राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, व नंद लाल के साथ ठयोग, कुमारसेन विधानसभा हलके के माधावानी गांव में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, बगीचों, मकानों को हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना। बागवानी मंत्री व शिक्षा शिक्षा मंत्री ने कुमारसैन के साथ ननखड़ी व रामपुर क्षेत्र के खोलीघाट सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया व राहत कार्यो का जायज़ा लिया। आपदा पुनर्वास समिति अध्यक्ष राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अधिकारियो को राहत कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया व विभाग को भारी बरसात मे हुए निजी अथवा सामुदायिक नुकसान का सही आंकलन जल्द करने का भी आश्वासन दिया है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर लगातार जारी है। नेशनल हाईवे पांच रामपुर की ब्रौनी खड्ड में भूस्खलन से फिर बंद हो गया है। इससे किन्नौर जिले व सीमावर्ती क्षेत्रों का अन्य भागों से सड़क संपर्क कट गया है। वहीं, आसपास के हजारों लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। भारी बारिश के चलते हाईवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गुरुवार को ही ब्रौनी खड्ड और पशाडा खड्ड के पास भूस्खलन से बंद एनएच पांच 12 घंटों बाद यातायात के लिए बहाल हुआ था, लेकिन शुक्रवार को यह फिर बंद हो गया है। किन्नौर व शिमला जिले में लगातार जारी बारिश ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। किन्नौर में अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर यातायात ठप है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 28 व 29 जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 30 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार की संभावना है। गुरुवार रात को कटौला मंडी में 118.3, धर्मशाला 76.2, करसोग 71.2, मंडी 63.3 और रामपुर में 49.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला में भी रात से बारिश हो रही है। 204 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक जगह-जगह भूस्खलन से 466 सड़कें यातायात के लिए ठप थीं। शिमला जिले से सबसे ज्यादा 220 और कुल्लू में 115 सड़कें बंद हैं। वहीं, राज्य में 552 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। इसी तरह 204 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित चल रही हैं। शिमला, कुल्लू व मंडी में सबसे ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार के अथक प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में एक बड़े चिड़ियाघर की स्थापना के लिए केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से पूर्व स्वीकृति प्राप्त हो गई है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत बड़े चिड़ियाघर की स्थापना एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा के बनखण्डी में बड़े चिड़ियाघर की स्थापना प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी परियोजना है। केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति से सरकार की इस परियोजना को मूर्तरूप प्रदान करने में बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है और राज्य सरकार के प्रयासों को साकार करने में यह परियोजना मील पत्थर साबित होगी। प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) राजीव कुमार ने बताया कि केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा जून, 2023 को बुलाई गई 108वीं तकनीकी समिति की बैठक के दौरान बड़े चिड़ियाघर की स्थापना के प्रस्ताव का गहन मूल्यांकन करने के उपरान्त, समिति ने इसकी स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इस चिड़ियाघर में विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के मूल वन्य जीवों को रखा जाएगा। यह चिड़ियाघर पर्यटकों के लिए वन्य जीवों से जुड़ने, उनके प्राकृतिक व्यवहार और पारिस्थितिक महत्त्व की समझ विकसित करने के केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह चिड़ियाघर वन्य जीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- हर साल बनते हैं दवाइयों के लाखों बैच, कम गुणवत्ता वाली दवाओं की दर महज एक प्रतिशत हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (रिटा.) धनी राम शांडिल ने हिमाचल में फार्मा कंपनियों द्वारा उत्पादित की जा रही दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे आशंकाओं को दूर करने की पहल की है। शांडिल ने कांगड़ा दौरे के दौरान जारी बयान में कहा कि महज कुछ लोगों की वजह से पूरे प्रदेश के फार्मा उद्योग को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए और जो भी लोग इस पर अनापशनाप बयानबाजी करते हैं वो तकनीकी तथ्यों से अनभिज्ञ है। ऐसे लोग तथ्यों की जानकारी बिना गलत बयानबाजी न करें क्योंकि इससे देश में हिमाचल की छवि खराब होती है। कर्नल शांडिल ने कहा कि प्रदेश में बन रही दवाइयां गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरी उतरती हैं। हर साल प्रदेश की फार्मा कंपनियों से दवाइयों के लाखों बैच बिक्री के लिए निकलते हैं। शांडिल ने कहा कि दवाइयों की गुणवत्ता में कमी आने के कई कारण होते हैं। इनमें रखरखाव में कमी, उचित तापमान का अभाव , ट्रांसपोर्टेशन के दौरान हुई लापरवाही आदि शामिल हैं। ऐसे में हर दवाइयों की शुद्धता पर सवाल उठाना सही नहीं है। दवाओं की गुणवत्ता पर हायतौबा मचाने वाले पहले तकनीकी जानकारी हासिल करें तो बेहतर होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ड्रग कंट्रोलर विभाग द्वारा प्रदेश में चल रही फार्मा कंपनियों में उत्पादन का नियमित निरीक्षण किया जाता है। कमी मिलने पर तुरन्त कार्रवाई होती है। कांग्रेस सरकार ने अपने सात माह के कार्यकाल में शिकायतें मिलने पर करीब 30 दवा निर्माताओं के लाइसेंस रद्द किए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के दवा निरीक्षकों ने पहली बार अनियमितताएं बरतने वाले कई दवा निर्माताओं पर केस दर्ज करवाकर उन्हें गिरफ्तार भी करवाया है जिनकी संख्या 11 के आसपास है। शांडिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर एनएसक्यू दवाओं का प्रतिशत 3: के लगभग है जबकि उसके आगे हिमाचल का प्रतिशत कुछ भी नहीं है । फिर भी हम सख्त कदम उठा रहे हैं और आगे भी उठाएंगे । हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की दवा कंपनियां काम कर रही हैं और इनकी वजह से हिमाचल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। कुछ काली भेड़ों की वजह से पूरे प्रदेश और यहां के उद्योगों को बदनाम करना सही नहीं है। शांडिल ने कहा कि वह आने वाले समय में सेहत महकमे को और सशक्त करेंगे। फील्ड में कार्यरत विशेषकर छापेमारी में संलग्न विभागीय अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी। विभाग में किसी भी स्तर पर यदि कोई भी कमी पाई जाती है तो उसे शीघ्र दूर किया जाएगा।
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त युनूस ने आज यहां बताया कि विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रर्वाई करते हुए बरोटीवाला, टिपरा, कुल्हाड़ीवाला व सैन्सीवाला में छ: सदिग्ध स्थानों में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 के तहत छापामारी की। छापामारी के दौरान दो करियाना दुकानों से 80 बोतलें देशी शराब बरामद की गईं। बरामद की गई शराब चण्डीगढ़ में विक्रय के लिए थी। एक करियाना दुकान के सामने एक स्कूटी में से भी शराब की 14 बोतलें बरामद की गईं। बरोटीवाला क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतों के मद्देनज़र यह कार्रवाई की गई और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाही जारी रहेगी। अप्रैल 2023 से 26 जुलाई, 2023 तक बीबीएन में अलग-अलग छापेमारियों में अवैध शराब के 19 मामले पकड़े गए जिसमें अब तक 1114.482 लीटर शराब बरामद व जब्त की गई है। आयुक्त ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पूरे प्रदेश में लगातार अभियान चलाया जा रहा है जिसमें विभिन्न जिलों व विशेष टीमों ने अलग अलग जगह कार्रवाई की गई है। आबकारी आयुक्त ने बताया कि विभाग ने प्रदेश में एक माह में अलग-अलग जगह से लगभग 750 पेटी अवैध शराब जब्त की है तथा विभिन्न धाराओं में 200 मामले आबकारी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किए हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को अवैध शराब के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए आमजन से भी आग्रह किया कि अवैध शराब से सम्बन्धित मामले नजर में आते ही विभाग के ध्यानार्थ लाएं। उन्होंने बताया कि विभाग ने मुख्यालय में कन्ट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जो कि चौबीसों घंटे कार्य करेगा। इस संदर्भ में कोई भी शिकायत दूरभाष नम्बर 94183-31426 पर दर्ज करवाई जा सकती है।
उप मुख्यमंत्री ने ज्वालाजी मंदिर में नवाया शीश राज्य के शक्तिपीठ हर वर्ष लाखों श्रद्वालुओं को आकर्षित करते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों को ई-कनेक्ट करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है जिससे भक्तों को घर बैठे ही दर्शन की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को ज्वालामुखी मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के मंदिरों, शक्तिपीठों में हवन, भंडारा और जागरण समारोहों के लिए आनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना आरंभ की है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से श्रद्वालु मंदिर के पुजारियों से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों के अनुभवों को और सुखद बनाने के लिए सरकार प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी कार्य कर रही है। श्रद्वालुओं को मंदिरों में विश्राम के लिए भी बेहतर सुविधाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीर्थ स्थान पर्यटन का केंद्र बिंदु है तथा इसी दृष्टि से मंदिरों को विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि तीर्थाटन के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि ज्वालाजी मंदिर हिमाचल का एक प्रमुख शक्तिपीठ है तथा इसे सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्वालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कला तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए भी सरकार कारगर कदम उठा रही है इस बाबत हिमाचल की विभिन्न कलाओं को देश भर में पहचान दिलाने के लिए सार्थक पहल की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 75 वर्ष पूर्ण होने पर गेयटी सभागार शिमला में बहुत ही धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजशरण शाही मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबिता फोगाट उपस्थित रहीं। फोगाट ने संबोधन करते हुए विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित मिशन साहसी कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद को ऐसे ओर कार्यक्रम छात्राओं के लिए करवाने चाहिए व यहां मेरे सहयोग व सहायता की जरूरत होगी वह मैं करूंगी। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम अमृत महोत्सव समारोह की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आकाश नेगी ने बताया कि इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में देश व प्रदेश कानाम ऊंचा करने वाले व सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की भी झलक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से देखने को मिली। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अभाविप के पूर्व कार्यकर्ता, शिमला जिला की विभिन्न इकाइयों के कार्यकर्ता व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रभारी व उपाध्यक्ष मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा (सेवानिवृत्त) ने कहा कि 26 जुलाई को भारतीय सेना द्वारा कारगिल की ऊंची चोटियों पर पाकिस्तानी सेना को परास्त करने व शहीद सैनिकों की शहादत को याद करते हुए मनाया जाता है। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सभी शहीद सैनिकों के समक्ष नतमस्तक होते हुए, पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों के हितों व इस परम्परा का सम्मान करते करते हुए पूर्व की तरह कारगिल युद्ध विजय दिवस बहुत बड़े स्तर पर प्रदेश भर में मनाया। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग, जिला सैनिक कल्याण विभाग,जिला प्रशासन द्वारा राज्य व हर जिला,ब्लाक स्तर पर भी शहीद सैनिकों को स्मरण कर कार्यक्रम आयोजित किये गए। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सर्वप्रथम अपनी और से शहीदों के प्रति अपनी सच्ची संवेदना व श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी कृतज्ञता प्रकट की। सभी जिलों में कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को सलामी देकर सैनिक युद्ध स्मारकों पर श्रद्धासुमन व मालाएं अर्पित की गई। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के रणबांकुरों के परिवारों,वीर नारियों और कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों को प्रदेश भर में कांग्रेस सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। जिसमें प्रदेश भर से हज़ारों पूर्व सैनिकों, पूर्व सैनिक संगठनों, सैनिक लीग व सैनिक परिवारों व स्थानीय लोगों ने बहुत भारी संख्या में हिस्सा लिया। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रभारी व उपाध्यक्ष मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा ने कहा कि जहां प्रदेश सरकार शहीद सैनिकों को स्मरण कर विजय दिवस समारोह आयोजित किए वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा के एक प्रवक्ता ने इस पुण्य अवसर पर औछी राजनीति करते हुए ब्यान दिया कि 'प्रदेश सरकार कारगिल विजय दिवस समारोह मनाना भूल गई है'। भाजपा प्रवक्ता की यह बात निन्दनीय व शत प्रतिशत झूठ है और हम सभी इसका खंडन करते हैं। हमारे बहादुर शहीद सैनिकों का अपमान कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मेजर जनरल राणा व समस्त कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग ने कहा कि शहीद सैनिकों के नाम पर भाजपा की झूठी व औछी राजनीति किसी से छुपी नहीं है। भाजपा प्रवक्ता को पहले सब कुछ जान लेना चाहिए था,आज के सभी समाचार पत्रों, मीडिया में माननीय मुख्यमंत्री जी का श्रद्धा सन्देश एवं प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित शहीद सैनिकों के सम्मान में आयोजित सभी कार्यक्रमों का ब्यौरा भरा पड़ा है। भाजपा की झूठी बयानबाजी का प्रदेश भर के सभी पूर्व सैनिकों ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। अत: भाजपा को सलाह है कि भविष्य में भी सेना के शहीदों,पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के नाम पर राजनीति करने से परहेज़ रखे।
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने और लोगों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में भी 'परिवार रजिस्टर' बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिवार रजिस्टर के रखरखाव नियम, 2023 के एक प्रारूप को हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। शहरी क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 48 ए धारा 308 ए और हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 43 (5) और धारा 393 में संशोधन किया गया है ताकि परिवार रजिस्टर के रखरखाव का प्रावधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का यह नवोन्मेषी कदम शहरी क्षेत्रों के लिए योजनाओं को तैयार करने के दृष्टिगत निर्णय लेने में मील पत्थर साबित होगा। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के बारे में महत्वपूर्ण डॉटा उपलब्ध होगा, जिसके उपयोग से संसाधनों के बेहतर आबंटन सुनिश्चित कर जन कल्याण के लिए स्टीक योजनाएं बना जा सकेंगी। अभी तक केवल ग्राम पंचायतों में ही परिवार रजिस्टर रखे जाते थे। इस पहल के साथ, शहरी आबादी की आपत्तियों और सुझावों के उपरांत अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का प्रभावी ढंग से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी तक परिवार रजिस्टर को संशोधित किया जा सकता है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में रहने वाले सदस्यों, उनके व्यवसाय, जाति, शैक्षणिक स्थिति और अन्य आवश्यक विवरणों का रिकार्ड रखना महत्वपूर्ण है। पारिवारिक रिकार्ड सुनिश्चित होने से सरकार द्वारा प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय निकायों के लोगों को लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। संशोधित नियमों के तहत वार्ड समिति के संबंधित सचिव को वार्ड के वास्तविक निवासियों के परिवारों के विवरण के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना आवश्यक होगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी या नगर पंचायत के सचिव या इसके लिए विशेष रूप से नामित सत्यापन अधिकारी द्वारा रजिस्टर सत्यापित किया जाएगा। सभी आवश्यक संशोधन और सत्यापन पूरे होने के उपरांत तैयार किया गया अंतिम परिवार रजिस्टर अनुमोदन के लिए सदन के समक्ष रखा जाएगा और राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा यह डाटा ऑनलाइन मोड के माध्यम से आम जनता को उपलब्ध करवाया जाएगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 99.60 प्रतिशत राशनकार्ड लाभार्थियों के राशनकार्ड को आधार संख्या से जोड़ा जा चुका है। प्रदेश में कुल 74,60,584 लाभार्थी हैं, जिनमें से 74,30,737 लाभार्थियों के आधार राशनकार्ड से जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपने राशनकार्ड को आधार से नहीं जोड़ा है वह 15 अगस्त से पूर्व नजदीकी राशन डिपो में जाकर अपना आधार दर्ज करवा सकते हैं। यदि कोई अपना आधार 15 अगस्त तक दर्ज नहीं करवाता है तो इस स्थिति में राशनकार्ड को अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा तथा आधार की जानकारी उपलब्ध करवाने के बाद ही राशनकार्ड को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राशनकार्ड धारकों की सुविधा के लिए लाभार्थिर्यों के मोबाइल नंबर को भी उनके राशनकार्ड के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उचित मूल्य की दुकानों पर उपलब्ध करवाए जा रहे खाद्यान्नों की सुविधा संबंधित जानकारी उपभोक्ताओं को पंजीकृत मोबाइल पर दी जा सके। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर जाकर अपडेट मोबाइल नम्बर विकल्प के अधीन अपने 12 अंकों के आधार नम्बर दर्ज करवाने के उपरांत अपना मोबाइल नम्बर अपडेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहा है कि राशनकार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप ही हो। इस विषय में उपभोक्ता अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी उचित मूल्य दुकानदारों को समयबद्ध ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां विजय दिवस पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। े इन बहादुर जवानों की स्मृति में हर वर्ष 26 जुलाई को विजय दिवस मनाया जाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की भावी पीढ़ियों के लिए वे प्रेरणास्रोत हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कारगिल में अदम्य साहस का परिचय देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और प्रदेश के 52 वीर सपूतों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश सदैव याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बहादुर सैनिकों का साहस व देशभक्ति, नि:स्वार्थ राष्ट्र सेवा की सच्ची भावना को दर्शाता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस सरकार इतिहास में सदा जनता के साथ छल किए जाने के बारे में ही जानी जाएगी। दिसंबर 2022 में कांग्रेस सरकार सत्ता में केवल इसलिए आई कि चुनाव के दौरान लोक लुभावन गारंटियां दी गई 22.50 लाख बहनों को धोखे में रखकर उनका वोट लिया गया। हर कोने में, हर मोहल्ले में, हर गांव में, हर चौक-चैराहे पर चिल्ला-चिल्लाकर कांग्रेस नेता यह बयान देते रहे कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही 18 साल से 60 साल की हर महिला को 1500 रुपये महीना उसके खाते में आएगा। न उससे यह पूछा जाएगा कि उनकी जाति क्या है, आय क्या है और बिना किसी शर्त के पहली कैबिनेट से यह पैसा बहनो के खाते में आएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर 1500 रुपये दिए जाने के फॉर्म भरवाए और बहन-बेटियों को वोट लेने के लिए गारंटी दी। बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार 22 लाख बहनों के साथ धोखा कर रही है, अन्याय कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री का यह बयान कि हमने बहनो की गारंटी पूरी कर दी है, इस बात को साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सरकार की नीयत में पहले दिन भी खोट था और आज भी है। स्पिति ब्लॉक की चंद बहनों को 1500 रुपये महीने की पेंशन लगाकर यह घोषित करना कि सरकार ने आपकी गारंटी पूरी की है, इससे बड़ा धोखा हिमाचल प्रदेश की बहनों के साथ कोई नहीं हो सकता। पिछले 8 महीने में प्रदेश सरकार गारंटियों के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह के मुद्दे घड़ रही है जिन मुद्दों का गारंटियों के साथ कोई मेल नहीं है। चुनाव के दौरान 5 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने की गारंटी दी गई। नौकरी देना तो दूर की बात, सैंकड़ों लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। नौकरी देने वाला संस्थान बंद कर दिया और युवाओं को प्रदेश सचिवालय के बाहर आंसू बहाने के लिए छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस से एक-एक गारंटी का हिसाब लेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 22 खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के तबादले हैं। सचिव ग्रामीण विकास प्रियतु मंडल ने तबादला आदेश जारी किए हैं। यशपाल को परियोजना निदेशक बिलासपुर, ओम प्रकाश को को परियोजना निदेशक चंबा, राजकुमार को परियोजना निदेशक हमीरपुर, चंद्रवीर को परियोजना निदेशक कांगड़ा, सिकंदर को परियोजना निदेशक किन्नौर, पारुल कटयार को परियोजना निदेशक लाहौल-स्पीति, जयवंती को परियोजना निदेशक कुल्लू, कीर्ति चंदेल को परियोजना निदेशक शिमला लगाया गया है।
एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा आज मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विश्वविद्यालय के पिंक पेटल चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि मणिपुर राज्य में पिछले ढाई महीने से काफी भयंकर हिंसा हो रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर मणिपुर राज्य का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमा रही है। मणिपुर राज्य में पिछले ढाई महीने से काफी भयंकर हिंसा हो रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर मणिपुर राज्य का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ 2 महिलाओं को नंगा करके घुमा रही है, लेकिन केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार इस निदनीय कृत्य पर आज तक कार्यवाही करने में असमर्थ है। जहां एक और केंद्र भाजपा सरकार बेटी बचाओ बेटी बेटीपढ़ाओ का नारा देती है मणिपुर में बेटियों पर अत्याचार हो रहे है लेकिन केंद्र कि भाजपा सरकार आज तक चुपी साध के बैठी है। उन्होंने कहा है कि आज देशवासियों को ये सोचने कि ज़रूर है कि बेटियों को बचाना किस से है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई माँग करती है की दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये और मणिपुर के मुख्यमंत्री नैतिकता के आधार पर जल्द से जल्द इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के पांच दशकों का शांतिपूर्ण संघर्ष लाया रंग, अब बिल जाएगा राष्ट्रपति के पास हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन से सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर आई है। बुधवार को चर्चा के बाद राज्यसभा में गिरिपार क्षेत्र का हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल को पारित हो गया है। लोकसभा में यह बिल पहले ही पारित हो चुका था। इस खबर के बाद गिरिपार क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है और इस ऐतिहासिक फैसले के लिए केेंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्यसभा के सांसद और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा का तहेदिल से आभार प्रकट किया है। गौर हो कि बीते मंगलवार को छत्तीसगढ़ के 12 समुदाय के एसटी संशोधन बिल को पास करने के बाद हिमाचल प्रदेश के गिरिपार क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें और अधिक बलवान हो गई थीं कि बुधवार को उनका संशोधन बिल भी पास होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल का समर्थन किया था। बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद हाटी समुदाय को हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के बिल पर चर्चा शुरू हुई। हिमाचल के राज्यसभा सासद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने हाटी समुदाय के बारे में जानकारी के साथ-साथ पचास वर्ष के शांतिपूर्ण संघर्ष के बारे में बताया। उसके बाद अन्य सांसदों ने भी इसका समर्थन किया। गौर हो कि हाटी समिति के पदाधिकारियों ने मॉनसून सेशन शुरू होने से पहले ही कहा था कि हाटी समिति को पूरा भरोसा है कि यदि राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली तो हिमाचल प्रदेश जनजातीय संशोधन बिल में हाटी समुदाय को भी जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। हाटी समीति केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल और महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। क्षेत्र के लोगों का पांच दशकों से अधिक का शांतिपूर्ण संघर्ष आज उस मुकाम पर पंहुच गया है जहां से हम बहुत जल्द अपनी मंजिल हासिल कर लेंगे। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार सहित प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष में सहयोग देने वालों का समिति आभार प्रकट करती है। पिछली बार ऐसे रुकी प्रक्रिया इसी वर्ष फरवरी माह में केंद्रीय हाटी समिति का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा और राज्य मंत्री रेणुका सिंह से मिला था जिसमें अर्जुन मुंडा ने विश्वास दिलाया था कि हाटी समुदाय को जनजाति का अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता है,लेकिन फरवरी का संसद सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा और 5 बार कार्य सूची में आने के बावजूद भी पास नहीं हो सका।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। हिमाचल प्रदेश में बाढ़ आपदा के चलते सड़को और राष्ट्रीय राजमार्गों के आधारभूत ढांचे को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि गडकरी को प्रदेश में हुए इस नुकसान की जानकारी दी और उनसे हिमाचल में आकर स्थिति का जाएजा लेने आग्रह किया। उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश को हर उचित सहायता देने का आश्वासन दिया।
हिमाचल प्रदेश ने दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती के चलते एक बार पुन: हिमाचल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है। वर्ष, 2023 में मीलपत्थर स्थापित करते हुए हिमाचल ने छह माह के भीतर राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर एक करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि का श्रेय पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के राज्य सरकार के अथक प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शुरू से ही प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे पर्यटकों की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है। जून, 2023 तक राज्य में आगंतुकों की कुल संख्या एक करोड़ छह हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिनमें 99,78,504 देशी और 28,239 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हर मौसम पर्यटन के लिए अनुकूल होने से वर्षभर पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश ने पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। दुनियाभर के यात्री यहां की मनमोहक वादियों का आनन्द लेने लाखों की संख्या में हर वर्ष यहां आते हैं। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के आंकड़ेे और इसमें लगातार दर्ज की जा रही वृद्धि पर्यटन संबंधी अधोसंरचना के विकास में सरकार के अथक प्रयासों को भी बयां करती है। वर्ष 2018 में लगभग 87 लाख देशी और 2 लाख विदेशी पर्यटक हिमाचल आए, वहीं वर्ष 2019 में 88.57 लाख देशी और लगभग 2 लाख विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे। वर्ष 2020 में 21.63 लाख देशी और 41,803 विदेशी पर्यटक यहां आए, वर्ष 2021 में 19.73 लाख देशी और 2843 विदेशी पर्यटक प्रदेश भ्रमण पर पहुंचे। वर्ष 2022 में 86.35 लाख देशी पर्यटक यहां भ्रमण पर जाए जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 7032 रही। प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए साहसिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन अधोसंरचना को विकसित करने के दृढ़ प्रयास कर रही है और भविष्य में सालाना पांच करोड़ पर्यटकों के स्वागत का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए, राज्य सरकार जिला कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की एक महत्त्वाकांक्षी योजना भी तैयार की है। इस योजना के तहत सड़क और हवाई संपर्क सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और सभी जिलों में हेलीपोर्ट स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की पर्यटन दृष्टि के केंद्र में इसकी निरंतरता निहित है और राज्य सरकार का लक्ष्य सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करते हुए हरित पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन क्षेत्र प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ है और इसके माध्यम से प्रदेश के हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से आजीविका प्राप्त होती है। बुनियादी ढांचे के विकास और अपनी प्राकृतिक सुंदरता को और बेहतर ढ़ंग से प्रदर्शित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नई प्रतिबद्धता के साथ, हिमाचल प्रदेश एक उत्कृष्ट वैश्विक पर्यटन स्थल बनने की राह पर अग्रसर है। दूर-दूर से यात्री यहां के मनमोहक नजारों का आनन्द लेने आते हैं, जिससे प्रदेश के पर्यटन उद्योग का भविष्य पहले से कहीं अधिक उज्ज्वल नजर आता है।
पैरा-एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप-2023 में ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक विजेता निषाद कुमार ने मंगलवार देर सायं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। सीएम सुक्खू ने निषाद कुमार को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि वह प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। निषाद की असाधारण प्रतिभा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर वैश्विक स्तर पर प्रदेश का नाम रौशन किया है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और लक्ष्य प्राप्ति के लिए अडिग रहने की भावना से युवाओं के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। निषाद कुमार ने वर्ष 2020 में टोक्यो पैरालंपिक में भी रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने भविष्य में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निषाद को सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधायक चैतन्य शर्मा और सुदर्शन सिंह बबलू भी उपस्थित थे।
