हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में अब अन्य राशन के साथ मक्की का आटा भी उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। यह जानकारी डीएफसी कांगड़ा पुरु षोतम सिंह तंवर ने दी। उन्होंने बताया कि शुरूआती चरण में मक्की का आटा जिला कांगड़ा के कुछ डिपो में भेजा जाएगा और उसके बाद सभी डिपुओं में इसकी सप्लाई भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को खेती बाड़ी के पेशे से जोड़ने के लिए सुक्खू सरकार ने अहम फैसला लिया है। ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए सुक्खू सरकार प्राकृतिक खेती से तैयार पारंपरिक फसलों को किसानों से महंगे भाव में खरीदने की योजना लेकर आई है। इसी के तहत मक्की खरीदी जा रही है। इस योजना के तहत सरकार पहली बार किसानों से प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की फसल को 30 रु पए प्रति किलो के हिसाब से खरीद रही है, जिसके लिए प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत किसानों से मक्की खरीदी जा चुकी है। ऐसे में प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने डिपुओं में मक्की का आटा बेचने की योजना तैयार की है। इसके तहत हिमाचल के डिपुओं में पहली बार बिना कीटनाशकों और रसायनों से तैयार की गई मक्की का आटा मिलेगा। ये मक्की का आटा एक किलो और पांच किलो की पैकिंग में उपलब्ध होगा। इसका मूल्य 80 रुपए प्रति किलो होगा, जिसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने फ्लोर मिलों से मक्की की पिसाई करवा ली है। जल्द मक्की का आटा उचित मूल्यों की दुकानों में बेचने के लिए उपलब्ध होगा। खासकर शहरी क्षेत्नों में सर्दियों के मौसम में मक्की के आटे की काफी अधिक मांग रहती है। प्रदेश भर में प्राकृतिक खेती करने वाले 3,218 प्रमाणति किसान चयनित किए गए हैं। बता दें कि इस साल लाहौल-स्पीति और किन्नौर के अलावा अन्य 10 जिलों में प्राकृतिक खेती से 13.304 हेक्टेयर भूमि पर 27,768 मीट्रिक टन मक्की तैयार की गई है। इसमें से 508 मीट्रिक टन अतिरिक्त मक्की सरकार किसानों से खरीदेगी। इस सीजन में 92,516 किसानों ने प्राकृतिक खेती से मक्की की फसल तैयार की है, जिसमें खरीद के लिए विभाग ने 3,218 किसान चयनित किए हैं।
देश में 90 दवाइयां मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। इनमें से 38 दवाएं हिमाचल में बनीं हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक और केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन की ओर से दवाओं के सैंपल लिए गए थे। उधर, राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि दवाएं मानकों पर सही न पाए जाने पर कंपनियों को नाेटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, दवाओं का स्टॉक भी वापस मंगवाया गया है। अक्तूबर में ड्रग नियंत्रक ने देशभर में 34 सैंपल लिए थे, इनमें हिमाचल में बनीं 14 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। झाड़माजरी की डॉक्सीन कंपनी की टॉन्सिल की दवा सेपकेम, सोलन के चिरोस फार्मा की जीवाणू संक्रमण की दवा सेफोप्रोक्स, भटोली कलां की टास मेड कंपनी की मिर्गी की दवा डिवालप्रोक्स के तीन सैंपल, कांगड़ा के संसारपुर टैरेस स्थित सीएमजी बायोटेक कंपनी की चक्कर आने की दवा बीटा हिस्टीन, नालागढ़ के सैणी माजरा स्थित थियोन फार्मास्युटिकल कंपनी की बैक्टीरिया की दवा सेफेक्मीस, बद्दी के जुड़ी कलां की स्काई मेप फार्मास्युटिकल कंपनी की बुखार की दवा बायोसिटामोल, सुबाथू की गटी स्थित जेएम लैबोरेट्री की बीपी की दवा टारविग्रेस, बद्दी के लोधी माजरी की सनफाइन कंपनी का खांसी का कफ सीरप, मोरपिन लैबरोटरी की दमा की मोंटीलुकास्ट, बद्दी के विंग बायोटेक की दमे की दवा मोंटी लुकास्ट, बद्दी के मलकू माजरा की कंपनी मट्रिन एवं ब्राउन कंपनी की उल्टी की दवा स्टेमेरिल इंजेक्शन और किशनपुरा के एलविस फार्मा की पेशाब के संक्रमण की दवा अल्सिप्रो के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन की ओर से 56 दवाओं के सैंपल लिए गए थे। इनमें हिमाचल में बनीं 24 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केविट फार्मास्युटिकल कंपनी बद्दी की सूजन की दवा ट्रिपिसन, बागवानियां स्थित यूनाइटेड बायोटेक कंपनी की कैंसर की दवा लिपोसोमल, कालाअंब स्थित प्रिमस फार्मास्युटिकल कंपनी की फंगल इंफेक्शन की दवा नेटमाइसिन, मलकू माजरा स्थित मार्टिन एंड ब्राउन की एनीमिया की दवा आयरन सुक्रोज, बरोटीवाला के मंधाला स्थित ईजी फार्मास्युटिकल कंपनी के सूजन की दवा बेटा मेथासोन, कालाअंब की विद्याशाला कंपनी के कोलेस्ट्रोल की दवा रोसूवाईस्टोरिन, बद्दी के मानपुरा स्थित शिवा बायोटेक कंपनी की उल्टी की दवा रेबेप्रोजोल, मधाला स्थित मेरिन मेडिकेयर कंपनी की सूजन की दवा एसोक्लोफेनाक, लविश आइडल फार्मेसी कंपनी की एंटीबायोटेक की दवा एनरोपाक्सासिन, काठा स्थित अल्ट्रा ड्रग कंपनी की उल्टी की दवा रेबोप्रोजोल के सैंपल फेल हुए हैं। बद्दी की कोरफेक्स मेडिकर कंपनी की बीपी की दवा टेलमीसारटन, कांगड़ा के संसारपुर टैरेस स्थित सीएमजी बायोटेक कंपनी की संक्रमण की दवा सिपरो फ्लोक्सासिन, खरुणी के नंदपुर स्थित तनिष्का फार्मास्युटिकल कंपनी की एसिड की मात्रा कम करने की दवा एसोमेप्राजोल, बद्दी के किशनपुरा स्थित एलवेंटा फार्मा की सूजन की दवा एसेक्लोपेनाक, कालाअंब के ओगली स्थित ओरिसन फार्मा की हार्ट की दवा एनालाप्रिल, थाना बद्दी की नेपचुन लाइफ साइंस की फंगल इंफेक्शन की दवा टबिनाफोर्स, झाड़माजरी की कलरेक्स हेल्थकेयर कंपनी की अल्सर की दवा रेबोप्रोजोल, भटोली कलां की मेडिवेल बायोटेक की निमोनिया की दवा अमोक्सीक्लीन, बद्दी के संडोली स्थित हेल्थ बायोटेक कंपनी की निमोनिया की दवा अमोक्सीक्लीन के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है तथा प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष अधिमान दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में स्तरोन्नत किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक संस्थान में 6 विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था होगी। इसके तहत अभी तक लगभग 49 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 4 से 6 विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी समय में सभी संस्थानों को उपयुक्त संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अत्याधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना से सुसज्जित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदेश भर में चिकित्सा संस्थानों के निर्माण को समयबद्ध पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरीजों के सर्वाेत्तम उपचार के लिए विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरण और आधुनिक मशीनरी उपलब्ध हो। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने पर भी बल दिया और कहा कि ओरल हेल्थ स्वास्थ्य देखभाल का महत्त्वपूर्ण पहलू है। दंत चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बताया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका विस्तार किया जा रहा है। डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हजारों पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें विशेषज्ञ और रेजिडेंट डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरा-मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नई भर्तियों के अलावा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पैरा-मेडिकल स्टाफ को युक्तिसंगत बनाने के लिए भी कदम उठाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी चिकित्सा संस्थानों विशेष दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और निर्माणाधीन कार्यों का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम प्रियंका वर्मा, मिशन उप-निदेशक एनएचएम डॉ. गोपाल बेरी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
** अभियान के तहत राज्य स्तरीय नशामुक्त अभियान समिति की बैठक आयोजित प्रदेश सरकार नशामुक्त हिमाचल बनाने के लिए नशामुक्त भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजेगी। इस प्रस्ताव में प्रदेश में नशामुक्ति केंद्र खोलने सहित विभिन्न क्रियाकलापों का विवरण शामिल किया जाएगा। इसी प्रस्ताव के आधार पर केंद्र सरकार से नशामुक्त भारत अभियान के तहत वित्तीय सहायता का आग्रह किया जाएगा। अभियान के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, मामले पर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत आज यहां राज्य स्तरीय नशामुक्त अभियान समिति की पहली बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आशीष सिंघमार ने की। आशीष सिंघमार ने विभाग के अधिकारियों को जिला स्तर पर जिला नशामुक्त अभियान समिति के तहत विस्तृत प्रस्ताव बनाने के दिशा-निर्देश जारी किए। राज्य स्तरीय प्रस्ताव को शीघ्र ही अंतिम रूप देने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य, पुलिस, और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए इन विभागों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी अहम योगदान अपेक्षित है। विभागीय अधिकारियों ने अवगत करवाया कि नशे की लत से ग्रस्त लोगों के लिए प्रदेश में कुल्लू, हमीरपुर और ऊना में 15 बिस्तर क्षमता और नूरपुर व कुल्लू में 15 बिस्तर क्षमता का एकीकृत पुनर्वास केंद्र चलाया जा रहा है। इसके अलावा सिरमौर, मंडी, शिमला जिलों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए विचार-विमर्श किया गया। शेष अन्य जिलों में व्यवहारिकता एवं उपयोगिता के आधार पर केंद्र खोलने को लेकर चर्चा की गई। प्रदेश के कारावासों में भी नशामुक्ति अभियान चलाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारियों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में राज्य स्तरीय नशामुक्ति अभियान समिति में शामिल पुलिस, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
** लगेज पॉलिसी में रियायत, एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों का किराया माफ **ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर बनेगा कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बीते दिन हिमाचल पथ परिवहन निगम निदेशक मंडल की 158वीं और बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण निदेशक मंडल की 70वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अग्निहोत्री ने कहा कि परिहवन निगम में वर्ष 2022 से जेओए (आईटी) के 177 और कम्प्यूटर ऑपरेटर के 12 पद रिक्त हैं। यह परीक्षाएं हमीरपुर चयन आयोग के पेपर लीक होने के कारण स्थगित हुई थीं, अब इन पदों को दोबारा भरने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बैठक में 100 मिनी बसों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि पथ परिवहन निगम सात माह के भीतर यूपीआई क्रेडिट डेबिट एनसीएमसी कार्ड लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजघाट के समीप एचआरटीसी के चालकों-परिचालकों के लिए 120 बिस्तर क्षमता के ठहराव स्थल की बेहतर व्यवस्था की गई है। बैठक में लगेज पॉलिसी में रियायत देते हुए एचआरटीसी की बसों में दूध और सब्जियों के किराये को माफ करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में अवगत करवाया कि एचआरटीसी ने अब तक 66 करोड़ की आय अर्जित की है और आय में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैठक में बैजनाथ पुराने बस अड्डे में पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। सरकाघाट पुराने बस अड्डे को बरछवाड़ स्थित नए बस अड्डे में स्थानातंरित करने की भी मंजूरी दी गई। चंबा पुराने बस अड्डे में कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। ऊना पुराने बस अड्डे में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मोड पर कार पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लैक्स बनाया जाएगा। बिलासपुर स्थित मंडी भराड़ी में बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में निगम की कार्य प्रणाली में और सुधार लाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ निगम की आय में भी वृद्धि की जा सके। बैठक में निदेशक मण्डल के सदस्य, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, निदेशक डीसी नेगी और विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निर्माण, कृषि, चिकित्सा, आपदा के दौरान खाद्य वस्तुओं का वितरण आदि में ड्रोन तकनीक कारगर साबित हो सकती हैं। ड्रोन तकनीक के माध्यम से प्रदेश में लगभग 15 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि सोलर एनर्जी के माध्यम से भी प्रदेश में लगभग तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। राज्य में घरों की छतों पर लगभग 16 लाख सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह बात प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था की ओर से ग्रीन हिमाचल समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर दी गई प्रस्तुति के दौरान कही। इससे पूर्व प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था के निदेशक राजीव ने ग्रीन हिमाचल-समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश में लगभग 1.6 करोड़ पर्यटक पहुंचे। पर्यटन के माध्यम से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश सरकार के दो साल पूरा होने पर बिलासपुर में करवाए जा रहे समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। रैली का समय 11 दिसंबर को सुबह 10ः30 बजे तय किया गया है। