आज राजीव भवन शिमला में हिमाचल युवा कांग्रेस द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमे प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने भारत की बुनियाद नामक शीर्षक से होने वाले युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का फॉर्मल लॉन्च किया। निगम भंडारी ने कहा के अगले महीने कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें पूरे भारत से अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हिस्सा लेने जा रहे है। इस अधिवेशन का मुख्य संकल्प है बेहतर भारत की बुनियाद, युवा कांग्रेस आपने कार्यकर्ताओ को वर्तमान मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों का घर घर प्रचार करने के लिए तैयार करने जा रही है ताकि आम जनता में जागरूकता पैदा की जा सके के कैसे वर्तमान सरकार भारत की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और युवा कांग्रेस पूरे भारत को बेहतर बनाने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की बुनियाद का संकप लेकर कार्य करेगी। देश के अंदताओं को बेहतर सुविधा और सही दाम दिलाने के संघर्ष की बुनियाद, सांप्रदायिक और नफरत के माहौल के खिलाफ संघर्ष की बुनियाद, बढ़ती मंहगाई पर रोक के लिए संघर्ष की बुनियाद आदि। इस अधिवेशन के लिए हिमाचल युवा कांग्रेस से सैकड़ों पदाधिकारी 10 जुलाई से 13 जुलाई होने वाले अधिवेशन के लिए बंगलुरू पहुंचेंगे और देश की जनता की बेहतरी के लिए आम जन से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा और समाधान की दिशा में आगे बड़ा जाएगा। इस अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य राष्ट्रीय नेता युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने महा जनसंपर्क अभियान के तहत नहान विधानसभा की पांवटा साहिब ब्लॉक में पढ़ने वाली 12 पंचायत के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। डॉ. राजीव बिंदल ने 12 पंचायतों के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक भी की और घर-घर संपर्क भी किया। बिंदल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने नारी सशक्तिकरण की दृष्टि से निरंतर काम किया है। महिलाओं के नेतृत्व में विकास लाने का कार्य किया है, महिलाओं के जीवन में सुधार और गरिमा बड़ने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 11.72 करोड़ शौचालय केंद्र सरकार ने बनाए हैं। पीएमएवाईजी के तहत 2.5 करोड से अधिक घरों में से 70त्न की अकेले या संयुक्त रूप से महिलाएं मालिक बनी है। तीन तलाक को गैरकानूनी अगर किसी सरकार ने करार दिया तो वह केंद्र में मोदी सरकार है। अगर जीवन सुगमता की बात करें तो 9.6 करोड़ से अधिक महिलाओं को उज्जवला एलपीजी कनेक्शन से महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया है। मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया। जल जीवन मिशन के तहत देश भर में 8.67 करोड़ से अधिक घरों में नल लगाने का काम किया, नल से जल योजना इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। उद्यमिता की दृष्टि से जनधन खातों के द्वारा 26.54 करोड़ से अधिक महिलाएं बैंकों से जुड़ी, स्टैंड अप इंडिया के तहत 81 प्रतिशत उद्यमी महिलाएं हैं, मुद्रा योजना के तहत 69 फीसदी से अधिक खाते धारक महिला उद्यमी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक वर्ग के उद्धार के लिए हमारी केंद्र सरकार ने उत्तम कार्य किया है।
जिला शिमला के कोटखाई रत्नाडी में यंग क्लब रत्नाडी द्वारा 'गो ग्रीन,गो क्लीनÓ नारे के साथ आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के सीजन-8 में मंगलवार को यूथ आइकॉन दिग्विजय सिंह रोनी ने बतौर मुख्याथिति शिरकत की। रत्नाडी प्रीमियर लीग का गत दिनों आगाज हुआ है। ऐसे में इस क्रिकेट प्रतियोगिया के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है प्रतियोगिया में बॉलर जितनी भी गेंद डॉट डाल रहा है, यंग क्लब रत्नाडी उतने ही पौधरोपण कर रहा है। मंगलवार को बतौर मुख्याथिति पहुंचे दिग्विजय सिंह रोनी ने क्लब की इस पहल को देख उनकी सराहना की और उन्होंने कहा कि यंग क्लब इसी प्रकार लोगों को खेल के माध्यम से जागरूक करता रहे, क्योंकि खेल लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। आज का युवा नशे की के जाल में फंसता चला जा रहा है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उनमें खेल के प्रति भावनाएं जागृत करना बेहद आवश्यक हैं। यह तभी संभव है जब इस तरीके के खेल के आयोजन के साथ इस तरीके के थीम से समाज के ज्वलंत मुद्दों पर लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाएऔर यंग क्लब रत्नाडी पिछले 8 सीजनों से लगातार यह कर रहा है जो कि बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय है। यंग क्लब रत्नाडी के पदाधिकारियों ने बताया कि दिग्विजय सिंह रोनी एक बहुत बड़े प्रमोटर के साथ क्रिकेट क्रांति के फाउंडर भी रहे हंै और आज एक कोच भी हैं और युवाओं को लगातार खेलों के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल, महामंत्री एवं विधायक राकेश जम्वाल, महामंत्री त्रिलोक कपूर, एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश भर में प्रत्येक बूथ पर 20 जून से लेकर 30 जून तक जनसंपर्क अभियान चला रही है, इस जनसंपर्क अभियान का शुभारंभ आज हो चुका है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक बूथ पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता 100 घरों में संपर्क करेंगे। भाजपा नेताओं ने बताया 21 जून को प्रत्येक मंडल में भारतीय जनता पार्टी योग दिवस के कार्यक्रम का आयोजन करेगी, योग दिवस का दिन हमारे लिए गर्व का विषय है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योग को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यूनाइटेड नेशन में 177 देशों के समर्थन के बाद योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का दर्जा प्राप्त हुआ था। योग दिवस के कार्यक्रम के उपरांत प्रत्येक बूथ पर घर-घर जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पहुंचाई जाएगी। इसी प्रकार 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस हर मंडल में मनाया जाएगा। देश भर में 25 जून को कांग्रेस द्वारा 1975 में आपातकाल लगा दिया गया था, इस दिन को भारतीय जनता पार्टी काला दिवस के रूप में मनाती है। इस बार प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में प्रबुद्ध जन सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जिसके उपरांत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जनसंपर्क अभियान पर निकलेंगे। 27 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 10 लाख पोलिंग बूथों पर अपना बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम हेतु बूथ समितियों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद करेंगे जिसके अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के सभी 7781 बूथों पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचालन हो रहा है। सभी कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु अथक प्रयास कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में इन सभी कार्यक्रमों को लेकर अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में 19 व 20 जून को कल्याण समिति की बैठकों का आयोजन किया गया। कल्याण समिति की बैठकें विनोद कुमार, कार्यकारी सभापति की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें यादविंद्र गोमा, मलेंद्र राजन, लोकेंदर कुमार, दीप राज, सुरेश कुमार व विनोद सुल्तानपुरी सदस्यों ने भाग लिया। इन बैठकों में समिति ने प्रदेश में संचालित दिव्यांग बच्चों के विशेष गृह/ स्कूल योजना से संबंधित प्रश्नावली पर बने 35वें मूल प्रतिवेदन (वर्ष 2021-22) के अंतर्गत की गई सिफारिशों/ टिप्पणियों पर प्राप्त विभागीय उत्तरों का अवलोकन किया तथा इस पर कार्रवाई प्रतिवेदन बनाने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त समिति ने जुलाई में प्रदेश के बाहरी राज्यों केरल व लक्षद्वीप के अध्ययन प्रवास पर जाने का निर्णय भी लिया।
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर न कहा कि चंबा में युवक की हत्या मामले पर कांग्रेस सरकार खुद राजनीति कर रही है जबकि जिम्मेदार विपक्ष के नाते वे नैतिक जिम्मेदारी का पालन कर रहे हैं। पंडोह में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि युवक की हत्या के बाद अभी तक सरकार का कोई भी नुमाईंदा दिवंग्त के परिवार से मिलने उसके घर नहीं पहुंचा। जब विपक्ष वहां जाने लगा तो रास्ते में रोक दिया गया। इससे यही प्रतीत हो रहा है कि उल्टा कांग्रेस की इस मामले पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस इस प्रकरण के माध्यम से एक वर्ग विशेष को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। हिमाचल में पहली बार हेडलेस हुआ पुलिस विभाग जयराम ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार पुलिस विभाग हेडलेस हो गया है। पुलिस को मुखिया लंबी छुट्टी चला गया है और सरकार के पास इस दायित्व को किसी दूसरे अधिकारी को सौंपने का समय ही नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ बहुत से अधिकारी इस पद पर बैठने की ताक में नजर आ रहे हैं। इससे पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई। जयराम ठाकुर ने शिमला में सिरमौर और शिमला के टैक्सी चालकों के विवाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे प्रदेश के लोगों का है। यहां के लोगों को पूरे प्रदेश और देश में काम करने का अधिकार है। लेकिन कुछ मंत्री गलत बयानबाजी करके माहौल को गर्माने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे लोगों में विरोधाभास उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने सीएम को नसीहत दी कि वे अपने मंत्रियों को ऐसी बयानबाजी से रोकें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना शुरू की है। यह योजना गरीब मेधावी विद्यार्थियों की उच्च अध्ययन की आवश्यकताओं जैसे रहने-खाने, ट्यूशन फीस, किताबें और अन्य शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए 20 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण प्रदान करती है। यह ऋण एक प्रतिशत की ब्याज दर पर प्रदान किया जाएगा। व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, पैरा-मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, कानून इत्यादि विषय में डिप्लोमा और डिग्री हासिल करने के लिए स्थायी (बोनाफाइड) हिमाचली विद्यार्थी जिन्होंने पिछली कक्षा में परीक्षा न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ उतीर्ण की हो, वह इस शिक्षा ऋण का लाभ उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और बहुतकनीकी महाविद्यालयों से तकनीकी पाठ्यक्रम और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के अंतर्गत पीएचडी करने पर भी इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट भाषण में मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने के लिए 200 