शिमला : हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में छठे वेतन आयोग की अधिसूचना को लागू करने का हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा सरकार का आभार व्यक्त किया गया। प्रदेश शिक्षक महासंघ का कहना है कि जहाँ पूरा देश कोविड महामारी के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा है वही हिमाचल प्रदेश भी इस आर्थिक मार से उभर नही पाया है। ऐसे में हिमाचल सरकार द्वारा प्रदेश के लाखो कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफ़ारिशो को लागू करना एक एतिहासिक निर्णय है, जिसका हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ सरकार का आभार व्यक्त करता है। हिमाचल प्रदेश सरकार हमेशा से पंजाब सरकार द्वारा जारी वेतन आयोग का अनुसरण करता आया है। परन्तु इस वेतन आयोग की अधिसूचना जारी करने के बाद हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कर्मचारियों के वेतन में काफी अंतर आ गया है । इस सन्दर्भ में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ 4 जनवरी को मुख्यसचिव और पांच जनवरी को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों और 6 जनवरी को मुख्यमंत्री से मिल कर अपना पक्ष रख चुका है और दिशानिर्देश अनुसार पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रेषित कि गई है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देश अनुसार हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा हिमाचल प्रदेश और पंजाब में कर्मचारियों को मिलने वाले वेतनमान में त्रुटियों को उजागर कर सरकार के ध्यान में लाने का प्रयास किया है । हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ बैठक की, जिसमे मुख्यसचिव हिमाचल सरकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में हिमाचल सरकार द्वारा और पंजाब सरकार द्वारा जारी वेतन मान की तुलनात्मक रिपोर्ट प्रेषित की, जिसमे दोनों राज्यों में दी जा रहे वेतन में हो रही विसंगतियों पर गहनता से चर्चा की गई। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रान्त महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ चली एक घंटे की इस बैठक में शिक्षा बिभाग के कई विषयों पर चर्चा हुई, जिन्हें प्रदेश सरकार जल्द पूरा करने के लिए कार्य कर रही है।
शिमला : भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा एवं सह प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि ठीक एक साल पहले , भारत ने भयंकर कोविड महामारी के बीच अपने 135 करोड़ से अधिक लोगों को टीका लगाने की कठिन यात्रा शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में असंभव सा लगने वाला कार्य संभव हुआ, इस कार्य के लिए पूरी दुनिया ने सराहना की। ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं जिनके नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों, उद्यमियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थ वर्कर्स के एकजुट प्रयास से भारत ने वैक्सीनेशन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तमाम मुश्किलों पर विजय प्राप्त करते हुए दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज टीकाकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को साधुवाद देती है और हमारे वैज्ञानिकों, उद्यमियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थ वर्कर्स के अतुलनीय परिश्रम की पराकाष्ठा को नमन करते हुए उन्हें बधाई देती है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव का एक साल 16 जनवरी को पूरा हो गया, अब तक 157 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज एडमिनिस्टर हो गए हैं, आज लगभग 66 करोड़ लोग पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं। 91 करोड़ लोगों को फर्स्ट डोज लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 2021 के जनवरी महीने की 16 तारीख को कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी। इसका मतलब हर दिन औसतन 43 लाख डोज लगाई गई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने सोमवार को छात्र मांगो को लेकर पुस्तकालय प्रभारी को ज्ञापन सौम्पा। विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग कि पुस्तकालय से संबंधित इस मांग को प्रशासन जल्द पूरा करे। इकाई सहमंत्री सुनील ठाकुर ने कहा कि बीते 2 सालों से पूरे विश्व में कोरोना महामारी के चलते जहाँ लोगों का जीवन अस्त व्यस्त है। कोरोना महामारी के कारण हर क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जहाँ तक बात करें शिक्षा के क्षेत्र की तो शिक्षा का क्षेत्र भी इस से अछूता नहीं रहा है। इस महामारी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान के छात्रों को हो रही है। प्राथमिक हो, माध्यमिक हो,या उच्च शिक्षा, छात्रों की पढ़ाई कोरोना के कारण बुरी तरह से प्रभावित है। सुनील ने कहा कि बीते सप्ताह पहले प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवि. पुस्तकालय तुरंत प्रभाव से छात्रों के लिए बंद कर दिया था। इस आदेश के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत विवि लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों को हुई थी। बहुत से छात्र अपने फाइनल एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विश्वविद्यालय लाइब्रेरी में रोज़ाना पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन एक छात्र विरोधी आदेश के कारण सैंकडों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। विद्यार्थी परिषद उस दिन से लेकर आज तक यही मांग उठा रही थी कि छात्रों को उनकी पढ़ाई से वंचित न किया जाए और उन्हें लाइब्रेरी में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ पढ़ने के लिए बैठने दिया जाए। सुनील ने कहा विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी मांगो को पूरा करेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सुन्नी में गौ सदन का उद्घाटन किया। इस गौ सदन का निर्माण 2.22 करोड रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों को आश्रय देने और उनके लिए चारे की व्यवस्था करने के लिए हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत सरकार द्वारा की गई 20वीं पशु गणना के अनुसार प्रदेश में 36,311 बेसहारा पशु हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस अवधि में प्रदेश के विभिन्न भागों में गौ अभ्यारण्य एवं गौ सदनों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 31.16 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का प्रथम निर्णय बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने के लिए आयु को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष करना और गौ सेवा आयोग का गठन तथा प्रदेश के विभिन्न भागों में गौ अभ्यारणों का निर्माण करना था ताकि परितयक्त पशुओं को आश्रय प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि गौ अभ्यारण्यों और गौ सदनों को चलाने के लिए संसाधन जुटाने के लिए शराब पर एक रुपये प्रति बोतल सैस भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि गौ सदनों में, विशेषकर सर्दियों में, गायों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार गौ वंश योजना के तहत राज्य में गौ सदनों को प्रत्येक गाय प्रतिमाह 500 रुपये की सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने लोगों से गौ अभ्यारण्य और गौ सदनों में योगदान देने के लिए आगे आने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 220 गौ सदनों का संचालन गैर सरकारी संगठनों द्वारा भी किया जा रहा है, जिनमें से 127 गौ सदन हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग में पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में एक निजी कंपनी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत सरकार की सहायता के बिना कंपनी पीपीपी मोड पर प्रति गौ अभ्यारण्य लगभग 3000 गायों को आश्रय प्रदान करेगी।जयराम ठाकुर ने कहा कि सिरमौर जिला के कोटला बडोग क्षेत्र में बेसहारा गायों को आश्रय देने के लिए 1.67 करोड़ रुपये की राशि व्यय कर एक गौ अभ्यारण्य की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि जिला सोलन में हांडा कुडी गौ अभ्यारण्य के निर्माण पर 2.97 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सुन्नी के गौ सदन में 500 गायों को रखने की क्षमता है और इससे बेसहारा पशुओं के लिए उचित आश्रय सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की सत्ता संभालने के तुरंत बाद राज्य में परित्यक्त गायों को उचित आश्रय प्रदान करने के लिए राज्य में गौ सेवा आयोग स्थापित करने का निर्णय लिया।
शिमला। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर रिज मैदान, शिमला में 26 जनवरी, 2022 को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज भी राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य पर जिला स्तर पर भी समारोह आयोजित किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार सोलन, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर बिलासपुर में, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी कुल्लू, तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलांग, ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्र कंवर चंबा, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह हमीरपुर, शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ऊना, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन, बहुद्देश्यीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी जिला कांगड़ा के मुख्यालय धर्मशाला, वन मंत्री राकेश पठानिया जिला किन्नौर के मुख्यालय रिकांगपिओ, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग मंडी में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। विधानसभा उपाध्यक्ष डाॅ. हंस राज ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में चम्बा में उपस्थित रहेंगे।
हिमाचल में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के चलते राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में कोरोना बंदिशों के साथ वीक एंड कर्फ्यू या लॉकडाउन जैसे कड़े फैसले ले सकती है। बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बंदिशें बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। परिवहन निगम की बसों को 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ चलाने पर भी मंथन होना हैं। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले लोगों के लिए सरकार कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य कर सकती है। स्वास्थ्य विभाग कैबिनेट की बैठक में कोरोना की वास्तविक स्थिति के बारे में प्रस्तुति देगा। बैठक में पिछले 10 दिन की कोरोना की स्थिति का ब्योरा रखा जाएगा। प्रदेश में महामारी तीन गुना रफ्तार से फैल रही है। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 6 हजार पार हो गई है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने 20 हजार आइसोलेट किट तैयार की हैं। प्रदेश में इस समय 17 मरीजों की हालत ठीक नहीं है। सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों और फार्मासिस्टों के तबादलों व समायोजनों पर फिर रोक लगाई है। स्वास्थ्य विभाग के छह हजार कर्मचारियों की फील्ड में तैनाती की है।
