मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि राज्य सरकार द्वारा भंग किए गए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी), हमीरपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लंबित परिणामों को शीघ्र घोषित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जांच के दायरे में नहीं आने वाली परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र ही घोषित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कदाचार के लिए भंग किए गए एचपीएसएससी द्वारा आयोजित की गई परीक्षाओं के रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) को स्थानांतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन की कार्यप्रणाली और संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है और मेधावी और योग्य विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित कर रही है। इसके विपरीत पिछली भाजपा सरकार द्वारा एचपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक किए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के रोहडू में हिमाचल प्रदेश कोली समाज के 13वें त्रैवार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा संवेदनशील वर्गों के उत्थान पर विशेष बल दिया जा रहा है। सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कोली समुदाय द्वारा सामाजिक कल्याण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोली समुदाय समाज के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देता आया हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के लिए 2399 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक को ऋण वापिस न कर पाने वाले व्यक्तियों के लिए एकमुश्त अदायगी नीति पर विचार कर रही है। सरकार शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास पर भी विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए चरणबद्ध तरीके से 300 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। वर्तमान प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की चिरप्रतीक्षित मांग पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की है तथा 2.31 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये प्रदान करने के लिए बजट प्रावधान किए गए हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोहड़ू उप-मण्डल में तोत्सा अग्निकांड के पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आग की दुर्घटना में झुलसी बच्ची के इलाज का खर्च वहन करेगी और परिवार की दूसरी बच्ची की शिक्षा का खर्च भी वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रोहड़ू में अम्बेडकर भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा की और कोली समाज के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रोहड़ू क्षेत्र के सुखदेव सिंह ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के लिए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को 51 हजार रुपये का चेक भेंट किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस भव्य सम्मेलन के लिए आयोजकों को बधाई दी जबकि पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। विधायक यादविन्द्र गोमा, पूर्व विधायक चिरंजी लाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, जिला परिषद शिमला के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रेटका, पंचायत समिति रोहडू के पूर्व अध्यक्ष सोहन लाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेन्द्र बुशैहरी व अरूण शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, कोली समाज के प्रदेशाध्यक्ष उत्तम सिंह कश्यप, महासचिव राजेश कोष, कोली समाज के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजस्व जिला नूरपुर की आबकारी टीम ने एक जूनको उलेहिरया खानपुर, गंगवाल, भोगरा तथा मिलवां में छापेमारी के दौरान 13000 लीटर कच्ची लाहन जब्त कर नष्ट की। कुछ दिन पहले भी इसी तरह नूरपुर टीम द्वारा 30000 लीटर कच्ची लाहन को जब्त कर नष्ट की गई थी। आरोपीयों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम-2011 के तहत पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह जानकारी आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग यूनुस ने आज यहां दी।
तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज राजभवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल में रह रहे तेलंगाना राज्य के लोगों को राजभवन में चाय पर आमंत्रित किया और तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित थे। वह तेलंगाना राज्य से संबंधित हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें सम्मानित भी किया। राज्यपाल ने कहा कि तेलंगाना का गठन 2 जून, 2014 को हुआ था। तेलंगाना के गठन के रूप में राज्य को सदियों पुरानी एक समृद्ध विरासत मिली है, जिसमें संस्कृति, भाषा, कला और साहित्य का अनूठा मिश्रण है। आज तेलंगाना के लोग देश के कोने-कोने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने और संबंधों को मजबूत करने में सहायक होंगे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह 4 जून को दोपहर 12 बजे मंडी के भियुली स्थित भीमाकाली मंदिर प्रांगण में पूर्व मुख्यमंत्री स्व.वीरभद्र सिंह मेमोरियल चिल्ड्रन पार्क का लोकार्पण करेंगी। उसके बाद सराज विधानसभा क्षेत्र के बारा के लिये रवाना होगी,जहां वह एक जन सभा को संबोधित करेंगी। रात्रि विश्राम मंडी परिधि गृह ही रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनैतिक सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित पाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 5 जून को प्रतिभा सिंह मंडी जिला में सांसद निधि से चल रहे विकास कार्यो की अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक करेंगी। उसके उपरांत मंडी में बनने वाले बहुद्देश्यीय स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण से जुड़े अधिकारियों की भी एक बैठक लेंगी। इसी दिन दोपहर बाद 1 बजे बंजार विधानसभा क्षेत्र के गरसा में जिला स्तरीय गरसा मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करने के बाद प्रतिभा सिंह शिमला लौट आएंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला शिमला के रोहड़ू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोटखाई-हाटकोटी और डोडरा क्वार में सुरंगों के निर्माण के लिए सर्वेक्षण किया जाएगा। इन सुरंगों से क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का क्षेत्र का यह पहला दौरा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्षेत्र से क्वार को जोड़ने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने रोहड़ू में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिचौलियों द्वारा सेब के बागवानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 10 शीत भण्डारण स्टोर स्थापित करने के लिए मौजूदा बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादकों के कम गुणवत्ता वाले सेबों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उपाय भी किए जा रहे हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना में कवर किए जा रहे सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने का वायदा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत जमा लगभग 9000 करोड़ रुपये वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में स्थापित ऋणमुक्त जलविद्युत परियोजनाओं में केंद्र सरकार से 30 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 6000 अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य सरकार 27 वर्ष की आयु तक देखभाल और सहायता प्रदान करेगी। सरकार उनकी उच्च शिक्षा का व्यय, 4000 रुपये जेब खर्च प्रदान करेगी और वार्षिक यात्रा की व्यवस्था भी करेगी। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को कानूनी अधिकार देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि विधवाओं और एकल महिलाओं को भी घर बनाने के लिए 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित और स्वच्छ राज्य बनाने के प्रयास कर रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा ई-बसों, ई-ट्रकों और ई-ट्रकों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण में सुधार करना और राज्य में कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के रास्ते में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री के एक दिवसीय दौरे के दौरान रोहड़ू पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के द्वारा शासन के लिए अपनाए गए जमीनी स्तर के दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता नहीं मिली है, जिससे राज्य में वित्तीय संकट पैदा हो गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 6000 पदों को भरने की स्वीकृति देने के मुख्यमंत्री के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे शिक्षकों की कमी को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिमला नगर निगम चुनावों में लोगों ने कांग्रेस पार्टी को भारी जनादेश दिया है, जो राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही प्रभावशाली नीतियों और कार्यक्रमों को प्रमाणित करता है। मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि पिछली सरकार से 75,000 करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विकास के लिए सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के पांच वर्षों में रोहड़ू का विकास ठप्प हो गया था और क्षेत्र के निवासियों को वर्तमान सरकार से काफी उम्मीदें हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक यादविंदर गोमा, पूर्व विधायक चिरंजी लाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, जिला परिषद शिमला के उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेंद्र बुशहैरी, अरुण शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को उपदान दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करते हुए उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से दिए जाने वाला सरसों का तेल 110 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को सरसों का तेल अब पहले की तुलना में लगभग 37 रुपये प्रति लीटर सस्ता उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि जून, 2023 से पहले गरीबी रेखा से नीचे लाभार्थियों को सरसों का तेल 142 रुपये प्रति लीटर तथा गरीबी रेखा से ऊपर के लाभार्थियों को 147 रूपये प्रति लीटर की दर से प्राप्त हो रहा था। मुख्यमंत्री कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों को राहत प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। इस दिशा में निरन्तर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जन हितैषी निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न प्रदान किये जाएं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 19 लाख 74 हजार 790 राशन कार्ड धारक हैं, जिन्हें 5197 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपदान दरों पर विभिन्न खाद्यान्न प्रदान किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने विश्व बैंक, एडीबी सहित विभिन्न विदेशी एजेंसियों की सहायता से हिमाचल में चल रहीं विभिन्न योजनाओं को संचालित करने के लिए कर्ज मुहैया करने पर सीलिंग लगा दी है। इन एजेंसियों से हिमाचल सरकार आगामी तीन साल में केवल 3,000 करोड़ रुपये का ही ऋण ले पाएगी। केंद्र की इस सख्ती से अब स्वाभाविक रूप से हिमाचल प्रदेश के हाथ बंध गए हैं। इससे राज्य में विकास कार्य प्रभावित होंगे। प्रदेश में विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी एडीबी, जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी यानी जीका, जर्मन फेडरल सरकार से वित्तपोषित केएफडब्ल्यू डवेलवमेंट बैंक, फ्रांस की एजेंसी एएफडी, शंघाई स्थित मुख्यालय वाले न्यू डवेलपमेंट बैंक यानी एनडीबी आदि बाहरी वित्तपोषण वाली एजेंसियों से कर्ज लेकर कई परियोजनाएं चल रही हैं। ऐसी बाहरी एजेंसियों से अब आगामी तीन साल में हिमाचल प्रदेश केवल 3,000 करोड़ रुपये की ही आर्थिक सहायता ले सकेगा।
