मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग में सुधार पर बल देते हुए कहा कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त निधि तथा पुलिस बल के सुचारू व प्रभावी कार्यान्वयन के लिए स्टाफ में वृद्धि की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी सार्थक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर से वर्चुअल माध्यम से सोलन में पुलिस विभाग के आवासीय भवन का उद्घाटन करने के उपरांत पुलिस विभाग द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘एक्सपीरियंस दी वॉटर्स आफ हिमाचल’ भी जारी की। प्रदेश में इस वर्ष जिला ऊना के अंदरोली में आयोजित 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा प्रतियोगिता की झलकियां इसमें प्रस्तुत की गई हैं। इसके अतिरिक्त इसमें प्रदेश के मनमोहक जलाशयों को भी प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य में जल क्रीड़ा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल तथा मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर कुल्लू से वर्चुअली इसमें शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और पुलिस विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक हरीश जनारथा और विनोद सुल्तानपुरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) सतवंत अटवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अभिषेक त्रिवेदी तथा पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य स्तरीय गोष्ठी (फोरम) के दूसरे चरण के दौरान प्रदेश में 7828 करोड़ रुपए की 26 लंबित परियोजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पर्यटन, जल विद्युत तथा औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परियोजना का स्वयं जायजा लिया तथा इनके विलंब के कारणों की जानकारी प्राप्त की। गत बुधवार को मुख्यमंत्री ने इस गोष्ठी के प्रथम चरण में 8468 करोड़ रुपए की 29 लम्बित परियोनाओं के लिए निवेशकों से चर्चा की थी। प्रदेश में अटकी पड़ी 16297 करोड़ रुपए की कुल 55 परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योग स्थापित करने में विलम्ब पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रही है तथा परियोजनाओं की स्थापना में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार निवेश नीति में संशोधन कर रही है। उन्होंने निवेशकों को बेझिझक अपनी समस्याएं प्रदेश सरकार के साथ साझा करने का आग्रह किया तथा इनके समाधान का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश को नई दिशा देने पर विशेष बल दे रही है जिसमें जल विद्युत, पर्यटन तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र भी शामिल हैं। कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है तथा कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश करेगी। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार तथा सभी ज़िला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकार प्रदेश में चिकित्सा उपचार के इच्छुक आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य से बाहर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रदेश के युवाओं के लिए राज्य में ही रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने तथा राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित करने के लिए भूमि चिन्ह्ति की गई है। प्रदेश की आर्थिकी में जल विद्युत क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए जल उपकर अधिनियम पारित किया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माताओं की सुविधा के लिए खुली जल विद्युत नीति लाने पर कार्य किया जा रहा है। सरकार जल विद्युत परियोजनाओं को आर्थिक रूप से सफल बनाने तथा उनके निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए हरसम्भव सहयोग प्रदान करेगी। इसके उपरांत ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों के साथ पारस्परिक चर्चा की तथा उनकी परियोजना को शीघ्र स्थापित करने के लिए उनके विचार सुने। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेश से न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे बल्कि प्रदेश को राजस्व भी प्राप्त होगा। उन्होंने संभावित उद्यमियों की बैठकें आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह अनूठा कदम परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और प्रदेश में राजस्व वृद्धि के लिए पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, निदेशक उद्योग यूनुस, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क किरण बड़ाना, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और सम्भावित निवेशक भी शामिल हुए।
हिमाचल प्रदेश में सेब का उत्पादन किसानों-बागवानों की आय और प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य स्रोत है। प्रदेश सरकार राज्य में आगामी सेब सीजन के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण करने की दिशा में कार्य कर रही है। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां पराला सब्जी मंडी तथा सीए स्टोर एवं सब्जी मण्डी शिलारू के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जगत सिंह नेगी ने बैठक के दौरान संबद्ध विभागों के अधिकारियों को समय पर सभी प्रबंध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पराला से छैला सड़क को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पराला में आधुनिक फल प्रसंस्करण संयंत्र तथा प्रदेश में विभिन्न सब्जी मण्डियों के निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के महाप्रबंधक हितेश आजाद तथा जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड और हिमऊर्जा के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि उन्होंने प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह के समक्ष ऊर्जा क्षेत्र से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय मंत्री ने इन सभी मुद्दों को समयबद्ध हल करने के प्रति आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से शानन जल विद्युत परियोजना को हिमाचल प्रदेश को हस्तातंरित करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया पूर्ण करने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को शानन परियोजना के स्वामित्व से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया। केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत करवाया गया कि शानन परियोजना के स्वामित्व का अधिकार पंजाब सरकार के पास नहीं है क्योंकि यह परियोजना केवल पट्टे पर पंजाब को दी गई थी और पट्टे की यह अवधि मार्च, 2024 में पूरी हो रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों के दृष्टिगत उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश में 25 मेगावॉट क्षमता से कम की पन विद्युत परियोजनाओं को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत इनके ढांचागत विकास के लिए एक योजना बनाने का भी आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने परियोजना निर्माताओं के हितों के दृष्टिगत इस बारे में शीघ्र ही एक योजना आरम्भ करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ निःशुल्क विद्युत बिक्री से सम्बंधित विभिन्न मामलों पर भी चर्चा की गई जिस पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सौर विद्युत के अनुरूप हिमाचल प्रदेश को हरित हाईड्रोजन के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने का आग्रह किया ताकि हरित हाईड्रोजन उत्पादन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सके। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रही है। वर्ष 2023-24 के लिए प्रदेश में 500 मैगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पहाड़ों की रानी शिमला को यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार रोप-वे परियोजना पर कार्य कर रही है। इसके माध्यम से पर्यावरण मित्र, साफ-सुथरा एवं हरित परिवहन सेवाओं पर कार्य करके शहर की पर्यटन क्षमता को भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा। पहाड़ी इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में एक कुशल परिवहन नेटवर्क विकसित करना एक बड़ी चुनौती है। परिवहन के पारंपरिक साधनों जैसे सड़क, रेल और वायु मार्ग का उपयोग करके ऐसे क्षेत्रों में सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क स्थापित करने के लिए कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि प्रदेश में परिवहन के सुरक्षित, अभिनव और किफायती तरीकों के उपयोग के माध्यम से ऐसे स्थानों को वाहनों की भीड़-भाड़ से मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला रोपवे परियोजना का विस्तार 14.13 किलोमीटर का होगा और यह शहर के विभिन्न स्थानों पर 15 स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल परियोजना लागत लगभग 1546.40 करोड़ रुपये है। यह शहरी रोपवे परियोजना दुनिया में अपनी तरह की दूसरी और भारत में पहली होगी और इससे शिमला शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धर्मशाला और मनाली शहर में इसी तरह की शहरी रोप-वे परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बना रही है। शिमला शहर के लिए यह परियोजना रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरटीडीसी) के माध्यम से संचालित की जाएगी और निगम ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की तैयारी में पर्याप्त प्रगति की है, जिसके 30 जून 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, भू-तकनीकी जांच और ईएसआईए की अध्ययन प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री का कहना है कि रज्जू मार्ग (रोप-वे) परिवहन के एक सुविधाजनक, सुरक्षित और पसंदीदा साधन के रूप में उभरा है, जो हिमाचल जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में तीव्र सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ शहरों को भीड़भाड़ से भी राहत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और हरित परिवहन साधन होने के अलावा यह हरित और स्वच्छ हिमाचल के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करने में मदद करेगा। शिमला की जनसंख्या लगभग 3.08 लाख है और यहां वार्षिक लगभग 40 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। शहर के दोनों तरफ बसावट के साथ संकरी सड़कें हैं, जो पर्यटन सीजन के दौरान शिमला पहुंचने वाले हजारों पर्यटक वाहनों के साथ और भी जटिल हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को यातायात जाम से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। रोप-वे परियोजना शिमला के प्रवेश बिंदु पर यहां आने वाले पर्यटकों को अपने वाहनों को पार्क करने के उपरांत शिमला की मनोहारी पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के शांत वातावरण का आनंद लेने के लिए दूरगामी सिद्ध होगा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू सरकार अपनी गारंटियां पूरी न कर पाने का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ रही है। जिला कांगड़ा दौरे