मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण विभाग को 10 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जून, 2023 में आरम्भ करने के निर्देश दिए हैं ताकि इन स्कूलों का निर्माण कार्य शीघ्र-अतिशीघ्र शुरू किया जा सके। उन्होंने बुधवार सायं शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने का निर्णय लिया है, जिसमें से नादौन, बड़सर, पालमपुर, जयसिंहपुर, शाहपुर, ज्वाली, जसवां परागपुर, जुब्बल-कोटखाई, किन्नौर और हरोली विधानसभा क्षेत्रों में इसके लिए भूमि शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में यह विद्यालय आदर्श स्कूल के रूप में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन विद्यालय भवनों के लिए स्थल अनुरूप विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएंगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पहले चरण में नर्सरी-पूर्व से पांचवीं कक्षा तक के लिए ब्लॉक निर्मित किए जाएंगे और यह कार्य 18 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे बच्चों का और बेहतर ढंग से व्यक्तित्व विकास हो सकेगा और उनमें आत्मसम्मान की भावना का संचरण होगा और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति आधार पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा और सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कार्य कर रही है और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल इस दिशा में एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से यह डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित कर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक ढांचा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन स्कूलों में शिक्षेत्तर गतिविधियों के लिए भी प्रबन्ध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन स्कूलों की स्थापना के लिए बजट में समुचित प्रावधान किया गया है।
पुरानी पेंशन योजना की बहाली की SOP जारी होने पर नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर व महासचिव भरत शर्मा ने सुखविंदर सिंह सुक्खू व प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कर्मचारी वर्ग हमेशा सुखविंदर सिंह सुक्खू का ऋणी रहेगा, क्योंकि जो OPS कर्मचारी मांग रहे थे, उसी OPS को बहाल करके सुक्खू ने सचमुच प्रदेश के नायक होने का प्रमाण दिया है l यह एक ऐतिहासिक फैसला है और इस तरह का ऐतिहासिक फैसला लेने के लिए प्रदेश को सुक्खू जैसे मुख्यमंत्री की ही दरकार थी। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा फैसला है जो प्रदेश के डेढ़ लाख परिवार को फायदा पहुंचाएगा तथा आने वाली पीढ़ी को भी इस फैसले से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो ऐतिहासिक फैसला लिया है कर्मचारी वर्ग में इसके लिए उत्साह है । हालांकि पुरानी पेंशन बहाल 13 जनवरी की पहली कैबिनेट बैठक को प्रदेश मंत्रिमंडल ने की थी लेकिन इससे संबंधित दिशा निर्देश आज जारी हुए हैं, जो बिल्कुल कर्मचारी वर्ग की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो फैसला किया था, वह एक ऐतिहासिक फैसला था, कर्मचारी वर्ग इस बात को भलीभांति समझ रहा था आज उस फैसले पर मुहर लग चुकी है प्रदेश का कर्मचारियों में बहुत उत्साह है, जिसके लिए प्रदेश का कर्मचारी वर्ग सुक्खू जी का धन्यवाद कर रहा है l
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्यवर्द्धन (एचपी शिवा) परियोजना, 2023-28 की प्रचार सामग्री का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर तथा ऊना के 28 विकास खंडों में 162 सिंचाई योजनाओं के माध्यम से लगभग 6000 हैक्टेयर क्षेत्र को 400 बागवानी क्लस्टरों में विकसित किया जाएगा, जिससे लगभग 15000 किसान-बागवान परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में लगभग 60 लाख फल पौधरोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस परियोजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, जिससे उनकी आय में आशातीत वृद्धि हो सकेगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, निदेशक बागवानी संदीप कदम, परियोजना निदेशक एचपी शिवा देवेंद्र ठाकुर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने शिमला नगर निगम चुनावों में पार्टी की शानदार जीत के लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया हैं। उन्होंने इस जीत का श्रय पार्टी कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिस लगन और ईमानदारी से अपना दायित्व निभाया है उसके लिये वह इन सब की आभारी हैं। प्रतिभा सिंह ने शिमला नगर निगम चुनावों के मार्गदर्शन के लिये अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला, सह प्रभारी तजेंद्र पाल सिंह बिट्टू मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित सभी पार्टी नेताओं का भी आभार व्यक्त किया है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि सगंठन के प्रति कार्यकर्ताओं की मेहनत से विधानसभा चुनावों के बाद शिमला नगर निगम व पालमपुर उप चुनाब में पार्टी ने अपनी जीत का परचम लहराया हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के लिये हिमाचल प्रदेश से शुरू हुआ जीत का सिलसिला अब आगे बढ़ेगा। प्रतिभा सिंह ने नव निर्वाचित शिमला नगर निगम के पार्षदों को उनके नए दायित्व के लिये कांग्रेस सगंठन की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कंधों पर शिमला शहर के विकास और लोगों की समस्याएं दूर करने की बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है जिसे उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाना होगा। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के लोगों की उमीदों पर उन्हें खरा उतरना होगा इसके लिए उन्हें दिन रात लोगों की सेवाके भाव से कार्य करना होगा।
कल्याण समिति की दिनांक 3 व 4 मई की बैठकें कार्यकारी सभापति विनोद कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुईं। इन बैठकों में यादविंद्र गोमा, इंद्र सिंह, रीना कश्यप, मलेंद्र राजन, लोकेंद्र कुमार, दीप राज, सुरेश कुमार, सुदर्शन सिंह बबलू व विनोद सुल्तापुरी सदस्यों ने भाग लिया। इन बैठकों मे समिति ने समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित बलात्कार, बाल उत्पीड़न और ऑब्जंक्टिफिकेशन पृष्टभूमि के नाबालिग पीड़ितों के पुनर्वास के लिए योजनाओ से संबंधित प्रश्नावली के विभागीय उत्तरों का अवलोकन किया गया तथा अवलोकनोपरान्त इस पर मूल प्रतिवेदन बनाने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त समिति ने प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना का अवलोकन कर इस पर पुन: विचार-विमर्श हेतु आगामी बैठक मे रखने का निर्णय भी लिया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां से ज़िला लाहौल-स्पिति के लिए बचाव कार्यों, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा शरद ऋतु में बर्फबारी तथा अन्य आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया के लिए चार फोर्स गुरखा वाहनों को हरी झंडी दिखाई। आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत यह वाहन प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वाहन शून्य से लेकर माइनस 30 डिग्री तापमान वाले क्षेत्रों में प्रभावी सिद्ध होंगे। इन वाहनों की इंजन क्षमता तथा ग्राउंड क्लीयरेंस बेहतर है, जो लाहौल-स्पिति की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि जिला में बादल फटने तथा हिमस्खलन जैसी घटनाएं आम हैं। ऐसे में आम जनता कीे कठिनाईयों को कम करने एवं राहत व बचाव कार्यो में इन वाहनों से मदद मिलेगी। ये वाहन बचाव दल तथा अन्य उपकरणों के तीव्र आवागमन में सहायक सिद्ध होंगे, जिससे बहुमूल्य जानें बचाई जा सकेंगी। लाहौल-स्पिति ज़िला के लिए यह वाहन प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि यह कदम प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाल ही में स्पिति घाटी के प्रवास के दौरान यह मुद्दा उठाया गया था और सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर लोगों की इस मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि स्पीति घाटी की जनता मुख्यमंत्री की इस उदारता के लिए आभारी है।
* कांग्रेस के खाते में 24 सीटें * दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई भाजपा, पूर्व मेयर भी हारी चुनाव शिमला नगर निगम चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की है। करीब 11 साल बाद कांग्रेस की अगर निगम में वापसी हुई है। वहीँ भाजपा को एक और झटका लगा है और प्रदेश की सत्ता के बाद शिमला नगर निगम भी भाजपा के हाथ से निकल गई। कुल 34 वार्डों में से 24 में कांग्रेस को जीत मिली है, जबकि भाजपा को 9 और सीपीआईएम को एक वार्ड में जीत मिली है। आम आदमी पार्टी का इस चुनाव में खाता भी नहीं खुला है, वहीँ निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी जनता ने भरोसा नहीं जताया है। शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 33 से कांग्रेस के चमन प्रकाश जीते शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 29 विकासनगर से कांग्रेस कि रचना भारद्वाज जीती शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 30 से कांग्रेस के राम रतन वर्मा जीते शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 31 से भाजपा की आशा शर्मा जीती शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 32 से भाजपा की निशा ठाकुर जीती शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 34 से कांग्रेस के आलोक पठानिया जीते **Shimla MC Election Result Live: 23 वार्डों में कांग्रेस, 9 में भाजपा, 1 में सीपीआईएम (Updated at 15:25) **Shimla MC Election Result Live: बहुमत पार कांग्रेस, अब तक 20 वार्डों में कांग्रेस, 7 में भाजपा, 1 में सीपीआईएम **शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 28 छोटा शिमला से कांग्रेस के सुरेंद्र चौहान जीते **शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 24 से कांग्रेस के कुलदीप ठाकुर जीते **शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 23 से कांग्रेस के नरेंद्र ठाकुर जीते **कांग्रेस को बहुमत, भाजपा से शिमला नगर निगम भी छीना **शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 23 भट्टाकुफर से कांग्रेस के नरेंद्र ठाकुर जीते **शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 22 से कांग्रेस के विनीत शर्मा जीते Shimla MC Election Result Live: 17 वार्डों में कांग्रेस, 5 में भाजपा, 1 में सीपीआईएम ( Updated at 14:20) Shimla MC Election Result Live: 13 वार्डों में कांग्रेस, 5 में भाजपा, 1 में सीपीआईएम ( Updated at 13:30) **वार्ड नंबर 18 इंजन घर से कांग्रेस के प्रत्याशी अंकुश वर्मा की हुई जीत **वार्ड नंबर 15 लोअर बज़ार से कांग्रेस प्रत्याशी उमंग बंगा की हुई जीत Shimla MC Election Result Live: 11 वार्डों में कांग्रेस, 5 में भाजपा, 1 में सीपीआईएम ( Updated at 13:29 ) ** शिमला नगर निगम चुनाव : वार्ड 20 से भाजपा के कमलेश मेहता जीते। वार्ड नंबर 17 बेनमोर से कांग्रेस प्रत्याशी शीनम कटारिया ने 799 मतों से जीत हासिल की है। संजोली वार्ड नंबर 19 से कांग्रेस प्रत्याशी ममता चंदेल की हुई जीत। **अब तक 15 नतीजे घोषित, 10 में कांग्रेस, 4 में भाजपा और 1 में सीपीआईएम की जीत (Updated at 13:18) किरण बाबा जाएंगी कोर्ट वार्ड नंबर 8 बालूगंज से चुनाव हारने के बाद भाजपा प्रत्याशी किरण बाबा ने कोर्ट जाने की बात कही है। उन्होंने नतीजों में गड़बड़ी के आरोप लगाए है। किरण ने ईवीएम बदलने का भी आरोप लगाया। **वार्ड नंबर 13 कृष्णानगर से भाजपा के बिट्टू कुमार की हुई जीत ,वार्ड नंबर 11 नाभा से कांग्रेस प्रत्याशी सिमी नंदा की हुई जीत और वार्ड 10 टूटीकण्डी से कांग्रेस प्रत्याशी उमा ने जीत हासिल की है। वहीं अगर आम आदमी पार्टी कि बात की जाए तो अभी तक आम आदमी पार्टी एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई है। वही वार्ड 16 जाखू से कांग्रेस प्रत्याशी अतुल गौतम आगे चल रहे है। ** दोपहर 12:40 तक घोषित हुए नतीजों में 14 में से 9 वार्ड में कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि 4 में भाजपा व 1 में सीपीआईएम प्रत्याशी जीते है। ***वार्ड नंबर 2 रूलदूभट्टा से भाजपा की सरोज ठाकुर, वार्ड नंबर 3 कैथू से कांग्रेस की कांता सुयाल, वार्ड नंबर 6 टुटू से कांग्रेस की मोनिका भारद्वाज, और वार्ड नंबर 7 मज्याठ से कांग्रेस की अनिता शर्मा चुनाव जीत गई हैं, वार्ड नंबर 1 भराड़ी से भाजपा की मीना चौहान और वार्ड नंबर 4 अनाडेल से कांग्रेस की कांग्रेस की उर्मिला कश्यप ने चुनाव जीता है वार्ड नंबर 5 समरहिल से माकपा प्रत्याशी वीरेंद्र ठाकुर चुनाव जीते हैं। वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस की किरण शर्मा ने जीत हासिल की है।
