हिमाचल प्रदेश में सात अगस्त 2024 के बाद अध्ययन अवकाश पर जाने वाले प्रोफेसरों और शिक्षकों को कुल वेतन का सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। नए सीसीएस अवकाश नियमों के तहत अध्ययन अवकाश के दौरान वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह वित्त विभाग की अनुमति लेना भी अनिवार्य कर दिया है। कॉलेज प्रोफेसरों के वेतन से जुड़ी कुछ आपत्तियों के बाद शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग से यह मामला उठाया था। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से इस संदर्भ में सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम-1972 में बदलाव किया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम-2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है। उधर, शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि संशोधित केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के सात अगस्त 2024 से प्रभावी होने के साथ, उन लोगों पर इसके लागू होने के संबंध में भ्रम की स्थिति बन गई है, जो इस तिथि से पहले अध्ययन अवकाश पर थे। संशोधित नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो सात अगस्त 2024 को या उसके बाद अध्ययन अवकाश पर गए हैं। जिन कर्मचारियों ने इस तिथि से पहले अपना अध्ययन अवकाश शुरू किया था, उन्हें पिछले नियमों के तहत अपना वेतन मिलना जारी रहेगा, जो उनके अवकाश स्वीकृत होने के समय लागू थे।
सोलन ज़िला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्धारित मानदण्डों को पूरा करने वाले व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों का श्रेष्ठ श्रेणी के रूप में चयन किया गया। इन विजेता ग्राम पंचायतों को ज़िला स्तर पर आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अजय यादव ने सम्मानित किया। सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत ओच्छघाट के राजकीय माध्यमिक विद्यालय कालाघाट के समीप सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत जाबल जमरोट के गांव डुंगी की शांति देवी पत्नी खेम चंद को व्यक्तिगत शौचालय की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पलोग के सामुदायिक भवन मानन के समीप स्थित सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत घनागुघाट के गांव बपडोन की हरदेई सुपुत्री सुंदर सिंह को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। विकास खण्ड नालागढ़ की ग्राम पंचायत घोलोवाल में स्थित शिव मंदिर कालीबाड़ी के समीप स्थित सामुदायिक भवन के सामुदायिक शौचालय तथा ग्राम पंचायत गोलजमाला के गांव नंगल उपरला के मलकीत सिंह सुपुत्र हरदयाल सिंह को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत नारायणी के गांव जंदौरी के रत्न लाल सुपुत्र बालू राम को व्यक्तिगत शौचालय तथा कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत छावशा के गांव बणी के नरेन्द्र पाल सुपुत्र मानू राम को व्यक्तिगत शौचालय के लिए सम्मानित किया गया। सोलन ज़िला में 19 नवम्बर से 10 दिसम्बर, 2024 तक विश्व शौचालय दिवस का आयोजन किया गया। इस अवधि में व्यक्तिगत व सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों की साफ-सफाई व मुरम्मत कार्य करवाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के पैरामीटर में अव्वल रहे श्रेष्ठ व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय का चयन किया गया। अजय यादव ने कहा कि ऐसे अभियान से अन्य ग्राम पंचायतों को साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि घरो में स्वच्छता एक स्वस्थ जीवन का आधार होती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया ज़िला को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में बुधवार को विख्यात तमिल कवि भारती, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमन्य भारती की जयंती के अवसर पर भारतीय भाषा दिवस मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में सभी कार्यक्रम और कार्यालय में हिन्दी भाषा का ही उपयोग किया गया। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने सतर्क, सुरक्षित एवं संरक्षित पर्यावरण संघ (स्पेस क्लब) के सदस्यों व 60 छात्र-छात्राओं द्वारा पर भारतीय भाषा उत्सव मनाया गया, जिसे तीन परिकल्पना पर आधारित किया गया। पहले परिकल्प के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी संवैधानिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा कार्यालय के अक्षिक्षकों को हिन्दी तथा क्षेत्रीय भाषा में अपने कार्यालय में कार्य करने के लिए निवेदन किया गया तथा संघ के सभी सदस्यों द्वारा उनके कार्यालयों में जाकर यह संदेश प्रेषित किया गया। दूसरे परिकल्प के अंतर्गत संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ सतीश भारद्वाज ने इस वर्ष के भारतीय भाषा दिवस का विषय ‘भाषाओं के माध्यम से एकता’ पर प्रकाश डालते हुए अपने व्याख्यान में प्रकृति और भाषा में समन्वयन के सम्बंध पर कहा कि जहां आधुनिकता के दौर में हम अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को भुलाते जा रहें है वहीं हम आधुनिकता की पाश्चात्य परिवेश को भी अपना रहे हैं, जिससे कि हम आपसी सौहार्द, प्रेम व भाईचारे से कहीं कोसों दूर भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाषाएं हमारी संस्कृति की पहचान है और प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को भी दर्शाती है। विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु भिन्न होने के कारण वहां का भाषीय परिवेश भी भिन्न है। इन सब का आपस में तालमेल बिठाने से ही हमें प्रकृति से भी प्रेम होगा व हम अपने संस्कारों से भी जुड़े रहेंगे। संगोष्ठी में उपस्थित छात्रों द्वारा अपनी क्षेत्रीय भाषा में प्रश्न पूछे गए तथा उनका उत्तर भी उसी भाषा में दिया गया एवं इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं ने अपने सगे-संबध्यिों को 35 पोस्ट कार्ड पर अपनी स्थानीय भाषा में पुराने तरीके से संदेश भेजे। इसमे जहां क्षेत्रीय भाषाओं का सहारा लिया गया वहीं इन्होंने इस कार्यक्रम में उत्सुकतापूर्वक अपनी जीवन शैली में दैनिक रूप से प्रयोग होने वाली क्षेत्रीय भाषाओं में परिचर्चा में भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया व अपनी प्रसन्नता जाहिर की। इसके उपरान्त स्पेस क्लब के छात्रों ने कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल से निवेदन किया गया कि कार्यक्रम के प्रारूप को विस्तार देने के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों को प्रेरणा दी जाए। प्रोफेसर चंदेल ने छात्रों कि इस मुहिम का स्वागत किया और बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत हर विभाग को परामर्श दिया गया है कि क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा के माध्यम से शिक्षा एवं अनुसंधान का प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि दैनिक कार्य में हिन्दी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा को प्रोत्साहित करने से विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में किसानों के साथ सामंजस्य बनाने में विश्वविद्यालय को मदद मिलेगी।
** विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को वित्तीय लाभ किए वितरित मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में प्रदेश सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान छः नई योजनाओं का शुभारंभ किया और लाभार्थियों को वित्तीय लाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की से तैयार हिमभोग आटा लॉन्च किया। राज्य सरकार ने प्रदेश के 10 जिलों में 1,506 किसानों से 398 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की है और किसानों के बैंक खातों में सीधे 1.20 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। देश में हिमाचल गेहूं के लिए 40 रुपये प्रतिकिलो ग्राम और मक्की के लिए 30 रुपये प्रतिकिलो ग्राम अधिकतम समर्थन मूल्य देने वाला राज्य है और प्रदेश में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर 1.98 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इस पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना के अन्तर्गत 36,000 किसानों को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र निहित गांरटियों को पूरा करने के उद्देश्य से लघु किसानों और पशुपालकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट खरीद की योजना शुरू की है। योजना के तहत 100 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 1 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना 2023 के अन्तर्गत 16 टैक्सी मालिकों को चाबियां प्रदान की। योजना के तहत लाभार्थियों को ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ है और सरकारी कार्यालयों में पांच वर्षों के लिए लीज पर ई-टैक्सियों का संचालन किया जाएगा। इससे टैक्सी मालिकों को नियमित आय का साधन उपलब्ध करवाया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य पहले चरण में ई-टैक्सी मालिकों को लगभग 150 परमिट प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 5145 लाभार्थियों को 1.38 करोड़ रुपये वितरित कर इस योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने लाभार्थियों को पात्रता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। इस योजना का उद्देश्य विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के 23 हजार बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 18 वर्ष से कम की आयु के बच्चों के लिए 1 हजार रुपये प्रतिमाह और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के लिए 53.21 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रावधान रखा गया है। इससेे बाल शोषण को रोकने में सहायता मिलेगी और वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सात जिलों में बागवानी क्षेत्र के विकास को विस्तार प्रदान करने के लिए 1292 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्य संवर्धन परियोजना का भी शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के छः हजार हैक्टेयर क्षेत्र में अमरूद, संतरे, लीची और पलम जैसे फलों की खेती को बढ़ावा प्रदान कर 15 हजार किसान परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जाएगा। वर्ष 2032 तक प्रतिवर्ष 1.3 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होने की संभावना है जिनका बाजार मूल्य 400 करोड़ रुपये होगा। मुख्यमंत्री ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चम्बा और जिला सिरमौर के शिलाई के दुर्गम क्षेत्रों के लिए पांच मोबाइल आयुष स्वास्थ्य यूनिट को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रत्येक यूनिट में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आयूर्वेद, यूनानी और होमोपैथी उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सा टीम सेवाएं देगी। इस पहल का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर के 197 लाभार्थियों को 1.90 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इसके तहत 153 बच्चों के लिए पेंशन, 17 लाभार्थियों के लिए आवास अनुदान,10-10 लाभार्थियों के लिए विवाह एवं उच्च शिक्षा और 3-3 लाभार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा और स्टार्ट-अप सहायता प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में राज्य की कांग्रेस सरकार दो साल का जश्न मना रही है। इस दाैरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा ने सरकार गिराने की नाकाम कोशिश की। हम 40 थे और 40 हैं। हमारे एक भी मंत्री में दाग नहीं है। इससे ईमानदार मंत्रिमंडल नहीं हो सकता। भाजपा के लोग दिल्ली में जाकर पैसे रुकवाने का काम करते हैं। प्रदेश के कर्मचारियों को ओपीएस कांग्रेस की सरकार ने दी। भाजपा सरकार ने पेंशन देने से इन्कार कर दिया था। कांग्रेस सरकार कर्मचारियों की साथी है। जब तक हम हैं, तब तक आपकी पेंशन सुरक्षित है। इसलिए हमें एक साथ मिलकर चलना है। मुकेश ने घोषणा कि जितनी भी भर्तियों के परिणाम लंबित हैं, एक महीने के अंदर जारी किए जाएंगे। मुकेश ने कहा कि सीएम से इसकी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। क्यूंकि हम आपके शुभचिंतक हैं। मुकेश ने कहा कि भाजपा बोलती है कि दिल्ली हिमाचल भवन की कुर्की हो गई, लेकिन कोई हाथ तो लगाकर देखे। मुकेश ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कहा कि बोले समोसा सुक्खू का नहीं, पुलिस का था और पुलिस के समोसे को हाथ लगाओंगे तो ऐसा ही होगा। अग्निहोत्री ने टॉयलेट टैक्स पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के लोग 24 घंटे टॉयलेट में बैठे, फिर देखें टैक्स लगा कि नहीं। अग्निहोत्री ने कहा कि 1 हजार नई बसें हम एक साल के अंदर बेड़े में शामिल कर रहे हैं। जयराम पर निशाना साधते हुए कहा कि आजकल कहते हैं कि कुकर के पैसे लिए, अरे कुकर की सीटी अग्निहोत्री ऐसे बजाएगा कि याद रखोंगे। एचआरटीसी को बदनाम किया जा रहा है। यह कांग्रेस पार्टी की लड़ाई है, भाजपा को अब सत्ता नहीं मिलेगी। हम उस पार्टी के लोग हैं, जिन्होंने हिमाचज का निर्माण किया और इसे आगे बढ़ाया। कहा कि शिमला में 2 हजार करोड़ से रोपवे बना रहे हैं। दो साल में बनकर तैयार होगा। 2400 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।
