हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ सामूहिक चित्र भी लिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल के लिए विशेष पैकेज मांगा और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए।
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त युनूस ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा अवैध शराब की ब्रिकी के खिलाफ पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिलों में 30 टीमों का गठन किया गया है। यूनुस ने बताया कि विभिन्न जिलोें में छापेमारी जारी है, जिसके अंतर्गत लगभग 8 लाख मिलीलीटर अवैध अंग्रेजी व देसी शराब पकड़ी गई है, जो की बाहरी राज्यों से लाई गई थी। यह कार्यवाही पिछले कुछ दिनों में कुल्लू, मण्डी, बद्दी, सोलन तथा नूरपुर में की गई। नूरपुर स्थित उलेहडियां खानपुर, बसंतपुर, गगवाल, बरोटा और ठाकुरद्वारा में आबकारी व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त छापेमारी की गई। इस छापेमारी के दौरान 30000 लीटर कच्ची शराब (लाहन) को जब्त करने के उपरान्त नष्ट कर दिया गया, इसके अतिरिक्त भुलपुर उलेहडियां से 10 लीटर लाहन जब्त किया गया और आरोपियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम-2011 के तहत ठाकुरद्वारा पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई। एक सूचना के आधार पर जिला कुल्लू में सहायक आयुक्त के नेतृत्व में बनोगी कुल्लू ब्यासर रोड स्थित एक संदिग्ध परिसर का निरीक्षण किया गया, जिसमें कुल 588 बोतल अंग्रेजी और 369 बीयर की बोतलें जब्त की गईं, जब्त किया गया स्टॉक केवल पंजाब में बिक्री के लिए था। मामले में धारा 39 के तहत केस दर्ज किया गया है और आगामी जांच के लिए पुलिस स्टेशन कुल्लू में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य जिलों में 148 बोतलें जब्त की गई हैं तथा मामलों में आबकारी अधिनियम 2011 के अंतर्गत मामले दर्ज किये गये हैं।
सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कांग्रेस ने हमेशा जनजातीय क्षेत्रों के विकास व यहां के लोगों की समस्याओं को दूर करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने इन क्षेत्रों में आधरभूत ढांचा विकसित करते हुए यहां के लोगों को विशेष रियायते दी। त्रिलोकीनाथ व उदयपुर में लोगों की समस्याओं व मांगो को सुनते हुए प्रतिभा सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। प्रतिभा सिंह ने त्रिलोकीनाथ में सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि लाहौल घाटी पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रोहतांग टनल बनने से यहां के लोगों को तो लाभ मिला ही है साथ ही इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़वा मिला हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र को घोर उपेक्षा की। त्रिलोकीनाथ मंदिर को आने वाली सड़क का तो इतना बुरा हाल है कि इसे शब्दों में बयां नही किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस सड़क के सुधार के लिए 19 करोड़ मंजूर कर दिए है और जल्द ही इस पर कार्य भी शुरू किया जाएगा। प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें इस बार सांसद के तौर पर दो साल से कम ही कार्यकाल मिला हैं। इस दौरान उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद निधि को एक समान दिया हैं। उन्होंने कहा कि अब चूंकि अगले साल लोकसभा चुनाव होने है इसलिए वह उम्मीद करती है कि कांग्रेस फिर से अपनी जीत का परचम लहरायेगी। उन्होंने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की शानदार जीत के लिए भी लोगों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व प्रतिभा सिंह ने लाहौल स्पीति का अपना दो दिवसीय दौरे में केलांग व उदयपुर उप मंडल जिस्पा, किरतलिंग, जालमा,थिरोट में लोगों की समस्याओं व उनकी मांगों पर सहानभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
विधानसभा सचिवालय में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज अपने कार्यालय कक्ष में लोक निर्माण विभाग एवं युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भटियात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में चल रहे विकासात्मक कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि भटियात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जायेगा, ताकि भटियात विधान सभा क्षेत्र के लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। पठानिया ने कहा कि भटियात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने देगें और भटियात विधान सभा क्षेत्र को सर्वश्रेष्ठ विधान सभा क्षेत्र के रूप में विकसित करेंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज बाल सत्र में भाग लेने वाले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं से वर्जुअल संवाद करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दिनांक 12 जून, 2023 को "बाल सत्र" का आयोजन किया जायेगा । उन्होंने कहा कि इस सत्र में कुल 68 बच्चे भाग ले सकेंगे तथा वे मुख्यमंत्री, स्पीकर, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा पक्ष व विपक्ष के विधायक की भूमिका भी निभायेंगे। पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा देश की दूसरी विधान सभा है जहां "बाल सत्र" का आयोजन किया जा रहा है। कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि जयपुर, डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित तथा एल.आई.सी द्वारा प्रायोजित बच्चों की सरकार कैसी हो, अभियान का आयोजन 12 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में किया जाएगा। पठानिया ने कहा कि 8 से 17 वर्ष की उम्र के बच्चे इस बाल विधानसभा सत्र में हिस्सा ले रहे हैं । कहा कि शिमला में आयोजित होने वाले विधान सभा बाल सत्र के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा पूरी दुनिया देखेगी और बच्चों में लोकतांत्रिक परंम्परा के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। पठानिया ने देश व प्रदेश के सभी इच्छुक बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढकर भाग लेने की अपील भी की गई है। शिमला में आयोजित होने वाले इस बाल सत्र में देश के 68 बच्चों को दुनिया के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। इस बाल सत्र का उद्देश्य वाल्यकाल से ही देश और प्रदेश के विकास के प्रति उन्हें जागरूक करना तथा उनमें सकारात्मक सोच को पैदा करना है। पठानिया ने कहा कि आज के बच्चे जिस तरह संसदीय प्रणाली की ओर आकर्षित हो रहे है इससे लोकतन्त्र की मजबूती को और बल मिलेगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रदेश के 10 वन मंडलों में सरकारी वन भूमि पर खैर के पेड़ों के कटान की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को खैर के पेड़ के दस वर्ष में कटान के कार्यक्रम से छूट देना चाहती है, ताकि वे अपनी सुविधानुसार कटान कर सकें इससे उनकी आर्थिकी को संबल मिलेगा। प्रदेश के ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, नालागढ़ और कुटलैहड़ वन मंडलों में खैर के पेड़ों के कटान के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है और इन वन मंडलों में प्रति वर्ष 16500 वृक्षों का कटान निर्धारित किया गया हैं। खैर का कटान शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के निचले क्षेत्रों में खैर के पेड़ों को व्यावसायिक रूप से उत्पादित करने से राज्य के राजस्व में तथा किसानों की आय में वृद्वि होगी। प्रदेश के नाहन, पावंटा साहिब, धर्मशाला, नूरपुर और देहरा वन मंडलों के लिए शीघ्र ही कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके दृष्टिगत अधिकारी वनों के निरीक्षण शुरू करेंगे और इन वन मंडलों के लिए कार्य योजना तैयार करने के लिए खैर के पेड़ों की गणना की जाएगी। खैर के पेड़ का उपयोग इसके औषधीय गुणों के कारण बहुतायत किया जाता है। इस पेड़ की छाल, पत्ते, जड़ और बीज में औषधीय गुण पाए जाते हैं। जलन को कम करने के लिए इसकी छाल का उपयोग किया जाता है। इस पेड़ को कत्थे का पेड़ भी कहा जाता है। कत्था पाचन में सहायक होता है। खैर से निकलने वाले गोंद का उपयोग दवा बनाने में किया जाता है। जंगली पौधा होने के कारण यह आसानी से उगाया जा सकता है। यह पौधा गर्म परिवेश में अच्छे से फलता-फूलता है और इसे अधिक देखभाल की जरूरत भी नहीं होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसाना को केन्द्र में रखकर किसान हितैषी निर्णय और योजनाएं क्रियान्वित कर रही है। वैज्ञानिक और नियोजित तरीके से खैर का कटान वनों के बेहतर प्रबंधन में सहायक होता है। इससे पुराने पेड़ों के स्थान पर नए व स्वस्थ खैर के पौधे उगते हैं। खैर के वृक्षों का समय पर कटान न होने से अधिकांश पेड़ सड़ जाते हैं जिससे बेहतर वन प्रबंधन नहीं हो पाता। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2018 में खैर के पेड़ के कटान के परिणामों को जानने के लिए प्रायोगिक आधार पर पेड़ों की कटाई की अनुमति दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने वन विभाग की राय पर सहमति व्यक्त कर यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी महाजनसंपर्क अभियान के तहत मोदी सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाएगी। बात का कसुम्पटी मंडल भाजपा की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज ने कही। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका ने की, जबकि बैठक में प्रदेश भाजपा के संगठन मंत्री सिद्धार्थन व जिला अध्यक्ष विजय परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। भारद्वाज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने लगातार पूर्ण बहुमत से केंद्र में सरकार को आगे बढ़ाया है और यह सरकार सबका विकास सबका साथ के एजेंडे पर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया है, गांव गरीब के लिए नीतियां बनाई है, जनता के जन जीवन में परिवर्तन हो इसके लिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर के नीतियां बनाने का काम किया गया है। हिमाचल प्रदेश को भी अनेक योजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली हैं, जिन्होंने हिमाचल को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, उद्योग हर क्षेत्र में हिमाचल को केंद्र सरकार का सहयोग हिमाचल को मिला है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 9 वर्ष पूर्ण होने पर जहां देश को नया संसद भवन मिल रहा है। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा सदस्य रूपा शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष विजय परमार, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, पार्षद रचना शर्मा, कमलेश मेहता, पार्षद निशा ठाकुर, पूर्व पार्षद रेनू, सहित अन्य कार्यकर्ता व मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भाजपा शिमला मंडल कार्यसमिति की बैठक का आयोजन पंचायत भवन में हुआ, बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा द्वारा की गई। बैठक में भाजपा वरिष्ठ नेता गणेश दत्त, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संगठन मंत्री अक्षय भरमौरी, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, सचिव कुसुम सदरेट, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, जिला अध्यक्ष विजय परमार, रमेश छौजर, सकेश चौहान, गगन लखनपाल, सुशील चौहान, सत्या कैंडल उपस्थित रहे। राजेश शारदा ने बताया की कार्यसमिति बैठक में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नौ वर्ष पूर्ण होने पर आगामी कार्यक्रमों के विषय पर वरिष्ठ नेता गणेश दत्त, बूथ सशक्तिकरण अभियान पर प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, डाटा प्रबंधन पर प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कार्यकर्ताओ का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज द्वारा किया गया। गणेश दत्त ने कहा कि भाजपा पूरे प्रदेश भर में भाजपा महाजनसंपर्क अभियान का शुभारंभ करने जा रही है और यह जनसंपर्क अभियान 1 जून से लेकर 30 जून तक चलेगा इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 वर्ष की उपलब्धियों को भाजपा का कार्यकर्ता घर-घर पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हम शिमला मंडल के अंतर्गत 60 प्रभावशाली सामाजिक लोगों से भी संपर्क करेंगे, जिनका खेलो और समाजिक कार्यों में बड़ा योगदान रहा है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भाजपा व्यक्ति या परिवार की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है और अगर देखा जाए तो इस बार के विधानसभा चुनावों में हमारा वोट शेयर कांग्रेस के बराबर रहा है। हम केवल 0.9% से चुनाव हारे हैं। उन्होंने कहा कि अगर शिमला नगर निगम का चुनाव 1 वर्ष पहले हो जाता तो परिणाम कुछ और होते उन्होंने कहा कि शिमला नगर निगम चुनावों में जो कांग्रेस को मैंडेट मिला है वह शिमला का मैंडेट नहीं है, कांग्रेस ने गलत वोट बनाकर चुनाव जीता है। कांग्रेस पार्टी ने नियम भी बदले हैं जिसकी कारण नगर निगम चुनाव प्रभावित हुए है, पर हर चुनाव में ऐसी परिस्थिति नहीं होती 2024 में हम हिमाचल प्रदेश की चारों संसद की सीटों पर विजय प्राप्त करेंगे।