पर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं 1500 रुपये का इंतजार कर रही हैं। पहली कैबिनेट में यह करेंगे, वो करेंगे, कहने वाली सरकार के छह माह का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही जा रही है, वो चरण न जाने कब आएगा। इस अवसर पर विधायक पवन काजल, सांसद किशन कपूर, पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण नाग सहित अन्य मौजूद रहे। शुक्रवार को सर्किट हाउस धर्मशाला में प्रेसवार्ता में डा. बिंदल ने कहा कि सरकार कांग्रेस की है तो जवाबदेही भी बनती है। ऐसा लगता है कि गारंटियों की जिम्मेवारी से सरकार भाग रही है। प्रदेश में सरकार की गारंटियों से दीवारें रंगी हुई हैं और गारंटियों के वीडियो लोगों के मोबाइल में कैद हैं। सत्ता पक्ष द्वारा केंद्र की ओर से प्रदेश के फंड रोकने के सवाल पर डा. बिंदल ने कहा कि शायद सरकार भूल रही है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का तीसरा व चौथा चरण जो बंद हो चुका था, उसे प्रदेश के लिए पीएम मोदी ने पुन: शुरू किया है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में पेयजल योजनाओं के कार्य भी केंद्र के सहयोग से चल रहे हैं। जनता को सड़कों, बिजली, पानी की सुविधा देने और गारंटियां पूरी न कर पाने पर अब सरकार इसका ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ रही है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल मात्र हिमाचल प्रदेश में शराब को बढ़ावा दे रही है। इसका एक नहीं कई उदाहरण जनता के समक्ष आए हैं, पहले जिस प्रकार से ठेकों की नीलामी हुई, उससे शराब की तादात हिमाचल प्रदेश में बढ़ गई और उसके उपरांत अब शराब बार रेस्टोरेंट में रात को 1 बजे तक बेच पाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने बोला था कि हिमाचल में युवाओं को 5 लाख नौकरियां देंगे और प्रत्येक वर्ष 1 साल नौकरी देंगे चलो नौकरियां तो अब गोल होती दिखाई दे रही है । पर अब तो वह युवाओं को शराब पीने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं, अगर रात 1 बजे तक बार रेस्टोरेंट शराब बेचेंगे और इसकी अनुमति सरकार देगी तो उसके बाद किस प्रकार का वातावरण पूरे हिमाचल प्रदेश में होगा उसका आप अनुमान लगा सकते है। युवा शराब के नशे में डूबा मिलेगा, महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करेगी, क्राइम बड़ेगा और देर रात सड़को पर लड़ाइयां बढ़ती दिखाई देगी। उन्होंने कहा की वर्तमान कांग्रेस की सरकार जनविरोधी है और इस प्रकार के निर्णय जनहित में कतई नहीं हो सकते हैं। आज से पहले भी कई प्रकार के प्रतिनिधिमंडल इस मांग को लेकर भाजपा सरकार के पास आए थे पर भाजपा सरकार ने कभी भी इस को प्रोत्साहन नहीं दिय। हम तो आज भी कहते हैं कि जिस बार और रेस्टोरेंट में शराब बिकिनी है वह रात 10 बजे बंद हो जाने चाहिए उसके उपरांत व खुले नहीं रहनी चाहिए।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरकेसिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार सायं सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस 17वीं आईटीबीपी बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला किन्नौर के रिकांगपिओ में बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सेना और आईटीबीपी के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री को उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तुति दी। उपायुक्त, किन्नौर, तोरुल एस. रवीश ने जिला किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सरकार द्वारा चलाए जा रहे वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने दोनों जिलों में विभिन्न अवसरों और चुनौतियों से भी अवगत भी करवाया। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, सेना और आईटीबीपी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने 450 मेगावाट की शांगटांग कड़छम हाइड्रो विद्युत परियोजना में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इसके पश्चात, स्थानीय ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने कल्पा विश्राम गृह में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मंडी की सांसद और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने डेढ़ साल के कार्यकाल में सांसद निधि से पांच करोड़ 31 लाख 65 हजार की राशि स्वीकृत की है। खास बात यह है कि नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में भी 35 लाख 30 हजार रुपए के विकास कार्य सांसद निधि से पूरे किए गए हैं, जबकि सबसे अधिक धनराशि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में खर्च हुई है। रामपुर में प्रतिभा सिंह ने 56 लाख 50 हजार रुपए अलग-अलग विकासात्मक गतिविधियों को पूरा करने के लिए सांसद निधि से दिए हैं। मंडी के सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो मनाली को 43.20 लाख, आनी को 35 लाख, लाहुल-स्पीति को 35.70 लाख, भरमौर को 39.50 लाख, जोगिंदरनगर को 27 लाख, कुल्लू को 42 लाख, किन्नौर को 16.95 लाख, मंडी सदर को 32.50 लाख, सरकाघाट को 15 लाख, द्रंग को 35 लाख, सराज को 35.30 लाख, बल्ह को 35 लाख, सुंदरनगर को 12 लाख, नाचन को 31.50 लाख, करसोग 38.85 लाख, बंजार को 12.15 लाख और रामपुर को 56.50 लाख रुपए की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। प्रतिभा सिंह ने हाल ही में लाहुल-स्पीति में 10 बड़ी योजनाओं को 22 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। यह धनराशि सांसद निधि से जारी की गई है। प्रतिभा सिंह के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि सांसद प्रतिभा सिंह ने इस संदर्भ में मंडी संसदीय क्षेत्र के उपायुक्त, जो इस संसदीय क्षेत्र के नोडल अधिकारी भी हैं, को इस राशि का स्वीकृति पत्र भेज दिया है। इन विकास योजनाओं के तहत केलांग खंड के तोजिंग ग्राम पंचायत में सिंचाई योजना, खंगसर टिनान में साइफन सिंचाई योजना, कारिंग गांव की सिंचाई योजना को तीन-तीन लाख स्वीकृत किए हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र निर्माण को लेकर शुक्रवार प्रातः 11 बजे प्रारंभिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक उप मुख्यमंत्री के कार्यालय में होगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में कैबिनेट उप समिति का गठन किया गया है। बैठक में कृषि मंत्री चंद्र कुमार और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी इसके सदस्य हैं।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज किन्नौर जिला के छितकुल गांव में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और जन शिकायतें सुनीं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम उत्तरी सीमा में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और शहरों के समान सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत किन्नौर जिला के छितकुल, पूह, नाको, लियो और चांगो गांवों को विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने छितकुल से मण्डी के लिए बस सेवा आरम्भ करने की घोषणा भी की। वहीं आरके सिंह ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम (सीपीएसयू) छितकुल गांव को गोद लेगा और इसके विकास के लिए राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि छितकुल में एक मेगावाट का विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा तथा क्षेत्र के छोटे नालों पर सूक्ष्म जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने की सम्भावनाओं की तलाश की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए छितकुल में सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत की अपनी विशिष्ट पहचान है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हरसम्भव प्रयास किए जा रहे हैं।
देश के सबसे लंबे और सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित दर्रों से गुजरने वाली हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की रोमांचकारी दिल्ली-लेह बस सेवा आज से शुरु हो गई है। ये रूट बारालाचा दर्रा (4850 मी.), तांगलंग दर्रा (5328 मी.) व नाकी दर्रा (4769 मी.) से होकर मनोहारी स्थानों सरचू, पांग आदि से गुजरता है, जिसकी कुल लम्बाई 1026 किलोमीटर है तथा कुल किराया 1736 रुपए होगा। इस रूट पर तीन चालक और दो परिचालक सेवाएं देंगे। बस दोपहर बाद 3.45 बजे दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 10.30 पर केलांग पहुंचेगी। रात्रि ठहराव केलांग में रहेगा। सुबह 5.30 बजे बस केलांग से लेह के लिए रवाना होगी तथा अगले दिन प्रातः 4 बजे बस लेह पहुंचेगी। बस का सफर 30 घंटे में पूरा होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सामाजिक सरोकार को अधिमान देते हुए राज्य के कर्मचारियों और पैरा कर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। राज्य के विकास में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देते हुए सरकार ने सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से कर्मठ कर्मचारियों को सेवानिवृति के बाद भी सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी। राज्य के विकास में पैरा कर्मियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार ने उन्हें वह सम्मान देने का निर्णय लिया जिसके वे हकदार हैं। प्रदेश सरकार ने दैनिक भोगियों की दिहाड़ी को 350 रुपए से बढ़ाकर 375 रुपए किया है, इससे उन्हें अब प्रतिमाह 750 रुपए का लाभ मिल रहा है। कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण और निःस्वार्थ भाव को देखते हुए सरकार ने उनके मानदेय को 9000 रुपये से बढ़ाकर 9500 रुपये प्रति माह किया है। