** हर वर्ग को ठगने के अलावा कोई काम नहीं किया ** घोषणा पत्र को एक बार भी उठाकर नहीं देखा हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक साल के कार्यकाल में सरकार के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं हैं। एक घंटा पांच मिनट के अभिभाषण में सरकार अपनी एक भी उपलब्धि नहीं बता पाई है। आज तक के इतिहास में हिमाचल ने ऐसी सरकार नहीं हुई है, जिसने प्रदेश को विकास की उल्टी दिशा में ले जाने का काम किया हो। आज जहां पर जाओ हर जगह लोग सड़कों पर बैठे हैं और सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह हाल विधान सभा से लेकर सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं आवास, ज़िला तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पर लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर खड़े हैं। एक साल में ऐसी स्थित में सरकार आ गई है। कांग्रेस द्वारा दी गई झूठी गारंटियां ही कांग्रेस सरकार के सच में सत्ता से बाहर जाने की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार कहती थी हर जगह से वह रेवेन्यू जनरेट करेंगी लेकिन हर विभाग और संस्था का भ_ा बिठा दिया। हर विभाग में घटा कहीं पर कोई काम नहीं। विकास के सारे काम ठप पड़े हैं। बस सरकार हर महीने कर्ज पर ले रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन यह सरकार भर्तियां रोक कर बैठी हुई है। नौकरियां देने वाले कर्मचारी चयन आयोग को बंद कर दिया है। सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि सभी भर्तियों को कैंसिल कर दिया जाए। कांग्रेस सरकार की यह असलियत हैं। एक लाख नौकरी का वादा करके एक भी नौकरी न देना यह बताता है कि सरकार न प्रदेश के विकास लिए गंभीर हैं न युवाओं के भविष्य के लिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर व्यवस्था का बुरा हाल है। इस सरकार से हर कोई दुखी है और सरकार का नारा है दुख की सरकार। सदन से सड़क तक चलेगा संघर्ष, हर नाकामी को विधानसभा में उठाएगी सरकार विधायक दल की बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सरकार चाहती है कि विपक्ष उनकी नाकामियों पर खामोश रहे, उनकी चालाकियों को अनदेखा कर दे। उनके बोले झूठ को भूल जाए और जनता से इस बारे में कोई बात न करे। तो सरकार भी कानखोल कर सुन ले कि हम न सरकार को उनकी नाकामियों को भूलने देंगे और न ही भागने देंगे। उनकी हर एक चाल और झूठ को बेनकाब करते रहेंगे। अब यह लड़ाई सदन से सड़क तक चलती रहेगी। जेओए आईटी के अभ्यर्थियों से मिले नेता प्रतिपक्ष जेओए आईटी के परीक्षा परिणामों की के घोषित करने के लिए धरने पर बैठे परीक्षार्थी नेता प्रतिपक्ष से मिलने विधानसभा पहुंचे। जयराम ठाकुर ने उनकी आवाज को विधानसभा में पुरजोर उठाने का आश्वासन दिया।
** पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी मंजूरी ** मुख्यमंत्री सुक्खू बोले, कल शुभ मुहूर्त में भरेंगे नामांकन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि राज्यसभा सांसद के उम्मीदवार के तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी वीरवार को नामांकन भरेंगे। कांग्रेस हाईकमान ने अभिषेक मनु सिंघवी को हिमाचल से राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से उनके नाम पर मुहर लगाई गई है। इस संदर्भ में आज शाम ७ बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। उन्होंने कहा कि अभिषेक मनु सिंघवी शुभ मुहूर्त में नामांकन भरेंगे. उन्होंने हाईकमान के इस फैसले का स्वागत किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां विशेष सचिव (स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में चिकित्सा अधिकारियों की शिकायतों और मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, निदेशक चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह समिति चिकित्सकों की पदोन्नति से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगी और चिकित्सा अधिकारियों के कल्याण के लिए दिशा-निर्देशों की सिफारिश करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकट वित्तीय स्थिति के बावजूद प्रदेश सरकार चिकित्सकों की उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप राज्य की अर्थव्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के कर्मचारियों को समय पर सभी आर्थिक लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों का आह्वान किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में वे प्रदेश सरकार को यथासंभव सहयोग प्रदान करें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार नए चिकित्सा अधिकारियों और सहायक स्टाफ की भर्ती कर रही है। इसके अतिरिक्त चिकित्सकों के कार्य को बेहतर बनाने के लिए आठ घंटे की शिफ्ट शुरू करने पर कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और उनके कौशल उन्नयन के लिए चिकित्सकों के लिए विदेशों के एक्सपोजर दौरे भी आयोजित करवाए जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सकों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए अधिकारियों के डाटा को डिजिटल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं घर के समीप उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित कर, प्रत्येक संस्थान में 6-6 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जा रहे हैं। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, विशेष सचिव स्वास्थ्य नीरज कुमार और डॉ. अश्विनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और चिकित्सा अधिकारी संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
** विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की बैठक की अध्यक्षता ** बैठक में शामिल नहीं हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम, विधायक बलबीर वर्मा को भेजा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके लिए आज सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की। निजी कार्यक्रम में व्यस्तता के चलते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बैठक में नहीं आए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से फोन पर बातचीत करने के बाद भाजपा विधायक बलबीर वर्मा को इस बैठक में भेजा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। कल से शुरू हो रहे बजट सत्र में 13 बैठकें होंगी, दो निजी कार्य दिवस भी होंगे। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने विपक्ष से अनुरोध किया कि वह सदन की कार्यवाही के दौरान सकारात्मक रवैया अपनाए। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उधर, भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कहा कि विपक्ष पूरी मजबूती के साथ सदन में आम जनता की आवाज उठाएगा। सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने जनता को जो झूठी गारंटियां दी थीं, इन्हें लेकर विपक्ष सरकार को घेरेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विद्या स्टोक्स का कुशलक्षेम जाना। विद्या स्टोक्स वहां स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट और कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा भी मुख्यमंत्री के साथ थे।
किन्नौर जिला के काशंग नाले में गत 4 फरवरी को टोयोटा क्रिस्टा कार दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण लापता हुए तामिलनाडु के 45 वर्षीय वेत्री दुराईसेमी का शव आज 2 बजे के करीब पांगी नाले के समीप बरामद किया गया। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि माहूंनाग डाइविंग ऐसासिएशन सुदंरनगर मंडी की टीम द्वारा शव को बरामद किया गया। उपायुक्त ने बताया कि 4 फरवरी को राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पर काशंग नाला के समीप हुए हादसे में एक इनोवा गाड़ी सतलुज नदी में गिर गई थी तथा गाड़ी में सवार 3 पर्यटकों में से एक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, एक व्यक्ति घायल अवस्था में पाया गया जिसे उपचार के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया था तथा हादसे में लापता हुए तामिलनाडु के वेत्री दुराईसेमी के लिए सर्च अभियान आरंभ किया गया था। 8 दिन तक चले इस सर्च अभियान में भारतीय नेवी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर, एनडीआरएफ, एसटीआरएफ, पुलिस व होमगार्ड की रेस्क्यू टीमों द्वारा संयुक्त सर्च अभियान चलाया गया तथा आज दोपहर लापता हुए तामिलनाडु के वेत्री दुराईसेमी का शव बरामद किया गया।
** शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर जिले के युवाओं को सेना में जाने का मौका सेना भर्ती कार्यालय शिमला के कर्नल पुष्विंदर कौर ने आज यहां बताया कि प्रदेश के शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर जिला के युवा अग्निवीर योजना के तहत 13 फरवरी से 22 मार्च तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण केवल भारतीय सेना की विभागीय वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से ही स्वीकार्य होगा। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों की सुविधा के लिए वेबसाइट में वीडियो लिंक दिया गया है जिससे उम्मीदवार बदली हुई प्रक्रिया पंजीकरण कैसे करें और ऑनलाइन परीक्षा में कैसे उपस्थित हो की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा 22 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इसके अलावा उम्मीदवार अपनी पंसद का केंद्र चुन सकते हैं।
** प्रदेश सरकार से परिणाम निकालने की कर रहे मांग ** बोले, हड़ताल के बाद सरकार के खिलाफ शुरू करेंगे न्याय यात्रा तीन दिन के क्रमिक अनशन के बाद जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 सहित अन्य पोस्ट कोड के अभ्यर्थियों ने आज से शिमला में भूख हड़ताल शुरू कर दी। यह हड़ताल एक महीना तक चलेगी और लोकसभा चुनावों के आगाज के साथ ही सरकार के खिलाफ न्याय यात्रा में तब्दील हो जाएगी। भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती परीक्षाओं का परिणाम निकालने की मांग को लेकर अभ्यर्थी 3 दिन से यहां क्रमिक अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई भी उनकी सुध नहीं ले रहा। उन्होंने आज से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। एक अभ्यर्थी की आज तबीयत भी बिगड़ी है, जिसे अस्पताल ले जाया गया है। एक महीने की भूख हड़ताल के बाद सरकार के खिलाफ न्याय यात्रा निकाली जाएगी।
** मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 फरवरी को पेश करेंगे बजट ** लोकसभा चुनावों की आहट के बीच सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार का दूसरा बजट सत्र 14 फरवरी से शुरू हो रहा है। बजट सत्र 29 फरवरी तक चलेगा, जिसमें 13 बैठकें होंगी। लोकसभा चुनाव से पहले बजट सत्र को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष आमने-सामने हैं, जिसके चलते सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। बजट सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल का दूसरा बजट 17 फरवरी को पेश करेंगे। उसके बाद चार दिन तक बजट पर चर्चा होगी। 