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने समारोह की तैयारियों के संबंध में बैठक की। उन्होंने इस कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की और कहा कि इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी मंत्रीगण, कांग्रेस विधायक, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य शामिल होंगे। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के भी निर्देश दिए, जिससे लाेगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार उपलब्धियां जनता के समक्ष रखेगी और व्यवस्था परिवर्तन से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को रेखांकित किया जाएगा। सीएम ने सूचना एवं जन संपर्क विभाग को सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों पर एक वृत्तचित्र तैयार करने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा व कमलेश कुमार पंत, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आउटसोर्स के तहत स्वीकृत पदों पर कौशल विकास निगम में तैनात तीन जूनियर ऑफिस असिस्टेंट की सेवाएं समाप्त करने के फैसले पर रोक लगा दी है। तीनों अगली सुनवाई तक अपने पदों पर बने रहेंगे। याचिकाकर्ताओं ने कौशल विकास निगम के 14 नवंबर के फैसले को चुनौती दी है। निगम ने इन आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को 30 नवंबर से समाप्त करने का फैसला लिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकल पीठ ने मामले में अगली सुनवाई को राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को जवाब दायर करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत को हिमाचल सरकार की ओर से जारी 26 अक्तूबर के आदेश के बारे में अवगत कराया। इसके तहत कौशल विकास निगम ने प्रोजेेक्ट को 30 जून 2025 तक बढ़ाया है। कर्मचारियों की नियुक्तियां वर्ष 2017 में की गई थी। सरकार की ओर से स्वीकृत पदों पर कौशल विकास निगम ने राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर तैनाती दी गई है। निगम ने इनका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया भी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने वोल्वो बसों की खरीद का टेंडर रद्द कर दिया है। यह निर्णय निगम के निदेशक मंडल की आज शिमला में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। निदेशक मंडल के इस निर्णय के बाद निगम में नई वोल्वो बसों का इंतजार बढ़ गया है। मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक के बाद शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि वोल्वो बसों की खरीद के लिए सिर्फ एक ही टेंडर आया था। ऐसे में निगम के निदेशक मंडल ने सिंगल टेंडर पर वोल्वो बसें नहीं खरीदने का निर्णय लिया। एचआरटीसी ने अपनी सभी 24 वोल्वो बसों के फ्लीट को बदलने का निर्णय लिया है। मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य पथ परिवहन निगम की लगेज पॉलिसी में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निगम के निदेशक मंडल ने लगेज पॉलिसी में जनता से मिले फीडबैक के आधार पर छूट देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के मुताबिक अब HRTC की बसों में किसानों द्वारा सब्जियां और दूध ले जाने पर उनसे किराया नहीं वसूला जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य पथ परिवहन निगम इस साल के अंत तक अपनी 1000 पुरानी बसें बदलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम ने 327 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का निर्णय लिया है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसी तरह निगम ने 250 डीजल बसें भी खरीदने का फैसला किया है। यही नहीं निगम ने 100 मिनी बसें और टेंपो ट्रैवलर खरीदने का भी फैसला किया है। निगम के फ्लीट में इस समय लगभग 3200 बसें हैं। उन्होंने कहा कि निगम में 350 कंडक्टरों की भर्ती कर दी गई है और इन्हें नियुक्तियां भी दे दी गई हैं। इसके अलावा 189 जेओएआईटी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती निगम ने राज्य चयन आयोग के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के निदेशक मंडल ने निगम की बसों पर गुटखा और शराब के विज्ञापन नहीं लगाने का फैसला किया। यही नहीं जो विज्ञापन पहले से चल रहे हैं उन्हें हटाने का भी निर्णय लिया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि आईएसबीटी शिमला के मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा ताकि इस पर कोई फैसला लिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बस अड्डे का संचालन कर रही कंपनी ने बस अड्डे को सरकार को वापस करने की इच्छा जताई है और इसके लिए सरकार से 82 करोड़ रुपए मांगा है ताकि वह बस अड्डे के संचालन के लिए हुए समझौते से बाहर निकल सके। उन्होंने यह भी कहा कि मैकलोडगंज और कांगड़ा बस अड्डे का 25 करोड़ का आर्बिट्रेशन सरकार के खिलाफ आया है और निगम ने इस मामले को भी मंत्रिमंडल में ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि निगम के इस समय 3000 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन निगम निदेशक मंडल ने यह भी फैसला लिया है कि अब निगम के किसी भी कर्मचारी को घर में शादी अथवा बीमारी की स्थिति में केवल 200000 रुपये ही पीएफ अकाउंट से मिलेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम हर साल 1000 करोड़ रुपए का रियायती सफर लोगों को करवाता है। उन्होंने कहा कि निगम अकेले महिलाओं के रियायती सफर पर ही हर रोज 50 लाख रुपए खर्च कर रहा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर स्तर तक पहुंच जाने के चलते दिल्ली सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की 16 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह रोक ग्रेप स्टेज 4 के लागू होने के दृष्टिगत लगाई गई है क्योंकि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बीएस-4 श्रेणी की है। अग्निहोत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि दिल्ली स्थित हिमाचल भवन हिमाचलियों की पहचान है और इसे कोई भी उंगली तक नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उसके खिलाफ आए आर्बिट्रेशन के बाद इस मामले में 64 करोड रुपए जमा करवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग हिमाचल भवन सहित पर्यटन विकास निगम के 18 होटलों को बंद करने के अदालत के फैसले को लेकर सचेत है और इस मामले में सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का दौरा किया। 14 नवम्बर से शुरू हुआ यह मेला 27 नवम्बर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, विभिन्न स्वयं सहायता समूहों, हिम ईरा, एचपीएमसी द्वारा लगाए गए 16 स्टालों का अवलोकन किया जिनमें शहद और कृषि उत्पाद, शॉल, फल उत्पाद, हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र इत्यादि के स्टॉल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में राज्य के उत्कृष्ट उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए उद्योग विभाग के प्रयासों की सराहना की। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि लगभग 2 लाख लोग हिमाचल पैवेलियन का दौरा कर चुके हैं और लगभग 40 लाख रुपये कीमत के उत्पादों की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। निदेशक उद्योग यूनुस ने मेले के दौरान प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
** हर विधानसभा क्षेत्र से 100 विद्यार्थियों का किया जाएगा चयन: सीएम सुक्खू मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि प्रदेश के 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी के लिए क्रैक अकादमी 34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस संस्था के माध्यम से 100 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रदेश के छठी कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों को इस संस्था के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कौशल विकास पर भी जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व क्रैक अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरज कंसल ने ‘समावेशी शिक्षा की ओर यात्रा’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित थे।
कुनिहार को नगर पंचायत बनाने का विरोध बढ़ता ही जा रहा हैं। सोमवार को जहां क्षेत्र की विकास सभा सहित अन्य संस्थाओं ने इसके विरोध में रोष स्वरूप बैठक कर वीरवार 28 नवंबर को तीनो पंचायतों की एक महापंचायत करने का फैसला कर सभी से एकजुट होने की अपील की। उसी कड़ी में आज मंगलवार को हाटकोट पंचायत की महिलाओं ने भी नगर पंचायत बनाने को लेकर रोष व्यक्त किया। काफी संख्या में महिलाओं ने इकट्ठे होकर 28 नवंबर को होने वाली महापंचायत में बढ़चढ़ कर भाग लेने का संकल्प लिया। महिलाओं का कहना है कि नगर पंचायत बन जाने से अनावश्यक आर्थिक बोझ जनता पर पड़ेगा फिलहाल अभी यहां नगर पंचायत की कोई आवश्यकता नजर नहीं है आ रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और इस फैसले को तुरंत वापिस लिया जाए नहीं तो क्षेत्र की संस्थाओं के साथ सभी महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएगी। इस मौके पर कृष्णा देवी, रामेश्वरी शर्मा, विजय लक्ष्मी, उर्मिला देवी, कौशल्या कंवर, अनु, पूनम शर्मा, रीता, तबस्सुम, प्रोमिला आदि दर्जनों महिलाएं मौजूद रही।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी घरेलू एवं होटल उपभोक्ता 30 नवंबर 2024 से पूर्व अपना केवाईसी करवा लें। यह सूचना ई मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता उपमंडल कुनिहार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। उन्होंने बताया कि 27 नवम्बर 2024 को कुनिहार, ममलीग, सायरी एवं इसके आसपास की पंचायतों एवं क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के केवाईसी के लिए नए बस स्टैंड कुनिहार, ममलीग, सायरी के निकट केवाईसी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। केवाईसी अर्थात विद्युत मीटर खाता संख्या (उपभोक्ता आईडी) को उनके आधार कार्ड (केवाईसी) से जोड़ने की प्रक्रिया विद्युत विभाग द्वारा प्रक्रियाधीन है तथा दिनांक 27 नवम्बर 2024 को कुनिहार (नजदीक नया बस स्टैंड) ममलीग, सायरी में आसपास के क्षेत्रों एवं पंचायतों के उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी केंद्र खोले जाएंगे, जिसकी केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 30/11/2024 है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के पास आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, कोई भी नया/पुराना बिजली बिल होना चाहिए तथा केवाईसी के दौरान उन्हें अपना मोबाइल भी साथ रखना होगा, जिसका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक हो। अतः उक्त क्षेत्रों, पंचायतों के उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे अपने नजदीकी केवाईसी केन्द्रों पर पहुंचकर अपना केवाईसी अवश्य करवा लें। यदि कोई उपभोक्ता केवाईसी करवाने में सहयोग नहीं करता है या केवाईसी नहीं करवाना चाहता है, तो वह उपभोक्ता भविष्य में बिजली बिलों में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रह सकता है, जिसके लिए वह उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा।
