[2:51 pm, 14/05/2023] Bhawna Fv: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने बिजली बोर्ड प्रबंधन वर्ग पर प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारी हित में लिए गए राजनीतिक फैसलों के कार्यन्वयन व धरातल तक पहुंचाने में देरी का आरोप लगाया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करना प्रदेश सरकार का कर्मचारी हित मे लिया गया एक राजनीतिक फैसला है। इसमें अफसरशाही द्वारा अगर और लेकिन करना न तो प्रदेश सरकार चाहेगी और न ही यह कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा जिन प्रदेश के सरकारी उपक्रमों में वर्ष 2003 से पहले पेंशन रुल 1972 थे और उसके बाद के कर्मचारी नई पेन्शन प्रणाली में NSDL(नेशनल सेक्युरिटी डिपोजिटरी लिमिटेड) में नई पेंशन शेयर को जमा कर रहे है, उन सब उपक्रमों के कर्मचारी प्रदेश सरकार की पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना में अन्तनिर्हित है। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड व हिमाचल पथ परिवहन निगम ऐसे राज्य सरकारी उपक्रम है जहां पेंशन रुल 1972 पहले से लागू है और वर्ष 2003 के बाद लगे कर्मचारी पुरानी पेंशन के हकदार है। लेकिन दोनों निगमों के प्रबंधन वर्ग में सरकार के इस बारे जारी आदेश की अवहेलना करते हुए कर्मचारियों के वेतन से न्यू पेन्शन शेयर की कटौती करी है जबकि प्रदेश सरकार ने यह इस माह से बंद कर दी है। उन्होंने कहा बिजली बोर्ड में वर्ष 2003 के बाद नियुक्त हुए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 9000 कर्मचारी प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से लाभान्वित होंगे लेकिन बिजली बोर्ड के प्रबंधन वर्ग द्वारा इसके लागू करने में की जा रही देरी से कर्मचारियों में अभी संशय बना है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने बोर्ड प्रबंधन से मांग की है कि अप्रैल माह के कर्मचारियों के वेतन से कटा गया न्यू पेंशन शेयर को आगे NSDL में जमा न किया जाए और बिजली बोर्ड़ में भी शीघ्र पुरानी पेंशन की अधिसूचना जारी कर कर्मचारियों से प्रदेश सरकार की तर्ज पर ऑप्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए। [2:55 pm, 14/05/2023] Bhawna Fv: अनेकों को जीवन देने में सक्षम अंगदान - डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि अंगदान श्रेष्ठदान है और इसलिए यह महादान की श्रेणी में आता है। डाॅ. शांडिल आज सोलन शहर स्थित चिल्ड्रन पार्क में लायंस क्लब सोलन द्वारा अंगदान जागरूकता विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित लोगों का सम्बोधन कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने कहा कि मृत्यु के उपरांत अंगदान करने से जहां बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाए जा सकते है। वहीं पीड़ित मानवता की अनंत सेवा भी की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंगदान जागरूकता के लिए व्यापक कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि मृत्य का आंकड़ा बताता है कि अगर शत प्रतिशत अंगदान किया जाए तो अंग की कमी से होने वाली मृत्य पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। डाॅ. शांडिल ने कहा कि परिवार से एक व्यक्ति के चले जाने का दुःख असहनीय होता है लेकिन उसके अंग से मिलने वाले नए जीवन से वह स्वयं और अपने परिवार को गौरवान्वित महसूस करा सकता है। उन्होंने लायंस क्लब सोलन के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल से जहां युवा पीढ़ी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला वहीं मानव जीवन के लिए अंगदान की अहमियता के बारे में जानकारी भी मिली। उन्होंने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम करने के लिए लायंस क्लब सोलन को प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर 30 लोगों ने अंगदान के लिए अपना पंजीकरण करवाया। जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस समिति के महासचिव एवं ज़िला सोलन कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगमोहन मल्होत्रा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, लायंस क्लब सोलन के अध्यक्ष विशाल सूद, परियोजना अध्यक्ष विकास दत्ता, सह अध्यक्ष कमल वीग और नवदीप थरेजा, आईजीएमसी से एस.ओ.टी.टी.ओ की टीम के ट्रांसप्लांट को ऑर्डिनेटर नरेश कुमार, कार्यक्रम अधिकारी भारती कश्यप, मेट्रन हरिप्रिया सहित प्रतिभागी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि अंगदान श्रेष्ठदान है और इसलिए यह महादान की श्रेणी में आता है। डाॅ. शांडिल आज सोलन शहर स्थित चिल्ड्रन पार्क में लायंस क्लब सोलन द्वारा अंगदान जागरूकता विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित लोगों का सम्बोधन कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने कहा कि मृत्यु के उपरांत अंगदान करने से जहां बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाए जा सकते है। वहीं पीड़ित मानवता की अनंत सेवा भी की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंगदान जागरूकता के लिए व्यापक कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि मृत्य का आंकड़ा बताता है कि अगर शत प्रतिशत अंगदान किया जाए तो अंग की कमी से होने वाली मृत्य पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। डाॅ. शांडिल ने कहा कि परिवार से एक व्यक्ति के चले जाने का दुःख असहनीय होता है लेकिन उसके अंग से मिलने वाले नए जीवन से वह स्वयं और अपने परिवार को गौरवान्वित महसूस करा सकता है। उन्होंने लायंस क्लब सोलन के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल से जहां युवा पीढ़ी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला वहीं मानव जीवन के लिए अंगदान की अहमियता के बारे में जानकारी भी मिली। उन्होंने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम करने के लिए लायंस क्लब सोलन को प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर 30 लोगों ने अंगदान के लिए अपना पंजीकरण करवाया। जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस समिति के महासचिव एवं ज़िला सोलन कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगमोहन मल्होत्रा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, लायंस क्लब सोलन के अध्यक्ष विशाल सूद, परियोजना अध्यक्ष विकास दत्ता, सह अध्यक्ष कमल वीग और नवदीप थरेजा, आईजीएमसी से एस.ओ.टी.टी.ओ की टीम के ट्रांसप्लांट को ऑर्डिनेटर नरेश कुमार, कार्यक्रम अधिकारी भारती कश्यप, मेट्रन हरिप्रिया सहित प्रतिभागी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का मुख्य औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संभावित उद्यमियों को उद्योग अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं आरंभ की गई हैं जिनके फलस्वरूप ‘व्यापार में सुगमता’, सूचकांक में प्रदेश की वरीयता भी सुधरी है। राज्य में उद्योग-मित्र वातावरण प्रदान करना तथा निवेश को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश के पसंदीदा निवेश गंतव्य रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने कई नई नीतियां अपनाई हैं जिनके तहत नए उद्योग स्थापित करने के लिए सस्ती दरों पर बिजली, राज्य वित्त निगम तथा राष्ट्रीय बैंकों के माध्यम से आसान ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कम दरों पर पट्टे पर भूमि उपलब्ध करवाई जा रही है तथा नए उद्योगों को बिक्री या खरीद कर पर छूट भी दी जा रही है। प्रदेश के बाहर निकटतम रेलवे स्टेशन से कच्चे माल के परिवहन भाड़े पर रियायत के अलावा अन्य सीमांत लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत डेंटल क्लिनिक के लिए मशीनरी एवं उपकरण, ई-टैक्सी की खरीद, एक मेगावाट तक सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना, मत्स्य पालन परियोजना तथा अन्य उद्यमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। ई-टैक्सी की खरीद पर सभी पात्र वर्गों को 50 प्रतिशत का उपदान प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार विनिर्माण, पर्यटन, ऊर्जा, निर्माण, आवासीय इत्यादि क्षेत्रों में लगभग 20 हजार करोड़ का निवेश आकर्षित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है जिससे लगभग 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा 50 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित 99 प्रतिशत उद्यम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी में शामिल हैं। उद्योग विभाग इन उद्यमों का विस्तृत सर्वेक्षण आयोजित करवाएगा जिससे इनकी समस्याओं का पता लगाया जाएगा तथा उनका उचित निवारण होगा। एक जिला एक उत्पाद की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में यूनिटी मॉल स्थापित किया जाएगा। यह ब्यूरो संभावित निवेशकों को एक छत तले सभी स्वीकृतियां प्रदान करने की सुविधा देगा। निवेशकों को ‘आओ और काम शुरू करो’ की सुविधा मिलेगी। इससे प्रदेश के स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और प्रदेश आदर्श निवेश हितैषी राज्य बनकर उभरेगा। प्रदेश सरकार एच.पी. टिनैंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट, 1972 के अनुच्छेद-118 के संबंधी मामलों की स्वीकृतियों के विलंब पर भी ध्यान देगी। उद्योगपतियों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर अधोसंरचना स्थापित की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के संचालन को और सुदृढ़ किया जाएगा और औद्योगिक इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में सामाजिक और शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर कार्य कर रही है ताकि उन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गत शनिवार को कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई , जिसमे मुख्यमंत्री ने कहा कि कीरतपुर से मनाली तक लगभग 191 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क का लगभग 182 किलोमीटर भाग प्रदेश के तीन जिलों बिलासपुर, मंडी तथा कुल्लू से होकर गुजरेगा। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेहतर यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए प्रदेश की सरकार तीन नए ट्रैफिक-कम-टूरिस्ट-पुलिस स्टेशन स्थापित करेगी। यह पुलिस स्टेशन बिलासपुर, मंडी व कुल्लू जिला में खोले जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को इन थानों के कार्यक्षेत्र के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फोरलेन सड़क पर ट्रामा सेंटर चिन्हित किए जाएंगे, जिनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नेरचौक, मंडी तथा तीनो जिलों के क्षेत्रीय अस्पताल शामिल हैं। इससे आपात स्थिति में प्रभावितों को शीघ्र उपचार सुनिश्चत हो सकेगा। इस राजमार्ग पर निश्चित स्थानों पर एंबुलेंस, रिकवरी वाहन इत्यादि की व्यवस्था भी होगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के सुचारू संचालन तथा दुर्घटना इत्यादि की संभावनाएं न्यून करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं प्रदेश पुलिस के समन्वय से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरा, वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साईन, स्वचालित यातायात पटल सह वर्गक, सड़क किनारे एवं ओवरहैड वाहन गति को दर्शाते डिस्प्ले पटल, ऑप्टिक फाइबर कनेक्टिविटी सहित आपात सहायता कॉल बॉक्स भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने गति सीमा से संबंधित डिस्प्ले पटल की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से एकीकृत कमांड केंद्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने अवगत करवाया कि यह फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग आगामी 15 से 20 जून, 2023 तक पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों एवं राहगीरों की सुरक्षा के दृष्टिगत घाटी की तरफ को क्रैश बैरियर, पैदल पथ तथा ओवर ब्रिज तैयार किए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव, गृह, भरत खेड़ा , प्रधान सचिव, परिवहन, आर.