जियो बीपी (रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड) और ईवीआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश में पांच ग्रीन कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की उपस्थिति में परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने कंपनियों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किए। दोनों कंपनियां एक साल में 41 में से 31 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेंगी। यहां यात्रियों को शौचालय, फूड कोर्ट सहित अन्य वे-साइड सुविधाएं भी मिलेंगी। एक हफ्ते में तीसरी कंपनी इलेक्ट्रोवेब के साथ भी एमओयू होगा। यह कंपनी 10 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन और वे-साइड सुविधाएं देंगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि जियो बीपी कंपनी मंडी-जोगिंद्रनगर पठानकोट के साथ-साथ कीरतपुर-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी। ईवीआई टेक्नोलॉजी एक वर्ष के भीतर परवाणु-ऊना-संसारपुर टेरेस-नूरपुर तथा परवाणु, शिमला-रिकांगपियो-लोसर ग्रीन कॉरिडोर विकसित करेगी। इलेक्ट्रोवेब कंपनी शिमला-हमीरपुर-चंबा ग्रीन कॉरिडोर को विकसित करेगी। इन पांच ग्रीन कॉरिडोर पर कंपनियां एक साल के भीतर 41 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन, वे-साइड सुविधाएं तथा सुपर मार्केट स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 41 स्थानों पर ई-बस, ई-ट्रक तथा अन्य ई-व्हीकल को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। इन स्थानों पर शौचालय तथा रेस्तरां की सुविधाएं भी मिलेगी। सरकार को कंपनियां 75 लाख रुपये प्रति वर्ष लीज मनी देगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार 350 ई-बसों की खरीद कर रही है। परिवहन विभाग देश में ऐसा पहला विभाग है जहां सभी वाहन इलेक्टि्रक हैं। इस अवसर पर प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में ऊपरी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते कड़ाके की ठंड हो गई है। जिला ऊना, हमीरपुर और पालमपुर में पारा शून्य पहुंच गया है। शिमला में रात को तापमान एक डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 5.9 नाहन में दर्ज हुआ। रात का पारा कम होने से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। कई जगह पानी के पाइप जम गए हैं। चंबा-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग बंद हो गया है। वहीं, मनाली-लेह मार्ग पर सफर करना खतरनाक हो गया है। मैदानी जिलों में बुधवार से शुक्रवार तक सुबह-शाम के समय कोहरा पड़ने और अन्य जगह शीतलहर का येलो अलर्ट जारी हुआ है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वीरवार को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। शिमला में मंगलवार को धूप खिलने के साथ मौसम दिन भर साफ रहा, लेकिन शीतलहर कम नहीं हुई। ऊना में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 23.8 डिग्री सेल्सियसरहा। भरमौर क्षेत्र में नल में पानी की धार बर्फ में तबदील नजर आई। लाहौल घाटी में माइनस तापमान के बीच 97 फीसदी घरेलू नलों में पानी जम हो गया है। लाहौल के धुंधी, सिस्सू और जिस्पा के अलावा अन्य कई स्थानों पर ब्लैक आइस में वाहन फिसलते रहे। पुलिस ने अटल टनल पर्यटक वाहनों के लिए बंद कर दी है। हालांकि, फॉर बाई फॉर वाहनों में पर्यटक अटल टनल की ओर गए। कुफरी, डोडरा क्वार, चौपाल में हुई हल्की बर्फबारी हुई। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ शिमला के कुफरी, डोडरा क्वार और चौपाल में मंगलवार दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई। चांशल दर्रा बंद होने से डोडरा क्वार सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गई है। किन्नौर में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के दो दिन बाद भी तीन ग्रामीण रूट बंद चल रहे हैं। छितकुल, कुनौचारंग और आसरंग के लिए मंगलवार को भी पथ परिवहन निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। प्रदेश में बर्फबारी के बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार रात को सात जिलों का न्यूनतम पारा माइनस में रिकॉर्ड हुआ। इनमें लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में सबसे कम- 12.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान है। इसके अलावा कुकुमसेरी का -8.1, समदो का -7.9, कल्पा का -5.4, शिमला जिले में नारकंडा के -3.4, कुफरी का-2.2, कुल्लू जिले में मनाली का -2.8, सेऊबाग का -2.5, बजौरा का -1.6, भुंतर का -1.4, किन्नौर जिले के रिकांगपिओ का -1.8, चंबा जिले के भरमौर का -1.7, बिलासपुर जिले के बरठीं का -0.7, सोलन का - 0.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
** बिलासपुर से 6 नई योजनाओं का होगा शुभारंभ हिमाचल प्रदेश में साल 2022 में विधानसभा चुनाव में 40 सीटें जीतकर सत्ता में आई सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री की शपथ लेकर कार्यभार संभाला था। इस उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिला बिलासपुर के लुहणू मैदान में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करने जा रही है। इस समारोह को यादगार बनाने के लिए सरकार ने लुहणू मैदान में 30 हजार की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए मंत्रियों सहित सभी विधायकों को अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों से लोगों को लाने का टारगेट दिया गया है। वहीं, इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों के सामने सरकार की दो साल की उपलब्धियों का गुणगान करेंगे और साथ ही 6 नई योजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे। हिमाचल में कांग्रेस सरकार के दो साल का कार्यभार पूरा होने पर बिलासपुर के लुहणू मैदान समारोह आयोजित होगा। ये कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें प्रदेश भर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश में 6 नई योजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिनमें राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार योजना के तहत ई-टैक्सी, विधवाओं के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना, प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का हिम भोग आटा, गोबर की खरीद योजना और प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्की की खरीद के लिए संबंधित किसानों को धन हस्तांतरण करना शामिल है। इसके अलावा इस दौरान पांच आयुष मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। वहीं, पुरानी पेंशन योजना और मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित भी किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के दो साल के समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन सभी राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया था। ‘व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल’ थीम पर किए जा रहे समारोह में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजीव शुक्ला मुख्य अतिथि होंगे।
कुनिहार: 20 वर्षीय रिया कंवर, जो पिछले एक साल से ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, अब इस दुनिया में नहीं रही। रिया के निधन की खबर ने न केवल उसके परिवार को, बल्कि कुनिहार क्षेत्र के हर उस व्यक्ति को शोक में डुबो दिया, जो पिछले एक साल से उसकी स्वस्थ होने की दुआ कर रहा था। रिया के पिता विजेन्द्र सिंह कंवर ने अपनी बेटी के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए, आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। एक साल पहले रिया के पेट में अचानक दर्द हुआ था, जिसके बाद उसे कुनिहार के स्थानीय अस्पताल में दिखाया गया। वहाँ से उसे शिमला के IGMC रेफर किया गया, जहां टेस्ट के बाद रिया को ब्लड कैंसर का पता चला। इस प्रकार के कैंसर का इलाज बेहद महंगा था और लगभग 40 लाख रुपये की आवश्यकता थी। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले रिया के पिता के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना नामुमकिन था। फिर भी परिवार ने अपनी जमा पूंजी और लोगों की मदद से इलाज जारी रखा। रिया का इलाज चंडीगढ़ और फिर देहरादून के अस्पतालों में भी चलता रहा। कुछ समय के लिए रिया स्वस्थ होकर घर भी लौट आई थी, लेकिन अचानक उसकी तबीयत फिर से बिगड़ गई। रिया के माता-पिता और परिवार ने अपनी बेटी को बचाने के लिए हर प्रयास किया, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार सुबह रिया का शव देहरादून से गांव थावना पहुंचा, और गांव के शमशान घाट पर उसके छोटे भाई सक्षम कंवर ने रिया का अंतिम संस्कार किया। रिया के परिवार ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस कठिन समय में उनकी मदद की।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश वाले सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियों का संभावित शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियों के कार्यक्रम का मामला पिछले कुछ समय से सरकार के विचाराधीन था। उचित विचार-विमर्श के बाद कुछ निर्देशों के साथ एक संभावित छुट्टियों का कार्यक्रम तैयार किया गया है। सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि छुट्टियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले इन निर्देशों को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा ताकि विभिन्न हितधारकों जैसे कि माता-पिता, विद्यार्थी, शिक्षक, उप निदेशक आदि की प्रतिक्रिया, राय प्राप्त की जा सके। इस पर विभिन्न हितधारक 15 दिन के भीतर अपनी प्रतिक्रिया व राय दे सकेंगे। इसके बाद सभी प्रतिक्रियाओं को 15 जनवरी 2025 से पहले आपकी टिप्पणियों के साथ विभाग को भेजने का फैसला लिया गया है, ताकि छुट्टियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सके।
सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा होने के थोड़े ही दिन बाद हिमाचल प्रदेश में अफसरशाही की बागडोर भी बदल जाएगी। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना मार्च 2025 में सेवानिवृत्त होंगे। हालांकि उससे पहले उनकी रेरा अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हो सकती है तो वह सेवानिवृत्ति के निर्धारित समय से पहले भी यह नियुक्ति पा सकते हैं। यानी वह जनवरी में इस पद पर नियुक्त किए जा सकते हैं। मुख्य सचिव के पद के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों में संजय गुप्ता, केके पंत और ओंकार शर्मा के नाम चर्चा में हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ही फैसला लेना है कि वह किसे प्रदेश की अफसरशाही की कमान दे सकते हैं।अफरशाही की बागडोर बदलेगी तो निचले स्तर तक भी स्वाभाविक रूप से बदलाव होंगे। या तो नए मुख्य सचिव जनवरी में ही नियुक्त हो जाएंगे या फिर मार्च के बाद तो स्वाभाविक रूप से नियुक्ति होनी ही है। रेरा यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथाॅरिटी के वर्तमान में डॉ. श्रीकांत बाल्दी अध्यक्ष हैं। डॉ. बाल्दी पूर्व में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। वह भी मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्ति लेकर रेरा के अध्यक्ष बने थे। डॉ. बाल्दी दिसंबर के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ठीक इसी तरह से सक्सेना भी बनाए जा सकते हैं। वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को सीएम के पसंदीदा अधिकारी होने के चलते उन्हें रेरा की बागडोर दी जा सकती है। हालांकि इसकी एक अलग प्रक्रिया है, जिसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे तो कई अन्य अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं। वरिष्ठता में 1988 बैच के आईएएस अफसर संजय गुप्ता तो प्रबोध सक्सेना से भी आगे हैं। उन्हें प्रधान सलाहकार की नियुक्ति दी गई और वह वर्तमान में बिजली बोर्ड के अध्यक्ष और रोपवे कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक भी हैं। प्रबोध सक्सेना के बाद वरिष्ठता में केके पंत आते हैं। पंत 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि सक्सेना का बैच 1990 का है। कुछ अन्य अधिकारी भी सक्सेना से वरिष्ठ हैं, मगर उन्हें केंद्र या राज्य में अलग-अलग तरह की महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां दी गई है। पंत हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं। पंत के बाद वरिष्ठता में अनुराधा ठाकुर आती हैं, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वह 1994 बैच की हैं। इसी बैच में ओंकार शर्मा उनके बाद आते हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। हिमाचल प्रदेश में रविवार से बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। राजधानी शिमला में बर्फबारी के बाद कसौली में भी बर्फबारी हुई। पर्यटन क्षेत्र कसौली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।हालांकि बर्फबारी सिर्फ 15 मिनट तक ही हुई, लेकिन लोगों और पर्यटकों के चेहरे पर बर्फबारी होने की खुशी देखने को मिली। बर्फबारी होने के साथ ही पर्यटक झूम उठे। वहीं, समूचे प्रदेश में बर्फबारी के चलते तापमान बहुत कम हो गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बता दें की मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश में आगामी दिनों के लिए बारिश व बर्फबारी की चेतावनी दी है। रविवार दोपहर बाद से मौसम बदल गया है। दिनभर घने काले बादल छाए रहे इसके बाद पर्यटन क्षेत्र कसौली में शाम करीब 7:00 बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। बारिश के बीच ही बर्फ के फाहे गिरे। शाम 7:20 पर बर्फ के फाहे गिरने तेज हो गए। इसके बाद करीब 15 मिनट तक बर्फ के फाहे गिरते रहे। वीकेंड होने के चलते कसौली में पर्यटकों की आवाजाही भी काफी रही। साल 2023 में पर्यटन क्षेत्र कसौली में बर्फबारी नहीं हुई थी, जिसके चलते यहां के लोगों और पर्यटकों को मायूस होना पड़ा था। मगर इस बार कसौली में बर्फबारी का सिलसिला बीते रोज से शुरू हो गया है। ऐसे में पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिल गए हैं। पर्यटन कारोबारियों को पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, रविवार को सोलन व अन्य क्षेत्रों में बारिश होती रही। हालांकि यहां रुक-रुक कर बारिश हुई। शहर व आसपास के क्षेत्रों में रविवार सुबह से ही तेज हवा चल रही थी। इससे धूल मिट्टी अधिक हो गई थी।