करोड़ रुपये की इस नई योजना की घोषणा की थी। हाल ही में प्रदेश मंत्रिमण्डल ने इस योजना को स्वीकृति प्रदान की है। ऐसे विद्यार्थी जिनकी पारिवारिक आय सभी स्रोतों से 4 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम हो और लाभार्थी की आयु सीमा 28 वर्ष तक हो, इस योजना के लिए पात्र होंगे। यह सुविधा पत्राचार या ऑनलाइन पाठयक्रमों के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू नहीं होगी। योजना का लाभ केवल पूर्णकालिक पाठयक्रमों में शामिल विद्यार्थी ही उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। एक प्रतिशत के ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने का राज्य सरकार का उद्देश्य वित्तीय संसाधनों से वंचित लोगों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान में शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति केवल वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। इस योजना के अंतर्गत लाभ उठाने के लिए इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन कर सकते हैं। पात्र विद्यार्थी को निदेशक, उच्च शिक्षा द्वारा ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश की जाएगी। जब तक ऑनलाइन पोर्टल क्रियाशील नहीं होता है, तब तक उम्मीदवार एक निर्धारित प्रपत्र भर कर स्कैन किए गए दस्तावेजों को ईमेल के माध्यम से निदेशक, उच्च शिक्षा को भेज सकते हैं। ऋण राशि के वितरण सम्बंधी किसी प्रकार के विलम्ब को दूर करने के लिए उपायुक्त स्तर पर एक कोष स्थापित किया जाएगा और वे संबंधित संस्था को शुल्क की पहली किस्त जारी करने के लिए अधिकृत होंगे, ताकि यदि बैंक पहली किस्त जारी करने में समय लेते हैं तो यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया किसी प्रकार से बाधित न हो। इसके उपरांत इस पैसे की प्रतिपूर्ति बैंक द्वारा संबंधित उपायुक्त को कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना की शुरूआत सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुलभ शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाकर प्रदेश सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्रों को सशक्त बनाना और एक सफल और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उन्हें सहयोग प्रदान करना है।
प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर होने वाले गंभीर मरीजों के लिए अच्छी खबर है। आईजीएमसी से पीजीआई के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा हो गई है। यह सेवा 'नोफल एक उम्मीदÓ संस्था द्वारा शुरू की गई है। आज राज्यसभा सांसद डॉक्टर सिकंदर कुमार ने एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का शुभारंभ किया। शुरुआती तौर पर यह सेवा महीने में 6 दिन मिलेगी और भविष्य में मरीजों की संख्या को देखते हुए यह सेवा बढ़ाई जाएगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि नोफल संस्था ने आईजीएमसी से पीजीआई के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू की है। इससे उन गंभीर मरीजों को लाभ मिलेगा, जिन्हें पीजीआई ले जाने के लिए उनके परिजनों को इधर-उधर भटकना पड़ता था। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा कैंसर से पीड़ित गरीब मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। वहीं, नोफल संस्था के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने बताया कि आज से पीजीआई के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा महीने में 6 दिन चलेगी और गंभीर मरीजों को आईजीएमसी से पीजीआई ले जाएगी। उन्होंने कहा कि आज से एक नई शुरुआत की गई है। इसके तहत कैंसर के मरीजों को 10 हजार रुपये की दवाई निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। उनका कहना था कि उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान भी मरीजों व गरीब लोगों की सहायता की है और उन्हें खाना उपलब्ध करवाया है। गौरतलब है कि बीते साल सरकार ने आईजीएमसी से पीजीआई के लिए एचआरटीसी की ट्रैवलर सेवा शुरू की थी, लेकिन वह बीच में ही हाफ गई। इससे मरीजों को पीजीआई जाने के लिए टैक्सी करनी पड़ती थी, जिसका खर्चा बहुत पड़ता था। लेकिन अब निशुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू होने से मरीजों को पीजीआई ले जाने में दिक्कत नहीं होगी।
फायर ब्रांड कांग्रेस नेता एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने एक और मेगा प्रोजेक्ट मंजूर करवा लिया है। सोमवार को हिमाचल सरकार की कैबिनेट मीटिंग में धर्मशाला के ढगवार में स्थित मिल्क प्लांट को ढाई सौ करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। सुधीर शर्मा ने चुनावों के समय ऐलान किया था कि वह इस मिल्क प्लांट को हाईटेक बनाकर ग्रामीण इलाकों में रोजगार के द्वार खोलेंगे। समय के साथ कांग्रेस सरकार बनी तो सुधीर शर्मा ने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू का एक सरप्राइज विजिट ढगवार मिल्क प्लांट में करवा दिया। उस समय सुधीर शर्मा ने फैक्ट एंड फिगर के जरिए धर्मशाला के ग्रामीण इलाकों का पक्ष रखा। उन्होंने इसे पशुपालकों और किसानों के लिए समय की जरूरत बताया। यही कारण है कि हिमाचल सरकार की कैबिनेट ने सोमवार को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। सरकार की और से कहा गया है कि मिल्क प्लांट को एनडीडीबी के सहयोग से बनाया जाएगा। दूसरी ओर कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी है। कैबिनेट में इसे भी मंजूरी मिली है। सीएम ने डाली फेसबुक पोस्ट ढगवार मिल्क प्लांट की अहमियत इतनी है कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद अपनी फेसबुक वॉल पर इसकी सूचना पोस्ट की है। इस पर पूरे हिमाचल से कमेंट आ रहे हैं। क्या कहा सुधीर शर्मा ने इस बारे में धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि इस दुग्ध संयंत्र के बनते ही सरकार ग्रामीण इलाकों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर ख़रीदेगी बाद में ढगवार स्थित केंद्र में अलग अलग प्रोडक्ट बनाकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उन्हें भेजा जाएगा । दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में प्रदेश में अब तक का लिया गया ये सबसे महत्वपूर्ण क़दम है जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिकी मज़बूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में ख़ुशहाली आएगी।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल पथ परिवहन निगम के नवगठित निदेशक मंडल की पहली बैठक में कहा कि पथ परिवहन निगम की प्रदेश में अपनी एक साख है। हम इस साख को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि निगम की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित किया जाएगा और आय के साधन बढ़ाने को लेकर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि बस खरीद सहित अन्य प्रकार की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। निगम में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री आज होटल पीटर हॉफ में निदेशक मंडल की 153वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समय के साथ निगम की विभिन्न देनदारियों को निपटाया जाएगा। इसके लिए परिवहन निगम प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में 556 नई बसों को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें से 196 बसों को सरकार द्वारा हरी झंडी देकर निगम के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। शेष 360 बसों को जल्द परिवहन निगम के बेड़े में शामिल किया जाएगा। इन बसों में इलेक्ट्रिक, वॉल्वो और डीजल बसें शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर परिवहन सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से उक्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज चौड़ा मैदान से 20 नई इलेक्ट्रिक बसों को शिमला के चौड़ा मैदान से मुख्यमंत्री के साथ मिलकर हरी झंडी देकर रवाना किया गया है। इससे पूर्व धर्मशाला से 15 इलेक्ट्रिक बसों को निगम के बेड़े में शामिल किया जा चुका है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 75 नई इलेक्ट्रिक बसें जल्द निगम के बेड़े में शामिल होंगी। इसको लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। कुल मिलाकर 110 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर आम लोगों की सेवा में तैनात करने को लेकर कार्रवाई जारी है। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उक्त इलेक्ट्रिक बसों के अलावा 225 अन्य इलेक्ट्रिक बसों को जल्द सरकार निगम में शामिल करने जा रही है। इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया गया है। इन बसों को हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के मध्यनजर तैयार किया गया है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आम लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा निगम के बेड़े में 150 नई डीजल बसें और 11 वॉल्वो बसें शामिल कर दी गई हैं। इसके अलावा 60 और डीजल बसों को शामिल करने की इजाजत भी सरकार ने प्रदान की है। जल्द ये बसें भी परिवहन निगम का हिस्सा होंगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस कदम से परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। साथ ही जीरो बुक वैल्यू की बसों को निगम के बेड़े से बाहर करने में भी परिवहन निगम प्रशासन को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक बसों के लिए विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र का भी इसके लिए सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से संबंधित कुछ लोगों द्वारा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की इच्छा जताई गई है। सरकार मामले पर जल्द उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों को सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। परिवहन विभाग की ओर से इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में परिवहन निदेशक अनुपम कश्यप, एमडी एचआरटीसी संदीप कुमार सहित निदेशक मंडल के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। कर्मचारियों के डीए पर मुहर निदेशक मंडल की बैठक में सरकार द्वारा जारी किया गया 3 फीसदी डीए तत्काल प्रभाव से जारी करने की सहमति जताई गई है। इसके अलावा निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर एक्स ग्रेशिया लाभ को नियमित कर्मचारी के लिए 55 हजार रुपए से बढ़ाकर 1.50 लाख और अनुबंध कर्मचारी के लिए 1 लाख रुपए करने पर भी हामी भरी गई है। इसके अलावा बैठक में विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सलूणी हत्याकांड पर कांग्रेस की सुक्खू सरकार पीड़ित परिवार के साथ भी खड़ी नहीं हो पा रही है। आरोपितों की सुरक्षा का दावा करने वाली सरकार का एक भी नुमाइंदा 13 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार के घर तक नहीं पहुंचा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब प्रदेश का मुखिया ही कहेगा कि उसने 97 प्रतिशत हिंदुओं को हराया है तो प्रदेश में अपराधियों को हिम्मत मिलेगी ही।उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाज़ी करके कांग्रेस अपनी ज़मीन मज़बूत करना चाहती है, लेकिन हिमाचल की जनता कांग्रेस को ज़मीन पर लाएगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल की जनता ने कांग्रेस को व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर वोट दिया था, समुदाय विशेष के तुष्टिकरण के लिए नहीं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है और प्रदेश का व्यक्तिगत कार्यों के कारण डीजीपी लंबी छुट्टी पर है। प्रदेश के मुखिया एनआईए जांच करवाने के बदले औचित्यहीन बातें कर रहे हैं तो पुलिस के कुछ अधिकारी राजनैतिक बयानबाज़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और एनआईए की जांच के बिना हम नहीं मानेंगे।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार एनआईए जाँच न करवा कर क्या छुपाना चाहती है, वह हिमाचल के लोगों को बताए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस तरह की जघन्यतम हत्यायें हो और विपक्ष ख़ामोश रहकर देखता रहे, लेकिन हम ख़ामोश बैठने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन पोस्ट कोड की परीक्षाएं भंग किए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा आयोजित नहीं की गई थीं, उन्हें अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना 2023 के दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत पात्र गरीब छात्रों को इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल पाठ्यक्रम, फार्मेसी, नर्सिंग, आईटीआई और पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से पीएचडी करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। एसएमसी और कंप्यूटर टीचर्स के लिए बनेगी मंत्रिमंडलीय उप समिति बैठक में एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों से संबंधित मुद्दों पर विचार करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। इस मंत्रिमंडलीय उप समिति में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह शामिल होंगे। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई मंत्रिमंडल ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय भी लिया। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के बाद, रनवे की लंबाई 3010 मीटर तक बढ़ाई जाएगी जो ए-320 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगी। यह कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना के कार्यान्वयन के लिए दूरगामी भूमिका निभाएगा। विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी मंत्रिमंडल ने परवाणू-शिमला हाईवे एनएच-5, शिमला-मटौर एनएच, पठानकोट-मंडी एनएच और कीरतपुर-मनाली हाईवे एनएच-3 पर अनियोजित, अनियमित और बड़े पैमाने पर अनाधिकृत निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए फोर लेन प्लानिंग एरिया गठित करने का निर्णय लिया। फोरलेन के दोनों ओर नियंत्रित चौड़ाई के किनारे से 100 मीटर तक का क्षेत्र इस फोरलेन प्लानिंग एरिया के दायरे में होगा। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में अन्य सभी फोरलेन वाले राजमार्गों को भी इस विनियमन के दायरे में लाया जाएगा। टौणी देवी में खुलेगा डिग्री महाविद्यालय मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के टौणी देवी में राजकीय स्नातक महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया। बैठक में जिला कांगड़ा में पुलिस चौकी बीड़ को पुलिस थाना में स्तरोन्नत करने तथा इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के दस पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण को मंडी जिला के जोगिन्द्रनगर तथा कांगड़ा जिला के धर्मशाला में कार्यशालाएं निर्मित करने के लिए पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि 40 वर्षों के लिए पट्टे पर प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग रखने का भी निर्णय लिया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में हुई भर्तियों में बहुत बड़ी धांधलियां पाई गई है। उन्होंने बताया कि बहुत लंबे समय से जेबीटी प्रशिक्षु अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 आर एंड पी नियम के बाद हिमाचल प्रदेश में जेबीटी भर्तियां कमीशन व बैचबाइस आधार पर होती है। साथ ही एनसीटीई के नियमों के अनुसार आपके पास राज्य सरकार द्वारा करवाया गया जेबीटी टैट क्लियर होना चाहिए। एनसीटीई 2010 के नियमों के अनुसार 1-5 कक्षा तक पढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों के पास राज्य सरकार द्वारा करवाया गया टैट होना भी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि एक ऐसे अभ्यर्थी का नाम भी अंतिम परिणाम की लिस्ट में आता है जिसको काउंसलिंग में नॉट एलिजिबल करार किया जाता है उसके बावजूद भी चयन सूची में उस अभ्यर्थी का नाम होता है। वर्ष 2010 एनसीटीई नियम व वर्ष 2017 आर एंड पी नियम के अंतर्गत आपके दसवीं व बारहवीं में कुल अंक 50 प्रतिशत हो अनिवार्य है तभी आप इसके लिए पात्र होंगे, लेकिन इस अभ्यर्थी के 40 प्रतिशत अंक ही बनते हैं। इसके बाद भी अंतिम सूची में उसका नाम होता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बड़े-बड़े नारे दिए थे कि सत्ता, सत्ता सुख के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए है, परंतु वह व्यवस्था परिवर्तन अव्यवस्थित हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश मांग करती है कि शिक्षा विभाग में ऐसी धांधलियों पर प्रदेश सरकार शीघ्र लगाम लगाए।वह इस मामले की भी शीघ्र जांच कर इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कड़ी से कार्यवाही की जाए, ताकि बाकी अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। अन्यथा विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने रोजगार कार्यालयों की उपलब्धता और दक्षता बढ़ाने के लिए व्यवस्था परिवर्तन की प्रतिज्ञा के तहत कागज रहित प्रणाली को लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। इसके साथ ही जिस तरह नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को रोजगार कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं, उसमें बदलाव लाते हुए उम्मीदवारों के लिए रोजगार कार्यालयों तक पहुंच सुगम बनाना है। नई पहल के तहत रोजगार चाहने वाले उम्मीदवारों को पंजीकरण करवाने के लिए व्यक्तिगत रूप से कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। कागज रहित पंजीकरण से बेरोजगार युवाओं, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उम्मीदवारों पर पड़ने वाला यात्रा सम्बन्धी तथा अन्य वित्तीय खर्च समाप्त होगा। नई व्यवस्था के तहत युवा रोजगार कार्यालय में आए बिना स्वयं या लोकमित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। सभी आवश्यक दस्तावेजों को ऑनलाइन पंजीकृत और अपलोड किया जा सकेगा और पंजीकरण का टोकन यानी पंजीकरण का प्रमाण ऑनलाइन डाउनलोड करने की भी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 50 वर्षों से रोजगार कार्यालयों में युवाओं को स्वयं जाने की जरूरत को समाप्त करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा अब एक अधिक सुविधाजनक ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली स्थापित की जा रही है। पूर्व में ऑनलाइन पंजीकरण के बाद भी युवाओं को अपने मूल दस्तावेजों के साथ रोजगार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने में प्रौद्योगिकी की क्षमता को न केवल पहचाना है बल्कि इसे तुरंत अपनाकर संस्थानों, कार्यालयों एवं प्रक्रियाओं में बदलाव लाने के लिए प्रभावी कदम भी उठाए हैं। नवपरिवर्तन को युवाओं के लिए सुगम बनाने के मद्देनज़र श्रम और रोजगार विभाग ने ई-ईएमआईएस (रोजगार विनिमय प्रबंधन सूचना प्रणाली) के नाम से एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। यह सॉफ्टवेयर आवेदकों को बिना किसी वित्तीय परेशानी के ऑनलाइन पंजीकरण करने में सक्षम बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कागज रहित पंजीकरण की शुरूआत से नौकरी चाहने वालों के लिए पैसों के साथ-साथ समय की बचत भी सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रौद्योगिकी के उपयोग से रोजगार कार्यालयों को समावेशी बनाने, कार्यालयों में प्रक्रिया सम्बन्धी बाधाओं को कम करना और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रगतिशील बदलाव डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐसा कदम है जो प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बदलने और सेवाओं तक आसानी से पहुंच बढ़ाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों की सुविधा के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सहित आधुनिक तकनीक का लाभ उठाना और उन्हें घर-द्वार पर बेहतर सेवाएं प्रदान करना सरकार की प्रतिबद्धता है।
भाजपा शिमला संसदीय क्षेत्र की जनसभा का आयोजन देहा चौपाल में किया गया। इस जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा, रीना कश्यप, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, सुरेश भारद्वाज, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, चेतन ब्रागटा, शशि बाला, रवि मेहता जिला, अध्यक्ष अरुण फलटा विशेष रूप में उपस्थित रहे। यह जनसभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा केंद्र की मोदी सरकार ने हर व्यक्ति को कोई न कोई लाभ पहुंचाया है, फिर भी हिमाचल प्रदेश में हमसे चूक हो गई और इस बार हम चूकेंगे नहीं हिमाचल प्रदेश में हम चारों सीटों पर लोकसभा चुनाव में विजय पाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को कुछ ना कुछ दिया है। यहां चौपाल, जुब्बल कोटखाई, रोहडू, रामपुर, ठियोग में स्कूल, अस्पताल, एसडीएम कार्यालय, पटवार सर्कल, आईपीएच सर्कल मिले पर इस सरकार ने उन संस्थाओं पर ताला लगा दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने आयुष्मान भारत और जयराम सरकार ने हिम्केयर देकर लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की बल्ले-बल्ले करदी । आज 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य कंवर सरकारों द्वारा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ रक्षा, सुभाष चंद्र बोस वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर जैसे वीर सपूतों के जीवन को जनता के समक्ष लाकर वीरों का शौर्य बढ़ाया। राम मंदिर का आज तक वादा ही हुआ था पर अगले साल वह बनकर तैयार हो जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है। गरीब कल्याण की दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तम कार्य किया। देश के 80 करोड़ भारतीयों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई, 48.27 करोड से अधिक जनधन खाते खोले गए, 3 करोड़ से अधिक गरीबों को सभी बुनियादी सुविधाओं वाले आवास उपलब्ध करवाए गए, जनजातीय लोगों के लिए सर्वांगीण विकास निश्चित किया गया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनावों में जो 10 गारंटी दी थी वह कहां गई। हिमाचल प्रदेश