भारतीय पत्रकार कल्याण मंच द्वारा गेटी थिएटर में ''आजादी के 75 वर्षों में पत्रकारों का योगदान'' विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल हिमाचल शिव प्रताप शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज व हरियाणा के उद्योगपति व समाजसेवी स्टार भारत फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप गर्ग शामिल हुए। मुख्य वक्ता के तौर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के जनसंचार विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर बिंदु शर्मा व स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन चितकारा यूनिवर्सिटी पंजाब के प्रोफेसर एवं डीन डॉ आशुतोष मिश्रा ने संगोष्ठी को संबोधित किया। भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन आश्री व राष्ट्रीय महासचिव मेवा सिंह राणा ने मुख्य अतिथि राज्यपाल हिमाचल शिव प्रताप शुक्ला का बुके भेंट कर स्वागत किया। इसके अलावा मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों को शॉल ओढाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जसवीर सिंह दुग्गल, विजय बजाज, रोहित लामसर व नरेश वधवा ने ने भी मुख्य अतिथियों को बुके भेंट किए। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यपाल हिमाचल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता भारतीय प्रजातंत्र की मजबूत बुनियाद है। भारतवर्ष में पत्रकारिता का उदय ऐसे समय में हुआ था, जब देश पराधीन था और अंग्रेजी राज नहीं चाहता था कि जन जागरण और स्वतंत्रता संग्राम को बल मिले लेकिन कई प्रगतिशील लेखक पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने पत्रकारिता की मशाल को जलाए रखा। उन्होंने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी, बाबू पराड़कर, लोकमान्य तिलक, राजा राममोहन राय, महात्मा गांधी व बालमुकुंद गुप्त जैसे सैकड़ों पत्रकार हैं, जो आज भी देश हित से जुड़ी पत्रकारिता के आदर्श हैं। आज आजादी के अमृत काल में हम महोत्सव मना रहे हैं, तो ऐसे समय में आजादी दिलाने के लिए की गई पत्रकारिता के जज्बे जुनून को हम सब नतमस्तक होकर याद करते हैं। जिसने अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने के लिए मजबूर कर दिया था। आज हम आजादी के 75वें वर्षगांठ के अवसर पर पत्रकारिता के विकास और योगदान को देखते हैं। उन्होंने कहा कि आप सब पत्रकारों ने इस पवित्र कार्य को अपनी प्रतिभा व वर्षों के प्रयास से खींचा है। इसके लिए आप सभी को बधाई और आशा है कि देश के उत्थान के लिए आप पत्रकारिता के जरिए अपना सहयोग देश हित में जारी रखेंगे। उन्होंने संबोधन अंत में भारतीय पत्रकार कल्याण मंच को इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए बधाई प्रेषित करते हुए कि मंच इसी तरह से पत्रकारों को जागरूक करने का काम करता रहे यही उनकी शुभकामनाएं हैं। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। किसी भी देश के नवनिर्माण में पत्रकारिता का अहम योगदान होता है। आजादी के बाद भारत की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। पत्रकारों ने अपनी लेखनी से जिस प्रकार आजादी दिलाने का काम किया उसी प्रकार से आजादी के बाद भी पत्रकारों ने भारतीय विकास में अपनी लेखनी के माध्यम से देश के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जहां नवनिर्माण का निर्माता है वही आज के दौर में सोशल मीडिया का टूल भी काम कर रहा है लेकिन कई बार जल्दबाजी में अवाँछनीय भी घटित हो जाता है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व सोशल मीडिया का दौर चल रहा है लेकिन समाचार पत्रों की महत्वता आज भी बरकरार है। स्क्रीन पर हम केवल घटित घटना को ही देख सकते हैं लेकिन समाचार पत्रों में हमे न्यूज के साथ साथ व्यूज भी पढने को मिलती है। पत्रकारिता विषय अपने आप में एक वृहद विषय है। जिसके उस पार जाकर हम घटित घटना के बारे समाचार पत्रों में लिखे गए स्तंभकारों के लेख पढ़कर भविष्य में छांक सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकार कल्याण मंच पिछले 20 वर्षों से पत्रकारों के प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन करता आ रहा है। इन कार्यक्रमों से पत्रकारों को एक नई ऊर्जा मिलती है। उद्योगपति एवं समाजसेवी स्टाल्वर्ट फाउंडेशन के चेयरमैन संदीप गर्ग ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि पत्रकारिता देश के विकास में एक अहम कड़ी है। पत्रकार लोकतंत्र में नव निर्माण का कार्य करता है। पत्रकार न केवल सिस्टम में खामियों को उजागर कर प्रशासन व सरकार को जगाने का काम करता है बल्कि देश की उपलब्धियों को जनता के सामने लाने का भी एक जरिया है। उन्होंने कहा कि प्रभु के आशीर्वाद से उन्होंने समाज सेवा के जो कार्य गरीब रसोई एंबुलेंस सेवा वह मरीजों की देखभाल जैसे कार्यों को शुरू किया है। इन कार्यों को करने की प्रेरणा जहां उन्हें विरासत में अपने बाप और दादा से मिली है वहीं इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा मीडिया ने उन्हें प्रेरित किया है। उन्होंने संगोष्ठी में शामिल हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी व हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हीं के कंधों पर लोकतंत्र की नींव रखी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उन वाहन मालिकों के लिए एक सुअवसर प्रदान किया है, जिन्होंने अभी तक अपने वाहनों का पंजीकरण नहीं करवाया है। इस पहल के अन्तर्गत दोपहिया, ट्रेक्टर, पोकलेन, जेसीबी व अन्य चार पहिया वाहन मालिक बिना किसी जुर्माने के मौजूदा बाजार दर पर अपने वाहनों का पंजीकरण करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से राज्य में हजारों लोगों को गैर पंजीकृत वाहनों को चलाने से जुड़े जोखिमों को कम करने में सहायता मिलेगी। वाहन मालिकों को किसी भी जुर्माने के बिना वाहनों को पंजीकृत करने का अवसर प्रदान कर सरकार ने पंजीकरण आवश्यकताओं की अनुपालना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि वाहन पंजीकरण के अलावा प्रदेश सरकार ने बकाएदारों (डिफाल्टरों) के लिए पैसेंजर एण्ड गुड्स टैक्स (पीजीटी) पर जुर्माना माफ करने का निर्णय लिया है। पीजीटी डिफाल्टर 30 जून, 2023 तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वे मूल राशि के साथ एक मुश्त निपटान शुल्क भुगतान करके राज्य कर एवं आबकारी विभाग से अनापत्ति और कर भुगतान पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वाहन की पासिंग और संचालन के लिए परिवहन विभाग से क्लीयरेंस अनिवार्य है। यह एक मुश्त राहत बकाया कर देनदारियों और पीजीटी के प्रतिस्थापन के रूप में विशेष सड़क कर के कार्यान्वयन की सुविधा के लिए है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के कुल 1,60,291 माल वाहक मालिक विशेष रूप से छोटे और बड़े वाहनों के साथ-साथ टैªक्टर मालिक भी लाभान्वित होंगे। कोविड-19 महामारी के दौरान इन मालिकों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, जिसके परिणामस्वरूप पीजीटी देनदारियों में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के मददेनजर राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण को अपनाते हुए सभी कर देनदारी के मामलों को एक मुश्त निपटाने का निर्णय लिया है।
लोक निर्माण मंत्री, विक्रमादित्य सिंह और मुख्य संसदीय सचिव, सुंदर सिंह ठाकुर ने आज यहां जारी एक संयुक्त बयान में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग का कभी भी निरीक्षण नहीं किया और न ही इनके शीघ्र निर्माण और विस्थापितों को मुआवजा देने की मांग की गम्भीरता से वकालत की। अब वह केवल सुर्खियां बटोरने के लिए कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 67 हजार करोड़ रुपये लागत के 68 राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा की थी। पिछले पांच वर्षों के दौरान जय राम ठाकुर ने मुआवजा और भूमि अधिग्रहण के मामलों को अपने केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भूमि का अधिग्रहण किए गए विस्थापितों की मांग को भी अनसुना कर दिया। अपने कार्यकाल के दौरान जय राम ठाकुर ने कभी भी राष्ट्रीय राजमार्ग स्थलों का दौरा करने की जहमत नहीं उठाई। भाजपा के कार्यकाल के दौरान इन परियोजनाओं का कार्य धीमी गति से हुए। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को समय पर पूरा करने का प्रयास किया और एनएचएआई ने दस हजार करोड़ रुपये की शिमला से मटौर तक चार लेन सड़क परियोजना के निर्माण और 12 हजार करोड़ रुपये से पठानकोट से मंडी राजमार्ग के फोरलेन को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। लोक निर्माण मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी से कई बार व्यक्तिगत रूप से भेंट कर इन परियोजनाओं के कार्यों मंे तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर अन्य भाजपा नेता वर्ष 2024 के लोक सभा चुनावों के दृष्टिगत इन परियोजनाओं का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे है जबकि इन्होंने लोगों की भावनाओं को आह्त किया है और उनकी मांगों को हमेशा अनदेखा किया। प्रदेश की जनता भाजपा नेताओं के झूठे वायदों और कार्यशैली से भलीभांति परिचित हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड सीमित के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत शामिल करने का भरोसा दिया है। इससे बिजली बोर्ड के लगभग 6500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास तथा उन्नति में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक मंे ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया, जिससे 1.36 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिला है। प्रदेश सरकार इस योजना के तहत बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को शामिल कर उनके लाभ सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का कल्याण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हिमाचल प्रदेश की निरन्तर प्रगति के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के कल्याण तथा सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित भविष्य प्रदान कर उन्हें प्रदेश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देने के लिए सक्षम बनाना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ते की किस्त भी जारी कर दी गई है। प्रदेश की चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिस्थितयों के बावजूद राज्य सरकार ने दूरदर्शी सोच के साथ प्रदेश के विकास में कोई बाधा नहीं आने दी है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना किसी बजट के प्रावधान के घोषणाएं की लेकिन उनके लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पाए, जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही सभी बकाया देनदारियां चुकाने के लिए प्रतिबद्ध है।