हिमाचल में कृषि-बागवानी में उच्च तकनीक को अपनाकर किसानों-बागवानों की आजीविका के साधन एवं उनकी आय में बढ़ोतरी करने में सफलता हासिल की है। प्रदेश के किसानों की ओर उत्पादित फल, फूल, सब्जियों और उच्च मूल्य की नकदी फसलों का प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान है। एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए एक वरदान साबित होगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जनवरी 2023 से दिसंबर 2028 तक एचपी शिवा मुख्य परियोजना एशियन विकास बैंक के संसाधनों के साथ कुल लागत 1292 करोड़ रुपये के साथ अनुमोदित की गई है। एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगडा, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना के 28 विकास खंडों में 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को बागवानी के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी परियोजना की तैयारी के लिए 39 क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। इसमें 228 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया, जिससे 1250 किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं। मुख्य परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 257 क्लस्टर चिन्हित किए जा चुके हैं। वहीं 162 सिंचाई योजनाएं विकसित की जानी प्रस्तावित हैं। परियोजना में 4 हेक्टेयर क्षेत्र में किये जाने वाले विनिर्माण कार्य जैसे कि भूमि तैयार करना, सोलर मिश्रित तार बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगाना व सिंचाई योजनाओं को लगाने के कार्य प्रगति पर हैं। इसके तहत 162 सिंचाई परियोजनाओं में से 121 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और 177 क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सौर मिश्रित बाड़बंदी व भूमि तैयार करने के कार्य 73 क्लस्टरों में जारी है। एचपी शिवा मुख्य परियोजना के अंतर्गत गत दो वर्षों में करीब 324 हेक्टेयर क्षेत्र उच्च घनत्व उपोष्ण कटिबंधीय फलों के अंतर्गत लाया जा चुका है। परियोजना में अभी तक कुल 122 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें से 106 करोड़ रुपये की अदायगी एशियन विकास बैंक की और से की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 114 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 3,687 बागवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बागवानी क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। बागवानों का कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में बागवानी क्षेत्र का समग्र विकास हो रहा है।
** 12 दिसंबर की कैबिनेट मीटिंग में लगेगी मुहर हिमाचल प्रदेश में गेस्ट टीचर पॉलिसी पर पहले भी विवाद हो चुका है, लेकिन अब नए सिरे से इस पर काम किया जा रहा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में शिक्षा से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस में गेस्ट टीचर्स रखने को लेकर एक सुझाव दिया था। उसके बाद शिक्षा विभाग ने इस पर काम किया है।अब ऐसा विचार किया जा रहा है कि स्कूल व कॉलेज में प्रधानाचार्य जरूरत के अनुसार गेस्ट टीचर रख सकेंगे। कैबिनेट में इस विचार पर मुहर लगेगी। अभी राज्य सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरा होने के समारोह के बाद 12 दिसंबर को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई गई है। उस बैठक में गेस्ट टीचर रखने से संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हाल ही में सचिवालय में विभाग की एक लंबी बैठक ली है। उसमें भी इस विषय पर चर्चा हुई है। सरकार का ऐसा विचार है कि जिन स्कूलों में किसी विषय विशेष के अध्यापक नहीं हैं, वहां रोटेशन के आधार पर गेस्ट टीचर रखे जाएं। इसका जिम्मा संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को दिया जाए। यह अस्थाई प्रावधान होगा। कई बार अचानक से कोई पद खाली होता है, किसी शिक्षक की ट्रांसफर होती है या फिर कोई रिटायर हो जाता है तो विषय विशेष को पढ़ाने वाला कोई नहीं होता। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य नीड बेस्ड यानी जरूरत के आधार पर गेस्ट टीचर रख सकेंगे। ऐसे शिक्षकों को प्रति घंटा के आधार पर मानदेय दिया जाना प्रस्तावित है। ये टीचर रोटेशन के आधार पर रखे जाएंगे, ताकि उनका एक ही स्कूल में लंबा स्टे न हो जाए। इस बारे में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कैबिनेट एजेंडा तैयार करने को कहा है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि कैबिनेट में गेस्ट टीचर रखने के अलावा विभाग के अन्य मसलों पर भी चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी गेस्ट टीचर्स को लेकर एक नीति का ऐलान हुआ था। उस नीति का काफी विरोध हुआ था, जिस पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उसे वापस लेने की बात कही थी। उस समय भी सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा था कि इस मामले में सरकार के पक्ष को गलत समझा गया। दरअसल, सरकार पीरियड बेस्ट ऑवरली सिस्टम पर गेस्ट टीचर रखना चाहती थी। उस फैसले पर युवाओं का तर्क था कि यदि ऐसे ही पद भरे जाने हैं तो नेट, सेट व कमीशन आदि परीक्षाओं के लिए इतनी मेहनत करने की आवश्यकता ही क्या है। फिलहाल, अब स्कूल या कॉलेज प्रिंसिपल जरूरत के आधार पर अस्थाई व्यवस्था के तहत एक पैनल गठित कर उसकी सिफारिश पर टीचर रख सकेंगे।
** शिमला, ठियोग सहित ऊपरी क्षेत्रों में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, ऑक्यूपेंसी में इजाफा हिमाचल प्रदेश में हुई ताजा बर्फबारी के बाद एकाएक सैलानियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को देर शाम शिमला के रिज मैदान पर बर्फ के फाहे गिरते ही सैलानी झूम उठे। बर्फबारी के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का जमावड़ा लगने की उम्मीद है। हालांकि, निचले इलाकों के लोग बारिश और बर्फबारी का इंतजार करे रहे हैं। क्रिसमस से पहले हिमाचल में हुई बर्फबारी से पर्यटन कारोबार में बूम आने की उम्मीद है। वहीं, लाहौल स्पीति और किन्नौर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही आज प्रदेश में बर्फबारी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 8 से 10 दिसंबर तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। वहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी से राजधानी शिमला सहित अधिकांश क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज हुई है। शीतलहर की वजह से अच्छी खासी ठंड देखने को मिल रही है। अधिकतम पारा भी कम रहा है। सबसे कम तापमान लाहौल स्पीति के ताबो में -13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि सबसे अधिक तापमान ऊना में 25 डिग्री दर्ज किया गया। मैदानी जिलों में 10 और 11 दिसंबर को सुबह और शाम के समय कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, प्रदेश में आज बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था, जिसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फबारी और बारिश होने की आशंका है, जबकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 और 11 दिसंबर को भाखड़ा बांध (बिलासपुर) और बल्ह घाटी (मंडी) के जलाशय क्षेत्र के कई हिस्सों में सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहने की संभावना है।
** मौसम विभाग ने जताई संभावना, प्रदेश में हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान गिरा हिमचल प्रदेश में रविवार से बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने जैसा पूर्वानुमान दिया था, उसके अनुसार मौसम ने करवट ले ली है। इसके बाद मौसम विभाग ने आठ दिसंबर को राज्य के आठ जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है और चार जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना बताई है। प्रदेश के मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की बात कही गई है। रविवार को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है, तो उच्च पर्वतीय स्थानों पर बारिश, बर्फबारी बताई गई है। कुल मिलाकर रविवार आठ दिसंबर से हिमाचल के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। शनिवार की बात करें, तो राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप तो थी, मगर ठंडी हवाएं भी साथ चल रही थीं। शिमला में पूरा दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे यहां न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। इसी तरह से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हवाएं चलने से मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक प्रदेश के लाहुल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, शिमला व कुल्लू की चोटियों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। राज्य के सोलन, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, मंडी व हमीरपुर में भी गर्जन के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। ऐसे में मैदानों सहित पहाड़ों पर लोगोंं को रविवार को ठंड का सामना करना पड़ेगा। तापमान की बात करें, तो कल्पा, केलांग, कुकुमसेरी, समदो व ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस डिग्री में रिकार्ड किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में रविवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। रविवार को चोटियों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होगी। राज्य में 10 दिसंबर तक मौसम खराब बना रहेगा, जबकि 11 से 13 दिसंबर के बीच मौसम साफ होगा।
** संशोधन की हो चुकी तैयारी हिमाचल प्रदेश में जनवरी 2025 से बिजली महंगी हो जाएगी। नए साल से उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में दूध और पर्यावरण शुल्क शामिल होगा। बिल संशोधित करने के लिए बोर्ड ने तैयारी पूरी कर ली है। अब बढ़ी हुई दरों को लागू करने के लिए सिर्फ सरकार से आदेश का इंतजार है। सरकार से अधिसूचना जारी होते ही नई दरों के तहत बिजली बिल जारी होंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दस पैसे प्रति यूनिट और अन्य के लिए दो रुपये तक बिजली के दाम बढ़ेंगे। इससे प्रदेश के 27 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका लगेगा। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने विधानसभा के मानसून सत्र में पारित विद्युत शुल्क संशोधन अधिनियम 2024 को मंजूरी दे दी है। अब साॅफ्टवेयर में एंट्री का काम सरकार से मंजूरी मिलते ही शुरू किया जाना है। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में पूर्व की दरों के तहत ही बिल जारी होंगे। इसी माह सरकार से नई दरें लागू करने की अधिसूचना जारी होने के आसार हैं। बढ़ी दरें जनवरी 2025 से लागू होंगी। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10 पैसे दूध उपकर चुकाना होगा। इन पर पर्यावरण उपकर नहीं लगेगा। शून्य बिल वाले उपभोक्ताओं से दूध उपकर भी नहीं लिया जाएगा। लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों, वाणिज्यिक, स्टोन क्रशर, अस्थायी कनेक्शन, चार्जिंग स्टेशन मालिकों से दूध उपकर के साथ-साथ पर्यावरण उपकर भी लिया जाएगा। इन सभी श्रेणियों को 10 पैसे के दूध उपकर के अलावा पर्यावरण उपकर के तौर पर 2 पैसे से लेकर 6 रुपये प्रति यूनिट भी चुकाना होगा। पर्यावरण उपकर लेने के लिए उद्योगों को तीन श्रेणियों लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों की श्रेणी में बांटा गया है। लघु उद्योगों पर दो पैसे प्रति यूनिट, मध्यम उद्योगों पर चार पैसे, बड़े उद्योगों पर 10 पैसे, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर 10 पैसे, अस्थायी कनेक्शनों पर दो रुपये और स्टोन क्रशरों पर दो रुपये प्रति यूनिट पर्यावरण उपकर लगेगा। विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशनों से 6 रुपये प्रति यूनिट उपकर वसूला जाएगा। प्रदेश में जनवरी से एक उपभोक्ता को एक ही बिजली मीटर पर सब्सिडी मिलेगी। इन दिनों प्रदेश भर में उपभोक्ताओं की ई केवाईसी करने का काम चल रहा है। अगर किसी उपभोक्ता के नाम पर अधिक कनेक्शन होंगे तो एक को छोड़कर अन्य पर बिना सब्सिडी वाली दरों के हिसाब से बिजली शुल्क चुकाना होगा। प्रदेश में कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने मुख्य शहरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर बनाए हैं। इन उपभोक्ताओं से अभी 125 यूनिट प्रति माह खपत न होने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है, लेकिन एक परिवार एक मीटर योजना लागू होने पर उन्हें भी न्यूनतम शुल्क चुकाना ही पड़ेगा। बिजली उपभोक्ताओं को भी गैस सिलिंडर की तर्ज पर सब्सिडी बैंक खाते में देने की तैयारी है।
जिला सोलन पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन अपना अखिल भारतीय पेंशनर दिवस समारोह का जिला स्तरीय कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से 17 दिसंबर 2024 मंगलवार सुबह 11 बजे सोलन जिला के बरोटीवाला में ठाकुर मैरिज पैलेस नजदीक टेंपो यूनियन बरोटीवाला में मनाने जा रहा है, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश पेंशन कल्याण संगठन शिमला हिमाचल प्रदेश आत्माराम शर्मा शिरकत करेंगे। समारोह की अध्यक्षता केडी शर्मा जिला पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार करेंगे । यह जानकारी जिला के अध्यक्ष केडी शर्मा व जिला के सचिव जगदीश पंवर ने दी। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि जिला के तमाम पेंशनर व जिला के 12 सब यूनिट के पदाधिकारी से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर इस समारोह की शोभा बढ़ाएं। जगदीश पंवर महासचिव ने यह भी बताया कि इस समारोह में पेंशनरों के मनोरंजन के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग हिमाचल प्रदेश के नाट्य दल को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह जानकारी जिला पेंशनर एवं कल्याण संगठन के जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने दी।