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को भी 6100 रुपये से बढ़ाकर 6600 रुपये किया है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4700 रुपये से बढ़ाकर 5200 रुपये किया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं की मानवीय सेवा सेे राज्य सरकार भलीभांति परिचित है। राज्य सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं केे मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की। अब आशा कार्यकर्ताओं को 5200 रुपये का मासिक मानदेय मिल रहा है। सिलाई शिक्षक, नए प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार ने उनके मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। राज्य सरकार ने उनके मानदेय को 3500 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये प्रति माह कर किया है। नैनिहालों को पोषणयुक्त भोजन परोसने वाले मिड-डे मील कार्यकर्ताओं का अब सरकार ने भलीभांति ख्याल रखते हुए उनके मानदेय को 3500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रतिमाह किया है। शिक्षा विभाग में कार्यरत जल रक्षकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि भी की गई है। अब जल रक्षकों को 3900 रुपए के बजाए 4400 रुपए प्रति माह मिल रहे हैं। यह निर्णय उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। राज्य सरकार पैरा श्रमिकों की विभिन्न श्रेणियों को सम्मानजनक पारिश्रमिक प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जलरक्षकों, बहुउद्देश्यीय कर्मियों, पैरा फिटरों और पंप संचालकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गयी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने पंचायत चौकीदारों, राजस्व चौकीदारों, एसएमसी शिक्षकों और लम्बरदारों के मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि की है। आउटसोर्स कर्मचारियों के योगदान को देखते हुए सरकार ने उनके लिए न्यूनतम वेतन प्रति माह 11,250 रुपये निश्चित किया है। हाल ही में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में सरकार ने अंशकालीन पंचायत चौकीदारों के मासिक मानदेय को 6200 रुपए से बढ़ाकर 6700 रुपए करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 01 अप्रैल, 2023 से लागू होगा। इस निर्णय ने राज्य के 3226 अंशकालिक पंचायत चौकीदारों लाभान्वित होंगे। प्रदेश के विकास में कर्मचारियों और पैरा वर्करज़ को सहभागी बनाते हुए राज्य सरकार उनके कल्याण और उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया है। इस संबंध में परविहन विभाग की ओर से वीरवार को अधिसूचना जारी की गई है। निदेशक मंडल में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा, प्रधान सचिव परिवहन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, प्रधान सचिव वित्त, केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव, प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक और निदेशक परिवहन शामिल होंगे। इसके अलावा गैर सरकारी सदस्य के तौर पर रणजीत राणा, रामगोपाल शर्मा, मोहिन्द्र संधु, धर्मेंद्र धामी, प्रताप सूर्या, विवेक सिंह राणा, निशांत ठाकुर, सुरजीत कुमार भरमौरी, मनमोहन कटोच, चतर सिंह ठाकुर निदेशक मंडल में शामिल किए गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार ने राज्य परिवहन प्राधिकरण का भी गठन किया है। प्रधान सचिव परिवहन इसके चेयरमेन होंगे। निदेशक परिवहन इसके सदस्य एवं सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण इसके सदस्य सचिव होंगे।प्राधिकरण में गैर सरकारी सदस्यों को भी नामित किया है। इसमें अशोक ठाकुर, अंजना धीमान, बलदेव ठाकुर और सुनील दत्त शर्मा को शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि परिवहन विभाग प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर परिवहन सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा गठित पथ परिवहन निगम का निदेशक मंडल और राज्य परिवहन प्राधिकरण जन कल्याणकारी नीतियां एवं योजनाएं बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस साल ग्रीन बजट पेश किया है। इसके तहत सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार द्वारा 20 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी गई हैं और ये बसें शिमला पहुंच चुकी हैं। इन बसों को एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाएंगे। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारी के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारियों की विभिन्न देनदारी के तहत 4.5 करोड़ रुपए की राशि आज जारी की गई है। इसके तहत दिसम्बर 2022 का 2.85 करोड़ राशि का ओवर टाइम भत्ता और रात्रि भत्ता शामिल है। इसी तरह जनवरी 2023 का रात्रि भत्ता भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2023 के रात्रि भत्ते और ओवर टाइम भत्ते के तहत 2.50 करोड़ रुपए की राशि सरकार द्वारा पहले ही जारी कर दी गई है। इसके अलावा फरवरी 2019 का 2.8 करोड़ रुपए का रात्रि भत्ता और ओवर टाइम भत्ता भी कर्मचारियों को प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के जनवरी 2023 तक सेवानिवृत कर्मचारियों के पीपीओ नंबर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पेंशनरों की सितम्बर 2022 तक लीव-इन-कैशमेंट और ग्रेच्युटी से संबंधित सारी देनदारी पथ परिवहन निगम द्वारा जारी कर दी गई है। देश के सबसे लंबे रूच पर बस सेवा शुरू देश के सबसे लंबे और सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित दर्रों से गुजरने वाली हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की रोमांचकारी दिल्ली-लेह बस सेवा आज से शुरु हो गई है। ये रूट बारालाचा दर्रा (4850 मी.), तांगलंग दर्रा (5328 मी.) व नाकी दर्रा (4769 मी.) से होकर मनोहारी स्थानों सरचू, पांग आदि से गुजरता है, जिसकी कुल लम्बाई 1026 किलोमीटर है तथा कुल किराया 1736 रुपए रहेगा। इस रूट पर तीन चालक और दो परिचालक सेवाएं देंगे। बस दोपहर बाद 3.45 बजे दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 10.30 पर केलांग पहुंचेगी। रात्रि ठहराव केलांग में रहेगा। सुबह 5.30 बजे बस केलांग से लेह के लिए रवाना होगी तथा अगले दिन प्रात 4 बजे बस लेह पहुंचेगी। बस का सफर 30 घंटे में पूरा होगा।
एसएफआई का तीन दिवसीय हिंदीभाषी राज्यों का अखिल भारतीय वैचारिक प्रशिक्षण शिविर कुल्लू में शुरू हो चुका है। इस शिविर के दूसरे दिन की पहली कक्षा एसएफआई के भूतपूर्व राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा द्वारा एसएफआई के कार्यक्रम व संविधान विषय पर ली गई, जिसमें पूरे देश भर से आए प्रतिनिधियों को यह समझाया गया कि एसएफआई का इस देश और इस दुनिया में क्या इतिहास रहा है तथा क्या इसकी विरासत रही है। इसके पश्चात दूसरी कक्षा एसएफआई के भूतपूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विक्रम सिंह द्वारा आरएसएस के हमले और सामाजिक न्याय विषय पर ली गई, जिसमें मौजूदा समय में आरएसएस द्वारा जिस तरह देश में लगातार सांप्रदायिकता को फैलाने का काम किया जा रहा है। लगातार उनके द्वारा इस देश में जातीय ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और किस तरह से सामाजिक न्याय को तार तार करते हुए लोगों को न्याय से भी वंचित किया जा रहा है। एसएफआई किस तरह आने वाले समय में इसको लेकर पूरे देश भर में छात्रों के मुद्दों के साथ सामाजिक न्याय की निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। इस शिविर में 15 राज्यों से लगभग 320 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि केंद्र सरकार के 9 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे। एक बार फिर केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एमएसपी बढ़ाकर एक नया कीर्तिमान बनाया। केंद्र सरकार द्वारा धान में 143, मूंग में 803, अरहर में 400, उड़द में 350, मूंगफली में 527 रूपये तथा मक्का में 128 रूपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2014 के बाद गरीब को उसका सही हक दिया केंद्र भाई मोदी सरकार ने दिया। 9 वर्षों में 3.50 करोड़ गरीबों को पक्का मकान देना, 12 करोड़ गरीबों के घरों में नल से जल पहुंचाना, 80 करोड़ गरीबों को ढाई साल तक लगातार मुफ्त राशन उपलब्ध करवाना, 11 करोड़ किसानों को 6000 रुपये प्रतिवर्ष किसान-सम्मान निधि देना, 220 करोड़ देशवासियों को भारत में बनाई गई मुफ्त वैक्सीन लगा देना, 10 करोड़ परिवारों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध करवाते हुए 5 लाख रू साल का निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवाना, 48 करोड़ गरीबों के जनधन के खाते खुलवाकर कोविड के दौरान 21 करोड़ बहनों के खाते में सहयोग राशि भिजवाना सही मायनो में गरीब कल्याण की भावना से मोदी सरकार द्वारा किया गया कार्य है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह का शिमला स्थित जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर स्वागत किया। §ुâ इस अवसर पर विधायक चंद्रशेखर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा भी उपस्थित थे।
Five girls from Roots Country School have made their mark in the National Rugby Championship held in Pune on the 5th and 6th of June. Under the expert guidance of Himachal coach Anil Kumar Jista and the support of the Vice President of Himachal Pradesh, these young athletes showcased their skills and determination, bringing glory to their schools and state. The Roots Country School Girls' rugby team, consisting of Nikita, Arushi Thakur, Aarohi, Anushka Rajta, and Anjali, delivered an exceptional performance in the championship, displaying their passion and commitment to the sport. Despite fierce competition, these girls demonstrated their prowess and teamwork, leaving spectators in awe. Coach Anil Kumar Jista said I am extremely proud of these girls. They have worked tirelessly, practicing day in and day out, honing their skills, and striving for excellence. Their hard work and dedication have paid off, and they have brought recognition to our school and the state of Himachal Pradesh.
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर स्थित शानन प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन को लेकर इसके कायाकल्प के लिए 200 करोड़ का बजट पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड ने जारी किया है। 2024 की लीज अवधि समाप्त होने से पहले परियोजना की 2026 की प्रस्तावित योजनाओं के लिए इस बजट को स्वीकृति मिली है। परियोजना प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पावर हाउस के संपूर्ण जीर्णोद्धार के साथ आधुनिक मशीनरी भी स्थापित होगी। इससे विद्युत उत्पादन बढ़ेगा और पंजाब राज्य की आमदनी भी बढ़ेगी। बुधवार को 110 मेगावाट शानन प्रोजेक्ट के रेजीडेंट इंजीनियर सतीश कुमार ने बताया कि पावर हाउस के स्विचयार्ड और ट्रांसफार्मर के नवीनीकरण के लिए भी करोड़ों का बजट खर्च किया गया है। 2024 से 2026 की प्रस्तावित योेजनाओं के लिए दो सौ करोड़ के बजट खर्च करने की स्वीकृति परियोजना के उच्चाधिकारियों से मिली है।
बीआरओ ने दर्रा को बहाल करने के लिए मनाली और लाहौल कोकसर की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। बुधवार को बीआरओ की सफलता मिल गई है। ऐसे में पर्यटकों को जल्द रोहतांग दर्रा के दीदार करने का अवसर मिलेगा। करीब सात माह बाद 13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा बहाल हो गया है। बुधवार शाम को दर्रा में दोनों छोर आपस में जुड़ गए हैं। बीआरओ ने दर्रा को बहाल करने के लिए मनाली और लाहौल कोकसर की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। बुधवार को बीआरओ की सफलता मिल गई है। ऐसे में पर्यटकों को जल्द रोहतांग दर्रा के दीदार करने का अवसर मिलेगा। अब दोनों छोर मिलाने के बाद बीआरओ तंग सड़क को चौड़ा करने में का काम करेगा। इस ओर बीआरओ के जवानों ने 10 से 12 फीट ऊंची बर्फ के दीवारों को हटाया। सीमा सड़क संगठन 94 के सहायक अभियंता (सिविल) बीडी धीमान की अगुवाई में चल रहे रोहतांग बहाली का कार्य अंजाम तक पहुंचा दिया है।
