अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार को मुख्यमंत्री द्वारा अटल आदर्श विद्यालय की सौगात देने पर शुक्रवार को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व अर्की भाजपा मण्डल अध्यक्ष देवेन्द्र उपाध्याय की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार प्रकट करने शिमला पहुंचा। जँहा प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से भेंट कर कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोले जाने की नोटिफिकेशन किए जाने के लिए आभार प्रकट किया। इसके अलावा प्रतिनिधि मण्डल ने कुनिहार में पुलिस थाना व छात्र विद्यालय कुनिहार के मैदान को 20 लाख देने की घोषणा पूरी होने पर भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और आग्रह किया कि जल्द ही कुनिहार आकर इस अटल आदर्श विद्यालय की नींव रखकर अपने कर कमलों द्वारा इसका श्री गणेश करें। pra तिनिधि मण्डल में हाटकोट पँचायत प्रधान सुनीता ठाकुर, रावमापा छात्र कुनिहार के एस एम सी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर, व्यापार मण्डल कुनिहार से विशाल कंवर, सुभाष भारद्वाज, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमर सिंह ठाकुर, जिला मीडिया सहप्रभारी इंद्रपाल शर्मा, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, कौशल्या कंवर, प्रतिभा कंवर,अनिल गर्ग, सुरेश जोशी, राजीव शर्मा, विजय सिंह, हँसराज ठाकुर, नवनीत आदि मौजूद रहे।
सोलन जिला से शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के लिए 269 व्यक्तियों के रक्त नमूने केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली भेजे गए। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.एन.के गुप्ता ने दी। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि इन 269 रक्त नमूनों में से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ से 38, नागरिक अस्पताल बद्दी से 60, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से 52, ईएसआई काठा से 42, एमएमयू कुम्हारहट्टी से 09, ईएसआई बरोटीवाला से 19, ईएसआई परवाणू से 13, नागरिक अस्पताल अर्की से 26 तथा ईएसआई झाड़माजरी से 10 सैम्पल कोरोना वायरस संक्रमण जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि गत दिवस भेजे गए 308 सैम्पल में से 02 व्यक्तियों की रिपोर्ट कोविड पाॅजिटिव प्राप्त हुई है। शेष सभी रिपोर्ट नेगेटिव हैं। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि अभी तक सोलन जिला में कोविड-19 के कुल 91 रोगी हुए हैं। जिला में वर्तमान में 45 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 15 व्यक्तियों का ईएसआई काठा में, 12 व्यक्तियों का नौणी में, 13 व्यक्तियों का श्रमिक छात्रावास नालागढ़ में उपचार किया जा रहा है। मानकों के अनुसार 04 व्यक्तियों का घर पर ही उपचार किया जा रहा है। 01 रोगी को उपचार के लिए इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला भेजा गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे क्वारेनटाइन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि इन नियमों की अनुपालना न केवल बाहर से आने वाले व्यक्तियों के परिवारों अपितु समाज को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने में सहायक सिद्ध होगी। डाॅ. गुप्ता ने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर शीघ्र समीप के स्वास्थ्य संस्थान से सम्पर्क करें। इस सम्बन्ध में किसी भी सहायता के लिए हैल्पलाईन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले प्रदेश के निवासियों के समुचित प्रबंधन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों की अनुपालना के लिए जिला के परवाणू नाका तथा क्वारेनटाइन केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवाएं प्रदान करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 30 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। 29 जून से 05 जुलाई, 2020 तक परवाणू नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तेलयांग पिंकी एवं श्वेता भास्कर, सांयकालीन ड्यूटी में महर्षि मार्कण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय कुम्हारहट्टी के प्रदीप एवं विक्रम तथा रात्रि ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के शुभम दीक्षित एवं एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के प्रदीप राणा सेवाएं प्रदान करेंगे। इसी अवधि में जिला के टीटीआर नाके पर प्रातःकालीन डयूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तासो मुन्या एवं श्याम गौरी सांयकालीन डयूटी में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के दीपक कुमार एवं धीरज गुप्ता तथा रात्रि समय में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के हरदेव कुमार एवं कमल किशोर सेवाएं प्रदान करेंगे। 29 जून से 05 जुलाई, 2020 तक क्वारनेटाइन केंद्र पर सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की मारिया मुबाशिर एवं पुनियो नाबिंग सेवाएं प्रदान करेंगे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में भांग उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन पुलिस थाना दाड़लाघाट के सौजन्य से किया गया। एसएचओ दाड़लाघाट मोती सिंह ठाकुर ने बताया कि भांग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत परिसर व साथ लगती निजी भूमि व सरकारी भूमि में भांग को उखाड़ा गया व इस क्षेत्र में साफ सफाई आदि की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्थानीय लोगों व बच्चों को नशे की बुराइयों बारे भी अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु स्थानीय लोगों, सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्यों ने भी अपना पूर्ण सहयोग दिया। इस अवसर पर एसएचओ दाड़लाघाट मोती सिंह ठाकुर, एएसआई मदन सिंह, मंजीत, सुनील, मदन, राकेश, रवि, शंकर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कुछ समय पूर्व हुई नेशनल हाईवे 205 की सड़क मरम्मत आज फिर जैसी की तैसी हो गई है। शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक नेशनल हाईवे में पिछले दिनों टयरिंग उखड़ने से सड़क में जगह-जगह गड्ढे देखे जा सकते है। ज्ञात रहे कि सड़क लगभग 3-4 करोड़ रुपए से पक्की की गई थी, लेकिन अब यह उखड़ गई है। कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ चुकी है कि शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी नेशनल हाईवे सड़क पर करोड़ो रुपए खर्च किए गए, जबकि सड़क कुछ दिनों बाद ही किस प्रकार से उखड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट राजघाटी नेशनल हाईवे सड़क की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से लगभग 3-4 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, जिसका टेंडर बिलासपुर के ठेकेदार को दिया गया, लेकिन घटिया सामग्री व कोलतार की वजह से सड़क उखड़ गई है और हैरानी की बात तो यह है कि जो गड्ढे पहले भरे थे वो आज यथास्थित वैसे ही है, दोबारा से सड़कों पर ये गड्ढे देखे जा सकते है। विभाग और ठेकेदार की इस कार्यप्रणाली से लोग काफी नाराज है, लोगो के अनुसार जैसी सड़क पहले थी उसी स्थिति में सड़क दोबारा आ रही है, खासी परेशानी दो पहिया वाहनों को होती है जिसका डर गड्डो में गिरने का रहता है, वहीं कई जगह सड़क के किनारे सड़क पूरी उखड़ चुकी है जिससे वाहनों को पास लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभी कुछ समय पहले इस नेशनल हाइवे में सड़क में पड़े गड्ढो को भरा था, लेकिन इसमें सही तरिके से कार्य न होने की वजह से ही इस सड़क में हजारों गड्ढे यथा स्थिति में दोबारा आ चुके है जो कि विभाग ओर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। लोगो ने मांग की है कि इन गड्डो को जल्द भरा जाए ताकि इन गड्डो में गिर कर कोई जान माल की हानि न हो। स्थानीय लोगों में प्रेम केशव, जगदीश ठाकुर, अनिल गुप्ता, सुरेन्द्र वर्मा, हेमन्त वर्मा, जयसिंह ठाकुर, हेतराम, मनोज, रमेश भाटिया सहित अन्य व्यक्तियों ने बताया कि विभाग के ढुलमुल रवैये व ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री लगाने के कारण सड़क का यह हाल हुआ है। स्थानीय व्यापारियों में पंकज गुप्ता, राजेंद्र कपिल, शुभम, दिनेश, पवन, रितिक, संजू, मदन, संदीप, दीपक गजपति ने बताया कि यह सड़क शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट नेशनल हाईवे 205 तक बनाई गई है, जिसकी दूरी लगभग 35 किलोमीटर की है। उपरोक्त व्यक्तियों ने बताया कि इस कार्य मे ठेकेदार व विभाग की लापरवाही झलक रही है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे 205,शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक सड़क में बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये है कि विभाग द्वारा सड़क तो बना दी गई लेकिन सड़क के साथ नाली का निर्माण न करने से सड़क की साइड धसक रही है और सड़क पर न तो नाली बनाई है जिससे बारिश के दिनों में बारिश का पानी सड़क में आने से सड़क की साइड कई जगह से धसक गई है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर जिस समय सड़क की मुरम्मत की जा रही थी अगर उस समय सड़क के साथ नालियों का निर्माण किया जाता तो सड़क इतनी क्षतिग्रस्त नही होनी थी जिससे बारिश के दिनों में सड़क की साइड काफी जगहों से धसक रही है और लोगों का कहना है कि यदि सड़क में गड्ढे पड़ते रहे व सड़क की साइड इसी तरह से धसकती रही तो सड़क पूरी तरह से धसक जाएगी व गड्ढे पड़ जाएंगे और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जब इस बारे एनएचएआई के इंजीनियर अमन गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नालियों का एस्टीमेट बना दिया गया है। जल्द ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा और सड़कों में जो गड्ढे पड़े है, उसका कार्य ठेकेदार को दे दिया है,ए क सप्ताह के अंदर गड्ढे भरने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हर वर्ष 26 जून को 'अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस' मनाया जाता है। इसी कड़ी में रुद्रा पब्लिक स्कुल धुन्धन के प्रधानाचार्य ईशान भाटिया के द्वारा ऑनलाइन बच्चों को बताया कि नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण के लिए 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसंबर 1987 को यह प्रस्ताव पारित किया था और तभी से हर साल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इसे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि किसी भी देश का भविष्य बच्चे व युवा होते है और किसी देश के बच्चे व युवाओ को नशे की लत लग जाती है तो वह देश शीघ्र ही गुलामी की कगार पर पहुंच जाता है। इस लिए जरूरी है कि बच्चों व युवाओ को नशे से दूर रहना चाहिए तथा अपने साथियों व अन्यो को भी इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि शारिरिक स्वास्थ्य के साथ देश भी सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर ऑनलाइन स्लोगन व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई।
It was the day for the students of the Dagshai Public School to make their fathers feel very special on Father’s Day. Away from their school, it was really a time when dagshainians spent their time preparing greeting cards, messages, and goodies to present their fathers on this day. Under the guidance of the Administrative Officer Mrs. Jaspal Kaur who always takes initiative to motivate teachers and students to generate new ideas to show their hidden talents on different occasions. The students sent pictures and video messages dedicated to their fathers, “The Real Heroes of their life” in their online school groups. The music lovers sang songs dedicated to their fathers. Students shared the memorable moments they experienced with fathers. Teachers shared their ideas with the students to celebrate and spend quality time with their fathers. Principal Dr. Jaspal Singh and Executive Director S. Amarjit Singh congratulated all the students and their parents on the occasion.