डाक विभाग की ओर से महिलाओं के लिए महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू की गई है। यह जानकारी आज यहां अधीक्षक डाकघर सोलन मंडल राम देव पाठक ने दी। राम देव पाठक ने कहा कि महिला सम्मान बचत पत्र योजना की अवधि दो वर्ष है और इस योजना के अंतर्गत निवेश पर 7.5 प्रतिशत ब्याज प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कोई भी महिला तथा अव्यस्क बालिका न्यूनतम एक हजार रुपये से लेकर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की राशि का निवेश कर सकती है। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान बचत पत्र योजना के तहत तीन माह के अंतराल में कई खाते खोले जा सकते है, किंतु अधिकतम निवेश की सीमा 2 लाख रुपये ही रहेगी। योजना के तहत ब्याज तिमाही के आधार पर समायोजित कर खाते में जमा किया जाएगा। राम देव पाठक ने कहा कि योजना में एक वर्ष के उपरांत जमा राशि के अधिकतम 40 फीसदी की निकासी का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि खाता खोलने की तिथि के 6 माह के उपरांत खाता बंद भी किया जा सकता है, ऐसा करने पर योजना की देय ब्याज राशि घटकर 5.5 प्रतिशत रह जाएगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक महिलाएं अपना आधार कार्ड, पासपोर्ट साईट फोटो और फोन नंबर सहित अपने नज़दीक डाकघर में योजना के लिए खाता खुलवा सकती हैं। राम देव पाठक ने कहा कि महिला सम्मान बचत पत्र योजना में आवेदन के लिए सभी महिलाएं पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए डाकघर सोलन मंडल सपरून के कार्यालय के दूरभाष नंबर 01792-220521 पर संपर्क किया जा सकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा है कि नगर निगम शिमला के चुनावों में अपनी संभावित हार देख कर वह कांग्रेस सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस दो तिहाई बहुमत से शिमला नगर निगम में आ रही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लोगों ने भाजपा को पूरी तरह नकार दिया है इसलिए उसे न तो कांग्रेस पर ही और न ही सरकार पर कोई बेबुनियाद आरोप लगाने चाहिए। प्रतिभा सिंह ने शिमला में भारी बारिश के बाबजूद 59.26 प्रतिशत मतदान पर संतोष व्यक्त करते हुए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया हैं।उन्होंने उम्मीद जताई है कि शिमला नगर निगम के चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में ही आएंगे। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉक्टर राजीव बिंदल व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उन बयानों पर जिसमें उन्होंने नगर निगम चुनावों को लेकर सरकार पर सत्ता के दुरपयोग व चुनाब आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाए है उस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह हताशा में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपनी हार के डर से सोची समझी रणनीति के तहत शिमला नगर निगम चुनावों को समय पर नही करवाया, इस बजह से शिमला शहर के लोगों को चुनी हुई नगर निगम से महरूम रहना पड़ा। समय पर चुनाव न करवाने के लिए भाजपा को शिमला के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने इंटक के 76वें स्थापना दिवस पर इंटक के पदाधिकारियों व सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के अग्रणी सगंठनों में से एक इंटक भी कांग्रेस का एक ऐसा मजबूत सगंठन है, जो श्रमिकों व कामगारों के अधिकारों के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा कि इंटक समय-समय शर्मिकों व कामगारों की आवाज बुलंद करता है व उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करता है जो बहुत ही सराहनीय हैं। प्रतिभा सिंह ने इंटक के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से इंटक की मजबूती और इसके विस्तार पर जोर देते हुए कहा है कि उन्हें इंटक में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना चाहिए, जिससे श्रमिकों व कामगारों की आवाज और भी बुलंद हो सके।
हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया 14 जून से 18 जून तक मुंबई में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन के आयोजकों के साथ प्रारंभिक बैठक में भाग लेने के लिए आज सुबह पूणे से मुंबई पहुंचे। यह बैठक मुंबई स्थित बांद्रा-कूर्ला में जियो बर्ल्ड कन्वेशन सेंटर में पूर्वाह्न 11:00 बजे शुरू हुई। इस बैठक में एमआईटी (महाराष्ट्र इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) पूणे के संरक्षण और राजनीतिक दिग्गज शामिल थे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन का आयोजन एमआईटी पूणे द्वारा 14 से 18 जून तक जियो वर्ल्ड कन्वेशन सेंटर बांद्रा-कर्ला, मुंबई में किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश की सभी विधान सभाओं से तीन हजार से अधिक विधायकगण भाग लेंगे। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के करीब 40 विधायकगण भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। इस बैठक में महाराष्ट्र विधान सभा के अध्यक्ष राहुल नारवेकर, देश के पूर्व गृह मंत्री शिव राज सिंह पाटिल, महाराष्ट्र विधान सभा तथा विधान परिषद के सदस्य, कई राज्यों के पीठासीन अधिकारी तथा एमआईटी पूणे विश्व शांति विश्वविद्यालय के संरक्षक एवं संयोजक राहुल करड़ भी शामिल थे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनता को सीधा विधानमंडल से जोड़ना तथा किस प्रकार विधान सभा की कार्रवाई की उत्पादकता बड़े और किस तरह से विधानसभा में सार्थक चर्चाओं का माहौल तैयार किया जा सके जैसे पहलुओं पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त चुने हुए प्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास करवाना तथा युवाओं को प्रजातांत्रिक प्रणाली की ओर आकर्षित करना जिससे देश का लोकतन्त्र मजबूत हो । इस अवसर पर पठानिया ने कहा कि सदन लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है तथा जून महीने में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन में हमें महत्वपूर्ण विषयों को चर्चा के लिए लाना होगा, ताकि आगे आने वाली पीढ़ी लोकतंत्र के महत्व को समझे और आम जन में इसके प्रति ओर अधिक विश्वास जागृत किया जा सके। पठानिया ने कहा कि राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन का आयोजन इस दिशा में एक अहम कदम होगा तथा इसके देश हित में दूरगामी परिणाम होंगे।
राजधानी शिमला के ऊपरी क्षेत्रो में काफी ओलावृष्टि हुई है, जिससे बागवानों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में एक बार फिर बागवानी के मुद्दे को लेकर सियासत गरमाने लगी है। ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर भाजपा नेता व जुब्बल नावर कोटखाई से भाजपा प्रत्याशी रहे चेतन बरागटा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने बड़े-बड़े दावे किए थे। खुद को बागवानॉ का मसीहा बताते थे, लेकिन पिछले काफी दिनों से ऊपरी शिमला में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है, इसको लेकर सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एक कमेटी का गठन करे, जो ओलावृष्टि से हुए नुकसान वाले क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करे और सरकार बागवानों को नुकसान का उचित मुआवजा दे। चेतन बरागटा ने कहा कि सरकार बागवानी के मुद्दे पर पूरी तरह कंफ्यूज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान कहा कि बागवान खुद फसल का दाम तय करेंगे, लेकिन सता में आने के बाद बागवानी मंत्री कहते हैं कि यह संभव नही है। यह मांग व सप्लाई पर निर्भर करता है। वहीं अब सरकार कह रही है कि किलो के हिसाब से सेब खरीदेंगे, यूनिवर्सल कार्टन आएगा कि नहीं आएगा बागवानी के मुद्दे पर कुल मिलाकर सरकार पूरी तरह कंफ्यूज है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर किलो के हिसाब से सेब ख़रीदना चाहती है तो उसके लिए सीजन से पहले रोड मैप तैयार करे, लेकिन बागवानी को लेकर सरकार का कोई विज़न नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की माने तो 7 मई तक प्रदेश भर में इसी बारिश व ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा। आज के दिन के लिए मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। कुछ जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो रही है। बता दें कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर चल रहा है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 7 से 8 डिग्री कम चल रहे हैं, जिससे मई के महीने में भी लोगों को दिसंबर जैसी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों लाहौल स्पीति और किन्नौर ज़िला में ताजा बर्फबारी से जन जीवन प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों बागवानों की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। आने वाले दो-तीन दिन लोगों को विजिबिलिटी में भी दिक्कत आएगी क्योंकि धुंध बढ़ने का भी मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस ने बताया कि विभाग ने अप्रैल, 2023 माह में 593 करोड़ का संग्रह कर जीएसटी में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष विभाग ने अप्रैल 2022 में 500 करोड़ रुपए का संग्रह किया था। उन्होंने बताया कि विभाग रिटर्न की निगरानी, रिटर्न की त्वरित जांच, जीएसटी ऑडिट को समय पर पूरा करने और कर अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर बल दे रहा है ताकि सेवाओं में सुधार किया जा सके। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 13 लाख ई-वे बिलों के सत्यापन का लक्ष्य रखा है। सड़क चैकिंग के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा 94 हजार ई-वे बिलों का सत्यापन किया गया और उल्लंघन करने वालों से अप्रैल 2023 के महीने में 42 लाख रुपए की वसूली की गई। उन्होंने बताया कि विभाग फर्जी करदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और कई ऐसे पंजीकरणों का पता चला है जो वास्तव में अस्तित्व में नही हैं। इन फर्जी करदाताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने हाल ही में कुछ फर्मों का निरीक्षण किया है जिन पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट देने में शामिल होने का संदेह है। विभाग को आशा है कि व्यापक जीएसटी राजस्व वृद्धि परियोजना को लागू करने के बाद डेटा विश्लेषण क्षमताओं में काफी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज परिजनों के साथ नगर निगम शिमला चुनाव के लिए केंद्रीय तिब्बती विद्यालय छोटा शिमला में मतदान किया।
प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हिमाचल निर्माता डॉक्टर यशवंत सिंह परमार को आज उनकी पुण्य तिथि पर याद करते हुए कांग्रेस नेताओं ने उनके छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं ने डॉक्टर परमार को याद करते हुए कहा कि डॉक्टर परमार का हिमाचल के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान रहा है जिसे कभी नही भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉक्टर परमार राजनीति व सादगी के एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कांग्रेस उपाध्यक्ष लाहुल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने अपने सम्बोधन में डॉक्टर परमार को याद करते हुए कहा कि डॉक्टर परमार प्रदेश के ही नही देश के एक ऐसे नेता थे जो लोगों के दिलों में बसते थे। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सदैव उनका ऋणी रहेगा। राजीव भवन में डॉक्टर परमार को श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में विधायक रवि ठाकुर के अतिरिक्त कांग्रेस महासचिव यशवंत सिंह छाजटा, अमित पाल सिंह ,जीएस तोमर, एसके सेहगल, विक्की ठाकुर, मोहर सिंह राणा, आशीष शर्मा, सुंदर सिंह, रोहन, गुलाब सिंह ठाकुर, विराज शर्मा, मनीषा महेता पुरी, कपिल, घनश्याम,मुश्ताक सहित कई अन्य लोगों ने डॉक्टर परमार को अपने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