शिमला जिले के रोहड़ू में आज बड़ा हादसा होने से टल गया। रोहड़ू के तांगणू से चिड़गांव जा रही हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम (HRTC) की बस पहाड़ी से टकराई। इससे करीब 40 यात्रियों को चोटें आई है। घायलों का सामुदिक स्वास्थ्य केंद्र संदासू में उपचार चल रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अब तक जानकारी के अनुसार, सुबह सवा 9 बजे के करीब निगम की बस की ब्रेक फेल हो गई। इसके बाद चालक ने समझदारी दिखाते हुए बस को पहाड़ी की ओर काटा। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। मौके पर बस यदि सड़क से बाहर पलट गई होती तो बड़ा जानी नुकसान इस हासदे में हो सकता था। बस में लगभग 44 यात्री सवार बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों और परिचालकों को ओवरटाइम और रात्रि भत्ते के भुगतान के लिए 4.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों से एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों को उनके भत्तों का भुगतान नहीं किया गया था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने यह राशि आवंटित कर अपने वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता निभाई है। अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एचआरटीसी के विभिन्न कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों ने पिछले माह उनसे भेंट कर उनकी मांगों, विशेष रूप से ओवरटाइम और रात्रि भत्ते के भुगतान पर चर्चा की थी। सरकार ने अपना वायदा निभाते हुए इन भत्तों के भुगतान के लिए राशि जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेक महत्वाकांक्षी निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में लगभग डेढ़ लाख कर्मचारियों को लाभान्वित करते हुए पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अतिरिक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त भी जारी की गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण के दृष्टिगत हर संभव प्रयास करेगी।
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जनजातीय जिला किन्नौर की दूर-दराज ग्राम पंचायत थेमगंरग व बौनिंगसारिंग में आम जनमानस की जन-समस्याओं को सुनते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गरीब व जरूरतमंद लोगों की सरकार है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश सहित जनजातीय जिला किन्नौर के आम लोगों की समस्याओं का निवारण सुनिश्चत बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि सभी उचित मांगों को प्रदेश सरकार द्वारा सहानुभूतिपूर्वक व चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने 15 लाख रुपये की राशि से निर्मित होने वाले सामुदायिक भवन थेमगरंग का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त देवर कंडा पर 157 फीट लंबे पैदल चलने वाले पुल का शिलान्यास किया। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश सरकार जनजातीय जिलों के समग्र विकास के लिए तत्परता से दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है जिसका उद्धारण है पुरानी पेंशन योजना की बहाली। इसी तरह प्रदेश की जरूरतमंद महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक पेंशन देने के वादे को भी सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है तथा अधिकतर जरूरतमंद महिलाओं को मासिक पेंशन प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा बागवानी मिशन के तहत जिला किन्नौर में 50 करोड़ रुपये खर्च कर किसानों व बागवानों को 20 लाख पौधे आबंटित किए जाएंगे। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सांगला के थेमगरंग में 5 लाख रुपये की राशि से निर्मित सेरिंगचे स्वागत द्वार का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सांगला होली उत्सव को राज्य स्तरीय होली उत्सव बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने महिला मंडल थेमगरंग को रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति प्रस्तुत करने के लिए स्वैच्छिक निधि से 15 हजार रुपये देने की घोषण की। इससे पूर्व राजस्व, बागवानी एवम जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी का विभिन्न ग्राम पंचायत प्रधानों, मंदिर कमेटियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों व रोड़ कमेटियों द्वारा पारंपरिक ढंग से भव्य स्वागत किया गया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण शाखा द्वारा आयोजित वार्षिक रेडक्रॉस मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि रेडक्रॉस का अर्थ ही समाज सेवा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा करना ही इस संगठन का मुख्य उद्देश्य है। राज्यपाल ने कहा कि रेडक्रॉस की गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए हम सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से रेडक्रॉस निधि में उदारतापूर्वक योगदान देने का आग्रह किया। इस योगदान से वंचित व जरूरतमंद लोगों को अधिक सहायता प्रदान की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस पूरी दुनिया में मानवता की सेवा और निःस्वार्थ सहायता का प्रतीक है। इस संस्था ने मानवता के उच्च मूल्यों को कायम रखते हुए असंख्य गरीब और वंचितों की सेवा की है। उन्होंने कहा कि यह संस्था वंचित वर्गों के लिए एक आशा की किरण है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्रधानमंत्री टीबी. मुक्त भारत अभियान की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि एक स्वस्थ और बेहतर समाज की स्थापना की जा सके। इस अवसर पर राज्य रेडक्रॉस के महासचिव राजेश शर्मा ने राज्यपाल एवं हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग की अध्यक्षा जानकी शुक्ल को सम्मानित किया। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर और खलिनी के विद्यार्थियों नेे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने वर्ष 2022 के लिए रेडक्रॉस पेपर फ्लैग से सर्वाधिक राशि संग्रह करने के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल न्यू शिमला को प्रथम प्रथम पुरस्कार, आकलैंड हाउस स्कूल शिमला को द्वितीय पुरस्कार तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने वर्ष 2022 के लिए रेडक्रॉस पेपर फ्लैग से सर्वाधिक राशि संग्रह करने के लिए पुलिस महानिदेशक शिमला को प्रथम पुरस्कार, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को द्वितीय पुरस्कार एवं प्रधान मुख्य अरण्यपाल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
लोक निर्माण, युवा सेवा एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भेंट की। विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए इस वर्ष सितंबर माह में एक मेगा खेल आयोजन ‘रूरल ओलंपियाड गेम्स’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें वालीबॉल, कबड्डी, कुश्ती, मुक्केबाजी, फुटबॉल आदि खेलों की उपमंडल, जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। प्रतियोगिता में लगभग 50,000 लड़के और लड़कियां भाग लेंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मंत्रालय या विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कार्यक्रम को प्रायोजित करने या वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 12 जून को ऐतिहासिक "बाल सत्र" का आयोजन किया जाएगा।" विश्व बाल श्रम दिवस" के अवसर पर डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित इस सत्र में देश भर के 68 बच्चे राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज़ दुनिया के सामने मुखर करेंगे। हालांकि ज़्यादातर बच्चे हिमाचल प्रदेश के सभी ज़िलों का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बच्चे हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के तत्वावधान में 3 माह तक चले बच्चों की सरकार कैसी हो, अभियान के तहत चुने गए हैं। इसमें सरकारी, ग़ैरसरकारी व स्कूल न जाने वाले 1,085 बच्चों ने अपनी समस्याओं और उनके सुझावों पर वीडियो बनाया और रजिस्टर किया, जिसकी अवधि 1 अप्रैल से 25 मई रखी गई थी। बच्चों की एंट्रीज देशभर के कुल 9 राज्यों से आई है, जिनमें हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, असम, बिहार राज्य प्रमुख हैं। चयन प्रक्रिया के समय बच्चों ने कई गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखी एवं अहम सुझाव हमारे साथ साझा किए- इनमें हिमाचल में बढ़ती बेरोज़गारी के लिए युवाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग, हिमाचल के किसानों की फसलों की मार्केटिंग, खेलों को बढ़ावा देने के लिए साप्ताहिक खेल प्रतियोगिताएँ, ट्रैफिक के रोकथाम हेतु राज्य की बसों का सशक्तीकरण एवं शिक्षा के सुधार के लिए छोटे-छोटे प्रयास शामिल है। इन सुझावों पर विस्तृत चर्चा बच्चों द्वारा "बाल सत्र" में की जाएगी। एलआईसी द्वारा प्रायोजित इस अभियान में बच्चों के लिए 20 संवाद सत्र के आयोजन भी किए गये, जिसमें हिमाचल के दिग्गज नेताओं, शिक्षाविद्, कलाकारों एवं अधिकारीगणों ने 50,000 से ज़्यादा बच्चों से अपने जीवन मंत्र साझा किए एवं उनकी राजनीतिक जिज्ञासा शांत की। इस अभियान का पोस्टर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया था और रिलीज़ के समय उन्होंने "बाल सत्र" के सफल आयोजन के लिए बच्चों को शुभकामनाएं दी थीं। 12 जून को आयोजित हिमाचल प्रदेश विधानसभा "बाल सत्र" इस अभियान का आख़िरी पढ़ाव होगा, जिसमें चयनित 68 "बाल प्रतिनिधि" शिमला स्थित विधानसभा भवन में एक दिन के लिये राज्य के मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, उप मुख्यमंत्री, स्पीकर, कैबिनेट मंत्री गण एवं माननीय सदस्यों की भूमिका में नज़र आयेंगे, एवं विधानसभा में विशेष सत्र का संचालन करेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के टूटू में श्री कामनापूर्ण गौशाला का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली के संबंध में संचालन समिति से जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री इससे पूर्व आज सुबह कांगड़ा के गग्गल हवाई अड्डे से जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पहुंचे। इसी दौरान टूटू में गौशाला के समीप खड़े कुछ लोगों को देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया। गौशाला संचालन समिति टूटू ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया और सरकार द्वारा चलाई जा रहे विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों एवं योजनाओं को सराहा। स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेशवासी लाभान्वित हो रहे हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 को बेसहारा पशुओं के रेस्क्यू के साथ लिंक करने की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बेसहारा पशुओं की समस्या पर नियंत्रण पाने में कामयाबी मिलेगी। स्थानीय निवासियों ने कहा कि सरकार के प्रयासों और आमजन के सहयोग से बेसहारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। समिति ने गौशाला से संबंधित अपनी मांगें भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर गौशाला संचालन समिति के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर, केएल डोगरा, आरके पराशर, जेपी गर्ग सहित अन्य स्थानीय लोग उपस्थित थे।