मन मे यदि समाज सेवा का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी किसी के हौंसले को कम नही कर सकती है। ऐसा ही जज्बा लेकर चले मांजू-पलोग-राहु जन कल्याण समिति के सदस्यों ने लगभग तीन पंचायतों ( ग्राम पँचायत प्लानिया, पलोग व रोहांज- जलाना) के सैकड़ो ग्रामीणों को अर्की मुख्यालय तक पहुंचने के लिए जन सहयोग से लगभग दो किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण किसी भी सरकारी संस्था के सहयोग के बिना स्वयं ही कर दिया। ज्ञात रहे कि बथालगं-जावड़ा-पलोग सम्पर्क सड़क मार्ग जो कि अर्की मुख्यालय से जुड़ने के लिए लगभग पांच वर्षों से लंबित था, वह सम्पर्क सड़क मार्ग अब जन कल्याण समिति के सभी सदस्यों व पलोग पँचायत के पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से अर्की मुख्यालय के लिए जाने वाले रौड़ी-मांजू-अर्की सड़क मार्ग से जुड़ गया है। ज्ञात रहे कि शिमला-मंडी राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित गांव बथालगं से पलोग के लिए वाया जावड़ा ग्राम होते हुए लगभग आठ किलोमीटर सड़क बनी थी। इस सम्पर्क सड़क का निर्माण कार्य अगस्त 2001 में शुरू हुआ था तथा वर्ष 2007 में इस सड़क मार्ग पर बस सेवा भी आरम्भ हो गई थी। एवम यह सड़क लोक निर्माण विभाग द्वारा पलोग गांव तक बनाई गई थी। वर्ष 2015 में ग्रामीणों ने लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर राहु गांव से होते हुए इस सड़क को रौड़ी- मांजू - अर्की सड़क मार्ग से जोड़ने की कोशिश भी की परंतु कुछ लोगों की निजी भूमि इस सम्पर्क सड़क मार्ग में आने के चलते आम सहमति न होने के कारण यह सड़क रौड़ी-मांजू -अर्की सड़क से जुड़ नही पाई और इस सम्पर्क सड़क का कार्य अधर में लटक गया जिसके चलते लगभग ग्यारह गांवों के सैंकड़ो ग्रामीणों को अर्की मुख्यालय तक पहुंचने के लिये पलोग से वाया बथालगं होते हुए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। इस कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ रही थी। हालांकि समय समय पर बहुत से बुद्धिजीवियों ने इस सड़क को जोड़ने के लिये भरसक प्रयास भी किये पर हर बार मायूसी ही हाथ लग रही थी। अंत मे मांजू-पलोग-राहु जन कल्याण समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर इस इस सम्पर्क सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने बारे में मुहिम छेड़ी। इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिए समिति के उपाध्यक्ष मेहरचंद कौशल ने व्यक्तिगत तौर पर उन लोगों के घर घर जाकर मनाने की जिम्मेवारी ली जिनकी जमीन इस सड़क मार्ग में आ रही थी। अंत मे उनके अथक प्रयासों व समिति के सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों के चलते ग्रामीणों ने इस सड़क मार्ग को रौड़ी- मांजू अर्की सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी। अब इस सम्पर्क सड़क का निर्माण होने से धरैल, पन्जैहली, जावड़ा, दोची, घ्याना, घ्यान्टू, घाट, चरिंडी, शीलडु, बागी व पलोग गांव के लोग लाभान्वित होंगे। समिति द्वारा इस सड़क मार्ग को बनाने के लिए समाजसेवी गोपाल सिंह कौशल को अध्यक्ष बना कर एक उप समिति का गठन किया गया है। कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क को बनाने के लिए समिति ने किसी भी सरकारी संस्था से कोई भी सहायता नहीं ली है। समिति के द्वारा स्थानीय गांवों के लोगों से ही धनराशि एकत्रित की गई और उस धनराशि से इस सड़क का निर्माण किया गया है। इस सड़क के बनने से जहां लोगों को अब अर्की मुख्यालय तक पहुंचने में अब समय भी कम लगेगा वहीं अब लोगों को कुनिहार बाजार तक पहुंचने के लिए भी वाया मांजू दूरी काफी कम हो जाएगी। उपाध्यक्ष मेहर चंद कौशल व स्थानीय लोगो का कहना है कि इस सम्पर्क सड़क मार्ग के निर्माण से अर्की मुख्यालय के लिये आवागमन हेतु लगभग 20 किलोमीटर व शिमला मुख्यालय के लिए 13 किलोमीटर की दूरी कम हुई है। इस सड़क मार्ग के निर्माण से लोगो मे उत्सव का माहौल है। पलोग पँचायत के प्रधान योगेश चौहान ने समिति के सभी सदस्यों एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सामूहिक प्रयासों से बनाई गई इस सड़क पर खुशी प्रकट करते हुए सभी का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पलोग पंचायत के लगभग नौ गांवों के ग्रामीणों को मांजू स्थित पँचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए वाया खनलग होते हुए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब इस सड़क के बनने से ये दूरी आधे से भी कम हो जाएगी। जन कल्याण समिति के प्रधान जिया लाल शर्मा व महासचिव कृष्ण चंद शर्मा का कहना है की वे शीघ्र ही सम्पर्क सड़क निर्माण हेतु भूमि देने वाले लोगों से एनओसी लेकर सरकार व स्थानीय प्रशासन को सौंपेंगे ताकि लोकनिर्माण विभाग इस सड़क मार्ग का रखरखाव करे।
4 दिन पहले सायरी क्षेत्र में संस्थागत क्वारंटाइन किए एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव आने से सायरी पुलिस चौकी को सील कर दिया गया था व वँहा तैनात पुलिस कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर सायरी बस अड्डे की दुकानों को भी बंद करने के आदेश दिए गए थे। इस घटना से क्षेत्र में कोरोना का भय व अफवाहों का बाजार गर्म था लेकिन बुधवार को क्वारंटाइन किए सभी पुलिस कर्मियों की कोरोना रिपोर्ट नेगिटिव आने से लोगों ने राहत की सांस ली व अफवाहों पर विराम लग गया। वहीँ वीरवार से सभी बन्द दुकाने प्रसासन की अनुमति से खुल गई जिससे व्यापारियों में खुशी का माहौल है। व्यापारी राजीव, यशपाल, करमचंद, राजू, कार्तिक, सतीश, सतीश, मोहन जसवाल, राजेश शर्मा, मनोज, डॉ जालपा, पवन कश्यप आदि ने नायब तहसीलदार रणजीत सिंह बेदी से मिलकर दुकाने खोलने की परमिशन मांगी जिसे नायब तहसीलदार ने जिला प्रसासन से स्वीकृति लेकर व्यापारियों की बन्द दुकानों को खोलने की परमिशन दे दी। व्यपारियों ने नायब तहसीलदार व प्रसासन का धन्यवाद करते हुए बताया कि प्रसासन ने दुकाने खोलने की परमिशन दे दी है और आज सभी ने अपनी दुकानें खोल दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी व्यापारियों व क्षेत्रवासियों से कहा है कि क्वारंटाइन किए सभी पुलिस कर्मचारियों की कोरोना की रिपोर्ट नेगिटिव आई है व किसी को घबराने की जरूरत नही है। सभी बाजार में नियमों का पालन करते हुए व्यापार व खरीददारी कर सकते हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रथम जुलाई, 2020 से आरम्भ हो रहे सेब सीजन के दृष्टिगत सोलन जिला के परवाणू तथा सोलन में हरियाणा राज्य के जिला पंचकूला तथा चण्डीगढ़ से दैनिक आधार पर आने वाले कमीशन एजेंटों, व्यापारियों, क्रेताओं, कर्मियों तथा मालवाहकों के आवागमन के लिए आदेश जारी किए हैं। दैनिक आधार पर चण्डीगढ़, हरियाणा राज्य के पंचकूला तथा पंजाब के मोहाली से आवागमन करने वाले कमीशन एजेंटों, व्यापारियों, क्रेताओं, कर्मियों तथा मालवाहकों को अनुमति ‘सी’ श्रेणी के लिए निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के आधार पर दी जाएगी। बाहरी राज्यों से एपीएमसी सोलन तथा एपीएमसी परवाणू आने वाले ऐसे कमीशन एजेंटों, व्यापारियों, क्रेताओं, कर्मियों तथा मालवाहकों को ई-मेल अथवा अन्य इलैक्ट्राॅनिक माध्यमों से आवेदन करना होगा। परवाणू क्षेत्र में आने के लिए उप पुलिस अधीक्षक परवाणू तथा सोलन आने के लिए सचिव एपीएमसी सोलन को निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में आवेदन करना होगा। लिखित में आवेदन एवं शपथ प्राप्त होने पर सम्बन्धित प्राधिकरण जांच उपरांत अनुमति के सम्बन्ध में आवेदक को सूचित करेगा। उपरोक्त का आवागमन सम्बन्धित पहचान पत्र अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र एवं सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा जारी अनुमति दिखाने पर होगा। इनकी स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अंतररराज्यीय नाकों पर की जाएगी तथा समय-समय पर कार्य स्थल पर भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। आने-जाने के लिए व्यक्ति सेनिटाईज्ड वाहन का प्रयोग करंेगे। उक्त व्यक्ति केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यात्रा करेंगे। यात्रा के समय एक वाहन में चालक सहित 03 व्यक्तियों से अधिक नहीं होंगे तथा सोशल डिस्टेन्सिग का पूर्ण पालन किया जाएगा। आने जाने के दौरान वाहन मूल स्थान एवं गंतव्य स्थल के अतिरिक्त कहीं नहीं रूकेगा। उक्त सभी व्यक्तियों को दैनिक क्रियाकलापों सहित अन्य कार्यों के समय मास्क पहनना होगा, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करना होगा तथा नियमित अंतराल पर हैंड सेनिटाइजर का प्रयोग करना होगा। आदेशों के अनुसार एपीएमसी सोलन के सचिव मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन के परामर्श से उक्त सभी का रेन्डम आधार पर रक्त नमूने एकत्र करना सुनिश्चित बनाएंगे। बाहरी राज्यों के प्रदेश के साथ लगते क्षेत्रों से आने वाले उक्त व्यक्ति पैदल ही अपने आवास से कार्यस्थल तक सम्बन्धित टोल नाकों अथवा निर्धारित मार्गों से आ-जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र तथा सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा जारी अनुमति दिखानी होगी। उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार सेब सीजन के लिए बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले उक्त व्यक्तियों के लिए केवल वन टाईम (एक बार) अनुमति ही पर्याप्त होगी। इन्हें प्रत्येक आवागमन के लिए अन्य किसी अनुमति अथवा प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की उल्लंघना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य सम्बन्धित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने आगामी सेब सीजन के दृष्टिगत सोलन जिला में अन्य राज्यों से आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को सोलन जिला में ‘वन टाईम’ (एक बार) अंतरराज्यीय प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई है। किन्तु इसके लिए ‘डी’ श्रेणी के लिए निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार आगामी सेब सीजन के लिए सोलन जिला में हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं कामगारों को ‘वन टाईम’ (एक बार) प्रवेश के लिए उचित माध्यम द्वारा आवेदन करना होगा। कामगारों एवं श्रमिकों को वन टाईम प्रवेश के लिए सम्बन्धित ठेकेदार, आढ़ती अथवा व्यक्ति के माध्यम से कृषि उत्पाद विपणन समिति सोलन (एपीएमसी) के सचिव को ईमेल अथवा अन्य इलैक्ट्राॅनिक माध्यम या व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना पत्र की प्रति के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में प्रस्तुत करना होगा। ठेकेदार, आढ़ती अथवा व्यक्ति को मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में शपथ देनी होगी। बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले कामगारों तथा श्रमिकों को पूर्व निर्धारित क्वारेन्टाइन सुविधा स्थलों में रखा जाएगा। कामगार एवं श्रमिक कार्यस्थल पर पहले से कार्य कर रहे कामगारों व स्थानीय लोगों के साथ मेलजोल नहीं करेंगे। ऐसे कामगारों एवं श्रमिकों का कोविड-19 पाॅजिटिव व्यक्तियों के साथ न तो कोई सम्पर्क होना चाहिए और न ही उन्होंने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई यात्रा की हो। बाहरी राज्यों से सेब सीजन के लिए आने वाले kamgaron एवं श्रमिकों का प्रवेश पंजीकरण जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर किया जाना चाहिए। यहीं पर इनकी चिकित्सीय स्क्रीनिंग की जाएगी। कार्यस्थल पर भी इनका समय-समय स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। आदेशों के अनुसार एपीएमसी सोलन के सचिव मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन के परामर्श से श्रमिकांे एवं कामगारों के रेन्डम आधार पर रक्त नमूने लेना सुनिश्चित बनाएंगे। सरकार एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा सोशल डिस्टेन्सिग, सेनेटाइजेशन सहित समय-समय पर जारी अन्य नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार सेब सीजन के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकांे एवं कामगारों के लिए एपीएमसी सोलन के सचिव द्वारा जारी केवल वन टाईम (एक बार) अनुमति ही पर्याप्त होगी। इस सम्बन्ध में उप पुलिस अधीक्षक परवाणू तथा सोलन को सूचित करना अनिवार्य होगा। इन श्रमिकों एवं कामगारों को अन्य किसी अनुमति अथवा प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस अधीक्षक सोलन, उपमण्डलाधिकारी सोलन तथा एपीएमसी सोलन के सचिव इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की उल्लंघना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य सम्बन्धित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