हिमाचल में निवेशकों को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री रैंक RS बाली ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ सरकार के वरिष्ठ मंत्री हर्षवर्धन चौहान समेत सीपीएस और मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना मौजूद रहे। आपको बता दें कि सुक्खू सरकार ने निवेशकों को लुभाने के लिए एक अलग तरह की रणनीति तैयार की है। ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में लटके पड़े प्रॉजेक्ट्स को शुरू करने को लेकर निवेशकों के साथ बैठक की। साथ ही प्रोजेक्ट शुरू ना करने के पीछे के कारणों को भी जाना। इन मामलों में ज्यादातर मामले जमीन ना होने, धारा 118 की अनुमति ना मिलने, बिजली व पानी से संबंधित मामले हैं। जिसको लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र निपटारा करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को हिमाचल में खुलकर निवेश करने का आग्रह किया है। साथ ही निवेशकों की सुविधा के लिए आने वाले समय में नई पॉलिसी लाने की बात भी कही है, ताकि हिमाचल प्रदेश में निवेशकों के अनुकूल माहौल बन सके।
भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा एवं सह मीडिया प्रभारी करण नंदा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की कुप्रबंधन वाली सरकार चल रही है इस कुप्रबंधन से हिमाचल पीछे की ओर बढ़ता चला जा रहा है। स्पष्ट शब्दों में हम कहना चाहेंगे कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र की ओर से किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी गई है, बस केवल मात्र कांग्रेस के नेता केंद्र में भाजपा सरकार को कोसने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान भाजपा सरकार ने अनगिनत कार्य किए है और आज जितने भी शिलान्यास कांग्रेस के कार्यकर्ता और उनके नेतागण द्वारा किए जा रहे है वह सारे कार्य भाजपा सरकार के दौरान किए गए हैं। कांग्रेस पार्टी के नेताओं को केवल मात्र दोषारोपण की राजनीति आती है और अगर सकारात्मक एवं विकासात्मक राजनीति करने के लिए बात करो तो उनके मंत्रियों और नेताओं के पास किसी भी प्रकार का जवाब नहीं होता। केंद्र सरकार ने जिला ऊना में हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इथेनॉल संयंत्र स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है यह। यह प्लांट 500 करोड़ की लागत से 30 एकड़ भूमि में स्थापित किया जाएगा। इथेनॉल उत्पादन के लिए चावल, गन्ना और मक्का का इस्तेमाल प्रमुखता से किया जाएगा। इस संयंत्र की स्थापित होने से क्षेत्र के लगभग 300 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। जीएसटी के रूप में प्रदेश को सालाना मिलेगा 25 करोड़ तक का राजस्व मिलेगा।
विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतार कर दो लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने के लिए आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में पहली बार आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निवेशकों के साथ व्यक्तिगत रूप से संवाद की एक नई व महत्वाकांक्षी पहल की। पहले लक्ष्य के तहत उन्होंने 8468 करोड़ रुपये की 29 परियोजनाओं की समीक्षा की। दूसरे लक्ष्य के तहत इन परियोजनाओं के माध्यम से 12584 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के इस अभिनव दृष्टिकोण की उन कंपनियों और सम्भावित निवेशकों ने सराहना की, जिन्होंने राज्य में निवेश के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से उनकी परियोजनाएं अभी भी लम्बित हैं। मुख्यमंत्री ने निवेश परियोजनाओं को समयबद्ध कार्यान्वित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे प्रदेश को राजस्व के साथ-साथ उद्योगों को भी लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर क्रेंदित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जन सेवाओं में सुधार के लिए हर विभाग में नवोन्मेषी उपाय किए हैं। नए निवेश को आकर्षित करने और मौजूदा निवेशकों और भविष्य के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वालों को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जायेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्यमियों से विचार-विमर्श के दौरान 15 औद्योगिक परियोजनाओं के प्रतिनिधियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के प्रयास किए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उद्योगपतियों की शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करें ताकि वे बिना किसी आशंका के राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें। उन्होंने निवेशकों को समय-सीमा के भीतर अपनी परियोजनाओं को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि राज्य को इसका लाभ प्राप्त हो सके। एस.एम.पी.पी. कम्पनी के प्रतिनिधि आशीष कंसल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की इस सकारात्मक पहल के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी और निवेशक राज्य में जल्द से जल्द अपनी इकाइयां स्थापित करने में सक्षम होंगे। उन्होंने हिमाचल में एक और परियोजना शुरू करने की कंपनी की योजना का भी विवरण दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार उद्यम स्थापित करने के लिए निवेशकों को पूर्ण सहयोग और सुविधाएं प्रदान कर रही है। सन फार्मा के डॉ. ए.एच. खान ने कहा कि कम्पनी भारत के कई राज्यों में अपने उद्यमों का संचालन कर रही है। उन्होंने निवेशकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अपने लम्बे व्यावसायिक कार्यकाल के दौरान ऐसा अनुभव कभी भी प्राप्त नहीं हुआ। मुख्यमंत्री के इस अनूठे प्रयास से निश्चित रूप से निवेशक हिमाचल में निवेश के लिए प्रेरित होंगे।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ की वन-टू-वन बैठक प्रदेश में जयराम सरकार के समय इन्वेस्टर मीट में करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के एमओयू साइन हुए थे, लेकिन मौजूदा उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का कहना है कि इनमें से धरातल पर सिर्फ 27 हजार करोड़ का निवेश उतरा है। यानी अधिकांश निवेशकों ने रूचि तो दिखाई लेकिन निवेश नहीं किया। अब राज्य के ख़राब आर्थिक हालात के बीच मौजूदा सरकार ने इन निवेशकों को साधने की पहल की है। विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए खुद सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में पहली बार आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निवेशकों के साथ व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। इस मीटिंग के जरिए सीएम सुक्खू ने दो लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने के लिए निवेशकों के साथ चर्चा की। पहला लक्ष्य 8468 करोड़ रुपये की 29 परियोजनाओं की समीक्षा करना था। दूसरे लक्ष्य के तहत इन परियोजनाओं के माध्यम से 12584 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना। मुख्यमंत्री के इस अभिनव दृष्टिकोण की उन कंपनियों और सम्भावित निवेशकों ने सराहना की, जिन्होंने राज्य में निवेश के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से उनकी परियोजनाएं अभी भी लम्बित हैं। निवेशकों को प्रदान की जाएगी हर सम्भव सहायता :सीएम इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इससे प्रदेश को राजस्व में और साथ ही उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर क्रेंदित है। प्रदेश सरकार ने जन सेवाओं में सुधार के लिए हर विभाग में नए-नए उपाय किए हैं। नए निवेश को आकर्षित करने और मौजूदा निवेशकों और भविष्य के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वालों को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जायेंगे। उद्योगपतियों की शिकायतों का समय पर हो निवारण :सीएम सीएम सुक्खू ने 15 औद्योगिक परियोजनाओं के प्रतिनिधियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उद्योगपतियों की शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करें ताकि वे बिना किसी आशंका के राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें। उन्होंने निवेशकों को समय-सीमा के भीतर अपनी परियोजनाओं को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि राज्य को इसका लाभ प्राप्त हो सके। इस प्रयास से समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी और निवेशक राज्य में जल्द से जल्द अपनी इकाइयां स्थापित करने में सक्षम होंगे। हिमाचल में एक और परियोजना शुरू करने की कंपनी की योजना रहेगी। वर्तमान राज्य सरकार उद्यम स्थापित करने के लिए निवेशकों को पूर्ण सहयोग और सुविधाएं प्रदान कर रही है। -आशीष कंसल, एस.एम.पी.पी. कम्पनी प्रतिनिधि कम्पनी भारत के कई राज्यों में अपने उद्यमों का संचालन कर रही है। निवेशकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल की सराहनीय है। अपने लम्बे व्यावसायिक कार्यकाल के दौरान ऐसा अनुभव कभी भी प्राप्त नहीं हुआ। मुख्यमंत्री के इस अनूठे प्रयास से निश्चित रूप से निवेशक हिमाचल में निवेश के लिए प्रेरित होंगे। -डॉ. ए.एच. खान,सन फार्मा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश सरकार से बिलासपुर में बने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के समीप जनजातीय क्षेत्र के लोगों को आवास सुविधा के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की है, जिससे यहां कोई सरायं भवन बन सके। उन्होंने कहा है कि लाहौल-स्पीति के लोगों ने उनसे यहां जनजातीय भवन बनाने की मांग की है, जिससे एम्स में स्वास्थ्य लाभ लेने को आने वाले दूरदराज विशेषकर जनजातीय क्षेत्र के लोगों को एम्स के नजदीक ही कोई समुचित रहने की जगह उपलब्ध हो सकें। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि बिलासपुर में बने एम्स के नजदीक रोगियों या उनके तीमारदार की सुविधा के लिए भी यहां सरकारी स्तर पर आवास सुविधा उपलब्ध करवाने की बहुत जरूरत हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि लोगों ने बिलासपुर एम्स में अपने चेकअप के लिए आने वाले लोगों के लिये यहां आवास सुविधा की मांग रखी हैं, इसलिए जनहित में प्रदेश सरकार यहां सरायं भवन का निर्माण करवाए। प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जनजातीय क्षेत्र के भूमिहीनों के लिये, नौतोड़ उपलब्ध करवाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से शीघ्र ही इस लक्ष्य को पूरा करने को कहा है जिससे इस क्षेत्र के भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध हो सके। उन्होंने सरकार से इन लोगों से बिजली के बिलों की अनिवार्यता को भी निरस्त करने को कहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में जिला सोलन के उद्योग और पर्यटन क्षेत्रों के हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कागजी कार्यवाही में होने वाले अनावश्यक विलम्ब को दूर कर निवेश के वास्तविक क्रियान्वयन को प्राथमिकता प्रदान करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजस्व में वृद्धि के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए राज्य में पर्याप्त निवेश आकर्षित करना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और निवेशकों को सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक समर्पित ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट प्रोमोशन स्थापित करने की योजना बनाई है। यह ब्यूरो निवेशकों को एक तय समय सीमा के भीतर एक ही मंच पर ही सभी आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगा। यह ब्यूरो अनावश्यक विलम्ब के कारण राज्य के साथ-साथ निवेशकों को होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाएगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार लम्बित हुई निवेश परियोजनाओं में तेजी लाने और नए निवेश आकर्षित करने की दिशा में सक्रियता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने पर विशेष बल दे रही है। सरकार सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए देश की पहली ‘ग्रीन हाइड्रोजन नीति’ लाएगी और प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए छः ‘ग्रीन कॉरिडोर’ विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण प्रदान कर सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि निवेशकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध होने के कारण हिमाचल निवेशक हितैषी गंतव्य है। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत करने पर भी ध्यान क्रेंदित कर रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन और राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए बुनियादी अधोसंरचना विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को अपनाने पर बल दिया। औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार, नए हेलीपोर्ट के निर्माण, सड़क और रेल कनेक्टिविटी में सुधार को प्राथमिकता दे रही है। यह पहल राज्य में मौजूदा औद्योगिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को हर मौसम में पसंदीदा पर्यटन गंतव्य और कांगड़ा जिला को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने निवेशकों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि निवेशकों के लिए उपयुक्त भूमि के चयन की प्रक्रिया में सरलीकरण करते हुए राज्य सरकार जल्द ही लैंड बैंक स्थापित करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और आज हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि लंबित निवेश परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग मंत्री ने उद्योग जगत से सम्बंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले दिन से व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नजीम ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और राज्य सरकार द्वारा उद्यमियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के बारे में विस्तार से बताया। बैठक के दौरान 29 परियोजनाओं की समीक्षा की गई और मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए। निवेशकों ने राज्य सरकार द्वारा निवेशकों के मुद्दों पर चर्चा करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उद्योगों के सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
शिमला के ऊपरी क्षेत्र कोटखाई के रत्नाडी में यंग क्लब रत्नाडी क्रिकेट का महाकुंभ आयोजित कर रहा है। प्रतियोगिता में 64 टीमें हिस्सा ले रही हैं। यह प्रतियोगिता पंचयात स्तरीय होगी। आयोजकों ने बताया कि रत्नाडी प्रीमियर लीग के 8वें संस्करण की थीम " गो ग्रीन गो क्लीन " है। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा और पूरी प्रतियोगिता में गेंदबाज जिनती भी डॉट बॉल डालेंगे, यंग क्लब रत्नाडी उनका रिकॉर्ड रखकर उतनी ही संख्या में पौधे रोपेगा। उन्होंने बताया कि 6 जून को पोस्टर लॉन्च के साथ ही इच्छुक टीमों से खेल प्रतियोगिता के लिए आवेदन भी मांगे गए हैं। आवेदन के लिए 6 से 11 जून तक का समय रहेगा। खेल प्रतियोगिता में हिस्सा बनने के लिए प्रत्येक टीम को एंट्री फीस के रूप में 3500 रुपये चुकाने होंगे। इसको कोई भी टीम ऑनलाइन व ऑफलाइन के माध्यम से चुका सकते है। इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 1 लाख 11 हजार 111 रुपये और द्वितीय पुरस्कार 55 हजार 555 रुपये रहेगा। मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ दी सीरीज इत्यादि कई और इनाम भी दिए जाएंगे। यंग क्लब के पदाधिकारियों ने बताया की जिस तरह युवा पीढ़ी नशे में डूब रही है, उसके लिए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए और युवा को खेलों के प्रति प्रस्थान करने के लिए (RPL ) रत्नाडी प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के अंत में बैठक मे उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और विशेष रूप से पूर्व में यंग क्लब रत्नाडी के पदाधिकारियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
नशे के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने जानाकारी देते हुए कहा कि ऊपरी शिमला के उपमंडल में देर रात छैल्ला क्षेत्र में जब पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग व चेकिंग की जा रही तो ठियोग से एक संदिग्ध टैंपो संख्या एचपी 63सी 4262 छैल्ला से कोटखाई की ओर जा रहा था। भुई, पीपी छैला के पास वाहन को रोकने के बाद तलाशी ली गई तो उसमें से 180 पेटी देसी संतरा ब्रांड की शराब बरामद की गई। वाहन चालक की पहचान विशाल पुत्र लेफ्टिनेंट देविंदर चौहान निवासी ग्राम कुमटू, पीओ रावला क्यार, तेह कोटखाई, जिला शिमला के रूप में हुई है। थाना ठियोग में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और वाहन को कानून के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ज़िला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग शहरी के अध्यक्ष वीर सिंह वीरू ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन अमित नंदा की अनुशंसा पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग शिमला शहरी की कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें अविनाश कुमार, भूपेंद्र जीत कश्यप, गुरप्रीत सिंह, शीतल, विजय कुमार, परमजीत कौर, जसपाल सिंह, वरुण भाटिया व राजीव कुमार को वाईस चैयरमैन बनाया गया है। वहीँ, महासचिव चमन प्रकाश (संगठन) गोपी, नीरज वेगडा, हरीश कश्यप, नरेंद्र, पूर्ण पवार, रोहित कश्यप, सनी कुमार ,कविता, ईशान सलहोत्रा हरविंदर सिंह व किरण दत्त को महासचिव बनाया गया है। सचिव कश्मीर सिंह, सतपाल, अनिल कुमार, बिट्टू घारू, कविता, हिना, पूजा ,नाजिया, रेखा व विजय कुमार को सचिव बनाया गया है। सुख लाल भारद्वाज को कोषाध्यक्ष बनाया गया है जबकि ज्योति को सोशल मीडिया का संयोजक बनाया गया है। कार्यकारणी सदस्य में बालेश धीमान, महेश धीमान, दक्ष, रजत नाहर, सुरेंद्र ,ननकू, मनु सिंह ,राज कुमार, रवि कुमार, सुनील ,अमित कुमार, अक्षय कुमार ,परीक्षित चौहान, हीरा सिंह ,राज कश्यप, गौरव ,आशु, मनोज, शुभम ,चमन सिंह , सिंघारा सिंह, मनोहर गिल ,सुनील, शिवा, मुनीश, रामू, अजीज, धनलाल, फुल कुमारी और गीता को बनाया गया है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप और राज्यसभा सांसद डॉ सिकंदर कुमार ने एक संयुक्त बयान में कहा की कांग्रेस के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री एवं मंत्री केंद्र में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करते हैं, उनको गुलदस्ते देते हैं और दंडवत प्रणाम करते हैं । साथ ही हिमाचल से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की डीपीआर केंद्रीय मंत्रियों को सौंपते हैं, जिनके ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से काम करती है और हिमाचल प्रदेश को उन सभी कामों के लिए पैसा प्रदान करती है। पर यह कैसी विडंबना है कि जब कांग्रेस पार्टी के समस्त नेतागण हिमाचल आते हैं तो केवल मात्र केंद्र सरकार को कोसने का काम करते हैं। यही कांग्रेस नेता केंद्र की सरकार और मंत्रियों के साथ दोषारोपण की राजनीति करते हैं। आज से 6 दिन पहले जब मुख्यमंत्री केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले और उनको हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों के बारे में अवगत करवाया। अगर पिछले कुछ दिनों की बात करें तो मुख्यमंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह से भी मिले। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जब भी दिल्ली जाते हैं तो अनेकों मंत्रियों से मिलते हैं, इसमें कुछ समय पहले वह केंद्र मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मिले थे और उनको भी योजनाओं से अवगत करवाया था और उनके लिए बजट भी मांगा था। अपने क्षेत्र की एक योजना के लिए 340 करोड़ उपमुख्यमंत्री द्वारा मांगे गए थे। ऐसे अनेकों उदाहरण है कि कौन-कौन, कब-कब और किस-किस केंद्र मंत्री से मिला। आज तक जो पैसा केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को दिया उसके लिए वर्तमान हिमाचल सरकार ने कभी भी केंद्र सरकार का धन्यवाद नहीं किया, केवल मात्र केंद्र सरकार को लेकर दोषारोपण की राजनीति की। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में सड़कों का जंजाल खड़ा हुआ है और हाल ही में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए 37.76 करोड़ की वित्तीय प्रोत्साहन अनुदान राशि जारी सारी की है। उन्होंने कहा कि हम वर्तमान कांग्रेस सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि जो 10 गरंतियां कांग्रेस सरकार ने दी थी वह कहां गई, आज भी हिमाचल प्रदेश का बेरोजगार युवा अपनी नौकरियों का इंतजार कर रहा है। आपने कहा था कि हिमाचल प्रदेश के 5 लाख युवाओं को नौकरी देंगे, सालाना 1 लाख युवाओं को नौकरी देंगे ,कहां है यह नौकरियां ? कांग्रेस सरकार ने कहा था कि 22 लाख बहनों को 1500 प्रति माह देंगे, पर कहां है यह 1500 रुपए? जिन महिलाओं की यह लोग बात कर रहे हैं कि हम 1500 दे रहे हैं। उनको हिमाचल सरकार ने जयराम ठाकुर के शासनकाल में ही 1350 रुपए देने शुरू कर दिए थे, आपने तो केवल मात्र 150 रुपये बढ़ाने का काम ही किया है। अगर चंद शब्दों में कहा जाए तो कांग्रेस पार्टी ने केवल मात्र हिमाचल की जनता को गुमराह करने का काम किया है। हम हिमाचल की जनता की तरफ से कांग्रेस पार्टियों के नेताओं को पूछना चाहते हैं कि आप अपनी 10 गरंतियो को कब पूरा करने जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सतत प्रयासों के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने ज़िला ऊना में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा इथेनॉल संयंत्र स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह प्लांट 500 करोड़ रुपये की लागत से 30 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। इथेनॉल उत्पादन के लिए चावल, गन्ना और मक्का का इस्तेमाल प्रमुखता से किया जाता है। इसलिए यह योजना क्षेत्र के किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगी। इस संयंत्र के लिए कच्चा माल जिला कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना से खरीदा जाएगा। इसके अलावा यह संयंत्र कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों के स्थानीय लोगों और किसानों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा। इस संयंत्र के स्थापित होने से क्षेत्र के लगभग 300 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। यह परियोजना राज्य में तीव्र गति से विकास सुनिश्चित करेगी और प्रदेश को जीएसटी के रूप में सरकारी खजाने के लिए 20 से 25 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व अर्जित होगा। राज्य सरकार ने परियोजना में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी (इक्विटी) निवेश करने पर सहमति व्यक्त की है। सरकार संयंत्र की स्थापना के लिए कम्पनी को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि संयंत्र के निर्माण में आ रही सभी बाधाओं का शीघ्र निवारण किया जाए। भंजल से सम्पर्क सड़क के लिए 10 दिनों के भीतर भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू करने को कहा गया है। इथेनॉल एक पारदर्शी और रंगहीन तरल है। इसे इथाइल अल्कोहल, ग्रेन अल्कोहल के रूप में भी जाना जाता है। यह स्टार्च या चीनी-आधारित फीड स्टाक मक्की के दाने, गन्ना, फसल के अनुपयोगी पदार्थों जैसे सेल्यूलोसिक फीड स्टाक से उत्पादित किया जाता है। अनाज के कच्चे माल से उत्पन्न होने वाले इथेनॉल को पेट्रोल और डीजल में मिलाया जाता है। यह वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा जिससे राज्य में पर्यावरण संरक्षण को मदद भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं शिमला में संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और समिति के अन्य सदस्यों से भेंट की। समिति के अध्यक्ष और सदस्य अध्ययन दौरे के लिए शिमला आए हैं। मुख्यमंत्री ने हिमाचल आगमन पर समिति के सदस्यों का स्वागत किया तथा राज्य के विभिन्न विकासात्मक विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। अधीर रंजन चौधरी की धर्मपत्नी अतिशा चौधरी, ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर और लोक लेखा समिति के सदस्य जगदम्बिका पाल, के. लक्ष्मण, घनश्याम तिवारी, राम कृपाल यादव और राहुल रमेश शेवाले, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में ई-वाहन के उपयोग को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है तथा वह स्वयं शिमला में ई-वाहन का प्रयोग कर रहे हैं। वह आज यहां संत निरंकारी मिशन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन विभाग पूर्ण रूप से ई-वाहनों का उपयोग कर रहा है। प्रदेश सरकार ई-बसों, ई-ट्रकों तथा ई-टैक्सियों को खरीदने पर 50 प्रतिशत उपदान प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की 20 हजार मेधावी छात्राओं को ई-स्कूटी खरीदने के लिए 25 हजार रुपये का उपदान भी दिया जाएगा। राज्य में ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने प्रथम बजट में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे से निपटने के अलावा प्रदूषण से सम्बंधित पहलुओं पर भी विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौर, पवन तथा हरित ऊर्जा के दोहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं। संत निरंकारी मिशन द्वारा मानवता के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि समाजिक कल्याण के क्षेत्र में मिशन ने अग्रणी भूमिका निभाई है। विभिन्न सामाजिक दायित्वों को निभाने के साथ-साथ संस्था के सदस्यों ने कोविड महामारी के दौरान लोगों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, संत निरंकारी मिशन के सदस्य जोगिन्द्र सुखिजा, एच.एस. चावला, डॉ. विनोद गंधर्व और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमों ने आज बाहरी राज्यों से प्रदेश में लाई जा रही शराब जब्त की। राजस्व जिला बी.बी.एन. बददी, की आबकारी टीम ने आज एक पिकअप वाहन से अग्रेजी व बीयर की कुल 26 पेटियां जब्त की जोकि हरियाणा में बिक्री के लिए थी। आबकारी टीम द्वारा जब पूछताछ की तो पाया गया कि यह शराब मैसर्ज ट्राईसिटी वाइन ट्रेडर्ज, हरियाणा से सम्बन्धित थी। आरोपियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 के तहत पुलिस थाना बरोटीवाला में प्राथमिकी दर्ज की गई तथा वाहन को शराब सहित पुलिस को सौंप दिया गया है। राजस्व जिला बद्दी में अन्य कार्रवाई के दौरान विभिन्न स्थानों पर शराब की 88 देशी व अग्रेजी शराब की बोतलें भी जब्त की गई है। मंडी जिला में भी टीम द्वारा की गई कार्रवाई में 25 बोतलें अग्रेजी व देशी शराब की जब्त की गई। आबकारी आयुक्त यूनुस ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ इस अभियान में लगभग 30 टीमें विभिन्न जिलों में लगाई गई हैं। इन्ही टीमों द्वारा पिछले कुछ दिनों में कार्यवाही करते हुये लगभग 44 हजार लीटर अवैध शराब जब्त की और आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी आबकारी विभाग इसी तरह की कार्रवाई जारी रखेगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश की जलवायु में सुधार के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है जिसकी पूर्ति के लिए हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस संबंध में ऑयल इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीएसपीसीबी) द्वारा आयोजित ‘पर्यावरण-विचार हैकथॉन’ की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पहले से ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध है और अब इसके उपयुक्त विकल्प तलाशने के लिए काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए पिछले पांच महीनों में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, एचआरटीसी की डीजल बसों को ई-बसों में बदलने, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली स्थापित करने और स्वास्थ्य सुविधाओं में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य सरकार ने 6000 अनाथ बच्चों को ‘राज्य के बच्चों’ के रूप में गोद लिया है और ऐसे बच्चों को उच्च शिक्षा और अन्य खर्चों के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार विकास पथ पर बढ़ने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने शासन के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। वहीं आज इस मौके पर यानि 5 जून को नगर परिषद नगरोटा बगवां द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया है। नगर परिषद द्वारा इस मौके पर शहर के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता रैली आयोजित की गई तथा शहर के स्थानीय निवासियों को आसपास के क्षेत्र को साफ रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। RS बाली ने यह भी कहा हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा व खूबसूरत सरकारी हॉटल नगरोटा विधानसभा में बनाया जाएगा। 70 करोड़ रूपए की लागत से इस सरकारी हॉटल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिमला माल रोड की तरह नगरोटा बगवां के बाजार को बनाया जाएगा। इसको बनाने के लिए 35 करोड़ का खर्च आएगा और यह प्रदेश का सबसे खूबसूरत टाउन बन जाएगा। बता दें कि इस आयोजन को नगरोटा बगवां के पुराने बस स्टैंड पर आयोजित किया गया। इस दौरान वहां पर नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक व प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रैंक रघुबीर सिंह बाली ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कैबिनेट मंत्री रैंक रघुबीर सिंह बाली ने कहा कि 200 बेड का “मदर एंड चाइल्ड” अस्पताल का नाम स्वर्गीय विकास पुरूष जीएस बाली के नाम पर रखने के लिए सुक्खू सरकार के इस फैसले से मैं कृतज्ञ महसूस कर रहा हूं. सरकार के इस निर्णय की सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने सराहना की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर ओक ओवर, शिमला से एक पर्यावरण जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, संजौली और शिमला पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिमला नगर निगम के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। रैली में साइकिल सवार भी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश मेें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वाकांक्षी प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है। राज्य में युवाओं की पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यावरण के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रीन बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन दिशा में विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। विधायक हरीश जनारथा, केवल सिंह पठानिया, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक ललित जैन और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार सायं शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव के समापन समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्रीष्मोत्सव की स्मारिका का विमोचन भी किया। अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के अध्यक्ष एवं ज़िला उपायुक्त आदित्य नेगी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह, हिमाचली टोपी और शाल भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने माल रोड का भ्रमण भी किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक हरीश जनारथा, केवल सिंह पठानिया, हंस राज, विनोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार नरेश चौहान, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजकीय उच्च विद्यालय लदवाड़ा की इको क्लब इकाई के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर आज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्याध्यापक अजय कुमार न की। कार्यक्रम अधिकारी रंजना पठानिया ने बताया कि कार्यक्रम में बच्चों के द्वारा पोस्टर और स्लोगन भी बनाए गए। स्कूल के मैदान के चारों और सफाई करने के उपरांत पौधारोपण भी किया और पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ का संदेश देकर आम जनमानस को जागरूक करने का प्रयत्न किया। इस कार्यक्रम में मुख्याध्यापक अजय आचार्य एवं रंजना पठानिया ने अपने अपने विचार रखे l बाद दोपहर पर्यावरण दिवस पर भाषण प्रतियोगिता व इंटर हाउस क्विज भी करवाया गया। इस कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान सरीना देवी, नगमा, अनुपमा, सुनीलम और राजेश मौजूद रहे l