हिमाचल प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। राशनकार्ड उपभोक्ताओं को फरवरी माह से और सस्ता रिफाइंड तेल मिलेगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने कंपनियों से 17 जनवरी तक टेंडर आमंत्रित किए हैं। कंपनियों को इसी तारीख तक खाद्य आपूर्ति निगम में रिफाइंड तेल के सैंपल भी जमा करने होंगे। वर्तमान में राशनकार्ड उपभोक्ताओं को 137 रुपये प्रति लीटर रिफाइंड तेल मिलता है। आयात शुल्क में 5 फीसदी की कमी होने से उपभोक्ताओं को यह तेल 125 रुपये प्रति लीटर मिलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपो में सस्ता राशन मिलता है। इसमें दो लीटर तेल दिया जाता है। एक लीटर सरसों और एक लीटर रिफाइंड दिया जाता रहा है। कई डिपो में रिफाइंड तेल की कमी होने से उपभोक्ताओं को दो लीटर सरसों तेल भी दिया गया है। इसके अलावा तीन दालें, 500 ग्राम प्रति व्यक्ति चीनी और एक किलो आयोडीन नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है। आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है।
जिला शिमला में बर्फबारी के कारण सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। सड़क पर फिसलन होने के कारण लोगों को पैदल चलना भी काफी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में शिमला पुलिस लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है। पुलिस बर्फ में फंसे लोगों को ना कर बचाती है बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर भी पहुंचा रही है। ऐसे ही ताजा मामले में पुलिस ने कुफरी के समीप पश्चिमी बंगाल के 6 पर्यटकों को रेस्क्यू किया है। यह लोग फिसलन होने के कारण फस गए थे और अपनी गाड़ी तक नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे में शिमला पुलिस को सूचना मिली कि कुफरी चीनी बंगला के पास सड़क पर फिसलन होने के कारण कुछ लोग फंस गए हैं। ढली पुलिस मौके पर पहुंची और 6 लोगों को सुरक्षित निकाला। पुलिस ने उन्हें उनकी पांच गाड़ियों तक पहुंचाय। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह पश्चिम बंगाल से घूमने शिमला आए थे। उनमे से एक लड़की की हार्टबीट बढ़ रही थी, ऐसे में पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उसके बाद अब लड़की की हालत ठीक बताए जा रही है। गौरतलब है कि पुलिस आए दिन लोगों को आगाह कर रही है कि फिसलन वाली जगहों पर ना जाए और गाड़ी सुरक्षित चलाएं। बावजूद इसके कुछ लोग पुलिस तीन बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं और मुसीबत में फंस रहे हैं। अंत में पुलिस ही उनके लिए मददगार साबित हो रही है। बीते दिनों भी पुलिस ने नारकंडा में कई लोग जो बर्फ में फंस गए थे और चलने में समस्या आ रही थी उन्हें सुरक्षित बचाया और उनके स्थान पर पहुंचाया था।
शिमला: नए साल में भाजपा विधायक दल की पहली बैठक 16 जनवरी को पीटरहॉफ शिमला में होगी। सीएम जयराम ठाकुर इसमें विधायक प्राथमिकता योजनाओं बैठकों के बारे में भी चर्चा करेंगे। वंही मुख्यमंत्री विधानसभा के चुनावी साल में विधायकों को अधिक सक्रियता से काम करने के बारे में निर्देश जारी करेंगे। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी सभी विधायकों को पिछले चार साल का रिपोर्ट कार्ड देने को कहा है। कई विधायकों को चुनावी वर्ष शुरू होते ही अभी से टिकट कटने की आशंका है। इस बैठक में कोविड की तीसरी लहर के चलते विधानसभा हलकों में भी बेहतरीन कार्य करने के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर निर्देश जारी करेंगे। वन्ही भाजपा आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज संजौली-ढली बाईपास के समीप 18 करोड़ रुपये की लागत से बने हेलीपोर्ट का लोकार्पण किया। मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के हिमालयन सर्किट के अंतर्गत 12.13 करोड़ रुपये और केन्द्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत 6 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा इस हेलीपोर्ट से न केवल प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी बल्कि आईजीएमसी के समीप होने से इसका उपयोग आपातकालीन सेवाओं में भी प्रभावी रूप से किया जा सकेगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तीन मंजिला हेलीपोर्ट में सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं जैसे रिसेप्शन काउंटर, हेलीपोर्ट प्रबंधक कार्यालय, टिकट काउंटर और वीआईपी लाउंज आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हेलीपोर्ट में यात्रियों के आगमन के लिए पोराटा केबिन की सुविधा, 50 वाहनों के लिए पार्किंग, हेलीकाॅप्टर के लिए डेक और सेफ्टी नेट भी हैं। उन्होंने कहा कि यह हेलीपोर्ट 10.3 बीघा भूमि के क्षेत्र में फैला है तथा भिति चित्रों द्वारा इसका सौन्दर्यीकरण किया गया है। यह हेलीपोर्ट सीसीटीवी/निगरानी तंत्र से पूर्ण रूप से युक्त है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत बद्दी, रामपुर तथा मंडी में भी हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीपोर्ट तथा हेलीपेड निकट भविष्य मेें पयर्टन, कनेक्टिीविटी तथा आपातकालीन परिपेक्ष्य से लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इससे राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान तथा आपातकालीन स्थिति में रोगियों को बड़े अस्पतालों में ले जाने में भी सहायता मिलेगी। हिमाचल प्रदेश में हेलीपोर्ट पयर्टन तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में वरदान सिद्ध होंगे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब नए शैक्षणिक सत्र से पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को योग और संगीत विषय पढ़ाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को इस बाबत आदेश जारी हो गए हैं। प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को दोनों विषयों को पढ़ाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। शीतकालीन स्कूलों में फरवरी और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अप्रैल से यह दोनों नये विषय पढ़ाए जाएंगे। विद्यार्थियों को शारीरिक तौर पर चुस्त दुरुस्त रखने के लिए सरकार ने योग विषय को शुरू करने का फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों में योग को विषय के तौर पर शुरू करने के लिए चुनावी दृष्टि पत्र में घोषणा की गई थी। इसमें अब योग के साथ संगीत विषय को भी जोड़ दिया गया है। योग और संगीत का पाठ्यक्रम एससीईआरटी सोलन ने तैयार कर लिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में बर्फबारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार से आपदा प्रबंधन को सुदृढ करने व बर्फबारी की वजह से बंद पड़ी सभी सड़को को तुरंत बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भारी बर्फबारी की वजह से शिमला से ऊपरी व इसके आसपास के क्षेत्रों सहित बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन को सामान्य करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जाने चाहिए। राठौर ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं के अनुसार शिमला से ऊपरी क्षेत्रों ठियोग, नारकंडा, कुमारसैन, कोटगढ़ व इसके आसपास के क्षेत्रों मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध पड़े है। गावों में बिजली आपूर्ति भी ठप्प पड़ी है, लोग सर्दी से ठिठुर रहें है, जिसे तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि सड़को पर गाड़ियों की फिसलन न हो इसके लिये बर्फ हटाने के साथ-साथ इसके ऊपर सड़को पर रेत बिछाने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जाना चाहिए, जिससे किसी भी वाहन दुर्घटना से बचा जा सकें।राठौर ने कहा है कि प्रदेश के भारी बर्फबारी क्षेत्रों किन्नौर, लाहुल स्पिति,चंबा का भरमौर व पांगी व दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं के साथ-साथ खाना पकाने की गैस की नियमित आपूर्ति पर सरकार अपनी नज़र रखें। इन क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कमी न हो,इसके लिये भी आवश्यक भंडारण व प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
शिमला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में कोविड संक्रमण से लोगों की सेवा के लिए फिर से अपनी देखरेख में आपदा प्रबंधन कमेटी का गठन कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल को इस समिति का समन्वयक नामित किया गया है, जबकि प्रदेश कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष व कांग्रेस के सभी अग्रणी सगंठनों के प्रमुख इस समिति के कार्यकारी सदस्य नामित किए गए है। इस दौरान राठौर ने कहा कि प्रदेश में बढ़ते कोरोना और ओमिक्रोन के मामलों ने इस महामारी के प्रति लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने फिर से लोगों की सेवा व साहयातार्थ डिज़ास्टर मैनेजमेंट कमेटी को कार्यन्वित करने का फैंसला लिया है। उन्होंने कहा कि यह कमेटी प्रदेश में कोरोना से प्रभावित किसी भी व्यक्ति या परिवार को उसके उपचार में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर भी अपनी नज़र रखते हुए। जहां भी सम्भव होगा, प्रदेश कांग्रेस इस महामारी से निपटने के लिये लोगों को जागरूक करते हुए पूर्व की भांति सलाह व हर सम्भव मदद करेगी।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वर्चुअल बैठक के माध्यम से राज्य के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोविड-19 महामारी की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गृह संगरोध मंे रह रहे कोविड-19 रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें त्वरित उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के अभी तक कुल 3076 सक्रिय मामले हैं और गत एक सप्ताह में इसमें तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 98 प्रतिशत रोगी गृह संगरोध में हैं। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को होम आइसोलेशन किट तैयार रखने के निर्देश दिए ताकि यह गृह संगरोध में रहने वाले कोविड-19 रोगियों को उपलब्ध करवाई जा सके और उन्हें आइसोलेशन के दौरान क्या करें और क्या न करें, के बारे में जागरूक किया जा सके और वे चिकित्सकों की सलाह पर ही दवाएं इत्यादि लें। उन्होंने कहा कि इस किट में च्यवनप्राश, आयुष काढ़ा, सेनेटाइजर, मास्क इत्यादि शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 रोगियों को गृह संगरोध के दौरान आइसोलेशन के पुख्ता प्रबन्ध किए जाएं ताकि उनके परिवार के अन्य सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित न होने पाएं। मुख्यमंत्री ने एलोपैथी और आयुष विभाग में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे कोविड-19 रोेगियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और सम्बन्धित प्राधिकरणों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण अभियान 12 जनवरी, 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि गृह संगरोध में रहने वाले कोविड-19 रोगियों को आपात स्थिति में परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को बर्फवारी से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के बेहतर रख-रखाव, विद्युत और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख सड़कों और स्वास्थ्य संस्थानों को जोड़ने वाली सड़कों को शीघ्र अतिशीघ्र सुचारू करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों विशेष तौर पर स्वास्थ्य संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी त्वरित कदम उठाएं। उन्हांेने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए पेयजल आपूर्ति भी शीघ्र सुचारू की जाए। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी और अन्य सम्बन्धित लोग कोरोना वायरस की दूसरी लहर के सफलतापूर्वक नियंत्रण के दौरान प्राप्त अनुभवों का पूर्ण उपयोग करें। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक का संचालन किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेमराज बैरवा, निदेशक आयुष विनय सिंह, निदेशक स्वास्थ्य डाॅ. अनिता महाजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन द्वारा आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर भारतीयों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए रविवार को यहां से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को प्रभावी ढंग से संरक्षित करने के लिए दुनिया के विभिन्न भागों में रहने वाले हिमाचलियों की सराहना की। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस प्रवासी भारतीय समुदाय को समर्पित दिन है। उन्होंने प्रवासी हिमाचलियों से राज्य में निवेश करके प्रदेश के विकास में भागीदार बनने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने अपनी मेहनत और लगन से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपना एक विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने एक छोटा राज्य होते हुए भी देश के बड़े राज्यों को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टेर्ज मीट का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट के बाद आयोजित दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में लगभग 42,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग में सफल रही है, जो इस आयोजन की सफलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रवासी भारतीयों के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए मील पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचली प्रवासी और विभिन्न प्रवासी संघों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हिमाचली संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह वेबिनार विदेशों में रह रहे हिमाचलियों के ज्ञान, विशेषज्ञता और कौशल को समृद्ध करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान हिमाचली लोगों के योगदान की भी सराहना की। हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन के अध्यक्ष, कनाडा में रहने वाले भाग्य चंद्र ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले हिमाचलियों के साथ बेहतर संबंध सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री के सलाहकार-एवं-प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कनाडा में रहने वाले अरुण चैहान, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले डाॅ. विशाल शर्मा, संयुक्त अरब अमीरात में मुनीश गुप्ता, ओमान में संजीव शर्मा, ऑस्ट्रेलिया में उमेश सिंह ठाकुर, न्यूजीलैंड में पूनम गुलेरिया, सनी कौशल, इंग्लैड में ममता डाहरू, जर्मनी में विशाल ठाकुर, बहरीन में गोल्डी शर्मा ने इन देशों में पढ़ाई, नौकरी आदि के लिए आने वाले हिमाचलियों की मदद के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के सम्बन्ध में जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ की राज्य व जिला कार्यकारिणियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके आधिकारिक आवास में भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में कर्मचारियों के अनुबंध कार्यकाल को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। महासंघ के प्रतिनिधिमंडल में राज्य कार्यकारिणी अध्यक्ष सुरेन्द्र नड्डा, राज्य महासचिव सुनील कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटियाल, कोषाध्यक्ष अविनाश सैणी, जिला कार्यकारिणी हमीरपुर के अध्यक्ष मनुदेव शर्मा, सिरमौर के अध्यक्ष सुधीर शर्मा और सोलन के अध्यक्ष रमेश कन्याल शामिल थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने रविवार को राजभवन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ शिमला में इस मौसम की पहली बर्फबारी का आनंद लिया। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ राजभवन परिसर का दौरा किया। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, नगर निगम शिमला महापौर सत्या कौंडल व अन्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बर्फबारी के सम्बन्ध में राज्यपाल के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने किसानों और बागवानों के लिए बर्फबारी की उपयोगिता से भी अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बर्फबारी गर्मियों के दौरान शिमला क्षेत्र में होने वाली पानी की कमी से निपटने में भी सहायक होती है। उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है और स्थानीय लोगों को हिमपात से होने वाली कठिनाइयों से राहत प्रदान करने के लिए सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के प्रबन्धन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
सरकार के प्रवक्ता ने रविवार को यहां जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के कारण मुख्यमंत्री के निर्धारित सभी कार्यक्रम इस महीने की 15 तारीख तक स्थगित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का 10 जनवरी को सुलह निर्वाचन क्षेत्र के लिए, 11 जनवरी को बड़सर, हमीरपुर और 12 जनवरी को नादौन निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों को भी रद्द कर दिया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि इन सभी कार्यक्रमों को शीघ्र पुनर्निर्धारित किया जाएगा।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने रविवार को शिमला नगर में बर्फबारी के दौरान सड़कों को आवागमन के लिए सुचारू बनाने के उद्देश्य से प्रातः स्वयं विभिन्न सड़कों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की बर्फबारी के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी बर्फबारी के दौरान असुविधा ना हो इस संबंध में सड़कों से बर्फ हटाने का कार्य तुरंत किया जाना आवश्यक है।उन्होंने आज प्रातः शिमला नगर के संजौली, ढली, खलिनी, चालोंठी, चलोंठी बाई पास, माल रोड व अन्य जगहों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया एवम् पैदल मार्गो पर बर्फ साफ करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया। लक्कड़ बाज़ार सड़क को यातायात के लिए सुचारू बनाने के कार्य की निगरानी भी की। इस दौरान आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील, उपमंडलाधिकाी शिमला शहरी मंजीत शर्मा व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जिला के अन्य क्षेत्रों में भी उपमंडलाधिकारी तथा अन्य स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से सड़कों व संपर्क मार्गो को सुचारू बनाने का कार्य किया जा रहा है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति की सुनिश्चितता के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
आंगनबाड़ी वर्करज़ एवम हैल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू अखिल भारतीय आह्वान के तहत 24 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश में पूर्ण हड़ताल करेगी। इस दौरान प्रदेश के लगभग अठारह हज़ार आंगनबाड़ी केंद्र बन्द रहेंगे व लगभग सेंतीस हज़ार आंगनबाड़ी योजनकर्मी प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी शिमला में विधानसभा पर जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय शिमला में सम्पन्न हुई यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक में हुआ। यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने कहा है कि आंगनबाड़ी कर्मी प्री प्राइमरी में सौ प्रतिशत नियुक्ति, इस नियुक्ति में 45 वर्ष की शर्त खत्म करने, सुपरवाइजर नियुक्ति के लिए भारतवर्ष के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय की डिग्री को मान्य करने, वरिष्ठता के आधार पर मेट्रिक व ग्रेजुएशन पास की सुपरवाइजर में तुरन्त भर्ती करने, सरकारी कर्मचारी के दर्जे, हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन देने, रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष करने की मांग तथा नन्द घर बनाने की आड़ में आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करके निजीकरण की साज़िश तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, पोषण ट्रैकर ऐप व तीस प्रतिशत बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आईसीडीएस का निजीकरण किया गया व आंगनबाड़ी वर्करज़ को नियमित कर्मचारी घोषित न किया गया तो आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति को वापिस लेने की मांग की है क्योंकि यह आइसीडीएस विरोधी है। नई शिक्षा नीति में वास्तव में आइसीडीएस के निजीकरण का छिपा हुआ एजेंडा है। आईसीडीएस को वेदांता कम्पनी के हवाले करने के लिए नंद घर की आड़ में निजीकरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस से भविष्य में कर्मियों को रोज़गार से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से वर्ष 2013 में हुए पेंतालिसवें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज़ पर वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी, मेडिकल व छुट्टियों की सुविधा लागू करने की मांग की है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों को वर्ष 2013 का नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत बकाया राशि का भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं व नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा आंगनबाड़ी वर्करज़ को दिया जाए क्योंकि वे काफी प्रशिक्षित कर्मी हैं। इसकी एवज़ में उनका वेतन बढाया जाए व उन्हें नियमित किया जाए।