मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार देर सायं यहां एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से राज्य में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को इनका समयबद्ध लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी भवनों का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए निष्क्रिय परियोजनाओं के पुनरुद्धार या हस्तांतरण अन्य विभागों को सुनिश्चित करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और राजस्व सृजन में पर्यटन क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हरित उद्योग को बढ़ावा दे रही है और पर्यटन हरित उद्योग का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सरकार हरित उद्योग पर 4,000 करोड़ रुपये व्यय करने जा रही है, जो राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ाने में मील पत्थर साबित होगा। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पर्यटकों के अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए भविष्य में भी प्रभावी उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा के पौंग बांध में साहसिक पर्यटन गतिविधियां आरम्भ करने के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को शुरू करने में अनावश्यक विलम्ब से बचने के लिए पर्यटन विभाग को भवनों के निर्माण के साथ-साथ इनमें विद्युत और पानी की आपूर्ति की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक चंद्रशेखर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्र कोटखाई के रत्नाडी में होने वाली रत्नाडी क्रिकेट प्रीमियर लीग ( RPL ) के 8वें संस्करण का " गो ग्रीन, गो क्लीन " थीम के साथ आगाज हुआ। बुधवार को स्थानीय समाजसेवी प्रेम ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर RPL के 8वें संस्करण का शुभारंभ किया। यूथ क्लब रत्नाडी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 64 टीमें भाग ले रही हैं। यह पंचायत स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। RPL-2023 सीजन में मुख्यतः प्रथम प्राइज 1,11,111 रुपये के साथ आकर्षक ट्राफी व द्वितीय प्राइज 55, 555 के साथ आकर्षक ट्रॉफी, मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ द सीरीज सहित कई अन्य प्राइज भी दिए जाएंगे। RPL 2023 सीजन के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि पहुंचे प्रेम ठाकुर ने कहा कि आज के इस दौर में इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि युवा नशे की तरफ बढ़ रहे है जो स्वास्थ्य के साथ साथ अपराध को भी अंजाम दे रहे है। ऐसे में इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगी औरखेलो कि और आकर्षित करेगी । उंन्होने सभी युवाओं ने खेल सहित अलग अलग क्षेत्रो में आगे बढ़ने व नशे से दूर रहने की अपील की । वहीं rpl के आयोजकों ने बताया कि प्रेम ठाकुर 1980 में इस युवा क्लब के प्रधान भी रह चुके है और यह बहुत सौभाग्य की बात है कि जिस शख्शियत ने इस क्लब को बनाने में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई आज वही व्यक्तित्व क्लब द्वारा आयोजित किए जा रहे 8वें संस्करण के शुभारंभ पर पहुंचे हैं। यह क्लब के लिए सौभाग्य की बात है और आज इस अवसर पर क्लब के युवा साथियों को एक बार फिर उनका मार्गदर्शन व सहयोग मिला, जिसके लिए समस्त क्लब उनका आभारी रहेगा।
नशे की रोकथाम को लेकर पुलिस और पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड उपाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रैंक रघुबीर सिंह बाली ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दरअसल, “वाइप आउट ड्रग्स” जोकि प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया एक अभियान है, जिसके अंतर्गत राज्य से नशीले पदार्थों के खतरे को खत्म करने के लिए मिशन बनाया गया है। इसको लेकर शिमला में होने वाले रन फॉर ड्रग फ्री, सेफ एंड ग्रीन हिमाचल प्रदेश 10वीं पुलिस हाफ मैराथन-2023 रिज शिमला में 25 जून को, प्रदेश पुलिस और हिमाचल पर्यटन की साझेदारी के साथ एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पुलिस और पर्यटन विभाग की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में RS बाली ने कहा कि “वाइप आउट ड्रग्स” एक ऐसा संकल्प है एक ऐसी सोच है, जिसको लेकर हमारा देश आगे बढ़ रहा है। एक ऐसी सोच जिसको लेकर एक ऐसी मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो एक बदलाव लाएगी। बाली ने आगे कहा इस मुहिम में बच्चों, विद्यार्थियों और बच्चों के माता-पिता सभी लोगों को शामिल किया गया और किसी ना किसी माध्यम इन सबको जागरूक भी किया गया कि किस तरह से ड्रग्स पूरे देश-प्रदेश और आने वाली पीढ़ियों को नष्ट कर सकता है। ड्रग्स के कारण कितनी जिंदगियां बर्बाद हो सकती है। ड्रग्स सभी के लिए हानिकारक है। आरएस बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच की सहारना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सोच बहुत ही अच्छी है। मुख्यमंत्री जब प्रदेश अध्यक्ष थे तबसे ही ऐसी सोच रखते हैं। प्रदेश को ड्रग फ्री करना बहुत ही अच्छी मुहिम है। प्रदेश को ड्रग फ्री करने के लिए सभी को एक साथ होना पड़ेगा। तभी पूरी तरह इसको जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने विभागों से अपील की है कि टूरिज्म के साथ-साथ अन्य डिपार्टमेंट भी प्रदेश को ड्रग फ्री करने में अपना योगदान दें।
मिनर्वा शिक्षण व कोचिंग संस्थान घुमारवीं के होनहारों ने नीट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। मिनर्वा के 52 बच्चों ने नीट परीक्षा को उत्तीर्ण कर सुनहरे भविष्य की नींव रखी है। संस्थान के सात विद्यार्थियों ने 600 से ऊपर अंक प्राप्त कर संस्थान व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रथम भारद्वाज सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। प्रथम भारद्वाज ने 700 में से 641 अंक अर्जित किए। इसके अलावा आर्यांश धर्माणी 631 अक्षित शर्मा 630, शगुन शर्मा 620, शिवेन पुलाद 614, अकुल शर्मा 604 तथा क्षितिज शर्मा 602 अंक प्राप्त क रनाम रोशन किया है। इसके साथ मिनर्वा के कुल 52 विद्यार्थियों ने 500 से ऊपर अंक हासिल किए हैं। बच्चों के शानदार प्रदर्शन के बाद संस्थान द्वारा सभी बच्चों को सादे समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल मौजूद रहे। राकेश चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 52 बच्चों ने इस परीक्षा को उतीर्ण किया है। इसमें उपासना 597, मानसी 595, प्रथित अरोडा 585, कनिष्का 580, ओमिका 577, नितिन चंदेल 574, आयुश शर्मा 574, रिधी 573, निहारिका 572, सौम्य चन्देल 571, दिया शर्मा 569, मधु 565, साम्भवी 564, नमन 563, सुचिता 559, आंचल 555, आदित्य 554, शिवांगी 552, अर्पित धर्मांणी 545, गरिमा 545, अपूर्वा 545, आर्या शर्मा 544, पियूश 543, श्रेया 542, प्रियांशु 541, अलिशा 541, सुजल 540, ईशा 530, रानय 529, निवेदिता 526, अंतरिक्ष 526, ईशांत चौधरी 525, शिवांश 520, समर्थ 515, अतुल्य चन्देल 515, प्रकृति 513, संचित 513, आयुशी 513, अनन्य 512, कृतिका 510, अपूर्वा 507, श्रुति 503, अरिशा सिंह 503, राशी कटोच 503, अंकिता 502 अक प्राप्त किए हैं। राकेश चंदेल ने कहा कि मिनर्वा संस्थान के इन विद्यार्थियों ने अपनी कड़ी लग्न व मेहनत से सबको गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों ने संस्थान के अध्यापकों व अपने अभिभावकों को दिया है। राकेश चंदेल ने बताया कि विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में मनन पुरी, अभिलाशा, भारती, हार्दिक और इशिता ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए एमबीबीएस में दाखिला पाने की उम्मीद को कायम रखा है। इस मौके पर मिनर्वा संस्थान के संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल, प्रबंधक राकेश चंदेल, एमडी स्वदेश चंदेल, प्रशांत चंदेल आदि ने इन सभी विद्यार्थियों व इनके अभिवावकों को बधाई प्रेषित कर सभी अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
करियर अकादमी के 16 छात्रों ने नीट में 500 से अधिक अंक लेकर एमबीबीएस में जगह पक्की की है। अकादमी की रुश्दा ने 601 अंक लेकर सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया। रुश्दा करियर अकादमी में छठी कक्षा से पढ़ रही है। बचपन से ही रुश्दा का लक्ष्य एक सफल डॉक्टर बनना था। रुश्दा के पिता सैनवाला के निवासी हैं व पेशे से मेकैनिक हैं और माता गृहिणी है। रुश्दा ने अपने माता-पिता व करियर अकादमी का सपना पूरा किया है। इसके अलावा पायल-591, सुषमा -583, रमा आर्य -575, केसर नवल -570, अनुष्का -548, प्रियांशू -545, रजनी -536 वान्या -534, अर्शप्रीत -532, अर्पिता -523, कशिश- 522, प्रेरणा-520, निहाल-519, अक्षर-518, रितिका -501 अंक लेकर नीट की परीक्षा पास की है। करियर अकादमी के जेईई मेन्स 2023 का रिजल्ट भी शानदार रहा था और करियर अकादमी ने अगले वर्ष के लिए भी कमर कस ली है और अपना डी ड्रॉपरबैच शुरू कर, क्लासरूम स्टडी शुरू कर दी है। इस अवसर पर अकैडमी के चेयरमैन एसएस राठी, समन्वयक मनोज राठी तथा ललित राठी व विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश सोलंकी ने सभी छात्रों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा सभी छात्रों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। सभी छात्रों को भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने 21 जून को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिवों की प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी है। बैठक की अगली तारीख बाद में तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री रजनीश किमटा ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि 21 जून की प्रस्तावित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिवों की बैठक को फिलहाल स्थागित कर दिया गया है,बैठक की अगली तारीख जल्द ही तय की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भितरघात करने वालों से सचेत रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि जो नेता या कार्यकर्ता संगठन को कमजोर करने या उसके आदेशों की अवहेलना करने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि संगठन सर्वोपरि है और उससे ऊपर कोई नही है, चाहे वह किसी भी ओहदे पर क्यों न हो। संगठन की बजह से ही नेताओं ओहदा मिलता हैं। कुल्लू जिला के महौल में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है और अगर कोई यह सोचता है कि वह स्वयं इतना लोकप्रिय व सक्षम है कि वह स्वयं के बल पर ही चुनाव जीत सकता है तो उसे यह भ्रम समय रहते छोड़ देना चाहिए। लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोपरि है जो हम सबको चुन कर सत्ता में बैठाती है। प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने मनोबल में किसी भी प्रकार की कमी न लाने का आग्रह करते हुए कहा कि संगठन उनके साथ तनमन से खड़ा है। उन्होंने कहा कि उप चुनावों में उनकी जीत और उसके बाद