***कुल्लू जिले के स्नॉवर वैली पब्लिक स्कूल बजौरा की छात्रा मानवी ने 99.14 प्रतिशत (694) अंक लेकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। हमीरपुर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल चूबतरा की छात्रा दीक्षा कथयाल ने (693) 99 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं हमीरपुर जिले के ही दो छात्रों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। न्यू इरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल परोल के छात्र अक्षित शर्मा और सीनियर सेकेंडरी स्कूल बदारान के छात्र आकर्षक ठाकुर ने 98.86 प्रतिशत (692) अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमें से 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं और 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। उन्होंने ने बताया कि इस बार का परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि परिणाम 89.7 प्रतिशत रहा है। 91440 विद्यार्थियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। 81732 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं। 7534 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा था। सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर परिणाम चेक कर सकते हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने देश के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्थापित करने के लिए साहस के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को विश्व गुरु के रूप में स्वीकार कर रही है और हमें भी इस भावना को स्वीकार करना चाहिए। राज्यपाल ने यह बात आज शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में ठाकुर राम सिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. भाग चंद चौहान द्वारा लिखित पुस्तक द नॉलेज सिस्टम ऑफ इंडिया और डॉ. कंवर चंद्रदीप और राजीव कुमार द्वारा संपादित पुस्तक ऐन एंथोलोजी ऑफ डिस्कोर्सेज ऑन इंडिया का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि आज भारत दुनिया मंे नवाचार और ज्ञान सृजन में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि भारत के उच्च शिक्षा संस्थान, अनुसंधान प्रयोगशालाएं और प्रौद्योगिकी केंद्र विविध क्षेत्रों में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति को अपनाकर अपने पूर्वजों की विरासत को अपना रहे हैं, जिससे परंपरा और आधुनिकता का एक अनूठा मिश्रण तैयार हो रहा है। प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला और केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में इसी सत्र से यूजीसी नेट, हिंदी का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
पुलिस थाना ठियोग के अंतर्गत जेई के पास गाड़ी नंबर HP06 8445 pickup हादसे का शिकार हो गई। गाड़ी सड़क से करीब 60 से 70 मीटर नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि दो घायल हैं। मृतक की पहचान दीपक पुत्र जियालाल निवासी गांव कपरोल (सुखु) डाकघर क्या तहसील ठियोग उम्र 30 वर्ष के रूप में हुई है। वहीं राहुल पुत्र स्वर्गीय रोशन लाल निवासी गांव कपरोल (सुखु) डाकघर क्या तहसील ठियोग उम्र 24 वर्ष और संजय पुत्र अंबा दत्त शर्मा निवासी गांव कलहार डाकघर क्यार तहसील ठियोग घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए IGMC शिमला रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ठियोग के समीप सड़क धंसने से नेशनल हाईवे-5 वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद हो गया। ठियोग बस स्टैंड से करीब 400 मीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे (NH) पूरी तरह बंद हो गया। इससे अपर शिमला का राजधानी से पूरी तरह संपर्क कट गया है। बताया जा रहा है वीरवार सुबह पौने आठ बजे के करीब सड़क धंस गई। बीती रात भारी बारिश के बाद हल्की मिट्टी व पत्थर गिरने शुरू हो गए थे। NH बंद होने से स्थानीय लोगों और कामकाजी व्यक्तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में स्कूली बच्चे भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। विभाग द्वारा दावा किया जा रहा है कि कुछ देर में सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन बस व ट्रकों के लिए आज सड़क खुलने की कम उम्मीद है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान करते हुए अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कसने को कहा है। उन्होंने कहा है कि संगठन की मजबूती से ही कांग्रेस ने पहले चार उप चुनाव जीते। उसके बाद प्रदेश विधानसभा चुनावों में अपनी जीत का परचम लहराया और अब शिमला नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस ने अपनी जीत का क्रम जारी रखते हुए हेडट्रिक लगाई हैं। आज केलांग में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने अभी 5 महीने ही हुए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी सभी गारंटी को चरणबद्ध ढंग से पूरा करेगी। बैठक में लाहुल घाटी में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने व पर्यटन के दृष्टि से इस घाटी में सुबिधाओं के विस्तार की मांग को लेकर प्रतिभा सिंह ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को वह केंद्र सरकार के समक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रो के लोगों के अधिकारों का किसी भी प्रकार से हनन सहन नहीं होगा। बैठक में रोहतांग टनल पर कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की शिलान्यास पटिका को उसी स्थान पर फिर से पुनः स्थापित करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि चुनावों से पूर्व उन्होंने इस क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिया था कि भाजपा द्वारा रोहतांग टनल से हटाई गई सोनिया की शिलान्यास पटिका को कांग्रेस सत्ता में आते ही पुनः स्थापित करेगी। इसलिए अब उसे जल्द स्थापित किया जाना चाहिए। लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि वह सभी की समस्याओं को दूर करने का पूरा प्रयास कर रहें है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास की उनकी जिम्मेवारी है जिसे वह हर हाल में पूरा कर रहें है।उन्होंने कहा कि जिला में कांग्रेस संगठन मजबूत है और इसी मजबूती से कांग्रेस यहां जीती हैं। उन्होंने उन्हें सहयोग देने के लिये सभी पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञाल्छन ठाकुर, जिप अध्यक्ष अनुराधा राणा, उपाध्यक्ष राजेश, जिप सदस्य दोरजे लारजे, जिप सदस्य कुंगा बोद्ध, जिप सदस्य छेजंग डोलमा, जिप सदस्या बिना देवी, बीडीसी प्रोमिला, बीडीसी भावना, डीसीसी प्रवक्ता अनिल सहगल, पूर्व बीडीसी अध्यक्ष नोरबू थोलकपा, केलांग ब्लॉक अध्यक्ष रमेश, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजित लेकी, दीपक, रोहन, चिराग, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि किरण, राज नेगी, निर्मला देवी, रानिका पंचायत प्रधान मानदासी, पूर्व जिला अध्यक्ष नोरवू छेलिंगपा सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आज होटल मरीना शिमला में सड़क सुरक्षा और परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में परिवहन विभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों एवं मदो पर विस्तृत चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी सक्रियता, मानवीय दृष्टिकोण एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अख्तियार करें, ताकि आम जन को इसका लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से प्रवेश करने वाली अनाधिकृत बसों पर हम जल्द ही कानून ला कर शिकंजा कसने जा रहे है, जिसके तहत उन बसों पर दैनिक 5 हजार, प्रति सप्ताह 25 हजार, महीने का 75 हजार और सालाना 9 लाख रुपए शुल्क वसूलने का प्रावधान किया जायेगा। शुल्क के माध्यम से सालाना लगभग 10 करोड़ की आय प्रदेश को प्राप्त होगी। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में बिना पंजीकरण के कोई भी गाड़ी न चलने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त सरकारी गाड़ियों को छोड़कर गाड़ियों पर लगी हुई प्लेट्स को भी हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में जेसीबी, पोकलेन एवं इसके अतिरिक्त अन्य भारी मशीनरी के कागज की जांच करे ताकि प्रदेश में बिना कर दिए बिना कोई भी मशीन या गाड़ी कार्य न कर सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकारी बेहतर कार्य का निष्पादन करें। प्रति वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारी को एक सम्मान प्रदान किया जायेगा जिस से विभाग में प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहेगा और साथ ही विभाग में बेहतर कार्य का निष्पादन हो सके। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने वित्त वर्ष 2023 -24 में राजस्व प्राप्तियों के तय लक्ष्य को लगभग 15 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। और जल्द ही तय लक्ष्य को पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वाहनों के विशेष फैंसी नंबर जारी करने के लिए संशोधित ई ऑक्शन प्रणाली 29 मई से पूरे प्रदेश में लागू की जाएंगी। इस से पूर्व प्रारंभिक तौर पर संशोधित ई ऑक्शन प्रणाली को बैजनाथ और शिमला में शुरू किया गया था। सफल परीक्षण के उपरांत यह प्रणाली पूरे प्रदेश में शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 327 नंबर फैंसी नंबर को ई ऑक्शन प्रणाली के लिए चिन्हित किया गया है जिसकी दर 10 हजार से 1 लाख रुपए तक निर्धारित की गई है। इस अवसर पर वाहनों पर लगने वाले कर पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में आयोजित जाईका की वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजनाओं (एनआरएम) की तीन दिवसीय 12वीं वार्षिक कार्यशाला को धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में, राज्य में लगभग 28 प्रतिशत हरित आवरण है और प्रदेश सरकार ने वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लिए जाईका द्वारा वित्त पोषित वानिकी और एनआरएम परियोजनाओं ने राज्य में हरित क्षेत्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले दो वर्षों में, उन्नत तकनीकों की मदद से 4 हजार 600 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर पौधारोपण किया गया है। सामुदायिक और वानिकी उद्देश्यों के लिए परियोजनाओं के माध्यम से उच्च गुणवता वाली पौध तैयार करने तथा 60 लाख से अधिक महत्वपूर्ण गुणवतापूर्ण प्रजातियों के पौधे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में 72 नर्सरी का नवीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे कृषि प्रधान राज्य में वन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश की अधिकांश आबादी अपनी आजीविका और अन्य रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए वन संसाधनों पर अधिक निर्भर है। जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्हांेने पर्यावरण हितैषी संसाधनों और समाधानों की खोज तथा वन संपदा को संरक्षित एवं बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने सात जिलों में 460 ग्राम वन विकास समितियों (वीएफडीएस) और 900 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के गठन के माध्यम से संयुक्त वन प्रबंधन गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण के लिए परियोजना के प्रयासों की सराहना की। परियोजना में वन आधारित समुदायों और वन विभाग के कर्मचारियों के लिए कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। जलवायु परिवर्तन और अन्य आपदाओं से उत्पन्न जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से 15 हजार से अधिक व्यक्तियों को आजीविका गतिविधियों और वनों के सुधार के दृष्टिगत प्रशिक्षित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन की कार्यकारी समिति की एक बैठक हुई। इसमें प्रदेश में पावर सेक्टर में हो रही गतिविधियों पर चर्चा हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि हिमाचल प्रदेश पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन वर्तमान में या भविष्य में होने वाली किसी भी अनबंडलिंग का विरोध करेगी। 