सोलन जिले के सभी शस्त्र लाईसेंस धारकों को अपने शस्त्र लाईसेंस पर 29 जून 2020 तक विशिष्ट पहचान संख्या अंकित करवानी होगी। ऐसा न करने की स्थिति में उनके शस्त्र लाईसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने दी। विवेक चंदेल ने कहा कि यदि 29 जून, 2020 तक शस्त्र लाईसेंस में विशिष्ट पहचान संख्या अंकित नहीं करवाई गई तो इस तिथि के उपरांत शस्त्र लाईसेंस को अवैध माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के शस्त्र लाईसेंस धारकों की सुविधा के लिए विशिष्ट पहचान संख्या अंकित करने का कार्य जिलाधीश कार्यालय सोलन, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय सोलन, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय कंडाघाट, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की व उपमण्डलाधिकारी कार्यालय नालागढ़ में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समस्त शस्त्र लाईसेन्स धारक (आत्म रक्षा एवं फसल सुरक्षा) शस्त्र लाईसेंस पर 29 जून, 2020 तक अपने विशिष्ट पहचान संख्या लगवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह विशिष्ट पहचान संख्या प्रत्येक शस्त्र लाईसेंस के लिए भिन्न होगी। यह संख्या आधार कार्ड नंबर से पृथक है। लाईसेंस धारक को लाईसेंस जारीकर्ता प्राधिकरण के कार्यालय में अपने मूल लाईसेंस के साथ आना होगा। इस प्रक्रिया में आधारकार्ड अथवा किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जिले के सभी शस्त्र लाईसेंस धारकों से आग्रह किया कि 29 जून 2020 तक अपने शस्त्र लाईसेंस में विशिष्ट पहचान संख्या अनिवार्य रूप से अंकित करवाएं।
पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने वीरवार पुलिस थाना बद्दी में पुलिस कर्मियों के विश्राम के लिए क्षेत्र की अग्रणी फार्मा कंपनी एलकेम बद्दी द्वारा निर्मित विश्राम कक्ष (रेस्ट लाउन्ज) का विधिवत शुभारम्भ किया। इस विश्राम कक्ष के निर्माण पर एलकेम कंपनी द्वारा काॅरपोरेट सोशल रिस्पोन्सिबिलिटी के तहत 43.50 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। रोहित मालपानी ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस महामारी के दृष्टिगत पुलिस कर्मी दिन-रात कार्यरत हैं। ऐसे समय में उन्हें अपने कार्य के साथ-साथ अनेक ऐसे कार्य भी करने पड़ रहे हैं जो मानवीय सुरक्षा एवं क्षेत्र को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे समय में पुलिस कर्मियों को समुचित विश्राम मिलना आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह विश्राम कक्ष बद्दी क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस कर्मियों को सही समय पर उचित विश्राम भी मिलेगा। रोहित मालपानी ने विश्राम कक्ष के निर्माण के लिए एलकेम फार्म कंपनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीबीएन क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस, उद्योग एवं आमजन के आपसी समन्वय से न केवल कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में सभी का सहयोग प्राप्त हो रहा है अपितु केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार विभिन्न आवश्यक गतिविधियों को जारी रखने में सहायता भी प्राप्त हुई है। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी काॅरपोरेट सोशल रिस्पोन्सिबिलिटी के तहत उद्योग जगत प्रशासन एवं पुलिस को सहायता प्रदान करता रहेगा। एलकेम फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि ने इस अवसर पर कहा कि संस्थान भविष्य में भी पुलिस तथा प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करेगा।
दाड़लाघाट स्थित अंबुजा सीमेंट कम्पनी के लिए पत्थरों की ढुलाई के लिए लगाई गई कन्वेयर बेल्ट स्थानीय लोगों के लिए दिक्कते पैदा कर रही है। इस कन्वेयर बेल्ट के साथ किसानों को रोजमर्रा, घास, लकड़ी लाने के लिए आवागमन करना पड़ता है जिस कारण लोगों को कंपनी द्वारा कन्वेयर बेल्ट चलाते वक्त पत्थर गिरने से जानमाल का खतरा बना रहता है। ग्राम पंचायत सुधार सभा दाड़लाघाट के महासचिव प्रेम केशव ने कहा कि 31 कीते 26 बीघे 6 बिस्वे रकबे में से अंबुजा कम्पनी की जो कन्वेयर बेल्ट गुजरती है उससे लोगों पत्थर गिरने से डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त जमीन के अलावा अन्य जमीन भी अत्यंत खराब हो चुकी है। घास का चारा पशुओं को देना एक रिस्क बना रहता है। वही इस धूल आदि से पशु हमेशा बीमार रहते हैं, क्योंकि कन्वेयर की धूल आदि लगातार उड़ती रहती है। उन्होंने कहा कि जब अंबुजा कंपनी को इस बाबत किसानों द्वारा पक्ष रखा था कि इस खराब पड़ी जमीन की लीज दी जाए व कन्वेयर बेल्ट के साथ पत्थरों की रुकावट हेतु गार्डियन लगाया जाए। तब कंपनी के लैंड विभाग ने माना था कि लोगों को लीज तथा आने-जाने के रास्ते व कनवेयर से जो धूल पत्थर गिरते हैं उनके लिए समाधान किया जाएगा, ताकि किसानों की आगामी मुश्किलें ना हो। प्रेम केशव ने कहा कि इस बारे किसानों द्वारा कई बार जिला उपायुक्त सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की व ग्राम पंचायत दाड़लाघाट को भी उपरोक्त समस्याओं से अवगत कराया गया है लेकिन अभी तक कोई समाधान नही हुआ है। उन्होंने अंबुजा प्रबंधन से इस महामारी के चलते दोबारा आग्रह किया है कि किसानों की इस दिक्कतों को देखते हुए उचित कदम उठाए जाएं।
जिला सोलन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी में गत एक वर्ष से चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण कार्य गत पांच महीनों से बंद पड़ा है जिसको लेकर अध्यक्ष पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी डी डी कश्यप, पूर्व प्रधान सुखराम उप प्रधान राकेश कौंडल,प्रधान पट्टा बरावरी प्रोमिला कौशल आदि ने काफी रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कार्य वर्ष 2019 को शुरू किया गया था लेकिन वर्ष 2020 के फरवरी माह से भवन निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पट्टा बरावरी का टेंडर दिनाक 18 अक्तुबर को स्वीकृत हो गया था व् ठेकेदार को भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि 31मार्च 2020 थी। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गत पांच महीनो से ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण कार्य बंद किया हुआ है। निर्माण कार्य की सामग्रियों में रेत, बजरी, सरिया, टाइल, पाइपे आदि इधर उधर बिखरी पड़ी है। दूरभाष पर सम्पर्क करने के उपरांत भी ठेकेदार फोन नहीं उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य में अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मंडल कशौली तथा सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग उप मंडल सुबाथू भी उक्त विषय पर कोई उचित कदम नही उठा रहे हैं। डी डी कश्यप ने कहा कि वर्ष 2016 में पूर्व सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पट्टा बरावरी भवन निर्माण हेतु लगभग 78 लाख 91 हजार रूपये स्वीकृत किए थे व् उक्त भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास 25 मई 2016 को हुआ था। लोगो ने विभाग से आग्रह करते हुवे कहा कि अधर में लटके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाकर पूरा किया जाए ताकि लोग इस भवन में शीघ्र स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सके।
The savoury seasonal corn dish of ‘Kachol’ or ‘Kacholtu’, mainly popular in Solan district, would soon become available throughout the year. Preeti Kashyap, a Solan based entrepreneur, with the technical guidance of the scientists of Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni has recently launched a modern take of this traditional product as a frozen ready to cook food. Preeti had joined the university in 2019 in the Department of Food Science and Technology (FST) for a one-year Diploma programme in Fruit and Vegetable Processing and Bakery products. While pursuing her diploma, Preeti took up her idea with the CM Start-Up Scheme of the state. On approval, she was allotted the Department of FST as her incubator to refine her idea and develop it into a marketable product. University scientists Dr Devina Vaidya and her team-Dr Manisha Kaushal and Anil Gupta, provided the scientific input in product development. Preeti got the idea after seeing her grandmother prepare the traditional dish. As the availability of raw material was limited only to a few months, the product could only be made for fresh consumption. Her idea was to make the product available throughout the year in a modernized form. The traditional dish is prepared from fresh corn mixture, which was often steamed on tree leaves and served with ghee. The CM Startup Scheme gave her a platform to explore her idea. The product was recently launched by Dr Parvinder Kaushal, UHF Vice-Chancellor. At UHF, Preeti did extensive testing to increase the shelf life of the product as earlier it was only available during the availability of corn. Thanking the University and the Department of Industries, She said that the mentors at the university helped her to solve the problem of binding and extend the shelf life to nine months as frozen food and that too without the use of any preservative or external flavours. Besides, several tests including moisture and sensory tests have also been undertaken to increase the quality of the final product. Preeti has now set up her company ‘Healthy Food Treasure’ and aims to make the product available in the market by the year-end. She is also in the process of testing sweet, lemon, garlic and fortified variants of the product. Congratulating Preeti and university scientists on their achievement, Dr Parvinder Kaushal said, “It is very encouraging to see young entrepreneurs coming ahead to popularize traditional food items so that more and more people get to taste them. He added that the university is actively encouraging its students to take up entrepreneurship in the argi-horticulture and allied disciplines where they can utilize the knowledge gained at the university to transform people’s lives through their innovative and innovative products. Dr Kaushal added that the university regularly helps farmers and young entrepreneurs to establish new enterprises through the dissemination of information and transfer of technology and will continue to support such initiatives in the future as well. Dr Manoj Vaidya, Nodal officer of the UHF Incubation centre informed that since the inception in 2017-18, the university has enrolled eight incubatees after a shortlist process. Two of the incubatees have managed to launch their product and set up their startup while the prototypes of three incubatees are in the final testing phase. The startup scheme of the Himachal Government envisages practical exposure, orientation training, entrepreneurial guidance and handholding to potential entrepreneurs whose projects are approved. Once a project is recommended by the host institution and approved by the empowered committee, monthly support is provided as a sustenance allowance for one year. The centres support startups and innovation by providing mentoring services, access to their labs, facilities on a free-of-cost basis.