की 22 लाख महिलाओं के साथ धोखा हुआ है जो 1500 प्रति माह उनको मिलने थे वह तो गायब हो गए। यही नहीं कांग्रेस की सरकार ने युवाओं, किसानों, बागवानों और हिमाचल प्रदेश की प्रबुद्ध जनता गण के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा की देव भूमि हिमाचल के चंबा जिला में जघन्य हत्याकांड हुआ, एक दलित परिवार के बालक को बेरहमी से मार दिया गया और अगर भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती है तो कांग्रेस पार्टी के नेता कहते हैं कि भाजपा हल्ला क्यों कर रहे हैं। उनके मंत्री को पता ही नहीं होता कि ऐसा जघन्य हत्याकांड हिमाचल प्रदेश की धरती पर हो गया है, उस पीड़ित परिवार से मिलने के लिए ना तो मुख्यमंत्री, मंत्री या कांग्रेस के नेता जाते हैं और अपना चेहरा बचाने के लिए बयान वीर बनते हैं। जनता कांग्रेस पार्टी कर सच जान गई है और आने वाले समय में जनता कांग्रेस पार्टी को दुरुस्त कर देगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चौड़ा मैदान शिमला से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 20 नई ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे शहर में अब ई-बसों की कुल संख्या 50 से बढ़कर 70 हो गई है। इस अवसर पर पत्रकारों से औपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम 90 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 17 ई-बसें कुल्लू में, 5 मंडी में, 3 बिलासपुर तथा 50 ई-बसे शिमला जिले के ढली डिपो में हैं। वर्तमान में धर्मशाला में निगम के बेड़े में 15 अतिरिक्त ई-बसें शामिल की गईं हैं। इन ई-बसों की परिचालन लागत डीजल बसों की तुलना में बेहद कम लगभग 25 रुपये प्रति किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परिवहन निगम ने शिमला स्थानीय और नादौन में उपयोग की जाने वाली 75 टाइप-1 ई-बसों के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है और मौजूदा डीजल बसों को बदलने के लिए 225 टाइप-2 ई-बसों के लिए तकनीकी विनिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1500 बसों के पूरे बेड़े को ई-बसों से बदलेगी, जिसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा भी स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा इन ई-बसों को पर्यटन वृत्त (सर्कट) पर भी चलाया जाएगा। उन्होने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा अपने प्रथम बजट में ही विभिन्न उपायों का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रि मंडल की बैठक में भाग लेने के लिए चौड़ा मैदान से प्रदेश सचिवालय तक की यात्रा ई-बस से की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, विधायक हरीश जनारथा, प्रबंध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम संदीप कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में ओक ओवर में कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से जिला कांगड़ा के डगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन से लेकर विपणन संबंधी गतिविधियों के लिए एनडीडीबी की सहायता ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डगवार दुग्ध संयंत्र की क्षमता एक लाख लीटर से तीन लाख लीटर तक होगी, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले दूध के उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञापत्र में किसानों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर खरीदने का वायदा किया है और राज्य सरकार इस वायदे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में डेयरी आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डगवार में प्लांट की स्थापना से कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चंबा जिलों के दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि एनडीडीबी द्वारा इन क्षेत्रों में दुग्ध संग्रहण प्रणाली के लिए एक सर्वेक्षण करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग में प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए संकल्पित है, इसलिए प्रदेश सरकार प्लास्टिक के विकल्प भी तलाश कर रही है, जिससे राज्य की जलवायु और हवा को प्लास्टिक के हानिकारक तत्वों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और पशुपालन और कृषि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जिसके लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना जरूरी है। बैठक में एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनेश शाह ने कहा कि इस मिशन के लिए हिमाचल प्रदेश को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। एनडीडीबी संयंत्र के संचालन और दुग्ध उत्पादों के विपणन के लिए अपने खर्च पर दो सलाहकार भी उपलब्ध करवाएगा। बैठक में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार और आशीष बुटेल, हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव कृषि राकेश कंवर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, डॉ. राजीव सहजल और सुखराम चौधरी ने कहा की जिला चंबा के सलूणी क्षेत्र की भयावह घटना और नृशंस हत्या के बाद अनेक दिन तक सरकार ने चुप्पी साध कर रखी और जब चंबावासियों ने आंदोलन किया तो सरकार की नींद खुली और हत्याकांड के 10 दिन बाद सरकारी बयान बहादुर निकले और भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। आज तक एक भी मंत्री ने यह नहीं कहा कि ऐसी अमानवीयता देवभूमि हिमाचल प्रदेश में कैसे हो गई। इन बयान बहादुरों ने एक बार भी इस तरह की जघन्य घटना करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, ऐसा कुछ भी नहीं कहा। स्थानीय जनता ने जो दावा किया था कि हत्याकांड आरोपी के कब्जे में सरकारी भूमि है, वह भी सच साबित हो रहा है, उस पर भी बयान बहादुर चुप हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि भाजपा को ऐसी भयावह स्थिति में चुपचाप घर पर बैठ जाना चाहिए ? हत्या के 10 दिन बाद बीत जाने पर भी मुख्यमंत्री को घटना स्थल पर जाने का मौका नहीं मिला। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि आज तक पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की सहायता का वचन मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री या मंत्रियों ने न देकर यह साबित कर दिया है कि वे पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनहीन है। इन्हें तो केवल उन 3 प्रतिशत लोगों की सुरक्षा की चिंता है जो पहले भी सुरक्षित थे, आज भी सुरक्षित हैं और आगे भी सुरक्षित रहेंगे। लेकिन कांग्रेस पार्टी भाजपा को कोसकर अपना गुजारा कर रही है, सरकार का जो दायित्व है उसे पुरा नहीं कर रही है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि कल शिमला संसदीय क्षेत्र की जनसभा का आयोजन देहा चौपाल में होने जा रहा है । यह जनसभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 वर्ष पूर्ण होने पर होने जा रही है, इस जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, शिमला से सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा विशेष रूप से उपस्थित होने जा रहे हैं।
प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी तथा सभी जिला के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा आज मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग निगम बिहार के सभागार में बैठक की। प्रदेशभर से आए विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाने तथा उनका समाधान करवाने के लिए एक मजबूत कर्मचारी महासंघ की जरूरत है क्योंकि जब से वर्तमान सरकार का गठन हुआ है तब से अभी तक अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश में बिल्कुल भी सक्रिय नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व समय के समय जो कर्मचारी संगठन काम कर रहा था उनका कार्यकाल भी पूरा हो चुका है । इसलिए प्रदेश में एक मजबूत अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश के कर्मचारी जरूरत महसूस कर रहे हैंl विभिन्न जिला से आए कर्मचारियों ने एकमत में कहा कि कर्मचारी महासंघ की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर सदस्यता के पश्चात ब्लॉक स्तर पर चुनाव करके इसी क्रम में जिला तथा राज्य के चुनाव करवाए जाएं और एक मजबूत लोकतांत्रिक कर्मचारी महासंघ प्रदेश में उभर कर सामने आए। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला कुल्लू के अध्यक्ष अमरचंद ने मांग की किसौरव वैद को प्रदेश संयोजक का दायित्व दिया जाए, पूरे हाउस ने खड़े होकर समर्थन दिया। सौरभ वैद को प्रदेश संयोजक बनाया गया और हाउस ने उन्हें सभी जिला के संयोजक की नियुक्ति तथा प्रदेश स्तर पर चुनाव व सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी भी सौंपी। सौरभ वैद ने कहा कि प्रदेश में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ मजबूती के साथ काम करेगा जिसके लिए आज से ही महासंघ की सदस्यता पूरे प्रदेश में शुरू कर दी जाएगी तथा 1 जुलाई से विभिन्न ब्लॉकों के चुनाव होंगे जो 15 जुलाई तक चलेंगे, 16 जुलाई से 31 जुलाई तक सभी जिला के चुनाव होंगे और 15 अगस्त से पहले राज्य स्तरीय चुनाव होंगे । उन्होंने कहा कि महासंघ का उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उन्हें हल करवाना है जिसके लिए महासंघ आज ही अपने प्रयास शुरू करेगा l उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से भी अपील की है कि महासंघ की सदस्यता ग्रहण कर चुनाव का हिस्सा जरूर बने और प्रदेश में एक मजबूत अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का गठन में अपनी अहम भूमिका निभाए l इस मौके पर नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष व वन राजपत्रित कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, महासचिव शर्मा, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास, जिला शिमला के अध्यक्ष विशाल शर्मा, जिला मंडी के अध्यक्ष लेखराज, जिला सोलन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, जिला चंबा के अध्यक्ष सुनील जरियाल, भू राजस्व व्यवस्था विभाग के राज्य अध्यक्ष शमशेर सिंह, उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ जिला सिरमौर के अध्यक्ष जिलाध्यक्ष सुदेश तोमर, वन विभाग के राज्य महासचिव रजनीश ठाकुर, जिला कुल्लू अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्षअमरचंद, चालक कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव, सुनील तोमर, स्वास्थ्य विभाग से प्यारे लाल, पशुपालन विभा जिला बिलासपुर महासचिव रजनीश, तकनीकी शिक्षा से सुनील शर्मा, आयुर्वेदा के महासचिव वीरेंद्र शर्मा, भू राजस्वधर्मेंद्र सिंह, उपायुक्त कर्मचारी संघ के राज्य सचिव रविकांत, लोक निर्माण विभाग जिला चंबा के अध्यक्ष दीपक भंगालिया, पर्यटन विभाग के राज्य अध्यक्ष रामेश्वर, सलाहकार कुलभूषण, स्वास्थ्य विभाग से संदीप, निशांत शर्मा, विनोद सिंगटा, जिला सोलन से मनदीप ठाकुर, नारायण हिमराल, राकेश राका, कृषि विभाग से नवीन, वन विभाग बिलासपुर के उपाध्यक्ष सुशील शर्मा इत्यादि कर्मचारियों ने भाग लिया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। प्रदेश