती है। सरकार ने किसानों को हाइब्रिड मक्की का बीज उपलब्ध करवाया है। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के वैज्ञानिकों ने कहा कि इस बीज से किसान 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मक्की का उत्पादन सकते है। वंही कृषि मंत्री वीरेंदर कंवर ने कहा कि मक्की के बीज पर उत्पादन केंद्र सरकार देती है। इस बार उत्पादन कम आया है।
हिमाचल प्रदेश में बीते तीन दिनों से बारिश का क्रम जारी है और प्रतिदिन आकाश में बादलों और सूरज के बीच लुका छुपी देखने को मिल रहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के कई भागों में भारी बारिश की संभावना है। विभाग के अनुसार प्रदेश के मध्य पर्वतीय भागों में 25 जून तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। वहीं, मैदानी भागों में 23 व उच्च पर्वतीय भागों में 24 जून से मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि जुलाई महीने के पहले सप्ताह कम बारिश होने के आसार है। वही किसानों और बागवानों की फसलों और बाग बगीचों को बर्बाद होने से बचाने के लिए भी मौसम विभाग एक स्कीम लेकर आया है। इस स्कीम में मौसम विभाग कृषि और बागवानी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर एक व्ट्सॅअप ग्रुप बनाएगा, जिसमें किस जिले और क्षेत्र में कब बारिश और ओलावृष्टि होगी ये जानकारी दी जाएगी ताकि किसान बागवान समय रहते अपनी फसल का बचाव कर सके और साथ ही मौसम विभाग सभी जिलों के लिए तीन-तीन घण्टे बाद मौसम का फोरकास्ट जारी करेगा।
अग्निपथ योजना के विरोध में राजनितिक दलों के बाद अब किसानों ने भी मोर्चा खोल दिया हैं। इस कड़ी में आज हिमाचल किसान सभा ने उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर अग्निपथ योजना के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। किसान सभा ने सरकार को अल्टीमेटम दिया हैं कि अगर 24 जून तक सरकार अग्निपथ योजना तो वापिस नहीं लेती है तो किसान सभा देश भर में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौपेगी और आंदोलन करेगी।किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप तंवर ने कहा कि किसानों के बाद अब युवाओं के साथ मोदी सरकार खिलवाड़ कर रही हैं। जिस तरह किसान आंदोलन के विरोध के बाद क़ृषि क़ानून वापिस लिया गया, यही हाल इस योजना का भी होगा। सेना में किसानों के बच्चे ही भर्ती होते हैं इस तरह सरकार किसान आंदोलन का बदला इस योजना को लाकर किसानों से ले रही हैं। उन्होंने कहा कि न तो किसी नेता और न ही अधिकारी के बच्चे सेना में जाते हैं। किसान का बेटा एक खेत में तो दूसरा सेना में जाता है जिस पर सरकार ने कुठाराघात किया है। उन्होंने कहा कि सयुंक्त किसान मोर्चा 24 जून को सड़कों पर उतरकर इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेगा।
प्रदेश भर में आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। विश्व योग दिवस पर सरकारी स्तर पर और राजनीतिक दलों ने भी कई कार्यक्रम आयोजित किए। मौसम के बदले मिजाज और बारिश की फुहारों ने भी आयोजन को फीका नहीं होने दिया। लोग बड़ी संख्या में विभिन्न आयोजन स्थलों पर पहुंचे और इस खास दिन की अहमियत जताई। विभिन्न योगासनों से प्रदेश को फिट रहने का संदेश दिया। सभी संसदीय क्षेत्रों कांगड़ा, हमीरपुर, शिमला और मंडी के शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर विश्व योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये गए। शिमला विश्व योग दिवस पर राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्कूली बच्चों के साथ योग आसन किए। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह सात से आठ बजे तक योग सत्र में योग किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी और जीवन में निरोग रहने के लिए योग को रोज करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से भारत की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाया है। आज के समय में जीवन काम में उलझ कर रह गया हैं। 8 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयास किया कि भारत से जुड़े योग को विश्व जाने। जिसमें सफलता मिली और आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। उन्होंने प्रदेश वासियों से आग्रह किया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग को जीवन में शामिल करें। मंडी जिला मंडी के पराशर में अंतरराष्ट्रीय दिवस पर योग शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर भी रहे मौजूद। गौरतलब है कि पराशर ऋषि की तपोस्थली को आजादी के अमृत महोत्सव पर देश के 75 आइकॉनिक स्थानों में शामिल किया गया था। हमीरपुर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के टिहरा सुजानपुर कटोच पैलेस में केंद्रीय सूचना और प्रसारण एवं युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर तथा प्रदेश से खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने शिरकत की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की बागडोर संभालते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को भारत की प्राचीन पद्धति योग का महत्व समझाया और दुनिया से इसे अपनाने की अपील की। उनके आह्वान पर दुनिया के सभी देशों ने इसे अपनाया और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प लिया। भारत के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस बार 8वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी का अमृत महोत्सव के तहत देश भर के 75 प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर स्थलों पर ”योग फॉर ह्यूमैनिटी” यानि मानवता के लिए योग थीम के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में सुजानपुर के कटोच पैलेस के परिसर में योगाभ्यास सत्र में भाग लेना प्रत्येक प्रतिभागी के लिए गौरव की बात है। रोहतांग अटल टनल रोहतांग में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सैकड़ों लोगों ने 10,000 फीट की ऊंचाई पर एक साथ योग किया। अटल टनल योग कार्यक्रम में केंद्रीय गृह, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक, कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा शामिल हुए। वहीं, 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में बर्फ के बीच आईटीबीपी के जवानों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन किया। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हो रहे इस कार्यक्रम में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान और सीमा सड़क संगठन के जवान भी शामिल हुए।
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर दर्दनाक सड़क हादसे पेश आए। कुल्लू में पेश आए दो सड़क हादसों में तीन लोगो की मौत हो गई जबकि नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे पर वाहनों की आपस में ज़ोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में पांच पर्यटकों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पीजीआई रेफर किया गया। इसके अलावा धर्मशाला से दिल्ली जा रही हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बस पानीपत में सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में 20 यात्रियों के घायल होने की सुचना प्राप्त हुई है। वहीं बिलासपुर में ट्रक और मोटरसाईकिल में टक्कर होने से एक युवक की मौत हो गई। जिला कुल्लू में दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। पहला हादसा सोमवार रात को पेश आया है। यह हादसा कुल्लू के तलोगी के पास ओसह में हुआ है। इस हादसे में एक स्कूटी सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में स्कूटी चालक की मौत हो गई। वहीं दूसरा हादसा सोमवार रात करीब 10:30 बजे बजौरा में ब्यास नदी के पास पेश आया। हादसे में ब्यास नदी के पास बने पुल से एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार पुल से करीब 40 फीट नीचे जा गिरी है। जिसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। जानकारी के अनुसार फोरलेन पुल के पास हुए हादसे में कार चालक मदन उम्र 40 साल पुत्र बचन सिंह निवासी खुडेर तहसील सुंदरनगर जिला मंडी तथा प्रकाश चंद्र उम्र 51 साल पुत्र ध्यान राम गांव जलोह तहसील सलूनी जिला चंबा की मौत हो गई है। वहीं, जिया-रामशिला फोरलेन पर हुए हादसे में राज प्रकाश उम्र 42 साल पुत्र राम प्रकाश ठाकुर गांव शमशी कुल्लू की मौत हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई दर्ज कर दी है। धर्मशाला से दिल्ली जा रही हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बस हरियाणा के पानीपत में सड़क हादसे का शिकार हो गयी। इस हादसे में 20 यात्री घायल हुए थे। यह दुर्घटनाग्रस्त बस नगरोटा बंगवा डीपो की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक यह बस धर्मशला से दिल्ली जा रही थी। ये सड़क हादसा करीब पौने 9 बजे पेश आया है। बस ने पीछे से आकर एचआरटीसी की खड़ी बस को टक्कर मार दी। इस दोनों बसों में 50 लोग सवार थे। 3 घायलों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश के नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे के झिडीवाला के समीप दो वाहनों की आपस में ज़ोर दार भिड़ंत हो गयी। इस हादसे में टेंपो ट्रेवलर में सवार 9 पर्यटक घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक रात करीब डेढ़ बजे नालागढ़ की ओर से टैंकर स्वारघाट की तरफ जा रहा था। झिडीवाला के समीप गलत दिशा से टेंपो ट्रेवलर आ रही थी। इस दौरान दोनों वाहनों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टेंपो ट्रेवल में हरियाणा और दिल्ली के पर्यटक सवार थे। पर्यटक मनाली से घूमने के बाद वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को CHC नालागढ़ पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने पांच पर्यटकों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। वहीं थाना नालागढ़ पुलिस ने टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिलासपुर के सदर थाना के अंतर्गत मुकाम छडोल के पास एक ट्रक और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गयी। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। मृतक की पहचान सुनिश शर्मा सपुत्र गोपाल कृष्ण शर्मा निवासी कुनिहार जिला सोलन के रूप में हुई है। वहीं ट्रक चालक ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया था जिसे सूचना के अनुसार डिटेन कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विधान चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने शिमला कांग्रेस कार्यालय में दो दिन विभिन्न कमेटियों की बैठक कर आगामी चुनाव के लिए एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति बनाई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नेता मुकेश अग्निहोत्री और प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद राजीव शुक्ला से कांग्रेस में बढ़ रही गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हर राजनीतिक दल में गुटबाजी होती है, लेकिन कांग्रेस में मतभेद है,मनभेद नहीं है। सिरमौर कांग्रेस नेताओं में चल रहे विवाद पर शुक्ला ने कहा कि पार्टी के ध्यान में यह मामला है और इसमें उचित कार्रवाई की जायेगी। जनता भाजपा सरकार की नीतियों से दुखी हैं और कांग्रेस पार्टी को सत्ता में वापिस लाना चाहते हैं। इसलिए 2022 में कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई से युवा बेरोजगार महिला, हर वर्ग परेशान है, जिसका खामियाज़ा सरकार को आगामी विधान सभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
Today Yoga Workshop was organized at Sai International School on account of International Yoga Day. Little kids were made aware of the importance of Yoga as well as its benefits in our life. Demonstration of different Yog Mudras / Asanas like Taad asana, Padam asana, etc was given at school ground by the teachers especially arranged for our SIS Learners. The children followed the teacher and did their best to complete all the asanas and Mudras. The Chairman of the school, Shri Raminder Bawa extended his best wishes to all the children and blessed them to lead a healthy life by doing yoga.