**कर्तव्यों की याद और अधिकारों की रक्षा पर हुई चर्चा जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लॉ विभाग ने संविधान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया और छात्रों ने संविधान के महत्व और इसके प्रावधानों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दीं। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट, शिमला के अधिवक्ता डॉ० संदीप सचदेवा व रीता सचदेवा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने लॉ विभाग के छात्रों को प्रेरित करते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने और देश के भविष्य को संभालने के लिए जिम्मेदारी के साथ सहयोग करने की बात कही। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर (डॉ०) अशोक पुरी ने अपने संदेश में कहा, "संविधान दिवस हमें हमारे देश के संविधान के महत्व की याद दिलाता है और हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का भी सन्देश देता है। कार्यक्रम के अंत में, विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने संविधान की प्रस्तावना को पढ़कर इसके प्रावधानों का पालन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, और अन्य सभी अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में संविधान के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना था।
हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग प्रदेश पुलिस विभाग में विशेष ड्यूटी के लिए कांस्टेबल (पुरुष) के 708 पद और कांस्टेबल (महिला) के 380 पद भर रहा है। इन पदों को 4 अक्तूबर 2024 को विज्ञापित किया गया था। भर्ती प्रक्रिया जारी है। आयोग को इन विशेष ड्यूटी कांस्टेबल (पुरुष एवं महिला) के पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती आवेदन पत्र यानि ओआरए में सुधार के लिए अभ्यर्थियों से बहुत सारे आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इसलिए आयोग ने फैसला लिया है कि अभ्यर्थी अपने ऑनलाइन भर्ती आवेदनों में श्रेणी परिवर्तन, नाम परिवर्तन, पिता का नाम, माता का नाम में सुधार के लिए 3 दिसंबर 2024 तक ईमेल आईडी यानी so.setbranch@gmail.com या ऑफलाइन मोड के माध्यम से आयोग को प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ओआरए में पुरुष से महिला या इसके विपरीत सुधार स्वीकार्य नहीं हैं, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जाएगा। लोक सेवा आयोग की सचिव निवेदिता नेगी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अंतिम तिथि के बाद ओआरएम में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए आयोग की ओर से कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें, प्रदेश में 1,088 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए करीब 1.15 लाख आवेदन पहुंचे हैं। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर तय की गई थी। इस दौरान तक 92 हजार आवेदन हुए थे। बाद में कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 1.15 लाख पहुंच गई है।
** विक्रमादित्य सिंह ने सड़क निर्माण को लेकर दिए निर्देश हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह डोडरा क्वार क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, उनका डोडरा क्षेत्र से काफी पुराना रिश्ता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस क्षेत्र के विकास की शुरुआत की थी। पहली बार क्षेत्र के लिए सड़क की सुविधा उन्होंने ही शुरू की थी। डोडरा क्वार सड़क को मेटलिंग अक्टूबर 2025 तक पूरी हो जाएगी, जिसके लिए विभाग को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, छिवोड़ कैंची से उत्तराखंड को जोड़ने वाली सड़क का एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्वार के भवन निर्माण कार्य मार्च 2025 तक तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन रेस्ट हाउस में देरी को लेकर विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, विकासात्मक कार्यों के लिए प्रदेश सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री सुक्खू ने करोड़ों रुपए की सौगातें इस क्षेत्र के लिए दी है। यहां के क्षेत्र की सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य ने कहा, इस क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग काफी फैलता जा रहा है। युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अपने बच्चों को इन नशों से दूर रखने की अपील की है। शिमला पुलिस नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है, लेकिन जब तक जन सहयोग नहीं मिलेगा नशे को जड़ से खत्म करना सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती है। लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने कहा कि पंडार गांव के लिए सड़क की सुविधा नहीं है। यहां के लोगों की मांग को ध्यान में रखते है और आगामी कुछ महीनों में सड़क निर्माण की सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह इस क्षेत्र में आएंगे तो सिर्फ पंडार गांव में ही रुकेंगे। तब तक सड़क गांव तक पहुंच चुकी होगी। विक्रमादित्य ने कहा, चांशल क्षेत्र टूरिज्म की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार की प्राथमिकता इस क्षेत्र को टूरिज्म साइट के तौर पर विकसित करने की है। ताकि इस क्षेत्र के लोगों के लिए घर द्वार पर ही रोजगार के साधन विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि जब ईको टूरिज्म साइट बनेगी तो यहां पर संतुलित विकास होगा। यहां के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन गलत तरीके से न हो। वहीं, इस क्षेत्र को साल भर खुला रखने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को ओबीसी का दर्जा देना हमारी प्राथमिकता है। वह मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से रखेंगे। इस मांग को अगर केंद्र सरकार के समक्ष रखना भी पड़ा तो भी वह केंद्र सरकार तक क्षेत्र की आवाज रखने के लिए जाएगें। यहां के लोग कई महीनों तक प्रदेश के अन्य हिस्सों से कट जाते है। यहां की भौगोलिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में यहां के लोगों को विशेष सुविधाएं देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। वहीं, कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मंदिर के लिए जो सराय बनना प्रस्तावित है, उसके लिए जल्द ही बजट मुहैया करवाया जाएगा। गांव में एंबुलेंस मार्ग के लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गांव में बेहतर सुविधाएं देने के लिए हमारी सरकार प्रयास कर रही हैं। प्रदेश की महिलाओं को ₹1500 मासिक इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि दी जा रही है। इसी तरह से प्रदेश सरकार ने चार हजार बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल बनने के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है।
हिमाचल में महंगाई एक बड़ा मुद्दा बन गई है। आम जनता इसके बोझ से परेशान है। आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। ऐसे राहत की खबर ये है कि प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने के लिए राशन का आवंटन कर दिया है, जिसमें प्रदेश भर में 4500 से अधिक डिपुओं के माध्यम से एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले सस्ते राशन के कोटे में इस बार भी कट नहीं लगा है। इस तरह से APL परिवारों को अगले महीने भी 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को डिपुओं में मिलने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगा है। वहीं, हिमाचल में पहले हर दो से तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन 15 महीनों से APL परिवारों को दिए जाने वाले आटा और चावल की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। इससे भी महंगाई के इस मुश्किल समय में लाखों माध्यम परिवारों को कुछ राहत मिली है। केंद्र से राशन का आवंटन होने के बाद सरकार ने भी प्रदेश के सभी 12 जिलों को आटा और चावल की मात्रा निर्धारित कर दी है। एपीएल परिवारों को जिलों में आबादी के आधार पर 20,410 मीट्रिक टन राशन का आवंटन किया गया है, जिसमें 14,387 मीट्रिक टन गेहूं और 6,023 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को 29 अक्टूबर से सस्ते राशन के परमिट जारी किए जाएंगे। ताकि डिपुओं में एक दिसंबर से सस्ता राशन उपलब्ध हो सके। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 हैं। इसमें कुल एपीएल कार्डधारकों की संख्या 12,24,448 है. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें एपीएल टैक्स पेयर कार्डधारकों की कुल संख्या 72,445 है। वहीं, 11,52,003 नॉन टैक्स पेयर एपीएल कार्ड धारक हैं। हिमाचल में एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 बनती है, जिसमें नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों की आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने डिपुओं के माध्यम से 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड मिलेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने कहा, दिसंबर महीने के लिए राशन का आवंटन किया गया है। डिपुओं में अगले महीने एपीएल परिवारों को दिए जाने वाले राशन को मात्रा नहीं घटाई गई है। उपभोक्ताओं को समय पर राशन मिले, इसके लिए भी जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर की पहली पायलट कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा (सीबीटी) का परिणाम जल्द घोषित होने वाला है। ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) पोस्टकोड 1073 के 162 पदों के लिए यह परीक्षा 30 मार्च 2024 को एडसिल एजेंसी के माध्यम से करवाई गई थी। चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। एडसिल एजेंसी ने परीक्षा का परिणाम काफी पहले तैयार कर लिया था, लेकिन 95 फीसदी भुगतान न होने के कारण इसे रोक दिया गया। आयोग ने अब एजेंसी को करीब 33 लाख रुपये का 95 फीसदी भुगतान कर दिया है, जबकि शेष पांच फीसदी राशि परिणाम जारी होने के बाद दी जाएगी। यह भर्ती पहले 2022 में तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग की ओर से विज्ञापित की गई। पेपर लीक मामले के कारण आयोग भंग हो गया और भर्ती प्रक्रिया अटक गई। नवगठित राज्य चयन आयोग ने मार्च 2024 में एडसिल एजेंसी के माध्यम से पहली पायलट भर्ती परीक्षा करवाई गई। भुगतान से जुड़ी कानूनी पेचिदगियों के चलते परिणाम अटका रहा। कोष विभाग से नवगठित आयोग के नामित कर्मचारी को ट्रेजरी कोड मिलने के बाद एडसिल एजेंसी को 33 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। अब एजेंसी की ओर से राज्य चयन आयोग को अभ्यर्थियों का सीबीटी परिणाम सौंपा जाएगा। इसके बाद इसे आयोग की बेवसाइट पर घोषित कर दस्तावेजों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। बता दें कि पहले पदों के विज्ञापित होने के लगभग डेढ़ साल तक अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए इंतजार करना पड़ा और उसके बाद सात महीने तक सीबीटी का परिणाम। अब जल्द इंतजार खत्म होने की उम्मीद है। एजेंसी को सीबीटी के आयोजन के बाद मिले बिल के अनुसार 95 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया गया है। पांच फीसदी राशि का भुगतान परिणाम घोषित होने के बाद जारी होगा। उम्मीद है कि एक दो दिन के भीतर में एजेंसी परिणाम आयोग को सौंप देगी।
शिमला: प्रदेश के विंटर वैकेशन स्कूलों में नॉन बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं 10 दिसम्बर से शुरू होंगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को इसकी डेटशीट जारी कर दी है। यह परीक्षाएं 21 दिसम्बर तक चलेंगी। इस दौरान विभाग की ओर से पहली, दूसरी, चौथी, छठीं और सातवीं कक्षा की डेटशीट जारी की गई है। इस दौरान 10 दिसम्बर को पहली व दूसरी कक्षा का गणित, चौथी कक्षा का हिंदी विषय का पेपर लिया जाएगा। 13 दिसम्बर को पहली व दूसरी कक्षा का हिंदी, चौथी कक्षा का गणित, 16 दिसम्बर को तीनों कक्षाओं का अंग्रेजी का पेपर लिया जाएगा। वहीं 18 दिसम्बर को चौथी कक्षा का ईवीएस का पेपर लिया जाएगा। 10 दिसम्बर को छठी कक्षा का संस्कृत का पेपर होगा, जबकि सातवीं कक्षा का हिंदी का पेपर लिया जाएगा। 12 दिसम्बर को छठी कक्षा का गणित और सातवीं कक्षा का विज्ञान, 13 दिसम्बर को छठी कक्षा का हिमाचल लोक संस्कृति और सातवीं कक्षा का सोशल साइंस का पेपर लिया जाएगा। 16 दिसम्बर को छठी कक्षा का विज्ञान, सातवीं कक्षा का गणित, 17 दिसम्बर को छठी कक्षा का अंग्रेजी और सातवीं कक्षा का हिमाचल लोक संस्कृति, 18 दिसम्बर को छठी व सातवीं कक्षा का ऑप्शनल विषयों का पेपर होगा। 20 दिसम्बर को छठी कक्षा का हिंदी और सातवीं कक्षा का अंग्रेजी व 21 दिसम्बर को छठी कक्षा का सोशल साइंस और सातवीं कक्षा का संस्कृत का पेपर लिया जाएगा। इस दौरान ऑप्शनल विषयों के प्रश्न पत्र स्कूलों द्वारा तैयार किए जाएंगे, जबकि मुख्य विषयों के पेपर समग्र शिक्षा द्वारा तैयार किए गए हैं।
हिमाचल: देश-विदेश से पहाड़ों की रानी शिमला घूमने आने वाले सैलानी कुछ साल बाद परवाणू से रोपवे के जरिये कुछ ही घंटों में राजधानी पहुंच सकेंगे। परवाणू से शिमला के लिए रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। 38 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाने के लिए रोपवे कॉरपोरेशन ने औपचारिकताएं पूरी करना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार पीपीपी मोड पर रोपवे बनाएगी। प्रोजेक्ट पर करीब 6800 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। कॉरपोरेशन के मुताबिक इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने का जिम्मा टाटा कंसल्टेंसी को सौंपा है। कंपनी ने डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी को इसके लिए ढाई करोड़ दिए गए हैं। रोपवे क्षेत्र में काम करने वाली नामी कंपनी ने प्रोजेक्ट का काम करने को हामी भरी है। कॉरपोरेशन के मुताबिक रोपवे से प्रदेश के हजारों लोग लाभान्वित होंगे तो वहीं सैलानियों को भी शिमला-सोलन के खूबसूरत पहाड़ों को आसमान से निहारने का मौका मिलेगा। बताया जा रहा है कि यह देश का सबसे लंबे रोपवे होगा। इसका निर्माण कार्य आठ चरणों में पूरा होगा। प्रारंभिक योजना के मुताबिक रोपवे में एक घंटे में 3,000 से 5,000 लोग सफर कर सकेंगे। इसमें परवाणू-जाबली, जाबली-डगशाई, डगशाई-बड़ोग, बड़ोग-सोलन, सोलन-करोल टिब्बा, करोल टिब्बा-आईटी सिटी वाकनाघाट, आईटी सिटी वाकनाघाट-शोघी,शोघी-तारादेवी मंदिर और तारादेवी मंदिर से तारादेवी आदि स्टेशन होंगे। परवाणू से शिमला रोपवे के लिए सर्वे कर लिया है। टाटा कंसल्टेंसी डीपीआर बना रही है। प्रोजेक्ट पर करीब 6800 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसके बनने से सैलानियों के लिए साथ ही प्रदेशवासियों को भी शिमला पहुंचने का सुगम विकल्प उपलब्ध होगा।