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने नालागढ़ उपमण्डल में कुछ क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश इन क्षेत्रों में कोविड-19 के रोगी पाए जाने तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल में वार्ड नम्बर-3, नालागढ़ तहसील, नालागढ़ में पाए गए कोविड-19 रोगी के आवास तथा बुटीक की बाड़बंदी की जाएगी। नगर परिषद नालागढ़ के वार्ड नम्बर-2 में स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के प्रवेश द्वार से गुग्गामाड़ी चैक तक के मार्ग की पूर्ण बाड़बंदी करने के आदेश जारी किए गए हैं। रोपड़ चैक से गुग्गामाड़ी चैक वाया बर्फानी चैक मार्ग की पूर्ण बाड़बंदी करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी के समय सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से सेनिटाइज किया जाए। यह आदेश उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ द्वारा क्षेत्र में कोविड-19 के पाॅजिटिव रोगियों के सम्बन्ध में प्रेषित संस्तुति तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार नालागढ़ उनके सहायक होंगे। आदेश कन्टेनमेंट जोन में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूर्ण होने एवं सभी नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
मिनी सचिवालय सोलन स्थित कैन्टीन की नीलामी 03 जुलाई, 2020 को मिनी सचिवालय के उपायुक्त कार्यालय के बैठक कक्ष में होगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल ने आज यहां दी। विवेक चंदेल ने कहा कि नीलामी 03 जुलाई को प्रातः 11.00 बजे होगी। उन्होंने कहा कि नीलामी के लिए इच्छुक ठेकेदार को एक लाख रुपए की धरोहर राशि का चैक अथवा ड्राफ्ट उपायुक्त सोलन के नाम पर बनाकर प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना होगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को कैन्टीन में खाने की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का ध्यान रखना होगा। कैन्टीन की मान्यता दो वर्ष के लिए होगी। संतोषजनक सेवाएं होने पर अनुबंध की अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए किराए में बढ़ोतरी की दर अलग से निर्धारित की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए कैन्टीन में खाद्य वस्तुओं की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। ठेकेदार को इन दरों के अनुसार खाद्य पदार्थों की बिक्री करनी होगी। इन दरों के अनुसार चाय 07 रुपए, काॅफी 15 रुपए, कोल्ड काॅफी 20 रुपए, प्लेन परांठा 10 रुपए, भरा हुआ परांठा 20 रुपए, तवे की चपाती 05 रुपए, तंदूर की चपाती 06 रुपए, हाॅफ थाली 30 रुपए, फुल थाली 60 रुपए, स्पेशल थाली 140 रुपए, मटर-पनीर व पालक पनीर 40 रुपए, सैंडविच 15 रुपए, ब्रेड पकोड़ा 10 रुपए, पैटीज 15 रुपए, चैमिन फुल प्लेट 50 रुपए, चैमिन हाफ प्लेट 30 रुपए, समोसा 10 रुपए, चना भटूरा, दही-सलाद व आचार के साथ 50 रुपए, सब्जी दही के साथ चार पुरी 40 रुपए तथा चना समोसा 30 रुपए के मूल्य पर विक्रय किया जा सकेगा।
भाजपा युवा मोर्चा अर्की मंडल द्वारा बुधवार को अर्की मुख्यालय पर चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग का पुतला फुंका गया। इससे पूर्व युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओ ने पार्टी कार्यालय से नए बस स्टेन्ड तक चीन व राष्ट्रपति जिनपिंग के खिलाफ नारे बाज़ी करते हुए रैली निकाली तथा नए बस स्टैंड चौक पर वक्ताओं ने चीन द्वारा भारतीय सैनिकों के साथ की गई बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की कड़ी निन्दा की एवम केंद्र सरकार से मांग की कि जब तक चीन द्वारा भारत की हड़पी गई भूमि वापस नही होती है तब तक केंद्र सरकार चीन को हर तरह से कड़ा जवाब देती रहे क्योकि ऐसा मौका दोबारा नही मिलने वाला है। साथ ही युवा मोर्चा ने लोगों से आह्वान किया कि वे चीन द्वारा बनाई गई वस्तुओं का पूर्ण रूप से बायकाट करे। युवा मोर्चा ने प्रधानमंत्री द्वारा अभी तक चीन के खिलाफ उठाए गए कदमों की सराहना की। इस अवसर पर युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष महेन्द्र ठाकुर, विजय शर्मा व हेमराज ठाकुर, उपाध्यक्ष बृज लाल विकास, राकेश, भूपेन्द्र भारद्वाज, हरीश, नवनीत, चंदन, अनिल, सूर्यकांत, संजीव, प्रेम व मनोज आदि सहित अन्य कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
बुधवार को दिन के समय मौसम ने अचानक करवट ली और बरसात की पहली बारिश पड़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान कई दिनों से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे थे कि कब वर्षा हो और वे खरीफ की फसल की बुवाई करें। इस वर्षा के होने से अब किसान प्रसन्न होकर खरीफ की फसल की बुवाई की तैयारियां शुरू करने लग पड़े हैं। स्थानीय किसानों में नरेंद्र सिंह चौधरी, इंदर सिंह चौधरी, धनीराम चौधरी, श्याम, ओमप्रकाश शर्मा, संजू शर्मा, मदन शर्मा, बंटू शुक्ला, बसंत सिंह ठाकुर, जय सिंह ठाकुर, जगदीश्वर शुक्ला, प्रेम केशव, हेतराम ठाकुर, प्रेम ठाकुर, तिलक शर्मा, धर्मपाल शुक्ला, दीपक गजपति सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि मक्की, भिंडी, करेला, ककड़ी, कद्दू व कई प्रकार की सब्जियों की बुवाई के लिए अभी यह उचित समय है। अब उन्हें विश्वास है कि इस बारिश से समय पर बुवाई होगी और उन्हें अच्छी फसल मिलेगी। कुछ किसानों ने तो वर्षा की उम्मीद छोड़ कर सूखे में ही बुवाई करनी शुरू कर दी थी लेकिन अब उन्हें अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद जग गई है। खाता, बागा, सुल्ली, सर डमरास, कंस्वाला, पारनु, डेरा, सेरा, फगवाना, समाणा, सतोटी, शमेली, काकड़ा, इत्यादि गांव के किसान इस वर्षा से जमीन में हुई नमी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं और एकदम बुवाई की तैयारियां कर रहे हैं। बता दे कि पिछले दो सप्ताह से भारी गर्मी पड़ रही थी व जिन किसानों ने खेतो में फसल के बीज बो दिए थे उन्हें भी फसल नष्ट होने का डर सता रहा था परन्तु अब अच्छी बारिश होने से फसल के साथ साथ इस उमस से भी लोगो को राहत मिलेगी।
मंगलवार को भाजपा अर्की मण्डल द्वारा मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि पर वेबक्स एप के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता सुरेश कश्यप शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद थे और कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके साथ कार्यक्रम में जयनन्द शर्मा, ओपी गांधी प्रदेश कार्य समिति सदस्य, महामंत्री यशपाल कश्यप, राकेश ठाकुर, उपाध्यक्ष जय गोपाल, हरी कृष्ण, सन्तराम ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष कला ठाकुर, रमेश ठाकुर जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष, महेंद्र ठाकुर युवा मोर्चा अध्यक्ष, रीना भारद्वाज महिला मोर्चा अध्यक्ष, सन्तराम भारद्वाज अनुसूचित जाति अध्यक्ष, जगदीश शुक्ला किसान मोर्चा अध्यक्ष व पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
युवा कांग्रेस अर्की व इंटक ब्लॉक अर्की की संयुक्त बैठक का आयोजन दाड़लाघाट में किया गया। बैठक की अध्यक्षता युवा कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष किशोरी शर्मा ने की। इस बैठक में इंटक ब्लॉक अर्की तथा युवा कांग्रेस अर्की के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अंबुजा सीमेंट कंपनी में कार्यरत श्रमिकों पर अंबुजा सीमेंट मैनेजमेंट द्वारा श्रमिकों के साथ किए जा रहे शोषण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। अंबुजा में पिछले 10-15 वर्षों से कार्य कर रहे श्रमिकों को कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से कभी तो कंपनी अपने माध्यम से कार्य करवा रही है तथा कभी उन श्रमिकों से ठेकेदारों के तहत कार्य करवाया जा रहा है तथा कभी कंपनी की नौकरी से बर्खास्त करने का दबाव बनाया जा रहा है। न तो अंबुजा कंपनी उनकी नौकरी को नियमित कर रही है, न ही उनकी तनख्वाह में कोई बढ़ोतरी कर रही है, जिससे ये गरीब श्रमिक ना तो घर के रहे न घाट के जिससे इनको घर चलाना मुश्किल हो रहा है। इस बैठक में युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष हरीश भारद्वाज तथा इंटक ब्लॉक उपाध्यक्ष राजेश शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि अगर कंपनी द्वारा 15 दिन में अंबुजा कंपनी व श्रमिकों की इन समस्याओं का उचित समाधान नहीं करती है तो स्थानीय लोगों को साथ लेकर व श्रमिकों के परिवारों के साथ मजबूरन अंबुजा मेन गेट पर धरना प्रदर्शन करेगी। अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की अंबुजा कंपनी प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगी। इस अवसर पर बैठक में युवा कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष किशोरी शर्मा,उपाध्यक्ष हरीश भारद्वाज, महासचिव नरेंद्र शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, नेक राम ठाकुर तथा इंटक ब्लॉक अर्की के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा (राजू) इंटक महासचिव मनोहर लाल, अमर सिंह, प्रदीप ठाकुर, गोपाल, खेमराज मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना में पंजीकरण की तिथि तथा नए कार्ड बनवाने एवं नवीनीकरण करवाने की अंतिम तिथि को 30 जून, 2020 निर्धारित की गई है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. राजन उप्पल ने कहा कि कोविड-19 के खतरे के कारण सोलन जिला के अनेक पात्र व्यक्ति इस योजना के तहत अपने कार्ड का नवीनीकरण नहीं करवा सके हैं। उन्होंने कहा कि लाभार्थी इस कार्य के लिए वैबसाईट ूूूण्ीचेइलेण्पद पर स्वयं पंजीकरण अथवा नवीनीकरण करवा सकते हैं। यह कार्य समीप के लोकमित्र केंद्र में भी किया जा सकता है। लोकमित्र केंद्र पर उन्हें निर्धारित प्रीमियम के अतिरिक्त 50 रुपये शुल्क के रूप में जमा करवाने होंगे। डाॅ. उप्पल ने कहा जिन परिवारों के हिम केयर योजना के तहत कार्ड की अवधि 15 जून, 2020 को समाप्त हो गई है वे 30 जून तक अपने कार्ड का नवीनीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवधि तक नए परिवार भी अपना कार्ड बनवा सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि योजना के तहत जिन व्यक्तियों के कार्ड नवीनीकरण की तिथि अभी नहीं आई है वे निर्धारित तिथि या 01 वर्ष पूर्ण होने पर अपने कार्ड का नवीनीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हिमकेयर योजना का लाभ उठाने के लिए अपेन कार्ड का पंजीकरण, नवीनीकरण, 30 जून, 2020 तक करवाएं।
ग्राम पंचायत घनागुघाट के गांव ताल के महिला मंडल ताल ने गांव में पेयजल स्रोत साफ किए तथा नशीली व जहरीली घास एवम झाड़ियों को काटा। महिला मंडल प्रधान चिंता देवी ने बताया कि महिला मंडल के सदस्य 10 दिन के अंतराल में गांव के प्राकृतिक पेयजल स्रोत बावड़ीयो तथा पशुओं के पानी पीने की खुरलियो को साफ करते रहते है, साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई क्लोरीन की गोलियो को इनमे डालते है, ताकि मानव या पशुओं को कोई जलजनित बीमारी ना हो सके। इस दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने बावड़ियों, खुरलियो की सफाई के साथ झाड़ियों का कटान किया गया। इस मौके पर मण्डल सदस्य सन्तोष कुमारी, कांता, शीला, पूजा, रमा शर्मा, चम्पा देवी, तुलसी, यशोदा, सरोज, हेमलता आदि मौजूद थे।
कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत देवभूमि हिमाचल में देवी-देवताओं में जन-जन की आस्था और प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित नियमों के मध्य संतुलन बनाकर सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी की शोभा यात्रा को निर्विघ्न संपन्न करवाकर जिला प्रशासन सोलन ने सेवा भावना, कर्तव्य परायणता एवं आमजन के विश्वास को बनाए रखने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। देवभूमि हिमाचल को अपनी देवीय परम्पराओं और देवी-देवताओं में अक्षुण्ण आस्था के लिए जाना जाता है। प्रदेश के हर क्षेत्र में लगभग प्रतिदिन देव आस्था की पुष्टि के लिए कोई न कोई आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों में न केवल क्षेत्र विशेष अपितु आसपास के बड़े सम्भाग की भागीदारी होती है। यह आयोजन जहां आमजन के मेलजोल का कारण बनते हैं वहीं देवभूमि में संस्कृति के प्रचार-प्रसार और आपसी सौहार्द को सुदृढ़ करने का माध्यम भी बनते हैं। जन आस्था का ऐसा ही एक प्रतीक है सोलन का राज्य स्तरीय शूलिनी मेला। शूलिनी मेले के आयोजन की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है। पहले जहां केवल माता की शोभा यात्रा निकाली जाती थी वहीं अब वर्तमान में यह आयोजन पारम्परिक खेलों व संस्कृति के प्रचार-प्रसार का माध्यम बन गया है। परम्परा के अनुसार इस मेले का आयोजन आषाढ़ मास के द्वितीय रविवार को किया जाता है। परम्परा के अनुरूप मां शूलिनी को शोभा यात्रा के रूप में सोलन के गंज बाजार स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में ले जाया जाता है, जहां वे 03 दिन तक निवास करती हैं। ऐसा माना जाता है कि माता यहां अपनी बहन से मिलने आती हैं। वर्षों से यह आयोजन निरंतर होता रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज से पहले मात्र एक बार वर्ष 1919-20 में प्लेग के कारण नियत समय पर माता की शोभा यात्रा नहीं निकाली गई थी। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण परिस्थितियां वैसी ही उत्पन्न हुई। सोलन निवासियों के आग्रह और प्रदेश सरकार के नियमों के अनुरूप लगभग यह निर्णय ले लिया गया था कि इस वर्ष मां शूलिनी की शोभा यात्रा आयोजित नहीं की जाएगी। किन्तु देव आस्था एवं जनता के विश्वास के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने सूक्ष्म रूप में मां शूलिनी की शोभा यात्रा के आयोजन का निर्णय लिया। जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने यह सुनिश्चित बनाया कि शोभा यात्रा न केवल सूक्ष्म हो अपितु इस आयोजन में कोविड-19 के दृष्टिगत स्थापित विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन हो। इसके लिए उन्होंने मां शूलिनी के कल्याणा वर्ग से बातचीत की और निर्धारित किया कि मां की शोभा यात्रा में इस वर्ष जन सैलाब नहीं होगा। मां शूलिनी मंदिर के पूजारी और कल्याणा वर्ग के चुनिंदा लोगों के साथ-साथ केवल प्रशासन तथा पुलिस के सीमित अधिकारियों को शोभा यात्रा में सम्मिलत होने की अनुमति दी गई। कोरोना महामारी के मध्य आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला दण्डाधिकारी ने मां की शोभा यात्रा के जाने एवं वापिस आने के दिवस पर मात्र 04 घंटे के लिए शहर के उन क्षेत्रों में लाॅकडाउन के आदेश दिए जहां से सामान्य रूप से माता की शोभा यात्रा निकलती है। सोलन की जनता ने इन आदेशों का पूर्ण पालन किया। इससे न केवल शोभा यात्रा आयोजित हो पाई अपितु लोगों की अटूट आस्था भी बरकरार रही। परम्परा के अनुसार इस वर्ष मां के मेले का आयोजन 19 से 21 जून तक किया जाना था। मेला स्थगित होने के उपरांत मां की सूक्ष्म शोभा यात्रा 19 जून को अपनी बहन से मिलने के लिए तथा 21 जून को वापसी के लिए आयोजित हुई। परम्परा के अनुसार 20 जून रात्रि को अपने गुर के माध्यम मां शूलिनी ने सूक्ष्म आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मेला कबूल किया। इससे समूचे क्षेत्र में प्रसन्नता का माहौल है। जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के कर्तव्य पालन तथा समूचे क्षेत्रवासियों के पूर्ण सहयोग के कारण ही शोभा यात्रा निर्विघ्न रूप से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सर्वोच्च न्यायालय ने नियम व शर्तों के साथ ओड़िसा की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी यात्रा के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की है उससे जिला प्रशासन को यह सम्बल मिला है कि यदि नियमों के दायरे में रहकर कार्य किया जाए तो सर्वोच्च स्तर पर भी किसी न किसी रूप में उसकी स्वीकृति मिलती ही है। ऐसी स्वीकृति प्रशासन का मनोबल बढ़ाकर जन आस्था को पुष्ट करने में सहायक होती है।
थाना कुनिहार द्वारा एस एच ओ जीतसिंह की अगुवाई में क्षेत्र में जगह जगह उगे भांग के पौधों को नष्ट करने का अभियान छेड़ा गया। मंगलवार को नए बस अड्डे के आसपास स्थानीय दुकानदारों के सहयोग से पुलिस ने भांग के उगे सैंकड़ो पोधों को नष्ट किया। एस एच ओ जीतसिंह ने स्थानीय दुकानदारों व लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों व दुकानों के आसपास पैदा हुए भांग के पौधों को समय समय पर नष्ट करते रहें। यह हम सबका कर्तव्य है ताकि बच्चे इसका दुरुपयोग न करे। लोगों के सहयोग से ही इस अभियान को सफल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इसकी खेती करता है, जो कि एक जुर्म है, इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जीत सिंह ने कहा कि स्थानीय पंचायतों के पदाधिकारियों से भी अपनी अपनी पंचायतों में उगी भांग को नष्ट करने की अपील की जाएगी। इस मौके पर थाना कुनिहार से एएसआई पूर्ण चन्द, राकेश कौंडल, किशन सिंह कंवर, जयदेव व दुकानदार विनोद भारद्वाज, नरेश जोशी, चन्द्रशेखर, कमल किशोर, तृप्ता व रंजू आदि ने भांग उखाडने में सहयोग किया।
मंगलवार 23 जून, राजा वीरभद्र सिंह का जन्मदिन है। इस उपलक्ष्य पर शिर्डी साईं बाबा भक्ति संगठन ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं व साईनाथ से उहे दीर्घायु प्रदान करने व उन पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की है। परवाणू के जाने मने समाज सेवी सतीश बेरी ने भी उन्हें उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। उन्होंने कहा की राजा वीरभद्र सिंह न केवल एक अच्छे मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहचान बनाए है बल्कि वे एक अच्छे इंसान भी है। हिमाचल की राजनीति और प्रदेश के विकास में उनका अहम योगदान है।
रविवार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी अर्की में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस दिन विद्यालय के छात्रों के साथ शारीरिक शिक्षक भास्करानंद के मार्गदर्शन में आचरित किया गया। छात्रों ने प्राणायाम व्यायाम करके स्वस्थ रहने का मंत्र सीखा। वही वीडियो बनाकर अन्य छात्रों को हर घर पाठशाला के अंतर्गत बने व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा यह व्यायाम प्राणायाम आसन आदि दर्शाए गए। भास्करानंद ठाकुर ने छात्रों को बताया कि महामारी के इस दौर में जो व्यक्ति स्वस्थ रहने के लिए योग का सहारा लेगा निश्चय ही कोरोना से सुरक्षित रहेगा। योग ना केवल स्वस्थ रखता है अपितु व्यक्तिगत चिंतन को भी उच्च रखता है। आज मानसिक दुर्बलता चिड़चिड़ापन व अकेलेपन से अनेक दुर्घटनाएं आए दिन देखने को मिलती हैं। योग से व्यक्ति का संपूर्ण विकास होता है तथा हीन भावना भी दूर होती है। सभी अभिभावकों ने भास्करानंद के साथ-साथ संपूर्ण विद्यालय परिवार की सराहना की।
सायरी में कोरोना पॉजिटिव एक व्यक्ति के आने के बाद पुलिस चौकी को सील कर दिया है। वहां तैनात 9 पुलिस पुलिसकर्मियों सहित एक सिविलियन कुक व एक ड्राइवर सहित कुल 11 लोगो को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। सायरी पंचायत भवन को फिलहाल अस्थायी पुलिस चौकी बनाया गया है। कुनिहार से एक पुलिस कर्मी को वहां पर तैनात किया गया है, ताकि लोगों की शिकायत को दर्ज किया जा सके। कुनिहार थाना एसएचओ जीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी पुलिसकर्मियों के कोविड19 के सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने ले लिए गए है, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को आ जाएगी। विदित रहे कि रविवार दोपहर बाद दिल्ली का रहने वाला एक युवक कोरोना का पॉजिटिव पाया गया। 25 वर्षीय युवक शिमला से फरार हो गया था, जिसे सायरी पुलिस की सहायता से पकड़ा गया था और उसे सायरी में ही संस्थागत क्वारंटाइन किया गया था। बीते शनिवार को उसका सैंपल लिया गया था, तो पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद पुलिस चौकी सायरी को सील कर पूरे स्टाफ को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। उनके खानपान की व्यवस्था क्वारंटाइन सेंटर में की गई है व सभी कर्मचारियों को क्वारन्टाइन समय मे बाहर न जाने की हिदायत दी गई है। सायरी पुलिस चौकी को सील करने की पुष्टि डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने की है।
जिला परिषद वार्ड दाड़लाघाट की 13 पंचायतों का केंद्र बिंदु है। दाड़लाघाट और इस वार्ड के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और दाड़लाघाट में एक ईएसआई अस्पताल है, लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों के इलाज के लिए खास सुविधाएं नहीं है। जबकि दाड़लाघाट इन पंचायतों का केन्द्र बिन्दु है और यहाँ पर ईएसआई में केवल एक ही डॉक्टर है। वह चाहे दिन को सेवा दे या रात्रि को मरीजों को देखे। जबकि इस ईएसआई में दिन में मरीजों की ओपीडी भी सैंकड़ों में रहती है जिस कारण एक डॉक्टर को दिन रात ड्यूटी देने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ती है। यदि रात को कोई बीमार हो जाए तो उसे अर्की या शिमला जाना पड़ता है, जिस कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और आजकल तो कोविड-19 के चलते ज्यादा ही परेशानी झेलनी पड़ती है। यहाँ पर जो 108 सेवा की एम्बुलेंस थी वह भी कहीँ दूसरी जगह मंगवा ली गई है जिस कारण रात्रि में आने वाले मरीजों की मुश्किलें और भी बढ़ जाती है। गौर रहे कि इस जिला परिषद वार्ड के तहत दो बड़े सीमेंट उद्योग भी है जिस कारण यहाँ दिन रात कोई न कोई दुर्घटना घटती रहती है। लेकिन ईएसआई दाड़लाघाट में एक ही डॉक्टर होने के कारण लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। इन उद्योगों में अपने अपने अस्पताल भी है लेकिन यहाँ रात्रि को आने वाले मरीजों के लिए कोई भी सुविधा नहीं है, जबकि इन उद्योगों के उच्च अधिकारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की दुहाई देते नहीं थकते। हकीकत में स्थानीय लोगों को कोई भी स्वाथ्य सुविधा नहीं मिल रही है। दाड़लाघाट के ओमप्रकाश महाजन ने बताया की गत दिनों मेरी भाभी के पेट में दर्द लगी तो उन्होंने कम्पनी के अस्तपाल में ले गए, लेकिन उन्हें वहाँ कोई भी मेडिकल सुविधा नहीं मिली। उन्होंने बताया कि जब वह ईएसआई दाड़लाघाट गए तो वहां पर तैनात डॉक्टर ने उन्हें उपचार दिया। उन्होंने बताया कि यहाँ पर केवल एक ही डॉक्टर है, इसलिए ही वह पहले यहाँ नहीं आए थे। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में कम से कम 4 डॉक्टर होने चाहिए। जिला परिषद वार्ड दाड़लाघाट के लोगों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है की दाड़लाघाट में बने नए भवन का शीघ्र उद्धघाटन किया जाए व इस अस्पताल में कम से कम पांच डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को इलाज की अच्छी सुविधा मिल सके। 29 पंचायतों के साथ लगते इस क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक की आबादी:- 29 पंचायतों का केन्द्र बिंदु व दो सीमेंट के बड़े उद्योग की आबादी वाले इस क्षेत्र में पीड़ितों को इलाज के अभाव में इधर-उधर भटकना पड़ता है। इससे समय के साथ उनका धन तो बर्बाद होता ही है। अक्सर वक्त पर इलाज न मिल पाने से जान भी चली जाती है। 29 पंचायतों के साथ लगते इस क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक की आबादी के लिए ईएसआई अस्तपाल है। इसमे तैनात एक मात्र चिकित्सक के कंधों पर लंबे समय से इतनी बड़ी आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था हांकी जा रही है। अगर वास्तव में चल रहे जो ईएसआई अस्पताल दाड़लाघाट के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन यहां 150-200 के बीच ओपीडी रहती है। इनमें से 50 फीसदी से कम मरीजों का ही यहां इलाज हो पाता है। इससे ज्यादा लोगों को इलाज के लिए अर्की, शिमला या सोलन जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मानें तो दाड़लाघाट में सीएचसी की बिल्डिंग काफी समय पहले ही बनकर तैयार हो गई, लेकिन संसाधन और स्टाफ अब तक नहीं जुटाया जा सका है। लिहाजा लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। 30 बेड वाले इस स्वास्थ्य केंद्र से जिला परिषद वार्ड दाड़ला और धुंधन की 29 पंचायतों की लगभग 30 हजार से अधिक की आबादी के अलावा बिलासपुर सदर और शिमला ग्रामीण की साथ लगती कुछ पंचायतों के लोग भी लाभान्वित होंगे। जब इस बारे ईएसआई के निदेशक शिमला डॉ एनके लट्ठ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस बारे सरकार को लिख दिया गया है, यहां जल्द ही डॉक्टर की तैनाती कर दी जाएगी।
रुद्रा पब्लिक स्कूल धुन्धन के छात्रों को स्कूल के प्रधानाचार्य ईशान भाटिया द्वारा 21 जून को हुई खगोलीय घटना (सूर्य ग्रहण) के बारे में ऑनलाइन जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को जानकारी दी कि भौतिक विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढक जाता है। उन्होंने बताया कि इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। पृथ्वी सूरज की परिक्रमा करती है और चाँद पृथ्वी की। कभी-कभी चाँद, सूरज और धरती के बीच आ जाता है। फिर सूरज की कुछ या सारी रोशनी रोक लेता है जिससे धरती पर छाया फैल जाती है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। उन्होंने कहा की बच्चों को इस प्रकार की जानकारी देने से उनमें विज्ञान के प्रति उत्सुकता बढ़ती है। उनके साथ साथ स्कूल के अध्यापकों ने भी बच्चों को विज्ञान के बारे में ऑनलाइन जानकारी दी, जिसमे अध्यापिका अनुपमा, दशोधा व किरण थे।
21 st June marked as International Yoga Day is a gift by India to the entire world. The introduction of this day has made the world to understand the importance of yoga to maintain good health. Since ancient times our nation is well known for its practice by rishis. Running under the aegis of the Atam Science Trust, Dagshai Public always caters to the mental and physical growth of its students through every possible way. Due to the closure of the school because of the lockdown throughout the country, no option was left with the school then to motivate its students for the online Yoga Competition. Mrs. Jaspal Kaur, the Administrative Officer of the school brought this concept and made it possible by motivating teachers, parents, and students for their active participation. This competition received an overwhelming response from the students. Around 130 entries were received in the form of videos performing yoga in different forms in a very professional way along with their pictures depicting different poses of yoga asanas. Mrs. Jaspal Kaur sent a message to the parents and students regarding the importance of the day. She appreciated the students for their active participation. Executive Director S. Amarjit Singh, Principal Dr. Jaspal Singh, and members of the management committee highly appreciated the efforts of the Executive Officer, Teachers, Parents, and students for making the celebration a successful attempt even in the crucial time of COVID-19. Dr. Jaspal Singh urged the students and others to make yoga practice as a routine of their life as it develops immunity against many physical and medical ailments even it can help to fight against corona.