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन मालिक अब मौके पर ही चालान का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए हिमाचल ट्रैफिक पुलिस को एटीएम कार्ड स्वाइप एवं क्यूआर कोड सुविधा युक्त प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश पुलिस और एसबीआई के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। इसके तहत एसबीआई हिमाचल पुलिस को एक हजार पीओएस मशीन देगा। हिमाचल ट्रैफिक पुलिस अब डिजिटल मोड से भी जुर्माना वसूल रही है। ऑनलाइन चालान का भुगतान होने से वाहन मालिकों को पेनल्टी भी नहीं लगेगी। पहले चरण में विभाग को 349 पीओएस मशीनें आवंटित भी कर दी हैं। पुलिस विभाग धीरे-धीरे चालान बुक हटाकर पीओएस मशीनें का उपयोग करेगा। पीओएस मशीनों से चालान काटने के बाद मौके पर ही वाहन मालिकों को रसीद भी दे दी जाएगी। पर्यटन, यातायात और रेलवे एएसपी नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि डिजिटल से सभी जुर्माने का रिकॉर्ड रखने में विभाग को मदद मिलेगी। ट्रैफिक पुलिस ने प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के जरिये चालान का भुगतान करना शुरु कर दिया है। इसके तहत ट्रैफिक पुलिस को मशीनों का उपयोग करने और जल्दी चालान काटने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा 4 जून को पंछी हमारे मित्र व एक परिवार एक औषधीय पौधा कार्यक्रम का निर्माणाधीन सुनील भवन समीप आरटीओ आफिस शिमला में सफल आयोजन किया गया। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रफुल्ल आंकात व वशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार उपस्थित रहे। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि और प्रदेश अध्यक्ष को शॉल टोपी से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्टीय उपाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने अपने वक्तव्य में ऐसे कार्यक्रमों को करवाना ट्रस्ट का एक मात्र उद्देश्य हमें अपनी जिमेदारियों के प्रति सचेत रहना है। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति में भी हमे देखने को मिलता है कि पक्षियों और पौधों का स्थान पूजनीय है। भारतीय संस्कृति में आम, पीपल, केला, तुलसी आदि के पौधों की पूजा करी जाती है। इसके पीछे अनेक विज्ञानिक कारण भी देखने को मिलते हैं साथ ही हम देखे तो रामायण के समय से बाज जैसे पक्षी जटायु को पूजनीय स्थान प्राप्त था तथा हमारे देवी- देवता भी पशु - पक्षियों की सवारी करते थे। इसलिए हमारी संस्कृति में पक्षियों को भी उच्च स्थान प्राप्त है जिस कारण से उनकी देख रेख करना हमारा परम कर्तव्य बनता है। उन्होंने सभी को से आग्रह भी किया की हमे अपने परिवार में और बच्चो में भी इस विचार का विकास करना चाहिए। अंत में डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा जी ने अपने धन्यवाद भाषण में कार्यक्रम में आए सभी व्यक्तियों का धन्यवाद किया और उन्होंने कहा कि सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि गर्मियों के मौसम में पंछियों को जल व अन्न की कमी न हो व पर्यावरण संरक्षण के लिए , पर्यावरण दूषित न हो, प्रकृति की सुंदरता पर्यावरण को बचाने के लिए किया जा रहा है। कहा कि इस कार्यक्रम में शिमला के 200 परिवारों को सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से एक सकोरा व एक औषधीय पौधा भेंट किया गया। उन्होंने कहा कि सभी परिवारों से आग्रह किया कि इस सकोरे में नियमित गर्मियों के मौसम में पानी व अन्न के दाने डालते रहें व इस औषधीय पौधे को अवश्य लगाएं और इसकी देखभाल करें। कार्यक्रम को सफल बनाने पर सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दी और कार्यक्रम सफल हुआ।
करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार आज राज्य कार्यकारिणी के साथ सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से सचिवालय में मिलने पहुंचे व मुख्यमन्त्री जी से करुणामूलक नौकरियों की बहाली संबंधी विषय पर चर्चा की। उन्होंने सीएम को करुणामूलक परिवारों के साथ चुनावों के समय किया वादा याद दिलाया अजय कुमा ने मांग उठाई कि फरबरी माह में 1000 करुणामूलक आश्रित सचिवालय में ही मिले थे तो मुख्य मंत्री ने आश्वाशन दिया था कि मई माह में करुणामूल क संघ के साथ अधिकारिक लेवल पर बैठक करके पहला बैच निकाल दिया जायेगा, जबकि जून माह शुरू हो चुका है और सरकार करुणामूलक परिवारों के हित में फैसला लेने में असफल रही है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए आवाज उठाती आई थी व हर मंच से वादा किया था कि जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनेगी, सभी परिवारों को नौकरियां दी जाएंगी। प्रदेश सरकार को बनाने में करुणामूलक परिवारों का भी कहीं न कहीं बहुत ज्यादा योगदान रहा है।
वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री व मंत्रीगण के बयानो के उपर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर और राकेश जम्वाल ने संयुक्त बयान में कहा कि 2022 के हिमाचल प्रदेश विधान सभा के चुनावों को गलत तरीके से प्रभावित करते हुए जीतने के लिए हिमाचल प्रदेश की जनता को धोखा देकर सत्ता में आई सरकार आज अपनी कांग्रेस पार्टी द्वारा ही दी गई गारंटियों से भाग रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि सत्ता में आने के लिए घर-2 जाकर पहली कैबिनेट में प्रदेश की 22 लाख बहनों को 1500 रू प्रतिमाह देने की गारंटी दी, उसके फॉर्म भरे, 15 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने की गारंटी दी और बेरोजगारों से कहा कि एक लाख रोजगार पहली कैबिनेट में दिए जाएंगे। आम जनता को कहा कि भाजपा सरकार ने 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी है, कांग्रेस की सरकार लाओ और पहली कैबिनेट में 300 यूनिट बिजली मुफ्त पाओ। इसी प्रकार सात और बड़ी-बड़ी गारंटियों पूरे प्रदेश की दीवारों पर लिख कर दी गई। आज भी वो दीवारों जनता को मुंह चिढ़ाती हुई दिखाई देती है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अब तो 10-15 कैबिनेट बैठकें हो चुकी है, सरकार को बने 7 माह का समय भी बीत गया है, वाहवाही लूटी जा रही है लेकिन मिला किसी को कुछ भी नहीं है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार गारंटियां पूरी करने में पूरी तरह विफल हुई है। मुख्यमंत्री ने आते ही शोर मचाना शुरू कर दिया कि खजाना खाली है, कर्ज बढ़ गया है और कर्ज के नाम पर तथा खजाने के नाम पर हाथ झाड़ने शुरू कर दिए। ऐसा लगा कि अब यह कर्ज लेना बंद कर देंगे परन्तु कांग्रेस की वर्तमान सुखविन्द्र सरकार ने पहली तिमहारी में कर्जों का ढेर लगा किया और पिछले कल सारे मंत्रियों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि कर्ज पर रोक लग रही है और इसका ठीकरा केन्द्र सरकार पर फोड़ने में जुट गए हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि बढ़े हुए कर्ज का रोना रोने वाली सरकार आज कर्ज लेने के लिए क्यों भाग रही है और केन्द्र सरकार के उपर दोषारोपण करना बंद करें। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बैठे हुए नेतागण 5-6 बार से विधान सभा के सदस्य हैं, क्या उन्हें हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति की जानकारी नहीं थी ? जो उन्होनें लाखों-करोड़ रू की गारंटियां केवल झूठ के आधार पर सत्ता प्राप्त करने के लिए दे दी। भाजपा नेताओं ने कहा कि गारंटियां पूरा करना सुखविंदर सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अब जनता से यह कहना कि चरणबद्ध तरीके से गारंटियां पूरी की जाएगी, यह दोबारा प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर जनता का ध्यान भटकाने के लिए केन्द्र की सरकार पर दोषारोपण किया जा रहा है जबकि प्रदेश में इस समय चल रही सभी योजनाएं केवल और केवल केन्द्र द्वारा प्रेषित एवं स्वीकृत राशियों पर चल रही है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि अपनी नाकामियों का ठीकरा केन्द्र सरकार पर फोड़ना बंद करें और जनता से किए हुए वायदों को पूरा करने के लिए कार्य करें।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) हमीरपुर द्वारा इलेक्ट्रीशियन (एमएंडटी) तृतीय श्रेणी (अराजपत्रित) पद के लिए आयोजित लिखित वस्तुनिष्ठ प्रकार की स्क्रीनिंग परीक्षा का परिणाम हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित उम्मीदवारों की जांच के बाद आज घोषित कर दिया गया है। यह परीक्षा 31 अक्तूबर, 2022 को आयोजित की गई थी। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के नोटिस के अनुसार एचपीएसइबीएल में 22 उम्मीदवारों को अनुबंध के आधार पर चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि परिणाम एचपीपीएससी की वेबसाइट www.hppsc.gov.in/hppsc पर भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईपीपी) के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी समस्याओं को दूर कर उनकी परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनकी विद्युत परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए सभी मंजूरियां प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई ग्राम पंचायत निर्धारित समयावधि में अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देती है तो उसे स्वीकृत माना जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्युत उत्पादकों की सुविधा के लिए ओपन हाइड्रो पॉलिसी लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के अलावा जल विद्युत क्षेत्र प्रदेश के राजस्व का मुख्य स्रोत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जल उपकर अधिनियम पारित किया है। उन्होंने अधिनियम को लागू करने के लिए जल उपकर की मात्रा पर आईपीपी से प्रस्ताव मांगा और कहा कि सरकार उनके प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा स्थापित विद्युत परियोजनाओं खासकर अपना खर्च पूर्ण करने वाली परियोजनाओं में रॉयल्टी बढ़ाने का मुद्दा भी उठा रही है। आईपीपी की मांग पर मुख्यमंत्री ने एचपीपीटीसीएल को विद्युत पारेषण लाइन (पावर ट्रांसमिशन लाइन) बिछाने में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि उत्पादन स्थलों से विद्युत की आपूर्ति समयबद्ध की जा सके और विद्युुत उत्पादकों को वित्तीय नुकसान का सामना न करना पड़े। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार 41 विद्युत परियोजनाओं के लिए विद्युत खरीद समझौते की तारीख के बजाय वाणिज्यिक संचालन की तारीख से बिजली दरों की गणना के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को भी वास्तविक आधार पर रॉयल्टी यानी 12, 18 और 30 प्रतिशत पर विचार करने के लिए परामर्श देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 111 मिनी और माइक्रो ऊर्जा परियोजनाएं राज्य के खजाने में 223.60 करोड़ रुपये का योगदान कर रही हैं। उन्होंने आईपीपी से कहा कि वे अपनी विद्युत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करें ताकि इन परियोजनाओं का लाभ जल्द से जल्द उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि आईपीपी के माध्यम से 3539 मेगावॉट विद्युत उत्पादन की क्षमता है, जिसमें से अभी तक केवल 754 मेगावॉट का दोहन किया जा सका है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्य उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार को हिमाचल प्रदेश के कर्ज की लिमिट काम करने व एनपीएस का पैसा वापस ना करने पर कड़ी निंदा की है ।मुकेश अग्निहोत्री ने प्रेस क्लब ऊना के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार संघीय ढांचे का सम्मान नहीं कर रही है । उन्होंने कहा कि देश संघीय प्रणाली में है,कुछ विषय प्रदेश के, कुछ विषय केंद्र के हैं और ऐसे में धक्केशाही व भेदभाव करना केंद्र के लिए सही नहीं है। मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के कई नेता ऐसे हैं जो केंद्र के साथ मिलकर साजिश रच कर हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव करवाने की भूमिका अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा के कुछ नेताओं को कांग्रेस की सरकार की जन हितेषी नीतियां रास नहीं आ रही है, उन्हें भविष्य के लिए भी जमीन की खिसकती दिख रही है ,इसलिए वे षड्यंत्र रचने का काम कर रहे हैं । मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसे षड्यंत्र कोई काम नहीं करेंगे, क्योंकि कांग्रेस पार्टी मजबूत सरकार चला रही है और हम हर जुल्म के विरूद्ध लड़ाई लड़ेंगे और हर लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र हमें विचलित नहीं कर सकता है, हम हिमाचल के विकास के लिए काम कर रहे हैं ,राजनीतिक इच्छाशक्ति से काम कर रहे हैं और आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रदेश के मुख्यमंत्री व पूरा मंत्रिमंडल दिल्ली जाकर हक की आवाज को बुलंद करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इस बात को समझ ले कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और प्रदेश की जनता को उन्हें जवाब देना है। उन्होंने कहा कि वाटरसेस हमने लगाया कि हिमाचल प्रदेश की आमदन को बढ़ा पाए और केंद्र की सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के सचिव कंपनियों को और पड़ोसी राज्यों को भड़का रहे हैं, कंपनियों को पैसा ना देने के लिए कहा जा रहा है और कोर्ट में जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी दृष्टि से ठीक नहीं है ।