** नि-क्षय अभियान’ के तहत मोबाइल वैन को झंडी दिखा कर किया रवाना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ‘नि-क्षय अभियान’ के तहत आयोजित एक समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से तपेदिक की जांच भी करवाई। उन्होंने इस अभियान के लिए समर्पित एक मोबाइल वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 दिनों तक चलने वाला यह अभियान हिमाचल प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में कारगर साबित होगा। इस अभियान का उद्देश्य टीबी के मामलों की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और समुदायों में जागरूकता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान राज्य के सभी जिलों में चलाया जाएगा, जिसके तहत कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। उन्होंने सभी से अपने क्षेत्रों में नि-क्षय शिविर अभियान में सक्रियता से भाग लेने और लोगों को टीबी के लक्षणों को पहचानने और समय पर जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिमाचल प्रदेश निकट भविष्य में टीबी मुक्त राज्य बनकर उभरेगा। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से प्राप्त सहायता के अलावा, मुख्यमंत्री टीबी उन्मूलन योजना के तहत 2 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। राज्य की 13 प्रतिशत आबादी 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की है, इसके दृष्टिगत वृद्धजनों के लिए प्रारंभिक निदान और रोकथाम आवश्यक है। उन्होंने बीमारियों की रोकथाम के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक होने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रारम्भिक आयु से ही बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूली पाठयक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा को शामिल करने पर विचार कर रही है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता प्रदान करते हुए इस क्षेत्र में सुधार की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन विभागों को स्तरोन्नत किया जा रहा है और चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एक साल के भीतर राज्य के लोगों के लिए उन्नत निदान और उपचार सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए दृढ़ता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए सरकार सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के मासिक भत्ते को 60,000 रुपये से बढ़ाकर 1.75 लाख रुपये और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए एक लाख रुपये करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वन सम्पदा उत्तर भारत को प्राणवायु प्रदान करती है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के वनों के संरक्षण के प्रयासों को अधिमान देते हुए ‘ग्रीन बोनस’ प्रदान करने की अपील की। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार सतत् भविष्य सुनिश्चित करने के दृष्टिगत हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अपनी औद्योगिक नीति में संशोधन कर रही है। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई और टीबी रोगियों को निक्षय पोषण किट वितरित कीं। उन्होंने अभियान में योगदान देने वाली संस्थाओं और संगठनों को भी सम्मानित किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने सभी से टीबी के प्रति सतर्क रहने और शीघ्र उपचार के लिए समय पर जांच करवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में टीबी जांच दर देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टीबी रोगियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मासिक वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बल दिया कि टीबी को खत्म करने के लिए जन सहयोग बहुत जरूरी है। सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी ने नि-क्षय अभियान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इससे पूर्व, एनएचएम की मिशन निदेशक प्रियंका वर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उपायुक्त एनएचएम डॉ. जोया अली रिजवी और अन्य लोग भी उपस्थित थे।
** कुनिहार को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना निरस्त करने की सीएम से की गई मांग पैन्शनर वैलफेयर एसोशियेशन कुनिहार की मासिक बैठक पेंशनर भवन कुनिहार तालाब में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएसन के प्रधान विनोद जोशी ने की। विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू से अनुरोध किया गया कि कुनिहार, कोठी व हाटकोट के क्षेत्र को नगर पंचायत बनाने की जो अधिसूचना जारी की गई है इस अधिसूचना को जनहित में निरस्त किया जाए। क्योकि यह इलाका कृषि प्रधान है। यहाँ के मूल निवासी कृषक है, जिनकी आजीविका कृषि पर ही निर्भर है। इसके अलावा बैठक में सरकार से अनुरोध किया गया कि 1-1-2016 से 31-12-2022 के बीच सेवा निवृत कर्मचारियों के वित्तीय लाभ संशोधित वेतनमान का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है, जबकि 1-1-2022 के बाद सेवा निवृत कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जा चुके हैं। कृपया यह सभी लाभ शीघ्र दिए जाएं। सेवा निवृत्त कर्मचारियों की ग्रेजुएटी की एवज में 15 वर्ष तक रहने वाली राशि को भी घटा कर 10 वर्ष 9 माह के पश्चात पेन्शन के साथ समायोजित करने के आदेश दिए जाए, जबकि यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय है। इसके अलावा 65, 70 व 75 वर्ष के सेवा निवृत्त कर्मचारियों को 5 ,10 व 15 प्रतिशत के लाभ को भी पेन्सन में समायोजित किया जाए। मंहगाई भत्ते की बकाया किस्तों का भुगतान भी तुरन्त किया जाए तथा लम्बित संशोधित बजट का एरियर, इत्यादि का भुगतान करने के आदेश जल्द से जल्द किए जाएं। बैठक में चेतराम भारद्वाज, गोपाल सिंह पवर, ज्ञान ठाकुर,भाग मल तनवर ,राजेंद्र शर्मा, ज्ञान जोशी, दिलाराम तनवर, किशनलाल तनवर, दिलाराम पंवर, दीप राम ठाकुर, डी एन परिहार व नागेंद्र ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
** हिमभोग ब्रांड के नाम से मिलेगा पैकेट हिमाचल में अब जल्द ही बाजार में भी प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का आटा उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के आटे को ‘हिमभोग’ ब्रांड के साथ बाजार में उतारेगी, जिसका जल्द ही शुभारम्भ किया जाएगा और इसे बाजार में उपलब्ध करवाया जाएगा। सीएम सुक्खू ने कहा, अभी तक सरकार के प्रयासों से प्राकृतिक खेती से जुड़े 1506 किसान परिवारों से 4 हजार क्विंटल से अधिक मक्की की खरीद की गई है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों से यह खरीद की गई है। सोलन जिला से सबसे अधिक 1140 क्विंटल, चंबा में 810 क्विंटल और मंडी में 650 क्विंटल मक्की की खरीद की जा चुकी है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। हिमाचल गेहूं और मक्की में सर्वाधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से गेहूं 40 रुपये और मक्की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद का कार्य शुरू हो चुका है। प्रदेश में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है, जिससे 1.98 लाख किसान जुड़े हैं। इन किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने डेढ़ लाख से अधिक किसानों का निःशुल्क प्रमाणीकरण भी किया है। इस वर्ष 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ा जा रहा है। सरकार प्राकृतिक खेती उत्पादों के लिए 10 मंडियों में आधारभूत ढांचा विकसित कर रही है। ताकि उन्हें अपना उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। कृषि को रोजगार से जोड़ना ₹680 करोड़ की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना का तीसरा चरण है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। लोगों की आर्थिकी में इसके महत्व को देखते हुए राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। हिमाचल प्रदेश की करीब 90 फीसदी आबादी गांवों में रहती है। इसलिए सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए कई कदम उठा रही है। सीएम ने कहा राज्य सरकार सीधे तौर पर पैसा किसान के हाथों तक पहुंचाना चाहती है। ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें और खेती उनकी आय का नियमित स्रोत बने। हमने न सिर्फ प्राकृतिक खेती के उत्पादों को समर्थन मूल्य दिया है, बल्कि गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। हमने मनरेगा की दिहाड़ी में ऐतिहासिक 60 रुपये की वृद्धि कर इसे 300 रुपये किया है। ये सारे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश का एक और लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। 29 वर्षीय जवान अक्षय कुमार ने अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान अपनी जान देश के लिए न्यौछावर कर दी है। अक्षय कुमार धर्मशाला के सिद्धबाड़ी के रहने वाले थे। शहीद अक्षय कुमार 19 डोगरा बटालियन में तैनात थे। वहीं, उनकी शहादत की खबर गांव में पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अक्षय कुमार ने साल 2015 में महज 19 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। शहीद के पिता संसार चंद ने बताया कि बचपन से ही अक्षय का सपना देश की सेवा करना था। उनका सपना तो पूरा हुआ, लेकिन अक्षय का ये बलिदान परिवार और गांव के लिए बड़ा सदमा है। उन्होंने बताया कि अक्षय कुमार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। शहीद अक्षय की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। आंखों में नमी लिए भारी मन से शहीद के पिता ने कहा कि इतनी खुशी के बाद इतना बड़ा गम हमारा इंतजार कर रहा था। शादी के बाद अक्षय अपनी पत्नी के साथ नए जीवन की शुरुआत करने की तैयारी की ही थी, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। अक्षय कुमार के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची तो पूरा गांव गमगीन हो गया। हर कोई उनकी शहादत पर गर्व तो कर रहा है, लेकिन उनकी कमी से सबकी आंखें नम हैं। गांव वाले शहीद को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। अक्षय कुमार का पार्थिव शरीर शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव बागनी लाया जाएगा। शहीद के पैतृक गांव में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
** उपभोक्ताओं को मिल रहा आधा सामान हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच लोगों को उचित मूल्य की दुकानों में भी राहत नहीं मिल रही है। दिसंबर महीने का पहला सप्ताह बीतने को है, लेकिन डिपुओं में से आधा सामान अभी भी गायब है। डिपुओं में सस्ते राशन के नाम पर सिर्फ आटा, चावल और चीनी ही मिल रही है, जबकि दो महीने से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में सरसों का तेल और दाल नहीं मिल रही है। ऐसे में लाखों परिवार बाजार से महंगे रेट पर दालें और तेल खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से मलका और चने की दाल के रेट अप्रूव होने के बाद दोनों दालों की सप्लाई का ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उचित मूल्य की दुकानों में दालों का ये स्टॉक नहीं पहुंचा है। ऐसे में खासकर गरीब परिवारों की जेब पर सबसे ज्यादा असर पर पड़ रहा है। वहीं, सरसों के तेल के लिए उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हिमाचल में उपभोक्ताओं को दो महीने के सरसों के तेल का कोटा नहीं मिला है। प्रदेश में बहुत से डिपुओं में उपभोक्ताओं को तीन महीने से सरसों का तेल उपलब्ध नहीं हुआ है। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 है. जो 4500 से ज्यादा डिपुओं के जरिए सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को अब सरसों तेल का बैकलॉग कोटा भी दिया जाना है, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को करीब 70 लाख लीटर सरसों के तेल की जरूरत है। हिमाचल में लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए डिपुओं के जरिए उपभोक्ताओं को आटा, चावल, तीन अलग-अलग किस्म की दालें, सरसों का तेल और नमक बाजार से सस्ते रेट पर मुहैया करवाया जाता है। महंगाई के चलते डिपुओं में सरसों के तेल की मांग ज्यादा रहती है। सरसों के तेल के कोटे को कोई भी उपभोक्ता नहीं छोड़ता है, जिस कारण प्रदेश में हर महीने डिपुओं में करीब 34 लाख लीटर सरसों के तेल की खपत होती है। हिमाचल प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं के जरिए बाजार से सस्ते रेट पर तीन दालें उपलब्ध करा रही है, जिस कारण डिपुओं में लगातार दालों की भी मांग बढ़ती जा रही है। प्रदेश में हर महीने राशन कार्ड धारक डिपुओं से नियमित तौर पर दाल का कोटा उठा रहे हैं।उचित मूल्य की दुकानों में दालों की लिफ्टिंग सौ फीसदी के करीब है। ऐसे में डिपुओं में हर महीने दालों की खपत करीब 5500 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद दिसंबर महीने के लिए 40,510 क्विंटल मलका और 79,160 क्विंटल दाल चना का सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है।
कुनिहार:-बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार की दो छात्राएं वंशिका ठाकुर और सिमरन को राष्ट्रिय स्तर की खेलों में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व करने पर जिला शिक्षा विभाग सोलन व् डी सी सोलन द्वारा सम्मानित किया गया I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की हमे यह बड़े गर्व की बात है की वंशिका ठाकुर और सिमरन राष्ट्रिय स्तर अंडर-17 खेलकूद प्रतियोगिता जो की लखनऊ में 26 नवम्बर से 30 नवम्बर तक आयोजित की गई थी I उन्होंने बताया की उच्च उप शिक्षा निदेशक जिला सोलन के सौजन्य से राष्ट्रीय स्तर की खेलों में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व करने वाले जिला सोलन के खिलाडियों को सम्मानित समारोह आयोजित किया गया था I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की वंशिका ठाकुर और सिमरन राष्ट्रिय स्तर पर भाग लेने पर मनमोहन शर्मा डी सी सोलन , देश राज शारदा उच्च उप शिक्षा निदेशक जिला सोलन, अशोक चौहान बासु जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन , प्रेसिडेंट डी एस एस ए राज कुमार के कर कमलों द्वारा इन खिलाडियों को प्रशस्त्री पत्र देकर किया सम्मानित किया गया I इनके साथ विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम गुरेलिया व् शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा भी मौजूद रहे विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए डा० जगदीश चन्द नेगी जॉइंट डायरेक्टर उप स्शिक्षा निदेशक हि० प्र० उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन, एडिपीओ अशोक चौहान, शारीरिक शिक्षक अमर देव, अरुणा शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा की इनके मार्ग दर्शन से हमारे स्कूल के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय, इलाके और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं I
पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार इकाई की बैठक शनिवार 7 दिसंबर को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। विनोद जोशी ने कुनिहार इकाई के सभी सदस्यों से इस अति आवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 7 दिसंबर को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़-चढ़ कर भाग लें।
हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में 200 डाॅक्टरों की भर्ती होगी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधिकारियों के 200 पद लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरने जा रही है। राज्य लोकसेवा आयोग(HPPSC) ने बुधवार को भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन भर्ती आवेदन (ओआरए) आमंत्रित कर दिए हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 तय की गई है। उम्मीदवार 31 दिसंबर 2024 को 11:59 बजे तक आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। एक बार भुगतान किया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है। अनारक्षित बीपीएल श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस के पुरुष उम्मीदवार तथा हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों से संबंधित भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवार के लिए 150 है। महिला अभ्यर्थियों व भूतपूर्व सैनिक पुरुष अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही आयोग ने पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग में अनुबंध आधार पर पर्यावरण अधिकारी, वर्ग-I (राजपत्रित) के 12 पदों को भरने के लिए ऑनलाइन भर्ती आवेदन (ओआरए) मांगे हैं। इस पदों के लिए भी उम्मीदवार 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसका परीक्षा शुल्क 600 रुपये होगा। महिला उम्मीदवार व कुछ अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों से शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एचपीटीडीसी (हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम) पहली बार अपने होटलों में कमरों की बुकिंग का काम निजी कंपनी मेक माय ट्रिप को सौंपने जा रहा है। मेक माय ट्रिप कंपनी पर्यटन निगम को अग्रिम 2 करोड़ रुपये देकर कमरों की बुकिंग करेगी। निजी होटल समूहों के साथ स्पर्धा के लिए निगम ने यह फैसला लिया है। निगम अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पर्यटन निगम के चेयरमैन आरएस बाली ने यह जानकारी दी।बाली ने कहा कि निगम ने अगले 6 माह में निगम का टर्नओवर 300 करोड़ पहुंचाने का निर्णय लिया है। करीब 16 करोड़ की लागत से शिमला के होटल हॉलिडे होम, पीटरहॉफ और हमीरपुर के होटल हमीर का जीर्णोद्धार होगा। निगम ने बीते साल के मुकाबले इस साल अब तक करीब 2.67 करोड़ अधिक राजस्व अर्जित कर दिया है। तकनीकी तौर पर दक्ष स्पेशल कुक और प्रबंधकों की भर्ती शुरू करने को लेकर प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल गई है। बैठक में स्लाफ के युक्तिकरण का भी फैसला लिया गया है। जहां कमी है, वहां कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाएगा। निगम की आय बढ़ाने के लिए कमरों की ऑनलाइन बुकिंग करने वाली अन्य कंपनियों से भी बात की जाएगी। निगम के महाप्रबंधक अनिल तनेजा को इस काम के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। निजी कंपनियों को निगम के होटलों का ऑनलाइन वेबसाइट पर प्रचार भी करना होगा और चैनल मैनेजर सहित दो कर्मी भी उपलब्ध करवाने होंगे। बाली ने बताया कि पेंशनरों के देय लाभ जारी करने को लेकर न्यायालय के फैसले के बाद निगम ने 1.89 करोड़ की देनदारियां अब तक निपटा दी हैं। बाली ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल पर सरकार उचित फैसला लेगी, फिलहाल पर्यटन निगम का इस संपत्ति पर कोई स्वामित्व नहीं है। निगम कर्मचारी महासंघ की ओर से चेयरमैन को भेजे गए पत्र के बाद मामला खत्म करने की भी बात कही। निगम की संपत्तियों के आय-व्यय का साप्ताहिक रिव्यू चेयरमैन करेंगे और जरूरी दिशा-निर्देश भी देंगे। बाली ने बताया कि स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत हिमाचल की अनदेखी के सवाल पर बाली ने कहा कि केंद्र ने पहले ही हिमाचल के लिए 2500 करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत कर दिया है। काजा और छितकुल के लिए 36 करोड़ का चैलेंजिंग डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से फिर मुलाकत करेंगे और हिमाचल के लिए नए प्रोजेक्ट मांगेंगे।
** नेर चौक अस्पताल में एक एमआरआई मशीन नहीं लगा पाए जयरामः मुख्यमंत्री ** मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा उद्देश्य आम आदमी की सेवा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीते कल मंडी जिला की सिराज विधानसभा क्षेत्र के बाखली में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार 11 दिसंबर को सात गारंटियां पूरी करने जा रही है। प्रदेश सरकार आने वाले समय में और योजनाएं ला रही है। उन्होंने कहा कि मेरा मकसद आम आदमी की सेवा करना है और मेरे मंत्रिमंडल के सभी सदस्य इस दिशा में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि आम जनता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा ‘‘जब पुलिस भर्ती के पेपर लीक हुए और अधीनस्थ चयन आयोग हमीरपुर में पेपर नीलाम हो रहे थे, तब जयराम ठाकुर कहाँ थे। मैं अपनी आंखों के सामने युवाओं के भविष्य के साथ धोखा होते हुए नहीं देख सकता, इसलिए हमने अधीनस्थ चयन आयोग को भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले सरकार बदलने के साथ ही पुराने काम रोक दिए जाते थे। लेकिन हमने भाजपा के इस रिवाज को बंद किया और 28 करोड़ रुपए बगलामुखी रोपवे के लिए प्राथमिकता पर आवंटित किए। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में सिराज में बड़े भवन बने लेकिन उनमें स्टाफ तक नियुक्त नहीं हुआ। भवन लोगों के काम आए तभी उसका फायदा है। सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले 900 संस्थान खोल दिए, लेकिन बिना स्टाफ तथा समुचित बजट के संस्थान खोलना जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि हमने फैसला किया कि जब तक अध्यापक भर्ती नहीं होते, जब तक डॉक्टर भर्ती नहीं होते, तब तक नए संस्थान नहीं खोले जाएगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर ने प्रदेश का खजाना खाली कर दिया। जब वह सत्ता से बाहर हुए तब एक महीने सरकार चलाने के लिए भी पैसा नहीं था। इसलिए हमने नीतिगत बदलाव किए और दो साल में आम आदमी को ध्यान में रखकर फैसले लिए गए जिनके लाभ मिलना शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की। उन्होंने कहा कि आज भाजपा का एक भी नेता कह दे कि वह ओपीएस देंगे। राजस्थान में भाजपा की सरकार बनते ही उन्होंने ओपीएस बंद कर दी। वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों एवं पैंशनरों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी किया तथा पुलिस की डाइट मनी बढ़ाकर एक हजार रुपए की। यह हिमाचल प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नीतिगत बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि गाय का दूध 45 रुपए और भैंस का दूध 55 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की 30 रुपये तथा गेहूं 40 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है। इसके अतिरिक्त मनरेगा की दिहाड़ी में 60 रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि की है जिससे अब दिहाड़ी 240 रुपए से बढ़कर 300 रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर मंडी जिला के नेरचौक अस्पताल में एक एमआरआई तक की मशीन नहीं लगा पाए और पूरे प्रदेश के अस्पतालों को रेफरल अस्पताल बना दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए प्रदेश का खजाना लुटा दिया। लेकिन हम प्रदेश के संसाधनों को लुटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह हजार अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने कानून बनाया। प्रदेश में विधवा महिलाओं के 23 हजार बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने के लिए मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना आरंभ की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की बात करने की बजाए भाजपा ने शौचालय कर और समोसे जैसे मामलों पर राजनीति करना शुरू की है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दुष्प्रचार किया जाता रहा है। जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से आपदा प्रभावित परिवारों को 4500 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज जारी किया। सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मकान बनाने के लिए दो बच्चों को भूमि प्रदान करने के प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने पिछली आपदा में अपनी भूमि से वंचित हो चुके दो परिवारों को तीन-तीन बिस्वा भूमि प्रदान करने के प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सुख-शिक्षा योजना के 14 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिए। इस योजना के तहत राज्य सरकार विधवा व एकल महिलाओं के बच्चों का पूरा खर्च वहन करती है। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि रोपवे की दुनिया विदेश की दुनिया है, जहां रोपवे कंपनियां काम करती है। इसे हिमाचल प्रदेश में लाना एक बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन आज भारत में हिमाचल प्रदेश रोपवे की दुनिया में बहुत आगे निकलने वाला है। शिमला में बनने वाला रोपवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे 1750 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। रोहतांग, बिजली महादेव, बाबा बालकनाथ तथा चिंतपूर्णी में रोपवे बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेरी धर्मपत्नी सिम्मी अग्निहोत्री की बगलामुखी मंदिर में अपार श्रद्धा थी और मैं कई बार उनके साथ यहाँ आया, लेकिन अब रोपवे बनने से यहां आना सुविधाजनक हो गया है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी 1000 बसें खरीदने जा रहे हैं, जिनमें 350 ई बसें भी खरीद कर रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी टैम्पो ट्रेवलर भी चलाएगा, ताकि सभी को परिवहन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में पेंशन और सैलरी न मिलने के जयराम ठाकुर झूठे दावे कर रहे हैं, जबकि सत्य यह है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को सैलरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर एचआरटीसी का एक भी कर्मचारी बता दें, जिसे सैलरी व पेंशन न मिली हो। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने रोपवे के रूप में एक बड़ा तोहफा मंडी जिला को देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार बेहतर काम कर रही है और दस में से पाँच गारंटियों को पूरा कर दिया है। इसलिए सभी कार्यकर्ता इन उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान मंडी जिला को 35 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की और लोगों को राहत पहुंचाई। कांग्रेस नेता चेतराम ठाकुर ने कहा कि सिराज के विकास में वर्तमान राज्य सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मजबूत संगठन के दम पर सिराज की सीट कांग्रेस की झोली में आएगी। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सिराज विधानसभा क्षेत्र की जनता के दिल में बसे हैं और सिराज कांग्रेस के सभी नेता मुख्यमंत्री के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने कहा कि दूध के दाम में वर्तमान सरकार ने ऐतिहासिक बढ़ौतरी की है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। कांग्रेस नेता विजय पाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वयं आपदा के दौरान सिराज का दौरा किया और लोगों को राहत पहुंचाई। घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर उन्होंने 7-7 लाख रुपए की मदद प्रदान की। सुक्खू का एक ही उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं कि पिछड़े और वंचित वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो।कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी ने मुख्यमंत्री का सिराज विधानसभा क्षेत्र में पधारने के लिए स्वागत किया और रोपवे की सौगात के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, एपीएमसी कुल्लू के चेयरमैन मियाँ राम सिंह, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, चंपा ठाकुर, नरेश चौहान, जीवन ठाकुर, विजय पाल सिंह, महेश राज, राजीव किम्टा, उपायुक्त अपूर्व देवगन, एसपी साक्षी वर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कुनिहार के कोठी गांव में 2 दिसंबर को दिनदहाड़े चोरी की बड़ी घटना हुई। यह बात कुनिहार विकास सभा के वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर, नागेंद्र ठाकुरं, रामचंद्र ,इंदर सिंह इत्यादि लोगों ने अपने संयुक्त बयान में कहीं। उन्होंने कहा बलवंत, जो नंदलाल के बेटे हैं, और उनकी पत्नी मीरा देवी जब दोपहर में अपने काम से लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके मकान के मुख्य दरवाजे और जाली का ताला टूटा हुआ था। घर के अंदर जाकर उन्होंने पाया कि सोने और चांदी के कई कीमती जेवरात, जैसे सोने की बालियां, अंगूठियां, चेन, मंगलसूत्र, चांदी की पायल और कंगन, साथ ही 20,000 रुपये नकद चोरी हो चुके थे। इस घटना की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई। बलवंत ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से लोग दहशत में हैं, क्योंकि जब सड़क किनारे दिन में ताले और अलमारी तोड़कर चोरी हो सकती है, तो रात में क्या होगा। गांव के लोगों ने पुलिस से अपील की है कि इलाके में गश्त बढ़ाई जाए और हर चौक पर नाके लगाकर रात में घूमने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की जाए। इससे पहले भी कोठी श्मशान घाट के स्टोर में चोरी हो चुकी है, लेकिन उसका भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला। कुनिहार विकास सभा और गांव के निवासियों ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि इस चोरी की वारदात को गंभीरता से लिया जाए, चोरों को जल्द पकड़ा जाए और इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए। इससे लोगों का पुलिस पर भरोसा बना रहेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
** एसडीएम संगड़ाह और एसडीएम चौपाल ने जारी की एडवाइजरी... सिरमौर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन सर्दियों में भारी हिमपात और ठंड के कारण मंदिर तक पहुंचना जोखिमपूर्ण हो जाता है। इस वजह से हर साल मंदिर के कपाट अप्रैल तक बंद कर दिए जाते हैं। इस साल भी प्रशासन ने 1 दिसंबर से लेकर अप्रैल तक चूड़धार यात्रा पर पूरी तरह रोक लगा दी है। एसडीएम संगड़ाह और एसडीएम चौपाल ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सभी से यात्रा न करने की अपील की गई है। चूड़धार में इन दिनों सुबह और शाम तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंड बढ़ गई है। चूड़धार का अधिकतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस है, जबकि न्यूनतम तापमान -2 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। इसके चलते चूड़धार में पानी की पाइपलाइन भी जम गई है, जिससे पानी की कमी हो गई है। इसलिए प्रशासन ने सलाह दी है कि यात्रा के दौरान भारी हिमपात और ठंड के कारण जोखिम हो सकता है।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 53.89 करोड़ रुपये की लागत से बना बगलामुखी रोपवे मंगलवार को जनता को समर्पित किया गया। पंडोह के समीप ब्यास के ऊपर से नेशनल हाईवे और बगलामुखी मंदिर को जोड़ने वाले इस रोपवे का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मंत्री काैल सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। 32 महीनों में बनकर तैयार हुआ यह रोपवे पंडोह के कैंची मोड़ से लेकर माता बगलामुखी मंदिर बाखली तक 800 मीटर लंबा है। रोपवे की ट्राॅली में 32 लोग बैठ सकेंगे। रोपवे के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने माता बगलामुखी मंदिर में हाजिरी लगाई। इसके बाद नेचर पार्क बाखली में जनसभा को संबोधित किया। यह देश का पहला नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित रोपवे है। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने इसकी आधारशिला रखी थी। बगलामुखी रोपवे के आसपास के गांव के स्थानीय लोगों के लिए किराया कम रखा गया है। यहां स्थानीय लोग केवल 30 रुपये देकर रोपवे में सफर कर सकेंगे। रोपवे के निर्माण का एक मकसद यह भी था कि स्थानीय लोगों को सुविधा मिले। उनके लिए बसों की आवाजाही उतनी ज्यादा नहीं है और रोड भी ठीक नहीं है। बरसात के दिनों में रोड बह जाता है जिससे लोग वहीं फंसकर रह जाते हैं। ऐसे में सामान लाने और ले जाने में उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए किराया कम रखा गया है, जबकि पर्यटकों के लिए 250 रुपये किराया लगेगा। यह किराया दोनों तरफ का होगा। 10 साल की उम्र तक के बच्चों का 50 फीसदी किराया ही लगेगा। इसके अलावा 5 साल तक की उम्र के बच्चों को निशुल्क सुविधा रहेगी। रोपवे बनने से स्थानीय लोगाें को रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष साधन खुलेंगे। एनएच से रोप-वे के जरिये पर्यटक बाखली पहुंचेंगे। यहां प्रकृति के बीच पर्यटक समय गुजार सकते हैं।
कांग्रेस के 2 साल के समारोह को लेकर शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी विधायकों को समारोह के लिए भीड़ जुटाना के निर्देश दिए गए। खासकर उन विधायकों को ज्यादा भीड़ लाने को कहा गया जो बिलासपुर के नजदीक विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं । समारोह में 30 हजार तक भीड़ एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर बिलासपुर में समारोह का आयोजन किया जा रहा है इसको लेकर आज बैठक बुलाई गई थी और विधायकों को जरूरी दिशा निर्देश देने के साथ ही इस समारोह में 25 से 30 हजार तक की भीड़ एकत्रित करने को लक्ष्य रखा गया है। बिलासपुर के नजदीक के विधायकों को ज्यादा लोगो को एकत्रित करने का जिम्मा दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 2 साल में काफी बड़ी उपलब्धियां हासिल की लेकिन भाजपा की बात करें तो भाजपा ने प्रदेश को 5 सालों में भ्रष्टाचार पेपर ऑन सेल दहेज में दिया। भाजपा के समय पेपर लीक हुए और युवा रोजगार से मेहरून हुए इसके अलावा भ्रष्टाचार वर्तमान सरकार को दहेज में मिला है। भाजपा ने जो 5 साल में कार्य किए हैं उनको जनता के बीच अदालत में ले जाया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने एक लाख 36 हजार सरकारी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम दी है। क्या भाजपा सरकारी कर्मचारियों को बोलेंगे कि पेंशन स्कीम देने का हिम्मत रखते हैं नहीं बोल सकते क्योंकि वह देने की हिम्मत नहीं रखते है। इसके अलावा प्यारी बहनों को ₹1500 सुख सम्मान निधि दी है। युवाओं के लिए 600 आशिक रोड के फंड की शुरुआत इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 23000 बच्चों के लिए योजना शुरू करने और विधवा और अनाथ बच्चों के लिए योजना चलाई गई। गाय और भैंस के दूध के दाम बढ़ाए है। इसके अलावा बिलासपुर में गोबर खरीदी की जो गारंटी कांग्रेस सरकार ने दी थी इसकी शुरुआत करने जा रही है।
हिमाचल के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अब डिपुओं से मिलने वाली चना दाल महंगी मिलेगी। सरकार की ओर से चना दाल को लेकर नए रेट जारी कर दिए हैं। नए मूल्यों में एपीएल उपभोक्ताओं को चना दाल के लिए 17 रुपये, बीपीएल राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 27 और टैक्स देने वाले राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 19 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। तेल के टेंडर की फाइल सरकार के पास फंसी है। इसी सप्ताह डिपुओं में करीब दो माह के बाद दाल की सप्लाई शुरू हुई है। जबकि उड़द की दाल के लिए सप्लाई ऑर्डर जारी किया गया है। हाल ही में चना दाल को लेकर दाम तय हुए हैं। इनमें एपीएल और बीपीएल उपभोक्ताओं को 65 और टैक्स देने वाले राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 69 रुपये किलोग्राम के दाम चुकाने होंगे। इससे पहले यह दाम क्रमश: 48, 38 और 56 रुपये थे। नए दाम तय होने के बाद बीपीएल उपभोक्ताओं को एक किलोग्राम चना दाल के 27 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि एपीएल उपभोक्ताओं को 17 और टैक्सपेयर उपभोक्ताओं को 13 रुपये अधिक चुकाने होंगे। प्रदेश सरकार की ओर से उचित मूल्य ही सहकारी दुकानों के जरिये राशन कार्ड उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उपलब्ध करवाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सरकार की ओर से हर बार दालों के दामों में बदलाव किया जा रहा है। नए दामों के साथ राशन कार्ड उपभोक्ताओं को चना दाल उपलब्ध करवाई जाएगी। डिपो में जल्द ही उपभोक्ताओं को उड़द भी उपलब्ध होगी।
हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के लाहाैल-स्पीति, चंबा, किन्नाैर, कांगड़ा व कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज व कल हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। 4 दिसंबर से सभी भागों में माैसम साफ रहने की संभावना है। उधर, मनाली-लेह नेशनल हाईवे-03 पर दारचा-सरचू के बीच हुई ताजा बर्फबारी और सड़क पर ब्लैक आइस जमने के कारण इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। लाहौल को स्पीति से जोड़ने वाली कोकसर-लोसर सड़क को भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, दारचा-शिंकुला सड़क में वाहनों की आवाजाही का समय दोनों ओर से सुबह 10:00 बजे से दोपहर बाद 1:00 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। इस दौरान सभी वाहन चालकों को दारचा में पुलिस चेक पोस्ट में अपना नाम और पता दर्ज करना होगा, जिससे आपात स्थिति में पुलिस टीम उनकी सुरक्षा के लिए समय पर मदद को पहुंच सके।
** 300 इलेक्ट्रक बसें भी जल्द दाैड़ेंगी सड़कों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम को 250 डीजल बसों को खरीदने की मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी सोमवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अंतरराज्यीय ढली बस अड्डा के उद्घाटन के बाद दी। उन्होंने कहा कि यह बसें 36-37 सीटर होंगी। अगले एक से डेढ़ महीने में एचआरटीसी को मिल जाएंगी। मुकेश ने कहा कि 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी पैसा प्राप्त हो गया है। जल्द हिमाचल की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दाैड़नी शुरू हो जाएंगी। 100 टेंपो ट्रैवलर भी खरीदे जा रहे हैं। कहा कि इलेक्ट्रिक स्टेशन व वर्कशाॅप के लिए 100 करोड़ से अधिक राशि प्राप्त हुई है। एचआरटीसी कर्मियों व पेंशनरों को हर महीने समय पर वेतन-पेंशन दी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के भटोलीकलां में आज सुबह एलपीजी लीकेज से सिलिंडर फट गया। इससे मकान के दो कमरे ढह गए। मलबे में दबने से कमरे में सोई हुई सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को ईएसआई अस्पताल काठा में भर्ती करवाया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मकान में रसोई गैस लीक हो गई जोकि पूरे कमरे में भर गई। इसके बाद सुबह 4:00 बजे अचानक धमाका हो गया। हादसे के दौरान कमरे में पति-पत्नी, दो बच्चियां और उनका भाई सोया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। हादसे की पुष्टि एएसपी अशोक वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि मामले में आगामी कार्रवाई जारी है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी सरकारी विभागों में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) भरने का तरीका बदला जाएगा। अब काम के आधार पर ग्रेडिंग होगी। एसीआर दर्ज करने के लिए न्यूमेरिकल आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी। अब गुड और वैरी गुड नहीं, अंकों के आधार पर आंका जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जा रही है। शनिवार देर शाम को शिमला के पीटरहॉफ में प्रदेश के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने आश्वासन दिया कि संस्कृत महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं जल्द आरंभ करेंगे। जिला मुख्यालय स्थित महाविद्यालयों को और सशक्त करेंगे, जबकि दूरदराज के क्षेत्रों के महाविद्यालयों को आवश्यकतानुसार हर सहायता देंगे। सीएम ने कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य है जो विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं की रैंकिंग कर रहा है। इससे शैक्षणिक संस्थाओं का आत्मनिरीक्षण व अंकेक्षण सुनिश्चित होगा। जिन शैक्षणिक संस्थाओं की बेहतर रैंकिंग होगी, उनके लिए परफार्मेंस बेस्ड ग्रांट देंगे। सीएम ने कहा कि कॉलेजों के प्रिंसिपलों की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां बढ़ाएंगे। शिक्षा विभाग में डिसेंट्रलाइजेशन ऑफ पावर किया जाएगा, इससे सुशासन और कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित होगी। प्रिंसिपलों को जरूरतमंद छात्रों को आवश्यक वित्तीय सहायता देने के लिए वित्तीय शक्तियां दी जाएंगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एकीकृत खेल परिसर विकसित करेंगे। उन कॉलेजों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करेंगे, जहां पर्याप्त आधारभूत ढांचा है। सरकार अगले वित्त वर्ष से शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा में भी गुणात्मक बदलाव ला रहे हैं और नवीनतम चिकित्सा प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए नवोन्मेषी कदम उठाए हैं। इस वर्ष इस क्षेत्र के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल, डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा और प्रधानाचार्यों के साथ संवाद किया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रिक्त पद भरने पर विशेष अधिमान दे रही है। दो वर्ष में शिक्षा विभाग में अध्यापकों के लगभग 15,000 पद सृजित किए हैं , जिन्हें चरणवद्ध भरा जा रहा है। ऐसा पहली बार हुआ कि कैबिनेट की एक बैठक में शिक्षकों के 5,800 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी और एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। आपातकालीन व अन्य विभागों में डाॅक्टर 24 घंटे नहीं, बल्कि आठ घंटे ही ड्यूटी देंगे। सीएम ने यंह जानकारी 37वें विश्व एड्स दिवस पर पीटरहॉफ में हुए सही राह पर चलें विषय पर आधारित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दी। सीएम ने एचआईवी जागरूकता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कार बिन पहल की शुरुआत की। पहले चरण में 4,000 टैक्सियों को कार बिन निःशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य में 30,000 टैक्सियों को कवर करने की योजना है। इन कार बिन में गाड़ी के अंदर पड़े रहने वाला कूड़ा-कचरा डाला जाएगा, ताकि कूड़ा सड़क पर न फेंकें। सीएम ने भी अपनी गाड़ी में कार बिन लगाकर इसकी पहल की। मुख्यमंत्री ने एचआईवी की रोकथाम के लिए गेट अवेयर, गेट टेस्टिड व गेट विक्ट्री ओवर एचआईवी 3-जी फार्मूला दिया। उन्होंने युवाओं से इस सिद्धांत को अपनाने और जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभाने का आग्रह किया।