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्र में मोदी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा द्वारा आयोजित महा जनसंपर्क अभियान में भाग लिया। कश्यप ने कहा कि आज देश ही नहीं पूरे विश्व में मोदी मैजिक चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है। विनिर्माण गतिविधियों, कृषि, खनन, निर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और निजी निवेश के दम पर देश की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर रफ्तार से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी 7.2 फ़ीसदी की दर से बढ़ा है। जनवरी-मार्च यानी चौथी तिमाही में यह 6.1% रही। ऐसा तब हुआ है जब पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी की आहट और विकास दर घटने का अनुमान है। यह महा जनसंपर्क अभियान सीटीओ शिमला से शुरू हुआ और उसके उपरांत गंज बाजार पहुंचा जहां सांसद सुरेश कश्यप ने गंज मंदिर, सनातन धर्म सभा की समिति से विशेष भेंट की और उन्हें मोदी जी के 9 वर्ष पूर्ण होने पर एक पुस्तक भी भेंट की। सनातन धर्म सभा की ओर से अध्यक्ष अजय सूद, महामंत्री विनोद अग्रवाल, सतपाल शर्मा, दीपक श्रीधर, यशपाल सूद, संजीव गर्ग और आशुतोष अग्रवाल। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, सीमा ठाकुर, कुसुम सदरेट, कर्ण नंदा, विजय परमार, रवि मेहता, अनजाना शर्मा, राजेश शारदा, जितेंद्र भोटका, दिनेश ठाकुर, गगन लखनपाल, सुशील चौहान, बिट्टू पान्ना, शैली शर्मा, कल्याण धीमान, सत्या कैंडल, अनिता सूद, राजू ठाकुर, परीक्षित, गौरव कश्यप, तरुण राणा, रमा ठाकुर, संजय कालिया उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह इन दिनों दिल्ली के दौरे पर हैं और केंद्रीय मंत्रियों से हिमाचली हितों की पैरवी कर रहे हैं। इसी कड़ी में विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन और स्टील मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नई दिल्ली में मुलाक़ात कर हिमाचल के विभिन्न मसलों पर चर्चा की और उनके मंत्रालय का सहयोग मांगा। विक्रमादित्य सिंह ने शिमला हवाई अड्डे का विस्तारीकरण और रेगुलर फ्लाइट्स की सुविधा से शिमला को जोडऩे के लिए निवेदन किया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उपस्थित रहे। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचली टोपी शाल व स्मृति चिन्ह देकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सम्मानित भी किया। उप मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर मदद की मांग की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने उचित मदद करने का आश्वासन दिया ।वहीं शिमला में 16 सो करोड रुपए की लागत से बनने वाले रोपवे यातायात सिस्टम की समीक्षा की और बिजली महादेव के रोप वे में प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रोपवेज योजना के लिए एकमुश्त बजट उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को विकास में अग्रणी माना जाता है और विकास की योजनाओं को वे तुरंत स्वीकृति करते हैं ।ऐसे में हिमाचल प्रदेश की विकास की योजनाओं को केंद्रीय मंत्री अधिक तवज्जो देकर बजट देंगे, ऐसा आश्वासन उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को दिया है। बता दें कि इससे पहले के लिए रोप वे को ले हुए कार्यक्रम में भी मुकेश अग्निहोत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर चुके हैं। हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर के केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा की गई है ।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बेहतर चर्चा हुई है और हमें विश्वास है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हिमाचल प्रदेश के विकास के प्रोजेक्ट को बजट प्रदान कर आगे बढ़ाएंगे। इस मौके पर अनेक अन्य परियोजनाओं पर भी चर्चा प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री के साथ की। विक्रमादित्य सिंह पहले ही नितिन गडकरी के मुरीद है ,उनकी सराहना भी कर चुके हैं।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि हिमाचल प्रदेश का हर हक़ केंद्र से लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश एकता में अखंडता का प्रतीक है। केंद्र सरकार राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है, ऐसे में केंद्र किसी भी राज्य का हक नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की सरकार अपने हर हक़ को हक से लेगी, केंद्र कटौती कर हिमाचल को विचलित नही कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए वचनबद्ध हैं, हमने जो वायदे किए हैं, उनको पूरा करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार मजबूत है और जनकल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से निर्भर भी बनाएंगे, कर्ज भी कम करेंगे और प्रदेश की जनता के साथ किए गए वायदों को भी पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने कर्मचारियों को ओपीएस प्रदान की है, ओपीएस के दायरे को बढ़ाया है ।उन्होंने कहा कि ऐसे में हिमाचल प्रदेश के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव पूर्ण रवैया सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता जागरूक है, हिमाचल प्रदेश की जनता अपने हित को समझती है। उन्होंने कहा कि जनता ने पूर्ण बहुमत का जनादेश कांग्रेस को दिया है और कांग्रेस ने जो गारंटी दी हैं उसको को पूरा करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने आज यहां हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित एवं विकास निगम के निदेशक मंडल की 49वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में अल्पसंख्यकों के कल्याण व उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के 5126 लाभार्थियों को 141.53 करोड़ रुपये प्रदान किए गए, जिनमें 1830 दिव्यांग तथा 3258 अल्पसंख्यक लाभार्थियों को स्वरोजगार और 35 अल्पसंख्यक व तीन दिव्यांग लाभार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए ऋण प्रदान किए गए। इसके अलावा दिव्यांग व्यक्तियों को गृह निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है जो राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम नई दिल्ली द्वारा जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा 31 मार्च, 2023 तक 4 करोड़ 2 लाख रुपये का लाभांश अर्जित किया गया। बैठक में सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सुधा देवी, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम प्रदीप ठाकुर, प्रबन्धक सी.एल. शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने हिमाचल प्रदेश चिकित्सा सेवाएं निगम के निदेशक मंडल की बैठक की भी अध्यक्षता की। इस अवसर पर निगम के चिन्ह (लोगो) को स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि निगम के सुचारू संचालन के लिए रिक्त पदों को भरने का मामला प्रदेश सरकार के समक्ष लाया जाएगा। बैठक के दौरान निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। स्वरोजगार योजना के तहत 222 महिलाओं को 2.15 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए हैं। यह बात डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के निदेशक मंडल की 48वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने निगम की गतिविधियों के बारे जानकारी ली तथा निगम की उचित मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर निगम की प्रबन्ध निदेशक सोनाक्षी तोमर तथा निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं महा जनसंपर्क अभियान के प्रदेश प्रभारी त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 9 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर भाजपा पूरे देश भर में महा जनसंपर्क अभियान का आयोजन करने जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत 1 जून को भाजपा महा जनसंपर्क अभियान की लॉन्चिंग करेगी, इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सोलन के गंज बाजार चौक से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल प्रातः 11:00 बजे इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसी प्रकार नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन, राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन परमार धर्मशाला, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा, प्रदेश महामंत्री एवं विधायक राकेश जम्वाल मंडी सदर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल हमीरपुर में इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज शिमला सीटीओ, लोक सभा सांसद किशन कपूर और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं विधायक हंसराज चंबा, राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार नूरपुर, पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा लाहौल स्पीति, पूर्व मंत्री एवं विधायक विक्रम सिंह ठाकुर देहरा, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर एवं पूर्व सांसद महेश्वर सिंह कुल्लू, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल, पूर्व मंत्री राजेश गर्ग, विधायक जेआर कटवाल बिलासपुर, विधायक विनोद कुमार और मंडी संसदीय क्षेत्र के सह प्रभारी बिहारी लाल शर्मा सुंदरनगर, 2022 के प्रत्याशी सूरत नेगी किन्नौर में इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। 2 जून को राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी सिरमौर पांवटा साहिब, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ऊना, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार पालमपुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप और पूर्व मंत्री राजीव सहजल महासू में इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उनके पालमपुर स्थित आवास पर भेंट की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शांता कुमार हमारे वरिष्ठ नेता हैं। उनसे भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना और भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1 जून से शुरू किए जा रहे प्रदेशव्यापी महा जनसंपर्क अभियान की जानकारी दी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज बिलासपुर में जिला प्रशासन के साथ राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता के साथ संवाद करने के निर्देश दिये ताकि कार्यों के संबंध में सही और सटीक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जनता की प्रतिक्रिया जानकर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आगामी 25 साल को अमृत काल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में हमें समाज, प्रदेश और देश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान सुनिश्चित करना चाहिए। शुक्ल ने कहा कि यह उनका बिलासपुर का पहला दौरा है वे यहां की सफाई व्यवस्था से प्रभावित हुए हैैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं ताकि लोग इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में स्टैंडअप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, एकीकृत बागवानी मिशन जैसी अनेक योजनाओं में बेहतर कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग मुक्त राज्य बनाने की दिशा में और अधिक लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने और हिमाचल को नशामुक्त बनाने के लिए साझा प्रयास करने पर बल दिया। इससे पहले, बिलासपुर के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने राज्यपाल का स्वागत किया और जिला में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रस्तुति दी।