शिमला नगर निगम चुनावों को लेकर सुबह 8:00 बजे से मतदान शुरू हो गया है। हालांकि सुबह से ही शिमला में बारिश हो रही है बावजूद इसके मतदान केंद्रों में मतदान के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई है। सुबह 10 बजे तक 13:17 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा भी भराड़ी वार्ड के क्लस्टन में अपना वोट देने के लिए पहुंचे। मतदान करने के बाद आनंद शर्मा ने कहा कि ये उनकी जन्मभूमि और वे हर बार चुनावों में मतदान करने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई है और अब शिमला नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस जीत दर्ज करेगी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, ऐसे में शिमला के लोग काफी कांग्रेस को ही जिताएंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम में अधिकतर कांग्रेस के ही महापौर और उपमहापौर रहे और इस बार भी कांग्रेस नगर निगम चुनावों में जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए वादों को प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरा कर रही है और नगर निगम के चुनावों को लेकर जो भी शहर की जनता के साथ वादी किए गए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में पार्किंग पार्क स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की समस्या को दूर करना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। आनंद शर्मा ने शिमला नगर निगम चुनाव में अपनी जीत का दावा किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को भूमि हस्तांतरित कर दी गई है तथा इस सम्बंध में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र ही तैयार कर दी जाएगी। हेलीपोर्ट के लिए प्रस्तावित 82 कनाल भूमि चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में स्थित है जो पालमपुर शहर से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उन्होंने कहा कि हेलीपोर्ट के निर्माण पर लगभग 9 करोड़ रुपए व्यय किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पालमपुर को सूचना प्रौद्योगिकी हब के रूप में विकसित कर रही है तथा इस हेलीपोर्ट के माध्यम से ज़िला कांगड़ा में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
जिला कांगड़ा बार एसोसिएशन स्थित धर्मशाला के वार्षिक चुनाव जिला न्यायिक परिसर धर्मशाला में आज एडवोकेट कमल किशोर शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुए। इसमें लगातार सातवीं बार तरुण शर्मा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कुल 163 मत प्राप्त करके फिर से अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। इसके अलावा बार एसोसिएशन धर्मशाला के उपाध्यक्ष के पद पर भारती कालिया ने 180 मत प्राप्त कर चुनाव जीता। वहीं महासचिव पद पर आशु पटियाल ने 174 मत प्राप्त करके पद अपने नाम किया है। वही सह सचिव के पद पर अमन पॉल ने 165 मत प्राप्त करके जीत हासिल की है। अध्यक्ष तरुण शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों के लिए काम किया जाएगा। जबकि हाई कोर्ट का सर्किट बेंच बनाने की बात जोर शोर से उठाई जाएगी।
कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब द्वारा संचालित अकाल अकादमी के संस्थापक शिरोमणि पंथ रत्न, विद्या मार्तंड, पद्मश्री संत बाबा इकबाल सिंह की 97वीं जयंती 30 अप्रैल और 1 मई को हिमाचल प्रदेश के 'तपोभूमि' गुरुद्वारा बडू साहिब में श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस संत समागम में श्री दरबार साहिब से हज़ूरी रागी ज्ञानी गुरदेव सिंह व भाई गुरप्रीत सिंह चंडीगढ़, अकाल गुरमति संगीत विद्यालय चीमा साहिब व बड़ू साहिब, अनाहद बाणी तंती साज़ छात्राओं का जत्था बड़ू साहिब, अकाल अकादमी बड़ू साहिब के बच्चों, कथावाचक, ढाडी जथे और संत-महापुरुषों ने हाजिरी लगाई। इस अवसर पर अमृत अभिलाषियों को अमृत संचार के द्वारा गुरु चरणों से जोड़ा गया। संत बाबा अतर सिंह मस्तुआने वाले और संत तेजा सिंह के सेवक संत बाबा इकबाल सिंह ने अपने जीवनकाल में अनेकों श्रद्धालुओं को गुरमति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में बाबा ने 129 अकाल अकादमियों, 2 विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, नशामुक्ति केंद्रों और महिला-सशक्तिकरण के माध्यम से उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में खुशहाली लाने में मदद की। कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब के मुख्य सेवक डॉ. दविंदर सिंह और उपाध्यक्ष भाई जगजीत सिंह ने इस गुरमति समागम में शामिल होने वाली संगत, कथावाचकों और ढाडी जथों को धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से दो हाथ जोड़कर विनती की है कि अब उन्हें भी तनावमुक्त कर दें। बेरोजगार कला अध्यापक संघ के समस्त सदस्यों ने कहा है कि जब से उन्होंने कला अध्यापक का डिप्लोमा किया है तब से वे डिप्रेशन में ही हैं। नौकरी की आस में उम्र भी 50 से 55 के बीच हो चुकी है। संघ ने कहा कि हमें हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा ही SCVT के माध्यम से कोर्स करवाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश संघ के अधिकारियों और जिला के पदाधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने अपने परिवार सहित कांग्रेस को सरकार बनाने में समर्थन दिया है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 15000 के करीब बेरोजगार कला अध्यापक हैं, जो कि इस काफी बढ़ी यूनियन है। संघ ने कहा है कि हम कई बार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा निदेशक से अपनी मांगों को लेकर मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुयी हैं। संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि आप अगर पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर सकते हैं, अनाथ आश्रमों में बच्चों का भला कर सकते हैं, अनुबंध मुलाजिमों को पक्के कर सकते हैं, दिहाड़ीदार मजदूर को कंट्रेक्ट पर कर सकते हैं तो उनकी मांगों को पूरा क्यों नहीं कर सकते। संघ ने मांग की है कि जब तक स्पोर्टी नेट बोर्ड बहाल नहीं होता तब तक बैचवाइज भर्ती शुरू की जाए और वो स्थाई रूप से हो और नियम अनुसार हो। संघ ने मांग की कि पोस्ट कोड 980 का परिणाम भी जल्दी से जल्दी निकाला जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने शिमला नगर निगम के चुनावों में खड़े पार्टी के सभी प्रत्यशियों को जीत की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनमत किसी भी दल की दिशा व दशा तय करता है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र के इस पर्व में सभी मतदाताओं को जिनको हमारा संविधान मतदान का अधिकार देता है, उन्हें इस में अपने वोट की आहुति अवश्य देनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, जो जनकल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हर मोर्चे पर विफल रही। डबल इंजन का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया। केंद्र से उसे ऐसी कोई भी विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिली, जिससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति में कोई सुधार होता। प्रतिभा सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का प्रदेश को कोई लाभ नहीं मिला। प्रदेश के दो नेता एक मंत्री तो दूसरा उनके सगंठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बावजूद भी प्रदेश को कोई विशेष पैकेज नहीं मिला, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति मिलती और बढ़ती बेरोजगारी पर कोई अंकुश लगता। प्रतिभा सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारियों की भी उपेक्षा की। उनकी मांगों पर कभी कोई विचार नहीं किया। उनके देय भत्ते भी उन्हें कभी समय पर नहीं दिए। यही बजह रही कि आज पूर्व भाजपा सरकार की 12 हजार करोड़ से अधिक की कर्मचारियों की देनदारियां कांग्रेस सरकार को चुकानी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन बहाल कर दी है और वह कर्मचारियों की सभी देनदारियों को चरणबद्ध ढंग से चुकता करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद प्रतिभा सिंह ने मजदूर दिवस पर प्रदेशवासियों विशेष तौर पर मजदूर वर्ग को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश के विकास और उसके निर्माण में मजदूरों का विशेष योगदान हैं। आज का यह दिन मजदूरों के कल्याण और उनके उत्थान के प्रति, राष्ट्र निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान को नमन करने के लिये मनाया जाता है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि कांग्रेस मजदूरों के कल्याण के प्रति समर्पित हैं। उनके कल्याण को सरकार की अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने मजदूरों से सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ लेने का आह्वान किया हैं।
हिमाचल प्रदेश में बारिश अब आफत बन गई है। शिमला में तो अप्रैल माह में बारिश ने 17 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों बागवान व पर्यटन व्यवसायियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि से बागवानों की फसलें तबाह हो रही हैं। किसान फसलें काट नहीं पा रहे हैं। यदि कुछ और दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो किसानों बागवानों को मौसम की बेरुखी का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भारी बारिश लाइटनिंग और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 5 मई तक मौसम खराब रहने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग की मानें तो पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश हुई है और 5 मई तक भी बारिश से राहत मिलने वाली नहीं है। 1 और 2 मई को मौसम विभाग ने भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अप्रैल माह में 17 साल बाद शिमला में 53 मिलिमिलर बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य में सामान्य तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने इस संबंध में सभी विभागों, बोर्ड, निगम, विवि को आदेश जारी कर दिए हैं। बहुत अधिक आवश्यकता होने पर सिर्फ मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री की मंजूरी पर ही अफसरों और कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे। प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए तबादले हो सकेंगे। इसके अलावा जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरने के लिए तबादले हो सकेंगे। सेवानिवृत्ति और पदोन्नति से रिक्त होने वाले पदों को भी तबादलों से भरने में छूट दी गई है।
पांच मंत्री, तीन सीपीएस, प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, इनके अलावा पांच विधायक और एक एसोसिएट विधायक, ये है मौटे तौर पर शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का सियासी वजन। वर्तमान में यहाँ कांग्रेस वजनदार है। शायद ही बीते कुछ दशकों में 17 विधानसभा हलकों वाले इस संसदीय क्षेत्र में कभी कांग्रेस इतनी जानदार दिखी हो। ये ही कारण है कि शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस अब जोश में है और पार्टी 20 साल बाद इस लोकसभा सीट को अपनी झोली में डालने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। शिमला संसदीय सीट पर आखिरी बार कांग्रेस को 2004 में जीत मिली थी। तब हिमाचल विकास छोड़कर कांग्रेस में आएं कर्नल धनीराम शांडिल ने चुनाव जीता था, जो अब प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री है। पर इसके बाद कांग्रेस लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। 2009 और 2019 में कर्नल धनीराम शांडिल हारे, तो 2014 में मोहन लाल ब्राक्टा। अब आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस किस पर दांव खेलती है, यह देखना रोचक होगा। शिमला संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर निगाह डालें तो एक दौर में इस सीट पर एक नेता की तूती बोला करती थी और वो नेता थे स्व. केडी सुल्तानपुरी जो शिमला से 6 बार सांसद रहे और वो भी लगातार। 1980 से 1998 तक हुए 6 लोकसभा चुनाव सुल्तानपुरी ही जीते। जबकि उनके बगैर 1999 से 2019 तक हुए पांच लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक बार जीत नसीब हुई। अब पारम्परिक तौर पर कांग्रेस का गढ़ रहे शिमला संसदीय क्षेत्र में फिर एक बार कांग्रेस वापसी की जद्दोजहद में है। राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से 2024 लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद अहम है और हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस को खासी उम्मीद है। पार्टी आलाकमान अभी से इलेक्शन मोड में आता दिख रहा है और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के अलावा खुद सीएम सुक्खू भी अभी से एक्शन में है। सुक्खू राज में शिमला संसदीय क्षेत्र को भरपूर मान मिला है और नेताओं -विधायकों को अभी से अपने -अपने क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव हेतु काम करने के निर्देश दिए जा चुके है। निसंदेह अगर पदों पर बैठे तमाम दिग्गज लोकसभा चुनाव के लिए ज़िम्मेदारी से काम करते है तो शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के दिन फिर सकते है। जूनियर सुल्तानपुरी पर निगाहें ! अहम सवाल ये भी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का चेहरा कौन होगा। संभावना प्रबल है कि पूर्व में चुनाव लड़ चुके चेहरों से इतर इस बार कांग्रेस किसी नए चेहरे पर दांव खेले। इस फेहरिस्त में कई नाम है और एक नाम है विनोद सुल्तानपुरी का जो वर्तमान में कसौली से विधायक है और 6 बार सांसद रहे केडी सुल्तानपुरी के पुत्र भी है। हालांकि अभी सिर्फ कयासबाजी का दौर है लेकिन निसंदेह विनोद एक सशक्त उम्मीदवार हो सकते है। फिर कश्यप या बदलेगा चेहरा ? भाजपा की बात करें तो विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा भूलना चाहेगी जहाँ पार्टी को संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा हलकों में से सिर्फ 3 पर जीत मिली थी। दिलचस्प बात ये है कि सांसद सुरेश कश्यप तब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी थे, लेकिन अपने ही क्षेत्र में वे भाजपा को लीड नहीं दिलवा पाएं। ये देखना भी रोचक होगा कि क्या पार्टी फिर सुरेश कश्यप को मैदान में उतारती है या किसी नए चेहरे को मौका मिलता है। पार्टी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल भी इसी संसदीय क्षेत्र से है, ऐसे में पार्टी को यहाँ बेहतर करने की उम्मीद जरूर रहेगी। जनता के जहन में रहेंगे कई मुद्दे शिमला संसदीय क्षेत्र में कई बड़े मुद्दे है जो लोकसभा चुनाव में जनता के जहन में रहेंगे और निसंदेह जीत - हार में अंतर पैदा कर सकते है। इस संसदीय क्षेत्र में तीन जिलें आते है, शिमला, सोलन और सिरमौर। सोलन और सिरमौर के सभी पांच -पांच विधानसभा क्षेत्र इसी संसदीय क्षेत्र में आते है, जबकि शिमला के रामपुर के अतिरिक्त सभी सात निर्वाचन क्षेत्र शिमला संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। 