में अराजकता का माहौल है। पुलिस महकमें का मुखिया महीनें भर की छुट्टी पर हैं, किसी और को अब तक डीजीपी का चार्ज नहीं दिया गया है। जो अधिकारी इस समय कार्यक्रम रहे हैं वह राजनैतिक बयान दे रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री बेतुकी बातें कर रहे हैं। एक युवक की बेरहमी से हत्या हुई है और मुख्यमंत्री चाहते हैं कि हम चुप बैठ जाएं। लेकिन न्याय की इस लड़ाई में हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरोपित के घर में आग लगाने का काम युवा मोर्चा ने नहीं किया। इसलिए आरोपों की राजनीति छोड़कर मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आरोपित के घर में जब आग लगी तो उस समय पुलिस क्या कर रही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थाने का घेराव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को राजनैतिक बयानबाजी छोड़कर कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। जिससे पीड़ित को न्याय और आरोपित को सज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्या अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना अपराध है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को किसी मृतक के परिवार तक जाने से रोका जा रहा है। ऐसी असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार सरकार प्रदेश में पहली बार आई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार बताए कि मृतक मनोहर के परिवार से मिलने से प्रदेश को किस प्रकार का खतरा था, सरकार ऐसी क्या चीज छुपाना चाहती है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की तानाशाही से हम हिमाचल की परम्परा को नहीं तोड़ने देंगे। एनआईए जांच के लिए लिखना सरकार का काम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच एनआईए से करवाने की ज़िम्मेदारी सरकार की है। वह इस मामले को एनआईए को सौंपने के लिए पत्र लिखे।उन्होंने कहा कि हमारा काम आरोपित की संदिग्ध गतिविधियों को सरकार के संज्ञान में लाना था। अब सरकार को उस पर कार्रवाई करते हुए इस माामले की जांच एनआईए से करवानी चाहिए।
बिजली बोर्ड के कार्यालय के पास एनएच-05 पर एक बार फिर से रोड वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। रोड बंद होने से वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई हैं। एसडीएम ठियोग सुरेंद्र मोहन (HAS) ने कहा कि रोड में लग रही दीवाल का कार्य तेजी से चल रहा है, परन्तु आज एक हिस्से पर रिटेनिंग वॉल के आखिरी पैच का काम क्षतिग्रस्त हो गया है। उक्त राजमार्ग से बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब एनएच-05 का यह हिस्सा आने-जाने वालों के लिए खतरनाक हो गया है। इसलिए सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग से गाड़ियों की आवाजाही बंद कि गई है। एसडीएम ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग से जाने का अनुरोध किया है। अगर चालक रामपुर मार्ग से शिमला या शिमला से जा रहे हैं तो सैंज से मशोबरा का विभाजन किया गया है, वहीँ रोहड़ू-चौपाल-कोटखाई से आने और जाने वाले वाहनों के लिए रोहड़ू-कोटखाई के लिए छैला द्विभाजन-सैंज-धामंद्री-फागू-शिमला व नारकंडा-मतियाना से शिमला की ओर आने और जाने लिए नरेल-क्यार्टू-ठैला-बलदैयां-मशोबरा-लढली-शिमला मार्ग वैकल्पिक मार्ग रहेंगे।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित कार्यकारिणी की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष वीर सिंह वीरू ने की। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रभारी अनुसूचित विभाग यशपाल तनाईक विशेष तौर से उपस्थित रहे। बैठक में सर्वप्रथम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया की पत्नी मधु लिलोठिया का कार दुघर्टना में आकस्मिक निधन होने पर दो मिनट का मौन रखकर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही बैठक में चम्बा ज़िला में मनोहर लाल की निर्मम हत्या का कड़ा विरोध किया और मांग की गई कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और बीजेपी को इस मामले पर राजनीति न करने को कहा गया। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। क़ानूनी कार्रवाई चल रही है और दोषियों को कठोर सजा दी जानी चाहिए। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के उपाध्यक्ष सैन राम नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि 30 जून तक वार्ड प्रधान और 15 जुलाई तक शिमला शहर में वार्ड कमेटी का गठन करें और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से करने को कहा गया। बैठक में सभी नवगठित कार्यकारणी के सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे। इस अवसर पर अनुसूचित विभाग के प्रदेश समन्वयक जीत राम पंवार व संयोजक यशपाल सिंह, चमन प्रकाश संगठन महासचिव एवं पार्षद, विनोद भाटिया मनोनीत पार्षद, डॉ किशन, प्रितपाल सिंह मट्टू, सतपाल, रोहित, ममता, अविनाश कुमार, बबली, बलदेव कुमार, राजू, इंदु वाला, ऋषभ, ईशान सलहोत्रा, कश्मीर नहर, बिट्टू घारू, दविंदर कुमार रतन,नानकु, पवन कुमार, नेहा व अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।
जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने बैच वाइज भर्ती में बीएड को योग्य करार देने के विरोध में शिक्षा विभाग में धांधली का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आमरण अनशन की चेतावनी दी। जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के अध्यक्ष मोहित ने प्रदेश में जेबीटी/डीएलएड की बैच वाइज भर्ती में बीएड प्रशिक्षुओं को योग्य करार देने को सरासर ग़लत बताया। मोहित ने बताया कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है ऐसे में प्रदेश सरकार ने बीएड प्रशिक्षुओं को जेबीटी की बैच वाइज भर्ती के लिए योग्य मान लिया और नियुक्ति भी दे दी जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि इस बारे में कई बार शिक्षा मंत्री से मिले और अपनी मांग रखी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सरकार अगर मांग नहीं मानती है तो जेबीटी प्रशिक्षु आमरण अनशन पर बैठेंगे। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने शिक्षा मंत्री पर विभाग में गलत तरीके से भर्ती करने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते जेबीटी प्रशिक्षुओं को 13 साल से संघर्ष करना पड़ रहा है और न्यायालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
केंद्र में मोदी सरकार के सफल 9 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा शिमला संसदीय क्षेत्र के व्यापारी सम्मेलन का आयोजन वाइब्रेशन हाल गंज बाजार में हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मुख्यतिथित के रूप में उपस्थित रहे और उनके साथ सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रत्याशी संजय सूद, रवि मेहता, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, जिला अध्यक्ष विजय परमार, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा विशेष रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा व्योपार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश चौजड द्वारा की गई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से हिमाचल प्रदेश भी इस विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दायित्व सम्भालने के बाद जब जापान गये तो उन्होंने भारत में भी बुलेट ट्रेन चलाने का सपना देखा। आज भारत में 20 से ज़्यादा हाई स्पीड बुलेट ट्रेन चल रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज अगर सरकार एक रुपया भी देश के आम आदमी कि लिये भेजता है तो वह पूरा 1 रुपया लाभार्थी को मिलता है। आज बिचौलियों का खेल ख़त्म हो गया है। यह जनधन खातों की मदद से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि देश में अटकाने, भटकाने और लटकाने की संस्कृति खत्म कर दी है। अब जो काम शुरू किए जाते हैं, वे निर्धारित समय में पूरे भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछले पाँच साल हिमाचल विकास में मील का पत्थर साबित हुई है। हमने शिमला में पानी की समस्या को हल किया, सड़के चौड़ी की। जहां संभव हुआ पार्किंग बनवाई, टनल्स और लिफ्ट बनवाए। कांग्रेस सरकार ने हर जगह पर विकास कि कार्य ठप कर दिये। गारंटियों के बारे में अब कोई बात नहीं कर रहा है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है। ऐसी घटनाएं घट रही है जो आज तक हिमाचल में नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू खुलेआम कहते हैं हमने 97 प्रतिशत हिंदुओं को हराया है। उसका परिणाम सामने हैं। चम्बा में युवक को आठ टुकड़ों में काट कर फेंक दिया जाता है। हमने एनआईए जाँच की माँग की है। सरकार मामले की एनआईए जाँच करवाए। मुख्यमंत्री बार-बार पूछ रहे हैं कि भाजपा विरोध क्यों कर रही है , हिमाचल में क्राइम हुआ है तो हम विरोध भी ना करें। डीजीपी छुट्टी पर है पर डीजीपी का चार्ज किसको दिया पता है। पुलिस के अधिकारी राजनीतिक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हर काम में पारदर्शिता आई है। किसी भी काम में एक पैसे की शिकायत आज तक नहीं आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनपर देश के लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में देश की जनता फिर से प्रधानमंत्री को भारी बहुमत से तीसरी बार सेवा का अवसर देगी।
राज्य में होने वाली प्री नर्सरी टीचर और पैरा वर्करों की भर्ती को लेकर अब कैबिनेट फैसला लेगी। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में दोपहर बाद 12 बजे राज्य सचिवालय में यह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से प्री नर्सरी टीचर या एनटीटी भर्ती को लेकर एक ड्रॉफ्ट रखा जाएगा। सभी विकल्पों के साथ प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने यह ड्रॉफ्ट शिक्षा सचिव को सौंप दिया है। हालांकि शनिवार को वित्त विभाग में इस तरह की कोई फाइल राय के लिए नहीं आई थी। हो सकता है पहले कैबिनेट ने ही इस पर चर्चा करनी हो और फिर कंडीशनल मंजूरी देनी हो। एनटीटी भर्तियों का मामला पूर्व जयराम सरकार के समय से ही लंबित है। इस भर्ती के लिए केंद्र सरकार से ग्रांट मिल रही है, लेकिन पॉलिसी फाइनल नहीं हो पा रही है। हिमाचल में एनसीटीई के नियमों के मुताबिक मान्यता प्राप्त एनटीटी संस्थानों की जानकारी भी दिल्ली से आ गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहली ई-फाईल को स्वीकृति प्रदान की। यह ई-ऑफिस एप्लीकेशन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित की गई है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा उपायुक्तों को ई-आफिस प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के बजट में हिमाचल प्रदेश सचिवालय, सभी निदेशालयों तथा फील्ड कार्यालयों में 1 जुलाई तक ई-ऑफिस एप्लीकेशन आरम्भ करने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विभागों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा इसे प्रभावशाली बनाने के लिए सरकारी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिजिटल तकनीक से सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कागजों पर निर्भरता को कम करने समय व धन की बचत और प्रभावशाली कार्यप्रणाली के लिए ई-ऑफिस को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रणाली के माध्यम से दस्तावेजों की सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा अधिकारियों को भी कार्य करने में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली दस्तावेजों के डिजिटाईजेशन तथा कागजी कार्रवाई को कम कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी। इससे त्वरित सूचना प्राप्ति, सरल सामंजस्य तथा बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अभिषेक जैन, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एम.