**28 नवंबर को होगी कुनिहार में महापंचायत कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में क्षेत्र के लोगों में भारी रोष बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर विकास सभा कुनिहार व अन्य संस्थाओं के लोगो सहित तीनो पंचायतों के लोगों ने एक बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि वीरवार 28 नवंबर को कुनिहार के तालाब मंदिर परिसर में सरकार द्वारा कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में एक महापंचायत की जाएगी, जिसमें तीनों पंचायतों के महिला, पुरुष व युवाओं से बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील की गई। इसी मुद्दे को लेकर आज तालाब मंदिर में बैठक बुलाई गई थी, जिसमे काफी संख्या में कुनिहार के लोग उपस्थित रहे। कुनिहार विकास सभा के वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कुनिहार की तीनों पंचायतों की जनता युवा व सभी व्यक्तियों और जितनी भी महिलाएं और बुद्धिजीवी नागरिक हैं सभी 28 नवंबर को इस महापंचायत में आकर अपना विरोध जताएं। उन्होंने कहा कि अगर कल को नगर पंचायत बनाई गई तो लोगों का जीना हराम हो जाएगा, भारी टैक्स देने पड़ेंगे किसी प्रकार भी अपने मकान को बनाने व तब्दील करने के लिए इजाजत लेनी पड़ेगी और जितने भी जिम्मेदारों के घर में डंगर पशु रहते हैं उन सभी पर टैक्स लगेगा। इसलिए सभी से अनुरोध किया जाता है कि 28 नवम्बर वीरवार 11 बजे समय रहते हुए तालाब मंदिर में पहुंचकर इस महापंचायत में भारी संख्या में भाग ले। ताकि इस जबरदस्ती थोपे जा रहे निर्णय को सरकार वापिस लें। इस बैठक में हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, उप प्रधान रोहित जोशी, उप प्रधान कुनिहार पंचायत हरिदास तनवर, व्यापार मंडल कुनिहार के प्रधान धीरज ठाकुर, विकास सभा के सचिव संजय राघव, सर्व एकता जनमंच कुनिहार के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ठाकुर, पंकज, वीर सिंह, नवीन कंवर, राजेंद्र चौधरी, प्रेम सिंह, राजेश शर्मा, ज्ञान सिंह,मदन सिंह कंवर, राकेश झांझी, राजेश अत्री, दीपक, अमित, राजीव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में लंबे सूखे के बाद अत्याधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने बीते 24 घंटे के दौरान कोकसर और कुकुसमेरी में बर्फबारी की पुष्टि की है, जबकि कुकुसमेरी में बारिश भी दर्ज की गई है। कोकसर में 1.4 सेंटीमीटर और कुकुसमेरी में 0.5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। ताजा बर्फबारी के बाद प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला है। इसके अलावा मनाली, सोलंगनाला और भरमौर में भी हल्की बर्फबारी हुई है। ताबो में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। यहां तापमान माइनस 8.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। ताबो में पानी जमने की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने 200 मीटर विजिविल्टी की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 28 नवंबर तक कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना खिसक कर 30 नवंबर को चली गई है। मौसम विभाग ने 30 नवंबर को लाहुल-स्पीति, चंबा, कंगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के अलग-अलग स्थानों में बर्फबारी के साथ बारिश होने की आशंका जताई है। नवंबर महीने के तीन हफ्ते गुजर चुके हैं लेकिन ज्यादातर हिस्सों में अभी तक सूखे का माहौल बना हुआ है। प्रदेश में लाहुल-स्पीति के अलावा कहीं भी बारिश नहीं हुई है।
शिमला: हिमाचल में उपभोक्ताओं को अब जल्द ही महंगी रसोई गैस राहत मिल सकती हैं। प्रदेश अब उपभोक्ताओं को पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन से सस्ती रसोई गैस मिलेगी। इसके लिए अब देश के महानगरों की तर्ज पर प्रदेश के पांच जिलों में पहली बार पाइप्ड नैचुरल गैस सुविधा मिलने जा रही है, जिसके लिए केंद्र ने मंजूरी दे दी है। पहले चरण में जिन शहरों को इस सुविधा से जोड़ा जाना है, इसकी सूची भी जारी कर दी है। केंद्र से योजना मंजूर होने के बाद अब संबंधित जिला प्रशासन को तेल कंपनी से संपर्क कर पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन योजना को सिरे लगाने के लिए भूमि चयन कर ट्रांसफर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा है। इस योजना के शुरू होने उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर भरवाने के झंझट से छुटकारा मिलने वाला है। हिमाचल में महंगाई के इस मुश्किल दौर में आम आदमी की रसोई का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में राशन, सब्जी से लेकर रसोई गैस (LPG Cooking Gas Cylinder) सब कुछ महंगा होने से लोगों की जेब खाली हो रही है। ऐसे में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) के मुकाबले में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे गैस के खर्च को काफी बचा सकते हैं। उपभोक्ताओं को पीएनजी एलपीजी की तुलना में 20 से 25 फीसदी तक सस्ती पड़ेगी। पीएनजी के एक क्यूबीक मीटर का दाम करीब 50 रुपये होता है, वहीं एलपीजी करीब 70 रुपए रुपये प्रति किलो पड़ती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को एक LPG सिलेंडर के बराबर गैस खर्च करने पर 200 से 300 की बचत हो होगी। यहां पाइपलाइन बिछाने का प्रोजेक्ट पूरा: प्रदेश के ऊना में गैस पाइपलाइन बिछाने का प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मुताबिक ऊना में बही हिमुडा कॉलोनी में कई हजार पीएमजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इसी तरह अंब में भी गैस पाइपलाइन का काम जारी है। इसे भी जल्द फंक्शनल किया जाएगा। वहीं, जिला शिमला में न्यू शिमला, संजौली में हिमुडा कॉलोनी, एसजेवीएनएल कॉलोनी, दत्तनगर और झाकड़ी, जिला सोलन में सोलन शहर, गवर्नमेंट कॉलोनी और दूसरी अन्य कॉलोनी, हिमुडा कॉलोनी नाहन और कालाअंब गवर्नमेंट कॉलोनी हमीरपुर और दियोटसिद्ध, बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर, एम्स व शाहतलाई में पाइप लाइन से गैस सुविधा की मंजूरी दी गई है। पीएनजी या पाइप्ड नेचुरल गैस, प्राकृतिक गैस का एक रूप है, जिसे भूमिगत पाइपलाइनों के एक नेटवर्क के माध्यम से सीधे आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं तक वितरित किया जाता है। यह एक स्वच्छ-जलने वाला जीवाश्म ईंधन है जो मुख्य रूप से मीथेन से बना होता है। इसे अन्य पारंपरिक ईंधनों के लिए अधिक पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है। यह गैस सिलेंडर की तुलना में काफी सस्ती और सुरक्षित है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक रामकुमार गौतम ने कहा, "केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के 5 जिलों में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए मंजूरी दी है। इसके लिए अब आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है ।
ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक शिमला को ऑल-वेदर इंडोर रिंक में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पर्यटन विभाग ने परियोजना के लिए 35 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटित कर दिए हैं। रिंक न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों और पेशेवर स्केटिंग प्रतियोगिताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। रिंक को ऑल-वेदर बनाने के लिए परिसर का निर्माण किया जाएगा। इससे रिंक इनडोर बनेगी। एशियन डेवलपमेंट बैंक से इस परियोजना के लिए वित्तीय मदद मिलेगी। बैंक की उपलब्ध कराई धनराशि का उपयोग रिंक के ढांचागत सुधार, तकनीकी उन्नति और उपकरणों की स्थापना में किया जाएगा। पहले यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनाई जानी थी। यह परियोजना शिमला के पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य के राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से की जा रही है। योजना के अनुसार काम अगले साल के मध्य तक शुरू होगा। इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शिमला के रिंक को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके लिए रिंक का आकार 60 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा तय किया गया है। यह पेशेवर स्केटिंग प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त है। रिंक को पूरी तरह से इंडोर बनाया जाएगा। रिंक में अन्य आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें चेंजिंग रूम, दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था और एक कैफेटेरिया भी होगा। इन सुविधाओं से न केवल स्केटर्स बल्कि दर्शकों के लिए भी अनुभव बेहतर होगा। रिंक में बर्फ को पूरे साल स्थिर और टिकाऊ बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। रिंक की सतह के नीचे ब्राइन पाइप बिछाए जाएंगे। इनमें पानी और एंटीफ्रीज का ठंडा मिश्रण प्रवाहित होगा। रिंक में बर्फ को पूरे साल स्थिर और टिकाऊ बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। बड़े चिलर्स ब्राइन को जमने लायक ठंडा करेंगे और पंप्स से इसे सतह के नीचे लगातार प्रवाहित किया जाएगा। यह प्रक्रिया सतह से गर्मी को हटाकर बर्फ को स्थायी रूप से जमी रहने में मदद करेगी। रिंक के नीचे एक इंसुलेशन लेयर बिछाई जाएगी, जो जमीन से गर्मी के प्रभाव को रोकने में सहायक होगी। इस लेयर में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री जैसे विस्तारित पॉलीस्टायरीन या पॉलीयुरेथेन का उपयोग किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि बर्फ लंबे समय तक जमी रहे। इससे लोगों को पूरे साल स्केटिंग करने में सहूलियत होगी। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा ऑल-वेदर स्केटिंग रिंक पर्यटन उद्योग को नया आयाम देगा। पूरे साल खुला रहने वाला यह रिंक पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा यह रिंक शिमला को अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन स्थल बनाने में भी मदद करेगा। इस सीजन रिंक में प्राकृतिक तरीके से बर्फ जमाई जाएगी। अगले साल गर्मियों में रिंक के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से बड़ी संख्या में सैलानियों ने हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करना शुरू कर दिया है। वीकेंड पर प्रदेश के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। दिल्ली के दफ्तरों में वर्कफ्रॉम होम शुरू होने के बाद कई सैलानियों ने होम स्टे के लिए संपर्क कर लंबे समय के लिए कमरों की बुकिंग को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वीकेंड पर शिमला, मनाली, कुल्लू और धर्मशाला में सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शिमला में 60 से 70, मनाली में 40 से 60 और धर्मशाला में 40 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी पहुंच गई है। शनिवार को लाहौल-स्पीति की चंद्राघाटी और कोकसर में हुई ताजा बर्फबारी के बाद सैलानियों की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद दिल्ली के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। इसके बाद हिमाचल में फैमिली ट्रिप पर आने वाले सैलानियों की संख्या भी बढ़ गई है। शुक्रवार को ही शिमला में सैलानियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शनिवार को शहर की पार्किंगों में पर्यटक वाहनों के अलावा बाहरी राज्यों के टेंपो ट्रैवलर पार्क रहे। शहर के अंदर सबसे बड़ी लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर एक बजे पैक हो गई और संचालकों ने एंट्री प्वाइंट पर पार्किंग फुल का बोर्ड लगा दिया। रिज मैदान और मालरोड पर पूरे दिन सैलानियों की खूब चहलपहल रही। धर्मशाला के होटलों में ऑक्यूपेंसी सामान्य दिनों में जहां 20 से 25 फीसदी चल रही है, वीकेंड पर 40 फीसदी तक पहुंच रही है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा ने बताया कि मैदानी इलाकों में स्मॉग से राहत के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों के कर्मचारी वर्कफ्रॉम होम के लिए धर्मशाला के होम स्टे में पहुंचने शुरू हो गए हैं। कुल्लू के पर्यटन स्थल मनाली, मणिकर्ण, तीर्थन वैली, बंजार के जिभी और सोझा में सैलानियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। होटलों की आक्यूपेंसी 40 से 60 फीसदी तक पहुंच गई है। सोलंग नाला में पर्यटक पैराग्लाइडिंग, ब्यास में रिवर राफ्टिंग और हॉट बैलून का आनंद ले रहे हैं। चंबा के डलहौजी और खज्जियार में भी पर्यटकों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है।
