हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सेब की पेटी का वजन 24 किलो निर्धारित करने को लेकर बागवानों में आक्रोश के साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। समय रहते सरकार को इसका समाधान करना चाहिए, ताकि किसान-बागवान निश्चिंत होकर अपने उत्पाद को मनचाहा बेच सकंे। यह बात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। उन्होंने कहा कि सेब किलो के हिसाब से बिकता है तो उससे बागवान खुश हंै, लेकिन 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है, जो बिलकुल गलत है। ये बात बागवानों को हजम नहीं हो रही है। पर पेटी 2 किलोग्राम की कटौती किस फार्मूले के तहत की जा रही है सरकार को इस बारे में विस्तार से बागवानों को बताना चाहिए। चेतन बरागटा ने कहा कि सरकार द्वारा बिना ग्राउंड वर्क, बिना तथ्यों की जानकारी जुटाए बिना किसी चर्चा के इस तरह के निर्णय बागवानों के लिए नुकसानदायक हो रहे हंै। उन्होंने कहा कि जिस तरह की अव्यवस्था वर्तमान समय में मंडियो में नजर आ रही है, उससे तो लगता है कि यहां के आढ़ती व व्यापारी भी बाहरी मंडियों की ओर पलायन कर सकते हैं। जिस कारण प्रदेश को रेवेन्यू का नुकसान भी झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा की पतझड़ ने बागवान के बगीचों में विकराल रूप धारण कर लिया है जिस कारण बागवानों का बहुत नुकसान होने का अंदेशा है। उन्होंने बागवानी मंत्री से मांग की है कि जल्द नौणी विश्वविद्यालय से विशेषज्ञों की टीम को बागवानी बाहुल्य क्षेत्रों में भेजा जाए और पतझड़ होने के कारणों को जानकर बागवानों की समस्या का समाधान किया जाए। चेतन बरागटा ने कहा कि निचले क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू हो गया है। सरकार को जल्द बंद पड़ी सड़कों को खोलना चाहिए ताकि बागवान अपना उत्पाद मंडी तक आसासी से पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकार बागवानों की समस्या का समाधान करने की बजाए बागवानो को उलझानें में लगी है। एक तरफ ये सरकार अपने आप को बागवानी हितैषी बताती है और दूसरी तरफ डीजल पर 3 रुपये बढ़ा देती है और 8 महीनों में 6 रुपये बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला है, जिस कारण किराये-भाड़े में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। चेतन बरागटा ने कहा कि जिला शिमला से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों में से एक भी नेता बागवानों की समस्याओं के बारे में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। कांग्रेस नेता विपक्ष में रहते बागवानों के हितैषी बने हुए थे वो सब आज उनकी सरकार होते हुए क्यों गायब हो गए हैं। इन सभी नेताओं के आचरण से प्रतित होता है कि इनका बागवानों से कोई सरोकार नहीं है।
वर्ष 1990 को कोटगढ़ में किसान आंदोलन में शहीद हुए किसान नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। कोटगढ़ स्थित शहीदी स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक सहित अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में पहुंच कर शहीद हुए किसान नेताओं को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 22 जुलाई 1990 को कोटगढ़ में किसान आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी में तीन नेता शहीद हो गए थे। कार्यक्रम में विधायक कुलदीप राठौर, सीपीआईएम नेता व पूर्व विधायक राकेश सिंघा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र कंवर, राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन देवेंद्र श्याम, कोटगढ़ जोन के अध्यक्ष सिद्धार्थ चौहान मौजूद रहे। हिमाचल में सेब का समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर यह आंदोलन हुआ था। प्रदेशभर में इस आंदोलन की गूंज सुनाई दी थी।
जैनब चंदेल बोलीं- ढाई महीने से जल रहा मणिपुर, मौन बैठी है केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज कार्ट रोड पर प्रदेश अध्यक्ष जैनब चंदेल की अध्यक्षता में मणिपुर में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। दो महीनों से अधिक समय से मणिपुर जल रहा है और केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। अगर सरकार समय रहते ठोस कदम उठाती तो शायद आज हालात ऐसे नहीं होते। प्रधानमंत्री मोदी ने भी 80 दिनों के बाद बयान दिया वो भी तब जब इस घिनौने कृत्य की वीडियो वायरल हुई। इस वीभत्स कृत्य ने पूरे भारत का सिर शर्म से झुका दिया है। देश की सभी महिलाएं इससे आहत और दुखी हंै। डबल इंजन की सरकार फेल हो चुकी है। ऐसी नकारा सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी एवं अन्य महिला मंत्री सभी ने मौन धारण किया हुआ है। यह बहुत ही शर्मनाक है। महिलाओं से जुड़े इस तरह के मुद्दों पर भी अगर वो चुप हैं तो ऐसे मंत्री होने का क्या फायदा। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा महिलाओं के प्रति कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो मणिपुर में शांति कायम करनी चाहिए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ढाई महीने से मणिपुर जल रहा है, लेकिन वे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि मणिपुर में बद्दतर हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए और इस हिंसा के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव रिपना कलसाईक, उषा मेहता, जिला महिला अध्यक्ष वनीता वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष वृंदा सिंह, प्रभा वर्मा, शिमला शहरी की उपाध्यक्ष कृष्णा जरयाल, उमा, चंपा, नागिंद्रा, लोकेश्वरी, सरला, इंदु राज व महिला कांग्रेस की कार्यकता मौजूद थी।
हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अधिकारियों से खासे नाराज नजर आ रहे हैं। दिल्ली से शिमला लौटने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अधिकारियों के लिए उनके मन में मान-सम्मान है। सरकार चलाने के लिए अधिकारी और चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच में समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी लक्ष्मण रेखा लांघने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हिमाचल प्रदेश में रहकर अधिकारी प्रपोजल तैयार करते हैं और हिमाचल की सीमा पार करते-करते परवाणू में प्रपोजल को बदल दिया जाता है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अफरशाही को सख्त संदेश देते हुए कहा कि हम लोगों की ओर से चुनी हुई सरकार हैं। अफसरशाही सरकार को यह नहीं बताएगी कि क्या करना है और क्या नहीं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस बारे में वे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात करेंगे। इस तरह की बातें सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ अफसर सरकार को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा हम होने नहीं देंगे। वे इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते, लेकिन वे सीएम सुक्खू के साथ इस बारे में गंभीरता से चर्चा करेंगे।
हिमाचल बीजेपी इस समय व्यवस्था परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज संसदीय क्षेत्र प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार और सह प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजीव भारद्वाज रहेंगे। इसी प्रकार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री विक्रम ठाकुर और सह प्रभारी प्रदेश सचिव सुमित शर्मा, मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद ठाकुर और सह प्रभारी विधायक एवं प्रदेश सचिव विनोद कुमार होंगे। शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद रहेंगे। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
प्रदेश में बारिश का कहर चारों तरख दिख रहा है। शिमला जिला के कोटखाई में बारिश के चलते खासा नुकसान हुआ है। कोटखाई की बाग डुमैहर पंचायत में एक मकान पर लैंडस्लाइड हो गया, जिससे उसमें रह रहे नेपाली मूल के दंपति मौत हो गई है। कोटखाई अस्पताल के निकट भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन होने से सारा मलबा अस्पताल की निचली मंजिल में भर गया और यह मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई। भारी बारिश के बाद अस्पताल में कीचड़ भर गया। इससे डॉक्टर और दूसरा स्टाफ अस्पताल में नहीं जा पा रहा है। इतना ही नहीं इस वजह से मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार के सामने नए बने बस स्टैंड के पास डंगा गिर गया है और पुलिस थाना के सामने भी भूस्खलन हुआ है। उधर, कोटखाई के खलटू नाला में पिछले दिनों बाढ़ आने से खासा नुकसान हुआ था लेकिन आज यहां पर एक भवन जमीदोज हो गया । इस भवन के साथ दो भवनों को भी खतरा बना हुआ है। कुछ दिनों पहले इन भवनों को खाली करवा दिया था।
मुख्यमंत्री ने 10 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखा किया रवाना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां से 10 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन अग्निशमन वाहनों में फोम बनाने वाली मशीनों की सुविधा है, जिससे सामान्य आग और तेल से लगने वाली आग दोनों पर ही इसमें प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में अब अग्निशमन वाहनों की संख्या 230 हो गई है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज़िला लाहौल-स्पीति के काजा, ज़िला चम्बा के किलाड़ और ज़िला हमीरपुर के नादौन में तीन नए अग्निशमन उपकेंद्र खोलेगी। इसके अतिरिक्त, शिमला ज़िला के देहां में एक नई अग्निशमन चौकी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य भर में अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत सरकार ने अतिरिक्त अग्निशमन उपकरणों की खरीद के लिए 1.60 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा, अग्निशमन केंद्रों के लिए कार्यालय भवनों और आवासीय सुविधाओं के निर्माण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर विधायक रवि ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, उप महापौर उमा कौशल, निदेशक अग्निशमन सेवाएं राकेश अग्रवाल, उपायुक्त आदित्य नेगी और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 315.80 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राशि पिछले कुछ वर्षों से रुकी हुई है जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि (एनडीआरएफ) के तहत वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित 121.71 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 के लिए 133.56 करोड़ रुपये और राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 61.07 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि महालेखा परीक्षक की ओर से लगाई गई आपत्तियों के कारण इसमें देरी हुई है और प्रदेश सरकार ने अब इन आपत्तियों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि अब सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है, ऐसे में राज्य में हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुई क्षति को देखते हुए इस आपदा की स्थिति में यह राशि शीघ्र जारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत उत्पन्न त्वरित आवश्यकताओं को पूर्ण करने के दृष्टिगत राज्य सरकार ने इस आवंटित निधि को शीघ्र जारी करने का आग्रह केन्द्र सरकार से किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राशि अगर शीघ्र जारी होती है तो हाल ही में प्रदेश में आई विपदा से प्रभावितों को राहत पहुंचाने तथा उनके पुनर्वास में इसका सदुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशान्वित है कि उसके आग्रह पर केन्द्र शीघ्र कार्यवाही करते हुए इस चुनौतीपूर्ण समय में अपना सहयोग एवं समर्थन बनाए रखेगा।