सेब कलेक्शन सेंटर समय पर न खुलने से बागवान सकते में आ गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि सेब बहुल्य क्षेत्रों में अभी तक सेब कलेक्शन सेंटर नहीं खुले हैं, जिस कारण बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारी बरसात के कारण बागवानों के सेब बगीचों की जमीन धसने से पौधे गिर रहे हंै और सेब ड्रॉप हो रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बागीचों में पतझड़ की समस्या विराट रूप ले चुकी हैं। इस कारण भी बागवानों के बहुत सेब झड़ रहे हंै। कई बागवानों ने तो सेब की बोरियां भर कर अपने घरों में रखी है, जो अब सड़ने लग गई हैं। बरागटा ने कहा कि बार-बार आग्रह करने पर भी उद्यान विभाग पतझड़ से बचने के लिए बागवानों को भरपूर मात्रा में दवाइयां उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। यह एक चिंता का विषय है। सेब सीजन शुरू हो गया है, पर सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। अब परेशानी इस बात की है कि बागवान अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाएं तो कैसे। सड़कों के सुधारीकरण का कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। क्षेत्र में स्थिति ये बनी हुई है कि आम जनता मूलभूत सुविधा जैसे बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझ रही है। चेतन बरागटा ने प्रदेश मुख्यमंत्रीसे मांग की है कि बागवानों के लिए शीध्र,अतिशीघ्र सेब कलेक्शन सेंटर खोले जाएं।
ग्रीनको फाउंडेशन के महाप्रबंधक अनूप बनयाल ने गत सायं ग्रीनको फाउंडेशन की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए तीन करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अंशदान आपदा की घड़ी में प्रभावितों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक 11 बजे बादल फटा और लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन मकानों और बगीचों को काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद फिर तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा कर रख दी। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत के कंधार गांव में बादल फटा है। उन्होंने कहा कि सरपारा गांव का सपंर्क देश-दुनिया से कट गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर स्थिति की जायजा लेने के बाद प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में करीब 200 पद भरने की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना आरंभ करने पर निर्णय लिया गया। इस योजना के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में स्थित बंजर चोटियों एवं पहाड़ियों को शामिल करते हुए राज्य में हरित आवरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त तीखी ढलानों में भूक्षरण इत्यादि पर भी रोक लगाई जा सकेगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन सह वन बल प्रमुख की अध्यक्षता में एक कार्यबल का भी गठन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि चयनित क्षेत्रों का सात वर्षों तक रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा और पौधरोपण तथा रखरखाव का यह कार्य आउटसोर्स आधार पर किया जाएगा, जिसमें स्थानीय निवासियों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में कुछ शर्तों के साथ हिमाचल प्रदेश नौतोड़ नियम, 1968 को दो वर्षों के लिए कार्यान्वित करने का भी निर्णय लिया गया। यह क्षेत्र नेशनल पार्क, अभयारण्य, संरक्षित क्षेत्र (कंजर्वेशन रिजर्व), सामुदायिक संरक्षित (कॉम्यूनिटी रिजर्व), वन संरक्षित, डीपीएफ के अन्तर्गत नहीं होना चाहिए। नौतोड़ के लिए प्रस्तावित भूमि में खड़े पेड़ों की संख्या दो से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह भूमि केवल घरेलू उपयोग के लिए ही उपलब्ध करवाई जाएगी और संबंधित व्यक्ति की किसी भी प्रकार के वन अपराधों में संलग्नता नहीं होनी चाहिए। मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के दृष्टिगत राजस्व विभाग में परियोजना प्रबंधन इकाई की स्थापना तथा इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर एवं पधर में नए स्थापित सिविल कोर्ट तथा नूरपुर, देहरा, पालमपुर, पावंटा साहिब और रोहड़ू में नव स्थापित अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायालय में सहायक जिला न्यायवादी के पद सृजित करने तथा पोस्को कोर्ट और सीबीआई कोर्ट में उप जिला न्यायवादी के सात पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने राज्य में लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से प्रदत्त सेवाओं के लिए ली जाने वाली राशि के युक्तिकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी मेडिसन विभाग को कार्यशील करने तथा रोगियों की सुविधा के दृष्टिगत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के अतिरिक्त 136 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। इससे संबंधित सभी छह विभागों न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, अनेस्थिसिया, ऑर्थोपेडिक और जनरल सर्जरी में तीन चरणों में चौबीसों घंटे सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी। राज्य के नगर परिषदों और नगर पंचायतों में विभिन्न श्रेणियों के 87 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी करने का भी निर्णय लिया। बैठक में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों का समुचित रिकॉर्ड तैयार करने के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में परिवार रजिस्टर का रखरखाव नियम, 2023 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने किसानों व बागवानों की लंबे समय से लंबित मांगों व समस्याओं को हल करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। आज राजीव भवन शिमला में राज्य किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद किसान कांग्रेस के प्रवक्ता रविंद्र सिंह कंवर ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के किसान व बागवान बहुत लम्बे अरसे से कृषि उपकरणों व दवाइयों पर उपदान बहाल करने, सेब की बिक्री प्रति किलो के हिसाब से करने, की मांग कर रहे थे। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने इन मांगों को लागू करके किसानों व बागवानों के हित में सराहनीय फैसला लिया है। रविंद्र सिंह कंवर ने कहा कि एचपीएमसी का सेब खरीददारी में भागीदार बनाने का राज्य सरकार का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस से जहां मार्किट में प्रतिस्पार्घा बढ़ेगी वही बागवानों को उनकी फसल के अच्छे दाम भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसान कांग्रेस इस की लंबे समय से मांग कर रही थी। किसान कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में हुई क्षति की पूर्ति के लिए राहत राशि में कई गुणा बढ़ोतरी कर प्रभावितों को हर संभव मदद देने का सराहनीय काम किया है जिसके लिए किसान कांग्रेस मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में लोगों को राहत पंहुचाने के लिए राज्य सरकार ने मनरेगा के तहत प्रभावितों को एक लाख रुपये तक की राहत राशि देने का भी सराहनीय फैसला लिया है जिससे प्रदेश के हजारों परिवार लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य सड़को सहित सम्पर्क सड़कों को खोलने के लिए युद्व स्तर पर कार्य प्रारम्भ कर दिये है जों कि सराहनीय कदम है। रविन्द्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस इन सभी फैसलों को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करती है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने राज्य सरकार के समक्ष इन सभी मुद्दों को उठाया था।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि 24 जुलाई को 1320 मेवा के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के स्टेशन ट्रांसफार्मर की सफलतापूर्वक चार्जिंग की गई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि एचडीसीआईएल के लिए एक ऐतिहासिक है, जो परियोजना को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। विश्नोई ने इस बात पर जोर दिया कि यहचार्जिंग समग्र परियोजना कमीशनिंग के लिए विभिन्न मुख्य और सहायक उपकरणों को चालू करने के लिए निर्बाध विद्युतआपूर्ति प्रदान करने के लिए बहुतआवश्यक है। उन्होंने आगे बताया कि स्टेशन ट्रांसफार्मर-1, 400 केवी पावर ग्रिड और सहायक विद्युत आपूर्ति आवश्यकता के मध्ययएक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह 120 एमवी क्षमता थ्री फेज ट्रांसफार्मर है। यह ऑन लोड टैप चेंजर के प्रावधान के साथ 400केवी वोल्टेज को 11केवी स्तर तक कम कर रहा है। साथ ही श्री विश्नोई ने बताया कि अत्याधुनिक स्टेशन ट्रांसफार्मर की आपूर्ति मैसर्स बीएचईएल-भोपाल यूनिट द्वारा की गई है। विश्नोई ने कहा कि यह उपलब्धि एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगी, जो परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक गति को ऊर्जा प्रदान करेगी। इस चार्जिंग ने संयंत्र की अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों को और अधिक शीघ्रचालू करने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह परियोजना के पूर्णहोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और फ़रवरी 24 तक सीओडी प्राप्त करने के लिए आगे की प्रगति और सफलता के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। विश्नोई ने पूरी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टीम को बधाई दी कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि राष्ट्रीय थर्मल इंजीनियर दिवस के अवसर पर हुई है। यह ऐतिहासिक कार्य कुमार शरद, कार्यपालक निदेशक (परियोजना-केएसटीपीपी) एवं आरएमदुबे, महाप्रबंधक (विद्युत) तथाटीएचडीसीआईएल, एनटीपीसी और बीएचईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर तथा दुर्गियाना मंदिर में शीश नवाया और वाघा बॉर्डर का दौरा किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ थी। राज्यपाल ने स्वर्ण मंदिर की परिक्रमा की और गुरु सेवा में भी भाग लिया। राज्यपाल को मंदिर के सूचना कार्यालय में सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल की यह यात्रा अविस्मरणीय है और यहां सभी को सेवा भाव व आनंद की अलग ही अनुभूति होती है। श्री शुक्ल ने दुर्गियाना मंदिर में पूजा-अर्चना की और दुर्गियाना ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा उनका सम्मान किया गया। इसके उपरांत राज्यपाल ने जलियांवाला बाग का भी दौरा किया और १३ अप्रैल, १९१९ को इस स्थल पर अपनी मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी साथ ही देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।