-21 दिन की पैरोल के दौरान दी गई थी जेड प्लस सिक्योरिटी -जानिए राम रहीम को क्यों हुई थी सजा ? डेरा सच्चा सौदा के संचालक राम रहीम पर हरियाणा सरकार एक बार फिर मेहरबान हुई है। राम रहीम को एक महीने की पैरोल दी गई है, इससे पहले फरवरी के पहले सप्ताह में गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी, बता दें कि अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में गुरमीत राम रहीम उम्रकैद की सजा काट रहा है। डेरा सच्चा सौदा के संचालक राम रहीम पर हरियाणा सरकार एक बार फिर मेहरबान हुई है. राम रहीम को एक महीने की पैरोल दी गई है, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सुरक्षा के बीच राम रहीम जेल से बाहर आया। सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम बागपत स्थित अपने आश्रम में गया है, बता दें कि दो साध्वियों के साथ रेप और दो हत्याओं का दोषी राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। इससे पहले इसी साल 7 फरवरी को गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी, 28 फरवरी को पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद राम रहीम को सुनारिया जेल लाया गया था। पिछले साल भी डेरा प्रमुख को अपनी बीमार माँ से मिलने के लिए सुबह से शाम तक का आपातकालीन पेरोल दी गयी थी। फरवरी में राम रहीम की 21 दिन की पैरोल मंजूर की थी, इस दौरान सरकार ने राम रहीम की जान का खतरा बताते हुए उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा भी मुहैया करवाई थी, फरलो के दौरान राम रहीम ज्यादातर समय अपने गुरुग्राम स्थित आश्रम में ही रहा था। सरकार ने सुरक्षा का आधार एडीजीपी की रिपोर्ट को बनाया था, सरकार ने कहा था कि खालिस्तान समर्थक डेरा प्रमुख को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए उन्हें सख्त सिक्योरिटी दी जा रही है। राम रहीम सिरसा स्थित अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की कैद की सजा काट रहा है, राम रहीम को पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने अगस्त 2017 में मामले में दोषी करार दिया था, इसके अलावा गुरमीत राम रहीम को पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
मोदी-मोदी नाम की माला जप-जप कर भाजपा प्रदेश में चुनावी भवसागर पार करने का पूरा प्रयास कर रही है। माना जा रहा है कि जयराम के सियासी रथ का सारथी बन मोदी ही इस रणभूमि में भाजपा का बेडा पार कर सकते है। इसीलिए प्रदेश में एक के बाद एक दौरे कर प्रधानमंत्री कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे है। यूँ तो कई अन्य बड़े नेता भी हिमाचल के दौरों पर आ रहे है पर मोदी मैजिक के आगे सब फीका सा लग रहा है। धर्मशाला से रोड शो के जरिये भी प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं को मोदी चार्ज कर गए है। महज एक किलोमीटर और 15 मिनट के छोटे से रोड शो से भी पीएम मोदी बड़ा इम्पैक्ट डालने की कोशिश कामयाब रही। हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी के रोड शो का हिस्सा बनने पहुंचे और जिस तरह की नारेबाजी हुई उससे जाहिर है कि भाजपा का जोश अब हाई है। निसंदेह पीएम मोदी के आगमन से भाजपा कांगड़ा में माहौल बनाने में कामयाब रही है। बीते एक पखवाड़े में ये पीएम मोदी का दूसरा हिमाचल दौरा था और लगभग बीते तीन माह में ये तीसरा मौका है जब पीएम मोदी हिमाचल आएं है। उपचुनाव में क्लीन स्वीप के बाद प्रदेश में भाजपा का जोश ठंडा था और तब 10 मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले में बड़ी रैली करके हतोत्साहित कार्यकर्ताओं को जोश से लबरेज कर दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार के आठ साल का उत्सव मानने के लिए भी शिमला को चुना गया और बीती 31 तारीख को पीएम मोदी की शिमला में शानदार जनसभा आयोजित हुई। अब मुख्य सचिवों के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने धर्मशाला पहुंचे पीएम मोदी ने रोड शो कर फिर से कार्यकर्ताओं में जोश भर गए। चुनाव से पहले कई बार आएंगे पीएम हिमाचल में सत्ता कब्जाने के लिए 15 सीटों वाला कांगड़ा सबसे अहम जिला है। 2017 में यहां भाजपा ने 11 सीटें जीती थी और मिशन रिपीट भी इसी कांगड़ा के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में पीएम मोदी के कांगड़ा दौर और रोड शो के विशेष मायने है। बहरहाल विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के कांगड़ा और निचले हिमाचल में कई दौरे होने तय है। जल्द ही प्रधानमंत्री बिलासपुर एम्स का उद्घाटन करने भी आ सकते है। वहीँ मुख्यमंत्री ने उनके चंबा दौरे पर आने की बात भी कही है। सबसे बड़े ब्रांड है पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ भाजपा बल्कि पुरे देश के सबसे बड़े राजनैतिक ब्रांड है। ब्रांड मोदी का असर देश बीते एक दशक से लगातार देखता आ रहा है। ये ही कारण है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के सियासी रिवाज़ को तोड़ने के लिए भाजपा अपने सबसे दमदार चेहरे को आगे रख रही है। मिशन रिपीट में जुटी भाजपा के लिए खुद प्रधानमंत्री अभी से मोर्चा संभाले हुए दिख रहे है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय के बुलावे पर पूछताछ के लिए पहुंचे तो पूरी कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। एक दो नेता नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस ही सड़कों पर उतर आई। सिर्फ युवा नेता नहीं बल्कि अशोक गहलोत, भूपेंद्र सिंह बघेल जैसे मुख्यमंत्री और पी चिदंबरम जैसे कद्दावर पूर्व मंत्री भी राहुल पर कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर पुलिस से जूझते रहे। लंबे समय बाद पार्टी में वर्कर से लेकर शीर्ष नेता तक एकजुटता के साथ अपने नेता के समर्थन में कदमताल करते दिखे। कांग्रेस ने राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ को ‘असंवैधानिक' करार देते हुए दावा किया कि सरकार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष से परेशानी इसलिए है कि उन्होंने किसानों, नौजवानों, मजदूरों की आवाज उठाई तथा कोरोना संकट एवं सीमा पर चीन की आक्रमकता को लेकर मोदी सरकार को घेरा। उधर सोमवार के बाद मंगलवार को भी घंटो तक प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी से पूछताछ की और सोमवार की तर्ज पर ही कोंग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन भी ज़ारी रहा। अपने नेता के बचाव के दौरान कांग्रेस की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन तो बखूबी हो रहा है, मगर सवाल ये उठता है कि क्या इससे पहले कांग्रेस को ऐसा अवसर नहीं मिला। महंगाई और बेरोजगारी जैसे देश के मुद्दे प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठाने वाली कांग्रेस आखिरकार पुरे बल के साथ सड़क पर तब उतरी जब बात गांधी परिवार पर आई। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि देश का मुख्य विपक्षी दल देश के मुद्दों को सड़क पर उतर कर आक्रमकता के साथ उठाने में नाकामयाब रहा है। नतीजन कांग्रेस पर कमजोर का ठप्पा लग चूका है। पर बात जब गांधी परिवार पर आई तो ये ही कमजोर कांग्रेस बीते दो दिनों में मजबूत दिखी है। एक पक्ष ये भी है कि बीत माह हुए नव संकल्प शिविर के बाद कांग्रेस में ये चेतना आई है और पार्टी आक्रामक हुई है। पर सच्चाई ये है कि उक्त शिविर के बाद इसी कांग्रेस ने मोदी सरकार के आठ साल पर एक पुस्तिका 'आठ साल आठ छल..' ज़ारी की और वो भी बंद कमरे में पत्रकार वार्ता कर। उस पत्रकार वार्ता में सोनिया और राहुल गांधी तो मौजूद तक नहीं थे। कहा गया कि कांग्रेस इसे आम जन तक पहुंचाएगी पर कितने लोगों तक ये पहुंची, ये बात सभी जानते है। पार्टी में हमेशा रहा है गांधी -नेहरू परिवार का वर्चस्व 1998 से सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थी और 2017 तक वे इस पद पर रही। इसके बाद 2019 तक उनके बेटे राहुल गांधी अध्यक्ष रहे और 2019 में सोनिया फिर अंतरिम अध्यक्ष बन गई। कांग्रेस गांधी परिवार से बाहर निकल नहीं पा रही है और एक के बाद एक कई नेता पार्टी छोड़ते जा रहे है। 1919 में पहली बार मोतीलाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और तब से अब तक शायद ही कभी कांग्रेस में ऐसा दौर आया हो जब पार्टी गांधी -नेहरू परिवार के प्रभाव से पूरी तरह बाहर निकली हो। पर इससे पहले पार्टी की ऐसी खराब दशा भी कभी नहीं हुई। अब पार्टी और गांधी परिवार दोनों के सामने करो या मरो की स्थिति है।