जिला बिलासपुर में बड़ा सड़क हादसा पेश आया है। यहां स्वारघाट में चंडीगड़-मनाली नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह साढ़े चार बजे एक कार अनियंत्रित होकर 500 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान सचिन, पिंटू और खुशी के तौर पर हुई है। तीनों मृतक नोएडा दिल्ली के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्त के बाद शवों को खाई में बाहर निकाली। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिमला जिले के रोहड़ू में एक बार फिर आसमानी कहर बरपा है। जानकारी के अनुसार छौहारा विकास खंड की डिसवाणी पंचायत के तहत आने वाली लैला खड्ड में बाढ़ आ गई, जिसके चलते तीन लोग मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि जगोटी गांव निवासी रोशन लाल और उनकी धर्म पत्नी भागा देवी लैला में ढाबा चलाते थे। बीती रात उनका पोता कार्तिक भी उनके साथ लैला में ही था। इस दौरान रात दो से तीन बजे के बीच लैला खड्ड में आए भारी फ्लड में ढाबा बह गया, जिसके बाद तीनों लापता हंै। पुलिस व प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ जेसीबी की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बाढ़ में रोशन लाल पुत्र शालिग राम, भागा देवी पत्नी रोशन लाल और कार्तिक पुत्र यशवंत या बह गए हैं या मलबे में दब गए हैं। बाढ़ से एक मकान और 5 गडिय़ों को भी नुकसान पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने उन्हें राज्य में भारी बारिश और बादल फटने से हुए नुकसान से अवगत करवाया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार और एन.डी.आर.एफ. द्वारा संचालित किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी दी तथा राज्य को सहायता राशि जारी करने और अर्द्धसैनिक बलों व एन.डी.आर.एफ. को तैनात करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री को अवगत करवाया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मंडी और सोलन जिलों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने राज्यपाल को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में आपदा से नुकसान का आकलन के लिए आए दल के साथ की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार रवनीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आए आठ सदस्यीय केंद्रीय दल के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय दल को अवगत करवाया कि प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार को हिमाचल की उदारता से मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान मिली सहायता की तर्ज पर हिमाचल को भी केन्द्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आपदा से संबंधित वर्तमान दिशा-निर्देशों में बहुत कम आर्थिक सहायता का प्रावधान है। प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और निर्माण इत्यादि की अधिक लागत को देखते केंद्र सरकार को हिमाचल सहित अन्य पहाड़ी राज्यों को अलग पैटर्न पर आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश में बिजली, पानी और सड़क परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है, जिसे स्थाई रूप से बहाल करने में काफी वक्त लगेगा और विशेष आर्थिक सहायता की भी आवश्यकता होगी। ऐसे में इस त्रासदी से उबरने के लिए प्रदेश को उदार वित्तीय मदद के लिए केन्द्र सरकार को आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्तरिम राहत के लिए केन्द्र सरकार को पत्र भी लिखा है और मानसून के बाद इस बारे में संशोधित ज्ञापन दिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां बताया कि किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने सेब और आलू के सुचारू परिवहन के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के ट्रकों को विशेष पथ कर (एसआरटी) के भुगतान से छूट देने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय परमिट के अंतर्गत नहीं आने वाले ट्रकों को इस वर्ष 20 जुलाई से 31अक्टूबर तक इस छूट का लाभ मिलेगा। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि यह निर्णय किसानों और बागवानों के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे सेब व आलू के सीजन में ढुलाई की पर्याप्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस छूट के परिणामस्वरूप परिवहन लागत में कमी आएगी, जिससे उत्पादकों की आय में भी वृद्धि होगी। उप-मुख्यमंत्री, जिनके पास परिवहन मंत्री का प्रभार भी है, ने दोहराया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कठिन समय में विशेषकर उन बागवानों एवं कृषकों को राहत मिलेगी जो भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।
भाजपा के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल सरकार बागवानों के साथ अन्याय कर रही है। अगर आप गौर से देखें तो मुख्यमंत्री, बागवानी मंत्री और ठियोग के विधायक के बीच बिलकुल भी आपसी तालमेल नहीं है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि सेब जिस प्रकार बिक रहा था, उसी प्रकार बिकेगा, बागवानी मंत्री कहते हैं कि किलो के हिसाब से बिकेगा और उनके विधायक कुछ और ही कहते हैं। इससे भगवानों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, सेब बागवान किलो के हिसाब से सेब कैसे बेचेंगे जब उसको तोलने की कोई भी सुविधा मंडियों में है ही नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हर प्रकार से हिमाचल प्रदेश की इस आपदा के समय मदद की है चाहे वह हेलीकॉप्टर प्रदान करना हो या राहत राशि हो। पर कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार का धन्यवाद तक नहीं किया। उन्होंने कहा की यहां तक कि कांग्रेस के नेताओं ने यह तक कह डाला की आपदा में फसे लोगों को बचाने के लिए आर्मी उपस्थित ही नहीं थी और मुख्यमंत्री उनको बचा कर ले आए। मैं पूछना चाहता हूं कि आर्मी के जवान ही थे जो आपदा में फसे हुए लोगों को निकाल कर लेकर आए, क्या मुख्यमंत्री उनको कंधे पर उठाकर लेकर आए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जो आपदा के लिए राशि भेजी है उसको कांग्रेस के मंत्री और नेता नकद रूप में लोगों के बीच में बांट रहे हैं। उसको लेकर फोटो खिंचवा रहे हैं वह केवल मात्र श्रेय लेना चाहते हैं और कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मैं धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने तुरंत हिमाचल प्रदेश के नेशनल हाईवे को ठीक करने के लिए राशि प्रदान की है और टोल टैक्स भी माफ किया है। उन्होंने भाजपा के समस्त नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दी और कहा कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा हिमाचल प्रदेश की सभी चारों सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और एक बार फिर केंद्र में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। इस मौके पर भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मिला उसमें प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सचिव विनोद कुमार, डॉ. संजय ठाकुर, कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, कार्यालय सह सचिव किरण बाबा, सपना कश्यप, प्रदेश कोषाध्यक्ष कमल सूद, प्रदेश मीडिया प्रभारी करण नंदा, सह मीडिया प्रभारी प्यार सिंह, रमा ठाकुर और सुदीप महाजन उपस्थित रहे।
जून माह में हिमाचल प्रदेश में बनीं 14 समेत देश की 48 दवाओं के सैंपल फेल हो गए। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जून के ड्रग अलर्ट में ये दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई हैं। प्रदेश में निर्मित जिन 14 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें सोलन की आठ, कांगड़ा-सिरमौर की दो-दो और ऊना जिले में बनी एक दवा शामिल है। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाह ने बताया कि दवाओं के कुल 1,273 सैंपल लिए थे, जिनमें 1,225 सैंपल खरे उतरे, जबकि 48 फेल हुए हैं। इनमें एनजाइना की दवा, खून के थक्के रोग, संक्रमण रोकने, बाल झड़ने, एनिमिया, अस्थमा, त्वचा संक्रमण, उच्च रक्तचाप, आंख की रोशनी और एलर्जी की दवा के अलावा एसिड के सैंपल फेल हो गए हैं। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
इस वर्ष छह माह के अंदर ही करीबन 1.06 करोड़ सैलानियों ने हिमाचल प्रदेश में विजिट किया है । प्रदेश में पहली बार जून तक ही सैलानियों की संख्या एक करोड़ पार हो गई है। इससे पहले साल 2019 में जनवरी से जून तक सबसे अधिक 90.61 लाख सैलानी देवभूमि हिमाचल पहुंचे थे। अप्रैल से जून तक प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में आने वाले सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में करीब 15 लाख, मई में 21 लाख और जून में 25 लाख सैलानी हिमाचल प्रदेश पहुंचे। जनवरी से मार्च तक प्रतिमाह 12 से 13 लाख सैलानियों का आना हुआ। विदित है कि सुक्खू सरकार प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए पर्यटन क्षेत्रों की ओर फोकस कर रही है। सरकार ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया है और राजस्व बढ़ाने की दिशा में प्रयत्नों क्षेत्रों को विकसित भी किया जा रहा है। आंकड़ों की ओर देखे तो वर्ष 2018 में 88,98,620, 2019 में 90,61,269 और 2020 में 22,05,634 सैलानियों ने प्रवेश किया है। वहीं 2021 में 19,76,091, वर्ष 2022 में 86,42,390 जबकि 2023 में अब तक तकरीबन 1,0006,743 सैलानी प्रदेश की वादियां निहारने पहुंचे है।