कांग्रेस संगठन महामंत्री रजनीश किमटा ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को लेकर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं राहत और बचाव कार्यों की दैनिक रिपोर्ट लेकर उसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सभी नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकजुटता के साथ प्रभावित लोगों की हर संभव सहयोग कर रहे हैं। रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें चौपाल विधानसभा क्षेत्र में प्रारकृतिक आपदा से हुए नुकसान की पूरी जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को चौपाल क्षेत्र में अनेक संपर्क सड़कों की खस्ता हालत की जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र की घोर उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के भाजपा विधायक अपना दायित्व निभाने में असफल रहे हैं और बर्तमान में अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। किमटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कहा कि इस क्षेत्र में संपर्क सड़कों के सुधार की बहुत ही जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस क्षेत्र में सड़कों के सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग व खंड विकास अधिकारी को अतिरिक्त फंड जारी किया जाए जिससे क्षतिग्रस्त सड़को व सरकारी भवनों का पुन:निर्माण जल्द हो सकें। उन्होंने कहा कि यहां किसानों व बागवानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, इसलिए इन्हें भी आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा की हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार व संगठन के भीतर भारी अंतर्कलह एवं तालमेल की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसका खामियाजा हिमाचल प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। धर्माणी ने कहा की कांग्रेस सरकार के युवा मंत्री विक्रमादित्य सिंह लगातार अपने बयानों से यू टर्न ले रहे हैं, पहले वह बड़े मुद्दों के ऊपर सरकार को लपेटते हैं और उसके बाद जब कांग्रेस के युवा नेता पर दबाव बनता है तो वह अपने बयान से यू-टर्न लेने पर मजबूर हो जाते हैं। सरकार के युवा मंत्री ने माना की सरकार में और अफसरों के बीच तालमेल की कमी है , जोकि स्पष्ट है और इसके बारे में हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री ने भी बयान दिया है कि तालमेल के बगैर सरकार नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा प्रतिभा सिंह केंद्रीय नेतृत्व से मिली और वहां पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल नहीं है। पूरे आपदा कि कठिन घड़ी में मुख्यमंत्री कांग्रेस की अध्यक्षा को अपने साथ लेकर ही नहीं गए। प्रतिभा ने कहा की 7 महीने बीत गए हैं और 7000 करोड का लोन इस सरकार ने ले लिया है इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति बिगड़ी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने माना कि मंत्रिमंडल में कांगड़ा व बिलासपुर के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा की सेब के मामले में भी पहले मंत्री कुछ बोलते थे, विधायक कुछ और मुख्यमंत्री कुछ और बोलते थे। इसके कारण हिमाचल के बागवानी को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। धर्माणी ने कहा की इस तालमेल की कमी का खामियाजा कौन भुगत रहा है? इस तालमेल की कमी का खामियाजा निश्चित रूप से हिमाचल की जनता को भुगतना पड़ रहा है। किसी भी प्रकार के निर्णय स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष आ ही नहीं पा रहे हैं और जो सरकार से जनता को सुविधा मिलनी चाहिए वह मिल नहीं पा रही है। आज कांग्रेस पार्टी अपनी किसी भी गारंटी पर खरी नहीं उतर पा रही है। जिन वायदों को करके काग्रेस पार्टी सत्ता में आई, आज हिमाचल प्रदेश की जनता उन वायदों का पूरा होने का इंतजार कर रही है। कहां गए वह वायदे, आज जगह-जगह घर-घर में यही चर्चा है। भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि कांग्रेस के युवा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षा ने जिस प्रकार सरकार को कटघरे में खड़ा किया है वह ठीक है और सरकार का दायित्व बनता है कि वह कांग्रेस के नेताओं के लगाए गए आरोपों का जवाब जनता को दे।
महाविद्यालय संजौली में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार व मणिपुर राज्य सरकार को गेरा गया। एनएसयूआई के ज़िला शिमला के उपाध्यक्ष नितिन देष्टा ने मणिपुर घटना पर जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यदि केंद्र व मणिपुर राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं लेगी तो एनएसयूआई इस पर उग्र से उग्र आंदोलन करने से भी नहीं कतरायगी। इस दौरान जिला शिमला एनएसयूआई के महासचिव मन्नत मेहता भी मौजूद रहे औश्र उन्होंने भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस कड़ी में संजौली महाविद्यालय के सभी कार्यकर्ता परिसर महासचिव सिमरन नेगी उपाध्यक्ष राजवीर सिंह निखिल, प्रियांशु, समीक्षा, संयम आदि मौजूद रहे।
निगम भंडारी बोले- केंद्र ने देश के बॉर्डर में बसे इलाकों के साथ की बेइंसाफी केंद्र सरकार के द्वारा पारित वन संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 का युवा कांग्रेस ने विरोध किया है। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित वन संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 से अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 100 किलोमीटर दायरे तक के क्षेत्र को सुरक्षा और वन संरक्षण के नाम पर अपने अधिकार क्षेत्र में लाने का केंद्रीय सरकार का निर्णय किन्नौर समेत देश के बार्डर में बसे इलाकों के साथ बेइंसाफी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसा कोई कानून नहीं बनाना चाहिए जहां स्थानीय लोगों की मज़ीर् के बिना उनके क्षेत्र में कोई भी काम करने का अधिकार केंद्र सरकार अपने पास सुरक्षित रखे। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में ग्राम सभाएं अपने अधिकारों की सुरक्षा और लोक कल्याण के लिये वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किन्नौर के अधिकार क्षेत्र में बिना स्थानीय ग्राम पंचायत की अनुमति या मज़ीर् से अपने निर्णय उन पर थोपने का जो कानून बनाया है हम उसका कड़ा विरोध करते हैं । ये कानून जनजातीय क्षेत्र के नागरिक अधिकारों का भी उल्लंघन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । नेगी निगम भंडारी ने कहा कि देश के बॉर्डर पर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिये किन्नौर वासी सरकार और फौज को हर मदद के लिये हमेशा तत्पर रहे हैं, लेकिन वन संरक्षण के नाम पर हमारे अधिकारों से छेड़छाड़ को हम सहन नहीं करेंगे ढ्ढ केंद्र सरकार की मनमानी और आधुनिकीकरण की मार को किन्नौर बाढ़, भू-स्खलन, नदियों के रूख मोड़ने और बादल फटने जैसी आपदाओं के रूप में भुगत रहा।
हिमाचल ने ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवॉर्ड्स-2023 में तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी पहचान बनाई है। विभिन्न श्रेणियों में राज्य द्वारा की गई अनुकरणीय पहल के लिए यह पुरस्कार हासिल हुए हैं। इन पुरस्कारों में एक स्वर्ण पदक और दो रजत पदक शामिल हैं। 5 अगस्त, 2023 को गोवा में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह में प्रदेश को यह पदक प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस विभाग के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने प्रतिष्ठित पुरस्कार श्रेणियों में राज्य द्वारा विशिष्ट स्थान प्राप्त करने के लिए विभाग के समर्पण और कड़ी मेहनत को श्रेय दिया। ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल उत्कृष्टता की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। प्रदेश में ई-कॉमर्स वेबसाइटों के डिजाइन, विकास, रखरखाव, होस्टिंग, डीएनएस पंजीकरण और प्रबंधन पर व्यापक परामर्श के लिए राज्य की पहल पर यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। दो रजत पदकों में से पहला पदक उभरती प्रौद्योगिकी की पहल में अग्रणी श्रेणी में हासिल हुआ है। हिम-परिवार पार्टल जैसी दूरदर्शी पहल में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए यह प्रदान किया गया है। डिजिटल परिवर्तन के लिए ई-गवर्नेंस में प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग की श्रेणी में एचपी शिवा एमआईएस पोर्टल के डिजाइन और विकास की पहल के लिए दूसरा रजत पदक प्रदेश को हासिल हुआ है। इसमें सरकारी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने, उन्हें अधिक कुशल, पारदर्शी और सुलभ बनाने के राज्य के प्रयासों को सराहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी विभागों में डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है, जिससे सुशासन के तहत विभागीय प्रक्रियाओं को लोगों की ज़रूरतों के अनुरूप अधिक सुव्यवस्थित और उत्तरदायी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डिजिटल परिवर्तन और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुशासन प्रदान करने के अपने दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश सचिवालय में कार्यरत कनिष्ठ आशुलिपिकों द्वारा विभागों से अस्थाई डयूटी पर सचिवालय में कार्यरत आशुटंककों को सचिवालय सेवाओं में समायोजित करने पर हिमाचल सचिवालय निजी सचिव एवं निजी सहायक संघ ने अपना विरोध दर्ज किया है। आज यहां प्रैस को जारी एक बयान में संघ के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सचिवालय में कनिष्ठ आशुलिपिकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को दरकिनार कर विभागों के आशुटंककों को कनिष्ठ आशुलिपिकों के पद पर पदोन्नत करके सचिवालय में समायोजित किया जा रहा है जो कि नियमों के विरुद्ध है। गौरतलब है कि सचिवालय में कर्मचारी चयन आयोग/लोक सेवा आयोग के माध्यम से कनिष्ठ आशुलिपिकों के पद सीधी भर्ती के आधार पर पद भरें जाते हैं क्यांकि सचिवालय में आशुटंककों का कोई पद नहीं है आशुटंकको के पद केवल विभागों में ही सृजित है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा सभी मंत्रियों से मिल कर इन नियुक्तियों का विरोध प्रकट किया और उन्हें ज्ञापन सौपा सभी मंत्रियों ने प्रतिनिधिमण्डल की मांगों को सुना और अधिकारियों को लिखित रूप में इस प्रकार की नियुक्तियां स्थगित करनें के र्निदेश दिए। इससे पूर्व सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर इन नियुक्तियों के विरुद्ध अपना विरोध प्रकट किया।
राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की उठाई मांग मणिपुर में महिलाओं पर हो रेहे अत्याचार के विरोध में प्रदेश युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी के निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन कार्ट रोड से पुराना बस अड्डे तक प्रदर्शन व नारेबाजी की। इसकी नेतृत्व प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव एवं प्रभारी जिला युवा कांग्रेस शिमला शहरी बृज भूषण बांष्टु व युवा कांग्रेस शिमला शहरी के अध्यक्ष संदीप चौहान ने किया। प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव बृज भूषण बांष्टु ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और दो से अधिक महीनों से मणिपुर जल रहा है, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। अगर सरकार समय रहते ठोस कदम उठाती तो शायद आज हालात ऐसे नहीं होते। इस वीभत्स कृत्य ने पूरे भारत का सिर शर्म से झुका दिया है, देश की सभी महिलाएं इससे आहत और दुखी हैं। डबल इंजन की सरकार फेल हो चुकी हैं। ऐसी नकारा निकम्मी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी एवं अन्य महिला मंत्री सभी ने मौन धारण किया हुआ है। ये बहुत ही शर्मनाक है। महिलाओं से जुड़े इस तरह के मुद्दों पर भी अगर वो चुप हैं तो ऐसे मंत्री होने का क्या फायदा। प्रदर्शन में प्रदेश युवा कांग्रेस ने मांग की है कि मणिपुर में बद्दतर हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए और इस हिंसा के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव छेरिंग नेगी, सचिव हेम राज ठाकुर व तरुण ब्राक्टा, शिमला शहरी के उपाध्यक्ष अतुल धानटा, अमित भारद्वाज, अंकित शर्मा, नुंनी, अक्षय, मितुल जिंटा, सिद्धार्थ धर्मा, इंद्र सिंह ठाकुर, विजय ठाकुर, रोहित कश्यप व अन्य युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चम्बा मेें जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिले में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की। ेउन्होंने रेडक्रॉस, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ-साथ ही जिला में भारी बारिश के कारण हुई क्षति के उपरान्त राहत कार्यों का भी जायजा लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ज़िला चम्बा प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है तथा यहां की कला एवं संस्कृति भी बहुत समृद्ध है। ऐतिहासिक महत्व का जिला होने के बावजूद नीति आयोग ने इसे 'अकांक्षी जिलाÓ की श्रेणी में शामिल किया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिला के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन जब अधिक समर्पण भाव से करेंगे, तभी वह आकांक्षी जिला की सूचि से बाहर आ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, जिससे जिला में कार्यों की प्रगति नज़र आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने काम का आकलन करें और अधिकारी फील्ड में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में रिकॉर्ड सात मुख्य सचिव बदलने वाले नेता विपक्ष जयराम ठाकुर आज अफसरों के लिए वर्क कल्चर न होने के झूठे आरोप लगा रहे हैं। आज जारी एक प्रेस वक्तव्य में जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी सरकार ने अपनी पांच वर्ष की अवधि में सात मुख्य सचिव बदलकर रिकॉर्ड बना दिया। इसलिए आरोप लगाने से पहले नेता विपक्ष को प्रदेश की जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी नौबत क्यों आई और बार-बार अधिकारियों को बदलने के पीछे क्या वजह रही। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में अफसरों की हालत आया राम-गया राम की हो गई थी और सिर्फ मुख्य सचिव ही नहीं बहुत से अधिकारियों को पूर्व सरकार में प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को सिक्यूरिटी ऑफ टेन्योर दिया है। सत्ता में आने के बाद प्रदेश सरकार ने न तो जिलों में डीसी-एसपी बदले और न ही अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है। वर्तमान सरकार के गठन के सात माह बीत जाने के बाद भी बहुत से जिलों में पुराने डीसी और एसपी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि नई सरकार बनते ही सबसे पहले अफसरों को बदला जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ऐसा कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार बदला-बदली में विश्वास नहीं रखती और जानती है कि अधिकारी कर्मचारी प्रदेश की विकास गाथा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी अधिकारियों को काम करने के लिए उपयुक्त वातावरण दिया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी डर के बेहतर ढंग से हिमाचल प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें। यही वजह है कि बहुत अधिकारी आज केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आकर हिमाचल प्रदेश में अपनी सेवाएं देने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही नहीं प्रदेश सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेकों कारगर कदम भी उठा रही है। पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल कर राज्य सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वृद्धावस्था में सम्मान के साथ जीने का हक वापिस दिलाया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नेता विपक्ष जय राम ठाकुर केवल मात्र अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए मनगढ़न्त बयानबाजी कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे हैं और उनके आरोप सत्य से कोसों दूर है। इसलिए आरोप लगाने से पहले जयराम ठाकुर को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में भारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिये पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से आपदा राहत कोष में अंशदान देने की अपील की हैं। पार्टी पदाधिकारियों को लिखे एक पत्र में प्रतिभा सिंह ने कहा है कि इस बार प्रदेश में बाढ़ से भारी जानमाल का नुकसान व करोड़ो रुपयों की सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा हैं। इस आपदा की घड़ी में कांग्रेस पार्टी को भी राहत व बचाव कार्यो में प्रदेश सरकार को अपना पूरा सहयोग देना हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिये जन सहयोग अपेक्षित होता है और कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ही ऐसे कार्यो में समय समय पर अपना विशेष योगदान दिया हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि लोगों की सहायता के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन में इस कार्य की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जबकि अन्य सभी जिलों में प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की निगरानी में सूचना व सहायता के लिये समूह गठित किये है,जो प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रहें हैं। प्रतिभा सिंह ने पार्टी के सभी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं व आम लोगों का आह्वान किया है कि इस पुनीत कार्य के आपदा राहत कोष में अंशदान दें,जिससे प्रभावित लोगों की मदद हो सकें।
अंगदान महोत्सव 2023 के तहत सोटो ने आयोजित किया कार्यक्रम शिमला के भ_ाकुफर स्थित शिवालिक इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग में सोमवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश की ओर से अंगदान पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. शमा लोहमी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस मौके पर बीएससी नर्सिंग की करीब 135 छात्राओं ने अंगदान करने की शपथ ली। कार्यक्रम में सोटो के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश कुमार ने नर्सिंग की छात्राओं को ऑर्गन डोनेशन के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि लोग मृत्यु के बाद भी अपने अंगदान करके जरूरतमंद का जीवन बचा सकते हैं। ब्रेन डेड होने की स्थिति में सभी अंगों को सुरक्षित निकालकर जरूरतमंद मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि साल 1954 में देश में पहली बार ऑर्गन ट्रांसप्लांट किया गया था। अंगदान करने वाला व्यक्ति ऑर्गन के जरिए 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि किसी भी जाति धर्म समुदाय का व्यक्ति अंगदान कर सकता है, इसे किसी भी आयु में दान किया जा सकता है। जीवित रहते हुए पंजीकरण करवाया जा सकता है ताकि मृत्यु के बाद अंग दान किया जा सके। हमारे देश में लोगों में जागरूकता ना होने के कारण अंग दान करने से कतराते हैं, लोगों की इसी भावना को दूर किया जाना जरूरी है। देश में अंगदान की कमी की वजह से ही अंग तस्करी बढ़ रही है क्योंकि लोगों को अब नहीं मिलते हैं तो ऐसे में लोग तस्करों की सहायता लेते हैं । हृदय को 4 से 6 घंटे, फेफड़े को 4 से 8 घंटे, इंटेस्टाइन को 6 से 10 घंटे, यकृत को 12 से 15 घंटे, पेनक्रियाज को 12 से 14 घंटे और किडनी को 24 से 48 घंटे के अंतराल में जीवित व्यक्ति के शरीर में स्थानांतरित किया जा सकता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के ब्रेन डेड होने के बाद यह प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अस्पताल में मरीज को निगरानी में रखा जाता है और विशेष कमेटी मरीज को ब्रेन डेड घोषित करती है। मृतक के अंग लेने के लिए पारिवारिक जनों की सहमति बेहद जरूरी रहती है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के सुन्नी में गत दिवस 2 चोरों ने एचडीएफसी बैंक के एटीएम में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी करने वाले दोनों नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस के अनुसार, चोरों ने घटना को अंजाम देने से पहले एटीएम रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े। इसके बाद मशीन तोड़कर लगभग 70 हजार रुपये की नकदी उड़ा ले गए, लेकिन चोरी की यह घटना एक अन्य सीसीटीवी में कैद हो गई है। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले चोरी करने वाले दोनों आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं। इनके परिजन सुन्नी में दिहाड़ी करते हैं। पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड नरेंद्र कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
गत दिवस एसडीएम पठानकोट द्वारा 14 एनडीआरएफ कंट्रोल रूम में सूचना दी गई कि अचानक ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से गांव मस्तगढ, जिला-पठानकोट, पंजाब में ब्यास नदी के बीच में एक टापू बन गया है, जहां पर 3 व्यक्ति फंस गए हैं। फंसे 3 व्यक्तियों का बचाव अभियान चलाने के लिए 14 एनडीआरएफ की टीम को घटना स्थल पर तैनात करने के लिए एसडीएम पठानकोट द्वारा आग्रह किया गया। 14 एनडीआरएफ द्वारा तुरंत सूचना मिलते ही 1 रेस्क्यू टीम घटना स्थल के लिए रवाना कर दी गई। टीम के घटना स्थल पर पहुंचने के उपरांत टीम कमांडर ने घटना स्थल का जायजा लिया और तुरंत बाढ़ के उपकरणों नाव और रोप सहित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। टीम द्वारा अपना कौशल दिखाते हुए वोट की सहायता से पानी में फंसे हुए 3 व्याक्तियों को उनके 1 पशुधन के साथ बड़ी बहादुरी से सुरक्षित निकाला लिया गया। उक्त रेस्कयू ऑपरेशन को एनडीआरएफ टीम द्वारा शाम के समय में अजांम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान एसडीएम पठानकोट, डीएसपी पठानकोट भी घटना स्थल पर मौजूद रहे। सिविल प्रशासन एवं स्थानीय जनता द्वारा उपरोक्त रेस्क्यू ऑपरेशन की बहुत सराहना की गई। 14 एनडीआरएफ द्वारा की गई इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई काबिले तारीफ है।