29 फरवरी को बजट पारित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार विधानसभा सदस्यों द्वारा अभी तक कुल 793 प्रश्नों की सूचनाएं भेजी गई हैं, जिनमें 582 तारांकित और 209 आतारांकित प्रश्न हैं। वहीं, नियम 130 के तहत 8 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।
** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में होगी वृद्धि ** बोले, राज्य में खेलों के लिए उचित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में खेल ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सरकार एक नई व्यापक खेल नीति ला रही है। इस खेल नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए खेल स्तर को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं मुहैया करवाना सरकार की प्राथमिकता है और उभरते खिलाड़ियों के कौशल को और निखारने तथा खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस लक्ष्य के दृष्टिगत ही नई खेल नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खेल नीति के अन्तर्गत अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि मेें उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी। यह कदम न केवल खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, अपितु विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले एथलीटों के अथक परिश्रम और प्रयासों को पुरस्कृत भी करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ कर उन्नत सुविधाएं व खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक सक्षम वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश की कई खेल हस्तियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और सरकार उत्कृष्ट खेल ढांचा व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए उनके भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्पित है ताकि वे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
धन्यवाद सीएम साहब! 30 साल में दूध खरीद रेट 18 रुपये बढ़ा, आपने एक साल में 6 रुपये बढ़ाया : दूध उत्पादक
हिमाचल प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के साथ संवाद के दौरान विभिन्न दुग्ध सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों ने दूध के खरीद मूल्य एकमुश्त छह रुपये बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। जिला कांगड़ा के पालमपुर क्षेत्र के अनिल कुमार ने कहा कि वह वर्ष 1995 से दुग्ध सोसायटी का संचालन कर रहे हैं और 30 वर्ष में दूध खरीद मूल्य केवल 18 रुपये बढ़ा, जबकि मुख्यमंत्री ने एक वर्ष में 6 रुपये बढ़ाकर प्रदेश के हजारों किसानों को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने भेड़ और बकरी की मृत्यु पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर 6 हजार रुपये करने तथा गाय-भैंस की मृत्यु पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर 55 हजार करने पर भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं, जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां के विकास सरीन ने कहा कि वह गुड़गांव के एसी ऑफिस में बैठ कर काम करते थे और कभी नहीं सोचा था कि दुग्ध सोसायटी बनाकर दूध उत्पादन से जुड़ेंगे। शुरूआत में काफी दिक्कत आई और तीन लीटर दूध एकत्र करने के लिए तीन महीने तक प्रयास किए और एक लाख रुपये खर्च किए, लेकिन दूध खरीद मूल्य में एकमुश्त छ: रुपये की बढ़ौतरी से अब 450 किसान उनकी सोसायटी से जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध की गुणवत्ता काफी अच्छी है तथा इसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जिला हमीरपुर की नादौन निवासी सुनीता ने कहा कि कभी किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि कोई सरकार दूध के खरीद मूल्य को एक साथ छ: रुपये बढ़ाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए प्रदेश के हजारों किसानों को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पहले अधिकतम 50 पैसे या एक रुपये तक की ही बढ़ौतरी होती थी, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पहले सोसायटी से लोगों को जोड़ने में कठिनाई आती थी, लेकिन अब वे खुद-ब-खुद दूध उत्पादन से जुड़ने लगे हैं। कुल्लू निवासी रीना देवी ने भी दूध खरीद मूल्य छह रुपये बढ़ाने पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनकी आय लगभग 4500 रुपये बढ़ी है। पहले प्रतिमाह उन्हें 18,600 रुपये आय होती थी तथा अब वह हर महीने लगभग 22,900 रुपये तक कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग मनमर्जी के मूल्य पर दूध खरीदते थे, लेकिन अब वह मिल्कफैड को दूध बेच कर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। मनाली निवासी पन्ना लाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दूध खरीद मूल्य एक साथ छ: रुपये बढ़ाने से प्रदेश के हजारों किसानों को लाभ हुआ है और उन्हें अब 4500 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। आनी के ओम प्रकाश ने भी रेट बढ़ाने पर धन्यवाद किया। जिला शिमला के रामपुर बुशैहर निवासी तुला राम ने कहा कि राज्य सरकार की सीधे किसानों से बात करने का प्रयास सराहनीय है, जिसका लाभ किसानों को आने वाले समय में मिलेगा। उन्होंने कहा कि मिल्कफैड के माध्यम से किसानों को 15 दिन में पैसा उनके खाता में आ रहा है। उन्होंने पशु आहार को सस्ता करने और दुधारू पशुओं का बीमा करने का सुझाव भी दिया। व्यास कामधेनु बिलासपुर के जेआर कौंडल ने कहा कि प्रदेश के किसान सौभाग्यशाली हैं कि मुख्यमंत्री ने स्वयं किसानों के साथ संवाद करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सरकार से बातचीत करना चाहते थे, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें एक मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि संस्था गांव के भले के लिए काम कर रही है और 70 ग्राम पंचायतों से प्रतिदिन 40 हजार लीटर दूध एकत्र कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों के सच्चे हमदर्द हैं।
** होटल पीटरहॉफ में प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के साथ किया सीधा संवाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के होटल पीटरहॉफ में प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि को उद्योग के रूप में प्रोत्साहित कर रही है, ताकि किसानों को सामर्थ्यवान एवं स्वावलंबी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर है, जिसमें कृषि व दुग्ध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार आगामी बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाएं ला रही है, ताकि पशुपालन और कृषि के बारे में समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आ सके। आगामी दो वर्षों में राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती में किसानों का भविष्य है, जिसमें पशुपालन की भूमिका अहम है क्योंकि कृषि व दूध उत्पादन का सीधा आपसी संबंध है। उन्होंने कहा कि किसानों के हाथ में पैसा पहुंचे, इसके लिए नीतियों व नियमों में मूलभूत परिवर्तन किए जा रहे हैं। वर्तमान राज्य सरकार जन सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और कृषि में क्रांतिकारी परिवर्तन के दृष्टिगत पशुपालन को विशेष रूप से बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूध खरीद के मूल्य में छह रुपए की बढ़ौतरी राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों को निश्चित आय का आश्वासन है और इससे वे दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार दूध उत्पादकों को कर में रियायत देने पर भी विचार करेगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में दूध की गुणवत्ता बेहतर है तथा इसमें और सुधार करते हुए बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़कर किसानों की आय में आशातीत बढ़ोतरी की जा सकती है। इसी दृष्टिकोण के साथ सरकार अब कृषि को रोजगार के रुप में अपनाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि आज तक इस बारे में गम्भीरता से विचार नहीं किया। उन्होंने कहा, ''मैं आपको स्वावलंबी बनाना चाहता हूं, ताकि किसान घर में बैठकर अपनी आय के साधन बढ़ा सके। किसानों को शोषण से बचाने और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। इन प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। जब गांव के लोगों की आय बढ़ेगी, तभी हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए हमें पुरानी परंपराओं और नई टेक्नोलॉजी को साथ लेकर चलना होगा। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ खुले संवाद सत्र में व्यापक चर्चा भी की और किसानों व अन्य हितधारकों से मिले सुझावों को राज्य सरकार की नीति में शामिल करने का आश्वासन भी दिया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मिल्कफैड की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, कांग्रेस नेता चेत राम ठाकुर, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार, निदेशक पशु पालन डॉ. प्रदीप शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
** शोक संतप्त परिवार से संवेदनाएं कीं व्यक्त मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला ऊना के हरोली उपमंडल के गोंदपुर जयचंद पहुंचकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री का गत रात्रि को देहावसान हो गया। मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री के पैतृक गांव गोंदपुर जयचंद में पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा तथा संस्कार में भाग लिया। उप मुख्यमंत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री ने अपनी दिवंगत माता को मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय क्षति को सहन करने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि सिम्मी अग्निहोत्री के आकस्मिक निधन से परिवार में भारी शोक है तथा उनकी कमी हमेशा रहेगी। उन्होंने कहा, ''मैं प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री से विश्वविद्यालय काल से परिचित था, वह सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित एक उच्च शिक्षित महिला थीं। मुकेश अग्निहोत्री तथा उनकी पुत्री को इस दु:ख से उबरने के लिए एक-दूसरे का साथ देना होगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। इस दु:खद घड़ी में हम शोकाकुल परिवार के लिए प्रार्थना करते हैं।' इस अवसर पर विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण तथा शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, नगर एवं ग्राम नियोजन तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायकगण, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, राजनेता तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
वरिष्ठ आईएएस अभिषेक जैन सीने में दर्द के चलते आईजीएमसी में भर्ती हुए हैं। वे हिमाचल सरकार में गृह सचिव हैं। अस्पताल के डॉक्टर्स ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद सीसीयू में दाखिल कर लिया। जानकारी के मुताबिक अभिषेक जैन को शुक्रवार दोपहर बाद अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। दिक्कत बढ़ने पर शाम को वे आईजीएमसी पहुंचे। अस्पताल के ह्रदय रोग विभाग के चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। ईसीजी टेस्ट भी किया। वहीं, रुटीन ब्लड टेस्ट भी किए जा रहे हैं। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