कहा- 70 करोड़ रुपये से होगा छैला-यशवंत नगर वाया नेरी सड़क का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेब उत्पादकों को सुविधा प्रदान करने और उनकी उपज के लिए एक सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारी बारिश से आई आपदा के बाद राज्य सरकार सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों की बहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि बागवानों को सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने यह बात वीरवार सायं आढ़ती संघ के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए, राज्य सरकार नेरी पुल के माध्यम से छैला से यशवंत नगर सड़क को मजबूत करने को प्राथमिकता दे रही है। सेब सीजन के दौरान बागवानों के सामने आने वाली किसी भी परिवहन बाधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत इसके लिए 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की परियोजना का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भंडारण सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार राज्य भर में प्रमुख स्थानों पर नियंत्रित वातावरण (सीए) स्टोर स्थापित करने की योजना बना रही है। ये सीए स्टोर भावानगर (किन्नौर), संदासू (चिड़गांव), अणु (जुब्बल), चौपाल (शिमला), जाबली (सोलन), सुंदरनगर (मंडी), दत्तनगर (रामपुर बुशहर) और खड़ापत्थर (शिमला) में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, दिल्ली में कुंडली सीमा पर राज्य सरकार की भूमि पर एक और सीए स्टोर बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एक डिस्टिलरी स्थापित करने पर भी विचार कर रही है ताकि निम्न गुणवत्ता के सेब से भी बागवान लाभ अर्जित कर सकें। इस पहल का उद्देश्य उन सेबों का उपयोग करना है जो बाजार के ताजा उपज मानकों को पूरा नहीं कर सकते हैं। डिस्टिलरी की स्थापना से सरकार निम्न गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों को मूल्यवान संसाधन के रूप में प्रसंस्कृत करेगी ताकि उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों को शोषित करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ अपने रुख पर कायम है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आढ़ती संघ ने बागवानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था के आधार पर सेब तोलने या खरीदने पर सहमति जताई। संघ ने बागवानों को समर्थन एवं फल खरीद में हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश की प्रतिबद्धता के अनुरूप अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने का विश्वास जताया।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ठाकुर को आपदा राहत कोष-2023 के लिए बैंक की ओर से 7,06,18,702 रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि से प्रभावित परिवारों को सहायता मिलेगी। समाज का हर वर्ग इस कठिन समय में मदद के लिए आगे आ रहा है, जिसके लिए राज्य सरकार उनकी आभारी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, बैंक के प्रबंध निदेशक शरवन मांटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एम. सुधा देवी की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों और जिला बाल संरक्षण अधिकारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। एम. सुधा देवी ने कहा कि इस योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और करियर परामर्श, वस्त्र भत्ता, त्यौहार और विवाह अनुदान, मकान निर्माण के लिए भूमि और अनुदान का आवंटन, राज्य के बाहर वार्षिक शैक्षणिक दौरे, कोचिंग, उच्च शिक्षा व व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास पाठ्यक्रमों को प्रायोजित करने, अनाथ बच्चों व देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को स्वरोज़गार, स्टार्ट-अप के लिए सहायता प्रदान करने जैसे लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में अनाथ बच्चों की सही जानकारी प्राप्त करने के लिए सर्वेक्षण 21 दिनों के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अन्तर्गत लाने के लिए अनाथ बच्चों का विवरण संबंधित उपायुक्त को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण एक अभियान के रूप में चलाया जाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र बच्चा लाभ पाने से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदन पत्र खंड स्तरीय कार्यालयों में आसानी से उपलब्ध करवाएं ताकि आवेदक के लिए यह सुलभ उपलब्ध हों। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। इस योजना के तहत बच्चों और एकल नारी की उच्च शिक्षा और कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष भी स्थापित किया गया है। उन्होंने योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को मिशन मोड में प्राप्त करने तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार संसाधित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक रूपाली ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की सशक्त महिला ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत हिमाचल की स्थायी निवासी महिलाओं को अपने उद्यम स्थापित करने, आजीविका गतिविधियों को आरंभ करने, रोजमर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने तथा अपने परिवारों के उत्थान के लिए उपभोग्य सुरक्षा (कोलेटरल) मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए बैंक के प्रयासों की सराहना करतेे हुए कहा कि यह ऋण सुविधा प्रदान कर बैंक ने प्रदेश की महिलाओं को सशक्त करने तथा उन्हें कठिन समय में पुनर्भुगतान न कर पाने की स्थिति में अपनी संपत्ति खोने के डर से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि उपभोग्य सुरक्षा मुक्त ऋण इस योजना की अनूठी विशेषता है और इसके तहत ऋण के लिए आवेदन करने वाली पात्र महिलाओं को ऋण राशि के विरूद्ध जमानत के रूप में कोई संपत्ति या संपाशर््िवक प्रदान करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि उपभोग्य सुरक्षा की शर्त हटाने से महिलाओं विशेषकर जिनके पास ऋण लेने के लिए जमानत के रूप में मूल्यवान संपत्ति नहीं होती है, उनकी मुख्य बाधा दूर होगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देगी और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत बैंक 8.51 प्रतिशत की कम ब्याज़ दर पर 21000, 51000 तथा 1,01000 रुपये की ऋण सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके अलावा यह योजना पात्र महिलाओं को आसानी से ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। योजना में मार्जिन मनी की आवश्यकता नहीं है और आवेदन प्रक्रिया भी सरल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक की इस नई पहल के माध्यम से ऋणी महिलाएं आत्मविश्वासी व आत्मनिर्भर बनेंगी और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि यह योजना समय पर पुनर्भुगतान करने पर पुरस्कृत करने और ऋणी महिलाओं को समय पर ऋण राशि चुकाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी केंद्रित है। इस अवसर पर बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, बैंक के प्रबंध निदेशक शरवन मांटा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
सतलुज जल विद्युत निगम के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने निगम की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के दृष्टिगत आपदा राहत कोष-2023 के लिए आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को 2,55,00,000 रुपये की राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि से संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी।
माता श्री छिन्मस्तिका धाम चिंतपूर्णी मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत आधुनिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा तथा मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस कड़ी में सबसे पहले माता श्री चिंतपूर्णी का एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए रोपवे तथा एस्कालेटर बनाने के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांव बीटन स्थित छोटी कुटिया में 15 लाख, गांव हीरा नगर में 15 लाख रुपए व ग्राम पंचायत गोंदपुर जयचंद के गांव बैहली में 21 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवनों के लोकार्पण के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि देव भूमि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत का प्रमुख पर्यटन राज्य है जहां पर देश-विदेश के पर्यटक सैर सपाटे के अलावा यहां के देवी देवताओं के प्रसिद्ध मंदिरों के प्रति आस्था के कारण खींचे चले आते हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार कृत संकल्प है तथा इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीटन-सिंगां में 15 ट्यूबवेलों का निर्माण किया जा रहा है जिससे निकट भविष्य में इस क्षेत्र में पानी की कमी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र के अमराली में 25 लाख लीटर क्षमता का एक ओवरहेड जल भंडारण टैंक बनाया जा रहा है, क्षमता के अनुसार यह हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जल भंडारण टैंक होगा जिसके बनने के उपरांत पेय जलापूर्ति योजना बाधित होने के 1 सप्ताह बाद तक भी क्षेत्रवासियों को जलापूर्ति उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए 70 करोड़ रूपये की लागत से बीत सिंचाई योजना का निर्माण किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में सभी किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि हरोली विस क्षेत्र में 35 पानी के टैंकों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा विधायक प्राथमिकता के तहत 12 करोड़ रूपये की लागत से 12 टयूबवैलों का निर्माण किया जा रहा है। हरोली विस क्षेत्र में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 11 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में हरोली विस क्षेत्र देश व प्रदेश में जल उपलब्धता के मामले में पहला आत्मनिर्भर क्षेत्र होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विपरीत परिस्थितयों के बावजूद प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा सरकार द्वारा जनता को दी गई दस गारंटियां प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूर्ण की जा रही है। उन्होंने कहा कि हरोली विस क्षेत्र निर्णायक विकास की ओर अग्रसर है तथा इस क्षेत्र में सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य के अलावा बडे़ स्तर की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेशभर में हुई मूसलाधार बारिश के कारण उत्पन्न आपदा से हिमाचल प्रदेश की अनेक पेयजल तथा सिंचाई योजनाओं को भारी क्षति हुई है तथा जल शक्ति विभाग में ही करीब 1,500 करोड़ का नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर दिन-रात कार्य करते हुए प्रदेशवासियों के लिए रिकॉर्ड अवधि में जलापूर्ति बहाल की है जिसके लिए जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। बीटन में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10 लाख देने की घोषणा बीटन स्थित छोटी कुटिया के प्रमुख श्री 1008 स्वामी नित्यानंद रमता राम जी महाराज, स्वामी अतुल बिशन जी महाराज के अलावा परिवहन विभाग के निदेशक मंडल के सदस्य व जिला कांग्रेस प्रधान रणजीत सिंह राणा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व आरटीए के सदस्य अशोक ठाकुर, जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रमोद कुमार, जिला परिषद सदस्य नरेश कुमारी, पंचायत प्रधान बलजीत कौर व उप प्रधान हरमेश धीमान, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