1 . न फूड प्रोसेसिंग यूनिट मिली, न टमाटर का समर्थन मूल्य चुनावी वादों की बिसात पर जनता को ठगने का सिलसिला पुराना है। शिमला संसदीय क्षेत्र में टमाटर आधारित फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी एक ऐसा ही वादा है। दशकों से हर चुनाव में नेता फूड प्रोसेसिंग प्लांट का वादा करते है और फिर भूल जाते है। इसी तरह शिमला संसदीय क्षेत्र के चुनाव में टमाटर का समर्थन मूल्य तय करने और कोल्ड स्टोर का भी वादा होता है, पर वादों -वादों में पांच साल गुजर जाते है और होता कुछ नहीं है। शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले जिला सोलन और सिरमौर में टमाटर की अच्छी पैदावार होती है, विशेषकर जिला सोलन में। यहां टमाटर हजारों किसान परिवारों के लिए जीवन यापन का जरिया है, पर शायद नेताओं के लिए महज राजनीति की वस्तु भर है। सोलन में टमाटर आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट करीब ढ़ाई दशक से चुनावी मुद्दा है। अमूमन हर चुनाव में किसान वोट हथियाने के लिए नेता फूड प्रोसेसिंग यूनिट का ख्वाब दिखाते है, वोट बटोरते है और फिर भूल जाते है। खासतौर से लोकसभा पहुंचने के लिए टमाटर फैक्टर का भरपूर इस्तेमाल होता आया है। लम्बे समय से विभिन्न किसान संगठन भी इसकी मांग करते आ रहे है, लेकिन बात कभी कागजों से आगे नहीं बढ़ी। बता दें कि सोलन में बड़े पैमाने पर टमाटर का उत्पादन होता है। जिला सोलन में करीब पैंतालीस सौ हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती की जाती है। प्रदेश के कुल टमाटर उत्पादन का करीब 40 फीसदी से अधिक अकेले सोलन शहर से आता है। वहीं संसदीय क्षेत्र के एक अन्य जिला सिरमौर का योगदान कुल उत्पादन का करीब 30 फीसदी है। संसदीय क्षेत्र शिमला का प्रदेश के कुल टमाटर उत्पादन का करीब 70 फीसदी योगदान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्ष 2014 में सोलन रैली में किसानों से टमाटर के समर्थन मूल्य व फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की बात कह चुके है। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे, प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। खेर, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उम्मीद जगी कि शायद सरकार टमाटर किसानों की सुध लेगी। परंतु कुछ नहीं बदला। दिलचस्प बात ये है कि 2019 में जब नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए बतौर प्रधानमंत्री सोलन आये तो उन्होंने न फूड प्रोसेसिंग प्लांट का जिक्र किया और न ही टमाटर के समर्थन मूल्य का। इन क्षेत्रों में बड़ा मुद्दा : टमाटर का मुद्दा किसी एक निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सोलन निर्वाचन क्षेत्र के साथ -साथ मुख्य तौर पर अर्की, कसौली और पच्छाद निर्वाचन क्षेत्रों में टमाटर की अच्छी पैदावार होती है। ऐसे में कम से कम इन चार विधानसभा क्षेत्रों में ये एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगा। 2 . बागवानों के लिए ईरान और तुर्की का सेब चुनौती शिमला संसदीय क्षेत्र बागवान बाहुल्य क्षेत्र है। जिला शिमला में तो सेब का उत्पादन होता ही है, सिरमौर के ऊपरी इलाकों में सेब का उत्पादन होता है। बागवानों से जुड़े कई ऐसे मसले है जो केंद्र सरकार के पाले में है, मसलन सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का मसला। हिमाचल की करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की सेब की आर्थिकी के लिए ईरान और तुर्की का सेब चुनौती बन गया है। दरअसल बागवानों के अनुसार भारत में ईरान और तुर्की से सेब का अनियंत्रित और अनियमित आयात हो रहा है जोकि बागवानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बागवान वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ईरान और तुर्की से सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर चुके है। बागवानों के अनुसार भारी मात्रा में इन देशों से सेब का आयात होने के बाद मार्केट में हिमाचली सेब की मांग कम हुई है। चिंता की बात यह है कि ईरान और तुर्की से आयात होने वाले सेब पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं है, जिसके चलते हिमाचल के सेब कारोबार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। ईरान का सेब अफगानिस्तान के रस्ते भारत आता है। अफगानिस्तान साफ्टा (SAFTA) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से सेब के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगता है। ईरान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और इसलिए ईरान अपना सेब अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते अटारी बॉर्डर से भारत भेजता हैं। इसके कारण ईरान का सेब दिल्ली में सस्ता बिकता है। वहीं यदि ये सेब ईरान के रास्ते आए तो इसमें पंद्रह प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और 35 प्रतिशत सेस लगेगा। 3 . हाटी फैक्टर भी होगा असरदार जिला सिरमौर के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के फैसले का शिमला संसदीय क्षेत्र के चार विधानसभा क्षेत्रों में सीधा असर है। इस फैसले के दायरे में पच्छाद की 33 पंचायतों और एक नगर पंचायत के 141 गांवों के कुल 27,261 लोग, रेणुका जी में 44 पंचायतों के 122 गांवों के 40,317 संबंधित लोग, शिलाई विधानसभा क्षेत्र में 58 पंचायतों के 95 गांवों के 66,775 लोग और पांवटा में 18 पंचायतों के 31 गांवों के 25,323 लोग आते है। भाजपा इस फैक्टर को लोकसभा चुनाव में भुनाना चाहेगी। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका ख़ास लाभ नहीं हुआ और हाटी बाहुल शिलाई और श्री रेणुकाजी में कांग्रेस के उम्मीदवार जीतने के कामयाब रहे।
शिमला नगर निगम चुनाव हिमाचल की राजनीति के लिहाज़ से कई मायनों में अहम है। ये चुनाव भाजपा कांग्रेस सहित कई सियासी दिग्गजों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। किसी के लिए ये अपनी राजनीतिक प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका है तो किसी के लिए साख का सवाल l इस चुनाव में जिन नेताओं की नाक और साख दाव पर लगी है उनमें से एक सुरेश भारद्वाज भी है। जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र से 4 बार विधायक रहे है l भारद्वाज क्षेत्र की सियासत से भली-भांति परिचित है और ज़ाहिर है कि भाजपा भी भारद्वाज के इस एक्सपीरियंस को अपने प्लस पॉइंट्स में गिन रही है l ये अलग बात है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भारद्वाज को शिमला शहरी से टिकट न देकर कुसुम्पटी भेज दिया था और भारद्वाज चुनाव हार गए थे। हालांकि उनके समर्थक मानते है कि अगर भारद्वाज शिमला शहरी से मैदान में होते तो शायद बात कुछ और होती। खैर, अब भी शिमला शहरी सीट पर भारद्वाज का प्रभाव माना जाता है और शायद इसीलिए भारद्वाज को नगर निगम चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य के तौर पर भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब यदि भाजपा बेहतर करती है तो निसंदेह भारद्वाज के लिए भी ये संजीवनी साबित होगी। शिमला शहरी सीट पर भारद्वाज की पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारद्वाज 1990 और 2007 से 2017 तक लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। जयराम सरकार में भारद्वाज शहरी विकास मंत्री भी रहे है। ऐसे में जाहिर है कि अपने कार्यकाल में करवाए गए कार्यों को जनता के बीच रखने में भारद्वाज कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। नामांकन के बाद से ही भारद्वाज लगातार प्रत्याशियों के साथ मैदान में डटे है और शिमला की गली-गली में घूम कर उम्मीदवारों के लिए प्रचार प्रसार कर रहे है। उम्मीदें बहुत है और विधानसभा चुनाव में हार के बाद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए उनके पास ये एक मौका भी है। पर खुदा न खास्ता अगर नतीजे भाजपा के पक्ष में न आए तो सवाल उठना लाज़मी है।
ये उम्मीदों का चुनाव है, ये जन अपेक्षाओं का चुनाव है, ये सामर्थ्य का चुनाव है और ये चुनाव है शक्ति के आंकलन का। शिमला नगर निगम चुनाव के नतीजे बहुत कुछ तय करेंगे, कहीं ये हवा तय करेंगे, तो कहीं ये दिशा तय करेंगे। ये नतीजे किसी को और मजबूत कर सकते है, तो किसी को मजबूर। ये ही कारण है कि कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकते दिखे है। अहम् बात ये है कि राजनैतिक दलों के लिए तो ये जीत जरूरी है ही, कई चेहरों की सियासी रौनक भी इन्हीं नतीजों पर निर्भर करेगी। शिमला नगर निगम का चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद पहला और लोकसभा चुनाव से पहले संभवतः आखिरी महत्वपूर्ण चुनाव है। जाहिर है ऐसे में दोनों दल जीत की ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहेंगे। नई - नई सत्तासीन हुई कांग्रेस जहाँ दस साल बाद नगर निगम में वनवास खत्म करना चाहती है, तो भाजपा शिकस्त के सिलसिले को थाम नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने को जोर आजमाइश कर रही है। बहरहाल किसके अरमान पूरे होंगे, ये चार मई को स्पष्ट होगा। पार्टीवार बात करें तो विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस शिमला नगर निगम क्षेत्र में पूरे जोश में है। दरअसल नगर निगम के 34 वार्ड तीन निर्वाचन क्षेत्रों के अधीन आते है, शिमला शहरी, शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी। पहली बार इन तीनो क्षेत्रों में किसी एक ही पार्टी के विधायक है और वो है कांग्रेस। इससे भी दिलचस्प बात ये है कि इन विधायकों में से दो मंत्री है, विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह। वहीं सीएम सुक्खू खुद कभी नगर निगम में पार्षद थे, तो प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी शिमला में ही रहती है। पार्टी ने शिमला नगर निगम की ज़िम्मेदारी रोहित ठाकुर को सौंपी जो पूरी ईमानदारी से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने में डटे हुए है l जाहिर है कांग्रेस जोश से लबरेज है। पर इस जोश के बीच भी पार्टी या किसी नेता विशेष के पास होश गंवाने की कोई गुंजाईश नहीं है। यदि नतीजे जरा भी इधर - उधर हुए तो संभव है पहली आवाज पार्टी के भीतर से ही उठे। उधर, बीच चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष बदलने के बावजूद भाजपा की अपनी चुनौतियां है। जाहिर है नए अध्यक्ष को अपने अनुसार निर्णय लेने का समय मिला है और न ही रणनीतिक खाका खींचने का। विधानसभा चुनाव में शहरी विकास मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज सहित पार्टी के तीनों उम्मीदवार बड़े अंतर से परास्त हुए है और निसंदेह इसका प्रभाव आम कार्यकर्त्ता के मनोबल पर भी हुआ है। बावजूद इसके इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा ने इस चुनाव में पूरी ताकत जरूर झोंकी है। एक-एक वार्ड में पार्टी के दिग्गज पहुंचे है और भरपूर जतन हुआ है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तो मोर्चा संभाला ही है, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी प्रचार के लिए पहुंचे है। ये दिखाता है कि बेशक नतीजा जो भी रहे, पार्टी ने चुनाव गंभीरता से लड़ा है। हालांकि जमीनी स्तर की बात करें तो एक सवाल इस चुनाव में घूम घूम कर भाजपा के सामने आया है, और वो है ट्रिपल इंजन का रिपोर्ट कार्ड। दरअसल करीब पांच वर्ष तक केंद्र, प्रदेश और शिमला नगर निगम तीनों जगह भाजपा का राज रहा, तो जाहिर है शिमला की हर परेशानी, हर शिकायत का पहला जवाब भी उन्हें ही देना पड़ा है। बहरहाल नगर निगम का ये चुनाव बेशक विधानसभा या लोकसभा चुनाव के बनिस्पत बेहद छोटा चुनाव हो लेकिन इसके मायने बेहद व्यापक है। दोनों मुख्य राजनैतिक दलों की भीतरी राजनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। उधर, चुनाव लड़ रहे सीपीआईएम और आम आदमी पार्टी अगर ठीक ठाक भी नहीं कर पाते है, तो हिमाचल में उनके भविष्य को लेकर भी सवाल उठना तो लाजमी होगा।