दो सालों से सेना भर्ती का इंतजार कर रहे देश के बेरोजगार युवा सड़कों पर उतर केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे हैं। सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत जवानों को अग्निवीर बनाने की घोषणा की है, मगर अब इन्हीं भावी अग्निवीरों ने सड़कों को अग्निपथ बना दिया है। कहीं बसों को जला दिया गया तो कहीं ट्रेन में आग लगा दी गई। बिहार से निकली ये चिंगारी यूपी, हरियाणा, हिमाचल समेत कई राज्यों तक पहुंच गई है। यूपी-बिहार व हरियाणा से लेकर तेलंगाना तक हिंसक प्रदर्शन जारी है। हालात चिंताजनक हो गए हैं। सरकार प्रयासरत है, युवाओं को मनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। अलग -अलग तरीके से अग्निपथ योजना के लाभ समझाने के प्रयास किये जा रहे है। सरकार इस योजना में कई संशोधन भी कर चुकी है, मगर युवा ये स्पष्ट कर चुके है कि वे समझने को तैयार नहीं है। हर तरफ त्राहि -त्राहि मची हुई है। बिहार के लखीसराय, छपरा, समस्तीपुर, आरा समेत कई जिलों में ट्रेनें फूंक दी गईं तो यूपी की सड़कों पर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा के कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई है। रोहतक में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने सुसाइड कर लिया। हिमाचल परेश में भी युवा सड़कों पर उतर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है। कई दिनों से अग्निपथ के विरोध की आग जल रही है। इसकी चपेट मे सबसे ज़्यादा भाजपा शासित प्रदेश झुलस रहे है। अग्निपथ योजना के तहत सरकार का प्लान है कि नौ सेना, वायु सेना व थल सेना में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती की जाए। योजना के तहत चुने गए युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा और इस साल करीब 46 हजार युवाओं को सहस्त्र बलों में शामिल करने की योजना है। 75 फीसदी युवाओं को चार साल की सेवा के बाद रिटायर कर दिया जाएगा। भर्ती किए गए जवानों में से सिर्फ़ 25 प्रतिशत को सेना में रखा जाएगा। इसी को लेकर छात्रों का विरोध है। युवाओं का मानना है की ये योजना उनके अधिकारों का हनन है। छात्रों का कहना है, 'सेना में जाने के लिए हम जीतोड़ मेहनत करते हैं। ट्रेनिंग और छुट्टियों को मिला दें तो कोई सर्विस सिर्फ़ चार साल की कैसे हो सकती है? सिर्फ़ तीन साल की ट्रेनिंग लेकर हम देश की रक्षा कैसे करेंगे? पहली समस्या: चार साल ही क्यों? प्रदर्शन कर रहे युवाओं की सबसे बड़ी समस्या है कि सिर्फ़ चार साल के लिए ही क्यों भर्ती की जा रही है। सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत भी कम से कम 10 से 12 साल की सर्विस होती है और आंतरिक भर्तियों में उन सैनिकों को मौका भी मिल जाता है। अग्निपथ योजना में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या यही है कि चार साल के बाद 75 पर्सेंट युवाओं को बाहर का रास्ता देखना ही पड़ेगा। चार साल की सेवा के बाद 75 पर्सेंट युवाओं को रिटायर करने का कॉन्सेप्ट किसी के गले नहीं उतर रहा है। सेना में शामिल होने की तैयारियों कर रहे युवाओं का पक्ष है कि वो सालों तक खूब मेहनत कर सेना भर्ती होने की तैयारी करते हैं। ऐसे में चार साल की नौकरी उन्हें मंजूर नहीं है। अभ्यर्थियों का कहना है कि साढ़े 17 साल में अग्निवीर बनने वाले युवा के पास न तो कोई प्रोफेशनल डिग्री होगी और न ही कोई विशेष योग्यता, ऐसे में वह दोयम दर्जे की नौकरियों के लिए बाध्य होगा। क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग? अग्निपथ योजना के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों की मांग बेहद स्पष्ट है। उनका कहना है कि इस योजना को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। लंबे समय से सेनाओं में भर्ती न होने की वजह से परेशान छात्रों की मांग है कि जल्द से जल्द भर्ती की रैलियां आयोजित कराई जाएं और परीक्षाएं शुरू हों। इसके अलावा, पुरानी लटकी भर्तियों को भी जल्द से जल्द क्लियर करने की मांग की जा रही है । ये संशोधन कर चुकी है सरकार सरकार द्वारा भारी विरोध को देखते हुए इस साल के लिए अग्निवीर भर्ती की ऊपरी आयु सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई। गृह मंत्रालय द्वारा सीएपीएफ और असम राइफल्स में अग्निवीरों की भर्ती के लिए दस फीसदी आरक्षण की घोषणा भी की गई। इसके अलावा अग्निवीरों को इन अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए जरूरी ऊपरी आयु सीमा में भी 3 साल की छूट देने की घोषणा की गई। यह छूट स्थायी होगी। जबकि पहली बार की भर्ती में पांच साल की छूट दी जाएगी। बता दें देश में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी व एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बल (सीएपीएफ) हैं। इनके लिए सेना की तरह ही अभी तक सीधी भर्ती होती रही है। ताजा आयु छूट और भर्ती में आरक्षण का मतलब होगा कि अग्निवीरों के लिए इन अर्धसैनिक बलों में जगह बनाने के लिए ज्यादा मौके होंगे। अग्निवीरों को मिलेगा सस्ता लोन अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में मचे बावल के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से अग्निवीरों को सस्ते दरों पर कर्ज की सुविधा दिए जाने का ऐलान भी किया गया है। रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक ट्वीट में बताया गया है कि, जो नौजवान चार साल सेना की सेवा करने के बाद बाहर निकलेंगे उन्हें आजीवन अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा। यदि अग्निवीर कोई काम करना चाहेंगे तो उन्हें सस्ती दर पर कर्ज की भी सुविधा प्रदान की जाएगी।
अग्निपथ स्कीम का विरोध तो हर जगह हो रहा है लेकिन इस मामले में एक दिल दहला देने वाली हकीकत सामने आई है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति रेलवे स्टेशन को उड़ाने का षणयंत्र भी रचा जा रहा था। पुलिस ने ऐसे ही दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग तिरुपति रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। जानकारी के मुताबिक ये दोनों ही लोग सेना की भर्ती की तैयारी कर रहे थे और फिजिकल पास कर लिया था। इन लोगों की पहचान राजेश और रूपेशके रूप में हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कुछ नौजवानों को भड़काया जा रहा है और तिरुपति रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राजेश और रूपेश नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि कुछ सेना भर्ती कोचिंग एजेंसियों ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा होने के लिए मैसेज दिए थे। जिसमें पेट्रोल के डिब्बे ले जाने का संदेश भी शामिल था। गिरफ्तार हुए राजेश और रूपेश सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे और इन लोगों ने फिजिकल टेस्ट पास कर लिया था। अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद इन लोगों ने सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बनाए और इसमें हिंसक विरोध के मैसेज वायरल किए। जिसमें रेलवे स्टेशन ब्लॉक करना और सेना में पोस्ट प्रमुख थे। ये लोग तिरुपति जिले के यारावरिपालेम के रहने वाले हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया है और 44 लोगों के पास से मोबाइल बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया है। जब इन लोगों के मोबाइल को खंगाला गया तो इसमें 7 ग्रुप ऐसे मिले जो संदिग्ध थे। इन ग्रुप्स में हिंसात्मक मैसेज किए गए और 17 जून को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर पेट्रोल बम के साथ इकट्ठा होने की भी बात कही गई। पुलिस के मुताबिक इस षणयंत्र के पीछे सेना भर्ती कोचिंग सेंटर्स का हाथ है जो नौजवानों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
कर्नाटक के पुत्तूर में कांग्रेस आईटी सेल की सचिव वी शैलजा के घर पर अज्ञात लोगों ने हमला किया। उनपर धर्मविशेष की भावनाएं भड़काने का आरोप है। हिन्दू संगठनों की ओर से की गयीं शिकायत के आधार पर वी शैलजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे गुस्साए लोगो ने उनपर हमला बोल। पुलिस ने बताया की वे हमलावरों की जाँच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ धर्मों के बीच दुश्मनी पैदा करने और समाज में शांति भंग करने के इरादे से टिप्पणी करने के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक,कुछ लोग शनिवार को उनके घर पहुंचे और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। और इतना ही नहीं लोगो ने उनके घर पर काली स्याही भी छिडकी।
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से नर्सिंग संस्थानों को खोलने के नियम सरल करने के बाद 20 आवेदन आए हैं। हिमाचल में इस समय कुल 54 निजी नर्सिंग संसथान है जिसमें सरकार के दो नर्सिंग संस्थान हैं। इसमें एक इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज(आईजीएमसी) और दूसरा जिला मंडी में है। इनमें 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद छात्राएं नर्सिंग, मिड वाइफ के कोर्स कर रही हैं। निजी संस्थानों में नर्सिंग का कोर्स करने के लिए तीन से चार लाख रुपये फीस ली जाती है। इसमें हॉस्टल,वर्दी व अन्य खर्चे शामिल है। चिकित्सा शिक्षा संस्थान (डीएमई) कार्यालय में मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और हमीरपुर जिला में संस्थान खोलने के लिए आवेदन आए हैं। पहले निजी नर्सिंग संसथान को खोलने के लिए 100 बिस्तरों का होना अनिवार्य किया गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रजनीश पठानिया ने कहा कि पहले संस्थान खोलने के लिए नियम सख्त थे, अब इनमें राहत दी गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज भी सेना प्रमुख और वरिष्ठ कमांडर्स के साथ मिलकर अग्निपथ स्कीम का रिव्यू कर रहे हैं। इस बैठक के बाद अग्निपथ स्कीम पर डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री एफएयर्स के एडिशनल सेक्रेटरी, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी सहित तीनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडर्स प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। फिलहाल किस तरह से अग्निपथ योजना को और अधिक लुभावना बनाया जा सकता है इसपर बैठक जारी है ताकि देशभर में हो रहे विरोध को खत्म किया जा सके। ये बैठक अकबर रोड स्थित आवास पर सुबह 10.15 बजे शुरू हुई। बैठक में तीनों सेना प्रमुख मौजूद हैं। एक दिन पहले थलसेना प्रमुख मौजूद नहीं थे। थलसेना प्रमुख कल वायुसेना के कार्यक्रम में हैदराबाद गए थे। इसलिए शामिल नहीं हो पाए थे लेकिन आज मीटिंग में मौजूद हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल भी सेना प्रमुखों के साथ बैठक की थी।