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते हुए प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया। इस फैसले को लेकर SFI राज्य कमेटी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। SFI राज्य कमेटी ने कहा कि भविष्य को अपाहिज बनाने की कवायद बहुत पहले शुरू हो चुकी थी जब नवउदारवादी नीतियों के तहत 1991 के बाद शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार को निजी हाथों में सौंपते हुए उसे महंगा कर आम जनता की पहुंच से दूर करने की कोशिश की गई थी। आज तो सिर्फ महामारी को इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले शिक्षण संस्थान बंद किये जाते है और नई शिक्षण पद्धति ऑनलाइन माध्यम से शुरू की जाती है। जिसमे पूरा देश जानता है कि कौन कितना उस पढ़ाई से जुड़ पाया। स्मार्टफोन का न होना, नेटवर्क की समस्या, आदि कई कारणों से ऑनलाइन पढ़ाई सम्भव नही हो पाई। लेकिन महामारी के दौरान शिक्षण संस्थानो के बंद होने के कारण यह मजबूरी थी कि अभिभावकों को अपने बच्चों को बैंकों से ऋण लेकर स्मार्टफोन खरीदकर इस जदोजहद से झूझना पड़ा। लेकिन इस नए सत्र में विभिन्न नेटवर्क कम्पनियों द्वारा डेटा टेरिफ में की गई बेतहाशा वृद्धि से अब इस ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने का सपना भी टूटता नजर आ रहा है। जहां सरकार और प्रशासन को छात्रों व उनके परिवारों की बदहाल आर्थिक स्थिति को समझते हुए मुफ्त शिक्षा, छात्रवृति का समय पर आबंटन कर सभी छात्रों को प्राथमिकता पर वैक्सीन लगाकर बेहतर व सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मुहैया कराना चाहिए था वहीं सरकार अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देती नजर आ रही है, परिणामस्वरूप एक बार फिर से शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया गया है । माहमारी का खतरा सबके लिए है लेकिन इसे जिस रूप में परिभाषित करने या इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है वह सरकार की शिक्षा के प्रति दिवालिया समझ को भी दर्शाता है। सरकार के इस फैसले का SFI हर जिला स्तर पर विरोध करेगी।
देश के सभी घरों तक नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की। हिमाचल सरकार इस मिशन का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप जल शक्ति विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में 7.93 लाख घरों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध करवाया गया, जो पिछले 72 वर्षों में लगे 7.63 लाख नलों से अधिक है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हिमाचल में हर घर नल उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रदेश पूरे देश में अग्रणी कार्य कर रहा है व जुलाई 2022 तक हिमाचल के हर घर में नल से जल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि हर घर नल से जल उपलब्ध करवाने का राष्ट्रीय लक्ष्य 2024 तक रखा गया है। जल शक्ति विभाग न केवल नल से उचित मात्रा में जल उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि जल की शुद्धता पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। शुद्ध जल देने की दिशा में जल शक्ति विभाग द्वारा 14 जिला स्तरीय व 42 उप-मंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से 37 प्रयोगशालाओं को राष्ट्रीय मानकों के आधार पर एन.ए.बी.एल. से प्रमाणिकता मिल चुकी है। इसके साथ एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है, जिसमें जल नमूनों के राष्ट्रीय ब्यूरो मानक के हिसाब से सभी भौतिक रसायनिक व जीवाणु परीक्षण किए जाएंगे, जो शुद्ध जल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। भारत सरकार द्वारा किए गए जल गुणवत्ता सर्वेंक्षण में उपभोक्ता स्तर पर पेयजल की मात्रा व गुणवत्ता तथा नल कार्य शीलता में पूरे देश में हिमाचल को प्रथम आंका गया है। पिछले दो वर्षों में 3,71,080 जल नमूनों का परीक्षण किया गया। राज्य सरकार के स्वर्णिम जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला में जल शक्ति विभाग जल गुणवत्ता व संरक्षण थीम पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। जल नमूनों के परीक्षण को और अधिक बढ़ाने के लिए वर्ष 2021 के जून व अक्तूबर माह में एक अभियान चलाया गया, जिसमें केवल इन दो महीनों में कुल 64,701 जल नमूनों के परीक्षण प्रयोगशालाओं में व 54,394 जल नमूनों का परीक्षण फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से किए गए। कार्यक्रमों की इस श्रृंखला में जल शक्ति विभाग द्वारा दिसम्बर माह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर एक और जन अभियान शुद्ध जल अभियान शुरू किया गया, जिसमें प्रयोगशालाओं व फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से अधिकाधिक जल नमूनों के परीक्षण किए जाएंगें। इन अभियानों का आयोजन जनमानस को शुद्ध जल देने व उन्हें जल गुणवत्ता पर जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप देश के सबसे ऊंचाई पर स्थित पोलिंग स्टेशन जिला लाहौल-स्पीति के टाशीगंग गांव को नल से जल सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में सुरक्षा चूक पर हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सरकार में मंत्रि सुरेश भारद्वाज, राम लाल मार्कण्डेय, राजीव सैजल, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, महापौर सत्या कौंडल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सचिव प्यार सिंह कंवर, ज़िला अध्यक्ष रवि मेहता, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत के इतिहास में पंजाब की पुण्य भूमि पर कांग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे, जो लोग कांग्रेस में प्रधानमंत्री से घृणा करते हैं, वो आज उनकी सुरक्षा को नाकाम करने के लिए प्रयासरत थे। कश्यप ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया और कहा कि सुरक्षा में कमी को जानते हुए भी पंजाब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कश्यप ने कहा कि जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा दस्ते को झूठ बोल गया? जिन लोगों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग किया, उन लोगों को प्रधानमंत्री की गाड़ी के पास तक किसने और कैसे पहुंचाया? वहीं, उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा का नेतृत्व करने वालों ने पीएम को सुरक्षित करने के किसी भी आह्वान या प्रयासों का जवाब क्यों नहीं दिया? इस पूरे मामले पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के फिरोजपुर में एक जनसभा को सम्बोधित करना था परन्तु वे सभा स्थल तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि रास्ते में पंजाब सरकार द्वारा संरक्षित उपद्रवियों एवं तथाकथित किसान संगठनो ने सुनियोजित ढंग से रास्ते को अवरूद्ध किया हुआ था जिसके कारण प्रधानमंत्री को लगभग 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर रूकना पड़ा जोकि उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक एवं उनके खिलाफ सोची समझी साजिश का स्पष्ट प्रमाण है। देश के इतिहास में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक अब से पहले कहीं पर भी और कभी भी नहीं देखी गई है। पंजाब राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनकी सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी परन्तु पंजाब राज्य की कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में पूरी तरह नाकाम रही जिसके कारण प्रधानमंत्री की जान जोखिम में पड़ गई। कई महत्वपूर्ण तथ्यों एवं दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि यह कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही है जोकि उनके केन्द्रीय नेतृत्व के ईशारे पर हुई है। इससे पूर्व भी भारत ने दो पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण खोए हैं और पंजाब की कांग्रेस सरकार की जानबूझकर की गई इस लापरवाही के कारण एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री की जान को खतरा पैदा हो गया था। कांग्रेस सरकार की इस घोर लापरवाही की पूरे राष्ट्र में पूरजोर निंदा हो रही है और लोगों में आक्रोश है कि कैसे कोई सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा यह दिन इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा जब कांग्रेस के खूनी मंसूबे पंजाब की पवित्र भूमि पर विफल हो गए। देश ने आज तक न तो आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में और न ही आतंक प्रभावित क्षेत्रो में ऐसी स्थिति का सामना किया है। भारत के इतिहास में किसी भी राज्य के पुलिस बल को प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को पटरी से उतारने के निर्देश नहीं दिए गए थे और न ही किसी राज्य सरकार ने देश के प्रधानमंत्री को चोट पहुंचाने की साजिश रची थी। यह जो कुछ भी हुआ सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। प्रधानमंत्री के काफिले के रूट की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पंजाब पुलिस द्वारा की गई थी और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार भी थी। पंजाब पुलिस ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों को भी आश्वस्त किया था कि मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन फिर पंजाब पुलिस के डी0जी0पी0 ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम को रास्ते के बारे में झूठी जानकारी एवं आश्वासन क्यों दिया और किसके कहने पर दिया, यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है। जयराम ठाकुर ने कहा हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एक सैट प्रोटोकाॅल होता है जिसके तहत प्रत्येक राज्य सरकार सुरक्षा के इंतजाम करती है परन्तु पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकाॅल के साथ मजाक किया है। प्रोटोकाॅल के तहत मुख्यमंत्री, सरकार के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को प्रधानमंत्री जी की अगुवानी के लिए ऐयरपोर्ट पर उपस्थित रहना था, परन्तु ऐसा नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री का काफिला बठिंडा ऐयरपोर्ट से सभा स्थल की ओर रवाना हुआ तो