2010 में भी पावर इंजिनीयर्स ने HPSEB के विघटन का विरोध किया था। पावर इंजीनियर्स और एम्प्लोईस यूनियन के विरोध से हिमाचल प्रदेश में HPSEBL अपने आपको अपने पुराने रूप मे कायम रख पाया था और इसका सीधा फायदा प्रदेश के लोगों को सस्ती बिजली के रूप में पिछले कई सालों से मिल रहा है। अगर HPSEBL से ट्रांसमिशन या जेनेरशन सेट्स बाहर किए जाते हैं तो प्रदेश के लोगों को बिजली काफी महंगे दर से मिलेगी और यह HPSEBL के अस्तित्व को भी अंधेरे के गर्भ में डाल देगा। इसमें यह देखा गया है कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ के लिए प्रदेश में HPSEBL के विघटन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ऐसी ताकतों का विरोध करेगी। इसके अलावा HPSEBL में OPS लागू करने में हो रहे विलंब पर भी चर्चा हुई। जहां एक और प्रदेश सरकार के OPS लागू करने के फैसले का हिमाचल प्रदेश पावर इंजीनियर्स ने स्वागत किया, वहीं HPSEBL में इसे लागू करने में हो रहे विलंब पर चिंता जताई।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ की प्रदेश पदाधिकारियों की एक ऑनलाइन बैठक 23 मई को हुई, जिसमे बोर्ड प्रबंधन द्वारा विद्युत बोर्ड में पुरानी पेंशन को लागू करने में की जा रही अनावश्यक देरी पर चर्चा की गई। तकनीकी कर्मचारी संघ ने पहले इस विषय पर बोर्ड के प्रबंध निदेशक से वार्ता की थी, उन्होंने सर्विस कमिटी में इस विषय पर समाधान की बात कही थी, परंतु सर्विस कमिटी ने इस पर चर्चा न करके कर्मचारियों को निराश किया है। इस बारे में संघ ने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को पत्र के माध्यम से भी आग्रह किया गया था कि विद्युत बोर्ड प्रबंधन वर्ग को विद्युत बोर्ड के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने के आदेश जारी करे। संघ ने उसके उपरांत प्रेस के माध्यम से भी बोर्ड प्रबंधन को पुरानी पेंशन लागू न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। तकनीकी कर्मचारी संघ की बैठक में फैसला लिया गया है कि पुरानी पेंशन विद्युत बोर्ड के सभी कर्मचारियों के हितों से जुड़ा एक साझा मुद्दा है इसलिए तकनीकी कर्मचारी संघ 25 मई को पुरानी पेंशन बहाली हेतु कुमार हाउस में प्रस्तावित धरने का भरपूर समर्थन करती है और पूरे प्रदेश के विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी धरने में शामिल होंगे और इस बारे में सभी जिलों, यूनिटों और कार्यसमिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं संघ के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा ने कहा है की तकनीकी कर्मचारी संघ विद्युत बोर्ड के विघटन करने का विरोध करता है और करता रहेगा। उन्होंने कहा है की अन्य संगठनों को ये भी ध्यान के रखना चाहिए कि 2010 में जब ये त्रिपक्षीय समझौता हुआ था, उसमें तकनीकी कर्मचारी संघ की अहम भूमिका रही है और आने वाले समय में भी विधुत प्रबंधन वर्ग अगर विद्युत बोर्ड के विघटन की ओर बढ़ता है तो तकनीकी कर्मचारी संघ संघर्ष की ओर कदम बढ़ाएगा ।
शिमला के ऐतिहासिक भवन बैंटनी कैसल का जीर्णोद्धार लगभग पूरा होने को है। मंगलवार शाम को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री परिवार सहित बैंटनी कैसल में आयोजित होने वाले डिजिटल लाइट एंड साउंड शो का ट्रायल देखने पहुंचे। शिमला के ऐतिहासिक भवन बैंटनी कैसल में लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से ब्रिटिश काल से लेकर शिमला में अब तक हुए बदलाव को दिखाया जा रहा है। 25 मई तक लाइट एंड साउंड शो का ट्रायल किया जा रहा है इसके बाद लोगों को टिकट लेकर शो दिखाया जाएगा। इस शो में ब्रिटिश काल से लेकर अब तक राजधानी में हुए बदलाव और बैंटनी कैसल के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को दिखाया जा रहा है। शो में दिखाया जा रहा है कि जब से बैंटनी कैसल की ऐतिहासिक इमारत बनी है, उसके बाद से अब तक इसके आसपास के इलाके सहित पूरे शिमला में क्या बदलाव देखने को मिला है। शो दो शिफ्टों में आधे-आधे घंटे के लिए दिखाया जाएगा। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विदेशों में इस तरह के आयोजन 1950 से होते आए हैं शिमला में पहली दफा इस तरह का प्रयास किया जा रहा है जिससे शिमला के स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए बैंटनी कैसल एक आकर्षक स्थल बनकर उभरेगा। बैंटनी कैसल में म्यूजियम और कैफेटेरिया बनाना प्रस्तावित है।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी 25 मई को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। जगत सिंह नेगी 25 मई को प्रातः 11.30 बजे सोलन के कोठों स्थित सभागार में स्वर्णिम हिमाचल जन जागरण समिति द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम ‘स्नेह मिलन कार्यक्रम-2023’ में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। वह तदोपरांत जनसमस्याएं भी सुनेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ अर्से से हम देख रहे हैं कि सरकार में कई प्रकार की विवाद चल रहे हैं। अब तो लिखित रूप में एक कथित पत्र भी वायरल हुआ है। हालांकि पत्र किसने लिखा है उसकी जानकारी नहीं है पर पत्र अपने आप में ही एक बड़ा चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह इस पत्र को लेकर जांच करें और जो भी तथ्य है वह जनता के बीच स्पष्ट रूप से लेकर आएं, यह हमारा मुख्यमंत्री से आग्रह है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बारे में इस प्रकार से चर्चा चल रही है और इससे सरकार का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इस पत्र के बाद सरकार पर बहुत सारी चीजों को लेकर उंगली खड़ी हो रही है। हम मुख्यमंत्री से आग्रह करना चाहते हैं कि तुरंत इस सारे मामले की छानबीन करें और छानबीन पूर्ण होने के बाद इसके तथ्य जनता के समक्ष लेकर आए ऐसे पत्र पहले भी आए हैं पर इन सभी की जांच जरूरी है, हकीकत क्या है यह जनता के बीच आनी चाहिए।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के राज्य चेयरमैन व जिला कांगड़ा प्रभारी सचिन जसवाल व फतेहपुर खंड की समस्त कार्यकरिणी ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व स्थानीय विधयाक भवानी सिंह पठानिया का पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर आभार व्यक्त किया। संघ ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक भवानी पठानिया, उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान सचिन जसवाल ने स्थानीय विधायक के माध्यम से रोहित ठाकुर को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें विभिन्न वर्गों के अध्यपकों की चिर लंबित मांगों के उचित निर्धारण के लिए मांग की। इस दौरान जसवाल ने हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के साथ बैठक के आयोजन के बारे में चर्चा की। संघ की तरफ से फतेहपुर से नरदेव पठानिया, प्रकाश पठानिया,प्रमोद राणा, सुरिंदर कुमार, मदन लाल, रमन भारती, रशपाल, शौकत अली, अर्जुन सलारिया आदि माजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई भागों में 23 व 24 मई को भारी बारिश, ओलावृष्टि व अंधड़ चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 28 मई तक प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में यह बदलाव आने की संभावना है। वहीं, 25 व 26 मई के लिए अंधड़ चलने का येलो अलर्ट चलने से भूस्खलन, खड़ी फसलों, फलों के पौधों और नई पौध को नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानी को भी नुकसान हो सकता है। हिमाचल प्रदेश में कई जिले में तापमान 42.4 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम खराब होने से भूस्खलन, खड़ी फसलों, फलों के पौधों और नई पौध को नुकसान हो सकता है। शिमला में न्यूनतम तापमान 19.3, सुंदरनगर 17.7, भुंतर 13.8, कल्पा 9.4, धर्मशाला 17.2, ऊना 22.2, नाहन 21.5, केलांग 6.7, पालमपुर 20.0, सोलन 17.2, कांगड़ा 21.4, मंडी 18.1, बिलासपुर 21.0, हमीरपुर 20.0, चंबा 17.6, डलहौजी 20.0, जुब्बड़हट्टी 22.2, कुफरी 17.1, नारकंडा 14.4, भरमौर 13.0, रिकांगपिओ 12.9, धौलाकुआं 22.7, बरठीं 18.5, पांवटा साहिब 26.0 और देहरागोपीपुर में 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
शिमला के रोहड़ू उपमंडल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जहां कार (HP 06A -5332) के खाई में गिरने से तीन युवकों की मौत व दो अन्य घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे पेश आया, जब युवक शादी समारोह से रामपुर की तरफ जा रहे थे। तीनों मृतक रामपुर के रहने वाले थे, जिनकी आयु 18 से 20 साल है। मृतकों की पहचान श्रेय नेगी (18) पुत्र लेख राज निवासी तकलेच, शिवांग (18) पुत्र रूप लाल निवासी मझारली और जतीर (20) पुत्र मनी लाल निवासी तकलेच के रूप में हुई है। वहीं घायलों में करूण चौेहान (20) पुत्र तारा चांद निवासी करतोट और रमन (22) पुत्र राज पाल निवासी तकलेच शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार सुबह कांगड़ा दौरे पर पहुंचे। कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक सुधीर शर्मा, रघुवीर बाली, केवल सिंह पठानिया, यादविंद्र गोमा, भवानी सिंह पठानिया इत्यादि ने गगल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री 11 बजे उपायुक्त कार्यालय सभागार में जिले के लिए प्रस्तावित तथा चल रही पर्यटन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उनका रात्रि ठहराव सर्किट हाउस धर्मशाला में रहेगा। मुख्यमंत्री 24 मई को प्रातः साढ़े 10 बजे उपायुक्त कार्यालय सभागार में ग्रामीण विकास, राजस्व, सामाजिक कल्याण, कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य एवं रेशम पालन विभागों की परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। वे उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग, जल शाक्ति, वन,ऊर्जा एवं बहुउद्देशीय परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज उत्तराखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ महासू मंदिर हनोल में शीश नवाजा। उन्होंने कहा कि आज महासू देवता हनोल दरबार में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रदेश के लोगो की सुख शांति, समृद्धि एवं सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महासू देवता हनोल उत्तराखंड ही नही बल्कि हिमाचल सहित देश के अलग अलग हिस्सों में एक आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी प्रो सिम्मी अग्निहोत्री, बेटी आस्था अग्निहोत्री , प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 23 से 31 मई तक कांगड़ा जिला के प्रवास पर रहेंगे। इस अवधि के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे, परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा जन जनसमस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री 23 मई को शिमला से रवाना होंगे और प्रातः 9.30 बजे गग्गल हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके उपरांत वह धर्मशाला में पर्यटन विकास से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री 24 मई को धर्मशाला में विभिन्न विभागों तथा पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। सीएम सुक्खू 25 मई को धर्मशाला में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाएंगे तथा मैक्लोडगंज बस अड्डे का भूमि पूजन भी करेंगे। वह ढगवार दुग्ध संयंत्र तथा धौलाधार जैव विविधता पार्क का दौरा करने के उपरांत जनसमस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री 26 मई को देहरा में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। वह 27 मई को नई दिल्ली में नीति आयोग के शासी निकाय की बैठक में भी शामिल होंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 28 मई को धर्मशाला में एन.पी.एस. संघ द्वारा आयोजित आभार रैली में शिरकत करेंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 31 मई को कांगड़ा जिला के फतेहपुर में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री के कांगड़ा जिला के प्रवास से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। वह प्रवास के दौरान आम लोगों से भेंट भी करेंगे। इससे आम लोगों को अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। वह निःसंकोच अपनी समस्याओं व मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर पाएंगे।