भारत सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश में उत्पात मचा हुआ है। हिंसक प्रदर्शन से लेकर राजनीतिक विरोध भी इसमें शामिल है तो वहीं सरकार इस योजना को लेकर लगातार लोगों को जागरुक करने का काम कर रही है। इसके बारे में सही जानकारी साझा करने की कोशिश में लगी हुई है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना ने इस योजना के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट पर दी है। यहां वायुसेना ने इस योजना के बारे में पूरी जानकारी दी है। भारतीय वायुसेना के मुताबिक अग्निवीरों को वही सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी जो एक सेना के जवान को कराई जाती हैं। अग्निवीर भी सेना में वैसी ही जिंदगी जिएंगे जैसी एक सैनिक जीता है। इसके अलावा भी बहुत सी सुविधाएं इन अग्निवीरों को देने की बात कही गई है। सैलरी के साथ हार्डशिप एलाउंस, यूनीफार्म एलाउंस, कैंटीन सुविधा और मेडिकल सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे जैसा कि एक रेगुलर सैनिक को मिलता है। ट्रैवल एलाउंस भी मिलेगा। साल में 30 दिन छुट्टी मिलेगी। मेडिकल लीव अलग है। सर्विस (चार साल) के दौरान अगर मृत्यु होती है तो इन्श्योरेंस कवर मिलेगा व करीब 1 करोड़ परिवार को मिलेंगे। ड्यूटी के दौरान विकलांग होने पर एक्स-ग्रेशिया 44 लाख रुपये मिलेंगे। साथ ही जितनी नौकरी बची है उसकी पूरी सैलरी मिलेगी और सेवा निधि पैकेज भी मिलेगा। अग्निवीरों का कुल 48 लाख का इंश्योरेंस होगा। ड्यूटी पर वीरगति को प्राप्त होते हैं तो एकमुश्त सरकार की तरफ से 44 लाख दिए जाएंगे और सेवा निधि पैकेज भी मिलेगा इसके अलावा जितनी नौकरी बची है उसकी पूरी सैलरी मिलेगी और परफॉर्मेंस के आधार पर रेगुलर कैडर मिलेगा। वायुसेना ने कहा है कि वायुसेना में इनकी भर्ती एयर फोर्स एक्ट 1950 के तहत 4 साल के लिए होगी। वायुसेना में अग्निवीरों का एक अलग रैंक होगा। इन अग्निवीरों को अग्निपथ स्कीम की सभी शर्तों को मानना होगा। इसके साथ ही जिन अग्निवीरों की वायुसेना में भर्ती के समय 18 साल से कम होगी उन्हें माता-पिता या अभिवावक से नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर कराने होंगे। 4 साल की सेवा के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों की नियुक्ति रेगुलर कैडर में की जाएगी। वायुसेना के अनुसार अग्निवीर सम्मान और अवॉर्ड के हकदार होंगे। अग्निवीरों को वायुसेना की गाइडलाइंस के अनुसार ऑनर्स और अवार्ड्स दिया जाएगा वायुसेना में भर्ती होने के बाद अग्निवीरों को जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस की जांच जारी है। इस बीच इस केस में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने कबूल किया है कि उसी ने मूसेवाला का क़त्ल करवाया है। पूछताछ में बिश्नोई ने कहा कि उसके कहने पर ही उसके गुर्गों ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है। जानकारी के मुताबिक पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने पहली बार पंजाब पुलिस की SIT सामने मुंह खोला। लॉरेंस विश्नोई ने खरड़ के CIA के दफ्तर में पंजाब पुलिस की पूछताछ में कबूला कि उसने मूसेवाला की हत्या करवाई है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने पूछताछ में कहा कि ये काम मेरे ही गैंग का है। ये काम मैंने ही करवाया है। विक्की मिड्डूखेड़ा को मैं अपना बड़ा भाई मानता था और हमने उसकी हत्या का बदला लिया है। विक्की की बेरहमी से हत्या की गई थी। हम सिद्धू मूसेवाला से कोई प्रोटेक्शन मनी नहीं मांग रहे थे। ये सिर्फ खून का बदला खून है। हथियार कहां से आए और कहां छुपाए गए हैं, इस पर बिश्नोई टालमटोल जवाब दे रहा है। मूसेवाला मर्डर केस में आरोपी लॉरेंस बिश्नोई ) को मानसा कोर्ट ने 15 जून को 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा था। पंजाब पुलिस ने तड़के करीब 4 बजे गैंगस्टर बिश्नोई को मानसा कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद अदालत ने उसे 7 दिन की रिमांड में भेज दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने शर्तो के साथ लॉरेंस बिश्नोंई की ट्रांजिट रिमांड दी थी। वहीं इस मामले में पंजाब पुलिस ने सिंगर और कांग्रेसी नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के सिलसिले में गोपालगंज से बड़ी गिरफ्तारी की है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने लॉरेंस विश्नोई गैंग के लिए काम करने वाले गैंगस्टर मोहम्मद राजा हुसैन को दबोचा है। गैंगस्टर की गिरफ्तारी के लिए पंजाब और गोपालगंज की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया था। फिलहाल गिरफ्तार गैंगस्टर से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि हत्याकांड से जुड़ी कई अहम जानकारी सामने आ सकती है।
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में चल रहे बवाल के बीच केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से एक बढ़ बयान सामने आया है। अग्निपथ पर लगातार हो रहे बवाल के बीच गृह मंत्रालय की तरफ से ट्वीट कर बताया गया है कि, गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में अग्निपथ योजना के अंतर्गत 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए 10% रिक्तियों को आरक्षित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। साथ ही गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम प्रवेश आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने का निर्णय किया है। और अग्निपथ योजना के पहले बैच के लिए यह छूट 5 वर्ष होगी। बता दें कि पिछले चार दिनों से देश के अलग-अलग राज्यों में अग्निपथ योजना को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन के नाम पर आगजनी और तोड़फोड़ की जा रही है। देशभर के युवा सरकार से अपील कर रहे हैं कि वो इस फैसले को तुरंत वापस ले। हालांकि सरकार युवाओं को शांत करने के लिए इस योजना में कई तरह के बदलाव कर रही है, इससे पहले भी भर्ती के लिए आयुसीमा और अर्धसैनिक बलों में वरीयता देने की बात कही गई थी, लेकिन इससे भी कोई असर नहीं हुआ।
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ का कांग्रेस द्वारा विरोध जारी है। अब कांग्रेस ने दिल्ली के बाद राज्यों की राजधानियों और जिलों तक विरोध करने का फैसला किया है। देश के कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरूवार राजभवन के बाहर प्रदर्शन किये। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि उनके सत्याग्रह को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस केंद्र के इशारे पर काम कर रही है। असल मुद्दों से केंद्र सरकार जवाब देने से बच रही है। ऐसे में सरकारी जांच एजेंसियों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि राहुल गांधी से ईडी ने बीते तीन दिनों में करीब तीस घंटे पूछताछ की है, जिसको लेकर 16 जून को कांग्रेस ने देशभर में राजभवनों का घेराव किया। राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस उग्र हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह की अगुवाई में कांग्रेस ने राजभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और केसी बेणु गोपाल पर बीते कल पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार की निंदा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मशाला से रोड शो के जरिये भाजपा कार्यकर्ताओं को एक बार फिर चार्ज कर गए। महज एक किलोमीटर और 15 मिनट के छोटे से रोड शो से भी पीएम मोदी बड़ा इम्पैक्ट डालने में कामयाब रहे। हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी के रोड शो का हिस्सा बनने पहुंचे और जिस तरह की नारेबाजी हुई उससे जाहिर है कि भाजपा का जोश अब हाई है। आलम कुछ ऐसा रहा कि पीएम के रोड शो के बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आएं और जमकर नारेबाजी हुई। वहीँ पीएम के स्वागत के लिए धर्मशाला पहले से ही भगवा रंग में रंगा था। शहर में करीब 25 हजार भाजपा के झंडे लगाए गए थे। निसंदेह पीएम मोदी के आगमन से भाजपा कांगड़ा में माहौल बनाने में कामयाब रही है। करीब बीते के पखवाड़े में ये पीएम मोदी का दूसरा हिमाचल दौरा है और लगभग बीते तीन माह में ये तीसरा मौका है जब पीएम मोदी हिमाचल आएं है। उपचुनाव में क्लीन स्वीप के बाद प्रदेश में भाजपा का जोश ठंडा था और तब 10 मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले में बड़ी रैली करके हतोत्साहित कार्यकर्ताओं को जोश से लबरेज कर दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार के आठ साल का उत्सव मानने के लिए भी शिमला को चुना गया और बीती 31 तारीख को पीएम मोदी की शिमला में शानदार जनसभा आयोजित हुई। अब मुख्य सचिवों के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने धर्मशला पहुंचे पीएम मोदी ने रोड शो कर फिर से कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। चुनाव से पहले कई बार आएंगे पीएम हिमाचल में सत्ता कब्जाने के लिए 15 सीटों वाला कांगड़ा सबसे अहम जिला है। 2017 में यहां भाजपा ने 11 सीटें जीती थी और मिशन रिपीट भी इसी कांगड़ा के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में पीएम मोदी के कांगड़ा दौर और रोड शो के विशेष मायने है। बहरहाल विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के कांगड़ा और निचले हिमाचल में कई दौरे होने तय है। जल्द ही प्रधानमंत्री बिलासपुर एम्स का उद्घाटन करने भी आ सकते है। सबसे बड़े ब्रांड है पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ भाजपा बल्कि पुरे देश के सबसे बड़े राजनैतिक ब्रांड है। ब्रांड मोदी का असर देश बीते एक दशक से लगातार देखता आ रहा है। ये ही कारण है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के सियासी रिवाज़ को तोड़ने के लिए भाजपा अपने सबसे दमदार चेहरे को आगे रख रही है। मिशन रिपीट में जुटी भाजपा के लिए खुद प्रधानमंत्री अभी से मोर्चा संभाले हुए दिख रहे है।