उनके तय रूट पर सरकार के संरक्षण में चल रहे धरना-प्रदर्शन के कारण एक फ्लाईओवर पर उनका काफिला रोकना पड़ा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस भारी चूक को लेकर जब प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने इस बारे पंजाब सरकार में उच्च अधिकारियों से सम्पर्क करना चाहा तो पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने बात ही नहीं की, जिससे साबित होता है कि इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब सरकार की मिलीभगत थी। गौरतलब है कि जिस जगह प्रधानमंत्री का काफिला रूका था वह क्षेत्र पाकिस्तान की फायरिंग रेंज में आता है। पंजाब की बेहद अक्षम और गैर जिम्मेदाराना सरकार की लापरवाही के कारण प्रधानमंत्री की जान खतरे में पड़ गई। यह तो देश के करोड़ो देशवासियों की दुआएं हैं कि आज देश के प्रधानमंत्री हम सबके बीच सही सलामत हैं अन्यथा देश किसी भयंकर मुसीबत में आ सकता था। इससे अधिक शर्मनाक और निंदनीय बात क्या हो सकती है कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी सरकार की लापरवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं और इस घटना पर अमर्यादित टिप्पणियां एवं गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। जयराम ने कहा पंजाब में अराजकता का माहौल है। पंजाब में हर साजिश की जड़ में कांग्रेस का हाथ है, आतंकवाद और अलगाववाद की जन्मदाता भी कांग्रेस ही है। ऐसी अक्षम, लापरवाह, गैर जिम्मेदार और अकर्मण्य सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसी सरकार राष्ट्र एवं राज्य के लिए घातक हो सकती है इसलिए इस ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश आपसे आग्रह करती है कि पंजाब सरकार के इस कृत्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए तथा दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्यवाही की जाए और वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की ना हो सके।
शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ की बैठक शनिवार को बोर्ड प्रबंधन के साथ हुई। विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ ने इसमें पूर्व बोर्ड प्रबन्धन को कर्मचारियों की मानी हुई विभिन्न मांगो के बारे में 15 दिन का टाइम बाउंड नोटिस दिया। प्रदेश अध्यक्ष दूनी चंद ठाकुर ने कहा कि इस बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को इकट्ठा किया गया और इन समस्याओं का निराकरण के लिए सम्बंधित अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी कर्मचारी विपरीत परिस्थिति में भी दिन-रात कार्य करते हैं। इसके बावजूद भी तकनीकी कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है। इसके साथ उन्होने ने यह भी कहां कि विभिन्न श्रेणियों के पदोन्नति हेतु समय अवधि को कम करने के लिए प्रथम सर्विस कमेटी में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा, मदन ठाकुर उपद्यक्ष, सालिग राम मुख्य संगठन मंत्री, मुख्य सलाहकार सुरेंद्र पराशर, रामप्रकाश, महामंत्री , रणवीर ठाकुर वित्त सचिव , मीडिया प्रभारी जय कृष्ण मौजूद रहे। इनसेट ------------------------------------- मांग पूरी न होने पर होगा उग्र आन्दोलन उन्होंने प्रदेश सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबंधन को चेताया है कि सर्विस कमेटी की बैठक 15 दिनों के भीतर आयोजित की जाए. ऐसा नहीं होने पर तकनीकी कर्मचारी संघ उग्र आन्दोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि सर्विस कमेटी की बैठक पिछले डेढ़ साल से नहीं हुई है, जिसकी वजह से तकनीकी कर्मचारियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा जब तकनीकी कर्मचारी बोर्ड के लिए रात-दिन एक करते हैं, तो बोर्ड प्रबन्धक वर्ग को भी तकनीकी कर्मचारियों से संबंधित मांगों में कोताही नहीं बरतनी चाहिए।
राजधानी शिमला में सुबह से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लंबे इंतजार के बाद शिमला शहर में पर्यटकों को बर्फ देखने को मिली है जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। पर्यटक बर्फबारी में खूब आनंद ले रहे हैं व बर्फबारी में अठखेलियाँ कर रहे हैं। वंही मौसम विभाग ने 8 व 9 जनवरी को प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसका असर सुबह से ही देखने को मिल रहा है। शिमला घूमने आए पर्यटकों का कहना है कि यह उनके लिए किसी जन्नत से कम नही है। वह बर्फबारी की उम्मीद से शिमला आए थे जो पूरी हो गयी है।
हिमाचल प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी चिट्टे व अन्य सिंथेटिक ड्रग माफियों ने कब्जा जमा लिया है। लगभग रोजाना ही पुलिस चिट्टे के साथ युवकों को दबोच रही है, लेकिन फिर भी इनके हौसले बुलंद हैं। पुलिस छोटे-छोटे पेडलरों या उपभोक्ताओं को तो पकड़ रही है, लेकिन बड़ी मछलियां उनके हाथों से कोसो दूर है। ताज़ा मामले में पुलिस ने जिला शिमला के तारादेवी में दो व झाखडी में दो अलग-अलग स्थानों से नशे की खेप के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों मामलों में एनडी एंडपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार गत शुक्रवार शाम पेट्रोलिंग के दौरान हैड कांस्टेबल ललित ने कर्मचारियों के साथ गश्त के दौरान तारादेवी-टुटू बाईफरकेशन के पास सोलन से शिमला की ओर आ रही एक एचआरटीसी बस संख्या एचपी 63ए-4062 को चेकिंग के लिए रोका तो उसमें सवार राहुल सलोत्रा निवासी सेट नं.10 बालूगंज से 9.02 ग्राम चिट्टा बरामद किया। एचसी हरीश मामले की जांच कर रहे हैं। वंही दूसरा मामला भी तारादेवी से ही सामने आया है। एचआरटीसी कार्यशाला तारादेवी के पास एएसआई अम्बी लाल ने कर्मचारियों के साथ गश्त के दौरान एक एचआरटीसी बस संख्या एचपी 30-5146 को चेकिंग के लिए रोका तो उसमें सवार मनोज कुमार निवासी वीपीओ जांगला तहसील चिड़गाव के कब्जे से 23.80 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। एलएचसी रेखा मामले की जांच कर रही है। दोनों मामलों में पुलिस थाना बालूगंज में मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह झाकड़ी के रतनपुर में एचसी संजीव कुमार ने अन्य जवानों के साथ गश्त के दौरान शुक्रवार शाम 7 बजे योगेश उर्फ गोल्डी निवासी गसोह पीओ झाकड़ी के कब्जे से 94.77 ग्राम चरस बरामद किया। एचसी संजीव कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं आज सुबह 5 बजे एनएच-05 झाकड़ी में गश्त के दौरान एचसी चंद्र मोहन व उनके सहयोगी जवानों ने कृष्ण देव निवासी ग्राम ग्रेंज पीओ और तहसील निचार जिला किन्नौर के कब्जे से 4.32 ग्राम चिट्टा बरामद की। एचसी चंद्र मोहन मामले की जांच कर रहे हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस स्टेशन झाखडी में मामला दर्ज किया गया है।
शहरी विकास, नगर नियोजन, आवास, संसदीय मामले एवं विधि मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज रियल एस्टेट विनियमन प्राधिकरण (रेरा) की वेबसाइट का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर रेरा की टीम को बधाई देते हुए सुरेश भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने बहुत ही कम समय में अपने कार्य को गति दी है। आज लाॅंच की गई यह वेबसाइट एवं वेबपोर्टल सभी हितधारकों और प्रोमोटर्स को डिजिटल माध्यम से विभिन्न सुविधाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन समय की आवश्यकता है और इससे हमें स्मार्ट सोल्यूशन मिले, इसके लिए तकनीक का सही उपयोग इसमें किया गया है। इस वेबपोर्टल पर सभी जानकारियां एक क्लिक पर उपलब्ध होने से अब हितधारकों अथवा प्रोमोटर्स को कार्यालय में नहीं आना पड़ेगा। रेरा के अध्यक्ष डाॅ. श्रीकांत बाल्दी ने इस वेबसाइट www.hprera.nic.in में उपलब्ध सुविधा की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि रेरा ने ओमिडयार नेटवर्क और प्रैक्सिल ग्लोबल अलायंस के सक्रिय मार्गदर्शन और समर्थन से राष्ट्रीय सूचना केन्द्र हिमाचल प्रदेश द्वारा यह नागरिक केन्द्रित और अनुकूल वेबपोर्टल डिजाइन और विकसित की है। रेरा का प्राथमिक उद्देश्य रियल एस्टेट परियोजनाओं की पारदर्शिता, समय पर डिलीवरी और रियल एस्टेट खरीददारों में विश्वास पैदा करना है। उन्होंने कहा कि यह वेबपोर्टल सभी हितधारकों जिनमें आम जनता, घर खरीददारों और आबंटियों, प्रोमोटरों और एजेंटों के लिए एक सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता केन्द्रित सुविधा प्रदान करेगा। वेबपोर्टल के चार माड्यूल हैं, जिनमें रियल एस्टेट परियोजनाओं का ऑनलाइन पंजीकरण, रियल एस्टेट एजेंट, ऑनलाइन फाइलिंग त्रैमासिक व वार्षिक प्रगति रिपोर्ट और पंजीकरण से पूर्व या पश्चात् व्यथित व्यक्तियों द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट शामिल है। उन्होंने बताया कि आम जनता इस वेबसाइट के माध्यम से रियल एस्टेट परियोजना के बारे में वास्तविक समय में परियोजना का स्थान और निर्माण की स्थिति, भूखण्डों, अपार्टमेंट और वाणिज्यिक इकाइयों की उपलब्धता आदि की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकती है। इसमें परियोजना के प्रकार, कालीन व भूखण्ड क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध रहेगी। कोई भी व्यक्ति निर्देशांक जोड़कर प्रत्येक परियोजना के बारे में गूग्गल मानचित्र पर जानकारी प्राप्त कर सकता है। लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण व अधिकारियों का सम्पर्क विवरण भी वेबसाइट पर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह वेबपोर्टल प्राधिकरण के कार्यालय में आए बिना रियल एस्टेट परियोजनाओं के ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा प्रदान करेगा। पंजीकरण के लिए शुल्क का भुगतान ई-पेमेंट गेटवे के माध्यम से ऑनलाइन किया जाना है। वेबसाइट प्रोमोटर को पंजीकरण के लिए उसके आवेदन को ट्रैक करने की सुविधा भी प्रदान करती है। बल्क ई-मेलिंग तथा एसएमएस सिस्टम पर उपलब्ध प्रोमोटर पंजीकरण, त्रिमाही और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट से सम्बन्धित महत्वपूर्ण निर्देश तथा क्यूपीआर व एपीआर दाखिल करने के सम्बन्धित समस्त जानकारी भी वेबसाइट के डैशबोर्ड पर प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पंजीकरण के बाद प्रोमोटरों को उनकी शिकायतों तथा विभिन्न विभागों के साथ लम्बित मुद्दों के निवारण के लिए भी सुविधा प्रदान की जाएगी। वेबपोर्टल पर रियल एस्टेट एजेंट को पंजीकृत करने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त इस वेबपोर्टल पर कोई भी पीडि़त व्यक्ति अथवा घर खरीददार फार्म एम में ऑनलाइन शिकायत करवा सकता है और शिकायत की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्राधिकरण के सभी आदेश और निर्णय आसानी से डाउनलोड भी किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी, 2020 से अब तक रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण रेरा के सक्रिय हस्तक्षेप से 45 से बढ़कर 99 हो गया है। इससे पूर्व, शहरी विकास मंत्री को रेरा की ओर से अध्यक्ष डाॅ. श्रीकांत बाल्दी ने सम्मानित भी किया। इस अवसर पर रेरा के सदस्य बी.सी. बडालिया और एनआईसी के स्टेट इन्फोरमेटिक्स ऑफिसर अजय चाहल भी उपस्थित थे।
