मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यशाला की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों, दवाओं इत्यादि की तस्करी के विरूद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। नशीली दवाओं के उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। टोल फ्री ड्रग रोकथाम हेल्पलाइन नंबर 1908 आरम्भ किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को नशीली दवाओं के तस्करों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना है तथा नशा सेवन मंे संलिप्त युवाओं और उनके माता-पिता को परामर्श प्रदान करना है। नशे की आपूर्ति से जुड़े लोगों के बारे में सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों का सेवन युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है जिससे मानसिक सामाजिक व अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने व नशा निवारण के लिए शिक्षा, जागरूकता, पहचान, परामर्श, उपचार और पुनर्वास, क्षमता निर्माण के लिए मानव संसाधन का विकास और नशे में संलिप्त युवाओं से भेदभाव को कम करने की रणनीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में सभी हितधारकों को जिम्मेदारियां साझा कर आपसी सहयोग की भावना से काम करना चाहिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस, दिल्ली अरुल वार्मा ने राज्य में नशीली दवाओं के खतरे को रोकने के लिए एक मजबूत और प्रभावी रणनीति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशे में संलिप्त व्यक्तियों तक पहुंचने और नशीले पदार्थों की मांग को कम करने में सामुदायिक भागीदारी और सार्वजनिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन कार्यक्रमों में किशोरों और युवाओं में नशीली दवाओं के उपयोग की प्रारंभिक रोकथाम के लिए समुदाय-सहकर्मी नेतृत्व आधारित हस्तक्षेप सहित अन्य कदम उठाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों के बीच जिम्मेदारी की भावना विकसित करना नितांत आवश्यक है ताकि प्रारम्भिक अवस्था में रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन स्कूली विद्यार्थियों को नशे के सेवन की लत हो जाती है, वे पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं और शैक्षणिक संस्थान भी छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति में उनको उचित परामर्श प्रदान किया जाना चाहिए।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग से अधीक्षक ग्रेड-2 के पद पर तैनात रजनी सूद, नाट्य निरीक्षक पद पर तैनात भुवनेश आनंद और सेवादार के पद पर तैनात राम सरण आज सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर निदेशक राजीव कुमार की अध्यक्षता में विदाई समारोह का आयोजन निदेशालय में किया गया। सूचना एवं जन सम्पर्क परिवार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए राजीव कुमार ने कर्त्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों द्वारा प्रदत सेवाओं की सराहना की। अतिरिक्त निदेशक आरती गुप्ता तथा संयुक्त निदेशक महेश पठानिया ने भी उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए अपने अनुभव साझा किए। रजनी सूद 29 जून, 1989 को लिपिक के पद पर नियुक्त हुई और 34 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कीं। भुवनेश आनंद 2 नवम्बर, 1999 को कलाकार के पद पर नियुक्त हुए और 24 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कीं। राम सरण 12 जुलाई, 1991 को सेवादार के पद पर नियुक्त हुए और 32 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राजीव भवन शिमला में आयोजित युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश में ऐसी कोई भी पार्टी नहीं है, जिनके दो प्रधानमंत्रियों ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जब-जब आघात पहुंचाने का करने का प्रयास किया तब-तब यह पार्टी और मजबूत हुई है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने युवा कांग्रेस के दिनों को याद करते हुए कहा कि मैं भी छात्र राजनीति से निकला और कदम दर कदम आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मुख्यमंत्री पद तक पहुंचेंगे, जिसके लिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी की विचारधारा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस विचारधारा ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सोच ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा दिखाई। जबकि आधुनिक भारत की नींव पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने रखी और देश में संचार क्रांति लाई। यही वजह है कि आज दुनिया की 30 बड़ी आई टी कंपनियों के सीईओ भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकारों ने देश में आईआईटी, आईआईएम तथा एम्स आरम्भ किए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का मानना था कि जिस समाज में महिलाओं को सम्मान नहीं मिलता वह समाज विकसित नहीं हो सकता। इसलिए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 73वें 74वें संशोधन के माध्यम से उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु में अपनी सरकार को चुनने का अधिकार भी राजीव गांधी की सोच ने ही दिया। वहीं मनमोहन सरकार ने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि व अपने लक्ष्य तय करें और चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य सुरक्षित करने के लिए कड़े फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि बिना केंद्र सरकार की मदद के आपदा प्रभावितों को वर्तमान राज्य सरकार ने 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज जारी किया तथा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त का मुआवजा 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रूपये किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू की, ताकि बुढापे में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। प्रदेश में आपदा के दौरान हर सम्भव सहयोग के लिए उन्होंने मंत्रिमंडल के सदस्यों, युवा कांग्रेस के सदस्यों व सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से इतिहास का सबसे बड़ा 250 करोड़ रुपए का दान एकत्र हुआ। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक माह के अंतिम दो दिनों में लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए राजस्व लोक अदालतें आयोजित कर रही है। इसमें अब तक इंतकाल के 65000 से अधिक तथा तकसीम के चार हजार से अधिक लम्बित मामलों का निपटारा किया गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई सरकार गंभीरता से इस दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पिछली सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और पेपर बेचे गए। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए वर्तमान राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर इसके स्थान पर राज्य चयन आयोग गठित किया है, जिसमें भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न सरकारी विभागों में 21,000 भर्तियां करने जा रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अच्छे शासन के लिए अच्छे प्रशासन का होना आवश्यक है। प्रथाओं को तोड़कर मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने टूटीकंडी बालिका आश्रम का दौरा किया। आवासियों की पीड़ा को समझा और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए देश का पहला कानून बनाया, जिसके तहत सभी अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया गया, जिसके तहत उनकी पूरी देखभाल का जिम्मा राज्य सरकार का है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत वर्तमान राज्य सरकार 18 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 2500 रुपए प्रति माह तथा 27 वर्ष तक के बच्चों को 4 हजार रुपए पॉकेट मनी के रूप में दे रही है। उनकी शादी तथा स्टार्ट-अप आरम्भ करने के लिए 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रदान करने के साथ-साथ घर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी और 3 लाख रुपए आर्थिक सहायता सहित अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘सुपर शक्ति शी’ में तीसरा स्थान पाने वाली सभी युवा कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके साथ उन्होंने युवा कांग्रेस के डोर-टू-डोर अभियान के तहत विभिन्न पोस्टर भी जारी किए। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावारु ने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन समन्वय से कार्य कर रहे हैं तथा कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए उचित जिम्मेवारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का चुनाव ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी संस्थाएं लड़ती है। उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर महापौर चुनाव में यह स्थिति है तो आगामी लोकसभा चुनाव की स्थिति की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बीजेपी झूठ फैलाने में माहिर है। आने वाले लोकसभा चुनाव का निर्णय जनता करेगी तथा भाजपा के प्रचार प्रसार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हर बूथ पर अपनी बात मजबूती से प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार ने एक वर्ष में बेहतर कार्य किया है और इसी रिपोर्ट कार्ड को लोगों के सामने रखा जाएगा। जबकि दस साल पहले भाजपा ने 20 करोड़ नौकरियों का वादा किया था लेकिन मोदी सरकार रोजगार देने में असफल रही है। बेटियों को न्याय दिलाने, अच्छी शिक्षा देने, मजदूरों को हक देने, लोकतंत्र को बचाने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मोदी सरकार नाकाम हुई है। हिमाचल प्रदेश के युवा कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी ने आपदा में बेहतर कार्य के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार में उपयुक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान उनकी जन विरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाया और भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि आगामी लोक सभा चुनाव में भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता दिन रात मेहनत करेंगे। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जयवर्धन खुराना ने युवा कांग्रेस के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने यूथ जोड़ो कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर पांच-पांच कार्यकर्ताओं को जोड़ने का अभियान आरम्भ किया गया है। आगामी 90 दिनों में हिमाचल प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को डेढ़ लाख लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त अग्निवीर योजना पर कांगड़ा, मंडी तथा हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक अजय सोलंकी, रवि ठाकुर व भुवनेश्वर गौड़, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र बुशैहरी और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयोजित राज्य क्रेडिट सेमिनार का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंक ने राज्य में उपलब्ध संसाधनों और बैंकिंग ढांचे के आधार पर वर्ष 2024-25 के लिए कृषि और संबद्ध्र गतिविधियों, एमएसएमई और अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 34490 करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता योजना तैयार की है जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘नाबार्ड स्टेट फोकस पेपर-2024-25’ भी जारी किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने लोगों के सामजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, बागवानी के एकीकृत विकास के लिए मिशन, मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना, मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशन, मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा, मुख्यमंत्री विद्यार्थी योजना व स्टार्टअप इत्यादि अनेक कल्याण योजनाएं आरम्भ की हैं। उन्होंने बैंको से आग्रह किया कि इन योजनाओं के उचित क्रियान्वयन के लिए ऋण देने में अपना सक्रिय सहयोग दें ताकि किसान, बागवान तथा युवा इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र ऋण प्रवाह पर जारी किए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदेश का कोई भी जिला ‘क्रेडिट की कमी’ जिलों की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि यद्यपि इन जिलों में ऋण प्रवाह सामान्य है परन्तु प्रदेश का ऋण व जमा अनुपात 36ः39 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, ऊना, लाहौल-स्पीति व चम्बा में ऋण व जमा अनुपात लगातार 40 प्रतिशत से कम है जोकि चिंता का विषय है। उन्होंने बैंकों एवं अन्य हितधारकों को इन जिलों में ऋण व जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में नाबार्ड की मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं है, जिससे रोकने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है और राज्य में ई-व्हीकल को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश का परिवहन विभाग देश का पहला विभाग है, जिसमें पूरी तरह ई-व्हीकल इस्तेमाल की जा रही हैं। इसके साथ ही एचआरटीसी की 3000 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों के साथ बदला जा रहा है तथा 1300 ई-बस के लिए टेंडर कर दिए गए हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के पहले चरण के तहत ई-टैक्सी योजना आरम्भ कर दी है, जिसके लिए 1200 युवाओं ने आवेदन किया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ई-टैक्सी की खरीद के लिए 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है। ई-वाहनों के सुगम संचालन के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। कीरतपुर से केलांग ग्रीन कॉरीडोर पर 17 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं तथा पूरे प्रदेश में ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-वाहनों का संचालन राज्य सरकार की एक सोच का प्रतिबिंब है, इसीलिए सरकारी विभागों में एक जनवरी 2024 से पेट्रोल व डीजल गाड़ियों की खरीद पर रोक लगा दी गई है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के दोहन को भी प्राथमिकता दे रही है। जिला ऊना के पेखूबेला में 32 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है, जो फरवरी माह में बनकर तैयार हो जाएगा। स्वरोजगार स्टार्ट अप योजना के दूसरे चरण में बेरोजगार युवाओं के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए राज्य सरकार मदद देगी। इस योजना के माध्यम से बेरोजगार युवा अपनी भूमि पर 100, 200 व 500 किलोवाट का सौर ऊर्जा केन्द्र स्थापित कर पाएंगे तथा राज्य सरकार उनसे 25 वर्षों तक बिजली की खरीद करेगी ताकि उन्हें निश्चित आय प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त ग्रीन हाईड्रोजन उत्पन्न करने के लिए आईओसीएल के साथ एक मेगावाट क्षमता का एक प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए योजनाएं कार्यान्वित करेगी तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने दूध खरीद का मूल्य 6 रुपए बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि को उद्योग की तर्ज पर बढ़ावा देने के साथ-साथ डेयरी आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिला कांगड़ा के ढगवार में 250 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक मिल्क प्लांट स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश ने नाबार्ड के विभिन्न विकास कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए हितधारकों को सम्मानित किया। नाबार्ड के प्रभारी अधिकारी डॉ. विवेक पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और डीजीएम मनोहर लाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक अजय सोलंकी व भुवनेश्वर गौड़, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग प्रियतु मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भाषा एवं संस्कृति विभाग प्रदेश की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष सांस्कृतिक दलों तथा वादकों को प्रदेश में प्रदेश से बाहर सास्कृतिक अवसरों, मेले-त्योहारों व विभिन्न स्थानों पर सास्कृतिक प्रस्तुतियों हेतु भेजा जाता है । दलों के चयन के लिए विभाग द्वारा हर वर्ष जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है । प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले लोकनृत्य दल को राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता व राज्य स्तरीय आयोजनों में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2024के जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 13 और 14 फरवरी को ऐतिहासिक गेयटी प्रेक्षागृह के बहुउद्देशीय सभागार में करवाया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए जिला शिमला के सभी पंजीकृत अथवा अपंजीकृत ,शिक्षण संस्थानों के लोकनृत्य दल,पारंपरिक लोक वाद्ययन्त्र दल दिनांक 09.02.2024 तक जिला भाषा अधिकारी शिमला के कार्यालय संस्कृति भवन, खण्ड सं०-39, में ईमेल-dloshimlahp@gmail.com पर आवेदन कर सकते हैं । यह जानकारी जिला भाषा अधिकारी अनिल कुमार हारटा ने दीधिक जानकारी के लिये दूरभाष नम्बर 0177-2626615 या 8219457198 पर भी संपर्क कर सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले लोकनृत्य दलों के लिए मानक निर्धारित किए गए है। मानकों के अनुसार लोक नृत्य दलों में नर्तकों की संख्या कम से कम 16 और 22 से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसमें दल के गायक,वादक और नर्तक सम्मिलित होंगे तथा लोक वाद्ययन्त्र प्रतियोगिता में 8-12 कलाकार भाग ले सकेंगे । वहीं, लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रदर्शन अवधि 10-12 मिनट तक होगी तथा लोक वाद्ययन्त्र प्रतियोगिता की 8-10 मिनट तक रहेगी। अधिक जानकारी के लिये दूरभाष नम्बर 0177-2626615 या 8219457198 पर भी संपर्क कर सकते हैं ।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के प्रधान सचिव आयुष के पद पर किए गए तबादला आदेश को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके तबादला आदेश वापस लिए गए हैं। संजय कुंडू अब डीजीपी पद पर बने रहेंगे। इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। दरअसल 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद से ट्रांसफर करने के हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया था। एक मामले की निष्पक्ष जांच में हस्तक्षेप करने के आरोप पर हाईकोर्ट ने कुंडू को डीजीपी पद से स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। 26 दिसंबर को हाईकोर्ट ने एक व्यवसायी की ओर से आईपीएस अधिकारी और एक वकील से जान को खतरे की आशंका जताते हुए भेजी पत्र याचिका पर शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही में यह आदेश पारित किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि याचिकाकर्ता कुंडू जांच में हस्तक्षेप कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को जरूरी मानते हुए डीजीपी और कांगड़ा के एसपी के तबादले का आदेश दिया था।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नौकरी की माँग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले दृष्टिबाधित युवक द्वारा लगाए गये आरोप बहुत गंभीर हैं। एक मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की बात किया जाना शर्मनाक है। ग़ौरतलब है कि नौकरी की मांग कर रहे दिव्यांग युवा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिले थे। उनसे मिलने वाले रोहड़ू निवासी लकी का आरोप है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने उनसे सवाल किया कि आप तो दृष्टिहीन हैं, आपको दिखाई नहीं देता है, आप क्या करेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की बात करना संवेदनहीनता है। आज दिव्यांगजन देश दुनिया में एक से बढ़कर एक काम कर रहे हैं। खेलों से लेकर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नाम कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के बेतुके सवाल का कोई औचित्य नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसी भी मामले की गंभीरता समझनी होती है। पिछले हफ़्ते जेओए आईटी का रिजल्ट जारी करने की माँग कर रहे युवाओं से मुलाक़ात के दौरान उन्होंने कहा था कि कैबिनेट मंत्रियों को मनाइए। कुछ मंत्री हैं जो रिजल्ट नहीं जारी कर रहे हैं और आज एक दिव्यांग युवक द्वारा मुख्यमंत्री पर इस तरह के ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से सवाल करने के आरोप लग रहे हैं। यह दुःखद है। सरकार को गंभीरता से काम करने की ज़रूरत जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में गंभीर नहीं है। इसीलिए प्रदेश के लोगों में असंतोष का माहौल है। आज 13 महीनें के कार्यकाल में प्रदेश का हर वर्ग सरकार के ख़िलाफ़ सड़क पर है। सरकार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा है। मुख्यमंत्री को यह सोचना होगा कि आख़िर हर वर्ग में नाराज़गी क्यों हैं और उसे कैसे दूर किया जाए। लेकिन सरकार सिर्फ़ झूठ के सहारे काम चलाना चाह रही हैं। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार को अपने वादे पूरे करने पड़ेंगे। विकास के कामों को रफ़्तार देनी पड़ेगी। ।
द्वितीय सत्र: जिला सोलन, चंबा, बिलासपुर और लाहौल-स्पिति केे विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं कीं प्रस्तुत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां वार्षिक योजना 2024-25 विधायक प्राथमिकताओं पर आयोजित पहले दिन के दूसरे सत्र में सोलन, चंबा, बिलासपुर व लाहौल-स्पिति जिला के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों को स्वच्छ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की शिकायतों को प्रभावी ढंग से सुलझाने एवं कुशल प्रशासन प्रदान करने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है तथा व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से सभी लक्ष्य प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों व खनन माफिया पर लगाम लगाने के साथ-साथ बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा संबंधित जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे। जिला सोलन नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक केएल ठाकुर ने सीमावर्ती क्षेत्र में नशा माफिया तथा खनन माफिया पर नकेल कसने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आपदा के दौरान राज्य सरकार के बेहतर कार्य की सराहना भी की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त दभोटा पुल का दोबारा निर्माण जल्द करने का आग्रह किया। कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने परवाणु व कामली औद्योगिक क्षेत्र को नेशनल हाईवे से जोड़ने, टकसाल रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर बनाने तथा कौशल्या बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने की मांग की। उन्होंने शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर थीम आधारित ट्रेन चलाने का मामला रेलवे के साथ उठाने का भी आग्रह किया। जिला चंबा चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ हंसराज ने शिमला में आबादी का दबाव कम करने के लिए कुछ विभागों के कार्यालय प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चुराह क्षेत्र की विद्युत परियोजनाओं के कारण विस्थापित घराट मालिकों का पुनर्वास करने तथा उनके परिवार के सदस्यों को स्थाई नौकरी प्रदान करने की मांग की। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ जनक राज ने क्षेत्र में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने तथा शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा का आयोजन जन्माष्टमी से राधा अष्टमी तक होता है, जिसे आगे पांच दिन और बढ़ाया जाना चाहिए ताकि इससे स्थानीय निवासियों को भी रोजगार मिल सके। उन्होंने भरमौर में वूल फेडरेशन का कार्यालय खोलने की भी मांग की। चंबा के विधायक नीरज नैय्यर ने चंबा-चुवाड़ी सुरंग बनाने का मांग की। उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय चंबा के लिए 165 करोड़ रुपये तथा चंबा में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये प्रदान करने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चंबा शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया। डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डी.एस. ठाकुर ने अपने चुनाव क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पद भरने की मांग की। उन्होंने पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए धन मुहैया करवाने, सलूणी से टांडा के लिए बस सेवा आरंभ करने तथा डलहौजी में नया बस अड्डा बनाने की मांग की। बिलासपुर जिला झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीत राम कटवाल ने अपने चुनाव क्षेत्र में लंबित तीन पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तलाई और सिविल अस्पताल बरठीं के लिए पर्याप्त धनराशि तथा क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान करने की मांग की। बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा लो-वोल्टेज की समस्या को दूर करने की मांग की। उन्होंने नशे की समस्या को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान आरम्भ करने का आग्रह किया। श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने एफसीए तथा एफआरए के मामलों में तेजी लाने की मांग की ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने जल शक्ति विभाग में फील्ड स्टाफ के पद भरने तथा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए स्वारघाट-बिलासपुर के पुराने बस रूट पर सेवा आरम्भ करने की मांग की। जिला लाहौल-स्पिति लाहौल-स्पिति विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि ठाकुर ने जिला स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग तथा पंचायती राज विभाग के समावेश की मांग की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती और विपणन करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जिला लाहौल-स्पिति में शांति स्तूपों की मरम्मत करने की मांग की ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 37वीं बैठक आज हरिद्वार में पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय, हरिद्वार के सौजन्य से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास, अध्यक्ष एवं टीएचडीसी के निदेशक (कार्मिक), शैलेन्द्र सिंह ने की। बैठक में हरिद्वार, रूड़की, ऋषिकेश एवं पर्वतीय क्षेत्र में स्थित केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित सदस्य संस्थानों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों एवं राजभाषा अधिकारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभागिता की। कार्यक्रम में सर्वप्रथम समिति के अध्यक्ष एवं टीएचडीसी के निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह, पंजाब नेशनल बैंक के अंचल प्रमुख एसएन दूबे, मंडल प्रमुख, रविंद्र कुमार, बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक, टीएस मुरली एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। बैठक में नराकास राजभाषा वैजयंती योजना के अंतर्गत सदस्य संस्थानों को राजभाषा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की श्रेणी में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने प्रथम, बीएचईएल, हरिद्वार ने द्वितीय एवं भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, लंढोरा ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। श्रेणी-2 भारत सरकार के कार्यालय/बोर्ड/स्वायत्तशासी निकाय के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय, हरिद्वार ने प्रथम, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की ने द्वितीय, सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की ने तृतीय तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया। राष्ट्रीयकृत बैंक एवं बीमा कंपनियों की श्रेणी में पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय, हरिद्वार, दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ऋषिकेश एवं बैंक ऑफ बड़ौदा, हरिद्वार शाखा को तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। बैठक के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह में समिति के अध्यक्ष, शैलेन्द्र सिंह ने विजेता संस्थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों को ये शील्ड प्रदान की। इसके साथ ही छमाही के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। बैठक में नराकास सचिव, पंकज कुमार शर्मा द्वारा नराकास हरिद्वार द्वारा आयोजित गतिविधियों एवं राजभाषा से संबंधित नवीनतम जानकारियों से अवगत कराया गया। उन्होंने राजभाषा हिंदी की प्रगति की अर्धवार्षिक रिपोर्टो की समीक्षा की। इसके उपरांत चर्चा सत्र का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित सदस्य संस्थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। समिति के अध्यक्ष, शैलेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में सभी सदस्य संस्थानों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों को नववर्ष एवं गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं संप्रेषित की। उन्होंने कहा कि पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने में हिंदी ने अपनी महति भूमिका निभाई है।
कहा, संगठन और सरकार में तालमेल की कमी, चहेतों को मंूगफली की तरह कैबिनेट रैंक बांटने के लिए जाने जाएंगे सुक्खू व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर और गारंटियों के सब्जबाग दिखा कर सता में आई कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल नाकामियों का दस्तावेज है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि संगठन हो या सरकार, तालमेल का अभूतपूर्व अभाव देखने में आ रहा है। शिक्षा हिमाचल प्रदेश का ऐसा विषय है, जिससे हर घर जुड़ा है। किंतु शिक्षा की प्राथमिकता यह है कि विदेश में शिक्षक भेजने में भी एक कथित मानदंड बनाया गया है, जिसमें और सब कुछ है किंतु कोरोना काल में हर घर पाठशाला के माध्यम से घर-घर तक शिक्षा देने वालों का जिक्र ही नहीं है। केवल अवार्ड के सर्वाधिक नंबर रखे गए हैं। शिक्षा बोर्ड को आज तक एक अध्यक्ष नहीं मिला। बोर्ड में लापरवाही की स्थिति यह है कि सुबह होने वाली परीक्षाओं के आगे रात्रिकालीन समय लिखा है। एक ओर प्रधानमंत्री देशभर के बच्चों के साथ परीक्षा से पूर्व इसलिए बात करते हैं ताकि विद्यार्थी तनाव या अवसाद में न रहें किंतु हिमाचल प्रदेश में वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट ही ऐसी बनाई है कि बच्चा सिर न उठा सके। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य की स्थिति यह है कि आईजीएमसी और टांडा के मेडिकल कालेज में महत्वपूर्ण जांच के लिए मरीजों को अप्रैल की तारीख मिल रही है। उद्योगों का आलम यह है कि वे पलायन कर रहे हैं और जब उद्योग मंत्री मौखिक रूप से मुख्यमंत्री को कुछ बताते हैं तो सुना नहीं जाता और उद्योग मंत्री को कहना पड़ता है कि अब सारी बात लिखित में ही मुख्यमंत्री को बताई जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में ये हाल हैं। आए दिन केंद्र को कोसने वाले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हमें परामर्श देते हैं कि हम जनहित की राजनीति करें। मेरा उनसे प्रश्न है कि आपने अब तक सलाहकारों की फौज बना कर, उन्हें कैबिनेट रैंक देकर कौन से जनहित की राजनीति की है। हमारी सरकार ने तो मुख्य संसदीय सचिव नहीं बनाए। जयराम ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि अब कांग्रेस के विधायक भी सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि कांग्रेस की बैठकें शोकसभाएं हैं और चुने हुए लोगों को हटा कर अन्य को मूंगफलियों की तरह कैबिनेट रैंक बांटे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने की विधायक प्राथमिकता बैठकों की अध्यक्षता पहले सत्र में जिला ऊना, हमीरपुर व सिरमौर के विधायकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कीं अपनी प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज वर्ष 2024-25 के लिए विधायकों की प्राथमिकताएं निर्धारित करने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। प्रथम दिन के पहले सत्र में जिला ऊना, हमीरपुर व सिरमौर के विधायकों की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा वार्षिक योजना 2024-25 का आकार 9989.49 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर व 10 वर्षों में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस बैठक में होने वाली चर्चा से हमें प्रदेश में विकास की दिशा तय करने के लिए बहुमूल्य सुझाव प्राप्त होंगे। वर्तमान सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों व समाज के सभी वर्गों के तीव्र एवं संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र को राज्य सरकार ने नीतिगत दस्तावेज के रूप में अपनाया है तथा इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में विश्व बैंक के साथ 2,000 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया गया है, जिससे अगले पांच वर्षों में जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायकों की प्राथमिकताओं को सामान्यत: नाबार्ड संचालित आरआईडीएफ कार्यक्रम से वित्त पोषित किया जाता है। वर्ष 2023-24 के दौरान नाबार्ड से 918.81 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं जिसमें लोक निर्माण विभाग की 62 एवं जल शक्ति विभाग की 93 विधायक प्राथमिकताएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। मार्च माह तक नाबार्ड से और अधिक विधायक प्राथमिकताओं को स्वीकृत करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि नाबार्ड के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट परिव्यय का पूर्ण उपयोग करें और नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे 15 मार्च, 2024 से पहले जमा करें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं एवं शिकायतों को निपटाने में किसी प्रकार की कोताही न बरतें तथा उनके बहुमूल्य सुझावों को उचित अधिमान दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकों द्वारा दी गई योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के बनने में होने वाले विलम्ब को कम करने के लिए एफसीए, एफआरए तथा गिफ्ट डीड आदि औपचारिकताओं का समयबद्ध निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग और उपायुक्त भी अपने स्तर पर हर माह प्राथमिकताओं की समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। जिला ऊना ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने उनके चुनाव क्षेत्र में पुराने कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के दौरान विधायक निधि के नियमों में बदलाव कर रिटेनिंग वॉल आदि के लिए प्रभावितों को धन देने का प्रावधान किया है, जिसे जून, 2024 से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक चैतन्य शर्मा ने दौलतपुर चौक महाविद्यालय और स्कूल को अलग-अलग परिसर में स्थापित करने तथा उनके क्षेत्र में नशा माफिया पर लगाम कसने की मांग की। कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक देवेंद्र भुट्टो ने खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाने तथा खेल संघों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने बेसहारा पशुओं को सहारा प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाने का भी आग्रह किया। जिला हमीरपुर भोरंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार ने सीर खड्ड का तटीयकरण करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया तथा भोरंज स्कूल में बहु-उद्देशीय हॉल बनाने की मांग की। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा ने हमीरपुर में नए बस अड्डे के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हमीरपुर में पॉलीक्लीनिक खोलने तथा जिला मुख्यालय में नया मिनी सचिवालय खोलने की मांग की। बड़सर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने किसानों को लाभान्वित करने के लिए क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की। उन्होंने विद्युत आपूर्ति के लिए आधारभूत ढांचा सुदृढ़ करने और सड़कों के साथ उचित निकासी की व्यवस्था करने तथा बिझड़ी में पुलिस थाना खोलने का आग्रह किया। जिला सिरमौर पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने क्षेत्र में जल शक्ति मंडल खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शिरगुल तथा भूरेश्वर मंदिर के अलावा अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित करने की मांग की। उन्होंने सराहां-चंडीगढ़ सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र बनाने की मांग की। नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सोलंकी ने क्षेत्र के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये की घोषणाएं करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवन्त सिंह परमार चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा नर्सों के पदों को भरने की मांग की। उन्होंने भूमिहीनों को गृह निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने की मांग की। पांवटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि यमुना नदी की हिमाचल की सीमा तय करने की मांग की, ताकि वहां पर अवैध खनन को रोका जा सके। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को टयूबवेल चलाने के लिए बिजली के लंबित कनेक्शन शीघ्र प्रदान करने की मांग की और पांवटा साहिब में पार्किंग की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया।
In a remarkable showcase of culinary expertise, GNA University's School of Hospitality has achieved an unprecedented feat by successfully creating a whopping 3535 varieties of Kachori. This extraordinary record stands as a testament to the institution's commitment to culinary innovation and skill development. The monumental achievement was realized through the collaborative efforts of 14 dedicated staff members and 120 enthusiastic students from the School of Hospitality. Their ambitious endeavor incorporated 114 different ingredients and utilized seven types of flour, showcasing the diversity and creativity of GNA University's culinary team. The culinary excellence displayed during the event was witnessed by notable guests, including S. Gurdeep Singh Sihra, the Chancellor of GNA University, and Ms. Jasleen Sihra, a renowned Nutritionist. The occasion was further enriched by the presence of esteemed guests, such as Sh. Rajeev Joshi, Deputy District Education Officer (SE), Jalandhar; Ms. Satinderdeep Kaur Dhillon, Principal, Govt. Girls Senior Secondary Smart School, Mahilpur; Mrs. Subha Sharma from The Chocolate Room, Jalandhar; and JCI PPP Jyoti Sahdev, Glitz Jewels, Phagwara, along with all deans and heads of departments of the University. The approximately 3000 students of GNA University played a pivotal role in actively participating in the event, contributing to the vibrant atmosphere and ensuring its grand success. The Kachoris, a visual delight and a gastronomic experience, served as a testament to the culinary skills of the School of Hospitality. Both students and staff had the pleasure of indulging in the diverse flavors created by the talented team. GNA University continues to lead in innovation and excellence, with this record-breaking event serving as a shining example of the institution's dedication to fostering creativity and skill development among its students. The event was also graced by key figures including Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor of GNA University; Dr. Hemant Sharma, the Pro-Vice Chancellor; Dr. Monika Hanspal, Dean of Academics; and Dr. Deepak Kumar, Dean of the School of Hospitality, GNA University.