हिमाचल प्रदेश का गौरवशाली इतिहास और परंपराएं राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उन्हें भावी पीढ़ी के लिए भी संरक्षित किया जाना चाहिए। प्रदेश के विभिन्न स्थानों में आयोजित होने वाले मेले समृद्ध संस्कृति के संरक्षण एवं प्रसार में श्रेष्ठ भूमिका निभाते हैं। यह बात राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा जिला में ऐतिहासिक मिंजर मेले के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि कही। राज्यपाल बनने के पश्चात शिव प्रताप शुक्ल का यह चंबा जिला का पहला दौरा था। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल उनके साथ उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय मिंजर महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चंबा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव और शहर की एक भिन्न सांस्कृतिक पहचान है, जो अन्यत्र नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करके आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मिंजर महोत्सव का प्राचीन परंपराओं, मान्यताओं और आस्थाओं से गहरा संबंध है। इस अवसर पर शुक्ल ने राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चम्बा जिले में भी काफी नुकसान हुआ है, लेकिन जिस तत्परता से सरकार, प्रशासन, पुलिस बल और केंद्र से मदद मिली है, उससे राज्य में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए भारतीय वायुसेना, थलसेना और अर्धसैनिक बलों को धन्यवाद दिया। उन्होंने लगभग 350 करोड़ रुपये की सहायता के लिए केंद्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों से इस विपदा की घड़ी में मदद के लिए आगे का आग्रह किया और साथ ही लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की। इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज में अवैध नशीली दवाओं के प्रसार पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार इस समस्या से निपटने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
बहुचर्चित हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर रोहित कुमार का हमीरपुर से चंबा तबादला कर दिया गया। उन्हें तुरंत चंबा स्थित विजिलेंस थाना में ज्वाइन करने के निर्देश हैं। 23 दिसंबर, 2022 को जिस हमीरपुर विजिलेंस की टीम ने आयोग की गोपनीय शाखा में तैनात वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के घर पर छापे मारकर पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक का पर्दाफाश किया था, उसमें विजिलेंस इंस्पेक्टर रोहित कुमार विशेष तौर पर शामिल थे। यह पेपर लीक का पहला मामला था। इसके बाद एक-एक करके 10 विभिन्न पोस्ट कोड कला अध्यापक भर्ती, ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती, कंप्यूटर ऑपरेटर, जूनियर ऑडिटर, सचिवालय क्लर्क, जेई सिविल, नीलामीकर्ता, लाइनमैन समेत अन्य भर्तियों के प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए। अब जिस तरह से इंस्पेक्टर रोहित का हमीरपुर से चंबा तबादला किया गया।
जुलाई के शुरुआत में आए प्रकृति के प्रकोप ने हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे देश को आगोश में भर लिया, परंतु भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण जितना खौफनाक मंजर हिमाचल ने देखा शायद ही किसी अन्य राज्य ने देखा हो। फिर भी, इस संकट का सामना करने में प्रदेशवासियों और राज्य सरकार ने मिलकर प्रदेश के मार्गदर्शक सिद्धांत 'अतिथि देवो भवÓ का उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए विख्यात हिमाचल प्रदेश के लोगों और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास की बड़ी जिम्मेदारी ली है। इस आपदा के समय में यह प्रयास उल्लेखनीय समर्पण का प्रतीक बने हैं। प्रदेशवासियों, विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं इत्यादि द्वारा 22 जुलाई तक 16.50 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान इस राहत कोष में प्राप्त हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों के लिए 188.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस संकट के समय में सामूहिक प्रयासों और उदारता ने करुणा और एकता की शक्ति को प्रदर्शित करते हुए लोगों के दुखों को बांट कर उनकी कठिनाइयों को कम करने का काम किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने संवदेनशील सरकार का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रभावित लोगों को सम्मानजनक राशि प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वित्तीय सहायता राशि में कई गुणा वृद्धि की है तथा तत्काल सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। राहत राशि में की गई यह वृद्धि मानव जीवन, संपत्ति आदि की हानि और राहत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी उपशीर्षों में प्रदान की गई है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ऐसी कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है, जिसमें कोई भी अधिकारी काम नहीं करना चाह रहा है। ज़्यादातर अधिकारी केंद्र में जाना चाहते हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके लिए प्रयास करना भी शुरू कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी जो प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाते हैं, वह आज के वर्तमान हालात से त्रस्त हैं और हिमाचल में अपनी सेवाएं नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा सामान्य परिस्थिति में नहीं करते हैं कि वह प्रदेश छोड़कर जाना चाहें। जिस तरह के हालात वर्तमान में बन रहे हैं, यह दु:खद है। सरकार में कुछ भी ठीक नहीं हैं, नेताओं के आपसी बातचीत और आरोप-प्रत्यारोप से यह बात साफ़ हो चुकी है। आये दिन सरकार में बैठे लोग अपनी सरकार पर ही हमला कर रहे हैं। एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बातें कर रहे हैं। इस तरह के हालात में अधिकारियों को भी ज़लालत झेलनी पड़ रही है। इसलिए ब्यूरोक्रेसी के वरिष्ठ अधिकारी इस तरह का कदम उठाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नई तरह का व्यवस्था परिवर्तन है। जहां पर कार्य संस्कृति को इतना ख़राब कर दिया गया है कि कोई अधिकारी यहां काम ही नहीं करना चाहता है। इस तरह का व्यवस्था परिवर्तन आज तक किसी ने नहीं देखा होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी भी तंत्र का एक अंग है, उसके बिना व्यवस्था सुचारू रूप से चल नहीं सकती है। ब्यूरोक्रेसी को सरकार में बैठे लोग विकास कार्यों को करने के निर्देश देते हैं, आवश्यकता पड़ने पर सलाह लेते हैं, लेकिन यहां पर खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। ऐसे सरकार नहीं चलती हैं। जनहित के कामों के लिए सामंजस्य बनाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के राहत कार्यों पर ध्यान दे।
शिमला शहर में हुए धमाके की जांच करने रविवार को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो पहुंचे। डॉग स्कवाड के साथ कमांडो ने चप्पा-चप्पा खंगाला। एनएसजी को आतंकी हमला होने या बम मिलने शक जताया जा रहा है। कमांडो सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रहे हैं। सिलेंडर फटने के सबूत भी नहीं मिले बता दें कि धमाके से पूरे शिमला शहर हिल गया था। एक व्यक्ति की मौत हुई, जिसकी पहचान अवनीश सूद के तौर पर हुई है। 13 घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह सिलेंडर फटने से धमाका बताया जा रहा था, लेकिन सिलेंडर फटने जैसे प्रमाण पुलिस को नहीं मिले थे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें भी जांच कर रहीं हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इससे रेस्टोरेंट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा बाहर बाजार से चल रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि इससे रेस्टोरेंट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा बाहर बाजार से चल रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। मामले की जांच को गठित की है एसआईटी धमाका इतना खतरनाक था कि आसपास के 500 मीटर के एरिया में यह सुनाई दिया था। 10 से 12 दुकानों को भी नुकसान हुआ था। इस हादसे की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें लोग जान बचाते हुए नजर आए। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की है। शिव मंदिर दर्शन के लिए आए थे अवनीश वहीं धमाके में जान गंवाने वाले मृतक अवनीश अपनी पत्नी के साथ शिव मंदिर में माथा टेकने आएं थे। धमाके के दौरान उनकी पत्नी मंदिर में माथा टेक रही थी और बाहर टहल रहे अवनीश हादसे का शिकार हो गए। प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी : जनारथा शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा ने बताया कि प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है। हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्दी धमाके का सच सामने आ जाएगा धमाके की होनी चाहिए गहन जांच : नंदा भाजपा के मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने इस धमाके की जांच की मांग की थी। साथ ही उन्होंने जिन दुकानों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा देने की भी मांग उठाई।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर में दिन-प्रतिदिन आपराधिक मामले, बढ़ते जा रहे हैं। अभी पिछले कल रामपुर बुशहर के समीप रचोली गांव में किन्नौर की दो लड़कियों के साथ वहां के स्थानीय युवाओं द्वारा छेड़छाड़, मारपीट और अश्लील शब्दों का प्रयोग किया। हैरानी की बात तो यह है कि वहां के स्थानीय लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे, जो कि एक शर्म की बात है। हिमाचल प्रदेश के फिटनेस यूट्यूबर राणा द वाइपर उर्फ कमलकांत राणा का कहना है कि रामपुर बुशहर में आज के समय में इस तरह के मामले आम बात बन चुकी है। इसकी मुख्य वजह यहां बढ़ता जा रहा नशे का कारोबार है। यहां के युवक-युवतियां नशे की दलदल में इस कदर धंस चुके है कि उनको अच्छे बुरे का पता ही चलता। कमलकांत राणा ने कहा कि इस नशे को खत्म करने के लिए मिलकर आगे आना होगा और इस तरह के अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी होगी, नहीं तो हमारी देवभूमि हमारा हिमाचल इस तरह बदनाम होता रहेगा। राणा ने प्रशासन से भी मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की गश्त लगा दी जाए और इन लोगों के प्रति कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं न हों।