प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत का एक बड़ा संदेश देशभर में गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी जीत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। जल्द ही देश में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं और इन चुनावों में उन्हें पूरी एकजुटता के साथ पूर्व की भांति लोगों के बीच उतरना होगा। उन्होंने कहा कि देश मे बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी दो ऐसे मुद्दे है जिसके खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों की बजह से देश के यह हालात हुए हैं। इसलिए केंद्र की सत्ता से भाजपा को बाहर करना ही होगा तभी देश को इन जटिल समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा आजकल हिमाचल दौरे पर हैं। आज कुल्लू में बिजली महादेव को नमन कर एक रैली को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लगाया था, उसके नेता बोल रहे हैं कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा छल कपट से सत्ता पाने का काम किया है, पर भारतीय जनता पार्टी सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार लोगों की सेवा, देश को सुशासन देने और गरीब कल्याण के लिए कटिबद्ध है। आज राजनीति की संस्कृति को पीएम मोदी ने बदल डाला है। वंशवाद से विकासवाद का परिवर्तन और वोट बैंक की राजनीति से रिपोर्ट कार्ड की राजनीति तक पहुंचाना, यह प्रधानमंत्री मोदी ने कर के दिखाया है। अभी हाल में ही पीएम मोदी तीन देशों का दौरा कर के आए हैं। जापान में अमेरिका का राष्ट्रपति मोदी का ऑटोग्राफ मांगता है। कभी किसी ने सोचा था कि ऐसा भी होगा। ये बदलते भारत की तस्वीर है। लेकिन हमारे कांग्रेस के युवराज अमेरिका की धरती पर जाकर भारत की आलोचना करते हैं। पीएम मोदी की आलोचना करते-करते वो भारत की आलोचना करने लगते हैं। इनकी दादी ने आपातकाल लगाया था और ये कहते हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। जो संगठन भारत का विरोध करते हैं राहुल गांधी उनसे विदेश में मिल रहे हैं। देश को एक बार नहीं अनेकों बार मुसीबत में डालने का काम राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने किया है। भारत की प्रतिष्ठा के साथ मजाक किया है। डोकलाम के समय चीन के दूतावास के लोगों से मिलने की इनको आवश्यकता क्यों पड़ी थी? इस प्रश्न का हमें जवाब चाहिए। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा करते हैं लेकिन वे प्रतीक तोड़ने के हैं। 100 देशों को भारत ने कोविड वैक्सीन पहुंचाई है और इनमें से 48 देशों को तो मुफ्त में उपलब्ध करवाई है। ये नया भारत है। आज देश सुरक्षित है। 2014 के बाद देश में दमदार, मजबूत और निर्णय लेने वाली सरकार आई है। इसे पहले भ्रष्टाचार और काम न करने वाली सरकार थी। कांग्रेस की अपनी गारंटी नहीं दस गारंटियों की बातें करते हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वन भूमि प्रत्यावर्तन (डायवर्सन) के प्रस्तावों की प्रक्रिया तीव्र की गई है, ताकि विकास कार्यों का निर्माण आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त शीघ्र शुरू किया जा सके। कार्यों के समयबद्ध पूर्ण होने से राजस्व में बचत के साथ ही प्रदेश की जनता को इनका समुचित लाभ सुनिश्चित होता है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने वन स्वीकृतियों में अनावश्यक विलम्ब के कारण विकास कार्यों में हो रही देेरी को गम्भीरता से लेते हुए इनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। वन भूमि प्रत्यावर्तन के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिनकी नियमित आधार पर बैठकें हो रही हैं। इससे लंबित एवं नए मामलों के अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए से संबंधित विभिन्न मुद्दे केन्द्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाए गए हैं। त्वरित रूप से कार्य करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इस जून माह के दौरान वन भूमि प्रत्यावर्तन के 29 मामलों में केंद्र सरकार से द्वितीय चरण की स्वीकृति प्राप्त की गई है और औपचारिक आदेश जारी करते हुए विभिन्न प्रयोक्ता अभिकरणों के पक्ष में वन भूमि प्रत्यावर्तन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के 11 मामले, पुलिस विभाग के 4, जल शक्ति, एनएचएआई, शिक्षा तथा कृषि विभाग के 2-2 मामले और आईटीबीपी, नगर निगम शिमला, सैनिक कल्याण, गृह रक्षक, स्वास्थ्य, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का 1-1 मामला शामिल है। उन्होंने कहा कि गत छः माह के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा कुल 46 मामलों में औपचारिक आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार द्वारा गत एक माह के दौरान एफसीए के अन्तर्गत वन भूमि प्रत्यावर्तन के 32 नए प्रस्तावों की संस्तुति प्रदान कर इन्हें केंद्र सरकार के प्रथम चरण के पूर्व अनुमोदन अर्थात सैद्धांतिक अनुमोदन के लिए भेजा गया है। इनमें सड़क निर्माण के 19 मामले, विद्युत, फोरलेन निर्माण, शिक्षा व अन्य परियोजनाओं के 2-2 मामले और जल आपूर्ति, सुरक्षात्मक परियोजना, पर्यटन, सौर ऊर्जा परियोजना, रोपवे इत्यादि के निर्माण के लिए प्रस्ताव शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और गत छः माह के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा 110 से अधिक मामलों में संस्तुति प्रदान करते हुए इन्हें केंद्र सरकार के पूर्व अनुमोदन के लिए भेजा गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 68 प्रतिशत क्षेत्र वैधानिक रूप से वर्गीकृत वन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है, जिस पर वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के प्रावधान लागू होते हैं। सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिकांश विकास कार्यों के निर्माण के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (एफसीए) की धारा-2 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार का पूर्व अनुमोदन अनिवार्य है। वर्तमान में यह प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है तथा इन प्रस्तावों को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के परिवेश पोटर्ल के माध्यम से प्रोसेस किया जा रहा है। इस विषय के महत्व के दृष्टिगत मुख्यमंत्री स्वयं तथा प्रधान सचिव (वन) भी एफसीए के मामलों का समय-समय पर अनुश्रवण कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार विकास एवं पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार देर सायं हिमाचल प्रदेश नर्सिज रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एचपीएनआरसी) के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारम्भ किया। नई लांच की गई वेबसाइट का उद्देश्य नर्सों को सुविधाजनक तरीके से विभिन्न सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है। इसके अंतर्गत प्राथमिक पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करना, अतिरिक्त योग्यता अद्यतन, विदेशी सत्यापन इत्आदि की सुविधाएं उन्हें घर-द्वार पर उपलब्ध हो सकंेगी। इसके अतिरिक्त, यह पोर्टल पंजीकरण के ऑनलाइन स्थानान्तरण (माइग्रेशन) और हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के अलावा विदेशों में भी रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के अंतर्गत इस वेबसाइट को रोजगार विभाग की वेबसाइट के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे भर्ती एजेंसियों को प्रासंगिक डाटा तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस एकीकरण से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने और प्रतिभा खोज (ट्रैकिंग) प्रक्रियाओं को और कारगर बनाने की उम्मीद है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर और हिमाचल प्रदेश नर्सिज रजिस्ट्रेशन काउंसिल की रजिस्ट्रार सीमा ब्राक्टा भी उपस्थित थीं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हार के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव में कोई कमी नही छोड़ना चाहती है। यही वजह है की भाजपा नेता हिमाचल में अभी से लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आजकल हिमाचल दौरे पर है। कांगड़ा में नड्डा ने कांग्रेस को माँ बेटे की पार्टी बताया, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के छः माह के कार्यकाल पर सवाल उठाये है। इस कांग्रेस की तरफ से मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस पर पलटवार किया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा की चुनाव में हार के बाद जय राम frustrated man बन गए है। पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह की बयान बाज़ी शोभा नहीं देती है। साथ ही कांगड़ा में कांग्रेस माँ बेटे की पार्टी वाले जेपी नड्डा के बयान पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर छींटा कसी करने से पहले वह अपने कूनबे को संभालें।
हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के निदेशक मंडल की आज शिमला में आयोजित 239वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शिमला और मंडी जिलों के लिए खादी प्लाजा के लिए प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपने और विशेषज्ञ एजेंसी से परामर्श लेने के निर्देश दिए ताकि ये प्लाजा आय सृजन का स्रोत बन सकें और इनके माध्यम से ग्रामीण कारीगरों और उद्यमियों को विपणन सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि खादी बोर्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़ पालकों को ऊन पिंजाई तथा जनजातीय क्षेत्र के बागवानों को खुमानी के बीजों से बनने वाले चुल्ली के तेल की पीड़ाई की सुविधा खादी केन्द्रों के माध्यम से घर-द्वार पर ही प्रदान की जा रही है ताकि इस क्षेत्र से जुड़े कारीगर/बुनकर व बागवान लाभान्वित हो सकें। उद्योग मंत्री ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा प्रदेश में 383 इकाइयों को 14.34 करोड़ रुपये का उपदान दिया गया, जो निधारित लक्ष्य का लगभग 118 प्रतिशत है। इन इकाइयों की परियोजना लागत 57.36 करोड़ रुपये है, जो 48.72 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में लगभग 118 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, इन इकाइयों में रोजगार के 3,064 अवसर भी सृजित हुए हैं। उद्योग मंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को भी समय पर हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के लिए लक्षित 475 इकाइयों में से मई माह तक स्थापित 16 इकाइयों पर 73.96 लाख रुपये का उपदान दिया जा चुका है, जिनसे रोजगार के 128 अवसर सृजित हुए हैं।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के द्वारा एक रिपोर्ट हमारे समक्ष आई है, उसमे एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय का खुलासा किया है। पश्चिम बंगाल,बिहार, राजस्थान और पंजाब में हमारे ओबीसी भाइयों के लिए दिए गए संवैधानिक अधिकार रिजर्वेशन का खुलेआम हनन कर रही है और ओबीसी को उनके जायज अधिकारो से वंचित रखा जा रहा है। बंगाल, बिहार, राजस्थान और पंजाब में जो विपक्षी दल बहुत ज्यादा पिछड़े वर्ग के हतैशी बनते और जातिगत जनगणना के पक्षधर बनते है वही लोग ओबीसी के हितों का खुलेआम हनन कर रहे हैं। ओबीसी के कोटा में जो आरक्षण मिल रहा है उसमें इन सभी प्रदेशों ने सेंध लगा का काम किया है। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा की इन विपक्षी दलों हाथी के दांत है जो दिखाने के अलग और खाने के अलग होते है। यह पूर्ण रूप से एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है। बंगाल में ओबीसी के कोटे और उनके आरक्षण को ममता सरकार खुलेआम मुस्लिम तुष्टिकरण के भेंट चढ़ाया रही है और पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके जायज हक से वंचित रख रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बंगाल में 91.5% आरक्षण का लाभ मुस्लिम ओबीसी के लोगों को दिया गया है और अन्य लोगो को उनका हक अभी तक नही दिया है। बंगाल में कुछ ओबीसी की 179 जातियों को आयोग द्वारा दर्ज किया गया है और इसमें से 118 मुस्लिम समुदाय की जातियों को शामिल कर दिया गया है। इस तरीके से बांग्लादेशी घुसपैठ और रोहांगिया को प्रमाण पत्र देकर जातिगत आरक्षण का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। यह घुसपैठियों को सीधा सीधा लाभ देने का गंभीर षड्यंत्र है। अगर हम 2011 की बात करे तो बंगाल में इससे पहले ओबीसी की 108 जातियां शामिल थी जिसमें से 53 मुस्लिम और 55 हिंदुओ जातियां थी। 71 नई जातियों को इस सूची में जोड़ा गया इसमें 65 मुस्लिम और केवल 6 हिंदू जातियां थी। बंगाल की जनसंख्या में 70.5% हिंदू है और 27% मुस्लिम। पर मुस्लिमो को ओबीसी आरक्षण के अंतर्गत 91.5% का लाभ प्रदान किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने देशद्रोही ताकतों को ताकत देने का काम किया है यह दुर्भाग्यपूर्ण है और अति निंदनीय है। इसी प्रकार के आरक्षण की स्थिति राजस्थान पंजाब और बिहार में है। बिहार में ओबीसी के भाइयों को प्रमाण पत्र तक नहीं दिए जा रहे हैं, ओबीसी भाइयों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात हो रहा है और उनका अधिकारों का गला घोटा जा रहा है। पंजाब में 25% ओबीसी का आरक्षण है और लाभ केवल 12% ओबीसी लोगों को मिल रहा है। 13% लोग अपने अधिकारों से वंचित है और आज भी इंतजार कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 9 वर्ष पूर्ण होने पर विधानसभा झंडूता में एक टिफन बैठक में भाग लिया। उनके साथ इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल, त्रिलोक जम्वाल, पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, सुरेश चंदेल और भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा विशेष रूप में उपस्थित रहे। इस बैठक में कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने घरों से टिफिन लाकर सामूहिक भोज के साथ प्रधानमंत्री के 9 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में संगठनात्मक चर्चा की गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के 80 करोड़ भारतीयों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए है, 1121 लाख मीट्रिक टन से अधिक मुक्त खाद्यान्न प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत वितरित किया गया है और एक राष्ट्र एक राशन कार्ड से देश भर में लोगों को आसानी से राशन मिल रहा है। भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल की है, इसके अंतर्गत 48.27 करोड से अधिक जनधन खाते देश में खोले गए हैं, देश भर में लाभार्थियों के बैंक खातों में 25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किया गया है इस प्रक्रिया से 2.73 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित बचत इस प्रक्रिया से हुई है। उन्होंने कहा हमारी केंद्र सरकार ने किसान का कल्याण सुनिश्चित किया है, प्रधानमंत्री किसान योजना 2019 में लॉन्च की गई थी किसानों को तीन समान किस्तों में हर वर्ष 6000 रू प्राप्त होते हैं, पहली बार पूरे देश में प्रत्यक्ष नकद समर्थन शुरू किया गया। प्रधानमंत्री किसान योजना के अंतर्गत अब तक 11.39 करोड से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। किसान फसल बीमा योजना 2016 में लॉन्च की गई थी फसल क्षति से पीड़ित किसानों को इस योजना का बहुत बड़ा लाभ हुआ है 37.59 करोड किसान का पंजीकरण इस योजना के अंतर्गत हुआ और पिछले 7 वर्षों में 11.68 करोड़ से अधिक आवेदकों को 1.3 लाख करोड रुपए से अधिक के दावे प्राप्त हुई है। पंजीकृत किसानों में से 81% छोटे और सीमांत किसान है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज हिमाचल प्रदेश में 1 विधानसभा क्षेत्र की टिफिन बैठक में भाग ले रहे हैं। इस प्रकार की बैठके पूरे देश भर में चल रही है और सभी भाजपा के नेता गण ऐसी बैठकों में भाग ले रहे हैं इस बैठक में केंद्र में मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर विस्तृत चर्चा भी की जा रही है। हिमाचल में भी इस प्रकार की टिफिन बैठक का आयोजन हर विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है।
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मंगलवार को देश के 43 विभिन्न स्थानों पर छठे राष्ट्रीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर शिमला के रोजगार मेले के आयोजन में मौजूद थे। ठाकुर ने वहां उपस्थित 178 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए ठाकुर ने कहा, "आज देश के 43 स्थानों पर रोजगार मेले का आयोजन किया गया और 70,180 से अधिक युवाओं को सरकार नौकरी हेतु नियुक्ति पत्र दिए गए।" ठाकुर ने बताया कि यह छठा रोजगार मेला था। पहला रोजगार मेला अक्टूबर 2022 में आयोजित हुआ था जिसमें 75 हजार नौकरियां दी गई थी। उसके बाद अगले सभी रोजगार मेलों में 70000 या 71000 नौकरियां दी गई हैं। हम इस वर्ष 10 लाख नौकरियों के वादे को पूर्ण करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही पिछले 2 वर्षों में विदेशी पूंजी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है जिससे नई नौकरियां पैदा हुई है। आज भारत का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर है और महंगाई भी 4 फीसदी के आस पास आकर काबू में है। इससे पता चलता है कि सरकार के कदम सही दिशा में जा रहे हैं। हिमाचल सरकार के 6 महीने पूरे होने के सवाल पर ठाकुर ने कहा, "यह आपको मुझ से नहीं बल्कि उन किसानों से पूछना चाहिए जिन से वादा किया गया था की उनसे 100 रुपये प्रति किलो दूध और 2 रुपये किलो गोबर खरीदा जाएगा।" उन्होंने कहा, "महिलाओं को प्रति महीने 1500 रुपए और 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया गया था क्या यह गारंटियां पूरी हुई है? यह सभी उतनी ही फेल हुई हैं जितनी कांग्रेस पार्टी फेल है। मैं चाहूंगा कि मुख्यमंत्री बिना 1 रुपये कर्ज लिए अपने सारे वादे पूरे करें।" इन्होंने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। वह भी नहीं दिया। इसीलिए इनके विधायक मध्यप्रदेश में इनको छोड़ कर चले गए।" ठाकुर ने आगे कहा, "राजस्थान में भी रोज भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। नौकरियों में, इंटरव्यू में घोटाला हो रहा है। पेपर लीक हो रहा है। इन्हीं के सरकार के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट अपने ही सरकार के खिलाफ सड़क पर हैं। यह इसलिए क्योंकि उन्होंने युवाओं, किसानों और पूरी राजस्थान की जनता के साथ धोखा किया है। कांग्रेस की गारंटीयां हर राज्य में फेल हुई हैं। कांग्रेस ने सभी राज्यों को कर्ज में डूबाने का काम किया है।" लव जिहाद के बढ़ते मुद्दों के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे एक नहीं बल्कि कई मामले आए हैं जिसमें धर्म छुपा कर लड़कियों को बहलाया- फुसलाया गया, प्यार में फसाया गया और फिर बाद में धर्मांतरण का दबाव बनाकर किसी की हत्या कर दी गई तो किसी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। यह बिल्कुल उचित नहीं है। इसपर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह राज्यों की जिम्मेदारी है। किसी भी राज्य की बात हो चाहे केरल या उत्तराखंड या पश्चिम बंगाल या हिमाचल प्रदेश, बेटियों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। आगे पहलवान प्रकरण के सवाल पर बोलते हुए श्री ठाकुर ने कहा, "पुलिस जांच कर रही है जल्द न्याय उचित कार्रवाई होगी।" राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के गठजोड़ के सवाल पर श्री ठाकुर ने कहा, "यह गठबंधन नहीं भ्रष्टबंधन है। इनके पास ना नीति है, ना नियत है ना चेहरा है। लोकतंत्र में सबको स्वतंत्रता है लेकिन लोग सब देख कर ही वोट करते हैं। 'नगद दो नौकरी लो', 'जमीन दो नौकरी लो'। यह ममता बनर्जी और लालू यादव जी का तंत्र है। पश्चिम बंगाल तो आज केवल हिंसा, अत्याचार और भ्रष्ट्राचार के लिए ही जाना जा रहा है।"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए जानकारी दी है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने देवभूमि हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 25 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या के विरोध में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया व पूरे हिमाचल में जिला केंद्रों से उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे गए। उन्होंने बताया कि बीते कल चंबा में हुई हत्याकांड के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। यह हत्याकांड मामला चम्बा के सलूणी क्षेत्र के किहार का है इसमें जिस लड़के की हत्या की गई है, उसका नाम मनोहर है। मनोहर पिछले कुछ समय से मुस्लिम लड़की के साथ संपर्क में था , तथा जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि आपस में अच्छी बातचीत भी होती थी परंतु जब यह जानकारी विशेष समुदाय की लड़की के परिवार वालों को पता चला कि वह मनोहर नाम के लड़के के साथ संपर्क में है तो यह बात उनके परिवार वालों को रास नहीं आई , तो उस लड़की के माध्यम से मनोहर को घर बुलाया गया तथा बुलाकर उस लड़के को निर्मम तरीके से हत्या की गई। उसके शरीर के 8 टुकड़े किए गए तथा बोरी में बंद करके एक नाले में पत्थरों के नीचे दबा कर रखा गया। यह मामला जानकारी के मुताबिक 9 तारीख का बताया जा रहा है एक दो दिन बाद वहां के स्थानीय लोगों को तथा आते जाते लोगों को दुर्गंध आने लगी तो वहां के लोगों ने उस जगह पर जा करके देखा तो वहां पर बोरी के अंदर से बदबू आ रही थी ।वहां के लोगों ने शक के आधार पर पुलिस वालों को सूचना की और पुलिस वालों ने जब उस स्थान पर जाकर के उस बोरी को खोला तो उस बोरी पर मनोहर के शरीर के 8 टुकड़े पाए गए। उसके उपरांत अभी तक पुलिस द्वारा उस लड़की के परिवार में उस लड़की को उसके भाई को तथा उसके पिता को हिरासत में लिया है, परंतु दोषियों पर अभी तक किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। आकाश नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार आते ही कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। आए दिन देवभूमि हिमाचल प्रदेश में ऐसी घटनाएं हो रही।आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने इस मामले के विरोध में पिंक पेटल पर धरना- प्रदर्शन कर सोए हुए प्रशासन व सरकार पर रोष प्रकट किया तथा प्रदेश में फैल रही अराजकता को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार को सुचेत किया।