किलो के हिसाब से सेब खरीदने का आदेश देने के बाद अब हिमाचल प्रदेश की मंडियों में आढ़तियों ने गुरुवार को हड़ताल कर दी। भट्टाकुफर फल मंडी में करसोग, कोटखाई ठियोग से बागवान अपना सेब लेकर पहुंचे, लेकिन आढ़ती ही मौजूद नहीं थे। करीब 15 गाड़ियां फल मंडी में पहुंची हैं। वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने साफ कर दिया है कि सरकार अपना आदेश वापस नहीं लेगी। उन्होंने आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को साफ कर दिया कि सरकार वजन के हिसाब से सेब खरीदी के फैसले को किसी भी सूरत में वापस नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई नियम का उल्लंघन करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी के दवाब में आने वाली नहीं है। इस मुद्दे पर बागवानों और आढ़तियों से भी कई बार बैठकें हो चुकी हैं। वहां पर इसका विरोध नहीं किया गया, लेकिन अब बिना सूचना के ही आढ़तियों ने बिना सूचना के हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल आढ़तियों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जिसका समय आने पर खुलासा किया जाएगा। वहीं, बागवानों का कहना है कि पहले ही बारिश से सड़कें प्रभावित हुई हैं। सेब पर भी मौसम की मार पड़ी है। बड़ी मुश्किल से मंडी तक सेब की गाड़ियां लेकर पहुंचे हैं, लेकिन यहां पर आढ़ती सेब नहीं खरीद रहे हैं। सुबह से यहां पर गाड़ियां लेकर पहुंचे हैं। सरकार ने वजन के हिसाब से सेब बेचने का स्वागत योग्य फैसला किया है। लेकिन आढ़ती आनाकानी कर रहे हैं। बागवानों ने सरकार से आढ़तियों की मनमानी पर नकेल कसने की गुहार लगाई है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उन्हें हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्गों को हुए नुकसान से अवगत करवाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश में विभिन्न सड़कों एवं पुलों को हुए भारी नुकसान से भी अवगत करवाया। उन्होंने आग्रह किया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों के बारे में दी गई नुकसान के आकलन की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय राशि शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने पंडोह, भुंतर, कुल्ल रायसन, कटराईं और मनाली क्षेत्र के पुलों के अलावा मनाली-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग, नालागढ़ पुल और प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अन्य पुलों और सड़कों की शीघ्र बहाली और मरम्मत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यातायात को सुचारू करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली सड़कों एवं पुलों तथा चक्की पठानकोट पुल को तत्काल बहाल करने और मरम्मत की आवश्यकता है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाले राज्य लोक निर्माण विभाग के क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए सेतु भारतम योजना के तहत 300 करोड़ रुपये प्रदान करनेे का आश्वासन दिया है। केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान कर समस्या का स्थायी समाधान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राज्य लोक निर्माण विभाग के पुलों की बहाली एवं मरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए ताकि राज्य लोक निर्माण विभाग की सड़कों को वैकल्पिक सड़कों के रूप में राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जा सके। बैठक में मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह भी उपस्थित थीं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र की सड़कों की स्थिति से अवगत करवाया और उदारता से सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह व प्रदेश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि समूचे प्रदेश में इस बार भारी बारिश बाढ़ से लाखों करोड़ों की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो गई है। किसानों व बागवानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रदेश में इस प्राकृतिक आपदा ने जन जीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। आज नई दिल्ली में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से विशेष मुलाकात के दौरान प्रतिभा सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र मंडी में भारी बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान की ओर उनका ध्यान आकर्षित करते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिये सीआईआरएफ, केंद्रीय सड़क ढांचागत फंड से धन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के नाते यहां सड़कें ही लोगों की जीवन रेखा हैं। सभी प्रकार के खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही इन्हीं सड़कों पर निर्भर करती हैं। इसलिए इन सड़कों की बहाली और पुननिर्माण के लिए केंद्रीय सहायता की बहुत जरूरत है। प्रतिभा सिंह ने नितिन गडकरी को दिए एक ज्ञापन में मंडी संसदीय क्षेत्र में हुए भारी नुकसान का विस्तृत विवरण देते हुए कहा है कि किरतपुर मनाली फोर लेन प्रोजेक्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ हैं। यह सड़क न केवल जन मानस के लिए ही उपयोगी नहीं है, बल्कि यह सेना की आवाजाही व देश के सीमावर्ती लेह लद्दाख को भी जोड़ती है, इसलिए इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने गडकरी से टिक्कर-जड़ोल- गाहन-ननखड़ी- खमाड़ी सड़क जो उनके संसदीय क्षेत्र मंडी के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत 52 किलोमीटर है के अपग्रेडेशन का भी आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि इसकी 108.33 करोड़ की डीपीआर उनके मंत्रालय को पहले ही भेजी जा चुकी हैं। उन्होंने चैलचोक- गोहर- पंडोह सड़क 30 किलोमीटर व नेरचौक-रत्ती-कलखर सड़क 13 किलोमीटर के सुधार व अपग्रेडेशन का भी आग्रह किया। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में हुए लोक निर्माण विभाग से संबंधित सड़कों, पुलों व भवनों के नुकसान की जानकारी देते हुए नितिन गडकरी से इसके पुननिर्माण के लिए उदारता से धन उपलब्ध करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही वित्तीय संकट से गुज़र रही है, और अब इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश पर एक बहुत बड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को प्रभावित लोगों व राहत कार्यो में दिन रात जुटी हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मंडी मनाली फोर लेन मार्ग के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रो को जोड़ने वाले अनेक पुल या तो टूट गए है या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उन्होंने गडकरी से आग्रह किया कि इन पुलों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण से बनाया जाए। नितिन गडकरी ने इस दौरान सांसद प्रतिभा सिंह व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश की हरसंभव मदद करेंगी। उन्होंने कहा केंद्रीय आपदा टीम प्रदेश का दौरा कर रही है उनकी रिपोर्ट आने के बाद सड़को,पुलों व सरकारी भवनों के पुननिर्माण के लिये उनका विभाग हरसंभव मदद देगा। उन्होंने क्षतिग्रस्त पुलों को सेतु भारतम परियोजना योजना के तहत बनवाने का आश्वासन दिया।
रामपुर क्षेत्र में हुई भारी बारिश से गुरुवार सुबह राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 किंगल से पवारी बंद हो गया है। यहां नाले में बाढ़ आने और भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर सड़क बंद है। झाकड़ी के पास बरोनी खड्ड में उफान से रामपुर-किन्नौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग का लगभग 700 मीटर भाग छतिग्रस्त हुआ है। यातायात बहाल करने के लिए विभाग ने मशीनें लगाई हैं। रामपुर मंडल के अधिशासी अभियंता के अनुसार यह भाग शाम तक यातायात के लिए खुल जाएगा। यहां अभी भी कई जगह ऊपर से पत्थर आ रहे हैं, जिस कारण काम करना मुश्किल हो रहा है। उधर राज्य विद्युत परिषद रामपुर मंडल के उपमंडल तकलेच और ननखड़ी में भूस्खलन के कारण विद्युत् लाइनों पर पेड़ गिरने से दर्जनों गांवों में बिजली सप्लाई ठप है। इसके अतिरिक्त नारकंडा के टांगरी नाले में दो गाड़ियां बह गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी नारकंडा से पुलिस स्टाफ की घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पूर्व विधायक खूब राम के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। पठानिया ने कहा कि खूब राम एक प्रखर वक्ता थे तथा सीधे तौर पर गरीबों, असहायों तथा समाज में पिछड़े लोगों से जुड़े नेता थे। पठानिया ने कहा कि खूब राम जिला कुल्लू स्थित आनी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के एक सम्मानीय नेता थे। खूब राम का व्यक्तित्व तथा स्वभाव एक मिलनसार व्यक्ति का था तथा विशेषकर अपने समुदाय के लोगों के प्रति सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। खूब राम वर्ष 1982, 1990 व 2012 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। कुलदीप सिंह पठानिया ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है तथा दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। प्रदेश विधानसभा के सचिव ने भी खूब राम के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है तथा शोक सतंप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी सवेंदना प्रकट की हैं।