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वर्तमान राज्य सरकार ने राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना की घोषणा की है। यह स्कूल राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में निर्मित किए जाएंगे। इनमें प्री-प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक लगभग 900 से 1000 छात्रों को समायोजित करने की क्षमता होगी। इन स्कूलों में हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, म्यूजिक रूम सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी व निर्णायक कदम है। सरकार का दृष्टिकोण एक ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जो छात्रों के समावेशी विकास की आवश्यकताओं को पोषित करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए उनमें आवश्यक कौशल क्षमता का निर्माण करेगा। इससे राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जो युवा विद्यार्थियों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य की राह प्रशस्त करेगा। वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में राज्य में शिक्षा के स्तर को और बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों का उद्देश्य छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना, उनके व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए आत्मविश्वास पैदा करना है। इन स्कूलों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। शुरुआती चरण में प्री-नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिन्हें 18 माह में तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सभी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम का अनुपालन किया जाएगा। प्रत्येक राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण 100 कनाल से अधिक भूमि पर किया जाएगा, जिसमें शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ-साथ अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा। इन स्कूलों में छात्रों के समग्र विकास के लिए गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 कनाल से अधिक की भूमि अधिमानतः जिला, उपमंडल या तहसील मुख्यालय के 5 किलोमीटर के दायरे में शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।
मई महीने में हो रही बेमौसम बारिश ने प्रदेश की आम जनता को परेशान कर दिया है। बेमौसम बारिश से किसान और बागवान भी परेशान हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में मई महीने में अब तक सामान्य से 84 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। बीते 19 सालों में मई में अब तक इतनी बारिश नहीं हुई थी। लगातार हो रही बारिश की वजह से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के अधिकतम तापमान 7 डिग्री तक कम चल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने जानकारी देते हुए बताया कि मई महीने में पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की फ्रीक्वेंसी भी ज्यादा है और इसका असर भी ज्यादा देखा जा रहा है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है। हिमाचल प्रदेश में मानसून के पहुंचने का समय है जून महीने का होता है, लेकिन प्री मॉनसून में ही अधिक बारिश होने की वजह से इस बार मॉनसून में कम बारिश होने की संभावना है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज बिलासपुर जिला के प्रवास के दौरान कीरतपुर से मनाली के बीच बन रही फोर लेन परियोजना एवं रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी नई रेल लाईन परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने भूमिगत रेलवे क्रासिंग का निरीक्षण भी किया। उन्होंने 1.8 किलोमीटर लम्बी सुरंग नम्बर-1 में सुरक्षा व अन्य सुविधाओं का जायजा भी लिया। राज्यपाल ने कहा कि कीरतपुर से मनाली परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य को दिया गया एक बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके पूरा होने से प्रदेश में पर्यटन विकास को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर स्थानीय लोगों को भी सुविधा प्राप्त होगी तथा साथ लगते क्षे़त्रों में उद्योग स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने इस परियोजना के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने कीरतपुर-मनाली फोर लेन पर कीरतपुर से मंडी तक पांच सुरंगों का कार्य पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों में पांच और सुरंगें खोली जाएंगी। उन्होंने परियोजना के तहत सभी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने राज्यपाल को परियोजना कार्य की प्रगति से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की।मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री से 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप हिमाचल के जिला मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए 1000 करोड़ रुपये और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 400 करोड़ रुपये देने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के अंतर्गत नये ऋणों पर सीमा लगाने के निर्णय की समीक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करने से विभिन्न क्षेत्रों की विकासात्मक गतिविधियों में सहायता मिलेगी। उन्होंने बाह्य वित्त पोषण के लिए आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा संस्तुत छह प्रस्तावों के ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री से वर्तमान वित्त वर्ष के लिए नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) अंशदान की राशि के बराबर राज्य की अतिरिक्त कर्ज लेने की सीमा को कम करने के निर्णय की समीक्षा करने आग्रह किया। उन्होंने सामरिक महत्व की भानुपल्ली-बिलासपुर-लेह रेल परियोजना को सौ प्रतिशत केंद्रीय वित्तपोषित परियोजना घोषित करने या बेरी तक विस्तार के दृष्टिगत राजस्व साझा करने की प्रणाली की संभावना तलाशने के लिए भी आग्रह किया। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 30 मई को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भाजपा सरकार अपने गौरवमयी एवं उपलब्धियों भरे 9 वर्षों का कार्यकाल पूर्ण कर रही है। 30 मई से 30 जून तक हिमाचल भाजपा संगठन द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देशानुसार लोकसभा क्षेत्र, विधानसभा क्षेत्र, जिला एवं बूथ स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस महा जनसंपर्क अभियान के तहत 9 लाख 54 हजार से अधिक लोगों से संपर्क किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में व्यापक जनसंपर्क, लाभार्थी संपर्क, समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क जैसे लोकसभा, विधान सभा एवं बूथ स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे, जिनके माध्यम से 'मोदी सरकार' की 9 वर्षों की नीतियों एव उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम को धरातल तक पहुंचाने के लिए प्रदेश, जिला एवं मंडलों की कार्यसमिति बैठकें हो चुकी हैं जिनमें इस महाभियान की सफलता हेतु कार्ययोजना बनाई गई है। इस अभियान के सफल संचालन हेतु प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर पर अभियान समितियां गठित की गई हैं।
हिमाचल प्रदेश में मई माह में हुई ठंड ने पिछले 36 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सामान्य तापमान में 4 डिग्री से 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले साल 1987 में मई के महीने में तापमान में इतनी अधिक गिरावट दर्ज की गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की मानें, तो जून माह में भी हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के हर जिले में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 3 जून तक प्रदेश में बारिश और अंधड़ का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। उधर, चंबा जिले में हिमस्खलन की सूचना है। जानकारी के अनुसार बैरागढ़-साचपास-किलाड़ मार्ग पर कालाबन के समीप हिमस्खलन से आवाजाही कर रहे यात्री बाल-बाल बचे। सोलन, कांगड़ा, केलांग, किन्नौर, ऊना, सिरमौर, डलहौजी, नारकंडा और धौलाकुआं में भी जमकर बारिश हुई। बुधवार को भी अधिकतम तापमान में सामान्य से छह डिग्री की कमी दर्ज हुई।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वन अग्नि को नियंत्रित करने के लिए संवेदनशील वनों को विभाजित करना बहुत अनिवार्य है। इसके तहत पंचायतों और स्थानीय समुदायों के साथ पारस्परिक समन्वय और जागरूकता अभियान शुरू करना महत्वपूर्ण है। जंगल की आग कुछ वन पारिस्थितिक तंत्रों के भीतर एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन कुछ वर्षों में, आग अधिक विकराल और व्यापक रूप ले लेती है। स्थानीय लोगों, पंचायतों, स्कूली बच्चों के साथ बड़े पैमाने पर संपर्क कार्यक्रम और उन्हें जंगल की आग से वन संसाधनों, वन्य जीवन और पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा संवेदनशील वनों के लिए मानचित्र तैयार किए गए हैं। जंगल में आग लगने की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर उन जगहों से जोड़ा गया है, जहां से आग पर काबू पाया जा सके। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों ने विभाग के फील्ड अधिकारियों और पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल माध्यम से कई बैठकें भी कर रहे हैं। बिजली गिरने जैसे प्राकृतिक कारणों से पेड़ों में आग लग सकती है जो हवा से फैल सकती है। मानव निर्मित कारणों वन अग्नि को नियंत्रित करना नितांत आवश्यक है। विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करना महत्वपूर्ण है। स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग ने जंगल की आग पर काबू पाने के लिए रैपिड फायर एक्शन टीम का भी गठन किया है। जंगल में आग लगने की स्थिति में यह टीम वन विभाग को व्हाट्सएप के माध्यम से आग लगने की सूचना देगी। स्थानीय लोगों को जंगल की आग के दुष्प्रभाव और किसी भी आग की घटना की स्थिति में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश सरकार, राज्य की बहुमूल्य वन सम्पदा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में वैज्ञानिक प्रबन्धन के साथ-साथ जन समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वाकांक्षी प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि राज्य सरकार डिनोटिफाई किए गए उन स्कूलों की समीक्षा करेगी और पुनः खोलने पर विचार करेगी, जिनमें विद्यार्थियों की निर्धारित संख्या है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने माध्यमिक विद्यालय के लिए 15, उच्च विद्यालय के लिए 20 तथा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए 25 छात्रों की संख्या का विशिष्ट मानदंड निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन अवकाश वाले विद्यालयों के लिए विद्यार्थियों के नामांकन की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023 तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले विद्यालयों के लिए 15 अप्रैल, 2023 निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उक्त मानदंडों के आधार पर स्कूलों को डी-नोटिफाई करने का निर्णय लिया है, लेकिन राज्य सरकार के ध्यान में यह आया है कि कुछ स्कूलों में अब विद्यार्थियों की निर्धारित संख्या पूरी हो गई है इसलिए समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है ताकि ऐसे स्कूलों को फिर से खोलने के लिए उचित निर्णय लिया जा सके। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के विद्यार्थियों को विशेष रूप से दूरस्थ और दूर-दराज के क्षेत्रों में उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के लगभग 6000 पदों को भरने का निर्णय लिया है, जो शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की सकारात्मक सोच को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त पिछली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में बिना किसी बजट प्रावधान के स्कूल और अन्य संस्थान खोले व स्तरोन्नत किए। इन संस्थानों को जारी रखने के लिए प्रतिवर्ष 5000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से एक-एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग आदर्श विद्यालय खोलने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को उनके गृह क्षेत्र में विश्व स्तर की शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 13 स्थानों की पहचान की जा चुकी है जिनमें शीघ्र ही निर्माण गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी। यह स्कूल आधुनिक सुविधा सम्पन्न हाई-टेक स्मार्ट क्लास रूम, खेल के मैदान आदि से सम्पन्न होंगे। इसके अलावा प्री-प्राईमरी और प्राथमिक स्तर के बच्चों को एक खेल मैदान की सुविधा प्रदान करी जाएगी, जहां वे खेल सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