डी. नज़ीम, , सचिव, स्वास्थ्य, एम. सुधा देवी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय गुप्ता, निदेशक, परिवहन अनुपम कश्यप सहित संबंधित विभागों एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं जिला पार्षद संजय राणा ने कर्नाटक में कांग्रेस को मिली ऐतिहासिक जीत को लेकर कहा कि देश में तेजी के साथ परिवर्तन की लहर चल पड़ी है तथा 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में केंद्र से मोदी सरकार का भी सुपड़ा साफ होना तय हो गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान देश की जनता का जो समर्थन कांग्रेस को मिला, उसका रुझान कर्नाटक विधान सभा चुनाव में साफ देखा जा रहा है। संजय राणा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्टार प्रचारक के तौर पर अपनी भूमिका निभाई है, तथा सभी ने मिलकर जनता के बहुमुल्य समर्थन से कर्नाटक में भाजपा को चारों खाने चित कर अपनी जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल विधान सभा चुनावों में कांग्रेस की हुई जीत का असर भी कर्नाटक चुनावों में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि जनता ने नफरत की राजनीति को भी नकार दिया है तथा जनता ने भाजपा तथा मोदी सरकार को उसका सही आईना दिखाया है। संजय राणा ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों से अब देश की जनता पूरी तरह से तंग हो चुकी है तथा सत्ता से भाजपा को पुरी तरह से बाहर करना चाहती है। राणा ने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के साथ ही जनता की सोच भी बदल रही है तथा यह बदलाव अब लोकसभा चुनावों में भी भाजपा देखेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति तैयार करेगी। इस नीति के प्रारूप प्रस्ताव पर आज यहां आयोजित बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी अकेलेपन एवं मोबाइल में सिमटती गतिविधियों के कारण आसानी से नशे की गिरफ्त में आ रही है, विशेष तौर पर पिछले 4-5 सालों में प्रदेश में नशाखोरी के मामलांे में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बाहर निकालने तथा उनके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश में इसके लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान (एनआईएमएचएएनएस) के सहयोग से एक स्टेट ऑफ द आर्ट नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए लगभग 50 बीघा भूमि का चयन करने के लिए उन्होंने सम्बन्धित विभागों को उचित निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र एक समग्र सोच के साथ गुरुकुल पद्धति पर आधारित होंगे जहां पर नशे की गिरफ्त में आये व्यक्तियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए कार्य किया जाएगा और एक सादे जीवन एवं सामुदायिक सहयोग के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त करने के साथ ही उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। साथ ही नशा मुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे व्यक्तियों की मदद कर उन्हें व्यापक एवं बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना है। इस केंद्र के माध्यम से उन्हें शैक्षणिक एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने में भी मदद की जाएगी, ताकि वे दोबारा सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। इस केन्द्र में उनमें खोया आत्म विश्वास पुनः जागृत करने और जीवन में उन्नति के लिए उचित सलाह के साथ ही उपचार उपरान्त उनकी समुचित निगरानी भी की जाएगी। उन्हें परिवार एवं समाज से दृढ़ नैतिक एवं अन्य सहयोग उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि वे समग्र रूप से सामान्य जीवन में लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए दीर्घावधि के लिए योजना बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रस्तावित नीति के प्रथम चरण में नशा मुक्ति के लिए पुलिस व स्वास्थ्य विभाग तथा सलाहकार बोर्ड की मदद ली जाएगी, द्वितीय चरण में इनके पुनर्वास के लिए स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल, शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और बागवानी विभाग के समन्वय से कार्य किया जाएगा। तृतीय चरण में समाज में इनके पुनः संयोजन के लिए शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सहकारी बैंकों एवं समितियों का सहयोग लिया जाएगा। चौथे चरण में निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने प्रस्तावित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
आज नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल प्रियंका गांधी से शिमला में मिला l संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी क्रमिक अनशन के दौरान सोलन में आई थी और उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली की गारंटी कर्मचारियों को दी थी, जिसके बाद उन्होंने जनसभा में भी अपने संबोधन में कर्मचारियों को हिमाचल प्रदेश की पहली कैबिनेट की बैठक में पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया थाl उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रियंका गांधी का धन्यवाद किया गया । पुरानी पेंशन बहाली को पहली गारंटी के रूप में रखने के लिए प्रियंका गांधी ने कर्मचारियों से जो वादा किया था उसे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार ने पहली कैबिनेट की बैठक में पूरा किया। आज कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल हुई है, जिसके लिए कर्मचारी सदैव उनके ऋणी रहेंगे । इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोकसभा सांसद एवं कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व अन्य नेताओं का भी धन्यवाद किया गया । इस मौके पर संगठन महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ, जिला कांगड़ा अध्यक्ष राजेंद्र मिन्हास, जिला चंबा अध्यक्ष सुनील जरियाल, जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, जिला शिमला के अध्यक्ष कुशाल शर्मा, जिला हमीरपुर अध्यक्ष राकेश कुमार, उपाध्यक्ष सफी मोहम्मद, राज्य उपाध्यक्ष उत्तमचंद, जिला चंबा महासचिव विजय, जिला कांगड़ा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष, राज्य मुख्य प्रवक्ता अनिरुद्ध गुलेरिया, राज्य अतिरिक्त महासचिव अंकुर शर्मा, राज्य उपाध्यक्ष अजय राणा, अमर, जयकिशन, राजूराम शर्मा, रामलाल सूर्या, उमेश राणा इत्यादि कर्मचारी उपस्थित रहे ।
हिमाचल पथ परिवहन निगम कंडक्टर यूनियन ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को शुक्रवार देर सायं यहां मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख ग्यारह हजार रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने यूनियन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के अंशदान और समाज के योगदान से जरूरतमंदों की सहायता की जा सकती है। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण चंद व अध्यक्ष रामलोक चौधरी व यूनियन के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
बागवानी क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों के कल्याण के लिए कई अभिनव कदम उठा रही है। इस कड़ी में राज्य सरकार बागवानी क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता और उत्पादकता वाले पौधों को विकसित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की कृषि-जलवायु विविधता बागवानी क्षेत्र के विस्तार और सेब, नींबू प्रजाति के फलों, आम, खुमानी और नाशपती जैसे फलों की पैदावार के लिए वरदान है। राज्य सरकार किसानों की आय में वृद्धि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। हिमाचल प्रदेश में हर वर्ष फलों के पौधे रोपे जाते हैं। प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित बागवानी विकास परियोजना के अंतर्गत लाखों पौधे आयातित किए जाते हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी उत्पादों तथा फल-फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता और विपणन के लिए आधारभूत संरचना को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार रोपित किए गए पौधों को विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाने के प्रति संवेदनशील है। इस समस्या से निपटने और बागवानी क्षेत्र में सुधार के लिए प्रदेश सरकार नई तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दे रही है। इसके लिए कई फल उत्पादक राज्यों के पौधरोपण मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है और किसानों को नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि पौधरोपण की अधिक-से-अधिक जीविता दर बनाई रखी जा सके। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित एचपी शिव परियोजना के तहत ऑस्ट्रेलिया में पौध स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई जा रही स्क्रीनिंग, टैस्टिंग, साफ-सफाई व रख रखाव इत्यादि की आधुनिक तकनीक का अवलोकन एवं अध्ययन किया। दल ने एलिजाबेथ कृषि संस्थान और स्ट्रॉबेरी इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन अथॉरिटी का भी दौरा किया। इस दौरान संतरे के उत्पादन मंे माईक्रो ग्राफ्टिंग तकनीक का अवलोकन करने के साथ-साथ सिट्रस पैथेलोजी कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय सिट्रस रिपोजीटरी कार्यक्रम इत्यादि पर चर्चा की। प्रदेश मंे शिवा परियोजना के अतंर्गत लगभग 1800 हेक्टेयर भूमि को संतरा उत्पादन के अन्तर्गत लाना प्रस्तावित है, जिसमंे लगभग 20 लाख पौधों की आवश्यकता होगी। बागवानी क्षेत्र में सुधार के लिए आस्ट्रेलिया से तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर प्रदेश मंे इसे प्रयोग मंे लाने की दिशा मंे यह प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण नवोन्मेषी पहल है। इससे प्रदेश में उच्च गुणवता वाले संतरे के पौधे तैयार करने में सहायता मिलेगी और बागवान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा राज्य सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र में विस्तार तथा बागवानों के कल्याण और उत्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं। सरकार के नवीन और ठोस प्रयासों के सुखद परिणाम शीघ्र ही दृष्टिगोचर होंगे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाया जाएगा और क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स और धार्मिक पर्यटन को विकसित किया जाएगा जिससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके। शिक्षा मंत्री आज जुब्बल उपमंडल की ग्राम पंचायत सारी में 3 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से बनने वाली उठाऊ सिंचाई योजना और 2 करोड़ 44 लाख रुपए से निर्मित होने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सारी भवन का शिलान्यास करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। रोहित ठाकुर ने बताया कि अनु और खड़ा पत्थर में उचित भंडारण क्षमता के सीए स्टोर स्थापित किए जाएंगे जिससे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बागवानों एवं किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस उठाऊ सिंचाई योजना से मडकादली, मघारा,अस्तांदली व सारी के बागवानों और किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी और प्रति व्यक्ति आय में इजाफा होगा। वर्तमान राज्य सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध है और इस दिशा में सरकार द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार घर द्वार पर ही शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवा रही है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार किया जाएगा और युवाओं को प्रतिस्पर्धा के दौर में रोजगार परक शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दौरान कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाली छात्राओं को शिक्षा मंत्री ने 20000 रुपए देने की घोषणा भी की। इससे पूर्व स्थानीय प्रधान अनु रांगता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया। रोहित ठाकुर ने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनी और उनका त्वरित निवारण भी किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर जिला परिषद सरस्वती नगर वार्ड के सदस्य कौशल मुंगता, पंचायत समिति उपाध्यक्ष जुब्बल यशवंत जस्टा, उपमंडल दण्डाधिकारी चेतना खड़वाल, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग अरविन्द सूद, खण्ड विकास अधिकारी जुब्बल कर्ण सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने मिशन ‘लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर सभी संगठनों, विभागों और गैर सरकारी संगठनों से पूरे राज्य में जन सहभागिता सुनिश्चित कर प्रमुख आउटरीच एवं विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने का आग्रह किया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य व्यवहारवादी परिवर्तन के कारण पर्यावरण पर प्रभाव को लेकर लोगों को जागरूक बनाना है। इस कार्य में सभी विभागों को समयबद्ध सूचना उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने वन विभाग को राष्ट्रीय उद्यानों के प्रवेश टिकटों के माध्यम से मिशन लाइफ की सह-ब्रांडिंग के साथ वन क्षेत्रों, राष्ट्रीय उद्यानों, पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में और उसके आसपास प्लास्टिक सफाई अभियान आयोजित करने, साइकिल मार्गों को बढ़ावा देने और साइकिल रैलियों का आयोजन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग स्थानीय समुदाय के साथ मिट्टी और नमी संरक्षण पहल भी आयोजित करेगा। शिक्षा विभाग हिमकोस्टे के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने के लिए इको-क्लबों के नेटवर्क को भी सक्रिय करेगा। पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग (डीईएसटी और सीसी) के निदेशक डी.सी. राणा ने मिशन लाइफ पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभाग व क्षेत्रवार सांकेतिक कार्य योजना (पीओए) तैयार की गई है। उन्होंने पर्यावरण विभाग, एसएंडटी, एसपीसीबी, शिक्षा, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, कार्मिक विभाग, पीआरआई, युवा और खेल, जल शक्ति, महिला एवं बाल विकास विभाग, ऊर्जा, कृषि-बागवानी, परिवहन, पर्यटन, जनसंपर्क, भाषा, कला और संस्कृति को मिशन जीवन के लिए विभिन्न गतिविधियों को करने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। - ईको-विलेज अभियान चलाया जायेगा उन्होंने बताया कि विभाग ईको-गांवों को एलआईएफई गांवों में बदलने के लिए मॉडल ईको-विलेज अभियान चलाएगा। उन्होंने राज्य पर्यावरण प्रदूषण कन्ट्रोल बोर्ड को उद्योगों सेे पर्यावरण प्रदूषण में सुधार लाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए ।