लाजमी है कि चुनाव के समय राजनीतिक दल घोषणाएं करते है। इन घोषणाओं में कुछ वादे पूरे हो जाते है, तो कुछ अधूरे ही रह जाते हैं। पर निसंदेह इन वादों पर जनता कुछ हद तक ऐतिबार तो करती ही है। शिमला नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस और भाजपा ने घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं। भाजपा ने जहां 21 वादों का घोषणा पत्र जारी किया हैं तो वहीं कांग्रेस ने 14 वादे जनता से किये है। यहां दिलचस्प बात तो ये है कि कल तक जो भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की मुफ्त योजनाओं को लेकर चुटकी लेती रही हैं आज वहीं भाजपा शिमला नगर निगम में मुफ्त योजनाओं की बात कर रही हैं। उधर कांग्रेस ने इस बार मुफ्त योजनाओं से परहेज किया हैं । आपको याद होगा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जनता को दस गारंटियां दी थी। तब 300 यूनिट बिजली मुफ्त और महिलाओं को 1500 देने जैसे कई वादे कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की जनता से किये थे, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को इन गारंटियों को लेकर खूब सवाल उठाये थे। आज आलम ये है कि भाजपा खुद शिमला की जनता से 40,000 लीटर तक मुफ्त पानी देने का वादा कर रही हैं। अब जब बात मुफ्त योजनाओं की हो रही है तो जिक्र सोलन नगर निगम चुनाव का भी जरूरी है। दरअसल वर्ष 2021 में सोलन नगर निगम चुनाव हुए थे। उस समय कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव के समय 100 में 12,500 लीटर पानी प्रतिमाह देने के साथ -साथ कूड़े के बिल को माफ़ करने की बात की थी। 7 अप्रैल 2021 को चुनावी नतीजे सामने आये और सोलन नगर निगम कांग्रेस की बनी। जाहिर है जो वादे चुनाव के समय जनता से किये गए थे उन्हें पूरा करना भी ज़रूरी था। तब बाकायदा कांग्रेस ने पेयजल बिलों में रियायत को लेकर तत्कालीन प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा, लेकिन सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया। उस समय प्रदेश की सत्ता पर जयराम सरकार विराजमान थी। मंजूरी न मिलने से 8 महीने तक पानी के बिलों का वितरण नहीं किया जा सका और इसके बाद चार -चार महीनों का पानी का बिल एक साथ लोगों को थमाया गया। सवाल ये है कि जिस भाजपा ने सत्ता में रहते हुए सोलन नगर निगम में मुफ्त पानी देने से इंकार कर दिया था आज वो ही भाजपा शिमला नगर निगम में मुफ्त पानी देने की घोषणा कर रही है। इस फ्री- फ्री -फ्री वाले कांसेप्ट से कांग्रेस को तो लाभ मिलता दिखा है, लेकिन क्या भाजपा को भी इसका फायदा मिलेगा, ये अहम सवाल है।
प्रदेश अध्यक्ष को बदल भाजपा एक दफा फिर हिमाचल में संगठन को धार देने की कवायद में जुट गई है l नए प्रदेश अध्यक्ष ने आते ही भाजपा को विजय श्री की ओर आगे बढ़ाने का दावा कर दिया है l संगठन की सर्जरी की शुरुआत हो गई है और जल्द 'बॉटम टू टॉप' बड़े बदलाव तय है l उम्मीद है कि अब भाजपा डिफेंसिव नहीं बल्कि सुपर अग्रेसिव होकर मैदान में उतरेगी। उम्मीद है कि प्रदेश भाजपा का कायाकल्प होगा और उम्मीद है कि अब गलतियों को दोहराया नहीं जाएगा l उपेक्षित नेताओं को तवज्जो की उम्मीद है और आम कार्यकर्ताओं को आवश्यक संवाद की l बहरहाल उम्मीदों की इस गठरी के साथ ही डॉ राजीव बिंदल की ताजपोशी हो चुकी है और अब आने वाला वक्त ही तय करेगा कि बिंदल की अगुवाई में भाजपा क्या रंग कितना निखरता हैl विदित रहे कि पहले उपचुनाव और फिर विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए परिस्थितियां ठीक नहीं रही है l बेशक हार के कारण कई हो मगर बात घूम फिर कर हर बार लचर संगठन पर आकर ही टिक जाया करती रही l 'सरकार और संगठन एक है' के नारों के बीच भाजपा की संगठनात्मक मिस मैनेजमेंट किसी से छुपी नहीं रही l चुनावों में न तो पार्टी आपसी धड़ों में किसी तरह का कोई संतुलन दिखा और न ही पार्टी बागियों को मना पाई l 'पार्टी विद डिसिप्लिन' के संगठन की हालत इतनी खराब थी कि एक तिहाई सीटों पर बागियों ने ताल ठोकी थी । खुद प्रधानमंत्री मोदी के फ़ोन के बाद भी बगावत की लपटें सुलगती रही l ये पोलिटिकल मिस मैनेजमेंट ही था जो लगातार पार्टी की लुटिया डुबाता रहा, और अब पार्टी ने सभी माहिरों को चौंकाते हुए डॉ राजीव बिंदल को संगठन की सरदारी सौंपी है l भाजपा के तेज़ तर्रार नेताओं में शामिल डॉ राजीव बिंदल पार्टी के निष्ठावान नेताओं में से है, और बिंदल की मैनेजमेंट और सियासी कौशल का भी कोई सानी नहीं l बिंदल की संगठनात्मक कुशलता भी औरों से बेहतर आंकी जाती है l इसके अतिरिक्त बिंदल फिलवक्त किसी गुट विशेष में नहीं माने जाते है, सो पार्टी में संतुलन साधने के लिहाज से भी उनकी नियुक्ति अच्छा कदम साबित हो सकती हैl बहरहाल भाजपा को एक मेकओवर की ज़रुरत थी जो अब पार्टी को मिलता दिखाई दे रहा है। उम्मीदें बढ़ गई है कि अब एक तय रणनीति पर पार्टी आगे बढ़ेगी और नगर निगम शिमला और लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर होगी l यहाँ इस बात का ज़िक्र भी ज़रूरी है कि बिंदल तीन सालों के अंतराल में दूसरी बार अध्यक्ष बने है l पिछली बार बिंदल के प्रदेशाध्यक्ष पद पर रहते हुए स्वास्थ्य विभाग में अवैध लेनदेन की एक घटना सामने आई थी जिसके बाद बिंदल ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी l अब फिर बिंदल की ताजपोशी हो चुकी है और कार्यकर्ताओं ने पूरी गर्मजोशी से उनका स्वागत किया है और कार्यकर्ताओं के साथ ही एक चुनौती भी बिंदल के स्वागत में खड़ी है, वो है शिमला नगर निगम चुनाव । अपने हिसाब से संगठन में जोड़ तोड़ करने या एडजस्ट होने का समय बिंदल को नहीं मिला है, बल्कि सीधे ही उन्हें बीच रण में उतारा गया है l अब बिंदल आते ही कोई चमत्कार कर पाते है या नहीं, ये तो 4 मई को ही पता चलेगा l
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला नगर निगम के चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। उन्होंने आठ वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में नुक्कड़ सभाएं कीं। मुख्यमंत्री ने बेनमोर से चुनाव प्रचार की शुरूआत की। सुक्खू ने कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में शिमला शहर को गर्त में धकेल दिया। कंकरीट का जंगल खड़ा कर शहर का पारिस्थितिकी संतुलन बिगाड़ा, जिससे शहर की सुंदरता को तो ग्रहण लगा ही, साथ ही जलवायु परिवर्तन की मार भी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सत्ता संभालने के बाद कांग्रेस शहर की सुंदरता को लौटाएगी। पीने का शुद्ध पानी लोगों को मुहैया कराया जाएगा। तारों के जंजाल से शहर को मुक्ति दिलाएंगे। जरूरत के हिसाब से नए एसटीपी बनाएंगे। हर वार्ड में लोगों की मांग अनुरूप विकास किया जाएगा। वह दो बार शिमला से पार्षद रहे हैं, इसलिए लोगों की दिक्कतें भलीभांति जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज के सहारे राज्य को नहीं चला सकते। सरकार के मंत्रियों ने मेरे साथ आय के नए साधन तलाशे हैं। हमने एक ऐसा बजट पेश किया है, जिससे चार साल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कांग्रेस सरकार का हर काम गारंटी वाला है। केंद्र सरकार कर्मचारियों के एनपीएस के 9000 करोड़ पर कुंडली मारकर बैठी है। कर्ज के बोझ में हम इतना डूब चुके हैं कि सरकार की आय का 22 फीसदी हिस्सा ब्याज चुकाने में ही चला जाता है। केंद्र सरकार हिमाचलियों का हक छीनने में लगी है। वाटर सेस लागू न करने के लिए दिल्ली से चिट्ठियां भेजी जा रही हैं। लेकिन, हम इसे अमलीजामा पहनाकर रहेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, महंगाई राज्य सरकार के कारण नहीं बढ़ रही। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण लोग महंगाई की चक्की में पिस रहे हैं। जिन कर्मचारियों का अभी जीपीएफ खाता नहीं खुला है, उनका अगले महीने खुल जाएगा। उनके खाते में बढ़ा हुआ डीए और एरियर आ जाएगा। भाजपा 40 हजार लीटर मुफ्त पानी मुहैया कराने का वादा कर रही है, जबकि शिमला शहर की जनता भाजपा से पूछ रहे हैं कि जब वह अपनी सरकार में नहीं दे पाए तो कांग्रेस सरकार में कैसे दे पाएंगे। बेनमोर मेरा खुद का वार्ड रहा है। शीनम कटारिया को जिताकर भेजिए, उसके साथ ही मैं भी आपके लिए एक पार्षद की तरह काम करूंगा। मुख्यमंत्री छोटा शिमला से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र चौहान के लिए मुख्यमंत्री ने स्ट्रॉबेरी हिल में नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। यहां पहुंचने पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें पलक पांवड़ों पर बिठाया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्ट्रॉबेरी हिल मेरा घर है। मैं आपसे सुरेंद्र चौहान के लिए समर्थन मांगने आया हूं। ब्रॉकहस्ट में हमारा परिवार 26 नंबर सेट में रहा है। मेरी बचपन की यादें यहां से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने पंथाघाटी से कांग्रेस उम्मीदवार कुसुम चौहान, कुसुम्पटी से उम्मीदवार लक्ष्मी चौहान, न्यू शिमला से उम्मीदवार कुसुमलता, पटयोग वार्ड से उम्मीदवार दीपक रोहाल, कंगनाधार से उम्मीदवार रामरतन शर्मा, खलीनी से उम्मीदवार चमन प्रकाश, कनलोग से उम्मीदवार आलोक पठानिया और कृष्णानगर से उम्मीदवार विपन सिंह के लिए भी चुनाव प्रचार किया और लोगों से सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को शिमला नगर निगम चुनावो में बड़ा बहुमत प्राप्त होने वाला है। उन्होनें कहा कि कांग्रेस की गारंटियां खोखली साबित हुई है और चार माह के समय में ही जनता का कांग्रेस सरकार से मोह भंग हो गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले शिमला में पानी की काफी किल्लत रहती थी जिसे भारतीय जनता पार्टी ने दूर किया है। भाजपा ने शिमला शहर को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने के लिए 1813 करोड़ की पेयजल योजना स्वीकृत करवाई। स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना भाजपा का संकल्प है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और नगर निगम शिमला में मेयर और डिप्टी मेयर वामपंथी दल के थे तो पूरे शिमला शहर में भयंकर पीलिया फैला था और पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ था। कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने शिमलावासियों को 40 हजार लीटर स्वच्छ जल मुफ्त उपलब्ध करवाने की घोषणा की है जिसे भाजपा की नगर निगम बनने पर लागू किया जाएगा। साथ ही पानी के मीटरों के लिए एन0ओ0सी0 की अनिवार्यता को भी समाप्त किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि इन चुनावों में भाजपा को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है जिससे स्पष्ट हो रहा है कि एक बार फिर नगर निगम शिमला पर भाजपा अपना विजयी परचम लहराएगी।