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार का बनना तय है आज भारतीय जनता पार्टी पूरे हिमाचल प्रदेश में और देश में मोदी जी की सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, इसको लेकर शिमला में प्रदेश कार्यसमिति की एक विशेष बैठक हुई थी जिसमें यह तय हुआ था कि पूरे प्रदेश भर में सभी जिलों में इस कार्यक्रम को लेकर बैठकों का आयोजन किया जाएगा और इसके उपरांत मंडलों की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता लोकसभा अनुसार प्रवास करेंगे और उन में महत्वपूर्ण नागरिकों के साथ मुलाकात करेंगे। ऐसे हिमाचल प्रदेश में 4 संसदीय क्षेत्र है जिसके अंतर्गत प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में भाजपा नेता 250 लोगों से भेंट करेंगे जो कि पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल 1000 होंगे। यह वरिष्ठ नागरिक ऐसे होंगे जो सामाजिक क्षेत्र के आइकॉन होंगे, जिन्होंने किसी भी प्रकार से समाज के उत्थानकार्य या अन्य किसी भूमिका में अग्रिम भूमिका निभाई है ऐसे प्रत्येक मंडल में हम 60 से 65 लोगों से मिलने का प्रयास करेंगे। खन्ना ने बल देते हुए कहा देश के लिए एक बार फिर मोदी का प्रधानमंत्री बनना जरूरी है, आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली पांचवी अर्थव्यवस्था बन गया है और आने वाले समय में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा संपर्क से समर्थन अभियान चलाएगी जिसके अंतर्गत हम हिमाचल प्रदेश के सभी लोगों से मिलेंगे और केंद्र सरकार में नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने उसका समर्थन मांगेंगे, भाजपा पूरे प्रदेश भर में महा जनसंपर्क अभियान का आयोजन करेगी जो कि 20 जून से 30 जून तक चलेगा इसके अंतर्गत हम पूरे प्रदेश भर में घर-घर जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने का प्रयास करेंगे उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के बीच जाकर एक बार फिर जनसमर्थन मांगेगी और जिस प्रकार आपको याद ही है कि कोविड संकट काल के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस प्रकार से प्रत्येक व्यक्ति को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध करवाई थी जो को एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही और ना ही देश के नागरिकों को प्रधानमंत्री ने सुरक्षा कवच प्रदान किया अपितु विदेशों में भी मुफ्त वैक्सीन प्रदान कर भारतवर्ष की साख पूरे विश्व में बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के जो भी विचार जनसंघ के समय थे उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है और जो हमारे कार्य रह गए हैं उन्हें आने वाले समय में हम पूरे करेंगे। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है जिन्होंने देश से धारा 370 हटाने का कार्य किया है इससे पहले कई सरकारी आई पर उन्होंने इसको हटाने में कभी भी उचित प्रयास नहीं किया।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 9 वर्ष 30 मई को पूर्ण होने जा रहे हैं और इसको भाजपा पूरे हिमाचल प्रदेश में एक पर्व के रूप में मनाने जा रही है। इस कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में अति उत्साह है और जितने भी कार्यक्रम केंद्र नेतृत्व द्वारा हिमाचल प्रदेश को भेजे गए हैं उसको धरातल पर उतारने के लिए भाजपा का मजबूत कार्यकर्ता उत्साहित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल से भावात्मक नाता है और उन्होंने हिमाचल प्रदेश की प्रगति के लिए कभी भी कोई कमी नहीं रखी है। चाहे हम बात करें बल्क ड्रग पार्क की या मेडिकल डिवाइस पार्क की, इनके निर्माण कार्य में हमेशा केंद्र का अद्भुत सहयोगी हिमाचल प्रदेश को प्राप्त हुआ है इन दोनों योजनाओं से हिमाचल प्रदेश को बहुत लाभ होगा और आने वाले समय में हजारों युवाओं को इन परियोजना में नौकरियों के स्वर्ण अवसर प्राप्त होंगे। कश्यप ने कहा कि चाहे हम चंडीगढ़ सोलन शिमला नेशनल हाईवे की बात करे या सिरमौर को जोड़ने वाले ही ग्रीन कॉरिडोर की दोनों से हिमाचल प्रदेश को बहुत बड़ा लाभ हुआ है जिससे हिमाचल प्रदेश में पर्यटक बढ़ेगा और स्थाई जनता को इसका बड़ा लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा की मेडिकल डिवाइस पार्क का दूसरा चरण शुरू हो गया, नालागड़ कटिंग का काम समाप्त हो गया है अब लेवलिंग और फीलिंग का काम दूसरे चरण में होगा। मेडिकल डिवाइस पार्क को 100 करोड़ की ग्रांट मिल गई है और इसकी स्थापना पर 350 करोड़ पर खर्च होगा, नालगढ़ में 265 एकड़ भूमि इस पार्क के लिए चयनित कर ट्रांसफर हो चुकी है। इसके निर्माण कार्य के लिए डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड एजेंसी के रूप में काम कर रही है । इस पार्क में सरकार ने 5000 करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा है जिसमें 10000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए ड्राफ्ट लैंड पॉलिसी फाइनल हो चुकी।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज चौपाल विधानसभा क्षेत्र प्रवास के दौरान विश्राम गृह चौपाल में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से भेंट की तथा जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि आम जन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निपटारा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग, एचआरटीसी और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ चौपाल क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रतिबद्धता के साथ कार्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने और क्षमता को सशक्त करने के लिए ऑडिट प्रवर्तन की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने के लिए एक वृहद एवं महत्वाकांक्षी योजना कार्यान्वित करने जा रहा है। इसके दृष्टिगत राज्य मंत्रिमंडल से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल को कार्यान्वित करने का मुख्य ध्येय वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े राजस्व नुकसान को कम करना है। विभाग अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के नियोजन और विशेषज्ञों की तैनाती से कर चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है ताकि प्रदेश के राजस्व को मज़बूत किया जा सके। इस परियोजना के कार्यान्वयन से जीएसटी बकाएदारों का वास्तविक डेटा उपलब्ध होगा और निरीक्षण तथा त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों के कामकाज में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर सदैव बल दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा लेखा परीक्षा प्रवर्तन की आधुनिक तकनीक को अपनाने से सटीक डेटा तैयार करने, कर धोखाधड़ी का पता लगाने और उसकी रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस परियोजना के कार्यान्वित होने से प्रदेश के वार्षिक राजस्व में 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी होगी। सीमित श्रम शक्ति के दृष्टिगत, कर हानि की पहचान करने के लिए करदाताओं के आंकड़ों का तुरंत विश्लेषण करने की एक महत्वपूर्ण चुनौती विभाग के समक्ष आयी है। एआई प्रौद्योगिकी उपयोग से इस चुनौती से निपटने की योजना तैयार की गई है। इससे कर चोरी के मामलों की त्वरित पहचान करने तथा राज्य के जीएसटी राजस्व को बढ़ाने के लिए सटीक जानकारी भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, इस परियोजना के माध्यम से समय-समय पर राजस्व संग्रह पैटर्न का विश्लेषण करने तथा प्रोत्साहन नीतियों पर निर्णय लेने में राज्य सरकार को मदद प्राप्त होगी। साथ ही, स्वैच्छिक कर अनुपालन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना विभागीय अधिकारियों की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व में वृद्धि के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा कि एआई प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन से विभाग को मौजूदा चुनौतियों से और अधिक कुशलता से निपटने में मदद मिलेगी। एआई को अपनाने और उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकों को शामिल करके, राज्य कर एवं आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने, कर चोरी से निपटने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने में और अधिक सक्षम होगा। आधुनिक तकनीकों को नियोजित कर राज्य सरकार के इस तरह के प्रयास सरकारी कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम यानि एचआरटीसी को प्रदेश की लाइफलाइन माना जाता है। कहते है जहाँ कोई नहीं जाता वहां एचआरटीसी जाती है। हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों, संकरी सड़कों और खतरनाक राहों पर लगातार आगे बढ़ती एचआरटीसी प्रदेश के जन- जन को मुख्यधारा से जोड़ती है। एचआरटीसी का सफर शानदार भी है और भरोसेमंद भी। एचआरटीसी किसी को समय पर दफ्तर पहुंचाती है, तो किसी को समय पर स्कूल। जहाँ लोगों के पास निजी वाहन नहीं, जहाँ प्राइवेट बसें नहीं जाती वहां एचआरटीसी पहुँचती है। हिमाचल में यात्री परिवहन यानि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एकमात्र साधन बस है क्योंकि इस राज्य में रेलवे की उपस्थिति नगण्य है। पठानकोट को जोगिंदरनगर और कालका को शिमला से जोड़ने वाली नैरो गेज लाइन पर रेल इतनी धीमी गति से आगे बढ़ती है कि उनके माध्यम से रोज़ाना यातायात संभव नहीं। यहाँ एयर कनेक्टिविटी भी ख़ास नहीं, यानी बस ही जीवन धारा है। प्रदेश भर में निगम की 3 हजार 132 बसें चलती हैं। यह बसें 3 हजार 719 रूटों पर संचालित की जाती हैं। हालाँकि हिमाचल की ही कुछ सड़कों की तरह एचआरटीसी के हालात भी जर्जर होते जा रहे है। निगम लगातार घाटे में है। प्रदेश की इस जीवनधारा को सड़क तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाले हाथ हर महीने कमाई को तरस जाते है। हर महीने तनख्वाह और पेंशन का इंतज़ार करना पड़ता है। एचआरटीसी आम लोगों को गंतव्य स्थान तक ही नहीं पहुंचाती बल्कि हिमाचल की जनता को कम से कम किराये में सफर करवाती है और शायद यही कारण है कि आज एचआरटीसी खुद ही हांफने लगी है। एचआरटीसी का सफरनामा एचआरटीसी ने एक लम्बा सफ़र तय किया है। 1960 में मंडी-पठानकोट मार्ग पर लॉर्ड क्लेयर नामक एक निजी कंपनी द्वारा हिमाचल प्रदेश में पहली बार बस सेवा शुरू की गई थी। इसके बाद मंडी राज्य के राजा ने मंडी राज्य परिवहन का गठन किया और 1945 और 1946 में मंडी-बैजनाथ मार्ग पर बस सेवा शुरू की। 1958, में पहला निगम, "मंडी-कुल्लू सड़क परिवहन निगम" सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया। 1966 में पंजाब राज्य के पुनर्गठन के साथ, पंजाब के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों को हिमाचल में मिला दिया गया और मंडी-कुल्लू सड़क परिवहन निगम के परिचालन क्षेत्र पूरी तरह से हिमाचल में आ गए। हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्थापना 24 सितंबर 1974 को हुई और फिर 2 अक्टूबर, 1974 को इसे मंडी-कुल्लू पथ परिवहन कॉरपोरेशन के साथ मर्ज कर दिया गया। अपनी स्थापना के समय से ही हिमाचल सड़क परिवहन निगम ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। हिमाचल सड़क परिवहन निगम ने लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, किन्नौर, सिरमौर और केलांग जैसे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बस रूट नेटवर्क विकसित किया है। राज्य में यात्री परिवहन सेवाएं प्रदान करने के अलावा, हिमाचल सड़क परिवहन निगम राज्य के दूर-दराज के उन इलाकों में भी पहुंचते है जहां निजी ट्रक मालिक जाने से हिचकिचाते हैं, खाद्य और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए माल परिवहन सेवाएं संचालित कर रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने निसंदेह राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अन्य राज्यों की तुलना में, पहाड़ी इलाकों के कारण, कालका-शिमला और पठानकोट-जोगिंदर नगर के बीच संचालित नैरो-गेज ट्रेनों को छोड़कर, हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क नहीं है। राज्य में सड़क अवसंरचना बढ़ रही है जिससे परिवहन की मांग में वृद्धि हुई है। इस प्रकार, राज्य में यात्री परिवहन पूरी तरह से सड़क परिवहन पर निर्भर है और एचआरटीसी दिए गए संसाधनों में अपनी भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा है। हिमाचल के लगभग हर क्षेत्र में हिमाचल सड़क परिवहन निगम कठिन भूभाग और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद अपनी सेवाएं संचालित कर रहा है। इतना ही नहीं, निगम अंतर्राज्यीय मार्गों का भी संचालन कर रहा है और हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान को सीधी सेवाएं प्रदान कर रहा है। 