प्रदेश में लोगों को उनके घरद्वार के निकट विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा प्रत्येक चिकित्सा खंड में सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक अस्पताल स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को उपचार के लिए बड़े शहरों और प्रदेश से बाहर की ओर रुख न करना पड़े। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में प्रदेश के इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (आईजीएमसी) में लगभग 30.90 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ट्रॉमा ब्लॉक लोगों को समर्पित किया। ट्रॉमा ब्लॉक में फिजियोथैरेपी वार्ड, स्पेशल वार्ड, आपातकालीन चिकित्सा इकाई, गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) बेड, आईसोलेशन वार्ड सहित सीटी स्कैन, एक्स-रे, सैंपल एकत्रीकरण केंद्र तथा पैथोलॉजी प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही हैं। घायलों व गंभीर रोगियों के उपचार संबंधी वरीयता के लिए यहां अलग व्यवस्था की गई है। इस ब्लॉक के निर्मित होने से लोगों को गुणवत्तापूर्वक स्वास्थ्य सेवाएं मिलने के साथ साथ यहां सेवाएं देने वाले डॉक्टरों एवं अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को कार्य करने के लिए उचित वातावरण उपलब्ध हो रहा है। आईजीएमसी में मशीनरी तथा उपकरणों के लिए 12 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। यह उपकरण व मशीनरी, संस्थान के सर्जरी, ऑर्थोपीडिक्स, न्यूरो-सर्जरी, रेडियोलॉजी तथा एनस्थिसिया विभाग में उपयोग में लाए जाएंगे। इस सेंटर के साथ 175 बिस्तरों वाली चिकित्सा आपातकालीन सुविधा स्थापित करने के लिए सरकार ने 11 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अतिरिक्त टांडा मेडिकल कॉलेज में पैट स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रदेश के जिला ऊना में 38 एकड़ के परिसर पर 450 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं वाले 300 बिस्तरों की क्षमता वाले पीजीआई सैटेलाइट केंद्र निर्मित किया जाएगा। यह सैटेलाइट सेंटर जिला ऊना में स्थापित होने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस केंद्र में 283 करोड़ रुपये से भवन निर्माण और शेष राशि का उपयोग उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा। प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों के फलस्वरूप इस सेंटर के निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा वन स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस केंद्र के स्थापित होने से जिला ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की वन स्वीकृति के मामले प्राथमिकता के आधार पर केन्द्र सरकार के समक्ष उठाती रही है। मुख्यमंत्री ने कैंसर रोगियों की सुविधा के लिए हमीरपुर में केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना के लिए पैरवी की है। प्रदेश सरकार ने सरकारी उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन गठित किया है। शिमला, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक्स सर्जरी जैसे अत्याधुनिक कोर्स शुरू करवाए जाएंगे जिससे स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ होगी।
शिमला नगर निगम के महापौर व उप महापौर के चयन के लिये कांग्रेस ने 14 मई को सांय 5 बजे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर में सभी नव निर्वाचित पार्षदों की एक बैठक बुलाई हैं। बैठक में महापौर व उप महापौर के चयन के लिए सभी पार्षदों की अलग अलग राय के साथ उनके विचारों को सुना जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी व शिमला नगर निगम चुनावों के लिये अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से बनाये गये पर्यवेक्षक तजेंद्र पाल सिंह बिट्टू विशेष तौर पर उपस्थित रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अतिरिक्त उद्योग मंत्री हर्षबर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर,ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा भी उपस्थित रहेंगे। कांग्रेस महासचिव अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कांग्रेस के सभी नव निर्वाचित पार्षदों को बुलाया गया है जिससे उनकी राय के बाद महापौर व उप महापौर का चयन सर्वसम्मति से किया जा सकें। ---
लोक निर्माण विभाग तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न निर्माण कार्यों को गति प्रदान कर उपलब्ध धनराशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित बनाया जाए। विक्रमादित्य सिंह कल सांय सोलन में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।उन्होंने इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के सोलन वृत्त के कार्यों की समीक्षा भी की। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सोलन ज़िला हिमाचल का प्रवेश द्वार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित यहां भी विभिन्न सड़कों को हर समय ठीक रखा जाना ज़रूरी है ताकि पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और प्रदेशवासियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज़िला में सड़कों का उचित रखरखाव सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन के साथ-साथ प्रदेश के बागवानीबहुल ज़िलों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सेब का अधिकांश विक्रय सोलन और परवाणु स्थित मण्डियों में हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी सेब सीज़न के दृष्टिगत ज़िला की सड़कों को दुरूस्त रखा जाए। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न परियोजनाओं के लिए समुचित धन की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने का प्रयास करें ताकि परियोजना लागत में वृद्धि और अनावश्यक देरी से बचा जा सके। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के कार्य में तेजी लाने और वन संबंधी स्वीकृतियों के मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि वन संबंधी मामलों की स्वीकृतियों के विषय में नियमित बैठक आयोजित करें ताकि योजनाओं के निर्माण में देरी न हो और केन्द्रीय स्तर पर मामले स्वीकृति के लिए शीघ्र प्रेषित किए जा सकें। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, प्रमुख अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग सुरेश कपूर, लोक निर्माण विभाग सोलन वृत्त के अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, सोलन वृत्त के सभी अधीक्षण अभियंता, एस.डी.ओ और कनिष्ठ अभियंता बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रथम बार चुने गए विधायकों ने भेंट की। यह विधायक संसद में आयोजित तीन दिवसीय अनुकूलन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिल्ली प्रवास पर हैं। प्रथम बार निर्वाचित विधायकों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष केवल सिंह पठानिया की अध्यक्षता में प्रशिक्षण सत्र के उपरांत मुख्यमंत्री से भेंट की और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। केवल सिंह पठानिया ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को नगर निगम शिमला के चुनावों में भारी बहुमत से जीत पर बधाई भी दी। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव, सूचना एवं जन सम्पर्क संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली, मुख्यमंत्री के ओएसडी कर्नल केएस. बांशटू, समन्वय सलाहकार नंदिता गुप्ता भी उपस्थित थीं।
प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज यहां आंदोलनरत महिला कुश्ती संघ के समर्थन में कैंडल मार्च निकाल कर आरोपी ब्रज भूषण को तुरंत गिरफ्तार करने कि मांग की। उन्होंने जंतरमंतर पर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठी कुश्ती संघ की महिलाओं के समर्थन की आवाज न सुनने के लिये केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की हैं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाली बेटियों की आवाज नही सुनी जा रही है जबकि उनके आरोप बहुत ही गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बृजभूषण को बचाने में लगी हैं और उस पर किसी भी कार्यवाही से बच रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का थोथल नारा देश के सामने आ गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन बेटियों के साथ हुए अन्याय की आवाज को बुलंद करेगी। इस मार्च में जैनब चंदेल के अतिरिक्त शिमला नगर निगम के नव निर्वाचित पार्षद सिमी नंदा, उर्मिला,मोनिका सुषमा कुठियाला, विशाखा मोदी, ममता चंदेल के अतिरिक्त प्रदेश कांग्रेस सचिव ऊषा मेहता, महिला कांग्रेस पधाधिकारी कविता कँवर, निर्मला वर्मा, प्रियंका तंवर, मीरा, रीता भरद्वाज, सरोज शर्मा, कुसुमलता कौशल्या मोनिका भरद्वाज शोभा, डिंपल शर्मा, मीना कुमारी, मीना शर्मा, चंपा देवी जिला अध्यक्ष विनीता वर्मा,बृंदा सिंह,राजेश्वरी, सत्या वर्मा,कुसुम वर्मा,रिंकू वर्मा,हीरा दासी,शशि ठाकुर,पुष्पा शोभटा, ऊमा वर्मा, नेहा, कनार कुसुम, इंदु सुदेश, नीलम वर्वमा, लता ठाकुर, टीना पांडे, श्यामा, नीतू ठाकुर, कुशमा,.कमला शर्मा, सुषमा शर्मा, कृष्णा जरिअल, उमा मुदलियार, चंपा खन्ना, प्रभा, महिला कांग्रेस की अनेक पदाधिकारी मौजूद थे।
राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के गठन के सबंध में अधिसूचना जारी की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू परिषद के अध्यक्ष तथा राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी इसके उपाध्यक्ष होंगे। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर तथा भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज परिषद के सदस्य होंगे। अन्य सदस्यों में जिला चंबा से हेमराज, रवि शर्मा, सतीश शर्मा, दौलत राम, जिला लाहौल-स्पीति से सोनम तर्गे, छेवांग, सुशील एडवोकेट, मोहन लाल, जिला किन्नौर से एडवोकेट अमर चंद, डॉ. सूर्य प्रकाश बोरस, बीर सिंह, सुख देव, केसर नंद नेगी और जय किशन नेगी शामिल हैं।
हिमाचल के लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर बीते दिन लिखी पोस्ट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी कि पदों के पीछे भागना उनके खून और फितरत में नहीं है। इसके बाद इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे थे। वहीं इस पर विक्रमादित्य ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने किसी राजनीतिक परिवेश में नहीं लिखा था। उन्होंने कहा कि वे सरकार का हिस्सा है और मुख्यमंत्री और कैबिनेट के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वे जब पहले भी विपक्ष में थे तो इस उस समय भी यही विचार थे। मंत्री पद उनके लिए लोगों की सेवा करने का एक जरिया है। वे चाहे सरकार में हों या विपक्ष में उनके विचार या भाषा नहीं बदलती है। उन्होंने कहा कि जो सिद्धांत संस्कार उन्हें पिता से मिले है, उनपर चल रहे हैं और उनके लिए मंत्री पद तमगा नहीं है, बल्कि जनसेवा का ही जरिया है।