9 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 7 सचिव, 10 प्रवक्ता, 1 मीडिया प्रभारी, 7 सह मीडिया प्रभारी किए नियुक्त भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश पदाधिकारियों, युवा मोर्चा एवं महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, विधायक पवन काजल, विधायक हंसराज, पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सैजल, पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मिधर सूद, पायल वैद्य, संजीव कटवाल और राजीव भारद्वाज को नियुक्त किया है। प्रदेश महामंत्री के रूप में डॉ. राजीव बिंदल ने राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, त्रिलोक कपूर और बिहारी लाल शर्मा को दायित्व सौंपा गया है। प्रदेश सचिव के रूप में विधायक विनोद कुमार, विशाल चौहान, डॉ. संजय ठाकुर, नरेंद्र अत्री, सुमित शर्मा, डेजी ठाकुर और मुनीश चौहान को दायित्व प्रदान किया गया है। प्रदेश कोषाध्यक्ष के रूप में कमलजीत सूद कार्य करेंगे। प्रदेश प्रवक्ता के रूप में राकेश शर्मा, महेंद्र धर्माणी, उमेश शर्मा, बलदेव तोमर, अजय राणा, बलवीर वर्मा, संदीपनी भारद्वाज, विवेक शर्मा, चेतन बरागटा और विनोद ठाकुर कार्य संभालेंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी का दायित्व कर्ण नंदा संभालेंगे। प्रदेश सह मीडिया प्रभारी के रूप में प्यार सिंह, संजय शर्मा, अमित सूद, राज्य ठाकुर, विश्व चक्षु, सुदीप महाजन और रमा ठाकुर दायित्व संभालेंगे। युवा मोर्चा अध्यक्ष पूर्व प्रदेश सचिव तिलक राज और महिला मोर्चा अध्यक्ष के रूप में वंदना योगी को तैनात किया गया। कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, कार्यालय सह सचिव किरण बावा और सपना कश्यप नियुक्त किए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी सरकारी विभागों में ई-गवर्नेंस प्रणाली लागू करने के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि यह पहल फाइल कार्य में तेजी लाने और दक्षता सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने सभी सचिवों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और उपमंडलाधिकारियों को ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने और तकनीकी प्रगति का लाभ उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सचिवों से संचार के लिए अब तक प्रचलित भौतिक पत्रों की जगह ई-मेल अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सचिवालय की 50 प्रतिशत शाखाएं और 24 निदेशालय अपने दैनिक कामकाज के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने 31 अगस्त, 2023 तक शिक्षा विभाग को पूरी तरह डिजिटल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आई.जी.एम.सी. शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और मरीजों का डाटा डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस विभाग के सहयोग से समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाना चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के लोगों को उनके घर-द्वार पर नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकी को अपनाना समयोचित मांग है। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से राज्य सरकार को निर्णय लेने के लिए बेहतर डाटा विश्लेषण की सुविधा मिलेगी। युवाओं को बेहतर करियर अवसर प्रदान करने के लिए हिमाचल ऑनलाइन सेवा, सीएम हेल्पलाइन और शिक्षा में भी एआई को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत 34 विभागों की 184 नागरिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। लोक मित्र केंद्रों को मजबूत करने के महत्त्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इन केंद्रों द्वारा प्रदेशभर में लोगों को 71 ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिला के स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों की जीआईएस मैपिंग पायलट आधार पर की जाएगी। उन्होंने चंबा जिले में सभी घरेलू और वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन के लिए आधार सीडिंग लागू करने के भी निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने 'हिम परिवारÓ की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि इससे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का डाटा इस मंच पर उपलब्ध होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के संचालन को विनियमित करने के लिए एक ड्रोन नीति तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन को पायलट आधार पर कृषि, बागवानी और स्वास्थ्य क्षेत्रों में नियोजित किया गया है जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 की भी समीक्षा की और एक केन्द्रित कॉल सेंटर की आवश्यकता पर बल दिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस अभिषेक जैन, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, सचिव बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राजीव शर्मा, सचिव जल शक्ति विभाग अमिताभ अवस्थी, सचिव ग्रामीण विकास प्रियतु मंडल, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क किरण भड़ाना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव से भेंट की। उन्होंने प्रदेश में लगातार भारी वर्षा होने के कारण बाढ़ तथा बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्गों को हुए नुकसान से उन्हें अवगत करवाया। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पुलों के पुनर्निर्माण के लिए एनएचएआई को प्रेषित किए गए अनुमानों के अनुसार निधि के आवंटन का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे और अनुमान प्रेषित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से मनाली में ब्यास नदी के बाएं किनारे, चक्की-पठानकोट पुल तथा मनाली-मण्डी राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अन्यों के लिए प्रेषित अनुमानों के लिए निधि आवंटन में उनसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का आग्रह भी किया। विक्रमादित्य सिंह ने मनाली-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग, नालागढ़ पुल के साथ-साथ प्रदेश के अन्य पुलों तथा सड़कों की तीव्र बहाली तथा मरम्मत का आग्रह किया जो राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग पर मनाली-मण्डी-स्वारघाट सड़क के साथ-साथ पंडोह, भुंतर, कुल्लू, रायसन, कटराईं तथा मनाली क्षेत्र के समीप स्थित पुल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चक्की-पठानकोट पुल पर यातायात को पुन: बहाल करने के लिए तुरन्त मरम्मत कार्य किया जाना चाहिए। श्री यादव ने लोक निर्माण मंत्री को प्रदेश में सड़कों की बहाली तथा मरम्मत कार्य के लिए शीघ्र निधि जारी करने का आश्वासन देते हुए कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए केन्द्र सरकार से एक दल हिमाचल प्रदेश भेजा गया। इसके अतिरिक्त विक्रमादित्य सिंह ने भारत सरकार के सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन से भी भेंट की तथा केन्द्रीय सड़क अधोसंरचना निधि के अंतर्गत विभिन्न सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है जो जल्द ही मंत्रालय को प्रेषित की जाएगी। इनमें रंगस-बड़सर सड़क वाया मैहरी के विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, नेरचौक-रत्ती-कलखड़ सड़क, छैला-नेरीपुल-यशवंतपुर-ओच्छघाट, कुम्हारहट्टी सड़क, टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-कमादी सड़क के स्तरोन्नयन कार्य तथा चायल-गोहर-पंडोह सड़क और शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी सड़क के सुधार तथा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं। श्री जैन ने प्रदेश के लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए सड़कों तथा पुलों के पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराना परिसर में बीते दिनों हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एबीवीपी के तीन छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के बाद छात्र संगठन एनएसयूआई की हिमाचल राज्य इकाई ने इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसके खिलाफ एचपीयू कैंपस के पिंक पेटल स्थान पर धरना प्रदर्शन किया। एनएसयूआई राज्य अध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने मांग की है कि नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप करने वाले दरिंदे आरोपियों को फाँसी की सजा दी जाए। परिसर अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि ऐसी घटनाओं से बीजेपी आरएसएस और एबीवीपी का असली चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है। एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें फांसी की सजा दिलाई जाए।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज भाजपा के 17 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। उन्होंने बताया कि चंबा जिला के अध्यक्ष के रूप में धीरज नरयाल, कांगड़ा सचिन शर्मा, नूरपुर रमेश राणा, देहरा संजीव शर्मा, पालमपुर हरिदत्त शर्मा, लाहौल स्पीति राजेंद्र बोद्ध, कुल्लू अरविंद चंदेल, मंडी निहाल चंद, सुंदरनगर हीरा लाल, हमीरपुर देशराज शर्मा, ऊना बलबीर चौधरी, बिलासपुर स्वतंत्र संख्यान, सोलन रत्न सिंह पाल, सिरमौर विनय गुप्ता, महासू अरुण फाल्टा, शिमला प्रेम ठाकुर, किन्नौर यशवंत नेगी को जिला अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं। इसके अतिरिक्त डॉ. राजीव बिंदल ने निवर्तमान जिला अध्यक्ष चंबा जसवीर सिंह नागपाल, निवर्तमान जिलाध्यक्ष कांगड़ा चंद्रभूषण नाग, निवर्तमान जिला अध्यक्ष कुल्लू भीम सेन, निवर्तमान जिला अध्यक्ष मंडी रणवीर सिंह, निवर्तमान कार्यकारी जिला अध्यक्ष हमीरपुर हरीश शर्मा, निवर्तमान जिला अध्यक्ष ऊना मनोहर लाल शर्मा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सोलन आशुतोष विद्य, निवर्तमान कायकारी जिला अध्यक्ष शिमला विजय परमार, निवर्तमान जिला अध्यक्ष किन्नौर संजीव हारा को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्कालीन प्रभाव से लागू होगी।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे को यातायात के लिए अस्थायी तौर पर बहाल कर दिया गया है। पिछले कल सुबह ६ मील के पास पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण यहां पर हाईवे फिर से बंद हो गया था। प्रशासन ने सारे मलबे को हटाकर हाईवे को पूरी तरह से यातायात के लिए बहाल करने की बात कही थी और दो दिनों तक हाईवे के बंद रहने की सूचना जारी की थी। लेकिन इतने में मंडी से कुल्लू वाया कटौला मार्ग भी यातायात के लिए बंद हो गया। ऐसे में प्रशासन को हाईवे को अस्थायी तौर पर यातायात के लिए बहाल करना पड़ा। हालांकि हाईवे से सभी प्रकार के छोटे बड़े वाहन गुजारे जा रहे हैं। जो बड़ी गाड़ियां फंसी हुई थी उन्हें अब यहां से जाने दिया जा रहा है। अभी भी यहां पर ९० प्रतिशत मलबा हटाने को है जिसे अब आने वाले समय में हटाया जाएगा। हालांकि हाईवे बहाल करने के साथ-साथ मलबा हटाने का कार्य भी जारी रखा गया है।