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्की ने मंडलाध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हाल ही में प्रदेश के अंदर स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटालों के विरोध में एक ज्ञापन उपमंडलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल प्रदेश को भेजा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले व लेन देन करने पर व स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की संलिप्तता पर गहरी चिंता व्यक्त की। जिस तरह से प्रदेश भाजपा संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व प्रशासनिक अधिकारी की इसमें संलिप्तता पाई गई है, उससे प्रदेश कि सकारात्मक छवि को ठेस पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग में भी बिना किसी टेंडर में खरीद फरोख्त की गई है वह भी चिंता का विषय है। कांग्रेस पार्टी द्वारा पहले भी मीडिया के माध्यम से सचिवालय में तथाकथित भ्रष्टाचार बारे आवाज उठाई गई जिसमें बाद में पाया गया कि मास्क व सैनिटाइजर खरीद में भी बहुत बड़ा घोटाला सामने आया। प्रदेश के अंदर जिस तरह से आए दिन प्रदेश सरकार के लोग व भाजपा के नेता अपनी सरकार व संगठन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं उससे जाहिर होता है कि पर्दे के पीछे कितना भ्रष्टाचार व घोटाला हो रहा है। अर्की कांग्रेस ने इस ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से निवेदन किया है कि उपरोक्त घोटालों व भ्रष्टाचार के खिलाफ हिमाचल उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच करवाई जाए व दोषियों को सज़ा दिलवाई जाए। इस मौके पर प्रदेश कॉन्ग्रेस सचिव राजिंद्र ठाकुर, सुनीता गर्ग, नीलम रघुवंशी, धर्मपाल गर्ग, वेद ठाकुर, जीत राम, भीम सिंह ठाकुर, विनोद ठाकुर, चेत्त राम, बाबू लाल, दयाल सिंह कंवर, लक्ष्मण चौहान, अनुज गुप्ता, सीमा शर्मा, गौरव ठाकुर, देवेन्द्र ठाकुर, भगीरथ, कृष्ण ठाकुर, बलदेव, राजेश ठाकुर जीत राम वर्मा और प्रेस सचिव विनोद ठाकुर जिया लाल,अशोक भारद्वाज, नीम चंद, धनी राम तनवर, ललित मोहन ठाकुर, विनोद जोशी दीपलाल, श्यामलाल शांडिल व जगदीश सिंह।
सोमवार को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा कसौली मंडल जिला सोलन कि नवन्युक्त पदाधिकारी की परिचय बैठक का आयोजन धर्मपुर विश्राम गृह में किया गया। बैठक की अध्यक्षता युवा मोर्चा कसौली मंडल के अध्यक्ष वरुण शर्मा ने की। भाजपा कसौली मंडल के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा व युवा मोर्चा जिला सोलन के अध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कोविड -19 के चलते बैठक के दौरान समाजिक दूरी का भी पूरी तरह पालन किया गया। सर्व प्रथम भारत-चीन सीमा विवाद पर शहीद हुए वीर जवानों को पुष्प व दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यातिथि कपूर सिंह वर्मा व नरेन्द्र ठाकुर ने सभी नवन्यूक्त पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी और सभी को जिम्मेदारियों से अवगत करवाते हुए, देश को प्रगति की ओर तेजी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर जिला महामंत्री अमर सिंह परिहार व कसौली मंडल के नवनयुक्त पदाधिकारी हेमंत जुनेजा, बलदेव ठाकुर, हेमंत शर्मा, राहुल गुप्ता, गौरव ठाकुर, रोहित ठाकुर, विक्रम ठाकुर, पंकज शर्मा, नवीन शर्मा, राजेन्द्र ठाकुर, मोहित शर्मा, कमल कांत, कपिल शर्मा, दीपक शर्मा, यशपाल शर्मा, रूबल शर्मा, शिव कल्याण, अनिल कुमार दर्शन ठाकुर, अमित शर्मा दीपक कुमार मौजूद रहे।
भूतपूर्व सैनिक लीग अर्की इकाई ने गलवान घाटी में चीन द्वारा की गई कायराना हरकत पर रोष जताते हुए चीन के खिलाफ नारे लगाए। देश के सैनिकों की शहादत पर गहरा शोक जताते हुए दो मिनट का मौन रखा। इकाई अध्यक्ष पदम देव व अन्य सदस्यों ने शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि इन बहादुर सैनिकों को बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा तथा चीन को इसकी कीमत चुकानी होगी। पदम ठाकुर ने कहा कि चीन का इतिहास रहा है कि उसने हमेशा हमारी पीठ पर पीठ पर छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान सरकार को अब चीन को सबक सिखाने का समय आ गया है। यदि इस बार भी बातचीत से मसला सुलझाने की कोशिश की गई तो चीन भविष्य में इससे बड़ी गुस्ताखी करेगा जो कि खतरनाक होगा इसलिए इस बार मौका है कि जो पूर्व में विभिन्न कारणों से खोया है उसे पुनः प्राप्त कर ले। उन्होने कहा कि इसके लिए भूतपूर्व सैनिक सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं। यदि सरकार चाहे तो वे कभी भी भूतपूर्व सैनिकों को देश सेवा के लिए बुला सकती है। वे देश के लिए अपना बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर स्थानीय निवासियों के अलावा एसएचओ दाड़लाघाट मोतीसिंह व उनके साथी एवम अर्की पुलिस स्टेशन के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
दाड़लाघाट क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कोरोना महामारी के कारण लोगों ने जनता के बीच ना करके अपने घरों में अपने परिवार के साथ किया।लोगों ने सुबह उठकर ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपने परिवार सहित योगा कर मनाया।हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लोगों ने इसे खुले में ना करके अपने घरों के छतों पर सिर्फ परिवार के सदस्यों के साथ किया।लोगों ने सुबह सूर्य नमस्कार के साथ अलोम,विलोम व अन्य कई मुद्राएं करके योग दिवस मनाया।हालांकि लोगों ने कहा कि योग के लिए ना कोई दिन है ना कोई दिवस हमें हर रोज योग करना चाहिए व इससे निरोगी काया हासिल की जा सकती है।कुछ लोगों ने कहा कि वह रोज योग व प्राणायाम करते हैं जिससे वह चुस्त-दुरुस्त व बीमारी से मुफ्त है।उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया की योग को करने से इम्यूनिटी सिस्टम भी अच्छा होता है और कोई भी बीमारी हमारे शरीर को छू नहीं सकती।योग हमारी प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति में भी उल्लिखित है जिससे करके ऋषि मुनि भी कई 100 वर्षों तक निरोगी काया रखकर ज्यादा उम्र जिया करते थे।
पुलिस थाना दाड़लाघाट के अंतर्गत ट्रक चालक द्वारा गाड़ी का तेल बेचने का मामला दर्ज हुआ है।पुलिस को दी गई शिकायत में इन्दू शर्मा पत्नी राम कृष्ण गांव रौड़ी दाड़लाघाट ने कहा है कि ट्रक नंबर एचपी-11-सी-6220 की मालिक हैं।इसने 31 मई 2020 को अपनी उपरोक्त गाड़ी में करनैल सिंह सुपुत्र शिव राम निवासी डाबर मसैवाल जिला रोपड़ को उपरोक्त गाड़ी में चालक नियुक्त किया था। उक्त चालक को गाड़ी की तेल की टांकी फूल करके दी थी तथा गाड़ी के तमाम दस्तावेज व टुलज इत्यादि भी उक्त चालक के सपूर्द कर दिए थे। उक्त व्यक्ति को प्रत्येक ट्रीप का खर्चा साथ-साथ दे दिया जाता था। अभी इस व्यक्ति की नियुक्ति हुए केवल 18-19 दिन ही हुए थे तथा इन दिनो मे भी इसने 3-4 ट्रीप ही लगाए है जो कि दाड़ला से रोपड़ के लगाए है,क्योकिं इसकी गाड़ी क्लींकर ढूलाई में लगी है।इस गाड़ी की तेल की टॉकी फूल करवाई जाती थी।15 जून 2020 को भी इस गाड़ी में 75 लीटर डीजल डलवाकर इसकी टॉकी फूल करना दी थी तथा ड्राईवर को क्लींकर लेकर रोपड़ भेजा गया था।लेकिन 2-3 दिनो बाद फोन से पता चला कि यह चालक शराब पीकर घर पर लेटा हुआ है।चालक से इसके पति ने जल्दी दाड़ला आने को कहा तो आज यह व्यक्ति गाड़ी को ट्रक यार्ड़ में खड़ी करके भाग गया है।चाबिया भी साथ ले गया है।जब गाड़ी चैक की तो उसकी तेल की टॉकी खाली है जिसमें 360 लीटर तेल था। करनैल सिंह दूसरे ड्राईवर जो इसकी गाड़ी एचपी-62-सी-6220 को चलाता है को जाते-2 कह गया कि मैनें तेल बेच दिया है। पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए आईपीसी की धारा 407 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने की है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरयांज में 21जून,2020 को छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और छात्रों ने अपने घर में ही अपने-अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर विभिन्न योगिक क्रियायें की। इस अवसर पर शिक्षकों ने छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगीताओं का आयोजन भी किया।नारा लेखन प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में ममता कक्षा षष्ठम ने प्रथम और निखिल अष्टम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।वरिष्ठ वर्ग में ज्योति जमा एक ने प्रथम,तानिया नवम ने द्वितीय और मंजू जमा एक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।चित्रकला प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में साक्षी कक्षा सप्तम ने प्रथम और मनीषा कक्षा सप्तम ने द्वितीय और वरिष्ठ वर्ग में हेमलता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिंदी निबंध प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में साक्षी कक्षा सप्तम ने प्रथम,भावना कक्षा अष्टम ने द्वितीय और तमन्ना कक्षा सप्तम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।वरिष्ठ वर्ग में उमा जमा दो प्रथम,कोमल जमा दो ने द्वितीय और तानिया,तमन्ना,ज्योति ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी निबंध लेखन प्रतियोगिता में नीधि ने प्रथम और कोमल जमा दो ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।भाषण प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में मनीषा कक्षा सप्तम ने प्रथम, निखिल अष्टम ने द्वितीय और पायल एवं हर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में दीक्षा एवं ज्योति ने प्रथम,नीलम ने द्वितीयऔर दीक्षा एवं मनिषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी कनिष्ठ वर्ग एवं वरिष्ठ वर्ग के छात्र-छात्राओं ने योग से सम्बंधित विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर बड़े उत्साह से दिए।इस अवसर पर सभी शिक्षकों ने भी अपने घर में ही अपने परिवार के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार की योगिक क्रियायें की।विद्यालय प्रभारी भीम सिंह ठाकुर ने सभी छात्रों और शिक्षकों को विश्व योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और अपने संदेश दिया कि इस वर्ष योग दिवस का हमारे जीवन में विशेष महत्व है क्योंकि संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए संघर्षरत है और इस समय केवल योग से ही हम सभी अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। योग से हम अपने मन को मजबूत करके सकारात्मक सोच और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सकते हैं। जिन्होंने सभी छात्रों एवं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे सभी अपने अपने घर में प्रतिदिन योगाभ्यास और प्राणायाम करें और अपने परिजनों और ग्रामीणों को भी योग के प्रभाव एवं लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करें।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों रविन्द्र शर्मा,दिनेश कुमारी शर्मा,अनूप शर्मा,जय प्रकाश मिश्रा,कृष्णा,रमेश चंद,नीलम शर्मा,लक्ष्मी राणा,फकीर राणा,पुष्पेन्द्र शर्मा,प्रवीण,मुक्तेश गौतम,केशव वर्मा,सरोज का बहुत अधिक योगदान रहा क्योंकि विद्यालय से दूर रहकर इस प्रकार की गतिविधियों का सफल आयोजन अपने आप में सराहनीय है।इस अवसर पर छात्रों ने विज्ञान अध्यापिका नीलम शर्मा के निर्देशन में सूर्य ग्रहण को देखकर उपयोगी जानकारी प्राप्त की।सभी छात्रों के अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रशासन की प्रशंशा की और बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की।