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारत की जनवादी नौजवान सभा ने बुधवार को जिलाधीश सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति को महिला कुश्ती खिलाड़ियों के उत्पीड़न के खिलाफ ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले दो हफ्तों से महिला कुश्ती खिलाड़ियों द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। यह धरना-प्रदर्शन कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के द्वारा बड़े लंबे समय से किए जा रहे कई महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ किया जा रहा है। लेकिन बृजभूषण शरण सिंह की राजनीतिक पहुंच और गुंडागर्दी के चलते अभी तक इस मामले को लेकर कोई ककार्रवाई नहीं की गई है। किसी भी देश के लिए उसके खिलाड़ी वहां के गौरव होते हैं, परंतु जंतर-मंतर पर पुलिस प्रशासन द्वारा महिला खिलाड़िओं के साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा है तथा उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। खिलाड़ियों के साथ ऐसी घटना देश की कानून व्यवस्था तथा खिलाड़ियों की गरिमा पर एक बड़ा तमाचा है। इससे पहले भी बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ ऐसा ही मामला सामने आया था, उस समय भी सरकार के द्वारा आश्वासन दिया गया था, परंतु उस समय भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। खिलाड़ी एक बार फिर धरना-प्रदर्शन पर हैं, परंतु सरकार अभी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इसलिए एसएफआई और डीवाईएफआई जिला कमेटी आपसे विनम्र आग्रह करती है कि इस विषय पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष तौर पर जांच की जाए साथ ही कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को उसके पद से हटाया जाए तथा दोष साबित होने की स्थिति में दोषी को सख्त सजा दी जाए। इसमें राकेश, अंकित, अंशुल, साहिल, वंशिका, रिशु, रोहित, राघव, शिवानी इत्यादि शामिल रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। श्री प्रधान ने शिक्षा मंत्री को आश्वस्त किया कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। रोहित ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री को हिमाचल आने का न्यौता भी दिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक बयान जारी कर कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन होने के नाते विद्यार्थी परिषद शिक्षा के साथ साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अपना बहुमूल्य योगदान देता रहता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समय समय पर समाज हित के लिए भी कोई न कोई गतिविधि करता रहता है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश पूरे हिमाचल में 11मई से 20 मई तक सामाजिक अनुभूति करेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक अनुभूति से तात्पर्य हम दूसरों के बारे में सोचने और समझने के तरीके से है। इस अर्थ में यह सामाजिक संबंधों को समझने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण होगा। सामाजिक अनुभूति के माध्यम से हम दूसरों की भावनाओं, विचारों, इरादों और सामाजिक व्यवहार को समझते हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के संगठनात्मक 18 जिलों में कल से सामाजिक अनुभूति करने जा रहा है। इससे समाज के प्रत्येक वर्ग को जानने का अवसर मिलेगा। उनकी स्थितियों, परिस्थितियों व जीवन यापन को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल मात्र एक ऐसा संगठन है, जो समस्या के साथ समाधान भी करती है, सामाजिक अनुभूति से जो विषय समाज से निकलकर आते हैं उन्हें विद्यार्थी परिषद उन मुद्दों को प्रशासन के समक्ष उठाने का काम करती है। ऐसे बहुत से उदाहरण है - सामाजिक अनुभूति करते समय जब विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता जब हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पहुंचे तो एक घर पर एक बुजुर्ग महिला से मिले तो उन्होंने बताया कि उसके चार बेटे है, परंतु वह उनको साथ नहीं रखते और उनके पास आवश्यकता की चीजें नहीं है । उनको भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाता है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें भोजन और अन्य जरूरत की सामग्री उपलब्ध करवाई। ऐसे बहुत सी अनुभूतियां समाज के अंदर सामाजिक अनुभूति के दौरान देखने को मिलती है। सामाजिक अनुभूति से सामाजिक संवेदना का भाव पैदा होता है।
धर्मशाला के बनगोटू में आईटी, वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में एकीकृत प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। इसके लिए इन क्षेत्रों के बड़े निवेशक आमंत्रित किए जाएंगे। जूहल पंचायत के तहत आने वाले बनगोटू में करीब 19 हेक्टेयर सरकारी भूमि उपलब्ध है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बुधवार को साइट का निरीक्षण कर इसे फाइनल किया है और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों को इससे जुड़ी औपचारिकताएं प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साइट निरीक्षण के दौरान धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा उनके साथ रहे। उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार आईटी, वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में निवेश के महत्व को भलीभांति पहचानती है, जो प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए इन क्षेत्रों में मूलभूत ढांचे के विकास के लिए निजी निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। कांगड़ा जिले में इन सेक्टर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बनगोटू की इस साइट के एक तरफ धौलाधार और दूसरी ओर दूर तक फैली कांगड़ा घाटी का मनोरम दृश्य है। यहां की कुदरती सुंदरता, शांत और स्वच्छ वातावरण इसे आईटी के साथ साथ वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े निवेश के लिए उपयुक्त बनाती है। बेहतर रोड़ कनेक्टिविटी के चलते भी ये जगह इस परियोजना के लिए वित्तीय और व्यावहारिक रूप से मुफीद है। आने वाले समय में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार तथा जिले में हेलीपोर्ट के निर्माण से कनेक्टिविटी की दृष्टि से ये साइट इस परियोजना के लिए सबसे बेहतर रहेगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की विकास परियोजनाओं को लेकर दूरदर्शी सोच है। वे प्रदेश में मूलभूत ढांचे के विकास पर जोर दे रहे हैं। सभी परियोजनाएं इसी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं। वहीं, विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि बनघोटू के आईटी, वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी के संगम स्थल के रूप में विकास से धर्मशाला समेत पूरे प्रदेश की आर्थिकी को लाभ होगा। यहां स्टेट ऑफ आर्ट सुविधाएं विकसित होंगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला को अंतरराष्ट्रीय इंवेट सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर, एक्जीबीशन इंडस्ट्री हब, आईटी पार्क और टूरिज्म विलेज विकास जैसी परियोजनाओं को लागू किया जा रहा है। इस दौरान उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक राजेश शर्मा, कांग्रेस पार्टी के सचिव पुनीत मल्ली, कांग्रेस नेता संजीव गांधी सहित अन्य पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले खेमराज भंडारी को सरकार ने कार्यवाहक उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा लगाया है। उपनिदेशक का पद काफी समय से रिक्त पड़ा था, जिससे शिक्षा से संबंधी कई कार्य अधूरे पड़े थे। खेमराज की इस ताजपोशी से प्राथमिक शिक्षक संघ ने विक्रमादित्य सिंह व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा सरकार का धन्यवाद किया है। संघ ने कहा कि उनकी नियुक्ति से निश्चित रूप से शिक्षकों के लंबित पड़े कार्य पूरे होंगे। पैट अध्यापक से नियमित जेबीटी अध्यापक संघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नरायण हिमराल, अस्थाई अध्यापक संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौहान, उपाध्यक्ष नेकराम पंडयार, होशियार सिंह, जिला शिमला के महासचिव खूब राम, मीना शर्मा, रेखा श्याम, लीला शर्मा, नवीन बरोटा, रमेश झंडी, संजय ठाकुर, जगजीत ठाकुर, अनु पुरटा, राजेश शर्मा, नीरज ठाकुर, लाल चंद, राजू, धर्म प्रकाश, गोपी चंद व तमाम के सदस्यों ने कहा कि खेमराज पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रह कर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर चुके हैं।
भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा देश के एकमात्र केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में आने वाले दिनों में आधुनिक तकनीक ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में बीएसएल तीन स्तर की प्रयोगशाला स्थापित करने को स्वीकृति केंद्र सरकार द्वारा दे दी गई है। इससे इस संस्थान को बहुत बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा की रेबीज वैक्सीन बनाने में भी इस संस्थान का अग्रिम भूमिका रही थी, जिसका समाज को भरपूर लाभ हुआ था। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि आधुनिकता के इस समय में पारंपारिक सरोकारों के साथ टेक्नोलॉजी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल ऐम्स ऋषिकेश में किया गया है, वैसे ही प्रयास आने वाले दिनों में सीआरआई कसौली में किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही संभावनाएं तलाशी जाएंगी। सीआरआई पूरे विश्व में मशहूर है और इसके लिए संस्थान के इतिहास व वैज्ञानिकों के प्रयास की सराहना जितनी भी की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा विशेषकर संस्थान द्वारा कोविड काल के दौरान किए गए कार्यों को हमें सहाराना चाहिए कि किस प्रकार से दो वैक्सीन बनाकर टीकाकरण अभियान में इस संस्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में अपनी स्थापना के समय से ही केंद्रीय अनुसंधान संस्था नवाचार अपनाकर रोगों के उपचार के लिए टिको के उत्पादन में रहा दिखा रहा है।
हिमाचल की समृद्ध वन सम्पदा लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने और रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हिमालयी क्षेत्र में चीड़ की पत्तियां आसानी से विघटित न होने (नॉन-बॉयोडिग्रेडेबल) और अपनी उच्च ज्वलनशील प्रकृति के कारण आग लगने की घटना का मुख्य कारण बनती हैं। हर वर्ष प्रदेश में वनों में आग लगने की लगभग 1200 से 2500 घटनाएं होती है। इस समस्या के समाधान तथा वन संपदा से स्थानीय लोगोन की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार चीड़ की पत्तियों से संपीड़ित (कम्प्रेस्ड) बॉयोगैस के उत्पादन पर विचार कर रही है। राज्य सरकार और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के मध्य कम्प्रेस्ड बॉयोगैस (सीबीजी) उत्पादन के लिए हाल ही में एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है। प्रदेश में चीड़ की पत्तियों के माध्यम से जैव ईंधन का उत्पादन करने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इससे पर्यावरण अनुकूल जैविक कचरे के उचित निपटारे में सहायता मिलेगी। प्रदेश के वन अपशिष्ट लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। अत्याधुनिक पायरोलेसिस और अन्य तकनीकों के माध्यम से चीड़ की पत्तियों के उपयोग से जैव ईंधन के उत्पादन से वनों की आग और ऊर्जा संकट जैसे मामलों से निपटने में भी मदद मिलेगी। हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार और ओआईएल सीबीजी सहित नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का दोहन और इसे विकास मंे सहयोग करेंगे। प्रदेश के कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों के बड़े भू-भाग मंे चीड़ के जंगल हैं। हाल ही में किए गए अनुसंधान से पता चलता है कि चीड़ कीे पत्तियों को सीबीजी में परिर्वतित किया जा सकता है जो ऊर्जा का एक स्थाई संसाधन हैं। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों मंे रहने वाले लोगों के लिए चीड़ से बायोगैस का उत्पादन रोजगार का एक अच्छा जरिया साबित हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश में खैर के पेड़ों के कटान से संबंधित दो मामले उच्चतम न्यायलय में 10 मई को सूचीबद्ध हुए हैं। प्रदेश सरकार खैर उत्पादक किसानों को राहत प्रदान करने के दृष्टिगत ‘दस वर्षीय कटान कार्यक्रम’ के अतंर्गत खैर के कटान पर लगाई गई शर्त हटाने तथा सुविधा अनुसार उन्हें खैर कटान की अनुमति प्रदान करने के लिए सर्वोच्च न्यायलय में अपना कानूनी पक्ष रखेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय राज्य सरकार के पक्ष में आता है तो इससे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और खैर के पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग की अनुमति अनिवार्य नहीं रहेगी। कहा कि इससे किसान अपनी सुविधा और आर्थिक आवश्यकताओं के अनुसार इसका कटान करने में सक्षम हो सकेंगे। खैर की लकड़ी से प्राप्त ‘कत्था’ औषधीय गुणों से परिपूर्ण होने के कारण इसका विभिन्न दवाईयांे के उत्पादन मंेे उपयोग किया जाता है। ऐसे मंे राज्य सरकार की दलील है कि वनवर्धन (सिल्वीकल्चर) के दृष्टिगत खैर का कटान वन प्रबंधन सहित प्रदेश के राजस्व अर्जन के लिए भी बेहतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खैर को दस साल के कटाई कार्यक्रम के दायरे से बाहर करने और राज्य के किसानों के पक्ष में भूमि संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों में छूट से संबंधित सुझाव प्रदान करने के लिए पूर्व में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति द्वारा न्यायालय कोे अपनी रिपोर्ट सौंप दी गई है और इस रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिए जाने की संभावना है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन 14 मई को सिरमौर जिला, 16 मई को महासू जिला और 18 मई को सोलन जिला के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। दौरे के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री एक बैठक में भाग लेंगे जिसके जिला पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, जिला में प्रदेश से पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, जिला के विधायक एवं 2022 के प्रत्याशी, मंडल अध्यक्ष एवं महामंत्री, मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री, प्रकोष्ठ के जिला संयोजक, जिला परिषद के सदस्य , बीडीसी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष नगर परिषद नगर पंचायत नगर निगम के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष और अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहेंगे। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रसिद्ध शक्तिपीठों की तर्ज पर प्रदेश के अन्य मंदिरों का भी विकास किया जाएगा। मंदिरों के विकास एवं उत्थान से ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने चिंतपूर्णी प्रवास के दौरान क्षेत्र को करोड़ों की सौगातें दीं। उन्होंने चिंतपूर्णी क्षेत्र में 4.26 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण किए, जिसमें 1 करोड़ 70 लाख की मुबारिकपुर-भरवाईं की स्मार्ट एलईडी लाइट्स का शिलान्यास, 32 लाख 21 हजार की माधो का टीला में शौचालय सुविधा का शिलान्यास व माधो का टीला में 1 करोड़ 84 लाख के सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त 20 लाख 44 हजार की लाइब्रेरी तथा प्रथम फेज के अंतर्गत मंदिर परिसर में स्थापित 19 लाख 99 लाख से स्थापित किए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकापर्ण किया। इसके बाद उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंदिर न्यास समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में माता श्री चिंतपूर्णी परिसर में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में बिजली, पानी व सड़क के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर चिंतपूर्णी विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रंजीत सिंह राणा, जिला महामंत्री प्रमोद कुमार, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार गरीब परिवारों के पक्की छत के सपने को साकार करने के साथ उनके सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए कटिबद्ध है। यह विचार उन्होंने आज मंगलवार को जवाली विश्राम गृह में सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत मकान बनाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 68 पात्र लाभार्थियों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राशि के स्वीकृति पत्र वितरित किए, जबकि अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत 23 लाभार्थियों को सिलाई मशीनें भी वितरित कीं। कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए पूरी सेवा और समर्पण की भावना से कार्य कर रही है। हर वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए नए बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं ताकि लोगों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 9 लाख से अधिक पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। जिसमें से अकेले कांगड़ा ज़िला में ही 1 लाख 67 हज़ार लोगों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने इस मौके पर जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकतम का मौके पर निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। ज़िला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा विभागीय योजनाओं बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के कार्य में और पारदर्शिता सुनिश्चित बनाने के साथ लोगों को घर-द्वार पर सुविधा प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा नई ऐप विकसित की है जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति घर बैठे इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवा सकता है। कार्यक्रम में नगर पंचायत के अध्यक्ष राजेंद्र राजू, उपाध्यक्ष एवी पठानिया, कांग्रेस प्रवक्ता संसार सिंह संसारी, कांग्रेस नेता अश्वनी चौधरी, सरन दास सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी, विभागों के अधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ का 24वां स्थापना दिवस कालीबाड़ी शिमला में मनाया गया। इसमें सभी जिलों के जिला प्रधान/सचिव, यूनिट प्रधान /सचिव, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा ने दीप प्रज्वलित करके इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम रूपरेखा के अनुसार सिटी यूनिट शिमला के चुनाव करवाए गए। उसके उपरांत जिला शिमला के चुनाव करवाए गए। तकनीकी कर्मचारी संघ जिला शिमला ने प्रदेश कार्यकारिणी का शिमला पधारने पर स्वागत किया। इस कार्यक्रम में तकनीकी कर्मचारी संघ के जो पदाधिकारी सेवानिवृत्त हुए थे, उनको सम्मानित किया गया। उसके पश्चात कार्यसमिति की बैठक आरंभ हुई। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार रखे। सरकार बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े 6000 पदों को जल्द भरे प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े 6000 पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करे। इसके साथ ही टी मेट को ALM और हेल्पर को सब स्टेशन अटेंडेंट प्रमोट करे इसके साथ कनिष्ठ अभियंता फीडिंग के 200 के करीब पद खाली चल रहे हैं, उनको 27% कोटे से लाइनमैन और इलेक्ट्रिशियन से प्रमोट करके भरा जाए। क्योंकि पूरे प्रदेश में बहुत से पद प्रमोशन न होने की वजह से खाली पड़े हैं, जिस वजह से आय दिन तकनीकी कर्मचारियों के साथ फील्ड में हादसे हो रहे हैं। इसके साथ ही सर्विस कमिटी की मीटिंग जो लंबे समय से लंबित पड़ी है, उसको करवाने में अभी तक बोर्ड प्रबंधन नाकाम रहा है। इस विषय को भी सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
मणिपुर के तनावग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित निकाले गए हिमाचल के विद्यार्थियों ने सोमवार सायं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने त्वरित सहायता उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत प्रयासों के फलस्वरूप मणिपुर में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हिमाचल से संबंधित पांच विद्यार्थी सकुशल दिल्ली पहुंचे। विद्यार्थियों को विशेष उड़ान के माध्यम से इम्फाल से कोलकाता और उसके उपरांत दिल्ली लाया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर बच्चों का यात्रा खर्चा भी वहन किया। इससे पहले गत देर सायं हिमाचल भवन में पहुंचने पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने इन विद्यार्थियों की अगवानी की।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू एक बार फिर संकट मोचक के रूप में उभर कर सामने आए हैं। दरअसल, मणिपुर हिंसा के बीच हिमाचल प्रदेश के कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री को फोन कर वहां से रेस्क्यू करने के लिए उनकी मदद मांगी। मुख्यमंत्री को फोन करने के तुरंत बाद इन पांच बच्चों को इम्फाल ईस्ट से रेस्क्यू किया गया, जिनमें एक लडक़ी भी शामिल है। इनमें से तीन बच्चे एनआईटी के विद्यार्थी, जबकि दो नेशनल स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी मणिपुर के विद्यार्थी हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चों में से तीन मंडी, एक कुल्लू और एक हमीरपुर जिला का रहने वाला है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सारी रात खुद स्वयं रेस्क्यू मिशन की निगरानी की।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चीफ पार्लिमेंट सेक्रेटरी की नियुक्तियों के विरोध में भाजपा ने प्रदेश उच्च न्यायालय में एक पिटीशन लगाई है और इन नियुक्तियों को चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि सीपीएस ऑफिस ऑफ प्रॉफिट है और यह नियुक्तियां संविधान के खिलाफ है पूर्व कांग्रेस सरकार ने एक बार पहले भी सीपीएस की नियुक्तियां की थी जो कि रद्द कर दी गई थी और इसके बाद वर्तमान सरकार ने फिर वही गलती दोहराई है इस पिटीशन को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता सतपाल जैन हमारे वकील है। उन्होंने कहा की हमें 100 % विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा, हमें लोकतंत्र और न्यायपालिका में पूरा विश्वास है। जल्द ही सभी सीपीएस को अपने पद छोड़ने पड़ेंगे।
भाजपा कार्यालय शिमला में एक विशिष्ठ बैठक नगर निगम चुनाव को लेकर संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल द्वारा की गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुरेश कश्यप, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, नगर निगम चुनाव के प्रभारी एवं विधायक पोंटा साहब सुखराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल, त्रिलोक जम्वाल एवं अनेक पूर्व मंत्री, विधायक व पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठक में भाग लिया। 34 वार्डों में भाजपा ने चुनाव लड़ा और 9 जीते हुए पार्षदों व शेष चुनाव लड़े उम्मीदवारों ने बैठक में भाग लिया। नगर निगम चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अपने वक्तव्य में कहा कि नगर निगम में कांग्रेस की जीत सत्ता के दुरुपयोग की जीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता का जमकर दुरुपयोग किया और प्रदेश के विभिन्न स्थानों के वोट शिमला में बनाए गए। हर वार्ड में वोटों को बनाते हुए नगर निगम क्षेत्र में हजारों वोट बनाए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी मेहनत से और बड़ी निष्ठा से चुनाव में काम किया, बेहतरीन तरीके से चुनाव प्रचार किया। बैठक में भाजपा के सभी जीते हुए 9 पार्षदों का अभिनंदन किया गया, जिसमें अप्पर ढली से कमलेश मेहता, फागली से कल्याण धीमान, पंथाघाटी से कुसुम ठाकुर, रुल्दुभट्टा से सरोज ठाकुर, कृष्णा नगर से बिट्टू कुमार पाना, पटयोग से आशा शर्मा, न्यू शिमला से निशा ठाकुर, भराड़ी से मीना चौहान और कसुम्पटी से रचना शर्मा उपस्थित रहीं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बिंदल ने बताया कि चर्चा में यह विषय निकल कर सामने आया कि कांग्रेस पार्टी ने शिमला नगर निगम के चुनावों में सत्ता का दुरुपयोग कर शिमला नगर निगम में अपनी जीत दर्ज की है। चुनाव के प्रथम दिन से ही कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने नगर निगम शिमला के चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया, पहले कांग्रेस के नेताओं ने नगर निगम शिमला के रोस्टर के साथ छेड़छाड़ की। उसके बाद जिस प्रकार से नगर निगम शिमला में 20,000 से अधिक वोट बने उससे भी नगर निगम शिमला के चुनाव प्रभावित किया गया, चुनाव के बीच में कर्मचारियों को डीए की किस्त देना और विभिन्न पदों की नौकरियों को रेगुलर करने की घोषणा भी चुनाव को प्रभावित करने के लिए ही की गई। कांग्रेस पार्टी ने इन चुनावों में सत्ता का पूर्ण रूप से दुरुपयोग किया जिसके कारण कांग्रेस पार्टी ने नगर निगम शिमला में सीटें जीती। वहीँ पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अब नगर निगम शिमला का चुनाव हो गया है और हमें अपनी सुस्ती को छोड़कर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए जुटना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि हर पोलिंग बूथ पर जहां-जहां जो जो कमी रही है, उस कमी को सब मिलकर दूर करेंगे, जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा के पास सबसे बड़ा संगठन है सबसे अच्छे कार्यकर्ता है आवश्यकता है और हमें पूरा मन बना कर जुट जाने की आवश्यकता है।
हिमाचल यानी हिम का आँचल l हिमाचल प्रदेश की वादियां जितनी ख़ूबसूरत है उतना ही ख़ूबसूरत इसका नाम है और उतनी ही दिलचस्प इसके नामकरण की कहानी भी l ये कहानी एक लम्बे संघर्ष की है जिसका साक्षी बना दरबार हॉल आज भी प्रदेश में मौजूद है l कई ऐतिहासिक फैसलों का गवाह रहा सोलन का दरबार हॉल खुद में हिमाचल के नामकरण का इतिहास समेटे हुए है। इसी दरबार हॉल में हिमाचल का नामकरण हुआ था और इसी दरबार हॉल में 28 रियासतों के राजाओं ने राज -पाट छोड़ प्रजामण्डल में विलय होने के लिए सहमति दी थी। बघाट रियासत के राजा दुर्गा सिंह संविधान सभा के चेयरमैन थे और उन्हें प्रजामण्डल का प्रधान भी नियुक्त किया गया था। उनकी अध्यक्षता में 28 जनवरी 1948 को दरबार हॉल में हिमाचल प्रदेश के निर्माण हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में डॉ यशवंत सिंह परमार व स्वतंत्रता सैनानी पदमदेव की उपस्तिथि को लेकर भी तरह-तरह की कहनियां है। कहा जाता है कि डॉ परमार वर्तमान उत्तराखंड राज्य का जौनसर-बाबर क्षेत्र का कुछ हिस्सा भी हिमाचल प्रदेश में मिलाना चाहते थे, किन्तु राजा दुर्गा सिंह इससे सहमत नहीं थे। साथ ही डॉ परमार प्रदेश का नाम हिमालयन एस्टेट रखना चाहते थे, जबकि राजा दुर्गा सिंह की पसंद का नाम हिमाचल प्रदेश था। ये नाम संस्कृत के विद्वान आचार्य दिवाकर दत्त शर्मा ने सुझाया था जो राजा दुर्गा सिंह को बेहद भाया। अंत में राजा दुर्गा सिंह की चली और नए गठित राज्य का नाम हिमाचल प्रदेश ही रखा गया। 28 रियासत के राजाओं ने जब एक स्वर में प्रांत का नाम हिमाचल प्रदेश रखने की आवाज बुलंद की, तो डॉ. परमार ने भी इस पर हामी भर दी। एक प्रस्ताव पारित कर तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को मंजूरी के लिए भेजा गया। सरदार पटेल ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाकर हिमाचल का नाम घोषित किया। राजसी शान-ओ-शौकत का गवाह रही इमारत : मौजूदा समय में दरबार हॉल का इस्तेमाल लोक निर्माण विभाग कर रहा है। ऐतिहासिक दरबार हॉल में जर्जर दीवारें अपनी अनदेखी की कहानी बयां कर रही हैं। सोचने वाली बात तो ये है की जिलेभर के सरकारी भवनों को बनाने और रखरखाव करने वाले लोक निर्माण विभाग का कार्यालय इस जर्जर भवन में चल रहा है। दरबार हॉल को उचित पहचान मिलना तो दूर इस स्थान का अस्तित्व तक खतरे में है। दरबार हॉल में राजशाही के दौर की तीन कुर्सियां आज भी मौजूद हैं। आज भी दरबारी द्वार पर की गई बेहद सुंदर नक्काशी को देखा जा सकता है। आज भी ये दरबार हॉल अपनी खूबसूरती और अपने शानदार इतिहास का लोहा न सिर्फ सोलन बल्कि समूचे प्रदेश में कायम करता है। पर विडम्बना ये हैं कि राजसी शान-ओ-शौकत का गवाह रही यह ईमारत आज धीरे-धीरे लचर व्यवस्था की बलि चढ़ रही है।