प्रदेश विधानसभा के कुलदीप सिंह पठानिया राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन, भारत में भाग लेने के लिए 14 जून को मंबई के लिए शिमला से प्रस्थान करेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन, भारत का आयोजन महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी वर्ल्ड पीस विश्वविद्यालय द्वारा मुंबई में 15, 16, तथा 17 जून को किया जाना है। इस सम्मेलन में पूरे भारत वर्ष से 3300 के करीब विधान सभाओं तथा विधान परिषदों के सदस्यों के भाग लेने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य से भी 40 से अधिक सदस्यों ने भाग लेने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार सायं वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ईको-टूरिज्म गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान कर राज्य की आय बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 72 वन विश्राम गृहों और 22 ईको पार्कों में ईको पर्यटन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने 93 प्रस्तावित स्थलों पर इको-टूरिज्म गतिविधियों के संचालन के लिए वृहद योजना (मास्टर प्लान) में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईकोे-टूरिज्म सतत् पर्यटन का एक बेहतर उदाहरण है। इसके माध्यम से आगंतुकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हुए प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण को भी बल मिलता है। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर, राज्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक सुन्दरता और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर पर्यटन की दृष्टि से इसका लाभ उठा सकते हैं। पर्यटन के नए अनुभव प्राप्त करने वाले पर्यटकों के लिए यह वरदान साबित हो सकता है इससे राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इससे राज्य को काफी फायदा हो सकता है। वन विभाग को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको-टूरिज्म की संभावनाओं के दृष्टिगत एक वृहद योजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए प्रस्तावित स्थलों को विस्तार प्रदान करना है। इस योजना में संभावित रूप से बुनियादी ढांचा विकसित करना, आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्राकृतिक स्थलों को संरक्षित करना और स्थानीय समुदायों की सहभागिता को सुनिश्चित करना है। प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, विधायक देवेंद्र भुट्टो, चैतन्य शर्मा, आशीष शर्मा, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव वन ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार, प्रबंध निदेशक पवनेश कुमार, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल नागेश गुलेरिया और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि जेबीटी व बीएड भर्ती मामले की समास्या का शीघ्र समाधान करें हिमाचल सरकार। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जेबीटी व बीएड भर्ती को इकट्ठा करने का फैसला लिया है, जोकि बिल्कुल गलत है। इससे जेबीटी व बीएड के प्रशिक्षुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आकाश नेगी ने बताया कि बीएड का कोर्स और जेबीटी के कोर्स को अलग-अलग प्रकार से डिजाइन किया गया है , तो उनकी भर्तियां भी अपने-अपने क्रम अनुसार ही होनी चाहिए ,सरकार इस विषय पर बिल्कुल भी सीरियस नहीं दिख रही है। जोकि अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए ठीक नहीं है । उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहती है। माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने तक सरकार को इंतजार करना चाहिए । आकाश नेगी ने बताया कि वर्ष 1948 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के विभिन्न मुद्दों को प्रदेश एवं केंद्र सरकार के सामने उजागर करती आ रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जेबीटी एवं बीएड के अभ्यर्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, और सरकार से मांग करती है , कि जल्द से जल्द इस मामले का निपटारा किया जाए और अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए, अन्यथा विद्यार्थी परिषद् को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) देने वाले अभ्यर्थियों को इस बार ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी मिलेगी। शिक्षा बोर्ड ने यह व्यवस्था जून-जुलाई में होने वाली सात विषयों की परीक्षा के दौरान की है। इससे पहले हुईं परीक्षाओं में ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी देने की व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि 18 जून से दो जुलाई तक होने वाली सात विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान बोर्ड ओएमआर शीट की डुप्लीकेट काॅपी अभ्यर्थियों को मुहैया करवाएगा। इन परीक्षाओं के दौरान प्रत्येक परीक्षा की समाप्ति पर केंद्र समन्वयक और केंद्र अधीक्षक के माध्यम से परीक्षार्थियों को उनकी ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी दी जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने इस बार विशेष ओएमआर उत्तरपुस्तिकाओं की व्यवस्था की है, ताकि परीक्षाओं में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले हुईं अध्यापक पात्रता परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी नहीं दी जाती थी।
हिमाचल सरकार भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर प्रदेशवासियों की राय लेकर समाज और राज्य के व्यापक हित में बहुत जल्द कारगर नीति लाएगी। हिमाचल में भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर अध्ययन को गठित विशेष समिति के अध्यक्ष एवं राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह उद्गार आज सोमवार को धर्मशाला में विभिन्न हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा के लिए आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल का वातावरण औषधीय गुणों से परिपूर्ण भांग के उत्पादन के लिए सहायक है। यहां उगने वाली भांग औषधीय और औद्योगिक दोनों प्रकार के काम में लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि समिति नीति निर्माण से पहले इस विषय पर खुली चर्चा से जनता की शंकाएं दूर करने और उनके सुझाव लेने के लिए प्रदेशभर में इस प्रकार के कार्यक्रम कर रही है। प्रदेश के लोगों से वार्तालाप कर नीति निर्धारण के लिए उनकी राय लेने का यह प्रदेश में पहला उदाहरण है। इसी क्रम में समिति ने सोमवार को धर्मशाला में विभिन्न हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर, इस विषय पर उनकी राय मांगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित इस समिति ने डिग्री कॉलेज धर्मशाला के त्रिगर्त सभागार में इस विषय पर खुली चर्चा की। जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पुरानी रिवायतों को छोड़, राज्य के आर्थिक विकास के लिए नए विचारों पर काम कर रहे हैं। उन्हांेने कहा कि सरकार लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के नए रास्ते अपना रही है। उन्होंने कहा कि भांग की वैज्ञानिक खेती से बनने वाले अनेकों उत्पादों का उपयोग आज हमारे देश सहित कई देशों में हो रहा है। आज विश्व के कई बड़े देश भांग की वैज्ञानिक खेती से धर्नाजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर भांग के ऐसे बीज तैयार किए जाएंगे जिसके पौधों में नशा नहीं होगा और औद्योगिक उपयोग के लिए उसकी खेती किसानों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कपड़े सहित अनेक प्रकार के उद्योगों में इसका उपयोग हो सकता है। वहीं औषधीय गुणों से परिपूर्ण भांग की खेती करने के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे और नियंत्रित वातावरण में प्रशासकीय निगरानी में इसकी खेती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जंगलों में भी बिना नशे वाले भांग के बीज डाले जाएंगे, जिनका उपयोग औद्योगिक उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मलाणा सहित कई क्षेत्रों में उगने वाली भांग सर्वोत्तम औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इनके उपयोग से बनने वाली औषधी की जीआई टैगिंग करवाने के लिए सरकार प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि यहां उगने वाली अच्छी क्वालिटी की भांग के बीजों को शोध के आधार पर प्रदेश अन्य हिस्सों में भी उगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे बनने वाले औद्योगिक और औषधीय उत्पादों से प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ होने के साथ, नशे के तौर पर इसके उपयोग पर चैक रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार सायं ओक ओवर में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निगम भविष्य में किरतपुर-मनाली फोर लेन राजमार्ग के किनारे तीन अतिविशिष्ट होटल खोलेगा। इससे पर्यटकों और अन्य यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि ये होटल आधुनिक सुविधाओं से सुस्सजित होंगे और इसका उद्देेश्य राज्य में पर्यटकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करना है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक सलाहकार द्वारा एक अध्ययन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर लेन राजमार्ग के आरम्भ होने से क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी ताकि उन्हें प्रदेश में यात्रा का सुखद अनुभव प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विस्तार की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। इससे न केवल पर्यटन व्यवसाय को सम्बल मिलेगा बल्कि स्थानीय आबादी के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में मंत्रिमण्डल की बैठक में किरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बिलासपुर जिला के बगेड़, मंडी जिला के नेरचौक और कुल्लू जिला के भुंतर में तीन नए राजमार्ग-सह-पर्यटन पुलिस स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इन पुलिस स्टेशनों को क्रियाशील करने के लिए कर्मचारियों की आवश्यक भर्ती भी की जाएगी, जिसका उद्देेश्य पर्यटकों की आवश्यकता को पूरा करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने निगम द्वारा क्रियान्वित की रही परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को मैकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से उनके निवास पर भेंट की तथा उनका आशीर्वाद लिया। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया, भांग की वैध खेती पर अध्ययन को गठित समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य देवेन खन्ना सहित समिति के अन्य पदाधिकारी उनके साथ रहे। राजस्व मंत्री ने दलाई लामा को अपने गृह क्षेत्र किन्नौर आने का आमंत्रण दिया। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने दलाई लामा से अपने विधानसभा क्षेत्र कुल्लू आने का आग्रह किया। दलाई लामा ने अपनी चिरपरिचित मुस्कुराहट के साथ दोनों आमंत्रण सहर्ष स्वीकार किए। बता दें, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदेश में भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर अध्ययन को गठित समिति सोमवार को धर्मशाला दौरे पर थी। इस दौरान धर्मशाला में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम से पहले सोमवार सुबह समिति अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों ने मैकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से भेंट की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है और इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी महिला सम्मान निधि योजना के तहत लाहौल-स्पिति में 840 महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत लगभग 7000 विधवाओं और एकल नारियों को 1.50 लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनाथ और विशेष रूप से विकलांग बच्चों, निराश्रित महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। इस योजना के अन्तर्गत सरकार ने 6000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया हेै। योजना के तहत अनाथ बच्चों की शिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक प्रशिक्षण व कौशल विकास का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने बताया कि अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत सड़क सुविधा, पेयजल, बिजली व अन्य विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप ठाकुर, महिला एवं बाल विकास विभाग की अतिरिक्त निदेशक एकता काप्टा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब जगत प्रकाश नड्डा वेस्ट बंगाल जाते हैं तो उनके काफिले पर पत्थर फेंके जाते हैं पर जब वह हिमाचल प्रदेश आए हैं तो उनके ऊपर इतनी पुष्प वर्षा हुई है इससे साफ दिखता है कि हिमाचल की जनता जगत प्रकाश नड्डा से कितना प्यार करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी झूठी गारटियों के दम पर सत्ता में आई है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने तो गोबर खरीदने का वादा भी हिमाचल प्रदेश की जनता से किया है पर हिमाचल प्रदेश की जनता को पता है कि गोबर का क्या करना है। उन्होंने कहा की हिमाचल में कांग्रेस की सरकार कुप्रबंधन की सरकार है, आज हिमाचल प्रदेश पर कितना कर है वह सबको पता है और अब तो 1000 करोड़ का ओवरड्राफ्ट भी हिमाचल प्रदेश में चल रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भले ही एक छोटा प्रदेश है पर बहुत महत्वपूर्ण है, हिमाचल प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर आते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को बहुत बड़ी सौगाते दी है जिसमें अटल टनल, एम्स आई आई टी, आई आई एम है। उन्होंने कहा कि इस कांग्रेस सरकार ने अपने 6 महीने के कार्यकाल में केवल संस्थाओं पर ताला लगाने का काम किया है, आज पूरे प्रदेश में माफिया राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और एक ऐसा भी समय आ सकता है जब कर्मचारियों को उनका वेतन भी नहीं मिलेगा।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हमीरपुर जिला पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं में अद्भुत दृश्य देखने को मिला। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल के साथ सर्किट हाउस हमीरपुर में भेंट की यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा भी की गई। नड्डा ने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा हमीरपुर में गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया है उसके लिए मैं अपनी और पार्टी और से आपका आभार व्यक्त करता हूं। हम सब लोग जो भारतीय जनता पार्टी में काम कर रहे हैं उनको खुद को बहुत खुशनसीब समझना चाहिए क्योंकि भाजपा अकेली पार्टी जिसने देश के साथ कभी कंप्रोमाइज नहीं किया।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में डिजिटल गवर्नेंस के सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री परिषद का गठन किया है। प्रदेश में डिजिटल परिवर्तन के लिए गठित यह पहली परिषद् रणनीतिक मार्गदर्शन व डिजिटल नीतियों और कार्यक्रमों की निगरानी प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक नवीन पहल है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईटी, उद्योग, डाटा प्रबंधन, दूरसंचार, वित्त, आईएसबी, आईआईटी आदि के विशेषज्ञ शामिल हैं। वैज्ञानिक, तार्किक और प्रौद्योगिक आधारित सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित यह परिषद् हर तीन माह में कम से कम एक बार या आवश्यकतानुसार बैठक करेगी। राज्य सरकार ने हिमाचल को देश का सूचना प्रौद्योगिकी हब बनाने की दिशा में यह निर्णय लिया है। सरकार राज्य में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के अलावा ई-ऑफिस और हिम परिवार को भी प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद की रणनीति राज्य को डिजिटल रूप में विकसित करना है। राज्य सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन के लिए दृष्टिकोण, मिशन, लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है। यह ओपन डेटा मानकों, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, ई-गवर्नेंस, उभरती हुई तकनीक, डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों से संबंधित डिजिटल गवर्नेंस के लिए नीतियों और दिशानिर्देशों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। परिषद् डिजिटल गवर्नेंस के मुद्दों पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की सुविधा भी देगा और डिजिटल कौशल, डिजिटल साक्षरता और डिजिटल उपकरणों और प्लेटफार्मों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए एक व्यापक कार्य योजना विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी। यह परिषद अनुसंधान और विकास तथा अनुकूल व्यावसायिक वातावरण के निर्माण और एक जीवंत स्टार्ट-अप संस्कृति विकसित करने और राज्य में आईटी और संबंधित निवेश को बढ़ावा देने के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद् में सदस्य दक्षता, प्रभावशीलता में सुधार और नागरिक जुड़ाव में सुधार के लिए सरकारी सेवाओं, संचालन और प्रक्रियाओं के डिजिटल परिवर्तन की देखरेख करेंगे। इसके अलावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने और राजस्व सृजन में इसकी भूमिका की पहचान करने और सुझाव देने के अलावा, परिषद सरकार को डिजिटल प्रौद्योगिकियों और दूरसंचार नीति से संबंधित मुद्दों जैसे बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, नवाचार, विनियमन पर सिफारिशें भी प्रदान करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री परिषद् डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकारी एजेंसियों, उद्योग संघों, शैक्षणिक संस्थानों आदि जैसे बाहरी हितधारकों के साथ संपर्क स्थापित करेगी। परिषद् में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, मुख्य सचिव और सचिव (आईटी) के अलावा विभिन्न पेशेवर और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
आगामी सेब सीजन के दृष्टिगत सड़कों के रखरखाव एवं अन्य कार्यों की समीक्षा के लिए आज यहां लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हिमाचल फल उत्पादक प्रदेश के रूप में विख्यात है और बागवानी विशेषतौर पर सेब उत्पादन से राज्य में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए की आर्थिकी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि सेब, नाशपाती तथा प्लम इत्यादि की फसल समय पर मण्डियों तथा वहां से आगे बाजार तक पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। इसी कड़ी में आज सेब सीजन के दृष्टिगत यह बैठक आयोजित की गई है। बैठक में सेब सीजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न तैयारियों तथा सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिमला जोन में पांच वृत्तों की 14 सड़कों की त्वरित मरम्मत एवं रखरखाव पर लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि व्यय की जाएगी, ताकि आढ़ती, लदानी, किसान एवं बागवानों को आगामी सेब सीजन में अपनी फसल की ढुलाई में किसी भी प्रकार की असुुविधा का सामना न करना पड़े। लोक निर्माण मंत्री ने पराला, रोहड़ू, भट्टाकुफर, सोलन और परवाणु स्थित एपीएमसी मार्किट यार्ड को जोड़ने वाली सड़कों के उचित रखरखाव के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराला मार्किट यार्ड की सड़क के लिए एपीएमसी के माध्यम से लगभग 3.48 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इसके अतिरिक्त डिपोजिट वर्क में भी एपीएमसी से राशि का मामला उठाया गया है ताकि छिटपुट मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण किए जा सकें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में भूस्खलन इत्यादि की स्थिति में सड़क यातायात बहाल रखने के लिए प्रत्येक मण्डल में मशीनों इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर की सम्पर्क सड़कों के रखरखाव के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सेब सीजन के लिए अभी लगभग एक माह का समय शेष है और इस अवधि में वे सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। सीजन के दौरान सड़कों के रखरखाव में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सेब सीजन शुरू होने से पूर्व जुलाई माह में वे एक बार पुनः इसकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन क्षेत्र में आने वाली सड़कों में ब्लैक स्पॉट, तीखे एवं संकरे मोड़ तथा दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों में समुचित चेतावनी चिन्ह् भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें पुलिस विभाग से भी समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। बैठक में सेब उत्पादन से जुड़े शिमला, कुल्लू और किन्नौर ज़िलों की प्रमुख सड़कों, पंचायत एवं ग्राम स्तर की सम्पर्क सड़कों, शिमला व ठियोग बाईपास को खुला रखने तथा छैला सड़क मार्ग विस्तारीकरण की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त ठियोग सहित विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण एवं उप-नियंत्रण कक्ष स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सुरेंद्र कुमार जगोता, विभाग के अधीक्षण एवं अधिशाषी अभियंता तथा बागवानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रख्यात जादूगर सम्राट शंकर ने आज राज भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को उनके द्वारा शिमला में विगत 5 जून से आयोजित किए जा रहे ‘फैमिली शो’ की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि वे अब तक लगभग 30 हजार मैजिक शो कर चुके हैं जिनमें से 24 हजार शो