हिमाचल प्रदेश में अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीरों की भर्ती के फैसले को लेकर बवाल मच गया है। प्रदेश के लगभग हर क्षेत्र में अग्निपथ योजना को लेकर प्रदर्शन किये गए। वंही आज यानि गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी के धर्मशाला में रोड शो से ठीक पहले युवाओं ने कांगड़ा के गगल, हमीरपुर व मंडी जिले में योजना को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। सेना भर्ती नियमों में हुए संशोधन से गुस्साए युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर युवाओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की व नोकझोंक भी देखने को मिली। उग्र प्रदर्शनकारियों ने गगल एयरपोर्ट पर रोड शो के लिए लगाए पीएम मोदी के होर्डिंग भी फाड़ दिए। वंही कांगड़ा के डीएसपी सुनील राणा ने युवाओं को समझने का प्रयास किया और प्रदर्शन बंद करने को कहा। लेकिन प्रदर्शन उग्र होता देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान पुलिस व युवाओं में धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने कुछ युवाओं को हिरासत में लिया है। जिला कांगड़ा में विभिन्न जगह पर प्रदर्शन पर रहे करीब 80 युवकों को दो बसों में शाहपुर थाने लाया गया, जबकि एक बस में युवाओं को कोटला चौकी भेजा गया है। भर्ती नियमों में बदलाव के फैसले से गुस्साए युवाओं ने कई जगह तोड़फोड़ की। वहीं, हमीरपुर में भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सेना भर्ती रद्द करने को लेकर हमीरपुर के गांधी चौक पर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं ने सेना में स्थायी भर्ती की मांग उठाई। वहीं, हाथ में तिरंगा लेकर मंडी के सेरी मंच पर भी युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि प्रदेश के युवा काफी लम्बे समय से सेना भर्ती की मांग कर रहे थे लेकिन अब सेना भर्ती प्रक्रिय में केंद्र सरकार द्वारा किये गए बदलाव के कारण युवाओं में भारी रोष है।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया। बुधवार को मानसा में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी मामले की सुनवाई के लिए मानसा की अदालत को तड़के सुबह 4:30 बजे खोला गया है। यह शायद पहली बार है जब मानसा कोर्ट सुबह-सुबह खुला है। अदालत आमतौर पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करती है और उसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के कैंप कार्यालय में पेश किया जाता है। देर रात या सुबह-सुबह सुनवाई शायद ही कभी न्यायाधीशों द्वारा की जाती है। आतंकवाद के दौरान भी, अदालत कभी भी विषम समय में नहीं बुलाई गई थी। ट्रांजिट रिमांड पर बिश्नोई को दिल्ली से मानसा लाने वाली पंजाब पुलिस की टीम ने सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल कराने के बाद गैंगस्टर को सुबह 4.40 बजे कोर्ट में पेश किया। पहले यह पता चला था कि बिश्नोई को सुबह 10 बजे अदालत में पेश किया जाएगा, लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से पुलिस ने सुबह बिश्नोई को अदालत में पेश किया और रिमांड मिलने के तुरंत बाद उसे खरड़ ले गए।
केन्द्र सरकार की तरफ से सेना में भर्ती को लेकर 'अग्निपथ स्कीम' का एलान किया गया है। इसमें युवाओं को चार साल के लिए देश की सेवा का मौका मिलेगा। इसके जरिए अच्छा वेतन और सुविधाओं के साथ सेना के आधुनिकीकरण का दावा किया गया है। लेकिन सेना में भर्ती की इस स्कीम के खिलाफ खिलाफ बिहार से लेकर राजस्थान तक विरोध देखने को मिला है। बिहार के नवादा में सेना में 4 साल वाली नौकरी वाले नियम के विरोध में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों में जबरदस्त आक्रोश है। उन लोगों ने गुरुवार को केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी प्रजातंत्र चौक पर किया जमकर हंगामा। इधर, बिहार के जहानाबाद में भी अग्निपथ स्कीम को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सेना की नई भर्ती स्कीम के विरोध में जहानाबाद में छात्रों ने रोकी ट्रेन और सड़क पर टायर जला काको मोड़ के नजदीक प्रदर्शन किया। सेना की नई भर्ती स्कीम के विरोध में गुरुवार की अहले सुबह बिहार के जहानाबाद में छात्रों ने ट्रेन और वाहनों को रोक जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने जहानाबाद स्टेशन पर ट्रेन को रोक अपने गुस्से का इजहार किया। साथ ही काको मोड़ के समीप टायर जला एनएच-83 और 110 को भी जाम कर दिया। छात्रों ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार के दिन एक दर्दनाक हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसे देख आम लोग सहम गए हैं। वीडियो में दिल्ली जल बोर्ड के एक टैंकर को बेकाबू होकर लोगों की भीड़ पर चढ़ते देखा जा रहा है। जिसके कारण कई लोग घायल हो गए, टैंकर के अनियंत्रित होने के कारण हुए हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हुए। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। फिलहाल मामले में दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए टैंकर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है और उन्होंने आईपीसी की धारा 279/337 के तहत मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ईडी एक बार फिर पूछताछ करने जा रही है। इससे पहले राहुल गांधी से 22 घंटे तक पूछताछ हुई। राहुल से पूछताछ को लेकर कांग्रेस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसमें पार्टी के नेताओं ने बीजेपी के शासनकाल को इतिहास का काला अध्याय बताया। राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ से ठीक पहले कांग्रेस दफ्तर के बाहर बवाल शुरू हो गया। कई कांग्रेस कार्यकर्ता यहां जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। इस झड़प के बाद पुलिस कांग्रेस दफ्तर के अंदर दाखिल हो गई। वंही कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस कांग्रेस ऑफिस के अंदर मारपीट कर रही है।
मिशन रिपीट का सपना साकार करने के लिए भाजपा लगातार कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर दे रही है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को केंद्रीय दिग्गजों द्वारा जीत का गुरुमंत्र दिया जा रहा है। पार्टी कार्यक्रमों के ज़रिये विधानसभा चुनाव की पूरी रणनीति का पाठ कार्यकर्ताओं को पढ़ाया जा रहा है। मंगलवार को भी भाजपा द्वारा मंडी संसदीय क्षेत्र के त्रिदेव सम्मेलन का आयोजन जवाहर पार्क सुंदरनगर में किया गया। इस सम्मलेन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह ने इस सम्मलेन में कहा कि यह जय राम ठाकुर सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का ही नतीजा है जो राज्य में भाजपा एक बार फिर से सत्ता में आने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा की सेवा सुशासन और संकल्प के साथ भाजपा अब तक आगे बढ़ी है। सब का साथ सब का विकास और सब का विश्वास और अब सबका प्रयास के संकल्प के साथ अब सबको आगे बढ़ाना होगा। अपने सम्बोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को अपना दोस्त भी बताया। इस सम्मलेन के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पार्टी पदाधिकारियों से आगामी विधानसभा चुनाव में 'मिशन रिपीट' सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ काम करने का आग्रह किया। ठाकुर ने 'त्रिदेव सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल भाजपा ही है जहां एक आम पार्टी कार्यकर्ता शीर्ष स्थान पर पहुंच सकता है, जबकि अन्य सभी राजनीतिक दलों का नेतृत्व परिवारों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार संगठन नहीं बनाती बल्कि वह संगठन है जो सरकार बनाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी के परीक्षण के समय में एक प्रमुख और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने न केवल मुफ्त मास्क और सैनिटाइजर का वितरण किया, बल्कि जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन और आश्रय भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने 12 करोड़ रुपये के फर्जी बिल उसके आलाकमान को देते हुए दावा किया कि यह राशि उन्होंने जरूरतमंदों को पीपीई किट, वेंटिलेटर, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराने में खर्च की है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने यह मन बना लिया है कि राज्य में भाजपा