सतलुज जल विद्युत निगम लगातार कामयाबी के आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक 1480 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया गया है। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने कहा कि इस उपलब्धि से एसजेवीएन ने अपने सभी विद्युत स्टेशन से वित्तीय वर्ष 2019-20 की इसी अवधि में 1343 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के पुराने रिकार्ड को पार कर लिया है। पूरे वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए हिमाचल प्रदेश में दो जलविद्युत स्टेशन, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात में दो पवन विद्युत स्टेशन तथा दो सौर विद्युत स्टेशन से 8700 मिलियन यूनिट की डिजाइन एनर्जी की तुलना में एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष की केवल तीन तिमाहियों में 8321 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सब संयंत्रों की प्रत्येक गतिविधि की सूक्ष्म निगरानी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्तर पर पावर स्टेशनों के बेहतर रखरखाव के कारण संभव हुआ है। मशीनों के निरंतर रखरखाव से उच्चतम स्तर के निष्पादन तथा उपलब्ध पानी के बेहतर उपयोग से एसजेवीएन लगातार डिजाइन एनर्जी व उच्चतम मशीन उपलब्धता को प्राप्त करने में सक्षम रहा है। उन्होंने विद्युत उत्पादन में नए कीर्तिमान बनाने के लिए विद्युत स्टेशनों के प्रचालन व रखरखाव में कार्यरत सभी कर्मियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने इस उपलब्धि पर सभी कर्मियों को बधाई देकर एसजेवीएन को नई ऊंचाई पर ले जाने में टीम के अथक प्रयास की सराहना की। उन्होंने बताया कि आज कंपनी के पास 16000 मेगावाट से अधिक का पोर्टफोलियो है। एसजेवीएन की भारत के नौ राज्यों तथा दो पड़ोसी देशों नेपाल व भूटान में उपस्थिति है। एसजीवीएन ने वर्ष 2023 तक 5,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने और वर्ष 2040 तक इसे बढ़ाकर 25,000 मेगावाट क्षमता तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष एल ड़ी चौहान ने प्रदेश सरकार द्वारा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश के कर्मियों पर लागू करने हेतु 3 जनवरी 2021 को जारी की गई अधिसूचना के तहत वेतन निर्धारण में कई खामियां होने की बात कही है। चौहान ने कहा कि प्रदेश में वेतन आयोग की सिफारिशों को पंजाब की तर्ज पर हूबहू लागू किया जाना चाहिए था जबकि अधिसूचना के साथ जारी फिटमेंट टेबल के आधार पर ऐसा नही हुआ है, क्योंकि वर्ष 2012 में पंजाब की तर्ज पर वेतन आयोग की सिफारिशों को हिमाचल प्रदेश में भी पुनः निर्धारण किया गया था। उसे इनिशियली पंजाब की तर्ज पर नही दिया गया था। उदाहरण के तौर पर जिस श्रेणी को पंजाब में 4200 ग्रेड पे दिया गया था उसका इनिशियली प्रारम्भ 16290 था जबकि हिमाचल प्रदेश में उसका इनिशियली प्रारम्भ 14500 किया गया है, जिसका खामियाजा आज छठे वेतन आयोग में भुगतना पड़ रहा है । एल ड़ी चौहान ने सरकार से मांग की कि पंजाब की तर्ज पर प्रदेश के कर्मचारियों हेतु भी 15%ऑप्शन को जारी रखा जाए, इसको छुपाकर कर्मियों को गुमराह न किया जाए बल्कि इस वेतन आयोग की अधिसूचना के तहत समक्ष आ रही खामियों पर पुनर्विचार किया जाए। प्रदेश का हर कर्मचारी मानता है कि 21 प्रतिशत अंतरिम राहत वर्ष 2016 से मिलने की वजह से बेशक उनकी इच्छानुसार वेतन बढ़ौतरी नही हो सकती लेकिन, पंजाब की तर्ज पर ही तीनों ऑप्शन को जारी किया जाए व 2012 में पंजाब की तर्ज पर ही इनिशियल प्रारम्भ के तहत वेतन निर्धारण किया जाए। चौहान ने मुख्यमंत्री से मांग रखी है कि प्रदेश के कर्मियों को मिल रहे पुराने भत्तों को इस वेतन आयोग में दोगुना किया जाए तथा 4-9-14 वेतन वृद्धि सहित तकनीकी श्रेणियों की ग्रेडेशन को जारी रखा जाए।
शुक्रवार सुबह 7 बजे ऑल्टो कार हादसे का शिकार हो गई। HP08A 5188 कार में दो व्यक्ति सवार थे जिनमें एक कि मौक़े पर ही मौत हो चुकी है। जबकि दूसरा घायल है। मृतक की पहचान राजेश (33) नेरवा के रूप में हुई है। राकेश कुमार (39) घायल हो गया है। जिसको ईलाज के लिए नेरवा लाया गया है। पुलिस मौके पर पहुंच कर हादसे की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को आज हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड की ओर से उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और एसआईडीसी के प्रबन्ध निदेशक राकेश प्रजापति द्वारा कोरोना वायरस की सम्भावित तीसरी लहर के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के लिए 21 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी और प्रदेश रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 के अन्तर्गत विशेष नशा निवारण हेल्पलाइन का शुभारम्भ किया। इस हेल्पलाइन का उद्देश्य ड्रग्स पर निर्भर हो चुके मरीजों और ड्रग्स प्रभावितों के माता-पिता/अभिभावकों का जरूरी मार्गदर्शन करना और उन्हें परामर्श मुहैया करवाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट का भी शुभारम्भ किया, जिसमें बोर्ड के विजन और भविष्य में प्राप्त किए जाने वाले लक्ष्यों की जानकारी दी गई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह हेल्पलाइन नशे पर निर्भर हो चुके मरीजों या उनके माता-पिता को शिमला में ‘हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड’ और स्टेट मेंटल हेल्थ अथाॅरिटी’ के नोडल अधिकारियों से जोड़ेगी। यहां उन्हें शुरूआती परामर्श/मार्गदर्शन मिलेगा। इसके बाद अगर आवश्यकता महसूस हुई तो मरीजों को साइकायट्रिक इलाज की सुविधा वाले निकटतम अस्पताल/मेडिकल काॅलेज/‘इंटिग्रेटेड रीहैबलिटेशन एंड काऊंसलिंग सेंटर्स’ भेजा जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बहुआयामी समस्या को उन्होंने पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अंतर्राज्यीय मुख्यमंत्री स्तर की वार्ता में उठाया और एक कार्य योजना भी बनाई।
भाजपा प्रदेश चंडीगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश ने संयुक्त रूप से कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफले को रोकने की घटना के उपरांत एक शव यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा की अध्यक्षता चंडीगढ़ प्रांत के महामंत्री रामवीर भट्टी न की उनके साथ चंडीगढ़ नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षद भी उपस्थित रहे। शव यात्रा चौड़ा मैदान से विधान सभा तक चली जहाँ कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के शव को अग्नि दी। चंडीगढ़ प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी ने कहा कि कल पंजाब में नरेंद्र मोदी के काफिले को रोका गया वह चन्नी सरकार की एक बड़ी साजिश थी, यह पूरी योजना राहुल और प्रियंका गांधी द्वारा बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी नही चुहन्नी है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनलोकप्रियता से डर गए थे। यह पहली बार हुआ है कि देश के किसी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक सरकार द्वारा चूक हुई है। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री को सुरक्षा देना प्रदेश की सरकार का ज़िम्मा होता है और यह जिम्मेदारी निभाने में पंजाब सरकार चूक गयी है। अब चन्नी मुख्यमंत्री के रूप में अपनी नाकामी को छुपाने की कोशिश कर रहे है। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष रवि मेहता, प्रदेश सचिव पायल वैद्या, प्रदेश सेह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर, जितेंद्र भोटका, महापौर सत्या कौंडल, नगर निगम शिमला के महापौर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज वर्चुअल माध्यम से चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, नागरिक अस्पताल चुआरी, चम्बा, दीन दयाल उपाध्याय शिमला, कमला नेहरू अस्पताल शिमला, क्षेत्रीय अस्पताल रामपुर और नागरिक अस्पताल रोहड़ू में 6.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छः पीएसए संयंत्रों का लोकार्पण किया। इन छः संयंत्रों में से पांच पीएम केयर्ज के माध्यम से और एक सीएसआर के माध्यम से स्थापित किया गया है। उन्होंने 10 करोड़ रुपये की लागत से दो सीटी स्कैन मशीनों का भी लोकार्पण किया। इनमें से एक सीटी स्कैन मशीन सिरमौर जिला के नाहन चिकित्सा महाविद्यालय में और दूसरी चम्बा जिला के चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित हैं। दोनों मशीनों में 128 स्लाइस है, जिससे अधिक तीव्रता से बीमारी का सूक्ष्मता से निरीक्षण करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने नाहन चिकित्सा महाविद्यालय के लिए आधुनिक तकनीकयुक्त डिजिटल एक्स-रे मशीन का भी उदघाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षय रोग के उन्मूलन के लिए तत्परता से कार्य कर रही है, जिसके लिए राज्य में सीबी नेट मशीनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग के मरीजों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता के अतिरिक्त उपचार की अवधि के दौरान भारत सरकार द्वारा प्रतिमाह 500 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान प्रदेश मेें 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दो लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सभी पात्र बच्चों का टीकाकरण शीघ्रता से पूर्ण करेगा और इस उपलब्धि को हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में तीव्र वृद्धि चिन्ता का विषय है। उन्होंने लोगों से कोविड अनुरूप व्यवहार सुनिश्चित करने का आग्रह किया क्योंकि आज भी रोकथाम उपचार से बेहतर है। प्रदेश सरकार ने इस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कुछ प्रतिबन्ध लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति से भलीभांति परिचित है और किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को अपना 57वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। उनके जन्मदिन के असवर पर पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जगह-जगह पर केक काटे गए। खुद मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी निवास ओक ओवर के परिसर में इस मौके पर सराजी नाटी डाली। मुख्यमंत्री के साथ धर्मपत्नी डॉ. साधना ठाकुर ने भी लोकनृत्य किया। इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जन्मदिवस पर पूजा-अर्चना की। इस दौरान सीएम के सरकारी आवास ओकओवर में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों आदि ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ की बैठक नए वेतन आयोग को लेकर आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश राणा ने की। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ वेतन आयोग की सिफारिशों से खासा नाखुश उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमें वादा किया था कि हमारे नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस को पंजाब की तर्ज पर कम नहीं किया जाएगा। लेकिन उसे अब उसी तर्ज पर 25% से कम कर कर 20% कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के चिकित्सकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि बरसों तक हमारे चिकित्सकों की कोई तरक्की समय अनुसार नहीं हो रही है। बहुत से ब्लॉक में बीएमओ के पद खाली पड़े हुए हैं, बरसों से चिकित्सक अपनी तरक्की की राह देख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने महामारी के समय चिकित्सकों को इंसेंटिव भत्ता देने की बात भी कही थी लेकिन आज तक किसी भी तरह का कोविड भत्ता मेडिकल ऑफिसर्स को नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगो को नहीं माना गया तो मज़बूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ चांदनी राठौर, कांगड़ा के महासचिव डॉ सनी धीमान, मंडी के महासचिव डॉ विकास ठाकुर, प्रदेश संयुक्त सचिव डॉ निशांत ठाकुर, मंडी महासचिव डॉ विजय राय, आरडीए नेरचौक प्रधान डॉ विशाल जमवाल, आरडीए महासचिव टांडा डॉ मनोज ठाकुर, डॉक्टर जयंत ठाकुर हमीरपुर सचिव, डॉ मोहित डोगरा शिमला, डॉक्टर घनश्याम वर्मा प्रदेश कोषाध्यक्ष, डॉ प्रवीण चौहान व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
जुब्बल कोटखाई : (ब्यूरो) भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों से बाग़वानी की उत्पादन लागत लगातार बढ़ती जा रहीं हैं और दूसरी ओर एचपीएमसी बागवानों की मज़बूरी का फ़ायदा उठाकर MIS के भुगतान के नाम पर खाद, कीटनाशक-फफूंदनाशक और अन्य कृषि उपकरणों को किसानों को अप्रत्याशित दरों पर विक्रय कर शोषण कर रहीं हैं। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने प्रेस को ज़ारी एक ब्यान में कहीं। उन्होंने कहा कि बैमौसमी बर्फ़बारी और ओलावृष्टि से अधिकतर बाग़वानों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा जिसके चलते इस वर्ष एचपीएमसी को MIS के तहत ₹69.55 करोड़ रुपए का सेब बेचा गया। रोहित ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार 2022 तक बाग़वानों-किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कर सत्ता में आई थी जबकि गत चार वर्षों में खाद, कीटनाशक-फफूंदनाशक दवाईयों में बढ़ोतरी के साथ-2 अनुदान भी बंद कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि बाग़वानी में उपयोग होने वाली कैल्शियम नाइट्रेट जिसका मूल्य गत वर्ष एचपीएमसी ने ₹1145 रुपए प्रति 25 किलोग्राम निर्धारित था उसमें एचपीएमसी इस वर्ष ₹643 रुपए की वृद्धि कर ₹1788 में बेच रही हैं जबकि बाज़ार में यही खाद ₹1150 रुपए में उपलब्ध हैं। 20 लीटर टीएसओ जो कि पिछले साल एचपीएमसी के स्टोर में ₹2180 रुपए में बेचा गया। उसमें ₹470 की बढ़ोतरी कर ₹2650 रुपए बाग़वानों से वसूले जा रहें हैं। उन्होंने कहा कि स्प्रे मशीन GX80 को बाज़ार से महँगी दर पर बेचा जा रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि इसी प्रकार एचपीएमसी ने विभिन्न कीटनाशक-फफूंदनाशक दवाइयों में पिछले वर्ष के मुकाबले 5% से 10% प्रतिशत की वृद्वि की हैं। भाजपा सरकार के बाग़वानों के प्रति उदासीन रवैया के चलते बाग़वानी और कृषि लागत मूल्य पर 25 से 30% प्रतिशत वृद्धि हो गई हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि बाग़वान कठिन आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहा हैं। उन्होंने कहा कि जहां सरकार सस्ती दरों पर किसानो-बाग़वानों को खाद व उपकरण उपलब्ध करवाती हैं वहीं सरकारी उपक्रम एचपीएमसी बाज़ार के मूल्यों से भी अधिक दाम किसानों-बाग़वानों से वसूल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार MIS की लम्बित राशि को आय का साधन बना कर बाग़वानों का शोषण कर रहीं हैं। रोहित ठाकुर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से एचपीएमसी द्वारा खाद, फफूंदनाशक-कीटनाशक व उपकरणों का विक्रय कर बाग़वानों से मनमाने तरीक़े से की जा रही वसूली पर रोक लगाने के लिए तुरन्त हस्तक्षेप की मांग की हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार को बाग़वानों की MIS के तहत वर्ष 2020 और 2021 की बकाया राशि ज़ारी करने की भी मांग की हैं।
रामपुर बुशहर : (अरुष शर्मा) हिमाचल परिवहन निगम की एक बस कुमार सेन थाना के अंतर्गत लुहरी सुन्नी मार्ग पर स्किट होकर सड़क से बाहर हो कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई l गनीमत यह रही कि बस सड़क के किनारे ही लटक गई l जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार निगम के रिकांगपिओ डिपो की बस नंबर एचपी 25A -1883 जो रिकांगपिओ से हरिद्वार जा रही थी। लुहरी- सुन्नी मार्ग पर चोडली में बस के पीछेले पटे टूट जाने से बस सड़क से स्किड कर लटक गई l बर्फ के कारण नारकंडा मार्ग बंद होने के कारण यह बस बाय सुन्नी जा रही थी l सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। सभी यात्री सुरक्षित है किसी को भी कोई चोट नही आई l
प्रदेश भाजपा ने पूर्व मंत्री कौल सिंह के बयान पर पलटवार किया है। कौल सिंह ठाकुर का आरोप था कि पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को निराश किया है। उनके इस बयान पर करारा जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहीं बल्कि पूर्व की यूपीए सरकार ने हिमाचल को निराश किया। हिमाचल को नई परियोजनाएं देना तो दूर की बात है, अटल जी के समय हिमाचल के लिए जो प्रॉजेक्ट मंजूर हुए थे, उन्हें भी यूपीए सरकार ने लटका दिया था। भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकारें थी और केन्द्र में यूपीए का राज था तो हिमाचल को कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट नसीब नहीं हुआ। आज कांग्रेस के नेता औद्योगिक और आर्थिक पैकेज की बात कर रहे हैं लेकिन भूल गए कि उन्हीं की यूपीए सरकार ने हिमाचल को दिल्ली से हमेशा ठेंगा दिखाया। जब यह सब हो रहा था तो प्रदेश की कांग्रेस सरकार मौन थी। और तो और केन्द्र में जब मोदी जी की सरकार बनी थी, तब भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सामंजस्य स्थापित करने के बजाय केंद्र से दूरियां बनाए रखीं। त्रिलोक ने पूछा कि कौल सिंह ठाकुर जब सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे तो यूपीए सरकार ने हिमाचल को क्या दिया? भाजपा नेता ने कौल सिंह को अवगत करवाया कि आज अगर हिमाचल में एम्स, पीजीआई का सैटलाइट सेंटर और नए मेडिकल कॉलेज बने हैं, यह सब केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की जयराम सरकार के समन्वय से संभव हुआ है। हिमाचल ने केंद्र से जो भी मांगा, दिल खोलकर मिला और वह भी बहुत ज्यादा। डबल इंजन की सरकार ने कोरोना काल में भी विकास की रफ्तार कम नहीं होने दी।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में कृषि उपकरणों सहित खाद व टीएसओट्री स्प्रे ऑयल की कीमतों में पिछले साल की अपेक्षा इस बार उसमें भारी मूल्य बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार सोची समझी रणनीति के तहत किसानों, बागवानों की कमर तोड़ने में लगी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा किसानों बागवानों के प्रति संवेदनहीन है। उन्हें न कोई राहत दी जा रही है और न ही उनकी कोई आर्थिक मदद ही की जा रही है। राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा एचपीएमसी के विक्री केंद्रों में खाद, कृषि उपकरण व ट्री स्प्रे ऑयल के दामों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेने की मांग करते हुए कहा है कि जबकि खुले बाजार में इसकी कीमतों में काफी कमी है तो सरकारी उपक्रम एचपीएमसी में इनकी कीमतों में भारी वृद्धि का अंतर कैसे है। उन्होंने इस पूरे मामलें की जांच करने की मांग करते हुए कहा है कि किसानों बागवानों को खाद, कृषि उपकरण व बागवानी में इस्तेमाल होने वाले ट्री स्प्रे ऑयल के दामों में बाजार से कम दामों में उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। राठौर ने कहा किभाजपा सरकार बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी पर लगाम लगाने की जगह लोगों पर जीएसटी बढ़ा कर महंगाई थोपने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस जीएसटी बढ़ाने का भी लोगों के बीच जाकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में नए पद भरे जाएंगे। जल्द ही एक हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। बोर्ड के निदेशक मंडल की अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में नई भर्ती को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री बीते वर्ष इन पदों को भरने की घोषणा कर चुके हैं। नई भर्ती में तकनीकी कर्मियों के 650, चालकों के 100, सहायक अभियंता इलेक्ट्रिकल के 80, कनिष्ठ अभियंता से हेल्पर तक 150 और स्टेनो-क्लर्क के 70 पद भरने का फैसला लिया गया। इसके अलावा तीन साल में जूनियर टी मेट को टी मेट बनाने को भी हरी झंडी दी गई।
हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रमों में कई तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूलों में टर्म प्रणाली शुरू हुई है। वहीं 2023 तक एससीआरटी चार पैटर्न में पाठ्यक्रम को तैयार कर रहा है। यह चार पैटर्न प्री प्राइमरी जिसमें प्री-कक्षाएं शामिल होंगी। हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत प्रौढ़ शिक्षा को शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग से पाठ्यक्रम बनेगा। चार पैटर्न में बनाए जा रहे इस पाठ्यक्रम को वर्ष 2023 तक तैयार किया जाएगा। इसके लिए एससीआरटी काम कर रही है। वहीं स्कूल एजूकेशन में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा टीचर एजूकेशन, जिसमें अध्यापकों को ट्रेनिंग करवाने से संबंधित कार्य होगा, जबकि चौथा पैटर्न अडल्ट शिक्षा पाठ्यक्रम होगा। एससीआरटी वर्ष 2023 तक पाठ्यक्रम तैयार कर देगी। प्रौढ़ शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार कर इस पंचायत स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस दौरान उन लोगों शामिल किया जाएगा, जोकि अक्षर ज्ञान से पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। ऐसे लोगों को शिक्षित करने के लिए प्रौढ़ पाठ्यक्रम को तैयार कर उन्हें शिक्षित किया जाएगा। इस दौरान स्कूल के अध्यापकों सहित पंचायत प्रतिनिधि भी अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र चंबा रहा है। मंगलवार रात को सूबे के चंबा जिले में भूकंप आया और यह मंडी, कुल्लू और मनाली सहित कई इलाकों में महसूस किया गया। शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने भूकंप की पुष्टि की है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को 10 बजकर 47 मिनट पर यह भूकंप आया है। चंबा इसका केंद्र था। 4.3 रिक्टर स्कैल पर इसकी तीव्रता मापी गई है। हालांकि, जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोग डर गए और घरों से बाहर निकल आए।