केंद्र सरकार को यह बताना चाहिए कि किसके कहने पर लिखे जा रहे हैं पत्र।पानी प्रदेश का विषय है, बिजली केंद्र का विषय पर लगाया है, हमारा हक है ,अपने कदम से पीछे नहीं हटेंगे । मुकेश ने कहा कि प्रदेश सरकार के अधिकारों का केंद्र सरकार द्वारा हनन किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से एनपीएस की 10 हजार करोड़ रुपए की राशि भी प्रदेश सरकार को लौटाने की मांग की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के समक्ष हर मंच पर अपने हक की आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन जुटाने में पेश आ रही चुनौतियों को दूर करेगी और अतिरिक्त संसाधन जोड़ने के लिए लगातार प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार कल्याणकारी राज्य का धर्म निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।मुकेश ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने हमेशा प्रदेश हित को तरजीह दी। उन्होंने कहा कि देश में राजनैतिक माहौल करवट ले रहा है और आने वाले चुनावों में विभिन्न राज्यों में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान अब सिर्फ विकास कार्यों पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने गारंटियों को राजधर्म की तरह निभाने की बात भी कही। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार घोषणा पत्र के वायदों और गारंटियों को धरातल पर उतारने के लिए भरसक प्रयास करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की कर्ज की सीमा को घटाए जाने की निंदा की। इस दौरान पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, जोगिंद्रनगर के विधायक सुरेंद्र पाल, बीसीसी हरोली के अध्यक्ष विनोद बिट्टू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अशोक ठाकुर,वरिंदर मनकोटिया सहित क्लब के पदाधिकारी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि एचपी शिवा परियोजना (हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्य संवर्धन परियोजना) की मुख्य परियोजना के लिए आगामी 8 जून को एशियन विकास बैंक, भारत सरकार तथा हिमाचल सरकार के मध्य ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये जाएंगे। इस परियोजना की कुल लागत 1292 करोड़ रुपये होगी, जिसमें एशियन विकास बैंक द्वारा 1030 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 262 करोड़ रुपये वहन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही थी। परियोजना की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए इसे विभिन्न स्तरों पर सफलतापूर्वक उठाया गया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लागू होने से राज्य के किसानों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा राज्य की आर्थिकी में भी वृद्धि होगी। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण व संतुलन की दिशा में भी राज्य का योगदान सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का क्रियान्वयन राज्य के उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले निचले क्षेत्रों के 7 जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर तथा ऊना के 28 विकास खण्डों में 162 सिंचाई योजनाओं के माध्यम से 400 बागवानी क्लस्टरों के 6000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कुल 2 चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में चिन्हित किये गये 257 क्लस्टरों के तहत 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों की निजी भूमि पर ‘‘एक फसल-एक क्लस्टर’’ अवधारणा के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लीची, आम, प्लम, पिकननट, जापानी फल, आदि अन्य उपोष्णकटिबंधीय फलों का रोपण किया जाएगा। शेष 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 143 क्लस्टरों, जिनका चिन्हीकरण किया जाना शेष है, का विकास परियोजना के दूसरे चरण में किया जाएगा। इस परियोजना से 15000 किसान-बागवान परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। परियोजना में लगभग 60 लाख फल पौध रोपण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ‘‘बीज से बाजार’’ तक की संकल्पना पर आधारित इस परियोजना में किसानों को वैज्ञानिक तथा व्यवसायिक कृषि के साथ-साथ फसलोपरांत मूल्य वर्धन करते हुए बाजार से जोड़ा जाएगा। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश को ‘‘फल राज्य’’ बनाने के स्वपन को साकार करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के तहत क्लस्टरों के चयन के लिए मानदण्ड विकसित करते हुए सहभागी विधि से किया गया है। चिन्हित किये गये क्लस्टरों की फसल उपयुक्तता के लिए मृदा परीक्षण किए गए तथा सुनिश्चित सिंचाई हेतु बहुवार्षिक जल स्रोतों का चिन्हीकरण एंव स्थलीय व्यवहार्यता के लिए भू-स्थानिक सर्वेक्षण के उपरान्त क्लस्टरों का अंतिम चयन किया गया। विपणन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चिन्हित की गयी 14 फल व फसलों की बाजार मांग के साथ ही इनकी मूल्य श्रंृखला के विभिन्न घटकों का भी अध्ययन किया गया है। एचपी शिवा परियोजना के पायलट चरण का पूर्व में ही सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा चुका है, जिसमें 17 क्लस्टरों के अंतर्गत 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फल-पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें से 12 पायलट क्लस्टरों के किसानों ने संतरा, अमरूद व अनार का उत्पादन कर आर्थिक लाभ लेना आरम्भ कर दिया है।
विशेष ओलंपिक के लिए हिमाचल के चयनित प्रतिभागियों ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। जर्मनी के बर्लिन में आगामी 17 से 25 जून तक आयोजित किए जाने वाले विशेष ओलम्पिक में हिमाचल प्रदेश के दो खिलाड़ियों और तीन प्रशिक्षकों सहित भारत के 198 एथलीट और 57 कोच भाग लेंगे। ये खिलाड़ी 16 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि आज देश में खेलों के प्रति रुचि बढ़ी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी समय-समय पर हर मंच से खेलों को प्रोत्साहन प्रदान कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि खेलो इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये खिलाड़ी पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर स्पेशल ओलम्पिक भारत की हिमाचल शाखा के पदाधिकारी और खिलाड़ियों के माता-पिता भी उपस्थित थे।
किसी भी राज्य की आर्थिक उन्नति के लिए सुचारू एवं सुरक्षित परिवहन सुविधाओं की अहम भूमिका रहती है। वस्तुओं के वितरण एवं सेवाओं के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सड़क नेटवर्क का सुदृढ़ होना आवश्यक है। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की विकास क्षमता का उपयोग करके संतुलित और समान विकास को गति प्रदान की जा सकती है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन के मुद्दों को निरंतर केंद्र सरकार के समक्ष उठा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए प्रदेश में सम्पर्क मार्गों निर्मित करने और इनके सुदृढ़ीकरण की दिशा में कार्य करने के साथ ‘ग्रीन कॉरिडोर’ राजमार्गों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही बड़ी फोरलेन परियोजनाएं विशेषकर कीरतपुर से मनाली फोरलेन पर बेहतर यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन नए ट्रैफिक-कम-टूरिस्ट पुलिस स्टेशन (यातायात-सह पर्यटक पुलिस थाना) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रदेश पुलिस के समन्वय से कुशल यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरा, वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साईन, स्वचालित यातायात पटल सह वर्गक, सड़क किनारे एवं ओवरहैड वाहन गति को दर्शाते डिस्प्ले पटल, ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी सहित आपात सहायता कॉल बॉक्स भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने गति सीमा से संबंधित डिस्प्ले पटल की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से एकीकृत कमांड केंद्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया है। इसके अलावा, परिवहन विभाग में स्थापित सड़क सुरक्षा सेल, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित हुआ है। ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए कई उपाय किए गए हैं। प्रदेश में चिन्हित 147 ब्लैक स्पॉट में से अब तक लगभग 117 में सुधार किया जा चुका है और शेष 30 ऐसे स्पॉट को दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सोलन जिला के बद्दी में निरीक्षण और प्रमाणीकरण केंद्र के लिए 16 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, ताकि प्रदेश में यांत्रिक रूप से पूरी तरह ठीक वाहन संचालित हों। पर्यटक केन्द्रित राज्य होने के दृष्टिगत यह देखा गया है कि अन्य राज्यों से कई निजी बसें बिना कर चुकाए और उचित पंजीकरण के अनाधिकृत तरीके से संचालित होती हैं। इससे न केवल राज्य के राजस्व को भारी नुकसान होता है, बल्कि यह राज्य के वैध बस संचालकों को नुकसान पहुंचाते हैं। राज्य सरकार ने ऐसी बसों का चालान करने के लिए एक कानूनी तंत्र तैयार किया है। मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर को और अधिक शक्तियां प्रदान करते हुए अब उन्हें नियमों की अवहेलना करने वाले वाहनों का चालान करने के लिए अधिकृत किया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, लोक सभा सांसद सुरेश कश्यप, कृष्ण कपूर, राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी, डॉ सिकंदर कुमार ने कहा ओडिशा के बालासोर में कल शुक्रवार शाम को हुआ भयावह रेल हादसा अत्यंत ही दुखद और मन को शोकाकुल कर देने वाला है। सभी इस हृदय विदारक घटना से मर्माहत है। भाजपा नेताओं ने परमपिता परमेश्वर से शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। ईश्वर मृत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें। ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ओडिशा जाएंगे। बताया गया है कि पीएम हादसे वाली जगह पर जाएंगे, साथ ही वह कटक में अस्पताल में भर्ती पीड़ितों से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालासोर ट्रेन दुर्घटना के संबंध में स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी की। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आदेशानुसार इस भीषण रेल दुर्घटना को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों के साथ–साथ देश और प्रदेश भर में होने वाले अपने सारे कार्यक्रमों को आज के लिए स्थगित कर दिया है।


















