कुनिहार के महाराजा पदम सिंह मेमोरियल स्टेडियम में थाई कमांडो नेशनल चैंपियन शिप और एशियन थाई बॉक्सिंग में भाग लेकर गोवा से मैडल जीतकर कुनिहार पहुंचे खिलाड़ी बच्चों को वेटरन्स इंडिया स्पोर्टस विंग जिला सोलन के अध्यक्ष कैप्टन राकेश कुमार और हिमाचल प्रदेश में वेटरन्स इंडिया स्पोर्टस विंग के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचकर प्रमाण पत्र और मैडल द्वारा समानित किया। इन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए खेल का महत्व एवं नशे से दूर रहने का आह्वान किया तथा बच्चों व माता-पिता को बधाई दी । कार्यक्रम में बच्चो को सात गोल्ड , तीन सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मैडल दिए गए। इस कार्यक्रम में निजी व सरकारी स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लेखराज,संगमा, मदन लाल, अमीचन्द ने भी अपना पूरा सहयोग किया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के नौणी स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों को 12 स्वर्ण पदक प्रदान किए, जिनमें से आठ स्वर्ण पदक, छात्राओं को प्रदान किए गए। उन्होंने विद्यार्थियों को बागवानी एवं वानिकी में 119 पीएचडी की उपाधियां भी प्रदान कीं। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने एमएससी और बीएससी के विद्यार्थियों को भी उपाधियां प्रदान कीं। दीक्षांत समारोह में कुल 816 उपाधियां प्रदान की गईं। उपाधियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन का महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि आज के दिन उन्हें वर्षों की मेहनत का फल मिला है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि अधिकतर स्वर्ण पदक विजेता छात्राएं हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटियां उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि यह एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि कृषि, बागवानी और वानिकी में महिलाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। बेटियों का बढ़ता वर्चस्व बेहतर भारत के निर्माण के दृष्टिगत दूरगामी भूमिका निभाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह अनुपात और भी बेहतर होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की बधाई दी और हिमाचल प्रदेश के निर्माता और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए दिए गए योगदान ने उन्हें अमर बना दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। सरकार को अपने विश्वविद्यालयों में उदारतापूर्वक योगदान देना चाहिए। देश और राज्य को आगे ले जाने और जीडीपी बढ़ाने में छात्रों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शोध और अनुसंधान कार्यों से उन्नत तकनीकों के बारे में कृषक समुदाय को जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि किसानों और बागवानों की समस्याओं का समय पर समाधान करना उनका परम कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से नशा माफिया की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने और हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की भी अपील की। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 49 प्रतिशत क्षेत्र में सेब का उत्पादन किया जाता है तथा कुल फल उत्पादन में इसका 84 प्रतिशत योगदान है। राज्य में सेब की अर्थव्यवस्था 5000 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि मौसम में परिवर्तन तथा रासायनिक कीटनाशकों के अधिक प्रयोग ने फल उत्पादन से लेकर गुणवत्ता तक सारी श्रृंखला को प्रभावित किया है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक खेती प्रणाली अपनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए 2 हजार 481 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को मंजूरी दी है, जिसका प्रदेश को भी लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती में स्नातक तथा स्नातकोत्तर कार्यक्रम आरम्भ करने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं से केन्द्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न स्टार्टअप का उपयोग कर समाज को लाभान्वित करने की अपील की। राज्यपाल ने भारत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय संस्थागत फ्रेमवर्क रैंकिंग में देश के कृषि विश्वविद्यालयों में 18वां स्थान प्राप्त करने तथा विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना केन्द्र को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने रैंकिंग में नौणी विश्वविद्यालय के प्रदर्शन में और सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिग्री धारकों से स्वरोजगार अपनाने तथा उद्यमिता का मार्ग अपनाकर रोजगार प्रदाता बनने की अपील की। उन्होंने गहन शोध को समय की मांग बताया तथा बदलते परिप्रेक्ष्य में कार्यों में गति और गुणवत्ता लाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग पर बल दिया। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह तथा स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि-बागवानी प्रधान राज्य है, जिसने उच्च तकनीक अपनाकर किसानों और बागवानों की आजीविका और आय के साधन बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। बागवानों की मांग के अनुरूप राज्य सरकार ने सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन का उपयोग करने की पहल की, जिससे राज्य के बागवानों को सेब विपणन में सुविधा और अच्छे दाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब मंडियों में सेब की खरीद प्रति किलोग्राम के हिसाब से की जा रही है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सेब उत्पादकों की सभी देनदारियों के निपटान के लिए 153 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सेब के समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिससे सेब के समर्थन मूल्य में 12 रुपये प्रति किलो हुआ है। बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप बागवानी नीति को लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य होगा, जिससे 82,500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती में अनुसंधान एवं विकास के लिए विश्वविद्यालय को लगभग 4 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि 1,292 करोड़ रुपये की एचपी-शिवा परियोजना के तहत वर्ष 2028 तक बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना के 28 विकास खंडों में 6000 हेक्टेयर क्षेत्र को बागवानी के अंतर्गत लाने का लक्ष्य है, जिससे 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेश्वर चंदेल ने दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों और अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने शोध गतिविधियों पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया है। उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं विकास में शोध के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में विश्वविद्यालय को विभिन्न वित्तीय संस्थाओं द्वारा 10 करोड़ रुपये से अधिक की 33 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं तथा लगभग 50 करोड़ रुपये की 159 परियोजनाएं वित्त पोषण के लिए विभिन्न संस्थाओं को भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पिछले एक वर्ष में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 400 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। विधायक अजय सोलंकी, सचिव उद्यान सी. पॉलरासू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवनेश कुमार पंत, राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, निदेशक कृषि कुमुद सिंह, निदेशक बागवानी विनय सिंह, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, विश्वविद्यालय सीनेट, प्रबंधन बोर्ड और शैक्षणिक परिषद के सदस्य, विश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री धारक और उनके अभिभावक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू दिल्ली से वापस लौट आए हैं। शिमला में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ भेदभाव कर रही है। जहां-जहां गैर भाजपा की सरकारें हैं, वहां उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जब आपदा आई, तो राज्य सरकार ने नियमों के मुताबिक पीडीएनए (Post-Disaster Needs Assessment) का 10 हजार करोड़ रुपए मांगा। इसके साथ ही लंबे वक्त से एनपीए का नौ हजार करोड़ रुपए भी मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश का हक है, जो हिमाचल को नहीं मिल रहा है। आने वाले समय में केंद्रीय मंत्रियों से मिलूंगा और कहूंगा कि हिमाचल छोटा राज्य है तो इसका भी ध्यान रखिए। उन्होंने कहा कि 20 दिसंबर को जैसलमेर में पूरे देश के वित्त मंत्रियों की एक बैठक होने वाली है। जिसमें हिमाचल के वित्त मंत्री के तौर पर हिस्सा ले रहा हूं। वह प्रदेश के हितों की पैरवी कर रहे हैं और हिमाचल प्रदेश के अधिकारों को लेकर रहेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि 11 दिसंबर 2024 को हिमाचल में कांग्रेस सरकार दो साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ये कोई जश्न नहीं है, बल्कि एक कार्यक्रम है। जश्न शब्द का इस्तेमाल तो सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से ही किया जाता है। कार्यक्रम में सभी पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे। बता दें कि हाल ही में एचआरटीसी की बस में राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं के खिलाफ डिबेट सुनने के मामले ने भी तूल पकड़ा था, जिसपर मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते किस तरह की बातें क्यों सामने आ रही हैं, साथ ही उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया, जिसमें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश में आपातकाल जैसे हालात हैं।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्म और शीतकालीन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 30 छुट्टियां फिक्स रहेंगी। 22 छुट्टियां मौसम के हिसाब से जिला उपायुक्त तय करेंगे। अधिक गर्मी, सर्दी और बरसात पड़ने पर इन 22 छुट्टियों को दिया जाएगा। सरकारी स्कूलों की 52 वार्षिक छुट्टियाें का कैलेंडर बनाने में जुटे शिक्षा विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार कर दिया है। इस साल छुट्टियों का पुराना शेड्यूल ही जारी रहेगा। बीते पांच साल के दौरान प्राकृतिक कारणों के चलते कब-कब किस-किस क्षेत्र के स्कूल में छुट्टियां देनी पड़ीं, अब इसका रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। जनवरी और फरवरी 2025 में एसएमसी, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम जनता से भी इसके बारे में सुझाव मांगे जाएंगे। सुझावों पर विचार करने के बाद 2025-26 की छुट्टियों का शेड्यूल तैयार किया जाएगा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति भिन्न है। ऊना, बिलासपुर जैसे जिलों में जहां गर्मियां बहुत अधिक होती हैं, वहीं लाहौल-स्पीति, किन्नौर व चंबा में बर्फबारी अधिक रहती है। शिमला, कांगड़ा, मंडी, सोलन में बरसात अधिक होती है। अभी ग्रीष्म व शीतकालीन स्कूलों में छुट्टियों का एक तय प्रारूप है। कई बार देखा गया है कि बरसात की छुटि्टयां समाप्त होने के बाद बारिश की तीव्रता अधिक रहती है। ऐसे में स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ती हैं। कई जिलों में लू चलने पर स्कूल बंद करने पड़ते हैं। इन कारणों के चलते स्कूलों में निर्धारित 52 छुट्टियाें से ज्यादा अवकाश हो जाते हैं। शिक्षा सचिव ने कहा कि इसे ठीक करने के लिए अब 30 छुट्टियां स्कूलों में फिक्स रहेंगी। ये छुट्टियां त्योहारी सीजन और परीक्षा समाप्त होने के बाद मिलेंगी। शेष 22 पर जिला प्रशासन मौसम की स्थिति को देखते हुए देने का फैसला करेंगे। इस प्रस्ताव को लेकर सभी हितधारकों से चर्चा की जाएगी। अगर कोई और अच्छा विकल्प मिलेगा तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में पीरियड आधार पर शिक्षक रखे जाएंगे। किसी कॉलेज में कोई शिक्षक छुट्टी पर जाता है तो इनके माध्यम से पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं का कॉलेज स्तर पर डाटा एकत्र होगा। आवश्यकता पड़ने पर कॉलेज प्रिंसिपल इनसे संपर्क कर इनकी पीरियड के आधार पर सेवाएं ले सकेंगे। शिक्षा विभाग जल्द इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी करेगा। सीएम उच्च शिक्षा के समक्ष चुनौतियां विषय पर शिमला में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में पढ़ाई के तरीकों में किए बदलाव के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। स्कूलों के बाद अब कॉलेजों में बदलाव के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। नए सत्र से कई कॉलेजों में बीएड भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेजों के पुस्तकालयों की रैंकिंग वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से तय की है। कॉलेज में खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों पर भी फोकस किया जा रहा है। शिमला के डिग्री और संस्कृत कॉलेजों के प्रिंसिपलों समेत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सीएम ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा पर सरकार जोर दे रही है। शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का माहौल निरंतर बनाए रखने के लिए ही शिक्षकों के साल भर होने वाले तबादलों पर रोक लगाई गई है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल प्रथम दिसम्बर, 2024 को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ल प्रथम दिसम्बर, 2024 को प्रातः 10.00 बजे डॉ. यशवंत सिंह परमार वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के स्थापना दिवस में भाग लेंगे तथा विश्वविद्यालय के 13 वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास तथा जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण में विभिन्न उत्सवों एवं महोत्सवों की सराहनीय भूमिका रही है। जगत सिंह नेगी गत देर सांय अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार में दो दिवसीय ‘रियासत विंटर कार्नीवाल’ कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। जगत सिंह नेगी ने कहा कि हमारी समृद्ध संस्कृति पर्यटकों और प्रदेशवासियों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति का प्रचार-प्रसार तभी सुनिश्चित होता है जब उस संस्कृति को समझने वाले अन्य को इस विषय की सारगर्भित जानकारी प्रदान कर सकें। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश के कलाकार यह सुनिश्चित बनाएं कि लोगों तक हिमाचल की समृद्ध संस्कृति विशुद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने आशा जताई कि दो दिवसीय विंटर कार्नीवाल हिमाचली कलाकारों को बेहतर मंच प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। राजस्व मंत्री ने कहा कि मौलिक लोक संस्कृति प्राचीन युग की धरोहर है इसमें प्राचीन लोक सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों को उचित मंच, मानदेय व सम्मान देने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोक कलाकारों को बेहतर मंच प्रदान करने तथा उनकी प्रतिभाओं को उभारने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को आगे ले जाने के लिए युवा पीढ़ी को हमारी संस्कृति से रू-ब-रू करवाना आवश्यक है। राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि देश के संविधान के अनुरूप न केवल विभिन्न कार्य पूरे हो अपितु लोगों को भी विकास के लाभ समय पर मिलें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र के विकास का नियमित अनुश्रवण करें और अपनी समस्या विधि सम्मत रूप से उच्च स्तर तक पहुंचाएं। अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि लोक कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि मेलों और उत्सवों में स्थानीय प्रतिभाओं को अधिक से अधिक समय दिया जाए। उन्होंने आशा जताई कि विंटर कार्नावाल विशेष रूप से युवाओं को हिमाचल की लोक लुभावनी संस्कृति की बहुआयामी जानकारी प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कुनिहार में पहली बार रियासत विंटर कार्नीवाल आयोजित करने के लिए आयोजन समिति को बधाई दी। स्थानीय ग्राम पंचायत के प्रधान राकेश ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। रियासत विंटर कार्निवाल की प्रथम सांस्कृतिक संध्या में कुमार साहिल, अर्जुन गोपाल, रंजना रघुवंशी, मास्टर लकी, श्रुति शर्मा तथा धर्मेंद्र सहित कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। बाघल लैंड लूजर समिति के अध्यक्ष जगदीश ठाकुर, कांग्रेस पार्टी के सतीश कश्यप, प्रधान-उप प्रधान परिषद के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, राज्य विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता देवेंदर कौंडल, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच, खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी अर्की डॉ. तारा चंद नेगी, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता बी.आर. कश्यप, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
लगातार दो महीने से बारिश न होने और सूखे जैसी हालात के बीच हिमाचल प्रदेश की पेयजल योजनाओं में 20 फीसदी तक पानी घट गया है। इससे राज्य के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई भी प्रभावित होने लगी हैं। आगे भी अगर यही हालात रहे तो इससे न केवल सर्दियों में पेयजल की कमी सकती है, बल्कि अगले वर्ष की गर्मियों तक इसका असर नजर आ सकता है। राज्य में कुल जलापूर्ति योजनाओं की संख्या 10,067 है, जबकि 41,835 हैंडपंप हैं। इनमें पानी का स्तर प्रभावित होने लगा है। बरसात के बाद से सूखे जैसी स्थिति बन चुकी है। इसके बाद जलापूर्ति योजनाओं की स्टेटस रिपोर्ट लेने के लिए राज्य सरकार के जल शक्ति विभाग ने ब्योरा मांगा। उसके बाद फील्ड से आई प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कई योजनाओं में 20 प्रतिशत तक पानी की कमी दर्ज की गई है। जलशक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा ने कहा कि बारिश न होने से कई जगहों पर जलापूर्ति योजनाओं के स्रोतों में पानी की 5 फीसदी ताे कहीं 10 और कुछ जगह 20 फीसदी कमी भी दर्ज की गई है, मगर अभी कहीं से भी ऐसी रिपोर्ट नहीं आई है कि पेयजल की बड़ी किल्लत हुई हो। सोमवार को फील्ड से इस संबंध में ताजा रिपोर्ट ली जाएगी। चंबा जिले में मौसम की मार से प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और खड्डों में 20 से 30 फीसदी पानी की कमी दर्ज की गई है। वहीं, कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी जिले की कुछ पेयजल योजनाओं में भी जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। जलस्तर में कमी आने से जलशक्ति विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि अगर बारिश, बर्फबारी न हुई तो कुछ स्थानों पर पानी की किल्लत गहरा सकती है। जलशक्ति विभाग उपभोक्ताओं से अभी से पेयजल की बचत करने की अपील भी कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में माैसम ने करवट बदली है। रोहतांग के साथ कुल्लू व लाहौल की ऊंची चोटियों पर रुक-रुककर बर्फबारी का दाैर शुरू हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम में यह बदलाव आया है। जिला कुल्लू में सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंड भी पहले के मुकाबले अधिक हो गई है। तापमान में आई गिरावट से रोहतांग के साथ ऊंची चोटियों में बर्फ के फाहे गिर रहे हैं। किसान-बागवान बारिश व पर्यटन कारोबारी लंबे समय से बारिश-बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। कुल्लू सहित अन्य जिलों में तीन माह से सूखा पड़ा है।माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार चंबा, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, कांगड़ा और किन्नाैर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज से 3 दिसंबर तक बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान है। अन्य जिलों में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। 4 दिसंबर से सभी जिलों में माैसम साफ रहने की संभावना है। वहीं शनिवार सुबह मंडी में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 8.2, सुंदरनगर 4.9, भुंतर 3.2, कल्पा 0.4, धर्मशाला 8.8, ऊना 4.5, नाहन 11.1, पालमपुर 6.0, सोलन 4.5, मनाली 2.5, कांगड़ा 6.2, मंडी 5.6, बिलासपुर 6.3, चंबा 6.8, जुब्बड़हट्टी 8.3, कुकुमसेरी -5.4, भरमाैर 6.0 , सेऊबाग 2.5, धाैलाकुआं 8.1, बरठीं 4.2, समदो -2.2, सराहन 7.1, ताबो -9.4 व देहरा गोपीपुर में 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का मजबूत संगठन बनाने के लिए हाईकमान ने मुख्यमंत्री सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ शुक्रवार को विस्तार से चर्चा कर कई टिप्स दिए। दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान हाईकमान ने सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल बनाकर चलने का दोनों नेताओं को पाठ पढ़ाया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने केसी वेणुगोपाल और राजीव शुक्ल के साथ अलग से बैठक की। वेणुगोपाल और शुक्ल को मुख्यमंत्री ने सरकार की गतिविधियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भाजपा की ओर से सरकार के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार से भी अवगत कराया। उन्होंने सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर 11 दिसंबर को बिलासपुर में होने वाले समारोह में आने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को न्योता भी दिया। उधर, प्रतिभा सिंह ने संगठन की नई कार्यकारिणी गठित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। सह प्रभारी विदित चौधरी और चेतन चौहान ने तीन दिनों तक प्रदेश पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में कई वरिष्ठ नेताओं सहित फ्रंटल संगठन के प्रतिनिधियों से बैठक की है। जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यकारिणी गठित करने के लिए पर्यवेक्षकों ने भी काम संभाल लिया है। केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान देने को कहा। राजीव शुक्ल ने युवाओं और महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने को कहा। आज मुख्यमंत्री दिल्ली से सीधे रोहड़ू जाएंगे। रोहड़ू में कई शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। दोपहर बाद राजधानी शिमला लौटकर राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में उच्च शिक्षा के समक्ष चुनौतियों को लेकर आयोजित कॉलेज प्रिंसिपलों की बैठक में जाएंगे
हिमाचल के युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में चिट्टा, सिंथेटिक नशा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे डालने की सख्त जरूरत है। उन्होंने बाहरी राज्यों के साथ लगती हिमाचल की सीमाओं और चोर रास्तों पर नाके लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बाहरी राज्यों से हिमाचल में चिट्टा न पहुंच सके। साथ ही युवाओं पर कड़ी नजर रखें। प्रदेश सरकार ने हिमाचल के साथ लगते राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से भी लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा है। संयुक्त अभियान से नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। नशा तस्करों को पकड़ने के लिए जिलों की पुलिस के साथ सीआईडी के सक्षम अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने गृह विभाग और पुलिस महकमे से चिट्टा तस्करों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। पुलिस को चिट्टा और अन्य तरह के नशे की तस्करी करने वाले लोगों के ठिकानों पर नजर रखने को कहा है। पुलिस मुख्यालय में हर सप्ताह पुलिस अधिकारियों की बैठक होती है। इसमें नशाखोरी के कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। इसमें यह खुलासा हुआ है कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में भी नशा तस्करों ने सेंधमारी कर रखी है। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को नशा तस्कर निशाने पर लिए हुए हैं। यह भी बात सामने आ रही है कि हिमाचल प्रदेश में जो कई नशा निवारण केंद्र निजी तौर पर चल रहे हैं, उनके इर्द-गिर्द भी नशा तस्कर सक्रिय हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के चलते शिक्षा विभाग में 11 से 21 दिसंबर तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। 18 दिसंबर से शुरू होने वाले शीत सत्र के चलते उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को प्रस्तावित छुट्टियों और टूर पर रोक लगाने के निर्देेश भी जारी कर दिए हैं। विभागीय आदेशों के तहत अधिकारियों और उनके तहत काम करने वाले कर्मचारियों को शीत सत्र के चलते रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब जल्द देने को भी कहा है। शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि शीत सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब तैयार होने चाहिए।अधिकारियों के पास हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। कहा गया है कि विभाग की हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी इस दौरान रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे आफिस में होना चाहिए। शाम को पांच बजे के बाद भी अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहने को कहा गया है। अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्ररेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशक, प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
**कही मलबे के ढेर तो कही नहीं है डंगे कसौली (हेमेन्द्र कंवर) लोक निर्माण विभाग मंडल कसौली के तहत आने वाले परमाणु _पट्टा मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नज़र आ रहा है सड़क में कई जगह जहाँ मलबे के ढेर पड़े है तो अधिकतर जगह डंगे ना लगने के कारण वाहन चालक,बसों में सफर करने वाले खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे है। मार्ग के रलीरुग नामक स्थान पर तो सड़क के हाल बहुत खराब है। वर्ष 2023में हुई भारी बरसात से रलीरुग गांव में सड़क के डंगे, पुलिया बह गए थे लेकिन अभी तक लोक निर्माण विभाग ने यहाँ डंगे, पुलिया नहीं लगाई है। सड़क तंग होने के कारण यहाँ पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है ब्लॉक समिति सदस्य भगवान दास ने लोक निर्माण विभाग की सुस्त कार्यपरणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस रोड से प्रतिदीन सैंकड़ों बड़े छोटे वाहन गुजरते है। बड़े वाहनों बस,ट्रक के चालक, सवारियां,स्कूली बच्चे जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे है। बस,ट्रक चालक यहाँ से रुक रुक कर अपने वाहन निकालते है तथा बड़े वाहनों के टायर बाहर रहते है उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग इस स्थान पर थोड़ी बहुत सफाई करवा देते है लेकिन विभाग यहाँ पर डंगे आदी का निर्माण नहीं करवा रहा है बीडीसी सदस्य ने बताया कि विभाग यहाँ पर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ,शायद उसके बाद ही काम शरू करने की जरूरत समझ रहा है उन्होंने बताया कि रलीरुग मे कई बार बसे हादसे का शिकार होते बाल बाल बची है। यहाँ से बस गुजरते समय सवारियां डर के कारण उत्तर जाती है ।उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से सवाल किया कि वर्ष 2023 में भारी बारिश के कारण यहाँ पर सड़क बिल्कुल खत्म हो गई थी तब से लेकर अभी तक यहाँ पर डंगो का निमार्ण क्यों नहीं किया गया।ना ही पुलिया लगाई गई है । ब्लाक समिति सदस्य भगवान दास ने बताया कि मार्ग के तहत रलीरुग स्थान पर सड़क की खस्ताहाल को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चो को बस में भेजने से भी डर रहे है।उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी,व विभाग के उच्चाधीकारियों से मांग की है कि परमाणु -पट्टा मार्ग के तहत रलीरुग गांव में सड़क का निरीक्षण किया जाय।व क्षतिग्रस्त हुई सड़क पर डंगे,पुलियों का निर्माण शीघ्र किया जाय।उधर इस विषय मे लोक निर्माण विभाग कसौली मंडल के अधिशाषी अभियन्ता गुरमिन्दर सिंह ने पुष्टि करते हुये बताया कि इस स्थान पर भारी मलबा आने के कारण डंगे,पुलिया बह गए थे| शीघ्र ही सड़क का दौरा किया जायेगा व जहाँ संभव होगा वहाँ क्रेट वायर डंगे लगा दिए जाएंगे ।


















