परोपकार कार्य के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से लगातार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्यपाल ने सम्राट शंकर की उत्कृष्ट कला और विशेष रूप से परोपकारी कार्यों में उनके योगदान की सराहना की। राज्यपाल ने सम्राट शंकर को हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज माता हाटू मंदिर नारकंडा में शीश नवाया और माता रानी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आज शिमला जिला के प्रसिद्ध माता रानी हाटू में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। माता रानी का यह मंदिर पर्यटन के साथ धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने माता रानी से प्रदेश के लोगों की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस अवसर पर विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, उपमंडल दण्डाधिकारी सुरेंद्र मोहन सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपनी दृढ़ इच्छा-शक्ति को प्रदर्शित करते हुए सभी विधायकों और अधिकारियों को आम जनता की श्रेणी में लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत हिमाचल भवन तथा हिमाचल सदन, दिल्ली और हिमाचल भवन, चंडीगढ़ में रहने पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के लिए किराये के कमरों की दर अब सभी के लिए एक समान 1200 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जो यह दर्शाता है कि यह सरकार सभी के प्रति समान दृष्टिकोण रखती है। इस निर्णय का हालांकि कुछ विधायक और अधिकारी विरोध कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनकी सलाह को नजरअंदाज करते हुए सभी के लिए एक समान 1200 रुपये किराया निर्धारित कर लागू भी कर दिया है। मुख्यमंत्री का तर्क है कि जब आम लोग 1200 रुपए किराया अदा कर सकते हैं तो विधायक व अधिकारी ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं। वर्तमान सरकार के इस निर्णय से सरकारी खजाने का बोझ भी कम होगा। प्रतिवर्ष प्रदेश सरकार लगभग 5 करोड़ रुपये ग्रांट-इन-एड के रूप में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को हिमाचल भवन तथा हिमाचल सदन दिल्ली, हिमाचल भवन चंडीगढ़ में ठहरने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के खर्च के रूप में देती थी। सरकार के इस निर्णय से राज्य सरकार के लगभग 5 करोड़ रुपए की बचत होगी, जिसे विकास के अन्य कार्यों पर व्यय किया जाएगा। वर्तमान राज्य सरकार का यह निर्णय ‘आम जनता की सरकार’ को परिभाषित करता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई मौकों पर कह चुके हैं कि हम सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री ने अनेक महत्वाकांक्षी निर्णय लेकर इस सोच को चिरतार्थ किया है। प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्रों में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक निर्णय लिए हैं, जिससे न केवल प्रदेश में विकास की गति में तेजी आई है बल्कि कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वय से आम जनता को लाभ पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला में आज बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल सत्र आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लेते हुए बाल सत्र की कार्यवाही देखी तथा इसमें भाग लेने वाले सभी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है और जब तक सफलता नहीं मिलती तब तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सवाल नए हिमाचल की नींव रखते हैं और उनके सवाल-जवाब देखकर इस बात का विश्वास और दृढ़ हुआ कि हिमाचल प्रदेश का भविष्य सुरक्षित है। 'बच्चों की सरकार कैसी हो' विषय पर आयोजित इस बाल सत्र में ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई और बच्चों ने शिक्षा के सुधार तथा लोगों की समस्याओं के बारे अनेक प्रश्न पूछे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बाल सत्र के दौरान स्कूलों में योगाभ्यास के लिए विशेष सत्र आयोजित करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि बाल सत्र के दौरान आए अन्य सुझावों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विशेष बच्चों पर भी ध्यान दे रही है और सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ दी स्टेटÓ के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली हिमाचल के तीन अनाथ बच्चों को एडमिशन देने के लिए तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल सत्र में भाग लेने वाले बच्चे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें लगभग 98 वर्ष पहले बने भवन में अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला है और यह भवन कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों का गवाह रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने छात्र जीवन के दौरान 17 वर्ष की आयु में कक्षा प्रतिनिधि (क्लास रिप्रजेंटेटिव) का चुनाव लड़ा और आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए राजनीति में काफी अवसर हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 16 जुलाई, 2023 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा-2023 का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अधिसूचित अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबधित प्रार्थी इसमें भाग ले सकते हैं। इसके लिए प्रार्थी की आयु 1 अप्रैल, 2023 तक 10 से 13 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रार्थी ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के दौरान किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से पांचवीं की परीक्षा उर्तीण की हो। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठी के लिए कुल 150 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनमें 75 छात्र और 75 छात्राएं चयनित होंगी। उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर के निचार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए 30-30 छात्र एवं छात्राएं, जिला चम्बा के भरमौर स्थित होली विद्यालय और पांगी स्थित किलाड़ विद्यालय के लिए 15-15 छात्र एवं छात्राएं, जिला लाहौल-स्पिति के कुकुमसेरी स्थित विद्यालय के लिए 15-15 छात्र एवं छात्राएं चयनित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रार्थी का प्रवेश, चयन प्रक्रिया की मैरिट के आधार पर कांउसलिंग के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक पात्र उम्मीदवार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला की वेबसाइट https://hpbose.org/Online Services/CET/Eklaya/Instructions.aspx पर 24 जून तक निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन-पत्र भर सकते हैं।
नूरपुर में भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ# राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल के सपूत है और इनका हिमाचल से बहुत गहरा नाता है। उन्होंने कहा आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का बहुत बड़ा योगदान है। बिंदल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हिमाचल प्रदेश को 3 दिन का समय देने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश की 2 बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे, यह हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा के हमारे सभी कार्यकर्ता अथक मेहनत कर रहे हैं और हम सभी संगठन के कार्य को धरातल तक ले जाएंगे इसके लिए हमारे सारे कार्यकर्ता अग्रिम भूमिका निभा रहे हैं। मोदी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर ,महा संपर्क अभियान के चलते 800000 परिवारों से संपर्क साधने का काम भाजपा करने जा रही है और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनावों में हमारे कार्यकर्ता अग्रिम भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र घर घर पहुंचाएंगे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने नूरपुर जिला भाजपा कार्यालय ‘दीपकमल’, गांव भालेटा, पोस्ट जसूर, तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा में दो जिला भाजपा कार्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन किया। पहला संगठनात्मक जिला नूरपुर का कार्यालय और दूसरा कार्यालय संगठनात्मक जिला पालमपुर का है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का जिला नूरपुर के भाजपा कार्यालय पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा में इस मौके पर दोनों जिला कार्यालयों की पट्टिकाओ का अनावरण किया और दोनों कार्यालय कार्यकर्ताओं को अर्पित किए। इस मौके पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सभी कार्यकर्ताओं को इन भव्य जिला कार्यालयों के निर्माण पर भी बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा जिला कांगड़ा के दिग्गज नेता रहे मौजूद।
कभी वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन को अब हिमाचल भाजपा ने कोर ग्रुप का सदस्य मनोनीत किया हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हर्ष महाजन भाजपाई हो गए थे। तब माना जा रहा था कि शायद चम्बा सदर सीट से भाजपा महाजन पर दांव खेल सकती है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब बदली सियासी फ़िज़ा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आदेश पर हर्ष महाजन को भाजपा कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया हैं। ज़ाहिर है इस नियुक्ति के बाद भाजपा में हर्ष का सियासी कद बढ़ा है, साथ ही राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज़ हो चुकी है कि लोकसभा चुनाव में काँगड़ा संसदीय सीट से पार्टी हर्ष महाजन पर दांव खेल सकती है। हर्ष महाजन, स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के विशेष सलाहकार और रणनीतिकार रह चुके है। महाजन वीरभद्र सरकार में पशुपालन मंत्री भी रहे और फिर 2012 से 2017 तक कांग्रेस शासन में राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन भी। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हर्ष महाजन को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया था। यानी कांग्रेस में रहते महाजन का सियासी कद लगातार बढ़ा ही है, लेकिन महाजन ने 2022 के चुनाव से ठीक पहले सबको चौंकाते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। महाजन के भाजपा में जाने से कयास लगाए जा रहे थे कि ये भाजपा का मास्टरस्ट्रोक हो सकता है, दरअसल महाजन का चम्बा में बेहतर होल्ड माना जाता है, जाहिर है भाजपा को महाजन से कुछ उम्मीद तो ज़रूर रही होगी। हालांकि नतीजे आने के बाद महाजन की चम्बा सदर सीट पर भी कांग्रेस का परचम लहराया। भाजपा को अब भी महाजन की सियासी कुव्वत का अहसास है, इसलिए हर्ष महाजन को अहम् पद दिया गया है। भाजपा की सत्ता से विदाई होने के बाद हर्ष महाजन भी कमोबेश दरकिनार से ही दिखे है, पर अब उन्हें भाजपा कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया हैं। यानी अब भाजपा के अहम निर्णय लेने में उनकी भूमिका भी अहम होने वाली है। लोकसभा चुनाव के लिहाज़ से भाजपा में कई बड़े बदलाव होने की चर्चा तेज़ है। प्रदेश में सत्ता गवाने के बाद भाजपा इस दफा कोई चूक नहीं करना चाहेगी। फिलवक्त प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्ज़ा है। काँगड़ा संसदीय सीट की बात करे तो यहाँ वर्तमान में किशन कपूर सांसद है, लेकिन विधानसभा चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन फीका रहा था। ऐसे में महाजन की नियुक्ति के बाद कयास लग रहे है कि क्या भाजपा इस दफा कांगड़ा संसदीय सीट पर चेहरा बदलने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है ? महाजन जिला चम्बा से आते है और जिला चंबा के चार निर्वाचन क्षेत्र काँगड़ा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आते है। ऐसे में उनकी दावेदारी ख़ारिज नहीं की जा सकती। बहरहाल कयासों का सिलिसला जारी है।