शुक्रवार दोपहर को हनुमान बडोग पंचायत के मनलोग बड़ोग गाँव के नजदीक आच्छु की डाबर में 21 वर्षीय युवक पवन गुप्ता सपुत्र भूपेंद्र गुप्ता व चंडी स्कूल की प्रिंसिपल की पानी में डूबकर मृत्यु हो गई, दोस्तों के साथ नहाने के लिए वो वहां पर गया था,जहाँ पर नहाने के पश्चात पांव फिसलने से गहरे भंवर में फंस गया, साथ गए दोस्तों और गांव वालों के अथक पर्यासों के बावजूद भी पवन को बचाया ना जा सका। पवन का यूं अचानक से चले जाना परिवार और चाहने वालों को कभी ना भरने वाला जख्म दे गया। पूर्व मुख्यमंत्री व अर्की के विधायक राजा वीरभद्र सिंह,हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव राजेन्द्र ठाकुर,अर्की कांग्रेस के अध्यक्ष रुप सिंह ठाकुर और समस्त अर्की कांग्रेस भगवान से यही प्रार्थना करती है कि इस दुख की घड़ी में मृतक पवन की आत्मा को शांति और परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें पुरा अर्की कांग्रेस परिवार पवन कुमार के परिवार के साथ गहरी संवेदना व्यक्त करता है।
डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में फ्रूटस एंड वेजीटेबल प्रोसेसिंग एवं बेकरी प्रोडक्टस पर आधारित एक साल के डिप्लोमा के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह डिप्लोमा विवि के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग द़वारा करवाया जाता है। इस डिप्लोमा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को खाद्य प्रसंस्करण और बेकरी आइटम के क्षेत्र में अपने उद्यम शुरू करने के लिए प्रशिक्षित करना है। इस कार्यक्रम के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं है जबकि इसमें कोई भी आयु सीमा नहीं रखी गई है। इस साल इस कार्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए 20 अगस्त 2020 तक आवेदन किया जा सकता है। कार्यक्रम में कुल 35 सीटें रखीं गई हैं। विश्वविद्यालय की वैबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर जाकर प्रोस्पेक्टस और एप्लिकेशन फॉर्म डाऊनलोड़ किया जा सकता है। एक वर्ष के इस डिप्लोमा कार्यक्रम की फीस सिर्फ पाँच हज़ार रुपये रखी गई है। इस कोर्स को कौशल विकास भते के साथ भी जोड़ा गया है जिसके तहत कोर्स करने वाले छात्र हिमाचल सरकार द्वारा दिये जा रहे कौशल विकास भते के लिए आवेदन कर सकते हैं और उसका लाभ ले सकतें हैं। आवेदकों को कक्षा 10वीं एवं 12वीं विस्तृत मार्कशीट की प्रतियां, स्कूल के प्रमुख या किसी राजपत्रित अधिकारी या संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान से चरित्र प्रमाण पत्र, आरक्षण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) की स्व-सत्यापित प्रति, बैंक ड्राफ्ट( सामान्य श्रेणी के लिए 100 रुपये और एससी/एसटी के लिए 50 रुपये) के साथ संलग्न करना होगा। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र पंजीकृत या स्पीड पोस्ट द्वारा उप रजिस्ट्रार (अकादमिक), रजिस्ट्रार कार्यालय, डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी-सोलन-173 230 को भेजना होगा। विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय में फॉर्म जमा करवाए जा सकते हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते सीमेंट उद्योग में श्रमिकों की परेशानी और पीड़ा को दरकिनार किया जा रहा है, क्योंकि जिन श्रमिकों ने खून पसीने ओर बहुत ही कठोर परिश्रम से अम्बुजा सीमेंट प्लांट को बनाने में तथा उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी। शनिवार अम्बुजा सीमेंट प्लांट के श्रमिकों को अम्बुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट पूरा वेतन देने को भी मना कर रही है। इसी को लेकर दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट में तनाव का वातावरण बना हुआ है। श्रमिकों को चिंता इस बात की सताई जा रही है कि जिस प्लांट को चलाते-चलते 24-25 साल हो गए हैं आज उन्ही श्रमिकों को अम्बुजा प्रबंधक परेशान कर रही है जिससे श्रमिकों का मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।इसी संदर्भ में एक वार्ता अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मज़दूर संघ) के पदाधिकारियों से हुई। इस मौके पर सभी ने चिंता जाहिर की, कि अम्बुजा प्रबंधक अपनी मनमानी जानबूझ कर श्रमिको को परेशान कर रही है जो कि मज़दूरों के साथ अन्याय है जिसे भारतीय मज़दूर संघ कभी सहन नहीं करेगा। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय उपमहामंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस कोरोना महामारी के दौरान जहां भारत मे सीमेंट कंपनियों ने करोड़ों का फंड प्रधानमंत्री राहत कोष में और मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया लेकिन अपने मज़दूरों को सताया जा रहा है। इधर सीमेंट कंपनियां अपने मज़दूरों को क्यों वेतन में कटौती औऱ पूरे महीने काम पर भी नहीं बुलाया जाता यह बहुत बड़ी विडम्बना ओर सीमेंट कंपनियों के ऊपर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। सरकार के आदेशों की पालना करते हुए आज सीमेंट प्लांट उच्चतम उत्पादन कर रहा है लेकिन प्रति शिफ्ट में 33 प्रतिशत श्रमिक/कर्मचारी यदि अम्बुजा कंपनी काम के लिए बुलाती है तो सभी को काम और सभी को रोजग़ार के साथ साथ पूरा वेतन और पूरे महीने काम मिलता लेकिन इस प्रकार की व्यवस्था कंपनी द्वारा नहीं की जा रही। इसी कारण कुछ श्रमिकों को पूरे महीने काम पर नही बुलाया जाता, जिससे आज दाड़लाघाट अम्बुजा सीमेंट फैक्टरी के श्रमिकों कमर्चारियों में तनाव दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। इन विषयों को लेकर आने वाले समय मे अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मज़दूर संघ) बहुत बड़े आदोंलन की तैयारी कर रहा है क्योंकि "जब तक भूखा मज़दूर किसान रहेगा धरती और तूफान रहेगा" सीमेंट उद्योग खतरनाक श्रेणी में आता है इसलिए किसी भी प्रकार का अन्याय जो अम्बुजा प्रबंधक श्रमिकों के साथ कर रही है यह उचित नहीं, यदि 25 जून तक श्रमिकों को काम पर नही बुलाया गया फिर शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। उसकी रूपरेखा भी तैयार हो चुकी है। इस दौरान प्रधान सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष खेमराज शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मदन शर्मा, उपाध्यक्ष टेक चंद, बलदेव राज कोषाध्यक्ष रुवेश कुमार, सयुंक्त सचिव विनोद शर्मा, सचिव राकेश महाजन, कमल भट्टी उपस्थित रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन की एनएसएस इकाई ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऑनलाइन योग शिविर 14 जून से 21 जून प्रातः 6:00 से 6:40 तक लगाया जा रहा है। साप्ताहिक योग की शुरुआत ओम के उच्चारण के साथ हुई। महर्षि पंतजलि को इस श्लोक के साथ नमन करते हुए योगस्य चितस्य पदेन वाचां, मलं शरीरस्य च वैद्यकेन। योडपाकरोतं तं प्रवंर मुनीना पंतजलि प्रांजलिरानतोस्मि। महर्षि पंतजलि को याद करते हुए शिथिलीकरण व्यायाम अर्थात सूक्ष्म व्यायाम कई प्रकार के आसन,प्राणायाम व मुद्राएं करवाई गई। आसन में ताड़ासन, पदहस्तासन, त्रिकोणासन, वीरमद्रासन, शशांक आसन, पदमासन, वज्रासन, गोमुखासन, अर्धकटिचक्रासन, उष्द्रासन आदि कई प्रकार के आसन बताएं। प्रणायाम में अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, भस्त्रिका, बाह्मा प्राणायाम और सूर्य नमस्कार आदि एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश चंद व मैडम संतोष कुमार की उपस्थिति में सीखें। कोरोना वायरस के चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए स्वयंसेवियों ने परिवार में अभिभावकों के साथ इस योग शिविर में भाग लिया। इस शिविर का समापन 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर होगा जिसमें स्वयंसेवियों ने सुबह सत्र में योगिक क्रियाएं अभिभावकों सहित करेंगे। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने इस पावन अवसर पर कार्यक्रम अधिकारियों सहित स्वयंसेवकों को बधाई दी तथा समाज को संदेश दिया कि दैनिक जीवन में योग को अवश्य शामिल करें। इस दौरान अध्यापक नरेंद्र कपिला व मैडम सुमन ने भी भाग लिया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि हिमाचल का समान एवं संतुलित विकास वर्तमान सरकार का लक्ष्य है और इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए उपलब्ध धन का पूर्ण उपयोग करने की दिशा में पग उठाए जा रहे हैं। डाॅ. सैजल आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उपायों के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि सरकार विभिन्न विकास कार्यों एवं कल्याणकारी योजनाओं को समय पर पूरा करने और इनके लाभ लक्षित वर्गों तक पहुंचाने के लिए समुचित धन की व्यवस्था करती है। अनेक कारणों से विकास कार्यों के लिए प्रदत्त धन व्यय हुए बिना रह जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी जिलों में लम्बित विकास कार्यों में शेष धन की पूर्ण जानकारी एकत्र करने के लिए जिलावार बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। शेष धन के सम्बन्ध में राज्य स्तर पर जनहित में निर्णय लिया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि वर्ष 2000 से जिला में विभिन्न योजनाओं में शेष धनराशि एवं बिना खर्च हुए धन की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि आज की बैठक का मुख्य उद्देश्य यही है कि ऐसे धन की एक-एक पाई की जानकारी प्राप्त की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में सभी विभागों में आबंटित कार्य के अनुसार बिना खर्च धन की जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन जिला में गत 03 वर्षों में 194.58 करोड़ रुपए शेष अथवा बिना खर्च हुए उपलब्ध हैं। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाएं विकास एवं जन कल्याण की दृष्टि से अतुलनीय हैं। इन योजनाओं के तहत न केवल धनराशि का समय पर उपयोग होना चाहिए अपितु पात्र व्यक्तियों को सही समय पर लाभ भी मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोविड-19 के दृष्टिगत जिला में आने वाले समय में किसी भी आपातकाल के लिए पूर्ण तैयारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं सभी जिला प्रशासन इस दिशा में सत्त प्रयासरत हैं और आमजन के सहयोग से कोविड-19 को हराया जा सकेगा। डाॅ. सैजल ने कहा कि जिला में विभिन्न तैयार योजनाओं का मुख्यमंत्री से शीघ्र ऑनलाइन शुभारम्भ करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में विभिन्न विकास कार्यों को श्रमशक्ति की उपलब्धता के अनुरूप शीघ्र पूरा करें। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि शीघ्र विभिन्न सड़कों एवं सम्पर्क मार्गों की टारिंग इत्यादि का कार्य पूर्ण करें। बैठक में जानकारी दी गई कि सोलन जिला में महत्वकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में 17724 परिवार पंजीकृत हैं। जबकि हिमकेयर योजना में 40 हजार से अधिक व्यक्तियोें का पंजीकरण किया गया है। जिला में कोविड-19 अवधि में अब तक 9 हजार 500 से अधिक व्यक्तियों के रक्त नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। जिला में वर्तमान में कोरोना संक्रमण के 38 मामले पाॅजिटिव हैं जबकि 34 व्यक्ति ठीक हो चुके हैं। कोविड-19 के रक्त नमूने एकत्र करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 21 टीमों को प्रशिक्षित किया गया है। इस कार्य के लिए जिला में 03 मोबाइल वाहन तथा 04 बूथ भी स्थापित किए गए हैं। बैठक में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रमों, विभिन्न योजनाओं के तहत शेष अथवा बिना खर्च हुआ धन, मुख्यमंत्री द्वारा जिले में की गई घोषणाओं, आधारशिलाओं एवं उद्घाटन के लिए तैयार योजनाओं सहित कोविड-19 की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने विभिन्न योजनाओं की वास्तविक जानकारी प्रदान करते हुए विश्वास दिलाया कि गत 20 वर्षों की पूरी जानकारी एकत्र कर उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कार्य कर रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया तथा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
पूर्व सैनिक लीग कुनिहार इकाई ने गलवान घाटी में देश की सीमा की रक्षा करते शहीद हुए 20 भारतीय जवानों की शहादत पर गहरा दुख जताते हुए चीन के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। इकाई के अध्यक्ष रिटायर्ड कैप्टन रणधीर सिंह, कैप्टन प्रभु राम, रमेश अरोड़ा, सोहन लाल, नेकराम, गोपाल, कैप्टनअमर लाल, गोबिंद राम, जयदेवी, कमलेश, शिलादेवी सहित सभी पूर्व सैनिकों व वीर नारियों ने कहा है कि देश पर मर मिटने वाले सेनिको को हम श्रधांजलि देते है। इस घटना से हम आहत हुए है, हम भगवान से प्रार्थना करते है कि भगवान शहीद जवानों की आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने कहा है कि देश शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखेगा । इकाई अध्यक्ष ने कहा है कि चीन की इस कायराना हरकत से हम सब मे भारी रोष व्याप्त है और अगर देश को आवश्यकता पड़ी तो हम अभी भी सरहद की रक्षा के लिए तैयार हैं।
इन दिनों गर्मी से निजात पाने के लिए आच्छु की डाबर में नहाने के लिए युवा वर्ग का तांता लगा रहता है। ये स्थान ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग के साथ लगते गांव मनलोग बड़ोग के समीप आच्छु की डाबर पर है। आच्छु की डाबर में गर्मी से निजात पाने के लिए युवा वर्ग का नहाना इस स्थान पर होता है लेकिन इस स्थान में नहाते एक ऐसा मामला सामने आया कि नहाते वक्त गहरे भंवर में फंसने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक को इतना तैरना नही आता था इसी कारण से गहरे भंवर में फंसने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार पवन गुप्ता पुत्र भूपेन्द्र गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 4 अर्की जो अपने दोस्तों के साथ आच्छू की डाबर में नहाने के लिए गया था जिस कारण वह अचानक साथ ही एक पहाड़ी पर खड़े थे, उक्त स्थान पर चिफलन होने के कारण गिर गया जिससे पवन गुप्ता व उसका एक साथी गहरे भंवर में फंस गया। उक्त मृतक के दोस्तों को भी इतना तैरना नही आता था जब उनसे कुछ नही हुआ तो चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने उसकी मदद करने की काफी कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों द्वारा उस युवक को बड़ी मुश्किल के साथ बाहर निकाला गया जिसे 108 एम्बुलेंस सेवा से अर्की अस्पताल लाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दे कि हनुमान बडोग में बनी आच्छु की डाबर में गर्मियों के मौसम में नहाने के लिए अकसर लोगों भीड़ लगी रहती है। इन दिनों लॉकडाऊन के चलते इस डाबर में नहाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा बाहर से आने वाले लोगों के लिए नहाने को लेकर पूर्ण प्रतिबंध था, लेकिन फिर भी कई युवा वर्ग इस डाबर में नहाने के लिए पहुंच रहे थे जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने पुलिस थाना दाड़लाघाट को दी थी। जिसको लेकर पुलिस द्वारा यहाँ समय समय पर गश्त लगाई जाती थी। इस आच्छु की डाबर में नहाते वक्त अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अर्की अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 जून, 2020 को सोलन जिला के भोजनगर फीडर की विद्युत आपूर्ति आवश्यक रखरखाव के लिए प्रातः 9.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता गौरव ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत क्षेत्र के बधाल, भोजनगर, ग्रीनहिल, गदयार, शेरला, काबा, काल्थ, नारायणी, प्राथा, कमलोग इत्यादि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से इस अवधि के दौरान सहयोग की अपील की है।
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून, 2020 को विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ योग भारती द्वारा भी जनमानस को योग के माध्यम से स्वास्थ्य के सूत्र प्रदान करने के लिए डिजिटल योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी योग भारती के संयोजक श्रीनिवास मूर्ति ने दी। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास का यह कार्यक्रम प्रातः 8.30 बजे से 9.30 बजे तक क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से डिजिटल माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। लोग इस कार्यक्रम को https://www.facebook.com/106676391091478/posts/106680504424400/?d=w पर देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उनके साथ योगाचार्य माला एवं सुबोध का मार्गदर्शन रहेगा। इस कार्यक्रम को योग भारती की वैबसाईट www.yogbharti.org पर भी प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रातः 7.00 बजे से 7.45 तक राष्ट्रीय स्तर पर एवं प्रातः 8.30 बजे से 9.30 बजे तक योग भारती द्वारा योगाभ्यास से लाभ उठाएं।
एस वी एन वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के बच्चों ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित जमा दो के वार्षिक परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर विद्यालय का नाम चमकाया है। बच्चों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार व अभिभावकों में खुशी का माहौल है। विद्यालय का परिणाम लगभग 100 प्रतिशत रहा। साइंस व कॉमर्स की परीक्षा में कुल 52 विद्यार्थी बैठे जिसमे 2 की कम्पार्टमेंट रही व बाकी सारे बच्चे बेहतरीन अंको के साथ पास हुए। साइंस में मुकुल सिंह पाल ने 456 अंक लेकर पहला, अंकिता वर्मा 429 दूसरा, प्रितिका ने 413 अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह कॉमर्स में हर्ष रतन ने 500 में से445 अंक प्राप्त कर विद्यालय में पहला ,गुंजन कुमारी ने 430 अंक लेकर दूसरा व मुस्कान चन्देल ने 429 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। विद्यालय के अधिकतर बच्चों ने 400 का आंकड़ा पार कर शानदार प्रदर्शन किया। विद्यालय प्रधानाचार्य टीसी गर्ग ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों व अध्यापक वर्ग को बधाई देते हुए खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम व अध्यापकों के उचित मार्ग दर्शन व अथक मेहनत को दिया। टीसी गर्ग ने इस अवसर पर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बच्चों को शुभाशीर्वाद दिया।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले प्रदेश के निवासियों के समुचित प्रबंधन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों की अनुपालना के लिए जिला के परवाणू नाका तथा टीटीआर नाका पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवाएं प्रदान करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 30 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार 22 जून से 28 जून, 2020 तक परवाणू नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की हबांग काकु एवं दुयु नाम्पी, सांयकालीन ड्यूटी में होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तेग सुम्पी तथा रात्रि ड्यूटी में महर्षि मार्कण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय कुम्हारहट्टी के अनिल कार्यरत रहेंगे। इसी अवधि में जिला के टीटीआर नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के डाॅ. मनीष त्रिपाठी एवं लता ठाकुर, सांयकालीन ड्यूटी में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के भीम सिंह एवं माला सिंह, तथा रात्रि समय में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के दीप चंद एवं पुमेश मेहता सेवाएं प्रदान करेंगे।
सोलन शहर में भी कोरोना ने आखिर दस्तक दे ही दी। शुक्रवार सोलन में कोरोना के 6 मामले आए है। इसी के साथ अब सोलन जिला में कोरोना के कुल 69 मामले हो चुके है, जिनमे से 38 एक्टिव मामले वहीं 31 लोग ठीक हो चुके है। इन 6 व्यक्तियों में से चार लोग एक ही परिवार के हैं व चम्बाघाट के बैर की सेर गांव के रहने वाले हैं। यह सभी लोग होम क्वारंटाइन में थे। वहीँ एक मामला सोलन के राधास्वामी सत्संग भवन में क्वारंटाइन एक व्यक्ति का आया है। यह व्यक्ति उन चार लोगों में से है जिन्हे पुलिस ने पकड़ा था, व इन में से एक पुलिस चौकी से भाग गया था। पकड़े गए तीन लोगों में से एक पॉजिटिव आया है। तो वहीँ एक व्यक्ति परवाणू के क्वारंटाइन सेंटर से आया है, यह दिल्ली से लौटा है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एन के गुप्ता ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी 6 लोगों को ईएसआई काठा शिफ्ट किया जा रहा है व होम क्वारंटाइन किए गए लोगों के प्राइमरी व सेकेंडरी संपर्कों की पहचान की जा रही है।


















