कहा, बजट का 17 प्रतिशत विकास कार्यों पर, तो 83 प्रतिशत अन्य कार्यों पर होता है खर्च मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक वर्ष पूर्व जब वर्तमान सरकार का गठन हुआ तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बजट का 17 प्रतिशत ही हम विकास कार्यों पर खर्च करते हैं, जबकि 83 प्रतिशत बजट अन्य कार्य पर खर्च होता है। उन्होंने कहा कि 16 हजार करोड़ रुपये सरकारी कर्मचारियों का वेतन और 10 हजार करोड़ रुपये पेंशन प्रदान करने पर खर्च होता है, जबकि प्रदेश का बजट 54 हजार करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास शुरू किए गए हैं और इसी को व्यवस्था परिवर्तन का नारा दिया गया है, जिसके आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से विभिन्न क्षेत्रों में सुधारात्मक उपाय लागू कर रही है, जिसमें सरकार को सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहली ही कैबिनेट में 1.36 सरकारी कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षित कर सरकार द्वारा पुरानी पेंशन स्कीम लागू की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास प्रदेश के एनपीएस के 9000 करोड़ रुपये पड़े हैं, जिसका मामला केंद्र के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली बरसात में हिमाचल प्रदेश ने इतिहास की सबसे बड़ी आपदा सामना किया, जिसमें 16 हजार घर क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने कहा कि वह लोगों के दर्द से वाकिफ हैं, इसलिए आर्थिक तंगी के बावजूद व नियमों में बदलाव कर 4500 करोड़ रुपये का विशेष आपदा राहत पैकेज प्रभावितों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घर पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। घर को आंशिक नुकसान होने पर भी मुआवजा राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान तीन दिन तक आपदा पर चर्चा हुई, लेकिन हिमाचल प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के प्रस्ताव का भाजपा विधायकों ने समर्थन नहीं किया और उन्होंने केवल राजनीति की। उन्होंने कहा कि भाजपा के किसी भी सांसद ने हिमाचल को आपदा से निपटने के लिये केंद्र सरकार से मदद नहीं मांगी। यही नहीं राज्य सरकार ने आपदा के 10 हजार करोड़ रुपये के क्लेम सितंबर माह में केंद्र सरकार को भेजे हैं, लेकिन भाजपा नेता इसमें भी अड़ंगा लगा रहे हैं, जिसके लिए जनता भाजपा नेताओं का माफ नहीं करेगी।
आरोपी के कब्जे से 12 मोबाइल, दो लैपटाप, नौ सिम कार्ड, पैन ड्राइव और नकदी बरामद हिमाचल प्रदेश सीआईडी के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य खंड मंडी की टीम ने 12.56 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली से नाइजीरियन मूल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 12 मोबाइल, दो लैपटाप, नौ सिम कार्ड, पैन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है। पुलिस ने इन सभी को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में अन्य ठगी भी उजागर हो सकती है। फिलहाल यह पूरा मामला गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार साइबर क्राइम थाना मंडी में बीते 8 सितंबर, 2023 को 12.56 लाख रुपये आनलाइन धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इसमें शिकायतकर्ता को ऑनलाइन शादी का झांसा देकर तोहफा भेजने और कस्टम ड्यूटी फीस के नाम पर यह राशि ऐंठी गई थी। शिकायत मिलने और जांच पड़ताल के बाद साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी में टीम का गठन किया था, जिसमें निरीक्षक अजित सिंह, मुख्य आरक्षी आशीष कुमार, आरक्षी राज कुमार, आरक्षी आशिष पठानिया व आरक्षी चालक पुष्प राज को दिल्ली रवाना किया गया। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मंडी की टीम ने दिल्ली में दिल्ली पुलिस के उप निरीक्षक जोगिंद्र, आरक्षी मनीष, शिवानी, मेवा राम की सहायता से दबिश दी और एक नाइजीरियन मूल के व्यक्ति को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। जांच में पाया गया है कि मुकदमा में संलिप्त मोबाइल नंबर और बैंक खातों में धोखाधड़ी करके पैसे एंठने की भारत में अभी तक 9 राज्यों में साइबर क्राइम की शिकायतें दर्ज हुई हंै। आरोपी को न्यायालय हमीरपुर में पेश किया गया और छह दिन का रिमांड हासिल कर पूछताछ की गई। आरोपी को शनिवार को न्यायायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि पुलिस जांच जारी है। उधर, एएसपी साइबर क्राइम मनमोहन ने बताया कि मामले में नियमानुसार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
** तीन एचपीएस अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय शिमला बुुलाया सिविल सर्विस बोर्ड की सिफारिशों पर हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने छह आईपीएस और तीन एचपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर और तैनाती आदेश जारी किए हैं। डीआईजी प्रमोट होने के बाद तैनाती का इंतजार कर रहे आईपीएस अधिकारी मोहित चावला डीआईजी साइबर क्राइम शिमला के पद पर तैनात किए गए हैं। वहीं, इल्मा अफरोज को एसपी पुलिस जिला बद्दी लगाया है। तैनाती का इंतजार कर रहे आईपीएस अधिकारी सचिन हिरेमथ एस को एडीपीओ बड़सर हमीरपुर, तिरुमलाराजू एसडी वर्मा एसडीपीओ रामपुर, शिवानी मेहता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंबा और अदिति सिंह को एसडीपीओ पांवटा साहिब तैनात किया गया है। वहीं, एचपीएस अधिकारी लालमन, विनोद कुमार-2, महेंद्र ठाकुर को तुरंत पुलिस मुख्यालय शिमला में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इन एचपीएस अधिकारियों के तैनाती आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
** राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राजभवन में दिलाई शपथ ** बोले, भर्तियों में पारदर्शिता लाना रहेगी प्राथमिकता हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आयोजित एक समारोह में देव राज शर्मा को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी उपस्थित थे।राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने कार्यवाही का संचालन किया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, हिमाचल लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ठाकुर, मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष पी.एस.राणा, राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त आर.डी.धीमान, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, लोक सेवा आयोग के अन्य सदस्य, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, देव राज शर्मा के परिवार के सदस्य और अन्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कला को बढ़ावा देने के क्षेत्र में विशिष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अनुमोदित पद्मश्री अवॉर्ड के लिए चुने जाने पर सोमदत्त बट्टू को बधाई दी। शिमला के प्रसिद्ध गायक सोमदत्त बट्टू को शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्मश्री अवॉर्ड दिया जाएगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में 'एट होम' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी पत्नी कमलेश ठाकुर के साथ उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, अध्यक्ष एचपीटीडीसी आरएस बाली, मुख्य संसदीय सचिव, मोहन लाल ब्राक्टा और संजय अवस्थी, प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रतिभा सिंह, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग पी.एस.राणा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, पूर्व मंत्री, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, स्वतंत्रता सेनानी, शहर के प्रमुख व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, पुलिस और सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
** आपदा के समय लोगों को तुरंत राहत प्रदान करने में काम आती है विधायक निधि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विधायकों की विधायक निधि रोकने का फैसला सिर्फ प्रदेश के लोगों को परेशान करने के लिए किया गया है। सरकार ख़ुद कुछ कर नहीं रही है, इसलिए वह चाहती है कि विधायकों को भी कुछ करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से हर विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में अत्यावश्यक विकास कार्यों को करने के लिए धनराशि जारी करते थे, जिससे बहुत से जनहित के कार्य समय पर संपन्न हो जाते थे और लोगों को बहुत राहत मिलती थी। सड़के, रिटेंशन वॉल, ब्रिज, जल निकासी, जैसे न जाने कितने विकास कार्यों को बिना लंबी कागजी प्रक्रिया के व्यापक जनहित को देखते हुए तुरंत किया जा सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने विधायक निधि को रोककर जनप्रतिनिधियों को विकास के कार्य करने से रोक रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश आपदा के दौर से गुजर रहा है। इतने दिनों बाद भी सरकार लोगों को राहत पहुंचाने में नाकाम रही है। लोग चीख-चीख कर यह बातें आज मंत्रियों के सामने कह रहे हैं। ऐसे में विधायक निधि के माध्यम से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के विकास से जुड़े कामों को आसानी से करवाया जा सकता था। इससे लोगों को आपदा के समय में तुरंत राहत मिलती। उन्होंने कहा कि अब मनमानी बहुत हो गई। जो मन में आया, बिना सोचे विचारे करने के लिए हिमाचल के लोगों ने कांग्रेस को सत्ता नहीं सौंपी है। लोगों ने कांग्रेस को मौक़ा दिया था कि वह बेहतर काम करे। विकास करे। लेकिन यह सरकार लोगों की अपेक्षाओं के विपरीत काम कर रही है। जयराम ठाकुर ने मांग की कि सरकार दो दिनों के अंदर विधायक निधि का रुका हुआ पैसा जारी करे। सोमदत्त बट्टू को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर दी बधाई जयराम ठाकुर ने हिमाचल के प्रसिद्ध गायक, पटियाला घराने की शान माने जाने वाले सोमदत्त बट्टू को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सोमदत्त बट्टू पद्मश्री मिलना समूचे हिमाचल प्रदेश के लिये गर्व की बात है। सोमदत्त जी देश-विदेश में भारतीयता और हिमाचलियत के अग्रदूत रहे और संगीत की परंपरा को समृद्ध करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह और प्रसन्नता की बात है कि 86 साल की उम्र में भी सोमदत्त बट्टू संगीत के एक छात्र की तरह ही सक्रिय हैं और उनके शिष्य हिमाचल समेत देश भर में संगीत के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
** कार्यक्रम में सीएम सुक्खू एव नेता प्रतिपक्ष जयराम भी रहे मौजूद ** सेना, हिमाचल पुलिस, होमगार्ड व एनसीसी कैडेट्स ने की भव्य परेड देशभर में आज 75वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा। हिमाचल प्रदेश में भी रिपब्लिक डे उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। राज्य की राजधानी शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने ऐतिहासिक रिज पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। इस दौरान भव्य परेड में सेना, जेएंडके राइफल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, हरियाणा पुलिस, सेना पाइप बैंड, पुलिस विभाग की पुरुष और महिला टुकड़ियां, रक्षक, अग्निशमन सेवा दल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और डाक विभाग सहित करीब 27 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद विभिन्न विभागों की झांकियां भी निकाली गईं और विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग कार्यक्रम भी पेश किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि आज हमारा देश अभूतपूर्व तरक्की कर रहा है। भारत 2028 तक निश्चित रूप से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। वहीं, सीएम सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि 75 वर्ष पूर्व जिस भारत का सपना प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देखा था, वह धीरे धीरे साकार हो रहा है।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस बार पांच पद्म विभूषण, 17 पद्मभूषण और 110 पद्मश्री सहित कुल 132 पद्म पुरस्कार दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के सोमदत्त बट्टू को भी पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस बार राष्ट्र ने ऐसे 34 गुमनाम नायकों को सम्मानित किया है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किया है। इनमें पहली महिला महावत पार्वती बरुआ का नाम शामिल हैं। पार्वती ने रूढ़िवादिता से उबरने के लिए 14 साल की उम्र में जंगली हाथियों को वश में करना शुरू किया था। उन्हें सामाजिक कार्य (पशु कल्याण) के क्षेत्र में पद्मश्री के लिए चुना गया है।