फिर से सत्ता में आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर मानते हैं और राज्य की विकासात्मक मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले चार वर्षों में भाजपा सरकार ने राज्य को देश का सबसे प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत की है। नड्डा वचन देते तो पवन राणा को मांग लेता केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने सम्बोधन के दौरान भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा की भी खूब तारीफ की। उन्होंने कहा की अगर नड्डा जी मुझे कभी कोई वचन देते तो में अपने राजस्थान के लिए पवन राणा जी को मांगता। पहले शाहपुर, अब सुंदरनगर, अगला सोलन भाजपा द्वारा प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों में त्रिदेव सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। सबसे पहले कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का त्रिदेव सम्मलेन जिला कांगड़ा के शाहपुर में आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शिरकत की थी। वहीँ मंडी संसदीय क्षेत्र का त्रिदेव सम्मलेन मंगलवार को सुंदरनगर में आयोजित हुआ। शिमला संसदीय क्षेत्र का त्रिदेव सम्मेलन 23 मार्च को सोलन में प्रस्तावित है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने की बात भी कही जा रही है, हालाँकि अभी तक इसका औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय के बुलावे पर पूछताछ के लिए पहुंचे तो कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। एक दो नेता नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस ही सड़कों पर उतर आई। सिर्फ युवा नेता नहीं बल्कि अशोक गहलोत, भूपेंद्र सिंह बघेल जैसे मुख्यमंत्री और पी.चिदंबरम जैसे कद्दावर पूर्व मंत्री भी राहुल पर कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर पुलिस से जूझते रहे। लंबे समय बाद पार्टी में वर्कर से लेकर शीर्ष नेता तक एकजुटता के साथ अपने नेता के समर्थन में कदमताल करते दिखे। कांग्रेस ने राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ को ‘असंवैधानिक' करार देते हुए दावा किया कि सरकार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष से परेशानी इसलिए है कि उन्होंने किसानों, नौजवानों, मजदूरों की आवाज उठाई तथा कोरोना संकट एवं सीमा पर चीन की आक्रामकता को लेकर मोदी सरकार को घेरा। उधर, सोमवार के बाद मंगलवार को भी घंटो तक प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी से पूछताछ की और सोमवार की तर्ज पर ही कोंग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा। अपने नेता के बचाव के दौरान कांग्रेस की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन तो बखूबी हो रहा है, मगर सवाल ये उठता है कि क्या इससे पहले कांग्रेस को ऐसा अवसर नहीं मिला। महंगाई और बेरोजगारी जैसे देश के मुद्दे प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठाने वाली कांग्रेस आखिरकार पूरे बल के साथ सड़क पर तब उतरी जब बात गांधी परिवार पर आई। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि देश का मुख्य विपक्षी दल देश के मुद्दों को सड़क पर उतर कर आक्रामकता के साथ उठाने में नाकामयाब रहा है। नतीजन कांग्रेस पर कमजोर का ठप्पा लग चुका है। पर बात जब गांधी परिवार पर आई तो ये ही कमजोर कांग्रेस बीते दो दिनों में मजबूत दिखी है। एक पक्ष ये भी है कि बीत माह हुए नव संकल्प शिविर के बाद कांग्रेस में ये चेतना आई है और पार्टी आक्रामक हुई है। पर सच्चाई ये है कि उक्त शिविर के बाद इसी कांग्रेस ने मोदी सरकार के आठ साल पर एक पुस्तिका 'आठ साल आठ छल..' ज़ारी की और वो भी बंद कमरे में पत्रकार वार्ता कर। उस पत्रकार वार्ता में सोनिया और राहुल गांधी तो मौजूद तक नहीं थे। कहा गया कि कांग्रेस इसे आम जन तक पहुंचाएगी पर कितने लोगों तक ये पहुंची, ये बात सभी जानते है। पार्टी में हमेशा रहा है गांधी-नेहरू परिवार का वर्चस्व 1998 से सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थी और 2017 तक वे इस पद पर रही। इसके बाद 2019 तक उनके बेटे राहुल गांधी अध्यक्ष रहे और 2019 में सोनिया फिर अंतरिम अध्यक्ष बन गई। कांग्रेस गांधी परिवार से बाहर निकल नहीं पा रही है और एक के बाद एक कई नेता पार्टी छोड़ते जा रहे है। 1919 में पहली बार मोतीलाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और तब से अब तक शायद ही कभी कांग्रेस में ऐसा दौर आया हो जब पार्टी गांधी -नेहरू परिवार के प्रभाव से पूरी तरह बाहर निकली हो। पर इससे पहले पार्टी की ऐसी खराब दशा भी कभी नहीं हुई। अब पार्टी और गांधी परिवार दोनों के सामने करो या मरो की स्थिति है।
पानी के लिए पहाड़ों की रानी शिमला में त्राहिमाम मचा है। शहर में कई -कई दिनों बाद पेयजल आपूर्ति हो रही है। शहर के लगभग सभी हिस्सों में 3 से 4 दिन बाद पानी आ रहा है, जबकि कई इलाकों में 6 से 7 दिन बाद पानी आ रहा है। आलम ये है कि जहाँ होटल कारोबारी पानी खरीद रहे है, वहीं मजबूरन लोग गंदा पानी पीने को विवश है। बावड़ियों में भी लोगों की कतारें लगी हैं। लोगों में सरकार के प्रति रोष है और सरकार के हाथ में आश्वासन देने के अलावा कुछ दिख नहीं रहा। कहने को तो शिमला स्मार्ट सिटी है लेकिन हकीकत ये है कि इस स्मार्ट सिटी में सरकार पेयजल तक मुहैया नहीं करवा पा रही। शहर के कई इलाकों में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। मसलन राजधानी के विकासनगर में एक बाबड़ी से लोग पानी भर रहे हैं। यहां पर प्रशासन की तरफ से साफ लिखा गया है कि ये पानी पीने योग्य नहीं है लेकिन लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं हैं और पानी भरने के लिए कतारें लगी हुई हैं। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि अब इसके सिवाए कोई चारा नहीं बचा है। शहर में हर साल गर्मियों के मौसम में इस तरह की स्थिति पैदा हो रही है लेकिन सरकार के पास लगता है इसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। शहरवासी नगर निगम शिमला और शिमला जल प्रबंधन निगम से खासे नाराज हैं। उधर, नगर निगम इस मामले पर ज्यादा बोलने से बचता दिखा रहा है और बात शिमला जल प्रबंधन निगम पर डाल रहा है। चुनावी वर्ष में सत्तरूढ़ भाजपा के लिए ये स्थिति बेहतर नहीं कही जा सकती। उधर विपक्ष भी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। विपक्ष द्वारा सरकार के 24 घंटे पानी देने के वादे भी याद करवाए जा रहे है और वास्तु स्थिति का भी खूब बखान हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी पेयजल किल्लत को लेकर सरकार की खूब किरकिरी हो रही है। रोजाना 47 से 48 एमएलडी पानी की जरुरत शहर में 35 हजार से ज्यादा उपभोक्ता है और हर रोज पानी देने के लिए शहर में 47 से 48 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। सोमवार को 36.3 एमएलडी पानी प्राप्त हुआ है। जबकि 10 जून को 36.04 एमएलडी, 11 जून को 36.31 और 12 जून को 32.01 एमएलडी पानी आया। गुम्मा और गिरी स्त्रोत से सबसे ज्यादा 42 एमएलडी पानी आता है लेकिन यहां से भी कम पानी आ रहा है। इसके अलावा कोटी बरांडी, चुरट, अश्वनी खड्ड और सयोग जैसे छोटे सोर्स से 9 एमएलडी पानी प्राप्त होता था लेकिन अब ये 2 से 3 एमएलडी पानी रह गया है। जयराम सरकार पेयजल तक मुहैया करवाने में विफल : विक्रमादित्य कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों की महिलाएं पहले पीएम का आभार जताती हैं कि हर जगह नलके लगा दिए लेकिन उसके बाद कहती हैं कि पानी नहीं आता है, हर जगह केवल टूटियां ही नजर आती हैं। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में हर जगह पाइपों के ढेर लगे हैं लेकिन इन पाइपों का कोई लेखा-जोखा नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में पानी के लिए हाहाकार मचा है, सरकार उचित प्रबंध करने में विफल रही है। जबकि कांग्रेस की पूर्व सरकार ने शिमला शहर में पानी की आपूर्ति के लिए वर्ल्ड बैंक की मदद एक योजना शुरू की थी, जिस पर अभी काम चल रहा है। कोशिश है सभी को बराबर मात्रा में पानी मिले समर सीजन पीक पर है, तापमान में बढ़ौतरी और बारिश न होने के चलते पानी के स्त्रोत सूख रहे हैं, जिन सोर्स से पानी आ रहा है वहां पर भी कमी होने लगी है। 9 जून के बाद से शहर में वैकल्पिक दिनों में पानी दिया जा रहा है। 9 जून से तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है लेकिन शनिवार को हल्की बारिश के साथ आए तूफान से चाबा में राज्य बिजली बोर्ड की एक बड़ी एचटी लाइन पर पेड़ गिर गया जिसके चलते आपूर्ति बाधित हुई। 24 घंटे बाद बिजली रिस्टोर हुई। अश्वनी खड्ड में लाइन टूट जाने से भी आपूर्ति बाधित हुई। इसी के चलते कुछ इलाकों में काफी दिनों बाद आपूर्ति हुई। कोशिश यही की जा रही है कि सभी को बराबर मात्रा में पानी उपलब्ध करवाया जाए। उम्मीद है कि कुछ दिनों में बारिश होगी तो स्थिति सामान्य हो जाएगी। - आर.के.वर्मा, जनरल मैनेजर , शिमला जल प्रबंधन निगम