देश में कई मौके ऐसे आएं है जब सरकारों ने अपने पक्ष में माहौल देखकर समय से पहले चुनाव करवा दिए। क्या आगामी लोकसभा चुनाव भी अपने तय वक्त से पहले हो सकते हैं, ये सवाल इन दिनों सियासी गलियारों में खूब गूंज रहा है। दरअसल, इसी साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। क्या मोदी सरकार इन्हीं के साथ लोकसभा चुनाव करवाने पर विचार कर रही है? क्या सरकार का नौ साल की उपलब्धियों के प्रचार में ताकत झोंकना इसका संकेत है? ये अहम सवाल है। 'सेवा सुशासन और गरीब कल्याण' के नारे के साथ भाजपा आक्रामक तरीके से मैदान में उतर चुकी है, मानो चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। संभवतः सरकार और पार्टी के शीर्ष स्तर पर लोकसभा चुनावों को लेकर गंभीर मंथन हो रहा है। बीते 6 महीनो में हिमाचल प्रदेश और कर्णाटक में सत्ता से बेदखल हुई भाजपा निश्चित तौर पर आत्ममंथन जरूर कर रही होगी। हालांकि पूर्वोत्तर के नतीजों ने भाजपा को कुछ उत्साहित जरूर किया है। पर पार्टी को इस बात का भी इल्म है कि बीते कुछ समय में कांग्रेस पहले से ज्यादा नियोजित दिख रही है और एंटी इंकम्बैंसी को पूरी तरह खारिज करना भी गलत होगा। ये कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा कुछ असहज है। ऐसे में भाजपा के रणनीतिकारों को सोचने की जरुरत है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ कराने का विचार हो रहा है। इसके पीछे एक तर्क ये हो सकता हैं कि विपक्ष अपनी तैयारी अगले साल मार्च-अप्रैल के हिसाब से कर रहा है और उसे समय नहीं मिलेगा। एक तर्क ये भी हैं कि अगर विधानसभा चुनावों में भाजपा को अनुकूल नतीजे नहीं मिले तो कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा, बल्कि अगर दोनों चुनाव साथ हो जाते हैं, तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का लाभ राज्यों के चुनावों में भी होगा। मुद्दे भांप रही हैं भाजपा ! कांग्रेस और भाजपा, दोनों तरफ सियासी पैंतरेबाजी तेज हो चुकी है। अगला लोकसभा चुनाव अमीर बनाम गरीब, हिंदुत्व बनाम सामाजिक न्याय और बेतहाशा बढ़ी अमीरी के मुकाबले गरीबी रेखा के नीचे की आबादी में बढ़ोत्तरी जैसे मुद्दों के बीच देखने को मिल सकता हैं। जातीय जनगणना भी बड़ा मुद्दा बन सकती हैं। शायद भाजपा इसे समझ रही हैं और ऐसे में जल्द चुनाव से इंकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का फीडबैक भी कारण ! मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलने वाले फीड बैक भाजपा के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है। राजस्थान में जरूर पार्टी अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के झगड़े में लाभ तलश रही हैं लेकिन वसुंधरा राजे अगर नहीं साधी गई, तो मुश्किलें शायद भाजपा के लिए अधिक हो। उधर गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। इसी तरह बिहार, प. बंगाल और महाराष्ट्र में पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन को न दोहरा पाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
हिमाचल प्रदेश सरकार पन बिजली के ज़रिए हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी को बेहतर करने का हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार के पास पानी से बिजली और इस बिजली से पैसा बनाने को लेकर कई योजनाएं है, जिनपर इन दिनों गहन मंथन जारी है। ये सभी चर्चाएं तब और भी तेज़ हुई जब सीएम सुखविंदर सुक्खू हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के साथ किन्नौर का दौरा करने पहुंचे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ सीएम सुक्खू की मुलाकात कई मायनो में अहम मानी जा रही है। दरअसल हिमाचल बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाकर आमदनी बढ़ाना चाह रहा है। परन्तु हिमाचल के वाटर सैस को पंजाब और हरियाणा ने असंवैधानिक करार दिया है। हालांकि हिमाचल से पहले भाजपा शासित उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर भी वाटर सैस वसूल रहे है। इसके अलावा प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित पावर प्रोजेक्ट में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा पावर प्रोजेक्टों में मिलने वाली 12 फीसदी रायल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की भी मांग है। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री केंद्र से चर्चा कर इन समस्याओं का हल निकालेंगे और क़र्ज़ में डूबती प्रदेश की आर्थिकी को सहारा मिलेगा। इसी के साथ हिमाचल में शानन पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चाएं तेज़ है। हिमाचल सरकार लीज खत्म होने के बाद शानन प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेना चाहती है। लीज़ खत्म होने ही वाली है, मगर ठीक उससे पहले पंजाब को शानन प्रोजेक्ट की याद आ गई है। जोगिंद्रनगर स्थित शानन प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन को लेकर इसके कायाकल्प के लिए पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड ने 200 करोड़ का बजट जारी किया है। दिलचस्प बात ये है कि 2024 की लीज अवधि समाप्त होने से पहले परियोजना की 2026 की प्रस्तावित योजनाओं के लिए इस बजट को स्वीकृति मिली है। बता दें कि ब्रिटिश राज में मंडी के तत्कालीन राजा जोगिंदर सिंह ने शानन प्रोजेक्ट को 3 मार्च 1925 को 99 साल के लिए पंजाब को लीज पर दिया था। यह प्रोजेक्ट 110 मेगावाट हाईड्रो बिजली पैदा करता है, जो पंजाब को काफी सस्ती पड़ती है। हालाँकि पंजाब सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के रखरखाव पर सवाल उठते रहे है। अब जब लीज अवधि समाप्त होने के नजदीक है तो पंजाब को इसकी याद आ गई। मिली जानकारी के अनुसार 110 मेगावाट की विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए यह बजट जारी हुआ है। मौजूदा समय में एक घंटे में 110 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली इस पन विद्युत परियोजना में हर माह 2600 मेगावाट विद्युत उत्पादन से सालाना तीन से चार सौ करोड़ की आमदनी पंजाब सरकार को हो रही है। हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार पहले ही शानन पावर प्रोजेक्ट से पंजाब से वापस लेने का मन बना चुकी है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कर दिया है कि लीज अवधि समाप्त होने के इसका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। शानन पावर प्रोजेक्ट की लीज 2 मार्च 2024 को समाप्त हो रही है और इसके बाद हिमाचल सरकार इसे संभालेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एचपीएससीबी) द्वारा आज यहां आयोजित स्पार्क-2023 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैंक के नए चिन्ह् (लोगो) का अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा एकेडमी फॉर एग्रीकल्चर एंटरप्रिन्योरशिप डिवेलपमेंट फॉर ग्रोथ एंड एम्पावरमेंट (एग्री एज) और नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैंक का विजन डाक्यूमेंट भी जारी किया। उन्होंने बैंक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शाखा कार्यालयों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने भविष्य की चुनौतियों के लिए एचपीएससीबी द्वारा तैयार रहने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि बैंक डिजिटल तकनीकयुक्त होने चाहिए और उपभोक्ताओं को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बैंकिंग सुविधा प्रदान की जानी चााहिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली के विस्तार के लिए छह महीने के भीतर सुधारों को लागू किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सहकारी बैंकों को भूमि खरीदने के लिए प्राथमिकता के आधार पर हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 के तहत अनुमतियां दी जाएंगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार का पहला बजट व्यवस्था परिवर्तन का प्रतीक है, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक को इन पहलों के क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार निर्धन परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपए तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज की दर से उपलब्ध करवाने की योजना बना रही है ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। इसके साथ ही भविष्य में टैक्सी संचालकों को ई-टैक्सी चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। राज्य सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक इन योजनाओं के तहत ऋण प्रदान करें जिनकी संप्रभु गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की योजना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाएगी।
शिमला में आज एक कार्यक्रम में राज्य कोऑपरेटिव बैंक की ऑनलाइन सुविधा और वेबसाइट की लॉन्चिंग के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कॉपरेटिव बैंक राज्य का अपना बैंक है और सरकार हिमाचल के अपने बैंकों को सुदृढ़ करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि बैंक को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं में नोडल बैंक के रूप में राज्य सहकारी बैंक को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य का बैंक सुदृढ़ होगा तो प्रदेश की आर्थिकी को बल मिलेगा। सीएम ने कहा कि राज्य सहकारी बैंक हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन सुविधा से जोड़ दिया गया है, जिसके लिए आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में बैंक की वेबसाइट और नए लोगो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉपरेटिव बैंक राज्य का अपना बैंक है और इसे सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी उन्होंने कहा कि बैंक को और मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं में इसे नोडल बैंक बनाने की कोशिश की जाएगी, जिससे बैंक के साथ-साथ प्रदेश को भी आर्थिक मजबूती मिले मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी अन्य बैंकों को सरकार आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के प्रयास कर रही है।