** लाहौल घाटी के कई इलाकों ने ओढ़ी सफेद चादर ** अटल टनल की तरफ वाहनों की आवाजाही रोकी लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे हिमाचल वासियों प्रदेश के लिए खुशखबरी है। सूबे के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने करवट बदल ली है। कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रा और चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी सहित राज्य के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। आज सुबह अटल टनल रोहतांग और धुंधी इलाके में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। अटल टनल इलाके में लगभग एक इंच बर्फबारी हुई है, जिस वजह से अटल टनल की तरफ आम वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। सोलंगनाला से आगे सिर्फ फोर बाई फोर वाहन ही जा पा रहे हैं। अन्य वाहनों को सोलंगनाला से आगे जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, लाहौल घाटी के कई इलाकों ने भी बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। वहीं, बर्फबारी के बाद पांगी में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। उधर, प्रदेश की राजधानी शिमला में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं।
** लोक निर्माण मंत्री ने केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री से की भेंट लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन जयराम गडकरी से भेंट की और हिमाचल में गत वर्ष भारी बारिश व भू-स्खलन के कारण हुए नुकसान सम्बंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाली सड़कों की मरम्मत व उन्नयन के लिए 152 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि गत वर्ष बरसात के दौरान प्राकृतिक आपदा से हुई भारी तबाही के पश्चात् केन्द्रीय मंत्री ने कुल्लू व मनाली का दौरा कर राष्ट्रीय राजमार्ग को हुए नुकसान का जायजा लिया था। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ने वाले राज्य सम्पर्क मार्गों के एक किलोमीटर भाग तक बहाली की घोषणा की थी। इसके पश्चात केन्द्रीय मंत्रालय को राज्य की ओर से इन सड़कों के लिए 152 करोड़ रुपये की निधि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था। साथ ही राज्य सरकार द्वारा चार मुख्य राज्य मार्गों और राजमार्गों की बहाली के लिए 23.08 करोड़ रुपये का संशोधित प्राक्कलन भी भेजा गया था। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि इस प्राक्कलन में थलौट उपमण्डल के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-003 और राष्ट्रीय राजमार्ग-305 को जोड़ने वाले मार्गों की मरम्मत व रख-रखाव कार्य, मंडी-पंडोह राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने की स्थिति में पण्डोह से चैलचौक तक यातायात के सुचारू संचालन के लिए चैल-गोहर-पण्डोह सड़क का सुधार एवं सुदृढ़ीकरण, फोरलेन कार्य के फलस्वरूप पण्डोह बाईपास से राष्ट्रीय राजमार्ग के टकोली कुल्लू भाग की मरम्मत एवं रख-रखाव तथा मण्डी-कमांद-कटौला-बजौरा मार्ग की तुरंत मरम्मत की आवश्यकता है। यह सड़कें आपात स्थिति में आवश्यक खाद्य सामग्री सहित आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने तथा यात्रियों के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि टिक्कर-जड़ोल-गाहन-ननखड़ी-खमाडी सड़क के स्तरोन्नयन के लिए भी 108.33 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केन्द्र को स्वीकृति के लिए भेजी गई है जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने अपनी सहमति जताई। यह सड़क कोटगढ़, कुमारसैन, ननखड़ी और रामपुर तहसील की 12 पंचायतों की सेब बाहुल्य आबादी के लिए आवागमन एवं परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाती है। वहीं केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न प्राक्कलन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।
** राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल बतौर मुख्य अतिथि रहे मौजूद ** कहा, आज भारत के भविष्य निर्माण को जानने का दिन राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आज शिमला के गेयटी थियेटर में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। हर्ष का विषय है चुनाव आयोग की ओर से शिमला में यह कार्यक्रम रखा गया है। आज का दिन देश के नए मतदाताओं और भारत के भविष्य निर्माण को तय करने वाले लोगों को जानने का दिन है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने युवा मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का उपयोग सही जानकारी, जिम्मेदारी, नैतिकता और संवेदनशीलता के साथ करें क्योंकि विवेक के आधार पर मतदान करके वे नये भारत का भविष्य भी निर्धारित करेंगे। उन्होंने युवा मतदाताओं से उनके मित्रों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने का भी आग्रह किया। राज्यपाल आज शिमला के गेयटी थियेटर में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित १४वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि इस दिवस को मनाने की परंपरा लोकतंत्र के लिए प्रासंगिक और सार्थक है। उन्होंने युवा मतदाताओं को च्मतदाता फोटो पहचान पत्रज् प्राप्त करने पर बधाई दी और कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाता के रूप में योगदान करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है वहीं, मताधिकार को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने को लेकर राज्यपाल ने कहा कि मताधिकार को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने से देश के युवा मताधिकार के प्रति अधिक जागरूक होंगे और समाज को भी जागरूक कर पाएंगे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं समृद्धि की कामना की है। अपने बधाई सन्देश में राज्यपाल ने कहा कि देशवासियों के परिश्रम तथा सहयोग से राष्ट्र ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हमारा मार्गदर्शक है। गणतंत्र दिवस सभी को एक सूत्र में बांधने वाली भारतीयता के गौरव का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में प्रदेशवासियों का भारत को शांतिपूर्ण और प्रगतिशील देश बनाने की दिशा में समर्पित प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें गणतंत्र के आधारभूत सिद्धान्तों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अपनी लोकतांत्रिक जड़ों को और मजबूत बनाने के लिए निरन्तर अग्रसर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने भी सभी क्षेत्रों में आशातीत प्रगति की है जिसका श्रेय राज्य के मेहनतकश तथा ईमानदार लोगों को जाता है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह गर्व की बात है कि हिमाचल मुख्य क्षेत्रों में देश के अन्य राज्यों के लिए विकास का आदर्श बनकर उभरा है।
** सीएम ने धर्मपुर में की 54वें पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह की अध्यक्षता ** धर्मपुर के 200 महिला मंडलों को 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के धर्मपुर में आयोजित 54वें पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल में पहली बार पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में उन्होंने धर्मपुर क्षेत्र के 200 महिला मंडलों को 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होने कहा कि राज्य में इस वर्ष मार्च के अंत तक 6 ग्रीन कॉरिडोर शुरू हो जाएंगे। उन्होंने धर्मपुर में डीएसपी कार्यालय, धर्मपुर और संधोल में नगर पंचायत, संधोल वाया मढ़ी धर्मपुर सड़क और संधोल वाया स्योह धर्मपुर सड़क के लिए 10-10 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने बाबा कमलाहिया मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 3 करोड़ रुपये, टीहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के लिए 1.50 करोड़ रुपये, संधोल और धर्मपुर में संयुक्त कार्यालय भवन के लिए क्रमश: 1.50 करोड़ रुपये और 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण के लिए 1.50 करोड़ रुपये और नागरिक अस्पताल धर्मपुर और संधोल के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय सरकाघाट में एक बास्केटबॉल खेल छात्रावास (छात्रा), क्षेत्र में विभिन्न खड्डों के तटीयकरण के लिए 24.80 करोड़ रुपये, राजकीय महाविद्यालय सरकाघाट में जूलॉजी में स्नातकोत्तर कक्षाएं और राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में अंग्रेजी, अर्थशास्त्र तथा हिंदी में स्नातकोत्तर कक्षाएं आरंभ करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि फरवरी में 13 ई-चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिए जाएंगे और आगामी दो माह के भीतर चिन्हित पेट्रोल पंपों पर कुल 108 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कीरतपुर से केलांग ग्रीन कॉरिडोर में पहले से ही 5 ई-चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिए गए हैं और शिमला से बिलासपुर तक इसी प्रकार के 3 स्टेशन स्थापित किए गए हैं। कहा कि प्रदेश में ई-वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है और राज्य सरकार ने 1 जनवरी, 2024 से सभी सरकारी विभागों में पेट्रोल और डीजल वाहनों की खरीद पर रोक लगाई है।
** चार कर्मियों को पुलिस पदक से किया जाएगा सम्मानित ** केंद्र सरकार ने रिाष्ट्रीय वीरता और सेवा पुरस्कारों का कया ऐलान हिमाचल प्रदेश पुलिस के सहायक उप निरीक्षक मुकेश कुमार को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा, जबकि चार अन्य को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। वीरवार को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय वीरता और सेवा पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची के मुताबिक इस साल पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा के 1132 कर्मियों को इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसमें 667 पुलिस सेवा, 32 दमकल सेवा, 27 नागरिक सुरक्षा-होमगार्ड सेवा को और 27 सुधार सेवा के कर्मियों को देने की घोषणा हुई। पुलिस पदक के लिए आईजी सुमेदा त्रिवेदी, इंस्पेक्टर ओम प्रकाश व विनोद कुमार शर्मा सहित हेड कांस्टेबल राम किशन का चयन हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर महंगाई भत्ते व एरियर की आस लगाए बैठे कर्मचारियों व पेंशनरों को निराशा हाथ लगी है। मंडी के धर्मपुर में आयोजित 54वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महंगाई भत्ते और एरियर को लेकर कोई घोषणा नहीं की है, जिससे कर्मचारी और पेंशनर्स काफी निराश हैं। उन्हें उम्मीद थी की मुख्यमंत्री महंगाई भत्ते की देय चार प्रतिशत किस्त का ऐलान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समारोह में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, होमगार्ड, भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह, एनसीसी तथा स्काउट एवं गाइड की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली।
** मुख्यमंत्री ने मंडी के धर्मपुर में आयोजित 54वें पूर्ण राज्यत्व दिवस कार्यक्रम में की घोषणा ** कहा, तीन करोड़ से होगा बाबा कमलाहिया मंदिर का सौंदर्यीकरण हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों के 10 हजार पद भरे जाएंगे। वहीं, नए शैक्षणिक सत्र से पहली कक्षा में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के धर्मपुर में आयोजित राज्य के 54वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में लोगोंं को संबोधित करते हुए कही। समारोह में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, होमगार्ड, भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह, एनसीसी तथा स्काउट एवं गाइड की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अप्रैल में 13 अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। इस दौरान सीएम सुक्खू ने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनवाईं। उन्होंने धर्मपुर क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। संधोल को नगर पंचायत व धर्मपुर में डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा की। बाबा कमलाहिया मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए तीन करोड़ देने की घोषणा की।