राजधानी शिमला के माल रोड में बीते दिन ब्लास्ट की घटना को शक के दायरे से देखा जा रहा है। आज डीजीपी संजय कुंडू खुद मौके पर पहुंचे। इस दौरान डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि शिमला ब्लास्ट को लेकर एसआईटी गठित की गई है, वह अपने नजरिए से जांच करेगी। उन्होंने एसपी शिमला को एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही बम स्क्वायड की टीम भी तैनात की गई है। संजय कुंडू ने कहा की शिमला एक पर्यटक स्थल भी है। इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि कल शाम सवा सात बजे के करीब यह धमाका हुआ। एक व्यक्ति की इसमें मौत हुई है। ब्लास्ट किस वजह से हुआ इसकी जांच चल रही है। शुरुआती जांच में यही पता चल पाया है कि गैस रिसाव से वैक्यूम से यह धमाका हुआ है। एरिया को पुलिस ने खाली करवा लिया है। लोगों को भी इस एरिया में आने से रोका जा रहा है। जांच की जा रही है जिसके बाद ही धमाके की असली वजह सामने निकलकर आयेगी। डीजीपी ने उस स्पॉट की भी निरीक्षण किया जहां ब्लास्ट हुआ है। साथ ही उन्होंने उन दुकानों का भी जायजा लिया , जिनको ब्लास्ट से नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गत सांय डॉ. ओम प्रकाश कौल द्वारा लिखी पुस्तक 'राग प्रकाशÓ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने डॉ. कौल के प्रयासों की सराहना की और उनके अकादमिक भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। 'राग प्रकाशÓ में संगीत के क्षेत्र में विशेष प्रकार के रागों को एक पुस्तक में संग्रहित करने का प्रयास किया गया है। शिक्षा जगत से जुड़े शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं संगीत प्रेमियों के लिए यह पुस्तक उपयोगी साबित होगी। डॉ. कौल राजकीय महाविद्यालय संजौली, शिमला में संगीत (गायन), सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने गज़ल गायकी में भी अपनी पहचान बनाई है और हाल ही में उनके द्वारा रचित संजौली महाविद्यालय का कुलगीत भी काफी सराहा गया।
प्रदेश में सरकार द्वारा डीजल के दाम बढ़ाने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने सरकार पर निशाना साधा है। डाॅ राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जो सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रही है, आये दिन हिमाचल की जनता के उपर नए बोझ डाल रही है। डीजल के दाम बढ़ाने से सारे हिमाचल प्रदेश में एकदम से मालभाड़े में वृद्धि हो गई है। सारी ट्रक यूनियन्स ने, सारी माल वाहक गाडि़यों ने, टैक्सियों ने सभी ने अपने रेटों में बढ़ौतरी कर दी है, जिसका सीधा-सीधा दुष्प्रभाव सामान्य जनमानस के उपर पड़ रहा है। डाॅ बिन्दल ने कहा कि रेट बढ़ाने के पहले दिन ही हमने चेताया था कि इससे डायरेक्ट और इन डायरेक्ट दोनों प्रकार से महंगाई बढ़ेगी परन्तु वर्तमान कांग्रेस की सरकार आम जनता की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह से जुटी हुई है। डाॅ बिन्दल ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी जिद छोड़नी चाहिए और 6 रू की डीजल में जो बढ़ौतरी की है उसे जनहित में वापिस लेना चाहिए। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार महंगाई हटाने और 10 गारंटियां पूरी करने के वायदे के उपर सत्ता में आई है। महंगाई हटाना तो दूर की बात, महंगाई बढ़ाने का काम तेज गति से किया है और गारंटियां वाला धोखा जो जनता को दिया है उसका बदला तो जनता लेने ही वाली है। डाॅ बिन्दल ने कहा कि नकदी फसलें टमाटर, शिमला मिर्च, बिन्स, गोभी, पत्ता गोभी, सेब, पलम, आडू सब आजकल निकल रहा है। वर्तमान सरकार की नाकामयाबी से न तो सडकें खुल रही है और उपर से ढुलान का किराया बढ़ गया है। किसानो को अपने जेब खर्च से जे0सी0बी0 लगाकर सड़कें खोलनी पड़ रही है और जे0सी0बी0 का किराया भी बढ़ गया है। इस प्रकार किसान-बागवान व सामान्य जनमानस कांग्रेस सरकार की करनी के कारण दुखों को झेल रहा है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर पेट्रोल पंप खोलने के लिए 27 सितंबर तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें जिला हमीरपुर के आठ स्थान भी शामिल हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख इंद्र लाल नेगी ने कहा कि पेट्रोल पंप के लिए आवेदन से संबंधित पूरी जानकारी वेबसाइट पेट्रोल पंप डीलर चयन डॉट इन पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए शिमला के कसुम्पटी में स्थित मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख के कार्यालय में या दूरभाष नंबर 0177-2626667 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख ने पेट्रोल पंप चलाने के इच्छुक लोगों से 27 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
कालका-शिमला धरोहर रेलवे ट्रैक पर 6 अगस्त तक के लिए सभी ट्रेनें स्थगित कर दी गई हैं। सोलन और कालका के बीच रेल ट्रैक पर जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रैक प्रभावित होने के चलते यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, शिमला से सोलन तक ट्रैक को ट्रेनों के संचालन के लिए दुरुस्त कर दिया गया है। उत्तर रेलवे की शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की भी योजना है। बता दें कि 9 जुलाई से कालका-शिमला हैरिटेज रेल ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन बंद है। रेल लाइन पर सोलन और कालका के बीच जगह-जगह हुए भूस्खलन के चलते गाड़ियों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा। रेल लाइन को गाड़ियों के संचालन के लिए ट्रैक को दुरुस्त करने का काम 9 जुलाई से चल रहा है और मौजूदा समय में शिमला से सोलन तक ट्रैक को गाड़ियों के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। रेल सेवा बहाल करने के लिए शिमला और सोलन के बीच बकायदा इंजन का ट्रायल भी हुआ है। लेकिन, सोलन से कालका तक अभी भी ट्रैक गाड़ियों के लिए ठीक नहीं हुआ है। सोलन से धर्मपुर के बीच पेड़ गिरने, कोटी और सोलन के बीच दो जगह भूस्खलन, धर्मपुर और कुमारहट्टी के बीच भूस्खलन और जल जमाव, सोलन और धर्मपुर स्टेशनों के बीच जल जमाव और भूस्खलन, धर्मपुर सलोगड़ा और कोटी के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन और पेड़ गिरने से रेल की आवाजाही बंद है। कुछ जगहों पर रेल ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है जिसके कारण रेल सेवा बहाल करने के लिए अगले 3 हफ्तों के लिए गाड़ियों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। 21 दिन बाद 6 अगस्त को ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में यदि ट्रैक गाड़ियों के संचालन के लिए सही पाया गया तो रेल सेवा बहाल की जाएगी। फिलहाल, शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की योजना है। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल को इस पर फैसला लेना है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ौतरी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के तहत 7 जुलाई, 2023 से 15 जुलाई, 2023 के दौरान आई बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित हुए परिवारों को विशेष राहत पैकेेज के अन्तर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राहत मैनुअल के तहत पक्के घर को आंशिक क्षति पर 12500 रुपये तथा कच्चे मकान को आंशिक नुकसान होने पर 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने अभूतपूर्व त्रासदी को देखते हुए इसे बढ़ाकर एक लाख रूपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि दुकानों और ढाबों को नुकसान होने पर पहले सिर्फ सामान की एवज़ में 10 हजार रुपये की मामूली आर्थिक सहायता मिलती थी, जिसे राज्य सरकार ने दस गुणा बढ़ाकर एक लाख रूपये कर दिया है। इसके अतिरिक्त किरायेदार के सामान को नुकसान होने पर पहले 25 हजार रुपये की मद्द दी जाती थी, जिसे दोगुना करके 50 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं कृषि और बागवानी योग्य भूमि में बाढ़ से सिल्ट आने पर पहले जहां लगभग 1400 रूपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाता था, इसे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। इसके साथ ही कृषि और बागवानी योग्य भूमि को क्षति होने पर पहले 3600 रूपये प्रति बीघा की आर्थिक सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसानों व बागवानों की फसल को नुकसान होने पर 300 से 500 रुपये प्रति बीघा मुआवजा प्रदान किया जाता था, जिसे बढ़ाकर राज्य सरकार ने 2000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। वर्तमान राज्य सरकार ने गाय, भैंस तथा अन्य दुधारू पशुओं की जान जाने पर 55 हजार रुपये प्रति पशु की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो पहले 37500 रुपये थी। उन्होंने कहा कि भेड़, बकरी और सुअर की जान जाने पर, मिलने वाली आर्थिक मदद को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही पहले यह मुआवजा अधिकतम 30 भेड़, बकरी और सुअर के लिए ही दिया जाता था, लेकिन राज्य सरकार ने इस शर्त को भी खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है और हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मुआवजा राशि को पहली बार इतना अधिक बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के दु:ख-दर्द से भली-भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रभावितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 280वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नालागढ़ में निगम के पास उपलब्ध भूमि पर व्यावसायिक परिसर बनाने की अनुमति प्रदान की गई ताकि यह भूमि आय सृजन का स्रोत बन सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परवाणु में निगम की अप्रयुक्त भूमि के उपयोग के निर्देश भी दिए। उद्योग मंत्री ने निगम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि निगम प्रदेश के आय अर्जित करने वाले उपक्रमों में से एक है। उन्होंने कहा कि निगम प्रतिवर्ष लाभ अर्जित कर रहा है। वर्ष 2020-21 में निगम ने आयकर अदायगी के पश्चात् 7.67 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 में 7.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा वर्ष 2019-20 व 2020-21 के लिए प्रदेश सरकार को देय 3.08 करोड़ के लम्बित लाभांश का अनुमोदन किया। निगम द्वारा वर्ष 2022-23 का सरकार को देय लाभांश 1.54 करोड़ रुपये है। इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक राजेश्वर गोयल ने निगम से सम्बंधित विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष विशाल चम्बयाल, प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नज़ीम, सचिव कृषि राकेश कंवर, निदेशक उद्योग विभाग राकेश प्रजापति, विशेष सचिव उद्योग विभाग किरन भड़ाना व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