** बोले, कैबिनेट सब कमेटी बनाकर सरकार परिणाम को लटकाने का काम कर रही ** लिखित में आश्वासन मिलने पर ही लौटेंगे घर जेओए आईटी पोस्ट कोड 817 के अभ्यर्थी बीते कल से शिमला सचिवालय के बाहर धरने पर डटे हुए हैं। हालांकि शिमला में रात को कड़ाके की ठंड थी, बावजूद इसके अभ्यर्थियों का हौसला नहीं डगमगाया। हालांकि इस दौरान तीन लड़कियों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें घर भेज दिया गया है, लेकिन अन्य अभ्यर्थी परिणाम निकालने को लेकर लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने पिछले कल ही लंबित भर्तियों को लेकर कैबिनेट सब कमेटी बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन धरने पर डटे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार कैबिनेट सब कमेटी बनाकर परिणाम को लटकाने का काम कर रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में लाने के लिए बेरोजगार युवाओं ने बड़ी मेहनत की थी। कांग्रेस सरकार से उम्मीद थी कि लटकी हुई भर्तियों को जल्द बहाल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार का रवैया बेहद ही चिंताजनक है युवा मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री का शुक्रवार रात को निधन हो गया है। उप मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने फेसबुक पेज पर शुक्रवार आधी रात इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'हमारी प्रिय सिम्मी अग्निहोत्री हमारा और आस्था का साथ छोड़कर चली गईं।' बताया जा रहा है कि सिम्मी गोंदपुर जयचंद स्थित अपने घर में ही थी कि अचानक उनका रक्तचाप घटने लगा। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया जा रहा था कि पंजाब के कुराली के पास उनकी मृत्यु हो गई। उस समय मुकेश अग्निहोत्री शिमला में कैबिनेट बैठक के बाद घर लौट रहे थे, जब उन्हें डॉ. सिम्मी के बीमार होने की सूचना मिली। डॉ. सिम्मी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कार्मिक प्रशासन विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार 2 बजे मोक्ष धाम गोंदपुर जयचंद (हरोली) में किया जाएगा। सीएम सुक्खू ने जताया दुख सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शोक जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जी की पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री के निधन की सूचना एक वज्रपात से कम नहीं है। इस दुखद समाचार से मैं बहुत व्यथित हूं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वह दिवंगत आत्मा को स्वर्ग में स्थान दे व परिवार जनों और परिजनों को इस दारुण दु:ख को सहने की शक्ति दें।' नड्डा, बिंदल और जयराम ने भी शोक प्रकट किया भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, प्रभारी श्रीकांत शर्मा सहित प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, त्रिलोक कपूर, डॉक्टर सिकंदर कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सतपाल सती ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी 56 वर्षीय डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री का शुक्रवार रात को निधन हो गया। इस दुख की घड़ी में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री एवं उनकी पुत्री आस्था को भगवान संबल प्रदान करें।
** बजट सत्र में दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को स्वीकृति ** बद्दी में उपमंडलाधिकारी कार्यालय खोलने को भी मंजूरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल प्रदेश 14वीं विधानसभा के बजट सत्र पर दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के संदर्भ में प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम बनाने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने भंग किए गए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर के तहत पुलिस जांच के कारण लंबित विभिन्न परीक्षा परिणामों के कानूनी पहलुओं के परीक्षण के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता एक मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने को स्वीकृति प्रदान की। उद्योग मंत्री हषवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा इस उप समिति के सदस्य होंगे। मंत्रिमंडल ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों को आवंटित तथा पट्टे पर दी गई और लंबी अवधि से अनुपयोगी पड़ी राजस्व भूमि की समीक्षा के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी इस उप समिति के सदस्य होंगे। मंत्रिमंडल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों में अनुपयोगी पड़े रिक्त भवनों की समीक्षा के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने का भी निर्णय लिया। नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी तथा आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा इस उप समिति के सदस्य होंगे। मंत्रिमंडल ने सोलन जिला के बद्दी में उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कार्यालय खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में सोलन जिला के पट्टा और कांगड़ा जिला के पालमपुर में खंड विकास कार्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं के तहत सीधी भर्ती के माध्यम से 5 पद भरने का निर्णय लिया। यह पद हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे। मंत्रिमण्डल ने राजस्व विभाग में तहसीलदार श्रेणी 'ए' के 9 पद और नायब तहसीलदार श्रेणी 'ए' के 19 पद भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने सोलन जिला की बद्दी तहसील के झाड़माजरी में आवश्यक पदों के सृजन सहित नया पटवार-वृत्त सृजित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में योजना विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों के 7 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने किन्नौर और लाहौल-स्पिति में सहायक पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 6 पद सृजित कर भरने को भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण अधिकारी के 4 पद भरने का भी निर्णय लिया गया।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि प्रदेश में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में सड़कों के रख-रखाव एवं अन्य कार्यों के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत हमीरपुर जिला में बागछाल से तलाई वाया कलोल सड़क के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शिमला जिला की सैंज-चौपाल-नेरवा-फैडिज़ सड़क की टारिंग व सुदृढ़ीकरण के लिए 3 करोड़ रुपये, मण्डी जिला की मानपुर से सराज सड़क के लिए 3 करोड़ रुपये, हमीरपुर जिला की धमेटा से बड़सर सड़क तथा बड़सर से शाहतलाई सड़क के उन्नयन के लिए भी 3-3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी मिशन के तहत विभिन्न शहरी निकायों के लिए 1 करोड़ 74 लाख 28 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त मशीनरी एवं उपकरण इत्यादि के लिए भी 5001 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सड़क अधोसंरचना के विकास के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से इसके लिए समय-समय पर समुचित राशि जारी की जा रही है।
** ये भी पूछना, आपदा प्रभावित लोगों को राहत देने के लिये भाजपा ने क्या किया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने लोगों से कहा है कि जब भाजपा के लोग उनके घर द्वार वोट मांगने आएं तो उनसे यह जरूर पूछना कि प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के समय वे कहां सो गए थे। उन्होंने कहा कि उनसे यह भी पूछना कि उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों को राहत देने के लिये क्या किया था। आज अपने संसदीय क्षेत्र रामपुर में पार्टी कार्यकर्ता संवाद सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न पंचायतों गौरा, झाकड़ी, सनारसा, दोफदा, फंजा, मशनु, रचोली, डंसा, लालसा, शिंगला, दियोठी, कुहल-पटैना के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक बदहाली के लिये पूर्व भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है। उन्होंने कहा कि 70 हजार करोड़ से अधिक का ऋण व 10 हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां प्रदेश सरकार को विरासत में मिली है। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश के भाजपा सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रति वह संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय इन नेताओं ने प्रदेश के प्रति जो उदासीनता दिखाई वह बहुत ही दुखदाई है। इन सांसदों ने प्रदेश के लिये किसी भी प्रकार की साहयता में कोई भी सहयोग नहीं दिया। इससे साफ है कि इनकी दृष्टि में पूरी तरह खोट है। इस दौरान रामपुर के विधायक नंद लाल, शिमला जिला परिषद की अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिमला ग्रामीण अतुल शर्मा व ब्लॉक अध्यक्ष सतीश वर्मा ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सभी को एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में प्रचार कार्यों में जुटने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने इस योजना को सैनिकों के खिलाफ बताया है और सत्ता में आने पर इसको बंद करने की बात कही है। शिमला में प्रेस वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि सैनिकों की शहादत पर वोट मांगने वाले पीएम मोदी की केंद्र सरकार सैनिकों के हितों से खिलवाड़ कर रही है। अग्निपथ योजना सेना के जवानों के साथ अन्याय है, जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने 31 जनवरी को जय जवान अभियान की शुरुआत की है। मुहिम के जरिए सेना में भर्ती की पुरानी प्रक्रिया को बहाल करने की मांग की जा रही है। वहीं, समान नागरिक संहिता पर अभय दुबे ने कहा कि यूसीसी के मामले में बाबा साहेब अंबेडकर के विचार पर अमल होना चाहिए। इसके अलावा कांग्रेस के पुराने साथी नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर दुबे ने कहा कि ये सभी नेता ईडी की कार्रवाई से बचने के लिए भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्र्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है और इस आंदोलन को तीन चरणों में विभाजित किया है। इसमें पहले चरण में जनसंपर्क अभियान पहली फरवरी से शुरू हो चुका है। दूसरे चरण में पांच से दस मार्च तक सत्याग्रह आंदोलन छेड़ा जाएगा। वहीं, तीसरे चरण में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें सभी जिलों में 50 किलोमीटर की पैदल यात्रा शामिल रहेगी। यह यात्रा 17 से 20 मार्च तक आयोजित होगी। सभी जिलों में सैनिकों के लिए न्याय यात्रा का नाम दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने पहले झूठ का सहारा लिया और सत्ता में आने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। अब सरकार प्रदेश की माताओं बहनों से छल कर रही हैं। चुनाव में प्रदेश की 18 से 60 साल की महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की गारंटी दी लेकिन अब सरकार बनने के बाद सिफ़र् गोल-मोल कर रही है। सरकार कहती है कि उसने महिलाओं को 1500 देने की गारंटी पूरी कर दी है। लेकिन यह गारंटी पूरी करना नहीं बल्कि माताओं-बहनों के साथ छल करना है। सरकार लाहौल-स्पीति की माताओं बहनों को 1500 रुपए देने की घोषणा करके कहती है की गारंटी पूरी हो गई। सरकार को बताना चाहिए कि प्रदेश की बाक़ी माताओं बहनों का क्या दोष है जो उन्हें यह सम्मान निधि नहीं मिल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता में आने के पहले कांग्रेस के छोटे-बड़े नेताओं ने बड़ी-बड़ी बातें की। एक से एक झूठी गारंटिया और वादे किए लेकिन सत्ता में आने के बाद ख़ामोश हो गए। जैसे कांग्रेस ने चुनाव के पहले कुछ कहा ही न हो। बीजेपी द्वारा बार-बार उनके द्वारा किए गये बड़े-बड़े वादों के बारे में सवाल उठाने और उनकी गारंटियां पूरी करने के लिए सड़क से सदन तक दबाव बनाए तो कांग्रेस प्रदेश के लोगों के साथ छल करना शुरू कर दिया। एक चौथाई कार्यकाल बीत जाने के बाद सरकार को अपने गारंटी की याद आई। लेकिन हर बार की तरह कांग्रेस ने यहां भी गोल-मोल और हेरफेर करना शुरू कर दिया। जनजातीय ज़िला लाहौल-स्पीति के कुछ क्षेत्रों की महिलाओं को इस सम्मान निधि के लिए चुना गया। दु:ख इस बात का है कि 10 हज़ार से कम पात्र महिलाओं की आबादी (जनगणना 2011 के अनुसार) वाले इस ज़िले में भी यह योजना सरकार एक बार में पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई।
** कहा, कांग्रेस ने दस साल में प्रधानमंत्री के खिलाफ झूठ फैलाने के अलावा कुछ नहीं किया नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पिछले दस साल से सिर्फ देश के लोगों से झूठ बोलने का काम कर रही है। दस साल से प्रधानमंत्री के खिलाफ तथ्यहीन अनर्गल बातें कर रही है। प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस के हर झूठ को बेनकाब करते हुए आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 400 पार का लक्ष्य रख दिया है। इस बार बीजेपी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लोकसभा के चुनाव में जनता जनार्दन के आशीर्वाद से नरेन्द्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। कांग्रेस पिछली बार से भी कम सीटों पर सिमट कर रह जाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोक सभा और राज्य सभा में कांग्रेस द्वारा फैलाए गए झूठ को बेनकाब करते करते हुए दो कार्यकाल में देश में हुए विकास के बारे में बताया और भविष्य के विकास की रूपरेखा खींचीं। प्रधानमंत्री ने पिछले दस साल में हुए ऐतिहासिक विकास को आकड़ों के साथ रखा। जिस पर कांग्रेस के नेताओं द्वारा जवाब देते नहीं बना। जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले दस साल में देश के पीएसयू की संख्या में इजाफा हुआ। 2014 में देश में कुल 234 पीएसयू थे दस साल के कार्यकाल में 254 पीएसयू हैं। आज के पीएसयू रिकॉर्ड रिटर्न दे रहे हैं। निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा हैं। पहले पीएसयू का नेट प्रॉफिट साल सवा लाख करोड़ था दस साल में यह नेट प्रॉफिट बढ़कर ढाई लाख करोड़ का हो गया है। दास साल में सरकारी उपक्रम भी बढ़े हैं और उनका प्रॉफिट भी। इसी तरह पिछले दस सालों में देश की सूरत बदल गई है लेकिन कांग्रेस कुछ देखना नहीं चाहती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसी कारण आज कांग्रेस को देश ने नकार दिया है। देश के अन्य राजनीतिक दलों ने भी नकार दिया है। आज ज़्यादातर क्षेत्रीय दल और पार्टियां कांग्रेस से दूरी बना रही हैं। इंडी गठबंधन में भी पहले शामिल हुई राजनीतिक पार्टियां भी कांग्रेस से किनारा कर रही हैं। क्योंकि वह कांग्रेस का भविष्य जानते हैं। झूठ और भ्रष्टाचार ही कांग्रेस की पहचान है। जहां इनका शासन है वहां भी झूठ बोलकर काम चलाया जा रहा है। हिमाचल कांग्रेस के झूठ का ताजा उदाहरण हैं, जहां पर सरकार झूठ बनाकर बनाई गई और झूठ बोलकर ही चलाई जा रही है।
** बोले, कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में नहीं हुआ कोई फैसला ** अगर कैबिनेट बैठक में भी नहीं मानी मांग तो और उग्र होगा आंदोलन हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आज एसएमसी शिक्षकों और कंप्यूटर टीचर से जुड़े मसलों को लेकर गठित की गई सब कमेटी की बैठक हुई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसएमसी मसले पर चार विकल्प सुझाए गए। इन सुझावों को कैबिनेट को सौंपा जाएगा। बैठक के बाद एसएमसी शिक्षकों ने कल यानी 8 फरवरी से पेन डाउन स्ट्राइक करने का निर्णय लिया है। एसएमसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि आज कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में उनके विषय पर चर्चा हुई, इसके लिए वे सरकार का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी उनके पक्ष में कोई फैसला नहीं आया है, इसलिए वे कल यानी 8 फरवरी से अनिश्चितकाल के लिए पेन डाउन स्ट्राइक पर रहेंगे। अब उनकी नजर 9 फरवरी को आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक पर है। कैबिनेट मीटिंग में अगर उनके पक्ष में निर्णय आता है तो वे अपना आंदोलन वापस लेंगे अन्यथा आने वाले समय में आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।
** स्पेयर पार्ट्स जलकर राख, गाड़ियों का भी हुआ नुकसान ** घटना में लगभग 50 लाख का नुकसान होने का अनुमान शिमला के आईएसबीटी स्थित टाटा शोरूम में आज सुबह तड़के आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के मुताबिक आग सुबह करीब 4:30 बजे लगी। इस घटना में शोरूम में रखे स्पेयर पार्ट्स जलकर राख हो गए, साथ ही शोरूम की दो गाड़ियोंं टाटा पंच व टियागो को भारी नुकसान पहुंचा है। आग इतनी भयानक थी कि बालूगंज के अलावा छोटा शिमला व माल रोड के अग्निशमन वाहन भी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। आग की इस घटना में लगभग 50 लाख का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
** नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट कर उठाई मांग तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री, राजेश धर्माणी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट की। उन्होंने हिमाचल में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान स्थापित करने का आग्रह किया। साथ ही तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित अन्य नए प्रस्तावों सहित लंबित मामलों पर भी चर्चा की। राजेश धर्माणी ने कहा कि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान स्थापित होने से न केवल प्रदेश, अपितु देश के वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र को विस्तार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बन कर उभरा है और यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी, अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर और केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हैं। यह संस्थान उच्चतर शिक्षा को मजबूत आधार प्रदान करते हुए देशभर की बेहतरीन प्रतिभाओं को अनुसंधान के लिए एक उत्कृष्ट तंत्र भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस संस्थान के लिए भूमि प्रदान करने सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़संकल्प है। उन्होंने कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए यह संस्थान जटिल पर्यावरणीय उपायों में योगदान सुनिश्चित करेगा तथा प्रदेश के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस योजना को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार और सभी हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए उत्सुक है।
** कहा, कांग्रेस के झूठ को न जनता को भूलने देंगे और न सरकार को भागने देंगे ** अपना चुनावी घोषणा पत्र कांग्रेस के नेताओं को एक बार उठाकर देखना चाहिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी चुनावी घोषणाओं को कब पूरा करेगी। कच्चे मकान वाले लोगों को पक्का मकान बनाने के लिए कब आवास पर सब्सिडी दी जाएगी। कब मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के लोगों को मकान दिए जाएंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विकास में बाधा बन रही कांग्रेस पार्टी और सरकार में बैठे लोगों को एक बार कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र पढ़ लेना चाहिए तो उन्हें पता चलेगा कि उन्होंने प्रदेश के लोगों से गारंटियों के अलावा क्या-क्या वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद किस-किस तरह के काम किए जा रहे हैं। जो प्रदेश को आगे ले जाने के बजाय पीछे ले जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस के नेताओं ने एक से बढ़कर एक बातें की हैं। इनके घोषणा पत्र में एक वादा यह भी किया गया है कि कच्चे मकान वाले सभी प्रदेशवासियों को अगले पांच साल में पक्का मकान बनवाने के लिए आवास पर सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिये जाने वाले घरों की संख्या के साथ-साथ योजना की धनराशि बढ़ाई जाएगी। सरकार का एक चौथाई कार्यकाल बीत चुका है। अभी तक इस मामले में एक भी कदम नहीं उठाया गया है। वादे इतने बड़े-बड़े करने के बाद ज़मीनी हकीकत यह है कि लोगों को मकान बनाने के लिए धनराशि देने और मुख्यमंत्री आवास की संख्या और अनुदान राशि बढ़ाना तो दूर सरकार में बैठे लोग इस चुनावी वादे के बारे में बात भी नहीं कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली को देखते हुए कांग्रेस का का चुनावी घोषणा पत्र एक कोरे झूठ के पुलिंदे के सिवा कुछ भी नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को यह बात बहुत अच्छे से समझ लेना चाहिए कि बीजेपी कांग्रेस के झूठ से न कांग्रेस सरकार को भागने देंगे और न ही प्रदेशवासियों को भूलने देंगे। चुनाव के समय कांग्रेस के छोटे-बड़े नेताओं ने जो बड़ी-बड़ी बातें हैं उसका हिसाब तो उन्हें देना ही पड़ेगा। कांग्रेस के लोगों को यह भी याद रखना चाहिए की भारत से झूठ और बहकावे की राजनीति ख़त्म हो गई है। इस देश में सिफ़र् प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी की गारंटी चल रही है। जो कही जाए उसे पूरी की जाए।
** लापता युवक वेट्री के पिता सईदाई दुरईसामी ने की घोषणा ** बीते दिनों किन्नौर के पांगी नाला के पास नदी में गिरी थी गाड़ी बीते दिनों किन्नौर जिले के पांगी नाला के पास सतलुज नदी में एक गाड़ी गिर गई थी। हादसे में लापता हुए दो लोगों में एक का शव गाड़ी से बरामद कर लिया गया है, लेकिन एक युवक अब भी लापता है। लापता युवक के पिता सईदाई दुरईसामी ने उनके बेटे को ढूंढने वाले को इनाम देने की घोषणा की है। लापता युवके वेट्री के पिता सईदाई दुरईसामी ने घोषणा की है कि उनके बेटे की तलाश करने वाले व्यक्ति को वे एक करोड़ रुपये का इनाम देंगे। सईदाई दुरईसामी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पूर्व मेयर हैं। उन्होंने इनाम देने की घोषणा को लेकर किन्नौर जिले के डीसी डॉ. अमित कुमार को भी मैसेज भेजा है। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अनुरोध किया है कि वे नदी के किनारों पर जाकर उनके बेटे को तलाश करने में मदद करने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि समाज का समग्र विकास तभी संभव है, जब कमजोर और पिछड़े वर्ग के साथ महिलाओं और बच्चों का भी समावेशी विकास हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार इन वर्गों के विकास के लिए पहले दिन से ही कार्य कर रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में कार्य करते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में कार्यरत 17,889 महिला कुक-कम-हेल्पर को मातृत्व लाभ अधिनियम, 1962 के तहत 180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि महिला कुक के लिए शिक्षा विभाग में पहले इस तरह का कोई प्रावधान नहीं था। लेकिन वर्तमान सरकार ने शिशु और मातृ कल्याण को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से चली आ रही मूलभूत मांग को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार सत्ता संभालने के पहले दिन से ही कर्मचारियों और श्रमिकों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक निर्णय ले रही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पुरानी पेंशन बहाल करना सरकार का ऐतिहासिक फैसला था। इससे 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को लाभ मिला है। कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करना और उनके बुढ़ापे को सम्मानजनक बनाना सरकार का ध्येय है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में भूस्खलन होने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार जुन्गा में हुए लैंडस्लाइड की चपेट में एक शेड आ गया, जिस कारण इसमें रह रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। दो मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। मृतकों की पहचान राकेश (31) पुत्र विलास राम बिहार और राजेश (40) पुत्र जोगेंद्र राम बिहार के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के तुरंत बाद पुलिस व प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित प्रशासन के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है।
** पूरी सरकार आपस में ही उलझी हुई है, नहीं है आम जन की सुध लेने वाला कोई ** बद्दी अग्निकांड में पीड़ितों की तरफ से बहुत आरोप सामने आ रहे हैं, निष्पक्षता से जांच करवाए सरकार पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार आए दिन अपनी गारण्टियां पूरी करने की बातें करती हैं। आए दिन नई नौकरियां निकालने की बात करती है। लेकिन कोई भर्ती निकल नहीं रही है। एक भी युवा को सरकार रोज़गार नहीं दे रही है। युवाओं द्वारा सड़कों पर संघर्ष करते 14 महीनें बीत गये, लेकिन अभी तक पुरानी भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी नहीं हुए। सरकार को न प्रदेश के विकास की चिंता है और न ही युवाओं के भविष्य की। आज पूरे प्रदेश के लोग सरकार की कारगुज़ारियों से परेशान हैं। आपदा राहत के लिए अभी भी वास्तविक प्रभावित सरकार की राह देख रहे है उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस समय वर्तमान सरकार और कांग्रेस पार्टी सिफ़र् आपस में उलझी हुई है। उनकी आपसी खींचतान की वजह से प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आज प्रदेश का विकास पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। सड़कों से लेकर पुलों और स्कूलों से लेकर अस्पतालों के काम रूके पड़े हैं। लोगों को पहले से मिल रही सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। एक लाख नौकरी हर साल देने का वादा करने वाली सरकार एक भी नौकरी नहीं निकाल रही है। मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालते ही जो वादे जनता के साथ किए थे वह आज तक वैसे के वैसे पड़े हैं। कांग्रेस ने चुनाव के पूर्व जो भी गारंटिया और चुनावी घोषणा पत्र में जो भी वादे किए थे अब सरकार को याद भी नहीं हैं। सरकार से लेकर कांग्रेस पार्टी का कोई भी नेता इसके बारे में बात नहीं कर रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बद्दी अग्निकांड में कई लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उस हादसे में घायल और अपनी जान गवाने वाले लोगों के परिजनों द्वारा फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि उनके द्वार लगाए जा रहे आरोपों पर ध्यान देते हुए सभी आरोपों की गंभीरता के साथ निष्पक्ष जांच करवाए।
** सरकार सभी क्षेत्रों एवं वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़संकल्प ** पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे प्रभावी कदम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि राज्य सरकार हिमाचल में व्यवस्था परिवर्तन की भावना से कार्य करते हुए प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा तीव्र विकास पर विशेष ध्यान कंेद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का आगामी बजट भी इन्हीं बिंदुओं पर कंेद्रित होगा और इसमें राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों की भी झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी क्षेत्रों एवं सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़संकल्प है। उन्होंने कहा कि अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाल किया गया है। इससे लगभग 1.36 लाख कर्मचारियों का सेवानिवृत्ति के उपरान्त सम्मानजनक जीवन-यापन सुनिश्चित हुआ है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार हिमाचल में सभी मौसमों के अनुकूल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में बर्फीली पहाडियां, हरे-भरे मैदान, यहां के जलाशय तथा सघन वन क्षेत्र पर्यटन क्षेत्र को विविधता प्रदान करते हैं। यह प्रत्येक आयु वर्ग के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में ढांचागत विकास को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है तथा कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार करने के साथ ही प्रत्येक जिला मुख्यालय को हैलीपोर्ट से जोड़ कर हवाई सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को आवागमन की तीव्र एवं सुगम सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष आपदा के दौरान चंद्रताल की बर्फीली चोटियों सहित अन्य क्षेत्रों में फंसे हजारों पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया, जोकि पर्यटन एवं पर्यटकों की सुरक्षा के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस आपदा के उपरांत रिकॉर्ड समय में सामान्य व्यवस्था बहाल करते हुए प्रदेश सरकार ने सुशासन का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी कर्नल केएस बांश्टू भी उपस्थित थे।
** भेड़ या बकरी के मरने पर पशुपालक को मिलेगा 8 हजार क्लेम ** तीन साल का जीवन बीमा करने की घोषणा हिमाचल प्रदेश में अब भेड़-बकरियों का भी लाइफ इंश्योरेंस किया जाएगा। दरअसल पशुपालन विभाग प्रदेश के 38 हजार से अधिक भेड़-बकरियों का बीमा करने जा रहा है। विभाग बीपीएल, एससी और एसटी पशुपालकों की की कुल 21050 भेड़-बकरियों का बीमा करेगा तो वहीं एपीएल पशुपालकों की कुल 17250 भेड़-बकरियों का भी बीमा किया जाएगा। भेड़-बकरियों की बीमित राशि 912 रुपए रखी गई है। इसमें से बीपीएल, एससी और एसटी पशुपालकों को भेड़-बकरियों की बीमित राशि 173 रुपए जमा करवानी होगी, जबकि एपीएल पशुपालकों के लिए 365 रुपए बीमित राशि रखी गई है। शेष राशि विभाग की तरफ से जमा करवाई जाएगी। पशु पालक 31 मार्च से पहले अपने पालतू भेड़-बकरियों का बीमा करवाना सुनिश्चित कर सकते है। बताया गया है पशुपालन विभाग पांच माह से अधिक आयु के भेड़-बकरियों का ही बीमा करेगी। यह बीमा तीन वर्ष के लिए किया जा रहा है। इस बीच अगर पशुपालकों की भेड़-बकरियों की बीमारी के चलते मौत होती है, तो उसे 8000 रुपए की राशि बीमे के तौर पर मिल सकेगी। हालांकि पशु की उम्र व बेट के मुताबिक बीमा राशि इससे कम भी दी जा सकती है।
** एचआरटीसी के 640 रूट ठप, 76 बसें विभिन्न रूटों में फंसी हिमाचल प्रदेश में ताजा हिमपात होने से कई सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। ज्यादातर सड़कें पहाड़ी इलाकों में बंद हुई हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग ने फील्ड में तैनात 15,000 कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग के मुताबिक जिला शिमला में 242 सड़कें बंद हैं। लाहौल स्पीति में 157, चंबा 61, किन्नौर 24, कुल्लू 93, मंडी 51 और सिरमौर में 16 सड़कें यातायात के लिए बाधित है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि हिमाचल में बर्फबारी से बंद सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर सड़कें बहाल करने को कहा गया है। प्रतिदिन अधीक्षण व अधिशासी अभियंताओं से अपडेट लिया जा रहा है। ताजा बर्फबारी के बाद रविवार को निगम के करीब 640 रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित रहीं। बर्फबारी के कारण कुल्लू, शिमला, मंडी और चंबा जिला में सबसे अधिक बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। निगम की करीब 76 बसें विभिन्न रूटों में फंसी हुई हैं। इन बसों को निकालकर मुख्यालय पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विशाल इवेंट गुरु कंपनी हिमाचली प्रतिभाओं और संस्कृति को आगे ले जाने और साथ में टैलेंट को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष अनेकों प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह आयोजित करवाती है। प्रतिभाओं को सम्मानित करने की परंपरा को विशाल इवेंट गुरु इस साल भी जारी रखेगा। देवभूमि हिमाचल प्रदेश अचीवर अवॉर्ड से हिमाचल की 101 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और शिमला संसदीय क्षेत्र के वर्तमान सांसद सुरेश कश्यप रहेंगे। मातृ शक्ति और युवाओं के लिए अनेकों आयोजन करवा चुकी है। विशाल इवेंट गुरु कंपनी इस वर्ष अपनी चौथी वर्षगांठ शिमला में आयोजित समारोह के दौरान मनाएगी। इस कार्यक्रम में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम मातृ शक्ति और नन्हे-नन्हे बच्चों द्वारा पेश किए जाएंगे। कार्यक्रम के आयोजक विशाल शर्मा ने कहा कि हमारी कोशिश है कि पूरे प्रदेश में इसी तरह के आयोजन हों और हम हिमाचल के हर टैलेंट को एक मंच प्रदान कर पाएं। हमारी कोशिश है कि हिमाचल के हर जिले में हम शो ऑर्गेनाइज करें, ताकि सभी प्रतिभाओं को मंच मिले और हिमाचल के समग्र विकास में सभी मिलकर सहयोग करें।
पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैक आरएस बाली ने कहा कि राज्य सरकार चालू वित वर्ष में सात हजार विधवा तथा एकल नारियों को गृह निर्माण के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अनुदान देगी, ताकि महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकें। बाली ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के जोड़ने के लिए भी ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से कई कार्यक्रमों एवं योजनाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को सृदृढ़ किया जाएगा तथा महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बिक्री के लिए उचित कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे इस के लिए यूनिटी मॉल भी स्थापित किया जाएगा इसके साथ ही अपना कांगड़ा ऐप के माध्यम से भी उत्पादों को विक्रय करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। बाली ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रगाढ़ता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के कुशल नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाएं आम जनमानस तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा सरकार द्वारा अनेकों जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनका सीधा लाभ लोगों को प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया तथा दस माह में इस योजना को धरातल पर उतारा गया। वर्तमान राज्य सरकार ने देश का पहला कानून बनाया और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना आरम्भ की, जिसके तहत 27 वर्ष की आयु तक उनकी देखभाल, उनकी उच्च शिक्षा तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहायता देगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश में डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरम्भ की गई है, जिसके तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
** प्रदेश में बन रहे 12 फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट और सीए स्टोर ** पराला फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट से आए क्रांतिकारी बदलाव हिमाचल प्रदेश में बने फल उत्पादों की बिक्री के लिए एचपीएमसी ने दिल्ली और जयपुर मेट्रो स्टेशनों पर 97 आउटलेट्स खोले हैं। एचपीएमसी ने हाल ही में फल उत्पाद तैयार करने और मार्केटिंग में अभूतपूर्व प्रगति की है। यह प्रगति शिमला के पराला में हाल ही में स्थापित किए गए फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट और अन्य बदलाव का नतीजा है। HPMC के मैनेजिंग डायरेक्टर सुदेश कुमार मोखटा ने बताया कि अब एचपीएमसी के देश भर में 244 आउटलेट्स हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मार्केटिंग और बिक्री के लिए सेना और भारतीय रेलवे से भी बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे 12 फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट और सीए स्टोर बनाए जा रहे हैं, जिनसे आने वाले समय में एचपीएमसी को फ्रूट प्रोसेसिंग क्षेत्र में काफी प्रगति की उम्मीद है।
** प्रदेश सरकार तथा एनडीडीबी के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि जिला कांगड़ा के ढगवार में अत्याधुनिक स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से स्वचालित इस संयंत्र की क्षमता शुरुआत में 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जिसे तीन लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकता है। इस परियोजना के तहत प्रथम चरण में 225 करोड़ के निवेश से निर्माण कार्य किया जाएगा। संयंत्र का उद्देश्य दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फलेवर्ड मिल्क, खोया तथा मौजरेला चीज जैसे डेयरी उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के आरंभ होने से दुग्ध उत्पादकों के जीवन में खुशहाली आएगी तथा प्रदेश की समग्र प्रगति में भी योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र चम्बा, हमीरपुर, कांगड़ा तथा ऊना जिले के किसानों से सीधे तौर पर दूध खरीद कर ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने दूध प्रापण में पारदर्शिता पर बल देते हुए कहा कि किसानों को उनकी मेहनत के उचित दाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दूध प्रापण नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए 43 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रावधान किया गया है। संयंत्र को संचालित करने के उद्देश्य से प्रतिदिन 2.74 लाख लीटर दूध की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष में पड़ रहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की तिथि को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अब 10 फरवरी तक 10 विभिन्न छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अब तीसरी बार छात्रवृत्तियों की तिथि बढ़ाई गई है ताकि विद्यार्थियों को आवेदन करने के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पूर्व में आवेदन की तिथि 30 नवंबर और 31 दिसंबर थी। अब 31 जनवरी से 10 फरवरी की गई है। पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद विद्यार्थियों को तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोलन जिला के नालागढ़ क्षेत्र के झाड़माजरी स्थित एक निजी फैक्ट्री में आग लगने की घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को घटना की जांच करने और प्रभावित परिवारों को हरसम्भव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। सीएम ने इस घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।
रामपुर के नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में 6 फरवरी को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस बात की जानकारी देते हुए झाखड़ी परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने कहा कि यह शिविर 6 फरवरी को सुबह 9 बजे से सायं 3 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने ने कहा कि इस शिविर आईजीएमसी शिमला के ब्लड बैंक की देखरेख में परियोजना अस्पताल झाकड़ी में किया जा रहा है । यह भी उल्लेख है कि नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन ऊर्जा-उत्पादन के साथ-साथ अनेक सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निवर्हन करती है, जिसमें स्टेशन के कर्मचारी/अधिकारी कंधे से कंधा मिलाकर इस भागीदारी में सहयोगी बनते हैं। परियोजना के कार्यकारी निदेशक/परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने कहा है कि रक्तदान शिविर का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना है और इस महादान के लिए स्वैच्छिक रक्तदान कर कई जिंदगियों को बचाना है ।
** बोले, देश में राहुल गांधी कर रहे न्याय यात्रा, हिमाचल में प्रदर्शन पर लग रही रोक ** प्रदर्शन पर रोक लगाने से असंतोष की आवाजें नहीं दबा पाएगी कांग्रेस सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आज हर वर्ग सड़कों पर है। कांग्रेस सरकार ने न तो चुनाव से पूर्व किए वादे को निभाया और न ही सरकार बनने के बाद एक भी ऐसा काम किया जो सरकार करती है। जो लोगों को पिछली सरकार में मिला हुआ था, यह सरकार उसे भी छीन रही है। जब सरकार लोगों की आवाज नहीं सुनेगी तो मजबूर होकर लोग सड़कों पर उतरेंगे और प्रदर्शन करेंगे, जिससे सरकार के कानों तक उनकी आवाज पहुंचे। लेकिन यह सरकार लोगों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बजाय उनकी आवाजों को दबाना चाह रही है। सरकार ने शिमला में प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। सरकार को लगता है कि इस तरह के तानाशाही तरीके से वह लोगों की आवाज दबा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि लोगों की आवाज़ दबाकर उन्हें खामोश नहीं किया जा सकता है। यह आवाजें तब शांत होंगी जब उनके मुद्दों का निपटारा होगा। जयराम ठाकुर कहा कि पूरे देश में राहुल गांधी भारत न्याय यात्रा चला रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि हिमाचल में झूठ बोलकर, लोगों को झूठी गारंटियां देकर सरकार बनाई है। सरकार बनाने के बाद से ही कांग्रेस प्रदेश में अन्याय ही कर रही है। सरकार माताओं-बहनों के साथ अन्याय कर रही है। युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। किसानों-बागवानों के साथ अन्याय कर रही है। अब सरकार अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले के साथ अन्याय करते हुए उनका लोकतांत्रिक हक भी छीनना चाह रही है। उन्होंने कि बीजेपी सरकार को इस तरह से मनमानी नहीं करने देगी। ऐतिहासिक रहने वाला जेपी नड्डा का कांगड़ा दौरा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का दौरा ऐतिहासिक रहने वाला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा 3 और 4 फरवरी को कांगड़ा के धर्मशाला में रहेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। उनके द्वारा जनसभा को संबोधित करने से भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं का मनोबल एवं ऊर्जा बढ़ेगी। उन्होंने कहा की आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी चारों लोकसभा सीटों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रही है। हर बूथ से बीजेपी को बढ़त दिलाने के लिए हर कार्यकर्ता संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी भार भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे।
** ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में होगी बारिश ** 7 फरवरी तक चलेगा यह दौर, इसके बाद साफ रहेगा मौसम हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद गत दिनों कई इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। हालांकि आज राजधानी शिमला समेत अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है और धूप खिली हुई है, लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 3 फरवरी की देर रात से प्रदेश में फिर से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि 3 फरवरी देर रात से प्रदेश में एक बार फिर पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके चलते तीन और चार फरवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बारिश-बर्फबारी का यह दौर 7 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद प्रदेश में मौसम के साफ होने की संभावना है।
** विभाग ने चालकों के लिए एडवाइजरी की जारी, रिस्क न लेने की हिदायत हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से एचआरटीसी के सैकड़ो रूट प्रभावित हुए हैं और विभिन्न जगहों पर 84 बसें फंस गई हैं। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी वैकल्पिक मार्गों से बसों का संचालन कर रहा है। सूबे के लाहौल-स्पीति, शिमला, कुल्लू, चंबा एवं मंडी जिलों में बस सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। सिरमौर, सोलन, हमीरपुर, कांगड़ा और ऊना जिले में अपेक्षाकृत कम संख्या में बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन के चलते निगम प्रबंधन ने चालकों-परिचालकों को बसों के संचालन के दौरान विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बर्फबारी के दौरान किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन ने बसों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करने, कच्ची जमीन पर बसों को न ले जाने, छोटे नालों, नदियों के आसपास बसों का संचालन स्थिति के अनुसार करने, सुरक्षित होने पर ही बसों को रूटों पर आगे ले जाने, रूट पर चलने से पहले विंड स्क्रीन, वाइपर, फॉग लाइटों की अनिवार्य जांच करने, धुंध के दौरान सही लाइट का प्रयोग करने, बसों की रफ्तार कम रखने, बसों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करने, बसें खड़ी करने पर गुटका लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम प्रबंधन ने यात्रियों से भी सड़क की स्थिति सही न होने पर जबरन बसों को आगे ले जाने के लिए चालक परिचालकों को बाध्य न करने का आग्रह किया है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि प्रदेश में गत बरसात के दौरान भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत 72 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर व्यय की जाएगी तथा इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में लोक निर्माण विभाग के विभिन्न मण्डलों को इस आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार व मरम्मत के लिए एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ के तहत अभी तक 259 करोड़ रुपये की निधि जारी की जा चुकी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त मुख्य सड़कें रिकॉर्ड समय में बहाल की गईं। विशेष तौर पर विभाग ने सेब बहुल क्षेत्रों में सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जिससे सेब उत्पादकों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क अधोसंरचना के विकास तथा सड़कों के रख-रखाव के लिए विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है।
** कहा, बजट में हिमाचल को विशेष आर्थिक पैकेज देने का कोई जिक्र नहीं ** मध्यम वर्ग को राहत देने के बजाय केवल पूंजीपतियों का रखा ख्याल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए अंतरिम बजट को जहां भाजपा राष्ट्रीय हित का बजट बता रही है तो वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे देशवासियों और हिमाचल की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहने वाला बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेशवासियों को निराश करने वाला बजट है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत अंतरिम बजट भाषण में कोई भी नई बात नहीं कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रदेशवासियों को केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन इसका कोई जिक्र नहीं है। वहीं, रेल नेटवर्क के विस्तारीकरण के दृष्टिगत भी हिमाचल का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। सीएम ने कहा कि इसमें मध्यम वर्ग के लिए कर में कोई भी अतिरिक्त छूट नहीं दी गई है, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था में मध्यम वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। गरीब व मध्यम वर्ग को राहत देने के बजाय इस बजट में केवल पूंजीपतियों तथा उद्योगपतियों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए हरित ऊर्जा और सौर ऊर्जा की बात कही गई है, लेकिन इसके लिए कोई स्पष्ट रोडमैप का उल्लेख भाषण में नहीं है। मध्यम वर्ग के लिए कर में कोई भी अतिरिक्त छूट नहीं दी गई है, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था में मध्यम वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमतों में वृद्धि की गई है और आमजन के लिए डीजल और पैट्रोल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 1.8 लाख करोड़ तक पहुंचने के बावजूद आयकर और अन्य करों में कोई भी अतिरिक्त रियायत नहीं दी गई है. हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य जहां मेट्रो रेल शुरू नहीं की जा सकती, वहां के लिए किसी भी तीव्र सार्वजनिक यातायात प्रणाली का भी उल्लेख नहीं है. इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी किसी नई पहल का जिक्र नहीं किया गया है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 'विश्व वेटलैंड दिवस' के उपलक्ष्य पर पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के दृष्टिगत वेटलैंड के संरक्षण का आह्वान किया है। यह आर्द्र भूमि क्षेत्र इस संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से हिमाचल में स्थित रामसर स्थलों एवं अन्य वेटलैंड क्षेत्रों के संरक्षण के लिए सक्रिय सहयोग का भी आग्रह किया। इस वर्ष विश्व वेटलैंड दिवस की विषय-वस्तु 'आर्द्र भूमि और मानव कल्याणÓ रखी गई है। इस दिवस का आयोजन 2 फरवरी, 1971 को ईरान के रामसर शहर में वेटलैंड के अंतर्राष्ट्रीय महत्व पर आयोजित सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित रामसर समझौते के उपलक्ष्य में वर्ष 1997 से किया जा रहा है। वेटलैंड समाज को पर्यावरण संतुलन प्रदान करते हैं। इनमें ताजा जल, पानी में से नुकसानदायक अपशिष्ट को छानकर इसे पीने के लिए शुद्ध बनाते हैं। इसके साथ ही यह खाद्य पदार्थों के बेहतर स्रोत के रूप में भी जाने जाते हैं। विषम मौसमी घटनाओं के दौरान भी वेटलैंड अत्याधिक जल प्रवाहन तथा सूखे जैसे जोखिमों को कम करने में अपनी भूमिका निभाते हैं। वेटलैंड क्षेत्र जैव विविधता के संरक्षण के साथ ही असंख्य लोगों के लिए जीवनयापन का स्रोत भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रामसर स्थलों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार सहित स्थानीय समुदायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में विभिन्न पारिस्थितिकीय क्षेत्रों में विविध वेटलैंड फैले हुए हैं। यह क्षेत्र स्थानीय लोगों की आजीविका की पूर्ति के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में प्रदेश में स्थित पौंग बांध, रेणुका और चंद्रताल झील अंतर्राष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थलों में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा रिवालसर और खजियार झील को राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में पहली बार आयोजित की जा रही राजस्व लोक अदालतों से लोगों को भरपूर लाभ मिल रहा है। राज्य में गत लगभग तीन माह में विशेष अभियान के दौरान इन अदालतों के माध्यम से इंतकाल के रिकॉर्ड 89091 मामले और तकसीम के 6029 लम्बित मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी माह में ही विभिन्न राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से इंतकाल के 23159 मामले और तकसीम के 1958 मामलों का निपटारा किया गया। जनवरी माह के दौरान इंतकाल मामलों का निपटारा करने में प्रदेश का जिला कांगड़ा अग्रणी रहा। यहां 6121 इंतकाल के मामलों का निपटारा किया गया। जिला मंडी में इंतकाल के 3212 मामले और जिला ऊना में 2289 इंतकाल मामलों का निपटान किया गया। इसके अतिरिक्त जिला ऊना में तकसीम के रिकॉर्ड 543 मामले निपटाए गए। जिला कांगड़ा में तकसीम के 464 और जिला मंडी में 303 मामले निपटाए गए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व के लम्बित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित कर आमजन को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 30 अक्तूबर, 2023 से विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन शुरू किया गया और लोगों को बड़े स्तर पर राहत के दृष्टिगत अब हर माह के अंतिम दो दिवस में इन लोक अदालतों को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य लम्बित राजस्व मामलों का समाधान सुनिश्चित करना है ताकि लोगों को बार-बार राजस्व कार्यालय में जाने की आवश्यकता न पड़े। राजस्व लोक अदालतों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया आंकड़ों के माध्यम से अपनी सफलता की कहानी बयां कर रही है। तीन माह की अल्प अवधि के भीतर ही रिकॉर्ड संख्या में लंबित राजस्व मामलों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित हुआ है। राज्य में यह पहली बार है कि लम्बित राजस्व मामलों के समाधान के लिए मिशन मोड पर अभियान चलाया गया जिसके ठोस परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी एवं लोक सुलभ निर्णयों से ही बेहतर शासन व प्रशासन प्रदान किया जा सकता है और प्रदेश सरकार जन शिकायतों के तीव्र समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन से जुड़ने और जन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया महत्वकांक्षी कार्यक्रम 'सरकार गांव के द्वारÓ इसी का परिणाम है।
हिमाचल विविधताओं का राज्य है। प्रदेश के बारह जिलों में परिधानों से लेकर खानपान सब भिन्न हैं। हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां हर कला को नजदीकी से देख सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास में पर्यटन के साथ-साथ हस्तकरघा और वस्त्र का भी बहुत बड़ा योगदान है। प्रदेश के कई दस्तकारों ने दशकों से हस्तशिल्प के समृद्ध रीति-रिवाजों को डिजाइन किया है, जो अद्वितीय हैं। यही वजह है कि उनके द्वारा बनाये गए उत्पादों की देश भर में डिमांड है। आइये जानते है हिमाचल के विभिन्न जिलों के मशहूर वस्त्र, कला और उनके इतिहास के बारे में... पश्मीना शॉल पश्मीना शॉल की बुनाई में उपयोग किया जाने वाला ऊन लद्दाख में पाए जाने वाले पालतू चांगथांगी बकरियों से प्राप्त किया जाता है। बुनकरों द्वारा कच्चा पश्म को मध्यस्थों के माध्यम से खरीदा जाता है। इसके बाद कच्चे पश्म फाइबर को ठीक से साफ किया जाता है। तदोपरांत इस फाइबर को सुलझाते हैं और उसकी गुणवत्ता के आधार पर इसे अच्छी तरह से अलग करते हैं। फिर इसे हाथ से काता जाता है और ताने (कटाई की पिन )में स्थापित किया जाता है एवं हथकरघा पर रखा जाता है। इसके बाद तैयार धागे को हाथ से बुना जाता है और खूबसूरती से शानदार पश्मीना शॉल का निर्माण किया जाता है जो दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पश्मीना शॉल बुनाई की यह कला हिमाचल में एक परंपरा के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी से चली आ रही है। पश्मीना शॉल ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और यह पूरी दुनिया में सबसे अधिक मांग वाले शॉल में से एक बन गई है। इसकी उच्च मांग ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया है। लिंगचे लिंगचे हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र लाहुल स्पीति क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। यह एक प्रकार का शॉल है लेकिन इसकी लम्बाई ज्यादा बड़ी नहीं होती है। लिंगचे हाथ से बुनी हुई शॉल है जिसे स्थानीय रूप से कंधे पर लपेटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी स्पीति की ग्रामीण महिलाओं द्वारा हाथ से करघे पर बुना जाता है। इसमें बुद्धिज्म से जुड़े हुए डिजाइंस देखने को मिलता है। हिमाचली कालीन गलीचे और कालीन हिमाचल प्रदेश के हस्तशिल्प का एक महत्वपूर्ण तत्व हैं। हिमाचल में ऊन से बनी विभिन्न वस्तुएँ होम डेकोर में इस्तेमाल की जाती है। इनमें कालीन बेहद प्रसिद्ध है। ये कालीन सुंदर और असाधारण डिजाइनों के साथ सूक्ष्म रंगों, विभिन्न आकारों में बुनकरों द्वारा बनाया जाता हैं। डिजाइन से भरपूर ये कालीन बनावट में टिकाऊ होते हैं। कालीन को विभिन्न प्रकार के रूपांकनों से सजाया