65 करोड़ आय, करीब 134 करोड़ व्यय : वर्तमान में एचआरटीसी 1355 करोड़ के घाटे में है। परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एचआरटीसी की मासिक आय 65 करोड़ रुपये है, जबकि इसका खर्च करीब 134 करोड़ रुपये है। यानी कि प्रतिमाह राज्य सरकार की ओर से 69 करोड़ का खर्च उठाया जाता है। इसके बावजूद एचआरटीसी ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रही है। वहीं एचआरटीसी को महिलाओं और बच्चों को रियायती यात्रा की पेशकश के साथ-साथ कुछ पैसेंजर्स के साथ दूरदराज के क्षेत्रों में बसों के संचालन की वजह से नुकसान उठाना पड़ता है। वेतन और पेंशन में भी देरी : घाटे के कारण हर माह एचआरटीसी के कर्मचारियों को वेतन का इंतज़ार करना पड़ता है। न कर्मचारियों का वेतन समय पर आता है और न पेंशनरों की पेंशन। सरकार का कहना है कि इस भारी नुकसान के कारण कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में देरी होती है। नई सरकार, जगी आस... सुधार का ब्लूप्रिंट तैयार एचआरटीसी की आर्थिक हालत रातों रात नहीं बिगड़ी, बल्कि आहिस्ता -आहिस्ता ऐसा हुआ है। सरकारों ने वादे किये, दावे किये लेकिन धरातल पर सुधार के लिए कोई व्यापक कदम नहीं उठाये गए। ये ही कारण है, धीरे होते होते एचआरटीसी आज हांफ रही है। अब मौजूदा सरकार ने एचआरटीसी की हालत सुधारने के लिए व्यापक बदलाव करने का आश्वासन दिया है। सरकार एचआरटीसी कर्मचारियों की सुध लेने का वचन भी दोहरा रही है और बड़े बदलाव के लिए तैयार भी है। खुद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पास परिवहन महकमा है और एचआरटीसी को लेकर अग्निहोत्री का स्टैंड क्लियर है। सीएम सुक्खू भी निजी तौर पर इसमें रूचि ले रहे है। ये एक सुखद संकेत भी है और इस आस का संदर्भ भी कि एचआरटीसी के दिन अब फिरने वाले है। समय पर वेतन -पेंशन और नया वेतनमान : उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एचआरटीसी कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि उनका वेतन हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाएगा। सरकार ने ये भी वादा किया है कि एचआरटीसी कर्मियों और पेंशनरों को नया वेतनमान दिया जाएगा। इस पर करीब 23 करोड़ खर्च आएगा। पेंशनरों को लंबित पेंशन के लिए सरकार ने 9 करोड़ देने की स्वीकृति दी है। पैसा मिलते ही पेंशन जारी की जाएगी। निगम कर्मियों के वेतन-भत्ते देने के लिए हर माह सरकार 69 करोड़ देती है। इसे एकमुश्त देने की सरकार से मांग की गई है। 39 माह का नाइट ओवरटाइम लंबित है, पिछली साल का भी देंगे लेकिन पहले अपनी सरकार के कार्यकाल की अदायगी करेंगे। एचआरटीसी पहला निगम है, जिसमें कर्मियों को ओपीएस देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में एचआरटीसी के चालकों-परिचालक को ओवरटाइम और रात्रि भत्ते की देनदारी दो माह के भीतर दो किस्तों में देने की बात कही है। करीब 11 करोड़ की देनदारी लंबित है। मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने के साथ चिकित्सा प्रति पूर्ति बिलों का शीघ्र भुगतान करने की भी घोषणा की है । सुधार का फार्मूला : मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए कम सवारियों वाले रूट बंद किए जाएंगे। रूटों पर चलने वाले चालकों-परिचालकों की फीडबैक पर ये रूट बंद होंगे। राजनीतिक आधार पर चलाए गए रूटों पर सवारियां नहीं होंगी, तो बस भी नहीं चलेगी। दो-दो सवारियां लेकर बसें 40 से 50 किलोमीटर चल रही हैं। तेल का खर्च नहीं निकल रहा है। ब्लैक स्पॉट को लेकर भी चालकों-परिचालकों से फीडबैक लेंगे। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को दुरुस्त करेंगे। 225 टाइप-टू ई-बसें खरीदने को मंजूरी : मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि सरकार ने कैबिनेट में 225 टाइप-टू ई-बसें खरीदने की मंजूरी दी है। ये बसें मौजूदा ई-बसों से ऊंची और लंबी होंगी। चार्जिग के बाद मौजूदा बसों के मुकाबले अधिक दूरी तय करेंगी। इनके लिए रूट चिह्नित किए गए हैं। 225 नई ई-बसें आने के बाद ई-बसों का बेड़ा 300 हो जाएगा। मौजूद समय में निगम के बेड़े में 3123 बसें हैं। 3219 रूट चलाए जा रहे है। 1199 बसें जीरो बुक वैल्यू हैं, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। इनमें 202 तुरंत हटाई जाएंगी। 15 साल पुरानी 167 बसें पहले ही हटा दी गई हैं। कुछ 600 नई बसें खरीदेंगे। इनमें 196 खरीद ली हैं जो 150 डीजल, 15 ई-बसें धर्मशाला, 20 ई-बसें शिमला और 11 वोल्वो शामिल हैं। 300 डीजल बसें खरीदने की भी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। वोल्वो माफिया पर लगेगा अंकुश शिमला और मनाली सहित अन्य क्षेत्रों के लिए रोजाना करीब 250 अवैध वोल्वो चलती हैं। इनमें बड़ी संख्या में सैलानी सफर करते हैं। इन वोल्वो से सालाना 9 लाख टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए तमिलनाडु हाईकोर्ट के फैसले को आधार बनाया गया है। प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर ही हिमाचल टैक्स की वसूली कर दी जाएगी। ये है एक्शन प्लान : - धार्मिक स्थलों के लिए चलेंगी लग्जरी बसें - 30 जून से पहले पंजीकृत करवाने होंगे जेसीबी, पोकलेन, ट्रैक्टर - ठियोग, ढली और करसोग में नए डीजल पंप स्थापित होंगे - एचआरटीसी के अधिकृत ढाबों की होगी समीक्षा - निजी बसों के साथ विवादास्पद टाइम टेबल की होगी समीक्षा - बेरोजगारों को दिए जाएंगे 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर के 500 रूट - फील्ड में भेजे जाएंगे सालों में दफ्तरों में जमे चालक-परिचालक - आय बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों के परिवहन निगम और रोडवेज का होगा अध्ययन - ढली में बनेगा आधुनिक बस अड्डा
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के महासचिव रजनीश किमटा ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के " मुख्यमंत्री सिर्फ तीन चार विधानसभा क्षेत्रों का ही दौरा कर पाए हैं और बाकी आर्थिक तंगी की हालत का हवाला देकर शिमला में ही डटे हुए हैं" बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर शायद ये भूल गए हैं कि उनके समय हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री कार्यालय के जो हालात थे और जिस तरह से भ्रष्टाचार के साथ तबादला उद्योग पनपा हुआ था, उसे दुरुस्त करने में समय तो लगेगा ही और यही कारण है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठकर उन कमियों को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं। रजनीश किमटा ने कहा कि पूर्व भाजपा की सरकार में जयराम ठाकुर दिल्ली के ही दौड़ में दिखाई देते थे और उन्होंने कभी भी डबल इंजन की सरकार वाली फीलिंग हिमाचल प्रदेश की जनता को नहीं दी थी। मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे भी कर रहे हैं और दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के लिए बड़े आर्थिक पैकेज को लेकर भी आ रहे हैं। रजनीश किमटा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश की जनता में जाहिर कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश में घूमकर प्रदेश का विकास नहीं होगा, अगर मुख्यमंत्री कार्यालय मजबूत होगा यहां पर सभी अफसरों की जवाबदेही को तय किया जाएगा और समय के साथ सभी विकास के कामों को पूरा किया जाएगा तभी हिमाचल प्रदेश का विकास होगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने दो हजार रुपए का नोट सरकुलेशन से बंद करने का फैसला लिया है। इसके लिए आम जनता को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। इस कदम में बाद कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के बयानों पर पलटवार किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं द्वारा बेवजह पैनिक क्रिएट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दो हजार का नोट बंद करना समय की आवश्यकता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक असर नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने आम जनता को नोट बदलवाने और अपने नोटों को खाते में जमा करवाने के लिए पर्याप्त समय दिया है। ऐसे में किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। विपक्ष के कुछ नेता लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आम जनता 30 सितंबर तक सुविधा अनुसार दो हजार रुपए के नोट या तो बदलवा सकती है या अपने खाते में जमा कर सकती है।
तीन रिक्त मंत्री पद और तीन कसौटियों पर खरा उतरने की चुनौती। सुक्खू कैबिनेट के विस्तार की अटकलों के बीच एक बार फिर जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी में राजनैतिक संतुलन को लेकर चर्चा हो रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि सुक्खू कैबिनेट में क्षेत्रीय असंतुलन दिखता है, किसी एक ज़िले से तीन मंत्री है तो सियासी तौर पर सबसे वजनदार ज़िले के हिस्से में महज एक पद। इसी तरह कैबिनेट में अब तक 6 राजपूत चेहरे है, जबकि सिर्फ एक -एक ब्राह्मण, एससी और ओबीसी है। यानी इस पैमाने पर कैबिनेट का संतुलन राजपूत समुदाय की तरफ ज्यादा ही झुका सा है। इसी तरह अगर पार्टी की अंदरूनी राजनीति की बात करें मोटे तौर पर पार्टी में अब तक सब ठीकठाक है। कांग्रेस के लिए अंदरूनी समीकरणों में संतुलन और सामंजस्य बिठाना कुछ खास मुश्किल नहीं रहा। पर आहिस्ता - आहिस्ता अब दिल्ली की मुलाकातें और बंद कमरों में हो रही बातों को लेकर कयासबाजी हो रही है। मामला 'आउट ऑफ़ कंट्रोल' न सही लेकिन विरोधियों को इसमें संभावना जरूर दिख रही होगी। प्रबल सम्भावना है कि जल्द सुक्खू कैबिनेट का स्वरुप बदलेगा और ऐसे में मंत्री पद के तमाम चाहवानों का बेक़रार होना लाजमी है। हालांकि कुछ जानकार अब भी मानते है है कि सीएम सुक्खू अब भी किसी जल्दबाजी में नहीं है और संभव 'वॉच एंड होल्ड' की नीति पर ही टिके रहें। पर अगले साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव है और ऐसे में संभवतः अब ज्यादा विलम्ब न हो। साल 2022 में कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ सत्ता पर काबिज हुई। तत्पश्चात पदों का बंटवारा हुआ, किसी को थोड़ा कम मिला तो किसी को थोड़ा ज्यादा। कैबिनेट के कुल 12 में से 9 पदों पर नियुक्तियां हो गई, जबकि तीन पद खाली रख लिए गए। जाहिर है मंशा साफ़ थी कि वक्त और मौके की नजाकत के लिहाज से संतुलन बरक़रार रखने में इनका इस्तेमाल किया जायेगा। अब इन तीन मंत्री पदों के जरिये पार्टी को क्षेत्रीय और जातीय के साथ -साथ, पार्टी के भीतर भी संतुलन सुनिश्चित करना है। पर ये तीन पद कब भरे जाएंगे, फिलवक्त निगाह इसी पर है। पद तीन और चाहवान कई : पद बेशक सिर्फ तीन हो लेकिन दावेदारों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। इनमें सबसे पहला नाम है धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा का, क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को देखा जाए तो सुधीर जिला काँगड़ा से आते है और ब्राह्मण फेस भी है। दूसरा नाम ज्वालामुखी से विधायक संजय रत्न का है। संजय रतन भी ब्राह्मण समुदाय से है और कांगड़ा से भी। इसके अलावा जयसिंहपुर से विधायक यादविंदर गोमा भी मंत्री पद की दौड़ में है। गोमा एससी चेहरा है और वे भी जिला काँगड़ा से संबंध रखते है। जानकार मानते है कि जिला कांगड़ा को दो मंत्री पद मिल सकते है। वहीँ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के करीबियों में गिने जाने वाले घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश धर्माणी मंत्रिमंडल विस्तार के पहले चरण में मंत्री नहीं बन पाए हैं। धर्माणी ब्राह्मण फेस है और क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिहाज़ से भी मंत्री पद के प्रबल दावेदार है। इसके अलावा जिला हमीरपुर से सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा और बड़सर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल भी मंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे है। जातीय समीकरणों पर गौर करे तो राणा राजपूत है और लखनपाल ब्राह्मण चेहरा है। हालाँकि क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज़ से प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, दोनों ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से है ऐसे में इस संसदीय क्षेत्र को और पद मिलना मुश्किल जरूर लगता है। बहरहाल शेष तीन पदों को भरते वक्त क्या सीएम सुक्खू का निर्णय ही अंतिम होगा या आलाकमान इसमें दखल देता है, इस पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। निगाहें होलीलॉज पर भी टिकी है, अलबत्ता संगठन की कमान प्रतिभा सिंह के पास हो लेकिन सरकार में चहेतों को प्रतिनिधित्व को लेकर उनका क्या रुख रहता है, ये देखना दिलचस्प होगा।