रामपुर बुशहर : (अरुष शर्मा) रामपुर पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान रामपुर के नजदीक खोपड़ी में एक गाड़ी से चोरी का सामान बरामद कर 3 अभियुक्तों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कल देर रात लगभग 2:30 बजे जब रामपुर पुलिस के एएसआई नूपराम अपने स्टाफ के साथ राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच पर रामपुर के निकट खोपड़ी में पेट्रोलिंग पर थे तो उन्होंने नोगली की ओर से आ रहे एक वाहन नंबर एच पी 26 2006 को चेकिंग के लिए रोका जिसमें 3 लोग बैठे थे l गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें से 26 लोहे की सेट्रिंग की पलेटे बरामद की गई l अभियुक्तों की पहचान 38 वर्षीय प्रेम लाल किन्नौर निवासी, 33 वर्षीय प्रकाश, 28 वर्षीय जीवन दोनो नेपाली के रूप में हुई है l थाना रामपुर में आज अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी l
रामपुर बुशहर : (अरुष शर्मा) प्रदेश के उचाई वाले क्षेत्रों में सुबह से ही बर्फबारी के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 5 भी नरकंडा के पास बंद हो गया है। जिससे यहां यातायात बाधित हो गया है। एच आर टी सी के रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी ने बताया कि रामपुर से शिमला जाने वाली बसों को अब वाया बसंतपुर होकर भेजा जा रही है। बर्फबारी से किंगल नारकंडा मार्ग पर फिसलन का अधिक खतरा बढ़ चुका है। इसी के चलते अब बसों की आवाजाही वाया बसंतपुर होकर कर ली गई है। मार्ग से जैसे ही बर्फ साफ कर ली जाएगी बसों को फिर से वाया नारकंडा होकर भेज दिया जाएगा। बताते चले की नारकंडा के साथ लगते क्षेत्रों में कई वाहन भी फिसल रहे हैं। पर्यटकों को भी जिला प्रशासन ने एहतियात बरतने के लिए अलर्ट किया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल न्यू पे स्केल के अंतर्गत जयराम सरकार ने दो लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की हिमाचल सरकार ने नया साल शुरू होते ही तोफा दे दिया है। अब कर्मचारियों को 10 से 15 प्रतिशत वेतन बढ़ेगा और महंगाई भत्ता डीए 28 प्रतिशत मिलेगा इससे साफ होता है की जयराम सरकार कर्मचारियों के पक्ष में काम करती है। उन्होंने कहा की सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशेें लागू करते हुए संशोधित वेतनमान के नियमों की सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश सिविल सर्विस रूल्स में संशोधन किया है। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार वेतन बढ़ोतरी के दो फार्मूले तय किए हैं। बढ़ा वेतन फरवरी में मिलेगा। वेतन निर्धारण के लिए कर्मचारियों के पास 2.59 व 2.25 के फैक्टर के दो विकल्प होंगे। यह प्रदेश के कर्मचारियों की लंबी मांग थी। कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 27 नवंबर को शिमला में संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की घोषणा की थी, जयराम सरकार जो कहती है वो करती है। मंत्रिमंडल की मुहर लगने के बाद इसे अब लागू किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक 5वें पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के 2009 में लागू होने के बाद जिन कर्मचारियों की ग्रेड पे अथवा पे बैंड में 2012 में संशोधन हुआ है, उनके पास सरकार द्वारा अधिसूचित 2.25 अथवा 2.59 के फैक्टर में से कोई एक विकल्प चुनने का अधिकार होगा। इसके आधार पर ही वेतन बढ़ोतरी का लाभ होगा। बाकी सभी श्रेणी के कर्मियों को 2.59 के फैक्टर के तहत वेतन में बढ़ोतरी मिलेगी। उन्होंने कहा की करीब 78 फीसद कर्मचारियों की ग्रेड पे 2012 में बढ़ी है। इस कारण इनके पास दोनों में से कोई एक फैक्टर चुनने का विकल्प होगा। जयराम सरकार ने 28 प्रतिशत डीए को लेकर स्थिति साफ कर दी है। अधिसूचना के बाद साफ है कि कर्मचारियों को मूल वेतन का 28 प्रतिशत डीए मिलेगा।
प्रदेश में मौसम बदल गया है। कड़ाके की ठंड के बाद आज सुबह से ही राजधानी शिमला में बारिश शुरू हो गई। हिमाचल प्रदेश में आगामी 5 से 6 दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 5 व 6 जनवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले हिस्सों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश में 4 जनवरी से मौसम करवट लेगा। जिसके बाद 5 व 6 जनवरी को शिमला, किनौर, लाहुल स्पीति, व अन्य जिलों के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी व बारिश हो सकती है। इसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके बाद भी पश्चिमी विक्षोभ 9 जनवरी तक सक्रिय रहेगा जिससे मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ ब्लॉक रामपुर मे 15 से 18 आयुवर्ग के बच्चों को वेक्सीन लगाने का अभियान सोमवार से शुरू हो गया है l बीएमओ रामपुर डॉ आरके नेगी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान 8 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य खण्ड रामपुर मे कुल 5240 बच्चों को वेक्सीन लगाई जाएगी, जिसके पहले चरण मे बड़े स्कूलों के छात्र छात्राओं को को-वेक्सीन का पहला डोज़ लगाया जा रहा है, जबकि 28 दिनों का समय पूरा होने के बाद सभी बच्चों को वैक्सीन का दूसरा डोज़ लगेगा। डॉ आरके नेगी ने बताया कि स्वास्थ्य खण्ड के तहत अलग-अलग केंद्रों पर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों मे पढ़ने वाले बच्चों को वेक्सीन लगाई जा रही है। इसके अलावा इस आयुवर्ग के जो बच्चे ड्रॉपआउट है, उन्हें भी वैक्सीन का पहला डोज़ लगेगा। उन्होंने बताया कि जो बच्चे बाहरी क्षेत्रों के स्कूलों मे भी अद्ययनरत है वे भी अपने नजदीकी वेक्सिनेशन केंद्र मे जाकर वैक्सीन लगा सकते है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धार गौरा में भी आज 15 साल से 18 साल के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाई गई। इसमें 140 विद्यार्थियों को वैक्सीनेट किया गया। इसमें डॉ रवि मलिक, स्टाफ नर्स मोनिका शर्मा, मीना एवं ममता आशा वर्कर ने बच्चों को कोविंन लगवाई। स्कूल के प्रधानाचार्य रतन गुप्ता ने विद्यार्थियों को वैक्सीन बारे जागरूक किया। डॉ रवि मलिक ने बताया कि वैक्सीनेशन 15 से 18 आयु वर्ग के हर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग के निर्देश निर्देशानुसार किया जा रहा है।
रामपुर और ननखड़ी पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग और ट्रैफिक चेकिंग के दौरान अवैध 19 बोतल देसी शराब ऊना नम्बर 1 की बरामद की गयी। इस दौरान रामपुर पुलिस के एएसआई नुप राम जब अपने स्टाफ के साथ पेट्रोलिंग और ट्रैफिक चेकिंग पर थे तो उन्हें गुप्त सूचना मिली की कुड़ीधार में एक दुकानदार अपनी दुकान में अवैध शराब का धंधा करता है l इस सुचना पर पुलिस ने विनोद कुमार के दुकान/होटल मे छापा मार कर बिना परमिट की रखी ऊना नंबर वन की देसी शराब की 7 बोतले बरामद की है। पुलिस ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ एक्साइजएक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। दूसरे मामले मे नड़खड़ी थाना के एसएचओ हैमराज नैगी अपने स्टॉफ के साथ अड्डू, गाहन, होलीघटी की पेट्रोलिंग पर थे तब पुलिस ने गाहण मे एक महिला से 12 बोतले देसी शराब बरामद की। महिला की पहचान नेपाल निवासी 20 वर्ष मनीषा के रूप मे हुई है जो वर्तमान मे गाहण मे रहती है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है।
रामपुर : एसजेवीएनएल के सीएमडी नंदलाल शर्मा ने किया रामपुर और झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन का किया दौरा
एसजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निर्देशक नंदलाल शर्मा ने अपनी पत्नी ललिता शर्मा के साथ सोमवार को रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन और झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन का दौरा किया l बॉयल में रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन पहुंचने पर रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन प्रमुख मनोज कुमार व उनकी पत्नी अनामिका कुमार ने पुष्प गुच्छा देखकर नंदलाल और उनकी पत्नी का स्वागत किया l इस मौके पर लुहरी परियोजना प्रमुख रोशन लाल व महाप्रबंधक प्रवीन नेगी भी उपस्थित रहे। इस मौके पर अध्यक्ष ने सबसे पहले रामपुर हाईडल प्रोजेक्ट के अधिकारियों कर्मचारियों व उनके परिवार जनों के स्वास्थ्य, सुख और सफलता की कामना करते हुए नव वर्ष 2012 की शुभकामनाएं दी और साथ में गत वर्ष की उपलब्धियों के लिए रामपुर हाइडल प्रोजेक्ट स्टेशन की टीम को बधाई दी l उन्होंने कहा कि निगम के सांझे विजन को हासिल करने के सही मार्ग व सही दिशा में हम सब अग्रसर है l सभी को अपने साथियों एवं अधिकारियों का मार्ग निर्देशन और प्रोत्सहित करने के अतिरिक्त जिम्मेदारियों को निभाना है l उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को बनाए रखना अपने आप में एक चुनौती है साथ ही उपलब्धियों के मानक में निरंतर वृद्धि करना आवश्यक हैl शर्मा ने पॉवर हाउस का भी दौरा किया एवं मशीनों के रखरकाव और काम का भी जायजा लिया। इस मौके पर परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने सभी कर्मचारियों की ओर से अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि रामपुर एचपीएस विद्युत उत्पादन को देश के विकास हेतु तत्पर रहेगा। नाथपा झाकड़ी परियोजना मुख्यालय स्थित चंभू देवता महाराज के नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन एसजेवीएन के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा द्वारा किया गया। देवता चंभू महाराज के इस नवनिर्मित भवन पर दो करोड़ 71 के करीब राशि खर्च की गई। जिसमें से मंदिर कमेटी द्वारा भी 25 लाख रूपए विभिन्न कार्यों पर खर्च किए गए। मंदिर के उद्घाटन समारोह में पहुंचे एसजेवीएन के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा स्थानीय लोगों द्वारा स्वागत किया गया। अध्यक्ष की पत्नि ललिता शर्मा ने मंदिर प्रांगण में तुलसी का पौधा भी रोपा। मंदिर कमेटी अध्यक्ष को सम्मानित किया और अध्यक्ष ने नवनिर्मित् मंदिर की चाबी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विशाल मेहता व अन्य सदस्यों को सौंप कर मंदिर का उ़द्घाटन किया।


















