** मॉडल टेस्ट पेपर के साथ मॉक टेस्ट करवाएगा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड नीट और जेईई की तैयारी में विद्यार्थियों की निशुल्क मदद करेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड मॉडल टेस्ट पेपर देगा और मॉक टेस्ट करवाएगा। यह मॉक टेस्ट परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी फायदेमंद होंगे। शिक्षा बोर्ड से पास जिन-जिन स्कूलों ने सबद्धता प्राप्त की है, वहां पर पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए नीट-जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए मॉडल पेपर तैयार करेगा। इन मॉडल पेपरों से अभ्यर्थी मॉक टेस्ट देकर तैयारी का आकलन स्वयं कर सकेंगे। यह मॉडल पेपर स्कूलों की लॉगिन आईडी पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। संबंधित स्कूलों के अभ्यर्थी अपने स्कूल प्रबंधन की लॉगिन आईडी से इन मॉक टेस्टों में हिस्सा लेकर नीट, जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी तैयारी का आकलन स्वयं कर सकेंगे। निशुल्क मॉडल पेपरों का स्कूलों के अतिरिक्त अन्य अभ्यर्थी प्रयोग नहीं कर सकेंगे। यह पेपर केवल स्कूलों की ही लॉगिन आईडी पर उपलब्ध होंगे। अलग-अलग तैयार किए जाने वाले मॉडल पेपरों में संबंधित विषय के प्रश्नों का ही अभ्यास करवाया जाएगा। अगर कोई अभ्यर्थी लॉगिन आईडी पर नीट का मॉक टेस्ट देना चाहेगा तो उसके लिए नीट के लिए प्रश्नपत्र उपलब्ध होंगे। इसी तरह अन्य विषयों के प्रश्नपत्रों के जरिए मॉक टेस्ट दिए जा सकेंगे। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड नीट और जेईई की तैयारी करने वाले स्कूलों के अभ्यर्थियों को निशुल्क कोचिंग देगा। इसके लिए शिक्षा बोर्ड मॉडल पेपर तैयार करेगा, जिन्हें स्कूलों की लॉगिन आईडी पर अपलोड किया जाएगा, जहां से अभ्यर्थी इन परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
** विद्यार्थियों को मोबाइल फोन पर भेजे मैसेज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की सोमवार से प्रदेश भर में 46 केंद्रों में स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इन परीक्षाओं के लिए विवि के दावे के अनुसार पहली बार 99 फीसदी एडमिट कार्ड ऑनलाइन अपलोड कर दिए हैं। छात्रों को एडमिट कार्ड को लॉग इन आईडी से डाउनलोड करने को लेकर उनके दिए नंबर पर मैसेज भी भेज दिए हैं। जिन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड इंटरनल असेस्मेंट या किन्हीं अन्य कारणों से अपलोड नहीं हुए हैं, उसकी वजह भी मैसेज के माध्यम से भेजी गई है। छात्रों को इन कमियों को दूर करने के लिए परीक्षाएं शुरू होने से पूर्व अपने कॉलेज या विभाग में संपर्क करने को कहा गया है। इस परीक्षा में पूरे प्रदेश भर में बने केंद्रों में 35,500 विद्यार्थी अपीयर होंगे। इनमें 18,000 ऐसे हैं ,जो रेगुलर छात्र हैं। इसके अलावा 17,000 छात्र ऐसे हैं जो बतौर प्राइवेट परीक्षा में बैठेंगे या री अपीयर होंगे। नियमित छात्रों को ही आईए अवार्ड जरूरी होते हैं। इनमें से 99 फीसदी के रोल नंबर जनरेट कर दिए हैं। री अपीयर छात्रों की आईए पहले से एंटर होती है। प्राइवेट छात्रों की परीक्षा सौ अंक की होती है। इसलिए उनके रोलनंबर इंटरनल असेस्मेंट के कारण नहीं अटकते हैं। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि इस बार ऑनलाइन जनरेट किए परीक्षा एडमिट कार्ड पर ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश मिलेगा। परीक्षा संचालन से संबंधित सभी तरह की समस्याओं के निपटारे के लिए अलग से बनाई निगरानी कमेटी से कॉलेज संपर्क कर सकते हैं, जिससे समस्या को तुरंत निदान हो। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने एमएड और बैचलर इन लाइब्रेरी साइंस और एम लिब कोर्स का परीक्षा शेड्यूल जारी कर दिया है। इसे विवि की वेबसाइट पर छात्रों के लिए अपलोड कर दिया गया है। इसके अनुसार एमएड और एम लिब की परीक्षाएं 10 से 18 दिसंबर तक होंगी। बी लिब की परीक्षाएं 7 से शुरू होकर 16 दिसंबर तक चलेंगी। जिनके एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो पाए हैं, उनमें अधिकतर इक्डोल विवि सेंटर फाेर डिस्टेंस एडं ऑनलाइन एजूकेशन (सीडीओई) के छात्र हैं। वे समय से सीडीओई में संपर्क कर शेष औपचारिकता को पूरा करवाएं। इससे परीक्षा से पहले उनके एडमिट कार्ड डाउनलोड हो सकेंगे। विवि में चल रहे पीजी कोर्स की परीक्षाएं जो 18 नवंबर से शुरू हुई थीं , वे संचालित की जा रही हैं। इसमें 13 विभागों के करीब 450 विद्यार्थी तय किए शेड्यूल के अनुसार परीक्षा दे रहे हैं।पीजी की 46 परीक्षा केंद्रों में शुरू हो रही स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर दी गई हैं। एडमिट कार्ड ऑनलाइन अपलोड किए जाने के साथ ही छात्रों को मैसेज से सूचित कर दिया है। जिनके कोई समस्या है, वे छात्र समय रहते परीक्षा शुरू होने से पहले अपने संस्थान में संपर्क कर कमी को दूर करवाएं ।
हिमाचल प्रदेश में जल शक्ति विभाग की पेयजल स्कीमें ऑटोमेशन (स्वचालन) सुविधा से जुड़ेंगी। हाईटेक तकनीक से कौन से पेयजल टैंक और किस लाइन में कितना पानी सप्लाई हुआ है, यह सब कुछ पंप हाउस में बैठे-बैठे पता लग जाएगा। पानी की मात्रा की टैंक एवं पाइपलाइन में उपलब्धता के लिए चिह्नित की गई स्कीमों पर डिस्चार्ज मीटर लगाए जाएंगे। इससे पानी की मात्रा का पूरा आंकड़ा अधिकारियों के पास आएगा। पानी की कमी की सूरत में इन स्कीमों में पानी की भरपाई दूसरे टैंकों से की जा सकेगी। पेयजल स्कीमों में सिग्नल के आदान-प्रदान के लिए जीएसएम प्रणाली का सहारा लिया जाएगा। हाईटेक सुविधा से स्कीमों को जोड़ने के लिए जल शक्ति विभाग के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक मददगार बनेगा। प्रारंभिक चरण में हरोली क्षेत्र की योजनाओं पर ऑटोमेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। बड़ी बात यह है कि आने वाले दिनों में टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डालने के झंझट से भी विभाग मुक्त हो जाएगा। इसके विकल्प में गैसेस क्लोरीनेशन के में पेयजल स्कीमों को लाया जाएगा। हालांकि, एडीबी के तहत प्रदेश की अन्य पेयजल योजनाओं को भी इस सुविधा के साथ जोड़ने का लक्ष्य है। शुरुआत में हरोली क्षेत्र में एडीबी के तहत 32.54 करोड़ रुपये से तैयार हुई रोड़ा, बालीवाल, हरोली और नगनोली आदि ग्राम पंचायतों की पेयजल सुविधाओं को इस तकनीक के साथ जोड़ने के मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। विभिन्न पेयजल स्कीमों को ऑटोमेशन (स्वचालन) तकनीक से जोड़ने की दिशा में कार्य प्रक्रिया में है। हरोली की योजनाओं पर कार्य जारी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से इस दिशा में चर्चा की गई है ओर उनके मार्गदर्शन में कार्य आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में स्वच्छ एवं सुचारू पेयजल सप्लाई हर गांव और घर तक होगी। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश में हाईटेक तकनीक से योजनाओं को जोड़ने का कार्य जारी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग में नियुक्त करीब 4,800 मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस संबंध में शनिवार को अतिरिक्त सचिव लोक निर्माण सुरजीत सिंह राठाैर की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। मल्टी टास्क वर्करों को अब 4500 रुपये बजाय 5000 प्रति माह मिलेंगे। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए हैं कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस संबंध में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाए। बता दें, बीते दिनों की हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया गया था।
** समिति ने गैर सरकारी संस्था में जाकर दिव्यांग बच्चों के लिए किया सेवा कार्य ** बच्चों को मिष्ठान, फलाहार, और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री की प्रदान सत्य साईं सेवा समिति कुनिहार ने सत्य साईं बाबा के 99वे जन्मोत्सव को बहुत ही हर्षोलल्लास और उमंग के साथ मनाया l इस अवसर पर कुनिहार समिति ने विभिन्न भजन संकीर्तन, सामाजिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजन कर साईं बाबा के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की l इस पावन अवसर पर कुनिहार समिति ने विशेषत: गणपति एजुकेशन सोसाइटी के अंतर्गत कार्यरत दिव्यांग एवं विशिष्ट बालको की सेवार्थ गैर सरकारी संस्था में जाकर के ऐसे विशिष्ट एवं दिव्यांग बालकों के लिए नारायण सेवा के रूप में मिष्ठान, फलाहार एवं सर्दियों में उपयोग होने वाले गर्म वस्त्र वितरित किए l साथ ही वहां पर भजन संकीर्तन के साथ-साथ साईं सेवा संगठन द्वारा चलाए जा रहे विश्व भर में मानवीय एवं आध्यात्मिक कार्यों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला l संगठन द्वारा सत्य साईं बाबा के बताए हुए मार्गदर्शन एवं पद चिन्हो पर चलते विश्व स्तर पर मानवीय मूल्यों की शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के कार्य निस्वार्थ भावना के साथ निरंतर चलाए जा रहे हैं l इस सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए कुनिहार समिति के संयोजक देवी दत्त परिहार ने बताया कि इस अवसर पर गणपति एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा ने भी अपने संबोधन में सत्य साईं सेवा संगठन द्वारा चलाए जा रहे निष्काम एवं मानवीय कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की l इस अवसर पर समिति के सदस्यों में गीता राम, हिरा दत शर्मा ,शकुंतला ,निर्मला ,बंती देवी,सुनीता ,सीमा के साथ-साथ गैर सरकारी संस्था कुनिहार के सभी सदस्य सम्मिलित रहे l इस कार्यक्रम के बाद समिति ने दो घंटे का अखंड भजन संकीर्तन का आयोजन किया और उसके बाद वहां पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया l
** बोले, बोर्ड अध्यक्ष को हटा अपने हाथों में निगम की कमान लें मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के 18 होटल को बंद करने के हाइ कोर्ट के आदेश के बाद से प्रदेश में HPTDC के होटलों का मुद्दा लगातार गर्माया हुआ है, हालांकि हिमाचल हाई कोर्ट ने ताजा आदेशों में 18 में से 9 होटलों को 31 मार्च तक खोले रखने के आदेश दिए हैं मगर 9 होटल 25 नवंबर तक बंद करने के आदेश बरकरार हैं। इसको लेकर अब हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ ने सभी 18 होटलों को खुला रखने की अपील उच्च न्यायालय में करने की बात कही है। संघ ने सरकार और पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन आर एस बाली की कार्यप्राणी पर भी सवाल उठाए हैं। पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ ने निगम के के चेयरमैन आर एस बाली को हटाने की मांग करते हुए निगम की कमान मुख्यमंत्री से अपने हाथों में लेने की मांग की है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ का कहना है कि संघ उच्च न्यायालय में सभी 18 होटल को खुला रखने को लेकर याचिका दायर करेगा। उन्होंने कहा कि बंद किए गए होटल में से कई की होटलों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। ऐसे में इन होटलों को खुला रखना चाहिए। पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ का कहना है कि न्यायालय ने केवल ऑक्युपेंसी को आधार बनाकर अपना फैसला सुनाया है प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने सही ढंग से निगम का पक्ष अदालत के सामने नहीं रखा। पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ का कहना है कि बीते 4 से 5 दिनों से प्रदेश में पर्यटन निगम के होटल को लेकर बवाल मचा हुआ है लेकिन निगम के अध्यक्ष अभी तक सामने नहीं आए। कर्मचारी संघ का कहना है कि पर्यटन निगम के होटल जाने की स्थिति में है लेकिन उनकी ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ ने पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष को हटाने की मांग करते हुए निगम की कमान मुख्यमंत्री से अपने हाथों में लेने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों के ऊंचाई वाले भागों में आज बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम में यह बदलाव आने के आसार हैं। उधर, राज्य के चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। बिलासपुर में हल्का कोहरा दर्ज किया गया है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 23 नवंबर को चंबा, कांगड़ा, किन्नाैर, कुल्लू व लाहाैल-स्पीति जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। इससे आगामी तीन-चार दिनों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री की कमी आने की संभावना है। वहीं अन्य भागों में आगामी सात दिनों तक माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। शिमला में आज धूप खिली है। विभाग ने बिलासपुर और सुंदरनगर में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया है। मंडी जिला प्रशासन बर्फबारी के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें बर्फबारी से पहले अपनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्दियों के दौरान आपदा प्रबंधन के लिए हर विभाग एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उनका मोबाइल नंबर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ साझा किया जाए। बताया कि बर्फबारी के अलर्ट के दौरान संबंधित क्षेत्र का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्य क्षेत्र को छोड़कर न जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे स्थानों को चिह्नित करें, जहां बर्फबारी के दौरान अधिक सड़कें बंद होने की संभावना रहती है। वहां पर समय रहते जरूरी मशीनरी और ऑपरेटर तैनात किए जाएं। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि सर्दियों के दौरान जिले में चौहारघाटी, सराजघाटी, शिकारी देवी, कमरूनाग क्षेत्र, रोहांडा, बरोट, पराशर, थुनाग, जंजैहली और गाड़ागुसैणी इत्यादि क्षेत्रों में अत्यधिक बर्फबारी की संभावना रहती है।
हिमाचल में नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है। बिजली बोर्ड में युवाओं को नौकरी मिलने वाली है। सुक्खू सरकार बिजली बोर्ड में दैनिक वेतन पर टी मेट के 1030 पद भरने जा रही है। शिमला स्थित सचिवालय में प्रदेश सरकार, बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं बिजली बोर्ड प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित हुई, जिसमें जल्द औपचारिकताएं पूरी कर पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने की निर्देश दिए गए। प्रदेश सचिवालय में आयोजित बैठक में सरकार की तरफ से प्रधान सचिव मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव ऊर्जा अरिंदम चौधरी ने हिस्सा लिया। वहीं, बिजली बोर्ड प्रबंधन की ओर से निदेशक एमजी शर्मा, मनोज उपरेती और कार्यकारी निदेशक ईशा ठाकुर ने भाग लिया। ज्वाइंट फ्रंट की ओर से ई लोकेश ठाकुर, हीरा लाल वर्मा सहित 9 पदाधिकारियों ने भाग लिया। आधे घंटा तक चली इस बैठक में 66 केवी लाइन पूह से काजा का निर्माण कार्य बिजली बोर्ड को देने को लेकर चर्चा की गई। सरकार ने इस कार्य को बिजली बोर्ड से छीनकर संचार निगम को दे दिया है, जिस पर कर्मचारियों के ज्वाइंट फ्रंट ने सरकार से पुनर्विचार किए जाने की मांग की है। वहीं, बैठक में बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए इंजीनियरों के 51 पदों के फैसले पर पुनर्विचार कर बहाल करने, बिजली बोर्ड से छंटनी किए 81 आउटसोर्स ड्राइवर के फैसले पर पुनर्विचार करने पर चर्चा हुई। इसको लेकर बोर्ड प्रबंधन को उचित निर्णय लिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त ज्वाइंट फ्रंट ने बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन के फैसले को लागू करने की भी मांग रखी, जिस पर सरकार की तरफ से कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का भरोसा दिया गया है। वहीं, कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों को ज्वाइंट फ्रंट के साथ चर्चा कर सहमति से ही लागू किए जाने का भी आश्वासन दिया गया है। इसके अतिरिक्त बैठक में बिजली बोर्ड एवं कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दो जैसे उदय योजना, बोर्ड की वित्तीय स्थिति और बोर्ड के कार्य के बारे में फैसला लिए जाने को लेकर भी चर्चा हुई।
हिमाचल प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए हिप्पा शिमला में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने हिमाचल प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए स्कूलों की क्लस्टरिंग करने और अपना विद्यालय योजना जैसे विभिन्न फैसलों के बारे में जानकारी दी। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल की उपयोगिता पर चर्चा की। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा, हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों की क्लस्टरिंग का फैसला संसाधनों को साझा करने के मकसद से लिया है, जिससे उनका इस्तेमाल बच्चों के हित के लिए किया जा सके। इस फैसले से स्कूलों में न तो किसी की पोस्ट खत्म होगी और न ही किसी की प्रमोशन रुकेगी। क्लस्टर सिस्टम लागू करने का मकसद यही है कि हम बच्चों के लिए कैसे बेहतर कर सकते हैं। हालांकि कई स्कूलों में कुछ शिक्षक पहले से ही ये काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा लिखित निर्देश जारी करने के पीछे सिर्फ यही मंशा है कि इस तरह के शिक्षकों को ऐसा माहौल मिले कि वे अपना काम बिना किसी बाधा के पूरा कर सकें। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने ये भी साफ कर दिया कि इन निर्देशों में ये कहा गया है कि जहां तक संभव हो, वहां क्लस्टर बनाकर स्कूल अपने संसाधनों को शेयर करें। ऐसा करके प्रदेश सरकार ने एक सिस्टम बनाने की कोशिश की है, ताकि प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के बीच संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर कोई दिक्कत न हो। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा, हिमाचल स्कूली शिक्षा में तकनीक का बखूबी इस्तेमाल कर रहा है। तकनीक की मदद से बच्चों के सीखने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश में पैल लैब (PAL- Personalized Adaptive Learning Lab) स्थापित करने पर विचार कर रहा है। समग्र शिक्षा निदेशक ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पैल लैब स्कूलों में सफलतापूर्वक स्कूलों में लागू की गई है। वहां इसके बेहतर रिजल्ट भी देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में हिमाचल में इस दिशा में कदम उठाने को लेकर विचार किया जा रहा है। स्कूलों में पैल लैब स्थापित करने के लिए प्रपोजल तैयार कर नीति आयोग के सामने रखा जाएगा। हिमाचल में पहले से कई स्कूलों में आईसीटी लैब है, वहां इन पैल लैब को भी स्थापित किया जा सकता है। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने बताया, पैल लैब एक ऐसा टूल है, जिसके जरिए एक क्लास में हर बच्चे के सीखने की अलग-अलग क्षमता का आकलन किया जा सकता है। किसी भी कक्षा में हर बच्चे के सीखने का स्तर अलग-अलग होता है। आमतौर पर हर बच्चे की कमजोरी और ताकत का पता लगाना शिक्षक के लिए आसान नहीं होता है, जबकि पैल लैब के जरिए ये सब आसानी से किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसकी मदद से कमजोर बच्चों को सुधारा भी जा सकता है।
सोलन। गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने अपना 18वां वार्षिक दिवस समारोह "संवर्धन – सांस्कृतिक और खेलकूद महोत्सव 2024" शानदार तरीके से आयोजित किया। यह आयोजन स्कूल के छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा और समग्र विकास को प्रदर्शित करने का एक आदर्श मंच बना। समारोह में कर्नल संजय शांडिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और उनके साथ कमांडिंग ऑफिसर, 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी, सोलन, उपस्थित रहे। सम्माननीय अतिथि के रूप में प्रो. पी.के. खोसला, चांसलर, शूलिनी यूनिवर्सिटी, सोलन, ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद, छात्रों ने एक के बाद एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने विद्यालय की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया। इस मौके पर कर्नल संजय शांडिल ने अपने संबोधन में शिक्षा के साथ अनुशासन, नेतृत्व और शारीरिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा ही वह आधार है, जो छात्रों को न केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाती है, बल्कि उन्हें मानसिक और नैतिक रूप से भी मजबूत करती है। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए छात्रों को उत्कृष्टता और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। इस महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण खेलकूद प्रतियोगिताएं रहीं, जिनमें बालवाटिका से कक्षा 5 तक के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों की प्रतिभा और खेल के प्रति उनके उत्साह ने कार्यक्रम में ऊर्जा भर दी। विजेताओं को मुख्य अतिथि कर्नल संजय शांडिल ने ट्रॉफियां और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। समारोह का समापन विद्यालय की प्रधानाचार्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि कर्नल संजय शांडिल, प्रो. पी.के. खोसला और सभी गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान के लिए सराहा। यह समारोह न केवल छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि विद्यालय की शिक्षण और सांस्कृतिक उत्कृष्टता का प्रमाण भी दिया। मुख्य अतिथि की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया।
बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार की दो छात्राएं वंशिका ठाकुर और सिमरन लखनऊ में राष्ट्रिय स्तर की खेलों में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व करेंगी I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की हमे यह बड़े गर्व की बात है की वंशिका ठाकुर और सिमरन राष्ट्रिय स्तर अंडर-17 खेलकूद प्रतियोगिता जो की लखनऊ में 26 नवम्बर से 30 नवम्बर तक आयोजित होने वाली शॉट पुट व् हाई जम्प प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं ।उन्होंने बताया की इन दोनों छात्राओं ने राज्य स्तर खेलों में वंशिका ठाकुर ने शॉट पुट में गोल्ड मैडल और सिमरन ने ऊँची कूद में सिल्वर मैडल हासिल किया था।जिस्से इनका चयन राष्ट्रीय स्तर की खेल कूद सपर्धा के लिए हुआ है I विद्यालय अध्यक्ष ने वंशिका ठाकुर , सिमरन और इनके अभिभावकों को राष्ट्रिय स्तर की खेलों में भाग लेने के लिए शुभकामनाये दी है I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की ये दोनों छात्राएं 23 नवम्बर को रा० व्० मा ० विद्यालय बिलासपुर में आयोजित कोचिंग कैंप में भाग ले रही हैं I उन्होंने बताया की इस स्पर्धा के लिए उच्चतर शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश व् प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश के मार्ग से आयोजित राज्य सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चों ने अपना परचम लहराया है I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी , शिव कुमार शर्मा प्रारम्भिक उपशिक्षा निदेशक सोलन, एडिपीओ अशोक चौहान, शारीरिक शिक्षक अमर देव, अरुणा शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा की इनके मार्ग दर्शन से ये बच्चे हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय का, इलाके का और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की राष्ट्रिय स्तर की खेलों में इनके साथ शारीरिक शिक्षिका चंदर प्रभा रा० व्० मा ० विद्यालय बिषा भी मौजूद रहेंगी I विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम गुलेरिया, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने भी वंशिका ठाकुर और सिमरन राष्ट्रिय स्तर पर उम्दा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया व् शुभकामनाये दी I
** संजय पराशर कर रहे हैं भरपूर प्रयास ** हिमाचली बेटियां समुद्री नाविक बनकर मर्चेंट नेवी में बनाएं करियर: संजय पराशर हाई सैलरी, दुनिया भर में यात्रा करने का मौका और समुद्र के रोमांच का आकर्षण...बेशक मर्चेंट नेवी में नौकरी करने के लिए ये बातें प्रदेश व क्षेत्र के युवाओं को लंबे समय से आकर्षित करती रही हैं। बावजूद इस क्षेत्र में करियर कैसे बनाया जाए, उसे लेकर भी युवा पर्याप्त गांइडेंस न मिलने के कारण असमंजस में रहा। वहीं जिला मंडी के गांव कोटली व विभिन्न स्थानों पर आयोजित मार्गदर्शन शिविर के दौरान इंटरनेशनल मैरीटाइम इंस्टीट्यूट संस्थान द्वारा सेमिनार आयोजित किए गए। करियर विशेषज्ञ दलीप ने कहा कि संजय पराशर राेजगार और महिला सशक्तीकरण को लेकर विजन के तहत कार्य कर रहे हैं। अगले वर्ष में युवतियों को मर्चेंट नेवी में अधिक से अधिक राेजगार उपलब्ध हों, इसके लिए रोड़ मैप तैयार किया गया है। इस बारे में युवतियों को अपने क्षेत्र में ही मर्चेंट नेवी के बारे में पर्याप्त जानकारी मिले और इस नौकरी को पाने के लिए बाहर की दौड़ न लगानी पड़े, इसी कारण संजय पराशर के सानिध्य में ऐसे मार्गदर्शन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।इंटरनेशनल मैरीटाइम इंस्टीट्यूट , नोएडा में सीसीएमसी का कोर्स कर रही छात्रा पलक ने सेमिनार में आई छात्राओं से अनुभव शेयर किए और कहा कि बेटियों के लिए मर्चेंट नेवी में कैरियर के सुनहरे अवसर हैं लड़कियां खुद को व अपने परिवार को आर्थिक रूप से सदृढ़ बना सकतीं हैं। इस क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखने वाले कैप्टन संजय पराशर प्रदेश में रोजगार सृजन के साधनों को लेकर गंभीर व क्रियाशील हुए तो उन्हाेंने बेटियों के लिए नौकरियों का भंडार लाकर खड़ा कर दिया है। प्रदेश के बेटियों को अब मर्चेंट नेवी में नौकरी हासिल करने के लिए बाहर के प्रदेशों में दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। उन्हें पराशर द्वारा घर-द्वार पर इस फील्ड के लिए उचित मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, इस मार्गदर्शन शिविर में ज़िला मंडी के गांव आलग और कोटली के क्षेत्रों की युवतियों ने विशेष रूचि दिखाई। आलग कोटली के स्कूल सर्वोदय इंटरनेशनल स्कूल में 70 के लगभग युवितयों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई ताे कोटली में गवर्मेंट कॉलेज में युवितयों की संख्या का आकंड़ा करीब 70 रहा। व कोटली के आलोक भारती के 70 छात्र छात्राओं ने भाग लिया।सेमीनार में पहुंची कई युवतियों ने मर्चेंट नेवी में करियर को लेकर सवाल किए, जिनका माैके पर ही विशेषज्ञों द्वारा जबाव दिया गया। शिविर में भाग लेने पहुंची लड़कियों सीमा, प्रिया, नेहा, पूजा, शिवानी, निशा, आरती, भारती, ज्योति, दीपिका ,इंदु, सुनिधि ने बताया कि सेमीनार में उन्हें करियर बनाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
बी एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के तीन छात्रों ने राष्ट्रिय स्तर एशियन थाई बॉक्सिंग चैम्पियनशिप गोवा में गोल्ड मैडल पर कब्ज़ा हासिल किया है I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से तीन छात्र ईशान ठाकुर , आर्यन , तेजस , थाई बॉक्सिंग कोच समुअल संगमा की देख रेख में राष्ट्रिय स्तर एशियन थाई बॉक्सिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता 2024 में भाग ले रहे थे, जो की गोवा में इंडिया थाई बॉक्सिंग संगठन के सौजन्य से आयोजित किया गया था,जिसमे इन बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ईशान व आर्यन ने गोल्ड मैडल और तेजस ने कांस्य पदक प्राप्त कर विद्यालय का, इलाके का और हिमाचल का राष्ट्रिय स्तर पर नाम रोशन किया हैं I विद्यालय अध्यक्ष ने सभी बच्चों को बधाई दी हैI विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम गुलेरिया व मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने भी इन तीनो बच्चों और उनके अभिभावकों को बधाई दी है I उन्होंने बताया की ये बच्चे थाई बॉक्सिंग कोच समुल संगमा के नेतृत्व में भाग ले रहे थे I विद्यालय पी टी ए अध्यक्ष, और अन्य सभी अध्यापकों ने भी इन सभी बच्चों को बधाई दी है I विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया इस विद्यालय के बच्चे पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियों में भी विद्यालय का राष्ट्रिय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर रहे हैं I