प्रदेश में 13 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर हिमाचल पुलिस ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे विभाग द्वारा मोटर अधिनियम के तहत किए चालानों के भुगतान करने के लिए लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। हिमाचल पुलिस ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे विभाग द्वारा प्रदेश के करीब तीन लाख 15 हजार लोगों को उनके मोबाइल नंबर पर पेंडिंग चालानों के मैसेज भेजे भेजे हैं। हिमाचल पुलिस ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे विभाग द्वारा भेजे जा रहे एसएमएस में ऑनलाइन लिंक पर क्लीक करके लोगों से चालान का भुगतान करने का आग्रह किया जा रहा है।
" जगत सिंह नेगी खुद एक बागवान है और एक आम बागवान की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। उम्दा बात ये है कि नेगी खुद व्यवस्था परिवर्तन की जरुरत को मानते है और अपने छोटे से कार्यकाल में ही उन्होंने 'बॉटम टू टॉप' आवश्यक बदलाव करने के संकेत भी दिए है। साफ़गोई से व्यवस्था और तंत्र की खामियों को स्वीकारना और समाधान पर तार्किक चर्चा करना उनसे उम्मीद का बड़ा कारण है। " बागवानी हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ है। प्रदेश की अकेली सेब अर्थव्यवस्था ही छ हज़ार करोड़ से ज्यादा की है। वहीं अधीनस्थ गतिविधियों का भी बहुत बड़ा बाज़ार है। बागवानी ने निसंदेह प्रदेश को एक दिशा दी है जिससे आर्थिक दशा भी सुधरी है। हिमाचल प्रदेश की जलवायु प्रकृति का वरदान है और प्रदेश में बागवानी को लेकर अथाह संभावनाएं है। सेब के अलावा भी प्रदेश में कई फलों के लिए उपयुक्त वातावरण है। हालांकि कभी मौसम की मार, तो कभी पोस्ट हार्वेस्ट पेश आने वाली समस्याएं बागवानों के सामने बड़ी चुनौती है। पैकिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, मार्केटिंग हो या फ़ूड प्रोसेसिंग; आज के प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में टिकने के लिए हर स्तर पर पेशेवर दृष्टिकोण से कार्य करना अनिवार्यता बन चूका है। हर क्षेत्र में विशेषज्ञता की दरकार है। बड़े बागवानों के लिए तो ये काफी हद तक मुमकिन होता है, किन्तु छोटे बागवानों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकारी तंत्र पर ही ये बागवान निर्भर है। दरअसल, सरकार ही इनकी आस है। कुछ महीने पहले ही व्यवस्था परिवर्तन के वादे के साथ हिमाचल प्रदेश में नई सरकार आई है। पिछली सरकार से जो वर्ग खफा थे उनमें बागवान भी शामिल है और ये वर्ग परिवर्तन का सूत्रधार भी बना। अब प्रदेश में बागवानी विभाग क जिम्मा जगत सिंह नेगी को दिया गया है जो न शरीफ खुद एक बागवान है बल्कि विपक्ष में रहते बागवानों के मुद्दों पर तत्कालीन सरकार के खिलाफ मुखर भी रहे है। सरकार को अभी ज्यादा वक्त नहीं मिला है ऐसे में किसी निष्कर्ष पर निकलना जल्दबाजी जरूर होगा लेकिन बागवानों को लेकर जगत सिंह नेगी का रवैया सकरात्मक जरूर है। बागवानी से जुड़े कई मूल मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने जगत सिंह नेगी से चर्चा की और उनका पक्ष जाना। जगत निगह नेगी खुद एक बागवान है और एक आम बागवान की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। उम्दा बात ये है कि नेगी खुद व्यवस्था परिवर्तन की जरुरत को मानते है और अपने छोटे से कार्यकाल में ही उन्होंने 'बॉटम टू टॉप' आवश्यक बदलाव करने के संकेत भी दिए है। साफ़गोई से व्यवस्था और तंत्र की खामियों को स्वीकारना और समाधान पर तार्किक चर्चा करना उनसे उम्मीदों का बड़ा कारण है। एचपीएमसी है सुधार की धुरी : हार्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कारपोरेशन ( एचपीएमसी ), ये वो सरकारी उपक्रम है जो करीब पांच दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ वाईएस परमार द्वारा प्रदेश में बागवानों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था। 10 जून 1974 को विश्व बैंक की सहायता से ये उपक्रम अस्तित्व में आया और इसका मुख्य उद्देश्य था बागवानों को पोस्ट हार्वेस्ट ( तुड़ान ) के बाद की गतिविधियों में सहायता प्रदान करना। विशेषकर 80 के दशक में एचपीएमसी ने आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में शानदार काम किया। फिर 21 वीं शताब्दी की शुरुआत में एक दौर ऐसा भी आया जब फ़ूड प्रोसेसिंग में कदम रख एचपीएमसी के फ्रूट जूस ने तहलका मचा दिया। पर समय के साथ अव्यवस्था हावी होती गई और बेहतरीन क्वालिटी के बावजूद एचपीएमसी के उत्पादों का मार्किट शेयर कम होता रहा। मंत्री जगत सिंह नेगी बेझिझक स्वीकारते है कि एचपीएमसी के प्रोडक्शन प्लांट्स में आज व्यापक बदलाव की आवश्यकता है। आज के गलाकाट प्रतिस्पर्धी दौर में आधुनिक मशीने चाहिए, नई तकनीक चाहिए और व्यावसायिक नजरिया चाहिए। वर्ल्ड बैंक से मिले प्रोजेक्ट पर चर्चा करने पर नेगी ने बेहद साफ़ शब्दों में बताया कि परवाणू प्लांट में जिस पैसे का इस्तेमाल तकनीक और मशीनों पर किये जाना चाहिए था, उस पर बिल्डिंग को प्राथमिकता दी गई। जाहिर है नेगी का निशाना पूर्व सरकार पर था लेकिन असल चुनौती तो अब उनके सामने है। जगत सिंह नेगी का कहना है कि प्रोसेसिंग में फ्यूचर अब छोटे प्लांट्स का है, इतने बड़े प्लांट्स की जरुरत नहीं है। एचपीएमसी की तकनीक पुरानी है और अब समय कोल्ड प्रेस्ड प्लांट्स का है। पहले कंसन्ट्रेट बनाये जाते थे और फिर जूस तैयार होता था, लेकिन अब सीधे जूस तैयार होते है। बदलाव समय की जरुरत है। बागवानी मंत्री का स्पष्ट कहना है कि ये सरकार की प्राथमिकता में है और सुनहरा दौर वापस लाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी कहते है कि मुंबई, चेन्नई, दिल्ली सहित देश के कई मेट्रो शहरों में एचपीएमसी के पास सम्पतियाँ है, जो आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। प्रदेश में भी एचपीएमसी के पास कई सम्पतियाँ है। जरुरत है तो इनका उचित रखरखाव और आवश्यक बदलाव कर इनके सही इस्तेमाल करने की। 10 जून 1974 को विश्व बैंक की सहायता से एचपीएमसी की स्थापना हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बागवानों के लिए पोस्ट हार्वेस्ट (तुड़ाई) सुविधाओं को उलब्ध करवाना था, ताकि बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो सके। करीब अपने पांच दशक के सफर में एचपीएमसी ने बागवानों के हित में कई अहम कार्य किये है, विशेषकर शुरूआती सालों में। तुड़ान के बाद फलों की पैकिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, मार्केटिंग और फ़ूड प्रोसेसिंग की दिशा में कई बड़े निर्णय हुए और आधारभूत ढांचा भी निरंतर मजबूत हुआ। पर बीते कुछ समय में एचपीएमसी की कार्यशैली को लेकर निरंतर सवाल उठे है। वर्तमान में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी स्वीकार करते है कि सुधार की दरकार है। आरोप : एक कंपनी को दिया दस साल का ठेका ! आज के दौर में किसी भी उत्पाद की पैकिंग और सही मार्केटिंग बेहद जरूरी है और ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की उपयोगिता पर कोई सवाल नहीं है। पर अगर एचपीएमसी के उत्पादों को देखे तो ब्रांड वैल्यू के बावजूद ये पिछड़े हुए दीखते है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी भी इस कमी को स्वीकरते है। नेगी कहते है कि पूरी व्यवस्था बिगड़ी हुई है और इसे ठीक करने में वक्त लगेगा। मसलन पैकिंग के मामले पर वो कहते है कि पिछली सरकार ने जूस के टेट्रा पैक बनने के ठेका एक निजी कंपनी को दस साल के लिए दे दिया। किसी को लाभ पहुँचाने के लिए एक दो पेज का एग्रीमेंट कर लिया गया। अब मामला कोर्ट में है। ऐसे कई निर्णयों के चलते व्यवस्था में जरूरी बदलाव करना जटिल है, फिर भी वे हरसंभव विकल्प पर कार्य कर रहे है। उद्देश्य को लेकर स्पष्टता : बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी एचपीएमसी की भूमिका को लेकर बिलकुल स्पष्ट है। जब उनसे पूछा गया कि वे राजस्व मंत्री भी है और क्या एचपीएमसी सरकार की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा, तो नेगी दो टूक कहते है कि एचपीएमसी का उदेश्य व्यपार करना नहीं है। इसका उद्देश्य बागवानों को प्रोसेसिंग, स्टोरेज और अन्य वलूर एडेड सुविधाएँ मुहैया करवाना, उन्हें सस्ता मटेरियल देना। जगत सिंह नेगी मानते है कि यदि बागवानों कि आर्थिकी मजबूत होगी और अप्रत्यक्ष तौर पर प्रदेश का राजस्व बढ़ना भी स्वाभविक होगा। अर्थव्यवस्था का पहिया इसी तरह चलता है। यूनिवर्सल कार्टन और प्रति किलो भाड़ा : हिमाचल सरकार ने हाल ही में बागवानों का एक बड़ा मसला हल किया है l हिमाचल का सेब अब कार्टन के हिसाब से नहीं बल्कि किलो के हिसाब से बिकने वाला है l कृषि सचिव ने इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी है जिसके मुताबिक, बागवान एक पेटी में अधिकतम 24 किलो सेब ही भर सकेंगे l इस कदम से अब सेब बागवान बिचौलियों के शोषण से बच सकेंगे l इससे पहले बिचौलियों के दबाव में सेब बागवानों को एक पेटी में कभी 28 तो कभी 30 किलो सेब डालने पड़ रहे थे l पेटी में सेब की मात्रा बढ़ाने के बावजूद बागवानों को पेटी के हिसाब से ही दाम मिल रहा था l ऐसे में अब प्रति किलोग्राम दाम मिलने से बागवानों को फायदा होगा l इस समस्या का समाधान सरकार ने किया है मगर बागवान इसके बाद अब फ्रेट को लेकर चिंतित थे l हालांकि अब सरकार ने बागवानों की ये समस्या भी दूर कर दी है l बागवानों को ट्रांसपोर्टरों के शोषण से बचाने के लिए सरकार ने वजन के आधार पर सेब की ढुलाई का निर्णय लिया है l इस पर जगत सिंह नेगी ने कहा की जल्द सरकार की ओर से उपायुक्तों को आदेश जारी किए जाएंगे। उपमंडल स्तर पर संबंधित एसडीएम यह व्यवस्था लागू करेंगे और मनमानी करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। अब तक प्रदेश में सेब ढुलाई की दरें पेटी के आधार पर तय होती हैं। हिमाचल प्रदेश पैसेंजर एंड गुड्स टैक्सेशन एक्ट 1955 के तहत प्रति किलोमीटर प्रतिकिलो के आधार पर सेब ढुलाई का किराया तय किया जाएगा। बागवानी मंत्री ने कहा की ये सुनिश्चित किया जाएगा कि बागवानों को उपज का सही दाम मिले और ट्रांसपोटेशन के नाम पर बागवानों का शोषण न हो। इम्पोर्ट ड्यूटी और जीएसटी को लेकर केंद्र पर निशाना : बाहर से आने वाले सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 100 फीसदी न होना भी बागवानों क लिए बड़ी समस्या बना हुआ है l ये यूँ तो केंद्र सरकार का मसला है मगर बागवानी मंत्री का कहना है कि वे इसे लेकर काफी गंभीर है व केंद्र से इसके बारे बात करेंगे l जगत सिंह नेगी का कहना है की केंद्र सरकार 2014 से लेकर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की बात कहती है मगर अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया है। वो कहते है की पहले सिर्फ 3 या 4 देशों से सेब इम्पोर्ट किया जाता था, मगर अब करीब दर्जन देश है जहाँ का सेब भारत आ रहा है। अफगानिस्तान के रास्ते भी कुछ देशों का सेब भारत आता हैl हम लगातार इस इम्पोर्ट को कम करने की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि केंद्र से जुड़े और भी कई मसले है। वे मानते है कि बागवानी से जुड़ी कई वस्तुओं पर केंद्र सरकार ने जीएसटी 18 प्रतिशत कर बागवानों की कमर तोड़ने का काम किया है l मार्किट इंटरवेंशन स्कीम के तहत दाम घटा दिए गए, जो कि सही नहीं है l सेब राज्य नहीं फल राज्य बनाना है : हिमाचल में जितनी आर्थिकी सेब से आती है उतनी ही अन्य फलों से भी आ सकती है, हालाँकि बाकि फलों को उतनी तवज्जो मिलती नहीं दिखती l अन्य फलों की पैदावार बढ़ने से बागवानों की आर्थिकी दोगुनी हो सकती है जिसपर सरकार काम कर रही है l जगत नेगी बताते है कि सरकार शिवा प्रोजेक्ट के तहत ट्रॉपिकल क्षेत्रों जैसे बिलासपुर, मंडी, ऊना, हमीरपुर, काँगड़ा, में सिट्रस फ्रूट्स की पैदावार पर फोकस कर रही है l इन क्षेत्रों में सरकार अमरुद, अनार जैसे फलों पर बड़े प्रोजेक्ट्स ला रही है l इसके मैन प्रोजेक्ट का एमओयू एशियाई डेवलपमेंट बैंक के साथ होना है जिसमें 6000 हेक्टेयर का टारगेट रखा गया है। राज्य में सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर, इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन (HP-SHIVA) प्रोजेक्ट का पायलट चरण चल रहा है। इसका मकसद हिमाचल को फल राज्य के तौर पर विकसित करना है। ये सब - ट्रॉपिकल फलों की खेती को बढ़ावा देगा। राज्य में बीते ढाई सालों से इस प्रोजेक्ट का पायलट चरण लागू है। इसके अंतर्गत 4 जिलों के तकरीबन 17 क्लस्टर में विभिन्न सब-ट्रॉपिकल फलों के बगीचे लगाए गए हैं। इनसे बागवानों को अच्छी आमदनी हो रही है। शिवा परियोजना में फसल तैयार करने से लेकर मंडी तक पहुंचाने के लिए संकल्पना की गई है। यानी बगीचा लगाने के लिए प्लांटिंग मटेरियल देने, सिंचाई टैंक बनाने, ड्रिप-इरिगेशन लगाने, अच्छी मंडियां बनाने, फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए फैंसिंग लगाने के लिए अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। बगीचों में सिंचाई की सुविधा के लिए टैंक बनाने का काम जल शक्ति महकमा कर रहा है। बागवानी मंत्री इस पहल की सफलता को लेकर आश्वस्त है और नतीजे उम्मीद मुताबिक आएं तो हिमाचल की पहचान सिर्फ सेब राज्य की नहीं बल्कि फल राज्य की होगी। व्यापक सुधार को सरकार प्रतिबद्ध बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का कहना है कि सरकार बागवानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और एचपीएमसी में हर स्तर पर व्यापक सुधार पर काम कर रही है l सरकार द्वारा नए प्लांट्स, नए सीए स्टोर्स बनाए जाएंगे l पुराने प्लांट्स को ठीक किया जाएगा व पराला में 100 करोड़ का एक नया प्लांट इस सीजन में तैयार किया जाएगा जिसकी क्रशिंग कैपेसिटी 22 टन प्रतिदिन होगी l वहीं एप्पल वाइन प्रोडक्शन पर भी फोकस किया जाएगा l जगत सिंह नेगी नई सोच और नए विजन के साथ आगे बढ़ने पर जोर दे रहे है और उनका मानना है कि एचपीएमसी के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए l ताजा फलों की मार्केटिंग के अलावा एचपीएमसी की कार्यसूची में फ़ूड प्रोसेसिंग भी शामिल था। सरप्लस उत्पादन का जूस या अन्य उत्पाद बनाकर उसे मार्किट में बेचे जाने की दिशा में एचपीएमसी ने क्रांतिकारी कदम उठाया था। एक दौर था जब एचपीएमसी के फ्रूट जूस न केवल देशभर में लोकप्रिय थे बल्कि विदेशों में भी सप्लाई हो रहे थे। आज भी एचपीएमसी फ़ूड प्रोसेसिंग कर रहा है, लेकिन निसंदेह बीते दो दशक से इसका ग्राफ लगातार गिरा है। समय के साथ एचपीएमसी ने न टेक्नोलॉजी में सुधार किया और न ही मार्केटिंग तंत्र में। हालांकि आज भी एचपीएमसी एक प्रतिष्ठत ब्रांड है लेकिन लचर व्यवस्था के चलते काफी पीछे जरूर रह गया है।
सीएम सुक्खू के हनुमान कहे जाने वाले सीपीएस संजय अवस्थी की राजनैतिक कुशलता की झलक एक बार फिर देखने को मिली है। शिमला नगर निगम चुनाव में संजय अवस्थी को पार्टी ने पांच वार्डों का जिम्मा सौपा था और इनमें से चार में पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। इतना ही नहीं अवस्थी ने नगर निगम के कई अन्य वार्डों में भी पार्टी के लिए दिन रात काम किया, जिसका लाभ पार्टी को हुआ है। दरअसल शिमला में अर्की क्षेत्र के काफी लोग बसते है और संजय अवस्थी वर्त्तमान में लगातार दूसरी बार अर्की से विधायक है। अर्की में उनकी जमीनी पकड़ को लेकर कोई संशय नहीं है जिसका व्यापक लाभ पार्टी को शिमला नगर निगम चुनाव में भी हुआ है। दरअसल नगर निगम के 34 वार्डों में कांग्रेस के कई नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी गयी थी जिनमे संजय अवस्थी को भी पांच वार्ड का प्रभार दिया गया था। समरहिल ,टूटू ,मझ्याट,बालूगंज और कच्चीघाटी वार्ड में संजय अवस्थी ने कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए धुआंधार प्रचार किया था। खुद मैदान में उतर कर अवस्थी ने कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए मोर्चा संभाला था नतीज़न टूटू ,मझ्याट,बालूगंज और कच्चीघाटी वार्ड में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जीत मिली। अर्की विधानसभा क्षेत्र में तो अवस्थी का प्रभाव दिखता ही है लेकिन शिमला नगर निगम चुनाव में भी अवस्थी का जादू खूब चला है। जाहिर है शिमला के इन चारों वार्डों में कोंग्रस की इस बेहतरीन परफॉरमेंस के लिए पूरा क्रेडिट सीपीएस संजय अवस्थी को जाता है जिन्होंने नगर निगम शिमला के चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दशकों बाद नगर निगम शिमला में कांग्रेस काबिज़ हुई है।
26 अप्रैल 2022 को कांग्रेस हाईकमान ने प्रतिभा सिंह को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का 32वां अध्यक्ष बनाया था। तब से लेकर अब तक प्रतिभा सिंह और उनके नेतृत्व में कांग्रेस अपराजित रही है। नगर निगम शिमला चुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के खाते में एक और जीत शामिल हो गई है। प्रतिभा सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से प्रदेश में कांग्रेस संगठन और अधिक संगठित हुआ है, जिसका असर चुनावों में भी देखने को मिला है। पहले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने शानदार जीत हासिल की और अब शिमला नगर निगम भी पार्टी की झोली में गया है। राजनैतिक विश्लेषक भी मानते है कि प्रतिभा सिंह को संगठन की कमान देना पार्टी का मास्टर स्ट्रोक था और इसके नतीजे अब सबके सामने है। छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह 1998 में सक्रिय राजनीति में आई थीं। पहला चुनाव मंडी संसदीय क्षेत्र से लड़ा था। 2004 के आम लोकसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार अपनी किस्मत आजमाई थी और वे पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुईं थी। फिर 2013 में मंडी संसदीय उपचुनाव हुआ तो प्रतिभा तीसरी बार मैदान में उतरी और दूसरी बार संसद सदस्य निर्वाचित हुई। इसके साल भर बाद 2014 में लोकसभा चुनाव हुआ था। मोदी लहर में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने उन्हें 39 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। फिर वीरभद्र सिंह के निधन के बाद 2021 में करीब सात साल बाद प्रतिभा सिंह दोबारा चुनावी अखाड़े में उतरी और मंडी उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को चारों खाने चित कर सांसद बनी। इसके बाद कांग्रेस से बतौर प्रदेश अध्यक्ष उनकी ताजपोशी हुई। बतौर प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने विधानसभा का चुनाव लड़ा और सत्ता में वापसी की। शिमला नगर निगम का चुनाव प्रतिभा सिंह की संगठनात्मक प्रतिभा का दूसरा इम्तिहान था और यहाँ भी वे सफल रही। होली लॉज का सियासी जलवा बरकरार : अरसे तक प्रदेश की सत्ता का केंद्र रहे होली लॉज का सियासी जलवा अब भी बरकरार है। प्रदेश कांग्रेस संगठन की कमान जहाँ प्रतिभा सिंह के हाथ में है, तो वहीँ उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री है। यानी होली लॉज की सियासी दमक कायम है।
'न भूतो न भविष्यते', मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में जो कांग्रेस ने नगर निगम शिमला के चुनाव में कर दिखाया, वो इतिहास बन गया है। 11 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस ने 34 में से 24 वार्डों में अपना परचम लहराया। आज से पहले कभी भी किसी राजनीतिक दल को नगर निगम शिमला में 24 सीटें नहीं मिली थी। वीरभद्र सिंह जैसे 'मास लीडर' भी जो कभी नहीं कर पाए, वो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर दिखाया। शिमला नगर निगम के चुनाव नतीजों के बाद इस जीत का श्रेय सभी मुख्यमंत्री को दे रहे है। इसी नगर निगम से सुक्खू ने मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा था और निसंदेह शिमला वासी भी सीएम सुक्खू को अपना मानते है। ये सुक्खू की राजनैतिक सूझबुझ, उनका जमीनी अनुभव और अनूठी कार्यशैली का ही नतीजा है कि कांग्रेस को शिमला नगर निगम में ग्रैंड विक्ट्री मिली है। छात्र राजनीति से निकल कर प्रदेश की सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक लम्बी राजनीतिक दूरी तय की है। एक आम कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री बनने का उनका सफर और अनुभव निसंदेह कांग्रेस के लिए पूंजी है। सुक्खू प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे है और सियासत के सभी दाव पेंचो में निपुण माने जाते है। इसकी झलक शिमला नगर निगम चुनाव में भी दिखी जहाँ कांग्रेस हर रणनीतिक मोर्चे पर भाजपा से इक्कीस दिखी। चाहे क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से नेताओं को प्रभार देने का निर्णय हो या खुद प्रचार को रफ़्तार देने का जिम्मा उठाना, सुक्खू हर मोर्चे पर हिट रहे और भाजपा चारों खाने चित हो गई। शिमला नगर निगम के चुनाव को मिनी विधानसभा का चुनाव भी कहा जाता है। दरअसल शिमला में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोग बसते है। साल 2017 में हुए नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने सिर्फ 13 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने 17 सीटों पर कब्जा जमाया था। सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में यह पहला चुनाव था। सुक्खू भी प्रचार में उतरे थे और इस चुनाव को उनकी प्रतिष्ठा से जोड़ा जा रहा था। इस बार कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए 24 सीटें जीती हैं। ज़ाहिर है ये कांग्रेस की रणनीति का कमाल है। प्रदेश में सुक्खू सरकार बनने के पांच महीने के भीतर हुए इस चुनाव के नतीजे बयां करते है कि जनता का सुक्खू सरकार पर भरोसा बरकरार है। खुद सीएम सुक्खू भी इसे सरकार की नीतियों की जीत मानते है। चाहे सुखाश्रय कोष की स्थापना जैसी मानवता से परिपूर्ण पहल हो या ओपीएस सहित कर्मचारियों को मिली सौगातें, अपने फैसलों से सुक्खू सरकार लगातार जनता के बीच लोकप्रिय भी हुई है और मजबूत भी। बहरहाल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मिली ये जीत कांग्रेस में नया जोश भरने वाली है। जीत की पटरी पर लौटी कांग्रेस को उम्मीद है कि 2024 में भी पार्टी बेहतर करेगी।
देश के समुद्री क्षेत्र से लेकर हिमालय से निकलने वाली नदियों में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। जैव विविधता के दृष्टिगत मत्स्य क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हिमाचल प्रदेश को ग्लेशियरों से निकलने वाली नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। ये नदियां पहाड़ी और अर्ध-मैदानी क्षेत्रों को समृद्ध करती हैं। प्रदेश में बहने वाली बारहमासी नदियों ब्यास, सतलुज और रावी में कई धाराएं और कई सहायक नदियां समाहित होती हैं। ये नदियां शिजोथोरैक्स, गोल्डन महसीर और विदेशी ट्राउट जैसी ठंडे पानी की मछलियों की कई प्रजातियों की आश्रय स्थली हैं। प्रदेश में महत्वाकांक्षी इंडो-नॉरविजियन ट्राउट पालन परियोजना के सफल कार्यान्वयन ने विकसित तकनीकों के उपयोग से प्रदेश के लोगों की जल संसाधनों के उपयोग में रूचि पैदा की हैै। गोबिंद सागर और पौंग बांध, चमेरा और रणजीत सागर बांध में महत्वपूर्ण मछली प्रजातियां के पालन और उत्पादन से स्थानीय लोगों को अपनी आर्थिकी सुदृढ़ करने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में मछली पालन की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत प्रदेश सरकार राज्य में मत्स्य पालन और इससे संबंधित व्यवसायों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है और इस दिशा में कई योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। राज्य में मत्स्य पालन से जुड़े किसानों एवं अन्य व्यक्तियों के प्रशिक्षण की सुविधा हेतु जिला ऊना के गगरेट में 5 करोड़ रुपये की लागत से कार्प फार्म स्थापित किया जायेगा। इस केंद्र में हर साल 600 मछुआरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले नदी की मछलियों पर आश्रित मछुआरों को 1000 फैंकवा जाल उपदान पर प्रदान किए जाएंगे। राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 11.26 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि का उपयोग प्रदेश में मत्स्य पालन से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा प्रदान करने के लिए किया जाएगा। प्रदेश सरकार राज्य में मत्स्य पालन के माध्यम से इससे जुड़े लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन प्रदान कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवान अरविंद कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बालकोट के शमशान घाट में किया गया। वे अपने पीछे माता, पिता, पत्नी और दो बेटियां छोड़ गए हैं। शहीद को कृषि मंत्री चंद्र कुमार, मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल, सुलाह के विधायक विपिन सिंह परमार, हिमाचल प्रदेश कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष संजय चौहान, पूर्व विधायक जगजीवन पॉल, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शहीद अरविंद कुमार के परिवार के साथ है। उन्होंने सरकार की ओर से हर संभव सहयोग की बात कही। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा शहीद की पत्नी को सरकारी क्षेत्र में नौकरी देने का आश्वासन दिया और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मरुंह का नामांकरण शहीद अरविंद के नाम पर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से राहत के रूप में 5 लाख परिवार को एसडीएम के माध्यम से उपलब्ध करवा दिया गया है।