सुधा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी मुकेश रेपसवाल, निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा जिला के सलूणी में हुए हत्याकांड के मामले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए आज यहां कहा कि यह शायद देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें सभी आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और पुलिस की समयोचित कार्रवाई के बावजूद भाजपा इस पर शोर-शराबा जारी रखे हुए है। उनका यह प्रदर्शन पूर्णतया अवांच्छित है और इसे न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस मामले की संवदेनशीलता को देखते हुए पुलिस ने चौबीस घंटों के भीतर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी तथा सरकार द्वारा राष्ट्रीय जांच एजैंसी से मामले की जांच करवाने संबधी मांग स्वीकार करने के बावजूद भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी रखना तर्कहीन है। केंद्र में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा इस जांच को मुद्दा बना रही है जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के लिए एक फोन कॉल पर यह जांच शुरू करवाना कोई बड़ी बात नहीं है। इससे प्रतीत हो रहा है कि इस घटना को राजनीतिक रंग देते हुए भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव-2024 को ध्यान में रखते हुए ऐसी तरकीबें अपना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद घटना के 5 दिनों के बाद भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े लोगों ने आरोपी के घर को आग की भेंट चढ़ा दिया। हालांकि उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से बार-बार आश्वस्त किया है कि इस मामले में संलिप्त सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद विरोध प्रदर्शन समझ से परे है और भाजपा इस मामले में ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर यह होता कि भाजपा प्रदेश हित से जुड़े मामलों एवं हिमाचल के अधिकारों के लिए केंद्र के समक्ष आवाज उठाती, जिससे कि प्रदेशवासियों का भी भला होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देने के लिए आंदोलन में कांग्रेस पार्टी भी अपना पूर्ण सहयोग देगी। राज्य के हितों की रक्षा करने की दिशा में प्रदेश सरकार तथा विपक्ष की साझा जिम्मेदारी पर बल देते हुए उन्होंने जल उपकर तथा विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं में निःशुल्क बिजली की रॉयल्टी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भाजपा को प्रदेश सरकार का साथ देने का परामर्श भी दिया।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा और हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ संबद्ध सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज राज भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। ये अधिकारी हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा), फेयरलॉन, शिमला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्हें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में सदैव जागरूक रहने तथा अपने कार्यों के माध्यम से समाज और राज्य के विकास में योगदान देने का परामर्श दिया। उन्होंने अधिकारियों को पूरी लगन और ईमानदारी से समाज की सेवा करने को कहा। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को अच्छे व्यवहार और उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से आमजन के बीच पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए और उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का परामर्श दिया।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा को एक पत्र लिखा। पत्र में उनका ध्यान देव भूमि हिमाचल प्रदेश के सलूणी ज़िला चंबा हत्याकांड की ओर आकर्षित किया गया जहां 21 वर्षीय युवक मनोहर की हत्या कर उसके टुकड़े-टुकड़े करने का मामला जनता के समक्ष आया है। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि यह मानव अधिकारों का हनन है। उन्होंने अरुण कुमार मिश्रा से अनुरोध किया कि इस विषय का संज्ञान लेकर कार्यवाही पर परिवारजनों को मुआवजा दिलाने की कृपा करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सत्य को अंजाम दिया गया है यह एक गंभीर विषय है और हिमाचल सरकार को भी इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ट्रिब्यून रियल एस्टेट एक्सपो-2023 का शुभा रंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डिवेलपर के साथ बातचीत भी की और ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। इस एक्सपो में लगभग 15 डिवेलपर, प्रमोटर तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भाग ले रहे हैं। मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, ट्रिब्यून ट्रस्ट के अध्यक्ष एन.एन.वोहरा, उपायुक्त आदित्य नेगी और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सैजल, राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी, प्रो. सिकंदर कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के मंत्रियों एवं राजनीतिक सलाहकारों के बयानों को पढ़कर बहुत मानसिक कष्ट लगा। भाजपा नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक जघन्य हत्याकांड हो गया। एक दलित परिवार के युवा की हत्या करके आरे से उसके शरीर के टोटे-टोटे कर दिए गए और सरकार इस गंभीर मामले को मामूली घटना, ईक्का-दुक्का घटना कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक्शन में आने की बजाए भाजपा पर दोषारोपण करने में जुट गई है। कांग्रेस सरकार के वन मंत्री इस प्रकार के भयावह हत्याकांड की जिम्मेदारी पुरानी सरकार पर डालने में लगे हैं। कांगड़ा के वरिष्ठ मंत्री मीडिया के सामने मुकर गए कि मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं है, पता करूंगा कि क्या हुआ है और कहा कि इस तरह की ईक्का-दुक्का घटनाएं तो होती रहती हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय को जिस समय इस घटना को गभीरता से लेते हुए इस पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए थी, उस समय वे विभागों के फेर बदल में लगे हुए थे, उन्हें प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की कोई चिंता नहीं थी।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को और मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा। पत्र में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला का जिक्र किया गया जहां आंगनबाड़ी केंद्र को शिफ्ट करने की बात की गई है और जो उसके समीप एक शराब का ठेका खोला गया था। उस ठेके का वहीं पर स्थान देने का जिक्र है। उन्होंने बताया की सरकार के ऐसे निर्णय से आम जनता के अंदर काफी रोष है, आंगनबाड़ी हिमाचल प्रदेश के बच्चों का भविष्य बनाने का कार्य करता है और शराब का ठेका उनके भविष्य को बिगाड़ने का कार्य करता है। उन्होंने राज्यपाल महोदय से आग्रह किया है कि इस पत्र पर उचित कार्रवाई की जाए।
चंबा जिला के सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत भंडल में हिंदू दलित युवा मनोहर की बर्बरतापूर्ण हत्या की भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर डॉक्टर सिकंदर कुमार ने कड़ी भत्सर्ना की है। उन्होंने कहा है कि यह मानवता के रोंगटे खड़े कर देने वाली ह्रदयविदारक घटना है। राज्यसभा सांसद ने इस मामले में मांग की है कि निश्चित समय के अंदर इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अंदर सुनवाई की जाए और दोषियों को कठोर से कठोर दंड दिया जाए, ताकि समाज के सामने एक उदाहरण पेश किया जा सके। उन्होंने कहा है कि इस मामले की त्वरित सुनवाई होनी चाहिए और प्रदेश सरकार इस पर निर्णय करे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता की पर भाजपा द्वारा पूछे हुए किसी भी उत्तर का जवाब नहीं दिया। भाजपा ने तो साफ पूछा था कि मुख्यमंत्री बार-बार यह कहते हैं कि 97% आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में उन्होंने विजय प्राप्त की है उसका क्या तात्पर्य है ? जो मुख्य आरोपी इस हत्याकांड में पकड़ा गया है, उसके पास दो करोड़ पर बचत खाते में कैसे आए? उसके पास 3 बीघा मलिकयत की जमीन है पर 100 बीघा पर कब्जा है? सरकार एनआईए की जांच क्यों नहीं करवा रही है ? कांग्रेस के प्रवक्ता ने केवल मात्र अपनी पार्टी और सरकार को बचाने का प्रयास किया है। भाजपा सांसद ने कहा है कि इतने बर्बर तरीके से हत्या की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि यह घटना देवभूमि हिमाचल प्रदेश की पवित्र भूमि पर हुई है और वह भी विशेष तौर पर चंबा जैसे जिले में जो शिवभूमि के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के परिवार द्वारा उसी के परिचित हिंदू समुदाय के दलित लड़के को बर्बर तरीके से हत्या कर शव को कई टुकड़ों में काटकर बोरी में डाल कर नाले में फेंकना मानवता के लिए बहुत ही शर्मसार है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने आज यहां जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा है कि जिला चंबा के सलूणी में हुई हत्या के मामले में कानून अपना कार्य कर रहा है। लेकिन, इसके बावजूद विपक्ष इस घटना पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगा है। उन्होंने कहा कि चंबा के सलूणी की घटना को विपक्ष राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में मुस्तैदी से अपना कार्य कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और आगामी कानूनी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने सलूणी के लोगों और प्रदेश की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों पर जिला प्रशासन उचित कार्रवाई कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक को भी घटनास्थल पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने जिला चंबा में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हत्याकांड में संलिप्त आरोपियों को कानून अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। मुख्य विपक्षी दल भाजपा को पूरे मामले में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन जिम्मेदारी से अपना कार्य कर रहा है तथा मामले की गहनता से जांच जारी है। उन्होंने कहा कि शव बरामद होने