सोलन के सेंट ल्यूक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा देविका शर्मा ने कोलकाता में राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होकर अपने गृहनगर को बहुत गौरवान्वित किया है। यह टूर्नामेंट 29 नवंबर से 5 दिसंबर तक कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। शूलिनी विश्वविद्यालय में कानूनी अध्ययन के डीन डॉ. नंदन शर्मा और डॉ. गीतांजलि शर्मा की बेटी देविका शर्मा बचपन से ही बास्केटबॉल की शौकीन रही हैं। इन वर्षों में, उन्होंने कई इंटर-स्कूल, क्लस्टर और राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्हें लगातार चार वर्षों तक "सर्वश्रेष्ठ एथलीट पुरस्कार" से भी सम्मानित किया गया है और उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अपनी एनसीसी पलटन की कमान भी संभाली थी। जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन, सोलन द्वारा देविका का चयन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि वह इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली सेंट ल्यूक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की एकमात्र लड़की बन गई है। गौरवान्वित माँ और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से स्वर संगीत में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त डॉ. गीतांजलि शर्मा ने कहा, “देविका की कड़ी मेहनत और समर्पण आखिरकार सफल हो गया। यह उपलब्धि उनके लिए एक सपने के सच होने जैसी है और हमें उन पर बेहद गर्व है। उनके पिता डॉ. नंदन शर्मा ने भी गर्व व्यक्त करते हुए कहा, देविका को हमेशा से बास्केटबॉल का शौक रहा है। यह उपलब्धि उनके दृढ़ संकल्प और फोकस को दर्शाती है। हम उन्हें इतने बड़े मंच पर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए देखकर रोमांचित हैं। देविका के कोच और शिक्षकों ने उनकी अटूट प्रतिबद्धता और अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें बधाई दी ।
** सरकार जल्द बुलाए जीसीसी की बैठक: के डी शर्मा जिला सोलन पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन की नवगठित कार्यकारिणी की त्रैमासिक बैठक बुधवार को ग्राम पंचायत सायरी के वरिष्ठ नागरिक एवं पेंशनर्स कल्याण संगठन कार्यालय में जिला अध्यक्ष केडी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई और ज्यादा से ज्यादा पैंशनरों को संघ की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष केडी शर्मा ने कहा कि संगठन की लंबे समय से राज्य कार्यकारिणी की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित नहीं हो रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कई बार आश्वासन दिया कि बहुत जल्द पेंशनर्स संघ के साथ जेसीसी की बैठक को आयोजित किया जाएगा तथा जेसीसी का गठन किया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई भी संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नहीं बुलाई गई है और न ही जीसीसी का गठन किया गया। इससे पेंशनरों में प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है। बैठक में संगठन की कार्यकारिणी ने राज्य स्तर पर जेसीसी की बैठक आयोजित न होने पर खेद व्यक्त किया और सरकार से मांग की कि शीघ्र ही जेसीसी की बैठक को बुलाया जाए। केडी शर्मा ने कहा कि नए छठे वेतन आयोग जो जनवरी, 2016 से लागू किया गया है, जिसके तहत अभी तक जनवरी, 2016 से फरवरी, 2022 के बीच के सेवानिवृत कर्मचारियों को न तो अभी तक लीव इन कैशमेंट का एरियर, न ग्रेच्युटी का एरियर और न ही कम्युटेशन आदि का लाभ मिला है। यही नहीं महंगाई भत्ते का एरियर जुलाई, 2022 से मार्च, 2024 का एरियर रोक कर रखा गया है, जबकि केंद्र सरकार ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की एक किस्त जारी कर दी है। इस प्रकार 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता सरकार के विचाराधीन है। केडी शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग को दोहराते हुए कहा कि एकमुश्त लंबित सारे एरियर का भुगतान किया जाए। पैंशनरों को हर महीने की प्रथम तारीख को पेंशन मिलनी चाहिए। जिलाध्यक्ष केडी शर्मा ने कहा कि विभिन्न विभागों में मेडिकल बिल पेंडिंग पड़े हैं, जिनका भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बहुत से पेंशनर जीवन के अंतिम पड़ाव पर किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है जिन्हें दवा का ही सहारा है। इसलिए पैंशनरों के पेंडिंग मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए। बैठक में आगामी 17 दिसम्बर को होने वाले अखिल भारतीय पेंशनर दिवस को जिला स्तर पर मनाने बारे चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि इस बार अखिल भारतीय पेंशनर दिवस 17दिसम्बर को जिला स्तर पर बरोटिवाला में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। बैठक में जिला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीआर भारद्वाज, महासचिव जगदीश पंवर, कोषाध्यक्ष मनसा राम पाठक,मीडिया प्रभारी डी डी कश्यप ,राज्य प्रतिनिधि सूर्यकांत जोशी सहित सभी जिला के सभी यूनिटों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत मण्डल सोलन के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने बताया कि 21 नवम्बर को दोपहर 01.00 बजे से सांय 03.00 तक मॉल रोड, अप्पर बाजार, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आनंद काम्पलेक्स, न्यायालय परिसर, लोक निर्माण विभाग कालोनी, क्लीन, सेर क्लीन, सन्नी साईड, विवान्ता मॉल, चिल्ड्रन पार्क, पुस्तकालय, क्षेत्रीय अस्पताल, अस्पताल मार्ग, फोरेस्ट रोड, जौणाजी, शिल्ली, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फशकना, फ्लाइ, मेला मैदान, हरट, बेल, नेरी, गण की सेर, मनसार, जोखड़ी, हॉट मिक्स के आस-पास के क्षेत्र, ग्रानी, सलोगड़ा के कुछ क्षेत्र, सेवला, बरड बस्ती, ब्रुरी, तरण-तारण, पडग, विनसम होटल, दाउंसी, घलूत, कडहारी, कोठी, कथोग, बजड़ोल, नडोह, शामती, डमरोग, ऑफिसर कालोनी, कोटलानाला, कथेड़, मिनी सचिवालय, लक्कड़ बाजार, गंज बाजार, शिल्ली मार्ग, उपायुक्त आवास क्षेत्र, मोहन कालोनी, मधुबन कालोनी, हरि मंदिर क्षेत्र, राजगढ़ मार्ग, नगर निगम क्षेत्र, रेनॉल्ट शोरूम तथा आस-पास के क्षेत्र, चौक बाजार, सर्कुलर मार्ग, धोबीघाट, आई.टी.आई, पुराना बस अड्डा, सेंट ल्यूक्स, अंबुशा होटल, चेस्टर हिल्स, अमित अपार्टमेंट्स, सुंदर सिनेमा, जौणाजी मार्ग, डिग्री कॉलेज, ठोडो मैदान क्षेत्र, खनोग, मतियूल, खलीफा लॉज, जे.बी.टी मार्ग, सूर्य विहार, तहसील परिसर, टैंक रोड, खुन्डीधार, र्साइंटिस्ट कालोनी, नया बस अड्डा, पुलिस लाईन, सब्जी मण्डी, सेरी, चम्बाघाट चौक, बसाल मार्ग, बसाल, गुगाघाट, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र बसाल, घडयाल, डांगरी, शिरी, धाला, पट्टी, दयोली की सेर, गरा, पोकन, बाडा, धरोट, सलुमना, ब्लेसिंग हेल्थ केयर, सूर्य किरण, बावरा, गरीब बस्ती, फोरेस्ट कालोनी, एन.आर.सी.एम, करोल विहार, डी.आई.सी कालोनी, मेहर सिंह कालोनी, बेर की सेर, जराश, बेर पानी, बेर गांव, बेर खास, कोनार्क होटल एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि इसी दिन दोपहर 01.00 बजे से सायं 03.00 बजे तक आंजी, शमलेच, शराणु, नगाली, शुमती, चेवा, बडोग, बाडा, कलोल, कोरो-कैंथडी, लघेचघाट, पॉवर हाउस रोड, डाकघर सपरुन, आयुर्वेदिक अस्पताल, हाउसिंग बोर्ड कालोनी फेज 1 और 2, रबौन, एससीईआरटी, निगम विहार, देहूंघाट, पडगल, कायलर, देवठी, तार-फैक्टरी, घट्टी, लवीघाट, डोमिनोज, गुरूद्वारा, ज़िला लोक सम्पर्क अधिकारी कार्यालय तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
** शामती बाईपास पर हवा में लटका जेसीबी को लेकर जा रहा ट्रक हिमाचल प्रदेश सोलन जिले के शामती बाईपास पर सुबह-सुबह एक ट्राला हादसे का शिकार हो गया। यह ट्राला जेसीबी मशीन लादकर जौनाजी की और जा रहा था। इस दौरान मोड पर चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्राला पैराफिट के ऊपर चढ़ गया और आधा सड़क से बाहर लटक गया। घटना में चालक और अन्य लोग सुरक्षित हैं। अगर यहां पैराफिट न होता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
हिमाचल प्रदेश में विधवा महिलाओं को मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ऐसी विधवा महिलाओं के लिए मकान बनाने में मदद करेगी, जो भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हैं। भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सभी पात्र महिलाओं को मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विधवाओं, दिव्यांग महिलाओं और एकल नारियों को उनके मकान बनाने के सपने को साकार करने के लिए वित्तीय मदद देने की पहल कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड, विवाह के लिए वित्तीय सहायता, मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता, चिकित्सा देखभाल, पेंशन, विकलांगता पेंशन, दाह संस्कार व्यय, आकस्मिक मृत्यु के लिए राहत, छात्रावास सुविधाएं और विधवा पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद में घर के लिए तीन लाख रुपए और रसोई, शौचालय और स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए एक लाख रुपए की अतिरिक्त मदद भी शामिल होगी। इसका फायदा उठाने के लिए महिलाओं को बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 कार्य दिवस पूरे करने चाहिए और उनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। पात्र महिलाओं को जरूरी कागजों समेत श्रम अधिकारी के जरिए इस योजना के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए स्वीकृति मिलने के बाद वित्तीय मदद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
कसौली/हेमेन्द्र कंवर: कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कोट बेजा में विकास खंड अधिकारी धर्मपुर प्रवीन कुमार ने तकनीकी स्टाफ के साथ पंचयात में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया ।वेकास खंड अधिकारी का पंचयात में दस दिन में यह दूसरा दौरा था पिछली बार उन्होंने जहाँ कार्यलय में सभी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर पंचयात में चल रहे विकास कार्यो पर चर्चा कर लोगो की समस्याओं को भी सुन कर मोके पर कार्यवाही के आदेश दिए थे, वहीं अधिकारी ने इस दौरे के दौरान पंचयात में चल रहे विकास कार्यो को तकनीकी स्टाफ के साथ फील्ड में जाकर नरिक्षण किया। उन्होंने कहा कि वह विकास खंड की सभी पंचायतो में फील्ड में जाकर कार्यो को चेक कर रहे है साथ ही कार्यो की गुणवत्ता को भी देखा जा रहा है। विकास खंड अधिकारी ने दौरे के दौरान करीब आधा दर्जन कार्यो का निरीक्षण किया व सभी कार्यो को संतोषजनक पाया। उन्होंने तकनीकी स्टाफ से कहा कि वे पुराने लंबित पड़े कार्यो को शीघ्र पूरा करें । उन्होंने S.C बस्ती शामली के एबुलेंस रोड़ के कार्य के भी शीग्र एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए ताकि जल्दी ही कार्य शरू हो सके। गौरतलब है कि शामली उपरली गांव के एबुलेंस रोड के लिए विधायक विनोद सुल्तानपुरी द्वारा करीब एक साल पहले पैसा मंजूर किया गया था, लेकिन अभी तक एस्टिमेट ना बनने के कारण निर्माण कार्य की शुरआत नही हो पाई है। इस मोके पर पंचयात प्रधान किरण ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता देशराज वर्मा, तकनीकी सहायक राकेश कुमार, वार्ड मेंबर निर्मला शर्मा, पुष्पेंद्र कंवर आदी लोग उपस्थित रहे।