एनपीए को लेकर डॉक्टर्स रोजाना डेढ़ से दो घंटे की पेनडाउन स्ट्राइक कर रहे हैं, जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मसले पर दिल्ली से शिमला पहुंचे मुख्यमंंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में ऐसा पहली बार हुआ है कि जिन डाक्टरों को एनपीए मिल रहा है, वे भी हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनपीए को बंद नहीं किया गया है, बल्कि विड्रॉ किया गया है। एक नियम है, जिसके अनुसार डेंटल डॉक्टर्स के इंटरव्यू होने हैं। उनका एक प्रतिनिधिमंडल हमसे मिला और कहा कि पिछले दो-तीन साल से पोस्टें नहीं निकल रही हैं। ऐसे में आप कृपा करके दंत चिकित्सकों की पोस्टें निकालें। इस दौरान एक मसला हमारे ध्यान मे आया कि डेंटल डॉक्टर्स, आयुर्वेदिक डॉक्टर्स, वैटरिनरी डॉक्टर्स और एलोपैथिक डॉक्टर्स हो गए, इन सभी को एनपीए मिलता था। डेंटल डॉक्टर्स के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उन्हें एनपीए की जरूरत नहीं है, आप सिर्फ पोस्टें निकाल दीजिए। इसके चलते एक नियम के तहत बदलाव किया गया, उसमें सभी डॉक्टर्स आ गए। अब हमने दंत चिकित्सकों की 38 पोस्टें निकाली हैं। उसी समय एक नियम आया जिसमें कहा गया कि जो डेंटल डाक्टरों के इंटरव्यू हैं, वे एनपीए नहीं लेना चाहते, उसी के तहत बदलाव किया गया। इसलिए डॉक्टर्स को इस नियम को समझना चाहिए था, हमसे बात करनी चाहिए थी। सीएम ने कहा कि जब एलोपेथिक डॉक्टर्स की पोस्टें निकलेंगी, तब जो एनपीएम विड्रॉ किया गया है, उस पर पुनर्विचार किया जा सकता है, लेकिन यह गलत बात है कि जिन डॉक्टर्स को एनपीए मिल रहा है, वे हड़ताल कर रहे हैं। जब नए डॉक्टर्स की रिक्रूटमेंट होगी, तब वो एनपीए की मांग करेंगे तो उस पर विचार किया जा सकता है। डॉक्टर्स से गुजारिश है, आप अपना काम कीजिए आपको एनपीए मिल रहा है।
न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्रा राव हिमाचल हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। मंगलवार सुबह राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों सहित कई मंत्री एवं विधायक तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्रा राव इससे पहले पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में थे। शपथ के बाद हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शपथ लेने के बाद न्यायमूर्ति रामचंद्र राव ने कहा कि लोगों को जल्द और सस्ता न्याय मिले इसके लिए काम किया जाएगा। जो मामले लंबित पड़े हैं, उनको जल्द निपटाने की दिशा में काम किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन का शिमला पीटरहॉफ पहुंचने पर भाजपा सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, भाजपा सोशल मीडिया संयोजक पुनीत शर्मा, जिला महामंत्री अंजना शर्मा और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया। भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन आज नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के साथ पीटरहॉफ शिमला में सोशल मीडिया पर प्रभावकारी व्यक्तियों की बैठक को संबोधित करेंगे।
शिमला जिले के उपमंडल रोहड़ू में एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कोर्ट रोड रोहड़ू में उपमंडल कार्यालय के समीप डाकघर के गेट पर सोमवार सुबह कूड़े में नवजात बच्चे का शव मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। नवजात बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया गया है। सोमवार सुबह करीब 7 बजे सैर करते वक्त एक स्थानीय व्यक्ति की नजर कूड़े के बीच पड़े नवजात के शव पर पड़ी। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
उप मुख्यमंत्री ने सोमवार को जिला ऊना के विभिन्न सहकारी समितियों के पदाधिकारियों व सचिवों के साथ बैठक की।इस दौरान सचिवों ने विभाग मिलने पर मुकेश अग्निहोत्री को बधाई दी। इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग को जन आंदोलन हिमाचल में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता हिमाचल की शान है, जिला ऊना से सहकारिता का आंदोलन शुरू हुआ जो विश्व भर में फैला है। उन्होंने कहा कि किन्हीं कारणों से सहकारिता के क्षेत्र में कमियां हैं, उन कमियों को दूर करना होगा, सुधार की हर गुंजाइश को करते हुए आगे बढ़ना होगा ।उन्होंने कहा कि सहकारिता प्रदेश का अव्वल विभाग बने इसके लिए काम करने के लिए दिन-रात एक की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास अन्य विभाग हैं उन विभागों में बेहतर काम करने का हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सहकारिता विभाग आम जनता के साथ जुड़ा हुआ है, गांव के साथ जुड़ा हुआ है ,इस विभाग को बेहतर रूप से आगे बढ़ाना पहल है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला में मियां हीरा सिंह सहकारिता प्रबंधन व ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा ताकि सहकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सचिव ,कर्मचारी निपुण हो सके ,अन्य राज्यों से भी प्रशिक्षण के लिए सहकारिता से जुड़े लोग यहाँ आये। उन्होंने कहा कि सहकारिता ऐसा विभाग है जिसके माध्यम से हम प्रदेश में क्रांतिकारी कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र की विश्वसनीयता कायम करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता वित्त से जुड़ा हुआ मसला है इसलिए जहां फाइनेंशियल मैटर जुड़ा है वहां धांधली व भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है ।उन्होंने कहा कि हमें भ्रष्टाचार मुक्त विभाग को बनाना है। धांधली मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में करीब 5000 सोसाइटी में कार्यरत हैं, करोड़ों रुपए का कारोबार होता है ,हमारे पास सहकारिता के बैंक हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का काम करें, लेकिन किसी भी स्तर पर घपला ना हो यह सरकारी समितियों को, कर्मचारियों को विभाग को नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि सभी को मेरा कड़ा संदेश है कि सहकारिता विभाग में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सहन नहीं की जाएगी । उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग में जो परिवर्तन किए जाने हैं,जो भी बेहतर करना है उसे हम करेंगे, लेकिन कहीं भी लापरवाही सहन नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सोसाइटीओं के पास कितना लैंड बैंक है इसकी डिटेल बनाई जानी चाहिए। ताकि आने वाले समय में सहकारिता के क्षेत्र में और बेहतर काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में हिम्केप्स संस्थान सहकारिता के क्षेत्र का एक आदर्श संस्थान है, जो बेहतरीन काम कर रहा है ,रोजगार उन्मुख शिक्षा दे रहा है, सहकारिता के क्षेत्र में रोजगार प्रदान कर रहा है । उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह संस्थान अपने आप में देश का एक बेहतरीन संस्थान है, जिसे देशभर से लोग देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय सहकारी समितियों को जाता है ,जिन्होंने इसका वित्त पोषण किया और आज एक बहुत बड़े भूभाग के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह संस्थान हिमाचल का आदर्श संस्थान बना है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि समय-समय पर इस संस्थान की बेहतरी के लिए काम करने का अवसर मुझे मिला है। उन्होंने कहा कि जब भी सस्थान की ओर से कोई भी काम बताया गया मैंने तुरंत किया है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को और विस्तार देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के सोलन की रहने वाली विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही बलजीत कौर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में सम्मानित किया। उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों और जुनून की सराहना की। इस मौके पर बलजीत कौर की मां शांति देवी भी मौजूद थीं। राज्यपाल ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि बलजीत कौर ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा फहराया है। उन्होंने एक महीने से भी कम समय में एवरेस्ट सहित आठ हजार मीटर से अधिक ऊंची पांच पर्वत चोटियों पर चढ़कर अपनी प्रतिभा साबित की है जो अन्य साहसिक उत्साही लोगों के लिए प्रेरणादायी थी। इस अवसर पर बलजीत कौर ने राज्यपाल के साथ अपने अभियान के अनुभवों को साझा किया। उसने कहा कि अन्नपूर्णा दुनिया की 10वीं सबसे ऊंची चोटी थी और उसने बिना ऑक्सीजन के समर्थन के इसे फतह कर लिया। उन्होंने इस दौरान हुई पूरी घटना से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने अस्पताल में फोन पर उनका हालचाल पूछने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला की शिवालिक पहाड़ियों की आद्रभूमि में मानव निर्मित पौंग बांध जलाशय प्रवासी पक्षियों, विशेष रूप से साइबेरियाई क्रेन और रूस एवं ट्रांस अंटार्कटिक क्षेत्रों से सैकड़ों प्रजातियों की निवास स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। प्रदेश सरकार इसे पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाह के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी विख्यात है। यह वन्यजीव अभयारण्य, रामसर कन्वेंशन द्वारा घोषित 25 अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्थलों में से एक है। पौंग बांध झील को नवंबर, 2002 में राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (रामसर साइट) के रूप में घोषित किया गया है। इस पर्यटन स्थल में वर्ष भर सैलानियों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में राज्य सरकार झील के आस-पास पर्याप्त अधोसंरचना बनाने और जल क्रीड़ा एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है। सरकार यहां आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए प्रयासरत है। यहां पर्यटकों को शिकारे के साथ-साथ अनेक साहसिक गतिविधियां आरम्भ करने की योजना तैयार की जा रही है। राज्य सरकार इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से युवाओं को शिकारा खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। वर्तमान राज्य सरकार ने अधोसंरचना विकास के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों की सुविधा के लिए पौंग बांध में एक फ्लोटिंग होटल खोलने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, साहसिक गतिविधियों में रूचि रखने वाले पर्यटकों के लिए हॉट एयर बैलूनिंग गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। पौंग जलाशय 24,529 हेक्टेयर क्षेत्र तक फैला हुआ है। पौंग जलाशय बड़े पैमाने पर मछुआरों की आवश्यकताओं की पूर्ति भी करता है और क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आर्थिकी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। प्रकृति से प्राप्त अपार संसाधनों के बावजूद, झील की पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से दोहन नहीं किया जा सका है। सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आर्द्रभूमि के रूप में और पक्षियों प्रेमियों के लिए विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है। पौंग बांध में प्रवास पर आने वाले पक्षी, पक्षीविज्ञानियों और पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं की क्षेत्र के विकास में सहभागिता को बढ़ाने तथा उन्हें पर्यटन संबंधी गतिविधियों में शामिल करने पर बल दिया जाएगा।