आनी रामपुर बुशहर में मंगलवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश व रक्तदान सेवा परिवार सोसाइटी की ओर से विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर रक्तदान व अंगदान जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें करीब 30 लोगों ने अंगदान का शपथ पत्र भरकर अंगदान करने की इच्छा जताई। वहीं 50 लोगों ने रक्तदान किया। सोटो टीम ने लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक किया और पेंफ्लेट बांटकर अंगदान करने के लिए शपथ पत्र भरने का आग्रह किया। इसमें स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। लोग मृत्यु के बाद भी अपने अंगदान करके जरूरतमंद का जीवन बचा सकते हैं। अंगदान करने वाला व्यक्ति ऑर्गन के जरिए 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। किसी व्यक्ति की ब्रेन डेथ की पुष्टि होने के बाद, डॉक्टर उसके घरवालों की इच्छा से शरीर से अंग निकाल पाते हैं। इससे पहले सभी कानूनी प्रकियाएं पूरी की जाती हैं। इस प्रक्रिया को एक निश्चित समय के भीतर पूरा करना होता है। ज्यादा समय होने पर अंग खराब होने शुरू हो जाते हैं। देश में प्रतिदिन प्रत्येक 17 मिनट में एक मरीज ट्रांसप्लांट का इंतजार करते हुए जिंदगी से हाथ धो बैठता है। एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष को स्वैच्छिक रूप से अपने करीबी रिश्तेदारों को देश के कानून व नियमों के दायरे में रहकर अंगदान कर सकता है। अंगदान एक महान कार्य है जो हमें मृत्यु के बाद कई जिंदगियां बचाने का अवसर देता है। जीवित अंगदाता किडनी, लीवर का भाग, फेफड़े का भाग और बोन मैरो दान दे सकते हैं, वहीं मृत्युदाता यकृत, गुर्दे, फेफड़े, पेनक्रियाज, कॉर्निया और त्वचा दान कर सकते हैं। इसी साल मार्च माह हिमाचल में पहली बार ब्रेन डेड मरीज के शरीर से अंगदान हुआ जहां अठारह वर्षीय युवक ने दो किडनी व आंखे दान की। यह अंगदान टांडा मेडिकल कॉलेज में हुआ था। वही आईजीएमसी शिमला में मौजूदा समय तक 5 लाइव किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। इस दौरान सोटो की आईईसी व मीडिया कंसलटेंट रामेश्वरी, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश कुमार मौजूद रहे। क्या है ब्रेन स्टेम डेथ ब्रेन जीवन को बनाए रखने के लिए मस्तिष्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्रेनडेड व्यक्ति स्वयं सांस नहीं ले सकता, सांस लेने के लिए वह वेंटिलेटर पर निर्भर होता है। हालांकि उसकी नब्ज, रक्तचाप व जीवन के अन्य लक्षण महसूस किए जा सकते हैं। ब्रेन का कार्य ना करना मृत्यु का लक्षण है, मस्तिष्क में क्षति पहुंचने का कारण ऐसी स्थिति होती है। इस प्रकार के रोगी को ब्रेन डेड घोषित किया जाता है। कोमा रोगियों और ब्रेन डेड रोगियों के बीच अंतर है। कोमा में मरीज मृत नहीं होता जबकि ब्रेनडेड व्यक्ति की स्थिति इससे अलग है। इसमें व्यक्ति चेतना और सांस लेने की क्षमता हासिल नहीं कर पाता है। ह्रदय कुछ घंटों या कुछ दिनों के लिए वेंटिलेटर की वजह से कार्य कर सकता है। इस अवधि के दौरान करीबी रिश्तेदारों की सहमति से अंग लिए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सत्ता में वापसी के लिए आखिरी क्षणों में खूब छटपटा रहे हैं। इसलिए वह बार-बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री को हिमाचल ला रहे हैं। यदि जयराम ठाकुर ने साढ़े चार साल में काम किए होते तो आज नरेंद्र मोदी समेत अन्य केंद्रीय नेताओं को हिमाचल लाने की जरूरत नहीं पड़ती। ये कहना है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का। प्रतिभा सिंह मंगलवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हिमाचल स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि पहुंची थी। इस दौरान विधायक और प्रतिभा सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। खेल कूद के इस कार्यक्रम के बहाने एक बार फिर होलीलॉज का शक्ति प्रदर्शन यहां देखने को मिला। हज़ारों लोगों की भीड़ ने साबित कर दिया की इस क्षेत्र में होलीलॉज का जादू बरकरार है। आयोजन के दौरान एक बार फिर प्रतिभा सिंह ने कोंग्रेसियो को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस मजबूत बने, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने इसके लिये सभी को एकजुट होना होगा। वहीं प्रतिभा सिंह ने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक प्रकरण पर जयराम सरकार को जमकर घेरा। वहीं विधायक विक्रमादित्य सिंह ने इस समारोह में उपस्थित नेताओं व लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका मकसद लोगों की सेवा करना है और आपसी मेलजोल को मजबूत करने का है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह बेरोजगार युवाओं व महिलाओं के लिए जल्द ही रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे। विपक्ष में होने के बावजूद उन्होंने इस क्षेत्र में 90 करोड़ के विकास कार्य किये है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से विकास कार्य होने थे वह नही हुए। भाजपा ने हमेशा ही क्षेत्रवाद की राजनीति करते हुए विकास में भी बड़ा भेदभाव किया। उन्होंने जयराम सरकार को चुनौती दी कि वह अपने इस कार्यकाल में ऐसे बड़े पांच कार्य ही गिना दे जो उन्होंने शुरू किए और उन्हें पूरा भी किया। विक्रमादित्य ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही कर्मचारियों के हितों को देखते हुए उनकी पुरानी पेंशन को लागू किया जाएगा।
आगामी 16 और 17 जून को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मशाला आ रहे है और इसके मद्देनज़र पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया है। प्रधानमंत्री के धर्मशाला आगमन पर पूरे शहर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों का पहरा है। जहां-जहां से प्रधानमंत्री का रोड शो होना है वहां पर सुरक्षा को और ज्यादा कड़ा किया गया है। केसीसी चौक से यह रोड शो शुरू होना है और जिन स्थानों से हो कर यह रोड शो गुज़रेगा वहां पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात है। जगह-जगह एसपीजी, पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों का कड़ा पहरा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। सुरक्षा के लिहाज से प्रधानमंत्री के रोड शो का मीडिया कवरेज भी नहीं होगा। डीआईजी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए यह सूचित किया गया है कि इस रोड शो के दौरा किसी भी तरह की मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध रहेगा। प्रधानमंत्री के आगमन पर धर्मशाला को पूरी तरह से सवार जा रहा है। 16 जून को प्रधानमंत्री का रोड शो भी प्रस्तावित है। यह रोड शो केसीसी चौक से वॉर मेमोरियल होते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक जाएगा। इस रोड शो के मध्यनज़र और प्रधानमंत्री के आगमन के लिए जिला प्रशासन तथा भाजपा के द्वारा पूरी तैयारियां की जा रही है। राजनीतिक तौर पर प्रधानमंत्री केवल इस रोड शो में भाग लेंगे और इसके अलावा मुख्य सचिवों की बैठक में भाग लेंगे। धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया ने बताया कि इस रोड शो में हज़ारों की संख्या में कार्यकर्त्ता हिस्सा लेने जा रहे है। नेहरिया ने कहा कि वह स्वयं लोगों को इस रोड शो में शामिल होने के लिए निमंत्रण देने जा रहे है और यह रोड शो पूरी तरह से सफल साबित होगा। इस रोड शो से पहले धर्मशाला शहर में भाजपा के करीब 25 हज़ार झंडे लगाए जा रहे है और पार्टी का हर कार्यकर्त्ता इस रोड शो को सफल बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है।
भारतीय सेना की तीनों शाखाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए नई स्कीम लॉन्च की गई है। इस स्कीम के तहत नौजवानों को सिर्फ चार साल के लिए डिफेंस फोर्स में सेवा देनी होगी। सेना भर्ती के लिए सरकार की ओर से 'अग्निपथ भर्ती योजना' को लॉन्च किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेनाध्यक्षों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस योजना का ऐलान किया है। पहली भर्ती रैली 90 दिनों में होगी। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इसके तहत सेना में चार साल के लिए अग्निवीरों यानी युवाओं की भर्ती की जाएगी। सरकार की ओर से यह कदम सेना की औसत उम्र कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय सेना की औसत उम्र 32 साल है, जिसे अगले कुछ सालों में 26 साल करने का प्रयास किया जाएगा। यह योजना रक्षा बलों के खर्च और आयु प्रोफाइल को कम करने की दिशा में सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा मानी जा रही है। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की तरफ से तैयार की गई अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम को पहले 'टूर ऑफ ड्यूटी' नाम दिया गया था। इस स्कीम के तहत शॉर्ट-टर्म के लिए ज्यादा सैनिकों की भर्ती की जाएगी। विभाग ही इसको लागू भी करेगा। सरकार ने अपने खर्चों में कटौती के लिए और डिफेंस फोर्स में युवाओं की संख्या बढ़ाने के लिए इस स्कीम को पेश किया है। 