रोजगार मेले राज्य भर में बेेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी के शानदार अवसर प्रदान करते हैं और नौकरी के इच्छुक तथा नौकरी प्रदाताओं को जोड़ने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यह बात श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां श्रम एवं रोजगार विभाग की एक बैठक के दौरान कही। उन्होंने इन मेलों तक पहुंच बढ़ाने के लिए अधिकारियों को रोजगार मेले का आयोजन हर 45 दिनों में कम से कम एक बार अवश्य करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों, नीतियों और विभिन्न अन्य गतिविधियों के बारे में मंत्री ने कहा कि अधिकांश विभागीय कार्य और कार्यक्रम, जैसे पंजीकरण प्रक्रिया अब ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से अब कोई भी अपना पंजीकरण करवा कर विभाग के माध्यम से संचालित राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से लाभ उठा सकता है। नौकरी चाहने वाले अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र से भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। यह विशेष रूप से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होगा और इससे समय और धन की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाएगा। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि इन श्रमदानियों को अच्छी और सुरक्षित काम करने की स्थिति प्रदान की जाए। उन्हें उचित हेडगियर, दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपकरण इत्यादि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में श्रम आधारित उद्योग हैं और श्रमिकों के कल्याण और प्रबंधन पर ध्यान देना और सुरक्षित कामकाजी परिस्थितियां प्रदान करना सरकार की प्रतिबद्धता है। श्रम एवं रोजगार के सचिव अक्षय सूद, श्रम एवं रोजगार की श्रमायुक्त-सह-निदेशक मानसी सहाय ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राज भवन से राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जिला मण्डी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री से भरे दो वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में इस प्राकृतिक आपदा के कारण जान व माल का भारी नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई करना कठिन है, लेकिन राहत के रूप में हम अपना योगदान दे सकते हैं जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस आपदा में प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन तथा पुलिस के प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा के दौरान सेना, वायु सेना, अर्धसैनिक बलों तथा सभी अन्य एजेंसियों द्वारा राहत व बचाव कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रदेश में आई इस आपदा पर नजर बनाए हुए है तथा इसके लिए फौरी राहत प्रदान कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नुकसान के पूर्ण आकलन के पश्चात प्रदेश को और अधिक राहत प्रदान की जाएगी। राज्यपाल ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में समाज के सभी वर्गों ने सहयोग प्रदान किया है तथा लोगों ने भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए सभी से आपदा राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान करने का आग्रह किया है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने स्वयं राहत कोष में अपने एक माह के वेतन का अंशदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्य तथा जिला स्तर पर रेडक्रॉस के माध्यम से भी सहायता प्रदान की जा रही है। इससे पूर्व राज्य रेडक्रॉस के माध्यम से 13 जुलाई को तीन वाहनों में मण्डी तथा कुल्लू जिलों के लिए राहत सामग्री भिजवाई गई थी। राष्ट्रीय रेडक्रॉस सोसायटी से अधिक राहत सामग्री प्रदान करने का आग्रह भी किया गया है तथा रेडक्रॉस के माध्यम से शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्रों में यह राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। राज्यपाल के सचिव संदीप कदम तथा राज्य रेडक्रॉस के अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने ड्रग माफिया से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्यों को अधिक अधिकार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ड्रग माफिया पर प्रभावी ढंग से नकेल कसने के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसिस (एनडीपीएस) अधिनियम में संशोधन की भी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं के तस्करों की संपत्ति जब्त करने के लिए एनडीपीएस अधिनियम में एक प्रावधान जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिमाचल प्रदेश से प्रवर्तन निदेशालय को नशीली दवाओं से संबंधित स्थानांतरित किए गए १० मामलों में प्रगति धीमी रही है। ऐसे में उन्होंने जब्त करने की शक्तियां राज्यों को सौंपने को कहा। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं से संबंधित अपराध में सजा ५ वर्ष से बढ़ाकर आजीवन कारावास की जाए और नशीले पदार्थों की मात्रा की परवाह किए बिना इस अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाने के साथ-साथ पांच लाख जुर्माने और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी किया जाए। उन्होंने नशीली दवाओं के अत्याधिक सेवन से होने वाली मौतों को रोकने के महत्त्व पर बल दिया और इस संबंध में अधिनियम में आवश्यक बदलाव करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से प्रदेश के कुल्लू जिले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का क्षेत्रीय कार्यालय और आधुनिक हाई-टेक जेल स्थापित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए राज्य में आधुनिक फोरेंसिक प्रयोगशाला और मोबाइल लैब की स्थापना का भी अनुरोध किया। उन्होंने नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में तेजी लाने के लिए हिमाचल प्रदेश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने राज्य में नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए केंद्र सरकार से उदार वित्तीय सहायता का भी आग्रह किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठा रही है। प्रदेश विधानसभा में नशाखोरी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने राज्य के भीतर नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) की संख्या में ४० प्रतिशत, गिरफ्तारी में ३४ प्रतिशत और बरामदगी में ५० प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के संकेत देने वाले आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल देश के उन चुनिंदा राज्यों में शुमार है जो नशीली दवाओं की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निवारक उपाय अपना रहा है और इस संबंध में एक सलाहकार बोर्ड का भी गठन किया गया है। बैठक में विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी जुड़े तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल और अभिषेक त्रिवेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और विशेष सचिव राज्य कर एवं आबकारी हरबंस सिंह ब्रस्कॉन और प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
व्यवस्था परिवर्तन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य में फील्ड दौरों के दौरान सामान्य तौर पर विभिन्न माननीयों को पुलिस द्वारा दिए जाने वाले 'गार्ड ऑफ ऑनरÓ (सलामी) को 15 सितंबर तक स्थगित कर दिया है। हालांकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन आदेशों में छूट रहेगी। यह निर्णय प्रदेश में हाल ही में आई आपदा से वृहद स्तर पर जारी राहत व बचाव कार्यों के दृष्टिगत लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस बल की तैनाती में वृद्धि पर बल देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर जैसे कार्यों में संलग्न करने के बजाए इस संकट के समय में प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आपदा के प्रभावों से निपटने के लिए प्रदेश के संसाधनों के सही उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है। बचाव कार्यों के दृष्टिगत पुलिस बल द्वारा प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। सीएम सुक्खू ने कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर स्थागित करने से सरकार प्रदेश में आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य के संसाधनों तथा श्रम शक्ति का और बेहतर उपयोग करेगी। इस निर्णय से सरकार की आपदा प्रभावित क्षेत्रों को तुरंत राहत पहुंचाने तथा इस कठिन समय में प्रभावी प्रशासन की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राहत तथा बचाव कार्य जारी है और प्रदेश सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मज़बूती से कार्य कर रही है। यह निर्णय प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च अधिमान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वे केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग करेंगी, जिसके तहत प्रदेश में विकास योजनाओं के कार्यन्वयन के लिए 90 प्रतिशत ग्रांट का प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वे इस मांग को संसद में भी उठाएंगी। प्रतिभा सिंह ने आज यहां कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र मंडी का चार दिवसीय दौरा कर लौटी हैं। उनके संसदीय क्षेत्र मंडी में भारी बारिश व बाढ़ से बहुत ही जानमाल का नुकसान हुआ हैं। इस क्षेत्र में अनेक सड़के,पुल व कई भवन बह गए। करोड़ों की निजी व सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ हैं।उन्होंने कहा है कि भारी बारिश व बाढ़ से किसानों बागवानों की फसलें भी बर्बाद हो चुकी है उन्हें भी राहत देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस आपदा ने जो जख्म दिए है उन्हें भरने में बहुत समय लगेगा। उन्होंने कहा कि आपदा के इस समय में सरकार लोगों को राहत देने व उनके पुनर्वास के हरसंभव प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का राहत कार्यो के लिये राहत कोष में कुछ न कुछ अंशदान देने की अपील की हैं। उन्होंने कहा है कि यह समय आपदा प्रभावित लोगों के साथ देने का है जिन्होंने इस आपदा में अपनों के साथ साथ अपनी संपत्ति को खोया है। प्रतिभा सिंह ने आम जन मानस से भी राहत कोष में अंशदान देने का आग्रह किया है, जिससे पुनर्वास कार्यो में तेजी लाई जा सके।