शिमला नगर निगम चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही साख का सवाल है l इस चुनाव के लिए दोनों ही पार्टियों के बड़े नेता खुद मैदान में उतरे और दोनों ही दलों की तरफ से एक तय रणनीति के तहत जमकर प्रचार प्रसार किया । चुनाव प्रचार के लिए भाजपा द्वारा शिमला नगर निगम को जोन में विभाजित किया गया था और 6 नेताओं को जोन प्रभारी बनाया गया था। इन 6 जोन प्रभारियों में से एक चेतन बरागटा भी थे जिन्हें पार्टी द्वारा 6 वार्डों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी l इन वार्डों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए चेतन की क्या रणनीति रही ये जानने के लिए फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया द्वारा चेतन बरागटा से खास चर्चा की गई, पेश है चर्चा के मुख्य अंश सवाल : लगातार आप भाजपा के पक्ष में प्रचार प्रसार करते रहे, लोगों से मिलते रहे, आपसे जानना चाहेंगे की फिलवक्त शिमला नगर निगम की जनता का क्या कहना है? जवाब : मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूँ कि भाजपा नगर निगम पर काबिज होने वाली है। हमारे मुद्दे बिलकुल स्पष्ट है और हम विचारों की लड़ाई लड़ रहे है। कांग्रेस 25 वर्षों तक नगर निगम पर काबिज रही है और भाजपा केवल 5 वर्षों तक नगर निगम पर काबिज रही है। भाजपा ने शिमला के विकास के लिए कार्य किया है और आगे भी करती रहेगी। वह भी एक समय था जब भाजपा की नगर निगम में केवल 1 या 2 सीटें होती थी लेकिन पिछले कार्यकाल में जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया और भाजपा नगर निगम पर काबिज हुई थी। इस बार भी हमे पूरी उम्मीद है कि शिमला की जनता भाजपा को एक बार फिर आशीर्वाद देगी। सवाल : कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान शिमला की जनता को 40 हज़ार लीटर पानी फ्री नहीं दिया, मगर अब भाजपा ऐसा दावा कर रही है l अब ये फ्री पानी पार्टी कहाँ से लाएगी? जवाब : इसका जवाब देने से पहले मैं कांग्रेस से पूछना चाहूंगा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जिन गारंटियों की बात कही थी वो कहां है। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस गारंटियों को दरकिनार कर वचन पर क्यों आ गयी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जब घोषणापत्र जारी किया गया तो मुख्यमंत्री को स्वयं ही यह ज्ञात नहीं था कि उनके मैनिफेस्टो में क्या है। मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों से यह कहा गया कि आप इसे स्वयं पढ़ लीजिये। कांग्रेस को इस बात कि क्लैरिटी नहीं है कि वह नगर निगम में क्या कार्य करवाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से कंफ्यूज है और वह पूरी तरह से बौखला गए है। सरकारी तंत्र का पूरी तरह से दुरूपयोग हो रहा है, इसके साथ ही ट्रांसफर्स की धमकियाँ दी जा रही है। वोटर लिस्ट के साथ भी बहुत बड़ा फ्रॉड हुआ है l आनन् फानन में बहुत सारे लोगों के फ़र्ज़ी वोट बना दिए गए है क्योंकि कांग्रेस जानती है कि शिमला का वोटर कांग्रेस के साथ नहीं जा रहा है। इसके साथ ही एक और विषय है जो मैं जनता के बीच में भी बार बार उठा रहा हूँ और आपके माध्यम से भी मैं कांग्रेस से पूछना चाहूंगा कि जब स्मार्ट सिटी के लिए प्रदेश में शहरों को चुना गया तो शिमला को पहले इससे वंचित क्यों रखा गया। शिमला से पहले धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया, जबकि शिमला स्मार्ट सिटी के लिए सबसे ज्यादा योग्य था। धर्मशाला को भी स्मार्ट सिटी मिलना चाहिए था लेकिन उससे पहले शिमला को मिलना चाहिए था। शिमला को स्मार्ट सिटी भाजपा द्वारा बाद में दिया गया और इसके लिए हम केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की जयराम सरकार का धन्यवाद करते है। सवाल : कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा द्वारा स्मार्ट सिटी के पैसे का दुरूपयोग किया गया है, अपने चाहने वालों को कॉन्ट्रैक्ट दिए गए l कांग्रेस यह भी कह रही है कि डंगे लगाने और सड़कें चौड़ी करने से स्मार्ट सिटी नहीं बनती है, इस पर आप कांग्रेस को क्या जवाब देंगे ? जवाब : स्मार्ट सिटी की कुछ गाइडलाइंस है और आप उससे बाहर नहीं जा सकते। यदि कांग्रेस को लगता है कि कुछ गलत हुआ है तो नगर निगम में उनके भी पार्षद थे उस समय इस विषय को क्यों नहीं उठाया गया। कांग्रेस का सीधा सा कार्य यह हो गया है कि लांछन लगाओ और निकल जाओ। मुझे लगता है कि कांग्रेस को पहले अपनी विधानसभा में दी हुई गारंटियों पर विचार करना चाहिए कि उसे कैसे पूरा करना है। कांग्रेस ने बहुत से वादे किये थे जैसे महिलाओं को 1500 रूपए देना, 300 यूनिट फ्री बिजली देना, बागवान सेब के दाम खुद तय करेंगे आदि, कांग्रेस पहले इन विषयों पर सोचे फिर नगर निगम पर बात करे l इसके अलावा रही बात भाजपा के मेनिफेस्टो की तो भाजपा जानती है कि उन वादों को कैसे पूरा करना है। मुख्यमंत्री एक बार भाजपा का मेनिफेस्टो पढ़ ले उसके बाद ही कुछ कहें। सवाल : कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में गारंटियां दी और अब नगर निगम में कांग्रेस वचनबद्धताओं पर आई है, आप इसे कैसे देखते है? जवाब : कांग्रेस से मैं सवाल करना चाहता हूँ कि विधानसभा चुनाव में जिस गारंटी शब्द का उन्होंने प्रयोग किया वह शब्द नगर निगम चुनाव में क्यों इस्तेमाल नहीं किया गया, उन्होंने यहाँ वचनबद्धता शब्द का प्रयोग क्यों किया। मुझे लगता था कि गारंटियों के पीछे कांग्रेस का जो थिंकटैंक बैठा होगा उसने बहुत सोच समझ कर यह सब किया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब कांग्रेस खुद ही इस शब्द से भाग रही है। इससे साफ़ जाहिर होता है कि कांग्रेस कंफ्यूज है और उन्हें स्वयं ही यह पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर वह करना क्या चाहते है। सवाल : उप मुख्यमंत्री का कहना है कि नगर निगम चुनाव जीत कर कांग्रेस हैट्रिक लगाएगी और भाजपा का सूपड़ा इस चुनाव में साफ़ होने वाला है, आप इसपर क्या कहेंगे ? जवाब : कांग्रेस को इतना ओवर कॉंफिडेंट नहीं होना चाहिए, हमे लोगों पर पूरा विश्वास है और भाजपा को जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। मैं पुरे विश्वास के साथ यह बात कह सकता हूँ कि नगर निगम चुनाव में चौकाने वाले परिणाम सामने आने वाले है। हम नगर निगम शिमला में अपना मेयर और डिप्टी मेयर बनाने जा रहे है। सवाल : प्रचार प्रसार के लिए जब आप जनता के बीच गए तो उनसे क्या वादे किए ? जवाब : जनता को जानकारी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिमला को बहुत कुछ दिया है। प्रधानमंत्री ने शिमला को स्मार्ट सिटी दिया और शिमला के विकास के लिए निरंतर उन्होंने शिमला कि हर प्रकार से मदद की है। मैंने जनता से सर झुका कर सिर्फ आग्रह किया कि वह भाजपा के पार्षदों को जितवाए और शिमला को एक नए विज़न और विकास की राह पर आगे ले जाने का कार्य करे। भाजपा ने पहले भी शिमला का विकास किया है और आगे भी भाजपा ही शिमला का विकास करवाएगी।
वो स्व. लाल चंद प्रार्थी ही थे जिन्होंने प्रदेश में भाषा विभाग और अकादमी की नींव रखी थी और आज भी प्रार्थी का नाम पूरी शिद्दत के साथ लिया जाता है। लोगों के जेहन में आज भी लाल चंद प्रार्थी द्वारा हर क्षेत्र में किए हुए काम को याद किया जाता है। कुल्लू जिला की प्राचीन राजधानी नग्गर गांव में 3 अप्रैल, 1916 को जन्मे लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू जिला के लिए ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए ऐसे कई कार्य किए हैं जिन्हें भूलना प्रदेश वासियों के लिए मुश्किल है। यही कारण है कि प्रार्थी का नाम आज भी कुल्लू जिला के सिर पर मुकुट की तरह चमक रहा है। स्वर्गीय लाल चंद प्रार्थी न केवल राजनीति के क्षेत्र में कुशल थे बल्कि उनके अंदर साहित्यकार, कवि और गीत-संगीत का हुनर भी खूब भरा हुआ था। स्व. लाल चंद प्रार्थी पांच भाषाओं के विद्वान थे। उन्हें हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, फारसी और उर्दू भाषा का बारीकी से ज्ञान था। प्रार्थी आमतौर पर उर्दू भाषा का इस्तेमाल अपने राजनीतिक और अन्य सभाओं के भाषणों में भी किया करते थे। जिससे वे श्रोताओं को कई घंटों तक बांधे रखते थे। उन्होंने उर्दू भाषाओं में कई गजलें और कविताओं की भी रचनाएं की, जिसमें " बजूद-ओ-आदम " रचना खास है। इसमें उर्दू भाषा में कविताएं और गजलें शामिल है जो काफी प्रसिद्ध हुई और गजल के शौकीन उन्हें आज भी शान से पढ़ते और गुनगुनाते हैं। इसके अलावा वे एक अच्छे संगीतज्ञ भी थे। परम्परागत संगीत को संजाए रखने में भी उन्होंने काफी महत्वपूर्ण भमिका निभाई है। - कभी वकील बनना चाहते थे प्रार्थी बताया जाता है कि लालचंद प्रार्थी ने आरंभिक शिक्षा कुल्लू में प्राप्त कर जम्मू में अपने भाई राम चंद्र शास्त्री के पास जाकर संस्कृत भाषा का अध्ययन किया था। तब वकील बनने की इच्छा ने उन्हें लाहौर की ओर आकर्षित किया। उस समय प्रार्थी वकील तो नहीं बन पाए, परंतु आयुर्वेदाचार्य की उपाधि 18 वर्ष की आयु में जरूर प्राप्त कर ली। लाहौर में आयुर्वेदाचार्य की पढ़ाई के दौरान उन्होने अपने विद्यालय के छात्रों का नेतृत्व किया और स्वतन्त्रता संग्राम में कूद गये। 1933 में लाहौर में ही कुल्लू के छात्रों ने मिलकर ‘पीपल्ज लीग’ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य समाज सुधार के साथ राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना था। इसी दौरान वह लाहौर में क्रांतिकारी दल के संपर्क में आए। कुल्लू आने पर नग्गर में एक ग्राम सुधार सभा का गठन किया, इसी के माध्यम से उन्होंने लोगों में राष्ट्रीय प्रेम और एकता की भावना का संचार किया। यहां तक कि सरकारी नौकरी छोड़कर कुल्लू के नौजवानों में देशप्रेम की लौ जगा दी। राष्ट्रीय चेतना के प्रसार में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। -तीन बार विधायक और एक बार रहे मंत्री हिमाचल के पुनर्गठन के बाद लाल चंद प्रार्थी तीन बार विधानसभा सदस्य रहे हैं। सबसे पहले 1952 में उन्हें विधानसभा सदस्य नियुक्त किया गया। इसके बाद 1962 और 1967 में भी उन्हें विधानसभा सदस्य चुना गया। 1967 में मंत्री बनने के बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भाषा-संस्कृति विभाग और अकादमी की स्थापना की थी। उसके बाद प्रदेश में भाषाओं के संरक्षण पर अभूतपूर्व कार्य हुआ। इतना ही नहीं उस दौरान उन्हें भाषा एवं संस्कृति मंत्रालय के साथ साथ आयुर्वेद मंत्री का कार्यभार भी सौंपा गया था। प्रार्थी को भारत सरकार की ओर से आयुर्वेदा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उसके बाद प्रदेश में आयुर्वेद के क्षेत्र में काफी तरक्की हुई। कुल्लू के इतिहास का अपनी कई पुस्तकों में किया है जिक्र लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू जिला के इतिहास को कुल्लू देश की कहानी नामक पुस्तक में लिखकर संजोए रखने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में कुल्लू की राजनीति, राजाओं के शासन, संस्कृति और वेषभूषा के साथ साथ भौगोलिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई पुस्तकों का लेखन किया है जो कुल्लू के इतिहास को लेकर काफी महत्व रखते हैं। - पृथ्वी राज कपूर भी कायल थे प्रार्थी के हुनर के लेखन के साथ ही प्रार्थी की प्रतिभा नृत्य और संगीत में भी थी। उन्हें शास्त्रीय गीत, संगीत और नृत्य की बारीकियों का अच्छा ज्ञान था। उनका यही हुनर उनको मुंबई की ओर भी ले गया था और ‘न्यू थियेटर्स कलकत्ता और न्यू इंडिया कंपनी लाहौर’ की दो फिल्मों में उन्होंने अहम् भूमिका निभाई थी, उनमें से एक ‘कारवाँ’ फिल्म भी थी जो उस दौर में जबरदस्त हिट रही। पृथ्वी राज कपूर के समक्ष उन्होंने जब कुल्लू लोकनृत्य को दर्शाया, तो पृथ्वी राज कपूर उनकी प्रशंसा करने से स्वयं को रोक नहीं पाए। अपने फिल्मी कलाकारों को पृथ्वी राज कपूर ने कहा था, ‘देखिए इस जवान में सृजन और दिल में चलन है। नाचते वक्त इसका अंग-अंग नाचता है, मस्ती से झूमता है। यह पैदायशी कलाकार है और आप सब नकली ….. ’। लाल चंद प्रार्थी के लिए एक बड़े कलाकार द्वारा कही यह बात मायने रखती है। -1982 में अलविदा कह गए थे प्रार्थी काव्य रचनाओं और साहित्यिक रचनाओं के लिए लाल चंद्र प्रार्थी को चांद कुल्लवी की पहचान दी गई थी। कुल्लू घाटी के इस शेरदिल इंसान के हुनर और जज्बे को देखकर लोग इन्हें शेर-ए-कुल्लू कहते थे।11 दिसंबर, 1982 को कुल्लू का यह चमकता सितारा सदा के लिए खो गया। 11 दिसंबर, 1982 को कुल्लू का यह चमकता सितारा सदा के लिए खो गया। लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू जिला के लिए ही नहीं बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए ऐसे कार्य किए हैं जिन्हें भूलना प्रदेश वासियों के लिए मुश्किल है। - एक कुशल पत्रकार के रूप में भी किया था काम लाहौर में आयुर्वेदाचार्य की पढ़ाई के दौरान उन्होने ‘डोगरा सन्देश’ और ‘कांगड़ा समाचार’ के लिए नियमित रूप से लिखना शुरू किया था। 