** कसुम्पटी में बालिका दिवस पर आंगनबाड़ी में हुआ कार्यक्रम नगर निगम शिमला के कसुम्पटी वार्ड में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वार्ड की पार्षद रचना शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्यातिथि व आंगनबाड़ी केंद्र की कर्मियों व बच्चों ने इस मौके पर एक बूटा बेटी के नाम रोपित किया । वहीं, पेंटिंग करते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सेव गर्ल चाइल्ड का संदेश भी दिया, आंगनबाड़ी केंद्र में एक बच्ची का जन्मदिन भी उल्लास व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्षद रचना शर्मा ने कहा कि बेटी घर की शान है ,बेटियों की रक्षा करना हम सबका फर्ज व धर्म है। उन्होंने कहा कि बेटी को शिक्षित व सशक्त करने के लिए हमें लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कार हम घर से दे। उन्होंने कहा कि बेटियां पड़ती है तो पीढ़ियां सुरक्षित होती हैं उन्होंने कहा कि आज समय की जरूरत है कि बेटियों की रक्षा करते हुए उन्हें आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही। उन्होंने कहा कि आज कंधे से कंधे कंधा मिलाकर बेटियां आगे चल रही है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिला की प्रतिभा का लोहा माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में अनेक बड़े स्थान पर महिलाएं बैठी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राजनीति में आरक्षण की व्यवस्था हो रही है। उन्होंने कहा कि बेटियां सशक्त होंगी तो समाज सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में बचपन को स्वर रहे हैं, अच्छा संदेश देने का काम कर रहे हैं। रचना शर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि इन आंगनवाड़ी केंद्रों को और सशक्त सरकार को करना चाहिए, ताकि सभी बच्चे इन आंगनवाड़ी केंद्रों से निकलकर देश का भविष्य बने। उन्होंने बालिका दिवस पर सभी को बधाई भी दी।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 30 जनवरी को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहीद दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य पर पूरे देश में भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को पूरे प्रदेश में शहीद दिवस के अवसर पर प्रात: 11.00 बजे दो मिनट का मौन रखा जाएगा। सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में कार्य एवं आवागमन दो मिनट के लिए बंद रहेगा। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम तथा राष्ट्रीय एकता विषयों पर वार्ता एवं भाषण हाइब्रिड मोड पर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि शहीद दिवस के आयोजन में वे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
** कहा, 55 करोड़ रुपये से बिजली की तारें होंगी भूमिगत प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन महत्व के स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर के अनुरूप तैयार करने के लिए समग्र विकास को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शिमला शहर की अधोसंरचना को और सुदृढ़ करने तथा इसे विस्तार प्रदान करने के दृष्टिगत 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में 55 करोड़ रुपये की लागत से बिजली तारों को भूमिगत किया जाएगा। इससे शहर में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के दौरान भी उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस प्रयास से शिमला शहर का सौंदर्यीकरण बढ़ाने के साथ-साथ शहर का पुराना स्वरूप बहाल करने में मदद मिलेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि शिमला शहर के सर्कुलर रोड के सुधारीकरण और चौड़ा करने के लिए 45 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इससे सड़कों पर वाहनों की सुचारू आवाजाही से स्थानीय जनता और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को लोगों की सुविधा के लिए सर्कुलर रोड से सभी बाधाओं का निवारण करने के निर्देश भी दिए।
** एम्स व भारतीय प्रबंधन संस्थान में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए समझौता उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की उपस्थिति में उद्योग विभाग ने आज यहां भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के साथ इन संस्थानों में नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए। उद्योग निदेशक राकेश प्रजापति ने प्रदेश सरकार की ओर से यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्ट-अप को सभी प्रकार की सुविधाएं एवं सहयोग प्रदान करने के दृष्टिगत नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, इससे प्रदेश में औद्योगिकीकरण के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार ने इन दो अग्रणी संस्थानों के साथ यह समझौता ज्ञापन किए हैं। इनके साथ ही अब प्रदेश में इन्क्यूबेशन केंद्रों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर नए स्टार्ट-अप को रणनीति बनाने, नेटवर्किंग और बाजार तक पहुंच से संबंधित समझ विकसित करने के साथ ही अन्य उपयुक्त सहयोग प्रदान करेगा। एम्स बिलासपुर स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में स्टार्ट-अप को सहायता प्रदान करेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश स्थित प्रमुख संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है ताकि राज्य में नए उद्योगों और स्टार्ट-अप को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि नए उद्यमी इन प्रमुख संस्थानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक एवं प्रौद्योगिकी में आए बदलाव के बारे में कई तरह के नवाचार एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर इन्हें अपने उद्यमों में उपयोग में ला सकते हैं। इसके अतिरिक्त यह संस्थान विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में अपने प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भेज सकते हैं। इस तरह यह पारिस्थतिकी तंत्र उद्यमियों एवं इन संस्थानों दोनों के लिए ही लाभकारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उद्यमियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है और क्षमता निर्माण तथा नवाचार को बढ़ावा देने के दृष्टिगत उनके कौशल में निखार लाने के लिए भी आवश्यक सहयोग एवं व्यावसायिक परामर्श इत्यादि प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार प्राप्त करने के बजाय युवा रोजगार प्रदाता बन सकें, इस उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप/नवाचार परियोजनाएं/नव उद्योग योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य स्टार्ट-अप को व्यावसायिक सलाह और समग्र रूप से संचालन संबंधी सहायता उपलब्ध करवाते हुए इनकी उन्नति सुनिश्चित करना है ताकि रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा सकें।
** कांग्रेस सरकार प्रदेश का विकास करती तो सबसे ज़्यादा ख़ुशी हमें होती नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'प्रधानमंत्री सूर्योदय योजनाÓ की शुरुआत की गई। यह योजना भारत की भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करेगा। इस योजना के तहत एक करोड़ घरों पर सोलर पैनल लगाया जाएगा, जिससे देश के एक करोड़ परिवारों की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी हो सकें। इससे एक करोड़ परिवारों को बिजली का कोई बिल नहीं देना होगा। इससे बचने वाली बिजली अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना से ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में से एक होगा। नेता प्रतिपक्ष ने इतने व्यस्ततम कार्यक्रम के बाद भी 'प्रधानमंत्री सूर्योदय योजनाÓ जैसी महत्वाकांक्षी योजना देश के लोगों को समर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री महोदय के प्रति आभार प्रकट करते हुए समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की हर योजना देश व्यापक जनकल्याण और दीर्घकालीन लक्ष्यों को साधती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार अगर प्रदेश में सच में विकास के एक भी काम करती तो सबसे ज़्यादा ख़ुशी हमें ही होती लेकिन दु:ख इस बात का है कि 14 महीनें की सरकार में कांग्रेस ने विकास का एक भी काम नहीं कर पाई है। कांग्रेस ने अपने पूरे कार्यकाल में एक जनहित का काम नहीं किया है। एक भी जनहितकारी योजना ज़मीन पर नहीं उतरी है। अब बातें बनाने का वक़्त नहीं हैं। ज़मीन पर काम करने का वक़्त है। लोगों में बहुत आक्रोश हैं। इसलिए पिछली सरकार पर आरोप लगाने के बजाए अपनी सरकार में किए गए कामों के बारे में बात करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राहुल गांधी को यात्रा करने से कौन रोक रहा है लेकिन इस तरह से कानून की अवहेलना करके यात्रा करने का क्या औचित्य है। कहां, किस रूट पर जाना है, कहां नहीं जाना है यह सुरक्षा एजेंसियां तय करती हैं। सुरक्षा भी ऐसी यात्राओं में एक पक्ष होता है। सुरक्षा प्राथमिकताओं की उपेक्षा करने का क्या तुक है। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि राहुल गांधी असम में जाकर मंदिर जाने की ज़िद करते हैं लेकिन सदियों के संघर्ष के बाद बनने वाले राम मंदिर का विरोध करते हैं। पार्टी स्तर पर आदेश जारी करते हैं कि राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा में कोई भी कांग्रेसी नेता नहीं जाएगा। बीजेपी का विरोध करते-करते कांग्रेस भगवान श्री राम का भी विरोध करने लगी है। यह दु:खद हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भगवान राम का बहिष्कार कांग्रेस को आने वाले समय में बहुत महंगा पड़ेगा।
** कहा, प्रत्येक माह के अंतिम दो दिनों में आयोजित की जाएं राजस्व लोक अदालतें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रशासनिक सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रत्येक माह के अंतिम दो दिनों में राजस्व लोक अदालत आयोजित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इन लोक अदालतों के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। इन अदालतों में अब तक इंतकाल के 65000 से अधिक और तकसीम के 4000 से अधिक लंबित मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है क्योंकि वर्तमान सरकार जन-जन की सरकार है। उन्होंने कहा कि वन विभाग में वन मित्रों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और अगले महीने के पहले सप्ताह से शारीरिक परीक्षण भी आरंभ हो जाएगा। उन्होंने पुलिस विभाग में 1226 पुलिस कांस्टेबल पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को उनके घर-द्वार के समीप विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी तक राज्य के 50 विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा चुके हैं, इनमें 6-6 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को शिमला शहर के सर्कुलर रोड में यातायात के सुचारू संचालन के लिए सभी बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए।
** इस महायज्ञ के पूर्ण होने पर समूचे विश्व के समुदाय को शुभकामनाएं नेेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भगवान राम का अपनी जन्मस्थली अयोध्या में बाल रूप में विराजमान होते ही भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों के सदियों की प्रतीक्षा पूर्ण हुई। भगवान राम के मंदिर के लिए सैकड़ों साल का संघर्ष चला। जिसमें अनगिनत लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। तब जाकर यह शुभ अवसर आया है। उन्होंने इस महायज्ञ में योगदान देने वाले सभी बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके इस योगदान के कारण ही हम यह दिन देख पाए हैं कि भगवान राघव की मोहक मूर्ति उनके जन्मस्थान पर प्राण प्रतिष्ठित हो पाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत, राम जनभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समेत हज़ारों संतों, कर्मयोगियों और गणमान्यों की गरिमामय उपस्थिति में इस प्राण प्रतिष्ठा का पूरा विश्व साक्षी बना। नेता प्रतिपक्ष राम बाज़ार के राम मंदिर से सैकड़ों लोगों के साथ इस प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बने। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस शुभ अवसर का साक्षी बनना हर किसी के लिये गर्व और पुण्य का अवसर हैं लेकिन भारत की राजनैतिक पार्टियों ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया। इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ भी नहीं हो सकता है। बीजेपी का विरोध करते करते भारत की राजनैतिक पार्टियाँ भगवान राम का विरोध करने पर उतर आई हैं। उन्होंने कहा हमार्व देश के लोग जवाब देना जानते हैं और भगवान राम का विरोध करने वाले लोगों को देश के लोग जवाब देते रहेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि अयोध्या में सिफ़र् भगवान राम की जन्मस्थली पर दिव्य और भव्य मंदिर ही नहीं बना है बल्कि अयोध्या नगरी का भी चहुमुखी विकास हुआ है। आज अयोध्या विश्व में मानचित्र पर एक वैश्विक शहर के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के कुशल नेतृत्व में अयोध्या में विश्वस्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले हर राम भक्त को किस प्रकार की असुविधा न होने पाए। आजाद भारत रामराज की अवधारणा देने वाली अयोध्या प्रकार उपेक्षित रही लेकिन डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मानवता के इतिहास के सबसे सुखद क्षणों में से एक हैं। इसके लिए समस्त विश्व समुदाय को बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा का यह उल्लास समस्त मानवजाति को कल्याण के मार्ग पर ले जाएगा। उन्होंने भगवान राम से समस्त मानवजाति के कल्याण की प्रार्थना की। नेता प्रतिपक्ष ने संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कारसेवकों को किया सम्मानित नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर गेयटी थियेटर में संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार सेवक सम्मान समारोह में शामिल हुए।इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के लिये की गई कार सेवा में शामिल कारसेवकों को सम्मानित किया। इस दौरान कार सेवकों की शौर्य गाथाएँ भी वहाँ उपस्थित लोगों को सुनाई गई। उन्होंने कहा की राम मंदिर आंदोलन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग शामिल हुए। जिनके संघर्षों के कारण आज यह शुभ दिन आया है। इस महायज्ञ में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी हुतात्माओं को नमन करते हुए उन्होंने सभी का आभार जताया और शुभकामनाएं भी दी। इस कार्यक्रम में सुरेश भारद्वाज, रोहिताश, आशुतोष अग्रवाल,सुरेश शर्मा, श्रीमती शुभ महाजन ,प्रोफ़ेसर ज्योति प्रकाश,बिहारी शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, नरेश शर्मा, रमेश ठाकुर, अजय शर्मा जंगी, राजीव सूद, बाल कृष्ण ठाकुर, लक्षी राम, गोविंद राम, दिनेश शर्मा जी, सीता राम को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफ़ेसर नंदलाल और मंच संचालन प्रोफ़ेसर नितिन व्यास ने किया। इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने रिज मैदान पर प्रसाद वितरण किया।
हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा वर्ष 2023 में एकीकृत वाहन प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) द्वारा ई-चालान प्रक्रिया से 73,389 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं। इन चालानों का भुगतान ऑनलाइन प्रक्रिया से करते हुए कुल 2,63,45,699 करोड़ की राशि जुर्माना के तौर पर प्राप्त हुई है। हिमाचल प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को लागू करने के लिए एकीकृत वाहन प्रबंधन प्रणाली को पिछले एक वर्ष से प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरा की मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान समय में जिलों के अलग-अलग स्थान पर 48 इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) सक्रिय तौर पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें लगाए गए 180 ए आई कैमराज की मदद से ट्रैफिक वाईलेटर्स के चालान काटे जा रहे हैं। वर्तमान समय में करीब 25 आईटीएमएस को इंस्टॉल करने का कार्य प्रगति पर है, जो शीघ्र ही यह कार्य करना शुरू कर देंगे। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 में आईटीएमएस की ई-चालान प्रक्रिया से 73,389 वाहन चालकों के चालान कर कुल2,63,45,699 करोड़ की राशि जुर्माना के तौर पर प्राप्त हुई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए कल 8 लाख चालानों में 33 करोड़ की राशि बतौर जुर्माना वाहन नियमों का उल्लंघन करने वालों से प्राप्त हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर टीटीआर शिमला ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में एकीकृत वाहन प्रबंधन प्रणाली का उपयोग करने पर वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं वाहन चालकों के व्यवहार में मनोवैज्ञानिक परिवर्तन आने से कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं में 13 प्रतिशत, मौत के आंकड़ों में 14 प्रतिशत एवं घायलों की संख्या में 15 प्रतिशत की कमी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा वर्ष 2023 में ई-चालान प्रक्रिया के माध्यम से कुल करीब 8 लाख वाहन नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए गए, जिससे करीब 33 करोड़ का जुर्माना भी प्राप्त किया गया है। वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल प्रदेश में मानव हस्तक्षेप के बिना ही ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रक्रिया को 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा।
** राज्यपाल बोले, जिनके हृदय में राम, उन्हें ही अयोध्या के प्रभाव का एहसास राम मंदिर अयोध्या में श्री रामलल्ला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर राजभवन में आज प्रात: सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल एवं लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल की उपस्थिति में राजभवन में स्थापित यज्ञशाला में सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके उपरांत, राज्यपाल ने राजभवन के दरबार हॉल में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लाइव देखा। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा एवं राजभवन के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जिनके हृदय में भगवान राम हैं, उन्हें ही अयोध्या के प्रभाव का एहसास है। राज्यपाल ने कहा, ''यह कल्पना से परे अनुभवों का समय है और यह भक्ति की शक्ति है, जिसे शब्दों में नहीं बल्कि हृदय में महसूस किया जा सकता है।ÓÓ उन्होंने कहा कि भारतीय विरासत और संस्कृति को नए आयाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह समारोह शांति और सद्भाव का भी संदेश देता है।
** पूरे प्रदेश में दिवाली जैसा माहौल ** जगह-जगह लगे भंडारे, शोभा यात्राएं निकालीं भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में देवी-देवताओं की भूमि हिमाचल प्रभु राम के रंग में रंग गया है। पूरे प्रदेश में दिवाली जैसा माहौल है। राज्य के 4 हजार के करीब मंदिरों में एलईडी स्क्रीनें लगाकर रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह दिखाया गया। हर कोई भगवान राम की भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। मंदिरों में धार्मिक आयोजन, जगह-जगह भंडारे और शोभा यात्राएं निकाली जा रही हैं। प्रदेश की शक्तिपीठों, बज्रेश्वरी मंदिर, चामुंडा, ज्वालाजी, नयना देवी, चिंतपूर्णी में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मंदिरों में सोमवार सुबह अखंड रामायण पाठ, हवन, सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा पाठ हुआ। अगर बात करे शिमला जिला की तो यहां 100 से अधिक और राजधानी के 60 मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्राण प्रतिष्ठा समारोह लाइव दिखाया गया। शाम 5 बजे मंदिरों में दीप जलाएं जाएंगे। राजधानी का सबसे बड़ा कार्यक्रम राम बाजार स्थित राम मंदिर में हो रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के राम मंदिर में 24 घंटे चलने वाले अखंड पाठ का शुभारंभ ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया। यह अखंड पाठ सोमवार प्रात: 10 बजे संपूर्ण होगा। उन्होंने मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने अयोध्या में रामलल्ला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अवसर पर 22 जनवरी को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम हमारे आराध्य हैं और आज राम मंदिर शिमला में अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी पार्टी विशेष के नहीं हैं, बल्कि राम समूचे देश के आदर्श हैं और हमारी संस्कृति के आधार हैं। उन्होंने सभी से भगवान राम के दिखाए आदर्शों पर चलने की अपील की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सोमवार को अयोध्या में रामलल्ला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम रखा गया है और इस अवसर पर वह अपने घर में दीपक जलाएंगे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वह भविष्य में अयोध्या जा कर भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त करेंगेे। उन्होंने सभी लोगों से कल अपने-अपने घरों में दीप जलाने और भगवान राम के मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की भी अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के बिना हनुमान जी अधूरे हैं इसलिए सूद सभा के प्रस्ताव के अनुसार जाखू में हनुमान जी की मूर्ति के साथ भगवान राम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
** जिला किन्नौर व लाहौल-स्पीति के लोगों को मिलेगी सुविधा ** मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्माण जल्द पूरा करने के दिए निर्देश नगर परिषद रामपुर के वार्ड नंबर 9 में निर्माणाधीन जनजातीय भवन का प्रदेश बागवानी व राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा आज निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि इस भवन पर करीब 7 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 20 कमरे, 15 बेड की डोरमेट्री और एक मल्टीपर्पज हॉल बनाया जाएगा। इसका लाभ जिला किन्नौर व लाहौल-स्पीति के लोग उठा सकेंगे। इस मौके पर उनके साथ लोक निर्माण विभाग के एससी पासंग नेगी, प्रताप नेगी भी उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार बागवानी मंत्री 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम से भाग लेकर वापस शिमला लौट रहे थे तो उन्होंने निर्माणाधीन जनजातीय भवन के काम को देखने में रुचि दिखाई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।
** कहा, जाखू में हनुमान की मूर्ति की तरह अब राम की भी मूर्ति स्थापित की जाएगी अयोध्या राम मंदिर में 22 जनवरी यानी कल भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। इसको लेकर केंद्र सरकार ने आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में पूरे दिन के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री राम मंदिर शिमला में अखंड ज्योति पाठ के शुभारंभ पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जाखू में हनुमान की मूर्ति की तरह अब श्री राम की भी मूर्ति स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री राम किसी एक पार्टी के नहीं हैं, वे पूरे देश के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों को हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि सभी लोग कल अपने घर में दीपक जलाएं, वे स्वयं भी दीपक जलाएंगे।
** युवाओं को केवल गुमराह कर रहा है विपक्ष ** 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के प्रति लोगों में भारी उत्साह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के प्रति प्रदेशभर में लोगों में खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के परिवर्तनकारी निर्णयों और उनके सकारात्मक परिणामों से लोगों को अवगत करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की सही जानकारी प्राप्त कर अब प्रदेशवासियों को नि:संदेह विश्वास हो गया है कि भाजपा ने सदैव ही हिमाचल के हितों की अनदेखी की है और अभी भी वह प्रदेश व यहां के लोगों के साथ नहीं खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेओए-आईटी भर्ती को लेकर राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और सभी कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां तथ्यहीन हैं और ऐसी बातों का कोई आधार नहीं है। प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील है और इस दिशा में सार्थक सोच से उचित निर्णय ले रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि गेस्ट टीचर मामले में भी भ्रम फैलाना सही नहीं है। सरकार ने यह निर्णय विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के दृष्टिगत लिया है। गेस्ट टीचर की सेवाएं केवल अध्यापक के तबादला होने या अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में ही ली जाएंगी। गेस्ट टीचर चयन के लिए मेरिट को विशेष अधिमान दिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष युवाओं को केवल गुमराह कर रहा है और केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस निर्णय की निंदा कर रहा है।
In Himachal Pradesh, the Chief Minister has instructed to suspend the implementation of the period-based guest teacher recruitment policy until further orders. CM Sukhwinder Singh Sukkhu announced the decision, emphasizing that a detailed discussion on the matter will take place only after the return of the Education Minister to Shimla. Singh mentioned that the policy would be implemented after thorough consideration. The Chief Minister shared this information with journalists during a conversation at the state secretariat on Saturday. He clarified that guest teachers would be paid on an hourly basis according to the period, and there would be no permanent recruitment on a monthly or annual basis; guest teacher recruitment is temporary.