मुख्य संसदीय सचिव, शहरी विकास एवं शिक्षा आशीष बुटेल ने पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्रोगणु में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा 5 लाख से निर्मित सीएससी भवन का लोकार्पण किया। द्रोगणु में लोगों को संबोधित करते हुए आशीष बुटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार प्रदेश में राज के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के हित के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से प्रदेश निरंतर आत्मनिर्भरता की और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों दी गई सभी गारंटियों पर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और सरकार प्रदेश के 1 लाख 34 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों को ओपीएस देकर पहली गारंटी को पूर्ण कर दिया है। सीपीएस ने कहा कि पालमपुर विधानसभा क्षेत्र का योजनात्मक और सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में लोगों की मांग और जरूरतों के अनुरूप जनसहभागिता से विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान और उसे मुख्य धारा में लाने के ध्येय से कार्य कर रही है। बुटेल ने कहा कि पालमपुर विधानसभा क्षेत्र विकास और सुविधाओं की दृष्टि में बेहतर है। उन्होंने कहा कि धौलाधार के साथ लगते कुछ ऊंचे क्षेत्रों में विकास कार्यों को लोगों के सहयोग से तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पालमपुर विधान सभा क्षेत्र के सकैडी और नानाहर पंचायतों में मोबाइल सिग्नल की समस्या को दूर करने के लिये मोबाइल टावर स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने सकैडी गिरी क्लब को मैदान की चारदीवारी के लिये डेढ़ लाख, धरेहड और द्रोगणु शमशान घाट में शेड निर्माण के लिये 2-2 लाख, द्रोगणु शमशान घाट रास्ते मे टाइल कार्य के लिये 2 लाख, थला में प्राकृतिक स्त्रोत से पंचायत द्वारा पेयजल उपलब्ध करवाने के लिये तीन लाख तथा महिला मण्डलों द्वारा भवन के लिये जमीन उपलब्ध होने पर भवन के लिये धनराशी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में बंद पड़ी सरकारी बस सेवा को भी एक सप्ताह में बहाल करने की घोषण की। कार्यक्रम में द्रोगणु पंचायत के प्रधान बीना देवी, थला पंचायत प्रधान अंजू देवी, डॉक्टर मदन दीक्षित, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, ओंकार ठाकुर, कुलदीप कुमार, विजय कुमार, जगदीश, शशि कपूर, डीएफओ नितिन पाटिल, अधिशासी अभियंता अंकुर शर्मा, तहसीलदार सार्थक शर्मा, डॉ वनीता शर्मा, बीडीओ भानु प्रताप, एसडीओ अनिल धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भाजपा हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रेस मीट का आयोजन किया गया इस मीट में मुख्य रूप में केंद्रीय जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री प्रह्लाद पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मीट में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, शिमला से सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संगठन मंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश उपाध्यक्ष रतन पाल सिंह, पुरुषोत्तम गुलेरिया, संजय सूद, चेतन ब्रागटा, रवि मेहता और करण नंदा विशेष रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने अपनी प्रस्तुति मीडिया के समक्ष रखते हुए कहा भारत वो दिन नहीं भूला है, जब ये कहा जाता था कि, हम तो दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं लेकिन गरीबों तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं और देश ये दिन भी नहीं भूलेगा कि आज दिल्ली से 100 रुपया चलता है तो गरीब के पास पूरा का पूरा 100 रुपया पहुंचता है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश हर आपदा में देशवासियों के साथ खड़ा है, उनकी सेवा में दिन-रात जुटा है। भारत ने वो दिन भी देखा है, जब पोलियो, टेटनस और बीसीजी जैसे टीकों को भारत आने में 50 से ज्यादा साल लग गए थे। ड्रोन से वैक्सीन डिलिवरी दुर्गम इलाकों में भारत सरकार ने सुनिश्चित कराई। मोदी सरकार ने रिकॉर्ड समय में लाखों लोगों का टीकाकरण करने का लगभग असंभव कार्य हासिल किया, और वह भी एक सदी में सबसे खराब ज्ञात वैश्विक महामारी के सामने। पहले भारत पश्चिम से दवाओं और टीकों के लिए निर्भर था, भारत ने दो स्वदेशी कोविड-19 टीके विकसित किए और कई देशों को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति की। पटेल ने कहा स्वतंत्र भारत के इतिहास में इससे पहले गरीबों के लिए आवास निर्माण की ऐसी क्रांति नहीं देखी गई। स्वतंत्र भारत में इससे पहले कभी भी महिलाओं ने घर के निर्णय लेने में इतनी सक्रिय भूमिका नहीं निभाई है। घर-घर जल पहुंचनेसे कितने लाभ हुए, पहले जो बेटियां दूर पानी लाने जाती थी अब वो अपनी पढ़ाई को समय दे पा रही हैं क्योंकि अब उन्हें पानी लाने नहीं जाना पड़ता। शौचालय के निर्माण से क्या हुआ? महिलाओं के प्रति अपराध घटे, बीमारियों से दूरी बढ़ी। मोदी सरकार ने 1121 लाख मीट्रिक टन अनाज गरीबों को निःशुल्क उपलब्ध करवाया । आज साथ ही वन नेशन वन राशन कार्ड से हर महीने 3.5 करोड़ से ज्यादा परिवार लाभ उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा हमारे लिए यह प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय में भारत सरकार के 9 वर्ष 30 मई को पूर्ण होने जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भारत अपनी पहचान खो रहा था, पर पिछले 9 वर्षों में भारत ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व के मानचित्र पर एक अलग पहचान बनाई है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अटूट मेहनत का फल है। हिमाचल प्रदेश में एम्स , आईआईएम, अटल टनल, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, जैसी बड़ी सौगात प्रधानमंत्री जी ने हमें दी है आज एम्स हिमाचल प्रदेश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। जल शक्ति विभाग की अगर हम बात करें तो पिछले 3 वर्ष में हिमाचल प्रदेश में हमारी सरकार ने 850000 नल घर घर लगाए हैं जिसके कारण आज पानी घर-घर पहुंचा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस कार्यक्रम की भूमिका सभी के समक्ष रखते हुए कहा कि आज हमारे लिए गर्व की बात है जिस प्रकार से पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश भर में काम किया है वह अतुल्य है। उन्होंने कहा की गरीब परिवार में जन्मे मोदी जी ने गरीबों के कष्ट को समझा। बीमारी और इलाज से होने वाली समस्याओं और उनके आर्थिक परिणामों से गरीब डरता था, त्रस्त था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आयुष्मान भारत योजना शुरू करी जिससे हर गरीब को 5 लाख तक का इलाज करने के लिए पैसा केंद्र सरकार द्वारा दिया गया।
केंद्र जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री प्रह्लाद पटेल शिमला स्थित होटल होलीडे होम पहुंच चुके हैं। उनका शिमला पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने स्वागत किया।
हिमाचल सरकार भांग की खेती को कानूनी रूप से वैधता प्रदान करने पर विचार कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की खराब आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए राजस्व अर्जित करना है। सुक्खू सरकार का मानना है कि औषधीय और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भांग की खेती कारगार साबित होगी। प्रदेश में भांग की खेती को वैध करने की सम्भावनाओ को तलाशने के लिए प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित कमेटी उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के दौरे पर है। इस दौरान दोनों राज्यों में भांग के इंडस्ट्रियल व गैर मादक उपयोग के लिए भांग की खेती शुरू करने के पहलुओं पर जहां चर्चा हुई है। कमेटी सभी पहलुओं पर अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी और सुझाव देगी कि प्रदेश में किस तरह से इसकी खेती को वैध किया जा सकता है। विदित रहे कि भांग की खेती को वैध करने का मामला विधानसभा के बजट सत्र में खूब गूंजा। इस के पक्ष में द्रंग से विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। उनके अलावा मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक हंसराज, सुरेंद्र शौरी, डॉ. जनक राज ने भी भांग के फायदे सदन में गिनाए थे। इसके बाद ही स्पीकर के कहने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। आर्थिक स्थिति भी होगी ठीक ! हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां किसानों द्वारा सेब उत्पादन का करोबार बड़े स्तर पर किया जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से सेब के कारोबार से क्षेत्रीय किसानों को खासा मुनाफा नहीं हो पा रहा है, जिसके राज्य का राजस्व प्रभावित हो रहा है और प्रदेश सरकार पर वित्तीय कर्ज भी बढ़ा है। सरकार का मानना है कि भांग की खेती को वैध करने से राज्य को सालाना 18000 करोड़ रुपए आय होने का अनुमान है, जिससे राज्य का राजस्व बढ़ेगा। भांग की खेती राज्य सरकार पर बढ़ रहे वित्तीय कर्ज को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन जिलों में होती है अवैध भांग की खेती सरकार मानती है कि प्रदेश में बढ़ रहे नशे का चलन और नशा तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए यह निर्णय कारगार सिद्ध हो सकती है। भांग की खेती लीगल होने से भांग की अवैध खेती पूरी तरह से चौपट हो जाएगी, जिससे भांग के अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में लगभग 2400 एकड़ भूमि पर भांग की अवैध खेती हो रही है, जिसमें शिमला, सिरमौर, चंबा, कुल्लू और मंडी के कुछ क्षेत्र शामिल है। क्या कहता है एक्ट? भारत में भांग की खेती करना प्रतिबंधित है. 1985 में भारत सरकार ने नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज अधिनियम के तहत भांग की खेती करना प्रतिबंधित कर दिया था। मगर इसी NDPS अधिनियम के अंतर्गत राज्य सरकारों को बागवानी और औद्योगिक उद्देश्य के लिए भांग की खेती की अनुमति प्रदान करने का अधिकार देता है। एनडीपीएस अधिनियम के मुताबिक ‘केंद्र सरकार कम टीएचसी मात्रा वाली भांग की किस्मों पर अनुसंधान और परीक्षण को प्रोत्साहित कर सकती है। मगर केंद्र एक सतर्कता बरतेगा और बागवानी या औद्योगिक उद्देश्य के लिए ही भांग की खेती के सबूत आधारित अनुमति देगा और इसके अनुसंधान के नतीजों के आधार पर फैसला लेगा। उत्तराखंड में वैध है भांग की खेती उत्तराखंड में भांग की खेती वैध है। उत्तराखंड वर्ष 2017 में भांग की खेती को वैध करने वाला देश का पहला राज्य बना। उत्तराखंड में नियंत्रित और विनियमित तरीके से भांग की खेती की जागई है। यानी कि जिस व्यक्ति के नाम जमीन होगी, वह किसी वाणिज्यिक व औद्योगिक इकाई के साथ साझेदारी में ही भांग की खेती के लिए आवेदन कर सकता है। भांग की खेती करने के लिए किसी भी व्यक्ति को खेत विवरण, क्षेत्रफल व सामग्री भंडारण करने के परिसर की जानकारी के अलावा चरित्र प्रमाण पत्र के साथ डीएम के सामने आवेदन करना होता है। इसके अलावा लाइसेंस बनाने के लिए प्रति हेक्टेयर एक हजार रुपये का शुल्क देना होता है। एक जिले से दूसरे जिले में बीज खरीद जाने के लिए भी उपायुक्त की अनुमति की जरूरत पड़ती है। भारत में उत्तराखंड के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी औषधीय रूप में जरुरत अनुसार खेती की जा रही है। WHO के मुताबिक़ भांग के कई फ़ायदे विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ यदि भांग का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाये तो भांग स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है। भांग आपके सीखने और याद करने की क्षमता बढ़ाती है। अगर भांग का उपयोग सीखने और याद करने के दौरान किया जाता है तो भूली हुई बातें आसानी से याद की जा सकती है। भांग का इस्तेमाल कई मानसिक बीमारियों में भी की जाती है. जिन्हें एकाग्रता की कमी होती है, उन्हें डॉक्टर इसके सही मात्रा के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। पहले करेंगे चर्चा, फिर लेंगे फैंसला नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत राज्यों को औषधीय उपयोग के लिए भांग की खेती को साधारण और विशेष आदेशों के तहत अनुमति देने का अधिकार दिया गया है। इस एक्ट के तहत राज्य सरकारें भांग की खेती के लिए कानून औषधीय क्षेत्र के लिए भांग की खेती के लिए नियम निर्धारित करती है। इन नियमों की पालन करते हुए औषधीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती की जा सकती है। वर्तमान में कई राज्य कानूनी नियमों का पालन करते हुए भांग की खेती कर रहे है, जिनमें गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य शामिल है। सरकार अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करेगी और भांग की खेती को वैध बनाने वाले अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करेगी ताकि भविष्य में कोई परेशानी ना हो।फिलहाल कमेटी की रिपोर्ट का इंतज़ार है इसके बाद ही निर्णय लिया जायेगा। -सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
*कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward * कांगड़ा को मिल सकता है विलम्ब का मीठा फल सुनैना कश्यप। फर्स्ट वर्डिक्ट सुक्खू कैबिनेट में अब तक जिला कांगड़ा को मनमाफिक अधिमान नहीं मिला है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिहाज से भी देखे तो अब तक हिस्से में सिर्फ एक मंत्री पद आया है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी, दो सीपीएस और कई कैबिनेट रैंक जरूर मिले है, लेकिन जो वजन मंत्री पद में है वो भला और कहाँ ? बहरहाल सवाल ये है कि जिस संसदीय क्षेत्र ने कांग्रेस की झोली में 17 में से 12 सीटें डाली, क्या सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उसे हल्के में ले रही है, या इस इन्तजार का मीठा फल मिलने वाला है। माहिर तो ये ही मान रहे है कि जल्द कांगड़ा के इस विलम्ब की पूरी भरपाई होगी। ऐसा होना लाजमी भी है क्यों कि लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा एक साल का वक्त है और यहाँ हार की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहेगी। अलबत्ता कांगड़ा को मंत्री पद मिलने में कुछ देर जरूर हो रही है लेकिन खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ये कहना कि वे भी कांगड़ा के ही है, उम्मीद की बड़ी वजह है। कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने का सीएम का विज़न हो या आईटी पार्क जैसे अधर में लटके प्रोजेक्ट्स में तेजी लाना, ये दर्शाता है कि सीएम सुक्खू कांगड़ा को लेकर किसी तरह की चूक करना नहीं चाहते। सीएम का नौ दिन का कांगड़ा दौरा भी इसकी तस्दीक करता है। सरकार के पिटारे में कांगड़ा के लिए न योजनाओं की कोई कमी नहीं दिखती। ये ही कारण है कि 2024 से पहले कांगड़ा में कांग्रेस जोश में है। इस बीच मंत्री पद भरने को लेकर फिर सुगबुगाहट तेज हुई है। माना जा रहा है कि कुल तीन रिक्त मंत्री पदों में से दो कांगड़ा के हिस्से आएंगे। इनमें एक ब्राह्मण हो सकता है और एक एससी। ऐसे में एक युवा राजपूत चेहरा भी डार्क हॉर्स है। बहरहाल अंदर की बात ये बताई जा रही है कि सब लगभग तय है और जल्द कांगड़ा को दो मंत्री पद मिलेंगे। प्रदेश की सियासत अपनी जगह पर 2024 में कांग्रेस के लिए कांगड़ा फ़तेह करना आसान नहीं होने वाला है। कई चुनौतियों के बीच कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है एक दमदार चेहरा। तीन चुनाव हार चुकी कांग्रेस को ऐसा चेहरा चाहिए जो जातीय, क्षेत्रीय और पार्टी की भीतरी राजनीति के लिहाज से संतुलन लेकर आएं। पिछले तीन चुनावों में पार्टी ने यहाँ से ओबीसी कार्ड खेला है, पर नतीजे प्रतिकूल रहे है। ऐसे में पार्टी को फिर सोचने की जरुरत जरूर है। बताया जा रहा ही कि पार्टी अभी से इस पर चिंतन -मंथन में जुटी है। खुद सीएम सुक्खू चाहते है कि जो भी चेहरा हो, उसे पर्याप्त समय मिले। चर्चा में कई वरिष्ठ नाम है जिनमें पूर्व सांसद और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर शर्मा, आशा कुमारी जैसे नाम शामिल है। पर संभव है कि इस बार पारम्परिक कास्ट डायनामिक्स को ताक पर रख पार्टी किसी युवा चेहरे को मैदान में उतारे। सुक्खू सरकार के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल भी ऐसा ही एक विकल्प हो सकते है। भाजपा से कौन होगा चेहरा ! 2009 से लेकर अब तक कांगड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में भी सबसे ज्यादा मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर के नाम रहा था। 7,25,218 मत प्राप्त कर किशन कपूर लोकसभा पहुंचे, लेकिन इस बार सियासी समीकरण कुछ बदलते नज़र आ रहे है। दरअसल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा की परफॉरमेंस बेहद खराब रही है। इस संसदीय क्षेत्र की 17 में से सिर्फ पांच सीटें ही भाजपा जीत पाई है। ऐसे में क्या पार्टी चेहरा बदलेगी इसे लेकर कयासों का दौर जारी है। संभावित उम्मीदवारों की फेहरिस्त में मौजूदा सांसद किशन कपूर के अलावा कई और नाम चर्चा में है। इस लिस्ट में गद्दी समुदाय से धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पवन काजल का नाम भी लिस्ट में है। अब देखना ये होगा कि भाजपा इस दफा कांगड़ा के दुर्ग को फ़तेह करने के लिए किस पर दांव खेलती है। कब कौन बना सांसद 1977 दुर्गा चंद भारतीय लोक दल 1980 विक्रम चंद महाजन कांग्रेस 1984 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस 1989 शांता कुमार भाजपा 1991 डीडी खनौरिया भाजपा 1996 सत महाजन कांग्रेस 1998 शांता कुुमार भाजपा 1999 शांता कुमार भाजपा 2004 चंद्र कुमार कांग्रेस 2009 डॉ. राजन सुशांत भाजपा 2014 शांता कुमार भाजपा 2019 किशन कपूर भाजपा ReplyForward
वो लोग जो बेहतर की उम्मीद में साथ छोड़ कर गए थे, शायद आज वापस हाथ पकड़ने की सोचते होंगे। हम बात कर रहे है कांग्रेस के उन तमाम नेताओं की, जिनका पूर्वानुमान एक दम गलत साबित हुआ। वो नेता जो चुनाव से पहले सत्ता में आती हुई कांग्रेस का साथ छोड़ सत्ता से बाहर होती हुई भाजपा के खेमे में जा मिले थे। इस फेहरिस्त में काँगड़ा से विधायक पवन काजल, नालागढ़ से पूर्व विधायक लखविंदर राणा और हर्ष महाजन मुख्य तौर पर शामिल है। ये वो नेता है जिनका कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, मगर परिणाम सामने आए तो झटका इन्हें ही लग गया। सर्विदित है कि अगर ऐसा न हुआ होता तो निजी तौर पर आज इनके लिए सियासी परिस्थितियां बेहतर हो सकती थी। हिमाचल प्रदेश में सत्ता की चाबी रखने वाले कांगड़ा जिले के ओबीसी नेता पवन काजल किसी समय कांग्रेस पार्टी की आंखों का 'काजल' माने जाते थे। मगर विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले भाजपा ने कांग्रेस के इस 'काजल' को अपनी आंखों का 'नूर' बना लिया था। यूँ तो काजल भाजपा से ही कांग्रेस में आए थे, मगर काजल की ऐसे भाजपा में वापसी होगी ये किसी ने नहीं सोचा था। दरअसल पवन काजल ने वर्ष 2012 में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए बतौर निर्दलीय कैंडिडेट चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में तब पवन काजल पहली बार जीते थे। पवन काजल के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए। वीरभद्र सिंह ने ही वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पवन काजल को कांगड़ा से कांग्रेस का टिकट दिया। पवन काजल भी वीरभद्र सिंह के भरोसे पर खरा उतरे और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। काजल अक्सर ये कहा भी करते थे कि वे कांग्रेस के साथ नहीं वीरभद्र सिंह के साथ है। कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाया, मगर काजल ने कांग्रेस को छोड़ जाना सही समझा। काजल तो चुनाव जीत गए, मगर भाजपा चुनाव हार गई। माना जाता है कि अगर काजल पार्टी न छोड़ते तो उनका मंत्री पद तय था। बात लखविंदर राणा की करें तो राणा तीन बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ विधानसभा पहुंचे थे । वर्ष 2010-11 में नालागढ़ के तत्कालीन विधायक हरिनारायण सैणी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में लखविंद्र राणा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे और पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में राणा हार गए। वर्ष 2017 में उन्होंने एक बार फिर नालागढ़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। मगर 2022 के विधानसभा चुनाव से साढ़े 3 महीने पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया मगर भाजपा में बगावत के चलते राणा चुनाव हार गए। इन दो विधायकों के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले हर्ष महाजन भी चुनाव से पहले भाजपा के हो गए थे। शायद ही किसी ने सोचा हो कि वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन और कांग्रेस की राह अलग भी हो सकती है। हर्ष महाजन होलीलॉज के करीबी थे और वे कई बार वीरभद्र सिंह के चुनाव प्रभारी भी रह चुके थे। कहते है कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाने में हर्ष महाजन का सबसे बड़ा योगदान रहा था। इस चुनाव से पहले भी कांग्रेस द्वारा इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, मगर कांग्रेस पर नज़रअंदाज़गी का आरोप लगाते हुए महाजन भाजपा में शामिल हो गए थे। हालंकि अब भाजपा में हर्ष महाजन को कितनी तवज्जो मिल रही है, ये वे ही जानते होंगे। अगर महाजन कांग्रेस में रहते तो शायद बात कुछ और होती।
प्रदर्शन और आभार कार्यक्रम तो बहुत हुए मगर इस तरह पहले कभी सरकार का आभार व्यक्त करने को कर्मचारियों का हुजूम नहीं उमड़ा। लाखों की संख्या में कर्मचारी सीएम सुक्खू का दिल की गहराईयों से आभार करने को पहुंचे और धर्मशाला का पुलिस ग्राउंड जय सुक्खू के नारो से गूँज उठा। ऐसा स्वागत या स्नेह, सरकार को कर्मचारियों से शायद ही पहले कभी मिला हो, और हो भी क्यों न सीएम सुक्खू के नेतृत्व की इस कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की उस मांग को पूरा किया है जिसके लिए प्रदेश के लाखों कर्मचारी सालों तक नेताओं की दरों पर दस्तक देते रहे। सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों के इस अनंत संघर्ष पर पूर्ण विराम लगाया है, जिसके लिए कर्मचारियों ने सीएम सुक्खू को सर माथे लगा लिया। कभी उन्हें नायक बताया तो कभी पेंशन पुरुष। आभार के जवाब में सीएम सुक्खू भी कह गए कि मैं आपका सेनापति हूँ और आप मेरी सेना हो। 11 दिसंबर को कर्मचारियों के आशीर्वाद से कांग्रेस सरकार बनी और आगे भी ऐसे ही हमारा साथ देते रहना। कर्मचारियों की ये मांग कोई आम मांग नहीं थी। ये वो मसला था जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का भविष्य जुड़ा था, वो कर्मचारी जो एनपीएस के अंतर्गत आते थे और जिन्हें शायद सेवानिवृत होने के बाद अपने बुढ़ापे में किसी और का सहारा लेना पड़ता। एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के ऐसे कई मामले सामने आए है, जब इन कर्मचारियों को सेवानिवृत होने के बाद नाम मात्र पेंशन मिली। पूरे जीवन सरकार की सेवा करने के बाद ये कर्मचारी बुढ़ापे में इतने लाचार हो गए की जीवन व्यापन कठिन हो गया। इसी के बाद से पुरानी पेंशन बहाली के लिए महासंघर्ष का आरम्भ हुआ। न जाने कितनी ही हड़तालें, प्रदर्शन, अनशन इन कर्मचारियों ने किये मगर एक लम्बे समय तक इनकी नहीं सुनी गई। अपने बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए संघर्षरत इन कर्मचारियों पर एफआईआर भी हुई, इन पर वाटर कैनन्स भी दागी गई और इनकी आवाज़ दबाने की कोशीश भी की गई, मगर संघर्ष थमने के बजाए और उग्र होता गया। आखिर जिस सरकार ने कर्मचारियों की नहीं सुनी वो सरकार सत्ता से बाहर हुई और सीएम सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार कर्मचारियों के लिए मसीहा बन गई। वादे अनुसार पहली कैबिनेट की बैठक में ही पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में केसा उत्साह है ये एक बार फिर धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में देखने को मिल गया।