हिमाचल की सियासत में इन दिनों 'व्यवस्था परिवर्तन' का नारा बुलंद है। सत्ताधारी कांग्रेस के इस दावे और इरादे पर भाजपा मुखर है। किन्तु प्रदेश के साथ -साथ भाजपा में भी व्यवस्था परिवर्तन की दरकार दिख रही है। लगातार सियासी चौसर पर शह-मात खा रही भाजपा ने प्रदेश की कमान तो नए हाथों में दे दी है, लेकिन जरूरत तो पार्टी में 'टॉप टू बॉटम' बदलाव की है। जाहिर है भाजपा भी इससे वाकिफ है और अब निगाहें इसी संभावित बदलाव पर टिकी है। 2024 के लिहाज़ से भी पार्टी संगठन में सशक्त टीम का होना वक्त की जरुरत है। 2019 के लोकसभा चुनाव की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा ने प्रदेश में हुए दो उपचुनाव भी जीते थे और उसके बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की जगह डॉ राजीव बिंदल को अध्यक्ष बनाया गया था। बिंदल ने आते ही नई टीम बनाई, हालांकि अहम पदों के बंटवारे में तब आकार ले रहे जयराम गुट की छाप दिखी। जबकि माना जाता है कि जमीनी संगठन काफी हद तक बिंदल के मन मुताबिक था। फिर 6 महीने में बिंदल की कुर्सी स्वास्थ्य घोटाले की भेंट चढ़ी और तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की रज़ा से सुरेश कशयप हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष बने। कश्यप ने चार्ज लेने के बाद जमीनी संगठन में ज्यादा बदलाव नहीं किये। शायद ये ही कारण है कि संगठन के शीर्ष पर बैठे नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच खाई सी दिखती रही। इसकी तस्दीक ये बात भी करती है कि बीते विधानसभा चुनाव में हिमाचल भाजपा ने अपनी सबसे बड़ी बगावत को देखा, जब करीब एक तिहाई सीटों पर बागी खड़े हो गए। बगावत थामने में संगठन फेल हो गया। नतीजन, जिला मंडी में जयराम ठाकुर के जादू के बावजूद उनका मिशन रिपीट का सपना अधूरा रहा। अब समय ने फिर करवट ली है और सुरेश कश्यप को हटाकर वो ही बिंदल अध्यक्ष बने है जिनकी जगह कश्यप ने ली थी। बिंदल तेजतर्रार नेता है और सियासत के माहिर खिलाड़ी। माना जा रहा था संगठन में आवश्यकतानुसार व्यापक बदलाव होगा लेकिन उनकी ताजपोशी के एक महीने में कुछ ख़ास नहीं बदला। जानकार मान रहे है कि बिंदल संगठन में फ्री हैंड चाहते है और जल्द परिवर्तन होगा और वो भी उनके मन मुताबिक। लाजमी है संतुलन के लिहाज से कुछ चेहरे एडजस्ट किये जाएँ लेकिन फ्रंट ब्रिगेड में बिंदल की ही छाप दिखेगी। बहरहाल निगाहें इसी अपेक्षित बदलाव पर टिकी है। आग का दरिया है और डूब के जाना है... माना जा रहा है कि मण्डल स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आवश्यक बदलाव होंगे। हालांकि पार्टी के लिए ये बदलाव करना भी आसान नहीं है, आग का दरिया है और डूब के जाना है। दअरसल पार्टी को यहाँ कई फैक्टर्स ध्यान में रखने होंगे। गुटों के संतुलन के साथ साथ बदलाव में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधना भी बेहद जरूरी होगा। बहरहाल समर्थकों को उम्मीद ये है कि एक सशक्त संगठन के साथ भाजपा 2024 में फिर 2014 और 2019 जैसा जादू दोहराएगी। ReplyForward
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन कर्मचारियों को अब तक पुरानी पेंशन की घोषणा नहीं हो पाई है जिससे ये काफी रुष्ट है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम व विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा की विद्युत बोर्ड लिमिटेड 1-1-16 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों व मौजूदा कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का लाभ अदा करने की उचित व्यवस्था नहीं कर पाया है। आज सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित पेंशन ग्रेच्यूटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन न मिलने का मुख्य कारण कर्मचारियों का संशोधित वेतनमान के बाद वेतन निर्धारण व सत्यापन का कार्य पूरा ना हो पाना है। उन्होंने बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से मांग की हैं कि पेशनरों व कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का लाभ टाइमबॉन्ड अवधि में अदा करने के लिए पेंशन व वेतन सत्यापन ब्रांच में अतिरिक्त स्टाफ नियुक्त किया जाए ताकि पेंशनरों व कर्मचारियों में पनप रहा आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप धारण ना करे। खरवाड़ा ने विद्युत बोर्ड लिमिटेड के पेंशनरों को 3% महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने की मांग की और कहा की पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना भी अति शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने बिजली बोर्ड लिमिटेड में अतिरिक्त कार्यभार वाला प्रबंध निदेशक व निदेशक वित्त लगाने की बजाय स्थाई प्रबंध निदेशक व निदेशक वित्त नियुक्त करने की मांग की है। खरवाड़ा ने बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से 66 केवी व इस के ऊपर की क्षमता वाले संचार लाइनों, विद्युत केंद्रों व विद्युत गृहों का हस्तांतरण एचपीपीटीसीएल व एचपीपीसीएल को देने की मुहिम को बंद करने की मांग की। खरवाड़ा ने कहा बिजली बोर्ड का प्रबंधक वर्ग 10 जून 2010 को हिमाचल सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते का सम्मान करें क्योंकि इस समझौते के तहत बिजली बोर्ड की संपत्तियों का हस्तांतरण बिजली कर्मचारियों की सहमति के बिना करना संभव नहीं है। उन्होंने प्रदेश में आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटरिंग की प्रक्रिया को बंद करने की मांग करते हुए कहा कि यह योजना बिजली कर्मचारियों, उपभोक्ताओं व बिजली बोर्ड लिमिटेड के हितों के खिलाफ है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग को कर्मचारियों व पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित व जरूरी दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है। ये है मांगें 1. केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल, 2022 को बापिस ले और बिजली बोर्ड में स्मार्ट मीटरिंग बंद की जाए। यूनियन का मानना है कि यह सब बिजली कंपनी के निजीकरण के लिए लाए जा रहे है। 2. बिजली बोर्ड में वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को प्रदेश सरकार की तर्ज पर पुरानी पेंशन बहाल की जाए। 3. बिजली बोर्ड के उत्पादन व संचार विंग के काम को बिजली बोर्ड के पास ही रखा जाए क्योंकि इसको अलग करने से बिजली उपभोक्ताओं की दरों में बृद्धि होगी। 4. प्रदेश में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाने की मांग की जिससे इन कर्मचारियों का समायोजन सम्बंधित महकमों किया जा सके। 5. बिजली बोर्ड में टीमेट व हेल्पर की पदोन्नति कर इन पदों व अन्य खाली पड़े पदों को शिघ्र भर्ती करे बिजली बोर्ड मैनेजमेंट।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ‘माई सीएम-माई प्राइड’ पहल का शुभारंभ किया। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित इस सुविधा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री के साथ खींची गई अपनी फोटो डाउनलोड कर सकेगा। क्यूआर कोड को स्कैन करने के उपरांत इस अनूठी सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस इंटरैक्टिव फीचर के लिए सूचना एवं जन संपर्क विभाग के प्रयास की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘माई सीएम-माई प्राइड’ का शुभारंभ राज्य सरकार की तकनीकी प्रगति को अपनाने और प्रदेशवासियों के साथ सुदृढ़ संबंध स्थापित करने के की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनता की सुविधा के लिए सरकारी विभागों में प्रौद्योगिकी को शामिल करने और कामकाज में पारदर्शिता व जवाबदेही लाने के लिए कृतसंकल्प है। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने भी ‘माई सीएम-माई प्राइड’ पहल के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की। सूचना और जन संपर्क विभाग की निदेशक किरण भड़ाना ने इस पहल के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि क्यूआर कोड-आधारित प्रणाली नागरिकों को एक सहज और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी और विधायक सुदर्शन बबलू भी उपस्थित थे।
कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद, हिमाचल प्रदेश में देश के अन्य सभी पहाड़ी राज्यों की तुलना में उच्चतम सड़क घनत्व वाला सुदृढ़ सड़क नेटवर्क है। वर्तमान राज्य सरकार प्रदेशवासियों व बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां की सड़कों को सुरक्षित व सुखद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के नैसर्गिक सौन्दर्य व साहसिक एवं धार्मिक पर्यटन का आनंद उठाने के लिए प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। दुर्गम पहाड़ियों में सर्पीले रास्तों पर इन पर्यटकों के वाहन, उच्च गति से चलने वाली गाड़ियां और पैदल चलने वाले यात्रियों से सड़कों पर एक ऐसा विषम यातायात मिश्रण बनता है जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लापरवाह चालकों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की प्रमुख चिंता है और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा नीति अधिसूचित कर दी गई है और हिमाचल भारत का पहला राज्य है जहां सड़क दुर्घटना डेटा प्रबंधन प्रणाली को लागू किया गया। इससे दुर्घटना संबंधित जानकारी एकत्रित करने और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करने मंे सहायता मिली है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। बेहतर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन नये यातायात-पर्यटक पुलिस थाने स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये थाने बिलासपुर, मंडी और कुल्लू जिले में खोले जाएंगे। यह इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेट सिस्टम प्रत्येक थाने में स्थापित कंट्रोल रूप से संचालित किया जाएगा। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम फोरलेन पर दुर्घटना आदि की स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करने मंे सहायक सिद्ध होगा। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के सुचारू संचालन और दुर्घटनाओं आदि की संभावनाओं को कम करने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राज्य पुलिस के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत आपातकालीन कॉल बॉक्स के साथ-साथ उच्च तकनीक वाले सीसीटीवी कैमरे, स्वचालित ट्रैफिक काउंटर-कम-क्लासीफायर्स, व्हीकल ऐक्चुएटिड स्पीड डिस्प्लेस प्रदर्शन और ओवरहेड ड्राइवर फीडबैक सिस्टम, परिवर्तनीय यातायात संदेश चिन्ह (वेरयेबल मैसेज साईन), वीडियो घटना का पता लगाने वाली प्रणाली और मेट डिवाइस भी स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा टोल प्लाजा पर कमांड और नियंत्रण केंद्र तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऑप्टिक फाइबर के माध्यम से कनेक्टिविटी भी स्थापित की जा रही है। राज्य सरकार की यह नवीन पहलें हिमाचल प्रदेश में यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुखद बनाने में मददगार साबित होंगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि किसी भी संस्थान की असली पहचान न तो उसका भवन होता है और न ही दीवारें, बल्कि उसकी वास्तविक पहचान सदैव उसकी कार्यशैली और उपलब्धियों से प्रदर्शित होती है। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), शिमला ने शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों से अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। संस्थान अकादमिक और बौद्धिक उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। राज्यपाल आज यहां ऐतिहासिक भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के शोधार्थियों (अध्येताओं एवं सह-अध्येताओं) को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व का यह संस्थान पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के भारत में ज्ञान और शोध की प्राचीन परंपरा को पुनर्स्थापित करने के स्वपन को साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी भारतीयों को अपने देशपर गर्व करने का एक और अवसर प्रदान कर रहा है और लंबे समय से अंतःविषय अनुसंधान और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि यह नवाचार के लिए एक उत्प्रेरक रहा है और इसने हमारे देश के बौद्धिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान मूलतः मानविकी और सामाजिक विज्ञान में गहन सैद्धांतिक अनुसंधान के लिए समर्पित है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि संस्थान ने बौद्धिक जिज्ञासा और अकादमिक शोध की भावना को बढ़ावा दिया है। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईएएस जैसे शोध संस्थान अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्यशील हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अपनी व्यापक उद्यमशीलता के माध्यम से विभिन्न व्याख्यान शृंखलाओं, साप्ताहिक सेमिनारों और अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र के माध्यम से देश और दुनिया के प्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान आयोजन कर ज्ञान संचित किया है, जो किसी भी संस्थान के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि लगभग दो लाख प्रतिष्ठित विद्वानों की पुस्तकों से सुसज्जित संस्थान का पुस्तकालय एक बड़ी धरोहर है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संस्थान निरंतर अनुसंधान और शोध की संस्कृति को आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने संस्थान के पुस्तकालय में भारतीय भाषाओं पर आधारित ग्रंथों के एक अलग संग्रह पर बल दिया। इससे पहले, राज्यपाल ने संस्थान द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों और केंद्रीय हिंदी निदेशालय की दो अन्य पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने छायाचित्र प्रदर्शनी, पुस्तकालय, वायसराय के कार्यालय एवं कक्ष का अवलोकन किया तथा संस्थान के ऐतिहासिक महत्व में गहरी रुचि दिखाई। राज्यपाल ने पद्मभूषण प्रो. कपिल कपूर को भी सम्मानित किया। आईआईएएस की अध्यक्षा प्रोफेसर शशिप्रभा कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया और कहा कि वेदों से अमृत्व की कामना भारत में हुई। अमृत्व का अर्थ भारतीय संस्कृति को उच्च विचारों के द्वारा भावी पीढ़ी तक रूपांतरित करना है। उन्होंने अपनी मृत्यु के उपरांत संस्कृत और दर्शनशास्त्र की अपनी पुस्तकों का संग्रह आईआईएएस को दान करने की घोषणा की। आईआईएएस के निदेशक प्रोफेसर नागेश्वर राव ने कहा कि संस्थान के पुस्तकालय में 2 लाख पुस्तकों और पत्रिकाओं का संग्रह है और इस वर्ष 13 शोध पुस्तकें प्रकाशित की हैं जबकि 7 प्रकाशनाधीन हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान ऐतिहासिक और शैक्षिक महत्व का है, जहां भारतीय परंपराओं पर आधारित शोध पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस अवसर पर संस्थान के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर ने भारत की ज्ञान परंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता ज्ञान केन्द्रित, संस्कृति मूल्य और समाज कर्तव्य आधारित रही है। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल, संस्थान के शोधार्थी, संस्थान के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, विधायकसतपाल सत्ती जी व अन्य गणमान्यों के साथ ऊना ज़िले की पार्टी कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक में पदाधिकारियों को सम्बोधित किया व हिमाचल प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष राजीव बिंदल जी व संगठन महामंत्री सिद्धार्थन जी का स्वागत- अभिनंदन किया। संवाददाताओं से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के 9 वर्ष आने वाले 30 मई को पूरे होने वाले हैं। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी जनसंपर्क के द्वारा जन समर्थन जुटा रही है। अगले 1 माह में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी अध्यक्ष जी सभी कार्यकर्ताओं को देंगे। हमारे उना से विधायक सतपाल सत्ती जी पिछले 9 वर्षों से प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। इनका भी मार्गदर्शन हमें मिलता रहेगा। हमारे नए संगठन मंत्री सिद्धार्थन का भी आज पहली बार ऊना आगमन हुआ है। हम उनका भी स्वागत और अभिनंदन करते हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने भारत को संविधान देने वाले बाबासाहेब अंबेडकर को भी अपमानित व प्रताड़ित किया। वह पीएम मोदी ही थे, जिन्होंने आने के बाद उन्हें उनका सही सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सदैव तुष्टीकरण की राजनीति की है और उस के बल पर ही वोट लिया है। भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस आज भी लोगों के बीच कोई बड़ी बात लेकर नहीं जा पाती है। इससे पूर्व सभा को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में क्षेत्र में कहा कि किरतपुर से सुंदरनगर 87 किलोमीटर सड़क है जो 57 किलोमीटर रह जाएगी। अभी जहां इसे पूरा करने में 3 घंटे 35 मिनट के आसपास समय लगता है वो कुछ हीं दिनों में मात्र 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसमें कुल मिलाकर 14 टनल बनेंगे। किरतपुर से मनाली जाने में 7 घंटे लग जाते थे अब ज्यादा से ज्यादा 3 घंटे लगेंगे। जालंधर से आने वाली सड़क को दुगना चौड़ा कराने का ठेका दिया जा चुका है। हमीरपुर- धरमपुर- मंडी के लिए 1200 करोड़ की लागत से दोगुनी चौड़ी सड़क बन रही है। हमीरपुर से बिलासपुर तक की 300 करोड़ में चौड़ी सड़क पहले ही बन चुकी है। अब मटौर से लेकर हमीरपुर- बिलासपुर- शिमला तक जो 200 किलोमीटर से ज्यादा की सड़क है वह 180 किलोमीटर के आसपास रह जाएगी। इसने लगभग 40 किलोमीटर की कमी आने से आज शिमला से धर्मशाला पहुंचने में जो 6 घंटे का समय लगता है वह मात्र 3 घंटे रह जाएगा।"
शिमला जिले की ठियोग तहसील के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्यारा के प्रिंस ने कला संकाय मे 93.6% अंक लाकर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रिंस पुत्र संत राम ग्राम रावग पंचायत क्यारा ने इस उपलब्धि से अपने परिवार सहित पूरे गांव और पंचायत का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सिद्धारमैया को बधाई दी है। सुखविंदर सिंह सुक्खू भी आज बेंगलुरु में आयोजित उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सिद्धारमैया के दूरदर्शी और सक्षम नेतृत्व में कर्नाटक राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब और शोषित वर्गों का विशेष ध्यान रखने के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
नेता प्रतिपक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 2014 के आम चुनावों से पूरा देश भर मेंकांग्रेस के प्रति निराशा का माहौल था और नरेंद्र मोदी को देश की जनता ने आशीर्वाद दिया और वह प्रधानमंत्री बने। देश की जानत ने मोदी जी के नेतृत्व पर माहौर 2019 में फिर लगाई और एक बार फिर आशीर्वाद दिया। आज केंद्र सरकार के 9 साल के कार्यकाल पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता, जनता को विश्वाश है की यही नेतृत्व सही है और यही नेतृत्व हमें आगे बढ़ाना है। जयराम ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस झूठ बोल कर सत्ता में आई है और प्रदेश की जनता आज वादे पूरे होने का इंतजार कर रही है। कांग्रेस 10 जन्म में भी लेले पर अपनी गरंटियां पूरी नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 वर्ष का भाजपा कार्यकाल बहुत अच्छा रहा और प्रदेश की जनता आज भी इस कार्यकाल को याद कर रही हैं। हिमाचल के लोग महसूस करते हैं की दोनों सरकारों को बहुत फर्क है, जहां हम विकास कार्यों को छोड़कर गए थे, वे सभी आज वहीं खड़े हैं। कांग्रेस सरकार में द्वेष भावना के साथ काम किया और प्रदेश में 950 संस्थान बंद किये यह ठीक नहीं है। आज पालमपुर के विधायक बीडीओ दफ्तर फिर खोलने की मांग कर रहे हैं, अगर यह कार्यालय जायज रूप से बंद किया जाता है शायद यह मांग उठती ही नहीं। भाजपा का कार्यकर्ता कांग्रेस की सरकार से लगातार सवाल पूछेगा जिसका उत्तर कांग्रेस पार्टी को देना ही होगा। हिमाचल प्रदेश में ऐसा प्रतीत हो रहा है की व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर मजाक हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह 22 मई से 25 मई तक अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर मंडी,कुल्लू व लाहुल स्पीति के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह संसदीय क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यो की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठके करेंगी और कुछ योजनाओं के शिलान्यास व उदघाटन भी करेंगी। प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिभा सिंह 22 मई को दोपहर बाद 3 बजे शिमला से मंडी के लिए रवाना होंगी। इस दिन रात्रि विश्राम मंडी परिधि गृह रहेगा। 23 मई को प्रतिभा सिंह मंडी में दिशा की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मनाली को रवाना होंगी। इस दौरान वह कुल्लू की पंचायत गाहर के सेऊ बाग में एसएजीवाई /सांसद निधि से बनने वाले ग्राम हट्ट का शिलान्यास करने के बाद एक बने पार्क व अमृत सरोबर को लोगों को समर्पित करेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम मनाली रहेगा। 24 मई को प्रतिभा सिंह सुबह 9 बजे परिधि गृह मनाली से लाहुल स्पीति के लिये रवाना होंगी। इस दौरान गोंदला व केलांग में लोगों की समस्याओं व उनकी मांगों को सुनेगी। बाद में केलांग में जिला अधिकारियों की एक बैठक के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की एक बैठक लेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम केलांग परिधि गृह रहेगा। 25 मई को सुबह 9 बजे उदयपुर के लिये रवाना होंगी। इस दौरान प्रतिभा सिंह जिस्पा, किरतलिंग, झलमा व त्रिलोकनाथ में लोगों से मिलेगी व जन समस्याओं को सुनेगी। इस दिन रात्रि विश्राम उदयपुर विश्राम गृह रहेगा।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा 9 वर्षों में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विश्व में भारत का कद बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत मदद लेने वाला देश नहीं, मदद देने वाला देश बन गया है। दूसरे देशों में विकत परिस्थितियो में देश के लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया है और दूसरे देशों के मुश्किल समय में भारत ने उन देश का साथ दिया है। इसके कई उदाहरण हमारे समक्ष आए हैं। कोरोनाकाल में भारत ने अनेकों देशों को कोविड वैक्सीन मुफ्त देने का काम किया इस पर करोड़ों का खर्च आया पर अनेक देशों की मदद करने का कार्य भारत ने किया। उन्होंने कहा की रक्षा के क्षेत्र में आज से पहले भारत हथियारों को इंपोर्ट करने का काम करता था पर आज भारत ने 16000 करोड़ का एक्सपोर्ट किया है। इस वित्त वर्ष में भारत 25000 करोड़ का एक्सपोर्ट करेगा और अगले साल आने वाले समय में भारत 40000 करोड़ का एक्सपोर्ट करेगा। हमारे देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें गुलामी की मानसिकता से निकलने का काम किया है और भारत आज विश्व की 5वी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा की मोदी है तो मुमकिन हैं, मोदी जी जो ठान लेते है वो करते है जिससे जनता को बड़ा लाभ होता है। केंद्र सरकार ने हिमाचल को बल्क ड्रग पार्क देने का बड़ा काम किया है और जिस प्रकार से जयराम ठाकुर सरकार ने केंद्र को इसके लिए जमीन देने का काम किया वह बहुत बड़ी बात है। आज हम संकल्प लेते हैअन कि हम सब मिलकर समर्पित रूप से काम करेंगे और आने वाले समय में देश में कमल खिलाने का कार्य करेंगे।


















