के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्त में लिया जा चुका है और आगे की जांच पुलिस कर रही है। इस घटना को सांप्रदायिक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मंत्रियों ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है। पीड़ित परिवार के प्रति प्रदेश सरकार की संवेदनाएं हैं और राज्य सरकार उन्हें न्याय दिलवाने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देगी। राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पूरी गम्भीरता से यह जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है, जहां हर वर्ग, जाति और संप्रदाय से जुड़े लोग आपसी भाईचारे के साथ सदियों से रह रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल से भी अपील है कि जन भावनाओं को भड़काने का काम न करे, क्योंकि इससे आपसी सौहार्द बिगड़ने की सम्भावनएं बनी रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की इस पूरे मामले में अभी तक की भूमिका गैर जिम्मेदाराना रही है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) यूजी-2023 परीक्षा में प्रदेशभर में टॉप करने वाली और देश में 136वीं रैंक हासिल करने वाली कुमारी चारवी सपटा को सम्मानित किया। इस मौके पर उनकी माता सरला सपटा भी उपस्थित थीं। राज्यपाल ने चारवी को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत, माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद से उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है जो दूसरों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने उसके उज्ज्वल भविष्य की और विश्वास जताया कि वह एक अच्छी डॉक्टर बनकर देश का नाम रोशन करेंगी। कुमारी चारवी ने कहा कि वह एक सफल हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं। वह शिमला जिले के रोहड़ू की रहने वाली हैं।
प्रदेश के जिला सिरमौर के रेणुका क्षेत्र का द्राबिल स्कूल चपरासी के सहारे चल रहा है। वर्तमान में स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है, पिछले एक साल से यह स्कूल एक शिक्षक ही के भरोसे चल रहा था, लेकिन उस शिक्षक की प्रमोशन होने के बाद भगवान भरोसे इस स्कूल को छोड़ दिया गया है। शिक्षा विभाग को इसकी खबर तक नहीं है। कई बार शिक्षा विभाग के समक्ष इस मामले को उठाने के बाद भी यहां अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई है कि जल्द यहां के लिए स्टाफ का प्रबंध किया जाए अन्यथा यहां पढ़़ने वाले 66 बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा।
साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में पहली बार एडवेंचर स्पोट्स फेडरेशन का गठन हुआ है। इसकी पहली बैठक शुक्रवार को धर्मशाला में फेडरेशन के अध्यक्ष एवं विधायक सुधीर शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें फेडरेशन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन की काफी संभावना है। यहां पर एडवेंचर टूरिज्म को अधिक से अधिक प्रमोट किया जाना जरूरी है। इससे यहां पर्यटन भी बढ़ेगा और कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसी दृष्टि को लेकर एक फेडरेशन बनाई गई है, जिससे एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों को इक_ा किया जा सके और उनको बेहतरीन मंच उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के तत्वावधान में नवंबर महीने में इसी साल धर्मशाला में इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एक्सपो आउटडोर स्पोर्ट्स इक्विपमेंट एंड टेक्नोलॉजी का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के बैनर तले आयोजित होने वाले इस एक्सपो में एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ता धर्मशाला आएंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों को लेकर चर्चा होगी। इसमें प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट से जुड़े लोग भी भाग लेंगे। इस एक्सपो के दौरान एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े विभिन्न उपकरणों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस तरह का यह साउथ एशिया का पहला आयोजन होगा। इस मौके पर फेडरेशन के अध्यक्ष सुधीर शर्मा, अरविंद कंवर, जगदीप सिंह भल्ला, चेतक कंवर, अजय शर्मा, एडवोकेट अंकुर सोनी, अरविंद पाल, गौतम ठाकुर, सतीश कुमार, अविनाश धवन, डॉ. चंद्रभूषण, डा निशांत मेहता, मुनीष दीक्षित व सुधांशु मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के विकास की अपार क्षमता है। राज्य सरकार प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना के लिए आवश्यक प्रोत्साहन एवं सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में आईटी उद्योग के विकास के लिए सरकार द्वारा अधोसंरचना, मानव संसाधन, नीतिगत ढांचा और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को दिए जा रहे प्रोत्साहन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार आईटी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों की विशेषज्ञता और उपलब्ध संसाधनों से लाभ उठाने के लिए सहयोग और साझेदारी की सम्भावनाएं तलाश रही हैं। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीति तैयार की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक उद्योग संघ, भारत ऊर्जा भण्डारण गठबंधन तथा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ मजबूत सम्बंध स्थापित कर हिमाचल में आईटी उद्योग, विशेषतौर पर सेमीकंडक्टर उद्योग, को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के इच्छुक छात्रों को प्रशिक्षण और अनुभव प्रदान करने के लिए शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के साथ विनिमय कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग क्षेत्र से जुड़े ऐसे हिमाचली विशेषज्ञ जोकि विदेशों में रहते हैं, उनसे सलाह एवं समर्थन लिया जाएगा। राज्य सरकार कोर सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण के बजाए सेेंसर, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और डिजाइन निर्माण जैसे उद्योगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन डिजिटल प्रौद्योगिकियों और सेवाओं पर ही ध्यान केंद्रित किया जाएगा जोकि सेमीकंडक्टर उद्योग को पूरक बना सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी संस्थानों में कार्यरत फैकल्टी तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से भारतीय प्रबन्धन संस्थानों (आईआईएम) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) से सम्पर्क कर तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। आईटी सचिव, डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चलाई जा जा रही विभिन्न सम्बंधित योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त करने, और अनुसंधान एवं विकास, प्रयोगशालाओं और सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना के विभिन्न पहलुओं से जानकारी हासिल की जाएगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने चंबा जिला के सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत भंडल में एक युवक की हत्या पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार एवं प्रशासन द्वारा कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। यहां जारी एक वक्तव्य में राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल एक शांतिप्रिय राज्य है और इस तरह की घटनाएं निंदनीय है। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था अपने हाथों में न लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने लोगों से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की है। राज्यपाल ने घटना में मृतक के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह के जन्मदिन पर आज पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने जश्न मनाते हुए उनके दीर्घ आयु की कामना की। इस दौरान पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व बड़ी संख्या में समर्थकों व कार्यकर्ताओं ने होली लॉज जाकर फूल मालाएं पहना कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जन्मदिन पर बधाई देने आए सभी लोगों, पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जो प्यार व सम्मान प्रदेश के लोगों ने होली लॉज को दिया है उसका ऋण वे कभी नहीं चुका सकतीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के मसीहा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अब उनके बीच नहीं है, पर उनका मार्गदर्शन व आशीर्वाद हमेशा ही उनका मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। उन्होंने कहा कि होली लॉज के दरवाजे सदैव प्रदेशवासियों के लिए खुले हैं। इससे पूर्व प्रतिभा सिंह ने केक काटा और आने जाने वाले सभी लोगों को मिठाई भी खिलाई। कांग्रेस नेताओं ने आज पूरे प्रदेश में प्रतिभा सिंह के जन्मदिन की खुशी पर अस्पतालों में जाकर रोगियों को फल वितरित किए और कई जगहों पर पौधरोपण व रक्तदान शिविरों का भी आयोजन भी किया गया। होली लॉज में उनके पुत्र लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सभी लोगों की आवभगत की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने डलहौजी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो हादसा चंबा दस सलूणी में हुआ है, उससे हमारे दिल को ठेस पहुंची है। हम सब केवल मनोहर को न्याय दिलाने के लिए एकत्र हो रहे हैं। बिंदल ने कहा कि हमने प्रशासन से बहुत गुहार लगाई और तकरीबन 4 बार उनसे मिले। 