'अग्निपथ भर्ती योजना' के तहत युवा चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होंगे और देश की सेवा करेंगे। चार साल के अंत में लगभग 75 फीसदी सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा और उन्हें आगे के रोजगार के अवसरों के लिए सशस्त्र बलों से सहायता मिलेगी। केवल 25 फीसदी जवानों को चार साल बाद भी मौका मिलेगा। हालांकि यह तभी संभव होगा जब उस समय सेना की भर्तियां निकली हों। कई निगम ऐसे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं के लिए नौकरी आरक्षित करने में भी रुचि लेंगे जिन्होंने देश की सेवा की है। योजना के तहत सशस्त्र बलों का युवा प्रोफाइल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं को नई तकनीकों से प्रशिक्षित किया जाएगा। चार साल की नौकरी छोड़ने के बाद युवाओं को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा, जो 11.71 लाख रुपए होगा। हर साल 45 हजार युवाओं की होगी भर्ती अग्निपथ के तहत हर साल करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा। ये युवा 17.5 से 21 साल की उम्र के बीच होंगे। इन्हें चार साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा। इन चार सालों में से 6 महीने सैनिकों को बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। सैनिकों को 30 हजार से 40 हजार सैलरी और अन्य फायदे दिए जाएंगे। वे तीनों सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह अवॉर्ड, मेडल और इंश्योरेंस कवर पाने के हकदार रहेंगे। इंश्योरेंस कवर 44 लाख रुपए का होगा। जानें कितना मिलेगा वेतन साल महीनेवार वेतन कैश इन हैंड प्रथम वर्ष 30000 21000 दूसरे वर्ष 33000 23100 तीसरे वर्ष 36000 25580 चौथे वर्ष 40000 28000 चार साल बाद मिलेगा सेवा निधि पैकेज वेतन से कटने वाला पैसा अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा होगा। जितना पैसा अग्निवीर के वेतन से कटेगा, उतनी ही राशि सरकार भी अग्निवीर कॉर्प्स फंड में डालेगी, जो चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीर को ब्याज सहित वापस मिलेगा। यह राशि करीब 11.71 लाख रुपये होगी, जो सेवा निधि पैकेज के रूप में मिलेगी। पूरी राशि कर मुक्त होगी। जो 75% अग्निवीर इस स्कीम से बाहर हो जाएंगे, उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा।
जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंचायत जंडौर में राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान खुलने से घर द्वार पर छात्र तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उद्योग एवम परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने करोड़ों रुपए की लगात से बना यह संस्थान जनता को समर्पित किया है। एक ओर जहाँ इस संस्थान के खुलने से समस्त जसवां-परागपुर को विकास के पर लगेंगे, वहीं हजारों छात्रों का भविष्य भी सवरेंगा। जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र में इस संस्थान के खुलने से स्थानीय युवाओं को काफी फायदा होगा। साथ ही देहरा, ज्वालामुखी सहित आस-पास के क्षेत्रों के छात्र भी यहाँ आकर शिक्षा ग्रहण कर सकते है। पॉलिटेक्निक संस्थान जंडौर में छात्र सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और आटोमोबाइल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कर पाएंगे। सभी कोर्सों के लिए कुल 240 सीटें होंगी। कॉलेज में कक्षाएं शुरू करने के लिए विभाग द्वारा लगभग सभी औपचारिकताएं भी पूरी की जा चुकी है। इस कॉलेज में टीचिंग और नॉन टीचिंग के करीब 46 पद सरकार द्वारा मंजूर कर दिए गए हैं। बता दें कि जंडोर में खुलने जा रहे इस शिक्षण संस्थान का निर्माण 23 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसका 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। गौर हो कि इस संस्थान को जंडोर में खोलने के लिए जंडोर पँचायत की पूर्व प्रधान स्व. श्रेष्ठा देवी ने लगभग 2 वर्ष पहले 20 कनाल भूमि दान की थी। यह भवन करीब 23 करोड़ 13 लाख 91 हज़ार 173 रुपय की लागत से तैयार हो रहा है। भाजपा मण्डल अध्यक्ष जसवां-परागपुर विनोद शर्मा ने बताया कि इसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को होगा। वहीं जंडोर पंचायत के प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि मंत्री बिक्रम ठाकुर के अथक प्रयासों से यह सब कुछ हो पाया है। जसवां-परागपुर को करोड़ो रुपये की सौगात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आशीर्वाद से मिली हैं। जसवां-परागपुर का विकास ही उनका पहला ध्येय है, जिसके लिए वह हर रोज नए-नए प्रयास कर रहे हैं। जंडोर में खुल रहे इस पॉलिटेक्निक कॉलेज से बच्चो को अच्छी शिक्षा मिलेगी। जसवां-परागपुर में भी अब बच्चे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके इंजीनियर बनेंगे। -बिक्रम ठाकुर, उद्योग एवम परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर
पालमपुर के सम्पूर्ण विकास का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार को ही जाता है और उनके समय मे ही पालमपुर बड़े बड़े संस्थान स्थापित हुए हैं। पालमपुर पहुंचे उद्योग, श्रम एवं रोजगार तथा परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने ये बात कही। उद्योग मंत्री मंगलवार को पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा मैदान पालमपुर में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिये आयोजित विशाल जागरूकता शिविर में बोल रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर पालमपुर विधान क्षेत्र से सम्बंधित असंगठित क्षेत्र के करीब 4 हजार लोगों को पंजीकरण कापियां भी वितरित की। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में आम और गरीब आदमी तथा मज़दूरों की चिंता करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के कल्याण के लिए गठित भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के पंजीकरण नियमों को सरल बनाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा गया है ताकि बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड से मिलने वाली राहत राशि को भी लगभग दोगुना किया गया है। उन्होंने लोगों से सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों तथा बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक पहुंचाने का आह्वान किया। हरिद्वार के लिए चलेगी एसी बस परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश के परिवहन बेड़े में 206 नई बसों को शामिल किया गया है और पालमपुर डिपो को पालमपुर से हरिद्वार के लिये एक नई एसी बस उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने निगम अधिकारियों को होल्टा, पंतेहड़ पट्टी नई बस सेवा, सपेड़ू से उतराला बिनवा नगर, मैंझा से री -गिद्दा -हंगलोह, बदरेणा- नीलकंठ -सरसावा, चामुंडा-खारटी-जुगेहड़ और ब्रह्म ठेहडू लाहला तक एक सप्ताह में बसे चलाने के लिये आदेश दिये। उन्होंने पालमपुर बस अड्डे के लिये भी राशि देने की घोषणा की। मिशन के रूप में किया कामगारों का पंजीकरण : त्रिलोक कपूर वूल फेडरेशन के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने कहा कि पालमपुर हलके से सम्बंधित 4 हजार से अधिक कामगारों के पंजीकरण कार्ड वितरित किये गये है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक पहुंचाने के लिये पालमपुर हलके में 26 जून से 3 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर शेष लोगों भी जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के 340 महिला मंडलों को एक एक हजार लीटर पानी की टंकी तथा 10-10 गद्दे उपलब्ध करवाए गए हैं ताकि महिलाओं को सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में इनका लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि पालमपुर हलके में 4 हजार के लगभग सोलर लाइट लगवाई गई हैं। 1100 से अधिक किसानों को सीएसआईआर से जोड़ कर निःशुल्क उन्नत बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से गर्मी का कहर जारी है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कल से राहत बरसने की उम्मीद है। लंबे समय के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए वेदर फोरकास्ट के अनुसार आज 14 जून से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और इसका असर कल 15 जून से प्रदेश में होने के आसार हैं। 15 से 17 जून तक प्रदेश में लाहौल स्पीति को छोड़ बाकी सभी जिलों में 40 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने और भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर के बरठीं में तीन मिलीमीटर, भुंतर में 1.8 व सुंदरनगर में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर धूप खिली रही और अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है। भुंतर में सबसे अधिक पांच डिग्री, धर्मशाला व मनाली में तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि न्यूनतम तापमान में कई स्थानों पर दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे अधिक शिमला में 4.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और मंडी में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। गर्मी ने किसानों की बढ़ाई चिंता हिमाचल प्रदेश में सूखे के कारण किसानों-बागवानों की फसलें खेतों में ही झुलस रही है। खेतों में नमी कम होने की वजह से फल- फसल खराब होने की स्थिति में है। सोलन, कुल्लू, अप्पर शिमला, मंडी सहित कांगड़ा में बारिश न होने से अनार, टमाटर-शिमला मिर्च सहित दूसरी सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई हैं। तेज धूप से शिमला मिर्च और टमाटर पूरी तरह से मुरझा गए हैं। कुछ दिन पूर्व बारिश हुई है, लेकिन इसकी नमी ज्यादा दिन तक खेतों में नहीं रह पाई। ताजा हालात के आधार पर 21 जून को हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मानसून पहुंच सकता है और 15 से प्री मानसून की वर्षा होगी। अभी भी गर्म हवाएं और लू चल रही है। -सुरेंद्र पाल, निदेशक मौसम विभाग


















