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों भारी बरसात के चलते भारी तबाही हुई, जिससे आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया, शिमला की एक एनजीओ आवाज फाउंडेशन ने 'हेल्पिंग हैंडÓ एक मुहिम शुरू की, जिसमें ऐसे प्रभावित लोगों के लिए दिन रात एक करके राशि एकत्रित की और उन लोगों तक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। आवाज फाउंडेशन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने बताया कि इस आपदा की घड़ी में काफी लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हुआ है, जिसके चलते फाउंडेशन ने एक मुहिम शुरू की 'हेल्पिंग हैंडÓ, जिसमें फाउंडेशन के सदस्य टूटीकण्डी के लोगों से राशि एकत्रित की और जिला मंडी के व्यास सदन में जाकर 171 परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। पवन ठाकुर ने कहा कि आवाज फाउंडेशन आगे भी इसी तरह के समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देगी, वहीं उन्होंने फाउंडेशन के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और यह आग्रह भी किया कि आगे भी इसी तरह से फाउंडेशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की सांसद भारत दर्शन योजना के तहत हुआ चयन हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के होनहार छात्रों को भारत भ्रमण कराने हेतु केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अति लोकप्रिय सांसद भारत दर्शन योजना के इस वर्ष के पात्र छात्रों की सूची जारी हो गई है। इस बार सांसद भारत दर्शन योजना पर जाने हेतु 21 प्रतिभाशाली बेटियों का चयन हुआ है, जिनमें वंशिका (सुजानपुर), वंशिका (नादौन), तानिया (सुजानपुर), सिया शर्मा (झंडूत्ता), श्वेता शर्मा (हमीरपुर), श्रुति (गगरेट), सानिया ठाकुर (ऊना), रुद्राणी भारद्वाज (सुजानपुर), पायल कौंडल ( कुटलैहड़ ), पलक शर्मा (बड़सर), नैंसी (नादौन), कनिका शर्मा (बिलासपुर सदर), ज्योति मिश्रा (झंडूत्ता), ईप्सा कटोच (हमीरपुर), आरुषि शर्मा (घुमारवीं), अर्शिता भारती (नादौन), अनुराधा (सुजानपुर), अंजलि शर्मा (हरोली), अनंदिता चौहान (भोरंज), अनामिका जायसवाल (सुजानपुर) और अलीशा शर्मा (श्री नैना देवी) शामिल हैं। गौरतलब है कि अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा क्षेत्र के बच्चों हेतु भारत भ्रमण की इस अनूठी पहल का यह दूसरा चरण है। छात्र- छात्राएं 1 जून से ही वेबसाइट के माध्यम से इसके लिए आवदेन कर रहें थे। विद्यार्थियों की सहूलियत हेतु इस बार आवेदन करने के लिए विशेष रूप से एक क्यूआर कोड भी तैयार किया गया था। सांसद भारत दर्शन 2023 की घोषणा करते हुए अनुराग ठाकुर ने बताया था कि भारत दर्शन के पहले चरण की अपार सफलता के बाद अब दूसरा चरण कराने का निर्णय लिया गया है। अनुराग ठाकुर ने पहले ही जानकारी दी थी की इस बार विद्यार्थियों को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के भ्रमण पर ले जाया जाएगा। कोविड महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से प्रोग्राम के स्थगन पर ठाकुर ने कहा था कि पिछले दो वर्षों में कोरोना के कारण यह संभव नही हो पा रहा था। अनुराग ठाकुर ने विशेष जानकारी दी थी की इस बार मेधावी छात्रों के साथ, जिन छात्रों ने अन्य क्षेत्रों जैसे खेल और कला में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वो सांसद भारत दर्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछली बार छात्र इसरो, पश्चिमी नौसेना कमान जैसे विभिन्न स्थानों पर गए। वाइस प्रेसिडेंट जैसे गणमान्य लोगों से मिले और कपिल शर्मा शो जैसे कार्यक्रमों में भाग लिया था। देश भ्रमण करने से छात्रों को नई जानकारियां हासिल होंगी, जिससे बदलते समय के हिसाब से उन्हें नए अनुभव प्राप्त होंगे। इसके मदद से भविष्य में यही विद्यार्थी नई संभावनाओं के द्वार खोलने में सफल होंगे।
राज्य सरकार प्रदेश के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों सहित 53 स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू करने जा रही है, जिसमें रोगियों का पूरा डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगा। इससे मरीजों को विभिन्न सुविधाओं सहित उनके बहुमूल्य समय की भी बचत होगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में एचएमआईएस को 30 अगस्त तक शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा 30 सितंबर तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सुविधा के शुरू होने से डॉक्टरों के पास मरीज का पूरा डाटा उपलब्ध होगा, जिसके माध्यम से रोगियों की सामान्य व इमरजेंसी रजिस्ट्रेशन, लैब रिपोर्ट, ऑपरेशन थियेटर के रिकॉर्ड सहित उनके डिस्चार्ज और ट्रांसफर का पूरा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इस सुविधा से डॉक्टर ई-प्रिसक्रिप्शन भी लिख सकेंगे और मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री भी देख सकेंगे, जिससे रोगियों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी सुविधा होगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा इस दिशा में यह सुविधा मील पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक फर्नीचर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी काम कर रही है। राज्य सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण एवं उनमें सुविधाएं भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में निर्मित होने वाले सभी अस्पतालों में प्राइवेट रूम की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सभी मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा भी की तथा इनके निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, सलाहकार (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कपिल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुदेश मोखटा, विशेष सचिव अश्वनी शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि ठाकुर के नेतृत्व में स्पीति क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें क्षेत्र की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारी बर्फबारी के कारण चंद्रताल, कुगती दर्रा और पिन घाटी सहित जिले के साथ लगते क्षेत्रों में भारी बर्फबारी में फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एक विस्तृत बचाव अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सक्रिय रूप से प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। आपदा प्रभावितों की तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है और कई पर्यटकों को हवाई और सड़क मार्ग से निकाला गया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा, मंडी, बड़ा भंगाल, चंबा और अन्य क्षेत्रों से चरवाहों को सुरक्षित निकाला गया और उन्हें चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध करवाई गई। उनके पशुधन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है और प्रभावित व्यक्तियों को सहायता प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विधायक रवि ठाकुर ने लाहौल-स्पीति जिला में पुनरुद्धार और मरम्मत कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के तहत उपायुक्त लाहौल-स्पीति को लगभग 6 करोड़ रुपये की पर्याप्त राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मानवीय आधार पर समयबद्ध और त्वरित कदम उठाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम अपने होटलों में कमरों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तक छूट प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह छूट तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और 15 सितंबर, 2023 तक जारी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश में पर्यटकों को सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने तथा निगम के होटलों में आमद दर (अक्युपेंसी) बढ़ाने के दृष्टिगत लिया गया है।
राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में आशातीत बदलाव लाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां कहा कि विश्व बैंक और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमओएमएसएमई) की सहायता से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना, राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (आरएएमपी) कार्यक्रम की शुरुआत के लिए प्रदेश में सार्थक प्रयास आरंभ कर दिए गए हैं। उद्योग मंत्री के निर्देश पर अर्नस्ट एंड यंग कंपनी को रणनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) की तैयारी के लिए बोली प्रक्रिया के माध्यम से परामर्श एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने एसआईपी तैयार करने का कार्य आरंभ कर दिया है और राज्य में क्लस्टर विकास कार्यक्रम में भी सहायता कर रही है। एजेंसी ने सिरमौर जिले के काला अंब और पावंटा साहिब में उद्योग हितधारकों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान सामने आए विभिन्न पहलू हिमाचल में रैम्प योजना (आरएएमपी) कार्यक्रम की विशिष्ट आवश्यकताओं और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार रणनीतिक निवेश योजना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंजूरी मिलने के उपरांत एसआईपी वित्त, बाजार, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और अन्य आवश्यक समर्थन तक पहुंच के माध्यम से एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। एसआईपी को अगले चार वर्षों में राज्य एमएसएमई और उद्योग संघों के माध्यम से सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा। परामर्श एजेंसी उद्योग की जरूरतों को पूरा करने और रैम्प योजना व क्लस्टर विकास कार्यक्रम के बारे में जागरूकता साझा करने के लिए शीघ्र ही विभिन्न जिलों में संवाद, कार्यशालाएं और केंद्रित समूह चर्चाएं आयोजित करेगी। निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने एमएसएमई और उद्योग संघों से सक्रिय रूप से इस संवाद में भाग लेने और बाजार व ऋण प्रौद्योगिकी तक पहुंच और एमएसएमई से संबंधित अपनी आवश्यकताओं और शंकाओं को साझा करने का आग्रह किया। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश कुमार गोयल और महासचिव नवीन अग्रवाल, फार्मा एसोसिएशन काला अंब के अध्यक्ष केशव सैनी और उद्योग संघों के अन्य प्रमुख सदस्य व पदाधिकारी इस संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।


















