** पॉलिसी पर विस्तृत विचार-विमर्श पर दिया जोर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अवधि आधारित अतिथि शिक्षक भर्ती नीति के क्रियान्वयन को अगले आदेशों तक स्थगित करने के निर्देश दिये हैं। सीएम सुक्खू ने भर्ती पर अस्थायी रोक लगाते हुए इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा मंत्री के शिमला लौटने के बाद ही इस मामले पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस नीति को गहन विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शनिवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षक भर्ती अस्थायी है। अतिथि शिक्षकों को अवधि के अनुसार घंटे के आधार पर भुगतान किया जाएगा और मासिक या वार्षिक आधार पर कोई स्थायी भर्ती नहीं होगी।
शिमला की समरहिल पंचायत के अभिषेक कुमार पुत्र विजय कुमार ने 24 वर्ष की उम्र में पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय स्तरीय नेट जीआरएफ एंड असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास) परीक्षा उत्तीर्ण की। अभिषेक कुमार ने अपनी ग्रेजुेएशन संजौली कॉलेज से की है और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मास्टर कर रहे हैं। इसके अलावा अभिषेक कुमार सेशन कोर्ट कुल्लू में जॉब भी कर रहे हैं।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की अंबाला से बद्दी आ रही बस में फर्जी टिकट बनाकर हजारों रुपये डकारने वाले कंडक्टर को परिवहन ने सस्पेंड कर दिया है। निगम प्रबंधन ने परिचालक को 45 यात्रियों को फर्जी टिकट जारी कर 4500 रुपये के गबन का दोषी पाया है। कंडक्टर ने टिकट मशीन से छेड़छाड़ कर खाली पर्चियां निकालीं और उन पर हाथ से 4,500 रुपये के फर्जी टिकट बना दिए थे। मशीन खराब होने के नाम पर परिचालक ने यह पूरा खेल रचा था। जब एचआरटीसी की फ्लाइंग स्क्वायड ने निरीक्षण के दौरान कंडक्टर को पकड़ा तो टिकटों का हिसाब नहीं दिखा पाया। फ्लाइंग स्क्वायड की रिपोर्ट पर निगम प्रबंधन ने मामले की जांच का जिम्मा तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि परिचालक ने जानबूझ कर यह गड़बड़ी की है। एचआरटीसी परवाणू डिपो ने संबंधित परिचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और व्यक्तिगत सुनवाई का भी मौका दिया, लेकिन परिचालक की ओर से दी गई दलीलें तथ्यहीन पाई गईं। इस पर क्षेत्रीय प्रबंधक परवाणू ने अनुबंध के नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित परिचालक को सेवाओं से बर्खास्त कर दिया।
** सरकार से 31 मार्च से पहले नियुक्ति देने की उठाई मांग जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जोओए) आईटी पोस्ट कोड-817 भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी नहीं होने से अभ्यर्थी भड़क उठे हैं। अभ्यर्थियों ने गत दिवस प्रदेश सचिवालय के बाहर धरना दिया था, लेकिन मांगों पर सुनवाई न होने पर आज अभ्यर्थी मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर पहुंच गए और सीएम से मिलने पर अड़े रहे। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने अभ्यर्थियों को गेट के बाहर ही रोक दिया था। अभ्यर्थियों ने जेओए आईटी-817 के अंतिम रिजल्ट को घोषित कर 31 मार्च से पहले इन पदों पर नियुक्ति देने की सरकार से मांग उठाई है। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने वर्ष 2020-21 में पोस्ट कोड-817 जेओए आईटी के 1,867 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे थे। प्रदेश भर से करीब एक लाख युवाओं ने इन पदों के लिए आवेदन किया। आवेदन करने के बाद आयोग ने 21 मार्च 2021 को लिखित परीक्षा ली। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आयोग ने पहले एक फरवरी से 24 फरवरी 2022 और उसके बाद दो मार्च और 22 जून 2022 को स्किल टेस्ट भी करवाया। लिखित और स्किल टेस्ट में उत्तीर्ण 4,335 अभ्यर्थियों के लिए एक अगस्त से 31 अगस्त 2022 तक पंद्रह अंकों की मूल्यांकन परीक्षा करवाई गई। इसके बावजूदन अभी तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया। युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 60 दिन के भीतर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। अब इतने अधिक दिन बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार निर्णय नहीं ले पाई है। इसके चलते अभ्यर्थियों को मानसिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और 12वीं बोर्ड कक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तिथियां तय कर दी हैं। शिक्षा बोर्ड 21 फरवरी से प्रैक्टिकल परीक्षाएं करवाएगा। इस बाबत शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इन परीक्षाओं का आयोजन स्कूलों को आंतरिक स्तर पर करना होगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 की दसवीं और 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 21 से 29 फरवरी तक होंगी। इन प्रैक्टिकल परीक्षाओं को संबंधित स्कूलों को आंतरिक रूप से करना होगा। परीक्षाओं से संबंधित प्रश्नपत्रों को विषय से संबंधित अध्यापकों को ही मौके पर तैयार करना होगा। वहीं प्रैक्टिकल फाइल, अवार्ड लिस्ट और अन्य विस्तृत निर्देश स्कूलों की लॉगिन आईडी पर भेज दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक विषयों से संबंधित प्रैक्टिकल परीक्षाओं की डेटशीट आरएमएस-एनएसडीसी निदेशालय की ओर से अलग से जारी की जाएगी।
** पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्कर्स की होगी भर्ती ** कर्मचारियों की पंचायत स्तर पर की जाएगी तैनाती हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी के सपने संजाये बैठे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जल शक्ति विभाग में हजारों पद भरे जाएंगे, जिसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। जानकारी के मुताबिक विभाग में 4500 पद भरे जाएंगे, जिनमें पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्कर्स (एमपीडब्ल्यू) की भर्ती की जाएगी। ये कर्मचारी शिमला, हमीरपुर, मंडी और धर्मशाला जोन में रखे जाएंगे। विभाग ने भर्ती के लिए अधीक्षण, अधिशासी अभियंता और अधीक्षक की कमेटी गठित की है। पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की तैनाती की जानी है। विभाग में कर्मचारियों की कमी है। इनकी तैनाती से विभाग को काफी हद तक राहत मिलेगी, वहीं गांवों में पानी की सप्लाई को लेकर आ रही समस्या भी दूर होगी। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद विभाग भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रहा है। आईटीआई और डिप्लोमा प्राप्त उम्मीदवारों को वरीयता मिलेगी। आवेदनकर्ता का 10वीं पास होना अनिवार्य है। वर्कर पॉलिसी के तहत इनकी तैनाती की जानी है। विभाग कर्मचारियों को 5,500 रुपये तक मासिक मानदेय देगा। पानी के पंप स्टेशन, स्टोरेज टैंक की देखरेख समेत सप्लाई देने का काम इनका रहेगा और 6 घंटे काम लिया जाएगा। जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि जल शक्ति विभाग में वर्करों की तैनाती को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। जल्द लोगों से आवेदन मांगे जाएंगे और भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस फैसले से जहां युवाओं को रोजगार मिल सकेगा, वहीं जनता को भी राहत मिलेगी।


















