प्रदेश के संसाधनों में हिमाचल के हक को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़े शब्दों में कहा है कि प्रदेश में चल रहे बड़े पावर प्रोजेक्ट में अब 12 फीसदी से अधिक की रॉयल्टी प्रदेश को मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां पर स्थापित होने वाले नए प्रोजेक्टों के लिए ऊर्जा नीति में उचित प्रावधान किया जाएगा, ताकि प्रदेश के संसाधनों का दोहन कर चलने वाले ऐसे प्रोजेक्ट में हिमाचल को उचित हक मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है और हिमाचल के संसाधनों का दोहन कर चलने वाले ऐसे बड़े प्रोजेक्टों में हिमाचल को उसका उचित हक मिलना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से चलाई जा रही औद्योगिक नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश को अपने संसाधनों में उचित हक नहीं मिल पाया है, जिसके लिए अब पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि नई औद्योगिक नीति में उचित प्रावधान किए जाएंगे और इन्वेस्टर मीट के दौरान साइन किए गए सभी एमओयू को भी फिर से खंगाला जाएगा।
राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में दो रोबोटिक कैथलैब स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को विस्तृत प्रस्ताव देने को कहा गया है। रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत कर राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में यह पहला कदम है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन संस्थानों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्राप्त हुई है, जिसकी विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है। इस उद्देेश्य के लिए सैद्धांतिक रूप से 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और राज्य सरकार इसके लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा प्रक्रियाओं के संचालन में रोबोटिक कैथलैब क्रांति ला सकती है। रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग सर्जरी के दौरान सटीकता, बेहतर दृष्टि और अधिक नियंत्रण प्रदान कर सकता है। इससे सर्जरी के दौरान जटिलताओं में कमी आएगी और रोगी शीघ्र स्वस्थ होंगे। उन्होंने कहा कि कैथलैब एक विशेष चिकित्सा सुविधा है, जो मुख्य रूप से कार्डियोलॉजी (हृदय रोग विज्ञान) के क्षेत्र में मिनिमली इन्वेसिव सर्जरी के लिए इमेजिंग तकनीक का उपयोग करती है। कैथलैब में रोबोटिक तकनीक को शामिल कर सर्जरी के दौरान सटीकता और दक्षता में काफी वृद्धि की जा सकती है, जो रोगियों, चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों के लिए फायदेमंद होगी। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार आधुनिक चिकित्सा तकनीक में निवेश करने की योजना बना रही है, जो दो उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। प्रथम उद्देश्य के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नवीनतम चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। दूसरे उद्देश्य के अंतर्गत राज्य में चिकित्सा उपचार के इच्छुक आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए राजस्व भी उत्पन्न करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के जिला अध्यक्षों से आगामी लोकसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कसने को कहा हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तरह लोकसभा की चारों सीटों पर कांग्रेस को अपनी जीत का परचम लहराना है और अपनी जीत का क्रम जारी रखना है। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी के जिला अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लिए आगामी लोकसभा चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा चुनावों का एक बड़ा संदेश देशभर में गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा हैं। यही बजह है कि कांग्रेस ने कर्नाटक में शानदार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इस साल के अंत व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस अपनी जीत का परचम लहराती हुई केंद्र में मजबूती से अपनी सरकार बनाएगी। प्रतिभा सिंह ने संगठन की मजबूती के लिए जिला व ब्लॉक अध्यक्षों की सराहना करते हुए कहा कि उन सभी की एकता से आज प्रदेश में कांग्रेस की मजबूत सरकार बनी हैं। उन्होंने इसके लिये प्रदेश के लोगों व पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बूथ कमेटियों को फिर से सक्रिय करने के साथ साथ जहां भी इसके पुनर्गठन की आवश्यकता हो जल्द कर दी जानी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने केंद्रीय आलाकमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिका अर्जुन खड़गे,पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी ,प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में कांग्रेस मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।
रविवार सुबह 11.30 बजे राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कल्ला की पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। पठानिया ने दोनों को टोपी व मफलर भेंट कर उनका अतिथ्य सत्कार किया। कल्ला राजस्थान के वरिष्ठ नेता हैं तथा पूर्व में राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। पठानिया ने उन्हें कल होने वाले बाल सत्र के बारे भी अवगत करवाया तथा उन्हें बाल सत्र देखने के लिए भी आमंत्रित किया। इस बाल सत्र के लिए बीडी कल्ला के पोते श्री राघव कल्ला का भी चयन हुआ है। चर्चा के दौरान कल्ला ने कहा कि राजस्थान के बाद हिमाचल प्रदेश दूसरा राज्य है जहां बाल सत्र का आयोजन किया जा रहा है तथा उन्होंने कुलदीप सिंह पठानिया की इस पहल का स्वागत किया तथा उन्हें बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज ओक ओवर में शिमला व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल विधायक हरीश जनारथा की अध्यक्षता में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश होर्डिंग और प्रोफिटियरिंग प्रिवेंशन आदेश 1977, एचपी कमोडिटी प्राइस मार्किंग और डिस्प्ले आर्डर 1977 तथा एचपी ट्रेड आर्टिकल (लाइसेंसिंग और कंट्रोल) आदेश 1981 को हटाने की मांग की। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यापार मंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरजीत कुमार, महासचिव नितिन सोहल, कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, प्रदीप कुमार भुज्जा, नरेश कंधारी, राकेश पुरी, अजय सरना तथा तरुण राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बाहरा यूनिवर्सिटी वाकनाघाट के स्कूल ऑफ लॉ विभाग ने मॉडल सेंट्रल जेल कंडा का दौरा किया। उन्होंने शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए बीएएलएलबी 5वें वर्ष और एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर के छात्र एमसीजे, कांडा का दौरा करने गए। इसका उद्देश्य जेल के कैदियों के मानवाधिकारों चलाए जा रहे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों के बारे उन्हें सिखाया जाने वाला कौशल,कैदियों को प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण, दी जाने वाली सुविधाएं आदि के बारे में ज्ञान को बढ़ाना था।
स्वच्छता के लिए सीवरेज प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण है। पेयजल सुविधा को सदैव प्राथमिकता दी जाती है लेकिन विकास में सीवरेज प्रणाली की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। दूषित पानी को पुन: उपयोग में लाने के लिए उसका ठीक से एकत्रण तथा उपचार आवश्यक है। ऐसा न करने की स्थिति में गंभीर जल प्रदूषण की समस्या की संभावना होती है। जल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है और इसका कुशलता से उपयोग किया जाना चाहिए। वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य के पांच कस्बों में पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में सुधार करने का निर्णय लिया है, जिनमें मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन और करसोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में उपरोक्त कस्बों में बेहतर सीवरेज सुविधाओं को विकसित करने तथा मनाली और पालमपुर में पेयजल आपूर्ति में सुधार के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा फ्रांसीसी विकास एजेंसी, एजेंसे फ्रैंकेइस डी डेवलपमेंट (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एएफडी द्वारा 612 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे जबकि राज्य सरकार 204.85 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। परियोजना के तहत लाभार्थियों को इन पांच कस्बों में सीवरेज के कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ डिजाइन किया जाएगा, जिससे कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए अपशिष्ट का पुन: उपयोग किया जा सके। परियोजना का उद्देेश्य जल स्रोतों की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार करना, जल जनित रोगों को कम करना, स्थानीय नियमों और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सुविधाओं का प्रबंधन करना और पेयजल व स्वच्छता क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता लाना है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आज राजभवन में थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी व शॉल के साथ स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल को थल सेनाध्यक्ष ने सेना से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी। शिव प्रताप शुक्ल और जनरल मनोज पांडे ने क्षेत्र की सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रेक) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जान्हवी विधानसभा बाल सत्र की मुख्य मंत्री चुनी गई हैं। आज शिमला में विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उन्होंने सदन की कार्यवाही को समझा, वहीं बाल सत्र में शामिल होने वाले बाल विधायक भी इस मौके पर विधानसभा भवन पहुंचे। अगले दो दिन बच्चे शिमला में रहेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित किया जा रहा है। बच्चों की राजनीतिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये इस सत्र का आयोजन होगा।
हिमाचल में अब बिक्रेता एक दिन में 20,000 रुपये के बजाय दो लाख रुपये तक के स्टांप पेपर बेच सकेंगे। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से स्टांप विक्रेताओं की आय में इजाफा भी होगा। हालांकि प्रदेश में ई-स्टांप प्रणाली को वर्ष 2011 में शुरू किया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने आगामी वित्त वर्ष से हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह से ई-स्टांप प्रणाली से बिक्री करने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार के बजट सत्र में इसका एलान किया था। शुक्रवार को इस बारे अधिसूचना जारी की गई है।


















