1940 के दशक में उनका गीत ‘हे भगवान, दो वरदान, काम देश के आऊँ मैं’ बहुत लोकप्रिय था। इसे गाते हुए बच्चे और बड़े गली-कूचों में घूमते थे। उस समय उन्होंने ग्राम्य सुधार पर एक पुस्तक भी लिखी। यह गीत उस पुस्तक में ही छपा था। उन्होंने कुल्लू जिला के इतिहास को ‘कुल्लूत देश की कहानी’ नामक पुस्तक में लिखकर संजोए रखने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में कुल्लू की राजनीति, राजाओं के शासन, संस्कृति और वेषभूषा के साथ साथ भौगोलिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई पुस्तकों का लेखन किया है जो कुल्लू के इतिहास को लेकर काफी महत्व रखते हैं। -कुल्लुवी नाटी को दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान लालचन्द प्रार्थी ने हिमाचल प्रदेश की संस्कृति के उत्थान में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। एक समय ऐसा भी था, जब हिमाचल के लोगों में अपनी भाषा, बोली और संस्कृति के प्रति हीनता की भावना पैदा हो गयी थी। वे विदेशी और विधर्मी संस्कृति को श्रेष्ठ मानने लगे थे। ऐसे समय में प्रार्थी जी ने सांस्कृतिक रूप से प्रदेश का नेतृत्व किया। इससे युवाओं का पलायन रुका और लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जागृत हुई। बताया जाता है कि कुल्लू जब पंजाब का एक हिस्सा था और पंजाब में अपने लोकनृत्य भांगड़ा को ही महत्त्व मिलता था, उस समय प्रार्थी ने अपने लोकनृत्य के मोह में कुल्लवी नाटी को भांगड़े के समानांतर मंच दिया। उन्होंने लोकनृत्य दल गठित करके स्वयं कलाकारों को प्रशिक्षित करके 1952 के गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर प्रदर्शित किया और पुरस्कृत होने तथा पूर्ण राष्ट्र में इसे पहचान दिलाने का भागीरथी कार्य किया। कुल्लू दशहरे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने का उनका प्रयास सफल हुआ। इसी दशहरे के मंच से कुल्वी नाटी में 12000 नर्तकों और नृत्यांगनाओं के एक साथ नृत्य को गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकार्ड का रिकार्ड स्थापित करना उन्हीं की प्रेरणाओं का परिणाम रहा है। कुल्लू के प्रसिद्ध दशहरा मेले को अन्तरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना तथा कुल्लू में ओपन एअर थियेटर यानि कला केन्द्र की स्थापना उनके द्वारा ही हुई। कुल्लू-मनाली के पर्यटन को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर विकसित करने उनकी बड़ी भूमिका रही है। उनका यह योगदान अविस्मरणीय रहेगा। -चांद कुल्लवी के नाम से थे प्रसिद्ध चांद कुल्लवी’ या ‘शेर-ए-कुल्लू’ कहें या लाल चंद प्रार्थी कहे, वे हमेशा अपने नाम के साथ अपने जन्म स्थान कुल्लू के साथ ही जुड़े रहना चाहते थे। अपनी मातृ भाषा के साथ उनका अपार स्नेह था। वे स्वयं को राजनीतिज्ञ की अपेक्षा पहले साहित्यकार मानते थे। वह कहा करते थे कि मुझे लोग मंत्री के नाम से तो भूल जाएंगे, परंतु साहित्य के क्षेत्र में मुझे अवश्य याद किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर प्रकाश बादल को महासू कला आर्ट द्वारा 3 मई को महासू आर्ट संस्था द्वारा शिमला के गेयटी थियेटर में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान प्रकाश बादल को वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी में उनके द्वारा विश्व भर में पानी पहचान बनाने के मद्देनज़र दिया जा रहा है। प्रकाश बादल को महासू आर्ट सोसाईटी द्वारा “ ढणकू कला श्री सम्मान 2023’ से सम्मानित किया जाएगा। प्रकाश बादल को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सम्मानित करेंगे। यह जानकारी महासू कला आर्ट की और से रीता सिंह रेस्टा द्वारा ने के प्रैस बयान में दी। महासू कला आर्ट द्ववारा प्रत्येक वर्ष देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों को सम्मानित करती है। महासू आर्ट द्वारा 3 से 6 मई 2023 तक चौथी अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में विश्व भर से कुल 58 कलाकारों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रकाश बादल के साथ रोहडू के कलम सिंह कायथ को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रकाश बादल ने इससे पहले वाईल्ड लाइफ फोटोग्राफी के माध्यम से विश्वभर का न केवल ध्यानाकर्षित किया है बल्कि उनकी तस्वीरों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिली है। प्रकाश की तस्वीरों को इससे पहले देश विदेश से मिले सम्मानों के आदिरिक्त अनेक अंतर्राष्टीय एवं राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भी स्थान मिल चुका है। प्रकाश बादल हिमाचल प्रदेश वन विभाग में कार्यरत हैं और शिमला जिला के जुब्बल के रहने वाले हैं।
आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी, यूनुस ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा आज सिरमौर जिले के काला अंब क्षेत्र में तीन फर्मों का निरीक्षण किया जा रहा है। ये तीनों कंपनियां पांच राज्यों में फैली लगभग 300 फर्मों के नेटवर्क का हिस्सा हैं। इन 300 फर्मों ने 8300 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कर 1500 करोड़ रुपये से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया। इस नेटवर्क की फर्माें की नकद भुगतान के माध्यम से कर देनदारी लगभग नगण्य है और फर्मों ने बताया है कि उनके द्वारा की गई अधिकांश देनदारी इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से अदा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग की आर्थिक खुफिया इकाई (ईआईयू) ने विभिन्न डेटा स्रोतों के माध्यम से डेटा की जांच की और इस निष्कर्ष पर पहुंची कि इन 300 संस्थाओं के बीच लेन-देन में काफी जटिलताएं हैं और इन्होंने नकली/अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए ही यह जाल बुना था। यूनुस ने बताया कि इस पैटर्न से यह भी सामने आया कि ये नई पंजीकृत इकाइयां बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में लेन-देन की घोषण कर रही थीं और खुद ही रद्द करवा रही थीं। आपूर्ति शृंखला की शुरुआत में संस्थाओं ने कभी भी सरकार को कर का भुगतान नहीं किया। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति शृंखला की शुरुआत में बड़ी संख्या में संस्थाओं को कर अधिकारियों द्वारा पूर्वप्रभावी रूप से रद्द कर दिया गया है जिससे पता लगता है कि इन फर्मों ने कागजों में जाली लेन-देन घोषित किया है। उन्होंने बताया कि इन फर्मों के कुछ भागीदार पहले भी कर चोरी की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। उन्होंने बताया कि काला अंब में तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन जिलों के 24 अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि तीसरी इकाई के सहयोग से दो संस्थाओं ने अन्य करदाताओं को 250 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध जीएसटी कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश के लोगों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव डॉ. तजिंदर पाल सिंह बिट्टू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नगर निगम शिमला के वार्ड 27 कसुम्पटी में भाजपा उम्मीदवार रचना शर्मा के जनसमर्थन मांगते हुए प्रचार करते हुए कहा की कांग्रेस पार्टी विधानसभा के चुनावों में दी गई गारंटियों को पूरा नहीं कर पाई है। जनता सवाल पूछ रही है, कांग्रेस के नेता जवाब नहीं दे पा रहे हैं। न्होंने कहा कि शिमला के नगर निगम में 10 गारंटियां देंगे यह शोर था कांग्रेस का, लेकिन जनता के विरोध को देखते हुए कांग्रेस डर गई और शिमला के चुनाव में गारंटियां नहीं दे पाई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार कम समय में विफल हो गई है। कांग्रेस के नेता परेशान हैं, कार्यकर्ता परेशान हैं, जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन क्या किया? यह अब सवाल जनता पूछ रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रहे हैं, उन्हें यही नहीं पता कि हुआ क्या? उन्होंने कहा कि ओपीएस में कर्मचारियों को उलझा दिया,300 यूनिट बिजली के फ्री नहीं मिले, 15 सो रुपए महिलाओं को नहीं मिले, 90 रुपये किलो दूध नहीं बिक रहा और गोबर नहीं खरीदा जा रहा ।उन्होंने कहा कि अब तो कांग्रेस की सरकार का मजाक जनता उड़ा रही है और कांग्रेस केवल और केवल सत्ता का आनंद ले रही है। जन भावनाओं का कोई ख्याल नहीं है। संवेदनशीलता नहीं है। उन्होंने कहा इसका उदाहरण है कि आईजीएमसी शिमला के ओपीडी भवन में आग लगी और मुख्यमंत्री जायजा लेने के स्थान पर वोट मांगते रहे। उन्होंने कहा कि हम गए हमें दुख हुआ की जो बेहतरीन भवन बना है उसकी एक मंजिल राख हो गई है। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता खत्म नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ‘न्याय एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से समकालीन न्यायिक विकास एवं सुदृढ़ीकरण’ विषय पर आयोजित उत्तर क्षेत्र-दो के क्षेत्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कहा कि न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी का उपयोग पारदर्शिता, उत्पादिता और दक्षता सुनिश्चित कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से न्यायपालिका सहित आज हर क्षेत्र में आम लोगों के जीवन को सरल बनाने में मदद मिली है। उन्होंने न्यायिक प्रणाली में परिवर्तन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए प्रौद्योगिकी को एक सहायक के रूप में रेखांकित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से न्यायपालिका की कार्यप्रणाली में गति आई है। कोविड-19 महामारी के दौरान वर्चुअल सुनवाई सभी के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे लोगों के धन और समय दोनों की बचत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सजग और आत्मविश्वासी समाज के साथ-साथ देश के विकास के लिए एक विश्वसनीय और त्वरित न्यायिक प्रणाली आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब न्याय मिलता नज़र आता है, तो संवैधानिक संस्थाओं में आम आदमी का विश्वास और भी बढ़ जाता है तथा कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण और इसमें निरंतर सुधार भी संभव हो पाता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि न्याय में देरी देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और न्यायपालिका इसके समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विवाद निवारण विभिन्न विवादों को सुलझाने का एक साधन है और इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों के लिए तकनीक के अनुरूप कानूनी शिक्षा तैयार करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन नए विचारों की व्युत्पत्ति और देश में कानूनी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में दूरगामी सिद्ध होगा जिससे देश के लोगों को शीघ्र न्याय सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान ‘हम, भारत के लोग’ के रूप में सभी को एकता के सूत्र में पिरोता है। इसका लक्ष्य और उद्देश्य हमारे लोकतंत्र की मूलभूत विशेषता है। संविधान हमारे लोकतंत्र का आधार है, और यह तीन स्तंभों पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि इन स्तंभों को अपने-अपने कार्य-क्षेत्र में काम करना चाहिए जिससे कि पारदर्शिता, सामाजिक समृद्धि तथा आपसी सामंजस्य और प्रगाढ़ हो सकेगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह स्वयं विधि विषय के विद्यार्थी रहे हैं और इसमें उनकी गहरी रुचि है। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने देश के सर्वोच्च न्यायालय को चार न्यायाधीश दिए हैं जो प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय है। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि न्यायपालिका राज्य का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होने के नाते संविधान को आकार देने और इसकी व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन न्यायालयों में कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), क्रिप्टो-मुद्रा, सूचना और संचार सहित अन्य प्रौद्योगिकी के विकास पर केंद्रित है। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी भोपाल तथा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दिल्ली, पंजाब और हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के न्यायिक अधिकारी भाग ले रहे हैं।
Shimla, Himachal's oldest pre-independence municipality, will vote in municipal elections again on May 2, 2023. With elections approaching, the major political parties, BJP and Congress are extensively pursuing door-to-door campaigns, Nukad sabhas, and template distribution programs at the local level. With the BJP losing the HP state assembly election in 2022 and the Congress taking control Experts believes there is a strong chance for Congress to recapture Shimla MC. INC, the major political force in Himachal at the moment, appears to be certain of them winning the MC elections. With the momentum of the recent HP Vidhan Sabha election and CM Sukhu emerging as a powerful and authentic figure in Shimla's eyes. Furthermore, three incumbent MLAs, two of whom are cabinet ministers in the HP government, make Congress's chances fancy the forthcoming election. This advantage, however, comes with significant pressure to gain the Shimla region back after a long stretch, or it will be a major loss for the current Sukhu government. BJP, the former MC victor, is currently aggressively pursuing the campaign program. With significant BJP political faces are expected to visit Shimla's municipal region, demonstrating the BJP's determination to keep its political hold on the Municipal cooperation of Shimla. Additionally, their manifestos have good junctures with 21 announced vade containing guarantees and freebies (water and garbage bill). However, it will require considerable work from both local and state officials to make it happen. Since, Municipal Cooperation elections are mostly based on local issues, as well as the workability and relationship of the local ward councilor. BJP can give Congress run for the seats for the MC election to be held from May 2nd. Hence, the victory of either of the major parties in the municipal election is too early to predict in the current scenario and MC can go into either of the party's hands.