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा में डीजल के दाम बढ़ाने के तानाशाही फैसले का असर अब पूरे प्रदेश में दिखने लगा है। आपदाग्रस्त लोगों पर सरकार के इस फैसले की दोहरी मार पड़ी है। हर चीजें महंगी हो रही हैं। माल ढुलाई के महंगे होने से खाने पीने से लेकर पुनर्वास और पुनर्निर्माण से जुड़ी चीजें भी महंगी हो रही हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा और आपदाग्रस्त लोगों पर भी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर अभी तक किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं पहुंची हैं। लोग मदद के लिए सरकार की राह देख रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों तक लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिनका सब कुछ बर्बाद हो गया, उनके पास सरकारी राहत में देरी नहीं होनी चाहिए थी। इसके साथ ही सरकार उन लोगों को भी राहत पहुंचाए जिनका घर ख़तरे की जद में हैं और वे अपना घर छोड़कर किसी और जगह पर शरण लिये हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब आपदा प्रभावित और इंतज़ार नहीं कर सकते हैं। इसलिए सरकार धरातल तक पहुंचे और प्रभावितों को राहत पहुंचाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनका सहयोग कर रहा हैं। भाजपा के विधायक दल ने भी अपने एक माह का वेतन आपदा प्रभावितों को देने का निर्णय लिया हैं। अभी बहुत सी जगहें ऐसी हैं, जहां पर नेटवर्क, लेकर पानी और बिजली जैसी सुविधाएं भी बहाल नहीं हुई हैं। सड़कें बंद हैं किसी प्रकार की सप्लाई उनतक नहीं पहुंच पास रही हैं। आपातस्थिति में मरीज़ों के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पा रही है। सरकार को राहत और पुनर्वास कार्यक्रमों में भी तेज़ी लानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ आये एक हफ़्ता बीत चुका है, ऐसे बहुत से बाढ़ प्रभावित हैं जिनका बाढ़ में सब कुछ बह गया है। उनके पुनर्वास लिए भी तेज़ी से कार्य करने की आवश्यकता है क्योंकि लंबे समय तक इनके बिना रहना संभव नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब राहत और पुनर्वास के कार्यक्रमों को गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने की ज़रूरत हैं। यह आपदा की घड़ी हैं, ऐसे मौक़े पर बिलकुल राजनीति नहीं की जानी चाहिये अत: दौरे पर गए मंत्री राजनीति के बजाय राहत कार्यों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत और पुनर्वास के कार्यक्रमों में सरकार का कई विभागों के आपस में समन्वय की आवश्यकता होती है, जिससे राहत के कार्य युद्ध स्तर पर संचालित हो सके। इसलिए मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि वह मंत्रालयों और मंत्रियों के परस्पर समन्वय पर ध्यान दें। जिसके आपदा प्रभावित हमारे प्रदेश के लोगों को राहत मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा के समय में सरकार का सारा ध्यान सिफ़र् राहत और बचाव कार्यों पर होना चाहिए, लेकिन सरकार में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो आपदा में बचाव के लिए आये हेलीकॉप्टर में भी सेल्फ़ी लेने में मशगूल थे। उन्होंने कहा कि आपदा के मौके पर संसाधनों का इस्तेमाल आपदा प्रभावितों की मदद के लिए होना चाहिए।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर पिछले 4 दिनों से हिमाचल के दौरे पर हैं। भारी वर्षा से उत्पन्न आपदा के आकलन व राहत व पुनर्वास कार्यक्रमों के निरीक्षण हेतु अनुराग ठाकुर पूरे क्षेत्र में सघन दौरे कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के ज़िला ऊना में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा कमेटी की बैठक के दौरान वर्षा व बाढ़ से उपजे हालातों व ज़िले में चल रहे विकास कार्यों पर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की व इसके समुचित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अपने दौरे के दौरान ऊना में स्वां नदी के पास संवाददाताओं से वार्तालाप करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि स्वां नदी को कभी रिवर ऑफ सॉरो कहा जाता था। यहां बाढ़ के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान होता था। 1988 में पुल बह गए थे। आज हम उसी जगह पर खड़े हैं। पुल भी ठीक है। इसका कारण भारतीय जनता पार्टी की सरकार (केंद्र व राज्य दोनो में) में शुरू हुआ स्वां चैनलाइजेशन है, अन्यथा स्वां नदी का भयावह रूप हिमाचल देख चुका है। ये नदी बारिश और बाढ़ आने पर दोनों ओर कई किलोमीटर तक फैली जाती थी। चैनलाइजेशन के कारण जान-माल की भी बचत हुई और जमीनों के दाम भी बढ़े। इस बार नुकसान की तीव्रता काफी कम देखने को मिली व ऊना का बेहद बड़े नुकसान से बचाव हुआ है। हिमाचल में भारी वर्षा से हुए नुकसान व केंद्र द्वारा मदद नहीं दिए जाने के आरोपों का खंडन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते मगर मैं बताना चाहूंगा कि केंद्र ने हिमाचल प्रदेश में राहत व बचाव कार्य हेतु एनडीआरएफ की 13 टीमें तैनात कर रखी हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले चार दिनों से आपदा प्रभावित क्षेत्र में लोगों से मिल रहा हूँ। आपदा से प्रभावित विभिन्न ज़िलों में जगह-जगह पर जाकर नुकसान का जायजा ले रहा हूं। लोगों का दर्द मेरा अपना दर्द है और मेरी पूरी संवेदनाएं आपदा प्रभावित लोगों के साथ हैं। विभिन्न विभागों को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। अधिकारियों को लोगों को त्वरित राहत देने हेतु प्राथमिकता पर कार्य करने को कहा गया है। भारी वर्षा के कारण हिमाचल में आपदा आई है पर राज्य सरकार लोगों पर रहम करने की बजाय वैट में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। आपदा के समय लोग पहले से कष्ट में हैं। इससे उन पर और बोझ बढ़ेगा। वैट के बढ़ने से केवल पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ते बल्कि महंगाई का एक पूरा चक्र शुरू हो जाता है। यह राज्य सरकार द्वारा उठाया गया बिल्कुल गलत कदम है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार एक नहीं बल्कि दो बार टैक्स कम कर चुकी है पर गैर भाजपा शासित राज्यों में वहां की सरकार टैक्सों में बेतहाशा वृद्धि कर रही हैं। कांग्रेस जनता के लिए सोचे, हिमाचल के हित के लिए सोचे, यह बढ़ी वृद्धि वापस लेकर देवभूमि को राहत देने का काम करे। आज केंद्र सरकार के प्रयासों के कारण होलसेल प्राइस इंडेक्स काफी कम है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि देवभूमि हिमाचल को शर्मसार करने वाली घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कोटखाई में हैवान चाचा द्वारा अपनी चार साल की भतीजी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उस मासूम बच्ची की हत्या कर दी जाती है। ऐसे आपराधिक मामले हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार में बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के राज में ऐसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उस मासूम बच्ची से उसके चाचा ने पहले दुष्कर्म किया, फिर उसकी हत्या कर उसका शव बगीचे में छुपा कर रख दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसी निंदनीय घटना का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी अपराधिक घटनाओं पर मौन धारण करके बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि उस आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाए।ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने के बारे में सोच भी ना सके। अन्यथा विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने आज मुख्य सचिव प्रमोद सक्सेना, डीसी लाहौल-स्पीति से फिर यह आग्रह किया है लाहौल-स्पीति के बातल के समीप समुद्र स्तर से लगभग 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहुत से भेड़पालक भारी बर्फबारी के बीच में फंसे हैं, उनको जनजीवन में तो जूझना पड़ रहा है, लेकिन खाने-पीने की वस्तुएं भी खत्म हो गई हैं। आज सुबह बंदला निवासी डागू राम जी द्वारा सूचना मिली है कि 3 भेड़पालक ईश्वर दास, फिन्ना राम, जगदी चंद भेड़पालकों की सूचना मिली है, जो समस्या से जूझ रहे हैं। कपूर ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है तुरंत सरकार हेलीकॉप्टर कि व्यवस्था करके सबंधित क्षेत्र में जाकर आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाएं और सारी चारगाहों की रेकी करवाएं, ताकि वास्तव स्थिति में घुमंतू भेड़पालक किस तरह से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रमोद सक्सेना और डीसी लाहौल ने आश्वस्त किया आज ही हम हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करके यथासंभव सहायता करने का प्रयास करेंगे और ऐसी चारगाहों की भी रेकी करेंगे, ताकि भेड़पालकों के परिवार जो की चिंता में डूबे हुए हैं, उनको सही जानकारी दी जा सके।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की आपदा में पूरा सहयोग कर रही हैं। चाहे आर्थिक सहायता की बात हो या अन्य ज़रूरी संसाधनों की, जिस भी संसाधन की ज़रूरत पड़ी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत उपलब्ध करवाई। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ़ की टीमें भेजी, वायुसेना और सेना को लगाया, हेलीकॉप्टर से लेकर बीआरओ पूरे जी जान से जुटे रहे। हफ़्ते भर के भीतर आपदा राहत के तहत 364 करोड़ रुपये की दो किश्तें जारी कर दी। बहुत जल्दी तीसरी किश्त भी जारी हो रही है। सोमवार को केंद्र की टीम आपदा से हुए नुक़सान का जायज़ा लेने आ रही है। आपदा नुक़सान के आंकलन के आधार पर ही केंद्र सरकार भावी मदद की योजना बनाती है। सेना, एनएचएआई आज भी अपने काम में जुटी हुई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह 'सुक्खूÓ का यह कहना कि केंद्र सरकार कि तरफ़ से अभी तक कोई वित्तीय राहत नहीं मिली है, शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। हर काम करने की एक प्रक्रिया होती नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर काम करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती हैं। आर्थिक मदद देने के पहले विशेषज्ञों द्वारा नुक़सान का आँकलन किया जाता है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती हैं। इसके बाद की योजनाएं तैयार की जाती हैं। आपदा से निपटने की प्रक्रिया हैं। सबसे पहले राहत और बचाव कार्य। इसके बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण। आपदा आते ही राहत और बचाव के लिए केंद्र ने कुशलतम संस्था एनडीएफ़आर को लगाया गया, वायुसेना और सेना को लगाया गया। नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए सोमवार को टीमें आ रही हैं। केंद्र सरकार ने त्वरित सहायता के तौर पर दो हफ़्ते के भीतर ही 364 करोड़ की 2 किश्तें जारी कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने हर प्रकार की मदद करने का भरोसा दिया है। हमारी पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर बूथ लेवल के कार्यकर्ता और सरकार के सभी विभाग काम पर लगे हैं फिर भी मुख्यमंत्री ऐसी ग़ैरजीमेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं।


















