1 घंटे इंतजार किया और श्री राम जय जय राम का पाठ भी किया, पर हमें पीड़ित परिवार के पास जाने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी। हमने प्रशासन को कहा कि अगर मुख्यमंत्री सुक्खू इस परिवार के पास चले गए होते तो हमें लगता कि प्रदेश का कोई बड़ा व्यक्ति गया है, पर प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया, इसलिए भाजपा ने तय किया है कि हम कल 17 जून को प्रदेश के सभी 12 जिला मुख्यालों पर एक धरने-प्रदर्शन का आयोजन करेंगे और डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से राज्यपाल को इस जघन्य हत्याकांड को लेकर एक ज्ञापन भी भेजेंगे। उन्होंने कहा हिमाचल में हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि एक अकेला युवक जिसके माता-पिता है, बहनों की शादी हो गई है उसकी जघन्य हत्या की गई और शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर नाले में डाल दिए गए। इस प्रकार के अपराध को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश देवभूमि है जा हर गांव गांव में खंड खंड में देवी देवता का वास है। वीर भूमि है यहां के वीर सपूत देश की रक्षा करते हैं और देश के लिए बलिदान देना अपना गौरव मानते हैं, पर हमारे प्रदेश में इस प्रकार का हत्याकांड जिसने हमारी आत्मा को झकझोर कर रख दिया है इससे पूरा देश और प्रदेश स्तब्ध है। जिस प्रकार से अपराधी ने यह अपराध किया है हम कल्पना भी नहीं कर सकते, यह घटना नहीं सदारण है और जिस व्यक्ति ने अपराध किया है वह भी साधारण नहीं हो सकता। अगर देखा जाए तो यह एक हैबियुअल क्रिमिनल का काम है, हमारा प्रदेश एक शांतिप्रिय प्रदेश है पर इस घटना के पीछे क्या पक रहा है वह जनता जानना चाहती हैं ? कहीं गहरे राज इसे बेनकाब हो सकते हैं, क्रॉस बॉर्डर क्या पक रहा है उसका भी अंदाजा हमें इन खुलासों से हो सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ से सहयोग मांगा है। शिमला में गुरुवार देर सायं आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा और आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यप्रणाली में अधिक से अधिक दक्षता लाने तथा लोगों को लाभ प्रदान करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनसे राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने के बारे में भी सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पालमपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही है। इससे राज्य में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अभिषेक जैन भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा जिला के सलूणी में हुई घटना के दृष्टिगत कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा के लिए सभी ज़िलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सम्बंधित जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल और अभिषेक त्रिवेदी, आईजी संतोष पटियाल, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार राज्य के अनछुए स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से नई पर्यटन नीति तैयार करने पर गहन विचार कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या को 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने के दृष्टिगत कार्य कर रही है। प्रकृति ने प्रदेश को आपार सौंदर्य से नवाजा है तथा इस सम्पदा का दोहन कर अधिक से अधिक पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मई, 2023 तक हिमाचल प्रदेश में लगभग 72 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया है। उन्होंने पर्यटकों की संख्या का सटीक आंकड़ा पता लगाने तथा पर्यटन अधोसंरचना में सुधार करने के लिए पर्यटन विभाग को डॉटा संकलन की प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में पर्यटन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार ने पर्यटन सम्बंधी परियोजनाओं के विकास के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग में विपणन प्रयासों तथा स्टाफ को व्यवस्थित करने की महत्ता पर भी बल दिया। ज़िला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने से सम्बंधित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को आगामी विचार के लिए अवधारणा पत्र तैयार करने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं में सकोह में रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स, मैंझा में शीर्ष रिजॉर्ट, नरघोटा में पर्यटन गांव तथा कांगड़ा में प्रस्तावित ऐरो सिटी शामिल है। इसके अतिरिक्त जिला कांगड़ा के नगरोटा-बगवां विधानसभा क्षेत्र में नौरा खड्ड में थीम आधारित सेटेलाइट गांव बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य में हवाई यात्रा सुविधा में सुधार के सतत प्रयास कर रही है। इसके तहत सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार, जिला मण्डी के नागचला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण तथा प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर नए हेलीपोर्ट निर्माण पर कार्य कर रही है। पहले चरण में 9 हेलीपोर्ट निर्मित किए जा रहे है, जिनमें ज़िला हमीरपुर में जसकोट, जिला कांगड़ा के रक्कड़ व पालमपुर, जिला चम्बा के सुल्तानपुर, जिला कुल्लू के मनाली, जिला लाहौल-स्पिति के जिस्पा, सिसू व रांगरिक तथा जिला किन्नौर के शारबो में हेलीपोर्ट निर्माण शामिल हैं। शेष 7 हेलीपोर्ट का निर्माण दूसरे चरण के तहत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में चम्बा जिला के सलूणाी क्षेत्र में युवक की हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है तथा लोगों से प्रदेश में एकता तथा सौहार्द बनाए रखने और इस घटना को राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग न देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है तथा सरकार पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी समुदायों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मामले के हर पहलू पर नज़र रखे हुए है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने तथा इस मामले में की जा रही जांच में सहयोग देने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ग्राहकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए बैंकों को डिजिटल तकनीक से लैस किया जा रहा है। सहकारी बैंकों की कार्य पद्धति को विस्तार देने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा अगले छह माह में कई बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का इन बैंकों पर विश्वास बढ़ा है और आजीविका अर्जन के लिए बैंकिंग सुविधाओं का समुचित उपयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर उन्हें सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा सकें। बैंकिंग क्षेत्र किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह क्षेत्र आमजन, किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों इत्यादि को बैंकिंग की विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों का विकास निरंतर जारी रहता है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में इन सेवाओं के नवोन्मेषी डिजिटल रूपांतरणरण से बड़ी संख्या में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तथा ऑनलाइन बैंकिंग की सुगम सुविधा से लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। राज्य सरकार ने निर्धन परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज की दर से उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। इसके अलावा आने वाले समय में टैक्सी संचालकों को ई-टैक्सी चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। सरकार ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों को मूर्तरूप प्रदान करने में सहकारी बैंकों की प्रमुख भूमिका सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदी जाएगी। बैंक इन योजनाओं में उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करेंगे क्योंकि इन ऋणों की संप्रभु गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त समाज के वंचित वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को सही व्यक्ति तक पहुंचाने में भी सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के बिना प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। ग्रामीण आबादी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सहकारी बैंकों को किसानों को उदार ऋण प्रदान करने के लिए अग्रणीय कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कल देर सायं यहां भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के पूर्व सहायक निदेशक त्रिलोक सूर्यवंशी द्वारा तैयार किए गए ‘शिमला से जुड़ी हस्तियां’ मानचित्र जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला एक ऐतिहासिक नगर है और कई विश्व प्रसिद्ध हस्तियों का इस शहर से गहरा रिश्ता रहा है। ऐसे में इस मानचित्र के माध्यम से इन ऐतिहासिक स्थलों के बारे जानकारी प्रदान करने का प्रयास यह सराहनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह मानचित्र युवाओं के लिए एक रोचक अभिलेख साबित होगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, पूर्व वरिष्ठ वास्तुकार केसी चौहान, साहित्यकार जगमोहन शर्मा, माया सूर्यवंशी एवं राज्य एनएसयूआई के महासचिव प्रवीण मिन्हास उपस्थित थे।
पंजाब के सीएम भगवंत मान द्वारा बीबीएमबी के पानी पर हिमाचल को एनओसी न लेने की शर्त में केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट के मामले पर प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रतिक्रिया दी है। मंडी में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल के पानी पर हिमाचल का हक है। इसपर हम बात करने के लिए भी तैयार हैं और अगर लड़ाई लड़नी पड़ी तो उसके लिए भी तैयार हैं। पंजाब पुर्नगठन के तहत हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनती है जिसके हजारों करोड़ रूपए अभी तक लेने को बकाया हैं। इन सभी विषयों पर राज्य सरकार बात करने को भी तैयार है और लड़ाई लड़ने के लिए भी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस लगाना भी राज्य सरकार का विशेषाधिकार है। इस विषय पर राज्य सरकार बिलकुल भी पीछे हटने वाली नहीं है। केंद्र सरकार की तरफ से जिस तरह से अडंगा अडाया जा रहा है वो उचित नहीं है। केंद्र सरकार ने कह दिया है कि कोर्ट में जाकर लड़ाई लड़ो तो उसके लिए भी राज्य सरकार तैयार है। इसमें यदि सरकार चाहे तो वार्तालाप किया जा सकता है लेकिन हकों को लेने में प्रदेश पीछे नहीं हटेगा। इससे पहले उन्होंने मंडी में एडीबी और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके एशियन डेलेल्पमेंट के आगामी प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एडीबी के माध्यम से 1062 करोड़ की ग्रामीण पेयजल सुधार एवं आजीविका परियोजना प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई है। इससे 10 जिलों की 3.96 लाख जनसंख्या लाभांवित होगी। इस प्रोजेक्ट को 2024 की पहली तिमाही में शुरू कर दिया जाएगा और 2028 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में गैर संस्थागत कार्यक्रमों के आयोजनों पर लगाई गई रोक को पुनः दोहराते हुए कहा कि स्कूलों में निजी कार्यक्रमों के आयोजनों पर प्रतिबंध बरकार रहेगा। कोर्ट ने मंडी जिला के तहसील ऑट में आयोजित होने वाले नगवाई मेले को स्कूल परिसर में आयोजन करने की मांग को खारिज करते हुए उपरोक्त आदेश पारित किए हैं। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने पाया कि कोर्ट ने 11 दिसम्बर 2017 को पारित आदेशानुसार शैक्षणिक परिसरों में, चाहे वे प्राथमिक, उच्च, उच्चतर और कॉलेज स्तर के हों, गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा रखी है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में शैक्षणिक संस्थानों में शांतिमय व स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलाधीशों, पुलिस अधीक्षकों, उपमंडल दण्डाधिकारियों व प्रधानाचार्यों को यह आदेश दे रखे हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बनाये रखने के लिए उचित कदम उठाए व हाईकोर्ट के आदेशों की अवेहलना करने वालों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। न्यायालय ने यह भी आदेश दिए हुए हैं कि प्रदेश के सभी छोटे बड़े शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी संगठनों, स्थानीय निवासियों अथवा निजी संगठनों के किसी भी तरह के गैर संस्थागत कार्यक्रमों के आयोजन की इज्जाजत न दी जाए।


















