बद्दी: जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में शिव सेवा कावड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एक दिवसीय रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर में विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों,और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर लगभग 78 यूनिट रक्त संग्रहित किया। यह शिविर विश्वविद्यालय में चल रहे फार्मेसी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिव सेवा कावड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से डॉ० प्रवेश कुमार भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि हमें रक्तदान शिविर के लिए आईईसी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिला, हमें इस बात की खुशी है, और हमें उम्मीद है कि यह हमारे समाज के लिए एक अच्छा संदेश देगा। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर (डॉ०) अशोक पुरी ने अपने संदेश में कहा, "रक्तदान महादान है। हमें रक्तदान के महत्व को समझना चाहिए और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि आईईसी विश्वविद्यालय समय समय पर इस तरह के शिविर आयोजित करता रहता है ताकि छात्रों को जागरूक किया जा सके। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, और अन्य सभी अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने निगम के 18 होटलों को ‘सफेद हाथी’ करार देते हुए इन्हें बंद करने के आदेश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने एचपीटीडीसी कर्मचारियों द्वारा दायर एक सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि बार-बार अदालती हस्तक्षेप और विस्तृत निर्देशों के बावजूद निगम इन परिसंपत्तियों को पुनर्जीवित करने या उन्हें लाभकारी बनाने में विफल रहा है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक संसाधनों को ऐसे उपक्रमों पर बर्बाद नहीं किया जा सकता जो लगातार वित्तीय रूप से घाटे में चल रहे हैं। चैल में प्रतिष्ठित पैलेस होटल, धर्मशाला में होटल धौलाधार और मनाली में होटल लॉग हट्स सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की 18 संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से होटलों के अधिकतर कमरे खाली पड़े रहे। अदालत ने एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक को 25 नवंबर तक इन इकाइयों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया, और अनुपालन के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा, रखरखाव के लिए केवल आवश्यक कर्मचारियों को ही रखा जाएगा, जबकि बाकी को अन्य कार्यशील इकाइयों में जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए फिर से तैनात किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने एक अलग मामले में दिल्ली में स्थित हिमाचल भवन को भी जब्त करने का आदेश दिया है। जिससे एक बिजली कंपनी को नीलामी के माध्यम से अपना बकाया वसूलने की अनुमति दी गई है। जिन 18 होटलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं उनमे, द पैलेस होटल चायल, होटल गीतांजलि, डलहौजी, होटल बाघल दाड़लाघाट, होटल धौलाधार धर्मशाला, होटल कुणाल धर्मशाला, होटल कश्मीर हाउस धर्मशाला, होटल एप्पल ब्लॉसम फागू, होटल चंद्रभागा केलोंग, होटल देवदार खजियार,होटल गिरीगंगा खड़ापत्थर,होटल मेघदूत कियारीघाट, होटल सरवरी कुल्लू , होटल लॉग हट्स मनाली, होटल हडिम्बा कॉटेज मनाली, होटल कुंजुम मनाली,होटल भागसू मैक्लोडगंज, होटल द कैसल नग्गर, होटल शिवालिक परवाणू शामिल हैं।
प्रदेश सरकार प्रवक्ता स्कूल न्यू कैडर में अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता लाभ लागू करेगी। सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में उल्लिखित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए प्रत्यक्ष भर्ती कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता लाभ लागू करने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय की ओर से ताज मोहम्मद एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य शीर्षक से सीडब्ल्यूपी संख्या 2004/2017 पर आए फैसले के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। फैसले के तहत स्कूल-न्यू कैडर के कर्मचारियों सहित ऐसे कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता का दावा स्वीकार किया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल-न्यू कैडर में कई याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर मामले में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए प्रत्यक्ष भर्ती कर्मचारियों की वरिष्ठता स्थिति पर सवाल उठाया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अपनी प्रारंभिक अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता को मान्यता देने की मांग की थी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब एक कार्यालय आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि लेक्चरर (स्कूल-न्यू) कैडर की वरिष्ठता को फैसले के अनुरूप संशोधित किया जाएगा। इसमें 2014 से 2023 के बीच पदोन्नत और सीधी भर्ती वाले दोनों शामिल हैं। शिक्षा निदेशक के अनुसार इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अनुबंध नियुक्तियों और पदोन्नतियों दोनों के लिए नियुक्ति के वर्ष को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठता सूची का अंतराल है। लेक्चरर (स्कूल-न्यू) कैडर जिसे 2019 में पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) कैडर से फिर से नामित किया गया था, अपने 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से और अन्य 50 फीसदी टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) कैडर से पदोन्नति के माध्यम से भरता है। लेक्चरर कैडर के लिए वरिष्ठता को पहले 31 दिसंबर 2013 तक अंतिम रूप दिया गया था। लगभग 11,000 प्रवक्ताओं की सूची इस दौरान तैयार हुई थी। अदालत के फैसले के बाद वरिष्ठता सूची को अब 2014 के बाद से सीधी भर्ती वाले लोगों को शामिल करने के लिए संशोधित किया जाएगा। इस कदम से टीजीटी कैडर की वरिष्ठता पर भी असर पड़ने की संभावना है, जो लेक्चरर पदों के लिए फीडर कैडर के रूप में कार्य करता है। टीजीटी की वरिष्ठता न्यायालय के आदेश द्वारा निर्धारित नए दिशा-निर्देशों के साथ संरेखित करने के लिए संशोधनों से गुजर सकती है, जिससे पदोन्नति के क्रम में संभावित परिवर्तन हो सकते हैं। निदेशालय के कार्यालय आदेश के अनुसार वरिष्ठता को समायोजित किया जाएगा, लेकिन अंतिम वरिष्ठता सूची संबंधित पक्षों की उचित आपत्तियों को शामिल करने के बाद ही जारी की जाएगी।
** सोलन शहर में जल्द हो प्रेस क्लब के भवन का निर्माण मंगलवार यानी आज प्रेस क्लब सोलन के सदस्यों ने डीसी सोलन मनमोहन शर्मा से सोलन शहर में बनने वाले प्रेस क्लब सोलन के भवन के निर्माण को लेकर मुलाकात की। इस दौरान प्रेस क्लब सोलन के अध्यक्ष मनीष शारदा ने कहा कि जो जगह सभी लोगों के लिए सूटेबल हो ऐसी जगह पर प्रेस क्लब के भवन का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार एकजुट है और एक ऐसी जगह पर प्रेस क्लब के क्लब का निर्माण होना चाहिए जहां पर सभी लोग आसानी से पहुंच सके। इस बात को लेकर डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं की प्रेस क्लब के भवन के निर्माण को लेकर जल्द जगह चिन्हित की जाए और सभी पत्रकारों से इसको लेकर बैठक की जाए ताकि जल्द शहर में प्रेस क्लब का कार्य शुरू किया जा सके।
नायब तहसीलदार कृष्णगढ़ ने उप तहसील के अधीन विभिन्न उचित मूल्य की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार सूरत सिंह वर्मा ने बताया कि उपायुक्त सोलन के आदेशों के अनुपालना में मंगलवार को चंडी स्थित उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि उचित मूल्य की दुकान जिसका संचालन विशाल वशिष्ठ पुत्र बृजलाल द्वारा किया जा रहा है। डिपो धारक द्वारा हिमाचल सरकार द्वारा उपदान के तहत प्रदान किया जा रहे खाद्यानों का वितरण उपभोक्ताओं को आधार कार्ड की प्रमाणिकता के आधार पर किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संचालकों को निर्देश दिए गए की दुकान के बाहर सरकार द्वारा उपलब्ध खाद्यान्नों की रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए तथा दुकान के अंतर्गत आने वाले राशन कार्ड धारकों से संबंधित आंकड़े जिसमें बीपीएल, आईआरडीपी, अंत्योदय एवं सामान्य श्रेणी के कार्ड धारकों का विवरण स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। नायब तहसीलदार ने बताया कि चंडी स्थित उचित मूल्य की दुकान में रिकॉर्ड नियमों के अनुरुप पाया गया।
** लगभग 50 वर्षों से किराए के भवनों में चल रहा है विभागीय कार्य कुनिहार बिजली बोर्ड लगभग 50 वर्षों से किराए के भवनों में चल रहा है। बोर्ड के पास अपनी जमीन होने के बावजूद भी अपना भवन नहीं है। किराए पर होने के कारण पिछले कई वर्षो से बिजली बोर्ड का भवन अलग अलग स्थानों पर शिफ्ट होता रहता है, जिस कारण लोगो व विभाग को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हिन्दुस्तान जन सेवा समिति कुनिहार के अध्यक्ष आर पी जोशी ने चर्चा के दौरान बताया कि कुनिहार विद्युत विभाग पिछले कई वर्षों से किराये के भवनों में चल रहा है। आज तक विद्युत विभाग किराए के रूप में लाखों रूपये भवन के मालिकों को दे चुका हैं और पिछले कई वर्षों में कई भवन बदल चुका हैं, जिससे विद्युत विभाग का कार्य बाधित होता है और लोगों को भी परेशानियों से जूझना पड़ता हैं। उन्होंने बताया कि कुनिहार विद्युत विभाग की कुनिहार अर्की सड़क पर 33 के वी सब स्टेशन के पास ज़मीन है, जिस पर विद्युत विभाग का नया भवन बन सकता है, जिससे एक तो विद्युत विभाग का अपना भवन होगा और किराए की भी बचत होगी और इसके साथ-साथ कुनिहार के जनसाधारण को भी सुविधा प्राप्त होगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज परवाणु से लेकर सोलन-शिमला ज़िला की सीमा तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) के फोरलेन कार्य के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मनमोहन शर्मा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग सोलन ज़िला के साथ-साथ शिमला एवं किन्नौर ज़िलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सामरिक महत्व के अतिरिक्त यह राजमार्ग किसानों-बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण है। आज इस राजमार्ग के फोरलेन कार्य में सुरक्षा मानकों के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत जहां यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधा मिल रही है, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कुछ चुनौतियां भी उत्पन्न हुई है। इन चुनौतियों का निराकरण किया जाना आवश्यक है। उपायुक्त ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर फोरलेन निर्माण के कारण कुछ स्थान ‘ब्लैक स्पॉट’ बनकर उभरे है। इन स्थानों पर बार-बार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने आवश्यक है। उन्होंने ऐसे स्थानों पर स्पीड ब्रेकर निर्मित करने, सूचना पट्ट स्थापित करने और अन्य आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश दिए। मनमोहन शर्मा ने कहा कि फोरलेन कार्य के साथ-साथ एन.एच.ए.आई. कुछ स्थानों पर आमजन की सुविधा के लिए फुट ओवर ब्रिज भी निर्मित किए जाने है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्मित किए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्यों में तेजी लाए और चिन्हित स्थानों पर इनका निर्माण कार्य आरम्भ करें। उन्होंने जाबली विद्यालय के समीप फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डगशाई विद्यालय के लिए निर्मित किए जाने वाले फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के स्थान के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य से विचार-विमर्श करें। उन्होंने इस कार्य को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने सपरुन में सुबाथू मार्ग के समीप फुट ओवर ब्रिज निर्मित करने की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सोलन के एम.आर.ए.डी.ए.वी. और गुरूकुल विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्रों की आवाजाही के दृष्टिगत यहां फुटओवर ब्रिज निर्मित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने फोरलेन निर्माण कार्य को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एन.एच.ए.आई. को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के स्थान पर नियमित रूप से जल का छिड़काव करते रहे ताकि धूल उड़ने से किसी को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि धूल के कारण चालकों को देखने में समस्या उत्पन्न होती है और यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां भी हो सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर कार्यवाही की जाएगी और समस्याओं का निकारण सुनिश्चित बनाया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिनेश पुनिया, काम्पीटेंट अथॉरिटी ऑफ लैंड ऐक्विज़िशन (सी.ए.एल.ए.) के आर.डी. हरनोट तथा रमेश चंद सहित आर.एस. जसवाल व राजेश खत्री उपस्थित थे।


















