भाजपा प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल ने बताया कि प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश भारद्वाज ने आज राम बाजार वार्ड में भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार किया। उन्होंने कहा कि सुरेश भारद्वाज ने घर-घर जाकर भाजपा के लिए वोट मांगे इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचालन हुआ। राकेश ने बताया कि भारद्वाज जी ने जिस प्रकार से शिमला शहर में कार्य किए है उससे कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई है, आज से पहले शिमला शहर के अंदर कभी भी इतने ज्यादा विकासात्मक कार्य नहीं हुए। स्मार्ट सिटी अगर शिमला को मिली तो भाजपा सरकार और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज के नियंत्र प्रयासों किंदें है। उन्होंने कहा कि सुरेश भारद्वाज के प्रचार करने से बाजार में अद्भुत जोश देखने को मिला।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां बताया कि प्रदेश में 1 मई से 15 मई तक जल जागरूकता अभियान चलाया जायेगा, जिसके माध्यम से पंचायत स्तर तक लोगों को जल गुणवत्ता एवं इसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर ग्राम जल स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों तथा विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से जल गुणवत्ता एवं जल संरक्षण के प्रति आम जनता को जागरूक करना है। अभियान के दौरान प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग मानसून से पहले गर्मी के मौसम में जल संरक्षण और इसके विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जनता में सामाजिक जागरूकता पैदा करने के दृष्टिगत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदाय को संवेदनशील बनाएगा और राज्य में जल गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अभियान के दौरान लैब टैस्ट के माध्यम से सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली के 13,670 के नमूनों की जांच की जाएगी तथा डिलीवरी प्वाइंट के अंतर्गत 9037 गांवों में भी प्रत्येक गांव के 2 घरों से पानी के नमूनों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया की फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से 12,975 स्कूलों एवं 13,327 आंगनबाड़ी केंद्रों से भी पानी के नमूनों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत 27,340 सार्वजनिक जल वितरण क्षेत्रों को कवर किया जा रहा है। इसके अलावा जल जागरूकता पर आधारित जल स्रोत यात्रा, स्वच्छता सर्वेक्षण, स्कूल प्रतियोगिताएं, सामूहिक चर्चा, स्वच्छता जागरूकता इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नगर निगम शिमला में प्रचार करते हुए कहा की बालूगंज का हर नागरिक मुझसे परिचित है और इस वार्ड को विकासशील बनाने के लिए भाजपा ने शानदार काम किए है। निश्चित तौर पर हमारी पूर्व पार्षद का इसमें अहम योगदान रहा है। मुझे विश्वास है कि बालूगंज वार्ड के मतदाता इस बार भी ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा को क्षेत्र की सेवा करने का मौका देंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी जब सत्ता में थी तो उन्होंने शिमला के विकास के लिए कोई काम नहीं किया और पिछले 5 साल में भाजपा शासित नगर निगम ने करोड़ों के काम कर शिमला को अभूतपूर्व विकास दिया। आज कांग्रेस पार्टी के नेता जनता के बीच जाकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं अगर कांग्रेस पार्टी ने शिमला शहर के लिए कुछ किया है तो उसका ब्यौरा जनता के सामने रखें। उन्होंने कहा की शिमला नगर निगम क्षेत्र में और स्थान चयनित कर रैन बसेरा और लेबर हाॅस्टल बनाने का प्रयास करेंगे जिससे दिहाड़ीदारों, मजदूरों और अपना रोजगार करने वालों को आश्रय मिल सकेगा। शिमला नगर कि विभिन्न स्थानों पर मैरेज पैलेस (शादी घरों) का निमार्ण करेंगे जिसमें सभी प्रकार की सुविधायें उपलब्ध होगी। सोलर सिस्टम को बढ़ावा देंगे तथा यथासंभव अधिकतर छतों पर सोलर पैनल सबसीडि के आधार लगायेंगे। भाजपा सरकार की योजना के अनुसार दाड़नी के बगीचे में बनाई जाने वाली सब्जी मंडी - अनाज मंडी के कार्य को गति देते हुये जल्दी पूरा करेंगे।
कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशेहरी के जन्मदिन पर 28 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में केक काटा गया। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर,कुलदीप कुमार, आशा कुमारी,कांग्रेस महासचिव अमित पाल सिंह, एस के सहगल व कई नेताओं व पदाधिकारियों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कर्मचारियों व सहयोगियों ने भी देवेंद्र बुशेहरी को उनके दीर्घ आयु की कामना करते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि नगर निगम शिमला के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी दिन-प्रतिदिन पूर्ण बहुमत के साथ जीत की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शिमला क्षेत्र की जनता स्वीकार कर रही है कि भाजपा ने शिमला के विकास के लिए नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल चार महीने में ही जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है। कांग्रेस सरकार से जनता का मोह भंग हो चुका है। नगर निगम चुनाव में एक भी ऐसी घोषणा कांग्रेस व कांग्रेस की सरकार ने नहीं की है जिस पर इनका अपना कोई योगदान हो। रोप-वे बनाने की बात करते हैं, 1500 करोड़ भाजपा सरकार द्वारा पर्वतमाला योजना के अंतर्गत पहले ही दे चुकी है। पानी देने की बात करते हैं, 1800 करोड़ की नई योजना पहले ही भाजपा सरकार शुरू कर चुकी है। कांग्रेस शिमला नगर निगम को लेकर दिशाविहीन है। भाजपा ने 40,000 लीटर मुफ्त पानी प्रति मास देने की घोषणा की है। शिमला के सौंदर्यीकरण, सड़कों के, पुलों के, पार्किंगों के, शौचालयों के निर्माण की घोषणा की है। डाॅ. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा, केंद्र की भाजपा सरकार से शिमला के विकास के लिए माकूल धन उपलब्ध करवाएगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया 1 मई से 4 मई तक महाराष्ट्र राज्य के अध्ययन प्रवास पर पुणे तथा मुंबई में रहेंगे। अध्ययन प्रवास के लिए पठानिया 30 अप्रैल को शिमला से चंडीगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। पठानिया 2 मई को पुणे में एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, पुणे के राजनितिक नेतृत्व और सरकार में मास्टर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। गौरतलब है कि पठानिया को एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी द्वारा कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए आयोजित संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। पठानिया इस अवसर पर "सार्वजनिक जीवन के माध्यम से देश की सेवा करने वाले युवाओं के सामने अवसर और चुनौतियां" (राजनीति और न्यायपालिका पर विशेष ध्यान) विषय पर अपना सम्बोधन देंगे। 3 मई को सुबह ११ बजे जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई में एमआईटी पुणे के संरक्षकों और राजनीतिक दिग्गजों की बैठक में भाग लेंगे। पठानिया 4 मई को मुंबई से चंडीगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे तथा 5 मई को शिमला पहुंचेंगे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ओक ओवर में पहुंचने पर हिमाचल कांग्रेस प्रभारी, राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करते हुए। इस दौरान सह प्रभारी तेजेंद्र सिंह बिट्टू , कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विक्रमादित्य सिंह व अनेक विधायक मौजूद रहे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज शिमला में धुआंधार प्रचार किया इस दौरान इंजन घर में प्राचार के दौरान उन्होंने कहा अगर इन नगर निगम चुनावों में कोई प्रचार कर रहा है तो असल में भाजपा कर रही है, हमारे कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया है और छोटी बड़ी बैठकों के माध्यम से जनता तक अपना विचार पहुंचाया है उन्होंने कहा केवल मात्र ध्यान भटकाकर कांग्रेस के नेता जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं पर जनता इस बार भ्रमित नहीं होंगी। कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा सत्ता में बैठते ही सामने आ गया है। इस बार नगर निगम शिमला में भाजपा को जनता का भरपूर साथ प्राप्त होने जा रहा है और जनता के आशीर्वाद से हमें पूर्ण विश्वास है कि एक बार फिर नगर निगम शिमला में भाजपा अपना परचम लहराएगी। भाजपा नगर निगम में आते ही खतरनाक पेड़ों को समयबद्ध ढंग से हटाने का अधिकार नगर निगम में लाएगी। हमारी सरकार ने बिजली के मीटरों को बिना एनओसी के मीटर लगाने का निणर्य लेकर लाखों लोगों को सुविधा दी है, उसी आधार पर पानी के मीटरों के लिए भी एनओसी नहीं होगा। दुकानों के लाइसेंस की फीस की विशमताओं को समाप्त करेंगे एवं एक दुकान एक युनिट की व्यवस्था लागू होगी और एक ही लाइसेंस होगा। नशामुक्ति के खिलाफ जन आन्दोलन चलायेंगे तथा शिमला की जनता को जागरूक भी करेंगे। हर वार्ड के हर मुहल्ले में ‘ओपन जिम’ लगायेंगे जिससे समाज के हर वर्ग को स्वस्थ व सुदृढ़ बनाएंगे। सारे नगर निगम क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरे के अन्तगर्त लायेंगे, जिससे अपराधों पर नजर रखी जायेगी व अपराधियों को पकड़ कर कानून के शिकंजे में लायेंगे। आवारा कुत्तों व बंदरों के बढ़ते मामलों व इनके आक्रमक होने से जनता को आ रही परेशानी को दूर करने के लिये एक टास्क फोर्स बनायेंगे जो वतर्मान व्यवस्था में परिवतर्न कर ठोस उपाय करेंगे। एनजीओ व अन्य सामाजिक संस्थाओं को षामिल करेंगे।उन्होंने कहा चुनाव बड़ा हो या छोटा भाजपा उसको धरातल पर लड़ती है ना कि कांग्रेस की तरह हवा हवाई तरीके से लड़ेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के न्यू ओ.पी.डी. ब्लॉक की कैंटीन में आग लगने की घटना का विस्तृत ब्यौरा लिया। इस घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है तथा कैंटीन के साथ लगते चिकित्सकों के कुछ चैंबर्ज को नुकसान हुआ है। वर्तमान में स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली के अपने दो दिवसीय प्रवास पर हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से दूरभाष पर इस घटना की पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही के संबंध में अस्पताल प्रबंधन को इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नये ओपीडी भवन के कैफेटेरिया में आग लगने की घटना के उपरांत घटनास्थल का दौरा कर महाविद्यालय प्रशासन से इस संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। आरंभिक सूचना के अनुसार आईजीएमसी के नये ओपीडी भवन के सबसे ऊपरी मंजिल में संचालित कैफेटेरिया में आज प्रातः लगभग 8.30 बजे रसोई गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण आग लगने की यह घटना पेश आई है। उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त होते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरन्त अग्निशमन विभाग को सूचित किया और इससे समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने समय रहते आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के प्रयासों की सराहना भी की। इस अवसर पर विधायक भवानी सिंह पठानिया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान, आईजीएमसी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर सहित चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।


















