जाता है। इसमें ड्रैगन, हिंदू संस्कृति से प्रेरित स्वस्तिक, पुष्प, प्रकृति आधारित पैटर्न या तिब्बती पक्षी जिन्हें डाक, जीरा, ड्रेगन और बिजली के देवता आदि को धागों से डिजाइंस बना कर कालीन को खूबसूरती दी जाती है। सिरमौर जिले के पांवटा ब्लॉक के भूपपुर, पुरुवाला, सतौन और कंसन के विभिन्न गांवों में बड़ी संख्या में तिब्बती शिल्पकार ऊनी कालीन बुनते हैं। इसे बनाने के लिए बकरी के बाल और भेड़ की ऊन का उपयोग किया जाता है। हिमाचली पट्टू हिमाचली टोपियों को हिमाचलियों का ताज कहा जाता है। हिमाचल टोपी स्थानीय लोगों की पोशाक,परिधान और वस्त्रों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन टोपी को तैयार करने के लिए जिस कपड़े का इस्तेमाल होता है उसे हिमाचल में पट्टू कहा जाता है। इसे हथकरघे पर बुना जाता है। पट्टी के कपड़े का उपयोग आमतौर पर बंद गले के कोट, पैंट, पायजामा, जैकेट बनाने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल स्थानीय लोग चोला यानी मेल गाउन बनाने में भी करते हैं। यह मेमने के पहले कतरन से प्राप्त ऊन से बनाया जाता है। लोईया सिरमौर की समृद्ध संस्कृति एवं सभ्यता का परिचायक लोईया प्रदेश ही नहीं देश-विदेश में भी काफी प्रसिद्ध है। लोईया सिरमौर के ट्रांस गिरि क्षेत्र की पहचान और पारंपरिक वेशभूषा है, जिसे विशेषकर सर्दियों के दौरान इस क्षेत्र के लोग शौक से पहनते हैं। वही सिरमौर जिला में सामाजिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि को सम्मान के तौर पर लोईया भेंट करने की परंपरा आज भी जारी है। लोईया कश्मीर में पहने जाने वाली फेरन से मिलता जुलता है, लेकिन उसमें बाजू होते हैं। ग्रामीण लोईये का उपयोग कई प्रकार से करते हैं। उन्हें इससे सर्दियों में ठंड से राहत मिलती है और किसान बागवान जब कोई बोझ पीठ में उठाते हैं तो पीठ पर इसका दबाव भी कम पड़ता है। पारंपरिक तौर पर सर्दियों के मौसम में वस्त्रों के ऊपर पहना जाने वाला लोईया ऊन का बना होता है। आजकल यह अन्य ऊनी व सूती मिश्रित पट्टियों का भी बनाया जा रहा है। भेड़-बकरियों के पेशे से जुड़े अधिकांश लोग ऊन को स्वयं काता करते हैं और ग्रामीण स्तर पर ही स्थानीय बुनकरों से नौ ईंच चौड़ी पट्टी बुनवाई जाती है। उन पट्टियों को जोड़कर ही लोईया बनाया जाता है। चंबा की चप्पल चमड़े पर जरी और रेशम के धागे से महीन कारीगरी से तैयार चंबा चप्पल का डंका देश-विदेश में बजता है। चंबा चप्पल का इतिहास 500 साल पुराना बताया जाता है। जनश्रुति के अनुसार 16वीं शताब्दी में चंबा के राजा की पत्नी के दहेज में कारीगर चंबा लाए गए थे। ये कारीगर राज परिवार के लोगों के लिए चंबा चप्पल बनाते थे। समय के साथ-साथ कारीगर चंबा चप्पल लोगों के लिए भी बनाने और बेचने लगे। चंबा चप्पल के संरक्षण के लिए सरकार ने इसकी जीआई टैगिंग हासिल कर ली है। अब यह ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है। लुप्त हो रही इस कला को बचाने के लिए आज भी लगभग सैकड़ों कारीगर प्रयासरत हैं। चंबा का रुमाल चंबा रुमाल अपनी अद्भुत कला और शानदार कशीदाकारी के लिए जाना जाता है। चंबा रुमाल की कारीगरी मलमल, सिल्क और कॉटन के कपड़ों पर की जाती है। श्री कृष्णलीला को बहुत ही सुंदर ढंग से रुमाल के ऊपर दोनों तरफ कढ़ाई करके उकेरा जाता है। महाभारत युद्ध, गीत गोविंद से लेकर कई मनमोहक दृश्यों को इसमें बड़ी संजीदगी के साथ बनाया जाता है। रुमाल बनाने में दो सप्ताह से दो महीने का समय लग जाता है। कीमत अधिक होने के कारण चंबा रुमाल को बेचना मुश्किल होता है। कहा जाता है कि 18वीं सदी में चंबा रुमाल तैयार करने का काम अधिक था। राजा उमेद सिंह (1748-64) ने कारीगरों को प्रोत्साहन दिया था। 1911 में दिल्ली दरबार में चंबा के राजा भूरी सिंह ने ब्रिटेन के राजा को चंबा रुमाल तोहफे में दिया था। 1965 में पहली बार चंबा रुमाल बनाने वाली महेश्वरी देवी को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। चंबा रुमाल का विकास राजा राज सिंह और रानी सारदा के समय सर्वाधिक हुआ। चंबा रुमाल को प्रोत्साहित करने के लिए चंबा के राजा उमेद सिंह ने रंगमहल की नींव रखी। चंबा रुमाल पर कुरुक्षेत्र युद्ध की लघु कृति जो विक्टोरिया अल्बर्ट संग्रहालय लंदन में सुरक्षित हैं। चंबा के शासक गोपाल सिंह ने 1873 ई. में ब्रिटिश सरकार को ये भेंट किया था। कुल्लू के पूल कुल्लू का हस्तशिल्प दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां की टोपी, शॉल, मफलर और जुराबों का हर कोई दीवाना है। कुछ समय से यहां की पारंपरिक पूलों की ओर भी लोग एकाएक आकर्षित हुए हैं। कुल्लू की स्थानीय बोली में इन चप्पलों को पूलें कहा जाता है। ये चप्पल आरामदेह होने के साथ-साथ पवित्र भी हैं। मंडी-कुल्लू में पूलों को भांग के रेशे के साथ-साथ जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है। भांग के पत्ते के तने के साथ ही ब्यूल के रेशों का भी इसे बनाने में इस्तेमाल होता है। इन्हें पवित्र माना जाता है। इन्हें पहनकर देव स्थल के भीतर जाने में कोई पाबंदी नहीं होती। इसी खासियत को जानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुल्लू की पूलों को काशी विश्वनाथ के पुजारियों, सेवादारों और सुरक्षाकर्मियों के लिए खड़ाऊ का बेहतरीन विकल्प माना। एक पूल का जोड़ा बनाने में तीन से चार दिन का समय लग जाता है। नुमधा नुमधा गद्दे का स्थानीय नाम है, जो ऊन को बुनने के बजाय उसे फेल्ट कर बनाया जाता है। यह कम गुणवत्ता वाले ऊन को थोड़ी मात्रा में कपास के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। नमधा आमतौर पर सादे होते हैं या कशीदाकारी रंगीन डिजाइनों से सजाए जाते हैं। ये गद्दे 1.82 & 0.91 मीटर या 3.65 & 3.04 मीटर के विभिन्न आकारों में आते हैं। नुमधा की कीमत उसके आकार, ऊन की गुणवत्ता और पैटर्न पर निर्भर करती है। गुदमा गुड़मा स्थानीय लोगों द्वारा बनाई जाने वाली भारी कंबल को कहा जाता है, जिसे विशेष रूप से कुल्लू, किन्नौर और लाहुल स्पीति और पांगी घाटी में बुना जाता है। यह ऊन से बना होता है जिसमें लंबे रेशे होते हैं। गुड़मा को प्राकृतिक ऊनी रंगों में बुना जाता है और लाल या काले रंग की सजावट के साथ तैयार किया जाता है।
** लाहौल घाटी का संपर्क देश-दुनिया से कटा हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश-बर्फबारी से किसानों-बागवानों के चेहरे तो खिल गए हैं, लेकिन दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। सड़कों के साथ कई इलाकों में बिजली भी गुल है। सूबे में वीरवार सुबह 10 बजे तक छह नेशनल हाईवे और 241 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। प्रदेश में 677 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। सबसे ज्यादा 139 सड़कें लाहौल-स्पीति में बंद हैं। किन्नौर में 20, कुल्लू 11, मंडी 14 और शिमला में 13 सड़कें बंद हैं। लाहौल घाटी बर्फ से लकदक हो गई है। यहां लगातार तीसरे दिन बर्फबारी जारी है। अटल टनल के साउथ पोर्टल में दो फीट से अधिक बर्फबारी होने से लाहौल घाटी का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है। उधर, जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में वीरवार को रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी हुई है। घाटी के मुख्यालय किलाड़ में 1 फीट के करीब ताजा हिमपात हुआ है। 19 पंचायतों के प्रधानों से संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन से आपदा के दौरान हर पंचायत में स्थानीय युवाओं की टीम बनाई हुई है। जोकि गांव में बर्फबारी के कारण आई आपदा से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहेगी। वहीं पांगी से शेष दुनिया का संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है मौजूदा समय पांगी से बाहर आने से रास्ते केवल दो है, जिनमें वाया कुल्लू मनाली लाहुल के राहूली नामक स्थान पर भारी भूस्खलन के चलते बंद पड़ा हुआ है। वहीं, वाया जम्मू कश्मीर से भारी बर्फबारी के कारण बंद हुआ है। पांगी के कई गांव में मंडराया हिमखंड का खतरा पांगी घाटी के ग्राम पंचायत सेचू के मुर्छ गांव पर एक बार फिर हिमखंड का खतरा मंडराता हुआ है। क्योंकि मूर्छ गांव में दो बार हिमखंड जैसी आपदा आ चुकी है। वर्ष 2020 में मूर्छ गांव में करीब 6 फीट बर्फ हुई थी। इस दौरान गांव में आये हिमखंड ने 5 परिवारों को बेघर कर दिया था ।गांव 12 हजार की ऊंचाई पर पर है। ऐसे में यहां पर अभी तक तीन फीट तक बर्फबारी हो चुकी है। मुर्छ गांव में करीब 35 परिवार रहते है। गांव के पंचायत तकरीबन 8 किलोमीटर दूर है। हालांकि पांगी प्रशासन से गांव की स्थिति जानने के लिए वार्ड सदस्य से संपर्क किया जा रहा है।
** कहा, 14 महीने की हो गई सरकार, बेरोजगार युवाओं को अब भी रोजगार का इंतजार सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र राणा ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुुक्खू को पत्र लिखकर प्रदेश के कुछ ज्वलंत मुद्दों की ओर ध्यान देने की अपील की है। विधायक ने पत्र में लिखा है कि हिमाचल का बेरोजगार तबका प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के 14 महीने बाद भी वही उम्मीद से, वही अधीरता से और बेचैनी से अपना सपना और कांग्रेस पार्टी का वादा पूरा होने का इंतजार कर रहा है। कांग्रेस पार्टी विपक्ष में रहते हुए भी लगातार युवाओं की आवाज सदन में वुलंद करती रही है। कांग्रेस को सत्ता में लाने में हर तवके का विशेष रूप से योगदान है लेकिन युवाओं ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया है। हमने हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और प्रदेश का युवा वर्ग उस वादे के पूरा होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री पिछले लंबे समय से जो भर्तियों के परिणाम रुके हुए हैं और जिन युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की हैं, वे अव वेचैन हैं और वही अधीरता से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से बहुत से युवा ओवर एज हो रहे हैं और वे इस बात से चिंतित हैं कि आयु की सीमा लांघने के कारण कहीं वे सरकारी नौकरी के लिए अपात्र न हो जाएं। मेरा आपसे आग्रह है कि हमीरपुर स्थित अधीनस्य चयन बोर्ड को तुरंत वहाल करके युवाओं के लिए नौकरियों के दरवाजे खोले जाएं। सैकड़ों युवाओं ने बहुत मेहनत करके पेपर दिए हैं और अब लंबे समय तक उनके रिजल्ट रोके रखना तर्क संगत नहीं है, युवाओं का हम पर भरोसा धीरे-धीरे टूट रहा है और उनके सत्र का पैमाना छलक रहा है। राणा ने पत्र में लिखा कि पिछली सरकार के समय से ही हजारों युवा करुणा मूलक आधार पर नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उम्मीद है कि आप इस बारे सहानुभूति पूर्वक निर्णय लेकर ऐसे युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखेंगे। राणा ने सीएम को याद दिलाया कि उन्होंने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले साल 5 मार्च को होली महोत्सव पर मंच से कुछ घोषणाएं की थीं। मुख्यमंत्री की घोषणाएं पत्थर की लकीर होती हैं। क्षेत्र की जनता सारी घोषणाएं पूरा होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही है।


















