राजधानी शिमला में स्थित माश्वी आईआईटी मेडिकल अकादमी बीसीएस द्वारा दो भागों करवाई गई मेगा माइंडस ऑफ शिमला परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। अकादमी के निर्देशक विशाल गुप्ता और निर्देशिका ममता गुप्ता ने बताया कि परीक्षा में पूरे शिमला जिले से लगभग 250 स्कूलों के 1475 विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा 8वीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए करवाई गई थी। इसका पुरस्कार का समारोह आयोजित करवाया गया, जिसमें पूरे जिले में प्रथम स्थान तारा हॉल स्कूल की छात्रा सेंजूल सूद ने हासिल किया। उसे प्रथम पुरस्कार ई. स्केट स्कूटर गोल्ड मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मनित किया गया। दूसरा स्थान हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहडू के छात्र प्रिंस प्रथम नेगी ने हासिल किया। उसे लैपटॉप स्क्विर मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। तीसरा स्थान विनायक पब्लिक स्कूल के छात्र ईशान ठाकुर ने हासिल किया। पुरस्कार में साईकिल ब्राउन के मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। पूरे जिले में आठवीं से बारहवीं कक्षा के टॉप स्थान में रहने वाले छात्र एवं छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। 8वीं कक्षा में प्रथम स्थान तारा होल स्कूल की श्रेया गुप्ता, दूसरा स्थान हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहडू के अखिलेश चौहान व तीसरा स्थान आश्वका झींगा तारा होल स्कूल की छात्रा ने प्राप्त किया। नौवीं कक्षा में प्रथम स्थान अथर्व शर्मा डीएवी न्यू शिमला स्कूल, दूसरा स्थान शिवेन राज शर्मा सेड एडवर्ड शिमला, तीसरा स्थान दक्ष बनी ज्ञान ज्योति स्कूल ठियोग के छात्र ने प्राप्त किया। 10वीं कक्षा में प्रथम रिकाश शमी सेन्ड एडवर्ड स्कूल शिंगला, तीसरा स्थान प्रिक्षित पतवान शिवालिक पब्लिक स्कूल चिडगाँव रोहडू की छात्रा ने प्राप्त किया। 10वीं कक्षा में प्रथम स्थान मेहक रोगरा JCB न्यू शिमला स्कूल, दूसरा स्थान आये तल वाक्स JCB न्यू शिमला स्कूल, तीसरा स्थान कशिश G. 85. स्कूल जुन्गा ने प्राप्त किया। बाहवीं कक्षा में प्रथम स्थान इशिता शमी केंद्रीय विद्यालय जाख, दूसरा स्थान यशवर्धन स्वागटा JCB न्यू शिमला, तीसरा स्थान रायत राज शमी संत एडवर्ड स्कूल ने हासिल किया। इसके साथ गावि इनस्टिीयर का सेन्टर टॉपर सिद्धद्धि को घोषित किया गया। प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के तौर पर ई-स्केट स्कूटर, गोल्ड मेडल और एक्सिलेंस सर्टिफिकेट, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हेडफोन, सिल्वर मेडल एक्सिलेंस सर्टिफिकेट, तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बास्केटबॉल ब्राउन मेडल और एक्सिलेंस सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। यह सभी पुरस्कार और सर्टिफिकेट मावियन के द्वारा दिए गए। जिसके गेस्ट ओनर के तौर पर 'श्रेया गुप्ता' सुरेने रागी, विनायक गेंगी, और सुजल नेगी को पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया। हर स्कूल के टॉपर को पुरस्कार गोल्ड मेडल एक्सिलेन्ट सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को को गंगा गोईड ऑफ शिमला सर्टिफिकेट और स्कॉलशिप भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के अनूठे उत्पादों को बढ़ावा देने पर बल दे रही है। एक जिला एक उत्पाद पहल इस उद्देश्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवधारणा को कार्यन्वित करने के लिए राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य देश के सभी जिलों में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। राज्य में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रत्येक जिले से एक उत्पाद का चयन, ब्रांडिंग और प्रचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादों का चयन मौजूदा पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इस पहल में राज्य और जिला स्तर पर प्रदर्शनियों, क्षमता निर्माण आदि गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। राज्य के जीआई-टैग वाले उत्पाद, हस्तशिल्प उत्पाद और अन्य राज्यों के हस्तशिल्प उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। हिमाचली शिल्प की अपनी एक विशेष पहचान है। राज्य में निर्मित हस्तशिल्प उत्पाद स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे लेकिन अब ये पर्यटकों में भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। राज्य में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्पों में लकड़ी की नक्काशी, चमड़े पर कढ़ाई, धातु के बर्तन, कालीन, पेंटिंग और ऊनी वस्त्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पाई जाने वाली हस्तशिल्प की विशाल श्रृंखला अद्वितीय है जो शिल्पकारों के कलात्मक कौशल को दर्शाती है, इसलिए इसकी ब्रांडिंग पर विशेष बल दिया जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि राज्य के शिल्प की अतुलनीय सुंदरता और विविधता लोगों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ती है। यह कुल्लू शॉल, कांगड़ा चाय, हिमाचली चुल्ली का तेल, हिमाचली काला जीरा, चंबा रुमाल, किन्नौरी व कुल्लू शॉल और कांगड़ा पेंटिंग और भी अनेक उत्पाद इसमें शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के लोगों ने वर्षों से हस्तशिल्प की समृद्ध परंपराओं को विकसित किया है, जो रचनात्मक और विशिष्ट हैं। राज्य सरकार ने 19 और 20 अप्रैल, 2023 को धर्मशाला में जी 20 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसमें प्रदर्शित राज्य के उत्पादों की विदेशी प्रतिनिधियों ने काफी सराहना की। उन्होंने कहा कि थंगका पेंटिंग तिब्बती कला शिल्पी विश्व भर में लोकप्रिय एक विशिष्ट कला है, जो बुने हुए कपड़े विशेष रूप से सूती कपड़े पर की जाती है। इन चित्रों में ज्यादातर भगवान महात्मा बुद्ध और अन्य देवी-देवताओं को चित्रित किया जाता है। यह कला विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों में अत्यंत लोकप्रिय है। हिमाचल प्रदेश के बेहतरीन शॉल, हिमाचल के उत्पाद, कढ़ाई, ऊनी वस्त्र और चमड़े के शिल्प लोकप्रिय हैं। राज्य सरकार प्रदेश के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के महत्वाकांक्षी प्रयासों से जहां लोगों को अनूठे उत्पाद उपलब्ध होंगें वहीं ग्रामीण कारीगरों को अपने क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगें।
ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाली के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताने को 28 मई को धर्मशाला में प्रदेशभर से एनपीएस यूनियन से जुड़े कर्मचारी जुटेंगे। रैली में कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों को भी आने का न्यौता दिया गया है। धर्मशाला के पुलिस मैदान में होने वाली इस आभार रैली में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों के पहुंचने का कार्यक्रम है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की सुक्खू सरकार के ओल्ड पेंशन बहाली के ऐतिहासिक निर्णय से प्रदेश के एक लाख 36 हजार सरकारी कर्मचारियों को सीधा पहुंचा है। सरकार के निर्णय से लाभान्वित सभी कर्मचारियों का एक स्वर में कहना है कि यह आभार रैली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का धन्यवाद जताने के लिए आयोजित की जा रही है। सरकार के ओपीएस बहाली के निर्णय ने उनका वर्तमान और भविष्य सुरक्षित कर दिया है। वहीं पेंशन बहाली से गदगद कर्मचारियों के परिजन भी रैली को लेकर बेहद उत्सुक हैं। उनका कहना है कि के यह केवल पेंशन की बात नहीं है, ये हमारे बच्चों के सम्मान, स्वाभिमान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा फैसला है, इसके लिए वे जिंदगी भर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ऋणी रहेंगे। हर जिले से आएंगे कर्मचारी एनपीएस यूनियन के जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास ने बताया कि आभार रैली में प्रदेश के हर जिले से एनपीएस कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग एवं उनके परिजन आएंगे। रैली प्रातः 11 बजे आरंभ होगी। इसमें 65 हजार के करीब लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। रैली में पधारने पर मुख्यमंत्री समेत उनकी पूरी कैबिनेट का आभार जताने तथा उनके भव्य स्वागत की तैयारी की गई है।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री प. जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आज हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में सभा का आयोजन किया गया और प. नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्वाजंलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने नेहरू के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प. जवाहर लाल नेहरू स्वंतत्रता के पूर्व और बाद की भारतीय राजनीति में केंद्रीय व्यक्तित्व थे। महात्मा गांधी के संरक्षण में वे भारतीय स्वंतत्रता आन्दोलन के सर्वोच्च नेता के रूप में उभरे और उन्होंने 1947 में भारत के एक स्वंतत्र राष्ट्र के रूप में स्थापना से लेकर 1964 तक अपने निधन तक भारत सरकार का नेतृत्व किया। जवाहर लाल नेहरू ने भारत के पुनर्गठन के रास्ते में उभरी हर चुनौती का समझदारी पूर्वक सामना किया। नेहरू ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उन्होंने योजना आयोग का गठन किया, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को प्रोत्साहित किया और तीन लगातार पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारंभ किया। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग का एक नया युग शुरु हुआ। नेहरू ने भारत की विदेश नीति के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभायी। 27 मई 1964 को जवाहर लाल नेहरू मृत्यु हो गई।
नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) बंद करने के हिमाचल सरकार के फरमान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल व हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। डॉक्टर एनपीए बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी। मामला सीएम सुक्खू के समक्ष और कैबिनेट में लाया जाएगा। एनपीए बंद करने के मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार घिरती हुई नजर आ रही है। 29 मई से 11 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक डॉक्टरों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए आज काले बिल्ले लगाकर अस्पतालों में सेवाएं दी। इसके बाद वे 29 मई से 11 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक पर जाएंगे। हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार का डॉक्टरों का एनपीए बंद करना तर्कसंगत नहीं है। सरकार के इस फैसले से डॉक्टरों का मनोबल भी टूटा है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री से एनपीए को बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग की गई है। एसोसिएशन के महासचिव ने कहा कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस लेने की अधिसूचना जारी नहीं करती है तब तक डॉक्टरों का विरोध जारी रहेगा।


















