शिमला नगर निगम चुनाव में मिली जीत पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला शहर और प्रदेश की जनता आभार जताया और चुनावों में मिली जीत का श्रेय शिमला के लोगों को दिया। विक्रमादित्य सिंह ने सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि शिमला शहर की जनता ने बहुत बड़ा जनमत कांग्रेस पार्टी को दिया है। यह चुनाव कांग्रेस पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह की अध्यक्षता में लड़े गए और प्रदेश में 4 महीने की कांग्रेस सरकार में जो कार्य हुए हैं, उस पर शिमला शहर की जनता ने मुहर लगाई है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस बार निगम के सदन में 34 में से 21 महिलाएं पार्षद के रूप में पहुंची हैं, जिसमें 14 महिला पार्षद कांग्रेस की जीत कर आई हैं। इसके अलावा भाजपा की भी महिला पार्षद जीती हैं। महिलाओं की नगर निगम में काफी संख्या है। ऐसे में महिलाओं को नगर निगम में बड़ा पद मिले, इसके लिए वे पैरवी करेंगे। प्रियंका वाड्रा हमेशा ही महिलाओं की भागीदारी मिले, इसकी पैरवी करती आई हैं। ऐसे में नगर निगम में महापौर उप महापौर में महिला को भी प्राथमिकता मिले, इसको लेकर भी पार्टी के समक्ष रखा जाएगा। जल्द ही मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की नगर निगम के महापौर उप महापौर को लेकर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद अब दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निगम के तहत चल रहे सभी कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिमला में पानी की सुचारू आपूर्ति, पार्किंग जैसी समस्यों का निदान करना प्राथमिकता रहेगी। शिमला शहर के लिए जो भी पेयजल परियोजनाओं का कार्य शुरू हुआ हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि शहर में पानी की समस्या खत्म हो सके। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के तहत जो भी कार्य चल रहे है उन्हें गति देने का प्रयास करेंगे। सेब सीजन की तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बागवानी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तैयारियां करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि बागवानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
शिमला नगर निगम के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के 9 चेहरे ही पार्टी की लाज को बचा पाए हैं। ऐसे में पार्टी लगातार 3 चुनाव हारी है और जिस प्रकार से स नगर निगम के चुनाव को पार्टी हारी इसमें दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनाव में मतदाता को सरकार द्वारा प्रभावित करने, ईवीएम बदलने, मतदाता अधिक संख्या में बनाने को लेकर के आरोप भी लगा रहे हैं और यह साफ कह रहै हैं कि यह सही माइंडेड नहीं है। कसुम्पटी वार्ड 27 से भारतीय जनता पार्टी के लिए चमत्कार करते हुए बड़े मार्जन से सीट को जीतने वाली प्रत्याशी रचना झीना शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वास्तव में जितने काम करवाएं, उतने काम कभी नहीं हो सकते। 65 करोड रुपए शिमला के विकास पर खर्च किए हैं, अनेक ऐतिहासिक काम हो रहे हैं। इस बात को जनता भी मानती है । उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से सरकार का प्रभाव नतीजों पर पड़ा है और पार्टी हाईकमान इस पर अपनी बात रख रहा है। उन्होंने कि पार्टी हाईकमान ने मुझ पर भरोसा जताया व कार्यकर्ताओं के सहयोग से हमने सीट जीती है। अब हमारा एजेंडा विकास है,सामाजिक विषयों पर जागरूकता करना है, नशे पर प्रहार करेंगे, मेडिकल कैंप लगाएंगे, विकास की बात करेंगे, विकास को आगे बढ़ाएंगे और जनता की दुख तकलीफ को कम करेंगे, कसुम्पटी को आदर्श वार्ड बनाएंगे, वार्ड का हक़ नगर निगम से लेकर रहेंगे। जनता की जरूरत व राय से विकास के कार्य करेंगे। रचना शर्मा ने कहा कि अभी भी अनेक ऐसे कार्य हैं जो किए जाने हैं, इसके लिए समय तय कर दिया जायेगा। नगर निगम में बजट इन कार्यों को मिले और जनता को राहत मिले इसका प्रयास किया जाएगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि शिमला नगर निगम चुनावों में लोकतंत्र की हत्या की गई है। जब चुनाव शुरू हुए थे तब लगभग 73000 मतदाता शिमला नगर निगम की सूची में सूचीबद्ध थे। उसके बाद ये बढ़कर लगभग 93000 हो गए। इसके मुताबिक कांग्रेस पार्टी में नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए लगभग 20000 वोट बढ़ाए। इन वोटों की तादाद बढ़ने से नगर निगम चुनाव के परिणामों पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हाल ही में विधानसभा का चुनाव लड़े और उसके उपरांत उन्होंने नगर निगम शिमला में अपना वोट शिफ्ट कर लिया। यह लोकतंत्र की प्रक्रिया के खिलाफ है। 6 महीने के अंतराल में कोई भी व्यक्ति अपना वोट विधानसभा क्षेत्र से बदल नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक नेता द्वारा आज प्रेस वार्ता की गई, जिसमें उन्होंने निरंतर यह कहा कि नगर निगम शिमला का विकास तभी होगा जब केंद्र सरकार अपना निरंतर योगदान शिमला शहर के लिए देती रहेगी। जब नगर निगम शिमला केंद्र सरकार की ग्रांट पर ही चलनी है तो नरेंद्र मोदी के चित्र से कांग्रेस पार्टी को क्या आपत्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी हिमाचल प्रदेश के लिए कमी नहीं रखी है। चाहे वह पीजीआई सैटलाइट सेंटर हो, बल्क ड्रग पार्क हो, एम्स हो या अन्य करोड़ों के प्रोजेक्ट हो। यहां तक की सुन्नी क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट के लिए भी केंद्र सरकार ने कांग्रेस कार्यकाल के समय ही पैसा उपलब्ध करवाया है।
हिमाचल प्रदेश अपनी विभिन्न कलाओं तथा अभिभूत कर देने वाले हस्तशिल्प उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है। राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हस्तशिल्प तथा हथकरघा उत्पादों को एक नए ब्रांड के रूप में वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने तथा 'हिम-क्राफ्ट' को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए विपणन रणनीति विकसित करने पर विचार कर रही है। इससे राज्य तथा यहां के कारीगरों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, सीमित को एक नई पहचान प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठा रही है जिसके तहत राज्य के हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पादों को अब 'हिम-क्राफ्ट' के ब्रांड नाम से जाना जाएगा। इस पहल से जहां कारीगरों को उनके हुनर के अनुसार उचित दाम मिलेंगे, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी संबल मिलेगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आधुनिक बाजार में ब्रांडिंग तथा विपणन बेहद आवश्यक हैं। इसी के दृष्टिगत प्रदेश के कारीगरों तथा बुनकरों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 'हिम-क्राफ्ट' ब्रांड सहायक सिद्ध होगा। इन उत्पादों को एक ब्रांड के बतौर सृजित करने से जहां लोगों का इन पर विश्वास और बढ़ेगा, वहीं उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की मांग भी बढ़ेगी। यह ब्रांड नाम हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पादों को एकीकृत रूप से बाजार में प्रस्तुत एवं स्थापित करने में भी मदद करेगा। इसके प्रचार के लिए भी व्यापक रणनीति बनाई गई है और व्यावसायिक कार्ड, लैटरहेड ई-मेल हस्ताक्षर तथा आधिकारिक वेबसाइट सहित सभी आधिकारिक दस्तावेजों में यह ब्रांड प्रदर्शित किया जाएगा। घरेलू तथा वैश्विक बाजार में प्रदेश के कारीगरों द्वारा तैयार हस्तशिल्प तथा हथकरघा उत्पादों की बहुत मांग है। 'हिम-क्राफ्ट' द्वारा जी-20 सम्मेलन के प्रतिनिधियों को उपहारस्वरूप प्रदान करने के लिए तैयार किए गए उत्पादों की खूब सराहना की गई। हाल ही में जनता के लिए खोले गए मशोबरा स्थित ''हिम-क्राफ्ट' में भी प्रदेश के ऐसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। हस्तशिल्प और हथकरघा हिमाचली संस्कृति का एक अभिन्न अंग हैं और इसमें प्रदेश के समृद्ध इतिहास की झलक दिखाई देती है। राज्य में बुनाई, कढ़ाई, लकड़ी पर नक्काशी, धातु के कार्य, मिट्टी के बर्तन आदि की समृद्ध परंपरा रही है और यह पारंपरिक हस्तशिल्प पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। इनमें आधुनिक तकनीकों और डिजाइनों को शामिल कर हस्तशिल्पों का समय के साथ सतत विकास हुआ है। राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर इनके प्रचार व बाजार सहभागिता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बेहतर विपणन रणनीति और ब्रांड नाम उपयोगी हो सकता है।
बाहरा यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके मुख्य अतिथि के रूप में बाहरा यूनिवर्सिटी के चांसलर गुरविंद्र सिंह बाहरा ने शिरकत की। उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विनीत कुमार मौजूद रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया किया। इस मौके पर बाहरा विश्वविद्यालय के छात्र व छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। पहली स्टार नाइट में हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी गायक नाटी किंग विकी चौहान के नाम रही। उन्होंने अपने गानों पर बच्चों को बहुत नचाया। उन्होंने किंदे चली बाठणे, नीरू चली घूमदी, लगी नाटी और भी अन्य कहीं नाटिया गाकर दर्शकों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार भी विकी चौहान के साथ नाचते हुए नजर आए। दर्शक उठकर नाचने को मजबूर हो गए।
नगर निगम शिमला में 24 वार्डों में जीत के बाद आज उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व शिमला के विधायक हरीश जनारथा ने एक संयुक्त कॉन्फ्रेंस कर शिमला की जनता का आभार जताने के साथ ही विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस की यह तीसरी जीत है। सरकार बनने के बाद यह पहला चुनाव था, जिसमें लोगों ने जो जनादेश दिया है और ये सरकार के कामों पर जनता की मुहर है। वहीं विपक्ष के सरकार द्वारा चुनाव को प्रभावित करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि डीए की किस्त बीजेपी की देनदारी थी। शिमला में ही नहीं पूरे प्रदेश में कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी vs सुखविंदर सुक्खू यह चुनाव भाजपा ने बनाया, जिसका परिणाम सभी ने देख लिया है।
हिम स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन शिमला के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष के नेतृत्व में आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात की। उन्होंने इस वर्ष 10 जून से शिमला में एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए जा रहे क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल को आमंत्रित किया। राज्यपाल ने खेल आयोजन के लिए एसोसिएशन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास निश्चित रूप से युवाओं को समाज से जोड़ने और नशाखोरी जैसी बुराइयों के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाए और इस तरह के आयोजन इस दिशा में सकारात्मक कदम हैं। उन्होंने कहा कि आज खेलों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने राज्यपाल को अवगत कराया कि हिम स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन हर साल क्रिकेट और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन का मकसद युवाओं में खेलों को बढ़ावा देना और उन्हें रचनात्मक व सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में चार टीमें भाग लेंगी, जिसमें राज्यपाल-एकादश, मुख्यमंत्री-एकादश, मुख्य न्यायाधीश-एकादश और पत्रकार-एकादश शामिल हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के महासचिव हरदयाल भारद्वाज भी मौजूद रहे।
शिमला नगर निगम के चुनाव में कसुम्पटी वार्ड 27 से भाजपा की प्रत्याशी रचना जीना शर्मा ने 279 मतों से विजय प्राप्त की है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के चलते जिस प्रकार से शिमला नगर निगम में कांग्रेस ने एकतरफा जीत दर्ज की है,ऐसे में रचना शर्मा ने कसुम्पटी से भाजपा की लाज को बचाने का काम किया है। रचना शर्मा ने जीत के बाद जहां मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से अपने समर्थकों के साथ मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जीत पर बधाई दी व वार्ड के विकास के लिए तेज गति के साथ काम करने का मार्गदर्शन भी दिया। रचना शर्मा ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का बहुमूल्य सहयोग चुनाव के दौरान मिला है ।उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व की आभारी हैं ज़िन्होंने विश्वास जताकर उम्मीदवार बनाया और हम भाजपा की पूरी टीम कसुम्पटी को जीत पाए हैं। उन्होने कहा कि कसुम्पटी का विकास करेंगे और कसुम्पटी का हक नगर निगम से लेकर आएंगे, सामाजिक जागरूकता व नशे के विरुद्ध अभियान चलाएंगे।


















































